1
00:00:01,780 --> 00:00:07,780
[संगीत]

2
00:00:07,880 --> 00:00:12,120
तो सभी को जय श्री राम जय श्री राम विजया जी

3
00:00:12,120 --> 00:00:16,320
आपका भी स्वागत है यह विजया जी हैं और आज

4
00:00:16,320 --> 00:00:20,720
हम हमारी मुख्य अतिथि हैं और बहुत ही स्पेशल

5
00:00:20,720 --> 00:00:24,720
कह लीजिए कि एक आपको वृतांत सुनाने के लिए यहां

6
00:00:24,720 --> 00:00:28,880
पर आई है अपने जीवन का और इनकी

7
00:00:28,880 --> 00:00:33,640
एक जर्नी रही है जैसा कि आपने थंबनेल में देखा होगा कि

8
00:00:33,640 --> 00:00:38,320
रिदम से विजया तक की यात्रा कैसे हुई

9
00:00:38,320 --> 00:00:42,320
कैसे प्रामाणिक आचार्यों की शरण मिलीन है और प्रामाणिक जो

10
00:00:42,320 --> 00:00:46,360
सिद्धांत है सार्वभौम सिद्धांत सनातन के वह सब आपको बहुत

11
00:00:46,360 --> 00:00:48,600
ही

12
00:00:48,600 --> 00:00:52,600
एक कहूंगा महत्त्वपूर्ण और रोचक जानकारिया आज प्राप्त

13
00:00:52,600 --> 00:00:57,280
होने वाली है गायत्री मंत्र जो य व्यवस्थाएं

14
00:00:57,280 --> 00:01:02,040
हमारी विधि निषेध इस पर जो एक

15
00:01:02,040 --> 00:01:06,080
धार्मिक मर्यादाओं को आज जो एक एक अलग दृष्टिकोण से देखा जाता है कि

16
00:01:06,080 --> 00:01:10,240
बहुत ज्यादा व सोफिस्टिकेटेड है यह बहुत ज्यादा मतलब

17
00:01:10,240 --> 00:01:14,240
अलग अलग तरीके से देखा जाता है तो यह

18
00:01:14,240 --> 00:01:17,080
सारे विषयों पर यह प्रकाश डालने का प्रयास

19
00:01:17,080 --> 00:01:21,560
करेंगी और आप लोग इन्ह जानते हैं इनका इग्राम पेज है

20
00:01:21,560 --> 00:01:26,320
और उस पर मतलब काफी अच्छी फैन फॉलोइंग भी है वहां पर उनकी ठीक

21
00:01:26,320 --> 00:01:31,320
तो मैं कहूंगा विजय जी आप सबसे पहले स्वयं का परिचय अपना

22
00:01:31,320 --> 00:01:35,320
आप ही दें और फिर थोड़ा सा हमारे दर्शकों को बताए कि आपका ये

23
00:01:35,320 --> 00:01:39,400
रिदम से विजया तक का सफर कैसा है क्या है जी

24
00:01:39,400 --> 00:01:43,920
सभी को नमस्ते मैं बहुत खुश हूं कि मैं इस लाइफ प हूं

25
00:01:43,920 --> 00:01:48,200
क्योंकि ये मेरे लिए बहुत स्पेशल मोमेंट है क्योंकि मेरी जो जर्नी

26
00:01:48,200 --> 00:01:52,600
है इस जर्नी में शिवांश ने बहुत बड़ा रोल प्ले किया है

27
00:01:52,600 --> 00:01:57,160
इन्होंने ही हमें इंट्रोड्यूस किया है जो

28
00:01:57,160 --> 00:02:01,320
शास्त्र प्रमाणिक आचार्य है वो उनकी शैली क्या

29
00:02:01,320 --> 00:02:05,560
है चाहे वो व्यवहार में हो या फिर किसी

30
00:02:05,560 --> 00:02:09,640
भी चीज में हो तो उस चीज के लिए हम शिवांश को बहुत-बहुत

31
00:02:09,640 --> 00:02:13,720
धन्यवाद देते हैं अभी जो भी हमें लाइव पर देख रहे हैं उनका अपना समय

32
00:02:13,720 --> 00:02:17,960
निकालने के लिए भी बहुत-बहुत धन्यवाद अब हम यह

33
00:02:17,960 --> 00:02:22,000
जरूर बताना चाहेंगे कि रिदम से विजया की

34
00:02:22,000 --> 00:02:26,360
जो जर्नी है वह बहुत ऑफकोर्स रियल

35
00:02:26,360 --> 00:02:30,400
है क्योंकि इट है हैपेंड विद मी पर बहुत चैलेंजिंग

36
00:02:30,400 --> 00:02:32,200
भी थी स्टार्टिंग में पर मैं

37
00:02:32,200 --> 00:02:36,200
यह बोलूंगी कि वो जो रिदम टू विजया का जो शिफ्ट था विजया

38
00:02:36,200 --> 00:02:41,120
के अंदर उसके बाद सब कुछ बहुत स्मूथ हो गया एंड

39
00:02:41,120 --> 00:02:45,240
मैं थोड़ा यह भी बताना चाहूंगी कि मैं शिवांश के साथ टच में कैसे आई थी शिवांश

40
00:02:45,240 --> 00:02:49,360
की एक वीडियो थी अभी तो काफी टाइम हो गया वो

41
00:02:49,360 --> 00:02:53,400
जब रिलीज हो गी उसी समय की बात है अभी मुझे इतना याद नहीं है कि कितने महीने

42
00:02:53,400 --> 00:02:57,720
या साल उस वीडियो के अंदर शिवांश एक एस्कन

43
00:02:57,720 --> 00:03:01,800
से हमारे जो भाई हैं उनसे बात कर रहे थे

44
00:03:01,800 --> 00:03:05,920
और पहली वीडियो हमने देखी थी उसके अंदर वो बोल रहे हैं भाई को भाई से दूर किया जा

45
00:03:05,920 --> 00:03:09,960
रहा है और उन दिनों मैं इस चीज को बस समझ ही रही

46
00:03:09,960 --> 00:03:14,080
थी क्योंकि हुआ यह था कि एक महीने पहले या कुछ

47
00:03:14,080 --> 00:03:20,080
महीनों पहले ऐसा ही कुछ था जब नित्यानंदाकारी

48
00:03:27,560 --> 00:03:31,600
की उनका जन्मदिन मनाया जा रहा था तो प्रवचन के अंदर

49
00:03:31,600 --> 00:03:34,920
एक व्यक्ति ने बोला

50
00:03:34,920 --> 00:03:39,240
कि कृष्ण भक्ति कीजिए उससे मोक्ष मिलेगा बहुत बढ़िया बात है

51
00:03:39,240 --> 00:03:43,320
एकदम उनका सेकंड वचन यह था कि दुर्गा की भक्ति

52
00:03:43,320 --> 00:03:47,320
करने वालों को मोक्ष नहीं मिलता है दुर्गा जेलर है और

53
00:03:47,320 --> 00:03:51,560
वह जेल में बंद कर देगी पर वह आपको मोक्ष नहीं देगी तो इसमें

54
00:03:51,560 --> 00:03:55,640
मैं और मेरा मित्र हम एक दूसरे को देख रहे हैं कि यहां क्या चल रहा है और

55
00:03:55,640 --> 00:04:00,120
व पूरी सभा में ज्यादातर महिलाएं थी तो

56
00:04:00,120 --> 00:04:04,320
जो बैठी है उनको ही अगर आप बोलेंगे कि दुर्गा जेलर है और व मोक्ष नहीं देती

57
00:04:04,320 --> 00:04:08,320
तो वो बहुत बात खटकती है पर किसी को

58
00:04:08,320 --> 00:04:12,560
व बात खटक नहीं रही थी वहां पर जो उनके फॉलोअर्स थे वह ऐसे

59
00:04:12,560 --> 00:04:16,800
थे जैसे पता नहीं बहुत ही बड़ी अच्छी बात कर रहे हैं तो

60
00:04:16,800 --> 00:04:20,800
उसके बाद अब वो होता है ना कि आपने कंटेंट कंज्यूम कर लिया

61
00:04:20,800 --> 00:04:25,160
फिर आपने अपने मित्र से चर्चा की फिर फोन आपको सारा कंटेंट वैसा ही भेजता है

62
00:04:25,160 --> 00:04:29,240
तो हमें धीरे धीरे समझ आने लगा कि यह कितनी गलत बात है कि

63
00:04:29,240 --> 00:04:33,800
ऐसा कैसे होगा मैं तो खुद देवी मां की उपासना करती हूं

64
00:04:33,800 --> 00:04:38,080
तो पर प्रश्न बहुत सारे थे पर उत्तर देने के लिए कोई भी नहीं उत्तर

65
00:04:38,080 --> 00:04:42,240
के लिए भी अभी वही जो वहां पर आचार्य थे उनसे बात की फिर वो बोले नहीं नहीं

66
00:04:42,240 --> 00:04:42,740
यह सब

67
00:04:42,600 --> 00:04:46,720
तो चलता रहता है मेरा ऐसा तात्पर्य नहीं था स्पष्ट बोलने के बाद आपका

68
00:04:46,720 --> 00:04:50,880
तात्पर्य कुछ और था तो वह हमें कैसे पता होगा और वहीं पर

69
00:04:50,880 --> 00:04:55,000
जाने के बाद एक व्यक्ति थे जो वहां पर सेवादार थे मुझे याद है

70
00:04:55,000 --> 00:04:59,040
उन्होंने मेरे मेरे पास व आए वो बोले देखिए यहां पर मैं सेवा कर रहा

71
00:04:59,040 --> 00:05:03,120
हूं क्योंकि मु अपना समय काटना है मैं काल भैरव को मानता हूं हर

72
00:05:03,120 --> 00:05:07,120
चीज के लिए हर एक भगवान का

73
00:05:07,120 --> 00:05:11,360
एक रूप नियुक्त है हर कार्य के लिए तो इनकी बातों

74
00:05:11,360 --> 00:05:15,560
में मत आइए तो यह घटना हुई अब उसके काफी टाइम बाद

75
00:05:15,560 --> 00:05:19,960
अब अंदर में मुझे अच्छा तो लग नहीं रहा था गुस्सा भी बहुत आ रहा था कि ऐसे कैसे

76
00:05:19,960 --> 00:05:24,080
बोल सकते हैं या ये ऐसे कैसे दिमाग में डाल रहे हैं ऐसी बातें और क्यों

77
00:05:24,080 --> 00:05:29,000
कर रहे हैं उस समय मेरे अंदर में यह मतलब

78
00:05:29,000 --> 00:05:33,280
एक इच्छा बहुत तीव्र भी हो चुकी थी कि मुझे मेरे गुरु खोजने है

79
00:05:33,280 --> 00:05:37,320
और बहुत पहले से ही था यह तो मतलब मैंने अगर कुछ

80
00:05:37,320 --> 00:05:41,520
बहुत मांगा है अगर भगवान से तो यही मांगा है कि मुझे मेरे गुरु

81
00:05:41,520 --> 00:05:45,720
मिले तो उन्ही दिनों के मतलब

82
00:05:45,720 --> 00:05:50,000
व यही सी चल रहा था तो शिवांश की वीडियो हमारे पास आई ा

83
00:05:50,000 --> 00:05:54,240
में उसके अंदर ये उसको बोल रहे थे कि भाई को भाई से दूर किया जा रहा है उसके अंदर सारा

84
00:05:54,240 --> 00:05:57,840
सिद्धांत वही था कि कैसे कि

85
00:05:57,840 --> 00:06:01,920
मतलब यह जो बंटवारा क्रिएट किया जाता है बातों बातों में और जो सॉफ्ट

86
00:06:01,920 --> 00:06:06,680
कंडीशनिंग है वह सब चल रही है तो हमें ऐसा लगा कि

87
00:06:06,680 --> 00:06:10,720
एक तो हमें उत्तर भी मिला कि हम अकेले ऐसा नहीं सोच रहे हैं यह गलत

88
00:06:10,720 --> 00:06:14,920
है और उस समय शिवांश उस समय भी और शायद

89
00:06:14,920 --> 00:06:19,240
अभी भी वो एक लते व्यक्ति हैं जिन्होंने इतनी आवाज

90
00:06:19,240 --> 00:06:23,800
उठाई और उसको ऑनलाइन डाल दिया क्योंकि लोगों को डर भी लगता है

91
00:06:23,800 --> 00:06:28,200
कि हम डाले नहीं डाले कोई पकड़ लेगा कोई कुछ कर लेगा तो वो

92
00:06:28,200 --> 00:06:32,520
बहुत आप कह सकते हैं करेज का भी काम है बहुत ब्रेवरी का भी काम है

93
00:06:32,520 --> 00:06:36,600
तो मुझे ऐसा लग रहा था कि मेरे अंदर का जो सैनिक है वो

94
00:06:36,600 --> 00:06:40,640
मेरे सामने वीडियो के अंदर खड़ा है और वो वैसे ही अपने भाव

95
00:06:40,640 --> 00:06:44,760
को व्यक्त कर रहा है और मतलब मैं ही वहां पर हूं भाव अगर हम

96
00:06:44,760 --> 00:06:49,160
भाव राज्य की बात करें तो इस तरह से हम जुड़े शिवांश

97
00:06:49,160 --> 00:06:53,320
के साथ और उन्होंने मेरी बहुत सहायता की मुझे काफी कुछ बताया और काफी कुछ

98
00:06:53,320 --> 00:06:58,040
नहीं भी बताया ताकि एक मेरी ऑर्गेनिक जर्नी भी चले

99
00:06:58,040 --> 00:07:02,240
तो मेरा इंट्रोडक्शन यही है बाकी मैं

100
00:07:02,240 --> 00:07:06,240
मैं कोशिश करती हूं कि मैं कंटेंट जो बना रही हूं

101
00:07:06,240 --> 00:07:10,320
अगर मैं अपना समय किसी चीज को दे रही हूं फिर चाहे वो योग हो या फिर

102
00:07:10,320 --> 00:07:12,960
बेसिक चीजें जो सनातन धर्म में क्वेश्चन आंसर की

103
00:07:12,960 --> 00:07:17,360
आती है इतनी अच्छी शैली नहीं है मेरी हिंदी की जैसी शिवांश की है

104
00:07:17,360 --> 00:07:21,400
इंग्लिश में मेरा थोड़ा अच्छा होल्ड आ जाता है पर मैं

105
00:07:21,400 --> 00:07:25,480
कोशिश करती हूं कि मैं वो इंफॉर्मेशन दूं शिवांश मेरी बहुत मदद

106
00:07:25,480 --> 00:07:29,800
करते हैं कंटेंट को रिफाइन करने के लिए यह देखने के लिए कि कुछ गलती

107
00:07:29,800 --> 00:07:33,920
है या नहीं उसके कारण मैं बहुत कॉन्फिडेंट भी फील करती हूं क्योंकि मुझे

108
00:07:33,920 --> 00:07:38,480
एट द एंड ऑफ द डे यह पता रहता है कि जो दिया जा रहा है वह शुद्ध है

109
00:07:38,480 --> 00:07:42,680
और उसमें कुछ गलतियां या भ्रांतियां मिली नहीं हुई है

110
00:07:42,680 --> 00:07:46,760
क्योंकि अभी भी बहुत लोग जो कंटेंट बना रहे हैं बनाते हैं

111
00:07:46,760 --> 00:07:50,840
वो कुछ भी बोल

112
00:07:50,840 --> 00:07:55,760
देते बहुत सुंदर परिचय मेरे बारे में कुछ ज्यादा बोल दिया

113
00:07:55,760 --> 00:07:59,800
आपने नहीं नहीं सत्य है पता नहीं चलेगा ना सबको फिर स्टोरी मिस

114
00:07:59,800 --> 00:08:03,600
रह जाएगी उनसे मिसिंग

115
00:08:03,600 --> 00:08:07,720
रहेगी ऐसा नहीं है और भी हमारे भाई बंधु हैं संभवत

116
00:08:07,720 --> 00:08:12,080
आपकी नजर ना पड़ी हो जो बोलते हैं यह

117
00:08:12,080 --> 00:08:16,200
है कि फेस को रिवील करते हुए सामने

118
00:08:16,200 --> 00:08:20,200
आकर के बात करने वाले थोड़े कम है मगर अब ऐसा लग रहा

119
00:08:20,200 --> 00:08:25,160
है कि एक एक करके एक एक करके जो मनुवादी है शुद्ध मनुवादी बाहर आएंगे

120
00:08:25,160 --> 00:08:29,880
वो एक वो है ना एक काम बोंगे तो लाखों आम निकलेंगे

121
00:08:29,880 --> 00:08:33,880
तो वो एक काम वाली बात के लिए मैं उतरा था कि भाई किसी

122
00:08:33,880 --> 00:08:38,480
ना किसी को तो उतरना ही पड़ेगा ऐसे एक बार क्या हुआ था कि

123
00:08:38,480 --> 00:08:42,600
जब इस्लाम वालों के साथ मेरी एक बात

124
00:08:42,600 --> 00:08:46,640
चली थी उसमें क्या था कि रात के न बजे

125
00:08:46,640 --> 00:08:50,680
तक वो बात चली थी और मुझे मेरी बात रखने नहीं दिया गया जैसा

126
00:08:50,680 --> 00:08:54,880
कि एक यूजुअल बिहेव हम अपेक्षा कर सकते हैं उन लोगों

127
00:08:54,880 --> 00:08:58,920
से तो नहीं रखने दिया गया तो उसके बाद जब मैं वापस आया तो अपनी फैमिली के बारे

128
00:08:58,920 --> 00:09:03,400
में सोचा कुछ सोचा एक बार वो क्लिक किया कि

129
00:09:03,400 --> 00:09:06,120
क्या ऐसा तो नहीं मैं अपनी फैमिली के साथ गलत कर रहा हूं

130
00:09:06,120 --> 00:09:10,640
मेरी भी अपनी दायत है मैं रिस्क ले रहा हूं खामा खा

131
00:09:10,640 --> 00:09:13,920
तो फिर एक विचार आया

132
00:09:13,920 --> 00:09:17,960
कि हर किसी को अपनी फैमिली के लिए फैमिली के साथ ऐसा

133
00:09:17,960 --> 00:09:22,800
ना करना पड़े इसलिए किसी ना किसी को तो ऐसा करना पड़ेगा

134
00:09:22,800 --> 00:09:26,800
तो फिर मैंने कहा कि फिर बाकी हमारे साथ श्री रघुनाथ तो किस

135
00:09:26,800 --> 00:09:31,080
बात की चिंता हमें और अब मैं देख रहा हूं हमारे बहुत से भाई आगे आ रहे हैं

136
00:09:31,080 --> 00:09:35,120
तो ये चीजें हो रही है अ आपकी

137
00:09:35,120 --> 00:09:39,800
जर्नी प वापस आ जाते हैं आप हमको थोड़ा सा वो वाला पार्ट बताइए

138
00:09:39,800 --> 00:09:43,960
ये रिदम से विजया कैसे हुआ

139
00:09:43,960 --> 00:09:48,200
अच्छा मेरा नाम रिदम मेरी माता जी ने ही रखा है और जब मैं पैदा

140
00:09:48,200 --> 00:09:52,360
हुई थी उन्होंने मेरा नाम रख दिया था फिर वो भूल गई थी मेरे बर्थ सर्टिफिकेट पर नाम

141
00:09:52,360 --> 00:09:56,400
छप के आया था तो मतलब मेरा नाम पहले सेही आया ही

142
00:09:56,400 --> 00:10:01,120
है है ना क्योंकि उनका कोई मतलब वैसा कंट्रोल में नहीं

143
00:10:01,120 --> 00:10:05,440
था यह नाम भी अच्छा था जब मैंने उसका मतलब समझा ज्यादातर

144
00:10:05,440 --> 00:10:09,520
अंग्रेजी के जो नाम होते हैं उनमें कुछ मतलब नहीं रहता है

145
00:10:09,520 --> 00:10:13,640
पर इसमें मतलब था लय है हर एक चीज की ल है

146
00:10:13,640 --> 00:10:17,840
तो मुझे जो सीखना था मैंने सीखा पर जैसे मैं आगे

147
00:10:17,840 --> 00:10:21,320
चलती थी तो मैं बोलती थी पर इसके बाद क्या ल का क्या

148
00:10:21,320 --> 00:10:26,080
ल के बाद क्या क्योंकि मुझे ऐसा बहुत

149
00:10:26,080 --> 00:10:30,320
मतलब महसूस भी होता है और मैं बिलीव करती हूं कि हमारे नाम से हमें बहुत

150
00:10:30,320 --> 00:10:34,640
प्रेरणा मिलती है हमारा नाम हमारी ढाल बन जाता है हमारे व्यक्तित्व

151
00:10:34,640 --> 00:10:38,720
को आगे जैसा भी हम रचें या वो रचने वाला है

152
00:10:38,720 --> 00:10:42,760
उसके अंदर अगर हम उतने कॉन्शियसली हर काम को

153
00:10:42,760 --> 00:10:47,360
करते हैं और समझते हैं अपने जीवन के दायित्व को तो

154
00:10:47,360 --> 00:10:51,440
रिदम आल्सो वो यह भी था ना कि वो एक लड़की जो

155
00:10:51,440 --> 00:10:55,560
बड़ी हो रही है मैं अमृतसर से हूं अमृतसर से

156
00:10:55,560 --> 00:10:59,600
हम कोलक शिफ्ट हुए तो एक अमृतसर से कटा

157
00:10:59,600 --> 00:11:03,600
का एक शिफ्ट था वहां पे मेरे दोस्त बदल गए माहौल बदल गया एक बड़ा

158
00:11:03,600 --> 00:11:07,720
शहर हो गया वहां की जो अच्छी चीजें मानी जाती हैं जो अमृतसर

159
00:11:07,720 --> 00:11:12,040
में है ही नहीं एजिस्ट ही नहीं करती है है ना तो वो सारी चीजों

160
00:11:12,040 --> 00:11:16,480
से भी हमारा मिलना हुआ मतलब लोगों से भी बहुत मिलना हुआ

161
00:11:16,480 --> 00:11:20,680
और जैसे एक नॉर्मल अगर किसी व्यक्ति की लाइफ हो कि

162
00:11:20,680 --> 00:11:24,680
लाइफ में क्या करना है बहुत पैसा कमाना है अच्छे कपड़े डालने हैं मैं ये

163
00:11:24,680 --> 00:11:28,720
नहीं कह रही हूं अभी भी पैसा कमाना है अच्छे कपड़े डालने ऐसा कुछ नहीं है ऐसा अभी भी है

164
00:11:28,720 --> 00:11:33,560
अच्छा ही सबके साथ अच्छा ही होना चाहिए अच्छा ही डालना चाहिए पर

165
00:11:33,560 --> 00:11:36,680
मुझे ये लगता है कि

166
00:11:36,680 --> 00:11:41,040
जबक मुझे ऐसा भी लगता है कि मेरे परिवार ने अभी मुझे बहुत अच्छे

167
00:11:41,040 --> 00:11:45,760
से जितना उनके पास ज्ञान था उतना मुझे दिया और

168
00:11:45,760 --> 00:11:50,080
क्योंकि मैं मंदिर में ही पली बड़ी हूं तो मुझे हमेशा

169
00:11:50,080 --> 00:11:54,200
मेरी माता जी ने एक चीज बोली थी कि उनके पास मेरे प्रश्नों

170
00:11:54,200 --> 00:11:58,240
के उत्तर नहीं होते थे तो उन्होंने एक बार मुझे एक बात बोली

171
00:11:58,240 --> 00:12:02,680
कि बेटा देखो हर कुछ ऐसे ही नहीं हो जाता है

172
00:12:02,680 --> 00:12:06,760
आप पैदा हुए हैं हिंदू घर में उसका बहुत बड़ा कारण है

173
00:12:06,760 --> 00:12:10,840
और मेरे पास तुम्हारे प्रश्नों के उत्तर नहीं है इसका मतलब यह नहीं है कि

174
00:12:10,840 --> 00:12:15,000
तुम अपने कल्चर पर या अपने हिंदू धर्म पर विश्वास मत रखना

175
00:12:15,000 --> 00:12:19,160
तुम उस पर पूरा विश्वास रखना और उत्तर मेरे पास नहीं

176
00:12:19,160 --> 00:12:23,200
है बट किसी और के पास जरूर होंगे पर बिलीव हमेशा करना है

177
00:12:23,200 --> 00:12:27,680
और फिर वो बोल देती थी कि क्योंकि हमारे मुसलमानों के जो हमले हुए क्रिश्चन

178
00:12:27,680 --> 00:12:31,680
के जो हमले हुए उसमें हमारी किताब जल गई बहुत सारी नॉलेज ऐसे इधर उधर हो

179
00:12:31,680 --> 00:12:35,800
गई और अब बस जैसे एक वो नहीं होता

180
00:12:35,800 --> 00:12:40,000
है दादी अपनी पोती को बोलती है बेटा ये इस इस दिन यह नहीं करना

181
00:12:40,000 --> 00:12:44,560
अब हमारी नॉलेज इस तरह की रह गई कुछ चीजों में तो

182
00:12:44,560 --> 00:12:48,680
वो मेरे पास था ही पर जैसे यू नो एस अ ग्रोइंग

183
00:12:48,680 --> 00:12:51,680
गर्ल देर आर लॉट ऑफ अट्रैक्शन आता है

184
00:12:51,680 --> 00:12:56,000
कि मैं यह करू मैं ऐसे कपड़े डालू मैं क्लब में जाऊं मैं ऐसे करूं

185
00:12:56,000 --> 00:13:00,200
तो मेरे पास वो माहौल थोड़ा ज्यादा था मैं अमेरिका भी गई

186
00:13:00,200 --> 00:13:04,600
हूं मैंने वहां पर भी काम किया है और धन्यवाद

187
00:13:04,600 --> 00:13:08,680
करती हूं मैं अमेरिका का कि उसके कारण मुझे समझ आया कि मुझे वहां रहना

188
00:13:08,680 --> 00:13:12,760
ही नहीं है मुझे भारत में ही आना है वहां प मेरे से होगा नहीं

189
00:13:12,760 --> 00:13:17,080
क्योंकि वो चर्म है है ना आपको जो लगता है एक भारतीय लड़की

190
00:13:17,080 --> 00:13:21,560
को जो लगता है कि वो जो कूल है कूल लाइफ है

191
00:13:21,560 --> 00:13:26,040
और मतलब शीज लुकिंग अट्रैक्टिव शी इज लुकिंग हॉट शी इज लुकिंग सेक्सी

192
00:13:26,040 --> 00:13:30,080
उसका जो चर्म आ जाएगा ना वो आपको अमेरिका में दे देखने के लिए मिल जाता

193
00:13:30,080 --> 00:13:34,400
है तो जब आप चर्म को देख लेते हैं आपको समझ आ जाता है कि

194
00:13:34,400 --> 00:13:38,600
यह कितना अच्छा है और कितना बुरा है तो मेरा अनुभव

195
00:13:38,600 --> 00:13:42,680
अमेरिका में इतना अच्छा रहा कि मुझे मैंने उसको हाथ जोड़े

196
00:13:42,680 --> 00:13:47,200
मैंने बोला बहुत बढ़िया हम वापस आएंगे हम नहीं जाएंगे वहा प

197
00:13:47,200 --> 00:13:52,000
हमारा भारत महान और हम वापस आए पर

198
00:13:52,000 --> 00:13:56,160
फिर भी एक गाइडेंस नहीं होता है जब हम बड़े हो रहे होते हैं एस

199
00:13:56,160 --> 00:14:00,280
अ गर्ल आल्सो लड़को का भी होता है यों का भी कि

200
00:14:00,280 --> 00:14:04,360
हमें ना सिर्फ रिबेल करना होता है अपने माता-पिता के साथ उन्होंने बोला यह करो यह

201
00:14:04,360 --> 00:14:06,720
तो हम करेंगे ही नहीं है ना सबका

202
00:14:06,720 --> 00:14:10,840
नहीं होता है मेरा था हम ऐसे

203
00:14:10,840 --> 00:14:15,320
थे कि मुझे ऐसा मतलब प्रश्न का उत्तर नहीं मिला तो मैं नहीं मानूंगी

204
00:14:15,320 --> 00:14:19,400
अभी भी मेरा यह है कि मुझे प्रश्न का उत्तर चाहिए उत्तर आपने

205
00:14:19,400 --> 00:14:23,520
दिया मेरा लॉजिकल दिमाग के अंदर या भाव में मेरा बैठी

206
00:14:23,520 --> 00:14:27,720
वो बात तो मैं वो कर लूंगी अब क्योंकि वो मिलता नहीं था और कोई

207
00:14:27,720 --> 00:14:32,120
गुरु भी नहीं था ना जैसे मुझे एक चीज समझ आई कि

208
00:14:32,120 --> 00:14:36,440
बच्चे अपने माता-पिता की बात सुनते हैं पर एक और

209
00:14:36,440 --> 00:14:40,480
होना चाहिए कि माता-पिता दादा दादी इनके अलावा भी कोई है

210
00:14:40,480 --> 00:14:44,680
जो आपको देख रहा है तो ऐसा हमारे पास माहौल था नहीं

211
00:14:44,680 --> 00:14:48,720
और हमने अकेले बहुत समय व्यतीत किया तो मेरा कॉलेज

212
00:14:48,720 --> 00:14:53,160
था होटल मैनेजमेंट का उसके अंदर में वी स्टडी अबाउट अल्कोहल

213
00:14:53,160 --> 00:14:57,400
वी स्टडी अबाउट मीट ऑल डिफरेंट काइंड ऑफ मीट

214
00:14:57,400 --> 00:15:01,520
तो अ लॉट ऑफ लाइफ स्टाइल जो बहुत लाइफ स्टाइल की चीजें आई थी

215
00:15:01,520 --> 00:15:05,720
वो मेरी स्टडी के कारण ही थी कि हां मैंने यह भी करना है वह भी करना

216
00:15:05,720 --> 00:15:09,800
है पर 2019 के अंदर में

217
00:15:09,800 --> 00:15:14,040
मतलब मैंने काफी काम कर लिया था तब तक मुझे यह समझ आया कि मैं खुश

218
00:15:14,040 --> 00:15:18,120
ही नहीं हूं कहीं पर खुशी ही नहीं है और आप

219
00:15:18,120 --> 00:15:21,800
कितना पार्टी कर लोगे आप कितना कहीं पर एंजॉय

220
00:15:21,800 --> 00:15:25,840
कर लोगे कि अगर आपने पार्टी कर भी ली मैं बहुत खुश भी हूं पर उसके बाद

221
00:15:25,840 --> 00:15:29,840
भी मैं खुश नहीं हूं है ना कि एक सपोर्ट व्यक्ति

222
00:15:29,840 --> 00:15:34,080
हमेशा हर समय बाहर खोज रहा है और जब वो व्यक्ति बाहर सपोर्ट खोज

223
00:15:34,080 --> 00:15:38,120
रहा होता है यहां कोई महिला भी लाइक कोई लड़की जब बाहर अपने

224
00:15:38,120 --> 00:15:42,200
से ज्यादा सपोर्ट खोजती है तो उसे धोखा ही मिलता है क्योंकि

225
00:15:42,200 --> 00:15:46,560
दुनिया आपको सपोर्ट देने के लिए नहीं आ रही है दुनिया को आपसे सपोर्ट चाहिए

226
00:15:46,560 --> 00:15:50,920
तो इस तरह का भी जीवन में बहुत तरह के अनुभव रहे

227
00:15:50,920 --> 00:15:54,960
और जब मेरे को एक टाइम पर मैं

228
00:15:54,960 --> 00:15:59,160
जब आ गई थी लद मेरा नाम सब अभी भी अप्रिशिएट करते हैं कि रिदम बहुत अच्छा

229
00:15:59,160 --> 00:16:03,160
नाम है कि याद रहता है उनको क्योंकि अलग सा नाम है पर

230
00:16:03,160 --> 00:16:07,200
मुझे यह जरूर था कि मुझे भारतीय नाम चाहिए

231
00:16:07,200 --> 00:16:11,720
कि मेरा नाम मेरी संस्कृति के साथ होना चाहिए है ना

232
00:16:11,720 --> 00:16:16,560
और गुरुदेव से मुझे मेरा नाम मिला मेरे जन्म दिन

233
00:16:16,560 --> 00:16:20,560
पर इसी साल इसी साल तो मिला और मैं बहुत

234
00:16:20,560 --> 00:16:24,560
खुश हूं और उसके बाद से मेरे जीवन में बहुत सारा परिवर्तन आया

235
00:16:24,560 --> 00:16:28,640
और मैंने एक क्षण भी नहीं लगाया था अपना नाम उसको चेंज करने

236
00:16:28,640 --> 00:16:32,880
के के लिए क्योंकि मुझे लगता है कि रिदम जो

237
00:16:32,880 --> 00:16:37,040
थी उसने उसका क्या था उसने दुनिया

238
00:16:37,040 --> 00:16:41,080
की रिदम समझी ना हर तरह के व्यक्ति की रिदम समझी अब वो रिदम

239
00:16:41,080 --> 00:16:45,080
मैंने समझ ली पर रिदम समझने के बाद जो हमें विजय होना है

240
00:16:45,080 --> 00:16:49,880
जीवन में वो मुझे गुरुदेव से मिला

241
00:16:49,880 --> 00:16:54,400
बहुत बढ़िया बहुत सुंदर आपने अपना तान बताया तो ये

242
00:16:54,400 --> 00:16:58,480
ये हमारे दर्शकों को थोड़ा सा बताए जसे आप वहां से वापस भी आ गए तो गुरुदेव

243
00:16:58,480 --> 00:17:02,640
आपके जीवन में कैसे एंट्री लेते हैं और वो जो सच्चित आनंद

244
00:17:02,640 --> 00:17:06,800
वाला जो आपका एक कांसेप्ट आपका है जो आपने कहीं कहीं पर

245
00:17:06,800 --> 00:17:11,200
कहा भी है तो वो कांसेप्ट और कैसे आप गुरुदेव तक पहुंचे

246
00:17:11,200 --> 00:17:15,320
हैं और फिर फिर अगला फिर हम उसके

247
00:17:15,320 --> 00:17:19,560
बाद की बातें फिर आगे करेंगे पर पहले आप ये बता दे कि गुरुदेव एगजैक्टली एंट्री

248
00:17:19,560 --> 00:17:23,560
कैसे करते हैं सच्चिदानंद जो आप ढूंढ रहे थे ना जैसे आपने कहा कि आप लोग

249
00:17:23,560 --> 00:17:27,680
आप पार्टीज में जाते थे सब जगह मगर एट द एंड आपको कुछ

250
00:17:27,680 --> 00:17:32,320
ऐसा था जो नहीं था वहां पर और इसी बात को

251
00:17:32,320 --> 00:17:36,360
अगर जगतगुरु जी की शैली में अगर बोले

252
00:17:36,360 --> 00:17:40,600
तो वो बोलते हैं कि व्यक्ति को खूब भोग देते रहो

253
00:17:40,600 --> 00:17:45,040
और तीन चार दिन अगर वह कुछ ना सोए जिसमें

254
00:17:45,040 --> 00:17:49,240
वह अपनी जीवन को ढूंढ रहा है कि मुझे यह चाहिए मुझे यह चाहिए यह चाहिए

255
00:17:49,240 --> 00:17:52,200
उसको तीन चार दिन सुलाव नहीं तो

256
00:17:52,200 --> 00:17:56,360
वह पागल हो जाएगा पागल हुए बिना वो नहीं रहेगा है ना

257
00:17:56,360 --> 00:18:00,680
तो इसका अर्थ क्या है कि जिसम हम अपने जीवन को ढूंढ रहे हैं वास्तविकता

258
00:18:00,680 --> 00:18:04,760
में उसके ठीक विपरीत हमारी संतुष्टि है सही बात

259
00:18:04,760 --> 00:18:08,960
ये समझाने का प्रयास तो वो जो सच्चितानंद

260
00:18:08,960 --> 00:18:13,120
वाला कांसेप्ट है वो और फिर गुरुदेव की शरण शरणागत यह आपके

261
00:18:13,120 --> 00:18:17,160
जीवन में कैसे आई यह थोड़ा सा बताए सच्चिदानंद वाला

262
00:18:17,160 --> 00:18:21,360
कांसेप्ट तो शिवांश सबसे पहले आपने मुझे एक्सप्लेन किया था मैं तो

263
00:18:21,360 --> 00:18:25,800
एक बार ये सभी दर्शकों को बता दूंगी इन्होंने ही मुझे एक्सप्लेन किया था

264
00:18:25,800 --> 00:18:29,880
क्योंकि मुझे याद है एक पॉडकास्ट था उस पॉडकास्ट

265
00:18:29,880 --> 00:18:34,040
के अंदर मुझे कुछ कुछ मतलब मुझे था

266
00:18:34,040 --> 00:18:38,440
कि मैं इधर उधर बात मत करू उस समय

267
00:18:38,440 --> 00:18:42,480
मेरा मेरी दीक्षा नहीं हुई थी उस समय पर

268
00:18:42,480 --> 00:18:46,680
शिवांश काफी सपोर्टिव थे तो उन्होंने मुझसे एक

269
00:18:46,680 --> 00:18:51,520
चीज पूछी मैंने उन्हें बोला था कि मैंने यहां पर जाना है और

270
00:18:51,520 --> 00:18:55,680
इस मतलब इस तरह का माहौल होगा या इस तरह के प्रश्न और हम चाहते हैं हम ऐसे

271
00:18:55,680 --> 00:18:59,880
भाव व्यक्त कर पाए तो उन्होंने हमसे एक चीज पूछी ची जो मेरे अभी

272
00:18:59,880 --> 00:19:04,040
भी हम यही बोलते हैं कि जीव की चा का विषय क्या है जीव की

273
00:19:04,040 --> 00:19:07,880
चा का विषय है हर चीज जानना

274
00:19:07,880 --> 00:19:12,240
और कभी ना मरना और हमेशा सुख की प्राप्ति

275
00:19:12,240 --> 00:19:16,320
करना ये है या नहीं हमने बोला हां एकदम ठीक बात है अगर

276
00:19:16,320 --> 00:19:20,720
हम कोई भी अपनी चाह को पकड़ ले तो वो इन तीन चीजों के अंतर्गत

277
00:19:20,720 --> 00:19:25,280
ही रहेगी फिर इन्होंने बताया तो इसीलिए उसको कहेंगे

278
00:19:25,280 --> 00:19:29,280
सत चित और आनंद जो हमने वीडियो में भी

279
00:19:29,280 --> 00:19:33,320
वहां पर जाके एक्सप्लेन किया था कि परमात्मा का स्वरूप भी वही है और हमारी

280
00:19:33,320 --> 00:19:37,520
चाह भी वही है जबकि हम सत कहीं खोजते हैं चित

281
00:19:37,520 --> 00:19:42,160
कहीं खोजते हैं आनंद कहीं खोजते हैं पर है सारा का सारा एक साथ ही

282
00:19:42,160 --> 00:19:46,520
तो इस चीज को मैं आज भी समझती हूं मतलब मैं

283
00:19:46,520 --> 00:19:50,560
मैं समझी हूं कि वह क्या है कितना है बट रोज एक तरह से

284
00:19:50,560 --> 00:19:54,800
खुद को बताना भी पड़ता है क्योंकि हमारे अंदर इंद्रिया भी हैं

285
00:19:54,800 --> 00:19:59,400
तो कभी-कभी हम भूल जाते हैं तो याद करवाना पड़ता है

286
00:19:59,400 --> 00:20:03,920
असली विषय क्या है तो फिर छोटे छोटे विषयों में हम फसते नहीं है

287
00:20:03,920 --> 00:20:09,040
इस पर मैं दोबारा आऊंगी पर गुरुदेव की जर्नी आ जाती है इसके

288
00:20:09,040 --> 00:20:13,360
अंदर एक बार आपका वीडियो थोड़ा सा दर्शको को दिखाना चाहूंगा

289
00:20:13,360 --> 00:20:17,360
आपने जो बड़े बड़ा अच्छा लगा था कि मैंने तो इतने अच्छे से समझाया भी

290
00:20:17,360 --> 00:20:21,960
नहीं था आपने बहुत अच्छे से एक्सप्लेन किया था

291
00:20:21,960 --> 00:20:23,120
ऑपरेटर जी वो वीडियो

292
00:20:23,120 --> 00:20:29,040
जरा दिखा दीजिए दर्शको को

293
00:20:29,040 --> 00:20:33,120
तब तक आप बता सकते हैं क्या है आगे की चीज तक

294
00:20:33,120 --> 00:20:37,160
दिखाएंगे वीडियो तो अच्छी थी आपने अच्छे से एक्सप्लेन

295
00:20:37,160 --> 00:20:41,880
किया था इसलिए हम अच्छे से एक्सप्लेन कर पाए थे मतलब हमने सिर्फ ट्रांस

296
00:20:41,880 --> 00:20:45,920
ट्रांसलेशन कर दिया था हा मैंने कभी अंग्रेजी में अपने उस

297
00:20:45,920 --> 00:20:50,120
गुरुदेव के उस वक्त अंग्रेजी में नहीं देखा आपने अच्छा अभी

298
00:20:50,120 --> 00:20:55,840
मैंने देखा है आज शायद आपने अपनी स्टोरी पर लगाया था

299
00:20:55,840 --> 00:20:59,920
कुछ तो आप जिस तरह से उसको बड़ी सिंपलीसिटी

300
00:20:59,920 --> 00:21:04,120
के साथ इंग्लिश में उसको व्यक्त करती है ना बड़ा सही रहता है मतलब कोई व्यक्ति

301
00:21:04,120 --> 00:21:08,280
अगर कोई भी व्यक्ति जो इंग्लिश के माध्यम से सुनना चाहता है चीजों को

302
00:21:08,280 --> 00:21:12,360
उसको बड़ा सिंपल सा कर देती है तो वो बहुत बढ़िया था

303
00:21:12,360 --> 00:21:16,680
आपने उसमें दिखाया था कोशिश करती हं मैं उसको

304
00:21:16,680 --> 00:21:20,720
सुन कर के जो है सरप्राइज ये हो गया था मैंने मुझे मैंने अंग्रेजी में

305
00:21:20,720 --> 00:21:24,720
कभी उसको सुना नहीं था तो आपने इतनी सिंपलीसिटी में व बताया

306
00:21:24,720 --> 00:21:28,800
था मैंने कहा ये तो रील लगाने लायक है और हम लगाएंगे ल

307
00:21:28,800 --> 00:21:32,880
बनाए जर हां वो अच्छी है

308
00:21:32,880 --> 00:21:37,240
क्योंकि उसके अंदर बहुत सिंपल था कि

309
00:21:37,240 --> 00:21:38,120
जब हम वो बोलते

310
00:21:38,120 --> 00:21:42,800
हैं ना सत कि हमें सब

311
00:21:42,800 --> 00:21:47,120
जान नहीं हमें इम्मोर्टालिटी चाहिए ंड

312
00:21:47,120 --> 00:21:51,720
चित इज वेयर वी वांट वी बिकम द नो इट ऑल एंड

313
00:21:51,720 --> 00:21:56,040
आनंद इज द स्टेट ऑफ ब्लिस सो सच्चिदानंद इ द

314
00:21:56,040 --> 00:22:00,200
स्टेट ऑफ व्ट सनातन धर्म टीस

315
00:22:00,200 --> 00:22:05,560
अस एंड वट सनातन धर्म तो यह जरूर

316
00:22:05,560 --> 00:22:09,560
था बाकी आपका जो प्रश्न था गुरुदेव को

317
00:22:09,560 --> 00:22:14,080
लेके इस हम थोड़ी सी हिस्ट्री देंगे

318
00:22:14,080 --> 00:22:18,000
की हिस्ट्री बहुत सिंपल

319
00:22:18,000 --> 00:22:22,200
है वट इ सनातन धर्म ली इ यू कैन डिफाइन इट इन फ्यू

320
00:22:22,200 --> 00:22:26,720
वर्ड्स देर आर थ्री थट एवरी ह्यूमन इ लुकिंग फर

321
00:22:26,720 --> 00:22:31,640
फर्स्ट इ मोटी वी ल वांट दैट सेकंड इज

322
00:22:31,640 --> 00:22:36,600
दिस नॉलेज टू बिकम नो एट ल द थर्ड इज गोइंग टू बी

323
00:22:36,600 --> 00:22:40,800
द एंडलेस जॉय इमोटी इ सत कंप्लीट नॉलेज

324
00:22:40,800 --> 00:22:44,920
चित एंडलेस जॉय आनंद एंड द स्टेट ऑफ

325
00:22:44,920 --> 00:22:49,080
सच्चि आनंद सच्चिदानंद एंड

326
00:22:49,080 --> 00:22:55,080
व्ट ब्रिंग्स यू टू द स्टेट ऑफ सच्चिदानंद इ व्ट

327
00:22:55,400 --> 00:23:01,000
सना थैंक्स टू यू शिवांश

328
00:23:01,000 --> 00:23:05,120
बट ये सच है क्योंकि सच्चिदानंद का कांसेप्ट और किसी के

329
00:23:05,120 --> 00:23:09,560
पास नहीं है सिर्फ हमारे पास ही है सनातन धर्म ही आपको ऐसा कांसेप्ट

330
00:23:09,560 --> 00:23:13,920
देता है जैसे वासुदेव कुटुंब कम भी हमारा ही कांसेप्ट है द्वैत

331
00:23:13,920 --> 00:23:18,200
से अद्वैत भी हमारा ही कांसेप्ट है तो

332
00:23:18,200 --> 00:23:22,760
दिस इज द ब्यूटी ऑफ आवर कल्चर की सब चीज फिलोसोफी प है

333
00:23:22,760 --> 00:23:27,720
कि हमने ज्ञान को बहुत महत्व दिया है जी

334
00:23:27,720 --> 00:23:32,000
बिल्कुल तो फिर बताए फिर आगे सच्चिदानंद से फिर गुरुदेव

335
00:23:32,000 --> 00:23:36,480
की शरणागत जगतगुरु शंकराचार्य गुरुदेव

336
00:23:36,480 --> 00:23:40,800
श आपको पता है कि मेरे मैं इतनी खुश हूं ना कि

337
00:23:40,800 --> 00:23:45,160
गुरुदेव जो है व मेरे गुरुदेव बने और मुझे ऐसा

338
00:23:45,160 --> 00:23:49,240
मतलब अवसर बोलिए मौका बोलिए या फिर मतलब कुछ भी

339
00:23:49,240 --> 00:23:53,600
सबसे बड़ा जो शब्द होगा उसको बोल दीजिए कि

340
00:23:53,600 --> 00:23:57,720
हमारे गुरुदेव गुरुदेव जो है वो है पूरी मठ

341
00:23:57,720 --> 00:24:02,320
के जो शक अभी है वह हमारे गुरुदेव है यह बहुत गर्व की बात है सौभाग्य

342
00:24:02,320 --> 00:24:07,160
की बात है और आज अगर हम

343
00:24:07,160 --> 00:24:10,480
हम किसी को भी देख ले ना इतना तो मेरे को इतना

344
00:24:10,480 --> 00:24:14,640
तो मैंने जानने की कोशिश भी नहीं की थी मुझे एक चीज पता

345
00:24:14,640 --> 00:24:18,760
थी शंकराचार्य है तो बस हमें यही जाना है

346
00:24:18,760 --> 00:24:23,640
तो एक तरह से देखा जाए तो जो शंकराचार्य है ना नाम

347
00:24:23,640 --> 00:24:28,080
उसने ही मुझे गुरुदेव से जोड़ा अब क्यों जोड़ा क्योंकि

348
00:24:28,080 --> 00:24:32,360
मैं ऋषिकेश में रहती हूं ऋषिकेश में योग के नाम पर

349
00:24:32,360 --> 00:24:36,480
बहुत सारी चीजें होती हैं योग और

350
00:24:36,480 --> 00:24:40,720
तंत्र के नाम पर और मेरे सामने फॉरेनर

351
00:24:40,720 --> 00:24:44,840
लड़कियां बोले लड़के बोले भारतीय लड़के बोले लड़किया बोले

352
00:24:44,840 --> 00:24:48,920
बहुत कुछ उल्टा पुल्टा हो जाता है स्पेशली जब वो तंत्र का

353
00:24:48,920 --> 00:24:53,120
नाम लेते हैं क्योंकि मैंने इतना कुछ यहां पर देखा था

354
00:24:53,120 --> 00:24:57,160
और मुझे आसन के मेरे दो टीचर्स है अच्छे टीचर्स है

355
00:24:57,160 --> 00:25:01,920
पर के लिए मुझे कभी कोई मिला ही नहीं अब

356
00:25:01,920 --> 00:25:06,480
लिखा तो सब श्लोक में है ना सारे छोटे छोटे उसके अंदर

357
00:25:06,480 --> 00:25:10,600
पर वो कोई पढ़ा नहीं कोई गुरुकुल भी बताया था हरिद्वार में

358
00:25:10,600 --> 00:25:15,000
जहां पर आपने प्रयास किया था चीजों को जानने के लिए हा

359
00:25:15,000 --> 00:25:20,720
वो इधर ही था शिवानंद आश्रम था वहां पर

360
00:25:20,720 --> 00:25:25,120
वो हा शिवानंद आश्रम था इधर ही ऋषिकेश में

361
00:25:25,120 --> 00:25:25,620
वो

362
00:25:25,600 --> 00:25:29,960
वेदांत के ऊपर कोर्स करवा पर

363
00:25:29,960 --> 00:25:34,000
वो अलाउड नहीं है हमें वो अटेंड करना

364
00:25:34,000 --> 00:25:38,240
क्योंकि उनका ऑन स्टे होता है बट अपेरेंटली फॉरेनर्स

365
00:25:38,240 --> 00:25:42,480
अटेंड कर सकते हैं और मुझे य बात बहुत बुरी लगी थी कि अरे

366
00:25:42,480 --> 00:25:46,480
हम भारतीय क्यों नहीं कर सकते और महिलाए तो कर ही नहीं सकती अब वो उनके

367
00:25:46,480 --> 00:25:50,480
जो भी प्रोटोकॉल है वो है तो मुझे कभी मिला नहीं

368
00:25:50,480 --> 00:25:54,720
कोई अच्छा ना टीचर जो पढ़ाए मतलब थोड़ा थोड़ा यहां से इसका

369
00:25:54,720 --> 00:25:58,760
बोल दिया है ना चित्तवृत्ति निरोध उसके आगे से हो ही नहीं

370
00:25:58,760 --> 00:26:02,880
रहा है उसके बाद क्या पहले तो मुझे यह भी बता दो कि वृति क्या है

371
00:26:02,880 --> 00:26:07,080
फिर मुझे यह बताओ कि चित कहां पर है तो इस तरह से कभी हमें

372
00:26:07,080 --> 00:26:11,320
कोई मिला नहीं और मेरी कोशिश यही थी कि मुझे कोई ऐसा मिले

373
00:26:11,320 --> 00:26:15,600
और मुझे यह था कि कोई योगी या महात्मा मिलेगा

374
00:26:15,600 --> 00:26:19,680
तो उससे ही हम पढ़ सकते हैं क्योंकि हमें गुरुकुल वाला चाहिए यहां पर

375
00:26:19,680 --> 00:26:23,680
ज्यादातर क्या है कि कमर्शल स्कूल्स है वही

376
00:26:23,680 --> 00:26:27,760
आसन हमने कर लिए बॉडी को मतलब आपके पांव नाक से जुड़ गए बहुत

377
00:26:27,760 --> 00:26:31,760
बढ़िया बट मैंने जितना भी पढ़ा क्योंकि मैं बहुत पढ़ती हूं

378
00:26:31,760 --> 00:26:36,040
खुद से भी मुझे उतना ही समझ आया कि आसन

379
00:26:36,040 --> 00:26:40,120
लगाने के लिए भी एक भाव की आवश्यकता है आसन लगाने के लिए

380
00:26:40,120 --> 00:26:41,160
भी एक स्थिति

381
00:26:41,160 --> 00:26:45,560
होनी चाहिए किसी के अंदर उसकी भाव स्थिति बोलिए या उसके

382
00:26:45,560 --> 00:26:49,560
मानसिक स्थिति बोलिए तो क्योंकि आसन तो बहुत लगा रहे हैं

383
00:26:49,560 --> 00:26:53,680
बट योग नहीं हो रहा है तो मुझे हमेशा यही था कि मेरे

384
00:26:53,680 --> 00:26:57,680
पास कोई है नहीं किसी से मैं पूछ नहीं सकती जिस मंदिर में गए

385
00:26:57,680 --> 00:27:02,160
थे वहां पर उन्होंने देवी जी को जेलर बोल दिया था तो वैसे मेरा मन

386
00:27:02,160 --> 00:27:06,480
नहीं लग रहा था और यहां पर आसपास में भी उस समय

387
00:27:06,480 --> 00:27:10,520
जो भी थे वो सब गांजा फूक के यह

388
00:27:10,520 --> 00:27:14,840
सब चल रहा था तो अब मैं अब वहां पर

389
00:27:14,840 --> 00:27:18,960
जाके उनसे ज्ञान लेने का मतलब है कि एक आप भी लगाइए

390
00:27:18,960 --> 00:27:23,160
एक वो भी लगाते हैं तो उसके बाद तो कोई कुछ भी बोलेगा तो कि आसमान

391
00:27:23,160 --> 00:27:27,320
नीला है तो फिर नीला है तो आसमान नीला है है ना

392
00:27:27,320 --> 00:27:31,320
इस तरह की चीज तो मैं मंदिर जाती थी और मैं मंदिर महादेव का

393
00:27:31,320 --> 00:27:36,080
मंदिर है यहां पर लक्ष्मण झूला में एक और वो मंदिर में जाकर मैं बोलती थी महादेव

394
00:27:36,080 --> 00:27:40,120
प्लीज मेरे को बस मेरे गुरुदेव से मिलवा दो मैं शिवानंद आश्रम गई वहां पर

395
00:27:40,120 --> 00:27:44,200
आदि शंकराचार्य जी की मूर्ति है तो उनको आके मैं

396
00:27:44,200 --> 00:27:48,440
हाथ जोड़ देती थी फिर एक और आश्रम है वहां पर भी आदि शंकराचार्य की मूर्ति में बोलती थी

397
00:27:48,440 --> 00:27:52,600
बस मेरे को आप अपने से मिलवा दो हमें और कोई नहीं चाहिए यह

398
00:27:52,600 --> 00:27:56,320
सब ड्रामा हो रहा है और आप ही है जबकि मुझे

399
00:27:56,320 --> 00:28:00,440
इतनी डिटेल्स नहीं बताती उनकी मुझे लगता है मुझे आज भी इतनी डिटेल में नहीं पता

400
00:28:00,440 --> 00:28:04,880
है बट मुझे था कि ऐसा है और यह इसलिए भी था

401
00:28:04,880 --> 00:28:09,240
क्योंकि जो मेरी नानी है और मेरे नाना है मेरे नाना महंत

402
00:28:09,240 --> 00:28:13,400
थे और वह काली उपासक थे तो व जो मंदिर

403
00:28:13,400 --> 00:28:17,560
जहां पर वो करते हैं सब अपना उपासना और जहां के वो

404
00:28:17,560 --> 00:28:21,840
महंत है वो हमें शुरू से यह बोला गया था किय शंकराचार्य

405
00:28:21,840 --> 00:28:26,040
ने स्थापित किया था 1500 ईसीवी

406
00:28:26,040 --> 00:28:30,280
में सो व कहां से शंकराचार्य मेरे दिमाग में था कि शंकराचार्य

407
00:28:30,280 --> 00:28:35,240
शंकराचार्य 1500 ईसवी नहीं रहा होगा 1500

408
00:28:35,240 --> 00:28:39,520
पहले पहले करा हो या तो वो शंकराचार्य उनकी जो परंपरा

409
00:28:39,520 --> 00:28:43,680
में जो शंकराचार्य बाद में आए उन्होंने किया होगा हां हां हां उन्होंने किया उन्होंने

410
00:28:43,680 --> 00:28:48,280
आदि शंकराचार्य ने नहीं पर परंपरा में से किसी एक शंकराचार्य ने

411
00:28:48,280 --> 00:28:53,520
जिधर से भी वो रहे होंगे उन्होंने किया तो

412
00:28:53,520 --> 00:28:57,560
वहां से मेरे पास नाम था शंकराचार्य और आदि शंकराचार्य के बारे में थोड़ा

413
00:28:57,560 --> 00:29:01,560
थोड़ा तो पढ़ा ही था कि अच्छा ऐसा है कि उन्होंने मैंने जितना भी

414
00:29:01,560 --> 00:29:05,720
ग पर मुझे मिला पढ़ने के लिए मैंने पढ़ा था और इस

415
00:29:05,720 --> 00:29:10,120
दौरान में बस मंदिर में जाक यही बोलती थी कि मुझे तो और कोई नहीं चाहिए यहां पर सब ढोंग

416
00:29:10,120 --> 00:29:11,320
चल रहा है हमें समझ नहीं

417
00:29:11,320 --> 00:29:15,720
आ रही है आप ही मुझे मिलवा के दो फिर वो मानते नहीं थे तो फिर महादेव

418
00:29:15,720 --> 00:29:19,760
को बोलते थे कि महादेव आप ही आदि शंकराचार्य आदि शंकराचार्य

419
00:29:19,760 --> 00:29:23,800
भी महादेव आप ही चाहिए हमें गुरु के रूप

420
00:29:23,800 --> 00:29:27,800
में मुझे महादेव का ही चयन था कि मुझे आप आप

421
00:29:27,800 --> 00:29:32,080
ही दिलवाए आप ही मिलवा जाएंगे तो

422
00:29:32,080 --> 00:29:36,080
इस तरह की बात थी तो हम कहीं पर ज्यादा बैठते भी नहीं थे इस तरह मैं ये

423
00:29:36,080 --> 00:29:40,280
बोल सकती हूं मैं लकी भी रही हूं कि मैं मंदिर में पली बड़ी हूं क्योंकि मंदिर में ही हमें

424
00:29:40,280 --> 00:29:44,880
कितना कुछ देखने को मिल जाता है कि हमें पता चलता है कि ढोंग क्या है और

425
00:29:44,880 --> 00:29:48,960
असली चीज कहां पर हो रही है तो मैं कभी फसी नहीं उस तरह से किसी

426
00:29:48,960 --> 00:29:53,120
गुरु के चक्कर में ऐसे ही और फिर हमारी इसकन

427
00:29:53,120 --> 00:29:57,440
की वीडियो थी फिर मैंने आपसे बात की आपने हमें बताया कि ऐसा है

428
00:29:57,440 --> 00:30:01,640
कि यहां पे मट के अंदर गुरुदेव है फिर हम बहुत खुश हो गए उसके

429
00:30:01,640 --> 00:30:05,640
बाद तो फिर मुझे यह भी रिलाइज हुआ था कि मैं 2018 के

430
00:30:05,640 --> 00:30:09,840
अंदर गुरुदेव की वीडियोस देखती थी पर मुझे समझ

431
00:30:09,840 --> 00:30:13,840
नहीं आता था पर मैं कोशिश करती थी मेरी अभी कुछ महीने पहले मुझे समझ

432
00:30:13,840 --> 00:30:19,120
आया कुछ वीडियोस देख के कि अरे यह तो मैंने उस टाइम पर देखी हुई है

433
00:30:19,120 --> 00:30:23,120
तो मैं इसलिए बोलती हूं कि गुरुदेव का

434
00:30:23,120 --> 00:30:26,360
मेरी लाइफ में आना वो कहते नहीं

435
00:30:26,360 --> 00:30:30,360
है कि आपने मांगा है आपकी मन पूरी हुई है ना कि मेरी

436
00:30:30,360 --> 00:30:34,960
आंसर्ड प्रेयर है गुरुदेव मैंने जैसा मांगा जो मांगा

437
00:30:34,960 --> 00:30:39,080
मुझे वैसा ही मिला और

438
00:30:39,080 --> 00:30:43,120
आपका बहुत-बहुत धन्यवाद शिवांश आपने हमें बताया कि

439
00:30:43,120 --> 00:30:47,120
दीक्षा हो सकती है और हमें दीक्षा मिली गुरुदेव के पास

440
00:30:47,120 --> 00:30:51,400
हम चातुर्मास में रहे भी हैं इस बार और इतना सानिध्य

441
00:30:51,400 --> 00:30:55,440
मिला इतना प्रेम मिला इतना मतलब जो छोटे

442
00:30:55,440 --> 00:30:59,480
छोटे प्रश्न हमें उलझा देते हैं हम सुलझ गए और

443
00:30:59,480 --> 00:31:03,720
जीवन में सुलझ नाही ही है हमें उसे तो हम ऐसे ही रहते

444
00:31:03,720 --> 00:31:07,880
हैं कुछ कुछ चीजों में और अब अगर हम देखें

445
00:31:07,880 --> 00:31:11,880
चाहे हम देखें कि कोई भी कथावाचक हो कथावाचक हो या कोई

446
00:31:11,880 --> 00:31:15,920
भी किसी का भी धर्म गुरु हो वो उनका गुरुदेव के प्रति सम्मान

447
00:31:15,920 --> 00:31:20,000
क्या है चाहे वह प्रेमानंद जी हो चाहे कोई भी हो

448
00:31:20,000 --> 00:31:24,040
कि गुरुदेव का सम्मान क्या है तो यह मैं अपने

449
00:31:24,040 --> 00:31:28,360
लिए नहीं बोल रही हूं ये मैं उन लोगों के लिए बोल रही हूं जिनको जिनको

450
00:31:28,360 --> 00:31:33,000
नहीं पता है गुरुदेव के बारे में जो नहीं जानते हैं कि गुरुदेव

451
00:31:33,000 --> 00:31:37,680
कहां है हमारे सनातन धर्म में उनका रोल क्या

452
00:31:37,680 --> 00:31:43,200
है उनका पद क्या है उनका अधिकार क्या है

453
00:31:43,200 --> 00:31:47,480
और मैं उनकी शिष्य हूं इससे बड़ी

454
00:31:47,480 --> 00:31:51,600
गर्व की बात कोई नहीं है क्योंकि उनका शिष्य बनने के बाद

455
00:31:51,600 --> 00:31:56,400
मेरे लाइफ में बहुत ज्यादा मुझे रिस्पांसिबिलिटी पता चली है

456
00:31:56,400 --> 00:32:01,040
मेरे जीवन में ऐसे संस्कार भी आए कोमल संस्कार में उनको बोलती हूं

457
00:32:01,040 --> 00:32:05,040
कि कोमल संस्कार जो शायद मेरे माता-पिता भी मुझे नहीं दे

458
00:32:05,040 --> 00:32:09,120
पाए थे और मुझे समझ आया कि एक गुरु का

459
00:32:09,120 --> 00:32:13,160
महत्व कितना बड़ा है और एक अच्छे गुरु का महत्व

460
00:32:13,160 --> 00:32:17,200
और हमारे गुरुदेव के अलावा और कौन है य पर इतना अच्छा अभी तो कोई भी

461
00:32:17,200 --> 00:32:22,080
नहीं है तो यह स भाग्य है हमारा कि वह है और हम उनके

462
00:32:22,080 --> 00:32:26,400
शिष्य है हम उनसे मिल सकते हैं उनसे प्रश्न कर सकते हैं तो

463
00:32:26,400 --> 00:32:30,520
गुरुदेव को मे जीवन में लाने के लिए आपका भी धन्यवाद

464
00:32:30,520 --> 00:32:34,520
देखिए आपका नाम मैंने आपको एक बार पहले भी बोला था आपका नाम है शिवांश

465
00:32:34,520 --> 00:32:38,600
मैंने महादेव को ही बोला था मेरी अर्जी महादेव के साथ ही थी तो शिव

466
00:32:38,600 --> 00:32:42,840
का अंश लाक जाओ कन्या जाओ दीक्षा करवाओ

467
00:32:42,840 --> 00:32:47,400
नहीं नहीं ये चीज मेरे साथ हुई है मैंने

468
00:32:47,400 --> 00:32:51,920
जो जो लोग मेरे टच में आते जा रहे हैं मैं जहां पर

469
00:32:51,920 --> 00:32:56,160
आज से कुछ पांच छ साल पहले शिफ्ट हुआ था एक

470
00:32:56,160 --> 00:33:00,200
घर में जहां प अभी हूं

471
00:33:00,200 --> 00:33:04,280
तो वहां पर मैं जब शिफ्ट हो रहा हूं तो कोई है जो

472
00:33:04,280 --> 00:33:08,440
मेरे आसपास उस जहां पर मैं शिफ्ट हुआ उसके आसपास

473
00:33:08,440 --> 00:33:12,560
और कोई रह रहा है जो भगवान शिव से डेली प्रार्थना

474
00:33:12,560 --> 00:33:16,680
कर रहा है कि मेरे सवालों का जवाब देने वाला कोई

475
00:33:16,680 --> 00:33:21,280
भेजो वो वो अपनी उस

476
00:33:21,280 --> 00:33:25,360
उसकी कोई टीचर की जॉब थी उसकी और उसको वो अपनी

477
00:33:25,360 --> 00:33:29,760
टीचर की जॉब से मतलब फ्रस्ट्रेट हो गया उसकी कुछ पर्सनल प्रॉब्लम

478
00:33:29,760 --> 00:33:34,360
भी थी जिसके कारण उस जॉब से वो अलग हुआ और उसके बाद वो

479
00:33:34,360 --> 00:33:38,360
वो भी एक मातृशक्ति थी तो वो भगवान की

480
00:33:38,360 --> 00:33:42,360
शिव भगवान की डेली भक्ति में लग गई और यह बात मुझे बाद

481
00:33:42,360 --> 00:33:46,360
में पता बाद में पता चली जब उनको इंट्रोड्यूस हो गए मिल

482
00:33:46,360 --> 00:33:50,520
गए और चीजें आगे बढ़ गई उसके बाद वो थरी की जिस समय

483
00:33:50,520 --> 00:33:54,760
मैं शिफ्ट हो रहा हूं उस समय भगवान से प्रार्थना कर रही है कि मुझे

484
00:33:54,760 --> 00:33:58,920
कोई ऐसा मिलवा दो जो ये बिल्कुल यही वर्ड थे कि जो मेरे

485
00:33:58,920 --> 00:34:02,920
सवालों का जवाब दे पाए मुझे भक्ति मुझे भक्ति दान में करवा

486
00:34:02,920 --> 00:34:07,000
दो मुझे मेरे प्रश्नों का हल दिलवा दो ये सारे उनकी वडिंग थी और मैं

487
00:34:07,000 --> 00:34:11,040
इधर शिफ्ट तो मुझे ऐसा लगता है कि मैं वो भगवान का बस

488
00:34:11,040 --> 00:34:15,400
एक वो छोटा सा निमित्त नहीं होता गिलहरी प्रयास वाला वही मेरा रोल है कि भाई

489
00:34:15,400 --> 00:34:19,760
यहां प इसको जरूरत थी तो भगवान ने मुझे वहा टपका

490
00:34:19,760 --> 00:34:24,000
दिया भगवान ने वहां प टपका दिया तो

491
00:34:24,000 --> 00:34:28,080
तो ये तो रही ये वाली बात अच्छा अभी

492
00:34:28,080 --> 00:34:34,080
आपने एक सीरीज भी चलाई थी

493
00:34:57,760 --> 00:35:01,760
कि जो गुरु होगा वो अपनी दीक्षा को कभी बेचेगा नहीं इन द

494
00:35:01,760 --> 00:35:05,960
नेम ऑफ इनीशिएशंस आजकल क्या बोलते हैं कि इसका

495
00:35:05,960 --> 00:35:09,960
इनीशिएशन है और 00 000 2500 जो भी

496
00:35:09,960 --> 00:35:14,400
जिसका प्राइस है उसके लिए आपको कभी भी दीक्षा खरीदने की आवश्यकता

497
00:35:14,400 --> 00:35:18,440
नहीं है पहली बात ये दूसरी चीज यह

498
00:35:18,440 --> 00:35:22,720
कि जब गुरु आपको कुछ सिखाया जा रहा है या दीक्षा

499
00:35:22,720 --> 00:35:27,000
का प्रोसेस है उसकी वीडियोस नहीं बनती है यह चीजें वीडियोस पे डल

500
00:35:27,000 --> 00:35:30,680
ही नहीं है तीसरा आपसे कभी भी दीक्षा

501
00:35:30,680 --> 00:35:34,720
के लिए कुछ मांगा नहीं जाता है यह एक अंदर से जैसे मेरा

502
00:35:34,720 --> 00:35:38,720
व्यवहार था कि रे मैं दीक्षा ले रही हूं मंत्र दे रही हूं कि मैं अपनी सेवा भाव

503
00:35:38,720 --> 00:35:42,760
में कुछ दूं बट गुरु आपसे कभी कुछ नहीं मांगेगा एक चीज जरूर

504
00:35:42,760 --> 00:35:47,120
मांग सकते हैं गुरु कि आप अपना जीवन सुधारे अपना जीवन सुधारे

505
00:35:47,120 --> 00:35:51,680
अपने माता-पिता का या अगर आप गृहस्थ वैसे जो भी आपका

506
00:35:51,680 --> 00:35:55,680
जिस भी चर्म में आ अपने जीवन के उसमें आप एक

507
00:35:55,680 --> 00:35:59,800
अच्छे व्यक्ति बने और एक अच्छे नागरिक भी बने तो जो

508
00:35:59,800 --> 00:36:03,920
आपके गुरु होंगे ना वो सिर्फ एनर्जी ये एनर्जी दिस एनर्जी

509
00:36:03,920 --> 00:36:08,000
दैट यह सब नहीं करेंगे वह आपको आपके देश के

510
00:36:08,000 --> 00:36:12,240
प्रति भी बहुत रिस्पांसिबल बनाएंगे वो एक और भाव

511
00:36:12,240 --> 00:36:16,280
डालेंगे कि आप देखिए कि

512
00:36:16,280 --> 00:36:20,320
जो दुनिया है संसार है उसमें अच्छा या बुरा क्या हो रहा

513
00:36:20,320 --> 00:36:24,440
है आदर देते हुए कुछ अभद्र भाषा

514
00:36:24,440 --> 00:36:28,520
में बोलने की आवश्यकता नहीं है आदर देते हुए गलत को गलत भी

515
00:36:28,520 --> 00:36:32,560
बोलना है और सही के साथ हमें खड़ा भी रहना है जिसमें जो सही

516
00:36:32,560 --> 00:36:36,720
है उसको सही बोलिए पर गलत का साथ मत दीजिए

517
00:36:36,720 --> 00:36:40,920
इसके अलावा गुरु सन्यासी होना बहुत आवश्यक

518
00:36:40,920 --> 00:36:45,680
है क्योंकि अगर उन्होंने वह लाइफ जी ही नहीं है

519
00:36:45,680 --> 00:36:49,880
तो वह कहां से पढ़ा देंगे जो गृहस्थ होगा वह कितने श्लोक

520
00:36:49,880 --> 00:36:53,920
पढ़ लेगा कितना कर लेगा वो गृहस्थी अपनी संभालेगा या अपने

521
00:36:53,920 --> 00:36:58,280
गुरु के साथ वैसा जीवन जिएगा जिसने त्याग

522
00:36:58,280 --> 00:37:02,280
को जिया ही नहीं है वह आपको जितना भी बोल लेगा आपको

523
00:37:02,280 --> 00:37:06,560
उसकी बात समझ नहीं आएगी क्योंकि उसकी वाणी में वह है ही नहीं

524
00:37:06,560 --> 00:37:10,640
क्योंकि उन्होंने वो जिया नहीं है इसलिए उनकी वाणी फलती नहीं है कि बोल दिया

525
00:37:10,640 --> 00:37:14,760
और सत्य हो जाए यह माना जाता है हमारे जो महात्मा होते हैं गुरु होते

526
00:37:14,760 --> 00:37:19,000
हैं कि जो बोल देते हैं वो सत्य हो जाता है इसी का हमें बल भी मिलता है जब गुरु

527
00:37:19,000 --> 00:37:23,120
बोलते हैं कि जाओ तुम्हारा काम हो जाएगा तो हमें पता है कि वो हो जाएगा क्योंकि

528
00:37:23,120 --> 00:37:27,760
उनके पास वो शक्ति है तो हमें इन चीजों का ध्यान देना

529
00:37:27,760 --> 00:37:32,440
देना है हम य पर मैं क्लियर कर दू हा

530
00:37:32,440 --> 00:37:36,680
ऐसा गुरु में वैराग्य होना चाहिए ऐसा नहीं है कि आपकी दीक्षा

531
00:37:36,680 --> 00:37:41,120
जो है गृहस्थ से नहीं हो सकती है मगर यदि दीक्षा गृहस्थ

532
00:37:41,120 --> 00:37:45,200
से हो भी रही है तो वो उन सिद्धांतों को

533
00:37:45,200 --> 00:37:49,560
मानने वाला होना चाहिए जो सिद्धांत किसी ना किसी वैराग्य

534
00:37:49,560 --> 00:37:54,040
को प्राप्त आचार्य से स्फुट हो रहे हैं वहा से अपवाह

535
00:37:54,040 --> 00:37:58,160
है उनका उनके अंडर में रहने वाला कोई गृहस्थ से भी दीक्षा ले

536
00:37:58,160 --> 00:38:00,880
सकते हैं वैराग्य वैराग्य मतलब

537
00:38:00,880 --> 00:38:05,120
आपका जो अल्टीमेट जो निर्णायक हो होगा आपके धर्म और अधर्म

538
00:38:05,120 --> 00:38:09,120
का वो वैराग्य वाला होना चाहिए बाकी दीक्षा हो सकती है कि

539
00:38:09,120 --> 00:38:13,640
आपका कोई गृहस्थ गुरु हो जो किसी वैराग्य प्राप्त आचार्य के शरणागत

540
00:38:13,640 --> 00:38:17,760
होकर के उनकी शिक्षाओं को आगे बढ़ा रहे हो तो वह भी दीक्षा

541
00:38:17,760 --> 00:38:21,880
आप दे सकते हैं जी धन्यवाद

542
00:38:21,880 --> 00:38:26,000
इसके लिए यह सही पॉइंट है तो

543
00:38:26,000 --> 00:38:30,080
इस चीज को जरूर फॉलो सभी जो सुन रहे हैं और सबसे

544
00:38:30,080 --> 00:38:34,320
इंपॉर्टेंट बात द मोस्ट इंपोर्टेंट थिंग अगर कोई

545
00:38:34,320 --> 00:38:38,360
व्यक्ति जो बोले कि मैं सनातन धर्म सनातन

546
00:38:38,360 --> 00:38:42,520
धर्म मतलब बस एक लाइफ स्टाइल है बट वह

547
00:38:42,520 --> 00:38:46,520
एक धर्म नहीं है रिलीजन नहीं है तो वहां पर

548
00:38:46,520 --> 00:38:50,760
थोड़ी दिक्कत है हमें कि कैसे नहीं है और जो व्यक्ति

549
00:38:50,760 --> 00:38:54,800
यह बोले कि शास्त्रों को मानने की कोई आवश्यकता नहीं है जो हम बोल

550
00:38:54,800 --> 00:38:58,920
रहे हैं वही शास्त्रों में है अगर शास्त्रों में नहीं है तो तो फिर शास्त्र बदल

551
00:38:58,920 --> 00:39:03,040
दिए जाए तो उस व्यक्ति को ही बदल दिया जाना चाहिए उस व्यक्ति को

552
00:39:03,040 --> 00:39:07,120
सुनना ही नहीं चाहिए हमें यह

553
00:39:07,120 --> 00:39:11,280
बात में थोड़ा फोकस करके इसलिए बोल रही हूं क्योंकि यह बहुत जरूरी बात

554
00:39:11,280 --> 00:39:15,840
है अभी मैं अभी आजकल मैंने पूछना शुरू किया है मैं

555
00:39:15,840 --> 00:39:16,340
सिर्फ

556
00:39:16,120 --> 00:39:20,200
एक क्वेश्चन पूछती हूं कि आपको शिव और हरि का नाम कहां से मिला तो

557
00:39:20,200 --> 00:39:24,440
वो बोलते हैं शास्त्र से मैंने कहा तो शास्त्र बोल रहा है कि ये नाम का उच्चारण

558
00:39:24,440 --> 00:39:28,480
कैसे करना है तो वो क्यों नहीं करते हो जिसने नाम बताया यह भी तो बता

559
00:39:28,480 --> 00:39:32,680
रहा है कि उच्चारण कैसे करना है या किसके पास जाना है किसके पास नहीं जाना

560
00:39:32,680 --> 00:39:37,080
है तो जब शास्त्र आपको शास्त्र ही जानना है आपको साधना भी शास्त्र

561
00:39:37,080 --> 00:39:41,320
की चाहिए तो शास्त्र यह भी तो बता रहे हैं ना कि गुरु कैसा है तो

562
00:39:41,320 --> 00:39:45,400
यदि गुरु शास्त्रों को नहीं मानता है

563
00:39:45,400 --> 00:39:50,000
शास्त्रों की बातें नहीं बताता है तो उसे गुरु नहीं बनाना चाहिए क्योंकि

564
00:39:50,000 --> 00:39:54,480
हम गुरु बना ही इसीलिए रहे हैं ताकि हमें शास्त्र के अंदर जो ज्ञान

565
00:39:54,480 --> 00:39:59,000
विज्ञान है वो हम उसको प्राप्त कर सके अब

566
00:39:59,000 --> 00:40:03,600
इसके अंदर में अब पता कैसे चलेगा कि शास्त्र कौन मानते हैं नहीं मानते हैं

567
00:40:03,600 --> 00:40:07,640
तो इस पर आई थिंक शिवांश काफी अच्छा बता सकते हैं कि शास्त्र

568
00:40:07,640 --> 00:40:12,120
प्रमाणिक गुरु वह क्या है तो इस पर हम शिवांश

569
00:40:12,120 --> 00:40:16,160
से पूछेंगे इस सबसे पहली बात तो वही आ जाती

570
00:40:16,160 --> 00:40:20,520
है परंपरा जो एक प्रामाणिक

571
00:40:20,520 --> 00:40:25,000
आचार्य की सबसे महत्त्वपूर्ण घटक है वो एक परंपरा

572
00:40:25,000 --> 00:40:29,320
शास्त्र आपके पास कैसे आए शास्त्र आपके पास

573
00:40:29,320 --> 00:40:31,440
परंपरा से है

574
00:40:31,440 --> 00:40:35,440
आज से लगभग दो अरब वर्ष पूर्व वेद प्रकट

575
00:40:35,440 --> 00:40:39,600
होते हैं और वह फिर ऋषि परंपरा से आगे बढ़ते ऋषियों से फिर

576
00:40:39,600 --> 00:40:43,840
व्यास जी तक आते व्यास जी से आपके पास तक कैसे आए तो वहां पर एक बहुत

577
00:40:43,840 --> 00:40:47,880
महत्त्वपूर्ण चीज आ जाती है कि परंपरा तो यदि हम अपने आप

578
00:40:47,880 --> 00:40:52,000
को सनातनी कह रहे हैं और हम सनातन से प्राप्त होने वाले किसी

579
00:40:52,000 --> 00:40:56,160
भी सामग्री को स्वीकार कर रहे हैं तो हमें

580
00:40:56,160 --> 00:41:00,240
वहां से स्वीकार ने वाली जो सामग्री है वह हमें किस

581
00:41:00,240 --> 00:41:04,440
सोर्स से स्वीकार हो रही है उस सोर्स को भी हमें मानना

582
00:41:04,440 --> 00:41:08,480
पड़ेगा अगर हम सोर्स को नहीं मान रहे हैं और केवल उस सामग्री को

583
00:41:08,480 --> 00:41:13,440
ले रहे हैं तो ये वो वाली बात है कि मीठा मीठा गब गप और कड़वा

584
00:41:13,440 --> 00:41:17,560
कड़वा सही बात है सही बात है और एक चीज और है इसमें

585
00:41:17,560 --> 00:41:22,240
की कई बार जो आपने एक बात कही ना कि फल चाहिए शास्त्र

586
00:41:22,240 --> 00:41:27,600
वाला फल तो चाहिए शास्त्र समत मगर विधि चाहिए मनमुक

587
00:41:27,600 --> 00:41:31,600
हा मुझे जो आवान का निर्माण हुआ

588
00:41:31,600 --> 00:41:36,160
है वो बहुत धीरे धीरे हुआ है बहुत स्लो उसकी प्रोसेसिंग थी

589
00:41:36,160 --> 00:41:40,360
तो उसमें क्या है जो जो चैप्टर है आवान का म

590
00:41:40,360 --> 00:41:44,400
जो जो उसके पिलर है आवान के पांच मूल सिद्धांत है

591
00:41:44,400 --> 00:41:46,600
तो उसमें और मैंने देखा

592
00:41:46,600 --> 00:41:50,640
कि जो गुरुदेव है उन्होंने अपने बाद में मैं

593
00:41:50,640 --> 00:41:55,080
जाना कि गुरुदेव ने अपने कई जो प्रवचन है उनमें उन्होंने

594
00:41:55,080 --> 00:41:59,120
उसी क्रम में ही व जो क्या कहते हैं जो अपना वक्तव्य

595
00:41:59,120 --> 00:42:03,640
है वो दिया है जो शुरू होता है एक नास्तिक से

596
00:42:03,640 --> 00:42:07,920
एक नास्तिक से शुरू होता है और राम पर आकर के पूरा हो जाता है तो

597
00:42:07,920 --> 00:42:12,040
मेरे मतलब ये जो आवान के जो पिलर्स बने थे वो ऐसे बने थे कि मुझसे वो

598
00:42:12,040 --> 00:42:16,440
लोग टकराए थे धीरे धीरे मुझसे पहले नास्तिक टकराया

599
00:42:16,440 --> 00:42:20,560
तो नास्तिक वाला खंबा फिर मजबूत हुआ कि जीव

600
00:42:20,560 --> 00:42:24,760
की चाह का वास्तविक विषय मुझसे फिर मुसलमान

601
00:42:24,760 --> 00:42:28,760
टकराया तो फिर वो सत्यम ज्ञान

602
00:42:28,760 --> 00:42:32,840
अनंतम ब्रम ईश्वर वही है जो कुछ भी कर सकता है जब

603
00:42:32,840 --> 00:42:37,440
मुसलमान टकराया तो वो आ गया उसके बाद फिर

604
00:42:37,440 --> 00:42:42,160
शास्त्रों को थोड़ा मानने वाले थोड़ा ना मानने वाले टकराए

605
00:42:42,160 --> 00:42:46,560
तो फिर किसकी बात प्रामाणिक मानी जाए परंपरा प्राप्त आचार्य की

606
00:42:46,560 --> 00:42:50,640
तो इस तरीके से व पांच जो पिलर्स खड़े हुए वो

607
00:42:50,640 --> 00:42:54,920
चैप्टर वाइ हमारा जो कोर्स है उसम वो कोर्स भी उन्ही पांच पिलर्स के इर्दगिर्द बनाया

608
00:42:54,920 --> 00:42:59,000
आवान का कोर्स है जो पढ़ते तो उसमें क्या है

609
00:42:59,000 --> 00:43:01,640
कोई व्यक्ति अगर भगवान को नहीं मानता है कुछ

610
00:43:01,640 --> 00:43:05,760
नहीं जानता है वो शून्य है अभी आध्यात्म के लेवल मगर यदि

611
00:43:05,760 --> 00:43:10,000
वह कोर्स करता है तो उसके जीवन में सबसे पहले भगवान का अस्तित्व

612
00:43:10,000 --> 00:43:14,400
सिद्ध करेंगे जब अस्तित्व सिद्ध हो जाएगा तो फिर भगवान

613
00:43:14,400 --> 00:43:18,840
को सर्व सामर्थ्य वान एक्सेप्ट करना आवश्यक हो जाएगा

614
00:43:18,840 --> 00:43:23,000
और फिर सर्व सामर्थ्य वान एक्सेप्ट करना आवश्यक हो जाएगा तो फिर उसके बाद

615
00:43:23,000 --> 00:43:27,280
यह दोनों चीजें आपको मिलती है प्रामाणिक ग्रंथ वेद से

616
00:43:27,280 --> 00:43:31,280
तो वेद को हम स्थापित करते हैं उसके जीवन में और फिर जब वेद

617
00:43:31,280 --> 00:43:35,320
स्थापित हो जाएगा तो यह तीनों चीजें आपको मिलती कहां से परंपरा से

618
00:43:35,320 --> 00:43:39,440
तो परंपरा आपके जीवन में स्थापित हो जाएगी और फिर इनका अमूल चूल

619
00:43:39,440 --> 00:43:43,760
जो चीज है गुरु और ग्रंथ आही गया तो दो चीज

620
00:43:43,760 --> 00:43:47,840
पांचवा जो घटक है उसमें शंकराचार्य भी है राम भी है वा

621
00:43:47,840 --> 00:43:51,840
तो नारायण समारंभा शंकराचार्य मध्यमाम अस्म

622
00:43:51,840 --> 00:43:56,200
चार्य पर्यंत वंदे गुरु परंपराम और यह सारी चीजों का आपको

623
00:43:56,200 --> 00:44:00,200
अगर सिटी में समझना है तो रामो विग्रहवां

624
00:44:00,200 --> 00:44:02,400
धर्म

625
00:44:02,400 --> 00:44:06,480
सिंपल वाल्मीकि बत अच्छ बहुत अच्छा है यह तो

626
00:44:06,480 --> 00:44:10,480
बहुत अच्छा बताया आपने तो आथ परंपरा प्राप्त चार्य

627
00:44:10,480 --> 00:44:15,120
की इंपोर्टेंस तो हमने काफी शेयर की है और

628
00:44:15,120 --> 00:44:16,800
लाइट में भी दिखती है

629
00:44:16,800 --> 00:44:20,840
तो व तो है जी अच्छा

630
00:44:20,840 --> 00:44:25,640
तो ये तो पहुंच गए अब आप गुरुदेव की शरण में पहुंच गए

631
00:44:25,640 --> 00:44:29,680
अभी मैं आप को पूछूंगा कि वो परिवर्तन क्या क्या थे

632
00:44:29,680 --> 00:44:33,680
मतलब पहले जो शास्त्र सम्मत चीज थी उस पर थोड़ा सा गायत्री मंत्र जैसे की

633
00:44:33,680 --> 00:44:38,000
आपकी कुछ पुरानी भी रही है जने आपने देखा स्त्रियों का जने

634
00:44:38,000 --> 00:44:42,000
हो रहा है फिर आप शंकराचार्य के आप ऐसे लोगों के बीच में भी रहे

635
00:44:42,000 --> 00:44:46,120
हा एक गुरु थे एक गुरु थे जिन्होने हमें बोला

636
00:44:46,120 --> 00:44:50,320
कि मेरे पहले शिष्य बन जाओ हा

637
00:44:50,320 --> 00:44:55,000
वो सब बताइए बात यह थी कि

638
00:44:55,000 --> 00:44:59,000
एक हम एक जगह पर का काम कर रहे थे मतलब फुल टाइम

639
00:44:59,000 --> 00:45:04,720
नहीं था मेरा जस्ट हेल्पिंग हैंड में था तो हम वहां पर काम कर रहे थे

640
00:45:04,720 --> 00:45:08,840
तो ऐसे कोई चर्चा हुई तो उन्होंने बोला कि मैंने जो ज्ञान

641
00:45:08,840 --> 00:45:13,360
दिया उसको गुरु का ज्ञान समझना चाहिए मुझे

642
00:45:13,360 --> 00:45:18,120
मतलब मैं उस आवर में ना उनके साथ काम कर रही थी आई वाज द ट्रांसलेटर

643
00:45:18,120 --> 00:45:22,640
सिंपल हिंदी टू इंग्लिश ट्रांसलेटर सिंपल कर निकाला तो

644
00:45:22,640 --> 00:45:26,720
मैं एस ट्रांसलेटर काम कर रही थी तो अब उसके अंदर हमारा पेड

645
00:45:26,720 --> 00:45:31,000
था तो उन्होंने मुझे बाद में बोला कि अरे

646
00:45:31,000 --> 00:45:31,960
जो व्यक्ति थे बीच

647
00:45:31,960 --> 00:45:36,280
में उन्होंने बोला कि नहीं इसका तो वो बोल रहे हैं कि आपको बैठे बैठे इतना ज्ञान

648
00:45:36,280 --> 00:45:40,520
मिल रहा है तो इसको तो गुरु का ज्ञान समझिए मैंने कहा गुरु किस बात के हुए

649
00:45:40,520 --> 00:45:44,640
ना तो मेरी दीक्षा हुई ना उन्होंने मुझे अपना शिष्य घोषित किया ना हमने उनको गुरु

650
00:45:44,640 --> 00:45:48,880
बनाया तो संस्कार कीजिए हमारा तो उनका

651
00:45:48,880 --> 00:45:53,200
था कि वो जने वाला संस्कार होगा ना

652
00:45:53,200 --> 00:45:57,640
तो यह हमें बाद में पता चला था तो उस समय पर देखिए

653
00:45:57,640 --> 00:46:02,240
मैं आपको एक और इसके अंदर छोटी सी इंटरेस्टिंग बात बताऊंगी

654
00:46:02,240 --> 00:46:06,440
तो हमने उनको बोल दिया हमने बोला ठीक है अगर आपको ऐसे ही देना है हमें तो ज्ञान

655
00:46:06,440 --> 00:46:10,600
चाहिए मैं तो उस समय तो वो कहते नहीं है कि भूख लगी

656
00:46:10,600 --> 00:46:14,800
है बहुत तो अब तो जो भी खाना दोगे अच्छा लगेगा तो मेरी

657
00:46:14,800 --> 00:46:19,040
मनो स्थिति ऐसी थी अंदर में तो मैंने उन्हें बोल दिया कि ठीक है

658
00:46:19,040 --> 00:46:23,320
हमें ज्ञान चाहिए कोई बात नहीं आप हमें आप बताइए हवन

659
00:46:23,320 --> 00:46:27,360
कब होगा हम आ जाएंगे और हम नहीं

660
00:46:27,360 --> 00:46:31,600
हमें कोई पैसे नहीं चाहिए आप हमें हम बैठ के ट्रांसलेट करेंगे आप जितना ट्रांसलेट

661
00:46:31,600 --> 00:46:35,600
करना है करवाइए पर हमारे जो भी प्रश्न होंगे वो आप अलग से सबके उत्तर

662
00:46:35,600 --> 00:46:39,920
देंगे तो उन्होंने हमें बोला कि

663
00:46:39,920 --> 00:46:44,240
अरे गुरु शिष्य का रिलेशनशिप बहुत डिफिकल्ट होता है

664
00:46:44,240 --> 00:46:47,080
अगर तुम फस गई कहीं पर तुमने गलती कर दी मेरा

665
00:46:47,080 --> 00:46:51,280
मोक्ष नहीं हो पाएगा मैं फस जाऊंगा ये कोई

666
00:46:51,280 --> 00:46:56,160
बहुत ये बहुत मुश्किल बात है तुम सोच लो मतलब

667
00:46:56,160 --> 00:47:00,440
तीन दिन तुम्हें बैठना पड़ेगा हम बोले हम तीन दिन क्या एक साल बैठेंगे तपस्या

668
00:47:00,440 --> 00:47:04,440
करनी है हम करेंगे हमें चाहिए मतलब ये मेरे अंदर की बात थी

669
00:47:04,440 --> 00:47:09,040
कि मुझे इतना था कि अब मुझे यही जानना है क्योंकि मैंने

670
00:47:09,040 --> 00:47:13,160
हर तरह की किताब पढ़ ली पुस्तक पढ़ ली अलग-अलग कार्य कर लिए अलग-अलग जॉब्स

671
00:47:13,160 --> 00:47:17,320
कर ली मुझे कहीं पर संतुष्टि मिल रही है तो वो शास्त्रों से ही मिल

672
00:47:17,320 --> 00:47:21,480
रही है तो हमने उन्हें बोल दिया उन्होंने बोला ठीक है तुम सोच लेना उस

673
00:47:21,480 --> 00:47:25,840
समय मेरी मित्र थी लड़कियां थी सखियां थी

674
00:47:25,840 --> 00:47:29,880
तो उनको मैंने बोला देखो मैंने इनको बोला मुझे शिष्य बना लो तो इन्होंने आगे से मुझे

675
00:47:29,880 --> 00:47:34,040
बोल दिया कि मेरा मोक्ष नहीं होगा अगर तुम अटक गई तो उन्होंने बोला कि ऐसे

676
00:47:34,040 --> 00:47:38,160
नहीं होते हैं रिदम जो असली गुरु होते हैं उनको किस बात की टेंशन होती है उनके तो कितने वो

677
00:47:38,160 --> 00:47:42,440
होते हैं तो ये बात हुई तो उन्होंने करना वही था गायत्री मंत्र

678
00:47:42,440 --> 00:47:46,760
के साथ जो संस्कार होना था पर मेरा भाग्य अच्छा है

679
00:47:46,760 --> 00:47:51,080
क्योंकि मैंने महादेव को बोला हुआ है तो वैसा मेरा कहीं प अटका नहीं सामने

680
00:47:51,080 --> 00:47:55,280
वाले व्यक्ति ने ही बोल दिया कि मेरा मोक्ष नहीं होगा अगर आप अटक जाओगे तो हमने बोला

681
00:47:55,280 --> 00:47:59,360
ये कैसे बात हुई कि मतलब मैं गुरु भी उसको

682
00:47:59,360 --> 00:48:02,160
बनाऊ ना जो निडर हो है ना

683
00:48:02,160 --> 00:48:06,280
कि निडर निडरता होनी चाहिए जैसे हमारे गुरुदेव

684
00:48:06,280 --> 00:48:10,360
है ड़ते हैं वो उनको किसी का डर नहीं है क्योंकि वो धर्म की बात

685
00:48:10,360 --> 00:48:14,640
करते हैं वो धर्म के लिए हैं ऐसा व्यक्तित्व है उनका तो

686
00:48:14,640 --> 00:48:18,960
मुझे व्यक्तित्व खोज रही थी मैं तो ऐसा हुआ हमारे साथ तो वो संस्कार

687
00:48:18,960 --> 00:48:23,120
तो हुआ नहीं और फिर जब गुरुदेव के साथ

688
00:48:23,120 --> 00:48:27,440
दीक्षा हुई और वहां पर चातुर्मास में भी और जब मैं बैठ के सोचती हूं गुरुदेव

689
00:48:27,440 --> 00:48:31,840
ने लाखों की लाखों लाखों लोगों की दीक्षा अभी तक कर दी होगी

690
00:48:31,840 --> 00:48:35,920
और उन्होंने कभी नहीं बोला होगा अरे मेरा मोक्ष नहीं होगा मैंने इसको दीक्षा दे

691
00:48:35,920 --> 00:48:40,640
दी अब ये जाके कुछ उल्टा पुल्टा करेगा तो तो ये बहुत बड़ा डिफरेंस

692
00:48:40,640 --> 00:48:44,680
है उस व्यक्ति में जो बोलता है कि वह गुरु है बट वोह

693
00:48:44,680 --> 00:48:49,280
गुरु है नहीं तो ये

694
00:48:49,280 --> 00:48:53,560
मतलब स्टोरी थी तो ऐसी कुछ चीजें थी जैसे कुछ मंत्र

695
00:48:53,560 --> 00:48:57,800
थे जिसका पहले हम उच्चारण करते थे जैसे महामृत्युंजय मंत्र हो गया

696
00:48:57,800 --> 00:49:01,880
गायत्री मंत्र का उच्चारण भी था और मतलब

697
00:49:01,880 --> 00:49:06,000
एवरी डे नहीं था बट था मतलब हमें पता ही नहीं था कि ऐसे नहीं करते हैं

698
00:49:06,000 --> 00:49:10,000
और प्रणव का उच्चारण था बहुत था आपको कुछ वीडियोस अभी भी

699
00:49:10,000 --> 00:49:15,480
मिल जाएंगी इसम मेरा इसमें मेरी वाली स्टोरी को ध्यान

700
00:49:15,480 --> 00:49:17,480
रखिएगा हां आपकी

701
00:49:17,480 --> 00:49:21,720
वाली स्टोरी को मुझे गुस्सा तो आया था आपके ऊपर थोड़ा सा उस समय हम बोले अरे

702
00:49:21,720 --> 00:49:25,760
तो बात ये थी कि हम शिवांश

703
00:49:25,760 --> 00:49:29,840
से पूछते थे कि शिवांश क्या यह ठीक है या यह गलत है कि यह बात

704
00:49:29,840 --> 00:49:33,960
हमें कैसे रखनी चाहिए इसमें क्या सिद्धांत होगा नहीं होगा तो

705
00:49:33,960 --> 00:49:38,120
हमारी सहायता करते थे अब इन्हें पता था कि हम प्रणव

706
00:49:38,120 --> 00:49:42,160
शक्ति प्रणव करके बोलते हैं वीडियो के एंड में आप आप लोगों

707
00:49:42,160 --> 00:49:46,600
को अभी भी कुछ कुछ वीडियोस वहां पर मिल जाएंगी बट एक टाइम के बाद अब आपको नहीं मिलेंगी

708
00:49:46,600 --> 00:49:50,880
कि हमने उसको बोलना बंद कर दिया बट उसको मैंने रखा भी इसलिए है क्योंकि एक परिवर्तन

709
00:49:50,880 --> 00:49:55,160
है तो हमें अपना परिवर्तन दिखाने में कोई वो शर्म

710
00:49:55,160 --> 00:49:59,480
की कोई बात नहीं है उल्टा सीखने की बात है तो

711
00:49:59,480 --> 00:50:03,600
अब हम ये बोलते थे एक बार इन्होंने हमसे पूछा कि अच्छा आप ये क्यों बोलती

712
00:50:03,600 --> 00:50:07,880
है तो हमने अपनी पूरी फिलोसोफी बता दी कि अच्छा ये प्रणव शक्ति प्रणव

713
00:50:07,880 --> 00:50:12,240
बोलने के पीछे मेरा ऐसा भाव है इसको ये सुन के मेरे को ऐसा लगा

714
00:50:12,240 --> 00:50:16,920
एक गाने के ऊपर था उसकी वीडियो भी है तो हम बोलते थे

715
00:50:16,920 --> 00:50:22,680
पर इन्होंने कभी हमें नहीं बोला कि ये नहीं बोलना

716
00:50:22,680 --> 00:50:26,800
है और हम दीक्षा के लिए

717
00:50:26,800 --> 00:50:31,320
गए और उससे पहले कुछ ऐसा हुआ कि

718
00:50:31,320 --> 00:50:32,720
यह मेरे दिमाग में बात आई

719
00:50:32,720 --> 00:50:37,120
कि अच्छा अगर नहीं बोल सकते तो फिर हम यह भी नहीं बोलेंगे और मैंने

720
00:50:37,120 --> 00:50:41,760
गुरुदेव से मेरा पहला प्रश्न गुरुदेव से जयपुर में यही था

721
00:50:41,760 --> 00:50:45,840
कि यो योग करते हैं हम ऋषिकेश में और सबसे ज्यादा

722
00:50:45,840 --> 00:50:50,000
उच्चारण अगर किसी चीज का होता है तो वो प्रणव का ही होता है

723
00:50:50,000 --> 00:50:54,160
जिनको प्रणव नहीं पता है उनके लिए प्लीज लिख दीजिएगा कि प्रणव क्या है है

724
00:50:54,160 --> 00:50:58,320
ना उनको समझ नहीं आएगा कि प्रणव क्या है तो ऋषिकेश

725
00:50:58,320 --> 00:51:02,480
में सबसे ज्यादा उच्चारण ही प्रणव का है और मैंने

726
00:51:02,480 --> 00:51:06,560
बोला अरे अब क्या होगा अब ये नहीं करेंगे तो क्या करेंगे एक आदत है ना

727
00:51:06,560 --> 00:51:10,920
एक आदत है और अब उसकी मैं बोल

728
00:51:10,920 --> 00:51:15,360
पूरा एक सिस्टम बना हुआ है उसी पर पूरा सिस्टम बना हां

729
00:51:15,360 --> 00:51:19,440
उसपे पूरा सिस्टम बनाया और फिर मैंने सोचा कि अगर ऐसी बात है तो कोई

730
00:51:19,440 --> 00:51:23,760
मना क्यों नहीं करता है मेरा पहला प्रश्न भी गुरुदेव से यही था तो उन्होंने

731
00:51:23,760 --> 00:51:28,360
उसका उत्तर भी दिया गुरुदेव ने कि नहीं कर सकते हैं कि ऐसा नहीं है

732
00:51:28,360 --> 00:51:32,360
अब उसके बाद मेरे जितने और प्रश्न थे तो वहां पर जो मठ में सब

733
00:51:32,360 --> 00:51:36,520
महाराज जी थे और बाबा थे उन्होंने मेरा और उत्तर दिया उसके बाद

734
00:51:36,520 --> 00:51:40,520
हमने शिवांश को बोला कि आपको पता है कि प्रण

735
00:51:40,520 --> 00:51:44,640
का उच्चारण हम नहीं कर सकते हम इतनी देर से ये गलती कर रहे थे तो ये

736
00:51:44,640 --> 00:51:47,880
हमें बोलते हैं चलिए बहुत बढ़िया हुआ

737
00:51:47,880 --> 00:51:52,000
भगवान नेरी सुन ली तो फिर हमको हुआ कि अरे

738
00:51:52,000 --> 00:51:56,080
आपने बताया प्रणव वाला है ये आपका पहले क्लियर

739
00:51:56,080 --> 00:52:00,400
हो गया था दीक्षा बाद में हुई थी वहां पर भी आपने प्रश्न किया था

740
00:52:00,400 --> 00:52:04,480
तो एक दिन आपका फोन आया था मेरे पास हा आपकी किसी फ्रेंड

741
00:52:04,480 --> 00:52:08,720
ने आपको जो है टोका था कि फिर तू यह क्यों बोलती

742
00:52:08,720 --> 00:52:13,280
है हां हा गायत्री मंत्र को रिलेटेड वो

743
00:52:13,280 --> 00:52:17,680
वो कुछ था आपका फोन आया था कि वो हमारी एक मित्र थी आसाम

744
00:52:17,680 --> 00:52:21,840
की मित्र है याद आया हमें उसने मतलब मेरी उससे बात हो रही थी

745
00:52:21,840 --> 00:52:25,880
तो उसको मैं यही समझा रही थी कि हमें गायत्री मंत्र नहीं करना चाहिए

746
00:52:25,880 --> 00:52:29,960
और जो भी उसके टेक्निकल पॉइंट्स थे वो तो फिर उसने कहा कि

747
00:52:29,960 --> 00:52:34,360
अच्छा गायत्री मंत्र नहीं कर सकते तो फिर हमें यह भी नहीं करना चाहिए प्रणव का

748
00:52:34,360 --> 00:52:38,360
फिर मैंने एकदम मैं सोच में डूब गई मेरा पहला दिन मेरी दीक्षा नहीं थी ना

749
00:52:38,360 --> 00:52:42,520
पहले मैंने उनसे प्रश्न पूछा और उसके बाद

750
00:52:42,520 --> 00:52:46,880
मेरी दीक्षा हुई थी मेरा प्रश्न पहले था गुरुदेव से और दीक्षा मेरी बाद में हुई थी

751
00:52:46,880 --> 00:52:51,040
फिर उस समय मैंने आपको फोन किया था जब आपने बोला कि हां नहीं बोलना और हमने आपको बोला

752
00:52:51,040 --> 00:52:55,160
था कि अरे आपने हमें बताया क्यों नहीं हम आपकी बात सुनते पर आपको था

753
00:52:55,160 --> 00:52:59,280
कि वो एक नॉर्मल नेचुरली हो तो अच्छा रहेगा

754
00:52:59,280 --> 00:53:03,320
है हा उसम गुरुदेव कहते हैं कि

755
00:53:03,320 --> 00:53:09,320
वो एक ही दिन में देसी घी नहीं पिला देना चाहिए

756
00:53:10,520 --> 00:53:15,760
थ सही बात है सही बात है नहीं पर आपको पता

757
00:53:15,760 --> 00:53:19,880
है गुरुदेव ने दिए है क्या करना है कैसे करना है उन्होने दे रखे

758
00:53:19,880 --> 00:53:23,880
हैं जैसे रिस्क वाला मामला भी है ना रिस्क

759
00:53:23,880 --> 00:53:27,880
आपने बोला ना कोई है जो मतलब फ्रंट में आ करके इतने रख रहा

760
00:53:27,880 --> 00:53:32,040
है तो अब तो खैर आदत हो गई है मगर जब हमने शुरू शुरू में वीडियोस

761
00:53:32,040 --> 00:53:36,280
बनाए थे स्कोन की तरफ से आज भी गालियों भरा हुआ है मेरे पास कॉल

762
00:53:36,280 --> 00:53:40,600
डाला हुआ है उसमें पुलिस की धमकी मार देने की धमकी

763
00:53:40,600 --> 00:53:44,680
मतलब कई तरह की धमकियां उसमें अब वो पे नंबर से

764
00:53:44,680 --> 00:53:48,840
करेंगे उसको कुछ कहा नहीं जा सकता मगर आए थे मेरे पास थ्रेट

765
00:53:48,840 --> 00:53:52,880
कॉल्स आते थे तो शुरू में तो थोड़ा सा लगा भी हां कुछ आ रहा है

766
00:53:52,880 --> 00:53:56,920
थट कॉल्स आ रहे हैं अब अब खैर अब एक वो हो गया है कि जब भी हम कोई

767
00:53:56,920 --> 00:54:01,200
विस्फोटक वो डालते हैं ना इस वीडियो

768
00:54:01,200 --> 00:54:05,280
सनसनी खेज वाला तो उसके बाद कुछ दिनों तक 10

769
00:54:05,280 --> 00:54:09,320
15 दिनों तक उसके उसको लेकर के हमारे ऊपर हमें थ्रेट कॉल्स वगैरह

770
00:54:09,320 --> 00:54:13,640
आने ही है रामपाल वाला एक डाला है वो तो साल भर से अभी तक आते

771
00:54:13,640 --> 00:54:19,600
हैं कभी-कभी रामपाल वाले रात में 11 एक बजे भी फोन करते

772
00:54:19,600 --> 00:54:23,640
हैं नहीं पर मुझे एक बात नहीं समझ आती है गुरुदेव

773
00:54:23,640 --> 00:54:27,320
से सारे सूत्र प्राप्त है

774
00:54:27,320 --> 00:54:31,960
गुरुदेव से सार जी जी बोलिए आप ही बोलिए

775
00:54:31,960 --> 00:54:36,000
नहीं नहीं हम आपकी इसी बात पर बोल रहे थे कि हमें यही नहीं समझ आता है कि

776
00:54:36,000 --> 00:54:40,200
बातें वही बात है ना बात शास्त्र की करनी है उन्हें पर फिर जब

777
00:54:40,200 --> 00:54:44,400
शास्त्र की बात में उनको बोले कि आप गलत कर रहे हो तो फिर वो गालिया अरे

778
00:54:44,400 --> 00:54:48,440
तुमको सीखना चाहिए बस बात मान लो खुश रहो कि कोई तो बता रहा है

779
00:54:48,440 --> 00:54:54,200
बट ऐसा नहीं है लोगों का एकदम नहीं

780
00:54:54,200 --> 00:54:58,360
है गुरुदेव से आपको प्र है सूत्र उन्होंने

781
00:54:58,360 --> 00:55:02,400
बना मतलब जब भी कोई समस्या होती है तो जैसे भगवत गीता के श्लोक याद

782
00:55:02,400 --> 00:55:06,600
आते हैं तो उसी की सरल व्याख्या करने वाला गुरुदेव का कोई ना कोई वक्तव्य

783
00:55:06,600 --> 00:55:10,920
भी याद आ जाता है हा तो जैसे जैसे

784
00:55:10,920 --> 00:55:15,360
इनका भगवान श्री कृष्ण का भगवत गीता में

785
00:55:15,360 --> 00:55:19,760
कर्मन वादी का रस्ते मा फले सु कदाचन उन्होंने

786
00:55:19,760 --> 00:55:23,880
कह दिया और गुरुदेव का वक्तव्य क्या याद आता है जब तक नौका डूबती

787
00:55:23,880 --> 00:55:28,720
नहीं तब तक तुम्हारा काम है खेते रहना खेते रहना य गुरुदेव का वक्तव्य

788
00:55:28,720 --> 00:55:32,880
तो ऐसे ही उनके कई सारे ऐसे सूत्र है जो सूत्र

789
00:55:32,880 --> 00:55:37,160
में पिरो देते हैं बात को यह मतलब उनकी शैली य वाली

790
00:55:37,160 --> 00:55:41,200
बहुत वो कर देती है व्यक्ति को मतलब बिल्कुल एकदम से

791
00:55:41,200 --> 00:55:45,400
स्तब्ध हो जाए एक सूत्र में बहुत जटिल समस्या जो है व सुलझ

792
00:55:45,400 --> 00:55:50,600
जाती जैसे जीव की चा का वास्तविक जो विषय है

793
00:55:50,600 --> 00:55:55,240
सच्चिदानंद उसी का नाम ईश्वर

794
00:55:55,240 --> 00:55:59,360
हा सर बहुत जटिल समस्या को बहुत सूत्रा क्मक बताते हैं और उन्हीं का नाम

795
00:55:59,360 --> 00:56:03,640
आचार्य होता है उन्हीं का नाम प्रामाणिक आचार्य होता है जो बड़ी-बड़ी समस्याओं

796
00:56:03,640 --> 00:56:08,040
को सॉल्व कर देते हैं तो

797
00:56:08,040 --> 00:56:09,600
एक मैं इस परे आपसे

798
00:56:09,600 --> 00:56:13,840
थोड़ी सी बात पूछना चाहूंगा कि आप जब ये नहीं जानती थी कि गायत्री

799
00:56:13,840 --> 00:56:17,920
मंत्र का उच्चारण नहीं करना है या प्रणव का उच्चारण नहीं करना है तो

800
00:56:17,920 --> 00:56:22,080
आप ऐसे लोगों को देख रही थी कि वो गायत्री मंत्र के उच्चारण के लिए

801
00:56:22,080 --> 00:56:27,120
परंपरा प्राप्त आचार्यों को कोस रहे हैं कोस रहे हैं बुरा भला भी कह रहे हैं

802
00:56:27,120 --> 00:56:31,320
और यह जो है ना क्या कहते हैं इनिन ये

803
00:56:31,320 --> 00:56:35,320
हा दीक्षा लेना इशन जने भी हो रहा है स्त्रियों का जने

804
00:56:35,320 --> 00:56:39,920
भी हो रहा है यह सब आप देखती थी हालांकि हमने इधर बहुत

805
00:56:39,920 --> 00:56:44,040
ही खत वाले वीडियो भी बनाए कि जैसे

806
00:56:44,040 --> 00:56:48,200
की लोग ताली बजा रहे हैं वाह वाह वाह वाह वाह आपका कांग्रेस

807
00:56:48,200 --> 00:56:51,480
कांग्रेस आपका जने हो

808
00:56:51,480 --> 00:56:55,640
गया तो इन सब चीजों को आप कैसे देखती है और अभी जब

809
00:56:55,640 --> 00:57:00,080
आप का प्रोनंसिएशन नहीं कर रही है और जो

810
00:57:00,080 --> 00:57:04,800
प्रणव के उच्चारण की जगह पर आपको गुरुदेव ने दूसरा उच्चारण बताया

811
00:57:04,800 --> 00:57:08,800
जो दूसरा उच्चारण जो आप कर सकते हैं वो भी प्रणव माना जाता

812
00:57:08,800 --> 00:57:13,080
है मगर वो क्या कहते हैं हा

813
00:57:13,080 --> 00:57:17,720
आगम के अनुसार वो प्रणाम माना जाता है ना आगम शास्त्र

814
00:57:17,720 --> 00:57:21,920
तो फिर आप आप उन लोगों को कैसे देखती है जो इस तरह

815
00:57:21,920 --> 00:57:24,600
से जो परंपरा प्राप्त आचार्य को कोस रहे

816
00:57:24,600 --> 00:57:28,880
हैं और जो एक प्रोग्रामिंग कर दी गई है जैसे

817
00:57:28,880 --> 00:57:33,560
वो वो वाली मिनरल वाटर वाली बात है ना भाई पहले

818
00:57:33,560 --> 00:57:37,640
में पानी में थोड़ा सा केमिकल मिला दिया जहर मिला दिया कुछ मिला दिया

819
00:57:37,640 --> 00:57:41,840
वहां के लोग बीमार पड़ने लगे फिर कहा देखो तुम पानी से बीमार पड़ रहे हो इसलिए तुम मिनरल

820
00:57:41,840 --> 00:57:46,040
वाटर पियो अपना मिनरल वाटर बेचने लग तो इसी तरीके से

821
00:57:46,040 --> 00:57:50,320
गायत्री मंत्र जो है वो तुमको नहीं बोलने दिया जा रहा है देखो कितने कठोर

822
00:57:50,320 --> 00:57:54,400
है हम तुम्ह गायत्री मंत्र देते हैं गायत्री मंत्र को बोलना

823
00:57:54,400 --> 00:57:58,680
जीवन का उद्देश्य नहीं जीवन का उदेश मोक्ष एकदम

824
00:57:58,680 --> 00:58:02,760
सही बात और उसके कई सारे मार्ग गायत्री मंत्र को ही बोल

825
00:58:02,760 --> 00:58:07,200
कर के मोक्ष नहीं है गायत्री मंत्र उसका एक उसका प्रतिपादन कराने वाला

826
00:58:07,200 --> 00:58:11,280
एक समग्र रूप से उसकी व्याख्या कर देने वाला एक मंत्र जरूर है जिसको भगवान

827
00:58:11,280 --> 00:58:15,520
श्री कृष्ण ने का मगर उसी से मोक्ष मिलेगा ऐसा तो नहीं कहीं लिखा

828
00:58:15,520 --> 00:58:19,560
है है ना तो इसको आप कैसे देखते हैं

829
00:58:19,560 --> 00:58:23,680
कि यह जो प्रोग्रामिंग की गई है हमारे समाज की जिसके कारण से जिनसे

830
00:58:23,680 --> 00:58:27,960
हमें वेद आदि शास्त्र मिल रहे हैं उन्हीं को कोस रहा है जिससे

831
00:58:27,960 --> 00:58:32,160
मंत्र मिल रहा है उन्हीं को व्यक्ति कोस रहा है और फिर कर रहा

832
00:58:32,160 --> 00:58:36,240
है यह वो कांग्रेस हो रहा है और फिर आपके जीवन में एकदम से परिवर्तन आता है और

833
00:58:36,240 --> 00:58:39,640
फिर आप उसको छोड़ देती है फिर आपके जीवन में क्या परिवर्तन

834
00:58:39,640 --> 00:58:44,480
आते इसको थोड़ा सा एक जो है फ्रेम में लीजिए

835
00:58:44,480 --> 00:58:48,560
कांग्रे वाले लड़के हम नहीं है साथ कांग नहीं हुआ था हम

836
00:58:48,560 --> 00:58:52,720
बच गए थे उसकी बात पहले बोल देंगे सबसे

837
00:58:52,720 --> 00:58:56,800
पहले तो मुझे यह लगता है कि कर्म का रहे हैं वो लोग

838
00:58:56,800 --> 00:59:00,840
ना क्योंकि और क्या ही होगा जो वो ऐसे कर्मकांड में फंसे हैं

839
00:59:00,840 --> 00:59:04,840
जिसमें गुरु की ही निंदा हो रही है सिर्फ ये नहीं होता है कि मैंने गुरु बना

840
00:59:04,840 --> 00:59:08,840
लिया तो मैंने उसकी मतलब अब मैं इनकी निंदा नहीं करूंगा है

841
00:59:08,840 --> 00:59:13,320
ना एक ढोंगी और गुरुओं की निंदा ना करना

842
00:59:13,320 --> 00:59:17,640
ढोंगी ढोंगी और गुरुओं में अंतर और फिर गुरुओं

843
00:59:17,640 --> 00:59:21,720
की निंदा ना करना बात यह है और कौन सा सिद्धांत

844
00:59:21,720 --> 00:59:25,760
कहां तक अप्लाई होगा कब तक अप्लाई होगा इसकी समझ भी जरूरी

845
00:59:25,760 --> 00:59:29,840
है कि अब कोई बोल दे कि मोह माया में कुछ नहीं रखा है अरे

846
00:59:29,840 --> 00:59:34,240
वो सिद्धांत कब अप्लाई होना है कहां तक अप्लाई होना है इसकी समझ

847
00:59:34,240 --> 00:59:38,720
परक भी तो होनी जरूरी है ना नहीं तो फिर आपका फायदा क्या हुआ

848
00:59:38,720 --> 00:59:43,560
अब बात करते हैं ऐसे लोगों की कि इनका

849
00:59:43,560 --> 00:59:47,680
एक मिनट यह हमारे यहां पर ठंड और गर्मी मिक्स चल रहा है

850
00:59:47,680 --> 00:59:51,760
अभी तो यह बेचारी एक ठंड में आके हमेशा शाम को बैठ

851
00:59:51,760 --> 00:59:54,840
जाती है मैं उसको कुछ बोलती नहीं हूं कि ठीक है समय चल रहा है

852
00:59:54,840 --> 00:59:59,000
पर एनीवे बैक टू द टॉपिक सॉरी

853
00:59:59,000 --> 01:00:03,120
सॉरी सभी व्यूवर्स के लिए ये एक ही है ये हर बार

854
01:00:03,120 --> 01:00:07,400
शाम में आ रही है अभी कुछ दिनों में इसकी मृत्यु हो जाएगी क्योंकि थोड़े

855
01:00:07,400 --> 01:00:12,640
दिन की इनकी जीवन होता है तो वो भी

856
01:00:12,640 --> 01:00:16,920
है जब हम बात करते हैं उन लोगों की जो फॉलो

857
01:00:16,920 --> 01:00:21,000
नहीं कर पा रहे हैं पहले तो उन्हें मिला नहीं है दूसरा स्पेशली वो

858
01:00:21,000 --> 01:00:25,360
लोग होंगे जो एकदम छाती ठोक के बोलेंगे जिन्होंने इस पूरे

859
01:00:25,360 --> 01:00:29,600
व्यवसाय व्यवसाय बना दिया है इस पूरी चीज को ना मतलब वह जाने

860
01:00:29,600 --> 01:00:34,120
जाते हैं यह बोलने के लिए तो अब उन्होंने एक आइडेंटिटी बना दी है उस आइडेंटिटी

861
01:00:34,120 --> 01:00:38,560
को वो पीछे छोड़े तो उनके फॉलोअर्स उनके व्यूवर्स उनकी

862
01:00:38,560 --> 01:00:42,560
वा वाई और जो उनको फंडिंग आती है जहां से भी आती है जितनी

863
01:00:42,560 --> 01:00:46,880
भी आती है जिस तरह से भी आती है वह चली जाएगी है ना लाइक्स और कमेंट्स

864
01:00:46,880 --> 01:00:51,760
चले जाएंगे पर वो यह भूल जाते हैं कि आप ही तो जाएंगे

865
01:00:51,760 --> 01:00:56,960
सही जगह वालों से सही जगह से बट एक वो आइडेंटिटी क्रा

866
01:00:56,960 --> 01:01:01,040
दूसरी बात यह है कि जो मैंने पहले बोला कि उनका कर्म नहीं

867
01:01:01,040 --> 01:01:06,000
बन रहा है अभी ना उनका कि वो आए

868
01:01:06,000 --> 01:01:10,320
और अगली बात यह भी है कि कभी-कभी

869
01:01:10,320 --> 01:01:14,560
ब्रेन वाशिंग का लेवल इतना स्ट्रांग हो चुका होता है और क्योंकि आइडेंटिटी

870
01:01:14,560 --> 01:01:18,640
भी फॉर्म हो चुकी है कि मैं गलत हूं यह

871
01:01:18,640 --> 01:01:22,880
मान लेना आसान नहीं लगता है क्योंकि सामने वाला भी भगवा वस्त्र

872
01:01:22,880 --> 01:01:26,920
में है सामने वाले काम भी कर रहे होंगे क्रांतिकारी काम का करते हैं

873
01:01:26,920 --> 01:01:31,200
तो उसके लिए रिस्पेक्ट है सबको रिस्पेक्ट है जो अच्छा आप काम कर रहे हैं उसके लिए

874
01:01:31,200 --> 01:01:35,560
पर वह व्यक्ति की समझ जो है वही इसीलिए

875
01:01:35,560 --> 01:01:39,680
मैं बोलती हूं कर्म है उसके ग्रह बैठे हुए हैं अभी उसे समझ नहीं आएगा

876
01:01:39,680 --> 01:01:44,040
जब हम यह अब इस बात के अंदर हम यह चीज को बोले कि

877
01:01:44,040 --> 01:01:48,200
जब हम यह करते थे हम अपनी बात कर सकते हैं कि मैंने यह किया और

878
01:01:48,200 --> 01:01:53,360
नहीं किया अब उसकी बीच में अंतर क्या रहा

879
01:01:53,360 --> 01:01:57,360
सिंपल सी बातें हैं जब यह जो व देख भी रहे हैं जो इस का

880
01:01:57,360 --> 01:02:01,560
उच्चारण करते हैं या ऐसी परंपराओं में है जो शास्त्रीय

881
01:02:01,560 --> 01:02:05,600
नहीं है जिसके कारण आप यह सब कर रहे हैं तो आप खुद से प्रश्न

882
01:02:05,600 --> 01:02:09,680
पूछिए क्या आपके साथ ऐसा होता है कि आप कुछ काम करने जा रहे हैं बट वह काम नहीं हो पा रहा

883
01:02:09,680 --> 01:02:13,720
है और आपके जीवन में फालतू लोग ही आ

884
01:02:13,720 --> 01:02:17,840
रहे हैं और आपका काम बनते बनते नहीं बनता है आप

885
01:02:17,840 --> 01:02:21,920
समस्याओं में उलझे रहते हैं और जिससे आप कटते

886
01:02:21,920 --> 01:02:25,360
जाते हैं हर चीज से हर व्यक्ति से कटते हैं हर रिश्ते से कटते

887
01:02:25,360 --> 01:02:29,720
हैं हर कार्य से कटते हैं और एक तरह से अंदर

888
01:02:29,720 --> 01:02:33,880
एक पागलपन सा महसूस करते हैं यदि आप ऐसा कभी भी महसूस

889
01:02:33,880 --> 01:02:38,520
करते हैं तो इसका कारण है आध्यात्मिक रोग आपको आध्यात्मिक

890
01:02:38,520 --> 01:02:42,560
रोग हो चुका है जिसका जिसको कोई देख नहीं सकता है

891
01:02:42,560 --> 01:02:46,760
पर सुन के समझा जा सकता है और उसके अंदर में प्रश्न सिर्फ यही

892
01:02:46,760 --> 01:02:50,760
है कि आप कौन से मंत्रों का उच्चारण कर रहे हैं आप कौन सा पाठ कर

893
01:02:50,760 --> 01:02:54,800
रहे हैं क्या आप उसमें दीक्षित है क्या आपको

894
01:02:54,800 --> 01:02:59,200
उसका लाइसेंस मिला है या नहीं क्योंकि आप

895
01:02:59,200 --> 01:03:03,360
बिना गाइडेंस के और जो आपका मतलब क्षमता से बाहर

896
01:03:03,360 --> 01:03:07,400
की चीजें कर रहे हैं तो चोट आपको लगेगी ही अब

897
01:03:07,400 --> 01:03:12,040
होता यह है कि जब हम मंत्र उच्चारण करते हैं तो मंत्र दिखता नहीं है

898
01:03:12,040 --> 01:03:16,280
साउंड की तरह बोल के वह छूट जाता है जितने देर बैठे

899
01:03:16,280 --> 01:03:20,960
हैं तब तक तो एक एनर्जी फॉर्म बन गया अब जो एनर्जी

900
01:03:20,960 --> 01:03:25,040
जो है वो ऑलरेडी एजिस्ट कर रही है हमने सिर्फ उसके अंदर अपने आप को

901
01:03:25,040 --> 01:03:29,040
उससे जोड़ा अब क्योंकि आपने उसको अपने से जोड़ लिया है

902
01:03:29,040 --> 01:03:33,040
तो वह घूम के आपके पास ही आएगी जिधर से भी आपने

903
01:03:33,040 --> 01:03:37,600
जिससे जुड़ा है तो आपके पास ही वो आएगी पर आपकी क्षमता ही नहीं है ना

904
01:03:37,600 --> 01:03:40,480
उसको रखने की क्योंकि आपने मैनुअल तो फॉलो किया

905
01:03:40,480 --> 01:03:44,560
ही नहीं है कि हम यह करना है और यह नहीं करना है अब इसमें आप क्या

906
01:03:44,560 --> 01:03:48,560
देखोगे प्रणव का उच्चारण हो गायत्री मंत्र का उच्चारण हो जो ये

907
01:03:48,560 --> 01:03:52,600
सिंगिंग मंत्र अवेलेबल है इली य प तो अब

908
01:03:52,600 --> 01:03:56,640
व्यक्ति 10 तरह की चीजें कर रहा होता है ऐसे व्यक्ति एक चीज नहीं करते हैं

909
01:03:56,640 --> 01:04:00,800
10 तरह की चीजें कर रहे होते हैं आज यह मंत्र बोलूंगा कल वो मंत्र बोलूंगा परसों

910
01:04:00,800 --> 01:04:04,840
यह मंत्र बोलूंगा क्यों क्योंकि खुद के ईष्ट का कुल देवी

911
01:04:04,840 --> 01:04:08,960
देवता या जिसकी भी उनको साधना करनी है उसका एक मंत्र ही नहीं है कि मुझे इसको

912
01:04:08,960 --> 01:04:13,160
सिद्ध करना है मुझे इस मंत्र को ही जपना है इसको ही

913
01:04:13,160 --> 01:04:17,360
रटना है और इतनी सारी चीजें कर लेते हैं

914
01:04:17,360 --> 01:04:21,560
ना शुद्धि अशुद्धि ये सब चीजों का भी ध्यान है

915
01:04:21,560 --> 01:04:25,720
नहीं कौन सी माला होगी कौन सी माला नहीं होगी तो इस तरह की

916
01:04:25,720 --> 01:04:29,840
स को अट्रैक्ट करते हैं और अब मैंने य जितनी सारी बातें

917
01:04:29,840 --> 01:04:33,920
बोली हैं जब मैंने यह सब चीजें करनी बंद की है यह

918
01:04:33,920 --> 01:04:37,960
सब चीजें भी बंद हो चुकी है मेरा जीवन बहुत सरल बन

919
01:04:37,960 --> 01:04:42,080
चुका है मुझे पता है कि मुझे कौन सा मंत्र करना है कितनी देर

920
01:04:42,080 --> 01:04:46,280
करना है उसके लिए अशुद्धि और शुद्धि शुद्धि और शुद्धि के अंदर

921
01:04:46,280 --> 01:04:50,360
मुझे किन बातों का ध्यान रखना है 10 चीजें करने की कोई आवश्यकता ही

922
01:04:50,360 --> 01:04:54,720
नहीं है और जहां तक गायत्री मंत्र की बात कर रहे हैं हम

923
01:04:54,720 --> 01:04:55,680
अरे गायत्री

924
01:04:55,680 --> 01:04:59,720
मंत्र का समझ आनी जरूरी है ना तो सार तो हम पढ़ ही सकते

925
01:04:59,720 --> 01:05:04,120
हैं आप सार पढ़िए पर बोलना क्यों है मेरे को

926
01:05:04,120 --> 01:05:08,560
मुझे क्या मिल जाएगा मुझे जो मेरा मंत्र जो मुझे करना है

927
01:05:08,560 --> 01:05:12,720
मेरे कुल देवी देवता ईष्ट देवी देवता या जो मेरी जो साधना

928
01:05:12,720 --> 01:05:16,760
है मुझे उसे सिद्ध करना है ना उसके अंदर में ऐसा तो है

929
01:05:16,760 --> 01:05:20,840
नहीं कि जब हम बात ही करते रहे हैं कि परमात्मा के अलग-अलग रूप

930
01:05:20,840 --> 01:05:24,960
और हर एक से हमें मिल रहा है मोक्ष तो हम अपनी सुई को क्यों

931
01:05:24,960 --> 01:05:29,160
अटका के र जब हम उनको प्रैक्टिकली एक्सप्लेन भी कर पाते हैं कि यह

932
01:05:29,160 --> 01:05:33,240
सब कारणों से यह आप मत कीजिए तो

933
01:05:33,240 --> 01:05:37,280
ना सुनने की भी शायद उनमें क्षमता नहीं है कि आपने कैसे बोल दिया है

934
01:05:37,280 --> 01:05:41,280
ना मैं आपको एक और बात बताती हूं शिवांश हाल फिलहाल में मेरे एक

935
01:05:41,280 --> 01:05:45,440
मित्र है उनको वह क्या करते हैं ना पंचाक्षरी मंत्र वो बोल देते

936
01:05:45,440 --> 01:05:49,840
हैं तो उनको मैंने बोला कि

937
01:05:49,840 --> 01:05:54,440
पर वो बोल सकते हैं क्योंकि वो बोल सकते हैं वो मंत्र

938
01:05:54,440 --> 01:05:58,440
उनके वो एलिजिबल पर मैंने उन्हें बोला कि ठीक है आप बोल रहे

939
01:05:58,440 --> 01:06:02,960
हैं पर आप चलते फिरते जैसे ग्रीटिंग नहीं होती जैसे मैं आपको बोलू राम राम

940
01:06:02,960 --> 01:06:07,240
आप ऐसे मत बोला करिए क्योंकि फिर वह सामने वाले को इनेबल कर देता है बोलने

941
01:06:07,240 --> 01:06:10,720
के लिए और सामने वाले के मुख से निकल जाएगा क्योंकि

942
01:06:10,720 --> 01:06:14,840
सामने वाले को पता नहीं है कि उसे बोलना है या नहीं बोलना है तो व्यक्ति ने बोला

943
01:06:14,840 --> 01:06:19,000
कि अरे कलयुग चल रहा है

944
01:06:19,000 --> 01:06:23,240
हम मतलब ठीक है मैं सब करने के बाद क्षमा

945
01:06:23,240 --> 01:06:27,240
मांग लेता हूं और हमें भगवान का इनाम ले

946
01:06:27,240 --> 01:06:31,240
रहा हूं मैं यह सोचता हूं कि मैं माता की गोद में बैठा हूं

947
01:06:31,240 --> 01:06:35,480
और वह सब देख लेंगी भाव बहुत अच्छा है

948
01:06:35,480 --> 01:06:39,880
है ना भाव बहुत अच्छा है कि मैं माता की गोद में बैठा हूं बट यह भगवान

949
01:06:39,880 --> 01:06:44,040
भाव के भूखे हां तो यह बहुत सारी चीज

950
01:06:44,040 --> 01:06:48,280
आ जाती है जब हम किसी को यह बताते हैं यह मत करो और यह करो उन्हें लगता

951
01:06:48,280 --> 01:06:52,320
है कि हम उनको गलत बोल दे रहे हो कि वो कुछ गलती कर रहे हैं यह

952
01:06:52,320 --> 01:06:56,480
समझने की बजाय कि अगर आपको सच में कोई ऐसा

953
01:06:56,480 --> 01:07:00,600
व्यक्ति मिल रहा है जो आपको बोल रहा है यह मत करो और मेरे

954
01:07:00,600 --> 01:07:05,160
से भी मत पूछो गुरु के पास जाओ और उनसे पूछो वो बताएंगे तो

955
01:07:05,160 --> 01:07:09,600
उसका थोड़ा समर्थन करना चाहिए लोगों को क्योंकि एट द एंड ऑफ द

956
01:07:09,600 --> 01:07:14,200
डे जब ये जो मंत्र यह सब पढ़ रहे हैं बोल रहे हैं

957
01:07:14,200 --> 01:07:18,600
देखिए सोशल मीडिया पर ना सुंदर सी फोटो मतलब मैं मैंने ऐसा व्यक्त

958
01:07:18,600 --> 01:07:22,600
अपने जीवन में मेरा समय ऐसा निकला है कि जब मैं बहुत परेशान थी मैं बहुत

959
01:07:22,600 --> 01:07:25,720
रो रही थी और जो फोटो मैं डाल रही थी उस समय

960
01:07:25,720 --> 01:07:30,720
मैं बहुत खुश थी किसी को पता ही नहीं चल सकता मेरे जीवन में क्या समस्या थी

961
01:07:30,720 --> 01:07:35,080
पर अगर आपके समस आपके जीवन में ये सूक्ष्म समस्याएं

962
01:07:35,080 --> 01:07:39,240
हैं जो आपको समझ नहीं आता क्यों होती है तो आपको थोड़ा ध्यान देना चाहिए

963
01:07:39,240 --> 01:07:43,240
कि शायद आप अपने पूजा पाठ के क्रम में ये गलतियां कर रहे

964
01:07:43,240 --> 01:07:47,280
हैं जो आप जब छोड़ देंगे तो यह सब समस्याएं भी चली

965
01:07:47,280 --> 01:07:51,360
जाएंगी आपके पास कोई फालतू व्यक्ति आएगा ही नहीं अब मैं

966
01:07:51,360 --> 01:07:55,680
अब मैं बोलू मुझे सन्यास चाहिए मेरा मंत्र बोल रहा है कि मुझे सन्यास चाहिए

967
01:07:55,680 --> 01:07:59,840
उसका भाव वही है मंत्र का वही कोड है वो कोड ही सन्यास का है

968
01:07:59,840 --> 01:08:04,000
और फिर आके मेरे को कोई धोखा दे जाए और मैं बोल मेरे साथ ऐसा क्यों हो रहा है मेरे साथ धोखा क्यों

969
01:08:04,000 --> 01:08:08,040
हो रहा है मैं तो इतनी साधना कर रही हूं तो फिर बेवकूफ मैं हूं कोई और

970
01:08:08,040 --> 01:08:12,080
नहीं जी ये जो आपने जो मित्र की बात

971
01:08:12,080 --> 01:08:16,800
बताई इसमें मैं तीन वो प्राप्त है

972
01:08:16,800 --> 01:08:21,000
दृष्टांत गुरुदेव से और कृपा जी महाराज जी से प्लीज

973
01:08:21,000 --> 01:08:25,720
प्लीज रखिए क्योंकि हम चाहते हैं हम अपने मित्र के साथ य शेयर करें वो बहुत अच्छे

974
01:08:25,720 --> 01:08:29,720
व्यक्ति है बस जैसे उन्होंने बोला कलयुग ये

975
01:08:29,720 --> 01:08:34,160
कलयुग तो इसमें ये वाली बात आती है कि

976
01:08:34,160 --> 01:08:38,640
कपाती जी ने बोल कपाती जी महाराज बोला करते थे कि

977
01:08:38,640 --> 01:08:41,400
गर्मियां जब पड़ती है भीषण

978
01:08:41,400 --> 01:08:45,480
गर्मी तो हमें मालूम है कि ये गर्मी है गर्मी तो पड़ेगी

979
01:08:45,480 --> 01:08:50,120
ही फिर भी हम गर्मी से बचने का प्रयास करते हैं

980
01:08:50,120 --> 01:08:54,240
ये सोच के हाथ प हाथ धर के नहीं बैठ जाते नहीं गर्मी है गर्मी तो पड़ेगी हम

981
01:08:54,240 --> 01:08:58,280
पंखा चलाते हैं अगर पंखा नहीं हुआ बिजना डला हैं कुछ

982
01:08:58,280 --> 01:09:02,640
तो करते हैं गर्मी से बचने का प्रयास करते हैं तो यह

983
01:09:02,640 --> 01:09:06,720
कलयुग है इसलिए हम हाथ प हाथ धर करके बैठ जाए तो यह तो कोई औचित्य नहीं

984
01:09:06,720 --> 01:09:10,800
जब आप सर्दी से बच रहे हो आप गर्मी से बच रहे हो तो आपको कलयुग से भी बचने का

985
01:09:10,800 --> 01:09:14,880
प्रयास रत होना चाहिए सही है ना

986
01:09:14,880 --> 01:09:19,000
दूसरी बात वो भाव वाली

987
01:09:19,000 --> 01:09:23,400
तो भाव वाले में भी उन्होंने एग्जांपल दिया था कपाती जी महाराज का एग्जांपल

988
01:09:23,400 --> 01:09:27,640
है एक मित्र जो अपने मित्र को पत्र लिखता

989
01:09:27,640 --> 01:09:31,640
है कि मैं कल की ट्रेन से 2 बजे पहुंच मेरे पास बहुत सारा सामान होगा तो

990
01:09:31,640 --> 01:09:35,720
आप मुझको लेने आ जाना तो वो खुश हो जाता

991
01:09:35,720 --> 01:09:40,360
है अपने मित्र का पत्र पढ़ के और वो जो है मार

992
01:09:40,360 --> 01:09:44,480
अपने घर को सजा देता है ढोल नगाड़े बुलवा लेता है आज से

993
01:09:44,480 --> 01:09:48,520
लेकर के कल न बजे तक जब उसकी ट्रेन आनी है वह इतना कर देता है कि

994
01:09:48,520 --> 01:09:52,720
जैसे वहां कोई बहुत बड़ा कोई सेलिब्रेशन हो रहा हो ब

995
01:09:52,720 --> 01:09:57,200
से एक गलती हो जाती है भाव चक्कर में जिस समय

996
01:09:57,200 --> 01:10:01,280
उसको लेने जाना था अपने मित्र को जो ट्रेन से उतर रहा था वो

997
01:10:01,280 --> 01:10:05,760
भूल जाता भा विभोर रो कर के नाच रहा है नगाड़े

998
01:10:05,760 --> 01:10:09,800
भज रहे हैं सब हो रहा है वो मित्र जो था बहुत सारे समान के साथ उतरता है

999
01:10:09,800 --> 01:10:14,120
उसको मालूम ही नहीं था घर का वो ढूंढ रहा है पूरे शहर के चक्कर काट रहा है

1000
01:10:14,120 --> 01:10:18,280
उसको रात हो गई आते आते वो उसका मित्र नाच रहा है 10 11 बजे

1001
01:10:18,280 --> 01:10:22,360
आ रहा है वो मित्र और वो देख रहा है मेरा फ्रेंड पागलों की तरह नाच रहा

1002
01:10:22,360 --> 01:10:26,520
है अब उसको क्या आएगा क्रोध आएगा गुस्सा आएगा क्या है उसने

1003
01:10:26,520 --> 01:10:30,520
पूरे शहर के चक्कर काट लिए सामान ो के लाया तो इसी

1004
01:10:30,520 --> 01:10:34,520
तरीके से जो भगवान है उन्होंने उनके लिए किस

1005
01:10:34,520 --> 01:10:39,480
प्रकार का व्यवहार उन्हें पसंद है वह आपको लिख कर दिया है शास्त्र

1006
01:10:39,480 --> 01:10:43,720
कि आपको मेरे लिए यह करना है उन्होंने कहा है कि श्रुति स्मृति मेरे

1007
01:10:43,720 --> 01:10:47,880
मेरी आज्ञा है शास्त्र अगर आप उस पर ही ध्यान

1008
01:10:47,880 --> 01:10:51,880
नहीं दोगे तो भगवान को कहां से अच्छे लगोगे आप सही

1009
01:10:51,880 --> 01:10:56,120
बात है और इस पर हमने एक एक प्ले भी लाने

1010
01:10:56,120 --> 01:11:00,160
वाले हैं आने वाले टाइम में मैंने आपको तो शेयर किया था बता दू एक नाटक हम

1011
01:11:00,160 --> 01:11:04,520
लोग लाने वाले भगवान तो भाव के भूखे हैं जिसमें व्यक्ति

1012
01:11:04,520 --> 01:11:08,560
ऐसे ऐसे कर्म करने का प्रयास करेगा इस नाम पर कि भगवान तो भाव के भूखे हैं

1013
01:11:08,560 --> 01:11:12,200
अगर हम लोग इसके पीछे ही पड़ जाए ना भगवान तो भाव के भूखे हैं तो क्या जरूरत

1014
01:11:12,200 --> 01:11:16,200
है शास्त्र की मर्यादा की तो एक दिन ऐसा आएगा ना जब

1015
01:11:16,200 --> 01:11:20,200
एक लड़का अपनी बहन से विवाह करने लगेगा और उसको जाकर टोको ग

1016
01:11:20,200 --> 01:11:24,280
कि नहीं ये विवाह मत करो य अधर्म है कहां लिखा है कौन कह

1017
01:11:24,280 --> 01:11:28,280
रहा है क्यों ना करो शास्त्र में लिखा है अरे भगवान तो भाव से मिलते

1018
01:11:28,280 --> 01:11:32,360
हैं ना उनको क्या मतलब कि मैं बहन से विवाह करू कि ना करू भगवान

1019
01:11:32,360 --> 01:11:36,360
तो भाव से मिलेंगे तो करो

1020
01:11:36,360 --> 01:11:41,880
तो भगवान मर्यादा से मिलते हैं और वो मर्यादा हमें प्राप्त थ शास्त्र

1021
01:11:41,880 --> 01:11:46,040
से तो यह था काफी

1022
01:11:46,040 --> 01:11:50,120
सारी बातें हो गई मेरे ख्याल से और कुछ हमारे

1023
01:11:50,120 --> 01:11:54,560
दर्शकों को वैसे हमारे जो दर्शक है वो एक्शन ज्यादा

1024
01:11:54,560 --> 01:11:57,240
प्रेफर करते

1025
01:11:57,240 --> 01:12:01,440
ये बहुत सिंपल स्वीट और बहुत अच्छी बात लाइट हा लाइट

1026
01:12:01,440 --> 01:12:05,560
लाइट कन्वर्सेशन हमारे दर्शक अपेक्षा नहीं करते

1027
01:12:05,560 --> 01:12:10,920
हैं इस चैनल से इस चैनल प सीधे गदर

1028
01:12:10,920 --> 01:12:14,920
चैनल पर है वो वाली फिल्में नहीं चलती है लाइट वाली हम साथ साथ है हम आपके

1029
01:12:14,920 --> 01:12:19,320
कोन वाली नहीं इस चैनल पर गदर चलती है घातक चलती है बॉर्डर

1030
01:12:19,320 --> 01:12:23,960
चलती है एलओसी चलती है ये सब चलती है इसमें

1031
01:12:23,960 --> 01:12:27,320
तो आप और कुछ बताना चाहे आप आए तो

1032
01:12:27,320 --> 01:12:31,480
है बहुत अच्छी अच्छी चीजें जानने को मिली है और क्योंकि हम लोग तो बोलते ही है मगर

1033
01:12:31,480 --> 01:12:35,520
आपके द्वारा जब वही चीजें जो आपकी शैली में जो प्राप्त

1034
01:12:35,520 --> 01:12:41,400
हो रही है तो जाहिर सी बात है इससे बहुत सारी जो

1035
01:12:41,400 --> 01:12:45,880
है क्या कहते हैं उसमें जागरूकता आएगी समाज

1036
01:12:45,880 --> 01:12:50,040
है ना हा जी आप बताए कुछ अच्छी अच्छी बात

1037
01:12:50,040 --> 01:12:54,320
है आई होप व्यूवर्स के लिए भी बहुत मतलब नया है कि एकदम शांति

1038
01:12:54,320 --> 01:12:57,320
शांति चल रही

1039
01:12:57,320 --> 01:13:01,480
बट हमें लगता है हमने कुछ कुछ लोगों की बातें जो की है वो

1040
01:13:01,480 --> 01:13:05,720
तो मतलब जरूरी थी वो हमने कि है मैं एक चीज जरूर बोलूंगी

1041
01:13:05,720 --> 01:13:09,720
कि मुझे क्यों पसंद है यह पेज प

1042
01:13:09,720 --> 01:13:14,280
और जितने भी लोग टीम में है ना आवान के

1043
01:13:14,280 --> 01:13:18,360
कि बातें जब होती है स्टीम मतलब हम कहते हैं

1044
01:13:18,360 --> 01:13:22,520
कि अ लॉट ऑफ स्टीमी टॉक्स आर हैपनिंग बहुत गुस्से वाला धु धुआ दार

1045
01:13:22,520 --> 01:13:26,520
बातें हो रही है बट उसके अंदर जो एक बात बोली जाती है ना कि

1046
01:13:26,520 --> 01:13:30,720
अभद्रता मत कीजिए अभद्र भाषा मत यूज कीजिए वो बहुत इंपॉर्टेंट

1047
01:13:30,720 --> 01:13:35,000
है और मैं यह बोलूंगी किसी को भी कि

1048
01:13:35,000 --> 01:13:39,120
देखिए मैंने भी सीखा है है ना आज मैं जैसी हूं मैं

1049
01:13:39,120 --> 01:13:43,000
कल वैसी नहीं थी तो जब आप किसी महिला को

1050
01:13:43,000 --> 01:13:47,320
या किसी लड़के को पुरुष को लड़की को एक जगह

1051
01:13:47,320 --> 01:13:51,360
देखें तो जब अगर तो आपसे भद्र भाषा

1052
01:13:51,360 --> 01:13:55,560
में बात नहीं कर रहे पहली बात अगर वो आपसे भद्र भाषा में बात करर ने छोड़ी

1053
01:13:55,560 --> 01:13:59,640
है आप हट जाइए वहां से है ना कि कोई कूड़ा फेंक रहा है तो हमें हट जाना

1054
01:13:59,640 --> 01:14:04,800
चाहिए वो फेंकने वाला तो फेंक ही रहा है ऊपर से बिना देखे हु बस फेंक रहा है

1055
01:14:04,800 --> 01:14:08,920
पर आपको यदि कोई ऐसा मिले तो उसके साथ थोड़ा

1056
01:14:08,920 --> 01:14:13,080
विनम्र रहिए कोमल रहिए और एकदम कोई

1057
01:14:13,080 --> 01:14:17,240
पिक्चर परफेक्ट नहीं होता है मैं भी धीरे-धीरे सीख रही हूं मुझे तो लगता है मुझे बहुत कुछ

1058
01:14:17,240 --> 01:14:21,640
अभी सीखना ही है और किसी के चेंज को एक्सेप्ट करिए है ना

1059
01:14:21,640 --> 01:14:26,000
धीरे-धीरे करके कि बस कुछ लोग वो नहीं करते शिवांश

1060
01:14:26,000 --> 01:14:30,000
की अभी जैसे आगे जाकर जाएंगे तो पुरानी एक फोटो दिखा देंगे

1061
01:14:30,000 --> 01:14:34,160
यह देखिए यह व्यक्ति का सच यह व्यक्ति ऐसा है अरे

1062
01:14:34,160 --> 01:14:38,240
मेरे साथ हुआ है मेरे साथ तो हुआ मैंने

1063
01:14:38,240 --> 01:14:42,280
तो अपनी पुरानी और नई दोनों जीवन शैली दिखा दी थी ऑलरेडी मगर

1064
01:14:42,280 --> 01:14:46,360
शायद उनको दोष देखने वालो को दिखा नहीं होगा तो

1065
01:14:46,360 --> 01:14:50,600
मेरे साथ तो ऐसा हो गया इवन उन्होने तो हमारी फैमिली को भी घसीट लिया फैमिली

1066
01:14:50,600 --> 01:14:55,080
की कुछ प पिक्चर मिल गई तो उसको ले लिया छोटे वाले भाई को ले लिया

1067
01:14:55,080 --> 01:14:58,280
उसका जो प्रकल्प है अपना आजी पार्जन का माध्यम

1068
01:14:58,280 --> 01:15:02,720
है उसको भी घसीट लिया सब कुछ घसीट लिया बस वो जने का शास्त्रोक्त विवरण

1069
01:15:02,720 --> 01:15:06,760
नहीं दिया हा तो उ

1070
01:15:06,760 --> 01:15:11,320
उन लोगों के लिए भी क्योंकि आई थंक देखते तो होंगे ही है ना

1071
01:15:11,320 --> 01:15:15,760
वो तो देखते तो होंगे उनके लिए भी मैं यही बोलूंगी कि आप

1072
01:15:15,760 --> 01:15:20,040
अगर सिद्धांत से सिद्धांत नहीं रख सकते तो आप किसी की लाइफ में पर्सनल

1073
01:15:20,040 --> 01:15:24,480
मत हो जाइए क्योंकि मैं यह बात जरूर बोलूंगी जब हम

1074
01:15:24,480 --> 01:15:28,560
गोरी गोरी लड़कियों के इंटरव्यू लेकर बोल सकते हैं कि देखिए इन्होंने

1075
01:15:28,560 --> 01:15:32,640
हमारे सनातन धर्म को अपनाया तो हमारे कुछ पुराने

1076
01:15:32,640 --> 01:15:36,800
जीवन क्योंकि हम अगर माता के गर्भ से सिद्ध

1077
01:15:36,800 --> 01:15:41,280
होकर होते तो कहीं और होते है ना तो

1078
01:15:41,280 --> 01:15:45,440
जब हम अपने जीवन एक शैली है तो उससे जब हम आगे

1079
01:15:45,440 --> 01:15:49,440
बढ़ते बढ़ते हम बन रहे हैं ये आज जो हम वीडियो शूट कर रहे हैं आने

1080
01:15:49,440 --> 01:15:53,640
वाले पांच सालों में हम भी बहुत अलग होंगे आप भी बहुत अलग होंगे बट

1081
01:15:53,640 --> 01:15:57,680
एकदम और अच्छी और अच्छे स्तर पे और आगे बढ़ेंगे है

1082
01:15:57,680 --> 01:16:01,680
ना जी तो तो जब हम ये जब

1083
01:16:01,680 --> 01:16:05,680
हम गोरे लोगों का है ना चाहे लड़की हो या लड़का उनको इतना

1084
01:16:05,680 --> 01:16:09,880
प्रेस कर सकते हैं तो कोई हमारे पुरानी

1085
01:16:09,880 --> 01:16:13,360
फोटो या कोई वीडियो को उठा के अरे जीवन

1086
01:16:13,360 --> 01:16:17,480
था ना पर आज देखेंगे ना आपकी आज वो व्यक्ति कहां खड़ा है यहां तो बोलिए

1087
01:16:17,480 --> 01:16:22,160
कि पहले जी वो देखो भक्त था और अब वो नाली में पड़ा है शराब पीए

1088
01:16:22,160 --> 01:16:26,840
ऐसा तो कुछ नहीं है तो मुझे ये लगता कि आप फोटो उठाइए

1089
01:16:26,840 --> 01:16:31,080
पर आप यह बोलिए कि देखिए इसको कहते हैं जर्नी यह हमने

1090
01:16:31,080 --> 01:16:35,120
यह व्यक्ति ने अपने ऊपर किया है काम कि यहां से यह व्यक्ति

1091
01:16:35,120 --> 01:16:39,320
यहां पर आया तो आपको कितनी इंस्पिरेशन उससे मिलती है कि हां यह

1092
01:16:39,320 --> 01:16:43,960
भी एक जीवन है बदल सकता है क्योंकि लोग लोगों को लगता है कि शिफ्ट

1093
01:16:43,960 --> 01:16:48,200
अलग ही है जैसे कुछ लोगों को लगता है कि जो शास्त्र की मर्यादा

1094
01:16:48,200 --> 01:16:52,320
की बात करते हैं वो बाबा या सन्यासी होते हैं ऐसा कुछ नहीं है शास्त्र

1095
01:16:52,320 --> 01:16:56,960
और मर्यादा जो भी उसकी है वो एक क्या कहते हैं ब्रह्मचारी

1096
01:16:56,960 --> 01:17:01,160
से लेकर गृहस्थ से लेके वनप से लेकर सन्यास से लेकर

1097
01:17:01,160 --> 01:17:05,240
सब पर अप्लाई है पशु पक्षी पर भी अप्लाइड है तो आई

1098
01:17:05,240 --> 01:17:09,440
थिंक उस चीज पर हमें ध्यान देना चाहिए बाकी तो आई

1099
01:17:09,440 --> 01:17:13,520
थिंक आप भी और इवन हम भी हम ऐसा कोई अपना जीवन छुपाते नहीं है

1100
01:17:13,520 --> 01:17:17,720
कि यह था देखिए और फिर देखिए कि गति कहां प हुई है गति हो रही है

1101
01:17:17,720 --> 01:17:22,240
जब तक गति हो रही है तब तक बढ़िया है गति रुक गई है तो फिर बात

1102
01:17:22,240 --> 01:17:26,440
मुश्किल है है ना जी आपने ये वाली बात बहुत सही कही

1103
01:17:26,440 --> 01:17:29,080
है कि अगर

1104
01:17:29,080 --> 01:17:33,080
कोई पाश्चात्य धरती का निवासी है मतलब

1105
01:17:33,080 --> 01:17:37,880
ये गोरी लड़कियां गोरे यह लोग अगर हमारे भजन गाने लगेंगे

1106
01:17:37,880 --> 01:17:41,880
और हमारी चीजों में आ जाएंगे तो हम बड़ा प्रेज करेंगे ये उन लोगों में

1107
01:17:41,880 --> 01:17:45,960
से हैं जो लोग ऐसा करते हैं पुरानी फोटोज और नई फोटोज इर

1108
01:17:45,960 --> 01:17:50,160
े उनके इ मगर वही पर कहीं कहीं जहां हमारे भारतीय

1109
01:17:50,160 --> 01:17:54,400
भाई में अगर चेंज आया होगा तो उसके पुराने जीवन को लेकर के

1110
01:17:54,400 --> 01:17:58,560
उसके नए जीवन को बर्बाद करने का प्रयास किया जाएगा नष्ट करने

1111
01:17:58,560 --> 01:18:02,920
का प्रयास किया जाएगा उसकी टांग खींची जाएगी 90 चूहे खाके बिल्ली

1112
01:18:02,920 --> 01:18:06,800
चली हज को ये

1113
01:18:06,800 --> 01:18:10,800
सब नहीं ना तो अपने चूहे का ना हम हज करते हैं हम ज

1114
01:18:10,800 --> 01:18:15,040
श्रीराम करते हैं र इन्ही सब बातों से इन्हीं सब बातों

1115
01:18:15,040 --> 01:18:19,080
से उभरने के लिए हमें गुरु गोविंद ग्रंथ का बल प्राप्त

1116
01:18:19,080 --> 01:18:23,160
है हा मतलब मेरे को बहुत इंटरेस्टिंग लगी बात कि आप मतलब

1117
01:18:23,160 --> 01:18:27,240
उस चीज को अगर उन्होने किया भी तो इसलिए क्योंकि कोई व्यक्ति शास्त्र की बात कर

1118
01:18:27,240 --> 01:18:31,560
रहा है आर यू सीरियस मतलब

1119
01:18:31,560 --> 01:18:36,080
यू नो इट्स लाइक व ये बोल सकते हैं दैट यू जस्ट शड दैट यू हैव

1120
01:18:36,080 --> 01:18:41,480
नथिंग बेटर टू से दैट वाज योर मतलब टू गेट पर्सनल विद समबीत

1121
01:18:41,480 --> 01:18:45,720
ऑप्शन जी जी है ना तो

1122
01:18:45,720 --> 01:18:50,000
तो ऐसी स्थितियों से लड़ने के लिए ही फिर वो वाली बात आती है कि

1123
01:18:50,000 --> 01:18:54,400
अगर व्यक्ति के पास वो भक्ति का बल नहीं होगा ना

1124
01:18:54,400 --> 01:18:58,720
तो इतनी विपरीत सिचुएशंस में वो तुरंत क्विट करेगा टूट जाएगा

1125
01:18:58,720 --> 01:19:03,080
जसे हां क्योंकि मैंने तो अपनी लाइफ में देखा है

1126
01:19:03,080 --> 01:19:07,080
मुझे ऐसा बहुत अंदर से आता है कि ये जो भगवान के भक्ति मिल गई उनकी

1127
01:19:07,080 --> 01:19:11,280
कृपा से जो भक्ति करने का एक मिल गया कि मैं उनके पास बैठ पाता

1128
01:19:11,280 --> 01:19:15,280
हूं सवा घंटे या जो भी जो भी बैठ पाता हूं गुरुदेव के द्वारा निर्देशित जो

1129
01:19:15,280 --> 01:19:19,320
चीजें हैं जो कर पाता हूं थोड़ा बहुत यथा सामर्थ मगर उसकी वजह

1130
01:19:19,320 --> 01:19:21,920
से ही जो इतनी विपरीत परिस्थितियां आ जाती है लोग

1131
01:19:21,920 --> 01:19:26,240
गाली भी दे रहे हैं लोग क्रिटिसाइज कर रहे हैं ऐसा ऐसा बुरा बुरा क्रिटिसाइज

1132
01:19:26,240 --> 01:19:30,480
और आपका फोटो उठा लिया पत्नी का फोटो उठा लिया

1133
01:19:30,480 --> 01:19:34,960
और फैमिली का फोटो उठा करके दिखा दिया तो मतलब इतनी

1134
01:19:34,960 --> 01:19:39,080
ज्यादा जो वैसे सिचुएशन अच्छा एक बात ये भी है मैं अगर

1135
01:19:39,080 --> 01:19:43,160
अपने पुराने जीवन को देखूं मेरे जीवन में राम श्री राम

1136
01:19:43,160 --> 01:19:47,520
जी का ऐसा वो रहा कृपा रही कि मैंने कभी दुर्व्स नहीं

1137
01:19:47,520 --> 01:19:52,040
किए कभी ये सब चीजें नहीं है मेरी ऐसी फोटोज आपको नहीं मिलेंगी कि

1138
01:19:52,040 --> 01:19:56,160
मैं जो है बाइक पर जो है घूम रहा हूं किसी को जो है घुमा

1139
01:19:56,160 --> 01:20:00,360
रहा हूं बिना अविवाहित रूप से और ना ही मेरे

1140
01:20:00,360 --> 01:20:04,640
हाथों में आपको यह सब मिलेगा मतलब जो अल्कोहल वाली चीज ये सब नहीं

1141
01:20:04,640 --> 01:20:09,080
स्मोक करता हुआ कोई फोटो मिलेगा मगर जो एक सामान्य मगर दिशाहीन

1142
01:20:09,080 --> 01:20:13,520
व्यक्ति के फोटो जो मिलेंगे सामान्य मगर दिशा बिगड़ा हुआ नहीं

1143
01:20:13,520 --> 01:20:17,880
सामान्य मेरे हाथ में सिगरेट की फोटो आपको नहीं मिलेगी मेरे हाथ में आपको अल्कोहल

1144
01:20:17,880 --> 01:20:22,640
की फोटो नहीं मिलेगी और जो वो आता है बिना किसी

1145
01:20:22,640 --> 01:20:26,800
रिश्ते के जो है किसी मातृ शक्ति के साथ हा हा दिखाई देना वो आपको

1146
01:20:26,800 --> 01:20:31,120
नहीं मिलेगा मगर एक सामान्य मगर अज्ञानी गुरु

1147
01:20:31,120 --> 01:20:35,240
के बिना जो व्यक्ति होगा आज के समय का वो फोटो उन

1148
01:20:35,240 --> 01:20:37,120
फोटोस को लेकर के व्यक्ति ये दिखाना

1149
01:20:37,120 --> 01:20:41,520
चाहता है कि ये जो आज कर रहा है ये सब गलत है क्योंकि ये ऐसा था

1150
01:20:41,520 --> 01:20:45,520
तो ऐसा लोग करते हैं मैं जानता हूं आपके साथ भी निश्चित रूप

1151
01:20:45,520 --> 01:20:49,760
से हुआ होगा जब आपके जीवन में ये चेंजेज आए हैं तो वो आपकी

1152
01:20:49,760 --> 01:20:53,840
कुछ ऐसी चीजें रही होंगी जिनको उठा कर के आपका लेग पुलिंग करने का

1153
01:20:53,840 --> 01:20:57,960
प्रयास किया होगा तो बोल देते अरे तुम तो ऐसे

1154
01:20:57,960 --> 01:21:02,840
अब ऐसे तो बोलती हूं बस ऐसे अब क्या मतलब यही करते रहेंगे क्या

1155
01:21:02,840 --> 01:21:06,960
इसी सिचुएशन से लड़ने के लिए ही जो

1156
01:21:06,960 --> 01:21:11,240
भगवान श्री कृष्ण की वाणी हर जगह आपके कार जा

1157
01:21:11,240 --> 01:21:15,280
हर जगह उनकी जो वाणी है हर जगह का आ जाती है वोह भी

1158
01:21:15,280 --> 01:21:20,040
कहीं आपको गुरु मुख से सरलतम रूप में मिल गई हो तो क्या ही कहने

1159
01:21:20,040 --> 01:21:24,360
जैसे भगवान ने कह दिया कि तू मेरी शरण

1160
01:21:24,360 --> 01:21:28,680
में आजा तेरी प्राप्ति की रक्षा और अप्राप्य की चिंता

1161
01:21:28,680 --> 01:21:33,320
मैं करूंगा और गुरुदेव कहते

1162
01:21:33,320 --> 01:21:37,680
गुरुदेव बताते कपाती जी ने उनसे कहा था कि लोग आएंगे तुमसे कहेंगे कलयुग

1163
01:21:37,680 --> 01:21:42,240
है किसी की बात मत सुनना बीच की रक्षा भगवान को अभीष्ट

1164
01:21:42,240 --> 01:21:46,400
करते रहना आपको पताही गुरुदेव ने मेरे को एक

1165
01:21:46,400 --> 01:21:50,720
प्रश्न का उत्तर दिया था पर मैं आज शेयर करूंगी क्योंकि गुरुदेव

1166
01:21:50,720 --> 01:21:52,120
के भी बहुत सारे शिष्य भी

1167
01:21:52,120 --> 01:21:56,200
देखते ही हैं इसको तो अ अब

1168
01:21:56,200 --> 01:22:00,360
क्या हुआ कि चातुर्मास के अंदर में

1169
01:22:00,360 --> 01:22:04,400
वो भाव नहीं बरता है आपका अपने गुरु को देख के कि रोज

1170
01:22:04,400 --> 01:22:09,200
इतनी मतलब इतना ज्ञान प्राप्त होता है तो

1171
01:22:09,200 --> 01:22:13,400
तो मैंने सोचा कि अच्छा तो अब जब

1172
01:22:13,400 --> 01:22:18,280
गुरुदेव का तो मोक्ष हो जाएगा पर हम तो अटके रह जाएंगे

1173
01:22:18,280 --> 01:22:22,320
तो हमको कौन बचाएगा है ना क्योंकि अब मेरा

1174
01:22:22,320 --> 01:22:26,360
मोक्ष होगा ठीक है गुरुदेव बोलते हैं कि पढ़ा ही रहे थे

1175
01:22:26,360 --> 01:22:30,480
उस समय बोल रहे थे कि कलयुग है यह सोच के हमें यह कभी नहीं सोचना

1176
01:22:30,480 --> 01:22:34,560
कि हमारा मोक्ष नहीं होगा और हमें हर समय मोक्ष की तरफ आगे

1177
01:22:34,560 --> 01:22:38,760
ही बढ़ना है पर फिर भी मैं जितना भी आगे बढ़ रही हूं

1178
01:22:38,760 --> 01:22:43,080
अगर मैं सोचूं कि चलो अगर कल मेरी मृत्यु होगी तो मेरा जन्म होगा

1179
01:22:43,080 --> 01:22:47,200
एकदम होगा मुझे पता है होगा तो अब जब

1180
01:22:47,200 --> 01:22:51,280
मेरा जन्म होगा पर गुरुदेव का तो मोक्ष हो गया होगा तो मैंने उनसे

1181
01:22:51,280 --> 01:22:55,320
यही प्रश्न पूछा था कि गुरुदेव आपके

1182
01:22:55,320 --> 01:22:59,520
जो शिष्य है उनका अगर मोक्ष

1183
01:22:59,520 --> 01:23:03,800
नहीं होगा तो आप क्या उनको प्राप्त होते रहेंगे

1184
01:23:03,800 --> 01:23:07,120
तब गुरुदेव ने उस समय बोल तो दिया था एक जनरल

1185
01:23:07,120 --> 01:23:11,960
आंसर दिया था पर बाद में उन्होंने बुलाकर मुझे बोला था कि देखो

1186
01:23:11,960 --> 01:23:16,080
ऐसे ही बोला था उन्होंने सुनो सब मतलब सब उठ रहे थे

1187
01:23:16,080 --> 01:23:20,160
बो सुनो बीज की रक्षा तो

1188
01:23:20,160 --> 01:23:25,280
हमेशा करते ही हैं हम तो मैंने बोला अरे

1189
01:23:25,280 --> 01:23:29,560
कि मतलब परमात्मा बीच की रक्षा अपने बीच की रक्षा

1190
01:23:29,560 --> 01:23:33,560
करता ही है तो तब उन्होंने यह बात बोली थी तो उससे मतलब

1191
01:23:33,560 --> 01:23:39,160
आई होप की जो सुनने वाले हैं वो भी उनको भी अच्छा महसूस हो

1192
01:23:39,160 --> 01:23:43,400
कि क्योंकि सुखदेव जी के दर्शन हुए ना गुरुदेव को

1193
01:23:43,400 --> 01:23:47,920
तो उस भाव में मैंने समझने की कोशिश की थी कि हमको

1194
01:23:47,920 --> 01:23:52,040
गुरुदेव मिलते रहे है ना और अभी

1195
01:23:52,040 --> 01:23:56,200
अगर कल मैं कल मेरी मृत्यु हो जाए तो तो मेरा तो मुझे माता है ना मुझे कैसे

1196
01:23:56,200 --> 01:24:00,280
मिले गुरुदेव तो मेरे पास उनका वो रहेगा है

1197
01:24:00,280 --> 01:24:04,360
ना सानिध्य तो उन्होंने बोला था कि हां ऐसे वो बीच की

1198
01:24:04,360 --> 01:24:08,400
कि वो अपने सभी जितने भी बीच है गुरुदेव के अगर आप अच्छे

1199
01:24:08,400 --> 01:24:12,520
हैं अच्छे रास्ते में तो आपकी रक्षा करेंगे ही तो खुश रही इस

1200
01:24:12,520 --> 01:24:16,840
बात अच्छा अभी कुछ लोग ये भी पूछ रहे हैं आपके गुरु है कौन

1201
01:24:16,840 --> 01:24:20,840
तो माननीय के गुरु है श्रीमद जगतगुरु

1202
01:24:20,840 --> 01:24:22,160
शंकराचार्य पुरी

1203
01:24:22,160 --> 01:24:25,880
पीठाधीश्वर

1204
01:24:25,880 --> 01:24:30,640
जी वो इनके गुरु है और इन्होंने अभी अ

1205
01:24:30,640 --> 01:24:34,720
जयपुर में शायद उनका जन्मोत्सव था मनाया गया था वहां पर

1206
01:24:34,720 --> 01:24:38,880
दीक्षा ली थी और अपना जीवन अभी उसके बाद

1207
01:24:38,880 --> 01:24:43,080
चातुर्मास में गुरुदेव की सानिध्य भी इनको प्राप्त

1208
01:24:43,080 --> 01:24:47,360
हुआ काफी लंबे समय तक और अब यह जो है उनके

1209
01:24:47,360 --> 01:24:51,400
द्वारा निर्देशित बताए गए पथ पर अपने

1210
01:24:51,400 --> 01:24:57,400
जीवन का यथा सामर्थ्य निर्वाह करते हुए आगे

1211
01:24:58,680 --> 01:25:02,720
तो शिवांश एक और बात मैं चाहती हूं कि

1212
01:25:02,720 --> 01:25:06,960
आप ऐड करें इसके अंदर एक जब हम बात कर रहे थे ना कि गुरु

1213
01:25:06,960 --> 01:25:11,440
कैसा होना चाहिए तो आजकल एक और चीज बहुत बढ़ रही है

1214
01:25:11,440 --> 01:25:15,480
कि जो गुरु जीवित नहीं है है ना मतलब

1215
01:25:15,480 --> 01:25:19,880
जिन्होंने कभी गुरु नहीं बनाया उनके लिए मैं बोल रही हूं तो वो

1216
01:25:19,880 --> 01:25:23,960
ट्रेंड होता है ना कि हम इसको फॉलो कर ले उनका बहुत नाम है उनका समाधि स्थल

1217
01:25:23,960 --> 01:25:28,400
है चले गए अच्छी बात है जाना चाहिए पर वो व्यक्ति क्या करते हैं

1218
01:25:28,400 --> 01:25:33,040
कि मेरे साम में मिली हूं ऐसे व्यक्तियों से वो बोलते हैं कि

1219
01:25:33,040 --> 01:25:37,240
मेरे गुरु यह बाबा है पर बाबा है नहीं मतलब

1220
01:25:37,240 --> 01:25:41,360
कि वो उनसे पूछ सके प्रश्न उत्तर कर सके मेरे गुरु तो यह बाबा

1221
01:25:41,360 --> 01:25:45,960
है बस अब वो अपने जीवन में गलत

1222
01:25:45,960 --> 01:25:50,320
सही उनकी इंटू उनको बोल देती है तो

1223
01:25:50,320 --> 01:25:54,400
मुझे ऐसा लगता है कि एक इसीलिए शायद परंपरा

1224
01:25:54,400 --> 01:25:58,400
की भी बहुत वैल्यू है ना कि आपको वो मिलता रहता है वो छूटता नहीं है

1225
01:25:58,400 --> 01:26:02,480
कि आपके पास एक गुरु जो जिससे आप पूछ सके

1226
01:26:02,480 --> 01:26:06,960
जो आपको बता सके इस पर अगर आप थोड़ा बोलेंगे तो वो काफी

1227
01:26:06,960 --> 01:26:11,240
लोग होती है तो जैसे जो नहीं है अब जो

1228
01:26:11,240 --> 01:26:13,720
गुरु तो उनकी गद्दी जिसको प्राप्त हुई उन्होंने

1229
01:26:13,720 --> 01:26:17,720
अपना उत्तराधिकारी तो उस अपने गुरु को फिर उनके रूप में हमें देखना

1230
01:26:17,720 --> 01:26:21,720
चाहिए जो उनकी गुरु गद्दी होती है और जिससे कि आपके जीवन

1231
01:26:21,720 --> 01:26:25,760
में जो धर्म और अधर्म का निर्णय है ब्रह्म और अब ब्रह्म का

1232
01:26:25,760 --> 01:26:29,880
जो निर्णय है वो आपको मिलता रहे आपके मन में जो जिज्ञासा हैं वो

1233
01:26:29,880 --> 01:26:34,200
आपकी समाप्त होती रहे दूसरी एक बात ये है कि

1234
01:26:34,200 --> 01:26:38,400
जैसे कुछ लोग ये भी पूछ रहे हैं कि भाई एक से ज्यादा गुरु बना सकते हैं क्या तो

1235
01:26:38,400 --> 01:26:42,520
आप एक से ज्यादा आचार्यों के प्रति उनकी अमुक अमुक शिक्षाओं को

1236
01:26:42,520 --> 01:26:47,280
लेने के लिए गुरु भाव रखिए और अपने गुरु के प्रति समर्पित

1237
01:26:47,280 --> 01:26:52,120
रहिए गुरु भाव आप रखिए कोई दिक्कत नहीं है दूसरी बात ये है कि

1238
01:26:52,120 --> 01:26:56,160
गुरु का अर्थ है जो आपकी अज्ञानता मिटा दे आपका अंधकार

1239
01:26:56,160 --> 01:27:00,280
मिटा दे और यदि आपका अंधकार नहीं मिटा है तभी तो आपको

1240
01:27:00,280 --> 01:27:04,400
दूसरे गुरु की आवश्यकता है अगर आपके जीवन

1241
01:27:04,400 --> 01:27:08,560
में ऐसा प्रश्न आ रहा है कि दूसरा गुरु हो सकता है क्या इसका मतलब अभी अंधकार

1242
01:27:08,560 --> 01:27:12,560
है अभी आपको एजेक्ट चीजें पता नहीं चली है तो इसका

1243
01:27:12,560 --> 01:27:16,640
मतलब जिसको आप गुरु कह रहे हैं वो गुरु नहीं है तो इसको समझना है

1244
01:27:16,640 --> 01:27:20,920
कि गुरु का मतलब ही है अंधकार को दूर करने वाला उसके लिए आदि शंकराचार्य

1245
01:27:20,920 --> 01:27:25,400
जी ने उसमें 13 अध्याय के दूसरे श्लोक में बिल्कुल अगर

1246
01:27:25,400 --> 01:27:29,080
आपका गुरु अयोग्य है एक तो पहले संप्रदाय हीन है

1247
01:27:29,080 --> 01:27:33,520
परंपरा हीन है उसकी कोई गुरु परंपरा है ही नहीं आचार्य

1248
01:27:33,520 --> 01:27:36,800
प्रशांत जैसे

1249
01:27:36,800 --> 01:27:41,000
लोग वो तो घर भी निकलवाना चाहते हैं ना महिला का घर भी निकाल

1250
01:27:41,000 --> 01:27:45,120
दो वाह महिला महिला ही नहीं रहेगी फिर अच्छा

1251
01:27:45,120 --> 01:27:49,720
इस पर थोड़ा मैं बात पूरी कर लू फिर आपसे पूछूंगा

1252
01:27:49,720 --> 01:27:53,880
ये क्या कहते हैं उन्होंने स्पष्ट लिखा जो संप्रदाय से हीन हो मतलब जो परंपरा प्राप्त

1253
01:27:53,880 --> 01:27:58,200
ना हो और फिर उन्होंने लिखा जो अयोग्य ऐसे गुरुओं को

1254
01:27:58,200 --> 01:28:02,280
आप त्याग दे यह मत सोचे कि हम अपने गुरु के साथ क्योंकि वो

1255
01:28:02,280 --> 01:28:06,680
आपका गुरु है ही नहीं जो आपका अंधकार नहीं मिटा रहा है वह आपका गुरु नहीं

1256
01:28:06,680 --> 01:28:10,680
है आपके जीवन में अथातो ब्रह्म जिज्ञासा

1257
01:28:10,680 --> 01:28:14,720
अथातो धर्म जिज्ञासा यह जो सवालों को लेकर के अंधकार है

1258
01:28:14,720 --> 01:28:18,800
उसको मिटाने वाला ही आपका गुरु ठीक है

1259
01:28:18,800 --> 01:28:22,880
तो यह आवश्यक है और यह जो गुरु को गुरु मानने के

1260
01:28:22,880 --> 01:28:27,400
संबंध में जो चार सिद्धांत है ना उनमें से लास्ट एंड फाइनल यही है

1261
01:28:27,400 --> 01:28:32,160
वो क्या है पहला था कि अ

1262
01:28:32,160 --> 01:28:36,200
परंपरा प्राप्त होना चाहिए दूसरा सन्यासी वैराग्य होना चाहिए

1263
01:28:36,200 --> 01:28:37,280
उसके जीवन में

1264
01:28:37,280 --> 01:28:41,360
तीसरा समस्त शति स्मति शास्त्रों में सामंजस्य की शिक्षा देने वाला होना

1265
01:28:41,360 --> 01:28:43,760
चाहिए और चौथा

1266
01:28:43,760 --> 01:28:47,760
चौथा क्या गुरु वही जो अपने शिष्य का संशय दूर कर दे अंधकार

1267
01:28:47,760 --> 01:28:52,560
दूर कर दे तो ये चार सिद्धांत आपको रखने चाहिए

1268
01:28:52,560 --> 01:28:56,560
अच्छा जो प्रशांत जी ने एक बात कही

1269
01:28:56,560 --> 01:29:00,800
कि वो स्त्रियों के जीवन से वो गर्भाशय ही निकाल लेना

1270
01:29:00,800 --> 01:29:04,880
चाहिए तो इसको कैसे देखती है थोड़ा सा बताते जाइए क्योंकि भाई हम

1271
01:29:04,880 --> 01:29:08,920
लोग हम लोग लोगों को रूढ़ीवादी लगते हैं तो हम सोचते जो

1272
01:29:08,920 --> 01:29:13,200
इंगलिश बोलना इंग्लिश में अपना धारा प्रवाह बोले और जिन्होंने

1273
01:29:13,200 --> 01:29:17,240
वो जो क्या कहते हैं वो जो मॉडर्न लाइफ अच्छे

1274
01:29:17,240 --> 01:29:21,640
से देखी है आपने कहा कि अमेरिका भी गए हैं तो फिर आपके मुख से

1275
01:29:21,640 --> 01:29:25,920
अगर सुना जाए कि आप कैसे देखते हैं इन चीजों को तो आप बताए थोड़ा

1276
01:29:25,920 --> 01:29:30,320
ओ गॉड इट्स बैड इट्स जस्ट

1277
01:29:30,320 --> 01:29:34,520
बैड डोंट फॉलो इट बिकॉज वो बोल

1278
01:29:34,520 --> 01:29:38,680
रहे हैं कि मतलब वो कोई बच्चा नहीं होता

1279
01:29:38,680 --> 01:29:42,760
है कि वो बोलता है मेरी मम्मी मेरी मम्मी को इतना काम करना पड़ रहा

1280
01:29:42,760 --> 01:29:47,040
है ओ हो हो बट हाथ भी नहीं बटाएगा है ना बट और कचड़ा

1281
01:29:47,040 --> 01:29:51,080
कर देगा पर मम्मी मेरी मम्मी थक जाती है है ना तो

1282
01:29:51,080 --> 01:29:55,800
थोड़ी उस तरह की बात है अब कैसे कि एक

1283
01:29:55,800 --> 01:29:58,840
पुरुष और महिला का जो भेद है

1284
01:29:58,840 --> 01:30:03,200
वह शारीरिक भेद है आत्मा में कोई भेद नहीं है

1285
01:30:03,200 --> 01:30:07,720
मैं महिला इसलिए हूं क्योंकि मेरे में फीमेल हार्मोस

1286
01:30:07,720 --> 01:30:11,760
है ऑर्गन तो है ही बट हार्मोन मेरे जनरेट होते हैं

1287
01:30:11,760 --> 01:30:16,280
तो जो मेरा यूटरस है जो मेरे को यवन

1288
01:30:16,280 --> 01:30:20,640
प्रदान करता है मेरे को एक मां बनने की क्षमता

1289
01:30:20,640 --> 01:30:24,720
देता है मैं मां बनू नहीं बनू क्योंकि बहुत वो लोग भी होंगे जो

1290
01:30:24,720 --> 01:30:28,720
ये सुनेंगे कि अरे बट मैं तो क्योंकि लड़किया आजकल बोलती है मेरे को

1291
01:30:28,720 --> 01:30:32,800
मत बताओ कि मुझे मां बनना है कि नहीं कोई बात नहीं नहीं भी बनना है आपको

1292
01:30:32,800 --> 01:30:37,040
नहीं भी बनना है तब भी अगर आपको जवान रहना

1293
01:30:37,040 --> 01:30:41,280
है सुंदर रहना है हष्ट पुष्ट रहना है कि आपको अर्थराइटिस

1294
01:30:41,280 --> 01:30:45,720
ऑस्ट अर्थराइटिस जल्दी ना हो कमर की दर्द ना हो कमर

1295
01:30:45,720 --> 01:30:49,800
ऐसे मुड़े नहीं तो आपको बहुत आवश्यक है

1296
01:30:49,800 --> 01:30:53,960
कि आपके हार्मोन बहुत अच्छे जनरेट हो कि आपका जो

1297
01:30:53,960 --> 01:30:58,480
मासिक धर्म व बहुत अच्छे से चले उसके लिए हमें किस चीज की आवश्यकता

1298
01:30:58,480 --> 01:31:02,760
है यूटरस और ओवरीज की अब जब यह व्यक्ति बोल

1299
01:31:02,760 --> 01:31:06,960
दे कि यह तो शोषण है इसको उठा के निकाल दो

1300
01:31:06,960 --> 01:31:11,160
तो आपकी आप आप क्या बचेगा आप खाली हो जाओगे

1301
01:31:11,160 --> 01:31:13,960
हार्मोन ही नहीं रहेंगे जब हार्मोस का इन बैलेंस

1302
01:31:13,960 --> 01:31:18,360
होता है तो हम इतने परेशान हो जाते हैं रोते हैं चिल्लाते हैं लड़ते

1303
01:31:18,360 --> 01:31:22,840
हैं सब चीज करते हैं हार्मोन की मशीन ही नहीं रहेगी

1304
01:31:22,840 --> 01:31:26,880
तो अब जो हार्मोन है वो बाकी ऐसा तो नहीं है

1305
01:31:26,880 --> 01:31:31,000
कि बस वहां पर एक हार्मोन है और वो बाकी शरीर से कनेक्टेड नहीं है सब

1306
01:31:31,000 --> 01:31:35,480
चीज सब चीज से कनेक्टेड है तो अब ये जो आचार्य

1307
01:31:35,480 --> 01:31:40,000
है जो साइंस को भी नहीं

1308
01:31:40,000 --> 01:31:45,760
समझ के बोल रहे कि सो कड आचार

1309
01:31:45,760 --> 01:31:49,840
आचार्य प्रशांत सो आई थिंक

1310
01:31:49,840 --> 01:31:54,200
वी शुड कंपलीटली बायकॉट पीपल लाइक दिस क्योंकि ये

1311
01:31:54,200 --> 01:31:58,800
एक ऐसा विचारधारा शुरू कर देंगे कि लोग

1312
01:31:58,800 --> 01:32:03,040
ऐसी हरकत करना शुरू कर देंगे जैसे हम देखते हैं जैसे कुछ महिलाओं

1313
01:32:03,040 --> 01:32:07,200
की जो दिक्कत रहती है कि उनको मजबूरन करवाना पड़ता है और उनके जीवन

1314
01:32:07,200 --> 01:32:11,680
का दुख है कि जवान लड़किया मां नहीं बन पा रही है

1315
01:32:11,680 --> 01:32:16,000
पर बाहर के देशों में ऐसा हो रहा है कि कुछ लड़कियां

1316
01:32:16,000 --> 01:32:20,440
जो अपने मासिक धर्म में क्योंकि उनका अच्छे से नहीं हो पाता है दर्द के कारण

1317
01:32:20,440 --> 01:32:25,480
मेरे मैं जानती हूं ऐसे कुछ लोगों को उन्होंने अपना गर्भाशय हटा दिया है

1318
01:32:25,480 --> 01:32:31,480
अब हटा दिया है तो उनका जीवन उनका मन मनोस्फीयर

1319
01:32:54,000 --> 01:32:58,200
आचार्य बोलने से आचार्य नहीं होता है ऐसे ऋषिकेश में 100 आचार्य घूमते

1320
01:32:58,200 --> 01:33:02,440
हैं कोई किसी को नहीं पूछता है है ना तो यह जानना

1321
01:33:02,440 --> 01:33:06,640
बहुत जरूरी है गुरुदेव से पूछा था मैंने प्रश्न जो

1322
01:33:06,640 --> 01:33:10,760
थोड़ा सा उन्होंने हमें समझा दिया हम यही

1323
01:33:10,760 --> 01:33:15,400
बोलेंगे कि हम समझ गए हमने प्रश्न किया था

1324
01:33:15,400 --> 01:33:19,480
कि खुद के लिए किया था और यह जानने के लिए कि अगर ये प्रश्न हो

1325
01:33:19,480 --> 01:33:20,760
जाएगा तो हम आगे इसको डाल

1326
01:33:20,760 --> 01:33:25,200
सकते हैं तो मेरा प्रश्न था कि योगाचार्य कैसे होते हैं

1327
01:33:25,200 --> 01:33:29,520
उन्हें पता है कि हम योग शिक्षक है उन्होंने बोला

1328
01:33:29,520 --> 01:33:33,760
किसने बनाया तुम्हें योगाचार्य कहां से मिली प पदवी

1329
01:33:33,760 --> 01:33:38,240
एक तरह से उत्तर भी उसी में ही है कि आचार्य बनाया किसने आचार्य

1330
01:33:38,240 --> 01:33:42,360
कौन बनता है आचार्य का टाइटल देता कौन है यूनिवर्सिटी देती है

1331
01:33:42,360 --> 01:33:46,400
नहीं वो आपको पीएचडी का टाइटल देती है तो लोगों को ये

1332
01:33:46,400 --> 01:33:50,560
जानना भी बहुत जरूरी है कि कौन होगा जैसे हमने तो शैली

1333
01:33:50,560 --> 01:33:55,320
पूछी थी कि उसका व्यवहार व्यवहार कैसा रहेगा और उसकी खुद की जो

1334
01:33:55,320 --> 01:33:59,760
मतलब जीवन में जो आगे सीख रहा होगा वो कैसी रहेगी उसकी शैली क्या होगी

1335
01:33:59,760 --> 01:34:03,920
पर उसमें जो हमें उत्तर चाहिए था गुरुदेव ने वो दे दिया कि सबसे

1336
01:34:03,920 --> 01:34:08,080
पहले जो लोग खुद को आचार्य बोल रहे हैं आप प्लीज पहले समझिए कि

1337
01:34:08,080 --> 01:34:12,160
कहां से आचार्य कौन सी परंपरा से आचार्य उसी में ही

1338
01:34:12,160 --> 01:34:16,320
आपको पता चल जाएगा कि फॉलो करना है या नहीं करना है और सबसे सिंपल

1339
01:34:16,320 --> 01:34:20,320
यही है आप किसी को मत माने आप आदि शंकराचार्य को तो मानेंगे तो उनके चार

1340
01:34:20,320 --> 01:34:24,320
मठ है चार मठों को देखिए समझिए नहीं तो तो गुरुदेव तो

1341
01:34:24,320 --> 01:34:28,320
है ही है ना जी अच्छा कुछ रैंडम क्वेश्चन आ

1342
01:34:28,320 --> 01:34:32,640
रहे हैं तो अगर आपके पास समय हो तो ले ले क्या आपके लिए अगर कुछ क्

1343
01:34:32,640 --> 01:34:36,720
हम हम समय लेके बैठे थे आज पहली बात तो कोई मुझसे पूछ रहा

1344
01:34:36,720 --> 01:34:41,280
है सौरव जी पूछ रहे हैं क्या बिना गुरु के नाम जप कर सकते हैं देखिए

1345
01:34:41,280 --> 01:34:45,320
नाम जप अगर नाम आपको है प्राप्त तो आप कई बार

1346
01:34:45,320 --> 01:34:49,320
ऐसा होता है कि गोविंद की वजह से गुरु आ जाते हैं कई बार ऐसा होता है

1347
01:34:49,320 --> 01:34:53,760
कि गुरु की वजह से गोविंद आ जाते है ये तीनों चीजें इंटर कनेक्टेड है आपके जीवन

1348
01:34:53,760 --> 01:34:57,760
में आपको नाम मिल गया नाम जप पर जुड़ जाइए गुरु आ जाएंगे

1349
01:34:57,760 --> 01:35:02,000
वो बात और है कि कभी गुरु ही पहले आ गए तो उसको नाम मिल गया

1350
01:35:02,000 --> 01:35:06,000
व्यक्ति को तो वहां से गोविंद आ गए उसके जीवन में

1351
01:35:06,000 --> 01:35:10,040
तो अगर आपको नाम है किसी नाम में आस्था है उसका जाप करिए

1352
01:35:10,040 --> 01:35:14,200
तो क्या होगा कि योगक्षेम वम हम

1353
01:35:14,200 --> 01:35:18,240
तेरी प्राप्ति और अप्राप्य की रक्षा कौन करेगा मैं करूंगा क्यों

1354
01:35:18,240 --> 01:35:24,240
टेंशन लेता है चिल आउट जी अब अगर कोई

1355
01:35:25,800 --> 01:35:30,040
विजया जी से कोई अगर प्रश्न पूछना

1356
01:35:30,040 --> 01:35:35,360
चाहता हो तो कर सकते हैं नाम डाल के

1357
01:35:35,360 --> 01:35:39,760
करिएगा क्या मासा हरी को गुरु बनाना चाहिए

1358
01:35:39,760 --> 01:35:44,160
भाई हम बात कर रहे हैं वैराग्य की और आप मासा हारी पैट के हुए हैं

1359
01:35:44,160 --> 01:35:48,280
है ना तो वैराग्य होना चाहिए आपका जो

1360
01:35:48,280 --> 01:35:52,280
गुरु है उसमें वैराग्य होना चाहिए तो मासा तो बहुत दूर की बात हो गई

1361
01:35:52,280 --> 01:35:56,080
ठीक है

1362
01:35:56,080 --> 01:36:00,480
यह भी आपको फॉलो करते हैं हर हर शंकर जी

1363
01:36:00,480 --> 01:36:04,560
बोल रहे हैं इन मात्र शक्ति को हम भी फॉलो करते हैं धन्यवाद

1364
01:36:04,560 --> 01:36:09,400
आपका बहुत बहुत धन्यवाद सभी सपोर्ट के लिए

1365
01:36:09,400 --> 01:36:15,400
बोल रहे हैं आप क्या करते हैं यह किसके लिए प्रश्न है सना

1366
01:36:16,840 --> 01:36:20,880
जी आपकी प्रोफेशन क्या है मेरी पूछ रहे कि इनकी

1367
01:36:20,880 --> 01:36:25,120
विजय जी की यह योग सिखाते हैं और

1368
01:36:25,120 --> 01:36:29,800
मैं एक रिटायर्ड फिटनेस एनालिस्ट

1369
01:36:29,800 --> 01:36:31,960
हूं

1370
01:36:31,960 --> 01:36:36,400
रिटायर्ड अभी मैं पुल प्रूफ

1371
01:36:36,400 --> 01:36:40,760
आप मुझे धर्म का अच्छा दीदी के लिए आप अपना बताए

1372
01:36:40,760 --> 01:36:45,960
क्या करते आपसे पूछ रहे क्या करते अच्छा

1373
01:36:45,960 --> 01:36:50,520
हम अभी तो हम योग सिखाते हैं ऑनलाइन ऑफलाइन

1374
01:36:50,520 --> 01:36:54,760
कोर्सेस मैं पहले सिखाती थी बट अभी हम ऑनलाइन सिखा क्योंकि बहुत

1375
01:36:54,760 --> 01:36:59,360
सारा काम है अभी और बहुत सारी चीजें आने वाली है 2025

1376
01:36:59,360 --> 01:37:03,600
में आपको काफी कुछ पता चलेगा बहुत सारा काम चल रहा है तो अगर आप जुड़े

1377
01:37:03,600 --> 01:37:07,760
रहेंगे तो अच्छा लगेगा और बाकी हम यही करते

1378
01:37:07,760 --> 01:37:11,880
हैं सनातन धर्म पर वीडियो बना रहे हैं और लोगों को जागरूक करने की कोशिश

1379
01:37:11,880 --> 01:37:16,080
कर रहे हैं जितने लोग जागरूक होंगे उतना ही अच्छा

1380
01:37:16,080 --> 01:37:20,360
रहेगा तो ही करते हैं हम

1381
01:37:20,360 --> 01:37:26,360
जी

1382
01:37:26,960 --> 01:37:31,760
हरिद्वार और ऋषिकेश में हिंदू धर्म बहुत तेजी से खत्म हो रहा है

1383
01:37:31,760 --> 01:37:36,200
और मलेच्छ ज्यादा हो रहा है तो इनके क्या विचार

1384
01:37:36,200 --> 01:37:40,400
है क्या सच है हम हिंदू धर्म

1385
01:37:40,400 --> 01:37:44,480
खत्म नहीं हो रहा है हिंदू धर्म है इसीलिए बहुत सारे टूरिस्ट

1386
01:37:44,480 --> 01:37:48,480
आते हैं और मतलब उनका कहने का मतलब व कन्वर्जन बहुत हो

1387
01:37:48,480 --> 01:37:52,480
रहा है उधर कजन र ऊपर पहाड़ों साइड

1388
01:37:52,480 --> 01:37:56,800
में हो रहा है तो अब हम पता है कन्वर्जन

1389
01:37:56,800 --> 01:38:00,840
प मेरी थ्योरी बहुत सिंपल है जो मुझे भी यहां पर समझ आया है पहाड़ में

1390
01:38:00,840 --> 01:38:05,000
रह के पाच साल से हम ऋषिकेश में ही रह रहे हैं हरिद्वार के साइड प आपको इतना

1391
01:38:05,000 --> 01:38:09,160
नहीं समझ आएगा बाहर बाहर आउटर बाउंड्री के अंदर समझ आएगा और वो आपको

1392
01:38:09,160 --> 01:38:13,400
कन्वर्जन इसलिए लगता है क्योंकि वो आउटर बाउंड्री में और आपको आपको

1393
01:38:13,400 --> 01:38:17,600
उसी समय नहीं पता चलता आपको थोड़े टाइम बाद जैसे जैसे सोचिए मैंने आपको आज बोला

1394
01:38:17,600 --> 01:38:21,800
अच्छा 10 लोग हो गए अब मैंने आपको एक महीने बाद बोला पता है 200 लोग हो गए

1395
01:38:21,800 --> 01:38:26,120
तो आपको लगता है ओ बट जो वो जो समय बीता है ना और जो उनके लोग आके

1396
01:38:26,120 --> 01:38:31,200
आके आके बाउंड्री क्रिएट होती है ये वो है अब जब

1397
01:38:31,200 --> 01:38:35,200
हम कन्वर्जन करते हैं ये करते हैं हम खुद को

1398
01:38:35,200 --> 01:38:39,480
खुद से ही हमें प्रश्न पूछना चाहिए कि हम लोगों की

1399
01:38:39,480 --> 01:38:42,000
आस्था ये जो लोगों की आस्था टूटी

1400
01:38:42,000 --> 01:38:46,200
है एक तो उससे हमें यह पता चलता है कि उनके पास गुरु नहीं है

1401
01:38:46,200 --> 01:38:50,200
उनके पास जीवन में चाहे फाइनेंशियल चीजें हम

1402
01:38:50,200 --> 01:38:54,560
देखें फाइनेंशली ठीक नहीं होंगे या मजबूरियां होंगी य यह सारी मजबूरियों

1403
01:38:54,560 --> 01:38:58,600
से सबसे ज्यादा जो उनके पास नहीं है वो है एक

1404
01:38:58,600 --> 01:39:02,640
विल पावर और एक क्लेरिटी कि पैसे नहीं है तो क्या हुआ

1405
01:39:02,640 --> 01:39:06,640
भगवान का नाम तो है आप समझ रहे हो वो लोग भगवान

1406
01:39:06,640 --> 01:39:10,760
उनके जीवन में नहीं है तो हमें दूसरे को बोलने

1407
01:39:10,760 --> 01:39:14,960
की बजाय कि इसने इसको कन्वर्ट किया हमें इस चीज पर ध्यान

1408
01:39:14,960 --> 01:39:19,280
देना चाहिए कि हम अपने लोगों को जागरूक और भगवान

1409
01:39:19,280 --> 01:39:23,800
की तरफ कितना जोड़े और जो लोग आ रहे हैं जा रहे हैं

1410
01:39:23,800 --> 01:39:27,880
देखिए यह अभी धार्मिक स्थल से ज्यादा

1411
01:39:27,880 --> 01:39:31,920
टूरिस्ट अट्रैक्शन बन चुका है आप लोगों को मैं एक एग्जांपल दूंगी एक

1412
01:39:31,920 --> 01:39:36,120
वीडियो है मेरी ा पर जाकर देखिएगा आपको अगर देखना है कि

1413
01:39:36,120 --> 01:39:40,240
किस तरह के लोग आज समाज में है तो व वीडियो है जिसमें

1414
01:39:40,240 --> 01:39:44,240
एक बियर का कैन मैंने पकड़ा होगा गंगा जी पीछे से हैं

1415
01:39:44,240 --> 01:39:48,440
आप उसको खोलिए उसके कमेंट सेक्शन में जाइए और कितने लोगों ने उसका

1416
01:39:48,440 --> 01:39:52,440
समर्थन किया है कितने लोगों ने बोला है कि मैंने ही पीके रखा

1417
01:39:52,440 --> 01:39:56,600
है वीडियो बनाने की के लिए और किस किस प्रकार के उसमें कमेंट्स है

1418
01:39:56,600 --> 01:39:57,280
आपको उससे

1419
01:39:57,280 --> 01:40:01,720
पता चल जाएगा कि दुनिया का स्तर कहां पर है तो

1420
01:40:01,720 --> 01:40:05,800
इन बातों में अटक के 10 15 मिनट आधा घंटा

1421
01:40:05,800 --> 01:40:09,840
दो चार दिन बिताने से अच्छा है कि बात यह की जाए कि करना क्या

1422
01:40:09,840 --> 01:40:14,040
है जी अच्छा अभी एक क्वेश्चन आया

1423
01:40:14,040 --> 01:40:18,120
था कि शूद्र के गुरु हो सकते

1424
01:40:18,120 --> 01:40:22,240
हैं क्या तो मलिक जी शूद्र के गुरु बिल्कुल

1425
01:40:22,240 --> 01:40:26,640
हो सकते हैं हमारे बहुत बहुत सारे गुरु भाई है जो शूद्र है आर्य समाज में इतने ब्राह्मण

1426
01:40:26,640 --> 01:40:31,680
नहीं होंगे जितने हमारे गुरु भाई शूद्र होंगे ठीक है

1427
01:40:31,680 --> 01:40:36,240
हा ऐसा ही होना चाहिए ना उत्तर ये वाली बात आ

1428
01:40:36,240 --> 01:40:40,520
तो हमारे बहुत सारे गुरु भाई शूद्र है जो हमारे साथ एड़ी

1429
01:40:40,520 --> 01:40:44,680
चोटी का जोड़ लगा कर के धर्म की रक्षा के लिए तैनात है

1430
01:40:44,680 --> 01:40:48,960
और हम केवल ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य नहीं है

1431
01:40:48,960 --> 01:40:53,280
हम शूद्र भी है आदित्य वाहिनी में सब

1432
01:40:53,280 --> 01:40:57,560
और अंत बोलते है ना गुरुदेव तो कि वो अंत है असली

1433
01:40:57,560 --> 01:41:02,120
शब्द जो हम यूज करते हैं वो अंत का है छोटे भाई का

1434
01:41:02,120 --> 01:41:06,120
जी और गुरुदेव से दीक्षित है और बहुत खुश

1435
01:41:06,120 --> 01:41:10,200
है अपने जीवन को शास्त्र सम्मत तरीके से संतुष्टि जनक जीवन जी रहे

1436
01:41:10,200 --> 01:41:12,360
हैं एक बात आई ना रामायण में

1437
01:41:12,360 --> 01:41:16,480
और मनुस्मृति में भी आई है आपके आप जैसे आपने बोला ना

1438
01:41:16,480 --> 01:41:21,080
कि आप अपनी लाइफ में देखो तो हमारे पास उन चीजों का प्रमाण होता है जैसे आपने बोला

1439
01:41:21,080 --> 01:41:25,320
तोव प्रमाण है तो तो यह बात रामायण में भी आई और मनुस्मृति

1440
01:41:25,320 --> 01:41:29,640
में आई आपके आसपास यदि अनैच्छिक

1441
01:41:29,640 --> 01:41:34,520
जो चीजें है अन एक्सपेक्टेड चीज होने लगे अकाल टाइप की चीज

1442
01:41:34,520 --> 01:41:38,600
तो समझ लीजिए कि आसपास अशा

1443
01:41:38,600 --> 01:41:42,720
स्त्रीय विधि का आलंबन लेकर के ये चीजें हो रही हैन

1444
01:41:42,720 --> 01:41:46,960
पाठन तो बिल्कुल ब्राह्मण हो सकते हैं और

1445
01:41:46,960 --> 01:41:51,040
किसी का विजया जी आज है आपके बीच में और पूरी

1446
01:41:51,040 --> 01:41:55,160
शंकराचार्य जी की शिष्या है ये नाम भी उन्हे उन्हीं से प्राप्त हुआ है

1447
01:41:55,160 --> 01:41:59,440
जी जी जी पूर्व काल का इनका नाम रिदम था और

1448
01:41:59,440 --> 01:42:04,200
अभी इनका नाम विजय है और मैं आपके मतलब मुझे एक चीज बहुत अच्छी लगी

1449
01:42:04,200 --> 01:42:08,600
कि आपका जो समर्पण भाव था ना गुरुदेव के प्रति वो मुझे बहुत अच्छा लगा

1450
01:42:08,600 --> 01:42:13,080
मैं उसकी प्रशंसा जरूर करूंगा आपको जैसे ही व नाम मिला

1451
01:42:13,080 --> 01:42:17,360
और खट से आपने चेंज कर दिया अपने इंस्टा आईडी पर जबक वहां पर लगभग

1452
01:42:17,360 --> 01:42:21,360
मेरे ख्याल से एक लाख के समथिंग फॉलोअर्स हो गए थे तो जब

1453
01:42:21,360 --> 01:42:25,520
हमारे इतने फॉलोअर्स हो जाते ना तो एक बार को डर आना

1454
01:42:25,520 --> 01:42:27,360
एक नॉर्मल सी बात है

1455
01:42:27,360 --> 01:42:31,400
कहीं मेरी इमेज को कोई परेशानी तो नहीं होगी कहीं वो वाले फॉलोअर्स पूरा

1456
01:42:31,400 --> 01:42:35,800
तो नहीं मान जाएंगे कहीं चले तो नहीं जाएंगे इन्हीं सब सिचुएशन से बचने

1457
01:42:35,800 --> 01:42:40,000
के लिए ही भक्ति का बल व्यक्ति को मिला है जब

1458
01:42:40,000 --> 01:42:44,680
व्यक्ति के सामने कोई रास्ता ना बचे तो फिर सोचे व्यक्ति

1459
01:42:44,680 --> 01:42:48,880
कि हमारे साथ श्री रघुनाथ तो किस बात की चिंता तभी तो वो

1460
01:42:48,880 --> 01:42:53,280
ऐसे रिस्ता है तो वो आपने बहुत साहस पूर्ण कार्य किया था अगर

1461
01:42:53,280 --> 01:42:57,400
अब यही वाली बात आती जैसे जिसके पास भक्ति नहीं है ना उसके पास

1462
01:42:57,400 --> 01:43:01,600
जैसे अब नाम नहीं लूंगी ये जो अलंकारी है इनके

1463
01:43:01,600 --> 01:43:05,720
पास भक्ति नहीं है भक्ति क्या है ये लोग क कर्म तो

1464
01:43:05,720 --> 01:43:09,840
है कर्म तो करना है मगर ऐसी विडंबना जब आप कर्म करने चलते हो ना

1465
01:43:09,840 --> 01:43:13,920
तो दुनिया आपका विरोध करती है करती है आपके विपरीत परिस्थितियां

1466
01:43:13,920 --> 01:43:17,960
उत्पन्न होंगी उस परिस्थिति से निपटने के लिए आपके पास भक्ति का बल

1467
01:43:17,960 --> 01:43:20,520
होता

1468
01:43:20,520 --> 01:43:26,000
है भैया ये क्वेश्चन मेरा था

1469
01:43:26,000 --> 01:43:30,000
यह क्वेश्चन मेरा था बिना गुरु दीक्षा लिए ही केवल नाम जप करने से

1470
01:43:30,000 --> 01:43:34,760
मोक्ष मिल जाता है देखिए नाम जप आप जो कर रहे हैं

1471
01:43:34,760 --> 01:43:39,080
अगर आप निष्ठा पूर्वक कर रहे तो इसका मतलब है कि आपकी ईश्वर को लेकर के गुटिया

1472
01:43:39,080 --> 01:43:43,080
सु सुलज चुकी है आप अवाद ईश्वर की पूजा ही

1473
01:43:43,080 --> 01:43:47,640
कर रहे हैं नाम के द्वारा ठीक है तभी तो निष्ठा आएगी निष्ठा कब आएगी जब

1474
01:43:47,640 --> 01:43:51,680
ईश्वर अवाद सिद्ध होगा तब निष्ठा आएगी तो नाम जब आप कर रहे ईश्वर के

1475
01:43:51,680 --> 01:43:55,680
प्रति निष्ठा आ गई है तो फिर अगर आपके जीवन में

1476
01:43:55,680 --> 01:43:59,840
मोक्ष के लिए गुरु आवश्यक है तो फिर वो देखेंगे ना व

1477
01:43:59,840 --> 01:44:03,960
गुरु को ला देंगे तो आप नाम जप समर्पण

1478
01:44:03,960 --> 01:44:08,280
भाव के साथ शुरू करिए और गुरु

1479
01:44:08,280 --> 01:44:12,640
भी आएंगे हां ठीक है यह हो गया

1480
01:44:12,640 --> 01:44:18,040
तो मेरे ख्याल से अब कोई क्वेश्चन है नहीं किसी का बहुत बहुत धन्यवाद

1481
01:44:18,040 --> 01:44:22,320
आपका आपका भी बहुत-बहुत धन्यवाद तम

1482
01:44:22,320 --> 01:44:26,760
जी पूर्व काल का नाम और आज का नाम विजया जी

1483
01:44:26,760 --> 01:44:30,840
स सम्मान आप हमारे चैनल पर आई और बहुत सारी अच्छी अच्छी और

1484
01:44:30,840 --> 01:44:35,440
लाइट ऐसे मोमेंट इस चैनल पर कम देखने को मिलते हैं तो

1485
01:44:35,440 --> 01:44:39,600
उसके लिए हार्दिक आभार आपका आपका भी बहुत बहुत

1486
01:44:39,600 --> 01:44:41,240
आभार हमें बहुत अच्छा लगा

1487
01:44:41,240 --> 01:44:45,240
हम आए और हमें थोड़ा बताना भी था कि

1488
01:44:45,240 --> 01:44:49,280
आपका लास्ट टाइम वाले में भी रहता था

1489
01:44:49,280 --> 01:44:53,360
विज जी की विजय जी की इंस्टा आईडी है

1490
01:44:53,360 --> 01:44:58,280
पर आप इन्ह फॉलो कर सकते

1491
01:44:58,280 --> 01:45:02,400
हैं यह सारे चीजें हैं आपको वहां पर बहुत

1492
01:45:02,400 --> 01:45:06,800
सारी चीजें मिलेंगी तो यहां पर आप फॉलो कर सकते हैं और

1493
01:45:06,800 --> 01:45:11,160
हा और पहले वाली प्रणव की वीडियो में जाके क्रेजी मत हो जाइएगा

1494
01:45:11,160 --> 01:45:15,280
सभी पहले की वीडियो है यह जान लीजिए

1495
01:45:15,280 --> 01:45:19,600
बाद वाली वीडियोस को देखिए उसको रखा इसलिए गया है ताकि बाद में

1496
01:45:19,600 --> 01:45:23,960
जैसे अभी जो दर्शक आए वो तो है ही पर बाद में हमय बता सके कि

1497
01:45:23,960 --> 01:45:27,960
ऐसा होता है पर आप बदल सकते हैं जैसे इसमें भी बहुत था

1498
01:45:27,960 --> 01:45:32,000
कि मुझे काफी बार बोला गया कि अरे आप बोलो फिर ऐसे अच्छा नहीं लगेगा हम

1499
01:45:32,000 --> 01:45:36,120
बोले अरे अगर मतलब मुझे यह लगता है कि जब आपके

1500
01:45:36,120 --> 01:45:40,160
अंदर यह भाव है ना या तो यह काम या फिर मेरे गुरुदेव

1501
01:45:40,160 --> 01:45:44,160
अगर ऐसा भी आए तो हम अपने गुरु को ही चुनेंगे कि छोड़ देंगे हम ये

1502
01:45:44,160 --> 01:45:48,280
सब क्योंकि मिला भी उनसे ही है तो जहां पर

1503
01:45:48,280 --> 01:45:52,480
उनका मतलब हमें ना एक ये मुझे ये चीज समझ

1504
01:45:52,480 --> 01:45:56,240
में आई रोज आती है कि अब क्या होता

1505
01:45:56,240 --> 01:46:00,320
है कि मुझे कभी भी कुछ करना होता है तो

1506
01:46:00,320 --> 01:46:05,000
मैं उसके अंदर हर बार मेरे को आता है कि अरे ये गुरुदेव के

1507
01:46:05,000 --> 01:46:09,200
मतलब उनका व्यक्तित्व इतना उनका प्रभाव इतना है कि यह नहीं करेंगे

1508
01:46:09,200 --> 01:46:13,400
गुरुदेव इसका समर्थन नहीं कर पाएंगे गुरुदेव इसका समर्थन नहीं करते कर पाएंगे

1509
01:46:13,400 --> 01:46:17,480
क्या हम कौन होते हैं ऐसे बोलने वाले कि गुरुदेव इसका समर्थन नहीं करेंगे तो यह तो करना

1510
01:46:17,480 --> 01:46:21,800
ही नहीं है दूर रहो इससे तो गुरुदेव

1511
01:46:21,800 --> 01:46:25,880
का ही वचन है कि कि एक मतलब मैं उनकी शैली में तो नहीं बोल

1512
01:46:25,880 --> 01:46:29,920
पाती हूं पर उन्होंने एक बार बताया था कि बात बता

1513
01:46:29,920 --> 01:46:34,080
रहे थे जिसमें उन्होंने कहा कि किसने लिखा है कि मेरे गुरु

1514
01:46:34,080 --> 01:46:38,120
ने मुझे ऐसा दीपक दिया है जो वही रास्ता दिखाता

1515
01:46:38,120 --> 01:46:42,120
है जहां चलना है और कोई मार्ग दिखाता ही नहीं है और

1516
01:46:42,120 --> 01:46:46,480
वही बात क्या बात क्या बात सूत्रा

1517
01:46:46,480 --> 01:46:50,760
क्मक शैली में बहुत बड़ी बात है ये हां जी बहुत

1518
01:46:50,760 --> 01:46:55,520
बढ़िया तो गु मार्ग मिल जाता है जैसे यह वाली बात

1519
01:46:55,520 --> 01:47:00,560
आज सुबह भी मुझसे किसी ने पूछी थी

1520
01:47:00,560 --> 01:47:04,560
कि क्या वो फलाने वाले गुरु है वह

1521
01:47:04,560 --> 01:47:08,720
सही है क्या वोह फलाने वाले गुरु है वह सही है क्या फलाना शास्त्र सही

1522
01:47:08,720 --> 01:47:12,720
है क्या फलानी चीज सही है क्या फलाना मंत्र हम जप सकते हैं

1523
01:47:12,720 --> 01:47:16,880
क्या हम यह कर सकते हैं क्या हम वो कर सकते हैं तो इस तरह के प्रश्न मे

1524
01:47:16,880 --> 01:47:21,080
सामने आए तो मैंने य बताया मैं अपने फिटनेस एनालिस्ट होने

1525
01:47:21,080 --> 01:47:25,240
का फायदा उठाता हूं तो मेरे पास जब मैं किसी को

1526
01:47:25,240 --> 01:47:30,120
न्यूट्रिशन बता देता था कि तुम्हें दिन भर में ये ये खाना है इतने बादाम खाने है इतना ये खाना है

1527
01:47:30,120 --> 01:47:34,160
तो व्यक्ति का फोन आता था मेरे पास कि सर मैं थोड़े से यह खा सकता हूं

1528
01:47:34,160 --> 01:47:38,160
क्या सर मैं थोड़े से चने खा सकता हूं क्या सर मैं थोड़ा पुलाव खा सकता हूं

1529
01:47:38,160 --> 01:47:42,720
क्या पनीर खा सकता हूं क्या ऐसे फोन आता रहता था तो

1530
01:47:42,720 --> 01:47:47,040
मैंने उसको जवाब दिया कि देखिए अगर हम ये ढूंढने

1531
01:47:47,040 --> 01:47:51,600
निकलेंगे कि हमें क्या-क्या नहीं करना है तो वो अनंत है

1532
01:47:51,600 --> 01:47:55,640
हमें क्याक नहीं करना वो अनंत है हमें क्या क्या नहीं खाना

1533
01:47:55,640 --> 01:47:59,720
है अनंत है आज आपने कोई लिस्ट बना ली हमें ये नहीं खाना है 100

1534
01:47:59,720 --> 01:48:03,920
नाम कल 500 चीजें और जनरेट हो जाएंगी मार्केट में अब उनके लिए फोन

1535
01:48:03,920 --> 01:48:08,240
करो तो क्या क्या नहीं खाना है इस पर ध्यान देने की बजाय

1536
01:48:08,240 --> 01:48:12,320
क्या खाना है इस पर ध्यान दे दोगे अगर तो जो खाना आपको

1537
01:48:12,320 --> 01:48:15,880
पता चल गया कि हमको ये खाना है उसके बाहर की सारी चीजें

1538
01:48:15,880 --> 01:48:20,120
नहीं खानी है तो मैंने जो आपको मैंने जो आपको डाइट

1539
01:48:20,120 --> 01:48:26,120
बना के दी है उसके बाहर की सारी चीजें

1540
01:48:27,720 --> 01:48:32,000
नो मा फोन रख देता था

1541
01:48:32,000 --> 01:48:36,360
हा तो गुरु में भी है यही यही चीज है जब गुरु

1542
01:48:36,360 --> 01:48:40,360
ने आपको जिस चीज में चलना है वो बता दिया तो ये यह कर सकते हैं क्या यह

1543
01:48:40,360 --> 01:48:44,720
कर सकते हैं क्या इसमें आप अपना समय वेस्ट कर रहे हैं है ना

1544
01:48:44,720 --> 01:48:47,520
तो ठीक है फिर

1545
01:48:47,520 --> 01:48:51,560
और बहुत अच्छा लगा आपने चैनल पर काफी समय दिया और

1546
01:48:51,560 --> 01:48:55,120
आकी

1547
01:48:55,120 --> 01:48:59,400
हमें अच्छा लगा आकर और लास्ट मैसेज

1548
01:48:59,400 --> 01:49:04,360
हम ऑडियंस को ये देना चाहेंगे कि बाद में भी अगर कोई देखे

1549
01:49:04,360 --> 01:49:08,560
कि आप अगर इस चैनल पर है ही तो एक काम

1550
01:49:08,560 --> 01:49:12,640
जरूर कीजिए समझिए कि शंकर परंपरा है क्या

1551
01:49:12,640 --> 01:49:16,680
जब आप यह समझ जाएंगे कि शंकर परंपरा आपको ऑप्शन

1552
01:49:16,680 --> 01:49:20,720
ही ऑप्शन दे देता है चाहे आपको भगवती चाहिए गणपति चाहिए

1553
01:49:20,720 --> 01:49:24,720
ब्रह्मा चाहिए विष्णु चाहिए महेश चाहि और उसमें आपका समर्थन

1554
01:49:24,720 --> 01:49:29,080
करता है तो वह शंकर परंपरा है शंकर परंपरा

1555
01:49:29,080 --> 01:49:33,520
आपको गुलाम नहीं बनाती है शंकर परंपरा आपको

1556
01:49:33,520 --> 01:49:38,040
मोक्ष की तरफ लेकर जाती है आपको फ्री कर देती है यह सारे झंझट

1557
01:49:38,040 --> 01:49:42,080
से अगर आपको जानना है कि शंकर परंपरा

1558
01:49:42,080 --> 01:49:46,240
क्या है तो शंकर परंपरा वही है जो यह बोले कि वन वर्ल्ड

1559
01:49:46,240 --> 01:49:50,560
की पिक्चर है जो वासुदेव कुटुंबकम को धारण करके बैठा

1560
01:49:50,560 --> 01:49:54,640
है वह शंकर परंपरा है और शंकर परंपरा वही है जो हरि और

1561
01:49:54,640 --> 01:49:58,960
हर के अंदर भेद नहीं बट उन उनका जो मिलन है उसको

1562
01:49:58,960 --> 01:50:03,040
आपको समझाती है तो जब आप ऐसे आचार्य और ऐसे धर्म

1563
01:50:03,040 --> 01:50:07,040
गुरुओं के साथ बैठते हैं तो यह ठीक है वो गलत

1564
01:50:07,040 --> 01:50:10,160
है यह नहीं वो सब की बात आती नहीं है

1565
01:50:10,160 --> 01:50:14,160
और एक शंकर परंपरा ही है जहां पर

1566
01:50:14,160 --> 01:50:18,760
आपको कृष्ण भक्ति चाहिए 10 महाविद्या की भक्ति चाहिए

1567
01:50:18,760 --> 01:50:22,760
जिसकी भी भक्ति जिसकी भी दीक्षा चाहिए वो

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01:50:22,760 --> 01:50:27,160
आपको शंकर परंपरा से मिल जाती है वन स्टॉप

1569
01:50:27,160 --> 01:50:32,080
सोल्यूशन इन कलयुग इ शंकर परंपरा तो इसको

1570
01:50:32,080 --> 01:50:36,440
समझिए क्या बात चलिए फिर बहुत बढ़िया सूत्रा

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01:50:36,440 --> 01:50:40,880
क्मक शैली में शंकर परंपरा का परिचय देते

1572
01:50:40,880 --> 01:50:44,920
हुए विजया जी ने बात को पूरा किया सभी को

1573
01:50:44,920 --> 01:50:49,480
जय श्री राम साहब सिंह जी आपको हम देखेंगे

1574
01:50:49,480 --> 01:50:53,480
आप जब हमसे बात करते हैं तो आपकी भाषा शैली कुछ और हो जाती है

1575
01:50:53,480 --> 01:50:57,640
बहुत मर्यादित अच्छा आचरण करने लगते हैं मगर जब बात नहीं कर रहे होते

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01:50:57,640 --> 01:51:01,680
तो बड़ा अभद्र सा आचरण करते हैं खैर आपको आज हम

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01:51:01,680 --> 01:51:06,440
एक्शन पैक के मूड में है नहीं तो फिर किसी दिन हम बात करेंगे तो

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01:51:06,440 --> 01:51:11,000
सभी को जय श्री राम सभी को जय श्री

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01:51:11,000 --> 01:51:15,200
राम जय श्री राम विजय जी जय श्री राम हम भारत भव्य

1580
01:51:15,200 --> 01:51:19,320
बनाएंगे हम हिंदू राष्ट्र राष्ट्र बनाएंगे

1581
01:51:19,320 --> 01:51:24,640
नमः पार्वती पद हर ह

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01:51:24,640 --> 01:51:30,260
हर हर महादेव जय गुरुदेव जय गुरुदेव जय

1583
01:51:30,260 --> 01:51:34,260
[संगीत]
