⬜ Not used yet · 00:00:03:01 – 00:21:41:20 (21:39)
00:00:03:01 तो जय श्री राम सभी को। आशा करता हूं आप सभी कुशल पूर्वक होंगे। और आज बड़े दिनों के बाद हमारे साथ में कोई रामपाल तंत्र को मानने वाले एक उस तंत्र के फॉलोअर यहां पर उपस्थित हो रहे हैं। तो हम जरा उनको ये तो यहां से चले ही गए। बहुत दिनों के बाद आपको ये चर्चा देखने को मिलेगी और मैं ऑपरेटर महोदय को कहूंगा ऑपरेटर महोदय गरिमा गीता की का पीडीएफ के अनुसार पष्ठ संख्या 99 निकाल लें थोड़ा। हां जी क्या हुआ? कुछ कह रहे है आप तो चले ही गए ना यहां से नहीं नहीं मैं तो मोबाइल साउंड रखा था वो अपने आप हो गया तो दोबारा आइए आप हट गए हां दोबारा आइए
00:01:09:15 दोबारा दोबारा जुड़िए दोबारा [गला साफ़ करने की आवाज़] तो पीडीएफ के अनुसार प्रश्न संख्या 99 निकालें। तो जो महाशय हैं जो अभी जुड़े हुए थे वह अभी फिलहाल पता नहीं किस वजह से डिस्कनेक्ट हो गए थे। अभी दोबारा से जुड़ रहे हैं। हम उनको ले लेते हैं। ऐसा ना हो कि फिर से वह चले जाए।
00:02:28:28 अच्छा कई लोग होते हैं जो यह चाहते हैं कि मैं भी रामपाल से सवाल करना चाहता हूं। मैं भी रामपालियों से ऐसा करना चाहता हूं। तो आप करिए। है ना? जब समय होगा तो लिंक दिया जाएगा। आपको मौका दिया जाएगा। यदि किसी रामपाल वाले से बात करनी है। बात यह है कि अ जब रामपाल वाला हमसे बात करके पहले ही वो रामपाल या और भी कोई जो विरोधी तंत्र है उसका व्यक्ति जब पहले ही हमसे चर्चा करके उसका काम पूरा हो गया होता है तो फिर उसके बाद जो है कुछ शेष बचता नहीं है। फिर भी
00:03:14:14 हां जी जय श्री राम। आपको आवाज आ रही है मेरी? मुझे लग रहा है इनके यहां पर कुछ टेक्निकल प्रॉब्लम है। संदेश जी का कहना है कि आपको इन लोगों को मंच नहीं देना चाहिए। मंच इनको तब तक दिया जाएगा जब तक इनका तंत्र अस्तित्व में है और वह अपना प्रचार कर रहा है और उसको ये स्वतंत्रता प्राप्त है कि वो अपने अनर्गल जो संदेश है वो YouTube और सोशल मीडिया पर आधारित या उस पर उनका प्रचार प्रसार कर रहा है तब तक उनको मंच पर ला ला करके वो जितनी हेकड़ी में यह सब बातें बोल बोलते हैं वीडियो बना बना के तो उनका मुंह धुआ करने के लिए इनको मंच दिया जाएगा
00:04:30:04 जिससे कि जनता जब यदि इनके द्वेष फैलाने वाले सनातन धर्म के प्रति द्वेष फैलाने वाले वीडियो देखे तो उसको उन वीडियोस का समाधान भी मिल जाए। यदि हम मंच नहीं देंगे तो उनको समाधान कहां से मिलेगा? हेलो क्या बात है भाई साहब वो नेट बार-ब जाता है तो बाहर हो जाता हूं फिर से शुरू कर रहा हूं तो आप नेट सही जगह हो वहां जाकर के हमसे चर्चा करिए ऐसे चर्चा हो नहीं पाएगी मैं बिल्कुल अटारी के ऊपर हूं जहां अच्छा नेट मिलता है लेकिन आज नहीं क्यों नेट ही कर रहा है यहां अच्छा रेट मिलता है जब तो अब मैं क्या करूं बताइए आपको करनी है चर्चा या नहीं करनी मौसम खराब की वजह से तो
00:05:45:06 ठीक है फिर जाइए अब आप वहां जा रहे हैं ना वो क्या कहते हैं बैतुल बैतूल [नाक से की जाने वाली आवाज़] में देखिएगा आपका गांव में है क्या अभी किसी हां मैं तो घर ही में हूं ना गांव में घर है ना आपका हां तो बैतूल में किसी सिटी में सिटी की जगह पे खड़े वहां पर बैठ के बात करिए जाइए अब नहीं मिलता वहां सब टावर बंद रहेगा तो भाई आप जहां टावर हो पूरी दुनिया में वहां पर जाइए वहां पर आकर के कनेक्ट होइए थोड़ा खुली छत में जाता हूं अबकी बार ऐसा करिएगा खुली छत में चले जाइए इसके बाद ऐसा करिएगा कि आप पहले यह सोचिएगा कि आप कहां जा सकते हैं जहां पर नेटवर्क हो जहां से मैं बात करूं वहां जाकर के वहां जाने का दिन तारीख सब सुनिश्चित करके टिकट बुक करा के हम उसको बता दीजिएगा। उस हिसाब से हम यहां आयोजित कर लेंगे। आप वहां जाइए और वहां जाकर के दिल्ली जाना पड़े, मुंबई जाना पड़े। वहां जाकर के आप चर्चा करिएगा। आपने इस प्रकार से हमारा और अपना दोनों का समय नष्ट किया। मुझे पता कर रखा है कि चर्चा आगे नहीं चल पा रही है। ऐसे हो नहीं पाएगा। आप जैसे सोच रहे हैं ना
00:07:00:07 इस सतत पर जाके वो नहीं है तो नहीं है। चल रहा है। एक बार कोशिश करता हूं खुले में जाता हूं। क्या बताएं? आज कृष्ण जन्माष्टमी का दिन था तो मुझे लगा इस तरीके से ही आप जाइए छत में जाकर के दोबारा जुड़िए। ठीक है छत में आ गया हूं।
00:07:34:24 मैंने सोचा था भगवान श्री कृष्ण को इसी इसी माध्यम से भाई जो जैसा होता है जो उसके पास होता है वो उसी उनहीं चीजों को निवेदित कर पाता है ना भगवान को तो मेरे पास तो यही है अधर्मियों का या विरोधियों का मुंह को सुखाना तो मैं यही निवेदित करना चाहता था भगवान श्री कृष्ण से मुझे अभी भी लग नहीं रहा है कि आपका यह चल पाएगा मामला। देखते हैं नहीं होगा तो फिर कैंसिल करेंगे। फिर अगली डेट देखेंगे क्योंकि समय मुझे कम है मान के चलिए बहुत समय मेरा निकल गया व्यर्थ। बताइए रामपाल जी का कहना है कि जो भगवत गीता है वो श्री कृष्ण ने नहीं बल्कि काल ने बोली है। ये आप सही मानते हैं? बिल्कुल सही मानता हूं। अच्छा तो आपकी यह किताब है ये गरमा गीता की हम रामपाल इसके अनुवादक है रामपाल संत रामपाल जी हम ठीक है हम इसके
00:08:52:07 इसका प्रश्न है 23 नंबर प्रश्न पे रामपाल स्वयं ये लिख रहे हैं कि यही ज्ञान भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को गीता के माध्यम से दिया है। बिल्कुल सही। तो गीता का ज्ञान कृष्ण जी दे रहे हैं या काल दे रहा है? काल ने श्री कृष्ण के शरीर में प्रवेश करके गीता का ज्ञान दिया। तो काल श्री कृष्ण ने नहीं दिया ना। श्री कृष्ण का ज्ञान नहीं है। श्री कृष्ण ने नहीं दिया ना? नहीं दिया तो यहां तो लिखा है ना श्री कृष्ण ने दिया ऐसा नहीं लिखा काल ने प्रवेश करके अरे भाई यहां जो लिखा यहां जो लिखा यहां जो लिखा मैं सही पढ़ रहा हूं आप खोलो गरमा गीता की गरमा गीता की खोलो वो पुस्तक अभी मैंने रखा यहां पर छत में हूं तो इनको पेज नंबर दिखाओ भैया कौन की गीता है वो गरमा गीता गुरुजी की लिख रहा है कहीं
00:10:07:18 दबी है रखी है अलमारी में होनी चाहिए या कुछ पुस्तक में पहला पैराग्राफ लास्ट लाइन हम भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को गीता के माध्यम से ज्ञान दिया ये देखिए पढ़िए क्या लिखा है भगवान कृष्ण ने अरे काल काल ने ब्रह्म ने काल ने ब्रह ने भाई साहब ये लिखा है इधर मुझे दिखाई नहीं दे रहा छोटे-छोटे अक्षर हैं बड़ा करो भैया हम ये ये है कि काल ने श्री कृष्ण के शरीर में प्रवेश करके गीता का ज्ञान दिया अरे भाई साहब मैं कह रहा हूं यहां क्या लिखा है देखो उनके हजार सत्संगों में यही बात है यहां जो भी लिखा है मैं अरे क्यों यहां गलत लिखा है? अगर ऐसा लिखा तो गलत लिखा है। रामपाल दास ने रामपाल दास तत्व ज्ञानी परमेश्वर है जो उन्होंने यहां गलती कर दी ये लिख के प्रिटिंग मिस्टेक हो सकती है। नहीं हो सके यार वो समझ आगे या फिर आप समझ नहीं रहे हैं। एक मिनट पूरा
00:11:22:16 एक मिनट ऐसा चार लोगों को बात करनी है कि एक को करनी है? चार लोगों को करनी है कि एक को करनी है बाकी के बाकी बाकी की किसी की आवाज आएगी तुरंत भगा दूंगा यहां से आवाज ना आ जाए किसी की इशारे करें लिख के बताएं हम हां ठीक एक आवाज आएगी आवाज आ रही है अभी भी यह एक बार हो गया तीन चांस दे रहा हूं आवाज आई दूसरे की भगा दूंगा ठीक है नहीं आएगी
00:12:00:14 हां तो तत्व ज्ञानी से यहां पर गलती हो गई आपने मान लिया तत्व ज्ञानी से गलती नहीं हो सकती प्रिंटिंग मिस्टेक हो सकती है फिर समझ नहीं गए प्रिंटिंग मिस्टेक कब कब होगी कोई नया संस्करण दिखा दो जिसमें प्रिंटिंग मिस्टेक ना हो इस समय मेरे पास पुस्तक उपलब्ध नहीं है अगर होता तो मैं बता देता तो दावा दावा वो वो करो जो सिद्ध कर पाओ। क्या मैं कह दूं मेरे पास बहुत सारे प्रमाण है कि मेरी बातें सब सही है मगर इस समय उपलब्ध नहीं है। तो क्या करूं उस बात का मैं वो बात बोलो जो सिद्ध कर पाओ। मैं कह दूं कि मैं कह दूं मैं कह दूं कि भव्यता के साथ रामपाल जी के संबंध है ना जाए। पर मेरे पास इस समय प्रमाण नहीं है उपलब्ध करा दूंगा। ये कोई बात है? बात लिमिट में कीजिए। ऐसी बात करिए जो ऐसी बात करिए जो सिद्ध कर पाए। मैंने वो बोला जो मैंने दिखा दिया। आप वो बोलिए जो दिखा दे वो मत बोलो जो मैं बाद में दिखाऊंगा। मेरे प्रश्न का उत्तर दो पहले मेरे से बाद अभी देंगे। अभी अभी देंगे अभी दे रहे हैं। दे रहे हैं। अभी दे रहे हैं। दे रहे हैं। आपके यहां से दूसरी बार आवाज आ चुकी है। आदमी की दूसरे अब
00:13:15:20 तीसरी बार आएगी भगा दूंगा। अरे आप जैसे बहुत गए भगाने वाले। थोड़ी भाग यहां से भाग भाग। बदतमीजों की फौज निकलो यहां से चलो एक व्यक्ति आया अच्छे से बात हो रही है उसके बीच में भड़बड़ भड़बड़ करना चालू किया तब मैंने यह लहजा अपनाया कि भगा दिया जाएगा।
00:14:02:26 सही कह रहे हैं पहाड़ी जी। जुड़ सकते हो तो जुड़ जाइए भाई। यहां लिंक दे दीजिए। एक दो लोग जुड़ जाएं। अभी दूसरा प्रमाण और दिखा रहा था मैं। तब तक तो ये लोग इनका हो गया काम। दूसरा प्रमाण दिखा देते हैं तब तक चार लोग आपस में मक मखौल गिरी कर करके तब जो है बात कर पाएंगे। अरे अपने मोबाइल भैया जो दूसरे व्यक्ति को जिसको खुजली है उसको भेजो।
00:14:51:06 जिस दूसरे व्यक्ति को खुजली हो उसको भेजो। जय श्री राम भाटी जी। जय श्री राम। कृष्ण जन्माष्टमी की खूबखब शुभकामनाएं आपको। आपको भी आपको भी सभी दर्शक आप प्रिंटिंग मिस्टेक कह रहे हैं। प्रिंटिंग मिस्टेक कह रहे हैं। मैं इनकी दूसरी प्रिंटिंग मिस्टेक दिखा रहा हूं। वो निकालिए जरा ज्ञान गंगा का। आवाज मेरी आपकी सही नहीं आ रही है मुझे। आपकी और कोई डिस्टरबेंस है? मेरी आवाज बिल्कुल ओके चल रही है।
00:15:26:14 ठीक आ रही है। जय श्री राम। गुरु जी जय श्री राम। जय श्री राम गुरु जी। जय श्री राम। जी तो वो 30 30 नंबर का क्वेश्चन है ना जो शंका समाधान जो है वो क्या है वो? गीता तेरा ज्ञान अमृत है क्या शंका समाधान में निकालिए गीता तेरा ज्ञान अमृत प्रिंटिंग मिस्टेक तो फिर इनको बहुत सारे करेक्शन करने पड़ेंगे रामपाल जी की एक बात से दूसरी बात कट जाती है अनेक जगह नहीं नहीं दूसरी बात ये व्यक्ति बोला था पीछे से कि आप पूरा पढ़ो उसे तो जब हम अपने शास्त्रों को पूरा पढ़ने कहते तो ये मानते [हंसी] इन्होंने पूरे पढ़े हमारे शास्त शास्त्रों में सभी को कबीर बना देते हैं गुरु जी एक मिनट मैं अपनी बात पूरी गीता को पढ़ते हैं गीता के आधार पे सिद्ध कर देते हैं उसके दो चार श्लोक आगे नहीं पढ़ते एक मिनट एक मिनट जब हमारे शास्त्र तुमने पूरे पढ़े बिना कहीं से कोई पंक्ति केवल उठा करके उसका करने लगे और
00:16:41:15 हमसे कह रहे हो कि वो अपने सभी उसमें ये कहते हैं सभी उसमें ये कहते हैं तो यहां पर ये क्यों लिखा है? गलती कर दी। बोल भी दिया उसने। हां यहां गलती हो गई तत्वज्ञानी से। हो गई गलती। फिर वो कह रहा है पूरा पढ़ो। तो हमारे शास्त्र तुमने पूरे माने। अब मैं कहूंगा पूरा क्यों माने? वो तो तुम लोगों ने प्रिंटिंग वालों ने अपने मन से लिख दिया है। केवल यही लाइन सही है। इसका वो निकालिए शंका समाधान।
00:17:16:09 उनके साथ यही होना चाहिए। बिल्कुल हम इसका जरा इंडेक्स दिखाइए मुझे। इंडेक्स शंका समाधान हां इसमें शंका समाधान में जिंदा बाबा वाला निकालो जरा। जिंदा बाबा 68 नंबर प्रश्न
00:18:00:03 [गला साफ़ करने की आवाज़] भाई तुम लोग यहां पर अनुशासन हीनता दिखाओगे तो तुम्हारी वो अनुशासन हीनता तुम अपने डेरों में जाकर दिखाओ। समझे? अरे यार गरिमा गीता की है ही नहीं मेरे पास क्या? तो गुरु जी कुछ और ही चल रहा है। क्या ही बताएं। अनु यहां आ गए। एक व्यक्ति जुड़ा उसके बाद पीछे चार लोग और बोल रहे हैं। फिर मैंने कह भी दिया भैया एक व्यक्ति चर्चा करें। बाकी किसी को मदद करनी है लिख के दे। आवाज नहीं आनी चाहिए। मगर वह कुड़ कुड़ बोल रहे हैं। हां गुरु जी उनको समझना आता ना तो एक दूसरे को इतना जो इतना जो हम लोग आपको वो दे रहे हैं मौका अवसर दे रहे हैं कि आप यहां पर आओ और इतना सब होने के बावजूद भी हम आपको आप आप करके बात कर रहे हैं इसलिए कर रहे हैं कि चर्चा हो सके इसीलिए कर रहे हैं
00:19:15:06 ना कि चर्चा हो सके तो आप लोगों को वो समझ में नहीं आ रहा है उसके बाद आप अनुशासन हीनता कर रहे हो पहले ही आपने जो है ये सब ध्यान नहीं दिया कि कहां नेटवर्क आ रहा है, कहां नहीं आ रहा है। आपको क्या लगता है? आप लोग फालतू घूम रहेगे। हम फालतू नहीं घूम रहे हैं। ठीक है? जो आपने समय दे दिया समय पे हम उपलब्ध हो गए। आपको मंच दे दिया बात करने के लिए। अब आप लगे अपनी वो अनुशासन हीनता दिखाने। कमर पर यहां दिखाने। ये कमर पर अपने गवार बाबा को दिखाओ। इसमें नीचे आइए जरा। नीचे आइए इस प्रश्न में। थोड़ा पीछे जाइए। पीछे जाइए। पिछले प्रश्न की ओर जाइए।
00:20:03:25 तो मेरे पास हाथ में नहीं है ज्ञान गंगा तो वो गरिमा गीता की मेरे हाथ में नहीं है। और और आगे जाइए। प्रश्न कौन से नंबर का चल रहा है देखिए जरा। हां ये आ गया ना गुरु जी जिंदा वाला क्या जिंदा वाला नहीं है उसमें वो ये प्रश्न 34 है। एक मिनट एक मिनट ये प्रश्न 34 है। है ना? गीता में मोक्ष शांति का ज्ञान कौन सा है? और पीछे चलिए। 30 की ओर चलिए। ये प्रश्न जब जब आए तो ध्यान दीजिएगा कौन सा प्रश्न प्रश्न क्रमांक 30 की ओर जाना है
00:21:00:21 32 आ तो नंबर पर रुका तो करो जरा देख तो ले हां ये रतीश गुरु जी हां ये देखिए यहां क्या लिखा है ज्ञान किसने दिया हे महात्मा धर्मराज दास गीता का ज्ञान किसने दिया? ठीक है। भगवान श्री कृष्ण ने दिया है। देखो क्या लिखा है। हम ये तो पूरी बात कट गई उनकी। फिर दो प्रमाण दिखा दिया। हां पूरी रिपोर्ट हो गई वो तो फिर
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→ Used in: A · Live क्या रामपाल तत्वदर्शी है? Live Discussion with Tarendra K Singraure at 1:26:24 ↗
00:21:41:20 जिंदा बाबा का प्रश्न है। हे महात्मा धर्मदास गीता का ज्ञान किसने दिया? और उत्तर क्या है? धर्मदास का कि कुल के मालिक सर्वशक्तिमान भगवान श्री कृष्ण
⬜ Not used yet · 00:21:51:13 – 01:23:38:00 (1:01:47)
00:21:51:13 ने यह श्री विष्णु जी ने जी हैं। किसने दिया है? कृष्ण जी ने और जो विष्णु जी ही है। आगे और लिखा है जिंदा हे धर्मदास और भी लिखा है मेरे पास अभी बुक बुक नहीं है मगर यहां तक सबसे बड़ी बात तो ये है धर्मदास बोल रहा है जो इनके लिए सबसे प्रमाणिक आदमी है। गुरु जी गुरु जी जो ये दूसरी लाइन है इसमें कृष्ण का पूरा अर्थी बिगाड़ दिया। कृष्ण के नीचे वो आता है वो है ही नहीं। लिखने वाला भी ऐसा ही है बस। वो वो वो छोड़ो मगर इन्होंने ये तो मान लिया कि कृष्ण जी जो विष्णु जी के अवतार है उन्होंने ये ज्ञान दिया है और जो मेरे पास जो मेरे पास इनकी ज्ञान गंगा है उसमें स्पष्ट लिखा है कि जो है जो गीता का ज्ञान है वो इसमें भी लिखा होगा वो एग्जैक्ट उस लाइन तक पहुंच नहीं पा रहा हूं मार्क किया हुआ मेरे पास जो ज्ञान गंगा मिल नहीं रही है तो उसमें भी वहां पर लिखा हुआ है कि भगवान गीता का ज्ञान जो है भगवान विष्णु जी ने श्री कृष्ण के अवतार लेकर के दिया। अब यह किताब रामपाल दास ने अनुवाद की है। रामपाल दास की प्रिंटिंग पेस्ट से आई है। तो इसमें कुछ नहीं ऐसा एफ एंड बट किया
00:23:06:16 जा सकता है जिसमें वो कहे प्रिंटिंग में गलती हो गई। ये तो बार-बार कर रहा है ना गलती। और दूसरी बात अगर यह वाली बात है कि पूरा क्यों नहीं ले रहे हो? जब पूरे में तो हमारे में भगवान कहा गया है। पूरे में तो कहा गया है कि काल तो ऐसे तो हमारी पूरी जब ग्रंथ पढ़ोगे तो उनमें तो कहा गया ब्रह्मा विष्णु महेश जो है अविनाशी हैं। हमारे ग्रंथ पढ़ोगे तो उसमें तो कहा गया है कि ब्रह्मा विष्णु महेश जो है मोक्ष देने वाले हैं। उनकी पूजा करनी चाहिए। तो कहीं पर किसी एक आध बात का कोई पंक्ति केवल निकाल करके उसका अपने अनुसार अर्थ तो आप कर रहे हो। हम तो आपकी किताबों में बार-बार दिखा रहे हैं। ये देखो। ठीक है? इसीलिए कहते हैं मत पड़ो चक्कर में कोई नहीं है टक्कर में और सुनो वह प्रिंटिंग प्रेस का पता बताओ जो यह गलतियां कर रही तुम्हारे बाबा को फसवाने वाली तो उसका भी काम किया जाए तुम तो कर नहीं पाओगे गुरु जी वहां जाके ग्रंथ के हिसाब से उनको बताएंगे फिर लिखेंगे वो
00:24:02:19 उसने वहां गए थे ना दिल्ली में गए थे आप जैसे वो 70 सी में गए थे जहां पे वो कुछ चुरा ही बन रहा है वहां पे भी कुछ और ही बन रहा होगा गुड़ बन रहा होगा खीर बन रही होगी खीर बन रही होगी खीर स्पेशल दूध की तो जो है इसने इस व्यक्ति ने तो तुरंत मान लिया था हां ये तो गलती हुई है गलती हो गई उनसे रामपाल से ठीक है तब तक वो बगल में जो बैठे थे तीन चार वो वो बोले पीछे से नहीं गलती नहीं है पूरा पढ़ो पूरा पढ़ो तो मुझे गुस्सा लगी भाई आप बताओ खूब बताओ खूब चीटिंग करो क्योंकि मुझे मालूम है तुम्हारे यहां 100 लोग मिलकर के भी शंकर शंकराचार्य के एक शिष्य को नहीं संभाल पाएंगे। है ना? तुम तो अभी दो तीन लोग ही हो। वो मालूम है अकेला कुछ अकेला तो बहुत बहुत बड़ी बात है। तुम हजार 2000 भी इकट्ठा हो जाओ तो एक मनुवादी को संभाल नहीं पाओगे। तो वो बात तो एक अलग है। मगर मैंने कहा तुम लिख के मदद करो। डिस्टरबेंस नहीं होना चाहिए मुझे। खुड़ खुर पीछे अरे भाई जिसको करना है वही आ जाए ना। जो ज्ञान दे रहा है तो उससे बात करेंगे।
00:25:16:21 गुरु जी बस एक बात मैं बोलना चाहूंगा कि गुरु जी मैं ये पूछना चाहूंगा जैसे कि रामपाल जी हैं। मेरे को यह समझ नहीं आता ये इनको कौन सी जगह पढ़ा रहा है ले जाके अरे भाई अपने चेलों को भेज रहा है। जैसे तुम आके ऑनलाइन बोलते हो कि किसी को बैठा लो किसी भी आचार्य को बैठा लो। किसी भी अरे आप बैठो ना आके। नहीं तो आप अपने मंच बताओ। आपके मंच पे आ जाते हैं। मैं कह रहा हूं। मैं कह रहा हूं कि किसी को बैठा लो। अब उसने यह तो बोल दिया। अच्छा कहां पे संपर्क करें, कैसे सुनिश्चित हो, कहां बैठना है, कब बैठना है, कैसे बैठना है इस संबंध में कुछ बोला? मैं जब कहता हूं कि भाई मुझसे चर्चा मैं जब कहता हूं कि आ जाओ भाई सामना कर लो। तो मैं नंबर देता हूं ना कि किसी भी प्रकार के वैचारिक मतभेद के लिए संपर्क करें। इस नंबर पर तुमने कोई नंबर अपना जारी किया कि इस नंबर पर संपर्क करो। अगर तुम्हें सामना करना है तो रामपाल का खाली बातें हवाई
00:26:14:21 है ना जी अमित जी बोलिए आवाज नहीं आ रही आपकी एकदम सही बोल रहे हैं भैया और आते ही आते ही निकल गया मैं तो बड़ा इंटरेस्ट से था सही आज कृष्ण जन्माष्टमी है कुछ देखने को मिलेगा ये लेकिन गीता का ज्ञान भगवान श्री कृष्ण का मैंने सिद्ध किया ना भाई भगवान के चरणों में निवेदित है मेरी ओर से आज के प्रसाद और उनके भक्तों को प्रसाद मिल भी गया जो आप लोगों के रूप में आप लोगों के रूप में उनके भक्त है तो वो प्रसाद वितरित भी हो रहा है बहुत बड़ी भ्रांति फैलाई है ना इन्होंने कि गीता का ज्ञान कृष्ण ने नहीं दिया सही है तो अब इससे इससे ज्यादा प्रामाणिक ग्रंथ और कौन सा निकालेंगे इन लोगों के लिए?
00:27:13:17 [हंसी] बेच बेचारे [गला साफ़ करने की आवाज़][खांसने की आवाज़] काहे बार-बार मुंह की खाने आते हैं। मैं तो मतलब मैं मैं इनको देख के शर्मा जाता हूं। फिर आ गए यार ये लोग मतलब क्या है? ये कह रहे हैं कि रामपाल गीदड़ है। खुद नहीं आ सकता। अपने मूर्ख चेलों को भेजता है। नहीं नहीं नहीं वो नहीं भेजता है। यह आरोप मत लगाइए रामपाल पर। वो कहता है कहीं मत जाना। नहीं मार पड़ेगी। वो अपने मन में जानता है मैंने सब चोरी कर रखी है। वो तो जानता है ना। मैंने तुम लोगों को यूं ही ऊपर चढ़ा रखा है चने के झाड़ पर। असल में मैं चोर हूं। वो ये जानता है रामपाल। वो इनसे कभी नहीं कहेगा कि तुम शंकराचार्य के किसी शिष्य से भिड़ने जाओ। इन लोगों अच्छा वो यह भी नहीं कह सकता कि मैं चोर हूं। मगर वो यह नहीं कहता कि तुम जाओ। मगर वो यह भी नहीं बता सकता कि मैं चोर हूं। क्यों बता दूंगा तो भेद खुल जाएगा। भेद खुल जाएगा। सही बात है। अब ये लोग इस गलतफहमी में है कि बाबा जी ने हमको बहुत टॉप क्लास का ज्ञान दिया है। इस गलतफहमी में इनके चुल्ल सवार होती है। ये लोग मुझसे संपर्क कर लेते हैं। और बात यही है। [गला साफ़ करने की आवाज़] आप लोग देखो कि मैं कई बार अपनी चर्चाओं में ये बात कहता
00:28:28:21 हूं ना कि पांच 10 मिनट लगेंगे खत्म हो जाएगा मामला। तो वो यही चीजें हैं इसलिए अब आप लोगों को लग रहा होगा कि कुछ मिला नहीं सही से मिले कैसे भाई वो आदमी पांच मिनट का ही है तो क्या दूं आपको और [हंसी] सही है जी भाटी जी बोलिए जय श्री राम हां ये ये तो वो बात हो गई जैसे सोशल मीडिया पे कोई कमेंट करता है तो उसमें उसको कोई सामर्थ्य नहीं चाहिए अच्छी जगह है बैठा है रजाई पे पड़ा है वो जो चाहे वो लिख सकता वही बात रामपाल के साथ कनेक्ट हो रही है। अपने आश्रम के बैठ में कुछ भी चैलेंज कर लेना। लेकिन पूरा उसकी उसका व्यवहारिक कोई क्रियाविधि तो बताओ कैसे शास्त्रार्थ होगा? कहां होगा? किस तरह आप अवेलेबल होगे वो नहीं वो कमेंट भी है जो सोशल मीडिया पे जो एक कमेंट करती है वो वाला स्तर है इनका। हम बस गायब और कहने को ये है कि भाई शास्त्रार्थ शास्त्रार्थ
00:29:28:16 अच्छा ये आपको चूल मच रही है चले जाओ शंकराचार्य जी कोई जरूरत थोड़ी है चले जाओ बिल्कुल अपनी शंका समाधान कर लो भाई आपको है ये एकमात्र सिद्ध होने की तो आपको आपको पड़ी है आप चला और शंकराचार्य के यहां पर अवैध हथियार भी नहीं पकड़े गए वो भी दिक्कत त नहीं है शंकराचार्य के यहां वो कौन सी अश्लील सामग्री है वो कैमरे लगे हुए बाथरूम इत्यादि वो भी नहीं हुए ये सब भी नहीं हुआ शंकराचार्य के यहां ना शंकराचार्य आतंकवादी के ऊपर ना शंकराचार्य पर आतंकवादी का मुकदमा चल रहा है ना शंकराचार्य 10 साल जेल काट के आए ना छह अ हत्या के आरोप में है तो वो जो दूसरी चीजें हैं जिनके कारण जिनके कारण कोई सामान्य व्यक्ति तुम्हारे डेरों में नहीं जाना चाहता वो दूसरी चीजें भी वहां नहीं है शंकराचार्य के यहां है कि नहीं
00:30:22:26 जिनका ये दावा है उनको पहल करनी चाहिए उनको जाना चाहिए बाकी हमें क्या मतलब भारत रसवे जी जय श्री राम जय श्री राम जी बताइए मैं इस बारे में जुड़ा हूं जैसे कि मैंने आपसे कल फोन पर बात करी थी मैं महाराष्ट्र से पुणे से बात कर रहा हूं और महाराष्ट्र में अलग-अलग संस्थाएं जो कि दावा करती है कि सनातन से जुड़ी पर्टिकुलरली दत्त संप्रदाय से तो वो उनके जो गुरु हैं उनको अभी ब्रह्मांड नायक के पद तक उनके अनुयाई लेके गए हैं और ये पूरे महाराष्ट्र में इतने अह लार्ज स्केल पे इनका आश्रम और अनुयाई है। अभी अभी अभी बात मत करिए इस बारे में। आप उसका मुझे वीडियो भेजिएगा। उस पर एक स्ट्रेटजी के अकॉर्डिंगली बात करेंगे। यहां अभी सार्वजनिक मंच पर बात मत करिए। शोर शोर शोर शोर यस थैंक यू।
00:31:34:04 ठीक है। तो इसीलिए कहते हैं मत पड़ो चक्कर में। कोई नहीं है टक्कर में। एक बार पूछ लेता हूं। अगर वह व्यक्ति अकेला क्या करें उसको दे दे क्या? एक बार और एक मौका और दो भैया एक बार और दो। एक बार दो भैया मजा आएगा। [हंसी] अभी पेट भरा नहीं है क्या? इन लोग की धुलाई देखने में बड़ा आनंद आता है। बात ये है कि जो मेरा काम करने का स्टाइल है और जो वास्तविकता में जो तर्कनिष्ठ और शास्त्र निष्ठ प्रमाण निष्ठ व्यक्ति होता है वो सीधे एक ही ऐसी चीज लाता है। खत्म। खत्म जी सही एकदम सही अब लोगों को लगता है अरे बड़ा बड़ी देर लगनी चाहिए थी तर्क वितर्क और यह होता वो होता उसमें वो सब अब व्यर्थ की चीजें होने होती रहेंग जो चीज थी मेन वो तो खत्म हो गई शुरू होते ही खत्म हो गई [हंसी]
00:32:32:14 जैसे हॉलीवुड की एक वो है चलचित्र है सिनेमा क्या नाम है उसका उसमें वो बहुत बड़ा योद्धा ऐतिहासिक पीरियड ऐतिहासिक मिडिवल हिस्ट्री पर है वो। उसमें वो दो सेनाएं आमने-सामने खड़ी होती हैं। तो उन दोनों सेनाओं के राजा आपस में बात करते हैं कि आज जंग का फैसला एक दूसरे तरीके से करते हैं। कैसे कि मेरी ओर का सबसे तगड़ा योद्धा आएगा और तुम्हारी ओर से सबसे तगड़ा योद्धा आएगा और वह दोनों लड़ेंगे। उसमें से जिसकी ओर का योद्धा जीत जाएगा उसी को जीता मान लिया जाएगा। है ना? ट्रॉय टॉय तो हां वही होगी। हां वही तो उसमें क्या होता है कि भाई वो अंदर से निकलता है। बड़ा पहलवान था ना नेथन जॉन्स वो निकल के आता है और उसका नाम था बोर्बियस तो बोर्बियस निकल के आता ऐसे करता हुआ ऐसे करता हुआ और उधर से थोड़ा सा सामान्य कद काठी का व्यक्ति आता है जिसका नाम था अखिलेश। हम है ना वो आता है अखिलेश का बड़ा नाम था कि बहुत महान योद्धा
00:33:47:27 है हम और इधर वर्बियस तो दिख ही रहा था राम राक्षस जैसा पूरा तो अखिलेश आता है और अब सब लोग सोचते हैं जिसने भी वो चित्र वो चलचित्र पहली बार देखा होगा तो उसने उस समय यही भावना लाया होगा मन में कि अभी इनके बीच में बहुत तगड़ी संघर्ष वाली फाइट होगी है ना मगर मगर वो क्या होता है अखिलेश जाता है दौड़ते हुए उसकी गर्दन में बस वो अपना चाकू भोंप देता है और आगे टहलने लगता है बोरबियस खत्म एक ही वार में तो वो वार हमारा वार वो वार हमारा होता है एक ही टू स्टॉप द ट्रेन पुल द चेन हम क्यों इधर उधर की बातें
00:34:33:27 हां ये बात एक बार देख लेता हूं कि भाई अनुशासन में रह के अगर आपको बात करनी तो बताइए अनुशासन में रहकर यदि आपको बात करनी है तो आप एक बार और आपको ले सकते हैं। वैसे भी उस व्यक्ति का नेटवर्क नहीं आ रहा था। मुझे नहीं लगता कि वह आएगा उसको। सही है। सही है। है ना? एक बार ट्राई कर लेता हूं। बाकी मैं यहां से मंच से बता दूं लोगों को। भाई सबसे पहली बात तो हम आपको इतनी प्रिविलजेस दे रहे हैं कि यदि आपको हमारी किसी चीज से समस्या है तो हम आपको मंच प्रदान कर रहे हैं आकर के आमने सामने से बात करने का। रामपाल ने अभी तक ऐसी कोई व्यवस्था नहीं दी है। ठीक है रामपालन ठीक है और यदि लोग यह कहें कि भाई उसके कई सारे चेले हैं जो खोल के बैठे हैं ये
00:35:49:01 है वो है तो वो जो चेले हैं उनकी बातों से हमें दिक्कत नहीं हो रही है हमें रामपाल की बातों से जिस दिन तुम्हारी बातों से दिक्कत होगी जो चेले चैनल खोल के बैठे जिस दिन तुम्हारी बातों से दिक्कत होगी तब हम तुमसे संपर्क करेंगे हम आएंगे तुम्हारे चैनल जब हमें तुम्हारी बातों से दिक्कत होगी तब हम तुम्हारे चैनल लोग कहते हैं तुम अपने चैनल पर क्यों बुलाते क्योंकि अभी तुम उस लायक नहीं हो कि हम तुम्हारे चैनल पर आए हैं। तुम अपने आप को ऐसा बनाओ ऐसा बनाओ कि संबंध में चारित्र तो तुम्हारा हो नहीं सकता ऐसा मान। मगर तुम्हें जानने वाले लोग वैसे ही हो। इस योग्य हो जाए तुम्हारा चैनल कि हमारा वहां पर आना सार्थक हो। नहीं टपुंजिया टाइप के लोग चैनल खोल खोल के बैठ जाते हैं। आओ हमारे चैनल पे आओ। तोता कोई तोता चोर है जाकर के चैनल खोल ले। हमारे चैनल पे आओ। ये करें अब हम चार किलो चीनी चुराने के बंद कर रखी है ऐसे चैनलों पर भी उनकी बोलती बंद कर रखी है नहीं वो ठीक है मगर चार किलो चार किलो चीनी चुराने के लिए गए थे जेल और ऐसे लोग चैनल खोल के बैठ जाए उस हम जाए ये नहीं होगा जेल भी जाओ तो कम से कम पांच महिला और
00:37:04:04 एक बच्चे की हत्या जैसे जुर्म में जेल गए हो तब तब तो बात भी है। तुम्हारे यहां पर देशद्रोह तुम्हारे ऊपर देशद्रोह का मुकदमा चलाओ तब तो बात भी है। तब तो हम ये सोचे कि तुम्हारे चैनल पे आना है कि नहीं। अच्छा और एक तो यह बात रही तो अब हमने आपको पहले ही ऑलरेडी कई प्रिविलजेस दे रखे हैं कि एक तो आपको मंच प्रदान किया और आपने हमारे बारे में इतनी उल्टी सीधे आप नहीं बोलते हो मगर आप उस तंत्र पर बिलीव करते हो जो तंत्र ऐसी बातें बोलता है इतनी ज्यादा अश्लील टिप्पणियां आप लोग सब कर चुके हो उसके बावजूद भी मैं और वो वो भी अनऑफिशियली नहीं जैसे आप ये कह दो आपके भी लोग तो बोल रहे हैं तो हमारे लोग अनऑफिशियल बोल रहे हैं। ऑफिशियली हमारी ओर से कोई ऐसा स्टेटमेंट नहीं गया जो अश्लील हो जो आप पर आपके लिए जो है अवमानना पूर्वक हो ऑफिशली। ठीक है? तो आप आपकी ओर से ऑफिशियली आ रहा है। आपका रामपाल स्वयं कह रहा है वो बातें जिन बातों पर हम आपत्ति जता रहे हैं। ठीक है? तो इतना सब होने के बावजूद भी हम आपको मंच दे रहे हैं जिससे कि आप अपनी बात रख पाओ। हमारी भावना यह है कि आप में शोधन हो पाए तो हो पाए। नहीं तो लोग उसको देख के शोधित करें अपने दिमाग को। मगर आपको मंच मिल रहा है। मंच मिलने के बाद भी
00:38:19:08 आप जो अपनी व्यवस्था सुनिश्चित नहीं कर पाए। आपने बताया यहां नेटवर्क है वो नेटवर्क है। ये सब चीजें भी आपकी सुन रहे हैं। आप फिर भी आपको मंच दे रहे हैं। उसके बाद आप बात शुरू हुई। बात शुरू होने में चार लोग बोल रहे हैं। फिर मैंने एक बार चेतावनी दी। कि यदि एक से अधिक आवाज आएगी तो मैं इस चर्चा को बंद कर दूंगा। यह चेतावनी फिर भी व्यक्ति बोलने बोलता रहा तब मैंने कहा कि भगा दूंगा। ठीक है? तो अगर कंधे पर बिठाया गया तो सर पर चढ़ के क्या कहते हैं? कंधे पे बिठाया गया तो सर पर चढ़ के आप आगे की क्रिया ना करें। वो जहां खीर बनती है
00:39:05:27 उसी पदार्थ का उपयोग करें। [हंसी] निरंकार पाठक जी आए कैमरा ऑन कर ले। पहाड़ी जी तो सो रहे होंगे। उनके यहां तो रात हो रही होगी इस समय। अब कुछ अच्छा मेरे पास अभी तक कल एक दास कह रहे थे कि आप भाई कवि शब्द में संधि क्यों करते हो? विष्णु पे क्यों नहीं करते हो? हमारे कवि देख के आपको संधि याद आ जाती है। कवि को कबीर मान लो ना। व्याकरण वो बीच में क्यों लाते हो? [हंसी] मान लीजिए। हम बताते हैं वो मान लीजिए आप। क्यों इधर उधर की बात करते हैं? नहीं अभी उस व्यक्ति की बात देखिए कि मेरे पास अभी क्रम वो नहीं है तो भाई जब तुम्हारे पास चीजें उपलब्ध नहीं है तो आप वो बात मत बोलो ना। वही बात बोलो जो सिद्ध कर पाओ। इसको कहते हैं अकाट्य बात बोलना। अकाट्य जो मैं अकाट्य अकाट्य करता हूं ऐसे ही नहीं करता हूं। उसमें गुरु गोविंद और ग्रंथ से प्राप्त आशीर्वाद है। गुरु गोविंद ग्रंथ से प्राप्त भक्ति है। तब
00:40:20:28 वो शब्द निकलता है अकाट्य। वो बात बोलो जो अकाट्य हो। जो सिद्ध कर पाओ। मैंने बोला खट से देखो खट से दिखा दिए दो प्रमाण। तुम्हारी किताबों में लिखा है भगवान ने दिया है भगवान श्री कृष्ण। अच्छा एक बात और आती है कल रात को एक महिला का फोन आया मेरे पास मैं अभी डाल दूंगा वो रिकॉर्डिंग डाल दूंगा महिला बोलती है कि आप ये जो कहते हैं कि वो भगवान नहीं मानते भगवान नहीं मानते मतलब ब्रह्मा विष्णु महेश का अपमान करते हैं भगवान नहीं मानते तो वो ये कह रही थी कि नहीं नहीं वो भगवान मानते हैं। अब ऐसे करके इनको मूर्ख बनाया गया इन लोगों को। यह बात समझ लो कि भगवान शब्द का उपयोग उसी के लिए हो सकता है जिसमें कोई भी अभाव ना हो। अभाव रहित हो वही भगवान है। अब वो इस स्तर के भगवान है वो इस स्तर के भगवान ये सब कुछ नहीं होता। भगवान भगवान है। और अगर हम गुरु को भी भगवान कह रहे हैं या पेड़ को भी भगवान कह रहे हैं या गाय माता को भी भगवान कह रहे हैं तो हम उस रूप में कह रहे हैं। माता पिता को भी भगवान कह रहे हैं तो हम उस रूप में कह रहे हैं। गौ रूप में गौ रूप गौण रूप क्या होता है? जैसे चाचा
00:41:36:02 है यह भी पिता समान है तो पिता हो गए। पिता ही नहीं हो गए। पिता समान के लिए पिता शब्द का उपयोग हुआ। उस रूप से ये सब जो है कुछ कोई जो भी कुछ देता है तो देवता समान हो गए। देवता स्वरूप हो गया। हम से ज्यादा ऐश्वर्यवान है तो वो ऐश्वर्यवान। मगर जब बात आएगी कि मूल रूप से मौलिक रूप से भगवान शब्द का प्रयोग किसके लिए होगा? तो वह भगवान के लिए ही होगा। फिर उसमें स्तर स्तर नहीं है। ठीक है। जैसे किसी से कहा जाए कि पिता यह तुम्हारे पिता हैं। जैसे रामपाली जो आकर के बकवास करते हैं जो ये कहते हैं भगवान मानते हैं। उनसे पूछा जाए ये तुम्हारे पिता हैं। पर ये विवाह इनका विवाह तुम्हारी अम्मा से हुआ नहीं है और ना ही ये तुम्हारी अम्मा से कभी मिले हैं और ये हमेशा विदेश में रहे पर ये तुम्हारे पिता हैं। ये कोई बात हुई क्या? उसी प्रकार से तुम भगवान कह रहे हो उनको फिर कह रहे हो उसकी पूजा करने वाले नीच है। वह अविनाशी नहीं है।
00:42:39:18 यह सब तुम बकवास कर रहे हो। फिर कह रहे हो भगवान है। उसी प्रकार से जैसे तुम कोई तुमसे आकर के कहे कि फलाना व्यक्ति फलाने वो क्या कहते हैं? धर्मेंद्र हुड्डा है या शिवश नारायण द्विवेदी हैं। यह तुम्हारे पिता हैं। मगर यह तुम्हारी मां से कभी मिले नहीं है। इनका विवाह नहीं हुआ है तुम्हारी अम्मा से। या फिर ये ये तो सदैव जो है कहीं और ही रहे। तो ये इस तरीके से जो दो नाम लिए गए ये आपके पिता से तो नहीं होंगे ना। उनको पिता कहना गलत है। उसी प्रकार से अगर आप भगवान कह करके और उनके बारे में जितनी चीजें बता रहे हैं वो सब भगवान शब्द के विरुद्ध है तो वो भगवान सिद्ध नहीं हो रहे हैं। आप जो है मूर्ख बना रहे हैं जनता को। ये वाली बात हो गई। और ये जो बात मैंने बोली है ना कि भगवान शब्द का अर्थ पूर्ण ऐश्वर्यवान होता है। ये भी मैं मन से नहीं बोलता हूं। अकाट बातें बोलते हैं। अकाट विष्णु पुराण में छठव अध्याय में लिखा हुआ है और भागवत पुराण में पहले ही उसमें लिखा है। पहला स्कंध दूसरा चैप्टर 11वा श्लोक [गला साफ़ करने की आवाज़] पढ़ लो उसमें जाके।
00:43:55:03 सच्चिदानंद स्वरूप परमेश्वर को ही भगवान परमात्मा और ब्रह्म बोला जाता है। सच्चिदानंद स्वरूप कुछ मालूम है नहीं इनको। भैया एक प्रश्न था उनके लिए तो ब्रह्म काल है काल अलग ही दुनिया में जी रहे हैं। काल को कहां से लिया पता नहीं वो अभी इनसे बात होती तो मैं काल पर ही आता इसके बाद भैया एक प्रश्न था एक रामपाली को जब आप धो रहे थे वो जैसे प्रश्न कर रहे थे ना कि कबीर अधेड़ है कि क्या है ऐसेसे करके तो उसमें जो उसकी दाढ़ी में नहीं था कि ये सफेद है तो ये कौन सा है तो एक दिमाग में आ रहा था कि ब्रह्मा जी का भी जो अपने में दिखाया जाता है तो उस जो भी उनका चित्र उसमें भी उनकी सफेद रहती है तो वो अचल है कि मतलब अब क्या बोलेंगे उनको? ब्रह्मा जी का कार्य कारण भेद से जो का कार्य वाला जो रूप है कार्य करने वाला जब वो अपॉइंट होते हैं कि वो ये कार्य कर रहे हैं। ये वाला वो रूप दाढ़ी वाला है। क्योंकि उसमें उन्हें यह दिखाना होता है कि यह सबसे वरिष्ठ है। जीवों में सबसे वरिष्ठ है। वह वरिष्ठता के दतक के रूप में दिखाना होता
00:45:10:07 है। वह भी प्रतीकात्मक है। मगर जब ब्रह्मा जी का वैसा रूप दिखाएंगे जो भगवान तुल्य होगा तो उसमें बिना दाढ़ी के भी है उनका। यानी कि वही वाले जो सदैव युवा रहने वाले ब्रह्मा है जब वो सृष्टि की रचना में सबसे पहले जीव के रूप में प्रकट होते हैं तो उनको दाढ़ी वो स्वीकार करते हैं इसलिए कि जिससे कि हम भेद कर पाए कि हमारे समतुल्य नहीं है। ये प्रथम जीव है दुनिया के। जैसे वह भी लड़के बच्चों की तरह वो कर करेंगे तो प्रथम जीव वाली जो बात है ना कि वो अपने को ढूंढने लगे अपनी तपस्या करने वो कार्य के रूप में जब प्रकट हुए और दूसरी बात यह है दूसरी बात ये है कि तुम्हें अगर नहीं मानना है तो मत मानो ब्रह्मा जी को मत मानो जिसकी दाढ़ी ना हो उसको मान लो बात खत्म पहले इतना तो मानो पहले राम और कृष्ण को तो मान लो फिर देखते हैं आगे ठीक है। तीसरी बात और है। तीसरी बात और है इसमें दाढ़ी वाले मान लो कि अगर हम ये कहे कि भैया जो दाढ़ी है वो लीलात्मक
00:46:25:13 होती है मात्र। वास्तविकता में तो उनका वही रूप है। सदैव युवा रहने वाला। तो तुम कहोगे ऐसे ही लीला हमारी मान लो। तो मैंने लीला तो हम मान ही रहे। फिर तुम वहां भी लीला मानो ना फिर भागते भाग में। वो भी लीला मानो। फिर वह क्यों कह रहे हो कि नहीं नहीं वह जो है मरते हैं। आविर्भाव तिरोभाव भी तो लीलात्मक है। जब जहां पे दुर्गा जी की बात हो रही है भगवती की बात हो रही है जहां वो ये कह रहे हैं। आविर्भाव तिरोभाव वाली बात। भैया जो जो आ रहा है वो यह सोच कर आए। आपको फेस के साथ आना है। तो आप जुड़िए। अन्यथा बेकार में मत आप परेशान होइए। अपनी उंगलियों को ज्यादा दर्द मत दीजिए।
00:47:09:03 ठीक है? तो जहां पे ये कहा जा रहा है वहीं पर भगवती कह रही है कि मैं भगवती ही परम तत्व है। भगवती और ब्रह्म में कोई भेद नहीं है। तो हो गया ना? हम और फिर वही ब्रह्म जो है बन रहे हैं आगे शिव जी। शिव जी के रूप में प्रकट हो रहे हैं। हम निरंकार पाठक और एक और आए थे अभी कोई। हां जी निरंकार जी जय श्री राम बताइए जय श्री राम भैया जी सर मेरा फ्रंट कैमरा खराब है तो क्या मैं बंद करके आ सकता हूं विषय क्या है बस [नाक से की जाने वाली आवाज़] ऐसे ही आपसे बात करनी थी आपसे बहुत दिन से जुड़ा हूं बात करना था आपसे फोन पे कर लीजिएगा
00:47:58:00 अरे पहली बार आपसे मिलना हुआ है आप भगा रहे हैं अच्छा बताइए बताइए बताइए पहले क्या मैं कैमरा बंद कर सकता हूं? बोलिए बोलिए। अच्छा ठीक है। बहुत-बहुत धन्यवाद आपका। कहां चले गए? निरंकार जी बोलिए निरंकार हेलो हेलो हेलो जी जी बोलिए बोलिए हेलो हां बोलिए आवाज आ रही है मेरा नाम निरंकार पाठक है मैं आपको बहुत दिन से सुन रहा हूं बहुत अच्छा लग रहा है और मेरा मैं हेलो अरे सुन रहे हैं बोलिए बोलिए बोलिए आवाज आ रही है आपको थोड़ा नर्वस थोड़ा थोड़ा नर्वसनेस है। आपसे बात करते हुए थोड़ा अच्छा लग रहा है। अच्छा नर्वस ना के समक्ष आके नर्वस हो गए।
00:49:04:09 हमारी भी यही दशा थी। बिल्कुल मेरी भी यही दशा। मैं भी पहली बार जुड़ा हूं गुरु जी के साथ। रात बात हुई थी। मैं पता नहीं कहां सो रहा था। अच्छा अच्छा आपने तो सर मैं बता रहा था। जी सर मैं बता रहा था कि मेरे घर एक रामपाल का चेला आया था तो उससे मेरे मेरी बात हुई थी हम वो वो एक पेंटर के रूप में काम करता है वो पेंटर है जो रामपाल जी का चेला था हम तो वो हमारे घर आया था तो मैंने उसको पानी वानी दिया मतलब वो मेरे यहां पेंट करने आया था मैंने उसको पेंट करने के लिए अपने घर बुलाया था तो मैंने उसको बैठाया उसका सत्कार किया मतलब पानी वानी दिया तो उसने मुझे जब मैंने उसके सामने मीठा रखा तो वो कह रहा है कहीं ये भगवान का प्रसाद तो नहीं है
00:50:00:21 तो तो मैंने कहा नहीं प्रसाद नहीं है लेकिन आपको दिक्कत क्या है प्रसाद से तो उसने कहा कि मैं भगवान का प्रसाद नहीं खाता हूं और मुझे देना मत अब अब से उसको उसको हमारे पास भेज दो। सोचा मैंने सोचा एक ऐसा आदमी है भाई मतलब मैंने बात भी नहीं की कि ऐसा है या वैसा है। उसने पहुंचते ही अपना रूप दिखाना चालू कर दिया। आपको फिर सूर्यवंशी वाली खीर खिलानी चाहिए थी उसको। खेल खत्म हो जाता।
00:50:35:10 और ये हमारे यहां ये जो है कोई मातृशक्ति है रामपाल की दासी यह पूछ लिंग दाढ़ी पूछ लिंग दाढ़ी मूछ पर ही टिके रहते हैं। कबीर साहब जी की वाणियां कितनी कीमती है। ऐसा है दासी जी बात ये है कि आपके जो वो हैं क्या कहते हैं पहले तो आप अपने रामपाल को जाकर मना करें के वो इन सब चीजों से बाहर निकले कि वो जो स्त्री थी वो स्त्री थी मगर उसके जो है वो नहीं था। गुप्तांग नहीं था। यह लिखा है आपके बाबा ने स्त्री तो थी पर गुप्तांग नहीं था फिर गुप्तांग चिपका दिया कॉपी पेस्ट कर दिया किसने काल ने बलात्कार के समय ये सब बात आप उससे जाकर के करिए जिसने दूसरी बात यह है कि हम अगर तत्व पर बात करने आ जाएंगे तो ये जो थोड़ा बहुत आपने जो दृश्य देखा जो मन जो मनमोहक दृश्य था अभी अगर तत्व पर बात करने आ जाएंगे तो यह लोग नववे को बुलाएंगे और कहेंगे पहले मेरा मेरी चांद घुटा दो तुम। अगर मैं तत्व बात करने आ जाऊंगा इन लोगों से तो वो लोग कहेंगे
00:51:50:28 नवा तू इधर आ मेरे पास मेरे बंजा कर पहले जिससे मेरी खोपड़ी में तत्व की बातें जा सके। ठीक है? तो आप ये सब बातें करना छोड़िए और जो प्रश्न उत्तर हो रहे हैं उसमें भाग लीजिए कि यही तक रह जाएगा। आपसे दार्शनिक चर्चा करने लग जाएंगे। तो आपका बिल्कुल आप तो छोड़िए आप नहीं मगर आपके जो लोग हैं गंजे होने लग जाएंगे फिर सर मैं सुनाऊं वो वृतांत हां हां सुनाइए अरे सर अब वो मतलब जब मुझको अगर भगवान की पूजा करते हुए या चंदन लगाए हुए या व्रत रहते हुए देखे तो वो मुझे बार-बार टोके कहे कि तुम ये क्या कर रहे हो? फालतू का काम यह सब मत किया करो। मेरी माता श्री भगवान की सेवा कर रही थी तो उन्होंने कहा कि ये अपना भगवान का मूर्ति उठा के फेंक दो। तुम्हारी रक्षा नहीं कर पाते। ऐसा वैसा वो बहुत मतलब बहुत ज्यादा क्रूरता दिखाने लगा।
00:52:54:26 फिर वो कहे कि मतलब हमारे गुरु जी जो बताते हैं वो सब प्रमाण है ये है। तो फिर समझ गए आपने किया क्या? आपने रिएक्शन कुछ दिया कि नहीं दिया ये बताइए। बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल रिएक्शन दिया उसका प्रतिकार किया हमने उसको अपने यहां से मतलब नहीं उसको नहीं करने दिया अपने यहां पेंट और मतलब उससे चर्चा भी की हमने हां वो बताइए सर वो पेंट ना करने की बात बता दूं पेंट ना करने से एक अच्छी बात याद आ रही है एक बहुत बड़ा राष्ट्रीय स्तर का अभियान दो दिन में दो दिन में शुरू करने वाले हैं। उन सब में आप सब की सहभागिता भी चाहिए होगी। है ना? तो जी बिल्कुल ये इनका बहिष्कार हम करने वाले हैं रामपाल का। जी जी बिल्कुल बिल्कुल हम लोग आपके साथ ही हैं। सर तो मतलब मैं रामचरितमानस का पाठ करता हूं ईश्वर की कृपा से तो उसने रामचरितमानस से मुझे मतलब ऐसे ही वैसे ऐसा वैसा प्रमाण देने की बात कही। उन्होंने कहा कि राम भगवान नहीं है। उनका मृत्यु होता है। वह वनवास गए। उन्होंने कुछ अच्छा नहीं किया। तब फिर मैंने उनको सुंदरकांड का प्रमाण
00:54:10:02 दिखाया कि विभीषण राम रावण को समझाते हुए कहते हैं कि तात राम नहीं नर भूपाला भुवनेश्वर कालहु कर काला ब्रह्म अनामय अज भगवंता व्यापक अजित अनादि अनंता गो द्विज धेनु देव हितकारी कृपा सिंधु मानुष स्तनधारी देखो राम भगवान है बहुत बढ़िया फिर वो निरुत्तर हुआ और क्या निरुत्तर हुआ फिर उससे कहते हैं पेंट ये ये उससे कहते हैं कि काला पेंट अपने ऊपर लगा ले तू अपने ऊपर पो काला [हंसी][अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]
00:54:48:26 और तो और उसकी जो उसके बाबा की जो किताबें हैं वो मेरे मेरे बाबा लिए थे वो ज्ञान गंगा वो पहले से पढ़े हुए थे हम्म तो मेरे बाबा भी उसका साथ देने लगे बात में हम कहे हम कहे बाबा आप मतलब आपको भी ये लगता है कि ब्रह्मा विष्णु महेश से भी ऊपर के कोई भगवान है हम कहे आपको कहां से किताब मिल गई ये तो फिर मैं कुछ दिन बाद अपने घर में देख रहा था देख रहा था तो मुझे वो ज्ञान गंगा मिल गई
00:55:28:14 तो हम कहे कि अच्छा ये मैटर है ये मिल गया था आपको कचरा [हंसी] तो सबसे सबसे पहले मैंने उसको जलाया। जला दिए। हां बिल्कुल बिल्कुल। [नाक से की जाने वाली आवाज़] हमने कहा कि ये सब बेवकूफी है। इसको मत पढ़िए। अपने ग्रंथ है वो सब पढ़िए। प्रश्न बहुत अच्छा है। तो भगवान शब्द पर मैं एक बात बता रहा था कि भगवान शब्द वास्तविकता में भगवान शब्द भगवान के लिए ही यूज़ होता है। भगवान उसे कहा जाता है जिसमें कोई अभाव ना हो। ये बात आपको भागवत पुराण में भी मिल जाएगी। एक दो 11 में और ये बात आपको विष्णु पुराण में मिल जाएगी। सातव छठवे अध्याय में। अब बात यह आती है कि अगर अगर आप गौण रूप से यानी कि आप उनको भगवान मानते नहीं हो यह कहते हो भगवान कह करके भगवान जैसे हैं मगर भगवान जैसे हैं कैसे हैं? हम लोग गुरु को भगवान कहते हैं तो उसका अपमान वाली चीजें उससे जोड़ के कहते हैं क्या? हैं। यह गुरु या यह कहते हैं कि यह गुरु जो है अमुक अमुक को दृष्टि रखता है और फिर भी यह भगवान है। यह कहते उसकी किसी अच्छाई
00:56:43:15 को लेते हुए हम उसे भगवान कहते हैं। मगर आप लोग क्या करते हैं? कहते भगवान है। फिर उससे बुराइयां जो दिखाते हैं कि वो इनकी पूजा करने वाले नीच है। ये है वो है। दूसरी बात ये है कि अगर ये भी भगवान है। तो आप लोग ये घोषणा करना शुरू करो। वेदों में प्रमाण है ब्रह्मा विष्णु महेश भगवान है। अगर तुम यह कह रहे हो तो यह कहना शुरू करो सबसे पहले तो अगर तुम भगवान मानते हो भगवान बताते हो और ये जो गरिमा गीता की पुस्तक है इसमें शबरी का उदाहरण दिया है। इस रम पलवे ने शबरी का उदाहरण देकर के कुछ बताया है। है ना? तो वो सबरी वाले मामले में इसने राम जी को भी भगवान माना है।
00:57:40:16 ज्ञान गरिमा गीता की में जी बताइए ललित शर्मा जी [गला साफ़ करने की आवाज़] जी एक तो सबसे बड़ी दिक्कत शिवा जी पता है क्या है क्या है ना ये ऐसे को पकड़ते हैं जैसे अब जैसे अपने फैमिली में लगा लो हम तो थोड़ा बहुत ये है कि पढ़ लिया नेट से देख लिया चैट जीपीटी से पढ़ लिया हमारी जो जैसे फैमिली है उनको कुछ नहीं पता आप उनको जो दिखा दोगे दो लाइनों का मतलब बता दोगे उनके अनुसार वही चीज सही होगी अब जैसे बहुत से अपने ग्रंथों में अपने आप को जैसे कि भगवान को बड़ा दिखाने के लिए जैसे हनुमान जी का उस संदर्भ आता है कि अपने को कुलीन उन्होंने बताया है तो वो ऊपर का छोड़ दो उनको बताते उनके दिमाग में ये चीज फिट हो जाती है और दूसरा एक चीज क्या है आप कोई सत्संग उठा के देखते हैं मेन का वो बिल्कुल एंड में आप चले जाओ इनके आधे घंटे के यहां ऐसा बिल्कुल वो परफेक्ट वो बोलेगा बंदा अगर आप फर्स्ट टाइम किसी के हाथ में माइक पकड़ा दो तो इतना वो उससे नहीं बता पाएगा लेकिन इनका क्या होता है पूरी रटी रटाई बातें होती है जिसकी शुरुआत कहां से होती है कि हां पहले मैं राम जी की पूजा करता था। देवी जी की पूजा करता था। उनके बाद मेरे जीवन में ये ये दिक्कतें आई। फिर मैं इनकी शरण में गया। फिर मेरे से इतना हो गया। तो मतलब पूरा एक पूरा उनको रटाया जाता है बिल्कुल परफेक्ट तरीके से। लेकिन आप कैसे किसी के हाथ में ऐसे वो बोल नहीं पाता। लेकिन ये क्या पूरी स्क्रिप्ट उनको तैयार
00:58:55:20 करके दी जाती है। जैसे आप जैसे मेरे जैसे लोग सुन के हां बस जो है यही है बस ऐसा है। पहली बात तो प्रेम सिंह भाटी जी के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं। ये उन्हीं के चैनल पर जाकर के उनको सबक सिखा रहे हैं और मैं भी देख रहा हूं और अच्छी बात है आप सिखाइए। और अच्छा शास्त्रवाद जी भी हैं। तो दूसरी बात यह है कि आपने जो तरीका बताया है ना यह तरीका क्या था? अब तो बंद हो गया है। नापतोल वगैरह नहीं आते थे जब पहले केबल कनेक्शन होता था हम सबके यहां केबल कनेक्शन रहा होगा। हां तो ना तो नापतल वगैरह वाले जो ऐड आते थे और या ये जो नेटवर्क मार्केटिंग कंपनियां होती हैं वो क्या करती हैं वो मेरे पास वो सूट बूट में एक आदमी खड़ा होगा वो बताएगा मेरे पास एक समय पे बहुत मैं भूखा था मैं गरीब था ये है वो है और उसके बाद जो है मैं एमवे से जुड़ा मैं फलानी नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी से जुड़ा और आज देखिए मैं बन गया हूं डायमंड [हंसी] क्या ऐसे ऐसे ही करते हैं वो क्या क्या आप क्या आप [चीखने की आवाज़] भी वहां पहुंचना चाहते
01:00:10:26 हैं जहां मैं पहुंचा हूं [हंसी] कभी गए आप उन मीटिंग्स में ऐसे ही क्या आपके अंदर भी वो आग है आग चाहिए आग आप वहां पहुंचिए एकदम एकदम गुरुजी बढ़िया कोई और गुरु जी गुरुजी BMW और दो तीन मंजिल वाली बिल्डिंग का भी उदाहरण दो BMW और दो तीन मंजिल तो भाई तुम उनसे ये कहा गया है कि आप एक काम करो सतलोक आश्रम आश्रम जैसी चीजों का नाम बदनाम करने की बजाय तुम वो नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी घोषित कर दो ना अपने आप को काहे के लिए वेदों के चक्कर में पड़ रहे हो [हंसी] काम तो यही है तुम दो जोड़ो आगे तुमने चार जोड़ने है दो चीजें है सुनिए [हंसी] मेरे पास आज BMW कार [चीखने की आवाज़] है। मेरे पास आज ये है। मैं बन गया हूं डायमंड। क्या [हंसी] आप भी बनना चाहते हैं? तो आइए मेरे साथ। [हंसी] जय हो गुरुजी की। जय हो गुरुजी की। अच्छा अच्छा सुनिए। नापतल वाला क्या है?
01:01:26:02 नापतल वाला भी सुन लीजिए। नापतल वाला वो भी बहुत बढ़िया। नापतल वाले में क्या है? यह तो हो गया लालच। अब भय वाली बात सुनो। भय भय क्या है? ये रोटी लेकर है। आखरी पीस बचा हुआ है। जल्दी ऑर्डर कर लो। जाने वाला है। जल्दी जल्दी जल्दी और पीछे से पुलिस की गाड़ी की आवाज भी आ रही। वाओ वाओ वाओ वाओ वाओ वो नापतल वाला ऐड अगर आपको मिल जाए तो वो ये सब चला करता था। गुरुजी 1ढ़ मिनट का टाइमर वो कभी खत्म ही नहीं होता था। बार-बार रिपीट होता रहे। टाइम आखरी टाइम है। आखरी टाइम ये रोटी मेकर मंगा लो और फस जाता है आदमी इसमें
01:02:08:16 व्यक्ति फस जाता है और पीछे से जो है वो पीछे से आवाज आ रही मतलब इतना पता नहीं प्रलय आ रही है। अगर ये रोटी मेकर तुमने नहीं लिया तो प्रलय आ जाएगी। [हंसी] ऐसे ऐसे ही रामपाल की ज्ञान गंगा तुमने नहीं ली। रामपाल से उसका सड़ा हुआ नाम दीक्षा नहीं लिया। रामपाल की खीर नहीं खाई तुमने तो प्रलय आ जाएगी। ये दिखाया जाता है।
01:02:42:28 मतलब ये हद की ब्रेन वाशिंग कर रहे हैं। थोड़े दिन देखना एक टिकट जारी करेंगे सत्स सतलोक के और लोग खरीदेंगे। देखना आप इस तरह के मतलब वो तैयार कर दिए नमूने सतलोक का ये टिकट जारी करेंगे थोड़े दिन ऑनलाइन देखना आप और बुक करेंगे लोग हकीकत में इस हद दर्जे तक के मतलब मूर्ख बना दिया है इस तरह से लोगों का मतलब दिमाग खाली करके अपना जो अज्ञान का कचरा है वो इन्होंने भर रखा है मतलब इनको जोर हटाया उसे आगे पीछे कोई मतलब ही नहीं है जितना हुआ उससे आगे देखना और अब और हम लोगों का चैप्टर शुरू वही से होता है। जहां आपकी चीजें खत्म होती है वहां से हम शुरू करते हैं। आइए हां बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल ये इनका जो सतलोक है वो कुरान से प्रेरित लगता है। जो जो सतलोक है ना वो इस्लाम से प्रेरित लगता है। वैसे दीवा स्वप्न इन्होंने दिखा रखे हैं। अपनी किताबों में पूरा वो प्रेरित नहीं है। इस्लाम ही है। इनको पैसा मिलता है बाहर से कि आप एक काम करो हमारी सारी चीजें यह अब्राहमिक आईडियोलॉजी क्रिश्चियन तंत्र वगैरह पे करते हैं। आप एक काम करो हमारी आईडियोलॉजी को हिंदू नाम से परोस दो।
01:03:59:13 ठीक है? बाद में हम देख लेंगे। नाम ही तो बदलना रह जाएगा। आचरण से, सोच से, कर्म से उसको मुसलमान बना दो या अब्राहमिक बना दो, क्रिश्चियन बना दो। बाकी नाम ही तो रह जाएगा खाली बाद में। हां शास्त्रवाद जी जय श्री राम। आप भी डायमंड बन गए क्या? राम भैया जय श्री राम
01:04:31:02 [हंसी] बहुत ज्यादा तेज बहुत बढ़िया सर तेज तेज मतलब हमारे जब बोला जाता है ना तेज जब प्रकट होते है तेज होता है तेज बहुत है जी शास्त्रवाद जी बोलिए जी भैया स्वास्थ बहुत बढ़िया आप अभी बता रहे थे नापतल और ये नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी है। [हंसी] अभी यही बात है इनका अभी इनसे ना नाम दीक्षा नहीं लिया और फिर चले गए तो भाई सतलोक नहीं जा पाएंगे। वो है कहां? एक बार और आखरी पीस बचा है। आखरी बार नाम जब वो सुनो तो ये रामपालियों के लिए। आखिरी बार जो तुम्हारे गुरुदेव हैं आखरी बार यह जेठ टट्टू नाम जो रामपाल है वह नाम दीक्षा दे सकता है इसके बाद जो है इसके मुंह में सिलाई होने वाली है तो मुंह हो जाएगा बंद तो जल्दी जाके नाम दीक्षा ले लो वैसे भी एलईडी के गुरु जी आपने वो एक टिप्पणी करी थी ना गुरु जी आपने करा था ना वो एलईडी के सामने तो जाइए जिसको लेना है एलईडी के सामने
01:05:46:09 खड़ा हो जाइए हां नहीं पता चला चला अभी वो इलेक्ट्रिसिटी बंद होने वाली है। एलईडी चलेगी नहीं फिर देख लो जल्दी कर लो घंटी बजाओ भैया पुलिस पुलिस की गाड़ियां निकालो दो चार जरा वो वो मुंह से मुंह से कर दो भैया प्रचार हो जाए रामपाल का थोड़ा बजाना है सायरन बजाना सायरन कहां है हमारा तो [हंसी] प्रचार हो जाएगा थोड़ा रामपाल का जल्दी जाके नजदीकी नाम दान सेंटर से दीक्षा ले लो नहीं तो लाइट जाने वाली है सदा के लिए और रामपाल का भी भरोसा नहीं है वो तो अपने आखरी आखरी पड़ाव में है और रामपाल जी का कहना है यदि दीक्षा नहीं ली तो आपने खाक जीवन दिया क्या खाक जीवन दिया शास्त्रवाद जी सही [गला साफ़ करने की आवाज़] बात हां तो क्या खाक जीवन दिया तो यही यही दो चीजें होती है भय और लालच इससे व्यक्ति को जोड़ा जाता है तो लालच का वो है नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी और भय का ही है नापतोल दोनों सर हमारा सनातन गुरुजी और हमारा सनातन है प्रेम भक्ति तब निष्कामता मुझे ऐसा लग रहा है मुझे ऐसा लगे नेटवर्क मार्केटिंग वालों ने भी ये रामपाल से ही प्रेरणा लेके ये मॉडल खड़ा किया होगा
01:07:02:14 पक्का ये रामपाल से ही प्रेरित होंगे नेटवर्क मार्केटिंग पूरा तो पूरा वो विजेंद्र विजेंद्र को देखो ना वो भी तो यही करते थे विजेंद्र जो पकड़ा गया है हां क्रिश्चियन तंत्र वाला कोई व्यक्ति था ना कोई वो भी तो अरे उठ जाओ हालेलुया उठ रहा उठ रहा उठ रहा उठ रहा है उठ जाओ उठ जाओ उठ जाओ उठ जाओ घुश पुश ऐसे गुरु जी ऐसे वो डांस फिर वो डांस भी करने लगती थी जी शास्त्रवाल जी आप बोले आप बोल नहीं पाए कोई आ नहीं रहा है रामपाल में से कोई क्या आएगा सब डरे हुए हैं भैया हर दिन लाइव होती है बेचारे लोग को अब मौका यही मिलता है आ कर करके कमेंट में कमेंट वीर बनने का बस और कुछ नहीं होता। एक तो कोई कबीर नाम का है यहां पर घूम रहा है कमेंट सेक्शन में लेकिन ऊपर आ सकने का क्षमता नहीं है। भाई [गला साफ़ करने की आवाज़] वो मां का दूध नहीं पिया है। फिर बोल देता हूं। जिस किसी भी रामपाली ने जिस किसी भी रामपाली ने वह रामपाल जो हमारे हिंदू देवी देवताओं का अपमान करता है वो रामपाल जो हमारी मां दुर्गा के बारे में अश्लील टिप्पणी करता है उस रामपाल को गुरु
01:08:17:15 अथवा भगवान अथवा तत्वदर्शी अथवा किसी भी रूप में आध्यात्मिक वक्ता के रूप में मानने वाला कोई भी रामपाली जिस किसी भी रामपाली ने अपनी मां का दूध पिया है तो वो आ सकता है आप आपका करके बात हो रही है और उसके समक्ष हम उसके गुरु को भी गुरु जी बोलते हैं। आपके गुरु जी आपके रामपाल जी जिससे कि चर्चा हो सके। ठीक है? तो जिस किसी भी रामपाली ने अपनी मां का दूध पिया है या उसको उसकी मां ने निष्ठा पूर्वक दूध पिलाया है तो वो यहां आकर के रामपाल की चीजों को सही सिद्ध करें। एक प्रश्न आ रहा है गीत गोविंद जी के बारे में बोलिए। हमने बोल चुके हैं। हर जगह हर बात नहीं बोली जा सकती। है ना? जैसे आपने जो और बातें चल रही हैं रामपाल के बारे में जैसे अभी बात हुई तो उसमें रामपाल के विषय में बहुत कुछ है बोलने के लिए। मगर सारी चीजें तो हमने नहीं बोली। गीत गोविंद की जो पुस्तक वो लोग दिखाते हैं वो कहीं फर्जी तरीके से उसी तरह छापी गई है जिस तरीके से यह है इनका यह इनकी किताबें छपती है। क्योंकि गीत गोविंद जो वास्तविक है उसमें वह गंदगी नहीं। ठीक है? हो गया निदान। जो वास्तविक गीत गोविंद है उसमें उस तरह
01:09:32:19 की चीजें नहीं है जिस तरीके की चीजें इन्होंने परोसी है। गीत गोविंद यह लोग दिखाते हैं वह किसी जगह से फर्जी रूप से छापी गई है। समझ गए? और जिस किसी में भी हिम्मत हो तो वो लाइव में आकर बात करें। और आप जो है युगल युगल किशोर जी का चैनल है भगवत वचन वहां पर देखिए। विस्तृत उसमें जानकारी उन्होंने दी है। प्रामाणिक गीत गोविंद भी उसमें बताई गई है। कौन सी है और हमने अपने YouTube चैनल पर पोस्ट भी डाली है उनके चैनल को लिंक देते हुए और उसमें असली गीत गोविंद का भी लिंक पड़ा हुआ है। वो डाउनलोड करिए। ठीक है? पहली बात तो गीत गोविंद गायन है। ये पढ़ने वाला ग्रंथ है ही नहीं। गोविंद एक संस्कृत काव्य है। गायन है और जो इन रामपालियों को पढ़ना ही नहीं आता है संस्कृत। कल हम एक शब्द शास्त्रवाद जी गवाह थे कल का बताइए शास्त्रवाद जी हां कल क्या हो रहा था ना वो कबीर भुम करके कुछ आ रहा था उसमें वेद में आ रहा था तो उसको वो बोल रहा था यहां पे कबीर शब्द पूरा आया है ठीक है तो यहां पे व्याकरण बता रहे थे वहां पे कि वो संधि के कारण आया है अब वो बोल रहे हैं भाई कि वेद पढ़ने के लिए संस्कृत की आवश्यकता है ही
01:10:47:20 नहीं मतलब व्याकरण की आवश्यकता है ही नहीं यही तो गोचू लोग हैं। आप लोग ज्यादा इनको शास्त्रों से इनके अपने शास्त्रों से जवाब मत दो। इनको इनहीं शास्त्रों से जवाब दो और हमारे शास्त्र यदि लाए तो फिर इनसे पूछो शास्त्र किसे मानते हो? धर्म किसे मानते हो? जब इन पर व्याकरण की बात होने लगी भैया तब ये क्या बोलते हैं कि बहुत बोलते हो ना? चलो बताओ इंग्लिश की फुल फॉर्म बताओ। बचकाना प्रश्न करते हैं ये लोग। इंग्लिश का फुल फॉर्म बताओ। तो संस्कृत सबसे पहले किसने संस्कृत किसने बनाया या इस इस तरह की बातें कर रहे प्रश्न अब बताइए इनके पास इन्हें आता खुद नहीं है और चले पूछने प्रश्न वो पूछा जाता है जो पता हो जब वो ऐसा करने वो जब ऐसा करने लगे तो उनको फिर अंगूर बोलो [गला साफ़ करने की आवाज़][हंसी] फिर अंगूर बोलो अंगूर बता तो दिया अंगूर अंगूर क्या अंगूर वही जैसे जो विषय से हट के तुमने एक बात बोली विषय से हट के मैंने ये बात बोल दी वही बात है ये वाला बहुत अच्छा इनकी बातों का कोई सिर पांव नहीं होता है कोई सिर
01:12:02:28 पैर नहीं है बस आप एक बात समझ लीजिए भाटी जी एक चीज समझिए आप जब तक डिफेंड में लगे रहेंगे कुछ नहीं होगा इनको इनको जो है परास्त करने का तरीका है आक्रमण जी जी ठीक है डिफेंड जब तक करते रहेंगे इनके बुद्धि में कुछ जाने वाला नहीं है कि यहां देखो शिव जी को भी भगवान माना गया है लिखा तो है पुराण में लिखा तो है वेद में दिखाते रहो आप उनकी बुद्धि में नहीं जाएगा और वो लोग अपने आप को बेताज बादशाह समझते रहेंगे आप आक्रमण कर दो आक्रमण क्या है तेरी किताब में लिखा है बोल तत्व ज्ञानी ने गलत किया क्या ये आक्रमण यही करेंगे और उससे वहां से बुलवाओ तत्व ज्ञानी से भी गलती होती है क्या ये सब चीजें बुलवाओ और लास्ट के तीन खंबे आपके पास सदैव है। हारी हुई बाजी भी जीत जाओ। ऐसे तीन खंबे शास्त्रवाद जी जी भैया बिल्कुल सर्वशक्तिमान ईश्वर सर्वशक्तिमान परम स्वतंत्र मोक्ष और शाश्वत धर्म बस ऐसे अकाट्य सिद्धांत कि संसार का कोई भी व्यक्ति आ जाए कभी भी आ जाए एनी टाइम
01:13:18:07 एनीवेयर एनीबडी आई एम रेडी इस प्रश्न के सामने दुनिया का कोई व्यक्ति नहीं टिक सकता है। विधर्मी जो भी है वो लोग नहीं टिक पाएंगे इस प्रश्न के आगे। चाहे वो कोई भी हो। रामपाल तो खासकर अरे किसको भी इसको बैन करो यार। एक ही प्रश्न बार-बार कर रहा है। ये बेचैन ये मैं म्यूट हो गया। मैं हूं ही नहीं क्या? हेलो हेलो। अच्छा मेरा ये आ रहा है भैया आपका आवाज आ रहा है आ रहा है गुरुजी वॉइस आवाज आ रहा है एक ये व्यक्ति है इसको बेचैन साहनी ये कोई शिवश भैया जी करके बार-बार वो उस प्रश्न को कर रहा है गीत गोविंद का जवाब मैंने जबकि दे दिया है
01:14:11:01 यही तो है ये जोंबीज इसीलिए तो इनको सामने लाते हैं सवाल का जवाब मिल गया अब यह क्या हुआ मैंने डिफेंड किया भाटी जी ये मैंने डिफेंड किया गीत गोविंद के बारे में सवाल किया मैंने बोल दिया उसका सही जवाब अब उसके बाद भी वो वही प्रश्न रिपीट कर रहा है रिपीट कर रहा है रिपीट कर रहा है इसको कहते हैं जो भी अब इनसे जब इनके ऊपर आक्रमण आप करोगे भैया तेरी तेरी गीता में तो ये लिखा है कि गीता का ज्ञान भगवान श्री कृष्ण ने दिया है जो कि विष्णु के अवतार तब ये लोग फड़फड़ाएंगे भागेंगे अरे ये क्या तो उसके मुंह से निकला ना सबसे पहले क्या निकला यहां तो गलती कर दी। अब ये बनेगा शॉट इसका [हंसी] तत्वज्ञानी से गलती हो गई।
01:15:01:03 भैया आज तो हम लेट से जुड़ पाए। हम देख नहीं पाए पूरा चर्चा क्या था क्या नहीं है। मिस हो गया। पूरा चर्चा दो मिनट भाग गया वो। पांच पूरा चर्चा पांच मिनट का था केवल। पांच मिनट बस बस बस अज्ञानी पांच मिनट टिक गया बहुत बड़ी बात है ठीक है फिर समय देने के लिए सबका आभार और रामपाल की सीरीज जब भी आए हंसने के लिए तैयार रहें पेट दर्द की और सर दर्द की भी दवाई लें क्योंकि बहुत कंफ्यूजिंग होती है वो यात्रा है ना तो आनंद जब भी लेना हो जब भी रिलैक्स करना हो प्रियदर्शन की कोई फिल्म जैसा कुछ अनुभूति लेनी हो हलचल या हंगामा टाइप की मूवीज जैसी तो आप जो है वहां ना जाए फिल्मों में क्योंकि इसके साथ में बहुत सी व्यर्थ की चीजें भी आ जाती है जो पारिवारिक उसके लिए ठीक नहीं रहता है शिक्षाप्रद नहीं होता है तो आप यहां पर आइए और ये आनंद लीजिए रामपाली यात्रा का है ना सतलोक यात्रा यहां [हंसी] सतलोक यहां आपको मजा आया था जो पकड़े नहीं थे एक आदमी को [हंसी] सतलोक
01:16:16:14 सतलोक यात्रा वाला आपका बढ़िया यहां आनंद लीजिए पूरा कॉमेडी है और यहां पे जो है जो रामपालियों की धुनाई होती है उसके वो काजू बादाम है उस रूप में आपके लिए सतलोक में जो मिलते हैं काजू बादाम वो सब है इनके लिए गुरु जी अलग से एक साबुन बनाना पड़ेगा धोने के लिए उसी साबुन का नाम तो शिवश नारायण द्विवेदी जय हो जय हो गुरुजी जय हो गुरुजी आज [गला साफ़ करने की आवाज़] क्या जय [हंसी] हो गुरुजी ये ये वाला मूड मतलब देखो ये वाला मूड गुरुजी का वहां पे था जहां पे वो स्टॉल लगी थी ना वहां पे एक बंदा था वो बोल रहा था कि ये मुझे ही टारगेट करके अरे भैया हम तो आपसे पूछ रहे हैं गुरुजी का वहां पे ये था ये वाला [हंसी] ये वाला तो
01:17:04:09 मजा आ गया था ऐसे ही भागा था वो अरे भैया उनसे पूछो हमसे [हंसी] तो वही वाला रूप आज भी है पर कोई आ नहीं रहा है। आ जाए तो थोड़ा सा और आनंद आए। आनंद आए सही बात है। नीम करौली बाबा पर जो मूवी बनी है बहुत अच्छी मूवी है और सबको देखनी चाहिए। उसमें भक्ति का प्रधानता है। उसको देख के आप कहीं ना कहीं अगर भक्ति में है तो आगे बढ़ेंगे। भक्ति में नहीं है तो भक्ति में आएंगी। [गला साफ़ करने की आवाज़] भावनाएं उसमें बहुत अच्छी भगवान के लिए कुछ बातें होती है कुछ कमियां हो सकती है छोटी मोटी तो ऐसी है कि उनको ध्यान देने ना उनको इशू ना बनाया जाए मगर बहुत अच्छी है वो ओवरऑल और बहुत प्रेरणादाय
01:17:58:04 नहीं गुरु जी के अंदर धैर्य सारी वीडियो मैंने देखी है धैर्य के साथ थोड़ा सा जैसे हम अभी यंग हैं तो होता है ना कोई ज्यादा उल्टा बोले तो गुरु जी गुस्सा आता है। कुछ अभद्र भाषा का प्रयोग हो जाता है। देखिए कंट्रोल नहीं होता अपने ऊपर। पर गुरु जी मैंने सारी वीडियो देखी। परसों से मैंने आपका वीडियो मेरे पास आ रहा था पर ध्यान नहीं दिया उतना कि दुनिया में हो क्या रहा है? क्योंकि गुरुजी काम है, घर है, परिवार है। तो मैंने वीडियो जब देखना स्टार्ट किया, मैंने यह क्या चीज है रामपाल जी और यह क्या चल रहा है? फिर एक लड़का था पतला सा। उसको पोलियो हो रखा है भैया रामपाल जी उसको पोलियो की दवाई पिलाओ वो गालियां दे रहा था राधा जी को और उनको मैंने बोला ये क्या बहनच ये क्या हो रहा है क्या भसड़ है ये तो इतनी इतनी गालियां मैंने की भैया ये गुरु जी कैसे झेल रहे हैं मेरे को समझ नहीं आ रहा इतना धैर्य है उनसे मतलब कि ग्रंथ टू ग्रंथ बात करना वो भाग रहे हैं तो गुरु जी ये धैर्य मुझे चाहिए क्योंकि मेरी थोड़ी भाषा है ना जो गुरु जी वो आप सब लोग आप आप सब अभी भी आपके मुंह से एक गाली निकलने वाली थी आप अपने ऊपर नियंत्रण करें। आप अपने ऊपर नियंत्रण रखें और भगवान की भक्ति बढ़ाएं। सवा घंटे की भक्ति यदि आप कर रहे हो तो ही यह माना जा सकता है कि आप जो है जो है अपने धर्म की रक्षा
01:19:13:13 के बारे में सोच रहे हैं। सवा घंटे की भक्ति दिन भर में भगवान के नाम का जप अवश्य करें। जगुरु शंकर जी रास्ता आप मुझे रास्ता बताइए यहां पे या फिर मैं कॉल करूं आपको WhatsApp पे। थोड़ा सा रास्ता बताइए क्योंकि मेरे अंदर सिर्फ जो आपके इष्ट हो उनका नाम ब्रह्मा विष्णु कोई गुरु जी मैंने कोई नहीं बना रखा मैं सारे भगवानों का इज्जत करता हूं सारे भगवान जो भी मुझे याद आते हैं उनकी राम जी को बना लीजिए राम जी को बना लीजिए बिल्कुल गुरु जी आपने बोला तो राम जी को बना लेंगे थोड़ा सा मेरा ना गुरु जी एक ही कमी है मैं आपको बताना चाहता हूं वही कि मेरी भाषा है गुरु जी वो अभद्र हो गई है तो उसके लिए मुझे स्वच्छ वो ठीक हो जाएगी 92 में लिखा 92 में लिखा हुआ है कि तू मेरी शरण में आजा तेरी प्राप्ति की रक्षा और अप्राप्ति की चिंता मैं करूंगा। तो भगवान को समर्पित कर दीजिए। अपनी अच्छाइयां और बुराइयां दोनों ये तुम ही जानो। अब इस भावना से उनका नाम जपिए। आपको वो एक बहुत ही उत्कृष्ट चरित्र वाला मनुष्य बना देंगे। ठीक है? ठीक गुरुदेव उनकी टांग मत छोड़िएगा टांग पकड़ लीजिए पैर पकड़ लीजिए उनका
01:20:29:13 जय भद्रकाली बन जाएगी भगवान के सामने करता है ना हाउसफुल मस्त बिल्कुल गुरु जी बिल्कुल अमित जी को याद गुरु जी यही बस मुझे यही अपना ठीक करना है गुरु क्योंकि मेरा घर में भी जो है ना वो भाषा का बहुत ज्यादा देखिए मैं अपनी जो मेरी वाइफ है मेरी पत्नी है मैं उनसे भी कभी-कभी अभद्र भाषा का प्रयोग करता हूं क्योंकि पता नहीं क्यों क्या है समझ में नहीं आता बस यही कम करिए भक्ति करिए। हां। वैसे मैं उनसे प्रेम से ही बोलता हूं। जो भी बोलता हूं पर क्या ही प्रेम
01:21:01:27 मेरे अंदर भी ऐसी था भैया ये तो भैया की कृपा है कि थोड़ा सा जी नहीं मैं भी जुड़ गया हूं तो मैं भी कंट्रोल करना सीखूंगा अभी। जी कन्हैया जी बोलिए जय श्री राम। मेरी आवाज आ रही है क्या वैसे? हां आ रही है आ रही है। अच्छा मैं ये कहना चाहता हूं कि वृंदावन श्री धाम वृंदावन में जो नीम करोरी बाबा आश्रम जो है बाबा जी का बहुत बड़ा आश्रम है। नीम करोरी बाबा जी का परिक्रमा मार्ग में शायद आपने देखा नहीं हो। तो वो तो हमारे क्लाइंट ही है। मतलब उनका आश्रम का पूरा अकाउंट्स वगैरह का देखते हैं। हम अच्छा बहुत बढ़िया। उनका लीगल व्हील मैटर वगैरह सब देखते हैं हम। बहुत अच्छी बात। बहुत बढ़िया।
01:22:01:03 ठीक है तो मुझे लगता है आज की चर्चा सार्थक रही है। और सभी को समय देने के लिए आभार। सभी को जय श्री राम। आप भक्ति बढ़ाइए। है ना? गुरु जी मैं आपसे बात करूंगा। अभी आप फ्री होंगे तो मैं आपको मैसेज कर लूंगा। जय श्री राम। जय श्री राम। जय श्री राम। जय श्री राम। जय श्री राम। जय श्री राम। और हां एक बात और कहता जाऊं। एक बात और कहता जाऊं। सेवन डेज कोर्स चालू हो चुका है। संक्षिप्त रूप से अभी मेन चैनल पर डाला जाएगा। और जिसको विस्तृत रूप से देखना हो वो वहां देख सकता है। सर्वशक्तिमान धर्म पर चालू हो चुका है। ब्रह्मा कुमारी का सेवन डेज कोर्स आप वो भी आनंददायक है। जी कुछ कह रहे हैं क्या? हां भैया किसी किसी को कंफ्यूजन हो जाता है कि आप जो है ब्रह्मा कुमारी का प्रचार कर रहे हैं क्या उसका कोर्स करा के? [हंसी] पूरा देखेगा तो नहीं होगा।
01:23:07:25 चलिए जय श्री राम सभी को। जय श्री राम जय श्री कृष्णा गुरु जी जय जय श्री राम कन्हैया जी [संगीत]
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क्या रामपाल तत्वदर्शी है? Live Discussion with Tarendra K Singraure
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