1
00:00:03,480 --> 00:00:05,600
सभी को जय श्री

2
00:00:05,600 --> 00:00:09,880
राम आज हम लोग चर्चा करने

3
00:00:09,880 --> 00:00:13,920
आए हैं रामपाल का जो सेक्ट चल

4
00:00:13,920 --> 00:00:18,680
रहा है रामपाल नाम से जो एक विचारधारा फैल रही

5
00:00:18,680 --> 00:00:23,040
है और इसमें कहा जाता है कि ब्रह्मा विष्णु

6
00:00:23,040 --> 00:00:27,400
महेश को बनाने वाले भी कबीर हैं

7
00:00:27,400 --> 00:00:32,040
और तत्वदर्शी संत रामपाल भी कहीं कहीं

8
00:00:32,040 --> 00:00:36,800
तथाकथित रूप से बताया जाता है कि वो

9
00:00:36,800 --> 00:00:41,200
तत्वदर्शी है और संत है

10
00:00:41,200 --> 00:00:45,320
और उनसे ज्ञान प्राप्त हो रहा है कि कबीर जो

11
00:00:45,320 --> 00:00:49,680
है वह भगवान थे वो भगवान के व मुख्य भगवान

12
00:00:49,680 --> 00:00:54,040
का जो अंत सनातन रूप है वोह कबीर है

13
00:00:54,040 --> 00:00:58,080
ना उनकी तरफ से एक रामपाल

14
00:00:58,080 --> 00:01:02,120
को मानने वाले व्यक्ति है जो आए हैं

15
00:01:02,120 --> 00:01:08,120
हमसे उन्होंने फॉर्म भरा था आप लोग जब फॉर्म भरते हैं

16
00:01:10,080 --> 00:01:14,160
तो कार्यों की अधिकता होने के

17
00:01:14,160 --> 00:01:18,200
कारण बहुत ज्यादा हम लोग एक्टिवली सबको नहीं ले

18
00:01:18,200 --> 00:01:22,280
पाते मगर हां यदि आपने अगर फॉर्म भरा है तो एक ना एक दिन

19
00:01:22,280 --> 00:01:26,640
हम आपको कॉल जरूर करेंगे अगर आपने

20
00:01:26,640 --> 00:01:30,680
यहां आने के लिए फॉर्म भरा है दूसरी बात एक ये भी है मैं

21
00:01:30,680 --> 00:01:34,960
ये सूचना प्रसारित करना चाह रहा हूं कि

22
00:01:34,960 --> 00:01:38,960
हम अपना नंबर सार्वजनिक रूप से सभी

23
00:01:38,960 --> 00:01:43,200
को प्रचारित प्रसारित करते हैं तो उस पर यदि कोई व्यक्ति कॉल

24
00:01:43,200 --> 00:01:47,680
करता है तो हम उस कॉल को रिकॉर्ड करते हैं और

25
00:01:47,680 --> 00:01:51,720
उसका उपयोग हम जन सामान्य को यह बताने के लिए कि

26
00:01:51,720 --> 00:01:55,800
हमारी इस नंबर पर आने वाले जो अनेकानेक कॉल्स हैं

27
00:01:55,800 --> 00:02:00,120
उन पर क्या बातचीत हो रही है तो जो भी लोग हमें संपर्क करते

28
00:02:00,120 --> 00:02:04,920
हैं वो यह सोच के करें कि उनका कॉल रिकॉर्ड होगा और

29
00:02:04,920 --> 00:02:09,280
हम चाहे तो वह कॉल रिकॉर्डिंग सार्वजनिक भी कर सकते हैं

30
00:02:09,280 --> 00:02:13,640
तो यह सोच कर ही करना चाहिए ठीक है तो दिनेश

31
00:02:13,640 --> 00:02:18,520
दास जी हमारे बीच में

32
00:02:18,520 --> 00:02:22,920
है तो दिनेश जी

33
00:02:22,920 --> 00:02:27,840
जी आप अपना थोड़ा सा परिचय दीजिए कि आप

34
00:02:27,840 --> 00:02:33,840
रामपाल के द्वारा प्राप्त होने वाले ज्ञान में किस स्तर पर

35
00:02:33,880 --> 00:02:38,480
है जी मेरा नाम दिनेश दास है

36
00:02:38,480 --> 00:02:42,520
आप जी मेरा नाम दिनेश दास है और मैं

37
00:02:42,520 --> 00:02:46,640
काफी समय से संत रामपाल जी महाराज जी का

38
00:02:46,640 --> 00:02:51,160
भक्त हूं अनुयाई हूं और संत रामपाल जी महाराज

39
00:02:51,160 --> 00:02:55,880
जी कबीर जी को पूर्ण परमात्मा बताते हैं

40
00:02:55,880 --> 00:03:01,880
और मेरा पता है मुरादाबाद जिला मुरादाबाद से मैं रहने वाला

41
00:03:02,800 --> 00:03:06,880
और नहीं नहीं ये सब मुझे सब तो आपने फॉर्म में भर दिया

42
00:03:06,880 --> 00:03:11,400
है आप बस यह बताइए कि हम

43
00:03:11,400 --> 00:03:15,480
आपको क्या माने कि आप रामपाल की तरफ से जो आए

44
00:03:15,480 --> 00:03:19,680
हैं रामपाल का पक्ष रखने उस विषय में हम आपको

45
00:03:19,680 --> 00:03:23,840
किस दृष्टिकोण से देखें कि आप विद्वान है या

46
00:03:23,840 --> 00:03:27,920
केवल एक कोई शिष्य है छोटे मोटे आपको कोई

47
00:03:27,920 --> 00:03:32,480
पद पद प्राप्त है वो बताइए जिससे की हम

48
00:03:32,480 --> 00:03:36,520
ये बता सके कि हमारी बात किससे हो रही है समझ रहे ना आप मेरी बात किस स्तर

49
00:03:36,520 --> 00:03:40,840
के व्यक्ति से होता क्या है कई बार होता क्या है कई बार

50
00:03:40,840 --> 00:03:45,800
हम लोग जब किसी से चर्चा कर लेते हैं तो चर्चा से पहले तक व व्यक्ति विद्वान होता है

51
00:03:45,800 --> 00:03:51,800
और चर्चा के बाद मर्क हो जाता है कई बार विद्वान

52
00:03:53,560 --> 00:03:58,000
कैसेट स्प कर

53
00:03:58,000 --> 00:04:02,680
देता हमको बताया गया कि

54
00:04:02,680 --> 00:04:06,760
भाई यह रामपाल जी के हैं फॉलोअर या फलान के फॉलोअर

55
00:04:06,760 --> 00:04:10,760
है इनसे आप बात करो तो हम उनकी बात को वहां पर मानते हुए क्योंकि

56
00:04:10,760 --> 00:04:14,760
एक मानक तो शुरुआती लेना पड़ेगा ना प्रारंभिक तो वो लेते हुए हम

57
00:04:14,760 --> 00:04:18,840
बात करते हैं बात करने के बाद यह होता है कि जब उनकी बातें वो

58
00:04:18,840 --> 00:04:22,840
सिद्ध नहीं कर पाते उनका पक्ष कमजोर हो जाता है जो उनके अन्य फॉलोअर्स होते हैं वो कहते

59
00:04:22,840 --> 00:04:27,120
हैं अरे तुम जाते ही ऐसी जगह हो जहां पर आपको मूर्ख मिले तुम

60
00:04:27,120 --> 00:04:31,280
करते ही उनसे बात हो जो आपकी बातों का जवाब ना दे पाए और वो

61
00:04:31,280 --> 00:04:35,520
उनको जो अब तक उनके प्रतिनिधि थे वो तुरंत अपने आप को उनसे अलग

62
00:04:35,520 --> 00:04:39,560
कर लेते हैं और वहां पर जो है उनको डिसन करने लगते

63
00:04:39,560 --> 00:04:43,880
हैं तो इसलिए आप अपनी वो पहचान बताइए जिससे कि हम एक आपको अधिकृत

64
00:04:43,880 --> 00:04:48,160
वक्ता के रूप में रामपाल जी की तरफ से स्वीकार कर पाए जी जी

65
00:04:48,160 --> 00:04:52,320
मैं केवल संत रामपाल जी महाराज जी का एक अनुयाई हूं ना मैं कोई

66
00:04:52,320 --> 00:04:56,600
विद्वान हूं ना ही मैंने कोई शास्त्रों का पूर्ण कंठस्थ

67
00:04:56,600 --> 00:05:00,880
किया है जितना ज्ञान मेरे को प्राप्त हुआ है उसके अकॉर्डिंग

68
00:05:00,880 --> 00:05:05,040
मैं आपसे ज्ञान चर्चा करने के लिए आया हूं सारे शास्त्रों को अध्ययन

69
00:05:05,040 --> 00:05:08,760
करना हमारे लिए मेरे लिए संभव नहीं है बाकी आपने

70
00:05:08,760 --> 00:05:13,000
किया हो और ना ही हमारे गुरुजी य कहते कि आप सारे शास्त्रों को कंठस्थ

71
00:05:13,000 --> 00:05:17,200
कीजिए जो हमारे लिए उपयोग है उसको आप एक साधारण बस

72
00:05:17,200 --> 00:05:21,200
उनके अनुयाई है तो भा मैं अपने दर्शको को बता दूं इनको एक विद्वान के

73
00:05:21,200 --> 00:05:26,040
दृष्टि से अधिकृत वक्ता की दृष्टि से ना देखें ये एक

74
00:05:26,040 --> 00:05:30,320
एक साधारण अनुयाई है और क्योंकि इन्होने अच्छा

75
00:05:30,320 --> 00:05:34,680
एक बात बताइए जब आप एक साधारण अनुयाई है तो

76
00:05:34,680 --> 00:05:38,760
आपने हमारा कोई वीडियो देखा होगा उसके बाद ही आपने ये चर्चा

77
00:05:38,760 --> 00:05:43,040
के लिए फर्म भ मैंने वीडियो देखा था आपका जो संत रामपाल जी महाराज

78
00:05:43,040 --> 00:05:47,440
जी के अनुयाई स्टॉल लगाए हुए थे

79
00:05:47,440 --> 00:05:51,520
पुस्तक मैं जो कहना चाह रहा हूं वो ये है कि वो लोग जो है

80
00:05:51,520 --> 00:05:55,520
वो आपसे तो कहीं ना कहीं उच्च स्तर पर है

81
00:05:55,520 --> 00:05:59,960
जो स्टॉल लगा रहे हैं जिन्होंने स्टॉल लगाया हुआ था

82
00:05:59,960 --> 00:06:04,400
वो आपसे तो कहीं ना कहीं उच्च स्तर पर है आप क

83
00:06:04,400 --> 00:06:08,560
साधारण हा आपसे उच मतलब

84
00:06:08,560 --> 00:06:12,800
किसे आपसे हमारे से हां आपने

85
00:06:12,800 --> 00:06:17,040
कहा कि आप एक साधारण अनुयाई है और वो जो लोग थे वो बाकायदा

86
00:06:17,040 --> 00:06:21,280
प्रचार प्रसार करने के लिए अधिकृत रूप से प्रचार प्रसार कर रहे थे

87
00:06:21,280 --> 00:06:23,840
तो उस रूप में देखा जाए तो वो कहीं ना कहीं अधिकृत

88
00:06:23,840 --> 00:06:28,720
आपसे उच्च स्तर पर है देखो उच्च और

89
00:06:28,720 --> 00:06:33,120
उसमें कहने का मतलब ये है कि आप ये मानते

90
00:06:33,120 --> 00:06:37,320
सेवा है जी आप ये कहने का अर्थ ये है कि आप ये मानते

91
00:06:37,320 --> 00:06:42,000
हैं कि वहां पर वो लोग जो जवाब नहीं दे पाए थे वो आप देंगे

92
00:06:42,000 --> 00:06:47,960
हां कोशिश करेंगे उनके जवाब देने की बहुत बढ़िया बहुत

93
00:06:47,960 --> 00:06:52,720
बढ़िया तो भाई सभी लोग देख रहे होंगे अवनीश दीक्षित जी हैं

94
00:06:52,720 --> 00:06:56,800
हां सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं और भगवान से

95
00:06:56,800 --> 00:07:01,720
प्रार्थना है सैद्धांतिक धरातल पर भी हम शीघ्र अतिशीघ्र स्वतंत्रता

96
00:07:01,720 --> 00:07:07,720
को प्राप्त करेंगे

97
00:07:09,080 --> 00:07:14,080
तो हां ज्यादा से ज्यादा लोग शेयर करें जिससे कि

98
00:07:14,080 --> 00:07:18,320
अ आप जो है ज्यादा से ज्यादा लोगों तक हम

99
00:07:18,320 --> 00:07:22,560
सत्यता को पहुंचा पाए तो दिनेश जी हम लोग सीधे आते

100
00:07:22,560 --> 00:07:27,480
हैं मुख्य विषयों पर ठीक है जी पहला विषय है

101
00:07:27,480 --> 00:07:31,600
क्या रामपाल के द्वारा

102
00:07:31,600 --> 00:07:35,680
प्रतिपादित प्रचारित होने वाला जो ईश्वर है जिसको आप

103
00:07:35,680 --> 00:07:39,800
कबीर नाम से जानते हैं क्या वो सर्वशक्तिमान है

104
00:07:39,800 --> 00:07:44,600
अनंत है अवाद है ठीक है जी तो क्या

105
00:07:44,600 --> 00:07:48,600
क्या वो अवतार ले सकता है कुछ भी कर सकते

106
00:07:48,600 --> 00:07:52,600
हैं व कुछ भी कर सकते ही नहीं कुछ भी उनकी

107
00:07:52,600 --> 00:07:56,680
डिक्शनरी में असंभव कुछ भी नहीं है वो अवतार भी ले सकते हैं वो

108
00:07:56,680 --> 00:08:00,840
सह शरीर भी आते हैं और वेदों में इसका प्रमाण भी है

109
00:08:00,840 --> 00:08:05,320
जी आगे बताइए तो क्या जो कबीर है

110
00:08:05,320 --> 00:08:09,320
जिस रूप में हम उन्हें जानते हैं जिन्होंने काव्य रचनाएं की है

111
00:08:09,320 --> 00:08:14,040
और आपके अनुसार उन्होंने ब्रह्म और धर्म का ज्ञान भी दिया है है ना

112
00:08:14,040 --> 00:08:18,040
जी तो क्या वो उनका वास्तविक स्वरूप है या फिर

113
00:08:18,040 --> 00:08:22,080
नकली स्वरूप है वास्तविक स्वरूप स्वरूप नहीं है

114
00:08:22,080 --> 00:08:24,480
वेदों में उन्होंने कहा है कि वह परमात्मा

115
00:08:24,480 --> 00:08:29,880
अपने शरीर को हल्का तेज पुंज का बना कर के यहां पर प्रकट होते हैं

116
00:08:29,880 --> 00:08:34,160
रूप में उसको इस चरम दृष्टि से नहीं देखा जा सकता वह अपने सतलोक में

117
00:08:34,160 --> 00:08:38,160
वास्तविक रूप में रहते हैं जिसमें करोड़ सूर्य करोड़ चंद्रमा

118
00:08:38,160 --> 00:08:42,600
की रोशनी उनके एक रूम से निकल रही है वास्तविक रूप उनका वो

119
00:08:42,600 --> 00:08:47,160
है अच्छा तो यानी कि एक तरीके से

120
00:08:47,160 --> 00:08:51,560
हम यह माने कि जो रूप हमने देखा वो उनका वास्तविक रूप नहीं था

121
00:08:51,560 --> 00:08:55,800
अपने रूप को हल्का तेज पुंज का बना कर के आते हैं वो वास्तविक

122
00:08:55,800 --> 00:09:00,240
रूप चेहरा वही होता है लेकिन रूप को हल्का तेज पुंज का बनाकर

123
00:09:00,240 --> 00:09:04,400
हमारी चर्म दृष्टि जिसको सहन कर सके

124
00:09:04,400 --> 00:09:08,480
अच्छा जी हल्का बनाकर आते हैं तो मैं सीधे प्रश्न पर

125
00:09:08,480 --> 00:09:12,880
आता हूं थोड़ा सा हम लोग नहीं तो फस जाएंगे इसम कंफ्यूज होते जाएंगे

126
00:09:12,880 --> 00:09:17,440
क्या जो कबीर है

127
00:09:17,440 --> 00:09:21,560
वह अपने शरीर को नष्ट कर सकते हैं अपनी देह

128
00:09:21,560 --> 00:09:25,640
का नाश कर सकते हैं नहीं वो शरीर

129
00:09:25,640 --> 00:09:31,640
कबीर जी का शरीर अविनाशी है बाकी जितने भी शरीर हैं

130
00:09:32,080 --> 00:09:36,200
फिर मैं फिर से एक बात बता दूं हमने पूछा

131
00:09:36,200 --> 00:09:40,320
क्या रामपाल के द्वारा प्रतिपादित होने वाला जो ईश्वर है वह

132
00:09:40,320 --> 00:09:44,520
सर्वशक्तिमान अनंत अबाध है क्या रामपाल

133
00:09:44,520 --> 00:09:48,720
जी के द्वारा प्रचारित प्रसारित होने वाले ईश्वर पर किसी

134
00:09:48,720 --> 00:09:54,720
भी प्रकार का नियम लागू होता है क्या

135
00:09:56,320 --> 00:10:00,440
देखो आपकी बात को क्लियर कर द आपने जो सवाल किया है

136
00:10:00,440 --> 00:10:04,480
उसको क्लियर कर देता हूं आप ये कह रहे हैं कि भगवान पर कोई नियम लागू होता है

137
00:10:04,480 --> 00:10:08,640
या नहीं आप ये कह रहे हैं कि आपने पहला प्रश्न किया कि वह भगवान

138
00:10:08,640 --> 00:10:12,640
सब कुछ करने में समर्थ है मैंने कहा कि उसकी डिक्शनरी में असंभव कुछ

139
00:10:12,640 --> 00:10:16,920
नहीं है वो कुछ भी कर सकता है लेकिन वहां पर

140
00:10:16,920 --> 00:10:21,000
भगवान पर भगवान के कुछ खुद असूल होते हैं कि वो गलत नहीं

141
00:10:21,000 --> 00:10:25,120
करता कर सब कुछ सकता है लेकिन भगवान गलत

142
00:10:25,120 --> 00:10:29,640
नहीं करता या अप दे

143
00:10:29,640 --> 00:10:33,760
यानी कि वो यानी कि वो अपनी देह का नाश कर सकता है मगर

144
00:10:33,760 --> 00:10:37,840
मगर वो करता नहीं है कर सकता है कुछ सता हैव कुछ नहीं

145
00:10:37,840 --> 00:10:41,920
मैं तो वही बोलर या वो यानी कि जो दो जो देह हमें दिखाई दे

146
00:10:41,920 --> 00:10:45,960
रही है कबीर की वो असली नहीं है क्योंकि उस वो भी

147
00:10:45,960 --> 00:10:47,600
नष्ट हो सकती है

148
00:10:47,600 --> 00:10:52,040
नहीं नहीं ये तो नहीं बोला मैंने मैंने कहा अपने ही स्वरूप को वो हल्का

149
00:10:52,040 --> 00:10:56,240
तेज पुंज का बना करके आता है और वो अविनाशी

150
00:10:56,240 --> 00:11:00,560
परमात्मा है उसका कोई भी नाश करने में समृत

151
00:11:00,560 --> 00:11:04,680
नहीं है यही गीता जीने भी गीता ज्ञान दाता ने कहा

152
00:11:04,680 --> 00:11:08,720
है कि उस परमा भी अपनी देह का नाश नहीं

153
00:11:08,720 --> 00:11:13,360
कर सकता नहीं कर करता व समर्थ नहीं है ना

154
00:11:13,360 --> 00:11:18,080
जी तो समर्थ नहीं है ना सामर्थ पर प्रश्न चिन्ह लग गया ना

155
00:11:18,080 --> 00:11:22,240
नहीं तो अगर देह नष्ट मैंने यह कहा कि करते

156
00:11:22,240 --> 00:11:26,320
नहीं है कर कुछ भी सकता है

157
00:11:26,320 --> 00:11:30,360
यानी की कबीर भी अपनी अपने आप को कर सकते हैं अपनी देह

158
00:11:30,360 --> 00:11:34,360
का नाश खत्म कर सकते हैं करेंगे क्यों

159
00:11:34,360 --> 00:11:38,680
सवा रने नहीं क्यों करेंगे क्यों करेंगे बाद में

160
00:11:38,680 --> 00:11:42,760
जाएंगे कर सकते है नहीं इसको क्लियर कर कु कर सता है कुछ

161
00:11:42,760 --> 00:11:46,800
भी कर सकता है जिस समय जिस समय उनकी देह नष्ट

162
00:11:46,800 --> 00:11:51,040
हो जाएगी उस समय ईश्वर कौन होगा दुनिया का

163
00:11:51,040 --> 00:11:55,200
दे नष्ट होती नहीं है ना अविनाशी है अरे तुम तो कह रहे हो ना वो

164
00:11:55,200 --> 00:11:59,280
कर सकते हैं नष्ट एक बात और करने

165
00:11:59,280 --> 00:12:02,800
में अंतर होता है नहीं वो कुछ भी कर सकता है तो उसका मतलब वो जरूरी

166
00:12:02,800 --> 00:12:06,840
नहीं है कि वो दे नष्ट करेगा मैं क कह रहा हूं मैं कह रहा हूं अगर वो कर

167
00:12:06,840 --> 00:12:10,960
सकते हैं तो उस स्थिति में उनकी वो ईश्वर कौन

168
00:12:10,960 --> 00:12:15,440
रह जाएगा अगर उन्होंने अपनी देह को नाश कर लिया

169
00:12:15,440 --> 00:12:19,760
अगर उन्होंने अपनी देह का नाश कर लिया तो उस समय ईश्वर कौन

170
00:12:19,760 --> 00:12:23,920
होगा स्थिति कब कैसी बननी है और

171
00:12:23,920 --> 00:12:28,440
स्थिति कैसे बनती है वह बनाने वाला ही खुद ईश्वर है

172
00:12:28,440 --> 00:12:32,560
तो क्यों ऐसे स्थिति बनेगी यह चीज आप प्रश्न आपकी सोच

173
00:12:32,560 --> 00:12:36,560
है ना मेरी सोच नहीं है मैं तो सिंपल पूछ रहा हूं यदि वो

174
00:12:36,560 --> 00:12:40,600
अपनी देह का नाश कर सकते हैं तो फिर वो किस रूप में विद्यमान

175
00:12:40,600 --> 00:12:44,720
रहेंगे यानी कि यानी कि

176
00:12:44,720 --> 00:12:48,920
ये जो देह हमें दिख रही है या हम जिस देह को जानते हैं वो देह

177
00:12:48,920 --> 00:12:53,200
उनका वास्तविक स्वरूप नहीं है या तो ये माने और

178
00:12:53,200 --> 00:12:57,360
अगर हमने वास्तविक स्वरूप माना है तो हमको ये फिर जानना पड़ेगा कि इसका नाश कर सकते

179
00:12:57,360 --> 00:13:01,080
हैं कि नहीं हम

180
00:13:01,080 --> 00:13:06,120
अगर नाश कर सकते हैं तो फिर वोह किस रूप में विद्यमान होंगे यह बताना

181
00:13:06,120 --> 00:13:10,840
पड़ेगा नाश कर सकते हैं नाश करेंगे ही क्यों प्रश्न तो य है

182
00:13:10,840 --> 00:13:14,840
अरे भाई मैं मैं शराब नहीं पिऊंगा

183
00:13:14,840 --> 00:13:18,040
क्योंकि मुझे पीनी नहीं है इसका मतलब य नहीं कि मैं पी नहीं

184
00:13:18,040 --> 00:13:22,120
सकता ठीक है सुन लीजिए

185
00:13:22,120 --> 00:13:26,120
मुझे शराब पीने की कोई आवश्यकता नहीं है मगर इसका मतलब

186
00:13:26,120 --> 00:13:30,160
य नहीं है कि उसका एक घूंट भी मैं पी नहीं सकता हूं मेरे अंदर क्षमता है

187
00:13:30,160 --> 00:13:34,320
कि मैं उसे पी सकता हूं अब यह बताइए कबीर में अपनी देह का नाश करने की क्षमता

188
00:13:34,320 --> 00:13:38,360
है कि नहीं भगवान के गुणों में ये

189
00:13:38,360 --> 00:13:42,360
लिखा है कि वह परमात्मा कभी नष्ट नहीं होता वो कुछ भी कर सकता है तो

190
00:13:42,360 --> 00:13:46,840
फिर ये आप कैसे भी प्रश्न उठा कर के नहीं कर सकते ना उस भगवान का

191
00:13:46,840 --> 00:13:51,000
कैसे भी प्रश्न हम कुछ यानी भगवान प

192
00:13:51,000 --> 00:13:55,480
भगवान पय नियम लगता है कि उस पर कैसे भी प्रश्न नहीं कर सकते

193
00:13:55,480 --> 00:13:59,680
यह नियम लगता है भगवान नियम नहीं लगता है भवान जो लिखा

194
00:13:59,680 --> 00:14:03,920
है कि वह गलत नहीं करता वह सही करता है और वह अविनाशी है

195
00:14:03,920 --> 00:14:07,960
व सही गलत सही पर भी आ जाएंगे इसको नोट कर लीजिएगा देखो एक तो गलत

196
00:14:07,960 --> 00:14:12,080
सही पर आना है जो दर्शक देख रहे हैं थोड़ा सा नोट करिएगा एक तो

197
00:14:12,080 --> 00:14:15,680
गलत सही को लेंगे हम लोग

198
00:14:15,680 --> 00:14:20,120
और एक लेंगे की आवश्यकता क्या है ठीक

199
00:14:20,120 --> 00:14:25,520
है यह दो चीज जरा याद

200
00:14:25,520 --> 00:14:29,720
दिलाइमा कि मैं मेरे को आवश्यकता नहीं है मदरा

201
00:14:29,720 --> 00:14:33,840
पान करने की मगर इसका मतलब यह नहीं है मैं मदरा पान कर नहीं सकता अब मुझे

202
00:14:33,840 --> 00:14:38,000
बताइए ईश्वर को अपनी देह का नाश करने की आवश्यकता नहीं है मैं पूछ रहा

203
00:14:38,000 --> 00:14:42,000
हूं कर सकता है कि नहीं कर सकता है है लेकिन

204
00:14:42,000 --> 00:14:46,240
उस चीज की आवश्यकता उसे है ही नहीं ठीक है जब वो कर सकता है तो इसका

205
00:14:46,240 --> 00:14:50,520
मतलब है जब उसकी देह नष्ट हो जाएगी जिस समय उस समय

206
00:14:50,520 --> 00:14:54,760
वो मौजूद होगा किसी ना किसी रूप में वो चला

207
00:14:54,760 --> 00:14:58,800
ही जाएगा बिल्कुल उस भगवान नेय आगे की कहानी बताई ही

208
00:14:58,800 --> 00:15:02,840
नहीं कहीं पर प्रदर्शित की नहीं है कि उससे आगे क्या होगा व

209
00:15:02,840 --> 00:15:06,880
तो भगवान अने संविधान में बेगा

210
00:15:06,880 --> 00:15:10,880
तर्शी संत रामपाल को य नहीं मालूम है कुछ बात तर्शी संत को

211
00:15:10,880 --> 00:15:15,320
भी नहीं मालूम है क्या क्या कुछ बातें तत्वदर्शी संत

212
00:15:15,320 --> 00:15:19,760
को भी नहीं मालूम है ना क्या नहीं भगवान जिनको आप भगवान मानते

213
00:15:19,760 --> 00:15:23,880
हो रामपाल को भगवान मानते हो कि नहीं गुरु भगवान

214
00:15:23,880 --> 00:15:28,040
का स्वरूप होता है अच्छा भगवान का अवतार तो नहीं मानते ऐसा भी सुनने

215
00:15:28,040 --> 00:15:32,200
में आया कि उसको भगवान माने कबीर रामपाल के रूप में आ गए

216
00:15:32,200 --> 00:15:36,240
गुरु भगवान गुरु भगवान का स्वरूप होता है वो तो ठीक है वो

217
00:15:36,240 --> 00:15:40,600
ठीक है मगर ऐसा तो नहीं कि रामपाल को कबीर ही मानते हो

218
00:15:40,600 --> 00:15:44,720
कबीर का कबीर जी के रामपाल जी कबीर जी के अवतार

219
00:15:44,720 --> 00:15:48,320
ही

220
00:15:48,320 --> 00:15:53,040
है यही सुनना यही सुना अब मैं पूछ रहा हूं दोबारा

221
00:15:53,040 --> 00:15:57,160
कि जब वो कबीर के अवतार है तो उनको यह नहीं पता है कि जिस समय उनकी देह नष्ट

222
00:15:57,160 --> 00:15:57,680
हो जाए दे

223
00:15:57,680 --> 00:16:01,800
नष्ट होती है य तो नहीं दे उसकी न होती

224
00:16:01,800 --> 00:16:05,960
नहीं नहीं होती हो सकती है कि

225
00:16:05,960 --> 00:16:11,960
नहीं हो सक्ति है यह तो भगवान को पता होगा

226
00:16:12,720 --> 00:16:13,720
ले

227
00:16:13,720 --> 00:16:17,840
संत रामपाल तत्वदर्शी है उन्होंने आपको बताया उनकी दे नष्ट हो सकती है कि

228
00:16:17,840 --> 00:16:20,720
नहीं

229
00:16:20,720 --> 00:16:24,880
किनकी संत रामपाल ने आपको बताया कि उनकी देह

230
00:16:24,880 --> 00:16:29,040
नष्ट हो सकती है कि नहींन

231
00:16:29,040 --> 00:16:33,720
हो आपने क तो भगवान को पता होगा यानी आपको नहीं पता है

232
00:16:33,720 --> 00:16:38,040
नहीं पता है ना क्या तो नहीं पता है तो तत्वदर्शी जो है तत्वदर्शी

233
00:16:38,040 --> 00:16:42,240
और वो भी आप कह रहे हो कबीर के ही अवतार है वो रामपाल

234
00:16:42,240 --> 00:16:46,320
उनको नहीं पता यह बात क्या

235
00:16:46,320 --> 00:16:50,440
जो मैं पूछ रहा हूं देह नष्ट हो सकती है कि नहीं अरे

236
00:16:50,440 --> 00:16:54,720
आपका सवाल ही गलत है भगवान ने जिस चीज के मतलब

237
00:16:54,720 --> 00:16:58,960
भगवान ने ये कहा है अपने गुणों में ये लिखा है उसके कि भगवान

238
00:16:58,960 --> 00:17:03,200
जो पूछ रहा हूं वो बताइए मैं जो देखिए ऐसे क्या है ना चर्चा

239
00:17:03,200 --> 00:17:07,240
जो है आगे बढ़ती जाएगी मैं पूछ रहा हूं अभी आपने कहा कि ये

240
00:17:07,240 --> 00:17:11,400
तो भगवान को पता होगा तो रामपाल भगवान है ना भगवान

241
00:17:11,400 --> 00:17:15,400
के अवतार है ना हां कबीर जी के अवतार है वो हां तो

242
00:17:15,400 --> 00:17:20,080
उनको पता है कि नहीं उनकी दे नष्ट हो सकती है कि नहीं उनको सब कुछ पता है

243
00:17:20,080 --> 00:17:24,160
पता है तो आप पूछ के आइएगा अगली बार अभी हम चर्चा को आगे बढ़ाते ठीक

244
00:17:24,160 --> 00:17:28,400
है आगे बढ़ अगली बार पूछ लेना ठीक है ठीक है अब आपने एक बात

245
00:17:28,400 --> 00:17:29,480
कही

246
00:17:29,480 --> 00:17:34,240
अब आपने एक बात कही कि ईश्वर गलत नहीं

247
00:17:34,240 --> 00:17:38,240
करता और दूसरा कि ईश्वर खुद के उसूलों को तोड़ता

248
00:17:38,240 --> 00:17:42,880
नहीं है

249
00:17:42,880 --> 00:17:46,920
जी खुद के उसूलों को नहीं तोड़ता या फिर वह

250
00:17:46,920 --> 00:17:51,280
गलत नहीं करता गलत पर बात करते हैं इसका अर्थ यह है

251
00:17:51,280 --> 00:17:55,760
कि ईश्वर बुराई को नहीं बनाता जी

252
00:17:55,760 --> 00:17:59,760
जी बुराई को बनाने वाला कौन है बुराई

253
00:17:59,760 --> 00:18:03,840
को बनाने वाला कौन है बुराई को बनाने वाला

254
00:18:03,840 --> 00:18:08,000
जो बुराई की उत्पत्ति हुई है व जो यहां का

255
00:18:08,000 --> 00:18:12,560
भगवान है यहां का जो ब्रह्मा विष्णु महेश का पिता है

256
00:18:12,560 --> 00:18:16,800
उससे ही बुराई के एक दो शक्तिया है एक

257
00:18:16,800 --> 00:18:21,440
गलत है एक और एक सही जो सही हैया

258
00:18:21,440 --> 00:18:25,920
दोनों अपने आप बन गई है बिना ईश्वर की मर्जी के ईश्वर ईश्वर के

259
00:18:25,920 --> 00:18:30,040
ईश्वर के द्वारा ही बनी [संगीत] तो यानी

260
00:18:30,040 --> 00:18:34,200
इन दोनों शक्तियों को बुराई को बनाने वाला भी ईश्वर ही है कबीर ही है नहीं

261
00:18:34,200 --> 00:18:39,000
भगवान ने बनाया अच्छा था लेकिन उसने अपनी अपनी इच्छा से न

262
00:18:39,000 --> 00:18:43,320
उसको मालूम था कि नहीं उसको उसको मालूम था कि नहीं ये बुरा बन जाएगा आप

263
00:18:43,320 --> 00:18:44,840
एक मिनट सुनिए भगवान

264
00:18:44,840 --> 00:18:48,840
ने इंसान बनाया उसको सद्बुद्धि दी और सद्बुद्धि में कहीं

265
00:18:48,840 --> 00:18:53,200
यह लिखा कि आप यह गलत कीजिए भगवान ने इंसान बनाया

266
00:18:53,200 --> 00:18:57,440
इंसान के लिए जो सही कर्म है उसके लिए वेद और हमारे

267
00:18:57,440 --> 00:19:01,560
शास्त्र दिए कि भाई आपके पास कोई और और अच्छा थोड़ा सा

268
00:19:01,560 --> 00:19:05,720
विद्वान हो ना तो उसको आप थोड़ा सा लाने का प्रयास करिएगा खामा खा चर्चा का टाइम आप

269
00:19:05,720 --> 00:19:09,760
बढ़ा रहे हैं मैं पूछ रहा हूं मैं पूछ रहा हूं ये

270
00:19:09,760 --> 00:19:14,040
जो गलत और सही वो लोग कर रहे हैं अपने मन से ये

271
00:19:14,040 --> 00:19:18,280
आपके ईश्वर को पता था कि नहीं ये लोग क्या करेंगे वो भविष्य जानता

272
00:19:18,280 --> 00:19:22,360
है कि नहीं इसका मतलब उसने इसका इसका मतलब उसे

273
00:19:22,360 --> 00:19:26,360
पता था कि ये बुराई करेगा फिर भी उसने बनाया उस कुछ उसमें क्या कारण होता है वो

274
00:19:26,360 --> 00:19:30,280
भगवान को पता होता है हां

275
00:19:30,280 --> 00:19:34,360
उस उसको ये मालूम था ना कि उसको मालूम था कि

276
00:19:34,360 --> 00:19:38,800
आतंकवादी बम लगाएगा फिर भी उसने आतंकवादी को बनाया ना

277
00:19:38,800 --> 00:19:43,320
सभी सभी भगवान के अकॉर्डिंग ही होता है जी जी बताओ

278
00:19:43,320 --> 00:19:47,320
मैं पूछ रहा हूं उसको मालूम था आतंकवादी रेप करेगा बम लगाएगा

279
00:19:47,320 --> 00:19:51,680
फिर भी उसने बनाया ना आतंकवादी को किसने

280
00:19:51,680 --> 00:19:56,040
भगवान ने भगवान ने आपके कबीर ने हां उसकी उसकी क्या कंडीशन

281
00:19:56,040 --> 00:19:59,960
है उसकी क्या मतलब जो मजबूरी रही

282
00:19:59,960 --> 00:20:03,960
है किस आधार पर यह सब कुछ चल रहा है वो भगवान को पता है

283
00:20:03,960 --> 00:20:08,120
क्यों चल रहा है फिर आप का के लिए आए हो जब सब कुछ उन्हीं को पता है आप क्यों आए हो यहां

284
00:20:08,120 --> 00:20:12,240
प फिर आप बता दीजिए फिर जब आपको कुछ पता ही नहीं है सब

285
00:20:12,240 --> 00:20:16,400
कुछ आप हर प्रश्न का जवाब भगवान को पता य बताने

286
00:20:16,400 --> 00:20:17,200
क्या आए हो

287
00:20:17,200 --> 00:20:21,240
एक मिनट एक मिनट आप कह रहे हो आप भी ये कह रहे हो कि मतलब

288
00:20:21,240 --> 00:20:25,560
मतलब आपको नहीं पता आप बता दीजिए आपको क्या पता है फिर क्या नहीं पता

289
00:20:25,560 --> 00:20:29,560
आप सवाल कर रहे हो सवाल हम भी हम आपसे कर रहे तोय है पहली

290
00:20:29,560 --> 00:20:33,720
बात तो ये है कि रामपाल जी पर हमने वीडियो बनाया हमने अपनी वीडियो बनाई

291
00:20:33,720 --> 00:20:37,840
हुई है आप देख लीजिएगा हमने अपनी वीडियो बनाई हुई है आप देख लीजिएगा ठीक

292
00:20:37,840 --> 00:20:41,840
है हमारे पास एक एक व्यक्ति को लेकर के अपनी धारणा को प्रस्तुत करने का

293
00:20:41,840 --> 00:20:46,040
नहीं है और जब हमारा मन होगा तो करेंगे भी फिलहाल हम लोग आए हैं कि आपने हमारे

294
00:20:46,040 --> 00:20:50,120
वीडियो प काउंटर किया है हम वीडियो तो हमारी भी बनी हुई है वीडियो तो

295
00:20:50,120 --> 00:20:54,200
हमारी भी बनी हुई है सारी प पड़ी हुई है ऐसा तो नहीं है तो हम तो

296
00:20:54,200 --> 00:20:58,840
हम आए थे क्या आपके पास हमने आपको कहा क्या हमसे फॉर्म भरा क्या हमने आपका

297
00:20:58,840 --> 00:21:03,360
आप आपने ये कहा आप वहां पर कह रहे फॉम भरा क्या

298
00:21:03,360 --> 00:21:07,360
हमने आपका फॉर्म भरा क्या आप एक मिनट सुनिए आपने कबीर

299
00:21:07,360 --> 00:21:11,520
भगवान नहीं है एक करके चलो एक एक करके चलो

300
00:21:11,520 --> 00:21:15,640
आपने कहा कि हमारी भी वीडियो बनी हुई है ठीक है हमने आपका फॉर्म

301
00:21:15,640 --> 00:21:19,720
नहीं भरा है हम लालायित नहीं बैठे हैं कि हम भैया आपसे आकर के आपने वहां गलत

302
00:21:19,720 --> 00:21:24,240
कह दिया हमें जो करना होगा हम कर लेंगे बिलकुल

303
00:21:24,240 --> 00:21:28,240
बक अब आपका हमारे विषय में एक मिनट एक

304
00:21:28,240 --> 00:21:32,520
मिनट मैं सुनूंगा आपको मैं सुनूंगा मैं सुनूंगा मैं सुनूंगा

305
00:21:32,520 --> 00:21:36,560
मैं सुनूंगा आपको अब आपका प्रश्न क्या है जो आप हमसे पूछना चाह रहे हैं

306
00:21:36,560 --> 00:21:40,640
वो बताइए हां प्रश्न ये है आप आध्यात्मिक प्रश्न जो

307
00:21:40,640 --> 00:21:44,960
चल रहा था आध्यात्मिक प्रश्न ये है कि आपके आधार से भगवान

308
00:21:44,960 --> 00:21:49,160
की मतलब भगवान कौन है साकार है निराकार है या

309
00:21:49,160 --> 00:21:53,640
कौन है आप बताइए थोड़ा हमें भी पता चले भगवान निर्गुण निराकार

310
00:21:53,640 --> 00:21:57,760
है एक ही ईश्वर स्वयं को पांच रूपों में व्यक्त करते हैं ब्रह्मा विष्णु महेश

311
00:21:57,760 --> 00:22:01,760
भगवती और गणेश लीला रूप में ये लोग आकर के कुछ भी कर

312
00:22:01,760 --> 00:22:06,080
सकने वाली लीलाएं करते हैं और अपने अपने प्रारब्ध और संस्कारों

313
00:22:06,080 --> 00:22:10,560
के आधार पर लोग अपने ईट की वंदना करते

314
00:22:10,560 --> 00:22:14,760
हैं से कल्प भद से किसी

315
00:22:14,760 --> 00:22:18,880
को कल्प वेद से किसी शास्त्र में विष्णु नाम से उसी

316
00:22:18,880 --> 00:22:22,960
परम तत्व की व्याख्या होती है किसी शास्त्र में उसी परम तत्व की व्याख्या

317
00:22:22,960 --> 00:22:27,000
शिव नाम से होती है कल्प वेद से और अनन्य का भाव प्रकट

318
00:22:27,000 --> 00:22:31,040
करने के लिए दूसरी बात जो निर्गुण निराकार मैंने कहा है मौलिक स्वरूप

319
00:22:31,040 --> 00:22:35,080
भगवान का जी यह भी इस दृष्टि से कहा

320
00:22:35,080 --> 00:22:39,360
है कि वो हमारी इन ये जो भौतिक इंद्रिया है देखने की सुनने

321
00:22:39,360 --> 00:22:43,360
की इनका विषय नहीं है बस ऐसा नहीं है कि मैं

322
00:22:43,360 --> 00:22:47,640
यही कह रहा हूं कि व नहीं साहब वो जो है हम उसे देख नहीं सकते इस

323
00:22:47,640 --> 00:22:51,840
शरीर के माध्यम से नहीं देख सकते उस रूप में मैंने निर्गुण निराकार कहा

324
00:22:51,840 --> 00:22:56,000
क्या स्वरूप है उसका साकार में क्या स्वरूप है उसका मैंने बताया

325
00:22:56,000 --> 00:23:00,080
ना एक ही ईश्वर स्वयं को ब्रह्मा विष्णु महेश भगवती गणेश के रूप में प्रकट करते हैं और वो

326
00:23:00,080 --> 00:23:04,240
अपनी देह का नाश भी कर सकते हैं पहले मेरा प्रश्न सुनिए उसका

327
00:23:04,240 --> 00:23:08,240
वास्तविक स्वरूप ब्रह्मा विष्णु महेश तीन है या वास्तविक

328
00:23:08,240 --> 00:23:12,920
स्वरूप मैंने आपको बता दिया मैंने आपको वास्तविक स्वरूप बता दिया है

329
00:23:12,920 --> 00:23:17,200
निर्गुण निराकार जो इन जो इस शरीर की इंद्रियों का विषय

330
00:23:17,200 --> 00:23:21,440
नहीं है वो केवल प्रात सुनिए

331
00:23:21,440 --> 00:23:25,480
तो आपके अनुसार भगवान जो है परमात्मा जो है

332
00:23:25,480 --> 00:23:30,520
निर्गुण निराकार है ना

333
00:23:30,520 --> 00:23:34,760
साकार भी है साकार भी साकार में कौन

334
00:23:34,760 --> 00:23:38,800
है वो कैसा है मतलब उसको विहे भगती और गणेश

335
00:23:38,800 --> 00:23:43,040
ब्रह्मा विष्णु महेश भगवान है आपके

336
00:23:43,040 --> 00:23:47,880
अनुसार गणेश जी भी भगवान है ब्रह्मा जी भी भगवान है वि जी भगवाने

337
00:23:47,880 --> 00:23:51,920
आपको यार रिपीट क्यों कर रहे हो क्यों खामा खा मैंने बोला

338
00:23:51,920 --> 00:23:56,520
एक ही परम तत्व अपने आप को पांच अलग अलग रूपों में प्रकट करते हैं

339
00:23:56,520 --> 00:24:00,840
ब्रह्मा विष्णु महेश भगवती और गणेश मैं आपकी बात

340
00:24:00,840 --> 00:24:05,040
और ये जो पांचों रूप है ये पांचों रूप कुछ भी कर सकते हैं

341
00:24:05,040 --> 00:24:09,080
देह का नाश भी कर सकते हैं हां अच्छा कुछ भी कर सकते

342
00:24:09,080 --> 00:24:13,640
हैं ना तो ये वेदों में क्यों नहीं लिखा इनका नाम कि ब्रह्मा विष्णु महेश

343
00:24:13,640 --> 00:24:19,040
अजर अमरा विनाशी है वेदों में तो कहीं नहीं है इनका नाम ब्रह्मा विष्णु महेश

344
00:24:19,040 --> 00:24:23,120
का अरे भाई अच्छा चलो

345
00:24:23,120 --> 00:24:27,120
ठीक है वेदों में वेदों में लिखा होगा तो मान जाओगे सबसे

346
00:24:27,120 --> 00:24:31,280
पुरातन ग्रंथ कौन सा है अपना ठीक है ठीक है वेद है आप वेद

347
00:24:31,280 --> 00:24:35,400
को प्रमाण मानते हैं ना मैं नहीं आप बताइए सबसे पुरातन ग्रंथ आपसे

348
00:24:35,400 --> 00:24:39,800
पूछ रहा हूं कौन सा है अपनी हिंदू जो हिंदू नहीं

349
00:24:39,800 --> 00:24:44,080
जो सबसे पुरातन ग्रंथ है सनातन का वो सबसे पुरातन ग्रंथ कौन सा हैनान

350
00:24:44,080 --> 00:24:45,800
पुरातन ग्रंथ नहीं होता है

351
00:24:45,800 --> 00:24:50,000
सनातन धर्म ग्रंथ है वेद वेद हम

352
00:24:50,000 --> 00:24:54,000
वेद है ना हम और ठीक है तो

353
00:24:54,000 --> 00:24:58,440
वेदों में ब्रह्मा विष्णु महेश की ना क लिखा क्यों नहीं लिखा

354
00:24:58,440 --> 00:25:03,320
यजुर्वेद यजुर्वेद सवा अध्याय दूसरा मंत्र बता तो रहा हूं

355
00:25:03,320 --> 00:25:07,320
यजुर्वेद सवा अध्याय दूसरा मंत्र पढ़िए यजुर्वेद सवा अध्याय 4

356
00:25:07,320 --> 00:25:12,040
मंत्र पढ़िए हो गया क्या लिखा पढ़ लीजिए तीसरा अध्याय

357
00:25:12,040 --> 00:25:17,640
क्या क्या सताप पढ़ लीजिए तीसरा

358
00:25:17,640 --> 00:25:21,800
अध्याय नहीं क्या लिखा है वेदों में बताइए उपनिषद का नाम मत लीजिए वेदों

359
00:25:21,800 --> 00:25:25,880
में बताइए आप बता दिया ना वेद में आप थोड़ा सा

360
00:25:25,880 --> 00:25:30,840
बताइए क्या लिखा है क्या बोल तो दिया इसको दोबारा देखने

361
00:25:30,840 --> 00:25:35,680
जीत रहे आप अपने में ही जीत रहे मैंने यह कहा आपसे वेया

362
00:25:35,680 --> 00:25:41,600
अ दूसरा मंत्र सवा अध्याय

363
00:25:41,600 --> 00:25:45,760
मंत्र क्या चीज लिखी है उसम भगवान के बारे में क्या लिखा

364
00:25:45,760 --> 00:25:49,840
की भक्ति मोक्ष दायक है भगवान शिव की भक्ति मोक्ष दायक

365
00:25:49,840 --> 00:25:55,280
है भगवान शिव की

366
00:25:55,280 --> 00:25:59,280
भक्ति मिनट कौन सा मंत्र बताया आपने सवा

367
00:25:59,280 --> 00:26:03,680
अध्याय दूसरा मंत्र सवा अध्याय दूसरा

368
00:26:03,680 --> 00:26:07,720
मंत्रवा अध्याय मंत्र

369
00:26:07,720 --> 00:26:12,920
दूसरा मंत्र यजुर्वेद का है

370
00:26:12,920 --> 00:26:17,280
ना ठीक है अब आप एक काम

371
00:26:17,280 --> 00:26:21,280
करिएगा सुनि सुनिए हो गया हो गया और

372
00:26:21,280 --> 00:26:25,320
क प्रमाण है अरे बहुत सारे भाई मैंने आपसे

373
00:26:25,320 --> 00:26:29,680
प्रमाण पूछा क्या कबीर के विषय में अभी तक पूछा पूछोगे

374
00:26:29,680 --> 00:26:33,880
पूछोगे तो तब ना मुझे प्रमाण प जाना ही नहीं है मैं प्रमाण प जाऊंगा

375
00:26:33,880 --> 00:26:38,000
ही नहीं ना क्योंकि प्रमाण पड़ेगा भगवान को सिद्ध करने के लिए

376
00:26:38,000 --> 00:26:43,280
कहां जाओगे फिर जब आवश्यकता पड़ेगी तब जाएंगे

377
00:26:43,280 --> 00:26:47,280
ना इसलिए आप प्रमाण में जा नहीं रहे पास कबीर

378
00:26:47,280 --> 00:26:51,600
के संबंध में प्रमाण है क्या मैं पूछ रहा हूं कबीर सं आपको स्प

379
00:26:51,600 --> 00:26:56,000
कर कबीर के संबंध में प्रमाण है बिल्कुल है आपको

380
00:26:56,000 --> 00:26:57,000
बताऊ

381
00:26:57,000 --> 00:27:01,000
एक करके चले एक एक करके चले अरे

382
00:27:01,000 --> 00:27:05,120
अरे तु बात नहीं करनी है बोलो बोलो बोलो आप बोलो क्या

383
00:27:05,120 --> 00:27:09,280
पूछ रहे हो पहली बात तो ये हो गई कि अबकी बार आप जाए तो पूछ के आना वो देख अनास

384
00:27:09,280 --> 00:27:13,440
कर सकता है कि नहीं और उसके बाद की क्या स्थिति होगी ये पूछ के आना जो दो बार आपने

385
00:27:13,440 --> 00:27:17,520
कहा नाय हमें नहीं पता है ये आप आपकी सोच का विषय है ये

386
00:27:17,520 --> 00:27:23,080
कोई भगवान के बारे में आपने नहीं कहा हमें नहीं

387
00:27:23,080 --> 00:27:27,160
पता क्या पूछ रहे थे आप क्या पूछ रहे थे मिट मि आपने नहीं कहा

388
00:27:27,160 --> 00:27:31,680
कि हमें नहीं पता भगवान को पता

389
00:27:31,680 --> 00:27:37,160
होगा अब आप यह बताइए कि अभी आप कह रहे थे

390
00:27:37,160 --> 00:27:41,440
किने जो पूछा उसके बारे में बताइए अभी आपने कहा

391
00:27:41,440 --> 00:27:46,120
मैंने मुझे नहीं पता भगवान को पता होगा दो पॉइंट्स में आपने कहा कि नहीं कहा

392
00:27:46,120 --> 00:27:50,120
बात बात को काटिए मत घुमाइए मत हम अच्छी तरीके से जानते हैं आपकी बातों

393
00:27:50,120 --> 00:27:55,320
को आप यह बताइए भवान आने के लिए बहुत

394
00:27:55,320 --> 00:27:59,320
ननि अपनी बात को पड़ी करने की कोशिश मत अगर आप

395
00:27:59,320 --> 00:28:03,640
अगर आप चर्चा करना चाहते हो ना पूरी बात सु आप ये सिद्ध करो ब्रह्मा

396
00:28:03,640 --> 00:28:07,760
विष्णु महेश आपने एक मंत्र बता दिया उसम भी कहीं नहीं लिखा हुआ है जो

397
00:28:07,760 --> 00:28:12,080
दर्शक आपको देख रहे हैं उनको बताइए स्पष्ट कीजिए कि ब्रह्मा जी विष्णु

398
00:28:12,080 --> 00:28:16,480
जी शंकर जी पूर्ण परमात्मा है और ये विषय सुनिए

399
00:28:16,480 --> 00:28:20,640
देखिए ऐसा है मैं बताता हूं मैं बताता हूं ये जो वीडियो हमने

400
00:28:20,640 --> 00:28:24,720
बनाया है यह जो लाइव आपको लेके आए हैं इसलिए लेके आए

401
00:28:24,720 --> 00:28:29,520
हैं कि हमने रामपाल के शिक्षाओं पर एक क्वेश्चन

402
00:28:29,520 --> 00:28:35,520
किया लेकर आए हो हमें भी कुछ

403
00:28:36,200 --> 00:28:42,200
क्वेन ठीक करता आपको

404
00:28:55,480 --> 00:28:59,560
सुना तो भाई यह था छोटा सा एक वो वैसे

405
00:28:59,560 --> 00:29:03,960
भी इनसे बहुत ज्यादा बात करने का कोई औचित्य

406
00:29:03,960 --> 00:29:09,000
नहीं था क्योंकि इन्होंने वैसे भी कहा था

407
00:29:09,000 --> 00:29:13,120
कि यह जो है केवल एक अनुयाई है तो हमारा निवेदन है

408
00:29:13,120 --> 00:29:17,120
कोई अगर आजकल मैंने देखा है कि एक हमारा जो वीडियो है

409
00:29:17,120 --> 00:29:21,200
जो हमने मेले में जाकर के बनाया था वहां पर कबीर वालों के स्टॉल पर जाकर

410
00:29:21,200 --> 00:29:25,640
के बनाया था तो वो

411
00:29:25,640 --> 00:29:29,680
बहुत ज्यादा वो सक्सेसफुल रहा वहां पर जाकर ऐसा करना और वो अभी भी चलता

412
00:29:29,680 --> 00:29:35,680
जा रहा है वो वीडियो तो जैसे जैसे वो चलता जा रहा है वैसे-वैसे हम

413
00:29:37,960 --> 00:29:42,280
अ वैसे वैसे हम हमारे

414
00:29:42,280 --> 00:29:46,320
नाम से जो है यह कबीर पंथी जो लोग हैं वह वीडियोस बना रहे हैं उसकी

415
00:29:46,320 --> 00:29:50,400
वजह से भी वो वीडियो और चर्चा में आ रहा है तो मैं जो भी वीडियोस बना रहे

416
00:29:50,400 --> 00:29:54,480
हैं उनके लिए मैं उन्हें आमंत्रित करना चाहता हूं सस मान

417
00:29:54,480 --> 00:29:58,640
वो विद्वान है जो वीडियोस बना रहे हैं यह मानते हुए आप आए और यहां

418
00:29:58,640 --> 00:30:02,760
पर आकर के कबीर का जो मत है उसको स्पष्ट करें

419
00:30:02,760 --> 00:30:06,840
दूसरी बात यह है कि हम मैं यहां

420
00:30:06,840 --> 00:30:10,880
पर सारी चीजें आपको खोल खोल के इसलिए नहीं बता रहा हूं क्योंकि इस पर हमने

421
00:30:10,880 --> 00:30:15,040
ऑलरेडी वीडियोस बना रखे हैं जिसमें आप जाकर के देख सकते हैं यहां पर

422
00:30:15,040 --> 00:30:19,320
हम लोग वह बातें कर रहे हैं जो अटक रही है तो हम आपके

423
00:30:19,320 --> 00:30:23,560
पास नहीं गए हैं फॉर्म भरने के लिए नहीं भाई हमें आपसे चर्चा करनी ज्ञान

424
00:30:23,560 --> 00:30:24,080
चर्चा करनी

425
00:30:24,080 --> 00:30:28,080
हमें जब करनी होती है तो हम बाकायदा संपर्क करते हैं ज्ञान चर्चा कर लेते

426
00:30:28,080 --> 00:30:32,080
हमारा मत पूछेंगे हम भी बता देंगे यह वीडियो इस

427
00:30:32,080 --> 00:30:36,240
विषय में है यह जो लाइव स्ट्रीम थी इस विषय में थी कि हमने

428
00:30:36,240 --> 00:30:40,320
जो वो क्वेश्चनिंग वहां की थी कि भाई रामपाल अपनी

429
00:30:40,320 --> 00:30:44,360
शिक्षाओं को सिद्ध करे तो वो आप सिद्ध नहीं कर रहे हैं बल्कि यह कह रहे हैं य तो भगवान

430
00:30:44,360 --> 00:30:48,600
को पता होगाय तो भगवान को पता होगा और अब बात आती है क्या शास्त्रों

431
00:30:48,600 --> 00:30:52,680
द्वारा प्रमाणित है हां भाई शिव पुराण द्वारा प्रमाणित है विष्णु पुराण द्वारा प्रमाणित

432
00:30:52,680 --> 00:30:56,760
है भगवती पुराण द्वारा प्रमाणित है सबसे अब बात ये आएगी हम आपसे

433
00:30:56,760 --> 00:31:00,880
आगे इस विषय में चर्चा इसलिए नहीं करेंगे क्योंकि आप उसमें से उस पर

434
00:31:00,880 --> 00:31:05,480
भी आऊंगा ऐसा नहीं है कि नहीं आऊंगा मगर एकएक करके क्रमबद्ध से

435
00:31:05,480 --> 00:31:09,640
तो अब उस विषय में चर्चा इसलिए नहीं हो पाएगी आप कहोगे नहीं भाई यहां ये लिखा है यहां

436
00:31:09,640 --> 00:31:13,920
ये लिखा है फिर मैं आऊंगा इस बात पर कि यह जो ज्ञान

437
00:31:13,920 --> 00:31:18,040
आप वेदों के आधार पर दे रहे हैं ये आपको कैसे प्राप्त हुआ एक तरीका होता

438
00:31:18,040 --> 00:31:23,080
है दो चार प्रश्न है दो प्रश्नों के तो ये भाई साहब जो आए थे जवाब नहीं दे पाए

439
00:31:23,080 --> 00:31:27,080
तो कैसी लगी आप लोगों को स्ट्रीम बताइएगा कोई एक सज्जन

440
00:31:27,080 --> 00:31:30,320
अभी मैंने देखा जो

441
00:31:30,320 --> 00:31:35,400
शायद प्रभु सिंह यह जो

442
00:31:35,400 --> 00:31:39,640
है अध्याय नंबर चार का 34 वा मंत्र पढ़ ले भगवान

443
00:31:39,640 --> 00:31:43,880
श्याम कह रहे हैं तथा आप जो है अपनी

444
00:31:43,880 --> 00:31:47,880
ज्ञान गंगा पढ़िए उसमें देखिए क्या लिखा

445
00:31:47,880 --> 00:31:52,040
है कि जो भगवत गीता है उसका 5 पर ज्ञान जो

446
00:31:52,040 --> 00:31:56,280
है वो ग्रहण करने योग्य नहीं है तो पहले आप निश्चय

447
00:31:56,280 --> 00:32:00,400
कर लीजिए कि वो श्याम लाल जिनको आप कह रहे हो वो पूर्ण भगवान है

448
00:32:00,400 --> 00:32:04,600
कि नहीं या फिर उनमें कुछ कमी है अगर कमी है

449
00:32:04,600 --> 00:32:09,320
तो फिर वह जो कमी है और कमी नहीं है यह पार्ट कौन डिसाइड करेगा

450
00:32:09,320 --> 00:32:13,440
कहां पर कमी है और कहां पर कमी नहीं है यह पार्ट कौन और किस आधार

451
00:32:13,440 --> 00:32:17,440
पर डिसाइड करेगा और अगर आपको आना है तो अभी लाइव स्ट्रीम

452
00:32:17,440 --> 00:32:23,080
चल रही है इनविटेशन हम दे देते

453
00:32:23,080 --> 00:32:28,480
हैं लाइव स्ट्रीम अभी चल ही रही है

454
00:32:28,480 --> 00:32:32,920
अगर कोई आना चाहे कबीर का पक्ष जो है रखने के लिए तो वह आ सकता

455
00:32:32,920 --> 00:32:38,320
है पर विद्वान हो ऐसा ना बोले कि य तो भगवान को पता

456
00:32:38,320 --> 00:32:43,280
होगा दुनिया का सबसे बड़ा चोर कौन है जानने के लिए

457
00:32:43,280 --> 00:32:47,880
देखें अरे भाई ऐसी बातें ना करें

458
00:32:47,880 --> 00:32:52,520
हां प्रभु सिंह जी आप आएंगे तो

459
00:32:52,520 --> 00:32:58,520
भाई यहां पर कमेंट में वो डाल दीजिए

460
00:33:01,400 --> 00:33:07,400
मैं ही डाल देता

461
00:33:10,640 --> 00:33:14,800
हूं अगर कोई कबीर का पक्ष प्रस्तुत करना चाहता है

462
00:33:14,800 --> 00:33:20,800
तो वह आ सकता

463
00:33:20,880 --> 00:33:25,880
है भाई ऐसी बातें ना करा करें किसी के भी लिए आपत्ति

464
00:33:25,880 --> 00:33:31,880
जनक शब्दों का उपयोग

465
00:33:36,200 --> 00:33:42,200
कोई आना चाहता

466
00:33:54,280 --> 00:33:58,480
है बहुत बेसिक सी हां

467
00:33:58,480 --> 00:34:04,480
मैं इसको पिन कर देता हूं सही कह रहे

468
00:34:04,680 --> 00:34:08,720
हैं स्टार कर दिया स्टार का ऑप्शन था

469
00:34:08,720 --> 00:34:12,960
तो बहुत बेसिक सी अगर आप चीजें पकड़ लेंगे तो आपको आपके

470
00:34:12,960 --> 00:34:17,120
धर्म का खंडन जो आपका मूल धर्म है उसका

471
00:34:17,120 --> 00:34:21,160
खंडन उसमें परास करने वाला कोई व्यक्ति कोई मायका लाल आपको मिलेगा

472
00:34:21,160 --> 00:34:25,520
नहीं और बहुत साधारण सी बातें हैं ईश्वर सर्वशक्तिमान

473
00:34:25,520 --> 00:34:29,800
हो अबाध हो और हमारे ईश्वर जैसे ये लोग कहते हैं ना कि वो भी

474
00:34:29,800 --> 00:34:33,880
उनका भी अ विनाश हुआ य कबीर पंक्तियों की जो लाइनस होती है वही होती है उनका

475
00:34:33,880 --> 00:34:37,880
भी नाश हुआ ब्रह्मा विष्णु महेश का भी नाश हुआ भाई नाश भी कर सकते हैं यही तो

476
00:34:37,880 --> 00:34:42,080
बता रहे हैं हम किसी भी नियम के नीचे नहीं है यही तो बता रहे

477
00:34:42,080 --> 00:34:46,200
हैं तो व्यवहार में भगवान सब कुछ

478
00:34:46,200 --> 00:34:50,720
कर सकने वाले हैं किसी भी प्रकार से उनके सामने नहीं लिखा जा सकता

479
00:34:50,720 --> 00:34:56,640
कि ही कांट डू इट कौन है

480
00:34:56,640 --> 00:35:01,600
क्यूट भाई कैमरे के साथ आना पड़ेगा जो आ रहे हैं

481
00:35:01,600 --> 00:35:06,640
अपना कैमरा ऑन

482
00:35:06,640 --> 00:35:12,640
करिए कैमरा ऑन करें तो हम ले

483
00:35:15,240 --> 00:35:19,280
आपको चले गए सत्य की लड़ाई

484
00:35:19,280 --> 00:35:24,560
है सत्य के पक्षधर हैं तो मुंह छुपाना बंद करें

485
00:35:24,560 --> 00:35:28,600
ठीक है तो कुछ तीन पॉइंट है बस इसी से ही

486
00:35:28,600 --> 00:35:32,880
आप पहली बात सर्वशक्तिमान ईश्वर परम स्वतंत्र मोक्ष

487
00:35:32,880 --> 00:35:37,200
और शाश्वत धर्म इन तीन की बात किया करिए बस ज्यादा

488
00:35:37,200 --> 00:35:41,680
किसी से बहुत ज्यादा समय नष्ट करने की आवश्यकता नहीं होती

489
00:35:41,680 --> 00:35:45,760
है हां ठीक है

490
00:35:45,760 --> 00:35:51,360
क्यूट हां

491
00:35:51,360 --> 00:35:55,680
आप तो ठीक है फिर इस लाइव को यही स्थगित

492
00:35:55,680 --> 00:35:59,800
करते हैं बहुत छोटी लाइव हो पाई वो

493
00:35:59,800 --> 00:36:03,800
महाशय जो आए थे वो हर बात में यही बोल रहे हैं

494
00:36:03,800 --> 00:36:07,960
कि भगवान को पता होगा भगवान को पता होगा तो फिर क्यों तत्वदर्शी

495
00:36:07,960 --> 00:36:12,040
बने घूम रहे हो भाई क्यों बना

496
00:36:12,040 --> 00:36:16,760
रहे हो कि व भगवान के वो अवतार है भगवान को पता होगा

497
00:36:16,760 --> 00:36:20,800
बनाएंगे इनके शॉर्ट बनाएंगे

498
00:36:20,800 --> 00:36:25,200
सुप्रीम कोर्ट के फैसले में प्रमाण है रामपाल क्रिमिनल है फैसला

499
00:36:25,200 --> 00:36:29,760
हो गया

500
00:36:29,760 --> 00:36:34,560
प्रभु सिंह आप आ क्यों नहीं रहे

501
00:36:34,560 --> 00:36:36,840
हैं

502
00:36:36,840 --> 00:36:42,840
जेनेसिस फोटो है आपकी चेहरा दिखाइए

503
00:36:47,240 --> 00:36:52,040
जेनेसिस जेनेसिस बताएं

504
00:36:52,040 --> 00:36:56,120
हेलो जी बताए मैं कह रहा था कि

505
00:36:56,120 --> 00:37:01,040
बिना कैम के डिबेट वो मतलब बात नहीं करोगे आप

506
00:37:01,040 --> 00:37:05,480
नहीं बिना कैम केम नहीं करते अच्छा कोई नहीं चलो

507
00:37:05,480 --> 00:37:09,680
फिर मैं जाता हूं छोड़ दीजिए आप

508
00:37:09,680 --> 00:37:13,760
ठीक सत्य के पक्षधर है तो फिर मुंह ना छिपाए अपने

509
00:37:13,760 --> 00:37:17,800
चेहरे को लेकर आए जब हम अपने हर प्रकार से अपने

510
00:37:17,800 --> 00:37:21,960
अस्तित्व को दाप पर लगाकर निकले तो आपका कर्तव्य बन जाता है यदि आप सत्य

511
00:37:21,960 --> 00:37:26,040
के पक्षधर होते हुए आ रहे हैं कि आप सामना करें बराब तो

512
00:37:26,040 --> 00:37:30,040
अलग है सत्य का पक्ष तो आप ऐसे भी ले सकते है बिना दिखाए हु जो सच होगा वो तो

513
00:37:30,040 --> 00:37:36,040
हर जगह खगा पर भी होगी बात जब आप चेहरा दिखा कर आएंगे ठीक

514
00:37:45,000 --> 00:37:49,000
है मैंने कई बार बता दिया है एक मर्यादा

515
00:37:49,000 --> 00:37:53,160
बनाई है कि विरोधा भाषी जो चर्चा हम लोग करते

516
00:37:53,160 --> 00:37:57,720
हैं उस पर हमारा अधिकांश अधिक से अधिक यही प्रयास

517
00:37:57,720 --> 00:38:01,880
होता है कि जो चर्चा हो वह बराबरी की हो बराबरी

518
00:38:01,880 --> 00:38:06,040
की चर्चा के लिए जैसे हमारी पहचान सबको प्राप्त है वैसे ही सामने

519
00:38:06,040 --> 00:38:10,080
वाले की पहचान भी सबको प्राप्त होनी चाहिए क्योंकि वह हर

520
00:38:10,080 --> 00:38:14,120
प्रकार से प्रतिकार करने के लिए स्वतंत्र होता है जब उसकी पहचान छुपी हुई होती

521
00:38:14,120 --> 00:38:18,560
है और हम तो खैर वैसे भी हमारी पहचान छुपी हुई हो

522
00:38:18,560 --> 00:38:23,280
या ना हो हमारे हमें तो मर्यादा की सीमा में रहकर ही बात करनी है

523
00:38:23,280 --> 00:38:27,640
मगर सामने वाला ऐसा नहीं है आवश्यक नहीं है कि वो भी ऐसा ही हो तो

524
00:38:27,640 --> 00:38:31,800
किसी प्रकार से अमानना कर सकता है कुछ भी कर सकता है इस कारण

525
00:38:31,800 --> 00:38:36,120
से आपको इस सीमा के साथ हमसे बात करनी होगी कि आपका चेहरा

526
00:38:36,120 --> 00:38:40,160
भी सब लोग देख रहे हैं आपको भी सब लोग जान रहे हैं जैसे हम

527
00:38:40,160 --> 00:38:44,200
निडर होक के सत्य का पक्ष रख रहे हैं निर्भीक हो कर के वैसे ही आप भी रखिए

528
00:38:44,200 --> 00:38:48,720
हमारे साथ श नाथ तो किस बात की चिंता हमें

529
00:38:48,720 --> 00:38:52,800
जो भी है जेनेसिस आप नास्तिक है या आपके कोई किसी ईश्वर

530
00:38:52,800 --> 00:38:56,840
को मानते हैं तो क्या उस ईश्वर से आपको ऐसा बल नहीं मिल रहा जो आपको सत्य

531
00:38:56,840 --> 00:39:00,280
की रक्षा करने ने के लिए मुंह को

532
00:39:00,280 --> 00:39:04,800
ना छिपाने का बल दे सके ठीक है

533
00:39:04,800 --> 00:39:09,120
तो इसको फिर पूरा करते हैं बहुत ज्यादा अच्छी नहीं रही शुरू में ही उन्होंने

534
00:39:09,120 --> 00:39:13,680
दो तीन बातें ऐसी कह दी हां भाई प्रभु सिंह

535
00:39:13,680 --> 00:39:16,200
आप आ

536
00:39:16,200 --> 00:39:22,200
जाइए वेदों में प्रमाण है वेदों में प्रमाण

537
00:39:24,000 --> 00:39:30,000
है आपको आना है प्रभु सिंह

538
00:39:31,600 --> 00:39:35,600
चलो नहीं आना है उतना बल अभी प्राप्त नहीं है वेदों में

539
00:39:35,600 --> 00:39:39,800
प्रमाणित जो ईश्वर है इनका कबीर उसने प्रभु सिंह को अभी इतनी ताकत

540
00:39:39,800 --> 00:39:43,880
नहीं दी है इतनी क्षमता नहीं दी है कि अपने वो आ कर के यहां पर अपना

541
00:39:43,880 --> 00:39:47,880
वक्तव्य रख सके अपने ईश्वर का पक्ष रख सके वो अभी ताकत इनको

542
00:39:47,880 --> 00:39:52,040
नहीं दी है शायद अन्यों को दी होगी जैसे अभी जो भाई आया था उसको तो प्राप्त

543
00:39:52,040 --> 00:39:56,280
थी उसको इतनी इतनी क्षमता तो दी गई थी कि उसने अपना चेहरा दिखाया

544
00:39:56,280 --> 00:40:00,520
इसके लिए मैं अप्रिशिएट करूंगा उसे चलिए अच्छा

545
00:40:00,520 --> 00:40:04,600
और भी कोई है रामपाल का इन्होंने ये लगाई हुई है

546
00:40:04,600 --> 00:40:08,920
रामपाल का ये क्या

547
00:40:08,920 --> 00:40:12,920
है रामपाल का चेला एड

548
00:40:12,920 --> 00:40:17,240
टू स्टेज रामपाल के चेले जी आप अपना

549
00:40:17,240 --> 00:40:21,360
चेहरा दिखाएं आपने वोल्डर मोट का चेहरा लगाया हुआ है

550
00:40:21,360 --> 00:40:25,120
हैरी पॉटर का विलन था जो

551
00:40:25,120 --> 00:40:29,800
मुख्य रामपाल के चेले जी आपसे बोल रहा हूं

552
00:40:29,800 --> 00:40:34,640
चले गए रामपाल के चेले भी चले गए कबीर

553
00:40:34,640 --> 00:40:38,120
अवतार

554
00:40:38,120 --> 00:40:42,720
चलिए चलिए भ आपका स्वागत है कबीर अवतार जी आपका शुभ नाम

555
00:40:42,720 --> 00:40:45,560
आप भी चले

556
00:40:45,560 --> 00:40:49,880
गए तो यह हालात है इस समय

557
00:40:49,880 --> 00:40:55,880
कबीर के फॉलोअर्स आ रहे हैं और जा रहे हैं आ रहे हैं और जा रहे हैं

558
00:40:58,960 --> 00:41:03,800
ठीक है तो बंद करते हैं और भी कोई आया लाल लाभ

559
00:41:03,800 --> 00:41:08,200
लाभ जी आपका फोटो आप भी चले गए क्या बात है

560
00:41:08,200 --> 00:41:12,200
चलिए तो हम लोग इसको लाइव सेशन को यही रोक रहे हैं काफी लंबा हो रहा है

561
00:41:12,200 --> 00:41:16,360
और कोई बात नहीं की जा कर पा रहा है कोई भी चलिए सभी को जय

562
00:41:16,360 --> 00:41:20,680
श्री राम जवाइन करने के लिए आप लोग आप लोगों से मैं बार-बार निवेदन कर रहा हूं

563
00:41:20,680 --> 00:41:24,920
केवल यहां पर कमेंट के माध्यम से या सोशल मीडिया पर एक्टिव होने के माध्यम से हम धर्म

564
00:41:24,920 --> 00:41:29,040
की रक्षा नहीं कर सकते अभी आप देख हिंदुओं के साथ बांग्लादेश में क्या हो रहा

565
00:41:29,040 --> 00:41:33,240
है गुरुदेव बार-बार कहते हैं हमें दो चीजें कलयुग में काम आने वाली है ऊपर

566
00:41:33,240 --> 00:41:37,400
ईश्वर का बल और नीचे संग का बल तो आप लोग हाथ जोड़

567
00:41:37,400 --> 00:41:41,600
के मेरा निवेदन है सबसे पहले कुछ नहीं सबसे पहले

568
00:41:41,600 --> 00:41:45,720
भगवान का नाम का जप ही शुरू कर दीजिए जो अपने आप को धर्म

569
00:41:45,720 --> 00:41:49,720
रक्षक के रूप में देखता है या भगवान से भगवान की भक्ति करने वाले के रूप

570
00:41:49,720 --> 00:41:53,960
में देखता है तो वह कम से कम सवा घंटे भगवान के नाम का जप जरूर

571
00:41:53,960 --> 00:41:58,600
करें अगर उसे मंत्र प्राप्त है परंपरा प्राप्त आचार्य से तो उनका वो

572
00:41:58,600 --> 00:42:02,880
जाप करें विधिवत यह आवश्य अवश आवश्यक

573
00:42:02,880 --> 00:42:07,200
है और धर्म और अधर्म के विषय में जो संशय

574
00:42:07,200 --> 00:42:11,400
आते हैं उनके लिए पूरी शंकराचार्य और डाल कर के अपना प्रश्न लिख करके

575
00:42:11,400 --> 00:42:14,640
और सर्च करें य पर और

576
00:42:14,640 --> 00:42:18,800
धर्म रक्षा अभियान से जुड़ने के लिए 7408 30169

577
00:42:18,800 --> 00:42:22,960
पर करें वहां आपको फॉर्म मिल जाएगा उस फॉर्म को फिल करके आप धर्म

578
00:42:22,960 --> 00:42:27,200
रक्षा अभियान से जुड़ सकते हैं एक बात मैं फिर से याद दिला दूं

579
00:42:27,200 --> 00:42:31,960
कि हम जो अपना ये नंबर सार्वजनिक करते हैं इस पर जो भी लोग कॉल करते हैं वो ध्यान रखें

580
00:42:31,960 --> 00:42:36,000
कि उनके साथ हमारी जो वार्ता हो रही है वो रिकॉर्ड होती है और आवश्यकता

581
00:42:36,000 --> 00:42:40,040
दिखाई देने पर हम उस रिकॉर्डिंग को सार्वजनिक भी कर सकते हैं

582
00:42:40,040 --> 00:42:44,080
इसलिए ऐसी बातें ही बोले जो वह चाहते हैं कि जिस

583
00:42:44,080 --> 00:42:48,160
जिनके समाज के सामने आ जाने पर उनको कोई आपत्ति ना हो ठीक

584
00:42:48,160 --> 00:42:54,160
है चलिए फिर सभी को जय श्री राम

585
00:43:00,520 --> 00:43:05,000
हां हम लोग गुरु मंत्र के बारे में

586
00:43:05,000 --> 00:43:09,800
बनाएंगे हां शॉर्ट निकालेंगे उनका शॉर्ट निकालेंगे

587
00:43:09,800 --> 00:43:15,800
स्कन वाले अंकल जी का शॉर्ट कब

588
00:43:16,800 --> 00:43:20,840
बनाएंगे दीपांशु साहू

589
00:43:20,840 --> 00:43:25,000
दीपांशु साहू जी आप आमंत्रित है आए और

590
00:43:25,000 --> 00:43:29,040
यहां पर संत रामपाल के द्वारा प्रतिपादित होने वाले

591
00:43:29,040 --> 00:43:34,240
ईश्वर को सर्वशक्तिमान सिद्ध

592
00:43:34,240 --> 00:43:40,240
करें अच्छा नवीन जी कुछ देर और कर लेते

593
00:43:43,760 --> 00:43:48,320
हैं मैं रामानुज परंपरा से हूं बहुत बहुत

594
00:43:48,320 --> 00:43:52,560
अच्छा मेरे गुरु जी जल समाधि ले चुके मुझे क्या करना चाहिए

595
00:43:52,560 --> 00:43:57,440
आपके गुरु के द्वारा बताए गए जो मार्ग है उस पर यथा

596
00:43:57,440 --> 00:44:01,840
सामर्थ आप चलने का प्रयास करते रहिए

597
00:44:01,840 --> 00:44:07,360
ठीक है प्रश्न ले रहे हैं अब देखिए अभी तक पहले जो प्रश्न कर चुके

598
00:44:07,360 --> 00:44:11,680
हैं सौरव कसाना आ जाइए आर्य

599
00:44:11,680 --> 00:44:15,800
समाज से ही आ जाइए आप ही आ जाइए आ जाइए सौरभ कसाना

600
00:44:15,800 --> 00:44:20,000
जी आ जाइए मैं आर्य समाज से हूं मैं अपना पक्ष

601
00:44:20,000 --> 00:44:24,080
रखूं आ जाइए सौरभ जी

602
00:44:24,080 --> 00:44:29,880
फोटो के साथ आना है कैमरे के साथ

603
00:44:29,880 --> 00:44:34,600
कबीर ही भगवान है प्रेमानंद जी पर क्या विचार बहुत अच्छे हैं

604
00:44:34,600 --> 00:44:38,960
देखिए प्रेमानंद जी बहुत बढ़िया है और रसिक

605
00:44:38,960 --> 00:44:43,160
भक्त है बहुत अच्छे भक्त है भगवान के और वह भी

606
00:44:43,160 --> 00:44:47,200
अंतिम देखिए धर्म हमारा पक्ष य नहीं है कि सब लोग

607
00:44:47,200 --> 00:44:51,400
अपने गुरुओं को तिलांजलि दे दे भैया शंकराचार्य को मा ना ना सब

608
00:44:51,400 --> 00:44:55,600
लोग जितने भी हम जिस जिस रूप में भी हमने गुरु को गुरु की सेवा

609
00:44:55,600 --> 00:44:59,720
हम कर रहे हैं अगर व वो प्रामाणिक है और शुद्ध भक्त

610
00:44:59,720 --> 00:45:03,800
है भगवान के तो उनके द्वारा भी शंकराचार्य धर्म और अधर्म के

611
00:45:03,800 --> 00:45:07,920
अंतिम निर्णायक हैं ठीक है तो जब कभी

612
00:45:07,920 --> 00:45:12,040
जीवन वैसे आप कभी मत आइए शंकराचार्य के पास सिर्फ एक बात मन

613
00:45:12,040 --> 00:45:16,680
में धारण कर लीजिए कि जब कभी धर्म और अधर्म के विषय में कोई मामला अटक जाएगा

614
00:45:16,680 --> 00:45:21,040
तो अंत में शंकराचार्य के पास आएंगे इस भाव के कारण

615
00:45:21,040 --> 00:45:25,640
ही सनातन समाज सेंट्रलाइज हो जाएगा संगठित हो जाएगा

616
00:45:25,640 --> 00:45:30,280
सुरक्षित हो जाएगा और हम जो कहते हैं ना कि हाथी बनकर बैठना

617
00:45:30,280 --> 00:45:34,360
है वह चीज साकार दिखाई देने लगेगी सौरव कसाना

618
00:45:34,360 --> 00:45:38,400
जी आप आ नहीं रहे हैं काफी देर हो गई कबीर परमात्मा पाप

619
00:45:38,400 --> 00:45:43,200
का शत्रु है पाप विनाशक है कबीर परमात्मा संपूर्ण शांति दायक

620
00:45:43,200 --> 00:45:45,040
है आप आ जाइए

621
00:45:45,040 --> 00:45:51,040
ना

622
00:45:51,720 --> 00:45:56,080
दीपांशु श्रीमद् भगवत गीता हां इनके कुछ रटे रटा

623
00:45:56,080 --> 00:46:00,600
वो श्लोक होते ना इसीलिए लोग शास्त्रों की बात करते हैं और इसीलिए मैं इनको छकाता

624
00:46:00,600 --> 00:46:05,160
हूं कबीर पंथिया के कुछ रटे रटा श्लोक होते हैं

625
00:46:05,160 --> 00:46:09,240
मंत्र नंबर इतना वो अध्याय श्लोक क्रमांक इतना तुरंत रट्टा मार के बोलना चालू

626
00:46:09,240 --> 00:46:13,680
करते तो इसलिए मैं उसी उसी को नहीं लाता हूं जो ये सोच के आते हैं

627
00:46:13,680 --> 00:46:17,760
कि मुझे यह बोलना है वहां जा करर के रटना है मैं उस टॉपिक को

628
00:46:17,760 --> 00:46:22,520
ही नहीं छेड़ता हूं इसीलिए व्यक्ति जो है फिर

629
00:46:22,520 --> 00:46:28,520
थोड़ा परेशान होने लगता है यह क्या बात हुई

630
00:46:29,080 --> 00:46:33,280
भैया अपना धर्म इतना संप्रदाय में कैसे बट गया मैं बहुत आश्चर्य

631
00:46:33,280 --> 00:46:37,360
में हूं भैया बहुत दुख होता है देखकर

632
00:46:37,360 --> 00:46:41,880
देखिए यह जो धर्म और अधर्म का युद्ध

633
00:46:41,880 --> 00:46:45,920
है इसी के तो दृष्टा है भगवान

634
00:46:45,920 --> 00:46:50,160
ईश्वर तो आपको जोय जो प्रकृति है

635
00:46:50,160 --> 00:46:54,320
प्रकृति का नाम ही भेद है वो बटेगा आप

636
00:46:54,320 --> 00:46:58,800
अभेद की तरफ हो तो भेद को होने से और

637
00:46:58,800 --> 00:47:04,000
भेद का निर्वाह करते हुए भेद को होने से रोको तभी अभेद की प्राप्ति होगी

638
00:47:04,000 --> 00:47:08,680
तो आप ना तो कर्म करने से बचने की सोचिए

639
00:47:08,680 --> 00:47:13,720
और ना ही कर्म के प्रति आसक्त होइए ना ही कर्म के फल पर आसक्त होइए

640
00:47:13,720 --> 00:47:18,040
मगर उसको अपना कर्तव्य मानकर करते रहिए समत्व भाव रखिए

641
00:47:18,040 --> 00:47:22,160
जीत में और हार में समत्व भाव जीत का लालच हार का

642
00:47:22,160 --> 00:47:28,160
भय ना हो शत्रु प्रतिकार करो

643
00:47:28,400 --> 00:47:32,960
यह प्रभु सिंह आ नहीं पा रहे हैं केवल बोल रहे

644
00:47:32,960 --> 00:47:37,920
हैं भगवान कभी नष्ट नहीं

645
00:47:37,920 --> 00:47:43,400
होता हां बिल्कुल शंकराचार्य के सैनिक हैं

646
00:47:43,400 --> 00:47:47,520
कबीर जज रियल अब वह रियल के आगे

647
00:47:47,520 --> 00:47:51,760
क्या है गॉड है कि यह है पहले यह बताना

648
00:47:51,760 --> 00:47:56,360
होगा कि आपने मेरी चुनौती स्वीकार क्यों नहीं की मल युद्ध की

649
00:47:56,360 --> 00:48:01,440
भाई हमने तो नहीं कहा कि हम बहुत बड़े पहलवान है

650
00:48:01,440 --> 00:48:05,440
हा हमने कब कहा हां मगर आवश्यकता

651
00:48:05,440 --> 00:48:09,560
पड़ेगी तो लड़ने से पीछे नहीं हटेंगे यह ध्यान रखिए धर्म की रक्षा की बात

652
00:48:09,560 --> 00:48:13,600
होगी मुझे लगता है कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं होगा जो धार्मिक होगा

653
00:48:13,600 --> 00:48:17,680
और वह युद्ध की बात आ जाने पर पीछे हटे क्योंकि

654
00:48:17,680 --> 00:48:22,080
क्या है जो उदारता अपने अस्तित्व और आदर्श पर हावी हो जाए वो उदारता उदारता

655
00:48:22,080 --> 00:48:26,800
नहीं कायरता कहलाती है तो हदय की तु

656
00:48:26,800 --> 00:48:30,920
दुर्बलता को छोड़ो और भाई साहब

657
00:48:30,920 --> 00:48:35,040
आप लोग यह जो कर देते हो ना यह कि पहले यह बताना होगा

658
00:48:35,040 --> 00:48:39,160
आप अंतिम निर्णायक नहीं है ईश्वर बन के हमारे पास मत आइए वही

659
00:48:39,160 --> 00:48:43,320
रहिए जहां है ठीक है जैसे लोग कह देते हैं उपनिषद को छोड़ो

660
00:48:43,320 --> 00:48:43,820
क्यों

661
00:48:43,520 --> 00:48:47,920
छोड़े भाई क्यों छोड़े उपनिषद को

662
00:48:47,920 --> 00:48:52,000
आपके द्वारा निश्चित क्राइटेरिया में आकर के क्यों बात करें

663
00:48:52,000 --> 00:48:56,080
यहीं से दो क्यों दे सब कुछ उसी जगह पर थोड़ी ना है उस पर

664
00:48:56,080 --> 00:49:00,160
आधारित अन ग्रंथ भी है अब आपने क्राइटेरिया सेट कर दिया पहले य

665
00:49:00,160 --> 00:49:04,920
बताना होगा मेरी चुनौती स्वीकार क्यों नहीं की क्यों बताएं भाई

666
00:49:04,920 --> 00:49:08,920
आप भगवान है जो आपकी आज्ञा का पालन करने के

667
00:49:08,920 --> 00:49:13,640
लिए हम जो है बिल्कुल परतंत्र हैं आप तानाशाह

668
00:49:13,640 --> 00:49:17,640
है ठीक है तो दो गेस्ट

669
00:49:17,640 --> 00:49:21,480
यहां पर आए हैं

670
00:49:21,480 --> 00:49:25,480
राम गुरुजी प्रणाम जी

671
00:49:25,480 --> 00:49:30,280
भैया खुश रहिए बताइए हम आपका य में वीडियो देखते

672
00:49:30,280 --> 00:49:31,680
गुरुजी देखिए

673
00:49:31,680 --> 00:49:35,840
वो तो देखते हैं मगर इस समय कोई अगर हम लोगों ने लाइव

674
00:49:35,840 --> 00:49:40,120
स्ट्रीम रखी है वैचारिक मतभेद के निमित्त रखी है इसको आप समझिए

675
00:49:40,120 --> 00:49:44,680
मैं आपका आभारी हूं आप समर्थक होंगे हो सकता है

676
00:49:44,680 --> 00:49:48,920
अगर कोई मतभेद है तो आप बताइए तुरंत हा मुझे मतभेद है जसे

677
00:49:48,920 --> 00:49:52,400
आप गीता को मानते

678
00:49:52,400 --> 00:49:56,960
गुरुजी पहली बात तो यह है कि मैं आपका गुरु नहीं हूं यदि मतभेद है

679
00:49:56,960 --> 00:50:01,120
इसको सही करिए गुरु का अर्थ क्या है ठीक गुरु का अर्थ है जो

680
00:50:01,120 --> 00:50:05,160
अंधकार को नाश करे तो आपका नाश

681
00:50:05,160 --> 00:50:09,400
नहीं किया ना मैंने बल्कि आप तो काउंटर कर रहे हो मेरी चीजों को

682
00:50:09,400 --> 00:50:13,480
विरोध है गुरुजी गुरुजी एक

683
00:50:13,480 --> 00:50:17,520
करके चलेंगे एक एक करके चलेंगे पहले इसको क्लियर करो आपने गुरु जीी कह

684
00:50:17,520 --> 00:50:21,560
दिया यह कह दिया वो मिथ्या वाद मत करो चलिए

685
00:50:21,560 --> 00:50:26,760
अब बताइए अना हा मैं कहता हूं जैसे गीता में लिखा चातु

686
00:50:26,760 --> 00:50:31,280
आप किसकी तरफ से आए हैं ये बताइए आप किसकी तरफ से आए

687
00:50:31,280 --> 00:50:35,480
रामपाल नहीं नहीं रामपाल की तरफ से नहीं आए किसकी तरफ

688
00:50:35,480 --> 00:50:39,920
से आए हम ऐसे आए विषय क्या

689
00:50:39,920 --> 00:50:44,160
है हम विषय यही है आप जो बोलते हैं कि

690
00:50:44,160 --> 00:50:46,840
जो हम लोग का वन व्यवस्था

691
00:50:46,840 --> 00:50:50,840
जन्म से जातिवाद होता है उस वही वि देखिए पहली बात

692
00:50:50,840 --> 00:50:55,240
तो यह है एक गलत फहमी है परंपरा प्राप्त आचार्यों के बारे में

693
00:50:55,240 --> 00:50:59,280
कि वो मतलब ब्राह्मणवाद या क्षत्रिय

694
00:50:59,280 --> 00:51:04,240
वाद ऐसा नहीं है उसको समझिए सूत्रा क्मक जन्म से

695
00:51:04,240 --> 00:51:09,160
नामांकन कर्म से चयन अगर कोई ब्राह्मण का

696
00:51:09,160 --> 00:51:13,360
जैसे यज्ञ कराना है तो हम किसी ब्राह्मण को ढूंढने जाएंगे मगर

697
00:51:13,360 --> 00:51:17,360
यदि वह ब्राह्मण मदिरा पान करता होगा मांसाहार करता होगा तो उसको त्याग भी

698
00:51:17,360 --> 00:51:21,360
कर देंगे फिरस्त भी कर देंगे फिर किसी शुद्ध ब्राह्मण

699
00:51:21,360 --> 00:51:25,480
को जो ब्राह्मण कर्म से भी हो जन्म से भी हो उसको लेकर आया जाएगा पहली बात तो

700
00:51:25,480 --> 00:51:29,680
ये है अब अगर हम मान ले कि जो

701
00:51:29,680 --> 00:51:33,880
यह वर्ण व्यवस्था है यह जो है कर्म से होती है

702
00:51:33,880 --> 00:51:38,240
ठीक है तो इसका लाभ क्या है यह बताइए

703
00:51:38,240 --> 00:51:42,320
मुझे इसका लाभ यही है क्या जैसे कि देखिए हॉस्पिटल

704
00:51:42,320 --> 00:51:46,400
में डॉक्टर का बेटा भी क्लर्क बन सकता है वहां पर क्लर्क का बेटा

705
00:51:46,400 --> 00:51:50,680
भी उसम डॉक्टर बन सकता है ले अरे भाई हमने सुनो हमने

706
00:51:50,680 --> 00:51:54,720
कहा चार लोगों में यह ब्राह्मण है यह क्षत्रिय है कर्म

707
00:51:54,720 --> 00:51:58,760
के आधार पर कर्म के आधार कहा ये ब्राह्मण है ये क्षत्रिय

708
00:51:58,760 --> 00:52:02,360
वैश शूद्र है इसका फायदा क्या है

709
00:52:02,360 --> 00:52:06,440
यह क्यों बताया जा रहा है इसलिए बताया जा रहा है कि हम लोग का

710
00:52:06,440 --> 00:52:10,640
जो समाज है वो व्यवस्थित से चले यानी कि जब हमें

711
00:52:10,640 --> 00:52:14,760
ब्राह्मण की आवश्यकता हो तो हम ब्राह्मण को ढूंढ सके ना

712
00:52:14,760 --> 00:52:19,400
हा ढूंढ सके ना तो अगर हम कर्म के आधार पर

713
00:52:19,400 --> 00:52:23,400
ये वर्ण व्यवस्था को मान लेते हैं तो यह भी तो होगा कि हम

714
00:52:23,400 --> 00:52:27,680
ब्राह्मण को जब ढूंढने जाएंगे तो ब्राह्मण कहेगा भैया मैंने अपना वर्ण बदल लि अभी अभी

715
00:52:27,680 --> 00:52:31,720
उसका क्या करें वो तो क्षत्रिय बन जाएगा फिर

716
00:52:31,720 --> 00:52:35,840
मा यू करने त्रय बन गया इसका मतलब व्यवस्था कहां

717
00:52:35,840 --> 00:52:40,080
रही लेने गए ब्राह्मण को पा किलोमीटर का सफर किया वहां पर वो कह रहा भैया

718
00:52:40,080 --> 00:52:44,920
मैं क्षत्रिय बन गया भगवान श्री कृष्ण कह रहे हैं अर्जुन से

719
00:52:44,920 --> 00:52:49,040
यानी कि कर्म के आधार पर वर्ण कर्म

720
00:52:49,040 --> 00:52:53,320
के आधार पर प्राप्त होने वाली जो वर्ण व्यवस्था है उसके द्वारा किसी को

721
00:52:53,320 --> 00:52:57,440
उसके धर्म के लिए वर्णाश्रम धर्म के लिए बाध्य नहीं कर सकते

722
00:52:57,440 --> 00:53:01,600
जबकि श्री कृष्ण बाद कर रहे हैं अर्जुन से तू क्षत्रिय है

723
00:53:01,600 --> 00:53:05,720
तेरा धर्म है रक्षा करना तो बाध्य कैसे कर सकते हैं क्योंकि वो

724
00:53:05,720 --> 00:53:10,480
तो कभी भी बदल सकता है वो कहेगा अर्जुन मैंने अभी अभी जो है

725
00:53:10,480 --> 00:53:15,240
कथा कथा करने का सोच लिया सत्यनारायण की कथा करने जा रहा हूं मुझे युद्ध नहीं लड़ना

726
00:53:15,240 --> 00:53:17,560
क्या करोगे फिर वर्ण बदल गया

727
00:53:17,560 --> 00:53:21,720
मगर वर्ण नहीं बदल सकता इसीलिए भगवान कहेंगे ऐसी बात कि भाई तू जन्म

728
00:53:21,720 --> 00:53:26,760
से क्षत्रिय है तू इसको बदल नहीं सकता है लड़ तेरा काम है

729
00:53:26,760 --> 00:53:30,840
हम मैं पूछना चाहता हूं क्या उसका बेटा भी ब्राह्मण ही

730
00:53:30,840 --> 00:53:34,840
होगा क्या क्षत्रिय काम करता उसका बेटा क्षत्रिय

731
00:53:34,840 --> 00:53:38,960
बन जाएगा सुनो उसके अंदर उसके

732
00:53:38,960 --> 00:53:43,000
अंदर गुणवत्ता होगी क्षत्रिय बनने की मगर जब वो उन गुणवत्ता का

733
00:53:43,000 --> 00:53:47,150
यूज करेगा जीवन में तब उसे सेलेक्ट किया जाएगा मैंने कहा

734
00:53:47,150 --> 00:53:51,360
[संगीत] नॉमिनेशन बन जाएगा व अगर मान

735
00:53:51,360 --> 00:53:55,760
उसके अंदर क् क्षत्रिय गुण होगा तो क्षत्रिय बनेगा अगर क्षत्रिय से जन्मा

736
00:53:55,760 --> 00:53:59,880
है और फिर उसने क्षत्रियो चित आचरण को

737
00:53:59,880 --> 00:54:04,400
ब्राह्मण जन्मा लेन क्षत्रिय जैसा गुण है उसके अंदर वो हमेशा लड़ना चाहता तो वो क्षत्रिय बनेगा

738
00:54:04,400 --> 00:54:08,480
क् वो ब्राह्मण ही कहलाएगा देखिए आपातकालीन स्थितियों में

739
00:54:08,480 --> 00:54:12,680
तो हम लोग आलंबन ले सकते हैं वैकल्पिक ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य

740
00:54:12,680 --> 00:54:16,880
शूद्र आदि का मगर जो परफेक्ट तरीका है कि अगर

741
00:54:16,880 --> 00:54:20,880
रट वेलर है और हमें फैक्ट्री की रक्षा करवानी है और हमें

742
00:54:20,880 --> 00:54:24,880
रोट वेलर प्राप्त है जन्म से तो फिर हम किसी लेब्राडोर को

743
00:54:24,880 --> 00:54:28,960
रोट वेलर की ट्रेनिंग क्यों दें जब हमें ब्लड

744
00:54:28,960 --> 00:54:32,840
से प्राप्त है जिसके अंदर खून भी रट वेलर का हो

745
00:54:32,840 --> 00:54:37,000
उसी को ट्रेनिंग दें वो रक्षा करने वाली जबरदस्ती

746
00:54:37,000 --> 00:54:41,280
हम लेब्राडोर को रोट वेलर क्यों बनाए उसमें समय भी जाएगा उसमें

747
00:54:41,280 --> 00:54:45,320
उसमें श्रम भी जाएगा और एट द एंड हमें शुद्ध रट वेलर तो

748
00:54:45,320 --> 00:54:49,440
कभी नहीं मिलेगा जितना रट वेलर जो खतरनाक होता है उतना

749
00:54:49,440 --> 00:54:53,720
खतरनाक लेब्राडोर को हम फिर भी नहीं बना पाएंगे है ना

750
00:54:53,720 --> 00:54:57,800
तो इसलिए वर्ण व्यवस्था अब जैसे अब जैसे हमने स्वीकार कर लिया कर्म से वर्ण

751
00:54:57,800 --> 00:55:01,800
व्यवस्था को स्वीकार कर लिया तो माना जाता है कि जो

752
00:55:01,800 --> 00:55:06,040
अंतर अंतर वर्ण विवाह होगा तो उसमें वर्ण शकता आती है प्रज्ञा शक्ति

753
00:55:06,040 --> 00:55:10,520
गिरती जाती है चेतन शक्ति तो क्या है कि ब्राह्मण ब्राह्मण

754
00:55:10,520 --> 00:55:14,800
मान लो कर्म से ही मानना है ठीक है तो ब्राह्मण

755
00:55:14,800 --> 00:55:18,840
की बिटिया का विवाह ब्राह्मण से हो क्षत्रिय की बिटिया का विवाह क्षत्रिय से हो

756
00:55:18,840 --> 00:55:22,920
जिससे आने वाली जो नस्ल है उसकी प्रज्ञा शक्ति बची रहे ठीक है

757
00:55:22,920 --> 00:55:26,920
अब हम लोगों ने जब कर्म से माना है तो जब हम हम अपने घर

758
00:55:26,920 --> 00:55:31,440
की बिटिया का विवाह करने निकलेंगे तो हम क्या पैरामीटर

759
00:55:31,440 --> 00:55:35,520
सेट करें वहां प किसके यहां सबसे पहले जाए यह जो

760
00:55:35,520 --> 00:55:40,080
सबसे पहले जाने वाली बात है इसी के लिए जन्म से है बस और कुछ नहीं है

761
00:55:40,080 --> 00:55:44,200
भाई हम रोड पर उतर कर के हर व्यक्ति के गुणो कर्म तो चेक नहीं करेंगे ए भाई रुक मेरी

762
00:55:44,200 --> 00:55:47,960
बहन से विवाह करेगा क्या रुक जा भाई तेरे घर गुणो कर्म बता

763
00:55:47,960 --> 00:55:52,320
हम लोग अपने माइंड में एक पैरामीटर सेट करेंगे कि भाई कोई अच्छा घर हो

764
00:55:52,320 --> 00:55:56,640
अब ये जो मैंने अच्छा घर हो कहा ना अच्छा घर हो

765
00:55:56,640 --> 00:56:01,360
तो अब यहां पर सवाल ये बनता है कि जिसका अच्छा कर होगा क्या उसका बेटा अच्छा होगा क्या

766
00:56:01,360 --> 00:56:05,520
जैसे आपने मुझसे कहा ब्राह्मण का बेटा ब्राह्मण नहीं हम अच्छे घर से शुरुआत

767
00:56:05,520 --> 00:56:09,840
कर रहे हैं ढूंढा करने की उसी प्रकार से ब्राह्मण घर से शुरुआत

768
00:56:09,840 --> 00:56:13,840
करते हैं ढूंढने की उसके बाद भी उसे चेक किया जाएगा कि वो ब्राह्मण

769
00:56:13,840 --> 00:56:17,920
वाले आचरण है कि नहीं मगर शुरुआत कहां से करें उसके लिए जन्म से

770
00:56:17,920 --> 00:56:23,920
वर्ण व्यवस्था हां उसके लिए शुरुआत से

771
00:56:24,160 --> 00:56:28,680
वर्ण ब्रहण बन सकता है केवल एक प्रारंभिक पैरामीटर

772
00:56:28,680 --> 00:56:32,680
लेने के लिए जन्म से वर्ण व्यवस्था स्वीकार किया जाता है कि प्रारंभ

773
00:56:32,680 --> 00:56:36,680
कहां से करें कहीं ना कहीं से तो प्रारंभ करेंगे अगर हमने कुछ भी

774
00:56:36,680 --> 00:56:41,240
कहा हमने ब्राह्मण क्षत्रिय वैश शूद्र नहीं कहा ठीक है तो हम ये कहेंगे

775
00:56:41,240 --> 00:56:45,280
कि भाई ऐसा घर देखे जहां पर दिन और रात भगवान की भक्ति होती हो तो यह

776
00:56:45,280 --> 00:56:49,360
भी हमने क्या कह दिया कि जहां दिन और रात भगवान की भक्ति भक्ति होती

777
00:56:49,360 --> 00:56:54,120
होगी तो उससे सिद्ध नहीं होता कि उसका लड़का भी भगवान की भक्ति करता होगा नहीं

778
00:56:54,120 --> 00:56:58,280
फिर भी हमें उसको चेक करना पड़ेगा मगर प्रारंभिक पैरामीटर हमने लिया ना

779
00:56:58,280 --> 00:57:02,360
तो उसी प्रारंभिक पैरामीटर पर य ब्राह्मण क्षत्रिय वैश शूद्र है बस

780
00:57:02,360 --> 00:57:06,520
कि नॉमिनेशन कहां से आए हम लोग अपनी बहन का विवाह करने के लिए सड़क पर तो नहीं उतर

781
00:57:06,520 --> 00:57:10,920
जाएंगे चल मेरे साथ और हर हर व्यक्ति का कॉलर पकड़ के दिखा अपने गुण कर्म

782
00:57:10,920 --> 00:57:15,240
दिखा अपने गुण कर्म ये तो नहीं कर सकते तो प्रारंभ कहां से करें

783
00:57:15,240 --> 00:57:19,240
कि भाई किसी ब्राह्मण का अगर ब्राह्मण से विवाह कराना है तो किसी ब्राह्मण

784
00:57:19,240 --> 00:57:23,240
के घर से प्रारंभ करें फिर उनके बेटों को हा अगर ब्राह्मण का

785
00:57:23,240 --> 00:57:27,280
घर बचा ही नहीं तो आपातकालीन स्थिति हो गई वैसे तो इस बारे

786
00:57:27,280 --> 00:57:31,720
इसके लिए भगवान ने कहा ना कि मैं क्यों आता हूं

787
00:57:31,720 --> 00:57:36,080
मैं क्यों आता हूं क रक्ष के लिए धम की रक्ष

788
00:57:36,080 --> 00:57:39,320
आगे एक लान है आगे भी एक लाइन अधम की नाश के लिए

789
00:57:39,320 --> 00:57:43,680
अधम का ना साधु भक्तों के उद्धार के लिए साधु भक्त

790
00:57:43,680 --> 00:57:47,760
तो जब हम ये कह रहे हैं कि ब्राह्मण जब रहेंगे नहीं तो वो आना भगवान उस

791
00:57:47,760 --> 00:57:51,880
चीज को आने ही नहीं देते हैं उससे पहले ही वो आ जाता है कि यदा

792
00:57:51,880 --> 00:57:56,240
यदा धर्म भवती भारता तो ये सब हमारी

793
00:57:56,240 --> 00:58:00,440
अपनी बात को रखने के लिए की जाने वाली कल्पनाएं मात्र है कि जब ब्राह्मण नहीं होंगे

794
00:58:00,440 --> 00:58:04,520
तो किससे करेंगे या क्षत्रिय नहीं होंगे तो किससे करेंगे जिस दिन ब्राह्मण

795
00:58:04,520 --> 00:58:08,640
नहीं होगा क्षत्रिय नहीं होगा वैश्य शूद्र नहीं होंगे परंपरा प्राप्त उस दिन धर्म

796
00:58:08,640 --> 00:58:12,680
नष्ट हो चुका होगा और भगवान धर्म ध को नष्ट होने नहीं देते हैं

797
00:58:12,680 --> 00:58:16,680
जैसे ही नष्ट होने के ककार पर आता है उससे पहले आ जाते हैं तो यह

798
00:58:16,680 --> 00:58:20,720
ऐसा है मेरा एक प्रश्न है आपसे कि क्या शूद्र

799
00:58:20,720 --> 00:58:24,960
का बेटा ब्राह्मण बन सकता है कई जन्मों के जन्मांतर

800
00:58:24,960 --> 00:58:29,040
के बाद उसी जन् में भगवान बना सकते हैं भगवान प्रकट हो जाए

801
00:58:29,040 --> 00:58:33,200
भगवान कोई ऐसी मान ि वो

802
00:58:33,200 --> 00:58:37,400
चार जाता है तो वो ब्राह्मण कहलाएगा व सुदल का बेटा

803
00:58:37,400 --> 00:58:41,600
मैंने आपको पूछा ना कि आप एक लेब्राडोर को रट वेलर की ट्रेनिंग

804
00:58:41,600 --> 00:58:46,360
दे दो बहुत बढ़िया क्या वो रिजनल रलर बन जाएगा

805
00:58:46,360 --> 00:58:50,680
नहीं बनेगा बस उतना ही अंतर है उतना सही अंतर है

806
00:58:50,680 --> 00:58:54,400
दूसरी बात चलो हम चलो हमारे अंदर हमारे अंदर यह

807
00:58:54,400 --> 00:58:58,680
है कैपेसिटी की हम उसको ट्रेनिंग द और 99 पर उसको बना देंगे ठीक

808
00:58:58,680 --> 00:59:02,720
क्यों करें जिस दिन रट वेलर मर जाए सारा का सारा नस्ल

809
00:59:02,720 --> 00:59:07,280
खत्म हो जाए तब करें ना हमारा उद्देश्य है भगवान की भक्ति करना

810
00:59:07,280 --> 00:59:11,360
भगवान को प्राप्त करना हम अपनी एनर्जी कहां यूज कर रहे हैं लेब्राडोर

811
00:59:11,360 --> 00:59:16,040
को रोड वेलर बना के छोड़ेंगे और रड

812
00:59:16,040 --> 00:59:20,160
वाल्मीकि जी शूद्र से तो ब्राह्मण बने वाल्मीकि जी

813
00:59:20,160 --> 00:59:24,320
के जो पिता है उसका वर्णन पढ़ लीजिएगा वाल्मीकि रामायण जो गीता से प्रकाशित

814
00:59:24,320 --> 00:59:28,360
है उसी को पढ़ लीजिएगा उसी में बताया गया है उसमें रेफरेंस

815
00:59:28,360 --> 00:59:32,360
दिया गया मनुस्मृति के आधार पर उनके पिता जो थे ब्राह्मण थे उनके बारे में गलत

816
00:59:32,360 --> 00:59:36,600
धारणा फैलाई गई है ले ये तो पक्का है ना कि उन्होंने

817
00:59:36,600 --> 00:59:40,640
उंगली वो डाकू बन गए थे हां हो

818
00:59:40,640 --> 00:59:45,200
सकता है ये सब वस्तुनिष्ट प्रश्न है इस पर तो आगे बात हो सकती है

819
00:59:45,200 --> 00:59:49,360
डाकू जब बने तो वो शूद्र कहलाएंगे कि क्या आप ये बताओ मैं आपसे पूछ

820
00:59:49,360 --> 00:59:53,400
हूं मैं आपको बताता हूं मैं आपको बताता हूं पतित

821
00:59:53,400 --> 00:59:57,560
हुए उन्होंने पश्चाताप किया ये सब चीजें हैं हमारे कि मान लो

822
00:59:57,560 --> 01:00:01,680
एक एक ब्राह्मण जो है वो शराब पी ले तो उसमें

823
01:00:01,680 --> 01:00:05,760
बताया गया कि वो जलती हुई सलाख का आलिंगन करे अगर तो

824
01:00:05,760 --> 01:00:09,520
ऐसे जो दोष हो जाते हैं तो उसके लिए पश्चाताप है उसके बाद

825
01:00:09,520 --> 01:00:13,680
बहुत सारी प्रैक्टिसिंग है उसके बाद वो दोबारा अपनी जगह में वापस आता है जो

826
01:00:13,680 --> 01:00:17,800
लोग ये कहते हैं कि भैया जन्म से सब लोग शूद्र होते हैं जन्मना

827
01:00:17,800 --> 01:00:21,800
जाते शूद्र का बहुत उपयोग किया जाता है उसका वास्तविक अर्थ है कि शूद्र

828
01:00:21,800 --> 01:00:25,960
वत होते हैं शूद्र नहीं होते हैं शूद्र वत होते हैं शूद्र वत होते हा

829
01:00:25,960 --> 01:00:30,080
शूद्र वत होते हैं अच्छा अब बात ये आती है कि

830
01:00:30,080 --> 01:00:34,120
कुछ लोग कहते हैं कि भाई कुछ कर्म ऐसे हैं जिनको करके वोह जो

831
01:00:34,120 --> 01:00:38,200
शूद्र है वो ब्राह्मण बन जाएगा क्षत्रिय है जो ब्राह्मण बन जाएगा वो कौन से

832
01:00:38,200 --> 01:00:42,320
कर्म एगजैक्टली और कहां लिखे हैं और कौन

833
01:00:42,320 --> 01:00:46,640
घोषित करेगा और कौन घोषित करेगा कौन घोषित

834
01:00:46,640 --> 01:00:50,840
करेगा कि ये बन गया ये भी बात है कौन घोषित करेगा बहुत सारी

835
01:00:50,840 --> 01:00:52,800
उसमें चीजें हैं और

836
01:00:52,800 --> 01:00:57,000
एक बात और मैं कह रहा था भूल गया दिमाग

837
01:00:57,000 --> 01:01:01,120
से उतर गया विष यांतर हो गया चलिए बहुत अच्छा लगा आपसे

838
01:01:01,120 --> 01:01:05,120
बात करके भक्ति करना हां एक

839
01:01:05,120 --> 01:01:08,520
बात और कह रहा था मैं

840
01:01:08,520 --> 01:01:10,080
कि मनुष्य

841
01:01:10,080 --> 01:01:14,120
के जीवन का उद्देश्य कहीं पर यह लिखा हो कि तुम्हारे जीवन

842
01:01:14,120 --> 01:01:18,600
का उद्देश्य ब्राह्मण बनना अगर तुम कहीं भी जन्म लिए हो ब्राह्मण

843
01:01:18,600 --> 01:01:23,040
बनना क्षत्रिय बनना शूद्र बनना ये तुम्हारे जीवन का उद्देश्य है तो आप दिखाइए

844
01:01:23,040 --> 01:01:27,240
लाके अथातो धर्म जिज्ञासा अथातो तो ब्रह्म जिज्ञासा आपके

845
01:01:27,240 --> 01:01:31,320
जीवन का उद्देश्य नहीं है ब्राह्मण कहलाना यह आपके मन में डाला

846
01:01:31,320 --> 01:01:35,840
गया है इंजेक्ट किया गया है कि तुमको वेद पढ़ोगे

847
01:01:35,840 --> 01:01:40,120
डायरेक्ट जिस रूप में वेद विद्यमान है उनकी रचाए है उसको जब

848
01:01:40,120 --> 01:01:46,120
पढ़ोगे वही तुम्हारे जीवन का उद्देश्य भगवत भक्ति को भूल जाओ उसी में सारी लड़ाई लगा

849
01:01:51,040 --> 01:01:52,480
दो चलिए

850
01:01:52,480 --> 01:01:58,480
तो अब हो गया

851
01:02:00,720 --> 01:02:06,720
धन्यवाद आपका कप केक

852
01:02:08,320 --> 01:02:12,880
जी देखिए वर्णना जन्मना वर्ण व्यवस्था के बारे में समझ

853
01:02:12,880 --> 01:02:16,880
लीजिए वह केवल एक स्टार्टिंग पॉइंट के लिए है उसके बाद

854
01:02:16,880 --> 01:02:20,960
भी चेक होगा कि इसके कर्म कैसे हैं स्टार्ट कहां से करें इसके

855
01:02:20,960 --> 01:02:25,200
लिए जन्मना वर्ण व्यवस्था होती है कहां से स्टार्ट करें

856
01:02:25,200 --> 01:02:29,280
भाई जैसे कहीं पर

857
01:02:29,280 --> 01:02:33,760
कोई भरती वर्ती होती है जब तो उस समय एक स्टार्टिंग

858
01:02:33,760 --> 01:02:38,040
पॉइंट होता है कि जिसने यह वाली डिग्री प्राप्त कर रखी होगी उसी को इसमें

859
01:02:38,040 --> 01:02:42,240
नॉमिनेट किया जाएगा बस उस स्टार्टिंग पॉइंट के लिए बाकी आने के बाद

860
01:02:42,240 --> 01:02:46,840
भी उसकी जो है गु गुणवत्ता गुण कर्म देखे जाते हैं वह योग्य है कि नहीं

861
01:02:46,840 --> 01:02:50,880
इसी प्रकार से ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य शूद्र नॉमिनेशन जन्म

862
01:02:50,880 --> 01:02:54,920
से उसके बाद उनके जो ब्राह्मणो चित क्षत्रियो चित वैश्य चित या

863
01:02:54,920 --> 01:02:59,960
शूद्रो चित कर्मों के आधार पर उनका सिलेक्शन होता है

864
01:02:59,960 --> 01:03:04,160
यह बस ऐसे ही कर सकते हैं जैसे जो लोग यह सारी बातें

865
01:03:04,160 --> 01:03:07,560
सुनने के बाद भी अपनी बातें ही बोला करते हैं उ उन बातों पर बात

866
01:03:07,560 --> 01:03:11,800
ही नहीं करते जो बातें प्रश्न रखे जाते हैं कि ब्रह्मा विष्णु महेश

867
01:03:11,800 --> 01:03:16,360
के पिता कौन है तो मैं पहले मूवीज देखता था वो

868
01:03:16,360 --> 01:03:21,280
रेसिडेंट इविल और यह सब उसमें वो

869
01:03:21,280 --> 01:03:25,360
वो नहीं वायरस फैल जाता है तो जॉम्बीज बन जाते हैं और

870
01:03:25,360 --> 01:03:29,560
वो एक और थी वो संजय दत्त की एक मूवी आई थी उसमें वो

871
01:03:29,560 --> 01:03:33,720
एक्सीडेंट हो जाता है गोलियां लग जाती है जो चंद्र चूर सिंह नाम

872
01:03:33,720 --> 01:03:38,000
का अभिनेता था उसको तो वोह बस एक ही बात बोलता रहता था काजल

873
01:03:38,000 --> 01:03:42,280
काजल काजल उससे कोई भी तर्क कहो प्रमाण कहो कुछ भी कहो

874
01:03:42,280 --> 01:03:46,640
काजल काजल काजल तो यह लोग

875
01:03:46,640 --> 01:03:52,640
भी वैसे ही है

876
01:05:55,600 --> 01:05:59,600
और
