1
00:00:01,740 --> 00:00:07,740
[संगीत]

2
00:00:08,520 --> 00:00:12,920
जय श्री राम प्यारी

3
00:00:12,920 --> 00:00:18,920
बहना मैं देख रहा हूं चुगली चल रही है मेरे विरोध

4
00:00:20,640 --> 00:00:25,520
में तो

5
00:00:25,520 --> 00:00:31,000
भाई सभी को जय श्री राम

6
00:00:31,000 --> 00:00:35,000
और प्रयास किया है समय से तो अभी भी नहीं हूं चार पाच

7
00:00:35,000 --> 00:00:41,000
मिनट

8
00:00:41,720 --> 00:00:46,120
लेट अरे नहीं टाइम पर नहीं है मयंक जी आज भी इचार

9
00:00:46,120 --> 00:00:52,120
मिनट लेट

10
00:00:52,560 --> 00:00:58,440
है अनुमानित समय होता है जो आपको दिया जाता

11
00:00:58,440 --> 00:01:02,760
है तो आप आज हमारी बहुत विशेष चर्चा है कुछ जानने

12
00:01:02,760 --> 00:01:05,880
को मिलने वाला है बहुत

13
00:01:05,880 --> 00:01:08,000
ही

14
00:01:08,000 --> 00:01:12,000
विशेष चीजें हैं जो जानने को मिलेंगी आज

15
00:01:12,000 --> 00:01:17,200
और हमारे साथ में

16
00:01:17,200 --> 00:01:21,440
आज जो वेद पुराण और गीता वाले जो भाई

17
00:01:21,440 --> 00:01:25,920
साहब है देवेंद्र शर्मा जी वह भी आज

18
00:01:25,920 --> 00:01:30,240
आएंगे मेरे ख्याल से वो जवाइन कर ही रहे होंगे

19
00:01:30,240 --> 00:01:34,240
उनको लिंक दे दिया जाए भाई गीता वेद पुराण वाले जो भाई साहब है और उनको आमंत्रित

20
00:01:34,240 --> 00:01:38,520
किया जाए आज बहुत ही एक स्पेशल

21
00:01:38,520 --> 00:01:42,800
टॉपिक है कि इनके द्वारा जो किया जा रहा है वह शास्त्र

22
00:01:42,800 --> 00:01:46,840
सम्मत भक्ति है या शास्त्र विरुद्ध भक्ति है या

23
00:01:46,840 --> 00:01:50,840
फिर कोई शास्त्र विरुद्ध शक्ति है जो कार्य कर रही है

24
00:01:50,840 --> 00:01:55,160
इस प्रकार का व सारी बातें

25
00:01:55,160 --> 00:01:59,240
हैं तब तक

26
00:01:59,240 --> 00:02:03,480
विज्ञान दर्शन के चैनल पर भी लाइव है हो सकता है भाई विज्ञान

27
00:02:03,480 --> 00:02:07,520
दर्शन के चैनल पर लाइव हो वैसे आपको बता द अगर सब कुछ

28
00:02:07,520 --> 00:02:11,920
ठीक रहा तो 9 तारीख को हमारा आर्य समाज के कोई

29
00:02:11,920 --> 00:02:16,600
महानुभाव आएंगे लखनऊ और हमारा उनके साथ जो है

30
00:02:16,600 --> 00:02:20,760
वह तय हो सकता है हम अपनी तरफ से उनको सूचना

31
00:02:20,760 --> 00:02:24,840
पहुंचा रहे हैं कि वह आए लखनऊ में और

32
00:02:24,840 --> 00:02:29,240
चर्चा करें सर्व शक्तिमान ईश्वर परम स्वतंत्र मोक्ष शाश्वत

33
00:02:29,240 --> 00:02:31,680
धर्म केपर

34
00:02:31,680 --> 00:02:32,240
तो आपको

35
00:02:32,240 --> 00:02:38,240
अच्छा सा

36
00:02:38,400 --> 00:02:42,440
एक रामपाल के कारण हजारों फैमिलीज का डाइवोर्स

37
00:02:42,440 --> 00:02:48,440
हो चुका है अब तक इस बारे में हमें कोई इंफॉर्मेशन नहीं

38
00:02:51,880 --> 00:02:56,400
[संगीत] है जय श्री राम देवेंद्र

39
00:02:56,400 --> 00:03:01,240
जी जय श्री राम

40
00:03:01,240 --> 00:03:05,240
देवेंद्र जी मैं चाहूंगा सबसे पहले थोड़ा सा आप अपना परिचय दे दे हम तो दे

41
00:03:05,240 --> 00:03:10,040
ही चुके आपके बारे में आप भी थोड़ा सा बता दे दर्शको को

42
00:03:10,040 --> 00:03:14,040
मैं देवेंद्र शर्मा मथुरा से बिलोंग करता हूं मेरा यट

43
00:03:14,040 --> 00:03:18,040
पर चैनल शायद कुछ लोगों ने देखा भी होगा गीता वेद पुराण के नाम से

44
00:03:18,040 --> 00:03:22,680
है मैंने यह चैनल सन 2014 में शुरू किया था

45
00:03:22,680 --> 00:03:26,760
और 2020 तक मैं इस पर वीडियो डालता रहता लेकिन कुछ समय से

46
00:03:26,760 --> 00:03:30,960
मैं अपने होम टाउन मथुरा में आ गया हूं तब से मैंने वीडियो बंद कर दिया

47
00:03:30,960 --> 00:03:34,960
था लेकिन अभी कुछ समय से मैंने आपके वीडियोस देखे कि लाइव आ

48
00:03:34,960 --> 00:03:39,120
रहे हैं तो मैंने सोचा कि चलो आपके साथ लाइव आते हैं

49
00:03:39,120 --> 00:03:43,400
जो भी सच्चाई है सब लोगों को पता चलनी चाहिए तो इसलिए

50
00:03:43,400 --> 00:03:48,080
मैं भी अपना एक्सपीरियंस शेयर करने के लिए आपके साथ हूं

51
00:03:48,080 --> 00:03:52,440
जी जी बिल्कुल बिल्कुल बहुत बढ़िया किया और आपसे

52
00:03:52,440 --> 00:03:56,680
हम आपने जब एक कमेंट किया था एक महान

53
00:03:56,680 --> 00:04:00,720
प्रयास चैनल पर एक कमेंट हां जी हमने

54
00:04:00,720 --> 00:04:05,000
पढ़ा था नोटिफाई किया था और आपको जो है वहां यह भी बताया था कि हमने आपका

55
00:04:05,000 --> 00:04:09,200
कमेंट पढ़ लिया जी आप एक अच्छा कार्य

56
00:04:09,200 --> 00:04:13,200
कर रहे थे मेरा वीडियो कट के आ रहा है क्या

57
00:04:13,200 --> 00:04:17,520
मेरा वीडियो ठीक से नहीं आ रहा है क्या

58
00:04:17,520 --> 00:04:23,040
हमारा वीडियो ठीक नहीं आ रहा है क्या नहीं ठीक आ रहा

59
00:04:23,040 --> 00:04:27,560
है अच्छा कोई बता दीजिए जी मैं आपकी वीडियो देखता

60
00:04:27,560 --> 00:04:31,680
हूं हा नहीं कोई अभी अभी वीडियो बता दीजिए हम लोगों का ठीक ठीक आ रहा

61
00:04:31,680 --> 00:04:36,320
है कि नहीं साफ

62
00:04:36,320 --> 00:04:40,320
साफ ओके ठीक है ठीक है तो

63
00:04:40,320 --> 00:04:44,360
आज भाई जो मुख्य वक्ता है हमारे वो इस समय देवेंद्र जी ही

64
00:04:44,360 --> 00:04:48,560
है वही हमें मार्गदर्शन करेंगे कि क्या क्या लाए हैं आपके लिए

65
00:04:48,560 --> 00:04:54,560
पिटारे में से निकालेंगे रामपाल जी के लिए चॉकलेट कुरकुरे

66
00:04:56,440 --> 00:05:00,440
चिप्स क्या क्या है सब कुछ आपको मिलेगा अभी

67
00:05:00,440 --> 00:05:05,120
तो जी देवेंद्र जी आप अपना बताए

68
00:05:05,120 --> 00:05:09,640
इस लाइव वीडियो में हम यह दिखाना चाहते हैं ये लोग हमारे मंत्रों पर क्वेश्चनिंग

69
00:05:09,640 --> 00:05:13,760
करते हैं कि वेदों में आपके आप राम राम बोलते

70
00:05:13,760 --> 00:05:17,760
हो राधे कृष्ण बोलते हो तो इनका वर्णन वेदों में कहां पर

71
00:05:17,760 --> 00:05:22,000
है हम से सा संबध कैसे हैं कि हमें यह सब नाम

72
00:05:22,000 --> 00:05:26,000
जाप करें तो मेरा आज इनसे भी ये क्वेश्चन है कि

73
00:05:26,000 --> 00:05:30,160
आपका जो नाम दान का प्रथम मंत्र है वो हम शेयर करेंगे तो

74
00:05:30,160 --> 00:05:34,200
वह कौन से शास्त्र में वर्णित है वेदों में है उपनिषद में है पुराणों में

75
00:05:34,200 --> 00:05:38,600
है कौन से हमारे शास्त्र में वर्णित है जिसे आप शास्त्र

76
00:05:38,600 --> 00:05:42,640
अनुकूल मान रहे हैं प्लीज सभी भाइयों से जो भी रामपाल

77
00:05:42,640 --> 00:05:46,680
जी के शिष्य हैं सभी भाइयों को मैं भी आमंत्रित करता हूं सभी भाई

78
00:05:46,680 --> 00:05:51,000
आइए अपने अपने मत रखिए जिसे कि हम एक सही

79
00:05:51,000 --> 00:05:51,560
जो सही

80
00:05:51,560 --> 00:05:57,560
है उस पर आए हम जो सा सम्मत है उस पर आए

81
00:05:57,560 --> 00:06:01,880
जी क्या मंत्र है जो इनको दिया जाता है नामदान में सबसे पहले गुप्त

82
00:06:01,880 --> 00:06:05,920
रखा जाता है इसको य नामदान के

83
00:06:05,920 --> 00:06:10,080
नाम से ही बोलते हैं तो मैं आपकी टीम को बोलूंगा मैंने

84
00:06:10,080 --> 00:06:14,640
उनको पिक्चर वगैरह शेयर किए है एक क्लिप भी है इनका जो

85
00:06:14,640 --> 00:06:20,640
प्रूफ करता है इनका नाम दान वो मैं चाहूंगा वो शेयर

86
00:06:22,680 --> 00:06:27,280
करें प्रथम नाम दान क्या है

87
00:06:27,280 --> 00:06:31,360
इनका यही है स्न पर आ रहा है

88
00:06:31,360 --> 00:06:35,680
इनका यही पहला नाम दान है यह जो प्रणव प्रणव

89
00:06:35,680 --> 00:06:39,360
प्रणव प्रणव लिखा है चार

90
00:06:39,360 --> 00:06:43,400
बार फिर लिखा है कलियम ये ऊपर

91
00:06:43,400 --> 00:06:47,720
से लेकर नीचे तक है क्या हा ऊपर से लेकर नीचे तक है सत

92
00:06:47,720 --> 00:06:53,280
सुकृत अविगत कबीर से लेकर के सत्यम सत्यम सत्यम लास्ट

93
00:06:53,280 --> 00:06:57,600
तक अच्छा और इसमें

94
00:06:57,600 --> 00:07:01,680
य इसमें ये क्या करते इसका एक क्लिप

95
00:07:01,680 --> 00:07:05,800
है उसको सुनते हैं ये आप को य भी बोलूंगा वो

96
00:07:05,800 --> 00:07:06,680
क्लिप शेयर करें

97
00:07:06,680 --> 00:07:11,600
एक बार जिससे की लोगों को समझ में आए हा यही है वो

98
00:07:11,600 --> 00:07:15,680
संत रामपाल जी की आवाज में है अच्छा यही क्लिप दिखाते क्या

99
00:07:15,680 --> 00:07:19,800
व जो गुरु दीक्षा होती है जो हां हा बस इस

100
00:07:19,800 --> 00:07:25,800
क्लिप को ही व बस जाप करते रहते हैं जो

101
00:07:25,800 --> 00:07:29,880
भी बहुत बड़ा खुलासा हो रहा है हां

102
00:07:29,880 --> 00:07:34,560
जी हां जी तो मेरा सभी से यही रिक्वेस्ट है इस मंत्र को आप

103
00:07:34,560 --> 00:07:39,000
कहां से दिखा सकते हैं कौन से शास्त्र में वर्णित है वेदों में वर्णित है उपनिषदों

104
00:07:39,000 --> 00:07:43,200
में है पुराणों में है किस शास्त्र में वर्णित है जिससे कि हम इसे शास्त्र

105
00:07:43,200 --> 00:07:47,200
सम्मत मान ले या फिर यह रामपाल जी के द्वारा बनाया गया मनगण

106
00:07:47,200 --> 00:07:51,320
मंत्र है जी तो सभी भाइयों से निवेदन है

107
00:07:51,320 --> 00:07:55,640
जो भी रामपाल जी के शिष्य हैं वो इस लाइव वीडियो में आए और अपना पक्ष

108
00:07:55,640 --> 00:07:59,960
रखें अगर नहीं आएंगे तो फिर हम यही समझेंगे कि ये साथ

109
00:07:59,960 --> 00:08:04,200
संबंध नहीं है शास्त्र विरुद्ध है जी

110
00:08:04,200 --> 00:08:08,400
अच्छा आपने यह वाली बात कर रखी है क्या अपने चैनल पर

111
00:08:08,400 --> 00:08:12,520
हां मैंने इसका वीडियो बनाया था लेकिन वो लाइव नहीं था मैंने ऐसे ही बनाया था

112
00:08:12,520 --> 00:08:16,720
मैंने अपनी बुक्स वगैरह में दिखाया था मैंने लाइव लेकिन मैं लाइव

113
00:08:16,720 --> 00:08:21,040
नहीं आया था उसमें तो भाई ये आप देख सकते हैं

114
00:08:21,040 --> 00:08:21,720
रामपाल

115
00:08:21,720 --> 00:08:25,960
दास जी के द्वारा जो यह लोग जो तथाकथित एक अपनी मन

116
00:08:25,960 --> 00:08:30,080
गणन प्रक्रिया के द्वारा एलईडी के माध्यम से जो नाम प्राप्त

117
00:08:30,080 --> 00:08:34,320
करते हैं और स्वयं को रामपाल दास जी का समझने लगते

118
00:08:34,320 --> 00:08:38,760
हैं वहां पर उनको जो एलईडी के द्वारा प्राप्त होता है वह यही नाम

119
00:08:38,760 --> 00:08:43,040
नाम होता है और अभी हम वह प्ले करके भी दिखा देंगे व व एक अमित

120
00:08:43,040 --> 00:08:47,040
दास नाम का व्यक्ति आया था वह यह कह रहा था कि भाई वो जो वीडियो और किसी के पास

121
00:08:47,040 --> 00:08:51,120
नहीं है वह उनके जो अधिकृत लोग होते हैं उन्हीं के पास होता है मगर

122
00:08:51,120 --> 00:08:55,200
यहां पर अभी व वीडियो भी प्ले करके दिखा दिया जाएगा तो यह ध्यान

123
00:08:55,200 --> 00:08:59,440
रखिएगा कि जो जो उस वीडियो को देख लेगा सभी

124
00:08:59,440 --> 00:09:05,440
रामपाल दास जी के शिष्य हो जाएंगे फिर तो नाम दान

125
00:09:06,720 --> 00:09:11,480
लेकर एक बार डॉक्यूमेंट्री शेयर कराइए सर

126
00:09:11,480 --> 00:09:15,560
इस जिस जिसमें नामदान का पत्र देते हैं ना

127
00:09:15,560 --> 00:09:19,600
जो लेटर देते हैं डॉक्यूमेंट देते हैं वो डॉक्यूमेंट मैंने भेजे हुए यह

128
00:09:19,600 --> 00:09:23,600
डॉक्यूमेंट है जी थोड़ा सा

129
00:09:23,600 --> 00:09:27,600
जूम हो जाए अय आपने भी बड़ा मतलब

130
00:09:27,600 --> 00:09:31,760
वो करके और जो निकाला ने वो बिल्कुल एजेंट

131
00:09:31,760 --> 00:09:35,920
वाला तरीका कोई जासूस वाला हां एक्चुअली में

132
00:09:35,920 --> 00:09:40,040
जो इनके चेले थे वो अब नाम दान छोड़ चुके हैं तो

133
00:09:40,040 --> 00:09:44,040
उन्होंने मुझसे बोला है कि मेरा नाम मत शेयर करना इसलिए मैंने उनका

134
00:09:44,040 --> 00:09:48,360
नाम वगैरह हटा दिया यहां से अच्छा हां

135
00:09:48,360 --> 00:09:52,480
जो डॉक्यूमेंट है क्लिप है मुझे किसी इनके शिष्य ने ही भेजी थी जो कि

136
00:09:52,480 --> 00:09:56,920
इस समय उनके नाम नाम दान वगैरह से मुक्त है बिल्कुल लोग

137
00:09:56,920 --> 00:10:01,400
अपने शुद्ध शुद्ध धर्म में वापस आ गया वो हां जी हां जी

138
00:10:01,400 --> 00:10:06,160
एक तरीके से नाम दान जो केंद्र चला रहा था वही

139
00:10:06,160 --> 00:10:10,280
क्या वो उसको ही छोड़ना पड़ गया व केंद्र चलाने वाला मतलब वह

140
00:10:10,280 --> 00:10:14,800
तो उसम वरिष्ठ लोगों में आता है ना जो केंद्र चलाता है

141
00:10:14,800 --> 00:10:18,960
नहीं वो केंद्र नहीं चलाता था जैसे किसी ने नामदान ले रखा था और वह

142
00:10:18,960 --> 00:10:21,800
मेरे लगातार कंटीन्यूअस मेरे कांटेक्ट में था मुझे

143
00:10:21,800 --> 00:10:25,840
कॉल भी करता था मेरे वीडियोस भी देखता था अच्छा अच्छा अच्छ

144
00:10:25,840 --> 00:10:29,880
फाइनली जब उसको समझ में आ गया कि यह गलत है रामपाल जी तो उसने ने नामदान

145
00:10:29,880 --> 00:10:33,880
छोड़ दिया फिर उसने बोला कि अभी मैंने पहला ही नामदान लिया है

146
00:10:33,880 --> 00:10:38,320
और ये डॉक्यूमेंट है ये क्लिप है ये क्लिप सुनने के लिए देते हैं

147
00:10:38,320 --> 00:10:42,600
और इनके नामन के सिस्टम भी बड़े अजीब है अगर आप कह तो एक तरीके

148
00:10:42,600 --> 00:10:47,040
से क कमाई का जरिया बना रखा है एक तरीके से बिजनेस है ओ

149
00:10:47,040 --> 00:10:51,080
ओ ओ ह ह

150
00:10:51,080 --> 00:10:55,200
ह ह श शम सोह सोह

151
00:10:55,200 --> 00:10:59,400
सोह सोह स स

152
00:10:59,400 --> 00:11:03,880
ओम ओम ओम हरि हरि

153
00:11:03,880 --> 00:11:09,880
हरि

154
00:11:13,160 --> 00:11:17,280
हरि लो भाई हो गए सारे जितन ने भी ये क्लिप देख ली वो

155
00:11:17,280 --> 00:11:21,720
सब हो गए शिष्य हो गए अब

156
00:11:21,720 --> 00:11:26,400
सब लोग आप लोग रामपाल दास के शिष्य हो ग भाई क्या करोगे

157
00:11:26,400 --> 00:11:30,480
अब जब तक कोई नहीं आता है तब तक हम थोड़ा सा डिस्कस

158
00:11:30,480 --> 00:11:34,520
कर लेते हैं कि जैसे अब ये बोलते हैं कि गीता जी के अध्याय आठ के 13

159
00:11:34,520 --> 00:11:39,240
श्लोक में लिखा है कि जो ओम मंत्र है वो काल का है

160
00:11:39,240 --> 00:11:44,040
गीता ज्ञान काल ने कहा है ऐसा कहते हैं और ओ मंत्र काल का है

161
00:11:44,040 --> 00:11:48,120
लेकिन अगर आप ये देखेंगे तो शुरुआत में ये ब्रह्मा जी और

162
00:11:48,120 --> 00:11:52,640
सरस्वती का फोटो लगाते हैं ओम मंत्र के लिए

163
00:11:52,640 --> 00:11:56,920
अब ये यहां पर ओम मंत्र कहां काल का था अब ये ब्रह्मा

164
00:11:56,920 --> 00:12:01,000
जी और सरस्वती के लिए हो गया तो ये तो फिर शास्त्र बात इन्हीं की

165
00:12:01,000 --> 00:12:05,040
बातों से ही गलत हो गया ये तो नहीं इनके इनकी जो बातें है वोह सब

166
00:12:05,040 --> 00:12:09,680
शास्त्र विरुद्ध हो सकती है क्योंकि वो तिरछा दर्शी है तिरछा देखते हैं

167
00:12:09,680 --> 00:12:13,680
हां जी हां जी और बाकी हम लोग जो बातें करेंगे व

168
00:12:13,680 --> 00:12:18,400
शास्त्र से काटेंगे श की बात को स्वयं नहीं मानेंगे हां

169
00:12:18,400 --> 00:12:22,880
जी हां जी है ना तो जी

170
00:12:22,880 --> 00:12:26,960
एक सज्जन है वो आपके चैनल का नाम पूछ रहे हैं गीता वेद पुराण नाम

171
00:12:26,960 --> 00:12:28,800
से इनका चैनल है

172
00:12:28,800 --> 00:12:32,960
गीता वेद पुराण अभी इस लाइव की शुरुआत

173
00:12:32,960 --> 00:12:37,000
में उसका वो दिखाया है इंटरफेस है

174
00:12:37,000 --> 00:12:41,760
ना तो प्रणव का उच्चारण

175
00:12:41,760 --> 00:12:46,120
इनके मंत्र में यह कहते कि वो काल के लिए मगर यहां पर देखिए

176
00:12:46,120 --> 00:12:50,920
नाम दीक्षा के समय यह फोटो दिखाते ब्रह्मा जी और सरस्वती माता की

177
00:12:50,920 --> 00:12:54,920
और फिर माता के लिए आ जाता है फिर क्या कहते हैं विष्णु भगवान के लिए

178
00:12:54,920 --> 00:12:59,440
आ जाता है शिव जीी के लिए आ जाता है और लास्ट में शायद वो कबीर जी को समर्पित होगा वो

179
00:12:59,440 --> 00:13:03,560
सोहम सोहम सोहम हां जी हा हा जी मैं

180
00:13:03,560 --> 00:13:07,720
य म भी पढ़ रहा हूं मैंने मंत्र देख भी लिया और हमने कई

181
00:13:07,720 --> 00:13:11,840
लोगों ने देख लिया ऐसा ना हो जाए कि मतलब हम लोगों में शिष्य आ जाए

182
00:13:11,840 --> 00:13:16,160
और कल से मैं जो है विद में प्रमाण है ओ व कबीर साहब भगवान

183
00:13:16,160 --> 00:13:20,200
है ये सब बोलने लग मेरा दिमाग मैं

184
00:13:20,200 --> 00:13:24,320
भी वही कह रहा हूं कि कहां पर है ये प्रमाण ये मंत्र का प्रमाण कहां पर है

185
00:13:24,320 --> 00:13:28,360
कौन से शास्त्र में है कम से कम सबको पता तो चलना चाहिए कि ऐसे ही

186
00:13:28,360 --> 00:13:32,400
गुप्त रूप से चल रहा है सब कुछ हा वो ये मंत्र कहीं पर

187
00:13:32,400 --> 00:13:36,600
नहीं है और शायद ही किसी ने पूछा भी हो कि भाई ये मंत्र

188
00:13:36,600 --> 00:13:41,080
कहां से है कौन से ये मेरे ख्याल से इनका जो सूक्ष्म वेद है उसम भी नहीं होगा ये

189
00:13:41,080 --> 00:13:43,800
है क्या हां जी अब जो

190
00:13:43,800 --> 00:13:47,800
चीज रूप से चल रही मैं तो मैं तो उसको चोरी मानता हूं ये चोरी कर रहे हैं

191
00:13:47,800 --> 00:13:51,840
एक तरीके से हा मनुस्मृति में आया है ना कि जो

192
00:13:51,840 --> 00:13:55,840
चीजों को करते समय छिपाने का भाव उत्पन्न हो

193
00:13:55,840 --> 00:14:00,520
वो जो है तामसिक होती है भगवान से दूर ले जाने वाली चीजें होती है

194
00:14:00,520 --> 00:14:04,680
बिल्कुल बिल्कुल और ये लोग ये कहते

195
00:14:04,680 --> 00:14:09,440
हैं कि जो मंत्र जाप हम लोग करते हैं वो

196
00:14:09,440 --> 00:14:14,120
क्या कहते शास्त्रों में उसका वर्णन नहीं है गायत्री मंत्र का कितनी बार वर्णन है

197
00:14:14,120 --> 00:14:18,200
लगभग हर हर पुराण में गायत्री मंत्र की महिमा है मनुस्मृति में गायत्री को सबसे बड़ा

198
00:14:18,200 --> 00:14:22,200
मंत्र कहा जा रहा है यहां तक कि जो अगर भगवान

199
00:14:22,200 --> 00:14:26,200
श्री कृष्ण ईश्वर को समर्पित गीता मानते हैं इनको हटा

200
00:14:26,200 --> 00:14:30,400
दे तो अगर वो उस गीता को कहने वाले भगवान श्री कृष्ण है

201
00:14:30,400 --> 00:14:34,600
वो स्वयं कह रहे हैं कि छंदों में मैं गायत्री हूं बिल्कुल बिल्कुल

202
00:14:34,600 --> 00:14:38,720
वो स्वयं उसम कह रहे हैं ठीक है छंदों में गायत्री हूं

203
00:14:38,720 --> 00:14:42,760
और गायत्री मंत्र के वर्णन के लिए हमारे पास शिव पुराण में उसकी

204
00:14:42,760 --> 00:14:46,760
महिमा है देवी भागवत में उसकी महिमा है गायत्री मंत्र के लिए अगर गायत्री मंत्र

205
00:14:46,760 --> 00:14:51,160
की बात करें और नाम जप की बात करें तो नाम जप को भी ही मत समझिए

206
00:14:51,160 --> 00:14:55,160
भैया विष्णु सहस्त्र नाम और शिव सहस्त्र नाम इन सब

207
00:14:55,160 --> 00:14:59,320
का वर्णन है हमारे पास कभी आए

208
00:14:59,320 --> 00:15:03,600
तो दिखा भी देंगे ठीक

209
00:15:03,600 --> 00:15:07,840
है तो अभी आपने कुछ वो यजुर्वेद से कुछ उदाहरण

210
00:15:07,840 --> 00:15:12,120
देने को कहे थे वह आप कहे तो उन पर बात की जाए

211
00:15:12,120 --> 00:15:16,400
देवेंद्र जी अच्छा तब तक मैं

212
00:15:16,400 --> 00:15:20,440
कहानी में एक ट्विस्ट दे देता हूं बीच-बीच में क्योंकि मेरे पास जो है ट्विस्ट रहते हैं थोड़े

213
00:15:20,440 --> 00:15:24,440
से तो इनका गरिमा गीता की का एक पेज नंबर निकालिए

214
00:15:24,440 --> 00:15:29,280
39

215
00:15:29,280 --> 00:15:35,280
वो देना जिम

216
00:15:37,680 --> 00:15:42,200
का गरिमा गीता की जो पेज नंबर है 39

217
00:15:42,200 --> 00:15:48,200
वो जरा शो

218
00:15:52,240 --> 00:15:57,000
करिए कॉल कर लो ना कॉल

219
00:15:57,000 --> 00:16:03,000
करो स्क्रीन पर मत आया प्र वायरल हो

220
00:16:15,160 --> 00:16:20,240
जाओगे

221
00:16:20,240 --> 00:16:24,600
39 10 पेजेस और आगे हां

222
00:16:24,600 --> 00:16:29,000
ये इसमें ये कह रहे हैं इनका

223
00:16:29,000 --> 00:16:33,800
आज तीन प्रकार के क्लेम हम वो करेंगे ध्वस्त पहला

224
00:16:33,800 --> 00:16:37,360
इनका क्लेम है

225
00:16:37,360 --> 00:16:41,560
कि जो विराट पुरुष

226
00:16:41,560 --> 00:16:45,280
है तो विराट

227
00:16:45,280 --> 00:16:50,120
पुरुष जो है वह उसके द्वारा जो है मुक्ति नहीं मिलती

228
00:16:50,120 --> 00:16:54,400
और दूसरा क्लेम है कि ईश्वर की पूरी जानकारी

229
00:16:54,400 --> 00:16:58,400
मुक्ति देने वाले की पूरी जानकारी वेदों में नहीं है

230
00:16:58,400 --> 00:17:03,680
और और तीसरा इनका है

231
00:17:03,680 --> 00:17:07,840
कि मुक्ति देने वाला काल नहीं है कोई और है विराट

232
00:17:07,840 --> 00:17:12,120
पुरुष नहीं है इस प्रकार से तीन बातों का करेंगे तो सबसे पहले

233
00:17:12,120 --> 00:17:18,120
39 में हम लोग व लाइन देख लेते हैं नीचे जाइए

234
00:17:22,680 --> 00:17:28,680
थोड़ा हां रामपाल के आवान भक्त हो गए आप

235
00:17:30,280 --> 00:17:34,720
तो इसमें देखिए क्या लिख रहा है कि ऊपर ऊपर जाइए ऊपर जाइए ऊपर

236
00:17:34,720 --> 00:17:37,320
जाइए और ऊपर बस बस बस

237
00:17:37,320 --> 00:17:41,560
पवित्र वेदों को बोलने वाले ब्रह्म ने कहा कि पूर्ण परमात्मा के विषय

238
00:17:41,560 --> 00:17:46,360
में कोई तो कहता है कि वह अवतार रूप में उत्पन्न होता है अर्थात

239
00:17:46,360 --> 00:17:49,440
आकार में कहा जाता है कोई उसे कभी अवतार रूप में

240
00:17:49,440 --> 00:17:55,120
आकर मैं उत्पन्न होने वाला अर्थात निराकार कहता

241
00:17:55,120 --> 00:17:59,240
है उस पूर्ण परमात्मा का तत्व ज्ञान तो तत्वदर्शी

242
00:17:59,240 --> 00:18:03,320
संत ही बताएंगे तो यह 40 10 का सहारा लेते

243
00:18:03,320 --> 00:18:07,320
हैं हालांकि वहां पर तत्वदर्शी नहीं नाम है कुछ और नाम है हमने यह

244
00:18:07,320 --> 00:18:11,920
भी बता दिया कि तत्वदर्शी कौन होता है हा यजुर्वेद

245
00:18:11,920 --> 00:18:16,080
40 10 का सहारा लेते हैं इस इस बात को कहने के लिए

246
00:18:16,080 --> 00:18:20,320
उसमें कहा गया है कि बुद्धिजीवियों के पास जाना चाहिए मगर वह

247
00:18:20,320 --> 00:18:24,400
बुद्धिजीवी कौन है यह भी उसी में बताया गया मगर उसको यह नहीं मानते

248
00:18:24,400 --> 00:18:28,440
कि वो बुद्धिजीवी कौन होंगे ठीक है खैर हम जो मुख्य बात चल रही है

249
00:18:28,440 --> 00:18:33,600
कि कैसे प्रकट होता है पूर्ण परमात्मा की पूरी

250
00:18:33,600 --> 00:18:37,600
जानकारी तत्वदर्शी से सज केर सुने मैं वेद ज्ञान देने वाला

251
00:18:37,600 --> 00:18:41,680
ब्रह्म भी नहीं जानता तो यह जो

252
00:18:41,680 --> 00:18:45,760
बात है कि ब्रह्म भी नहीं जो वेद को कहने वाला है वह नहीं

253
00:18:45,760 --> 00:18:50,000
जानता इसका जब ब्रेक करेंगे और जो विराट

254
00:18:50,000 --> 00:18:54,240
पुरुष है अर्थात इनके अनुसार जो काल है और हमारे अनुसार जो भगवान श्री कृष्ण

255
00:18:54,240 --> 00:19:00,240
है उनसे मुक्ति मिलती है कि नहीं यह हम आज बात करें

256
00:19:03,680 --> 00:19:07,680
तो भाई यजुर्वेद का मंत्र है

257
00:19:07,680 --> 00:19:12,880
31

258
00:19:12,880 --> 00:19:18,880
18 अध्याय 31 और मंत्र नंबर

259
00:19:19,080 --> 00:19:23,760
18 तो यहां पर यह जो सूक्त है इसमें पूरा

260
00:19:23,760 --> 00:19:29,760
विराट पुरुष के बारे में ही बात हो रही है ठीक है

261
00:19:30,280 --> 00:19:34,800
और इसमें जो है दिया है कि अंधकार से

262
00:19:34,800 --> 00:19:38,840
परे सूर्य के समान प्रकाशमान इस बड़े

263
00:19:38,840 --> 00:19:43,080
पुरुष को मैं जानता हूं मैं

264
00:19:43,080 --> 00:19:47,240
जानता हूं तो पहली बात तो यह है कि जो विराट पुरुष है

265
00:19:47,240 --> 00:19:51,680
वेदों के अनुसार वही मुक्ति देने वाला है वोह भी लाइन आगे आ रही है

266
00:19:51,680 --> 00:19:55,880
उस पुरुष को जानने से ही जो

267
00:19:55,880 --> 00:20:00,680
उपासक होता है वह मृत्यु के परे जाता मृत्यु

268
00:20:00,680 --> 00:20:04,920
के परे जाने के लिए दूसरा मार्ग नहीं

269
00:20:04,920 --> 00:20:09,080
है अन्य पंथ न

270
00:20:09,080 --> 00:20:13,320
विद्यते यही मार्ग है यही विराट पुरुष मार्ग

271
00:20:13,320 --> 00:20:17,560
है तीन चीजें हो गई पहली बात कि वह कहता

272
00:20:17,560 --> 00:20:18,880
है कि कोई इससे

273
00:20:18,880 --> 00:20:22,920
भिन्न कोई मार्ग है क्योंकि तत्वदर्शी यह नहीं कहता कि इसमें जो विराट पुरुष बताया जा

274
00:20:22,920 --> 00:20:27,040
रहा है उसकी पूजा करो वो किसी और विराट पुरुष की किसी और

275
00:20:27,040 --> 00:20:31,440
ईश्वर की पूजा बताता है जो कि पूरी तरीके से वेदों में नहीं है मगर यह विराट पुरुष

276
00:20:31,440 --> 00:20:35,520
इसी विराट पुरुष को भजने पर ही

277
00:20:35,520 --> 00:20:39,720
क्या कहते हैं मत्य से परेज आया जा सकता है जीवन मरण के उससे मुक्त हुआ

278
00:20:39,720 --> 00:20:44,040
जा सकता है और मोक्ष प्राप्त किया जा सकता है

279
00:20:44,040 --> 00:20:48,280
और साथ ही साथ क्या है कि इस विराट पुरुष

280
00:20:48,280 --> 00:20:52,720
को यह वेद कहने वाला जानता है अहम वेद

281
00:20:52,720 --> 00:20:57,360
मैं जानता हूं यानी कि

282
00:20:57,360 --> 00:21:01,360
मुक्ति दिलाने वाले को वेद जानते हैं ठीक

283
00:21:01,360 --> 00:21:03,960
है

284
00:21:03,960 --> 00:21:08,280
और इसमें जिस इसमें जिस मुक्ति दिलाने वाले का वर्णन

285
00:21:08,280 --> 00:21:12,440
है उसी से मुक्ति मिलती है और उसके बिन उससे भिन्न

286
00:21:12,440 --> 00:21:16,720
किसी और से मुक्ति नहीं मिलती दूसरा कोई मार्ग नहीं है अब जो

287
00:21:16,720 --> 00:21:20,880
व्यक्ति यह कहेगा कि नहीं वेदों में उसका वर्णन वेदों

288
00:21:20,880 --> 00:21:24,880
में जो वेदों को बताने वाले को उसके बारे में नहीं मालूम है तो

289
00:21:24,880 --> 00:21:29,840
वो व्यक्ति वेद विरुद्ध बात कर रहा है क्योंकि यहां पर कह रहे है कि मैं जानता हूं

290
00:21:29,840 --> 00:21:34,120
दूसरा विराट पुरुष से भिन्न किसी की भक्ति बताने वाला भी वेद

291
00:21:34,120 --> 00:21:38,240
विरोध बात कर रहा है क्योंकि यहां पर विराट पुरुष की भक्ति से ही मृत्यु

292
00:21:38,240 --> 00:21:42,640
के परे जाने का मार्ग बताया गया है दूसरा कोई मार्ग नहीं

293
00:21:42,640 --> 00:21:47,040
है मृत्यु से परे जाने का

294
00:21:47,040 --> 00:21:51,160
जी देवेंद्र जी सॉरी पता नहीं

295
00:21:51,160 --> 00:21:56,000
कैसे नेटवर्क डिस्कनेक्ट हो गया था जी जी

296
00:21:56,000 --> 00:22:00,160
जी बिल्कुल ये आप सही कह रहे हैं जो यजुर्वेद में है मैंने

297
00:22:00,160 --> 00:22:04,160
भी पढ़ा था ये मोक्ष के मार्ग वाला जो बिल्कुल सही लिखा

298
00:22:04,160 --> 00:22:08,200
हु है जी जी

299
00:22:08,200 --> 00:22:12,720
जी कोई आया नहीं अभी तक इनकी तरफ से कोई नहीं आया अभी

300
00:22:12,720 --> 00:22:16,720
अब हम लिंक दे देते हैं भाई हम लोग जो दो चीजें बता रहे हैं एक तो जो

301
00:22:16,720 --> 00:22:20,760
विराट पुरुष है भगवत गीता को बोलने वाला आपके अनुसार काल

302
00:22:20,760 --> 00:22:25,120
हमारे अनुसार श्री कृष्ण है आप उसके लिए आ सकते हैं आपको

303
00:22:25,120 --> 00:22:29,200
जो दिया जाने वाला मंत्र है वह शास्त्र विरुद्ध है आप उसके लिए

304
00:22:29,200 --> 00:22:33,280
आ सकते हैं और वेद में वेद

305
00:22:33,280 --> 00:22:37,320
को बोलने वाला अज्ञानी है उससे ज्यादा

306
00:22:37,320 --> 00:22:43,320
आपके तत्वदर्शी को मालूम है आप उसके लिए आ सकते

307
00:22:44,880 --> 00:22:48,960
हैं कोई है अभी तो कोई नहीं

308
00:22:48,960 --> 00:22:53,960
दिख रहा

309
00:22:53,960 --> 00:22:57,440
[संगीत]

310
00:22:57,440 --> 00:23:01,600
है कहां गए भाई वेदों में प्रमाण है ओए कहां

311
00:23:01,600 --> 00:23:05,560
गए भूल गए क्या

312
00:23:05,560 --> 00:23:10,320
कहना एक ही नहीं इनके पांच मंत्र

313
00:23:10,320 --> 00:23:15,160
है जी मयंक जी बताइए आपको भी पता है क्या इनके

314
00:23:15,160 --> 00:23:19,320
मंत्र हां भैया मैं देखा था य प

315
00:23:19,320 --> 00:23:23,360
एक पंजाबी भाई थे उन्होंने बताया था किन केने एक मंत्र नहीं

316
00:23:23,360 --> 00:23:28,080
है पांच मंत्र देते हैं ये एक एक करके हां

317
00:23:28,080 --> 00:23:32,440
फिर पांच मंत्र देने के बाद बोलते हैं कि इन मंत्रों का आप उच्चारण किया

318
00:23:32,440 --> 00:23:36,640
करो जी दिन में 108 बार

319
00:23:36,640 --> 00:23:40,800
अरे मैं तो मुझे तो यह लग रहा है दो बात एक तो यह लग रहा है कि इनके वहां

320
00:23:40,800 --> 00:23:45,120
पर जाने पर लोग थोड़े से मानसिक रूप से वैसे दिखाई देते हैं

321
00:23:45,120 --> 00:23:49,680
एडेंट वाइट सिंघम जैसा दिखने लगता है

322
00:23:49,680 --> 00:23:53,680
तो मुझे ऐसा लग रहा है कहीं मैंने इनकी जो आवाज सुन ली मंत्र मेरे कान में पड़

323
00:23:53,680 --> 00:23:57,760
गया है इनकी आवाज से ऐसा ना हो कि मेरे ऊपर भी कोई माया जाल

324
00:23:57,760 --> 00:24:00,120
ऐसा कुछ हो जाए कि मैं भी कल से जो है

325
00:24:00,120 --> 00:24:04,280
बाबूराम यादव की तरह आचरण करने लगू मैं भी 10 बार

326
00:24:04,280 --> 00:24:08,280
पढ़ चुका हूं आपसे पहले हां मैं भी 10

327
00:24:08,280 --> 00:24:12,640
बार पढ़ चुका हूं उसको अच्छा कल किसी ने मुझे ये भी बताया था

328
00:24:12,640 --> 00:24:17,520
कल कल मुझे किसी ने ये भी बताया था कि

329
00:24:17,520 --> 00:24:21,840
इनके यहां पर कुछ ऐसा प्रसाद वसाद खिला दिया जाता है जिसके कारण व्यक्ति

330
00:24:21,840 --> 00:24:26,000
जो है वैसा बन जाता है कि कुछ भी उसको दिखा दो मगर वो मानता नहीं है तो मैंने

331
00:24:26,000 --> 00:24:30,560
कहा उस प्रसाद को एक बार मैं अवश्य खाना चाहूंगा मुझे मुझे

332
00:24:30,560 --> 00:24:35,320
आप जो है वशीभूत करके दिखाओ तब तो बात है

333
00:24:35,320 --> 00:24:39,360
मैं जरूर खाऊंगा एक बार इनका प्रसाद जिससे कि वो सम मोहित हो जाए ति

334
00:24:39,360 --> 00:24:43,440
आज से तो हम सब रामपाल बन गए तो हा

335
00:24:43,440 --> 00:24:47,840
वो पहले वो बौद्धों के समय में हो गया था ना बुद्धम शरणम गच्छामी

336
00:24:47,840 --> 00:24:52,520
जो सुन लेता था उसका धर्म परिवर्तन मान लिया जाता

337
00:24:52,520 --> 00:24:56,560
था तो कुमार भट्ट जी ने उसी उनके साथ की

338
00:24:56,560 --> 00:25:00,920
कहानी है कुमार भट्ट जी की तो वो भी किसी दिन

339
00:25:00,920 --> 00:25:05,240
भाई कोई आना चाहता है तो आए भाई कहां रामपाल की जो भक्ति है वह शास्त्र

340
00:25:05,240 --> 00:25:08,400
सम्मत

341
00:25:08,400 --> 00:25:13,440
है देवेंद्र जी इनके और भी मंत्र है ना आपके पास है क्या उनके

342
00:25:13,440 --> 00:25:17,440
हां जब तक मैंने देखा था तब तो तीन थे अब आप कह रहे पाच हो गए

343
00:25:17,440 --> 00:25:21,480
तो हो सकता है दो मंत्र और ऐड कर लिए उन्होने जब तक रामपाल

344
00:25:21,480 --> 00:25:24,080
जी

345
00:25:24,080 --> 00:25:28,600
जेलम कुमार अपना रा दिखाए

346
00:25:28,600 --> 00:25:33,160
हो सकता है पहले तीन दिए होंगे फिर तीन से सतलोक नहीं गए होंगे तो दो और जोड़ दिए होंगे

347
00:25:33,160 --> 00:25:38,080
कौन है भाई कौन हो कमल का फूल

348
00:25:38,080 --> 00:25:42,680
कौन हो हेलो अंधेरा कायम

349
00:25:42,680 --> 00:25:47,760
रहे अरे इनको मत लिया करो

350
00:25:47,760 --> 00:25:52,920
भाई ये ये क्या करते हैं यहां पर क्लिप लेने आते

351
00:25:52,920 --> 00:25:57,200
हैं ये कुछ करने नहीं आते इनको जवाब भी नहीं देना है इनको

352
00:25:57,200 --> 00:26:03,200
कुछ बात बोलनी है यहां से कंटेंट लेके जाना है वहां दिखाना

353
00:26:03,240 --> 00:26:07,760
है वहा अपना वो पहले ये गंजे थे पहले

354
00:26:07,760 --> 00:26:12,160
तो पहले तेल बेचते थे पहले तेल बेचते थे वो

355
00:26:12,160 --> 00:26:16,240
तेल का प्रचार करते थे उसके बाद फिर कुछ समय पूर्व य इनको वो मिल

356
00:26:16,240 --> 00:26:20,240
गया होगा तो य फिर ये रामपाल वाला वीडियो बनाने लगे और

357
00:26:20,240 --> 00:26:24,240
अब इनको यहां से और पिकअप मिल गया है तो यहां पर य आते हैं अपना चेहरा

358
00:26:24,240 --> 00:26:28,760
यहां पर इस प्लेटफार्म पर दिखाने के लिए देखो मैं उनके वहां गया था और फिर य

359
00:26:28,760 --> 00:26:33,880
बनाएंगे और हम लोग हम लोग यह सोचते हैं कि

360
00:26:33,880 --> 00:26:37,880
तुम अमित आप जा सकते हैं आपसे कोई बात होनी नहीं है आपके

361
00:26:37,880 --> 00:26:42,680
पास जवाब होता नहीं आप आते क्यों रर की बातें करने आते हो

362
00:26:42,680 --> 00:26:46,880
आपके पास उसका उत्तर नहीं है ना कि आपके य जो नाम दीक्षा दी जाती

363
00:26:46,880 --> 00:26:50,840
शास्त्र सम्मत है कि

364
00:26:50,840 --> 00:26:54,880
नहीं ब एक बार मौका दिया जाए

365
00:26:54,880 --> 00:26:58,960
इनको ना ना व केवल वो कंटेंट उठाने आए उनका

366
00:26:58,960 --> 00:27:02,960
कोई मतलब नहीं है आने का वो केवल वहां के लिए आए उनको रामपाल

367
00:27:02,960 --> 00:27:07,000
से भी कोई मोह नहीं है भाई समझिए इ

368
00:27:07,000 --> 00:27:11,240
ये तो अपना कंटेंट उठा रहे हैं हम तो इनके मंत्र तक उठा

369
00:27:11,240 --> 00:27:17,240
लिए हां छोटी बहना प्यारी बहना बताइए

370
00:27:34,400 --> 00:27:38,880
दीद ऐसे बोलने बोल नहीं सकते हैं

371
00:27:38,880 --> 00:27:43,240
इन्होने मैसेज किया बोल नहीं सकते हैं और ऐसे बोल कि मंत्र

372
00:27:43,240 --> 00:27:47,360
तीन ही होते हैं हो सकता है मेरे सुनने में कई मिस्टेक हो गई होगी

373
00:27:47,360 --> 00:27:51,520
हो सकता सता जी वही क्योंकि तीन ही है मंत्र

374
00:27:51,520 --> 00:27:57,520
इनके तो फिर दो और बताओ ना हम पूरे रामपाल वाले बनज

375
00:27:58,640 --> 00:28:02,920
उनमें भी तीनों मंत्रों का ही उल्लेख है और यह जो ओम तत्सत जो हमारे गीता

376
00:28:02,920 --> 00:28:06,960
अध्याय 17 के 1 में आता है तो वहां से इन्होंने उठाया यह

377
00:28:06,960 --> 00:28:11,320
सब चीज कि ओम तत्सत के आधार पर हमारे तीन मंत्र है

378
00:28:11,320 --> 00:28:15,800
जैसे ओम से हमारा य इनका पहला मंत्र हम पब्लिक कर चुके हैं

379
00:28:15,800 --> 00:28:19,480
उसके

380
00:28:19,480 --> 00:28:24,080
बा ऐसा है इनकी पूरी कहानी यही है

381
00:28:24,080 --> 00:28:28,720
कि वेद इसलिए पढ़ो कि वेद को मत पढ़ो इसलिए

382
00:28:28,720 --> 00:28:33,400
पढ़ो कि गीता को मत पढ़ो क्या करें वेद में जो बताया है ना तर्शी

383
00:28:33,400 --> 00:28:37,600
उसके पास चले जाओ और उसके पास शास्त्र समता के नाम

384
00:28:37,600 --> 00:28:42,400
पर शास्त्र विरुद्ध भक्ति फिर उसके पास जाकर करो

385
00:28:42,400 --> 00:28:46,520
यह आपको वेदों को इसलिए खोलते हैं कि वेदों की लिखी हुई आप किसी बात

386
00:28:46,520 --> 00:28:50,520
को जो मान रहे हो उसको दूसरी कोई बात अपने अनुसार अर्थ

387
00:28:50,520 --> 00:28:55,080
निकाल करके उसको काट सके जैसे मान लो आप विष्णु की भक्ति कर रहे हो

388
00:28:55,080 --> 00:28:59,240
तो जहा विष्णु से भिन्न किसी अन्य नाम से भगवान

389
00:28:59,240 --> 00:29:03,560
की भक्ति लिखी है उसके द्वारा उसको काट सके यह बात

390
00:29:03,560 --> 00:29:07,800
यह इसलिए वेद खोलते हैं यह इसलिए गीता खलते हैं

391
00:29:07,800 --> 00:29:11,800
आप कृष्ण की भक्ति कर रहे हो तो लोग कृष्ण में कृष्ण तो स्वयं कह रहे हैं कि

392
00:29:11,800 --> 00:29:13,720
तू जा तू जा

393
00:29:13,720 --> 00:29:17,800
यहां से फिर खुद कहते हैं आजा

394
00:29:17,800 --> 00:29:23,800
बंदे शरण राम की आजा

395
00:29:24,120 --> 00:29:28,680
आजा आ फिर जा बहना

396
00:29:28,680 --> 00:29:33,280
आपको कुछ बोलना है या आप भूल गई है ऊपर आकर के

397
00:29:33,280 --> 00:29:37,120
आपकी आवाज नहीं आ

398
00:29:37,120 --> 00:29:41,240
रही अन म्यूट भी नहीं हो रही है आप नहीं

399
00:29:41,240 --> 00:29:45,480
वो पता है वो मैसेज मैसेज बोल रहे हैं वो अनम वो बात करने की कोशिश

400
00:29:45,480 --> 00:29:49,520
करते हैं अभी पाच मिनट के लिए बाहर जाके वो मैसेज में

401
00:29:49,520 --> 00:29:53,560
बोल रहे हैं हो सकता है घर परिवार की कोई ऐसी अच्छा अच्छा अच्छा अच्छा अच्छा

402
00:29:53,560 --> 00:29:57,600
अच्छा अच्छा अच्छा अच्छा ठीक है

403
00:29:57,600 --> 00:30:01,920
ठीक है तो यह वाली बात है कि भाई

404
00:30:01,920 --> 00:30:06,080
जो वेदों में वर्णित विराट पुरुष है जिसको आप लोग वहा काल कह रहे हो

405
00:30:06,080 --> 00:30:10,080
विराट पुरुष वही विराट पुरुष जो है

406
00:30:10,080 --> 00:30:15,960
परमात्मा है आगे इसको परमात्मा प्रजापति प्रजा पालक सब कहा गया है

407
00:30:15,960 --> 00:30:20,040
और उसके बाद इस यही जो है मृत्यु से

408
00:30:20,040 --> 00:30:24,360
परे जाने के लिए मार्ग है दूसरा मार्ग नहीं है ये ध्यान रखिए

409
00:30:24,360 --> 00:30:28,920
मृत्यु की घाटी को पार करने का दूसरा मार्ग नहीं है तो आप

410
00:30:28,920 --> 00:30:32,960
अगर कबीर की भक्ति कर रहे हो और व विराट पुरुष नहीं है यदि

411
00:30:32,960 --> 00:30:37,040
है ना कबीर तो इसका मतलब यह है कि आप वेद विरुद्ध भक्ति कर रहे

412
00:30:37,040 --> 00:30:41,160
हो शास्त्र विरुद्ध भक्ति कर रहे हो दूसरी बात इस विराट पुरुष को मैं

413
00:30:41,160 --> 00:30:43,360
जानता

414
00:30:43,360 --> 00:30:47,640
हूं और इनका वो 40 द भी देख ही ले वो क्या कह रहा है

415
00:30:47,640 --> 00:30:51,640
40 द में क्या बात चल रही है जो ये लोग कह रहे हैं व

416
00:30:51,640 --> 00:30:55,840
मैंने देखा था ज्ञानियों के

417
00:30:55,840 --> 00:30:59,840
पास जाने की बात हो रही है मगर वो ज्ञानी वैदिक

418
00:30:59,840 --> 00:31:04,000
नहीं है उन ज्ञानियों की बात नहीं हो रही एक बात बताई जा रही

419
00:31:04,000 --> 00:31:08,320
है कि आप अपने जीवन में जब जिए तो किसके पास जाए ज्ञानियों के पास जाए वो

420
00:31:08,320 --> 00:31:12,640
ज्ञानी वेद को नहीं मानते या वेद के बाहर की भक्ति बताते हैं ऐसा थोड़ी

421
00:31:12,640 --> 00:31:18,640
लिखा है व कौन होंगे [संगीत]

422
00:31:19,520 --> 00:31:25,520
ज्ञानी 40

423
00:31:34,200 --> 00:31:38,460
यहां

424
00:31:38,460 --> 00:31:42,480
[संगीत] पर यह चावा अध्याय

425
00:31:42,480 --> 00:31:46,880
आ गया इसके पहले मंत्र सेही प्रभु से स्वामी से

426
00:31:46,880 --> 00:31:51,320
ईश्वर से बचने योग्य अथवा आच्छादित

427
00:31:51,320 --> 00:31:55,920
यह सब है जो कुछ भी नित्य परिवर्तनशील

428
00:31:55,920 --> 00:32:00,000
संसार में स्व जंगम आदि है उसका

429
00:32:00,000 --> 00:32:04,680
त्याग के द्वारा उपभोग करो लोभ मत करो

430
00:32:04,680 --> 00:32:08,800
किका भला धन है यहां प्रशस्त कर्मों

431
00:32:08,800 --> 00:32:13,560
को करते हुए ही 100 वर्षों तक जीने की इच्छा करें यह

432
00:32:13,560 --> 00:32:17,640
तेरे यह ज्ञान तेरे में हो इससे दूसरा कोई मार्ग

433
00:32:17,640 --> 00:32:22,200
नहीं है प्रशस्त कर्म देखिए इससे दूसरा कोई का मार्ग नहीं

434
00:32:22,200 --> 00:32:26,840
है ठीक है मनुष्य को नहीं दूषित

435
00:32:26,840 --> 00:32:31,000
करते वही कर्म योग वाली बात चल रही है वह

436
00:32:31,000 --> 00:32:35,920
एक चंचलता रहित सबसे पुरातन स्फूर्ति देने वाला मन की अपेक्षा अधिक

437
00:32:35,920 --> 00:32:39,960
वेगवान है अच्छा यह भी है

438
00:32:39,960 --> 00:32:44,160
बल के लिए प्रसिद्धि ऐसे लोग प्रगड़ अंधकार से व्याप्त है वह

439
00:32:44,160 --> 00:32:49,240
मृत्यु के बाद उनमें जाते हैं जो कोई भी आत्मघाती जन

440
00:32:49,240 --> 00:32:53,240
है वह एक चंचलता रहित सबसे पुरातन

441
00:32:53,240 --> 00:32:57,520
स्फूर्ति देने वाला मन की अपेक्षा अधिक वेगवान है इस

442
00:32:57,520 --> 00:33:02,000
स्तर व स्थिर होता हुआ दौड़ते हुए दूसरों के आगे जाता

443
00:33:02,000 --> 00:33:06,120
है माता के गर्भ में रहने वाला जीव कर्मों को धारण करता

444
00:33:06,120 --> 00:33:10,640
है वह हिलाता है वह हिलता है वह नहीं निश्चय

445
00:33:10,640 --> 00:33:15,920
समीप है वह सबके अंदर है अथवा वह सबका परवन

446
00:33:15,920 --> 00:33:20,280
है निश्चय ही सबके बाहर भी है जो वस्तुतः

447
00:33:20,280 --> 00:33:24,720
सब भूतों को आत्मा में ही अनुभव करता देखता सारा

448
00:33:24,720 --> 00:33:29,320
है उसके बाद क्या है जहां विज्ञानी की आत्मा

449
00:33:29,320 --> 00:33:33,480
की सब भूत बन गई वहां एकत्व अनुभव करने वाले

450
00:33:33,480 --> 00:33:37,800
को कैसा मोह कैसा शोक वह सर्वत्र व्यापक है

451
00:33:37,800 --> 00:33:42,040
देह रहित स्नायु रहित वर्ण रहित वर्ण

452
00:33:42,040 --> 00:33:46,120
रहित शुद्ध निष्पाप तेजस्वी या समर्थ

453
00:33:46,120 --> 00:33:50,360
दृष्टा ज्ञाता और

454
00:33:50,360 --> 00:33:54,520
सर्व सर्व तोन भाविक विजय

455
00:33:54,520 --> 00:33:58,560
स्वयं हो योग्य रीति काल से अर्थों

456
00:33:58,560 --> 00:34:03,520
की व्यवस्था की है जो अतंग भाव की उपासना करते हैं

457
00:34:03,520 --> 00:34:04,480
गाढ अंधकार

458
00:34:04,480 --> 00:34:08,560
में प्रवेश करते हैं वह उनसे अधिक मानो अंधकार में जाते हैं जो निश्चय

459
00:34:08,560 --> 00:34:13,400
ही केवल संग भाव में रमते हैं

460
00:34:13,400 --> 00:34:15,240
संग यास संभूति

461
00:34:15,240 --> 00:34:19,600
का फल भिन्न प्रकार का है ऐसा कहते हैं असंग भावना का फल

462
00:34:19,600 --> 00:34:23,880
भिन्न ऐसा घी धी अर्थात बुद्धि

463
00:34:23,880 --> 00:34:26,880
में रमण करने वाले विद्वानों से सुनते आ रहे हैं

464
00:34:26,880 --> 00:34:31,160
कहां इसमें क्या है इसमें इसमें किसी और के पास जाने की बात कहां

465
00:34:31,160 --> 00:34:35,160
है इसमें तो कह रहे इसमें बात बताई है कि जो विद्वान

466
00:34:35,160 --> 00:34:39,880
है वह क्या कहते हैं इसमें किसी और के पास जाने की बात कहां कही जा रही है

467
00:34:39,880 --> 00:34:44,000
ीरा नाम सुनते आ रहे हैं जिस

468
00:34:44,000 --> 00:34:48,720
जिन्होंने हमको उस विषय में उपदेश किया है किसको उपदेश किया है

469
00:34:48,720 --> 00:34:52,960
यह वेद को कहने वालों को तो वेद के मंत्र है व भाषा

470
00:34:52,960 --> 00:34:58,960
है उनकी इस तरह से बोलने की

471
00:34:59,520 --> 00:35:04,720
इसमें कहां इसको वेद को छोड़ कर के किसी और के पास जाने की बात हो रही

472
00:35:04,720 --> 00:35:09,080
है भाई जिन्हो जिनको ज्ञान है उनके

473
00:35:09,080 --> 00:35:13,360
ही द्वारा बताई गई चीज यहां पर बोली जा रही है अगर

474
00:35:13,360 --> 00:35:19,120
ऐसा है तो ऐसा समझ

475
00:35:19,120 --> 00:35:21,440
लो

476
00:35:21,440 --> 00:35:25,520
जी सत सुकृत अविगत कबीर प्रणव

477
00:35:25,520 --> 00:35:29,680
प्रणव प्रणव प्रणव कलियम कलियम कलियम

478
00:35:29,680 --> 00:35:34,880
कलियम हरियम हरियम हरियम हरियम सोहम सोहम सोहम

479
00:35:34,880 --> 00:35:39,000
सोहम तो कोई अगर आना चाहता

480
00:35:39,000 --> 00:35:43,200
है तो व आकर के बताए भाई कहां वेदों में कौन सा प्रमाण है और कैसे

481
00:35:43,200 --> 00:35:47,320
आपका कबीर जो है वो भगवान हो जाता है जय श्री

482
00:35:47,320 --> 00:35:52,320
राम सभी को जय श्री राम बड़े भाई जय श्री राम

483
00:35:52,320 --> 00:35:56,640
ज श्रीराम ह

484
00:35:56,640 --> 00:36:00,760
महादेव आज इनका

485
00:36:00,760 --> 00:36:05,080
एक कहना चाहूंगा आप तो देवेंद्र

486
00:36:05,080 --> 00:36:09,200
शर्मा जी भी हमारे साथ जुड़ गए हैं तो अब हम लोग सक्षक तो हो ही गए बाद से फि

487
00:36:09,200 --> 00:36:14,680
राम बालियों का विकेट गिरना शुरू आज

488
00:36:14,680 --> 00:36:18,720
से बिल्कुल बिल्कुल आपको

489
00:36:18,720 --> 00:36:22,720
दो पिक्चर भेजी है मैंने जो यह मंत्र है एक

490
00:36:22,720 --> 00:36:27,000
रामपाल के जो शिष्य थे उनसे बात हुई थी तो उन्होंने क्या किया था कि

491
00:36:27,000 --> 00:36:31,560
अपना जो मंत्र वहा से लिया था उसकी लेमिनेशन करके

492
00:36:31,560 --> 00:36:35,560
फोटो रख रखी थी तो व फोटो मेरे को उसने दिखाए तो मैंने उसकी स्क्रीनशॉट

493
00:36:35,560 --> 00:36:40,080
ले ली थी मैंने आपको भेज रखा है व व

494
00:36:40,080 --> 00:36:44,480
व आप य पर दे दीजिए य जो चैट है इसम दे

495
00:36:44,480 --> 00:36:48,560
दीजिए इसमें दे सकते हैं ना इसमें मालूम नहीं

496
00:36:48,560 --> 00:36:54,560
मेरे को अब मेरा तो

497
00:36:59,720 --> 00:37:05,520
आइए भाई कमेंट लिखने से कुछ नहीं होगा भाई हमको तो बुला ही रहे

498
00:37:05,520 --> 00:37:09,520
आपको और वह मंत्र किसकिस के हैं उसकी फोटो भी लगा रखी है वहां

499
00:37:09,520 --> 00:37:13,560
पर उन्होने अच्छा ये जो बोलते हैं

500
00:37:13,560 --> 00:37:18,000
ना सोहम सोहम ये कुछ भगवान शिव इस मंत्र का जप करते हैं तो हम आपको बताते

501
00:37:18,000 --> 00:37:22,360
आप पद्म पुराण पढ़ेंगे ना तो उसमें भगवान शिव का एक श्लोक बहुत प्रसिद्ध है

502
00:37:22,360 --> 00:37:26,520
राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे सहस्त्र नाम तुल्य राम

503
00:37:26,520 --> 00:37:30,760
नाम राने वो तो कहते कि मैं श्री राम का जाप करता हूं और सब सुनो

504
00:37:30,760 --> 00:37:35,280
भाई ये वहा पर दशरथ नंदन नाम की बात हो रही है वो कोई और राम नहीं

505
00:37:35,280 --> 00:37:39,360
है अरे भाई बहुत दूर जाने की आवश्यकता

506
00:37:39,360 --> 00:37:43,600
क्या है अनेका अनेक बार भगवान श्री राम

507
00:37:43,600 --> 00:37:48,400
रामायण में गायत्री मंत्र का जाप कर रहे हैं

508
00:37:48,400 --> 00:37:52,440
और रामो विग्रह वान धर्म अब भैया स्वयं

509
00:37:52,440 --> 00:37:56,440
को सनातनी भी कहो और फिर कहो कि हम धर्म को नहीं

510
00:37:56,440 --> 00:38:02,440
मानते तुम्हारे रामपाल के लिए लिखा है क्या रामपाल विग्रहवां

511
00:38:02,440 --> 00:38:08,440
धर्मा

512
00:38:08,800 --> 00:38:12,840
हां रामपाल के लिए अगर लिखा हो तो बताओ भाई जेल

513
00:38:12,840 --> 00:38:17,280
जाना शुरू करें फिर हम क्योंकि जब विग्रहवां

514
00:38:17,280 --> 00:38:21,400
धर्मा है जो जो जैसे जैसे करते हैं तो वैसे वैसे करना चाहिए धर्मानुसार

515
00:38:21,400 --> 00:38:25,960
तोब भैया ये जेल जाके बैठे हैं

516
00:38:25,960 --> 00:38:30,280
तो हम भी जाएंगे भैया हम लोग भी टिकट कटाए

517
00:38:30,280 --> 00:38:34,360
भले ही 151 में जाना पड़े वो होता है ना

518
00:38:34,360 --> 00:38:38,440
शांति शांति भंग का मुकदमा होता है 151

519
00:38:38,440 --> 00:38:42,480
अच्छा मैं एक लोग को बताना चाहता

520
00:38:42,480 --> 00:38:46,760
हूं अभी दो महीने पहले एक रामपा मित्र आए थे आपके य चैनल

521
00:38:46,760 --> 00:38:50,920
में लोकेश पांचाल के नाम से हा व कमेंट में

522
00:38:50,920 --> 00:38:54,960
कमेंट के शेर हो गए तो एक और

523
00:38:54,960 --> 00:38:59,240
किसी एक और व्यक्ति ने वीडियो बनाया था इन लोगों के ऊपर सनातन धर्मा ट कोडेड करके

524
00:38:59,240 --> 00:39:03,400
हां है अब उनका चैनल बंद हो यस

525
00:39:03,400 --> 00:39:07,440
तिवारी यस तिवारी यस तिवारी हां यश तिवारी जी उन्होंने आर्य समाज का भी एक वीडियो

526
00:39:07,440 --> 00:39:11,520
उसम बनाया था उनकी वीडियोस बहुत देखे मैंने तो उनको जेल में डाल दिया था आर्य समाज ने

527
00:39:11,520 --> 00:39:15,880
अब वो छूट तो चुके हैं उनके वीडियो पे इन व्यक्ति के साथ मेरी

528
00:39:15,880 --> 00:39:19,880
भयंकर डिबेट हुई है कमेंट बॉक्स में 100 से भी ऊपर तक के कमेंट है हमारे और

529
00:39:19,880 --> 00:39:23,920
उनके बीच में कुल मिला के इतनी देर वैसे ज्यादा

530
00:39:23,920 --> 00:39:28,240
मेहनत कर ली आपने बहुत जल्दी वो लोग खत्म हो जाते हैं वो तो यहां मा

531
00:39:28,240 --> 00:39:33,400
राजी नहीं था वो तो वो तो यहां प आके रोने लगे थे कि हमारा कभी रोता

532
00:39:33,400 --> 00:39:38,640
है सुना था मैंने हा सुना

533
00:39:38,640 --> 00:39:43,400
था अरे जोय सा मंत्र लिए मि

534
00:39:43,400 --> 00:39:47,480
आपने मंत्र दिए वो मैंने ऑपरेटर जी को भेज दिए ऑपरेटर जी उनके

535
00:39:47,480 --> 00:39:51,560
मंत्र दिखा दीजिए आप नहीं नहीं मैं एक और जानकारी दे रहा हूं जोय सात

536
00:39:51,560 --> 00:39:55,960
मंत्र ले रखे हैं कबीर बीजक से ले रखे हैं वो भी एक साथ नहीं है

537
00:39:55,960 --> 00:40:00,880
हा अपने मन हा एक साथ नहीं है

538
00:40:00,880 --> 00:40:05,120
वहां पर आता है किशन स्रोत आता है एक किशन स्रोत से ले रखा है एक

539
00:40:05,120 --> 00:40:09,280
किधर से ले रखा है ऐसे कर मैंने आपको कुछ पिक्चर भेजी थी इससे पहले कबीर

540
00:40:09,280 --> 00:40:14,080
बीजक से उसमें आपको चीज मि येय अभी जो

541
00:40:14,080 --> 00:40:18,240
हमने हमने दिखाया था ना वही वो आपने

542
00:40:18,240 --> 00:40:22,880
वही दोबारा भेज अच्छा आपने जो दिखाया वही भे

543
00:40:22,880 --> 00:40:28,880
अच्छा एक बार एक एक बात पर ध्यान दीजिए

544
00:40:32,120 --> 00:40:36,120
किसी की आवाज आ रही है पीछे से

545
00:40:36,120 --> 00:40:40,160
ये लोग बस कमेंट बाजी ही कर रहे हम इनको बुला रहे कब से आ जाओ आ ही नहीं रहे बस कमेंट ही बाजी कर

546
00:40:40,160 --> 00:40:44,760
रहे हैं ये लोग अरे क्या हुआ भाई आ जाओ ना

547
00:40:44,760 --> 00:40:49,480
आइए आप ऊपर आपका स्वागत है आप यहां

548
00:40:49,480 --> 00:40:53,480
देखिए है उसी का विरोध सभी किया करते हैं अच्छा इसीलिए

549
00:40:53,480 --> 00:40:58,400
आप लोगों ने शंकराचार्य का विरोध अपनी हर किताब में किया है क्या

550
00:40:58,400 --> 00:41:02,400
गीता गीता तेरा ज्ञान अमृत में सबसे पहले तुमने शंकराचार्य का विरोध

551
00:41:02,400 --> 00:41:06,600
किया है हमने तो अभी तक कोई किताब छापी नहीं है तुम्हारे लिए तुम्हारी

552
00:41:06,600 --> 00:41:10,720
तो इतनी किताबें छप चुकी इसीलिए किया था क्या जिसकी पकड़ मजबूत होती

553
00:41:10,720 --> 00:41:15,280
है उसी का विरोध हा जी येंद्र

554
00:41:15,280 --> 00:41:19,280
शर्मा जी जी जी जी बोलिए बोलिए यमा जी

555
00:41:19,280 --> 00:41:23,440
आपकी कुछ वीडियोस में मैंने बताया देख आप एक मिनट एक मिनट एक

556
00:41:23,440 --> 00:41:28,360
मिनट विशाल जी एक मिनट वो कुछ बोल रहे हैं एक मिनट बोलने दीजिए

557
00:41:28,360 --> 00:41:33,200
यहां इन इनके मंत्र से मुक्ति होती

558
00:41:33,200 --> 00:41:39,080
ठीक है हा

559
00:41:39,080 --> 00:41:45,080
हां क्या कह रहे हैं आप मैं समझा

560
00:41:54,080 --> 00:41:59,120
नहीं हां अच्छा ये

561
00:41:59,120 --> 00:42:03,240
प्रणव अक्षर जो इसका जाप अंतिम सास तक कर्म

562
00:42:03,240 --> 00:42:07,240
करते करते करता है वह मेरी वाली परम गति को प्राप्त

563
00:42:07,240 --> 00:42:11,280
ये मेरी वाली परम गति क्या होती है परम गति तो परम गति होती है

564
00:42:11,280 --> 00:42:16,080
य मेरी वाली परम गति क्या होती हर बात में मेरी वाली

565
00:42:16,080 --> 00:42:22,080
मेरी वाली परम शांति मेरा वाला

566
00:42:22,280 --> 00:42:27,200
मोक्ष प्रणव नाम का जप तथा पांचों यज्ञ तथा

567
00:42:27,200 --> 00:42:31,640
घोर तप ही पूर्ण ब्रह्म की साधना मान ली

568
00:42:31,640 --> 00:42:36,320
परंतु यह साधना केवल काल ब्रह्म तक की है हां बिल्कुल

569
00:42:36,320 --> 00:42:40,360
ये काल ब्रह्म तक की उपासना है भाई उसका

570
00:42:40,360 --> 00:42:44,840
जब करवा रहे हो पता नहीं क्यों करवा रहे हो ज्यादा कर लेगा तो वो खाएगा काल इनको

571
00:42:44,840 --> 00:42:49,120
देखो सबसे सबसे शुरू में क्या हो रहा है इनके मंत्र में कि सबसे

572
00:42:49,120 --> 00:42:53,120
शुरू में उन सब के नाम आ रहे हैं जिन सबके नाम नाम से

573
00:42:53,120 --> 00:42:57,600
जब जप करने से व्यक्ति व जो है मुक्त नहीं होगा

574
00:42:57,600 --> 00:43:01,760
और इनका जो कबीर का नाम आ रहा है इनके हिसाब से सोम सोम सोम सोम वो अंत

575
00:43:01,760 --> 00:43:05,920
में आ रहा है कबीर का ही है ना अंत में क्यों

576
00:43:05,920 --> 00:43:10,080
नहीं सोहम सोहम के बाद में है कबीर का सोहम के बाद कबीर

577
00:43:10,080 --> 00:43:14,360
अलग है सोहम को इन्होंने शिव और पार्वती जी के लिए रखा

578
00:43:14,360 --> 00:43:18,440
है अच्छा तो सोम के बाद क्या लि है

579
00:43:18,440 --> 00:43:23,320
कबीर के लिए कबीर को इन्होंने शुरुआत में ही रखा है

580
00:43:23,320 --> 00:43:26,120
वो क्या

581
00:43:26,120 --> 00:43:30,640
है सुकृत सुकृत शकत सुत

582
00:43:30,640 --> 00:43:34,800
कबीर ऐसे कुछ लिखा है अच्छा अच्छा अच्छा अगर वो फोटो

583
00:43:34,800 --> 00:43:37,360
दिखा सकते हो तो उसमें सीरियल भाई लिख रखा

584
00:43:37,360 --> 00:43:41,440
है क्योंकि उसी तरीके से मंत्र बोला जाता है उने लेमिनेशन करके रखा था वो

585
00:43:41,440 --> 00:43:45,720
दिखा सकते हो उसमें सारा चीज दे रखा व किसके लिए मंत्र है वो किसके लिए

586
00:43:45,720 --> 00:43:50,240
है मैं शो करता हूं मैं अपने सिस्टम से जवाइन करता हूं एक

587
00:43:50,240 --> 00:43:56,240
बार जी

588
00:44:08,440 --> 00:44:12,520
एक हमारी शंका का समाधान कर देंगे एक्चुअली काल का मंत्र य इसलिए

589
00:44:12,520 --> 00:44:16,960
बोलते हैं कि यहां हमारा हमारे ऊपर कर्जा है काल का

590
00:44:16,960 --> 00:44:21,600
क्योंकि इसके लोक में रह रहे हैं तो उसका कर्जा चुकाने के लिए हमको मंत्र बोलना

591
00:44:21,600 --> 00:44:25,680
पड़ेगा यह कहना है उनका रामपाल जी का य शास्त्र में

592
00:44:25,680 --> 00:44:29,680
क लिखा है यही तो मैं कह रहा हूं शास्त्र में तो नहीं लिखा ना

593
00:44:29,680 --> 00:44:32,920
ये वो

594
00:44:32,920 --> 00:44:37,000
बोलते हमने काल से रेंट प ले रखा है ना

595
00:44:37,000 --> 00:44:41,120
उसका किराया देना पड़ता होगा हर साल थोड़ा

596
00:44:41,120 --> 00:44:45,120
बढ़ भी जाता होगा रेंट हा

597
00:44:45,120 --> 00:44:49,440
ये यही कहते हैं कि इस जन्म में जो भी हमारा कर्जा है ब्रह्मा विष्णु

598
00:44:49,440 --> 00:44:52,600
महेश से हमें अगर छुटकारा पाना है तो उन्हीं की भक्ति

599
00:44:52,600 --> 00:44:56,840
करनी है और उन्हीं की भक्ति करके उनसे ही छुटकारा मिलेगा मैंने

600
00:44:56,840 --> 00:45:01,040
तो यही देखा है कि जिसकी भी कोई भक्ति कर रहा है उसकी उसे प्राप्ति होनी चाहिए

601
00:45:01,040 --> 00:45:05,120
और यहां पर इस मंत्र से छुटकारा मिल जाएगा तो मैं तो य

602
00:45:05,120 --> 00:45:09,200
कहता हंसे रखा है कबीर का भी नाम आ

603
00:45:09,200 --> 00:45:13,400
रहा है तो कबीर से भी छुटकारा होना चाहिए गणेश जी से भी छुटकारा

604
00:45:13,400 --> 00:45:19,400
होना चाहिए छुटकारा होना तो सबसे छुटकारा होना

605
00:45:20,160 --> 00:45:24,320
चाहिए देखिए कबीर से छुटकारा होगा शिव से छुटकारा होगा मगर

606
00:45:24,320 --> 00:45:28,320
जिसका नाम नहीं आ रहा है ना वो प्राप्त जेलम प्राप्त

607
00:45:28,320 --> 00:45:31,440
हो जाएगा

608
00:45:31,440 --> 00:45:35,440
आपको कबीर से छूटे काल से छूटे शिव से छूटे विष्णु

609
00:45:35,440 --> 00:45:41,000
से छूटे दुर्गा से छूटे और जेल धामी को प्राप्त कर

610
00:45:41,000 --> 00:45:47,000
गए बिल्कुल सही

611
00:45:51,600 --> 00:45:55,720
क ये लो प्रणव मंत्र के जाप से शांति

612
00:45:55,720 --> 00:45:58,800
नहीं होती

613
00:45:58,800 --> 00:46:02,880
तो यह इनका मंत्र में जो वो प्रणव का उच्चारण है व

614
00:46:02,880 --> 00:46:05,600
अधूरा

615
00:46:05,600 --> 00:46:09,600
है आओ भाई कोई और नहीं आ रहा है

616
00:46:09,600 --> 00:46:13,680
मेरे ख्याल से तो हम लोग यह कोई

617
00:46:13,680 --> 00:46:17,880
श्याम स्टूडियो करके आया है देख ले इनको

618
00:46:17,880 --> 00:46:22,160
शायद इनको जोड़े श्याम स्टूडियो को

619
00:46:22,160 --> 00:46:26,240
मयंक जी आपको मैं थोड़ी देर तेज से कर

620
00:46:26,240 --> 00:46:32,240
देता हूं कोई ड हो सके महाकाल जी आप भी थोड़ा सा विराम ले

621
00:46:32,600 --> 00:46:36,960
ले

622
00:46:36,960 --> 00:46:41,000
और जी आप भी अपनी बात कर राधिका

623
00:46:41,000 --> 00:46:45,040
जी बता जी मैं भी से बात करने आया था लेकिन अभी

624
00:46:45,040 --> 00:46:48,960
मैं जाता हूं कोई सते हा वो अब

625
00:46:48,960 --> 00:46:53,200
जान चुके हैं कि मत पड़ो चक्कर में और कोई है नहीं टक्कर में

626
00:46:53,200 --> 00:46:57,200
टक्कर में हर कोई रामपाल जी के

627
00:46:57,200 --> 00:47:03,200
बैटिंग करना चाहता है पर बॉलर है नहीं

628
00:47:05,520 --> 00:47:09,880
कोई अच्छा हम तब तक आज अपनी प्यारी बहना की थोड़ी सी कहानी

629
00:47:09,880 --> 00:47:14,440
वो बात सुन लेते हैं जी बहना जी आप मैं चाह रहा

630
00:47:14,440 --> 00:47:18,680
जय श्री राम एक बार मैं चाह रहा हूं आप अपनी पूरी जो क्या स्थिति

631
00:47:18,680 --> 00:47:22,920
थी फिर आपको वीडियोस मिले उससे आपको राहत मिली

632
00:47:22,920 --> 00:47:27,160
थोड़ा सा कन्वर्जन आया उधर आपने नाम जब भी शुरू किया है

633
00:47:27,160 --> 00:47:31,440
तो फिर अंत तक होते होते आपको क्या अच्छे परिणाम मिले वो आप थोड़ा दर्शकों

634
00:47:31,440 --> 00:47:32,680
को बताए पूरा

635
00:47:32,680 --> 00:47:36,840
जी बताइए हम भी सुनना चाहते थे जी भैया अभी

636
00:47:36,840 --> 00:47:40,840
ये सिचुएशन है कि मेरी मम्मा ने पूरी तरह

637
00:47:40,840 --> 00:47:45,640
से सिर्फ आपकी वजह से र हो पाया क्या

638
00:47:45,640 --> 00:47:50,360
मैं कह रहा हूं कि आप पीछे से बताइए सिचुएशन खराब क्या थी वहां से

639
00:47:50,360 --> 00:47:55,240
सब क्लाइमेक्स तक आइए ओके ओके

640
00:47:55,240 --> 00:47:57,360
हा तो

641
00:47:57,360 --> 00:48:02,000
सबसे पहले तो 2021 में

642
00:48:02,000 --> 00:48:06,080
मेरी पूरी फैमिली ने रामपाल को मानना स्टार्ट कर दिया

643
00:48:06,080 --> 00:48:10,240
था और पूरे एकदम कट्टर उनके भगत बन गए थे और आप

644
00:48:10,240 --> 00:48:14,400
जैसे बताते हो ना स्टार्टिंग में पूरी सच्चाई नहीं बताते हैं तो स्टार्टिंग में इन्होंने पूरी

645
00:48:14,400 --> 00:48:18,680
सच्चाई नहीं बताई थी जैसे थोड़े से रूल्स बताए जैसे

646
00:48:18,680 --> 00:48:22,800
स्टार्टिंग में बताया कि आप जो भी ज्वेलरी पहनते हो ना वो आपको गोल्ड की

647
00:48:22,800 --> 00:48:26,800
नहीं पहननी है बाकी आप पहन सकते हो लेकिन बाद में धीरे-धीरे

648
00:48:26,800 --> 00:48:30,960
और अपना रूप सामने लेकर आते हैं जब आप इसमें विश्वास करने लग जाते हो ना

649
00:48:30,960 --> 00:48:35,000
जैसे पहले तो ये बताएंगे आपके भगवान की तारीफ भी करेंगे कि अरे उन्हीं की भक्ति

650
00:48:35,000 --> 00:48:39,040
बताते हैं जैसे ये नहीं बोलते कि हम तो उन्हीं के मंत्र देते हैं उन्हीं की भक्ति बताते

651
00:48:39,040 --> 00:48:43,160
हैं उसके बाद ये क्या करते हैं कि जैसे आप इनके आश्रम जाना स्टार्ट

652
00:48:43,160 --> 00:48:47,560
करते हो इनको फॉलो करना स्टार्ट करते हो फिर धीरे-धीरे उनके प्रति नफरत

653
00:48:47,560 --> 00:48:51,600
भरना स्टार्ट करते हैं है ना और उसकी बाद तो आपके अंदर

654
00:48:51,600 --> 00:48:55,800
इतनी नफरत भर देते हैं कि एक टाइम पर आप उनसे पूरी तरह

655
00:48:55,800 --> 00:49:00,040
से नफरत करने लग जा हो कि मतलब आप नाम भी लेना पसंद नहीं करते हो

656
00:49:00,040 --> 00:49:04,240
और बहुत रूडली अपने भगवान को ऐसे एड्रेस करते हो बोलते टाइम ऐसा

657
00:49:04,240 --> 00:49:08,440
हो जाता है तो ऐसे धीरे-धीरे करके नफरत भरते हैं और हमने लिया था

658
00:49:08,440 --> 00:49:12,680
2021 में इनको फॉलो करना स्टार्ट किया था और उसके बाद

659
00:49:12,680 --> 00:49:16,720
धीरे-धीरे कट्टर होते गए और बहुत ज्यादा कट्टर मेरी फैमिली हो गई

660
00:49:16,720 --> 00:49:20,760
मतलब मेरे ताऊ जी ने तो 2005 से फॉलो करते थे वो और मेरी

661
00:49:20,760 --> 00:49:25,280
ताऊ जी की वजह से ही मेरे पूरी फैमिली का ब्रेन वश हुआ मेरी दादी मेरी बुआ

662
00:49:25,280 --> 00:49:29,400
मम्मा भाई सब और मैं

663
00:49:29,400 --> 00:49:33,400
मतलब मुझे तो जबरदस्ती मैं तो एंड तक नहीं मानी थी क्योंकि मुझे

664
00:49:33,400 --> 00:49:37,560
स्टार्टिंग से बहुत नफरत थी ये रामपाल और इन सब

665
00:49:37,560 --> 00:49:41,680
से लेकिन फिर एक टाइम ऐसा आया जब लाक मुझे एक इंजरी

666
00:49:41,680 --> 00:49:45,680
हो गई थी और उसके बाद मेरी सर्जरी होनी

667
00:49:45,680 --> 00:49:49,720
थी तो इन्होंने मतलब मेरी सर्जरी करवाने से पहले उन्होंने

668
00:49:49,720 --> 00:49:54,160
कहा नहीं नहीं इसी को मानने से सही हो जाएगा जो कि काफी फनी है वैसे

669
00:49:54,160 --> 00:49:58,160
पर इस वजह से मतलब मुझे उसमें जबरदस्ती ऐसा विश्वास करवाना

670
00:49:58,160 --> 00:50:02,200
स्टार्ट किया कि तेरे साथ बुरा हो रहा है तेरे चोट लगी है तो क्योंकि तू रामपाल

671
00:50:02,200 --> 00:50:06,360
में विश्वास नहीं कर रही है इसलिए ऐसा हो रहा है तो जब आपके सब रास्ते बंद हो जाते

672
00:50:06,360 --> 00:50:10,840
हैं ना कि आपके घर से मंदिर भी हटा दिया गया और आपको मतलब

673
00:50:10,840 --> 00:50:14,920
हर तरफ से यही कह रहे हैं कि तेरे साथ इसलिए बुरा हो रहा है क्योंकि तू रामपाल को फॉलो नहीं कर

674
00:50:14,920 --> 00:50:19,120
रही है ये वो तो फिर आप मानने लग जाते हो तो एक टाइम ऐसा आया था जब मैं भी मानने

675
00:50:19,120 --> 00:50:23,400
लग गई थी पर वो ज्यादा देर तक रहा नहीं और मुझे इसके आपने जो फर्स्ट मंत्र

676
00:50:23,400 --> 00:50:27,600
बताया है मुझे इसके दो मंत्र मिले हुए हैं सेकंड मंत्र

677
00:50:27,600 --> 00:50:28,100
जो

678
00:50:27,720 --> 00:50:31,760
होता है वो फोर मंथ्स के बाद मिलता है और मुझे वो 2021 में ही मिल

679
00:50:31,760 --> 00:50:35,880
गया था तो सेकंड मंत्र भी अभी आपने जो फर्स्ट

680
00:50:35,880 --> 00:50:40,200
दिखाया ना और मैं सिर्फ पहले आई थी वो ये बताने आई थी क्योंकि तब मैं बोल नहीं सकती थी

681
00:50:40,200 --> 00:50:44,200
तो मैंने तब साइड चैट में भी लिखा था कि वो मयंक जी कह रहे

682
00:50:44,200 --> 00:50:48,200
थे कि पांच मंत्र होते हैं और

683
00:50:48,200 --> 00:50:52,320
वो जो देवेंद्र सर है वो कह रहे थे कि

684
00:50:52,320 --> 00:50:56,680
तीन मंत्र होते हैं तो इनके होते तो तीन ही मंत्र है पर जो फर्स्ट मंत्र

685
00:50:56,680 --> 00:51:00,760
उसम पांच आप दिख रहे थे ना वो लिखा हुआ था तो पांच मंत्र

686
00:51:00,760 --> 00:51:04,840
थे फाइव लाइंस में तो इसलिए वो बोलते हैं कि पांच मंत्र

687
00:51:04,840 --> 00:51:08,840
होते हैं यानी कि फर्स्ट मंत्र के फाइव पार्ट्स होते हैं बाकी टोटल इनके तीन ही मंत्र

688
00:51:08,840 --> 00:51:13,120
होते हैं अच्छा और जो सेकंड मंत्र होता है ना वो

689
00:51:13,120 --> 00:51:17,240
ये होता है ओम एंड सोम मतलब की

690
00:51:17,240 --> 00:51:21,520
और इसका जो बोलने का तरीका होता है ना वो ऐसा होता है कि आप जब ब्रेथ

691
00:51:21,520 --> 00:51:25,520
लेते हो मतलब जब आप सांस छोड़ते हो ना तो

692
00:51:25,520 --> 00:51:29,560
आपको ओम मन में बोलना होता है एंड जब आप सांस लेते हो तो

693
00:51:29,560 --> 00:51:34,240
आपको ऐसा सोम ऐसा मन में बोलना होता है तो ये इनका सेकंड मंत्र

694
00:51:34,240 --> 00:51:38,440
है मतलब ये ओ मतलब जो प्रणव है ना उसको बुरा

695
00:51:38,440 --> 00:51:42,640
बताते हैं कि ये अच्छा नहीं है ये तो बस हम काल का मंत्र

696
00:51:42,640 --> 00:51:43,140
है

697
00:51:42,760 --> 00:51:46,760
इसलिए हम बोलते हैं तो ये इसको बुरा बताते है इसलिए ये बोलते

698
00:51:46,760 --> 00:51:51,040
है कि जब आप पता नहीं इसके पीछे क्या लॉजिक है पर जब आप सांस छोड़ते

699
00:51:51,040 --> 00:51:56,640
हो तो आपको ओम बोलना होता है और जब आप लेते हो तो आपको सोम बोलना होता है और

700
00:51:56,640 --> 00:52:00,840
ये इनका सेकंड मंत्र है तो ये सब मेरी पूरी फैमिली बहुत

701
00:52:00,840 --> 00:52:04,960
इसको फॉलो करने लग गई थी और लास्ट में तो ऐसा बताते जैसे मैंने ज्वेलरी हां

702
00:52:04,960 --> 00:52:09,240
सॉरी आपको ये 21 में मिल गया था हां 21

703
00:52:09,240 --> 00:52:13,440
में मिल गया था मुझे सेकंड मंत्र भी फिर

704
00:52:13,440 --> 00:52:17,560
और जो मैंने कट्टर वाली बात बताई ना कि ज्वेलरी वाली तो धीरे-धीरे तो ये बताएंगे

705
00:52:17,560 --> 00:52:21,560
कि आपको गोल्ड की ज्वेलरी नहीं पहननी है तो गोल्ड की जब आप

706
00:52:21,560 --> 00:52:25,880
बंद कर दोगे तो उसके बाद ये मैं बस एक एग्जांपल बता रही हूं उसके बाद जब आप नॉर्मल

707
00:52:25,880 --> 00:52:30,120
ऐसे कोई भी ज्वेलरी पहन के आओगे ना तो कहेंगे अरे नहीं नहीं

708
00:52:30,120 --> 00:52:34,120
ये भी निकाल दो ये भी नहीं पहनना मतलब कुछ भी आपको कान में

709
00:52:34,120 --> 00:52:38,320
नाक में मतलब मेरे तो अभी तक बल्कि कर्ण वेग संस्कार मेरा हो भी नहीं रखा

710
00:52:38,320 --> 00:52:42,560
है मुझे पंडित जी ने कहा था कि ये करवाना था मुझे तो ये भी नहीं पता था कि करवाना

711
00:52:42,560 --> 00:52:46,640
होता है तो वहां बस ये जैसे मेरी मम्मा

712
00:52:46,640 --> 00:52:51,040
पहन के जाती थी मैं तो वैसे भी कुछ नहीं पहनती तो उनको बोलते थे कि

713
00:52:51,040 --> 00:52:55,240
नहीं आप ये भी निकाल दीजिए अगर वो गोल्ड का नहीं है तो भी तो ये धीरे-धीरे और अपने कट्टर

714
00:52:55,240 --> 00:52:58,040
रूल्स सामने लेकर आते हैं जैसे हमारी गाड़ी

715
00:52:58,040 --> 00:53:02,200
जो है हमारी कार उसमें आगे हनुमान जी की फोटो लगी हुई थी बस एक छोटी

716
00:53:02,200 --> 00:53:06,240
सी फोटो हनुमान जी की और उसके बाद जब आश्रम लेकर

717
00:53:06,240 --> 00:53:10,400
गए ना हम लोग फर्स्ट टाइम उका तो इतने गुस्से में आ गए ये लोग कि आपने नाम

718
00:53:10,400 --> 00:53:14,560
ले रखा और हनुमान जी की फोटो लगा रखी गाड़ी में वो तुरंत हटा दी थी

719
00:53:14,560 --> 00:53:18,960
और फिर वो उसी की लगा दी थी रामपाल और कबीर की तो

720
00:53:18,960 --> 00:53:23,120
ये ऐसा होता है और अभी सिचुएशन ये है कि मैंने

721
00:53:23,120 --> 00:53:27,200
तो खैर बहुत पहले इसको मारना छोड़ दिया था पर मैंने किसी को बताया नहीं था और

722
00:53:27,200 --> 00:53:31,200
मैं आज से तीन महीने पहले तक ये सोचती थी कि मैं शायद

723
00:53:31,200 --> 00:53:35,480
अगले एक दो साल तक मम्मी पापा को बताऊंगी भी नहीं कि मैं रामपाल को नहीं मानती

724
00:53:35,480 --> 00:53:39,720
हूं बट सिर्फ आपकी वजह से मतलब यह पॉसिबल

725
00:53:39,720 --> 00:53:43,800
हो पाया कि मुझे पॉइंट्स मिल पाए मुझे रीजन मिल पा है कि

726
00:53:43,800 --> 00:53:47,880
मतलब इसको गलत साबित करने के कि किस किस वजह से गलत है

727
00:53:47,880 --> 00:53:51,880
मुझे मतलब एक होता है ना कि मन में समझ आ जाता है कि गलत है पर मेरे

728
00:53:51,880 --> 00:53:55,880
पास ऐसा दूसरे को प्रूफ करने के लिए कुछ नहीं था तो वही मैं

729
00:53:55,880 --> 00:53:59,960
धीरे धीरे मम्मा को समझाने लगी मतलब अभी उनके आपके चैनल के बारे में

730
00:53:59,960 --> 00:54:04,600
किसी को नहीं पता है क्योंकि फिर व वो फिर वो ये कहते हैं

731
00:54:04,600 --> 00:54:08,960
कि यहां से देख के और फिर इसका ब्रेन वॉश हुआ ऐसा वो सोचते

732
00:54:08,960 --> 00:54:13,320
तो इसलिए मैंने अभी नहीं बताया तो बस

733
00:54:13,320 --> 00:54:17,480
फिर मैं मम्मा को धीरे-धीरे समझाने लग गई और अभी ऐसा

734
00:54:17,480 --> 00:54:21,600
है कि उन्होंने पूरी तरह से रामपाल को मानना छोड़ दिया है मुझे तो डेट भी

735
00:54:21,600 --> 00:54:25,600
याद है 9 नवंबर को उन्होंने एक्सेप्ट किया अपने मुंह से मतलब वो धीरे-धीरे

736
00:54:25,600 --> 00:54:29,640
समझ रही थी पर वो बोल नहीं रही थी अपने मुंह से कि हां मैंने मानना छोड़ दिया पर 9

737
00:54:29,640 --> 00:54:33,640
नवंबर को उन्होंने बोल दिया कि हां मैं नहीं मानती हूं कबीर मेरे लिए

738
00:54:33,640 --> 00:54:38,400
भगवान नहीं है क्या बात है इनके लिए एक बार तालिया हो जाए भैया

739
00:54:38,400 --> 00:54:42,720
ये प्रहलाद की तरीके से अपने घर में जो है सास का परिचय दे रही है

740
00:54:42,720 --> 00:54:47,480
बहुत-बहुत तालिया आपके लिए जी थैंक यू भैया और

741
00:54:47,480 --> 00:54:51,480
अभी ऐसा है कि क्योंकि मेरी मम्मा जहां जॉब करती है मैं वहां पर मम्मा के साथ

742
00:54:51,480 --> 00:54:55,480
रहती हूं तो घर में मंदिर हट गया था मंदिर की जगह प रामपाल की फोटो लगी

743
00:54:55,480 --> 00:54:59,760
हुई थी जिसके आगे होती थी और अब ऐसा है कि

744
00:54:59,760 --> 00:55:04,480
पंडित जी ने बताया पंडित फलकी जी ने उनके बताने के अनुसार

745
00:55:04,480 --> 00:55:08,520
मैं फोटो और छोटी सी मूर्ति यह सब

746
00:55:08,520 --> 00:55:12,520
लेकर आई हूं अभी और मैंने मंदिर में रख रख दि है और

747
00:55:12,520 --> 00:55:16,560
फिर से मंदिर आ गया है घर में और अभी पापा और मेरे भाई

748
00:55:16,560 --> 00:55:21,040
को ताऊ जी को किसी को भी नहीं पता धीरे-धीरे उनको भी समझाना

749
00:55:21,040 --> 00:55:25,160
है पर अभी उनको यह भी नहीं पता कि हमने मानना छोड़ दिया है यह

750
00:55:25,160 --> 00:55:28,360
थोड़ा बड़ा टास्क है उन को समझाने वाला पर

751
00:55:28,360 --> 00:55:32,480
हां अभी ये सिचुएशन है मतलब कुल मिला

752
00:55:32,480 --> 00:55:36,520
के आपके घर में एक परिवर्तन ये आया कि जो कट्टर भक्त हो चुके थे रामपाल

753
00:55:36,520 --> 00:55:40,520
के वो यहां से आपने जो तर्क और प्रमाण उठाए और वहां

754
00:55:40,520 --> 00:55:44,560
उनके सामने रखे तो आपको अच्छा इसमें मुझे ऐसा लगता है कि

755
00:55:44,560 --> 00:55:48,680
आप उधर नाम जप भी कर रहे हैं भगवान का आपको काफी टाइम हो गया

756
00:55:48,680 --> 00:55:53,000
हा है ना भगवान ने कहा है भगवान

757
00:55:53,000 --> 00:55:57,200
ने कहा है ना 932 में कि

758
00:55:57,200 --> 00:56:02,920
तू मेरी शरण में आजा तेरी प्राप्ति की रक्षा और प्राप्ति की चिंता मैं करूंगा

759
00:56:02,920 --> 00:56:07,560
यो हा योगक्षेम वह तो वह भी एक

760
00:56:07,560 --> 00:56:13,560
मुझे दिखता है कि सबसे ज्यादा प्रभाव तो उसका है जो आप नाम जप कर रही है लगातार

761
00:56:13,640 --> 00:56:17,960
तो यह सारा जो होता है ना व भगवान ही करते हैं

762
00:56:17,960 --> 00:56:22,080
उनकी प्रति आपकी जो अकाटर जो

763
00:56:22,080 --> 00:56:26,280
भावना थी भक्ति की उसके कारण आप इतने सालों तक

764
00:56:26,280 --> 00:56:30,360
इतने कष्ट को सह कर के भी आप उस उस उससे जो है दूर

765
00:56:30,360 --> 00:56:34,400
नहीं हो पाई उसके विपरीत नहीं जा पाई और फिर एक दिन आपके जीवन में ऐसा परिवर्तन

766
00:56:34,400 --> 00:56:38,640
आया कि जो साधन आपको चाहिए थे अपने धर्म की रक्षा

767
00:56:38,640 --> 00:56:42,840
के लिए वो साधन आपको भगवान ने प्राप्त करा दिए और इधर आपने भगवान

768
00:56:42,840 --> 00:56:43,400
की शरण में

769
00:56:43,400 --> 00:56:47,520
और उनका नाम जप स्टार्ट किया तो आपको जो है परिणाम भी मिलने

770
00:56:47,520 --> 00:56:51,560
लग गए बहुत बढ़िया जी भैया और

771
00:56:51,560 --> 00:56:55,800
भैया आपको मतलब जब मैंने नाम लिया था ना इसका मतलब मैं बिल्कुल नहीं चाहती

772
00:56:55,800 --> 00:56:59,440
थी तब कि मैं उसको फॉलो करना स्टार्ट करूं पर उस टाइम

773
00:56:59,440 --> 00:57:05,440
पे मैंने

774
00:57:08,390 --> 00:57:14,390
[प्रशंसा]

775
00:57:26,240 --> 00:57:30,400
बहुत थैंकफूल हूं मैं इसके लिए आपके मतलब इसके लिए

776
00:57:30,400 --> 00:57:34,400
मैं बहुत ज्यादा थैंकफूल हूं और बस यही कहना था

777
00:57:34,400 --> 00:57:39,160
भैया कि बहुत बड़ा चेंज आप ला रहे हो इस वजह से

778
00:57:39,160 --> 00:57:40,160
बस

779
00:57:40,160 --> 00:57:44,400
आपका आभार हां हां विशाल जी आप बताइए

780
00:57:44,400 --> 00:57:48,800
दीदी मैं आपसे कहना चाहूंगा कि बहुत बढ़िया घर वापसी हुई है और

781
00:57:48,800 --> 00:57:52,800
आपने क्या अभी बताया कि इन्होंने हनुमान जी की फोटो को फाड़ी थी आपकी गाड़ी से फाड़ने

782
00:57:52,800 --> 00:57:56,960
को बोला था हां निकाल दी थी यह बोला

783
00:57:56,960 --> 00:58:01,040
था ना इन लोगों ने अभी आपने बता किय लोग शुरू में उनकी तारीफ करते हैं फिर

784
00:58:01,040 --> 00:58:05,040
उन्हीं के प्रति मतलब अगेंस्ट में ये लोग कर देते हैं हां

785
00:58:05,040 --> 00:58:09,120
ये धीरे-धीरे ऐसे बोलेंगे कि नहीं इन्हीं की भक्ति बता रहे हैं यही तो अपने भगवान है इन्हीं

786
00:58:09,120 --> 00:58:13,120
का तो बता रहे हैं और उसके बाद इतनी नफरत भर देते हैं दिमाग में कि

787
00:58:13,120 --> 00:58:17,240
आप जैसे मेरी आदत थी मंदिर के सामने थोड़ा झुकने की जब मंदिर

788
00:58:17,240 --> 00:58:21,520
से आते जाते हैं ना तो मेरा भाई शिकायत कर देता था मेरे पापा को और मुझे

789
00:58:21,520 --> 00:58:26,120
बहुत डांट पड़ती थी उस वजह से बहुत ज्यादा

790
00:58:26,120 --> 00:58:30,280
मैं आपको बता दे रहा हूं आप भी आप ग्रंथों को पढ़ेंगे तो उनका खंडन

791
00:58:30,280 --> 00:58:34,640
आपको धीरे-धीरे मिलता रहेगा अगर ये तो प्रभु की बहुत कृपा है वरना

792
00:58:34,640 --> 00:58:38,840
पहले मैं भी मेरा भी विश्वास थोड़ा डगमगाने लग गया था इनको देख देख के फिर जब मैं ग्रंथों

793
00:58:38,840 --> 00:58:43,120
को जब मैंने पढ़ना स्टार्ट किया फिर मेरी बुद्धि अब स्थिर हो गई है और ये जो आपने

794
00:58:43,120 --> 00:58:47,120
ये बताया कि इन्होंने हनुमान जी की फोटो फाड़ी है तो अगर कोई रामपाल आके

795
00:58:47,120 --> 00:58:51,160
हनुमान जी के ऊपर बात करेगा तो उसका हिसाब चुकता करने ये हनुमान भक्त तो

796
00:58:51,160 --> 00:58:55,320
जरूर आएगा ये मैं बता दे रहा हूं बिल्कुल बिल्कुल ब जवा देने

797
00:58:55,320 --> 00:58:59,680
में जरूर आऊंगा

798
00:58:59,680 --> 00:59:03,600
तो ऐ

799
00:59:03,600 --> 00:59:07,800
आपका थैंक य

800
00:59:07,800 --> 00:59:11,880
इनका जय श्री रामम इनका जो स्ट्रेटजी है वो क्या है कहां

801
00:59:11,880 --> 00:59:16,160
से शुरू हो रही है इनकी स्ट्रेटजी शुरू हो रही है कि हम बहुत बड़े शास्त्र

802
00:59:16,160 --> 00:59:20,200
को मानने वाले हैं और शास्त्र को मानने के रूप में य आपको यह

803
00:59:20,200 --> 00:59:24,280
नहीं बताएंगे देखो ये अच्छी बात लिखी है शास्त्र में ये अच्छी बात लिखी है

804
00:59:24,280 --> 00:59:28,560
यह शास्त्र को मानने के रूप में आपको यह बताएंगे कि जि शास्त्र

805
00:59:28,560 --> 00:59:32,760
के आधार पर ब्रह्मा विष्णु महेश की आप जो भक्ति कर रहे हो वो नहीं करनी

806
00:59:32,760 --> 00:59:36,840
है वो वो दिखाएंगे क्यों क्यों नहीं करनी है तो शास्त्र को मानने वाले होने

807
00:59:36,840 --> 00:59:41,120
के रूप में यह शास्त्र की में दी हुई सामग्री की निंदा करते

808
00:59:41,120 --> 00:59:45,200
हैं आप सोचते हो कि शास्त्र से हम जुड़ रहे हैं शास्त्र

809
00:59:45,200 --> 00:59:49,400
सम्मत है और फिर निंदा करते हुए अंत में आपको ये ले जाते हैं कि

810
00:59:49,400 --> 00:59:53,480
शास्त्र को छोड़ो तत्वदर्शी के पास जाओ शास्त्र

811
00:59:53,480 --> 00:59:57,680
को कहने वाला ज्ञानी है शास्त्र के आधार पर भक्ति करने वाले

812
00:59:57,680 --> 01:00:01,840
का मोक्ष नहीं है बल्कि उसे खाया जाएगा उस अज्ञानी

813
01:00:01,840 --> 01:00:05,920
राक्षस के द्वारा तो फिर ये कहते है कि क्या करें शास्त्र

814
01:00:05,920 --> 01:00:09,960
को छोड़ो तत्वदर्शी के पास जाओ तत्वदर्शी कौन वो भी शास्त्र से सिद्ध

815
01:00:09,960 --> 01:00:10,960
नहीं

816
01:00:10,960 --> 01:00:15,000
अपने मन गणन तत्वदर्शी बन गए बिल्कुल इतना

817
01:00:15,000 --> 01:00:19,120
डर फैला रखा है अपनी किताब में ये रख रखा है कि अगर आप शास्त्रों से खुद

818
01:00:19,120 --> 01:00:23,200
से अध्ययन करते हैं पढ़ते हैं उन्हें तो फिर आप भी काल के काल

819
01:00:23,200 --> 01:00:27,360
में जाएंगे इस तरीके से मेंशन किया हुआ अपनी किताबों में नहीं ठीक

820
01:00:27,360 --> 01:00:31,480
है वो कुल मिला केर शास्त्रों के नाम पर य शास्त्रों से दूर

821
01:00:31,480 --> 01:00:35,520
ले जाने का एक तरीका है कि शास्त्र को छोड़ो तत्वदर्शी के

822
01:00:35,520 --> 01:00:40,040
पास आओ जी बिल्कुल यही

823
01:00:40,040 --> 01:00:44,160
और मैं और यह जो पूरा स्ट्रेटजी इसमें वही है कि

824
01:00:44,160 --> 01:00:48,400
आपको पहले हनुमान जी के नाम पर वो जो जैसे ईसाई मिशनरी काम करती

825
01:00:48,400 --> 01:00:52,560
थी क्या करती थी आपको आप ही के धर्म की किताब ऐसी

826
01:00:52,560 --> 01:00:57,120
छाप के देंगे कि आप उसको पढ़ कर के जो है धीरे धीरे उनके प्रति आस्त

827
01:00:57,120 --> 01:01:01,480
हो जाओगे वही काम ये कर रहे जिन किताबों

828
01:01:01,480 --> 01:01:06,640
पर आपकी आस्था है उन्ही किताबों की प्रसन

829
01:01:06,640 --> 01:01:10,640
उन किताबों की प्रशंसा करने के नाम पर उनकी निंदा करते

830
01:01:10,640 --> 01:01:14,640
हुए आपको आपके धर्म से भटका दिया जा रहा है और यह

831
01:01:14,640 --> 01:01:19,120
लोग पागलों की तरह हैय य हम तो सा सम्मत है

832
01:01:19,120 --> 01:01:25,120
एक बात तुम्हारी शास्त्र समत सिद्ध नहीं होती एक बात

833
01:01:26,080 --> 01:01:30,160
अगर साथ सम्मत होती तो कोई ब आता जरूर कोई आया क्यों नहीं

834
01:01:30,160 --> 01:01:34,720
कहां हो भैया वो क्या है ना भाई जिसकी मां ने

835
01:01:34,720 --> 01:01:38,720
निष्ठा पूर्वक दूध का पान नहीं कराया

836
01:01:38,720 --> 01:01:42,760
है वह कहां से आएगा भाई बचपन में माता जी ने निष्ठा

837
01:01:42,760 --> 01:01:47,640
पूर्वक दूध पिलाया होता तो आते ऊपर

838
01:01:47,640 --> 01:01:51,760
हां अब इन्होने तो एक तर से ज्ञान चर्चा ज्ञान चर्चा

839
01:01:51,760 --> 01:01:56,080
एक से ढोंग कर रखा था अब जैसे मेरी वीडियो का क्लिप का

840
01:01:56,080 --> 01:02:00,240
लिया रामपाल जी की वीडियो काट लिया दोनों को ऐड कर दिया

841
01:02:00,240 --> 01:02:04,360
आमने सामने हम आए नहीं तो हमारी कैसी ज्ञान चर्चा ऐसे

842
01:02:04,360 --> 01:02:08,520
तो कोई भी कर लेगा आपका कोई स्पीच उठा ले उसको ड कर दे कोई ज्ञान

843
01:02:08,520 --> 01:02:12,560
चर्चा मानी जाएगी आमना सामना करो आमना सामने आओ जिस तरीके से

844
01:02:12,560 --> 01:02:16,960
आप हो रहा है संदीप जी जय श्री राम

845
01:02:16,960 --> 01:02:21,080
हा कोई फायदा नहीं है सर इसम जय श्री राम सं जय

846
01:02:21,080 --> 01:02:26,000
श्रीराम सर सराम जी

847
01:02:26,000 --> 01:02:30,840
श्री राम जय श्री राम कैसे हो देवेंद्र जी

848
01:02:30,840 --> 01:02:36,760
बस जी बढ़िया फ प मेरा वीर भद्र से मैं आपसे जुड़ा हुआ

849
01:02:36,760 --> 01:02:41,160
हूं हां मुझे जानता हूं हा जी हा जी

850
01:02:41,160 --> 01:02:45,280
ये तो इनकी कृप शिवा जी की सारों को जोड़ दिया इन्होने हां

851
01:02:45,280 --> 01:02:49,440
बिल्कुल मुझे बहुत अच्छा लगा मैं खुद में सोचा कि मैंने कहा जवाइन करना चाहिए

852
01:02:49,440 --> 01:02:53,840
मैंने कहा अब थोड़ा सा अच्छा लगेगा लाइव आने का मजा ही

853
01:02:53,840 --> 01:02:58,800
अलग बिल्कुल बहुत बढ़िया उन्होंने आपका बताया तो मैं खुश हो गया

854
01:02:58,800 --> 01:03:03,080
अच्छे बंदे जोड़ लिए साथ में और हां जी हां

855
01:03:03,080 --> 01:03:06,240
जी

856
01:03:06,240 --> 01:03:10,520
जी मैं तो ये कहता हूं रामपाल मोबा

857
01:03:10,520 --> 01:03:15,480
रामपाल जी को मोबाइल देना

858
01:03:15,480 --> 01:03:20,120
चाहि रामपाल जी को मोबाइल दे देना चाहिए

859
01:03:20,120 --> 01:03:24,200
जिसे सुनि रामपाल जी अपनी के लिए परेशान है इस

860
01:03:24,200 --> 01:03:28,240
समय उनको हां उन्होने उन्होंने पता है

861
01:03:28,240 --> 01:03:32,400
क्या कहना है कहना है इनका इनका साथ छोड़ दो ये सारे गुरु द्रोही हमारे हम सार

862
01:03:32,400 --> 01:03:36,400
को गुरु द्रोही साबित कर देना और मूर्खों को फिर दोबारा समझा लेे लिक एक बार और दे

863
01:03:36,400 --> 01:03:40,480
दो कोई आना चाहे तो आ जाए ऊपर

864
01:03:40,480 --> 01:03:44,600
भैया वैसे रामपाल का ना मैंने सुना है वीक

865
01:03:44,600 --> 01:03:48,760
में दो दिन या एक दिन इसकी जो आश्रम है उसम वीडियो

866
01:03:48,760 --> 01:03:52,760
कॉल आता है मतलब एक बार तो इनकी बेटी की

867
01:03:52,760 --> 01:03:57,000
शादी हुई थी ना आपको एक और फनी बात बताती इनकी बेटी की शादी हुई थी और

868
01:03:57,000 --> 01:04:01,040
वो शादी मैंने भी अटेंड की थी और उसम ये रामपाल का

869
01:04:01,040 --> 01:04:05,680
वीडियो कॉल आया हुआ था तो ये वीडियो कॉल में भी कुछ नहीं बोलते मतलब एक होता है ना कि कुछ

870
01:04:05,680 --> 01:04:09,680
इंफॉर्मेशन दे कुछ अच्छा बताए नहीं नहीं बससे हेलो करते रहते

871
01:04:09,680 --> 01:04:14,280
हैं मतलब ऐसा आशीर्वाद टाइप देते रहते हैं बया वो

872
01:04:14,280 --> 01:04:18,440
फेक वीडियो कॉल है वो ध्यान से देखो ये सर ने बताया था शिवा जी ने उसके बारे में वो फेक

873
01:04:18,440 --> 01:04:21,600
वीडियो कॉल है उनकी लिप्सिंग देखो वो सारी अलग है उनकी

874
01:04:21,600 --> 01:04:25,840
हां वो वो लगता नहीं है उनकी जहां पर

875
01:04:25,840 --> 01:04:31,840
यह बोल रहे है ना कि वो गुरु के बिना जो है दीक्षा दी जा सकती है

876
01:04:32,120 --> 01:04:36,120
उस सर कान में सिपल फ लगा हु है और वीडियो कॉल चल रही है आप

877
01:04:36,120 --> 01:04:40,880
सोचो तो सही चीज को कान में सिंपल फ और वीडियो

878
01:04:40,880 --> 01:04:45,440
तो वो मंत्र दीक्ष का टेक्निक बताते व लोग

879
01:04:45,440 --> 01:04:49,600
आजकल जो एई टेक्नोलॉजी है उसके थू य कॉलिंग कराते हैं ऐसे कर देते लिप्सिंग

880
01:04:49,600 --> 01:04:55,600
कर के य जुगाड़ कर लेते व ओरिजनल होते

881
01:04:56,200 --> 01:05:00,440
इनको भैया वो दे दो आप और रोक लीज आप एक बार अपना प्रश्न बताएं

882
01:05:00,440 --> 01:05:04,600
किस बारे में है प्रश्न जो अलंकार समाज

883
01:05:04,600 --> 01:05:09,200
ने जो आमंत्रण दिया है लखनऊ का प्रस्ताव है जो

884
01:05:09,200 --> 01:05:12,760
चर्चा का उस बारे में है

885
01:05:12,760 --> 01:05:16,840
क्या हां हम लोग उत्तर दे देंगे आज से कल तक में दे

886
01:05:16,840 --> 01:05:21,080
देंगे ऐसा है ना कि उनकी तरफ से जो स्थान बताया गया है

887
01:05:21,080 --> 01:05:25,200
उसमें जाने में कोई बहुत ज्यादा आपत्ति नहीं है मगर फिर भी उस पर एक विचार

888
01:05:25,200 --> 01:05:29,240
चल रहा किस स्थान पर हो तो उसको लेकर के हम समय

889
01:05:29,240 --> 01:05:33,280
नहीं मिल रहा था कि किस स्थान पर उस चर्चा को आयोजित करने का हमारी

890
01:05:33,280 --> 01:05:37,280
तरफ से प्रस्ताव दिया जाए तो वही उसी के कारण थोड़ा सा देर

891
01:05:37,280 --> 01:05:41,360
हो रहा है इधर कार्य ज्यादा है और एक ही काम

892
01:05:41,360 --> 01:05:45,920
नहीं है शास्त्रार्थ की चुनौती शास्त्रार्थ की चुनौती

893
01:05:45,920 --> 01:05:49,360
व चलिए

894
01:05:49,360 --> 01:05:53,440
भैया एक मिनट अलंकार समाज है जो उनके

895
01:05:53,440 --> 01:05:57,880
लोगों को और कुछ नहीं है बस शास्त्रार्थ की चुनौती

896
01:05:57,880 --> 01:06:01,960
शास्त्रार्थ की चुनौती और शास्त्रार्थ की चुनौती की बात कर

897
01:06:01,960 --> 01:06:05,960
रही थी वो जो निष्ठा विद्यालंकार जी है उनके साथ हम लोग चर्चा कर रहे थे

898
01:06:05,960 --> 01:06:10,000
बैठ कर के तो वो बोली कि देखो आज मेरी जैसी महिला देखो

899
01:06:10,000 --> 01:06:11,280
एक दयानंद जी के कारण

900
01:06:11,280 --> 01:06:15,480
आज शास्त्रार्थ की चुनौती देने के लिए सक्षम हो पाई है और अंत

901
01:06:15,480 --> 01:06:19,720
तक आते आते उनकी आवाज नहीं निकल रही थी ठीक से सही

902
01:06:19,720 --> 01:06:24,520
बता रहा हूं उस चर्चा को आप देखिएगा बीच में उनको यह तक कहना पड़ गया

903
01:06:24,520 --> 01:06:28,520
कि जो उनके साथी थे उनको कहना पड़ा थोड़ा कुर्सी इधर लगा लो

904
01:06:28,520 --> 01:06:32,920
मेरे पास में इधर ही आ जाओ जो मदद करने के लिए

905
01:06:32,920 --> 01:06:37,240
थोड़ा पास में आ जाइए तो बताइए जब शंकराचार्य के एक अल्पज्ञ

906
01:06:37,240 --> 01:06:41,640
शिष्य के सामने आपकी ऐसी हालत है आप बात डींगे ते हो बड़ी बड़ी

907
01:06:41,640 --> 01:06:46,240
कि शाथ की चुनौती दे रही ह शंकराचार्य को

908
01:06:46,240 --> 01:06:50,400
ज हा तो सिर्फ यही एक कार्य नहीं

909
01:06:50,400 --> 01:06:54,560
है हां जी हां जी वो उत्तर दे दिया मतलब उत्तर क्या हमने यहां

910
01:06:54,560 --> 01:06:58,600
पर तो कही दिया है हमारे सारे वीडियो देखते हैं वो लोग तो उन

911
01:06:58,600 --> 01:07:03,000
तक बात पहुंच गई होगी फ बाकी लिखित में हम कल परसों में दे देंगे उतर

912
01:07:03,000 --> 01:07:07,040
एक उत्तर देर से देने के एक उत्तर देर से देने का कारण यह भी

913
01:07:07,040 --> 01:07:11,280
रहा उनको कि जब उन्होंने हमको ये ट्वीट

914
01:07:11,280 --> 01:07:15,400
किया था मेंशन करते हुए र पर तो

915
01:07:15,400 --> 01:07:19,600
उसके दो ही दिन में या उसके अगले दिन हमको किसी व्यक्ति ने कहा दो

916
01:07:19,600 --> 01:07:24,040
दिन के अंदर अपना उत्तर दे दो दो दिन के अंदर मतलब ऐसे हड़का के कहा

917
01:07:24,040 --> 01:07:27,680
तो मैंने कहा अब तो हम कम से कम तीन चार दिन बाद

918
01:07:27,680 --> 01:07:31,840
देंगे हम कोई पतन तो थोड़ी ना तुम्हारे जो

919
01:07:31,840 --> 01:07:35,700
तुम्हारे अकॉर्डिंग

920
01:07:35,700 --> 01:07:39,760
[संगीत] चले भैया

921
01:07:39,760 --> 01:07:43,920
अब मैं भैया जाती हू और आपको मैं फोटो भेजूंगी जो

922
01:07:43,920 --> 01:07:48,680
रामपाल का मंदिर था ना और जो चेंज हुआ मंदिर है मैं आपको

923
01:07:48,680 --> 01:07:52,880
पर फोटो भेज आप बस स्ट्रीम में मत दिखाइएगा बस ऐसे ही ऐसा

924
01:07:52,880 --> 01:07:57,240
था पहले आप बता दीजिएगा ठीक दी

925
01:07:57,240 --> 01:08:01,280
अभी मैंने हनुमान जी प बात की अब एक मित्र हमारे लिख रहे हैं कि हनुमान जी

926
01:08:01,280 --> 01:08:05,280
परमात्मा नहीं है वो तो खुद श्री राम जी के भक्त श्री राम जी भी परमात्मा नहीं है कि वो जो

927
01:08:05,280 --> 01:08:09,320
हर जगह रमे हुए हो तो भैया हमने बोला तो है आ जाओ हम हिसाब करने के लिए बैठे तो है

928
01:08:09,320 --> 01:08:13,520
तुम्हारा कमेंट क्यों लिखते हो काता पूर्वक देख

929
01:08:13,520 --> 01:08:17,760
रनकी उनकी माता ने निष्ठा पूर्वक नहीं पिलाया ना भाई क्या

930
01:08:17,760 --> 01:08:23,360
करें पने राम खंडन किया पिछली स्म में तुम

931
01:08:23,360 --> 01:08:29,360
लोग जी कहिए ल जी शिशुपाल की

932
01:08:29,440 --> 01:08:34,200
लाद शिशुपाल विशाल

933
01:08:34,200 --> 01:08:38,880
जील शिशुपाल हा साथ

934
01:08:38,880 --> 01:08:43,360
में अ अभी उनके अंदर काल बैठे हुए हैं

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01:08:43,360 --> 01:08:49,360
रामपाल जी के अंदर दीपक जी

936
01:08:50,000 --> 01:08:54,040
बताइए जय श्री राम मेरे फ्रेंड थ वो भी

937
01:08:54,040 --> 01:08:58,040
रामपाल से जुड़े हुए थे ठीक है आज से छ मतलब लास्ट

938
01:08:58,040 --> 01:09:02,040
वन ईयर तक ठीक है मैं नहीं मिला था उनसे पहले ठीक है तो जब मेरा

939
01:09:02,040 --> 01:09:06,280
उनसे डिस्कशन हुआ इस बात पे क्या तुमने गीता पढ़ा है इससे पहले हां मैंने पढ़ रखा

940
01:09:06,280 --> 01:09:10,400
है वेद पढ़ रखे जबकि वो लेक्चरर है आप सोचिए पढ़े लिखे

941
01:09:10,400 --> 01:09:14,600
होते हुए भी ये हाल है उनका लेक्चरर है तो बोलते कि नहीं रामपाल

942
01:09:14,600 --> 01:09:18,600
बोलते हैं कि कबीर भगवान है बस बाकी सब तो ऐसे ही है

943
01:09:18,600 --> 01:09:22,880
तो मैंने उनसे कहा चलिए हम गीता पढ़ते हैं साथ में आपके बैठ के

944
01:09:22,880 --> 01:09:26,880
उन्होंने उनका रामपाल का ज्ञान गंगा रख लिया और गीता सामने

945
01:09:26,880 --> 01:09:30,960
रख लिया मैंने कहा आप खुद पढ़ो इस चीज को बराबर साथ में बैठकर

946
01:09:30,960 --> 01:09:35,200
ठीक जब उन्होने खुद मिलाया कि जो रामपाल लिख रहे हैं अपने ज्ञान

947
01:09:35,200 --> 01:09:39,680
गंगा में जो भी गीता के बारे में और जो गीता है हमारी शंकर भास वाली

948
01:09:39,680 --> 01:09:43,760
उसमें बिल्कुल डिफरेंट दोनों में

949
01:09:43,760 --> 01:09:49,440
तब जाक कहीं उ कविस करवाया वो मुझे एक साल लग गया उनको कविस करने में इस चीज

950
01:09:49,440 --> 01:09:50,440
को

951
01:09:50,440 --> 01:09:54,480
और उन्ह जुड़े हुए सिर्फ एक साल हुआ था एक साल में कितना बस कर

952
01:09:54,480 --> 01:09:58,880
दिया उनका अच्छा एक बात और है ये लोग

953
01:09:58,880 --> 01:10:03,000
क्लेम करते हैं कि जो काल है वो देख लो उसकी दाल

954
01:10:03,000 --> 01:10:07,160
में ये होता है वो होता है उसके लिए कोई लोग दिखाते

955
01:10:07,160 --> 01:10:11,240
हैं अच्छा याद आ गया काल की दाढ़ी में जो है वो

956
01:10:11,240 --> 01:10:15,440
काल के दांतों के बीच में उन्होंने फसा हुआ देखा था श्री

957
01:10:15,440 --> 01:10:20,040
कृष्ण का वो जो रूप था उसमें देखो

958
01:10:20,040 --> 01:10:24,200
उसमें जो है धृतराष्ट्र थे और यह था वो था अच्छा

959
01:10:24,200 --> 01:10:28,400
पह पहली बात तो गीता को देख कौन गीता कहते

960
01:10:28,400 --> 01:10:32,680
समय जो यह जो वहां पर क्या हो रहा है यह संजय

961
01:10:32,680 --> 01:10:36,920
जो है सुना रहे धृतराष्ट्र को जी बिल्कुल जब काल आता है

962
01:10:36,920 --> 01:10:41,040
और प्रेत वस अंदर घुस जाता है फिर ये लोग कहते

963
01:10:41,040 --> 01:10:45,160
हैं कि श्री कृष्ण के शरीर से बाहर निकला

964
01:10:45,160 --> 01:10:49,320
और फिर वो अपने आप को उसने विराट स्वरूप दिखाया वहा

965
01:10:49,320 --> 01:10:53,440
पर टोटल तीन लोग हो जाते सबसे पहले श्री कृष्ण विराट

966
01:10:53,440 --> 01:10:58,080
स्वरूप में काल और व पर हो जाते हैं कृष्ण है ना

967
01:10:58,080 --> 01:11:02,120
कृष्ण नहीं अर्जुन सॉरी अर्जुन तो ये तीन लोगों को क्या

968
01:11:02,120 --> 01:11:05,680
संजय देख नहीं पाए

969
01:11:05,680 --> 01:11:09,880
बिलकुल और उस पूरे उस पूरे महाभारत को लिखने वाले

970
01:11:09,880 --> 01:11:14,200
जो व्यास जी है वो जान नहीं पाए जी देख नहीं पाए जिनको

971
01:11:14,200 --> 01:11:18,280
संजय दिख रहा है जिनको अर्जुन दिख रहा है मगर कृष्ण दिख रहे

972
01:11:18,280 --> 01:11:22,560
हैं मगर कृष्ण के अंदर से बाहर निकलकर विराट रूप लेने वाला काल

973
01:11:22,560 --> 01:11:26,880
अलग से नहीं दिख रहा है पहली बात हम दूसरी बात ये है कि

974
01:11:26,880 --> 01:11:30,960
जब अर्जुन को तो वहां पर दिखाना अर्जुन तो मौके पर मौजूद था

975
01:11:30,960 --> 01:11:34,960
कि कृष्ण अलग है और ये कृष्ण के शरीर से बाहर निकल कर के

976
01:11:34,960 --> 01:11:39,480
काल कोई अलग से है जी तो जब वो अलग से है

977
01:11:39,480 --> 01:11:43,520
तो अर्जुन को तो दिखाना कि अलग है तो अर्जुन उसे कृष्ण क्यों कह रहा

978
01:11:43,520 --> 01:11:47,760
है जी अर्जुन ने तो अगले ही श्लोकों में उनको

979
01:11:47,760 --> 01:11:52,080
का जो विराट स्वरूप था उनको कृष्ण कहा हे केशव हे कृष्ण ये सब कहा

980
01:11:52,080 --> 01:11:56,520
जी है ना यही तो इनके में

981
01:11:56,520 --> 01:12:00,560
यही तो आप इनके जो उन्होंने गीता के श्लोक दे

982
01:12:00,560 --> 01:12:04,680
रखे हैं जितने भी आप उनके आगे पीछे कु कुछ श्लोक पढ़ लेंगे ना सारा

983
01:12:04,680 --> 01:12:08,960
क्लियर हो जाता अपने आप वो सिलेक्टिव निकालते आधा अधूरा ज्ञान देते हैं लोगों

984
01:12:08,960 --> 01:12:13,880
को जी जब आप पूरा पढ़ो समझ में आया उसने क्या कहा आगे

985
01:12:13,880 --> 01:12:17,880
सेम अब जो कबीर देव का कबीर देव करते हैं वो पता नहीं किस व्याकरण से कर

986
01:12:17,880 --> 01:12:20,800
रखा है इन्होंने अच्छा एक बात इससे और

987
01:12:20,800 --> 01:12:25,520
एक अच्छी बात याद आ गई मुझे ये लोग कहते हैं जैसे यजू प्लस

988
01:12:25,520 --> 01:12:29,600
वेद मिलक यजुर्वेद बना है उसी प्रकार से कबीर

989
01:12:29,600 --> 01:12:33,720
देव है अरे भाई जब यजुर्वेद को हम वापस तोड़ते हैं तो क्या आता

990
01:12:33,720 --> 01:12:36,200
है

991
01:12:36,200 --> 01:12:40,320
यजुर देव को तोड़ने प क्या आएगा कवि क विसर्ग

992
01:12:40,320 --> 01:12:44,480
प्लस वेद आएगा हा तो वहां पर कबीर देव तो नहीं आया

993
01:12:44,480 --> 01:12:49,200
बिल्कुल नहीं आया कबीर देव तो छोड़ो कबीर देव नहीं आया वहा

994
01:12:49,200 --> 01:12:53,320
आप आपकी बात कट रही है और ये इनकी अक्षिता

995
01:12:53,320 --> 01:12:56,640
का प्रमाण है अशिक्षित

996
01:12:56,640 --> 01:13:00,760
बात वही अगर हमको सब्जी बनानी होगी तो सब्जी बनाने का तरीका पता होना

997
01:13:00,760 --> 01:13:04,800
चाहिए संस्कृत का अर्थ करने के लिए संस्कृत का व्याकरण आना चाहिए जरूरी हमें जब

998
01:13:04,800 --> 01:13:08,800
आपको वही नहीं आता तो आप कैसे वेदों का भाष्य कर सकते हैं

999
01:13:08,800 --> 01:13:13,440
अच्छा ये आपने जब यह कहा है तो एक बात और मुझे फिर याद आ गई

1000
01:13:13,440 --> 01:13:17,440
ये वैसे संज्ञ बनेंगे कि देखो देखो य इन्होंने कई जगह लिखा

1001
01:13:17,440 --> 01:13:21,760
है कि इसका अर्थ किसी ने भी सही नहीं किया केवल मैंने सही किया है

1002
01:13:21,760 --> 01:13:26,360
मैं यानी रामपाल दास ने इन्होने ऐ लिखा है तो भाई

1003
01:13:26,360 --> 01:13:30,440
जब किसी ने सही नहीं किया है तो मेरे को यह बताओ तुमने देवी भागवत क्यों

1004
01:13:30,440 --> 01:13:34,520
नहीं संस्कृत की पढ़ी और फिर उसका अर्थ किया नहीं देवी भागवत का जो

1005
01:13:34,520 --> 01:13:36,240
य दिखाते हैं ना

1006
01:13:36,240 --> 01:13:40,360
उसके ऊपर आप पढ़ोगे उसके नीचे पढ़ोगे आपको तब भी व सही निकल

1007
01:13:40,360 --> 01:13:44,520
रहा है मैं एक अलग बात कह रहा हूं कि आपने गीता

1008
01:13:44,520 --> 01:13:48,720
के श्लोकों को तो सत्यापित कर लिया कि यहां यहां पर इन्होंने गलतिया की है

1009
01:13:48,720 --> 01:13:53,040
अवान है मगर आपने देवी भागवत को सत्यापित क्यों नहीं किया

1010
01:13:53,040 --> 01:13:58,240
क्योंकि देवी भागवत के श्लोक आपको में मिले ही नहीं नहीं

1011
01:13:58,240 --> 01:14:02,360
मिले मि खंडों की निका

1012
01:14:02,360 --> 01:14:06,520
प्रश् अभी निकाली है अभी निकाली है वो जिस समय बाहर

1013
01:14:06,520 --> 01:14:10,760
थे उस समय नहीं थी उस समय

1014
01:14:10,760 --> 01:14:15,520
इनको आप इनके वीडियोस देखो देवी भागवत केवल संक्षिप्त है

1015
01:14:15,520 --> 01:14:20,320
कहीं पर भी संस्कृत देवी भागवत नहीं है क्यों बिल्कुल और

1016
01:14:20,320 --> 01:14:24,440
आप इनकी वीडियो देखोगी गीता हमेशा यही दिखाएंगे ये संधि विच्छेद वाली आपको य दिख रही

1017
01:14:24,440 --> 01:14:28,600
होगी स्क्रीन पे ये दिख रही मैंने इनके वीडियोस कभी

1018
01:14:28,600 --> 01:14:32,640
नहीं देखे मैंने सिर्फ जब आपने स्टार्ट भी नहीं किया उस टाम उससे पहले मैं उनसे

1019
01:14:32,640 --> 01:14:36,880
मिला था तो मुझे यह पता चला आप किस चीज को फॉलो कर रहे हैं मतलब मैंने

1020
01:14:36,880 --> 01:14:41,040
सिर्फ उनका कोई श्लोक देखा था जिसमें बोलते हैं कि भगवान कृष्ण

1021
01:14:41,040 --> 01:14:45,240
जो है विष्णु जो है वो सात लोक के मालिक है मैंने कहा आपने कहां पढ़ा गीता में पढ़ा

1022
01:14:45,240 --> 01:14:49,400
मैंने कहा गीता में असंख्य लिखा हुआ है उनके कांख में असंख्य ब्रह्मांड समाए हुए

1023
01:14:49,400 --> 01:14:51,240
हैं आप पढ़िए गीता खोल के

1024
01:14:51,240 --> 01:14:55,280
तो मैंने मैं तब मैंने ज्ञान को पढ़ा मिट्टी खाने के लिए उसम

1025
01:14:55,280 --> 01:14:59,400
ब्रह्मांड दि यशोदा जी को जब वो बराट रूप दिखाते

1026
01:14:59,400 --> 01:15:03,440
हैं उससे पहले कुछ टाइम पहले मुझे अध नहीं उसम आता कि असंख्य

1027
01:15:03,440 --> 01:15:07,480
ब्रह्मांड देख मेरे अंदर वो बोलते भगवान कृष्ण अरे मैं

1028
01:15:07,480 --> 01:15:11,520
तो ये कह रहा हूं कि अगर वो विराट रूप तुम्हारा काल है तो वेद कह रहे

1029
01:15:11,520 --> 01:15:16,120
हैं उसके अलावा मृत्यु से परे जाने का और कोई रास्ता नहीं है

1030
01:15:16,120 --> 01:15:20,440
तो तुम तो वेद विरोध भैया अगर काल भी मान ले

1031
01:15:20,440 --> 01:15:24,440
तो काल भी उसम कह रहा अस ब्रह्मांड देख मेरे अंदर

1032
01:15:24,440 --> 01:15:28,880
सारे मन तो उसी के अंदर है अगर उनके अकॉर्डिंग काल है तो काल

1033
01:15:28,880 --> 01:15:33,040
परब्रह्म हो गया उनके अकॉर्डिंग तो फिर और कबीर दास

1034
01:15:33,040 --> 01:15:37,120
ने कबीर दास ने य जो बोलते हैं कबीर दास और गोरखनाथ

1035
01:15:37,120 --> 01:15:41,160
की वो हुई थी कोई ज्ञान चर्चा हुई थी जो पॉसिबल

1036
01:15:41,160 --> 01:15:45,200
ही नहीं है गोरखनाथ दवी सदी के आसपास के है और ये चवी सदी

1037
01:15:45,200 --> 01:15:51,040
के है कैसे पॉसिबल

1038
01:15:51,040 --> 01:15:55,040
है और इन्होने इनके गरीब दास आगे सुनिए

1039
01:15:55,040 --> 01:15:59,120
करीब दास जो है जो बोलते कबीरदास के शि जो होंगे यह लिखते हैं

1040
01:15:59,120 --> 01:16:03,200
कि मीराबाई कबीर दास को जानती थी परमात्मा है और वो

1041
01:16:03,200 --> 01:16:07,320
कबीर दास को पूछती थी जबक सब जान दुनिया जानती है मीरा भाई के गुरु

1042
01:16:07,320 --> 01:16:11,520
रविदास थे ये इनकी बुक में लिखा

1043
01:16:11,520 --> 01:16:15,560
हुआ है अच्छा एक चीज और है मैं एक

1044
01:16:15,560 --> 01:16:19,560
चीज पर और प्रकाश डालूंगा यह लोग य कहते वो काल है तभी

1045
01:16:19,560 --> 01:16:23,680
तो वो देखो लोगों को चवा रहा है खा रहा है मैं एक बात कह रहा

1046
01:16:23,680 --> 01:16:27,760
हूं सब को चलग हटा दो दुनिया में जो भी मर रहा है ईश्वर की मर्जी के

1047
01:16:27,760 --> 01:16:32,080
बिना मर रहा है क्या वो बिल्कुल नहीं इसका मतलब ईश्वर

1048
01:16:32,080 --> 01:16:36,280
जो मर रहा है उसमें ईश्वर की इच्छा भी है बिल्कुल

1049
01:16:36,280 --> 01:16:40,320
है या इनका कबीर किसी को इनके कबीर की

1050
01:16:40,320 --> 01:16:44,320
इच्छा के बाहर लोग मर जाते हैं कबीर के बार के तो

1051
01:16:44,320 --> 01:16:48,480
कोई अगर मरना और जीना देखा जाए तो सब कुछ उसी के हाथ में है तो अगर

1052
01:16:48,480 --> 01:16:52,960
इस बात को प्रतीकात्मक रूप से भगवान ने दर्शा भी दिया कि देख

1053
01:16:52,960 --> 01:16:57,120
मेरे दांतों में सब लोग देख पहले पिस रहे हैं अच्छा दूसरी

1054
01:16:57,120 --> 01:17:01,160
बात इसको प्रतीकात्मक नहीं मानोगे डायरेक्ट वो खा ही रहे थे तो अब

1055
01:17:01,160 --> 01:17:06,280
मुझे आप एक बात बताओ पहली बात तो इनका ईश्वर वादित है बहुत से कार्य नहीं कर सकता

1056
01:17:06,280 --> 01:17:10,360
है दूसरी बात ये बताओ कि जब उसने देख लिया कि ये जो है

1057
01:17:10,360 --> 01:17:14,680
धृतराष्ट्र इत्यादि सब पिस रहे तो वहां पर गीता कौन सुन रहा है संजय

1058
01:17:14,680 --> 01:17:19,200
से वो तो राष्ट्र और दुर्योधन

1059
01:17:19,200 --> 01:17:23,200
उनके दांतों में दिख रहे थे ना पिसते हुए बिल्कुल गता

1060
01:17:23,200 --> 01:17:27,240
तो फिर गीता और वो कौन सुन गीता को कौन सुन रहा राष् के रूप में

1061
01:17:27,240 --> 01:17:31,400
और अर्जुन से युद्ध कौन कर रहा है द्रोणाचार्य के रूप में

1062
01:17:31,400 --> 01:17:36,720
पागल होके बिल्कुल बकुल पागल है

1063
01:17:36,720 --> 01:17:41,120
ये पता कहां से जनली जो समाज का वो वर्ग है जो

1064
01:17:41,120 --> 01:17:45,280
कहीं ना कहीं कुंठा रखता है मन में चीजों को लेकर

1065
01:17:45,280 --> 01:17:49,520
सिर्फ वो वर्ग इनके पास जाता है जिनको जिन्होने कभी वेद नहीं पढ़े गीता

1066
01:17:49,520 --> 01:17:53,840
नहीं पढ़ी संस्कृत नहीं पढ़ी कभी भी उनको य अपने मतलब का ज्ञान दे देते

1067
01:17:53,840 --> 01:17:57,880
कुछ भी और ये उसे मान लेते हैं प्रॉब्लम यह

1068
01:17:57,880 --> 01:18:02,200
हुई कि अगर इन लोगों ने कभी वेद पढ़े होते संस्कृत पढ़ी होती कभी भी

1069
01:18:02,200 --> 01:18:06,800
तो ये चीजों को समझते लेकिन इनको समझ में ही नहीं आता संस्कृत लिखा क्या है

1070
01:18:06,800 --> 01:18:10,880
एक सबसे तर्कपूर्ण बात यह है कि ये लोग यह कहते हैं कि

1071
01:18:10,880 --> 01:18:14,960
उनके उनके बताए रास्ते पर चलकर हमें जो है भोग की प्राप्ति

1072
01:18:14,960 --> 01:18:19,200
हो रही है बड़ा परिवर्तन आ रहा है जीवन में तो यह तो बिल्कुल ही उनकी शिक्षा के विरुद्ध है

1073
01:18:19,200 --> 01:18:21,600
क्योंकि वो खुद कहते हैं कि जो सांसारिक

1074
01:18:21,600 --> 01:18:26,000
भोग है वो तो आपको यही से मिलेंगे वेदों से ही मिलेंगे सांसारिक

1075
01:18:26,000 --> 01:18:30,000
भोग आपको वेदों से मिलेंगे जो पद्धति पहले से उससे ही मिलेंगे

1076
01:18:30,000 --> 01:18:34,160
हम तो आपको मोक्ष की प्राप्ति देंगे तो आपकी तो वेदों को

1077
01:18:34,160 --> 01:18:38,240
छोड़कर जो तत्वदर्शी की शरण में जाएगा उसको मोक्ष में जाना चाहिए ना कि

1078
01:18:38,240 --> 01:18:42,440
उसको भोग मिलने चाहिए भोग से म हट जाएगा इंसान का किसी भी तरह

1079
01:18:42,440 --> 01:18:46,560
की मोह माया में रहेगा ही नहीं वो हा तो आप अगर ये कह रहे हो कि उनकी

1080
01:18:46,560 --> 01:18:50,680
शरण में जाने से हमको लैपटॉप मिल गया एसी मिल गया फ्रिज मिल गया

1081
01:18:50,680 --> 01:18:54,760
टीवी मिल गया पैसा मिल गया शादी शादी हो गई यह सब सांसारिक

1082
01:18:54,760 --> 01:18:58,800
भोग है ये तो उनके द्वारा नहीं मिलने आपको ये तो वेदों के द्वारा मिलने

1083
01:18:58,800 --> 01:19:02,920
हैं तो अगर वो मिलने तो उनकी अगर वो मिल रहे हैं तो उनकी बात कट

1084
01:19:02,920 --> 01:19:07,040
हो रही है उससे तो तो झूठ सही है और या फिर काली

1085
01:19:07,040 --> 01:19:11,760
विद्या वाले जो होते हैं वो करके दिखाते हैं ये सब काम ऐसा कर लो आपके ऐसा हो जाएगा

1086
01:19:11,760 --> 01:19:15,920
वो ये नहीं कह रहे ना कि हम काली विद्या वाले हैं वो तो कह रहे हैं मोक्ष वाले हैं अरे

1087
01:19:15,920 --> 01:19:20,240
उनके कहने से क्या होता दिख तो वही रहा है ना आप किसी चीज का सही सही

1088
01:19:20,240 --> 01:19:24,240
आंसर दे ही नहीं रहे हो अपने मन से कुछ भी लिख दे रहे हो आप बता मोक्ष

1089
01:19:24,240 --> 01:19:28,720
रहे हो और भोग का लालच देख के व व्यक्ति को अपने से जोड़

1090
01:19:28,720 --> 01:19:32,800
रहे बिल्कुल बड़ी बड़ी कर रहे हो मोक्ष की और फिर

1091
01:19:32,800 --> 01:19:36,760
लालच दे रहे हो कि हम जो फ्री भंडारा कराते हैं साल में तीन दिन भले ही बनारस

1092
01:19:36,760 --> 01:19:40,960
में अन्नपूर्णा माता के य भले ही तिरुपति बालाजी में लगातार भंडारा चलता

1093
01:19:40,960 --> 01:19:45,000
रहे उससे कोई मतलब नहीं मगर हम साल में तीन दिन जो भंडारा लगाते

1094
01:19:45,000 --> 01:19:49,000
हैं जिसमें कुछ अनपढ गवार टाइप के लोग पहुंचते हैं जिनको ठीक

1095
01:19:49,000 --> 01:19:53,280
से संस्कृत पढ़ना भी नहीं आता हो वो वहां पर जाकर के संस्कृत के श्लोकों का अर्थ

1096
01:19:53,280 --> 01:19:57,600
करते हैं और क्या कर दिया क्या कर दिया

1097
01:19:57,600 --> 01:20:01,880
इन लोगों की के आदमी रते अपने नहीं रहते

1098
01:20:01,880 --> 01:20:07,120
उन्हीं के आदमी रहते हैं बहस बना के वही आपस में उन्हीं के टीम के है वो

1099
01:20:07,120 --> 01:20:11,320
सब चैनल पर अभी से बता दे रहा हूं मैंने पूरा ड्रामा

1100
01:20:11,320 --> 01:20:15,640
करने का तैयार कर लिया थोड़े दिनों में ड्रामा वैसा ही करूंगा तब इनकी अकल ठिकाने

1101
01:20:15,640 --> 01:20:19,920
आएगी नहीं नहीं हम मैं चाहता हूं इनके आश्रम चलना चाहिए एक बार सुनि

1102
01:20:19,920 --> 01:20:23,920
बाकायदा इनका पोस्टर लगेगा इनके तत्वदर्शी का पीछे चार

1103
01:20:23,920 --> 01:20:28,160
पांच हमारे खड़े होंगे और फिर लेक पूछूंगा बताओ

1104
01:20:28,160 --> 01:20:34,160
और फिर यही करके दिखाऊंगा तब इनको पता चलेगा क्या हो रहा है

1105
01:20:34,480 --> 01:20:38,760
य ये तो करेंगे लेकिन इनके आश्रम चलते एक

1106
01:20:38,760 --> 01:20:42,000
बार राजस्थान

1107
01:20:42,000 --> 01:20:46,320
में इनका हरियाणा सुनि

1108
01:20:46,320 --> 01:20:50,720
अभी मला नामदान केंद्र में मैंने फोन किया था व क हमारे यहा कोई विद्वान

1109
01:20:50,720 --> 01:20:52,680
नहीं

1110
01:20:52,680 --> 01:20:57,080
है लखन भया तुमरा नाम दन केंद्र

1111
01:20:57,080 --> 01:21:01,840
आ जाओ कोई तो होगा कोई माई का लाल ऐसा होगा जो आएगा

1112
01:21:01,840 --> 01:21:07,080
नामदान में नहीं आश्रम इनका है सोजत में पाली में राजस्थान

1113
01:21:07,080 --> 01:21:11,920
में हरिया में नाना में

1114
01:21:11,920 --> 01:21:17,920
क्या पता किस तरह के लोग

1115
01:21:19,440 --> 01:21:25,440
गोली उसकी

1116
01:21:27,200 --> 01:21:31,400
ओ और सोहम सबद प्रकासा ये

1117
01:21:31,400 --> 01:21:37,400
नाम दिया

1118
01:21:37,480 --> 01:21:41,760
स ओ और सो हम सबद

1119
01:21:41,760 --> 01:21:45,800
प्रकासा यह नाम दिया था सतनाम रूप में य दो अर का नाम

1120
01:21:45,800 --> 01:21:50,720
है सतनाम कहे कबीर सुन दम ओ

1121
01:21:50,720 --> 01:21:54,960
और सोहम सब प्रकासा यह नाम

1122
01:21:54,960 --> 01:21:59,120
सतनाम रूप में दो अर का नाम है

1123
01:21:59,120 --> 01:22:04,080
सतनाम और एक बात आपको बताऊ

1124
01:22:04,080 --> 01:22:08,640
क्या कहना चाहेंगे देवेंद्र शर्मा जी

1125
01:22:08,640 --> 01:22:12,640
देखिए ये जो य हमारे शास्त्रों से ही लिए गए

1126
01:22:12,640 --> 01:22:17,280
शब्द है कुछ भी अलग नहीं है

1127
01:22:17,280 --> 01:22:21,440
अब यय जैसे इन्होने य बताया तो इसम को

1128
01:22:21,440 --> 01:22:26,080
मत्र से रिलेट नहीं करता इनका जो मंत्र है पूरा अगर आप से देखेंगे

1129
01:22:26,080 --> 01:22:30,120
तो कुछ भी हमारे से मैच नहीं करता इनका कंप्लीट

1130
01:22:30,120 --> 01:22:34,240
मंत्र अब ये तो कुछ भी ले सकते हैं श्रीम श्रीम जो इन्होने

1131
01:22:34,240 --> 01:22:38,240
दुर्गा जी के लिए लिया है श हमारे श मिता

1132
01:22:38,240 --> 01:22:43,680
श्री लक्ष्मी जी जाता है

1133
01:22:43,680 --> 01:22:47,800
अच्छा बा ब एक मैं आपको बहुत अच्छी बात बताऊ

1134
01:22:47,800 --> 01:22:52,040
देखिए शायद किसी की नजर ना पड़ी हो दोबारा से इनका

1135
01:22:52,040 --> 01:22:53,080
मंत्र दिखा

1136
01:22:53,080 --> 01:22:57,120
दीजिए हा बिल्कुल बिल्कुल एक बार इनका व दोबारा से

1137
01:22:57,120 --> 01:23:01,160
मंत्र दिखाइए पहला वाला यह जो पांच मंत्र उठाए है ना य

1138
01:23:01,160 --> 01:23:05,200
गरीबदास जी के ग्रंथ से उठाए पांच मंत्र हा लेकिन वहा

1139
01:23:05,200 --> 01:23:09,440
पर भी अलग है सेम टू सेम नहीं है व गायत्री महिमा

1140
01:23:09,440 --> 01:23:13,520
लेकिन गरीब दास जी भी राम जी के भगत है उनको ग्रंथ को पूरा शर से पढ़ेंगे

1141
01:23:13,520 --> 01:23:17,600
तो एक मिनट मिट अब ये लोग जोय कह रहे प्रणव प्रणव

1142
01:23:17,600 --> 01:23:21,960
प्रणव प्रणव यह जो लिखा है यह पूरे वेदों

1143
01:23:21,960 --> 01:23:26,120
में कहीं पर भी लिखा दिखा दो जो लिखा है ओम ओ

1144
01:23:26,120 --> 01:23:30,440
ओम ओम ये वो ये वो प्रणव है ही नहीं शास्त्र विरुद्ध

1145
01:23:30,440 --> 01:23:35,120
ओम हैय ये ओ है

1146
01:23:35,120 --> 01:23:39,160
ओम जैसे जैसे हम जब राम बोलते हैं तो राम

1147
01:23:39,160 --> 01:23:43,440
अधूरा है राम ये पूरा राम है

1148
01:23:43,440 --> 01:23:47,600
ये जो ओम है य वैदिक ओम नहीं है ये अपना

1149
01:23:47,600 --> 01:23:51,640
मनगण ओम है अगर यह दे रहे हैं और इनका जो सोम

1150
01:23:51,640 --> 01:23:55,920
सोम वाला वो है उसम भीय ओम ओ दे रहे वो वैदिक ओ

1151
01:23:55,920 --> 01:23:59,960
नहीं है उसम प्र वैदिक प्रणव नहीं है शास्त्र

1152
01:23:59,960 --> 01:24:04,200
विरुद्ध भक्ति है आप इस ओ को दिखा दो मुझे कहा वेद

1153
01:24:04,200 --> 01:24:08,200
में कौन से मंत्र में लिखा है य वाला हो यही

1154
01:24:08,200 --> 01:24:12,200
हमारे असली ह इनकी बहुत बड़ी चूक है बहुत बड़ी पकड़

1155
01:24:12,200 --> 01:24:16,320
है यह जो मंत्र य क दे रहे हैं कि भैया देखो हम जो है वैदिक

1156
01:24:16,320 --> 01:24:20,640
मंत्र दे रहे हैं गीता का जो गीता में आया

1157
01:24:20,640 --> 01:24:24,640
प्र जो गीता में आया है प्रणव वाला

1158
01:24:24,640 --> 01:24:28,960
प्रणव नहीं है ये क्योंकि वहा प्रणव आया है वहा ये ओम

1159
01:24:28,960 --> 01:24:33,920
नहीं आया है ओमा अलग है और प्रणव अक्षर अलग है

1160
01:24:33,920 --> 01:24:37,920
बिल्कुल भैया मेरा सुनिए एक चीज जी

1161
01:24:37,920 --> 01:24:42,040
अगर इनके अकॉर्डिंग रामपाल के अकॉर्डिंग कबीर परमेश्वर है

1162
01:24:42,040 --> 01:24:46,440
ठीक है और उनके भक्तों का रामपाल या कबीर जो भी है

1163
01:24:46,440 --> 01:24:50,480
कबीर का आधार क्या था भक्ति का आप कांसेप्ट

1164
01:24:50,480 --> 01:24:54,600
बेसिक आधार क्या था उनका निर्गुण भक्ति यानी कि मतलब उनके अकॉर्डिंग पत्थर में नहीं भगवान

1165
01:24:54,600 --> 01:24:58,840
या किसी साकार रूप में नहीं है अब यह बंदा खुद अपने परमेश्वर

1166
01:24:58,840 --> 01:25:03,200
की बात नहीं मानक अपनी फोटो पजवा रहा है अप

1167
01:25:03,200 --> 01:25:07,560
रामपाल जी की है कबीर ने बो

1168
01:25:07,560 --> 01:25:12,000
को मतलब नहीं है कबीर ने बोला वेद से कोई मतलब नहीं शास्त्र से कोई मतलब नहीं है

1169
01:25:12,000 --> 01:25:16,000
अब ये वेदों का प्रमाण किसलिए दे रहा है फर कबीर की बात मानो

1170
01:25:16,000 --> 01:25:20,200
लिए दे रहा है वेद को मानने वाले वेद को छोड़

1171
01:25:20,200 --> 01:25:23,280
दे छोड़ दो लेकिन साकार रूप में खुद को क्यों

1172
01:25:23,280 --> 01:25:27,280
बजवा रहा हैय ये इंसान देखो जो परमेश्वर बोल रहा है उसकी

1173
01:25:27,280 --> 01:25:31,360
बात नहीं सुन रहा है तो कैसे य सच्चा इंसान हो सकता है और

1174
01:25:31,360 --> 01:25:35,920
य जो दूर से शरीर का अभिषेक करते हैं वो हा वो सोचो ना मतलब

1175
01:25:35,920 --> 01:25:40,280
ये पब्लिक कितनी बेवकूफ है कि कबीर सब जानते कबीर निर्गुण भक्ति भाव ल

1176
01:25:40,280 --> 01:25:44,480
तो खुद को ही कबीर द करता है हा अब तो बोल

1177
01:25:44,480 --> 01:25:48,680
यही कबीर के अवतार है और यही परमेश्वर है कबीर सागर में कबीर

1178
01:25:48,680 --> 01:25:53,040
सागर में लिखा है कबीर दास जी का जो मेरे नाम से

1179
01:25:53,040 --> 01:25:57,520
चलागा मिला एक एक करके बोले एक एक करके

1180
01:25:57,520 --> 01:26:01,520
जी गोपाल राज जी आप बोलिए पहले कबीर सागर अपना प्ले

1181
01:26:01,520 --> 01:26:05,560
स्टोर प मैंने भी डाउनलोड करके उसम पढ़ा है कबीरदास जी बता रहे

1182
01:26:05,560 --> 01:26:09,800
हैं कुरान चुराएंगे वेद चुराएंगे और मेरे नाम से झूठा पंथ

1183
01:26:09,800 --> 01:26:13,800
चलाएंगे खुद को भगवान बता के यह बात लिखी हुई

1184
01:26:13,800 --> 01:26:17,680
है ब

1185
01:26:17,680 --> 01:26:22,080
कुछ डाउन करी है उसमें सब कुछ है बहुत कुछ है

1186
01:26:22,080 --> 01:26:26,880
अरे क चले मुझे लग रहा है

1187
01:26:26,880 --> 01:26:31,000
कबीर वालो की तरफ से कोई आया था अभी एक मिनट आप लोग थोड़ा समय दिया जितना

1188
01:26:31,000 --> 01:26:35,400
भीय ग्रंथ बता रहे हैं ना गरीब दास जी का ग्रंथ उसमें भी प्रमाण है

1189
01:26:35,400 --> 01:26:40,640
इनके खिलाफ और अपना गुरु नानक जी का ग्रंथ है उसमें

1190
01:26:40,640 --> 01:26:45,040
भी हर एक ग्रंथ अपना धर्म ग्रंथ है

1191
01:26:45,040 --> 01:26:50,520
भगवान कृष्ण की महिमा का बहुत अच्छे से वर्णन किया

1192
01:26:50,520 --> 01:26:54,800
गया को बता तुमने जो मंत्र लिया है मंत्र

1193
01:26:54,800 --> 01:26:58,880
क्या वो वेद वैदिक गीता समत कौन सा है बताओ

1194
01:26:58,880 --> 01:27:02,960
कोई है दुनिया में आक के बता दे जो कोई है माइका लाल जो आ कर के

1195
01:27:02,960 --> 01:27:07,440
बता दे यहां पर कि तुमने जो मंत्र लिया पहला मंत्र उसमें जो प्रणव

1196
01:27:07,440 --> 01:27:11,720
अक्षर है वह गीता या वेद में कहीं पर लिखा हो दिखा दो

1197
01:27:11,720 --> 01:27:16,080
मुझे गुरु ग्रंथ साहिब जी में तो कबीर दास जी बोलते हैं अपने लिए कबीर गकर

1198
01:27:16,080 --> 01:27:20,840
राम का मतिया मेरा नाऊ गले राम की ड़ी खीचे

1199
01:27:20,840 --> 01:27:25,240
जाऊ अच्छा राज नारायण जी आप अपनी बात बोले

1200
01:27:25,240 --> 01:27:29,400
और उसके बाद हम श्याम स्टूडियो वालों को लेंगे श्याम स्टूडियो

1201
01:27:29,400 --> 01:27:33,520
जी अपना चेहरा

1202
01:27:33,520 --> 01:27:37,720
दिखाए राजनारायण जी आप अपनी बात बोल दीजिए फिर मैं देवें शर्मा जी से मैं

1203
01:27:37,720 --> 01:27:41,960
मेरी एक जिज्ञासा है वो मैं फिर करके फिर मैं वापस अभी चला जाऊंगा हा

1204
01:27:41,960 --> 01:27:47,960
थोड़ा सा इसको स्क्रीन को खाली करे ना फिर वो थोड़ा सा वो होता है क्या कहते

1205
01:27:51,360 --> 01:27:55,440
हैं आपकी बात हो गई जी मैं

1206
01:27:55,440 --> 01:27:59,440
देवेंद्र शर्मा जी से बात यह बोलना चाहता हूं मैं आ रहा हूं मथुरा को 28

1207
01:27:59,440 --> 01:28:05,440
तारीख को तो उनसे भी मुझे मिलना है मेरे पास बहुत सारे प्रमाण

1208
01:28:05,920 --> 01:28:10,400
है जी आप इनका कांटेक्ट नंबर कर दीजिएगा मुझे

1209
01:28:10,400 --> 01:28:15,640
बिल्कुल ब मुझे भी मुझे

1210
01:28:15,640 --> 01:28:20,120
भी अच्छा दीपक जी मुझे लगता है आपकी भी बात हो गई है पूरी

1211
01:28:20,120 --> 01:28:24,280
जी जी बस ही कहूंगा जब भी आप नहीं आप इनसे डिबेट करें

1212
01:28:24,280 --> 01:28:28,480
से सीधा आप आधार पूछ भक्ति का आधार क्या है अगर कबीर जी आधार

1213
01:28:28,480 --> 01:28:32,560
है तो कबीर के अकॉर्डिंग निर्गुण भक्ति होनी चाहिए तो फोटो की पूजा

1214
01:28:32,560 --> 01:28:36,600
क्यों करवा रहे हैं और कबीर देव को कबीर कबीर देव कैसे किया उन्होंने

1215
01:28:36,600 --> 01:28:41,600
यह किस व्याकरण से हुआ इसके बाद ही आगे बढ़े

1216
01:28:41,600 --> 01:28:46,240
आप मना करते तो कबीर देव हो गया तो उसकी पूजा मत करो

1217
01:28:46,240 --> 01:28:50,320
हा और दूसरा ये कुरान का जो कबीरा देते हैं उसका मतलब होता है कि

1218
01:28:50,320 --> 01:28:54,360
भटकना होता है अरबी में और इन्होने कबीरा का कबीर कर भैया

1219
01:28:54,360 --> 01:28:58,840
कुरान में भी चलिए ठीक है

1220
01:28:58,840 --> 01:29:03,680
जी ठीक है राम राम भैया राम राम जय श्री

1221
01:29:03,680 --> 01:29:07,880
राम देव जी शंका का समाधान कर देंगे

1222
01:29:07,880 --> 01:29:11,960
हां जी हां जी पूछिए आपने देवी भागवत प वीडियो दिखाई

1223
01:29:11,960 --> 01:29:16,120
थी जिसमें आपने कहा कि देवी भागवत में ब्रह्मा विष्णु महेश जो थे वो प्रकट हुए थे जन्म

1224
01:29:16,120 --> 01:29:20,200
नहीं थे हां बिल्कुल और मैंने शिव

1225
01:29:20,200 --> 01:29:20,960
पुराण में भी पढ़ा

1226
01:29:20,960 --> 01:29:25,080
कि वो शिव जी के दाए दाए भाग से विष्णु जी प्रकट हुए व बाए भाग

1227
01:29:25,080 --> 01:29:29,560
से ब्रह्मा जी प्रकट हुए ब्रह्मा जी को बेहोश करके विष्णु जी की नाभी में उन्होंने डाल दिया

1228
01:29:29,560 --> 01:29:33,600
यह मैंने पढ़ा शिव पुराण में आपने हाईलाइट करके दिखाया भीता संक्षिप्त वाले से

1229
01:29:33,600 --> 01:29:37,760
तो मैं यह पूछना चाहता हूं कि प्रकट होने में और जन्म लेने में क्या अंतर होता है थोड़ा

1230
01:29:37,760 --> 01:29:41,840
सा मुझको आप एक्सप्लेन कर देंगे इस बोलू मैं

1231
01:29:41,840 --> 01:29:46,320
बोलू इसम कुछ बोल बोलिए आप बोलिए

1232
01:29:46,320 --> 01:29:50,560
पले भगवान प्रकट ही होते हैं मगर

1233
01:29:50,560 --> 01:29:55,520
ऐसा नहीं है कि लीला पूर्वक य नहीं दिखा सकते कि मैं किसी के गर्भ से जन्मा

1234
01:29:55,520 --> 01:29:59,920
क्योंकि वो ईश्वर है वो कुछ भी कर सकते हैं तो

1235
01:29:59,920 --> 01:30:04,000
लोगों को देखने में यही लगेगा कि किसी माता के गर्भ से शिशु

1236
01:30:04,000 --> 01:30:08,040
बाहर निकला मगर वस्तुत वास्तविकता क्या है कि

1237
01:30:08,040 --> 01:30:12,040
भगवान वहां प्रकट हो गए वास्तविकता य है

1238
01:30:12,040 --> 01:30:16,200
कि भगवान प्रकट होते हैं और लीला पूर्वक वो जन्म भी लेते हैं

1239
01:30:16,200 --> 01:30:20,560
वह अपनी देह को नष्ट भी करके दिखा देते बदल के भी दिखा देते वो हर वो काम कर सकते

1240
01:30:20,560 --> 01:30:24,800
जो एक मनुष्य सोच सकता है जो एक मनुष्य सोच

1241
01:30:24,800 --> 01:30:29,080
सकता है वो हर काम ईश्वर करके दिखा सकते

1242
01:30:29,080 --> 01:30:33,080
हैं विशाल जी विशाल जी आपको पता उन्होंने परीक्षित जी की

1243
01:30:33,080 --> 01:30:36,760
जो उन्होंने रक्षा की थी श्री विष्णु जी ने कैसे की

1244
01:30:36,760 --> 01:30:40,840
थी काला ज उतरा के उतरा के गर्भ में चले

1245
01:30:40,840 --> 01:30:45,200
गए थे वो जन्म मरण में थोड़ी आ गए वो ऐसे ही चले गए थे वो

1246
01:30:45,200 --> 01:30:49,360
ये वो शिवा जी ये बताना चाह रहे उनकी मर्जी है वो जो दिखाना चाहते हैं वही दिखा देते हैं वो

1247
01:30:49,360 --> 01:30:53,400
तो उन्होंने अपना सूक्ष्म स्वरूप बनवाया बनाया और उत्तरा के गर्भ में एंटर

1248
01:30:53,400 --> 01:30:57,920
कर गए थे वो एक दिन हमने एक व्यक्ति को पकड़ के कबूल

1249
01:30:57,920 --> 01:31:02,040
करवा लिया था स्वीकार करवा लिया था हा उनको गर में आने जाने के लिए

1250
01:31:02,040 --> 01:31:06,400
किसी की जरूरत नहीं है क्या तुम्हारे जो मैंने उनसे ये कहा क्या तुम्हारे जो कबीर

1251
01:31:06,400 --> 01:31:10,960
है वो अपने शरीर को प्रकट और अपक कर सकते गायब

1252
01:31:10,960 --> 01:31:15,000
और प्रदर्शित ये कर सकते हैं बोला हां कर सकते हैं मैंने

1253
01:31:15,000 --> 01:31:19,000
कहा क्या वो इस तरह से कर सकते कि सामने वाले को देखने में लगे कि वो

1254
01:31:19,000 --> 01:31:23,120
जन्म मृत्यु हो रही है तो बोला कर सकते तो मैंने कहा यही

1255
01:31:23,120 --> 01:31:27,400
ये लीला हो गई ये गीता जी में भी लिखा हुआ है कि वो सूक्ष्म

1256
01:31:27,400 --> 01:31:32,200
से अति सूक्ष्म है और विशाल से अति विशाल वो उनकी मर्जी है वो कुछ भी कर

1257
01:31:32,200 --> 01:31:36,200
सकते वो हमें लग रहा है अब उतरा के उसम गर्म में

1258
01:31:36,200 --> 01:31:40,240
ग तो कोई सोचेगा वो जन्म ले रहे हैं जन्म मरण में आ गए हैं लेकिन वो उनकी रक्षा के लिए गए

1259
01:31:40,240 --> 01:31:45,080
थे उन्होने फिर अपना सुदर्शन चक्र से उनकी रक्षा की थी

1260
01:31:45,080 --> 01:31:49,120
चलिए फिर मैं अभी चलता हूं मुझको भी आज बहुत समय हुआ जुड़े हुए आज पहली बार आप

1261
01:31:49,120 --> 01:31:51,800
लोगों से इतना लंबा जुड़ा हूं चलते ठीक है बहुत अच्छा लगा

1262
01:31:51,800 --> 01:31:56,240
आप लोग से मिलकर जय श्री राम

1263
01:31:56,240 --> 01:32:00,360
अब देखिए यहां पर देखिए काल क्या क्या है ये जो बात बोलते हैं गरीब

1264
01:32:00,360 --> 01:32:04,600
दास की वाणी है काल काल सबको कहे काल ना चिन्ह कोए

1265
01:32:04,600 --> 01:32:08,680
उपजी बाजी काल है समझत नाही लोय अब

1266
01:32:08,680 --> 01:32:13,040
देखिए इसमें काल क्याक है यह बताया गया है जड़ चेतन

1267
01:32:13,040 --> 01:32:17,320
सब काल है काल की महिमा देख लीजिए सब कुछ काल ही

1268
01:32:17,320 --> 01:32:21,320
है अष्ट कुली सब काल और

1269
01:32:21,320 --> 01:32:25,840
सात समुद्र काल है वायु काल है व्यम

1270
01:32:25,840 --> 01:32:30,440
व्यम माने अंतरिक्ष काल है है ना

1271
01:32:30,440 --> 01:32:34,680
और आगे कच्छ मच्छ

1272
01:32:34,680 --> 01:32:40,680
कुरम लग यह सब भी काल है चंद्र सूर दो काल है

1273
01:32:41,360 --> 01:32:45,360
और घर की कामिनी काल है सकल

1274
01:32:45,360 --> 01:32:49,960
कुटुंब परिवार काल है क्यों भाई तुम्हारा कुटुंब भी खाता है क्या लोगों

1275
01:32:49,960 --> 01:32:54,520
को आपके परिवार में जो

1276
01:32:54,520 --> 01:32:58,520
आपकी मतलब आपके घर की मात शक्तियां है बेटा है बेटी

1277
01:32:58,520 --> 01:33:02,680
हैर धर्म पत्नी है धर्म पत्नी तो है नहीं आपकी तो वो

1278
01:33:02,680 --> 01:33:06,760
तत्वदर्शी के अनुसार जो चीज है उनके अनुसार वो क्या है

1279
01:33:06,760 --> 01:33:10,760
व आप ही जानो वो भोजन भी गया काल है अच्छा अच्छा

1280
01:33:10,760 --> 01:33:15,600
लोगों को खाने वाले को खाते हो ओ हो हो भोजन भी काल

1281
01:33:15,600 --> 01:33:19,680
है यह क्या हो गया भाई और

1282
01:33:19,680 --> 01:33:24,680
आगे आगे और भी बहुत बढ़िया है

1283
01:33:24,680 --> 01:33:28,960
इन्होने गरीब दास भी दो बनाए हु है गरीब

1284
01:33:28,960 --> 01:33:33,000
दास भी दो है आपको पता नहीं दो बना रखे इन्होने गरीब दास अरे

1285
01:33:33,000 --> 01:33:37,040
भैया तो मना करो ना कि हा इसमें मिलावट हो सकती है कुल मिला कर के

1286
01:33:37,040 --> 01:33:41,280
कोई ग्रंथ नहीं मानना है केवल आपके उसको जेल धाम में बैठे व्यक्ति को ही मानना

1287
01:33:41,280 --> 01:33:45,720
है एक कहते कृष्ण भक्ता एक काल भक्ता एक कृष्ण भक्ता

1288
01:33:45,720 --> 01:33:49,720
दो बना रखे उन्होने अब देखो काल काल को खात है काल

1289
01:33:49,720 --> 01:33:55,720
स्वयं को ही खाता है अब क्या करोगे

1290
01:33:58,240 --> 01:34:02,280
एक कोई कह र है आप भैया आप तो शिवांश भैया काल के

1291
01:34:02,280 --> 01:34:08,280
जाल में फसे हैं रश

1292
01:34:10,600 --> 01:34:14,600
जी इसको पूछ रामपाल जी किसके उसे जाल

1293
01:34:14,600 --> 01:34:18,720
में फसे हुए समय काल कोटरी में मैं कहूंगा कि

1294
01:34:18,720 --> 01:34:23,240
रामपाल जी किसके मुह में वो हो गए थे मोहित कामात हो गए थे

1295
01:34:23,240 --> 01:34:27,440
ऐसा किसी के कोई है

1296
01:34:27,440 --> 01:34:31,560
कौन सी किसकी कोठरी में बंद है वो पूछो इनके काल की कोठरी में का

1297
01:34:31,560 --> 01:34:36,200
की कोटरी अच्छा तो मैं वो

1298
01:34:36,200 --> 01:34:40,280
ठीक है अब आज की चर्चा हो गई है हमारी और

1299
01:34:40,280 --> 01:34:44,320
फिर हम लोग किसी दिन जुड़ते हैं आप संदीप जी आपकी कोई बात थी वो रह गई है जो

1300
01:34:44,320 --> 01:34:48,560
आपने आज करनी थी आज वो वो जो बात चल रही थी ना जैसे

1301
01:34:48,560 --> 01:34:52,800
अभी जैसे अभी आपने थोड़ी देर पहले बोला ना ईश्वर माता के गर्भ से जन्म

1302
01:34:52,800 --> 01:34:56,920
नहीं लेता है मगर इनके तो माता पिता है वोटर आईडी

1303
01:34:56,920 --> 01:35:01,080
में लिखा होगा जब ये कोर्ट जाते होंगे तो व पिता का नाम पूछा जाता होगा कि वही

1304
01:35:01,080 --> 01:35:05,400
व्यक्ति आया आया सुनो ये लोग ना क्या करते हैं जब कबीर दास को भगवान

1305
01:35:05,400 --> 01:35:09,520
साबित करते हैं ना तो कहते कबीर दास के कोई माता-पिता नहीं है ना

1306
01:35:09,520 --> 01:35:13,800
उनके कोई मतलब की आगे कोई फैमिली फमली कोई नहीं इसलिए वो भगवान है

1307
01:35:13,800 --> 01:35:18,120
फिर दूसरी बात ये बोल देंगे कि रामपाल जी कबीर दास है

1308
01:35:18,120 --> 01:35:22,600
तो फिर मेरे भाई जो उनकी जो मिसेस है उनकी मिसेस का नाम जो अनारो

1309
01:35:22,600 --> 01:35:25,680
देवी है उनकी अज मंजू बेटियां हैं उसके बाद जो

1310
01:35:25,680 --> 01:35:29,840
उनके नंदलाल पापा है तो फिर वह कबीर दास कैसे

1311
01:35:29,840 --> 01:35:33,960
हो गया रामपाल कबीर दास कैसे या तो मानोगे कबीर दास

1312
01:35:33,960 --> 01:35:37,960
का जन्मा नहीं है या फिर मानोगे रामपाल जो है कबीर दास नहीं है दोनों में से एक बात तो माननी

1313
01:35:37,960 --> 01:35:42,080
पड़ेगी ना आपको हां क्योंकि ये ये कह रहे है ना कि वो गर्भ से नहीं आता है तो

1314
01:35:42,080 --> 01:35:46,320
गर्भ से तो आए तु रामपाल और साथ

1315
01:35:46,320 --> 01:35:50,400
में साथ में जो है ना यह कबीर दास वाला खेल भी आपने खत्म कर दिया वो जो

1316
01:35:50,400 --> 01:35:54,560
आपने जब बुढ़ापे वाला शरीर दिखा दिया जब इनको एक बात कंफर्मेशन है

1317
01:35:54,560 --> 01:35:58,840
देखो ये कहते हैं सतलोक में उनका जो शरीर है ना वो वो है अपना अजर

1318
01:35:58,840 --> 01:36:02,920
है मतलब कि वो बूढ़ा नहीं होता ठीक है फिर धरती पर जब आए

1319
01:36:02,920 --> 01:36:07,080
ये धरती पर जब बूढ़े हो गए तो जब ये वापस सतलोक गए तो य

1320
01:36:07,080 --> 01:36:11,200
वो बूढ़ा शरीर गया कहां इसका मतलब उन्होने किसी ना किसी लोग में उसको त्यागा ना

1321
01:36:11,200 --> 01:36:15,400
इस चीज को इनको मानना पड़ेगा वो सत वो शाश्वत सत्य नहीं है तभी

1322
01:36:15,400 --> 01:36:19,480
तो बदला वही तो कह रहा हूं ना वो इसका मतलब बुढ़ापे वाला शरीर तो कहीं

1323
01:36:19,480 --> 01:36:25,080
ना कहीं उन्होंने उनको डिस्पोज ऑफ किया उसके बाद ही सतलोक में

1324
01:36:25,080 --> 01:36:29,280
इनके शरीर की हालत क्या है आप देख लो शरीर का आपको

1325
01:36:29,280 --> 01:36:33,320
दिख जाएगा 12 बजे हुए पूरे शरीर के अभी जो जेल

1326
01:36:33,320 --> 01:36:37,880
धाम में व बहुत कष्ट में है भाई और

1327
01:36:37,880 --> 01:36:40,760
ये लोग कहते हैं हमें उनके रास्ते पर चलके बड़ा मजा आ रहा

1328
01:36:40,760 --> 01:36:45,200
है बड़ा अच्छा लग रहा है वो स्वयं जिसके कारण आ रहा है वो स्वयं

1329
01:36:45,200 --> 01:36:49,480
वहा से कह रहा है दया दिखाओ ये करो दया हो गई हमारे र

1330
01:36:49,480 --> 01:36:54,120
परमान इतनी हसी आएगी एक इनका चेला है युवराज

1331
01:36:54,120 --> 01:36:58,320
वो पीछे बोल रहा है जो प्रेमानंद जी महाराज है ना कते उनकी जो किडनी है ना वो

1332
01:36:58,320 --> 01:37:02,400
हम ठीक कर देंगे अपने मंत्रों से

1333
01:37:02,400 --> 01:37:06,440
हमने उसको पूछा मैं कहा मेरे भाई त उनकी किडनी तो उनकी ठीक करने पर लगा पहले त

1334
01:37:06,440 --> 01:37:12,440
यह बता बेल का कोई तरीका है तुम्हारे उसका मंत्र है पहले वो

1335
01:37:12,840 --> 01:37:16,840
बताना य पर रामपाल जी बारबार

1336
01:37:16,840 --> 01:37:21,160
अपनी जेल से वहां पर बेल कराने के लिए बोलते हैं कि मेरे दांत में दर्द है

1337
01:37:21,160 --> 01:37:25,360
और जो सरकारी डॉक्टर है अच्छे से ट्रीटमेंट नहीं कर रहा है इससे

1338
01:37:25,360 --> 01:37:29,400
मुझे बहुत परेशानी हो रही है इसलिए मैं अपने प्राइवेट निजी डॉक्टर से इलाज कराना

1339
01:37:29,400 --> 01:37:33,600
चाहता हूं तो जब वो अपने दांत का द ठीक नहीं कर पा रहे हैं तो

1340
01:37:33,600 --> 01:37:37,800
क्या किसी की बीमारियां ठीक करेंगे वही तो चैलेंज करते चैलेंज

1341
01:37:37,800 --> 01:37:42,440
कर रहे हैं प्रेमानंद जी महाराज ठीक कर पा रहे दांत का दर्द

1342
01:37:42,440 --> 01:37:46,760
हां दांत का दर्द है बारबार याज का कर रहे कि मुझे किसी प्राइवेट

1343
01:37:46,760 --> 01:37:51,320
डॉक्टर से दिखाना है अपना निजी चिकित्सक है वहां इलाज कराना है लेकिन

1344
01:37:51,320 --> 01:37:54,840
रही है बताओ

1345
01:37:54,840 --> 01:37:59,120
इजाजत नहीं मिल रही जेल से बाहर जाने का कोई मौका नहीं मिल रहा इनको अच्छा

1346
01:37:59,120 --> 01:38:03,360
ये ये देखिए कुछ दिखा रहे हैं आपका द्वारा दिया हुआ है ये इसके बारे में

1347
01:38:03,360 --> 01:38:07,400
बताए हां यह नामदान का लेटर मिला था

1348
01:38:07,400 --> 01:38:11,440
उस बंदे को जिसने मुझे यह डॉक्यूमेंट भेजे थे तो यह उनको ये लेटर

1349
01:38:11,440 --> 01:38:15,600
मिलता है और इसमें साफसाफ लिखा हुआ है कि अगर आपने नामदान लिया है तो ये जो नीचे

1350
01:38:15,600 --> 01:38:19,840
मैंने हाईलाइट किया है तो इसमें यह लिखा हुआ है कि आपको चार

1351
01:38:19,840 --> 01:38:23,920
महीने के अंदर चार बार विजिट करना है तभी आप नेक्स्ट नाम न पर

1352
01:38:23,920 --> 01:38:28,000
जा पाएंगे अन्यथा नहीं जा पाएंगे नेक्स्ट पेज और शो कीजिए

1353
01:38:28,000 --> 01:38:32,560
मैं नेक्स्ट पेज में से थोड़ा सा दिखाना चाहता

1354
01:38:32,560 --> 01:38:36,640
हूं तो यहां पर मैंने हाईलाइट किया यहां पर इन्होंने लिख रखा है

1355
01:38:36,640 --> 01:38:40,640
कि म मंदिर में जैसे भगवान है तो हमें पूजा के माध्यम से नहीं

1356
01:38:40,640 --> 01:38:44,840
जाना अगर जाते हो और कोई भगवान मंदिर में हो ही नहीं सकता कोई

1357
01:38:44,840 --> 01:38:48,880
भगवान कोई पशु नहीं है कि उसे हम मंदिर में बांध लेंगे और पुजारी उसका रक्षक

1358
01:38:48,880 --> 01:38:53,080
है तो इस तरीके के बर्डिंग इस्तेमाल है और नीचे इसमें लिखा है कि

1359
01:38:53,080 --> 01:38:57,360
हमें सभी देवी देवताओं की पूजा है उसका त्याग करना है तभी

1360
01:38:57,360 --> 01:39:01,560
आपका नाम दान सफल है अन्यथा ये नाम दान आपका खंडित हो जाएगा और आपने इनम

1361
01:39:01,560 --> 01:39:05,600
से किसी नियम को फॉलो कर लिया और ज्यादातर बंदे फॉलो कर लेते हैं

1362
01:39:05,600 --> 01:39:09,640
अब जैसे किसी के यहां पर किसी की डेथ हो गई अब अंतिम क्रिया

1363
01:39:09,640 --> 01:39:13,680
की रस में है वो उसको हिंदू रीति रिवाज करनी पड़ेगी उसके घर

1364
01:39:13,680 --> 01:39:18,200
में कुछ मेंबर्स ऐसे हैं पूरा गांव के हिसाब से करना पड़ेगा उसे

1365
01:39:18,200 --> 01:39:22,200
तो वहां पर उसकी रस्में फेल होती है तो इन्होंने क्या अपने नाम दान

1366
01:39:22,200 --> 01:39:26,200
सिस्टम नामदान केंद्र पर सिस्टम यह बना रखा है कि

1367
01:39:26,200 --> 01:39:30,320
पैसे जमा करने पड़ेंगे ज्योति जलाने की तो कोई 5000 लेता है कोई

1368
01:39:30,320 --> 01:39:34,560
10000 लेता है कोई 3500 कोई 2500 इस तरीके से हर नाम

1369
01:39:34,560 --> 01:39:38,720
दान सेंटर का अलग-अलग अपना बिजनेस बना रखा है कि अगर

1370
01:39:38,720 --> 01:39:42,720
आपको अपना नाम दान कंटिन्यू रखना है और अंतिम क्रिया

1371
01:39:42,720 --> 01:39:46,840
की रस्मों में भी शामिल होना है तो आपको यहां पर पैसे जमा करने ही

1372
01:39:46,840 --> 01:39:47,560
पड़ेंगे हम आपके

1373
01:39:47,560 --> 01:39:51,840
नाम की ज्योति जलाएंगे यहां पर और देखो रामपाल जी की देखो

1374
01:39:51,840 --> 01:39:55,840
मां की मृत्यु हुई थी तो इन्होंने साफसाफ बोला था कि मेरी

1375
01:39:55,840 --> 01:39:59,920
मां की मृत्यु हो गई है मुझे जेल चाहिए और तब

1376
01:39:59,920 --> 01:40:03,960
कोर्ट ने खारिज कर दी कि भाई तुम्हें नहीं मिलेगी तुम्हारा कोई भरोसा नहीं है कहीं

1377
01:40:03,960 --> 01:40:08,160
विदेश भाग जाओगे आप तो जैसे य अपने भक्तों

1378
01:40:08,160 --> 01:40:12,200
के साथ कर रहे हैं कि ते की रसम में शामिल नहीं होना है कोई प्रॉब्लम

1379
01:40:12,200 --> 01:40:16,360
नहीं है अगर कोई डेथ हो जाती है उसम शामिल मत भगवान ने इनके साथ भी ऐसा

1380
01:40:16,360 --> 01:40:21,040
ही कर दिया कोई दास हां

1381
01:40:21,040 --> 01:40:27,040
जी हां भाई दास जी बताइए अपना चेहरा

1382
01:40:29,440 --> 01:40:33,880
दिखाइए दास जी अभी और कुछ बाकी रह गया क्या

1383
01:40:33,880 --> 01:40:39,240
दास जी चले गए

1384
01:40:39,240 --> 01:40:45,240
हैं जी दास

1385
01:40:46,400 --> 01:40:50,840
जी आपकी आवाज नहीं आ रही है रुक जाइए रुक जाइए आपकी आवाज नहीं आ रही

1386
01:40:50,840 --> 01:40:54,920
आप आपका म्यूट हो गया है आप अन म्यूट करिए अपने

1387
01:40:54,920 --> 01:40:59,080
जी मैं यह कह रहा था कि जैसे कुछ इनके दास लोगों से मेरी

1388
01:40:59,080 --> 01:41:03,120
बात हुई थी जिनसे मेरा नाम उनको नामदान से मैंने मुक्त

1389
01:41:03,120 --> 01:41:07,200
करा दिया जब इस समय वो अपने हिंदू धर्म के रीति रिवाज से चल रहे हैं तो वो

1390
01:41:07,200 --> 01:41:11,200
लोग मुझे बताते हैं कि हमारे जो घर में देवी देवताओं की मूर्तियां थी वह

1391
01:41:11,200 --> 01:41:15,360
सब इन्होंने फवा दी थी और ऐसा बोला

1392
01:41:15,360 --> 01:41:20,280
था अगर नहीं फेंकते हैं तो आपका नाम दन एक्सेप्ट नहीं होगा वो खंडित हो जाएगा

1393
01:41:20,280 --> 01:41:24,600
तो इस तरीके से ये कुछ करते हैं बहुत गलत कर रहे हैं

1394
01:41:24,600 --> 01:41:29,360
अच्छा वैसे बोले हम देवी देवताओं का विरोध नहीं करते

1395
01:41:29,360 --> 01:41:35,360
वो सब नाटक है जी दास जी

1396
01:41:35,960 --> 01:41:41,960
बताइए शास्त्र सम्मत भक्ति करने वाले दास जी

1397
01:41:44,960 --> 01:41:48,680
बताइए

1398
01:41:48,680 --> 01:41:52,980
बोलिए इनका अन म्यूट करो भैया अन म्यूट करो इनका

1399
01:41:52,980 --> 01:41:58,980
[संगीत]

1400
01:42:01,160 --> 01:42:05,560
अरे अन म्यूट कर

1401
01:42:05,560 --> 01:42:10,080
दीजिए भैया आप अपने आप को अन म्यूट करो

1402
01:42:10,080 --> 01:42:14,280
अपने को अन म्यूट करो

1403
01:42:14,280 --> 01:42:20,280
पहले आप अपने को अन म्यूट कर लो आपकी तरफ से म्यूट हो आप

1404
01:42:27,560 --> 01:42:31,720
बोलिए एक सर हमें एक क्वेश्चन पूछना

1405
01:42:31,720 --> 01:42:35,720
है आपसे बोलिए

1406
01:42:35,720 --> 01:42:40,240
बताएंगे क्या य बोलिए

1407
01:42:40,240 --> 01:42:44,920
जो बली की परंपरा चली थ कहां से चली

1408
01:42:44,920 --> 01:42:49,000
भाई साहब इसका आपको कबीर को भगवान मानने से और ना मानने

1409
01:42:49,000 --> 01:42:53,560
से क्या संबंध है पहले आपको यह बताना पड़ेगा क्योंकि हम यहां बैठे हैं

1410
01:42:53,560 --> 01:42:57,720
रामपाल के द्वारा बताया जाने वाला भगवान भगवान है कि नहीं

1411
01:42:57,720 --> 01:43:01,800
धर्म धर्म है कि नहीं और उनके द्वारा दिया जाने वाला जो मंत्र है वह

1412
01:43:01,800 --> 01:43:06,040
शास्त्र सम्मत है कि नहीं आप ऐसे ही कोई विषय लाकर के थोड़ी

1413
01:43:06,040 --> 01:43:10,080
ना खोल दोगे क्या आपने बताया कि भैया फलाने टाइम पर जो विवाह का वो

1414
01:43:10,080 --> 01:43:14,440
वाला मंत्र होता है उसका क्या अर्थ होता है उसका क्या प्रभाव है ऐसे नहीं

1415
01:43:14,440 --> 01:43:19,120
बात हो रही है क्या कबीर भगवान है कि नहीं क्या रामपाल दास

1416
01:43:19,120 --> 01:43:23,120
तत्वदर्शी है कि नहीं क्या विराट पुरुष श्री कृष्ण से अलग है क्या

1417
01:43:23,120 --> 01:43:27,120
काल है ये सब बातें अगर आपको अगर आपको कोई बात करनी

1418
01:43:27,120 --> 01:43:29,520
भी है सु आप सुनिए

1419
01:43:29,520 --> 01:43:34,080
हमारे भी सवाल का जवाब दीजिए अगर आपको कोई बात करनी भी है

1420
01:43:34,080 --> 01:43:38,640
तो उसका पहले आपको संबंध स्थापित करना पड़ेगा भैया

1421
01:43:38,640 --> 01:43:43,320
यह संबंध है इससे बताओ

1422
01:43:43,320 --> 01:43:48,000
हम आपकी बात मानने के लिए र आप कृष्ण को भगवान मानते हैं

1423
01:43:48,000 --> 01:43:53,120
ना बिल्कुल मानते हैं हेलो

1424
01:43:53,120 --> 01:43:57,480
बिल्कुल मानते हैं तो कृष्ण भगवान है तो महाभारत की युद्ध क्यों

1425
01:43:57,480 --> 01:44:02,240
इतनी लड़ाई हुई महाभारत क्यों हुआ

1426
01:44:02,240 --> 01:44:06,320
एक यह बात आपने बोल दिया और भी कोई बात है अगर हमने बता

1427
01:44:06,320 --> 01:44:10,320
दिया कि कबीर ने भी युद्ध करवाया है तो आप मान लोगे फिर कृष्ण

1428
01:44:10,320 --> 01:44:13,520
को

1429
01:44:13,520 --> 01:44:17,520
भगवान कभी चलो परमात्मा तो वही होता जो सबकी रक्षा करता

1430
01:44:17,520 --> 01:44:21,600
है मिनट एक मिनट कबीर को कृष्ण को भगवान मत मानना

1431
01:44:21,600 --> 01:44:27,600
कबीर को भगवान ना मानना मानना बंद कर देना

1432
01:44:27,640 --> 01:44:31,840
बोलो और हमारे सवालों का जवाब दीजिए आप पंडित है

1433
01:44:31,840 --> 01:44:36,480
आपके पास सभी शास्त्र है

1434
01:44:36,480 --> 01:44:40,920
आपने ों करवाया देख ही करते

1435
01:44:40,920 --> 01:44:45,120
आपने कहा कृष्ण ने महाभारत का य क्यों करवाया ठीक है अब

1436
01:44:45,120 --> 01:44:49,200
मैं आपको दिखा दूं कि कबीर ने युद्ध करवाया तो

1437
01:44:49,200 --> 01:44:55,200
क्या आप कबीर को भगवान मानना बंद कर दोगे

1438
01:44:55,800 --> 01:45:00,080
हेलो क व तो परमा तो सबकी रक्षा

1439
01:45:00,080 --> 01:45:05,560
करते हैं उन्होने भी हाथ किसी केप नहीं

1440
01:45:05,560 --> 01:45:09,760
उठाया भगवान वही होते जो सब की रक्षा करते हैं मैं आपसे

1441
01:45:09,760 --> 01:45:14,040
पूछ य रहा हूं कि क्या अगर मैंने आपको दिखा दिया कि कबीर ने युद्ध

1442
01:45:14,040 --> 01:45:18,040
करवाया तो आप कबीर को भगवान मानना

1443
01:45:18,040 --> 01:45:23,920
बंद कर दोगे

1444
01:45:23,920 --> 01:45:28,080
कैसे आपके पास कोई प्रमाण ही नहीं है आप तो कुछ वेद

1445
01:45:28,080 --> 01:45:32,160
को मानते ही नहीं हैसे मास भक्ति

1446
01:45:32,160 --> 01:45:36,400
नहीं करते मैंने आपसे क्या कहा भाई साब मैं आपसे पूछ रहा हूं

1447
01:45:36,400 --> 01:45:40,480
कि क्या अगर मैंने आपको प्रमाण दिखा दिया कि कबीर ने

1448
01:45:40,480 --> 01:45:44,680
युद्ध करवाया तो आप कबीर को भगवान

1449
01:45:44,680 --> 01:45:48,840
मानना बंद कर दोगे कैसे आप समझ

1450
01:45:48,840 --> 01:45:53,840
नहीं पाएंगे ना लिखा ही नहीं है कहीं युद्ध करवाया

1451
01:45:53,840 --> 01:45:58,760
अच्छा आपके पास कोई प्रमाण ही नहीं है प्रमाण हो तो दिखाइए

1452
01:45:58,760 --> 01:46:02,760
नहीं अभी प्रमाण मत दिखाओ रुक जाओ अभी

1453
01:46:02,760 --> 01:46:06,960
प्रमाण मत दिखाओ पहले मैं यह पूछ रहा हूं कि अगर

1454
01:46:06,960 --> 01:46:10,920
मैंने दिखा दिया तो की परंपरा से शुरू हुई

1455
01:46:10,920 --> 01:46:15,000
मैं आपसे पूछ रहा हूं भाई साहब अगर मैंने दिखा दिया तो आप बोलोगे कबीर भगवान

1456
01:46:15,000 --> 01:46:19,280
नहीं है और रामपाल तत्वदर्शी नहीं है बोलो अगर मैंने दिखा

1457
01:46:19,280 --> 01:46:25,160
दिया तो बोलोगे

1458
01:46:25,160 --> 01:46:31,160
आप भी बोलिए मेरे प्रश्न का भी उत्तर आप दोगे तभी

1459
01:46:32,200 --> 01:46:36,320
तो पहले मैंने सवाल किया बली की परंपरा कहा

1460
01:46:36,320 --> 01:46:42,320
चली आप लोग तो पंडित है करवाते हमेशा

1461
01:46:42,720 --> 01:46:46,760
करवाते नहीं सुनना तुमने जो प्रश्न किया उसका

1462
01:46:46,760 --> 01:46:52,760
उतर लो आपको आपको हमारी सुनी पड़

1463
01:46:53,520 --> 01:46:58,160
यह कोई सिद्धांत है ही नहीं कि भगवान सबकी रक्षा करते हैं

1464
01:46:58,160 --> 01:47:03,160
भगवान को उनका उनका नाश करना पड़ेगा कि नहीं जिनका नाश जरूरी

1465
01:47:03,160 --> 01:47:07,360
है भगवान को उनका नाश कर नाश नहीं करना पड़ेगा न

1466
01:47:07,360 --> 01:47:12,040
से समझाएंगे नसा निर्मल है राक्षस को

1467
01:47:12,040 --> 01:47:16,040
आत्मा शुद्ध आत्मा बना दे ये बताओ भगवान का होने

1468
01:47:16,040 --> 01:47:21,320
का अर्थ य है कि कोई मरेगा

1469
01:47:21,320 --> 01:47:25,720
नहीं क्या तो काल द्वारा सभी मारे जाते हैं

1470
01:47:25,720 --> 01:47:29,160
सभी डोरी में बधे

1471
01:47:29,160 --> 01:47:33,160
हुए हाथी से लेक क्या भगवान

1472
01:47:33,160 --> 01:47:38,240
के होने का अर्थ यह है कि कोई मरेगा

1473
01:47:38,240 --> 01:47:42,440
नहीं तो हमारा सिद्धांत य है ही नहीं कि भगवान

1474
01:47:42,440 --> 01:47:46,520
समते जमते है हमारा ये सिद्धांत

1475
01:47:46,520 --> 01:47:50,600
नहीं है कि भगवान जो है वो उसके होने से किसी की मृत्यु

1476
01:47:50,600 --> 01:47:54,960
नहीं होगी आपका सिद्धांत है भगवान ने क्यों कराया ठीक है

1477
01:47:54,960 --> 01:47:58,960
अब आप यह बता दो कि अगर मैंने दिखा दिया कि जो युद्ध है वह कबीर

1478
01:47:58,960 --> 01:48:03,040
ने करवाया तो क्या आप कभी बोलोगे यहां पर कि

1479
01:48:03,040 --> 01:48:09,040
कबीर भगवान नहीं है और रामपाल तत्वदर्शी नहीं है

1480
01:48:09,800 --> 01:48:13,880
बोलो आप बोलो कि यह पित्र पूजा कहां

1481
01:48:13,880 --> 01:48:17,920
से शुरू हमारे शंका का समाधान करो पहले आप फिर हो गया बदल

1482
01:48:17,920 --> 01:48:22,080
दिया जो आप लोग परंपरागत करवाते आए हैं मैं पूछ रहा

1483
01:48:22,080 --> 01:48:26,240
हूं क्यों बदल रहे हो अभी आपने पूछा है कि

1484
01:48:26,240 --> 01:48:30,480
उन्होंने महाभारत का युद्ध क्यों कराया गीता खोलिए गीत आप हमेशा

1485
01:48:30,480 --> 01:48:34,560
पाठ करवाते हैं अगर वह भगवान थे तो उन्होंने महाभारत का

1486
01:48:34,560 --> 01:48:38,640
युद्ध क्यों कराया अब मैं आपसे

1487
01:48:38,640 --> 01:48:42,800
पूछ रहा क्या हमने आपको यह दिखा

1488
01:48:42,800 --> 01:48:47,120
दिया कि भैया कबीर भी युद्ध करवा रहे हैं तो क्या आप य पर्दे

1489
01:48:47,120 --> 01:48:51,440
पर बोलोगे कबीर भगवान नहीं है और रामपाल तत्वदर्शी नहीं तिरछा दर्शी

1490
01:48:51,440 --> 01:48:53,840
है

1491
01:48:53,840 --> 01:48:58,040
आप तो झूठ भी बोल सकते हो मैं कैसे विश्वास करूं भाई साहब

1492
01:48:58,040 --> 01:49:04,040
मैं आपको जब प्रमाण दिखा दूं तब संतुष्ट हो जाओ उसके बाद बोल दोगे

1493
01:49:04,680 --> 01:49:08,800
क्या दूसरी भी बैट दिखा सकते हो श

1494
01:49:08,800 --> 01:49:14,800
में तो नहीं हैद से नहीं अपनी भी

1495
01:49:15,880 --> 01:49:19,960
बनाते आपसे कह रहा हूं अगर आप मेरे दिखाए हुए प्रमाण को

1496
01:49:19,960 --> 01:49:23,960
प्रमाण मानते हो तभी पता आप

1497
01:49:23,960 --> 01:49:28,920
आप अगर मेरे दिखाए हुए प्रमाण को प्रमाण प्रमाण मानते हैं

1498
01:49:28,920 --> 01:49:32,920
जी मैं कह रहा हूं आप मेरे द्वारा दिखाए जाने वाले

1499
01:49:32,920 --> 01:49:37,680
प्रमाण को यदि प्रमाण मानते हो तभी संतुष्ट होना आप ऐसे संतुष्ट मत हो जाना

1500
01:49:37,680 --> 01:49:41,040
ठीक है

1501
01:49:41,040 --> 01:49:45,080
बोलो हेलो हेलो देखो हम संतुष्ट होंगे लेकिन

1502
01:49:45,080 --> 01:49:49,160
आप हमारे प्रश्नों का उत्तर देंगे तभी अरे मेरे भाई अभी आपने

1503
01:49:49,160 --> 01:49:53,240
जो एक प्रश्न पूछा है उसका उत्तर तो लो पहले तुमने कहा मैं श्री

1504
01:49:53,240 --> 01:49:58,520
कृष्ण को भगवान इसलिए नहीं मानता कि उन्होंने महाभारत कराई ठीक

1505
01:49:58,520 --> 01:50:01,800
है

1506
01:50:01,800 --> 01:50:06,240
हेलो महाभारत और फिर आप गीता के पूरा विपरीत

1507
01:50:06,240 --> 01:50:10,360
ज्ञान देते हो कृष्ण की कोई सच्चाई नहीं बताते एक एक

1508
01:50:10,360 --> 01:50:14,760
करके चलिए एक एक करके आपने पहले बोला है

1509
01:50:14,760 --> 01:50:18,920
कि भगवान श्री कृष्ण तो एक करके चल रहे हैं प्रश्न

1510
01:50:18,920 --> 01:50:23,080
इतने है कि आप उत्तर देते देते थक जाएंगे इसीलिए तो एक पकड़

1511
01:50:23,080 --> 01:50:27,160
लेंगे उसी प ही आपको गिरा लेंगे अभी देखिए आप गिर

1512
01:50:27,160 --> 01:50:31,160
रहे हैं आपसे 10 बार मैंने पूछ लिया

1513
01:50:31,160 --> 01:50:35,160
कि अगर मैंने दिखाया कि कबीर ने भी युद्ध कराया है तो बोलोगे कबीर

1514
01:50:35,160 --> 01:50:41,160
भगवान नहीं है और तत्वदर्शी नहीं है रामपाल रछा दर्शी है

1515
01:50:43,080 --> 01:50:47,280
बोलोगे इच्छा दर्शी नहीं हो तो अपने गीता में लिखा कि तशी संत

1516
01:50:47,280 --> 01:50:51,520
है कैसे बातें कर रहे हो गीता कभी झूठ नहीं बोलते मैंने तुमसे

1517
01:50:51,520 --> 01:50:53,760
पूछा

1518
01:50:53,760 --> 01:50:57,760
तुमसे पूछा क्या है पूछा क्या है मैंने तुमसे क्या पूछा

1519
01:50:57,760 --> 01:51:02,720
है मैंने तुमसे क्या पूछा

1520
01:51:02,720 --> 01:51:07,000
है पूछा अगर आप प्रमाण दिखा देंगे

1521
01:51:07,000 --> 01:51:11,280
हा तो अगर अब बताओ मुझे उस कबीर जी

1522
01:51:11,280 --> 01:51:13,520
करवाए

1523
01:51:13,520 --> 01:51:18,680
हा उसका उत्तर

1524
01:51:18,680 --> 01:51:22,720
दो बोलो हेलो क्या

1525
01:51:22,720 --> 01:51:26,920
उतरने आते हो आप लोग सही बता रहा हूं क्या उत्तर पूछना चाहते

1526
01:51:26,920 --> 01:51:31,040
हैं मैं ये पूछ रहा हूं अगर मैं आप खुद ना कटवा रहे मेरे प्रश्नों

1527
01:51:31,040 --> 01:51:35,680
को उत्तर ना दे के इतने बड़े विद्वान हो के

1528
01:51:35,680 --> 01:51:39,760
मैं ये पूछ रहा हूं कि आपके द्वारा बली

1529
01:51:39,760 --> 01:51:43,800
की परंपरा कहां चली पित पूजा तो गीता मना किया हुआ है भा

1530
01:51:43,800 --> 01:51:48,280
साहब मैं पूछ रहा हूं भाई साहब कि आपके द्वारा स्वीकार्य

1531
01:51:48,280 --> 01:51:52,920
प्रमाण में मैंने दिखा दिया कि कबीर ने युद्ध करवाया

1532
01:51:52,920 --> 01:51:57,120
तो क्या आप यह बोलोगे यहां पर कबीर भगवान

1533
01:51:57,120 --> 01:52:01,320
नहीं है

1534
01:52:01,320 --> 01:52:06,200
बोलो देखिए हम कोई पंडित नहीं है क्योंकि शता

1535
01:52:06,200 --> 01:52:10,400
आपको माना जाता था पू मा प्रश्न

1536
01:52:10,400 --> 01:52:14,440
का उत्तर दीजिए अगर मैंने प्रमाण दिखा दिया तो आप बोलोगे कबीर भगवान

1537
01:52:14,440 --> 01:52:19,000
नहीं

1538
01:52:19,000 --> 01:52:23,120
है अरे बोलोगे हम क्यों बोल

1539
01:52:23,120 --> 01:52:27,240
झूठ भी बोल सकते हैं झूठ भी दिखा सकते हैं पुस्तक तो तुम

1540
01:52:27,240 --> 01:52:31,600
बोल देना ये प्रमाण गलत है झूठ है ये ये गलत लिखा है

1541
01:52:31,600 --> 01:52:34,160
ये बोल

1542
01:52:34,160 --> 01:52:38,280
देना तो दिखाओ पहले दिखाइए क

1543
01:52:38,280 --> 01:52:43,680
लिखा

1544
01:52:43,680 --> 01:52:47,720
है मैं तुम्हारा पहले क्लियर करूंगा अगर

1545
01:52:47,720 --> 01:52:51,800
वो गलत होगा तो तुम ये बोल देना ये गलत है झूठ लिखा है

1546
01:52:51,800 --> 01:52:55,840
बोल दोगे [संगीत]

1547
01:52:55,840 --> 01:52:59,840
हां बोल दोगे ना यह झूठ लिखा है गलत लिखा है

1548
01:52:59,840 --> 01:53:04,120
नहीं बोलेंगे ठीक है नहीं नहीं नहीं

1549
01:53:04,120 --> 01:53:08,880
बोलोगे नहीं

1550
01:53:08,880 --> 01:53:13,280
बोलोगे दिखाए अरे क्यों दिखाए

1551
01:53:13,280 --> 01:53:19,080
पहले तुम बताओ तो हमें दिखाने से मिलने क्या वाला

1552
01:53:19,080 --> 01:53:23,120
है क्या मिलेगा हम क्या दे सकते हैं आपको देने वाले तो आप

1553
01:53:23,120 --> 01:53:27,200
है दिखाओ पहले सा फिर ओवर फिर ओवर फिर फिर

1554
01:53:27,200 --> 01:53:31,360
ओवर मैं पूछ रहा हूं अगर मैंने आपको प्रमाण दिखाया यदि

1555
01:53:31,360 --> 01:53:35,440
वो आपके लिए प्रमाण है अगर प्रमाण है तो आप ये बोल देना

1556
01:53:35,440 --> 01:53:39,560
कि कबीर भगवान नहीं है और रामपाल तत्वदर्शी नहीं है तिरछा दर्शी है

1557
01:53:39,560 --> 01:53:44,440
ठीक है और अगर वो आप हमारे सा से मेल खाना चाहिए

1558
01:53:44,440 --> 01:53:48,480
सुनो अगर वो आपके लिए प्रमाण नहीं है तो आप ये बोल

1559
01:53:48,480 --> 01:53:52,680
देना ये गलत लिखा है जी

1560
01:53:52,680 --> 01:53:56,920
बिल्कुल हम मिलाएंगे हां ये गलत लिखा

1561
01:53:56,920 --> 01:54:01,800
है ये बोल देना ये गलत लिखा है हां

1562
01:54:01,800 --> 01:54:05,880
बोलोगे बिल्कुल बिल्कुल जी क्या मैं एक

1563
01:54:05,880 --> 01:54:09,960
बार क्लियर कर दू जो आप प्रमाण दिखाओगे हमारे सा से मेल खाएगा तो

1564
01:54:09,960 --> 01:54:14,360
ही मानेंगे ऐसे नहीं दिखा ऐसे नहीं दिखा किस गेट

1565
01:54:14,360 --> 01:54:18,560
से छपी हुई हैरी बात सुनिए मेरी बात सुनिए भाई साहब जी जी आपने

1566
01:54:18,560 --> 01:54:23,520
कहा कि अगर श्री कृष्ण भगवान होते तो वो क्या युद्ध कराते

1567
01:54:23,520 --> 01:54:27,560
तो पहली बात तो यह है कि हमारे ईश्वर व है

1568
01:54:27,560 --> 01:54:32,080
जो कुछ भी कर सकते हैं उनकी कोई सीमा नहीं है ठीक है ऐसा नहीं है

1569
01:54:32,080 --> 01:54:34,920
अरे इस बात

1570
01:54:34,920 --> 01:54:39,200
करेंगे बार में कृष् पालन करता कभी

1571
01:54:39,200 --> 01:54:43,320
पालने वाला किसी की मृत्यु जान नहीं ले सकता बीच

1572
01:54:43,320 --> 01:54:47,400
में मत बोलो मेरे भाई बीच में मत बोलो बीच में मत बोलो मेरे

1573
01:54:47,400 --> 01:54:51,440
को पूरा बोलने ठीक है जी तो तुमने कहा कि

1574
01:54:51,440 --> 01:54:55,720
अगर श्रृ भगवान होते तो वो युद्ध करवाते

1575
01:54:55,720 --> 01:54:59,920
तो हम आपको एक प्रमाण के रूप में कुछ प्रस्तुत करने वाले हैं

1576
01:54:59,920 --> 01:55:04,640
अगर वह आपके लिए प्रमाण है और उसमें हमने दिखा दिया

1577
01:55:04,640 --> 01:55:08,640
कि जी कबीर की मर्जी से कबीर की मर्जी

1578
01:55:08,640 --> 01:55:12,760
से युद्ध हुआ ठीक है कबीर ने युद्ध करवाया

1579
01:55:12,760 --> 01:55:16,760
तो आप यह बोल देना कि कबीर भगवान नहीं है आज से मैंने कबीर को भगवान मानना

1580
01:55:16,760 --> 01:55:20,840
बंद कर दिया ठीक है और रामपाल जो है वो तत्वदर्शी नहीं

1581
01:55:20,840 --> 01:55:25,520
है और अगर वो आपके लिए प्रमाण नहीं है वो गलत लगा आपको

1582
01:55:25,520 --> 01:55:29,720
बुरा पाप है तो आप अरे भाई

1583
01:55:29,720 --> 01:55:33,760
तुम जब तक मेरे को पूरा बोलने नहीं दोगे तब तक मैं दिखाऊंगा नहीं

1584
01:55:33,760 --> 01:55:37,840
तुम जानते नहीं हो भी मुझे जितनी बार तुम मेरी बात को कट करोगे

1585
01:55:37,840 --> 01:55:41,840
उतनी बार पीछे से फिर शुरू करूंगा तो आप भी मुझे नहीं जानते हैं व हो

1586
01:55:41,840 --> 01:55:47,840
ग पहले जाने दीजिए आपकी चल

1587
01:55:48,680 --> 01:55:54,680
गई अकल बड़ी की भैस

1588
01:55:56,560 --> 01:56:00,640
जी गोस्वामी जी जय श्री राम आपका अन म्यूट

1589
01:56:00,640 --> 01:56:04,640
कर लीजिए हा शिवा भया अकल तो इसमें रहती

1590
01:56:04,640 --> 01:56:09,720
है भस तो बहुत बड़ी होती

1591
01:56:09,720 --> 01:56:13,920
जी बताइए अभी इसको कोई बात

1592
01:56:13,920 --> 01:56:18,040
पूछने बात पूछने का कुछ तरीका होना चाहिए ना भाई अ इसको

1593
01:56:18,040 --> 01:56:22,600
कुछ सुनना नहीं है बस अपनी बात कर

1594
01:56:22,600 --> 01:56:27,080
मैं कह तो रहा हूं जितनी चाबी बली पालने उतना चले

1595
01:56:27,080 --> 01:56:31,320
खिलोना जबक हम इसके एक क्वे क्वेन

1596
01:56:31,320 --> 01:56:35,320
का आंसर कर सकते थे हम इसका पर सुनने के लिए तैयार ही नहीं बनता अपनी

1597
01:56:35,320 --> 01:56:39,360
अपनी बोले चले जा रहा है देवेंद्र शर्मा जी

1598
01:56:39,360 --> 01:56:43,520
जय श्री राम जय सियाराम

1599
01:56:43,520 --> 01:56:47,560
जी गोविंद गुरुकुल जी आप तो जानते होंगे देवेंद्र जी को इनका

1600
01:56:47,560 --> 01:56:52,600
चैनल भी है इस बारे में हां मैंने इनकी बहुत वीडियो देखी है आप

1601
01:56:52,600 --> 01:56:56,680
काफी टाइम से मैंने आपको देखा है आपका जो य चैनल है

1602
01:56:56,680 --> 01:57:00,680
आपने रामपाल जी के विरुद्ध भी काफी काम किया हुआ है ठीक है वो

1603
01:57:00,680 --> 01:57:04,120
भी मैंने आपका देखा है वही है ना आपका वो वेद गीता

1604
01:57:04,120 --> 01:57:09,080
और पता नहीं वेद गीता पुरा काफी

1605
01:57:09,080 --> 01:57:13,080
मैं जब रामपाल जी का नया नया सुनने लगा था ये तब से

1606
01:57:13,080 --> 01:57:17,480
मैं आपको देख रहा हूं काफी काफी पुराना देख रहा हूं मैं मैं बाय फेस ही आपको पहचान गया था

1607
01:57:17,480 --> 01:57:22,680
क्योंकि आप पहले भी आए थे य फिलहाल

1608
01:57:22,680 --> 01:57:27,440
जो इसने प्रश्न किया है उसका उत्तर ले लो इसने प्रश्न किया है कि महाभारत

1609
01:57:27,440 --> 01:57:31,440
वो कराते पहली बात तो ऐसा कोई सनातन सिद्धांत नहीं है

1610
01:57:31,440 --> 01:57:35,560
कि ईश्वर जो है वो युद्ध नहीं करा सकता अगर ईश्वर

1611
01:57:35,560 --> 01:57:39,840
युद्ध नहीं करा सकता तो फिर इनके पास जो है इनकी फोटो

1612
01:57:39,840 --> 01:57:44,280
है क्या अभी आपके पास फोटो दिखा दीजिए वो गन मैन खड़े रहते हैं इनके पीछे जो

1613
01:57:44,280 --> 01:57:48,520
वो क्यों खड़े हैं ईश्वर युद्ध नहीं करा सकता तो

1614
01:57:48,520 --> 01:57:52,520
फिर इस पर आएंगे नहीं धर्म की रक्षा के लिए ईश्वर युद्ध कर सकता है करा

1615
01:57:52,520 --> 01:57:56,720
सकता है तो पहली बात तो हो गई कि ईश्वर युद्ध नहीं करा सकता ऐसा

1616
01:57:56,720 --> 01:58:00,960
कोई सिद्धांत नहीं है दूसरी बात यह हो गई कि

1617
01:58:00,960 --> 01:58:05,160
अगर ईश्वर के सामने भी कोई बाधा लग रही है तो वह

1618
01:58:05,160 --> 01:58:10,120
ईश्वर पूर्ण नहीं है जो तुम कहते हो पूर्ण है व पूर्ण नहीं है

1619
01:58:10,120 --> 01:58:14,160
और तीसरी बात ये हो गई कि इनको प्रमाण दिखा दीजिए मुक्ति बोध का ईश्वर

1620
01:58:14,160 --> 01:58:18,320
ने कहां पर देखिए युद्ध कराया रामायण का दिखा दीजिए इनको

1621
01:58:18,320 --> 01:58:20,320
प्रमाण

1622
01:58:20,320 --> 01:58:26,320
[संगीत]

1623
01:58:30,720 --> 01:58:35,080
उस व्यक्ति को अपने सिद्धांतों पर डाउट है क्योंकि अधूरी

1624
01:58:35,080 --> 01:58:41,080
जानकारी है चले आए मु उठा के महाभारत का युद्ध क्यों

1625
01:58:42,590 --> 01:58:48,560
[संगीत]

1626
01:58:48,560 --> 01:58:52,720
कराया ये क्या भैया का के युद्ध की तैयारी चल रही है पर दिखाइए

1627
01:58:52,720 --> 01:58:58,720
दोबारा

1628
01:58:58,840 --> 01:59:03,720
दिखाइए ये आवाज किसके पीछे से आ रही

1629
01:59:03,720 --> 01:59:07,760
है हां दास जी बोलिए दास

1630
01:59:07,760 --> 01:59:12,080
चले गए दास हट गए

1631
01:59:12,080 --> 01:59:17,570
तब तक आप प्रमाण दिखा दीजिए

1632
01:59:17,570 --> 01:59:23,570
[संगीत]

1633
01:59:25,680 --> 01:59:29,680
गोविंद गुरुकुल जी इस बीच मैंने गरमा गीता की थोड़ा बहुत पढ़ी तो मुझे

1634
01:59:29,680 --> 01:59:34,520
ऐसा लगने लगा कि मैं अपनी आंखों में आरपिक

1635
01:59:34,520 --> 01:59:38,520
डाल मैं कोशिश कर भी चुका हूं एक बार आप तो सोच

1636
01:59:38,520 --> 01:59:42,520
रहे हो ली अरे व उसने सीधे सधे अपनी वीडियो में

1637
01:59:42,520 --> 01:59:47,000
बोल रहा है कि द्रोपदी जी के जो साड़ी थी वो बढ़ने के लिए कबीर परमात्मा

1638
01:59:47,000 --> 01:59:51,160
और इवन उसने यह भी बोला है वो कबीर कबीर

1639
01:59:51,160 --> 01:59:55,360
बोल दप माता द्रोपदी जी चिल्ला रही है कबीर कबीर बोल

1640
01:59:55,360 --> 01:59:59,760
के

1641
01:59:59,760 --> 02:00:03,800
मैंने सबसे पहला मिस्टर ओलंपिया कौन था वहां पर भी कबीर जी

1642
02:00:03,800 --> 02:00:09,800
का नाम

1643
02:00:12,880 --> 02:00:17,720
लिखा इनको कुछ नहीं इनके पास

1644
02:00:17,720 --> 02:00:22,000
कहां गए भाई अरे अरे कोई

1645
02:00:22,000 --> 02:00:27,960
रामपाल ग्रुप का रामपाल एंड कंपनी का कोई तो होगा जो उसकी गरमा की रक्षा

1646
02:00:27,960 --> 02:00:32,040
करे मुश्किल

1647
02:00:32,040 --> 02:00:36,520
अब वो बचारी गरिमा इतना ज्यादा

1648
02:00:36,520 --> 02:00:42,520
प्रीतम जी कैमरा ऑन कर लीजिए और फिर [संगीत]

1649
02:00:44,840 --> 02:00:49,680
बताइए प्रीतम जी क्या संत रामपाल

1650
02:00:49,680 --> 02:00:55,680
शास्त्र समत मंत्र बताते हैं क्या

1651
02:00:58,360 --> 02:01:02,400
प्रीतम जी आपके पीछे आवाज आ रही है आप जब ऐसे क्षेत्र में पहुंच जाए जहा आवाज

1652
02:01:02,400 --> 02:01:06,720
ना हो पीछे की तब आइए नका

1653
02:01:06,720 --> 02:01:11,480
कोई पाठ वगर चल रहा मैं नहीं गग रमेश प्रजापति

1654
02:01:11,480 --> 02:01:16,000
आए हा भाई रमेश जी बताइए रामपाल

1655
02:01:16,000 --> 02:01:22,000
जो है वह शास्त्र सम्मत मंत्र देते हैं क्या

1656
02:01:27,360 --> 02:01:33,360
हेलो

1657
02:01:33,480 --> 02:01:36,960
हेलो रामपाल

1658
02:01:36,960 --> 02:01:41,080
प्रजापति कट्टर राम पाली प्रीतम

1659
02:01:41,080 --> 02:01:45,160
जी आप सभी आइएगा दोबारा जब आप

1660
02:01:45,160 --> 02:01:49,240
जो है किसी अच्छे स्थान में हो बात करने के लिए आपके

1661
02:01:49,240 --> 02:01:54,240
पास सुगमता हो तब आइएगा

1662
02:01:54,240 --> 02:01:58,320
हम लोग बस अब मुश्किल से 10 मिनट और है अगर कोई आना चाहता है तो आ जाए

1663
02:01:58,320 --> 02:02:02,720
वरना फिर किसी भी प्रकार के वैचारिक मतभेद के निमित्त

1664
02:02:02,720 --> 02:02:06,960
आप संपर्क करें फोन पर ट

1665
02:02:06,960 --> 02:02:12,960
करें

1666
02:02:14,200 --> 02:02:18,240
केवल अरे पता है इनकी सबसे बड़ी बात य है ये

1667
02:02:18,240 --> 02:02:22,400
दूसरे पर क्लेम करें तो बात अलग है यह अपनी बातो

1668
02:02:22,400 --> 02:02:26,560
को हर पॉइंट पर काट रहे हैं

1669
02:02:26,560 --> 02:02:30,560
अपनी दूसरे का खंडन करे तब तो बात अलग है ना यह

1670
02:02:30,560 --> 02:02:34,720
कहते हैं कि वेद विरुद्ध भक्ति जो है गलत है

1671
02:02:34,720 --> 02:02:38,880
उसके बाद फ वेदों से ही कह रहे थे वेदों में जो है ईश्वर की भक्ति करने का सिस्टम

1672
02:02:38,880 --> 02:02:43,600
नहीं है लो तो वेदों के बाहर की भक्ति तो तुम दोगे ही ना फिर

1673
02:02:43,600 --> 02:02:48,000
अच्छा यह कहते हैं कि अगर वेदों के अनुसार चलोगे

1674
02:02:48,000 --> 02:02:52,560
वेदों के मंत्रों को पढ़ोगे तो वेदों के द्वारा जो ब्रह्म है वो प्राप्त होगा

1675
02:02:52,560 --> 02:02:56,640
वेदों की जो ब्रह्म की परम गति है वो प्राप्त हो जाएगी ब्रह्म तक

1676
02:02:56,640 --> 02:03:00,800
की परम गति अब उसके बाद हो ग वेदों की बात करोगे तो ब्रम

1677
02:03:00,800 --> 02:03:03,160
तुमको

1678
02:03:03,160 --> 02:03:08,080
खाएगा जय श्री राम अरे जय श्री

1679
02:03:08,080 --> 02:03:12,520
एक जगह तो इन्होंने ऊपर और नीचे में अंतर कर दिया है

1680
02:03:12,520 --> 02:03:16,320
इनका जरा वो दिखा

1681
02:03:16,320 --> 02:03:20,480
दो जो लोग मुझे इनके साथ दिक्कत

1682
02:03:20,480 --> 02:03:24,560
पता है क्या है हां इनका पहले कोई जवाब देने वाला नहीं था

1683
02:03:24,560 --> 02:03:28,640
ठीक है तो इनका जो मन होता था जैसे होता था ये बोल के निकल जाते

1684
02:03:28,640 --> 02:03:33,040
थे ठीक है और हरि कृपा से अब

1685
02:03:33,040 --> 02:03:37,080
चैनल भी हमारा फल फूल रहा है ठीक है तो इनको मेन डर ये

1686
02:03:37,080 --> 02:03:41,160
है नहीं तो छोटा मोटा कोई चैनल होता था ये स्ट्राइक वगैरह मार के उसके

1687
02:03:41,160 --> 02:03:45,240
ऊपर कर देते थे ठीक है लेकिन हरि कृपा से अब जो है चीजें बदल

1688
02:03:45,240 --> 02:03:49,640
रही है धीरे-धीरे तो अब इनका कोई वश तो चल नहीं रहा ठीक है

1689
02:03:49,640 --> 02:03:53,680
अब इनका कोई वश नहीं चल रहा ठीक है यह लोग ऐसे लोग थे मैं

1690
02:03:53,680 --> 02:03:57,960
आपको सच बताता हूं मैंने खुद देखा है इनको जो कोई हमारा मेला लगा हो

1691
02:03:57,960 --> 02:04:02,040
कभी कोई बसंत का मेला हो या कोई वो लोड़ी का मेला हो

1692
02:04:02,040 --> 02:04:06,120
ठीक है दिवाली का कोई त्यौहार हो यह वहीं पर जहां पर गैदरिंग देखते

1693
02:04:06,120 --> 02:04:10,640
वहीं पर अपनी पुस्तक लेकर खड़े हो जाते ठीक है कर

1694
02:04:10,640 --> 02:04:15,040
लीजिए हां जी प्रीतम जी बोलिए क्या

1695
02:04:15,040 --> 02:04:21,040
रामपाल दास जी शास्त्र सम्मत मंत्र देते हैं क्या

1696
02:04:22,080 --> 02:04:28,080
गीता सम्मत वेद सम्मत मंत्र देते हैं

1697
02:04:29,440 --> 02:04:35,440
क्या हेलो हेलो

1698
02:04:35,960 --> 02:04:41,960
हेलो क्या हुआ भाई टू स्टॉप द ट्रेन पुल द चेन हो गया

1699
02:04:42,800 --> 02:04:46,920
क्या शिवांश जीब हमें मानना ही पड़ेगा कि रामपाल जी का

1700
02:04:46,920 --> 02:04:51,880
प्रथम जो मंत्र है वह शास्त्र संबंध नहीं है शास्त्र विरुद्ध है

1701
02:04:51,880 --> 02:04:56,200
कोई जवाब देने वाला है नहीं कोई प्रमाण है नहीं किसी के पास नहीं

1702
02:04:56,200 --> 02:05:00,200
अरे भाई उसम मैं कह रहा हूं उसम जो प्रणव का भी उपयोग किया है

1703
02:05:00,200 --> 02:05:04,400
वो अपने आप में ही शास्त्र विरोध है हां जी हा जी प्रणव के रूप

1704
02:05:04,400 --> 02:05:08,960
में ही नहीं है ना बिल्कुल बिल्कुल प्रणव का मतलब

1705
02:05:08,960 --> 02:05:13,400
वो जो ओ म लिखा है वो नहीं है प्रणव तो वही है

1706
02:05:13,400 --> 02:05:19,400
बड़ा उ फिर उस पर चंद्र बिंदु हां जी हां

1707
02:05:20,280 --> 02:05:24,280
जी बस इनकी इनकी जो प्रॉब्लम है वह मैंने आपको बता दी

1708
02:05:24,280 --> 02:05:28,360
पहले इनको जवाब देने वाला कोई नहीं था अब इनकी हर एक बात

1709
02:05:28,360 --> 02:05:34,360
झूठ सिद्ध हो जा रही है मुंह बाद में खोलते हैं इनका झूठ पहले पकड़ा जाता है वही

1710
02:05:35,280 --> 02:05:39,480
पर प्रीतम कुमार जी कुछ कहिए आपने माइक अन म्यूट कर लिया

1711
02:05:39,480 --> 02:05:45,480
है अब अपना मैंने कहा क्या माइका लाल कुछ बोल रहे हैं आप

1712
02:05:46,040 --> 02:05:50,280
आप आपका टॉपिक क्या है पहले यह बताइए टॉपिक

1713
02:05:50,280 --> 02:05:54,600
य है क्या जो यह रामपाल के द्वारा दिया जा रहा है जो मंत्र

1714
02:05:54,600 --> 02:05:58,760
जो आप कहते हो कि गीता का मंत्र नहीं पढ़ते हो आप लोग दूसरे मंत्र पढ़ते हो

1715
02:05:58,760 --> 02:06:02,920
तो क्या आप गीता का मंत्र आपको दिया जा रहा है

1716
02:06:02,920 --> 02:06:07,000
क्या क्योंकि हम जो मंत्र पढ़ते हैं वह तो वेदों में पुराणों में

1717
02:06:07,000 --> 02:06:11,040
कहीं कहीं लिखे भी है मगर आपको जो मंत्र दिया जा रहा है क्या वह

1718
02:06:11,040 --> 02:06:15,040
गीता में बताया हुआ वह मंत्र है क्या अपना चेहरा दिखा दीजिए

1719
02:06:15,040 --> 02:06:19,320
दास

1720
02:06:19,320 --> 02:06:23,360
जी आप अपना चेहरा सामने दास

1721
02:06:23,360 --> 02:06:27,360
जी आपको पता है इन लोगों की लाइव स्ट्रीम होती है तो यह लोग कहते हम

1722
02:06:27,360 --> 02:06:32,200
भी अब सीख गए हैं अब हम भी रे के बिना किसी को नहीं आने

1723
02:06:32,200 --> 02:06:36,200
देंगे अरे अब अपनी लाइव में हाथ जोड़ते हैं कि मत जाया करो उस

1724
02:06:36,200 --> 02:06:40,480
चैनल के ऊपर हा इस चैनल पर

1725
02:06:40,480 --> 02:06:45,400
कुछ कुछ सिर्फ बकवास चलते हैं और परमा

1726
02:06:45,400 --> 02:06:49,400
चहरा दिखाए अपना चेहरा दिखाए

1727
02:06:49,400 --> 02:06:55,400
इनको भगा दो भाई

1728
02:06:56,720 --> 02:07:01,240
अंधेरा है य कोई अरा है तो

1729
02:07:01,240 --> 02:07:07,240
हमने अब आप जाइए हम देख लेते अंधेरे में

1730
02:07:09,840 --> 02:07:14,160
भी अब यह आपके पास रह गया है कि आपके घर में मोमबत्तियां

1731
02:07:14,160 --> 02:07:18,160
भी नहीं बची दिए भी नहीं बचे अंधेरा ही अंधेरा रह गया

1732
02:07:18,160 --> 02:07:22,880
केव ये कौन सी बात कर रहे हो भाई तुम 21वी सदी में में रहकर

1733
02:07:22,880 --> 02:07:26,920
क्या हाल हो गया रामपाल के रास्ते पर चलते चलते अंधेरा

1734
02:07:26,920 --> 02:07:30,960
अंधकार में जीवन अब ऐसा तो होगा नहीं तुम्हारे घर पर आजूबाजू

1735
02:07:30,960 --> 02:07:36,000
कोई ना हो एक मिनट मोबाइल लेकर टॉर्च ऑन कर लो ना

1736
02:07:36,000 --> 02:07:40,080
अरे तुम तो उठते ही सुबह ये कुछ करने नहीं आए यहां

1737
02:07:40,080 --> 02:07:44,080
पर केवल वो जो में नहीं राक्षस होते

1738
02:07:44,080 --> 02:07:48,160
थे वो रक्त वगैरह डाल देते थे जो आकर के परेशान करते थे ये उस

1739
02:07:48,160 --> 02:07:52,160
उद्देश्य से आए हैं इनको कुछ नहीं करना इनको आता भी नहीं है कुछ यह अपने

1740
02:07:52,160 --> 02:07:56,280
घर की इज्जत बचाने भी नहीं आए हैं कि यह रामपाल जी की इज्जत ही बचाने आए

1741
02:07:56,280 --> 02:08:00,360
हो ये तो ऐसे जैसे ये तो ऐसा जैसे

1742
02:08:00,360 --> 02:08:04,560
घर में आग लगी और खुद हाथ सेक रहे वहां पर बैठकर अरे विनोद

1743
02:08:04,560 --> 02:08:08,680
दास जी आपकी दुकान चल रही है क्या अच्छे से तो

1744
02:08:08,680 --> 02:08:11,880
आइए थोड़ा हमें भी आपकी दुकान से थोड़ी शॉपिंग करनी है

1745
02:08:11,880 --> 02:08:15,960
भाई हमारी तो नहीं चल रही हम अपनी दुकान के लिए थोड़ी शॉपिंग ही

1746
02:08:15,960 --> 02:08:20,640
कर लेते हटा दो इनके पास कुछ है नहीं बोलने को हटा दो इन्ह

1747
02:08:20,640 --> 02:08:24,760
ये ऐसे लोग थे ये सुबह उठते थे तो शास्त्र शास्त्र चिल्लाते

1748
02:08:24,760 --> 02:08:28,800
ही उठते थे और रात को सोते थे तो वेद वेद करते ही सोते

1749
02:08:28,800 --> 02:08:33,360
थे आज आज ये सामने आने तक की हिम्मत नहीं रख पा

1750
02:08:33,360 --> 02:08:37,400
रहे

1751
02:08:37,400 --> 02:08:41,520
जी है ना तो ठीक है आज की लाइव बहुत

1752
02:08:41,520 --> 02:08:45,600
अच्छी रही फिलहाल हमें एक बात और पता चली कि

1753
02:08:45,600 --> 02:08:49,760
जो हमारा जो मैं दिखा देता हूं क्योंकि प्रणव

1754
02:08:49,760 --> 02:08:54,400
जो हमारा प्रणव अक्षर है

1755
02:08:54,400 --> 02:08:58,560
वो यह है और यह लोग जो मंत्र दे रहे

1756
02:08:58,560 --> 02:09:02,640
हैं वो यह दे रहे

1757
02:09:02,640 --> 02:09:07,080
हैं

1758
02:09:07,080 --> 02:09:11,200
देख जो हमारा प्रक्ष है यह है और जो य मंत्र दे रहे

1759
02:09:11,200 --> 02:09:15,800
वय है तो इन दोनों में अंतर

1760
02:09:15,800 --> 02:09:20,000
है इन दोनों का उच्चारण भी एक समान नहीं है य ओ

1761
02:09:20,000 --> 02:09:24,000
लिखा है ओम जैसे हम लोग

1762
02:09:24,000 --> 02:09:28,440
राम बोलते ना सही उच्चारण राम का क्या राम क्योंकि

1763
02:09:28,440 --> 02:09:32,840
इसमें मा की ध्वनि तब आएगी जब इस मा को हम आधा

1764
02:09:32,840 --> 02:09:37,240
कर देंगे जैसे ओम अब ये बना जब इसमें हम हरत

1765
02:09:37,240 --> 02:09:41,240
लगा देंगे तब ये ध्वनित होगा तब भीय प्रक्ष नहीं बनेगा तब ये

1766
02:09:41,240 --> 02:09:45,440
ध्वनित होगा क्या ध्वनित होगा ओम उसके जैसा उच्चारण में मगर

1767
02:09:45,440 --> 02:09:50,320
ये हलंत नहीं है अगर तो इसका उच्चारण पता है क्या होगा ओ

1768
02:09:50,320 --> 02:09:52,440
म

1769
02:09:52,440 --> 02:09:56,760
जैसे शम का सही उच्चारण है वो क्या है जय

1770
02:09:56,760 --> 02:10:00,880
श्री राम क्योंकि मुझे ऐसा लगता

1771
02:10:00,880 --> 02:10:04,920
है दास ने गलती कर दी है लिखते समय ये प्रणव ही था यहां

1772
02:10:04,920 --> 02:10:10,280
पे एक गलती की है उसने दास ने जिसने मुझे भेजा था अच्छा

1773
02:10:10,280 --> 02:10:14,520
हां हा इनकी क्लिप में बोला गया है वही उसने लिख के मुझे

1774
02:10:14,520 --> 02:10:18,760
दिया था अच्छा वो दास की गलती है ठीक है

1775
02:10:18,760 --> 02:10:22,840
मगर फिर भी वो जो पूरा का पूरा मंत्र है वो हमारे शास्त्र में

1776
02:10:22,840 --> 02:10:26,920
कहा पर लिखा हुआ है कहीं पर भी नहीं है उसका वर्णन शास्त्र

1777
02:10:26,920 --> 02:10:31,240
विरुद्ध है और कोई आया भी नहीं प्रूफ करने के लिए और मेन

1778
02:10:31,240 --> 02:10:35,280
सभी य भी कहना चाहूंगा आप पहले जो लाइव स्ट्रीम चल रही है

1779
02:10:35,280 --> 02:10:40,080
उस पर पहले देखिए टॉपिक क्या है अब टॉपिक कुछ है और

1780
02:10:40,080 --> 02:10:45,080
कुछ ही प्रश्न करने लग जाते हैं जी

1781
02:10:45,080 --> 02:10:49,160
जी योगी जी बताइए

1782
02:10:49,160 --> 02:10:55,160
जय श्री राम उत्तर प्रदेश चल र

1783
02:10:57,320 --> 02:11:01,440
है योगी जी आपको आवाज आ रही है हमारी वीडियो

1784
02:11:01,440 --> 02:11:05,640
को मैं देखता रहता हूं मुझे बहुत ज्यादा प्रभावित किया था

1785
02:11:05,640 --> 02:11:09,680
आपका एक वीडियो जो कि रामपाल जी का था उसमें आपने

1786
02:11:09,680 --> 02:11:13,680
शायद मेले में कहीं आपने खंडन किया था बहुत सी चीजों को

1787
02:11:13,680 --> 02:11:17,800
देख कर के फिर उन लोगों ने जो है आपको मतलब धक्का मुक्की

1788
02:11:17,800 --> 02:11:21,800
की बारी आ गई थी उसके बाद से सर मैं आपके चैनल को बहुत ज्यादा मैं देखता हूं

1789
02:11:21,800 --> 02:11:25,880
मुझे बहुत अच्छा लगता है और कम से कम मेरे लगभग जितने भी प्रश्न

1790
02:11:25,880 --> 02:11:29,880
होते हैं या फिर जो भी मेरी तर्क क्षमता होती है मैं उसके आधार

1791
02:11:29,880 --> 02:11:34,000
पर आपके वीडियो को देखता हूं मुझे बहुत अच्छा लगता है और अब

1792
02:11:34,000 --> 02:11:38,640
आप लोगों के सामने मैं क्या बोलू चलिए आपका बहुत-बहुत

1793
02:11:38,640 --> 02:11:43,520
धन्यवाद कि आपने जो है समर्थन प्रकट किया

1794
02:11:43,520 --> 02:11:47,560
जी सर और योगी जी मैं

1795
02:11:47,560 --> 02:11:51,880
आपको यह भी कहना चाहता हूं कि जैसे आप कल्याण को प्राप्त हो रहे आपकी

1796
02:11:51,880 --> 02:11:56,240
नॉलेज में इजाफा हो रहा है ना तो कोशिश करा करिए कोई वीडियो पसंद आ जाए तो ्

1797
02:11:56,240 --> 02:12:01,480
के स्टेटस पर लगा दी ठीक है कुछ ऐसा शेयर कर दिया

1798
02:12:01,480 --> 02:12:05,480
ऐसा करता हूं मुझे बहुत अच्छा लगता है बिलकुल

1799
02:12:05,480 --> 02:12:09,720
धन्यवाद धन्यवाद धन्यवाद आपका बहुत बहुत आभार

1800
02:12:09,720 --> 02:12:14,360
ठीक है तो अब नहीं

1801
02:12:14,360 --> 02:12:18,520
[संगीत] ये पूरा करते हैं लाइव को फिर फिर

1802
02:12:18,520 --> 02:12:22,760
कभी हम लोग रखते हैं आने के लिए देने के लिए आभार विशेष

1803
02:12:22,760 --> 02:12:27,160
रूप से आभार आपका देवेंद्र शर्मा जी आप अपना

1804
02:12:27,160 --> 02:12:31,240
आप अपना चैनल दरारा बिल्कुल बिल्कुल मैं

1805
02:12:31,240 --> 02:12:36,280
कंटिन्यू करता जी जी गीता वेद पुराण नाम

1806
02:12:36,280 --> 02:12:40,440
से बोलना देवेंद्र शर्मा जी आपका जो कार्य है ना वो सराहनीय

1807
02:12:40,440 --> 02:12:44,560
तो है लेकिन वो आवश्यक भी है तो इसलिए ढील मत बरतिए हालाकि

1808
02:12:44,560 --> 02:12:48,720
य बस एक सजेशन है मेरा ठीक है तो भाई से एक सजेशन

1809
02:12:48,720 --> 02:12:52,760
ले लीजिए इसमें क्योंकि यह चीज थोड़ी सी भी इसमें डील

1810
02:12:52,760 --> 02:12:58,760
हुई ना यह बहुत धड़ल्ले से अपना कार्य कर रहे ठीक है

1811
02:12:59,520 --> 02:13:03,720
बकल बहुत कम हो गया है मैंने कहा ो कुछ लोग रह गए हैं लेकिन

1812
02:13:03,720 --> 02:13:07,720
अभी आप सब लोग कर रहे तो मैं भी अब दोबारा से उसे

1813
02:13:07,720 --> 02:13:11,920
कंटिन्यू करता हूं कोई बात नहीं हमारे से जितनी मदद होगी हम शेर करेंगे

1814
02:13:11,920 --> 02:13:16,560
आप चिंता ना करिए आपकी वीडियो आद को चिंता कर बिल्कुल बकुल

1815
02:13:16,560 --> 02:13:21,080
बिल्कुल

1816
02:13:21,080 --> 02:13:26,560
थ बड़ा आभार करता हूं ठीक है अभी मैं चलता हूं आप बातचीत करिए

1817
02:13:26,560 --> 02:13:30,920
ठीक तो चर्चा में आने के लिए सभी को जय श्री राम

1818
02:13:30,920 --> 02:13:35,000
और किसी प्रकार के वैचारिक मतभेद के लिए आप हमें ट

1819
02:13:35,000 --> 02:13:39,240
करें उस पर आपको एक फॉर्म मिलेगा आपको फॉर्म भरना है और हम आपके साथ लाइव

1820
02:13:39,240 --> 02:13:42,120
आ जाएंगे

1821
02:13:42,120 --> 02:13:46,160
74036 य नंबर है इस ट करना है धर्म रक्षा अभियान से

1822
02:13:46,160 --> 02:13:50,360
जुड़ने के लिए इस संपर्क कर सकते हैं क्लासेस आने के लिए

1823
02:13:50,360 --> 02:13:54,400
संपर्क कर स नामा स्त्र नाम जप अभियान चल रहा है उससे जोड़ने

1824
02:13:54,400 --> 02:13:59,040
के लिए संपर्क कर सकते हैं

1825
02:13:59,040 --> 02:14:03,080
और एक और था कुछ हा ये इन चीजों के लिए आप संपर्क कर

1826
02:14:03,080 --> 02:14:07,200
सकते हैं धर्म से संबंधित जो आपको प्रश्नों के उत्तर चाहिए होते

1827
02:14:07,200 --> 02:14:11,320
हैं जो सार्वभौम आचार्य हमारे जगतगुरु शंकराचार्य जी

1828
02:14:11,320 --> 02:14:15,560
उनका चैनल है गोवर्धन मठ यब पर तो आप अपने प्रश्न को टाइप

1829
02:14:15,560 --> 02:14:19,680
करें और उसके आगे पूरी शंकराचार्य जी डाले

1830
02:14:19,680 --> 02:14:23,880
तो ज्यादातर आपके क्वेश्चन आसर आपको वत प्राप्त हो जाएंगे

1831
02:14:23,880 --> 02:14:28,080
विधि विषयक जो प्रश्न होते हैं उसके लिए आप आचार्य राम

1832
02:14:28,080 --> 02:14:32,480
शंकर शुक्ल जी का चैनल है उसको आप सब्सक्राइब कर ले फॉलो करें

1833
02:14:32,480 --> 02:14:36,520
गुरुदेव से दीक्षा लेने के लिए गुरुदेव कहां चल रहे हैं सब जानने के लिए गोवर्धन

1834
02:14:36,520 --> 02:14:40,560
मठ प है उसको इंस्टॉल कर ले उसम अपना रजिस्टर्ड करवाले नाम वगर

1835
02:14:40,560 --> 02:14:44,560
निशुल्क है सब कुछ मैंने जो भी चीज आपको बताई है सब कुछ निशुल्क है

1836
02:14:44,560 --> 02:14:47,040
तो

1837
02:14:47,040 --> 02:14:51,040
आप अपनी जिज्ञासा को शांत कर सकते हैं और हमने अपने बारे में

1838
02:14:51,040 --> 02:14:55,120
बताही दिया है सभी का आने के लिए धन्यवाद पाड़ी जी कुछ कहना चाह जी

1839
02:14:55,120 --> 02:14:59,440
जी जी जी एक मिनट दीजिएगा मेरे को भाई

1840
02:14:59,440 --> 02:15:04,000
कल अगर हो सके तो आप एक टॉपिक रखो क्योंकि इनका

1841
02:15:04,000 --> 02:15:08,280
जो हमेशा एक क्वेश्चन रहता है बहुतों के मन में सवाल भी रहता है कि

1842
02:15:08,280 --> 02:15:12,680
भगवान श्री कृष्ण इतने बड़े थे तो युद्ध क्यों नहीं रुकवाया उन्होने

1843
02:15:12,680 --> 02:15:14,120
युद्ध क्यों करवाया आज ये जनरल

1844
02:15:14,120 --> 02:15:18,560
क्वेश्चन आया एक नंबर दो श्री राम भगवान इतने सामर्थ्य

1845
02:15:18,560 --> 02:15:22,920
थे अगर वो भगवान थे तो सीता माता को जंगल

1846
02:15:22,920 --> 02:15:28,800
में मतलब की क्यों छोड़ा उनका किया दो

1847
02:15:28,800 --> 02:15:32,840
और एक सवाल और है य तीन चीज प एक टॉपिक रखी

1848
02:15:32,840 --> 02:15:37,360
है कल आप कल इनका हम खंडन करते और हा यादव

1849
02:15:37,360 --> 02:15:41,360
वंश तो जो भगवान श्री कृष्ण को शराप लगा वो

1850
02:15:41,360 --> 02:15:45,440
क्यों लगा जब वो भगवान थे तो इन तीन चीज का बहुत यूज

1851
02:15:45,440 --> 02:15:49,920
करते हैं किसी का माइंड वश करने के लिए ठीक

1852
02:15:49,920 --> 02:15:53,960
है सबसे बड़ा वो आपको बता दूं देखिए जितने भी

1853
02:15:53,960 --> 02:15:58,560
हिंदू हैं और जितने भी अभी किसी और के शिकंजे में फसे नहीं है

1854
02:15:58,560 --> 02:16:03,480
एक मंत्र है एक ऐसी चीज है जो आपको सदैव ध्यान रखनी है

1855
02:16:03,480 --> 02:16:07,480
जो आपके सदा हर कदम पर हर घड़ी काम आने वाली है अपने धर्म की

1856
02:16:07,480 --> 02:16:11,520
रक्षा के लिए और वो है ईश्वर वही है

1857
02:16:11,520 --> 02:16:15,560
जो कुछ भी कर सकता है अगर ईश्वर

1858
02:16:15,560 --> 02:16:19,720
को भी हमने किसी बाधा से बाधित कर दिया तो जिसके बारे में हम बात

1859
02:16:19,720 --> 02:16:24,000
कर रहे हैं वो ईश्वर नहीं अगर हमने कह दिया कि अगर वो ईश्वर

1860
02:16:24,000 --> 02:16:28,080
है तो यह नहीं कर सकता तो वो ईश्वर नहीं है क्योंकि उसके सामने

1861
02:16:28,080 --> 02:16:29,120
हम यह नहीं कह सकते

1862
02:16:29,120 --> 02:16:33,360
कि दुनिया का कोई फलाना मनुष्य बुद्धि से सोचा जा सकने वाला कोई ऐसा

1863
02:16:33,360 --> 02:16:37,400
कार्य है जो ईश्वर नहीं कर सकता ईश्वर उसी का

1864
02:16:37,400 --> 02:16:41,600
नाम है जो पूर्ण है उसमें किसी बात का भाव नहीं है अच्छे

1865
02:16:41,600 --> 02:16:45,760
से अच्छा सूक्ष्म से सूक्ष्म बड़े से बड़ा वही है तो

1866
02:16:45,760 --> 02:16:49,880
इसलिए ईश्वर के सामने हम यह नहीं कह सकते कि ईश्वर यह कार्य नहीं कर

1867
02:16:49,880 --> 02:16:54,000
सकता जैसे अभी उस बालक ने कहा कि उसने जो है

1868
02:16:54,000 --> 02:16:58,080
श्री कृष्ण अगर भगवान थे तो उन्होंने लड़ाई क्यों करवाई मेरे भाई

1869
02:16:58,080 --> 02:17:02,920
दुनिया में कहीं भी युद्ध हो रहा है तो तुम्हारे कबीर की मर्जी के बिना हो रहा है

1870
02:17:02,920 --> 02:17:07,080
क्या अगर तुम कबीर को ईश्वर मानते हो तो तुम्हें मानना पड़ेगा

1871
02:17:07,080 --> 02:17:11,240
कि उसकी उसकी जो मर्जी है उसकी जो अनुमति

1872
02:17:11,240 --> 02:17:15,280
है उसकी सीमा के अंदर ही युद्ध हो रहा है अन्यथा वो ईश्वर

1873
02:17:15,280 --> 02:17:19,280
सर्व सामर्थ वान नहीं है यह सब ये जो एक फैक्ट

1874
02:17:19,280 --> 02:17:23,840
फुल बात है हमें ू को घर घर में पहुंचा है ईश्वर

1875
02:17:23,840 --> 02:17:28,200
किसी भी प्रकार के नियम के नीचे नहीं है ईश्वर सभी नियमों को बनाने

1876
02:17:28,200 --> 02:17:32,480
वाला सर्व नियामक है सत्य जन अनंतम ब्रम ईश्वर

1877
02:17:32,480 --> 02:17:36,600
वही है जो कुछ भी कर सकता है तो इसलिए हम उसको बात नहीं कर सकते वो बात

1878
02:17:36,600 --> 02:17:40,680
अलग है कि विभिन्न लीलाओं के बहुत से अर्थ होते हैं वो सब हम कल डिस्कस

1879
02:17:40,680 --> 02:17:44,280
करेंगे कि इस लीला का क्या अर्थ था इसके पीछे क्या भेद था

1880
02:17:44,280 --> 02:17:48,400
मगर एक अर्थ हर जगह भगवान आपको बारबार बता रहे हैं मैं ईश्वर

1881
02:17:48,400 --> 02:17:52,920
हूं मैं कुछ भी कर सकता हूं इसलिए धृतराष्ट्र

1882
02:17:52,920 --> 02:17:56,960
जिंदा भी है तब भी मेरे दांतों में आपको दिखाई देगा क्योंकि

1883
02:17:56,960 --> 02:18:01,120
मैं ईश्वर हूं बिल्कुल बिल्कुल नहीं बेसिक

1884
02:18:01,120 --> 02:18:05,280
चीज ये चीज मतलब आप आप जो बातें करते हैं

1885
02:18:05,280 --> 02:18:09,280
यह उनके बाउंसर गुजरती क्यों क्योंकि उनको उतना ही पता है

1886
02:18:09,280 --> 02:18:14,120
कि जितना उन्होने घोट के पिला रखा है कि भगवाने

1887
02:18:14,120 --> 02:18:18,120
ये क्यों करवाया श्री राम भगवान श्री राम जी ने सीता माता सीता

1888
02:18:18,120 --> 02:18:22,320
को क्यों त्यागा अगर भगवान थे तो उनको क्या चाहिए डायरेक्ट

1889
02:18:22,320 --> 02:18:26,560
चाहिए इनको अगर उनको इतना पता होता है कि ईश्वर सर्वशक्तिमान है

1890
02:18:26,560 --> 02:18:30,560
कुछ भी कर सकता है तो ये क्वेश्चन उठते ही नहीं अच्छा इसमें एक

1891
02:18:30,560 --> 02:18:34,720
बात और है ये लोग ये क्यों नहीं सोचते हैं कि ये जो सिद्धांत निकाल

1892
02:18:34,720 --> 02:18:38,720
रहे हैं कि अगर ईश्वर ऐसा है तो वो ऐसा कैसे कर सकता है ये लोग

1893
02:18:38,720 --> 02:18:42,720
ये क्यों नहीं सोचते हैं कि भाई साहब

1894
02:18:42,720 --> 02:18:47,000
सुनिए आपका पाला नहीं पड़ा अभी तक किसी मनुवादी से अब

1895
02:18:47,000 --> 02:18:51,240
जाओ आज आपको बता दे रहे हैं हिं काती हुई गाय को ने

1896
02:18:51,240 --> 02:18:56,080
वाला हिंदू हिमालय से लेकर हिंदू सरोवर के बीच में रहने वाला हिंदू

1897
02:18:56,080 --> 02:19:00,200
हिंदू को धारण करते हैं जो भगवान शिव उनका उपासक

1898
02:19:00,200 --> 02:19:04,840
हिंदू यह सब शास्त्र सम्मत अर्थ है हिंदू के

1899
02:19:04,840 --> 02:19:09,000
और ऋग्वेद में सिंधु जो शब्द आया नेता सिंधु

1900
02:19:09,000 --> 02:19:13,120
नाम उसका ही जो उच्चारण भेद है जैसे सरस्वती को कहीं

1901
02:19:13,120 --> 02:19:17,200
कहीं पर सरस्वती कहा गया है श्री को री कहा गया है

1902
02:19:17,200 --> 02:19:21,200
उसी तरीके से सिंधु को हमारे ऋषियों ने हिंदू भी कहा है

1903
02:19:21,200 --> 02:19:25,280
समझ गए हां और दूसरी बात मैं

1904
02:19:25,280 --> 02:19:30,040
यह कह रहा था कि भाई ये जो तर्क देते हैं यह देख

1905
02:19:30,040 --> 02:19:34,280
लीजिए हिंदू शब्द के प्रमाण आज

1906
02:19:34,280 --> 02:19:38,400
के बाद कहने लगना गर्भ से कहो हम हिंदू है यह देखो कालिका पुराण में आया

1907
02:19:38,400 --> 02:19:43,480
है भविष्य पुराण में आया है डायरेक्ट हिंदू शब्द आया है

1908
02:19:43,480 --> 02:19:48,280
डायरेक्ट ठीक है तो यह

1909
02:19:48,280 --> 02:19:52,520
यह खेल यहां नहीं चल पाएगा आपका यहां पर पर प्राप्त आचार्य की शरण में रहने

1910
02:19:52,520 --> 02:19:56,840
वाले हैं लोग यहां आपके खेल नहीं

1911
02:19:56,840 --> 02:20:01,360
चलेले य में का ज्ञान है

1912
02:20:01,360 --> 02:20:05,400
सब है कौन है तो

1913
02:20:05,400 --> 02:20:09,880
ये तो एक रही बात और दूसरी एक बात है कि यह लोग यह नहीं सोचते

1914
02:20:09,880 --> 02:20:14,520
कि जो हम यह जो नियम निकाल रहे अगर भगवान है तो ऐसा कैसे कर सकता है

1915
02:20:14,520 --> 02:20:15,320
यह नियम भी

1916
02:20:15,320 --> 02:20:19,480
तो शास्त्र समत होना चाहिए क्या कहीं पर वर्णन

1917
02:20:19,480 --> 02:20:24,840
है कि ईश्वर नहीं करवा सकते या युद्ध नहीं कर सकते

1918
02:20:24,840 --> 02:20:28,880
नहीं ईश्वर तो बता रहे हैं कि

1919
02:20:28,880 --> 02:20:32,880
सिं में मैं सिंह हूं पक्षियों में गरुण

1920
02:20:32,880 --> 02:20:37,440
हूं व तो बता रहे हैं शस्त्र धारियों में राम

1921
02:20:37,440 --> 02:20:41,840
ये है ईश्वर ठीक है हम लोग कल रखते लाइव है ना

1922
02:20:41,840 --> 02:20:45,960
तो सभी कोमन का कल परमाण समय

1923
02:20:45,960 --> 02:20:49,640
दिखाएंगे तो आगे

1924
02:20:49,640 --> 02:20:54,800
क्वेश्चन जय श्री राम स जय श्री राम महादेव

1925
02:20:54,800 --> 02:21:00,480
ह जय श्री राम

1926
02:21:00,480 --> 02:21:04,480
[संगीत]
