1
00:00:02,000 --> 00:00:07,280
तो सभी को जय श्री राम। आशा करते हैं आप सभी कुशल पूर्वक होंगे

2
00:00:07,280 --> 00:00:11,360
और जैसा कि आप लोगों ने थंबनेल देखा है।

3
00:00:11,360 --> 00:00:15,600
आज मैं बात करने वाला हूं एक सनातन का चोला

4
00:00:15,600 --> 00:00:20,640
ओढ़कर सनातन विरुद्ध विचारधारा

5
00:00:20,640 --> 00:00:24,800
का प्रचार करने वाले एक और व्यक्ति का।

6
00:00:24,800 --> 00:00:29,680
उसका नाम है अमोल कोकने। जो तथाकथित

7
00:00:29,680 --> 00:00:35,680
आध्यात्मिक विश्वविद्यालय नाम की कोई

8
00:00:35,760 --> 00:00:40,720
ऐसी संस्था है जिसका ना कहीं कोई रजिस्ट्रेशन है वैसे ही रामपाल के जैसी

9
00:00:40,720 --> 00:00:45,840
जिसका ना कहीं कोई रजिस्ट्रेशन है ना कोई उसे अनुमति प्राप्त है और

10
00:00:45,840 --> 00:00:51,840
कानूनी रूप से किस-किस प्रकार से वो ठीक नहीं है ये सब बातें तो हम आज करेंगे ही

11
00:00:51,840 --> 00:00:54,160
अ

12
00:00:54,160 --> 00:00:58,960
इस आज होने वाली जो लाइव स्ट्रीम है बहुत विशेष गंभीर

13
00:00:58,960 --> 00:01:03,280
और आप लोगों के लिए आवश्यक इसलिए है विशेष इसलिए

14
00:01:03,280 --> 00:01:07,360
कि आज आप एक और कल्ट के बारे में जानने वाले हैं जो ब्रह्मा कुमारी

15
00:01:07,360 --> 00:01:11,360
का बाय प्रोडक्ट है। ब्रह्मा कुमारी जैसी ही

16
00:01:11,360 --> 00:01:15,520
लमसम बातें करना करने वाला और कुछ वस्तुनिष्ठ जानकारियों

17
00:01:15,520 --> 00:01:19,520
को लेकर के ब्रह्मा कुमारी से दूर मगर लगभग

18
00:01:19,520 --> 00:01:23,840
वही सब बातें जो ब्रह्मा कुमारी वाले करते हैं। तो

19
00:01:23,840 --> 00:01:28,400
यह इसकी विशेषता है। गंभीरता यह है कि

20
00:01:28,400 --> 00:01:32,400
जैसे कि बहुत सारे परिवार तोड़े जा रहे हैं। ऐसा

21
00:01:32,400 --> 00:01:37,200
सुनने में आता है। ब्रह्मा कुमारी की जो शिक्षा है

22
00:01:37,200 --> 00:01:41,280
वो कुछ इस प्रकार से कार्य करती है कि

23
00:01:41,280 --> 00:01:45,600
गृहस्थ जो होते हैं कई लोग बताते हैं कि

24
00:01:45,600 --> 00:01:50,160
उनको बहन भाई बनने को बोला गया पतिप

25
00:01:50,160 --> 00:01:51,360
को कि ऐसा

26
00:01:51,360 --> 00:01:55,360
डाल दिया गया पत्नी के मन में या पति के मन में कि तुम तो बहन भाई हो। ज्यादातर

27
00:01:55,360 --> 00:01:59,520
पत्नियों के मन में ऐसा डाला जाता है तो उनकी जो गृहस्थ संसार होता

28
00:01:59,520 --> 00:02:05,520
है जो उसमें बाधा आने लगती है और

29
00:02:05,520 --> 00:02:10,400
इसी क्रम में आगे अ बहुत सारे

30
00:02:10,400 --> 00:02:15,280
बीके के खिलाफ बहुत सारे केस भी पेंडिंग

31
00:02:15,280 --> 00:02:21,280
ऐसा भी बताया जा रहा है। तो

32
00:02:21,600 --> 00:02:25,600
गंभीरता यह है कि जिस व्यक्ति विशेष की आज हम

33
00:02:25,600 --> 00:02:30,720
बात करने वाले हैं अमोल कोकने। ये

34
00:02:30,720 --> 00:02:33,360
इस

35
00:02:33,360 --> 00:02:37,520
षड्यंत्र पूर्वक कार्य करते-करते आज जो है एक मां की चपेट

36
00:02:37,520 --> 00:02:41,520
में आ गया। एक मां जो अपनी बेटी के

37
00:02:41,520 --> 00:02:45,760
लिए पिछले दो से तीन दो ढाई सालों से लड़ रही

38
00:02:45,760 --> 00:02:49,840
है। पूरे देश में भाग रही है। इधर से उधर उसकी इकलौती

39
00:02:49,840 --> 00:02:54,640
बेटी को इस अमोल को कोकने ने

40
00:02:54,640 --> 00:02:58,720
विभिन्न प्रकार के लोभ लालच भय इत्यादि दिखा के किसी तरीके से

41
00:02:58,720 --> 00:03:02,800
जब वो बचपन में थी तो उसका ब्रेन वाश करके उसको यह

42
00:03:02,800 --> 00:03:06,480
यकीन दिला के कि केवल तुम्हारे पास बचने की एक

43
00:03:06,480 --> 00:03:11,360
ही जगह है और वह है मेरी शरण। ऐसा दिखा के उसको

44
00:03:11,360 --> 00:03:15,440
अपनी बातों में लिया और आज वह बेटी अपनी मां

45
00:03:15,440 --> 00:03:19,440
से दूर है। यह जो मां है इसकी कहानी हम

46
00:03:19,440 --> 00:03:23,440
अपने दूसरे चैनल सर्वशक्तिमान धर्म पर दिखा चुके

47
00:03:23,440 --> 00:03:27,520
हैं। यहां पर वीडियो का लिंक डिस्क्रिप्शन में डाल दिया जाएगा। उसने

48
00:03:27,520 --> 00:03:31,760
रो-रो कर और बहुत ही मार्मिकता के साथ अपनी कहानी

49
00:03:31,760 --> 00:03:35,760
बताई है हमें और जो भी उसे सुनने वाले हैं जब

50
00:03:35,760 --> 00:03:40,720
वह कहानी सुनते हैं उस मां के मुख से

51
00:03:40,720 --> 00:03:44,880
तो सभी की आंखें नम हो जाती हैं। पर

52
00:03:44,880 --> 00:03:50,240
उस मां ने हार नहीं मानी। जबकि वह सिंगल थी।

53
00:03:50,240 --> 00:03:54,880
किसी कारण से वह अपने पति के साथ नहीं है और

54
00:03:54,880 --> 00:03:59,040
अपनी बिटिया को लेकर के अपना जीवन जीने का प्रयास कर रही थी। इकलौता एक सहारा

55
00:03:59,040 --> 00:04:03,120
उनकी बेटी ही थी और समय ने

56
00:04:03,120 --> 00:04:07,120
भाग्य ने और एक काल नेमी ने उनसे उनकी उस बिटिया को भी छीन

57
00:04:07,120 --> 00:04:11,360
लिया। तो इसलिए गंभीर है।

58
00:04:11,360 --> 00:04:16,640
और गंभीर क्यों है? क्योंकि

59
00:04:16,640 --> 00:04:20,720
इस मां ने कभी भी हार नहीं मानी। जगह-गह दरवाजे खटखटाए।

60
00:04:20,720 --> 00:04:21,760
हालांकि मेरे संपर्क

61
00:04:21,760 --> 00:04:25,840
में भी पिछले लगभग डेढ़ दो साल से हैं। और मुझे

62
00:04:25,840 --> 00:04:29,840
इस बात का दुख है कि मैं कोई विशेष कार्य कर

63
00:04:29,840 --> 00:04:33,520
नहीं पाया सिवाय एक बार

64
00:04:33,520 --> 00:04:37,840
जो आध्यात्मिक विश्वविद्यालय इन्होंने पालम में डाल रखा है अमोल कोकने ने।

65
00:04:37,840 --> 00:04:42,560
सिवाय एक बार वहां जाकर के और थोड़ा सा वहां पर एक जो हम

66
00:04:42,560 --> 00:04:47,360
सार्वभौम सनातन सिद्धांतों के आधार पर किसी को भी थोड़ा बहुत

67
00:04:47,360 --> 00:04:51,360
चलते फिरते कुछ दे देते हैं तो सिवाय इसके और कुछ

68
00:04:51,360 --> 00:04:56,000
विशेष मैं कर नहीं पाया था इनके लिए तो

69
00:04:56,000 --> 00:05:01,520
इसी प्रकार से जैसे ये मेरे पास आई मदद के लिए इसी प्रकार से इन्होंने

70
00:05:01,520 --> 00:05:05,920
अ बहुत सारे दरवाजे खटखटाए मदद मांगी

71
00:05:05,920 --> 00:05:10,080
और अंतत ततोत्वा जब इनसे कुछ नहीं इनको समझ में आया

72
00:05:10,080 --> 00:05:15,280
तो इन्होंने स्वयं बीड़ा उठाया कि मैं बलपूक अ

73
00:05:15,280 --> 00:05:19,920
अपनी बेटी को रेस्क्यू करूंगी वहां से और जिन लोगों ने

74
00:05:19,920 --> 00:05:23,920
उसको बरगला रखा है, बहला रखा है, फुसला रखा है

75
00:05:23,920 --> 00:05:29,040
उन लोगों से बलपूक अपनी बेटी को लेकर आऊंगी। और

76
00:05:29,040 --> 00:05:33,120
विश्वास करना मुश्किल है। पर उन्होंने ये किया।

77
00:05:33,120 --> 00:05:38,080
अपने कुछ हिंदू साथी एकत्रित किए। उनके साथ

78
00:05:38,080 --> 00:05:44,080
अपनी बेटी को रेस्क्यू करने के लिए अ

79
00:05:44,240 --> 00:05:49,200
पेपर स्प्रे का सहारा भी लिया और

80
00:05:49,200 --> 00:05:53,280
बेटी को बेटी को रेस्क्यू कर लिया था वहां से। मतलब उन लोग उन लोगों के साथ से

81
00:05:53,280 --> 00:05:57,600
अलग लेकर के और कहीं काफी दूर तक जा चुके पर कुछ कारणोंश

82
00:05:57,600 --> 00:06:01,840
किसी एक साथी के संकट में पड़ जाने के कारण उन्हें

83
00:06:01,840 --> 00:06:07,520
पुनः अपनी बिटिया को वहां पहुंचाना पड़ा। और

84
00:06:07,520 --> 00:06:11,600
अब देखिए कि विधि का विधान कुछ इस तरीके से

85
00:06:11,600 --> 00:06:15,600
हुआ है कि एक मां पर उसकी ही बेटी को किडनैप

86
00:06:15,600 --> 00:06:19,760
करने का आरोप लगाया जा रहा है। कि उसने अपनी बेटी

87
00:06:19,760 --> 00:06:23,920
को किडनैप किया। यह बात जितनी हास्यास्पद है, उतनी

88
00:06:23,920 --> 00:06:29,920
ही गंभीर भी है। कि उस मां को

89
00:06:30,080 --> 00:06:34,400
घातक बनने पर किसने विवश किया? एक साधारण

90
00:06:34,400 --> 00:06:38,640
महिला जो गवर्नमेंट स्कूल में टीचर है

91
00:06:38,640 --> 00:06:42,720
दक्षिण भारत में। वो कैसे इस

92
00:06:42,720 --> 00:06:46,720
नतीजे पर पहुंची कि उसे जो है अपनी बेटी को रेस्क्यू करने के लिए बल का प्रयोग करना

93
00:06:46,720 --> 00:06:50,800
पड़े। और ऐसी चीजें करनी पड़े जो सीधे तौर पर अगर दिखाई दें

94
00:06:50,800 --> 00:06:54,800
उनके पीछे आगे ना देखा जाए तो ऐसा लगे कि यह तो क्रिमिनल एक्टिविटी

95
00:06:54,800 --> 00:06:59,360
है। तो कैसे एक मां को यहां तक आना पड़ा?

96
00:06:59,360 --> 00:07:03,600
कैसे उसकी बेटी को बरगलाया गया और यह जो ब्रह्मा

97
00:07:03,600 --> 00:07:08,400
कुमारी से निकला हुआ जो संस्थान है आध्यात्मिक विश्वविद्यालय

98
00:07:08,400 --> 00:07:12,800
इसके पीछे कौन जुड़ा हुआ है जो किस तरीके से यह ब्रह्मा

99
00:07:12,800 --> 00:07:16,960
कुमारी से जुड़ता है और एक्चुअली में सीधे

100
00:07:16,960 --> 00:07:20,960
तौर पर यह कौन से ऐसे दावे करता है जो हमारे धर्म के लिए

101
00:07:20,960 --> 00:07:26,240
हानिकारक है। यह भी वैसे ही रामपाल की तरह बातें करता है।

102
00:07:26,240 --> 00:07:30,400
यह भी वैसे ही हमारे आराध्यों का अपमान करता है। जो हमारी

103
00:07:30,400 --> 00:07:35,120
आस्था के केंद्र हैं उन पर प्रहार करता है यह संस्थान।

104
00:07:35,120 --> 00:07:39,200
तो इसमें और रामपाल में कोई फर्क नहीं है। मेरे पास रामपाल से जुड़े

105
00:07:39,200 --> 00:07:43,280
हुए लोगों के फोन आते हैं। मेरी पत्नी फंस गई है। मेरा भाई फंस गया है। मेरा बेटा

106
00:07:43,280 --> 00:07:45,280
फंस गया है। ब्रह्मा कुमारी से जुड़े

107
00:07:45,280 --> 00:07:50,080
हुए लोगों के फोन आते हैं कि मेरा फला फला फंस गया है।

108
00:07:50,080 --> 00:07:55,760
ब्रेन वाश हो गया है। तो ठीक उसी पैटर्न में ये भी चल रहा है।

109
00:07:55,760 --> 00:08:01,760
तो यह [गला साफ़ करने की आवाज़] गंभीरता है इसकी और

110
00:08:02,640 --> 00:08:06,880
आवश्यकता विशेषता आपको यह जानने की है कि पर्टिकुलर यह जो संस्थान

111
00:08:06,880 --> 00:08:10,880
है यह कौन से ऐसे दावे कर रहा है जिनके बिहाफ पर

112
00:08:10,880 --> 00:08:15,120
आप इस संस्थान के विरुद्ध खड़े हो सकते

113
00:08:15,120 --> 00:08:19,120
हैं जिसके आधार पर आप इन इसके विरुद्ध भी आवाज

114
00:08:19,120 --> 00:08:25,120
उठा सकते हैं इसलिए विशेष है और

115
00:08:25,440 --> 00:08:30,320
एक तीसरा शब्द और बोला था।

116
00:08:30,320 --> 00:08:34,400
एक अच्छी चीज और हुई है। जब इन्होंने

117
00:08:34,400 --> 00:08:39,360
अपनी बेटी को बचाने के लिए रेस्क्यू करने के लिए वहां से और

118
00:08:39,360 --> 00:08:43,120
वो बलपूक जो इन्होंने

119
00:08:43,120 --> 00:08:47,360
गतिविधि जो भी थी उसको पूर्ण किया। उसके

120
00:08:47,360 --> 00:08:51,920
बाद इन पर आरोप लगा। एक एफआईआर दर्ज हुई

121
00:08:51,920 --> 00:08:56,800
पालम पुलिस स्टेशन में। जबकि पुलिस वाले जान रहे हैं

122
00:08:56,800 --> 00:09:01,040
कि इस महिला की क्या कहानी है।

123
00:09:01,040 --> 00:09:05,360
पर उनके हाथ भी बंधे हुए हैं। तो जिस प्रकार की कानूनी प्रक्रिया

124
00:09:05,360 --> 00:09:09,680
के तहत जो करना होगा वो उसने किया पुलिस वालों ने। हालांकि क्योंकि पुलिस

125
00:09:09,680 --> 00:09:13,760
वाले बहुत समय से इस महिला को वहां देख रहे थे इस मां को। वो

126
00:09:13,760 --> 00:09:18,160
आए दिन वहां जाती थी जहां पर इनकी बिटिया को डिटेन

127
00:09:18,160 --> 00:09:22,160
करके रखा हुआ है। बाहर की दुनिया से काट कर। उसको कुछ नहीं पता कि बाहर की

128
00:09:22,160 --> 00:09:26,560
दुनिया में हो क्या रहा है। अमोल कोकने को कितना ज्ञान है। कितने लोग अमोल कोकने

129
00:09:26,560 --> 00:09:32,560
को कह रहे हैं कि भाई आकर के जो तुम दावे कर रहे हो उनकी पुष्टि करो।

130
00:09:32,800 --> 00:09:36,960
किसी मनुवादी के समक्ष। तो अमोल कोक ने

131
00:09:36,960 --> 00:09:40,720
उनकी अमोल कोक ने अपने जो तथाकथित दावे

132
00:09:40,720 --> 00:09:44,960
हैं उनको उनकी पुष्टि करने के लिए क्या किसी सार्वजनिक

133
00:09:44,960 --> 00:09:49,200
चर्चा में पहुंच रहा है? क्या उसके ज्ञान में या उसकी

134
00:09:49,200 --> 00:09:53,520
बातों में वो दम है जिसके आधार पर वो किसी परंपरा प्राप्त

135
00:09:53,520 --> 00:09:57,520
आचार्य के एक अल्पज्ञ शिष्य का सामना कर सके। तो उसको

136
00:09:57,520 --> 00:10:02,000
यह सब चीजें नहीं पता है। वह तो एक भवन में डिटेन

137
00:10:02,000 --> 00:10:08,000
है। बाहर की दुनिया से कट है। उसको बताया गया है कि भाई

138
00:10:08,480 --> 00:10:12,560
तुम्हें बिल्कुल कट के रहना है और कभी भी कोई भी आकर के तुम्हें

139
00:10:12,560 --> 00:10:16,560
चुरा सकता है, ले जा सकता है अपने साथ। तो तुम्हें किसी पर भी

140
00:10:16,560 --> 00:10:20,640
भरोसा नहीं करना है। बिल्कुल घर से बाहर बहुत रेयरली निकलना है। इस

141
00:10:20,640 --> 00:10:24,880
तरीके से मतलब यह समझ लीजिए कि उसका जीवन इस समय तालीबान जैसा

142
00:10:24,880 --> 00:10:28,880
है उस भवन में। पर वह एक्सेप्ट है उसे। बात बस यही फंस

143
00:10:28,880 --> 00:10:32,960
रही है। तो खैर वहां आ जाते

144
00:10:32,960 --> 00:10:37,440
हैं कि जो मेन जो बात है परिवर्तन

145
00:10:37,440 --> 00:10:41,440
कैसे आता है, क्रांति कैसे आती है और कैसे यह कहानी हम सबके

146
00:10:41,440 --> 00:10:45,520
लिए प्रेरणादायक है। मैं वो बताने के लिए आज आया हूं। परिवर्तन

147
00:10:45,520 --> 00:10:49,520
कैसे बदलाव कैसे आएगा? इस मां ने कभी भी हार नहीं मानी।

148
00:10:49,520 --> 00:10:53,600
उसका नतीजा उसने फाइनली अपनी बच्ची को रेस्क्यू करने के लिए वह कार्य

149
00:10:53,600 --> 00:10:56,000
किया जिसके कारण उसके

150
00:10:56,000 --> 00:11:00,080
ही विरुद्ध एफआईआर दर्ज हुई। उसमें कहा गया मां ने किडनैप करने का प्रयास

151
00:11:00,080 --> 00:11:04,320
किया गया है उन लोगों के द्वारा जो जिन लोग जिन

152
00:11:04,320 --> 00:11:08,480
लोगों के संरक्षण में जिन लोगों के साथ इस समय वो

153
00:11:08,480 --> 00:11:13,440
बिटिया है अब होता यह है कि

154
00:11:13,440 --> 00:11:18,560
सामने वालों को विरोधी जनों को पुलिस की कारवाही से संतुष्टि नहीं होती है

155
00:11:18,560 --> 00:11:22,720
और बौखलाहट में वो पहुंच जाते हैं हाई कोर्ट क्योंकि

156
00:11:22,720 --> 00:11:26,880
पुलिस की कारवाही से इसलिए संतुष्टि नहीं होती है कि उनको लगता है कि पुलिस

157
00:11:26,880 --> 00:11:30,880
अ जो है इनके फेवर में जा रही है। जबकि पुलिस निष्पक्ष कार्य कर रही है। पुलिस को

158
00:11:30,880 --> 00:11:36,320
पूरी कहानी पता है कि ये किडनैपर नहीं है।

159
00:11:36,320 --> 00:11:40,400
यह मां है। परंतु वो अपनी रोटियां सेकने

160
00:11:40,400 --> 00:11:44,400
के लिए और अपने ईगो को सेटिस्फाइड करने के लिए वो लोग पहुंचते हैं हाई

161
00:11:44,400 --> 00:11:48,560
कोर्ट। अब हाई कोर्ट में क्या होता है? हाई कोर्ट में

162
00:11:48,560 --> 00:11:52,880
आज के दिन आज ही की डेट में वह निर्णय आया है जिसमें इन लोगों को फटकार

163
00:11:52,880 --> 00:11:56,880
लगाई गई है और इनकी ही करतूत के कारण अब हाई कोर्ट

164
00:11:56,880 --> 00:12:00,880
के नजर में इस मां ने जो केस कर रखा था

165
00:12:00,880 --> 00:12:05,040
अपनी बच्ची को वापस लेने के लिए जो धूल चढ़ रही थी जिस केस पर शुरुआत

166
00:12:05,040 --> 00:12:11,040
में थोड़ी बहुत सुनवाई हुई थी और उसके बाद

167
00:12:14,640 --> 00:12:18,960
इनको अपनी बिटिया से प्रतिदिन 45 मिनट मिलने की अनुमति

168
00:12:18,960 --> 00:12:23,120
मिली थी। कोर्ट का आदेश हुआ था। तो उस बिहाफ पर थोड़ा बहुत

169
00:12:23,120 --> 00:12:27,120
मिली भी थी और कुछ दिन अपनी बिटिया के साथ रहने का रहने की

170
00:12:27,120 --> 00:12:33,120
आज्ञा भी मिली थी। तो

171
00:12:33,440 --> 00:12:37,440
अ वो उतना हो के फिर उसके बाद उस केस पर धूल चढ़

172
00:12:37,440 --> 00:12:41,520
रही थी उस फाइल पर। पर इन कमबख्तों के वहां

173
00:12:41,520 --> 00:12:45,760
पर पहुंच के और यह कार्य

174
00:12:45,760 --> 00:12:50,000
करने के कारण

175
00:12:50,000 --> 00:12:54,400
अब वह जो मुकदमा था दोबारा से कोर्ट की नजर में आ गया है।

176
00:12:54,400 --> 00:12:58,960
कोर्ट की दृष्टि उस पर दोबारा पड़ गई और कोर्ट ने उस पर फोकस किया

177
00:12:58,960 --> 00:13:03,120
कि भाई मतलब कोर्ट के दिमाग में भी यह आया ना कि एक मां

178
00:13:03,120 --> 00:13:07,200
को आज अपनी बच्ची को एक मां के ऊपर किडनैपिंग का केस लग रहा

179
00:13:07,200 --> 00:13:11,760
है। अपनी बच्ची को किडनैप करने के लिए। तो कहीं ना कहीं

180
00:13:11,760 --> 00:13:17,520
कोर्ट ने भी देखा कि अब हम वो जो केस पेंडिंग पड़ा हुआ है उसकी वैसे

181
00:13:17,520 --> 00:13:21,520
शीघ्र अति शीघ्र सुनवाई करेंगे। तो दो चीजें हुई। एक

182
00:13:21,520 --> 00:13:25,680
जिस जो डिमांड लेकर के कोर्ट गए थे कि भाई

183
00:13:25,680 --> 00:13:29,760
यह जो जिस पुलिस स्टेशन में यह जांच

184
00:13:29,760 --> 00:13:33,920
हो रही है एफआईआर दर्ज हुई है वो लोग ठीक से कारवाही नहीं कर रहे हैं तो इसलिए आप इसमें सीबीआई

185
00:13:33,920 --> 00:13:37,920
या और कोई अपर लेवल की जांच

186
00:13:37,920 --> 00:13:42,400
जांच मांग रहे थे कोर्ट से कि इसमें ऐसा होना चाहिए इनके विरोध में यह जो मां है

187
00:13:42,400 --> 00:13:47,040
एक मां के विरोध में अपनी ही बच्ची को किडनैप करने के संबंध में

188
00:13:47,040 --> 00:13:51,120
और वह चाहते हैं कि सीबीआई जैसी कोई जांच हो समझ रहे हैं

189
00:13:51,120 --> 00:13:55,920
ना आप कहां ले जा रहे हैं हमारे बच्चों को।

190
00:13:55,920 --> 00:14:00,560
खैर तो कोर्ट ने संज्ञान लिया और कोर्ट ने फटकार लगाई।

191
00:14:00,560 --> 00:14:04,960
कोर्ट ने उनकी इस डिमांड को नकारा और

192
00:14:04,960 --> 00:14:05,460
अब

193
00:14:05,360 --> 00:14:09,360
वो जो मुकदमा पेंडिंग पड़ा हुआ था अब वो दोबारा से हाईलाइट हो गया। तो

194
00:14:09,360 --> 00:14:13,760
यह एक सबके लिए

195
00:14:13,760 --> 00:14:18,710
शुभ सूचना है। जो भी धर्म प्रेमी हैं।

196
00:14:18,710 --> 00:14:24,080
[गला साफ़ करने की आवाज़] अब सबसे पहली बात है कि

197
00:14:24,080 --> 00:14:28,240
जो अमोल कोकने है उसकी स्थिति इस समय क्या है? अमोल कोकने

198
00:14:28,240 --> 00:14:32,400
कौन है? पहले ये समझ लीजिए। जो मोटा-मोटा

199
00:14:32,400 --> 00:14:36,800
मुझे मालूम है थोड़ा बहुत वस्तुनिष्ठ जानकारियों में अंतर आ सकता है। ब्रह्मा

200
00:14:36,800 --> 00:14:41,040
कुमारी संस्था का एक मर्मज्ञ व्यक्ति

201
00:14:41,040 --> 00:14:45,520
फॉलोअर जिसका नाम था वीरेंद्र देव दीक्षित। वीरेंद्र

202
00:14:45,520 --> 00:14:49,600
देव दीक्षित एक समय आता है जब वह अपना खुद का कल्ट स्टार्ट करने

203
00:14:49,600 --> 00:14:54,240
का सोचता है और वह एक संस्था डालता है आध्यात्मिक विश्वविद्यालय।

204
00:14:54,240 --> 00:14:59,520
अब कुछ अंशों में वह ब्रह्मा कुमारी से भी डिफरेंट बातें

205
00:14:59,520 --> 00:15:03,600
करने लगता है और कुछ लोग ब्रह्मा कुमारी के ही जो फॉलोअर्स थे वो वहां

206
00:15:03,600 --> 00:15:07,840
से टूट करके इसके साथ हो लेते हैं।

207
00:15:07,840 --> 00:15:12,240
तो जब मतलब इनमें आपस में कोई ऐसा तालमेल

208
00:15:12,240 --> 00:15:16,400
नहीं है आध्यात्मिक विश्वविद्यालय और ब्रह्मा कुमारी में मतलब अगर देखा जाए

209
00:15:16,400 --> 00:15:20,400
तो सैद्धांतिक तौर पर कहीं ना कहीं दोनों में अनबन है क्योंकि अलग हुए

210
00:15:20,400 --> 00:15:24,800
भाई वो फॉलोअर्स को ले गया इनके खैर अब

211
00:15:24,800 --> 00:15:29,120
वीरेंद्र देव दीक्षित अपनी संस्था डाल लेता है। मगर वीरेंद्र देव दीक्षित अपनी संस्था

212
00:15:29,120 --> 00:15:33,760
में स्पिरिचुअलिटी के नाम पर बहुत सारे उस पर आरोप लगते हैं वीरेंद्र देव दीक्षित पर।

213
00:15:33,760 --> 00:15:38,160
आरोप लगना शुरू होते हैं। कोर्ट केसेस होते हैं और संभवत

214
00:15:38,160 --> 00:15:42,480
कुछ केसेस में उसको सजा भी सुनाई जाती है। उसके बाद वीरेंद्र देव दीक्षित

215
00:15:42,480 --> 00:15:47,040
गायब हो जाते हैं। गायब मतलब फरार जैसा कुछ और

216
00:15:47,040 --> 00:15:51,040
खबर आती है कि वो कहीं पर वीरेंद्र देव दीक्षित मर चुका

217
00:15:51,040 --> 00:15:55,040
है। कुछ अब क्या होता है? वीरेंद्र देव दीक्षित की

218
00:15:55,040 --> 00:15:59,520
जो संस्था है आध्यात्मिक विश्वविद्यालय उसके दो टुकड़े होते हैं।

219
00:15:59,520 --> 00:16:03,840
एक टुकड़ा जो ये कहता है कि वीरेंद्र देव दीक्षित जीवित

220
00:16:03,840 --> 00:16:08,160
ही है और वो वही वाला जो कांसेप्ट है ना कि प्रलय काल में वो संधि

221
00:16:08,160 --> 00:16:12,400
हो रही होगी तब वो आ जाएगा तो वो आएगा है ना वीरेंद्र

222
00:16:12,400 --> 00:16:16,560
दीक्षित कहीं पर जीवित है और दूसरा जो टुकड़ा है वो यह कहने लगा कि

223
00:16:16,560 --> 00:16:21,200
नहीं नहीं पहले वीरेंद्र दीक्षित के शरीर में आते थे और अब मेरे शरीर में आते हैं

224
00:16:21,200 --> 00:16:25,280
भगवान ज्ञान देने के लिए वही लेखराज वाला स्टाइल क्योंकि ब्रह्मा कुमारी

225
00:16:25,280 --> 00:16:30,480
से ही आया ना इसलिए खैर

226
00:16:30,480 --> 00:16:34,720
तो जो दो टुकड़े हुए उनमें जो एक टुकड़ा है

227
00:16:34,720 --> 00:16:38,880
वो वीरेंद्र देव दीक्षित का ही वकील है अमोल कोकने

228
00:16:38,880 --> 00:16:42,960
जो यह कह रहा है जो यह दावा कर रहा है कि अब मेरे अंदर भगवान आकर के

229
00:16:42,960 --> 00:16:46,960
ज्ञान दे रहे हैं वही ज्ञान जो दो कौड़ी का है अगर

230
00:16:46,960 --> 00:16:51,200
सामने से बात हो जाए तो पांच 10 मिनट से ज्यादा नहीं वो आप लोग जानते

231
00:16:51,200 --> 00:16:55,280
होंगे कितनी देर का व्यक्ति होगा वो खैर मैंने बहुत बार ट्राई

232
00:16:55,280 --> 00:16:59,280
किया कि भाई उससे बात हो जाए सामने से पर वो जैसे

233
00:16:59,280 --> 00:17:03,520
चोर होता है ना जिसको मालूम होता है कि भाई मैं मेरा कहीं भी टिक नहीं पाऊंगा।

234
00:17:03,520 --> 00:17:07,600
तो इसी तरीके से जो अमोल कोकने है वह भागा करता है और इस समय

235
00:17:07,600 --> 00:17:12,880
मामला गंभीर इतना हो गया है कि अमोल कोकने का जो सार्वजनिक नंबर है

236
00:17:12,880 --> 00:17:17,360
अमोल कोकने ने वो स्विच ऑफ कर रखा है। जबकि एफआईआर

237
00:17:17,360 --> 00:17:21,360
वो करा रहे हैं स्मार्ट पर। परंतु इस समय मोबाइल नंबर

238
00:17:21,360 --> 00:17:25,360
बंद है अमोल कोकने का। यह खतरे की घंटी है उसके लिए।

239
00:17:25,360 --> 00:17:29,840
अमोल कोकने हो सकता है तू बहुत बड़ी अपनी सल्तनत

240
00:17:29,840 --> 00:17:34,880
बना लेता। हो सकता है बहुत बड़ा तू एंपायर खड़ा कर लेता।

241
00:17:34,880 --> 00:17:38,960
बहुत बड़ा अपना ब्रह्मा कुमारी जैसा कल तू भी खड़ा कर लेता। रामपाल जैसा कल

242
00:17:38,960 --> 00:17:42,960
तू भी खड़ा कर लेता। पर तुझसे गलती हो गई।

243
00:17:42,960 --> 00:17:46,080
एक गलती हो गई।

244
00:17:46,080 --> 00:17:46,580
तूने

245
00:17:46,560 --> 00:17:51,120
शरिता शर्मा की बिटिया को अपने यहां ले आया।

246
00:17:51,120 --> 00:17:55,120
ये गलती हो गई। तूने उससे संपर्क कर लिया।

247
00:17:55,120 --> 00:17:59,280
ये गलती हो गई। और यह गलती वैसी गलती

248
00:17:59,280 --> 00:18:04,000
जैसे रावण ने गलती कर दी थी। सब सही चल रहा था।

249
00:18:04,000 --> 00:18:08,240
बढ़िया जैसे वो चाहता था वैसे करता था। पर उसने एक गलती

250
00:18:08,240 --> 00:18:12,640
कर दी। सीता माता को अपने घर ले आया।

251
00:18:12,640 --> 00:18:17,040
अपने काल को अपने घर ले आया। बस तेरे

252
00:18:17,040 --> 00:18:21,600
जीवन में भी यह जो बिटिया है यह उसी तरीके से है

253
00:18:21,600 --> 00:18:25,680
जो तेरा तथाकथित जो तू अपना भगवान का चोला ओढ़ करके

254
00:18:25,680 --> 00:18:30,160
और लोगों को बेवकूफ बना करके अंधविश्वास फैला करके

255
00:18:30,160 --> 00:18:35,040
जो तू अपना साम्राज्य खड़ा करना चाहता है गीता

256
00:18:35,040 --> 00:18:39,040
के नाम पर हनुमान जी के नाम पर उस सब में

257
00:18:39,040 --> 00:18:43,360
आग लग जाएगी केवल एक लड़की की वजह से वह लड़की जो सरिता

258
00:18:43,360 --> 00:18:47,520
शर्मा की बेटी यह नोट कर ले आज तू स्ट पेपर

259
00:18:47,520 --> 00:18:51,520
में लिख ले सरिता शर्मा की बेटी जो है वही तेरे

260
00:18:51,520 --> 00:18:55,680
इस पूरे साम्राज्य का जो भी तूने अपने सपने देखे होंगे उसके

261
00:18:55,680 --> 00:18:59,840
अंत का कारण बनने वाली है तेरा जो

262
00:18:59,840 --> 00:19:01,680
उल्टी गिनती शुरू हो चुकी तू

263
00:19:01,680 --> 00:19:06,080
शायद देख नहीं पा रहा है हालांकि तू तो भगवान है तेरे अंदर तो भगवान आते हैं

264
00:19:06,080 --> 00:19:08,560
पर

265
00:19:08,560 --> 00:19:14,000
मैं देख रहा हूं और मैंने बहुतों को देखा इसी तरीके से अंत होते हुए

266
00:19:14,000 --> 00:19:18,160
तो तेरी उल्टी गिनती शुरू हो चुकी और अगर

267
00:19:18,160 --> 00:19:22,320
तेरी जगह मैं होता तेरी जगह अगर मैं होता

268
00:19:22,320 --> 00:19:26,400
तो मैं तो सबसे पहले ये करता कि भैया क्यों

269
00:19:26,400 --> 00:19:30,480
मैं बवाल लूं अपने यहां बिठा करके रखा है अपने काल को पहले

270
00:19:30,480 --> 00:19:34,480
इसको हटाऊ यहां से तब देखूंगा बाद की बात तो अब ऐसी

271
00:19:34,480 --> 00:19:38,640
जगह जगह से तेरे ऊपर प्रहार होने वाले हैं मुलकोक ने कि तू

272
00:19:38,640 --> 00:19:42,800
सोच भी नहीं सकता है तूने बहुतों के साथ ये सब

273
00:19:42,800 --> 00:19:46,880
किया होगा। बहुतों का ब्रेन वाश किया होगा। बहुतों को अपने यहां ले गया होगा। पर

274
00:19:46,880 --> 00:19:51,760
तूने एक गलती कर दी। इस बेटी को ले जाकर के तूने गलती कर दी।

275
00:19:51,760 --> 00:19:55,920
और यही तेरे पतन का कारण बनने वाली है।

276
00:19:55,920 --> 00:20:00,640
जो तू ये सब बाबागिरी करता है ना बैठकर के

277
00:20:00,640 --> 00:20:05,200
जो भी मैं बताऊंगा क्या-क्या बाबागिरी करता है। तेरे वीडियोस का वो ट्रांसक्रिप्ट

278
00:20:05,200 --> 00:20:09,280
निकाला है मैंने। हनुमान जी के लिए तूने क्या बोला? शिव जी के

279
00:20:09,280 --> 00:20:13,600
लिए क्या बोला? लड़कियों को तू क्या बोलता है कि समर्पण

280
00:20:13,600 --> 00:20:16,960
कैसे करो यह सारी बातें हम लोग देख रहे हैं और जानता

281
00:20:16,960 --> 00:20:21,520
है ना शंकराचार्य के शिष्य कौन होते हैं शंकराचार्य की सेना कौन होती है शंकराचार्य

282
00:20:21,520 --> 00:20:25,680
कौन होते हैं है ना तो

283
00:20:25,680 --> 00:20:29,920
अब ऐसे ऐसे लोग तेरे उसमें कूद पड़े

284
00:20:29,920 --> 00:20:34,000
हैं इस युद्ध में कूद पड़े हैं राम

285
00:20:34,000 --> 00:20:40,000
मंदिर के केस लड़ने वाले तेरे समक्ष खड़े हो चुके हैं

286
00:20:41,360 --> 00:20:45,520
तो यही तेरे जीवन की सबसे बड़ी गलती हो गई कि तू अपने सारे

287
00:20:45,520 --> 00:20:49,600
षड्यंत्र करता रहता धर्म के नाम पर 50 लोग 100 झूठ रोज बोलते हैं तू

288
00:20:49,600 --> 00:20:53,600
भी बोल रहा था बोलता रहता बस संयोग से तेरा

289
00:20:53,600 --> 00:20:58,160
प्रारब्ध था कुछ ऐसा जो पता नहीं कौन सी

290
00:20:58,160 --> 00:21:02,800
स्थिति ऐसी खराब रही होगी जो तूने सरता शर्मा की बेटी

291
00:21:02,800 --> 00:21:07,760
पर भी अपना वही षड्यंत्र डाल दिया

292
00:21:07,760 --> 00:21:11,760
और उसको बता बता के गीता का ज्ञान यह वो एंड ऑल एंड

293
00:21:11,760 --> 00:21:16,000
ऑल ये सब बता तू के अपने ले गया। ठीक है।

294
00:21:16,000 --> 00:21:20,240
अच्छा उसको ले जाने की कहानी भी मैं बता देता हूं। पर बताने

295
00:21:20,240 --> 00:21:24,480
से पहले फिर से मैं एक बार कहूंगा कि अमोल कोकने

296
00:21:24,480 --> 00:21:27,280
जो है

297
00:21:27,280 --> 00:21:31,360
तेरे पतन का कारण यही बिटिया बनने वाली है जो तेरे यहां

298
00:21:31,360 --> 00:21:35,360
पालम में बैठी हुई है और तू जानता नहीं है अभी क्या क्या

299
00:21:35,360 --> 00:21:39,600
होने वाला है जितना तू सोच रहा है ना मैं बच जाऊंगा बच जाऊंगा अभी कहां

300
00:21:39,600 --> 00:21:44,400
कहां से क्या-क्या चीजें आने वाली है तुम सोच भी नहीं पाओगे

301
00:21:44,400 --> 00:21:48,560
और तुमने सामग्री पर्याप्त प्रदान कर रखी है कार्यवाही

302
00:21:48,560 --> 00:21:52,720
नहीं करने के लिए वो मैं अभी बताऊंगा कौन-कौन सी सामग्रियां है

303
00:21:52,720 --> 00:21:56,800
कैसे तुम हिंदुओं को हिंदुत्व के ही नाम पर भगवान के

304
00:21:56,800 --> 00:22:00,800
ही नाम पर भगवान से दूर कर रहे हो अध्यात्म के ही नाम पर अध्यात्म

305
00:22:00,800 --> 00:22:04,960
से दूर कर रहे हो मर्यादा के नाम पर मर्यादा से दूर कर रहे हो धर्म के नाम पर धर्म

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00:22:04,960 --> 00:22:09,520
से दूर कर रहे हो ये सारी सामग्री हमारे पास है

307
00:22:09,520 --> 00:22:13,760
और इसका एक बहुत बड़ा श्रेय एक बहुत बड़ा क्या

308
00:22:13,760 --> 00:22:17,840
इसका पूरा श्रेय शता शर्मा को जाता है जो उन्होंने मेहनत

309
00:22:17,840 --> 00:22:21,840
से लगन से पीछे पड़ी रही। हार नहीं मानी। नहीं और लोग

310
00:22:21,840 --> 00:22:22,800
थक के बैठ जाते हैं।

311
00:22:22,800 --> 00:22:27,040
ठीक है एक्सेप्ट कर लिया। हारने का भी अलग मजा है। कुछ लोग ऐसा

312
00:22:27,040 --> 00:22:31,040
करते हैं ना हारने का भी अलग ही आनंद होता है। कुछ करना नहीं पड़ता।

313
00:22:31,040 --> 00:22:35,520
कुछ लोग ऐसे भी होते हैं। मगर ये इन्होंने हार नहीं मानी। कर्मवादी

314
00:22:35,520 --> 00:22:40,240
कारस्ते मा फले कदाचना। उसका नतीजा है।

315
00:22:40,240 --> 00:22:44,480
अब इस युद्ध में बहुत दिग्गज दिग्गज लोग कूद

316
00:22:44,480 --> 00:22:48,800
पड़े हैं। ठीक है? खैर

317
00:22:48,800 --> 00:22:52,960
तो यह तो रही अमोल कोकने के बारे में एक

318
00:22:52,960 --> 00:22:57,040
संक्षिप्त जानकारी। अब मैं थोड़ा सा इस

319
00:22:57,040 --> 00:23:00,320
पर प्रकाश डालता हूं

320
00:23:00,320 --> 00:23:04,320
कि वह आप लोग वीडियो देख सकते हैं। ऑपरेटर से

321
00:23:04,320 --> 00:23:09,440
कहूंगा कि वो उस वीडियो का कुछ थोड़ा सा चलचित्र यहां चला दें जिससे कि लोग

322
00:23:09,440 --> 00:23:13,440
देख लें उस वीडियो को। तो उसमें पूरी कहानी

323
00:23:13,440 --> 00:23:17,440
इन्होंने डिटेल से बताई है कि कैसे-कैसे इनकी बिटिया को क्या-क्या कहा

324
00:23:17,440 --> 00:23:21,440
जाता था। मां के बारे में क्या कहा जाता था और कैसे उसको जब

325
00:23:21,440 --> 00:23:25,520
तक वह 18 साल की नहीं हुई थी। कैसे उसको बरगलाया जाता

326
00:23:25,520 --> 00:23:30,080
था कि तुम अगर यह तो तुम्हारी देह के माता-पिता हैं

327
00:23:30,080 --> 00:23:34,240
और इनका साथ तो यही तक है। तुम्हारा वो तुम्हारे पिता तो वो हैं जो

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00:23:34,240 --> 00:23:38,080
यह वो ऐसे करके और यह महत्वपूर्ण नहीं है।

329
00:23:38,080 --> 00:23:42,080
और अगर बिटिया अपनी मां के लिए इमोशनल हो रही है तो उसको समझाया जाता था कि अपनी

330
00:23:42,080 --> 00:23:46,080
मां के उद्धार का कारण भी तुम ही हो। तुम्हारे कारण तुम्हारी मां का

331
00:23:46,080 --> 00:23:50,400
उद्धार हो जाएगा। तो यह इमोशनल भी दे दिया कि अगर इमोशनल कार्ड

332
00:23:50,400 --> 00:23:54,560
के कारण अगर वह ना जाना चाहे अपनी मां को छोड़ के तो

333
00:23:54,560 --> 00:24:00,480
मां के फाय मां का भी फायदा दिखा दो। उसमें माता जी का भी फायदा ही है।

334
00:24:00,480 --> 00:24:02,960
और

335
00:24:02,960 --> 00:24:07,200
बहुत सारे लालच यह वीडियो है हमारा।

336
00:24:07,200 --> 00:24:11,280
सर्व आन कॉल धर्मा पर है। आप लोग इसको देख सकते हैं। इसमें

337
00:24:11,280 --> 00:24:15,280
पूरी कहानी है क्या-क्या बरगलाया जाता था और कैसे कैसे तो

338
00:24:15,280 --> 00:24:19,360
खैर ये सारे लोभ भय लालच वगैरह दे के बहुत

339
00:24:19,360 --> 00:24:23,520
सारी चीजें दिखा के उसको बिटिया को ले जाया गया और सरिता

340
00:24:23,520 --> 00:24:27,600
जी ने अपनी एक बुक भी लिखी है जो मैंने दिखाई है कई

341
00:24:27,600 --> 00:24:33,600
बार Amazon पर अवेलेबल है। दिखा देता हूं।

342
00:24:39,120 --> 00:24:43,200
ब्रेकिंग फ्री ए मदर्स प्रॉमिस। यह सरिता जी की अपनी

343
00:24:43,200 --> 00:24:47,360
आत्मकथा है जो उन्होंने लिखी है और Amazon पे

344
00:24:47,360 --> 00:24:52,480
अवेलेबल है। आप लोग पढ़ना चाहे तो पढ़ सकते हैं। इंग्लिश में है

345
00:24:52,480 --> 00:24:58,480
हिंदी में भी लिखवा रही है क्योंकि वह दक्षिण भारत की हैं तो उन्होंने

346
00:24:59,310 --> 00:25:04,560
[गला साफ़ करने की आवाज़] इंग्लिश में लिखना ही उनके लिए सहज था। खैर

347
00:25:04,560 --> 00:25:08,560
तो इस तरीके से और उस बिटिया को यह तक

348
00:25:08,560 --> 00:25:12,560
कहा गया कि भाई जिस दिन तुम 18 की हो जाओ 18 से पहले तक

349
00:25:12,560 --> 00:25:16,640
अपनी माताजी को भनक मत पड़ने देना कि तुम कुछ ऐसा प्लानिंग कर रही हो

350
00:25:16,640 --> 00:25:21,120
छोड़ के जाने वाली कुछ भी तो फिर

351
00:25:21,120 --> 00:25:25,280
उसने 18 तक बिल्कुल नहीं महसूस होने दिया कि वो कहीं जा सकती है और जिस

352
00:25:25,280 --> 00:25:29,440
दिन वो 18 की हो गई उसके बाद प्लानिंग शुरू हो गई बता दिया गया कि तुम

353
00:25:29,440 --> 00:25:35,120
निकलने से पहले वो कानून का जो फायदा उठाया जाता है ना वो उठाया गया

354
00:25:35,120 --> 00:25:39,440
कि 18 साल के हो गए तो लेटर लिख के भेज दो जगह जगह

355
00:25:39,440 --> 00:25:43,600
कि भैया मैं अपनी मर्जी से जा रही हूं। मुझे कोई परेशानी नहीं है। मुझे अपनी मां से थ्रेट

356
00:25:43,600 --> 00:25:47,680
है। मुझे अपनी मां से प्रोटेक्शन चाहिए और मैं जाके वहां रहूंगी। मैं अपनी स्पिरिचुअल

357
00:25:47,680 --> 00:25:51,680
साधना करने के लिए जा रही हूं। वो सब पूरा पट्टी पढ़ा दी गई थी। आज भी

358
00:25:51,680 --> 00:25:54,240
वह बिटिया पट्टी पड़ी हुई है और

359
00:25:54,240 --> 00:25:58,240
वह जो पट्टियां उसको पढ़ाई गई है वह पट्टियां चकनाचूर हो सकती है 10

360
00:25:58,240 --> 00:26:02,400
मिनट में अमोल कोकने से कोई शास्त्र व्यक्ति कोई

361
00:26:02,400 --> 00:26:06,640
तार्किक व्यक्ति सनातन सिद्धांतों को जानने वाला व्यक्ति अमोल

362
00:26:06,640 --> 00:26:10,640
कोकने से सामने से बात कर ले आधे घंटे में अमोल कोकने का अब्बा

363
00:26:10,640 --> 00:26:14,640
डब्बा चब्बा बेटी बिटिया को दिखाई दे जाएगा आधे

364
00:26:14,640 --> 00:26:18,720
घंटे में वैसे तो पांच 10 मिनट में ही चालू हो जाएगा मगर आधे घंटे में

365
00:26:18,720 --> 00:26:22,800
पूरा एक निष्कर्ष निकल के आ जाएगा पर वह सिचुएशन तो अमोल

366
00:26:22,800 --> 00:26:26,800
को अपने जैसे लोग लाने नहीं देंगे ना वो तो रामपाल की तरह कूलर

367
00:26:26,800 --> 00:26:30,800
लेकर के दावे करेंगे कि चर्चा कैसे होगी बस मैं अपना ज्ञान बताऊंगा

368
00:26:30,800 --> 00:26:35,280
तुम अपना ज्ञान बताना ये दावे करेंगे वो

369
00:26:35,280 --> 00:26:39,360
तो ये इस तरीके से इनकी बिटिया को इनसे

370
00:26:39,360 --> 00:26:43,360
छीना गया जिसके बाद की कहानी आपको बताया ही है कि पूरे भारत में

371
00:26:43,360 --> 00:26:48,400
घूम घूम करके इन्होंने जगह-जगह मदद के लिए भीख मांगी दरवाजे खटखटाए

372
00:26:48,400 --> 00:26:52,640
कहीं से इनको कुछ आश्वासन मिले, कहीं से इनको ठोकर मिली,

373
00:26:52,640 --> 00:26:57,280
कहीं से इनको विरोध मिला। मगर इन्होंने हार नहीं मानी। अंतत गतवा बलपूक

374
00:26:57,280 --> 00:27:01,600
अपनी बिटिया को वापस लाने का प्रयास किया। उसके बाद

375
00:27:01,600 --> 00:27:05,600
इन पर मां पर ही एक मां पर ही अपनी बेटी

376
00:27:05,600 --> 00:27:09,520
को अगवा करके किडनैप करके ले जाने का आरोप लगा। एफआईआर दर्ज

377
00:27:09,520 --> 00:27:14,080
हुई। उतने पर भी इन

378
00:27:14,080 --> 00:27:18,080
निर्दयी लोगों का जी नहीं भरा। और ये लोग हाई कोर्ट पहुंच गए अपने

379
00:27:18,080 --> 00:27:22,160
लिए गड्ढा खोदने। कि भैया इसमें सीबीआई की जांच कराइए।

380
00:27:22,160 --> 00:27:26,240
तब हाई कोर्ट ने फटकार लगाई है और अभी तो अंगड़ाई

381
00:27:26,240 --> 00:27:30,400
है। आगे बहुत लड़ाई है। अमोल कोक ने यह बात यह

382
00:27:30,400 --> 00:27:35,840
मैसेज तुम्हारे लिए है। अभी अंगड़ाई है। आगे बहुत लड़ाई है।

383
00:27:35,840 --> 00:27:40,160
तुम्हारे जैसे होता है ना कि भाई एस ए फिटनेस

384
00:27:40,160 --> 00:27:44,240
वीक अगर अपने स्वास्थ्य पर ध्यान

385
00:27:44,240 --> 00:27:48,320
दे देने वाला कोई व्यक्ति है उससे पूछिए। तो वह देखता है

386
00:27:48,320 --> 00:27:52,480
कि अपने घर में ही उसने बहुत सारी ऐसी चीजें रख रखी हैं जो उसके

387
00:27:52,480 --> 00:27:56,480
उसकी अस्वस्थता का कारण है।

388
00:27:56,480 --> 00:28:00,800
जो स्लो पोइजन है जो उसको खत्म कर रही है। बहुत सारी चीजें होती है जो आजकल

389
00:28:00,800 --> 00:28:04,800
के जो सामान्य रसोई घर होते हैं उसमें मिल जाएंगी। पाम ऑयल

390
00:28:04,800 --> 00:28:09,040
से बने हुए बिस्किट्स होंगे जिसमें हाइड्रो हाइड्रोजनरेटेड

391
00:28:09,040 --> 00:28:13,200
ऑयल होगा, ब्रेड होगी, रिफाइंड ऑयल होगा जिसमें केमिकल्स होते

392
00:28:13,200 --> 00:28:17,280
हैं बहुत सारे। यह सारी चीजें आपको सामान्यता रसोई में मिल

393
00:28:17,280 --> 00:28:21,520
जाती है। और जो भी व्यक्ति जानता है

394
00:28:21,520 --> 00:28:24,560
खाद्य पदार्थों के बारे में, हेल्थ के बारे में, न्यूट्रिशन

395
00:28:24,560 --> 00:28:28,640
के बारे में तो वह यह समझता है कि हमने तो अपने अस्वस्थता के कारण

396
00:28:28,640 --> 00:28:32,640
को घर में ही रख रखा है। तो ऐसे ही जो प्रबुद्ध जन है जो

397
00:28:32,640 --> 00:28:36,800
अब इस कहानी को देख रहे हैं और जो भी देखेगा वह

398
00:28:36,800 --> 00:28:40,960
यह जानेगा कि अमोल कोकने ने अपनी तबाही अपने

399
00:28:40,960 --> 00:28:44,960
ही यहां अपने भवन में पालम वाले उसमें वो जो देव सिंह नाम का व्यक्ति

400
00:28:44,960 --> 00:28:48,960
है उसके घर में देव सिंह वो है जिसके साथ हमने चर्चा

401
00:28:48,960 --> 00:28:53,200
की थी खड़े खड़े जो चर्चा हुई थी पालम वाली चर्चा उसका भी दिखा दीजिएगा

402
00:28:53,200 --> 00:28:57,200
चित्र ऑपरेटर जी पालम वाली जो चर्चा हुई है तो देव सिंह का वो

403
00:28:57,200 --> 00:29:01,520
घर है जिसमें कि अमोल कोकने ने अपना

404
00:29:01,520 --> 00:29:05,840
फिलहाल ठिकाना बना रखा है और भी कहीं होंगे ठिकाने

405
00:29:05,840 --> 00:29:09,920
और यह अपना वो सड़ा हुआ जो तथाकथित

406
00:29:09,920 --> 00:29:14,320
हिंदुत्व का आध्यात्मिकता का जो ज्ञान है वो विद्यालयों

407
00:29:14,320 --> 00:29:18,320
में जाकर के भी दे रहा है। पता नहीं वो कैसे विद्यालय होते हैं जो उसका ज्ञान सुन लेते हैं। अपने

408
00:29:18,320 --> 00:29:22,640
यहां आने देते हैं। खैर तो अच्छा इसकी

409
00:29:22,640 --> 00:29:27,040
एक चीज और है कि यह देव सिंह जो है यह अमोल कोकने जो है

410
00:29:27,040 --> 00:29:31,040
यह क्या कर रहा है कि स्वयं को सुरक्षित

411
00:29:31,040 --> 00:29:35,280
रखने के लिए अपने जो अनुयाई हैं सिपाही हैं जो मेन

412
00:29:35,280 --> 00:29:39,280
उनको आगे रख रहा है। तो बेचारे देव सिंह फस रहे हैं। अब देव सिंह फसेंगे उनकी

413
00:29:39,280 --> 00:29:39,780
पत्नी

414
00:29:39,600 --> 00:29:43,680
फसेंग जो चीजें आगे जब चीजें होंगी कारया होंगी

415
00:29:43,680 --> 00:29:48,080
तो उसमें देव सिंह उनकी पत्नी और जो इनके प्रमुख जो कैप्टेंस

416
00:29:48,080 --> 00:29:52,560
है ना इनको भी यह भी लपेटे में आएंगे और अमोल

417
00:29:52,560 --> 00:29:56,560
कोक ने यदि यह सोच रहा है कि मैं पीछे पर्दे के पीछे रह के खेलूंगा तो वह भी ऐसा

418
00:29:56,560 --> 00:30:01,600
नहीं होगा। वह भी लपेटे में आना ही है। अंतत गतवा खैर

419
00:30:01,600 --> 00:30:05,920
तो अमोल ने अपने ही घर में अपने नाश का कारण

420
00:30:05,920 --> 00:30:10,080
आध्यात्मिक विश्वविद्यालय तथाकथित अच्छा आध्यात्मिक विश्वविद्यालय

421
00:30:10,080 --> 00:30:14,640
की बात भी है। जहां तक मेरी जानकारी है सुप्रीम कोर्ट से आदेश हुआ है कि विश्वविद्यालय

422
00:30:14,640 --> 00:30:18,880
लिख नहीं सकते। तो वह भी एक बात है कि फेक तरीके से वो विश्वविद्यालय

423
00:30:18,880 --> 00:30:22,960
लिखा जा रहा है। बहुत सी चीजें हैं जब कारवाई होती तो कई प्रकार की

424
00:30:22,960 --> 00:30:27,840
हो जाती है। खैर अब बात आती है

425
00:30:27,840 --> 00:30:31,840
कि एज ए हिंदू अभी तक तो व्यष्टि की बात चल रही

426
00:30:31,840 --> 00:30:37,840
थी कि एक माता से उसकी बेटी छीनी गई। मगर एज ए हिंदू

427
00:30:38,160 --> 00:30:42,160
आपके समाज में आपकी बेटियों को आपके घर की मातृशक्तियों को क्या

428
00:30:42,160 --> 00:30:47,780
सिखाया जा रहा है आध्यात्मिकता के नाम पर आप देखिए। मैं बताने जा रहा हूं।

429
00:30:47,780 --> 00:30:51,840
[गला साफ़ करने की आवाज़] तो इनके कई वीडियोस है जिनकी

430
00:30:51,840 --> 00:30:54,720
ट्रांसक्रिप्ट निकाली है। जिसमें से

431
00:30:54,720 --> 00:30:58,720
पहली ट्रांसक्रिप्ट मैं पढ़ने जा रहा हूं। इसमें इसका हेडिंग

432
00:30:58,720 --> 00:31:03,360
है संपूर्ण समर्पण के संबंध में शिव बाबा के महावाक्य।

433
00:31:03,360 --> 00:31:07,440
अब ये शिव बाबा कौन है? जो जैसे लेखराज के शरीर में आते थे

434
00:31:07,440 --> 00:31:11,600
तो ऐसे ही इधर जो है वीरेंद्र दीक्षित के शरीर में आते

435
00:31:11,600 --> 00:31:17,280
थे। और यह शिव बाबा

436
00:31:17,280 --> 00:31:22,400
के यहां आकर के यह क्या कह रहे हैं?

437
00:31:22,400 --> 00:31:26,640
यह कन्याओं को सिखा रहे हैं कि आप

438
00:31:26,640 --> 00:31:30,720
अपने पूरे शरीर को

439
00:31:30,720 --> 00:31:35,600
भगवान के यानी जिसके शरीर में शिव बाबा आ रहे हैं उसको समर्पण कर दो।

440
00:31:35,600 --> 00:31:39,680
कैसे कह रहे हैं? देखिए जरा। समर्पण किसको

441
00:31:39,680 --> 00:31:44,000
कहा जाता है? जो तन मन धन संबंध समय सब में अर्पण हो।

442
00:31:44,000 --> 00:31:48,000
अगर मन को समर्पण कर दिया तो मन को बिना श्रीमत के यूज़ नहीं

443
00:31:48,000 --> 00:31:53,520
कर सकते। इसी तरीके से धन के लिए तन के लिए है।

444
00:31:53,520 --> 00:31:56,550
और

445
00:31:56,550 --> 00:32:01,280
[गला साफ़ करने की आवाज़] आगे लिखा है कन्या।

446
00:32:01,280 --> 00:32:05,360
कन्या सोचे सरेंडर हुई। अरे बाबा ने तो ऐसी बात बोल दी। तन भी सारा

447
00:32:05,360 --> 00:32:09,680
का सारा अर्पण करना पड़े। शरीर भी पूरा अर्पण करना पड़े। पूरा अर्पण

448
00:32:09,680 --> 00:32:13,840
करना पड़े। यह सिखाया जा रहा है कन्याओं को। पूरा अर्पण

449
00:32:13,840 --> 00:32:17,920
करिए। माने कोई भी अंग ऐसा ना रह जाए जो अर्पण किए बिना

450
00:32:17,920 --> 00:32:21,920
बगैर रह जाए। यह बाबा जो वीरेंद्र

451
00:32:21,920 --> 00:32:26,800
देव दीक्षित है उसके शरीर में आकर बाबा बोल रहे हैं तथाकथित।

452
00:32:26,800 --> 00:32:31,280
और यह वीरेंद्र देव दीक्षित का वीडियो वो वीरेंद्र देव दीक्षित जो घोषित

453
00:32:31,280 --> 00:32:35,920
अपराधी है जिसको कोर्ट से सजाएं मिली है उसके तथाकथित

454
00:32:35,920 --> 00:32:40,160
वीडियो जिसके कारण कई कई विक्टिम्स हैं

455
00:32:40,160 --> 00:32:44,480
और जिसके कारण वीरेंद्र देव दीक्षित एक्यूज था और

456
00:32:44,480 --> 00:32:45,760
उस वीरेंद्र देव दीक्षित

457
00:32:45,760 --> 00:32:50,000
की यह शिक्षाएं अमोल कोकने के चैनल पर पड़ी हुई है

458
00:32:50,000 --> 00:32:54,000
और यही बातें अमोल कोकने भी प्रोसीड कर रहा

459
00:32:54,000 --> 00:32:58,080
है आगे उसका प्रवाह कर रहा क्या कह रहा है कि

460
00:32:58,080 --> 00:33:02,080
कोई भी अंग ऐसा ना रह जाए। समझ रहे हैं ना आप? कहां जा रही

461
00:33:02,080 --> 00:33:06,320
है बात? कोई भी अंग ऐसा ना रह जाए जो

462
00:33:06,320 --> 00:33:10,560
अर्पण किए बगैर रह जाए। सारे अंग एक एक अंग अर्पण करना है।

463
00:33:10,560 --> 00:33:15,040
यह है आध्यात्मिक विश्वविद्यालय वीरेंद्र दीक्षित और अमोल कोकणी

464
00:33:15,040 --> 00:33:19,120
तथाकथित सो कॉल्ड आध्यात्मिक गुरु और तथाकथित सो

465
00:33:19,120 --> 00:33:23,200
कॉल्ड भगवान। अच्छा ऐसा नहीं है कानप

466
00:33:23,200 --> 00:33:27,200
अर्पण कर दिया हम बाबा की बातें बातें सुनेंगे

467
00:33:27,200 --> 00:33:32,080
और दुनिया में किसी की बातें नहीं सुनेंगे उससे काम चल जाएगा संपूर्ण

468
00:33:32,080 --> 00:33:36,480
समर्पण हो जाएगा नहीं कान अर्पण करेंगे नाक अर्पण नहीं करेंगे नाक और कान

469
00:33:36,480 --> 00:33:40,480
हाथ है सब अर्पण करेंगे मुंह अर्पण नहीं करेंगे खिचड़ी नहीं खाएंगे तो

470
00:33:40,480 --> 00:33:44,880
संपूर्ण अर्पण हुए हैं माने जितने भी अंग है जो भी इंद्रियां

471
00:33:44,880 --> 00:33:49,600
है सब अर्पण करनी पड़े तब कहेंगे तन पूरा अर्पण किया

472
00:33:49,600 --> 00:33:52,640
उसमें भी एक और

473
00:33:52,640 --> 00:33:56,800
पद लगा दिया। आगे कह रहे हैं अपन को अगर सरेंडर

474
00:33:56,800 --> 00:34:00,880
समझते हैं, सरेंडर है तो सरेंडर होने वालों के लिए क्या जरूरी है? पूरा तन

475
00:34:00,880 --> 00:34:05,200
अर्पण करना है, करना पड़े। तन पे ही बात हो रही है। वैसे तो

476
00:34:05,200 --> 00:34:09,680
तथाकथित लोग आत्मा की बातें करते हैं। मगर तन पे ही बात हो रही है।

477
00:34:09,680 --> 00:34:13,840
ये हमारी लड़कियों को हमारी बिटिया को समझाया जाता है इनके

478
00:34:13,840 --> 00:34:16,720
यहां।

479
00:34:16,720 --> 00:34:20,800
अच्छा तो सरेंडर होने वालों के लिए क्या जरूरी

480
00:34:20,800 --> 00:34:24,800
है? पूरा तन अर्पण करेगा। अर्पण करना पड़ेगा। ऐसा नहीं कि यह नहीं हो

481
00:34:24,800 --> 00:34:28,960
सकता। देखिए ऐसा नहीं कि यह नहीं हो सकता। यह भी होना है। सब

482
00:34:28,960 --> 00:34:33,280
कुछ होना है। सारे अंगों से होना है। कोई अंग नहीं रहना चाहिए।

483
00:34:33,280 --> 00:34:37,440
ऐसा नहीं कह सकते कि यह नहीं हो सकता। वो नहीं हो सकता। तब बाप का

484
00:34:37,440 --> 00:34:41,600
कहना होता है, उठाना देना होता है। यह अच्छी रही भक्तों की बात

485
00:34:41,600 --> 00:34:45,680
कि तेरा सो मेरा सब कुछ लेकिन मेरे हां मेरे को हाथ नहीं

486
00:34:45,680 --> 00:34:50,880
लगाना। वाह भाई तेरा घर मेरा तेरा सब कुछ मेरा क्या?

487
00:34:50,880 --> 00:34:56,880
तो ये समझा रहे हैं कि हाथ ना लगाने वाली बात मत कह देना।

488
00:34:57,920 --> 00:35:02,000
वह तो विश्व का पिता है। सारी दुनिया का पति है।

489
00:35:02,000 --> 00:35:06,080
विश्वापति भी है। तो उसका सब कुछ तेरा

490
00:35:06,080 --> 00:35:10,080
और वो जब संबंध जोड़ने की बात करे तो इनकार कर दे

491
00:35:10,080 --> 00:35:14,160
तो क्या कहेंगे कि संपूर्ण अर्पण हुआ या नहीं हुआ। यह सब

492
00:35:14,160 --> 00:35:18,320
वो बोल रहे हैं ना फ्लो में तो कहीं-कहीं पर बातें ऐसी है जो उसके मुख

493
00:35:18,320 --> 00:35:22,480
से आप सुनेंगे तो आपको समझ में आएगा कि एक्सैक्ट वो क्या कह रहा है। तो वो

494
00:35:22,480 --> 00:35:26,640
ट्रांसक्रिप्ट में है ना? अच्छा क्योंकि उसमें साथ में

495
00:35:26,640 --> 00:35:30,720
भाव भी होते हैं ना चेहरे के तो संबंध

496
00:35:30,720 --> 00:35:35,200
जोड़ने की बात करें तो इंकार कर दे तो क्या कहेंगे कि संपूर्ण अर्पण

497
00:35:35,200 --> 00:35:39,280
हुआ कि नहीं अर्पण हुआ तो बताया कि शरीर रूपी जो धनुष है

498
00:35:39,280 --> 00:35:45,280
इतना लचीला होना चाहिए इतना लचीला कि जैसे वो चलाना चाहे वैसे चलाए

499
00:35:46,460 --> 00:35:50,880
[गला साफ़ करने की आवाज़] तो ये सारी बातें अर्पण

500
00:35:50,880 --> 00:35:54,880
के बारे में की जा रही है। फिर सरेंडर के बारे में कहा जा रहा है धन

501
00:35:54,880 --> 00:36:00,880
बार-बार यही अर्पण सिखाया जा रहा है।

502
00:36:09,840 --> 00:36:13,120
अच्छा

503
00:36:13,120 --> 00:36:19,120
मुख्य रूप से अह

504
00:36:19,680 --> 00:36:24,400
जिसका जो शरीर सरेंडर करेगा उनको राजा का पद मिलेगा।

505
00:36:24,400 --> 00:36:28,640
शरीर सरेंडर करो और राजा का पद लो। तन

506
00:36:28,640 --> 00:36:32,720
से सरेंडर होना और कागज में सरेंडर होना यह अलग-अलग बातें हैं। कोई

507
00:36:32,720 --> 00:36:36,960
कागज से सरेंडर हो जाते तन से भी नहीं सरेंडर होते हैं। कोई जरूरी

508
00:36:36,960 --> 00:36:40,960
है कि जो कागज से सरेंडर हो जाते हैं वो तन से भी सरेंडर होते हैं। होना

509
00:36:40,960 --> 00:36:45,040
तो जरूर है। तो कागज के साथ साथ शरीर से सरेंडर

510
00:36:45,040 --> 00:36:49,040
और शरीर शरीर से जब सरेंडर तो कोई भी अंग ऐसा नहीं होना चाहिए जो

511
00:36:49,040 --> 00:36:53,040
बगैर सरेंडर के रह जाए और यह नहीं कह सकते कि छूना नहीं

512
00:36:53,040 --> 00:36:57,120
है। और यह नहीं कह सकते कि यह नहीं यह नहीं हो सकता वो नहीं हो सकता। जो

513
00:36:57,120 --> 00:37:01,440
बाबा कहेगा वही होना है। अच्छा फिर

514
00:37:01,440 --> 00:37:05,440
संपर्क और संबंध फिर देह के जो भी संबंधी हुए जिन जिन से

515
00:37:05,440 --> 00:37:09,680
संबंध जोड़ा है साकार जीवन में वो संबंधों की सारी ताकत

516
00:37:09,680 --> 00:37:13,680
ईश्वरी सेवा में लगा दो। वो संबंधी हमारा संबंधी तब तक है तब

517
00:37:13,680 --> 00:37:17,680
तक वो सारे बंधन की ताकत ईश्वरी सेवा में ना लगे। अगर वह सेवा में नहीं

518
00:37:17,680 --> 00:37:22,080
लगता तो संबंधी हमारा संबंधी नहीं है। यानी कि यदि मां

519
00:37:22,080 --> 00:37:26,400
अपनी बेटी के साथ उनहीं क्रियाकलापों

520
00:37:26,400 --> 00:37:30,560
में इन्वॉल्व नहीं हो रही है जो बिटिया को सिखाया जा रहा है या जो बिटिया

521
00:37:30,560 --> 00:37:35,760
को बरगलाया जा रहा है तो मां जो है वो तुम्हारी मां नहीं है।

522
00:37:35,760 --> 00:37:38,400
ऐसे ही

523
00:37:38,400 --> 00:37:42,560
फिर आगे इसी तरीके की बातें इसने की है जो बेबुनियाद सी चीजें हैं

524
00:37:42,560 --> 00:37:47,760
पांचप मिनट में जिनका

525
00:37:47,760 --> 00:37:52,240
काम तमाम होने वाली बातें हैं। खैर

526
00:37:52,240 --> 00:37:56,960
अच्छा अब देखिए क्या सिखाया जा रहा है इनके चैनल से

527
00:37:56,960 --> 00:38:00,960
सरेंडर कन्याओं के सबसे बड़े टेवड़ा दुश्मन कौन है?

528
00:38:00,960 --> 00:38:05,120
सबसे पहले मां बाद में मां बाप पहले मां

529
00:38:05,120 --> 00:38:09,680
ही क्यों? तो फिर आगे इन्होंने अपनी घुट्टी

530
00:38:09,680 --> 00:38:14,800
पिलाई है कि मां दुश्मन कैसे है? मां को दुश्मन के रूप में

531
00:38:14,800 --> 00:38:20,160
ख्यापित कर दिया एक बच्चे के जीवन में जिसके कारण आज

532
00:38:20,160 --> 00:38:24,320
वो बच्चा अपनी मां के विरोध में खड़ा हुआ है और कानून

533
00:38:24,320 --> 00:38:28,400
का फायदा किस तरह से उठाया जाता है वो इस संस्था को मालूम

534
00:38:28,400 --> 00:38:32,880
है। खैर वह

535
00:38:32,880 --> 00:38:36,960
भूल गया मैं बताना कि गुरुदेव की लाइब्रेरी में कानून की

536
00:38:36,960 --> 00:38:40,960
किताबें भी पढ़ी थी हमने तो वो क्या डायलॉग है

537
00:38:40,960 --> 00:38:45,440
वो है ना कानून अकेला तुम्हारा नहीं है

538
00:38:45,440 --> 00:38:50,240
अमोल वो वाली बात है

539
00:38:50,240 --> 00:38:50,960
अच्छा गीता

540
00:38:50,960 --> 00:38:55,040
सिखाते हैं गीता पे बात करते हैं भाई गीता के

541
00:38:55,040 --> 00:38:59,360
बारे में तो इतनी ये लोग फर्जी बातें करते हैं कि महाभारत काल्पनिक है गीता

542
00:38:59,360 --> 00:39:03,520
काल्पनिक है, सब काल्पनिक है और सब कुछ और सब कुछ सत्य भी है। आपको

543
00:39:03,520 --> 00:39:07,760
अपने से जोड़ने के लिए ये लोग गीता की बातें करेंगे और बाद में जाकर के कहेंगे

544
00:39:07,760 --> 00:39:11,760
कि गीता जो है काल्पनिक है, महाभारत काल्पनिक है। ये सब कभी घटित ही नहीं हुआ।

545
00:39:11,760 --> 00:39:17,200
अभी आगे देखिए हनुमान जी के बारे में बहुत

546
00:39:17,200 --> 00:39:23,200
अपमानजनक बातें की। आपत्तिजनक बातें की। जैसे रामपाल करता है ना वैसे ही

547
00:39:39,840 --> 00:39:43,840
अब यहां पे सिखा रहे हैं एक वीडियो में कि डरो मत

548
00:39:43,840 --> 00:39:48,320
लिखो विश्वविद्यालय क्या करेंगे जेल में डालेंगे किसको डालेंगे

549
00:39:48,320 --> 00:39:53,760
कोई भी मनुष्य इस सृष्टि पर नहीं है जो राइट और रोंग को समझता हो

550
00:39:53,760 --> 00:39:57,760
राइट यूनिवर्सिटी कौन सी है और रोंग यूनिवर्सिटी कौन सी है? अगर होता तो आवाज

551
00:39:57,760 --> 00:40:01,920
उठाता। अरे भाई तुम क्यों दुनिया भर का गड़बड़ करते हो? यह तुमने

552
00:40:01,920 --> 00:40:06,000
निकाला क्या? तो ये लोग तैयारी कर रहे हैं कि

553
00:40:06,000 --> 00:40:10,800
भाई तुम अपनी लिस्ट में से क्या निकालोगे? तुम्हारे हम आदि थोड़े हैं।

554
00:40:10,800 --> 00:40:15,280
इसलिए बाबा ने भी बोल दिया तुम बच्चे डरो मत। लिखो यूनिवर्सिटी

555
00:40:15,280 --> 00:40:19,440
लिखो। विश्वविद्यालय लिखो। उस बात पर जो विश्वविद्यालय लिखा नहीं जा सकता।

556
00:40:19,440 --> 00:40:23,520
क्या क्या करेंगे? क्या जेल में डाल देंगे? क्या हमने ऑफिस किया

557
00:40:23,520 --> 00:40:27,680
तो हमें जेल में डाल देंगे। किसको डालेंगे? तो वो सब

558
00:40:27,680 --> 00:40:30,480
बातें हैं।

559
00:40:30,480 --> 00:40:34,560
हां ये देखिए हनुमान जी के बारे में इसने लिखा और इस बिहाफ पर

560
00:40:34,560 --> 00:40:38,560
इसकी लिखित में शिकायत करने का कुछ लोगों ने प्रयास भी किया था और इसने

561
00:40:38,560 --> 00:40:41,360
वो जो

562
00:40:41,360 --> 00:40:46,240
वीडियो है अपने चैनल से डिलीट किया है। अरे कैसा व्यक्ति है भाई तू अमोल?

563
00:40:46,240 --> 00:40:50,240
तू भगवान बनता है। तेरे अंदर भगवान आ रहे हैं और तू वीडियो डाल के डिलीट

564
00:40:50,240 --> 00:40:54,240
करता है। रामोप भाषेते खैर ये सब बातें तेरी समझ से परे

565
00:40:54,240 --> 00:40:55,120
हैं।

566
00:40:55,120 --> 00:40:59,200
वो मिला नहीं ना सामने से बात नहीं हुई। श्री

567
00:40:59,200 --> 00:41:03,680
रामचंद्र जो धर्म है ना मर्यादा पुरुषोत्तम रामो विग्रह धर्म 337

568
00:41:03,680 --> 00:41:07,920
13 वाल्मीकि रामायण श्री रामचंद्र दो प्रकार

569
00:41:07,920 --> 00:41:12,720
की बातें नहीं करते। जो भी कहते हैं सोच समझ कर कहते हैं

570
00:41:12,720 --> 00:41:16,720
पढ़ ले थोड़ा बहुत काम आएगी पढ़ाई आने

571
00:41:16,720 --> 00:41:20,720
वाली है तो भाई तू कैसा व्यक्ति है तू दावा कर रहा है

572
00:41:20,720 --> 00:41:25,120
कि भाई तू भगवान है तो जब भगवान है तो तेरे मुख

573
00:41:25,120 --> 00:41:29,760
से निकलने वाली चीज तो बिल्कुल अक्षरस होनी चाहिए ना

574
00:41:29,760 --> 00:41:33,840
फिर तू उसको डाल के डिलीट कर रहा है गलती हो गई तुझसे

575
00:41:33,840 --> 00:41:38,560
खैर कोई बात नहीं हमने वो वो स्क्रीन रिकॉर्ड कर रखी है

576
00:41:38,560 --> 00:41:42,640
चैनल की है ना चिंता मत कर तो इसने क्या कहा है हनुमान जी के

577
00:41:42,640 --> 00:41:46,640
लिए देखिए आप तो हनुमान किसको कहा है शास्त्रों

578
00:41:46,640 --> 00:41:51,200
में जो बंदरों जैसा पुरुषार्थ करता है बंदर होता है

579
00:41:51,200 --> 00:41:55,440
बंदर होता है ना बंदर में बोलते हैं पांचों विकारों की प्रधानता

580
00:41:55,440 --> 00:41:59,600
है बंदर में हनुमान जी को बंदर बंदर कह रहा है अब बंदर

581
00:41:59,600 --> 00:42:03,600
में पांचों विकारों की प्रधानता है काम क्रोध लोभ मोह

582
00:42:03,600 --> 00:42:08,800
अहंकार पांचों है तो हनुमान जो है वह बंदरों का मुखिया

583
00:42:08,800 --> 00:42:10,160
और बोला कैसा बंदर

584
00:42:10,160 --> 00:42:14,480
है? बड़े घटिया तरीके से बोलता है व्यक्ति उसमें वीडियो में

585
00:42:14,480 --> 00:42:18,640
जैसे कोई बहुत बड़ा नशेबाज हो और बोला

586
00:42:18,640 --> 00:42:22,640
बंदर कैसा है? बंदर जैसा पुरुषार्थ करता है। घड़ी घड़ी

587
00:42:22,640 --> 00:42:26,960
विकार में जाना। अब ये देखिए क्या कह रहा है? घड़ी घड़ी विकार में जाना। घड़ी

588
00:42:26,960 --> 00:42:31,040
घड़ी डिस्चार्ज होना। हनुमान जी कौन है? जो घड़ी घड़ी

589
00:42:31,040 --> 00:42:35,120
डिस्चार्ज हो रहे हैं। डिस्चार्ज का मतलब समझ रहे हैं ना आप लोग? जो व्यस्क हो वह समझ ले।

590
00:42:35,120 --> 00:42:41,120
यह हनुमान जी के बारे में बोल रहा है।

591
00:42:48,560 --> 00:42:52,560
भक्ति के बारे में अनाप शनाप बोल रहा है। मंदिर जाने के बारे

592
00:42:52,560 --> 00:42:56,800
में विरोध कर रहा है। ये तथाकथित हिंदू हैं। जब हम लोग इनसे

593
00:42:56,800 --> 00:43:01,520
लड़ते हैं तो कहते आपस में क्यों लड़ रहे हो? यह है तदाकत हिंदू

594
00:43:01,520 --> 00:43:06,160
जो अब्राहमिक आईडियोलॉजी

595
00:43:06,160 --> 00:43:11,280
हमारे ही शब्दों में हमारे ही शास्त्रों के नाम पर बांट रहे हैं।

596
00:43:11,280 --> 00:43:15,360
इतनी मिलती जुलती इतना इंफ्रास्ट्रक्चर अपना खड़ा किया है कि

597
00:43:15,360 --> 00:43:19,520
व्यक्ति सोच ही नहीं पाता कि भैया ये तो हिंदू है ही नहीं। वैदिक है ही नहीं।

598
00:43:19,520 --> 00:43:23,760
भगवत गीता इनके लिए खेल है। भगवान राम खेल है। हनुमान

599
00:43:23,760 --> 00:43:27,280
जी खेल है इनके लिए।

600
00:43:27,280 --> 00:43:31,440
इतनी शर्म नहीं आई इसको यह बातें बोलते हुए हनुमान जी बार बार डिस्चार्ज होते

601
00:43:31,440 --> 00:43:37,440
हैं। यह बोल रहा है व्यक्ति किसने अधिकार दिया इसको?

602
00:43:38,320 --> 00:43:42,480
और यह व्यक्ति तथाकथित आध्यात्मिक गुरु है जो

603
00:43:42,480 --> 00:43:46,800
अगले युग में ले जाएगा देवता बनाएगा। वो तुमको देवता

604
00:43:46,800 --> 00:43:51,040
बनाने के नाम पर ना खुद यहां सारे भोग विलास

605
00:43:51,040 --> 00:43:55,840
कर रहा है। जिसके सपने दिखा के तुम तुमको

606
00:43:55,840 --> 00:43:59,920
वहां ले जाने की बात कर रहा है। उन सपनों के नाम पर वो अपना जीवन

607
00:43:59,920 --> 00:44:05,920
यहां पुष्ट कर रहा है कि मैं तुम्हें ले जाऊंगा।

608
00:44:07,120 --> 00:44:11,200
मंदिरों के लिए क्या कह रहा है? तो वो भक्ति का संसार है। भक्ति गलत है।

609
00:44:11,200 --> 00:44:15,360
सारा का सारा। हां जी। मंदिरों में जाते हैं, सिर झुकाना, पंडित जी के चरण

610
00:44:15,360 --> 00:44:19,520
छूना। तो यह सब भी भक्ति के संस्कार हुए। भक्ति का विरोध है

611
00:44:19,520 --> 00:44:23,600
भाई। तो वो तो भक्ति के ही संस्कार है। बाबा जी ने कहा अगर भक्ति के संस्कार में रहेंगे

612
00:44:23,600 --> 00:44:27,680
तो वो शरीर छोड़ना पड़ेगा। भक्ति भी नहीं करनी है। मंदिर नहीं जाना है, पैर नहीं

613
00:44:27,680 --> 00:44:31,760
छूना है। मगर ये लोग हिंदू है। कुछ लोग आएंगे कहेंगे भाई हिंदुओं

614
00:44:31,760 --> 00:44:35,840
को हिंदुओं से क्यों लड़ रहे हो? हिंदू है भाई। ये मंदिर नहीं जाना

615
00:44:35,840 --> 00:44:39,440
है, पैर नहीं छूना है।

616
00:44:39,440 --> 00:44:45,360
ये हिंदू है। और करना क्या है? अपने एक एक अंग को बाबा को दे दो।

617
00:44:45,360 --> 00:44:49,520
बाबा ने अपने साथ कितने पुरुषों को लिया हुआ है। प्रत्येक अंग को मांग

618
00:44:49,520 --> 00:44:53,520
रहा है ना। तो क्या पुरुषों से भी मांगता है कि केवल कन्याओं से

619
00:44:53,520 --> 00:44:57,520
ही मांग रहा है? यह भी बता देना बाबा। अमोल

620
00:44:57,520 --> 00:45:01,520
कोकने भी यही कहता है कि मुझे पार्टनर समझो। तो अमोल कोक

621
00:45:01,520 --> 00:45:05,920
ने मैं तुझसे पूछ रहा हूं कि पार्टनर के रूप में केवल

622
00:45:05,920 --> 00:45:10,240
जो तू अपने आप को पार्टनर के रूप में प्रस्तुत कर रहा है केवल मातृ शक्तियों

623
00:45:10,240 --> 00:45:14,320
के समक्ष प्रस्तुत करता है या पुरुषों के समक्ष भी प्रस्तुत करता है और जो यह बात

624
00:45:14,320 --> 00:45:18,320
कह रहा है कि एक भी अंग ऐसा नहीं होना चाहिए कि जो बगैर समर्पण के

625
00:45:18,320 --> 00:45:22,720
रह जाए तो ये केवल मातृ शक्तियों से बोल रहा है कि पुरुषों से भी बोलता है

626
00:45:22,720 --> 00:45:27,680
उस तरह का व्यक्ति है क्या तू यह भी बता देना भाई

627
00:45:27,680 --> 00:45:31,760
खैर आगे चलते हैं जिनको

628
00:45:31,760 --> 00:45:37,360
बुद्धि में

629
00:45:37,360 --> 00:45:43,360
इसी तरह की घिनौनी बातें इसमें बार-बार आ रही है। इतना पढ़े

630
00:45:44,320 --> 00:45:49,200
कुल मिलाकर के पर्याप्त सामग्री हमें प्राप्त है।

631
00:45:49,200 --> 00:45:53,280
जिसके आधार पर यह अमोल कोकने का

632
00:45:53,280 --> 00:45:59,280
जो तथाकथित आध्यात्मिक विश्वविद्यालय है

633
00:45:59,760 --> 00:46:03,760
जो जिसमें तथाकथित वो इस संसार से दूसरे संसार

634
00:46:03,760 --> 00:46:08,160
में जाने की विद्या देता है। तो इसका जो तथाकथित विश्वविद्यालय

635
00:46:08,160 --> 00:46:12,160
है इसका पतन की कहानी काउंट डाउन शुरू हो गया है। और

636
00:46:12,160 --> 00:46:16,320
अगर अमोल कोकने वीडियो देख रहा है तो तू सुन ले भाई।

637
00:46:16,320 --> 00:46:20,560
यह हम नहीं कर रहे हैं। कोई नहीं कर रहा है। तेरे पतन

638
00:46:20,560 --> 00:46:24,640
का कारण तो तू स्वयं है। जो सरिता शर्मा की बिटिया को अपने

639
00:46:24,640 --> 00:46:28,640
वहां भवन में बिठा के रखा है ना और रख आराम

640
00:46:28,640 --> 00:46:32,880
से रख। जब तक वो बिटिया तेरे यहां पर बैठी हुई है।

641
00:46:32,880 --> 00:46:37,200
तू समझ ले तेरे गले पर तलवार लटकी हुई है।

642
00:46:37,200 --> 00:46:41,840
ये छोड़ेगी नहीं तुझे। और अब तो ऐसी चीजें चालू हो गई है कि

643
00:46:41,840 --> 00:46:46,080
बस उल्टी गिनती। सब

644
00:46:46,080 --> 00:46:50,320
कुछ तहसनहस होगा। जितना तूने सब अपना कल्ट का सपना देखा

645
00:46:50,320 --> 00:46:54,400
होगा वह पूरा साम्राज्य कालनी भी वही बी के जैसा पूरा खड़ा कर

646
00:46:54,400 --> 00:46:58,800
दूंगा। जितना तूने सपने देखे होंगे यह सेंटर जाऊंगा वो सेंटर जाऊंगा।

647
00:46:58,800 --> 00:47:03,360
यहां पे ये खोलना है। सब कुछ नष्ट होगा। सब

648
00:47:03,360 --> 00:47:07,360
कुछ तूने एक मां से उसकी बिटिया को छीना है ना। तो

649
00:47:07,360 --> 00:47:11,440
हम नहीं कर रहे हैं। तुमने खुद ही बिठा के रखा और मैं तो साक्षी

650
00:47:11,440 --> 00:47:15,120
हूं। देख रहा हूं। ऐसे ऐसे लोग इस युद्ध में जुड़ चुके हैं।

651
00:47:15,120 --> 00:47:19,280
तुम

652
00:47:19,280 --> 00:47:23,280
तुम्हारे लिए बहुत पर्याप्त है। अपने

653
00:47:23,280 --> 00:47:27,040
आप को अष्ट देव कहता है। ये

654
00:47:27,040 --> 00:47:33,040
अष्ट देवों में से एक।

655
00:47:34,560 --> 00:47:39,200
अच्छा यहां देखिए शिवलिंग के बारे में बात हो रही है।

656
00:47:39,200 --> 00:47:43,520
तो सच्ची पवित्रता किसे कहते हैं? सच्ची पवित्र पवित्रता किसे कहेंगे?

657
00:47:43,520 --> 00:47:47,520
यह भी वही रामपाल आर्य समाज सच्ची पवित्रता

658
00:47:47,520 --> 00:47:51,600
कहेंगे। शिवलिंग योनि में रखा हुआ है और रखा रहे

659
00:47:51,600 --> 00:47:56,160
और बुद्धि ऊपर लटकी रहे। बुद्धि माने

660
00:47:56,160 --> 00:48:00,480
मान मन बुद्धि रूपी आत्मा। वो

661
00:48:00,480 --> 00:48:04,480
नीचे ना गिरे मजा लेने के लिए। अच्छे से

662
00:48:04,480 --> 00:48:08,880
समझा कि नहीं समझा? यह तो भाषा है इसकी। उसकी

663
00:48:08,880 --> 00:48:12,880
तुमको पूजा करनी पड़ती है। सारी दुनिया में उसकी पूजा होती है। हर धर्म के लोग

664
00:48:12,880 --> 00:48:17,040
उसको पूजते हैं। नहीं समझ आया? नहीं आया? बहुत जल्दी

665
00:48:17,040 --> 00:48:21,440
समझ जाते हैं। खोल खोल के समझाया है। समझाया जाए तभी समझते हैं।

666
00:48:21,440 --> 00:48:25,440
वैसे चाहे जिंदगी भर गाना सुनाते रहो।

667
00:48:25,440 --> 00:48:30,000
गीता सुनाते रहो। बुद्धि में बात बैठेगी नहीं।

668
00:48:30,000 --> 00:48:30,500
और

669
00:48:30,320 --> 00:48:34,560
भी इसमें बहुत घिनौनी बातें हैं। पूरा पढ़ने के

670
00:48:34,560 --> 00:48:38,320
उसमें नहीं हूं मैं।

671
00:48:38,320 --> 00:48:42,400
जो कन्याएं सरेंडर होती हैं, कोई अपनी इच्छा से भाग कर आती है,

672
00:48:42,400 --> 00:48:46,800
कोई अपने माता-पिता की इच्छा से आती है। तो इनमें से कौन श्रेष्ठ है?

673
00:48:46,800 --> 00:48:50,800
जो सरेंडर हो रही है, जोर से बोलो। जो कन्याएं सरेंडर

674
00:48:50,800 --> 00:48:54,800
हो रही है, कोई तो अपनी इच्छा से होती है और कोई अपने माता-पिता की इच्छा से होती है। कोई

675
00:48:54,800 --> 00:48:58,880
भाग कर आती है। कोई कोई भाग के आते ना

676
00:48:58,880 --> 00:49:02,880
भाग के आते हैं तो अपनी इच्छा से ही होते हैं। या तो संसार ने उन्हें

677
00:49:02,880 --> 00:49:06,960
धक्के लगाए। रखों से परेशान होकर के आती हैं। या तो संसार में जो दुख

678
00:49:06,960 --> 00:49:11,200
फैले हुए हैं उन दुख दर्दों को सुनकर के भयभीत हुई पड़ी

679
00:49:11,200 --> 00:49:15,520
हैं तो आती है। अच्छा आप यह देखिए कि ज्यादातर यहां पर मातृ

680
00:49:15,520 --> 00:49:19,680
शक्तियों के पीछे पड़ा हुआ है ये पूरा विश्वविद्यालय का कल्ट ये अमोल कोक

681
00:49:19,680 --> 00:49:23,680
ने मातृ शक्तियों पर ज्यादा फोकस है। वो वीरेंद्र देव दीक्षित जिस पर आरोप लगे

682
00:49:23,680 --> 00:49:28,000
थे। तरहतरह के मुकदमे हुए थे वह भी मातृ शक्तियों को ही

683
00:49:28,000 --> 00:49:32,160
टारगेट कर रहा है और आगे भी वही हो रहा है। फिर

684
00:49:32,160 --> 00:49:36,560
क्या है? तो इसमें सबसे अच्छा कौन सा है जो मां-बाप

685
00:49:36,560 --> 00:49:40,880
की परमिशन से भी आए और अपनी स्वेच्छा से भी आए।

686
00:49:40,880 --> 00:49:44,880
मां-बाप को मनाए। अमृतवेल योग बल में बैठे।

687
00:49:44,880 --> 00:49:45,380
मां-बाप को

688
00:49:45,360 --> 00:49:49,440
रोज आधेआधे घंटे बैठकर के क्या दे? बाप की याद में वाइब्रेशन

689
00:49:49,440 --> 00:49:53,440
दे। जो काम वाचा से नहीं हो सकता। कर्मुणा से व्यवहार से

690
00:49:53,440 --> 00:49:57,600
नहीं हो सकता। कर्मुणा की सेवा से नहीं हो सकता। प्यार की दृष्टि से भी नहीं हो सकता।

691
00:49:57,600 --> 00:50:01,600
वह काम बाप की याद में जो वाइब्रेशन देंगे ना एकाग्र

692
00:50:01,600 --> 00:50:05,840
होकर के तो माता-पिता की बुद्धि भी बदल जाएगी।

693
00:50:05,840 --> 00:50:10,160
बाय चांस भाग के आने वाले ज्ञानी नहीं बने हैं। भाग खड़े हुए सरेंडर

694
00:50:10,160 --> 00:50:14,240
हो गए तो जब भी उन्हें इस ज्ञान की प्राप्ति हो जाए वह बुद्धि

695
00:50:14,240 --> 00:50:18,400
में ज्ञान बैठ जाए। क्या जिन माता-पिता ने हमको इस श्रेष्ठ शरीर का जन्म

696
00:50:18,400 --> 00:50:24,400
दिया जिस श्रेष्ठ शरीर के पुरुषार्थ के आधार पर हम ईश्वर को प्राप्त कर सके।

697
00:50:25,040 --> 00:50:31,040
अगर सरेंडर करके आ भी गए तो ज्ञान बुद्धि में जब से आए हैं तब से

698
00:50:32,480 --> 00:50:36,480
यह प्रयास करना शुरू कर दे कि अमृतवेले कम से कम क्या

699
00:50:36,480 --> 00:50:40,640
करें आधा घंटा

700
00:50:40,640 --> 00:50:44,880
तो यह माता-पिता की परमिशन से आओ या

701
00:50:44,880 --> 00:50:48,880
अपनी मर्जी से आओ सब कुछ विधान

702
00:50:48,880 --> 00:50:52,880
है। जबकि हमारे यहां पर शास्त्रों में लिखा हुआ है कि

703
00:50:52,880 --> 00:50:57,040
सन्यास की दीक्षा लेने के लिए सन्यास प्राप्त करने के लिए माता पिता की परमिशन

704
00:50:57,040 --> 00:51:01,040
चाहिए होती है। यह शास्त्र कहते हैं। सनातन धर्म कहता है और यहां

705
00:51:01,040 --> 00:51:05,280
तो मातृ शक्तियों को बुला लिया जा रहा है। उनको ना कोई ज्ञान है, ना कोई बोध है,

706
00:51:05,280 --> 00:51:09,520
ना उन्होंने गुरु के वचन सुने हैं और सीधे बुला लिया

707
00:51:09,520 --> 00:51:13,680
जा रहा है। और गुरु कौन है भाई?

708
00:51:13,680 --> 00:51:18,320
गुरु कौन है? वो भी एक विचारणीय बात है।

709
00:51:18,320 --> 00:51:23,760
अ आप वो दे दीजिए

710
00:51:23,760 --> 00:51:29,760
लिंक दे दीजिए शास्त्रवाद जी कोई आना चाहे तो उसमें

711
00:51:32,080 --> 00:51:36,240
वैचारिक समर्थन के लिए लिंक दिया जा रहा है। यदि किसी को वैचारिक मतभेद

712
00:51:36,240 --> 00:51:41,200
के निमित्त चर्चा करनी है

713
00:51:41,200 --> 00:51:45,200
तो वह हमारा नंबर पर WhatsApp कर

714
00:51:45,200 --> 00:51:50,630
सकता है। हमसे संपर्क कर सकता है और

715
00:51:50,630 --> 00:51:54,640
[खांसने की आवाज़] [गला साफ़ करने की आवाज़] वह जो यह नंबर शो हो रहा है अगर किसी

716
00:51:54,640 --> 00:51:59,360
को हमसे वैचारिक मतभेद के निमित्त चर्चा करनी है तो वह

717
00:51:59,360 --> 00:52:03,440
हमसे संपर्क कर सकता है और यह जो आध्यात्मिक विश्वविद्यालय कल्ट वाले

718
00:52:03,440 --> 00:52:07,440
लोग अगर देख रहे हैं अगर उनको लगता है कि उस सत्य के पक्षधर हैं

719
00:52:07,440 --> 00:52:11,520
और वह जो ज्ञान दे रहे हैं धर्म के नाम पर या आध्यात्मिकता के नाम पर भगवान के

720
00:52:11,520 --> 00:52:15,520
नाम पर जो भी दे रहे हैं अगर उनको लगता है कि उसमें दम है तो वह इस

721
00:52:15,520 --> 00:52:19,680
पर संपर्क करें और आमने सामने बैठकर के चर्चा करें। ठीक है? भागे

722
00:52:19,680 --> 00:52:23,760
नहीं चोरों की तरह। और चोरों की तरह जब तुम भाग रहे हो तो इससे सिद्ध होता है कि

723
00:52:23,760 --> 00:52:28,080
तुम्हारे पास कुछ नहीं है सिवाय लोगों को बेवकूफ बनाने के।

724
00:52:28,080 --> 00:52:32,240
ठीक है? और अगर दम है तो आके बैठ के सामने से बात करो।

725
00:52:32,240 --> 00:52:36,560
अपने वो जो तथाकथित दावे हैं उनको देखते हैं कि किस में दम है।

726
00:52:36,560 --> 00:52:41,920
कौन से सिद्धांत है तुम्हारे? [गला साफ़ करने की आवाज़]

727
00:52:41,920 --> 00:52:47,920
तो यहां पर जरा पढ़ के देख ले क्या बोल रहे हैं।

728
00:52:50,160 --> 00:52:54,160
गुप्त किया जाता वह अभी आपने डिस्प्ले

729
00:52:54,160 --> 00:52:58,960
किया था ना एक कमेंट

730
00:52:58,960 --> 00:53:03,840
एक कमेंट डिस्प्ले किया था ना

731
00:53:03,840 --> 00:53:07,920
बुद्ध वाला मैं पढ़ नहीं पाया क्या था वो कमेंट

732
00:53:07,920 --> 00:53:11,920
आवान भैया आपका धन्यवाद आपकी वजह से आज मैं एक

733
00:53:11,920 --> 00:53:16,720
बुद्धिस्ट की बोलती बंद कर पाया अ

734
00:53:16,720 --> 00:53:21,040
सनातन सिद्धांतों को रख पाए। जी ये परंपरा

735
00:53:21,040 --> 00:53:25,360
नाम का शस्त्र अस्त्र

736
00:53:25,360 --> 00:53:30,080
बहुत खतरनाक है। आप और

737
00:53:30,080 --> 00:53:35,360
पी सिंह दोनों ने मुझे इस काबिल बनाया है। धन्यवाद।

738
00:53:35,360 --> 00:53:39,440
पी सिंह कौन है? मैं जानता नहीं हूं। ठीक है। अच्छी बात है। बहुत अच्छी बात

739
00:53:39,440 --> 00:53:43,520
है। सनातन सिद्धांतों का प्रचार करें। उससे लोगों को

740
00:53:43,520 --> 00:53:49,520
जोड़ें। गुरु गोविंद और ग्रंथ से जोड़े लोगों को

741
00:54:06,870 --> 00:54:12,870
[गला साफ़ करने की आवाज़]

742
00:54:19,120 --> 00:54:23,840
शास्त्रवाद जी आ गए हैं। उनको ले लेते हैं। जय

743
00:54:23,840 --> 00:54:27,680
श्री राम शास्त्रवाद जी।

744
00:54:27,680 --> 00:54:32,560
जय श्री राम भैया जय श्री राम जय श्री राम

745
00:54:32,560 --> 00:54:35,440
एक मिनट

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00:54:35,440 --> 00:54:39,760
जी जी कुछ कह रहे थे बताइए

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00:54:39,760 --> 00:54:44,000
बोलिए बोलिए आप पहले आप आप ही बोल लीजिए पूरा बता

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00:54:44,000 --> 00:54:48,080
हां हां ये पूरा कर लूं बस एंडडी है तो

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00:54:48,080 --> 00:54:52,160
इसमें कुछ गुप्त तरीके से बच्चों को लेना देना

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00:54:52,160 --> 00:54:56,320
सिखाना बता रहे हैं बार-बार मैं वही चीजें पढ़ पढ़ के अपने

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00:54:56,320 --> 00:55:00,800
चित्त को अपवित्र नहीं कर सकता बहुत ज्यादा। वैसे ही दिन भर मुझे

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00:55:00,800 --> 00:55:04,800
तरह-तरह के लोगों के कॉल वगैरह आते रहते हैं जो जिनकी

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00:55:04,800 --> 00:55:08,960
मैंने रातों की नींद उड़ाई हुई है तो वो

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00:55:08,960 --> 00:55:13,280
कॉल करते हैं, कमेंट करते हैं तो वो सब तो मैं लेता ही रहता हूं।

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00:55:13,280 --> 00:55:17,600
अ मां-बाप से दूर करने के संबंध में तरह-तरह

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00:55:17,600 --> 00:55:21,600
की शिक्षाएं। सबसे घटिया

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00:55:21,600 --> 00:55:26,560
जो बातें हैं वह तो आपको सबसे शुरू में ही मैंने बता दी।

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00:55:26,560 --> 00:55:32,160
अच्छा एक चीज और है एक कमला देवी की बात है जिसको

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00:55:32,160 --> 00:55:34,480
कुछ

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00:55:34,480 --> 00:55:38,480
इन्होंने गलत तरीके से यूज किया है जिनके नाम को उन्होंने एक पत्र

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00:55:38,480 --> 00:55:42,560
लिखा है भाइयों बहनों और माताओं

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00:55:42,560 --> 00:55:46,640
मैं कमला देवी शर्मा आध्यात्मिक ईश्वरीय विश्वविद्यालय विजय विहार

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00:55:46,640 --> 00:55:50,640
को सन 2000 से निवेदन कर रही हूं कि मेरा इस संस्था के

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00:55:50,640 --> 00:55:54,960
संस्थापक वीरेंद्र देव दीक्षित से कोई संबंध नहीं है। मेरी मां पुष्पावती

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00:55:54,960 --> 00:55:59,280
शर्मा ने मेरी इच्छा के विरुद्ध सन 83 में मुझे जबरदस्ती सरेंडर

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00:55:59,280 --> 00:56:03,520
कराया था। लगभग 10 वर्ष की उम्र से संस्था में ले जाती

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00:56:03,520 --> 00:56:07,840
थी और मैं अपनी इच्छा के विरुद्ध अपनी इच्छा के विरुद्ध अपनी माताजी

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00:56:07,840 --> 00:56:11,840
के कारण सन 98 तक जुड़ी रही। 98 के बाद

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00:56:11,840 --> 00:56:16,160
मैंने धीरे-धीरे संस्था से अपने आप को अलग करना शुरू कर दिया। बाकी वीरेंद्र

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00:56:16,160 --> 00:56:20,560
देव दीक्षित से मेरा विवाह नहीं हुआ था। वीरेंद्र देव दीक्षित की

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00:56:20,560 --> 00:56:24,560
विवाहिता के नाम पर इसको प्रस्तुत करते हैं आध्यात्मिक विश्वविद्यालय वाले

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00:56:24,560 --> 00:56:29,360
तो ये क्लियर कर रही है एक पत्र के माध्यम से

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00:56:29,360 --> 00:56:32,320
ऐसा कुछ है

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00:56:32,320 --> 00:56:36,560
और शिवलिंग के सामने बैल दिखाया नहीं दिखाया

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00:56:36,560 --> 00:56:40,560
नंदी बैल ये नंदी बैल जो है उसका शिवलिंग की जो

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00:56:40,560 --> 00:56:45,680
जलधारी की जो नाली है उसकी तरफ है नाली है

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00:56:45,680 --> 00:56:49,680
तो खैर अब निकृष्ट प्रवृत्ति के

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00:56:49,680 --> 00:56:54,160
लोग हैं तो निकृष्ट बातें ही इनके मुख से निकलेंग। कुल मिलाकर के

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00:56:54,160 --> 00:56:58,240
अमोल कोकने ने किस प्रकार से शरिता शर्मा जी

780
00:56:58,240 --> 00:57:02,880
की बिटिया को अपने तथाकथित आध्यात्मिक

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00:57:02,880 --> 00:57:07,360
ज्ञान से जो है प्रभावित किया। उसको बहलाया फुसलाया

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00:57:07,360 --> 00:57:10,080
और प्रतीक्षा की कि 18 वर्ष की आयु में

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00:57:10,080 --> 00:57:14,240
वो किस प्रकार से अपनी माता को धोखा देकर के वहां से निकले और

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00:57:14,240 --> 00:57:19,040
वह निकली और अपने यहां पर उसको जो है रखा

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00:57:19,040 --> 00:57:23,280
और उसके बाद इस मां ने किस प्रकार से अपनी बेटी

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00:57:23,280 --> 00:57:27,360
के लिए युद्ध लड़ा ये सब आप लोगों ने जाना। यह संस्था

787
00:57:27,360 --> 00:57:31,520
किस प्रकार से हम हिंदुओं के लिए हानिकारक है। किस प्रकार की बातें

788
00:57:31,520 --> 00:57:35,520
फैला रही है। फिर वह भले ही किसी के शरीर में भगवान के आने की बात

789
00:57:35,520 --> 00:57:39,520
हो, हमारे ही शास्त्रों का नाम लेकर हमारे ही शास्त्रों के अपमान

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00:57:39,520 --> 00:57:43,760
की बात हो, उनको कल्पना कहे जाने की बात हो या फिर उनका गलत

791
00:57:43,760 --> 00:57:47,760
अर्थ प्रस्तुत करने की बात हो या फिर उनमें दिए गए जो पात्र हैं,

792
00:57:47,760 --> 00:57:51,600
घटनाएं हैं

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00:57:51,600 --> 00:57:54,960
विरुद्ध जाकर के कोई भी

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00:57:54,960 --> 00:57:58,960
दृष्टांत सुनाने की बात हो या फिर उनका भी अपमान करने की

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00:57:58,960 --> 00:58:03,120
बात हो। जैसे अभी आपने हनुमान जी और शिवलिंग इत्यादि के विषय में

796
00:58:03,120 --> 00:58:07,280
देखा और या फिर सीधे तौर पर हमारे घर की बहू बेटियों को समझाया

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00:58:07,280 --> 00:58:11,280
जा रहा हो कि तुम्हें समर्पण कैसे करना है। कैसे एक-एक अंग को तुम्हें

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00:58:11,280 --> 00:58:15,280
समर्पित कर देना है और किसी भी चीज के लिए मना नहीं करना है कि यह नहीं

799
00:58:15,280 --> 00:58:19,440
करना है कि वो नहीं करना है। छूने से मना नहीं करना है। पकड़ने से मना

800
00:58:19,440 --> 00:58:23,440
नहीं करना है। सोच के देखिए। तो कैसे दीमक की तरीके

801
00:58:23,440 --> 00:58:27,600
से किस प्रकार की विचारधारा बनाई जा रही है। यह सब आपने जाना।

802
00:58:27,600 --> 00:58:31,920
इस मार्ग के अथक प्रयासों को आपने जाना और अंतत

803
00:58:31,920 --> 00:58:36,080
गतवा आपने जाना कि अमोल कोकने की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी

804
00:58:36,080 --> 00:58:40,160
है। अमोल कोकने ने जो भी अपने सपने देखे हैं

805
00:58:40,160 --> 00:58:44,400
तथाकथित आध्यात्मिक विश्वविद्यालय को लेकर के वो पनप सकते थे। बहुत से लोग पनप

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00:58:44,400 --> 00:58:48,480
रहे हैं। तुम भी एक पनप जाते हो। बस गलती हो गई। तुमने

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00:58:48,480 --> 00:58:52,800
सरिता शर्मा जी की बिटिया को ले आए अपने। यह गलती हो गई तुमसे

808
00:58:52,800 --> 00:58:56,800
और अभी भी बिठाए हुए हो। और इसका गलती का सबसे बड़ा

809
00:58:56,800 --> 00:59:00,800
जो प्रतीक है इस पतन का जो दतक है

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00:59:00,800 --> 00:59:05,200
वह क्या है? आज अमोल कोक ने अपना वो नंबर जो

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00:59:05,200 --> 00:59:06,960
वो कहते हैं कि मेरे अंदर भगवान

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00:59:06,960 --> 00:59:11,200
आते हैं। मैं अष्ट देव में से एक हूं। वो अमोल खोक ने वो अष्ट

813
00:59:11,200 --> 00:59:15,440
देव आज अपना नंबर स्विच ऑफ करके बैठे हैं। क्यों बैठे हैं? कोई भी व्यक्ति

814
00:59:15,440 --> 00:59:19,440
सामने आकर के बात नहीं कर सकता। ये जो फलाना एडवांस ज्ञान और ये

815
00:59:19,440 --> 00:59:24,560
ढिमका ज्ञान ये सब बका करते हैं। बात नहीं करने की हिम्मत है।

816
00:59:24,560 --> 00:59:29,440
क्यों नहीं कर सकते? भागे भागे फिर रहे हैं।

817
00:59:29,440 --> 00:59:33,680
स्विच ऑफ कर रखा है अपना नंबर। यह जो स्विच ऑफ है अमोल कोकने

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00:59:33,680 --> 00:59:37,680
का नंबर यही इस बात का द्योतक है कि अमोल कोकने का पतन

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00:59:37,680 --> 00:59:42,880
शुरू हो चुका है। पतन का कारण है वो बिटिया जो इसके ही

820
00:59:42,880 --> 00:59:47,120
उस तथाकथित आध्यात्मिक विश्वविद्यालय नाम के भवन में रह रही है।

821
00:59:47,120 --> 00:59:51,200
जहां पे इसके जो सिपाही बैठे हुए हैं वह देव

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00:59:51,200 --> 00:59:55,520
सिंह और उसकी पत्नी और जो भी हैं आगे

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00:59:55,520 --> 00:59:59,680
और मैं अगर इसकी जगह होता अमोल कोकनी की जगह तो मैं सबसे पहले

824
00:59:59,680 --> 01:00:03,760
इस बला को बाहर निकालता भाई तू जा यहां से। फिर बाद में देखूंगा

825
01:00:03,760 --> 01:00:07,760
कैसे बचना है। खैर वो दो

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01:00:07,760 --> 01:00:11,920
प्रकार के टीचर होते हैं। एक होता है सस्ता

827
01:00:11,920 --> 01:00:16,000
टीचर और एक होता है महंगा टीचर। जो सस्ता टीचर होता

828
01:00:16,000 --> 01:00:20,160
है ना वह आपको फ्री में मिलता है। फ्री में सलाह देता

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01:00:20,160 --> 01:00:22,240
है। परामर्श देता है। हमारे अपने

830
01:00:22,240 --> 01:00:26,480
हमारे गुरुजन, हमारे माता पिता, बड़े भाई बहन ये सब सस्ते टीचर

831
01:00:26,480 --> 01:00:30,880
होते हैं। हमने कुछ इनको पे नहीं किया मगर ये हमको बार-बार

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01:00:30,880 --> 01:00:35,280
मार्गदर्शन देते रहते हैं। पर हम नहीं सीखते, नहीं समझते।

833
01:00:35,280 --> 01:00:40,160
वैसे ही आज ये सस्ता टीचर तुझे बता रहा है। पर तुझे नहीं समझ में आएगा।

834
01:00:40,160 --> 01:00:44,480
दूसरा टीचर जो होता है ना महंगा टीचर उससे सब लोग सीख लेते हैं

835
01:00:44,480 --> 01:00:47,920
और वह होता है अनुभव

836
01:00:47,920 --> 01:00:51,920
इधर मत जा गड्ढा है गिर जाएगा तो व्यक्ति उसकी बात

837
01:00:51,920 --> 01:00:56,000
नहीं सुनी सस्ता टीचर आगे जाके गड्ढे में गिर गए चोट

838
01:00:56,000 --> 01:01:00,080
लगी टाके आए चार उसके बाद उसको समझ में आया

839
01:01:00,080 --> 01:01:04,080
इधर से नहीं जाना है ये महंगा टीचर है उसको पे

840
01:01:04,080 --> 01:01:08,080
करते हैं कष्ट लेते हैं तो महंगे टीचर की बात ही इसको

841
01:01:08,080 --> 01:01:12,080
समझ में आएगी ऐसे लोगों को और मुझे आनंद आएगा।

842
01:01:12,080 --> 01:01:16,400
मुझे आनंद आएगा। मुझे अच्छा लगेगा कि तुम मेरी बात जो

843
01:01:16,400 --> 01:01:21,600
है वो मत सुनो। क्योंकि फिर जो

844
01:01:21,600 --> 01:01:25,680
युद्ध बहुत कम रह जाएगा ना। फिर तुमने अगर बिटिया को हटा दिया अपने यहां

845
01:01:25,680 --> 01:01:30,000
से तो फिर बात शुरू होते ही खत्म सी लगने लगेगी। इसलिए

846
01:01:30,000 --> 01:01:34,240
नहीं अब तो वो है ना वह छत

847
01:01:34,240 --> 01:01:37,440
विच्छत साम्राज्य है बड़ा चोर विपत्ति

848
01:01:37,440 --> 01:01:41,520
विराजे है ढोल मृदंग नगाड़े घंटे शंख बिगुल

849
01:01:41,520 --> 01:01:45,680
सब बाजे है द्वंदी शत्रु है मार्ग

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01:01:45,680 --> 01:01:49,840
में खड़ा अस्त्र शस्त्र अस्त्र शस्त्र सब साजे है

851
01:01:49,840 --> 01:01:54,400
युद्ध विराम नाभ होगा जीवन मृत्यु सब आज है

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01:01:54,400 --> 01:01:58,400
रणभूमि में घमासान विकट विवत्स प्रचंड है

853
01:01:58,400 --> 01:02:02,880
अंत नहीं है आहान मेरा यह तो संघर्ष प्रारंभ है

854
01:02:02,880 --> 01:02:07,040
अंत नहीं आहान मेरा यह तो संघर्ष प्रारंभ है

855
01:02:07,040 --> 01:02:13,040
जी शास्त्रवाद जी बोले

856
01:02:17,760 --> 01:02:23,760
शास्त्रवाद जी सुन रहे हैं

857
01:02:42,320 --> 01:02:46,800
अभी कोई और भी जुड़े थे। यह हमारा कल जो पटना

858
01:02:46,800 --> 01:02:51,680
में शास्त्र चर्चा हुई थी अवतार विषय पर

859
01:02:51,680 --> 01:02:55,760
वह कल 10:00 बजे रिलीज होगा। पब्लिक हो जाएगा

860
01:02:55,760 --> 01:03:00,080
यह वीडियो। आप लोग देख सकते हैं। काफी कुछ

861
01:03:00,080 --> 01:03:04,240
चीजें समझ में सीखने वाली हैं इस वीडियो में। और यहां पर भी लिंक

862
01:03:04,240 --> 01:03:08,560
दिया जा रहा है। पर वैचारिक मतभेद के निमित्त

863
01:03:08,560 --> 01:03:14,560
नहीं विचार विमर्श के लिए यदि आना हो तो आप आ सकते हैं।

864
01:03:18,390 --> 01:03:22,720
[गला साफ़ करने की आवाज़] मुझे लिंक जरा WhatsApp में भी दे दीजिए

865
01:03:22,720 --> 01:03:28,720
जो ग्रुप है

866
01:03:45,040 --> 01:03:49,040
लाइव स्ट्रीम का लिंक डाल दीजिए पब्लिक में कमेंट में भी डाल दीजिए

867
01:03:49,040 --> 01:03:55,040
और यहां ग्रुप में भी दे दीजिए।

868
01:03:58,800 --> 01:04:03,120
ये लाइव स्ट्रीम का लिंक है क्या? ये मुझे लगता है

869
01:04:03,120 --> 01:04:09,120
उसका लिंक है। अ

870
01:04:16,680 --> 01:04:20,800
[गला साफ़ करने की आवाज़] [नाक से की जाने वाली आवाज़] बताएं शिवांश

871
01:04:20,800 --> 01:04:26,800
जी सुन रहे हैं।

872
01:04:30,480 --> 01:04:34,480
बिल्कुल हर गांव में सनातनी मित्रों को तैयार करना है और हम

873
01:04:34,480 --> 01:04:38,480
लोग एक फज़ टू चालू करने जा रहे हैं। अभी तक

874
01:04:38,480 --> 01:04:42,800
हमने वैचारिक क्रांति लाए हैं। ऑनलाइन

875
01:04:42,800 --> 01:04:45,440
अ

876
01:04:45,440 --> 01:04:51,440
क्या कहते हैं ये

877
01:04:56,560 --> 01:05:00,960
अब जो है धरातल पर कुछ कार्य करना है और जो लोग

878
01:05:00,960 --> 01:05:05,280
फेज टू में साथ आना चाहे यह समझ लीजिए फेज टू में जो

879
01:05:05,280 --> 01:05:09,760
काफी जरूरत पड़ने वाली है अर्थ की तो जो लोग संपन्न हैं

880
01:05:09,760 --> 01:05:14,000
अर्थ से जुड़ जुड़ सकते हैं अर्थ से सहायता कर सकते हैं क्योंकि धरातल पर

881
01:05:14,000 --> 01:05:18,240
बहुत सारे कार्य हैं जो करने हैं आप ही के माध्यम से होंगे आप ही के शहर

882
01:05:18,240 --> 01:05:22,240
में जहां पर आप निवास करते हैं तो अर्थ के माध्यम से जो लोग जुड़

883
01:05:22,240 --> 01:05:26,560
सकते हैं वो अवश्य जुड़े क्योंकि फेज टू जो अब हम चालू करने वाले हैं धरातल

884
01:05:26,560 --> 01:05:30,880
पर उसका समय आ चुका आहान का फेज टू

885
01:05:30,880 --> 01:05:35,120
अभी तक हमने ऑनलाइन के जरिए बहुत सारे युद्ध लड़े हैं। लड़ भी रहे हैं। धरातल

886
01:05:35,120 --> 01:05:39,120
पर भी लड़ रहे हैं। पर अब धरातल पर कुछ और तरीकों

887
01:05:39,120 --> 01:05:43,920
से सामने आना है।

888
01:05:43,920 --> 01:05:47,920
यहां पर मीटिंग का लिंक दिया गया है। शुक्ल जी आप चैट

889
01:05:47,920 --> 01:05:51,920
में ऊपर जाइए। यह लिंक दिया है उसको आप टच

890
01:05:51,920 --> 01:05:55,680
करके जुड़ सकते हैं।

891
01:05:55,680 --> 01:06:01,600
और

892
01:06:01,600 --> 01:06:05,600
एक कोई व्यक्ति है। यह इसने अजीब तरीके का नाम लिखा

893
01:06:05,600 --> 01:06:09,680
हुआ है। इनसे ऑपरेटर जी इनसे जरा

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01:06:09,680 --> 01:06:13,760
पूछे कौन है? क्या है? इन्ह इनका नाम ही अजीब सा इन्होंने लिखा हुआ

895
01:06:13,760 --> 01:06:19,760
है।

896
01:08:39,600 --> 01:08:45,600
अब आ रही है वॉइस वॉइस आ रही है अब

897
01:08:50,000 --> 01:08:56,000
एक मिनट देखता हूं मैं

898
01:08:59,360 --> 01:09:03,920
ठीक है तो अब आ रही है आवाज जी बोले हरिहर अभेद जी अपना

899
01:09:03,920 --> 01:09:08,240
अन म्यूट कर लीजिए माइक जी सुंश भाई राम राम

900
01:09:08,240 --> 01:09:13,440
राम राम राम राम जय श्री राम

901
01:09:13,440 --> 01:09:17,440
वैसे नाम इसलिए रख के आया था आपने देखा होगा मैं निग्र आचार्य

902
01:09:17,440 --> 01:09:22,800
जी को देखता हूं तो उसके लिए थोड़ा क्षमा करें

903
01:09:22,800 --> 01:09:27,600
हेलो हेलो जी जी बोले बोले

904
01:09:27,600 --> 01:09:31,600
जी तो जो वाद विवाद है जैसे

905
01:09:31,600 --> 01:09:35,600
अब सामने वाला जैसे आर्य समाधि है या कोई और वो निराकार ब्रह्म

906
01:09:35,600 --> 01:09:39,840
को मान रहा है। ठीक है? निराकार शास्त्र सम्मत

907
01:09:39,840 --> 01:09:44,000
वाणी से उसका विरोध कैसे करें और पूर्णत जो है कर्मणा

908
01:09:44,000 --> 01:09:48,160
का पूर्णत विरोध कैसे करें? श्रुति से चाहे स्मृति से चाहे किसी

909
01:09:48,160 --> 01:09:52,160
भी शास्त्र से श्रुति शास्त्रों में भर भर के साकार की

910
01:09:52,160 --> 01:09:56,560
बातें हुई है ना श्रुति शास्त्रों में स्मृति शास्त्रों में और ये सब चैप्टर्स

911
01:09:56,560 --> 01:10:00,640
हमने पढ़ाए भी हैं। बहुत सारे इनेटिव वीडियोस बनाए। बहुत सारी

912
01:10:00,640 --> 01:10:04,640
तर्क और प्रमाण के आधार पर डिस्कशन भी हुए हैं। वह सब पड़े हुए हैं।

913
01:10:04,640 --> 01:10:08,640
आप चेक करें लिस्ट को। सनातन सिद्धांत नाम की एक लिस्ट है

914
01:10:08,640 --> 01:10:12,800
प्लिस्ट उसमें वीडियोस हैं। और बाकी हमारी

915
01:10:12,800 --> 01:10:17,280
क्लासेस भी चलती है। उसमें भी जुड़ सकते हैं आप। ठीक है?

916
01:10:17,280 --> 01:10:21,360
तो तो ये तो आर्य के नाम पे सर बहुत अशिष्टता

917
01:10:21,360 --> 01:10:25,760
करते हैं। मैंने जो है एक चैट ग्रुप में सर मैं गया था।

918
01:10:25,760 --> 01:10:28,960
उसमें जो है लाइव

919
01:10:28,960 --> 01:10:33,280
उसको पता है उसको यहां पर

920
01:10:33,280 --> 01:10:37,520
क्या कहते हैं उसको प्रचारित करने की आवश्यकता नहीं है वो सब ज्ञात

921
01:10:37,520 --> 01:10:41,600
है और उस पर हम सम्यक रूप से जो कर सकते हैं सामर्थ की सीमा

922
01:10:41,600 --> 01:10:45,920
में वो कर रहे हैं थोड़ा थोड़ा श्री जी पर बोल दीजिए श्री

923
01:10:45,920 --> 01:10:49,760
राधा भगवती पर

924
01:10:49,760 --> 01:10:54,160
क्या भगवती राधा प्रमाणिक है और

925
01:10:54,160 --> 01:10:58,160
जो भगवती के रूप में जब भगवान अपने आप को प्रकट करते हैं तो तो एक

926
01:10:58,160 --> 01:11:02,240
रूप उनका वो राधा होता है। राधा के रूप में जो ब्रह्म है वो को प्रकट

927
01:11:02,240 --> 01:11:06,240
करते हैं। और अगर वैसे देखा जाए श्री कृष्ण के समकक्ष रखते हुए तो उनकी जो

928
01:11:06,240 --> 01:11:10,320
आलादनी शक्ति होती है वो शक्ति जिसमें प्रेम रस होता

929
01:11:10,320 --> 01:11:14,320
है तो वो राधा जी

930
01:11:14,320 --> 01:11:18,560
को कहा गया है। कुछ लोग कहते हैं मामा

931
01:11:18,560 --> 01:11:24,000
की पत्नी बन गई थी वो भगवान की और छाया छाया सीता

932
01:11:24,000 --> 01:11:28,080
उन सबका निराकरण दे चुके हैं और आप

933
01:11:28,080 --> 01:11:32,240
एक ग्रंथ ले लीजिए पुराण दिगदर्शन उसमें इन सब बातों का निराकरण दिया गया

934
01:11:32,240 --> 01:11:36,240
है। ठीक है

935
01:11:36,240 --> 01:11:42,240
जी [गला साफ़ करने की आवाज़] शास्त्रवाद जी जय श्री राम

936
01:11:46,640 --> 01:11:52,400
शास्त्रवाद जी जय श्री राम

937
01:11:52,400 --> 01:11:56,480
जय श्री राम भैया आवाज आ रहा है हां अब आ रहा है

938
01:11:56,480 --> 01:12:00,800
आवाज बोलिए

939
01:12:00,800 --> 01:12:04,880
सर नेटवर्क प्रॉब्लम है तो पता नहीं कैसे मैं

940
01:12:04,880 --> 01:12:09,360
बार-बार निकल जा रहा हूं यहां से। जी तो

941
01:12:09,360 --> 01:12:13,360
आपने तो बताया है जो तो बहुत ही बहुत

942
01:12:13,360 --> 01:12:17,360
ही अधिक सच्चाई है इन लोगों की जो इस तरह से बोलते

943
01:12:17,360 --> 01:12:21,600
हैं होना तो नहीं चाहिए। इस तरह से बोलना नहीं चाहिए था। वो

944
01:12:21,600 --> 01:12:26,800
जो

945
01:12:26,800 --> 01:12:31,760
मुझे लग रहा है शास्त्रवाद जी के साथ नेटवर्क का इशू चल रहा है।

946
01:12:31,760 --> 01:12:35,760
वो भी ठीक से ज्वाइन कर नहीं पा रहे हैं। और यह शास्त्रवाद जी का

947
01:12:35,760 --> 01:12:40,160
चैनल है जहां पर वो भी वैचारिक

948
01:12:40,160 --> 01:12:44,560
क्रांति लाने का एक बिगुल उन्होंने भी बजाया है।

949
01:12:44,560 --> 01:12:49,040
तो आप उन्हें फॉलो करें जरूर। शास्त्रवाद जी के चैनल को।

950
01:12:49,040 --> 01:12:53,120
ठीक है? तो हमने पर्याप्त सामग्री जो जानकारी आवश्यक थी

951
01:12:53,120 --> 01:12:57,200
और जोड़ रहा हूं हां हां

952
01:12:57,200 --> 01:13:01,280
बोलिए बोलिए हेलो जी जी आ रही है आवाज आ

953
01:13:01,280 --> 01:13:06,320
रही है बोलिए

954
01:13:06,320 --> 01:13:10,560
मैं मैं जोड़ रहा हूं एक मिनट में पता नहीं मेरा नेटवर्क लॉक हो रहा है अभी आपको आवाज

955
01:13:10,560 --> 01:13:14,800
आ रहा है हेलो

956
01:13:14,800 --> 01:13:19,040
जी आ रही है आवाज आ रही है आपकी बोलिए भाई

957
01:13:19,040 --> 01:13:23,200
भाई जिसके भी जिसको भी लगता है कि उसके पास कुछ कुछ ऐसा

958
01:13:23,200 --> 01:13:27,680
है। ये संत रामपाल जी कौन है भाई?

959
01:13:27,680 --> 01:13:32,000
वही तो नहीं है जो दो 16 में बोलता है कि आत्मा नित्य नहीं है।

960
01:13:32,000 --> 01:13:38,000
आत्मा का भी अभाव था। वही है क्या रामपाल?

961
01:13:38,160 --> 01:13:44,160
जो पहले कहता है कि

962
01:13:44,720 --> 01:13:49,120
गीता के आधार पर कहता है कि भाई जो

963
01:13:49,120 --> 01:13:53,200
हट योग है इंद्रियों को वश में हालांकि वह पूरे में इंद्रियों को वश

964
01:13:53,200 --> 01:13:57,440
में करने की बात भी कहता है मगर एक जगह पर कहता है कि हट पूर्वक इंद्रियों

965
01:13:57,440 --> 01:14:01,440
को वश में नहीं करना चाहिए ठीक है अब अब यह जो हठ योग है

966
01:14:01,440 --> 01:14:05,520
ना इसके लिए ही आगे आया है कि यह योग जो है ना

967
01:14:05,520 --> 01:14:09,920
तो ज्यादा खाने वाला कर पाता है ना कम कम खाने वाला मतलब वो

968
01:14:09,920 --> 01:14:14,160
ऐसा उसमें प्रतीत हो सकता है कि वो व्रत की बात हो रही है मगर किस

969
01:14:14,160 --> 01:14:18,800
योग को साधने के लिए हठ योग को है

970
01:14:18,800 --> 01:14:22,800
जिस हठ योग को साधना ही नहीं है उसको साधने के लिए कहा जा रहा

971
01:14:22,800 --> 01:14:26,960
है रामपाल के अनुसार कि व्रत नहीं करना है तो व्रत का खंडन

972
01:14:26,960 --> 01:14:31,120
रामपाल क्यों कर रहा है कि हठ योग हठ

973
01:14:31,120 --> 01:14:35,760
योग करना है और रामपाल के अनुसार हठ योग करना ही नहीं है। रामपाल

974
01:14:35,760 --> 01:14:39,840
के अनुसार जिस रेफरेंस से वो व्रतों का खंडन करता है

975
01:14:39,840 --> 01:14:44,000
वो जो खंडन है वह हठ योग के समर्थन में है। यदि आपको

976
01:14:44,000 --> 01:14:50,000
हठ योग का समर्थन करना है तो आपको अह

977
01:14:52,240 --> 01:14:56,240
यदि आपको हठ योग का समर्थन में है तो आपको यह वाला जो

978
01:14:56,240 --> 01:15:00,240
योग है यह करना है जिसमें बहुत ज्यादा खाया नहीं जाता बहुत ज्यादा सोया नहीं

979
01:15:00,240 --> 01:15:04,240
जाता है ना तो एक जगह तो खुद ही हठ योग का विरोध

980
01:15:04,240 --> 01:15:08,480
कर रहा है और फिर आगे चलकर के उसके समर्थन के लिए जो बात की जा रही है

981
01:15:08,480 --> 01:15:14,480
उसके आधार उसके आधार पर फिर व्रत का विरोध भी कर रहा है

982
01:15:14,480 --> 01:15:18,240
संदीप राम स्नेही जी

983
01:15:18,240 --> 01:15:24,240
आप अपना चेहरा दिखाएं जी बोले शास्त्रवाल जी

984
01:15:24,480 --> 01:15:29,040
जी जी भैया मेरा नेटवर्क अभी ठीक आ रहा होगा थोड़ा सा

985
01:15:29,040 --> 01:15:33,200
हां आ रहा है जी जी बोलिए ये सब

986
01:15:33,200 --> 01:15:37,760
जो ये जो आपने बताया अभी उसे जो

987
01:15:37,760 --> 01:15:42,000
लोग बोलते हैं हम तो ये बहुत ही

988
01:15:42,000 --> 01:15:46,320
बहुत यही निंदनीय है जो जो लोग इस तरह से बोलते हैं अपना समर्पण

989
01:15:46,320 --> 01:15:50,480
करने के लिए ताकि जी ताकि जो है

990
01:15:50,480 --> 01:15:55,120
वो संभवत उन स्त्रियों का शोषण कर सके।

991
01:15:55,120 --> 01:15:59,360
ऐसा भी ऐसा भी हो सकता है।

992
01:15:59,360 --> 01:16:03,440
तो ये जो लोग सच्चाई को नहीं समझते वो लोग ये सब

993
01:16:03,440 --> 01:16:07,600
जाल में ऐसे फंसते जाते हैं कि फिर उनको सोचता नहीं है। वो दलदल

994
01:16:07,600 --> 01:16:11,920
में पूरे अंदर चल जाते हैं। और वही हो रहा था।

995
01:16:11,920 --> 01:16:16,080
जी और ये बहुत अच्छा है जो कि अब इनके ऊपर भी कारवाई होने वाला है

996
01:16:16,080 --> 01:16:20,240
और कारवाई चालू हो चुकी है और और देखिए परमाणु

997
01:16:20,240 --> 01:16:24,800
बदल रहे हैं। आज जो है हाई कोर्ट ने फटकार लगाई है

998
01:16:24,800 --> 01:16:28,960
इसका जो नंबर है बंद है और इसको अपना वो हनुमान जी वाला

999
01:16:28,960 --> 01:16:33,440
वीडियो डिलीट करना पड़ रहा है। ये सब ये सब प्रतीक है। ये सब संकेत है

1000
01:16:33,440 --> 01:16:38,560
कि पतन प्रारंभ हो चुका है। फिर आवाज नहीं आ रही क्या मेरी?

1001
01:16:38,560 --> 01:16:43,040
आ रही है आ रही है।

1002
01:16:43,040 --> 01:16:47,280
आ रही सही बात है। उनका पतन का

1003
01:16:47,280 --> 01:16:51,440
समय चालू हो चुका है। उन्होंने जो उसको उनकी

1004
01:16:51,440 --> 01:16:55,440
बेटी को रख लिया ना यही उनके विनाश का एक सूचक हो गया

1005
01:16:55,440 --> 01:16:59,760
है। ये बहुत ही जी ये

1006
01:16:59,760 --> 01:17:03,760
बहुत ही एक अच्छा संकेत है कि भगवान तो किसी को भी निमित्त

1007
01:17:03,760 --> 01:17:09,760
बना देते हैं किसी का भी अंत में तो शायद इस बार ही निमित है।

1008
01:17:09,840 --> 01:17:12,560
हम

1009
01:17:12,560 --> 01:17:15,440
जी

1010
01:17:15,440 --> 01:17:19,760
और ये बात सही है कि सबको समझना चाहिए जो सब बातें लोग बोलते हैं।

1011
01:17:19,760 --> 01:17:23,520
हां बिल्कुल

1012
01:17:23,520 --> 01:17:29,520
जी राम स्नेही जी

1013
01:17:30,720 --> 01:17:36,000
आवाज आती है जी

1014
01:17:36,000 --> 01:17:42,000
आप अपना कैमरा ऑन कर ले जी मैं थोड़ा

1015
01:17:42,240 --> 01:17:46,320
अंधेरा है। जी हां क्वेश्चन थोड़ा क्वेश्चन है

1016
01:17:46,320 --> 01:17:50,480
आपसे। वैसे बड़ा ही गुड क्वेश्चन है। नहीं नहीं पहले

1017
01:17:50,480 --> 01:17:53,680
पहचान के साथ हो।

1018
01:17:53,680 --> 01:17:57,760
क्वेश्चन पूछने के लिए वहां पे आइए आप क्लासेस में और पहचान

1019
01:17:57,760 --> 01:18:03,760
और थोड़ा कैमरा रख के आया करिए। बात करने आया करिए तो। ठीक है।

1020
01:18:03,920 --> 01:18:07,920
ठीक है। फिर जो महत्वपूर्ण जानकारी थी वो दे

1021
01:18:07,920 --> 01:18:12,160
चुके हैं मूल कोकने के संबंध में और

1022
01:18:12,160 --> 01:18:16,160
कल वीडियो आने वाला है उसको देखें आर्य समाज के संबंध में जो वहां

1023
01:18:16,160 --> 01:18:22,160
पर जो चर्चा हुई है पटना में

1024
01:18:22,800 --> 01:18:26,240
जय श्री राम सभी को

1025
01:18:26,240 --> 01:18:30,320
जय और किसी को भी वैचारिक मतभेद

1026
01:18:30,320 --> 01:18:34,480
के निमित्त यदि हमसे चर्चा करनी है तो वो फॉर्म

1027
01:18:34,480 --> 01:18:38,480
भर सकता है और हमसे संपर्क कर सकता है। ठीक है? जय श्री

1028
01:18:38,480 --> 01:18:41,920
राम सभी को।

1029
01:18:41,920 --> 01:18:47,920
जय श्री राम। जय श्री राम। जी।

1030
01:19:09,460 --> 01:19:13,460
[संगीत]
