1
00:00:02,640 --> 00:00:07,600
सभी को जय श्री राम। आशा करते हैं आप सभी कुशल पूर्वक होंगे

2
00:00:07,600 --> 00:00:11,840
और विलंब के लिए मैं क्षमा चाहता हूं।

3
00:00:11,840 --> 00:00:17,840
कारण जानेंगे तो आपको अच्छा लगेगा। कहीं पर

4
00:00:18,340 --> 00:00:23,120
[नाक से की जाने वाली आवाज़] विवाद हो रहा है। मतलब हमारे कोई सनातन धर्मी हैं जो

5
00:00:23,120 --> 00:00:28,240
कहीं पर किताबें बेची जा रही हैं। तो

6
00:00:28,240 --> 00:00:33,520
उन्हीं का फोन आ गया और वो

7
00:00:33,520 --> 00:00:37,520
उनका प्रतिकार कर रहे हैं। जहां पर ये किताबें बांटी जा रही हैं। जैसे

8
00:00:37,520 --> 00:00:41,600
होता है कि भाई कहां इन किताबों में क्या है कहां पर लिखा है ये सब चीजें

9
00:00:41,600 --> 00:00:45,680
वो पूछ रहे थे और अभी वो जो नजदीकी पुलिस स्टेशन है

10
00:00:45,680 --> 00:00:49,680
वहां पर हैं तो उनको बहुत सारी चीजें मुझे प्रोवाइड करानी पड़ी कि

11
00:00:49,680 --> 00:00:53,920
हाई कोर्ट से क्या ऑर्डर्स निकले हैं हमने एफआईआर में क्या लिखाया है

12
00:00:53,920 --> 00:00:56,960
और

13
00:00:56,960 --> 00:01:01,120
रामपाल की किताबों में जो वहां पर बेची जा रही हैं ऑन द स्पॉट उसमें

14
00:01:01,120 --> 00:01:05,520
कहां पर क्या लिखा है तो उसी में थोड़ी सी देरी हुई और दूसरी बात कुछ

15
00:01:05,520 --> 00:01:07,840
यहां पर

16
00:01:07,840 --> 00:01:11,920
सेटिंग्स वगैरह भी करने में टाइम लग गया। तो देरी का

17
00:01:11,920 --> 00:01:16,000
मुख्य कारण तो वही है। बाकी आज का जो विषय है बहुत

18
00:01:16,000 --> 00:01:20,480
गंभीर विषय है। एक मां है जो

19
00:01:20,480 --> 00:01:24,480
पिछले काफी समय से अपनी बिटिया के लिए अपनी

20
00:01:24,480 --> 00:01:28,640
बिटिया को घर वापस लाने के लिए लड़ रही है। संघर्ष कर रही है।

21
00:01:28,640 --> 00:01:33,280
जो तथाकथित स्वयं को आध्यात्मिक

22
00:01:33,280 --> 00:01:36,560
ज्ञान देने वाले

23
00:01:36,560 --> 00:01:40,800
होने का दावा करते हैं, बताते हैं कि हम बहुत बड़े आध्यात्मिक ज्ञान

24
00:01:40,800 --> 00:01:45,460
बेचने वाले हैं। वही रामपाल जैसा एक दूसरा सेक्ट। तो

25
00:01:45,460 --> 00:01:49,520
[गला साफ़ करने की आवाज़] ऐसे ही एक सेक्ट के द्वारा इनकी

26
00:01:49,520 --> 00:01:53,600
बिटिया को बहुत समय रहते हुए

27
00:01:53,600 --> 00:01:57,600
बहलाना और ब्रेन वाश करना प्रारंभ हो गया था। यद्यपि

28
00:01:57,600 --> 00:02:02,400
शायद इन्होंने ही जोड़ा था। जो क्लिटी वो तो यह स्वयं ही बताएंगी।

29
00:02:02,400 --> 00:02:06,400
वह बिटिया को ब्रेन वाश करके यह तक समझा दिया गया था कि अभी तुम

30
00:02:06,400 --> 00:02:11,040
अपने घर में किसी भी प्रकार का प्रतिकार मत बताना कि

31
00:02:11,040 --> 00:02:12,000
तुम हमसे इतना

32
00:02:12,000 --> 00:02:16,160
ज्यादा अफेक्टेड हो कि आप अपना घर बार छोड़कर के यहां आने वाले हो

33
00:02:16,160 --> 00:02:20,560
तो बल्कि तुम अभी वेट करो

34
00:02:20,560 --> 00:02:24,800
जब तुम 18 की हो जाओगी उसके बाद तुम घर घर से बाहर निकलना

35
00:02:24,800 --> 00:02:28,880
तब तक घर में किसी को पता नहीं लगने देना है कि तुम ऐसा

36
00:02:28,880 --> 00:02:32,960
सोच भी रही हो तो उसने वही किया

37
00:02:32,960 --> 00:02:37,360
18 तक वेट किया और 18 के बाद अपनी मां अकेली अकेली

38
00:02:37,360 --> 00:02:41,600
मां यह भी बता दूं यह जो मां है यह अभी सिंगल

39
00:02:41,600 --> 00:02:44,560
है और

40
00:02:44,560 --> 00:02:48,640
इनको अकेला छोड़ के जिसका एकमात्र वो बिटिया ही सहारा थी जीवन

41
00:02:48,640 --> 00:02:52,960
का एक होता है ना कि हम जीवन जी क्यों रहे हैं भौतिक दृष्टि

42
00:02:52,960 --> 00:02:57,040
से अगर देखें तो हम जीवन जी क्यों रहे हैं कि भाई

43
00:02:57,040 --> 00:03:01,280
क्योंकि मुझे इसको पालना है, इसको पोसना है, इसको बड़ा करना है

44
00:03:01,280 --> 00:03:05,520
उसी में सारी खुशियां होती है ना तो इनके जीवन

45
00:03:05,520 --> 00:03:10,560
की वो जो खुशियां थी वो वही इनकी बिटिया एकमात्र

46
00:03:10,560 --> 00:03:14,640
तो उसको ले जाते हैं ये लोग वहां से चली जाती है वो और इतना

47
00:03:14,640 --> 00:03:18,640
ज्यादा विरोध विरोधी हो जाती है कि मैं यहीं रहूंगी अब मैं यहां से

48
00:03:18,640 --> 00:03:22,720
वापस नहीं आऊंगी क्योंकि वही घिसी पिटी पुरानी कहानियां

49
00:03:22,720 --> 00:03:26,880
जिनका जनक है ब्रह्मा कुमारी कि यह संसार

50
00:03:26,880 --> 00:03:27,380
मरण

51
00:03:27,360 --> 00:03:31,600
खत्म होने वाला है नष्ट होने वाला है और

52
00:03:31,600 --> 00:03:35,600
अब कोई आएगा जो तुमको इस तरफ से उस तरफ दूसरी नई दुनिया में देवता

53
00:03:35,600 --> 00:03:39,680
बना करके रखेगा तो जो उसके पीछे चलेंगे वह देवता बनके रहेंगे। बाकी सब

54
00:03:39,680 --> 00:03:43,920
लोग कष्ट भोगेंगे या जो भी है बहुत सी चीजें

55
00:03:43,920 --> 00:03:48,000
तो जो दावा करने वाला

56
00:03:48,000 --> 00:03:52,480
पक्ष है उसके बारे में थोड़ा सा बता दूं। ब्रह्मा कुमारी का

57
00:03:52,480 --> 00:03:56,560
ब्रह्मा कुमारी से कई विंग टूट रहे हैं। एक आध्यात्मिक विश्वविद्यालय नाम

58
00:03:56,560 --> 00:04:00,880
का विंग टूटा है। ब्रह्मा कुमारी है। इसमें ब्रह्मा कुमारी से जुड़े हुए वीरेंद्र

59
00:04:00,880 --> 00:04:04,320
देव दीक्षित कोई रहे हैं।

60
00:04:04,320 --> 00:04:08,320
जिनके भगवान होने का दावा होता था जब वो जीवित थे। अभी वह

61
00:04:08,320 --> 00:04:12,400
गायब हो गए हैं। मतलब वो डेथ डेथ हो चुकी है उनकी। वीरेंद्र देव दीक्षित की।

62
00:04:12,400 --> 00:04:16,560
तो अब वीरेंद्र देव दीक्षित के भी दो पार्ट हो चुके हैं। जिसमें से एक पार्ट यह दावा

63
00:04:16,560 --> 00:04:20,880
करता है कि वीरेंद्र देव दीक्षित जीवित हैं। जबकि उनका डेथ सर्टिफिकेट

64
00:04:20,880 --> 00:04:25,120
है लीगल। तो वीरेंद्र देव दीक्षित जीवित हैं। और एक पार्टी

65
00:04:25,120 --> 00:04:29,280
दावा करती है कि नहीं जीवित नहीं है। अब वो मेरे अंदर आ गए। तो जो मेरे अंदर आ गए हैं पार्टी

66
00:04:29,280 --> 00:04:33,440
दावा करती है। वो इस बिटिया को

67
00:04:33,440 --> 00:04:37,600
ले गई है। ठीक है? मेरे अंदर आ गए हैं। अब मैं ज्ञान का प्रवाह कर रहा हूं।

68
00:04:37,600 --> 00:04:42,000
इस तरीके से मतलब अब वह भगवान एक तरीके से धरती पर

69
00:04:42,000 --> 00:04:42,500
तो हम

70
00:04:42,480 --> 00:04:45,440
सबसे पहले इनको

71
00:04:45,440 --> 00:04:49,520
मातृ शक्ति को ले लेते हैं और यही अपनी

72
00:04:49,520 --> 00:04:53,520
कहानी आज बताने वाली है। बहुत मार्मिक और

73
00:04:53,520 --> 00:04:59,200
बहुत गंभीर विषय है। सभी लोग ध्यान से सुने

74
00:04:59,200 --> 00:05:03,760
जय श्री राम। जय श्री राम भाई जी।

75
00:05:03,760 --> 00:05:08,160
जी शता जी मैंने अपनी ओर से जितना मेरे

76
00:05:08,160 --> 00:05:12,320
संज्ञान में था बताने की कोशिश की है। थोड़ा सा आप अपने बारे

77
00:05:12,320 --> 00:05:16,720
में संक्षिप्त बताएं कि कैसे यह प्रारंभ

78
00:05:16,720 --> 00:05:20,960
हुआ। आपकी स्थिति क्या थी? बेटी की स्थिति क्या

79
00:05:20,960 --> 00:05:25,520
थी? जहां से आपके उसमें आए। कैसे इन लोगों ने आपकी बेटी को

80
00:05:25,520 --> 00:05:29,760
ब्रेन वाश करना चालू किया? और वो कौन से पॉइंट्स थे जिनके

81
00:05:29,760 --> 00:05:34,080
आधार पर बेटी जो है प्रभावित हो गई। इस तरीके से थोड़ा सा बताएं।

82
00:05:34,080 --> 00:05:36,000
जी। मेरा

83
00:05:36,000 --> 00:05:40,160
नाम सरिता शर्मा है और मैं एक टीचर हूं। मेरी

84
00:05:40,160 --> 00:05:44,240
इकलौती बेटी है। सिंगल पेरेंट हूं मैं। बेटी मुझसे

85
00:05:44,240 --> 00:05:48,480
बहुत ज्यादा जुड़ी हुई थी। बचपन से ही। मतलब मुझे छोड़कर वह एक दिन भी नहीं रह सकती

86
00:05:48,480 --> 00:05:52,960
थी। एक दिन क्या एक टाइम भी नहीं रह सकती थी। लेकिन उसका आध्यात्मिकता

87
00:05:52,960 --> 00:05:56,960
में थोड़ा सा उसकी रुचि थी और बचपन से ही

88
00:05:56,960 --> 00:06:01,200
उसके सवाल ऐसे थे कि कैसे मतलब हम कहां से आए हैं? मरने

89
00:06:01,200 --> 00:06:05,280
के बाद कहां जाएंगे? मरना क्या होता है? ये सारी चीजें वो पूछते रहते थे। बचपन से

90
00:06:05,280 --> 00:06:09,360
ही। कुछ सवालों के जवाब मेरे पास भी नहीं थे क्योंकि हमने

91
00:06:09,360 --> 00:06:13,360
भी इतना ज्यादा आध्यात्मिकता में इतना डीप इन्वॉल्व हुए नहीं। बस

92
00:06:13,360 --> 00:06:17,520
इतना जानते थे कि भगवान है और हम अच्छा काम करेंगे तो सब कुछ सही होगा।

93
00:06:17,520 --> 00:06:21,920
बस इतना ज्यादा हम डीपली कभी गए नहीं। तो उसके सवाल

94
00:06:21,920 --> 00:06:25,920
सवालों के जवाब मैं दे नहीं पाती थी। बाकी अच्छी खासी लाइफ

95
00:06:25,920 --> 00:06:30,320
हमारी चल रही थी। मैं जब से सिंगल पेरेंट हुई हूं वो जब पांच साल की थी 2013

96
00:06:30,320 --> 00:06:34,400
में तब मेरा डिवोर्स हो गया था। उसके बाद से मेरा स्ट्रगल चालू हुआ अपनी

97
00:06:34,400 --> 00:06:38,480
जॉब को ले। एक अच्छी लाइफ जीने को ले तो बेटी को

98
00:06:38,480 --> 00:06:42,640
साथ में ले ही मैंने जॉब की तैयारी की और मेरा गवर्नमेंट जॉब लगा।

99
00:06:42,640 --> 00:06:46,720
फिर उसके बाद से हमारी लाइफ थोड़ी सी सुधरने लगी कि हम

100
00:06:46,720 --> 00:06:50,800
अच्छी जिंदगी जिएंगे। अब इसी बीच में हमारे परिवार में जो

101
00:06:50,800 --> 00:06:51,300
मेरे

102
00:06:51,120 --> 00:06:55,360
ताऊ जी की लड़कियां हैं वो ब्रह्मकुमारीज को फॉलो करती थी पहले।

103
00:06:55,360 --> 00:06:59,440
अच्छा ब्रह्मकुमारी को फॉलो करते करते उनको कहीं ना कहीं थोड़ी सी संतुष्टि

104
00:06:59,440 --> 00:07:03,760
हुई कि वो एक भगवान का नशा उनको होने लगा कि दुखों

105
00:07:03,760 --> 00:07:07,840
से वो बाहर आ रहे हैं या फिर चीजें सुधर रही है उनकी लाइफ में

106
00:07:07,840 --> 00:07:11,840
वो उतना डीप जानकारी तो मुझे है नहीं लेकिन धीरे-धीरे पता नहीं वो कब

107
00:07:11,840 --> 00:07:15,840
लोग वो लोग कब आध्यात्मिक विश्वविद्यालय से जुड़ गए फिर वहां

108
00:07:15,840 --> 00:07:20,160
वीरेंद्र देव दीक्षित की आध्यात्मिक विश्वविद्यालय से जुड़े या ब्रह्माकुमारी

109
00:07:20,160 --> 00:07:24,800
से जुड़े पहले ब्रह्मकुमारी से जुड़े थे वो फिर उसके बाद

110
00:07:24,800 --> 00:07:28,880
कब उनका डायवर्शन हुआ इस तरफ आध्यात्मिक विश्वविद्यालय की तरफ यह मुझे

111
00:07:28,880 --> 00:07:33,040
उसकी जानकारी नहीं है। मैंने कभी उनकी तरफ इतना ध्यान दिया नहीं। बाकी वो

112
00:07:33,040 --> 00:07:37,040
हमारे घर आना जाना उनका तो लगा ही रहता था। हम एक ही घर में पले बड़े हैं।

113
00:07:37,040 --> 00:07:41,280
तो कोई भी त्यौहार पर वगैरह मिलते थे। तो बस वो इसी

114
00:07:41,280 --> 00:07:45,680
के बारे में बताते रहते थे कि यह दुनिया खत्म होने वाली है। आपको आध्यात्मिकता

115
00:07:45,680 --> 00:07:50,560
में आना है। इसका अगर आप ज्ञान लेंगे तो आप सतयुग

116
00:07:50,560 --> 00:07:54,640
में जाएंगे और जो लोग इसका ज्ञान लेंगे वही बस सतयुग

117
00:07:54,640 --> 00:07:58,720
में जाएंगे। बाकी सारे लोग बर्फ में दब के मर जाएंगे। कलयुग

118
00:07:58,720 --> 00:08:02,800
का अंत होने वाला है। अब ज्यादा समय नहीं बचा है हमारे पास। तो

119
00:08:02,800 --> 00:08:06,400
ऐसे करते करते वो सुनाते रहते थे। बस अब घर वाले हैं करके

120
00:08:06,400 --> 00:08:11,360
हम उनकी बात का मान रखने के लिए उनके पास बैठ जाते थे। सुन लेते थे कभी-कभी

121
00:08:11,360 --> 00:08:15,360
और बेटी को भी वो सुनाना चालू किए तो मुझे लगा कि चलो ठीक है कहीं ना

122
00:08:15,360 --> 00:08:19,360
कहीं उसको सवालों के जवाब मिल रहे हैं। कुछ भी वो सवाल कर रही है तो ये कुछ

123
00:08:19,360 --> 00:08:23,520
ना कुछ एक्सप्लेनेशन उसका देते अब सही है नहीं है। मैंने इतना ध्यान दिया नहीं और

124
00:08:23,520 --> 00:08:27,600
इसको कभी सीरियसली लिया भी नहीं कि ऐसा कुछ इतना इतनी दूर तक

125
00:08:27,600 --> 00:08:31,680
बात जा सकती है। तो धीरे-धीरे मेरी बेटी उनके साथ इनवॉल्व

126
00:08:31,680 --> 00:08:36,000
होने लग गई और उसको समझ में आ रहा था कि मतलब

127
00:08:36,000 --> 00:08:40,160
ज्ञान उनका सही है ऐसे समझ में आ रहा था और ज्यादा

128
00:08:40,160 --> 00:08:44,400
टाइम उनके साथ बिताने लग गई और मिलते तब तो ठीक था। उसके बाद फोन

129
00:08:44,400 --> 00:08:48,800
में भी वो उसके साथ उनके साथ ही बात करती थी और फिर ऑनलाइन क्लासेस अटेंड करना

130
00:08:48,800 --> 00:08:53,040
ये सारी चीजें करने लगी और सेंटर पर जाने की कोशिश करना बार-बार

131
00:08:53,040 --> 00:08:57,120
मुझसे रिक्वेस्ट करना कि वहां जाना है चलते हैं ऐसे वैसे

132
00:08:57,120 --> 00:09:01,680
तो मतलब ये जो आपके जो आपके रिलेशन में जो

133
00:09:01,680 --> 00:09:05,760
थी पहले से बड़ी मातृशक्ति मतलब वो मैच्योर है

134
00:09:05,760 --> 00:09:09,760
ना तो उनके साथ उनके उनके साथ के

135
00:09:09,760 --> 00:09:14,240
कारण ये आध्यात्मिक विश्वविद्यालय से जुड़ी और आध्यात्मिक विश्वविद्यालय

136
00:09:14,240 --> 00:09:18,240
को उस समय ऑपरेट कौन कर रहा था? उस समय तो वीरेंद्र देव

137
00:09:18,240 --> 00:09:21,680
दीक्षित की ही संस्था चलती थी और यह लोग उन्हीं से जुड़े

138
00:09:21,680 --> 00:09:25,920
थे। उन्हीं की क्लासेस अटेंड करते थे। उन्हीं के सेंटर्स पर जाते थे। आपकी बिटिया

139
00:09:25,920 --> 00:09:30,400
मतलब वीरेंद्र देव दीक्षित से वीरेंद्र देव दीक्षित से आपकी बिटिया मिल चुकी है।

140
00:09:30,400 --> 00:09:34,560
नहीं नहीं नहीं वो तब तक जब तक मेरी बिटिया इस

141
00:09:34,560 --> 00:09:38,560
इन लोगों से जुड़ी थी तब तक उन वो मतलब छोड़ के जा

142
00:09:38,560 --> 00:09:42,800
चुके थे। मतलब भाग चुके थे वो। उन पर केसेस भी हो चुके थे और मेरी

143
00:09:42,800 --> 00:09:46,800
दीदी लोग वो बोलती थी कि इन पर सारे झूठे केसेस हुए हैं। ब्रह्मकुमारी वालों ने

144
00:09:46,800 --> 00:09:50,880
केस किया है इन पर मीडिया वालों को पैसे देके। तो मैंने कभी

145
00:09:50,880 --> 00:09:54,880
उस पर इतना गंभीरता से उसको लिया नहीं और ध्यान भी नहीं दिया क्या चल रहा है। चलो

146
00:09:54,880 --> 00:09:58,960
ठीक है इनकी आस्था है या फॉलो कर रहे हैं। इससे हमको कुछ नुकसान नहीं होना

147
00:09:58,960 --> 00:10:03,360
है। तो मैंने उनकी बातों का विरोध भी नहीं किया। कोई उनसे आर्ग्यू भी नहीं किया।

148
00:10:03,360 --> 00:10:07,360
छोड़ दिया था उस बात को। फिर बेटी उनके साथ जाती

149
00:10:07,360 --> 00:10:11,360
थी कभी सेंटर पर तो मैं उतना मन से तो नहीं भेजती थी लेकिन चलो

150
00:10:11,360 --> 00:10:15,440
कोई गलत काम नहीं कर रही है। धार्मिक काम

151
00:10:15,440 --> 00:10:19,600
ही है। भगवत गीता के श्लोक ही ये पढ़ते हैं और उसी का विश्लेषण करते

152
00:10:19,600 --> 00:10:23,680
हैं। ये सारी चीजें मुझे पता थी। तो थोड़ा सा जिद करके

153
00:10:23,680 --> 00:10:27,840
मुझे भी चलने पर मजबूर करती थी। तो मैंने कहा चलो मतलब अकेली को ना भेजूं। क्या

154
00:10:27,840 --> 00:10:31,920
है मैं भी देख लेती हूं। एक बार मेरी बहनें भी जब आपकी जब आपकी

155
00:10:31,920 --> 00:10:35,920
बिटिया गई है मतलब आध्यात्मिक विश्वविद्यालय तब तक

156
00:10:35,920 --> 00:10:37,040
वीरेंद्र देव दीक्षित

157
00:10:37,040 --> 00:10:41,040
भाग चुके हैं। जी है ना? उन पर केसेस हो चुके हैं तो वो

158
00:10:41,040 --> 00:10:45,040
अपना छोड़ के भाग चुके हैं तो तब वहां लीडिंग में कौन था जब

159
00:10:45,040 --> 00:10:49,040
वो भाग चुके हैं तब जब आपकी बिटिया उनके ही अनुयाय थे जो फॉलो कर रहे थे

160
00:10:49,040 --> 00:10:53,120
उनकी संस्था तो चल ही रही थी उस पर कोई रोक नहीं हुआ था स्पेसिफिक

161
00:10:53,120 --> 00:10:57,360
स्पेसिफिक नाम वगैरह कुछ नहीं है उतनी जानकारी मुझे

162
00:10:57,360 --> 00:11:01,520
नहीं थी उसके बारे में लेकिन वहां पर जो हमारे लोकल एरिया

163
00:11:01,520 --> 00:11:05,520
में जो सेंटर चलता था वहां पर दीदी लोगों ने

164
00:11:05,520 --> 00:11:09,600
कहा था कि आप जाओ वहां पर तो मैं बेटी को को लेके मेरी भी स्कूल

165
00:11:09,600 --> 00:11:13,680
की छुट्टियां ही चल रही थी तो मैं लेके गई थी बेटी को कि क्या है समझे तो सही

166
00:11:13,680 --> 00:11:17,680
करके अब वो लोग इतना ज्यादा जोर दे रहे हैं कि ज्ञान सुनो तो आपको चीजें

167
00:11:17,680 --> 00:11:21,760
समझ में आएगी तो देख लेते हैं इसमें कोई नुकसान नहीं है तो मैं गई थी उनका कोर्स

168
00:11:21,760 --> 00:11:26,000
सुनने चार पांच दिन तक तो उसमें उन्होंने मेरा भी नाम जोड़ दिया कि मैं भी जाती

169
00:11:26,000 --> 00:11:30,160
थी जबकि उनके जोर देने पर मैं जाती थी और मेरी मां को भी उन्होंने ही जोर

170
00:11:30,160 --> 00:11:34,560
दिया कि आप यह फॉलो करो आप सुबह मतलब अमृतवेला योग लगाओ ऐसे

171
00:11:34,560 --> 00:11:38,560
यह सारी चीजें उनके जोर देने पर ही कभी मेरी मां भी कर लेती थी या फिर

172
00:11:38,560 --> 00:11:42,560
ये सारी चीजें तो नहीं की हूं। मैं बस हफ्ता भर वो वहां पर बेटी के साथ गई

173
00:11:42,560 --> 00:11:47,360
थी और बहुत सारी उनके उनकी बातें ऐसी थी जो समझ में नहीं आ रही थी मुझे

174
00:11:47,360 --> 00:11:51,360
और मैं सवाल करती थी तो वो ऐसे जवाब देते थे जिसका कोई

175
00:11:51,360 --> 00:11:52,240
कोई लॉजिक ही

176
00:11:52,240 --> 00:11:56,480
नहीं बनता है। तो मैंने उतना ध्यान दिया नहीं। उसके बाद फिर मेरी भांजी

177
00:11:56,480 --> 00:12:00,560
भी मेरे पीछे पड़ी कि आप और सुनो डीप ज्ञान सुनो। दुनिया खत्म

178
00:12:00,560 --> 00:12:04,960
होने वाली है। टाइम नहीं है आपके पास। तो जबरदस्ती ऑनलाइन क्लास

179
00:12:04,960 --> 00:12:09,120
लेना सुनाना सारी चीजें वो भी कर रही थी। अब मेरी बेटी बहुत ज्यादा उसमें

180
00:12:09,120 --> 00:12:13,120
इन्वॉल्व हो रही थी। यह मुझे समझ में आ रहा था। लेकिन मुझे कोई कारण नहीं मिल रहा था कि

181
00:12:13,120 --> 00:12:17,280
मैं उस पर मतलब उसको रोक-टोक करूं। टाइम है कोरोना का टाइम चल रहा है। पढ़ाईवढ़ाई

182
00:12:17,280 --> 00:12:21,440
भी उतनी ज्यादा नहीं हो रही है। तो ठीक है कुछ तो अच्छा ही ज्ञान सीख रही है। भगवत गीता

183
00:12:21,440 --> 00:12:27,040
के श्लोकों की बात करते हैं। ये यही मैं सोच सकती।

184
00:12:27,040 --> 00:12:31,040
धीरे-धीरे इनवॉल्व होते होते इन्होंने अमोल

185
00:12:31,040 --> 00:12:35,120
कोकने से परिचय करवाया। जी

186
00:12:35,120 --> 00:12:39,360
जी जी भाई जी आपकी अमोल कोकने जो इनका

187
00:12:39,360 --> 00:12:43,440
गुरु है उनसे परिचय करवाया था इन्होंने और मेरी बेटी

188
00:12:43,440 --> 00:12:47,520
से कहा गया है कि ये सुप्रीम कोर्ट के वकील हैं। चीजें तो बहुत सारी

189
00:12:47,520 --> 00:12:51,680
उसको बताई गई लेकिन मेरी जानकारी में बस इतनी बातें आई हैं कि सुप्रीम कोर्ट के वकील हैं

190
00:12:51,680 --> 00:12:55,680
और बहुत जानकार हैं और उनसे अगर हम टच में रहेंगे तो

191
00:12:55,680 --> 00:12:59,840
बहुत सारा मतलब नया कुछ सीखने को मिलेगा। बहुत सारी बातें वह सिखाते हैं।

192
00:12:59,840 --> 00:13:03,920
ऑनलाइन काम भी वह करते हैं या फिर टेक्निकल स्किल्स भी सीखूंगी। इन इनके

193
00:13:03,920 --> 00:13:08,160
पूरे ग्रुप की तरफ से बता रही थी कि इन सब से मुझे टच में रहना है। आपकी

194
00:13:08,160 --> 00:13:12,160
शिकायत रहती है कि मैं किसी फ्रेंड से बात नहीं करती हूं। अगल-बगल वालों से बात नहीं करती हूं।

195
00:13:12,160 --> 00:13:16,320
तो मैं इस ग्रुप से जुड़ी हूं तो अच्छा काम कर रही हूं। करके मुझे प्रूफ भी दिखाती थी कि देखो

196
00:13:16,320 --> 00:13:20,400
ऑनलाइन क्लासेस चल रही है। इसमें भगवत गीता के श्लोक चल रहे हैं और वहां

197
00:13:20,400 --> 00:13:24,480
पर उसका विश्लेषण। अब मैं विश्लेषण के डीप में मतलब क्या

198
00:13:24,480 --> 00:13:28,480
चल रहा है विश्लेषण में यह तो मैंने ध्यान दिया नहीं लेकिन भगवत गीता के श्लोक चल

199
00:13:28,480 --> 00:13:32,560
रहे हैं इतना मुझे समझ में आया तो वो रटना उनको फिर उनका टेस्ट देना ऑनलाइन

200
00:13:32,560 --> 00:13:36,720
ये चीजें वो करती थी मैंने कहा चलो अच्छी चीज कर रही है मैंने कभी

201
00:13:36,720 --> 00:13:41,120
किया नहीं यहां पर मैं यहां पर मैं एक चीज याद दिला दूं

202
00:13:41,120 --> 00:13:42,400
कि एक पैटर्न

203
00:13:42,400 --> 00:13:47,600
है इन लोगों का काम करने का सभी के लिए आवश्यक है ये जानना

204
00:13:47,600 --> 00:13:51,680
अक्सर लोग यह दावा करते हैं अरे भाई हम तो भगवत गीता

205
00:13:51,680 --> 00:13:55,680
की बातें कर रहे हैं। क्या दिक्कत है? हम तो वेद की बात कर रहे हैं। उसमें क्या प्रॉब्लम है? हम

206
00:13:55,680 --> 00:13:59,840
तो उपनिषद की बात कर रहे हैं। उसमें क्या प्रॉब्लम है? तो पैटर्न

207
00:13:59,840 --> 00:14:03,120
क्या है? कि आपकी

208
00:14:03,120 --> 00:14:07,120
जो जिस द्वेष भावना के साथ कोई बुरी शक्ति कोई बुरा

209
00:14:07,120 --> 00:14:12,080
तंत्र आपके आसपास आकर के बैठ गया है नजरें जमा करके

210
00:14:12,080 --> 00:14:16,160
और जो भी उसका गलत उद्देश्य उसकी पूर्ति करने के लिए वो वो यह

211
00:14:16,160 --> 00:14:20,640
जानता है कि आपकी भावनाएं जुड़ी हुई है गीता से। आपकी

212
00:14:20,640 --> 00:14:24,880
भावनाएं जुड़ी हुई है वेद से। तो आपकी आपकी भावनाएं

213
00:14:24,880 --> 00:14:29,200
जुड़ी हुई है उपनिषद से। तो उसको जो जहर भरना होता है आपके

214
00:14:29,200 --> 00:14:34,000
इर्दगिर्द जो भी उसको अपना द्वेष पूर्ण कार्य करना होता है

215
00:14:34,000 --> 00:14:38,240
वह गीता वेद पुराण उपनिषद ऐसे शास्त्र

216
00:14:38,240 --> 00:14:42,480
जिनसे जिनमें आपकी आस्था है जिनमें आपकी श्रद्धा है उनका

217
00:14:42,480 --> 00:14:46,560
नाम लेकर के ताना-बाना बुनता है उनके नाम की आड़ में

218
00:14:46,560 --> 00:14:50,560
अपनी वो गलत चीजें आपको देता है क्योंकि अगर डायरेक्ट अपनी चीजें आपको देगा

219
00:14:50,560 --> 00:14:54,640
तो आप उसको सुनोगे ही नहीं आप उसको देखोगे ही नहीं आप उसकी ओर

220
00:14:54,640 --> 00:14:57,520
आकर्षित ही नहीं होगे या फिर आप अपने बच्चों को

221
00:14:57,520 --> 00:15:01,840
वहां उस बारे में सुनने की अनुमति नहीं दोगे

222
00:15:01,840 --> 00:15:06,080
बल्कि उसका प्रचार ही रुक जाएगा ना। तो जब गीता का प्रवचन

223
00:15:06,080 --> 00:15:10,080
हो रहा है, गीता के नाम पर बात हो रही है तब आप यह सोचते हो कि अच्छी

224
00:15:10,080 --> 00:15:14,240
बात है भाई सुन रहा है सुनने दो। नहीं तो वहां पर अगर कोई कहे कि एक नया भगवान

225
00:15:14,240 --> 00:15:18,640
आया है। वो अपने भगवान होने के बारे में बता रहा है तो कौन से मां-बाप

226
00:15:18,640 --> 00:15:22,960
वहां भेज देंगे? वहां माता-पिता वहां भेजते हैं गीता

227
00:15:22,960 --> 00:15:27,040
सुनने के लिए, वेद सुनने के लिए, पुराण सुनने के लिए या जो भी धर्म शास्त्र

228
00:15:27,040 --> 00:15:31,120
उनको सुनने के लिए और वहां पर टैग यह लगाया

229
00:15:31,120 --> 00:15:35,200
जाता है उसकी आड़ में उनके बातों को तोड़ मरोड़ करके

230
00:15:35,200 --> 00:15:39,280
कुछ इस तरह से प्रस्तुत किया जाता है कि वहां अर्थ जब होता है तो गीता होती

231
00:15:39,280 --> 00:15:43,440
नहीं है। वहां पर उनका अपना जो मंतव्य होता है वो होता है। तो यह बहुत

232
00:15:43,440 --> 00:15:47,840
बड़ा एक पैटर्न है। इस चीज से सभी को बचना चाहिए।

233
00:15:47,840 --> 00:15:52,080
जो लोग यह सोचते हैं अरे गीता की बात हो रही है क्या दिक्कत है आचार्य प्रशांत

234
00:15:52,080 --> 00:15:57,040
ने तो उपनिषद की बात की है क्या दिक्कत है दिक्कत है

235
00:15:57,040 --> 00:16:01,280
वो जानते हैं कि हमारी पहले से आस्था किस में है वो पहले उसको

236
00:16:01,280 --> 00:16:05,280
उसका उस नाम को पकड़ते हैं और फिर उनकी जिन चीजों से

237
00:16:05,280 --> 00:16:09,360
अपनी बातों को जोड़ सकते हैं नई बातों को अपनी बातों को उन चीजों से जोड़ के आपको

238
00:16:09,360 --> 00:16:12,560
प्रस्तुत कर देते हैं। फिर आप यह सोचते हो अरे इनसे क्यों

239
00:16:12,560 --> 00:16:16,640
कुछ कहे ये तो वेद की बात कर रहे हैं ये तो गीता की बात कर रहे हैं। वो बात वही कर रहे हैं जिससे

240
00:16:16,640 --> 00:16:20,800
आपको प्रॉब्लम थी। ये सदैव ध्यान रखिए। यह बातें वही

241
00:16:20,800 --> 00:16:24,960
है जिनसे आपको प्रॉब्लम है। सनातन को जिनसे प्रॉब्लम

242
00:16:24,960 --> 00:16:29,120
है वही बातें हैं। बस वो सिर्फ वेद और गीता के नाम पर आपको

243
00:16:29,120 --> 00:16:34,400
परोसी जा रही है। जी बिल्कुल वही

244
00:16:34,400 --> 00:16:38,480
हां जी। जी तो वही

245
00:16:38,480 --> 00:16:42,640
चीजें ये करते थे। उसमें जो भगवान की व्याख्या है वो

246
00:16:42,640 --> 00:16:46,800
इन्हीं के बारे में बोला गया है। वीरेंद्र देव दीक्षित के बारे में ही बोला गया है कि

247
00:16:46,800 --> 00:16:50,880
जो मूढ़मती लोग होते हैं वो साधारण शरीर में आए हुए भगवान को नहीं

248
00:16:50,880 --> 00:16:54,880
पहचान पाते। तो वह वीरेंद्र देव दीक्षित के बारे में बोला गया है। यह

249
00:16:54,880 --> 00:16:58,960
उनका कहना है। तो अगर उससे कनेक्ट करके जोड़ा जाए तो मेरी बेटी मानती थी कि

250
00:16:58,960 --> 00:17:03,120
यह सारी चीजें सच में यहीं पर अप्लाई होती है और कोई लोग बाकी

251
00:17:03,120 --> 00:17:07,440
के लोग यह समझ नहीं रहे हैं। तो शुरू से मेरी बेटी मुझे

252
00:17:07,440 --> 00:17:11,520
समझाने की कोशिश करती कि मां यह सही ज्ञान है। हमको इसी ज्ञान में जाना

253
00:17:11,520 --> 00:17:15,840
है। सबको यहीं आना है। क्योंकि जब दुनिया खत्म होने वाली रहेगी सबको

254
00:17:15,840 --> 00:17:20,640
इन्हीं के पास आना पड़ेगा और जो ज्ञान में रहेंगे वो तो सेफ रहेंगे।

255
00:17:20,640 --> 00:17:24,640
बाकी जैसे कि अगर मैं उनका ज्ञान नहीं सुन रही हूं तो बाकी जितने

256
00:17:24,640 --> 00:17:27,760
भी लोग हैं जितने मर गए हैं इस बीच में उन सबकी आत्माएं

257
00:17:27,760 --> 00:17:31,840
ज्ञान सुनने के लिए मेरे शरीर में प्रवेश करेगी तो हर हर एक शरीर में

258
00:17:31,840 --> 00:17:35,840
810 आत्माएं प्रवेश करेगी तो उस शरीर को कितनी तकलीफ होगी तो

259
00:17:35,840 --> 00:17:40,400
हमको इस तकलीफ से नहीं गुजरना है हम पहले सेफ हो जाएं इसके लिए

260
00:17:40,400 --> 00:17:44,720
पहले से सुन लेते हैं ज्ञान तो वो मुझे बहुत समझाने की कोशिश करती थी और मैं बोलती

261
00:17:44,720 --> 00:17:48,800
थी कि इनका लॉजिक मुझे समझ में नहीं आता है इन इनका कहना है कि 5000

262
00:17:48,800 --> 00:17:53,200
साल का चक्र है मतलब मतलब मतलब जो जो

263
00:17:53,200 --> 00:17:57,200
आत्माएं यदि हमने अभी ज्ञान नहीं सुना तो बाद

264
00:17:57,200 --> 00:18:01,200
में ज्ञान सुनने के लिए बाद में ज्ञान सुनने के लिए

265
00:18:01,200 --> 00:18:05,600
हम जो है अ तरसेंगे और

266
00:18:05,600 --> 00:18:09,760
तरसेंगे और फिर किसी और के शरीर में प्रवेश करेंगे। ऐसा है। हम

267
00:18:09,760 --> 00:18:13,920
नहीं प्रवेश करेंगे। जैसे अभी मैं लास्ट समय में मैं अगर जिंदा हूं तो जो

268
00:18:13,920 --> 00:18:17,920
मर गए हैं उनकी आत्मा भटकती रहेगी। तो उन सबकी आत्माएं

269
00:18:17,920 --> 00:18:22,000
जो जिंदा शरीर है उस शरीर के अंदर आकर ज्ञान सुनने की

270
00:18:22,000 --> 00:18:26,160
कोशिश करेगी। तो मेरे शरीर में मान लीजिए जो मर गए हैं मेरे आसपास

271
00:18:26,160 --> 00:18:30,160
810 लोग मेरे शरीर में घुसेंगे और फिर मेरे शरीर के थ्रू वो ज्ञान

272
00:18:30,160 --> 00:18:34,400
सुनने की कोशिश करेंगे क्योंकि सिर्फ आत्मा से वो सुन नहीं सकते। तो जब किसी

273
00:18:34,400 --> 00:18:38,480
के शरीर में कोई दूसरी आत्मा प्रवेश करती है तो बहुत तकलीफ होती है शरीर को। तो

274
00:18:38,480 --> 00:18:42,720
अंत समय में 810 आत्माएं अगर मेरे शरीर में घुसती है तो मुझे कितनी तकलीफ

275
00:18:42,720 --> 00:18:43,440
होगी?

276
00:18:43,440 --> 00:18:47,600
उस तकलीफ से बचने के लिए मुझे अभी ज्ञान में आ जाना चाहिए तो मेरा शरीर सेफ हो जाएगा।

277
00:18:47,600 --> 00:18:51,920
फिर कोई दूसरी आत्मा मेरे शरीर में प्रवेश करने की कोशिश नहीं कर पाएगी। अप्रोच

278
00:18:51,920 --> 00:18:55,920
नहीं करेगी। जी वाह बहुत बढ़िया।

279
00:18:55,920 --> 00:19:00,000
तो यही चीजें तो इसका अर्थ तो ये

280
00:19:00,000 --> 00:19:04,480
हुआ कि आत्मा जो है ज्ञान ग्रहण नहीं कर सकती।

281
00:19:04,480 --> 00:19:08,640
जी ये एक नोट करने वाली बात है। आत्मा ज्ञान ग्रहण नहीं कर सकती।

282
00:19:08,640 --> 00:19:12,800
इसका अर्थ तो यह हो गया कि आत्मा को सुख होगा तभी जब

283
00:19:12,800 --> 00:19:16,960
वो जो है देह धारण करे जी तभी वो

284
00:19:16,960 --> 00:19:20,960
तभी वो मुक्त हो सकती है। इनके हिसाब से मुक्ति तभी है जब

285
00:19:20,960 --> 00:19:26,080
वो शरीर धारण करे। शरीर धारण के बिना मुक्ति नहीं है।

286
00:19:26,080 --> 00:19:30,320
जी यही हो गया ना क्योंकि वो ग्रहण तो कर नहीं सकती है ज्ञान बिना

287
00:19:30,320 --> 00:19:34,640
देह के। हां बहुत और कई बार ऐसे हुआ है मैंने देखा

288
00:19:34,640 --> 00:19:38,800
बताती थी कि उनके क्लासेस में जो पार्टिसिपेट कर रहे हैं वो

289
00:19:38,800 --> 00:19:42,960
किसी को किसी की डेथ हो गई है तो मैंने पूछा कि मतलब इन लोगों का तो कहना

290
00:19:42,960 --> 00:19:47,040
है कि जो इनके ज्ञान में चलते हैं वो उनकी डेथ नहीं होगी वो सीधा सतयुग में

291
00:19:47,040 --> 00:19:51,200
जाएंगे। वीरेंद्र देव दीक्षित का ये कहना था कि सतयुग में जाएंगे।

292
00:19:51,200 --> 00:19:55,360
इसी शरीर के साथ सबको ले जाएंगे जो ज्ञान इनके ज्ञान में चलेंगे। तो अगर

293
00:19:55,360 --> 00:19:58,720
किसी की डेथ हो गई तो फिर उसका तर्क यह लोग ऐसे देते थे कि उनके

294
00:19:58,720 --> 00:20:02,880
अंदर भक्ति के संस्कार रह गए हैं। इसलिए वह ज्ञान के संस्कार पूरे नहीं

295
00:20:02,880 --> 00:20:06,960
अपना पाए। भक्ति के संस्कार छोड़ नहीं पाए इसलिए उनको शरीर छोड़ना

296
00:20:06,960 --> 00:20:11,120
पड़ा। फिर वो तुरंत ही पैदा होंगे। फिर नए शरीर के साथ वो सिर्फ ज्ञान में चलेंगे

297
00:20:11,120 --> 00:20:15,200
तब जाके वो सतयुग में जा पाएंगे। ये उनका तर्क हुआ

298
00:20:15,200 --> 00:20:19,680
करता था। मतलब कोई मर जाए तो उसके लिए वो ये तर्क देते हैं। बाकी जितने

299
00:20:19,680 --> 00:20:23,840
लोग इनका ज्ञान फॉलो कर रहे हैं ये सब मरेंगे नहीं। यही बात रहती है और जितना

300
00:20:23,840 --> 00:20:27,920
ज्यादा ये प्रचार करेंगे इनका ज्ञान है क्या इनका ज्ञान है क्या वो

301
00:20:27,920 --> 00:20:32,320
है यही चीज भगवान धरती पर आ गए हैं अभी

302
00:20:32,320 --> 00:20:36,720
वीरेंद्र देव दीक्षित की आत्मा मतलब शरीर में भगवान मतलब कुछ ऑब्जेक्ट

303
00:20:36,720 --> 00:20:41,520
मतलब कुछ मतलब कुछ ऑब्जेक्टिव जानकारियां इनका ज्ञान है

304
00:20:41,520 --> 00:20:45,520
कि ये ये भगवान इस शरीर में आया है इसकी उंगली पकड़

305
00:20:45,520 --> 00:20:49,520
के चलोगे तो यहां जाओगे वहां जाओगे जो ऑब्जेक्टिफाई कर रहे हैं

306
00:20:49,520 --> 00:20:53,680
ये ये ज्ञान है ये ऑब्जेक्ट िव जो दिखा रहे हैं इस नाम के व्यक्ति

307
00:20:53,680 --> 00:20:57,920
के अंदर आते हैं ये वो ये तो मतलब इसका उससे तो कोई मतलब

308
00:20:57,920 --> 00:21:01,920
है ही नहीं कि सतोमा सद्गम तमसोमा ज्योतिर्ग मृत्यु मतम गम

309
00:21:01,920 --> 00:21:06,000
या फिर अथातो धर्म जिज्ञासा अथातो ब्रह्म जिज्ञासा

310
00:21:06,000 --> 00:21:10,000
इन सब से कोई मतलब नहीं है सिर्फ नाम बता रहे जैसे नाम

311
00:21:10,000 --> 00:21:13,920
में सारी झूठी बातें लिखी हुई है असली सच्चाई आत्मा की सच्चाई सिर्फ

312
00:21:13,920 --> 00:21:18,320
इनका ज्ञान देता है और बाकी ज्ञान है कि

313
00:21:18,320 --> 00:21:22,400
वो ज्ञान ये है कि उसमें नाम पता चलता है कि कौन किस नाम के शरीर में ये

314
00:21:22,400 --> 00:21:26,560
होगा ये ज्ञान जी उनका कहना है कि भगवत गीता में भी लिखा

315
00:21:26,560 --> 00:21:30,560
हुआ है कि किस कहां पर भगवान का मतलब अवतरण होगा कौन सी जगह

316
00:21:30,560 --> 00:21:34,720
पर तो भगवत गीता के आधार से ही नॉर्थ

317
00:21:34,720 --> 00:21:38,800
में जहां मतलब कंपिल गांव में एक साधारण शरीर में आएगा करके

318
00:21:38,800 --> 00:21:42,800
ये साफ लिखा गया है उनके ये भगवत गीता में ये उनका कहना

319
00:21:42,800 --> 00:21:46,880
है ये उन्होंने अपना मिस इंटरप्रिटेशन कर दिया है

320
00:21:46,880 --> 00:21:51,120
जी फिर बेटी को तो वीरेंद्र ये अमोल

321
00:21:51,120 --> 00:21:55,200
कोकने जो है वकील है और उसके अलावा यह भी बताया गया है कि उस

322
00:21:55,200 --> 00:21:59,200
वो अष्ट देवों में से एक हैं। और मुझे इस बात की बिल्कुल

323
00:21:59,200 --> 00:22:03,360
जानकारी नहीं थी क्योंकि उनका कहना था कि मम्मी जब ये सारी बातें फॉलो

324
00:22:03,360 --> 00:22:07,360
नहीं करती है तो ये सारी ये बातें नहीं समझ पाएगी जब तक वो ज्ञान में नहीं

325
00:22:07,360 --> 00:22:12,000
आएगी तो ये बातें मां को नहीं बताना है। और धीरे-धीरे

326
00:22:12,000 --> 00:22:16,000
जी अगर कौन सी बात है कि ये अष्ट अष्ट देवों में से

327
00:22:16,000 --> 00:22:20,160
एक है। दीक्षित ये नहीं अमोल

328
00:22:20,160 --> 00:22:24,160
कोकनी जी तो पहली बार जब अमोल कोकनी

329
00:22:24,160 --> 00:22:28,400
से बात हुई थी मेरी बेटी की तो मेरी बेटी ऐसे किसी से बात नहीं करती थी जनरली

330
00:22:28,400 --> 00:22:29,120
तो उसने क्या

331
00:22:29,120 --> 00:22:33,360
किया दूसरे फोन में रिकॉर्ड किया कि वो अपने आप देखना चाहती थी कि मतलब उसने

332
00:22:33,360 --> 00:22:37,520
बात की है सही तरीके से बात की है नहीं की है करके तो उसकी रिकॉर्डिंग मुझे

333
00:22:37,520 --> 00:22:41,600
मिली तो उसे समझ में आया कि वो पहले ही कॉल में जब मां के बारे में पूछ

334
00:22:41,600 --> 00:22:45,600
रहा है उससे तो पूछ रहा है कि मां तुमको हमेशा

335
00:22:45,600 --> 00:22:49,840
डांटती रहती है क्या क्योंकि उस वहां तब तक मैं थोड़ा सा समझ चुकी थी कि ये

336
00:22:49,840 --> 00:22:53,840
कट रही है धीरे-धीरे मुझसे। जब से अमोल कोकनी से बात करना या

337
00:22:53,840 --> 00:22:56,320
उसके टच में आना चालू हुआ इसका फिर

338
00:22:56,320 --> 00:23:00,320
मतलब मेरी बहनों के थ्रू ही पहले तो बात नहीं हुई थी ऑनलाइन चैटिंग वगैरह

339
00:23:00,320 --> 00:23:04,560
कुछ हुई होगी उसके पहले तो बहुत ज्यादा वो काम देता

340
00:23:04,560 --> 00:23:08,640
था उनका YouTube का काम ये एडिटिंग वगैरह करना तो पढ़ाई से पूरी तरह

341
00:23:08,640 --> 00:23:12,720
कट गई थी खाना पीना सोना ये सारी चीजें पूरी तरह उसने

342
00:23:12,720 --> 00:23:16,800
छोड़ दिया मतलब मैं डांटती थी या बोलती थी तब थोड़ा बहुत कर लेती थी उसके

343
00:23:16,800 --> 00:23:20,800
अलावा नहीं तो धीरे-धीरे फिर मुझे समझ में आने लग गया कि ये कटते जा

344
00:23:20,800 --> 00:23:25,040
रही है। पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे रही है। अपने शरीर पर ध्यान नहीं दे रही है। फिर मैंने

345
00:23:25,040 --> 00:23:27,760
थोड़ा सा उसको समझाना डांटना चालू किया। तो फिर

346
00:23:27,760 --> 00:23:32,160
एक बार मैंने उसका लैपटॉप ले लिया था। मतलब मैंने कहा तू ये सब काम करते बैठेगी

347
00:23:32,160 --> 00:23:36,400
तो मैं करने नहीं दूंगी। बाकी पढ़ाई करेगी टाइम से सोएगी

348
00:23:36,400 --> 00:23:37,920
तो करने दूंगी।

349
00:23:37,920 --> 00:23:42,240
एक रूटीन फॉलो करेगी सही तरीके से स्कूल टाइम पर पहुंचना फिर आना

350
00:23:42,240 --> 00:23:46,240
स्कूल का काम करना तो ही मैं करने दूंगी। तो उस दिन वो चुप रह

351
00:23:46,240 --> 00:23:50,240
गई फिर अगले दिन उसने मेरी शिकायत की मेरी बहनों से कि मम्मी

352
00:23:50,240 --> 00:23:53,600
ने लैपटॉप ले लिया और काम नहीं करने दे रही है।

353
00:23:53,600 --> 00:23:57,760
और इनको एक चीज और सिखाई जाती है कि मां-बाप जो है वो

354
00:23:57,760 --> 00:24:02,080
बंधन है। तो वो एक एक कोड वर्ड जैसे उनको अगर बोलना

355
00:24:02,080 --> 00:24:06,880
है कि मम्मी पास में है तो उसको ये ये बोलती थी कि मैं बंधन में हूं।

356
00:24:06,880 --> 00:24:10,880
तो ये मोह माया है। चलो मोह माया का शब्द वो रेगुलर यूज़

357
00:24:10,880 --> 00:24:15,040
नहीं करती थी। लेकिन उनको हिंट देने के लिए कि मैं मां के साथ हूं। मम्मी पास

358
00:24:15,040 --> 00:24:19,120
में है तो मैं बंधन में हूं। मैं बंधन में हूं। अच्छा वो पूछना भी ऐसे ही पूछते थे कि

359
00:24:19,120 --> 00:24:21,120
बंधन में हो क्या? तो यह बोलते थे कि हां मैं

360
00:24:21,120 --> 00:24:25,200
बंधन में हूं। बोलते बोलते बोलते इसको यह फील होने लग गया कि मेरी

361
00:24:25,200 --> 00:24:29,360
मां अगर मेरे साथ है तो मैं बंधन में हूं। मुझे काम नहीं करने दे रही है।

362
00:24:29,360 --> 00:24:33,920
और इस काम से ही मैं सतयुग में जाऊंगी या फिर

363
00:24:33,920 --> 00:24:38,000
आगे की तरक्की होगी जो भी है। तो फिर इसको तो समझाया

364
00:24:38,000 --> 00:24:42,320
गया था कि उसको ये बातें रटा दी थी कि आप अगर अपनी मां के साथ हो तो बंधन

365
00:24:42,320 --> 00:24:46,320
में हो। जी जी और फिर वो धीरे-धीरे वह सोचते सोचते

366
00:24:46,320 --> 00:24:50,640
बोलते बोलते फील भी करने लग गई कि मैं बंधन में हूं। जैसे ही मैं दिख जाती थी उसका

367
00:24:50,640 --> 00:24:54,880
मतलब चेहरा ही बदल जाता था कि अब मुझे काम नहीं करने देगी मेरी मां।

368
00:24:54,880 --> 00:24:58,960
पहले तो मैं स्कूल से आती थी या फिर इधर कहीं से भी बाहर उस तरह से

369
00:24:58,960 --> 00:25:02,960
ये ये ठीक उस तरह से दृश्य दिखाई दे रहा है जैसे

370
00:25:02,960 --> 00:25:05,360
वो

371
00:25:05,360 --> 00:25:09,440
केरला स्टोरीज की एक सच्चाई है ना कि वो जाकर के अपने पिता के

372
00:25:09,440 --> 00:25:13,440
मुंह पे थूकती है। वो भावनाएं आ जाती है उसके अंदर। यह

373
00:25:13,440 --> 00:25:17,440
इस समय वैसी भावनाएं उसके अंदर डाल दी गई आपकी बिटिया के बिल्कुल मैंने केरला

374
00:25:17,440 --> 00:25:21,440
स्टोरी मतलब मेरी बेटी घर से जाने के बाद ही मैंने वो मूवी देखी तो

375
00:25:21,440 --> 00:25:26,640
कई सारे किस्से ऐसे मुझे दिख रहे थे कि ये हुआ है मेरे

376
00:25:26,640 --> 00:25:30,640
और लोग ये सोचते हैं कि ये जो है इस्लामिक संस्थाएं नहीं है। ये तो हिंदू धर्म

377
00:25:30,640 --> 00:25:34,640
की बात कर रही है। जबकि वही कार्य हो रहा है। केवल किताबों का

378
00:25:34,640 --> 00:25:36,320
नाम बदल गया है। आपकी

379
00:25:36,320 --> 00:25:42,320
किताबों के नाम के आधार पर वही कार्य हो रहा है। जी

380
00:25:43,120 --> 00:25:49,120
जी बोले

381
00:25:49,440 --> 00:25:53,440
कभी भी मैं बाहर जाती थी तो निकलने से पहले ही पूछती थी कि कितनी देर में

382
00:25:53,440 --> 00:25:57,680
आओगे और मतलब 10-15 मिनट तो 10 मिनट लग जाएगी

383
00:25:57,680 --> 00:26:01,760
क्या इतने से काम में आपको ऐसे वैसे पूछती थी लेकिन जब इन लोगों से

384
00:26:01,760 --> 00:26:05,920
जुड़ी तो उसको लगता था कि मां जितनी देर बाहर रहे उतना अच्छा है और

385
00:26:05,920 --> 00:26:09,920
जैसे अगर मैं दो-ती घंटे भी लग जाते थे घर आती थी तो उसको मतलब उधर तुरंत

386
00:26:09,920 --> 00:26:13,920
समझ में आता था कि वो उधर फोन पे लगी है या उनका काम कर रही है तो उधर

387
00:26:13,920 --> 00:26:18,080
तुरंत समझ में आता था कि किसी को बोल रही है कि मम्मी आ गई है घर पे इस तरीके से हिंट

388
00:26:18,080 --> 00:26:22,160
देते रहती है और कई बार मैंने देखा है कि मैं आ रही हूं तो उसको कुछ

389
00:26:22,160 --> 00:26:26,240
परवाह ही नहीं है वो अपने कमरे में है लगी है कोई फर्क नहीं पड़ रहा है

390
00:26:26,240 --> 00:26:30,400
उसको फिर मुझे ही बोलना पड़ता था कि बेटी मैं आ गई हूं घर थोड़ी थोड़ी देर मेरे साथ बिता

391
00:26:30,400 --> 00:26:34,720
ले तो फिर हां आ रही हूं करके जबरदस्ती आके मेरे साथ बैठती थी

392
00:26:34,720 --> 00:26:38,800
फिर ऐसे करते-करते धीरे-धीरे उनको मतलब मुझे

393
00:26:38,800 --> 00:26:42,800
समझ में आ रहा था कि कुछ तो गलत गलत हो रहा है। लेकिन अब अब हम मां बेटी हैं और

394
00:26:42,800 --> 00:26:46,880
मेरी इकलौती बेटी है तो मुझे इतना ज्यादा एक्सपीरियंस भी नहीं है कि बच्चे बड़े होते

395
00:26:46,880 --> 00:26:51,040
समय कितना मां मतलब पेरेंट्स से जुड़े रहते हैं या कटते हैं। कटती तो मुझे

396
00:26:51,040 --> 00:26:51,540
दिख रही

397
00:26:51,440 --> 00:26:55,600
है लेकिन जब मैंने अपने फ्रेंड से बात की कि मेरी बेटी मुझसे कट रही है। मुझे

398
00:26:55,600 --> 00:26:59,760
समझ में नहीं आ रहा क्या कारण है। कहीं मैं डांटना करना भी नहीं करती हूं। तो कारण

399
00:26:59,760 --> 00:27:04,000
ही समझ में मुझे इस पर तो बिल्कुल शक ही नहीं हुआ क्योंकि कोई लड़कों से बात नहीं करती

400
00:27:04,000 --> 00:27:08,160
थी तो मैं एकदम निश्चिंत थी कि मेरी बेटी कहीं मतलब गलत जगह तो नहीं फंस रही है। लेकिन

401
00:27:08,160 --> 00:27:12,160
ये ज्ञान जो इसका चल रहा है इस पर मैं शक भी नहीं कर सकती थी क्योंकि

402
00:27:12,160 --> 00:27:16,160
ये भगवत गीता के श्लोकों की बात करती है वही रटती है। टाइम वेस्ट ये

403
00:27:16,160 --> 00:27:20,320
करती है नहीं। तो कहां शक करूं? समझ में ही नहीं आ रहा था।

404
00:27:20,320 --> 00:27:24,640
फिर कहीं ना कहीं मुझे समझ में आ रहा था कि पूरा टाइम ये इसी में लगा रही है। तो

405
00:27:24,640 --> 00:27:28,720
यही कारण हो सकता है मुझसे कटने का। और जब मैंने इससे बोलना चालू किया कि

406
00:27:28,720 --> 00:27:32,880
यह सब जो कर रही है तू गलत हो रहा है। भगवान मां बेटी को अलग नहीं करते हैं। तू

407
00:27:32,880 --> 00:27:37,280
घर में मेरे साथ रहते हुए भी मेरे साथ नहीं है। मैं बहुत अकेलापन फील कर रही हूं।

408
00:27:37,280 --> 00:27:41,440
तो ये सब बंद करना पड़ेगा तेरे को। मैं ऐसे नहीं तेरे को

409
00:27:41,440 --> 00:27:45,440
कंटिन्यू करने दूंगी। तो कोई भगवान मां बेटी के बीच में नहीं आ सकते हैं।

410
00:27:45,440 --> 00:27:50,080
यहां तक आयु क्या थी आपकी बिटिया की? लगभग 16 साल।

411
00:27:50,080 --> 00:27:54,080
यह 16 साल की थी तब की बात है। फिर उसके बाद

412
00:27:54,080 --> 00:27:58,160
टच में अमोल कोकने के टच में आए हुए कितना टाइम हो चुका था? वो

413
00:27:58,160 --> 00:28:02,160
16 साल की थी उसी के आसपास की बात है। मतलब जैसे ही वो टच में

414
00:28:02,160 --> 00:28:06,160
आया शुरू शुरू में इन लोगों का ज्ञान ये मोह माया छोड़ना है। मेरी बहनें तो ये

415
00:28:06,160 --> 00:28:11,040
सिखा चुकी थी और बाकी जैसे अमूल कोकने टच में आया तब से

416
00:28:11,040 --> 00:28:16,400
मुझसे कटना दूर होना चालू की बेटी। लगभग लगभग छ महीने

417
00:28:16,400 --> 00:28:20,400
या और एक साल 16 साल की थी तब से

418
00:28:20,400 --> 00:28:24,720
वो टच में आया तब से पहले कॉल में ही उसने कहा कि आप आप

419
00:28:24,720 --> 00:28:28,720
सारी चीजें जहां पर आपको ये शक हो गया कि

420
00:28:28,720 --> 00:28:32,880
जब आपने डिक्लेअ कर दिया कि तुमको ये सब बंद करना होगा।

421
00:28:32,880 --> 00:28:35,600
जी जी

422
00:28:35,600 --> 00:28:39,680
हां यहां लगभग छ महीने पहले से आपने चलिए तीन चार महीने

423
00:28:39,680 --> 00:28:44,000
आप जी उतना एक्सैक्ट डेट वगैरह तो मुझे आईडिया नहीं है

424
00:28:44,000 --> 00:28:48,320
टच में आ चुकी थी टच में आ चुकी थी वो उसके और पहले ही कॉल में उसने

425
00:28:48,320 --> 00:28:52,320
पहले कॉल की रिकॉर्डिंग अगर ध्यान से सुने तो ध्यान सीधा समझ

426
00:28:52,320 --> 00:28:56,400
में आ रहा है कि वो उससे पूछा कि तुम इस नवंबर में 18 साल की होने वाली हो ना

427
00:28:56,400 --> 00:29:00,640
करके तो फिर बेटी ने बताया नहीं भाई जी ये 2022

428
00:29:00,640 --> 00:29:04,720
की बात है तो सितंबर महीने की बात है 2022 बेटी

429
00:29:04,720 --> 00:29:05,280
ने कहा कि

430
00:29:05,280 --> 00:29:09,280
इस नवंबर में नहीं भाई जी मैं अगले नवंबर में 18 साल की हंगी और

431
00:29:09,280 --> 00:29:13,440
उसी कॉल में उसने अच्छा तो अगले साल करके वो कैलकुलेट करके

432
00:29:13,440 --> 00:29:17,520
मतलब आवाज भी आ रही कि जैसे चेक कर रहा है कि कितना 18

433
00:29:17,520 --> 00:29:21,760
साल की कब होगी कौन से साल में होगी फिर ये भी पूछ रहा है कि तुम मम्मी के साथ स्कूल

434
00:29:21,760 --> 00:29:27,440
आती जाती हो तो उसने कहा हां तो अच्छा रिकॉर्डिंग है आपके पास अभी जी जी

435
00:29:27,440 --> 00:29:31,680
है ठीक है वो रिकॉर्डिंग आप मुझे दे दीजिएगा जिससे कि मैं

436
00:29:31,680 --> 00:29:35,760
उसको देख लूं। जी जी। तो फिर उसी

437
00:29:35,760 --> 00:29:39,920
में उसने पूछा कि मां तुमको डांटते रहती है? तो बेटी ने कहा नहीं भाई जी ऐसे तो नहीं

438
00:29:39,920 --> 00:29:44,000
डांटती है। बाकी मैं पढ़ाई वगैरह नहीं करती हूं तो तो डांटती मतलब

439
00:29:44,000 --> 00:29:48,000
खाना पीना नहीं करती हूं। हमेशा दिन भर इसी में लगी रहती हूं तब डांटती हूं। तब

440
00:29:48,000 --> 00:29:50,000
उसने पूरा मेरा फेवर लेकर बोला और

441
00:29:50,000 --> 00:29:54,080
धीरे-धीरे वो उसकी बातों में आने लग गई और

442
00:29:54,080 --> 00:29:58,080
उसी कॉल में उसने कहा कि आपको ना डॉक्टर

443
00:29:58,080 --> 00:30:02,320
इंजीनियर की पढ़ाई नहीं करना है। आप आध्यात्मिकता के रास्ते पर जाओगे तो सबसे

444
00:30:02,320 --> 00:30:06,480
हटके कुछ करोगे और हमारे पास अब ज्यादा टाइम नहीं बचा है। तो पहले

445
00:30:06,480 --> 00:30:10,480
कॉल से जो उसने पढ़ाई को लेके एक डिसरेज करना चालू

446
00:30:10,480 --> 00:30:14,640
किया तो तब से उसकी पढ़ाई भी छूटने लगी। पहले पढ़ाई में अच्छी थी मेरी बेटी।

447
00:30:14,640 --> 00:30:18,720
तो इनका काम करते-करते कि यह YouTube

448
00:30:18,720 --> 00:30:22,880
के वीडियो सेवा उसको सेवा का नाम देते थे कि आप जितनी ज्यादा सेवा करोगे आपको ऊंचे

449
00:30:22,880 --> 00:30:27,040
पद का मेवा मिलेगा। उसके चैट में भी सब हर जगह यही लिखा है कि जितनी

450
00:30:27,040 --> 00:30:31,120
सेवा करोगे उतना ऊंचे पद का मेवा मिलेगा। तो हर दिन की इसको सेवा की

451
00:30:31,120 --> 00:30:35,120
रिपोर्ट देनी पड़ती थी कि आज क्या किया तो आज इतने वीडियोस अपलोड किए जितने वीडियोस

452
00:30:35,120 --> 00:30:39,120
के एडिटिंग की आज ये किया वो किया। चार पांच चीजें वो लिख के भेजती थी हर

453
00:30:39,120 --> 00:30:43,280
दिन की। और अगर किसी दिन उसने कुछ रिपोर्ट नहीं भेजा तो उस उस तरफ से

454
00:30:43,280 --> 00:30:47,520
अभी तक यह काम क्यों नहीं किया? मतलब ऐसे हक से वो डांटता था कि जैसे

455
00:30:47,520 --> 00:30:51,760
इसको नौकरी पर रखा है और वो ये काम कर रही है और वो डरती भी थी कि हर

456
00:30:51,760 --> 00:30:55,920
दिन काम नहीं किया तो नहीं भाई जी अभी भेजती हूं अभी 9:00 बजे तक भेजती हूं

457
00:30:55,920 --> 00:31:00,000
भाई जी ऐसा हुआ था भाई जी मतलब अपना एक्सप्लेनेशन देती थी फिर काम हो गया टाइम

458
00:31:00,000 --> 00:31:04,240
से तो वो तारीफ करता था कि बहुत अच्छा काम कर रही हो और काम नहीं होता था तो डांटता

459
00:31:04,240 --> 00:31:05,200
था फिर

460
00:31:05,200 --> 00:31:09,200
यह पूछती थी भाई जी आप नाराज हैं क्या मुझसे आप मुझसे बात क्यों नहीं कर रहे

461
00:31:09,200 --> 00:31:13,280
हैं फिर दो दिन तीन दिन बात नहीं करता था फिर कोई काम देता था तो इसको लगता

462
00:31:13,280 --> 00:31:17,360
था कि मैं पूरा मतलब अच्छा काम करके दिखाऊंगी तो भाई

463
00:31:17,360 --> 00:31:21,520
जी बात करेंगे मुझसे तो ऐसे

464
00:31:21,520 --> 00:31:25,600
करते करते पूरा उसको कंट्रोल में ले लिया रात भर वो सोती नहीं थी मैं

465
00:31:25,600 --> 00:31:29,840
उसको बुलाते बुलाते थक जाती थी कि बेटा सो जा आजा सोते हैं कितनी देर तक वेट

466
00:31:29,840 --> 00:31:33,920
कर रही हूं मैं तेरा तो वो अभी आ रही हूं अभी आ रही हूं करते लैपटॉप खोल के वैसे

467
00:31:33,920 --> 00:31:38,080
ही मतलब कभी आधी रात को उठ के देखती थी तो वैसे वैसे कुड के पड़ी रहती थी चटाई

468
00:31:38,080 --> 00:31:42,160
पर लैपटॉप चालू ही रहता था तो मुझे इतना अजीब लगता था कि चल क्या रहा है समझ

469
00:31:42,160 --> 00:31:46,400
ही नहीं पा रही हूं कि यह कर क्या रही हैं और कुछ भी पूछती थी तो बोलती थी कि स्कूल

470
00:31:46,400 --> 00:31:50,400
का काम कर रही हूं या ऐसे आप देख लो मतलब दोनों तरफ टैब चालू

471
00:31:50,400 --> 00:31:54,560
रहते थे उसके एक तरफ स्कूल का काम और एक तरफ इनका काम तो कभी-कभी

472
00:31:54,560 --> 00:31:59,120
ये भी चीजें दिखाती थी कि देख लो आप मैं स्कूल का ही प्रोजेक्ट का काम कर रही हूं कुछ

473
00:31:59,120 --> 00:32:03,200
तो मैं समझ मैं शक करूं तो किस बात का शक करूं ये भी मुझे समझ नहीं पा

474
00:32:03,200 --> 00:32:07,360
रही थी तो कभी आधी रात को उठकर देखती फिर तकिया रख के उसके सर के नीचे

475
00:32:07,360 --> 00:32:11,360
ओढ़ा के फिर मैं अपने काम में लगती समझ ही नहीं पा

476
00:32:11,360 --> 00:32:16,640
रही थी फिर उसी कॉल में उसने एक एक मिनट एक मिनट

477
00:32:16,640 --> 00:32:20,320
अ जिन लोगों को नहीं पता है उन लोगों को मैं

478
00:32:20,320 --> 00:32:24,560
बता दूं कि इनकी

479
00:32:24,560 --> 00:32:28,560
बेटी पिछले लगभग एक दो वर्ष से या उससे कम या

480
00:32:28,560 --> 00:32:32,560
थोड़ा बहुत ऊपर नीचे हो सकता है ढाई साल से वो अमोल कोकने

481
00:32:32,560 --> 00:32:36,960
का जो आध्यात्मिक विश्वविद्यालय है वहां पर है इनसे दूर हो चुकी है

482
00:32:36,960 --> 00:32:41,200
इस बीच इन्होंने हर प्रकार से जो भी इनके

483
00:32:41,200 --> 00:32:45,200
सामर्थ्य की सीमा में आता है वह सारी वो सारे प्रयास कर लिए

484
00:32:45,200 --> 00:32:49,360
हैं उसको वापस लाने के और इनकी बेटी एक अकेली

485
00:32:49,360 --> 00:32:53,520
नहीं है। इस तरह की कई अन्य बिटियाएं हैं जो वहां पर

486
00:32:53,520 --> 00:32:57,680
है बेटियां हैं वहां पर है जो कैसे वहीं वापस पहुंच गई वो सारी कहानी

487
00:32:57,680 --> 00:33:01,760
आज अभी हम जानने जा रहे हैं। जी

488
00:33:01,760 --> 00:33:05,760
तो पहले कॉल से उसने जो इसका ब्रेन वाश करना चालू किया कि आपकी लाइफ

489
00:33:05,760 --> 00:33:11,440
में कोई भी परेशानी है तो आप मुझे बताओ। तो बेटी

490
00:33:11,440 --> 00:33:15,520
मान रही थी कि वह एक केयरटेकर है। वह उसका ध्यान रखेंगे या ध्यान

491
00:33:15,520 --> 00:33:19,680
तो मैं रख ही रही थी लेकिन जैसे ही मेरे खिलाफ वो बोलने लग गए कि तुम्हारी

492
00:33:19,680 --> 00:33:23,920
मां ज्ञान में नहीं चलती है और उनको इतनी जानकारी नहीं और वो समझना

493
00:33:23,920 --> 00:33:27,920
भी नहीं चाह रही है। तो धीरे-धीरे वो ज्ञान के आधार पर इसको सपोर्ट करना चालू

494
00:33:27,920 --> 00:33:31,600
किए हैं और बोल रहे थे कि जो भी बात है मुझे बताना करके।

495
00:33:31,600 --> 00:33:35,840
फिर धीरे-धीरे वो उनके टच में आने लगी और मेरी बहनें भी हर दिन उनका मैसेज

496
00:33:35,840 --> 00:33:39,920
रहता था कि तुम उनसे बात करो उनको पूछो उनके

497
00:33:39,920 --> 00:33:44,320
हालचाल पूछो उनकी तबीयत के बारे में पूछो उनको अच्छा लगेगा। ये चीजें मुझे बिल्कुल

498
00:33:44,320 --> 00:33:47,120
जानकारी नहीं थी कि ये सब कुछ चल रहा है। और

499
00:33:47,120 --> 00:33:51,280
जब भी मैं सामने आती थी तो बेटी उनको मैसेज कर देती थी कि मम्मी सामने है तो अभी बात

500
00:33:51,280 --> 00:33:55,760
नहीं कर सकती। बंधन में हूं। और जैसे ही

501
00:33:55,760 --> 00:34:00,160
धीरे-धीरे हर दिन उनकी बात होती थी। कोड वर्ड था बंधन में हूं। कोड

502
00:34:00,160 --> 00:34:04,160
वर्ड जी जी जैसे इस्लामिस्ट हैं

503
00:34:04,160 --> 00:34:09,200
कि हम काफिर में सिखाते हैं कि भाई इनके पास जब तुम रहोगे तो बंधन में रहोगे

504
00:34:09,200 --> 00:34:13,360
जी और जो रामपाल वाले हैं वो कहते हैं कि ये जगत के

505
00:34:13,360 --> 00:34:17,600
लोग हैं। संगत के लोग नहीं है जगत के लोग हैं।

506
00:34:17,600 --> 00:34:21,760
इनके यहां भी वही बोला जाता है भाई जी कि ये लौकिक मां-बाप हैं और यह

507
00:34:21,760 --> 00:34:25,920
सिर्फ इस जन्म के मां-बाप हैं और आपको पुरुषार्थ सारे जन्मों का करना है और

508
00:34:25,920 --> 00:34:30,000
यह अंतिम जन्म है आपका। इस जन्म में आपने अगर सही पुरुषार्थ कर लिया

509
00:34:30,000 --> 00:34:34,000
तो आप सतयुग में जाओगे वरना नहीं। तो बेटी मुझसे बहुत ज्यादा

510
00:34:34,000 --> 00:34:38,000
जुड़ी हुई थी तो उसको यह बोला गया है कि वो समझाने की कोशिश करती थी

511
00:34:38,000 --> 00:34:42,160
कि मम्मी नहीं समझ रही है। ऐसे उनको बोलती थी तो बोलते थे कि यह सब मोह माया है।

512
00:34:42,160 --> 00:34:46,160
फिर भी नहीं समझ रही थी। बेटी का जुड़ाव तो था ही बचपन से मुझसे।

513
00:34:46,160 --> 00:34:50,160
तो फिर मोह माया के नाम से भी नहीं समझ रही थी। तो उन्होंने एक और चीज

514
00:34:50,160 --> 00:34:54,160
ट्राई की कि तुम अगर सतयुग में जाओगी तो तुम्हारी मां भी तुम्हारी वजह से

515
00:34:54,160 --> 00:34:58,400
सतयुग में जाएगी। तो तुम पुरुषार्थ करो अपना। अभी तो नहीं मान रही है तुम्हारी मां

516
00:34:58,400 --> 00:35:02,160
लेकिन तुम जब चली जाओगी मां को छोड़ के या इस ज्ञान में आ जाओगी

517
00:35:02,160 --> 00:35:06,320
तो तुम्हारी मां भी समझने की कोशिश करेगी कि तुम कहां गई हो फिर वैसे तुम्हारी

518
00:35:06,320 --> 00:35:10,320
मां भी इस ज्ञान में आएगी अभी तो नहीं समझ रही है उनको अभी जरूरत महसूस नहीं

519
00:35:10,320 --> 00:35:14,400
हो रही है और ज्यादा टाइम नहीं बचा है तो तुमको अपनी मां की का भी भला करना है

520
00:35:14,400 --> 00:35:18,480
तो तुमको यह करना पड़ेगा ऐसे धीरे-धीरे रेगुलर टच

521
00:35:18,480 --> 00:35:22,480
में रहे फिर साल भर पूरा बीत गया और जैसे ही वो 18 साल की होने वाली थी तैयार

522
00:35:22,480 --> 00:35:26,640
उसको कर दिया गया है कि तुम अब तुमको आना है और मैं

523
00:35:26,640 --> 00:35:30,640
परेशान होकर फिर कभी उसको समझाने की कोशिश करती तो बेटी वहां

524
00:35:30,640 --> 00:35:34,640
बताती थी कि मां डांट रही है तो उनका उनको एक पॉइंट यह भी चाहिए था कि मां के

525
00:35:34,640 --> 00:35:38,720
खिलाफ कुछ सबूत उनको इकट्ठा करने थे कि मां डांटते रहती थी इसलिए बेटी घर छोड़ के

526
00:35:38,720 --> 00:35:42,880
गई तो बेटी को बोला गया था कि तुम रिकॉर्ड करो जो मां तुमको डांटती

527
00:35:42,880 --> 00:35:46,960
है। तो फोन तो हाथ में पकड़ के बैठी रहती थी और मुझे अंदाजा भी नहीं

528
00:35:46,960 --> 00:35:51,120
कि वो रिकॉर्ड कर रही है। तो जब भी मैं उसको समझाने की कोशिश करती थी या कभी डांट भी देती

529
00:35:51,120 --> 00:35:55,200
थी। तो सारी चीजें उसने रिकॉर्ड की। रिकॉर्ड करके सामने वालों को भेजा

530
00:35:55,200 --> 00:35:59,360
है। यह तो भेजा ही होगा जब उन्होंने कहा है। तो यह चीजें

531
00:35:59,360 --> 00:36:03,360
मुझे उसके फोन में रिकॉर्डिंग मिली। तो मुझे ख्याल आया कि ये तो मैंने उसको समझाने के लिए कहा था।

532
00:36:03,360 --> 00:36:07,360
ये रिकॉर्डिंग कहां से हो गई? कभी मैंने सोचा भी नहीं कि बेटी ऐसी बातें रिकॉर्ड

533
00:36:07,360 --> 00:36:11,680
कर सकती है। आपके घर में बैठी हुई आपकी ही बिटिया जिसको

534
00:36:11,680 --> 00:36:15,680
आपने अपने गर्भ से जन्म दिया था वो एक जासूस की

535
00:36:15,680 --> 00:36:17,520
तरीके से काम कर रही है। एक एजेंट

536
00:36:17,520 --> 00:36:22,000
की तरीके से काम कर रही है आपके विरोध में कि आपकी जो निजी

537
00:36:22,000 --> 00:36:26,080
क्षण होते हैं उनको रिकॉर्ड करके जिसमें आप अपनी

538
00:36:26,080 --> 00:36:30,240
बिटिया से बात कर रही हैं। ऐसे क्षणों को रिकॉर्ड करके और वह किसी पराए

539
00:36:30,240 --> 00:36:34,240
व्यक्ति को भेज रही हैं जिससे आपका कोई संबंध नहीं है। ना ही वह किसी

540
00:36:34,240 --> 00:36:38,560
तरीके से अधिकारी है शास्त्रों में ना ही वह किसी तरीके से अधिकारी है।

541
00:36:38,560 --> 00:36:43,040
शास्त्रों का अर्थ बताने में वह किसी भी तरीके से प्रमाणिक व्यक्ति नहीं है। उस

542
00:36:43,040 --> 00:36:47,280
व्यक्ति को एक घर के बाहर के पर्सन को आपके

543
00:36:47,280 --> 00:36:51,840
घर का जो बच्चा है वह भेज रहा है आपकी निजी जानकारियां।

544
00:36:51,840 --> 00:36:56,720
रिकॉर्ड करके भेज रहा है। इतना ब्रेन वाश।

545
00:36:56,720 --> 00:37:00,720
एक बात मैं पूछूंगा कि जब आपने पहली बार यह डिक्लेअ किया था कि

546
00:37:00,720 --> 00:37:04,880
तुमको यह सब बंद करना होगा तो फिर उस दिन फिर उसका रिप्लाई क्या आया

547
00:37:04,880 --> 00:37:08,880
था? नहीं मां आप सही बोल रहे हो। मुझे पढ़ाई में ध्यान देना

548
00:37:08,880 --> 00:37:12,880
चाहिए। एग्जाम भी पास आ रही है तो मैं ये सब बंद कर दूंगी। सारे ग्रुप से एग्जिट

549
00:37:12,880 --> 00:37:17,120
हो जाऊंगी करके। फिर उन्होंने सबको इन दे दी। जी

550
00:37:17,120 --> 00:37:21,280
कि इंफॉर्मेशन दे दी कि अब कुछ दिन तक मैं कांटेक्ट में नहीं रह

551
00:37:21,280 --> 00:37:25,520
पाऊंगी। एग्जाम पास में आ रही हो और मम्मी सब बंद करवा देगी करके

552
00:37:25,520 --> 00:37:29,520
और फिर सारे ग्रुप से एग्जिट हो गई तो मुझे मैं भी निश्चिंत हो गई कि अभी यह कुछ

553
00:37:29,520 --> 00:37:32,880
नहीं कर रही है लेकिन सारा

554
00:37:32,880 --> 00:37:36,880
काम वो कर ही रही थी कैसे मतलब सारे इन लोगों के नाम उसने सारे

555
00:37:36,880 --> 00:37:40,880
टीचर्स के फ्रेंड्स के नाम से सेव कर रखा था जैसे अमोल कोकने का नाम कर रखा

556
00:37:40,880 --> 00:37:45,600
था ए के सर करके जैसे उसके कॉलेज के ही टीचर हैं

557
00:37:45,600 --> 00:37:49,760
और सबके चैट्स लॉक करके रखा था तो कभी भी मुझे कुछ शक होता था कि तू

558
00:37:49,760 --> 00:37:53,760
कर क्या रही है एक बार फोन तो दिखा अपना तो फोन हाथ में लेती थी तो आराम से दे देती थी।

559
00:37:53,760 --> 00:37:57,840
देख लो क्या है इसमें। मैं किसी से बात कर रही हूं। क्या आप जानते हो मैं किसी लड़कों से बात नहीं

560
00:37:57,840 --> 00:38:02,000
करती हूं। तो आपको किस बात की चिंता हो रही हो? तो फिर मैं फोन देखती थी तो उसमें मुझे कुछ

561
00:38:02,000 --> 00:38:06,640
दिखता नहीं था और इतना भरोसा था बेटी पर कि कुछ गलत काम करेगी नहीं।

562
00:38:06,640 --> 00:38:10,720
अपने संस्कारों पर भरोसा था। लेकिन मैं यह नहीं समझ पाई कि ये भोलीभाली

563
00:38:10,720 --> 00:38:15,120
सीधी साधी इसको कुछ भी बोल दिया जाए भगवान के नाम पर तो ये मान लेगी करके। इस बात

564
00:38:15,120 --> 00:38:19,120
का मुझे अंदाजा भी नहीं था। तो सारे ध्यान रखनी

565
00:38:19,120 --> 00:38:23,440
चाहिए। एक बात यहां ध्यान देने वाली बात है कि हम अपने बच्चे को

566
00:38:23,440 --> 00:38:27,680
अधर्मी होने से बचा सकते हैं। परंतु जब अधर्म

567
00:38:27,680 --> 00:38:31,680
को ही धर्म के नाम पर परोसा जाएगा तो बच्चे को तो यही लगेगा ना कि मैं

568
00:38:31,680 --> 00:38:36,080
धर्म कर रहा हूं। जबकि वो होगा अधर्म। ये सोचने मां-बाप सोचते

569
00:38:36,080 --> 00:38:40,480
माता-पिता सोचते रहते हैं कि मैं अधर्म से दूर रखे हूं अपने

570
00:38:40,480 --> 00:38:44,560
संतान को। जबकि संतान को संतान को अधर्म नहीं करना है।

571
00:38:44,560 --> 00:38:48,320
मगर जब उसके सामने अधर्म धर्म के रूप में प्रस्तुत कर दिया जाएगा

572
00:38:48,320 --> 00:38:52,480
तब तो वह उसमें फस सकता है। यदि उसको सही मार्गदर्शन सही दिशा

573
00:38:52,480 --> 00:38:56,480
नहीं मिली होगी। जी उसको यही बोला जाता है कि

574
00:38:56,480 --> 00:39:00,640
भगवान के नाम पर तुम अगर झूठ भी बोलोगे तो वो पाप नहीं होगा। वो युक्ति

575
00:39:00,640 --> 00:39:04,800
उसको युक्ति का नाम देते थे। तो अगर वो मुझसे झूठ भी बोलती थी तो युक्ति से

576
00:39:04,800 --> 00:39:09,360
युक्ति से पुरुषार्थ करना। उसको बोलते थे कि उसके बहुत सारे

577
00:39:09,360 --> 00:39:13,760
जी चैट में भी मिला है कि वो क्लासेस सुन रही है और

578
00:39:13,760 --> 00:39:17,840
उनको फिर क्लासेस सुनने के बाद जो जो ज्ञान के पॉइंट्स उन्होंने सुनाए हैं तो सबको पॉइंट

579
00:39:17,840 --> 00:39:21,920
सुनाना पड़ता है कि क्या-क्या पॉइंट्स आपने लिखे हैं या फिर ग्रहण

580
00:39:21,920 --> 00:39:25,920
किए हैं। तो वो पॉइंट नहीं सुना पाती थी। तो उसके चैट में था कि तुम पॉइंट

581
00:39:25,920 --> 00:39:30,000
क्यों नहीं सुना रही हो? करके पूछा जाता था। तो बोलती थी कि मां सो रही है। वो आधी रात की

582
00:39:30,000 --> 00:39:34,160
बात होती जैसे सुबह 3:00 बजे 3:30 बजे उस समय तो

583
00:39:34,160 --> 00:39:38,160
बोलती थी कि मैं इयरफोन लगा के सुन रही हूं। मां सो रही है इसलिए मैं पॉइंट सुना

584
00:39:38,160 --> 00:39:42,320
नहीं सकती। मैं बाद में लिख के भेज दूंगी पॉइंट। तो फिर उसकी तारीफ की जाती थी कि देखो

585
00:39:42,320 --> 00:39:47,440
कितना युक्ति से तुम पुरुषार्थ कर रही हो। बहुत अच्छी बात है करके तारीफ होती थी।

586
00:39:47,440 --> 00:39:51,520
तो ऐसे करते-करते धीरे-धीरे सब कुछ मतलब उनके कंट्रोल में आने लग गया

587
00:39:51,520 --> 00:39:55,520
और बेटी पूरी तरह तैयार हो गई घर छोड़ के जाने के लिए। अब वो

588
00:39:55,520 --> 00:39:58,160
उनसे पूछने लग गई कि कब मुझे आना है। तो

589
00:39:58,160 --> 00:40:02,400
कुछ चैट में मुझे समझ में आया जो मेरी दीदी की लड़की मेरी भांजी जो अभी

590
00:40:02,400 --> 00:40:06,480
वो भी यहां पर आ चुकी है पहले से वो मुझे पता नहीं था। हमको किसी को

591
00:40:06,480 --> 00:40:10,480
बताया नहीं गया कि मेरी भांजी भी यहां पर है। जब बेटी गई तब जाकर

592
00:40:10,480 --> 00:40:13,440
मुझे पता चला कि मेरी भांजी पहले से या छ महीने पहले से यहां पर

593
00:40:13,440 --> 00:40:17,520
है। तो उससे मेरी बेटी पूछ रही थी कि कब मुझे आना है बताओ।

594
00:40:17,520 --> 00:40:21,520
तो उसका कहना था कि एडल्ट होने के बाद तुम नवंबर में

595
00:40:21,520 --> 00:40:25,600
एडल्ट होने वाली हो। दो महीने पहले वो पूछ रही थी तो उसने कहा कि एडल्ट होने

596
00:40:25,600 --> 00:40:29,600
के बाद यहां आना और ये सब जानकारी उसकी चैट से मिली

597
00:40:29,600 --> 00:40:33,920
है। जी जी सारी चैट्स के स्क्रीनशॉट मैंने

598
00:40:33,920 --> 00:40:38,080
रखी है। तो उसने भी उसका उसने कॉलेज ज्वाइन

599
00:40:38,080 --> 00:40:42,640
कर लिया था 12th के बाद 12th के पहले भी वो

600
00:40:42,640 --> 00:40:46,640
पढ़ाई में ज्यादा ध्यान नहीं दे रही थी। मतलब लास्ट का एक महीना अगर

601
00:40:46,640 --> 00:40:50,640
मैं उसके पीछे नहीं लगती और इन सब चीजों को से दूर नहीं रखती

602
00:40:50,640 --> 00:40:54,640
उसको तो 12th में फेल हो जाती। एग्जाम्स में भी उसने कभी भी

603
00:40:54,640 --> 00:40:58,640
झूठ नहीं बोलती थी वो। मैं मतलब इतना अच्छे से उसको समझा के रखी थी कि

604
00:40:58,640 --> 00:41:02,720
झूठ बोलना भी पाप है। तो एग्जाम में उसने कॉपी तक किया क्योंकि वो पहले दिन

605
00:41:02,720 --> 00:41:06,720
तक इन्हीं का काम कर रही थी। अगले दिन सुबह उसकी एग्जाम थी। प्रैक्टिकल एग्जाम में वो

606
00:41:06,720 --> 00:41:11,360
पकड़ी गई। तो टीचर ने बताया कि इसने कॉपी किया एग्जाम में करके।

607
00:41:11,360 --> 00:41:15,600
तो मुझे बहुत अजीब लग रहा था कि ये कर क्या रही है आखिर। फिर उससे पूछा तो फिर रोने

608
00:41:15,600 --> 00:41:19,600
लग गई कि मुझे समझ में नहीं आ रहा था क्या करूं। बहुत परेशान हो गई थी मैं ऐसे

609
00:41:19,600 --> 00:41:23,600
वैसे करके। फिर चैट में समझ में आया कि वो उस दिन पहले दिन आधी रात तक

610
00:41:23,600 --> 00:41:27,840
इन्हीं लोगों का काम कर रही थी इनकी वाहवाही लेने के लिए या फिर इनका इनको

611
00:41:27,840 --> 00:41:28,480
नाराज ना

612
00:41:28,480 --> 00:41:32,560
करने के लिए हम तो कॉलेज में ज्वाइन किया उसने

613
00:41:32,560 --> 00:41:34,720
और

614
00:41:34,720 --> 00:41:38,800
अब वो चाह रही है कि वो मुझसे दूर रहे और कॉलेज उसका 30 कि.मी.

615
00:41:38,800 --> 00:41:42,880
दूर था तो मैं भी परेशान थी कि सुबह 7:00 बजे निकलती थी कि शाम को फिर 7:00 बजे घर

616
00:41:42,880 --> 00:41:47,040
पहुंचती फिर कॉलेज का काम भी ज्यादा हो रहा था तो मैंने कहा हॉस्टल में रह

617
00:41:47,040 --> 00:41:51,120
लेगी क्या? पहले तो हॉस्टल में रहने से बिल्कुल उसको पसंद नहीं था क्योंकि वो मार्च को छोड़

618
00:41:51,120 --> 00:41:55,120
के नहीं रहना चाह रही थी। लेकिन इस बार जब मैंने कहा कि हॉस्टल में रह लेगी

619
00:41:55,120 --> 00:41:59,120
क्या तू? तो तुरंत उसने हां कर दी क्योंकि अब उसको मां से दूर रहना है क्योंकि मां की

620
00:41:59,120 --> 00:42:03,120
रोक-टोक चल रही है यहां पर और वहां पर रहेगी तो कोई रोक-टोक करने वाला नहीं होगा।

621
00:42:03,120 --> 00:42:07,280
तो तुरंत उसने हां भर ली और मैंने भी सोचा कि आना जाना परेश बहुत

622
00:42:07,280 --> 00:42:11,920
उसको प्रॉब्लम हो रही है तो हफ्ते में एक बार आया जाया करेगी। और

623
00:42:11,920 --> 00:42:16,240
यहां तक आप यहां तक यहां तक आप यह समझ चुकी थी कि मतलब

624
00:42:16,240 --> 00:42:20,400
आपके मन में यह आ गया था कि इसने वो छोड़ दिया आध्यात्मिक विषय क्योंकि

625
00:42:20,400 --> 00:42:25,200
आप डिक्लेअ कर चुकी हो ना जी जी तो इसने कहा था

626
00:42:25,200 --> 00:42:29,280
कर रही थी वो काम हां ग्रुप्स भी छोड़ दिया कर रही थी मगर आप वो

627
00:42:29,280 --> 00:42:33,760
कर रही थी मगर आपको ये लग रहा आपको ये लग रहा था कि अब ये हट चुकी है

628
00:42:33,760 --> 00:42:37,920
जी है ना बहुत दिनों तक बिल्कुल किसी से कांटेक्ट नहीं कुछ नहीं अब

629
00:42:37,920 --> 00:42:41,920
अब मैं भी थोड़ा सा रिलैक्स हो गई कि ध्यान पूरा पढ़ाई में लगा रही है या

630
00:42:41,920 --> 00:42:43,680
कॉलेज का काम कर रही है। आधी-आधी रात

631
00:42:43,680 --> 00:42:47,920
तक बैठ के प्रोजेक्ट वर्क कर रही है। तो मैं भी निश्चिंत हो गई थी। फ्रेंड्स के साथ घुलना मिलना

632
00:42:47,920 --> 00:42:52,000
सब कुछ कर रही है। तो ठीक था। लेकिन कॉलेज से जब वो मैं मतलब

633
00:42:52,000 --> 00:42:56,000
वीकेंड पर जब आती थी घर पे तो मैं वेट कर रही

634
00:42:56,000 --> 00:43:00,000
थी। पहले हफ्ते जब हफ्ता भर पहली बार मुझसे दूर रही है तो मैं वेट कर रही थी कि अब

635
00:43:00,000 --> 00:43:04,160
आएगी कॉलेज से तो मिलेगी घर के। तो जैसे आपने कहा ना केरला स्टोरी

636
00:43:04,160 --> 00:43:08,160
में वो लड़की जैसे अपने पिता पर थूकती है

637
00:43:08,160 --> 00:43:12,160
वो घर के अंदर हिजाब पहन के जब घुसती है वही वाला सीन मतलब एकदम

638
00:43:12,160 --> 00:43:16,160
देखते ही मैं दें रह गई तो ये सीन तो मेरे साथ हुआ है बेटी जैसे ही घर

639
00:43:16,160 --> 00:43:20,480
में घुसी कभी भी मैं घर से बाहर निकलती हूं या वो निकलती है तो गले मिलके

640
00:43:20,480 --> 00:43:24,640
कि मतलब जल्दी आना ऐसे वैसे ध्यान रखना अपना ये चीजें हर दिन की

641
00:43:24,640 --> 00:43:30,640
हुआ करती थी और उस दिन हफ्ते भर के बाद वह जब घर के अंदर घुसी

642
00:43:37,840 --> 00:43:42,000
सीधा घर के अंदर चली गई। देखा तक नहीं उसने मेरी तरफ।

643
00:43:42,000 --> 00:43:46,160
मैं रुक के मैंने पूछा उससे कि लाडो इतने दिन बाद तो आई

644
00:43:46,160 --> 00:43:50,480
है।

645
00:43:50,480 --> 00:43:54,560
गले तो लग गए तो फिर आके ऐसा लगती है जैसे अब जबरदस्ती गले

646
00:43:54,560 --> 00:43:58,720
लगना पड़ेगा। के तो वही जो

647
00:43:58,720 --> 00:44:02,720
केरला स्टोरी वाला सीन था वही समझ में आ रहा था कि कुछ बहुत ज्यादा गड़बड़ हो रहा

648
00:44:02,720 --> 00:44:07,600
है। मैंने सोचा कि उससे बात करूंगी आराम से। फिर

649
00:44:07,600 --> 00:44:12,000
उसके थोड़े दिन बाद की ही बात है जो वो घर छोड़ के चली गई। मैं उसको

650
00:44:12,000 --> 00:44:16,320
बड़े प्यार से रखने की कोशिश कर रही थी कि उसको डांटो ना बढ़ती उम्र है।

651
00:44:16,320 --> 00:44:20,480
शायद वो फ्रेंड से घुलमिल रही है इसलिए मुझसे दूर हो रही है। मैं बात करने की

652
00:44:20,480 --> 00:44:24,480
कोशिश करती और वो नहीं मां ऐसा कुछ नहीं है। आपको ही ऐसा लग रहा

653
00:44:24,480 --> 00:44:28,480
है आपको दिख रहा है ना कितना काम है कॉलेज का वैसे करके लेकिन साफ

654
00:44:28,480 --> 00:44:30,960
समझ में आ रहा था कि कट रही थी वो और

655
00:44:30,960 --> 00:44:34,960
फिर वो डिमांड करने लग गई कि मुझे अपना बर्थ सर्टिफिकेट चाहिए।

656
00:44:34,960 --> 00:44:39,120
कॉलेज में पूछ रहे हैं। तो मैंने कहा चलो निकलवा देती हूं।

657
00:44:39,120 --> 00:44:43,440
फिर मैंने अपने किसी दोस्त को बोल के अह बर्थ सर्टिफिकेट

658
00:44:43,440 --> 00:44:47,680
निकलवाया उसका बर्थ सर्टिफिकेट लेके फिर तैयारी हो चुकी

659
00:44:47,680 --> 00:44:49,360
थी उसकी लगभग तब तक

660
00:44:49,360 --> 00:44:53,360
और 17 नवंबर 2023 को वो 18 साल की

661
00:44:53,360 --> 00:44:56,320
हुई और

662
00:44:56,320 --> 00:45:00,400
18 तारीख को ही उसकी घर छोड़ने की बात थी। उन लोगों की तैयारी थी कि

663
00:45:00,400 --> 00:45:04,400
अगले दिन भी मां कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी। वो 18 साल की अगर

664
00:45:04,400 --> 00:45:08,480
हो गई तो तो फिर 18 तारीख को वो

665
00:45:08,480 --> 00:45:12,560
जा नहीं पाई क्योंकि मैं अपने पेरेंट्स के पास गई हुई थी। दिवाली का टाइम था और हम सारी

666
00:45:12,560 --> 00:45:16,640
बहनें सब मिलने वाले थे तो उस समय तो वो जा नहीं पाई तो उसने बता

667
00:45:16,640 --> 00:45:20,960
दिया कि मैं अभी नहीं आ पाऊंगी। बर्थ सर्टिफिकेट वगैरह सब कुछ उसने लगभग मंगवा

668
00:45:20,960 --> 00:45:25,120
ही लिया था। फिर उसके चैट्स में जो लेडी उसको

669
00:45:25,120 --> 00:45:29,280
लेने आने वाली थी उसका भी मैसेज था कि मैं अभी आज दिल्ली जा रही हूं करके 18 तारीख

670
00:45:29,280 --> 00:45:33,280
की बात है। तो बाद में समझ में आया कि अगले दिन वो जाने वाली थी लेकिन उसका

671
00:45:33,280 --> 00:45:37,520
प्लान उस समय फ्लॉप हो गया था करके। फिर 14 तारीख

672
00:45:37,520 --> 00:45:41,760
को हम लोग कुछ 8 नवंबर कुछ निकले थे। अपने पेरेंट्स

673
00:45:41,760 --> 00:45:45,840
के घर गए थे। दिवाली थी 14 तारीख की कुछ। तो उस समय हम लोग अपनी दीदी

674
00:45:45,840 --> 00:45:50,000
के घर गए थे जो इनके ज्ञान में चलती हैं। उन्होंने

675
00:45:50,000 --> 00:45:54,720
इसको एक ड्राफ्ट दिया एक लेटर और एक सिम भी दिया था इसको

676
00:45:54,720 --> 00:45:58,800
कि इन लोगों के कांटेक्ट में रहे जिसका बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था

677
00:45:58,800 --> 00:46:02,960
मुझे। वो भी चैट में से ही पता चला बाद में कि यहां पर एक तुम्हारा एक

678
00:46:02,960 --> 00:46:04,480
लेटर पड़ा है और उसमें सिम पड़ी है

679
00:46:04,480 --> 00:46:08,720
तो तुम ले लेना करके। उस दिन के बाद की चैट हमको मिली नहीं कि सारा

680
00:46:08,720 --> 00:46:12,720
कांटेक्ट उसके बाद का उस नए सिम से हुआ था। तो फिर वो सिम

681
00:46:12,720 --> 00:46:16,800
यूज करने लगी और उस ड्राफ्ट में यह था कि उसको घर से निकलने

682
00:46:16,800 --> 00:46:20,880
के पहले सारे पुलिस स्टेशन में क्या-क्या उसको लिख के देना। तो

683
00:46:20,880 --> 00:46:24,960
फिर 1 दिसंबर को फिर हम वहां से अपने पेरेंट्स

684
00:46:24,960 --> 00:46:29,040
के घर से आ गए। उसके बाद 1 दिसंबर को इन लोगों का प्लान बना और उसके

685
00:46:29,040 --> 00:46:33,520
तीन दिन पहले उसने मुझसे कहा कि कॉलेज की ट्रिप है। ट्रिप में जा रही हूं। मैं पोंडीचेरी

686
00:46:33,520 --> 00:46:38,240
जा रही हूं। तो तीन दिन लगेंगे उसमें। फिर उसने

687
00:46:38,240 --> 00:46:42,240
मुझसे पैसे लिए कुछ ₹4500 लिए। तो कैश मैंने देकर भेजा

688
00:46:42,240 --> 00:46:46,320
था और मैं परेशान थी कि कैश पास में रखेगी इतना हैंडल कर पाएगी नहीं कर पाएगी तो मैं

689
00:46:46,320 --> 00:46:50,320
उसको बार-बार बोल रही थी कि तुम अपने किसी टीचर को दे देना अपने अकाउंट में रखना ऐसे

690
00:46:50,320 --> 00:46:54,800
वैसे उसको समझा रही थी लेकिन सारे रास्ते जो घर से निकली

691
00:46:54,800 --> 00:46:58,960
उस दिन 28 नवंबर को घर से निकली थी हॉस्टल के लिए एक तारीख को उसको

692
00:46:58,960 --> 00:47:03,040
जाना था ट्रिप पर तो सामान लेके जितना उसको पहले

693
00:47:03,040 --> 00:47:07,040
हॉस्टल में पहुंचाना था घर से जो लेके जाना था वो सारी सारा सामान धीरे-धीरे

694
00:47:07,040 --> 00:47:11,120
उसने हॉस्टल में रख दिया और उस दिन जब सामान ले निकली तो उस समय में मैं नहा

695
00:47:11,120 --> 00:47:15,200
रही थी। वो जैसे जैसे निकलने से पहले गले लग के जाती है तो उस

696
00:47:15,200 --> 00:47:19,200
दिन वो गले भी नहीं लग पाई थी मेरे। मैं नहा रही थी और उसने कहा कि जा रही हूं।

697
00:47:19,200 --> 00:47:19,700
मुझे लेट

698
00:47:19,600 --> 00:47:23,600
हो रही है। कॉलेज की बस आने वाली है। तो फिर चली गई और फिर

699
00:47:23,600 --> 00:47:29,600
वहां तक मेन रोड तक जाने के बाद उसको एहसास हुआ कि मां को

700
00:47:43,200 --> 00:47:45,520
हम

701
00:47:45,520 --> 00:47:50,320
मां को छोड़ के जा रही हूं तो उसने मेन रोड पर सामान रखा अपना

702
00:47:50,320 --> 00:47:54,560
फिर कॉल किया मुझे वापस घर आई वो घर आती

703
00:47:54,560 --> 00:47:58,720
मतलब मां आप नीचे आओ एक बार करके मैंने कहा क्या हुआ तो बोली मैं कुछ भूल

704
00:47:58,720 --> 00:48:02,800
गई हूं आप आओ नीचे तो मैंने कहा भेज रही हूं किसी के साथ मुझे

705
00:48:02,800 --> 00:48:07,440
भी स्कूल जाना है लेट हो रही है तो बोली नहीं आप आओ। फिर नीचे गई तो उसने

706
00:48:07,440 --> 00:48:11,920
गले लगाया मुझे और कहा अपना ध्यान रखना

707
00:48:11,920 --> 00:48:14,320
और

708
00:48:14,320 --> 00:48:18,320
बस लव यू मां करके वो वापस निकल गई। मैं समझ ही नहीं पाई थी इतने

709
00:48:18,320 --> 00:48:22,400
दिन बाद ऐसे मतलब इतना करते जा रही थी और आज फिर से वापस आके ये

710
00:48:22,400 --> 00:48:26,400
कैसे गला गले लगा रही है। मैंने पूछा तो बोलती है आपकी शिकायत रहती ना आजकल

711
00:48:26,400 --> 00:48:30,400
मैं आपसे बात नहीं करती हूं करके। इसलिए मैं ट्रिप में जा रही हूं। दो-तीन दिन तक

712
00:48:30,400 --> 00:48:34,960
आऊंगी नहीं ना इसलिए करके मैं आपको फिर से मिलने आई लेके

713
00:48:34,960 --> 00:48:38,960
और मुझे बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि वो पूरी

714
00:48:38,960 --> 00:48:42,880
तरह छोड़ के जाने की तैयारी में

715
00:48:42,880 --> 00:48:47,840
फिर फोन पर दो दिन तक नॉर्मल कांटेक्ट में रही। 1 दिसंबर को

716
00:48:47,840 --> 00:48:52,000
बात हुई थी उससे सुबह कि हां मैं ट्रिप में जा रही हूं घर। फिर कॉलेज

717
00:48:52,000 --> 00:48:56,000
में उसने उसके पहले से ही उसने एक मेल आईडी से मेल करना चालू किया

718
00:48:56,000 --> 00:49:00,160
कॉलेज में मेरी तरफ से कि वो मेरा मेल आईडी है कि मैं अपनी

719
00:49:00,160 --> 00:49:04,160
बेटी को घर पर बुला रही हूं करनी। उसी मेल आईडी को वो बार-बार ट्राई

720
00:49:04,160 --> 00:49:08,240
करती थी कि कॉलेज वालों को हॉस्टल वालों को मैसेज करती थी उससे कि मैं अपनी बेटी

721
00:49:08,240 --> 00:49:12,320
को घर बुला रही हूं तो परमिशन चाहिए करके। तो दो चार बार उसी

722
00:49:12,320 --> 00:49:16,560
परमिशन से उसी मेल से मेल करके घर पर आई भी थी और कॉलेज

723
00:49:16,560 --> 00:49:21,040
वालों ने ऑब्जेक्शन नहीं दिया था उस पर। तो उस दिन भी सुबह 7:30 बजे

724
00:49:21,040 --> 00:49:25,200
मां का मतलब मेरी तरफ से मेल किया उसने कॉलेज को कि 7:30 बजे मैं बुला

725
00:49:25,200 --> 00:49:29,440
रही हूं करके फिर उसका टाइमिंग थोड़ा सा आगे पीछे करके फिर से मेल किया और कॉलेज वालों

726
00:49:29,440 --> 00:49:34,480
को मेल मिल गया मां की तरफ से कि जा सकती है वो घर और

727
00:49:34,480 --> 00:49:38,960
फिर वहां से निकली फिर जो लेडी उसको लेने आई थी उसके साथ जाके

728
00:49:38,960 --> 00:49:43,120
कहीं पर उसने रजिस्टर पोस्ट किया सारे पुलिस स्टेशंस में कि मैं अपनी मर्जी

729
00:49:43,120 --> 00:49:47,440
से जा रही हूं मैं 18 साल की हो गई हूं और इस ज्ञान को फॉलो करती हूं

730
00:49:47,440 --> 00:49:50,080
और मैं मुझे मेरी मां से

731
00:49:50,080 --> 00:49:54,080
प्रोटेक्शन चाहिए करके। वहां आसपास के जितने भी तीन चार पुलिस स्टेशन थे सब

732
00:49:54,080 --> 00:49:58,160
में उसने रजिस्टर पोस्ट किया और मेल भी किया और फिर उसकी कॉपी भी

733
00:49:58,160 --> 00:50:02,480
उसने साथ में रखी और फिर रात को 9:00 बजे की ट्रेन से वो दिल्ली पहुंच

734
00:50:02,480 --> 00:50:06,640
गई और उसका यह कहना है पुलिस वालों को कि मैं अपनी मर्जी से आई

735
00:50:06,640 --> 00:50:10,640
हूं और जनरल कंपार्टमेंट में बैठ के आई हूं। जबकि दो दिन का सफर

736
00:50:10,640 --> 00:50:14,640
था पूरा उसके Google अकाउंट पे कुछ फोटो जो मिली है उसमें दिख रहा

737
00:50:14,640 --> 00:50:18,720
है कि बहुत सारा सामान उसके पास है तो उसका अकेले का नहीं है। तो

738
00:50:18,720 --> 00:50:22,880
ये चीजें भी बाद में समझ में आई मुझे और सारे रास्ते वो

739
00:50:22,880 --> 00:50:26,880
बिल्कुल कांटेक्ट में नहीं थी। कितनी बार कॉल करूं तो फोन में चार्जिंग नहीं है। फोन मुझे

740
00:50:26,880 --> 00:50:31,040
कहीं डिपॉजिट करना पड़ रहा है। ऐसे वैसे करके और दो दिन पहले उसने फ्रेंड्स के साथ जाके

741
00:50:31,040 --> 00:50:35,040
कुछ फोटो ली थी कहीं मॉल में जाके और वो फोटोस मुझे उस दिन भेज

742
00:50:35,040 --> 00:50:39,040
दी है कि देख के आप निश्चिंत हो जाओ कि मैं मतलब मजे कर रही हूं फ्रेंड्स के साथ

743
00:50:39,040 --> 00:50:43,200
करके। बस उसके अलावा बात नहीं की उसने। फिर तीसरे

744
00:50:43,200 --> 00:50:47,280
दिन जब वो पहुंच गई थी दिल्ली लगभग पहुंच ही गई होगी उस दिन

745
00:50:47,280 --> 00:50:51,280
तीन तारीख को 3 दिसंबर को। कहां से निकली थी दिल्ली के लिए वो?

746
00:50:51,280 --> 00:50:55,680
कोयंबटूर से। कोयंबटूर से जी

747
00:50:55,680 --> 00:51:00,480
तो पूरे दो दिन का सफर होता है कोयंबटूर से दिल्ली तो

748
00:51:00,480 --> 00:51:04,560
दिल्ली पहुंच गई थी शायद उस समय मैंने कॉल किया था तो

749
00:51:04,560 --> 00:51:05,120
किसी वो

750
00:51:05,120 --> 00:51:09,200
साथ में जो लेडी थी उसने फोन उठाया था शायद उसने कहा माता जी करके उसने बात

751
00:51:09,200 --> 00:51:13,280
की तो मैं एकदम दंग रह गई ये फ्रेंड्स के साथ गई है तो माताजी वाला शब्द तो

752
00:51:13,280 --> 00:51:17,520
कहां से आ रहा है तो मैंने पूछा आप कौन तो उसने तुरंत फोन काट

753
00:51:17,520 --> 00:51:21,520
दिया फिर मैं एकदम परेशान हो गई और मैंने लगातार 15 20

754
00:51:21,520 --> 00:51:25,600
बार कॉल किया तो रिसीव ही नहीं किया। वो लोग सोच में पड़ गए कि अब

755
00:51:25,600 --> 00:51:29,680
क्या करें? फिर 15 20 बार कॉल जाने के बाद प्लेटी ने मैसेज किया

756
00:51:29,680 --> 00:51:33,680
कि मैं कॉलेज अभी पहुंची हूं। यहां पर सर्टिफिकेट डिस्ट्रीब्यूट कर रहे हैं। सामान

757
00:51:33,680 --> 00:51:38,000
मेरे हाथ में है तो मैं आपको आधे घंटे बाद कॉल करूंगी घर में। मतलब इतनी

758
00:51:38,000 --> 00:51:42,160
अच्छी तरह वो झूठ बोलने में माहिर हो गई थी। तब तक बड़ी बड़ी

759
00:51:42,160 --> 00:51:46,160
शांति से मतलब कि सामने वाले को बिल्कुल भी शक हुए बिना झूठ बोल रही

760
00:51:46,160 --> 00:51:50,160
थी वो। तो आधे घंटे बाद उसने कॉल किया। एकदम नॉर्मल तरीके से बात किया कि

761
00:51:50,160 --> 00:51:54,160
बहुत मजा आया। हम लोग ट्रिप में मजे करके आए हैं और सर्टिफिकेट्स दे

762
00:51:54,160 --> 00:51:58,560
रहे थे इसलिए फिर मैंने कहा ये माताजी करके किसने बात की तो बोली कि

763
00:51:58,560 --> 00:52:02,800
माताजी तो किसी ने बोला नहीं आपको ऐसा क्यों लगा तो मैं

764
00:52:02,800 --> 00:52:06,800
परेशान हो गई कि मुझे सुनाई तो दिया और बेटी इतने आराम से बात कर रही है तो शायद

765
00:52:06,800 --> 00:52:10,960
मुझे गलत सुनाई दिया या फिर यह मेरा वहम है वहम तो हो नहीं

766
00:52:10,960 --> 00:52:14,960
सकता क्योंकि मैंने सुना तो है इतना तो पक्का है तो फिर एक बार बेटी

767
00:52:14,960 --> 00:52:19,120
पर भरोसा कर ही लेती हूं करके मैं ठीक है करके फोन रख दिया मैंने

768
00:52:19,120 --> 00:52:20,160
लेकिन बेचैनी हो ही रही

769
00:52:20,160 --> 00:52:24,160
थी कि कुछ गलत हो रहा है। फिर रात को 9:30 पौ:45 के आसपास

770
00:52:24,160 --> 00:52:28,320
मैंने कॉल किया उसको तो नॉर्मल तरीके से उसने बात की। मैंने कहा वीडियो कॉल

771
00:52:28,320 --> 00:52:32,320
रिसीव कर। तो बोली कि इस हॉस्टल में सब लोग सो रहे हैं। थके हुए

772
00:52:32,320 --> 00:52:36,320
हैं। लाइट बंद है तो मैं अभी बात नहीं कर सकती। मैंने कहा बाहर आकर बात कर लेकिन तेरे को

773
00:52:36,320 --> 00:52:40,480
बात करना पड़ेगा। तो फिर उसने तुरंत वीडियो कॉल रिसीव किया। बोला

774
00:52:40,480 --> 00:52:44,480
कि फिर मैंने देखा कि वो हॉस्टल का रूम नहीं था। पीछे कुछ पर्दा दिख

775
00:52:44,480 --> 00:52:48,560
रहा था जो वहां का नहीं था वो। फिर नॉर्मल तरीके से ही बात

776
00:52:48,560 --> 00:52:52,640
किया। फिर मैंने फोन रख दिया और मुझे चैन ही नहीं पड़ रहा था कि कुछ तो गड़बड़ है। फिर

777
00:52:52,640 --> 00:52:57,600
मैंने उससे कहा कि लोकेशन शेयर कर अपना कहां पर है। तो उसने

778
00:52:57,600 --> 00:53:01,600
अब वो परेशान हो गई कि दिल्ली में है तो लोकेशन कैसे शेयर करेगी? फिर

779
00:53:01,600 --> 00:53:05,680
उसने अपने फ्रेंड से बात करने की कोशिश की। लोकेशन लेने की कोशिश की। वो सब कुछ

780
00:53:05,680 --> 00:53:09,680
हो नहीं पाया। फिर उसने Google मैप से लोकेशन निकाल के शेयर किया। WhatsApp लोकेशन

781
00:53:09,680 --> 00:53:13,760
ना शेयर करके Google मैप से कॉलेज का लोकेशन शेयर किया। फिर मैंने उसको कॉल

782
00:53:13,760 --> 00:53:17,840
किया और कहा कि तू कॉलेज में तो है नहीं। इतना मुझे पता है। कहां है बता? वरना

783
00:53:17,840 --> 00:53:21,840
मैं अभी आधी रात को निकल के कॉलेज जा रही हूं और तुझे पता है कि कॉलेज कितना दूर है और तेरी

784
00:53:21,840 --> 00:53:26,000
मां अकेली। फिर उसने बताया कि मैं दिल्ली आई हूं।

785
00:53:26,000 --> 00:53:30,160
तो मुझे लगा कि किसी प्रोग्राम अटेंड करने के लिए मैं मना

786
00:53:30,160 --> 00:53:34,800
करती हूं। इसलिए वो दिल्ली गई है और मैंने डांटा उसको अच्छे से और

787
00:53:34,800 --> 00:53:35,300
कहा कि

788
00:53:35,280 --> 00:53:39,440
तू घर आ बेटी। फिर मैं तेरे को बताती हूं कि झूठ बोलने का मतलब क्या होता है। तू क्या-क्या

789
00:53:39,440 --> 00:53:43,680
कर रही है। मुझसे झूठ बोल के देखती हूं मैं भी। फिर मैंने अपनी दीदी लोगों को फोन लगाया।

790
00:53:43,680 --> 00:53:47,920
किसी ने रिसीव नहीं किया। फिर भांजी ने रिसीव करके कहा कि वो अपनी मर्जी से आई है

791
00:53:47,920 --> 00:53:52,000
यहां। मैंने कहा बताना तो चाहिए था कि आई है तुझे पता है कि मैं

792
00:53:52,000 --> 00:53:56,000
परेशान होऊंगी उसके लिए। तो तब भी ये नहीं बताया कि वो पूरी तरह आ

793
00:53:56,000 --> 00:54:00,080
गई। मैंने कहा तुम सबसे मैं बाद में बात करूंगी। पहले बेटी से तो समझ

794
00:54:00,080 --> 00:54:04,160
लो कि कर क्या रही है वो अपनी पढ़ाई छोड़ के। घर आ जाए फिर बात करती हूं उससे। फिर

795
00:54:04,160 --> 00:54:08,240
अगले दिन सुबह मुझे मेल आता है 5:30 बजे कि मां

796
00:54:08,240 --> 00:54:12,800
आपको बता के आती तो आप आने नहीं देते मुझे। इसलिए मैं अपनी मर्जी से आ गई हूं।

797
00:54:12,800 --> 00:54:17,120
और मैंने सुबह-सुबह खोला नहीं था। देख तो लिया था लेकिन खोला नहीं था क्योंकि

798
00:54:17,120 --> 00:54:21,280
मुझे स्कूल जाने की जल्दी थी और मुझे लग रहा था कि थोड़ा

799
00:54:21,280 --> 00:54:25,280
सा अपना कुछ एक्सप्लेनेशन दे देगी वो समझा देगी मुझे तो

800
00:54:25,280 --> 00:54:29,360
मेरा हिस्सा कम हो जाएगा। फिर उसके बाद घर आएगी तो मैं उतना डांटूंगी नहीं उसको। इसलिए वो मेल

801
00:54:29,360 --> 00:54:33,360
कर रही हूं। फिर जब स्कूल जाकर थोड़ा सा फ्री हुई तब मैंने मेल खोल के देखा तो

802
00:54:33,360 --> 00:54:37,520
उसमें लिखा था कि आप हॉस्टल से मेरा सामान ले आना। मैं समझ ही नहीं पाई कि

803
00:54:37,520 --> 00:54:41,600
हॉस्टल से सामान लाने की बात क्यों कर रही है ये। दो-तीन बार मेल पढ़ा तब जाकर

804
00:54:41,600 --> 00:54:45,600
मुझे एहसास हुआ कि यह पूरी तरह छोड़कर चली गई है और उसमें लिखा

805
00:54:45,600 --> 00:54:49,840
है कि मैं अपने डिसीजन खुद ले सकती हूं। मैं अब 18 साल की हो गई हूं

806
00:54:49,840 --> 00:54:50,340
और अब

807
00:54:50,320 --> 00:54:54,800
अपना ध्यान रखना और यहां मैं अपना ध्यान रखूंगी और अब ये रास्ता मेरा

808
00:54:54,800 --> 00:54:59,040
लाइफ टाइम के लिए यही हूं। ये चीजें फिर समझ में आई। तो मैंने

809
00:54:59,040 --> 00:55:03,040
तुरंत स्कूल में मतलब कुछ बहाना बना के मैं घर आई कि तबीयत ठीक नहीं है। फिर घर

810
00:55:03,040 --> 00:55:07,200
आके मैंने कॉल किया उसको कि तू बताए बिना चली गई तो क्या हो गया? मैं

811
00:55:07,200 --> 00:55:11,280
तुझे वापस ले आऊंगी। ऐसे थोड़ी ना कुछ तो अभी लाइफ को समझी

812
00:55:11,280 --> 00:55:15,760
ही नहीं है। पढ़ाई करते-करते निकल गई है तो फिर ऐसे

813
00:55:15,760 --> 00:55:19,840
ऐसे तो मैं जाने नहीं दूंगी तुझे। फिर मैंने कहा

814
00:55:19,840 --> 00:55:24,000
कि ले आऊंगी वापस जो उसको कहा उस बात को लेके अमोल

815
00:55:24,000 --> 00:55:28,640
ने उसको गाइड किया कि तू वहां दिल्ली पहुंच ही गई थी। तो

816
00:55:28,640 --> 00:55:32,640
डीसीपी को साउथ वेस्ट दिल्ली के डीसीपी को उसने मेल करवाया कि मेरी

817
00:55:32,640 --> 00:55:36,880
मां को मैंने बता दिया था तरीके से कि मैं अपनी मर्जी से आई हूं। उसके बाद मां मुझे धमकी

818
00:55:36,880 --> 00:55:41,200
दे रही थी कि वापस ले जाएगी तो मुझे आपसे प्रोटेक्शन चाहिए और मैंने सारे पुलिस स्टेशंस

819
00:55:41,200 --> 00:55:45,280
में इन्फॉर्म कर दिया था कि मैं अपनी मर्जी से जा रही हूं। तो ये चीज

820
00:55:45,280 --> 00:55:49,280
मैं फिर समझ ही नहीं पा रही थी कि क्या करूं। मैं अपनी बहन से

821
00:55:49,280 --> 00:55:53,600
बात की। फिर रात को मैंने लैपटॉप खोल के देखा कि उसकी चैटिंग उसमें WhatsApp

822
00:55:53,600 --> 00:55:57,600
चैट खुली हुई थी उसमें। तो मैंने इसके पहले भी देखा था कि भाई जी आप

823
00:55:57,600 --> 00:56:01,600
नाराज हैं क्या मुझसे बात क्यों नहीं कर रहे हैं। ऐसा चैट मैंने देखा था जब वो घर पे

824
00:56:01,600 --> 00:56:05,360
थी। तो देखूं तो सही कि चल क्या रहा है। तो फिर

825
00:56:05,360 --> 00:56:09,440
मैंने देखा तो WhatsApp तो बंद था उसमें लेकिन Google अकाउंट उसका खुला हुआ था। तो उसमें मैंने

826
00:56:09,440 --> 00:56:13,680
देखा कि दो-ती घंटे पहले ही उसने पीसीपी को मेल किया कि मां

827
00:56:13,680 --> 00:56:17,920
से मुझे प्रोटेक्शन चाहिए और मां मुझे धमकी देती है। और

828
00:56:17,920 --> 00:56:21,920
फिर मैंने अपनी बहनों से बात की कि गलत हो रहा है। यह सब कुछ

829
00:56:21,920 --> 00:56:26,080
आप सही नहीं कर रहे हो। उसको जल्दी से घर भेज दो वरना सही नहीं होगा। उन्होंने

830
00:56:26,080 --> 00:56:30,240
कहा कि हमारी कोई इसमें इंटरफेरेंस नहीं है। आपको भी हमने

831
00:56:30,240 --> 00:56:34,480
ज्ञान दिया है। अगर वह ज्ञान समझी है तो वह उसकी अच्छाई है। आप समझ नहीं पाए

832
00:56:34,480 --> 00:56:38,640
यह आपकी कमी है। ज्ञान तो हम सबको देते हैं तो हम इसके जिम्मेदार कैसे हुए? ज्ञान

833
00:56:38,640 --> 00:56:42,800
तो आपको भी दिया फिर अगर हमारे ज्ञान की वजह से वो गई है तो आपको भी चले जाना चाहिए था।

834
00:56:42,800 --> 00:56:46,880
आप नहीं गई मतलब आप हम जिम्मेदार नहीं है। आपकी बेटी जिम्मेदार है। वो अपनी

835
00:56:46,880 --> 00:56:51,200
मर्जी से गई। ये उनका तर्क था। फिर मैंने बहुत उनसे

836
00:56:51,200 --> 00:56:55,200
बहस की। तब जाकर उन्होंने कहा कि आप चले जाओ दिल्ली। आपकी बेटी मानती है

837
00:56:55,200 --> 00:56:59,280
तो ले आओ। हम कुछ नहीं कर सकते। फिर मैं अगले दिन दिल्ली पहुंची। 5

838
00:56:59,280 --> 00:57:03,280
तारीख को 5 तारीख को आधी रात को 2:00 बजे मैं वहां पर आश्रम पहुंची।

839
00:57:03,280 --> 00:57:07,600
लेकिन उन्होंने कहा कि अभी हम मिलने नहीं देंगे आपकी बेटी को। रूल्स हैं हमारे आश्रम के कुछ

840
00:57:07,600 --> 00:57:11,760
तो हम सुबह ही मिलने देंगे। फिर दो दिन तक मैं ना सो पाई

841
00:57:11,760 --> 00:57:16,320
ना खा पाई। फिर रात को 2:00 बजे से लेकर सुबह तक का मैं इंतजार कर रही थी।

842
00:57:16,320 --> 00:57:20,320
7:00 बजे उन्होंने बेटी से बेटी को सामने लाया और मैं देख

843
00:57:20,320 --> 00:57:20,820
के

844
00:57:20,560 --> 00:57:24,560
दंग रह गई। उसके चेहरे पर कोई कोई इमोशन नहीं है। कोई फीलिंग नहीं है।

845
00:57:24,560 --> 00:57:28,560
बस एकदम क्लाश की तरह खड़ी है वो मेरे सामने। मैं देख के

846
00:57:28,560 --> 00:57:33,040
कि बेटी क्या हुआ? क्यों यहां आई है? अभी तो अच्छे से मिल के आई थी तू। तो

847
00:57:33,040 --> 00:57:37,520
बस यही मेरा रास्ता है। आप बस इस जन्म के मां-बाप हो। आपके साथ

848
00:57:37,520 --> 00:57:41,680
मेरा हिसाब किताब खत्म हो गया। मैंने कहा ऐसे कैसे हिसाब किताब खत्म हो गया? तू

849
00:57:41,680 --> 00:57:45,680
18 साल की हुई है तब तक मैं पाली हूं। तो नहीं इतना ही आपका काम

850
00:57:45,680 --> 00:57:50,320
था। आपका आपकी जिम्मेदारी थी मुझे पालना। और मैं अब

851
00:57:50,320 --> 00:57:54,560
आपकी बात नहीं सुनूंगी। मुझे इस रास्ते पर आना है और मैं आ गई हूं

852
00:57:54,560 --> 00:57:59,120
और आप कुछ नहीं करोगे अब।

853
00:57:59,120 --> 00:58:03,120
और इतना उसके सामने मैं बैठ के रोना करना करी हूं। उसका हाथ पकड़ने

854
00:58:03,120 --> 00:58:08,080
की कोशिश कर रही हूं। छूने भी नहीं दे रही थी मुझे। एकदम लाश की जिंदा लाश की तरह एक रो

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00:58:08,080 --> 00:58:12,080
की तरह मेरे सामने बैठी थी कि उसको कुछ फर्क नहीं पड़ रहा था। मैंने कहा एक बार

856
00:58:12,080 --> 00:58:16,320
घर चल ले समझ लेते हैं कि क्या परेशानी है। मैं तेरे को कहीं रोक-टोक नहीं करूंगी।

857
00:58:16,320 --> 00:58:20,400
तेरे को जो करना है करना लेकिन घर में रह के करना दूसरी जगह नहीं और तेरे को पता है मैं

858
00:58:20,400 --> 00:58:26,400
तेरे में ही जी रही हूं

859
00:58:31,200 --> 00:58:35,840
तेरे बिना मैं जी नहीं पाऊंगी तू चल ले बेटी एक बार कह के बहुत मैंने उसे

860
00:58:35,840 --> 00:58:39,920
मेहनत की लेकिन कहीं उसको फर्क नहीं पड़ रहा था एकदम

861
00:58:39,920 --> 00:58:43,920
लाश की तरह बैठी थी मेरे सामने मैं पूछ रही हूं उसको कि हुआ क्या है

862
00:58:43,920 --> 00:58:48,160
तेरे को बिल्कुल तेरे इतना जो तू तो मुझे ले इतना इमोशनल रहती

863
00:58:48,160 --> 00:58:52,240
थी तो बोलती है ये सब मोह माया है। मुझे मोह माया के जाल में नहीं फंसना है। मुझे अब

864
00:58:52,240 --> 00:58:56,400
भगवान मिल गए हैं। मैं भगवान के रास्ते पर आ गई हूं। तो अब और कुछ

865
00:58:56,400 --> 00:59:00,400
नहीं चाहिए मुझे। सही जगह पहुंची हूं। और मुझे पता है आप भी देखना एक दिन

866
00:59:00,400 --> 00:59:04,640
मुझ पर गर्व करोगे कि आपको भी यहां आना है। आप भी बोलोगे कि बेटी तूने

867
00:59:04,640 --> 00:59:10,080
सही काम किया। तेरी वजह से मैं भी सही रास्ते पर आई हूं। करके आप भी बोलोगे देखना।

868
00:59:10,080 --> 00:59:14,320
तो फिर बहुत उसको समझाने की कोशिश की। बिल्कुल मानने को तैयार ही नहीं

869
00:59:14,320 --> 00:59:18,320
थी। फिर मैं बाहर से निकल गई। फिर मैंने कहा कि मतलब

870
00:59:18,320 --> 00:59:22,480
अब मुझे चीजें क्लियर हो रही थी कि जितने भी केसेस आए थे वीरेंद्र देव दीक्षित

871
00:59:22,480 --> 00:59:26,480
के आश्रम में वो सारे सही थे। इन लोगों का कहना है कि वो

872
00:59:26,480 --> 00:59:30,480
सब तब मैंने ध्यान नहीं दिया था कि चलो कौन इन झंझट में पड़े कि बहनों

873
00:59:30,480 --> 00:59:34,480
से कौन बहस करे। उनकी सोच है तो वो अपने घर में बैठे हुए है तो कोई नुकसान

874
00:59:34,480 --> 00:59:38,480
नहीं है। ठीक है। ज्ञान को कुछ भी भगवत गीता के श्लोक वगैरह कर रहे हैं तो करने दो। उसमें

875
00:59:38,480 --> 00:59:42,560
कोई गलत नहीं। तो मैं कभी उस झंझट में पड़ी ही नहीं। लेकिन अब समझ में

876
00:59:42,560 --> 00:59:46,640
आ रहा था कि जितने मां-बाप परेशान हो रहे थे वीरेंद्र देव दीक्षित की संस्था की

877
00:59:46,640 --> 00:59:50,720
वजह से वही हाल आज मेरा है और फिर पुलिस स्टेशन में भी मैंने वही

878
00:59:50,720 --> 00:59:54,720
कंप्लेंट दी कि यह संस्था पहले से बदनाम है और इस आदमी ने मतलब बहुत

879
00:59:54,720 --> 00:59:58,960
गलत किया है लड़कियों के साथ और आज वो भागा हुआ है तो मेरी बेटी

880
00:59:58,960 --> 01:00:03,040
18 साल की जरूर हुई है लेकिन वो अपनी समझ से समझदारी से यहां

881
01:00:03,040 --> 01:00:07,280
आई है। इस बात की छानबीन की जाए और न्याय दिलाया

882
01:00:07,280 --> 01:00:11,360
जाए। तीन दिन तक मैं पुलिस स्टेशन के चक्कर काटी हूं और फिर

883
01:00:11,360 --> 01:00:15,440
वहां से एक ऐसे ही साथ में आई थी और उन्होंने

884
01:00:15,440 --> 01:00:19,600
बस पूछताछ की तो ये लोग सारे घेर के बैठ गए। मेरी बेटी को बोलते हैं कि

885
01:00:19,600 --> 01:00:23,600
आप बस स्टेटमेंट लेने आई हो तो स्टेटमेंट ले चले जाओ। आपको काउंसिल करने का

886
01:00:23,600 --> 01:00:27,680
कोई अधिकार नहीं है। वो समझा रही थी कि आपकी मां अगर मतलब परेशान

887
01:00:27,680 --> 01:00:29,360
है तो आप चले जाओ एक बार मां के

888
01:00:29,360 --> 01:00:33,360
पास। वहां रह के कर लेना। मां को समझा के आ जाना। तो सारी लेडीज वहां

889
01:00:33,360 --> 01:00:37,440
जितनी भी थी सब लोग घेर के खड़ी हो गई। उस एसआई को बोलती हैं कि आपको किसने हक

890
01:00:37,440 --> 01:00:41,680
दिया इससे बात करने का? वो स्टेटमेंट दे रही थी आप ले चले जाओ। फिर सब

891
01:00:41,680 --> 01:00:45,680
लोग लेडीज जो वहां पर थी सबने बेटी के साथ रह के

892
01:00:45,680 --> 01:00:49,680
उससे स्टेटमेंट लिखवाया फिर से और वो स्टेटमेंट लेके सही वापस

893
01:00:49,680 --> 01:00:54,480
आ गई और यही है कि 18 साल के ऊपर की हो गई है तो हम कुछ नहीं कर सकते।

894
01:00:54,480 --> 01:00:58,560
उसके बाद जो मेरी लड़ाई चालू हुई इन लोगों से कि क्या हुआ?

895
01:00:58,560 --> 01:01:02,800
सारा WhatsApp चैट इनका Google अकाउंट सारी चीजें मैंने निकाली तो

896
01:01:02,800 --> 01:01:06,880
धीरे-धीरे परतें खुलती गई कि कैसे कहां से शुरुआत हुई

897
01:01:06,880 --> 01:01:10,960
क्या उसने मेरी बेटी से बात की क्या-क्या कॉल रिकॉर्डिंग है क्या-क्या

898
01:01:10,960 --> 01:01:15,040
इनके वीडियोस हैं। क्या-क्या इनकी चैट है? सारी चीजें निकल निकली। तब

899
01:01:15,040 --> 01:01:19,280
मुझे समझ में आया कि कैसे मेरे ही आंखों के सामने मुझे

900
01:01:19,280 --> 01:01:23,840
पता चले बिना कैसे मेरी बेटी को अपने कंट्रोल में किया गया।

901
01:01:23,840 --> 01:01:27,840
फिर मुझे लगा कि चीजें तो सारी क्लियर है तो हम कोर्ट में

902
01:01:27,840 --> 01:01:32,000
एप्लीकेशन देंगे और तुरंत ही मेरी बेटी मेरे हाथ में आ जाएगी। तो मैंने दिल्ली

903
01:01:32,000 --> 01:01:36,240
में कोई मेरी फ्रेंड के फ्रेंड है उनके थ्रू मैंने रिट

904
01:01:36,240 --> 01:01:40,240
पिटीशन डाला दिल्ली हाई कोर्ट में लेकिन वो केस आज तक चलते ही आ

905
01:01:40,240 --> 01:01:44,240
रहा है और दो साल से उसमें कोई सुनवाई नहीं थी। शुरू शुरू में दो-तीन सुनवाई हुई थी

906
01:01:44,240 --> 01:01:44,740
उसमें

907
01:01:44,720 --> 01:01:48,800
जिसमें मुझे परमिशन दी गई थी कि मैं बेटी से मिल सकती हूं। बेटी

908
01:01:48,800 --> 01:01:52,960
बिल्कुल पहले दिन तो पुलिस प्रोटेक्शन के साथ वोट डालती हूं और वही

909
01:01:52,960 --> 01:01:57,040
वही उसका हाल की लाश की तरह है और मैं बगल में उसके खड़ी हूं। मैं उसकी

910
01:01:57,040 --> 01:02:01,040
तरफ देख रही हूं और वो मेरी तरफ देखने को भी तैयार नहीं है। उसको छूने की

911
01:02:01,040 --> 01:02:05,120
कोशिश कर रही हूं। एकदम हाथ मतलब छूने भी नहीं दे रही। एकदम पलट के

912
01:02:05,120 --> 01:02:09,280
खड़ी हो गई कि हाथ नहीं लगाना मुझे कर। और मैं सामने भी उसके खड़ी हूं।

913
01:02:09,280 --> 01:02:13,280
पुलिस वहां कोर्ट में तो पुलिस वाले बोल रहे हैं कि मैडम आप आप

914
01:02:13,280 --> 01:02:17,440
हमको हमारी ड्यूटी करने दीजिए। आपकी बेटी नहीं चाहती कि आप उसको देखूं। तो मैं उसको

915
01:02:17,440 --> 01:02:21,600
देख भी नहीं पा रही थी। फिर जज ने भी

916
01:02:21,600 --> 01:02:25,760
कहा कि आप बात करो अपनी मां से पांच मिनट तो बोलती है कि मेरी इच्छा नहीं है मां

917
01:02:25,760 --> 01:02:29,920
से बात करने की। मैं नहीं बात करना चाहती और मेरी मर्जी के खिलाफ कोई मुझे बात भी नहीं करवा

918
01:02:29,920 --> 01:02:34,080
सकता। तो एक चीज उसको रटा दी गई है कि मैं मेजर हूं और अपने डिसीजन

919
01:02:34,080 --> 01:02:38,080
खुद लूंगी और कोई इसमें इंटरफेयर नहीं कर सकता। फिर जज

920
01:02:38,080 --> 01:02:42,800
ने चेंबर में बुला के उससे बात की। उसको समझाया दो-तीन पेशी के बाद

921
01:02:42,800 --> 01:02:47,120
तो उसको मानना पड़ा कि वो मुझसे मिलेगी

922
01:02:47,120 --> 01:02:51,120
अ हर दिन 45 मिनट मिलने की परमिशन दी गई थी

923
01:02:51,120 --> 01:02:55,280
और किसी के इंटरफेरेंस के बिना मैं उससे बात करूं ये परमिशन मिली थी तो

924
01:02:55,280 --> 01:02:59,360
पहले दिन तो उन्होंने मिलने ही नहीं दिया और मतलब

925
01:02:59,360 --> 01:02:59,920
इंटरफेयर

926
01:02:59,920 --> 01:03:03,920
कर रहे थे बार-बार बीच में आना वीडियो लेना कि मेरी बेटी को यह ध्यान

927
01:03:03,920 --> 01:03:08,560
रहे कि उन सबकी नजर है बेटी पर तो वो आराम से बात भी नहीं कर पा रही थी फिर मैंने

928
01:03:08,560 --> 01:03:12,800
थोड़ा सा जोर से बोला कि आप इंटरफेयर कर रहे हैं तो मैं फिर से कंप्लेंट करूंगी। ऑर्डर

929
01:03:12,800 --> 01:03:17,040
में क्लियर लिखा हुआ है कि किसी के इंटरफेरेंस के बिना मैं बेटी से मिलूंगी। तो फिर उन्होंने

930
01:03:17,040 --> 01:03:21,200
अगले दिन से सामने तो नहीं दिखे लेकिन ऐसी जगह पर हमको बिठाए

931
01:03:21,200 --> 01:03:25,200
थे। वहां पर सारे पर्दे लगे थे, ग्रिल्स लगे थे, खिड़की थी। तो हर जगह

932
01:03:25,200 --> 01:03:29,360
से हर कोई नोटिस कर सकता है कि हम क्या बात कर रहे हैं।

933
01:03:29,360 --> 01:03:33,440
तो हम सबकी नजर में ही बीच में बैठे थे। मैंने कहा छत पर जाकर बात कर

934
01:03:33,440 --> 01:03:37,520
लेते हैं। तो बोलती है छत पर भी नहीं जाऊंगी। मैं यहीं बैठूंगी। इसके अलावा बाहर एक कदम भी

935
01:03:37,520 --> 01:03:41,680
नहीं रखूंगी। तो फिर परमिशन हमको उतनी ही मिली।

936
01:03:41,680 --> 01:03:45,680
रोज मिलकर आती थी जैसे 4:00 से 55 बजे का मिलने का टाइम था। तो

937
01:03:45,680 --> 01:03:49,760
4:00 बजे के 1 मिनट पहले भी अगर मैं वहां गेट के सामने खड़ी होती हूं, बेल बजाती हूं

938
01:03:49,760 --> 01:03:53,760
तो वो नहीं खुलेंगे। 4:00 बजे ही गेट खोलेंगे और जैसे ही 5:45

939
01:03:53,760 --> 01:03:58,000
बजती थी मेरी बेटी उठकर खड़ी हो जाती थी कि आपका टाइम हो गया। अब निकलो अब।

940
01:03:58,000 --> 01:04:02,160
तो जितनी देर पौन घंटा मैं उसके सामने कुछ भी समझाने की कोशिश करना,

941
01:04:02,160 --> 01:04:06,160
रोना कुछ भी करती थी। बचपन की यादें मतलब उसको याद

942
01:04:06,160 --> 01:04:10,160
दिलाना कि बेटी हम कितने अच्छे से रहते थे। कितना तू मुझे मानती थी।

943
01:04:10,160 --> 01:04:15,280
कितना हम दोनों मिलके स्ट्रगल किए हैं।

944
01:04:15,280 --> 01:04:19,440
कुछ फर्क नहीं पड़ रहा था उसके। बस वो ऐसे ही लाश की तरह बैठी रहती थी।

945
01:04:19,440 --> 01:04:23,680
कान बंद करके जैसे कुछ भी उसको सुनना नहीं। उनका कहना था कि

946
01:04:23,680 --> 01:04:27,760
मां के रूप में माया आएगी जो तुमको वापस ले जाने की कोशिश

947
01:04:27,760 --> 01:04:31,920
करेगी। तुम अपने अपने आप में इतना स्ट्रांग रहना कि

948
01:04:31,920 --> 01:04:36,000
बस उस माया से तुम जीत जाओ। तो उसको यह सिखाया गया कि मैं माया के

949
01:04:36,000 --> 01:04:40,160
रूप में आ रही हूं। तो फिर बिल्कुल उसके कुछ फर्क ही नहीं पड़ रहा था। इतने

950
01:04:40,160 --> 01:04:44,320
दिन तक मैंने कोशिश की लगभग 14 15 दिन। फिर उसके बाद कोर्ट से आर्डर आया

951
01:04:44,320 --> 01:04:48,400
कि आप एक हफ्ता भर रह सकती हैं वहां पर। तो वहां रहने गई तो वहां

952
01:04:48,400 --> 01:04:52,400
की कहानी अलग है। मतलब मुझे फोन वहां उनके आश्रम के अंदर यूज

953
01:04:52,400 --> 01:04:56,640
नहीं करने देना है और जिस रूम में रखे थे वहां पर ही रहना है और बेटी

954
01:04:56,640 --> 01:05:01,120
मेरे साथ नहीं सोएगी। दूसरे बेड पर सोएगी। मैं उनको छू भी नहीं सकती।

955
01:05:01,120 --> 01:05:05,440
वो भी ठीक है। मैंने मान लिया। फिर उसके बाद ऊपर जहां उनका आश्रम

956
01:05:05,440 --> 01:05:09,520
है मेन आश्रम वहां पर अगर बैठते थे तो छूने भी नहीं देना है। बहुत ठंडी

957
01:05:09,520 --> 01:05:14,000
थी उस समय। मतलब मैं ठंडी सहन नहीं होती है मुझे। तो बहुत ज्यादा परेशान थी।

958
01:05:14,000 --> 01:05:18,240
एक दिन ऐसे ही बैठे-बैठे वह एकदम कंबल लपेट के बैठी थी। तो मैंने अपने पैर

959
01:05:18,240 --> 01:05:22,320
उसके कंबल में घुसाने की कोशिश की। तो इतनी जोर से उसने छिड़की दी मुझे

960
01:05:22,320 --> 01:05:26,400
कि क्या कर रहे हो आप? क्यों छू रहे हो मुझे करके? मैंने कहा बचपन से

961
01:05:26,400 --> 01:05:30,400
ये चलते आ रहा है कि हम दोनों एक कंबल में सोते हैं। तेरे पैर ठंडे

962
01:05:30,400 --> 01:05:34,400
होते हैं तो तू मेरे मतलब गर्म करने की कोशिश करती है। मेरे

963
01:05:34,400 --> 01:05:38,400
पैरों के नीचे दबा लेती है। हम ये करते हैं। तो आज क्या हो गया? तो मैं अभी भगवान

964
01:05:38,400 --> 01:05:42,480
के आस्त इसमें हूं और आप मुझे छओगे तो मेरे वाइब्रेशन खराब हो जाएंगे।

965
01:05:42,480 --> 01:05:46,880
कि हां हम किसी को छूते नहीं है। तो आप दूर रहो मुझसे। तो

966
01:05:46,880 --> 01:05:51,040
समझ में ही नहीं आ रहा था कि यह भगवान है क्या है? क्या कहां मेरी

967
01:05:51,040 --> 01:05:55,680
बेटी फंस गई है? उसको मैं छू नहीं सकती। उसको मैं देख नहीं सकती।

968
01:05:55,680 --> 01:05:59,680
बहुत मतलब बुरा समय था।

969
01:05:59,680 --> 01:06:03,760
और वहां छत पर भी बेटी अकेली जा नहीं सकती। उसके दिमाग में यह भरा गया है

970
01:06:03,760 --> 01:06:07,760
कि जो बाहर के लोग हैं वो सारे दुर्योधन दुशासन है। तो इस

971
01:06:07,760 --> 01:06:12,000
चार दीवारी से इस तालों से अगर तू बाहर निकलेगी तो कोई भी तेरे को

972
01:06:12,000 --> 01:06:16,240
मतलब तेरे साथ गलत कर सकता है। तो छत पर भी अगर जाना है तो उनकी माताएं

973
01:06:16,240 --> 01:06:20,400
जो साथ में रहती है वो साथ में जाएगी। ग्राउंड फ्लोर पर भी जाना है तो माता

974
01:06:20,400 --> 01:06:24,480
साथ में जाएगी। मैंने कहा नीचे चलते हैं मेरे साथ चल दे। मैं हूं साथ में। तो बोलती

975
01:06:24,480 --> 01:06:28,560
है आपके साथ नहीं जाऊंगी। आपके साथ सेफ नहीं हूं मैं। माता साथ में चलेगी तभी

976
01:06:28,560 --> 01:06:32,720
जाऊंगी। और मैंने कहा ठीक है फिर मैं चली जाती हूं नीचे। तो उसको इतना अजीब

977
01:06:32,720 --> 01:06:36,800
लग रहा था कि आप अकेले नीचे चले जाओगे। नीचे मतलब अकेले कैसे जा सकते हो? कैसे

978
01:06:36,800 --> 01:06:40,800
सेफ हो? इतना डर उसके दिमाग में है कि मैं खुद भी अकेले नीचे नहीं जा

979
01:06:40,800 --> 01:06:44,880
सकती। मैंने कहा हम एक जगह से दूसरे एक स्टेट से दूसरे स्टेट दोनों ही

980
01:06:44,880 --> 01:06:45,760
गए हैं। अपनी

981
01:06:45,760 --> 01:06:49,760
नई दुनिया बताए हैं। कौन साथ था हमारे? कोई भी तो नहीं था और क्या बिगड़ा

982
01:06:49,760 --> 01:06:53,920
है हमारा? तो वो सारी चीजें वो भूल गई है। अब इतना डर उसके दिमाग

983
01:06:53,920 --> 01:06:58,240
में है कि कुछ नहीं हम अकेले कर सकते हैं। हम किसी ना किसी का हमको सपोर्ट हमेशा

984
01:06:58,240 --> 01:07:02,320
चाहिए। क्योंकि सगा भाई और सगा बाप भी दुर्योधन दुशासन होते

985
01:07:02,320 --> 01:07:06,480
हैं और रात को लाइट बंद करके नहीं

986
01:07:06,480 --> 01:07:10,720
सोते हैं वो लोग। बोलते हैं कि सारे दुष्ट आत्माएं चारों तरफ रहती

987
01:07:10,720 --> 01:07:14,720
है तो वो कभी भी अटैक कर सकती है तो लाइट चालू करके ही सोना है जो पहले कभी

988
01:07:14,720 --> 01:07:19,040
ऐसे नहीं करती थी। ये भी पढ़ा दिया गया कि सौगा भाई भी दुर्योधन दुशासन

989
01:07:19,040 --> 01:07:23,040
होता है। बिल्कुल बिल्कुल किसी पर भी भरोसा नहीं कर सकते आप। दुर्योधन

990
01:07:23,040 --> 01:07:27,040
दुशासन हर कोई होता है। जो आदमी है वो दुर्योधन दुशासन

991
01:07:27,040 --> 01:07:31,040
है बस। इनके गुरु के अलावा मैंने कहा फिर ये भी तो आदमी

992
01:07:31,040 --> 01:07:35,120
ही है तो बोलती है ये तो अष्ट देवों में से मतलब मुझसे नहीं कहा कि अष्ट देवों में से

993
01:07:35,120 --> 01:07:39,200
हैं लेकिन ये उनके बोलती थी डिवाइन सोल है ये

994
01:07:39,200 --> 01:07:43,360
ये बहुत पवित्र आत्मा है और उनके फर्स्ट फ्लोर

995
01:07:43,360 --> 01:07:47,600
पर जो वहां के ओनर है भावना करके उनके पति जो रहते

996
01:07:47,600 --> 01:07:51,680
थे तो एक दिन फर्स्ट ग्राउंड फ्लोर से

997
01:07:51,680 --> 01:07:55,840
हम लोग सेकंड फ्लोर पर आ रहे थे और बीच में उनका आना हुआ तो ऐसे इसको

998
01:07:55,840 --> 01:07:59,840
गाइड कर दिया गया कि तुम उधर पलट जाओ और मेरी बेटी ऐसी जैसे ससुर को देख के बहू

999
01:07:59,840 --> 01:08:00,960
घूंघट में कैसे पलट

1000
01:08:00,960 --> 01:08:04,960
जाती है कि जेठ का सामना नहीं करना है। ससुर का सामना नहीं करना है। वैसे

1001
01:08:04,960 --> 01:08:08,960
एकदम पलट गई और उनको बोल दिया गया कि संस्कृति आ रही है तो आप पलट

1002
01:08:08,960 --> 01:08:13,120
जाओ। तो फिर वो भी पलट गए। इधर ये भी पलट गए। मैंने कहा ये क्या है? मतलब

1003
01:08:13,120 --> 01:08:17,120
रास्ते से वो आ रहे हैं। वो सीढ़ियां उतर रहे हैं और तुम सीढ़ियां चढ़ रहे हो। इतनी

1004
01:08:17,120 --> 01:08:21,200
चौड़ी सीढ़ियां है तो इसमें क्या प्रॉब्लम हो गई? तो बोलती है कि आदमी का सामना नहीं

1005
01:08:21,200 --> 01:08:25,360
करना है और वह उसी बिल्डिंग में रहते हैं। उन्हीं को लाना ले जाना करते हैं। इनका

1006
01:08:25,360 --> 01:08:30,000
खेल ही समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर चल क्या रहा है।

1007
01:08:30,000 --> 01:08:34,320
आधी रात को 2:00 बजे उसको जगाते हैं। पूरा दिन बिजी रखते हैं। इतना

1008
01:08:34,320 --> 01:08:38,720
काम देते हैं कि वो अपने आप में कुछ सोचने की ही टाइम उनको नहीं मिलती है कि हम

1009
01:08:38,720 --> 01:08:43,040
क्या कर रहे हैं। हम कुछ गलत तो नहीं कर रहे हैं। बिल्कुल सोचने पर भी पाबंदी

1010
01:08:43,040 --> 01:08:47,760
है। टाइम ही नहीं मिलता है। इतना बिजी रहते हैं तो फिर थक जाते हैं। फिर सो जाती हूं।

1011
01:08:47,760 --> 01:08:52,000
उसको यह और सिखाया गया है। फिर अगली बार जब मैं जाने की कोशिश की हूं। मैंने सारी

1012
01:08:52,000 --> 01:08:56,160
चीजें उसको बताने की कोशिश की कि बेटी देखो कितने पीड़ित परिवार है

1013
01:08:56,160 --> 01:09:00,320
जो परेशान है इनकी संस्था की वजह से। कितने लोगों ने अपनी जिंदगी

1014
01:09:00,320 --> 01:09:04,480
बर्बाद की है। और आज वो सब मेरे साथ हैं।

1015
01:09:04,480 --> 01:09:08,560
मैं समझी हूं इन सब की कहानी।

1016
01:09:08,560 --> 01:09:14,560
भाई जी आप हैं।

1017
01:09:15,280 --> 01:09:21,280
भाई जी

1018
01:09:28,000 --> 01:09:34,000
भाई जी आप दिख नहीं रहे हैं लाइन पर हैं। चालू है वीडियो।

1019
01:09:36,800 --> 01:09:41,360
एक मिनट वो मैं थोड़ा सा पॉज लूंगा। जी

1020
01:09:41,360 --> 01:09:45,520
आप बात को यहीं से कंटिन्यू करिएगा। एक दूसरी जगह भी

1021
01:09:45,520 --> 01:09:49,920
आवश्यकता है। एक मिनट। हां,

1022
01:09:49,920 --> 01:09:55,920
मैं लाइन पर रहूं। जी जी लाइन पे रहिए।

1023
01:10:05,680 --> 01:10:09,760
तो डरे नहीं। यह साइबर क्रिमिनल्स हो सकते हैं। इनकी रिपोर्ट

1024
01:10:09,760 --> 01:10:13,760
नेशनल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत करें।

1025
01:10:13,760 --> 01:10:19,760
गृह मंत्रालय द्वारा जारी।

1026
01:10:24,560 --> 01:10:30,560
हां जी बताइए। ये एक आर्डर बता

1027
01:11:33,520 --> 01:11:37,520
समझ गए। दूसरी बात दूसरी बात

1028
01:11:37,520 --> 01:11:40,000
देखिए रामपाल

1029
01:11:40,000 --> 01:11:44,080
रामपाल पर किसी ने कहीं पर रामपाल की किताबों को

1030
01:11:44,080 --> 01:11:48,160
बेचते हुए किसी ने किसी पर एफआईआर करा दी। उसके बाद

1031
01:11:48,160 --> 01:11:52,320
वह उसने भागदौड़ नहीं की। ये लोग एक दावा करते हैं ना ये आपसे यही दावा

1032
01:11:52,320 --> 01:11:56,320
कर रहे हैं ना क्लीन चिट मिला है। उस क्लीन चिट में कहीं भी यह नहीं लिखा हुआ

1033
01:11:56,320 --> 01:12:00,720
है कि इनकी किताबों में आपत्तिजनक सामग्री नहीं है। उसमें

1034
01:12:00,720 --> 01:12:05,520
उसमें हुआ क्या है कि अ

1035
01:12:05,520 --> 01:12:09,600
उसमें यह हुआ है कि जब किसी ने किसी पर एफआईआर कराई और

1036
01:12:09,600 --> 01:12:13,760
मान लो जिसने एफआईआर कराई है उसको कोर्ट बुला रही है कि आकर के बयान दो।

1037
01:12:13,760 --> 01:12:18,080
मगर वह पहुंच ही नहीं रहा है। वो व्यक्ति कहीं का था चला गया। एफआईआर करा के उसने संज्ञान

1038
01:12:18,080 --> 01:12:22,080
नहीं लिया। तो एट दी एंड क्या करेगी कोर्ट? उस एफआईआर को वो

1039
01:12:22,080 --> 01:12:26,240
कर देगी ना डिसबस्ट। ठीक है। ठीक है भैया।

1040
01:12:26,240 --> 01:12:30,400
उस उस तरीके से वो खत्म हो गया मुकदमा। उसको ये लोग क्लीन चिट लेते हैं।

1041
01:12:30,400 --> 01:12:35,040
जबकि मेरे पास अभी कल ही एक केस है जिसमें कि इनकी किताबों में आपत्तिजनक

1042
01:12:35,040 --> 01:12:39,120
सामग्री होना कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। ये बहुत बड़ा

1043
01:12:39,120 --> 01:12:43,440
मिल सकता है। भैया अभी [खांसने की आवाज़][गला साफ़ करने की आवाज़] पॉसिबल

1044
01:12:43,440 --> 01:12:47,440
है अभी। मैं एक लाइव स्ट्रीम चल रही

1045
01:12:47,440 --> 01:12:51,440
है। उसमें बैठा हुआ हूं। मैं देखता हूं भेजता हूं आपको। मगर

1046
01:12:51,440 --> 01:12:55,280
वह जो क्लीन चिट है जो यह प्रस्तुत कर रहे हैं। उसमें कहीं नहीं लिखा

1047
01:12:55,280 --> 01:12:59,600
है कि वो किताबों में कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं है। ठीक है।

1048
01:12:59,600 --> 01:13:03,760
उसमें कहीं नहीं लिखा है। आप उस पे है ना? हाई कोर्ट ने

1049
01:13:03,760 --> 01:13:09,120
ऑर्डर लगाया है ना? किस पे? ये बुक पे

1050
01:13:09,120 --> 01:13:13,360
हाई कोर्ट ने यह बुक क्यों बेची जा रही है? इस संबंध में शासन से

1051
01:13:13,360 --> 01:13:17,600
क्वेरी किया है और यह यह जो पूरा गैंग

1052
01:13:17,600 --> 01:13:21,600
है यह कैसे चल रहा है इस बारे में रामपाल जब जेल में था तो उसके जेलर

1053
01:13:21,600 --> 01:13:25,600
तक को बुलाया है वो ऑर्डर आपके आपको मैंने जो ड्राइव का लिंक

1054
01:13:25,600 --> 01:13:30,000
दिया उसमें उसमें लिखे हुए हैं। ठीक है ठीक है

1055
01:13:30,000 --> 01:13:36,000
ओके ठीक है ठीक है

1056
01:13:37,600 --> 01:13:41,760
जी आप आ जाइए शता जी ओके

1057
01:13:41,760 --> 01:13:47,760
भाई जी

1058
01:13:55,200 --> 01:14:01,200
एक मिनट बस

1059
01:14:02,320 --> 01:14:08,320
श्री

1060
01:14:11,120 --> 01:14:14,400
जी

1061
01:14:14,400 --> 01:14:18,400
बस वहां का माहौल [गला साफ़ करने की आवाज़] पूरा ऐसे ही तालों में बंद रखे हैं उसको

1062
01:14:18,400 --> 01:14:23,360
और अभी तो और भी ज्यादा पूरा पैक कर दिए हैं बिल्डिंग को

1063
01:14:23,360 --> 01:14:26,480
कि कहीं कहीं से कोई घुस नहीं सकता

1064
01:14:26,480 --> 01:14:30,480
और इनकी बिल्डिंग ऐसी है कि अगर उसमें तो कोई दुर्घटना हो जाए

1065
01:14:30,480 --> 01:14:34,480
जैसे अभी रिसेंटली वहां लखनऊ में जो हुआ था उस

1066
01:14:34,480 --> 01:14:38,480
तरीके से कोई भी दुर्घटना अगर हो जाए गलती से वहां तो कोई बच नहीं

1067
01:14:38,480 --> 01:14:42,640
सकता। ऐसा हाल है क्योंकि इतने ताले लगे हुए हैं कि वह ताले खोल भी

1068
01:14:42,640 --> 01:14:46,640
नहीं सकते। चाबी किसके पास रहती है? नीचे जो ओनर है उसके पास रहती

1069
01:14:46,640 --> 01:14:50,720
है। पता नहीं तो इन आध्यात्मिक विश्वविद्यालय का पालम

1070
01:14:50,720 --> 01:14:55,040
स्थित जो केंद्र है उसकी बात हो रही है। जिसके यहां जिस केंद्र

1071
01:14:55,040 --> 01:14:59,040
में हम लोग गए थे वहां का जो केयरटेकर टाइप का व्यक्ति है उसके

1072
01:14:59,040 --> 01:15:03,040
साथ हमारी बातचीत हुई थी। जिसके जो ढपोर शंख है

1073
01:15:03,040 --> 01:15:07,440
अगर बात की जाए अगर शास्त्र की या ज्ञान आध्यात्मिक ज्ञान की तो आपने

1074
01:15:07,440 --> 01:15:11,680
देखा होगा हमारा वह वीडियो जिसमें वो ढपोर शंख जैसी बातें कर रहे

1075
01:15:11,680 --> 01:15:15,920
थे तो वहीं की यह बात बता रही है हम लोग इन्हीं के

1076
01:15:15,920 --> 01:15:20,320
द्वारा जानकारी प्राप्त होने पर वहां पर गए थे

1077
01:15:20,320 --> 01:15:24,720
और अ जो लोग शास्त्रीय

1078
01:15:24,720 --> 01:15:28,800
या आध्यात्मिक दावे करते हैं उनकी जरा हमने स्तर उसका जानने का

1079
01:15:28,800 --> 01:15:32,880
प्रयास किया था। यह वही उसी पालम स्थित उसी केंद्र की बात

1080
01:15:32,880 --> 01:15:37,120
हो रही है जहां पर इनकी बिटिया आज भी है। तो यह थोड़ा सा बताइए

1081
01:15:37,120 --> 01:15:41,440
उसके बाद फिर यह तो कोर्ट का प्रोसेस हो गया। इसके बाद आपने बहुत सारे और भी प्रयास

1082
01:15:41,440 --> 01:15:41,940
किए

1083
01:15:41,680 --> 01:15:45,840
होंगे बीच में। जी जी तो अभी रिसेंटली वाला जी

1084
01:15:45,840 --> 01:15:50,080
आप बता लीजिए। जो भी आपको बताना हो आप बताइए। जी

1085
01:15:50,080 --> 01:15:54,320
कोर्ट में हर बार डेट मिलती है और कुछ पेशी में मतलब बारी

1086
01:15:54,320 --> 01:15:58,640
ही नहीं आती है और फिर अगली डेट मिल जाती है। जैसे दो साल से कुछ हो नहीं रहा है

1087
01:15:58,640 --> 01:16:02,960
और इस इन दो सालों में मैंने हर जगह जैसे कहां-कहां मैं कंप्लेंट

1088
01:16:02,960 --> 01:16:07,120
कर सकती हूं क्योंकि इनकी संस्था पहले से बदनाम है और क्या होता है सारे

1089
01:16:07,120 --> 01:16:11,200
नेशनल मीडिया में आ चुका है और ये जो अमोल कोकने

1090
01:16:11,200 --> 01:16:15,200
है वो वीरेंद्र देव दीक्षित का ही वकील है और इनको पता है कि सारे केसेस

1091
01:16:15,200 --> 01:16:19,200
कैसे हैंडल किए जाते हैं जो पेरेंट्स इनके खिलाफ करते हैं। तो उसने पूरी

1092
01:16:19,200 --> 01:16:23,360
तैयारी के साथ ही मेरी बेटी को घर से निकलवाया कि आप पहले यहां पर कंप्लेंट

1093
01:16:23,360 --> 01:16:27,360
करके आओ और सारे काम उसने बहुत सिस्टमैटिक तरीके

1094
01:16:27,360 --> 01:16:31,680
से करवाया कि 18 साल के होने के बाद एक दिन के बाद भी मां कुछ कर नहीं पाएगी।

1095
01:16:31,680 --> 01:16:35,760
तो मैं हर जगह पर एनसीडब्ल्यू में, एनएचआरसी में, डीसीडब्ल्यू

1096
01:16:35,760 --> 01:16:39,920
में मैं रेखा गुप्ता जी से भी मिलने की कोशिश की हूं।

1097
01:16:39,920 --> 01:16:44,080
मैं डिप्टी सीएम के पास भी गई हूं। कमिश्नर ऑफिस में, होम मिनिस्टर में हर

1098
01:16:44,080 --> 01:16:48,160
जगह मैंने एप्लीकेशन दिए हैं कि यह इस संस्था की जांच

1099
01:16:48,160 --> 01:16:52,640
होनी चाहिए। मेरी बेटी भले ही 18 साल की है तो उसका मतलब दिमाग

1100
01:16:52,640 --> 01:16:56,720
वो सही डिसीजन ली है। ये इस चीज की भी जांच होनी

1101
01:16:56,720 --> 01:17:00,880
चाहिए कि इनका ब्रेन वाश करने का तरीका कैसा है। इसके सारे सबूत मेरे पास हैं।

1102
01:17:00,880 --> 01:17:05,280
तो इन सब की जांच होनी चाहिए। करके मैंने कई बार अप्रोच

1103
01:17:05,280 --> 01:17:09,600
किया। मतलब जितना भी टाइम मैं यहां लगा सकती थी दिल्ली में हर

1104
01:17:09,600 --> 01:17:13,760
जब भी मुझे दो-चार दिन की छुट्टी मिलती है मैं दो दिन का सफर करके ही दिल्ली

1105
01:17:13,760 --> 01:17:18,080
पहुंच जाती हूं और एक दिन का भी मैं किसी से मिल सकती हूं। कितने वकीलों से मैंने मिला

1106
01:17:18,080 --> 01:17:22,080
बहुत कोशिश की मैंने मतलब हर तरह से कि यहां थोड़ी उम्मीद बन रही है।

1107
01:17:22,080 --> 01:17:26,240
ये लोग थोड़ी उम्मीद दे रहे हैं कि हम ऐसा करेंगे वैसा करेंगे इसकी जांच करवाएंगे।

1108
01:17:26,240 --> 01:17:30,320
तो हर जगह मैं लोगों से जुड़ी थी। लेकिन फाइनली मुझे समझ में आया कि

1109
01:17:30,320 --> 01:17:34,560
कुछ नहीं हो रहा है इसमें। और मेरी बेटी धीरे-धीरे फंसती ही जा रही है और पुराने

1110
01:17:34,560 --> 01:17:38,880
पीड़ित जो हैं वह बोल रहे हैं कि आप जितना ज्यादा इसमें टाइम वेस्ट करोगे जितने

1111
01:17:38,880 --> 01:17:42,960
दिन वहां बेटी आपकी रहेगी उतना ज्यादा वो आपसे दूर होती जाएगी और

1112
01:17:42,960 --> 01:17:46,960
आप चाह के भी अगर उसको ले भी आओगे तो शरीर भले ही आपके पास रहेगा

1113
01:17:46,960 --> 01:17:51,120
लेकिन वो पूरी तरह उनकी हो चुकी होगी और आप उसको सुधारने में परेशान हो जाओगे

1114
01:17:51,120 --> 01:17:55,440
वो नॉर्मल हो नहीं पाएगी वो पूरी तरह डिप्रेशन में चली जाएगी ये

1115
01:17:55,440 --> 01:17:59,840
बातें सुनके मैं बहुत ज्यादा परेशान हो रही थी और बहुत सारे केसेस हुए भी हैं जिन

1116
01:17:59,840 --> 01:18:04,000
मां-बापों ने कोशिश कि उनके बच्चे तब उनका साथ नहीं दे रहे थे और आज उनकी हालत

1117
01:18:04,000 --> 01:18:08,080
ऐसी है कि वह डिप्रेशन में है पूरी तरह। वह लोग अंदर हैं तो उनको दवाइयां दी

1118
01:18:08,080 --> 01:18:11,760
जाती है। नींद की दवाइयां दी जाती है। डिप्रेशन की दवाइयां

1119
01:18:11,760 --> 01:18:16,080
दी जाती है और जो लड़कियां अभी ठीक हैं लेकिन वो बाहर निकलना

1120
01:18:16,080 --> 01:18:20,160
चाहती हैं। तो उनका दिमाग उनमें ही बना रहे। उनका ज्ञान ही

1121
01:18:20,160 --> 01:18:24,240
मतलब सब कुछ समझे। उसके लिए भी दवाइयां दी जाती है। कुछ ऐसे चीजें मुझे

1122
01:18:24,240 --> 01:18:28,320
चैट में दिखा। जब बेटी मेरे साथ थी जब वह अपनी तबीयत को लेकर परेशान थी।

1123
01:18:28,320 --> 01:18:32,480
उनका काम कर करके थक गई थी। तो अमोल कोकने ने एक दवाई उसको

1124
01:18:32,480 --> 01:18:36,480
रेकमेंड की जो नॉर्मल तरीके से मेडिकल स्टोर्स में मिलती नहीं है।

1125
01:18:36,480 --> 01:18:40,720
उस दवाई के बारे में मैंने जानकारी ली तो समझ में आया कि वो

1126
01:18:40,720 --> 01:18:46,000
ऐसे मेंटल पेशेंट्स को दी जाती है दवाई जो कुछ

1127
01:18:46,000 --> 01:18:50,160
जिनको दौरे पड़ते हैं ऐसे लोगों के लिए। तो उस दवाई

1128
01:18:50,160 --> 01:18:54,160
का अगर मेरी बेटी मेरे साथ थी तब उसने रेकमेंड किया तो जाहिर है कि

1129
01:18:54,160 --> 01:18:58,400
उसके उनके पास है तो वह देते ही होंगे। तो यह चीजें

1130
01:18:58,400 --> 01:19:04,400
समझ के मैं इतना परेशान हो गई कि हो क्या रहा है मेरी इकलौती बेटी

1131
01:19:04,560 --> 01:19:08,720
जिसके लिए मैं जी रही हूं तो उसके साथ क्या क्या हो रहा है और वो समझ

1132
01:19:08,720 --> 01:19:12,800
ही नहीं पा रही है वो मुझसे बात भी नहीं करना चाहती मैं कुछ भी उसको

1133
01:19:12,800 --> 01:19:16,880
समझाने की कोशिश कर रही हूं वो खिलाफ ही बोल रही हूं उसको लग रहा है कि मां सबके खिलाफ

1134
01:19:16,880 --> 01:19:21,200
है और वहां पर उसको यह दिखाया जाता है कि हम सब लोग तुम्हारी मां की भलाई

1135
01:19:21,200 --> 01:19:25,600
के लिए हम रोज मेडिटेशन करते हैं। उनको सद्बुद्धि दे। भगवान इसके लिए मेडिटेशन

1136
01:19:25,600 --> 01:19:29,600
करते हैं। आपको यह लग रहा है कि यहां सब आपके दुश्मन है। लेकिन यहां सब आपकी

1137
01:19:29,600 --> 01:19:33,600
भलाई के लिए कर रहे हैं। वह आपको आप समझ नहीं पा रहे हो और आप सबके खिलाफ काम कर

1138
01:19:33,600 --> 01:19:37,840
रहे हो। हर दिन मतलब जब भी बात होती थी उसका यही कहना रहता था।

1139
01:19:37,840 --> 01:19:42,080
और मैं तरस गई उसको देखने के लिए उससे मिलने के लिए। हर बार जब भी बात होती

1140
01:19:42,080 --> 01:19:46,160
थी लाडो देखना है रे कितने दिन हो गए तुझे देखे तो मुझे नहीं मिलना। आपको

1141
01:19:46,160 --> 01:19:50,240
शरीर से इतना लगाओ क्यों? मैंने कहा वीडियो कॉल ही कर ले। तो आपको शरीर क्यों देखना है? बात

1142
01:19:50,240 --> 01:19:54,560
कर तो रही हूं। आपको आप मेरी मां हो तो मेरी आत्मा से जुड़ो। आप अपनी आत्मा

1143
01:19:54,560 --> 01:19:58,640
को पहचानो। भगवान को पहचानो। मुझे आप नहीं भगवान की

1144
01:19:58,640 --> 01:20:02,640
जरूरत है। ये उसके शब्द रहते थे। अब दो साल से ज्यादा हो गए

1145
01:20:02,640 --> 01:20:06,640
तो मैंने उसको कहा अभी कुछ दिनों पहले जून के जून मई के महीने

1146
01:20:06,640 --> 01:20:10,720
में कि अभी स्कूल खुल जाएगी तो मैं फिर मिल नहीं पाऊंगी तेरे

1147
01:20:10,720 --> 01:20:14,720
से और मैं बहुत परेशान हो गई हूं। देखना है तुझे करके। तो उसने कहा

1148
01:20:14,720 --> 01:20:18,720
कि आप 1 जून को मुझे कॉल करना तब मैं आपको बताऊंगी। तब तो उसने सही तरीके

1149
01:20:18,720 --> 01:20:20,000
से कहा कि मैं बताऊंगी

1150
01:20:20,000 --> 01:20:24,240
आपको कि कब आप मिल सकते हो मुझसे और जब मैंने 1 जून का इंतजार

1151
01:20:24,240 --> 01:20:28,320
कर करके फिर 1 जून को कॉल किया तो बोलती है कि आप कोर्ट का केस अगर वापस लोगे तभी

1152
01:20:28,320 --> 01:20:32,320
मैं आपसे मिलूंगी उसके अलावा नहीं मिलूंगी। तब तक उसके दिमाग में नहीं था कि कोर्ट के

1153
01:20:32,320 --> 01:20:36,480
केस के बारे में बोलूं। एक कंडीशन लगाऊं तो मां मिल सकती है। लेकिन उनको मेरा वीक

1154
01:20:36,480 --> 01:20:40,480
पॉइंट समझ में आ गया कि मैं तरस रही हूं अपनी बेटी को देखने के लिए और उसने यही

1155
01:20:40,480 --> 01:20:44,800
बहाना लगाया कि आप यह करोगे तो इसके बदले में आपको यह मिलेगा। मतलब मैं देखने

1156
01:20:44,800 --> 01:20:48,800
के लिए तरस जाऊं। मतलब देखने को मिल जाए उसके लिए मैं कोर्ट केस

1157
01:20:48,800 --> 01:20:52,800
वापस लूं। यह उनका कहना है। कोर्ट का वो आर्डर पूरा हो गया क्या जिसमें आपको रोज

1158
01:20:52,800 --> 01:20:56,880
मिलना रहता है। वो आर्डर अभी भी नहीं वो आर्डर वो आर्डर है अभी भी। लेकिन फिर

1159
01:20:56,880 --> 01:21:01,040
उसके बावजूद भी यह मिलने नहीं दे रहे थे। कभी भी कॉल करो तो मैं चार पांच

1160
01:21:01,040 --> 01:21:05,120
बार कॉल करूंगी तब उसका कॉल आएगा तो आएगा वरना मैं दो-ती दिन तक कोशिश करती रहूंगी।

1161
01:21:05,120 --> 01:21:09,280
तब जाके उसका कॉल आता था। हां बोलो क्या है? अभी थोड़े दिन पहले तो बात किए हो। एक

1162
01:21:09,280 --> 01:21:13,280
महीने के बाद भी बात करती हूं। जैसे मान लीजिए आप अभी अगर मिलने जाए

1163
01:21:13,280 --> 01:21:17,360
अपनी बिटिया से दिल्ली में आपके पास कोर्ट का आर्डर है तो मिलने दिया जाएगा ना आपको

1164
01:21:17,360 --> 01:21:21,440
45 मिनट बिल्कुल नहीं बिल्कुल नहीं वो उससे ही बुलवा दिया जाता है कि मैं नहीं

1165
01:21:21,440 --> 01:21:26,000
मिलना चाहती नहीं तो कोर्ट के आर्डर का क्या करें

1166
01:21:26,000 --> 01:21:30,240
तो वो नहीं मिलना चाहती उसका ये कहना है मैं मेजर हूं तो कोर्ट का आर्डर भी काम नहीं आएगा

1167
01:21:30,240 --> 01:21:34,720
उसको अमूल को सारी जानकारी है कि कोर्ट का कैसे होता है क्या-क्या

1168
01:21:34,720 --> 01:21:35,220
हम

1169
01:21:35,040 --> 01:21:39,120
इसमें कर सकते हैं तो बेटी से ही हर बार बुलवा दिया जाता है कि

1170
01:21:39,120 --> 01:21:43,120
मैंने मुझे नहीं मिलना बोल दो और जब भी मैं कॉल करती हूं तो मुझे समझ में आता

1171
01:21:43,120 --> 01:21:47,280
है कि स्पीकर ऑन है। अगल-बगल के लोग समझा रहे हैं उसको जो मेरी बातें सुन

1172
01:21:47,280 --> 01:21:51,280
रहे हैं और उसके हिसाब से वो जो गाइड कर रहे हैं एक-ए सेकंड बीच में रुकती है।

1173
01:21:51,280 --> 01:21:55,520
फिर उनकी बात सुन के समझ के फिर मुझे जवाब देती है। ये हर बार मुझे एहसास

1174
01:21:55,520 --> 01:21:59,680
होता है कि मैं अपनी बेटी से नहीं इतने लोगों से बात कर रही हूं जिसका जवाब सब दे

1175
01:21:59,680 --> 01:22:03,920
रहे हैं। तो फिर मैंने बात करना भी कम किया। फिर

1176
01:22:03,920 --> 01:22:08,000
जब बहुत ज्यादा परेशान होती थी। कभी 2 महीने में कभी 3 महीने में कभी रो देती

1177
01:22:08,000 --> 01:22:12,160
थी तो आप कभी कभी कबभार पिघल भी जाती थी वो कि आप इतना

1178
01:22:12,160 --> 01:22:16,400
परेशान क्यों हो रहे हो आप भी इसी रास्ते में आओगे थोड़े दिन की बात और है ऐसे

1179
01:22:16,400 --> 01:22:20,480
समझाने की कोशिश करती थी आप अपना ध्यान रखना फिर अगर मैंने एक शब्द

1180
01:22:20,480 --> 01:22:24,720
भी उनके खिलाफ ज्ञान के खिलाफ बोला तो फिर भड़क जाती थी कि नहीं आप गलत

1181
01:22:24,720 --> 01:22:28,720
कर रहे हो ये आप सबके दुश्मन बने हुए यहां कोई आपका दुश्मन नहीं है सब

1182
01:22:28,720 --> 01:22:32,720
आपकी भलाई चाहते हैं उसके सामने अगर वो लोग मेरी भलाई चाहते हैं

1183
01:22:32,720 --> 01:22:36,880
तो वो मेरी बेटी को मेरे साथ में रहने दें और वो होते कौन है मेरे बेटे को मुझसे

1184
01:22:36,880 --> 01:22:40,880
छीनने वाले? बोलती है मैं अपने और भगवान के बीच में आपको भी

1185
01:22:40,880 --> 01:22:45,040
नहीं आने दूंगी। मैंने कहा मेरे और तेरे बीच में भगवान कैसे आ सकते हैं? और मैंने क्या

1186
01:22:45,040 --> 01:22:49,440
गलत किया है जो मुझे मतलब भगवान हम दोनों के बीच में आ रहे हैं।

1187
01:22:49,440 --> 01:22:50,160
और वो

1188
01:22:50,160 --> 01:22:54,720
बुक भी आपने ही लिखी है। जी जी ये

1189
01:22:54,720 --> 01:22:59,120
इनकी पूरी कहानी है इस बुक में। अभी कुछ चीजें उसमें अपडेटेड

1190
01:22:59,120 --> 01:23:03,360
नहीं होंगी। मगर इन्होंने ये बुक लिखी है। और Amazon पे अवेलेबल

1191
01:23:03,360 --> 01:23:07,760
है ये बुक। जी ये Amazon पर Flipkart पर भी अवेलेबल है।

1192
01:23:07,760 --> 01:23:12,160
ये मैंने पिछले साल पब्लिश किया था। इसका नाम है ब्रेकिंग

1193
01:23:12,160 --> 01:23:16,400
फ्री ए मदर्स प्रॉमिस

1194
01:23:16,400 --> 01:23:20,640
सन मार्तिका। तो आप कोई अगर इनकी

1195
01:23:20,640 --> 01:23:24,720
ये कहानी पूरा जान पूरी जानना चाहते हैं इस मां की कहानी तो इस

1196
01:23:24,720 --> 01:23:28,800
बुक को ले वहां से और पढ़ें और अपने लोगों

1197
01:23:28,800 --> 01:23:32,800
को भी दें। इंग्लिश में है यह बुक। यह हिंदी भाषी नहीं है तो इन्होंने इंग्लिश

1198
01:23:32,800 --> 01:23:36,960
में लिखना उचित समझाया जिससे कि कोई देश में रहने वाले किसी

1199
01:23:36,960 --> 01:23:41,920
भी जगह पर हो तो वह पढ़ सके इनकी कहानी को जान सके।

1200
01:23:41,920 --> 01:23:45,840
फिर क्या हुआ?

1201
01:23:45,840 --> 01:23:50,000
मैं मिल नहीं पाई अपनी बेटी से और तरस गई और मैं पुलिस स्टेशन के चक्कर काट

1202
01:23:50,000 --> 01:23:54,240
काट के भी थक गई। एनएचआरसी से थोड़ा सा काम आगे बढ़ते दिखा।

1203
01:23:54,240 --> 01:23:58,240
मुझे अपनी बेटी की चिंता तो है ही साथ-साथ वह जितने बच्चों को

1204
01:23:58,240 --> 01:24:02,560
और फंसा रहा है, उसकी भी बहुत ज्यादा चिंता हो रही थी क्योंकि यह आदमी

1205
01:24:02,560 --> 01:24:05,600
पूरे देश भर के स्कूल्स कॉलेजेस में जाकर प्रचार कर रहा

1206
01:24:05,600 --> 01:24:09,760
है। अब मुझे यह चीज समझ में नहीं आ रही कि स्कूल कॉलेज वाले किसी भी

1207
01:24:09,760 --> 01:24:13,840
संस्था से कोई भी आता है तो उनका बैकग्राउंड जाने बिना आने कैसे देते हैं।

1208
01:24:13,840 --> 01:24:17,920
अभी तक इनके चैनल पर स्पिरिचुअल रेवोल्यूशन नाम का इनका चैनल

1209
01:24:17,920 --> 01:24:21,920
है। उनके चैनल पर 800 से ज्यादा वीडियो अपलोडेड हैं। जो पूरे देश

1210
01:24:21,920 --> 01:24:26,080
भर में जहां-जहां जिन-जिन स्कूल्स कॉलेजेस में गए हैं वहां का अपलोड करते हैं वीडियो

1211
01:24:26,080 --> 01:24:30,640
वह उसमें बस पहले तो मेडिटेशन की बात करते हैं। फिर उसके बाद

1212
01:24:30,640 --> 01:24:34,640
बोलते हैं कि दुनिया सारी खत्म होने वाली है और आपको भगवान के रास्ते पर

1213
01:24:34,640 --> 01:24:38,640
आना है। भगवान धरती पर आ गए हैं। आप हम लोगों से जुड़ेंगे तो

1214
01:24:38,640 --> 01:24:42,640
आपको सही रास्ता मिलेगा और दुनिया खत्म होने से

1215
01:24:42,640 --> 01:24:46,960
पहले अगर आप भगवान से जुड़ जाओगे तो आप साइड में जाओगे। यह सारी चीजें

1216
01:24:46,960 --> 01:24:50,960
वो वहां गाइड करते हैं और सारे बच्चों को दिखाते हैं।

1217
01:24:50,960 --> 01:24:55,120
उसमें तो मुझे सब में मेरी बेटी दिखती है कि इन सारे बच्चों के मां-बाप भी

1218
01:24:55,120 --> 01:24:59,200
मेरी तरफ फसेंगे। अगर कोई भी बच्चा अगर उनको कॉल करता है तो इनकी पूरी टीम

1219
01:24:59,200 --> 01:25:04,080
लगी है कि कोई एक कॉल आ जाता है तो उसको फॉलो अप करते हैं। फिर उसको गाइड करते हैं।

1220
01:25:04,080 --> 01:25:08,080
ऐसे ही मेरी बेटी को समझाया गया कि तुम जितने लोगों को ले आओगी उतना ऊंचा

1221
01:25:08,080 --> 01:25:12,160
तुम्हारा पद होगा और उतना ज्यादा संदेश फैलाओगी तो मतलब

1222
01:25:12,160 --> 01:25:16,160
दुनिया का उद्धार होगा इससे। तो तुम तुम दुनिया की

1223
01:25:16,160 --> 01:25:20,400
मतलब दुनिया दुनिया की भलाई कर रही हो तुम इस सेवा कर रही हो

1224
01:25:20,400 --> 01:25:24,640
क्या क्या किसी प्रकार से

1225
01:25:24,640 --> 01:25:28,720
दैहिक शोषण भी वहां पर होता है बच्चों का जो जिनको ले जाया

1226
01:25:28,720 --> 01:25:32,800
जाता है ये एक ये कठिन प्रश्न है मेरा जो आपके

1227
01:25:32,800 --> 01:25:36,800
लिए सुनने में मतलब आपको जवाब देना इसका थोड़ा आपके लिए कठिन होगा

1228
01:25:36,800 --> 01:25:41,120
मगर लोगों के जानने के लिए और समाज के लिए आवश्यक

1229
01:25:41,120 --> 01:25:45,200
प्रश्न है क्या किसी प्रकार से वहां पर जो जाने वाली जो लड़कियां या इनका

1230
01:25:45,200 --> 01:25:49,200
दहिक शोषण भी होता है। ऐसी कुछ जानकारी वीरेंद्र देव

1231
01:25:49,200 --> 01:25:53,440
दीक्षित के बारे में तो सबको पता है ही कि वह क्या करते थे।

1232
01:25:53,440 --> 01:25:57,440
आपकी जानकारी में क्या ऐसा कुछ आपको आशंका? वीरेंद्र दीक्षित से जुड़े

1233
01:25:57,440 --> 01:26:01,440
हुए कई मामले हैं। आपने बताया कोर्ट केसेस भी हुए वो भागे भी

1234
01:26:01,440 --> 01:26:05,520
और बाद में अभी की क्या स्थिति है? वीरेंद्र देव दीक्षित की डेथ हो चुकी है। वीरेंद्र

1235
01:26:05,520 --> 01:26:09,840
देव दीक्षित तो खत्म हो गए हैं 2022 में और वो जानकारी बाहर नहीं निकाली

1236
01:26:09,840 --> 01:26:14,160
गई थी क्योंकि उन्होंने कहा था कि वो इसी शरीर से सबको सतयुग में ले जाएंगे।

1237
01:26:14,160 --> 01:26:18,240
अब तो फिर बाद में जानकारी आई कैसे वो

1238
01:26:18,240 --> 01:26:22,240
तो उनके साथ जो लोग थे उन्होंने ही बताया कि मतलब कुछ लोग जो साथ

1239
01:26:22,240 --> 01:26:26,320
में थे उनको समझ में आया कि ऐसा कुछ

1240
01:26:26,320 --> 01:26:30,480
है ना कि कोई डेथ सर्टिफिकेट वगैरह भी मिल गया है अभी दीक्षित

1241
01:26:30,480 --> 01:26:34,560
का जी शुरुआत ऐसे हुई [गला साफ़ करने की आवाज़] कि जो लोग उनके साथ थे वो मान रहे थे कि

1242
01:26:34,560 --> 01:26:35,520
ये ये इनहीं

1243
01:26:35,520 --> 01:26:39,680
में भगवान है और इसी शरीर से हम सबको सतयुग में ले जाएंगे जब वो

1244
01:26:39,680 --> 01:26:43,680
खत्म हो गए तो उनके साथ जो कुछ लोग जुड़े थे उनको समझ में आया कि ये तो चले चले

1245
01:26:43,680 --> 01:26:47,760
गए हैं। अब हमको सतयुग में कौन ले जाएंगे? तो फिर उनका दिमाग खुला

1246
01:26:47,760 --> 01:26:51,840
कि हम गलत जगह फंसे हैं। तो फिर उन्होंने प्रचार करना चालू किया

1247
01:26:51,840 --> 01:26:54,560
कि ये

1248
01:26:54,560 --> 01:26:58,720
वीरेंद्र देयर दीक्षित खत्म हो गए और साथ में वो लोग थे। उन्होंने स्टेटमेंट भी

1249
01:26:58,720 --> 01:27:02,880
दिया कुछ। अब वो कितना उनको मानते हैं इसका तो मुझे कोई जानकारी नहीं है।

1250
01:27:02,880 --> 01:27:07,280
लेकिन जब वो खत्म हो गई ये चीज समझ में आई तो अमोल कोहनी ने उनके सारे

1251
01:27:07,280 --> 01:27:11,360
बर्थ डेथ सर्टिफिकेट वगैरह सब कुछ निकलवाया। अब इनका कहना है कि वह

1252
01:27:11,360 --> 01:27:15,360
जो भगवान की आत्मा वीरेंद्र देव दीक्षित में आती थी अब वह इनके

1253
01:27:15,360 --> 01:27:19,520
अंदर आती है। यह जो हीरा एक डिब्बी में रखा हुआ था वो डिब्बी

1254
01:27:19,520 --> 01:27:23,920
को तो जला दिया गया है वहां पर हैदराबाद में कोई क्रिमेशन सेंटर पर

1255
01:27:23,920 --> 01:27:27,920
और अब वो जो भगवान है जो शिव की आत्मा राम की

1256
01:27:27,920 --> 01:27:32,160
आत्मा कृष्ण की आत्मा है इन ये अष्टदेव जो इन्होंने बाबा की बहुत सेवा

1257
01:27:32,160 --> 01:27:36,880
की है। अब इनके अंदर आकर सबका उद्धार करने में

1258
01:27:36,880 --> 01:27:40,880
यह काम कर रही है। तो अब इनहीं को भगवान माना जाए। उस शरीर

1259
01:27:40,880 --> 01:27:44,880
को भी याद नहीं करना है। जिस शरीर में भगवान की आत्मा है उसी शरीर को याद करना है।

1260
01:27:44,880 --> 01:27:49,040
तो अब इनका गाइडेंस ऐसे सबको अपनी तरफ डाइवर्ट करने में लगे हुए हैं

1261
01:27:49,040 --> 01:27:51,680
कि अब यही भगवान है।

1262
01:27:51,680 --> 01:27:55,680
तो तो फिर ये तो क्लियर हो गया। जी

1263
01:27:55,680 --> 01:27:59,680
वीरेंद्र अब वीरेंद्र देव दीक्षित की जगह इन्होंने ली है तो आगे चलके ये भी

1264
01:27:59,680 --> 01:28:03,840
वही ज्ञान फैला सकते हैं कि सबको पवित्र करने के लिए

1265
01:28:03,840 --> 01:28:08,880
जो वीरेंद्र देव दीक्षित करते थे। उसी बहाने से और यह भी वही करेंगे

1266
01:28:08,880 --> 01:28:13,360
और कुछ मुझे ऐसे प्रूफ भी मिले हैं जहां पर यह लड़कियों को समझाने

1267
01:28:13,360 --> 01:28:17,840
की कोशिश कर रहा है कि इनको भगवान माने इनको इनको पार्टनर माने अपना।

1268
01:28:17,840 --> 01:28:21,920
एक रिकॉर्डिंग ऐसी मिली है जहां एक लड़की पूछ रही है इनके ज्ञान के आधार पर बोला जाता है

1269
01:28:21,920 --> 01:28:26,240
कि 9 लाख लोग सतयुग में जाएंगे जिसमें 4 लाख ब्रह्मकुमारी

1270
01:28:26,240 --> 01:28:30,400
से होंगे और 4.5 लाख इनके ज्ञान से होंगे। रुद्रमाला ये अपने आप को रुद्रमाला

1271
01:28:30,400 --> 01:28:34,400
बोलते हैं और ब्रह्मकुमारी इसको विजयमाला बोलते हैं। तो आधे लोग इधर के

1272
01:28:34,400 --> 01:28:36,960
होंगे तो आधे उनके पार्टनर जो हैं उधर से होंगे।

1273
01:28:36,960 --> 01:28:41,040
अपनी मर्जी से ही आश्रम खोल लिए बोलते हैं। 2023 में हमने यहां आश्रम खोला

1274
01:28:41,040 --> 01:28:45,120
है तो उसका कोई रजिस्ट्रेशन नहीं है। रजिस्ट्रेशन वो करना भी करवाना

1275
01:28:45,120 --> 01:28:49,120
भी नहीं चाहते क्योंकि उनके गुरु ने कहा है कि यह जो सरकार है यह भ्रष्टाचारी

1276
01:28:49,120 --> 01:28:53,280
सरकार है और हम शिष्टाचारी लोग भगवान की सरकार को ही मानेंगे।

1277
01:28:53,280 --> 01:28:57,680
यह सरकार को नहीं मानेंगे। तो हम इसके नीचे क्यों दबे? अगर रजिस्ट्रेशन

1278
01:28:57,680 --> 01:29:01,920
करवाते हैं तो इनको सारे जवाब देने पड़ेंगे कि कैसे चलता है, क्या सारी डिटेल्स

1279
01:29:01,920 --> 01:29:06,160
उनको देनी पड़ेगी। कौन इसको चलाता है। तो कोई भी इनके पास रूल रेगुलेशन

1280
01:29:06,160 --> 01:29:10,320
नहीं है। बस अपने ही बनाए हुए रूल पर चलते हैं और आश्रम

1281
01:29:10,320 --> 01:29:14,400
का नाम दे दिए हैं और बस रखे हैं लोगों को। अपनी मर्जी से

1282
01:29:14,400 --> 01:29:18,400
ला के रखें। रूल्स ही नहीं के चलते हैं। तो तो बेटी बेटी

1283
01:29:18,400 --> 01:29:22,400
को जब आपने आपने जब चैलेंज किया है, आपने जब

1284
01:29:22,400 --> 01:29:26,480
चैलेंज किया है तो आपने उसमें मतलब बेटी की

1285
01:29:26,480 --> 01:29:30,480
तरफ से जब पक्ष आया कि भाई मैं यहां रहना चाहती हूं तो कहां बताया उसने? कहां

1286
01:29:30,480 --> 01:29:34,640
रहना चाहती है? किसका घर है ये? ऐसे बताया होगा ना कि मैं इस

1287
01:29:34,640 --> 01:29:38,720
नाम से आध्यात्मिक विश्वविद्यालय नाम का आश्रम है। आश्रम है। मैं

1288
01:29:38,720 --> 01:29:44,640
इसी आश्रम में रहना चाहती हूं। मैं आध्यात्मिक पढ़ाई करना चाहती हूं। हम

1289
01:29:44,640 --> 01:29:48,720
तो आपने ये वाली ये प्रश्न पूछा कि भाई ये आश्रम कौन

1290
01:29:48,720 --> 01:29:52,800
सा आश्रम है? कैसा आश्रम? कौन चलाता है इस आश्रम?

1291
01:29:52,800 --> 01:29:56,880
ऐसे करके बात बढ़ाई आगे। बोलते हैं

1292
01:29:56,880 --> 01:30:01,040
ये एक आध्यात्मिक परिवार है। इसको कोई रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं है।

1293
01:30:01,040 --> 01:30:05,440
हम पूरे परिवार ये तो ये ये तो कोर्ट से आपने पूछवाया।

1294
01:30:05,440 --> 01:30:10,080
मतलब कोर्ट में ये काउंटर पेश किया। जी मतलब

1295
01:30:10,080 --> 01:30:14,720
वहां पर मेरी भांजी जो है मनीषा करके वो इंचार्ज है वहां की

1296
01:30:14,720 --> 01:30:18,800
अपने आप को इंचार्ज बताती है उसके पास कोई ये ठोस सबूत नहीं

1297
01:30:18,800 --> 01:30:22,800
है कि ये आश्रम कहां से बना है किसने बनाया है कोई कुछ भी नहीं है उसके

1298
01:30:22,800 --> 01:30:26,880
पास बस ज्ञान में वो भी ब्रेन वाश है पूरी तरह तो इन्हीं की बातों को

1299
01:30:26,880 --> 01:30:31,680
ले चलते हैं और कुछ नहीं है उनके पास

1300
01:30:31,680 --> 01:30:36,000
और पढ़ाईवढ़ाई उसने छोड़ दी है जैसे ही इसने कॉलेज ज्वाइन किया मैंने फीस

1301
01:30:36,000 --> 01:30:40,000
4 लाख की भरी थी तो एक सेमेस्टर उसने पढ़ाई की और एक

1302
01:30:40,000 --> 01:30:44,080
सेमेस्टर कंप्लीट होते-होते एग्जाम दिया भी नहीं। उसके बीच में वो 18 साल की हो गई

1303
01:30:44,080 --> 01:30:48,320
और उसने मतलब बुलवा लिया गया कि अमोल

1304
01:30:48,320 --> 01:30:52,400
के साथ उसकी चैट भी है कि भाई जी मुझे कब आना है। तो उसने कहा एग्जाम खत्म होते

1305
01:30:52,400 --> 01:30:56,400
ही आना है। नवंबर फर्स्ट वीक में उसकी एग्जाम चालू होने वाली थी जो थोड़ी पोस्टपोन हो गई

1306
01:30:56,400 --> 01:31:00,480
थी। तो उसने कहा ठीक है भाई जी आप जैसा कहें मैं एग्जाम खत्म होते ही

1307
01:31:00,480 --> 01:31:04,480
वहां पहुंच जाऊंगा। तो उसका 18 साल का होना और एग्जाम खत्म

1308
01:31:04,480 --> 01:31:08,480
होना दोनों साथ-साथ हो रहे थे। तो उसने कहा एग्जाम खत्म होते ही पहुंच

1309
01:31:08,480 --> 01:31:13,200
जाऊंगी और एग्जाम थोड़ी पोस्टपोन हो गई तो एग्जाम भी उसने दिया नहीं और वह पहुंच गई।

1310
01:31:13,200 --> 01:31:17,280
फिर इसके आगे बहुत सारे काम उसने करवाया कि बेटी से कॉलेज

1311
01:31:17,280 --> 01:31:21,680
के खिलाफ मतलब यूजीसी को मेल करवाया। फिर वहां से पता नहीं क्या-क्या

1312
01:31:21,680 --> 01:31:25,680
बेटी से करवा रहे हैं और बेटी इतनी आज्ञाकारी बनी हुई है। वो

1313
01:31:25,680 --> 01:31:29,840
किस दबाव में है ये भी समझ में नहीं आ रहा है कि वो जो जो बोल रहे हैं वो वो करवाती जा

1314
01:31:29,840 --> 01:31:34,400
रही है। तो आगे वो क्या-क्या करवा सकते हैं इस बात का डर है मुझे।

1315
01:31:34,400 --> 01:31:38,480
उसने कहा कि मतलब लैपटॉप और फोन घर से ले गई है। उन

1316
01:31:38,480 --> 01:31:42,480
लोगों ने कह दिया कि बोल देना कि मम्मी को दे दिए हैं। तो उसने पुलिस को बोल

1317
01:31:42,480 --> 01:31:46,640
दिया कि मम्मी ले चली गई। यहां आई थी जब लैपटॉप और फोन ले चली गई। तो

1318
01:31:46,640 --> 01:31:47,140
जितना

1319
01:31:47,120 --> 01:31:51,200
झूठ वह बुलवा रहे हैं हर तरह का झूठ वो बोल रही है। वहां कोर्ट में बोल रही है कि मम्मी

1320
01:31:51,200 --> 01:31:55,200
मुझे हरास करती है। मम्मी मुझे परेशान करती है। जब चेंबर में जज

1321
01:31:55,200 --> 01:31:59,200
ने पूछा कि मम्मी कैसे रखती थी तुमको पहले मतलब घर पर थी जब तो सारी

1322
01:31:59,200 --> 01:32:03,360
चीजें उसने सही-सही बताई कि मां बहुत स्ट्रगल करके मुझे पाली है।

1323
01:32:03,360 --> 01:32:07,360
अच्छे से रखती है। तो फिर अभी मां को छोड़ के क्यों आई हो? तो बोलती है अब मुझे

1324
01:32:07,360 --> 01:32:11,520
यह रास्ता पकड़ना है। भगवान के रास्ते में जाना है जिसमें मां साथ नहीं दे रही है। इसलिए

1325
01:32:11,520 --> 01:32:15,520
मुझे यहां रहना है। तो बोले कि तुम घर पे रह के भी कर सकती हो। तो

1326
01:32:15,520 --> 01:32:19,520
मां इसमें मतलब मुझे रोक-टोक करती है और इसलिए मुझे मां के पास नहीं रहना।

1327
01:32:19,520 --> 01:32:23,520
और इसका कहना है इसकी जितनी भी सहेलियां हैं जो इसको मिस

1328
01:32:23,520 --> 01:32:27,520
कर रही हैं सबको यहीं आना है। इसी घर में आना है जहां ये पालम का घर बना

1329
01:32:27,520 --> 01:32:31,680
हुआ है। सब लोग ज्ञान के लिए यहीं पर आएंगे। इन्हीं से भीख मांगे कि हमको

1330
01:32:31,680 --> 01:32:35,680
ज्ञान दो करके। यह इनका कहना है। यही उम्मीद करती

1331
01:32:35,680 --> 01:32:39,840
हूं कि वह समझे यह सारा खेल क्या इन लोगों का है और उन पर अब

1332
01:32:39,840 --> 01:32:44,000
इन्वेस्टिगेशन हो कि वह क्या ज्ञान बांट रहे हैं। क्या स्कूल्स कॉलेजेस

1333
01:32:44,000 --> 01:32:48,000
में जाने की उनकी मतलब उनको परमिशन क्यों मिल रहा है? इस बात के भी छानबीन होनी

1334
01:32:48,000 --> 01:32:52,160
चाहिए। इनकी संस्था का क्या स्टेटस है? बैकग्राउंड क्या है?

1335
01:32:52,160 --> 01:32:56,240
बैन होना चाहिए। इनकी संस्था, इनका आश्रम और

1336
01:32:56,240 --> 01:33:00,640
ये जो व्यक्ति है मोल कोकने विशेष रूप से वो उसे बैन

1337
01:33:00,640 --> 01:33:02,160
होना चाहिए। उसके सार्वजनिक

1338
01:33:02,160 --> 01:33:06,240
प्रवचन इत्यादि सब पर रोक लेनी चाहिए। जैसे रामपाल पे बैन होने की मांग

1339
01:33:06,240 --> 01:33:11,200
की गई है हमारे द्वारा हाई कोर्ट में उसी तरीके से बैन की मांग होनी चाहिए

1340
01:33:11,200 --> 01:33:15,680
और जो इसने जो कुछ कर दिया है षड्यंत्र पूर्वक

1341
01:33:15,680 --> 01:33:19,760
उसमें जांच करके उसमें दोषी जो पाए गए

1342
01:33:19,760 --> 01:33:23,840
हैं जितने लोग उनको सजा होनी चाहिए और अगर यह

1343
01:33:23,840 --> 01:33:27,920
भी निकलते हैं अमोल कोकने सीधे तौर पर कि ये इन सब षड्यंत्रों

1344
01:33:27,920 --> 01:33:32,000
में लिप्त है जो कि आप बता रही हैं बहुत सारी ऐसी चीजें जो दर्शाती है वो लिप्त है तो

1345
01:33:32,000 --> 01:33:36,080
उन पर भी कड़ी कारवाई होनी चाहिए उनको सजा बहुत सारे सबूत हमारे पास ऐसे भी हैं कि

1346
01:33:36,080 --> 01:33:40,240
इनके आश्रम में जो सुसाइड केसेस हुए हैं उन सारे केसेस को दबाने की कोशिश

1347
01:33:40,240 --> 01:33:45,840
ये जो कर रहे हैं अमोल के आश्रम में रह रही है आपकी बिटिया

1348
01:33:45,840 --> 01:33:50,000
इनके जो दूसरे सेंटर हैं वीरेंद्र ये सब एक

1349
01:33:50,000 --> 01:33:54,080
ही है वीरेंद्र देव दीक्षित का आश्रम बोलिए चाहे ये बोलिए ये उन्हीं के वकील है उन्हीं से

1350
01:33:54,080 --> 01:33:58,160
सीखे हुए हैं और उन्हीं की संस्था को आगे बढ़ाने का काम

1351
01:33:58,160 --> 01:34:02,240
कर रहे हैं उसी नाम से और अब उन्हीं की गद्दी पर बैठ रहे हैं तो फिर सब एक

1352
01:34:02,240 --> 01:34:06,320
ही हुए ना तो उनके जो पीड़ित हैं बहुत सारे लोग हमारे साथ

1353
01:34:06,320 --> 01:34:10,400
हैं तो आगे आएंगे वह भी और जितने भी वहां सुसाइड केसेस हुए हैं उन

1354
01:34:10,400 --> 01:34:14,480
सबको दबाने की कोशिश ये कैसे कर रहा है कैसे जो लोग डिप्रेशन में

1355
01:34:14,480 --> 01:34:17,200
है उनको कहां-कहां रखना है किसको बांध

1356
01:34:17,200 --> 01:34:21,360
के रखना है किसको कहां मतलब शिफ्ट करना है इन सारी चीजों

1357
01:34:21,360 --> 01:34:25,440
की भी डिस्कशन उसमें हो रही है। ये चीजें मैं अपनी बेटी को सुनाने की कोशिश करती

1358
01:34:25,440 --> 01:34:29,440
हूं तो उसको समझाया गया है कि तुमको कुछ नहीं सुनना है। तुमको बस कान बंद कर लेना है। अगर

1359
01:34:29,440 --> 01:34:33,680
कोई भी बात तुम्हारे काम में जाएगी थोड़ी थोड़ी सी भी अनिश्चयता आएगी

1360
01:34:33,680 --> 01:34:37,760
तुम्हारे अंदर तो तुम्हारा पुरुषार्थ पूरा बेकार जाएगा और अगर तुम अपनी [गला साफ़ करने की आवाज़]

1361
01:34:37,760 --> 01:34:42,080
मां को याद करती हो तो अगर देहधारियों को याद करोगी तो वह भी व्यभचारी

1362
01:34:42,080 --> 01:34:46,240
याद कहलाएगी तो वो व्यभचार के बराबर है। इनके

1363
01:34:46,240 --> 01:34:50,320
ही चैनल्स पर कुछ ऐसे वीडियोस अपलोड किए हैं जिसमें

1364
01:34:50,320 --> 01:34:54,480
मतलब मां-बाप सबसे बड़े दुश्मन हैं। मां-बाप मोह माया

1365
01:34:54,480 --> 01:34:58,640
का मतलब ये फैला के रखते हैं और कुछ नहीं। तो आपको ज्ञान में

1366
01:34:58,640 --> 01:35:02,640
जाने नहीं देते हैं। आपका आप एक बार ऑपरेटर जी हमारा वो

1367
01:35:02,640 --> 01:35:07,200
वीडियो यहां पर शो कर दीजिए जो उस जहां पर इनकी बिटिया इस समय है

1368
01:35:07,200 --> 01:35:11,200
और वहां का हम लोगों ने जो वीडियो बनाया है वो यहां पर शो कर

1369
01:35:11,200 --> 01:35:15,280
दीजिए ऑपरेटर जी और अमोल कोकने की पिक्चर भी हो

1370
01:35:15,280 --> 01:35:20,080
सके तो यहां पर दिखा दीजिएगा। हालांकि वो शायद वीडियो के थंबनेल में है।

1371
01:35:20,080 --> 01:35:24,080
वो अमोल कोकने की जो फोटो है। ठीक

1372
01:35:24,080 --> 01:35:28,160
है? तो मुझे लगता है कि हम सभी

1373
01:35:28,160 --> 01:35:33,600
को जागरूक होकर रहना चाहिए और

1374
01:35:33,600 --> 01:35:37,600
अपने आसपास के लोगों को बताएं ये किस प्रकार से हमारे बच्चों को हमसे

1375
01:35:37,600 --> 01:35:41,680
छीन लिया जा रहा है। इस मां से इनकी बिटिया को छीना गया है और बहुत

1376
01:35:41,680 --> 01:35:45,680
ही दर्दनाक इनका इनकी यात्रा रही है। संघर्ष कर रही

1377
01:35:45,680 --> 01:35:47,840
हैं। क्या

1378
01:35:47,840 --> 01:35:52,160
बीती होगी इन पर जब इनकी बिटिया ने जाने से पहले इनको आखिरी बार गले

1379
01:35:52,160 --> 01:35:56,160
से लगाया होगा और आज वह कोर्ट में आकर के कहती है कि

1380
01:35:56,160 --> 01:36:00,320
मुझे अपनी मां को नहीं देखना है और पुलिस वाले घेर करके

1381
01:36:00,320 --> 01:36:04,320
उसको खड़े होते हैं कि आपकी बिटिया आपको देखना नहीं चाहती

1382
01:36:04,320 --> 01:36:08,320
है। सोचिए

1383
01:36:08,320 --> 01:36:12,800
आप भी किसी के बेटे होंगे, किसी की बिटिया होंगी। आप

1384
01:36:12,800 --> 01:36:17,920
किसी के मां होंगी, किसी के पिता होंगे, किसी के भाई होंगे।

1385
01:36:17,920 --> 01:36:21,920
कैसा लगेगा जब आपका कोई व्यक्ति

1386
01:36:21,920 --> 01:36:26,160
जिस पर आप निर्विवाद रूप से विश्वास करते हैं कि मेरा है

1387
01:36:26,160 --> 01:36:31,760
मेरा अपना है और वह अचानक से अंदर ही अंदर कोई व्यक्ति आप

1388
01:36:31,760 --> 01:36:34,800
आपसे छीन लेगा उसे

1389
01:36:34,800 --> 01:36:38,800
और उस पर आपके सारे अधिकार खत्म हो जाएंगे नष्ट हो

1390
01:36:38,800 --> 01:36:40,960
जाएंगे

1391
01:36:40,960 --> 01:36:44,960
इसीलिए को वापस वहां आश्रम में ले जाया गया है वापस चली गई

1392
01:36:44,960 --> 01:36:49,200
है वो वहां और उसका उसका तो फिर से वही सिखाया जा रहा है उसको कि इनके इनके

1393
01:36:49,200 --> 01:36:53,200
बारे में यह बोलो वह बोलो तो सारी वह बातें जो झूठी-झूठी है वहां

1394
01:36:53,200 --> 01:36:57,360
पर फिर से उससे स्टेटमेंट देके फिर कोर्ट में और एप्लीकेशन देके सब कुछ

1395
01:36:57,360 --> 01:37:01,520
करवाया जा रहा है उससे मतलब वो करते जा रही है जहांजहां साइन करने

1396
01:37:01,520 --> 01:37:06,400
बोल रहे हैं करते जा रही है उसको समझ में भी नहीं आ रहा है कि वो क्या कर रही है

1397
01:37:06,400 --> 01:37:10,400
बस उसको यह समझाया जा रहा है कि तुम बहुत सही कर रही हो भगवान के रास्ते में

1398
01:37:10,400 --> 01:37:14,400
यह सारी मोह माया की बातें आती रहेगी तो तुम कहीं फंस

1399
01:37:14,400 --> 01:37:20,400
नहीं रही हो बहुत अच्छी बात है यही समझाया जा रहा हो

1400
01:37:20,480 --> 01:37:21,520
तो यह सारी

1401
01:37:21,520 --> 01:37:25,520
चीजें हैं इनकी यात्रा और बहुत ही दुखद अभी

1402
01:37:25,520 --> 01:37:29,680
तक रही है और भगवान से हम सभी प्रार्थना करते हैं आपकी बिटिया जल्दी घर

1403
01:37:29,680 --> 01:37:34,080
वापस आ जाए और आपकी बिटिया के रूप में आपकी ये जो प्रेरणादायक

1404
01:37:34,080 --> 01:37:38,320
प्रेरणादाई संघर्ष है आपका यह हम सभी के लिए बहुत

1405
01:37:38,320 --> 01:37:42,400
अनुकरणीय है और हम सबको बहुत

1406
01:37:42,400 --> 01:37:46,720
साहस देती है आपकी कहानी कि अन्याय न्याय के खिलाफ

1407
01:37:46,720 --> 01:37:51,520
और अत्याचार के खिलाफ, अत्याचार के विरोध में

1408
01:37:51,520 --> 01:37:55,680
कभी भी बैठ नहीं जाना चाहिए। निरंतर प्रयास

1409
01:37:55,680 --> 01:38:00,080
करते रहना चाहिए और आपने किया भी है और आपकी अपनी बेटी

1410
01:38:00,080 --> 01:38:04,160
के लिए जो आपका स्नेह, आपका प्रेम है जो सभी के

1411
01:38:04,160 --> 01:38:09,600
होता है। मगर आपके जितने भी प्रयास हैं उन सभी को नमन करते हैं हम

1412
01:38:09,600 --> 01:38:15,440
और आगे जो हो सकेगा आपके जितने

1413
01:38:15,440 --> 01:38:19,600
जितना हमसे हो सकता है आपके साथ जरूर हम खड़े होंगे आपकी

1414
01:38:19,600 --> 01:38:25,600
लड़ाई में। ठीक है सरता जी पूरा करें।

1415
01:38:25,840 --> 01:38:30,080
ठीक है। तो इस वीडियो को जितना हो सके लोगों तक पहुंचाएं।

1416
01:38:30,080 --> 01:38:35,120
अमोल कोकने की चीजों को लोगों को बताएं। ब्रह्मा कुमारी

1417
01:38:35,120 --> 01:38:36,640
की चीजों को लोगों को बताएं।

1418
01:38:36,640 --> 01:38:40,800
किस तरीके से ब्रह्मा कुमारी के द्वारा उत्पादित यह जो उत्पाद है

1419
01:38:40,800 --> 01:38:44,800
आध्यात्मिक विश्वविद्यालय वीरेंद्र देव दीक्षित और फिर

1420
01:38:44,800 --> 01:38:48,800
अमोल कोकने वस्तुनिष्ठता से अमोल कोकने और इनकी

1421
01:38:48,800 --> 01:38:54,800
बेटी और इनकी कहानी है और अ

1422
01:38:55,280 --> 01:38:59,280
अगर समग्र रूप से देखें व्यापक दृष्टि से देखें तो यह

1423
01:38:59,280 --> 01:39:01,440
एक

1424
01:39:01,440 --> 01:39:05,600
बुरी ताकतें हैं जो किस तरीके से हमारे सनातन समाज को

1425
01:39:05,600 --> 01:39:08,800
सनातन धर्म को नष्ट करने पर तुली हुई है। वो आपको दिख रहा

1426
01:39:08,800 --> 01:39:14,400
होगा। ठीक है? जय श्री राम सभी को।

1427
01:39:14,400 --> 01:39:18,640
ऑपरेटर जी है नहीं क्या? दिखाना था

1428
01:39:18,640 --> 01:39:24,640
यहां पर। एक मिनट

1429
01:39:46,800 --> 01:39:52,800
हां

1430
01:40:10,350 --> 01:40:14,560
[गला साफ़ करने की आवाज़] ऑपरेटर ऑपरेटर महोदय से मैंने

1431
01:40:14,560 --> 01:40:18,640
कहा है कि वो आध्यात्मिक विश्वविद्यालय वाला वीडियो यहां पर एक

1432
01:40:18,640 --> 01:40:23,040
बार थोड़ा सा दिखा दें जहां पर इनकी बिटिया इस समय है।

1433
01:40:23,040 --> 01:40:29,040
उसका पूरी तरीके से ब्रेन वाश हो चुका है और

1434
01:40:30,720 --> 01:40:34,880
साथ में अमोल कोकने की भी फोटो आपको दिखा

1435
01:40:34,880 --> 01:40:40,000
दें स्क्रीन पर

1436
01:40:40,000 --> 01:40:42,800
और

1437
01:40:42,800 --> 01:40:47,040
एक बहुत ही इंपॉर्टेंट वीडियो आने वाला है। कोर्ट में हमारे

1438
01:40:47,040 --> 01:40:51,920
ऊपर एक केस किया गया था। केस करने का प्रयास किया गया था कि

1439
01:40:51,920 --> 01:40:56,720
जब रामपाल के गिरोह की एक मातृशक्ति

1440
01:40:56,720 --> 01:41:00,800
रामपाल की किताबें बेच रही थी। प्रचार

1441
01:41:00,800 --> 01:41:05,280
प्रसार कर रही थी। तब हमने उसका प्रतिकार किया था। तो उसने हमारे ऊपर झूठा छेड़खानी

1442
01:41:05,280 --> 01:41:09,440
का मुकदमा दर्ज कराने का प्रयास किया था। उसमें स्टेप

1443
01:41:09,440 --> 01:41:15,440
वाइज पहले आईजीआरएस फिर पुलिस हेड पुलिस थाने में इंफॉर्मेशन

1444
01:41:15,920 --> 01:41:20,240
ये इत्यादि के द्वारा उसने प्रयास किया। फिर जो 1563

1445
01:41:20,240 --> 01:41:24,400
होता है कोर्ट के द्वारा एफआईआर कराने का प्रयास वो सब किया और

1446
01:41:24,400 --> 01:41:29,520
अभी उस मामले में हमारे विरोध में

1447
01:41:29,520 --> 01:41:33,680
मुकदमा करने का प्रयास किया कोर्ट में डायरेक्ट तो

1448
01:41:33,680 --> 01:41:37,680
उसमें कोर्ट का एक बहुत अच्छा आदेश आया जिसमें कोर्ट ने बहुत सी चीजें

1449
01:41:37,680 --> 01:41:42,400
स्वीकार की हैं। तो यह सारी चीजें चीजों को लेकर के हम

1450
01:41:42,400 --> 01:41:45,760
जल्द ही

1451
01:41:45,760 --> 01:41:49,760
एक लाइव सेशन करेंगे जिसमें कोर्ट का वो आदेश सुनाएंगे। उसमें कोर्ट

1452
01:41:49,760 --> 01:41:54,000
ने यह भी माना है कि

1453
01:41:54,000 --> 01:41:58,240
जो रामपाल की किताबें हैं उसमें विवादित सामग्री हैं।

1454
01:41:58,240 --> 01:42:03,200
देखिए यह है आध्यात्मिक विश्वविद्यालय जिसके बारे में बात हो रही है।

1455
01:42:03,200 --> 01:42:07,440
और इस व्यक्ति का नाम है इस व्यक्ति

1456
01:42:07,440 --> 01:42:12,480
का नाम है देव। देव सिंह नाम है शायद

1457
01:42:12,480 --> 01:42:16,480
है ना और अमोल कोकने का चित्र दिखा

1458
01:42:16,480 --> 01:42:21,120
दीजिए शायद थंबनेल पर होगा वो अमोल कोकने का चित्र

1459
01:42:21,120 --> 01:42:27,120
जो व्यक्ति कह रहा है कि अब मेरे अंदर भगवान आते हैं

1460
01:42:27,920 --> 01:42:33,120
इस इसी वीडियो के थंबनेल पर होगा वो

1461
01:42:33,120 --> 01:42:37,200
इन्हीं इन्हीं के कहने पर हम यहां पर गए थे इन्हीं के द्वारा जानकारी

1462
01:42:37,200 --> 01:42:41,280
दिए जाने पर हम यहां गए गए थे और वहां जो मिल गया उससे

1463
01:42:41,280 --> 01:42:45,360
बात बातचीत की थी और इनको पहले भी यह जो

1464
01:42:45,360 --> 01:42:49,600
सरिता जी हैं इनको पहले भी हमने कई बार लाइव

1465
01:42:49,600 --> 01:42:53,840
के लिए कहा कि आप आकर के अपनी चीजें बताइए इससे कि अन्य लोग जागरूक

1466
01:42:53,840 --> 01:42:59,760
हो जाए जितने लोग देखेंगे उतने जागरूक होंगे। तो

1467
01:42:59,760 --> 01:43:03,920
ये उस समय नहीं आती थी कि अगर मैं आऊंगी और इस तरीके से पब्लिकली

1468
01:43:03,920 --> 01:43:08,080
आकर के बोल दूंगी तो ऐसा ना हो जो मैं मिल पा रही हूं। अपनी बिटिया से बात कर पा रही

1469
01:43:08,080 --> 01:43:12,080
वो भी बंद हो जाए। परंत मगर अब इन्होंने आने का

1470
01:43:12,080 --> 01:43:16,240
निर्णय इसलिए लिया क्योंकि यह उसको वापस लाने का वैसा प्रयास भी

1471
01:43:16,240 --> 01:43:20,480
कर चुकी थी और उसमें भी विफल हो गई। तब इन्होंने कहा कि अपनी

1472
01:43:20,480 --> 01:43:25,200
चीजें लोगों को बतानी पड़ेगी और तब यह आज लाइव आई हैं। जी

1473
01:43:25,200 --> 01:43:30,560
अमोल कोकने का फोटो नहीं दिख सकता है जो थंबनेल [नाक से की जाने वाली आवाज़] पर है

1474
01:43:30,560 --> 01:43:36,560
या फिर इंटरनेट से मिल जाए।

1475
01:43:59,280 --> 01:44:03,440
यह है अमोल कोकने। यह सेंटर में आप जो देख रहे हैं ना ब्रह्म के बगल

1476
01:44:03,440 --> 01:44:05,840
में

1477
01:44:05,840 --> 01:44:11,360
यह है अमोल कोकने।

1478
01:44:11,360 --> 01:44:16,240
ब्रह्मा कुमारीज, वीरेंद्र देव दीक्षित, लेखराज

1479
01:44:16,240 --> 01:44:20,880
और अमोल कोकने ये सब आपस में जुड़े हुए लोग हैं।

1480
01:44:20,880 --> 01:44:24,960
ठीक है।

1481
01:44:24,960 --> 01:44:28,960
चलिए फिर ठीक है सभी को जय श्री राम और जितना हो

1482
01:44:28,960 --> 01:44:33,040
सके सतर्क रहें जागरूक करें और अभियान को

1483
01:44:33,040 --> 01:44:36,800
आगे बढ़ाएं और

1484
01:44:36,800 --> 01:44:41,120
सरिता जी की जो बुक है उन्होंने जो लिखी है आत्म

1485
01:44:41,120 --> 01:44:45,680
कथा उसको आप Amazon या Flipkart से लेकर पढ़ सकते हैं।

1486
01:44:45,680 --> 01:44:49,920
उसका नाम है हम लोग उसका लिंक दे देंगे। उसका लिंक यहां डिस्क्रिप्शन

1487
01:44:49,920 --> 01:44:54,000
में डाल देंगे। बुक का नाम है ब्रेकिंग फ्री

1488
01:44:54,000 --> 01:44:58,240
ए मदर्स प्रॉमिस। यह हां जी।

1489
01:44:58,240 --> 01:45:02,240
बहुत बढ़िया। Amazon पे अवेलेबल है। अगर आप इस मां

1490
01:45:02,240 --> 01:45:08,240
की कहानी लोगों तक पहुंचाना चाहे तो आप पहुंचाने का प्रयास करें जरूर।

1491
01:45:12,560 --> 01:45:16,640
निरंकार पाठक जी अभी समय काफी हो चुका है। आज कुछ

1492
01:45:16,640 --> 01:45:20,640
और भी चीजें हैं जिनमें हम जुड़े हुए हैं। तो आपसे फिर दोबारा

1493
01:45:20,640 --> 01:45:24,880
आप हमारे नंबर पर संपर्क करें और

1494
01:45:24,880 --> 01:45:28,880
किसी दिन आपके साथ या किसी और चर्चा में आप

1495
01:45:28,880 --> 01:45:33,120
जुड़ जाइएगा तो आपकी चीजों को हम

1496
01:45:33,120 --> 01:45:37,200
लोग जरूर सुनेंगे। ठीक है? तो सभी को जय

1497
01:45:37,200 --> 01:45:43,200
श्री राम।

1498
01:46:07,980 --> 01:46:11,980
[संगीत]
