1
00:00:01,180 --> 00:00:07,180
[संगीत]

2
00:00:08,240 --> 00:00:11,600
सभी को जय श्री

3
00:00:11,600 --> 00:00:15,600
राम आशा करते हैं सभी कुशल पूर्वक

4
00:00:15,600 --> 00:00:18,560
होंगे

5
00:00:18,560 --> 00:00:24,560
अ आज जो विषय रखा है चर्चा

6
00:00:24,640 --> 00:00:28,880
का वो पूरा एक समरा इज करेंगे कि अभी तक

7
00:00:28,880 --> 00:00:32,880
क्या-क्या हुआ है और फिर उसमें और आगे हम क्या-क्या

8
00:00:32,880 --> 00:00:37,040
कर सकते हैं आप लोगों का क्या-क्या योगदान हो सकता है तो

9
00:00:37,040 --> 00:00:41,880
उस बारे में हम समरा करेंगे यह जो अभी जो

10
00:00:41,880 --> 00:00:47,200
लखनऊ महोत्सव में जो भी घटनाक्रम आपको देखने को

11
00:00:47,200 --> 00:00:51,400
मिला सबसे पहले जिन लोगों को नहीं पता है जय श्री राम

12
00:00:51,400 --> 00:00:56,200
जय श्री राम छोटी बहना प्यारी बहना सभी को जय श्री राम

13
00:00:56,200 --> 00:01:00,640
सबसे पहले जिन लोगों को नहीं पता है कि पिछले

14
00:01:00,640 --> 00:01:04,640
वर्ष हम लोग यहां पर लखनऊ

15
00:01:04,640 --> 00:01:08,640
महोत्सव लगता है वहां पर हमें यह पता चला

16
00:01:08,640 --> 00:01:13,600
कि रामपाल के द्वारा रचित तथाकथित

17
00:01:13,600 --> 00:01:16,600
धर्म के नाम पर

18
00:01:16,600 --> 00:01:22,120
बेची जा रही है सनातन विरोध करने वाली

19
00:01:22,120 --> 00:01:26,520
पुस्तकें तो इस पर जैसे ही हमें पता चला तो हम सर्वप्रथम

20
00:01:26,520 --> 00:01:30,920
स्वयं गए वहां पर वहां जाकर के हमने जो शास्त्रों

21
00:01:30,920 --> 00:01:35,840
से शास्त्र का संदर्भ लेते हुए जो भी प्रतिकार कर सकते थे वह

22
00:01:35,840 --> 00:01:40,120
किया और उसके बाद

23
00:01:40,120 --> 00:01:44,240
जब प्रयास कर रहे थे सर्वप्रथम प्रयास कर रहे थे तो हमारा कैमरा बंद कराया

24
00:01:44,240 --> 00:01:48,240
गया उसके बाद हम दोबारा थोड़ा सा संख्या बल

25
00:01:48,240 --> 00:01:52,400
के साथ वहां पहुंचे और फिर प्रतिकार किया तब वो जो मामला आपने साल भर पहले देखा

26
00:01:52,400 --> 00:01:56,720
होगा व आपके सामने आया आ पाया इसके

27
00:01:56,720 --> 00:02:00,720
बाद इस साल भी पिछले वर्ष

28
00:02:00,720 --> 00:02:04,720
की भाति उसी तरह का स्टॉल लगा था तो इस बार यहां के

29
00:02:04,720 --> 00:02:09,600
जो क्षेत्रीय कार्यकर्ता हैं जो हिंदुत्व के लिए कार्य करते हैं उन्होंने

30
00:02:09,600 --> 00:02:14,320
तत्काल प्रभाव से संज्ञान लेते हुए मामले का और वहां पहुंचे

31
00:02:14,320 --> 00:02:18,480
और उपयुक्त प्रतिकार किया जिसके फल स्वरूप

32
00:02:18,480 --> 00:02:23,400
वहां का जो मेला प्रबंधन है वह भी सक्रिय हो गया और

33
00:02:23,400 --> 00:02:27,800
उन्होंने आकर के खुद खुद जांच की उन शब्दों

34
00:02:27,800 --> 00:02:31,680
की जो हमारे धर्म की गरिमा को भंग

35
00:02:31,680 --> 00:02:35,960
करने के लिए उसम मात्र लिखे गए हैं उस पर भी हम लोग थोड़ी बहुत चर्चा करेंगे

36
00:02:35,960 --> 00:02:40,040
और फिर उन्होंने वहां से तत्काल वो स्टॉल हटवा दिया अब वहां पर वो स्टॉल

37
00:02:40,040 --> 00:02:44,200
नहीं है वहां पर दूसरी अन्य कोई दुकान लग चुकी है उसी जगह

38
00:02:44,200 --> 00:02:48,520
सेम जगह पर तो यह सर्वप्रथम

39
00:02:48,520 --> 00:02:52,640
एक ऐसा नहीं है कि केवल उसी दिन की एक कारवाई थी

40
00:02:52,640 --> 00:02:57,800
य पिछले पूरे एक वर्ष से जो हम अपना कार्य कर रहे थे लगा

41
00:02:57,800 --> 00:03:02,200
लगातार उसका परिणाम था कि इतने सारे लोग हमारे साथ

42
00:03:02,200 --> 00:03:06,320
हो गए जब हम वहां पर गए और वहां उन्होंने प्रतिकार किया तो आप

43
00:03:06,320 --> 00:03:10,760
लोग भी ऐसा नहीं है कि आप हाथ पर हाथ धरे बैठे

44
00:03:10,760 --> 00:03:15,040
रहे आप भी अपने यहां पर

45
00:03:15,040 --> 00:03:19,240
एक मंदिर को अपने क्षेत्र का दुर्ग बनाते हुए वहां

46
00:03:19,240 --> 00:03:23,240
शिक्षा रक्षा सेवा का प्रकल्प चलाते हुए ना हो तो केवल वहा

47
00:03:23,240 --> 00:03:27,400
भगवत भजन करते हुए लोगों को संगठित करिए जिससे कि

48
00:03:27,400 --> 00:03:31,960
ऐसी स्थिति में आप सब हिंदू एक साथ खड़े हो सके

49
00:03:31,960 --> 00:03:36,000
जब हिंदू धर्म के जो मुख्य घटक

50
00:03:36,000 --> 00:03:40,120
है उन पर प्रहार हो तब आप हिंदू

51
00:03:40,120 --> 00:03:44,440
जो है एक साथ दिखाई दे सके

52
00:03:44,440 --> 00:03:46,760
अब इसमें एक आपने वीडियो भी देखा

53
00:03:46,760 --> 00:03:50,920
होगा जो हमने डाला था आज जो

54
00:03:50,920 --> 00:03:55,600
वकील के नाम से हमें फोन आ रहा है वो वकील है भी कि नहीं है व वही

55
00:03:55,600 --> 00:04:00,080
जाने तो उनका बड़ा

56
00:04:00,080 --> 00:04:04,080
लंबे समय तक हमारी वार्ता सुनी होगी सबसे पहली बात तो है कि

57
00:04:04,080 --> 00:04:08,240
व उस व्यक्ति को स्वयं का ही आत्म सम्मान नहीं है हमने इतना

58
00:04:08,240 --> 00:04:12,560
प्रत्यक्ष प्रत्यक्ष उनका जो है तिरस्कार किया सीधे-सीधे

59
00:04:12,560 --> 00:04:16,960
फोन पर मगर वह फिर भी फोन पर बड़े ही

60
00:04:16,960 --> 00:04:21,120
चापलूस की तरह चापलूस ही कहना पड़ेगा

61
00:04:21,120 --> 00:04:25,400
जब आप कह रहे हो पहले तो हमने आपसे पूछा नहीं कि आओ आओ भाई साहब आओ आओ चाय पियो

62
00:04:25,400 --> 00:04:29,720
ये वो मान ना मान गले पड़ रहे हो मान ना मान मैं तेरा मेहमान

63
00:04:29,720 --> 00:04:32,720
चाय नहीं पिलाएंगे क्या

64
00:04:32,720 --> 00:04:35,280
हम

65
00:04:35,280 --> 00:04:39,320
तो हमने जब यह बोल दिया कि दुर्गा का अपमान करने वालों के लिए कोई

66
00:04:39,320 --> 00:04:43,400
चाय नहीं है तब भी चापलूसी कर रहे हैं अरे आप बहुत बढ़िया व्यक्ति हैं

67
00:04:43,400 --> 00:04:47,520
यह है वह है फिर लास्ट तक आते आते तमाम

68
00:04:47,520 --> 00:04:51,640
सारे रास्ते में झूठ भी बोले उन्होंने जैसे एक झूठ यही था कि हाई कोर्ट

69
00:04:51,640 --> 00:04:56,120
से क्लीन चेट मिली है अरे कौन सा हाई कोर्ट से क्लीन चेट मिला भाई

70
00:04:56,120 --> 00:05:00,120
जब मांगा गया तो कोई आधार ही नहीं है उसका कोट से

71
00:05:00,120 --> 00:05:01,800
आपको यह दुर्गा का अपमान

72
00:05:01,800 --> 00:05:06,280
सीता का अपमान करने की क्लीनचिट मिली हुई है जब मांगा

73
00:05:06,280 --> 00:05:10,360
बड़ी-बड़ी बातें तो कर लेते हैं ये लोग मगर जब मांगा

74
00:05:10,360 --> 00:05:14,480
जाता है चीजें कि लाइए कहां है तो बस हाथ

75
00:05:14,480 --> 00:05:18,480
खड़े हो गए तो यह जो प्रतिकार

76
00:05:18,480 --> 00:05:22,480
है यह ऐसा नहीं है कि आप लोग नहीं कर सकते हैं और

77
00:05:22,480 --> 00:05:26,720
हमने जो ये वीडियो बनाकर डाला है उसका उद्देश्य ये नहीं है कि

78
00:05:26,720 --> 00:05:31,320
जो है हमारी तारीफ हो हमारी बवाई हो यह सब नहीं है

79
00:05:31,320 --> 00:05:35,840
इस वीडियो को डालने का उद्देश्य यही है कि आप लोग भी

80
00:05:35,840 --> 00:05:39,920
अपने क्षेत्र में शांत ना रहे

81
00:05:39,920 --> 00:05:44,800
यथोचित प्रतिकार आवश्यक है आपके हिंदू धर्म

82
00:05:44,800 --> 00:05:49,800
से जुड़े हुए जो भी ग्रंथ है आचार्य गण है भगवत स्वरूप

83
00:05:49,800 --> 00:05:54,680
हैं

84
00:05:54,680 --> 00:05:58,760
उनको उनको जब उनकी गरमा भंग करने का कोई प्रयास करे तो आप

85
00:05:58,760 --> 00:06:02,960
भी ऐसा कर सकते हैं अपने क्षेत्र में इसमें हमने ऐसा

86
00:06:02,960 --> 00:06:07,640
तो नहीं किया कोई लाठी बाला लेकर के कुछ किया हो मगर वहां पर

87
00:06:07,640 --> 00:06:12,520
एक अच्छे से वहां पर प्रतिकार बस किया और उसका य परिणाम है

88
00:06:12,520 --> 00:06:16,680
कि आज वहां पर वह किताबें नहीं बेची जा रही जिसमें आपकी मां

89
00:06:16,680 --> 00:06:21,360
का अपमान हो रहा है है ना यथोचित कारवाया हुई और

90
00:06:21,360 --> 00:06:25,760
यह जो लोग कहते हैं ना यह लोग के यह

91
00:06:25,760 --> 00:06:30,200
असल में वो जो अधिवक्ता का जो हमें कॉल आया था

92
00:06:30,200 --> 00:06:34,520
वो कॉल आया था वो भबकी में लेने के लिए मतलब एक भय का माहौल

93
00:06:34,520 --> 00:06:38,640
भय का वातावरण बना दें और इसको जो है दरा

94
00:06:38,640 --> 00:06:42,880
दे शुरुआत तो उनकी ऐसी ही थी मगर धीरे-धीरे उनको

95
00:06:42,880 --> 00:06:47,000
यह पता चला कि भाई ये तो उ शायद ठीक से परिचित नहीं थे उन्होंने

96
00:06:47,000 --> 00:06:51,760
यूं ही कह दिया था कि हम आपको अच्छे से जानते हैं जब उनका पहली बार फोन आया

97
00:06:51,760 --> 00:06:54,160
था

98
00:06:54,160 --> 00:06:58,400
तो जब उनको पहली

99
00:06:58,400 --> 00:07:02,560
बार जब उनका फोन आया तो यह

100
00:07:02,560 --> 00:07:06,600
मुझे कमेंट हंसी दिला रहा है वो तो अब कभी किसी से चाय

101
00:07:06,600 --> 00:07:11,520
नहीं मांगेगा ऐ चाय

102
00:07:11,520 --> 00:07:16,240
पिलाई जब पहली बार फोन आया था

103
00:07:16,240 --> 00:07:20,400
तो बोले के आप यहां रहते हैं हम आपको अच्छे से जानते हैं मैंने

104
00:07:20,400 --> 00:07:24,480
कहा जानते हैं अब ज यहां से बात शुरू हुई जब

105
00:07:24,480 --> 00:07:29,040
अच्छा मैं तो यह चाहता ही हूं कि भाई किसी से आमने सामने बैठ कर के चर्चा हो

106
00:07:29,040 --> 00:07:35,040
वस् तरीके से तो मैंने उनसे

107
00:07:35,080 --> 00:07:39,120
कहा मैंने उनसे कहा लिंक दे दीजिए

108
00:07:39,120 --> 00:07:43,600
कोई आना चाहे तो आ सकता है बात करने तो मैंने उनसे

109
00:07:43,600 --> 00:07:48,120
कहा कि भाई वो आप ऐसा करो ज्ञान चर्चा कर लो

110
00:07:48,120 --> 00:07:52,200
और आप लोग ज्ञान चर्चा ज्ञान चर्चा के लिए रहते हो ज्ञान चर्चा कर

111
00:07:52,200 --> 00:07:56,360
लो भाई और अपना मत सिद्ध कर लो तो बस यहां

112
00:07:56,360 --> 00:08:02,360
से उनका जो है मामला डिफर हो गया

113
00:08:02,360 --> 00:08:06,400
तो ज्ञान चर्चा के लिए बातचीत शुरू हुई उसमें फिर तरह-तरह

114
00:08:06,400 --> 00:08:10,560
के मोड़ तरह तरह की बातें तरह तरह के झूठ फिर

115
00:08:10,560 --> 00:08:15,080
ज्ञान चर्चा से भागने का भी अनेका अनेक प्रकार

116
00:08:15,080 --> 00:08:19,160
क्या क्या प्रकार कि कहीं तुम फलाने से जुड़े हुए तो

117
00:08:19,160 --> 00:08:23,560
नहीं हो कहीं तुम ऐसे तो नहीं हो कहीं वैसे तो नहीं

118
00:08:23,560 --> 00:08:27,760
हो चाय नहीं पिलाओगे इधर से गुजर रहे थे अरे भाई

119
00:08:27,760 --> 00:08:31,760
हमारे मेहमान हो क्या हमारी मां का तुम अपमान करो

120
00:08:31,760 --> 00:08:35,960
हम तुम्हें चाय पिलाए वैसे पहली बात तो यह है कि चाय हम पीते नहीं है

121
00:08:35,960 --> 00:08:41,960
तामसिक पदार्थ होता है है ना ब्रेन को

122
00:08:44,160 --> 00:08:48,760
स्टिमुलेटिंग में लेना हो तो बात अलग है मगर यह

123
00:08:48,760 --> 00:08:52,840
जो रेगुलर लाइफ है जो उसमें चाय नहीं यूज

124
00:08:52,840 --> 00:08:56,920
करते हैं तो ये लोग जो कहते हैं गुटका खाने वाले थे उस समय

125
00:08:56,920 --> 00:09:01,680
साथ में उस समय वो हर हिंदू था जो दुर्गा को अपनी मां मान जरूरी

126
00:09:01,680 --> 00:09:06,040
नहीं कि हर व्यक्ति वही धर्म रक्षा करने जाएगा

127
00:09:06,040 --> 00:09:10,760
जो बिल्कुल पहुंचा हुआ भक्त बन चुका होगा एक बार गुरुदेव

128
00:09:10,760 --> 00:09:15,560
से जगतगुरु शंकराचार्य जी से उनके किसी शिष्य ने पूछा

129
00:09:15,560 --> 00:09:19,640
था कि यह क्या धर्म रक्षा करेंगे तो त्रिकाल

130
00:09:19,640 --> 00:09:23,920
संध्या भी नहीं करते हैं ब्राह्मण होकर के यह कैसे धर्म रक्षा

131
00:09:23,920 --> 00:09:28,360
करेंगे किसी के बारे में बोल रहे थे तो वहां क्या कहा था गुरुदेव

132
00:09:28,360 --> 00:09:32,480
ने जब बाबरी मस्जिद तोड़ी गई थी तो

133
00:09:32,480 --> 00:09:37,000
वहां पर त्रिकाल संध्या करने वाले नहीं थे छनी तोड़ी लेकर

134
00:09:37,000 --> 00:09:41,760
के तो हर हिंदू के अंदर वह खून है

135
00:09:41,760 --> 00:09:45,920
और भले ही आज उसके अंदर आचरण ना हो मगर व

136
00:09:45,920 --> 00:09:50,120
अपने धर्म की रक्षा करने के लिए लयत है ऐसे हिंदू पहुंचते हैं

137
00:09:50,120 --> 00:09:54,120
धर्म की रक्षा करने के ऐसा नहीं आवश्यक है कि बिल्कुल अंतिम चरण में

138
00:09:54,120 --> 00:09:58,400
जो पहुंच चुका हो आचरण से व्यवहार से हर तरह से वो कुशल

139
00:09:58,400 --> 00:09:59,640
हो चुका हो

140
00:09:59,640 --> 00:10:04,280
सारी उसकी जो राजसिक तामसिक जो उसके अंदर जो

141
00:10:04,280 --> 00:10:08,320
कमियां है वह सब उससे दूर हो चुकी हो मगर ऐसा नहीं है कि

142
00:10:08,320 --> 00:10:12,320
उस स्थिति में जब वह कमियां दूर नहीं हुई उन स्थितियों में अपने धर्म के लिए आवाज

143
00:10:12,320 --> 00:10:17,200
नहीं उठा सकता तो पहली बात तो यह है कि

144
00:10:17,200 --> 00:10:21,360
इनके आगे संभवत ऐसे ही लोग हैं जो यह चाय मांगा करते

145
00:10:21,360 --> 00:10:25,360
हैं है ना तो चाय में भी

146
00:10:25,360 --> 00:10:31,360
वही पदार्थ होते हैं जो चाय भी वैसी ही है

147
00:10:35,720 --> 00:10:41,720
स्टिमुलेटिंग

148
00:10:47,200 --> 00:10:51,200
रहा है हा मना कर रहा है कोई चाय बाय

149
00:10:51,200 --> 00:10:55,920
नहीं है तुम्हारे लिए और फिर भी तुम चापलूसी कर रहे हो

150
00:10:55,920 --> 00:11:00,160
क्यों कर रहे हो क्योंकि कहीं ना कहीं वो जो तुम्हारा पक्ष है वो वाला

151
00:11:00,160 --> 00:11:04,160
जिस विषय पर बात हो रही वो कमजोर है तो आप उससे किसी तरीके

152
00:11:04,160 --> 00:11:08,760
से भटका चाहते हो सामने वाले और पूरा वह जो आपने

153
00:11:08,760 --> 00:11:13,320
जो एक घंटे की बातचीत सुनी है ना उस पूरी बातचीत

154
00:11:13,320 --> 00:11:17,320
में वो व्यक्ति बस यही वो बातचीत एक बार की

155
00:11:17,320 --> 00:11:21,440
तो है नहीं कई कॉल्स है अलग-अलग अलग अलग अलग अलग तो

156
00:11:21,440 --> 00:11:25,480
उस पूरी बातचीत में वो केवल यह प्रयास करता रहा कि ज्ञान चर्चा से

157
00:11:25,480 --> 00:11:31,480
मामला हट जाए और दूसरी बातों पर आ जाए

158
00:11:35,080 --> 00:11:41,040
शिवांश जी का जला छाछ भी फूक फूक के पीता

159
00:11:41,040 --> 00:11:45,280
है हा जो भी है तो

160
00:11:45,280 --> 00:11:49,320
अंत में भाई जब मैं उसके फोन से उस

161
00:11:49,320 --> 00:11:54,120
व्यक्ति के फोन से मैं जब तंग आ गया मैंने अंत में उससे यह पूछा

162
00:11:54,120 --> 00:11:58,240
कि भाई कब आ रहे हो मुझे यह बताओ तुमने जो जो चीजें मांगी अच्छा बीच

163
00:11:58,240 --> 00:12:02,240
में मुझसे बोलता है वहां की फोटो भेजो अच्छा

164
00:12:02,240 --> 00:12:06,440
पहले बोलता है मैं लॉयर हूं फिर बोलता है मुझे ग वो जो लाइव लोकेशन

165
00:12:06,440 --> 00:12:10,520
है करंट लोकेशन है यह देखना नहीं आता

166
00:12:10,520 --> 00:12:14,800
है तो यह सब शिष्य है और एक बात पर और गौर किया होगा आपने

167
00:12:14,800 --> 00:12:18,880
उसने ये भी अपने एडमिट किया कि रामपाल के जो

168
00:12:18,880 --> 00:12:23,240
फॉलोअर्स है उसमें 80 प्र 80 प्र जो है वो पिछड़े

169
00:12:23,240 --> 00:12:27,720
हुए हैं पिछड़े हुए मतलब अनपढ गवार

170
00:12:27,720 --> 00:12:32,120
जिनकी बुद्धि नहीं होती है या वह पढ़े लिखे नहीं होते हैं

171
00:12:32,120 --> 00:12:36,200
और आपने भी देखा होगा चर्चा में किस तरह के लोग आते हैं यहां पर रामपाल

172
00:12:36,200 --> 00:12:40,600
के पक्ष को प्रस्तुत

173
00:12:40,600 --> 00:12:43,720
करना

174
00:12:43,720 --> 00:12:47,880
तो वो फिर जो है अंत तक आते

175
00:12:47,880 --> 00:12:52,000
आते व बोले कि भाई अंत की बात

176
00:12:52,000 --> 00:12:56,360
मुझे बड़ी हंसी दिलाई तो मैंने कहा इससे आप लोगों

177
00:12:56,360 --> 00:13:01,120
को जरूर आवश्यक रूप से आपके सामने ने इसको प्रस्तुत करना चाहिए

178
00:13:01,120 --> 00:13:05,240
तो अंत वाली वही बात थी कि जब

179
00:13:05,240 --> 00:13:09,280
बिल्कुल टू द पॉइंट बात आ गई कि हां भाई कब आ रहे हो चर्चा कर रहे तो

180
00:13:09,280 --> 00:13:13,920
व्यक्ति बोलता है कि वहां बैठने का क्या इंतजाम है

181
00:13:13,920 --> 00:13:18,440
तो यह तो अगर मान लिया जाए कि वह एक सच्चा गुरु भक्त है

182
00:13:18,440 --> 00:13:22,440
तो उसको कहीं पर चर्चा करने के लिए जाना है तो

183
00:13:22,440 --> 00:13:26,520
वह यह देखेगा कि वहां पर बैठने का क्या इंतजाम है

184
00:13:26,520 --> 00:13:30,360
यही गुरु भक्ति है तुम्हारी

185
00:13:30,360 --> 00:13:34,480
सोचने वाली बात है अगर ऐसे भक्त तैयार किए जा रहे हैं तो ऐसे

186
00:13:34,480 --> 00:13:38,680
भक्तों से तो अ भक्त सही जो अपने

187
00:13:38,680 --> 00:13:43,400
गुरु के पक्ष को रक्षा करने के

188
00:13:43,400 --> 00:13:48,920
लिए गुरु के पक्ष की रक्षा करने के

189
00:13:48,920 --> 00:13:53,320
लिए व यह सोचे कि वहां बैठने

190
00:13:53,320 --> 00:13:57,400
का क्या

191
00:13:57,400 --> 00:14:01,440
इंतजाम रोहित को कुमार जी को मैंने लिंक दिया है अगर वोह आ

192
00:14:01,440 --> 00:14:05,560
चुके हैं तो आ सकते हैं आप अपना फेस दिखाए रोहित जी

193
00:14:05,560 --> 00:14:10,320
यह शायद रामपाल की तरफ से

194
00:14:10,320 --> 00:14:13,360
[संगीत]

195
00:14:13,360 --> 00:14:17,440
हैं तो अंत तक आते आते वो बोलता है कि

196
00:14:17,440 --> 00:14:21,640
वहां बैठने का क्या इंतजाम है भाई सोफा चाहिए क्या तुम्हें रिक लाइनर

197
00:14:21,640 --> 00:14:25,920
लगवा द रिलाइन लगवा दें या फिर बर्थ

198
00:14:25,920 --> 00:14:29,960
लगवा दें बहुत बढ़िया सी एसी एयर कंडीशन तब आओगे क्या

199
00:14:29,960 --> 00:14:35,960
अपने धर्म की रक्षा करने तो यह सब तो उनके कारण

200
00:14:36,480 --> 00:14:40,560
थे चर्चा से भागने के क्या क्या उपाय व

201
00:14:40,560 --> 00:14:44,680
सोच सकते थे और लास्ट में जब हम इस पर भड़के तो व बोल रहे

202
00:14:44,680 --> 00:14:48,800
हैं कि लवर लवर कर रहे हो अब मैंने लवर लवर

203
00:14:48,800 --> 00:14:54,800
की बात से मुझे अच्छा ध्यान आ गया

204
00:14:54,880 --> 00:14:59,160
कि हां 70 प्र

205
00:14:59,160 --> 00:15:03,320
नहीं उसने बोला तो 80 प्र 90 प्र

206
00:15:03,320 --> 00:15:07,680
बोला था 80 90 तक बोला था मगर बाद में फिर यह कर दिया कि अगड़ा

207
00:15:07,680 --> 00:15:11,680
वर्ग जो है उसमें 30 प्र है इस तरह से उसने बात को थोड़ा सा ट्विस्ट कर

208
00:15:11,680 --> 00:15:15,680
दिया तो अंत तक आते आते भाई क्या हुआ

209
00:15:15,680 --> 00:15:19,920
कि वह यह पूछने लगा अरे भाई तुम वकील हो

210
00:15:19,920 --> 00:15:24,160
35 साल से तुम वकालत कर रहे हो और 58 वर्ष

211
00:15:24,160 --> 00:15:28,200
की उ उम्र है तुम्हारी आयु है और तुम ज्ञान चर्चा

212
00:15:28,200 --> 00:15:32,280
करने के लिए पूछ रहे हो कि वहां बैठने का क्या इंतजाम है

213
00:15:32,280 --> 00:15:36,360
अरे हमें जब अपने पक्ष की रक्षा करनी थी तो क्या हम यह

214
00:15:36,360 --> 00:15:41,880
देख रहे थे कि व मेले में महोत्सव में हमको कुर्सी मिलेगी कि नहीं बैठने के लिए

215
00:15:41,880 --> 00:15:46,160
हा तुम्हारी तुम्हारे अकॉर्डिंग ली हमने तुम्हारी

216
00:15:46,160 --> 00:15:50,520
आस्था पर हमला किया है तो तुम व कुर्सी देखोगे क्या

217
00:15:50,520 --> 00:15:55,240
बैठने का क्या इंतजाम है तो

218
00:15:55,240 --> 00:15:59,640
फिर जब हमने यह कहा

219
00:15:59,640 --> 00:16:03,720
जब हमने यह कहा कि तुम रहने दो फोन मत करना तो बोले

220
00:16:03,720 --> 00:16:07,840
लबर लबर कर रहे तो हमने उसको याद दिलाया कि लबर लबर कौन कर रहा है क्या

221
00:16:07,840 --> 00:16:11,840
आपके घर के पास खड़े हैं चाय नहीं पिलाओगे क्या उसके बाद

222
00:16:11,840 --> 00:16:16,600
जब झाड़ दिया जब सीधे सीधे कह दिया

223
00:16:16,600 --> 00:16:20,800
कि कोई चाय बाय नहीं है तुम जैसे लोगों के लिए तो भी वह कह रहा

224
00:16:20,800 --> 00:16:24,880
है आप इतने बढ़िया व्यक्ति हो ना बताओ इनका क्या

225
00:16:24,880 --> 00:16:29,360
किया जाएगा ऐसे लोगों को लतखोर कहते हैं लतखोर

226
00:16:29,360 --> 00:16:33,360
जिनको आदत है अपनी इस तरह

227
00:16:33,360 --> 00:16:39,360
से तिरस्कार करवाने

228
00:16:39,480 --> 00:16:43,480
की सनातन ब्रह्मचारी जी इस तरह के जो प्रश्न है आप हमारे

229
00:16:43,480 --> 00:16:47,480
टेलीग्राम पर पूछा करें जो आप पूछ रहे हैं

230
00:16:47,480 --> 00:16:52,200
यह सब चर्चाओं के लिए मंच नहीं है ठीक

231
00:16:52,200 --> 00:16:56,440
है आप वहां पूछे बता दिया जाएगा

232
00:16:56,440 --> 00:17:00,600
अगर वहां पर कोई उपयुक्त आपके पास कारण होगा और वहां पर

233
00:17:00,600 --> 00:17:06,600
जगह होगी तो आपको ले लिया

234
00:17:07,560 --> 00:17:11,680
जाएगा रोहित जी आ रहे थे मगर वो आ नहीं रहे

235
00:17:11,680 --> 00:17:16,600
हैं रोहित करके आए थे जो पेस लेकर नहीं आए हैं शुभम

236
00:17:16,600 --> 00:17:21,480
नाम से भी आए हैं मगर फेस लेकर नहीं आए हैं फेस दिखाएं शुभम

237
00:17:21,480 --> 00:17:25,800
जी जी मयंक जी जय श्री राम

238
00:17:25,800 --> 00:17:29,160
जय श्री राम भैया

239
00:17:29,160 --> 00:17:34,440
आज देखा मैं आप जी की वीडियो मजा आया बहुत

240
00:17:34,440 --> 00:17:38,760
अच्छा नहीं केवल इससे काम चगा आप अपने क्षेत्र में

241
00:17:38,760 --> 00:17:43,040
भी ऐसा ही संगठन तैयार करें जिससे कि इस तरह की गतिविधियों

242
00:17:43,040 --> 00:17:47,200
को रोके वहा नहीं हमारे यहां पे है ना जो

243
00:17:47,200 --> 00:17:51,560
कुछ थे रामपाल के बहुत से लोगों ने छोड़ दिए

244
00:17:51,560 --> 00:17:55,600
अच्छा वो खुद ही छोड़ दिया हां व वो खुद ही छोड़ दिए

245
00:17:55,600 --> 00:18:00,440
वो ऐसा क्योंकि उनको पता है ना

246
00:18:00,440 --> 00:18:04,800
कुछ तो पढ़े लिखे भी हैं हम अब आप

247
00:18:04,800 --> 00:18:10,280
मेरे को तो ये रामपाल वाल के है ना सभी की बुद्धि एक जैसी लगती

248
00:18:10,280 --> 00:18:14,400
है ये हर बात कोई एक चीज को पकड़ के बैठ जाते हैं

249
00:18:14,400 --> 00:18:19,040
हर चीज पर जिद्द करने लग जाते हैं समझने की कोई चीज को प्रयास नहीं करते

250
00:18:19,040 --> 00:18:23,080
कि हां यह चीज ऐसे भी है नहीं उन्होंने

251
00:18:23,080 --> 00:18:27,320
तो जो गुरु ने कह दिया उसी चीज को मान लेते हैं तो

252
00:18:27,320 --> 00:18:31,320
गुरु क दिया खु खुद की बुद्धि में तो काम में लो ना खुद

253
00:18:31,320 --> 00:18:35,720
की बुद्धि में थोड़ी बहुत काम में लो ये

254
00:18:35,720 --> 00:18:39,760
जीने की राह का एक पृष्ठ है वह

255
00:18:39,760 --> 00:18:43,760
जरा दिखा दीजिए जीने की

256
00:18:43,760 --> 00:18:49,760
राह

257
00:18:50,240 --> 00:18:55,040
यह दसवा पृष्ठ है जीने की राह का

258
00:18:55,040 --> 00:18:59,520
जी जी म जी अंश

259
00:18:59,520 --> 00:19:03,760
जी शुभम जी आप अपना चेहरा दिखाए फिर हम आपको जोड़े

260
00:19:03,760 --> 00:19:07,920
ऊ परर जय अंबे जय श्री राम भैया जी मयंक जी आपको भी

261
00:19:07,920 --> 00:19:13,920
जय श्री राम ज जय श्री राम

262
00:19:24,400 --> 00:19:28,560
भैया आज तो लगता नहीं है कोई रामपाल वाले डिबेट

263
00:19:28,560 --> 00:19:32,600
के के लिए चर्चा के लिए कोई आएगा आज तो आज तो वैसे ही

264
00:19:32,600 --> 00:19:38,600
वो वीडियो देखने के बाद वो डिप्रेशन में होंगे वो चाय पी रहे

265
00:19:38,840 --> 00:19:42,840
होंगे चाय पी के सोएंगे वो मुझे तो

266
00:19:42,840 --> 00:19:46,960
वो नहीं समझ आया वो कह रहे हैं बिना तिलक की फोटो भेजो आधार कार्ड भी

267
00:19:46,960 --> 00:19:52,040
दो व्यवस्था क्या रहेगी चाय क्या

268
00:19:52,040 --> 00:19:56,080
है यही सब तो उनके कारण थे वो तो मुद्दे

269
00:19:56,080 --> 00:20:00,240
से भागने के लिए बातें कर रहे हैं ना वो यदि उनको वाकई में बहस करनी

270
00:20:00,240 --> 00:20:04,520
होती है ना तो जैसे शिवांश भैया ने कहा फोटो भेज दो नाम भेज दो

271
00:20:04,520 --> 00:20:05,400
जगह बता देते

272
00:20:05,400 --> 00:20:09,800
अब वो जैसे शिवास बन क दे मैं लोकेशन भेज दूंगा तो क्या बोल रहे

273
00:20:09,800 --> 00:20:14,080
कि उसकी फोटो भेजो फोटो भेजने की क्या जरूरत है

274
00:20:14,080 --> 00:20:18,480
नहीं वकील हो तुम लयर हो पढ़े लिखे हो यह तो तुम्हारी ट

275
00:20:18,480 --> 00:20:22,520
उसकी लोकेशन भेजी जाएगी आप चले जाना वहा पर फिर देख लेना

276
00:20:22,520 --> 00:20:28,520
किसको क्या देखना है

277
00:20:30,600 --> 00:20:34,760
पापी जो है परमात्मा के लोक में जाता है यह

278
00:20:34,760 --> 00:20:40,760
कंप्यूटर स्क्रीन के हिसाब से यह दवे नंबर का पेज

279
00:20:42,000 --> 00:20:48,000
है इसलिए पूर्ण गुरु से दीक्षा

280
00:20:48,160 --> 00:20:52,760
लेकर ऊपर ऊपर चलिए जरा

281
00:20:52,760 --> 00:20:57,120
बस बस बस बस पढ़ दे दीजिए यही से प नीचे कर नीचे करिए

282
00:20:57,120 --> 00:21:02,280
नीचे करिए हां और नीचे

283
00:21:02,280 --> 00:21:06,560
एक मिनट एक मिनट बस बस रुकिए ये पढ़ना है

284
00:21:06,560 --> 00:21:12,560
पतिव्रता के भक्ति पद को आप साफ करें करतार और नीचे

285
00:21:14,520 --> 00:21:19,920
चलिए और

286
00:21:19,920 --> 00:21:24,160
नीचे हां और नीचे इसमें यह जो कबीर की

287
00:21:24,160 --> 00:21:28,280
वाड़ी लिखी हुई है ना वो देखना है मुझे ये कौन सा

288
00:21:28,280 --> 00:21:32,360
है 10 नंबर है ना एक मिनट

289
00:21:32,360 --> 00:21:38,360
धीरे करिए धीरे ऊपर जाइए थोड़ा सा कुछ निकल गया

290
00:21:38,400 --> 00:21:44,400
हम ठीक है आठ नंबर पेज की तरफ

291
00:21:52,800 --> 00:21:56,360
जाइए ये आठ

292
00:21:56,360 --> 00:22:01,920
है ठीक है इसको इसको बाद में देख

293
00:22:01,920 --> 00:22:04,600
लेंगे

294
00:22:04,600 --> 00:22:07,760
जी बृजेश

295
00:22:07,760 --> 00:22:12,040
कुशवा जी ब जय श्री राम जय श्री राम

296
00:22:12,040 --> 00:22:16,800
भाई जी बताइए मैं

297
00:22:16,800 --> 00:22:22,160
निवाड़ी जिला सा हूं

298
00:22:22,160 --> 00:22:28,160
और मेरे पड़ोस में बहुत सारे राम पाली है

299
00:22:28,800 --> 00:22:32,040
और मैं बहुत परेशान हूं

300
00:22:32,040 --> 00:22:36,600
उनसे आप कैसे बच गए अरे मैं क्या

301
00:22:36,600 --> 00:22:40,680
बताऊं आपको मेरे पड़ोस में एक अध्यापक जी

302
00:22:40,680 --> 00:22:44,880
हैं और वे मेरे सामने है

303
00:22:44,880 --> 00:22:49,120
ठीक है तो उन्होंने मुझको परेशान किया फिर आपका

304
00:22:49,120 --> 00:22:53,200
मैं वीडियो देखता रहा देखता रहा इसके बाद मैंने उनको बताया

305
00:22:53,200 --> 00:22:57,800
कि भाई ठीक है आप बोलते हैं कि ऐसा है ऐसा है

306
00:22:57,800 --> 00:23:02,120
एक एक ही प्रकार के मैसेजेस करने वालों को बैन

307
00:23:02,120 --> 00:23:06,240
कर दीजिए एक बार जो कर दे वो ठीक है मगर बारबार एक ही एक ही मैसेज

308
00:23:06,240 --> 00:23:10,240
करे तो उसको बैन कर दीजिए अब दोबारा एक ही मैसेज

309
00:23:10,240 --> 00:23:14,680
को रिपीट करेंगे तो उसको बैन कर दीजिएगा जैसे ट्रुथ

310
00:23:14,680 --> 00:23:17,080
फुल नॉलेज है या जो भी है जो

311
00:23:17,080 --> 00:23:21,080
एक ही एक ही वो क्या करते हैं एक मैसेज लिख लेते हैं उसको बारबार

312
00:23:21,080 --> 00:23:25,600
पेस्ट करके उसको मैसेज करते रहते ये जो भी करे उसको बैन करें

313
00:23:25,600 --> 00:23:29,320
है ना

314
00:23:29,320 --> 00:23:33,600
एक बार अभी मैंने बोला है एक बार अनबैंड कर दीजिए उसके बाद दोबारा

315
00:23:33,600 --> 00:23:39,600
वो ऐसे कॉपी पेस्ट करते रहे तो बैन कर दीजिएगा जी प्रजेश

316
00:23:39,640 --> 00:23:43,680
तो मैंने उनसे पूछा कि ठीक है आप लोग ऐसे जैसे बताते हो

317
00:23:43,680 --> 00:23:47,840
कि ब्रह्मा विष्णु महेश की पूजा नहीं करनी चाहिए तो ठीक है मैंने

318
00:23:47,840 --> 00:23:52,560
मैंने पूछा कि क्यों नहीं करनी चाहिए अच्छा जी तो

319
00:23:52,560 --> 00:23:56,560
तो उन्होंने मुझे बताया कि जो है वो लोग ऐसे हैं वैसे हैं

320
00:23:56,560 --> 00:24:00,880
उ की ठीक है आप लोग बताओ कि उनकी की पूजा क्यों नहीं करनी चाहिए फिर तमाम

321
00:24:00,880 --> 00:24:05,440
प्रकार की बातें हुई उनके हिसाब से तो

322
00:24:05,440 --> 00:24:09,440
मुझे ठीक नहीं लगा फिर मैं जो है एक एप्स मिला मुझे प्ले

323
00:24:09,440 --> 00:24:13,600
स्टोर पर तो जो है गीता गीता नाम से

324
00:24:13,600 --> 00:24:18,560
तो मैंने उसे पढ़ा हमने उनसे सवाल किया तो जो है फिर उन्होंने

325
00:24:18,560 --> 00:24:22,640
एक यह समझ लीजिए कि मेरे सामने वो बैठते नहीं है हम अगर उनसे सवाल

326
00:24:22,640 --> 00:24:26,960
करते तो बताते नहीं है अच्छा तो जो है

327
00:24:26,960 --> 00:24:31,120
दो जो है दो परिवार है वे लोग तो

328
00:24:31,120 --> 00:24:35,040
अब तो बैठते नहीं

329
00:24:35,040 --> 00:24:37,280
है

330
00:24:37,280 --> 00:24:43,280
जी सामने नहीं आते वे लोग

331
00:24:44,680 --> 00:24:48,960
जी तो इसलिए आप बच गए

332
00:24:48,960 --> 00:24:53,040
ये समझ लीजिए कि प् प्ले स्टोर में जो हमें एप्स मिला गीता नाम से हमने जो

333
00:24:53,040 --> 00:24:57,320
गीता पूरी पढ़ी है मैंने मोबाइल से पढ़ी है हमारे जो है किताब

334
00:24:57,320 --> 00:25:00,880
तो हमारे पास है नहीं

335
00:25:00,880 --> 00:25:04,920
[संगीत] किताब नहीं हमारे पास मोबाइल से पढ़ी है हमने तो

336
00:25:04,920 --> 00:25:09,680
उनसे हमने सवाल किया तो वो लोग ये समझ लीजिए वो लोग बताने

337
00:25:09,680 --> 00:25:13,720
बताना तो ठीक है हमने उनसे पूछा जो हैय आपने आप

338
00:25:13,720 --> 00:25:17,800
शब्द जो है उनके जो गीता में

339
00:25:17,800 --> 00:25:21,960
लिखा हुआ है कि जो है उने जो है कालने उनके

340
00:25:21,960 --> 00:25:26,120
साथ देवी जी के साथ ऐसा किया था वैसा किया था तो हमने उनसे

341
00:25:26,120 --> 00:25:31,320
सवाल किया तो ये समझ लीजिए कि जो है वो लोग पास में नहीं आते

342
00:25:31,320 --> 00:25:35,480
हमारे नहीं एक चीज आपने अच्छी ध्यान दिलाई है कि जैसे

343
00:25:35,480 --> 00:25:39,640
आपको उसमें लिखी हुई बातों को समझ में नहीं आ रहा है

344
00:25:39,640 --> 00:25:43,680
जैसे वो जो उमा जो सती माता है

345
00:25:43,680 --> 00:25:47,880
उनकी जो स्टोरी है कि सती माता जो है वो राम

346
00:25:47,880 --> 00:25:50,120
जी की परीक्षा लेने गई थी

347
00:25:50,120 --> 00:25:54,200
राम में भी है य वाला सती माता की परीक्षा लेने गई थी उसके

348
00:25:54,200 --> 00:25:58,480
बाद वो वापस आई तो वो बता नहीं रही थी कि उन्होंने किस प्रकार

349
00:25:58,480 --> 00:26:02,480
से परीक्षा ली है है ना क् परीक्षा किस प्रकार से ली क्योंकि

350
00:26:02,480 --> 00:26:06,480
उनकी वो जो वो थी परीक्षा फेल कर दी थी

351
00:26:06,480 --> 00:26:10,560
असफल हो गई थी व उसमें वो सिद्ध करने गई थी यह कैसा है जो

352
00:26:10,560 --> 00:26:14,880
रो रहा है तो हालाकि यह सब लीलाए होती है भगवान की मगर

353
00:26:14,880 --> 00:26:18,920
जब वापस गई तो शिव जी ने ध्यान अपना

354
00:26:18,920 --> 00:26:23,080
जो उनका जो ध्यान करके देख लिया कि उन्होंने कैसे परीक्षा

355
00:26:23,080 --> 00:26:27,320
ली है तो यहां पर आपको कब जब आप इसको पढ़ेंगे

356
00:26:27,320 --> 00:26:31,760
राम य रामचरित मानस तो आपको इसमें कहीं भी गंदगी

357
00:26:31,760 --> 00:26:35,800
का भाव नहीं आएगा साफ सुथरा मिलेगा

358
00:26:35,800 --> 00:26:39,920
मगर ज इसी कहानी को आप इसी दृश्य को आप जब

359
00:26:39,920 --> 00:26:44,160
रामपाल के शब्दों में पढ़ेंगे तो आपको गंदगी

360
00:26:44,160 --> 00:26:48,200
दिखने लगेगी बकल सत्य बात है की पहली बात तो

361
00:26:48,200 --> 00:26:52,320
तू तड़ाक आ जाएगा हा बिल्कुल सही बात है है ना पहली बात

362
00:26:52,320 --> 00:26:56,560
तो तू तड़ाक आ जाएगा वो गई और फिर वो वो गई

363
00:26:56,560 --> 00:27:01,120
थी और अच्छा वहां पर रामचरित मानस में दिया गया

364
00:27:01,120 --> 00:27:05,280
उन्होंने आज्ञा दी थी कि परीक्षा ले लो कैसे ले लो इस बारे में बात ही नहीं हुई

365
00:27:05,280 --> 00:27:09,640
परीक्षा कैसे लेनी है इस बारे में बात नहीं मगर परीक्षा लेने की आज्ञा शिवजी ने दी थी

366
00:27:09,640 --> 00:27:13,920
मगर यहां रामपाल झूठे ने झूठ लिख दिया यहां रामपाल ने लिख

367
00:27:13,920 --> 00:27:17,920
दिया कि

368
00:27:17,920 --> 00:27:22,040
भाई यहां रामपाल ने लिख दिया कि भाई वो बिना बताए

369
00:27:22,040 --> 00:27:26,120
चली गई छिप कर गई शिवजी से तो ये अपने मन से मिलाया अरे भाई

370
00:27:26,120 --> 00:27:30,520
तुमको अगर उस बात का कोई संदर्भ लेना भी है

371
00:27:30,520 --> 00:27:35,040
तो अपने मन से उसमें जोड़ क्यों रहे हो गंदे गंदे शब्द

372
00:27:35,040 --> 00:27:39,120
अगर मान लो तुमको ऐसा लग रहा है कि पुराणों में तुमको लग रहा

373
00:27:39,120 --> 00:27:43,640
है हमको नहीं लग रहा है क्योंकि हम परंपरा प्राप्त आचार्य से अध्ययन कर रहे हैं उनका

374
00:27:43,640 --> 00:27:47,840
क्योंकि वो पुराण ही कह रहे हैं कि हमारा अध्ययन आप परंपरा प्राप्त आचार्यों से करो

375
00:27:47,840 --> 00:27:52,200
पुराण स्वयं कह रहे हैं हमें स्वयं ना पढ़ो परंपरा प्राप्त आचार्यों के सानिध्य

376
00:27:52,200 --> 00:27:56,200
में हमारा अध्ययन करो तो जब तुमको उनकी पूरी बात नहीं भी माननी है

377
00:27:56,200 --> 00:28:00,320
मगर तुमने अध्ययन नहीं किया मगर फिर भी तुमको उसमें कुछ गलत लिख रहा है उस

378
00:28:00,320 --> 00:28:04,400
गलत को एज इट इज लिखो ना उसमें मिलावट क्यों कर रहे

379
00:28:04,400 --> 00:28:08,400
हो वो छिप के गई थी और फिर क्या कहते हैं वो तू

380
00:28:08,400 --> 00:28:12,400
मेरी अब किसी काम की नहीं है और फिर वहां वो वो

381
00:28:12,400 --> 00:28:16,480
जा रही है राम श्री राम के पास तो वो अपने मन में सोच रही है कि ये

382
00:28:16,480 --> 00:28:20,320
मुझे संतोष करेगा करेगा प्यार कर प्यार करेगा ये

383
00:28:20,320 --> 00:28:24,880
सब शब्द कहां है उसमें सही बात

384
00:28:24,880 --> 00:28:29,000
है तो यह सब इनका क्या होता है कि थोड़े से

385
00:28:29,000 --> 00:28:33,000
अपने महीन जहर उसमें डाल देना महीन जहर जिससे कि हिंदू

386
00:28:33,000 --> 00:28:37,080
का अपने ही देवी देवताओं के लिए अपने ही भगवान के स्वरूप के लिए माता के लिए

387
00:28:37,080 --> 00:28:41,080
घृणा पैदा हो और वो हो चुकी है ये लोग नाटक तो करते हैं

388
00:28:41,080 --> 00:28:45,080
कि हम लोग प्राथमिक तौर पर ब्रह्मा विष्णु महेश की भक्ति सिखाते हैं हम तो भगवान कहते

389
00:28:45,080 --> 00:28:49,080
हैं नाटक तो करते हैं मगर आप कमेंट में ही देख लो अभी

390
00:28:49,080 --> 00:28:53,160
जो कमेंट करने वाले होंगे रामपाल के फॉलोअर्स वो आपको प्रूफ करने

391
00:28:53,160 --> 00:28:57,280
में लगे रहेंगे कि ब्रह्मा विष्णु महेश कितने खराब है अरे भाई

392
00:28:57,280 --> 00:29:01,360
कितने खराब तो भगवान किस मुंह से कह रहे हो तुम झूठे

393
00:29:01,360 --> 00:29:05,680
सही बात है लेपन की पराकाष्ठा देखिए वो आपको लगातार

394
00:29:05,680 --> 00:29:09,840
आपको यह समझाते रहेंगे कि यह लोग कितने बेकार हैं फिर

395
00:29:09,840 --> 00:29:14,520
भी हम तो भगवान कहते हैं हम तो सबसे पहले उन्हीं की भक्ति कराते हैं वाह

396
00:29:14,520 --> 00:29:18,880
भगवान का जो लक्षण बताया गया है विष्णु पुराण में कि भगवान किसके लिए

397
00:29:18,880 --> 00:29:22,880
लिखा जाएगा उस लक्षण में से एक भी लक्षण लागू नहीं हो रहा

398
00:29:22,880 --> 00:29:27,240
है ना ब्रह्मा विष्णु महेश पर ना माता पर ना काल पर

399
00:29:27,240 --> 00:29:31,280
मगर हम तो उसे भगवान कहते हैं ना ना श्री कृष्ण

400
00:29:31,280 --> 00:29:35,320
पर मगर हम तो उसे भगवान कहते हैं वही वाली

401
00:29:35,320 --> 00:29:36,720
बात कि सर्व

402
00:29:36,720 --> 00:29:40,920
वही वाली बात नेता जी से पूछा गया कि बाढ का पानी

403
00:29:40,920 --> 00:29:45,200
खतरे के निशान तक आ गया है तो क्या करें

404
00:29:45,200 --> 00:29:48,680
तो नेता जी ने कहा कि खतरे का निशान दो इंच और ऊपर

405
00:29:48,680 --> 00:29:52,840
कर दो वही वाली बात है कि भगवान की परिभाषा

406
00:29:52,840 --> 00:29:57,280
ही बदल दी अरे भाई भगवान का अर्थ ही है ऐश्वर्य

407
00:29:57,280 --> 00:30:01,560
और उसम पाच छ प्रकार पूरे दिए गए विष्णु भगवान में

408
00:30:01,560 --> 00:30:05,640
वि विष्णु पुराण में जिसके पास श्री हो जिसके पास ऐश्वर्य हो

409
00:30:05,640 --> 00:30:09,680
बल हो है ना ये इतने

410
00:30:09,680 --> 00:30:13,880
सारे लक्षण हैट अच्छा अब यह काल को कहते हैं एक तरफ

411
00:30:13,880 --> 00:30:17,880
की काल जो है गीता को बोलने वाला जो काल ब्रह्म भगवान

412
00:30:17,880 --> 00:30:22,440
है व ऐसा है वैसा है इनको मानना पड़ा

413
00:30:22,440 --> 00:30:26,640
कि जो काल है वो यह कह रहा है कि मुझे कुछ भी प्राप्त करना

414
00:30:26,640 --> 00:30:30,680
शेष नहीं है यह तो मानना पड़ेगा ना भगवत गीता को

415
00:30:30,680 --> 00:30:34,720
बोलने वाला यह कह रहा है शायद चौथे में कह रहा है पांचवे

416
00:30:34,720 --> 00:30:38,760
में कह रहा है मुझे कुछ भी प्राप्त करना शेष नहीं है भगवान श्री कृष्ण ने कहा

417
00:30:38,760 --> 00:30:43,160
है ना य बात कि मुझे कुछ भी प्राप्त करना शेष नहीं है 32

418
00:30:43,160 --> 00:30:47,240
में कहा है शायद न 2 और चार 14

419
00:30:47,240 --> 00:30:51,280
या 14 15 के आसपास का है कि मुझे कुछ भी प्राप्त करना शेष नहीं है

420
00:30:51,280 --> 00:30:55,920
है ना तो फिर आगे फिर वो यह कैसे कि उसको आत्माओ को खाना

421
00:30:55,920 --> 00:31:00,160
है जब उनको कुछ भी प्रात करना ही नहीं है काल को तो आत्मा को खाना

422
00:31:00,160 --> 00:31:06,160
कहां से

423
00:31:06,440 --> 00:31:10,120
है हर्ष

424
00:31:10,120 --> 00:31:14,480
जा तो ज शी

425
00:31:14,480 --> 00:31:19,040
राम बस मैं अपनी बात पूरी करल इसके बाद फिर वो सती माता वो

426
00:31:19,040 --> 00:31:23,280
उनका वो राम चित मानस बताया गया कि वो चली गई अपने व राजा दक्ष के वहां

427
00:31:23,280 --> 00:31:27,400
के भी जो वहां से वो अपने पिता के घर गई है वो कैसे गई पिता

428
00:31:27,400 --> 00:31:31,440
के घर का नता आया कि वो पहले चली गई थी यह सब ट्विस्ट किया उन्होंने

429
00:31:31,440 --> 00:31:35,520
यह सब उन्होंने यह जो रामपाल ने अपनी किताबों में जो

430
00:31:35,520 --> 00:31:41,520
जहर भरने के लिए शब्दों को पूरा ट्विस्ट किया है

431
00:31:42,520 --> 00:31:47,440
जी राधे राधे भैया राधे राधे राजा जी बताइए

432
00:31:47,440 --> 00:31:51,520
मैं कह रहा था मैं सुन रहा था रिकॉर्डिंग अभी जो आपने डाली है

433
00:31:51,520 --> 00:31:55,520
इसमें कैसे वो पट्टी पढ़ा रहे थे आपको भैया हम तो उनकी भक्ति करते हैं और हम

434
00:31:55,520 --> 00:31:59,640
तो और हम तो बेचारे हम लोग तो इतने अज्ञान हम य भी नहीं जानते ब्रह्मा जी की पत्नी

435
00:31:59,640 --> 00:32:04,040
का नाम क्या है सावित्री है वही उनको ही मालूम हमको कहां पता है

436
00:32:04,040 --> 00:32:08,080
तो मैं यह कह रहा था कि जैसे थोड़ी सी मेहनत का कार्य एक है व हम लोगों को

437
00:32:08,080 --> 00:32:12,120
करना चाहिए आप ही कर सकते हैं हम बस हम लोग आपका सहयोग

438
00:32:12,120 --> 00:32:16,320
कर सकते हैं धन के रूप में जैसे भी आप बोले उसमें यह हो

439
00:32:16,320 --> 00:32:20,400
कि आप एक पुस्तक लिखिए क्योंकि वीडियो वीडियो क्या है

440
00:32:20,400 --> 00:32:24,600
उड़ उड़ जाती है ठीक है उसमें और पुस्तक मतलब जल्दबाजी

441
00:32:24,600 --> 00:32:28,720
में नहीं बड़ी गंभीरता से किस दिन थोड़ा मैटर लिख लिया किस दिन थोड़ा मैटर लि या फिर बाद

442
00:32:28,720 --> 00:32:32,800
में सबको जोड़ा जाए जिसमें कहां कहा हमारे हिंदू धर्म के देवी देवताओं का

443
00:32:32,800 --> 00:32:37,000
ने अपमान किया है वो पूरा पेज नंबर सही लिखकर ठीक है

444
00:32:37,000 --> 00:32:41,080
फिर इनका जो खंडन कबीर ईश्वर नहीं है उसका

445
00:32:41,080 --> 00:32:45,080
फिर वेदों से प्रमाण श्री कृष्ण पैदा हुए नहीं मरे हुए उसका भागवत

446
00:32:45,080 --> 00:32:49,120
से महाभारत से अंडर प्रोसेस है एक से दो महीने में

447
00:32:49,120 --> 00:32:53,160
बाहर आ जाएगी बुक अंडर प्रोसेस और कम से कम उसकी किताबें छवानी

448
00:32:53,160 --> 00:32:59,160
है पीडीएफ तो ऑनलाइन डाला जाएगा किताबें भी छप चाहिए कहने का मतलब य है बक बक बताब

449
00:33:00,000 --> 00:33:04,040
और निशुल्क बाटी जाए और हम लोगों का दायित्व है जितने भी लोग जुड़े हुए

450
00:33:04,040 --> 00:33:08,880
हैं कि हम कुछ सेवा दे उस किताब को छपने में

451
00:33:08,880 --> 00:33:13,800
ठीक है देखो एक बार उसकी लिखावट पूरी हो जाए फिर

452
00:33:13,800 --> 00:33:18,120
हम खाट जल्दबाजी मत करना बड़ी गंभीरता से ऐसा कोई जल्दबाजी

453
00:33:18,120 --> 00:33:22,840
नहीं है नहीं वो पिछले करीब मेरे ख्याल से

454
00:33:22,840 --> 00:33:26,920
तीन महीने हो चुके हैं जो हमारा डिफेंस का पक्ष था वो

455
00:33:26,920 --> 00:33:31,200
लिख गया है और रफल जो अटैकिंग का पक्ष है जो इनके

456
00:33:31,200 --> 00:33:35,360
शास्त्रों में कहां कहा गड़बड़ियां है वो रली लिखा जा चुका है

457
00:33:35,360 --> 00:33:39,520
उसको इसलिए ख रहा आगे चल कभी हमको बैन करने के लिए कोर्ट

458
00:33:39,520 --> 00:33:43,560
में अपील करें तो एक सबूत की तरह गा ढूंढना नहीं पड़ेगा एक ही किताब में

459
00:33:43,560 --> 00:33:47,560
सब मिल जाएगा कि कहां कहा इन्होने अपमान किया है हिंदुओ की आस्थाओं को कहां कहा

460
00:33:47,560 --> 00:33:51,600
ठेस पहुंचाया है ठीक है और उसके बाद अपनी बात हमारा सिद्धांत

461
00:33:51,600 --> 00:33:55,600
है वो भी पूरा शास्त्रों के प्रमाण से कहां पर गीता में कहा महाभारत में कहा

462
00:33:55,600 --> 00:33:59,920
सैकड़ों प्रमाण देर बकुल जैसे हमारे जो पूर्वा

463
00:33:59,920 --> 00:34:04,160
चार का तरीका र है उस तरीके से

464
00:34:04,160 --> 00:34:08,640
हमारे पास किताब में के रूप में होना चाहिए मैं आपसे कहना चाह रहा बस इतनी बात है

465
00:34:08,640 --> 00:34:12,760
नहीं नहीं बिल्कुल इसको कर देंगे आने वाले एक से दो

466
00:34:12,760 --> 00:34:15,680
महीने में

467
00:34:15,680 --> 00:34:19,680
रामपाल की पोल इस तरह का कोई शीर्षक लिखते हुए बहुत

468
00:34:19,680 --> 00:34:23,840
अच्छा शीर्षक तो नहीं दे सकते क्योंकि व स्तर

469
00:34:23,840 --> 00:34:28,360
का है नहीं मामला तो ऐसे करके कोई

470
00:34:28,360 --> 00:34:32,840
पुस्तक हम लोग रामपाल की पोल बड़ी करके नीचे लिख सकते हैं कि ू

471
00:34:32,840 --> 00:34:36,880
हिंदुओं की आस्था पर ठेस था कि सब लोग अटेंशन जाए लोगों

472
00:34:36,880 --> 00:34:41,400
का ना हिंदुओं की आस्था पर ठेस ऐसा को रामपाल की पोल

473
00:34:41,400 --> 00:34:45,600
लिख देंगे तो पहली बात तो य उस पुस्तक को पढ़ने वाला वही व्यक्ति

474
00:34:45,600 --> 00:34:50,000
होगा जो कहीं ना कहीं इनसे जो

475
00:34:50,000 --> 00:34:54,840
है अन सामान व्यक्ति के लिए तो आवश्यक नहीं है उसको पढ़ना

476
00:34:54,840 --> 00:34:59,360
मगर वो न वाला उसको तुरंत पड़ेगा

477
00:34:59,360 --> 00:35:03,880
हर हर महादेव सभी लोगों कोव टी आर पड़ी

478
00:35:03,880 --> 00:35:08,080
जी ठीक है फिर मैं थोड़ा चलता हूं मुझे घर जाना है तो मैं

479
00:35:08,080 --> 00:35:13,040
जी जी राम राधे राधे राधे राधे

480
00:35:13,040 --> 00:35:17,480
रामपाल जी के कोई फॉलोअर है इनसे बात कर लीजिए हां जी उदयवीर

481
00:35:17,480 --> 00:35:21,760
जी जय श्री राम आपकी आवाज

482
00:35:21,760 --> 00:35:26,280
नहीं आ रही जय श्री राम जी

483
00:35:26,280 --> 00:35:30,400
जी जी मैंने जैसे सर मैंने इसलिए लाइव किया था जैसे

484
00:35:30,400 --> 00:35:30,900
अभी आपने

485
00:35:30,760 --> 00:35:35,000
बोला था जसे वकील ने फोन किया था दोपहर में कि भा 708 पर

486
00:35:35,000 --> 00:35:39,200
जो है दलित और पिछड़े हैं और लगभग 20 30 पर हगड़े हैं

487
00:35:39,200 --> 00:35:43,320
तो मैंने सिर्फ इसलिए कि था जैसे आपने अभी बोला था ना पिछड़े तो अनपढ होते हैं गवार

488
00:35:43,320 --> 00:35:47,400
होते हैं तो ये आप यहां पर जो

489
00:35:47,400 --> 00:35:51,640
है जो शास्त्रोक्त कोई वार्ता करनी है तो उसकी बात

490
00:35:51,640 --> 00:35:54,920
करिए

491
00:35:54,920 --> 00:35:59,440
तो जैसे आपने कमेंट किया था उसी के लिए फन क्या

492
00:35:59,440 --> 00:36:03,960
जैसे आपने कहा था जैसे आपने अभी कहा था ना जैसे अन

493
00:36:03,960 --> 00:36:08,000
शास्त्र से रामपाल का पक्ष सिद्ध करना है क्या नहीं नहीं आप इस

494
00:36:08,000 --> 00:36:12,080
बात से सहमत है आपको शास्त्र से बात नहीं

495
00:36:12,080 --> 00:36:16,120
करनी है क्या नहीं बात तो करनी है आपका

496
00:36:16,120 --> 00:36:20,480
आपको शास्त्रीय पक्ष पर विश्वास नहीं है क्या रामपाल जी श प

497
00:36:20,480 --> 00:36:24,600
नहीं शास्त्रीय पक्ष बिल्कुल पूरा विश्वास है बात करें हमारा चैनल उसी के लिए है

498
00:36:24,600 --> 00:36:28,600
राजनीतिक व्याख्या के लिए नहीं हैन ला ऐसे बोल नहीं सकते

499
00:36:28,600 --> 00:36:33,440
त राजनीतिक व्याख्या के लिए नहीं है नहीं आपने भी बोला

500
00:36:33,440 --> 00:36:37,720
नाते आप हमसे य राजनीतिक व्याख्या ना करवाए अपना

501
00:36:37,720 --> 00:36:42,520
काम

502
00:36:42,520 --> 00:36:44,800
करें

503
00:36:44,800 --> 00:36:49,080
तो यह यहां पर आए हैं वो रील बनवाने

504
00:36:49,080 --> 00:36:52,840
के

505
00:36:52,840 --> 00:36:57,960
लिए प्रवचन बड़े अच्छे देते हैं कभी कभी

506
00:36:57,960 --> 00:37:02,520
इनको अपने गुरु की वाणी पर अपने गुरु गुरु के

507
00:37:02,520 --> 00:37:06,600
उस पर जो है नहीं है बिलीव इनको यह सब करना

508
00:37:06,600 --> 00:37:10,760
है हटा दीजिए इनको इनके पास है नहीं शास्त्रोक्त बात नहीं है

509
00:37:10,760 --> 00:37:15,880
इनकी शास्त्र शास्त्र की बात करनी है

510
00:37:15,880 --> 00:37:20,120
क्या हमने एससी एसटी नाम लिया है क्या अपने उसम बोलने

511
00:37:20,120 --> 00:37:24,280
में तो फिर आप कैसे बोल रहे हैं नहीं नहीं यही तो मैं क्लियर

512
00:37:24,280 --> 00:37:30,280
करना चाह रहा हूं कि मतलब ये बात नहीं हमने एससी एसटी नाम नहीं लिया क्या

513
00:37:31,560 --> 00:37:35,680
है उदयवीर जी यहां शास्त्रों के ऊपर बात हो रही

514
00:37:35,680 --> 00:37:39,680
है उनके ऊपर बात करिए बाकी आप छोड़िए रामपाल जी की

515
00:37:39,680 --> 00:37:44,160
जो गरिमा है उसको किस तरीके से बचाना है उस पर बात करिए

516
00:37:44,160 --> 00:37:48,800
आपको बात करनी है क्या शास्त्र सम्मत

517
00:37:48,800 --> 00:37:54,080
कोई हां या ना में जवाब

518
00:37:54,080 --> 00:37:58,760
दीजिए बोलिए जैसे ये बात आ रही

519
00:37:58,760 --> 00:38:03,000
देवी दुर्गा माता की यह लिखा हुआ है दरस य जो है किसी

520
00:38:03,000 --> 00:38:07,000
शास्त्र में नहीं लिखा हुआ वेदों में लिखा है गीता लिखा है यह जो कुछ

521
00:38:07,000 --> 00:38:11,360
बाणी ई है वो कबीर कबीर साहब की उस बाणी से उसम दिया गया है

522
00:38:11,360 --> 00:38:15,600
तो हम क्या करें हा तो मत य चीज

523
00:38:15,600 --> 00:38:19,600
नहीं हम क्या करें वो अपनी वाणी जाक आप ठीक करिए हम

524
00:38:19,600 --> 00:38:23,680
क्या करें दुर्गा माता का प्रादुर्भाव है दुर्गा

525
00:38:23,680 --> 00:38:27,840
माता को आप जानते कहां से कबीर कबीर सागर से जानते हैं कहां

526
00:38:27,840 --> 00:38:31,880
से जानते हैं दुर्गा माता को तो हम लोग वेद है हमारे गीता है जो

527
00:38:31,880 --> 00:38:36,120
धार्मिक ग्रंथ है ध उनके बारे में जो भी चीज मान होगी वो वेद गीता

528
00:38:36,120 --> 00:38:40,280
पुराण से होगी कबीर सागर से होगी जसे ये जतर

529
00:38:40,280 --> 00:38:44,520
लोग कबीर पंथी वाले लोग होते हैं वो कबीर अच्छा किया आपने

530
00:38:44,520 --> 00:38:46,560
य बोल दिया यहां पर ये अच्छा

531
00:38:46,560 --> 00:38:52,560
किया कि ये किसी शास्त्र में नहीं कबीर सागर में लिखा हुआ है अच्छा किया ये बात

532
00:38:53,520 --> 00:38:57,560
सही ये ये कबीर सागर में कबीर जी की वाणी

533
00:38:57,560 --> 00:39:02,600
में किसी ने मिलावट की है किसी ू

534
00:39:02,600 --> 00:39:08,600
और कोई बहुत बड़ी बात नहीं है वो धूर्त व्यक्ति वही हो जो जेल धाम निवासी

535
00:39:11,920 --> 00:39:16,160
है और कोई शास्त्र सम्मत पक्ष रखना

536
00:39:16,160 --> 00:39:20,640
चाहेंगे अपने गुरु

537
00:39:20,640 --> 00:39:24,640
का गुरु का तो यही है जो लोग उनकी भक्ति कर रहे हैं उनसे काफी लोगों को लाभ

538
00:39:24,640 --> 00:39:28,640
हो र है म प्रवचन मत दीजिए दीजिए हटा दीजिए इनको

539
00:39:28,640 --> 00:39:33,680
बिना रोके हटा दीजिए इनको अब मत

540
00:39:33,680 --> 00:39:38,000
लीजिएगा यह देखिए हालत है अपने गुरु

541
00:39:38,000 --> 00:39:42,360
के लिए बोलने के लिए कुछ बचा नहीं है लोगों के पास देखिए पहाड़ी

542
00:39:42,360 --> 00:39:46,640
जी बिल्कुल कुछ बचा ही नहीं है कल

543
00:39:46,640 --> 00:39:52,640
आश्रम में फोन किया था मैंने सच्चा मैंने आपको भेजा था

544
00:39:52,880 --> 00:39:56,960
हा अबकी बार आप वो वाला पूछेगा हट यो मैं आपको बता

545
00:39:56,960 --> 00:40:01,080
दूंगा वो पूछेगा उसमें जरा रुचि

546
00:40:01,080 --> 00:40:05,120
पूर्ण वार्ता हो जाएगी वो हट पूछिए कि मैं अपनी इंद्रियों पर

547
00:40:05,120 --> 00:40:09,160
कंट्रोल कैसे करूं क्योंकि आप तो मना कर रहे हो कि हठयोग करना गलत है तो

548
00:40:09,160 --> 00:40:13,280
इंद्रियों पर कंट्रोल करना गलत है उस भाव में पूछेगा कि क्या करना

549
00:40:13,280 --> 00:40:17,560
है है ना मैं आपको बताऊंगा इस बारे में फिर वो पूछिए

550
00:40:17,560 --> 00:40:22,440
इनसे किसी ने मेरे को नंबर दिया था के किसी राने

551
00:40:22,440 --> 00:40:26,640
बड़े घमंड से की आपने क्षमता है तो यहां फोन करिएगा मैंने

552
00:40:26,640 --> 00:40:31,000
कहा जरूर कर नंबर दीजिए आम का तो ये हरियाणा

553
00:40:31,000 --> 00:40:35,440
का कोई हा हरियाणा का थाय कोई आश्रम

554
00:40:35,440 --> 00:40:35,940
क्या

555
00:40:35,920 --> 00:40:40,320
धनाना कुछ धाम तो क्वेश्चन

556
00:40:40,320 --> 00:40:44,400
मेरा यह था कि स हमको तो वहां जाना चाहिए जहां से लौट के

557
00:40:44,400 --> 00:40:48,480
नहीं आते और हम तो वहां से लौट के आ गए भाई म

558
00:40:48,480 --> 00:40:52,600
हमने गलती करी ना अब गलती करी हो कुछ भी करिए लौट के तो आए ना

559
00:40:52,600 --> 00:40:57,400
हम हा कैसे आ गए भाई

560
00:40:57,400 --> 00:41:02,760
हां म वहां गलती की गुंजाइश है

561
00:41:02,760 --> 00:41:08,240
हां तो यानी वहां पर गलती गुंजाइश

562
00:41:08,240 --> 00:41:12,800
है थोड़ी देर तो चुप रहे बात है फोन काट दिया

563
00:41:12,800 --> 00:41:14,960
हां

564
00:41:14,960 --> 00:41:19,040
पिंटू बोलिए पिंटू जी अरे भाई

565
00:41:19,040 --> 00:41:23,120
चेहरे के साथ आइए समय व्यर्थ

566
00:41:23,120 --> 00:41:28,280
नष्ट ना करवाए हमारा बात

567
00:41:28,280 --> 00:41:33,120
हेलो पिंटू जी चेहरे के साथ

568
00:41:33,120 --> 00:41:37,600
आए कोई भाई थोड़ा एंकरेज करें

569
00:41:37,600 --> 00:41:42,320
अपने गुरु भाइयों को रामपाल वाले एंकरेज करें

570
00:41:42,320 --> 00:41:48,320
कि वह अपना चेहरा दिखा

571
00:41:48,400 --> 00:41:52,920
पाए है

572
00:41:52,920 --> 00:41:58,920
ना बिल्कुल

573
00:42:03,880 --> 00:42:08,080
इनकरेज करें भैया अपने गुरु भाइयों के कि वह अपनी इतनी क्षमता जुटा पाए

574
00:42:08,080 --> 00:42:12,880
कि अपने गुरुदेव का थोड़ा बहुत पक्ष र रख सके लाइव में आकर

575
00:42:12,880 --> 00:42:16,960
के पिंटू जी ने अपना चेहरा दिखा दिया है पिंटू जी को

576
00:42:16,960 --> 00:42:21,080
हम ऊपर लेते हैं आ सतलोक में भी गलती की गुंजाइश

577
00:42:21,080 --> 00:42:25,560
है जय श्री राम जय श्री राम पिंटू जी

578
00:42:25,560 --> 00:42:30,880
बताइए सरय मैं काफी देर से सुन रहा

579
00:42:30,880 --> 00:42:34,880
हूं ये रामपाल का मैटर

580
00:42:34,880 --> 00:42:38,960
है यह रामपाल है कौन जब

581
00:42:38,960 --> 00:42:43,240
आपको पता नहीं है तो क्या करेंगे जानकर नहीं नहीं मेरी बात है

582
00:42:43,240 --> 00:42:47,560
रामपाल के जो ज्ञान देने वाले आते हैं तो

583
00:42:47,560 --> 00:42:51,600
यह क्यों ज्ञान देते इनको ज्ञान के बारे में कुछ पता है रामपाल जी

584
00:42:51,600 --> 00:42:54,840
के ज्ञान के बारे

585
00:42:54,840 --> 00:42:59,160
में रामपाल जी के ज्ञान के बारे में हां

586
00:42:59,160 --> 00:43:03,560
रामपाल जी के खुद उनको ज्ञान अधूरा है व दूसरे

587
00:43:03,560 --> 00:43:07,600
को ज्ञान दे रहे हैं तो किस हिसाब से ज्ञान दे रहे

588
00:43:07,600 --> 00:43:11,680
ये मैं कहना चाहता हूं मतलब आपका कहने का मतलब है कि

589
00:43:11,680 --> 00:43:15,680
रामपाल जी का ज्ञान जो है वो रामपाल जी के नाम से जो इस समय जो

590
00:43:15,680 --> 00:43:19,920
लोग ज्ञान दे रहे हैं वो वो ज्ञान नहीं है जो रामपाल जी का

591
00:43:19,920 --> 00:43:24,000
ज्ञान रामपाल जी को खुद ज्ञान की जरूरत है

592
00:43:24,000 --> 00:43:28,400
भाई सनातन सनातन होता है वो आधे हिंदू आधे

593
00:43:28,400 --> 00:43:32,600
मुसलमान को मानते हैं बराबर

594
00:43:32,600 --> 00:43:36,600
अरे भाई देखिए एक चीज कि हमारे

595
00:43:36,600 --> 00:43:40,840
यहां पर श्रंगार करना है मात्र जो मातृ शक्तियां जो देवियां

596
00:43:40,840 --> 00:43:45,200
है बिंदी लगाना या श्रंगार इत्यादि करना

597
00:43:45,200 --> 00:43:50,160
मुसलमानों के य ये सब है कि बिल्कुल कुछ मत करो और जो है उसम रहो

598
00:43:50,160 --> 00:43:54,280
तो आपको हिंदुत्व के नाम पर कहां ले जाया जा रहा है मुसलमानों का

599
00:43:54,280 --> 00:43:58,680
ईश्वर है जो सातव आसमान पर बैठता है हमारा ईश्वर नहीं बैठता

600
00:43:58,680 --> 00:44:02,840
है बस वही मैं वीडियो देखता हूं

601
00:44:02,840 --> 00:44:07,360
कभी-कभी नाराजगी भी होती है कि हमारे सनातन

602
00:44:07,360 --> 00:44:11,640
से यह उछल उछल के अगर जा रहे हैं तो किस लिए

603
00:44:11,640 --> 00:44:16,240
जा रहे हैं वहां क्या मिलता क्या नहीं हमारे पास है

604
00:44:16,240 --> 00:44:18,680
हमारे पास ऋषि मुनि है हमारे

605
00:44:18,680 --> 00:44:22,760
पास अनेक ग्रंथ है बुजुर्ग लोगों

606
00:44:22,760 --> 00:44:27,800
का ज्ञान है व ब है

607
00:44:27,800 --> 00:44:32,000
वहां पर व क्या कहते भंडारा मिलता है वहां पर

608
00:44:32,000 --> 00:44:36,040
यह सब ढंग मिलता है कि हमारे जो है यह बीमारी सही हो गई वह

609
00:44:36,040 --> 00:44:40,520
सही हो गया सब ढंग मिलता है बहुत सी ची था

610
00:44:40,520 --> 00:44:44,880
प्राप्त होती देखो सर बीमारी तो अलग बात है

611
00:44:44,880 --> 00:44:49,560
मेरी तरफ से एक ज्ञान है रामपाल वालों के

612
00:44:49,560 --> 00:44:53,680
लिए कि जो हम बोंगे वही

613
00:44:53,680 --> 00:44:57,920
काटेंगे कोई भगवान और कोई ऐसा वो

614
00:44:57,920 --> 00:45:01,920
नहीं है कि हम पाप करें वो तुरंत माफ कर दे रामपाल

615
00:45:01,920 --> 00:45:05,960
वाले हो चाहे जो भी हो अगर हम गलत करेंगे तो हमारे लिए

616
00:45:05,960 --> 00:45:10,480
गलत ही आगे चल के आएगा और रामपाल रामपाल

617
00:45:10,480 --> 00:45:14,560
बोलते हैं कि सब पाप यही धुल जाएंगे इसका भजन करो उसका

618
00:45:14,560 --> 00:45:18,280
भजन करो ऐसे कैसे भजन

619
00:45:18,280 --> 00:45:23,240
करें वो इनकी कुछ टेक्निक्स होती

620
00:45:23,240 --> 00:45:27,600
है कैसे वो बताया ज्यादातर

621
00:45:27,600 --> 00:45:32,240
जो पिछड़ा वर्ग होता है पिछड़े पिछड़ा वर्ग से अथ य भी लिया जा सकता है

622
00:45:32,240 --> 00:45:33,800
भाई पिछड़ा किस चीज में

623
00:45:33,800 --> 00:45:38,240
पिछड़ा पिछड़ा वर्ग किस चीज में पिछड़ा भाई शिक्षा में

624
00:45:38,240 --> 00:45:42,520
पिछड़ा जैसे अभी न पूछ रहे थे पिछड़े के बारे में पिछड़ा

625
00:45:42,520 --> 00:45:47,120
का अर्थ हुआ क्या बैकवर्ड देखो सर

626
00:45:47,120 --> 00:45:51,280
जी व बैकवर्ड हो या कोई हो उससे मुझको लेना देना

627
00:45:51,280 --> 00:45:55,480
मुझको लेना देना है सनातन सनातन हमारा जितना

628
00:45:55,480 --> 00:46:00,880
मजबूत है उतना कोई मजबूत है ही नहीं सोचना ही

629
00:46:00,880 --> 00:46:05,000
नहीं और मैं इसलिए आपसे जुड़ा हूं कि कोई

630
00:46:05,000 --> 00:46:09,000
य रामपाल बाबा वाले कोई ज्ञानी व्यक्ति हो ना तो मुझसे बात

631
00:46:09,000 --> 00:46:13,080
कराओ मैं कल एक वीडियो देख रहा था

632
00:46:13,080 --> 00:46:17,200
हर आदमी के सामने में एक दान पत्र रखा है वहां

633
00:46:17,200 --> 00:46:21,320
परिक्रमा करो और दान पत्र में पैसा डालो भैया जिसके पास नहीं

634
00:46:21,320 --> 00:46:25,920
है गरीब आदमी है तो नहीं जा सकता आप

635
00:46:25,920 --> 00:46:31,920
बताइए

636
00:46:32,560 --> 00:46:36,760
जी नहीं सही बात सही बात है कोई हो रामपाल

637
00:46:36,760 --> 00:46:40,800
वाला मेरा जवाब दे जी पहाड़ी जी जय श्री राम

638
00:46:40,800 --> 00:46:45,040
आप चले गए जय श्री राम नहीं नहीं थोड़ा टेक्निकल प्रॉब्लम आ रही

639
00:46:45,040 --> 00:46:47,920
थी

640
00:46:47,920 --> 00:46:51,960
जी अच्छा जो आप आपने जो कॉल रिकॉर्डिंग

641
00:46:51,960 --> 00:46:55,960
डाली थी जी में तो बड़े जोश से आए थे वो आपके

642
00:46:55,960 --> 00:47:00,000
फोन पे देखा फिर धीरे धीरे धीरे

643
00:47:00,000 --> 00:47:04,200
धीरे उनका जो मोरल है वो डाउन होता गया जब

644
00:47:04,200 --> 00:47:08,320
सामने वाला पता चल गया कि जो सामने वाला

645
00:47:08,320 --> 00:47:12,480
है वो थोड़ा तगड़ी पार्टी है अब एक बात कहते

646
00:47:12,480 --> 00:47:16,640
हो ना कि आपने चाल तो सही चली पर आदमी गलत चुन

647
00:47:16,640 --> 00:47:21,520
लिया ही हुआ उनके साथ लास्ट में वह चाय

648
00:47:21,520 --> 00:47:25,880
कुर्सी टेंट कारपेट में आ गए वो कि

649
00:47:25,880 --> 00:47:30,440
कहां होगा कैसे होगा हम अब जैसे

650
00:47:30,440 --> 00:47:34,520
आप तो जैसे अपने चैनल पे अपना नंबर समेत सब कुछ डालते हो कि इस नंबर

651
00:47:34,520 --> 00:47:38,880
पर आप कॉल करिएगा अगर हमसे वो करना है तो चर्चा और

652
00:47:38,880 --> 00:47:43,080
ये लोग कहते हैं कि आओ हमसे चर्चा करो ना उनका कभी उने अपना कांटेक्ट नंबर डाला

653
00:47:43,080 --> 00:47:47,400
ना किधर आने को बताया बस हां चर्चा कर लो हां चर्चा कर लो बस कहां

654
00:47:47,400 --> 00:47:47,900
कर लो

655
00:47:47,680 --> 00:47:52,080
किससे हवा में बातें हवा से बातें कर ले या पत्थरों से बातें कर ले हवा

656
00:47:52,080 --> 00:47:56,280
हवा हवा हवा में चर्चा कर

657
00:47:56,280 --> 00:48:01,880
ओके एक

658
00:48:01,880 --> 00:48:06,760
मिनट तो भाई आर्यन

659
00:48:06,760 --> 00:48:11,440
कुशवा जी हैं

660
00:48:11,440 --> 00:48:15,680
और श्याम स्टूडियो वाले हैं दीपक दीपक जी आप अपना चेहरा

661
00:48:15,680 --> 00:48:20,520
नहीं दिखा रहे अपना प्रयोजन भी नहीं बता रहे जुड़ने का

662
00:48:20,520 --> 00:48:24,760
जी श्याम स्टूडियो राधे राधे राधे राधे राधे

663
00:48:24,760 --> 00:48:29,120
राधे जी आपका ये मेला का देगा तो बहुत अच्छा लगा

664
00:48:29,120 --> 00:48:33,080
मुझे जी जी आभार

665
00:48:33,080 --> 00:48:37,080
आप टेलीफोन वाला भी बहुत अच्छा था वो बहुत करंट में आए थे

666
00:48:37,080 --> 00:48:41,360
वो तो कहने के लिए पर फिर धीरे धीरे वो एकदम स्लो हो

667
00:48:41,360 --> 00:48:46,320
गए वो स्लो होना उनका जो शुरू हुआ है

668
00:48:46,320 --> 00:48:50,400
वो मेनली आप ध्यान से देखिएगा एक जगह आता है जब मैं अपनी उनको

669
00:48:50,400 --> 00:48:54,480
यह बात बताता हूं कि मेरा य चैनल है वो यह कहते हैं कि अच्छा आधी

670
00:48:54,480 --> 00:48:58,720
इंग्लिश आधी अंग्रेजी और जब लि आ अंग्रेजी बोलते तो बात होते

671
00:48:58,720 --> 00:49:02,800
होते फिर वो कहते कि आप हम तो वकील है आप धर्म के पुता है तो फिर

672
00:49:02,800 --> 00:49:06,920
वहा जब मैं यह कहता हूं कि पुरी के शंकराचार्य

673
00:49:06,920 --> 00:49:11,160
जी के शिष्य वहां से उनका जो है उसमें देखिएगा

674
00:49:11,160 --> 00:49:15,840
ढीलापन फिर चालू हुआ जब उन्होंने ये कन्फर्म किया उन्होने व

675
00:49:15,840 --> 00:49:19,840
पूछा कौन कौन से शंकराचार्य जी के शिष्य मैंने कहा

676
00:49:19,840 --> 00:49:23,880
पुरी के शंकराचार्य पुरी के शंकराचार्य जी के

677
00:49:23,880 --> 00:49:28,000
तो वहा से आप देखि उनकी आवाज बिल्कुल चेंज हो गई उसके बाद

678
00:49:28,000 --> 00:49:32,440
तो बस उ बनाने ऊपर से उन्होने

679
00:49:32,440 --> 00:49:36,520
हा ऊपर से उन्होंने हमारी दो फोटो देखी एक में क्या था ये

680
00:49:36,520 --> 00:49:40,720
पीछे ये सब था और एक फोटो में त्रिपु

681
00:49:40,720 --> 00:49:44,760
लगा हुआ था पूरे धौती जो संध्या बंदन करते हैं ये तीन चीज

682
00:49:44,760 --> 00:49:49,040
मतलब पुरी के शंकराचार्य जी के शिष्य और यह दो फोटो इसके बाद

683
00:49:49,040 --> 00:49:53,600
उनका मामला ढेर हो गया

684
00:49:53,600 --> 00:49:57,600
मेले पर मेले में तो यही लगा कि आपके अलावा और

685
00:49:57,600 --> 00:50:01,680
कोई था नहीं मतलब आप ही मतलब सबसे आगे आप ही थे उसमें और कोई तो

686
00:50:01,680 --> 00:50:05,880
बोल ही नहीं सब आपके पीछे खड़े थे मतलब वहां पर तो

687
00:50:05,880 --> 00:50:10,040
सब थे नहीं बोले सब थे अपने अपने स्तर पर देखिए सबका एक ही कार्य

688
00:50:10,040 --> 00:50:14,320
नहीं होता है किसी नहीं वो आपका जी

689
00:50:14,320 --> 00:50:18,320
ठीक है सर पर आपका नेक ज्यादा है और मैं तो कह रहा हूं कि

690
00:50:18,320 --> 00:50:22,600
आप ही मुझे ऐसा लग रहा है कि आप ही खड़े हो और कोई खड़ा ही नहीं है

691
00:50:22,600 --> 00:50:27,000
नहीं नहीं सब खड़े थे वहां पर सब मुझे मुझे बहुत अच्छा लगता है

692
00:50:27,000 --> 00:50:32,160
कि कोई तो है कि खड़ा है मेरे लिए

693
00:50:32,160 --> 00:50:36,680
कुछ आपसे हमने पिछली बार भी कहा था कि आप संपर्क

694
00:50:36,680 --> 00:50:40,960
करिएगा आपने संभवत किया नहीं है संपर्क हमारा जो नंबर

695
00:50:40,960 --> 00:50:45,120
है उसके आप संपर्क करिएगा तो देखते हैं

696
00:50:45,120 --> 00:50:49,120
मैं भेजता तो रहता हूं आपको भेजा था मैंने आपको नहीं भेजा था मैंने

697
00:50:49,120 --> 00:50:53,440
आपको भेजा था पर आपने अपलाई नहीं मेरा

698
00:50:53,440 --> 00:50:57,640
अच्छा आप श्याम स्टूडियो लिख दीजिएगा उसम ठीक है ग्वालियर से है

699
00:50:57,640 --> 00:51:01,880
ना ठीक है मैं लिख के गवालियर एमपी मध्य प्रदेश

700
00:51:01,880 --> 00:51:05,960
जी जी अनिल कुमार जी जय श्री राम ठीक है सर मैं लिख के

701
00:51:05,960 --> 00:51:08,120
भेज

702
00:51:08,120 --> 00:51:09,120
जी

703
00:51:09,120 --> 00:51:13,240
जी बोले मैं आज आपका ना वो रिकॉर्डिंग सुनना

704
00:51:13,240 --> 00:51:17,400
था आपकी जी तो उसमें वो कह रहा था कि सात तरह

705
00:51:17,400 --> 00:51:21,760
के उसने मंत्र दिए हैं सात तरह के मंत्र दिए ए मंत्र दिया म मंत्र दिया है

706
00:51:21,760 --> 00:51:26,120
मैं ब्रह्मा का दिया है विष्णु का दिया है माता पार्वती का दिया है अगर तुमने

707
00:51:26,120 --> 00:51:30,240
माता पार्वती का अध्याय शिव जी का मंत्र दे रहे हैं तो फि इसमें उल्टा सीधा क्यों

708
00:51:30,240 --> 00:51:34,360
लिख र है एक का के लिए दे रखा है फ का इसमें य ऐसा

709
00:51:34,360 --> 00:51:39,000
करो इसम वो रखा है बलात्कार कर रखा है ये

710
00:51:39,000 --> 00:51:43,080
लोग ये लोग ये सिखाते हैं कि ये आप एक बदमाश

711
00:51:43,080 --> 00:51:47,480
की कैद में हो उसकी कैद के से निकलने के लिए उस बदमाश

712
00:51:47,480 --> 00:51:51,520
को भी आपको मनाने करने पड़ेंगे मगर इस बात पर भी अगर

713
00:51:51,520 --> 00:51:55,680
हम लोग बातचीत करने लग जाए ना तो ये तीन चार मिनट से ज्यादा इनकी चर्चा

714
00:51:55,680 --> 00:52:00,280
टिकेगी नहीं जब तुम कबीर जो सुप्रीम कंट्रोलर है

715
00:52:00,280 --> 00:52:05,240
जब तुम उसकी शरण में जा रहे हो तो फिर तुम्हें इन बदमाशों की क्यों आवश्यकता रहेगी

716
00:52:05,240 --> 00:52:09,880
तो इनकी पूजा करना करवाना यह पाखंड है और कुछ नहीं है

717
00:52:09,880 --> 00:52:13,920
यह इनकी चिचोरी चाल है

718
00:52:13,920 --> 00:52:17,920
मान लो सुप्रीम कोर्ट है मान लो सुप्रीम कोर्ट क्या करता है वो एक न्याय देता

719
00:52:17,920 --> 00:52:22,280
है ना बाकी सारा काम तो बाकी सरकार करती है अपना

720
00:52:22,280 --> 00:52:24,160
जो प्रांत की सरकार

721
00:52:24,160 --> 00:52:28,360
करती है जिले की सरकार करती है तो सुप्रीम कोस में मतलब

722
00:52:28,360 --> 00:52:32,480
बनता है ये तो मतलब घुमाने

723
00:52:32,480 --> 00:52:36,560
वाली बात है नाय तो

724
00:52:36,560 --> 00:52:41,720
जी तो कम इसम सुनना

725
00:52:41,720 --> 00:52:45,800
बा जी जी जी मयंक जी आप कुछ

726
00:52:45,800 --> 00:52:49,160
कह रहे थे

727
00:52:49,160 --> 00:52:53,680
श्रीराम हा भैया मैं कुछ बोल रहा था

728
00:52:53,680 --> 00:52:57,960
ये लोग ऐसे बोलते कि हमारे जो ग्रंथ व कोर्ट से प्रमाणित है

729
00:52:57,960 --> 00:53:02,040
पहली बात तो मेरे को समझ में नहीं आता कि हाई कोर्ट बुक को कब से प्रमाणित करने

730
00:53:02,040 --> 00:53:06,360
लग गया अरे इनको पता नहीं है

731
00:53:06,360 --> 00:53:10,400
सुप्रीम कोर्ट हाई कोर्ट की बात नहीं है सुप्रीम कोर्ट ने लिखा हुआ है कि

732
00:53:10,400 --> 00:53:14,600
धर्म के निर्णायक शंकराचार्य होते हैं सुप्रीम कोर्ट हाई

733
00:53:14,600 --> 00:53:18,680
कोर्ट ने दोनों ने लिख के दिया धम के निर्णायक शंकराचार्य होते हैं और

734
00:53:18,680 --> 00:53:22,840
ऐसे नहीं है कि जब मांगो तो उस कोई प्रमाण नहीं है पूरी बुक छपी

735
00:53:22,840 --> 00:53:28,840
हुई है गोवर्धन मट से मैं दिखा दूं आपको स

736
00:53:58,880 --> 00:54:04,880
आप स आप सभी सनातन भाइयों के चरणों में मेरा कोटि कोटि

737
00:54:14,000 --> 00:54:19,520
प्रणाम बोलिए बोलिए बोल दीजिए बोलज आपकी

738
00:54:19,520 --> 00:54:23,640
सु ये देखिए ये रथ ू श्री

739
00:54:23,640 --> 00:54:27,880
जगन्नाथ आदि के दर्शन था स्पर्श आदी

740
00:54:27,880 --> 00:54:31,920
की अधिकार मीमांसा इसमें सुप्रीम कोर्ट

741
00:54:31,920 --> 00:54:36,000
का वो जजमेंट भी छपा हुआ है जिसमें

742
00:54:36,000 --> 00:54:40,240
उन्होंने शंकरा पुरी के शंकराचार्य जी का निर्णय जो उन्होंने

743
00:54:40,240 --> 00:54:44,280
दिया था मंदिरों के लिए मंदिर के लिए किसका प्रवेश हो सकता है किसका नहीं हो

744
00:54:44,280 --> 00:54:48,840
सकता जो भी है जो उन्होंने निर्णय दिया था उस निर्णय का

745
00:54:48,840 --> 00:54:52,920
आधार बनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह कहा है कि भाई

746
00:54:52,920 --> 00:54:57,200
धर्म और अधर्म के निर्णय में जो सनातन धर्म के निर्णय में शंकराचार्य

747
00:54:57,200 --> 00:55:01,480
निर्णायक होते हैं यह सुप्रीम कोर्ट का है और उड़ीसा

748
00:55:01,480 --> 00:55:06,280
के हाई कोर्ट ने भी ऐसा ही जजमेंट दिया है यह होता है

749
00:55:06,280 --> 00:55:10,320
प्रूफ के साथ बात करना इसको कहते क्लीन च

750
00:55:10,320 --> 00:55:13,880
कितनी बार रामपाल का कितनी

751
00:55:13,880 --> 00:55:18,040
बार रामपाल का वो हो गया वहा पर सुप्रीम कोर्ट में जाकर के सुप्रीम

752
00:55:18,040 --> 00:55:22,080
कोर्ट के जजेस सुप्रीम कोर्ट के लॉयर्स बैठ कर के गुरुदेव का प्रवचन

753
00:55:22,080 --> 00:55:26,440
सुने डाल के देख लेना सुप्रीम कोर्ट उच्चतम न्यायालय पु शंकराचार्य

754
00:55:26,440 --> 00:55:30,640
सुन लेना बैठे हैं दो दो घंटे और सुन रहे हैं और समय समय

755
00:55:30,640 --> 00:55:34,760
पर तालियों की गड़गड़ाहट भी है ठीक है तो

756
00:55:34,760 --> 00:55:39,000
पहली बात तो यह है कि सुप्रीम कोर्ट या कोर्ट य तय नहीं करती धर्म

757
00:55:39,000 --> 00:55:43,120
और धर्म की व्याख्या अगर तुम यह मानते हो कि करती है तो तुम्हारे पास

758
00:55:43,120 --> 00:55:47,200
तो सबूत नहीं है जो तुमने झूठ बोला मगर

759
00:55:47,200 --> 00:55:51,440
सत्य य है पढ़ लेना इसको गोवर्धन

760
00:55:51,440 --> 00:55:55,720
पीठ से प्रकाशित है जो सुन रहा हो वो पढ़ ले ठीक है पावर

761
00:55:55,720 --> 00:55:59,360
ऑफ

762
00:55:59,360 --> 00:56:03,440
एक बार में इनके नाम दान केंद्र गया नाम दान केंद्र में कहते

763
00:56:03,440 --> 00:56:07,800
हैं सबसे पहले घुसने की कहते के जो रामपाल

764
00:56:07,800 --> 00:56:12,200
की चरण पाद उसको पकड़ो मैंने जब तक मेरे को असली

765
00:56:12,200 --> 00:56:16,360
गुरु ना मिले मैं ऐसी अंजन व्यक्ति को क्यों गुरु बनाऊ वो कहते हैं कि यह

766
00:56:16,360 --> 00:56:20,520
हमारी परंपरा है जो भी अंदर घुसता है पहले पैर छूता है मैं

767
00:56:20,520 --> 00:56:24,600
ये मैं नहीं मानता फिर दूसरी बार जब कोई बैठा हो

768
00:56:24,600 --> 00:56:28,720
तो किसी के जब बढ़ते है ना प्रेम बढ़ने के लिए

769
00:56:28,720 --> 00:56:32,840
सबसे किसी को नहीं देखा मैं नया नया था मैं देख क्या है चाय लेके आए

770
00:56:32,840 --> 00:56:36,880
बिस्किट लेके आए रोटी भी देने लगे मैंने भाई मैं य ज्ञान की चर्चा करने आया हूं

771
00:56:36,880 --> 00:56:41,360
और खाने पीने की बात कहां से आ गई

772
00:56:41,360 --> 00:56:46,880
मैं अभी कुछ दिन

773
00:56:46,880 --> 00:56:51,120
कना एक बार और कहना चाहू कि ये बो वकील है कौन है

774
00:56:51,120 --> 00:56:55,280
मालूम नहीं हैवी है कि नहीं वकील है उससे बोला कि भोले

775
00:56:55,280 --> 00:56:59,320
बाबा के मंदिर में आ जा बोलता है भोले बाबा कौन है क्या भारत

776
00:56:59,320 --> 00:57:03,800
में रहता नहीं है कि यहां पर रहता नहीं है पता नहीं है नहीं नहीं वो

777
00:57:03,800 --> 00:57:08,000
देखिए होती है पहले वो समझ गया था भोले बाबा

778
00:57:08,000 --> 00:57:12,240
कौन है पहले उस दो तीन बार कहा अच्छा भोले बाबा का मंदिर दिखा दीजिए आप दोबारा

779
00:57:12,240 --> 00:57:16,800
सुनना वह पहले समझ गया था किसकी बात हो रही बाद में

780
00:57:16,800 --> 00:57:20,840
उसने अपमान पूर्वक तिरस्कार दिखाने के

781
00:57:20,840 --> 00:57:25,000
लिए भोले बाबा कौन है समझ रहे हैं

782
00:57:25,000 --> 00:57:29,080
ये उसने पहले उस स्वीकार किया भोले बाबा का मंदिर दिखा दीजिए मुझे कहां पर

783
00:57:29,080 --> 00:57:33,400
है पहले उसने स्वीकार किया भोले बाबा उसके बाट

784
00:57:33,400 --> 00:57:39,400
के रूप में चढ़ने के रूप में भोले बाबा कौन

785
00:57:41,240 --> 00:57:45,400
है आना नहीं था उसको आना नहीं था उसको फोन

786
00:57:45,400 --> 00:57:51,400
परही मगज मारी करनी और अपनी जो बकती है

787
00:57:52,440 --> 00:57:57,000
नी सब करट करले आप सब लोग

788
00:57:57,000 --> 00:58:01,080
जी विशाल जय श्री राम सभी को जय श्री राम हर

789
00:58:01,080 --> 00:58:05,800
हर महादेव जय बजरंगबली जय बजरंग जय ह

790
00:58:05,800 --> 00:58:09,800
हर महादेव कल मैंने आपका पूरा वीडियो देख लिया जो कल पूरा आपने

791
00:58:09,800 --> 00:58:13,840
दहन किया आपने हनुमान जी के मंदिर के सामने आपने वो किया था दक्षिण मुखी हनुमान

792
00:58:13,840 --> 00:58:18,000
मंदिर संकट मोचन मैंने देखा तो अगर मैं व होता ना भैया

793
00:58:18,000 --> 00:58:22,160
मैं तो पूरा वो उनका पूरा में हाथ से उखाड़ देता मैं तो मुझे किसी

794
00:58:22,160 --> 00:58:26,360
की जरूरत नहीं थी परमिशन की मगर मैं होता तो और मैंने

795
00:58:26,360 --> 00:58:30,520
जैसे बोला था ना पिछली बार जब मैं आया था कि हमको मतलब

796
00:58:30,520 --> 00:58:34,600
की अशोक वाटिका उजड़ी है कल पूरी लंका जलेगी तो इस लंका

797
00:58:34,600 --> 00:58:38,720
को जलने के लिए ना इस लंका को भस्म करने के लिए हम सभी

798
00:58:38,720 --> 00:58:43,040
हम सभी हिंदुओं को हम सभी सनातनी हों को जितना हो सके

799
00:58:43,040 --> 00:58:47,120
इकट्ठा होकर हनुमान जी की पूंछ जैसा जितना हो सके उतना लंबा होना पड़ेगा

800
00:58:47,120 --> 00:58:52,080
क्योंकि जितनी लंबी पूछ होगी उतनी आग फैले गी इन लोगों के लिए

801
00:58:52,080 --> 00:58:56,120
हां अपना संगठन का निर्माण अपने क्षेत्र में हिंदुओं

802
00:58:56,120 --> 00:58:56,620
का

803
00:58:56,240 --> 00:59:00,320
संगठन हिंदू राष्ट्र गोष्ठी करिए साप्ताहिक रूप से और

804
00:59:00,320 --> 00:59:04,800
देखिएगा आप करते रहेंगे करते रहेंगे आपका संगठन तैयार होगा

805
00:59:04,800 --> 00:59:09,160
समय आने पर वही संगठन खड़ा होगा ऐसे पाखंडी तत्वों

806
00:59:09,160 --> 00:59:13,600
के लिए जी दीपक जी आप कुछ कह रहे थे दीपक

807
00:59:13,600 --> 00:59:19,600
जी एक मिनट जी दीपक जी

808
00:59:20,800 --> 00:59:25,040
बताइए न्यूजपेपर में दिए कि नहीं

809
00:59:25,040 --> 00:59:29,080
देखना पड़ेगा भैया आया कि नहीं आया न्यूजपेपर वैसे

810
00:59:29,080 --> 00:59:33,120
वहां पर क्षेत्र के पार्षद भी थे जो

811
00:59:33,120 --> 00:59:37,200
साथ में थे और एक रिटायर्ड आईजी भी थे रिटायर्ड

812
00:59:37,200 --> 00:59:41,600
पुलिस विभाग में काफी उच्च पद पर कार्य करते हैं

813
00:59:41,600 --> 00:59:45,880
लास्ट में जब सब लोग खड़े तो वहा पार्षद है मतलब उस सम मतलब पदा

814
00:59:45,880 --> 00:59:49,960
पद पर जो इस समय नियुक्त है काफी लोग थे वहां पर तो संभवत किसी

815
00:59:49,960 --> 00:59:54,360
ने दिया ध्यान नहीं गया क्योंकि उसके ठीक अगले ही दिन हमारी

816
00:59:54,360 --> 00:59:58,400
चर्चा थी आर समाज के जो वो है ना गुरुकुल

817
00:59:58,400 --> 01:00:03,200
में जो आचार्य थे क्या नाम है उनका

818
01:00:03,200 --> 01:00:07,200
रक्षपाल देवार्य जिसके साथ में चर्चा हुई थी ना अगले ही दिन थी वो

819
01:00:07,200 --> 01:00:11,320
तो हमको तुरंत यहां का वो जो विप्लव था उससे तुरंत तुरंत

820
01:00:11,320 --> 01:00:15,680
जो है दूसरी जगह दिमाग पूरा चला गया दूसरे ही दिन हमको सुबह सुबह निकलना था

821
01:00:15,680 --> 01:00:19,760
चर्चा निश्चित हुई थी दिन में दो बजे के लिए मगर होते होते होते होते वो

822
01:00:19,760 --> 01:00:24,160
शाम को हुई थी आर समाज के साथ चर्चा हुई थी राम पांडे जी जय श्री

823
01:00:24,160 --> 01:00:28,240
राम जय श्री राम जी सभी को जय श्री राम

824
01:00:28,240 --> 01:00:32,360
बहुत ही अच्छा काम कर रहे शि जी बहुत अच्छा रिजल्ट देखने को मिला अभी कुछ

825
01:00:32,360 --> 01:00:37,400
पास्ट टाइम में बाकी यह

826
01:00:37,400 --> 01:00:41,520
जो जो आपका रिकॉर्डिंग वीडियो था रिकॉर्डिंग जो

827
01:00:41,520 --> 01:00:45,600
मैसेज दिया था वो सुन रहा था मैं तो उसम मेरे को

828
01:00:45,600 --> 01:00:50,120
हसी आई की व चाय के लिए चाय की व्यवस्था है कि नहीं है

829
01:00:50,120 --> 01:00:56,120
आपका जो स्पष्ट जो जवाब था ना वो सुनकर मेरे को बहुत हसी आई

830
01:00:56,360 --> 01:01:00,560
बैने क्या हा अरे

831
01:01:00,560 --> 01:01:04,600
यहां हमारा फ मेरे को बहुत हसी आई वो बंदा मतलब वो बिल्कुल शक

832
01:01:04,600 --> 01:01:10,440
हो गया सुनके कि यह कैसी बातें कर रहा

833
01:01:10,440 --> 01:01:15,760
है नहीं मैंने उसके बाद बताया कुछ नहीं

834
01:01:15,760 --> 01:01:19,960
पता एकय कबीर नाम का बं कबीर नाम का बंदा है अभी चैट

835
01:01:19,960 --> 01:01:24,440
कर रहा हमारे वो पूरी के शंकराचार्य जी के बारे में उल्टा सीधा

836
01:01:24,440 --> 01:01:28,440
तो उसको ब्लॉक करने के लिए बोला हूं तो कोई देख नहीं रहा है शायद बहुत

837
01:01:28,440 --> 01:01:32,440
अपशब्द बातें कर रहा है उसको उसको ब्लॉक करा जाए उस पहली नाम

838
01:01:32,440 --> 01:01:37,280
से ब उस पर ध्यान रखिए अगर वो करे ऐसा कोई अभद्र कमेंट

839
01:01:37,280 --> 01:01:42,160
तो आप उसको ब्लॉक कर दीजिए बाकी उनको पता नहीं है

840
01:01:42,160 --> 01:01:46,480
राम मंदिर का जो मामला चल रहा था और उसमें जो अभी जो ज्योतिर

841
01:01:46,480 --> 01:01:50,520
मट के जो शंकराचार्य जी है अभी मुक्तेश्वरा सरस्वती जी तो उनकी

842
01:01:50,520 --> 01:01:56,080
हेयरिंग रिंग चल रही थी तो उनके एक जो वकील साहब है पी एन मिश्रा

843
01:01:56,080 --> 01:02:00,200
उन्होंने पूरे पूरा का पूरा जो सुप्रीम कोर्ट का जो निर्णय है ना और

844
01:02:00,200 --> 01:02:04,440
जो वक्तव्य है सुप्रीम कोर्ट के जजों के तो उन्होंने बुकलेट छापी

845
01:02:04,440 --> 01:02:08,600
है एक बुक का फॉर्मेट दिया है तो उसमें भी ये

846
01:02:08,600 --> 01:02:12,800
उसमें भी ये चीज लिखा हुआ है कि शंकराचार्य ही जो सनातन धर्म

847
01:02:12,800 --> 01:02:17,120
के पुरोहिता है वो वही है धर्म सम्राट उसकी

848
01:02:17,120 --> 01:02:21,400
किताब में उनकी किताब में भी यह सब लिखा हुआ है लेकिन य मूर्ख लोग पढ़े तब तो इनको

849
01:02:21,400 --> 01:02:25,400
क्या पता इन सब चीजों के बारे में हिंदू होकर इनको इनको शंकराचार्य

850
01:02:25,400 --> 01:02:26,160
के

851
01:02:26,160 --> 01:02:30,160
के बारे में नहीं पता कि शंकराचार्य का योगदान का क्या रहा समाज के अंदर

852
01:02:30,160 --> 01:02:34,480
में और आजकल तो जो आजकल के जो सत्ताधारी

853
01:02:34,480 --> 01:02:38,680
पार्टी के जो कार्यकर्ता हैं वह हिंदू

854
01:02:38,680 --> 01:02:43,480
ना होकर एक पार्टी विशेष के समुदाय बनकर भी शंकराचार्य को गाली देने लग जाते हैं

855
01:02:43,480 --> 01:02:47,720
उनको पता ही नहीं है कुछ इनके बारे में

856
01:02:47,720 --> 01:02:52,080
अपर लेवल पर जो भी राजनीति चल रही हो राजनीति के कारण जो भी हो रहा हो

857
01:02:52,080 --> 01:02:56,360
मगर मैंने य देखा है धरातल पर जो हिंदू हिंदुत्व

858
01:02:56,360 --> 01:03:00,400
के नाम से कहीं से भी जुड़ा हुआ है धरातल प बिल्कुल जो बेस लेवल

859
01:03:00,400 --> 01:03:04,680
का व्यक्ति है वह एक आवाज में तुरंत आता है

860
01:03:04,680 --> 01:03:08,800
वो जो शीर्ष पर रह कर के जो भले ही जो चल रही है राजनीति

861
01:03:08,800 --> 01:03:12,880
के कारण जो भी चल रही छीट कसी जो भी है मगर धरातल पर कार्य करने

862
01:03:12,880 --> 01:03:16,920
वाला जो हिंदुत्व के नाम से आप किसी से अगर जुड़े हैं या कोई कहीं पर

863
01:03:16,920 --> 01:03:20,920
जुड़ा है तो हिंदुत्ववादी जो व्यक्ति है वह आ जाता है वो इतना निष्ठा तो

864
01:03:20,920 --> 01:03:24,960
है एक वो जो होंडा हिंदू होते हैं होंडा हिंदू पर हमने एक वीडियो

865
01:03:24,960 --> 01:03:29,040
बनाया था कुछ समय पहले रामपाल को अपने आप

866
01:03:29,040 --> 01:03:33,080
को कबीर की भविष्यवाणी फिट करने के लिए शंकराचार्य जी का ग्रंथ उपयोग किया

867
01:03:33,080 --> 01:03:37,440
गया है हां यह भी बात है

868
01:03:37,440 --> 01:03:41,240
आप देखो ना मैंने एक वीडियो बनाया था शायद ये लोग ध्यान नहीं देते हैं

869
01:03:41,240 --> 01:03:45,360
मैं बहुत मतलब इन चीजों पर ध्यान देता हूं जैसे

870
01:03:45,360 --> 01:03:49,520
मैंने एक वीडियो बनाया था जो तथाकथित परंपरा विरोधी परंपरा

871
01:03:49,520 --> 01:03:53,600
मतलब परंपरा का मतलब है सीधे-सीधे शति परंपरा शति

872
01:03:53,600 --> 01:03:58,280
किसे कहते हैं वेद को और वेद हम तक कैसे आते हैं परंपरा से

873
01:03:58,280 --> 01:04:02,280
तो जितने भी परंपरा विरोधी तत्व है फिर भले ही वो अलंकार

874
01:04:02,280 --> 01:04:06,640
समाज हो फिर भले ही वो ये विदेशी गुरुओं का आलंबन

875
01:04:06,640 --> 01:04:11,280
लेने वाला कौन हो या फिर भले ही वोय रामपाल

876
01:04:11,280 --> 01:04:15,720
जितने भी ये लोग है अपनी ग्रंथावली लिखते समय

877
01:04:15,720 --> 01:04:19,800
यह जो सार्वभौम परंपरा है हिंदुओं की शंकराचार्य परंपरा उसका

878
01:04:19,800 --> 01:04:23,960
खंडन जरूर करेंगे उसके बिना इनकी वो जो फॉर्मेट है वो तैयार

879
01:04:23,960 --> 01:04:28,280
नहीं हो सकती भाई बहुत से नाम है हमारे य

880
01:04:28,280 --> 01:04:32,560
बड़े-बड़े आचार्यों के मगर शंकराचार्य का विरोध खंडन

881
01:04:32,560 --> 01:04:36,720
लिखना बहुत आवश्यक है जिसको भी सनातन धर्म का नाम

882
01:04:36,720 --> 01:04:40,840
लेते हुए सनातन धर्म का दुष्प्रचार करना है

883
01:04:40,840 --> 01:04:45,480
और जितने भी विरोधी तत्व जैसे आप देखो

884
01:04:45,480 --> 01:04:49,840
जाकिर नायक का भी आपको वीडियो मिल जाएगा जिसम व शंकराचार्य को इंगित कर रहा है मतलब उनको

885
01:04:49,840 --> 01:04:54,000
भी मालूम है कि इनके य का जो नेतृत्व करने वाला

886
01:04:54,000 --> 01:04:56,360
जो शीर्ष पद है वो कौन सा

887
01:04:56,360 --> 01:05:00,560
पद है और इन ठल्लो को नहीं मालूम है

888
01:05:00,560 --> 01:05:05,040
जो अंधे अंधे कुए में छलांग लगा रहे

889
01:05:05,040 --> 01:05:09,640
अभी अभी य राजनीतिक षड्यंत्र देखिए कि यह जो परंपरागत

890
01:05:09,640 --> 01:05:14,120
जो हमारे पीठ है जो शंकराचार्य के पीठ है उनको

891
01:05:14,120 --> 01:05:18,600
मटिया मिलन करने के लिए कैसे कैसे षडयंत्र करे जा रहे हैं इन्हीं तथाकथित हिंदूवादी

892
01:05:18,600 --> 01:05:23,040
पार्टी की सरकार के नाम की बात कर रहा हूं अभी यह महाकम

893
01:05:23,040 --> 01:05:27,280
लगने वाला है उसमें किन्नर को तथागत किनर मतलब किनर

894
01:05:27,280 --> 01:05:31,400
समुदाय ठीक है कोई बात नहीं उनसे कोई घृणा नहीं है उनसे कोई नफरत नहीं है

895
01:05:31,400 --> 01:05:35,840
लेकिन जो शास्त्रो जो बातें है वो उसका शास्त्र में अधिकार

896
01:05:35,840 --> 01:05:40,120
दिया गया है कि आचार्य पद शंकराचार्य पद तो बहुत बाद

897
01:05:40,120 --> 01:05:44,200
की बात है व्यास गद्दी पर जो क्या

898
01:05:44,200 --> 01:05:48,880
कहते हैं ब्राह्मण कुल का और पुरुष ही

899
01:05:48,880 --> 01:05:52,880
बैठने योग्य फिर उसमें शंकराचार्य के पद के लिए बहुत सारी

900
01:05:52,880 --> 01:05:56,880
अलग जो अलग लेवल हो गया ना शिवान

901
01:05:56,880 --> 01:06:00,920
जी मैं वही कहना चाह रहा हूं आप आचार्य बन सकते हैं आप संत बन सकते

902
01:06:00,920 --> 01:06:05,520
हैं आप कुछ भी बनिए आपकी योग्यता के अनुसार आप कुछ भी बनिए लेकिन शंकराचार्य

903
01:06:05,520 --> 01:06:09,600
कौन बनता है वोह शंकराचार्य के जो संविधान है उनके अकॉर्डिंग ही

904
01:06:09,600 --> 01:06:11,640
तो चलेगा ना या अपना संविधान बना के

905
01:06:11,640 --> 01:06:15,760
अभ तथाकथित जो हमारे य जो बाबा है जो क्या

906
01:06:15,760 --> 01:06:20,040
नाम है अरे जो बहुत फेमस है जो अपने आपको

907
01:06:20,040 --> 01:06:24,120
बोलते हैं कि हमारी वजह से राम मंदिर का निर्माण हो रहा है हमने ही

908
01:06:24,120 --> 01:06:28,240
प्रूफ किया है राम मंदिर एक अलग ही अपना पीठ निर्माण करके उसम बैठ गए हैं और बोल

909
01:06:28,240 --> 01:06:32,480
रहे हैं कि हम रामानंद संप्रदाय राम भद्राचार्य जो

910
01:06:32,480 --> 01:06:36,480
बाबा है इन्होने तो और म मिलन कर रखा है ना लोगों को और भ्रमित कर रहे हैं

911
01:06:36,480 --> 01:06:40,520
ना हिंदू समाज को य आप उस दिन बात कर रहे थे

912
01:06:40,520 --> 01:06:46,280
उनके बारे में ट चर्चा

913
01:06:46,280 --> 01:06:50,400
कर हम जब इस टॉपिक पर चर्चा कर रहे थे ये

914
01:06:50,400 --> 01:06:54,600
जो जाति पाति की करो विदाई वाले टने बोला उनका

915
01:06:54,600 --> 01:06:57,120
नाम लिया था

916
01:06:57,120 --> 01:07:01,240
उसम एक बहुत अच्छा दृश्य हमें प्राप्त हुआ है

917
01:07:01,240 --> 01:07:05,320
जिसम श्वर वाले जो भाई साहब है वो सुन रहे हैं आदर

918
01:07:05,320 --> 01:07:09,320
पूर्वक और राजेंद्र दास जी महाराज उनको बता रहे हैं देखो वर्ण

919
01:07:09,320 --> 01:07:13,320
व्यवस्था के नाम पर जो वही मैं

920
01:07:13,320 --> 01:07:17,720
कहना चाह रहा हूं मैं वही कहना चाह रहा हूं शिवान जी एक मिनट सुन लीजिए देखिए

921
01:07:17,720 --> 01:07:22,400
एक एक किसी एक बात होती है कि एक लाखों की भीड़ में

922
01:07:22,400 --> 01:07:26,480
कोई मैसेज डाला जाए कुछ इनपुट डाला जाए लोगों के माइंड में और एक होता है

923
01:07:26,480 --> 01:07:31,000
कि चार दिवारी पर एक वीडियो बना दिया हमने और उसको बारे में हमने खंडित कर दिया

924
01:07:31,000 --> 01:07:35,160
हालांकि यह ठीक है उन्होंने अपना वक्तव्य दिया था उनको बारे में लेकिन

925
01:07:35,160 --> 01:07:39,480
उनका इंपैक्टफुल क्या रहा इंपैक्ट कितना पड़ा कितने लोगों पर पड़ा जबकि

926
01:07:39,480 --> 01:07:43,760
एक राजनीतिक षड्यंत्र द्वारा इन इन लोग इ इन लोगों

927
01:07:43,760 --> 01:07:47,920
जैसे बाबाओं को खड़ा करके और अपने ही समाज में फूट डालने

928
01:07:47,920 --> 01:07:52,280
का जो कार्यक्रम चल रहा है हमारी हिंदूवादी पार्टी सरकार के द्वारा

929
01:07:52,280 --> 01:07:56,280
वो चीज को उन चीजों को मैं एमप्लीफाई करना चाह रहा हूं कि वहां पर ये बहुत

930
01:07:56,280 --> 01:08:00,440
गहरा षड्यंत्र है और कहीं ना कहीं जो आप राजेंद्र दास जी का नाम लेते

931
01:08:00,440 --> 01:08:01,320
हैं

932
01:08:01,320 --> 01:08:05,440
वो कहीं मुखर होकर जो पर परंपरा की जो बातें होती है वो

933
01:08:05,440 --> 01:08:09,440
कभी मुखर होकर बात नहीं करते मैंने कभी नहीं सुना उनको मुखर होकर बातें करते हुए

934
01:08:09,440 --> 01:08:13,960
बल्कि ऐसे ऐसे लोगों के साथ में वो अपना मंच साझा कर देते हैं जो हमारे धर्मशास्त्रों

935
01:08:13,960 --> 01:08:18,840
को गाली देते हैं हमारे पुराणों को गाली देते हैं हमारे भगवानों को महापुरुष बताते हैं

936
01:08:18,840 --> 01:08:23,800
जब तक उनका वो इनके बारे में निगरा चार्य जी सही बोलते हैं मैं

937
01:08:23,800 --> 01:08:29,800
[संगीत] मैं इस एक बात कहना चाहंगा

938
01:08:29,880 --> 01:08:34,440
होता मैं इस पर एक बात कहना चाहूंगा

939
01:08:34,440 --> 01:08:39,120
देखिए हम यहां पर खैर ना तो उनकी निगरा चार की

940
01:08:39,120 --> 01:08:43,640
जी की समीक्षा करेंगे ना किसी और की मगर मैं एक बात कहना चाहूंगा

941
01:08:43,640 --> 01:08:47,680
कि होता क्या है कि जब कोई व्यक्ति मंच पर

942
01:08:47,680 --> 01:08:51,800
होता है ना तो उसको बहुत सी चीजों का

943
01:08:51,800 --> 01:08:56,160
ध्यान रखना पड़ता है जैसे एक व्यक्ति है ग्रह

944
01:08:56,160 --> 01:09:00,360
गृहस्थ है और कोई व्यक्ति है जिसका

945
01:09:00,360 --> 01:09:04,680
विवाह भी नहीं हुआ है वह विरक्त वाली लाइन में नहीं पर विवाह

946
01:09:04,680 --> 01:09:08,880
नहीं हुआ है जिसका अभी कोई पीछे कोई जिम्मेदारी नहीं है किसी

947
01:09:08,880 --> 01:09:13,040
के लिए कोई कर्तव्य नहीं है तो उसके लिए बहुत आसान होता है

948
01:09:13,040 --> 01:09:16,720
समीक्षा करना या जो भी करना मगर जो व्यक्ति

949
01:09:16,720 --> 01:09:20,800
कोई प्रकल्प लेकर के चल रहा है यानी कि गह गस्त का मतलब

950
01:09:20,800 --> 01:09:24,920
है कि जिसका एक अभियान है उसमें अभियान

951
01:09:24,920 --> 01:09:29,240
में को कर्मठ कार्य करता है बहुत सी चीजें है अप एंड डाउन है

952
01:09:29,240 --> 01:09:33,560
यह करना है वो करना है बहुत से कार्य करने हैं उसका जो धेय है

953
01:09:33,560 --> 01:09:37,720
वह तो धर्म की स्थापना ही है मगर उसकी ग्रहस्ती

954
01:09:37,720 --> 01:09:41,800
होने के कारण कई जगह वो एक लाइन आती है

955
01:09:41,800 --> 01:09:46,480
ना कि जिस समय रोड में

956
01:09:46,480 --> 01:09:50,680
एक साइड का एक पट्टी बन रही होती है तो उस साइड हमें जो है हमारी

957
01:09:50,680 --> 01:09:55,000
व्यवस्था हो जाती है कि हमें जो है रंग साइड जाना पड़ता है

958
01:09:55,000 --> 01:09:59,040
तो मैं यहां पर किसी का पक्ष नहीं ना ही किसी का विरोध कर रहा हूं मगर मैं यह

959
01:09:59,040 --> 01:10:03,360
बात कह रहा हूं कि बहुत सी ऐसी बातें होती है जो मंच पर खड़े हुए व्यक्ति

960
01:10:03,360 --> 01:10:07,760
को ध्यान रखनी पड़ती है क्योंकि वह गृहस्थ है गृहस्थ का मतलब ऐसा नहीं वो सन्यासी

961
01:10:07,760 --> 01:10:12,080
नहीं है उसकी ग्रहस्ती है प्रकल्प उसकी ग्रहस्ती उसकी गौशाला

962
01:10:12,080 --> 01:10:16,400
उसकी ग्रहस्ती है उसका आश्रम उसकी ग्रहस्ती है उसका अभियान

963
01:10:16,400 --> 01:10:20,800
उसकी ग्रहस्ती है उसका वो जो हम हिंदू राष्ट्र बनाएंगे वो जो

964
01:10:20,800 --> 01:10:24,920
उसका जो अभियान है वो उसकी ग्रहस्ती है तो उसको कई बार ऐसी

965
01:10:24,920 --> 01:10:29,240
चीजें भी करनी होती है जिन्हें की सात्विकता की दृष्टि

966
01:10:29,240 --> 01:10:32,080
से नहीं देखा जा सकता बल्कि राजसिक दृष्टि

967
01:10:32,080 --> 01:10:36,200
से देखा जा सकता है तो राजसिक दृष्टि से जब चीजें होती

968
01:10:36,200 --> 01:10:40,520
है तो कहीं ना कहीं वो सात्विकता से आपको दूर ले जाने वाली होती मगर प्रॉब्लम

969
01:10:40,520 --> 01:10:45,480
ये है ये जो रणनीति वाला कार्य है यह आचार्यों का नहीं है

970
01:10:45,480 --> 01:10:49,480
ये संतों का कार्य नहीं है यह असल में राजाओं का कार्य होता है

971
01:10:49,480 --> 01:10:54,440
मगर आज हमारे आचार्यों को ही रणनीति का भी आलंबन लेना पड़ रहा है

972
01:10:54,440 --> 01:10:58,640
कहीं कहीं पर जो जिनकी भी जैसे बात हो रही है तो

973
01:10:58,640 --> 01:11:02,920
इसलिए उसकी समीक्षा करने से पहले हमें वो सारे घटकों की जानकारी

974
01:11:02,920 --> 01:11:06,280
होना आवश्यक है

975
01:11:06,280 --> 01:11:10,400
जी भया एक मिनट एक मिनट उसके

976
01:11:10,400 --> 01:11:16,040
बाद मु नहीं मैं वो नहीं

977
01:11:16,040 --> 01:11:20,080
बोल एक मिनट पढ़ल क्या लिखा है जब देवी ने

978
01:11:20,080 --> 01:11:24,280
अपने धर्म की रक्षार्थ हट करके काल का साथ नहीं दिया

979
01:11:24,280 --> 01:11:28,320
तो काल ने देवी की बाह पकड़ी क्योंकि उसके अंदर

980
01:11:28,320 --> 01:11:32,480
विषय वासना प्रबल हो चुकी थी जब काल ने दुर्गा जी

981
01:11:32,480 --> 01:11:35,360
का हाथ बाजू में पकड़ा तो

982
01:11:35,360 --> 01:11:39,400
देवी में भी वासना की इच्छा जागृत हो

983
01:11:39,400 --> 01:11:44,360
गई मन मारकर काल का साथ देना पड़ा

984
01:11:44,360 --> 01:11:44,960
ये देख

985
01:11:44,960 --> 01:11:49,040
लो अब इसका क्या करें लोग

986
01:11:49,040 --> 01:11:53,800
कमान नहीं है जलाकर फेंक दो

987
01:11:53,800 --> 01:11:58,000
भैया वो अपने चैट में एक रिया शर्मा के नाम से है उनको

988
01:11:58,000 --> 01:12:02,000
जवाइन करो और उनके साथ प्यारी बहन है वो बोल रहे हैं कि

989
01:12:02,000 --> 01:12:06,520
हम बात करेंगे हा तो इनको

990
01:12:06,520 --> 01:12:11,000
कबीर जी के अन नहीं वो चैट में है वो भी पर्सनल चैट होता है उसम

991
01:12:11,000 --> 01:12:15,160
वो एक चीज भया व अभी वहां पर नहीं है ना

992
01:12:15,160 --> 01:12:19,320
क्या कहते हैं यहां नहीं है वो रिया शर्मा जी

993
01:12:19,320 --> 01:12:23,160
और प्यारी बहना जी आप दोनों जवाइन

994
01:12:23,160 --> 01:12:27,160
करिए भैया मैं जब तक कुछ बात कहू हां तब तक आप

995
01:12:27,160 --> 01:12:31,320
अपनी बात रखिए विशाल भाटिया जी तो

996
01:12:31,320 --> 01:12:35,320
एक चीज मैं सबसे पहले मैं अभी मयंक कुमार जी को

997
01:12:35,320 --> 01:12:39,600
मैं धन्यवाद करना चाहूंगा जब मैं बहुत पहली बार मैं अमित दास जी के चैनल

998
01:12:39,600 --> 01:12:43,800
पर आया था तो अमित दास जी ने जब मुझको देखा मुझे बुलाया मैं कहा मैं कुछ प्रमाण

999
01:12:43,800 --> 01:12:48,000
देने आया हूं आपको फिर मुझे तुरंत हटाया तो मयंक कुमार जी ने अमित दास जी को मतलब कमेंट

1000
01:12:48,000 --> 01:12:52,040
में लिखा कि विशाल को क्यों हटाया उसको ऐड करो वो तुम्हारी बोलती बंद कर

1001
01:12:52,040 --> 01:12:56,040
देगा ये मयंक कुमार जी ने मेरे लिए लिखा मैं देखिए अपने बड़ अपने बले बोल तो मैं नहीं

1002
01:12:56,040 --> 01:12:59,960
बोल रहा लेकिन मैं धन्यवाद जरूर आप लोगों को करना चाहूंगा क्योंकि कोई अगर आप लोग ऐसी बातें

1003
01:12:59,960 --> 01:13:04,080
जब बोलते हैं तो मेरा उत्साह और बढ़ जाता है फिर तो उसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद आप

1004
01:13:04,080 --> 01:13:06,400
लोगों

1005
01:13:06,400 --> 01:13:08,760
का

1006
01:13:08,760 --> 01:13:12,800
जी तो सभी सनाथन से यही प्रार्थना है सब एकजुट हो

1007
01:13:12,800 --> 01:13:16,800
जाइए इस लंका को भस्म करना है तो हनुमान जी की पूछ जैसा लंबा हो जाइए सब के सब आप

1008
01:13:16,800 --> 01:13:20,920
लोग सबसे मेरी प्रार्थना है अभी मैं कुछ देर

1009
01:13:20,920 --> 01:13:25,120
बाद फिर जुडा ठीक है जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम

1010
01:13:25,120 --> 01:13:29,800
शंकर जी जय श्री राम आता हूं अभी जय श्री राम जय श्री

1011
01:13:29,800 --> 01:13:33,920
राम मेरे को आपका नाम ठीक से नहीं आ रहा एक्चुअली

1012
01:13:33,920 --> 01:13:38,800
शिवान हा शिवान जी मैंने आपका अभी लाइव चल रहा था तो मैं देख रहा था

1013
01:13:38,800 --> 01:13:43,000
तो आप भी रामपाल के अगेंस्ट में ही काम कर रहे हैं और कहीं

1014
01:13:43,000 --> 01:13:47,120
ना कहीं मैं भी इसी विषय पर काम कर रहा हूं पर जितना कंटेंट

1015
01:13:47,120 --> 01:13:51,400
मैंने आपके चैनल पर अभी देखा है तो मुझे लगता है कि

1016
01:13:51,400 --> 01:13:55,400
किसी भी हिंदू के लिए यह जो कंटेंट आपका है काफी

1017
01:13:55,400 --> 01:13:59,680
सहयोगी रहेगा हेल्पफुल रहेगा मैंने भी एक दो वीडियो

1018
01:13:59,680 --> 01:14:04,040
चैनल पर बनाए हैं मेरा चैनल इसी नाम से है तो अच्छा

1019
01:14:04,040 --> 01:14:08,840
हा पर क्या होता है कि मेरा तो रिएक्शन चैनल है

1020
01:14:08,840 --> 01:14:13,800
रिएक्शन के माध्यम से जो है वो मैं इन लोगों को एक्सपोज करता रहता हूं

1021
01:14:13,800 --> 01:14:14,960
जी जो हमारे

1022
01:14:14,960 --> 01:14:18,960
सनातन के अगेंस्ट में बात करते हैं पर मैंने अभी आपका चैनल कुछ

1023
01:14:18,960 --> 01:14:23,160
ही टाइम से मतलब एक दो वीडियो मैंने पहले देखे थे तो लगा मुझे कि काफी

1024
01:14:23,160 --> 01:14:27,360
अच्छा आपके चैनल पर कंटेंट है के गेस्ट में

1025
01:14:27,360 --> 01:14:31,960
आभार आपका जी जी आप हमसे

1026
01:14:31,960 --> 01:14:36,040
जी ग्राउंड लेवल पर संपर्क करें तो जी देखते

1027
01:14:36,040 --> 01:14:40,160
हैं कि क्या कर सकते हैं साथ में है ना जी जी जरूर

1028
01:14:40,160 --> 01:14:46,160
जरूर हमारा नंबर होगा शायद आपके

1029
01:14:46,360 --> 01:14:50,240
पास नोट कर लीजिए

1030
01:14:50,240 --> 01:14:55,760
74036 हाज क्या लिखा है भाई

1031
01:14:55,760 --> 01:15:00,200
तत्व ज्ञान ये राधा जी का गांव बरसाना नजदीक

1032
01:15:00,200 --> 01:15:04,240
वृंदावन की रहने वाली थी वहां के व्यक्ति राधे राधे नाम

1033
01:15:04,240 --> 01:15:10,240
जपते

1034
01:15:14,200 --> 01:15:19,120
थे इतनी गंदगी इनके दिमाग में आई कहां से

1035
01:15:19,120 --> 01:15:23,320
भाई कैसे दूर कैसे ले जाओगे हिंदू धर्म के नाम पर हिंदू धर्म से राधा

1036
01:15:23,320 --> 01:15:27,320
जी को कुलटा ब चलन निर्लज

1037
01:15:27,320 --> 01:15:31,400
आदि आदि विशेषण से संबोधित करते

1038
01:15:31,400 --> 01:15:35,760
थे उस समय बरसाना गांव के व्यक्ति

1039
01:15:35,760 --> 01:15:40,960
राधा जी को यह सब बोलते थे कहां लिखा है य

1040
01:15:40,960 --> 01:15:45,280
मालूम नहीं यही जवाब

1041
01:15:45,280 --> 01:15:47,960
होगा

1042
01:15:47,960 --> 01:15:52,200
उनका यह रामपाल की पुस्तक से लग रहा है नहीं

1043
01:15:52,200 --> 01:15:56,320
नहीं तो यह तो रामपाल की पु पुत ही है

1044
01:15:56,320 --> 01:16:01,040
मगर यह इसने अपनी पुस्तक में लिखा कहां से इस धूर्त ने

1045
01:16:01,040 --> 01:16:05,720
सोचने वाली बात ये है ना जिस धूर्त ने मुझे नहीं लगता

1046
01:16:05,720 --> 01:16:10,000
के यह कहीं से कबीर वाणी से भी लिया गया हो

1047
01:16:10,000 --> 01:16:11,680
मुझे भी नहीं लगता

1048
01:16:11,680 --> 01:16:15,680
ये तो अपने ही मन से लिख दिया है देखि

1049
01:16:15,680 --> 01:16:20,320
जहां तक हम जानते हैं कबीर दास एक कवि थे और उनकी कविताएं समाज

1050
01:16:20,320 --> 01:16:24,400
सुनता आ रहा है वो कोई ईश्वर नहीं थे और हमेशा वह राम के

1051
01:16:24,400 --> 01:16:29,000
भक्त हमने तो यही सुना है कि राम के वो परम भक्त थे मतलब

1052
01:16:29,000 --> 01:16:33,040
उनके जो गुरु थे उन्होंने उन्हें राम की भक्ति सिखाई थी पर

1053
01:16:33,040 --> 01:16:37,240
इनको यह ईश्वर रामपाल ने कब बना दिया यह

1054
01:16:37,240 --> 01:16:41,280
अभी पता नहीं और इनके फॉलोअर जो है उनकी जो

1055
01:16:41,280 --> 01:16:45,400
दिमाग की सोच है उसको भी देखकर हंसी आती है अभी मेरे को वह

1056
01:16:45,400 --> 01:16:49,560
एक रामपाल वाला मेरे कमेंट बॉक्स में लिख रहा था 18 का

1057
01:16:49,560 --> 01:16:53,600
62 उसने दिया उसमें कहता है तू उसको पढ़ वहां पर लिखा हुआ है

1058
01:16:53,600 --> 01:16:57,760
कि किस ईश्वर की शरण में जाने को श्री कृष्ण

1059
01:16:57,760 --> 01:17:02,600
जी कह रहे हैं तो मैंने उसको अभी भगवत गीता का 18

1060
01:17:02,600 --> 01:17:06,760
45 और 66 यह मैंने श्लोक दिया है 65

1061
01:17:06,760 --> 01:17:10,800
नंबर पर जहां पर श्री कृष्ण जी बड़े साफ लिख रहे हैं कि तू मुझ

1062
01:17:10,800 --> 01:17:15,040
में मन वाला हो मेरा भक्त बन मेरा पूजन करने

1063
01:17:15,040 --> 01:17:19,040
वाला हो और मुझको प्रणाम कर ऐसा करने से तू मुझे ही प्राप्त

1064
01:17:19,040 --> 01:17:23,240
होगा यह मैं तुझसे सत्य प्रतिज्ञा करता हूं क्योंकि

1065
01:17:23,240 --> 01:17:26,680
तू मेरा अत्यंत प्रिय है और

1066
01:17:26,680 --> 01:17:30,960
अगले ही जो श्लोक है उसमें वह कहते हैं कि संपूर्ण

1067
01:17:30,960 --> 01:17:35,000
धर्मों की अर्थात संपूर्ण कर्तव्य कर्मों को मुझ

1068
01:17:35,000 --> 01:17:41,000
में त्याग कर तू केवल मुझ शक्तिमान

1069
01:17:46,840 --> 01:17:52,840
सर्वाधिक जी ने साफ कर दिया तो एक

1070
01:17:53,080 --> 01:17:57,120
प मैं बताता हूं आप पिक्चर में थोड़ा लेट है

1071
01:17:57,120 --> 01:18:01,520
जी जीी पिक्चर में आप थोड़ा लेट आए जी ऐसा है इन्होने

1072
01:18:01,520 --> 01:18:05,880
व्यवस्था कर रखी अपनी यहां पर जो

1073
01:18:05,880 --> 01:18:09,960
जो आप कह रहे हैं ना जो 18 66 में ट्रांसलेशन है

1074
01:18:09,960 --> 01:18:13,960
इन्होंने ट्रांसलेशन को चैलेंज कर दिया है कि भगवान यहां

1075
01:18:13,960 --> 01:18:18,920
अपनी शरण में आने को नहीं बल्कि अपनी शरण से जाने को बोल रहे हैं

1076
01:18:18,920 --> 01:18:23,040
ब्रज शब्द का अर्थ जाना भी लिया जा सकता है और आना भी

1077
01:18:23,040 --> 01:18:27,080
लिया जा सकता है तो इन्होंने जो है अ चलना भी लिया जा

1078
01:18:27,080 --> 01:18:31,360
सकता है जैसे कहते ना कि आजा बंदे शरण राम

1079
01:18:31,360 --> 01:18:36,120
की अब इसमें आजा आने वाला जाना है आजा

1080
01:18:36,120 --> 01:18:40,840
समझ रहे हैं समझ लास्ट में तो सुनाई दे रहा है जा

1081
01:18:40,840 --> 01:18:41,840
मगर वो कौन सा वाला

1082
01:18:41,840 --> 01:18:45,880
जा है आजा वाला आजा वाला तो इन्होंने यहां पर क्या किया

1083
01:18:45,880 --> 01:18:49,920
है कि वो जाने को कह रहे हैं तो वो बात सही

1084
01:18:49,920 --> 01:18:54,080
है कि पिछले श्लोक में जब कह रहे हैं कि मेरी भक्ति कर तो फिर

1085
01:18:54,080 --> 01:18:58,120
अगले श्लोक में जाने को कैसे कह रहे हैं वो बात सही है मगर वो जो 18 66 है

1086
01:18:58,120 --> 01:19:02,160
ना उस पर इन्होंने बहुत बड़ी एक लड़ाई छेड़ रखी है

1087
01:19:02,160 --> 01:19:06,160
मैनिपुलेटिव उसमें यह कहते हैं कि वो व्रज का अर्थ संस्कृत ज्ञों ने सही

1088
01:19:06,160 --> 01:19:10,360
नहीं किया है व्रज का अर्थ तो जाना होता है व जाने को कह रहे हैं तो वह सारे

1089
01:19:10,360 --> 01:19:14,520
वीडियो हमने बनाए हैं कि व्रज का अर्थ जो पाणिनी ने स्वीकार किया है

1090
01:19:14,520 --> 01:19:18,520
पाणिनी ने वह स्वीकार किया है गति अब

1091
01:19:18,520 --> 01:19:22,600
वो गति किधर भी हो सकती है जाने में भी हो सकती है आने

1092
01:19:22,600 --> 01:19:26,960
में भी हो सकती है तो अगर पिछले श्लोक से हम रिलेट

1093
01:19:26,960 --> 01:19:31,240
करते हुए देखेंगे कि मेरी भक्ति कर और 18

1094
01:19:31,240 --> 01:19:35,400
66 में भी अगर यह कहेंगे कि उस उसकी

1095
01:19:35,400 --> 01:19:39,440
शरण में जा मेरी शरण से उस परमेश्वर की शरण में

1096
01:19:39,440 --> 01:19:43,560
जा तो उस उसका कोई वहां पर

1097
01:19:43,560 --> 01:19:47,680
उस शब्द का संस्कृत शब्द नहीं आया वहा पर और इसके अलावा

1098
01:19:47,680 --> 01:19:52,400
बहुत सारी व्याख्या है जो हमने कर रखी है अब यह कहेंगे

1099
01:19:52,400 --> 01:19:56,520
कि भाई कम कम मतलब आना होता है गो

1100
01:19:56,520 --> 01:19:57,020
का मतलब

1101
01:19:56,920 --> 01:20:00,920
जाना होता है तो अब यहां ब्रज का अर्थ

1102
01:20:00,920 --> 01:20:05,040
आना जाना थोड़ी ना हो सकता है तो फिर हम यह पूछते हैं कि तुम्हारे

1103
01:20:05,040 --> 01:20:09,600
जो तथाकथित जो संत है जेल धाम निवासी

1104
01:20:09,600 --> 01:20:13,600
वो कह रहे हैं आजा बंदे शरण राम की तो आजा

1105
01:20:13,600 --> 01:20:18,280
में क्या लिखोगे कम गो बंदे कम गो बंदे

1106
01:20:18,280 --> 01:20:22,320
आजा तो कम गो लिखोगे क्या लिखो कम लिखोगे तो

1107
01:20:22,320 --> 01:20:26,360
जाने की तो आपने अंग्रेजी की नहीं आजा जाने

1108
01:20:26,360 --> 01:20:30,600
की अंग्रेजी भी तो करो आपको मानना होगा कि कई बार जाने

1109
01:20:30,600 --> 01:20:34,760
का उपयोग हम लोग हिंदी में आने वाले उसमें संदर्भ में लेते

1110
01:20:34,760 --> 01:20:38,840
हैं इसी तरीके से यहां पर लिया और ना भी लो अलग कर दो

1111
01:20:38,840 --> 01:20:43,080
तो डिक्शनरी में चलना शब्द का यूज है चलना ले लो तो तू मेरी

1112
01:20:43,080 --> 01:20:47,200
शरण में गति कर तू मेरी शरण में गति कर

1113
01:20:47,200 --> 01:20:51,600
यह भगवान श्री कृष्ण का आ वो निकल गया तो

1114
01:20:51,600 --> 01:20:55,800
ये इस पर एक विस्तृत वीडियो है संस्कृत ये जो शब्द हमने एक अपने जो गुरु भाई

1115
01:20:55,800 --> 01:20:59,880
है जो संस्कृत के स्कॉलर है उनको ही बुला लिया था लाइव में

1116
01:20:59,880 --> 01:21:03,960
उन्होंने आकर के संस्कृत बोल बोल करके पूरा इनको अच्छे

1117
01:21:03,960 --> 01:21:08,840
से धोया इनके जो तथाकथित क्लेम है

1118
01:21:08,840 --> 01:21:12,360
है ना जी जी जी और संस्कृत का ट्रांसलेशन

1119
01:21:12,360 --> 01:21:16,680
संस्कृत का स्कॉलर ही कर सकता है मुझे नहीं लगता रामपाल ने कहीं से संस्कृत पढ़ी

1120
01:21:16,680 --> 01:21:20,840
होगी वो हिंदी जोड़ जोड़ के पढ़ता है वो संस्कृत कहां

1121
01:21:20,840 --> 01:21:25,800
से विद्वान बन गया ये समझना चाहिए सुन लीजिए

1122
01:21:25,800 --> 01:21:31,360
राम की

1123
01:21:31,360 --> 01:21:36,400
फिर आा बंदे शरण

1124
01:21:36,400 --> 01:21:42,400
राम अब ये कौन सा वाला इसमें कम लगाओगे गो

1125
01:21:42,720 --> 01:21:46,800
लगाओगे शरण

1126
01:21:46,800 --> 01:21:51,920
राम जसवंत जी को ले लेते हैं जी

1127
01:21:51,920 --> 01:21:56,280
वो रिया शर्मा जी और वो बहना आने वाली थी

1128
01:21:56,280 --> 01:22:01,000
आ सकती है जय श्री राम सवस भैया जी

1129
01:22:01,000 --> 01:22:05,680
जय श्री राम जय श्रीराम बताइए कसे सभी को जय श्री

1130
01:22:05,680 --> 01:22:09,920
राम जी मैं यह बोल रहा हूं जी हसी आती

1131
01:22:09,920 --> 01:22:14,040
है इनके परमात्मा में इतनी शक्ति नहीं है कि यह

1132
01:22:14,040 --> 01:22:20,040
ब्रह्मा विष्णु बगैर भक्ति के भी काल के लोक से निकाल ले

1133
01:22:23,520 --> 01:22:27,720
आए सनातन धर्म को अंदर से नष्ट करना है तो ब्रह्मा

1134
01:22:27,720 --> 01:22:31,960
विष्णु महेश की भक्ति करके दिखाना पड़ेगा ना वही

1135
01:22:31,960 --> 01:22:36,640
तो क अंदर से पीठ में छुरा मारना है

1136
01:22:36,640 --> 01:22:41,560
तो ब्रह्मा विष्णु महेश की भक्ति का पाखंड तो करना पड़ेगा ना

1137
01:22:41,560 --> 01:22:45,680
अब एक बात बताओ सु भैया मैं

1138
01:22:45,680 --> 01:22:49,920
एक बात पूछ रहा हूं जैसे उस परमा काल को भी तो उसी

1139
01:22:49,920 --> 01:22:54,000
परमात्मा ने बनाया होगा जी और

1140
01:22:54,000 --> 01:22:58,240
हमको उसी परमात्मा ने बनाया है जी

1141
01:22:58,240 --> 01:23:02,480
तो जब काल इतने अत्याचार कर रहा है तो इनका परमात्मा क्या सो रहा है क्या

1142
01:23:02,480 --> 01:23:06,640
बैठा बैठा काल को ही क्यों नहीं पकड़ के बांध लेता फिर

1143
01:23:06,640 --> 01:23:12,160
जी जी अय तो

1144
01:23:12,160 --> 01:23:16,280
यही अगर हम कोई कर्म कर रहे हैं तो हमको अपने कर्मों की सजा मिल रही

1145
01:23:16,280 --> 01:23:20,440
है तो काल को अपने कर्मों की सजा क्यों नहीं मिल रही है उसकी

1146
01:23:20,440 --> 01:23:24,800
सजा यही है कि वो एक लाख आमा को खाएगा अब

1147
01:23:24,800 --> 01:23:28,800
कैसे खाई जाती है समझ में नहीं आता तो आत्माओं को खाएगा यह

1148
01:23:28,800 --> 01:23:32,880
तो कष्ट आत्माओं को ही हुआ फिर भी ये सजा हमको ही हुई काल को तो

1149
01:23:32,880 --> 01:23:38,680
ये सोच रहा हूं आत्मा जब अविनाशी है तो उसको खाता कौन

1150
01:23:38,680 --> 01:23:42,760
है जब आत्मा अविनाशी है जीते जी तुम खा नहीं रहे

1151
01:23:42,760 --> 01:23:46,920
हो मरने के बाद तुम खा रहे जीते जी अगर तुम कहते कि खाएगा तो

1152
01:23:46,920 --> 01:23:51,120
तो समझ में आता भी मरने के बाद तुम खा रहे हो तो आत्मा

1153
01:23:51,120 --> 01:23:55,160
अविनाशी है तो खाएगा कैसे फिर कोई वही तो कह रहा ये क्या

1154
01:23:55,160 --> 01:23:59,640
है काल भी उल्टे कर्म कर रहा है तो काल को ही पकड़ ले भैया

1155
01:23:59,640 --> 01:24:04,880
हमको सजा मिल रही तो हमको भी उसी ने बनाया है काल को भी उसी ने बनाया

1156
01:24:04,880 --> 01:24:09,640
है इनकी को उल्टा सीधा लिखने

1157
01:24:09,640 --> 01:24:14,120
की अब आप अपने य पर जब स्टॉल लगे तो अपना उ रूप

1158
01:24:14,120 --> 01:24:18,200
दिखाइएगा हमारे य तो कोई ही नहीं ब आ समाज वाली भाषा बोल

1159
01:24:18,200 --> 01:24:22,520
रहे इसमें तो ये तो अरे आर समाज आर्य

1160
01:24:22,520 --> 01:24:27,120
समाज का स्तर इनसे कहीं ऊंचा है एक चीज पूछ मेरा

1161
01:24:27,120 --> 01:24:27,620
ये

1162
01:24:27,200 --> 01:24:31,520
बहुत निचले लेवल के एक चीज पूछ हमारे य

1163
01:24:31,520 --> 01:24:36,080
तो

1164
01:24:36,080 --> 01:24:40,720
अब जेल

1165
01:24:40,720 --> 01:24:44,800
में जेल में रहने की वजह इनकी जेल में रहने की वजह

1166
01:24:44,800 --> 01:24:49,280
इनकी इसलिए है क्योंकि इन्होने आर्य समाज पर उनका ये जो पुस्तक है सत्यानाश

1167
01:24:49,280 --> 01:24:53,640
प्रकाश उसम इन लोगों ने जो अपना टिप्पणी किया उसकी वजह से इनको

1168
01:24:53,640 --> 01:24:57,640
यह मारपीट करने के बाद आय समाज ने इनको जेल में डाला वैसे तो आय समाज कम तो नहीं

1169
01:24:57,640 --> 01:25:01,880
है लेकिन अब क्योंकि वो उनकी वजह से जेल में है सेंट्रल जेल

1170
01:25:01,880 --> 01:25:06,080
में तो क्या अलंकार समाज इस इस केस में हमारी नजर में

1171
01:25:06,080 --> 01:25:11,200
धन्यवाद का पात्र

1172
01:25:11,200 --> 01:25:15,600
है इस बारे में गुरुदेव का एक वचन है व

1173
01:25:15,600 --> 01:25:19,640
एक बार शायद वानप्रस्थ में थे जंगल में वो थे उस समय

1174
01:25:19,640 --> 01:25:23,640
निकल रहे थे कहीं कहां ध्यान नहीं मगर उन्होंने कहा था कि वहां पर

1175
01:25:23,640 --> 01:25:27,680
क्रिश्चन री जो थी धर्म परिवर्तन कर कराती थी

1176
01:25:27,680 --> 01:25:31,720
आदिवासी क्षेत्र में तो वहां पर उनसे लोहा लेने वाले कौन

1177
01:25:31,720 --> 01:25:36,160
थे पता है अलंकारी

1178
01:25:36,160 --> 01:25:40,480
गायत्री परिवार अच्छा तो फिर गुरुदेव ने कहा कि समय

1179
01:25:40,480 --> 01:25:46,480
आने पर सांप और बिच्छू भी काम काम के होते

1180
01:25:50,560 --> 01:25:54,640
हैं विशाल जीने की बात करी

1181
01:25:54,640 --> 01:25:59,200
तो उसमें अभी भैया आपने जो कॉल की वो डाली ऑडियो उसमें वो

1182
01:25:59,200 --> 01:26:03,240
वकील महोदय कह रहे थे कि हमारी तो होती है रहती है पाच पाच घंटे

1183
01:26:03,240 --> 01:26:07,280
की कॉल होती है वीडियो कॉल होती है तो वो कभी किसी न्यूज चैनल पर क्यों नहीं

1184
01:26:07,280 --> 01:26:11,360
आते दो घंटे के लिए आ जाए ना पाच घंटे तो उनसे बात कर रहे हैं दो घंटे के लिए

1185
01:26:11,360 --> 01:26:15,520
आ जाए किसी न्यूज चैनल पर अरे वो अंदर

1186
01:26:15,520 --> 01:26:19,520
से कहते वो अंदर सेय कहते हमारे ऊपर महर

1187
01:26:19,520 --> 01:26:23,560
है परमात्मा की हम लोग कैसे बचेंगे मैं यहां कष्ट झेल रहा हूं

1188
01:26:23,560 --> 01:26:28,080
परमात्मा म करेगा हमारी ये है व है

1189
01:26:28,080 --> 01:26:32,160
मेरे को तोय लोग चौरा में भीत बाते इनका देखो अगर कोई मु रास्ते

1190
01:26:32,160 --> 01:26:36,480
में मिगा उसका क्या करूंगा एक मिनट आप मेरी झूठी साक्षी

1191
01:26:36,480 --> 01:26:41,040
दे कि ब्रह्मा को पिता के दर्शन हुए और

1192
01:26:41,040 --> 01:26:45,640
शीष मुख देखा है तब मैं तेरे साथ चल सकता हूं

1193
01:26:45,640 --> 01:26:49,720
गायत्री ने विचार किया कि यदि ब्रह्मा को नहीं ले जाऊंगी तो माता जी

1194
01:26:49,720 --> 01:26:53,920
शाप दे दे सकती है इसलिए गायने ूठी गवाही देने

1195
01:26:53,920 --> 01:26:57,920
की शर्त रखी अब शर्त देखो क्या रख

1196
01:26:57,920 --> 01:27:03,920
रही है गायत्री मां देखिए कुछ

1197
01:27:03,920 --> 01:27:08,000
भी और य इसको बोलते कि ये ज्ञानवर्धक पुस्तक

1198
01:27:08,000 --> 01:27:12,280
है सारी असली चीजें लिख रख है इसम नहीं अश्लील

1199
01:27:12,280 --> 01:27:17,880
चीजें लिख रखी है वो क्या लिख रखा है अपने मन से क्यों लिखा है

1200
01:27:17,880 --> 01:27:22,200
तुमने अपने म अज्ञान का कीचड़ मिलन

1201
01:27:22,200 --> 01:27:26,480
और संभोग को ये एक चीज के लिए इस्तेमाल कर रहे है अरे ज्ञान

1202
01:27:26,480 --> 01:27:30,600
का कीचर नहीं ज्ञान शब्द आ गया तो ये अलना हो गई ज्ञान की अज्ञान

1203
01:27:30,600 --> 01:27:34,640
की नाली हा हा अज्ञान का कीचर सॉरी अज्ञान कान अज्ञान

1204
01:27:34,640 --> 01:27:38,240
की नाली नहीं है नल्ला

1205
01:27:38,240 --> 01:27:43,120
है यह शब्द ठीक रहेगा अज्ञान की नाली अज्ञान

1206
01:27:43,120 --> 01:27:47,160
सरोवर कोई आएगा साने बताता हूं उसको अभी

1207
01:27:47,160 --> 01:27:51,720
अब पारस अवधिया जी आए हैं और राजस्थान

1208
01:27:51,720 --> 01:27:56,160
से कई काफी देर से हैं मगर ये चेहरा दिखा रहे हैं

1209
01:27:56,160 --> 01:28:00,320
सादर प्रणाम जी जी जी खुश रहि

1210
01:28:00,320 --> 01:28:04,360
है जय श्री राम बोलिए जी मैं यह बोल रहा

1211
01:28:04,360 --> 01:28:08,360
हूं कि जितना दुस्साहस इस्लाम और ईसाइयत नहीं कर

1212
01:28:08,360 --> 01:28:12,440
पाती यह हमसे निकले हुए इतना दुस्साहस कर

1213
01:28:12,440 --> 01:28:16,720
लेते हैं कितने दुख की बात है कि हमारे देवी देवताओं के विषय में इतना

1214
01:28:16,720 --> 01:28:19,120
दुखद इन लोगों का वक्तव्य होता है इनके

1215
01:28:19,120 --> 01:28:23,240
लेख होते हैं और इसके पीछे का मैंने एक कारण जहां तक

1216
01:28:23,240 --> 01:28:27,360
जाना है भैया जी कि ये लोग जो लोगों को जोय इनके

1217
01:28:27,360 --> 01:28:31,360
पास जो लोग जा रहे हैं ना उसका रीजन यह है कि यह उनको झूठी तसल्ली देते हैं

1218
01:28:31,360 --> 01:28:35,440
कि आपकी बीमारी हम ठीक कर देंगे जैसा चर्च में मिशनरियों ने

1219
01:28:35,440 --> 01:28:39,440
जो किया ना चंगाई सभा एक प्रकार से वैसे ही कार्य कर रहे हैं यह लोग

1220
01:28:39,440 --> 01:28:43,520
और यह पूरी तरीके से ईसाई मियो एक दुख की बात मेरे ये समझ में

1221
01:28:43,520 --> 01:28:49,200
नहीं आता कि अगर इनके पास करोड़ों भक्त है तो करोड़ों पुस्तकें छापने के लिए फंडिंग कहां से आई होगी

1222
01:28:49,200 --> 01:28:53,440
इनकी हम यही बताएंगे ये जेल धाम में जो बैठे

1223
01:28:53,440 --> 01:28:57,600
हैं उनके पास पूरा बरा रहता है एक बार एक इनका शिष्य आया था तो उससे

1224
01:28:57,600 --> 01:29:01,680
हमने पूछा था कि आपके जो दीक्षा लेते हैं नाम दान की तो

1225
01:29:01,680 --> 01:29:06,040
व एलसीडी से लेते तो आपके जो जेल धाम निवासी

1226
01:29:06,040 --> 01:29:10,160
उनको पता रहता मेरा कौन कौन सा शिष्य है तो बोला उनसे

1227
01:29:10,160 --> 01:29:14,400
जो इनका चेला था कि हां उनके पास पूरा डाटा

1228
01:29:14,400 --> 01:29:19,000
हर महीने जाता है और वो उसको वेरीफाई करते मेरा कौन कौन सा

1229
01:29:19,000 --> 01:29:23,000
है मुझे लगता मुझे लगता है इनकी वहा

1230
01:29:23,000 --> 01:29:27,800
पर्सनल बैरक होगी और बैरक में जो है पूरा इनका पूरा वो डटा रखा होगा

1231
01:29:27,800 --> 01:29:32,160
पूरा जेल में डीसी साब लगे हुए है ना वो सतलोक से डायरेक्ट

1232
01:29:32,160 --> 01:29:34,120
बारिश होती है पैसों की

1233
01:29:34,120 --> 01:29:38,360
वहां भैया जी पर फंडिंग कहां से आपने

1234
01:29:38,360 --> 01:29:42,560
प्रश्न किया ना पारस जी वो मैं एक बात बता दूं अक्सर हम पर दोष

1235
01:29:42,560 --> 01:29:46,760
लगाते हैं कि भाई तुम हिंदुओं को ही क्यों टोक हो वैसे तो ऐसा

1236
01:29:46,760 --> 01:29:51,400
नहीं है हम लोगों ने मुसलमानों के लिए भी आमंत्रित कर रखा है

1237
01:29:51,400 --> 01:29:55,440
और हमने प्रयासरत रहते हैं किय क्रिश्चन भी आए आ नहीं रहा

1238
01:29:55,440 --> 01:29:59,640
बात अलग है कभी ना कभी आएगा हालांकि अभी रिसेंटली हमसे कुछ मुसलमानों

1239
01:29:59,640 --> 01:30:03,800
ने संपर्क किया है बहुत जल्द आपको एक हो सकता है कि मुसलमानों

1240
01:30:03,800 --> 01:30:08,520
के साथ आमना सामना चर्चा होती हुई दिखाई दे

1241
01:30:08,520 --> 01:30:12,520
मगर यह हम पर आरोप लगता है कि आप जो हिंदुओं से ही क्यों पूछते आप

1242
01:30:12,520 --> 01:30:16,920
आर्य समाज से क्यों क्वेश्चन करते हैं क्योंकि हमें

1243
01:30:16,920 --> 01:30:21,160
ज्यादा खतरा हमारे अंदर जो सनातन का विरोध

1244
01:30:21,160 --> 01:30:25,960
हो रहा है उससे क्योंकि सामने वा को हम जानते हैं

1245
01:30:25,960 --> 01:30:30,240
वह हम पर अटैक करेगा जो भी करेगा हम उसे पहचानते हैं मगर

1246
01:30:30,240 --> 01:30:34,360
अंदर बैठा हुआ जो व्यक्ति है वह कब हमारे लिए हानिकारक हो जाएगा उसे हम नहीं जानते

1247
01:30:34,360 --> 01:30:38,480
जैसे कि मान लीजिए कि आपके घर के बगल में एक हिंदू रहता है ठीक

1248
01:30:38,480 --> 01:30:42,560
है आप यह सोचते हो कि हमारे घर के बगल में हिंदू रहता है और आप आश्वस्त

1249
01:30:42,560 --> 01:30:46,640
हो कि कभी अगर हमारे मंदिर पर आक्रमण हुआ तो

1250
01:30:46,640 --> 01:30:49,120
हम और यह बगल वाला हिंदू

1251
01:30:49,120 --> 01:30:53,280
जो है हम दोनों जाकर तो मिलकर कम से कम बचाएंगे ही अब

1252
01:30:53,280 --> 01:30:57,480
किसी दिन आक्रमण होता है तो आक्रमण वाले दिन आपको पता

1253
01:30:57,480 --> 01:31:01,480
चलता है कि वह राम पालिया हो गया था और उसे भोले

1254
01:31:01,480 --> 01:31:05,640
बाबा से नफरत है शिव भगवान से उसे नफरत है अब

1255
01:31:05,640 --> 01:31:10,040
व आपके साथ जाएगा क्या तो आपने अपनी कोई तैयारी

1256
01:31:10,040 --> 01:31:16,040
क्यों नहीं की क्योंकि आपको पता नहीं था कि य राम पालिया हो गया

1257
01:31:16,480 --> 01:31:20,680
है आपको पता नहीं था कि रामपाल के नाम पर इसको जो है शिवजी

1258
01:31:20,680 --> 01:31:24,920
के विरुद्ध जहर पिलाया जा रहा है आपको पता नहीं था कि

1259
01:31:24,920 --> 01:31:28,960
अलंकार समाज के नाम पर इसको जो है राधा जी के विरुद्ध जहर पिलाया

1260
01:31:28,960 --> 01:31:33,200
जा रहा है तो आपका नुकसान कैसे हुआ

1261
01:31:33,200 --> 01:31:37,320
तो मैंने अपने कई वीडियोस में ये कहा है कि हमारा जो वास्तविक शत्रु

1262
01:31:37,320 --> 01:31:42,200
है वो सामने शस्त्र लिए खड़ा हुआ कोई व्यक्ति नहीं है

1263
01:31:42,200 --> 01:31:46,240
हमारा वास्तविक शत्रु सामने शस्त्र लिए खड़ा हुआ

1264
01:31:46,240 --> 01:31:50,720
कोई अपरिचित व्यक्ति नहीं है बल्कि हमारा वास्तविक शत्रु

1265
01:31:50,720 --> 01:31:55,120
पीछे शास्त्र लिए खड़ा हुआ कोई परिचित व्यक्ति

1266
01:31:55,120 --> 01:31:59,120
उसके हाथ में शस्त्र नहीं है शास्त्र है और हमें लग रहा

1267
01:31:59,120 --> 01:32:03,200
है वो हमारा अपना है मगर समय आने पर वह आपके लिए समस्या बन

1268
01:32:03,200 --> 01:32:04,280
जाएगा और समस्या

1269
01:32:04,280 --> 01:32:08,320
है मैं खुद गया एक बार जब मुस्लिम से

1270
01:32:08,320 --> 01:32:12,320
मैं बात कर रहा था तो जब मैंने कहा क्या तुम्हारा ईश्वर सब

1271
01:32:12,320 --> 01:32:16,440
कुछ कर सकता है बोले हां क्या उसके ऊपर कोई भी नियम लागू होता है

1272
01:32:16,440 --> 01:32:20,440
बोले नहीं मैंने कहा बहुत बढ़िया क्या वो अवतार ले सकता है बोले नहीं ले

1273
01:32:20,440 --> 01:32:24,440
सकता मैंने कहा तो बाधित हो गया तुम्हारा ईश्वर तो बोले

1274
01:32:24,440 --> 01:32:29,240
तुम्हारा भी तो बाधित है दयानंद समाज तो नहीं मानता अवतार ले सकता लो

1275
01:32:29,240 --> 01:32:33,240
अब हमारे पास इस बात का खंडन है कि दयानंद

1276
01:32:33,240 --> 01:32:37,920
समाज हमारे यहां का कोई प्रामाणिक तंत्र नहीं है

1277
01:32:37,920 --> 01:32:42,160
क्योंकि वह परंपरा प्राप्त नहीं है मगर सामान्य हिंदू की बात आप सोचिए

1278
01:32:42,160 --> 01:32:46,320
वो तो वहा टूट जाएगा अगर हम उसको यह सिखा दे कि

1279
01:32:46,320 --> 01:32:50,840
ईश्वर निर्विवाद रूप से अबाध है अबाध

1280
01:32:50,840 --> 01:32:55,040
का मतलब उस पर कोई भी लिमिटेशन लागू नहीं होती ईश्वर के ऊपर

1281
01:32:55,040 --> 01:32:59,040
हम तो यह सिखा रहे हैं और आर्य समाज ये सिखा रहा है अब

1282
01:32:59,040 --> 01:33:03,760
वो व्यक्ति वहां पर टूट जाएगा जब वो किसी और से बातें कर रहा हो अच्छा

1283
01:33:03,760 --> 01:33:08,320
हमारे यहां के हिंदू ने भी यही बोला है कि ईश्वर अवतार नहीं ले सकता

1284
01:33:08,320 --> 01:33:12,600
तो समस्या यह है जो हमें अंदर से तोड़ रहे हैं हम लोग 80 पर

1285
01:33:12,600 --> 01:33:18,400
है मगर वो 80 पर बटे हुए हैं कैसे सामना

1286
01:33:18,400 --> 01:33:19,400
करोगे

1287
01:33:19,400 --> 01:33:23,920
ब्रह्मा कुमारीज के नाम पर अलंकार समाज के नाम पर रामपाल के नाम पर

1288
01:33:23,920 --> 01:33:28,200
राधा स्वामी के नाम पर गायत्री परिवार के नाम पर इतने सारे हर

1289
01:33:28,200 --> 01:33:32,640
कदम पर एक कल तैयार है दिख रहे हैं हिंदू

1290
01:33:32,640 --> 01:33:37,200
मगर वास्तविकता में टटोलने पर आस्तिक भी निकल आए तो बहुत बड़ी बात है

1291
01:33:37,200 --> 01:33:41,360
अगर जैसे टटोल टटोल ले हिंदुओं को तो वह आस्तिक भी निकल आए

1292
01:33:41,360 --> 01:33:45,640
तो बड़ी बात है इसलिए हमें जो यह बात जो आपने

1293
01:33:45,640 --> 01:33:49,760
कही ना कि कि भैया यह जो

1294
01:33:49,760 --> 01:33:54,080
है यह उनसे ज्यादा यह सही बात है कि हमारा वास्तविक

1295
01:33:54,080 --> 01:33:58,240
सामने शस्त्र लिए खड़ा हुआ कोई अपरिचित नहीं है गैर नहीं है हमारा

1296
01:33:58,240 --> 01:34:02,320
वास्तविक शत्रु पीछे शास्त्र लिए खड़ा हुआ कोई परिचित है कोई अपना

1297
01:34:02,320 --> 01:34:06,440
है तो हम अगर उधर ध्यान देंगे तो हम इतनी बड़ी शक्ति के रूप

1298
01:34:06,440 --> 01:34:10,640
में उ भरेंगे हाथी बन जाएंगे तब किसी कुत्ते में किसी

1299
01:34:10,640 --> 01:34:15,240
स्वान में हिम्मत नहीं होगी कि हमारी और नजर उठा कर के देख सके

1300
01:34:15,240 --> 01:34:19,440
हमें केवल हाथी बनना है हाथी कैसे बनेंगे जब हम अपने

1301
01:34:19,440 --> 01:34:24,960
पीछे जो शास्त्र लेकर के घूम रहे हैं ना ज इनको इनको पकड़ेंगे

1302
01:34:24,960 --> 01:34:28,960
तब हम हाथ बंद करके बैठ सकते हैं जी नहीं बिल्कुल सही कहा

1303
01:34:28,960 --> 01:34:33,400
शिवांश भाई आपने और सेकुलर हिंदू भी एक तो यह शास्त्र

1304
01:34:33,400 --> 01:34:35,040
वाले हैं जो नकली ट्रांसलेशन

1305
01:34:35,040 --> 01:34:39,400
करके समाज को भ्रमित कर रहे हैं और उससे भी खतरनाक है सेकुलर

1306
01:34:39,400 --> 01:34:43,560
हिंदू जिसने हमारे धर्म ग्रंथों को कभी पढ़ा ही नहीं है

1307
01:34:43,560 --> 01:34:47,880
वह यह समझता है कि भैया भारत में जो यह माइनॉरिटी जिनको

1308
01:34:47,880 --> 01:34:51,920
हम कहते हैं इनको भी रहने का अधिकार है जब हम कोई क्वेश्चन करते हैं तो कहते हैं जी यह

1309
01:34:51,920 --> 01:34:55,960
कहां जाएंगे जिनके 56 देश हैं उनके

1310
01:34:55,960 --> 01:35:00,000
लिए हमारे देश की मेजोरिटी वाले कहते हैं कि यह कहां जाएंगे लेकिन मैं उनसे यह पूछता

1311
01:35:00,000 --> 01:35:04,080
हूं कि यह तो चलो चले जाएंगे 56 देश है इनके पर तुम कहां

1312
01:35:04,080 --> 01:35:08,760
जाओगे अगर तुम्हारे ऊपर बांग्लादेश जैसी सिचुएशन हुई

1313
01:35:08,760 --> 01:35:12,920
तो तुम कहां पर जाओगे तुम्हारे तो 56 तो छोड़ो एक

1314
01:35:12,920 --> 01:35:17,280
देश है जो भी धर्मशाला बना हुआ है तो आपने बिल्कुल ठीक कहा शास्त्र

1315
01:35:17,280 --> 01:35:21,360
वाले भी है और एक ऐसे लोग है जिन्होंने शास्त्र पढ़े नहीं है तो हमारा

1316
01:35:21,360 --> 01:35:25,360
असल में जो ये जो सेकुलर लोग और जो राष्ट्रवाद के नाम

1317
01:35:25,360 --> 01:35:29,480
पर जो धर्म का खंडन करते हैं यह लोग और एक जो हो गए

1318
01:35:29,480 --> 01:35:34,080
कम्युनिस्ट यह सब जो है यह जो शास्त्र

1319
01:35:34,080 --> 01:35:38,280
वाली विकृति है ना पीछे वाली इनके

1320
01:35:38,280 --> 01:35:44,280
उपजा हुए पौधे हैय सेकुलरिज्म

1321
01:35:53,840 --> 01:35:57,440
इन्हीं से

1322
01:35:57,440 --> 01:36:01,960
आया मेरे पास भी इसकन वालों की भगवत गीता है और इसमें

1323
01:36:01,960 --> 01:36:06,240
मैंने भी काफी चीज आपत्ति जनक पढ़ी है बहुत सारी है आप

1324
01:36:06,240 --> 01:36:10,400
देखो शिवजी और कृष्ण जी तो अलग अलग है

1325
01:36:10,400 --> 01:36:16,400
मगर कृष्ण और अल्लाह एक है हा देवी

1326
01:36:18,840 --> 01:36:23,840
भागवत हां अरे वो बहुत अलग अलग है

1327
01:36:23,840 --> 01:36:27,840
काल रूपी ब्रह्म की मैथुन क्रिया से वो अलग अलग

1328
01:36:27,840 --> 01:36:31,880
है उसको फिर किसी दिन ले लेंगे यह ऐसे जो इन

1329
01:36:31,880 --> 01:36:36,120
लोग पाखंड फैलाते हैं ना भैया जी जी इसी के लिए तुलसीदास जी ने लिखे

1330
01:36:36,120 --> 01:36:40,120
हैं कि कलि मल ग्रसे धर्म सब लुप्त भए सद ग्रंथ और दमन नि जमती कलप कररी

1331
01:36:40,120 --> 01:36:44,320
प्रकट किए बहु पंथ हाय एक दंभ

1332
01:36:44,320 --> 01:36:48,520
हों की बुद्धि की कल्पना का दुष्परिणाम है कलयुग के दुष्प्रभाव से कि ऐसे

1333
01:36:48,520 --> 01:36:53,680
पंथ यहां पर उत्पन्न होते जा रहे हैं होते जा रहे हैं दिनों दिन जी और

1334
01:36:53,680 --> 01:36:58,040
के लिए भैया जी मेरा मानना यह है कि व्यक्तियों को यह प्रचार तंत्र

1335
01:36:58,040 --> 01:37:02,240
के द्वारा राजनीतिक तंत्रों के द्वारा जो बनाए हुए संत है ना जो हमारे

1336
01:37:02,240 --> 01:37:06,360
भगवान शंकराचार्य जी बोलते हैं पूरी पीठाधीश्वर जी कि ये ऐसे

1337
01:37:06,360 --> 01:37:09,160
संतों के पास लोग जाना क्यों चाहते हैं क्योंकि

1338
01:37:09,160 --> 01:37:13,400
प्रचार उनका होता है हमारे परंपरा प्राप्त

1339
01:37:13,400 --> 01:37:17,720
जो भगवान शंकराचार्य जी का है उनको कभी किसी संस्कार चैनल वाले

1340
01:37:17,720 --> 01:37:22,280
नहीं दिखाएंगे उसके कारण लोग साधना में रामपाल रोज आ रहा है

1341
01:37:22,280 --> 01:37:26,440
तो लोग जो जो सामान्य परिवार का व्यक्ति अरे टीवी में आता है रामपाल वो इतने

1342
01:37:26,440 --> 01:37:30,680
में खुश हो जाते हैं य दुष्परिणाम है एक दुविधा है भैया

1343
01:37:30,680 --> 01:37:33,800
जी क्या

1344
01:37:33,800 --> 01:37:38,920
बताए जी अर्पित गुप्ता जी जय श्री राम

1345
01:37:38,920 --> 01:37:43,200
जय श्री राम भया जय श्री राम भैया वही बता रहे थे कि अपनी सबसे बड़ी समस्या

1346
01:37:43,200 --> 01:37:47,520
यही है कि हम लोग अपने शास्त्र पढ़ते ही नहीं है सबसे बड़ी समस्या

1347
01:37:47,520 --> 01:37:51,760
यही है हम अपने शास्त्रों को जानते ही नहीं है नहीं

1348
01:37:51,760 --> 01:37:55,840
केव केव पढ़ने से भी काम नहीं चलेगा

1349
01:37:55,840 --> 01:38:00,560
गुरु गोविंद और गुरु परंपरा प्राप्त आचार्य

1350
01:38:00,560 --> 01:38:04,640
और फिर उनके द्वारा स्वीकार किए गए सिद्धांतों की सीमा में रहकर के ग्रंथों

1351
01:38:04,640 --> 01:38:08,680
का अध्ययन और तब प्राप्त होता है गोविंद गुरु गोविंद

1352
01:38:08,680 --> 01:38:12,760
और ग इसीलिए हरा हमारा जो मोटिव है ना

1353
01:38:12,760 --> 01:38:16,840
उसका नाम है एमथ जीी मिशन गुरु गोविंद और ग्रंथ जी

1354
01:38:16,840 --> 01:38:21,400
जी भैया से पहले हम भी भ्रमित थे इन चीजों को लेकर कई बार

1355
01:38:21,400 --> 01:38:24,200
तब हमने फिर भगवान आदि शंकराचार्य का नाम पहली बार जब सुना

1356
01:38:24,200 --> 01:38:28,320
था उनका नाम पहले सुना था पर इतना नहीं जानते थे उनके विषय में पर जब उनको पढ़ा उसके

1357
01:38:28,320 --> 01:38:32,400
बाद आगे बढ़े तो समझ में आया कि हां सनातन धर्म से श्रेष्ठ कुछ और है

1358
01:38:32,400 --> 01:38:37,240
ही नहीं जितना ज्ञान हमारे ग्रंथों में है उतना कहीं और है ही नहीं

1359
01:38:37,240 --> 01:38:41,560
तो उसमें भगवान आदि शंकराचार्य जी हमारा मूल है हमारे

1360
01:38:41,560 --> 01:38:46,600
धर्म की बिल्कुल उनके विरुद्ध जाकर तो कुछ हासिल ही नहीं

1361
01:38:46,600 --> 01:38:50,600
होगा अ ये कौ वो वो जो ट्रेडिशनल

1362
01:38:50,600 --> 01:38:54,800
रहा है ना गुरु शिष्य का वो वहां पर उस चीज को वैलिडेट

1363
01:38:54,800 --> 01:38:58,960
करते हैं जबकि बाकियों में आप जाओगे तो कुछ ना कुछ मिसिंग रहता है हमेशा ये मैंने भी चीज

1364
01:38:58,960 --> 01:39:03,000
नोट की है क्योंकि मेरे एक डिबेट हो रही थी मेरी एक मुस्लिम से तो उसने मेरे

1365
01:39:03,000 --> 01:39:07,160
को पूछा कि तुम कौन से तुम्हारा गुरु कौन है तो वहां पर मैं फस गया था

1366
01:39:07,160 --> 01:39:11,440
फिर मैंने तब जाके शंकराचार्य उनके चैनल्स देखे और

1367
01:39:11,440 --> 01:39:15,480
पूरी के शंकराचार्य जी उनका भी चैनल मैं जुड़ा हुआ हूं उनसे भी सुनता रहता हूं

1368
01:39:15,480 --> 01:39:19,480
उनको तो यह जरूरी है हमारी परंपरा जो है ना इसको छोड़ दिया तो

1369
01:39:19,480 --> 01:39:24,840
मतलब जैसे हमारा गोत्र होता ना बोलते हैं गोत्र कौन से गोत्र से हो ये बहुत जरूरी होता

1370
01:39:24,840 --> 01:39:29,080
ऐसा है ना इसमें बात ये है कि यदि आप अपने आप को वैदिक कहना चाहते

1371
01:39:29,080 --> 01:39:33,200
हैं यदि आप अपने आप को सनातनी कहना चाहते हैं

1372
01:39:33,200 --> 01:39:37,280
तो आपको यह समझना होगा कि वैदिक सनातन धर्म आप तक पहुंचा

1373
01:39:37,280 --> 01:39:39,200
कैसे है अरबों

1374
01:39:39,200 --> 01:39:44,080
साल पहले जो वेद मंत्र प्रकट होते हैं आप तक कैसे पहुंचे

1375
01:39:44,080 --> 01:39:48,400
तो अब आप ये मान लोगे शंकराचार्य से पहले

1376
01:39:48,400 --> 01:39:52,720
की क्या वो रही परंपरा उस पर आपको विश्वास

1377
01:39:52,720 --> 01:39:57,120
नहीं है मान लो मगर आपको यह तो मानना पड़ेगा कि शंकराचार्य

1378
01:39:57,120 --> 01:40:01,960
की मध्यस्थता से वो जो मंत्र है वो आप तक आए

1379
01:40:01,960 --> 01:40:06,160
ठीक है वो उससे पहले उन्होंने कहां से लिए अपने से बना

1380
01:40:06,160 --> 01:40:10,440
दिए तो ठीक और वो भगवान से ही आए तो ठीक आए

1381
01:40:10,440 --> 01:40:14,880
उनके ही मध्यस्थता से ठीक है ये आपको मानना पड़ेगा जी जी

1382
01:40:14,880 --> 01:40:18,960
तो जब उनकी मध्यस्थता से कोई चीज आ रही है और आपको आदि शंकराचार्य

1383
01:40:18,960 --> 01:40:23,000
जी पर भरोसा नहीं है तो उनके द्वारा प्राप्त

1384
01:40:23,000 --> 01:40:27,520
होने वाली चीज पर भी भरोसा होना तार्किक रूप से सिद्ध नहीं

1385
01:40:27,520 --> 01:40:31,600
होता यदि मैं आपको एक बुक दे रहा हूं कि यह लो इस पर

1386
01:40:31,600 --> 01:40:35,960
विश्वास करो तो जितना विश्वास आपको बुक पर होना चाहिए उतना ही विश्वास

1387
01:40:35,960 --> 01:40:39,960
आपको मेरे पर भी होना चाहिए कि मैं अगर झूठ बोल सकता हूं तो उस बुक को

1388
01:40:39,960 --> 01:40:44,120
भी झूठा दे दिया होगा और अगर वह बुक झूठ नहीं बोल सकती तो उसे

1389
01:40:44,120 --> 01:40:48,200
देने वाला भी झूठ नहीं बोल सकता उस झूठ

1390
01:40:48,200 --> 01:40:52,560
का आधार कुछ भी हो सकता है अज्ञानता का ब्लेम कर लो आप

1391
01:40:52,560 --> 01:40:54,360
कि अज्ञान वश आदि

1392
01:40:54,360 --> 01:40:59,280
शंकराचार्य जी ने वेद का गलत अर्थ दे दिया या

1393
01:40:59,280 --> 01:41:03,400
फिर लालच वश वेद का गलत अर्थ दे दिया

1394
01:41:03,400 --> 01:41:07,720
द्वेष वस वेद का गलत अर्थ दे दिया मगर जैसे ही आप आदि शंकराचार्य

1395
01:41:07,720 --> 01:41:11,760
जी को गलत कह दोगे तो उनके द्वारा प्राप्त होने वाले

1396
01:41:11,760 --> 01:41:15,840
वेद मंत्रों का भी आपकी मान्यता के

1397
01:41:15,840 --> 01:41:20,000
अनुसार ईश्वर द्वारा प्रदत्त होना मानव हित के लिए प्रदत्त होना

1398
01:41:20,000 --> 01:41:24,120
वो सि नहीं होता हो सकता है आपका जो धर्म सिद्धांत

1399
01:41:24,120 --> 01:41:28,120
हो अच्छाई और बुराई में फैसला करना निर्णय लेने का

1400
01:41:28,120 --> 01:41:32,240
जो आधार हो वो हो सकता है दुर्जन तोष नय से बोल रहा हूं

1401
01:41:32,240 --> 01:41:36,360
हो सकता है सही हो मगर वह जो धर्म और धर्म की आपकी

1402
01:41:36,360 --> 01:41:40,640
व्याख्या है वो उन वेद मंत्रों की व्याख्या नहीं हो सकती जो आदि

1403
01:41:40,640 --> 01:41:44,880
शंकराचार्य जी के द्वारा आए हैं यदि आप उनका विरोध कर रहे हो आप अपना

1404
01:41:44,880 --> 01:41:49,000
खुद का कल्ट खोल लो कि हम अलंकार समाज है हमें नहीं

1405
01:41:49,000 --> 01:41:53,320
मतलब पीढ़ियों पहले आ रहे वेद मंत्रों से हम तो यह कह रहे हैं यह धर्म है

1406
01:41:53,320 --> 01:41:57,680
ऐसे बोलो अगर आपने शंकराचार्य का विरोध कर दिया तो आपका

1407
01:41:57,680 --> 01:42:01,800
वैदिक सनातनी होना सिद्ध ही नहीं

1408
01:42:01,800 --> 01:42:05,800
होगा और यह सब बातें जब बैठ कर के व्यक्ति विनम्रता से

1409
01:42:05,800 --> 01:42:09,880
सकारात्मक दृष्टि से जब सोचेगा ना तब उसको समझ में आएगी कि

1410
01:42:09,880 --> 01:42:13,960
क्यों आवश्यक है य नाम यह नाम हमारे लिए

1411
01:42:13,960 --> 01:42:18,160
क्यों आवश्यक है शंकराचार्य को हम छोड़ क्यों नहीं सकते क्योंकि उन्हीं की

1412
01:42:18,160 --> 01:42:22,160
चे परम नरेशन मतलब परंपरा से हमारे पास

1413
01:42:22,160 --> 01:42:26,240
ये धर्म आया जिसके कारण हम अपने आप को सनातनी कहते हैं

1414
01:42:26,240 --> 01:42:30,280
गीता प्रेस के पास कहां से आए वो मंत्र वो श्लोक सबसे पहला गीता

1415
01:42:30,280 --> 01:42:35,560
भाष्य किसने किया शंकराचार्य महाभारत

1416
01:42:35,560 --> 01:42:39,640
में जो गीता है उस गीता को अलग से

1417
01:42:39,640 --> 01:42:43,760
निकाल कर के उसका भाष्य किसने किया सबसे पहले शंकराचार्य

1418
01:42:43,760 --> 01:42:48,080
नहीं तो वो एक ग्रंथ का हिस्सा थी गीता

1419
01:42:48,080 --> 01:42:54,080
महाभारत का एक संवाद था वो कृष्ण और अर्जुन के बीच में

1420
01:42:56,000 --> 01:43:00,160
जी बिल्कुल बक और जो आर्य समाज की भी बात

1421
01:43:00,160 --> 01:43:04,200
मैं बताऊं कि जो आपका रियल इंटेंशन के साथ कुछ चल रहा

1422
01:43:04,200 --> 01:43:08,280
था तभी मेरे को उन्होंने वीडियो जब बनाया था तभी मेरे को आपके बारे में पता चल रहा था

1423
01:43:08,280 --> 01:43:12,520
लेकिन मैंने डिटेल में देखा नहीं था आपका वीडियो एक टाइम था जब

1424
01:43:12,520 --> 01:43:16,720
रियल इंटेंशन हो गया सनातन समीक्षा ये सब चैनल हम सब मिलकर काम करते थे

1425
01:43:16,720 --> 01:43:20,720
लेकिन उस वक्त एक सेकुलरिज्म की तरह होता है ना

1426
01:43:20,720 --> 01:43:24,760
कि ठीक है भाई चलो तुम भी आ जाओ तुम भी आ जाओ

1427
01:43:24,760 --> 01:43:28,920
लेकिन वो ज्यादा दिन चला नहीं क्योंकि हुआ क्या कि एक ग्रुप बना ट

1428
01:43:28,920 --> 01:43:33,160
ग्रुप और मैं भी उस ग्रुप से जुड़ा उसमें आर समाज के लोग भी थे और यह रियल

1429
01:43:33,160 --> 01:43:37,200
इंटेंशन वाले भाई साहब है यह भी थे तो काफी अच्छे

1430
01:43:37,200 --> 01:43:41,480
मित्र थे हमारे अब वहां पर क्या हुआ शिवजी का अपमान होने लगा जो शिवलिंग

1431
01:43:41,480 --> 01:43:45,800
के बारे में बड़े गंदे गंदे चित्र व वहां पर डालने लगे और

1432
01:43:45,800 --> 01:43:50,320
कर लि एक मिनट मैं जरा एक बात का उत्तर दे दूं जी

1433
01:43:50,320 --> 01:43:54,600
हा इस तरह से व्यास जी ने भी कहीं कहीं पर पाया व्यास जी ने भी उनका

1434
01:43:54,600 --> 01:43:58,840
भाष्य किया है मगर जो आधुनिक आचार जो हमें प्राप्त है जिनका ऐतिहासिक

1435
01:43:58,840 --> 01:44:03,320
वर्णन हमें प्राप्त है तो उसमें जो है शंकराचार्य सभी परंपरा

1436
01:44:03,320 --> 01:44:07,600
में सबसे प्रथम है जी सनातन शंकर जी जी बताइए

1437
01:44:07,600 --> 01:44:11,240
जी तो वहां पर शिव शिवलिंग का मजाक उड़ने लगा और

1438
01:44:11,240 --> 01:44:15,520
मैंने अपने चैनल पर बहुत सारे ऐसे वीडियो डाल रखे थे जिनसे में जो शिवलिंग

1439
01:44:15,520 --> 01:44:19,520
का मजाक उड़ाते थे तो उनका मैं विरोध करता था वीडियो बना बनाकर डालता था तो मुझे बहुत

1440
01:44:19,520 --> 01:44:23,520
बुरा लगा मैं एग्जिट कर गया अब जो संदीपन रॉय है उनका

1441
01:44:23,520 --> 01:44:27,520
भी एक चैनल है वो भी मेरे बड़े अच्छे मित्र थे तो उनका फोन आ गया कि भाई तुमने एग्जिट

1442
01:44:27,520 --> 01:44:31,520
क्यों कर दिया ग्रुप मैंने कहा ये सारी गंदी चीजें अगर इस ग्रुप में होंगी तो फिर मैं

1443
01:44:31,520 --> 01:44:35,720
तो नहीं रहने वाला संदीपन जी आपको भी पता है कि मैं

1444
01:44:35,720 --> 01:44:39,760
किस तरह से शिव जीी का भक्त हूं मेरे घर में हम शिव की मूर्ति की

1445
01:44:39,760 --> 01:44:43,880
पूजा करते हैं और यह जिस तरह से शिवलिंग का मजाक उड़ा रहे हैं यह लोग वो कहता है कि

1446
01:44:43,880 --> 01:44:47,960
ये ना आर्य समाज से जुड़े हुए नहीं है मैं इनको समझा दूंगा तो आप ग्रुप में फिर से जुड़

1447
01:44:47,960 --> 01:44:52,040
जाइए तो मैं फिर जुड़ गया और फिर उन्होंने फिर वही चीज शुरू कर दी फिर मैंने फिर एग्जिट किया

1448
01:44:52,040 --> 01:44:56,120
और तब से लेकर अब तक मैं मैं वहां से अलग ही हूं और मैंने धीरे-धीरे अपने आप को

1449
01:44:56,120 --> 01:45:00,360
वहां से अलग किया कि मैंने कहा यह नहीं चल सकता कि दोगली बात नहीं चल

1450
01:45:00,360 --> 01:45:04,440
सकती या तो मैं अगर मैं बोल रहा हूं मैं तुम्हारे साथ

1451
01:45:04,440 --> 01:45:08,480
हूं तो तुम्हारे साथ हूं तो कहीं ना कहीं मैं इनडायरेक्टली ये चीज को सपोर्ट कर रहा हूं कि

1452
01:45:08,480 --> 01:45:12,640
भाई जो तुम यह चीजें लिख रहे हो मैं उसका आंशिक रूप से समर्थन

1453
01:45:12,640 --> 01:45:16,720
कर रहा हूं जो मैं नहीं कर सकता तो इसलिए मैंने फिर वहां से छोड़ा मेरे चैनल की

1454
01:45:16,720 --> 01:45:20,880
व्यूअरशिप भी डाउन करी गई रिपोर्ट भी किया गया जहां मेरे दो दो लाख तीन-तीन

1455
01:45:20,880 --> 01:45:25,080
लाख व्यूज आते थे वहां पर 400 और 500 मेरा चैनल सिमट गया मुझे

1456
01:45:25,080 --> 01:45:26,440
पता है इन लोगों ने ग्रुप बना

1457
01:45:26,440 --> 01:45:30,640
बनाकर मेरे चैनल को रिपोर्ट किया लेकिन कोई नहीं जितना

1458
01:45:30,640 --> 01:45:34,840
वो कर चुके हैं अब अब हम फिर से शुरुआत कर रहे हैं ढाई लाख सब्सक्राइबर मेरे चैनल

1459
01:45:34,840 --> 01:45:39,080
पर लेकिन व्यूअरशिप आप देखोगे तो हजार व्यू बड़े मुश्किल से आते हैं कई कई वीडियो

1460
01:45:39,080 --> 01:45:43,240
प तो ये सारी कहानी है लेकिन मुझे कोई मिल

1461
01:45:43,240 --> 01:45:47,400
नहीं रहा जैसे ने जो वीडियो बनाया आपके ऊपर तो वहां से फिर जब मैंने

1462
01:45:47,400 --> 01:45:51,400
आपके वीडियो देखना शुरू करे अभी ज्यादा नहीं देख पाया हूं पर जितना भी टाइम लगा

1463
01:45:51,400 --> 01:45:55,400
है तो मैं जरूर आपके स्टडी करूंगा और ज्यादा आपके चैनल को मुझे लगता है

1464
01:45:55,400 --> 01:45:59,760
कहीं ना क विचारधारा आपकी और हमारी थोड़ी मैच करती है

1465
01:45:59,760 --> 01:46:03,840
जी जी ऐसा है आपने अभी एक बात कही सेकुलर टाइप

1466
01:46:03,840 --> 01:46:07,840
के हिंदू इस पर ही हमने एक वीडियो बनाया है उसको

1467
01:46:07,840 --> 01:46:11,840
हमने नाम दिया होडा हिंदू होंडा हिंदू का

1468
01:46:11,840 --> 01:46:15,960
मतलब क्या है वह अपनी अपनी दुकान टाइप की

1469
01:46:15,960 --> 01:46:20,000
जो भी वह चला रहा है उसके लिए वो क्या करेगा जय आदि शंकराचार्य

1470
01:46:20,000 --> 01:46:24,040
जय दयानंद दयानंद की भी जय

1471
01:46:24,040 --> 01:46:28,080
और शंकराचार्य की भी जय वर्ण को जन्म से मानने वाले

1472
01:46:28,080 --> 01:46:32,200
की भी जय और वर्ण को कर्म से मानने वाले की भी

1473
01:46:32,200 --> 01:46:36,200
जय अच्छा एक मैं नाम नहीं लूंगा मगर मैंने कुछ ऐसे

1474
01:46:36,200 --> 01:46:40,200
धर्म रक्षकों को भी देखा सुना है जो कहते हैं वो देखो तुम्हारा

1475
01:46:40,200 --> 01:46:41,640
अपना मामला है तुम संप्रदाय

1476
01:46:41,640 --> 01:46:45,800
के हो तुम आर्य समाजी हो हम तो बस यह बताने आए हैं कि इतिहास

1477
01:46:45,800 --> 01:46:49,960
में यह दर्ज है पुराण में ये दर्ज है मूर्ति पूजा थी कि नहीं थी हम तो ये बताने

1478
01:46:49,960 --> 01:46:54,040
आए भाई और समय आने पर शंकराचार्य का भी खंडन करेंगे

1479
01:46:54,040 --> 01:46:58,440
समय आने आर्य समाज का भी खंडन करेंगे तो यह है होडा

1480
01:46:58,440 --> 01:47:02,720
हिंदू इनको पता ही नहीं हैय कर क्या रहे हैं

1481
01:47:02,720 --> 01:47:06,880
भाई धर्म की परिभाषा क्या है सच्चिदानंद

1482
01:47:06,880 --> 01:47:11,640
स्वरूप परमेश्वर को परिभाषित कर सकने वाले शास्त्रों द्वारा

1483
01:47:11,640 --> 01:47:15,760
सच्चिदानंद स्वरूप परमेश्वर को प्राप्त करने के निमित्त बताई गई विधि का नाम

1484
01:47:15,760 --> 01:47:20,000
धर्म है विधि जी अब

1485
01:47:20,000 --> 01:47:24,000
जब आपकी वो जो विधि है वो क्लियर कि आप यह

1486
01:47:24,000 --> 01:47:28,080
दयानंद की विधि को मानते हो या शंकराचार्य की विधि को धर्म मानते हो

1487
01:47:28,080 --> 01:47:32,440
तो तुम धार्मिक कहां से हो पहले य बताओ कहां से हुए धार्मिक

1488
01:47:32,440 --> 01:47:36,480
अगर तुम्हें दयानंद पर भरोसा नहीं है

1489
01:47:36,480 --> 01:47:40,640
पूरा तो तुम्हारे पास वेद कौन से हैं

1490
01:47:40,640 --> 01:47:44,680
अगर आप शंकराचार्य को नहीं मानते हैं ठीक है और तुम्हें दयानंद पर

1491
01:47:44,680 --> 01:47:48,720
भी डाउट है कुछ अभय रियल इंटेंशन वाले जो है

1492
01:47:48,720 --> 01:47:52,880
वो अपनी वीडियो में कहते सब में कमियां होती है भाई मेरे धर्म में कोई कमी नहीं

1493
01:47:52,880 --> 01:47:56,880
नहीं है आपको लगता है आपके धर्म में कमी है क्योंकि

1494
01:47:56,880 --> 01:48:00,880
आपका धर्म धर्म ही नहीं है तो अब ये क्या करते

1495
01:48:00,880 --> 01:48:05,080
हैं कि जब इनको दयानंद

1496
01:48:05,080 --> 01:48:09,320
जी पर भी डाउट है तो फिर इसका मतलब उनसे प्राप्त होने वाले

1497
01:48:09,320 --> 01:48:13,320
वेद मंत्र और वेद मंत्र के अर्थ पर भी जो डाउट हो गया

1498
01:48:13,320 --> 01:48:17,600
तो फिर तुम्हारा धर्म क्या है किस मुंह से कह रहे हो कि तुम सनातनी

1499
01:48:17,600 --> 01:48:21,720
हो तुमने अपने वेद भाष्य कर दिए चलो अपने वेद भाष्य कर दो तब

1500
01:48:21,720 --> 01:48:25,760
तो मान भी ले कि तुम वैदिक हो तुम सनातनी हो तो जितने

1501
01:48:25,760 --> 01:48:29,960
लोग हैं जिनका कोई माय बाप नहीं है जो सबका मिक्सचर

1502
01:48:29,960 --> 01:48:34,880
करते हैं कि मैं मैं जो है वीरा हूं और मैं जो है

1503
01:48:34,880 --> 01:48:39,200
आर्य समाजी नहीं हूं बस मैं दयानंद की बहुत रेस्पेक्ट करती हूं मगर

1504
01:48:39,200 --> 01:48:43,200
कहीं पर मैं व भी बन जाती हूं मूर्ति पूजक

1505
01:48:43,200 --> 01:48:47,440
भी बन जाती हूं और यह सब लोग यह सब लोग

1506
01:48:47,440 --> 01:48:51,800
होंडा हिंदू की श्रेणी में आते जिनको आपने कहा ना सेकुलर टाइप के ू

1507
01:48:51,800 --> 01:48:56,000
इनका सि नहीं है सिद्धांत विहीन अच्छा सिद्धांत विहीन

1508
01:48:56,000 --> 01:49:00,200
किसकी पहचान है जो नास्तिक होता है व

1509
01:49:00,200 --> 01:49:04,600
सिद्धांत विहीन होता है क्योंकि उसको अपने धर्म और धर्म के निर्णय में नहीं पता

1510
01:49:04,600 --> 01:49:08,800
कि मुझे क्या और क्यों करना है सामने खड़ी हुई तीन स्त्रियों में कौन माता है कौन

1511
01:49:08,800 --> 01:49:12,160
बहन है कौन पत्नी है इसमें अंतर करना

1512
01:49:12,160 --> 01:49:16,360
है तो क्यों करना है और अंतर क्या करना है यह हमें धर्म बताता है

1513
01:49:16,360 --> 01:49:20,560
अब हमारा धर्म क्लियर नहीं है इसको फॉर एग्जांपल ऐसे समझ ले

1514
01:49:20,560 --> 01:49:24,600
जैसे हमें यह नहीं मालू मालूम है कि

1515
01:49:24,600 --> 01:49:29,080
किसका अर्थ प्रमाणिक है ठीक है तो जब हमने

1516
01:49:29,080 --> 01:49:33,760
जब यह बात आएगी कि बहन के साथ विवाह नहीं करना है तो हम मनुस्मृति

1517
01:49:33,760 --> 01:49:37,840
दिखाएंगे भाई कि देखो दयानंद जी ने तो यह लिखा है बहन के साथ विवाह नहीं

1518
01:49:37,840 --> 01:49:42,240
करना है वहां आदमी कह सकता है कोई दयानंद को पूरा थोड़ी ना मानता

1519
01:49:42,240 --> 01:49:46,760
हूं जोय न्यूट्रल हिंदू है वहां अपनी

1520
01:49:46,760 --> 01:49:51,200
अपनी मान्यता को ऊपर रखने के लिए अगर उसको बहन के साथ विवाह करना ही है

1521
01:49:51,200 --> 01:49:55,400
अगर उसे करना है उसकी इच्छा हो गई तो हम उसे शास्त्रों

1522
01:49:55,400 --> 01:49:59,440
द्वारा हम उसे शास्त्रों द्वारा रोक

1523
01:49:59,440 --> 01:50:03,440
नहीं सकते जैसे हमने शास्त्र दिखाया

1524
01:50:03,440 --> 01:50:07,960
कि हमें जो है एक मिनट एक मिनट रुक

1525
01:50:07,960 --> 01:50:12,240
जाइए एक दिन हट हो रुक जाइए हां

1526
01:50:12,240 --> 01:50:16,680
तो हम उन्हें शास्त्र दिखा रहे हैं देखो तुम जिसे मानते हो ना दयानंद को दयानंद

1527
01:50:16,680 --> 01:50:20,720
जी ने भी यह लिखा है कि बहन के साथ विवाह नहीं करते मनुस्मृति में कहीं पर लिखा है अर्थ

1528
01:50:20,720 --> 01:50:24,800
करते अरे यह श्लोक तो मिलावटी होगा मैं दयानंद जी को प्रमाण थोड़ी ना

1529
01:50:24,800 --> 01:50:27,240
मानता हूं अच्छा भैया आदि शंकराचार्य जी को ले

1530
01:50:27,240 --> 01:50:31,240
लेते हैं अरे आदि शंकराचार्य जी को पूरा थोड़ी ना मानता हूं मैं मैं तो हिंदू हूं

1531
01:50:31,240 --> 01:50:35,400
अरे हिंदू हो कहां से फिर तुम अरे किसको

1532
01:50:35,400 --> 01:50:40,000
किसके द्वारा तुम अपने धर्म और धर्म का निर्णय करते हो बुक का नाम बताओ ना नहीं बताएंगे

1533
01:50:40,000 --> 01:50:44,160
पूरा पूरा किसी को मानने वाले है ही नहीं तो इसका मतलब

1534
01:50:44,160 --> 01:50:48,360
क्या है इनका जो धर्म है वह मनमुक है हमारा

1535
01:50:48,360 --> 01:50:52,760
जब जा ये अपने आप को क्यों कहते हैं जैसे वो एक बात

1536
01:50:52,760 --> 01:50:56,880
आई थी ना कि जिस एज में लोगों को विवाह नहीं

1537
01:50:56,880 --> 01:51:00,960
चाहिए बाल विवाह अपराध है उसी एज में लोगों को बॉयफ्रेंड

1538
01:51:00,960 --> 01:51:05,040
और गर्लफ्रेंड चाहिए जिस ऐज में आपको

1539
01:51:05,040 --> 01:51:09,600
पत्नी नहीं चाहिए ऑफिशियल आपको पति नहीं चाहिए ऑफिशियल उसी

1540
01:51:09,600 --> 01:51:14,000
एज में आपको लवर चाहिए ऑफिशियल आपको गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड चाहिए ऑफिशियल

1541
01:51:14,000 --> 01:51:18,240
तो ये क्या हुआ क्यों क्योंकि अगर हमने

1542
01:51:18,240 --> 01:51:22,640
कह दिया कि हमें विवाह करवा दो तो हम बंद जाएंगे एक को छोड़ के दूसरे

1543
01:51:22,640 --> 01:51:27,120
प नहीं जा पाएंगे तो इसलिए वो गर्लफ्रेंड

1544
01:51:27,120 --> 01:51:31,200
और बॉयफ्रेंड वाला तो चलेगा जिससे कि वो जो सुख प्राप्त होना

1545
01:51:31,200 --> 01:51:35,240
है वो पूरा होता रहे मगर कर्तव्य अथवा जो बंधन है वो ना प्राप्त

1546
01:51:35,240 --> 01:51:39,240
हो उसी प्रकार से इनका यह मामला होता है कि ये जो

1547
01:51:39,240 --> 01:51:42,400
न्यूट्रल हिंदू है जो होंडा हिंदू है इनका भी यही मामला होता

1548
01:51:42,400 --> 01:51:46,520
है कि इ ये कहीं भी बंधन में ना बंद जाए कि नहीं ये बात

1549
01:51:46,520 --> 01:51:50,600
तुम्हें माननी पड़ेगी इसलिए ये बोलते हैं कि नहीं हम हम तो

1550
01:51:50,600 --> 01:51:54,760
किसी भी संप्रदाय के नहीं है हम तो हिंदू हैं अरे हिंदू हो कहां से कौन

1551
01:51:54,760 --> 01:51:59,000
सा गीता भाष्य तुम्हारे लिए प्रमाणिक है कौन सा वेद भाष्य तुम्हारे लिए प्रमाणिक

1552
01:51:59,000 --> 01:52:03,320
है कौन से आधार पर तुम हिंदू हो कौन से आधार पर तुम सनातनी

1553
01:52:03,320 --> 01:52:07,680
हो मानना पड़ेगा ना किसी वेद भाष्य को प्रमाण के रूप में

1554
01:52:07,680 --> 01:52:11,720
अपना वेद भाष्य कर दो तो यह जो होडा हिंदू है इनम इतनी इतनी सामर्थ्य भी

1555
01:52:11,720 --> 01:52:15,880
नहीं है कि इनम यह अपना वेद भाष्य रच दे वो तो सामर्थ्य

1556
01:52:15,880 --> 01:52:20,160
है नहीं तो ये यह भी बहुत बहुत भयंकर

1557
01:52:20,160 --> 01:52:24,280
रूप से घातक होते हैं जहर

1558
01:52:24,280 --> 01:52:28,480
वाले बस एक बात है यह वापस आ सकते हैं

1559
01:52:28,480 --> 01:52:32,600
अगर इनको थोड़ा सकारात्मक प्रयास किया जाए तो आज जो हम

1560
01:52:32,600 --> 01:52:36,720
लोग जो यहां बैठे हैं इनम से हम में से 70 पर लोग वही होंडा हिंदू

1561
01:52:36,720 --> 01:52:40,760
है जो आप वापस आ

1562
01:52:40,760 --> 01:52:44,760
गए एक आरस से एक बहस हुई थी वो य

1563
01:52:44,760 --> 01:52:49,240
कहते आप शिवलिंग शिवलिंग पर दूध चढ़ाते हो ये गलत है

1564
01:52:49,240 --> 01:52:53,240
मैं क वो गलत कैसे है भाई कते वो बर्बाद हो जाता

1565
01:52:53,240 --> 01:52:57,400
है दूध जो है अच्छा जो तुम हवन करते हो उसम

1566
01:52:57,400 --> 01:53:01,560
ी डालते हो तो वेस्ट जाता है कि उसका यज हो जाता है

1567
01:53:01,560 --> 01:53:05,720
या किसी जानवर या किसी बे इंसान के अर चला जाता है कता

1568
01:53:05,720 --> 01:53:09,840
तुम तो चैलेंज कर रहे हो उसको हवन को यही बात

1569
01:53:09,840 --> 01:53:14,240
उसके अंदर होती है मूर्ति में जैसे तुम य हवन के अंदर डालते हम भी ऐसे

1570
01:53:14,240 --> 01:53:19,200
के रूप में उनको मूर्ति को पूते हमलोग तो च

1571
01:53:19,200 --> 01:53:23,280
बा एक बात इसम भी है गुरुदेव से पूछा था दूध

1572
01:53:23,280 --> 01:53:27,720
के बारे में तो वो उसकी आदि दैविक अर्थ भी है शिवलिंग

1573
01:53:27,720 --> 01:53:32,120
पर चढ़ाने का वैज्ञानिक अर्थ भी है फिर अंततोगत्वा गुरुदेव

1574
01:53:32,120 --> 01:53:36,120
ने यह बताया था कि आप क्यों उसको बहने दे रहे हो भाई

1575
01:53:36,120 --> 01:53:40,240
आप उस पर ऐसी व्यवस्था कर लो ना शिवलिंग पर जब दूध गिरे तो आकर के वह किसी

1576
01:53:40,240 --> 01:53:45,400
पात्र में आ जाए और वहां से आप गरीबों को दे दो

1577
01:53:45,400 --> 01:53:49,480
क्या दिक्कत यह चीज तो महाकालेश्वर मंदिर में आज भी

1578
01:53:49,480 --> 01:53:53,480
होती है इतना अभिषेक होता व बाद में कुतो के लिए बर्तन व्यवस्था

1579
01:53:53,480 --> 01:53:55,800
है कि अंत जब वो बर्तन भरे

1580
01:53:55,800 --> 01:53:59,880
व जाकर उनको स्वान को जास देते आपको मैं

1581
01:53:59,880 --> 01:54:03,280
एक बात बताऊ एक बात

1582
01:54:03,280 --> 01:54:07,760
बताऊ मैंने जो ग्रंथ लिखा आवान

1583
01:54:07,760 --> 01:54:11,760
वो जो ग्रंथ लिखा है आवान जो बुक लिखी जो विभिन्न हमारे

1584
01:54:11,760 --> 01:54:16,080
आचार गण प्रमाणिक उनके जो संकलन किया उनके बुक से

1585
01:54:16,080 --> 01:54:20,280
चैप्टर उसमें एक जो चैप्टर है नास्तिक वो

1586
01:54:20,280 --> 01:54:24,320
नास्तिक चैप्टर तो इसी बात पर उसमें कि मैं

1587
01:54:24,320 --> 01:54:28,440
कहीं पर था और मेरे जीवन में वह घटनाएं घटित होती

1588
01:54:28,440 --> 01:54:32,520
गई है तो वह चैप्टर जड़ते गए किसी ने जैसे मुझसे रास

1589
01:54:32,520 --> 01:54:36,520
लीला के बारे में प्रसंग कर दिया तो रासलीला उस बुक में जुड़ गया शिव

1590
01:54:36,520 --> 01:54:40,640
मोहिनी के प्रसंग के बारे में बात हो गई तो शिव मोहिनी प्रसंग उसमें जुड़ गया तो

1591
01:54:40,640 --> 01:54:44,800
एक दिन ऐसे ही एक नास्तिक मिला था मुझे उस नास्तिक ने कह

1592
01:54:44,800 --> 01:54:49,720
दिया था वो खंड विकास अधिकारी था अपने क्षेत्र का

1593
01:54:49,720 --> 01:54:53,800
तो उसने मुझसे वो जी के मंदिर के पास कोई

1594
01:54:53,800 --> 01:54:58,160
मेला लग रहा था वहां पर उसकी ड्यूटी थी प्रशासनिक व्यवस्था

1595
01:54:58,160 --> 01:55:02,240
के लिए उसकी ड्यूटी थी तो कोई

1596
01:55:02,240 --> 01:55:06,440
उन्होंने मुझे बताया कि भाई हमारी कल ड्यूटी है ऐसा है वैसा है और बस

1597
01:55:06,440 --> 01:55:10,640
भोले बाबा की बात चली तो बात छिड़ गई तो हल्का सा ऐसे हो गया हंसने

1598
01:55:10,640 --> 01:55:11,140
लगे

1599
01:55:10,840 --> 01:55:14,960
भोले बाबा का नाम लेकर के नास्तिक थे तो हंसने लगे तो मैंने

1600
01:55:14,960 --> 01:55:19,600
कहा कि क्या हुआ कि अरे तुम भुले बाबा में दूध चढ़ाते

1601
01:55:19,600 --> 01:55:23,720
हो और वेस्ट जाता है अब नास्तिक थे

1602
01:55:23,720 --> 01:55:28,000
वो तो तो मैंने कहा कि तुम अपनी बर्थडे पर पाच पाच लाख रुपए

1603
01:55:28,000 --> 01:55:32,160
खर्च करते हो वो वेस्ट नहीं जाता दुनिया में

1604
01:55:32,160 --> 01:55:36,160
जब तक कोई एक व्यक्ति भी गरीब है भूखा है तब

1605
01:55:36,160 --> 01:55:40,560
तक पीटर इंग्लैंड की शर्ट मत पहनना बोरा पहनो गेहूं का

1606
01:55:40,560 --> 01:55:44,880
पत्ते पहनो एक रुपया भी अपनी शान चौकत

1607
01:55:44,880 --> 01:55:49,880
के लिए खर्च मत करना जब तक कोई दुनिया में भूखा

1608
01:55:49,880 --> 01:55:54,560
है आ कर केय बात कहना कि दू क्यों चढ़ा रहे हो आपने

1609
01:55:54,560 --> 01:55:58,840
ब्लैक बेरी की शर्ट खरीद ली वन हुसैन की शर्ट खरीद ली चार

1610
01:55:58,840 --> 01:56:03,520
चार पाच पा हजार की तब आपको याद नहीं आया कि वेस्ट हो रहा है पैसा

1611
01:56:03,520 --> 01:56:07,560
क्यों खरीदी क्योंकि आप चाहते हो कि आपको उसमें

1612
01:56:07,560 --> 01:56:11,640
आपको लगता है कि आपकी उसमें वो शान है तो यह दूध

1613
01:56:11,640 --> 01:56:16,360
चढ़ाना हमारी शान भैया एक एक व

1614
01:56:16,360 --> 01:56:21,000
पाच पाच छछ जोड़ी जते होते र ता

1615
01:56:21,000 --> 01:56:26,080
उनका है हो गया फिर वो बोले हमारे घर में सब लिबरल

1616
01:56:26,080 --> 01:56:30,400
है फिर वो बोले हमारे घर में सब उदारवादी है मैंने

1617
01:56:30,400 --> 01:56:34,720
कहा माता बहन और पत्नी में अंतर के नाम पर आप लिबरल हो के उदारवादी

1618
01:56:34,720 --> 01:56:38,800
हो क्या करोगे माता बहन और पत्नी में तुम अंतर

1619
01:56:38,800 --> 01:56:43,440
मानते हो इस बात को लेकर कट्टर हो या लिबरल हो

1620
01:56:43,440 --> 01:56:47,680
तो फिर इतना सम मैंने कहा सुनो आप

1621
01:56:47,680 --> 01:56:53,680
लिबरल हो इस बात के लिए आप भी कट्टर हो और लो

1622
01:56:54,280 --> 01:56:58,640
तुम उदारवादी हो इस बात को लेकर के तुम भी कट्टर

1623
01:56:58,640 --> 01:57:03,360
हो तो शिवाजी हो काम

1624
01:57:03,360 --> 01:57:07,880
एक टेक्निकल बात बताते हैं जैसे शिवलिंग हम लोग दूध चढ़ाते

1625
01:57:07,880 --> 01:57:12,480
हैं दूध जब चढ़ दिया तोव पवित्र हो जाता है ठीक है

1626
01:57:12,480 --> 01:57:16,640
जब वो अगर हम लोग सोचे वो नालियों में चला जाता है दूध या कहीं पर लेकिन

1627
01:57:16,640 --> 01:57:20,720
वो हम य नहीं सोचते कि जब शिवलिंग से निकला हुआ दूध पवित्र हो गया वो

1628
01:57:20,720 --> 01:57:24,880
कौन से जीवों के अंदर नाली केर जा रहा है वहा से आगे

1629
01:57:24,880 --> 01:57:28,920
जाके सीधा नदियों में समुद्र में से मिल जाता है और किसी जीव को पवित्र

1630
01:57:28,920 --> 01:57:33,040
करता होगा यह लोग नहीं सोच पाते कभी भी कोई भी चीज दुनिया में वेस्ट

1631
01:57:33,040 --> 01:57:37,320
नहीं होती है कभी भी कोई भी चीज इसमें

1632
01:57:37,320 --> 01:57:41,200
एक चीज और है जो इसका आध्यात्मिक

1633
01:57:41,200 --> 01:57:47,040
अर्थ है चढ़ने का वो है जीव तो हर जगह है

1634
01:57:47,040 --> 01:57:51,280
इसका इसका जो आध्यात्मिक अर्थ है वो ये है शिवलिंग पर दूध चढ़ाने

1635
01:57:51,280 --> 01:57:55,360
का कि जैसे हम लोग एक कहते ना कि झंडा ऊंचा

1636
01:57:55,360 --> 01:57:59,600
रहे हमारा तो हम जो है

1637
01:57:59,600 --> 01:58:04,000
हम अपने मन में जानते हैं कि हम अपूर्ण है हम में विकृतियां

1638
01:58:04,000 --> 01:58:08,000
है हम में विषमता है तो हम लोग अपने

1639
01:58:08,000 --> 01:58:12,480
अपने जहन में हम सब जानते हैं कि हम अच्छे नहीं है

1640
01:58:12,480 --> 01:58:16,520
तो हम उस चीज को ऊपर रखते हैं जिसको कोई चैलेंज

1641
01:58:16,520 --> 01:58:20,600
ना कर सके हमारी अच्छाई को कोई भी चैलेंज कर सकता है य हम

1642
01:58:20,600 --> 01:58:24,920
जानते हैं हम अपनी उस चीज को ऊपर रखना चाहते हैं जिसको

1643
01:58:24,920 --> 01:58:29,040
कोई चैलेंज ना कर सके तो ऐसे ही वो जो झंडा ऊचा रहे हमारा

1644
01:58:29,040 --> 01:58:33,280
वाली भावना है उसी प्रकार से हमारा जो पूर्ण रूप है जिसको

1645
01:58:33,280 --> 01:58:37,360
कोई चैलेंज नहीं कर सकता शिव हम उसको दूध चढ़ते उस

1646
01:58:37,360 --> 01:58:41,400
पर दूध का स्नान करके अपने ही स्वयं को ही पोषित

1647
01:58:41,400 --> 01:58:46,480
करते हैं आध्यात्मिक अय है उसका दूध चढ़ाने

1648
01:58:46,480 --> 01:58:50,560
का यह महाभारत में यह वाला जो उदाहरण

1649
01:58:50,560 --> 01:58:54,880
है महाभारत में आज किसी से बात हो रही थी वो कहते

1650
01:58:54,880 --> 01:58:56,200
कि आप मूर्ति पूजा

1651
01:58:56,200 --> 01:59:00,360
क्यों करते हो मूर्ति आपको क्या देती है तो मैंने बोला यह

1652
01:59:00,360 --> 01:59:04,560
बताओ के मूर्ति हमसे लेती क्या पहले य बताओ

1653
01:59:04,560 --> 01:59:08,600
कहते मूर्ति तो यार कुछ नहीं लेती मैं कहा वो काम क्रोध मोलो है

1654
01:59:08,600 --> 01:59:12,760
उसके अंदर मूर्ति के अंदर कहते नहीं है मैं पहली बात तो यह समझो कि

1655
01:59:12,760 --> 01:59:16,920
मूर्ति के अंदर काम करोध मोह लोभ नहीं होता इसलिए हम लोग मूर्ति पूजा करते हैं

1656
01:59:16,920 --> 01:59:20,960
अब वो हमें देती क्या है जब हम अपने वो जो परमात्मा की मूर्ति

1657
01:59:20,960 --> 01:59:25,160
हमें जो शास्त्रों से बताई कि ये परमात्मा की मूर्ति है जब उसको हम अपने

1658
01:59:25,160 --> 01:59:29,480
मन में बसा लेते हैं तो हमारे को आत्मिक शांति देती है वो एक चीज जो

1659
01:59:29,480 --> 01:59:33,600
काम क्रोध मोलो से परे है वो हमारे को आत्मी शांति दे रही तो हम क्यों ना करें

1660
01:59:33,600 --> 01:59:37,640
भाई तो फिर वाली बात है सगम

1661
01:59:37,640 --> 01:59:41,800
तम जोति गम मृत मतम गमाया इस चाह

1662
01:59:41,800 --> 01:59:46,040
का विषय जो है जो सच्चिदानंद परमेश्वर

1663
01:59:46,040 --> 01:59:50,320
है उस फिर मैंने क जी हा

1664
01:59:50,320 --> 01:59:54,880
जी फिर हमने बोला जी वो आप

1665
01:59:54,880 --> 01:59:59,200
बोलिए आप बोलिए फिर वो कह रहे थे कहते

1666
01:59:59,200 --> 02:00:03,200
भी जो ये जो गलत लोग भी ये मूर्ति पूजा कर रहे हैं सही लोग भी कर

1667
02:00:03,200 --> 02:00:07,400
रहे हैं तो उसका क्या मैं कहा मेरी बात सुनो मैं कहा भक्त प्रहलाद का नाम सुना है कहते

1668
02:00:07,400 --> 02:00:11,360
हां मैं कहा उन्होंने बोला कि इस खंबे के अंदर परमात्मा है मैं कहा हिरण

1669
02:00:11,360 --> 02:00:15,560
कश्यप नहीं मान रहा था कहते हां ठीक है बिल्कुल मैं कहा हिरण कश्यप को क्या मिला मैं

1670
02:00:15,560 --> 02:00:19,560
कहा उसको जूते मिले और भक्त प्रलाद को क्या मिला प्यार मिला लेकिन वो खंबे से प्रकट होके

1671
02:00:19,560 --> 02:00:23,840
मिला क्योंकि उसकी आस्था थी उसके अंदर ऐसे ही हमारी आस्था रहती परमात्मा

1672
02:00:23,840 --> 02:00:28,640
है उसके अंदर जिसकी नहीं है वो जूते

1673
02:00:28,640 --> 02:00:31,240
खाएगा

1674
02:00:31,240 --> 02:00:35,560
यह भाई य स्टूडियो फुल है क्या कुछ कमेंट आ रहे थे स्टूडियो

1675
02:00:35,560 --> 02:00:39,600
फुल है स्टूडियो फुल तो नहीं

1676
02:00:39,600 --> 02:00:44,360
है अब गणेश जी आए हैं गणेश जी का परिचय ले ले जी गणेश जी

1677
02:00:44,360 --> 02:00:48,720
हा जी नमस्ते जय श्री

1678
02:00:48,720 --> 02:00:53,360
राम मैं क्या कहता हूं आप इतना बोल रहे हो

1679
02:00:53,360 --> 02:00:57,520
जाने पहनते हो आप सब आप अपना पूरा परिचय दे दीजिए

1680
02:00:57,520 --> 02:01:02,120
पहले हा मैं हेमंत दास बोल रहा हूं हेमंत

1681
02:01:02,120 --> 02:01:07,720
दास वो जो कमेंट करते रहते हो विरोधी कमेंट

1682
02:01:07,720 --> 02:01:13,040
वही कमेंट करते हो आप विरोध में रामपाल के फॉलोअर हो

1683
02:01:13,040 --> 02:01:17,200
हा हां बोलिए रामपाल की कौन

1684
02:01:17,200 --> 02:01:21,200
सी बात आपको सच सिद्ध करनी है मैं क्या कहता हूं आप

1685
02:01:21,200 --> 02:01:25,280
जाने क्या भाई साहब हमारे

1686
02:01:25,280 --> 02:01:30,040
और आपके बीच में वैचारिक मतभेद किस विषय पर है

1687
02:01:30,040 --> 02:01:34,560
रो मैं खाली इतना पूछ रहा हूं आप जा पहनते हो क्या

1688
02:01:34,560 --> 02:01:38,760
पहनता हूं आप विषय बताइए अपना फिर

1689
02:01:38,760 --> 02:01:42,920
आप जब जान पहनते हो आपको बात सुनि

1690
02:01:42,920 --> 02:01:47,840
मेरी बात सुनिए मेरी बात आपको य चुप कराऊंगा

1691
02:01:47,840 --> 02:01:52,160
आपको हमारे और आपके बीच में एक मिनट

1692
02:01:52,160 --> 02:01:56,360
हमारे और आपके बीच में जिस बात को लेकर के मतभेद है किसी

1693
02:01:56,360 --> 02:02:01,720
ऐसे विषय पर आपको चर्चा करनी है हां या ना में मुंडी

1694
02:02:01,720 --> 02:02:05,760
हिलाए हमारे और आपके बीच में जने को लेकर के है क्या

1695
02:02:05,760 --> 02:02:10,160
मतभेद कबीर ईश्वर है कि नहीं सुनिए मतभेद के मतभेद

1696
02:02:10,160 --> 02:02:14,360
सुन लीजिए कबीर ईश्वर है कि नहीं गीता का ज्ञान

1697
02:02:14,360 --> 02:02:19,160
देने वाला कृष्ण से अलग कोई काल है कि नहीं

1698
02:02:19,160 --> 02:02:23,440
और रामपाल तत्वदर्शी है कि नहीं रामपाल ने अपनी किताबों

1699
02:02:23,440 --> 02:02:27,480
में जो ज्ञान दिया है दुर्गा जी के लिए गायत्री जी के लिए यह

1700
02:02:27,480 --> 02:02:31,480
प्रामाणिक है कि नहीं यह सारी चीजें हमारे आपके

1701
02:02:31,480 --> 02:02:35,840
बीच में दूरी है इसके विषय में आपको बात करनी है तो आप बताइए

1702
02:02:35,840 --> 02:02:40,280
करनी है क्या आपको करनी है हां या ना

1703
02:02:40,280 --> 02:02:44,960
सर लाइए सर लाइए हां या ना हां

1704
02:02:44,960 --> 02:02:49,960
या ना करनी है क्या

1705
02:02:49,960 --> 02:02:53,600
अरे हां या ना सर लाइए

1706
02:02:53,600 --> 02:02:57,680
करनी है ना हां तो इनमें से किसी एक विषय पर

1707
02:02:57,680 --> 02:03:01,920
आप बात करिए जिसके कारण हम लोग दूर है उस

1708
02:03:01,920 --> 02:03:02,920
विषय पर बात करिए

1709
02:03:02,920 --> 02:03:07,720
आपको जनेऊ नहीं पहनना है जनेऊ से दिक्कत है मत मत पहनिस

1710
02:03:07,720 --> 02:03:11,760
जनेऊ की वजह से नहीं है वह बात की बात है हम

1711
02:03:11,760 --> 02:03:16,280
लोग दूर है क्या रामपाल का ईश्वर सर्वशक्तिमान है

1712
02:03:16,280 --> 02:03:20,440
मिलने वाला मोक्ष परम स्वतंत्र है मिलने वाला धर्म शाश्वत

1713
02:03:20,440 --> 02:03:24,760
है कबीर है रामपाल तत्वदर्शी है

1714
02:03:24,760 --> 02:03:28,920
गीता बोलने वाला कृष्ण से अलग कोई काल है और रामपाल

1715
02:03:28,920 --> 02:03:34,120
ने जो अपने ग्रंथों में जो अपमान किया है वह क्या शास्त्रों में वर्णित

1716
02:03:34,120 --> 02:03:38,160
है आपकी आवाज ऐसे आएगी नहीं आपको

1717
02:03:38,160 --> 02:03:42,400
आपकी आवाज ऐसे नहीं आएगी आप यह बताइए किसी विषयो क्त

1718
02:03:42,400 --> 02:03:46,080
बात पर आपको चर्चा करनी है कि

1719
02:03:46,080 --> 02:03:50,160
नहीं करनी है ना हा मैं आपको ऑन कर रहा हूं ऑन कर दीजिए

1720
02:03:50,160 --> 02:03:55,360
इनका म्यूट अन म्यूट कर दीजिए

1721
02:03:55,360 --> 02:04:00,120
अन म्यूट कर दीजिए इनको बोलिए हां

1722
02:04:00,120 --> 02:04:04,560
ये जो आप बोल रहे हैं ना गीता गीता ज्ञान देता कोई और है बराबर

1723
02:04:04,560 --> 02:04:08,800
ना बोलिए गीता गीता अध्याय

1724
02:04:08,800 --> 02:04:12,840
11 का श्लोक 32 मैं दिखा सकता हूं आपको वो भी कोई

1725
02:04:12,840 --> 02:04:17,240
हमारी गीता नहीं है देखो एक के इसको मालो की गीता है

1726
02:04:17,240 --> 02:04:22,240
इससे मैं पूरा दिखा सकता हू आपको बोलिए क्या

1727
02:04:22,240 --> 02:04:28,240
बोलिए क्या लिखा

1728
02:04:46,720 --> 02:04:50,760
है ये देखो इधर क्या लिखा है

1729
02:04:50,760 --> 02:04:56,400
आपके तरफ गीता होगी तो देख सकते हो आप अरे आप

1730
02:04:56,400 --> 02:05:01,480
प ये देखो इसमें क्या लिखा है

1731
02:05:01,480 --> 02:05:04,160
श्री भगवान

1732
02:05:04,160 --> 02:05:08,440
कहते मैं मराठी में बोल सकता हूं क्या

1733
02:05:08,440 --> 02:05:11,240
नहीं हिंदी में

1734
02:05:11,240 --> 02:05:15,640
रेफरेंस कौन सा अध शलोक है हा

1735
02:05:15,640 --> 02:05:21,640
देखो अध्याय 11 का श्लोक 32 वा देख लो

1736
02:05:22,560 --> 02:05:26,600
क्या देखना है उसमें कल का उल्लेख

1737
02:05:26,600 --> 02:05:30,760
क्या है मैं कल हूं हां

1738
02:05:30,760 --> 02:05:34,880
व आप पढ़ सकते हो आपके तरफ भी गीता होगी गीता में देख सकते

1739
02:05:34,880 --> 02:05:39,040
हो अरे भाई व काल श्री कृष्ण

1740
02:05:39,040 --> 02:05:43,720
से अलग काल है यह कहां लिखा है यह

1741
02:05:43,720 --> 02:05:47,960
बताओ दो मतलब तो पहली

1742
02:05:47,960 --> 02:05:53,880
पहली बात तो ये है कल कल ने मतलब जिधर

1743
02:05:53,880 --> 02:05:58,400
एक कल आते हैं क्या

1744
02:05:58,400 --> 02:06:02,520
रील भी नहीं बन पाएगी

1745
02:06:02,520 --> 02:06:06,720
इसकी अरे भाई लोक कई बार पढ़ दिए सबने क्यों इनके

1746
02:06:06,720 --> 02:06:10,760
चक्कर में पड़े हुए हो ये 50 बार आते हैं आपके फॉलो 50

1747
02:06:10,760 --> 02:06:15,000
बार इसी को बोलते हैं क सा आप ये बताइए

1748
02:06:15,000 --> 02:06:19,240
आप यह बताइए इसमें 18 66 में क्या लिखा है ये जो गीता

1749
02:06:19,240 --> 02:06:24,280
आपके हाथ में है इस पर आप विश्वास करते हैं कि नहीं

1750
02:06:24,280 --> 02:06:28,520
करता इस पे तो करता हूं ना इस पे भी करता हूं उसपे गीता तो गीता

1751
02:06:28,520 --> 02:06:32,600
है ना डाउट तो नहीं है पूरा तो नहीं कर सकते पूरा तो

1752
02:06:32,600 --> 02:06:36,720
नहीं कर सकते एक मिनट एक एक करके चलते भाई साहब

1753
02:06:36,720 --> 02:06:40,720
हेमंत जी एक एक करके चलते हैं एक एक करके एक एक करके चलते

1754
02:06:40,720 --> 02:06:44,720
हैं एक एक आप पूरा नहीं करते ना पूरा

1755
02:06:44,720 --> 02:06:49,240
नहीं करते ना पूरा करते हैं कि नहीं

1756
02:06:49,240 --> 02:06:53,400
हमारे गुरुजी मैं पूछ रहा हूं मैं पूछ रहा हूं मैंने आपसे क्या

1757
02:06:53,400 --> 02:06:58,360
पूछा पूरा विश्वास करते हैं उस गीता पर जो आपके हाथ में है

1758
02:06:58,360 --> 02:07:02,440
हां करता हूं पूरा एक शब्द भी

1759
02:07:02,440 --> 02:07:06,560
यह मत कहना कि गलत है आज जो

1760
02:07:06,560 --> 02:07:10,760
गलत है वो गलत ही बताऊंगा तो मतलब पूरा विश्वास नहीं है

1761
02:07:10,760 --> 02:07:14,920
पूरा विश्वास नहीं है अब बताओ ना जो होगा

1762
02:07:14,920 --> 02:07:17,520
मैं बताऊ पूछ रहा हूं पूरा विश्वास है कि

1763
02:07:17,520 --> 02:07:21,520
नहीं जो आपके हाथ में है उस भगवत गीता पर

1764
02:07:21,520 --> 02:07:26,280
हां है पूरा एक भी शब्द गलत तो नहीं

1765
02:07:26,280 --> 02:07:30,440
कहोगे हां ठीक है बोलो ना अरे बोलो ना एक भी शब्द

1766
02:07:30,440 --> 02:07:34,960
तो गलत नहीं कहोगे हां नहीं कहूंगा ना बताओ ना

1767
02:07:34,960 --> 02:07:40,960
ली नहीं कहोगे 18 66 खोलो

1768
02:07:43,640 --> 02:07:49,640
बोलो जय सियाराम ज

1769
02:07:52,520 --> 02:07:57,320
66 66 हां खोला है

1770
02:07:57,320 --> 02:08:03,320
हां पढ़िए क्या लिखा है

1771
02:08:05,360 --> 02:08:09,520
हिंदी उसमें वृज का अर्थ जा लिखा है

1772
02:08:09,520 --> 02:08:13,880
गलत तो नहीं है वो गलत लिखा है सही लिखा है

1773
02:08:13,880 --> 02:08:18,320
गलत अनुवाद गलत किया है मतलब गलत है

1774
02:08:18,320 --> 02:08:22,320
आपके हाथ में जो गीता है उसम कुछ गलत है मैं पूछ रहा

1775
02:08:22,320 --> 02:08:26,640
हूं देखो पहले एक एक बात चलो एक एक बात चलो एक

1776
02:08:26,640 --> 02:08:30,680
एक बात प चलो इसका मतलब है कि आपको इस

1777
02:08:30,680 --> 02:08:35,040
किताब पर पूरा का पूरा भरोसा नहीं है भरोसा है पर

1778
02:08:35,040 --> 02:08:39,360
अनु वादन पर भरोसा नहीं है अनुवाद

1779
02:08:39,360 --> 02:08:45,360
ह मिनट वो अनुवाद हवा में लिखा है क्या कहां लिखा

1780
02:08:45,640 --> 02:08:50,320
है मैंने आपसे क्या पूछा मैंने क्या पूछा आपसे

1781
02:08:50,320 --> 02:08:54,480
मैंने आपसे क्या पूछा अच्छा आप लोग मत बोलिए मत बोलिए एक एक ही आदमी

1782
02:08:54,480 --> 02:08:58,600
वो वो करे मैंने आपसे क्या पूछा अनुवाद

1783
02:08:58,600 --> 02:09:02,960
हवा में है कि उसी बुक में है

1784
02:09:02,960 --> 02:09:07,400
बुक में है पर अनुवाद करता तो कोई आदमी है ना

1785
02:09:07,400 --> 02:09:11,520
आदमी है ना यानी कि अनुवाद करता पर आपको पूरा का पूरा

1786
02:09:11,520 --> 02:09:15,560
भरोसा नहीं है अनुवाद करने वालों पर भरोसा नहीं

1787
02:09:15,560 --> 02:09:19,600
है पूरा का पूरा भरोसा नहीं है नहीं है नहीं

1788
02:09:19,600 --> 02:09:23,720
है ना नहीं नहीं है तो फ जिस

1789
02:09:23,720 --> 02:09:27,880
शलोक जो पिछला आपने श्लोक पढ़ा कि यहां पर मेरी

1790
02:09:27,880 --> 02:09:32,880
बात ऐसे सिद्ध हो रही है उस पर आपको भरोसा कैसे

1791
02:09:32,880 --> 02:09:36,880
हुआ उसमें लिखा है ना ऊपर अनुवाद प

1792
02:09:36,880 --> 02:09:41,160
अनुवाद में नहीं ख अरे आपको संस्कृत आती है क्या वहा

1793
02:09:41,160 --> 02:09:45,480
एक मिनट आपको संस्कृत आती है संस्कृत

1794
02:09:45,480 --> 02:09:49,520
तो आती नहीं पर संस्कृत का थोड़ा देखो देखो

1795
02:09:49,520 --> 02:09:53,720
भाई साहब देखिए हम वि से हटकर ज्यादा बात नहीं करते हैं कट

1796
02:09:53,720 --> 02:09:57,920
टू कट पॉइंट टू पॉइंट बात करते हैं आपको अनुवादक पर

1797
02:09:57,920 --> 02:10:01,000
पूर्ण रूप से भरोसा नहीं है तो आपने

1798
02:10:01,000 --> 02:10:05,120
जो 11 32 सुनाया हमको उस पर भरोसा किस आधार पर

1799
02:10:05,120 --> 02:10:09,360
है आपको आपको कैसे पता

1800
02:10:09,360 --> 02:10:13,440
कि वहां पर 1132 में अनुवादक ने बिल्कुल ठीक ठीक

1801
02:10:13,440 --> 02:10:17,480
अनुवाद किया है जब आपको संस्कृत भाषा नहीं आती तो आपको

1802
02:10:17,480 --> 02:10:21,520
कैसे पता देखो आप संस्कृत का ट्रांसलेट

1803
02:10:21,520 --> 02:10:25,520
कर सकते हो ग भाई साहब मैंने आपसे एक सवाल किया है उस सवाल

1804
02:10:25,520 --> 02:10:29,840
का आंसर दीजिए मैंने आपसे पूछा है देखिए

1805
02:10:29,840 --> 02:10:34,400
बात सुन लीजिए मेरी बात सुन लीजिए मैंने आपसे पूछा है

1806
02:10:34,400 --> 02:10:38,400
कि जब आपको संस्कृत भाषा का ज्ञान नहीं है और आपको यह लगता है

1807
02:10:38,400 --> 02:10:42,480
कि अनुवादक पर हमें विश्वास नहीं है तो आपको यह कैसे पता कि

1808
02:10:42,480 --> 02:10:47,000
1132 में अनुवाद सही किया है उसने हो सकता है अनुवादक

1809
02:10:47,000 --> 02:10:51,320
ने 1132 में गलत कर दिया हो जो आप बोल रहे वो उसका

1810
02:10:51,320 --> 02:10:53,480
ना

1811
02:10:53,480 --> 02:10:59,480
हो ये जो कर ना ये जो है

1812
02:10:59,840 --> 02:11:04,200
ना अब देखो इस बात को जदा

1813
02:11:04,200 --> 02:11:08,240
अब इस बात को ज्यादा नहीं ते सुनिए सुनिए भाई साहब भाई

1814
02:11:08,240 --> 02:11:13,000
साब अब इस बात को ज्यादा नहीं खींचते हैं टू स्टॉप द ट्रेन पुल द चेन

1815
02:11:13,000 --> 02:11:16,280
इस पर पूरा भरोसा है

1816
02:11:16,280 --> 02:11:20,560
हा एक हा इसका

1817
02:11:20,560 --> 02:11:24,960
तो एक भी गलत नहीं है हां

1818
02:11:24,960 --> 02:11:29,360
नहीं है हा गुड

1819
02:11:29,360 --> 02:11:33,480
गुड तो पेज यह बुक है आपके पास यह वाली यह

1820
02:11:33,480 --> 02:11:37,600
बुक है क्या आपके पास नहीं अभी इधर नहीं है मेरे

1821
02:11:37,600 --> 02:11:41,920
पास अच्छा भाई वो एक आप एक काम करो स्क्रीन

1822
02:11:41,920 --> 02:11:47,920
पर जरा वो बड़ा बड़ा दिखा दो इनको पेज नंबर है शायद

1823
02:11:51,760 --> 02:11:57,760
पेज नंबर

1824
02:12:03,560 --> 02:12:08,000
है 30 पेज नंबर

1825
02:12:08,000 --> 02:12:14,000
51 बुक के अनुसार बोल रहा हूं

1826
02:12:18,120 --> 02:12:22,280
और इसमें जो 32 नंबर का जो प्रश्न

1827
02:12:22,280 --> 02:12:28,280
किया

1828
02:12:36,480 --> 02:12:42,480
है 32 यह तो 27 और आगे

1829
02:12:52,480 --> 02:12:56,720
ये हां ये बाबा हां तो देखिए भाई साहब

1830
02:12:56,720 --> 02:13:01,160
यहां पर लिखा हुआ है जो बाबा जिंदा रूप में भगवान जी है जो

1831
02:13:01,160 --> 02:13:05,320
यानी कबीर है पीछे से कबीर बात कर रहे हैं हे धर्मदास जी

1832
02:13:05,320 --> 02:13:09,760
गीता शास्त्र आपके परमपिता भगवान कृष्ण उर्फ

1833
02:13:09,760 --> 02:13:13,880
विष्णु जी का अनुभव तथा आपको आदेश है

1834
02:13:13,880 --> 02:13:18,080
इस गीता शास्त्र में लिखे हुए मेरे अनुभव को पढ़कर

1835
02:13:18,080 --> 02:13:20,440
इसके अनुसार भक्ति करोगे तो मोक्ष प्राप्त

1836
02:13:20,440 --> 02:13:24,440
करोगे कौन कह रहा है आपके

1837
02:13:24,440 --> 02:13:28,840
परमपिता भगवान कृष्ण उर्फ विष्णु जी

1838
02:13:28,840 --> 02:13:31,440
कह रहे

1839
02:13:31,440 --> 02:13:35,960
हैं तो किसने कहा ये

1840
02:13:35,960 --> 02:13:39,960
कबीर देव हेलो अब भैया

1841
02:13:39,960 --> 02:13:44,400
मेरी स्क्रीन दिखा दो आप मेरी स्क्रीन दिखा दो यह देखो

1842
02:13:44,400 --> 02:13:49,600
आपके कबीर भगवान कह रहे हैं हे धर्मदास यह गीता

1843
02:13:49,600 --> 02:13:54,560
शास्त्र परम पिता कृष्ण

1844
02:13:54,560 --> 02:13:58,560
उर्फ विष्णु कृष्ण उर्फ विष्णु का आपको

1845
02:13:58,560 --> 02:14:02,600
आदेश है इस और उन्होंने यह कहा है उस

1846
02:14:02,600 --> 02:14:07,400
आदेश में कि इसके अनुसार भक्ति करोगे तो मोक्ष प्राप्त करोगे

1847
02:14:07,400 --> 02:14:11,800
अब यह कौन कह रहा है पहली बात तो रामपाल कह रहे हैं और रामपाल

1848
02:14:11,800 --> 02:14:15,880
यह बता रहे हैं कि यह बात कबीर कह रहा है तो दो दो बातें

1849
02:14:15,880 --> 02:14:20,160
हो गई रामपाल और कबीर यह कह रहे हैं कि गीता शास्त्र को कहने वाले

1850
02:14:20,160 --> 02:14:24,160
कृष्ण है मेरा आदेश कृष्ण का आदेश

1851
02:14:24,160 --> 02:14:29,600
है अब क्या करें इसको फाड़ दे

1852
02:14:29,600 --> 02:14:34,040
क्या इसको मानते हो कि नहीं हेलो चुप हो जाते

1853
02:14:34,040 --> 02:14:40,040
हैं इसको मानते हो कि

1854
02:14:40,720 --> 02:14:44,720
नहीं इसको मानते हो कि नहीं बोलो

1855
02:14:44,720 --> 02:14:49,160
बोलो बोलो जीता तेरा ज्ञान अमृत

1856
02:14:49,160 --> 02:14:54,600
मठा यहां लखनऊ में मिलता भूलोक का

1857
02:14:54,600 --> 02:14:59,720
मठा तो गीता तेरा ज्ञान अमृत को मानते हो कि

1858
02:14:59,720 --> 02:15:03,760
नहीं हां मानते हैं ना तो उसम वो लिख रहे

1859
02:15:03,760 --> 02:15:08,040
हैं क हा बोलो बोलो

1860
02:15:08,040 --> 02:15:12,240
हा बोलो ना उसमें कबीर कह रहे हैं हे धर्मदास

1861
02:15:12,240 --> 02:15:16,320
गीता शास्त्र तेरे परम पिता

1862
02:15:16,320 --> 02:15:21,280
भगवान विष्णु उर्फ कृष्ण का तुझको आदेश है

1863
02:15:21,280 --> 02:15:25,440
फिर वो हमारे ही परम पिता है ना उनके ऊपर भी पिता है ना

1864
02:15:25,440 --> 02:15:29,560
अरे मैं ये पूछ रहा हूं वो य क रहे है यह जो आदेश है व कृष्ण

1865
02:15:29,560 --> 02:15:33,600
का है विष्णु का है यह कह रहे हैं वह परमपिता

1866
02:15:33,600 --> 02:15:39,600
बाद की बात

1867
02:15:41,600 --> 02:15:45,600
है बस करो बस करो बड़े बड़े चेहरे कर दो अच्छा लगेगा रील में आएगा

1868
02:15:45,600 --> 02:15:51,600
बन कर के हां बताइए

1869
02:15:52,080 --> 02:15:55,000
हो

1870
02:15:55,000 --> 02:16:01,000
गया इसीलिए कहते हैं मत पढ़ो चक्कर

1871
02:16:01,920 --> 02:16:06,200
में के लोक गणेश जी आपकी ही किताब

1872
02:16:06,200 --> 02:16:11,120
से आपका खंडन हो गया

1873
02:16:11,120 --> 02:16:15,240
खंडन आपके रामपाल ने ही लिखा है मैं

1874
02:16:15,240 --> 02:16:19,680
वापस डेट में आऊंगा जर आ जाना आ जाना तुम्हारा इंतजार

1875
02:16:19,680 --> 02:16:23,680
करेंगे आ जाना आपने आपने जो आपने जो

1876
02:16:23,680 --> 02:16:27,800
आधा अधूरा दिखाया है ना वो पूरा दिखा फलत बात मत बोलो

1877
02:16:27,800 --> 02:16:31,880
नहीं तो अभी यहां पर इंसल्ट हो जाएगी आपकी फालतू बात मत बोलो आ

1878
02:16:31,880 --> 02:16:37,640
जाना वापस इनको जल्दी हटाओ इनके प्रवचन सुनने से पहले हटाओ

1879
02:16:37,640 --> 02:16:41,880
इनको इनके प्रवचन सुनने से पहले हटा दिया करो ऑपरेटर

1880
02:16:41,880 --> 02:16:46,000
साहब न टाम आइएगा आपके लिए वर्चुअल

1881
02:16:46,000 --> 02:16:50,040
चाय का भी वो किया जाएगा इंतजाम अब इसकी

1882
02:16:50,040 --> 02:16:54,440
ल बनेगी उस अपना उल्टा ज्ञान देंगे ना उसको जोभी पूर्ण

1883
02:16:54,440 --> 02:16:56,720
कर रहे थे ना ये उसको वहां पर कुछ घुमा फिरा

1884
02:16:56,720 --> 02:17:00,800
के बात बताई जाएगी वहा प वो देखिए वो देखिए वो दूर रह कर के य लोग

1885
02:17:00,800 --> 02:17:05,080
सब करते रहते मगर जो वाकई में इनके आगे जो टॉप लीडर्स है ना वह सामने

1886
02:17:05,080 --> 02:17:09,080
आने में घबराते हैं वो वो ज्ञान तो दे देंगे

1887
02:17:09,080 --> 02:17:13,280
वहा ये हो सकता है वो हो सकता है वहा दूर बैठ कर पंचायत होती है उनकी ज्ञान

1888
02:17:13,280 --> 02:17:17,360
दे दे उनको मालूम है सामने आए तो मुख खा जाएंगे वहा

1889
02:17:17,360 --> 02:17:23,240
नते नहीं चलेगा वो जेल से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे

1890
02:17:23,240 --> 02:17:27,200
ऑनलाइन इनका तो ऐसा

1891
02:17:27,200 --> 02:17:31,280
होम जय श्री रामसे हमने यह पूछा जब तुम्हे

1892
02:17:31,280 --> 02:17:35,440
अनुवादक पर भरोसा नहीं है तुम्हें संस्कृत आती नहीं है तुम्हें कैसे पता

1893
02:17:35,440 --> 02:17:39,640
11 32 का वही अर्थ है जो अर्थ तुम बोल रहे हो अनुवादक

1894
02:17:39,640 --> 02:17:43,920
तो कुछ भी लिख सकता है ना तो उसका कोई हिसाब

1895
02:17:43,920 --> 02:17:48,080
नहीं अब तुम्ह जिस पुस्तक पर तुम्ह स्वयं

1896
02:17:48,080 --> 02:17:52,680
को भरोसा नहीं है उस पुस्तक को प्रमाण के रू में तुम प्रस्तुत कर रहे हो

1897
02:17:52,680 --> 02:17:56,680
तो तुम्हारी बात सामने वाला मान ले जिस पुस्तक पर तुम्हें

1898
02:17:56,680 --> 02:18:02,320
पूरा भरोसा है उसको सामने वाला प्रस्तुत कर रहा

1899
02:18:02,320 --> 02:18:06,960
है तो तुम उसकी बात नहीं मान कर के मैं दोबारा आऊंगा डिबेट में

1900
02:18:06,960 --> 02:18:11,080
भाग गए अच्छा शिवांश जी एक किरण नाम की है और

1901
02:18:11,080 --> 02:18:11,800
एक धर्मदास

1902
02:18:11,800 --> 02:18:16,000
नाम धर्म नाम धर्मेंद्र हा वो बोल ले मुझे लाइव में लो

1903
02:18:16,000 --> 02:18:21,120
मैं आपके सवालों के सारे जवाब दूंगा बोल ले ये है क्या बुलाओ इनको

1904
02:18:21,120 --> 02:18:25,840
लाइव में भैया लाइव में आ जाओ

1905
02:18:25,840 --> 02:18:29,920
जिसमें दम तो भक्त है

1906
02:18:29,920 --> 02:18:33,920
बाजीरा इनका पुस्तक तो ऐसा है नाय पहले वो बात कर रहे जो

1907
02:18:33,920 --> 02:18:38,080
हमारे पुराण में वेदों में प्रमाणिक है उसके बाद बीच बीच में जो थोड़ा

1908
02:18:38,080 --> 02:18:42,200
थोड़ा मिलावट है ना वो इंसान वो आम जन के जिनको ज्यादा ज्ञान नहीं

1909
02:18:42,200 --> 02:18:46,200
है उनके दिमाग पर एकदम से स्ट्राइक कर रही है तो वो सोच रहे हा अभी तक तो

1910
02:18:46,200 --> 02:18:50,400
सही चल रही थी अब ये जो कह रहे ग ये भी सही होगा जो

1911
02:18:50,400 --> 02:18:53,400
गलत

1912
02:18:53,400 --> 02:18:57,680
ब वा जवाब 11 ब वाला जवाब आपका बिल्कुल सही है

1913
02:18:57,680 --> 02:19:01,960
आपना इसको इनसे य पूछा करो दोहे और वाणिया किसने बोली है वहा

1914
02:19:01,960 --> 02:19:06,480
पर इनको व कबीरा कुत्ता राम का मोतिया मेरा नाम

1915
02:19:06,480 --> 02:19:10,600
वहा मोतिया कौन है अरे भाई ऐसा है ना मैं

1916
02:19:10,600 --> 02:19:14,800
आज तक इनसे बात कर कर केय समझाऊ इनका मुह इनसे

1917
02:19:14,800 --> 02:19:18,960
बंद होगा हालाकि जनता समझ जाएगी

1918
02:19:18,960 --> 02:19:24,600
कौन सही है कौन गलत जनता समझ जाएगी मगर इनके मु पर टेप लगेगा

1919
02:19:24,600 --> 02:19:28,760
इस क्य क्योंकि हम दिखा देंगे महाभारत में लिखा

1920
02:19:28,760 --> 02:19:32,920
है गीता का ज्ञान कृष्ण नहीं दिया भागवत में लिखा है गीता का ज्ञान कृष्ण नहीं दिया हम

1921
02:19:32,920 --> 02:19:36,920
दिखा देंगे कि जो काल है वो कृष्ण ही है यह विष्णु सहस्त्र नाम

1922
02:19:36,920 --> 02:19:41,000
में विष्णु भगवान का नाम काल है कृष्ण भगवान का नाम काल है राम भगवान

1923
02:19:41,000 --> 02:19:45,120
का नाम काल है कहां कहा काल नहीं लिखा है हम जब ये पूछेंगे कि

1924
02:19:45,120 --> 02:19:49,640
काल और कृष्ण अलग है यह कहां लिखा है तो बता नहीं पाएंगे

1925
02:19:49,640 --> 02:19:54,320
अच्छा काल अपना वास्तविक स्वरूप किसी को नहीं दिखाता

1926
02:19:54,320 --> 02:19:58,760
मगर फिर भी वो विराट रूप में प्रकट होक के कृष्ण से बाहर निकल कर के अपना वास्तविक

1927
02:19:58,760 --> 02:20:03,000
स्वरूप दिखा रहा है है ना दूसरी बात

1928
02:20:03,000 --> 02:20:07,040
कि जब अर्जुन ने देख लिया कि यह खड़े हैं

1929
02:20:07,040 --> 02:20:08,720
कृष्ण और यह खड़ा है काल

1930
02:20:08,720 --> 02:20:12,720
अर्जुन ने तो देख लिया उसके बाद तो उसको कृष्ण नहीं कहना चाहिए ना गीता

1931
02:20:12,720 --> 02:20:16,880
बोलने वाले को अगले ही लोको

1932
02:20:16,880 --> 02:20:20,960
में वो जो गवे जो काल के बाद का अध्याय

1933
02:20:20,960 --> 02:20:24,960
का 35 36 वा श्लोक है हे केशव हे कृष्ण ये सब क्यों

1934
02:20:24,960 --> 02:20:29,280
बोल रहा है गीता बोलने वाले को अर्जुन जी क्यों बोल रहे हैं कृष्ण

1935
02:20:29,280 --> 02:20:33,520
नहीं बोलना चाहिए अब तो पता लग गया ना काल है तो फिर भी हम ये मगज

1936
02:20:33,520 --> 02:20:39,520
मारी क्यों करें इतनी देर ये बढ़िया इंतजाम किया है ना इके बाबा जी

1937
02:20:41,880 --> 02:20:45,920
ने ये तार्किक ये तार्किक मगज मारी करना इन

1938
02:20:45,920 --> 02:20:51,560
बैल बुद्धि हों के साथ कौन करे इतनी देर तक वो कर वो कर

1939
02:20:51,560 --> 02:20:55,920
समझ में नहीं आते बाउंस हो जाते हैं ये पहाड़ी जी मुझे बताते हैं आपकी

1940
02:20:55,920 --> 02:21:00,680
वो जो सर्वशक्तिमान ईश्वर की आप बात करते हो सो उनका सब बिल्कुल सरा

1941
02:21:00,680 --> 02:21:05,320
पंजा ढीला हो जाता है जी अमित स्वामी

1942
02:21:05,320 --> 02:21:10,160
जी जी भाई जय श्री राम जय श्री राम

1943
02:21:10,160 --> 02:21:14,320
गीता ज्ञान देने वाले पौराणिक के कृष्ण उर्फ

1944
02:21:14,320 --> 02:21:18,440
विष्णु जी ने अपनी स्थिति लो गीता ज्ञान कौन दे रहा

1945
02:21:18,440 --> 02:21:23,400
है श्री कृष्ण उर् विष्णु जी लो

1946
02:21:23,400 --> 02:21:23,900
अब

1947
02:21:23,880 --> 02:21:27,920
बताइए कहां तक भागेंगे मुझे तो ये नहीं

1948
02:21:27,920 --> 02:21:31,920
समझ आ रहा कि अगर काल सब काल ब्रह्मा विष्णु महेश

1949
02:21:31,920 --> 02:21:36,000
भी काल के अधीन है और अपना जो देवी मां के लिए भी

1950
02:21:36,000 --> 02:21:40,160
वो इतना गलत लिख रहे हैं तो ये जो उन्होंने अभी वो आपकी रिकॉर्डिंग में भी बता रहे हैं कि

1951
02:21:40,160 --> 02:21:44,240
प्रथम दीक्षा में जो प्रथम स्टेज है उसके अंदर देवी

1952
02:21:44,240 --> 02:21:48,880
देवताओं के बीज मंत्र दिए जा रहे हैं उसका क्या आधार का बीज बनाओ और

1953
02:21:48,880 --> 02:21:53,240
किसी दिन किसी दिन ऐसा होगा कि प्रथम पूजन इन्हीं का किया जाएगा

1954
02:21:53,240 --> 02:21:57,560
पीट पीट कर और एक

1955
02:21:57,560 --> 02:22:01,640
मिनटन पूछ पूछा जाए जो ये भ्रामक बातें करते हैं ऐसे

1956
02:22:01,640 --> 02:22:06,000
लोग प्रथम पूजन का पीट पीट कर किया जाए फिर बोला जाए हम तो तुम्हारी भक्ति कर रहे हैं

1957
02:22:06,000 --> 02:22:10,000
एक मिनट मिनट सुनो सुनो सुनो शिवांश भाई अरे

1958
02:22:10,000 --> 02:22:14,080
सुनो सुनो एक चीज अभी एक वीडियो हम देखे थे इन लोगों का आप

1959
02:22:14,080 --> 02:22:18,160
दिखा रहे थे हरियम हरियम हरियम सरियम सरियम सरियम सोहम सोहम

1960
02:22:18,160 --> 02:22:22,560
सोहम इस तरह के कुछ मंत्र वगैरह दिखा रहे थे ना सुनो अब हम बता रहे हैं उसका निचोड़

1961
02:22:22,560 --> 02:22:27,480
क्या है इन्हीं का एक वीडियो है कोई

1962
02:22:27,480 --> 02:22:31,720
नैनो भय दीदार इस तरह से कोई था उस पर कमेंट किए थे मतलब

1963
02:22:31,720 --> 02:22:35,800
उस पर वाच्य दिए थे भाषण दिए थे संत रामपाल जी तो हम

1964
02:22:35,800 --> 02:22:38,880
बता रहे हैं उसमें क्या है ना हमारी जो सप्त चक्र है कुंडलिनी

1965
02:22:38,880 --> 02:22:43,120
के बारे में वोह बताया गया है उसमें वो कबीर सागर में शायद लिखा हुआ है ऐसा

1966
02:22:43,120 --> 02:22:47,120
बट कबीर सागर में लिखा हुआ है कि कुंडलिनी में मूलाधार है

1967
02:22:47,120 --> 02:22:51,160
मणिपुर चक्र है स्वाधिष्ठान है अनाहत है विशुद्धि चक्र आज्ञा

1968
02:22:51,160 --> 02:22:55,360
चक्र और सहस्त्र नार उनको एक्टिव करने के लिए ये हरियम हरियम हरियम सरियम

1969
02:22:55,360 --> 02:22:59,920
सरियम सरियम कर रहे हैं और इनको येय नहीं पता कि रुद्रयामल तंत्र में हमारे कुंडलिनी

1970
02:22:59,920 --> 02:23:03,200
के लिए अलग-अलग बीज अक्षर

1971
02:23:03,200 --> 02:23:07,480
हैं जी ये हरियम हरियम हरियम पता है जो मूलाधार वो

1972
02:23:07,480 --> 02:23:12,040
कर रहे थे ना वो बताते हैं ना कि गणेश जी मूलाधार चक्र में है

1973
02:23:12,040 --> 02:23:16,200
इसी तरह विष्णु लक्ष्मी जो है मणिपुर चक्र में है तो इनको जो है इनके

1974
02:23:16,200 --> 02:23:20,560
लिए वो मंत्र दिए जाते हैं जो है कि हरियम हरियम जबकि इनके लिए

1975
02:23:20,560 --> 02:23:25,400
हरियम हरियम सरियम सरियम ऐसा कोई मंत्र नहीं है हमारे

1976
02:23:25,400 --> 02:23:29,840
सरिया ज्यादा अच्छा है सुनि सुनिए सुनिए सुनिए रुद्रयामल

1977
02:23:29,840 --> 02:23:33,880
तंत्र में जब जाएंगे ना रुद्रयामल तंत्र में भगवान शिव ने

1978
02:23:33,880 --> 02:23:37,960
जो है माता पार्वती को जो है इसके बारे में इन मंत्रों के बारे में

1979
02:23:37,960 --> 02:23:42,280
बताया है कि जैसे मूलाधार चक्र के लिए जो शब्द है वह

1980
02:23:42,280 --> 02:23:46,320
बीज अक्षर है वो लम करके उसमें जो है एक प्राण को ऊपर

1981
02:23:46,320 --> 02:23:50,720
उठाने के लिए प्रक्रिया है पूरी अब यह जो है पता

1982
02:23:50,720 --> 02:23:54,040
कहां से किताब कबीर सागर में से पढ़ लिए पढ़ने के बाद खूब प्रवचन

1983
02:23:54,040 --> 02:24:00,040
शुरू हद हो गई यार एकदम

1984
02:24:00,160 --> 02:24:04,360
म आज इनको चैलेंज कर

1985
02:24:04,360 --> 02:24:08,840
एक कमेंट य समझ में नहीं आ रहा है यह क्या लिख रहे द बस ऑफ

1986
02:24:08,840 --> 02:24:13,360
संत रामपाल जी फला फला आर सर्टिफाइड

1987
02:24:13,360 --> 02:24:17,120
बाय स्क्रिप्चर

1988
02:24:17,120 --> 02:24:21,200
रिज मतलब किसने किसने सड किया

1989
02:24:21,200 --> 02:24:26,760
किसने किया हम पूछ रहे हैं न

1990
02:24:26,760 --> 02:24:30,800
सर्टिफिकेट किसने अरे छोड़ो यार एक चीज हम बता दे रहे हैं कि हम

1991
02:24:30,800 --> 02:24:34,920
आज यह खुल के चैलेंज कर रहे हैं कि किसी भी सनातनी बुक्स में ले आ

1992
02:24:34,920 --> 02:24:39,400
करके दिखा दे कि संत रामपाल जी ने जो कुछ चीजें बताई है वो बिल्कुल सही

1993
02:24:39,400 --> 02:24:43,960
है फलत कर यय

1994
02:24:43,960 --> 02:24:49,000
वास्तविकता मल सुनो बिना मतलब के बातें

1995
02:24:49,000 --> 02:24:53,200
ये जो है संत रामपाल जी कबीर सागर में बता रहे हैं हद हो गई यार रुद्रयामल तंत्र

1996
02:24:53,200 --> 02:24:57,760
जाकर पढ़ के देख लो ना आपको समझ में आ जाएगा सातों चक्र का वर्णन है उसमें

1997
02:24:57,760 --> 02:25:02,000
इसके अलावा इसके अलावा जो इन बी बीज अक्षरों का जाप नहीं कर सकता

1998
02:25:02,000 --> 02:25:06,120
उसके लिए भी बहुत सिंपल में कुल कुंडलिनी सहस्त्र नाम स्तोत्र भी

1999
02:25:06,120 --> 02:25:10,680
दिया गया है मैं एक बात

2000
02:25:10,680 --> 02:25:14,840
क आपने एक बा बात पूछी है कि इनकी

2001
02:25:14,840 --> 02:25:19,280
एक भी बात कहां से साबित हो पाएगी तो मैं बता दूं अरे

2002
02:25:19,280 --> 02:25:23,360
गलत गलत है है वो क से सही है ठीक है इनकी एक

2003
02:25:23,360 --> 02:25:27,480
बात सच है कि वो जेल धाम निवासी है और यह धार्मिक

2004
02:25:27,480 --> 02:25:31,640
पुस्तकों से नहीं सिद्ध होगा यह कोर्ट के जो आदेश है कोर्ट का जो ऑर्डर

2005
02:25:31,640 --> 02:25:35,760
है उससे सिद्ध है कि संत रामपाल नाम से जो तथाकथित

2006
02:25:35,760 --> 02:25:40,000
बाबा है वो इस समय जो है जेल काट रहे हैं

2007
02:25:40,000 --> 02:25:41,760
देखिए हमको कोई आपत्ति नहीं

2008
02:25:41,760 --> 02:25:45,840
आप किसी सुनिए आप अंगुली माल की भक्ति कीजिए आप रावण की भक्ति

2009
02:25:45,840 --> 02:25:50,760
कीजिए आप जो है काल कालनेमी की भक्ति कीजिए किसी की भक्ति कीजिए

2010
02:25:50,760 --> 02:25:54,800
हमें कोई फर्क नहीं पड़ता बट एक चीज है कि आप यह मत कहिए ना कि

2011
02:25:54,800 --> 02:25:59,840
यजुर्वेद में है तो सामवेद में है तो अथर्ववेद में है काहे फालतू बकवास कर यार

2012
02:25:59,840 --> 02:26:03,880
सीध का वकील जनता की अदालत में श्रीमद भगवत गीता से ही

2013
02:26:03,880 --> 02:26:07,960
प्रमाणित करता हूं कि श्री कृष्ण जी के वकील झूठ बोल

2014
02:26:07,960 --> 02:26:12,120
रहे हैं कि गीता ज्ञान देने वाला इनका कृष्ण विष्णु

2015
02:26:12,120 --> 02:26:16,280
कभी जन्मता मरता नहीं और इससे अन्य कोई

2016
02:26:16,280 --> 02:26:20,800
सृष्टि का करता ही नहीं है अदालत को

2017
02:26:20,800 --> 02:26:25,280
बू इनको मतलब तत्व के बारे में कुछ पता नहीं

2018
02:26:25,280 --> 02:26:29,440
है त बारे में जी की बात सुनले रंजीत जी एक मिनट अब अमित

2019
02:26:29,440 --> 02:26:33,520
जी की बात सुन ले जी अमित जी जय श्री राम जी आपकी आपकी आपकी

2020
02:26:33,520 --> 02:26:37,560
लाइव में कुछ टाइम पहले ना एक रामपाल का एक बंदा आया था वह बोल रहा था

2021
02:26:37,560 --> 02:26:41,680
कि ऐसे ऐसे वह जेल में है और हम उनका उनको सारी डिटेल पहुंच जाती

2022
02:26:41,680 --> 02:26:45,880
है और हम उनके अनुयाई बन जाते हैं था ना ऐसा हा

2023
02:26:45,880 --> 02:26:50,240
अमित दास मैं थोड़ी देर पहले उस अमित दास के चैनल पर गया

2024
02:26:50,240 --> 02:26:54,240
अभी पाच मिनट पहले तो मैंने उसे यह बोला रामपाल जी का

2025
02:26:54,240 --> 02:26:57,040
एक इंटरव्यू था उसमें उन्होंने बोला उससे एक पत्रकार

2026
02:26:57,040 --> 02:27:01,080
ने पूछा था कि भाई आपके अनुयाई अभी भी बन रहे हैं क्या आपको

2027
02:27:01,080 --> 02:27:05,080
पता है उसका आपका नाम दिया जा रहा है तो उन्होंने मना कर दिया

2028
02:27:05,080 --> 02:27:09,280
था कि मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है अच्छा

2029
02:27:09,280 --> 02:27:13,640
तो पता है अमित दास क्या बोलता है जी वो बहुत पुराना वीडियो था वो तो

2030
02:27:13,640 --> 02:27:17,720
तो मैंने उसे पूछा पुराना वीडियो था तो उसके बाद

2031
02:27:17,720 --> 02:27:21,840
में कोई वीडियो आया नहीं कि जिसमें रामपाल बोल कि मैं अब दे रहा हूं जेल

2032
02:27:21,840 --> 02:27:25,920
से बैठ के कोई आया है कहा नहीं आया बोला फिर उनका नाम कैसे

2033
02:27:25,920 --> 02:27:29,920
दे रहे हो आप लोगों को क रहा उनकी बेटी है ना उनका बेटा यार

2034
02:27:29,920 --> 02:27:34,600
तत्वदर्शी संत रामपाल है उसकी बेटी क से तत्वदर्शी हो

2035
02:27:34,600 --> 02:27:38,600
गई अरे पुस्तानी चलेगी परंपरा उनके बेटी बेटा दे

2036
02:27:38,600 --> 02:27:43,040
रहे आज कल को उनके नाती पोते भी देंगे पुस्तानी चलेगी अब

2037
02:27:43,040 --> 02:27:47,400
ये फ बोल रहा बना चले

2038
02:27:47,400 --> 02:27:51,680
ग चर्चा करो

2039
02:27:51,680 --> 02:27:56,120
जी राजम करो उनको बोल सुनो शिवांश

2040
02:27:56,120 --> 02:28:00,120
आप सबसे पहले तो एक चीज बता द लंका जलने की सब लोग सब लोगों को

2041
02:28:00,120 --> 02:28:04,200
ढेर सारी बधाइयां लंका तो जल गई लंका जलने की ढेर सारी

2042
02:28:04,200 --> 02:28:06,480
बधाइयां

2043
02:28:06,480 --> 02:28:10,800
सबको लंका जलाने वाले हनुमान जी के जो परम भक्त है उनको

2044
02:28:10,800 --> 02:28:15,600
भी हमारी ढेर सारी शुभकामनाए कि आप इसी तरह लंका दहन करते

2045
02:28:15,600 --> 02:28:19,680
रहे जी और बाकी हम बता दे रहे हैं कि

2046
02:28:19,680 --> 02:28:23,960
इनको हम बाकी कहीं नहीं चैलेंज करेंगे आज हम खुले मंच में यहां चैलेंज करने आए

2047
02:28:23,960 --> 02:28:28,160
भैया जिसको डिबेट करना है हम खाली बीजक से डिबेट करेंगे इनको जब

2048
02:28:28,160 --> 02:28:32,440
भी डिबेट करना हो यही आह्वान चैनल प ये हमको इनवाइट कर ले

2049
02:28:32,440 --> 02:28:36,560
शिवांश भाई चुप रहेंगे इनमें से किसी को भी आना है बीजक

2050
02:28:36,560 --> 02:28:40,600
को लेकर के आ जाएंगे आज हम ला चैलेंज कर ना है जब

2051
02:28:40,600 --> 02:28:44,760
भी ऐसा होगा जब मतलब किसी को डिबेट करना

2052
02:28:44,760 --> 02:28:48,880
होगा तो ये च सुन ली आपकी आपकी ललकार

2053
02:28:48,880 --> 02:28:52,960
सुन ली लोगों ने सुन ली जी राजनगर जी जय श्री राम

2054
02:28:52,960 --> 02:28:57,240
मैं तो एक बात कहना चाहता हूं कि इनको एक भगवत गीता का

2055
02:28:57,240 --> 02:29:01,120
एक श्लोक है दव अध्याय का

2056
02:29:01,120 --> 02:29:05,120
37 उसकी हिंदी अगर अपन नहीं पढ़े और संस्कृत

2057
02:29:05,120 --> 02:29:06,840
का ये अनुवाद करें तो कैसे करेंगे

2058
02:29:06,840 --> 02:29:11,240
एक बार वह दिखाओ आप इनका रामपाल जी अगर ये

2059
02:29:11,240 --> 02:29:15,400
अगर इनकी हिंदी कैसे करेंगे इनको भा उसमें तो कवि

2060
02:29:15,400 --> 02:29:19,480
लिखा हुआ है अपना हिंदी अर्थ कुछ और हो रहा है वो

2061
02:29:19,480 --> 02:29:23,680
भी तो है ना षि शुक्राचार्य की बात हो रख है ऋषि

2062
02:29:23,680 --> 02:29:27,880
उना के बारे में बात हो र है ऐसा है ना व तो मेरी बात सुनो

2063
02:29:27,880 --> 02:29:32,080
फिर वो तो कृष्ण बोल रहे हैं कि मैं ही कबीर हूं अगर अपन उसको अपन हिंदी अनुवाद

2064
02:29:32,080 --> 02:29:36,200
अप उनको गलत मान रहे तो व कृष्ण बोल रहे हैं कि मैं

2065
02:29:36,200 --> 02:29:40,400
मैं खुद कवीर हू अरे भाई देखिए देखिए तर्क

2066
02:29:40,400 --> 02:29:44,480
की बात इनसे नहीं हो सकती सब बैल बुद्धि है वही

2067
02:29:44,480 --> 02:29:48,480
तो ना तर्क की बात जब इनसे करते हैं तो घंटों लग जाते हैं अपना

2068
02:29:48,480 --> 02:29:52,640
तर्क समझाने में हम तर्क दे इनसे

2069
02:29:52,640 --> 02:29:56,760
रामपाल जी ने बोल दिया देख देखि मु पर टेप मुह पर देखिए टेप कैसे

2070
02:29:56,760 --> 02:30:00,800
लगा फटाक से ज्ञान गंगा दिखा रही खोल के लग गया टेप मैं

2071
02:30:00,800 --> 02:30:02,920
आऊंगा

2072
02:30:02,920 --> 02:30:07,200
दोबारा इनसे बोल दिया है उन्होंने कि

2073
02:30:07,200 --> 02:30:13,200
और कुछ भी नहीं बोलिए दिलीप दास जी जय श्री राम

2074
02:30:22,080 --> 02:30:28,080
म्यूट है आप अन म्यूट कर लीजिए अन

2075
02:30:37,480 --> 02:30:42,000
म्यूट अरे इनको अन म्यूट करो भाई

2076
02:30:42,000 --> 02:30:47,400
हरि ओम जी आप आए हैं क्या धर्म की व्याख्या

2077
02:30:47,400 --> 02:30:51,720
करके हेलो

2078
02:30:51,720 --> 02:30:57,720
हा बोलिए जय श्री राम

2079
02:30:58,560 --> 02:31:03,200
बोलिए हा श्रीमद् देवी भागवत के बारे में ज्ञान चर्चा

2080
02:31:03,200 --> 02:31:07,320
करने नहीं देखिए ऐसा है हमारे शास्त्र

2081
02:31:07,320 --> 02:31:12,200
से हमारा मतलब नहीं है श्रीमद् भागवत को लेकर के हम लोग आपस में दूर है क्या

2082
02:31:12,200 --> 02:31:16,200
हम लोगों के बीच में वैचारिक मतभेद यह है कि आप यह कहते हो कि कबीर जो

2083
02:31:16,200 --> 02:31:20,320
है व भगवान है समझना मेरी बात आप यह क कते हो

2084
02:31:20,320 --> 02:31:24,360
कबीर भगवान है ब्रह्मा विष्णु महेश भगवान नहीं है आप यह कहते हो कि

2085
02:31:24,360 --> 02:31:28,560
गीता का ज्ञान देने वाला कृष्ण नहीं कृष्ण से अलग कोई काल है आप

2086
02:31:28,560 --> 02:31:32,880
यह ज्ञान देते हो कि यह जो तथा कति

2087
02:31:32,880 --> 02:31:37,080
आपके तत्वदर्शी है रामपाल वह जो है तत्वदर्शी संत

2088
02:31:37,080 --> 02:31:41,120
है प्रामाणिक संत है और इसके अलावा आप ज्ञान देते हो कि वह ब्रह्मा

2089
02:31:41,120 --> 02:31:45,600
विष्णु महेश जो है अविनाशी नहीं है वोह नाशवान है

2090
02:31:45,600 --> 02:31:50,120
इसके अलावा आप ये ज्ञान देते हो कि वो बहुत

2091
02:31:50,120 --> 02:31:54,160
जगह उनका अपमान करते हो दुर्गा के साथ ये हुआ वो हुआ तो ऐसे

2092
02:31:54,160 --> 02:32:00,160
किसी टॉपिक को उठा कर के उस टॉपिक को आप जो रामपाल का पक्ष है उसको सिद्ध

2093
02:32:01,760 --> 02:32:06,760
करिए है

2094
02:32:06,760 --> 02:32:10,040
कोई

2095
02:32:10,040 --> 02:32:14,560
हेलो श्रीमद् देवी भागवत में बताया

2096
02:32:14,560 --> 02:32:20,120
कि देवी दुर्गा का पति कौन है

2097
02:32:20,120 --> 02:32:23,000
कौन

2098
02:32:23,000 --> 02:32:27,000
है पेज नंबर 262 अरे बोलो तो कौन है

2099
02:32:27,000 --> 02:32:31,520
श्रीदवी भागवत पेज ं2 कौन है

2100
02:32:31,520 --> 02:32:35,960
आप बोलो तो कौन है परम

2101
02:32:35,960 --> 02:32:40,520
पुरुष परम पुरुष कौन परम पुरुष

2102
02:32:40,520 --> 02:32:44,600
आप दिखाइए ना एक बार खोल के अरे क्यों दिखाए आपकी पूरी आपका

2103
02:32:44,600 --> 02:32:49,840
पूरा क्लेम तो जान ले कौन है परम पुरुष

2104
02:32:49,840 --> 02:32:53,000
ज्योति निरंजन

2105
02:32:53,000 --> 02:32:57,120
और ज्योति निरंजन काल ब्रह्म काल

2106
02:32:57,120 --> 02:33:01,160
ब्रह्म अच्छा तो काल ब्रह्म जो एक मिनट रुको रुको

2107
02:33:01,160 --> 02:33:05,160
रुको हमको बोलने दो शिवांश एक मिनट शिवांश रुको निरंजन

2108
02:33:05,160 --> 02:33:09,240
की बात की निरंजन किसका नाम है इनको पता है निरंजन शिव जी का नाम है अलक निरंजन

2109
02:33:09,240 --> 02:33:15,240
अलक निरंजन लोग बोलते हैं अलक जग आते रहते हैं निरंजन शिव जी का नाम है भाई

2110
02:33:15,440 --> 02:33:16,960
साहब आपको पता

2111
02:33:16,960 --> 02:33:21,000
भी नहीं है कि शिव जी का नाम निरंजन भी है आप नाम स् पढ जा

2112
02:33:21,000 --> 02:33:26,360
आपसे ज्ञान सचा नहीं हो र जिन से हो रही है वही बोलेंगे अच्छा ठीक है मैं बोल देता

2113
02:33:26,360 --> 02:33:30,840
हूं मैं बोल मैं बोल देता हूं मैं बोल देता हूं

2114
02:33:30,840 --> 02:33:35,560
आपको यह प्रूफ करना है कि वह जो

2115
02:33:35,560 --> 02:33:41,560
ज्योत निरंजन है वह दुर्गा के पति है

2116
02:33:41,840 --> 02:33:46,640
है देवी भागवत से प्रूफ करना है क्या

2117
02:33:46,640 --> 02:33:52,360
या ये प्रूफ करना है कि दुर्गा जी के जो

2118
02:33:52,360 --> 02:33:56,360
भाई साहब आप रोबोट है क्या कोई रोबोट है क्या एक ही बात

2119
02:33:56,360 --> 02:34:00,440
को रिपीट करते रहते हैं मैं आपसे कुछ बात पूछ रहा हूं

2120
02:34:00,440 --> 02:34:05,440
पेज नंबर 22 पेज नंबर 2 क्या तरीका

2121
02:34:05,440 --> 02:34:09,680
है मैं आपसे पूछ रहा हूं आपको सिद्ध क्या करना है

2122
02:34:09,680 --> 02:34:13,760
कि वोह जो देवी देवी जी का जो देवी जी के जो हस्बैंड है

2123
02:34:13,760 --> 02:34:18,040
देवी जी को जो पतिदेव है उनका नाम काल है यह

2124
02:34:18,040 --> 02:34:23,840
सिद्ध करना है आपको

2125
02:34:23,840 --> 02:34:28,240
हेलो हमको यह सिद्ध करना है उनका पति है यह सि कर

2126
02:34:28,240 --> 02:34:32,280
तो उनका पति है हा शिव जीी का एक नाम काल भी है

2127
02:34:32,280 --> 02:34:36,800
ब्रह्म भी है तो उनके पति है वो

2128
02:34:36,800 --> 02:34:40,880
तो क्लेम क्या है इसमें दित

2129
02:34:40,880 --> 02:34:45,120
की उत्पति हो सकती क्या शिव से शिव की उत्पति हो क्या शिव

2130
02:34:45,120 --> 02:34:49,320
से शिव की उत्पत्ति हो सकती है य अच्छा आपका कहने का मतलब

2131
02:34:49,320 --> 02:34:53,400
ये है दुर्गा जी के पति यदि शिव है तो फिर दुर्गा

2132
02:34:53,400 --> 02:34:57,760
जी से शिव उत्पन्न कैसे हो रहे हैं

2133
02:34:57,760 --> 02:35:01,440
यह पूछ रहे हो

2134
02:35:01,440 --> 02:35:07,000
आप अरे भाई इतनी देर लगाओगे क्या सुनने

2135
02:35:07,000 --> 02:35:09,320
में

2136
02:35:09,320 --> 02:35:13,320
हा क्या क्या हां इतनी

2137
02:35:13,320 --> 02:35:17,960
देर लगाओगे ये हां या फिर दुर्गा

2138
02:35:17,960 --> 02:35:22,120
दुर्गा जी के जब वो हस्बैंड तो उनसे ही व उत्पत्ति कैसे हो रही है यह वाली

2139
02:35:22,120 --> 02:35:25,680
बात पूछ रहे

2140
02:35:25,680 --> 02:35:30,600
हो हा क्या

2141
02:35:30,600 --> 02:35:34,680
हा हा अरे भाई दो बाव

2142
02:35:34,680 --> 02:35:38,720
शिव की उत्पति कैसे हो

2143
02:35:38,720 --> 02:35:43,040
हा सुन लो सुन लो सुन लो

2144
02:35:43,040 --> 02:35:49,040
देवी भागवत में

2145
02:35:53,080 --> 02:35:57,160
वैसे इस बात का हमारे हमारा जो विषय है उससे

2146
02:35:57,160 --> 02:36:01,680
कोई संबंध नहीं है फिर भी हम लोग

2147
02:36:01,680 --> 02:36:06,200
खल लेते हैं इसको मामले को

2148
02:36:06,200 --> 02:36:11,000
देवी भागवत में एक जगह लिखा हुआ है

2149
02:36:11,000 --> 02:36:15,000
कि जो माता दुर्गा है वो ना तो

2150
02:36:15,000 --> 02:36:19,280
स्त्री है ना ही पुरुष है और ना ही नपुंसक

2151
02:36:19,280 --> 02:36:23,760
ही है तो माता दुर्गा के दो रूप है

2152
02:36:23,760 --> 02:36:27,840
ठीक है एक रूप है जो परम तत्व

2153
02:36:27,840 --> 02:36:31,920
वो रूप सुन लो सुन लो फिर माइक ऊपर लेना एक रूप है

2154
02:36:31,920 --> 02:36:36,320
परम तत्व वो रूप जिससे कि ब्रह्मा विष्णु महेश उत्पन्न हो रहे हैं

2155
02:36:36,320 --> 02:36:40,880
और एक रूप है जब वो दुर्गा के रूप में एक स्त्री का रूप धारण करके

2156
02:36:40,880 --> 02:36:45,040
शिव जी की पत्नी बनती है तो दो रूप

2157
02:36:45,040 --> 02:36:49,160
है उनके एक रूप है परम तत्व के रूप में जिससे सारी जगत की उत्पत्ति हो रही

2158
02:36:49,160 --> 02:36:53,720
है तो ब्रह्मा विष्णु महेश की भी उत्पत्ति हो रही है और एक रूप है

2159
02:36:53,720 --> 02:36:57,800
जब वह स्वयं दुर्गा बन जाती है और पति पति रूप में शिव

2160
02:36:57,800 --> 02:37:02,320
जी को प्राप्त करती है अब यह आपको मैं

2161
02:37:02,320 --> 02:37:07,120
दुर्गा देवी देवी भागवत से प्रमाण आपको दिखा देता

2162
02:37:07,120 --> 02:37:13,120
हूं तब तक आपको कुछ बोलना है पूछना है तो

2163
02:37:14,760 --> 02:37:20,760
बोलिए पूछना है बोलिए

2164
02:37:21,840 --> 02:37:25,840
बोलिए क्या परम पुरुष अति दुष्कर है क्या क्या

2165
02:37:25,840 --> 02:37:29,920
परम पुरुष अति दुष्कर है क्या देखिए भाई साहब मेरी बात को समझिए

2166
02:37:29,920 --> 02:37:33,960
विषय पर रहकर बात करिए फालतू की बातें नहीं जो विषय चल

2167
02:37:33,960 --> 02:37:38,040
रहा है पहले उसको खत्म करिए उसके बाद आगे जाइए

2168
02:37:38,040 --> 02:37:42,360
हालांकि ये जो आपने कहा एक मिनट

2169
02:37:42,360 --> 02:37:46,600
ये जो आपने कहा कि दुर्गा शिवजी से शिवजी की उत्पत्ति हो सकती

2170
02:37:46,600 --> 02:37:50,880
है क्या इसका भी हमारे विषयों से कोई संबंध नहीं है

2171
02:37:50,880 --> 02:37:55,120
क्यों क्यों नहीं है इसको समझिए हमारे और

2172
02:37:55,120 --> 02:37:59,400
आपके बीच में जो मतभेद है वो यह है कि आप लोग कबीर को वेदों

2173
02:37:59,400 --> 02:38:03,400
के अनुसार भगवान कह रहे हो आपके और हमारे बीच में जो मतभेद

2174
02:38:03,400 --> 02:38:07,640
है कि आप लोग वो जेल कट्टू तत्वदर्शी को जो है

2175
02:38:07,640 --> 02:38:09,160
वो जेल कट्टू

2176
02:38:09,160 --> 02:38:13,440
जेल धाम में निवास करने वाले किसी व्यक्ति को प्रामाणिक गुरु कह रहे हो

2177
02:38:13,440 --> 02:38:17,600
तत्वदर्शी कह रहे हो हमारे और आपके बीच में जो मतभेद है वो इस बात

2178
02:38:17,600 --> 02:38:21,600
को लेकर है कि आप कह रहे हो गीता का देने वाला श्री कृष्ण नहीं है

2179
02:38:21,600 --> 02:38:25,640
कोई काल है हमारे और बीच में आपके बीच में मतभेद इस बात को लेकर

2180
02:38:25,640 --> 02:38:29,640
के है कि जो यह जो अपमान किया गया है

2181
02:38:29,640 --> 02:38:33,920
कि दुर्गा के साथ यह हुआ सीता माता के लिए यह कहा गया वो कहा गया है

2182
02:38:33,920 --> 02:38:37,960
इन बातों को लेकर के हमारे बीच में मतभेद है ठीक है अब आप

2183
02:38:37,960 --> 02:38:41,960
अगर यह सिद्ध भी कर देते हैं इस मैं आपको यह

2184
02:38:41,960 --> 02:38:46,600
बता रहा हूं कि आपने जो बात बोली है उसका हमारे विषयों से कोई मतलब नहीं है

2185
02:38:46,600 --> 02:38:50,720
तो आप अगर यह सिद्ध भी कर स कर देते हैं कि दुर्गा से वो शिव

2186
02:38:50,720 --> 02:38:54,880
से शिव की उत्पत्ति कैसे हो सकती है अगर आप यह सिद्ध भी कर देते हैं तो

2187
02:38:54,880 --> 02:38:59,760
इससे हमारा कौन सा जो विषय है व इफेक्ट हो रहा है अरे भाई अगर

2188
02:38:59,760 --> 02:39:04,280
कोई एक गलत है तो आप सही है यह सिद्ध नहीं होता

2189
02:39:04,280 --> 02:39:08,520
आपको अपने आप को सिद्ध करना है सही

2190
02:39:08,520 --> 02:39:12,640
समझ में आ रहा है आपको कुछ कोई दूसरा अगर

2191
02:39:12,640 --> 02:39:16,720
गलत है हमने जो बोला पहले वो दिखाइए

2192
02:39:16,720 --> 02:39:22,400
हा क्या दिखाना है आपको क्या दिखाना है

2193
02:39:22,400 --> 02:39:24,840
बोलिए

2194
02:39:24,840 --> 02:39:25,840
क्या

2195
02:39:25,840 --> 02:39:30,040
क्या दिखाना है पेज नंबर 262 पेज नंबर

2196
02:39:30,040 --> 02:39:34,480
262 क्या है पेज नंबर 262 क्या है

2197
02:39:34,480 --> 02:39:38,160
क्या पेज नंबर

2198
02:39:38,160 --> 02:39:42,520
दो श्रीमद् देवी भागवत श्रीमद् देवी भागवत

2199
02:39:42,520 --> 02:39:46,600
पेज नंबर 22 क्या होता है पेज

2200
02:39:46,600 --> 02:39:51,560
नंबर श्रीमद भागवत पेज नंबर 262

2201
02:39:51,560 --> 02:39:55,640
अरे फिर वही बात पेज नंबर 262 पेज नंबर 262

2202
02:39:55,640 --> 02:39:59,640
किसी पब्लिशर का अपना वो है कि उसने उसको कितने बड़े शब्दों में

2203
02:39:59,640 --> 02:40:03,800
छापा तो वह पेज नंबर 262 आएगा अगर दूसरे

2204
02:40:03,800 --> 02:40:07,800
पब्लिशर ने शब्द का साइज बड़ा कर दिया होगा तो कोई और पेज नंबर

2205
02:40:07,800 --> 02:40:13,800
आएगा और छोटा कर दिया होगा तो कोई और पेज नंबर

2206
02:40:15,640 --> 02:40:19,760
आएगा गीता प्रेस गोरकपुर से प्रकाशित है

2207
02:40:19,760 --> 02:40:23,760
अरे भाई गीता प्रेस गोरखपुर से प्रकाशित है तो तुम अगर वह प्रकाशन से

2208
02:40:23,760 --> 02:40:27,920
पढ़ रहे हो तो हम भी वही उसी प्रकाशन से पढ़े आवश्यक है क्या

2209
02:40:27,920 --> 02:40:32,200
और गीता गीता प्रेस गोरखपुर से वो वाला भी प्रकाशित है जिसमें संस्कृत हिंदी

2210
02:40:32,200 --> 02:40:36,960
दोनों है उसमें पेज नंबर बदल जाएगा फिर क्या करेंगे

2211
02:40:36,960 --> 02:40:40,960
पेन नंबर 2 हां वही दिखाइए मैं भी

2212
02:40:40,960 --> 02:40:45,640
वही बोल रहा हूं कौन सा संस्कृत हिंदी दोनों है वही दिखाइए

2213
02:40:45,640 --> 02:40:51,640
तो पेज नंबर 262 है श्लोक नंबर वगैरह नहीं मालूम है आपको

2214
02:40:54,080 --> 02:40:58,200
दिखाइ है ना बताया लोक भी तो लिखा है ना अरे

2215
02:40:58,200 --> 02:41:02,200
अजीब बात करते हो पहली बात तो हमें यह बताओ कि अगर तुम गीता प्रेस

2216
02:41:02,200 --> 02:41:06,480
से छपी हुई देवी भागवत पढ़ रहे हो तो हम भी गीता प्रेस से छपी हुई देवी भागवत

2217
02:41:06,480 --> 02:41:12,480
क्यों

2218
02:41:13,040 --> 02:41:19,040
पढ़े एक ही पब्लिकेशन है क्या दुनिया में

2219
02:41:20,360 --> 02:41:25,000
हमने जो बोला वही दिखाइए पहले एक बार आप अरे क्यों दिखाए भाई

2220
02:41:25,000 --> 02:41:29,240
तुम कौन हो जो तुमने जो बोला वही दिखा दे अरे भाई तुम कह रहे हो कि गीता प्रेस

2221
02:41:29,240 --> 02:41:33,720
गोरखपुर से छपी हुई जो देवी भागवत है उसका पेज नंबर 262

2222
02:41:33,720 --> 02:41:37,720
दिखाओ वो हम क्यों दिखाए आप शास्त्र का नाम बोलो स्कंद का

2223
02:41:37,720 --> 02:41:43,720
नाम बोलो अध्याय का नाम बोलो और लोक का नाम बोलो तब हम आपको दिखाए

2224
02:41:43,760 --> 02:41:48,080
ना य रु एक मिनट ये कबीर

2225
02:41:48,080 --> 02:41:52,280
वाणी में यह कबीर वाणी में या कबीर

2226
02:41:52,280 --> 02:41:56,640
बीजक में या गरीब दास में या तुम्हारा वेदों

2227
02:41:56,640 --> 02:42:00,880
में या गीता में कहीं लिखा है क्या कि गीता प्रेस गोरखपुर का ही

2228
02:42:00,880 --> 02:42:06,520
केवल जो ग्रंथ है वह मान्य

2229
02:42:06,520 --> 02:42:10,520
है आपको दिखाना है या नहीं दिखाना है फालतू की बहस क्यों कर रहे होय

2230
02:42:10,520 --> 02:42:14,600
बता आप फालतू की बहस कर रहे हैं आप हमें यह बताइए कि आपका

2231
02:42:14,600 --> 02:42:20,600
अध्याय श्लोक और स्कंद कौन सा है

2232
02:42:23,320 --> 02:42:29,320
मालूम होगा तब बताएंगे ना जितनी चाबी बली पालने उतना चले

2233
02:42:31,280 --> 02:42:35,720
खिलौना स्क्रीन पर दिखाइए सबके सामने

2234
02:42:35,720 --> 02:42:40,560
देखो ऐसा है हमसे इस भाषा में बात मत करो

2235
02:42:40,560 --> 02:42:44,640
ठीक है ऑर्डर फॉर्म ऑफ द वर्ब में बात मत करो हमसे कोई

2236
02:42:44,640 --> 02:42:49,280
तुम्हारे गुलाम नहीं है यहां पर जो आए बड़े बोलने लगे ये दिखाओ ये करो वो करो

2237
02:42:49,280 --> 02:42:53,400
से क्या पूछा हमने हमको स्कंद बताओ अध्याय बताओ

2238
02:42:53,400 --> 02:42:59,400
श्लोक का क्रमांक बताओ पेज नंबर मत

2239
02:43:00,400 --> 02:43:04,720
बताओ लोक भी तो लिखा है नाज के पास लोक

2240
02:43:04,720 --> 02:43:08,760
का नंबर क्या है जैसे गीता की बात बोलते हो तो अध्याय फलाना

2241
02:43:08,760 --> 02:43:12,760
श्लोक नंबर इतना बोलते हो ना ऐसे ही श्रीमद् देवी

2242
02:43:12,760 --> 02:43:18,760
भागवत का श्लोक नंबर बोलो

2243
02:43:21,440 --> 02:43:25,520
पेज नंबर तो दिखाइए उस पर साफ साफ लिखा अरे मेरे भाई मेरे पास गीता

2244
02:43:25,520 --> 02:43:31,520
प्रस की छपी हुई देवी भागवत नहीं है क्या भूसा बरा है क्या दिमाग

2245
02:43:32,600 --> 02:43:36,760
में बस आपको एक ही रटा लगाना है लोक बताएगा

2246
02:43:36,760 --> 02:43:41,640
उसके शलोक

2247
02:43:41,640 --> 02:43:45,640
ब मेरे पास गीता प्रेस की छपी हुई देवी भागवत नहीं

2248
02:43:45,640 --> 02:43:49,880
है दूसरे प्रकाशन की है तो मुझे बताना आपको

2249
02:43:49,880 --> 02:43:55,720
पड़ेगा वो कौन सा अध्याय है कौन सा श्लोक है तब मैच हो

2250
02:43:55,720 --> 02:44:00,720
पाएगा रा स्कंद हा तीसरा स्कंद

2251
02:44:00,720 --> 02:44:04,840
अध्याय अरे फिर पागल हो गया यार पागल है क्या

2252
02:44:04,840 --> 02:44:10,840
बताऊ

2253
02:44:11,160 --> 02:44:15,400
इसको रा तो अध्याय तीसरा

2254
02:44:15,400 --> 02:44:21,400
स्कंद बहुत बड़ा है क्या घन चक्कर हो क्या दिमाग से

2255
02:44:24,560 --> 02:44:28,800
आपको दिखाना ही नहीं है तो मना कर दो कि नहीं दिखाना शवा जी ज्यादा मेहनत

2256
02:44:28,800 --> 02:44:32,920
अरे भाई मैं क्या बता रहा हूं मेरे पास देवी भागवत गीता

2257
02:44:32,920 --> 02:44:37,400
प्रस का नहीं है क्या दिमाग में कचरा भरा है

2258
02:44:37,400 --> 02:44:43,400
क्या तुम अध्याय नंबर बताओ श्लोक नंबर

2259
02:44:43,680 --> 02:44:47,760
बताओ अध्याय तो बता दिया ना मैंने स्कंद

2260
02:44:47,760 --> 02:44:53,480
बताया तुमने ब

2261
02:44:53,480 --> 02:44:59,000
दिलीप दास जी आपके पास है क्या आपके पास अभी देवी भागवत पुराण यहां पर

2262
02:44:59,000 --> 02:45:03,360
उपलब्ध मेरे पास फोटो है

2263
02:45:03,360 --> 02:45:07,400
फोटो परमाण होती है चलो फोटो भेज दो

2264
02:45:07,400 --> 02:45:11,560
आप फोटो भेज दो अरे शिवांश

2265
02:45:11,560 --> 02:45:16,440
भाई येय उस उस उस लोक की बात कर रहे हैं यह

2266
02:45:16,440 --> 02:45:20,920
भागवत पुराण स्कंद तीन अध्याय पाच का मेरे ख्याल से बारवा श्लोक

2267
02:45:20,920 --> 02:45:25,040
ये लोग बोल रहे

2268
02:45:25,040 --> 02:45:29,080
हैं जिसमें शिव जी शिवजी

2269
02:45:29,080 --> 02:45:33,840
जो भगवान शिव जी के क्वेश्चन है देवी जी से

2270
02:45:33,840 --> 02:45:37,840
फिर अध्याय छ में उन क्वेश्चन का आंसर दे रहे हैं मैं और परब्रह्म सदा एक

2271
02:45:37,840 --> 02:45:42,160
ही है हम परलय

2272
02:45:42,160 --> 02:45:47,440
काल में ना स्त्री हो ना पुरुष हो छठे अध्याय में पांचवे अध्याय के 12 श्लोक में

2273
02:45:47,440 --> 02:45:51,440
देखिए ये देखो भैया अरे ये

2274
02:45:51,440 --> 02:45:55,600
देखो पहले तुम ये देखो हेलो ये देवी भागवत

2275
02:45:55,600 --> 02:45:59,540
में क्या कह रही है

2276
02:45:59,540 --> 02:46:05,540
[संगीत]

2277
02:46:07,480 --> 02:46:09,760
माता

2278
02:46:09,760 --> 02:46:14,480
मैं मैं ना तो स्त्री

2279
02:46:14,480 --> 02:46:18,680
हूं ये नीचे से चाहि अरे पहले इधर

2280
02:46:18,680 --> 02:46:23,640
देख देखो यह क्या कह रही है माता क्या कह रही है मैं

2281
02:46:23,640 --> 02:46:27,680
ना तो स्त्री हूं ना ही पुरुष हूं और

2282
02:46:27,680 --> 02:46:31,680
ना ही नपुंसक ही हूं यानी कि

2283
02:46:31,680 --> 02:46:36,280
यह किसी की पत्नी नहीं है यह वह तत्व

2284
02:46:36,280 --> 02:46:40,560
है मैं ना तो स्त्री हूं ना ही पुरुष हूं

2285
02:46:40,560 --> 02:46:45,320
ना ही नपुंसक ही हूं ये स्त्री भी नहीं

2286
02:46:45,320 --> 02:46:51,040
है अच्छा नहीं

2287
02:46:51,040 --> 02:46:55,080
और दुर्गा चालीसा जब आप पढ़ते हो तो दुर्गा चालीसा में भी लिखा हुआ है धर

2288
02:46:55,080 --> 02:46:59,280
रूप नरसिंह को अंबा प्रगट भाई फाड़ के खंबा क्या बात हैय

2289
02:46:59,280 --> 02:47:03,320
जो आप हा ये जो आप इधर उधर से चीजें लाते हो ना आपको

2290
02:47:03,320 --> 02:47:07,680
पूरा ज्ञान नहीं है हम रोज दुर्गा चलीसा का पाठ करते हैं उसमें

2291
02:47:07,680 --> 02:47:12,080
माता जो है वह कह रही है कि धरे रूप नरसिंह को अंबा प्रगट

2292
02:47:12,080 --> 02:47:16,360
भई फाड़ के खंबा मतलब जो नरसिंह का अवतार जो था ना वो माता

2293
02:47:16,360 --> 02:47:20,360
का ही अवतार था तो आपकी जो आपको सिखा

2294
02:47:20,360 --> 02:47:24,440
रखा है माफ कीजिएगा दिलीप दास जी आपको बुरा लगेगा लेकिन आपको पूर्ण

2295
02:47:24,440 --> 02:47:28,720
ज्ञान नहीं दिया गया है आपको भ्रमित किया गया है इस

2296
02:47:28,720 --> 02:47:32,840
दिली दिलीप दास तुम्हारे क्वेश्चन ये थे सुनो

2297
02:47:32,840 --> 02:47:37,480
सुनो दिलीप दास दिलीप दास सुन लो अब अब सुन लो

2298
02:47:37,480 --> 02:47:42,240
सुन लो तुमने जो प्रश्न किया कहां चला

2299
02:47:42,240 --> 02:47:46,400
गया भाग गया भाग गए वो भाग

2300
02:47:46,400 --> 02:47:51,240
गए इनके तोते उड़ गए उड़ जा वही ऐसा है

2301
02:47:51,240 --> 02:47:55,280
पहली बात यह है कि इसने प्रश्न किया शिव से शिव कैसे प्रकट

2302
02:47:55,280 --> 02:47:59,520
हो जाएगा तो जिस दुर्गा को भगवान शिव

2303
02:47:59,520 --> 02:48:03,640
की पत्नी कहा गया है वो माता दुर्गा का लीला पूर्वक रूप है

2304
02:48:03,640 --> 02:48:06,440
वो परम तत्व नहीं है जो परम तत्व

2305
02:48:06,440 --> 02:48:10,680
है जिसको भगवती दुर्गा कहा गया है उस परम तत्व से ब्रह्मा विष्णु

2306
02:48:10,680 --> 02:48:15,040
महेश उत्पन्न हो रहे हैं ठीक है उसके बाद में वही परम तत्व

2307
02:48:15,040 --> 02:48:19,320
दुर्गा का रूप भी धारण करके क्या कहते हैं स्त्री रू धारण

2308
02:48:19,320 --> 02:48:23,320
करके और पति रूप में भगवान शिव को प्राप्त करता

2309
02:48:23,320 --> 02:48:27,520
है ठीक यह तो हो गया इनका जवाब अब दुर्जन तोष न्याय

2310
02:48:27,520 --> 02:48:31,520
पर चलते हैं कि भाई इससे मतलब क्या है अगर यहां पर आपने यह

2311
02:48:31,520 --> 02:48:35,600
सिद्ध कर लिया कि दुर्गा का पति दुर्गा के पति जो है वो है

2312
02:48:35,600 --> 02:48:39,680
यह है वो है उससे क्या सिद्ध कर लिया तुमने हम तो

2313
02:48:39,680 --> 02:48:44,160
तुम्हें दिखा रहे हैं ना कि गीता बोलने वाले भगवान विष्णु

2314
02:48:44,160 --> 02:48:49,720
है उसका क्या करोगे

2315
02:48:49,720 --> 02:48:53,920
चला ही गया हां भाई दिलीप दास सुनो मेरी

2316
02:48:53,920 --> 02:48:58,440
बात हमने आपको क्या बताया हमने देखो

2317
02:48:58,440 --> 02:49:02,840
देखो यह रोबोट की तरीके से बात मत करो बहुत इरिटेटिंग होता है य

2318
02:49:02,840 --> 02:49:07,240
मत बात करो रोट की तर थ थोड़ा इंसान बनो इंसान इंसान

2319
02:49:07,240 --> 02:49:13,240
बनो क्या वो माता

2320
02:49:13,520 --> 02:49:17,640
नहीं हां बोलो क्या कह रहे हो क्या

2321
02:49:17,640 --> 02:49:21,840
देवी दुर्गा ब्रह्मा की माता पिता नहीं माता नहीं है सॉरी अरे मैं बोल

2322
02:49:21,840 --> 02:49:25,880
रहा हूं भाई वो कह तो रही है कि मैं ना ही स्त्री हूं ना

2323
02:49:25,880 --> 02:49:31,880
ही मैं पुरुष हूं ना ही नपुंसक हूं वो परम तत्व

2324
02:49:32,360 --> 02:49:36,720
है तो पेज नंबर

2325
02:49:36,720 --> 02:49:40,760
ये बताओ ये बताओ देवी भागवत पर विश्वास है तुम्हें कि नहीं

2326
02:49:40,760 --> 02:49:44,880
है पूरा पेज नंबर 123 प पेज

2327
02:49:44,880 --> 02:49:49,000
नंबर 123 प क्यों क तुमसे पूछ रहा हूं मैं तुमसे ये पूछ रहा हूं देवी

2328
02:49:49,000 --> 02:49:53,120
भागवत प पूरा विश्वास है कि नहीं

2329
02:49:53,120 --> 02:49:57,320
हां पूरा विश्वास है पूरा विश्वास है तो मैंने जो अभी तुमको

2330
02:49:57,320 --> 02:50:03,320
लाइन दिखाई वोह देवी भागवत की लाइन थी उसको मानते हो कि

2331
02:50:05,400 --> 02:50:09,440
नहीं आप वही दिखाते हो जहां पर

2332
02:50:09,440 --> 02:50:13,600
ये लिखा है कि मैं ये नहीं कह रहा हूं मैं ये नहीं कह रहा हूं आप सिर्फ

2333
02:50:13,600 --> 02:50:15,880
मेरी बात

2334
02:50:15,880 --> 02:50:20,160
मानो मेरी बात मानो दिलीप दास मैं ये नहीं दिलीप

2335
02:50:20,160 --> 02:50:24,160
दास बात नहीं सुननी है दिलीप दास मैं ये नहीं कह रहा

2336
02:50:24,160 --> 02:50:28,320
हूं कि तुम सिर्फ मेरी नहीं सुननी है वास्तविक ज्ञान तो आप दिखाते ही नहीं

2337
02:50:28,320 --> 02:50:31,560
नहीं सुननी है नहीं सुननी

2338
02:50:31,560 --> 02:50:35,560
है मैं मैं ये कह रहा हूं मैं ये नहीं कह रहा हूं कि तुम

2339
02:50:35,560 --> 02:50:39,720
सिर्फ मेरी बात मानो मगर जब तुम अपनी बात को मान रहे हो तो इस बात

2340
02:50:39,720 --> 02:50:43,840
का भी कुछ करना ठीक है अब तुम्हारी बात यह है

2341
02:50:43,840 --> 02:50:47,360
कि दुर्गा जी जो दुर्गा जी जो है वो काल ब्रह्म

2342
02:50:47,360 --> 02:50:51,440
की पत्नी है तुम्हारे हिसाब से ठीक है शिव जी की शिव जी

2343
02:50:51,440 --> 02:50:56,040
की पत्नी नहीं है ठीक है यही कह रहे हो ना

2344
02:50:56,040 --> 02:51:00,200
यही कह रहे हो ना तो अभी इस बात का क्या अभी इस

2345
02:51:00,200 --> 02:51:04,240
बात अभी इस बात का क्या करोगे कि वो ये कह रही

2346
02:51:04,240 --> 02:51:08,480
है मैं ना तो स्त्री हूं मैं ना ही नपुंसक हूं ना ही पुरुष हूं इसका क्या करोगे

2347
02:51:08,480 --> 02:51:12,560
फड़ दोगे भूल जाओगे क्या करोगे पर बोला देख पागल

2348
02:51:12,560 --> 02:51:16,960
है क्या पर क्यों कहा है पागल है

2349
02:51:16,960 --> 02:51:21,120
क्या अच्छा हम तो पागल है ना और चल

2350
02:51:21,120 --> 02:51:24,880
य से जा

2351
02:51:24,880 --> 02:51:28,960
निकल अरे ऐसे समाधान नहीं होगा एक्चुअली है क्या

2352
02:51:28,960 --> 02:51:33,120
जो स्कंद तीन के जो अध्याय पा तक है व

2353
02:51:33,120 --> 02:51:36,640
सारे क्वेश्चन

2354
02:51:36,640 --> 02:51:41,240
हैसे जो है इन रोबोट से बात करने में बड़ी दिक्कत है भाई

2355
02:51:41,240 --> 02:51:45,400
मैंने

2356
02:51:45,400 --> 02:51:49,480
पूछा मिनट विशाल जी मिनट मिनट मैंने कहा

2357
02:51:49,480 --> 02:51:53,880
कि ठीक है तुम अपनी बात मान लो उसके बाद इसका भी कुछ कर देना

2358
02:51:53,880 --> 02:51:57,920
अब मैंने पूछा कि ठीक है तुम ये मान रहे हो अपनी बात कि भाई जो दुर्गा जी है वो

2359
02:51:57,920 --> 02:52:02,080
शिव जी की पत्नी नहीं है वो काल ब्रह्म की पत्नी है अब मैंने दूसरा

2360
02:52:02,080 --> 02:52:06,080
ये पूछा कि यह भी देवी भागवत में लिखा है इसका करोगे क्या इसको मिटा

2361
02:52:06,080 --> 02:52:11,560
दो फाड़ दो क्या करोगे 123 नंबर 123 नंबर क्या तरीका

2362
02:52:11,560 --> 02:52:15,640
है रट्टू तोते वाली पढ़ाई है ये भाई ये

2363
02:52:15,640 --> 02:52:21,640
इनके गुरुजी की तरह ही कर रहे हैं देवी अ सुनो

2364
02:52:23,480 --> 02:52:27,560
ना सुनो अब दिलीप दास से बात करने दो अब दिलेश दास

2365
02:52:27,560 --> 02:52:32,040
तुमने एक बात कही अब मैं पूछ रहा हूं क्या रामपाल

2366
02:52:32,040 --> 02:52:38,040
तत्वदर्शी

2367
02:52:39,440 --> 02:52:45,440
है हो गया

2368
02:52:50,000 --> 02:52:53,760
ये आवाज कहां से आ रही

2369
02:52:53,760 --> 02:52:57,880
है कहां से आ रही है भाई

2370
02:52:57,880 --> 02:53:02,560
आवाज आपके आपके य चल रहा है क्या

2371
02:53:02,560 --> 02:53:06,960
रंजीत जी किसके य चल रहा है

2372
02:53:06,960 --> 02:53:11,280
बंद कर लो बंद कर लो दिलीप दास जी तत्वदर्शी

2373
02:53:11,280 --> 02:53:15,800
य कैसे सिद्ध होता है आ

2374
02:53:15,800 --> 02:53:19,920
रहा मेरे आपसे भागवत से पहले सवाल जो बहुत सारे सवाल है इनका

2375
02:53:19,920 --> 02:53:24,000
एक बार भाई साहब आपकी बात हमने भागवत पर सुन ली है जो दर्शक फैसला

2376
02:53:24,000 --> 02:53:28,120
लेंगे ले लेंगे ठीक है अभी आपको रामपाल को तत्वदर्शी सिद्ध करना है

2377
02:53:28,120 --> 02:53:33,040
क्या अभी बहुत करना है क्या काल

2378
02:53:33,040 --> 02:53:37,240
से अलग हैय करना है क्या बहुत सारे सवाल है से अलग है करना

2379
02:53:37,240 --> 02:53:40,440
है क्या

2380
02:53:40,440 --> 02:53:44,920
दलीज नंबर 275 में क्या करना है क्या

2381
02:53:44,920 --> 02:53:49,520
पेज नंबर 27 अरे पागल क का क्या

2382
02:53:49,520 --> 02:53:53,800
लिखा अरे हटाओ इसको यार ऐसे

2383
02:53:53,800 --> 02:53:58,160
लोग को तीसरा स्कं फिर प्रथम स्कंध पागल

2384
02:53:58,160 --> 02:54:02,400
है क्या ये लोग एक मिनट एक मिनट

2385
02:54:02,400 --> 02:54:06,400
विशाल एक मिनट इन लोगों इन ज्ञानी लोगों को य भी नहीं पता होगा

2386
02:54:06,400 --> 02:54:10,680
कि काल जो है ईश्वर के नाम जो है विशेषण के रूप में कितने अर्थों

2387
02:54:10,680 --> 02:54:14,880
के लिए प्रयोग किया गया है काल जो है समस्त संसार

2388
02:54:14,880 --> 02:54:18,880
का या सृष्टि हों के संघार के लिए भी प्रयोग हुआ है काल जो 64

2389
02:54:18,880 --> 02:54:23,360
कलाओं के स्वामी के लिए भी प्रयोग हुआ है काल जो है काल चक्र

2390
02:54:23,360 --> 02:54:27,600
से ऊपर जो परे परब्रह्म है उसके लिए भी प्रयोग हुआ है और काल

2391
02:54:27,600 --> 02:54:31,840
समय के लिए भी प्रयोग हुआ है अभी मूर्खों को कौन बताए कि काल कौन सा काल

2392
02:54:31,840 --> 02:54:36,160
य काल पकड़ लिए है बस एक काल में घूम र काल ठीक

2393
02:54:36,160 --> 02:54:40,320
है भाई जो बात चल रही है उस बात पर बात ना करके

2394
02:54:40,320 --> 02:54:44,480
पेन नंबर ये पेन नंबर ये नंबर ए पेन नंबर ए मुझे यही

2395
02:54:44,480 --> 02:54:48,720
है वही वाली बात काजल काल काल अरे

2396
02:54:48,720 --> 02:54:53,280
बारे में क्या जानते वहा इनको सुनिए

2397
02:54:53,280 --> 02:54:55,440
उसमें वो दुर्गा देवी

2398
02:54:55,440 --> 02:54:59,560
दुर्गा माता बोलती भी है उसमें कि एक अहम अनेको अहम

2399
02:54:59,560 --> 02:55:03,000
अजा अहम अनज

2400
02:55:03,000 --> 02:55:07,000
अहम माता खुद अपने बारे में बताती हैं जब पूछा

2401
02:55:07,000 --> 02:55:11,000
देवताओं ने उनसे पूछा तो उन्होंने बताया एक एक

2402
02:55:11,000 --> 02:55:15,080
अहम अनेको अहम अजा अहम अनज

2403
02:55:15,080 --> 02:55:19,520
अहम कला काष्ट आदि रूपी मतलब समस्त रूप

2404
02:55:19,520 --> 02:55:23,520
हा हा जब मैं पहली बारसे जुड़ा था ना अब

2405
02:55:23,520 --> 02:55:27,840
ये लोग ब्रह्मा विष्णु महेश को सदाशिव जो काल है वो पिता

2406
02:55:27,840 --> 02:55:33,400
बताते मैंने शिव पुराण से प्रू करके दिखाया

2407
02:55:33,400 --> 02:55:38,080
सदाशिव बात य सुनो जब तु

2408
02:55:38,080 --> 02:55:42,440
मेरी बात सुनिए मेरी बात सुनिए प्लीज जब ये कोई

2409
02:55:42,440 --> 02:55:46,560
प्रमाण के आधार पर क्लेम करते हैं तो आप क्या करोगे

2410
02:55:46,560 --> 02:55:50,640
उसी शास्त्र का कोई ऐसा दिखा दोगे जिससे इनकी

2411
02:55:50,640 --> 02:55:54,800
बात खंडित हो रही होगी है ना यही तो करोगे

2412
02:55:54,800 --> 02:55:59,600
तो यह उस पर बात ही नहीं करेंगे ये अपना पन्ना नंबर बोलते रहेंगे भाई

2413
02:55:59,600 --> 02:56:03,720
यह अपना अगला पन्ना नंबर बोलते रहेंगे बस और कुछ नहीं 235

2414
02:56:03,720 --> 02:56:07,880
235

2415
02:56:07,880 --> 02:56:12,000
2522 दरअसल ये अरे ये इतने मूर्ख

2416
02:56:12,000 --> 02:56:16,160
है कि ये जो है ना ईश्वरीय शक्तियों को जो है पैदा होने वाला मरने

2417
02:56:16,160 --> 02:56:20,360
वाला मतलब ये समझ लिए हैं इनको य नहीं पता कि प्रणव से प्रकट

2418
02:56:20,360 --> 02:56:24,440
हो रहे है फिर प्रणव में जो है अपने लीला को करने के बाद जो है उसी में जो है

2419
02:56:24,440 --> 02:56:28,480
विलेय हो जा रहे हैं फिर प्रकट हो रहे विलय हो रहे हैं

2420
02:56:28,480 --> 02:56:32,520
इनको नहीं यह पैदा हो रहे हैं हद हो गया या जो पैदा हो रहे हैं

2421
02:56:32,520 --> 02:56:35,760
पेट से पैदा हो रहे

2422
02:56:35,760 --> 02:56:41,600
हैं वो एक मूवी आई थी ना तहलका उसमें वो शोम शोम शम

2423
02:56:41,600 --> 02:56:46,000
शशा वही माइंड की वही शम

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02:56:46,000 --> 02:56:50,200
शम डंग तुम्हारा भगवान है डंग

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02:56:50,200 --> 02:56:55,560
कभी रंग नहीं होता रटा दिया गया

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02:56:55,560 --> 02:56:59,560
इनको कुछ बताया नहीं गया बचारे सही बल आप

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02:56:59,560 --> 02:57:03,680
इ दिखा दीजिए एक मिनट आप इनको दिखा

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02:57:03,680 --> 02:57:07,840
दीजिए ऑपरेटर महोदय इनको दिखा दीजिए काल जो है मन भी है तो

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02:57:07,840 --> 02:57:12,240
क्या दुर्गा देवी के जो पति है आप मन को मानते हैं

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02:57:12,240 --> 02:57:16,640
दिखा दीजिए इनको दिखा दीजिए

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02:57:16,640 --> 02:57:20,800
दिलीप सुनो ना शिव सहस्त्र नाम स्तोत्र खोलो जरा शिव

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02:57:20,800 --> 02:57:23,720
सहस्त्रनाम स्तोत्र में का

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02:57:23,720 --> 02:57:27,760
ये जो दिलीप दास का नाम का व्यक्ति है मुझे लग रहा है बहुत ज्यादा प्रताड़ित है

2434
02:57:27,760 --> 02:57:33,760
हम लोगों से और पागल हो चुका है त

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02:57:35,840 --> 02:57:39,840
आया अच्छा अरे जाने दो यार विशाल पागल है उसका

2436
02:57:39,840 --> 02:57:45,840
तो दिमाग उसको मैंने कहा हैक्ट भाई अभिषेक कोरे

2437
02:57:48,440 --> 02:57:52,840
डिप्रेशन में चला गया अब वो एकम एवा दयम

2438
02:57:52,840 --> 02:57:56,920
भी नहीं आ रहा वो तो बड़ा वीडियो बनाता था वो तो वो भी नहीं

2439
02:57:56,920 --> 02:58:01,200
आ रहा एकम एवा द्वितीय

2440
02:58:01,200 --> 02:58:05,320
जी अरे एक वीडियो तो मैंने देखा इनका जिनमें इन्होंने नकली

2441
02:58:05,320 --> 02:58:09,320
पंडित बिठा रखे हैं सामने और उस वीडियो

2442
02:58:09,320 --> 02:58:13,400
में यह प्रूव कर रहे हैं कि देखो जी हमारी बात इन्होंने मान ली पंडितों ने

2443
02:58:13,400 --> 02:58:17,400
और हमने प्रूव कर दिया जी भगवत गीता की जो चीजें है कि ये तो कृष्ण ने नहीं कही

2444
02:58:17,400 --> 02:58:21,440
है नकली पंडित उल्टे हाथ के उल्टे हाथ से वो माला जप कर

2445
02:58:21,440 --> 02:58:25,800
रहा था बंदा नीचे कमेंट भी आ रहे हैं कि भैया ये तो उल्टे हाथ से कर रहा है कमेंट

2446
02:58:25,800 --> 02:58:30,720
ये लोग लोगों से डिबेट करेंगे असली में

2447
02:58:30,720 --> 02:58:34,920
स्कलर को नहीं भेजेंगे बच्चे बिठा रखे हैं एक तरफ बताया जा रहा है ये दल

2448
02:58:34,920 --> 02:58:39,040
रामपाल जी के जो शिष्य हैं और एक तरफ बताया जो ये वैदिक शिष्य

2449
02:58:39,040 --> 02:58:43,800
हैं वैदिक बच्चे हैं बोला गीता का श्लोक सुनाओ तो वो

2450
02:58:43,800 --> 02:58:48,320
अटक अटक के गीता का श्लोक सुना रहे हैं एक ने सुनाया जब यदा यदा धर्मस्य तोता

2451
02:58:48,320 --> 02:58:52,600
यदा यदा ऐसे अटक अटक के उन्होंने जल्दी जल्दी बता दिया साथ में हिंदी अनुवाद

2452
02:58:52,600 --> 02:58:56,800
भी बता दिया बोला ये तो रामपाल जी के शिष्यों ने बहुत अच्छा बता दिया ये तो संस्कृत

2453
02:58:56,800 --> 02:59:00,800
भी शुद्ध बोल रहे हैं बच्चे होते हुए और जो हिंदी अनुवाद है वो भी

2454
02:59:00,800 --> 02:59:04,800
स्पष्ट बता रहे हैं उसके बाद पूछा कि आप लोग क्या बोलते हैं जब आप किसी को

2455
02:59:04,800 --> 02:59:08,800
संबोधन देते हैं सर्वप्रथम बोला राधे राधे ठीक है आप क्या बोलते

2456
02:59:08,800 --> 02:59:12,920
हैं जो वो उनका है सत साहिब ठीक है तो उन्होंने पूछा ये सत साहिब क्या है

2457
02:59:12,920 --> 02:59:16,320
बोला ये परमात्मा का नाम है ठीक है उन्होंने कहा राधे राधे बोला राधे

2458
02:59:16,320 --> 02:59:20,600
राधे बोलते हैं कि ये भगवान का नाम है एक तो यह बात दूसरी बात जो रसिक

2459
02:59:20,600 --> 02:59:24,680
रसिक संत लोग कहते हैं कि राधे राधे बोलते तो भगवान

2460
02:59:24,680 --> 02:59:28,760
कृष्ण को आनंद रहता है और उनकी प्राप्ति रहती है तोव बोलते

2461
02:59:28,760 --> 02:59:32,760
हैं पलट में ऐसी बात करते हैं कि यह क्या बात हुई अगर हम अपने अगर कोई

2462
02:59:32,760 --> 02:59:36,760
मेरे को बुलाएगा तो व मेरे को मेरे नाम से बुलाएगा ना पिताजी के नाम से थोड़ी ना बुलाएगा ऐसी

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02:59:36,760 --> 02:59:40,800
उल्टी सीधी बातें कर रहे है ये जो

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02:59:40,800 --> 02:59:45,160
व्यक्ति आया है यह यह चाहता है कि मैं जो बोल रहा हूं

2465
02:59:45,160 --> 02:59:49,240
केवल वो सुना जाए और सामने वाला जो भी कहेगा वो हम सुनाई

2466
02:59:49,240 --> 02:59:53,440
नहीं पड़ता रिएक्ट करना तो दूर की बात है इनको सुना

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02:59:53,440 --> 02:59:57,520
नहीं पड़ रहा है मैं कह क्या रहा हूं तमीज है ही नहीं उनको बात करने की

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02:59:57,520 --> 03:00:02,000
तमीज कैसे बात कैसे की जाए एक

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03:00:02,000 --> 03:00:06,200
र बिल्कुल बोलेस बात

2470
03:00:06,200 --> 03:00:10,680
करने की तमीज ही नहीं है कैसे स्टूडियो में बात करना है कैसे क्या करना है कैसे

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03:00:10,680 --> 03:00:15,280
एक शब्द र हु दिलीप दास को जो है वो दिखा दो

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03:00:15,280 --> 03:00:19,320
काल मन है ऑपरेटर जी दिलीप दास

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03:00:19,320 --> 03:00:23,520
को वोह दिखा दो काल मन है और फिर वोह बताए कि दुर्गा जी के जो पति

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03:00:23,520 --> 03:00:27,880
है वह मन है क्या अरे भाई मेरा भी नाम मन है ऐसा मत

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03:00:27,880 --> 03:00:31,320
बोलो व हि मैं आपको बता दे रहा हू मेरा नाम मन है विशाल

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03:00:31,320 --> 03:00:36,240
मेरे पिताजी का नाम है दुर्गा के बारे में

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03:00:36,240 --> 03:00:40,360
च चलिए ठीक है आज के काफी देर हो गई हम लोग तीन घंटे

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03:00:40,360 --> 03:00:44,840
हो चुके हैं ऑलमोस्ट जी बहुत बहुत धन्यवाद आपने जोड़ा

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03:00:44,840 --> 03:00:48,840
सनातन शंकर जी आप हमसे जो है धरातल में संपर्क करें और हम लोग

2480
03:00:48,840 --> 03:00:53,000
देखते हैं साथ में कुछ कर सके तो आभार आपका देर समय

2481
03:00:53,000 --> 03:00:57,560
देने के लिए और हम भगवान से प्रार्थना करेंगे कि आपका

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03:00:57,560 --> 03:01:01,880
जो मतलब जो अवनति हो गई है किसी कारण वश जीवन

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03:01:01,880 --> 03:01:06,120
में और आपके मार्ग में वह भगवान दोबारा से आपको सफल करे

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03:01:06,120 --> 03:01:12,000
और आपको जो है शीर्ष पर पहुंचाए

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03:01:12,000 --> 03:01:16,080
अति जय श्री राम जय

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03:01:16,080 --> 03:01:20,080
श्री राम जय श्री राम जय श्री राम सभी को हर हर

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03:01:20,080 --> 03:01:24,240
महादेव पार्वती

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03:01:24,240 --> 03:01:28,680
पत हर हर महादेव

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03:01:28,680 --> 03:01:34,680
इनसे पूछना स साब कौन से ग्रंथ में लिखा हुआ है राधे राधे करने से ठोकते हैं य लोग

2490
03:01:35,390 --> 03:01:39,390
[संगीत]
