1
00:00:02,480 --> 00:00:07,440
सभी को जय श्री राम और

2
00:00:07,440 --> 00:00:11,840
आशा करते हैं आप सभी लोग कुशलता से होंगे। आज

3
00:00:11,840 --> 00:00:16,080
की जो लाइव आप लोग देखने वाले हैं जो लाइव चर्चा आप लोग जानने वाले हैं बहुत सी

4
00:00:16,080 --> 00:00:20,480
चीजें वह बहुत ही संवेदनशील

5
00:00:20,480 --> 00:00:25,760
जानकारियां भी हैं और बिल्कुल आपके

6
00:00:25,760 --> 00:00:30,000
माइंड को घुमा देंगी और आज की लाइव इतनी इंपॉर्टेंट है कि मैं अपने

7
00:00:30,000 --> 00:00:34,560
लखनऊ से करीब 200 किलोमीटर की दूरी पर था और

8
00:00:34,560 --> 00:00:38,720
पूरे 6 घंटे की ड्राइव करके मैं यहां पर पहुंचा हूं और आपके

9
00:00:38,720 --> 00:00:42,880
सामने मैं उसी सीधे यहीं पर गाड़ी रोकी और फिर यहां पर हम लोग

10
00:00:42,880 --> 00:00:46,880
आपसे चर्चा कर रहे हैं। तो छ घंटे के बाद जो है

11
00:00:46,880 --> 00:00:51,040
यह डायरेक्टली मैं आपके सामने उपस्थित हूं। आपको मेरे चेहरे पर भी एक दिख

12
00:00:51,040 --> 00:00:55,280
रहा होगा कि हां भाई इसने कुछ काफी देर से ये कहीं पर

13
00:00:55,280 --> 00:00:59,360
कार्यरत थे। ठीक है? तो हम लोग सीधे

14
00:00:59,360 --> 00:01:04,080
पॉइंट पर आते हैं कि सतलोक आश्रम द्वारा रामपाल

15
00:01:04,080 --> 00:01:08,400
दास जी के नाम पर क्या हो रहा है? है ना? वो उनका

16
00:01:08,400 --> 00:01:12,640
क्या है? मान्यता उनकी क्या फिलॉसफीस हैं

17
00:01:12,640 --> 00:01:16,800
वो एक अलग विषय बिल्कुल अलग विषय मगर उन उसके

18
00:01:16,800 --> 00:01:17,600
नाम पर भी

19
00:01:17,600 --> 00:01:21,840
क्या हो रहा है आज यह पता लगेगा आपको ठीक है तो

20
00:01:21,840 --> 00:01:26,640
हमारे साथ जो हैं वह रामपाल दास जी के ही एक फॉलोअ हैं

21
00:01:26,640 --> 00:01:32,240
और यह रहे वो आपके सामने

22
00:01:32,240 --> 00:01:37,360
रामचंद्र दास जी जय श्री राम

23
00:01:37,360 --> 00:01:42,240
जय श्री राम सभी भाइयों को

24
00:01:42,240 --> 00:01:46,320
आप सर्वप्रथम अपना स्वयं का परिचय आप रामपाल दास जी

25
00:01:46,320 --> 00:01:50,480
के संपर्क में उनके कब से हैं

26
00:01:50,480 --> 00:01:54,640
इस बारे में यतोचित रूप से आप जो है बताएं जनता को

27
00:01:54,640 --> 00:01:58,640
और जो रामपाल दास के फॉलोअर्स भी है ना जो स्वयं को बहुत बड़ा गुरु

28
00:01:58,640 --> 00:02:02,720
भक्त मानते हैं वो भी आंखें खोल के सुनना आज आंख और

29
00:02:02,720 --> 00:02:06,880
कान खोल लो अपने ठीक है चलिए

30
00:02:06,880 --> 00:02:11,200
कानपुर से रामचंद्र आपको शिवश नारायण

31
00:02:11,200 --> 00:02:15,520
द्विवेदी जी को जय सीताराम और नमस्ते नमस्कार प्रणाम

32
00:02:15,520 --> 00:02:19,600
और जितने भी हमारे पैनलिस्ट में भाई बहन देख रहे हो उनको भी

33
00:02:19,600 --> 00:02:23,920
सबको नमस्ते नमस्कार प्रणाम मैंने 24 मई 2014

34
00:02:23,920 --> 00:02:28,560
में सतलोक आश्रम बरवाला में डीबीडी द्वारा नाम दीक्षा ली थी

35
00:02:28,560 --> 00:02:32,560
डीबीडी द्वारा नाम दीक्षा ली थी छ महीने बाद बरवाला कांड हो गया

36
00:02:32,560 --> 00:02:34,080
था

37
00:02:34,080 --> 00:02:38,080
लेकिन मुझे उस समय कुछ पता नहीं था और उस सतलोक आश्रम

38
00:02:38,080 --> 00:02:42,400
बरवाला के अंदर जाने के लिए सबसे पहले क्या था कि

39
00:02:42,400 --> 00:02:46,880
आपकी नमक की पुड़िया तक भी गेट के बाहर रखवा ली जाती थी।

40
00:02:46,880 --> 00:02:50,960
जूते चप्पल सब आप गेट के बाहर रखवा ली जाते थे।

41
00:02:50,960 --> 00:02:55,520
इसके बाद हमारी और जो पुरुष

42
00:02:55,520 --> 00:02:59,520
की लाइन अलग होती है और महिलाओं की अलग। पुरुषों की महिलाओं

43
00:02:59,520 --> 00:03:03,600
की सबकी मेल्ट डिटक्टर से पूरी जांच होती थी। पूरी जांच

44
00:03:03,600 --> 00:03:07,600
होती थी आपके शरीर की दोनों तरफ और इसके बाद

45
00:03:07,600 --> 00:03:11,680
जांच होने के बाद जब आप एंट्री करते थे तो आपका जो बैग होता था

46
00:03:11,680 --> 00:03:15,840
कपड़ों का वो पूरा बैग खोल के एक एक कपड़ा

47
00:03:15,840 --> 00:03:19,840
पूरा चेक किया जाता था। आप एक बिस्किट तक उस आश्रम के

48
00:03:19,840 --> 00:03:23,840
अंदर नहीं ले जा सकते थे। इतनी बड़ी वहां शक्ति थी। इसके बाद

49
00:03:23,840 --> 00:03:27,920
अगर आपने जब एंट्री किया तो वहां जाने के बाद जो अलग व्यवस्था है कि

50
00:03:27,920 --> 00:03:31,920
मतलब आप फ्रेश हुए या जो भी क्या भंडारा लिया जब आप दर्शन

51
00:03:31,920 --> 00:03:36,000
के लिए लाइन में जाते थे तो आप उस लाइन में लगने लगते

52
00:03:36,000 --> 00:03:40,080
समय अगर आपकी जेब में पैसा है सिक्का है वो भी निकलवा लिया जाता

53
00:03:40,080 --> 00:03:44,160
था घड़ी है वो भी निकलवा ली जाती थी अगर गमछा डाले हो तो वो

54
00:03:44,160 --> 00:03:48,160
भी सब निकल पेन भी अगर आपके पास वो रखवा लिया जाता था इसके बाद

55
00:03:48,160 --> 00:03:49,120
आपको बड़ी लाइन

56
00:03:49,120 --> 00:03:53,200
से दर्शन करने के लिए ले जाता था जब वहां दर्शन के के लिए हम

57
00:03:53,200 --> 00:03:57,200
जाते थे तो एक उन्होंने बैरिकेटिंग बना रखी थी बराबर हमारे बराबर

58
00:03:57,200 --> 00:04:01,200
लगभग इस तरह से बैरिकेटिंग बना रखी थी और उस बहुत

59
00:04:01,200 --> 00:04:05,280
लंबी बैरिकेटिंग थी मतलब डिवाइडेशन था एक तरफ महिला एक

60
00:04:05,280 --> 00:04:09,440
तरफ पुरुष फिर संत रामपाल जी महाराज के पीछे

61
00:04:09,440 --> 00:04:14,160
1520 लोग चलते थे राइफल रिवाल्वर गन वगैरह लेकर के नाम

62
00:04:14,160 --> 00:04:18,160
और उस समय हम लोग नहीं समझते थे और वो पूरा पूरी एक

63
00:04:18,160 --> 00:04:22,640
ट्रॉली होती थी जो आगे से पीछे तक वहां चलाई जाती थी संत रामपाल

64
00:04:22,640 --> 00:04:26,640
जी महाराज आशीर्वाद देते थे वो बैरिकेडिंग के उधर वो थे इधर

65
00:04:26,640 --> 00:04:30,720
हम लोग और ये लोग जो है 1520 लोग राइफल रिवाल्वर

66
00:04:30,720 --> 00:04:34,800
लेकर चलते थे और ये दिखा दिखावा बहुत करते थे बार-बार दंडवत प्रणाम

67
00:04:34,800 --> 00:04:38,960
करना उस समय मेरे भी शंका हुई थी कि यार ऐसा ये ज्ञान

68
00:04:38,960 --> 00:04:43,120
कैसा जब ये बता रहे हैं कि जब आप सत्य के मार्ग चलोगे और प्रहलाद

69
00:04:43,120 --> 00:04:47,760
जी जैसा उदाहरण दिया जाता है कि सत्य के मार्ग पर प्रहलाद का उनका जो हिरण्य

70
00:04:47,760 --> 00:04:51,920
इतना पिता जो है काल ब्रह्म इतना ताकतवर था कुछ भी बिगाड़

71
00:04:51,920 --> 00:04:56,400
नहीं पाया तो आज ये किले नुमा आश्रम के अंदर

72
00:04:56,400 --> 00:05:00,800
संत रामपाल जी महाराज को इतना बड़ा डर कैसे हो सकता कि इनके

73
00:05:00,800 --> 00:05:04,240
राइफल रिवाल्वर इस गन लेकर के जब ये लोग इनकी रक्षा

74
00:05:04,240 --> 00:05:08,480
कर रहे हैं तो फिर हमारी रक्षा कैसे होगी इन मंत्रों

75
00:05:08,480 --> 00:05:12,640
से या इस विधि से ना तो सवाल तो आते थे लेकिन उतनी

76
00:05:12,640 --> 00:05:17,760
गहराई से नहीं एक मिनट एक मिनट यहां पर एक बात आ रही है सामने

77
00:05:17,760 --> 00:05:20,000
कि

78
00:05:20,000 --> 00:05:24,080
इनको जो है गुरुद्रोही का नाम मिला है। भाई देखिए जब यह क्रांति

79
00:05:24,080 --> 00:05:28,880
करेंगे कि इनके जो गुरु हैं रामपाल दास जी

80
00:05:28,880 --> 00:05:33,120
और उनके विरोध में उनके नाम से जो धांधलेबाजी

81
00:05:33,120 --> 00:05:37,280
की जा रही है जब ये उस तंत्र का प्रतिकार करेंगे तो वो तंत्र कुछ

82
00:05:37,280 --> 00:05:41,360
तो बोलेगा ना इनके लिए मगर जो ये तथ्य प्रस्तुत कर

83
00:05:41,360 --> 00:05:46,400
रहे हैं और यदि आपके अंदर सामर्थ्य है तो उन तथ्यों को काटिए आकर के

84
00:05:46,400 --> 00:05:50,800
उसको नाम क्या दिया गया है आपके सतलोक आश्रम की तरफ से वो मत कहिए

85
00:05:50,800 --> 00:05:55,120
उन तथ तथ्यों को जो ये बातें बोल रहे हैं उन प्रमाणों को उनको काटना

86
00:05:55,120 --> 00:05:59,200
है आपको है ना कि इसको बस उन्होंने सतलोक वालों ने मतलब

87
00:05:59,200 --> 00:06:03,200
जो भी जैसे किसी ने बोलना चालू किया ये तो डायन है इसकी बात

88
00:06:03,200 --> 00:06:07,760
मत सुनो ऐसे नहीं उसको डायन आप सिद्ध करिए है ना

89
00:06:07,760 --> 00:06:12,880
आकाशवाणी मत करिए दूसरी एक बात मैं कहूंगा कि एक कोई

90
00:06:12,880 --> 00:06:16,960
इस्लाम को फॉलो करने वाले कोई बात कह रहे थे

91
00:06:16,960 --> 00:06:19,200
कि

92
00:06:19,200 --> 00:06:19,700
मैंने

93
00:06:19,600 --> 00:06:24,560
उनका पढ़ा नहीं है वो क्या कह रहे हैं? मगर मैं एक बात बता दूं

94
00:06:24,560 --> 00:06:28,640
कि जो इस्लाम को फॉलो करने वाले हैं क्या उनका

95
00:06:28,640 --> 00:06:33,040
ईश्वर सर्वशक्तिमान है? और अगर उनका ईश्वर सर्वशक्तिमान

96
00:06:33,040 --> 00:06:37,200
है तो वह आकर के सिद्ध करें हक है जो भी

97
00:06:37,200 --> 00:06:41,600
हैं या उसके चेले हैं आकर के सामना करें प्रत्यक्ष

98
00:06:41,600 --> 00:06:45,600
वार्ता में। और अगर सर्वशक्तिमान ईश्वर नहीं

99
00:06:45,600 --> 00:06:49,920
है तो ऐसे धर्म को या मजहब को छोड़ दें

100
00:06:49,920 --> 00:06:54,000
जहां पर ईश्वर सर्वशक्तिमान नहीं है और सर्वशक्तिमान ईश्वर

101
00:06:54,000 --> 00:06:58,240
को प्राप्त करने के निमित्त सनातन धर्म की शरणागति ग्रहण करें।

102
00:06:58,240 --> 00:07:02,400
जी जी जी रामचंद्र जी बोलिए दास

103
00:07:02,400 --> 00:07:06,800
जी आपने एक बात कही गुरुदोही

104
00:07:06,800 --> 00:07:11,040
गुरुदोही जैसे ये लोग जो है जिसको गुरुदोही घोषित

105
00:07:11,040 --> 00:07:15,200
कर आप अपनी बात वहीं से शुरू करिए जहां से कर रहे थे फिर हम ले लेंगे

106
00:07:15,200 --> 00:07:19,280
गुरु इसका जवाब भी दे देंगे आप जो अंदर

107
00:07:19,280 --> 00:07:23,280
जाने वाला मामला जो आपके मन में आया प्रहलाद ऐसे थे ये सब बातें आपके मन

108
00:07:23,280 --> 00:07:27,280
में उमड़ी है ना वहां से आप बात करिए

109
00:07:27,280 --> 00:07:31,280
लेकिन फिर भी हमने जो है ना ज्यादा उस पर ध्यान

110
00:07:31,280 --> 00:07:34,720
नहीं दिया कि सारे लोग उसी तरह जा आ रहे थे मन

111
00:07:34,720 --> 00:07:39,040
में शंका थी लेकिन हम खुलकर बात नहीं कर सकते थे क्योंकि

112
00:07:39,040 --> 00:07:43,040
भाई वहां का जो अंदर का और इनर और आउटलुक देख

113
00:07:43,040 --> 00:07:47,040
के ना व्यक्ति कोई एहसास नहीं कर सकता था कि यह व्यवस्था हो

114
00:07:47,040 --> 00:07:51,120
सकती है। लेकिन छ महीने बाद छ

115
00:07:51,120 --> 00:07:55,680
महीने बाद 147 2014 को छ महीने की पहली बार बता रहा हूं।

116
00:07:55,680 --> 00:08:00,240
24 मई 2014 को मैंने नाम दीक्षा लिया और 147

117
00:08:00,240 --> 00:08:04,240
2014 को जब मैं वहां गया बरवाला में तो ये

118
00:08:04,240 --> 00:08:08,640
रात में हम लोगों को ट्रकों में बसों में लाद करके

119
00:08:08,640 --> 00:08:12,720
और ट्रकों में लाठियां भर के कई ट्रक लाठियां भर के ना और हम

120
00:08:12,720 --> 00:08:16,720
लोग बसों में रातों रात लेकर के हमें तो हिसार हम पहुंचे थे। मुझे

121
00:08:16,720 --> 00:08:20,960
तो हिसार ले गए। हजारों आदमियों को हिसार में रातों में उतार दिया कोर्ट

122
00:08:20,960 --> 00:08:25,040
के बाहर और इधर रोहतक में उतार दिया और हजारों

123
00:08:25,040 --> 00:08:29,120
लोगों को इन्होंने बुला लिया वहां पर लाखों लोगों को और किसी को

124
00:08:29,120 --> 00:08:33,360
नहीं पता चला ये क्या हुआ और इन्होंने जब सवेरा हुआ तो वहां

125
00:08:33,360 --> 00:08:37,680
की सरकार वहां का हिसार के लोग पूरा इन्होंने रोड हाईजेक

126
00:08:37,680 --> 00:08:41,760
कर लिया काले कमांडो लगा दिए चारों तरफ से पूरा जो है

127
00:08:41,760 --> 00:08:45,840
और हम लोग कुछ नहीं समझ पाए हमको डंडा और एक झंडा पकड़ा

128
00:08:45,840 --> 00:08:49,760
दिया और यह 147 2014

129
00:08:49,760 --> 00:08:54,240
को संत रामपाल जी महाराज को तारीख पे जाना था क्योंकि

130
00:08:54,240 --> 00:08:58,240
2006 के करोथा कांड के केस में इन्होंने 22 महीने

131
00:08:58,240 --> 00:09:02,320
तक संत रामपाल जी महाराज जेल में रहे थे 2006 से लगा 2008

132
00:09:02,320 --> 00:09:06,480
तक तो किसी भी संत रामपाल जी महाराज की किसी भी शिष्य ने

133
00:09:06,480 --> 00:09:10,560
संत रामपाल जी महाराज की जमानत नहीं कराई थी। किसी भाई ने किसी

134
00:09:10,560 --> 00:09:14,800
पत्नी ने किसी बेटा बेटी ने किसी ने जमानत नहीं कराई थी। तो पर्सनल

135
00:09:14,800 --> 00:09:18,800
बांड पे कोर्ट ने जमानत दी थीटा कोर्ट ने और

136
00:09:18,800 --> 00:09:22,800
उनकी हाजरी माफी कर रखी थी क्योंकि हम आप सभी जानते हैं

137
00:09:22,800 --> 00:09:27,040
कि कोर्ट जेल के अंदर जो है आपका अगर आचरण सही है तो ये हमें अधिकार

138
00:09:27,040 --> 00:09:31,120
भी प्राप्त है कि जब कोई मेरी जमानत नहीं कराता है तो कोर्ट मुझे मतलब

139
00:09:31,120 --> 00:09:35,600
पर्सनल जवाब देता है और इनकी ये प्लानिंग 1999

140
00:09:35,600 --> 00:09:39,920
से चल रही थी संत रामपाल जी महाराज को फसाने की प्लानिंग उनके

141
00:09:39,920 --> 00:09:43,920
बेटे भाई महेंद्र महेंद्र सिंह और उनके जो लड़के के

142
00:09:43,920 --> 00:09:48,080
वीरेंद्र, मनोज, पत्नी, बेटा बेटी ये सब लोगों की पहले

143
00:09:48,080 --> 00:09:52,560
से प्लानिंग थी और संत रामपाल जी महाराज ने 1994

144
00:09:52,560 --> 00:09:56,720
में घर छोड़ दिया था। इसके बाद आज तक वो घर नहीं गए और ना

145
00:09:56,720 --> 00:10:00,800
किसी बेटा बेटी को अपने गले लगाया और सबको सत्संग के भी

146
00:10:00,800 --> 00:10:05,040
माध्यम से बताया कि मेरे बेटा बेटी चार संताने थी। मैं जानता

147
00:10:05,040 --> 00:10:09,120
हूं कितनी मेरी सेवा करते हैं। अब तो हमारे लाखों बेटा

148
00:10:09,120 --> 00:10:13,280
बेटी हो गए। एक को आवाज देता हूं तो 10 खड़े हो जाते हैं। तो

149
00:10:13,280 --> 00:10:17,440
इस तरह से ना इन लोगों ने पूरा यह षड्यंत्र रचा

150
00:10:17,440 --> 00:10:21,760
147 2014 को उन्होंने कोर्ट की अवमान करवा दी। वहां इन्होंने

151
00:10:21,760 --> 00:10:25,920
वकीलों के आई कार्ड छीन लिए। बड़ी अभद्रता

152
00:10:25,920 --> 00:10:30,320
की कोर्ट और जेल परिसर में दोनों जगह इन्होंने

153
00:10:30,320 --> 00:10:34,640
पढ़ते ही नहीं है तो वो कोर्ट की अवमानना इन्ह जब करवाई

154
00:10:34,640 --> 00:10:38,640
तो कोर्ट ने नोटिस तो ये झारखंड जो लोअर कोर्ट

155
00:10:38,640 --> 00:10:43,040
है ये कुछ नहीं कर सकता ये हाई कोर्ट को इंडिकेट करता है और हाई

156
00:10:43,040 --> 00:10:47,120
कोर्ट ही संज्ञान लेता है फिर हाई कोर्ट में जब यहां के जजों

157
00:10:47,120 --> 00:10:51,200
ने और वहां के वकीलों ने कंप्लेन की कि भाई आज तक भारत

158
00:10:51,200 --> 00:10:55,440
के इतिहास में कभी ऐसा नहीं हुआ कि जो किसी की हिम्मत हो जो जीडीसी

159
00:10:55,440 --> 00:10:59,680
को जो न्यायपालिका पर कब्जा कर ले तब जो है

160
00:10:59,680 --> 00:11:04,080
चंडीगढ़ हाई कोर्ट से संत रामपाल जी महाराज को नोटिस भेजा गया

161
00:11:04,080 --> 00:11:08,320
कि आप जो है कोर्ट में उपस्थित हो के आप जवाब

162
00:11:08,320 --> 00:11:12,560
ना पेश कीजिए। आपने जो कोर्ट की अवमानना की है। तो संत रामपाल

163
00:11:12,560 --> 00:11:16,720
जी महाराज को 268 2014 को चंडीगढ़ हाई कोर्ट

164
00:11:16,720 --> 00:11:20,160
में पेश होना था। लेकिन उसी दिन ये 2006

165
00:11:20,160 --> 00:11:24,160
वाले केस की तारीख लगी हुई थी। जो 2004 का करौथा कांड केस

166
00:11:24,160 --> 00:11:28,480
हुआ था वो रोहतक में तारीफ थी आज बहुत जरूरी जाना था तो फिर संत रामपाल

167
00:11:28,480 --> 00:11:32,640
जी महाराज ने अपने वकील आज आर एस राय जी जो वर्तमान

168
00:11:32,640 --> 00:11:36,880
समय में नहीं रहे कैंसर से उनकी मृत्यु हो गई वो बहुत अच्छे वकील थे उन्होंने

169
00:11:36,880 --> 00:11:41,040
268 2014 को कोर्ट में वहां पर एप्लीकेशन लगाई

170
00:11:41,040 --> 00:11:45,040
कि संत रामपाल जी महाराज ने लिखा कि जो 147 2014

171
00:11:45,040 --> 00:11:49,120
को हिसार और रोहतक कोर्ट में जो काले कमांडो

172
00:11:49,120 --> 00:11:53,440
लगे थे ये मेरे नहीं थे ये राष्ट्रीय सभा सेवा समिति कमांडो

173
00:11:53,440 --> 00:11:57,440
में और उस राष्ट्रीय सभा सेवा समिति का संचालक राम कुमार ढाका

174
00:11:57,440 --> 00:12:02,560
है और यह राष्ट्रीय सभा सेवा समिति इन्होंने

175
00:12:02,560 --> 00:12:06,560
2010 में रोहतक में मानसरोवर पार्क में बनाई

176
00:12:06,560 --> 00:12:10,800
थी जबकि संत रामपाल जी महाराज सतलोक आश्रम बरवाला में थे लेकिन उनके

177
00:12:10,800 --> 00:12:16,800
सामने इन्होंने ये कोई काम नहीं किया 51 लोग थे उसके सदस्य

178
00:12:16,960 --> 00:12:21,360
वो जो वहां पर जो भीड़ थी विरोध करने के लिए प्रशासन का

179
00:12:21,360 --> 00:12:26,160
उसमें जो अगवाई करने वाले कमांडो टाइप के थे वो

180
00:12:26,160 --> 00:12:30,240
ये रामपाल जी के द्वारा नियुक्त नहीं थे ऐसा उनका कहना है

181
00:12:30,240 --> 00:12:34,320
और वो नियुक्त थे तथाकथित जो एक तंत्र है जो रामपाल नाम

182
00:12:34,320 --> 00:12:35,280
रामपाल के नाम

183
00:12:35,280 --> 00:12:39,600
से काम कर रहा है उनके द्वारा और जी ऐसा इसके

184
00:12:39,600 --> 00:12:43,840
संबंध में आपके पास यतोचित जो कागजात

185
00:12:43,840 --> 00:12:49,040
भी होंगे आपके पास प्रमाण भी होंगे है ना

186
00:12:49,040 --> 00:12:53,120
ठीक है एविडेंस है मैं प्रमाण से एक बात करता हूं

187
00:12:53,120 --> 00:12:57,280
जो 268 268 2014 को

188
00:12:57,280 --> 00:13:01,280
चंडीगढ़ हाई कोर्ट में संत रामपाल जी महाराज ने लिखित में

189
00:13:01,280 --> 00:13:05,280
वहां दिया था उसका भी हमारे पास प्राण सारे एविडेंस है। एविडेंस

190
00:13:05,280 --> 00:13:09,520
पे ही मैं बोलता हूं। इसके बाद इन लोगों ने क्या किया?

191
00:13:09,520 --> 00:13:14,080
जब इन्होंने संत रामपाल जी महाराज ने ये जब वहां पर अपना लेटर

192
00:13:14,080 --> 00:13:18,240
दाखिल कर दिया तो फिर चंडीगढ़ हाई कोर्ट ने राम

193
00:13:18,240 --> 00:13:22,240
कुमार ढाका मास्टर राम कुमार ढाका जो राष्ट्रीय सभा सेवा समिति का अध्यक्ष

194
00:13:22,240 --> 00:13:26,240
है इन्होंने पूरा बकायदे ये चार पन्नों का एक लेटर

195
00:13:26,240 --> 00:13:31,200
भी बनाया है। ये ये बात करेंगे तो बड़ी लंबी चर्चा हो जाएगी। इस इस

196
00:13:31,200 --> 00:13:35,200
चार पन्नों के लेटर में इन्होंने इस भारत को सोने की चिड़िया बना

197
00:13:35,200 --> 00:13:39,200
दिया था सपनों में। है ना? इस तरह से मूर्ख बनाया गया था

198
00:13:39,200 --> 00:13:43,200
और राष्ट्रीय सेवा सेवा समिति 2010 में निर्माण किया था

199
00:13:43,200 --> 00:13:47,280
इसका कोई लीगली प्रूफ नहीं है इन्होंने

200
00:13:47,280 --> 00:13:50,320
फर्जी बनाई थी फर्जी बनाई थी कि संत

201
00:13:50,320 --> 00:13:54,320
रामपाल जी मां को फसाने के लिए तो ये राष्ट्रीय सभा सेवा सित के

202
00:13:54,320 --> 00:13:58,480
बारे में हमको भी नहीं पता था जब हम बरवाला

203
00:13:58,480 --> 00:14:02,640
जो भी ये जो भी

204
00:14:02,640 --> 00:14:06,640
यहां पर इस समय जो जानकारियां दी जा रही है उसकी जिम्मेदारी पूरी तरीके

205
00:14:06,640 --> 00:14:10,640
से से जो रामचंद्र जी है वह लेते हैं। यह अपना नंबर

206
00:14:10,640 --> 00:14:15,600
भी सार्वजनिक करते हैं। इस संबंध में यदि इन किसी को इनसे प्रमाण चाहिए

207
00:14:15,600 --> 00:14:19,680
तो वह नंबर भी अपना देते हैं। अभी यहां पर आपको दे दिया जाएगा।

208
00:14:19,680 --> 00:14:23,920
अगर आपको प्रमाण चाहिए कि यह जो समिति है यह किस तरह इसका

209
00:14:23,920 --> 00:14:27,920
क्या दस्तावेज है क्या नहीं है और अब

210
00:14:27,920 --> 00:14:32,000
इनके नाम से जो क्या कहते

211
00:14:32,000 --> 00:14:36,080
हैं रामपाल के रामपाल जी के नाम

212
00:14:36,080 --> 00:14:40,160
से जो चीजें हो रही हैं हम लोग उस पर आते हैं जरा आप लोग उस आप जरा

213
00:14:40,160 --> 00:14:44,720
उस पर प्रकाश डालना शुरू करें कि ये

214
00:14:44,720 --> 00:14:49,840
कैसे फिर उसके बाद उनके बाद उनकी क्या ऐसी चीजें हैं जो

215
00:14:49,840 --> 00:14:54,160
चीजें बदल रही है और तेजी से जो उनके नाम से दूसरा ही एक प्रचार

216
00:14:54,160 --> 00:14:58,160
चालू हो गया है। आपकी अगर इजाजत हो और

217
00:14:58,160 --> 00:15:02,160
समय हो तो मैं थोड़ा सा केस के बारे में बताना चाहता

218
00:15:02,160 --> 00:15:05,680
हूं। हां वो पूरा कर लीजिए आप पूरा कर लीजिए क्योंकि आपके

219
00:15:05,680 --> 00:15:09,760
लिए भी और जितने हमारे लोग भाई बहन जुड़े हुए हैं उनके लिए बहुत

220
00:15:09,760 --> 00:15:13,760
जरूरी है। इसलिए मैं मतलब आपके माध्यम से पूरी दुनिया

221
00:15:13,760 --> 00:15:18,240
बताना चाहता हूं। ये ज्ञान अमृत एवं षड्यंत्र का विष नाम पुस्तक है।

222
00:15:18,240 --> 00:15:22,240
इसमें सारे ज्ञान अमृत एवं षड्यंत्र

223
00:15:22,240 --> 00:15:26,320
का विष अच्छा इस पुस्तक

224
00:15:26,320 --> 00:15:31,280
में हमने सारे केसों का जजमेंट लिखा हुआ है। एफआईआर नंबर 426

225
00:15:31,280 --> 00:15:35,760
ब 2014 सरकारी काम में बाधा एफआईआर नंबर 427

226
00:15:35,760 --> 00:15:40,240
ब 2014 बंधक बनाने वाला केस एफआईआर नंबर 428

227
00:15:40,240 --> 00:15:44,400
ब 2014 देशद्रोह का केस जो वर्तमान समय में चल रहा है। 30

228
00:15:44,400 --> 00:15:48,720
अप्रैल 2023 तक का एक एक तारीख का इसमें विवरण दिया हुआ है और एफआईआर

229
00:15:48,720 --> 00:15:52,720
नंबर 429 ब 2014 चार महिला एक बच्चे की हत्या हुई

230
00:15:52,720 --> 00:15:56,960
संत रामपाल जी महाराज को 16 अक्टूबर 2018 को शास्त्र मरते दम तक आजीवन

231
00:15:56,960 --> 00:16:01,360
कारण एफआईआर नंबर 430 में एक महिला 17

232
00:16:01,360 --> 00:16:05,360
अक्टूबर 2018 को संत रामपाल जी महाराज को शास्त्र मरते दम तक आजीवन

233
00:16:05,360 --> 00:16:09,600
कारण एफआईआर नंबर 443 जो आवश्यक

234
00:16:09,600 --> 00:16:13,760
वस्तु अधिनियम गैस सिलेंडर जो 48 गैस सिलेंडर प्राप्त हुए थे

235
00:16:13,760 --> 00:16:18,080
उसमें ये इन केसों में संत रामपाल जी महाराज तीन केसों में ब्जत

236
00:16:18,080 --> 00:16:20,880
बरी हुई है। एफआईआर नंबर 426,

237
00:16:20,880 --> 00:16:25,440
एफआईआर नंबर 427, एफआईआर नंबर 443

238
00:16:25,440 --> 00:16:29,440
और एफआईआर नंबर 429 और 430 में इनको सजा

239
00:16:29,440 --> 00:16:33,680
हुई है। आज तक जितने संत रामपाल जी केस लगे थे। हजारों

240
00:16:33,680 --> 00:16:37,760
केस लगे पुस्तक के मामले में सब मामले में कि कहीं भी कोई पुस्तक प्रचार होते

241
00:16:37,760 --> 00:16:41,760
तो केस संत रामपाल जी लगा। किसी भी केस में संत रामपाल जी को आज तक

242
00:16:41,760 --> 00:16:46,080
सजा नहीं हुई। लेकिन एफआईआर नंबर 429 और 430 में

243
00:16:46,080 --> 00:16:50,080
पांच महिला एक बच्चे की हत्या संत रामपाल जी महाराज का बड़ा

244
00:16:50,080 --> 00:16:54,240
लड़का वीरेंद्र संत रामपाल जी महाराज का छोटा लड़का मनोज संत

245
00:16:54,240 --> 00:16:58,240
रामपाल जी महाराज की बहन राजबाला संत रामपाल जी महाराज का बहनोई

246
00:16:58,240 --> 00:17:02,240
कृष्णा संत रामपाल जी महाराज का भांजा जोगिंद संत रामपाल जी

247
00:17:02,240 --> 00:17:06,240
महाराज का भतीजा अमित संत रामपाल जी महाराज का सगा भाई महेंद्र

248
00:17:06,240 --> 00:17:10,400
संत रामपाल जी महाराज को जो बलजीत है

249
00:17:10,400 --> 00:17:14,800
इनके साथ रहता था बलजीत बलजीत की बेटी बबिता, सावित्री,

250
00:17:14,800 --> 00:17:19,040
पूनम, टीना, पुरुषोत्तम सैनी और

251
00:17:19,040 --> 00:17:23,280
राजेंद्र 28 गुंडे हैं। इन 28 गुंडों ने मिलकर

252
00:17:23,280 --> 00:17:27,280
के पांच महिला एक बच्चे को कमरे के अंदर

253
00:17:27,280 --> 00:17:31,440
बंद करके लाठियों से पीट पीट कर मार डाला। अब आप कह

254
00:17:31,440 --> 00:17:35,440
सकते हो आप ऐसे कह सकते कैसे कर सकते हैं। और वो इन्होंने

255
00:17:35,440 --> 00:17:36,160
स्वयं कोर्ट

256
00:17:36,160 --> 00:17:40,320
में बयान दिया। सारा इसका जजमेंट की फाइल है। फाइल भी मैंने वायरल

257
00:17:40,320 --> 00:17:44,480
की है और इसमें सब पूरा दे रखा है। पांच महिला एक बच्चे की हत्या

258
00:17:44,480 --> 00:17:48,640
इन्होंने वहां पर कोर्ट में स्वीकारा और सारी उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट

259
00:17:48,640 --> 00:17:52,640
है। और देखिए वो जो पांच महिला एक बच्चे की जिनकी

260
00:17:52,640 --> 00:17:56,800
हत्या हुई थी उनके घर के लगभग 12 13 लोग जैसे मान लो आप हम वहां

261
00:17:56,800 --> 00:18:01,200
गए थे। मैं आपको एक बात कहना चाहूंगा। देखिए पांच महिला और

262
00:18:01,200 --> 00:18:05,840
पांच महिला और एक बच्चे की हत्या की बात आप कर रहे हैं।

263
00:18:05,840 --> 00:18:09,920
पहली बात तो ये जो जानकारी मैं फिर बता रहा हूं जो जानकारी ये उपलब्ध कराई जा

264
00:18:09,920 --> 00:18:14,000
रही है इसकी जिम्मेदारी पूरी तरीके से रामपाल जी की है। ये रामचंद्र

265
00:18:14,000 --> 00:18:18,160
दास जी की है और इस बारे में एक डिस्क्रिप्शन में नंबर

266
00:18:18,160 --> 00:18:22,560
दे दिया जाएगा। यदि किसी को इस बारे में यथोचित प्रमाण चाहिए

267
00:18:22,560 --> 00:18:26,560
तो वह इनसे संपर्क कर सकते हैं। हम इसकी जिम्मेदारी नहीं लेते हैं

268
00:18:26,560 --> 00:18:30,640
कि ये जो जानकारी दी जा रही है उसको हमने सत्यापित की हुई है।

269
00:18:30,640 --> 00:18:36,080
जानकारी ये भाई साहब दे रहे हैं। दूसरी बात यह है कि

270
00:18:36,080 --> 00:18:40,240
किसने क्या किया और किसने क्या नहीं किया। मतलब

271
00:18:40,240 --> 00:18:44,240
यह जो आपराधिक मामला है यह कोर्ट के द्वारा दिया

272
00:18:44,240 --> 00:18:48,320
गया डिसीजन है अगर तो ही उस डिसीजन को सामने दिखाते

273
00:18:48,320 --> 00:18:51,440
हुए हम बोल बोल सकते हैं। अन्यथा हम

274
00:18:51,440 --> 00:18:55,440
नहीं बोल सकते कि किसने क्या किया और किसने क्या नहीं किया कि 28 गुंडों

275
00:18:55,440 --> 00:18:59,520
गुंडे शब्द का उपयोग भी इस तरह से करना जो है मुझे नहीं

276
00:18:59,520 --> 00:19:03,920
लगता कि हमारे अधिकार की सीमा में है। तो इसका थोड़ा सा ध्यान रखें।

277
00:19:03,920 --> 00:19:08,160
हां बिल्कुल बिल्कुल सही है ये इसमें थोड़ा मैं नहीं

278
00:19:08,160 --> 00:19:12,400
प्रो करूंगा वो निकल गया मुंह से है ना तो ये

279
00:19:12,400 --> 00:19:16,400
जो 28 लोग थे तो ऐसे नहीं

280
00:19:16,400 --> 00:19:20,480
आपने कोर्ट में कहा कि हां हमने इनकी हत्या की है तो ऐसे जज मान नहीं

281
00:19:20,480 --> 00:19:25,120
लेता है जज फिर आपके साथ एएलआई भेजता अधिकारी भेजता उसकी मैं

282
00:19:25,120 --> 00:19:29,840
एक एक बात जानना चाहूंगा जैसा कि आप क्वेश्चन कर रहे हैं कि ऐसा हुआ

283
00:19:29,840 --> 00:19:33,840
तो उसके पीछे कारण क्या रहा ऐसा कुछ बताया गया कि क्या कारण रहा उस

284
00:19:33,840 --> 00:19:38,000
वहां पर जो ऐसा हुआ और इस

285
00:19:38,000 --> 00:19:42,720
आरोप की सजा आपका कहना है वो मिली है रामपाल जी को

286
00:19:42,720 --> 00:19:46,720
जी जी जी जी इस आरोप की सजा यानी कि कोर्ट

287
00:19:46,720 --> 00:19:50,960
ने यानी कि कोर्ट ने ये नहीं माना है कि जिनका आपने नाम लिया उन

288
00:19:50,960 --> 00:19:54,960
पांच महिला और बच्चे को मारने का कोर्ट

289
00:19:54,960 --> 00:19:59,040
ने डिसाइड नहीं किया है कि उन्होंने ही मारा है। आप बोल रहे हो बात नहीं कोई भी

290
00:19:59,040 --> 00:20:03,520
डिसाइड नहीं किया है और बाकायदे हमारे पास जजमेंट की फाइल है

291
00:20:03,520 --> 00:20:06,560
और कोई भी मुझसे संपर्क कर सकता है

292
00:20:06,560 --> 00:20:10,560
और आप इस बात का दावा नहीं कर सकते ना फिर जब कोर्ट

293
00:20:10,560 --> 00:20:15,200
ने डिसाइड नहीं किया तो आप दावा नहीं कर सकते कि उन्होंने ऐसा किया है।

294
00:20:15,200 --> 00:20:19,440
नहीं वही तो बता रहा हूं सर दावा इसलिए कर सकता हूं क्योंकि

295
00:20:19,440 --> 00:20:23,760
जजमेंट की फाइल जो कहती है हम जजमेंट को मानते हैं क्योंकि इन्होंने

296
00:20:23,760 --> 00:20:27,840
कोर्ट में स्वयं बयान दिए हैं कि मैंने पांच महिला एक बच्चे की हत्या

297
00:20:27,840 --> 00:20:31,840
संत रामपाल जी महाराज के कहने पर की है। अच्छा

298
00:20:31,840 --> 00:20:36,000
लेकिन हां जो उन्होंने बयान दिया है ये बयान

299
00:20:36,000 --> 00:20:40,000
है आपके पास हां बकायदे जजमेंट की

300
00:20:40,000 --> 00:20:44,240
पूरी फाइल है एफआई नंबर 497 की जजमेंट की पूरी फाइल है

301
00:20:44,240 --> 00:20:48,240
और मैं सीएनआर नंबर भी दे दूंगा जो भी कोई मुझसे संपर्क

302
00:20:48,240 --> 00:20:52,320
करेगा मैं उसको सीएनआर नंबर दे दूंगा आप ऐसा करिएगा

303
00:20:52,320 --> 00:20:56,560
आप ऐसा करिएगा वो जो पीडीएफ है ना जजमेंट की जो पीडीएफ

304
00:20:56,560 --> 00:21:00,880
है और यह सारे जो है ये आप हमें दे दीजिएगा पीडीएफ इत्यादि

305
00:21:00,880 --> 00:21:05,040
हम इन सबके लिंक जो है डिस्क्रिप्शन में डाल देंगे तो वहां से लोग डाउनलोड करके अपना

306
00:21:05,040 --> 00:21:09,280
देख लेंगे। ठीक है? जी फाइल भेज दूंगा और उनको

307
00:21:09,280 --> 00:21:13,280
हम सबका सीएनआर नंबर दे दूंगा। सबसे मेन बात आपको जो भी

308
00:21:13,280 --> 00:21:17,440
देना है ना आपको जो भी देना है वो आप दे दीजिएगा तो हम यहां डिस्क्रिप्शन में उसको

309
00:21:17,440 --> 00:21:21,600
डाल देंगे। ठीक है? एक एक मतलब बहुत आसान

310
00:21:21,600 --> 00:21:25,680
बात बता देता हूं कि सारी फाइलों का हम सी एन आर

311
00:21:25,680 --> 00:21:30,080
नंबर 16 अंकों का होता है। ठीक है? वो हम दे देंगे। आप

312
00:21:30,080 --> 00:21:34,080
ई कोड सर्विस नामक ऐप डाउनलोड कर लीजिए। वैसे भी हमें पूरे

313
00:21:34,080 --> 00:21:38,080
भारतवासियों को जागरूक बनना चाहिए कि आप अपने केस को घर

314
00:21:38,080 --> 00:21:42,400
बैठे देख सकते हैं। जिनके ऊपर केस चल रहा हो वो अपने वकील से 16 अंकों

315
00:21:42,400 --> 00:21:46,480
का सीएनआर नंबर दे ले ले और अपने घर बैठे तारीख वगैरह सब देख सकते

316
00:21:46,480 --> 00:21:50,480
हैं क्योंकि काफी वकील क्या गुमराह भी कर देते हैं या आपकी तारीख नहीं भी है

317
00:21:50,480 --> 00:21:54,880
तब भी आपको बुलाया जाता है। है ना? तो इस तरह हमारे पास सारे जजमेंट

318
00:21:54,880 --> 00:21:58,960
है और कोर्ट आपके कहने से नहीं मानेगा क्योंकि कोर्ट

319
00:21:58,960 --> 00:22:03,120
को सबूत चाहिए कि भाई संत रामपाल जी महाराज के द्वारा

320
00:22:03,120 --> 00:22:07,120
ना बोल के ना लिखित में कोई सबूत नहीं

321
00:22:07,120 --> 00:22:11,360
लेकिन 2014 से 2018 तक जज ने

322
00:22:11,360 --> 00:22:15,600
इनके जो 12 वकील थे संत रामपाल जी महाराज तरफ से सबसे इनसे 12

323
00:22:15,600 --> 00:22:19,600
वकीलों से एविडेंस मांगते रहे अगर ये 268 2014

324
00:22:19,600 --> 00:22:23,680
का जो चंडीगढ़ हाई कोर्ट में जो संत रामपाल जी महाराज लेटर दिया

325
00:22:23,680 --> 00:22:27,760
था राष्ट्रीय सभा सेवा मेरी नहीं है। इसके संचालक राम कम

326
00:22:27,760 --> 00:22:31,840
ढाका है। अगर 268 2014 का लेटर अगर ये

327
00:22:31,840 --> 00:22:36,240
कोर्ट को दे दिया जाता तो ये बरवाला कांड होता ही नहीं। और संत रामपाल

328
00:22:36,240 --> 00:22:36,740
जी महाराज

329
00:22:36,640 --> 00:22:40,720
किसी भी तरह दोषी नहीं था बचते। क्योंकि संत रामपाल जी महाराज तो पहले दे

330
00:22:40,720 --> 00:22:44,800
दिया था। 18 नवंबर 2014 को बरवाला कांड हुआ है

331
00:22:44,800 --> 00:22:48,880
और 268 2014 को संत रामपाल जी महाराज वहां दे चुके

332
00:22:48,880 --> 00:22:53,040
थे कि मेरी राष्ट्रीय सभा सेवा मिली नहीं है। तो जब

333
00:22:53,040 --> 00:22:57,200
काले कमांडो जब वहां पूरा घेर रखा था तो वहां के प्रशासन को उसी

334
00:22:57,200 --> 00:23:01,280
समय कैप्चर करना चाहिए था कि भाई ये काले कमांडो कौन यहां

335
00:23:01,280 --> 00:23:05,760
पे है? तो अगर ये उसने एक्शन ले लिया जाता

336
00:23:05,760 --> 00:23:09,920
कानून प्रशासन के द्वारा तो ये बरवाला कांड नहीं होता। यह हम कहना चाहते

337
00:23:09,920 --> 00:23:14,000
हैं। चलिए बरवाला कांड तो ठीक है और एक बस बात

338
00:23:14,000 --> 00:23:18,720
रह गई अब आपने जब इतना छेड़ा है तो कि

339
00:23:18,720 --> 00:23:22,800
इन लोगों ने जब यह कह दिया वहां कोर्ट में कि हमने इनके कहने पर ऐसा

340
00:23:22,800 --> 00:23:26,800
किया है जिसका कि आप आप पीडीएफ देने वाले हैं जो यहां पर

341
00:23:26,800 --> 00:23:31,120
जजमेंट में डाला जाएगा जजमेंट का पीडीएफ तो कोर्ट

342
00:23:31,120 --> 00:23:35,200
ने फिर इनको कुछ नहीं किया जिन लोगों का जिन भी लोगों का आप नाम

343
00:23:35,200 --> 00:23:39,200
ले रहे हैं बहुत अच्छा आपने सवाल किया बहुत

344
00:23:39,200 --> 00:23:43,280
अच्छा सवाल किया शायद मेरे दिमाग से बात निकल जाती। देखिए

345
00:23:43,280 --> 00:23:47,520
संत रामपाल जी महाराज सहित 28

346
00:23:47,520 --> 00:23:52,640
29 लोगों को साम मरते दम तक आजीवन कारा की सजा हुई।

347
00:23:52,640 --> 00:23:56,720
29 लोगों को संत रामपाल जी महाराज सहित 29 लोगों

348
00:23:56,720 --> 00:24:01,040
को शास्त्र मरते दम तक आजीवन कारा की सजा हुई है।

349
00:24:01,040 --> 00:24:05,040
और ये 28 लोग मतलब जिनका

350
00:24:05,040 --> 00:24:09,040
आपने नाम लिया उनको सजा भी हुई है। सबको सजा

351
00:24:09,040 --> 00:24:13,600
हुई है। लेकिन शिवश जी आप बहुत मजे की बात देखिए।

352
00:24:13,600 --> 00:24:18,160
28 लोग संत रामपाल जी महाराज सहित 29 लोगों को सजा हुई।

353
00:24:18,160 --> 00:24:22,400
28 लोग जेल से बाहर घूम रहे जो पूरे वर्ल्ड में

354
00:24:22,400 --> 00:24:26,400
फर्जी आश्रम चला रहे हैं। फर्जी नाम दीक्षा दे रहे। फर्जी पुस्तके पूरे

355
00:24:26,400 --> 00:24:30,400
पूरी दुनिया में फैला रहे हैं। निर्दोष संत रामपाल जी महाराज

356
00:24:30,400 --> 00:24:35,120
सजा काट रहे हैं। और आपको बड़ी मजीब बता दूं।

357
00:24:35,120 --> 00:24:39,200
आप भी जानते हैं राम रहीम जी भी सुनारिया जेल में बंद है। और वो

358
00:24:39,200 --> 00:24:44,000
भी छ साल के अंदर कम से कम ढाई साल पैरोल पर बाहर आए हुए हैं। आप सबने सुना होगा।

359
00:24:44,000 --> 00:24:48,240
ठीक है। कौन? राम रहीम जी। राम रहीम जी।

360
00:24:48,240 --> 00:24:52,320
राम रहीम अच्छा हां हां लेकिन

361
00:24:52,320 --> 00:24:56,320
संत रामपाल जी महाराज की माता जी का 2021

362
00:24:56,320 --> 00:25:00,560
में 2019 या 21 में देहांत हुआ था उनको

363
00:25:00,560 --> 00:25:04,720
एक दिन का भी पैरोल नहीं मिला। जबकि आप जानते हो

364
00:25:04,720 --> 00:25:07,920
कानून कहता है कहना है आपका

365
00:25:07,920 --> 00:25:11,920
कहना है कि जिस

366
00:25:11,920 --> 00:25:16,000
आरोप के लिए 29 लोग जेल में बंद किए जाते

367
00:25:16,000 --> 00:25:20,080
हैं जी जी उनमें से 28 लोगों को

368
00:25:20,080 --> 00:25:24,160
बेल मिल जाती है। किसी ना किसी बहाने बेल में बेल पे

369
00:25:24,160 --> 00:25:28,320
है ना बाहर एक व्यक्ति को बेल नहीं मिलती है। एक व्यक्ति को

370
00:25:28,320 --> 00:25:32,720
बेल नहीं मिलती है। जो उन सब उनमें जो है उन सबका जो है

371
00:25:32,720 --> 00:25:36,720
कहना चाहिए उन सबके ही अनुसार जो सबसे महत्वपूर्ण

372
00:25:36,720 --> 00:25:40,720
व्यक्ति है उसी को बेल नहीं मिलती है और पेरोल तक पे वो

373
00:25:40,720 --> 00:25:44,960
बाहर नहीं आता है वो व्यक्ति। है ना? तो मतलब एक तरीके से इस तरह से देखा

374
00:25:44,960 --> 00:25:49,040
इस तरह से देखा जा सकता है कि भाई मतलब

375
00:25:49,040 --> 00:25:53,040
एक तरीके से इन 28 ये 28 लोग एक तरफ है और वो जो एक

376
00:25:53,040 --> 00:25:57,200
व्यक्ति है वो एक तरफ यहां तक उनकी माताजी

377
00:25:57,200 --> 00:26:01,200
के अंतिम संस्कार में भी उनको एक दिन का भी

378
00:26:01,200 --> 00:26:05,280
पैरोल नहीं मिला और जबकि ये न्याय प्रणाली का दोष

379
00:26:05,280 --> 00:26:09,360
नहीं है। कानून व्यवस्था को दोष नहीं है। कोर्ट

380
00:26:09,360 --> 00:26:13,600
ने इनको रामपाल जी महाराज को उनकी माताजी के अंतिम

381
00:26:13,600 --> 00:26:17,760
संस्कार में भेजना चाहता था। लेकिन इन लोगों ने क्या

382
00:26:17,760 --> 00:26:22,160
किया कि जब इनकी माताजी का देहांत हुआ तो ये

383
00:26:22,160 --> 00:26:23,600
सरकार को

384
00:26:23,600 --> 00:26:27,760
प्रशासन को गुमराह करते रहे। पहले बोले बरवाला के बरवाला आश्रम

385
00:26:27,760 --> 00:26:32,000
के सामने माता जी का संस्कार किया। के 28 लोग सारे बाहर है। वही

386
00:26:32,000 --> 00:26:36,160
ये जो मैनेजमेंट है उसको कंट्रोल कर रहे हैं। हां यही

387
00:26:36,160 --> 00:26:40,160
यही यही सारे लोग पूरे पूरी दुनिया में छाए हुए हैं। यही

388
00:26:40,160 --> 00:26:44,320
सब पूरा फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। संत रामपाल जी महाराज जो निर्दोष है

389
00:26:44,320 --> 00:26:48,320
जिनका कोर्ट में कोई भी सबूत नहीं है। केवल इसलिए उनको सजा हुई

390
00:26:48,320 --> 00:26:52,480
कि इनके परिवार वालों ने कहा जैसे कि आप हो। भाई अगर बेटा

391
00:26:52,480 --> 00:26:56,800
अपने पिता की खिलाफ गवाही दे रहा है तो तो कोर्ट को मजबूरी

392
00:26:56,800 --> 00:27:00,960
मानना पड़ेगा। और एक मिनट वो देखिए वो निर्दोष है कि नहीं

393
00:27:00,960 --> 00:27:05,120
यह बात तो हम नहीं करेंगे मगर हम यह कर सकते हैं कि अगर पहली बात

394
00:27:05,120 --> 00:27:09,200
तो अगर यह जितना प्रचार प्रसार कर रहे हैं और इतनी

395
00:27:09,200 --> 00:27:13,520
गुरु भक्ति है इनके मन में तो इनको वहां पर ये गवाही नहीं देनी चाहिए

396
00:27:13,520 --> 00:27:17,680
थी कि भाई हम इन्ह इनके कहने पे हमने किया बल्कि

397
00:27:17,680 --> 00:27:21,760
वहां तो ऐसी गुरु भक्ति होती मैंने अपने आप किया अगर

398
00:27:21,760 --> 00:27:25,760
ये तो सर ये तो संत रामपाल जी महाराज को

399
00:27:25,760 --> 00:27:29,840
1999 से फसाने का षटक चल रहा था। तो ये

400
00:27:29,840 --> 00:27:34,400
तो जब देखा कि बरवाला कांड में भी संत रामपाल जी महाराज किसी तरह नहीं फसे।

401
00:27:34,400 --> 00:27:39,120
ये बरवाला में भी हमें लाखों लोगों को मरवाने के लिए इन्ह प्लान था इनका।

402
00:27:39,120 --> 00:27:43,120
147 2014 को भी कांड कराना था। ये बाकायदा सब पुस्तकें

403
00:27:43,120 --> 00:27:47,200
लिख रखी है। इन पुस्तकों में सब इनहीं के द्वारा लिखा हुआ है। ये बरवाला घटना की

404
00:27:47,200 --> 00:27:51,600
सच्चाई ये तीन तीन प्रकार की पुस्तकें हैं। इनमें सब कुछ लिखा हुआ है। ब्रज

405
00:27:51,600 --> 00:27:56,000
कुमार न्यायालय की ये सारी पुस्तकें हमने रखी है। ये बिना

406
00:27:56,000 --> 00:28:00,240
प्रूफ के बात नहीं करता हूं। ये जितनी पुस्तकें हैं ये सब देखिए भ्रज

407
00:28:00,240 --> 00:28:04,240
जज कुमार पर न्यायालय की गिरती गरिमा ये न्यायालय की गिरती

408
00:28:04,240 --> 00:28:08,640
गरिमा ब्रज जज कुमार पर ये सब इन्होंने ऐसी अश्लील भाषाएं

409
00:28:08,640 --> 00:28:12,880
लिख लिख के कोर्ट प्रशासन को सबको भड़काया इसमें चलिए

410
00:28:12,880 --> 00:28:17,200
अब अब हम आ जाते हैं जो हमारा जो मुख्य विषय हमने समझ गए कि एक तंत्र

411
00:28:17,200 --> 00:28:21,440
है जो अप्रत्यक्ष रूप से वही तंत्र रामपाल

412
00:28:21,440 --> 00:28:25,680
दास का दुश्मन बना हुआ है और वही तंत्र जो है रामपाल

413
00:28:25,680 --> 00:28:29,840
दास के नाम पर अब आगे जो जो है गतिविधियां फैला रहा है कि रामपाल दास ने

414
00:28:29,840 --> 00:28:33,920
ये कहा, रामपाल दास ने ये कहा। ये सब चीजें हो रही है। अब

415
00:28:33,920 --> 00:28:37,360
पहला क्वेश्चन आता है

416
00:28:37,360 --> 00:28:41,600
सर एक मिनट एक मिनट सर थोड़ा मैं रिक्वेस्ट करूंगा। एक बात कहना चाहता हूं। बहुत इंपॉर्टेंट

417
00:28:41,600 --> 00:28:45,680
बात है। संत रामपाल जी महाराज जेल में है।

418
00:28:45,680 --> 00:28:50,320
भारत के भारत की किसी भी जेल से किसी का भी फोन बाहर नहीं आता।

419
00:28:50,320 --> 00:28:54,240
ये आए दिन संत रामपाल जी महाराज ऑडियो सुनाते

420
00:28:54,240 --> 00:28:58,400
हैं आश्रमों के अंदर। चुपके से कहीं 5 बजे बुलाते

421
00:28:58,400 --> 00:29:02,480
कहीं 4 बजे कि देखो संतराम पास जेल से फोन आ रहा है और जेल

422
00:29:02,480 --> 00:29:06,800
से ऑडियो आ रही वीडियो आ रही और इनके जितने सत्संग है सत्संगों

423
00:29:06,800 --> 00:29:10,960
पूरा परिवर्तन कर दिया मतलब वही आवाज बना के जबकि

424
00:29:10,960 --> 00:29:15,120
हम आप जानते हो कि आधुनिक जमाना है किसी की भी आवाज कहीं भी आप

425
00:29:15,120 --> 00:29:19,200
रिकॉर्ड करके किसी भी एक एक मैंने इस बारे में मैं एक बात

426
00:29:19,200 --> 00:29:23,280
कहूं एक वीडियो मैंने भी ऐसा देखा है जिसमें कि उनके जो

427
00:29:23,280 --> 00:29:27,360
ऊंट है रामपाल दास के जो ऊंट है वो कहीं और जा

428
00:29:27,360 --> 00:29:31,680
रहे हैं और आवाज कुछ और आ रही है। एक वीडियो मैंने ऐसा देखा है

429
00:29:31,680 --> 00:29:35,760
सर आप आप जो है ना उस पे YouTube पे जाकर के आप सर्च कर सकते हैं

430
00:29:35,760 --> 00:29:39,760
संत रामपाल जी महाराज के अंग्रेजी में सत्संग संत रामपाल जी महाराज के

431
00:29:39,760 --> 00:29:43,920
मराठा भाषी में सत्संग संत रामपाल जी महाराज का मुखड़ा चल रहा है।

432
00:29:43,920 --> 00:29:48,000
आवाज दूसरे की है। ये तो इन्होंने पहले कर रखा है और अब ये

433
00:29:48,000 --> 00:29:52,240
ऑडियो के द्वारा सत्संग सुना रहे हैं। कि यह हिसार जेल

434
00:29:52,240 --> 00:29:56,400
नंबर दो से संत रामपाल जी महाराज सत्संग सुना रहे। यह इस तरह से उन्होंने

435
00:29:56,400 --> 00:30:00,400
पूरा षड्यंत्र रखा है। और चलिए

436
00:30:00,400 --> 00:30:04,560
अब हम इस पे आते हैं। जी जी जी अब हम मुख्य विषय

437
00:30:04,560 --> 00:30:08,720
पर आते हैं। सबसे पहला आपका क्या आपका कहना ये है कि जो ज्ञान

438
00:30:08,720 --> 00:30:09,280
गंगा नाम

439
00:30:09,280 --> 00:30:14,640
की पुस्तक है वो फर्जी है। जी जी जी जी

440
00:30:14,640 --> 00:30:19,760
शशि भूषण सिंह जी जय श्री राम।

441
00:30:19,760 --> 00:30:24,560
सर साहब जय श्री राम जी जी तो

442
00:30:24,560 --> 00:30:28,640
ये जो मैनेजमेंट के द्वारा जो बताया आजकल जो किताबें दी जा

443
00:30:28,640 --> 00:30:32,880
रही हैं इसमें एज इट इज वो ज्ञान नहीं है।

444
00:30:32,880 --> 00:30:36,960
वो ज्ञान सही है कि नहीं है वो एक अलग पक्ष है। फिलहाल हम ये

445
00:30:36,960 --> 00:30:40,960
बात करेंगे कि रामपाल दास जी ने जो भी कुछ कहा है

446
00:30:40,960 --> 00:30:45,280
एग्जैक्ट वही ज्ञान है इन पुस्तकों में कि नहीं है।

447
00:30:45,280 --> 00:30:49,280
है ना? जी तो ये जी ज्ञान गंगा फर्जी

448
00:30:49,280 --> 00:30:53,440
क्यों इस पे आप क्या बोलना चाहेंगे? आपने हमें ये बताया था ज्ञान गंगा जो है फर्जी

449
00:30:53,440 --> 00:30:57,440
पुस्तक है। कैसे फर्जी है? मेरे पास

450
00:30:57,440 --> 00:31:01,440
ये पांच प्रकार की ज्ञान का पुस्तक है। ज्ञान का पुस्तक ये पांच

451
00:31:01,440 --> 00:31:05,440
प्रकार की है। इसमें आप डिफरेंस समझ सकते हैं। ये देखो ब्लू कलर की

452
00:31:05,440 --> 00:31:09,840
है और ये इसका कलर दूसरा है। ठीक है?

453
00:31:09,840 --> 00:31:13,920
पांच प्रकार की पुस्तक का बता रहा हूं। और इसका पुस्तक ये कलर देखिए। ये थोड़ा इसका

454
00:31:13,920 --> 00:31:18,000
जो कॉर्नर है ये लाइट में है और

455
00:31:18,000 --> 00:31:22,240
ये डार्क में है। ये इसका अंतर बहुत बारीकी से जब आदमी समझता

456
00:31:22,240 --> 00:31:24,640
है तब देख पाता है ये और ये सबसे पुरानी

457
00:31:24,640 --> 00:31:28,880
पुस्तक है। मेरे पास ये पांच प्रकार की पुस्तकें है और पांच

458
00:31:28,880 --> 00:31:32,880
प्रकार की पुस्तकों को प्रमाण के सहित हम कह रहे

459
00:31:32,880 --> 00:31:36,960
हैं कि ये फर्जी पुस्तक है। सबसे पहले आपको दिखाना चाहूंगा

460
00:31:36,960 --> 00:31:41,120
कि यह जो पुरानी पुस्तक है आप थोड़ी

461
00:31:41,120 --> 00:31:45,280
देर के लिए इनका वो बड़ा कर दीजिए जब ये पुस्तकें वगैरह दिखा रहे हैं जितनी

462
00:31:45,280 --> 00:31:49,360
देर जी जी हमको छोटा हमारा वाला छोटा कर दीजिए

463
00:31:49,360 --> 00:31:53,680
ले आउट और तो हम कैसे करेंगे बड़ा

464
00:31:53,680 --> 00:31:57,840
अच्छा हां ठीक ठीक है वहां कर दिया ये देखिए ये जो ज्ञान

465
00:31:57,840 --> 00:32:01,840
का पुस्तक है और इसमें ये ये देखो ये लिखा

466
00:32:01,840 --> 00:32:06,400
है नीचे ये येलो येलो कलर में लिखा हुआ है भक्ति सौदागर

467
00:32:06,400 --> 00:32:10,560
का संदेश विकल्प ज्ञान गंगा ये देखिए ये सबसे पुरानी

468
00:32:10,560 --> 00:32:14,800
ज्ञान गंगा है हां ये पुरानी ज्ञान है 2014 के पहले

469
00:32:14,800 --> 00:32:19,200
वाली हां हालांकि 2014 के बाद भी पुस्तकें

470
00:32:19,200 --> 00:32:23,280
चली है ना ये अभी लोगों ने उजागर करना शुरू किया

471
00:32:23,280 --> 00:32:28,000
तब हटा दिया है दूसरी बात दूसरी पुस्तक आप दिखा रहा हूं

472
00:32:28,000 --> 00:32:32,240
एक मिनट एक मिनट एक मिनट पहली पहली पुस्तक की पहचान है कि उसमें लिखा

473
00:32:32,240 --> 00:32:38,000
हुआ है भक्ति सौदागर को संदेश का विकल्प ज्ञान गंगा

474
00:32:38,000 --> 00:32:39,920
अब दूसरी आप दिखा रहे हैं ज्ञान गंगा

475
00:32:39,920 --> 00:32:44,080
जी ये देखिए उसी इस पर

476
00:32:44,080 --> 00:32:49,920
इन्होंने ये लिख दिया इसमें हटा दिया उसको ये देखिए

477
00:32:49,920 --> 00:32:53,920
संदेश हटा दिया अब क्या लिख दिया है अब क्या

478
00:32:53,920 --> 00:32:58,560
लिखा है जगह पर वो कुछ नहीं लिखा बात बाकी ये चौकोर

479
00:32:58,560 --> 00:33:04,080
बना दिया उसको उस जगह को कवर करने के लिए अच्छा

480
00:33:04,080 --> 00:33:08,240
इसमें सतलोक आश्रम तोहाना रोड बरवाला जिला

481
00:33:08,240 --> 00:33:12,800
हिसार हरियाणा और धर्म ₹5 ये

482
00:33:12,800 --> 00:33:17,120
जो है ये लिखा है ठीक ठीक ये इन्होंने

483
00:33:17,120 --> 00:33:21,200
इन पुस्तकों परिवर्तन किया है दूसरी बात कोई

484
00:33:21,200 --> 00:33:25,200
पुस्तक और जो गूगल में चल रही पुस्तक वो 336 पेज की

485
00:33:25,200 --> 00:33:29,840
है। 336 पेज की गूगल और

486
00:33:29,840 --> 00:33:34,080
इसमें मेन पॉइंट आपको मैं बताना चाहता हूं। एक मिनट एक मिनट

487
00:33:34,080 --> 00:33:38,400
एक एक करके चलेंगे। एक एक करके चलेंगे। क्या उन्होंने ज्ञान

488
00:33:38,400 --> 00:33:42,560
गंगा लिखी थी? जी जी

489
00:33:42,560 --> 00:33:46,640
देखिए इसके भी बारे में आपको मैं पूरा

490
00:33:46,640 --> 00:33:50,640
प्रमाण से बता रहा हूं। पहली बात तो संत रामपाल जी

491
00:33:50,640 --> 00:33:54,640
महाराज का भी वीडियो है। सत्संग के माध्यम से उन्होंने बताया कि भक्तों ने बना

492
00:33:54,640 --> 00:33:55,920
दी ज्ञान।

493
00:33:55,920 --> 00:34:00,160
भक्तों ने और इसमें भी लिखा इन्होंने भक्ति सौदागर

494
00:34:00,160 --> 00:34:04,320
का संदेश विकल्प ज्ञान पहली ज्ञान गंगा

495
00:34:04,320 --> 00:34:08,480
पहली मैं क्लियर कर दूं दर्शकों को पहली ज्ञान गंगा इस

496
00:34:08,480 --> 00:34:12,640
आधार पर बनी थी कि जो भक्ति

497
00:34:12,640 --> 00:34:16,800
सौदागर को संदेश है उसका हम विकल्प दे रहे हैं।

498
00:34:16,800 --> 00:34:21,520
ज्ञान गंगा है ना और ये रामपाल दास

499
00:34:21,520 --> 00:34:27,200
ने अपने किसी एक वीडियो में ये बोला है कि अ

500
00:34:27,200 --> 00:34:31,360
ज्ञान गंगा जो है भक्तों ने बनाई है। अच्छा वो वीडियो का लिंक आपने

501
00:34:31,360 --> 00:34:35,600
हमें भेजा था। भाई साहब वो जरा वीडियो दिखा दीजिए।

502
00:34:35,600 --> 00:34:39,600
जी वीडियो जरा चला दीजिए। तब तक मैं एक सज्जन

503
00:34:39,600 --> 00:34:43,600
है वो कह रहे हैं कि फिर गुरु जी का ऑडियो भी नकली बोलेंगे। नहीं ऑडियो

504
00:34:43,600 --> 00:34:47,840
को नकली नहीं बोलेंगे हम। का संदेश यह बुक इन्होंने लिखी है।

505
00:34:47,840 --> 00:34:52,000
अच्छा वो ज्ञान गंगा जो बोल रहे हैं कि भक्तों ने बना दी ज्ञान गंगा वो अलग

506
00:34:52,000 --> 00:34:56,800
वीडियो है। हां वो अलग वीडियो है।

507
00:34:56,800 --> 00:35:01,920
वो भी है। वो आप उसका लिंक भेज दीजिएगा। वो लिंक भी डाल देंगे इसमें।

508
00:35:01,920 --> 00:35:06,080
इन्होंने देखिए दर्शकों को मैं क्लियर कर दूं कि इनका

509
00:35:06,080 --> 00:35:10,080
कहना है कि रामपाल दास ने जो बुक लिखी थी उसका नाम है भक्ति

510
00:35:10,080 --> 00:35:12,000
सौदागर का संदेश।

511
00:35:12,000 --> 00:35:16,160
और फिर पहला जो संस्करण इन्होंने निकाला ज्ञान

512
00:35:16,160 --> 00:35:20,240
गंगा के नाम से उसमें इन्होंने मेंशन किया कि यह जो रामपाल दास

513
00:35:20,240 --> 00:35:24,240
जी की बुक है भक्ति सौदागर का संदेश

514
00:35:24,240 --> 00:35:29,120
उसका विकल्प है ये ज्ञान गंगा है ना उसका विकल्प जी

515
00:35:29,120 --> 00:35:33,680
और फिर उसके बाद जब अगले संस्करण आए तो विकल्प वाली लाइन भी

516
00:35:33,680 --> 00:35:37,760
हटाते चले गए और बदलाव करते चले गए। अच्छा

517
00:35:37,760 --> 00:35:43,040
अब इसमें एक पॉइंट की बात है। कि

518
00:35:43,040 --> 00:35:47,040
एक यह जो किताबें फर्जी है यह इस पर भी पता चलता

519
00:35:47,040 --> 00:35:51,120
है कि इसमें जो प्रिंटर्स इत्यादि का जो एड्रेस वगैरह है वो अभी तक हमें मिला

520
00:35:51,120 --> 00:35:55,120
नहीं है और मैं खुद कुछ दिनों में बवाना जाने वाला हूं इनका

521
00:35:55,120 --> 00:35:59,200
जो इंडस्ट्रियल एरिया है वहां जाके मैं फोटो खींचूंगा वो 171

522
00:35:59,200 --> 00:36:03,840
सी वगैरह कहां है जो ये डाल रहे हैं अपनी किताबों में मैं खुद जाऊंगा वहां

523
00:36:03,840 --> 00:36:08,000
तो ये मतलब जो आप फर्जी कह रहे हो वो इसलिए भी हमें फर्जी दिख रहा है

524
00:36:08,000 --> 00:36:12,080
क्योंकि ये प्रिंटर्स का नाम ही नहीं डाल रहे कौन सा जीएसटी नंबर है?

525
00:36:12,080 --> 00:36:16,080
कौन सी फर्म है जो इन किताबों को छाप रही है? और इससे

526
00:36:16,080 --> 00:36:20,720
एक चीज और निकल के आती है जिस पर हम अभी बात करेंगे कि

527
00:36:20,720 --> 00:36:24,800
क्या कहते हैं ये जो भी इन किताबों पर बेचता है यदि

528
00:36:24,800 --> 00:36:27,040
उस पर कोई मुकदमा किया जाएगा तो

529
00:36:27,040 --> 00:36:31,040
वो स्वयं फंसेगा। इन किताबों को छापने वाला बिल्कुल नहीं

530
00:36:31,040 --> 00:36:35,120
क्योंकि उन किताबों पर किसी भी तरीके का कोई प्रमाण

531
00:36:35,120 --> 00:36:39,200
नहीं है कि इसने ही वह किताबें छापी है। ये क्लेम नहीं

532
00:36:39,200 --> 00:36:43,440
किया जा सकता किसी को। जिसके हाथ से वो बरामद होगी वही

533
00:36:43,440 --> 00:36:47,680
उसका जिम्मेदार है। है ना? ऐसा कुछ हुआ ना जब जब उसमें

534
00:36:47,680 --> 00:36:52,080
एड्रेस नहीं छपा है। पंजीकरण संख्या नहीं है। कुछ भी नहीं है उन किताबों

535
00:36:52,080 --> 00:36:55,280
पर। जी।

536
00:36:55,280 --> 00:36:59,440
और दूसरा मैं एक और प्रमाण देना चाहता हूं। ये फर्जी का ये

537
00:36:59,440 --> 00:37:04,240
इन्हें नहीं पुस्तक छापी अवतार हां

538
00:37:04,240 --> 00:37:08,560
जब जब हम इनकी किसी भी बात का प्रमाण सहित विरोध

539
00:37:08,560 --> 00:37:12,720
करते हैं तो ये सामना नहीं करते हम इनसे सबसे कहते

540
00:37:12,720 --> 00:37:17,200
हैं कि एक बार हम सब लोग बैठकर एक जगह मंच पर बैठ के

541
00:37:17,200 --> 00:37:21,360
बातचीत कर लेते हैं कौन गलत कौन सही है तो सामने नहीं आएंगे जब

542
00:37:21,360 --> 00:37:25,760
किसी भी बात का हम इनका प्रमाण सहित इनका उजागर करते तो इन पुस्तकों

543
00:37:25,760 --> 00:37:30,080
के अंदर ये चोरी चोरी छुपे बातों को लिखते हैं। अब इस पुस्तक

544
00:37:30,080 --> 00:37:34,240
के पेज नंबर चार पर इन्होंने खुद लिखा हुआ है। पेज नंबर

545
00:37:34,240 --> 00:37:39,920
चार पर मिनट इनका इनका कॉलम बड़ा कर दीजिए भाई साहब। पहले

546
00:37:39,920 --> 00:37:42,320
इनका कॉलम बड़ा कर दीजिए।

547
00:37:42,320 --> 00:37:47,440
ये पहले पुस्तक दिखा दीजिए। आप पुस्तक दिखा दीजिए। पहले पुस्तक कवर पेज कवर पेज

548
00:37:47,440 --> 00:37:51,520
ये अवतार नाम की पुस्तक है। है

549
00:37:51,520 --> 00:37:57,520
ना? अवतार नाम की पुस्तक है। और

550
00:37:58,560 --> 00:38:02,560
यह भी वही से इसमें नीचे अंदर से दिखाइए। कहां से छपी हुई बता रहे हैं

551
00:38:02,560 --> 00:38:07,440
इसको।

552
00:38:07,440 --> 00:38:11,600
ये अपने ये दूसरा पेज है और

553
00:38:11,600 --> 00:38:15,680
इसमें

554
00:38:15,680 --> 00:38:20,000
वो पेज दिखा दीजिए जो जहां पर वो रोचक जानकारी मेंशन

555
00:38:20,000 --> 00:38:24,240
है ये ये वो कबीर प्रिंटर्स

556
00:38:24,240 --> 00:38:28,240
सी 117 बवाना इंडस्ट्रियल ये देख लीजिए भाई साहब

557
00:38:28,240 --> 00:38:32,400
वही कबीर प्रिंटर्स जो बेनाम बादशाह है वही छाप रहे हैं इसको

558
00:38:32,400 --> 00:38:36,480
भी अब ये क्या बता रहे हैं अपने इस अवतार नाम की बुक

559
00:38:36,480 --> 00:38:40,640
में वो भी देख लीजिए। बाबू राम थोड़ा सा सबर करो। अभी

560
00:38:40,640 --> 00:38:44,800
तुमको मौका मिलेगा लिंक दिया जाएगा। आकर के अपना जो

561
00:38:44,800 --> 00:38:49,440
धैर्य है उसको धारण करो बेटे बाबू राम। धर्म का

562
00:38:49,440 --> 00:38:53,440
एक लक्षण धैर्य भी है। जी मैं समझ गया। मैं समझ गया।

563
00:38:53,440 --> 00:38:57,440
अब आप उसप आइए। उस वाले पृष्ठ पर आइए। एक

564
00:38:57,440 --> 00:39:01,520
मिनट तो समझ गया। इसके नीचे कोई भी फोन नंबर वहां

565
00:39:01,520 --> 00:39:05,840
का नहीं लिखा हुआ। ये बताइए। वो वो वो वो इनकी सभी पुस्तकों

566
00:39:05,840 --> 00:39:10,000
में अभाव है उसका। अब इसके इसी पुस्तक के

567
00:39:10,000 --> 00:39:16,000
इसी पुस्तक के पेज नंबर चार पे आपको ले चलता हूं।

568
00:39:16,000 --> 00:39:20,320
ये ये पेज नंबर चार

569
00:39:20,320 --> 00:39:25,200
ये जो येलो कलर में आपको दिखाई दिखाई दे रहा होगा। पेज नंबर चार

570
00:39:25,200 --> 00:39:30,000
मैं कहूंगा ऑपरेटर महोदय से कि अगर उन्होंने इस पुस्तक को डाउनलोड किया हो

571
00:39:30,000 --> 00:39:34,320
तो आप पीडीएफ को खोल के दिखा दीजिए जरा। हां

572
00:39:34,320 --> 00:39:39,680
ये है पेज नंबर चार का क्या लिखा है इसमें

573
00:39:39,680 --> 00:39:43,760
इसमें ये लिखा है कि

574
00:39:43,760 --> 00:39:47,760
संत रामपाल जी महाराज द्वारा लिखी पुस्तक गीता तेरा ज्ञान अमृत जीने

575
00:39:47,760 --> 00:39:52,480
की राह पुस्तक जीने की राह तथा सतलोक आत्म

576
00:39:52,480 --> 00:39:56,720
रोमन भाषा का क्या पेज नंबर चार लिखा है

577
00:39:56,720 --> 00:40:01,040
पेज नंबर चार रोमन में नहीं वैसे काउंटिंग में अच्छा काउंटिंग वाला

578
00:40:01,040 --> 00:40:05,440
पेज नंबर चार पर आइए एक मिनट रुक जाइए।

579
00:40:05,440 --> 00:40:09,360
जी

580
00:40:09,360 --> 00:40:15,360
हां ये जो पैराग्राफ शुरू होता है गीता

581
00:40:15,360 --> 00:40:19,680
जी जी ये ये धरती पर अवतार यही है। नहीं

582
00:40:19,680 --> 00:40:23,760
धरती पर ये नहीं ये अवतार सिर्फ अवतार केवल अवतार नाम

583
00:40:23,760 --> 00:40:27,920
की बुक है। अगर वो हो आपके पास तो ठीक है। नहीं तो फिर भाई वो ये भाई साहब ही अपना

584
00:40:27,920 --> 00:40:32,240
बता देंगे पढ़ के। हां हां केवल अवतार

585
00:40:32,240 --> 00:40:36,240
आप आप इनका बड़ा कर दीजिए। इनका कॉलम बड़ा कर दीजिए। मैं पढ़ लेता हूं।

586
00:40:36,240 --> 00:40:40,880
आप इनका कॉलम बड़ा कर लीजिए।

587
00:40:40,880 --> 00:40:44,640
ये लोग

588
00:40:44,640 --> 00:40:49,360
थोड़ा सा राइट हां

589
00:40:49,360 --> 00:40:53,600
प्रचार प्रसार बनाई पुस्तक। अच्छा प्रचार

590
00:40:53,600 --> 00:40:57,680
प्रसार समिति द्वारा बनाई पुस्तक। पढ़ दीजिए। आप पूरा पढ़ दीजिए।

591
00:40:57,680 --> 00:41:01,920
आप पूरा पढ़ दीजिए। ये देख लो भैया तत्वदर्शी

592
00:41:01,920 --> 00:41:05,920
कितने तत्वदर्शी तत्वदर्शी अंदर जेल में है

593
00:41:05,920 --> 00:41:10,000
और उनके नाम से उनका जो ये तंत्र है वो किताबें छाप

594
00:41:10,000 --> 00:41:14,080
रहा है और बता भी रहा है चोरी छुपे और तुम लोग आंखों

595
00:41:14,080 --> 00:41:18,240
पर पट्टी बांध कर रहे हो जी पढ़िए बताइए संत रामपाल

596
00:41:18,240 --> 00:41:22,400
जी महाराज द्वारा लिखी पुस्तक गीता तेरा ज्ञान अमृत जीने

597
00:41:22,400 --> 00:41:26,480
की राह तथा सतलोक आश्रम बरवाला की प्रचार प्रसार समिति

598
00:41:26,480 --> 00:41:30,480
द्वारा संत रामपाल दास जी के सत्संगों की डीवीडी से

599
00:41:30,480 --> 00:41:34,480
बनाई पुस्तक ज्ञान गंगा में जो आश्रम की वेबसाइट

600
00:41:34,480 --> 00:41:37,520
पर उपलब्ध है

601
00:41:37,520 --> 00:41:41,920
वेबसाइट जगतगुरु रामपाल जी डॉट ऑ्गनाइज

602
00:41:41,920 --> 00:41:46,080
ऑर्गेनाइजेशन और जी ये है इसमें लिखा हुआ है कि मतलब ज्ञान पुस्तक

603
00:41:46,080 --> 00:41:50,240
ये सब जरूर हां तो इसका मतलब क्या हो रहा है कि अगर

604
00:41:50,240 --> 00:41:54,240
तुम ये भी मानते हो अगर आप ये भी मानते हो

605
00:41:54,240 --> 00:41:58,320
कि तत्वदर्शी है रामपाल तब भी आप जो आज के टाइम

606
00:41:58,320 --> 00:42:00,640
में सतलोक आश्रम से जुड़कर

607
00:42:00,640 --> 00:42:04,960
जो आप अपनी खोखली भक्ति कर रहे हो उस

608
00:42:04,960 --> 00:42:09,360
वो भक्ति में भी तत्वदर्शन नहीं है। आपका वाला ही तत्वदर्शन

609
00:42:09,360 --> 00:42:13,840
नहीं है। क्योंकि यह जो किताबें हैं यह किताबें

610
00:42:13,840 --> 00:42:18,080
आपके द्वारा माने गए तत्वदर्शी द्वारा वाला लिखित भी नहीं है। बल्कि

611
00:42:18,080 --> 00:42:22,400
उनके नाम पर जो तंत्र चल रहा है। जिस तंत्र का कौन है?

612
00:42:22,400 --> 00:42:26,560
कौन कहां का कौन है? ठिकाना कहां है? कुछ नहीं पता। उस

613
00:42:26,560 --> 00:42:31,760
तंत्र के द्वारा उन अपने मन से उनके वो जो

614
00:42:31,760 --> 00:42:35,840
क्या कहते हैं सत्संग जिन्हें वो कहते हैं उसके

615
00:42:35,840 --> 00:42:40,800
आधार पर अपने मन के आधार अपने मन से

616
00:42:40,800 --> 00:42:44,960
संकलित करके बनाई गई वो किताबें ये वो खुद कह रहे हैं। ये

617
00:42:44,960 --> 00:42:48,960
वो खुद कह रहे हैं। ठीक है? अब आगे चलते हैं। भक्ति का

618
00:42:48,960 --> 00:42:52,960
सौदागर हो गया। अब मैं जो ये फर्जीपन है ज्ञान गंगा का इसके

619
00:42:52,960 --> 00:42:57,600
लिए हमारे बीच में एक अधिवक्ता भी हैं। शशि भूषण सिंह जी

620
00:42:57,600 --> 00:43:02,160
तो ये जो फर्जीपन है ज्ञान गंगा का इस फर्जीपन

621
00:43:02,160 --> 00:43:06,160
को और हम लोग क्लियर करेंगे। सबसे पहली

622
00:43:06,160 --> 00:43:10,160
बात तो यह है कि अभी कुछ दिनों पहले मेरे पास लखनऊ के

623
00:43:10,160 --> 00:43:14,400
किसी वकील का फोन आया कि भैया वो रामपाल

624
00:43:14,400 --> 00:43:15,760
की जो किताबें हैं जिनको

625
00:43:15,760 --> 00:43:20,880
आपने जो है ये किया है वहां से हटवाया है ये किताबें

626
00:43:20,880 --> 00:43:25,760
इन किताबों को हाई कोर्ट से क्लीन चिट मिली हुई है और जबकि

627
00:43:25,760 --> 00:43:30,240
एक प्रसंग है जो मैं आपसे पहले आप उसको प्रसंग को खोल दीजिए

628
00:43:30,240 --> 00:43:34,400
फिर हम लोग वकील जो वकील साहब है इनकी

629
00:43:34,400 --> 00:43:38,400
बात हम सुन लेंगे की ठीक है। वो प्रसंग क्या है जो तीन महिलाएं पकड़ी गई है इन

630
00:43:38,400 --> 00:43:42,960
किताबों के साथ वो क्या मामला है? ये हिसार

631
00:43:42,960 --> 00:43:47,280
कोर्ट के अंदर ये तीन महिलाएं पुस्तकें जो है यही मिलावटी

632
00:43:47,280 --> 00:43:52,000
पुस्तकें वहां दे रही थी बेच रही थी। है ना? ये लोग क्या कैंपस में

633
00:43:52,000 --> 00:43:56,240
कोर्ट कैंपस में कोर्ट कैंपस में और

634
00:43:56,240 --> 00:44:00,320
ये प्लेट भी छपवा रखे हैं। है ना? एक प्लेट

635
00:44:00,320 --> 00:44:04,400
भी भड़काऊ पलेट भी छुपा रखे हैं। तो ये क्या भक्तों को मूर्ख बना

636
00:44:04,400 --> 00:44:08,560
रखा कि तुम्हारे कर्म बनेंगे। है ना? तो वो तीन महिलाएं वहां

637
00:44:08,560 --> 00:44:12,720
पकड़ी गई थी। ठीक है? और और इसके बारे में पूरा

638
00:44:12,720 --> 00:44:17,040
विधिवत सदस जी बताएंगे कि उसमें कोर्ट में क्या हुआ।

639
00:44:17,040 --> 00:44:21,120
एक बात और मैं रखना चाहूंगा। एक बार हमने गुरु जी की बेटी

640
00:44:21,120 --> 00:44:25,360
मंजू और उनके भतीजे अमित

641
00:44:25,360 --> 00:44:29,520
से इनसे सबसे मैंने कहा कि मैं मैं थोड़ा झूठ बोला वहां पे कि

642
00:44:29,520 --> 00:44:30,800
मैं यहां पुस्तक सेवा

643
00:44:30,800 --> 00:44:34,880
कर रहा था तो मुझे एलआई ने पकड़ रखा है। अब एलआई ने

644
00:44:34,880 --> 00:44:39,040
पकड़ रखा है। वो कह रहा है ये पुस्तक कहां तुम छपती है? कौन

645
00:44:39,040 --> 00:44:43,120
तुम्हें देता है? कहां से लाए हो? तो बताइए इसमें पता क्यों नहीं?

646
00:44:43,120 --> 00:44:47,440
इसमें ट्रस्ट का नाम क्यों नहीं? संस्था का नाम क्यों नहीं? तो हमने इनको

647
00:44:47,440 --> 00:44:51,520
मंजूस कहा गुरु जी की सगी बेटी जो इससे हैंडलिंग कर रही हमने कहा

648
00:44:51,520 --> 00:44:55,920
बहन जी मुझे एलआई ने पकड़ रखा है वो मुझे जेल भेज देगा बताइए मैं क्या करूं

649
00:44:55,920 --> 00:45:00,240
यहां के नाम दान संचालक को बताता हूं तो कह रहा मुझे ना बताना वो ऑडिटर

650
00:45:00,240 --> 00:45:04,320
कहता हूं वो कह रहा मुझे ना बताना पुस्तक कहां से ली और स्टेट कोटर को

651
00:45:04,320 --> 00:45:08,400
कोई जिम्मेदारी नहीं ले रहा तो बोले अमित से बात करो जो महेंद्र जी का लड़का

652
00:45:08,400 --> 00:45:12,560
है संत रामपाल जी सगे सगा भतीजा उसने कहा उसको ये बता

653
00:45:12,560 --> 00:45:16,560
दो कहीं हमें ये पुस्तक मिल गई थी अरे हमने ऐसे कैसे गए

654
00:45:16,560 --> 00:45:20,560
कहां मिल गए जी तो ये जो सबसे बड़ी व्यवस्था इन्हने बना रखी

655
00:45:20,560 --> 00:45:24,720
है कि आप फसो तो आप ही सजा काटो तो इसके बारे

656
00:45:24,720 --> 00:45:28,720
में अब सदूषण जी जो हमारे अधिवक्ता है वो आपको विधिवत

657
00:45:28,720 --> 00:45:33,760
पूरी जानकारी देंगे जी जी बताइए

658
00:45:33,760 --> 00:45:39,200
पहले तो मैं देर से आने के लिए क्षमा मांगूंगा आप सभी से

659
00:45:39,200 --> 00:45:43,440
हैं लेकिन इसमें ये जो कहानी

660
00:45:43,440 --> 00:45:48,160
आई है तीन औरतों के बारे में जो पुस्तक सेवा कर रही थी

661
00:45:48,160 --> 00:45:52,240
वो भी कोर्ट कैंपस के अंदर तो उसमें

662
00:45:52,240 --> 00:45:56,400
तीन औरत में से नाम बता देते हैं आपको एक बाला सुरेश

663
00:45:56,400 --> 00:46:00,480
और रानी जैन करके थी ये

664
00:46:00,480 --> 00:46:04,640
तीनों स्त्रियां को वे लोग जो इनके पीछे लोग

665
00:46:04,640 --> 00:46:09,520
थे जो यह कार्य करते हैं वे बुक लिखे हुए थे बरवाला

666
00:46:09,520 --> 00:46:13,600
की घटना की सच्चाई

667
00:46:13,600 --> 00:46:17,760
उसमें में हर कुछ

668
00:46:17,760 --> 00:46:22,000
वे उत्तेजित करने वाला लोगों को प्रोवोकेट देने वाला शब्द

669
00:46:22,000 --> 00:46:26,480
लिखी गई थी और वे डायरेक्ट वे

670
00:46:26,480 --> 00:46:30,560
डायरेक्ट प्रत्यक्ष रूप से कोर्ट को लिखी गई

671
00:46:30,560 --> 00:46:34,720
थी और जितने भी कोर्ट में लिखे गए हैं

672
00:46:34,720 --> 00:46:39,760
हमने जितने भी कोर्ट को लिखे गए थे मैं समझा नहीं

673
00:46:39,760 --> 00:46:45,120
कोर्ट के संबंध में लिखे गए थे अच्छा कोर्ट के लिए

674
00:46:45,120 --> 00:46:49,760
कोर्ट के लिए मानना है उन हां

675
00:46:49,760 --> 00:46:53,920
ये टोटल कोर्ट के विरुद्ध में लिखे थे कि फलाने फलाने नाम लेकर

676
00:46:53,920 --> 00:46:57,920
के कि फलाने ने इतने पैसे घस मांग रहा था

677
00:46:57,920 --> 00:47:02,240
तो फलाने ने यह किया गुरु जी तो मतलब कभी

678
00:47:02,240 --> 00:47:06,320
भी कोर्ट में जाते थे या नहीं जाते थे इनकी बातें छोड़

679
00:47:06,320 --> 00:47:11,680
दीजिए गुरु जी को तो मतलब कोर्ट ने उनको

680
00:47:11,680 --> 00:47:15,840
205 का लाभ दिया हुआ था कि आपको जब

681
00:47:15,840 --> 00:47:20,160
बुलाया जाएगा तभी कोर्ट में आवेंगे। लेकिन यह

682
00:47:20,160 --> 00:47:24,240
लोग यह लोग कोर्ट को प्रोवोकेट करने के लिए लोगों

683
00:47:24,240 --> 00:47:28,560
को प्रोवोकेट करने के लिए लोगों को एक साथ बंधित रहने

684
00:47:28,560 --> 00:47:33,360
के लिए यह लोग अपना संगठन बनाकर के और कोर्ट के विरुद्ध ये कार्य

685
00:47:33,360 --> 00:47:37,360
कर रहे थे और उसी पर यह किताब लिखे हुए थे

686
00:47:37,360 --> 00:47:41,680
और उस किताब को उसी कोर्ट के कैंपस के अंदर

687
00:47:41,680 --> 00:47:46,000
में इन महिलाओं को आगे करके और ये लोग बंटवा

688
00:47:46,000 --> 00:47:50,000
रहे थे तो वो किताबें ये वाली नहीं थी क्या ये ज्ञान गंगा

689
00:47:50,000 --> 00:47:54,080
जीने की राह ये सब नहीं था ये कंप्लीट था

690
00:47:54,080 --> 00:47:58,640
ज्ञान गंगा जीने की राह पुस्तक उस समय नहीं थी ये 2015

691
00:47:58,640 --> 00:48:03,200
की बात है और वे जो था वो

692
00:48:03,200 --> 00:48:04,960
बरवाला घटना की सच्चाई

693
00:48:04,960 --> 00:48:09,760
के बारे में था घटना लोग यही किए

694
00:48:09,760 --> 00:48:13,760
और सारे इल्जाम प्रशासन पर और यह कोर्ट पर

695
00:48:13,760 --> 00:48:17,760
कर दिए और गुरु जी गुरु जी तो

696
00:48:17,760 --> 00:48:22,160
एकदम निस्वार्थ भाव से मतलब कोर्ट जाया करते थे। उनके हर एक आदेश

697
00:48:22,160 --> 00:48:26,240
को माना करते थे। किंतु इन लोगों ने जबरदस्ती

698
00:48:26,240 --> 00:48:30,320
उनको कोर्ट में जाने नहीं दिया। क्योंकि मतलब वो

699
00:48:30,320 --> 00:48:34,400
बंधक बनाए हुए यह तो बाद की बात है। लेकिन यह इस घटना के

700
00:48:34,400 --> 00:48:38,560
बारे में मैं बता रहा हूं जो बाला सुरेश और बनाए

701
00:48:38,560 --> 00:48:43,200
हुए थे जो जिस भी प्रकार के अपराधिक वो होते हैं आक्षेप

702
00:48:43,200 --> 00:48:47,280
उनका हम लोग जिम्मेदारी नहीं लेते हैं। वो आप क्या कहते

703
00:48:47,280 --> 00:48:51,920
हैं प्रश्नवाचक रूप में आप कह सकते हैं मगर निर्णायक रूप से आप ना कहे

704
00:48:51,920 --> 00:48:56,000
कि कोई बंधक बनाया था उन्हें नहीं निर्णायक रूप से नहीं

705
00:48:56,000 --> 00:49:00,160
कहेंगे। तो ये ये जो है ये तीनों

706
00:49:00,160 --> 00:49:04,160
लोग वही कोर्ट के विरुद्ध में सारी मतलब उसमें बात लिखे

707
00:49:04,160 --> 00:49:08,800
हुए थे और उस किताब में

708
00:49:08,800 --> 00:49:13,520
कोर्ट के प्रति बहुत खराब भावना से लिखी गई थी

709
00:49:13,520 --> 00:49:17,680
और जो लोगों को मतलब एक एकत्रित किया जा रहा था

710
00:49:17,680 --> 00:49:20,000
कोर्ट के विरोध में जो कि कोर्ट एक

711
00:49:20,000 --> 00:49:24,240
जो होता है कस्टिट्यूशनल के तहत में वो स्थापित

712
00:49:24,240 --> 00:49:28,640
होता है जहां जहां उसको हर अधिकार होता है।

713
00:49:28,640 --> 00:49:32,720
उस अधिकार को ये हनन करने के लिए लोग इन

714
00:49:32,720 --> 00:49:36,720
लोगों का इंटेंशन कुछ और था चाहे और हो। लेकिन वे

715
00:49:36,720 --> 00:49:40,960
लोग गलत कार्य उस पर लिखे हुए थे वो कोर्ट के विरुद्ध

716
00:49:40,960 --> 00:49:45,200
में और कोर्ट कैंपस में ही ये कार्य कर रहे थे। लोगों को किताबें

717
00:49:45,200 --> 00:49:49,200
बांट रहे थे, पंपलेट बांट रहे थे कि क्या यह करते हैं

718
00:49:49,200 --> 00:49:53,280
लोग। कैसे यह न्याय देंगे, क्या नहीं देंगे, ऐसे देंगे, वैसे देंगे,

719
00:49:53,280 --> 00:49:57,280
ऐसे देंगे। जबकि संत रामपाल जी महाराज उस समय

720
00:49:57,280 --> 00:50:01,360
तो जेल में थे और यह लोग जितने भी

721
00:50:01,360 --> 00:50:05,440
हैं यह किताबों में आप देखे होंगे ज्ञान गंगा

722
00:50:05,440 --> 00:50:09,520
पुस्तक जो है तो गुरु जी का तो लिखा हुआ है नहीं क्योंकि ये

723
00:50:09,520 --> 00:50:13,840
लोग खुद उस पर लिखे हुए हैं कि ज्ञान गंगा के दूसरे

724
00:50:13,840 --> 00:50:17,920
पृष्ठ पर देखिएगा तो लिखा हुआ है कि संत रामपाल जी महाराज

725
00:50:17,920 --> 00:50:23,920
के सत्संगों का संग्रह किया हुआ अनमोल पुस्तक

726
00:50:24,000 --> 00:50:28,560
बस बस इतना ज्ञान गंगा के तीसरे पृष्ठ पर

727
00:50:28,560 --> 00:50:34,560
दूसरे दूसरे दूसरे पर

728
00:50:35,760 --> 00:50:41,760
सबसे ऊपर में सबसे ऊपर में लिखा होगा

729
00:50:42,080 --> 00:50:46,720
ये मेरे पास तीसरा दूसरा प्रश्न है। चलिए

730
00:50:46,720 --> 00:50:50,880
इसको देखना पड़ेगा क्योंकि थोड़ा बहुत मैं देख रहा हूं कि ज्ञान गंगा पुस्तकों में पेज

731
00:50:50,880 --> 00:50:55,280
भी आगे पीछे हो रहे हैं। हां हां पेज भी आगे पीछे वगरा

732
00:50:55,280 --> 00:50:59,440
हो रहे हैं। वही पे आप वही पढ़िए जहां ज्ञान

733
00:50:59,440 --> 00:51:03,760
का प्रकाशक प्रचार मूल्य लिखा हुआ उसी के ऊपर आप देखिए

734
00:51:03,760 --> 00:51:07,840
है ना उसी के ऊपर जहां मूल्य लिखा हुआ है ना प्रचार

735
00:51:07,840 --> 00:51:12,000
प्रसार ये देखिए ये लिखा तो है भाई ये रामपाल

736
00:51:12,000 --> 00:51:16,000
की लिखी पुस्तक नहीं है ये देख लो बड़ा बड़ा लिखा है

737
00:51:16,000 --> 00:51:20,000
ये महाराज के सत्संगों का

738
00:51:20,000 --> 00:51:24,080
संग्रह ये लो हां सत्संगों का

739
00:51:24,080 --> 00:51:28,720
संग्रह किसने किया? कब सत्यापित हुई?

740
00:51:28,720 --> 00:51:32,800
कहां सिग्नेचर है? हां। कब उन्होंने कब

741
00:51:32,800 --> 00:51:36,880
उन्होंने बोला कि मैंने ज्ञान गंगा पुस्तक दी है सत्यापित

742
00:51:36,880 --> 00:51:40,960
कर रहा हूं इस पुस्तक को। कुछ है? मैंने भी एक दिन

743
00:51:40,960 --> 00:51:45,920
इनसे पूछा था कि भाई वो तुम्हारे जो गुरु है वो है जेल में।

744
00:51:45,920 --> 00:51:49,920
अब उनके नाम से तुमको कोई पुस्तक दे रहा है। तुमको कैसे पता है? गुरु ने दिया है

745
00:51:49,920 --> 00:51:51,440
वही है। ये

746
00:51:51,440 --> 00:51:55,680
हां सही सही सवाल था। सही प्रश्न था

747
00:51:55,680 --> 00:51:59,840
क्योंकि गुरु जी का मतलब गुरु अगर किसी को गुरु अगर

748
00:51:59,840 --> 00:52:04,320
किसी को उत्तराधिकारी घोषित करेगा अगर तो

749
00:52:04,320 --> 00:52:08,400
ये मेरा उत्तराधिकारी है तो उसको हक बनता है कि गुरु के नाम से वो

750
00:52:08,400 --> 00:52:12,400
कुछ आगे काम करे। काम करे। हां हां

751
00:52:12,400 --> 00:52:16,480
यही है और इस पर भी बात आगे हो जाएगी कि उन्होंने अपना

752
00:52:16,480 --> 00:52:20,480
कोई उत्तराधिकारी घोषित किया है कि नहीं किया है। खैर ये

753
00:52:20,480 --> 00:52:24,560
ये ध्यान से सुन लो जो हम लोग इसमें कमियां निकालते हैं ना तुम्हारे तत्वदर्शी की ये

754
00:52:24,560 --> 00:52:28,560
तत्वदर्शी के नाम से छापी गई है। ये देख लो इसमें तुम्हारे खुद ही

755
00:52:28,560 --> 00:52:33,840
लोग लिख रहे हैं कि ये उनके सत्संगों का संग्रह है। ये देख लो।

756
00:52:33,840 --> 00:52:37,840
तो ये ज्ञान गंगा फर्जी पुस्तक है। खैर

757
00:52:37,840 --> 00:52:42,080
चलिए बताइए आप हां तो

758
00:52:42,080 --> 00:52:47,120
यही मतलब इसी प्रकार का यह लोग जो है लोगों के बीच में

759
00:52:47,120 --> 00:52:51,120
यानी आपके हमारे या अन्य जो पब्लिक हैं लोगों के

760
00:52:51,120 --> 00:52:56,960
बीच में यह संत रामपाल जी महाराज का नाम लेकर केकि

761
00:52:56,960 --> 00:53:01,680
उनको ये ज्ञान तो मतलब बताते हैं और परमात्मा

762
00:53:01,680 --> 00:53:05,680
गुरु जी का ज्ञान तो सही है लेकिन उन ज्ञानों में ये

763
00:53:05,680 --> 00:53:06,640
लोग जो हैं

764
00:53:06,640 --> 00:53:11,040
यानी उनके जितने भी शिष्य जो हैं जो पूरे पूरे मतलब

765
00:53:11,040 --> 00:53:15,040
सिस्टम को बदल दिए हुए हैं। वे लोग अपने स्तर

766
00:53:15,040 --> 00:53:19,440
से अपने तरफ से उसमें मर मिलावट करके

767
00:53:19,440 --> 00:53:23,600
कुछ ना कुछ आपको अभी याद आ नहीं रहा है। किताब देखने

768
00:53:23,600 --> 00:53:27,680
पड़ेंगे। वेब पेज भी बता देते आपको जीने की राह में

769
00:53:27,680 --> 00:53:32,240
गुरु कुछ चीजें हैं जो नोट है आप आप फिलहाल हमें वो बताइए अब

770
00:53:32,240 --> 00:53:36,480
कि वो जो तीन महिलाएं पकड़ी गई थी उनका क्या क्या

771
00:53:36,480 --> 00:53:40,560
डिसीजन हुआ है आपने हमें भी पीडीएफ भेजी है भाई

772
00:53:40,560 --> 00:53:46,560
साहब वो पीडीएफ जरा खोल के जजमेंट का आर्डर जो है जरा दिखा दीजिए

773
00:53:46,720 --> 00:53:50,960
वैसे तो मैं जो मोबाइल पर है वो मोबाइल

774
00:53:50,960 --> 00:53:54,960
पर तो है वैसे दिखा नहीं सकता मोबाइल से नहीं नहीं वो वो

775
00:53:54,960 --> 00:53:59,040
वो वो दिखा रहे हैं वो दिखा रहे हैं आपकी अभी स्क्रीन पे दिखेगा आपको आर्डर

776
00:53:59,040 --> 00:54:03,360
हां पहले कौन सा वाला आर्डर खोलना है पहले कौन सा वाला ऑर्डर

777
00:54:03,360 --> 00:54:07,680
है वो आशीष जी वाला जो मतलब आशीष कुमार शर्मा

778
00:54:07,680 --> 00:54:11,840
जी जुडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास के हैं नहीं

779
00:54:11,840 --> 00:54:16,160
ऊपर क्या लिखा है इन द कोर्ट ऑफ आर के जैन ये नहीं खोलना है

780
00:54:16,160 --> 00:54:20,400
आर के जैन तो ये स्टेशन कोर्ट हो गया इसके बाद बाद वाला है

781
00:54:20,400 --> 00:54:26,400
इससे दूसरा पीडीएफ खोलिए दूसरा पीडीएफ खोलिए

782
00:54:32,000 --> 00:54:35,920
ये है

783
00:54:35,920 --> 00:54:40,800
ये है इसमें लिखा हुआ है स्टेट

784
00:54:40,800 --> 00:54:44,800
वर्सेस बाला हां ये मतलब ये

785
00:54:44,800 --> 00:54:48,800
केस का नंबर हो गया है ना ये केस का नंबर है भाई ये नंबर लोग

786
00:54:48,800 --> 00:54:52,880
नोट कर ले और पीडीएफ का लिंक भी हो सका तो हम डाल देंगे डिस्क

787
00:54:52,880 --> 00:54:56,880
डिस्क्रिप्शन में स्टेट इसको थोड़ा बड़ा कर दीजिए भाई साहब बड़ा

788
00:54:56,880 --> 00:55:02,880
कर दीजिए थोड़ा

789
00:55:04,160 --> 00:55:10,160
स्टेट वर्सेस बाला सीआर ए 3462016

790
00:55:10,640 --> 00:55:15,040
तो यह हमें उपलब्ध कराया गया है शशि भूषण सिंह जी के द्वारा

791
00:55:15,040 --> 00:55:19,200
और इसमें जो है ये एडवोकेट वगैरह का नाम भी है। जी क्या बता रहे थे आप

792
00:55:19,200 --> 00:55:23,840
इसके बारे में वो बताएं। हां मैं हां मैं यह बता रहा था

793
00:55:23,840 --> 00:55:28,160
कि यह घटना है 317 2015

794
00:55:28,160 --> 00:55:33,840
का और ये लोग तीनों बाला

795
00:55:33,840 --> 00:55:37,840
सुरेश और रानी जैन ये तीनों कोर्ट कैंपस

796
00:55:37,840 --> 00:55:41,920
के अंदर लोगों का ये बरवाला घटना

797
00:55:41,920 --> 00:55:46,080
की सच्चाई और पंपलेट वगह बांट रही थी

798
00:55:46,080 --> 00:55:50,160
लोगों के बीच में वही वाली असली असली भगवान

799
00:55:50,160 --> 00:55:54,480
भगवान कौन है? ब्रह्मा विष्णु महेश के पिता कौन है?

800
00:55:54,480 --> 00:55:58,640
यही सब यही सब उसमें मतलब बहुत कुछ लिखा

801
00:55:58,640 --> 00:56:02,960
हुआ था। उसमें बहुत कुछ लिखा हुआ था और विशेष

802
00:56:02,960 --> 00:56:07,200
करके तो इससे मतलब कोर्ट जो है

803
00:56:07,200 --> 00:56:11,440
कोर्ट में एक बाला जिसका नाम सरोज बाला

804
00:56:11,440 --> 00:56:17,440
वो पुलिस लेडीज का एसआई थी

805
00:56:17,520 --> 00:56:21,520
जिसका नाम सरोज बाला था। वो एक लेडीज

806
00:56:21,520 --> 00:56:25,600
कांस्टेबल के साथ उनका वहां पेट्रोलिंग में थी। कोर्ट के

807
00:56:25,600 --> 00:56:26,100
अंदर

808
00:56:25,840 --> 00:56:30,560
में तो इसको किसी मतलब गुप्त सूचना मिली

809
00:56:30,560 --> 00:56:34,720
कि यह लोग कोर्ट के अंदर में कैंपस के अंदर में यह

810
00:56:34,720 --> 00:56:38,720
लोग ऐसे ऐसे भड़काऊ चीज बंटवा रहा है जिससे

811
00:56:38,720 --> 00:56:42,800
लोगों में मतलब सार्वजनिक शांति जो है वो भंग होने की

812
00:56:42,800 --> 00:56:47,360
संभावना है। तो यह लोग वहां पर गई

813
00:56:47,360 --> 00:56:51,600
जाने के बाद में तीनों के पोजेशन से यह सारे पंपलेट

814
00:56:51,600 --> 00:56:55,760
किताब वग जप्त किए गए। और जब्त करने

815
00:56:55,760 --> 00:57:00,400
के बाद में 153 153 ए 504

816
00:57:00,400 --> 00:57:04,480
505 दो में आईपीसी की धारा के

817
00:57:04,480 --> 00:57:08,480
तहत में इनका एफआईआर दर्ज हुआ

818
00:57:08,480 --> 00:57:12,720
और वह एफआईआर दर्ज हिसार सिविल लाइन

819
00:57:12,720 --> 00:57:16,720
जो थाना है उसने दर्ज किया उसके

820
00:57:16,720 --> 00:57:21,360
बाद में यह ट्रायल चला आशीष कुमार जुडिशियल

821
00:57:21,360 --> 00:57:26,320
मजिस्ट्रेट के कोर्ट में जिन्होंने

822
00:57:26,320 --> 00:57:30,320
यह घटना को सत्य पाया। इनके विरोध

823
00:57:30,320 --> 00:57:34,320
में हर कुछ प्राप्त पाया। एविडेंस

824
00:57:34,320 --> 00:57:38,480
मौजूद था। इन्होंने ये करीब

825
00:57:38,480 --> 00:57:41,520
10 माह तक जेल में रही।

826
00:57:41,520 --> 00:57:45,520
ले अब क्योंकि इसका नेचर जो था

827
00:57:45,520 --> 00:57:50,320
153 153 ए 53 ए 504

828
00:57:50,320 --> 00:57:54,560
इसका नेचर कुछ था कि उसमें सजा की जो अवधि

829
00:57:54,560 --> 00:57:58,720
होती है वो तीन वर्ष से ज्यादा की नहीं होती है तो

830
00:57:58,720 --> 00:58:02,800
उसमें 10 वर्ष ये लोग हो गए और एक औरत तथा

831
00:58:02,800 --> 00:58:06,800
एज के मुताबिक 10 माह हो गए 10 माह

832
00:58:06,800 --> 00:58:11,040
10 माह हो गए थे हां तो 10 माह हो गए थे

833
00:58:11,040 --> 00:58:15,120
तोकि यह तीन वर्ष वैग्रह का कहने का मेरा मतलब कि

834
00:58:15,120 --> 00:58:19,120
सबसे ज्यादा तीन वर्ष है और तीन वर्ष में मतलब

835
00:58:19,120 --> 00:58:23,440
यह जो भी सजा देते हैं लोग तो मान लीजिए कि 50%

836
00:58:23,440 --> 00:58:27,680
अगर दे भी दिए तो उसमें भी मतलब 15 माह हुआ चाहे 12

837
00:58:27,680 --> 00:58:32,000
माह हुआ लेकिन फिर भी उसमें से ये 10 माह ऑलरेडी ये

838
00:58:32,000 --> 00:58:36,640
लोग जेल के अंदर में रह चुकी है। तो

839
00:58:36,640 --> 00:58:41,280
यह लोग मतलब अपना वहां प्रार्थना की

840
00:58:41,280 --> 00:58:45,680
आशीष कुमार जुडिशियल मजिस्ट्रेट के साथ इन महिलाओं ने इन महिलाओं

841
00:58:45,680 --> 00:58:50,400
ने जब कोर्ट में केस चला तो इन महिलाओं ने ये नहीं

842
00:58:50,400 --> 00:58:54,480
उनको नहीं बुलाया जिन लोगों ने इनको वो किताबें दी थी वहां बेच

843
00:58:54,480 --> 00:58:56,560
बांटने के लिए उनको नहीं हां

844
00:58:56,560 --> 00:59:00,720
उनको नहीं बुलाया क्योंकि लोग वो स्वयं नहीं आए

845
00:59:00,720 --> 00:59:04,720
इनको बचाने के लिए नहीं आए वो लोग नहीं नहीं आए

846
00:59:04,720 --> 00:59:08,800
नहीं आने का भी कारण होता है कि वे लोग डायरेक्ट मना कर जाते हैं कि

847
00:59:08,800 --> 00:59:12,880
हम उस औरत को जानते नहीं है। जैसे हमारे रामचंद्र भगत जी के भी साथ

848
00:59:12,880 --> 00:59:17,120
में ये एलआई वाले ने आया था तो वो बोल दिया कि आप बोल दो कि

849
00:59:17,120 --> 00:59:21,120
क्या-क्या बोल रहे थे ये अभी उसी तरह से ये लोग

850
00:59:21,120 --> 00:59:26,240
फस जाते हैं ना तो उसके सामने ये लोग नहीं आते हैं।

851
00:59:26,240 --> 00:59:30,640
और जो फंस गया मर गया सो मर रहा है। सो मरने देते हैं। तो

852
00:59:30,640 --> 00:59:34,640
वो जो किताबें थी जो ये लोग बांट रहे थे फिर उसमें मुकदमे में उनको सजा

853
00:59:34,640 --> 00:59:39,040
पड़ी। हां सजा हुई। सजा होने के

854
00:59:39,040 --> 00:59:43,760
सजा हुई। सजा होने के बाद में ये लोग प्रार्थना

855
00:59:43,760 --> 00:59:47,280
कोर्ट में कुछ

856
00:59:47,280 --> 00:59:51,760
10 माह तककि जेल के कस्टडी में रही। वही उनको सजा कंफर्म

857
00:59:51,760 --> 00:59:56,560
किया। उसके बाद में उस सजा को

858
00:59:56,560 --> 01:00:00,800
इनको दोषी पाया। कोर्ट ने इन लोगों को दोषी पाया

859
01:00:00,800 --> 01:00:04,880
और यह भी पाया कि यह जो किताबें बांट रही थी या

860
01:00:04,880 --> 01:00:09,040
यह पंपलेट जो बांटे जा रहे थे यह लोगों के बीच

861
01:00:09,040 --> 01:00:13,120
सौहार्द भावना को भंग करना होता है या मतलब

862
01:00:13,120 --> 01:00:17,200
जो ये सामुदायिक सामुदायिक लोगों के बीच

863
01:00:17,200 --> 01:00:21,280
में भावना दुर्भावना को मतलब बढ़ावा देना होता

864
01:00:21,280 --> 01:00:25,440
है ऐसा कोर्ट ने पाया है तो ये

865
01:00:25,440 --> 01:00:29,440
उनको सजा दी इसके बाद इसके बाद ये सेशन कोर्ट में

866
01:00:29,440 --> 01:00:33,520
गया डीजे कोर्ट में। हां इसके बाद ये अपील किए सेशन कोर्ट

867
01:00:33,520 --> 01:00:37,520
में तो एस के जैन जो दूसरी वाली पीडीएफ है वो

868
01:00:37,520 --> 01:00:43,520
दूसरी दिखा दीजिए भैया एस के जैन वाली

869
01:00:51,040 --> 01:00:55,120
इस ज्ञान गंगा पुस्तक के नाम पर जो अपने आप

870
01:00:55,120 --> 01:00:59,280
को रामपाल का भक्त मानते हैं या

871
01:00:59,280 --> 01:01:03,680
रामपाल का चेला मानते हैं या रामपाल का शिष्य मानते हैं।

872
01:01:03,680 --> 01:01:07,760
उनकी सच्चाई वास्तविकता में ये है कि वो रामपाल के शिष्य नहीं

873
01:01:07,760 --> 01:01:11,760
है बल्कि वो जो 29 लोग थे जिनको

874
01:01:11,760 --> 01:01:16,000
सजा हुई थी उनमें से जो 28 लोग बाहर हैं जिनके द्वारा रामपाल

875
01:01:16,000 --> 01:01:20,080
जी के नाम पर जो तंत्र चल रहा है अब वो उनके भक्त हैं। वो उनके

876
01:01:20,080 --> 01:01:24,160
शिष्य हैं। वो उनके चेले हैं। उन 28 लोगों में से इस

877
01:01:24,160 --> 01:01:28,320
पुस्तक के नाम पर जो स्वयं को भक्त मानते हैं रामपाल का स्वयं

878
01:01:28,320 --> 01:01:34,320
को शिष्य मानते हैं रामपाल ये है सच्चाई

879
01:01:34,400 --> 01:01:38,400
हां तो यही पीडीएफ है ये पीडीएफ

880
01:01:38,400 --> 01:01:42,720
है इस पीडीएफ भाई ये इसमें जो भी

881
01:01:42,720 --> 01:01:46,960
डिटेल्स है वो आप लोग चेक कर सकते हैं। सेशन जज हिसार यूआईडी

882
01:01:46,960 --> 01:01:50,400
नंबर एचआर018

883
01:01:50,400 --> 01:01:56,400
ठीक है अब इनको ले लीजिए शशि भूषण जी को वो बात बताएं

884
01:01:56,560 --> 01:02:00,560
जी हां तो ये मतलब

885
01:02:00,560 --> 01:02:04,960
जब सेशन में हुआ सेशन का मतलब यह हुआ कि ये अपील

886
01:02:04,960 --> 01:02:09,680
दायर की है तो सेशन कोर्ट ने उसको देखा

887
01:02:09,680 --> 01:02:14,640
देखने के बाद में 101 2000

888
01:02:14,640 --> 01:02:19,040
आपको बता देते हैं 101 2017 को सेशन

889
01:02:19,040 --> 01:02:24,080
कोर्ट ने भी जो लोअर कोर्ट

890
01:02:24,080 --> 01:02:28,480
आशीष कुमार जुडिशियल मजिस्ट्रेट जी का जो मतलब

891
01:02:28,480 --> 01:02:32,880
जजमेंट था उसको यह कंफर्म कर दिया कि उन्होंने सही

892
01:02:32,880 --> 01:02:38,080
डिसीजन लिया है। उसमें कोई भी गलती नहीं है। कोई भी त्रुटि नहीं है।

893
01:02:38,080 --> 01:02:42,480
अच्छा उसके बाद मतलब निचली अदालत ने जो निर्णय दिया

894
01:02:42,480 --> 01:02:46,560
उससे ऊपर की अदालत ने उस निर्णय को माना सम्मान दिया

895
01:02:46,560 --> 01:02:49,440
हां मान लिया उसमें थोड़ी सी भी बिखराव और

896
01:02:49,440 --> 01:02:53,440
या मॉडिफाई नहीं किया वो सही माना टोटल

897
01:02:53,440 --> 01:02:58,000
तब जाकर के ये लोग चंडीगढ़ हाई कोर्ट में गए हुए हैं।

898
01:02:58,000 --> 01:03:02,320
चंडीगढ़ हाई कोर्ट में उसका नंबर है आपको लिख देते

899
01:03:02,320 --> 01:03:06,880
हैं। वो क्रिमिनल रिवीजन

900
01:03:06,880 --> 01:03:09,520
4760

901
01:03:09,520 --> 01:03:12,880
सन 2017

902
01:03:12,880 --> 01:03:17,280
जी ये वहां हां ये वहां पर

903
01:03:17,280 --> 01:03:21,360
हाई कोर्ट चंडीगढ़ में पेंडिंग है। अभी अभी तक से पेंडिंग

904
01:03:21,360 --> 01:03:26,160
है। उसके मतलब वो जस्टिस थे सुधीर मित्तल जी

905
01:03:26,160 --> 01:03:28,320
जिन्होंने

906
01:03:28,320 --> 01:03:32,560
मैं मैं एक बात कहना चाहूंगा अच्छी खासी सजा तो बेचारियों ने काट ही ली 10 महीने

907
01:03:32,560 --> 01:03:36,640
की। का बहुत काफी सजा है वो भी उनको

908
01:03:36,640 --> 01:03:40,640
तो उनको तो यूज़ किया गया था ना हां हां यूज़

909
01:03:40,640 --> 01:03:44,800
किया गया था और ये लोग यूज़ करने वाले उनका कोई साथ नहीं दिए

910
01:03:44,800 --> 01:03:48,880
अभी तो आपको यह जो गुरु जी को

911
01:03:48,880 --> 01:03:53,200
जो सजा हुई है और गुरु जी के विरुद्ध

912
01:03:53,200 --> 01:03:57,520
में ये लोग इन लोगों के कहने से जो वास्तव में सही में

913
01:03:57,520 --> 01:04:01,520
भगत थे उनके कहावे में आकर के गवाही दिए

914
01:04:01,520 --> 01:04:04,560
तो कोर्ट में झूठ गवाही देने

915
01:04:04,560 --> 01:04:10,560
का इन 14ों लोगों पर केस चल रहा है। अभी

916
01:04:10,640 --> 01:04:15,200
अच्छा क्या चल रहा है? क्या बोल रहे हैं?

917
01:04:15,200 --> 01:04:19,200
नहीं समझाया। जैसे एफआईआर 429

918
01:04:19,200 --> 01:04:23,440
सन 2014 एफआईआर 430

919
01:04:23,440 --> 01:04:27,520
सन 2014 में जो गुरु जी के विरुद्ध केस दायर हुआ

920
01:04:27,520 --> 01:04:31,680
था। तो उसमें यह लोग जो मतलब गुरु जी के

921
01:04:31,680 --> 01:04:36,000
विरोधी थे जो अभी ये चला रहे हैं चारों तरफ से अपना ये

922
01:04:36,000 --> 01:04:40,000
सतलोक आश्रम वैग्रह और किताब बांट बंटवा रहे हैं

923
01:04:40,000 --> 01:04:44,800
तो ये लोग जो गुरु जी के

924
01:04:44,800 --> 01:04:48,880
जो केस किया था एफआईआर किया था जब गुरुजी के केसों में गवाही

925
01:04:48,880 --> 01:04:52,960
दिए हुए थे उन गुवाहों से मिल मिलकर के

926
01:04:52,960 --> 01:04:57,440
घर जा करके प्रोवोकेशन देकर के कुछ प्रलोभन

927
01:04:57,440 --> 01:05:02,560
देकर करके ये लोग उन लोगों से होस्टाइल करवाया

928
01:05:02,560 --> 01:05:06,880
और होस्टाइल करवाने का मतलब ऐसा तरीका यह अपनाया

929
01:05:06,880 --> 01:05:11,280
कि वे 141 15 जो गुवाह थे वो सब फंस गए।

930
01:05:11,280 --> 01:05:15,840
यानी कोर्ट ने उन लोगों पर केस दायर कर दिया कि कोर्ट में

931
01:05:15,840 --> 01:05:19,840
ये झूठ आकर के बोल रहे हैं। एक मिनट

932
01:05:19,840 --> 01:05:24,480
एक मिनट जो 28 लोग जो रामपाल

933
01:05:24,480 --> 01:05:28,720
दास के समेत जो 29 लोग सजा हुई।

934
01:05:28,720 --> 01:05:32,880
सजा में से 28 लोग बाहर आते हैं। आपका यह आपका यह

935
01:05:32,880 --> 01:05:37,200
क्लेम है कि वह जो 28 लोग थे या फिर रामपाल

936
01:05:37,200 --> 01:05:41,360
दास जी को जो बाहर नहीं आने देना चाहता है जो तंत्र है ना?

937
01:05:41,360 --> 01:05:45,600
हां हां हां हां हां उसने जिन वो जो तंत्र

938
01:05:45,600 --> 01:05:49,760
वो जो 15 गवाह थे जो जिन्होंने

939
01:05:49,760 --> 01:05:54,080
एफआईआर करवाई थी। हां जिन्होंने एफआईआर करवाई थी

940
01:05:54,080 --> 01:05:58,240
उनको जाके तोड़ा मरोड़ा तो उन्होंने जब अपने बयान पलटे कोर्ट में जाकर

941
01:05:58,240 --> 01:05:59,920
के तो कोर्ट ने उन

942
01:05:59,920 --> 01:06:04,480
पर आरोप लगा दिया कि आप जो है कोर्ट को गुमराह कर रहे हैं ऐसा कुछ हां

943
01:06:04,480 --> 01:06:09,440
कोर्ट को गुमराह कर रहे हैं और वास्तविकता तक नहीं पहुंचने दे रहे हैं

944
01:06:09,440 --> 01:06:13,600
अच्छाकि हां अबकि यहां पर यह

945
01:06:13,600 --> 01:06:17,920
प्रश्न हो जाता है कि क्या है तो जो

946
01:06:17,920 --> 01:06:22,320
मारने वाले हैं जो पांच महिला एक बच्चे का हत्या

947
01:06:22,320 --> 01:06:27,840
करने वाले हैं। वे लोग कह रहे हैं कि हमने मारा

948
01:06:27,840 --> 01:06:31,920
और इनसे इन गुवाहों पर दबाव देकर के कहवा रहे

949
01:06:31,920 --> 01:06:36,160
हैं कि नहीं इन लोगों ने नहीं मारा। कि पुलिस

950
01:06:36,160 --> 01:06:40,400
ने आंसू गैल गैस गोले वगैरह दागे उससे

951
01:06:40,400 --> 01:06:45,600
लोग मरे हुए हैं। ये कौन कह रहा है?

952
01:06:45,600 --> 01:06:49,840
ये जैसे मतलब कि जितने भी डिफेंस

953
01:06:49,840 --> 01:06:54,800
में थे जो जितने भी एक्यू्यूज थे 28

954
01:06:54,800 --> 01:06:58,800
जो कि मतलब इसमें फंसे हुए थे और

955
01:06:58,800 --> 01:07:02,800
जानबूझकर के फसाए हुए थे तो वे

956
01:07:02,800 --> 01:07:07,600
लोग का कहना था कि यह

957
01:07:07,600 --> 01:07:12,320
जितने भी गुवाह हैं गुवाहों से यह कहवाए

958
01:07:12,320 --> 01:07:15,360
कि नहीं ये जिनकी मृत्यु

959
01:07:15,360 --> 01:07:19,360
हुई है यह हमारे परिवार समझ गया मतलब जो जो लोग पहले

960
01:07:19,360 --> 01:07:23,600
आरोप लगा रहे थे कि रामपाल ने मरवाया उसके बाद वही लोग ये बोलने लगे

961
01:07:23,600 --> 01:07:28,640
कि रामपाल ने नहीं मरवाया आंसू गैस से मरे नहीं

962
01:07:28,640 --> 01:07:32,880
वो मतलब जो उसमें मुदाले थे जिसने मारा

963
01:07:32,880 --> 01:07:36,960
था उसने लोग मतलब कहा कि मतलब हम लोगों

964
01:07:36,960 --> 01:07:41,040
ने मारपीट कर के घर में एक बंद करके और

965
01:07:41,040 --> 01:07:45,280
मारपीट किया जिसके कारण मृत्यु हो जाती थी तो मेन गेट

966
01:07:45,280 --> 01:07:49,680
पर हम लोग भेज देते थे फेंक देते थे और

967
01:07:49,680 --> 01:07:53,680
इनसे कहवाया कि नहीं कोई किसी भी प्रकार का घटना ये लोग

968
01:07:53,680 --> 01:07:57,840
नहीं किए हुए थे कि ये पुलिस की गोलीवली से लोग मरे

969
01:07:57,840 --> 01:08:03,200
हुए हैं। पुलिस जिन 15

970
01:08:03,200 --> 01:08:08,160
जिन 15 लोगों के ऊपर जिन 15 लोगों के ऊपर

971
01:08:08,160 --> 01:08:12,240
हां जो 15 लोग पहले 15 लोग पहले गवाही क्या दे रहे

972
01:08:12,240 --> 01:08:16,720
थे वो बताइए 15 लोगों की गवाही पहले क्या थी हां पहले

973
01:08:16,720 --> 01:08:20,960
थी उनकी गवाही कि हम आश्रम में गए हुए

974
01:08:20,960 --> 01:08:25,120
थे सत्संग सुनने के लिए तो वहां पर पाए

975
01:08:25,120 --> 01:08:29,600
कि गुरु जी का तबीयत खराब है गुरु जी सत्संग नहीं कर रहे हैं

976
01:08:29,600 --> 01:08:30,640
तो एक दिन

977
01:08:30,640 --> 01:08:34,640
दो दिन के बाद में हम लोग वापस चलना चाहे तो

978
01:08:34,640 --> 01:08:39,840
वापस जो ही चलना चाहे तो उनके

979
01:08:39,840 --> 01:08:43,920
जितने भी गुरे थे काले कपड़े पहने हुए थे लठ डंट

980
01:08:43,920 --> 01:08:47,920
लिए हुए थे आश्रम के अंदर वे आश्रम से बाहर नहीं

981
01:08:47,920 --> 01:08:52,000
जाने देते थे वह हम लोगों को रोक लेते

982
01:08:52,000 --> 01:08:56,240
थे और ज्यादा करके जबरदस्ती करने पर

983
01:08:56,240 --> 01:09:00,240
मतलब कि नहीं हम लोग जाएंगे ही हम लोग जाएंगे बाहर जाएंगे ही तो

984
01:09:00,240 --> 01:09:04,480
ये लोग क्या करते थे कि उनके पर परिवार को ले जाकर के और एक कमरे

985
01:09:04,480 --> 01:09:08,800
में बंद कर दिए थे। तो ये लोग कहे कि परिवार को बंद कर दिए

986
01:09:08,800 --> 01:09:12,960
और यह बंद करने के बाद में हमारे परिवार और बच्चे

987
01:09:12,960 --> 01:09:18,000
वगैरह सब लोग उसमें रहे तो हम लोग अब जाए कैसे?

988
01:09:18,000 --> 01:09:22,240
इस तरीका से मतलब इन्होंने बयान दिया कि वे लोग हमारे

989
01:09:22,240 --> 01:09:26,320
घर में बंद कर देने से उन लोगों की मतलब

990
01:09:26,320 --> 01:09:30,640
मारपीट की और मृत्यु हो गई। तब हमको सुबह

991
01:09:30,640 --> 01:09:34,640
में ओ लाश मिली। सुबह में लाश हॉस्पिटल से

992
01:09:34,640 --> 01:09:38,720
मिली। यह यह इनका पहला आरोप था अह मैनेजमेंट के

993
01:09:38,720 --> 01:09:42,960
ऊपर कि अह यह जो है इस तरह से हमारे घर वालों को इन्होंने

994
01:09:42,960 --> 01:09:46,000
बंद कर करके जो है मारा है और बाहर लाश आई है।

995
01:09:46,000 --> 01:09:50,320
ये इनका आरोप था पहले। उसके बाद जब इनके पास भागदौड़

996
01:09:50,320 --> 01:09:54,720
की तो इन्होंने अपने बयान पलटे। फिर उन्होंने

997
01:09:54,720 --> 01:09:59,840
भी हो चाहे जैसे भी हो मतलब जैसे भी

998
01:09:59,840 --> 01:10:04,000
चाहे जो भी हो तो इन्होंने बयान पलट

999
01:10:04,000 --> 01:10:08,000
उसके बाद उसके बाद कोर्ट ने ये कहा कि तुम बयान पलट रहे हो यानी कि

1000
01:10:08,000 --> 01:10:12,160
तुम जो है गुमराह कर रहे हो तुम मतलब कोर्ट के साथ खेल रहे हो

1001
01:10:12,160 --> 01:10:16,640
हां हां वे मतलब टोटली टोटली विपरीत

1002
01:10:16,640 --> 01:10:21,280
करने लगे ये कहने लगे हां के मेरा सिग्नेचर

1003
01:10:21,280 --> 01:10:25,280
है सिग्नेचर मान लेते थे कि मेरा सिग्नेचर किया

1004
01:10:25,280 --> 01:10:29,520
हुआ है। लेकिन उसमें बयान को कहते थे कि नहीं कागज पर बयान लिया।

1005
01:10:29,520 --> 01:10:33,680
सारे 15 का 15 यही कह रहे हैं कि मतलब कागज पर बयान लिए।

1006
01:10:33,680 --> 01:10:38,880
कागज पर सिग्नेचर सादे कागज पर सिग्नेचर लिए और अपने ही से लिखे।

1007
01:10:38,880 --> 01:10:43,120
अब यहां पर यह सोचने जानने की बात है कि हमारे

1008
01:10:43,120 --> 01:10:48,400
परिवार के बारे में आप पूरे सबका नाम तो नहीं जानते होंगे।

1009
01:10:48,400 --> 01:10:52,480
जब तक से मैं नहीं आपको बताऊं तो मेरे पूरे परिवार का नाम तो

1010
01:10:52,480 --> 01:10:56,720
आप जानेंगे नहीं। वह लोग सारे परिवार परिवार

1011
01:10:56,720 --> 01:11:00,960
का नाम मैं जब बताया तभी सब लोग जाने तो पुलिस कैसे

1012
01:11:00,960 --> 01:11:01,460
मतलब

1013
01:11:01,360 --> 01:11:05,680
ये पुलिस का बयान दे रहे हैं कि मेरा यह भाई है। मेरे भतीजा है। हम

1014
01:11:05,680 --> 01:11:09,680
लोग देखने आए थे। सत्संग में देखने आए थे। फलाने फलाने ने वहां नाम

1015
01:11:09,680 --> 01:11:13,760
लिया है। अच्छा तो कुल मिलाकर के आपका यह

1016
01:11:13,760 --> 01:11:17,840
कहना है कि उन लोगों वो लोग भी फंस गए जिन्होंने अपने

1017
01:11:17,840 --> 01:11:22,400
बयान पलटे। बाकी अभी कोर्ट में जो मामला है वो वो

1018
01:11:22,400 --> 01:11:26,400
विचाराधीन है। उस बात चल रही होगी मेरे ख्याल से। तो अब हम आ

1019
01:11:26,400 --> 01:11:30,560
जाते हैं जी। अब हम आ जाते हैं इस ये

1020
01:11:30,560 --> 01:11:34,560
जो ज्ञान गंगा पुस्तक जो है फर्जी कैसे है? अब हम इस

1021
01:11:34,560 --> 01:11:38,640
पर बात करते हैं। तो सबसे पहली और सबसे रोचक जो बात है

1022
01:11:38,640 --> 01:11:42,640
मगर मैं एक बात याद दिला दूं जो हमारा नया चैनल है

1023
01:11:42,640 --> 01:11:46,720
विग्रहान धका लिंक इसके डिस्क्रिप्शन

1024
01:11:46,720 --> 01:11:51,120
में भी दिया जाएगा। कुछ अगली और रोचक जानकारियां आपको वहां पर

1025
01:11:51,120 --> 01:11:55,520
आने वाले समय में मिलेंग तो उसके साथ चैनल के साथ अभी से जुड़ जाए।

1026
01:11:55,520 --> 01:11:59,520
विग्रह धर्म नाम से है। लिंक यहां पर दे दिया जाएगा। खैर

1027
01:11:59,520 --> 01:12:03,520
तो अब मैं आपको सबसे फैक्टफुल एक जानकारी देना

1028
01:12:03,520 --> 01:12:07,520
चाह रहा हूं जो मेरे को आज पता चली है। हमने हालांकि ध्यान नहीं

1029
01:12:07,520 --> 01:12:11,520
दिया था। तो अब इन भाई साहब का कहना है यह पहली बात

1030
01:12:11,520 --> 01:12:15,520
यह है कि इस पुस्तक को पढ़ने वाले यह

1031
01:12:15,520 --> 01:12:16,400
ज्ञान गंगा

1032
01:12:16,400 --> 01:12:20,560
को पढ़कर स्वयं को रामपाल दास का शिष्य समझने

1033
01:12:20,560 --> 01:12:24,960
वाले यह जान ले कि ये जो ज्ञान गंगा पुस्तक

1034
01:12:24,960 --> 01:12:29,040
है और और भी सतलोक आश्रम से जो पुस्तक का पूरा

1035
01:12:29,040 --> 01:12:33,440
ये सब चल रहा है। ये सारी चीजें रामपाल

1036
01:12:33,440 --> 01:12:37,680
के द्वारा नहीं लिखी गई है। इसका सबूत सबसे पहला ये है

1037
01:12:37,680 --> 01:12:42,320
कि जगत गुरु तत्वदर्शी संत है ना हां

1038
01:12:42,320 --> 01:12:47,680
हां रामपाल जी महाराज के सत्संगों का संग्रह

1039
01:12:47,680 --> 01:12:52,080
अनमोल पुस्तक ज्ञान गंगा ठीक है ज्ञान तो ये रामपाल

1040
01:12:52,080 --> 01:12:56,480
जी महाराज द्वारा लिखी नहीं गई है जिसका जो मन आया कि कहां से कौन सा सत्संग

1041
01:12:56,480 --> 01:13:00,480
उठाना है कौन सा नहीं उठाना है कौन सा अपने मन से लिख देना भाई

1042
01:13:00,480 --> 01:13:04,640
हम अगर किसी के बोले हुए को उसके नाम से छाप रहे हैं

1043
01:13:04,640 --> 01:13:10,000
तो हमारा यह दायित्व बनता है कि हम उससे जाकर उसका सत्यापन कराएं।

1044
01:13:10,000 --> 01:13:15,360
यह वही लिखा है जो आप मानते हो। ठीक है? इसीलिए

1045
01:13:15,360 --> 01:13:19,600
वही मैं सोचता था कि कोई व्यक्ति अपना ही खंडन इतनी बार कैसे कर रहा है।

1046
01:13:19,600 --> 01:13:24,000
कर भी सकता है। खैर मगर अब हम मेन बात पर आते हैं।

1047
01:13:24,000 --> 01:13:28,080
आप ये देखिए सबसे बड़ा खुलासा आपके सामने इस समय हो

1048
01:13:28,080 --> 01:13:31,680
रहा है। अगर स्वयं को गुरु भक्त मानते हो, रामपाल का भक्त

1049
01:13:31,680 --> 01:13:36,400
भी मानते हो तो भी आज यह सोचना आज जो मैं बताने जा रहा हूं

1050
01:13:36,400 --> 01:13:40,640
पष्ठ संख्या 142 भैया आप जरा

1051
01:13:40,640 --> 01:13:44,720
वो ज्ञान गंगा खोल दीजिए और पीडीएफ के अनुसार

1052
01:13:44,720 --> 01:13:48,720
पष्ठ संख्या 142 वो दिखाइए

1053
01:13:48,720 --> 01:13:54,720
इनको

1054
01:14:02,960 --> 01:14:07,040
बुक 142 142 पे जाइए। 120 पे है

1055
01:14:07,040 --> 01:14:13,040
ना अभी 142 दिखाइए।

1056
01:14:15,120 --> 01:14:18,080
हां

1057
01:14:18,080 --> 01:14:22,640
छुट्टी लेकर नीचे आइए।

1058
01:14:22,640 --> 01:14:27,200
देखिए मेरे पास दूसरा है प्रश्न

1059
01:14:27,200 --> 01:14:31,600
और इनके पास प्रश्न दूसरा आ रहा है ज्ञान गंगा का।

1060
01:14:31,600 --> 01:14:35,680
अ इसमें जरा ऊपर अगले भटकों

1061
01:14:35,680 --> 01:14:40,640
को मार्ग का विषय नहीं 142

1062
01:14:40,640 --> 01:14:45,120
ज्ञान गंगा हमें जाना है चैप्टर वो है जो विश्व विजेता

1063
01:14:45,120 --> 01:14:47,360
संत

1064
01:14:47,360 --> 01:14:51,440
देखिए आगे पीछे होगा विश्व विजेता संत ना ये

1065
01:14:51,440 --> 01:14:55,920
चैप्टर नहीं है 149 पेज पे जाओ

1066
01:14:55,920 --> 01:15:01,760
149 पे जाइए हां 149 पे

1067
01:15:01,760 --> 01:15:04,560
आगे आगे जाइए।

1068
01:15:04,560 --> 01:15:09,360
अभी भी वही चल रहा है। भटकों को ये शायद इससे पहले का

1069
01:15:09,360 --> 01:15:13,520
चैप्टर है क्या? भटकों को मार्ग हां ये ये इसके

1070
01:15:13,520 --> 01:15:17,520
बाद का चैप्टर है। इसके बाद थोड़ा सा और आगे चलिए। थोड़ा दो

1071
01:15:17,520 --> 01:15:21,920
चार पेजेस देखिए सबसे पहली बात तो यही है। पेजेस में ही अंतर आ रहा है।

1072
01:15:21,920 --> 01:15:26,000
हां ये ये 336 पेज वाली होगी पुस्तक। यह 336 पेज

1073
01:15:26,000 --> 01:15:32,000
वाली पुस्तक इसलिए अंतर है। हां और आगे चलिए और आगे चलिए।

1074
01:15:33,200 --> 01:15:38,480
कितना बड़ा जाल बिछा हुआ है भाई पूरा

1075
01:15:38,480 --> 01:15:42,640
हां ये आया नहीं ये भी नहीं कबीर साहब

1076
01:15:42,640 --> 01:15:48,640
जी की काल से वार्ता और आगे चलिए

1077
01:15:50,400 --> 01:15:54,880
विश्व विजेता संत वाले आ गया अब इसमें आपको जाना है आठव

1078
01:15:54,880 --> 01:16:00,880
नंबर के पॉइंट पर आठ नंबर का पॉइंट पहुंचिए

1079
01:16:01,920 --> 01:16:06,640
ना ना निकल गया निकल गया

1080
01:16:06,640 --> 01:16:11,040
एक ज्यादा तेजी से मत जाइए नहीं तो हम देख नहीं पाएंगे चलिए

1081
01:16:11,040 --> 01:16:15,440
और आगे चलिए और आगे चलिए

1082
01:16:15,440 --> 01:16:20,880
एक दो तीन

1083
01:16:20,880 --> 01:16:26,880
चार

1084
01:16:29,120 --> 01:16:34,400
छ सात अब आठ आठ ये आ गया। ये देख लीजिए।

1085
01:16:34,400 --> 01:16:38,560
अब यहां पर इनका कहना है कि जो

1086
01:16:38,560 --> 01:16:42,800
रामपाल दास के जो सत्संग है उसके आधार पर

1087
01:16:42,800 --> 01:16:47,280
यह बुक छापी गई है। इसका मतलब यह हुआ कि रामपाल

1088
01:16:47,280 --> 01:16:52,000
दास ने अपने सत्संग में यह बता दिया था कि नास्तेदमस

1089
01:16:52,000 --> 01:16:56,160
ने या किसी और भविष्यवक्ता ने भविष्यवाणी की थी। क्या भविष्यवाणी

1090
01:16:56,160 --> 01:17:01,440
की थी? बहुत सारे संत नेता आएंगे जाएंगे।

1091
01:17:01,440 --> 01:17:05,680
सर्व परमात्मा के द्रोही तथा अभिमानी

1092
01:17:05,680 --> 01:17:10,880
होंगे। नास्त्रे दमस को

1093
01:17:10,880 --> 01:17:15,280
आंतरिक साक्षात्कार उस सायरन का हुआ है।

1094
01:17:15,280 --> 01:17:19,360
नास्त्रेमस ने कहा है कि महान हिंदू धार्मिक नेता को

1095
01:17:19,360 --> 01:17:21,840
ना पहचानकर उस पर

1096
01:17:21,840 --> 01:17:26,160
राष्ट्रद्रोह का आरोप भी लगाया जाएगा। बताइए कौन से सत्संग

1097
01:17:26,160 --> 01:17:30,320
में कहा रामपाल जी ने? कौन से सत्संग में कहा

1098
01:17:30,320 --> 01:17:34,560
कि मुझ पर जो है रामपाल मुझ पर आगे चलकर के राष्ट्रद्रोह

1099
01:17:34,560 --> 01:17:39,360
का मुकदमा चलने वाला है। ये देख रहे हैं आप

1100
01:17:39,360 --> 01:17:43,520
ये ये पहले वाला बुक में जो इसके पहले

1101
01:17:43,520 --> 01:17:47,680
जो घटना घटी 1811 2014 को

1102
01:17:47,680 --> 01:17:51,680
उसके पहले वाला पुस्तक में कहीं भी यह शब्द नहीं लिखा हुआ

1103
01:17:51,680 --> 01:17:56,320
है। अब आप अब आप वो वाली बुक दिखा दीजिए इनको जिसमें शब्द नहीं है।

1104
01:17:56,320 --> 01:18:00,640
नहीं दिखा दीजिए। हम तीन प्रकार की पुस्तक

1105
01:18:00,640 --> 01:18:04,720
दिखाऊंगा आपको। तीन प्रकार की एक ये पुस्तक है और एक ये पुस्तक है।

1106
01:18:04,720 --> 01:18:08,720
कोई ये ना सोचे कि मैं अलग एक ही पुस्तक दिखा रहा हूं। ये तीन प्रकार की पुस्तकें आपको

1107
01:18:08,720 --> 01:18:12,800
दिखाऊंगा। तीन प्रकार की हां और

1108
01:18:12,800 --> 01:18:16,880
ये बात बाकी ये पुस्तक है ये दो प्रकार की ये है जो मिलावटी पुस्तक है। और

1109
01:18:16,880 --> 01:18:20,880
आपके पास जो ये पुस्तक है ये 336 पेज वाली होगी जो गूगल

1110
01:18:20,880 --> 01:18:24,960
पे है। हां ये गूगल पे 336 पेज वाली होगी। ये

1111
01:18:24,960 --> 01:18:28,960
बहुत परिवर्तन किया है। जो पीडीएफ दिखाई है वो 336 की होगी।

1112
01:18:28,960 --> 01:18:33,200
मेरे पास जो है वो ये वाली है। हां ये कितने

1113
01:18:33,200 --> 01:18:37,200
पेज की है? ये 268 पेज की है।

1114
01:18:37,200 --> 01:18:41,280
200 ये देखो और कम कर दिया इसमें। इसमें 268 पेज कर

1115
01:18:41,280 --> 01:18:45,360
दिया। ये मैं पुस्तक मिली ही नहीं है। जबकि

1116
01:18:45,360 --> 01:18:49,520
300 पेज से कोई कम नहीं। अब आप को ये दिखा रहा हूं। ये देखिए ये पहली

1117
01:18:49,520 --> 01:18:53,600
वाली ज्ञान है पुरानी दोनों। अब इस आपको ले

1118
01:18:53,600 --> 01:18:57,680
चलता हूं। यहां देखिए ये

1119
01:18:57,680 --> 01:19:02,000
जी ये ये आप पढ़ सकते हैं अलग-अलग

1120
01:19:02,000 --> 01:19:06,080
लिखा हुआ है इसमें ये अच्छा इसमें वो भविष्यवाणी

1121
01:19:06,080 --> 01:19:11,680
है क्या वो वाली कौन सी

1122
01:19:11,680 --> 01:19:16,080
का मुकदमा चलेगा एक मिनट ये पढ़ के सुना देता हूं आपको

1123
01:19:16,080 --> 01:19:20,320
इसमें लिखा है बहुत सारे संत नेता आएंगे जाएंगे

1124
01:19:20,320 --> 01:19:24,320
सब परमात्मा के द्रोही तथा अभिमानी होंगे मुझे मुझे नास्ते

1125
01:19:24,320 --> 01:19:28,480
दम को आंतरिक साक्षात्कार उस सायरन का हुआ है। ये इतना

1126
01:19:28,480 --> 01:19:32,720
चैप्टर अलग है। ये इतना चैप्टर ये अलग है। इसमें

1127
01:19:32,720 --> 01:19:36,880
इसके बाद नीचे लिखा हिंदुस्तान का हां इसमें जो

1128
01:19:36,880 --> 01:19:41,360
सब परमात्मा के दो होंगे और आप वाली उसमें लिख दिया कि राजद्रोह

1129
01:19:41,360 --> 01:19:45,520
का उस केस लगेगा। ये देख लीजिए भैया जो

1130
01:19:45,520 --> 01:19:49,760
पहले ज्ञान गंगा थी उस ज्ञान गंगा में यह बात

1131
01:19:49,760 --> 01:19:53,600
नहीं लिखी थी।

1132
01:19:53,600 --> 01:19:57,040
और ये वाली

1133
01:19:57,040 --> 01:20:01,920
इसमें भी आपको दिखा देता हूं। इसमें भी देखो

1134
01:20:01,920 --> 01:20:06,000
ये अलग-अलग लिखा हुआ है। ये देखिए आप देख सकते हो। आप इसको

1135
01:20:06,000 --> 01:20:12,000
हाईलाइट कर दीजिए तो आप देख सकते हो इसको। बड़ा करिए इनका। इनका बड़ा करिए भैया।

1136
01:20:15,280 --> 01:20:19,280
इसमें क्या लिखा है? पढ़ के बता दीजिए। आप पढ़ के बता दीजिए। क्या लिखा है? ये पूरा

1137
01:20:19,280 --> 01:20:23,280
आप देख सकते हैं इसमें भी वही लिखा है कि प्रश्न बहुत

1138
01:20:23,280 --> 01:20:27,840
सारे संत नेता आएंगे जाएंगे सब परमात्मा के द्रोही तथा अभिमानी होंगे

1139
01:20:27,840 --> 01:20:32,000
है ना और ये देखो परिवर्तित ज्ञान जो आप सुना रहे थे

1140
01:20:32,000 --> 01:20:36,240
ये ये जो है ये हमारे पास 302 पेज

1141
01:20:36,240 --> 01:20:42,160
वाली पुस्तक है ना इसके पेज नंबर

1142
01:20:42,160 --> 01:20:46,240
ये देखो इसमें सब मिलावट कर दिया वही आप जैसा मैटर इसमें दे दिया

1143
01:20:46,240 --> 01:20:50,320
पूरा एक मिला दिया पूरा एक ही मिला दिया।

1144
01:20:50,320 --> 01:20:54,640
अलग-अलग नहीं किया है। इसमें लिखा है बहुत सारे संत नेता आएंगे

1145
01:20:54,640 --> 01:20:58,640
जाएंगे सर परमात्मा के दो ही तरह अभिमानी होंगे। मुझे नास्ते दम

1146
01:20:58,640 --> 01:21:02,720
को आंतरिक साक्षात्कार उस सारण का हुआ है। नास्ते दम ने कहा

1147
01:21:02,720 --> 01:21:06,720
कि उस महान ये ढाई लाइनें मिलाई गई है। ढाई लाइन जोड़ी

1148
01:21:06,720 --> 01:21:10,800
गई दोनों के बीच का चैप्टर को एक करने के लिए। देखिए इतने ये

1149
01:21:10,800 --> 01:21:13,600
बारीकियों के साथ है ना दमस

1150
01:21:13,600 --> 01:21:18,080
ने कहा है कि उस महान हिंदू धार्मिक नेता को ना पहचान कर

1151
01:21:18,080 --> 01:21:22,080
उस पर राष्ट्रद्रोह का भी आरोप लगाया जाएगा।

1152
01:21:22,080 --> 01:21:22,800
ये

1153
01:21:22,800 --> 01:21:26,800
ये ढाई लाइनें मुझे नाते धनुष को दुख है

1154
01:21:26,800 --> 01:21:31,040
कि उस महान वह महान धार्मिक नेता को उपेक्षा

1155
01:21:31,040 --> 01:21:35,120
का पात्र बनाया जाएगा। यह जो इन्होंने ढाई मैं तो

1156
01:21:35,120 --> 01:21:39,280
यह कह रहा हूं कि अगर यह पुस्तक अगर उनके सत्संग के आधार पर है

1157
01:21:39,280 --> 01:21:43,520
तो हमें वो सत्संग सुना दीजिए जिसमें रामपाल ने यह

1158
01:21:43,520 --> 01:21:48,800
कहा हो कि मेरे ऊपर राष्ट्र दो का मुकदमा लगेगा।

1159
01:21:48,800 --> 01:21:52,880
जी जी बस सिंपल हालांकि हमारे

1160
01:21:52,880 --> 01:21:56,960
पास हालांकि हमारे पास पुरानी ज्ञान गंगा

1161
01:21:56,960 --> 01:22:01,120
भी है जिसमें कि ये लाइन है ही नहीं। मगर तुम तो यही दिखा दो

1162
01:22:01,120 --> 01:22:05,680
कि कौन से सत्संग में बाबा जी ने यह कहा है कि मेरे ऊपर राष्ट्रद्रोह

1163
01:22:05,680 --> 01:22:09,760
का मुकदमा लगने वाला है

1164
01:22:09,760 --> 01:22:13,840
और और आपको और एक आपको दिखा रहा हूं मजे की बात

1165
01:22:13,840 --> 01:22:18,080
एक और आप देखिए उससे भी बड़ी मिलावट इन्होंने क्या की है ये अवतार नामक

1166
01:22:18,080 --> 01:22:22,160
पुस्तक में जब ये हम लोगों ने इनका विरोध किया कि पांच महिला बच्चे की

1167
01:22:22,160 --> 01:22:26,480
हत्या कर दी सारे केसों को आ गई तो देखिए इसमें भी

1168
01:22:26,480 --> 01:22:30,560
इसमें भी डाल दिया कबीर प्रिंटर्स मतलब कबीर

1169
01:22:30,560 --> 01:22:35,200
प्रिंटर्स बवाना इंडस्ट्रियल एरिया का एड्रेस डाल दिया। ये

1170
01:22:35,200 --> 01:22:39,280
इसमें भी वही पता लिख दिया। और आपको एक चीज दिखा रहा हूं।

1171
01:22:39,280 --> 01:22:43,760
देखिए इसमें लिख दिया 17

1172
01:22:43,760 --> 01:22:48,800
दो 2000 172 2000

1173
01:22:48,800 --> 01:22:52,880
17 को पुस्तक लिखी है। इन्होंने ये इसमें लिख दिया। इसके बाद आपको

1174
01:22:52,880 --> 01:22:57,360
दिखाता हूं।

1175
01:22:57,360 --> 01:23:01,120
ये पेज नंबर पांच

1176
01:23:01,120 --> 01:23:05,600
हाईलाइट कर जी ये पेज नंबर पांच इसमें पूरा लिख रखा है

1177
01:23:05,600 --> 01:23:08,000
कि नासदमस ने कहा

1178
01:23:08,000 --> 01:23:12,320
है कि मैं बड़े दुख के साथ कह रहा हूं कि प्रारंभ में सायरन को ठीक ना समझकर

1179
01:23:12,320 --> 01:23:16,320
उस पर राजद्रोह का केस लगा देंगे उससे नफरत करेंगे

1180
01:23:16,320 --> 01:23:20,560
और फिर जाने के पश्चात उसके उससे बेहद प्रेम करेंगे। इसके

1181
01:23:20,560 --> 01:23:24,240
बाद इन्होंने क्या लिखा कि

1182
01:23:24,240 --> 01:23:28,320
नास्त ने लिखा कि पांच नदियों के प्रख्यात प्रांत में एक महान धार्मिक

1183
01:23:28,320 --> 01:23:32,640
नेता सारन का उदय होगा। वह एक सत्य के उन्माद को यानी अहंकार

1184
01:23:32,640 --> 01:23:38,160
को समाप्त करेगा। वह उस कारवाई में छह लोग मारे जाएंगे।

1185
01:23:38,160 --> 01:23:42,800
उस कारवाई में छह लोग जाएंगे। ये देखिए

1186
01:23:42,800 --> 01:23:47,120
ये उस कारवाई में इसके अलावा देखिए

1187
01:23:47,120 --> 01:23:51,520
देखिए और सुनिए

1188
01:23:51,520 --> 01:23:55,600
और क्या लिखा है यह ऊपर लिखे देशद्रोह

1189
01:23:55,600 --> 01:23:59,600
के मुकदमे की घटना का वर्णन है जिसमें पुलिस

1190
01:23:59,600 --> 01:24:03,680
ने पॉइंट ध्यान से सुनिए जिसमें पुलिस

1191
01:24:03,680 --> 01:24:08,400
ने संत रामपाल दास जी के छह अनुयायियों

1192
01:24:08,400 --> 01:24:12,480
एक 11 वर्ष का लड़का जबकि वो डेढ़ साल का लड़का

1193
01:24:12,480 --> 01:24:16,480
था। 11 वर्ष का नहीं था। इसमें 11 वर्ष का लिखा है।

1194
01:24:16,480 --> 01:24:18,000
11 वर्ष का लड़का

1195
01:24:18,000 --> 01:24:22,080
तथा पांच महिलाओं को लाठियों से पीटपीट

1196
01:24:22,080 --> 01:24:26,160
करके मार डाला। ये इसमें यह लिख रहे हैं

1197
01:24:26,160 --> 01:24:30,400
कुछ पुलिस द्वारा बेहिसाब छोड़े गए आंसू गैस के गोलों से

1198
01:24:30,400 --> 01:24:34,560
दम घुटकर मारे गए और हत्या के दो मुकदमे एफआईआर नंबर

1199
01:24:34,560 --> 01:24:38,560
429 तथा 430 19 नवंबर 2014 को बेकसूर

1200
01:24:38,560 --> 01:24:41,760
संत रामपाल दास जी तथा उनके अनुयायियों पर बना

1201
01:24:41,760 --> 01:24:46,000
दिया। पहली बात इसी के पेज नंबर मतलब

1202
01:24:46,000 --> 01:24:50,240
इन्होंने पहले भविष्यवाणी दिखाई और फिर दिखाया देखो ये भविष्यवाणी कितनी सत्य

1203
01:24:50,240 --> 01:24:54,400
हो रही है। ऐसा कुछ है। उसके बाद एक और आपको दिखा रहा हूं। इसके

1204
01:24:54,400 --> 01:24:58,560
पेज नंबर 44 पर बड़ा करिए भैया इनका इनका वाला बॉक्स

1205
01:24:58,560 --> 01:25:02,720
बड़ा कर दीजिए। हां।

1206
01:25:02,720 --> 01:25:06,720
ये नीचे पेज नंबर 44 ये आप देख सकते हैं। ये सबसे नीचे। ठीक है।

1207
01:25:06,720 --> 01:25:10,960
पढ़िए पढ़िए पढ़िए। मैं आपको पढ़ के सुना रहा हूं। जो

1208
01:25:10,960 --> 01:25:15,280
आपने भविष्यवाणी पढ़ी थी ज्ञानंगा पुस्तक के पेज नंबर 164

1209
01:25:15,280 --> 01:25:19,280
पर हमारे इसमें पुरानी में 149 पर इसमें पेज

1210
01:25:19,280 --> 01:25:23,360
नंबर 44 पर ये अवतार नाम मेरे और मेरे और मेरे वाले

1211
01:25:23,360 --> 01:25:27,840
में मेरे पास जो ज्ञान गंगा है 268 पेज वाली

1212
01:25:27,840 --> 01:25:31,920
उसमें है ये 142 पर

1213
01:25:31,920 --> 01:25:36,000
142 पर है ओ हो तभी कहां मिलेगा चैप्टर

1214
01:25:36,000 --> 01:25:40,080
नहीं मिलेगा अब देखिए इसमें क्या लिखा इसी भजवाणी को

1215
01:25:40,080 --> 01:25:44,080
इसी भविष्यवाणी को आप देखिए इसमें क्या लिखा है वही

1216
01:25:44,080 --> 01:25:48,480
आठ नंबर प्रश्न उत्तर बहुत सारे संत नेता

1217
01:25:48,480 --> 01:25:52,800
आएंगे जाएंगे सर परमात्मा के द्रोही तथा अभिमानी

1218
01:25:52,800 --> 01:25:56,960
होंगे मुझे नास्तेदमस को आंतरिक साक्षात्कार

1219
01:25:56,960 --> 01:26:01,360
उस सारन का हुआ है नास्तेदमस ने कहा कि उस महान हिंदू

1220
01:26:01,360 --> 01:26:05,440
धार्मिक नेता को ना पहचानकर उस पर राष्ट्रद्रोह का भी

1221
01:26:05,440 --> 01:26:09,600
आरोप लगाया जाएगा उस कारवाई में छह लोग मारे जाएंगे

1222
01:26:09,600 --> 01:26:13,280
ेंगे परंतु एक शत्रु एक मिनट एक मिनट एक मिनट सर

1223
01:26:13,280 --> 01:26:17,440
परंतु एक शत्रु के उन्माद अहंकार को समाप्त कर देगा मुझे

1224
01:26:17,440 --> 01:26:21,520
ना दम को दुख है कि वह महान हिंदू धार्मिक नेता उपेक्षा

1225
01:26:21,520 --> 01:26:22,880
का पात्र बनाया जाएगा

1226
01:26:22,880 --> 01:26:26,880
इसके बाद आपकी भविष्यवाणी लिखी है हिंदुस्तान का हिंदू संत आसामी

1227
01:26:26,880 --> 01:26:30,880
इसमें ये और जोड़ दिया मतलब ये जो जो इनके जो जो ये

1228
01:26:30,880 --> 01:26:34,960
होता जा रहा है उसको ये भविष्यवाणी के रूप में छापते जा रहे हैं। आता जा

1229
01:26:34,960 --> 01:26:38,960
रहा है। जो जो होता जा रहा है उसको

1230
01:26:38,960 --> 01:26:43,040
नहीं जिस जिस को हम लोग जान जाते हैं उसको

1231
01:26:43,040 --> 01:26:47,120
हम प्रमाण के द्वारा पूरी दुनिया में प्रमाण सहित उजागर कर रहे हैं। इसके

1232
01:26:47,120 --> 01:26:51,120
बाद इनमें मिलावट कर रहे हैं। लेकिन अगर ये सच्चे होते तो आज

1233
01:26:51,120 --> 01:26:55,920
पूरी दुनिया के सामने इतने बड़े-बड़े अवसर बना रखे हैं। हम लोगों से लाइव डिबेट क्यों नहीं करते?

1234
01:26:55,920 --> 01:27:00,400
आप सारे भक्तों को बुलाइए। सारे लोगों को बुलाइए।

1235
01:27:00,400 --> 01:27:04,800
आप देखिए मैं आपको एक बात बताऊं। कि इनकी

1236
01:27:04,800 --> 01:27:09,600
ओर से इनके अनऑफिशियल लोगों का तो फोन आएगा।

1237
01:27:09,600 --> 01:27:14,160
मगर कहीं पर भी कोई ऐसा नहीं है कि जो

1238
01:27:14,160 --> 01:27:18,160
ज्ञान चर्चा के लिए कोई अधिकृत व्यक्ति फोन कर दे अपने

1239
01:27:18,160 --> 01:27:22,400
आप को मैं हूं अधिकृत कह ही नहीं सकता कोई।

1240
01:27:22,400 --> 01:27:27,680
नहीं कर सकता है। सही बात बोल इंडिया न्यूज़ चैनल

1241
01:27:27,680 --> 01:27:31,840
फर्स्ट इंडिया न्यूज़ चैनल राजस्थान के जयपुर से

1242
01:27:31,840 --> 01:27:36,080
विजेंद्र सोलंकी जी ने दो बार एक एक घंटे का प्रोग्राम

1243
01:27:36,080 --> 01:27:38,240
किया और इनको सबको बुलाया

1244
01:27:38,240 --> 01:27:42,240
और ये नहीं आए और उस चैनल पे इस अंधश्रद्धा

1245
01:27:42,240 --> 01:27:46,320
बकरी खतरा को उन्होंने फाड़ दिया लेकिन ये कोई उनका सामना नहीं कर

1246
01:27:46,320 --> 01:27:50,480
सके। यह अंधा वती खतरा जान पुस्तक को बड़ा कर दीजिए थोड़ा

1247
01:27:50,480 --> 01:27:54,640
है ना इसको फाड़ दिया और एक ये कलर की पुस्तक छापी है दो

1248
01:27:54,640 --> 01:27:59,360
तरह की है लेकिन ये कोई सामना उनका नहीं किया ये आ ही नहीं सकते

1249
01:27:59,360 --> 01:28:04,320
और और आपको एक मजे की बात बताऊंगा अच्छा

1250
01:28:04,320 --> 01:28:08,480
श्रद्धा भक्ति में इन्होंने क्या लिखा है पेज नंबर 18 1920 को

1251
01:28:08,480 --> 01:28:12,640
क्या लिखा है जरा वो बताइए सब कुछ बताऊंगा सर देखिए एक

1252
01:28:12,640 --> 01:28:17,200
मिनट सब बताऊंगा जब कोई इनका विरोध करता है तो देखिए

1253
01:28:17,200 --> 01:28:21,200
मुझ पर सितंबर 2017 में पंजाब

1254
01:28:21,200 --> 01:28:25,200
में एफआईआर कराई गई। मलोट के एकता नगर का नाम दान संचालक

1255
01:28:25,200 --> 01:28:29,920
सुभाष चंद्र देखिए वो आप जो चीजें

1256
01:28:29,920 --> 01:28:34,000
उसमें है वो अलग रखिए जो हम अकाट सत्य

1257
01:28:34,000 --> 01:28:38,080
के रूप में यहां पर सिद्ध कर सके वो बात हम करते हैं केवल आपके ऊपर

1258
01:28:38,080 --> 01:28:42,160
भी व्यक्तिगत हमले हुए एक तरीके से आपके ऊपर भी व्यक्तिगत हमले

1259
01:28:42,160 --> 01:28:46,160
हुए सर एक मिनट सर इसमें ये बताना बहुत जरूरी है

1260
01:28:46,160 --> 01:28:50,320
हम अपनी व्यक्तिगत दुख नहीं हो रहे हैं ये जो घटनाएं अन्य

1261
01:28:50,320 --> 01:28:53,440
लोगों के साथ ना हो इसलिए आपके आपके चैनल के माध्यम से बताना

1262
01:28:53,440 --> 01:28:57,840
चाहता हूं कि जो इनका विरोध करता है तो यह विरोध सामने

1263
01:28:57,840 --> 01:29:01,920
इसके बारे में आपके सामने नहीं आएंगे। तो इन्होंने क्या किया? अपनी पत्नी

1264
01:29:01,920 --> 01:29:06,080
और बेटी के कपड़े फाड़ने की एफआईआर लिखवा दी मेरे ऊपर पंजाब में। जबकि

1265
01:29:06,080 --> 01:29:10,080
मैं पंजाब कभी गया ही नहीं था। चार लोग पंजाब के एक लोग गंगानगर के

1266
01:29:10,080 --> 01:29:14,160
कि मेरे घर में सत्संग हो गया। चल रहा है। एक मिनट सर।

1267
01:29:14,160 --> 01:29:18,320
मेरे घर में सत्संग हो रहा था और इन्होंने मारपीट की। मेरी पत्नी कपड़े फाड़

1268
01:29:18,320 --> 01:29:22,480
डाले। 1 अगस्त 2024 को केस खत्म हुआ है और परमात्मा

1269
01:29:22,480 --> 01:29:26,480
की दया से बाइज्जत भरी हुई है। इतने साल तक मैंने

1270
01:29:26,480 --> 01:29:30,560
केस लड़ा है पंजाब में। ये सर इन पर किसी भी तरह कोई अगर आप

1271
01:29:30,560 --> 01:29:34,640
कारवाई करते हैं कहीं भी तो ये इस तरह नहीं करेंगे कि मैं ये काम कर रहा था

1272
01:29:34,640 --> 01:29:38,720
संत रामपाल जी महाराज से। वहां इनका आदेश खत्म हो जाता है। तो

1273
01:29:38,720 --> 01:29:42,880
ये इतने ये मतलब इतने नीचे तक गिर जाते हैं कि पैसों के

1274
01:29:42,880 --> 01:29:47,040
लिए अपनी बहन बेटियों को भी इस तरह इतना आगे करते हैं। ये मेरा कहने

1275
01:29:47,040 --> 01:29:51,040
का मतलब अब आगे अब ज्ञान

1276
01:29:51,040 --> 01:29:53,520
अंधश्रद्धा

1277
01:29:53,520 --> 01:29:57,520
18 1920 पर एक मिनट सर मैं

1278
01:29:57,520 --> 01:30:03,520
आपको

1279
01:30:09,600 --> 01:30:15,600
ये सर देखिए ये अंध श्रद्धा भती खतरा जान पुस्तक है

1280
01:30:16,880 --> 01:30:20,960
ये अंधश्रद्धा भक्ति खतरा जान पुस्तक है ये देखिए पेज

1281
01:30:20,960 --> 01:30:25,040
नंबर 18 ये आप देख सकते

1282
01:30:25,040 --> 01:30:29,040
हैं और कोई भी व्यक्ति अपने पुस्तक को डाउनलोड करके

1283
01:30:29,040 --> 01:30:34,400
पढ़ सकता है अगर जिसके पास पुस्तक ना पेज नंबर 19

1284
01:30:34,400 --> 01:30:40,400
और नहीं 18 में 18 में क्या लिखा है जरा बताइए।

1285
01:30:50,000 --> 01:30:54,000
शिवलिंग शिवजी की पेशाब इंद्री के चित्र में देखने से स्पष्ट होता है कि

1286
01:30:54,000 --> 01:30:58,880
शिव का लिंग प्राइवेट पार्ट स्त्री की लिंगी यानी

1287
01:30:58,880 --> 01:31:03,120
पेशाब इंद्री या योनि में प्रविष्ट है। इसकी पूजा

1288
01:31:03,120 --> 01:31:07,360
हिंदू श्रद्धालु कर रहे हैं। और भी काफी कुछ लिखा है कि प्राण प्रतिष्ठा

1289
01:31:07,360 --> 01:31:11,920
करवा करके ये तो जब पूरा सब लोग पढ़ेंगे तो उसका और समझ जाएंगे।

1290
01:31:11,920 --> 01:31:16,400
इस तरह से मैंने अश्लील भाषा का इस्तेमाल किया। प्राइवेट पार्ट में

1291
01:31:16,400 --> 01:31:22,400
इस तरह किया है। नीचे आप जाकर के देख सकते हैं।

1292
01:31:25,360 --> 01:31:29,360
19 में क्या लिखा है? 19 में चैप्टर

1293
01:31:29,360 --> 01:31:33,600
नंबर तीसरे में जो विवेचन है उसमें आप पढ़ सकते हैं। इसमें लिखा है इसलिए अपने

1294
01:31:33,600 --> 01:31:37,680
लिंग गुप्तांग की पूजा करने को कह दिया। पहले तो

1295
01:31:37,680 --> 01:31:41,760
तेजो स्तंभ ब्रह्मा तथा विष्णु के बीच में खड़ा कर दिया। फिर शिव

1296
01:31:41,760 --> 01:31:45,760
रूप में प्रकट होकर अपनी दुर्गा पत्नी को पार्वती रूप में प्रकट

1297
01:31:45,760 --> 01:31:49,920
कर दिया और उस उस तेजोमय स्तंभ को गुप्त कर दिया और

1298
01:31:49,920 --> 01:31:54,160
अपने लिंग गुप्तांग के आकार के पत्थर की मूर्ति प्रकट की तथा

1299
01:31:54,160 --> 01:31:58,320
स्त्री की गुप्तांग लिंगी की पत्थर की मूर्ति प्रकट की। उस पत्थर

1300
01:31:58,320 --> 01:32:02,640
की लिंगी को लिंगी यानी स्त्री की योन में प्रवेश करके

1301
01:32:02,640 --> 01:32:06,800
ब्रह्मा तथा विष्णु से कहा यह लिंग था लिंगी अभेद

1302
01:32:06,800 --> 01:32:12,400
रूप है यानी इन दोनों को ऐसे ही रखकर नित पूजा करना

1303
01:32:12,400 --> 01:32:17,200
और इसके बाद आगे लिखा है इसके बाद इसके पश्चात ये बेशर्म

1304
01:32:17,200 --> 01:32:21,200
पूजा सब हिंदुओं में देखा देखी चल रही है बेशर्म बेशर्म

1305
01:32:21,200 --> 01:32:26,000
कौन है हिंदू जो शिवलिंग की पूजा करता है बेशर्म है

1306
01:32:26,000 --> 01:32:30,080
जी जी जी ये इस तरह से पूरा इन्होंने और

1307
01:32:30,080 --> 01:32:34,560
इसमें इसमें मजे की बात देखिए इसमें लिखा है कबीर प्रिंटर्स

1308
01:32:34,560 --> 01:32:38,720
भवाना इंटरेस्ट एरिया दिल्ली और

1309
01:32:38,720 --> 01:32:40,400
ये हमने हमने सब जगह

1310
01:32:40,400 --> 01:32:44,560
पता किया है दिल्ली में भी सर्च किया जयपुर में भी सर्च किया ये कबीर

1311
01:32:44,560 --> 01:32:48,720
प्रिंटर्स के कई सर थाने उनमें सबने मैं फोन करके

1312
01:32:48,720 --> 01:32:53,280
पता किया ऐसे नहीं आपके सामने बोल रहा हूं 2016 से

1313
01:32:53,280 --> 01:32:57,280
2024 तक इनका एक एक काला चिट्ठा पूरे वर्ल्ड

1314
01:32:57,280 --> 01:33:01,280
में जहां बताइए मैं वहां आने के लिए तैयार हूं। इनसे कहता हूं कि आप सतलोक

1315
01:33:01,280 --> 01:33:05,520
आश्रम धनाना में डिबेट कर लीजिए वहां आऊंगा। और अगर

1316
01:33:05,520 --> 01:33:09,920
मेरी एक भी बात झूठी साबित हो जाए तो जिंदगी भर हम गुलामी करेंगे।

1317
01:33:09,920 --> 01:33:15,840
लेकिन हम विदाउट क्यों नहीं करते भाई? क्यों नहीं करते इनसे ज्ञान चर्चा?

1318
01:33:15,840 --> 01:33:19,920
अमित दास इनसे ज्ञान चर्चा करो। बाबू राम अपने

1319
01:33:19,920 --> 01:33:24,000
चैनल पे इन्हें बुलाओ। ये आएंगे तुम्हारे चैनल पर। ठीक है? ये

1320
01:33:24,000 --> 01:33:28,400
आएंगे तुम्हारे चैनल पर। करो ज्ञान चर्चा इनसे

1321
01:33:28,400 --> 01:33:34,320
और क्या है 20 में क्या लिखा है जी

1322
01:33:34,320 --> 01:33:38,320
1920 18 19 20

1323
01:33:38,320 --> 01:33:42,480
में तो पूरा इन्होने चित्र बना करके रखा है आपके पास पुस्तक होगी

1324
01:33:42,480 --> 01:33:46,880
आप खोल के देखिए जरा है ना इसमें तो लिखा है कि

1325
01:33:46,880 --> 01:33:51,360
शिव का लिंग गुप्तांग का चित्र स्त्री के गुप्तांग का चित्र जिसमें शिवलिंग

1326
01:33:51,360 --> 01:33:55,440
प्रविष्ट है जबकि संत रामपाल जी महाराज ने उस

1327
01:33:55,440 --> 01:33:59,920
स्तंभ के देखिए शिवलिंग की पूजा अंध

1328
01:33:59,920 --> 01:34:03,920
श्रद्धावान करते हैं जो शर्म की बात तो है ही परंतु धर्म के

1329
01:34:03,920 --> 01:34:08,160
विरुद्ध भी है शर्म की बात है शिवलिंग की पूजा करना

1330
01:34:08,160 --> 01:34:13,840
हिंदुओं तुम लोग कहते हो ना कि कोई अपमान नहीं है किसी का

1331
01:34:13,840 --> 01:34:17,360
डूब मरो शर्म से

1332
01:34:17,360 --> 01:34:21,440
जबकि संत रामपाल जी महाराज ने वो तेजोमय स्तंभ के बारे

1333
01:34:21,440 --> 01:34:25,760
में पूरा सत्संग किया है उसमें इसमें कहीं ये नहीं कहा कि ये

1334
01:34:25,760 --> 01:34:29,760
शिव जी का लिंग है। पूरा सत्संग है। और इसके बाद

1335
01:34:29,760 --> 01:34:35,760
नीचे देखो इन्होंने क्या लिखा है। आगे चलते हैं। इसीलिए

1336
01:34:35,840 --> 01:34:39,840
एक मिनट सर एक मिनट सर इसीलिए थोड़ा और चैप्टर नीचे रह जाएगा। उसको बता रहा हूं। पेज

1337
01:34:39,840 --> 01:34:45,120
नंबर 20 का सबसे नीचे आप देखिए इसमें और इन्होंने बेशर्म की आवाज लिखी है।

1338
01:34:45,120 --> 01:34:48,560
कि यदि ऐसी

1339
01:34:48,560 --> 01:34:52,640
नीचे इसमें कबीर जी ने कहा है कि मैं उन्हें बताना चाहता हूं। कबीर जी ने

1340
01:34:52,640 --> 01:34:56,800
कहा है देखिए कैसा शब्द लिखा है इन्होंने कि मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि

1341
01:34:56,800 --> 01:35:01,200
यदि शिव जी के लिंग को पूजने से शिव जी भगवान का लाभ लेना चाहते हो

1342
01:35:01,200 --> 01:35:05,280
तो आप धोखे में है यदि ऐसी बेशर्म साधना करनी है

1343
01:35:05,280 --> 01:35:09,280
तो खागड़ फिर इसके बाद ब्रैकेट में ओ इसके

1344
01:35:09,280 --> 01:35:13,600
बाद मेल काऊ के लिंग की पूजा कर लो

1345
01:35:13,600 --> 01:35:17,920
जिससे गाय को गर्व होता है उससे अमृत दूध मिलता है हल

1346
01:35:17,920 --> 01:35:22,400
जोतने के लिए बैल व दूध पीने के लिए गाय उत्पन्न होती जो प्रत्यक्ष

1347
01:35:22,400 --> 01:35:26,480
लाभ दिखाई देता है। आपको पता है कि खागल के लिंग से

1348
01:35:26,480 --> 01:35:30,880
कितना लाभ मिलता है। फिर भी उसकी पूजा पूजा नहीं कर सकते। क्योंकि

1349
01:35:30,880 --> 01:35:35,040
यह बेशर्मी का कार्य है। अब बताइए अब कहां-कहां तक

1350
01:35:35,040 --> 01:35:39,360
बताएं? क्या क्या करें? 2014 में लिख रखा

1351
01:35:39,360 --> 01:35:43,440
संस्करण इस 2014 का प्रथम संस्करण इनसे पूछिए किसी भी पुस्तक

1352
01:35:43,440 --> 01:35:48,320
में संस्करण ला रखा है क्या?

1353
01:35:48,320 --> 01:35:52,960
ये ये हमें शर्म आती है कि हम अपने घर में हमारे

1354
01:35:52,960 --> 01:35:58,400
भाई बहन पत्नी बेटा बेटी बेटियां इस पुस्तक को नहीं पढ़ सकती।

1355
01:35:58,400 --> 01:36:04,400
लेकिन क्या करें?

1356
01:36:04,720 --> 01:36:08,800
जिसको यह कहना हो कि यह गलत नहीं लिखा है, वह हमसे लाइव

1357
01:36:08,800 --> 01:36:13,200
में आकर के चर्चा कर सकता है। खैर और

1358
01:36:13,200 --> 01:36:17,200
ये जीने की राह जीने की राह में क्या लिखा है?

1359
01:36:17,200 --> 01:36:21,440
गलत तो कुछ नहीं होता है। हम सभी जानते हैं कि हम अपने बेटा

1360
01:36:21,440 --> 01:36:25,760
और बेटी की शादी क्यों करते हैं। हम सभी जानते हैं। इसका

1361
01:36:25,760 --> 01:36:29,920
ये मतलब नहीं कि आप बेपर्दा हो जाइए। आप

1362
01:36:29,920 --> 01:36:33,920
ऐसे असली भाषाओं लिखो जैसे मालूम पड़ता है किसी एक अबोध बालक को आप

1363
01:36:33,920 --> 01:36:37,920
पढ़ा रहे हो उसको भी ऐसी भाषा नहीं पढ़ाई जाती है। अब ये जीने की राह पुस्तक

1364
01:36:37,920 --> 01:36:42,000
आ गई जीने की राह इसमें जो

1365
01:36:42,000 --> 01:36:46,560
रोमन काउंटिंग पेज नंबर दो रोमन काउंटिंग

1366
01:36:46,560 --> 01:36:50,560
है ना इसमें भी लिख रखा इसमें देखिए

1367
01:36:50,560 --> 01:36:54,960
बवाना इंडस्ट्रियल एरिया जयपुर सेम वही एड्रेस

1368
01:36:54,960 --> 01:37:00,000
लेकिन कोई भी अब जयपुर भी 117

1369
01:37:00,000 --> 01:37:04,000
हां 117 है क्या सेम सेम

1370
01:37:04,000 --> 01:37:08,160
आप ये जीने की पुस्तक अगर आपके पास हो तो देख लेना और

1371
01:37:08,160 --> 01:37:13,200
देखिए इसमें कहने का मतलब ये है कि

1372
01:37:13,200 --> 01:37:17,440
इन्होंने जब जयपुर में प्लॉट लिया कबीर प्रिंटर प्रिंटिंग प्रेस खोलने

1373
01:37:17,440 --> 01:37:21,600
के लिए तो इन्होंने वही प्लॉट नंबर इनको मिला जो प्लॉट नंबर इनको

1374
01:37:21,600 --> 01:37:25,600
बवाना दिल्ली में मिला वही प्लॉट नंबर इनको बवाना जयपुर में मिला

1375
01:37:25,600 --> 01:37:29,680
जयपुर में जयपुर में ही बवाना नाम की जगह है क्या? है ही नहीं

1376
01:37:29,680 --> 01:37:34,080
वहां पेना एरिया है ही नहीं वहां पे ना। अरे

1377
01:37:34,080 --> 01:37:38,240
सर जी शिवश जी शिवशय द्विवेदी जी अरे

1378
01:37:38,240 --> 01:37:42,240
हम इतनी कच्ची गोली नहीं खाते। हम 2016 से 204 तक हर चीज

1379
01:37:42,240 --> 01:37:46,400
का एक एक पॉइंट टू पॉइंट सर्च किया। इनको पता है ये पूरे वर्ल्ड में

1380
01:37:46,400 --> 01:37:50,400
कोई भी हमसे बात नहीं कर सकता। अच्छा अब आगे चलते हैं। अपने

1381
01:37:50,400 --> 01:37:54,400
पास जो इस समय जीने की राह छप रही है जरा उसको देखिए। उसमें क्या लिखा

1382
01:37:54,400 --> 01:37:58,880
है? एड्रेस क्या लिखा है? एक मिनट एक मिनट एक मिनट

1383
01:37:58,880 --> 01:38:03,200
जी जी आप जरा वो अपने पास जो जीने की राह है जो पीडीएफ

1384
01:38:03,200 --> 01:38:09,200
मिल रही है जी जी जी

1385
01:38:09,200 --> 01:38:13,920
इसमें क्या एड्रेस डला है इसमें नई दिल्ली डला है

1386
01:38:13,920 --> 01:38:18,320
अच्छा इसमें नई दिल्ली इसमें नई दिल्ली डला

1387
01:38:18,320 --> 01:38:22,480
ये बड़ी बड़ी कलाकारी है सब ना देखिए हमारे पास दो

1388
01:38:22,480 --> 01:38:28,480
जीने की पुस्तक है

1389
01:38:28,640 --> 01:38:33,200
हमारे पास ये दो जीने की राह पुस्तक है। दो

1390
01:38:33,200 --> 01:38:37,200
दो पुस्तकों में सेम वही जयपुर का एड्रेस

1391
01:38:37,200 --> 01:38:40,240
डाला हुआ है।

1392
01:38:40,240 --> 01:38:44,320
ये चलिए ऐसे ऐसे ऐसे

1393
01:38:44,320 --> 01:38:48,560
हम सर बात नहीं करते। हम विदाउट प्रूफ कबीर सागर का

1394
01:38:48,560 --> 01:38:53,440
कबीर सागर का सरलार्थ में क्या लिखा है इन्होंने वो बता दीजिए। पहले

1395
01:38:53,440 --> 01:38:57,680
इसके बारे में बात कर लेते हैं ना थोड़ा सा इनके पेज में क्या लिखा है जीने की राह पुस्तक

1396
01:38:57,680 --> 01:39:03,680
के नाम है ना जीने की रात पुस्तक का पेज नंबर 28

1397
01:39:09,040 --> 01:39:13,840
जीने की रात पुस्तक के पेज नंबर 28 में इन्होंने

1398
01:39:13,840 --> 01:39:18,320
लिख रखा है जो चरित्रहीन लड़के लड़कियां होते हुए चलते समय अजीबोगरीब

1399
01:39:18,320 --> 01:39:22,320
एक्टिंग करते हैं लज्ज मारो टेढ़ीमेढ़ी चाल चलते

1400
01:39:22,320 --> 01:39:26,400
इस तरह से पूरा इसमें इन्ह अश्लील भाषाओं का लिख रखा है। पेज

1401
01:39:26,400 --> 01:39:32,400
नंबर 28 पेज नंबर 30 29 30 और

1402
01:39:32,560 --> 01:39:38,240
यह पेज नंबर 40 पेज

1403
01:39:38,240 --> 01:39:42,320
नंबर 38 39 40 40 पे

1404
01:39:42,320 --> 01:39:46,400
तो चोली ब्राजील पेंटी भड़ुए ताक जा

1405
01:39:46,400 --> 01:39:50,560
है ना ये बड़वा बड़वा शब्द भी लिखा है उसमें

1406
01:39:50,560 --> 01:39:54,960
भड़ुआ शब्द लिखा है चोली अरे सर ये देखिए हम

1407
01:39:54,960 --> 01:39:58,960
हम कोई अरे मैं मैं पूछ रहा हूं आपसे मैं पूछ रहा हूं आपसे

1408
01:39:58,960 --> 01:40:03,040
वो मत दिखाओ बड़वा शब्द लिखा है वहां सर जी पूरा इसमें सब

1409
01:40:03,040 --> 01:40:07,920
लिख रखा है मैंने अच्छा जरा खोलिए जीने की राह का ये

1410
01:40:07,920 --> 01:40:12,720
39 नंबर पेज हां जी 40 नंबर

1411
01:40:12,720 --> 01:40:16,960
40 नंबर पेज खोलिए हां ये हमारे

1412
01:40:16,960 --> 01:40:22,960
भी 40 नंबर पे है नीचे

1413
01:40:27,520 --> 01:40:31,520
तो इनके शिष्य अगर यह सब ये सब यूज़ कर रहे

1414
01:40:31,520 --> 01:40:35,760
हैं अगर ये देखिए ए लिखा हुआ है

1415
01:40:35,760 --> 01:40:39,760
तो इसका मतलब ये इनके शिष्य अगर ये सब

1416
01:40:39,760 --> 01:40:44,320
शब्द यूज़ कर रहे हैं तो कोई नई बात नहीं है। अगर जब ये मानते हैं मेरे जो

1417
01:40:44,320 --> 01:40:50,240
गुरु हैं वो ऐसे शब्दों से ही बात करते हैं।

1418
01:40:50,240 --> 01:40:54,320
तो फिर तो फिर फिर इन्हें फिर एंड

1419
01:40:54,320 --> 01:40:58,400
कंपनी ना कहा जाए क्यों ना इनको कंपनी कहा जाए

1420
01:40:58,400 --> 01:41:02,400
जब इनकी किताबों में ही लिखा है लिख रखा है

1421
01:41:02,400 --> 01:41:06,480
इन्होंने लिखा जो हो देखिए कितनी जगह देखिए ये आपको

1422
01:41:06,480 --> 01:41:11,440
दिखाया जा रहा है एक नहीं 50ों जगह शब्द लिखा है

1423
01:41:11,440 --> 01:41:15,760
ये है एक तत्वदर्शी संत की वाणी

1424
01:41:15,760 --> 01:41:19,760
अरे कर रहा है। एक बात और आपको बता रहा हूं। ये देखो संत कबीर साहब

1425
01:41:19,760 --> 01:41:23,920
की वाणियों में कितना परिवर्तन किया है। कबीर साहब ने लिखा कबीर पर

1426
01:41:23,920 --> 01:41:29,920
नारी को देखिए बहन बेटी के भाव और कहे कबीर

1427
01:41:30,640 --> 01:41:34,720
इन्होंने लिख दिया कहे कबीर काम सेक्स मतलब

1428
01:41:34,720 --> 01:41:38,960
उसमें ब्रैकेट में सेक्स नाश का यही सहज उपाव।

1429
01:41:38,960 --> 01:41:43,920
कबीर साहब ने कब कहा था कि सेक्स नाश का यही उपाव।

1430
01:41:43,920 --> 01:41:48,000
दूसरी बात कथा करो करतार की दोबारा बोलिए दोबारा बोलिए

1431
01:41:48,000 --> 01:41:52,160
दोबारा बोलिए कबीर पर नारी को देखिए बहन

1432
01:41:52,160 --> 01:41:56,560
बेटी के भाव और कहे कबीर काम नाश का यही सहज पाव

1433
01:41:56,560 --> 01:42:00,720
तो इन्होंने ब्रैकेट में लिख दिया सेक्स मतलब

1434
01:42:00,720 --> 01:42:05,040
वो आपत्तिजनक शब्दों को लेके चल रहे हैं बुरी तरीके

1435
01:42:05,040 --> 01:42:09,120
से जिससे कि ये पेज नंबर 40

1436
01:42:09,120 --> 01:42:13,120
की बात बता रहा हूं ये तरीका ये

1437
01:42:13,120 --> 01:42:17,920
बात करने का यह तरीका नहीं है संतों का। खैर आप आगे चलिए।

1438
01:42:17,920 --> 01:42:21,920
एक और आपको बता रहा हूं। कबीर साहब की वाणियों में परिवर्तन किया

1439
01:42:21,920 --> 01:42:26,080
है। कथा करो करतार की सुनो कथा करतार। और कबीर साहब

1440
01:42:26,080 --> 01:42:30,160
की वाणी है कान कथा सुनिए नहीं कहे कबीर विचार। और इन्होंने

1441
01:42:30,160 --> 01:42:34,640
क्या जोड़ दिया? कथा करो करतार की सुनो कथा करतार।

1442
01:42:34,640 --> 01:42:38,800
काम सेक्स कथा सुनो नहीं कहे कबीर विचार।

1443
01:42:38,800 --> 01:42:43,360
इनका सबको सेक्स ही नजर आता है। ये

1444
01:42:43,360 --> 01:42:46,000
कबीर कबीर सागर का सरलार्थ

1445
01:42:46,000 --> 01:42:50,080
खोलिए जरा जहां पर हनुमान जी का अपमान किया गया है वो खोलिए जरा

1446
01:42:50,080 --> 01:42:54,080
सर बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल पेज नंबर 598

1447
01:42:54,080 --> 01:43:00,080
ये कबीर सागर का सरलार्थ

1448
01:43:10,160 --> 01:43:14,800
ये पेज नंबर ये कबीर सागर का सल्लास है

1449
01:43:14,800 --> 01:43:20,800
और इसका ये पेज नंबर 598 में सबसे नीचे

1450
01:43:24,640 --> 01:43:28,160
जी

1451
01:43:28,160 --> 01:43:32,640
ये आप हाईलाइट कर सकते हैं। दिखा रहा हूं ये कबीर सागर का सरलार्थ।

1452
01:43:32,640 --> 01:43:37,760
इनका बड़ा कर दीजिए इनका वाला बॉक्स।

1453
01:43:37,760 --> 01:43:43,760
यह कबीर सागर का सरलार्थ है और यह पेज नंबर 598

1454
01:43:44,720 --> 01:43:49,920
ये देखो इसमें सब लिखा हुआ आप देख सकते हो पढ़ सकते हो आप

1455
01:43:49,920 --> 01:43:55,920
एक मिनट जरा लेफ्ट करिए लेफ्ट बस

1456
01:43:57,840 --> 01:44:01,040
गधे का गुप्तांग

1457
01:44:01,040 --> 01:44:06,560
पढ़िए आप ही पढ़िए जो लिख रखा है

1458
01:44:06,560 --> 01:44:11,200
इन्होंने लिख रखा है कि एक स्थान पर

1459
01:44:11,200 --> 01:44:15,440
बताया गया कि हनुमान जी के दुम नहीं बताई है। एक स्थान पर हनुमान

1460
01:44:15,440 --> 01:44:19,920
जी के दुम नहीं बताई है। वास्तव में हनुमान जी के दुम

1461
01:44:19,920 --> 01:44:23,920
थी। वह दुम सदा बाहर नहीं रहती थी।

1462
01:44:23,920 --> 01:44:28,480
वह दुम सदा बाहर नहीं रहती थी। आवश्यकता

1463
01:44:28,480 --> 01:44:32,480
पड़ने पर आवश्यकता पड़ने पर बाहर प्रकट कर लेते

1464
01:44:32,480 --> 01:44:36,880
थे। उदाहरण के तौर पर गधे का गुप्तांक देखने

1465
01:44:36,880 --> 01:44:41,280
से दिखाई नहीं देता। गधी के मिलन के समय

1466
01:44:41,280 --> 01:44:45,360
तीन चार फुट लंबा निकल आता है। यह उदाहरण भले ही

1467
01:44:45,360 --> 01:44:49,520
अभद्र लगे परंतु सतीश बस करिए। बस करिए बस करिए।

1468
01:44:49,520 --> 01:44:55,520
ठीक है। बस बस करिए। हटा दीजिए भैया।

1469
01:44:56,320 --> 01:45:00,480
अच्छा एक मैं बात पूछ रहा था कि ये जो डीवीडी के द्वारा जो नाम दीक्षा

1470
01:45:00,480 --> 01:45:04,640
दी जा रही है ये कहां तक सही है? आपकी जानकारी में यह

1471
01:45:04,640 --> 01:45:08,640
डीबीडी द्वारा नाम दीक्षा टोटल फर्जी है। संत रामपाल

1472
01:45:08,640 --> 01:45:12,640
जी महाराज ने कभी भी डीबीडी द्वारा नाम दीक्षा देने का अधिकार नहीं दिया। जब

1473
01:45:12,640 --> 01:45:16,720
संत रामपाल जी महाराज 2008 में 22 महीना जेल में

1474
01:45:16,720 --> 01:45:20,960
रहे थे। एफआईआर नंबर 198 ब 2006 करोथा कांड में

1475
01:45:20,960 --> 01:45:25,360
22 महीने बाद जेल से बाहर आए थे। उसके बाद इन्होंने संत रामपाल जी महाराज को हाईजेक

1476
01:45:25,360 --> 01:45:29,360
कर लिया। इन्होंने सबसे पहले एक महिला के द्वारा लगभग 15

1477
01:45:29,360 --> 01:45:33,360
से 20 दिन नाम दीक्षा दिलवाई थी। यह सत्संगों के माध्यम

1478
01:45:33,360 --> 01:45:37,680
से संत रामपाल जी महाराज ने बताया संत रामपाल जी महाराज ने जो भी उजागर

1479
01:45:37,680 --> 01:45:41,920
किया है टोटल सत्संगों के माध्यम से इशारे में उजागर किया है

1480
01:45:41,920 --> 01:45:46,560
और एक एक चीज का मेरे पास सबूत है। एक एक सबूत

1481
01:45:46,560 --> 01:45:50,720
विदाउट सबूत बात नहीं करते। इसलिए जब इन्होंने जान गए कि ये पूरी दुनिया

1482
01:45:50,720 --> 01:45:54,880
में प्रचार प्रसार होने लगा तो ये कबीर सागर सल्ला के पुस्तक

1483
01:45:54,880 --> 01:45:59,280
के पेज अंदर जाके सब मिलावट कर दिए। इसे मिलावट कर दिया। यहां लिख दिया

1484
01:45:59,280 --> 01:46:03,520
द्वारा नाम देने का संत रामपाल जी महाराज ने अधिकार दिया है। इसी तरह इन्होंने

1485
01:46:03,520 --> 01:46:07,680
ये पुस्तक दिया है किसको अधिकार किसको

1486
01:46:07,680 --> 01:46:13,040
दिया है? किसी को नहीं। ये अपनी मर्जी से

1487
01:46:13,040 --> 01:46:17,200
मैं बोल रहा हूं इन्होंने जब ये मिलावट की तो इसमें कोई नाम लिखा अधिकार दिया

1488
01:46:17,200 --> 01:46:21,280
है किसी को? ना किसी को नहीं। डीबी द्वारा नाम दीक्षा दे। कोई

1489
01:46:21,280 --> 01:46:25,280
भी दे तो मैं भी दे सकता हूं।

1490
01:46:25,280 --> 01:46:29,760
हां अब तो ये पूरी दुनिया में दे रहे है ना ये लोग पूरे वर्ल्ड में चल रहे है

1491
01:46:29,760 --> 01:46:33,840
पूरे वर्ल्ड में कोई भी दे सकता है मतलब गुरु का कोई महत्व ही नहीं

1492
01:46:33,840 --> 01:46:38,160
है और देखिए सबसे बड़ी बात ये है कि जब हम सबसे

1493
01:46:38,160 --> 01:46:42,320
पहले 2016 से हमने विरोध करना शुरू किया था सबसे पहला विरोध

1494
01:46:42,320 --> 01:46:46,320
हमने किया था और हमने बीजेपी द्वारा नाम दीक्षा चली थी

1495
01:46:46,320 --> 01:46:50,480
लेकिन विरोध 2016 17 से वीडियो बनाना शुरू कर दिया था फर्जी

1496
01:46:50,480 --> 01:46:54,560
का लेकिन वो दोनों मंत्रों का जाप करना हमने बंद नहीं किया

1497
01:46:54,560 --> 01:46:59,280
लेकिन वो दोनों मंत्रों का जाप करना हमने 2019 से बंद किया।

1498
01:46:59,280 --> 01:47:03,280
जब संत रामपाल जी महाराज के कई सत्संग हमारे पास आ गए। अब तो पूरे

1499
01:47:03,280 --> 01:47:07,280
वर्ल्ड भेजता हूं। वो सारे जब सत्संगों कलेक्शन हो

1500
01:47:07,280 --> 01:47:11,600
गया तब जाकर के हमने उस दिन से दोनों मंत्रों का जाप करना बंद कर दिया।

1501
01:47:11,600 --> 01:47:15,760
आज के बाद मैं जब तक संत रामपाल जी महाराज मुझे डायरेक्ट नाम दीक्षा

1502
01:47:15,760 --> 01:47:19,840
नहीं देंगे तब तक हम इन मंत्रों का जाप नहीं करेंगे। हम अपने गुरु जी का

1503
01:47:19,840 --> 01:47:23,920
नाम लेंगे। उस दिन से हम इन मंत्रों का जाप नहीं करते। हालांकि

1504
01:47:23,920 --> 01:47:28,160
जब जब जिन कई लोगों को हमने वो सब वीडियोस भेजे तो वो लोग भी काफी

1505
01:47:28,160 --> 01:47:32,320
लोगों ने मंत्रों का जाप करना बंद कर दिया। तो अब ये लोग अंदर ये मिलावट

1506
01:47:32,320 --> 01:47:36,400
करते हैं। बाहर नहीं मिला पाते हैं। लेकिन अंदर लेकिन गुरु जी ने

1507
01:47:36,400 --> 01:47:40,480
शिष्य की अधीनता में बहुत बढ़िया बात लिखी थी कि ऐसे अगर आप

1508
01:47:40,480 --> 01:47:44,560
गुरु से नाम दीक्षा दिलोगे तब ये हमें आपको उदाहरण देते हैं गीता

1509
01:47:44,560 --> 01:47:48,560
अध्याय चार श्लोक नंबर 34 का कि अर्जुन को उपदेश दिया कि तू

1510
01:47:48,560 --> 01:47:52,960
तत्व संत की खोज कर और फिर कपट भाव छोड़कर उसकी शरण में जा

1511
01:47:52,960 --> 01:47:57,280
और फिर उसकी सेवा कर। फिर तेरी सेवा से जब प्रसन्न होंगे

1512
01:47:57,280 --> 01:48:01,360
तब तुझे तत्व ज्ञान देंगे और ये तो चले गए डी नाम दिशा दिया

1513
01:48:01,360 --> 01:48:06,720
चले आए ये कोई नाम दीक्षा होती है क्या

1514
01:48:06,720 --> 01:48:10,800
हां हो गए हो गए और जब इनका ये करते

1515
01:48:10,800 --> 01:48:15,040
ना ये सामने क्यों नहीं आते सर ये पुस्तकों के अंदर मिलावट

1516
01:48:15,040 --> 01:48:19,840
करते हैं और अब तो सत्संग आज हमने जाना भाई कि इनकी

1517
01:48:19,840 --> 01:48:24,480
पुस्तकों में कितनी धांधलेबाजी चल रही है कहां छपते

1518
01:48:24,480 --> 01:48:29,440
यह भी नहीं पता है और

1519
01:48:29,440 --> 01:48:33,440
इनके नाम से रामपाल जी के नाम से बहुत सारी चीजें जो है उल्टी

1520
01:48:33,440 --> 01:48:39,440
सीधी चल रही है और

1521
01:48:39,440 --> 01:48:43,440
एक बात और है कि अगर जो इन पुस्तकों को बेचते हुए पकड़ा जाता है

1522
01:48:43,440 --> 01:48:47,600
उसके पीछे भी कोई बैकग्राउंड नहीं है कि भाई हां यहां से छपी

1523
01:48:47,600 --> 01:48:51,600
है पुस्तकें अगर है तो आप बताएं और इस पर

1524
01:48:51,600 --> 01:48:56,240
हम आगे अपनी कारवाई जारी रखेंगे। जो भी ये जो इनकी जो

1525
01:48:56,240 --> 01:49:00,800
ये जो तथाकथित जो चीजें चल रही है रामपाल

1526
01:49:00,800 --> 01:49:05,520
के नाम पर और या फिर सतलोक आश्रम के नाम पर जी

1527
01:49:05,520 --> 01:49:09,680
सर मैं एक बात कहना चाहता हूं ये जो पुस्तकें हैं चौथा

1528
01:49:09,680 --> 01:49:13,920
कांड का रहस्य और ये भक्ति सौदागर का संदेश इसमें

1529
01:49:13,920 --> 01:49:18,480
बंदी छोड़ भक्ति मुक्ति ट्रस्ट जो ट्रस्ट है उसका नाम लिखा हुआ है इन्होंने

1530
01:49:18,480 --> 01:49:22,800
1999 में बंदी छोड़ भक्ति मुक्ति ट्रस्ट बनाया एक

1531
01:49:22,800 --> 01:49:27,040
तीन 2012 को कवि परमेश्वर भक्ति बनाया। 1999

1532
01:49:27,040 --> 01:49:31,360
में जो पुस्तकें छपी है उनमें बाकायदे ट्रस्ट का नाम लिखा हुआ है। इसके

1533
01:49:31,360 --> 01:49:35,360
बाद किसी भी पुस्तक में ना संस्था का नाम है ना ट्रस्ट का

1534
01:49:35,360 --> 01:49:39,520
नाम है ना ट्रस्ट का नाम है। 1999 के बाद वाली

1535
01:49:39,520 --> 01:49:43,600
जितनी इन्होंने पुस्तक छापी है 2008 में 2010 में या वर्तमान

1536
01:49:43,600 --> 01:49:47,840
समय में किसी भी पुस्तक में ट्रस्ट का नाम नहीं है। किसी भी पुस्तक

1537
01:49:47,840 --> 01:49:52,080
में प्रश्न का नाम नहीं कांच मुद्रा कहां छपती है। दूसरी बात

1538
01:49:52,080 --> 01:49:54,560
ये जो फर्जी कबीर परमेश्वर भक्ति टच

1539
01:49:54,560 --> 01:49:58,640
बना रखा है। यह यह 17 मई 2018 को इन्होंने

1540
01:49:58,640 --> 01:50:02,720
बंद कर दिया और वो फर्जी ट्रस्ट है। उस फर्जी ट्रस्ट की आपको

1541
01:50:02,720 --> 01:50:06,800
खूबी बताएं कैसी है। इन्होंने क्या किया? अंदर जहां ये ट्रस्ट

1542
01:50:06,800 --> 01:50:10,800
बनवाया वहां जो भी अपना पैसा ले दे वहां संत

1543
01:50:10,800 --> 01:50:14,960
रामपाल जी महाराज को उपस्थित होने नहीं दिया। वहां ये सब स्वयं

1544
01:50:14,960 --> 01:50:19,040
अपना बन गए। और इसके बाद भी इन्होंने संत रामपाल जी महाराज की फोटो अलग

1545
01:50:19,040 --> 01:50:23,120
से उसमें चपका दी। संत रामपाल जी महाराज फर्जी साइन कबीर परमेश्वर

1546
01:50:23,120 --> 01:50:27,840
भक्ति ट्रस्ट में उनके लेटरों में फर्जी साइन और बाद में पुस्तक

1547
01:50:27,840 --> 01:50:31,920
उसकी फोटो चपका दी ये सारे हमारे पास एविडेंस है और इसके

1548
01:50:31,920 --> 01:50:35,920
बाद जब हम लोगों ने इसका उजागर किया तो 17 मई 2018 को

1549
01:50:35,920 --> 01:50:40,160
इन्होंने मुनि धर्मा ट्रस्ट मान लिया और देखिए पूरे वर्ल्ड

1550
01:50:40,160 --> 01:50:44,160
में फर्जी कबीर परमेश्वर भक्ति ट्रस्ट के पर्चे पर नाम

1551
01:50:44,160 --> 01:50:48,320
दीक्षा दी जा रही है और एड्रेस पड़ा शत्रुक आश्रम बरवाला का जितने

1552
01:50:48,320 --> 01:50:52,560
भी काम होते हैं जो भी पर्चा छपता है पीला पर्चा वो सतलोक

1553
01:50:52,560 --> 01:50:56,720
आश्रम बरवाला के नाम से और 11 इनके आश्रम है। किसी भी आश्रम

1554
01:50:56,720 --> 01:51:00,960
के नाम से कोई पुस्तक लांच नहीं होती है। किसी भी आश्रम का नाम किसी

1555
01:51:00,960 --> 01:51:05,040
पुस्तक नहीं है। इसलिए आपके चैनल के माध्यम से विश्व

1556
01:51:05,040 --> 01:51:09,280
के सारे धर्म गुरुओं से और उनके जो अनुयाई हैं हम

1557
01:51:09,280 --> 01:51:10,000
सबसे

1558
01:51:10,000 --> 01:51:14,160
कानपुर से रामचंद्र दास हाथ जोड़ के निवेदन करता हूं कि

1559
01:51:14,160 --> 01:51:18,160
कहीं भी कोई भी पुस्तक बेचता हुआ मिल जाए तो फोटो किसी लगा

1560
01:51:18,160 --> 01:51:22,560
देने से या नाम लिख देने से उसकी पुस्तक नहीं हो जाती है। आप उनसे एविडेंस

1561
01:51:22,560 --> 01:51:26,720
मांगिए और जो भी कारवाई करना हो आप उसके खिलाफ कीजिए। कृपया

1562
01:51:26,720 --> 01:51:30,720
करके हम सब पढ़े लिखे हैं। हमारे ज्ञान मार्ग

1563
01:51:30,720 --> 01:51:34,800
में कहीं भी वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। लेकिन इस मार्ग इस तरह से

1564
01:51:34,800 --> 01:51:38,880
अगर किसी भी संत के साथ किसी भी व्यक्ति के साथ अगर इस तरह घटना हो रही

1565
01:51:38,880 --> 01:51:42,960
है तो हम तो सबसे कहेंगे कि भाई आप सब लोग सच का साथ

1566
01:51:42,960 --> 01:51:47,120
दें। बात बाकी हम तो अपने घर में भी चार लोग मिलकर के एक मती

1567
01:51:47,120 --> 01:51:53,040
के नहीं हो पाते हैं। ये मेरा कहने का मतलब है।

1568
01:51:53,040 --> 01:51:57,120
चलिए आपने आकर के बहुत सारे व्याख्यान

1569
01:51:57,120 --> 01:52:01,920
बतावे बताए और बहुत सारे चीजें बताई। बहुत ही उसमें

1570
01:52:01,920 --> 01:52:05,920
आवश्यक जानकारियां भी थी और इन लोगों के लिए भी है जो

1571
01:52:05,920 --> 01:52:09,920
पागल हो चुके हैं। बस बंदी छोड़ बंदी छोड़ कर रहे हैं। ये नहीं पता कि वो ये

1572
01:52:09,920 --> 01:52:14,400
करके उसी बंदी छोड़ जिसको बंदी छोड़ मानते हैं।

1573
01:52:14,400 --> 01:52:18,640
उसी के ही पीठ में छुरा गोप रहे हैं। बिना सोचे समझे बस

1574
01:52:18,640 --> 01:52:22,720
जो कर रहे हैं वो कर रहे हैं। हालांकि मुझे आशा है कि आज के इस

1575
01:52:22,720 --> 01:52:28,080
व्याख्यान से कुछ लोगों की आंखें आंखों से पट्टी जरूर।

1576
01:52:28,080 --> 01:52:32,080
दो मिनट का और आपसे मैं समय लूंगा दो मिनट का। ये ये लोग क्या

1577
01:52:32,080 --> 01:52:36,240
कहते हैं कि देखो अन्य धर्म गुरु के लोग हम भी हम भी भगवान

1578
01:52:36,240 --> 01:52:40,240
शंकर की पूजा करते थे। हम भी नवरात्र व्रत रहते थे। आज भी हम सभी देवी

1579
01:52:40,240 --> 01:52:44,400
देवताओं का सम्मान करते। हम भी हनुमान जी के भगत थे और आज भी उनके भगत है।

1580
01:52:44,400 --> 01:52:48,400
ऐसा नहीं है। मानने का तरीका अपना अलग-अलग है। लेकिन सम्मान करने का

1581
01:52:48,400 --> 01:52:52,560
तरीका सबका एक ही होता है। ये क्या कहते थे कि वो जो ब्रह्मा विष्णु

1582
01:52:52,560 --> 01:52:56,720
मूर्ति की पूजा करते हैं उनको उससे क्या लाभ होता है? कुत्ता मुट जाता है टांग

1583
01:52:56,720 --> 01:53:00,880
उठा के ये कर देता है। इस तरह इन्होंने पूरा हमारे संत रामपाल

1584
01:53:00,880 --> 01:53:05,120
जी महाराज के और आप सब लोगों को बीच में जहर घोला। आज यही

1585
01:53:05,120 --> 01:53:09,440
लोग जीवित गुरु जिंदा गुरु को जेल में डाल के

1586
01:53:09,440 --> 01:53:13,440
जिस आप पवन ठक की बात करते हैं वो और ये जितने भी राष्ट्रीय सभा सेवा

1587
01:53:13,440 --> 01:53:17,760
समिति के लोग जितने सतलोक आश्रम लोग हैं इन्होंने संत रामपाल जी मां की तस्वीर

1588
01:53:17,760 --> 01:53:21,840
बना के और आज फोटो की पूजा कर रहे हैं स्वयं और स्वयं फोटो

1589
01:53:21,840 --> 01:53:26,240
के आगे भोग लगा रहे हैं और दूसरे धर्म गुरु की गाली देते थे कि देखिए

1590
01:53:26,240 --> 01:53:30,320
हनुमान जी की पूछ की हनुमान पत्थर की मूर्ति शंकर भगवान की

1591
01:53:30,320 --> 01:53:35,040
पत्थर की मूर्ति क्या देगी जिंदा देगी आज जी

1592
01:53:35,040 --> 01:53:39,040
डाल अरे इनको इनको चुप करो भाई बाबू राम

1593
01:53:39,040 --> 01:53:43,440
जी को किसने इनको बोलने को दिया अभी रुक जाओ बाबू अभी बोलेंगे आपको

1594
01:53:43,440 --> 01:53:47,760
अभी बोलेंगे चुप रहो चाचा बाबू को चुप करो

1595
01:53:47,760 --> 01:53:52,480
भाई जिंदा गुरु को जेल में डाल रखा

1596
01:53:52,480 --> 01:53:56,640
जिंदा गुरु को और ये यहां फोटो की पूजा कर रहे हैं

1597
01:53:56,640 --> 01:54:00,800
और दूसरे धर्म के लोग गालियां दे रहे थे और

1598
01:54:00,800 --> 01:54:04,800
गुरु ने क्या ज्ञान दिया संत रामपाल जी महाराज इतने इतने उदाहरण दिए कि कोई

1599
01:54:04,800 --> 01:54:08,880
भी पति स्त्री होती है वो अपने पति अगर उसका

1600
01:54:08,880 --> 01:54:13,120
विदेश चला जाता है तो उसकी फोटो ले को अपने सीने में लगाती है

1601
01:54:13,120 --> 01:54:17,200
लेकिन फोटो की पूजा नहीं करती वो जब पूजा करती है दंडवत प्रणाम करती

1602
01:54:17,200 --> 01:54:21,440
है तो अपने पति के चरणों ध्यान रखती है पति के तो जहां

1603
01:54:21,440 --> 01:54:25,680
तुम्हारा गुरु है वही जाने से लाभ होगा अगर बरवाला

1604
01:54:25,680 --> 01:54:31,680
में गुरु थे अब वहां जाओगे तो कोई लाभ नहीं होगा

1605
01:54:31,840 --> 01:54:35,920
बाबू थे ये बाबू आए हैं आपसे कुछ क्रॉस क्वेश्चन करने

1606
01:54:35,920 --> 01:54:40,080
तो फिर अब हम इनसे आपका वार्ता कराते हैं और देखते

1607
01:54:40,080 --> 01:54:46,080
हैं। हां भाई बाबू आओ सामना करो

1608
01:54:46,960 --> 01:54:51,280
चाचा जी बाबू पहले आप अपनी

1609
01:54:51,280 --> 01:54:55,040
पहचान बताएं सर्वप्रथम

1610
01:54:55,040 --> 01:55:00,400
मेरा नाम है बाबू रामदास मैं संत रामपाल जी महाराज

1611
01:55:00,400 --> 01:55:04,960
महाराज के क्या है मैं संत रामपाल जी महाराज का शिष्य हूं।

1612
01:55:04,960 --> 01:55:09,040
कैसे? अच्छा कब कब नाम दीक्षा ली थी आपने? सुनिए

1613
01:55:09,040 --> 01:55:13,120
एक मिनट मैं इनको आप तक लेकर आऊंगा। तब तक आप थोड़ा

1614
01:55:13,120 --> 01:55:17,200
धैर्य रखें। ठीक है। जी जी

1615
01:55:17,200 --> 01:55:21,760
बताइए।

1616
01:55:21,760 --> 01:55:26,800
क्या कैसे शिष्य हैं? उनकी भक्ति करते हैं।

1617
01:55:26,800 --> 01:55:30,800
अरे शिष्य कैसे हो?

1618
01:55:30,800 --> 01:55:35,680
उनके द्वारा दिया हुआ भक्ति को करते हैं, साधना करते हैं। उनका

1619
01:55:35,680 --> 01:55:39,760
लड़खड़ाने लगे। कुछने वाली क्या बात है? कुछ

1620
01:55:39,760 --> 01:55:43,920
ऐसा है जो तुम नहीं बोल रहे हो? जो उन्होंने

1621
01:55:43,920 --> 01:55:48,160
दिया है मैं उसको करता हूं। अरे उन्होंने तुमको कान में दिया। कैसे

1622
01:55:48,160 --> 01:55:52,320
दिया? मिलके दिया। कब दिया? ये बताओ। एलईडी के माध्यम

1623
01:55:52,320 --> 01:55:56,560
से दिए हैं। एलईडी के माध्यम से।

1624
01:55:56,560 --> 01:56:01,440
ये कहां लिखा है? शास्त्र में एलईडी के माध्यम से नाम दान होगा।

1625
01:56:01,440 --> 01:56:05,760
वो जहां लिखा होगा उससे आपको लेन देन नहीं है। हमको चाचा से बात करना है। अभी

1626
01:56:05,760 --> 01:56:09,840
करवाएंगे। हमारे कोई वो नहीं हो मालिक जो तुम जो कहो वो करने लग

1627
01:56:09,840 --> 01:56:15,440
जाए। अभी जो पूछ रहे हैं वो बताओ पहले। मेरे को चाचा से बात करने

1628
01:56:15,440 --> 01:56:19,440
शिष्य कैसे हो? वो संत रामपाल जी महाराज से जुड़े थे। मैं

1629
01:56:19,440 --> 01:56:23,760
भी जुड़ा हूं। उनसे बात करना है। पूछ रहा हूं। मैं पूछ रहा हूं। तुम संत रामपाल के शिष्य

1630
01:56:23,760 --> 01:56:27,760
कैसे हुए? ये बताओ। एलईडी के माध्यम से नाम दीक्षा लिया हूं। भक्ति

1631
01:56:27,760 --> 01:56:31,760
करता हूं। एलईडी के माध्यम से नाम दीक्षा ली जाती है। यह कहां लिखा है?

1632
01:56:31,760 --> 01:56:36,240
शास्त्रों में कबीर वाणी में सूक्ष्म वेद में ही दिखा दो।

1633
01:56:36,240 --> 01:56:37,040
जहां पर जरूरत

1634
01:56:37,040 --> 01:56:41,040
पड़ेगा दिखाने दिखाया जाएगा। मेरे को अभी जिसे बात करना है उनसे बात करना। इसका

1635
01:56:41,040 --> 01:56:45,200
मतलब तुम ये भी नहीं सिद्ध। इसका मतलब तुम्हारा एलईडी से नाम दीक्षा लेना शास्त्र

1636
01:56:45,200 --> 01:56:49,280
सम्मत नहीं है। फिलहाल वो वो जो विरोध कर रहे हैं उनसे मेरे को बात

1637
01:56:49,280 --> 01:56:53,760
करना है। अभी बात करा रहे हैं। फिलहाल आप शास्त्र सम्मत

1638
01:56:53,760 --> 01:56:57,840
वो भक्ति नहीं कर रहे हैं क्योंकि आपकी जो नाम दी इच्छा है वो शास्त्र

1639
01:56:57,840 --> 01:57:01,840
सम्मत नहीं है ना। हम शास्त्र सम्मत कर रहे हैं। नहीं कर रहे

1640
01:57:01,840 --> 01:57:05,920
हैं वो हमें मैं जानता हूं। आप नहीं जानते हैं उसके बारे में। तुम

1641
01:57:05,920 --> 01:57:10,400
तो रोज चिल्लाते हो ना। शास्त्र सम्मत शास्त्र सम्मत तुम

1642
01:57:10,400 --> 01:57:14,400
अभी बताओ। एलईडी से दीक्षा ली जाती है। यह कहां लिखा

1643
01:57:14,400 --> 01:57:19,360
है? जरूरत पड़ेगा दिखा देंगे। अभी जरूरत नहीं है उसका।

1644
01:57:19,360 --> 01:57:23,440
क्यों? शास्त्र सम्मत नहीं सिद्ध करना चाहते अपने आप को।

1645
01:57:23,440 --> 01:57:27,520
अभी जो संत रामपाल जी महाराज का विरोध कर रहे हैं उस पर हम बात करेंगे। अरे भाई संत

1646
01:57:27,520 --> 01:57:31,600
रामपाल जी महाराज का विरोध नहीं किया उन्होंने। वो अभी बात करेंगे। पहले तुम जिससे

1647
01:57:31,600 --> 01:57:35,760
बात कर रहे हैं वो यह तो बताएं कि हां मैं प्रामाणिक शिष्य हूं

1648
01:57:35,760 --> 01:57:41,520
और नहीं हूं तो यह बता कि हां ठीक है। इतने अंश में मैं प्रामाणिक नहीं हूं।

1649
01:57:41,520 --> 01:57:45,520
मैं उनके प्रश्न का उत्तर दूंगा। यानी तुम्हारे पास इस

1650
01:57:45,520 --> 01:57:50,080
प्रश्न का उत्तर नहीं है। उत्तर है लेकिन आपको नहीं दूंगा मैं।

1651
01:57:50,080 --> 01:57:52,240
मेरे को उत्तर देना है उनका। चलो

1652
01:57:52,240 --> 01:57:58,240
तो फिर हम आपको पूछने भी नहीं देंगे। अगर आप ऐसे बात करोगे उत्तर है दूंगा नहीं।

1653
01:57:58,320 --> 01:58:02,320
मेरे को मैं जिसका उत्तर देने आया हूं मैं उसका उत्तर दूंगा। जो प्रचार कर रहे हैं पूरी जनता

1654
01:58:02,320 --> 01:58:06,640
को दिखा रहे हैं उन्होंने कि ऐसा है मैंने पूछा आपसे मैंने पूछा आपके

1655
01:58:06,640 --> 01:58:10,720
पास एलईडी से दीक्षा लेने का कोई प्रमाण है शास्त्रों

1656
01:58:10,720 --> 01:58:13,440
में

1657
01:58:13,440 --> 01:58:18,320
आपको बताने का हमको जरूरत नहीं है जिसको जरूरत पड़ेगा हम बताएंगे

1658
01:58:18,320 --> 01:58:23,200
जरूरत तो तुम ये तुम ये कहते हो ना कि हम शास्त्र सम्मत भक्ति करते हैं

1659
01:58:23,200 --> 01:58:27,440
करते हैं तो शास्त्र सम्मत क्या है तुम्हारी इस नाम दीक्षा

1660
01:58:27,440 --> 01:58:29,760
की

1661
01:58:29,760 --> 01:58:34,960
आपको बताने की जरूरत नहीं है मेरे को मेरे को चाचा से बात करने तुम आए क्यों

1662
01:58:34,960 --> 01:58:38,960
उनसे बात करने आए हैं उन्होंने जब हमारे गुरु जी के बारे में ऐसा विरोध कर रहे हैं इसके वजह से

1663
01:58:38,960 --> 01:58:43,040
गुरु जी के बारे में विरोध नहीं किया उन्होंने उन्होंने जो गुरु जी के नाम पे

1664
01:58:43,040 --> 01:58:47,360
जो वो चल रहा है ना तंत्र उसका विरोध किया है खैर अभी तुम्हारे

1665
01:58:47,360 --> 01:58:51,680
पास अभी तुम्हारे पास अगर वो नहीं है

1666
01:58:51,680 --> 01:58:55,680
वो क्या कहते हैं शास्त्र का प्रमाण तो तुम अपने आप को यह भी

1667
01:58:55,680 --> 01:58:59,760
नहीं कह सकते कि मैं उनका शिष्य हूं फिलहाल तुम बात कर लो चलो भाई

1668
01:58:59,760 --> 01:59:03,760
बात करो जी

1669
01:59:03,760 --> 01:59:07,600
हां जी बताएं बाबू राम जी हम ये पूछना

1670
01:59:07,600 --> 01:59:11,920
चाहते हैं जी जी कि आप

1671
01:59:11,920 --> 01:59:16,160
नाम दीक्षा पहले बताइए कब लिए हैं 24 में

1672
01:59:16,160 --> 01:59:18,880
2014 में

1673
01:59:18,880 --> 01:59:22,960
2014 में लिए हैं 204 में

1674
01:59:22,960 --> 01:59:27,120
अरे 2014 में भैया मैं अच्छी तरह से होशो हवास

1675
01:59:27,120 --> 01:59:31,360
भी बोलता हूं 24 मई 2014 14 और कब

1676
01:59:31,360 --> 01:59:35,360
तक भक्ति किए आप आप ये दुनिया की बातें छोड़िए

1677
01:59:35,360 --> 01:59:39,520
कब तक भक्ति किए आप मेन बात करिए इतना समय यहां नहीं है कोई घर

1678
01:59:39,520 --> 01:59:43,520
में नहीं बैठकर भाई सुनिए मैं मैं जवाब दे देता हूं इस बात

1679
01:59:43,520 --> 01:59:47,520
का ये बताने की जरूरत आपको नहीं है आप जो

1680
01:59:47,520 --> 01:59:51,520
उन्होंने फैक्ट और फिगर बताए हैं ना उनको क्लेम करिए फैक्ट और फिगर

1681
01:59:51,520 --> 01:59:55,520
जैसे कि उन्होंने बताया कि ये ज्ञान गंगा में छपा हुआ है

1682
01:59:55,520 --> 01:59:59,600
आज की ज्ञान गंगा में कि उस महान हिंदू धार्मिक

1683
01:59:59,600 --> 02:00:04,000
नेता को ना पहचान कर उस पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा चलेगा। यह

1684
02:00:04,000 --> 02:00:08,640
रामपाल ने कब बोला? इस पर बात करो।

1685
02:00:08,640 --> 02:00:12,720
संत रामपाल जी महाराज ने सभी पुस्तकों को छापे हैं। कोई दूसरा नहीं छापा है। जो उन्होंने

1686
02:00:12,720 --> 02:00:16,960
लिखा है वो छपाया गया है। ये खुद लिख रहा है। ये खुद लिख रहा है। ये

1687
02:00:16,960 --> 02:00:21,680
खुद लिख रहा है। ये ये पुस्तक गलत बोल रही है क्या?

1688
02:00:21,680 --> 02:00:23,680
उन्होंने

1689
02:00:23,680 --> 02:00:28,160
पहले लिखा क्या है? ये क्या लिखा है मेरे भाई?

1690
02:00:28,160 --> 02:00:33,120
क्या लिखा हुआ है? क्या लिखा है? पढ़ो। अरे

1691
02:00:33,120 --> 02:00:37,200
जगत गुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज सत्संगों का संग्रह अनमोल पुस्तक

1692
02:00:37,200 --> 02:00:41,600
ज्ञान गंगा लिखा हुआ है। हां तो उन्होंने

1693
02:00:41,600 --> 02:00:46,400
अपने ही सत्संगों का संग्रह किया। फिर पुस्तक लिखी क्या?

1694
02:00:46,400 --> 02:00:50,400
तो उन्होंने अपने सत्संगों को एक मिनट। उन्होंने जो सत्संग

1695
02:00:50,400 --> 02:00:54,640
किए उनको खुद देखा मैंने कब क्या-क्या बोला। फिर उनका संग्रह

1696
02:00:54,640 --> 02:00:58,800
किया। फिर पुस्तक छापी क्या? उन्होंने ही पुस्तक छापा। इसके

1697
02:00:58,800 --> 02:01:02,880
बाद पूरे जनता को जनता तक पहुंचने के लिए बोला गया है। फिर

1698
02:01:02,880 --> 02:01:06,960
वही बात मैंने अभी तुमसे पूछा। मैंने अभी तुमसे पूछा कि उन्होंने अपने

1699
02:01:06,960 --> 02:01:12,560
किसी सत्संग में ये कहा था क्या कि मुझ पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा चलेगा?

1700
02:01:12,560 --> 02:01:16,960
वो सब कुछ जानते हैं। आपको बताने की जरूरत नहीं है। सर एक मिनट एक मिनट जब

1701
02:01:16,960 --> 02:01:22,320
कोई बताने की जरूरत ही नहीं है तो आए क्यों? निकल जाओ यहां से। फिर जाओ अपना काम करो।

1702
02:01:22,320 --> 02:01:26,320
जी से बात करना है जी एक मिनट एक मिनट मुझे

1703
02:01:26,320 --> 02:01:30,480
इनसे बात का लेने दीजिए एक मिनट बोलिए आप आपने कब

1704
02:01:30,480 --> 02:01:35,360
नाम दीक्षा ली थी मैं 2019 में लिया हूं

1705
02:01:35,360 --> 02:01:38,720
2019 में लिया है जी आपके उस नाम

1706
02:01:38,720 --> 02:01:43,840
दीक्षा फॉर्म में क्या लिखा है

1707
02:01:43,840 --> 02:01:47,920
अब जो भी लिखा हुआ है मैंने 2019 में नाम दीक्षा लिया उनका दिया हुआ भक्ति

1708
02:01:47,920 --> 02:01:51,920
को कर रहा हूं मतलब तुम पूछोगे उसका जवाब दे

1709
02:01:51,920 --> 02:01:56,400
एक मिनट एक मिनट एक मिनट एक मिनट एक मिनट तुम पूछोगे

1710
02:01:56,400 --> 02:02:00,480
उसका व्यक्ति कंठस्थ जवाब दे हम जो पूछे उसका मैं बताऊंगा नहीं मैं ये

1711
02:02:00,480 --> 02:02:04,880
नहीं करूंगा मैं ये करने आया हूं अभी उन्होंने

1712
02:02:04,880 --> 02:02:09,360
इसमें जीने की राह पर बहुत टिपा टिपणी कर रहे थे अभी करते हैं

1713
02:02:09,360 --> 02:02:13,920
देखो तुम अगर उनसे कुछ पूछ रहे हो वो तुमसे पूछेंगे वो भी बताना पड़ेगा

1714
02:02:13,920 --> 02:02:18,160
वो जीने

1715
02:02:18,160 --> 02:02:22,400
एक मिनट एक मिनट सर आपके नाम दीक्षा फार्म

1716
02:02:22,400 --> 02:02:26,560
में क्या लिखा हुआ है यहां लॉजिकल बात कीजिए यहां हम घर में बैठकर

1717
02:02:26,560 --> 02:02:30,800
के ना वह नहीं अगर यह बात करनी हो तो आप सतलोक आश्रम धनाारा

1718
02:02:30,800 --> 02:02:34,800
में जब बताएं उस दिन मैं आ जाऊंगा आपके वहां महेंद्र जी जो है

1719
02:02:34,800 --> 02:02:39,280
संत रामपाल जी महाराज के भाई है या जितने राम कुमार ढाका राजपूत

1720
02:02:39,280 --> 02:02:43,680
सोनी या पूरे भारत में पूरे वर्ल्ड में जो भी आपके आश्रम चल रहे हो

1721
02:02:43,680 --> 02:02:47,920
वहां के मेन व्यक्ति जैसे आपके विष्णु साहू प्रदेश में है

1722
02:02:47,920 --> 02:02:51,920
उन व्यक्तियों से वीडियो आप डलवा दीजिए। जिस दिन आप बताएं उस दिन मैं

1723
02:02:51,920 --> 02:02:56,000
वहां जाऊंगा और वही हम सब लोग डिबेट करते हैं। यहां सीमित

1724
02:02:56,000 --> 02:03:00,800
समय है। आप ये बताइए आपके नाम दीक्षा फॉर्म में क्या लिखा है?

1725
02:03:00,800 --> 02:03:05,520
आपको नहीं पता। ठीक है। एक मिनट एक

1726
02:03:05,520 --> 02:03:09,520
मिनट एक मिनट। पहले एक मिनट सुन लीजिए। आपके

1727
02:03:09,520 --> 02:03:13,600
नाम दीक्षा फार्म के बारे में तो आपको पता नहीं। जीने की राह तो

1728
02:03:13,600 --> 02:03:17,680
बहुत बड़ी बात है। दूसरी बात है। एक बात सुन लीजिए। आप किसी

1729
02:03:17,680 --> 02:03:21,760
भी डिबेट रख लीजिए। संत रामपाल जी महाराज का एक भी कोई

1730
02:03:21,760 --> 02:03:25,840
शिष्य नहीं है पूरे वर्ल्ड में। अगर कोई एक भी व्यक्ति साबित कर

1731
02:03:25,840 --> 02:03:29,920
दे कि मैं संत रामपाल जी महाराज का शिष्य हूं। मैं उसी से डिबेट करता हूं।

1732
02:03:29,920 --> 02:03:33,280
अनावश्यक आप जैसे लोगों को नहीं कि आप आ जाओ।

1733
02:03:33,280 --> 02:03:37,680
कोई भी अपनी बात कह के चला जाए। और सुनिए अब तुम्हारी बात हम नहीं सुनेंगे।

1734
02:03:37,680 --> 02:03:42,000
तुम्हारे पास कुछ नहीं है। तुम संत रामपाल से हो ही नहीं। अब सुनिए डीबी द्वारा नाम दीक्षा

1735
02:03:42,000 --> 02:03:46,000
देने का अधिकार संत रामपाल जी महाराज दिया या नहीं दिया। हम प्रमाण ले बोलते

1736
02:03:46,000 --> 02:03:50,160
हैं एक मिनट सुनो तुम्हारी सुनने के लिए बैठा हूं ये कबीर

1737
02:03:50,160 --> 02:03:54,320
सागर का सलार्थ है पेज नंबर 78 पढ़ लेना ये

1738
02:03:54,320 --> 02:03:58,480
पेज नंबर 78 है बड़ा करो भैया इनका बड़ा करो बॉक्स

1739
02:03:58,480 --> 02:04:02,640
बड़ा करो एक मिनट सुनिए अभी अरे मैं सुन रहा हूं आप अभी

1740
02:04:02,640 --> 02:04:06,960
आप जीने किरा पर विरोध कर रहे थे जीने बाबू राम को बाबू राम

1741
02:04:06,960 --> 02:04:11,040
बाबू राम को बता रहे हैं से दीक्षा लेना गलत क्यों है वो सुन

1742
02:04:11,040 --> 02:04:15,440
लो

1743
02:04:15,440 --> 02:04:20,080
बाबू राम आप बोलिएगा वो अभी बता रहे हैं वो अभी बता रहे हैं

1744
02:04:20,080 --> 02:04:24,160
बाबूराम अभी बोलने का मौका मिलेगा वो अभी बता रहे हैं तुम्हारी

1745
02:04:24,160 --> 02:04:29,120
जो नाम दीक्षा है डीवीडी से वो ढक्कन है कुछ नहीं है वो

1746
02:04:29,120 --> 02:04:33,760
उसको मैं जानता हूं पेज नंबर है

1747
02:04:33,760 --> 02:04:38,160
पेज नंबर कौन सा है उन्होंने भाई बाबूराम

1748
02:04:38,160 --> 02:04:43,120
चुप हो जाइए अन्यथा म्यूट करना पड़ेगा आपको चुप हो जाइए नंबर 78

1749
02:04:43,120 --> 02:04:47,840
पेज नंबर 78 चुप हो जाओ। पेज नंबर 78

1750
02:04:47,840 --> 02:04:52,240
78 पेज नंबर 78 निकालिए भैया। हां सबसे

1751
02:04:52,240 --> 02:04:58,240
नीचे आइए। 78 ये 71 है।

1752
02:04:58,240 --> 02:05:02,560
हां ये 78 में नीचे आइए। अब विशेष जो है ना विशेष लिखा हुआ

1753
02:05:02,560 --> 02:05:05,440
देखिए इसके बीच में जो है वर्तमान

1754
02:05:05,440 --> 02:05:09,600
में मेरे रामपाल दास द्वारा चलाया गया 13वा पंथ है यह दास

1755
02:05:09,600 --> 02:05:12,480
रामपाल दास अंतिम सतगुरु है

1756
02:05:12,480 --> 02:05:18,080
रामदास प्रकाश पुंज इलेक्ट्रॉनिक बॉडी यानी डीवीडी से दिया जाएगा

1757
02:05:18,080 --> 02:05:22,960
दिया जाएगा अंतिम सतगुरु है इसके बाद कोई गुरु नहीं होगा

1758
02:05:22,960 --> 02:05:27,120
दिया जाएगा अब के बाद नाद तथा बिंद का

1759
02:05:27,120 --> 02:05:31,200
कोई चक्कर नहीं रहेगा पहले भक्ति विधि गलत

1760
02:05:31,200 --> 02:05:35,200
कर देते थे। जिस कारण से बिंद वाले पंथ भक्ति मार्ग को

1761
02:05:35,200 --> 02:05:39,280
नष्ट कर देते थे। भक्ति विधि ठीक रहेगी तो साधकों का

1762
02:05:39,280 --> 02:05:44,720
मोक्ष होगा। अब तो डीबीडी से दीक्षा दिलाई जाएगी।

1763
02:05:44,720 --> 02:05:48,880
यहां दिलाई जा रही है। अब तो डीबीडी दीक्षा दिलाई

1764
02:05:48,880 --> 02:05:54,000
जाएगी। उसे वही दिलाएगा जिसको आदेश दिया जाएगा।

1765
02:05:54,000 --> 02:05:58,320
वह चाहे नाद का हो या बिंद का हो। अब नाद और बि

1766
02:05:58,320 --> 02:06:02,320
का मतलब क्या होता है? ना

1767
02:06:02,320 --> 02:06:05,680
आपको बताने की जरूरत नहीं है उसको

1768
02:06:05,680 --> 02:06:11,280
बाबू एक मिनट चुप हो जाओ बता देने दो बता दे दो

1769
02:06:11,280 --> 02:06:15,520
होता है जब हम माता पिता से के सहयोग से मेरा जन्म होता है

1770
02:06:15,520 --> 02:06:19,760
तो हम बि के होते हैं और जब हम गुरु बना लेते हैं और गुरु

1771
02:06:19,760 --> 02:06:24,000
के पुत्र हो जाते हैं तो वो नाद वचन हो जाता है नाद के पुत्र कहलाते हैं। तो

1772
02:06:24,000 --> 02:06:27,600
इसमें नाद या बिंद किसी को भी नाम दीक्षा

1773
02:06:27,600 --> 02:06:31,840
देने का अधिकार डीबीडी द्वारा जब जाएंगे तब देके जाएंगे तब यह डीबीटी

1774
02:06:31,840 --> 02:06:36,080
चालू होगी और तुम तो 2009 से दे रहे हो 2009 से

1775
02:06:36,080 --> 02:06:42,080
अब अपनी बात रखिए जीने की राह पुस्तक में क्या बताना चाहते हो

1776
02:06:43,680 --> 02:06:47,760
जीने की राह पुस्तक में क्या तुम बताना चाह रहे हो बताओ स्टार्टिंग

1777
02:06:47,760 --> 02:06:52,640
पेज पर स्टार्टिंग पेज पर आपने बोल रहे थे स्टार्टिंग पेज से चलिए

1778
02:06:52,640 --> 02:06:56,640
जहां पर स्टार्टिंग िंग पेज स्टार्टिंग पेज पर जहां से आपने बोला था वही

1779
02:06:56,640 --> 02:07:00,720
से दिखाइए क्या स्टार्टिंग पेज है तो हम तो

1780
02:07:00,720 --> 02:07:04,800
बोल दिया देख लो ना कौन से स्टार्टिंग

1781
02:07:04,800 --> 02:07:08,800
बताइए क्या गलत है स्टार्टिंग पेज पर यहां पर अपने स्टार्टिंग से ही बताया था

1782
02:07:08,800 --> 02:07:12,720
यहां क्या गलत है क्या

1783
02:07:12,720 --> 02:07:16,960
अब तुमको उतना होश नहीं तो क्या बताएं अरे भाई भाई तुम अपना क्लेम

1784
02:07:16,960 --> 02:07:21,120
करो अपना यहां पर सनी्नी देओल मत बनो गदर हमने भी देखी

1785
02:07:21,120 --> 02:07:25,600
है ठीक है और तुम नहीं उखाड़ उखाड़ देंगे अंडर हैंड पंपा

1786
02:07:25,600 --> 02:07:29,600
यहां गदर मत गदर मत मचाओ अपना क्लेम करो जो क्लेम करना

1787
02:07:29,600 --> 02:07:33,600
है इन्होंने बोला था तुम अकेले नहीं हो

1788
02:07:33,600 --> 02:07:37,920
घाटा बोला था

1789
02:07:37,920 --> 02:07:42,160
हिसारहाना रोड बरवाला यहां पर कुछ और बोल रहे थे

1790
02:07:42,160 --> 02:07:46,320
क्या दिखाइए क्या क्या गलत लिखे हैं दिखाइए य से स्टार्टिंग

1791
02:07:46,320 --> 02:07:50,640
से रोड बरवाला भाई तुम पहले जाओ रो लो बाबू

1792
02:07:50,640 --> 02:07:54,720
बाबू तुम पहले रो आओ जब रो लो अच्छे से थोड़ा काम डाउन

1793
02:07:54,720 --> 02:07:58,880
हो जाना फिर आना तुम रो के आओ जाओ एक मिनट सर एक मिनट सर एक मिनट

1794
02:07:58,880 --> 02:08:02,880
बस एक मिनट ये जीने की रा पुस्तक है जीने की

1795
02:08:02,880 --> 02:08:07,440
रा पुस्तक में इसमें लिखा है प्रचार प्रसार समित प्रकाशक

1796
02:08:07,440 --> 02:08:11,840
प्रचार प्रसार समित ये लिखा प्रचार प्रकाशक प्रचार प्रसार

1797
02:08:11,840 --> 02:08:14,000
समित

1798
02:08:14,000 --> 02:08:18,480
सर्व तथा सर्व संगत सतलोक आश्रम हिसार

1799
02:08:18,480 --> 02:08:22,560
टोहाना रोड बरवाला जिला हिसार प्रांत हरियाणा ये क्या इसमें

1800
02:08:22,560 --> 02:08:26,640
ट्रस्ट का नाम क्यों नहीं है? ये प्रचार प्रसार समिति क्या है? और

1801
02:08:26,640 --> 02:08:28,000
एक चीज और आपने बोली

1802
02:08:28,000 --> 02:08:32,720
थी आपने जयपुर का एड्रेस मुझे याद आया। आपने जयपुर का एड्रेस पढ़ा था।

1803
02:08:32,720 --> 02:08:37,920
ये जयपुर का एड्रेस क्यों पढ़ा? कहां जयपुर का एड्रेस है?

1804
02:08:37,920 --> 02:08:42,800
ये किस किस ट्रस्ट से आप हो? आपका ट्रस्ट कौन सा है?

1805
02:08:42,800 --> 02:08:46,960
अरे जयपुर का एड्रेस कहां है? दिखाओ तो स्क्रीन स्क्रीन बड़ा करो। जयपुर का एड्रेस

1806
02:08:46,960 --> 02:08:50,960
कहां लिखा है इसमें? अरे मेरे भाइयों सुनो एक मिनट एक मिनट

1807
02:08:50,960 --> 02:08:55,120
दोनों लोग शांत हो जाइए दोनों लोग शांत हो जाइए क्या हमने ये

1808
02:08:55,120 --> 02:08:59,280
कहा है कि सिर्फ वही जीने की राह राह एक पुस्तक है मैंने

1809
02:08:59,280 --> 02:09:03,520
ये बताया नहीं कि यहां मेरे हमारे पास जो जीने की राह पुस्तक है उसमें दूसरा

1810
02:09:03,520 --> 02:09:07,600
एड्रेस पड़ा है इन बुक्स में एड्रेस सही नहीं लिखा है

1811
02:09:07,600 --> 02:09:11,920
और किसी में जयपुर भी लिखा है

1812
02:09:11,920 --> 02:09:15,920
तुम उस बात को क्लेम क्यों कर रहे हो अभी सुनो जब उन्होंने जयपुर

1813
02:09:15,920 --> 02:09:19,920
का एड्रेस दिखाया तो हमने दिखाया था ना कि जीने की राह में नई

1814
02:09:19,920 --> 02:09:24,000
दिल्ली भी पड़ा है एड्रेस उसको तो हम भी कह रहे हैं ये

1815
02:09:24,000 --> 02:09:28,080
दो पुस्तक हैं और सामने का प्रमाण कहते हुए

1816
02:09:28,080 --> 02:09:32,480
मानते रहे सामने का प्रमाण बताओ ऐसे

1817
02:09:32,480 --> 02:09:36,480
बात नहीं होती है ना अच्छा मैं तुमसे कहूं कि तुम्हारे पास जो किताब

1818
02:09:36,480 --> 02:09:40,480
है उसी को वो किताब माना जाए जो सतलोक आश्रम से छप रही

1819
02:09:40,480 --> 02:09:43,200
है। इनके पास जो किताब है उसको ना माना

1820
02:09:43,200 --> 02:09:47,280
जाए। ये कैसे तय होगा? बताओ। की

1821
02:09:47,280 --> 02:09:51,680
अभी अभी मैंने एक सवाल देखो बाबू मैंने एक सवाल किया

1822
02:09:51,680 --> 02:09:55,760
उनके पास जो किताब है उसको ना माना जाए और तुम्हारे पास

1823
02:09:55,760 --> 02:10:01,520
जो किताब है उसको प्रमाणिक माना जाए इसका आधार क्या है बताओ

1824
02:10:01,520 --> 02:10:05,520
भाई इन्होंने बोल दिया लेकिन हम ये तो भक्ति को छोड़ दिए हमें संत रामपाल जी महाराज का भक्ति कर

1825
02:10:05,520 --> 02:10:09,520
रहा हूं ये तुम मत करो ये तुम तय मत

1826
02:10:09,520 --> 02:10:13,840
करो मैंने तुमसे पूछा कि तुम्हारे पास जो किताब है

1827
02:10:13,840 --> 02:10:18,240
जीने की राह वो वास्तविक है और इन्होंने अपने मन से छपवाई

1828
02:10:18,240 --> 02:10:22,320
है। यह किस आधार पर तय किया जाएगा? उस

1829
02:10:22,320 --> 02:10:26,480
आधार पे तय किया गया जो उनका जो भगत है जो भक्ति कर रहा है अभी लाइन से चलते जा

1830
02:10:26,480 --> 02:10:30,560
रहा है। तो वो कर तो पीछे एक मिनट। भक्ति

1831
02:10:30,560 --> 02:10:34,800
को भक्ति कोई कर रहा है कि नहीं कर रहा है? ये कैसे तय होगा?

1832
02:10:34,800 --> 02:10:38,800
वो वहां तक जो भक्ति कर रहा है वहां तक लिंक है उसका। कैसे

1833
02:10:38,800 --> 02:10:42,800
लिंक है? वो मुझे वो मुझे सिद्धांत बताओ कि

1834
02:10:42,800 --> 02:10:48,480
किसको भक्त माना जाएगा किसको भक्त नहीं माना जाएगा बताओ सिद्धांत

1835
02:10:48,480 --> 02:10:52,640
जो संत रामपाल जी महाराज से भक्ति कर रहा है वही तो भक्त है जो भक्ति नहीं कर रहा वो कहेगा

1836
02:10:52,640 --> 02:10:56,800
तो वो कर तो रहे हैं तुम्हारे एक

1837
02:10:56,800 --> 02:10:58,320
मिनट एक मिनट

1838
02:10:58,320 --> 02:11:02,400
तुम्हारे पीछे कितना बड़ा फोटो लगा है रामपाल जी का बताओ

1839
02:11:02,400 --> 02:11:06,720
तो इन्होंने तो बोल दिया कि जब वो बाहर आएंगे फिर वो नाम दीक्षा लेंगे पूछ रहा हूं तुम्हारे

1840
02:11:06,720 --> 02:11:10,720
पीछे कितना बड़ा फोटो लगा हुआ है रामपाल का क्या

1841
02:11:10,720 --> 02:11:14,720
मैं झूठ बोल रहा हूं इनका फोटो लगा के तो ये झूठ बोल रहे हैं क्या रामपाल जी

1842
02:11:14,720 --> 02:11:19,680
का फोटो लगा के वो तो बोल रहे है आप

1843
02:11:19,680 --> 02:11:23,760
सिद्धांत बताइए आप सुनो ये सिद्धांत बता दो कि

1844
02:11:23,760 --> 02:11:27,840
ये संशय की स्थिति में कि वो जो डीवीडी वाली नाम

1845
02:11:27,840 --> 02:11:31,840
दी इच्छा है वो सही है कि नहीं है संशय की स्थिति में अपने गुरु

1846
02:11:31,840 --> 02:11:35,840
एक मिनट संशय की स्थिति में ये अपने

1847
02:11:35,840 --> 02:11:40,000
गुरु का नाम जप रहे हैं डीवीडी से जो मन नाम मिला वो नहीं जप रहे।

1848
02:11:40,000 --> 02:11:44,000
यह सिद्धांत बता दो कि इस आधार पर इस आधार पर यह

1849
02:11:44,000 --> 02:11:48,000
माना जाएगा कि भगत नहीं है और इस आधार पर माना जाएगा कि इनके पास

1850
02:11:48,000 --> 02:11:52,080
जो किताबें हैं वो वो किताबें नहीं है जो रामपाल जी के द्वारा छापी

1851
02:11:52,080 --> 02:11:58,080
गई है और तुम्हारे पास जो किताबें वो सही है।

1852
02:11:59,760 --> 02:12:04,240
क्या है अभी देखो तुम बात बदल रहे हो।

1853
02:12:04,240 --> 02:12:08,480
अभी बात यह चल रही है कि उनके पास की किताब को प्रमाणिक क्यों ना माना

1854
02:12:08,480 --> 02:12:12,880
जाए। तुम्हारे पास की किताब को प्रमाणिक क्यों माना जाए? इसका जवाब देना है तुमको।

1855
02:12:12,880 --> 02:12:16,960
तुमने क्योंकि चैलेंज किया क्योंकि तुमने चैलेंज किया है कि

1856
02:12:16,960 --> 02:12:21,040
वो जो जयपुर का एड्रेस दिखा रहे हैं वो वाली किताब नकली छापी है। अरे भाई

1857
02:12:21,040 --> 02:12:26,000
किसी को नकली छापना होगा वो जयपुर का एड्रेस नकली नहीं करेगा। अंदर

1858
02:12:26,000 --> 02:12:30,960
अंदर जो जो सामग्री है ना उपदेश उनको बदलेगा।

1859
02:12:30,960 --> 02:12:34,960
जिसको नकली छापनी होगी, जिसको नकली छापनी होगी,

1860
02:12:34,960 --> 02:12:39,600
वह नई दिल्ली को जयपुर नहीं बनाएगा। अंदर धांधलेबाजी करेगा अंदर।

1861
02:12:39,600 --> 02:12:44,480
समझ में आया? सामग्री सामग्री सामग्री में कहां गलती?

1862
02:12:44,480 --> 02:12:48,560
अब आप एक मिनट एक मिनट एक मिनट। अब आप ये

1863
02:12:48,560 --> 02:12:53,760
बता दीजिए क्या नई दिल्ली बवाना में ये है?

1864
02:12:53,760 --> 02:12:57,920
कबीर प्रिंटर्स

1865
02:12:57,920 --> 02:13:03,680
आप टेढ़े दिख रहे हैं। अपने मोबाइल का वो स्क्रीन रोटेशन वाला अलऊ करिए।

1866
02:13:03,680 --> 02:13:09,680
मोबाइल की सेटिंग्स ऑन करके स्क्रीन रोटेशन अलऊ करिए।

1867
02:13:14,720 --> 02:13:17,840
बाबू राम

1868
02:13:17,840 --> 02:13:21,840
अरे सर ये ये केवल कबीर प्रिंटर पढ़

1869
02:13:21,840 --> 02:13:25,840
रहे हैं। इनसे पूछो नीचे मोबाइल नंबर है कुछ नहीं

1870
02:13:25,840 --> 02:13:29,920
ये 2019 के इनको क्या मालूम इनका कोई मुखिया आने वाला

1871
02:13:29,920 --> 02:13:34,480
नहीं है। एक मिनट एक मिनट

1872
02:13:34,480 --> 02:13:37,600
बाबूराम

1873
02:13:37,600 --> 02:13:43,280
बाबूराम कहां गए? जिन्हें जल्दी थी वो चले गए क्या?

1874
02:13:43,280 --> 02:13:47,600
चलिए तब तक अब बाबूराम जब तक स्टॉप हो गए हैं तब तक बाकी

1875
02:13:47,600 --> 02:13:53,600
लोगों को ले लेते हैं। जी

1876
02:13:54,960 --> 02:14:00,960
बाबूराम आज रोते हुए आए हैं कि ये क्या हो गया मेरे साथ?

1877
02:14:03,760 --> 02:14:07,840
कोई कोई नहीं आएगा। आपसे डिबेट के लिए आपने कहा था कोई

1878
02:14:07,840 --> 02:14:11,920
नहीं आया डिबेट के लिए सुभाष भैया हर हर महादेव जय श्री राम हर हर

1879
02:14:11,920 --> 02:14:16,960
महादेव हर महादेव राम

1880
02:14:16,960 --> 02:14:22,960
बाकी लोग भी अपना चेहरा दिखाएं

1881
02:14:25,520 --> 02:14:29,920
सबसे पहले तो मैं इनको सभी भाइयों को नमस्ते नमस्कार

1882
02:14:29,920 --> 02:14:34,000
प्रणाम जय श्री राम राम हर हर महादेव आप

1883
02:14:34,000 --> 02:14:38,160
थोड़ी देर थोड़ी देर और रुक जाइए आइए थोड़ी देर और रुकिए अगर बाबू वापस

1884
02:14:38,160 --> 02:14:42,960
आता है तो हम लोग वो चर्चा कंटिन्यू कर लेंगे। है ना? जी

1885
02:14:42,960 --> 02:14:47,840
इनमें से कोई इस समय कोई स्क्रीन पर कोई रामपाल

1886
02:14:47,840 --> 02:14:52,400
जो वर्तमान में जो रामपाल का तंत्र है उससे जुड़ा हुआ व्यक्ति तो नहीं है

1887
02:14:52,400 --> 02:14:56,720
इस समय स्क्रीन पर जी जी जी ठीक है बढ़िया है तो सबसे

1888
02:14:56,720 --> 02:15:00,960
पहले हम लोग अंश शर्मा जी आप बोले तो

1889
02:15:00,960 --> 02:15:05,120
ये जो हमारे साथ जो बुजुर्ग है इनका कोई नाम इनको कैसे

1890
02:15:05,120 --> 02:15:09,360
बुलाए उच्चारण करें इनका कोई नाम नहीं आ रहा इधर इनको

1891
02:15:09,360 --> 02:15:13,680
ये इनको आप कहिए भगत जी रामचंद्र जी के वो दास

1892
02:15:13,680 --> 02:15:17,840
दास जी दास जी नहीं नहीं रामचंद्र जी दास नहीं है सर

1893
02:15:17,840 --> 02:15:21,920
मुझे रामचंद्र जी कहिए दास नहीं है यादव जी

1894
02:15:21,920 --> 02:15:25,600
कहिए यादव जी

1895
02:15:25,600 --> 02:15:29,600
आप वैसे जो भी आप रिस्पेक्टेड वर्ड यूज़ करना चाहे वो अलग बात है लेकिन

1896
02:15:29,600 --> 02:15:34,000
दास मत लगाइए दास बहुत बड़ी बात होती है अभी दास नहीं है

1897
02:15:34,000 --> 02:15:38,080
तो हम रामचंद्र जी जो हमारे एक प्रकार से हमारे दादा जी की उम्र के

1898
02:15:38,080 --> 02:15:42,080
हैं तो हम इनको को कहना चाहेंगे ये एक प्रकार से यही कर रहे हैं

1899
02:15:42,080 --> 02:15:46,800
गुरु भक्ति कि जो गलत ज्ञान था वो उन्होंने सामने रखा

1900
02:15:46,800 --> 02:15:50,960
गलत जो चीजें थी वो उन्होंने रखी कि इनके गुरु को गुरु

1901
02:15:50,960 --> 02:15:55,040
जी जब इनके सामने इनको निर्देशन करने के लिए नहीं है तो उनके

1902
02:15:55,040 --> 02:15:59,200
पीठ पीछे जो कार्य किया जा रहा है उनके नाम पर जो धांधलीबाजी की

1903
02:15:59,200 --> 02:16:03,280
जा रही है और किस प्रकार की शब्दावली का इस्तेमाल किया जा रहा है उसका इन्होंने

1904
02:16:03,280 --> 02:16:07,600
सबको सामने आज वो रखा और सतलोक आश्रम

1905
02:16:07,600 --> 02:16:11,840
जो इनका आश्रम है उसके के कई YouTube चैनल जिसमें वहीं के

1906
02:16:11,840 --> 02:16:16,000
लोगों को रखा जा रहा है। एक तरफ बताया जा रहा है ये हिंदू हैं और ये सतलोक

1907
02:16:16,000 --> 02:16:20,560
आश्रम के है वो एक तरीके से दोनों सतलोक आश्रम के ही पर अंत में कंक्लूजन

1908
02:16:20,560 --> 02:16:24,720
क्या आ रहा है कि वो लोग भी सतलोक आश्रम को अपना रहे हैं और वो भी बेतुक बयान

1909
02:16:24,720 --> 02:16:28,480
को लेकर

1910
02:16:28,480 --> 02:16:33,040
और आज इन्होंने जो बात की है वो बहुत अच्छी बात लगी

1911
02:16:33,040 --> 02:16:37,120
और ऐसे जो बाबूराम जी जो अभी गए

1912
02:16:37,120 --> 02:16:41,440
और एक और हैं जो अमित दास इनका आज इनका भी हमें सच्चाई

1913
02:16:41,440 --> 02:16:45,760
पता चली कि ये एक प्रकार से अंधभक्ति ही कर रहे हैं। और जो दीक्षा

1914
02:16:45,760 --> 02:16:49,920
का प्रोसीजर है जो एक पवित्र जिसको हम मानते हैं कि गुप्त

1915
02:16:49,920 --> 02:16:54,240
होती है जो मंत्र दीक्षा वो डीवीडी में दी जा रही है। उसकी पूरी मर्यादा

1916
02:16:54,240 --> 02:16:59,760
को भंग कर दिया गया है एक प्रकार से।

1917
02:16:59,760 --> 02:17:05,200
जी पंडित जी बोले जय श्री राम सभी को जय श्री राम।

1918
02:17:05,200 --> 02:17:09,280
जय श्री राम। श्री राम भगत जी आज आपने बहुत सही मतलब

1919
02:17:09,280 --> 02:17:13,520
के पूर्ण रूप से तर्क रखिए और आप देखिए इन्होंने किताबों में कितनी

1920
02:17:13,520 --> 02:17:17,680
मतलब नीचता की है। आज आप दिखा रहे हैं कितना सनातन

1921
02:17:17,680 --> 02:17:21,680
का अपमान कर रहे हैं। इसी प्रकार वैमस्य आता है। हम तो कह रहे हैं

1922
02:17:21,680 --> 02:17:25,680
आप पूर्ण रूप से रामपाल जी को मानिए। हमारा कोई विरोध नहीं है। आप कबीर

1923
02:17:25,680 --> 02:17:29,840
को भगवान मानिए हमारा कोई विरोध नहीं है। हमारा कोई लेना पर आप

1924
02:17:29,840 --> 02:17:33,920
ये किताबों में भगवान के विषय में किसी देवी देवता के विषय में

1925
02:17:33,920 --> 02:17:37,920
अपशब्द मत लिखिए। हमारा आपका कोई लेना मैं तो मैं

1926
02:17:37,920 --> 02:17:41,920
तो कह रहा हूं पूरा अपना भगवान का तंत्र आप खड़ा कर लो वेदों से

1927
02:17:41,920 --> 02:17:43,520
दूर हो जाओ पुराणों से दूर हो

1928
02:17:43,520 --> 02:17:47,600
जाओ परंतु एक बात है कि अब इनकी किताब

1929
02:17:47,600 --> 02:17:51,760
इनकी पता इनको हम पता करेंगे और देखेंगे क्या इन पर केस हो

1930
02:17:51,760 --> 02:17:55,760
सकता है मेरा कोई अब एक वकील है सुप्रीम कोर्ट का मैं तो वहां तक

1931
02:17:55,760 --> 02:18:00,000
जाऊंगा इनको भी अब ये सुन रहे होंगे मेरी बात तो वो भी समझ ले आप

1932
02:18:00,000 --> 02:18:04,480
आप संपर्क करिएगा इस इस पर जो है संगठनात्मक कारवाई करने की आवश्यकता

1933
02:18:04,480 --> 02:18:08,480
है ये ऐसे और इतने इतनी नीचता पूर्ण

1934
02:18:08,480 --> 02:18:12,720
बातें लिखी है कौन सहन कर पाए किसी के मां पिताजी के बारे में यदि

1935
02:18:12,720 --> 02:18:16,880
ऐसा कह दिया जाए कितनी गलत बात है हम तो कह रहे आप मानिए आप

1936
02:18:16,880 --> 02:18:20,960
क्यों हमारे विचार कोई भी पंथ ले चल रहा

1937
02:18:20,960 --> 02:18:25,120
हो सनातन के विषय में कुछ है ही नहीं हमें क्या लेना देना और आपकी इतनी

1938
02:18:25,120 --> 02:18:29,120
नीचता पूर्ण बातें इन किताबों को हम संभाल के रखेंगे और ये हम आगे पेश

1939
02:18:29,120 --> 02:18:33,200
करेंगे ये कहां से छपरी है कौन इनका कार्यकर्ता है और

1940
02:18:33,200 --> 02:18:37,280
इतनी मतलब घटिया बातें भगवान के विषय में मुझे आज बहुत दुख

1941
02:18:37,280 --> 02:18:41,760
हो रहा है। मतलब इतना दुख है मैं आपसे कह भी नहीं सकता हूं। अब बताओ ऐसी बातें

1942
02:18:41,760 --> 02:18:45,840
और फिर ये सफाई देने आ जाती है। बाबू राम ये क्या समझेंगे जिनको दिमाग

1943
02:18:45,840 --> 02:18:49,920
है ही नहीं जो एक बात की रट लगा के आते हैं जिनको अपने रट

1944
02:18:49,920 --> 02:18:53,920
लगाने के सिवाय और कुछ है नहीं। उनको जितना पढ़ाया गया जितना डीवीडी में

1945
02:18:53,920 --> 02:18:57,920
दिखाया गया जितना वो बाहर का तंत्र है उनका पर खैर इनका भी

1946
02:18:57,920 --> 02:18:58,800
इनकी भी कोई गलती

1947
02:18:58,800 --> 02:19:03,120
नहीं है इनको इतना ही समझाया गया है और पागल हो चुके हैं पागल दिमाग

1948
02:19:03,120 --> 02:19:07,840
में ड्रिल मशीन डाल के जो बुद्धि का है

1949
02:19:07,840 --> 02:19:11,840
आपका हम बहुत-बहुत धन्यवाद देते हैं आप आज आपने इनकी सच्चाई को

1950
02:19:11,840 --> 02:19:15,920
सबके सामने रखा है और एक सतीश नाम ठाकुर का वो बड़ा विरोध कर रहा

1951
02:19:15,920 --> 02:19:20,080
है मुझे तो लगता है इसका भी हाथ हो सकता है इसके कमेंट जरा पढ़िए इसके कमेंट भी

1952
02:19:20,080 --> 02:19:24,400
जरा छांटिए यह बड़ा विरोध कर रहा था आपका। मुझे लगता है कि यह

1953
02:19:24,400 --> 02:19:28,720
लोग भी इसमें शामिल ना हो। जो जो विरोध ऐसा है देखिए

1954
02:19:28,720 --> 02:19:32,720
वो बात होती है कि इनके दिमाग

1955
02:19:32,720 --> 02:19:36,800
में ड्रिल मशीन डाल के होती है और कड़वाई जो

1956
02:19:36,800 --> 02:19:40,880
है वो होती तो कड़वाई सूरज जी सूरज जी

1957
02:19:40,880 --> 02:19:44,880
एक मिनट इनके दिमाग में ड्रिल मशीन डाल के जो बुद्धि नाम

1958
02:19:44,880 --> 02:19:48,880
का जो चिकनाहट होती है ना बुद्धि नाम की वो निकाल ली

1959
02:19:48,880 --> 02:19:51,440
गई है सारी

1960
02:19:51,440 --> 02:19:55,600
अब ये लोग वो बस चुंबीस जैसे बचे हैं बस

1961
02:19:55,600 --> 02:20:00,480
ऐसे हो चुके हैं। खाते हैं रोटी का रोटी अन्न तो खाते ही होंगे।

1962
02:20:00,480 --> 02:20:04,560
अन्न का तो सेवन करते हैं कि क्या लिख रहे हैं हम किताबों में कैसी बेहदा

1963
02:20:04,560 --> 02:20:09,200
बातें लिखी हुई है। चलिए हम अब सुन लेते हैं

1964
02:20:09,200 --> 02:20:14,000
पारस अवधिया जी को। जी पारस जी जय सियाराम भैया जी सादर प्रणाम।

1965
02:20:14,000 --> 02:20:18,160
जय श्री राम। जय सियाराम पारस जी। जय सियाराम। ये

1966
02:20:18,160 --> 02:20:22,400
जो आदरणीय जो दादा जी आए हैं तो

1967
02:20:22,400 --> 02:20:26,640
आपने जो ये क्या है हमारी दृष्टि में तो

1968
02:20:26,640 --> 02:20:30,720
ये रामपाल के समर्थक थे ऐसा हम समझ रहे

1969
02:20:30,720 --> 02:20:35,600
हैं। लेकिन मेरा मानना ये है कि क्या ये या फिर

1970
02:20:35,600 --> 02:20:39,840
जो अभी जो दो-तीन दिनों से जो पिछली लाइव में भी

1971
02:20:39,840 --> 02:20:44,240
खोड़ दूषण के रूप में आए थे अमित दास और वो बाबूराम

1972
02:20:44,240 --> 02:20:48,240
वो और चाहे वो रामपाल जी और उनके जितना

1973
02:20:48,240 --> 02:20:52,240
तंत्र है ये सारे का सारा तंत्र जितना भी है ये

1974
02:20:52,240 --> 02:20:56,240
कपोल कल्पित और ये मन मन से

1975
02:20:56,240 --> 02:21:00,320
बनाया हुआ पंथ ही है और ये मेरा मानना यह

1976
02:21:00,320 --> 02:21:04,480
है कि ये खुद कबीर के ही विरोधी हैं ये लोग क्योंकि कबीर

1977
02:21:04,480 --> 02:21:08,480
दास जी ने कहा था कि पोथी पढ़ पढ़ जग पंडित भय ना कोई और ये नकली

1978
02:21:08,480 --> 02:21:12,480
पोथी लिख लिख के बैठे हैं और ढाई अखर प्रेम का

1979
02:21:12,480 --> 02:21:16,560
इनको आता ही नहीं है तो ये काहे के कबीर को कह रहा हूं कबीर

1980
02:21:16,560 --> 02:21:21,200
तो दूर की बात है। ये लोग तो रामपाल के भी विरोधी हैं।

1981
02:21:21,200 --> 02:21:25,280
जी भैया जी ये रामपाल के विरोधी इनको

1982
02:21:25,280 --> 02:21:29,680
मतलब नहीं है कि मेरा मेरा जो रामपाल है जिसको मैं गुरु मानता हूं

1983
02:21:29,680 --> 02:21:33,840
उस पर क्या बीत रही है। इनको इस बात से मतलब है कि मैंने जिसको

1984
02:21:33,840 --> 02:21:37,920
मान लिया कि ये चीज ये शब्द सही है तो इसी शब्द

1985
02:21:37,920 --> 02:21:43,920
के लिए मैं लडूंगा बस।

1986
02:21:44,560 --> 02:21:49,040
सही बात है। जी पारस जी आप अपनी बात पूरी करें।

1987
02:21:49,040 --> 02:21:53,440
और मैं यह बोल रहा था भैया जैसे उस दिन एक एक बात ये लोग अड़ रहे थे

1988
02:21:53,440 --> 02:21:57,600
कि ये लोग बोल रहे थे दोनों खरदूषण कि उस दिन की लाइव में मैं अपनी

1989
02:21:57,600 --> 02:22:01,840
बात रखना चाह रहा था लेकिन समय हो गया था। उस दिन ये दोनों लोग बोल रहे थे अमित

1990
02:22:01,840 --> 02:22:06,000
दास और बाबूराम कि आप कौन सा सुमिरन करते हो?

1991
02:22:06,000 --> 02:22:10,080
आप कौन से इस तरीके से मंत्र जाप करते हो

1992
02:22:10,080 --> 02:22:14,160
इत्यादि। तो यह ये लोग कबीर दास जी की उस बात को ये कोट

1993
02:22:14,160 --> 02:22:18,480
करना चाह रहे थे कि कबीर दास जी ने जो बोले थे कि माला फेर जुग गया फिराना

1994
02:22:18,480 --> 02:22:22,720
मन का फेर और कर का मन का डार दे मन का मन का फेर माला तो कर में फिरे

1995
02:22:22,720 --> 02:22:26,720
जी फिरे मुख माई और मनवा सो फिर ये तो सुमिरन नाई उनका भाव कुछ

1996
02:22:26,720 --> 02:22:30,960
और रहा होगा लेकिन इन लोगों ने जो स्वास श्वास को पकड़े हैं भैया मैं यह मानता

1997
02:22:30,960 --> 02:22:35,280
हूं कि हमारे यहां पे जो पद्धति है ये बकायदा पहली

1998
02:22:35,280 --> 02:22:39,360
स्टेप दूसरी स्टेप तीसरी स्टेप है कि पहले आपको बोल के जपना है

1999
02:22:39,360 --> 02:22:43,600
मंत्र फिर उसके बाद में आपको उपांशु जपना है। फिर मानसिक जपना है।

2000
02:22:43,600 --> 02:22:44,880
सब नहीं जानते हैं। ये

2001
02:22:44,880 --> 02:22:49,680
सब नहीं जानते हैं। इसीलिए खंडन करते हैं। और उच्चारण

2002
02:22:49,680 --> 02:22:53,680
जी। तो ये जो मानसिक जप है ये बहुत ऊंची अवस्था है। इन लोग सीधे मैं कह

2003
02:22:53,680 --> 02:22:57,760
रहा हूं कि हम लोगों को हमारे गुरु जी बोलते हैं कि 16 माला आपको नित्य जपना है। हम

2004
02:22:57,760 --> 02:23:01,760
1600 बार लेते हैं। मैं गारंटी दे रहा हूं। ये 50 बार नहीं करते होंगे स्वास में।

2005
02:23:01,760 --> 02:23:04,960
ये कर ही नहीं सकते उतना।

2006
02:23:04,960 --> 02:23:09,200
शकल से लगती है। माला करते होंगे। उनकी शक्ल लगती है।

2007
02:23:09,200 --> 02:23:13,360
और दूसरी बात यह कि हम लोग शास्त्रोक्त मंत्रों को जपते हैं और इन लोग कपोल

2008
02:23:13,360 --> 02:23:17,680
कल्पित मन से निर्मित मंत्रों को जपते हैं। इनमें और हम में बहुत जमीन आसमान

2009
02:23:17,680 --> 02:23:21,760
का अंतर है। ये लोग पूरी तरीके से कलिमल ग्रसे धर्म सब लुप्त भय

2010
02:23:21,760 --> 02:23:25,760
सद ग्रंथ और दंभिन निजमति कल्प कर प्रकट किए बहुपंथ वाली संप्रदाय को

2011
02:23:25,760 --> 02:23:30,240
चलाने वाले लोग हैं। जी अच्छा मैं

2012
02:23:30,240 --> 02:23:33,360
अब

2013
02:23:33,360 --> 02:23:39,360
सुरेंद्र ब्नोई जी बोले जय श्री राम

2014
02:23:42,080 --> 02:23:46,160
महादेव शिवास्त्र भैया जी महादेव महादेव

2015
02:23:46,160 --> 02:23:50,480
महादेव महादेव भैया जी कुछ

2016
02:23:50,480 --> 02:23:54,560
मतलब रामपाल पंथियों के ऐसे वीडियो है जो मतलब आपके वीडियो में से

2017
02:23:54,560 --> 02:23:58,560
आधी आधी बात लेके काट के उसमें कुछ अपनी जोड़ देते हैं। बोला कि हमने

2018
02:23:58,560 --> 02:24:02,720
शिवश भैया का बोलना बंद कर दिया है। ऐसे YouTube पे अभी ट्रेंड

2019
02:24:02,720 --> 02:24:06,800
में चल रहे हैं इनके वीडियो। ऐसी बात

2020
02:24:06,800 --> 02:24:10,240
बोलते

2021
02:24:10,240 --> 02:24:14,240
तो आधी बात आपकी कोई भी काट लेते और सुनते और बात पूरी नहीं करते

2022
02:24:14,240 --> 02:24:18,400
और अपनी बात जोड़ देते बोले हमने उनको हरा दिया भैया। ये तो एक अच्छी बात है कि लोग

2023
02:24:18,400 --> 02:24:22,480
सामने आकर बात करने में डरते हैं और पीछे ही पीछे वीडियो बनाते रहते

2024
02:24:22,480 --> 02:24:27,200
हैं। तो इससे तो हमारा ही वर्चस्व है ना। हम तो छाती

2025
02:24:27,200 --> 02:24:31,360
हम तो छाती खोल के खड़े हैं ना कि भय दिखे समुद्र को प्रलय

2026
02:24:31,360 --> 02:24:35,600
करे वो बाण बन वायु को भी चीर दे विशाल सा विमान

2027
02:24:35,600 --> 02:24:39,600
बन परास्त ना तू हो सके विश्वास चाहिए

2028
02:24:39,600 --> 02:24:43,840
क्या बात है अगर गुरुदेव और संविधान इजाजत दे तो ऐसे लोग मिले तो फाड़

2029
02:24:43,840 --> 02:24:47,440
दे सामने से सीना

2030
02:24:47,440 --> 02:24:51,440
फाड़ दे बिल्कुल नाखूनों से ऐसे मगर संविधान की

2031
02:24:51,440 --> 02:24:55,680
सीमा में है गुरुदेव के द्वारा बताई गई दर्शन विज्ञान और व्यवहार

2032
02:24:55,680 --> 02:25:00,320
की सीमा में तो जो शास्त्रोक्त

2033
02:25:00,320 --> 02:25:04,640
शैली है उसी में ही बात कर रहे हैं। तो ये

2034
02:25:04,640 --> 02:25:08,640
लोग उसमें भी इतना भय खाते हैं कि सामने नहीं आ सकते। ये ये

2035
02:25:08,640 --> 02:25:12,800
लगा के जो बिंदी ठाकुर ये वो सब बनाया करते हैं। ये सांप

2036
02:25:12,800 --> 02:25:16,880
और बिच्छू शेरों का शेरों को कांटा नहीं करते। दूर ही दूर से रेंग कर निकल जाते

2037
02:25:16,880 --> 02:25:19,840
हैं। वो वाली बात है।

2038
02:25:19,840 --> 02:25:23,680
जी भैया। तो खैर

2039
02:25:23,680 --> 02:25:28,080
खैर इनके तो भैया कुछ वो होता है ना मतलब कि

2040
02:25:28,080 --> 02:25:32,080
कोई सार नहीं बचता वो तो कुछ भी अंश जोड़ के अपना मतलब काम चलाने के लिए अपना

2041
02:25:32,080 --> 02:25:36,000
पीठा बांधने के लिए बोलते ही है

2042
02:25:36,000 --> 02:25:40,240
क्या राम से रहा है

2043
02:25:40,240 --> 02:25:45,360
हर हर महादेव जय श्री राम हर हर महादेव सभी लोगों को

2044
02:25:45,360 --> 02:25:49,520
अच्छा लगा महादेव आप सभी लोगों को आज अच्छा

2045
02:25:49,520 --> 02:25:54,480
अच्छा लगा चाचा जी आए कुछ बातें क्लियर हुई

2046
02:25:54,480 --> 02:25:58,560
तो आप आज की जो चर्चा है वो सार्थक रही

2047
02:25:58,560 --> 02:26:02,720
तो बाबूराम जी जो आए थे आज उसे बहुत क्यूट लग रहे थे पर वो

2048
02:26:02,720 --> 02:26:07,200
चले गए हां तो

2049
02:26:07,200 --> 02:26:11,760
वो गुस्से में थे थोड़ा आवेश में थे वो आवेश में अपना आपा खो बैठे थे वो

2050
02:26:11,760 --> 02:26:15,760
कि जो पूछा जा रहा था उसका सीधा साधा जवाब ना देकर उसका उल्टा ही जवाब दे

2051
02:26:15,760 --> 02:26:19,760
रहे थे कि आपको बताना जरूरी नहीं है तो आप यहां आए किस सच्चाई

2052
02:26:19,760 --> 02:26:24,960
इतनी कड़वी होती है। सच्चाई इतनी कड़वी होती है।

2053
02:26:24,960 --> 02:26:28,960
बिल्कुल। सही बात है। अरे इनका जो शुरुआत है वही

2054
02:26:28,960 --> 02:26:33,520
गड़बड़ है। और बने हैं हम 30 मार खान। रामपाल जी के सेवक है।

2055
02:26:33,520 --> 02:26:37,600
अरे रामपाल जी को ही बदनाम कर दिया इन लोगों ने। कबीर दास जी को जो इतने बड़े

2056
02:26:37,600 --> 02:26:39,200
संत उनका भी

2057
02:26:39,200 --> 02:26:43,280
आगे पुराण की पीएचडी बता रहे हैं। स्वास के साथ मंत्र लेना

2058
02:26:43,280 --> 02:26:47,440
है और खुद डीवीडी से दीक्षा लिए बैठे हैं।

2059
02:26:47,440 --> 02:26:51,520
उनका ईगो आज हर्ट हुआ है। बहुत ज्यादा जो उनका रामपाल जी के समुदाय में

2060
02:26:51,520 --> 02:26:55,520
जो वो शिवश भैया को गिराने का जो एक वो बना हुआ था

2061
02:26:55,520 --> 02:26:59,680
ना उनका कैसे सम्मान बना हुआ था उसको आज अच्छे से ठेस उसको आज एक ठेस

2062
02:26:59,680 --> 02:27:05,680
पहुंची है। उसका आज उन्होंने यहां पे अपना ईगो उनका हर्ट हुआ है।

2063
02:27:06,000 --> 02:27:10,000
झूठ नहीं सच्चाई बताई बिल्कुल सबूतों के अनुसार सच्चाई बताए

2064
02:27:10,000 --> 02:27:13,120
है कोई वो नहीं किया

2065
02:27:13,120 --> 02:27:17,360
जब 30 साल के लड़के शिवश जी ने इनको

2066
02:27:17,360 --> 02:27:22,240
चैलेंज दिया कि आइए डिबेट के लिए तैयारी कोई आया नहीं आया

2067
02:27:22,240 --> 02:27:26,320
और ये आपस में अगर डिबेट करके वीडियो बना डाल रहे हैं तो ये उनका

2068
02:27:26,320 --> 02:27:30,400
कायरानापन है उनका ये डर दिखाता है इसमें

2069
02:27:30,400 --> 02:27:34,480
आप कम नहीं हो रहे हो ये सब जान गए यह

2070
02:27:34,480 --> 02:27:39,280
अपने ही घर में डिबेट बनाते हैं। हिंदू मुसलमान कहीं

2071
02:27:39,280 --> 02:27:43,360
क्रिश्चियन कहीं कुछ लेकर के फर्जी वीडियो बनाते हैं। इनकी सामने

2072
02:27:43,360 --> 02:27:47,360
आने की हिम्मत नहीं है। लोगों को अरे मैं तो मैं

2073
02:27:47,360 --> 02:27:51,440
तो ये कह रहा हूं ये लोग जो ये कहते हैं कि हमने

2074
02:27:51,440 --> 02:27:54,400
शंकराचार्यों को बुलाया था। आए नहीं। आज मैं इतने

2075
02:27:54,400 --> 02:27:59,280
दिन से बुला रहा हूं सतलोक आश्रम वालों को। क्यों नहीं आ रहे?

2076
02:27:59,280 --> 02:28:03,440
अगर तुम होते कौन हो? तुम कोई वीआईपी हो क्या? तो ये नहीं सोचा था

2077
02:28:03,440 --> 02:28:08,080
शंकराचार्य के बारे में बोलते समय तुम हो कौन वीआईपी

2078
02:28:08,080 --> 02:28:12,320
नहीं है वो तो सरकार की पदवी से शंकराचार्य है उनको तो वीआईपी

2079
02:28:12,320 --> 02:28:17,200
वो रहता है गवर्नमेंट के असली गवर्नमेंट का सेकंड दर्जे का

2080
02:28:17,200 --> 02:28:21,280
सिक्योरिटी उनहीं की है भारत सरकार की तुम अपना भाड़े के भाड़े के वो गुंडे

2081
02:28:21,280 --> 02:28:25,600
लेकर के फिरते हो राइफल लेकर के फिरते हो ये सब करते हो

2082
02:28:25,600 --> 02:28:29,840
एकलभ आश्रम की बात कर रहा हूं मैं एकलभ्य

2083
02:28:29,840 --> 02:28:34,000
जी को द्रोणाचार्य जी ने बाण विद्या नहीं सिखाई

2084
02:28:34,000 --> 02:28:38,160
थी। लेकिन एकलभ जी अपने

2085
02:28:38,160 --> 02:28:42,800
द्रोणाचार्य जी को गुरु जो बनाया था तो जिस

2086
02:28:42,800 --> 02:28:47,360
जितना उन्होंने श्रद्धा भाव से उनको अपने अंतरात्मा से माना

2087
02:28:47,360 --> 02:28:51,360
उतना देखिए अब वो कहां किस पद भी पहुंचे और आप ये मंत्र

2088
02:28:51,360 --> 02:28:55,920
के जाप से नहीं होगा जब तक गुरु आप पर खुश नहीं होगा। है ना?

2089
02:28:55,920 --> 02:29:00,080
जब तक गुरु दया नहीं करेगा तब तक आप क्या कर सकते हो? बिना मंत्र

2090
02:29:00,080 --> 02:29:04,240
के भी वो गुरु चाहे तो आपको सतगुरु जो चाहे तो कर

2091
02:29:04,240 --> 02:29:08,320
14 कोट दूर सतगुरु जात बिरंग

2092
02:29:08,320 --> 02:29:09,440
है गुरु कर ले आप

2093
02:29:09,440 --> 02:29:13,600
समान

2094
02:29:13,600 --> 02:29:17,920
लेकिन आप अपने गुरु को ही सम्मान नहीं देना चाहते ये

2095
02:29:17,920 --> 02:29:22,000
इनका पूरा ये तंत्र बताएं आपको सर जी कि ये सब

2096
02:29:22,000 --> 02:29:26,240
3030 40 400 महीने 50 50000 महीने की नौकरी

2097
02:29:26,240 --> 02:29:30,240
कर रहे हैं ये जितने भी आ रहे हैं जितने भी जो स्टॉल

2098
02:29:30,240 --> 02:29:34,400
लगा रखे थे वहां लखनऊ में और जो ये नाम दान सेंटर चला रहे इनको सबको

2099
02:29:34,400 --> 02:29:38,960
50 हजार 30 हजार

2100
02:29:38,960 --> 02:29:43,040
जी बाबू कहां गए भाई रोना तुम्हारा पूरा हो

2101
02:29:43,040 --> 02:29:47,040
गया हो तो वापस आ जाओ आंसू पछ पांच के वापस आ

2102
02:29:47,040 --> 02:29:51,600
जाओ शिवशु भाई जी

2103
02:29:51,600 --> 02:29:55,840
जी पहाड़ी जी बोल रहे आप पूरा वो आपने एक धर्म

2104
02:29:55,840 --> 02:30:00,080
की एक वो व्याख्या बताई थी ना विभीषण और

2105
02:30:00,080 --> 02:30:04,800
कुंभकरण के बारे में कि एक रूजी धर्म

2106
02:30:04,800 --> 02:30:08,880
कि वो साथ रावण का भी दे सकते थे विभीषण पर उन्होंने

2107
02:30:08,880 --> 02:30:13,040
सत्य को चुना उन्होंने राम जी का साथ दिया तो आज ओसी चाचा

2108
02:30:13,040 --> 02:30:17,120
जी ने भी बिल्कुल सत्य को जानते हुए साथ सत्य का दिया

2109
02:30:17,120 --> 02:30:21,280
ये नहीं कि ये हमारी तरफ से जैसे कि इसमें मैं याद

2110
02:30:21,280 --> 02:30:25,680
दिला दूं भीष्म पितामह को भी धर्म का बोध था

2111
02:30:25,680 --> 02:30:29,760
मगर जब द्रोपदी का तीर हरण हुआ तो उनका जो व्यक्तिगत धर्म था उसको

2112
02:30:29,760 --> 02:30:33,840
उन्होंने ऊपर कर दिया और जो समष्टि के रूप से जो धर्म था

2113
02:30:33,840 --> 02:30:38,240
उसको उन्होंने नीचे कर दिया। उन्होंने अपनी शपथ का ध्यान रखा कि मैंने शपथ खाई है

2114
02:30:38,240 --> 02:30:42,480
तो मुझे गद्दी का साथ देना है। उन्होंने यह नहीं ध्यान रखा कि एक नारी का चीर हरण

2115
02:30:42,480 --> 02:30:46,800
हो रहा है तो उसको मुझे रोकना चाहिए। तो उनका क्या हुआ

2116
02:30:46,800 --> 02:30:50,800
कि सबसे पहले महाभारत के युद्ध में दंड उसी को मिलता है। विवेकी का

2117
02:30:50,800 --> 02:30:55,040
दायित्व ज्यादा होता है। जिसे धर्म का बोध होता है वो अगर धर्म का पालन

2118
02:30:55,040 --> 02:30:59,120
नहीं करता तो उसी का सबसे पहले उसी को दंड दिया जाता है। मनुस्मृति

2119
02:30:59,120 --> 02:31:03,440
में भी कहा गया है कि ब्राह्मण को सबसे ज्यादा दंड है। वही

2120
02:31:03,440 --> 02:31:07,600
वही पाप करने का जो एक शूद्र को दंड कम है। वैश्य

2121
02:31:07,600 --> 02:31:11,840
को दंड कम है। मगर ब्राह्मण को सबसे ज्यादा दंड है। वही पाप

2122
02:31:11,840 --> 02:31:15,120
करने का क्योंकि

2123
02:31:15,120 --> 02:31:17,520
कामते

2124
02:31:17,520 --> 02:31:19,760
क्योंकि

2125
02:31:19,760 --> 02:31:24,080
क्योंकि ब्राह्मण जो है वो विवेकी माना गया है कि उसको धर्म अधर्म

2126
02:31:24,080 --> 02:31:28,080
का बोध है। तो इसी प्रकार से आप द्रोणाचार्य को

2127
02:31:28,080 --> 02:31:32,080
भी मान सकते हैं कि उन्होंने भी अपने व्यक्तिगत धर्म को आगे किया कि

2128
02:31:32,080 --> 02:31:36,080
हम तो भैया कौरवों के वफादार हैं। वही रहेंगे। उसी उधर से ही

2129
02:31:36,080 --> 02:31:40,080
लड़ेंगे जो भी है। तो क्या हुआ कि वो भी दंड के भागी बने।

2130
02:31:40,080 --> 02:31:40,720
मगर वहीं

2131
02:31:40,720 --> 02:31:44,880
पर प्रह्लाद और विभीषण और श्री राम

2132
02:31:44,880 --> 02:31:49,200
जी का भी एक ऐसा वो आता है जहां पर उन्होंने व्यक्तिगत धर्म को पीछे कर दिया।

2133
02:31:49,200 --> 02:31:53,280
समष्टि के रूप से जो आवश्यक था उसको अपनाया तो वो हमारे आइडल

2134
02:31:53,280 --> 02:31:57,520
बन गए। और वहीं पर देखिए कुंभकरण

2135
02:31:57,520 --> 02:32:01,760
कुंभकरण भी जानता था कि राम जो है स्वयं भगवान है।

2136
02:32:01,760 --> 02:32:05,760
कुंभकरण भी जानता था। मगर उसने भी अपने व्यक्तिगत धर्म

2137
02:32:05,760 --> 02:32:09,920
को आगे कर दिया कि नहीं मैं तो अपने भाई की तरफ से लडूंगा तो

2138
02:32:09,920 --> 02:32:14,320
क्या हुआ जानता था हां तो वो बात है

2139
02:32:14,320 --> 02:32:18,400
तो इन्होंने जो काम किया है इन्होंने समष्टि के रूप से आप आज ये आगे

2140
02:32:18,400 --> 02:32:22,480
आए हैं और व्यक्तिगत चीज को पीछे किया कि नहीं ये जो सतलोक

2141
02:32:22,480 --> 02:32:26,560
आश्रम वगैरह और ये इनका तो व्यक्तिगत धर्म भी नहीं है क्योंकि इनके

2142
02:32:26,560 --> 02:32:30,720
गुरु के नाम पर वो झूठा चल रहा है वो झूठा चल रहा है वो तंत्र इनका

2143
02:32:30,720 --> 02:32:34,880
तो व्यक्तिगत धर्म भी नहीं है वो जी राजा राय जी जय श्री

2144
02:32:34,880 --> 02:32:40,320
राम

2145
02:32:40,320 --> 02:32:44,880
जय श्री राम शिवश भैया कैसे हैं बस जय श्री राम

2146
02:32:44,880 --> 02:32:48,960
बाबू राम जी को रोने के लिए भेज दिया आपने बोल दिया रोज रोज जाओ रोने चले गए

2147
02:32:48,960 --> 02:32:53,760
इतनी अच्छी बात चल रही थी जी उनको

2148
02:32:53,760 --> 02:32:59,440
बुलाइए वापस अब नहीं आएंगे वो मुश्किल है उनका आना

2149
02:32:59,440 --> 02:33:03,680
शिवा एक दिन बादहित करके आएंगे वो हमने

2150
02:33:03,680 --> 02:33:08,000
तो

2151
02:33:08,000 --> 02:33:12,320
एक एक करके बोले जी रामचंद्र दास जी बोले बोलिए

2152
02:33:12,320 --> 02:33:16,480
हम तो शिवश जी से परसाल भी संपर्क किया था जब इनका

2153
02:33:16,480 --> 02:33:20,800
हमने वीडियो देखा था लखनऊ महोत्सव वाला है ना

2154
02:33:20,800 --> 02:33:24,880
तो हमने शिवश भैया से संपर्क किया था इनको पता है इनका

2155
02:33:24,880 --> 02:33:29,280
नंबर हमें निकाल करके इनसे हमने बात भी किया था और

2156
02:33:29,280 --> 02:33:33,520
उस समय भी हमने काफी एविडेंस भेजे थे इनके पास बस

2157
02:33:33,520 --> 02:33:37,680
काफी फाइलें भेजी थी। बहुत कुछ भेजा था। तो उस समय शुरुआत थी।

2158
02:33:37,680 --> 02:33:41,840
है ना? और जब इस बार वीडियो देखा तो फिर हमने इनसे संपर्क किया। आप पूछ

2159
02:33:41,840 --> 02:33:45,920
सकते हैं सीमा जी सामने हैं। है ना? हां।

2160
02:33:45,920 --> 02:33:49,920
इनसे हमने ये लोग अपने गुरु की ये

2161
02:33:49,920 --> 02:33:54,320
लोग अपने गुरु की लड़ाई को बहुत दिन से लड़ रहे हैं क्योंकि इन्होंने पिछले साल भी मुझसे संपर्क

2162
02:33:54,320 --> 02:33:56,160
किया था।

2163
02:33:56,160 --> 02:34:00,160
भाई देखिए उनका वो जो दर्शन है वो जो ज्ञान है कहां तक सही है कहां तक

2164
02:34:00,160 --> 02:34:04,240
गलत है वो एक अलग बात है मगर आज बात हो रही है कि जिसके नाम पर

2165
02:34:04,240 --> 02:34:08,240
ये सब चल रहा है वो जो चलाने वाले और जो जिसके नाम पर चल

2166
02:34:08,240 --> 02:34:13,920
रहा है वो दोनों का आपस में कितना बड़ा वो है दुराव

2167
02:34:13,920 --> 02:34:18,320
बिल्कुल बिल्कुल कितनी सच्चाई हम भारत

2168
02:34:18,320 --> 02:34:22,400
पाकिस्तान अमेरिका इटली ऑस्ट्रेलिया दुबई इंग्लैंड

2169
02:34:22,400 --> 02:34:26,880
बेल्जियम कनाडा कतर दोहा बांग्लादेश

2170
02:34:26,880 --> 02:34:31,120
जहांजहां इनके नाम द सेंटर खुले हुए सब मुझे जानते हैं। सबके नंबर

2171
02:34:31,120 --> 02:34:35,280
सर्च करके सबसे बात करता हूं। पता नहीं कितने बोल रहे

2172
02:34:35,280 --> 02:34:39,520
थे ना अभी बोल रहे थे आपको ये गुरुद्रोही है। भाई जो भी जो भी कोई बोलने

2173
02:34:39,520 --> 02:34:44,000
आए अगर वो रामपाल की तरफ से निकला है क्रांतिकारी तो उसको गुरुद्रोही

2174
02:34:44,000 --> 02:34:48,160
घोषित कर दो। और अगर वो अगर हम से

2175
02:34:48,160 --> 02:34:52,960
जो बाहर से एक क्रांतिकारी आया है तो वो काल का दूत है।

2176
02:34:52,960 --> 02:34:57,440
हां सुप्रीम कोर्ट के वकीलों से बात किए हरियाणा

2177
02:34:57,440 --> 02:35:01,440
के कई मंत्रियों से बात किया और हमारी बहुत तीखी बहस हुई

2178
02:35:01,440 --> 02:35:05,840
सब लोगों से कई कई डीजीपी पंजाब के डीजीपी

2179
02:35:05,840 --> 02:35:08,400
से बात किया

2180
02:35:08,400 --> 02:35:12,720
जय श्री राम जी जी

2181
02:35:12,720 --> 02:35:16,720
लेकिन सच को को बहुत कम लोग देने वाले होते

2182
02:35:16,720 --> 02:35:20,960
हैं। बहुत कम लोग। जी बहुत अच्छा

2183
02:35:20,960 --> 02:35:25,440
लगा। आप जिस तरीके से आगे आए हैं सच को लेकर के

2184
02:35:25,440 --> 02:35:29,440
आपने एक गुरु गुरु भक्ति जो होती है उसकी एक नई

2185
02:35:29,440 --> 02:35:35,280
मर्यादा स्थापित की है। आज के समय में

2186
02:35:35,280 --> 02:35:39,440
और यहां पता है यहां पर केवल बात धर्म की नहीं हो रही है उन

2187
02:35:39,440 --> 02:35:44,560
लोगों की तरफ से। एक जो है उनका पंथ चल रहा है। उस पंथ के सर्वोच्चता

2188
02:35:44,560 --> 02:35:49,120
को सिद्ध करने के लिए वो लड़ रहे हैं। बस केवल

2189
02:35:49,120 --> 02:35:53,760
सर विशाल जी जय श्री राम हे जय श्री राम

2190
02:35:53,760 --> 02:35:58,000
जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम आप सभी भाइयों

2191
02:35:58,000 --> 02:36:02,000
को बच्चों को जी जी मैं

2192
02:36:02,000 --> 02:36:06,080
कुछ पूछना चाहता हूं पहले ये

2193
02:36:06,080 --> 02:36:10,160
प्रमाणित सबूत सहित पूर्ण सत्य आप ये

2194
02:36:10,160 --> 02:36:14,320
मतलब क्या वो मतलब हम तो अगर आप हम तो उन्हीं के खिलाफ

2195
02:36:14,320 --> 02:36:18,400
लड़ रहे हैं संत रामपाल के खिलाफ तो फिर आप लोग हमारे ये इन्होंने ये

2196
02:36:18,400 --> 02:36:22,400
लिखा है एक मिनट ये इन्होंने ये लिखा है

2197
02:36:22,400 --> 02:36:26,640
ये जो भी जानकारियां दे रहे हैं सतलोक आश्रम के बारे में वो पूरी

2198
02:36:26,640 --> 02:36:30,720
प्रमाणिक प्रमाणों के साथ दे रहे हैं तो इसलिए इन्होंने अपना नाम ही वो रख लिया है आज

2199
02:36:30,720 --> 02:36:34,720
की लाइव में अच्छा और दूसरी चीज

2200
02:36:34,720 --> 02:36:39,040
वो किसी का विरोध करने के लिए नहीं आए हैं यहां पर इस डिबेट में उन्होंने केवल सच

2201
02:36:39,040 --> 02:36:43,600
का साथ दिया है। यह केवल सच को लेकर के आए हैं। अभी

2202
02:36:43,600 --> 02:36:47,920
यहां पर वो इसलिए नहीं है कि रामपाल जी ने सही बात बोली है।

2203
02:36:47,920 --> 02:36:52,080
यहां पर वो इसलिए है कि रामपाल जी ने जो भी बोला है रामपाल ने जो भी बोला

2204
02:36:52,080 --> 02:36:56,160
है रामपाल के नाम से आज जो सतलोक आश्रम फैला रहा है वो

2205
02:36:56,160 --> 02:37:00,560
गलत है। वो इसलिए आए हां

2206
02:37:00,560 --> 02:37:04,160
आओ भाई आओ फैक्ट बाय अभिषेक एकका मेवा दम अब

2207
02:37:04,160 --> 02:37:08,240
तो आओ भाई तुम आप ही के लोग सभी

2208
02:37:08,240 --> 02:37:12,320
लोगों का बहुत-बहुत आभार अब अरे मैं बात कहना चाहता हूं मैं तो अभी

2209
02:37:12,320 --> 02:37:17,920
आता हूं हां बोलिए मैं तो अब आ रहा हूं ना मुझे आज समय नहीं मिला

2210
02:37:17,920 --> 02:37:23,280
जी बोलिए मैं ये पूछना चाहूंगा पिछली बार कैसा रहा आपका मैच

2211
02:37:23,280 --> 02:37:27,360
कौन सा मैच वही अमित दास जी के साथ बाबू राम दास जी

2212
02:37:27,360 --> 02:37:31,600
के साथ मैच हुआ था। वो तो आप लोगों ने देखा होगा कैसा लगा आनंद

2213
02:37:31,600 --> 02:37:35,760
आया कि नहीं बताइएगा। अरे मैंने अरे हम रिजल्ट

2214
02:37:35,760 --> 02:37:39,920
बता देते हैं रिजल्ट बता देते हैं। थोड़ी देर के लिए ये बताओ पहले एक बार

2215
02:37:39,920 --> 02:37:44,160
थोड़ी देर के लिए अमर हो गए कि नहीं सब लोग ये बताओ। अरे एक मिनट सुनो तो पूरा

2216
02:37:44,160 --> 02:37:48,640
मेरी बात सुनते नहीं हो आप। अरे वो

2217
02:37:48,640 --> 02:37:52,640
मैच का रिजल्ट पता है? मैच कल खेले। प्रैक्टिस कल शुरू हो

2218
02:37:52,640 --> 02:37:58,640
गई थी। परसों मैच खेले थे। कल प्रैक्टिस हो रही थी। कल फिर वो लोग पंचायत

2219
02:37:58,880 --> 02:38:02,960
और वहां पर खाली पता है सुनो हम वीजा खोल के बैठ गए

2220
02:38:02,960 --> 02:38:07,040
वहां पर हम जब वीजा खोलना है तो हमको वो लोग मना कर रहे हैं नहीं नहीं आप वीजा की बात मत

2221
02:38:07,040 --> 02:38:12,400
करो आप पहले तत्वदर्शी पर बात करो हम बोले नहीं हम बीज पर बात करेंगे

2222
02:38:12,400 --> 02:38:16,480
तो अब जैसे आईपीएल होता है ना आईपीएल वैसे ये मैंने कर दिया कमेंट बॉक्स

2223
02:38:16,480 --> 02:38:19,280
में भी लिखा था आहान कॉल ऑफ थमा स्पोंसर या

2224
02:38:19,280 --> 02:38:23,680
प्रेजेंट कर रहे हैं ये एजीसीपीएल एजीसीपीएल का मतलब पता है क्या

2225
02:38:23,680 --> 02:38:27,760
आध्यात्मिक ज्ञान चर्चा प्रीमियर लीग

2226
02:38:27,760 --> 02:38:31,920
नहीं नहीं नाम तो बहुत काफी बेहतरीन है और हम भी खूब स्टोरी

2227
02:38:31,920 --> 02:38:35,920
लगा रहे हैं इस समय कुछ हुआ नहीं हुआ कम से

2228
02:38:35,920 --> 02:38:41,920
कम हम अमर तो हो गए कुछ क्षण के लिए हुए पर हम अमर जरूर हो गए

2229
02:38:46,160 --> 02:38:50,160
उनका कोई पता नहीं चल रहा हम बोल क्या रहे हैं

2230
02:38:50,160 --> 02:38:54,480
जी जी जी अच्छा पहाड़ी जी बोले बाकी सब चुप हो पहाड़ी जी

2231
02:38:54,480 --> 02:38:56,640
बोले

2232
02:38:56,640 --> 02:38:59,600
पहाड़ी जी

2233
02:38:59,600 --> 02:39:03,760
जी बोले पाणी जी जय श्री है जय श्री राम मैंने बोल

2234
02:39:03,760 --> 02:39:07,760
दिया चाचा जी से जो आज जो आए थे यही कहना चाह रहा

2235
02:39:07,760 --> 02:39:11,760
था कि आज जो भी है निष्पक्ष रूप से उन्होंने अपनी बातें रखी अच्छा

2236
02:39:11,760 --> 02:39:15,840
लगा बिल्कुल बहुत अच्छा रखा उन्होंने बहुत सुंदर आगे भी अगर मौका

2237
02:39:15,840 --> 02:39:20,000
मिले तो जरूर लीजिएगा जी और

2238
02:39:20,000 --> 02:39:24,000
ऐसे लोगों के साथ पता है अच्छा लगता है डिबेट देखने वालों को भी अच्छा लगता

2239
02:39:24,000 --> 02:39:29,520
है और एक चीज होती है ना सच सामने आता है। बिल्कुल

2240
02:39:29,520 --> 02:39:33,680
सच को स्वीकार करना चाहिए। अपना उद्देश्य तो था कि

2241
02:39:33,680 --> 02:39:34,400
भाई उन सामने

2242
02:39:34,400 --> 02:39:38,480
वाले जो शत्रु है हमारे वो लोगों को के अंदर में

2243
02:39:38,480 --> 02:39:42,560
भी कितनी सत्यता है। वैसे तो वो पूरा झूठ का पुलिंदा शुरू से ही

2244
02:39:42,560 --> 02:39:46,560
था। पर बाद में और झूठ में झूठ मिलते गया। यह तात्पर्य था।

2245
02:39:46,560 --> 02:39:50,720
तो उस हिसाब से काका जी जो आए थे वो ठीक-ठाक अपने लिए तो

2246
02:39:50,720 --> 02:39:54,720
ठीक थे अपने अभियान के लिए। बाकी मैं एक चीज और

2247
02:39:54,720 --> 02:39:59,360
बोलना चाह रहा था भैया जी जैसा अभी शिवश भैया जी ने बताए थे कि

2248
02:39:59,360 --> 02:40:03,600
जैसा भीष्म पितामह जी का जो स्थिति थी उन्होंने

2249
02:40:03,600 --> 02:40:08,160
अपने व्यक्तिगत धर्म को सामने रखे थे और समष्टि के धर्म को

2250
02:40:08,160 --> 02:40:12,480
को अनदेखा किए थे। सेम टू सेम वही कंडीशन

2251
02:40:12,480 --> 02:40:16,720
सारे या तो हम रामपाली कहें या कबीरपंथी कहें या

2252
02:40:16,720 --> 02:40:20,880
ब्रह्मकुमारी जितने भी पंथ वाले होते हैं इनकी ये स्थिति ये इसलिए

2253
02:40:20,880 --> 02:40:25,200
होती है क्योंकि ये लोग केवल और केवल अपने आपके इतने

2254
02:40:25,200 --> 02:40:29,280
5 साल 10 साल का जो कार्यकाल इनका होता है ना उतने समय का उस पंथ

2255
02:40:29,280 --> 02:40:33,280
में या उस मत में बिताया हुआ उसको गलत साबित ना करने के लिए ये लोग

2256
02:40:33,280 --> 02:40:37,360
उदंडता कुतर्क इन सब चीजों पर हावी होते हैं।

2257
02:40:37,360 --> 02:40:41,440
पर यह सब जानते सत्य को यह भी है कि हम गलत हैं। पर अब स्वीकार

2258
02:40:41,440 --> 02:40:45,520
कैसे करें? हमारे इतने साल खपा दिए हमने। यह चक्कर में यह लोग पागल हुए जा

2259
02:40:45,520 --> 02:40:50,560
रहे हैं और अपने आप को अपने पूरे जीवन को भी बर्बाद कर रहे हैं।

2260
02:40:50,560 --> 02:40:54,640
चलिए सभी का आने का बहुत-बहुत आभार। मैं एक

2261
02:40:54,640 --> 02:41:00,000
चीज और बोलूं। और अब हम लोग अब अगली लाइव में आपको लेंगे।

2262
02:41:00,000 --> 02:41:04,000
जी धन्यवाद देना चाहते हैं भगत जी ने बहुत अच्छा

2263
02:41:04,000 --> 02:41:08,160
आज बिल्कुल सच्चाई बताई किताबों से आपका हम हृदय से आभार व्यक्त

2264
02:41:08,160 --> 02:41:12,560
करते हैं जी सब लोगों का हृदय से आभार आपको रामचंद्र

2265
02:41:12,560 --> 02:41:17,040
दास जी राम राम

2266
02:41:17,040 --> 02:41:21,520
शिवश जी भैया और आप जितने भी पैनलिस्ट के

2267
02:41:21,520 --> 02:41:25,840
लोग जुड़े हुए हैं सभी को मैं अपने तहे दिल से बहुत

2268
02:41:25,840 --> 02:41:30,240
आ बहुत-बहुत आभार प्रकट करता हूं। दूसरी बात आज

2269
02:41:30,240 --> 02:41:34,240
आप लोगों ने जो लाइव डिबेट में मुझको लेकर

2270
02:41:34,240 --> 02:41:38,400
के जो आपने हम लोगों हमारे ऊपर जो एहसान

2271
02:41:38,400 --> 02:41:42,800
किया है और जो आज मुझे ये खुशी हुई है कि हम हमें

2272
02:41:42,800 --> 02:41:46,800
आपने अपने इस चैनल पर अपने स्टूडियो में बोलने का मुझे

2273
02:41:46,800 --> 02:41:50,800
जो मौका दिया है ना इसकी खुशी की हम बयां

2274
02:41:50,800 --> 02:41:54,880
नहीं कर सकते आपको कि कितनी मुझे खुशी है और जो आप

2275
02:41:54,880 --> 02:41:58,640
लोगों ने मुझे सम्मान दिया

2276
02:41:58,640 --> 02:42:02,640
आपने देखो मेरी मेरे गुरु जी ने एक बात कही थी मैं उस

2277
02:42:02,640 --> 02:42:05,840
बात को लेकर चलता हूं। कोई भी व्यक्ति हो

2278
02:42:05,840 --> 02:42:09,840
किसी से भी हम सही रास्ता हमें कहीं भी किसी से मिल

2279
02:42:09,840 --> 02:42:13,920
जाए तो हमें लेना कोई बुरी बात नहीं। संत रामपाल जी महाराज ने एक बात बताई

2280
02:42:13,920 --> 02:42:18,160
थी विदुर विदुर जी की तरह सबूत देख के

2281
02:42:18,160 --> 02:42:22,240
सत्य का साथ देना वरना करो कौरव और पांडवों

2282
02:42:22,240 --> 02:42:26,560
की तरह तुम्हारा भी विनाश होगा। बचोगे नहीं केवल विदुर

2283
02:42:26,560 --> 02:42:30,560
जी ही बचे थे। जब द्रोपदी जी का चीर हरण हो रहा था

2284
02:42:30,560 --> 02:42:34,720
तो केवल विदुर जी ने ही विरोध किया था कि भाई ये गलत बात

2285
02:42:34,720 --> 02:42:38,960
है। ये हमारी हमारे घर की स्त्रियां ये सब पर्दे के अंदर इज्जत

2286
02:42:38,960 --> 02:42:43,120
मर्यादा के अंदर रहती है। आप ये गलत काम मत करिए।

2287
02:42:43,120 --> 02:42:45,360
तो

2288
02:42:45,360 --> 02:42:49,440
अब मुझे मुझे ऐसा लग रहा है कि अब जो लोग और प्रताड़ित लोग होंगे वो

2289
02:42:49,440 --> 02:42:53,680
धीरे-धीरे संपर्क करेंगे। जो सतलोक आश्रम के सताए होंगे

2290
02:42:53,680 --> 02:42:57,680
और आवाज उठाएंगे। आप लोग हमसे संपर्क कर सकते हैं।

2291
02:42:57,680 --> 02:43:01,680
यदि आपको कोई प्रताड़ना मिल रही है और आप अपनी चीजें सामने आकर के रखना

2292
02:43:01,680 --> 02:43:06,400
चाहते हैं तो और हमसे संपर्क करें। आपकी आवाज को हम उठाएंगे

2293
02:43:06,400 --> 02:43:09,440
और

2294
02:43:09,440 --> 02:43:13,520
बचा लिए नहीं तो हम तो सोच रहे थे नाम दान लेने के लिए यार। किसी

2295
02:43:13,520 --> 02:43:17,680
भी प्रकार की वैचारिक मतभेद के निमित्त कोई चर्चा हो तो आप हमसे संपर्क

2296
02:43:17,680 --> 02:43:20,800
कर सकते हैं। 7408301869

2297
02:43:20,800 --> 02:43:24,800
पर विशाल भाटिया जी की बात के साथ हम आज की लाइव का

2298
02:43:24,800 --> 02:43:29,040
अंत समापन करेंगे। जी विशाल जी एक मिनट शिवश

2299
02:43:29,040 --> 02:43:33,200
एक मिनट एक मिनट चाचा जी से चाचा जी से हमको पूछना है

2300
02:43:33,200 --> 02:43:37,280
कि क्या इन्होंने रामपाल जी ने जो वेदों के भी कुछ

2301
02:43:37,280 --> 02:43:42,240
अनुवाद किए हैं क्या? वेदों के मंत्रों के भी कुछ अनुवाद किए हैं?

2302
02:43:42,240 --> 02:43:46,640
सर देखिए मैं आपको बताना चाहता हूं कि हमने 24 मई 2014

2303
02:43:46,640 --> 02:43:50,800
में नाम लिया था। हम लोग इस बारे में किसी और दिन बात करेंगे रंजीत

2304
02:43:50,800 --> 02:43:54,640
जी इस बारे में हम किसी और दिन

2305
02:43:54,640 --> 02:44:00,640
इस बारे में किसी और दिन बात करेंगे रंजीत जी विशाल जी

2306
02:44:00,800 --> 02:44:03,520
बातों पे हम नहीं

2307
02:44:03,520 --> 02:44:08,720
जाएंगे विशाल जी हमने भी

2308
02:44:08,720 --> 02:44:13,920
रामचंद्र जी किसी और बात करेंगे

2309
02:44:13,920 --> 02:44:19,040
बात हां जी विशाल जी तो

2310
02:44:19,040 --> 02:44:23,040
बहुत अच्छा लग रहा है मेरे को और अभी जो पिछली बार की सत्र में हमने देखा था

2311
02:44:23,040 --> 02:44:27,200
कि एक आए थे राजकुमार दास उन्होंने बोला था कि हम परित्याग करते हैं। जय

2312
02:44:27,200 --> 02:44:31,280
श्री राम भी उन्होंने लिखा था तो उसके लिए मैं करतल ध्वनि तो अभी मैं लेटा हूं

2313
02:44:31,280 --> 02:44:35,600
लेकिन मैं ये कहूंगा कि अब ये सब विजय के सूचक है। ठीक है?

2314
02:44:35,600 --> 02:44:40,080
ऐसे ही आप आगे बढ़िए। प्रभु श्री राम राघव जहां विजय वहां। ठीक है?

2315
02:44:40,080 --> 02:44:44,080
अब अलंकारियों की बारी है बस। इसके बाद सभी को जय श्री

2316
02:44:44,080 --> 02:44:50,080
राम। जय जय जय हनुमान। हर हर महादेव

2317
02:44:50,720 --> 02:44:54,720
हर हर महादेव
