1
00:00:01,820 --> 00:00:07,820
[संगीत]

2
00:00:08,040 --> 00:00:12,280
तो सभी को जय श्री राम आपका आभार

3
00:00:12,280 --> 00:00:16,400
बहुत साधुवाद आप सभी को आप सब लोग जो

4
00:00:16,400 --> 00:00:20,440
यह जो विलंब होता है उसके बाद भी आप यहां पर अपना समय

5
00:00:20,440 --> 00:00:24,680
देते हैं विलंब होने का कारण एक मात्र है कि हम केवल

6
00:00:24,680 --> 00:00:28,840
हवा हवाई लोग नहीं है केवल

7
00:00:28,840 --> 00:00:32,880
नवो मार्गी है मार्ग का आलंबन ले लेने वाले सैनिक

8
00:00:32,880 --> 00:00:37,040
नहीं है धरातल पर भी उतने ही सक्रिय हैं जितने की

9
00:00:37,040 --> 00:00:41,240
आपको यहां पर दिखाई देते हैं बल्कि

10
00:00:41,240 --> 00:00:44,160
उससे कहीं

11
00:00:44,160 --> 00:00:48,280
ज्यादा तो जब नवो

12
00:00:48,280 --> 00:00:53,000
मार्ग की बात होती है तो नभ मार्ग य बहुत सारे चुन्नू मुन्नू मिला करते हैं

13
00:00:53,000 --> 00:00:57,240
जो व्यक्तिगत कभी व्यक्तिगत कटाक्ष कभी किसी प्रकार का

14
00:00:57,240 --> 00:01:01,640
धरातल पर उनका कोई अस्तित्व नहीं है बस नवो मार्ग में ही उनका अस्तित्व

15
00:01:01,640 --> 00:01:06,960
है अर्थात इंटरनेट की दुनिया में तो हमें दोनों तरफ की

16
00:01:06,960 --> 00:01:11,200
जो संघर्ष है वह करने होते हैं

17
00:01:11,200 --> 00:01:15,200
नवो मार्ग में भी इंटरनेट की दुनिया में भी आप लोगों

18
00:01:15,200 --> 00:01:19,400
के सामने ही कितने लोग अलग-अलग

19
00:01:19,400 --> 00:01:23,440
तरीके से न केन प्रकार प्रहार कर रहे हैं आपके सामने

20
00:01:23,440 --> 00:01:25,920
हैं

21
00:01:25,920 --> 00:01:31,120
और संघर्ष जो धरातल का है वो भी आप लोग उससे भी परिचित

22
00:01:31,120 --> 00:01:35,680
तो इसलिए थोड़ा सा ऊपर नीचे समय को लेकर के होता है

23
00:01:35,680 --> 00:01:39,840
इसको सदैव एक सकारात्मक रूप में ही ले

24
00:01:39,840 --> 00:01:44,400
जय श्री राम सभी को तो आज हम लोग

25
00:01:44,400 --> 00:01:48,480
आए हैं एक जेल कट्टू

26
00:01:48,480 --> 00:01:52,640
गुरु है तथाकथित एक जेल कट्टू तत्वदर्शी

27
00:01:52,640 --> 00:01:57,400
है उसका एक झूठा चेला

28
00:01:57,400 --> 00:01:59,360
वो क्या-क्या बताने का प्रयास करता है

29
00:01:59,360 --> 00:02:03,760
और क्या क्या उसके द्वारा कहानियां गड़ी गई है अपने जेल कट्टू गुरु के माध्यम

30
00:02:03,760 --> 00:02:08,640
से तो उस पर थोड़ा सा बात करेंगे अच्छा इसमें

31
00:02:08,640 --> 00:02:13,400
तीन सेगमेंट में हम लोग बात करेंगे आज पहला सेगमेंट

32
00:02:13,400 --> 00:02:17,640
कि यह जो चेला है इसने अपने वीडियो के माध्यम

33
00:02:17,640 --> 00:02:22,000
से य बताने का प्रयास किया है कि इसने

34
00:02:22,000 --> 00:02:26,200
जो बताया है इसके जेल कट्टू गुरु ने जो बताया है

35
00:02:26,200 --> 00:02:30,200
अपने किताबों में वह सब कुछ यथावत

36
00:02:30,200 --> 00:02:34,200
रूप से शास्त्रों में वर्णित है और इसने इनके द्वारा

37
00:02:34,200 --> 00:02:38,960
कोई भी अपमान नहीं है जो भी अपमान जनक लग रहा है वह शास्त्रों में वर्णित है

38
00:02:38,960 --> 00:02:43,200
इसलिए वो अपमान जनक है इसने अपनी ओर से कुछ नहीं बताया यह बताने

39
00:02:43,200 --> 00:02:47,600
का प्रयास किया तो सबसे पहले तो हम ये देखेंगे कि इनकी

40
00:02:47,600 --> 00:02:51,840
किताबों में अपमान है कि नहीं ये रामपाल एंड कंपनी

41
00:02:51,840 --> 00:02:56,520
की किताबों में हमारे जो धर्म के घटक हैं

42
00:02:56,520 --> 00:03:00,680
जो हमारे उपास्य पात्र

43
00:03:00,680 --> 00:03:04,840
उनका अपमान है कि नहीं इनकी किताबों में यह देखेंगे

44
00:03:04,840 --> 00:03:09,120
फिर देखेंगे कि इन्होंने जो कर रखा है

45
00:03:09,120 --> 00:03:13,240
इन्होंने जो कर रखा है वह कितना शास्त्र सम्मत है जो बातें इन्होंने

46
00:03:13,240 --> 00:03:15,160
की है

47
00:03:15,160 --> 00:03:19,360
और फिर यह भी देखेंगे कि इनका वास्तविक

48
00:03:19,360 --> 00:03:23,480
उद्देश्य क्या है इन बातों का उपयोग करने का है

49
00:03:23,480 --> 00:03:27,520
ना जो सद भक्ति सद ग्रंथ पवित्र ग्रंथ ये सब बातें करते हैं

50
00:03:27,520 --> 00:03:33,120
ना तो अब पता चलेगा

51
00:03:33,120 --> 00:03:39,120
खैर तो सबसे पहली बात तो यह है

52
00:03:39,400 --> 00:03:43,600
कि बात वहीं से शुरू करते हैं जो अभी जो बात हुई है

53
00:03:43,600 --> 00:03:48,520
कि मेले में इनका एक स्टॉल लगा हुआ था जहां पर इनकी जो आपत्ति जनक

54
00:03:48,520 --> 00:03:52,800
किताबें थी वह बेची जा रही थी आपत्ति जनक किताबों

55
00:03:52,800 --> 00:03:57,200
में बहुत कुछ हर पन्ने पर आपत्ति है हर पन्ने

56
00:03:57,200 --> 00:04:01,440
पर जहर भरा हुआ है हिंदू धर्म के लिए मगर उसमें

57
00:04:01,440 --> 00:04:05,600
से कुछ मोटी मोटी बातों का हमने आलंबन लिया

58
00:04:05,600 --> 00:04:11,280
लोगों को लोगों के सामने इनकी सच्चाई को बाहर लाने के लिए

59
00:04:11,280 --> 00:04:16,240
तो उसमें सबसे पहली बात तो यह है

60
00:04:16,240 --> 00:04:20,400
कि अच्छा मैं एक बात बता दूं यहां से पहले मैंने कुछ

61
00:04:20,400 --> 00:04:24,600
इस जेल कट्टू गुरु के झूठे झूठ भाई अभिषेक

62
00:04:24,600 --> 00:04:28,880
को करते हुए देखा है बातचीत आप लोग कभी ध्यान देना यह जो है

63
00:04:28,880 --> 00:04:30,440
ध्रुव राठी को फॉलो

64
00:04:30,440 --> 00:04:34,480
करना चाहता है ऐसे ऐसे करके बात करता है वो ध्रुव राठी कुछ स्टाइल

65
00:04:34,480 --> 00:04:38,640
है ना ऐसे ऐसे हाथ हाथ हिलाते हुए यह दूसरा ध्रुव राठी

66
00:04:38,640 --> 00:04:42,920
बनना चाहता है हालांकि हमारे तो दोनों ही कटाक्ष

67
00:04:42,920 --> 00:04:47,120
करने वाले हैं तो ध्रुव राठी बनोगे या अपने वास्तविक स्वरूप में रहोगे

68
00:04:47,120 --> 00:04:51,320
वोह बात अलग है मगर इनके यहां का जो एक फैशन है कि

69
00:04:51,320 --> 00:04:55,320
दूसरों की नकल करो नकलची बंदर है ना दूसरों

70
00:04:55,320 --> 00:04:59,320
के लोगों दूसरों के ग्रंथों से यह निकाल लो वो निकाल लो फिर उन्हीं

71
00:04:59,320 --> 00:05:03,800
के आधार पर अपनी इन्होंने जो भी कुछ कहा है अपने शास्त्रों में

72
00:05:03,800 --> 00:05:07,960
यह भी जो आक्षेप भी लगाया है वो आक्षेप

73
00:05:07,960 --> 00:05:12,000
भी कोई खुद का दिमाग नहीं है

74
00:05:12,000 --> 00:05:16,000
आर्य समाज बुद्ध जैन इन सबकी चीज

75
00:05:16,000 --> 00:05:20,000
इन सबके यहां पर इस्लाम जो हमारा जिस तरह से अनादर

76
00:05:20,000 --> 00:05:24,160
किया गया पौराणिक कथाओं का तो वहां से इन्होने कॉपी पेस्ट किया है यह

77
00:05:24,160 --> 00:05:28,360
भी मत सोचना कि इन्होंने जो कहानी गड़ी है काल की

78
00:05:28,360 --> 00:05:32,640
और ये और वो य सारी कहानी इनके अपने दिमाग की उपज है वो सब कॉपी

79
00:05:32,640 --> 00:05:36,640
पेस्ट है तो वो जेल कट्टू की जो चीजें हैं उसको फॉलो

80
00:05:36,640 --> 00:05:41,520
करेगा उसका चेला तो क्या करेगा तो ध्रुव राठी को फॉलो करेगा

81
00:05:41,520 --> 00:05:45,680
तो देखना वह जो है ध्रुव राठी को फॉलो करने का प्रयास

82
00:05:45,680 --> 00:05:49,880
करता है गौर से देखना कभी अगर देखो तो वैसे देखने की आवश्यकता

83
00:05:49,880 --> 00:05:54,000
नहीं र बैक टू पॉइंट तो अब इसने

84
00:05:54,000 --> 00:05:58,080
जो है जो मुख्य रूप से वहां पर दो चार वृतांत बताए हैं सबसे पहले उनकी

85
00:05:58,080 --> 00:06:01,320
बात कर लेते हैं

86
00:06:01,320 --> 00:06:07,320
इसने गरिमा गीता की पुस्तक दिखाई थी वहां पर

87
00:06:09,520 --> 00:06:13,680
और गरमा गता की पुस्तक से करने

88
00:06:13,680 --> 00:06:18,090
का प्रयास किया

89
00:06:18,090 --> 00:06:24,090
[संगीत]

90
00:06:30,200 --> 00:06:33,360
गरिमा गीता की पुस्तक

91
00:06:33,360 --> 00:06:37,640
में इनका लिखा हुआ है कि पार्वती माता

92
00:06:37,640 --> 00:06:41,920
ने वो भैया व वाला जरा पैराग्राफ जरा खोल दीजिए सामने

93
00:06:41,920 --> 00:06:45,920
कर दीजिए गरमा गीता की पुस्तक का वह पृष्ठ है जिसमें उन्होंने

94
00:06:45,920 --> 00:06:50,880
लिखा है कि पार्वती माता ने

95
00:06:50,880 --> 00:06:55,120
जो रूप धारण किया था सीता माता का वह यह सोच

96
00:06:55,120 --> 00:06:59,120
के गई थी राम के पास कि वह प्यार करेगा और

97
00:06:59,120 --> 00:07:03,280
सं करेगा ठीक है अब इसने

98
00:07:03,280 --> 00:07:08,960
वहां पर इसको इसने कोई इस बात का निराकरण तो दिया नहीं

99
00:07:08,960 --> 00:07:13,920
है तो इसने वहां पर क्या किया है

100
00:07:13,920 --> 00:07:18,800
अभी देखते हैं आप लोग अगर कई प्रकार की बातें एक साथ करेंगे ना

101
00:07:18,800 --> 00:07:23,200
तो क्रमानुसार बात हो नहीं पाएगी

102
00:07:23,200 --> 00:07:27,440
तो इसमें छिपकर सीता जी

103
00:07:27,440 --> 00:07:28,960
उमा छिपकर

104
00:07:28,960 --> 00:07:33,160
सीता जी का रूप बनाकर यह सोचकर कि मुझे सीता

105
00:07:33,160 --> 00:07:35,800
जानकर प्यार व संतोष करेगा

106
00:07:35,800 --> 00:07:39,960
इसको थोड़ा बड़ा कर दीजिए ठीक है इस पर

107
00:07:39,960 --> 00:07:44,240
ही हम डिटेलिंग करेंगे अब एक बात बताइए कि अब उसका

108
00:07:44,240 --> 00:07:48,880
यह कहना है कि वह परीक्षा लेने गई थी और यह सोच कर गई थी

109
00:07:48,880 --> 00:07:52,960
कि राम जी सीता माता समझकर वैसा ही आचरण करेंगे यहां तक तो

110
00:07:52,960 --> 00:07:57,600
ठीक है कि अगर राम जी भगवान नहीं होंगे

111
00:07:57,600 --> 00:08:01,840
तो वह सीता माता समझकर ऐसा ही आचरण करेंगे जो सीता माता के साथ

112
00:08:01,840 --> 00:08:06,040
करना चाहिए ठीक है तो प्यार करना तो समझ

113
00:08:06,040 --> 00:08:10,960
में आता है मगर यहां पर यह संतोष करेगा

114
00:08:10,960 --> 00:08:15,120
यह संतोष की स्थिति तक कैसे पहुंचेगा वो प्यार अगर वह करने

115
00:08:15,120 --> 00:08:19,320
लगेंगे तो क्या सीता माता के रूप में पार्वती माता रोकें

116
00:08:19,320 --> 00:08:23,680
नहीं और अगर रोकें तो फिर वह संतुष्टि जनक स्थिति

117
00:08:23,680 --> 00:08:27,040
कहां से आएगी निर्लज

118
00:08:27,040 --> 00:08:33,040
नीच शर्म नहीं आती तुम लोगों को

119
00:08:33,120 --> 00:08:37,120
अरे य संतोष यह संतोष कहां से आ गया इसमें

120
00:08:37,120 --> 00:08:41,200
संतोष तो तभी आएगा ना जब वह क्रिया जो वह कर रहे होंगे

121
00:08:41,200 --> 00:08:45,560
गलत फहमी के कारण वह होती रहेगी तब आएगा

122
00:08:45,560 --> 00:08:49,640
ना संतोष नीच जेल कट्टू गुरु

123
00:08:49,640 --> 00:08:53,680
के झूठे भाई

124
00:08:53,680 --> 00:08:57,800
अभिषेक नीच कहीं का बातें बना रहा

125
00:08:57,800 --> 00:09:01,840
है अपने चैनल पर इतनी बार बोल चुका हूं अरे भाई आक के सिद्ध

126
00:09:01,840 --> 00:09:05,960
करना तेरी किताबों से इतनी चीजें बता दी है खोल खोल करके इतना गंदा

127
00:09:05,960 --> 00:09:10,160
गंदा इतना उल्टा सीधा तेरे तत्वदर्शी ने लिखा है एक भी बार एक भी बार तूने

128
00:09:10,160 --> 00:09:14,160
उस पर वीडियो बनाए क्यों तत्वदर्शी ने सा 24 में एक

129
00:09:14,160 --> 00:09:18,440
जगह लिख दिया कि उसको प्रभु समझते हैं सब लोग और एक जगह लिख दिया उसको जो है

130
00:09:18,440 --> 00:09:22,640
तुच्छ समझते हैं गरमा

131
00:09:22,640 --> 00:09:25,120
गीता की

132
00:09:25,120 --> 00:09:29,400
में अरे भाई अगर यहां पर सीता

133
00:09:29,400 --> 00:09:33,640
मा के रूप में हटा दीजिए मेरा वीडियो बड़ा कर दीजिए

134
00:09:33,640 --> 00:09:37,720
अगर यहां पर सीता माता के रूप में पार्वती माता परीक्षा

135
00:09:37,720 --> 00:09:42,120
लेने मात्र आई थी तो वह यह कहती कि मुझे सीता जानकर

136
00:09:42,120 --> 00:09:46,160
प्यार करेगा या अन्य आचरण करेगा मुझे सीता समझकर

137
00:09:46,160 --> 00:09:50,240
संतोष करेगा यह बात क्यों सोचें वह कि मुझे

138
00:09:50,240 --> 00:09:54,840
संतोष करेगा संतुष्ट करेगा क्या मतलब है इसका

139
00:09:54,840 --> 00:09:58,840
अरे भाई वो जब करने लगेंगे राम जी तो रोकेंगे नहीं कि नहीं मैं मैं सीता

140
00:09:58,840 --> 00:10:03,760
नहीं हूं पार्वती तुम्हारी परीक्षा लेने आई थी तो संतुष्टि जनक स्थिति कहां से आ

141
00:10:03,760 --> 00:10:08,160
जाएगी नीच कहीं

142
00:10:08,160 --> 00:10:12,200
के झूठ भाई अभिषेक और

143
00:10:12,200 --> 00:10:16,240
झूठे नंबर एक के वहां पर तुझे एक ही बात नजर में आई ये

144
00:10:16,240 --> 00:10:20,480
सीता माता का रूप धारण करने वाली दिखा कहां पर लिखा है मा तेरे लोगों

145
00:10:20,480 --> 00:10:24,480
से अभी कल आएगा वीडियो अभी कल आएगा अभी तेरी

146
00:10:24,480 --> 00:10:28,600
जो खिसिया है ना वो दिख रही है जो तू खिसिया है ना खिसियानी बिल्ली खंबा नोचे

147
00:10:28,600 --> 00:10:34,600
की तरह अभी कल आएगा वीडियो तब और खिस

148
00:10:37,120 --> 00:10:42,720
आना क्या है दुर्गा माता के साथ

149
00:10:42,720 --> 00:10:47,880
बलात्कार कहां लिखा है कौन से शास्त्र में लिखा है

150
00:10:47,880 --> 00:10:53,880
हमने हमने क्या पूछा

151
00:10:53,880 --> 00:10:59,880
था हमने वहां पर केवल एक यही बात कही थी क्या

152
00:10:59,960 --> 00:11:04,520
हमने वहां पर केवल एक यही बात कही थी क्या सीता माता का रूप धारण करने वाली

153
00:11:04,520 --> 00:11:08,560
यह भी तो कहा था तेरे ही वीडियो में दिख रहा है जब मैं चिल्ला के बोल रहा हूं

154
00:11:08,560 --> 00:11:12,960
कि दुर्गा माता के साथ य जो दुराचार तूने लिखा है यह कहां लिखा है

155
00:11:12,960 --> 00:11:17,480
दिखाया तूने प्रमाण तूने संतोष करेगा वाली जो सोच थी

156
00:11:17,480 --> 00:11:21,640
पार्वती मैया की जो तूने अपने मन गंत वो तेरा जो जेल कट्टू तत्वदर्शी

157
00:11:21,640 --> 00:11:25,680
है उसके अनुसार यहां पर छापा तू उसका पक्ष पक्षकार बन रहा है

158
00:11:25,680 --> 00:11:29,840
तूने वहां चेक किया एक व्यक्ति कोई

159
00:11:29,840 --> 00:11:34,760
बोल रहा था कि वो जेल धाम निवासी नहीं है इनके लाइव में

160
00:11:34,760 --> 00:11:38,840
एक व्यक्ति बोल रहा था वो जेल धाम निवासी नहीं है पहली बात

161
00:11:38,840 --> 00:11:42,880
तो भाई जो जहां रह रहा है उसको वहां का निवासी कहा जा सकता है वास कर

162
00:11:42,880 --> 00:11:47,160
रहा है ना ठीक है और दूसरी बात यह है कि निवासी

163
00:11:47,160 --> 00:11:51,640
नहीं है तो कट्टू कहे क्या यह ज्यादा अच्छा लगेगा

164
00:11:51,640 --> 00:11:52,400
तुम्हें

165
00:11:52,400 --> 00:11:56,400
जेल धाम निवासी तो रास नहीं आया

166
00:11:56,400 --> 00:12:00,440
तो जेल कट्टू कहे ठीक है भाई तुम तुम यस

167
00:12:00,440 --> 00:12:04,560
और नो अपनी लाइव में बता देना दोबारा से कर लेना हमको खूब गालियां दे लेना वो

168
00:12:04,560 --> 00:12:08,560
देखेंगे उस सब पर भी देखेंगे मगर तुमय तुम

169
00:12:08,560 --> 00:12:12,600
लोग यह तय कर लेना उसको जेल धाम निवासी कहे या वोह तुम्हें समझ में ना

170
00:12:12,600 --> 00:12:18,600
आए तो जेल कट्टू कहे तुम ही बताना है

171
00:12:20,720 --> 00:12:24,720
ना हां अब दूसरी बात ये आ गई

172
00:12:24,720 --> 00:12:28,800
अब कोई व्यक्ति यह भी कह सकता है कि भाई वह संतोष करेगा

173
00:12:28,800 --> 00:12:33,560
तो पहली लाइन क्या है प्यार करेगा तो प्यार किसके लिए हो रहा है

174
00:12:33,560 --> 00:12:37,960
मुझे प्यार करेगा तो फिर अगला कॉमा लगा कर के जब संतोष करेगा आएगा

175
00:12:37,960 --> 00:12:43,960
वो भी किस पर जाएगी बात मुझे संतोष

176
00:12:44,680 --> 00:12:48,640
करेगा संतुष्ट होगा

177
00:12:48,640 --> 00:12:53,760
नहीं और वह परीक्षा लेने गई है

178
00:12:53,760 --> 00:12:57,880
यह बात ध्यान रखने की है वो उनको सीता माता की खोज

179
00:12:57,880 --> 00:13:02,360
से वंचित कर ने नहीं गई है जो राम स्वयं संतुष्ट हो जाएंगे

180
00:13:02,360 --> 00:13:06,400
तो वो अच्छी बात है सीता माता की खोज को रोकने

181
00:13:06,400 --> 00:13:12,280
नहीं गई है वो केवल यह जानने गई है कि ईश्वर है कि नहीं अगर ईश्वर होंगे तो मुझे पहचान

182
00:13:12,280 --> 00:13:16,280
लेंगे तो यह सारी बातें इनकी मिली भगत है इन्होंने कैसा

183
00:13:16,280 --> 00:13:20,320
धीमा जहर फैलाया है वो भी आप देखिए क्या क्या फैलाए अब दूसरी

184
00:13:20,320 --> 00:13:24,680
बात ये आती है यह तो एक बात रही जब मैंने वहां पर ड़

185
00:13:24,680 --> 00:13:29,400
करके पूछा कि भाई तू बता कहां पर लिखा है दुर्गा माता के साथ दुराचार

186
00:13:29,400 --> 00:13:33,760
बलात्कार शब्द कहां पर लिखा है है प्रमाण

187
00:13:33,760 --> 00:13:39,360
बताते हो शास्त्र सवत भक्ति अभी बताऊंगा

188
00:13:39,360 --> 00:13:43,440
मैं यह लोग कैसे धीमा पॉइजन फैला रहे हैं

189
00:13:43,440 --> 00:13:47,640
हिंदू सनातन धर्म के लिए वो भी देखते जाओ

190
00:13:47,640 --> 00:13:51,960
दुर्गा माता के साथ जो दुराचार वाली बात है उसने क्लोज कर ली क्योंकि मालो

191
00:13:51,960 --> 00:13:56,000
मेरे जेल कट्टू गुरु ने यह जेल कट्टू वाली बातें लिख दी है इसको तो छूना ही नहीं

192
00:13:56,000 --> 00:14:02,000
है बस वो बातें बोलनी जिसमें मैं कुछ अपनी गोड़ कपड़ सप कर

193
00:14:03,320 --> 00:14:07,400
सकू तो अब इनका कहना है भाई इन्होंने अपनी तरफ से कोई मजाक

194
00:14:07,400 --> 00:14:11,520
नहीं उड़ाया है उनका सबसे पहली बात तो यह

195
00:14:11,520 --> 00:14:15,520
जो अपनी वीडियो बोल रहा है ना इसमें ही देखो बोलते बोलते इसने क्या कहा

196
00:14:15,520 --> 00:14:19,520
है कि इतनी गंदी गंदी बातें लिखी है कि आपका मन करेगा

197
00:14:19,520 --> 00:14:23,520
कि फेंक दो इसीलिए बातें बता रहा है ना आपको कि आपके मन में

198
00:14:23,520 --> 00:14:27,600
भाव आए हिंदुओ कि अपने ग्रंथों को फेंक दो इसीलिए

199
00:14:27,600 --> 00:14:32,360
बात आपको बता रहा है ना वो फेंक दो वाली भावना है ना इसके अंदर

200
00:14:32,360 --> 00:14:37,080
फिर बोल रहा है कि नहीं पहले मेरी बात सुन लो उसके बाद तुम्हें जो करना हो वो करना

201
00:14:37,080 --> 00:14:41,240
यही यही सच्चाई इन जेल कटु की बाहर लानी

202
00:14:41,240 --> 00:14:45,720
थी यह कितना मान करते हैं इन ग्रंथों का

203
00:14:45,720 --> 00:14:49,840
जिनको फेंकने का मन करता है इनका अरे भाई अगर

204
00:14:49,840 --> 00:14:53,880
तुझे समझ में नहीं आ रहा है तो मत मानना

205
00:14:53,880 --> 00:14:54,480
अरे तुझे

206
00:14:54,480 --> 00:14:58,680
यह नहीं दिमाग में आता है कि एक जगह जिसके द्वारा सृष्टि बनना लिखा

207
00:14:58,680 --> 00:15:02,800
हुआ जिसको परम ब्रह्म कहा गया है वही दूसरी जगह अगर

208
00:15:02,800 --> 00:15:07,320
ऐसा कर रहा है तो ऐसे शास्त्र तुझको समझ में नहीं आ रहे तो छोड़ देना

209
00:15:07,320 --> 00:15:11,320
फिर उन्हीं शास्त्रों को सद ग्रंथ क्यों बोल रहा है क्योंकि दुकान चलेगी

210
00:15:11,320 --> 00:15:15,600
उसी से उन्हीं शास्त्रों को सद ग्रंथ बोल बोल करके

211
00:15:15,600 --> 00:15:20,360
और जो है सद ग्रंथ की आड़ में अपने तत्वदर्शी को क्यों सिद्ध कर रहा

212
00:15:20,360 --> 00:15:24,400
है क्योंकि दुकान उसी चलेगी कौन कौन समझेगा इसको फर तत्वदर्शी

213
00:15:24,400 --> 00:15:29,400
जेल कट्टू को है ना तो इसलिए जिन

214
00:15:29,400 --> 00:15:33,840
को फेंक देने का मन आ रहा है मन में आ रही है भावना उन्हीं शास्त्रों

215
00:15:33,840 --> 00:15:38,240
को सद ग्रंथ कहेंगे उन शास्त्रों में वर्णित जो करेक्टर है जो पात्र

216
00:15:38,240 --> 00:15:42,280
है जो भगवत स्वरूप है उनको हम भगवान तो कहेंगे मगर उनको साथ

217
00:15:42,280 --> 00:15:46,480
में अज्ञानी कहेंगे मूर्ख कहेंगे कामी कहेंगे लोभी

218
00:15:46,480 --> 00:15:50,480
कहेंगे और अंततोगत्वा अपने लोगों के मन में

219
00:15:50,480 --> 00:15:55,280
जो हमारी बातें सुनेगा इतना जहर भर देंगे कि वो उनसे नफरत करने लगे

220
00:15:55,280 --> 00:15:59,400
और हमारे हमारे जेल कट्टू तत् के पास

221
00:15:59,400 --> 00:16:03,960
आ जाए अच्छा जब हम इनको जेल कट्टू कहते हैं

222
00:16:03,960 --> 00:16:08,000
तो इनकी तरफ से एक बात आती है कि कृष्ण भगवान

223
00:16:08,000 --> 00:16:09,680
भी तो जेल में जन्मे थे हां जन्मे

224
00:16:09,680 --> 00:16:15,680
थे जिसने जेल में बंद किया था उसको मार डाला था

225
00:16:15,720 --> 00:16:21,720
मार जिसने जेल में बंद किया उसको

226
00:16:22,160 --> 00:16:26,280
मार राक्षस था वो बोल जिसने जेल में बंद किया वो राक्षस

227
00:16:26,280 --> 00:16:30,280
है बोलो बनाओ चैनल खोलो

228
00:16:30,280 --> 00:16:34,280
जिसने जेल में बंद किया व राक्षस है

229
00:16:34,280 --> 00:16:38,600
अभी पता चल जाएगा तब तो उसी पार्टी का जिस शासन तंत्र

230
00:16:38,600 --> 00:16:43,240
के द्वारा तुम्हारा तत्वदर्शी जेल में बंद है

231
00:16:43,240 --> 00:16:47,560
किसका शासन है भाजपा का उसी के एमपी वो

232
00:16:47,560 --> 00:16:52,200
उसी का अपना आईडी दिखाते हु भाजपा का कार्यकर्ता हूं अरे

233
00:16:52,200 --> 00:16:57,040
दोगलो जिस शासन तंत्र के द्वारा तुम्हारा गुरु जेल में है

234
00:16:57,040 --> 00:17:03,040
उस उसी शासन जिस पार्टी का उस उस पार्टी के तुम कार्यकर्ता

235
00:17:06,120 --> 00:17:10,680
हो व आईडी दिखा रहा है ये मैं उसका कार्यकर्ता हूं बीजेपी

236
00:17:10,680 --> 00:17:15,120
का व एमपी कवर फास्ट वाला मेरी जमीन लूट

237
00:17:15,120 --> 00:17:20,760
लूट ली गई है यह हो गया वो हो

238
00:17:20,760 --> 00:17:24,760
गया अब देखते हैं कि इन्होने अपमान किया है कि नहीं किया है

239
00:17:24,760 --> 00:17:29,760
तो यह तो रहा वो दो बातें दुर्गा जी के साथ दुराचार

240
00:17:29,760 --> 00:17:34,000
और एक वो क्या कहते हैं यह जो सीता माता के रूप में उन्होंने क्यों धारण

241
00:17:34,000 --> 00:17:38,560
किया इसके अलावा अनेका नेक जगह इन्होने इतना

242
00:17:38,560 --> 00:17:42,800
इतना बुरा बुरा बोला है क्या क्या बोला है जैसे

243
00:17:42,800 --> 00:17:46,840
भस्मासुर को इन्होंने पुजारी बोला है भस्मासुर राक्षस नहीं है

244
00:17:46,840 --> 00:17:50,840
इनके लिए इनके लिए कई जगह भस्मासुर राक्षस है क्यों क्योंकि

245
00:17:50,840 --> 00:17:55,120
दुश्मन का दुश्मन दोष ब्रह्मा विष्णु महेश हमारे दुश्मन है

246
00:17:55,120 --> 00:17:59,160
तो उनका जो वो है शत्रु वह

247
00:17:59,160 --> 00:18:03,160
हमारा दोस्त तो क्या बोला है भस्मासुर को पुजारी बोला

248
00:18:03,160 --> 00:18:07,160
है और कितनी गंदी बात बोली है कि राम जी ने

249
00:18:07,160 --> 00:18:11,280
हनुमान जी से यह पूछा था हा दिखा दीजिए इनको भस्मासुर

250
00:18:11,280 --> 00:18:17,280
वाला

251
00:18:19,790 --> 00:18:25,790
[संगीत]

252
00:18:31,760 --> 00:18:36,560
भस्मासुर को पुजारी बोला है और इसके साथ ही साथ

253
00:18:36,560 --> 00:18:40,840
यह श्री राम हनुमान से यह पूछ रहे हैं क्या सीता

254
00:18:40,840 --> 00:18:45,280
माता जो सीता है वह रावण के बिस्तर पर तो नहीं सोती है

255
00:18:45,280 --> 00:18:49,480
इतनी गलत गलत इतनी नीच बातें

256
00:18:49,480 --> 00:18:54,240
यह बोल रहा है यह सब बातें कहां लिखी

257
00:18:54,240 --> 00:18:59,320
है यह देखो पीछे पीछे पुजारी

258
00:18:59,320 --> 00:19:03,480
यह भस्मासुर जो है वो इनके लिए पुजारी है अरे भाई

259
00:19:03,480 --> 00:19:07,560
सही बात है तुम्हारे यहां पुजारी राक्षसों को ही माना जाता

260
00:19:07,560 --> 00:19:11,560
है जितने भी हो ना पूजा करने वाले सब राक्षसी तो हो

261
00:19:11,560 --> 00:19:17,560
इसीलिए तुम्हें बमा सुर पुजारी दिखाई दे रहा है

262
00:19:17,640 --> 00:19:23,200
अच्छा तो इससे आगे चलते हैं अब

263
00:19:23,200 --> 00:19:27,200
क्या श्री राम यह पूछ रहे हैं

264
00:19:27,200 --> 00:19:31,240
हनुमान जी से कि श्री राम ने

265
00:19:31,240 --> 00:19:33,480
पूछा

266
00:19:33,480 --> 00:19:34,920
कि रावण

267
00:19:34,920 --> 00:19:39,640
की सेज पर सोती होगी बताइए इनको अगर

268
00:19:39,640 --> 00:19:43,640
मौका मिल गया वही तो है शासन तंत्र इनको

269
00:19:43,640 --> 00:19:47,840
अगर मौका मिल गया तो यह देखिए क्या क्या अपने ख्याली पुलाव कर कर के कितनी

270
00:19:47,840 --> 00:19:52,080
गंदगी मचाएंगे और फिर भी हिंदू लोग आंखों पर पट्टी बांध के सोते रहना

271
00:19:52,080 --> 00:19:58,080
कि ठीक है जो करना है वह सरकार करेगी हमें क्या करना है

272
00:20:00,080 --> 00:20:04,080
वाल्मीकि रामायण में भगवान राम ने स्वयं

273
00:20:04,080 --> 00:20:08,280
यह बात कही है कि मुझे सीता पर कोई संदेह नहीं है लोगों का मुंह बंद कराने

274
00:20:08,280 --> 00:20:12,440
के लिए उन्होंने अग्नि परीक्षा ली थी और

275
00:20:12,440 --> 00:20:16,560
यह क्या बोल रहे हैं अपने मन से तो अब बात यह

276
00:20:16,560 --> 00:20:20,600
आती है और ऐसी अनेक

277
00:20:20,600 --> 00:20:24,640
और अगर बात अपमान की की जाए ब्रह्मा विष्णु

278
00:20:24,640 --> 00:20:28,640
महेश मूर्ख है ब्रह्मा विष्णु महेश अज्ञानी है ब्रह्मा

279
00:20:28,640 --> 00:20:32,840
विष्णु महेश मुक्त नहीं हो पाए अपनी इंद्रियों के वशीभूत है

280
00:20:32,840 --> 00:20:37,160
ब्रह्मा विष्णु महेश की पूजा करना व्यर्थ है यज्ञ से कुछ नहीं मिलेगा

281
00:20:37,160 --> 00:20:41,240
यज्ञों की पूजा से मुक्ति नहीं मिलेगी वह तो निचले स्तर की है

282
00:20:41,240 --> 00:20:45,520
इतना गीता कहने वाला जो है वह राक्षस जैसा है वह शैतान

283
00:20:45,520 --> 00:20:49,600
है वो दिखा दीजिए इनको यह जो कहते हैं ना कि काल भगवान हम तो भगवान कहते हैं

284
00:20:49,600 --> 00:20:50,100
इनका

285
00:20:49,960 --> 00:20:54,080
त्रिया चरित्र है कि हम भगवान ही तो मानते हैं बस वो

286
00:20:54,080 --> 00:20:59,640
निचले स्तर के भगवान है

287
00:20:59,640 --> 00:21:04,160
ये इनका ये इनका दोहरा चरित्र है कि हम भी भगवान मानते हैं भले ही वो घटिया

288
00:21:04,160 --> 00:21:08,160
है हम भी भगवान मानते हैं भले ही वो राक्षसों की तरह

289
00:21:08,160 --> 00:21:12,320
खाता है हम भी भगवान मानते हैं भले ही वह शैतान है

290
00:21:12,320 --> 00:21:17,040
अरे भगवान का अर्थ क्या होता है पता भी

291
00:21:17,040 --> 00:21:21,200
है भगवान का अर्थ कभी देखा है पढ़े लिखे तो हो

292
00:21:21,200 --> 00:21:25,400
नहीं सब अनपढ गवार भड़े पड़े हो यह भी मैं नहीं बोल रहा हूं तुम्हारा

293
00:21:25,400 --> 00:21:29,440
आदमी है जिससे खूब सारी बातें हुई है अभी एक दो दिन में उसके

294
00:21:29,440 --> 00:21:33,960
साथ जो बातें हुई है ना वह यहां पर डालेंगे सुन लेना क्या कह रहा है

295
00:21:33,960 --> 00:21:38,080
80 पर लोग जो रामपाल के फॉलोअर्स

296
00:21:38,080 --> 00:21:42,720
हैं 80 से 90 पर वोह सब पिछड़े हुए हैं

297
00:21:42,720 --> 00:21:46,760
पिछड़े हुए अपने बारे में सुन लो ये तुम्हारा व्यक्ति बोल

298
00:21:46,760 --> 00:21:49,600
रहा

299
00:21:49,600 --> 00:21:53,880
है समझे तो पहली बात तो ये

300
00:21:53,880 --> 00:21:57,920
हुई कि अगर तुम्हें समझ में नहीं आ रही है चीजें जो अभी

301
00:21:57,920 --> 00:22:02,040
मैं समझाऊं अगर तुम्हें समझ में नहीं आ रही है चीजें

302
00:22:02,040 --> 00:22:06,040
तो उस ग्रंथ को पढ़ते समय तुम्हारे संशय उत्पन्न नहीं हो रहा है कि एक

303
00:22:06,040 --> 00:22:10,200
जगह उसी व्यक्तित्व के लिए कहा गया वो परम

304
00:22:10,200 --> 00:22:14,520
ब्रह्म है एक जगह उसी व्यक्तित्व के लिए ऐसी बातें आ रही है कि वो

305
00:22:14,520 --> 00:22:19,000
यह कर रहा है वो कर रहा है तो या तो अगर तुमको अविश्वास

306
00:22:19,000 --> 00:22:23,440
जग रहा है कि भाई ऐसा क्यों कर रहे हैं यह भगवान नहीं हो सकते ऐसे

307
00:22:23,440 --> 00:22:27,560
तो तुम उस पूरे के पूरे ग्रंथ को अलग हटा दो अपने जीवन से और

308
00:22:27,560 --> 00:22:31,720
अपना ग्रंथ देख कौन सा मानना है कौन सा नहीं मानना है उस ग्रंथ की फिर बात

309
00:22:31,720 --> 00:22:35,720
ही क्यों कर रहे हो जिसके प्रति तुम्हारे मन में द्वेष आ रहा है

310
00:22:35,720 --> 00:22:39,720
भाई तुम्हार जब दोनों बातें हैं उसमें एक बात तो है नहीं

311
00:22:39,720 --> 00:22:43,960
भगवान की केवल य लीलाए ही थोड़ी ना बताई है बात करते हैं इसने

312
00:22:43,960 --> 00:22:48,320
क्या किया दुर्गा माता के बारे में बात ही नहीं की जो अन्य अपमान

313
00:22:48,320 --> 00:22:52,800
किए गए उनके बारे में बात ही नहीं की और

314
00:22:52,800 --> 00:22:56,800
केवल एक वो सीता माता वाली बात का लेकर के और जो है उसको

315
00:22:56,800 --> 00:23:00,800
जस्टिफाई करने का प्रयास कर दिया ठीक है

316
00:23:00,800 --> 00:23:04,880
उसके बाद य आगे बढ़ जाता है फिर यह बताता है कि भाई

317
00:23:04,880 --> 00:23:08,880
इतनी गंदी गंदी बातें लिखी है रामायण में और यह

318
00:23:08,880 --> 00:23:12,880
सब चीजों में जो इनका ईस्ट है तो क्या बता रहे हो मैं

319
00:23:12,880 --> 00:23:17,000
यही तो कहता हूं कि हमारे ग्रंथों को पढ़ कर के उसका

320
00:23:17,000 --> 00:23:21,000
अर्थ बताने के नाम पर उन ग्रंथों में जिनको उपास्य कहा

321
00:23:21,000 --> 00:23:25,080
गया है तो उनके प्रति हमारे मन में नफरत पैदा करते हो

322
00:23:25,080 --> 00:23:29,320
यही तो मैं कहता हूं अपने वीडियोस में हम

323
00:23:29,320 --> 00:23:33,320
तो वहां पर जो सीता माता के पास जब रावण पहुंचता है और सीता माता

324
00:23:33,320 --> 00:23:37,440
अकेली होती है रावण अभद्र बातें करता है सीता माता यथोचित उत्तर

325
00:23:37,440 --> 00:23:41,640
नहीं देती क्योंकि वो अकेली होती है और सामने साधु के बेस में था तो उनको डर

326
00:23:41,640 --> 00:23:45,840
भी लगता है कि कोई श्राप ना दे दे तो उस जगह के जो

327
00:23:45,840 --> 00:23:50,040
जो खुले हुए जो शब्द आए हैं वहां पर उनको कह रहा है कि अरे मेरे से तो पढ़ा

328
00:23:50,040 --> 00:23:54,080
भी नहीं जा रहा इतना गंदा गंदा है अी बताऊंगा है

329
00:23:54,080 --> 00:24:00,080
ना अभी बताऊंगा और आगे क्या लिखा है कि

330
00:24:00,240 --> 00:24:04,480
वो जो कहानी है सीता माता की सीता माता के रूप में जो यह पार्वती मैया गई

331
00:24:04,480 --> 00:24:08,640
थी और फिर वहां पर उसने कहानी पढ़ के सुना दी कि वो जो है काम

332
00:24:08,640 --> 00:24:13,600
नष्ट नहीं हो रहा है शिव जीी का अरे भाई शिवजी कौन है

333
00:24:13,600 --> 00:24:17,640
कौन है शिव जीी ले सुन ले कौन

334
00:24:17,640 --> 00:24:19,920
है शिव

335
00:24:19,920 --> 00:24:20,920
जीी

336
00:24:20,920 --> 00:24:26,920
अपनी मन

337
00:24:28,400 --> 00:24:31,520
जि दिन मेरे सामने पड़ा

338
00:24:31,520 --> 00:24:37,520
तू मन ग्रंथ बातें करने

339
00:24:42,440 --> 00:24:46,440
वाले भागवत

340
00:24:46,440 --> 00:24:50,520
पुराण यह देख ले शास्त्र से बात करते हैं

341
00:24:50,520 --> 00:24:55,120
ओनली और तू दिखा कहां लिखा है दुर्गा माता का बलात्कार

342
00:24:55,120 --> 00:24:59,200
और दिखा कि सीता माता के रूप में उन्होने रूप धारण

343
00:24:59,200 --> 00:25:04,080
किया तोय संतोष वाली बात कहां से आई नीच

344
00:25:04,080 --> 00:25:10,080
जेल कट्टू गुरु के छूट भाई अशक

345
00:25:10,680 --> 00:25:14,680
चेले क्या है

346
00:25:14,680 --> 00:25:18,920
देखो पार्वती के साथ देखकर

347
00:25:18,920 --> 00:25:23,440
जो उन्हें

348
00:25:23,440 --> 00:25:27,440
आसक्त बताते हैं वह मूर्ख

349
00:25:27,440 --> 00:25:31,800
है अब ये क्यों मूर्ख है यह

350
00:25:31,800 --> 00:25:37,800
आठवे स्कंद का सातवा अध्याय और 33 वा श्लोक

351
00:25:37,800 --> 00:25:41,800
भागवत तो क्या हुआ पार्वती माता के साथ देखकर

352
00:25:41,800 --> 00:25:45,920
जो उन्हें कामी समझते हैं आसक्त समझते

353
00:25:45,920 --> 00:25:50,000
हैं वह मूर्ख है क्यों मूर्ख है

354
00:25:50,000 --> 00:25:54,040
सुनो इसके आगे इसने और भी एक कथा भी बताई है पहले वो भी बात कर

355
00:25:54,040 --> 00:25:58,280
लेते हैं वहां कथा बताई है कि भगवान शिव जो थे वो कई सारी जो

356
00:25:58,280 --> 00:26:03,560
धर्मों की स्त्रिया थी उनके साथ उनका रमण हुआ तो

357
00:26:03,560 --> 00:26:08,160
मेरे मेरे क्या कहू मैं भाई तो निकल नहीं रहा तेरे लिए

358
00:26:08,160 --> 00:26:12,200
चल खैर बात करते हैं तो क्या है जेल कट्टू

359
00:26:12,200 --> 00:26:16,640
गुरु के झूठ भाई अभिषेक ऐसा है कि

360
00:26:16,640 --> 00:26:21,280
जो सृष्टि है ना उसका निर्माण जिन एंटिटीज

361
00:26:21,280 --> 00:26:25,320
ने किया है वो एंटिटीज काम कैसे

362
00:26:25,320 --> 00:26:25,820
करती

363
00:26:25,680 --> 00:26:29,760
हैं यह बताने के लिए मातृ लीला होती है इनके

364
00:26:29,760 --> 00:26:33,880
अंदर जो रमण है इनके अंदर जो आसक्ति है उनका अर्थ

365
00:26:33,880 --> 00:26:37,920
वह आसक्ति नहीं होती जो तुम्हारी आसक्ति है

366
00:26:37,920 --> 00:26:42,160
है ना जो मानवीय आसक्ति है मानवीय मैथुन क्रिया है

367
00:26:42,160 --> 00:26:46,560
मानवीय क्रीड़ा है मानवीय रमण क्रिया है वो

368
00:26:46,560 --> 00:26:50,560
एज इट इज वहां नहीं होती है अब ये कहां लिखा है यह भी देख

369
00:26:50,560 --> 00:26:54,720
लो अपने मन से नहीं बोलते तो सबसे पहली बात

370
00:26:54,720 --> 00:26:58,720
तो यह है कि ये जो ब्रह्मा विष्णु महेश के ऊपर कामी क्रोधी होने का

371
00:26:58,720 --> 00:27:02,720
जो आरोप लगाते हैं यह आरोप इनके

372
00:27:02,720 --> 00:27:07,280
ऊपर लगता ही नहीं है क्यों नहीं लगता है क्योंकि

373
00:27:07,280 --> 00:27:11,880
काम की उत्पत्ति ही इनसे हुई है यह देखो

374
00:27:11,880 --> 00:27:16,120
जब सृष्टि रचना करते हैं तो ब्रह्मा जी का अस्तित्व पहले

375
00:27:16,120 --> 00:27:20,440
से था उन्होंने काम को बनाया सृष्टि रचना करते

376
00:27:20,440 --> 00:27:24,560
समय विष्णु पुराण

377
00:27:24,560 --> 00:27:28,600
और पांच पांचवा अध्याय प्रथम

378
00:27:28,600 --> 00:27:32,760
अंश है ना 41 वा श्लोक तो

379
00:27:32,760 --> 00:27:37,720
यह समझो कि जो सर्ग है ना एक होता है मैथुन सर्ग

380
00:27:37,720 --> 00:27:41,000
जो मैथुन सृष्टि होती है वह मानवीय सृष्टि होती है वहा मैथुन

381
00:27:41,000 --> 00:27:45,000
की क्रिया मैथुन के नाम से ही जानी जाती है फिर होता है

382
00:27:45,000 --> 00:27:49,040
जो इससे ऊपर होता है अलग-अलग सर्ग होते हैं उन सर्ग में

383
00:27:49,040 --> 00:27:53,240
अगर मैथुन जैसी चीजें आ भी रही है तो वह दो शक्तियों का आपस

384
00:27:53,240 --> 00:27:57,600
में मिलन है वो जिस तरह से मैथुन क्रिया यहां हो रही है वो नहीं है क्यों

385
00:27:57,600 --> 00:28:01,880
क्योंकि मैथुन को तो जन्म ही वो शक्तियां देने वाली है

386
00:28:01,880 --> 00:28:07,880
यह देखो मैथुन सृष्टि का

387
00:28:08,040 --> 00:28:12,360
वर्णन यहां पर हो रहा है ये पांचवा अध्याय पढ़

388
00:28:12,360 --> 00:28:16,720
लेना प्रथम अंश का पांचवा अध्याय पढ़ लेना

389
00:28:16,720 --> 00:28:21,320
यहां पर आपको यह सर्ग जो अलग-अलग होते हैं कि यहां की जो मैथुन

390
00:28:21,320 --> 00:28:25,480
क्रिया है वह उस दुनिया में वैसी की वैसी काम नहीं करती वो सब इसमें बताया

391
00:28:25,480 --> 00:28:29,640
गया है पढ़ लेना और बहुत सारे पुराणों में ये हमने एक उदाहरण के लिए

392
00:28:29,640 --> 00:28:34,120
बोला तो कहने का मतलब यह है कि ब्रह्मा विष्णु महेश कौन है

393
00:28:34,120 --> 00:28:38,360
ये वो तत्व है महा तत्व है इनको महा तत्व भी कहा गया है ये वो तत्व

394
00:28:38,360 --> 00:28:42,360
है जो जिनसे यह सृष्टि उत्पन्न हो रही है जिस

395
00:28:42,360 --> 00:28:46,360
सृष्टि में मैथुन क्रिया होती है जिस सृष्टि में काम होता है

396
00:28:46,360 --> 00:28:50,400
यानी कि उनकी दुनिया में तो यह सब है ही नहीं जो आप

397
00:28:50,400 --> 00:28:54,480
जिस जो काम का जो रूप आप जानते हो वो सब कुछ उनकी दुनिया में

398
00:28:54,480 --> 00:28:56,360
है ही नहीं

399
00:28:56,360 --> 00:29:00,760
बस आप किसी तरह से उनकी लीलाओं को उनके काम करने के तरीकों

400
00:29:00,760 --> 00:29:04,960
को समझ पाए इसलिए उन शब्दों में आपको बताया जा रहा

401
00:29:04,960 --> 00:29:09,760
है जैसे मान लीजिए ब्रह्मा सरस्वती विवाह

402
00:29:09,760 --> 00:29:14,080
तो यदि आपको किसी को यह बताना है कि

403
00:29:14,080 --> 00:29:18,200
सूर्य से निकलने वाली जो लालिमा होती है और जो

404
00:29:18,200 --> 00:29:22,640
कोहरा बरसता है सर्दियों के दिनों में

405
00:29:22,640 --> 00:29:27,040
वोह बताने के लिए आपको यह बताया कि भाई सूर्य कौन हो गया पिता

406
00:29:27,040 --> 00:29:31,200
क्योंकि उसकी जो लालिमा है वो किससे उत्पन्न हो रही है सूर्य से उत्पन्न

407
00:29:31,200 --> 00:29:35,360
हो रही है तो पिता हो गया पुत्री हो गई मगर यह पिता और पुत्री वो पिता

408
00:29:35,360 --> 00:29:39,520
पुत्री नहीं है जो मानवीय पिता पुत्री होते हैं नहीं यह शक्तियां

409
00:29:39,520 --> 00:29:43,520
है उन शक्तियों के काम करने का तरीका बताया जा रहा है

410
00:29:43,520 --> 00:29:47,720
और उसके बाद फिर आगे जो सूर्य की निकलने वाली जो किरणें होती

411
00:29:47,720 --> 00:29:51,960
है यानी कि पुत्र सूर्य के उन किरणों के प्रभाव के कारण

412
00:29:51,960 --> 00:29:56,000
जो वायुमंडल में जो पानी मौजूद होता

413
00:29:56,000 --> 00:30:00,080
है नमी के रूप में भा के रूप में वही संगठित

414
00:30:00,080 --> 00:30:04,240
होकर के कोरे के रूप में बरसता है तो कोरा कौन हो गया पिता

415
00:30:04,240 --> 00:30:08,600
पुत्री पुत्र और यह एक और

416
00:30:08,600 --> 00:30:11,800
संतान यह ब्रह्मा सरस्वती विवाह का

417
00:30:11,800 --> 00:30:15,800
जो आदि जो वैज्ञानिक जो दृष्टिकोण है

418
00:30:15,800 --> 00:30:19,840
तो जो भगवान की लीलाए होती है यह शक्तियां कैसे काम करती हैं

419
00:30:19,840 --> 00:30:24,520
यह बताने के लिए इन लीलाओं के तीन प्रकार के अर्थ होते हैं आध्यात्मिक

420
00:30:24,520 --> 00:30:28,520
आदि दैविक आदि भौतिक ये बताने

421
00:30:28,520 --> 00:30:32,720
के लिए लीलाएं होती है मगर अगर आप कहे कि नहीं नहीं वो शिव तो ऐसे

422
00:30:32,720 --> 00:30:36,960
ही थे वो तो कामी थे वो तो क्रोधी थे तो मेरे भाई

423
00:30:36,960 --> 00:30:41,240
शिव का अस्तित्व तब भी है जब काम क्रोध मोह इन चीजों का अस्तित्व

424
00:30:41,240 --> 00:30:45,840
ही नहीं है तब भी शिव का अस्तित्व है

425
00:30:45,840 --> 00:30:50,080
और इसीलिए शिव की वंदना शिव को मोक्ष दायक ब्रह्मा जी को मोक्ष

426
00:30:50,080 --> 00:30:54,120
दायक सूर्य को मोक्ष दायक विष्णु को मोक्ष दायक

427
00:30:54,120 --> 00:30:58,720
कहा गया है ब्रह्मा और सूर्य एक ही है

428
00:30:58,720 --> 00:31:02,920
तो इन पर इस तरह का आक्षेप लगाने से पहले सोचा करो

429
00:31:02,920 --> 00:31:07,120
कि हम क्या कह रहे हैं अभ ये भागवत पुराण का जो वर्णन मैंने बताया वैसे

430
00:31:07,120 --> 00:31:13,120
कई जगह पर है मगर मैं यही वाला पढ़ देता हूं क्या क्या लिखा है सुन

431
00:31:13,240 --> 00:31:17,560
लो महादेव के लिए क्या लिखा है आप

432
00:31:17,560 --> 00:31:22,160
समस्त प्राणियों के आत्मा और उनके जीवन दाता हैं

433
00:31:22,160 --> 00:31:26,280
यह किसने लिखा है ये कौन है महादेव सारे जगत को बांधने

434
00:31:26,280 --> 00:31:26,960
और मुक्त

435
00:31:26,960 --> 00:31:31,440
करने में मुक्त करने में एक मात्र आप ही समर्थ हैं

436
00:31:31,440 --> 00:31:36,360
ठीक है आप ही

437
00:31:36,360 --> 00:31:40,760
सृष्टि स्थिति और प्रलय करने के लिए एक रस होने पर भी ब्रह्मा

438
00:31:40,760 --> 00:31:45,240
विष्णु शिव आदि नाम धारण कर लेते हैं ठीक

439
00:31:45,240 --> 00:31:49,360
है और अनेक शक्तियों

440
00:31:49,360 --> 00:31:53,560
के द्वारा आप ही जगत रूप में प्रतीत हो रहे हैं इस पूरे जगत

441
00:31:53,560 --> 00:31:57,880
में जीव जगत जगदीश्वर के रूप में एक ही परम तत्व जिसको

442
00:31:57,880 --> 00:32:02,000
ब्रह्मा विष्णु महेश भगवती और गणेश में से किसी भी नाम से आप पुकार सकते

443
00:32:02,000 --> 00:32:06,000
हैं वो परम तत्व ही अनेका अनेक रूपों में प्रतीत हो

444
00:32:06,000 --> 00:32:10,240
रहा है तो अगर यह बात आ भी जाती है कि उसने

445
00:32:10,240 --> 00:32:14,280
कुछ किया किसके साथ किया वही तो है

446
00:32:14,280 --> 00:32:18,280
दूसरा भी अरे उन पर आक्षेप लगाने

447
00:32:18,280 --> 00:32:22,160
चले हो

448
00:32:22,160 --> 00:32:26,200
नीच आ उ और म ये जो प्रणव बनता

449
00:32:26,200 --> 00:32:30,240
है इन तीन अक्षरों से युक्त प्रणव है और यह जो

450
00:32:30,240 --> 00:32:34,280
प्रणव है किसके लिए है यह जो है

451
00:32:34,280 --> 00:32:38,280
भगवान शिव के लिए है और आगे देखिए क्या लिखा

452
00:32:38,280 --> 00:32:42,360
है वेद स्वरूप भगवन समुद्र आपकी कोख है

453
00:32:42,360 --> 00:32:46,880
पर्वत आपकी हड्डियां है अब यह क्यों नहीं मानेगा समुद्र

454
00:32:46,880 --> 00:32:52,160
आपकी कोक है कोक होती है क्या पुरुष

455
00:32:52,160 --> 00:32:56,240
के समुद्र आपकी कोक है पर्वत आपकी हड्डियां है सब

456
00:32:56,240 --> 00:33:00,240
प्रकार की औषधियां और घास आप आपके रोम है इनसे तुलना करेगा

457
00:33:00,240 --> 00:33:04,400
तू यह मानवीय जो मैथुन क्रिया इसकी ये कौन

458
00:33:04,400 --> 00:33:08,720
है पहले समझ इसका अर्थ यह है

459
00:33:08,720 --> 00:33:12,960
कि जिस मैथुन क्रिया को आप देख रहे हो अपने मानवीय दृष्टि से

460
00:33:12,960 --> 00:33:17,000
अगर ईश्वरीय लीलाओं में उनका वर्णन आ भी रहा है

461
00:33:17,000 --> 00:33:21,280
तो वो वो मैथुन क्रिया नहीं है जो यहां पर है वो केवल आपको समझाने के लिए

462
00:33:21,280 --> 00:33:25,320
कि दो शक्तियां आपस में रमण कैसे करती हैं एक साथ मिलकर के काम कैसे करती

463
00:33:25,320 --> 00:33:29,320
हैं दो अलग अलग प्रकार की शक्तियां वह बताया गया है और यह

464
00:33:29,320 --> 00:33:33,360
भी मैं आपको भागवत से बता देता हूं

465
00:33:33,360 --> 00:33:37,280
जो उसमें ये भी बोल रहा है भगवान श्री कृष्ण की रास लीला है यह है

466
00:33:37,280 --> 00:33:41,400
वो है अरे तू नया नहीं है सब बोलने वाला तू केवल कॉपी

467
00:33:41,400 --> 00:33:47,400
पेस्ट कर तू नया नहीं है

468
00:34:13,040 --> 00:34:17,360
प्र उपनिषद एक च तीन में लिखा है कि भगवान

469
00:34:17,360 --> 00:34:21,920
जो है अपने एक से ज्यादा होने की इच्छा होती है य तोय

470
00:34:21,920 --> 00:34:26,040
तो ये तो सभी मान तुम कहते हो ना एक से एक से दो

471
00:34:26,040 --> 00:34:32,040
होने की इच्छा हुई

472
00:34:33,160 --> 00:34:37,680
हम ये देखो श्रीमद भागवत दवा

473
00:34:37,680 --> 00:34:41,800
अध्याय 33 वा दवा स्कंद 33 वा

474
00:34:41,800 --> 00:34:47,800
अध्याय और सवा श्लोक क्या लिखा [संगीत]

475
00:34:53,440 --> 00:34:58,640
है दवा स्कंद 33 वा

476
00:34:58,640 --> 00:35:04,640
अध्याय और 17 वा

477
00:35:19,240 --> 00:35:23,360
श्लोक जैसे बालक अपनी परछाई से खेल करता है इसी

478
00:35:23,360 --> 00:35:28,240
तरह भगवान भी अपनी योग माया से निर्माण की हुई दिव्य आत्मा

479
00:35:28,240 --> 00:35:32,320
संपन्न जो तत्त्व होते हैं उनसे रास लीला करते हैं तो

480
00:35:32,320 --> 00:35:36,520
भगवान रमण किसके साथ करते हैं किसके साथ करते

481
00:35:36,520 --> 00:35:40,960
हैं रमण अपने ही जो योग माया होती है उससे उत्पन्न

482
00:35:40,960 --> 00:35:45,200
जो व्यक्तित्व होते हैं उनके साथ तो यह जो लीलाएं

483
00:35:45,200 --> 00:35:48,320
हैं इन पर आक्षेप लगाने वाले तुम नए

484
00:35:48,320 --> 00:35:52,520
नहीं हो खैर तुमने जब यह कर दिया तो इससे तुम्हारा यह ढोंग

485
00:35:52,520 --> 00:35:56,640
वाला चेहरा तो हट कर के वास्तविक चेहरा तो सामने आया ना

486
00:35:56,640 --> 00:36:00,880
कि वास्तविकता में तुम इन शास्त्रों के साथ क्या करना चाहते हो

487
00:36:00,880 --> 00:36:05,120
फेंक देना चाहते हो नीच मगर

488
00:36:05,120 --> 00:36:09,320
उनको रखे इसलिए हो जिससे उन शास्त्रों की बुराई बता सको अरे

489
00:36:09,320 --> 00:36:13,440
नीच तेरे मन में कभी यह नहीं आया कि उसी में उसी शिव को जिस

490
00:36:13,440 --> 00:36:17,760
शिव के बारे में बुराई हो रही है उसी शिव को परम ब्रह्म क्यों कहा जा रहा है तूने अपने तत्वदर्शी

491
00:36:17,760 --> 00:36:21,800
से जाक क्यों नहीं पूछा कि परम ब्रह्म क्यों कहा जा रहा है जब यह गलत है

492
00:36:21,800 --> 00:36:26,080
तो संचय क्यों नहीं आया और अगर उस शास्त्र की एक बात गलत

493
00:36:26,080 --> 00:36:30,200
है वो परम ब्रह्म नहीं है वो गलत बात है तो तुझे उस शास्त्र पर विश्वास क्यों

494
00:36:30,200 --> 00:36:34,320
है यह शास्त्र सही है उनके उसमें दिए गए

495
00:36:34,320 --> 00:36:38,360
प्रमाणों के आधार पर तू जेल कट्टू को तत्वदर्शी क्यों मान रहा है अरे

496
00:36:38,360 --> 00:36:42,560
जो झूठ बोलेगा व सब जगह बोल सकता है झूठ तुझे कैसे पता कि झूठ बोलने

497
00:36:42,560 --> 00:36:48,400
वाले ने परम ब्रह्म झूठ बोला है मगर दूसरी जगह झूठ नहीं बोला

498
00:36:48,400 --> 00:36:52,440
है क्योंकि तुझे हिंदुओं को जेल कट्टू राम पालिया

499
00:36:52,440 --> 00:36:58,440
बनाना है इसलिए

500
00:38:09,560 --> 00:38:10,560
देखिए

501
00:38:10,560 --> 00:38:15,040
यह लिखा है जैसे नन्ना सा शिशु निर्विकार

502
00:38:15,040 --> 00:38:19,080
भाव से अपनी परछाई के साथ खेलता है वैसे ही वह

503
00:38:19,080 --> 00:38:21,280
लीला

504
00:38:21,280 --> 00:38:25,840
थी अपनी परछाई के साथ खेलते हैं

505
00:38:25,840 --> 00:38:29,920
भगवान ये देख रहा जैसे नन्ना सा पशु

506
00:38:29,920 --> 00:38:33,920
भगवान अपनी परछाई के साथ खेलते हैं वो किसी और

507
00:38:33,920 --> 00:38:38,040
के साथ नहीं खेलते हैं ये पूरा जगत उनकी परछाई है तो

508
00:38:38,040 --> 00:38:42,600
पहले तत्त्वों को समझो आक्षेप लगाने से पहले

509
00:38:42,600 --> 00:38:47,000
तो यह हो गया भाई अब 100 की सीधी एक बात है

510
00:38:47,000 --> 00:38:51,160
कि अगर तुझे समझ में नहीं आ रहा है कि भाई यहां

511
00:38:51,160 --> 00:38:55,640
पर बुराई हो रही है उन्हीं तत्वों की जिन तत्वों को परम ब्रह्म कहा गया है

512
00:38:55,640 --> 00:38:59,800
तो तू छोड़ देना इन शास्त्रों को को बन जा दूसरा

513
00:38:59,800 --> 00:39:04,120
बन जा एक वो रामपाल नाम का धर्म बना ले मगर

514
00:39:04,120 --> 00:39:08,160
नहीं इनको पकड़ के क्यों रखना है इनको पकड़ के इसलिए रखना

515
00:39:08,160 --> 00:39:12,520
है कि जेल से रिहाई कैसे होगी जमानत कैसे मिलेगी खर्चा कौन

516
00:39:12,520 --> 00:39:16,520
उठाएगा हम और तू जो बातें कर रहा है ना इतनी इतनी बातें

517
00:39:16,520 --> 00:39:22,520
लिखी है उसकी बात बताता हूं

518
00:39:25,200 --> 00:39:29,360
मैं कृष्ण जी की लीला यह बताऊंगा व तो अभी बात की

519
00:39:29,360 --> 00:39:33,520
नहीं है कर लेना त कोई नया नहीं है हमारे आचार्य ने

520
00:39:33,520 --> 00:39:37,520
अच्छे से तैयार किया है तेरी तरह नहीं है पूछ लिया धर्म की व्याख्या क्या

521
00:39:37,520 --> 00:39:42,080
वही नहीं बता पाएगा पूछ लिए नास्तिक का खंडन है वही नहीं बता पाएगा

522
00:39:42,080 --> 00:39:48,080
सनातन की परिभाषा नहीं बता पाएगा तभी तो आदि सनातन आदि सनातन करता है

523
00:39:51,160 --> 00:39:55,200
तू इसीलिए स्कंद पुराण में कहा गया है क्या कहा गया

524
00:39:55,200 --> 00:40:01,200
है वो भी देख लो

525
00:40:04,080 --> 00:40:10,080
पढ़े हो तब ना तब तो कुछ बात आए समझ

526
00:40:17,080 --> 00:40:20,360
में यह

527
00:40:20,360 --> 00:40:24,880
देखो क्या है अर्थ बता देता हूं

528
00:40:24,880 --> 00:40:29,000
वेद शास्त्र पुराण इतिहास यह सब जो विद्या

529
00:40:29,000 --> 00:40:33,360
शैव शक्त यह सब कुछ यह सब बातें गुरु तत्व

530
00:40:33,360 --> 00:40:37,680
को जाने बिना भ्रांत चित्त वाले जीवों को पथ भ्रष्ट

531
00:40:37,680 --> 00:40:43,680
करने वाली हैं आपके पथ भ्रष्ट हो चुके

532
00:40:44,640 --> 00:40:48,640
हैं आपको समझ में नहीं आएंगी ये चीजें कि

533
00:40:48,640 --> 00:40:52,880
जब अगर ब्रह्मा से ही काम की उत्पत्ति हो रही है काम

534
00:40:52,880 --> 00:40:58,080
तो अस्तित्व में ही नहीं है तो वह काम ब्रह्मा को कैसे मोहित करेगा

535
00:40:58,080 --> 00:41:02,200
हां तुम्हारा जो काल है वह जरूर मोहित कर सकता है आज तक

536
00:41:02,200 --> 00:41:06,200
मैंने इतनी बार इसकी गरिमा गीता की और यह ज्ञान गंगा की पोल

537
00:41:06,200 --> 00:41:10,280
खोली एक भी वीडियो नहीं बना पाया ना तत्वदर्शी की बातों

538
00:41:10,280 --> 00:41:14,360
का क्या करें वो लिख के चले गए भैया हमारे लिए और क्या क्या लिख के गए अभी

539
00:41:14,360 --> 00:41:18,440
बात करेंगे खैर तो हमारे शास्त्र य

540
00:41:18,440 --> 00:41:22,840
कहते हैं कि आपको शास्त्र ऐसे समझ में नहीं आएंगे आपको गुरुओं

541
00:41:22,840 --> 00:41:27,400
की शरण में जाना होगा गुरु कौन होगा इसकी व्याख्या भी वो नहीं है केवल ता

542
00:41:27,400 --> 00:41:31,400
बता दिया बस गुरु कौन होगा उसकी प्रॉपर

543
00:41:31,400 --> 00:41:35,960
व्याख्या है उसके लक्षण क्या होंगे वो किसके द्वारा प्रामाणिक होगा

544
00:41:35,960 --> 00:41:39,760
यह सारी व्याख्या है

545
00:41:39,760 --> 00:41:44,120
समझे गुरु कौन होगा तो अगर तुमको पढ़ना

546
00:41:44,120 --> 00:41:48,200
है तो पूरा पढ़ो भाई तुम्हारे मन में संशय आना चाहिए

547
00:41:48,200 --> 00:41:52,440
अगर तुम इस ग्रंथ पर इस ग्रंथ को तुम सद ग्रंथ कह रहे हो

548
00:41:52,440 --> 00:41:56,760
तो जब इसमें ये लिखा आएगा कि शिव जी और ब्रह्मा जी और विष्णु जी ये सब परम तत्व

549
00:41:56,760 --> 00:42:01,080
है परम ब्रह्म है तो तुम्हारे मन में यह संशय तो आना चाहिए कि इन्हीं की बुराई

550
00:42:01,080 --> 00:42:05,400
क्यों हो रही है वो संशय तुम्हारे नहीं आएगा क्योंकि तुम्हारे

551
00:42:05,400 --> 00:42:09,520
लिए यह सद ग्रंथ नहीं है दिखावा है तुम्हारे लिए ब्रह्मा

552
00:42:09,520 --> 00:42:14,440
विष्णु महेश काल भगवान नहीं है मूर्ख है अज्ञानी है

553
00:42:14,440 --> 00:42:18,840
शैतान है शैतान और तुम जैसे शैतानों

554
00:42:18,840 --> 00:42:22,680
के लिए मेरे जैसा शैतान जन्म लेता

555
00:42:22,680 --> 00:42:27,160
है इसीलिए खिसिया करके वीडियो बना रहे हो ना हा

556
00:42:27,160 --> 00:42:31,280
बहुत बुरा लगा

557
00:42:31,280 --> 00:42:35,040
ना इसको बड़ा करिए

558
00:42:35,040 --> 00:42:39,280
भैया हा यह देख लो यह लोग भगवान

559
00:42:39,280 --> 00:42:43,720
कहते हैं ना काल को यह देखो इनकी वास्तविकता

560
00:42:43,720 --> 00:42:47,760
क्यों कहते हैं भगवान क्योंकि हम तो गीता बोलने वाले को भी ब्रह्म भगवान

561
00:42:47,760 --> 00:42:52,000
मानते हैं ब्रह्मा विष्णु महेश को भगवान मानते हैं भगवान का एक भी लक्षण

562
00:42:52,000 --> 00:42:57,480
उसमें घटित नहीं होगा मगर भगवान कहते हैं यह देख लो क्या लिखा है

563
00:42:57,480 --> 00:43:01,920
शैतान है यह है इनकी

564
00:43:01,920 --> 00:43:07,920
वास्तविकता

565
00:43:09,880 --> 00:43:13,920
नीच अरे भाई एक बहुत मैंने कितनी

566
00:43:13,920 --> 00:43:17,920
बार इनसे कहा कि भाई तू सामने आकर बात

567
00:43:17,920 --> 00:43:22,080
करने में क्यों डरता है जब तू इतना शास्त्रज्ञ है तो तेरे पास जब इतने

568
00:43:22,080 --> 00:43:26,080
फैक्ट है तो तू डरता क्यों है मैंने अपना

569
00:43:26,080 --> 00:43:30,120
नंबर दे रखा है तू फोन कर किस बीच की जगह

570
00:43:30,120 --> 00:43:34,160
पर आकर के मिलना है इसको डिस्कस कर और बीच में आकर के बात कर

571
00:43:34,160 --> 00:43:38,920
ले इनके यहां का एक कोई यह

572
00:43:38,920 --> 00:43:43,160
रामपाल का कोई शिष्य है लखनऊ में जब से हमने वोह

573
00:43:43,160 --> 00:43:47,360
वहां पर जाकर विरोध किया था मेले में जाकर इनके स्टॉल का तब

574
00:43:47,360 --> 00:43:51,640
से उसका लगातार मेरे पास कई बार फोन आया मैंने कहा ठीक है ज्ञान चर्चा कर लो

575
00:43:51,640 --> 00:43:55,800
भाई ज्ञान चर्चा करने करने के नाम पर होते होते उसने

576
00:43:55,800 --> 00:44:00,160
इतना मुझे स या फनी फोन कर कर के फोन कर कर के वो पूरी रिकॉर्डिंग

577
00:44:00,160 --> 00:44:04,560
है और वो हम डालेंगे कल परसों में डाल दंगे वो बड़ी आनंददायक

578
00:44:04,560 --> 00:44:08,760
है अंत में वो यह पूछ रहा है बंदा कि जहां पर जहां पर ज्ञान

579
00:44:08,760 --> 00:44:13,400
चर्चा होनी है वहां पर बैठने की व्यवस्था क्या है पराती है ना ये

580
00:44:13,400 --> 00:44:18,000
हमारे इसलिए बाराती नहीं होते जिनकी वो करनी होती भाई

581
00:44:18,000 --> 00:44:22,080
वो कि यहां बैठेंगे वहां तो वो हमसे पूछ रहा है कि वो

582
00:44:22,080 --> 00:44:25,080
बैठने की अवस्था क्या है इतनी चिंता है उसको अपने

583
00:44:25,080 --> 00:44:29,200
गुरु की निंदा की कि वो यह पूछ रहा है हमसे वहां

584
00:44:29,200 --> 00:44:33,440
बैठने की क्या व्यवस्था है अरे भाई मुझे इस बात से चिंता

585
00:44:33,440 --> 00:44:37,520
होगी कि वहां बैठने की क्या व्यवस्था है जब

586
00:44:37,520 --> 00:44:41,760
धर्म की रक्षा करनी होगी गुरु के गुरु का किसी ने अपमान

587
00:44:41,760 --> 00:44:45,800
किया होगा तो वहां पहुंच कर के प्रतिकार करना होगा तो मैं यह देखूंगा कि वहां बैठने की

588
00:44:45,800 --> 00:44:49,960
क्या व्यवस्था है यह चोरों की चोरी

589
00:44:49,960 --> 00:44:55,040
करने की आदत

590
00:44:55,040 --> 00:44:59,120
है पूरी रिकॉर्डिंग है एक घंटे की बहुत आनंददायक है

591
00:44:59,120 --> 00:45:04,120
पूरी सुनना पूरी सुनना पूरी

592
00:45:04,120 --> 00:45:08,160
रिकॉर्डिंग हम तो भगवान कहते हैं सद ग्रंथ कहते हैं पवित्र ग्रंथ कहते

593
00:45:08,160 --> 00:45:12,360
हैं और पवित्र ग्रंथों को फेंकने की भावना आ जाएगी अगर तुमने पढ़ लिया अरे क्यों पढ़ा

594
00:45:12,360 --> 00:45:16,360
रहा है भाई तू तुझसे कहा किसने तू इसलिए पढ़ा रहा है कि इन

595
00:45:16,360 --> 00:45:20,640
सद ग्रंथों की बुराई कर करके कर करके कर करके लोगों के मन में अपना वो

596
00:45:20,640 --> 00:45:25,600
जेल कट्टू तत्वदर्शी डाल दूं और उसके नाम पर मेरी भी दुकान चलती

597
00:45:25,600 --> 00:45:31,600
रहे लोग खुश हो जाए वाह वाह वा वाह क्या वा वा बहुत

598
00:45:32,120 --> 00:45:36,240
बढ़िया तो इस बात को ध्यान रख

599
00:45:36,240 --> 00:45:40,800
कि यह जो सर्ग है ना मैथुन सर्ग यह हमारा सर्ग है

600
00:45:40,800 --> 00:45:44,920
य जो मानवीय लीलाए हैं यह जो मानव मानवों मनुष्यों

601
00:45:44,920 --> 00:45:49,160
के ऊपर जो नियम लागू होते हैं वह उन शक्तियों के ऊपर लागू नहीं होते हैं

602
00:45:49,160 --> 00:45:53,320
जिन शक्तियों ने सृष्टि बनाई है उन शक्तियों वो शक्तियां

603
00:45:53,320 --> 00:45:57,480
रूप लेकर के आपको अर्थ बताने के लिए कि हम काम से करते

604
00:45:57,480 --> 00:46:01,520
हैं और रोचक तरीके से आपको लीलाएं करके दिखाती है सिर्फ

605
00:46:01,520 --> 00:46:05,520
इतना मात्र है उनकी लीलाओं का अर्थ इसको डाल लो अपने

606
00:46:05,520 --> 00:46:09,880
भेजे में जैसे ब्रह्मा सरस्वती के विवाह की बात बताई तो सूर्य सूर्य

607
00:46:09,880 --> 00:46:14,680
वाली बात से अगर आप ना भी समझ पाओ तो उसमें क्या है

608
00:46:14,680 --> 00:46:19,520
कि सपोज करिए कि मैं आपको एक सब्जी बनाना सिखाना चाहता हूं

609
00:46:19,520 --> 00:46:23,960
कि दूध और पनीर की सब्जी कैसे बनती है

610
00:46:23,960 --> 00:46:28,000
अब मैंने उसमें रोचकता डालने के लिए दूध को नाम दे दिया य ब्रह्मा

611
00:46:28,000 --> 00:46:32,120
है तो पनीर को नाम दे दिया सरस्वती मगर पनीर

612
00:46:32,120 --> 00:46:36,320
और दूध के बीच में जो संबंध है वह क्या बना

613
00:46:36,320 --> 00:46:40,320
पिता और पुत्री का क्योंकि दूध से उत्पन्न हो रही है पनीर इन भावों

614
00:46:40,320 --> 00:46:46,320
में वहां पर वो लीलाए होती

615
00:46:46,640 --> 00:46:50,920
है और फिर अच्छा एक जगह

616
00:46:50,920 --> 00:46:55,000
इनका वो दिखाना जरा कि काम वासना में भी काल है वो

617
00:46:55,000 --> 00:47:00,720
वाली चीज दिखाना जरा इनका

618
00:47:00,720 --> 00:47:06,720
काम वासना में काल है वो जरा दिखाइए

619
00:47:12,360 --> 00:47:16,360
जरा इतने बड़े दोगले हैं कि वहीं पर हुई वह जो दुर्गा

620
00:47:16,360 --> 00:47:20,520
माता वाली बात है जो स्पष्ट है जिसका कुछ है ही नहीं आधार उसको छोड़ ही

621
00:47:20,520 --> 00:47:24,520
दिया अरे क्यों छोड़ रहे हो वही एक बात बहुत है तुम्हारे

622
00:47:24,520 --> 00:47:28,640
पूरे तंत्र को नष्ट करने के लिए और किसी बात का आधार

623
00:47:28,640 --> 00:47:33,240
नहीं चाहिए होगा पूरे तंत्र को नष्ट करने के लिए वो बात बहुत है

624
00:47:33,240 --> 00:47:37,440
क्यों छोड़ दी वो बात दिखा कहां पर लिखा है दुर्गा माता

625
00:47:37,440 --> 00:47:41,560
के साथ दुष्कर्म राक्षस के द्वारा शैतान के द्वारा काल

626
00:47:41,560 --> 00:47:45,720
शैतान है ना दिखा नीच दोगले झूठ

627
00:47:45,720 --> 00:47:48,000
भाई

628
00:47:48,000 --> 00:47:52,080
अभिषेक बहुत बुरा लगा है इसको जब इसने वो स्टॉल हटते हुए

629
00:47:52,080 --> 00:47:56,480
देखा मुझसे कह रहा मर जाना अभी बताऊंगा

630
00:47:56,480 --> 00:48:02,480
कभी साहब अपने भक्तों का क्या क्या साफ करते हैं वो भी बताऊंगा

631
00:48:13,100 --> 00:48:18,080
[संगीत]

632
00:48:18,080 --> 00:48:22,080
अभी वो भैया वो शिवम दास है उसको भी जवाब

633
00:48:22,080 --> 00:48:27,080
दो ना एक मिनट एक मिनट

634
00:48:27,080 --> 00:48:31,760
जयम सर ये देखिए बल तथा बुद्धि

635
00:48:31,760 --> 00:48:35,800
काल के वश में है और मन

636
00:48:35,800 --> 00:48:39,880
भी काल है य हम दिखा चुके हैं कई जगह इनकी किताबों में लिखा हुआ

637
00:48:39,880 --> 00:48:44,200
है है ना शक्तिशाली का बल हूं

638
00:48:44,200 --> 00:48:48,360
तथा सब प्राणियों में काम यह देखिए

639
00:48:48,360 --> 00:48:52,520
काम कौन है भाई इनका काल है तो अब इनकी भाषा में इनसे बात करेंगे

640
00:48:52,520 --> 00:48:57,440
जैसे ये करते हैं तो तो काल कौन है

641
00:48:57,440 --> 00:49:01,480
काल काम भी है तो तू फैक्ट भाई अभिषेक अपनी

642
00:49:01,480 --> 00:49:05,840
माता जी से जाकर पूछ कि जब तू जन्म होने की तेरी प्रक्रिया

643
00:49:05,840 --> 00:49:10,120
चल रही थी जिस समय तुझे जन्म देने की तो वह काल

644
00:49:10,120 --> 00:49:14,200
के साथ चल रही थी या तेरे पिता के साथ चल रही थी क्योंकि सेक्स

645
00:49:14,200 --> 00:49:18,960
तो काल है ना और सेक्स के बिना तो तू हुआ नहीं होगा

646
00:49:18,960 --> 00:49:23,080
और मैं तो वही बात बोल रहा हूं ना जो प्रमाणिक है तेरे अनुसार

647
00:49:23,080 --> 00:49:27,480
तो तू पता कर इस बात को है ना

648
00:49:27,480 --> 00:49:28,120
अरे तुम्ही

649
00:49:28,120 --> 00:49:32,480
को बोलना आता है क्या पता कर

650
00:49:32,480 --> 00:49:36,760
कि तेरी जो जन्म लेने की जो प्रक्रिया थी उस समय वहां पर काल

651
00:49:36,760 --> 00:49:40,920
था वह राक्षस था शैतान या तेरे पिता थे पूछ उनसे जाके अपनी

652
00:49:40,920 --> 00:49:45,600
माता जी से जाके क्योंकि काल तो सेक्स भी है और

653
00:49:45,600 --> 00:49:49,600
काल तो काम भी है वहां पर काम के बिना तो तू हुआ नहीं होगा या हुआ होगा तो

654
00:49:49,600 --> 00:49:53,640
बता रहा अपनी दिव्य कथा तो तू काल पुत्र हुआ उस

655
00:49:53,640 --> 00:49:57,720
हिसाब से शैतान पुत्र हुआ और जितने लोग

656
00:49:57,720 --> 00:50:01,760
यह मानते हैं य पूरा तंत्र य मानता है तो वो सब सब पर ये चीज लागू होगी

657
00:50:01,760 --> 00:50:06,080
तो फिर क्या करोगे तो यह इस तरह की दोहरी बातें

658
00:50:06,080 --> 00:50:12,080
करके तुम क्या कर लोगे जब हम लोग ऐसे करने पर आएंगे

659
00:50:13,360 --> 00:50:17,400
फिर तो पता करो

660
00:50:17,400 --> 00:50:21,480
भाई शिवा जीी जय श्री राम जय जय श्री राम

661
00:50:21,480 --> 00:50:25,680
जय जय श्री राम कहते

662
00:50:25,680 --> 00:50:29,760
शैतान है ये कहते हैं कि काल एक शैतान है अब काल

663
00:50:29,760 --> 00:50:33,760
तो ये लिख रहा है मैं अपने मेरे शब्द नहीं

664
00:50:33,760 --> 00:50:37,960
है जी जी ये खुद लिख रहा है कि काल सेक्स भी है जबक

665
00:50:37,960 --> 00:50:42,360
हमारे ग्रंथों में इस तरह से बात होती नहीं है मगर ठीक है इसी के

666
00:50:42,360 --> 00:50:46,440
पकड़ लेते काल जो है काम भी है तो भाई जब

667
00:50:46,440 --> 00:50:50,680
वहां पर जो इसका जो इसकी जन्म की प्रक्रिया चल रही थी सतत प्रक्रिया

668
00:50:50,680 --> 00:50:54,720
जो थी इसकी उस समय वहां इसके पिता थे कि वो काल नाम का शैतान था

669
00:50:54,720 --> 00:50:58,800
पूछ जाके मैं किससे बिल्कुल सही कह रहे

670
00:50:58,800 --> 00:51:03,080
हो दूसरी बात य भी है रामपाल जी किससे उत्पन्न

671
00:51:03,080 --> 00:51:08,040
है फर रामपाल जी काल से उत्पन्न हो गए ना फिर राम

672
00:51:08,040 --> 00:51:12,360
हम लोग य नहीं क हम तो पूछने को कहेंगे हा मैं इससे जरूर डाउट कहूंगा

673
00:51:12,360 --> 00:51:16,440
भैया जो झूठ भाई अभिषेक हैय किससे उत्पन्न है यह काल

674
00:51:16,440 --> 00:51:20,720
से उत्पन्न है अपने पिता से उत्पन्न है शैतान से उत्पन्न है अपने पिता से उत्पन्न है

675
00:51:20,720 --> 00:51:24,880
और फिर सब हमारे पिता काल नाम का शैतान है

676
00:51:24,880 --> 00:51:29,960
कौन है जी जी

677
00:51:29,960 --> 00:51:34,680
जी अब इसमें एक जगह कह रहा है कि वो

678
00:51:34,680 --> 00:51:39,640
तुम लोग हिंदू विरोधी हो हिंदू देवी देवताओं का अपमान करते हो अपमान खुद कर रहा है

679
00:51:39,640 --> 00:51:44,600
अपनी किताबों में भर भर के अपमान कर रहा है समझने की बजाय

680
00:51:44,600 --> 00:51:48,680
सकारात्मक प्रयास की बजाय फायदा उठा रहा है जहां से दो अर्थ निकल सकते उसका

681
00:51:48,680 --> 00:51:52,800
दूसरा गलत अर्थ निकाल कर के और अपमान खुद कर रहा है और हमसे कह रहा है तू हिंदू

682
00:51:52,800 --> 00:51:56,800
विरोधी है तुम लोग हिंदू विरोधी हो सनातन विरोधी हो अबे किसी

683
00:51:56,800 --> 00:52:00,600
दिन सामने आना पता चल

684
00:52:00,600 --> 00:52:06,160
जाएगा सनातन का ठीक से अर्थ नहीं बता

685
00:52:06,160 --> 00:52:10,720
पाएगा और बोल रहे हैं वो हिंदू बाद में आया पढ़ ले जाकर के

686
00:52:10,720 --> 00:52:14,760
गर्व से कहे हम हिंदू नाम का ग्रंथ पढ़

687
00:52:14,760 --> 00:52:20,760
तू तो पुराण को मानता है ना कितने पुराणों में हिंदू शब्द आया

688
00:52:22,160 --> 00:52:26,600
है वहां बता रहा है जब ये लोग अपना काम अपना क्रोध

689
00:52:26,600 --> 00:52:30,720
अपनी ये सब मोह ममता नहीं वो कर पाए तो फिर व हमें मोक्ष कहां से देंगे पहली

690
00:52:30,720 --> 00:52:34,960
बात मोक्ष देने वाले के रूप में नाम लिखा हुआ है उसका क्या करें

691
00:52:34,960 --> 00:52:39,040
फाड़ के फेंक दे भाई अगर मैंने ये कहा कि यह सद

692
00:52:39,040 --> 00:52:43,120
ग्रंथ है यह पूरा है कि इसके वो पन्ने नहीं है जिसमें वो लिखा हुआ

693
00:52:43,120 --> 00:52:47,800
है ब्रह्मा विष्णु महेश जो है भगवान है पूर्ण ब्रह्म है

694
00:52:47,800 --> 00:52:51,960
और अगर वो पन्ने हम फाड़ देंगे तो भी क्या ये भागवत पुराण भाही भागवत पुराण

695
00:52:51,960 --> 00:52:56,040
कहलाएगा इसको तू सद ग्रंथ कह रहा था अरे कितने नीच दोगले

696
00:52:56,040 --> 00:53:01,680
हो तुम लोग अरे एक बार शीशे में जाकर के अपनी शक्ल देख

697
00:53:01,680 --> 00:53:05,800
लो शर्म आ जाएगी किससे झूठ बोल

698
00:53:05,800 --> 00:53:09,840
रहे

699
00:53:09,840 --> 00:53:14,000
हो गुटका छाप बोल रहा है वहां जो बजरंग दल के और े

700
00:53:14,000 --> 00:53:18,000
विश्व हिंदु परिषद इत्यादि के जो कार्यकर्ता गए थे उनको गुटका छाप बोल

701
00:53:18,000 --> 00:53:22,200
रहा है अबे तेरे जो तुम लोगों के जो वो है ना वो अभी सुनना

702
00:53:22,200 --> 00:53:26,600
क्या मांग रहा था मुझसे वो बोल रहा है कि भाई मेरा मेरा

703
00:53:26,600 --> 00:53:30,600
सेवा सत्कार नहीं करोगे चाय पिला देना मुझे अपने घर पर बुला के

704
00:53:30,600 --> 00:53:34,640
चाय में क्या होता है निकोटीन नशा

705
00:53:34,640 --> 00:53:39,840
होता है चाय में क्या होता है नशा होता

706
00:53:39,840 --> 00:53:44,800
है कैफीन नशा होता है

707
00:53:44,800 --> 00:53:48,800
वही मांग रहा था तुम्हारा वो क्या

708
00:53:48,800 --> 00:53:53,080
कहते हैं उनको क्या कहते हो भाई पुण्यात्मा हो वही

709
00:53:53,080 --> 00:53:57,160
मांग रहा था वो बोला मुझसे फोन करके उसने मुझे बहुत पकाया है

710
00:53:57,160 --> 00:54:01,400
कम से कम एक घंटे की रिकॉर्डिंग है उसकी उसने बहुत सर में दर्द किया इधर

711
00:54:01,400 --> 00:54:05,480
उधर की बात है फालतू की एक बार बोलता है मैं आपके घर के पास आ

712
00:54:05,480 --> 00:54:09,600
गया हूं और मुझे जो है वो जगह दिखा दीजिए जहां पर जो

713
00:54:09,600 --> 00:54:13,680
है शास्त्रार्थ होना है और चाय चाय नहीं पिलाएंगे क्या मैंने कहा चाय का क्या काम

714
00:54:13,680 --> 00:54:18,080
है तुम हमारी माता का अपमान करोगे हम तुम्हें बिठा के चाय पिलाए

715
00:54:18,080 --> 00:54:23,080
पहली बात तो य हम चाय पीते नहीं है दूसरी बात ये कि तुम्हारे लिए बिल्कुल चाय नहीं

716
00:54:23,080 --> 00:54:25,040
है मना कर दिया

717
00:54:25,040 --> 00:54:30,040
तो एक गुटका छप तो तुम लोग कौन हो नसेड़ी जाके

718
00:54:30,040 --> 00:54:35,000
मना कर सब चाय पीते हैं ये लोग

719
00:54:35,000 --> 00:54:38,480
सब मना कर

720
00:54:38,480 --> 00:54:42,560
सबको मैं तो उनको दिखा दूंगा हां पर जो लाइव आए हैं वो लोग बटका

721
00:54:42,560 --> 00:54:47,320
खाने वाले थे जो लाइव आ कर के गए हैं यह लोग बोलते हैं

722
00:54:47,320 --> 00:54:51,640
ना और दुर्गा जो दुर्गा ठाकुर नाम की जो

723
00:54:51,640 --> 00:54:55,720
महिला है जो वीडियोस बना रही हमारे विरोध में ये लोग कहते हैं कि बिंदी मत लगाओ ये

724
00:54:55,720 --> 00:55:01,720
मत पहनो पन वो खुद अपना चमक दमक करके रह रही

725
00:55:03,840 --> 00:55:08,160
है और क्या बोल र है कलयुग के ब्राह्मण तो कलयुग

726
00:55:08,160 --> 00:55:13,400
के ब्राह्मणों के लिए मैं तुम्हें एक बात बता दूं झूठ भाई अभिषेक

727
00:55:13,400 --> 00:55:17,440
जी अनेकानेक शास्त्रों में शिव पुराण

728
00:55:17,440 --> 00:55:21,840
में स्कंद पुराण में देवी भागवत में

729
00:55:21,840 --> 00:55:26,000
भागवत पुराण में वर्णन है कि कलयुग की स्त्रियां कैसी

730
00:55:26,000 --> 00:55:30,800
हो जाए व्यभिचार हो जाएंगी

731
00:55:30,800 --> 00:55:35,080
व्यभिचार पराय पुरुषों के साथ रहने वाली पराय पुरुषों का संग

732
00:55:35,080 --> 00:55:39,680
करने वाली तो कलयुग की स्त्रियों के बारे में लिखा हुआ है

733
00:55:39,680 --> 00:55:44,280
अब तू तेरे घर की स्त्रियों के बारे में क्या सोचता है

734
00:55:44,280 --> 00:55:48,640
वो तुम लोग चेक करो जो लोग ये ब्राह्मण का लेकर के आते हैं ना कलयुग के ब्राह्मण

735
00:55:48,640 --> 00:55:52,760
ऐसे होंगे वो लोग सब लोग अपने अपने घर की जाक स्त्रियों को चेक करके

736
00:55:52,760 --> 00:55:56,920
देखें कि भाई वो ऐसी है कि नहीं जो लिखा है तो फिर

737
00:55:56,920 --> 00:56:01,280
अर्थ आएगा कि नहीं नहीं सारी स्त्रियों के लिए नहीं लिखा है वो केवल

738
00:56:01,280 --> 00:56:05,360
वो ऐसा बताया जा रहा है कि ऐसी हो जाएंगी यह नहीं कि

739
00:56:05,360 --> 00:56:09,480
सब हो गई अगर वहां पर लिखे हुए सारे ब्राह्मण

740
00:56:09,480 --> 00:56:13,480
वैसे ही है जो वहां लिखा है तो फिर सारी स्त्रिया तेरे हिसाब से मेरे

741
00:56:13,480 --> 00:56:17,560
हिसाब से नहीं है तुम लोगों के हिसाब से तुम्हारे घर की स्त्रियां वही हो

742
00:56:17,560 --> 00:56:19,440
गई जो वहा लिखा है

743
00:56:19,440 --> 00:56:23,360
तो पहले बोलने से पहले समझा

744
00:56:23,360 --> 00:56:27,360
करो आदि सनातन अरे भाई जो सनातन है वह

745
00:56:27,360 --> 00:56:31,480
अपने आप में ही सनातन हो गया व आदि सनातन का क्या मतलब है कौन सी

746
00:56:31,480 --> 00:56:35,480
संस्कृत कौन सी डिक्शनरी से पढ़ते हो अलग से डिक्शनरी है क्या

747
00:56:35,480 --> 00:56:38,240
जेल कट्टू की

748
00:56:38,240 --> 00:56:42,760
कोई शास्त्र प्रमाणित भक्ति शास्त्र प्रमाणित नहीं

749
00:56:42,760 --> 00:56:48,720
शास्त्रों में धीमा जहर खोल कर के शास्त्र विरुद्ध भक्ति

750
00:56:48,720 --> 00:56:52,880
पूछना अपनी माता जी से मेरे पिता से उत्पन्न हूं या काल

751
00:56:52,880 --> 00:56:57,040
से उत्पन्न हं क्योंकि काल जो है वो कौन है काम भी है

752
00:56:57,040 --> 00:57:01,120
दिखा दिया तुम्हारे किताबों में तो पूछो माता जी से मैं शैतान

753
00:57:01,120 --> 00:57:05,400
का बेटा हूं या अपने पिता का बेटा हूं या मेरे पिता भी वही है क्या है मामला वो

754
00:57:05,400 --> 00:57:11,400
चेक करके जरा बताओ हां जी अब जय श्री

755
00:57:11,880 --> 00:57:15,240
राम क्या लिखा

756
00:57:15,240 --> 00:57:19,360
है उस समय वह काल भगवान ही श्री रामचंद्र

757
00:57:19,360 --> 00:57:23,480
में प्रवेश करके तड़पा रहा था अब य य भगवान कर

758
00:57:23,480 --> 00:57:27,840
दिया उसने एक बात और की है

759
00:57:27,840 --> 00:57:31,880
जो सती माता वाला प्रकरण है उसको पार्वती माता के

760
00:57:31,880 --> 00:57:36,000
बाद का कर दिया इन्होंने अपनी किताबों में वह

761
00:57:36,000 --> 00:57:40,120
प्रकरण दिखाइए जरा सती माता जब

762
00:57:40,120 --> 00:57:44,960
उन्होंने आत्म दक किया उसके बाद पार्वती जी का प्रकरण आता है

763
00:57:44,960 --> 00:57:49,360
तो इन्होंने सती माता वाला जो आत्म द है वह पार्वती जी के

764
00:57:49,360 --> 00:57:53,440
बाद कर दिया है वो क्या कर दिया

765
00:57:53,440 --> 00:57:58,040
है कि जब इन्होंने परीक्षा ली थी श्री राम की

766
00:57:58,040 --> 00:58:03,000
तो शिव जीी जो है क्रोधित हो गए थे बुरा मान गए थे

767
00:58:03,000 --> 00:58:08,000
कि भाई अब मैं इनके साथ जो है पत्नी जैसा व्यवहार नहीं

768
00:58:08,000 --> 00:58:12,240
करूंगा तो फिर वो जब उन्होंने देखा कि वोह

769
00:58:12,240 --> 00:58:16,320
पत्नी वाला व्यवहार नहीं हो रहा है तो वो पार्वती माता अपने पिता के

770
00:58:16,320 --> 00:58:20,960
यहां चली गई और वहां पर वह यज्ञ हुआ

771
00:58:20,960 --> 00:58:25,000
अब यह सती वाला प्रकरण जो पार्वती माता से

772
00:58:25,000 --> 00:58:26,920
पहले का प्रकरण है वह

773
00:58:26,920 --> 00:58:31,320
पार्वती माता के बाद का प्रकरण हो गया यह तो इनका तत्व दर्शन

774
00:58:31,320 --> 00:58:34,760
है यह

775
00:58:34,760 --> 00:58:38,800
देखिए कि शिव के मुह का नाश उतरा तब

776
00:58:38,800 --> 00:58:42,880
सर्व हालातों को जानकर भगवान शंकर जी

777
00:58:42,880 --> 00:58:46,920
ने निर्णय लिया कि मुझे कामदेव अब देखिए यहां कामदेव

778
00:58:46,920 --> 00:58:51,600
सेक्स ने सताया है कितना बुरा लिखा है अब मैं आपको बता दूं

779
00:58:51,600 --> 00:58:57,600
अभी हमने बताया ना शिव जी को कामी समझने वाले मूर्ख होते हैं

780
00:59:01,400 --> 00:59:05,640
फिर मैं अपने कामदेव को नष्ट कर दूं अरे भैया

781
00:59:05,640 --> 00:59:10,320
काम काम को य बनाते हैं जब सृष्टि करते हैं तो

782
00:59:10,320 --> 00:59:14,440
अगर इनके लिए काम शब्द का उपयोग हो भी रहा है ना तो यह

783
00:59:14,440 --> 00:59:18,960
वह काम नहीं है जिसको आप जिसको समझ कर के इनसे घणा भाव लाओ अपने मन में

784
00:59:18,960 --> 00:59:23,240
मुझे स्वप्न में भी धोखा नहीं दे सकती इसने भी मुझे धोखा दे दिया झूठ बोला

785
00:59:23,240 --> 00:59:26,440
यह सब इन्होंने जो

786
00:59:26,440 --> 00:59:30,640
माता है जब उनको उनके साथ इन्होंने

787
00:59:30,640 --> 00:59:34,720
वैसा पत्नी वाला व्यवहार बंद कर दिया तो वो फिर दक्ष के य

788
00:59:34,720 --> 00:59:39,560
चली गई यह सब इन्होंने कहानी बनाई है व अपने पिता के य चली गई

789
00:59:39,560 --> 00:59:42,080
तो आप देखिए जो इनका तत्व दर्शन

790
00:59:42,080 --> 00:59:46,120
देखिए जो सती माता का पहले वाला जो वृतांत है

791
00:59:46,120 --> 00:59:50,560
कि पहले उनका आत्म दव हुआ उसके बाद उन्होंने पार्वती के रूप में जन्म लिया

792
00:59:50,560 --> 00:59:54,680
तो पार्वती माता अब पहले हो गई और सती माता वाला जो प्रकरण है

793
00:59:54,680 --> 01:00:00,680
बाद में हो गया ये इनका तत्व दर्शन

794
01:00:03,080 --> 01:00:07,560
है जी संदीप बत्रा

795
01:00:07,560 --> 01:00:11,680
जी आप बोलिए हां जी जय श्री राम सर कैसे हो

796
01:00:11,680 --> 01:00:16,920
जय श्री राम जय श्री राम सर अभी आप यह कह रहे थे

797
01:00:16,920 --> 01:00:21,280
ना स्लोगन है ना जो सतयुग के राक्षस कलयुग

798
01:00:21,280 --> 01:00:25,320
के ब्राह्मण है अब आपको ना इसके ऊपर क्लियर करता हूं य ये लोग

799
01:00:25,320 --> 01:00:29,640
वही है उसका कारण क्या है जब सतयुग में देखो राक्षस होते थे कौन-कौन थे राक्षस

800
01:00:29,640 --> 01:00:33,640
सतयुग में जैसे हिरण कश हिरण्याक्ष था वो लोग क्या

801
01:00:33,640 --> 01:00:37,640
करते थे उनका काम यह था कि विष्णु जी के विरुद्ध भक्ति

802
01:00:37,640 --> 01:00:42,000
करना और जितने भी संत जन है उनको तंग करना

803
01:00:42,000 --> 01:00:46,200
और यही सारे कर्म जो है ये लोग कर रहे हैं तो इसका मतलब ये है जो वो सतयुग

804
01:00:46,200 --> 01:00:50,360
के राक्षस है वो ये लोग हैं आप टेक्निकल बात समझो ये मतलब है तो खुद

805
01:00:50,360 --> 01:00:54,560
है लेकिन ये मान नहीं रहे हैं जैसे कालनेमी था ना काल नेमी वो भी मानता नहीं था

806
01:00:54,560 --> 01:00:57,200
वो यही चीज है ये लोग क्योंकि मन में राम

807
01:00:57,200 --> 01:01:03,200
मतलब बगल में छुरी और मुंह में राम राम वो सीन है

808
01:01:03,240 --> 01:01:07,400
इनका और जो आप अभिषेक की बात कर रहे हो ना मतलब आपके चैनल

809
01:01:07,400 --> 01:01:11,400
प कह रहा हूं अगर वो सुन रहा है ना भाई वो एक नंबर का महामूर्ख आदमी

810
01:01:11,400 --> 01:01:15,600
है मैंने उसकी मतलब वीडियोस देखी है उसका कोई सिर पैर नहीं है किसी चीज

811
01:01:15,600 --> 01:01:19,600
का कोई उसका ज्ञान से कोई लेना देना नहीं है बस दो फोटो लगाई झलो की

812
01:01:19,600 --> 01:01:23,600
तरह बस वो कह दि ये है ये भाई तू सामने आ तेरे को चैलेंज है सामने क्यों नहीं आ

813
01:01:23,600 --> 01:01:27,800
रहा तू सामने आके बैठ रे मैं तो ये बता रहा हूं

814
01:01:27,800 --> 01:01:31,880
संदीप जी मैं तो कह रहा हूं ये शुरुआत है अगली बार अगर

815
01:01:31,880 --> 01:01:35,880
इन्होंने लगाई स्टॉल तो मैं माइक लेकर के जाकर के ये बातें बोलूंगा

816
01:01:35,880 --> 01:01:40,000
फिर वहां पर पदम पुराण का रेफरेंस देकर के कहे कि हां ये बातें सही है तब

817
01:01:40,000 --> 01:01:44,400
इनकी क्या हाल होगा फिर वहां पर पब्लिक में आपने

818
01:01:44,400 --> 01:01:48,440
आपने जो यह काम किया ना इतना जबरदस्त और अच्छा काम किया ना और

819
01:01:48,440 --> 01:01:53,400
यह वाकई आने वाले समय में जैसे आप मेरी बात सुनो अब ये रामपाल अंदर क्यों है

820
01:01:53,400 --> 01:01:57,480
क्योंकि इन्होंने इनके ये जो इनका जो आर्य समाजी थे ना

821
01:01:57,480 --> 01:02:01,520
इसके खिलाफ खड़े हो गए थे उनके गुरु के खिलाफ बोल दिया था इस वजह से आज ये अंदर है

822
01:02:01,520 --> 01:02:05,840
और ये हमारे जैसे शास्त्रों की बात कर रहा है और अब हिंदू जो है जाग चुका है और अब इनके

823
01:02:05,840 --> 01:02:10,040
जो है जैसे आपने आज किया ये किया है ना कार्यक्रम इनका आगे कार्यक्रम ऑलरेडी

824
01:02:10,040 --> 01:02:13,080
सेट है ये और आने वाले समय में इनको

825
01:02:13,080 --> 01:02:17,200
मतलब हो ना सके मलो ये इनको यहां से निकाल ही ना दे जो इनके हालात

826
01:02:17,200 --> 01:02:21,280
है इनके मतलब इनको समाज से ही बहिष्कृत करना पड़ जाएगा इनको इन लोगों के

827
01:02:21,280 --> 01:02:25,320
समझ नहीं है आने वाले बच्चे आने वाली संताने इनकी क्या करेंगी इनको बिल्कुल भी अकल

828
01:02:25,320 --> 01:02:28,200
नहीं आ रही

829
01:02:28,200 --> 01:02:32,520
बोल उनके मन में इतना जहर भर दिया इन लोगों ने मतलब जिहादी

830
01:02:32,520 --> 01:02:36,960
जहर होता है ना वो जहर भरा हुआ इनके अंदर वो जहर इनके अंदर नसों नसों में भर दिया

831
01:02:36,960 --> 01:02:41,120
वो अपनी वीडियो में बोल रहा है कि भाई वो अपनी वीडियो में बोल रहा

832
01:02:41,120 --> 01:02:45,240
है कि भाई इन किताबों को पढ़ के आपको फेंक देने का मन करेगा वो अपनी

833
01:02:45,240 --> 01:02:49,440
चीज बता रहा है मेरे अंदर क्या है इन किताबों के लिए मैं इन किताबों को केवल

834
01:02:49,440 --> 01:02:53,600
इसलिए पढ़ पढवा रहा हूं जिससे कि तुम भी इनसे नफरत करने लगो जिससे

835
01:02:53,600 --> 01:02:57,760
कि तुम भी तथाकथित वो वाले हिंदू बन जाओ जो जेल कट्टू का

836
01:02:57,760 --> 01:03:02,200
अनुयाई है आप ये देखो ना इसने

837
01:03:02,200 --> 01:03:07,040
काल अब जैसे रावण था ना श्री राम जी को काल काल करता रहा

838
01:03:07,040 --> 01:03:11,040
जो आपका कंस था श्री कृष्ण जी को काल काल करता रहा वो काल बन के गरास

839
01:03:11,040 --> 01:03:15,320
गए अब यह रामपाल का क्या हुआ यह काल कोठरी में पड़ा हुआ है क्योंकि काल काल करता इसलिए काल कोठरी

840
01:03:15,320 --> 01:03:19,360
में चला गया अब इनका नंबर आ गया तयार है इनको यह शर्म नहीं आती इन

841
01:03:19,360 --> 01:03:23,600
चीजों को इनको अकल नहीं है चीजों की

842
01:03:23,600 --> 01:03:28,000
मतलब सामने परिणाम देखने के बाद भी इनको अकल नहीं आ रही तो इसका मतलब इनके

843
01:03:28,000 --> 01:03:28,500
दिमाग

844
01:03:28,360 --> 01:03:32,600
के ऊपर ना हिरण कश और हिरण्याक्ष वाला इनका पर्दा पड़ा हुआ है और इनका जो है मतलब

845
01:03:32,600 --> 01:03:36,760
की विनाश होने के बाद इनको अकल आएगी जैसे उनको आई थी

846
01:03:36,760 --> 01:03:41,000
मैं एक बात ओपनली कह रहा हूं झूठ भाई अभिषेक

847
01:03:41,000 --> 01:03:45,640
जेल कट्टू के चेले से कि भाई तू अपने

848
01:03:45,640 --> 01:03:49,800
कमरे के अंदर बंद रह कर के जो भी काम कर सकता है सिर्फ उतनी गुरु भक्ति है तेरी

849
01:03:49,800 --> 01:03:54,440
क्या उतनी सद भक्ति है बिल्कुल सही बात है बिल्कुल सही बात है

850
01:03:54,440 --> 01:03:58,720
उतनी सद भक्ति है क्या अरे भाई तुझे इतना डर क्यों है

851
01:03:58,720 --> 01:04:03,160
एक फोन मिला मेरे को 7408 30169

852
01:04:03,160 --> 01:04:07,240
ये फोन मिला इस पर और तय कर कि कब किस चैनल पर

853
01:04:07,240 --> 01:04:11,280
हम लोग बीच में आ सकते हैं ना मेरे चैनल पर

854
01:04:11,280 --> 01:04:15,440
ना तेरे चैनल पर य एमपी खबर फास्ट वाले भी कहते रहते हमने इतनी बार कहा हमारे क्यों

855
01:04:15,440 --> 01:04:19,920
आ जाए भाई तुम्हारे चैनल पर क्यों आ जाए हा बिल्कुल बिल्कुल अरे

856
01:04:19,920 --> 01:04:24,040
भाई तुम हमने इतनी बार नंबर दिया है तुमने अपना नंबर दिया है क्या तुमसे

857
01:04:24,040 --> 01:04:28,160
बात कर सके जिससे की कि तुमसे हमें बात करनी है

858
01:04:28,160 --> 01:04:32,320
इसलिए तुमसे बात कर सके कि तुमसे हमें चर्चा करनी है ज्ञान चर्चा तुमने नंबर दिया

859
01:04:32,320 --> 01:04:36,560
है क्या मैंने दिया है क मुझे बिलीव

860
01:04:36,560 --> 01:04:40,560
है तुम्ह बिलीव नहीं है कि तुम्हारा जो झंडा

861
01:04:40,560 --> 01:04:43,520
है वो ऊंचा रह पाएगा इसलिए डरको की तरह

862
01:04:43,520 --> 01:04:48,240
तुम लोग छुप कर केवल काम कर सकते हो अपने कमरे में अरे फोन

863
01:04:48,240 --> 01:04:53,000
मिलाओ और तय करो किसी बीच की जगह पर

864
01:04:53,000 --> 01:04:57,160
आएंगे तुम आ जाओ अपने यहां से दो चार हम आ जाएंगे अपने य

865
01:04:57,160 --> 01:05:01,160
से दो 400 किलोमीटर हो जाएगा आमना सामना कर लेंगे जन चर्चा

866
01:05:01,160 --> 01:05:05,280
मगर नहीं हैलम है ख है केवल ब

867
01:05:05,280 --> 01:05:09,480
कमरे के अंदर बैठ कर मुह चला सकते हो राठी का वो एक्शन क्रिएट

868
01:05:09,480 --> 01:05:13,640
कर करके वसे करके बात करता है मुझे तो आ भी नहीं रहा है मुझे

869
01:05:13,640 --> 01:05:17,880
तो आ भी नहीं रहा है मगर मैंने देखा है को फॉलो कर रहा

870
01:05:17,880 --> 01:05:22,400
है मुझे व मुझे वो शकल से सिक्सर लगता है सर

871
01:05:22,400 --> 01:05:26,600
वो अगर वो सुन रहा तो सुनले धन से सही बात बता रहा हूं मैं आपको

872
01:05:26,600 --> 01:05:30,880
जो छुप रहा है त साले सामने आ बिल्कुल सामने आके बात कर भाई हम तो शास्त्रों के ऊपर बिल्कुल तैयार

873
01:05:30,880 --> 01:05:35,280
है करो अपना फोन नंबर दो इतना दम है तो दम रखो अरे भाई

874
01:05:35,280 --> 01:05:39,640
डंके की चोट चोट पर हमने जो है अपना नंबर दिया हुआ है

875
01:05:39,640 --> 01:05:43,760
कि बकुल आप आइए हमको फोन करिए जगह

876
01:05:43,760 --> 01:05:48,160
तय करिए अगर हम नहीं आ रहे हैं आपके यहां पर

877
01:05:48,160 --> 01:05:52,200
तो हम लोग आप हमारे यहां नहीं आ सकते हम आपके यहां नहीं आ सकते तो कोई बीच की

878
01:05:52,200 --> 01:05:56,400
जगह ढूंढेंगे बीच का कोई चैनल देखेंगे आजकल बहुत चैनल

879
01:05:56,400 --> 01:05:58,760
है जो पॉडकास्ट करवाते हैं दो लोगों

880
01:05:58,760 --> 01:06:02,920
को वहां पर बातें करवाते हैं कोई ना कोई चैनल ढूंढ लेंगे मगर इतना गर्स तो

881
01:06:02,920 --> 01:06:06,920
इतना साहस तो उसमें साहस उतना ही है डर पोको की तरह वहां पर

882
01:06:06,920 --> 01:06:11,320
अकेले कमरे में क्यों नहीं आ रहा भाई तू इसका ही जवाब दे दे

883
01:06:11,320 --> 01:06:15,480
क्या तेरे तेरी उंगलियां काप रही है क्या शिवांश नारायण द्विवेदी का नंबर मिलाते

884
01:06:15,480 --> 01:06:19,720
समय आप सराइट पीके आ जाना तो

885
01:06:19,720 --> 01:06:23,760
डर के आगे जीत है कहां र शिवांश

886
01:06:23,760 --> 01:06:27,720
नारायण द्विवेदी का सामना कैसे करें

887
01:06:27,720 --> 01:06:31,720
सही बात है वोने बस केवल अपने कमरे में बैठ कर जो

888
01:06:31,720 --> 01:06:35,800
बोलना है अरे भाई आके सामने बोलना कोई हाथ पैरों की लड़ाई नहीं

889
01:06:35,800 --> 01:06:39,800
है त ज्ञान चर्चा करा करके और अगर हाथ

890
01:06:39,800 --> 01:06:43,840
पैरों की लड़ाई से डर लग रहा है तेरे को तो तू ऑनलाइन आा तेरे को लग रहा

891
01:06:43,840 --> 01:06:47,880
हो कहीं मैं सामने गया सामने गया फिजिकली गया तोय उठा के

892
01:06:47,880 --> 01:06:51,920
पटक ना दे अगर ऐसा डर लग रहा हो तो बात अलग है त भाई ऑनलाइन आा

893
01:06:51,920 --> 01:06:55,960
फिर कैसे तो आा या तेरे में केवल

894
01:06:55,960 --> 01:07:00,880
इतना ही गुरु भक्ति है कि तू अपने बंद कमरे में बैठ कर के अपने पीछे का जो वो

895
01:07:00,880 --> 01:07:05,080
क्या कहते हैं वो ग्रीन स्क्रीन लगा के बैकग्राउंड बढ़िया

896
01:07:05,080 --> 01:07:09,800
सा लगा के और तू ध्रुव राठी की नकल कर सके बस इतना ही है तेरे पास

897
01:07:09,800 --> 01:07:13,840
इतने ही धर्म है तेरे पास इतना ही ईश्वर की भक्ति है तेरे पास इतना ही गुरु भक्ति

898
01:07:13,840 --> 01:07:18,400
है तेरे पास सामने आना ना तेरी जगह ना मेरी जगह

899
01:07:18,400 --> 01:07:22,520
और यही बात में एमपी खबर फास्ट वालो से कहूंगा तुम्हारे अंदर इतना

900
01:07:22,520 --> 01:07:26,840
साहस है इतनी ज्ञान चर्चा की भूख है तुम मिलाओ

901
01:07:26,840 --> 01:07:30,920
फोन व हेमंत

902
01:07:30,920 --> 01:07:35,400
द आप इसकी जगह पर बात करें मगर नहीं

903
01:07:35,400 --> 01:07:39,440
डर लगता है ना अब तो इनकी गरमा गीता कीय सब पढ़ डाली

904
01:07:39,440 --> 01:07:45,440
हमने

905
01:07:46,600 --> 01:07:50,680
वव मैं महाराष्ट्र से राजस्थान गया था इन लोगों से

906
01:07:50,680 --> 01:07:55,720
बात भी किया था और अभिषेक से भी बात किया था न्यूज दिल्ली से

907
01:07:55,720 --> 01:07:59,800
मेरी टीम आएगी एक दिन पहले भी पता किया आने वाली आपकी टीम बोला

908
01:07:59,800 --> 01:08:04,000
आएगी लेकिन बिल्कुल नहीं दूसरे दिन फोन भी नहीं उठाया

909
01:08:04,000 --> 01:08:07,960
और मैंने ट भी मैसेज किया

910
01:08:07,960 --> 01:08:12,040
है नहीं आने वाले पहली

911
01:08:12,040 --> 01:08:16,080
बात हमने तीन बात एक मिनट हमने तीन

912
01:08:16,080 --> 01:08:20,440
मुख्य बातें समझी है उसको रिवाइज कर लीजिए ये इनका ढोंग

913
01:08:20,440 --> 01:08:24,560
है कि सद ग्रंथ है यह भगवान है काल या वो

914
01:08:24,560 --> 01:08:28,680
ब्रह्मा विष्णु भगवान है ये इनका ढोंग है

915
01:08:28,680 --> 01:08:29,180
ये

916
01:08:29,000 --> 01:08:33,200
आप ये भगवान वाले कोई लक्षण घटित नहीं होते हैं क्योंकि इन्हीं

917
01:08:33,200 --> 01:08:37,320
के अनुसार वो मूर्ख है कामी है क्रोधी है सब कुछ है मुक्त भी

918
01:08:37,320 --> 01:08:41,760
नहीं है तो भगवान नहीं है

919
01:08:41,760 --> 01:08:45,960
तो ये क्यों कहते हैं भगवान जिससे कि आप इन पर ये आक्षेप ना लगा सके

920
01:08:45,960 --> 01:08:50,000
कि आपने ये कैसे कह दिया कि भगवान नहीं है तो इसलिए भगवान कहते

921
01:08:50,000 --> 01:08:54,200
हैं मगर जगह जगह पर अपनी वास्तविक मनसा भी बता देते हैं और

922
01:08:54,200 --> 01:08:58,320
यह सद ग्रंथ भी नहीं है य वास्तविक मंशा है कि वास्तव में इनका मन यही है कि इनको

923
01:08:58,320 --> 01:09:02,840
फाड़ के फेंक दो ये उन ग्रंथों का उपयोग हिंदुओं को हिंदुत्व

924
01:09:02,840 --> 01:09:07,320
से दूर ले जाने के लिए करते हैं बस

925
01:09:07,320 --> 01:09:11,640
इतना उपयोग है इसलिए कहते पवित्र सद ग्रंथ बाकी इनको कोई मतलब

926
01:09:11,640 --> 01:09:15,720
नहीं है दूसरी बात य य जो ढंडोरा पीटते हैं कि

927
01:09:15,720 --> 01:09:19,760
इनके ग्रंथों में अपमान नहीं है वो हमने देख लिया अपमान बहुत है तीसरी बात य

928
01:09:19,760 --> 01:09:23,760
है कि यह जो आक्षेप लगा रहे हैं लीलाओं के ऊपर उसका निराकरण क्या

929
01:09:23,760 --> 01:09:28,000
है कि जो मैनी सृष्टि के होते हैं वही नियम

930
01:09:28,000 --> 01:09:32,120
जो भगवान का जो क्या कहते हैं जो लीला

931
01:09:32,120 --> 01:09:36,280
वाली जो लीला वाला जो संसार है उसमें एस इट वही

932
01:09:36,280 --> 01:09:40,880
के वही नियम लागू नहीं होते हैं वो आपको प्रतीकात्मक व्याख्या

933
01:09:40,880 --> 01:09:44,160
के रूप में लीलाए करके बताई जाती है कि यह जो

934
01:09:44,160 --> 01:09:48,200
विश्व को चलाने वाली विश्व को उत्पन्न करने वाली शक्तियां है वह

935
01:09:48,200 --> 01:09:52,240
कार्य कैसे करती हैं और

936
01:09:52,240 --> 01:09:57,200
एक तत्व आपको बताने के लिए कि ईश्वर सर्व समर्थवादी

937
01:09:57,200 --> 01:10:01,200
कर सकता है तो ये जितनी भी जितने भी

938
01:10:01,200 --> 01:10:05,200
मोती है लीलाओं के ये अलग-अलग प्रकार की लीलाएं जो

939
01:10:05,200 --> 01:10:09,480
आपको अलग अलग प्रकार के अर्थ बता रही है इन सब मोतियों में एक जो धागा

940
01:10:09,480 --> 01:10:13,640
पिरोया गया है वह क्या है ईश्वर आपको अनेका अनेक लीलाओं के द्वारा

941
01:10:13,640 --> 01:10:17,640
य बता रहा है ये जो मानवो चित नियम मेरे ऊपर लागू नहीं होते हैं मैं

942
01:10:17,640 --> 01:10:21,640
सर्व सामर्थ्य मान पूर्ण ईश्वर हूं पूर्ण परब्रह्म हूं पूर्ण का मतलब

943
01:10:21,640 --> 01:10:25,800
समझते हो जिसमें किसी भी तरह का अभाव नहीं हो सकता

944
01:10:25,800 --> 01:10:30,320
अभाव वो है पूर्ण तो वो पूर्णता

945
01:10:30,320 --> 01:10:34,520
बता रहे सामर्थ वान है और

946
01:10:34,520 --> 01:10:38,800
चौथी चीज य है कि भाई फैक्ट बाई अभिषेक अगर तेरे को बहुत अच्छे से फैक्ट मालूम

947
01:10:38,800 --> 01:10:42,920
है और तू जेल कट्टू नहीं किसी वास्तविक तत्वदर्शी का

948
01:10:42,920 --> 01:10:47,560
चेला है तो भाई फोन कर हम लोग किसी बीच के स्थान पर मिलेंगे

949
01:10:47,560 --> 01:10:51,720
धरातल पर या फिर ऑनलाइन और हम लोग बात करेंगे यही बात मैं हेमंत दास

950
01:10:51,720 --> 01:10:55,800
को भी कहूंगा कि तू फोन कर भाई मुझे और हम लोग किसी बीच

951
01:10:55,800 --> 01:10:59,240
के चैनल को ढूंढते हैं या फिर किसी बीच की जगह ढूंढते

952
01:10:59,240 --> 01:11:03,400
हैं वहा हम लोग बात करेंगे कर ले भाई

953
01:11:03,400 --> 01:11:07,520
मगर नहीं होगा यह तुमसे होगा नहीं इसीलिए मैं कहता

954
01:11:07,520 --> 01:11:11,680
हूं कि मत पढो चक्कर में कोई है नहीं टक्कर में

955
01:11:11,680 --> 01:11:15,680
आज इतने दिन हो गए एक फोन नहीं मिला पाए तुम लोग 35 35 हजार का

956
01:11:15,680 --> 01:11:20,440
वो फॉलोअर चला रहे हो अरे फोन क्यों नहीं मिला

957
01:11:20,440 --> 01:11:24,560
रहे अरे मैं इनके फॉलोअर से पूछ रहा हूं भाई इनसे पूछो ना

958
01:11:24,560 --> 01:11:28,640
कि तुम डर क्यों शिवांश से चर्चा करो उसके चैनल पर मत जाओ

959
01:11:28,640 --> 01:11:32,720
मेरे चैनल पर मत आओ क्योंकि तुम मेरे पर य आरोप लगा दोगे कि मैं

960
01:11:32,720 --> 01:11:36,920
हटा देता हूं यह कर देता हूं किसी थर्ड पर्सन को ढूंढते हैं ना वहां

961
01:11:36,920 --> 01:11:41,120
पर बात करते हैं ना फिर अब किस बात का डर है तो

962
01:11:41,120 --> 01:11:45,280
पूछो झूठ भाई अभिषेक के चेलो अपने झूठ भाई अभिषेक

963
01:11:45,280 --> 01:11:49,400
से पूछो जाकर के कि शिवांश से आमना सामना कब करोगे

964
01:11:49,400 --> 01:11:53,400
हेमंत दास से पूछो शिवांश द्विवेदी से आमना सामना

965
01:11:53,400 --> 01:11:57,400
कब करोगे और जो वहां पर आने चिल्लर है जो

966
01:11:57,400 --> 01:12:01,600
वहां पर आने वाली चिल्लर है हेमंत दास को छोड़ कर के जो वहां

967
01:12:01,600 --> 01:12:06,400
पर आने वाली चिल्लर है उसको अगर आना है बात करने तो य आए वो

968
01:12:06,400 --> 01:12:10,440
चिल्लर उस चिल्लर को अगर आना है उसके लिए मैं थोड़ी ना

969
01:12:10,440 --> 01:12:14,640
जाऊंगा कि मैं यहां जाऊ वहां जाऊ मैं तो उस आदमी के साथ बात करने

970
01:12:14,640 --> 01:12:18,800
दूसरे चैनल पर जाऊंगा उस आदमी के साथ बात करने अपने घर से निकल

971
01:12:18,800 --> 01:12:23,440
कर के दो कदम भी जाऊंगा जिस आदमी के साथ बात करने पर

972
01:12:23,440 --> 01:12:27,720
कोई कोई नती निकले कोई परिणाम प्राप्त

973
01:12:27,720 --> 01:12:31,760
हो तुम चिल्लर को मैंने अगर चुप करा भी दिया

974
01:12:31,760 --> 01:12:36,120
तो क्या मिलेगा तुम्हारा कोई अस्तित्व ही नहीं अरे हेमंत दास और फैक्ट भाई अभिषेक

975
01:12:36,120 --> 01:12:40,120
का अगर मुह बंद करूंगा मैं तो वहां 35000 लोग जुड़े हुए हैं

976
01:12:40,120 --> 01:12:44,560
ना वो देखेंगे ना कि हम जिसको फॉलो कर रहे हैं कैसे उसका मुह बंद हुआ हेमंत

977
01:12:44,560 --> 01:12:48,560
दास को फॉलो करने वाले देखेंगे ना कि भाई देखो जिसको हम फॉलो कर

978
01:12:48,560 --> 01:12:53,320
रहे उसका कैसे मुह बंद हुआ और ये जो चिल्लर है व

979
01:12:53,320 --> 01:12:57,480
एक काला नेपाली है कोई वो आता है उसका

980
01:12:57,480 --> 01:13:01,800
जो क्या कहते हैं जो स्किन टोन है उसका श्याम है काफी

981
01:13:01,800 --> 01:13:05,920
दबा हुआ रंग वो आता है और

982
01:13:05,920 --> 01:13:10,040
वो शिवम दास है गाली दे रहे हैं बैठ कर के तुम चिल्लर से बात करने के लिए मैं

983
01:13:10,040 --> 01:13:14,040
ये नहीं करूंगा कि मैं किसी थर्ड पार्टी को ढूंढू या तो तुम अपने

984
01:13:14,040 --> 01:13:18,280
आप तुम आज के टाइम में क्या हो शून्य नथिंग कौन जानता है

985
01:13:18,280 --> 01:13:22,320
तुम्हें तो तुमसे बात करने के लिए मैं क्यों आऊ कि तुमने कहा कि भैया मेरे

986
01:13:22,320 --> 01:13:27,120
से बात करने आ एटा आ जाओ ग्वालियर आ जाओ तो मैं क्यों जाऊंगा

987
01:13:27,120 --> 01:13:29,840
तुम हो क्या पहले अपने आप को ऐसा

988
01:13:29,840 --> 01:13:33,960
बनाओ कि मुझे तुमसे बात करने की आवश्यकता लगे तो मैं आऊंगा तुमसे

989
01:13:33,960 --> 01:13:38,040
बात करने जैसे आज तुमको मुझसे बात करने की आवश्यकता लगी तो तुम य आए

990
01:13:38,040 --> 01:13:42,120
ना चैनल पर तो अगर उससे पहले जब तक तुम

991
01:13:42,120 --> 01:13:46,280
कुछ नहीं हो जब तक तुम शून्य हो तब तक तुम्ह अगर मुझसे बात करनी है

992
01:13:46,280 --> 01:13:50,320
तो आप यहां पर आइए और यहां पर आकर के मात करिए और

993
01:13:50,320 --> 01:13:54,320
जो फैक्ट भाई अभिषेक है ये जेल कट्टू का जो झूठ

994
01:13:54,320 --> 01:13:58,480
भाई अभिषेक नाम का चेला है वो उसके

995
01:13:58,480 --> 01:14:02,720
फॉलोअर्स उससे पूछो कि तुम शिवांश द्विवेदी से इतना क्यों डर रहे हो भाई

996
01:14:02,720 --> 01:14:07,560
जाकर के उससे प्रत्यक्ष वार्ता करने के लिए उसको फोन मिलाइए

997
01:14:07,560 --> 01:14:11,560
वो आपको ललकार रहा है आपकी कहां है आपका पुरुषत्व कहां है पौरुष कहां

998
01:14:11,560 --> 01:14:15,560
है क्या पुरुषत्व है नहीं क्या वो भी काल के साथ

999
01:14:15,560 --> 01:14:20,000
चला गया क्या तो ये सब पूछिए

1000
01:14:20,000 --> 01:14:24,080
हेमंत दास के फॉलोअर्स हेमंत दास

1001
01:14:24,080 --> 01:14:28,280
से पूछो क्या कब कर रहे हो उसके साथ आमना सामना कब करोगे उससे

1002
01:14:28,280 --> 01:14:32,360
आमने सामने की बात करो मिलाओ उसको

1003
01:14:32,360 --> 01:14:36,400
फोन सर अगर यह खुद नहीं आ सकते ना अपने अपने गुरु को जेल से

1004
01:14:36,400 --> 01:14:40,560
भेज कुछ तो करें अगर इनके बस का नहीं गुरु को भेज वही होता

1005
01:14:40,560 --> 01:14:44,960
तो बात ही क्या थ नहीं उसको बो बाहर आ लीला दर्शी

1006
01:14:44,960 --> 01:14:48,960
तो बाहर निकल के आ जाएगा युद्ध लड़ने क भीते लीला कर

1007
01:14:48,960 --> 01:14:54,960
रहे यहा भीते व उ आ जाएंगे

1008
01:14:55,560 --> 01:14:59,600
बाहर आने की तो जरूरत ही नहीं ही व्यवस्था हो जाए तो ऑनलाइन ऐसी चीज है कि

1009
01:14:59,600 --> 01:15:03,760
लाइव रहते हुए कोई यह भी नहीं कह सकता कर दिया

1010
01:15:03,760 --> 01:15:08,000
या आदि आदि कुछ कर दिया अगर लाइव रहेगा सबके सामने स्पष्ट

1011
01:15:08,000 --> 01:15:12,000
रहेगा कि प्रथम भाग से लेकर अंतिम भाग तक क्या क्या वार्ता

1012
01:15:12,000 --> 01:15:15,800
हुई और क्या क्या चीज कही

1013
01:15:15,800 --> 01:15:18,800
गई

1014
01:15:18,800 --> 01:15:23,200
सरय यह लोग यह कहते हैं कि यह कैसे कर सकते हैं भगवान

1015
01:15:23,200 --> 01:15:27,680
एक बात बताओ कि इनकी इनकी परिभाषा

1016
01:15:27,680 --> 01:15:31,840
के अनुसार क्या ईश्वर किसी की किसी का मल

1017
01:15:31,840 --> 01:15:36,520
साफ कर सकता है

1018
01:15:36,520 --> 01:15:40,760
क्या मल साफ करने की बात हो रही है यहां पर क्या ईश्वर

1019
01:15:40,760 --> 01:15:46,760
इनकी परिभाषा के अनुसार किसी का मल साफ कर सकता है

1020
01:15:48,400 --> 01:15:52,400
क्या सर आपसे ना रिक्वेस्ट है इन मूर्खों से ऐसे सवाल ना करो

1021
01:15:52,400 --> 01:15:58,400
य इसको ना किसी और तरीके से सामने आपको पता नहीं मूर्खों

1022
01:16:05,560 --> 01:16:09,560
का तो अभी इनको एक रिकॉर्डिंग सुनाते हैं वो रिकॉर्डिंग जरा

1023
01:16:09,560 --> 01:16:15,200
सुनाइए

1024
01:16:15,200 --> 01:16:18,120
[संगीत]

1025
01:16:18,120 --> 01:16:24,120
भैया मस्टे ये सेवादार नहीं है

1026
01:16:25,280 --> 01:16:29,320
वही आसपास कर ल उसी

1027
01:16:29,320 --> 01:16:35,320
टाइम आ भत का

1028
01:16:38,120 --> 01:16:41,160
टा

1029
01:16:41,160 --> 01:16:45,280
आ उसकी ट ठ उसके कपड़े

1030
01:16:45,280 --> 01:16:51,280
धोए एक महीने में सेवक आया एक महीना जाता हु उसकी सेवा

1031
01:16:53,360 --> 01:16:58,240
करते पीछे थोड़ा पीछे मल साफ करने वाली बात आ

1032
01:16:58,240 --> 01:17:02,320
इस वो तो चला गया और वो त्रिलोचन

1033
01:17:02,320 --> 01:17:06,640
भक्त ज्यादा कष्ट हो गया उठ भी नहीं टटी

1034
01:17:06,640 --> 01:17:10,720
भी वही आसपास करने लग गया परमात्मा

1035
01:17:10,720 --> 01:17:15,600
उसी टाइम आ ग भगत का रू बना उसकी टटी

1036
01:17:15,600 --> 01:17:19,680
ठ उसके कपड़े धोए बस करिए

1037
01:17:19,680 --> 01:17:23,840
बस करिए क्या क्या साफ किया

1038
01:17:23,840 --> 01:17:28,000
उसने परमात्मा ने परमात्मा ने क्या

1039
01:17:28,000 --> 01:17:32,720
क्या साफ किया भाइयों सुन लिया ना

1040
01:17:32,720 --> 01:17:37,360
आपने यह लोग कहते हैं ना अरे भगवान कैसे हो सकता है भाई भगवान

1041
01:17:37,360 --> 01:17:41,400
तो सर्व सामर्थ्य वान है मगर तुम देख लो तुम्हारा भगवान क्या कर रहा

1042
01:17:41,400 --> 01:17:45,640
है अब यह बताओ उसको आने की क्या जरूरत है वही से कोई शक्ति नहीं कर सकता

1043
01:17:45,640 --> 01:17:49,840
जिससे वो साफ हो

1044
01:17:49,840 --> 01:17:55,840
जाए तो आप कह दोगे लीला हैय तो

1045
01:17:58,040 --> 01:18:03,000
इनका वो काम

1046
01:18:03,000 --> 01:18:07,000
हैय ये करे तो यह करे तो कहते ना अपना लीला

1047
01:18:07,000 --> 01:18:11,200
और हम कर तो करेक्टर ला वो बात हो जाती है भाई

1048
01:18:11,200 --> 01:18:15,360
ईश्वर के ऊपर वो नियम लागू ही नहीं होते हैं पहली बात जो मानवों के ऊपर होते

1049
01:18:15,360 --> 01:18:19,360
हैं हमारे लिए अच्छाई बुराई क्या है जो हमें

1050
01:18:19,360 --> 01:18:23,480
मुक्ति दिलाए वो अच्छाई जो हमें मुक्ति में बाधा हो वो

1051
01:18:23,480 --> 01:18:27,480
बुराई भगवान को थोड़ी ना मुक्त होना है जी जी

1052
01:18:27,480 --> 01:18:31,840
जी ब जो उनके ऊपर य मानवो चित नियम लागू होंगे

1053
01:18:31,840 --> 01:18:36,440
जी जी जी और इसी बात को भगवान ने कहा है उसमें

1054
01:18:36,440 --> 01:18:40,760
कि वोह मूर्ख है जो मुझे मनुष्य शरीर में देख कर के मुझे मानवों

1055
01:18:40,760 --> 01:18:45,600
जैसा समझते हैं यही बात क है अध्याय न

1056
01:18:45,600 --> 01:18:49,680
अध्याय न श्लोक 11 हा वो यही बता रहे हैं भगवान के

1057
01:18:49,680 --> 01:18:53,840
वो मूर्ख है जो मुझे मानव शरीर में देख कर के मेरे ब्रह्म तत्व को भूल जाते

1058
01:18:53,840 --> 01:18:57,960
हैं मुझे लोगों का ईवर नहीं समझते य

1059
01:18:57,960 --> 01:19:03,960
मानव शरीर में बिल्कुल

1060
01:19:04,240 --> 01:19:10,040
सही गीता उपदेश बोलिए हा

1061
01:19:10,040 --> 01:19:14,240
बोलिए मैं यह कह रहा हूं हेलो आवाज

1062
01:19:14,240 --> 01:19:18,760
आ रही है सर बोलिए आवाज आ रही

1063
01:19:18,760 --> 01:19:22,880
क्या ऐसे कह रहा हूं यह कहते हैं कि हमारा रामपाल जी है

1064
01:19:22,880 --> 01:19:27,840
जो य मेट देता है मेट देता है

1065
01:19:27,840 --> 01:19:32,680
लेकिन इनके स्वयं के चेले कैंसर

1066
01:19:32,680 --> 01:19:36,880
अभी जो कट्टर चेला था इनका वह कैंसर से मरा है अभी थोड़ी दिन

1067
01:19:36,880 --> 01:19:41,320
पहले [संगीत]

1068
01:19:41,320 --> 01:19:45,480
अच्छा हा और फिर मैंने दूसरे च से पूछा

1069
01:19:45,480 --> 01:19:49,800
कि भाई यह कैसे हुआ रामपाल का

1070
01:19:49,800 --> 01:19:53,920
मैंने उसके दूसरे चेले से पूछा कि मैंने यह कैसे हो गया भाई व रोज ही ना

1071
01:19:53,920 --> 01:19:57,920
मेरे से मिलता कहता था कि तुम चेले बन जाओ रामपाल के मैंने

1072
01:19:57,920 --> 01:20:01,920
उससे पूछा वो तो कैंसर से मर गया क्या हुआ उसका ऐसे

1073
01:20:01,920 --> 01:20:07,920
बोलते हैं वह कुछ भक्ति करने में गलती करता

1074
01:20:08,000 --> 01:20:12,080
था हम लोग तो ज हम

1075
01:20:12,080 --> 01:20:16,200
लोग जो बोलते थे वह क्या बोलते थे रामपाल फिर एक दिन एक

1076
01:20:16,200 --> 01:20:20,360
व्यक्ति आया इन्हीं का अमित दास उसने कहा कि वो जेल धाम में है

1077
01:20:20,360 --> 01:20:24,920
तो हमने कहना चालू किया जेल धाम निवासी अब इह भाई जेल

1078
01:20:24,920 --> 01:20:29,080
निवासी से भी दिक्कत हो गई तो अब क्या कहे जेल दम निवासी नहीं कहे तो जेल

1079
01:20:29,080 --> 01:20:33,080
कट्टू कहे इसने यह कहा एक

1080
01:20:33,080 --> 01:20:37,360
कोई इनका वो है जो यहां पर आ चुका है मुख खा चुका है

1081
01:20:37,360 --> 01:20:43,360
वो वहां पर बड़ाया करता है तो वहां पर बोल रहा है कि

1082
01:20:43,800 --> 01:20:47,960
वह वह जेल धाम निवासी नहीं है व तो सतलोक निवासी

1083
01:20:47,960 --> 01:20:52,120
है जेल में तो व है इस समय तो है थोड़ी देर के लिए तो काट

1084
01:20:52,120 --> 01:20:56,120
रहे हैं ना जेल इस समय जेल काट रहे हैं

1085
01:20:56,120 --> 01:21:00,320
ना तो जब जेल काट रहे हैं

1086
01:21:00,320 --> 01:21:04,400
सर ऐसे बोलते हैं सर

1087
01:21:04,400 --> 01:21:08,480
इसका एक चेला है वह ऐसे बोलता है कि वह लीला कर रहे हैं काल से

1088
01:21:08,480 --> 01:21:12,640
ूब रहे हैं वहां पर काल को पता नहीं चल जाए कि यह भगवान है तो यह

1089
01:21:12,640 --> 01:21:16,880
पुण्या आत्माओ को नहीं ले जाने देगा काल उसके पैर पकड़ लेगा इसलिए जेल में है

1090
01:21:16,880 --> 01:21:20,160
ऐसे बोलते

1091
01:21:20,160 --> 01:21:24,240
हैं तो कोई हो भाई जिसकी माता

1092
01:21:24,240 --> 01:21:28,400
जी ने जब से आप माता

1093
01:21:28,400 --> 01:21:31,560
जी ने निष्ठा

1094
01:21:31,560 --> 01:21:36,760
पूर्वक जिस जज ने इनको सजा

1095
01:21:36,760 --> 01:21:41,400
द उसकी आप कई वीडियो उसके पास भेज द उनका उत्तर

1096
01:21:41,400 --> 01:21:45,800
नहीं दे पाते हो और मेरे

1097
01:21:45,800 --> 01:21:49,960
मेरे पास फोन करके कहता है कि तुम तो परमात्मा है

1098
01:21:49,960 --> 01:21:54,040
जेल में लीला कर रहे लीला ऐसे करते हैं कि जेल के बाहर लीला

1099
01:21:54,040 --> 01:21:58,480
तो वो है जो मान ले वहां से निकल कर आ जाता

1100
01:21:58,480 --> 01:22:04,080
इनको बोलो ज बोले जिने

1101
01:22:04,080 --> 01:22:08,160
किया नहीं मैंने उनसे एक प्रश्न किया चलो मान लेते हैं

1102
01:22:08,160 --> 01:22:12,240
व लीला कर रहे हैं लेकिन वह लीला करते करते अंदर क्यों चले गए

1103
01:22:12,240 --> 01:22:18,240
बाहर क्यों नहीं आते हैं तो ऐसे बोलते

1104
01:22:18,360 --> 01:22:24,360
हैं परमात्मा है कुछ भी कर सकते हैं बाहर भी

1105
01:22:27,280 --> 01:22:33,280
अंदर उनको घ काटने की ला

1106
01:22:36,320 --> 01:22:40,160
काट व

1107
01:22:40,160 --> 01:22:44,240
जब जब जज ने सजा सुनाई थी ना ये रोने लग गए थे तब क्यों नहीं कहा कि

1108
01:22:44,240 --> 01:22:48,560
मैं लीला कर रहा हूं उसको पता था पागल खाने भेज देंगे

1109
01:22:48,560 --> 01:22:52,560
इसलिए लीला

1110
01:22:52,560 --> 01:22:55,760
बोलते अखलेश

1111
01:22:55,760 --> 01:23:00,040
हम भक्ति अ दास माता जी ने निष्ठा पूर्वक दूध पिलाया तो आप सामने

1112
01:23:00,040 --> 01:23:04,040
आकर बात करिए कमेंट मैं ही बात करने का गुर्दा

1113
01:23:04,040 --> 01:23:08,080
है क्या केवल साहस है क्या अपने गुरु के

1114
01:23:08,080 --> 01:23:12,080
लिए अपने धर्म के लिए ईश्वर के लिए आपका गुर्दा

1115
01:23:12,080 --> 01:23:16,480
नहीं बोलता है आप परर आके बात करें अखिलेश दास कह रहा पत्थर में परमात्मा

1116
01:23:16,480 --> 01:23:20,520
है जबक ये कच्छे में ढूंढते हैं अपने परमात्मा को कच्छे में हो गया उसके बाद फोटो में

1117
01:23:20,520 --> 01:23:25,000
हो गया फ्लेक्स में हो गया ऐसे तो ढूंढ रहे परमा आक्षेप

1118
01:23:25,000 --> 01:23:29,000
कर रहे हैं और क जूतों में ढूंढ रहे हैं आप इनके उनके इनके वहां

1119
01:23:29,000 --> 01:23:33,360
देखो फोटो वहा जूते बिछाए हुए 20 जूते के जोड़े है उनको प्रणाम

1120
01:23:33,360 --> 01:23:39,000
चल रहा है वहां प और चमड़े के जूते बताओ चमड़े के जूते पर कौन प्रणाम करता है

1121
01:23:39,000 --> 01:23:43,240
जी अरे भाई जो जिसका ईश्वर

1122
01:23:43,240 --> 01:23:48,400
ही आ कर के स्वयं का और जो है वो साफ कर रहा है

1123
01:23:48,400 --> 01:23:52,800
हा उसके पास इतनी शक्ति नहीं है कि वो वो जो है

1124
01:23:52,800 --> 01:23:55,160
उसको वही से साफ करवा दे कोई इतनी

1125
01:23:55,160 --> 01:23:59,160
सारी मशीने है आजकल वो साफ नहीं करवा पा व खुद आ करके साफ

1126
01:23:59,160 --> 01:24:03,200
कर रहा है बोलने में शर्म आ रही है शिवा जी आपको य बात

1127
01:24:03,200 --> 01:24:07,480
पता नहीं होगी पीछे इन्होने क्या करा कि रामपाल के ना कच्छे और बनियान जो है ना

1128
01:24:07,480 --> 01:24:11,480
वो बेचने पर लगा दिया कहते जो जो इसको परचेस करके फोटो की तरह इसको लगा

1129
01:24:11,480 --> 01:24:15,560
लो ऐसे ऐसे इनके

1130
01:24:15,560 --> 01:24:19,960
प्रोपेगेंडा करोड़ों कच्छे ने भेज दिए इस चक्कर में कितने डाल

1131
01:24:19,960 --> 01:24:24,360
लिएने बात है और उस क में कैसा भगवान दिख रहा हैको मुझे

1132
01:24:24,360 --> 01:24:28,000
समझ नहीं आ रहा

1133
01:24:28,000 --> 01:24:32,560
जी हर हर महादेव सभी लोगों को शिवा हर हर महादेव

1134
01:24:32,560 --> 01:24:37,440
हर हर महादेव

1135
01:24:37,440 --> 01:24:41,680
ऐसे ऐसे बोलते हैं कि इनको ऐसे पढ़ाया

1136
01:24:41,680 --> 01:24:46,000
गया है कि तुम दूसरे की बात मत सुनो स्वयम की बात को दूसरे को सुनाओ लेकिन स्म

1137
01:24:46,000 --> 01:24:50,000
मत सुनो अगला कुछ भी कहता है सत्य कहता है सत्य कता उसको मत

1138
01:24:50,000 --> 01:24:54,560
सुनो लेकिन तुम उसको सुनाओ अपनी बात

1139
01:24:54,560 --> 01:24:58,720
किसी भी प्रकार मनवा उसकी इस बात को कि ये ऐसा है सर पता

1140
01:24:58,720 --> 01:25:03,080
क्या है उसका कारण य है ना ये लोग कुए में रहते कुए में सीनियर

1141
01:25:03,080 --> 01:25:07,080
मेंडक होता था ना उसको इनको मेंको को लगता था ये सीनियर वाले से ऊपर कुछ

1142
01:25:07,080 --> 01:25:10,280
है ही नहीं है अब ये कूद गए समुंदर में तब करके परेशान

1143
01:25:10,280 --> 01:25:14,360
हो रहे हैं अब समुंदर में बैठे हैं जबरदस्त बंदे इस

1144
01:25:14,360 --> 01:25:18,360
करके घबराए पड़े हैं उनका बाप

1145
01:25:18,360 --> 01:25:22,640
सर ऐसे कहते हैं कि ये बता रहे हैं देखिए ये बता रहे हैं मैंने अपनी आंखों

1146
01:25:22,640 --> 01:25:27,680
से देखा है एक एक मिनट मैंने अपनी आंखों से देखा

1147
01:25:27,680 --> 01:25:33,000
है उनके आश्रम से प्रसाद में थूक मिलाया जाता

1148
01:25:33,000 --> 01:25:37,080
है हम लोगों ने खुद देखा है कि जेल से रामपाल का थूक

1149
01:25:37,080 --> 01:25:41,120
लाए थे

1150
01:25:41,120 --> 01:25:45,320
थूक सर थूक तो छोड़ो आप मेरी बात सुनो ये खीर जो

1151
01:25:45,320 --> 01:25:49,400
बनाते थे ना उनके ऊपर दूध डाल के अब दूध देखो कौन कौन से स्पेयर पार्ट से होके

1152
01:25:49,400 --> 01:25:53,520
आता होगा लास्ट में कहां से आता होगा और फिर ये पीते हैं उसकी खीर बना के

1153
01:25:53,520 --> 01:25:59,520
आप ये सोचो क्या क्या मिक्स होता होगा ये सोचने वाली बात

1154
01:26:00,560 --> 01:26:04,640
है बसाद मल मूत्र की र मल मूत्र की खीर खाते

1155
01:26:04,640 --> 01:26:08,920
थे लोग अब सोचने वाली बात है सोचो कोई खाता है ऐसे एक मिनट

1156
01:26:08,920 --> 01:26:13,040
तो सनातन परते थे वहा से हो हो के नीचे से होके वहां से चलता

1157
01:26:13,040 --> 01:26:17,160
था प्रोग्राम सारा पाइप के थ्रू होता था सारा ये सारा नेट के ऊपर आप

1158
01:26:17,160 --> 01:26:21,240
कितने स्थानों प मंदिरों में ऐसी परंपरा है की परछाई भी ना आए सूर्य की

1159
01:26:21,240 --> 01:26:25,640
किरण भीना इतनी शुद्धि में रख के प्रसाद को लेकर जाकर निवेदन करकर फिर

1160
01:26:25,640 --> 01:26:30,000
वितरण किया जाता है और यहां ऐसी चीजें चल रही है इसको प्रसाद थोड़ी ना कहेंगे ये तो

1161
01:26:30,000 --> 01:26:34,120
क्या बीमारी का आगमन है सर ग प सर्च मारो

1162
01:26:34,120 --> 01:26:38,240
रामपाल के आश्रम में ये दूध से बनी खीर आपको देखो सारा

1163
01:26:38,240 --> 01:26:42,440
कुछ आएगा ये कैसे सिर के ऊपर से दूध गिरता था नीचे जाक सारे पार्ट में से

1164
01:26:42,440 --> 01:26:46,520
लास्ट में स्वेर पार्ट में से निकल के इनके नाली में से सीधा वहां प जाता था सारा ये

1165
01:26:46,520 --> 01:26:50,640
फिर उसके अंदर फिर ये उसको घोल के पता नहीं क्या क्या घोल के पिलाते होते और कहते

1166
01:26:50,640 --> 01:26:54,480
है ये प्रसाद है बताओ ऐसा प्रसाद होता है क्या

1167
01:26:54,480 --> 01:26:58,720
जी पाड़ी जी जी दो दिन लब चला

1168
01:26:58,720 --> 01:27:02,840
दो दिन दो दो घंटे की लैब चली उनको उनकी और पूरे दो

1169
01:27:02,840 --> 01:27:07,040
दो घंटे मिलके गालिया बकी सिरफ और कुछ नहीं और गुंडा

1170
01:27:07,040 --> 01:27:11,080
जैसे शब्द का इस्तेमाल किया गुंडे कौन है मैंने आपको एक लिंक

1171
01:27:11,080 --> 01:27:15,240
भेजा है इनके आश्रम में इनके भगत है जो बहुत सालों से नाम

1172
01:27:15,240 --> 01:27:15,740
दान लिया

1173
01:27:15,680 --> 01:27:19,880
था उनका विवाह हुआ था विवाह होने के बाद कुछ अनहोनी हो गई थी तो बिहार

1174
01:27:19,880 --> 01:27:24,360
टूट गया था तो जब आश्रम में गया सामली

1175
01:27:24,360 --> 01:27:28,520
तो वहां के लोग आश्रम के लोगों ने इसको बंद किया कमरे के अंदर और कन

1176
01:27:28,520 --> 01:27:32,600
पट्टी में गन पॉइंट में रख के इसकी बहुत पिटाई हुई

1177
01:27:32,600 --> 01:27:36,600
है यह वीडियो है साप उसका व बयान दे रहा व

1178
01:27:36,600 --> 01:27:40,920
आश्रम के बाहर मैंने आपको लिंक भेजा है

1179
01:27:40,920 --> 01:27:45,440
जी जी [संगीत] जी अकेले जाने ली बात

1180
01:27:45,440 --> 01:27:49,440
कैसे करते हैं वहा लोग भरोसा नहीं उनका गुंडा आपसे

1181
01:27:49,440 --> 01:27:55,440
बोलने गुंडागर्दी तो यह कर रहे कन पट्टी में बंदूक रख के मारा है

1182
01:27:56,400 --> 01:28:02,400
बताओ र ट में रहता हूं हरियाणा है

1183
01:28:02,720 --> 01:28:07,440
मेरार मामला इस तर है की 2019 में मेरी जो है

1184
01:28:07,440 --> 01:28:11,720
ल और जो मेरी पत्नी है वो मेरे साथ रहती

1185
01:28:11,720 --> 01:28:15,960
थ और उसके बाद वो उनको मैंने लिखाया पढ़ाया

1186
01:28:15,960 --> 01:28:20,200
जीम वगर करवाई उनको मैंने सरकारी नौकरी लगवा दी और य

1187
01:28:20,200 --> 01:28:24,680
प उनकी पोस्टिंग हो गई अपना थाना भन बल है रपर सीओ

1188
01:28:24,680 --> 01:28:28,920
की हुई शानी उसका नाम है और जी फिर

1189
01:28:28,920 --> 01:28:33,600
आज क्या हुआ है जी आश्रम में मैं गया हुआ था वे आश्रम

1190
01:28:33,600 --> 01:28:38,440
है वहा प जी शादी 201

1191
01:28:38,440 --> 01:28:44,440
में हमारी शादी चंडीगढ़ हाई

1192
01:28:45,320 --> 01:28:49,480
कोर्ट आ चंडीगढ़ हाई कोर्ट म उनके

1193
01:28:49,480 --> 01:28:54,200
अंग से ठीक है तो

1194
01:28:54,200 --> 01:28:58,240
उसके बाद जी मैं य प रहने के लिए मतलब जो वाइफ है

1195
01:28:58,240 --> 01:29:02,240
उनकी पोस्टिंग य हो ग यारपुर में तो मैं अपना सारा सामान गग उठा के य प

1196
01:29:02,240 --> 01:29:06,400
ले आया 20 में उनकी पोस्टिंग हुई थी पोस्टिंग के दौरान जी वो

1197
01:29:06,400 --> 01:29:10,520
फिर अपने बयान उन्होने चेंज कर दिए वो मेरे साथ मतलब मना कर

1198
01:29:10,520 --> 01:29:14,600
रहने के लिए अब आज आश्रम में सतलोक आश्रम खेड़ी

1199
01:29:14,600 --> 01:29:19,120
है आश्रम बुरा नहीं है पर वहा पर जो आज मेरे साथ हुआ

1200
01:29:19,120 --> 01:29:23,240
जो करवाने वाले है उनका आपको नाम बता रहा हूं उन्होने मेरे साथ बहुत

1201
01:29:23,240 --> 01:29:27,440
ही चार किए और मुझे एक बंद कमरे में ले जाकर 15

1202
01:29:27,440 --> 01:29:31,480
20 लोगों ने बहुत मारा पीटा और मुझे जान से मारने की धमकी

1203
01:29:31,480 --> 01:29:35,520
दी और कई जगह मुझे गुम चोटे भी आई हुई है मेडिकल भी करवाया

1204
01:29:35,520 --> 01:29:41,240
गया है जिन जाना और पिल मेरी कनपटी पर रखकर उन्होंने

1205
01:29:41,240 --> 01:29:45,320
हा ये देशराज है जी ठीक है उन्होंने

1206
01:29:45,320 --> 01:29:49,720
पिस्टल मेरी कनपटी पर रखकर सब बयान मेरे से लिखवा लिए

1207
01:29:49,720 --> 01:29:54,160
मतलब गलत बयान लिख त य पर ये करने आया था वो करने आया था

1208
01:29:54,160 --> 01:29:58,280
अब जब उन्होंने मेरे को मारा पीटा बहुत बहुत मारा पीटा और ऐसा मारा

1209
01:29:58,280 --> 01:30:00,680
पटा की व से मर के निकलता

1210
01:30:00,680 --> 01:30:04,760
बचने वाला नहीं था ब मेरे फोन भी दोनों ले लिए गए और जो मेरी

1211
01:30:04,760 --> 01:30:08,760
सब ा आईडी फ आईडी अपने नाम की कर ली गई है यह

1212
01:30:08,760 --> 01:30:12,920
बहुत लंबी है इस पूरी अंदर की कहानी है तो गुंडा किसको

1213
01:30:12,920 --> 01:30:17,120
बोल रहे थे

1214
01:30:17,120 --> 01:30:21,360
ये अरे भाई जिनका जिनके पास धर्म नहीं है उनको झूठ बोलने

1215
01:30:21,360 --> 01:30:26,080
के लिए कोई कारण नहीं चाहिए कुछ भी बोल

1216
01:30:26,080 --> 01:30:30,200
जिसके पास धर्म नहीं है वह सामने खड़ी हुई तीन स्त्रियों में कौन माता है कौन बहन

1217
01:30:30,200 --> 01:30:34,680
है कौन पत्नी है यह तक तय नहीं कर सकता

1218
01:30:34,680 --> 01:30:39,360
तो यह तो बहुत दूर की बात है झूठ बोलने में उसे कैसी

1219
01:30:39,360 --> 01:30:44,000
शर्म कुछ भी कर सकता है भाई

1220
01:30:44,000 --> 01:30:48,080
वो एक लिंक भेजा उसम बहुत सारी

1221
01:30:48,080 --> 01:30:54,080
मैं लिंक को दिखाऊंगा

1222
01:30:54,080 --> 01:30:58,160
आप प्राइवेट चैट में उस लिंक को दे दीजिए अभी जो आप

1223
01:30:58,160 --> 01:31:02,480
देना चाहो प्राइवेट चैट प कैसे आएगी

1224
01:31:02,480 --> 01:31:07,040
आप आप वहां से अपने फोन में ले लीजिए और ये जो यहां प्राइवेट

1225
01:31:07,040 --> 01:31:11,040
चैट है उसम ले दीजिए और चाहे तो

1226
01:31:11,040 --> 01:31:15,240
कमेंट भी कर सकते हैं वो तो वो है क्या कहते

1227
01:31:15,240 --> 01:31:20,280
हैं सार्वजनिक है कमेंट कर सकते हैं आप उसका है

1228
01:31:20,280 --> 01:31:24,280
ना अच्छा एक बात मैं कहना चाहूंगा कि इसने

1229
01:31:24,280 --> 01:31:28,440
यह जो झूठ भाई अभिषेक है इसने अपने चन उसमें यह बताया

1230
01:31:28,440 --> 01:31:32,600
कि भाई तुम्हारे पुराणों में ऐसा ऐसा है पहली बात इसने जो है संतोष

1231
01:31:32,600 --> 01:31:36,720
शब्द का व्याख्या नहीं करके बताइए संतुष्टि तक कैसे पहुंचेगा

1232
01:31:36,720 --> 01:31:40,840
मामला क्या सीता समझकर जो राम जी कर रहे होंगे वह

1233
01:31:40,840 --> 01:31:45,160
करने देंगी क्या रोकें ना और नहीं रोकें

1234
01:31:45,160 --> 01:31:49,840
तो यही तो अपमान है दूसरी बात

1235
01:31:49,840 --> 01:31:54,080
कि अगर तुम्हें चीजें समझ में नहीं आ रही है या फिर तुम्हा

1236
01:31:54,080 --> 01:31:58,160
हिसाब से इन पुराणों में सद ग्रंथों में जिनको तुम सद

1237
01:31:58,160 --> 01:31:59,160
ग्रंथ मानते नहीं हो

1238
01:31:59,160 --> 01:32:03,520
नाटक करते हो गलत लिखा है तो क्या इससे तुम्हें छूट

1239
01:32:03,520 --> 01:32:07,880
मिल गई कि तुम जो चाहोगे वह लिखोगे अगर

1240
01:32:07,880 --> 01:32:11,880
कहीं पर कोई किस्सा है भी तो उसी किस्से को वैसे ही

1241
01:32:11,880 --> 01:32:17,880
बोलो जैसे लिखा है कि तुमको छूट मिल गई अपने मन से बोलने

1242
01:32:17,880 --> 01:32:22,000
की हा अगर अगर पुराणों

1243
01:32:22,000 --> 01:32:26,680
में ऐसा हो रहा वैसा हो रहा तो दुर्गा के सा बलात्कार आप चिपका दोगे

1244
01:32:26,680 --> 01:32:30,760
अगर वहां से राम राम जी ने सीता माता के बारे में कुछ भी पूछ

1245
01:32:30,760 --> 01:32:35,280
लिया हनुमान जी से तो तुम यह भी लिख दोगे कि राम वो रावण का बिस्तर

1246
01:32:35,280 --> 01:32:41,000
शेष सजाती थी य वो

1247
01:32:41,000 --> 01:32:45,240
नीच नीच वहां भाई

1248
01:32:45,240 --> 01:32:49,560
अगर तुमको गलत भी लग रहा है तो गलत को उठा के यहां बोल दो

1249
01:32:49,560 --> 01:32:55,560
फिर तुम उसमें अपनी मिलावट क्यों कर रहे हो

1250
01:32:55,920 --> 01:33:01,920
हां बोलिए हरि राम चौधरी जी जय श्री

1251
01:33:02,080 --> 01:33:08,080
राम आवाज नहीं आ रही

1252
01:33:10,480 --> 01:33:15,000
आपकी बोलिए आवाज आ रही है आ रही है

1253
01:33:15,000 --> 01:33:19,000
सर एक तो देखो ऐसा अभी आप यह बात कर रहे थे दूध के जो खीर और

1254
01:33:19,000 --> 01:33:23,240
ये सब यह सब निराधार बातें सर मैंने इनको देखिए आप यहां पर वो बातें करिए

1255
01:33:23,240 --> 01:33:28,160
जो श आ तो अन्य बातो में ना करें

1256
01:33:28,160 --> 01:33:32,160
देखो इसलिए तो नहीं आते लोग जो कहते सुनते नहीं हो

1257
01:33:32,160 --> 01:33:36,520
देखिए शास्त्र की कोई बात करनी है आपको आपने निराधार

1258
01:33:36,520 --> 01:33:41,000
बातें की मैंने बो पड़ बा करनी है तो बताइए ना चाहिए

1259
01:33:41,000 --> 01:33:43,250
ली

1260
01:33:43,250 --> 01:33:47,560
[संगीत] शास्त्र भाई उन बातों पर बहस

1261
01:33:47,560 --> 01:33:51,720
करने का क्या मामला है हम दिखाएंगे आपको न्यूज रिपोर्ट आप भी तो उन्ही के आधार पर बोल रहे

1262
01:33:51,720 --> 01:33:57,720
हो

1263
01:34:01,960 --> 01:34:06,480
कोई शास्त्र के टॉपिक पर कोई बात सिद्ध करनी है आपको अपनी

1264
01:34:06,480 --> 01:34:10,480
देखो पिछली बार हमारी चर्चा हुई थी आपने वो धर्म की परिवा मैं

1265
01:34:10,480 --> 01:34:14,640
आपको पहले एक बात बता दूं कि जो जो विषय आप

1266
01:34:14,640 --> 01:34:18,760
छेड़ रहे हो उस पर बात करना क्यों निराधार है उसको समझ लो

1267
01:34:18,760 --> 01:34:22,880
क्योंकि वो शास्त्र सम्मत विषय नहीं है तो जिस

1268
01:34:22,880 --> 01:34:27,160
चीज को हम सबूत के रूप में पेश करेंगे उसको आप नाय

1269
01:34:27,160 --> 01:34:31,280
कर सकते हो जिस चीज को आप सबूत के रूप में पेश करोगे उसको

1270
01:34:31,280 --> 01:34:35,440
हम नाई कर सकते हैं क्योंकि वो लौकिक चीज है समझ

1271
01:34:35,440 --> 01:34:39,880
रहे ठीक है व कैसी ची लौकिक चीज है इसलिए वो

1272
01:34:39,880 --> 01:34:44,640
हमारे और आपके बीच की बहस का मुद्दा नहीं हो सकता

1273
01:34:44,640 --> 01:34:48,760
है आपने जब वहा पर जब वहां पर वो सब हुआ

1274
01:34:48,760 --> 01:34:52,960
हमें गुंडा कहा गया तो गुंडा का कोई आधार है वहां

1275
01:34:52,960 --> 01:34:57,000
पर वो उन्होने ग मैं मानता हूं इस चीज को उन्होंने कुछ शब्द गलत

1276
01:34:57,000 --> 01:35:01,040
यूज किए थे बात वो नहीं है जब उनसे हम पूछने जाएंगे

1277
01:35:01,040 --> 01:35:05,920
जब हम उनसे पूछने जाए आप वहां पर गए प्रतिकार करने ये गलत है मत बोलो

1278
01:35:05,920 --> 01:35:10,080
आप मेरी बात सुनो एक बार नहीं नहीं मैं पूछ रहा हूं आपने कहा वो गलत किया आप वहां

1279
01:35:10,080 --> 01:35:14,240
पर गए मत बोलो ये गलत है हम तो यहां पर कोई गलत सुनिए यहां

1280
01:35:14,240 --> 01:35:17,280
पर कोई गलत बात बोल रहा होता है उसको हम टोक हैं

1281
01:35:17,280 --> 01:35:21,280
आप गए वहां पर टोकने नहीं तो अब देखो एक बात बताओ जैसे

1282
01:35:21,280 --> 01:35:25,320
अग्रेसिव लोग तो हर धर्म में हर जगह हर जाति में कहीं ना कहीं तो होते हैं

1283
01:35:25,320 --> 01:35:29,440
नहीं ये तो आप क्लेम करते हो ना कि उनके तो सारे भक्त जो है वो है बहुत ज्यादा

1284
01:35:29,440 --> 01:35:33,440
पावन है मेरी बात सुनो आप भी जिस में हो जैसे

1285
01:35:33,440 --> 01:35:37,560
अग्रेसिव भक्त हो सकते हैं सब जगह वैसे ही गुटका खाने वाले भी हो सकते हैं

1286
01:35:37,560 --> 01:35:41,600
कि नहीं देखो कोई अगर जानबूझ कर के अपना कोई नुकसान कर रहा

1287
01:35:41,600 --> 01:35:45,600
है तो उसका तो मैं तो क्या कहूं उसके बारे में बताइए आप भाई

1288
01:35:45,600 --> 01:35:49,600
साहब आप जो टॉपिक है अगर कोई ऐसे विषय पर

1289
01:35:49,600 --> 01:35:54,240
बात करिए जिस पर आप जो प्रमाण दे तो उनको मैं प्रमाण के रूप में स्वीकार करूं

1290
01:35:54,240 --> 01:35:58,280
और मैं कोई प्रमाण दू तो आप प्रमाण के रूप में स्वीकार करें जो खीर वाला

1291
01:35:58,280 --> 01:36:02,480
टॉपिक है दूसरी चीज है वो हमें जो न्यूज से पता चल रहा है व य

1292
01:36:02,480 --> 01:36:06,680
बोल रहे आप उस न्यूज से जाकर के मना करिए जो ये बोल रही है जैसे

1293
01:36:06,680 --> 01:36:10,760
की ये जो उनके उनके आश्रम में गुंडागर्दी हुई कि

1294
01:36:10,760 --> 01:36:14,800
नहीं हुई तो यह व्यक्ति बोल रहा है आप उस चैनल पर जाकर के प्रतिकार

1295
01:36:14,800 --> 01:36:18,800
करिए भाई यह न्यूज मत फैलाओ हम तो वो न्यूज दिखा रहे हैं वो

1296
01:36:18,800 --> 01:36:24,280
कपटी पर गोली रख करके और जो है वहां पर बात हो रही है

1297
01:36:24,280 --> 01:36:28,360
अब देखो इ केसों के बारे में तो मैं तो क्या कहू एक दो जगह हो भी

1298
01:36:28,360 --> 01:36:32,440
जाता है तो मेरा तो इसमें मैंने जो आश्रम में देखा मैंने तोव बात कही आपसे और

1299
01:36:32,440 --> 01:36:36,480
य जो भाई साहब से अभी जो बात कर रहे थे कि ये व हस रहे थे तो मुझे लगा

1300
01:36:36,480 --> 01:36:40,640
आप खाली मतलब की बात करो श की बातें तो है

1301
01:36:40,640 --> 01:36:44,720
ही मगर जो प्रासंगिक विषय हमें न्यूज के माध्यम से पता चलेगा तो

1302
01:36:44,720 --> 01:36:49,080
ऐसे आखों में पट्टी थोड़ी ना बांध लेंगे हम लोग

1303
01:36:49,080 --> 01:36:54,280
आपके जो त है वो यह कहते हैं कि मैं परमेश्वर हूं

1304
01:36:54,280 --> 01:36:58,480
कहते हैं कि नहीं कहते हैं संत बताते हैं गुरु रामपाल जी

1305
01:36:58,480 --> 01:37:02,560
महाराज उन्होने ठोक के कहा है बड़ी भीर में कि इस

1306
01:37:02,560 --> 01:37:06,920
समय परमेश्वर इस दास के रूप में आपके सामने बैठा हुआ है

1307
01:37:06,920 --> 01:37:11,320
बिल्कुल सही कहा है तो परमेश्वर कहते हैं ना वो अपने आप

1308
01:37:11,320 --> 01:37:15,720
को गुरु है व तो गुरु मानते है अपने आप को हमारे लिए पर

1309
01:37:15,720 --> 01:37:20,280
गुरु नहीं परमेश्वर जो परमेश्वर पूर्ण ब्रह्म है

1310
01:37:20,280 --> 01:37:24,280
वो देखो अब अगर आप केवल शास्त्र बातें करोगे तो

1311
01:37:24,280 --> 01:37:28,360
फिर तो मेरा बोलना ही बेकार है की बात अभी नहीं कर रहा हूं मैं अभी आपको एक बात खोज

1312
01:37:28,360 --> 01:37:33,040
रहा हूं वो बता रहा हू बत्रा जी है ये काफी जो है बोल रहे थे तो

1313
01:37:33,040 --> 01:37:37,160
देख भाई साब आप अप आप अपनी जो तृष्णा है वो शांत करने के लिए अगर आए

1314
01:37:37,160 --> 01:37:41,320
हैं तो हम बात नहीं कर पाए देखो अब आपकी मर्जी है भाई

1315
01:37:41,320 --> 01:37:45,480
आपका चैनल है और तो क्या आप बोल रहे हो आते नहीं रामपाल जी के इसलिए आपसे मैं आपसे

1316
01:37:45,480 --> 01:37:47,720
भाई साहब ये पूछ रहा हूं वो पूर्ण

1317
01:37:47,720 --> 01:37:51,720
परमात्मा स्वयं को कहते हैं तो आप मानते हैं ना उन्हे पूर्ण परमात्मा

1318
01:37:51,720 --> 01:37:55,960
है वो वो खुद बता इस समय धरती पर संत रामपाल

1319
01:37:55,960 --> 01:38:00,520
जी महाराज पूर्ण गुरु है वो कुछ नहीं है वो सब बातें

1320
01:38:00,520 --> 01:38:04,880
आप वो सब बातें सिद्ध करिए शास्त्र से गीता

1321
01:38:04,880 --> 01:38:09,520
के चार के 34 में

1322
01:38:09,520 --> 01:38:14,600
हा तो अध्याय चार के 34 में बोला है साहब साहब तत्वदर्शी

1323
01:38:14,600 --> 01:38:18,680
क्या बोला सेकंड एक सेकंड मुझे

1324
01:38:18,680 --> 01:38:23,640
बात कर प्लीज मुझे बात करने दीजिए प्लीज हा बोलिए क्या बोला

1325
01:38:23,640 --> 01:38:27,640
चार के 34 में जो लिखा हुआ है वो गीता निकालनी पड़ेगी सब कुछ लिखा हु तत्वदर्शी संत के

1326
01:38:27,640 --> 01:38:33,640
पास जाओ निकाल लिया एक

1327
01:38:37,660 --> 01:38:43,660
[संगीत]

1328
01:38:44,840 --> 01:38:49,000
मिनट विश्वास रखिए विश्वास

1329
01:38:49,000 --> 01:38:54,560
हां जी आपसे नहीं बोल रहा

1330
01:38:54,560 --> 01:38:58,560
चार के 34 में लिखा हुआ है त तद दिदि

1331
01:38:58,560 --> 01:39:02,640
प्रण प्राते प प्रश् हिंदी पढ़ो

1332
01:39:02,640 --> 01:39:04,320
हिंदी उस ज्ञान

1333
01:39:04,320 --> 01:39:08,320
को तू तत्वदर्शी ज्ञानियों के पास जाकर समझ उनको भली भाती

1334
01:39:08,320 --> 01:39:12,320
दंडवत प्रणाम करने से उनकी सेवा करने से और कपट

1335
01:39:12,320 --> 01:39:16,880
छोड़कर सरलता पूर्ण पूर्वक प्रश्न करने से वे

1336
01:39:16,880 --> 01:39:20,960
परमात्मा तत्व को भली भाति जानने वाले ज्ञानी महात्मा तुझे

1337
01:39:20,960 --> 01:39:22,920
उस तत्व ज्ञान का उपदेश करेंगे ठीक

1338
01:39:22,920 --> 01:39:27,080
है तो इसमें जो जो निष्कर्ष जो गुरुजी ने बताया जितना

1339
01:39:27,080 --> 01:39:31,080
मेरे समझ में आया है उसमें ये बता रखा है कि या मैं समझ गया

1340
01:39:31,080 --> 01:39:35,520
आपकी बात 434 में किसी संत के पास जाने को कहा है

1341
01:39:35,520 --> 01:39:39,520
ठीक है ठीक है अब ये 435 पढ़िए

1342
01:39:39,520 --> 01:39:43,560
जरा चा 35 पढ़िए जान फिर तू

1343
01:39:43,560 --> 01:39:47,840
इस प्रकार मोह को नहीं प्राप्त होगा तथा हे अर्जुन

1344
01:39:47,840 --> 01:39:52,080
जिस ज्ञान के द्वारा तू संपूर्ण भूतों को विशेष भाव

1345
01:39:52,080 --> 01:39:56,080
से पहले अपने में और पीछे मु सच्चिदानंद

1346
01:39:56,080 --> 01:40:00,680
घन परमात्मा में

1347
01:40:00,680 --> 01:40:04,680
देखेगा जिस ज्ञान को प्राप्त करके क्या होगा जिस

1348
01:40:04,680 --> 01:40:09,120
ज्ञान को प्राप्त करके क्या

1349
01:40:09,120 --> 01:40:13,200
होगा भूतों को निश भाव से पहले अपने में

1350
01:40:13,200 --> 01:40:17,600
और पीछे मुझ सच्चिदानंद घन परमात्मा में

1351
01:40:17,600 --> 01:40:22,000
देखेगा किसम देखेगा किसम देखेगा मुझ

1352
01:40:22,000 --> 01:40:26,840
सच्चिदानंद घन परमात्मा में देखेगा तो

1353
01:40:26,840 --> 01:40:30,840
ज्ञान जो ज्ञान तत्वदर्शी से मिल रहा है क्या वो

1354
01:40:30,840 --> 01:40:36,600
ज्ञान ऐसा है जो कृष्ण में सच्चिदानंद परमात्मा को देखने की बात करता

1355
01:40:36,600 --> 01:40:41,040
है जो कृष्ण का तो यहां नाम ही नहीं आया

1356
01:40:41,040 --> 01:40:47,040
अरे ये ये कौन ये बात बोल रहा है यहां

1357
01:40:47,280 --> 01:40:51,320
पर आप एक बार इस पर आओ ना एक बार इसको क्लियर कर लो तो एक

1358
01:40:51,320 --> 01:40:55,320
मिनट ये बात बोली किसने जिसको आप प्रमाण के रूप में बोल रहे हैं किसने

1359
01:40:55,320 --> 01:40:59,680
बोली है ये जो चा 34 किसने बोली यह भी तो सोचो किसने

1360
01:40:59,680 --> 01:41:02,160
बोली

1361
01:41:02,160 --> 01:41:06,240
है भाई यहां पर हमारे अकॉर्डिंग हमको जो समझ में आया तो

1362
01:41:06,240 --> 01:41:10,240
भाई जो है काल ने बोलिए काल ने बोली है

1363
01:41:10,240 --> 01:41:14,280
काल ने बोली है तो काल कह रहा है मुझ सच्चिदानंद घन

1364
01:41:14,280 --> 01:41:18,280
परमात्मा काल काल ने बोलिए है तो क्या तुमहारा

1365
01:41:18,280 --> 01:41:22,840
तर्शी काल को सच्चिदानंद घन परमात्मा बोलता है क्या

1366
01:41:22,840 --> 01:41:27,120
आप इसका निष्कर्ष तो निकालो पहले चौथे के चौ का अरे तो निकाल अरे भैया

1367
01:41:27,120 --> 01:41:32,000
उसी का तो अगला श्लोक है उसी का तो अगला श्लोक है

1368
01:41:32,000 --> 01:41:36,240
इसका म में कहा सुनो चार 34 में कहा ज्ञान

1369
01:41:36,240 --> 01:41:40,440
प्राप्त करने के लिए किसके पास जा तत्वदर्शी के पास

1370
01:41:40,440 --> 01:41:44,680
वो कौन सा ज्ञान है जिसको प्राप्त करके तू संपूर्ण भूतों

1371
01:41:44,680 --> 01:41:48,680
को पहले स्वयं में और फिर मुझ सच्चिदानंद घन

1372
01:41:48,680 --> 01:41:52,800
परमात्मा में देखेगा अगर ये काल भी है तो क्या

1373
01:41:52,800 --> 01:41:57,000
तुम्हारे तत्वदर्शी जिसको तुम तत्वदर्शी कह रहे हो वह यह

1374
01:41:57,000 --> 01:42:02,040
कहता है कि काल में सच्चिदानंद घन परमात्मा को

1375
01:42:02,040 --> 01:42:03,040
देख

1376
01:42:03,040 --> 01:42:05,600
हो गई फेल

1377
01:42:05,600 --> 01:42:10,000
बात आप तो उसी पर बात पढ़ रहे पहले इस बात को क्लियर करने दो

1378
01:42:10,000 --> 01:42:14,320
मुझको किस बात को 4 34 यह बोलता है

1379
01:42:14,320 --> 01:42:18,640
कि ठीक है भाई इसका मतलब यहां पर कंप्लीट ज्ञान इसको नहीं है जबी तो बोल र तत्वदर्शी संत

1380
01:42:18,640 --> 01:42:22,840
की खोज कर अरे मेरे भाई यह बताओ कबीर वाणी

1381
01:42:22,840 --> 01:42:27,400
किसकी है कबीर जी की है

1382
01:42:27,400 --> 01:42:31,680
तो कबीर को पूरा ज्ञान था कि नहीं था हमारे

1383
01:42:31,680 --> 01:42:35,680
अकॉर्डिंग तो था था फिर भी तुम्हारी किताब में

1384
01:42:35,680 --> 01:42:39,720
लिखा हुआ है कि कबीर वाणी कबीर

1385
01:42:39,720 --> 01:42:43,400
वाणी से पूरा मोक्ष नहीं

1386
01:42:43,400 --> 01:42:47,520
मिलेगा सही बात है क्यों क्योंकि

1387
01:42:47,520 --> 01:42:51,840
तत्वदर्शी संत के पास भी तो जाना पड़ेगा बाकी ज्ञान तो वो भी तो देंगे

1388
01:42:51,840 --> 01:42:56,160
क्या जो कबीर कबीर वाणी में भी पूरा ज्ञान नहीं है

1389
01:42:56,160 --> 01:43:00,400
यानी कबीर को भी पूरा ज्ञान नहीं था या फिर उसको

1390
01:43:00,400 --> 01:43:04,480
समझने के लिए या फिर उसको समझने के लिए जाना है गुरु के

1391
01:43:04,480 --> 01:43:08,520
पास हां समझने के लिए भी जाना है कंप्लीट तो गुरु के बिना हो ही नहीं

1392
01:43:08,520 --> 01:43:12,560
सकता बस तो इसी संदर्भ में कहा जाता है कि तू भाई उसको

1393
01:43:12,560 --> 01:43:16,680
समझने के लिए जा जब वहा पर तेरे पास

1394
01:43:16,680 --> 01:43:18,280
कोई जब तुझे समझाने

1395
01:43:18,280 --> 01:43:22,800
वाला कोई नहीं होगा तो तू समझने के लिए जाना

1396
01:43:22,800 --> 01:43:26,880
ज से कबीर वाणी कबीर वाणी को भी समझने के लिए तत्वदर्शी

1397
01:43:26,880 --> 01:43:31,080
के पास जा रहे हैं तो इसका मतलब यह नहीं कि कबीर वाणी को कहने वाला

1398
01:43:31,080 --> 01:43:35,360
भगवान नहीं है उसी तरीके से गीता कहने वा गीता

1399
01:43:35,360 --> 01:43:39,720
गीता की जो वाणी है उसको समझने के लिए अगर गुरु के पास जाने की आवश्यकता

1400
01:43:39,720 --> 01:43:44,160
है तो उससे ये सिद्ध नहीं होता कि गीता कहने वाला भगवान नहीं है

1401
01:43:44,160 --> 01:43:47,200
आई बात समझ

1402
01:43:47,200 --> 01:43:51,440
में वो तो सृष्टि रचना पर डिपेंड है ना देखो आपने अपने अकॉर्डिंग

1403
01:43:51,440 --> 01:43:56,040
एक्सन कर दिया आपकी बातों से ही कट रही है

1404
01:43:56,040 --> 01:44:00,160
जब कबीर वाणी को समझने के लिए गुरु के पास जाने की आवश्यकता

1405
01:44:00,160 --> 01:44:04,360
है तो उससे यह सिद्ध नहीं हो रहा कि कबीर वाणी को कहने वाला भगवान

1406
01:44:04,360 --> 01:44:08,480
नहीं है तो गीता को समझने के लिए अगर गुरु के पास जाने के लिए आवश्यकता

1407
01:44:08,480 --> 01:44:12,680
है तो उससे सिद्ध कैसे हो रहा है कि गीता को कहने वाला भगवान नहीं

1408
01:44:12,680 --> 01:44:16,920
है दूसरी बात आपने कहा 4 34 में बताया

1409
01:44:16,920 --> 01:44:21,120
गया है कि तुम ज्ञान लेने के लिए तत्वदर्शी के पास जाओ वो

1410
01:44:21,120 --> 01:44:25,120
ज्ञान कौन सा ज्ञान है उस चार 35 में बताया

1411
01:44:25,120 --> 01:44:29,120
जा रहा है वो ज्ञान वो ज्ञान है जिसमें तू संपूर्ण भूतों को मुझ

1412
01:44:29,120 --> 01:44:33,120
सच्चिदानंद घन परमात्मा में

1413
01:44:33,120 --> 01:44:34,120
देखेगा

1414
01:44:34,120 --> 01:44:38,560
अच्छा और छोड़ो इतना तो मानते हो

1415
01:44:38,560 --> 01:44:42,160
यह वो ज्ञान है जो तुम्हें मुक्ति

1416
01:44:42,160 --> 01:44:46,200
दिलाएगा के पास तुम्ह वो ज्ञान मिलेगा जो मुक्ति दिला

1417
01:44:46,200 --> 01:44:50,600
देगा बिल्कुल ठीक है तो इसमें

1418
01:44:50,600 --> 01:44:55,320
कहा जा रहा है कि तू उस ज्ञान को प्राप्त करने के बाद

1419
01:44:55,320 --> 01:44:59,440
संपूर्ण भूतों को खुद में देखेगा किस में देखेगा पहले

1420
01:44:59,440 --> 01:45:02,600
खुद में देखेगा

1421
01:45:02,600 --> 01:45:06,600
पढ़ो क्या लिखा है ठीक है इसमें यही लिखा

1422
01:45:06,600 --> 01:45:10,800
हुआ है मुझ में देखेगा खुद में मुझ में तो बाद में लिखा है पहले

1423
01:45:10,800 --> 01:45:14,840
खुद में देखेगा जिस ज्ञान के द्वारा तू

1424
01:45:14,840 --> 01:45:19,120
संपूर्ण भूतों को पहले अपने में और पीछे

1425
01:45:19,120 --> 01:45:23,200
मुझ में देखेगा है ना हम हां

1426
01:45:23,200 --> 01:45:27,360
तो अब यह बताओ जो तुम्हारी मुक्ति है जो तत्व ज्ञानी

1427
01:45:27,360 --> 01:45:31,520
से ज्ञान प्राप्त करने के बाद मुक्त होते हो तो वहा यह बताया जाता है कि

1428
01:45:31,520 --> 01:45:35,640
काजू भी मिलेंगे बादाम भी मिलेंगे वो काजू बादाम मिल क्यों रहे वो तो अपने

1429
01:45:35,640 --> 01:45:39,400
में ही है इसके

1430
01:45:39,400 --> 01:45:43,600
अनुसार काजू बादाम अपने से अलग क्यों दिख रहे हैं य तो

1431
01:45:43,600 --> 01:45:47,640
यहां तो कह रहे हैं तत्वदर्शी से जो ज्ञान मिलेगा उसके कारण व

1432
01:45:47,640 --> 01:45:49,640
काजू बादाम अपने में ही दिखेंगे

1433
01:45:49,640 --> 01:45:53,640
अलग से लेने नहीं जाना पड़ेगा उन्ह तो सतलोक में काजू बदाम क्यों

1434
01:45:53,640 --> 01:45:56,480
मिल रहा

1435
01:45:56,480 --> 01:46:00,600
है सर आप एक्चुअली क्या है चार के 35 पर ही वो कर रहे हो

1436
01:46:00,600 --> 01:46:04,640
देखो क्यों ना करें क्यों ना करें आप 434 प

1437
01:46:04,640 --> 01:46:08,960
करोगे तो सही है हम 435 प करेंगे तो गलत है हरिओम

1438
01:46:08,960 --> 01:46:13,040
जी वो ये कहना चाह रहे हैं 4 ब 34 में ये लिखा है कि भी आप

1439
01:46:13,040 --> 01:46:17,080
तत्व दर्श के पास ज्ञान लेने जाओ और 4 ब 35 में ये क्लियर किया हुआ

1440
01:46:17,080 --> 01:46:21,360
है कि उस ज्ञान को पहले खुद में देखो खुद के मतलब है अपनी आत्मा में देखो और आत्मा

1441
01:46:21,360 --> 01:46:25,480
से ही परमात्मा को जाना जाता है पहले अपनी आत्मा में सारे प्राणी देखो और उसके

1442
01:46:25,480 --> 01:46:29,480
बाद उनके अंदर सारे प्राणी देखो उन्होने यह समझाया आत्मा से परमात्मा का मिलन करना है

1443
01:46:29,480 --> 01:46:32,720
वो तत्वदर्शी बताएगा

1444
01:46:32,720 --> 01:46:37,600
आपको सुनिए तत्वदर्शी का ज्ञान वो ज्ञान होना चाहिए

1445
01:46:37,600 --> 01:46:41,800
जिससे कि आपको संपूर्ण भूत स्वयं में दिखने लगे अर्थात

1446
01:46:41,800 --> 01:46:46,120
पता है क्या है अर्थात यह है संपूर्ण भूत स्वयं में दिखने

1447
01:46:46,120 --> 01:46:51,040
का मतलब कि आपको किसी अन्य की जरूरत ना

1448
01:46:51,040 --> 01:46:55,240
हो आपको किसी अन की आवश्यकता ना हो

1449
01:46:55,240 --> 01:46:59,560
मगर तत्वदर्शी जो तुम्हें मुक्ति दे रहा है उसमें आवश्यकता है बादाम की काजू

1450
01:46:59,560 --> 01:47:02,480
की क्यों

1451
01:47:02,480 --> 01:47:04,760
है बादाम काजू का मैटर कहां

1452
01:47:04,760 --> 01:47:09,840
से आ गया बादाम काजू का मैटर अपने तत्वदर्शी के सुनो जाकर

1453
01:47:09,840 --> 01:47:14,280
के तत्वदर्शी बता रहा सतलोक में बादाम काजू मिलेगा

1454
01:47:14,280 --> 01:47:18,400
अरे भाई जब सब कुछ मेरे अंदर ही दिखने लगेगा तो मुझे बादाम काजू

1455
01:47:18,400 --> 01:47:22,480
की आवश्यकता क्या रह गई फिर वो तो जब अपनी

1456
01:47:22,480 --> 01:47:26,600
सो यहां से जाएगी ना आत्मा जाएगी जब के बाद की बात है वो तो तो

1457
01:47:26,600 --> 01:47:30,640
तो वही तो तत्वदर्शी के द्वारा वो मोक्ष मिलेगा ना आपको ये वही

1458
01:47:30,640 --> 01:47:35,640
ज्ञान तो है तत्वदर्शी से कोई और ज्ञान मिलेगा आपको

1459
01:47:35,640 --> 01:47:39,640
क्या वो जो आप काजू बादाम की बात कर रहे हो वो आफ्टर डेथ

1460
01:47:39,640 --> 01:47:43,720
की बात है जब सोल यहां से जाएगी अरे मेरे भाई वही ज्ञान तो

1461
01:47:43,720 --> 01:47:47,760
है जो तत्वदर्शी है उससे आपको कौन सा ज्ञान मिलना है मोक्ष का मिलना

1462
01:47:47,760 --> 01:47:51,920
है कि मोक्ष से पहले का ज्ञान मिलना है कौन सा ज्ञान मिलेगा

1463
01:47:51,920 --> 01:47:56,000
मोक्ष का मार्ग है तो तो मोक्ष की तो स्थिति बताई जा रही

1464
01:47:56,000 --> 01:48:00,240
है मोक्ष की स्थिति क्या होगी

1465
01:48:00,240 --> 01:48:04,280
कि तुझे संपूर्ण भूत स्वयं में दिखने लगेंगे

1466
01:48:04,280 --> 01:48:08,480
सब एक हो जाएगा तुझे किसी की आवश्यकता नहीं रहेगी तो

1467
01:48:08,480 --> 01:48:13,440
दिखने से फिर वह मोक्ष हो जाएगा बिल्कुल जब

1468
01:48:13,440 --> 01:48:17,600
तक हमें किसी भी चीज की आवश्यकता है तब तक हम मुक्त

1469
01:48:17,600 --> 01:48:20,040
नहीं है जिस दिन हमारी

1470
01:48:20,040 --> 01:48:24,080
किसी भी प्रकार की जो तृष्णा है के लिए वो

1471
01:48:24,080 --> 01:48:28,360
जब खत्म हो जाएगी तभी हम मुक्त होंगे अगर बादाम और काजू

1472
01:48:28,360 --> 01:48:32,480
के लिए तुम्हारे अंदर लालसा है सतलोक जाने के बाद

1473
01:48:32,480 --> 01:48:36,560
भी तो जितनी देर बादाम काजू तुम्हारे पास नहीं आएगा उतनी देर

1474
01:48:36,560 --> 01:48:41,120
तुम मुक्त नहीं हो तुम्हारी मुक्ति नित्य नहीं

1475
01:48:41,120 --> 01:48:46,160
है और सुनो चार चौ शुरू से पढ़ो फिर

1476
01:48:46,160 --> 01:48:50,320
से 4 34 में लिख रहा है उस ज्ञान को तू तत्वदर्शी

1477
01:48:50,320 --> 01:48:54,600
ज्ञानियों के पास जाकर समझ या

1478
01:48:54,600 --> 01:48:58,680
एक मिनट उस ज्ञान को यानी कि इससे पहले भी

1479
01:48:58,680 --> 01:49:02,680
कोई बात चल रही है जिसके आगे की बात है उस ज्ञान को सर्वनाम आया

1480
01:49:02,680 --> 01:49:07,480
है ना सर्वनाम आया है ना यहां पर उस ज्ञान को

1481
01:49:07,480 --> 01:49:11,680
यानी कि इससे पहले भी कोई बात चल रही है उसके आगे की बात है इसका मतलब अब

1482
01:49:11,680 --> 01:49:15,720
श्लोक 2 33 पढ़िए क्या

1483
01:49:15,720 --> 01:49:20,480
है तो ठीक है लेकिन अभी आपने अभी जो बात बताई

1484
01:49:20,480 --> 01:49:24,640
मोक्ष वाली जो आपने बात बताई तो वो खाली देखने से मोक्ष कैसे हो जाएगा ये मेरे बात समझ

1485
01:49:24,640 --> 01:49:28,800
में नहीं आई मैं बात यह है

1486
01:49:28,800 --> 01:49:33,120
कि जो तत्वदर्शी की शरण में जब हम जाते हैं तो वह हमें ऐसा ज्ञान

1487
01:49:33,120 --> 01:49:35,480
देता है कि हमारे अंदर धीरे-धीरे ऐसी

1488
01:49:35,480 --> 01:49:39,520
भावना उत्पन्न होती है कि सर्व संसार सब कुछ एक

1489
01:49:39,520 --> 01:49:43,800
ही है और सबसे पहले स्वयं की तरह सबको देखने

1490
01:49:43,800 --> 01:49:48,000
लगते हैं और फिर परमात्मा में सबको देखने लगते हैं जब ऐसी बुद्धि हो जाती

1491
01:49:48,000 --> 01:49:52,000
है तो हम यहां पर वैरागी कहलाते हैं इस

1492
01:49:52,000 --> 01:49:56,280
दुनिया में जीते जी हम क्या कहलाने लगेंगे परमात्मा में सबको

1493
01:49:56,280 --> 01:50:00,440
देखने लगते हैं एक मिनट इस दुनिया में हम लोगों

1494
01:50:00,440 --> 01:50:04,440
को देखने लगेंगे वैरागी क्योंकि हमें किसी की

1495
01:50:04,440 --> 01:50:08,680
कोई आवश्यकता नहीं बचेगी ना स्त्री की ना पुरुष की ना मोटर

1496
01:50:08,680 --> 01:50:12,760
सा किसी चीज की आवश्यकता नहीं बचेगी और जब हम मुक्त हो कर के जाएंगे

1497
01:50:12,760 --> 01:50:17,320
तो हमारी अद्वैत की स्थिति आ जाएगी [संगीत]

1498
01:50:17,320 --> 01:50:21,320
हम जब तक हमें किसी की भी आवश्यकता है तब तक

1499
01:50:21,320 --> 01:50:25,480
हम मुक्त नहीं है जब हमको स्वयं में ही सब कुछ

1500
01:50:25,480 --> 01:50:29,560
मिल जाएगा तभी हम मुक्त है यह बात तो बेसी सत्संग

1501
01:50:29,560 --> 01:50:33,680
में भी कही जाती है यह बात तो बिल्कुल सच है इसमें तो कोई डाउट ही नहीं है

1502
01:50:33,680 --> 01:50:38,320
आपके यहां कहा जाता है कि आपको मुक्ति में बादाम मिलेगा काजू मिलेगा

1503
01:50:38,320 --> 01:50:42,600
मुक्ति में नहीं है गुरु जी ने यह बताया है कि जब एक सतलोक एक सृष्टि

1504
01:50:42,600 --> 01:50:46,880
है यहां पूरे जितने भी जो ब्रह्मांड है इसके बाद एक सतलोक

1505
01:50:46,880 --> 01:50:50,560
जैसी कोई एक एंटिटी है कोई एक कुछ है वहां पर और

1506
01:50:50,560 --> 01:50:54,600
यहां से जब हम काम करिए एक काम करिए हम लोग प्रमाणों पर चल

1507
01:50:54,600 --> 01:51:00,600
रहे हैं अब आप दो 33 पढ़िए जरा चार च

1508
01:51:08,760 --> 01:51:13,600
33 इसमें तो लिख रहा है परम

1509
01:51:13,600 --> 01:51:16,160
अ द्रव्यमान यज्ञ की अपेक्षा

1510
01:51:16,160 --> 01:51:20,200
ज्ञान यज्ञ अत्यंत श्रेष्ठ है तथा या

1511
01:51:20,200 --> 01:51:25,760
या वन मात्र संपूर्ण कर्म ज्ञान में समाप्त हो जाते हैं

1512
01:51:25,760 --> 01:51:30,200
हा तो ज्ञान यज्ञ श्रेष्ठ है

1513
01:51:30,200 --> 01:51:34,400
तथा या वन मात्र संपूर्ण कर्म ज्ञान में समाप्त हो जाते यानी ज्ञान

1514
01:51:34,400 --> 01:51:39,120
यज्ञ की बात हो रही है ठीक है किसकी बात हो रही है

1515
01:51:39,120 --> 01:51:43,280
ज्ञान ञ की बात और ज्ञान यज्ञ अगले पन्ने पर कहा है कि

1516
01:51:43,280 --> 01:51:47,880
उस ज्ञान को किस ज्ञान को ज्ञान यज्ञ के ज्ञान को

1517
01:51:47,880 --> 01:51:52,160
तू तत्वदर्शी के पास जाकर ले अब भैया इनको गर्मा

1518
01:51:52,160 --> 01:51:56,720
गीता का वो प्रश् दिखाइए जहा लिखा हुआ है कि ज्ञान यज्ञ से मुक्ति नहीं मिलेगी

1519
01:51:56,720 --> 01:52:01,000
वो दिखाइए इनको जरा इसका कारण मैं बताता हूं ना

1520
01:52:01,000 --> 01:52:05,000
आपको अरे रुक जा ञ

1521
01:52:05,000 --> 01:52:09,200
खाली एक यज्ञ से मुक्ति नहीं होगी ना किसी

1522
01:52:09,200 --> 01:52:13,200
भी यज्ञ से मुक्ति नहीं होगी यहां पर तत्वदर्शी

1523
01:52:13,200 --> 01:52:18,040
उ एक मिनट यहां पर तत्वदर्शी उसे कहा गया है

1524
01:52:18,040 --> 01:52:22,520
जो आपको ज्ञान यज का ज्ञान देगा और आपके

1525
01:52:22,520 --> 01:52:26,600
तत्वदर्शी जिसको आप तत्वदर्शी कह रहे हैं वो ये कह रहा है कि

1526
01:52:26,600 --> 01:52:32,600
पांच प्रकार के यज्ञ है उनमें से एक ज्ञान यज्ञ भी है किसी से मुक्ति नहीं

1527
01:52:33,360 --> 01:52:38,040
मिलेगी इसका मतलब एक है हां

1528
01:52:38,040 --> 01:52:42,680
किसी से मुक्ति नहीं मिलेगी पांच यज्ञ होते हैं गुरुजी

1529
01:52:42,680 --> 01:52:46,720
पांचों से नहीं मिलेगी पांचों से मुक्ति नहीं

1530
01:52:46,720 --> 01:52:50,800
मिलेगी आप बताओ फिर किससे मिलेगी अरे भाई

1531
01:52:50,800 --> 01:52:55,040
ये तुम्हारे तत्वदर्शी कह रहे हैं हा तो

1532
01:52:55,040 --> 01:52:59,240
गुरुजी जो हमको बताते मुझे तो पता है ना अरे जो लिख रहे हैं उसका

1533
01:52:59,240 --> 01:53:03,560
क्या करें गलत लिख दिया नहीं दिखाओ क्या है क्या दिखाना चाहते हो आप बताओ तो

1534
01:53:03,560 --> 01:53:08,400
दिखा रहे दिखा रहे

1535
01:53:08,400 --> 01:53:14,400
रुको ज्ञान यज्ञ से भी मुक्ति नहीं

1536
01:53:16,280 --> 01:53:22,280
है कई बार दिखा चुके हैं

1537
01:53:22,560 --> 01:53:28,560
विश्वास कर लूंगा मैं शब्दों के ज

1538
01:53:28,680 --> 01:53:33,240
कर गरिमा गीता की खोली है आप

1539
01:53:33,240 --> 01:53:39,240
बता दो मैं मान रहा हूं आप [संगीत]

1540
01:53:39,480 --> 01:53:45,000
बोलो इसमें हेडिंग में ही लिखा

1541
01:53:45,000 --> 01:53:49,120
होगा यज्ञों से मुक्ति नहीं हां

1542
01:53:49,120 --> 01:53:53,280
तो मैं तो उसका समर्थन कर रहा हूं ना अरे अरे मेरे भाई उन

1543
01:53:53,280 --> 01:53:57,640
यज्ञों में सारे यज्ञ है और ज्ञान यज्ञ

1544
01:53:57,640 --> 01:54:01,880
का मतलब इन्होंने कहा है सद ग्रंथों का पठन पाठन और उससे भी मुक्ति

1545
01:54:01,880 --> 01:54:06,240
नहीं है ये लिखा है आपकी किताबों में लिखा हैय तो

1546
01:54:06,240 --> 01:54:10,360
वो उस बात का एक्सप्लेनेशन दे तो रहा हूं क्या

1547
01:54:10,360 --> 01:54:14,360
एक यज्ञ से मुक्ति नहीं होगी और भी यज्ञ होते मेरे भाई मैं कह रहा हूं

1548
01:54:14,360 --> 01:54:18,400
पांचों यज्ञ से मुक्ति नहीं है आज बताओ ला

1549
01:54:18,400 --> 01:54:24,400
दिखाओ

1550
01:54:24,480 --> 01:54:28,480
वो डिंग दिखा दो पहले इह व डिंग थी जो यज्ञ से

1551
01:54:28,480 --> 01:54:33,600
मुक्ति नहीं यह पहले डिंग पढ़िए क्या लिखा

1552
01:54:33,600 --> 01:54:37,880
है यज्ञ का लाभ केवल सांसारिक सुविधाएं हैं मुक्ति

1553
01:54:37,880 --> 01:54:42,200
नहीं अब इसमें यज्ञ कौन-कौन से हैं वह देख लीजिए नीचे ब्रैकेट

1554
01:54:42,200 --> 01:54:48,200
में लिखे हैं यही यही बस बड़ा करो

1555
01:54:48,240 --> 01:54:52,360
इसको ये देख लो पांचों यज्ञों की बात हुई है य

1556
01:54:52,360 --> 01:54:57,880
धर्म यज्ञ हवन यज्ञ ध्यान यज्ञ प्रणाम यज्ञ और ज्ञान

1557
01:54:57,880 --> 01:55:01,920
यज्ञ यज्ञ का मतलब पांचों यज्ञ

1558
01:55:01,920 --> 01:55:06,440
और पाच और ऊपर यज्ञ से मुक्ति नहीं पढ़

1559
01:55:06,440 --> 01:55:10,520
लो हा तो पूर्ण गुरु से भी नाम लेना पड़ता है

1560
01:55:10,520 --> 01:55:14,920
फिर वही बात पूर्ण गुरु कौन

1561
01:55:14,920 --> 01:55:19,280
होगा पूर्ण गुरु से नाम लेना है फिर यज्ञ पांच जब होगी मुक्ति

1562
01:55:19,280 --> 01:55:23,520
मैं पूछ रहा हूं पूर्ण गुरु कौन होगा अब वो तो अपने अपने

1563
01:55:23,520 --> 01:55:27,680
वा बात वहां पे पूर्ण गुरु की पहचान बताई है क्या कहां

1564
01:55:27,680 --> 01:55:31,680
पर 434 में 4 34 में तो

1565
01:55:31,680 --> 01:55:35,920
नहीं बताई ना बस तो अपनी पहचान

1566
01:55:35,920 --> 01:55:39,880
अपने पास रखो 4 34 में तो नहीं है ना पूर्ण गुरु की पहचान

1567
01:55:39,880 --> 01:55:44,120
नहीं है तो फिर फिर

1568
01:55:44,120 --> 01:55:48,120
कहां से सिद्ध करोगे हमारे लिए उसको तत्वदर्शी नहीं आपने इस बात

1569
01:55:48,120 --> 01:55:52,360
से क्या सिद्ध किया कि आपने बोला पांचों पांचों यजों से मुक्ति नहीं

1570
01:55:52,360 --> 01:55:56,360
य सिद्ध किया कि जिसको तुम पूर्ण गुरु गीता के अनुसार सिद्ध कर रहे

1571
01:55:56,360 --> 01:56:00,520
हो गीता के अनुसार जो तत्वदर्शी है वह यज्ञों का ज्ञान देने

1572
01:56:00,520 --> 01:56:04,520
वाला है और यज्ञ से मुक्ति नहीं है यानी कि आपकी

1573
01:56:04,520 --> 01:56:10,520
बात के अनुसार यज्ञों का ज्ञान देने वाला ऐसा क लिखा है

1574
01:56:11,800 --> 01:56:15,360
इसमें

1575
01:56:15,360 --> 01:56:19,400
किसम किसम जन आप बोल रहे यज्ञों का ज्ञान

1576
01:56:19,400 --> 01:56:24,120
यज्ञों का ज्ञान एक अलग चीज हो गई और ज्ञान एक अलग चीज हो गई

1577
01:56:24,120 --> 01:56:28,120
अच्छा ज्ञान यज्ञ का ज्ञान देने वाला कहा गया

1578
01:56:28,120 --> 01:56:32,200
है ज्ञान एक यज्ञ हो गया कहने का मतलब ये है ज्ञान य मैं

1579
01:56:32,200 --> 01:56:36,320
कह रहा हूं चार 34 में तत्वदर्शी किसको कहा गया है

1580
01:56:36,320 --> 01:56:40,640
ज्ञान यज्ञ का ज्ञान देने वाला कहा गया है ज्ञान यज्ञ

1581
01:56:40,640 --> 01:56:44,640
का ज्ञान देने वाले को तत्वदर्शी कहा गया है गीता के अकॉर्डिंग

1582
01:56:44,640 --> 01:56:48,840
ठीक है अब तुम्हारा जो ज्ञान यज्ञ है उससे तो मुक्ति

1583
01:56:48,840 --> 01:56:53,800
नहीं है गरिमा गीता की के अनुसार गीता इसका मतलब

1584
01:56:53,800 --> 01:56:58,000
इसका मतलब 4 34 का जो तत्वदर्शी है वो

1585
01:56:58,000 --> 01:57:02,760
मुक्ति देने वाला नहीं है मुक्ति का ज्ञान देने वाला नहीं है

1586
01:57:02,760 --> 01:57:08,120
4 34 का तत्वदर्शी मुक्ति का ज्ञान देने वाला नहीं

1587
01:57:08,120 --> 01:57:12,760
है पूरी बात नहीं सुनी आपने इसम गुरु उसम यह भी जोड़ा गया है

1588
01:57:12,760 --> 01:57:17,160
कि गुरु होना चाहिए प्लस पा गुरु उस गुरु

1589
01:57:17,160 --> 01:57:22,400
पूर्ण गुरु की पहचान तो बताओ कहां से पहचान है उसकी

1590
01:57:22,400 --> 01:57:26,320
ये मुझे रिपीट मेरी आवाज सुनाई दे रही

1591
01:57:26,320 --> 01:57:30,640
है आपके मोबाइल से आ रही है हरिराम

1592
01:57:30,640 --> 01:57:35,920
चौधरी जी आप जाइए वापस

1593
01:57:35,920 --> 01:57:40,160
आइए आवाज नहीं आ रही मेरी आवाज रिपीट आ रही

1594
01:57:40,160 --> 01:57:44,400
है अब ठीक है अब नहीं आ रही

1595
01:57:44,400 --> 01:57:48,720
हम बोलिए देखो हमने तो वो कहते ना कि पूरा जितना

1596
01:57:48,720 --> 01:57:52,880
हमारे अंदर दिमाग है हमने सारा लगा लिया भाई साहब हमने

1597
01:57:52,880 --> 01:57:57,320
आपसे ये पूछा है कि पूर्ण गुरु को पूर्ण गुरु माना क्यों जाए

1598
01:57:57,320 --> 01:58:01,360
यह बताइए पूर्ण गुरु मैं अब आपको थोड़ा से अपने शब्दों में अपनी

1599
01:58:01,360 --> 01:58:05,680
बात कह दूं एक बार बात म कहिए आप प्रमाण आप हमें प्रमाण

1600
01:58:05,680 --> 01:58:10,760
बताइए कि पूर्ण गुरु

1601
01:58:10,760 --> 01:58:14,960
मैसे फिर वो मैसेज मैसेज कैसे पहुंचेगा जब मैं अपनी बात कहूंगा

1602
01:58:14,960 --> 01:58:19,080
ही नहीं तो फिर भाई आप हम शास्त्र का ना आप हमारा

1603
01:58:19,080 --> 01:58:23,200
हमें शास्त्र का नाम बताइए क्योंकि जिस श्लोक के आधार

1604
01:58:23,200 --> 01:58:27,440
पर आप अपने गुरु को पूर्ण गुरु बता रहे हो उस श्लोक के आधार पर जो गुरु सिद्ध

1605
01:58:27,440 --> 01:58:31,440
हो रहा है वो यज्ञों का ज्ञान देने वाला हो रहा है और यज्ञों के ज्ञान

1606
01:58:31,440 --> 01:58:35,480
से मुक्ति नहीं है देखो मैं मानता हूं कि गीता का जो है

1607
01:58:35,480 --> 01:58:39,480
आपको ज्ञान है मैं मान रहा हूं इस बात को लेकिन अब हमारी भी बात सुन लो

1608
01:58:39,480 --> 01:58:43,920
क्या खाली गीता से ही सिद्ध होगाया और भी ग्रंथ मानोगे कि नहीं

1609
01:58:43,920 --> 01:58:46,080
मानोगे जो हमारे

1610
01:58:46,080 --> 01:58:50,360
सनातन जो परंपरा प्राप्त शास्त्र होंगे सब मानेंगे और

1611
01:58:50,360 --> 01:58:54,360
कोई आउट का लाओगे अगर कोई ऐसा ग्रंथ लाओगे कि ये

1612
01:58:54,360 --> 01:58:58,480
उस महापुरुष ने लिखा है इसलिए मान लो जब तक महापुरुष

1613
01:58:58,480 --> 01:59:03,200
की बात गीता से मैच खाएगी वेद से मैच खाएगी सबब तक मानेंगे अन्यथा

1614
01:59:03,200 --> 01:59:07,200
नहीं मानेंगे अब यही तो विवाद का विषय हो गया

1615
01:59:07,200 --> 01:59:11,200
ना कि आपने तो बोल दिया भाई आप ये खुल के कहो ना कि हम वेदिक

1616
01:59:11,200 --> 01:59:15,240
नहीं है हम गीतो क्त नहीं है हम जो है वो फलाने के हैं

1617
01:59:15,240 --> 01:59:20,160
हम कहां क आप कुछ बन जा कन मुस्लिम

1618
01:59:20,160 --> 01:59:24,360
क्रिश्चन मुस्लिम मतलब नहीं है सर आप बात को थोड़ा और समझो थोड़ा डिटेल में चर्चा

1619
01:59:24,360 --> 01:59:28,440
चल रही है अपनी ये कहते ना गुरु जी बोलते हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई चारों

1620
01:59:28,440 --> 01:59:32,600
से हमें हम सब चारों भाई भाई हैं तो हम ये भेदभाव क्यों करें धर्म

1621
01:59:32,600 --> 01:59:36,600
की परिभाषा क्या है अब पिछली बार भी अपनी वही धर्म की बात पर बात

1622
01:59:36,600 --> 01:59:40,720
अटक गई थी गुरुजी ने तो भाई जब आप ये कह रहे हो हिंदी मुस्लिम सिख ईसाई

1623
01:59:40,720 --> 01:59:44,760
सब एक है तो फिर आपसे पूछना पड़ेगा

1624
01:59:44,760 --> 01:59:48,880
देखो हर धर्म में कोई कुछ कुकृत्य कर रहा है वो अपना परिणाम पा रहा है वो अलग चीज

1625
01:59:48,880 --> 01:59:53,080
हो गई ले पूछ रहा हूं धर्म की परिभाषा क्या है

1626
01:59:53,080 --> 01:59:57,240
अब देखो ये शब्दों की वो बात आ गई अरे जब तुम हमको

1627
01:59:57,240 --> 02:00:01,120
मुस्लिमों के साथ तोल रहे हो क्रिश्चन के साथ ल रहे हो तो पूछना

1628
02:00:01,120 --> 02:00:05,360
पड़ेगा ना कि तुम्हारी जानकारी में हिंदुत्व है क्या सनातन

1629
02:00:05,360 --> 02:00:08,640
है क्या ध है

1630
02:00:08,640 --> 02:00:13,040
क्या बताने दो मैं बता रहा हूं बता रहा हूं आपको

1631
02:00:13,040 --> 02:00:17,280
बताओ हमारी जानकारी जो है मैं आपको बता रहा हूं कि हमारे जो

1632
02:00:17,280 --> 02:00:21,280
चारों धर्म हिंदू मुस्लिम सिख और ईसाई ठीक है चाहे वो बाइबल हो

1633
02:00:21,280 --> 02:00:25,320
चाहे वो कुरान शरीफ हो चाहे अरे मेरे भाई धर्म

1634
02:00:25,320 --> 02:00:29,520
क्या है यह तो तुम उसके बाद की बात बता रहे हो चाहे

1635
02:00:29,520 --> 02:00:33,720
वो गैसे जैसे मैंने पूछा कि

1636
02:00:33,720 --> 02:00:38,120
मोटरसाइकिल क्या है फिर तुम बता रहे हो स्पलेंडर भी वही है पैशन

1637
02:00:38,120 --> 02:00:42,160
भी वही है पल्सर भी वही है मैंने पूछा है मोटरसाइकिल

1638
02:00:42,160 --> 02:00:46,560
क्या है पहले वो बताओ फिर बताना स्पलेंडर और य हीरो अंड

1639
02:00:46,560 --> 02:00:50,680
सब एक है तो मैं उसको थोड़ा बहुत तो कहीं ना

1640
02:00:50,680 --> 02:00:55,240
कहीं से शुरू करूंगा बात कुछ तो बताऊंगा थो क्या बता

1641
02:00:55,240 --> 02:01:00,120
भी वही है पल्सर भी वही है टीवीएस चे भी वही है ये सब मत बताओ

1642
02:01:00,120 --> 02:01:04,920
आप मुझे यह बताओ पहले मोटरसाइकिल क्या है यानी कि मुझे बताओ धर्म क्या

1643
02:01:04,920 --> 02:01:09,080
है धर्म क्या है देखो यह तो हमें जितनी ज्ञान है उसके अनुसार धर्म

1644
02:01:09,080 --> 02:01:13,280
की परिभाषा हम बताएंगे जब आपको ज्ञान नहीं है तो यह मत बोलो हिंदू मुस्लिम सख

1645
02:01:13,280 --> 02:01:16,120
साई कोई धर्म नहीं है नरा यह मत बोलो जब

1646
02:01:16,120 --> 02:01:20,280
आपको धर्म की जानकारी नहीं है तो पहले पता

1647
02:01:20,280 --> 02:01:23,480
करो धर्म है क्या

1648
02:01:23,480 --> 02:01:28,040
हमारा तो सर देखो सीधा सधा कांसेप्ट यह है कि ठीक है भाई चा

1649
02:01:28,040 --> 02:01:32,560
ध आपसे यहां पर सीधा कांसेप्ट के लिए नहीं बुलाया है

1650
02:01:32,560 --> 02:01:36,600
शास्त्र सम्मत बात है आपकी कोई तो वो बताइए आप

1651
02:01:36,600 --> 02:01:40,680
बाइबल माते आपके सीधे कांसेप्ट है कल जाके आप पिक्चर

1652
02:01:40,680 --> 02:01:45,160
का टिकट कटाए पुट जा कर के देखेंगे तो वो हमें य नहीं जानना

1653
02:01:45,160 --> 02:01:50,080
है की बात बताइए कोई शास्त्र आप बाइबल को मानते

1654
02:01:50,080 --> 02:01:54,120
हो हम हर सिद्धांत को मानेंगे जो वैदिक जो

1655
02:01:54,120 --> 02:01:58,440
वेदा शास्त्रों की जो परंपरा प्राप्त सिद्धांत है उनको क्रॉस

1656
02:01:58,440 --> 02:02:02,520
नहीं करेंगे सबको मानेंगे बाइबल को मानते

1657
02:02:02,520 --> 02:02:06,560
हो कुल मिला के आप बाइबल को हम नहीं

1658
02:02:06,560 --> 02:02:10,800
मानते क्योंकि बाइबल के द्वारा प्रतिपादित होने वाला जो ईश्वर है पूर्ण

1659
02:02:10,800 --> 02:02:15,000
नहीं है और जो मिलने वाली मुक्ति है वो पूर्ण नहीं है

1660
02:02:15,000 --> 02:02:19,040
और जो आलंबन के लिए बताया जाने वाला धर्म है वो शाश्वत नहीं है

1661
02:02:19,040 --> 02:02:23,120
अब यह सब चीजें आपको पल्ले नहीं पड़ेंगी उसके लिए गहन अध्ययन की

1662
02:02:23,120 --> 02:02:27,840
आवश्यकता है अब ये आप किस आधार पर कह सकते हो कि भाई ये नहीं

1663
02:02:27,840 --> 02:02:31,920
है भाई ये सारे ना कोपट आप

1664
02:02:31,920 --> 02:02:36,120
लोग मैं जवाब देता हूं नहीं है मैं जवाब देता हूं नहीं

1665
02:02:36,120 --> 02:02:40,240
है बताओ कुरान के अनुसार प्रतिपादित होने वाला

1666
02:02:40,240 --> 02:02:46,240
जो ईश्वर है वो सर्वशक्तिमान है

1667
02:02:46,840 --> 02:02:51,160
क्या भाई ईश्वर तो सर्वशक्तिमान ही होता है

1668
02:02:51,160 --> 02:02:55,320
अच्छा तो वो सब कुछ कर सकता है क्या किसी

1669
02:02:55,320 --> 02:02:59,440
भी धर्म का हो ईश्वर सब कुछ कर सकता है अच्छा तो

1670
02:02:59,440 --> 02:03:03,680
क्या कुरान के द्वारा जो प्रतिपादित होने वाला ईश्वर है उसकी

1671
02:03:03,680 --> 02:03:07,720
संतान हो सकती है क्या ईश्वर की

1672
02:03:07,720 --> 02:03:12,000
संतान हम सब ईश्वर की संतान है

1673
02:03:12,000 --> 02:03:16,520
नहीं ईश्वर की संतान नहीं लिखा हमारी उसमें

1674
02:03:16,520 --> 02:03:20,760
उसमें लिखा है उसकी कोई संतान नहीं हो

1675
02:03:20,760 --> 02:03:25,880
सकती ईश्वर की संतान नहीं हो सकती

1676
02:03:25,880 --> 02:03:30,040
हां क्यों नहीं हो सकती अरे ये तुम उनसे पूछो ना

1677
02:03:30,040 --> 02:03:34,600
यार मेरे से मरकज क्यों मार रहे हो नहीं नहीं आप बोल रहे हो ना

1678
02:03:34,600 --> 02:03:38,600
कुरान लो से पूछो जा कर के कुरान में लिखा है 150 में

1679
02:03:38,600 --> 02:03:42,720
ईश्वर की संतान नहीं हो सकती अजीब अजीब

1680
02:03:42,720 --> 02:03:46,760
बैल बुद्धि हो क्यों नहीं हो सकती अरे

1681
02:03:46,760 --> 02:03:50,840
उनसे जाकर पूछो अच्छा इस आधार पर आप बोल रहे हो कि वो

1682
02:03:50,840 --> 02:03:54,960
आप उसको वो नहीं मानते हो सही ग्र बिल्कुल जब

1683
02:03:54,960 --> 02:03:59,000
जिस शास्त्र के द्वारा ईश्वर सर्वशक्तिमान नहीं है प्राप्त होने वाली

1684
02:03:59,000 --> 02:04:03,760
मुक्ति मुक्ति नहीं है क्या मुक्ति है कुरान के अनुसार

1685
02:04:03,760 --> 02:04:07,960
अब मैं कुरान की कोई ज्यादा डिटेल में थोड़ी लेकर बैठ अरे तो क्यों बोल रहे हो कि भैया

1686
02:04:07,960 --> 02:04:12,200
तुमने कैसे कह दिया जब तुमको कुछ पता नहीं है तो

1687
02:04:12,200 --> 02:04:16,560
मोटी मोटी बातों का निष्कर्ष तो निकाल लिया ना कल तो निकाल लिया ना गलत है अर्थ

1688
02:04:16,560 --> 02:04:22,560
ज्ञानी भयंकर मोटी मोटी बातें मत चलो अपने घर पर बैठो फिर

1689
02:04:23,800 --> 02:04:28,760
अब ठीक है भाई अब इसमें तो क्या कहे देखो लेकिन हमारे भी समझ में जो आया हमने आपको बताया

1690
02:04:28,760 --> 02:04:32,960
आपकी समझ में कुछ नहीं आया है बस आप वही करिए जो करते रहेंगे क्योंकि

1691
02:04:32,960 --> 02:04:37,240
करते आ रहे हैं ऐसा होता है जब किसी व्यक्ति की किसी व्यक्ति का विवाह

1692
02:04:37,240 --> 02:04:41,240
जब गलत स्त्री से हो जाता है ना तो दो प्रकार के लोग होते हैं

1693
02:04:41,240 --> 02:04:45,360
पहला व्यक्ति होता है जो ठोस निर्णय लेने वाला होता है जब उसको पता

1694
02:04:45,360 --> 02:04:49,360
चला कि मेरी मेरा विवाह ऐसी स्त्री से हुआ है जो त्रिया चरित्र है तो

1695
02:04:49,360 --> 02:04:54,120
वो तुरंत ठोस कदम लेगा और दूसरा होता है कि नहीं नहीं मैं पर्दा डालूंगा

1696
02:04:54,120 --> 02:04:58,360
मेरी स्त्री सही है मैं पूरे समाज से लडूंगा वैसा ही कुछ हाल

1697
02:04:58,360 --> 02:05:02,480
है आपका आपको ऐसा लग रहा है लेकिन मैं आपको

1698
02:05:02,480 --> 02:05:06,520
बताता हूं कि जितने भी धर्म के लोग हैं जो भी है कोई भी जाति

1699
02:05:06,520 --> 02:05:10,560
मेरे भाई जब तुम धर्म के धर्म की परिभाषा नहीं जानते हो तो तुम धर्म की बात कहां

1700
02:05:10,560 --> 02:05:14,640
से कर रहे हो पहले यह तो बताओ धर्म है क्या तो

1701
02:05:14,640 --> 02:05:18,840
आपके अकॉर्डिंग आपने कोई परिभाषा याद कर रखी होगी मैं थोड़ी इसको करूंगा

1702
02:05:18,840 --> 02:05:23,000
कोई मैंने कोई मैंने मैं जो बोलूंगा उससे तुम मना कर देना

1703
02:05:23,000 --> 02:05:27,120
फिर तो फिर उससे बात होगी परिभाषा सही है कि नहीं बोलो

1704
02:05:27,120 --> 02:05:31,320
हरिओम जी आपको पिछली बार भी यही पूछता आप कन्फर्म करके आ जा

1705
02:05:31,320 --> 02:05:36,200
कन्फर्म करके दोबारा आ जाना ये कह रहे व दोबारा क

1706
02:05:36,200 --> 02:05:38,880
अच्छा चलो मैं आपसे एक बात पूछता हं जी आप बताओगे दो

1707
02:05:38,880 --> 02:05:42,880
मिनट की चर्चा और हो जाए कोई बात नहीं बताओ कोई अपनी

1708
02:05:42,880 --> 02:05:47,640
चीज अपने पास रखिए मुझे पता है आप क्या पूछने वाले हैं आप वो लेकर जाइए

1709
02:05:47,640 --> 02:05:52,320
आप अगर धर्म की बात करने आ रहे पहले धर्म को जान लो धर्म होता क्या है

1710
02:05:52,320 --> 02:05:56,480
आपके हालात वही है जब गलत स्त्री से विवाह हो गया पता चल

1711
02:05:56,480 --> 02:06:01,400
रहा है कि य स्त्री गलत है तो पर्दा

1712
02:06:01,400 --> 02:06:05,720
डालो कि भैया सही है पूरा समाज गलत है वही

1713
02:06:05,720 --> 02:06:09,720
हो गया आपके साथ बात यह है कि

1714
02:06:09,720 --> 02:06:15,720
देखो सर धर्मों का इतना

1715
02:06:16,520 --> 02:06:20,800
ज्यादा धर्मों यह धर्म हो जैसे

1716
02:06:20,800 --> 02:06:25,320
दुनिया में धर्म धर्म

1717
02:06:25,320 --> 02:06:30,160
हो सूरज जी जय श्री राम

1718
02:06:30,160 --> 02:06:34,560
और आने वाले दो वीडियोस हमारे बहुत महत्त्वपूर्ण

1719
02:06:34,560 --> 02:06:39,000
है एक वह जो वकील है जो रामपाल

1720
02:06:39,000 --> 02:06:43,240
का फॉलोअर है वकील व हमसे किस तरह से मगजमारी कर रहा है वो वीडियो उसका केवल

1721
02:06:43,240 --> 02:06:47,360
ऑडियो रिकॉर्डिंग आएगी मगर व बहुत महत्त्वपूर्ण है और

1722
02:06:47,360 --> 02:06:51,800
बहुत हेलो रोचक भी है पूरा सुनना पूरा आनंद लेना

1723
02:06:51,800 --> 02:06:56,240
कैसे कैसे क्या क्या बात हुई

1724
02:06:56,240 --> 02:07:00,560
नमस्ते नमस्ते एक बात एक बात पूरी कर दूं बस और

1725
02:07:00,560 --> 02:07:04,600
दूसरा वीडियो आएगा उस मेले में किस तरह से जाकर के क्याक

1726
02:07:04,600 --> 02:07:09,200
कार्रवाई हुई और कैसे कैसे क्याक हुआ पूरा वृतांत के साथ वो वीडियो आएगा

1727
02:07:09,200 --> 02:07:13,480
और अभिषेक फैक्ट ये जो झूठ भाई अभिषेक है और ये जो

1728
02:07:13,480 --> 02:07:17,520
ये एमपी स्लो खबर वाला है इनको मैं कह रहा हूं

1729
02:07:17,520 --> 02:07:21,720
अगर तुम्हारे को चर्चा करनी है तो अपने कमरे से बाहर निकलो और

1730
02:07:21,720 --> 02:07:24,080
फोन घुमाओ

1731
02:07:24,080 --> 02:07:28,600
74036 बीच के स्थान पर चर्चा होगी या तो ग्राउंड पर

1732
02:07:28,600 --> 02:07:32,040
और या फिर किसी ऑनलाइन पोर्टल पर और

1733
02:07:32,040 --> 02:07:36,680
अ अपनाता दिखाते र मु छुपा कर बात करते र घर में बैठ कर के

1734
02:07:36,680 --> 02:07:41,560
जी अमृता जी जय श्री राम नमस्ते

1735
02:07:41,560 --> 02:07:47,160
जी आप मैं खुद संत रामपाल जी महाराज की

1736
02:07:47,160 --> 02:07:51,480
शिष्या करेंगे या नहीं करेंगे अ

1737
02:07:51,480 --> 02:07:55,480
हां जी मैंने कहा मैं खुद संत रामपाल

1738
02:07:55,480 --> 02:07:59,480
महाराज के शिष्य हूं अब मुझे वेलकम और प्रेम मिलेगा या नहीं मिलेगा

1739
02:07:59,480 --> 02:08:03,640
य पहले य क्लियर कर मैं

1740
02:08:03,640 --> 02:08:07,760
आपकी आवाज बहुत डिस्टर्ब आ रही है मैंने कहा मैं

1741
02:08:07,760 --> 02:08:12,440
खुद संत रामपाल जी महाराज की शि हूं मुझे अब आपके प्लेटफॉर्म प वेलकम

1742
02:08:12,440 --> 02:08:16,800
और प्यार मिलेगा या नहीं मिलेगा यह पहले में क्लियर कर

1743
02:08:16,800 --> 02:08:20,800
लू आप ये पूछ रही है कि मुझे वेलकम और प्यार

1744
02:08:20,800 --> 02:08:25,080
मिलेगा मिलेगा आपके प्लेटफॉर्म प क्योंकि

1745
02:08:25,080 --> 02:08:29,920
मैं संत रामपाल जीी महाराज की शिष्या देखिए

1746
02:08:29,920 --> 02:08:34,200
जो हमारे आचार्य है वो वही तत्वदर्शी

1747
02:08:34,200 --> 02:08:39,120
है जिन्होंने हमें सिखाया है संपूर्ण भूतों को स्वयं में देख

1748
02:08:39,120 --> 02:08:43,480
और फिर परमात्मा में देख सुनि सुनिए जब आपने प्रश्न

1749
02:08:43,480 --> 02:08:46,480
किया

1750
02:08:46,480 --> 02:08:51,120
सुन जब आपने प्रश्न किया तो इनको हटा दीजिए भैया इनको हटा दीजिए

1751
02:08:51,120 --> 02:08:55,400
ये केवल वो कुछ करने मैंने आपसे कहा भी ऑपरेटर महोदय

1752
02:08:55,400 --> 02:08:59,640
वैचारिक मतभेद के निमित्त यदि कोई व्यक्ति जुड़ा करे तो उसको

1753
02:08:59,640 --> 02:09:03,920
केवल तभी लिया करिए जब वह अपना चेहरा दिखाए क्योंकि

1754
02:09:03,920 --> 02:09:08,240
यह लोग स्वतंत्र होंगे कुछ भी बोलने के लिए कुछ भी करने के लिए वैचारिक

1755
02:09:08,240 --> 02:09:12,680
मतभेद के लिए कोई व्यक्ति जुड़ेगा तो वह अपना चेहरा दिखाएगा तभी

1756
02:09:12,680 --> 02:09:17,200
जुड़ेगा चेहरा दिखाकर इनकी बातें सुनले सुनी जाएगी

1757
02:09:17,200 --> 02:09:23,200
ऐसे हा आप चेहरा लेकर आइए फिर बात होगी

1758
02:09:27,880 --> 02:09:32,080
इनका कुछ है ही नहीं ना इनको ज्ञान है इनको

1759
02:09:32,080 --> 02:09:36,240
जितना पढ़ाया गया जितना दिखाया गया यदि कहीं गुरु परंपरा

1760
02:09:36,240 --> 02:09:40,560
में होते या कोई अच्छे से पाठशाला से होते उनको कुछ ज्ञान होता

1761
02:09:40,560 --> 02:09:44,920
इन्होंने तो खाली किताब में तो हमेशा यही बोलता किताब रटी रटाई आ गई

1762
02:09:44,920 --> 02:09:49,280
वहां यह लिखा वो लिखा समझने को तैयार ही नहीं है कहां पर क्या विषय

1763
02:09:49,280 --> 02:09:53,280
चल रहा है किसके संदर्भ में चल रहा किके संदर्भ में व्याख्या हो

1764
02:09:53,280 --> 02:09:57,440
रही है जैसे कोई दासी बता रही थी वो उसका दास है अरे तुम्हे मूर्ख हो पता

1765
02:09:57,440 --> 02:10:01,640
ही नहीं है कि ये किस विषय में बात चल रही है रामायण में कौन सा संदर्भ

1766
02:10:01,640 --> 02:10:05,800
चल रहा है बालकांड में कुछ है ही नहीं खाली हिंदी दिखा दिया पढ़

1767
02:10:05,800 --> 02:10:09,800
दिया कोई तात्पर्य है नहीं क्या करें और अपशब्द इनके इतने

1768
02:10:09,800 --> 02:10:13,880
थे उस दिन मैंने आपको वीडियो भेजा था लिंक मुझे बहुत बुरा लग रहा था

1769
02:10:13,880 --> 02:10:18,280
ठीक है वैचारिक वो हो सकते हैं पर इस प्रकार का भाषा का

1770
02:10:18,280 --> 02:10:22,680
थोड़ा मर्यादा भा मर्यादित भाषा होनी चाहिए इनकी कोई भी मर्यादित

1771
02:10:22,680 --> 02:10:27,200
भाषा नहीं है फिर बोलता हमें गुरुजी ने ये सिखाया अरे गुरुजी भले होते

1772
02:10:27,200 --> 02:10:31,320
तो जेल में होते उस कृत तो किया ही होगा गुरुजी ने जेल में

1773
02:10:31,320 --> 02:10:35,520
है फिर बो जेल धाम में अरे किसका हम तो इतने हमारे गुरुजी हमारे

1774
02:10:35,520 --> 02:10:39,920
गुरुजी इतने विख्यात है कोई भी इतने हमारे बड़े-बड़े मतलब की महापुरुषों

1775
02:10:39,920 --> 02:10:42,920
में मिलने के लिए लालायित होते आपका कोई

1776
02:10:42,920 --> 02:10:47,160
बता दो कोई ऐसा महापुरुष होगा जिसने रामपाल की वकालत की हो

1777
02:10:47,160 --> 02:10:51,360
कोई अच्छा जो व्यक्ति हो गया व्यक्तित्व वाला वो रामपाल जी से पूछो

1778
02:10:51,360 --> 02:10:56,280
नाम लेना

1779
02:10:56,280 --> 02:11:00,360
चाहता इनका का नाम देया ने अरे

1780
02:11:00,360 --> 02:11:04,560
हम तो शर्म के मारे मर जाते कि जेल में ऐसे गुरुजी जेल में फिर

1781
02:11:04,560 --> 02:11:08,640
उसकी शिक्षाए शिक्षा किताबों में इतना ल फजूल लिखा हुआ है मैंने तो

1782
02:11:08,640 --> 02:11:12,800
कहा इनके ऊपर भी केस होना चाहिए किताब य प्रिंटिंग जो भी एमपी फास्ट

1783
02:11:12,800 --> 02:11:16,960
ये सब बंद होना चाहिए मैं भी जुगाड़ देख रहा हूं कि इनका कैसे बंद

1784
02:11:16,960 --> 02:11:21,320
किया जाए य तो मैं कह रहा हूं वेद को छोड़ दो गीता को

1785
02:11:21,320 --> 02:11:25,320
छोड़ दो पुराण को छोड़ दो सिर्फ ये कहो हमारे कबीर पंथ में कबीर सागर में

1786
02:11:25,320 --> 02:11:29,440
य लिखा है हम इसमें हमें कोई वो नहीं है पर वेद गीता

1787
02:11:29,440 --> 02:11:33,600
पुराण का नाम बिल्कुल भी मत लो ज इतनी मूर्खता है जब इनको

1788
02:11:33,600 --> 02:11:37,800
समझ में ही नहीं है वेद क्या है गीता क्या है पुराण क्या है वो

1789
02:11:37,800 --> 02:11:41,840
अपनी थोड़ा रटी रटाई बातें बोलने आ जाते हैं भूतों का भूत

1790
02:11:41,840 --> 02:11:45,920
रामपाल जी को जिनको खुद पता नहीं जो क गुरु परंपरा से है ही नहीं

1791
02:11:45,920 --> 02:11:50,360
जिन्ने कोई पढ़ा नहीं संस्कृत का अ का ब जिनको पता नहीं व्याकरण नहीं

1792
02:11:50,360 --> 02:11:54,800
कोई कुछ नहीं पानी अष्टाध्याई कभी देखा ही नहीं वो क्या बताएंगे

1793
02:11:54,800 --> 02:11:57,960
उन्होने तो उतना ही देखा हिंदी में लिखा हुआ बता दिया कि

1794
02:11:57,960 --> 02:12:02,000
ये है इनकी तो बुद्धि में सारा भूसा भरा पड़ा हुआ है

1795
02:12:02,000 --> 02:12:06,720
यदि किसी अच्छी परंपरा गुरु में जाते विद्यालय में जाते तो इनको कुछ पता होता

1796
02:12:06,720 --> 02:12:10,920
इनके ऊपर तो मथा पति नहीं कर इन कुछ भी गलत अपशब्द

1797
02:12:10,920 --> 02:12:14,960
परे इनके ऊपर केस होना चाहिए लीजिए उनको

1798
02:12:14,960 --> 02:12:19,320
उनको ऊपर लीजिए वो आ गई है चेहरे के

1799
02:12:19,320 --> 02:12:23,560
साथ जी बताइए हा जी हा जी सब सबब

1800
02:12:23,560 --> 02:12:27,720
आप सब को देखिए आप लोग की जी जी जय श्री

1801
02:12:27,720 --> 02:12:31,880
राम राम गुरुजी ने हमें किसी का अपमान करना नहीं सिखाया

1802
02:12:31,880 --> 02:12:36,240
है

1803
02:12:36,240 --> 02:12:40,240
आपने चलो बोलो बोलो आप बोलो भाई पहले मुझे आप

1804
02:12:40,240 --> 02:12:45,000
कम से कम पा मिनट दे मैं पिछले 20 मिनट से आपको सुन रही हं

1805
02:12:45,000 --> 02:12:49,160
आपके विचार में समझ चुकी हूं मुझे पहले आप समझ बोलिए

1806
02:12:49,160 --> 02:12:54,000
बोलिए हा मैं हिंदू

1807
02:12:54,000 --> 02:12:58,120
ब्राह्मण को को और ब को जितनी बात

1808
02:12:58,120 --> 02:13:02,480
आप लोग कर रहे उतनी गहराई से तो मैं नहीं जानती पंडित तो नहीं हू साधारण

1809
02:13:02,480 --> 02:13:06,760
इंसान विद्वान नहीं आप लोगों की तरह इतना जरूर जानती

1810
02:13:06,760 --> 02:13:10,840
हूं कि हमारे सनातन ध धर्म ने प्रत्येक गुरु का

1811
02:13:10,840 --> 02:13:15,160
आदर करना सिखाया आप एक काम करिए आप हेडो ह कर डायरेक्ट

1812
02:13:15,160 --> 02:13:19,400
बात करिए आपकी आवाज डिस्टर्ब है आ

1813
02:13:19,400 --> 02:13:24,080
रही है आ नहीं आवाज

1814
02:13:24,080 --> 02:13:29,000
डिस्टिंग आवाज आ

1815
02:13:29,000 --> 02:13:33,040
रही हा जी भाई आवाज आ रही है ठीक

1816
02:13:33,040 --> 02:13:37,080
है काम चल रहा है बताइए मैंने कहा

1817
02:13:37,080 --> 02:13:41,320
हमारे सनातन धर्म ने इतना मैं जानती हूं कि हमारे सनातन

1818
02:13:41,320 --> 02:13:45,400
धर्म ने हमें किसी भी गुरु का अपमान करना

1819
02:13:45,400 --> 02:13:49,480
या उनके बारे में अभद्र भाषा बोलना नहीं सिखाया है एग्री कर रहे या

1820
02:13:49,480 --> 02:13:52,400
नहीं कर रहे

1821
02:13:52,400 --> 02:13:57,020
दुराचारी के साथ दरारी के

1822
02:13:57,020 --> 02:14:03,020
[संगीत]

1823
02:14:17,200 --> 02:14:23,200
सा नहीं कर

1824
02:14:24,440 --> 02:14:28,600
पक्ष लेने आई है आप यह सिद्ध करिए कि वो जो है झूठ नहीं है वो

1825
02:14:28,600 --> 02:14:34,600
पाखंडी

1826
02:14:42,840 --> 02:14:46,880
नहीं पहने बहुत सारी बात की आपके विर को

1827
02:14:46,880 --> 02:14:51,160
पू समझ चुकी आप मुझे समझने की कोशिश बत बी

1828
02:14:51,160 --> 02:14:55,240
धार्मिक इंसान में प बहुत बड़ी चीज है अध्यात्मिक इंसान में सुनने

1829
02:14:55,240 --> 02:14:59,240
की कैपेसिटी रखनी चाहिए है ना आप या हम

1830
02:14:59,240 --> 02:15:03,600
माइक लगा करके चिल्लाने से अपना धर्म नहीं साबित कर देंगे ठीक है

1831
02:15:03,600 --> 02:15:07,800
आप मैं तो कह रही हूं पिछले घंटे से आपको सुन रही हूं आप आपके लाइफ का

1832
02:15:07,800 --> 02:15:12,200
दो घंटा 15 मिनट हो गया मैं भी उनको उनको जो

1833
02:15:12,200 --> 02:15:16,280
है भी उनको 15 साल से देख रहा हूं आपके

1834
02:15:16,280 --> 02:15:20,280
भाई देखो आपको अगर कोई विषय किसी मुख्य विषय पर बात करनी हो तो आप

1835
02:15:20,280 --> 02:15:23,920
यहां रहिए

1836
02:15:23,920 --> 02:15:28,680
प्रवचन आपके प्रवचनों को मैं य से प्रसारित नहीं होने देना चाहता

1837
02:15:28,680 --> 02:15:34,680
आपको

1838
02:15:35,640 --> 02:15:39,640
कि कर ऑपरेटर महोदय आप मेरे साथ

1839
02:15:39,640 --> 02:15:45,080
जो है ठीक नहीं करते हैं शवा जीी इनको य

1840
02:15:45,080 --> 02:15:49,080
पूछना जवाब देते जवाब नहीं

1841
02:15:49,080 --> 02:15:53,120
देना है इ बातो का जिन को हम बिल्कुल अका रूप से सिद्ध कर

1842
02:15:53,120 --> 02:15:57,560
सकते हैं उन बातों पर बात करिए बस अमका

1843
02:15:57,560 --> 02:16:02,400
कर सकते हैं कि आपके जो ये जिनको आपने गुरु बनाया हुआ है

1844
02:16:02,400 --> 02:16:06,400
वो झूठे हैं पाखंडी है तो इस पर आप बात करिए

1845
02:16:06,400 --> 02:16:10,480
कि वो है कि नहीं अमृता जी से एक सवाल है सर के हमारे

1846
02:16:10,480 --> 02:16:15,080
जो ऋषि मुनि है जो पुराने ऋषि मुनि है जितने भी हमारे संत हुए हैं

1847
02:16:15,080 --> 02:16:19,160
क्या उनको गलत बोलना सही है जो ये रामपाल बोलता था पहले तो

1848
02:16:19,160 --> 02:16:24,520
परंपरा से है ही नहीं बिल्कुल ू देखिए मैं

1849
02:16:24,520 --> 02:16:28,560
र है एक मैं बात बताऊ की

1850
02:16:28,560 --> 02:16:32,720
अगर कोई व्यक्ति यह कह रहा है कि भाई क्या ऐसा बोलना सही है तो

1851
02:16:32,720 --> 02:16:37,080
उसका जवाब यह नहीं हो सकता कि आपने भी तो हमारे बारे में ऐसा बोला क्यों

1852
02:16:37,080 --> 02:16:38,960
क्योंकि अगर रावण सीता

1853
02:16:38,960 --> 02:16:43,560
का हरण करेगा तो राम यह नहीं सिखाएगा कि मंदोदरी का हरण

1854
02:16:43,560 --> 02:16:48,440
करो इसलिए यह जवाब हम लोग नहीं देते हैं जवाब क्या है

1855
02:16:48,440 --> 02:16:53,200
कि दुराचारी के लिए जो यथोचित व्यवस्था की गई है शास्त्रों के द्वारा

1856
02:16:53,200 --> 02:16:57,280
वो हमारे को कर उसका आलंबन लेने का हमें अधिकार है अब

1857
02:16:57,280 --> 02:17:01,760
बात ये है कि वो दुराचारी है कि नहीं उस पर बात करते हैं

1858
02:17:01,760 --> 02:17:05,760
जब वो इस पर आ गई कि करेक्टर सर्टिफिकेट देने के लिए य नहीं बैठा है व

1859
02:17:05,760 --> 02:17:09,920
नहीं बैठा है तो भैया वो कैरेक्टर जो है आपकी

1860
02:17:09,920 --> 02:17:14,040
जो बातें हैं आपकी जो किताबें उससे निकल कर के आ रहा है आप उस पर बात करिए

1861
02:17:14,040 --> 02:17:18,040
आप सिद्ध कर दीजिए अब आप यहां पर देंगी प्रवचन तो उसके लिए हम

1862
02:17:18,040 --> 02:17:22,360
लोग नहीं बैठे कि आप यहां पर अपनी जो आता हैन हमय प्रवचन

1863
02:17:22,360 --> 02:17:25,480
नहीं सुनना फालतू

1864
02:17:25,480 --> 02:17:29,920
का आप वहां जाकर के दीजिए

1865
02:17:29,920 --> 02:17:34,440
प्रवचन राम पांडे जी जय श्री

1866
02:17:34,440 --> 02:17:39,720
राम जय श्री राम शिवान जी सभी को जय श्री राम सभी को जय श्री

1867
02:17:39,720 --> 02:17:45,720
राम आवाज आ रही है जी बकुल भाई

1868
02:17:46,120 --> 02:17:50,160
जी मुझे लग रहा है नेटवर्क में कुछ प्रॉब्लम आ रही है आवाज

1869
02:17:50,160 --> 02:17:54,280
तो आ रही है ब्रेक हो रहा है आवाज नहीं हमें तो

1870
02:17:54,280 --> 02:18:00,280
क्लियर आ रही है नहीं आप लोगों की आवाज [संगीत]

1871
02:18:02,360 --> 02:18:06,680
मुझे अमृता जी आपको कोई विषय पर बात करनी

1872
02:18:06,680 --> 02:18:12,680
है शास्त्र सम्मत विषय

1873
02:18:13,200 --> 02:18:18,800
पर अमृता जी आपसे पूछ रहा

1874
02:18:18,800 --> 02:18:24,800
हूं बोलिए राम पांडे जी आपको आ रहा है

1875
02:18:26,600 --> 02:18:30,840
आवाज जा रहा कि पहले से वो झूठ बोल रही है वो जो शर्मा जी है ना वो

1876
02:18:30,840 --> 02:18:34,960
ब्राह्मण का एक वो टाइटल है तो इनके जितने भी सारे

1877
02:18:34,960 --> 02:18:39,080
भगत है ना तो मैक्सिमम भगत ऐसे फर्जी नाम से आते हैं एक वो

1878
02:18:39,080 --> 02:18:43,160
तिवारी साहब भी आते थे पहले क्या नाम था उनका तिवारी फिर वो बाद में दास

1879
02:18:43,160 --> 02:18:47,160
लगाने लग गए थे आपके साथ में जब डिबेट हो रहा था चर्चा हो रही

1880
02:18:47,160 --> 02:18:51,320
थी मैं बस ये कहना चाह रहा हूं कि ये सब जो है ना ये

1881
02:18:51,320 --> 02:18:55,440
ये सब जो है ये सब डीप स्टेट के पार्ट है यह बहुत बड़ा

1882
02:18:55,440 --> 02:18:59,680
षड्यंत्र है शिवांश जी थोड़ा सा अगर आप डीप स्टेट को समझेंगे ना तो

1883
02:18:59,680 --> 02:19:03,880
आपको सब क्लियर समझ में आने लग जाएगा ये अपने समाज को

1884
02:19:03,880 --> 02:19:08,000
तोड़ के ही एक अलग कल्ट क्रिएट करेंगे जैसे कि इन पास्ट

1885
02:19:08,000 --> 02:19:12,000
में आर्य समाज हुआ ब्रह्म समाज हुआ उसी तरीके से ये अपने जो

1886
02:19:12,000 --> 02:19:16,000
तथा गलित जो दलित समाज है ना इनके मैक्सिमम फॉलोवर आज के टाइम पर जो

1887
02:19:16,000 --> 02:19:17,800
दलित अपने आप को कहते हैं स्वघोषित

1888
02:19:17,800 --> 02:19:22,280
दलित है तो इनके वही फॉलोवर्स मिलेंगे और इनका मेन

1889
02:19:22,280 --> 02:19:26,280
मेन मोटिव बस यही है कि इनको अब ये बताया

1890
02:19:26,280 --> 02:19:30,400
जाता है कि देखो ब्राह्मणों ने तुम्हें ये शास्त्र नहीं पढ़ने दिया गीता नहीं पढ़ने

1891
02:19:30,400 --> 02:19:34,400
दिया वेद वेद पाठ नहीं करने दिया तो अब यह जो

1892
02:19:34,400 --> 02:19:38,480
चीज है यह उसी चीज को प्रमोट करते हैं उनके सामने और बोलते

1893
02:19:38,480 --> 02:19:42,600
हैं कि हां सभी लोग पढ़ो सबके लिए ये

1894
02:19:42,600 --> 02:19:46,800
सब लोग इसका पठन पाठन कर सकते हो वो बंदर के हाथ में जो उत वाली कहानी

1895
02:19:46,800 --> 02:19:50,840
होती है वही वाली बात है इसीलिए तो हमारे शास्त्रों में मना किया गया ना ये

1896
02:19:50,840 --> 02:19:55,240
जो ज्ञान है यह जो ग्रंथ है यह सबके लिए अधिकारी नहीं बनाते

1897
02:19:55,240 --> 02:19:59,480
हैं दूसरी चीज अभी आप देखेंगे गौर से कुछ दिनों पहले

1898
02:19:59,480 --> 02:20:03,640
न्यूज में आया था काफी टाइम पहले न्यूज में आया था जैसे बागेश्वर

1899
02:20:03,640 --> 02:20:07,920
धाम जी हो गए उनके जो गुरु साहब जी है ये लोग भी हमारे

1900
02:20:07,920 --> 02:20:11,920
जो धर्म शास्त्र है जो वेद है उन तक में बोलते

1901
02:20:11,920 --> 02:20:15,920
हैं कि मिलावट की गई चीज है इनको बदल देना चाहिए क्यों बदल देना

1902
02:20:15,920 --> 02:20:19,960
चाहिए क्योंकि आजकल के जो परिपेक्ष में व जो चीजें

1903
02:20:19,960 --> 02:20:24,160
जो चलती रहती जो बे विचार है उनको वो हमारे वेद

1904
02:20:24,160 --> 02:20:28,240
शास्त्र में वो अधिकारी नहीं बनाता वो उसके लिए मना करता है

1905
02:20:28,240 --> 02:20:32,320
तो जो मना करता है तो भाई नहीं हमारे अकॉर्डिंग वेद शस्त्र चलेंगे वेद

1906
02:20:32,320 --> 02:20:33,160
शस्त्र के अकॉर्डिंग

1907
02:20:33,160 --> 02:20:37,320
हम नहीं चलेंगे मेन मोटिव कहना इनका यह है और बड़े बड़े

1908
02:20:37,320 --> 02:20:41,600
जो क्या बोलते हैं इसको परंपरागत गुरुओं

1909
02:20:41,600 --> 02:20:45,680
की बात कर रहा हूं जो परंपरा से चले आ रहे हैं गुरु मैं उनकी बात कर रहा

1910
02:20:45,680 --> 02:20:49,720
हूं वो तक भी धर्मशास्त्र को और अब हमारे वेद और

1911
02:20:49,720 --> 02:20:53,800
गीता में मिलावट तथा मिलावट के नाम पर उसको चेंज करने की बात करने

1912
02:20:53,800 --> 02:20:57,880
लग गए हैं और यह जबी से होता है जब ये एक दो बार विदेश चले जाते

1913
02:20:57,880 --> 02:21:01,880
हैं चार्टेड प्लेन उनके लिए क्वायर करा जाता है गवर्नमेंट

1914
02:21:01,880 --> 02:21:05,880
के द्वारा वो जाते हैं वहां से ट्रेनिंग लेकर आते हैं और फिर यहां से

1915
02:21:05,880 --> 02:21:09,960
अपना एजेंडा स्टार्ट करते हैं ये बहुत बड़ा डी स्टेट का पार्ट

1916
02:21:09,960 --> 02:21:14,240
है और बहुत गरा यंत्र है अपने सनातन समाज को ब्रेक करने

1917
02:21:14,240 --> 02:21:18,320
का बस मेरा यही कहना देखिए बात

1918
02:21:18,320 --> 02:21:22,520
आप सही कह रहे हैं इसमें एक चीज है कि जो

1919
02:21:22,520 --> 02:21:26,600
यह जो परंपरा से होते हैं जो आचार्य गण या किसी कारण से

1920
02:21:26,600 --> 02:21:30,920
दिशा भ्रमित कर रहे हैं या कुछ भी कहीं पर त्रुटी हो रही है

1921
02:21:30,920 --> 02:21:35,240
फिर भी उनका परंपरा में विश्वास होने के कारण एक

1922
02:21:35,240 --> 02:21:39,240
वो रहती है स्पेस एक रहता है कि वह वापस आ सकते

1923
02:21:39,240 --> 02:21:43,320
हैं सही सही भी हो सकती है चीजें मगर जो

1924
02:21:43,320 --> 02:21:47,640
परंपरा निष्ठ ही नहीं बचा जो परंपरा निष्ठ ही नहीं बचा

1925
02:21:47,640 --> 02:21:48,320
उसको हम कहां

1926
02:21:48,320 --> 02:21:52,400
से वापस लाएंगे देखो जब तक सर्व सम्मति से

1927
02:21:52,400 --> 02:21:56,480
आचार्यों का समूह व्याकरण के द्वारा कोई सिद्ध नहीं हो जाता

1928
02:21:56,480 --> 02:22:00,720
उसको कोई बदल नहीं सकता अब जैसे बागेश्वर

1929
02:22:00,720 --> 02:22:04,800
वाले हैं उन्होंने कहा तो खूब कि वो जो वर्ण व्यवस्था प अभी

1930
02:22:04,800 --> 02:22:08,960
जो मामला हुआ मगर अंततोगत्वा क्या हुआ जब राजेंद्र

1931
02:22:08,960 --> 02:22:13,560
दास जी ने समझाया तो बैठ के समझा भी

1932
02:22:13,560 --> 02:22:17,680
समझ गए बिल्कुल राजन दास जी ने बैठ के अच्छे

1933
02:22:17,680 --> 02:22:22,280
से समझाया ना समझ गए बकुल ब इस बारे में

1934
02:22:22,280 --> 02:22:26,880
इस बारे में महाभारत में एक वचन आता है

1935
02:22:26,880 --> 02:22:31,680
कि आचरण हीन श्रद्धा वान भी

1936
02:22:31,680 --> 02:22:35,760
आचरण वान श्रद्धा हीन से श्रेष्ठ है

1937
02:22:35,760 --> 02:22:39,840
आचरण हीन श्रद्धावन आचरण वान श्रद्धा

1938
02:22:39,840 --> 02:22:44,600
हीन से श्रेष्ठ है ये महाभारत का वचन क्योंकि उसके अंदर

1939
02:22:44,600 --> 02:22:48,680
की बात से भ महात की बा अभ बात कर अभी आपसे बात

1940
02:22:48,680 --> 02:22:52,800
करता हूं अभी आपसे बात करता हूं मेरा क्वेश्चन है अभी

1941
02:22:52,800 --> 02:22:57,520
मैं अपनी बात पूरी कर लू मैं आप आपको लूंगा आपको लूंगा

1942
02:22:57,520 --> 02:23:01,600
मैं बैठी हूं मैं बैठी ह तो क्या है

1943
02:23:01,600 --> 02:23:04,120
कि जिसमें श्रद्धा है

1944
02:23:04,120 --> 02:23:08,400
उसकी हम उसके बारे में हम सोच सकते वो कभी भी वापस आ सकता है मगर

1945
02:23:08,400 --> 02:23:12,720
जिसमें श्रद्धा ही नहीं है उसके हम आचरण के बारे में सोच सकते

1946
02:23:12,720 --> 02:23:17,360
वह कभी भी जा सकता है जो रास आचरण है

1947
02:23:17,360 --> 02:23:21,480
है ना जैसे नास्तिक इसका बहुत बढ़िया उदाहरण है

1948
02:23:21,480 --> 02:23:26,600
संस्कार हीन नच वेद शास्त्रम हा

1949
02:23:26,600 --> 02:23:30,880
जैसे नास्तिक जो है वो सारी बढ़िया बढ़िया चीजें

1950
02:23:30,880 --> 02:23:35,040
कर रहा है कपड़े पहन रहा है माता को माता की दृष्टि से देख रहा है बहन को बहन

1951
02:23:35,040 --> 02:23:39,080
की दृष्टि से देख रहा है सब कुछ है मगर उसका ये जो सिद्धांत

1952
02:23:39,080 --> 02:23:43,120
है वो ब्रेक होने की बहुत संभावनाए है क्यों क्योंकि उसको

1953
02:23:43,120 --> 02:23:47,240
यह नहीं पता मैं ऐसा कर क्यों रहा हूं तो जिस दिन उसका जो मन

1954
02:23:47,240 --> 02:23:52,720
है वो डामाडोल हो गया वहा खतरा है

1955
02:23:52,720 --> 02:23:57,000
नास्तिक और जिसके पास आधार है ईश्वर

1956
02:23:57,000 --> 02:24:01,080
का तो उसको यह मालूम है कि मैं यह जो अंतर कर रहा हूं क्यों

1957
02:24:01,080 --> 02:24:05,200
कर रहा हूं तो अगर वह इन लिमिट्स के बाहर जाता भी है तो उसको

1958
02:24:05,200 --> 02:24:09,520
अपने आप को कहना होगा कि मैं गलत कर रहा हूं क्योंकि उसको ईश्वर

1959
02:24:09,520 --> 02:24:13,800
में विश्वास है और नास्तिक जिस दिन इन लिमिट्स के बाहर जाएगा

1960
02:24:13,800 --> 02:24:19,360
वह अपने आपको यह कहेगा मैं सही कर रहा हूं क्योंकि उसको ईश्वर में विश्वास ही

1961
02:24:19,360 --> 02:24:24,600
नहीं हां अमृता जी

1962
02:24:24,600 --> 02:24:30,600
आप बताएं शास्त्र से रिलेटेड कौन सी बात करना चाहती

1963
02:24:32,360 --> 02:24:37,160
है इनको अन म्यूट कर दो भाई

1964
02:24:37,160 --> 02:24:41,720
हां अब यहां प क यही है शासन

1965
02:24:41,720 --> 02:24:45,880
इमिक यही है आपकी आवाज क्लियर नहीं आ रही है शब्दों को समझने

1966
02:24:45,880 --> 02:24:51,600
में बहुत मेहनत करनी पड़ रही हैया अब आई आवाज

1967
02:24:51,600 --> 02:24:55,800
अभी भी क्लियर नहीं है पर काम चला लेंगे बताइए हा

1968
02:24:55,800 --> 02:24:59,840
मैं य आपसे कह रही आपने महाभारत का जिक्र किया और उसके

1969
02:24:59,840 --> 02:25:04,160
संदर्भ में हम आस्ता नास्तिकता और संस्कार हीनता

1970
02:25:04,160 --> 02:25:08,240
संस्कार की बातें बताई ठीक समझ में आई मैं आपसे क्वेन करती

1971
02:25:08,240 --> 02:25:12,440
हूं महाभारत के संदर्भ से ही जब द्रोपदी का रण हो रहा

1972
02:25:12,440 --> 02:25:16,800
था और वहा पर हमारे पूज्य द्रोणाचार्य जी पिता

1973
02:25:16,800 --> 02:25:20,920
जी और बहुत सारे जो आज की तारीख में प्रतिष्ठित

1974
02:25:20,920 --> 02:25:25,120
है हमारे दे हमारे धार्मिक पुस्तकों में जिनको बहुत प्रतिष्ठा मिली ई

1975
02:25:25,120 --> 02:25:29,240
है क्या वो किस भाव से उस चीज को देख रहे

1976
02:25:29,240 --> 02:25:33,280
थे और उनके अंदर क्या ऐसा चल रहा होगा कौन से

1977
02:25:33,280 --> 02:25:38,080
संस्कार पहली बात तो ये है पहली बात तो ये है

1978
02:25:38,080 --> 02:25:42,200
देखिए एक बात समझिए ऐसे बहुत सारे

1979
02:25:42,200 --> 02:25:46,280
प्रकरण है जिन पर हम अनंत समय तक

1980
02:25:46,280 --> 02:25:49,240
बात कर सकते

1981
02:25:49,240 --> 02:25:53,480
हैं मेरी बात सुन लीजिए देखिए ये आप चर्चा करने

1982
02:25:53,480 --> 02:25:57,880
नहीं आई है आप क्या बात

1983
02:25:57,880 --> 02:26:02,000
सु मैं देखिए हम लोग विषय पर बात

1984
02:26:02,000 --> 02:26:07,160
करने वाले लोग आपकी चर्चा से यही लग रहा

1985
02:26:07,160 --> 02:26:11,600
है मत लो इनको मत लोको मत लोको

1986
02:26:11,600 --> 02:26:15,560
नहीं करनी है

1987
02:26:15,560 --> 02:26:20,360
बात पहली बात यह है कि यह यहां पर आई क्यों है

1988
02:26:20,360 --> 02:26:24,640
हमारा रामपाल सही है यही है ना उद्देश कोई सही नहीं है

1989
02:26:24,640 --> 02:26:29,080
अब ये बताइए कि भीष्म पितामह यदि गलत

1990
02:26:29,080 --> 02:26:34,400
है तो उनके गलत होने से रामपाल के सही होने का क्या संबंध

1991
02:26:34,400 --> 02:26:38,560
है क्या संबंध है अब अगर ऐसे हम लोग

1992
02:26:38,560 --> 02:26:42,720
बात करने लगे कि उसने मल क्यों साफ किया कबीर ने यह क्यों किया वो

1993
02:26:42,720 --> 02:26:46,800
क्यों किया तो इस पर तो हम लोग सुबह हो जाएगी बात करते करते इससे कोई

1994
02:26:46,800 --> 02:26:52,120
निष्कर्ष निकलना है क्या यह बात

1995
02:26:52,120 --> 02:26:56,520
पिता भीष्म पितामह और द्रोणाचार्य इनकी बात कर

1996
02:26:56,520 --> 02:27:00,760
लेते जितने अंश में इन्होने गलत किया है सबसे पहले दंड

1997
02:27:00,760 --> 02:27:04,480
किसे मिला महाभारत के युद्ध में

1998
02:27:04,480 --> 02:27:08,520
किसे मिला क्या हुआ महाभारत

1999
02:27:08,520 --> 02:27:13,640
में ही वचन है कि घटनाओं का घटित होना प्रमाण नहीं होता

2000
02:27:13,640 --> 02:27:17,680
है उन्हे शास्त्रों के द्वारा न्यायोचित रूप से

2001
02:27:17,680 --> 02:27:21,760
स्वीकार किया जाना प्रमाण होता है घटनाए तो यह

2002
02:27:21,760 --> 02:27:26,000
भी घटित हो रही है कि रावण सीता का हरण कर रहा है तो क्या इसको हम प्रमाण मानले जीवन

2003
02:27:26,000 --> 02:27:30,320
का ये भीष्म पिता महा ने कुरुक्षेत्र में बताया जब सब लोग भीष्म

2004
02:27:30,320 --> 02:27:34,640
पिता महा जी को मिलने गए थे र को लेकर के जब यटर बड़े परेशान

2005
02:27:34,640 --> 02:27:38,640
थे यह कथा भागवत में है तो भीष्म पितामह यष जी

2006
02:27:38,640 --> 02:27:42,800
रो रहे थे कि मैंने क्या मिला मुझे इतना को देख कर के पर भगवान जी ने बहुत

2007
02:27:42,800 --> 02:27:47,160
समझाया पर भीष्म पिता यिर जी को समझ में कतई नहीं आया

2008
02:27:47,160 --> 02:27:51,240
फिर भगवान ने कहा हम तो समझने वाले नहीं है क्योंकि हमको तो हमको

2009
02:27:51,240 --> 02:27:55,240
तो कुछ समझते नहीं क्योंकि हम तो अपने मित्र समझते हैं छोटा भाई समझते हैं हमें तो

2010
02:27:55,240 --> 02:27:59,280
भगवान कहां ले गए कुरुक्षेत्र में भीष्म पिता महा के पास सब पांडवों को

2011
02:27:59,280 --> 02:28:04,680
वहां ले गए राज धर्मा मोक्ष धर्मानंद

2012
02:28:04,680 --> 02:28:08,840
धर्मानंद चला तो द्रोपदी को हंसी आ गई हां

2013
02:28:08,840 --> 02:28:12,920
जी बोलिए देखिए ऐसा है

2014
02:28:12,920 --> 02:28:17,200
कि जो एक गुरुदेव का एक वचन था

2015
02:28:17,200 --> 02:28:19,680
कि कर्तव्य का निर्णय जो है व व्यक्तिगत नहीं

2016
02:28:19,680 --> 02:28:23,800
होता है जसे जैसे भीष्म पिता म

2017
02:28:23,800 --> 02:28:27,960
ने यह शपथ ली थी कि मैं गद्दी की रक्षा

2018
02:28:27,960 --> 02:28:32,200
करूंगा तो द्रौपदी के समय भी वह चुप

2019
02:28:32,200 --> 02:28:36,840
रहे तो यह तो उनका व्यक्तिगत धर्म था कि

2020
02:28:36,840 --> 02:28:41,160
उन्होंने जो शपथ लिए प्रतिज्ञा की है उसका उन्होंने पालन किया

2021
02:28:41,160 --> 02:28:45,200
यह व्यक्तिगत धर्म था मगर समष्टि रूप से देखने पर क्या धर्म

2022
02:28:45,200 --> 02:28:49,440
था कि सामने एक नारी के साथ कुछ गलत हो रहा है तो चुप नहीं रहना

2023
02:28:49,440 --> 02:28:54,120
है और हमारा धर्म यह सिखाता है कि जब आपका व्यक्तिगत धर्म

2024
02:28:54,120 --> 02:28:58,760
जो समष्टि के रूप से जो धर्म है उसका खंडन करने

2025
02:28:58,760 --> 02:29:02,880
लगे तो आपको अपने व्यक्तिगत धर्म को छोड़ देना फिर समष्टि का

2026
02:29:02,880 --> 02:29:07,280
जो धर्म है उसका फिर पालन करना है तो भीष्म पिता मा ने नहीं किया

2027
02:29:07,280 --> 02:29:11,680
द्रोणाचार्य ने नहीं किया मगर किसने किया प्रहलाद

2028
02:29:11,680 --> 02:29:16,240
ने किया प्रहलाद का व्यक्तिगत धर्म क्या था

2029
02:29:16,240 --> 02:29:20,840
प्रहलाद का व्यक्तिगत धर्म था कि

2030
02:29:20,840 --> 02:29:24,920
अपने पिता की बात मानना यह व्यक्तिगत धर्म हो गया

2031
02:29:24,920 --> 02:29:28,960
शास्त्रों में आता है पिता की बात मानो मगर समष्टि के रूप

2032
02:29:28,960 --> 02:29:33,600
से धर्म क्या था ईश्वर का खंडन ना करना

2033
02:29:33,600 --> 02:29:35,240
विष्णु का खंडन ना

2034
02:29:35,240 --> 02:29:39,600
करना तो क्या हुआ उन्होंने अपने व्यक्तिगत धर्म को त्याग

2035
02:29:39,600 --> 02:29:43,760
दिया समष्टि के धर्म को अपनाया नहीं तो वो कह सकते मेरा धर्म है

2036
02:29:43,760 --> 02:29:48,560
मेरे पिता है मगर वो जपते रहे नारायण नारायण

2037
02:29:48,560 --> 02:29:53,200
विभीषण ने भी किया था ऐसे ही हां तो भीष्म

2038
02:29:53,200 --> 02:29:57,280
जी और द्रोणाचार्य जी वाले मामले में और प्रद वाले मामले

2039
02:29:57,280 --> 02:30:01,600
में यही अंतर है उन्होंने व्यक्तिगत धर्म को पीछे कर दिया

2040
02:30:01,600 --> 02:30:05,600
और समष्टि के धर्म का आलंबन लिया और भीष्म पितामह

2041
02:30:05,600 --> 02:30:10,600
हुए या तुम्हारा यह आपका जो है ये

2042
02:30:10,600 --> 02:30:14,760
कुंभकरण कुंभकरण को भी मालूम था कि य सत्य है राम

2043
02:30:14,760 --> 02:30:18,800
उनसे मत भिड़ो मगर जब भाई

2044
02:30:18,800 --> 02:30:22,920
ने ये कहा ठीक है तो भी छोड़ दो अपने भाई को अकेला तो उन्होंने

2045
02:30:22,920 --> 02:30:27,400
कहा नहीं भाई को अकेला नहीं छोडूंगा है ना

2046
02:30:27,400 --> 02:30:31,760
तो ज भाई को अकेला नहीं छोड़ा तो उसने अपने व्यक्तिगत धर्म को ऊपर ले लिया तो आज भी राक्षस

2047
02:30:31,760 --> 02:30:36,080
में गिना जाता है कि नहीं तो इसी

2048
02:30:36,080 --> 02:30:40,360
इसी तरीके से व्यवस्था है अगर किसी ने जितने अंश में गलत किया है

2049
02:30:40,360 --> 02:30:44,920
तो उसको वहां पर कहा गया गलत बी में पिता मा को देखिए आप गणाचार्य

2050
02:30:44,920 --> 02:30:50,240
विष पिता म को अर्जुन ने मारा कि नहीं मारा युद्ध किया कि नहीं

2051
02:30:50,240 --> 02:30:50,740
पर

2052
02:30:50,360 --> 02:30:54,480
रहना पड़ा हां और उने उस

2053
02:30:54,480 --> 02:30:58,520
बात का वो भी था उनको मत लीजिए वो भड़ास निकालने आई

2054
02:30:58,520 --> 02:31:02,720
है उनको कोई तार्किक या विषय विषयो उक्त बात नहीं करनी उन्हें

2055
02:31:02,720 --> 02:31:07,200
हां उनको कुछ मतलब कोई वो है ही नहीं कैसे बात करनी है

2056
02:31:07,200 --> 02:31:11,320
एक्चुअल में ना वो पता है क्या पूछना चाह रहे थे वो ये पूछना चाह रहे थे ये जो जितना ये

2057
02:31:11,320 --> 02:31:15,720
जुआ हुआ है ये हुआ है ये शास्त्रों में लिखना ये सही है कि गलत है उन्होंने

2058
02:31:15,720 --> 02:31:19,920
असली ज्ञान तो लिया नहीं कि वहां से मतलब की वो सारी चीजें गलत थी और

2059
02:31:19,920 --> 02:31:24,000
उने सारी चीज दिखाई फिर परमात्मा ने कैसे उनको बचाया ने ले

2060
02:31:24,000 --> 02:31:28,280
उनका खंडन किया ना धर्म की स्थापना कैसे होगी आपको गलत बताया

2061
02:31:28,280 --> 02:31:32,640
गया कि ये देखो यह भी गलत है फिर उसका खंडन किया इनको

2062
02:31:32,640 --> 02:31:36,880
सही चीज पकड़नी नहीं है ना चक्कर ये कहां इनको कहां सही

2063
02:31:36,880 --> 02:31:41,040
चीज इनका तो कुछ है ही नहीं कुछ शर कुछ आपका सबसे

2064
02:31:41,040 --> 02:31:45,080
बड़ी बात है कि भाई भीष्म पितामह द्रोणाचार्य ने गलत किया

2065
02:31:45,080 --> 02:31:49,200
सही किया आपका रामपाल कहां से सही हो गया काल कहां

2066
02:31:49,200 --> 02:31:53,240
से सब सही वाले हैं ये कबीर ईश्वर कहां से सिद्ध हो

2067
02:31:53,240 --> 02:31:57,320
गया हा ब्रह्मा विष्णु महेश की पूजा व्यर्थ कहां

2068
02:31:57,320 --> 02:32:01,400
से हो गई दुर्गा माता का वो दुर्गा माता के साथ दुष्कर्म

2069
02:32:01,400 --> 02:32:05,360
कहां से सिद्ध हो गया सीता माता की वो जो संतोष की

2070
02:32:05,360 --> 02:32:09,720
इच्छा कहां से हो गई सीता के रूप में ये सब बातें नहीं करनी है वो फलाने

2071
02:32:09,720 --> 02:32:15,360
चैप्टर में ऐसा हुआ वैसा हुआ क्या यह सही

2072
02:32:15,360 --> 02:32:19,360
था कहा नहीं है इनका रेफरेंस एक

2073
02:32:19,360 --> 02:32:23,480
लाइन में राम सुखदास इतने महान

2074
02:32:23,480 --> 02:32:27,520
हुए वो अपने को तत्वदर्शी नहीं कहलाया

2075
02:32:27,520 --> 02:32:31,520
उन्होंने इनकी कहानिया सुन इतनी हंसी आती है कहते हैं

2076
02:32:31,520 --> 02:32:37,040
द्रोपदी की लाज जो है ना कबीर ने बजाई अ इन मूर्खों से क्या सवाल करोगे

2077
02:32:37,040 --> 02:32:41,160
बताओ एक होता है मूर्ख एक होता महा कहीं

2078
02:32:41,160 --> 02:32:45,600
नहीं बस और रम की किताब में लिखा है

2079
02:32:45,600 --> 02:32:49,880
मेरा इनसे यही कहना है आपका सागर को मानिए पर वेद पुराण

2080
02:32:49,880 --> 02:32:53,920
और उनका नाम मत लीजिए खबरदार मैं तो का वेद पुराण और

2081
02:32:53,920 --> 02:32:58,680
शास्त्रों का नाम कतई ना लो

2082
02:32:58,680 --> 02:33:02,680
कबीर प्यारी बहना जय श्री राम जय

2083
02:33:02,680 --> 02:33:06,800
श्री राम भैया जी बोलिए सबसे पहले तो बहुत

2084
02:33:06,800 --> 02:33:11,080
खुशी हुई आपने जो अभी किया उनकी किताबों के साथ

2085
02:33:11,080 --> 02:33:15,400
तो उसके लिए बहुत ज्यादा अच्छा लगा वो देख के और दूसरा यह कि

2086
02:33:15,400 --> 02:33:20,080
जो मैं लास्ट टाइम आके स्ट्रीम में बोल के गई थी ना उसके खिलाफ वो जो

2087
02:33:20,080 --> 02:33:24,320
एक वीडियो बनाती है उन्होंने मतलब जो मैंने

2088
02:33:24,320 --> 02:33:28,600
बातें बोली थी उनका तो सही से आंसर दिया नहीं उसमें वो खुद की जो बोलते

2089
02:33:28,600 --> 02:33:32,640
हैं कि कबीर के दोहे वो सब बोलने लग गए उसके अलावा जो मुझे उल्टा सीधा बोलना

2090
02:33:32,640 --> 02:33:36,960
था वो सब बोल रहे थे और ये कह रहे थे कि मैंने कभी उसको फॉलो

2091
02:33:36,960 --> 02:33:41,040
मतलब मेरी फैमिली उसको मानती नहीं है आप मेरे को कोई ऐसी रैंडम लड़की को

2092
02:33:41,040 --> 02:33:45,840
आप ले आए हो और उससे आप ये सब बुलवा रहे हो ऐसा वो लोग बोल रहे थे

2093
02:33:45,840 --> 02:33:51,640
तो इनको अगर मेरे से कोई क्वेश्चन पूछना है हां

2094
02:33:51,640 --> 02:33:55,720
क्योंकि वो लोग ऐसा करते हैं ना इसलिए

2095
02:33:55,720 --> 02:34:00,320
हां ये भी बात एकदम सही है और वो लोग ऐसा क्लेम कर रहे हैं कि जैसे तो

2096
02:34:00,320 --> 02:34:04,440
कभी मेरी फैमिली ने इसको फॉलो ही नहीं किया या ऐसा कुछ

2097
02:34:04,440 --> 02:34:08,480
कि प्रूफ दिखाओ अब मैं इनको ये कह र है कि ना आपने अपना रियल नेम

2098
02:34:08,480 --> 02:34:12,480
या फिर फेस दिखाया मैं क्यों अपना रियल नेम और फेस ताकि आप लोगों को पता चल जाए मैं कौन

2099
02:34:12,480 --> 02:34:13,840
हूं और फिर

2100
02:34:13,840 --> 02:34:18,080
मतलब फिर इनको तो ये बोल र अपना मतलब एड्रेस

2101
02:34:18,080 --> 02:34:22,280
बताओ तो ये थोड़ी कोई फिर ये कनपटी प गोली

2102
02:34:22,280 --> 02:34:26,280
रखेंगे हां वही सही बात है मतलब

2103
02:34:26,280 --> 02:34:30,280
और मेरे को भैया ये ये जो उस वीडियो में जो बोल रहे थे वो कम

2104
02:34:30,280 --> 02:34:34,320
से कम मेरे से डबल एज के थे ठीक है और मेरे को ऐसा उल्टा सीधा उन्होंने

2105
02:34:34,320 --> 02:34:39,320
बोला है ना मतलब मतलब ये भी नहीं सोचते कि वहां पे आके

2106
02:34:39,320 --> 02:34:43,400
मतलब या तो मैं प्यारी बहना नाम से तो कुछ तो ऐसा नॉर्मल

2107
02:34:43,400 --> 02:34:47,640
से बोले नहीं इतना उन्होंने मेरे को ऐसा बोला है कि

2108
02:34:47,640 --> 02:34:51,720
कि ये लोग इसलिए फॉलो नहीं करते हैं क्योंकि ये करना होता है वो करना होता है ये लोग

2109
02:34:51,720 --> 02:34:55,760
नियमों को नियमों का पालन ही नहीं कर सकते तो और भैया ये

2110
02:34:55,760 --> 02:34:59,840
लोग कह रहे थे कि वो नहीं दिखाया मैंने जो नाम

2111
02:34:59,840 --> 02:35:04,040
जब मिलता है ना तो ये एक पर्चा देते हैं तो अभी मेरी पूरी फैमिली

2112
02:35:04,040 --> 02:35:08,080
के मेरे पास व स्लिप है ठीक है और मैं आपको एक

2113
02:35:08,080 --> 02:35:12,200
सेकंड मैं आपको कुछ दिखाती हूं अभी तो मैंने दो प जब मैंने जॉइन किया

2114
02:35:12,200 --> 02:35:18,200
तो मैं हाइड कर रही थी उसम नेम तो मैं आपको दिखाती हूं एक सेकंड

2115
02:35:19,800 --> 02:35:23,800
ये देखो ये दो दो में ही अभी मैंने हाइड किया है

2116
02:35:23,800 --> 02:35:28,120
और ये देते हैं वो लोग इसमें आप देख सकते हो डेट 2021

2117
02:35:28,120 --> 02:35:32,280
है जब नाम दिया था इनका इनका कॉलम बड़ा कर दीजिए एक

2118
02:35:32,280 --> 02:35:36,280
मिनट इनका कॉलम बड़ा कर दीजिए एज

2119
02:35:36,280 --> 02:35:40,920
2021 है इस सॉरी जो टाइम है वो 2021

2120
02:35:40,920 --> 02:35:45,200
है और ये कह रहे थे ना कि कभी फॉलो ही नहीं किया मेरी पूरी फैमिली के देखो मैं आपको दिखाती

2121
02:35:45,200 --> 02:35:49,240
हूं ये ये भी है मेरे पास मैं अभी सीधा करके नहीं दिखाऊंगी इसमें

2122
02:35:49,240 --> 02:35:53,400
मैंने नेम हाइड नहीं कर रखा और यह भी है पूरी फैमिली

2123
02:35:53,400 --> 02:35:57,800
का है हां भैया पूरी फैमिली का ये देखो एक और अच्छा

2124
02:35:57,800 --> 02:36:01,960
एक मेरे फैमिली मेंबर के मतलब कोई भी हो सकता है मैं या फिर मेरे भाई या मम्मा

2125
02:36:01,960 --> 02:36:06,000
उन्होंने ऑनलाइन वो लिया था तो इसमें ऊपर लिखा हुआ है कि ऑनलाइन

2126
02:36:06,000 --> 02:36:10,280
दिया गया तो ये लोग कहते ना आप की ऑनलाइन देने का

2127
02:36:10,280 --> 02:36:14,600
तो देख सकते हो कि हां ऑनलाइन देने का भी यहां पर लिखा हुआ है

2128
02:36:14,600 --> 02:36:18,640
और इसमें क्योंकि आश्रम में जाकर लिया था यह

2129
02:36:18,640 --> 02:36:22,640
और यह भी इ सीधा करके नहीं दिखाऊंगी क्योंकि इनम मैंने नेम हाइड नहीं

2130
02:36:22,640 --> 02:36:26,640
किया अभी तो अगर यह लोग

2131
02:36:26,640 --> 02:36:31,520
मैंने तो लास्ट टाइम दिया था राम की बुक्स भी दिखाई थ मेरे

2132
02:36:31,520 --> 02:36:34,800
घ आपका सीरीज नंबर दिख रहा है तो उसको

2133
02:36:34,800 --> 02:36:37,520
हैड कर

2134
02:36:37,520 --> 02:36:40,400
लीजिए

2135
02:36:40,400 --> 02:36:46,400
जीया र

2136
02:36:50,200 --> 02:36:54,360
और अगर इनको मेरे से कोई क्वेश्चन पूछना है कि जो चीज है ना सिर्फ इनको

2137
02:36:54,360 --> 02:36:58,480
पता होगी या फिर यह कह रहे हैं कि आप ऐसे ही किसी रैंडम इंसान को ले आया तो आके मेरे

2138
02:36:58,480 --> 02:37:02,480
से क्वेश्चन पूछ लो म अगर इनको मेरे से बात करनी की मैंने क्यों मानना छोड़ा या फिर कुछ

2139
02:37:02,480 --> 02:37:06,720
भी नहीं ऐसे ऐसा

2140
02:37:06,720 --> 02:37:11,240
है ना ये लोग आए दिन यही करते हैं खुद उसी को पहले इंडोनेशियन

2141
02:37:11,240 --> 02:37:15,400
बना देंगे उसी को हरे कृष्णा वाला बना देंगे उसी को फिर स्मार्ट

2142
02:37:15,400 --> 02:37:20,160
बना देंगे उसी को फिर रामानु जी बता बना देंगे एक ही व्यक्ति सार

2143
02:37:20,160 --> 02:37:24,280
पंथ में घूमता रहेगा ये खुद ही ऐसे वीडियो बनाते हैं

2144
02:37:24,280 --> 02:37:28,360
उनको क्या स्मार्थ के बारे में पता क पूछे स्मार्थ क्या है रामानुजाचार्य

2145
02:37:28,360 --> 02:37:32,440
उनको कोई पता नहीं वो खाली जो मोटा मोटा है सुना है उन्होंने

2146
02:37:32,440 --> 02:37:36,440
वही जानते हो वैष्णव स्मार्थ में कभी उनसे पूछिए कभी अंतर क्या

2147
02:37:36,440 --> 02:37:40,520
है तिलक लगा लिया और ब्रह्म दंड हाथ में रखकर भगवान

2148
02:37:40,520 --> 02:37:44,600
वस्त्र धारण कर लिया एक दीपक दीपक करके पूछ रहे हैं

2149
02:37:44,600 --> 02:37:48,600
अभी शिवांश बोल रहा था कैमरा ओपन नहीं होगा तो हटा

2150
02:37:48,600 --> 02:37:49,840
दिया जाएगा यह

2151
02:37:49,840 --> 02:37:54,240
हम कई बार बता चुके हैं वैचारिक मतभेद के निमित्त

2152
02:37:54,240 --> 02:37:58,720
जब चर्चा होगी तो कैमरा ओपन होना आवश्यक है अन्यथा नहीं

2153
02:37:58,720 --> 02:38:03,040
समझ गए दीपक जी वैचारिक मतभेद मतभेद

2154
02:38:03,040 --> 02:38:07,440
है तो कैमरा ओपन होना आवश्यक

2155
02:38:07,440 --> 02:38:11,520
और मैं क्यों कम म ये लोग क्यों चाहते हैं मैं कैमरा ओपन करूं मतलब मैं इनको

2156
02:38:11,520 --> 02:38:15,760
कोई भी अगर बात करनी है कोई भी प्रूफ चाहिए तो मैं बता सकती हूं इनको क्या मतलब

2157
02:38:15,760 --> 02:38:20,200
है उस चीज से एड्रेस से बोल रहे अपना गांव का नाम बताओ या फिर

2158
02:38:20,200 --> 02:38:24,960
गांव का नाम मेरे को बताने में कोई दिक्कत नहीं मैं वहां रहती नहीं हूं पर क्यों चाहिए क्यों इनको

2159
02:38:24,960 --> 02:38:30,960
क्या कर लोगे कपट्टी में गोली रखनी है

2160
02:38:32,280 --> 02:38:36,440
इनको अच्छा 51 वो जो वीडियो

2161
02:38:36,440 --> 02:38:40,520
बनाती है वो खुद बिंदी लगाती है इनके इनको मतलब बिंदी लगाना

2162
02:38:40,520 --> 02:38:44,640
अलाउड नहीं होता भैया इनको वो खुद बिंदी लगाती है वो खुद अपने रूल्स फॉलो

2163
02:38:44,640 --> 02:38:49,440
नहीं कर रहे ये बात मैंने भी देखी है उनके कई कई में तो

2164
02:38:49,440 --> 02:38:53,720
वो भी पहने आभूषण वगैरह भी पहने वो और उसी वीडियो

2165
02:38:53,720 --> 02:38:58,720
में जिस वीडियो में मैंने क्योंकि भैया मतलब मैं क्योंकि

2166
02:38:58,720 --> 02:39:02,800
एक खैर वो नहीं बता सकती पर हां मैं कभी कुछ मैं छोटी हूं मैं

2167
02:39:02,800 --> 02:39:06,800
नहीं मतलब मेरे तो कान भी कवे एक संस्कार भी नहीं हो रखा है तो मैं तो

2168
02:39:06,800 --> 02:39:10,840
कहीं से ज्वेलरी पहन नहीं सकती बस मैंने एक पॉइंट बोला था ज्वेलरी वाला लास्ट स्ट्रीम

2169
02:39:10,840 --> 02:39:15,440
में उसका ये लोग इतना उस वीडियो में बोल रहे हैं कि इन लोगों को

2170
02:39:15,440 --> 02:39:19,520
ये ज्वेलरी से मतलब होता है भगवान से कहां मतलब होता है इसलिए

2171
02:39:19,520 --> 02:39:23,840
और वो खुद पहन के बैठी रहती है बल्कि मैंने बस एक पॉइंट

2172
02:39:23,840 --> 02:39:27,920
बोला था उसम य लोग अच्छा अभी जो आई थी यादव

2173
02:39:27,920 --> 02:39:31,960
जी बोल रहे हैं कि किसी की मुसलमानों से लड़ाई है तो जो लड़ाई

2174
02:39:31,960 --> 02:39:36,200
है वह तो चेहरा छुपा के है तो यहां पर जब आएंगे तो यह कैसे पता चलेगा किय

2175
02:39:36,200 --> 02:39:41,240
वही है दूसरी बात कि अगर ऐसा है आपकी कोई मजबूरी है तो मत

2176
02:39:41,240 --> 02:39:45,320
आइए और किसी को भेजिए हमारी कोई मजबूरी

2177
02:39:45,320 --> 02:39:47,400
नहीं ना अपनी मर्यादाओं के

2178
02:39:47,400 --> 02:39:51,600
बाहर जाकर के आपसे बात करने की क्यों करे

2179
02:39:51,600 --> 02:39:55,960
ऐसा अभी जो वो आई थी दीदी आई थी

2180
02:39:55,960 --> 02:40:00,320
जो मैम आई थी अभी जो बोल रही थी कि आप इतनी जल्दी कैरेक्टर

2181
02:40:00,320 --> 02:40:04,480
आप सर्टिफिकेट दे देते हो तो इन लोगों को ये लोग तो सबको कैरेक्टर

2182
02:40:04,480 --> 02:40:08,600
सर्टिफिकेट देते रहते हैं कि आपसे नियम फॉलो नहीं हो सकते आप लोग ऐसे हो वैसे हो मेरे

2183
02:40:08,600 --> 02:40:12,720
लिए इतना बोल दिया ये लोग मेरे को जानते नहीं है फिर भी कैरेक्टर सर्टिफिकेट देते रहते हैं कि

2184
02:40:12,720 --> 02:40:16,760
आप लोग तो नियमों को फॉलो कर ही नहीं सकते आप लोगों को फालतू चीजों से मतलब

2185
02:40:16,760 --> 02:40:20,840
होता है इसलिए रामपाल को नहीं मान रहे हो तो यह तो कैरेक्टर का

2186
02:40:20,840 --> 02:40:25,560
सर्टिफिकेट तो यह लोग देते हैं हम तो कभी दिया नहीं हमने तो

2187
02:40:25,560 --> 02:40:29,800
ऐसा है जब आपका उन्होंने वृतांत सुना ना तो उनके तन बदन में आग लग

2188
02:40:29,800 --> 02:40:33,920
गई जैसे अभी एक दो दिन पहले जो हमारा वीडियो देख कर के

2189
02:40:33,920 --> 02:40:38,040
जो झूठ भाई अभिषेक है ना इसके तन बदन में आग लग

2190
02:40:38,040 --> 02:40:42,120
गई तो यह जो है अपने आप

2191
02:40:42,120 --> 02:40:46,320
को रोक नहीं पाते इस तरह का बचकानी बातें किए बिना आप

2192
02:40:46,320 --> 02:40:50,320
कभी भी देखिए हम सिर्फ वो बातें बोलते हैं जो अकाट्य हो

2193
02:40:50,320 --> 02:40:54,840
हम उन बातों में बात ही नहीं करते जो अकाट्य ना हो अकाट्य हो जो अकाट्य

2194
02:40:54,840 --> 02:40:58,960
ना हो जो क्योंकि उसका कोई छोर नहीं है अब वो

2195
02:40:58,960 --> 02:41:02,400
खीर वाली बात कितनी सच है कितनी नहीं है हम आपको न्यूज

2196
02:41:02,400 --> 02:41:06,560
दिखाएंगे आप कहोगे न्यूज तो हो सकती है बिल्कुल सही बात है भाई न्यूज तो झूठ बोल सकती

2197
02:41:06,560 --> 02:41:10,760
है तो उन बातों बात ही क्या करनी है आप आ कर के सीधे उनकी बात करिए

2198
02:41:10,760 --> 02:41:14,800
ना शास्त्रों की आप तो स्वयं कहते हैं हम शास्त्र संबध चीजें बताते

2199
02:41:14,800 --> 02:41:17,200
हैं और करते

2200
02:41:17,200 --> 02:41:21,080
हैं अभिनव

2201
02:41:21,080 --> 02:41:26,880
ठकर अभिनव ठाकुर जी आप चेहरा दिखाइए अपना आ

2202
02:41:26,880 --> 02:41:31,080
जाइए कोई है क्या अभिनव ठाकुर नाम से जी अभिनव ठाकुर जी आ

2203
02:41:31,080 --> 02:41:35,320
जा राम राम आप भाइयों को जय श्री राम

2204
02:41:35,320 --> 02:41:39,640
बताइए और बताइए सर कैसे हैं आप सब नहीं नहीं

2205
02:41:39,640 --> 02:41:43,680
बढ़िया है मगर यह वाली चर्चा जो है हमारी फोन पर भी हो सकती है किस

2206
02:41:43,680 --> 02:41:48,480
बारे में चर्चा चल रही थी सर मैं सुन रहा हूं बहुत देर से आपको नहीं पता

2207
02:41:48,480 --> 02:41:52,520
नहीं पता है मेरे को मैं चर्चा सुन रहा हूं अभी ये बहन जी है जो वो क्या कह रही

2208
02:41:52,520 --> 02:41:57,240
थी के सर्टिफिकेट दे रहे हैं कैसे सर्टिफिकेट दे रहे आपका परिचय क्या है

2209
02:41:57,240 --> 02:42:02,160
पूरा जी आपका आध्यात्मिक परिचय क्या

2210
02:42:02,160 --> 02:42:06,720
है मैं धन प्रकाश हूं सनातनी हिंदू हिंदू धर्म से मेरा

2211
02:42:06,720 --> 02:42:10,760
बिलोंग करता हूं मैं और सारनपुर रहने वाला को फॉलो करते

2212
02:42:10,760 --> 02:42:14,120
हैं क्या

2213
02:42:14,120 --> 02:42:17,640
जील को फॉलो करते हैं क्या

2214
02:42:17,640 --> 02:42:20,640
किसको

2215
02:42:20,640 --> 02:42:24,920
जी संत रामपाल जी महाराज उनको फॉलो करता हूं हा

2216
02:42:24,920 --> 02:42:28,800
तो ऐसे पूरी बात बताइए ना अब

2217
02:42:28,800 --> 02:42:33,800
बोलिए आपसे प्रश्न पूछने इनको हा

2218
02:42:33,800 --> 02:42:35,920
आपको

2219
02:42:35,920 --> 02:42:41,520
प्रश्न जी पूछिए

2220
02:42:41,520 --> 02:42:45,600
जी हां जी दीदी आप बता रहे थे सर्टिफिकेट दे

2221
02:42:45,600 --> 02:42:49,920
रहे हैं तो कैसे सर्टिफिकेट की बात चल रही थी बता दीजिए एक बार देखिए

2222
02:42:49,920 --> 02:42:54,160
आप लोग जज करने लग जा एक मिनट प्यारी बहना एक मिनट देखिए बात

2223
02:42:54,160 --> 02:42:58,320
आपकी और इनकी क्या बात हो सकती है वो मैं बता दूं आपको इनका कहना

2224
02:42:58,320 --> 02:43:02,480
है कि ये और इनका पूरा परिवार रामपाल

2225
02:43:02,480 --> 02:43:06,520
दास से जुड़ा हुआ था सर आपकी

2226
02:43:06,520 --> 02:43:10,800
आवाज ब्रेक हो रही है बहुत ज्यादा मेरी आवाज ब्रेक हो रही है क्या कमेंट करिए

2227
02:43:10,800 --> 02:43:15,120
भाई नहीं भया नहीं हो रही है आप क्या नेट कमजोर

2228
02:43:15,120 --> 02:43:20,400
है आप ठीक आ रही बताइए बताइए बताइए

2229
02:43:20,400 --> 02:43:24,440
जी जी सही आ रही है हा तो आपके और इनके बीच में जो बात हो

2230
02:43:24,440 --> 02:43:29,280
सकती है वह मैं बता देता हूं विषय क्या हो सकता है इनका कहना था

2231
02:43:29,280 --> 02:43:32,840
कि ये और इनका पूरा परिवार पहले जो

2232
02:43:32,840 --> 02:43:37,800
ये जेल धाम निवासी जो है रामपाल

2233
02:43:37,800 --> 02:43:42,200
इनका फलो था इनका फॉलोअर था

2234
02:43:42,200 --> 02:43:46,720
जी फिर इन्होंने हमारे वीडियोस देखे तो धीरे-धीरे इनके

2235
02:43:46,720 --> 02:43:50,720
यह जो स्वयं है इनके अंदर तो अंदर से पहले से ये बात थी कि

2236
02:43:50,720 --> 02:43:54,840
इनको रामपाल से दूर होना है मगर इनके पास

2237
02:43:54,840 --> 02:43:59,360
जो मजबूत आधार नहीं था मगर इनका जो

2238
02:43:59,360 --> 02:44:03,560
परिवार था वो पूरी तरीके से उसको फॉलो करता था रामपाल ठीक है

2239
02:44:03,560 --> 02:44:07,720
जी जी उसके बाद इन्होंने जब हमारे वीडियोस देखे तो इनको मजबूत आधार

2240
02:44:07,720 --> 02:44:12,160
मिल गया इन्होंने अपने घर में भी यह बातें बताई और

2241
02:44:12,160 --> 02:44:16,240
उसके आधार पर अब इस समय इनका घर जो है बदल चुका है काफी हद

2242
02:44:16,240 --> 02:44:20,280
तक अच्छा अच्छा अच्छा अच्छा सबने अब सुन लीजिए

2243
02:44:20,280 --> 02:44:24,400
सुन मेरी बात पूरी हो जाने दीजिए अब इसके बाद क्या हुआ जब इन्होंने

2244
02:44:24,400 --> 02:44:28,480
यह कहानी आक के इस चैनल पर सुना दी तो

2245
02:44:28,480 --> 02:44:32,520
रामपाल के कुछ फॉलोअर द्वारा यह कहा गया कि ये नहीं

2246
02:44:32,520 --> 02:44:36,720
य ऐसे ही कोई यह झूठ बोल रही है यह रामपाल से जुड़ी हुई नहीं है

2247
02:44:36,720 --> 02:44:40,720
यह झूठ बोल रही है अच्छ तो आप इनसे इस बारे में

2248
02:44:40,720 --> 02:44:45,200
प्रश्न कर सकते हैं जो आपको अगर ऐसा लग रहा है कि रामपाल

2249
02:44:45,200 --> 02:44:47,880
से जुड़ी हुई थी कि नहीं थी तो इस बारे

2250
02:44:47,880 --> 02:44:52,400
में अगर आप कोई बात पूछना चाहे सबूत के तौर पर तो वो आप

2251
02:44:52,400 --> 02:44:56,560
नहीं देखो मेरी बात सुनो भैया संत रामपाल जी महाराज जी से जुड़ने के लिए

2252
02:44:56,560 --> 02:45:00,800
कोई कोई ऐसा कोई एक एग्जामिनेशन नहीं होता

2253
02:45:00,800 --> 02:45:04,920
या प्रेशराइज नहीं या कोई फीस नहीं लगती वहां पर फ्री ऑफ कोस्ट नाम दीक्षा

2254
02:45:04,920 --> 02:45:08,960
दी जाती है भाई साब भाई साहब आप मुझसे आप समझ नहीं रहे मैंने

2255
02:45:08,960 --> 02:45:13,120
जो कहा वो आपने सुना नहीं नहीं आप मैंने सुन लिया आपरी बात सुनो

2256
02:45:13,120 --> 02:45:17,160
इस बहन से आपकी क्या बात हो सकती है यह

2257
02:45:17,160 --> 02:45:21,280
जानने के लिए कि यह बन कह रही है कि यह और इसका पूरा परिवार जो

2258
02:45:21,280 --> 02:45:25,280
रामपाल से जुड़ा हुआ था यह बात सही है कि नहीं इस बात की

2259
02:45:25,280 --> 02:45:29,520
पुष्टि करने के लिए आपको इससे कोई प्रश्न पूछने हैं तो पूछ सकते हैं

2260
02:45:29,520 --> 02:45:33,600
अन्यथा जो भी बात है आपको मुझसे करनी है सर सर मेरा पहला

2261
02:45:33,600 --> 02:45:37,760
प्रश्न तो यही है ंद दीदी से कि इनको जब नाम दीक्षा इन्होने पूरे परिवार

2262
02:45:37,760 --> 02:45:41,800
ने ली थी किसी ने प्रेशर किया था इनको या कोई कंडीशन रखी गई थी कि

2263
02:45:41,800 --> 02:45:46,080
आप नाम लो कैसी बातें कर रहे हैं बात आपकी इस हो स

2264
02:45:46,080 --> 02:45:50,240
देखिए मैं आपको बता रहा हूं समझ लीजिए मैं क्या कह रहा हूं मेरे मेरा जोय मुख

2265
02:45:50,240 --> 02:45:54,320
है ना इतना इतना एरिया इसको ध्यान से देखिए मैं जो कहने का प्रयास कर रहा

2266
02:45:54,320 --> 02:45:58,760
हूं आप इनसे इस संबंध में केवल प्रश्न पूछ सकते हैं

2267
02:45:58,760 --> 02:46:03,480
कि जिससे यह पुष्ट की जा सके कि यह जुड़ी थी कि नहीं थी

2268
02:46:03,480 --> 02:46:07,600
नहीं जुड़ी होंगी पक्की जुड़ी होंगी मैं तो मना नहीं करता अनथा

2269
02:46:07,600 --> 02:46:11,920
अन्यथा इनसे आपका कोई विचारों का आदान प्रदान नहीं हो सकता

2270
02:46:11,920 --> 02:46:15,480
गलत बात गलत

2271
02:46:15,480 --> 02:46:19,960
बात या तो रामपाल को सही सिद्ध करिए बात करनी है

2272
02:46:19,960 --> 02:46:24,320
तो यह करिए कि आप जुड़ी है कि नहीं है ये पता लग सके आप मेरे को कटाक्ष

2273
02:46:24,320 --> 02:46:28,440
करिए संत रामपाल जी महाराज जी में क्या कमी है वो बताइए मैं उसको सिद्ध करूंगा

2274
02:46:28,440 --> 02:46:32,520
सही कैसे सही करवाना मैं बताता हूं आपको अच्छा

2275
02:46:32,520 --> 02:46:36,200
तो आप मुझे ये बता दीजिए

2276
02:46:36,200 --> 02:46:40,400
कि रामपाल के अनुसार कबीर द्वारा भगवान

2277
02:46:40,400 --> 02:46:44,440
किसे का बताया गया है संत रामपाल जी

2278
02:46:44,440 --> 02:46:48,600
महाराज ने भगवान कबीर भगवान को बताया है अच्छा और कबीर

2279
02:46:48,600 --> 02:46:52,640
ने कि बताया है कबीर भगवान तो खुद कबीर भगवान

2280
02:46:52,640 --> 02:46:57,200
है अपनी महिमा खुद गाते थे

2281
02:46:57,200 --> 02:47:01,320
आप आप उनको कह दीजिए आपकी जो आपके जो साथ में

2282
02:47:01,320 --> 02:47:05,440
है वो शांत रहे विघ्न पड़ रहा है उनकी आवाज से आप आपको ज्ञान नहीं है

2283
02:47:05,440 --> 02:47:09,440
क्या आपको ज्ञान नहीं है क्या बोलिए बोलिए बोलिए उनको

2284
02:47:09,440 --> 02:47:13,480
बोलना पड़ रहा है बगल से आपको ज्ञान नहीं है क्या कमी है ज्ञान की आपको नहीं

2285
02:47:13,480 --> 02:47:17,480
नहीं कोई नहीं बताइए आप उनको विश्वास नहीं है क्या आपके

2286
02:47:17,480 --> 02:47:18,480
ऊपर

2287
02:47:18,480 --> 02:47:22,600
बता तो सर चलिए तो

2288
02:47:22,600 --> 02:47:27,000
गीता ज्ञान कहने वाला कौन है आपके रामपाल के अनुसार

2289
02:47:27,000 --> 02:47:31,080
गीता ज्ञान कहने वाला श्री कृष्ण भगवान जी दिख रहे थे पर स्वरूप

2290
02:47:31,080 --> 02:47:35,320
लेकिन उनके अंदर प्रेत वस काल भगवान ने गीता का ज्ञान बोला

2291
02:47:35,320 --> 02:47:39,960
था काल भगवान ने गीता का ज्ञान बोला था अच्छा जी

2292
02:47:39,960 --> 02:47:43,960
वो कैसे बोला था वो मैं बताऊ आपको कृष् भगवान मत बताओ

2293
02:47:43,960 --> 02:47:49,960
मत बताओ ब आप बताइए सर

2294
02:47:52,080 --> 02:47:58,080
इसमें ठीक

2295
02:47:58,600 --> 02:48:02,800
होता अंदर ड हो बाहर जाके कर इनको जरा

2296
02:48:02,800 --> 02:48:08,560
व वाला पेज दिखा दो कि गीता का ज्ञान जो है

2297
02:48:08,560 --> 02:48:12,640
वो भगवान श्री कृष्ण ने और विष्णु ने बोला

2298
02:48:12,640 --> 02:48:18,640
है

2299
02:48:22,000 --> 02:48:25,000
दिखाओ सर

2300
02:48:25,000 --> 02:48:29,120
दिखाओ आपको ज्ञान नहीं है क्या जो आपकी जो साथ में मातृ शक्ति

2301
02:48:29,120 --> 02:48:33,640
उ फसाना पड़ रहा है है क्या

2302
02:48:33,640 --> 02:48:38,200
नहीं चर्चा कर रहे सर अपनी 100 बात होती है यह क्या बात हुई भाई

2303
02:48:38,200 --> 02:48:42,880
आप आप आप आ जाइए फिर आपसे बात कर लेते हैं

2304
02:48:42,880 --> 02:48:46,400
आप आ

2305
02:48:46,400 --> 02:48:50,640
जाइए यह तो विघ्न पड़ रहा है उस बात को बीच में कटाक्ष आ र

2306
02:48:50,640 --> 02:48:54,800
थोड़ हा हा डिस्टर्ब होता है सर कोई बात नहीं आप आराम से बात की

2307
02:48:54,800 --> 02:48:58,880
या तो वो आ जाए आप उनको कहिए या तो वो आ जाए या

2308
02:48:58,880 --> 02:49:03,120
आप आ जाओ आप डिसाइड कर लो ज्यादा विवान

2309
02:49:03,120 --> 02:49:07,280
हो वो बैठो हम तो सब देख लेंगे

2310
02:49:07,280 --> 02:49:13,280
सर आप बताइए क्या क्या है दिखाइए आप हां दिखा रहे

2311
02:49:24,640 --> 02:49:30,400
तो ये आपकी गीता तेरा ज्ञान अमृत है

2312
02:49:30,400 --> 02:49:36,080
जी इसका पृष्ठ संख्या है 51 और

2313
02:49:36,080 --> 02:49:40,560
ये कबीर दास जी यहां पर बता रहे हैं हे

2314
02:49:40,560 --> 02:49:44,720
धर्मदास जी मेरी स्क्रीन जरा बड़ी कर दीजिए

2315
02:49:44,720 --> 02:49:48,840
भाई हा कर दो बड़ी कर दो सर मैं देख लूंगा

2316
02:49:48,840 --> 02:49:52,960
इसमें यह कह रहे हैं हे धर्मदास गीता शास्त्र आपके

2317
02:49:52,960 --> 02:49:57,080
परम पिता जी जी बताइए सर सम

2318
02:49:57,080 --> 02:50:03,080
आपके परम पिता भगवान कृष्ण उर्फ विष्णु जी का आदेश

2319
02:50:04,640 --> 02:50:09,320
है इसके अनुसार भक्ति करोगे तो मोक्ष प्राप्त

2320
02:50:09,320 --> 02:50:13,800
करोगे बिल्कुल किसका आदेश

2321
02:50:13,800 --> 02:50:18,000
हैय जो कृष्ण भगवान में भ गीता बोल रहे थे जो गीता ज्ञान दाता

2322
02:50:18,000 --> 02:50:22,320
है उनका तो यह तो कह रहे कृष्ण का आदेश है कबीर

2323
02:50:22,320 --> 02:50:26,400
कह रहे हैं कृष्ण का आदेश है कृष्ण का ही आदेश मान

2324
02:50:26,400 --> 02:50:30,400
लीजिए आप क्यों कृष्ण का मान आप तो क काल का मान काल

2325
02:50:30,400 --> 02:50:34,480
का आदेश है अब आप काल को तो मान ही नहीं रहे आप कृष्ण के आदेश

2326
02:50:34,480 --> 02:50:38,720
बताओ भा आप मान रहे हो ना आप आदेश तो बताइए आदेश

2327
02:50:38,720 --> 02:50:42,880
क्या है आदेश की बात आपने कहा गीता का ज्ञान

2328
02:50:42,880 --> 02:50:46,960
काल ब्रह्म भगवान ने दिया है सर आदेश बताइए ज्ञान

2329
02:50:46,960 --> 02:50:50,960
का आदेश बता दिया गीता का ज्ञान कृष्ण

2330
02:50:50,960 --> 02:50:54,960
परमपिता विष्णु ने दिया है दिया है वो ज्ञान क्या दिया है यह

2331
02:50:54,960 --> 02:50:59,000
बताइए आप पहले हमय जान रहे हैं गीता कहने

2332
02:50:59,000 --> 02:51:04,200
वाला कृष्ण है या काल है कृष्ण से अलग क

2333
02:51:04,200 --> 02:51:09,000
कृष्ण भगवान ने दिया जन ज्ञान क्या दिया य बताइए आप अरे

2334
02:51:09,000 --> 02:51:13,080
क्यों क्यों बताए यह बात खत्म हो गई क्या पहले इसको मानो कृष्ण

2335
02:51:13,080 --> 02:51:17,360
दिया है मैंने मान लिया कृष्ण भगवान ने दिया और बताओ तो यानी की तुम्हारे

2336
02:51:17,360 --> 02:51:19,760
तत्वदर्शी झूठ बोल गलत बोलते हैं

2337
02:51:19,760 --> 02:51:23,800
आगे तो बताइए सर क्लियर करूंगा ना मैं आ आगे कैसे बताए अरे तुमने

2338
02:51:23,800 --> 02:51:27,960
मान लिया आपने मान लिया आपने मान लिया आप

2339
02:51:27,960 --> 02:51:31,960
चैनल के एडमिन है ऐसा नहीं है कि आप जो बोल े वोही होगा देखिए देखिए

2340
02:51:31,960 --> 02:51:36,840
कोई एक बात जब चालू होती है तो उसको पूरी करेंगे फिर हम आगे बढ़ेंगे

2341
02:51:36,840 --> 02:51:40,920
तत्वदर्शी तत्वदर्शी नहीं है क्या जो ये बोल रहा है कि गीता

2342
02:51:40,920 --> 02:51:45,680
ज्ञान दाता अलग है मैं दिखा देता हूं गीता ज्ञान दता अलग कह रहा है

2343
02:51:45,680 --> 02:51:49,680
मिनट एक मिनट आपने कैसे मान लिया पहले आपको ये मानना पड़ेगा

2344
02:51:49,680 --> 02:51:53,760
ना ये तत्वदर्शी नहीं है चलो चलो बताइए बताइए

2345
02:51:53,760 --> 02:51:58,920
देख लो ज्ञान बताइए पहले मेरे को वो ज्ञान क्या

2346
02:51:58,920 --> 02:52:02,920
दिया अभी अभी देखिए एक एक टॉपिक प बात होती है

2347
02:52:02,920 --> 02:52:06,960
ऐसे बात नहीं होती है ब बढ़ गए आगे मान लिया चलो ऐसे थोड़ी ना पहले

2348
02:52:06,960 --> 02:52:11,040
तो कबूल करो ना बताइए बताइए बताइए

2349
02:52:11,040 --> 02:52:14,360
उनको शांत रहने को

2350
02:52:14,360 --> 02:52:19,720
कहिए ये देखिए इसमें ये बता रहे हैं

2351
02:52:19,720 --> 02:52:23,960
कि गीता ज्ञान देने वाला कौन है आपके तत्वदर्शी बता

2352
02:52:23,960 --> 02:52:27,160
रहे जी

2353
02:52:27,160 --> 02:52:33,160
[संगीत]

2354
02:52:35,080 --> 02:52:39,200
बताइए यह देखिए शांति से बात होती है सारी ऐसे नहीं है

2355
02:52:39,200 --> 02:52:43,840
आराम से क्या ख आपके तत्वदर्शी क्या

2356
02:52:43,840 --> 02:52:49,160
लिखा है सर जीने नहीं कहा

2357
02:52:49,160 --> 02:52:55,160
जी ने नहीं हा जी तो

2358
02:52:56,320 --> 02:53:00,440
बताइए

2359
02:53:00,440 --> 02:53:04,480
सर क्लियर कर दू प्रश्न क्या है आपने कहा चलो मान

2360
02:53:04,480 --> 02:53:08,480
लिया क कृष्ण ने ही कहा है मान लिया

2361
02:53:08,480 --> 02:53:13,360
तो इसका मतलब आपने मान लिया कि तत्वदर्शी नहीं हैय गलत लिख रहा है य पर

2362
02:53:13,360 --> 02:53:17,360
मान आगे तो चलिए आगे

2363
02:53:17,360 --> 02:53:21,440
नहीं चलते हम इसको क्लियर करिए आगे नहीं चलते

2364
02:53:21,440 --> 02:53:25,560
पहले इसको क्लियर करिए आप अरे सर आगे चलोगे जभी तो समझ में आएगा

2365
02:53:25,560 --> 02:53:28,760
बात कोसे

2366
02:53:28,760 --> 02:53:32,880
च हमको ये सिद्ध करो कि गीता का ज्ञान बोलने वाला

2367
02:53:32,880 --> 02:53:37,000
जो है कृष्ण से अलग कोई काल है हम यह सिद्ध करेंगे कि गीता ज्ञान

2368
02:53:37,000 --> 02:53:41,400
बोलने वाला कृष्ण ही है कृ कृषण से कृष्ण से गीता

2369
02:53:41,400 --> 02:53:45,680
बोलने वाला कृष्ण से अलग हैय तो इसका मतलब चर्शी

2370
02:53:45,680 --> 02:53:49,720
तुम्हारे गलत बोल रहे हैं यहां पर कबीर जी बोल रहे सुनो

2371
02:53:49,720 --> 02:53:50,320
मेरी बात

2372
02:53:50,320 --> 02:53:54,440
अभी रामपाल जी महाराज बोल रहे इस किताब में एक भी शब्द अपना

2373
02:53:54,440 --> 02:53:58,520
नहीं लिखा हुआ पहली बात तो ये है मैं ये पूछ रहा हूं कबीर जी गलत बोल रहे हैं

2374
02:53:58,520 --> 02:54:02,720
कि तुम्हारा तत्वदर्शी गलत बोल रहा है अभी इसमें हमारे तत्वदर्शी

2375
02:54:02,720 --> 02:54:06,720
संत रामपाल जी महाराज एक शब्द भी गलत नहीं बोल सकते और ना ही अपनी तरफ से कोई उसम

2376
02:54:06,720 --> 02:54:11,680
उल्लेख है आप जा सकते हैं आपसे बात करके ठीक नहीं लगा हमें आप जाइए

2377
02:54:11,680 --> 02:54:15,840
आपकी बात सु ये इसीलिए आते

2378
02:54:15,840 --> 02:54:20,560
हैं अपना वो प्रवचन शास्त्र नहीं प्रवचन सुना के जाएंगे

2379
02:54:20,560 --> 02:54:24,600
शास्त्र से कुछ नहीं है इसको जरा

2380
02:54:24,600 --> 02:54:30,600
अंडरलाइन कर लू इनकी तरह वो लेकर बैठता

2381
02:54:33,480 --> 02:54:37,600
हूं आपके परमपिता भगवान विष्णु

2382
02:54:37,600 --> 02:54:41,680
और कृष्ण इन्होने अपनी किताबों में

2383
02:54:41,680 --> 02:54:47,680
इतना दे दिया हमको कुछ और खोलने की जरूरत ही नहीं है

2384
02:54:48,960 --> 02:54:54,920
[संगीत]

2385
02:54:54,920 --> 02:55:00,920
इसके अनुसार भक्ति करके मोक्ष को प्राप्त करोगे

2386
02:55:07,800 --> 02:55:11,800
हां अभिनव जी आप जा सकते हैं आपके पास कुछ है नहीं बात करने

2387
02:55:11,800 --> 02:55:17,800
को देख लिया ठीक है अच्छा अच्छा तो नहीं लगा क्यार

2388
02:55:18,480 --> 02:55:24,480
इनको जोड़ो भाई सूरज डांग जी हो कोई और कोई हो

2389
02:55:28,160 --> 02:55:32,520
तो हां बताइए सूरज दांगी जी जय श्री राम

2390
02:55:32,520 --> 02:55:37,400
जय श्री राम सर

2391
02:55:37,400 --> 02:55:41,400
जी आप जैसे भी बता रहे थे कि तत्वदर्शी की

2392
02:55:41,400 --> 02:55:43,840
क्या पहचान

2393
02:55:43,840 --> 02:55:48,800
है आप अपना परिचय दे दीजिए पूरा

2394
02:55:48,800 --> 02:55:53,000
मैं डिस्ट्रिक्ट राजगढ़ से बोल रहा हूं एमपी राजनीतिक परिचय

2395
02:55:53,000 --> 02:55:55,760
नहीं आध्यात्मिक

2396
02:55:55,760 --> 02:55:59,880
परिचय संत रामपाल जी महाराज का फॉलोअर्स हू मैं

2397
02:55:59,880 --> 02:56:03,560
अच्छा ठीक है

2398
02:56:03,560 --> 02:56:07,560
बताइए हमारे कुछ मोटे मोटे से प्रश्न है

2399
02:56:07,560 --> 02:56:11,640
जैसे कि आज की जो डिबेट है व इस बारे में है डिबेट नहीं चर्चा

2400
02:56:11,640 --> 02:56:15,920
जो है वह इस बारे में है कि एक बात उठाई गई

2401
02:56:15,920 --> 02:56:20,320
हमारे द्वारा मेले में जाकर के कि दुर्गा माता के साथ दुराचार

2402
02:56:20,320 --> 02:56:24,400
लिखा हुआ है आपकी किताब में ज्ञान ज्ञान गंगा

2403
02:56:24,400 --> 02:56:28,560
में लिखा हुआ है दुराचार तो क्या

2404
02:56:28,560 --> 02:56:32,560
वह किसी शास्त्र में लिखा है नहीं

2405
02:56:32,560 --> 02:56:33,640
वो मैं बताऊंगा आपको

2406
02:56:33,640 --> 02:56:37,800
मैं अभी वो बात नहीं लेकिन इससे पहले

2407
02:56:37,800 --> 02:56:42,360
आपकी बात इससे पहले आपकी बात चल रही थी कि तत्वदर्शी की

2408
02:56:42,360 --> 02:56:47,080
क्या पहचान है चलो ठीक है उसी प आ जाओ चलो

2409
02:56:47,080 --> 02:56:51,200
बताओ क्या पहचान है तो अभी आपकी एक पहले

2410
02:56:51,200 --> 02:56:55,240
किसी से बात हो रही थी किसी भगत जी से कि 34 का वो

2411
02:56:55,240 --> 02:56:59,360
श्लोक है उसमें बताया था उन्होंने हां तो आपने पूछा

2412
02:56:59,360 --> 02:57:03,760
था कि तत्वदर्शी की क्या पहचान है हां

2413
02:57:03,760 --> 02:57:07,920
तो गीता अध्याय 15 के एक से चार में कहा है

2414
02:57:07,920 --> 02:57:12,280
अरे मेरे भाई मैं जानता हूं क्या कहा है पहले उस श्लोक को आप पढ़ो तो

2415
02:57:12,280 --> 02:57:16,280
क्या लिखा है श्लोक में 44 लिखा है उदव मूलम

2416
02:57:16,280 --> 02:57:20,440
अदम शकम वो जो लिखा है उ हिंदी हिंदी पढ़ो

2417
02:57:20,440 --> 02:57:24,440
भाई हिंदी हिंदी पढ़ लो क्या लिखा उ लटके

2418
02:57:24,440 --> 02:57:29,280
उल्टे लट मेरे भाई चार 34 में क्या लिखा है

2419
02:57:29,280 --> 02:57:33,840
15 के एक से एक से चार की बात करर में क्या लिखा है मेरे

2420
02:57:33,840 --> 02:57:37,880
भाई चार चौ से मतलब नहीं है क्या

2421
02:57:37,880 --> 02:57:41,920
मतलब है लेकिन तत्व दर्शी संत बताएगा ना वो तोर

2422
02:57:41,920 --> 02:57:45,920
तो च 34 को तो पढ़ लो पहले जब उससे मतलब है तो उसी

2423
02:57:45,920 --> 02:57:48,760
के बाद तो जाओगे 15 प

2424
02:57:48,760 --> 02:57:52,760
15 से एक से चार को नहीं पढ़ना है क्यों नहीं पढ़ोगे क्यों

2425
02:57:52,760 --> 02:57:57,280
पढ़ रहे हैं ये तो बताओ तुम्हारे तो यहां बारबार लिख रहे हैं ना

2426
02:57:57,280 --> 02:58:01,400
4 34 4 34 आप मुझे एक प्रमाण दे

2427
02:58:01,400 --> 02:58:05,840
दो कि एक से चार में किसने बताया है कि उल्टा लटका हुआ संसार रूपी वृक्ष किस

2428
02:58:05,840 --> 02:58:10,200
महापुरुष ने समझाया आज तक अगर दे दिया तो मान जाओगे

2429
02:58:10,200 --> 02:58:15,040
हां मान जाएंगे ना बताओगे किसी ने पूरा वेद वेद के अनुसार

2430
02:58:15,040 --> 02:58:19,080
पूरा उल्टा लटका हुआ संसार रूपी वृक्ष का पूरा व्याख्या वृक्ष की व्याख्या

2431
02:58:19,080 --> 02:58:23,160
की है कि नहीं यह हम आपको प्रमाण दे रहे हैं उल्टे वृक्ष की व्याख्या

2432
02:58:23,160 --> 02:58:29,160
की है कि नहीं ठीक है

2433
02:58:41,750 --> 02:58:47,750
[प्रशंसा]

2434
02:59:07,880 --> 02:59:13,880
[संगीत]

2435
02:59:21,560 --> 02:59:27,200
जय दयाल गोविंद का की भगवत गीता है तत्व

2436
02:59:27,200 --> 02:59:32,520
विवेचन इसमें इन्होंने उल्टे वृक्ष की व्याख्या की

2437
02:59:32,520 --> 02:59:38,520
है ठीक है यह देख

2438
02:59:41,400 --> 02:59:45,640
लीजिए और इस दुनिया में

2439
02:59:45,640 --> 02:59:49,800
आपकी जो रामपाल के द्वारा जो व्याख्या वो बाद में हुई है पहले

2440
02:59:49,800 --> 02:59:55,240
इनकी आई है व्याख्या अब बताइए क्या

2441
02:59:55,240 --> 02:59:59,360
करे क्या व्याख्या की है उसमें बताइए ना

2442
02:59:59,360 --> 03:00:03,480
थ है इसकी टेनिया इसके पत्ते हैं यह सब व्याख्या और क्या

2443
03:00:03,480 --> 03:00:07,480
है अरे क्या व्याख्या क्यों कर रहे हो उल्टे वृक्ष के रूप में किसी

2444
03:00:07,480 --> 03:00:11,480
ने ज्ञान दिया वो है अब वो तुम्हारे शब्दों में ही हो आवश्यक नहीं

2445
03:00:11,480 --> 03:00:15,680
है ना तुम जैसा चाहो उसी शब्द में हो वो आवश्यक

2446
03:00:15,680 --> 03:00:20,080
थोड़ी ना है उल्टे इन्होने भी व्याख्या की है

2447
03:00:20,080 --> 03:00:24,440
इन्होंने भी चित्र बना के बताया है उल्टा वृक्ष का

2448
03:00:24,440 --> 03:00:29,120
मतलब आपको मानना नहीं है कि गीता का ज्ञान काल ने दिया है

2449
03:00:29,120 --> 03:00:33,480
आपको अच्छा चलो गीता का ज्ञान काल ने दिया य आप मानते

2450
03:00:33,480 --> 03:00:37,600
हो इसीलिए तो ज्यादा मतभेद है इस चीज का कि आप लोगों

2451
03:00:37,600 --> 03:00:41,640
को ये समझ नहीं आ गता का जन आप

2452
03:00:41,640 --> 03:00:45,800
मानते हो किसने दिया गीता का

2453
03:00:45,800 --> 03:00:49,840
ज्ञान काल ने दिया है श्री कृष्ण से अलग किसी काल ने दिया है ये

2454
03:00:49,840 --> 03:00:53,920
आप मानते हो श्री कृष्ण हां उनके शरीर

2455
03:00:53,920 --> 03:00:56,720
में प्रवेश करके दिया ना

2456
03:00:56,720 --> 03:01:01,640
अरे काल ने दिया श्री कृष्ण ने नहीं दिया ना

2457
03:01:01,640 --> 03:01:06,120
उस कुछ ज्ञान श्री कृष्ण ने दिया कुछ ज्ञान काल में प्रवेश करके

2458
03:01:06,120 --> 03:01:10,240
वो श्री कृष्ण का ज्ञान नहीं था ना

2459
03:01:10,240 --> 03:01:14,240
मैंने कहा क्या क्या कहा कि पूरा ज्ञान काल ने नहीं

2460
03:01:14,240 --> 03:01:19,200
दिया है कुछ ज्ञान श्री कृष्ण जी ने बोला है बाकी क लिखा

2461
03:01:19,200 --> 03:01:23,240
ये आपकी किताब में कहां लिखा है इस एक मुझे

2462
03:01:23,240 --> 03:01:27,240
पता नहीं है लेकिन उसमें लिखा है कि मैं बड़ा हु महाका बात होती है

2463
03:01:27,240 --> 03:01:31,840
आप कह रहे हो थोड़ा बहुत ज्ञान कृष्ण ने भी दिया है यह कहां लिखा

2464
03:01:31,840 --> 03:01:36,040
है महाभारत के युद्ध में कहा है आपकी

2465
03:01:36,040 --> 03:01:39,560
गुरु की किताब में ये लिखा

2466
03:01:39,560 --> 03:01:43,840
है लोगों को नाने के लिए प्रवत

2467
03:01:43,840 --> 03:01:47,920
आप आप इसको देखिए पहले गीता

2468
03:01:47,920 --> 03:01:52,320
भवान कृष्ण ने नहीं काल ने दिया है

2469
03:01:52,320 --> 03:01:56,440
तो काल ने दिया है ना उनके शरीर के अंदर प्रवेश करके मना पहले आप अपनी एक

2470
03:01:56,440 --> 03:02:00,920
बात वापस लीजिए कि थोड़ा बहुत कृष्ण ने भी दिया है इसको वापस लीजिए

2471
03:02:00,920 --> 03:02:05,040
यह आपके गुरु की बात नहीं है है तो

2472
03:02:05,040 --> 03:02:09,360
दिखाओ क लिखा है ये आपके

2473
03:02:09,360 --> 03:02:12,000
गुरु ने कहीं कहा है क्या कि गीता का ज्ञान

2474
03:02:12,000 --> 03:02:16,040
थोड़ा बहुत कृष्ण ने भी दिया है यह नहीं

2475
03:02:16,040 --> 03:02:20,040
कहा है लेकिन काल ने इसका मतलब तो निकलता है कि काल ने कुछ भी नहीं दिया है

2476
03:02:20,040 --> 03:02:24,120
ज्ञान वगैरह कुछ भी अरे भाई आप क्या

2477
03:02:24,120 --> 03:02:28,160
मानते हैं यह बताइए पहले काल ने दिया है कि नहीं दिया

2478
03:02:28,160 --> 03:02:32,880
है काल ने दिया है ना मानते हैं

2479
03:02:32,880 --> 03:02:36,880
हा चलो ठीक है अब ये पढ़ लो मानना

2480
03:02:36,880 --> 03:02:40,960
नहीं उसम तो लिखा है ना कि मैं बड़ा हुआ महाकाल हूं अरे भाई अभी मैं

2481
03:02:40,960 --> 03:02:45,080
कुछ पूछ रहा हूं वो देख लो दिखाओ इनको बड़ा करके

2482
03:02:45,080 --> 03:02:49,640
क्या लिखा है

2483
03:02:49,640 --> 03:02:54,000
पढ़ो पढ़ो पढ़ रहा हूं मैं

2484
03:02:54,000 --> 03:02:58,640
दिखाई तो नहीं दे रहा है लेकिन आप बताओ ना मुझे पढ़ के क्या हो रहा है इस क्या लिखा है

2485
03:02:58,640 --> 03:03:02,760
कबीर कह रहे हैं आपकी ज्ञान गंगा में

2486
03:03:02,760 --> 03:03:07,360
3 में प्रश्न के उत्तर में कबीर कह रहे हैं जिंदा बाबा

2487
03:03:07,360 --> 03:03:11,360
हे धर्मदास गीता शास्त्र आपके परमपिता

2488
03:03:11,360 --> 03:03:16,240
भगवान कृष्ण उर्फ विष्णु जी का आदेश है

2489
03:03:16,240 --> 03:03:20,920
इसके अनुसार भक्ति करोगे तो मोक्ष को प्राप्त हो जाओगे यह गलत है

2490
03:03:20,920 --> 03:03:25,000
क्या यह ज्ञान गंगा गलत है क्या कबीर

2491
03:03:25,000 --> 03:03:29,160
कबीर जी गलत है क्या इसको

2492
03:03:29,160 --> 03:03:33,240
समझने के लिए तत्वदर्शी संत के पास जाना पड़ेगा आपको अभी फ फालतू बात

2493
03:03:33,240 --> 03:03:37,280
फिर फालतू बात हो गई हो गई जय जय

2494
03:03:37,280 --> 03:03:41,560
हो गए अब निकल आ उसमें कहा है ना कि तत्वदर्शी

2495
03:03:41,560 --> 03:03:45,600
संत बताएगा जाने के लिए अ तत्वदर्शी से पूछ आए ना

2496
03:03:45,600 --> 03:03:49,920
कि काल ने कहा है पूछ आ है कि नहीं पूछा है

2497
03:03:49,920 --> 03:03:54,280
तत्वदर्शी संत बताएगा नाय ये तो तत्वदर्शी बता रहा है

2498
03:03:54,280 --> 03:03:58,400
ना ये कौन बता रहा है यह

2499
03:03:58,400 --> 03:04:02,520
बता रहा है हे धर्मदास गीता शास्त्र आपके परमपिता

2500
03:04:02,520 --> 03:04:05,080
भगवान कृष्ण उर् विष्णु

2501
03:04:05,080 --> 03:04:09,240
जी का आपको आदेश है इसके अनुसार भक्ति करोगे तो मोक्ष

2502
03:04:09,240 --> 03:04:13,720
को प्राप्त होगे हम हां

2503
03:04:13,720 --> 03:04:17,720
क्या करें इसका फाड़ दे इस पन्ने को बताओ जल्दी बताओ त

2504
03:04:17,720 --> 03:04:21,440
दर् का य पन्ना फाड़ दे क्या

2505
03:04:21,440 --> 03:04:25,920
बोलो बोलो फाड़ दे नहीं नहीं सम्मान है

2506
03:04:25,920 --> 03:04:30,000
बोलो अरे सम्मान है कि नहीं बोलो इस पन्ने का सम्मान है

2507
03:04:30,000 --> 03:04:34,040
कि नहीं अरे कुछ चीजें पकड़ ली आपने बस वही वही दोहराना इसके

2508
03:04:34,040 --> 03:04:38,160
अला नहीं है कुछ अच्छा ऐसे ही मैं बोल दू कुछ चीजें पकड़ ली

2509
03:04:38,160 --> 03:04:42,480
है उत्तर नहीं है ना कोई किसी बात में जब उते

2510
03:04:42,480 --> 03:04:47,040
हो ना फ बा करते ये चीज मैंने देखा है

2511
03:04:47,040 --> 03:04:51,160
देखता हूं आप ठीक है अब मत देखना अब मत

2512
03:04:51,160 --> 03:04:55,200
देखना मैं आपसे पूछ रहा हूं इस पन्ने

2513
03:04:55,200 --> 03:04:59,600
में गनत लिखा है क्या हेलो

2514
03:04:59,600 --> 03:05:05,600
हेलो

2515
03:05:07,880 --> 03:05:13,880
हेलो क्या नेटवर्क नहीं है क्या

2516
03:05:17,800 --> 03:05:21,840
चलो अब तीन घंटे की हो गई मेरा गला भी बैठने की र

2517
03:05:21,840 --> 03:05:26,120
है ठीक है भैया श शिवा

2518
03:05:26,120 --> 03:05:30,200
जी जैसे ये पूछ रहे थे ना वो कह रहे मैं बड़ा हुआ काल हूं

2519
03:05:30,200 --> 03:05:34,480
तो इनको ये पूछना था कि वो दोहे वानिया किसने बोली हैय कन्फर्म

2520
03:05:34,480 --> 03:05:39,080
किया करो साथ के साथ इनको काउंटर क्वेश्चन बहुत जरूरी है इनको

2521
03:05:39,080 --> 03:05:43,160
और साथ में फिर वो आपके पास है ही है नहीं

2522
03:05:43,160 --> 03:05:47,160
बड़ा हुआ काल का तो इनका ये मामला है किय

2523
03:05:47,160 --> 03:05:51,360
अप गीता में द जगह लिखे बैठे हैं कि काल

2524
03:05:51,360 --> 03:05:55,320
अपना वास्तविक स्वरूप किसी को नहीं

2525
03:05:55,320 --> 03:05:59,960
दिखाता तो फिर कैसे दिखा रहा है निकल के बाहर

2526
03:05:59,960 --> 03:06:03,800
सही बात है अ धागे खोल

2527
03:06:03,800 --> 03:06:07,920
दिएरे इनका मुह इ की किताब बंद

2528
03:06:07,920 --> 03:06:11,320
करेंगी सही बात

2529
03:06:11,320 --> 03:06:15,640
हैय रात भर सोएंगे नहीं कोई ल देख

2530
03:06:15,640 --> 03:06:19,760
चेहरा कैसा है देख जो व्यक्ति

2531
03:06:19,760 --> 03:06:23,280
आया था रात

2532
03:06:23,280 --> 03:06:28,280
रात भर सोए

2533
03:06:28,280 --> 03:06:33,320
नहीं एक झूठ को छिपाने के लिए 100 झूठ बोलने पड़ते

2534
03:06:33,320 --> 03:06:38,480
हैं य पहा क

2535
03:06:38,480 --> 03:06:43,440
रहे काल ने दिया परने

2536
03:06:43,440 --> 03:06:48,040
दिया इनके तत्वदर्शी के अनुसार कबीर कह रहे

2537
03:06:48,040 --> 03:06:52,480
परम पिता पहली बात परम पिता परम पिता विष्णु

2538
03:06:52,480 --> 03:06:56,520
और कृष्ण ने दिया अब हमें अपना कोई ग्रंथ खोलने की आवश्यकता ही

2539
03:06:56,520 --> 03:07:01,240
नहीं है फिर ज जय श्री राम

2540
03:07:01,240 --> 03:07:05,360
कालने दिया कुछ कृष्ण नेया क्या काल इतना सक्षम नहीं था कि वो जो

2541
03:07:05,360 --> 03:07:09,520
कुछ कृष्ण ने दिया वो भी दे देता अपने सुनो

2542
03:07:09,520 --> 03:07:14,240
अपने मत के रक्षा के लिए अपने गुरु का भी खंडन कर देंगे

2543
03:07:14,240 --> 03:07:20,240
आके बोल रहे थोड़ा बहुत कृष्ण ने भी दिया है

2544
03:07:20,360 --> 03:07:24,400
जिसने इतना सब दे दिया वो थोड़ा सा और दे देता 90 प्र दे दिया

2545
03:07:24,400 --> 03:07:28,400
तो 10 प्र और दे सकता था फिर आ गिर आ सुनो

2546
03:07:28,400 --> 03:07:32,560
वैचारिक मतभेद के लिए अभी मत जुड़ बाबूराम फ फिर कभी जुड़ना टाइम हो चुका

2547
03:07:32,560 --> 03:07:35,280
है

2548
03:07:35,280 --> 03:07:40,840
10 अब थोड़ा हमको ले लीजिए भैया हा

2549
03:07:40,840 --> 03:07:45,480
बोलिए बस कुछ वैसे बताइए मैं आज कैसा लग रहा हूं

2550
03:07:45,480 --> 03:07:49,920
ककती ठंड है तो आज पहना हुआ है आपने बहुत

2551
03:07:49,920 --> 03:07:54,000
बढ़िया आज नारद जी के जैसे लग रहे हो आज अरे

2552
03:07:54,000 --> 03:07:58,760
आज थोड़ा ठंडे पानी से नहा के निकले इसलिए

2553
03:07:58,760 --> 03:08:03,520
एकदम बढ़िया तो हर हर महादेव जय श्री राम सभी को

2554
03:08:03,520 --> 03:08:07,600
आज पहले जो मैंने आपका शॉर्ट देखा वो जो पुस्तकों का यन

2555
03:08:07,600 --> 03:08:11,640
हुआ तो बहुत सारी शुभकामनाए आपको अब बस अशोक वाटिका आज

2556
03:08:11,640 --> 03:08:15,960
उजड़ी है कल धीरे धीरे कल पूरी लंका भस्म होगी आज अशोक वाटिका

2557
03:08:15,960 --> 03:08:19,960
उजड़ी है ये बात सही है

2558
03:08:19,960 --> 03:08:23,960
लंका दन से आद है जो प्रयागराज का जो हो रहा है तो आज

2559
03:08:23,960 --> 03:08:27,960
हमारे प्रधानमंत्री योगी जी और मोदी

2560
03:08:27,960 --> 03:08:32,240
जी और मुख्यमंत्री योगी जी भी आज गए थे प्रयागराज में आज जो अच्छा

2561
03:08:32,240 --> 03:08:36,320
सा मतलब उसका जो हो रहा है प्रयागराज का महाकुंभ जोब आने वाला है तो वहां

2562
03:08:36,320 --> 03:08:40,320
पर जो बड़े हनुमान जी का मंदिर है आपने किए होंगे दर्शन वहां भी तो वहां

2563
03:08:40,320 --> 03:08:44,400
पर भी देखा अच्छी खासी एकदम भव्य पूजा हुई है तो इस बार महाकुंभ हो रहा है 12

2564
03:08:44,400 --> 03:08:48,480
साल में एक बार होता है तो इस बार शंकराचार्य जी फिर आए तो सार सी बात है आप

2565
03:08:48,480 --> 03:08:52,520
भी आएंगे फिर वहां पर प्रयाग में ठीक है प्रभु कृपा

2566
03:08:52,520 --> 03:08:56,560
करें हमारा मिलना जरूर होगा और आज तो मैं यह कहूंगा आज कुछ ज्यादा ही आज आपका रद

2567
03:08:56,560 --> 03:09:00,600
रूप हमको दिखा भैया सच बोलू तो मेरे को आज आपसे बात

2568
03:09:00,600 --> 03:09:05,040
करते वक्त भी डर लग रहा था जुड़ने से पहले कि आपसे कैसे बात करूंगा

2569
03:09:05,040 --> 03:09:09,280
और एक रिक्वेस्ट है भैया थोड़ा सा आप थोड़ा आप य अ

2570
03:09:09,280 --> 03:09:13,440
अ सब क ये सब मत बोला करो आप पर ये शोभा नहीं देता भैया

2571
03:09:13,440 --> 03:09:17,520
जी

2572
03:09:17,520 --> 03:09:22,200
ऐसा है ना कि आता ताई जो होता है मनुस्मृति में एक श्लोक

2573
03:09:22,200 --> 03:09:26,840
है आता ताई जो हो उसको

2574
03:09:26,840 --> 03:09:31,040
यथावत तुरंत जितनी हो जितना जल्दी हो सके उसको रोक दो अगर

2575
03:09:31,040 --> 03:09:35,160
नहीं रोकोगे तो आता ताई आपके लिए घातक है

2576
03:09:35,160 --> 03:09:39,160
और आपने तो वाल्मीकि रामायण पढ़ी होगी जी

2577
03:09:39,160 --> 03:09:44,520
उसम जब ूप नका आती है ना जी जी गल गलत

2578
03:09:44,520 --> 03:09:48,840
उससे तो फिर वहां पर हां तो वहां पर

2579
03:09:48,840 --> 03:09:53,680
जो श्री राम है उसके साथ फिर थोड़ा बहुत व विनोद भी करते

2580
03:09:53,680 --> 03:09:57,720
हैं है ना तो उस भाव में दुराचार

2581
03:09:57,720 --> 03:10:01,800
के साथ फिर उस तरह का विना न

2582
03:10:01,800 --> 03:10:07,800
मान जल्दी जड़ गए तीन दिन बत बोले

2583
03:10:10,800 --> 03:10:15,640
राम और एक ची आप और बता देंगे हां

2584
03:10:15,640 --> 03:10:19,680
अब जैसे ना भैया अब मैं अब मैं आप ही के साथ जुड़ा करूंगा लाइव

2585
03:10:19,680 --> 03:10:24,320
में ये मैं अमित दास जी के साथ बहुत बार जुड़ा अभी पिछली बार जब मैं जुड़ा था ना

2586
03:10:24,320 --> 03:10:28,320
मेरी गीता पर थोड़ी सी डिबेट हो गई थी इनसे इन्होंने पता है मैंने य अब

2587
03:10:28,320 --> 03:10:32,480
ये जो ये 18 अध्याय का जो 6वा श्लोक है जो व शब का इतना हुआ

2588
03:10:32,480 --> 03:10:36,520
बनाए हुए हैं तो ये जो इन्होंने बोला कि

2589
03:10:36,520 --> 03:10:40,640
उनका जो अर्थ क्या कि मेरी समस्त पूजा को मुझ में त्याग कर उस परमेश्वर की शरण में जा

2590
03:10:40,640 --> 03:10:45,040
तो उससे पहले का जो 65 वा श्लोक है उसमें भगवान ने यह बोला है कि मन मना भव

2591
03:10:45,040 --> 03:10:49,120
मद भक्तो मध्या जीवाम नमस करू माम वैश सत्यम ते

2592
03:10:49,120 --> 03:10:53,120
प्रति जाने प्रियो में उसका मतलब मेरा भक्त बन मेरा पूजन करने

2593
03:10:53,120 --> 03:10:57,400
वाला हो और मुझको नमस्कार कर ये सेम उन्होंने वो नव अध्याय के आखरी

2594
03:10:57,400 --> 03:11:01,640
में भी उन्होंने ये बोला ये वाला तो अभी अब एक लोक में

2595
03:11:01,640 --> 03:11:05,840
तो एक श्लोक में वो कह रहे हैं कि मेरा भक्त मेरी पूजा कर फिर उसके आगे अर्थ

2596
03:11:05,840 --> 03:11:09,920
बदल ना है कि उसकी शरण में जा मेरी पूजा को त्याग कर किसी दिन आने तो

2597
03:11:09,920 --> 03:11:13,960
दो पट्टे में किसी दिन पट्टे में आने तो

2598
03:11:13,960 --> 03:11:18,040
दो यहां आते नहीं ना ना फोन करते हैं एक

2599
03:11:18,040 --> 03:11:22,240
चीज काना थोड़ा सा भैया मेरे को भय है आप उसका निवारण कर दो तो अब

2600
03:11:22,240 --> 03:11:26,160
अब जैसे आपको तो पता ही है मेरे इष्ट हनुमान जी हैं तो अब जैसे

2601
03:11:26,160 --> 03:11:30,160
उसने हनुमान जी पर सवाल उठाए हनुमान जी की भक्ति पर तो मैं तीन चार बार उसे जुड़ा

2602
03:11:30,160 --> 03:11:34,240
तो मुझको मतलब जो इष्ट की निंदा करया जो मतलब प्रश्न उठाया उसके

2603
03:11:34,240 --> 03:11:38,240
साथ जुड़ने से जो मतलब दोष लगता है तो क्या व मुझको कैसे मतलब प्रश्चित

2604
03:11:38,240 --> 03:11:42,480
करूं उसका मैं आप जुड़े थोड़ी ना थे उससे आप तो प्रतिकार के लिए

2605
03:11:42,480 --> 03:11:46,560
मत एक संग तो हुआ ना फिर भी एक हु

2606
03:11:46,560 --> 03:11:51,120
नहीं नहीं क से हुआ वो तो आप प्रतिकार के लिए गए थे जी

2607
03:11:51,120 --> 03:11:55,200
आप जुड़े थोड़ी ना थे उससे जुड़ना तो तब माना जाएगा जब आप उसका

2608
03:11:55,200 --> 03:11:59,240
समर्थन में आप वहा जाए अब अगर श्री राम

2609
03:11:59,240 --> 03:12:04,640
ने अंगत को वहा पर बात करने के लिए भेज दिया तो क्या श्री राम जुड़ गए थे क्या रावण

2610
03:12:04,640 --> 03:12:08,880
से नहीं जुड़े नहीं वो

2611
03:12:08,880 --> 03:12:13,120
आप आप उसका प्रतिकार करने गए थे ठीक है अगर

2612
03:12:13,120 --> 03:12:17,160
किसी की माता जी ने निष्ठा पूर्वक पिलाया हो

2613
03:12:17,160 --> 03:12:21,480
दुग्ध पान कराया हो तो वो हमसे संपर्क कर सकता है वैचारिक मतभेद के निमित्त

2614
03:12:21,480 --> 03:12:25,680
और आकर बताए मति पूजा का मूर्ति पूजा का ये लोग इतना खंडन

2615
03:12:25,680 --> 03:12:29,760
करते हैं मूर्ति पूजा को भगवान के भोग लगाने को यह लोग इतना ये बोलते हैं

2616
03:12:29,760 --> 03:12:33,840
मैं इन लोगों से पूछता हूं कि आप जो अपने गुरुजी के शरीर का दूध से अभिषेक करके उसका

2617
03:12:33,840 --> 03:12:37,960
प्रसाद बना के खाते थे क्या वह शास्त्र सम्मत है वो कौन से ग्रंथ

2618
03:12:37,960 --> 03:12:41,200
में लिखा है कि अपने गुरु का दू से अभिषेक करके उसकी खीर बना के खाओ

2619
03:12:41,200 --> 03:12:45,200
अरे विशाल इनका तो इस समय जो तंत्र चल रहा है ना वो भी अशा

2620
03:12:45,200 --> 03:12:49,280
स्त्रीय है क्योंकि इनके यहां जो गुरु ा इस समय एलईडी के माध्यम से हो रही

2621
03:12:49,280 --> 03:12:53,520
है वो सब पूरा शास्त्र विरुद्ध चीज है कुछ नहीं

2622
03:12:53,520 --> 03:12:58,800
है और सुनो इन्होने आज तक इसका जवाब नहीं दिया

2623
03:12:58,800 --> 03:13:02,840
है आज य लोग अपनी ची बटोर लेते

2624
03:13:02,840 --> 03:13:06,880
इसका मुझे मिल जाएगा इसके बारे में बोल दू हम इनके जितने भी

2625
03:13:06,880 --> 03:13:11,960
चीज बोलते सबका जवाब देते हैं और इनकी तरफ

2626
03:13:11,960 --> 03:13:15,960
से पॉट का लेकर के जवाब नहीं मिलता कभी जैसे

2627
03:13:15,960 --> 03:13:21,240
अभी ू भाई अभिषेक ने जो वीडियो बनाया है उसम इसने

2628
03:13:21,240 --> 03:13:25,240
सीता सीता माता वाले प्रकरण में जो बोल सकता था वो तो बोला

2629
03:13:25,240 --> 03:13:29,560
मगर व वही पर दुर्गा जी के साथ

2630
03:13:29,560 --> 03:13:33,640
दुराचार हुआ बोला ही नहीं उसको पी गया उसका तोसी ग्रंथ में बेसी

2631
03:13:33,640 --> 03:13:37,720
नहीं है कि वो काल ने बलात्कार किया वो क लिखा ही नहीं पुराण

2632
03:13:37,720 --> 03:13:42,120
में

2633
03:13:42,120 --> 03:13:46,120
दिखा जी सर जी जी दुर्गा दुर्गा जी का जोव है

2634
03:13:46,120 --> 03:13:50,520
म के लिए हुआ था वो उनके तेज से हुआ सारे देवताओं के सध

2635
03:13:50,520 --> 03:13:54,600
बात है सबको पता है बात शास्त्रों में लिखा फ इर उर घूमने की जरूरत

2636
03:13:54,600 --> 03:13:58,760
ही नहीं है जी अब इनम से किसी के वो नहीं है क्योंकि

2637
03:13:58,760 --> 03:14:03,080
इनके इनके इनके जो तथाकथित जो है

2638
03:14:03,080 --> 03:14:08,480
जेलम निवासी तत्वदर्शी वही इनका इंतजाम करके गए

2639
03:14:08,480 --> 03:14:12,560
हैं बहुत ज्यादा देर नहीं लगती अब पहले थोड़ा

2640
03:14:12,560 --> 03:14:16,560
ज्यादा देर लगती थी अब आपका नाम सुनकर तो इन

2641
03:14:16,560 --> 03:14:20,880
की ऐसी है जैसे राधा रानी का नाम लेने से आर्य समाज योगी जलती है हनुमान

2642
03:14:20,880 --> 03:14:25,160
जी का नाम लेने से राक्षस योगी जलती है

2643
03:14:25,160 --> 03:14:29,520
आज तोड़ना चाहूंगा तोड़ना चाहूंगा इनका

2644
03:14:29,520 --> 03:14:33,840
अगर अगर आज क श श्री अगर आज हम कहना श्री शिवास

2645
03:14:33,840 --> 03:14:37,880
जी तो ये इनके ऐसे जलेगी जैसे रावण को रावण के सामने कता श्री

2646
03:14:37,880 --> 03:14:43,840
राम जी क्यों बोल रहे हो वो काम हो

2647
03:14:43,840 --> 03:14:47,680
बहा बो

2648
03:14:47,680 --> 03:14:51,840
इनके गुरु के ऊपर बात आती है कि वो जेल में क्यों बैठे हैं तो इनका वहां से

2649
03:14:51,840 --> 03:14:55,960
कांटर क्वेश्चन आता है कि महात्मा गांधी भी जेल में गए थे भगत सिंह भी जेल में गए थे

2650
03:14:55,960 --> 03:15:00,080
फलाना फलाना जेल में गए इसका एक सटीक सा उत्तर आंसर

2651
03:15:00,080 --> 03:15:04,240
यह है कि उस समय राजतंत्र था वहां पर राजाओं की चलती

2652
03:15:04,240 --> 03:15:08,240
थी उस समय लोकतंत्र नहीं था कांस्टिट्यूशन नहीं था कानून नहीं

2653
03:15:08,240 --> 03:15:12,360
था अभी अभी के टाइम में अगर प्रधानमंत्री कहे किसी को कि

2654
03:15:12,360 --> 03:15:17,120
इसको अंदर कर दो तो वो अंदर नहीं होगा बिना सबूतों के आधार पर

2655
03:15:17,120 --> 03:15:21,200
उस समय क्या था अगर राजा कहता था कि इसको अंदर करो जेल में डालो तो उसको जेल

2656
03:15:21,200 --> 03:15:25,200
में डाला जाता था ये नहीं पूछा जाता था कि क्यों डालना है इसको इसका और

2657
03:15:25,200 --> 03:15:29,520
भी सटीक उत्तर यह है जो यह वाला उदाहरण दे रहे हैं कि

2658
03:15:29,520 --> 03:15:33,560
महात्मा गांधी और भगत सिंह तो भाई हम इन्ह पूर्ण परमात्मा नहीं कह

2659
03:15:33,560 --> 03:15:37,760
रहे जी नहीं आधुनिक तौर पर एक बार जवाब

2660
03:15:37,760 --> 03:15:41,760
दिया जाए तो आधुनिक वो तो है ही आपने सही दिया मगर

2661
03:15:41,760 --> 03:15:45,880
जो अंतिम जो जवाब है वो यही है कि हम उनको महात्मा गांधी को कोई

2662
03:15:45,880 --> 03:15:50,240
पूर्ण परमात्मा त दर्शी नहीं बोल रहे हम भगत सिंह को पूर्ण परमात्मा

2663
03:15:50,240 --> 03:15:54,800
तत्वदर्शी नहीं बोल रहे तुम बोल रहे हो जो जेल में बैठा हुआ है उसको पूर्ण परमात्मा का अवतार

2664
03:15:54,800 --> 03:15:58,800
और तत्वदर्शी तुम बोल रहे हो हम नहीं बोल रहे इनको तत्वदर्शी और परमात्मा का

2665
03:15:58,800 --> 03:16:02,840
अवतार तुम बोल रहे हो बिल्कुल तो तुम अगर बोल

2666
03:16:02,840 --> 03:16:06,920
रहे हो पूर्ण परमात्मा का अवतार तो उसको फिर कहोगे सलाख कोयो जैसे

2667
03:16:06,920 --> 03:16:12,680
जानी दुश्मन में सनी देवल नहीं कर देता है लास्ट

2668
03:16:12,680 --> 03:16:17,760
में वो करके बाहर आए

2669
03:16:17,760 --> 03:16:21,800
अरे कल तो मैं पद्म पुराण पढ़ रहा था अभी ये फैक्ट बा अभिषेक ने पद्म

2670
03:16:21,800 --> 03:16:25,880
पुराण पर वीडियो बनाया कल मैं पद्म पुराण पढ़ रहा था पद्म पुराण के स्वर्ग खंड में

2671
03:16:25,880 --> 03:16:30,160
आप पढ़ेंगे ना तो उसमें प्रयागराज की महिमा बताई गई है काशी और प्रयागराज की

2672
03:16:30,160 --> 03:16:34,280
आप पढ़ना उसको उसम जब महाभारत का युद्ध हो जाता है युधिष्ठिर जी को

2673
03:16:34,280 --> 03:16:38,400
मोह हो जाता है कि मैंने राज्य के लिए अपने परिवार को मरवार डाला तो मारकंडे ऋषि आते

2674
03:16:38,400 --> 03:16:42,520
हैं उनको प्रयागराज की महिमा बताते उसमें बता है ब्रह्मा विष्णु महेश के लिए क्या लिखा

2675
03:16:42,520 --> 03:16:47,160
हुआ है कि ब्रह्मा विष्णु महेश इस समस्त ब्रह्मांड के स्वामी और अविनाश

2676
03:16:47,160 --> 03:16:51,200
है अविनाशी परमात्मा है अविनाशी ब्रह्मा विष्णु महेश और ये मैंने गीता

2677
03:16:51,200 --> 03:16:55,360
प्रेस की संक्षिप्त वाली पद्म पुराण से पढ़ा है मैंने ये अब आपको एक बात

2678
03:16:55,360 --> 03:16:59,680
और बताऊं जहां जहां पर काल के लिए

2679
03:16:59,680 --> 03:17:03,680
जिसको ये कहते हैं वो श्री कृष्ण से अलग है परम शब्द की बात

2680
03:17:03,680 --> 03:17:07,720
आई है परम शांति की बात आई है तो ये ये कह देते

2681
03:17:07,720 --> 03:17:12,200
कि हां वो उस लोक का परम है उस लोक में सबसे परम वही है

2682
03:17:12,200 --> 03:17:16,240
ठीक है ये लोग ये कह देते हैं तो यहां पर क्वेश्चन ये बनता

2683
03:17:16,240 --> 03:17:18,000
है कि जिस

2684
03:17:18,000 --> 03:17:22,400
लोक में सबसे परम काल है क्या उस लोक में कबीर एजिस्ट

2685
03:17:22,400 --> 03:17:26,520
नहीं करता है और अगर एजिस्ट करता है तो वह तो काल

2686
03:17:26,520 --> 03:17:30,840
से परम हुआ तो तुम यह कैसे कह सकते हो कि उस लोक

2687
03:17:30,840 --> 03:17:34,840
का सबसे परम भगवान काल ही है अगर

2688
03:17:34,840 --> 03:17:38,840
तुम्हारे अनुसार काल परमेश्वर नहीं है बल्कि उस लोक

2689
03:17:38,840 --> 03:17:42,840
का परमेश्वर है जिस लोक की बात हो रही है

2690
03:17:42,840 --> 03:17:47,160
तो क्या उस लोक में कबीर का एक्जिस्टेंस नहीं है कबीर का

2691
03:17:47,160 --> 03:17:51,280
कबीर की सत्ता नहीं है और अगर कबीर की सत्ता है वहां भी तो तुम

2692
03:17:51,280 --> 03:17:55,280
कैसे कह दोगे कि नहीं उस लोग का स्वामी तो काल

2693
03:17:55,280 --> 03:17:59,520
है हर लोक कोई भी लोक है अगर कबीर परमेश्वर

2694
03:17:59,520 --> 03:18:03,840
है तो यह नहीं कहा जा सकता कि किसी भी लोक का

2695
03:18:03,840 --> 03:18:08,080
परमेश्वर या उस उस लोक का स्वामी जो है वोह काल है

2696
03:18:08,080 --> 03:18:12,080
अगर कबीर पूरे ब्रह्मांड का पूरी सृष्टि का रचयिता

2697
03:18:12,080 --> 03:18:16,320
है तो काल भी जहां का पर्टिकुलर नेता है आपके

2698
03:18:16,320 --> 03:18:21,440
अनुसार वहां का भी वास्तविक मूल स्वामी कबीर ही

2699
03:18:21,440 --> 03:18:25,600
हुआ तो आप उसको परम नहीं कह सकते काल को

2700
03:18:25,600 --> 03:18:29,840
नहीं यह लोग कहते हैं कि व बटवारा कर दिया है कुछ दिन बाद

2701
03:18:29,840 --> 03:18:33,000
आप देखिएगा कुछ दिन बाद आपके माता जी

2702
03:18:33,000 --> 03:18:37,760
जब निष्ठा पूर्वक आपको दुग्ध पान करा दे तब आप आ जाइएगा

2703
03:18:37,760 --> 03:18:42,440
आपको बचपन में शायद मिला नहीं होगा

2704
03:18:42,440 --> 03:18:46,880
चलिए आप य रामपाल को य पर जो भव्य शर्मा जी है

2705
03:18:46,880 --> 03:18:51,000
जोय चैनल चलाते हैं वो आर्य समाज को धो रहे हैं इस वक्त वो

2706
03:18:51,000 --> 03:18:55,160
लाइव है क्या नहीं भ भव्य शर्मा जी जो है ना आज उन्होंने फिर

2707
03:18:55,160 --> 03:18:59,360
वीडियो बनाई थी और आपने पता है वो वीडियो बनाई थी ना वो जो आय समाजी

2708
03:18:59,360 --> 03:19:03,480
वो एक बड़ा धारता है मन से ऐसे ढीली ढीली आवाज में बात कर रहा था ना

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03:19:03,480 --> 03:19:07,520
आपसे आपने जिस दिन वो वीडियो डाली थी 26 नवंबर को उसी दिन मेरा जन्मदिन

2710
03:19:07,520 --> 03:19:12,000
भी था से और

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03:19:12,000 --> 03:19:18,000
प्रेमानंद जी से इनको शास्त्र करना चाहिए वृंदावन में जाकर आ समां को

2712
03:19:18,720 --> 03:19:22,920
चलिए ठीक है समय देने के लिए धन्यवाद

2713
03:19:22,920 --> 03:19:27,080
और ये जितने भी चैनल है जो वीडियो बना रहे हैं वह

2714
03:19:27,080 --> 03:19:32,000
अगर हमसे यह यह जो कौन है ठाकुर है

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03:19:32,000 --> 03:19:36,040
जो महिला है कान से भी य भी कानपुर

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03:19:36,040 --> 03:19:40,920
से दुर्गा ठाकुर कीय जो है जहा से मैं कानपुर से

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03:19:40,920 --> 03:19:46,920
अच्छा हा मैं भी कानपुर से वो भी कानपुर से तो

2718
03:19:47,400 --> 03:19:52,600
हां भव्य लव भारत नाम से चैनल है उनका

2719
03:19:52,600 --> 03:19:56,720
व और दूसरी बात ये है कि कोई भी यह फय

2720
03:19:56,720 --> 03:20:01,280
जो झूठा भाई अभिषेक है जेल कट्टू का चेला ये अगर

2721
03:20:01,280 --> 03:20:05,400
उसके साहस है इसके अगर और इसको अगर बात करनी

2722
03:20:05,400 --> 03:20:09,600
है तो किसी मध्य क्या स्थान पर हम लोग बात कर सकते हैं

2723
03:20:09,600 --> 03:20:13,800
अगर तुझ में डर नहीं है वास्तविक तेरे को ज्ञान है तेरे गुरु से मिला हुआ

2724
03:20:13,800 --> 03:20:17,800
तो तू फोन मिला 7483 6 पर और

2725
03:20:17,800 --> 03:20:21,800
हम लोग ना हमारे चैनल पर ना तेरे चैनल पर बात करेंगे और यही

2726
03:20:21,800 --> 03:20:25,800
बात एमपी खबर फास्ट वाले से कहना चाहूंगा चश्मिश से

2727
03:20:25,800 --> 03:20:30,600
वो कौन है क्या नाम है उसका

2728
03:20:30,600 --> 03:20:33,720
हेमंत दास हेमंत दास भाई तू

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03:20:33,720 --> 03:20:37,800
भी जो है फोन मिला और तेरे चैनल पर नहीं आएंगे

2730
03:20:37,800 --> 03:20:41,880
हम लोग बीच के किसी चैनल पर बात करेंगे समझ गया ठीक है ये शायद वही

2731
03:20:41,880 --> 03:20:46,200
थ जो उस दिन मेले में मिले थे आपसे पिछले साल कौन

2732
03:20:46,200 --> 03:20:50,360
वो जो वो जो एक विद्ध व्यक्ति नहीं था वो जो आपसे लड़ रहा था वो पिछले साल मेले में बुक

2733
03:20:50,360 --> 03:20:55,320
स्टॉल में वो शायद वही थे हेमंत दास मुझे ऐसा लग रहा नहीं नहीं वो

2734
03:20:55,320 --> 03:20:59,880
नहीं लक्ष्य को जोड़ दीजिए लक्ष हमारे छोटे भाई है आ

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03:20:59,880 --> 03:21:03,880
चलिए इनको जलने दीजिए हम अपना महाकम संगम में अपना नहाते हैं

2736
03:21:03,880 --> 03:21:08,000
मस्त लक्ष त्रिवेदी जी जय श्री राम

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03:21:08,000 --> 03:21:12,040
जय श्री राम ज सादर नम पार्वती पते

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03:21:12,040 --> 03:21:18,000
हर हर महादेव ह हर

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03:21:18,000 --> 03:21:24,000
कोई विशेष बात लक्ष्य छोटे भाई हमारे लक्ष

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03:21:24,640 --> 03:21:28,680
त्रिवेदी बस इसी प्रकार बस इसी प्रकार और विजय

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03:21:28,680 --> 03:21:32,680
का परचम लहराते हुए और भी ऊंची शिखर पर पहुंचे

2742
03:21:32,680 --> 03:21:37,000
सभी लोग धर्म की रक्षक के रूप में सभी लोग धर्म की रक्षा करें

2743
03:21:37,000 --> 03:21:41,240
और आवाहन धर्म का सभी लोग समर्थन करें और धर्म का

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03:21:41,240 --> 03:21:45,400
आवाहन करें चलिए बहुत बहुत आभार

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03:21:45,400 --> 03:21:49,920
आपका जी आपने जो अपने लोगों पर आपने

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03:21:49,920 --> 03:21:54,040
आपका जो लोगो है आवान धर्म रक्षा उसमें जो आपने हनुमान जी का वो जो वर्ल्ड फेमस फोटो

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03:21:54,040 --> 03:21:58,560
लगाया है ना जिसमें वो शंख नाथ करते हैं वो मुझे बहुत अच्छा लगा वो मतलब वो

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03:21:58,560 --> 03:22:02,720
सनातन धर्म की वो पूरी प्रत्यक्ष वो साक्षात जो हम जानते हैं वो उसका पूरा

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03:22:02,720 --> 03:22:08,040
अनुभव कराता है आपके वो हनुमान जी का वो शंख ना जो हम उसम लोगों में देखते

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03:22:08,040 --> 03:22:12,040
हैं बहुत बढ़िया चलिए सभी को ज

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03:22:12,040 --> 03:22:16,120
हनुमान यतो हनुमान जय जय श्री राम सियावर

2752
03:22:16,120 --> 03:22:20,120
राम की जय जय जय जय हनुमान

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03:22:20,120 --> 03:22:24,160
गुसाई कृपा करो गु सभी को जय श्री

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03:22:24,160 --> 03:22:26,420
राम

2755
03:22:26,420 --> 03:22:30,420
[संगीत]
