1
00:00:00,120 --> 00:00:04,360
हम ये आकस्मिक लाइव पर आ गए हैं और

2
00:00:04,360 --> 00:00:08,440
क्योंकि मुझे बहुत ज्यादा ऐसा प्रस्ताव आया कि एक बार और

3
00:00:08,440 --> 00:00:12,840
लाइव पर लाना है इ महाशय को तो

4
00:00:12,840 --> 00:00:17,040
जी सबसे पहली बात तो यह है कि हमने पिछली बार जो बात की

5
00:00:17,040 --> 00:00:21,120
थी कि केवल कृष्ण ही भगवान

6
00:00:21,120 --> 00:00:25,720
के पांच अलग-अलग रूप है जो एक ही भगवान ब्रह्म

7
00:00:25,720 --> 00:00:30,360
स्वयं को पांच अलग अलग रूपों में प्रकट करते हैं ब्रह्मा विष्णु महेश भगवती और गणेश

8
00:00:30,360 --> 00:00:34,560
और श्रुति ने इनको ब्रह्म

9
00:00:34,560 --> 00:00:39,040
कहा है इसलिए हमें मानना होगा श्रुति प्रमाण है और

10
00:00:39,040 --> 00:00:43,200
यदि कोई स्मृति का अर्थ ऐसा निकल रहा

11
00:00:43,200 --> 00:00:47,240
है पहली बात तो यह कि हमें स्मृतियों का अर्थ ऐसा निकालना होगा जो

12
00:00:47,240 --> 00:00:51,280
शति के विरोध में ना हो और अगर अर्थ ऐसा निकल रहा है

13
00:00:51,280 --> 00:00:55,320
नहीं निकाल पा रहे तो जो अर्थ निकल रहा है जो शति के वि पहली

14
00:00:55,320 --> 00:00:59,320
बात तो मैं कहना चाहूंगा वेदों को पढ़ने के बाद खत्म

15
00:00:59,320 --> 00:01:02,920
कर

16
00:01:02,920 --> 00:01:06,920
मैं पूरी करलू बात तो शति का विरोध अगर

17
00:01:06,920 --> 00:01:11,200
हो गया तो वेद विरोधी नास्तिक तो शति का विरोध

18
00:01:11,200 --> 00:01:15,240
ना करते हुए अगर अर्थ निकालेंगे और जो अर्थ निकलता है वह निकलता है

19
00:01:15,240 --> 00:01:19,240
कि ब्रह्मा विष्णु महेश भगवती और गणेश इन पांच रूप ब्रह्म ने अपने आप को

20
00:01:19,240 --> 00:01:24,000
प्रकट किया है तात्विक रूप से को तात्विक रूप से

21
00:01:24,000 --> 00:01:28,080
कोई तात्विक रूप से इनमें कोई भेद नहीं है अब समस्या

22
00:01:28,080 --> 00:01:32,600
य आती है कि कैसे करें तो करना यह होता है कि भाई

23
00:01:32,600 --> 00:01:36,960
हे ब्रह्मा विष्णु महेश भगवती और गणेश मैं आप सबकी भक्ति आपके

24
00:01:36,960 --> 00:01:40,960
ही जो विष्णु रूप है आपके जो कृष्ण रूप है या आपका ही जो राम

25
00:01:40,960 --> 00:01:45,080
रूप है उसमें करना चाहता हूं और मुझे इस रूप में आपकी

26
00:01:45,080 --> 00:01:49,320
भक्ति करने का आशीर्वाद प्रदान करें तो यह तरीका है अब आपका कहना

27
00:01:49,320 --> 00:01:53,400
है कि कृष्ण सुप्रीम है और अभी जो हमारी चर्चा हो रही है व इस बात पर हो रही

28
00:01:53,400 --> 00:01:58,240
है कि भागवत पुराण जो है

29
00:01:58,240 --> 00:02:02,320
वोह सबसे अंत में नहीं लिखा गया

30
00:02:02,320 --> 00:02:06,360
यह हमारा मुख्य विषय है भागवत है

31
00:02:06,360 --> 00:02:10,680
वो पहले लिखा गया था चौथे नंबर पर लिखा गया था उसके बाद जब उन्होने 17

32
00:02:10,680 --> 00:02:15,440
पुराण मतलब शुरुआत में चौथे नंबर पर हमने सही बोला कि लिखा गया था ठीक है

33
00:02:15,440 --> 00:02:17,960
उसके बाद जब उन्होने 17 पुराण जब खत्म की

34
00:02:17,960 --> 00:02:22,040
तब श्रीमद भागवत में खुद आता है

35
00:02:22,040 --> 00:02:26,080
अध्याय पाच स्कंद सात में आता है कि नारद जी बोल रहे

36
00:02:26,080 --> 00:02:30,360
हैं जब तक आप कृष्ण सु भगवान स्वयं लिखोगे

37
00:02:30,360 --> 00:02:34,920
भक्ति के बारे में नहीं लिखोगे तब तक तुम्हे आपको संतुष्टि नहीं आने वाली है

38
00:02:34,920 --> 00:02:39,040
और सबसे बेस्ट जो श्रीमद्

39
00:02:39,040 --> 00:02:43,400
भागवत मानी जाती है वह श्रील प्रभुपाद द्वारा जो लिखी गई है वही

40
00:02:43,400 --> 00:02:48,160
मानी जाती है और मैं उसको ही मानता हूं

41
00:02:48,160 --> 00:02:52,480
अच्छा भले ही वो श शति का विरोध करे शति

42
00:02:52,480 --> 00:02:56,520
का विरोध वो वेद वेदों

43
00:02:56,520 --> 00:03:00,720
को पढ़ने के बाद शास्त्र प्रमाण ऐसा आता है जो यह दो शब्द बोलता ह

44
00:03:00,720 --> 00:03:04,760
री उसने मतलब सारे वेद पढ़ लिए हैं मैं

45
00:03:04,760 --> 00:03:09,200
आपसे पूछ रहा हूं अगर श्रुति का विरोध होगा तो मानेंगे कि

46
00:03:09,200 --> 00:03:13,320
नहीं किसम हो रहा है अगर यह कहा

47
00:03:13,320 --> 00:03:17,840
अगर श्रुति कह रही है कि शिवजी की पूजा जो है वो मोक्ष दायक है

48
00:03:17,840 --> 00:03:22,440
ये शति कह रही है आप कह रहे हो कि शिव जी की शिव जी की पूजा

49
00:03:22,440 --> 00:03:26,480
शिव जी का धाम दिलाएगी शिव जी की पूजा आपको उन्हीं का धाम दिलाएगी मगर शिवजी

50
00:03:26,480 --> 00:03:30,760
की पूजा मोक्ष नहीं दिलाएगी और जहां तक आप गुणों की बात कर रहे थे आपको हम गुण

51
00:03:30,760 --> 00:03:33,520
मैंने देखिए देखिए विषयात मत करिए

52
00:03:33,520 --> 00:03:37,240
विषयात नहीं मैंने जो पूछा है वो

53
00:03:37,240 --> 00:03:41,800
बताइए मैंने पूछा ये है मैंने पूछा यह है

54
00:03:41,800 --> 00:03:46,080
अगर प्रभुपाद जी का लिखा हुआ श्रुति का विरोध करेगा

55
00:03:46,080 --> 00:03:50,320
तो वो आप मानेंगे या नहीं मानेंगे शति का विरोध

56
00:03:50,320 --> 00:03:54,480
वो अगर वो मैं नहीं मानता हूं ऐसा कि वो शति का विरोध

57
00:03:54,480 --> 00:03:58,560
करते कि जो श में नहीं दिया वो करते हैं कि नहीं

58
00:03:58,560 --> 00:04:03,080
करते अगला स्टेप मैं पूछ रहा हूं श्रुति का विरोध होगा तो आप मानेंगे प्रभुपाद

59
00:04:03,080 --> 00:04:07,320
जी को कि नहीं मानेंगे देखिए श्रुति का विरोध वो किसी और विषय

60
00:04:07,320 --> 00:04:11,440
में आपका कुछ और है और मतलब

61
00:04:11,440 --> 00:04:15,560
मैंने पूछा अगर श्रुति का विरोध होगा प्रभुपाद जी की लेखनी

62
00:04:15,560 --> 00:04:19,880
से तो आप मानोगे प्रभुपाद जी को कि नहीं

63
00:04:19,880 --> 00:04:24,040
मानोगे देखिए गीता में स्पष्ट है कि वेदों से अर्जुन

64
00:04:24,040 --> 00:04:28,080
को बोल रहे हैं भगवान श्री कृष्ण कि वेदों से आगे बढ़ो कि श्रुति से

65
00:04:28,080 --> 00:04:33,520
आगे बढ़ो मतलब श्रुति को मत मानो शति को मत

66
00:04:33,520 --> 00:04:38,000
मानो कु लोग कहते क्या सर्वश्रेष्ठ है श्रुति सर्वश्रेष्ठ

67
00:04:38,000 --> 00:04:42,080
है स्मृति सर्वश्रेष्ठ है तो कहा जाता है जो श्रुति में नहीं दिया गया है

68
00:04:42,080 --> 00:04:46,200
व स्मति में दिया गया कहा लिखा है

69
00:04:46,200 --> 00:04:49,080
कहां लिखा है जोति में नहीं है

70
00:04:49,080 --> 00:04:53,280
व कौन सा शास्त्र में लिखा है कौन सा शास्त्र में लिखा

71
00:04:53,280 --> 00:04:57,600
है कौन से शास्त्र में लिखा है पढ़ है मैंने

72
00:04:57,600 --> 00:05:01,800
कहां पढ़ा है बताओ जो सुति में नहीं है वो बाद में स्मृतियों

73
00:05:01,800 --> 00:05:05,920
में शास्त्र प्रमाण बता रहा हूं सारा कुछ ऐसा नहीं कि कहीं और से बता

74
00:05:05,920 --> 00:05:10,080
रहा हूं अरे तो बोलिए ना आप बात करने आए हमें बताइए

75
00:05:10,080 --> 00:05:14,520
तो शास्त्र का नाम तो बताइए देखो देखो चार चीज

76
00:05:14,520 --> 00:05:18,720
शास्त्र का नाम नहीं पता ये सब ये देखिए एक

77
00:05:18,720 --> 00:05:23,360
प्रॉपर एक स्ट्रेटजी होती है कैसे व्यक्ति का ब्रेन वश करना है

78
00:05:23,360 --> 00:05:27,400
ये सब इ इसकन कोई ब्रेन वश जब मैं बोल रहा हूं तो

79
00:05:27,400 --> 00:05:31,280
बोलने दीजिए आप बोलिएगा

80
00:05:31,280 --> 00:05:35,440
आप उनको कालने में नहीं बोल सकते ऐसे ठीक है ना कालने में नहीं बोल सकते मैंने

81
00:05:35,440 --> 00:05:41,440
कहा कहा कालने बोने क कालने कब

82
00:05:42,320 --> 00:05:46,360
बोला आपने क्या बो लड़ने आए हो कालने आप लड़ने

83
00:05:46,360 --> 00:05:50,520
आए हो अपनी बात रखोगे आप मैं अपनी बात या रिमूव करू

84
00:05:50,520 --> 00:05:54,520
आपको येय क्या बात हुई अरे तो जब

85
00:05:54,520 --> 00:05:58,560
आपको लड़ाई करनी है तो लड़ाई करो यहां पर लड़ाई करने के लिए थोड़ी चला रहे थे

86
00:05:58,560 --> 00:06:02,480
मेरे ऊपर आप तो चला

87
00:06:02,480 --> 00:06:06,600
आप आए किसके लिए बताइए आपका कोई पक्ष है आप शिकायत करने

88
00:06:06,600 --> 00:06:10,640
आए हैं देखिए शिकायत करने कंप्लेन के लिए आए हैं

89
00:06:10,640 --> 00:06:14,880
आप इसकन के बारे में कुछ भी बोलते रहेंगे मतलब मैं वो बोलूंगा

90
00:06:14,880 --> 00:06:18,920
जो शास्त्र के पक्ष में होगा मैं गड़िया वैष्ण विजम को फॉलो करने वाला हूं और

91
00:06:18,920 --> 00:06:23,160
आप कुछ भी बोल देंगे इसकन के बारे में कालने मैं मैं वो बोलूंगा

92
00:06:23,160 --> 00:06:27,720
जो शास्त्र के पक्ष मैंने नहीं कहा कि मैंने ये नहीं कहा

93
00:06:27,720 --> 00:06:31,760
हम मान रहे हैं चैतन्य महाप्रभु को तो आप बोल रहे कालने हरि

94
00:06:31,760 --> 00:06:35,920
नाम संकीर्तन काल नेम है मैंने नहीं कहा य झूठ

95
00:06:35,920 --> 00:06:40,000
हैने मैंने जब बोला ह चलिए ठीक है ये टॉपिक जो

96
00:06:40,000 --> 00:06:44,320
है कि मैंने बोला कि नहीं बोला इसको आप मुझे क्लिप भेज दीजिएगा मैंने उनको कालने

97
00:06:44,320 --> 00:06:46,440
भी बोला आपके चैनल पर

98
00:06:46,440 --> 00:06:50,600
खुद जाक देख लो तो मुझे टाइमिंग तो बताएंगे हा खुद

99
00:06:50,600 --> 00:06:54,640
जाकर देख लो तो टाइमिंग बता दीजिएगा अपने शबद

100
00:06:54,640 --> 00:06:59,000
खुद नहीं देख सकते हो क्या अगर कोई व्यक्ति शास्त्र का विरोध

101
00:06:59,000 --> 00:07:03,520
करते कहेगा कि मैं शास्त्र का पक्ष ले रहा हूं तो वह कालनेमी है

102
00:07:03,520 --> 00:07:07,800
तो क्या आपके स्कन वाले ऐसा करते हैं क्या आपने

103
00:07:07,800 --> 00:07:11,800
हरि नाम संकीर्तन को काल नेम बोला था मैंने नहीं बोला

104
00:07:11,800 --> 00:07:16,440
चलो ठीक है अब दूसरी कोई बात करनी है क्या वो अच्छी बातें बताता है खाली

105
00:07:16,440 --> 00:07:20,840
दूसरी कोई बात करनी है आप बताइए क्या करनी

106
00:07:20,840 --> 00:07:24,880
है मैंने बोला कि आप यह सिद्ध करिए कि

107
00:07:24,880 --> 00:07:29,160
जो भागवत पुराण है वो अंत में लिखा गया आता है श्रीम

108
00:07:29,160 --> 00:07:34,040
भागवत अध्याय पाच में स्कंद सात में क्या

109
00:07:34,040 --> 00:07:38,720
कि श्री नारद उवाच पूरा श्लोक आता है पूरा

110
00:07:38,720 --> 00:07:43,760
मैं आपको भव

111
00:07:43,760 --> 00:07:48,520
नातु प्रयम यशो

112
00:07:48,520 --> 00:07:50,800
भगवतो

113
00:07:50,800 --> 00:07:56,800
मलम येने वासो न षय

114
00:07:57,600 --> 00:08:03,440
मनि और मैं आपको दिखा सकता हूं स्क्रीन

115
00:08:03,440 --> 00:08:07,560
प ठीक है ठीक है रखिए रखिए अब

116
00:08:07,560 --> 00:08:11,880
मैं आपसे पूछ रहा हूं कि सनातन की परिभाषा क्या

117
00:08:11,880 --> 00:08:15,880
है मतलब आप क्या पूछना सनातन धर्म मतलब आप

118
00:08:15,880 --> 00:08:20,240
ऐसा पूछना हां सनातन का अर्थ क्या है

119
00:08:20,240 --> 00:08:24,800
सनातन मतलब जो बिगिनिंग लेस है और जो एंडलेस है हम

120
00:08:24,800 --> 00:08:28,960
तो यानी सनातन धर्म वो है सनातन शिक्षा वो है जिसका ना तो कभी जन्म

121
00:08:28,960 --> 00:08:34,440
हुआ हा और ना ही कभी अंत हुआ

122
00:08:34,440 --> 00:08:38,880
तो आप तो कह रहे हो कि जो भागवत पुराण है यह किसी परिस्थिति

123
00:08:38,880 --> 00:08:43,120
में व्यास जी ने लिखा है पही थी वो पहले से ही थी श्रीम

124
00:08:43,120 --> 00:08:48,040
भागवत बस मतलब वहां पर लिखा नहीं गया उसको

125
00:08:48,040 --> 00:08:52,040
देखिए आप अगर आप पूरी भागवत कथा अच्छे से सु सुनेंगे आपको खुद ना

126
00:08:52,040 --> 00:08:56,320
खुद खबर पड़ जाएगी अ मंदिर के अंदर आइए तो फिर तो फिर एक काम करिए

127
00:08:56,320 --> 00:09:00,720
फिर हम भागवत पढ़ लेंगे फिर आप आए क्यों है जब कुछ समझाना नहीं है

128
00:09:00,720 --> 00:09:04,800
समझाने आए ना कुछ आप ये कहने आए हैं कि मैं भागवत

129
00:09:04,800 --> 00:09:08,840
को पढ या उसके बारे में कुछ बताने आए हैं

130
00:09:08,840 --> 00:09:12,760
उनकी आप कथा सुन सकते हैं य प बहुत सारे कथा

131
00:09:12,760 --> 00:09:16,960
सुन सकते हैं ठीक है अभी मैं आपसे एक सवाल किया आप यह सिद्ध

132
00:09:16,960 --> 00:09:21,040
कर रहे हो कि भागवत को व्यास जी ने फलानी परिस्थिति में लिखा

133
00:09:21,040 --> 00:09:25,120
अब मैं कह रहा हूं कि यदि भागवत सनातन धर्म बता रही है तो भागवत तो पहले

134
00:09:25,120 --> 00:09:29,480
से है वो आप सही कह रहे हैं तो इसका मतलब वहां पर उनका लिखना सिद्ध नहीं होता

135
00:09:29,480 --> 00:09:33,720
पहले से ही व्याप्त था वो ज्ञान नहीं उनके लिखने के बाद उनको संतुष्टि मिली

136
00:09:33,720 --> 00:09:37,960
देखिए जिस इंसान ने 1 पहले से था कि नहीं था

137
00:09:37,960 --> 00:09:42,040
जिनने 1 पुराण लिखी जिसको खुद लिखने के बाद

138
00:09:42,040 --> 00:09:46,200
शब्द आया है क्या वो संस्कृत वाला दिखाओ जरा वो 1 वाला दिखाओ जरा

139
00:09:46,200 --> 00:09:50,280
संस्कृत वाला 17 शब्द आया है क्या वहा दिखाओ आपने पूरी लिस्ट बताई

140
00:09:50,280 --> 00:09:54,280
थी आपने को आपने वो जो अभी आपने जो आपने जो श्लोक

141
00:09:54,280 --> 00:09:58,280
बताया है इस संदर्भ में कि वो लास्ट में लिखा गया 17 पुराण आया है क्या

142
00:09:58,280 --> 00:10:02,480
दिखाना 17 पुराण आपने पहले लिस्ट बता चौथे नंबर भागवत

143
00:10:02,480 --> 00:10:06,920
आता है ठीक है तो अरे मेरे भाई मैं आपसे पूछ रहा हूं वो 18

144
00:10:06,920 --> 00:10:11,200
नंबर पर लिखा गया है इस बारे में कोई प्रमाण है संख्या लिखी हो व 18

145
00:10:11,200 --> 00:10:15,200
नंबर पर लिखा गया नारद जी खुद बता रहे हैं ना जी खुद बता

146
00:10:15,200 --> 00:10:19,520
रहे कि उन्होने भागवत लास्ट में उनको संतुष्टि तो ही मिलेगी

147
00:10:19,520 --> 00:10:23,600
संतुष्टि मेरे भाई संतुष्टि उनको सारे पुराण लिख कर

148
00:10:23,600 --> 00:10:27,600
के नहीं हुई थी सारे पुराण कृष्ण भगवान स्वयं जब

149
00:10:27,600 --> 00:10:28,100
उने

150
00:10:27,920 --> 00:10:31,920
1 पुराण लिखी तब उनको को खुद को संतुष्ट नहीं दी मतलब जब

151
00:10:31,920 --> 00:10:35,920
ऑथर को खुद संतुष्टि नहीं है आप आपको कैसे संतुष्टि हो सकती है फिर मैं

152
00:10:35,920 --> 00:10:40,120
नहीं कह रहा मैं देखो एक एक बात प चलते हैं ठीक है बहुत सारे विषय

153
00:10:40,120 --> 00:10:44,200
बहुत सारे विषय नहीं खोल सकते फिर मामला भटक जाएगा एक एक बात प चलिए

154
00:10:44,200 --> 00:10:48,200
मचे बो नहीं बता सकते अभी नहीं बताऊंगा मैं मत्सर से नहीं बताऊंगा

155
00:10:48,200 --> 00:10:52,200
अभी मैं अभी अरे भाई अभी की बात कर रहे हो कि नहीं कर रहे हो

156
00:10:52,200 --> 00:10:56,400
अभी की बात कर रहा हूं मत्स्य पुराण मत्स्य पुराण व्यास जी ने नहीं लिखा है

157
00:10:56,400 --> 00:11:00,480
तामसिक लोगों के लिए है त वो ताम आती है अच्छा ठीक है तो

158
00:11:00,480 --> 00:11:04,520
वो रियलिटी नहीं है रियलिटी पुराण में जो लिखा

159
00:11:04,520 --> 00:11:10,520
हुआ है जैसे आप जो कह रहे हो ना पहले आपको भगवत गीता पढ़ने पड़ेगी भगवत

160
00:11:11,280 --> 00:11:15,440
गीता कौन में आ आप कौन सुनो

161
00:11:15,440 --> 00:11:20,080
आप कौन से गुण में आते हो आप देखो एक एक बात करो विषय को चेंज मत

162
00:11:20,080 --> 00:11:24,840
करो विषय को चेंज मत करो मैं आपको बंद कर दूंगा ये

163
00:11:24,840 --> 00:11:29,520
आपको हटा दू ये बस

164
00:11:29,520 --> 00:11:34,320
विषय बदलना है एक विषय खत्म नहीं होगा दूसरा खोल दो चैप्टर

165
00:11:34,320 --> 00:11:38,320
मैं आपसे एक करके बात कर रहा आप जितने भी पॉइंट लिख लो आप और सारे पॉइंट

166
00:11:38,320 --> 00:11:42,560
बोलना मगर जब तक एक पॉइंट खत्म नहीं होगा तब तक हम दूसरे

167
00:11:42,560 --> 00:11:46,920
चैप्टर पर नहीं जाएंगे अब मैं आपको सिद्ध कर रहा हूं आप यह

168
00:11:46,920 --> 00:11:51,040
बताइए कि अकॉर्डिंग टू स्कन कौन

169
00:11:51,040 --> 00:11:54,720
कौन से संप्रदाय प्रमाणिक

170
00:11:54,720 --> 00:11:59,400
है संप्रदाय देखो चार संप्रदाय है

171
00:11:59,400 --> 00:12:03,480
जो ब्रह्मा जी का आता है वो भी एक तो चारों के

172
00:12:03,480 --> 00:12:08,480
नाम नहीं खबर है मेरे को मैं बता देता हूं एक तो मधवा

173
00:12:08,480 --> 00:12:12,520
संप्रदाय जिसको की ब्रह्म मधवा कहते हैं जिसमें की आप अपने

174
00:12:12,520 --> 00:12:16,880
आप को क्लेम करते हो इसकन वाले दूसरा दूसरा

175
00:12:16,880 --> 00:12:21,160
है श्री संप्रदाय तीसरा है निंबार्क संप्रदाय चौथा

176
00:12:21,160 --> 00:12:25,520
है वल्लभ संप्रदाय ठीक है उन सबने

177
00:12:25,520 --> 00:12:26,560
भगवान विष्णु को

178
00:12:26,560 --> 00:12:30,560
ही परम मैं आपसे कंक्लूजन नहीं

179
00:12:30,560 --> 00:12:35,280
मांग रहा हूं अभी हम डिस्कशन कर रहे बात आपने श्री राम की बात आ गई

180
00:12:35,280 --> 00:12:39,440
रिमूव कर

181
00:12:39,440 --> 00:12:43,920
दूंगा आपकी आवाज नहीं आ रही आवाज नहीं आ रही

182
00:12:43,920 --> 00:12:48,880
नहीं आ मैं कह रहा हूं मैं आपको रिमूव कर दूंगा अगर आप विषय बदलेंगे तो

183
00:12:48,880 --> 00:12:53,360
ठीक है विषय मत बदलिए अब मैं ये कह रहा हूं इसकन के अनुसार

184
00:12:53,360 --> 00:12:58,280
चार संप्रदाय जो है प्रामाणिक है और

185
00:12:58,280 --> 00:13:02,400
प्रामाणिक रामानुजा चार संप्रदाय को ही हम श्री संप्रदाय कहते हैं

186
00:13:02,400 --> 00:13:07,560
मानते हैं ना रामानुजा चार संप्रदाय

187
00:13:07,560 --> 00:13:12,640
के यह है आचार्य आप व

188
00:13:12,640 --> 00:13:17,400
सेम वो सेम नहीं बताऊंगा सेम नहीं बताऊंगा आज दूसरी चीज बताऊंगा

189
00:13:17,400 --> 00:13:19,560
प्रमाणिक

190
00:13:19,560 --> 00:13:23,560
आचार बता मायावा के बारे में बताने

191
00:13:23,560 --> 00:13:27,680
वाले नहीं मायावा के बारे में नहीं बताऊ दूसरी बात भागवत को

192
00:13:27,680 --> 00:13:31,880
अंत में नहीं लिखा गया इस बार में बता रहा ठीक है अब

193
00:13:31,880 --> 00:13:36,640
ये जो है शी संप्रदाय के रावण चार संप्रदाय के प्रामाणिक

194
00:13:36,640 --> 00:13:40,920
आचार मैंने कहा भागवत पहले लिखी जा चुकी थी

195
00:13:40,920 --> 00:13:41,720
पहले से लिख

196
00:13:41,720 --> 00:13:46,640
जा चुकी थी उन्होंने भागवत को श्रीमद भागवत बनाया जैसे

197
00:13:46,640 --> 00:13:50,680
उसमें देखिए मैं आपको हटा दूंगा आप मेरे सर

198
00:13:50,680 --> 00:13:54,840
में दर्द कर रहे हैं अगर आप अपनी बात रट करके आए बोलने के लिए तो सॉरी

199
00:13:54,840 --> 00:13:59,240
मैं आपको यहां पर जगह नहीं दे सकता आप बोलते रहिए है

200
00:13:59,240 --> 00:14:03,400
अगर बात करनी है तो मैं अगर कुछ दिखा रहा हूं तो रुकिए धैर रखिए

201
00:14:03,400 --> 00:14:08,160
ओके ठीक है अभी देखा था ना मैंने आपका प्रमाण आपने मोबाइल जब दिखाया

202
00:14:08,160 --> 00:14:12,240
हम उतनी देर रुका था ना तो धैर रखिए ओके

203
00:14:12,240 --> 00:14:16,520
ओके तो अब बात आती है कि इसमें इन्होंने पद्म

204
00:14:16,520 --> 00:14:20,600
पुराण का मैं पद्म पुराण इसलिए डायरेक्ट नहीं खोल के दिखा रहा

205
00:14:20,600 --> 00:14:24,640
हूं क्योंकि आप ये कहेंगे मैं जो है इसकन के द्वारा छपा हुआ पद्म पुराण

206
00:14:24,640 --> 00:14:30,120
ही मानूंगा नहीं तो मैं पद्म पुराण खोल के दिखा दूं आपको ठीक है

207
00:14:30,120 --> 00:14:34,160
देखो जो प्रभुपाद ने जो पदम पुराण लिख हम उसम ही मानते हैं तो

208
00:14:34,160 --> 00:14:38,400
हम क्या करें यह कहां लिखा है सनातन में वेदों में कहा लिखा

209
00:14:38,400 --> 00:14:42,640
है कि प्रभुपाद जी जब जो लिखेंगे वही मान्य होगा तेरे लिए

210
00:14:42,640 --> 00:14:46,800
एक मात्र तेरे लिए एक मात्र शास्त्र प्रमाण है हमें शास्त्र

211
00:14:46,800 --> 00:14:50,880
से दे दो कि प्रभुपाद कोही मानना है तो हम मान लेंगे उन्ह क्योंकि

212
00:14:50,880 --> 00:14:55,000
व फाउंडर आचार्य है अरे तो हम क्या करें आप जाइए मुरी लाल

213
00:14:55,000 --> 00:14:57,200
के हसीन सपने देखिए वहा जा करर के

214
00:14:57,200 --> 00:15:01,440
देखि सबने यही माना है कि भगवान श्री कृष्ण ही परम भगवान है अभी

215
00:15:01,440 --> 00:15:05,440
देखो चैप्टर से बदलो मत भागवत पुराण

216
00:15:05,440 --> 00:15:09,760
अंत में लिखा गया है कि नहीं हम इसकी बात कर रहे हैं मैं आपको श्री संप्रदाय

217
00:15:09,760 --> 00:15:14,680
के आचार्य के द्वारा पद्म पुराण के रेफरेंस के आधार पर बता रहा हूं

218
00:15:14,680 --> 00:15:18,720
कि क्या सच्चाई है ठीक है तो एक एक करके

219
00:15:18,720 --> 00:15:22,720
चलो आगे आगे मत भागो अपना रटा रटा ज्ञान मत बताओ एक एक

220
00:15:22,720 --> 00:15:28,720
करके चलो

221
00:15:29,720 --> 00:15:35,720
अ पुराण सेवर वायु की समस्या एक

222
00:16:33,360 --> 00:16:39,360
56

223
00:17:09,120 --> 00:17:14,040
और मैं आपको एक और एक और बात बताना चाहता हूं मैं आपको बता दीजिए

224
00:17:14,040 --> 00:17:18,080
बता शास्त्र में लिखा है कि शास्त्रों का बारबार अध्ययन करने से यही खबर

225
00:17:18,080 --> 00:17:22,080
चलती है कि नारायण ही परम सत्य है ठीक है आप बोलते र

226
00:17:22,080 --> 00:17:28,080
कोई दिक्कत नहीं 169

227
00:17:39,080 --> 00:17:43,240
हम यह देखिए ये नीचे वाला

228
00:17:43,240 --> 00:17:49,240
देखिए क्या लिखा

229
00:17:50,320 --> 00:17:54,600
है ये पद्म पुराण का बताया जा रहा है श्लोक

230
00:17:54,600 --> 00:18:00,600
क्रमांक लिखा है क्या दिख रहा है मेरे को एक्चुअली

231
00:18:00,840 --> 00:18:04,960
हिंदी भाषा में पढ़ना नहीं आता होगा लगता है आपको नहीं आप पढ़ना आता है मेरे

232
00:18:04,960 --> 00:18:08,960
को दिख नहीं रहा है एक्चुअली मेरे को हां तो इसमें इन्होंने पद्म पुराण का

233
00:18:08,960 --> 00:18:13,200
रेफरेंस दिया है एक 23

234
00:18:13,200 --> 00:18:17,200
30 ठीक है और यह रामानुजाचार्य संप्रदाय के

235
00:18:17,200 --> 00:18:21,200
प्रमाणिक आचार्य हैं इन्होंने रेफरेंस दिया है एक 2

236
00:18:21,200 --> 00:18:25,320
30 इसमें उन्होंने लिखा है कि सृष्टि की शुरुआत में एक ही पुराण

237
00:18:25,320 --> 00:18:29,680
था एक ही पुराण कोई भेद नहीं द्वापर

238
00:18:29,680 --> 00:18:33,960
में आकर के उसके 18 टुकड़े करते हैं व्यास

239
00:18:33,960 --> 00:18:38,320
अब बताओ अलग से क्या लिखा फ देखिए

240
00:18:38,320 --> 00:18:42,440
ऐसा भी लिखा है कि भागवत चौथे नंबर पर लिखी गई थी

241
00:18:42,440 --> 00:18:46,440
और उसके केवल 18 टुकड़े हुए हैं यह मैंने पद्म

242
00:18:46,440 --> 00:18:51,920
पुराण से आपके वैष्णव पुराण से बता दिया अब क्या

243
00:18:51,920 --> 00:18:55,960
करें देखिए ये सब बातें आप जो कह रहे हैं हम हम तो यही

244
00:18:55,960 --> 00:19:00,600
मानते हैं कि लास्ट में ख आप मानो या ना मानो के आधार पर बात करो

245
00:19:00,600 --> 00:19:04,600
जो भी आप कह रहे हो शास्त्र से बोलो अगर कोई नियम भी बता रहे हो तो शास्त्र से

246
00:19:04,600 --> 00:19:08,720
बताओ तेरे लिए एक मात्र शास्त्र प्रमाण है अगर

247
00:19:08,720 --> 00:19:13,400
कोई सिद्धांत भी बता रहे हो मैं प्रभुपाद पर विश्वास करूंगा तो इसका शास्त्र से प्रमाण दो

248
00:19:13,400 --> 00:19:18,280
देखिए हमारे तो यही है कि श्री कृष्ण परम भगवान है और श्रीमद भागवत

249
00:19:18,280 --> 00:19:22,360
ये मैंने आपसे कब कहा कि आपके लिए क्या है दुनिया के लिए क्या है हम लोग

250
00:19:22,360 --> 00:19:26,520
उसकी बात कर रहे हैं आपके लिए जो है व आप रखो सारे स्कन वाले यही

251
00:19:26,520 --> 00:19:30,520
मानते हैं आप लोग तो इसीलिए तो हम प्रतिकार कर रहे

252
00:19:30,520 --> 00:19:34,720
हैं वो मान आप जो मान रहे हो मानो जब आप गलत बोलोगे हम काउंटर करेंगे

253
00:19:34,720 --> 00:19:39,000
आप ऐसा कह रहे हो उन्होंने कभी श्री संप्रदाय पढ़ी नहीं होगी ये आप जो बुक बता रहे हैं

254
00:19:39,000 --> 00:19:43,560
क्या आप तो ऐसा कह रहे हैं ना उन्होंने कभी पढ़ी नहीं होगी ये बुक वो तो ऐ

255
00:19:43,560 --> 00:19:47,640
ये आप कहो ये मैं नहीं कहूंगा मैं कहूंगा गलत शिक्षा मत दो

256
00:19:47,640 --> 00:19:51,640
श्री संप्रदाय वाले जो आचार्य है वो नहीं कह रहे कि भागवत को आखिरी में

257
00:19:51,640 --> 00:19:56,800
लिखा हुआ है गलत शिक्षा ही नहीं है ये गलत हैम

258
00:19:56,800 --> 00:20:00,800
भागवत है ये गलत है ये होंगे अगर

259
00:20:00,800 --> 00:20:05,080
इनको गलत कहोगे तो भी आप अपने आप को गलत कह रहे हो और अगर इनको

260
00:20:05,080 --> 00:20:06,920
सही कहोगे तो भी आप अपने आप को गलत

261
00:20:06,920 --> 00:20:11,120
कह रहे हो तो द चॉइस इ योरस शास्त्र में ये भी आता है कि वो ग्रंथ

262
00:20:11,120 --> 00:20:15,280
अवतार माना जाता है अरे अध्याय वो भगवान के टांग

263
00:20:15,280 --> 00:20:19,600
है और भाई ये जो आपने जो जो बातें आप कर रहे

264
00:20:19,600 --> 00:20:23,920
हो वो बातें आपके एक संकुचित विचारधारा के जरिए

265
00:20:23,920 --> 00:20:27,920
से आपको प्राप्त हो रही है वही आप बोल रहे हो मैं भी तो आपको प्रमाण दे रहा हूं मैंने

266
00:20:27,920 --> 00:20:32,160
जो प्रमाण दिया उसका क्या करू मैंने जो प्रमाण

267
00:20:32,160 --> 00:20:35,040
दिया उसका क्या

268
00:20:35,040 --> 00:20:39,440
करूं अब ये बताओ भागवत है

269
00:20:39,440 --> 00:20:43,520
अब बा अब एक बात बताओ मानते

270
00:20:43,520 --> 00:20:47,760
मानो ना मैं क कह रहा हूं आपसे मत मानो मैं कहां कह रहा हूं

271
00:20:47,760 --> 00:20:52,040
गलत बात बोलोगे मैं काउंटर करूंगा आप हरि नाम संगीता को कालने

272
00:20:52,040 --> 00:20:56,160
में नहीं बोल सकते फिर वो गलत बात बोलेंगे उस पर मैं उनको काउंटर

273
00:20:56,160 --> 00:21:00,240
करूंगा चिला चला के बात नहीं कर सकते राम जी के बारे में वो परम

274
00:21:00,240 --> 00:21:04,400
ईश्वर है राम जी के बारे में मैंने चिल्ला के बात की राम जी परम

275
00:21:04,400 --> 00:21:09,040
ईश्वर है शिव जीी वैष्णव नाम यथा शंभू

276
00:21:09,040 --> 00:21:13,240
वैष्णव में सर्वश्रेष्ठ है वो मैंने आपसे जो पूछा है भागवत

277
00:21:13,240 --> 00:21:17,240
को अंत में लिखा गया सिद्ध नहीं कर पा रहे हैं आप आपको

278
00:21:17,240 --> 00:21:21,480
मैंने प्रमाण दिखा दिया वैश्णवा चार्य का आप सिद्ध नहीं कर पा रहे अब मैं दूसरी

279
00:21:21,480 --> 00:21:21,980
बात पूछ

280
00:21:21,920 --> 00:21:25,960
रहा हूं देखिए आपको अगर केवल अपना तोते की तरीके से अपनी

281
00:21:25,960 --> 00:21:31,320
बातें केवल बोलनी है तो मैं आपको रिमूव कर दूंगा

282
00:21:31,320 --> 00:21:35,320
अभी कट टू कट थोड़ा सा पॉइंट पर बात करिए डिस्कशन करिए कंक्लूजन मत

283
00:21:35,320 --> 00:21:39,440
सुनाइए प निर्णय मत सुनाइए मैंने निर्णय नहीं सुनाया मैंने

284
00:21:39,440 --> 00:21:43,600
निर्णय नहीं सुनाया डिस्कशन करिए निर्णय मत सुनाइए अब

285
00:21:43,600 --> 00:21:49,600
मैं आपसे पूछ रहा हूं एक मिनट वेट

286
00:21:52,520 --> 00:21:57,200
करिए जो हसने वाले इमोजी आप भेज रहे हैं यह सही नहीं है

287
00:21:57,200 --> 00:22:02,680
हसने वाले इमोजी जो भी सही नहीं

288
00:22:02,680 --> 00:22:06,720
है मैं आपसे पूछ रहा

289
00:22:06,720 --> 00:22:11,120
हूं अब मैं आपसे य पूछ रहा हूं कि

290
00:22:11,120 --> 00:22:15,200
क्या आपके अनुसार भागवत बिल्कुल अक्षर

291
00:22:15,200 --> 00:22:20,000
सत्य है जरूर है ना

292
00:22:20,000 --> 00:22:24,360
अच्छा भागवत को किसने लिखा

293
00:22:24,360 --> 00:22:28,760
वेदव्यास जी ने लिखा है अच्छा श्रीमद भागवत भागवत

294
00:22:28,760 --> 00:22:33,120
उन्होने भागवत भी लिखा है श्रीमद् भागवत में अंतर है भागवत

295
00:22:33,120 --> 00:22:38,280
पहले से ही लिखा गया था श्रीमद् भागवत लास्ट में लिखा गया था भागवत को उन्होंने बनाया श्रीमद्

296
00:22:38,280 --> 00:22:42,360
भागवत चलो ये सब अच्छा है बोलते रहो जिससे बाद में जब रील्स

297
00:22:42,360 --> 00:22:46,520
बनेगी तो आनंद आएगा ल्स को देखने में ठीक है मैं नहीं कह रहा हू ऐसा

298
00:22:46,520 --> 00:22:50,800
मैं नहीं कह रहा हूं रहा मैंने अभी आपको जो लिखा हुआ दिखाया इसको मानोगे

299
00:22:50,800 --> 00:22:54,840
कि नहीं जरूर मानेंगे तो फिर जो

300
00:22:54,840 --> 00:22:59,200
ये कहा जा रहा है कि कोई भी अलग से पुराण है ही नहीं है 18

301
00:22:59,200 --> 00:23:03,280
भाग इसका मतलब य नहीं कि उन्होने श्रीमद भागवत को मतलब उन्होने उनको संतुष्टि

302
00:23:03,280 --> 00:23:07,320
17 पुराण के बाद नहीं अरे भाई अंत में लिखना तो सिद्ध करो

303
00:23:07,320 --> 00:23:12,040
पुराण तो वेदों से भी पहले स्मरण किए जा रहे हैं अंत में रचना हो ही नहीं रही

304
00:23:12,040 --> 00:23:17,000
नारद जी खुद बता रहे मैंने आपको बता दिया है पांचवे अध्याय में सातव स्कंध में

305
00:23:17,000 --> 00:23:17,760
मैंने भी तो मैंने

306
00:23:17,760 --> 00:23:22,040
भी तो आपको बताया क भगवान स्वयं नहीं लिखो आप अपने

307
00:23:22,040 --> 00:23:26,560
बारे में नहीं लिखोगे मैं आपको बंद कर देता हूं आप जाइए अपना आराम से

308
00:23:26,560 --> 00:23:30,720
अपने जो हसीन सपने उस रहिए क्योंकि आपको यहां बात नहीं करनी आपको बारबार अपना

309
00:23:30,720 --> 00:23:34,800
कंक्लूजन देना है आप निर्णय मत सुनाइए बार-बार मैं

310
00:23:34,800 --> 00:23:39,040
भी बोल सकता हूं कि शिव पुराण में कहा है मैं हूं भगवान

311
00:23:39,040 --> 00:23:43,200
वेरी गुड व आपको मैंने बता दिया वो तामसिक गुणों

312
00:23:43,200 --> 00:23:48,440
के लिए है वो वो आप कह रहे हैं वो आप कह रहे हैं जब

313
00:23:48,440 --> 00:23:52,560
सुब अरे ऐसा ही है तो ठीक है आप मानो ना मैं कहां कह रहा हूं कि नहीं नहीं

314
00:23:52,560 --> 00:23:56,600
इसी को मानो आप सिद्ध नहीं कर पा रहे हो जो आप बोल रहे हो

315
00:23:56,600 --> 00:24:01,240
सिद्ध नहीं कर पा रहे हो अभी आप में आते देखो आप जो है

316
00:24:01,240 --> 00:24:05,240
एक एक चैप्टर चलो मेरे भाई एक एक चैप्टर ठीक है एक एक विषय को

317
00:24:05,240 --> 00:24:09,280
रखो तब आगे चल नहीं म

318
00:24:09,280 --> 00:24:13,280
मत बोलो अभी मत बोलो अभी मत बोलो आप कौन में

319
00:24:13,280 --> 00:24:18,360
आते अभी मत बोलो अभी चुप रहो

320
00:24:18,360 --> 00:24:22,480
ठीक है अब मैं आपसे पूछ रहा हूं आपने कहा शिव पुराण तामस है

321
00:24:22,480 --> 00:24:26,640
उसकी बातों को मानना अनिवार्य नहीं है अब मैं आपसे जैसा आपको खबर

322
00:24:26,640 --> 00:24:30,680
है किस तामसिक नहीं है तामसिक लोगों के लिए समझ गए

323
00:24:30,680 --> 00:24:33,440
उसम लिखी बातें सच है या झूठ

324
00:24:33,440 --> 00:24:37,680
है उसकी बातें सच है जैसा इंसान का गुण

325
00:24:37,680 --> 00:24:41,840
है यानी कि वह सनातन नहीं है

326
00:24:41,840 --> 00:24:46,000
जैसा इंसान का गुण है अरे तो मैं आपसे क्या पूछ रहा हूं वो

327
00:24:46,000 --> 00:24:50,000
सनातन ज्ञान नहीं है ना असत्य असत्य है

328
00:24:50,000 --> 00:24:54,640
जैसे उनके लिए सत्य है किसके लिए जैसे गुण है

329
00:24:54,640 --> 00:24:58,680
किसके लिए आपको अपने गुण जानने के लिए भगवत गीता पढ़नी पड़ेगी

330
00:24:58,680 --> 00:25:02,800
ठीक है ठीक है मैं पढ़ ल मैं पढ़ लूंगा मैं अभी

331
00:25:02,800 --> 00:25:07,160
आपसे पूछ रहा हूं कि जो उसमें लिखा हुआ है वो अंतिम सत्य

332
00:25:07,160 --> 00:25:11,400
है कि नहीं अक्षरस सत्य है कि नहीं नहीं है नहीं है

333
00:25:11,400 --> 00:25:15,560
अब मैं आपसे पूछ रहा हूं कि वेद व्यास

334
00:25:15,560 --> 00:25:20,200
जी ने ही शिव पुराण भी लिखा है वेदव्यास जीने भागवत भी लिखा है तो मानते हो

335
00:25:20,200 --> 00:25:24,880
ठीक है क्या वेद व्यास जी झूठ बोल सकते हैं

336
00:25:24,880 --> 00:25:28,640
बिल्कुल नहीं नहीं बोल सकते

337
00:25:28,640 --> 00:25:32,680
बोलो बोलो तो वो शिव पुराण में झूठ बोल रहे हैं क्या बोल रहे हैं

338
00:25:32,680 --> 00:25:36,960
आप ही ने तो कहा शिव पुराण असत्य है उनको संतुष्टि

339
00:25:36,960 --> 00:25:41,360
मिली क्या मैं जानना चाहता हूं मैं पूछ रहा हूं झूठ बोल सकते हैं कि

340
00:25:41,360 --> 00:25:45,600
नहीं संतुष्टि उनको मि नहीं देखो मैं मैं आपको ऑफ कर दूंगा

341
00:25:45,600 --> 00:25:48,520
विषय से मत हटो मैंने पूछा झूठ बोल वही

342
00:25:48,520 --> 00:25:52,800
बता रहा हूं नहीं तो आप वो बताइए झूठ बोल सकते हैं कि नहीं जैसे इंसान

343
00:25:52,800 --> 00:25:56,840
के गुण होंगे वैसे वो लिखेंगे तो यानी वेद शिव पुराण लिखते

344
00:25:56,840 --> 00:26:01,520
टाइम जो थे पुराण लिखते टाइम उनके गुण जो थे तामसिक थे

345
00:26:01,520 --> 00:26:05,760
देखो ऐसा नहीं है हा ऐसा नहीं उन्होने सब कुछ लिखा है

346
00:26:05,760 --> 00:26:09,760
वो आपसे पूछ रहा हूं मैं आपसे पूछ रहा

347
00:26:09,760 --> 00:26:13,920
हूं व्यास जी झूठ बोल सकते हैं कि नहीं नहीं बोल

348
00:26:13,920 --> 00:26:18,040
सकते नहीं बोल सकते तो शिव पुराण में उन्होंने सच बोला है कि झूठ बोला है

349
00:26:18,040 --> 00:26:22,800
जैसे गुण है उनके हिसाब से वो सत्य बोल रहे हैं किसके हिसाब से

350
00:26:22,800 --> 00:26:27,000
जैसे आपका जो गुण आपकी जैसे अगर आप गीता पढ़ेंगे

351
00:26:27,000 --> 00:26:31,080
देखो इकन के यानी कि अगर कोई व्यक्ति

352
00:26:31,080 --> 00:26:35,240
है जिसको की शराब पीनी है तो व्यास जी उसके लिए ऐसा

353
00:26:35,240 --> 00:26:40,080
शास्त्र लिखेंगे जो तू शराब पी हा जितनी बीमारिया

354
00:26:40,080 --> 00:26:44,400
उनका इलाज उनका उतना ही उनको तामसिक गुण से ऊपर

355
00:26:44,400 --> 00:26:48,560
उठाने के लिए हा यानी व्यास जी झूठ बोल सकते हैं ना गुणों से

356
00:26:48,560 --> 00:26:52,600
ऊपर उठाने के लिए अंतिम सत्य नहीं बोले

357
00:26:52,600 --> 00:26:56,680
अंतिम सत्य नहीं जो मैं आपसे पूछ रहा हूं

358
00:26:56,680 --> 00:27:01,360
मैं आपसे पूछ रहा हूं मैं आपसे पूछ रहा हूं मैं आपसे पूछ रहा

359
00:27:01,360 --> 00:27:03,520
हूं नहीं बता रहे हैं दोबारा

360
00:27:03,520 --> 00:27:07,560
पूछ रहा हूं क्या व्यास जी झूठ बोल सकते हैं मैं आपको

361
00:27:07,560 --> 00:27:11,720
वही बता रहा हूं अभी अभी मैं दोबारा पूछ रहा हूं मैं दोबारा पूछ रहा हूं क्या

362
00:27:11,720 --> 00:27:16,400
व्यास जी झूठ बोल सकते हैं जैसे

363
00:27:16,400 --> 00:27:20,600
मैं पूछ रहा हूं क्या व्यास जी झूठ बोल सकते हैं बिल्कुल

364
00:27:20,600 --> 00:27:24,960
भी नहीं फले तो अब उन्होंने कहा कि जो सबसे अच्छा

365
00:27:24,960 --> 00:27:30,240
पुराण है वह शिव पुराण है यह

366
00:27:30,240 --> 00:27:34,240
सबसे अच्छा पुराण है श्रीमद् भागवत ये व्यास जी ने शिव

367
00:27:34,240 --> 00:27:39,640
पुराण में लिखा है कि शिव पुराण सबसे अच्छा पुराण है सबसे श्रेष्ठ

368
00:27:39,640 --> 00:27:43,680
हैय झूठ है कि सत्य है हा तो

369
00:27:43,680 --> 00:27:47,800
तो ये सत्य नहीं है ना अंतिम सत्य है क्या ये ममिक

370
00:27:47,800 --> 00:27:52,080
गुण लोगों के लिए सत्य है जो सतोगुण मेरे भाई आपके लिए

371
00:27:52,080 --> 00:27:56,080
क्या है आपके लिए क्या है ये आप आप यहां बातें कर रहे हैं मैं अभ

372
00:27:56,080 --> 00:28:00,080
यहां बैठा हूं मैं अभी यहां बैठा हूं मैं अभी आपसे पूछ रहा मैं

373
00:28:00,080 --> 00:28:04,240
अभी पूछ रहा हूं आपसे आपके लिए वो सत्य है कि नहीं

374
00:28:04,240 --> 00:28:08,440
मेरे लिए सत्य नहीं क्योंकि मैं सतो आपके लिए आपके

375
00:28:08,440 --> 00:28:12,520
लिए सत्य नहीं है आपके लिए सत्य नहीं है आपके लिए

376
00:28:12,520 --> 00:28:16,560
सत्य नहीं है बार बार पढ़ना पड़ता है उसके आपके लिए सत्य

377
00:28:16,560 --> 00:28:18,720
है कि नहीं

378
00:28:18,720 --> 00:28:21,840
देखो अब मैंने

379
00:28:21,840 --> 00:28:26,000
पुरा मैंने प आपके लिए आप अभी बताओ

380
00:28:26,000 --> 00:28:30,080
शिव पुराण में उन्होने जो बात बोली पुराण सबसे सर्वश्रेष्ठ पुराण

381
00:28:30,080 --> 00:28:34,080
है यह झूठ है कि सत्य है आज की डेट में

382
00:28:34,080 --> 00:28:38,240
क्या को मेरा गुण ही नहीं बब एक काम करिए आप

383
00:28:38,240 --> 00:28:42,320
जो है दोबारा आइएगा जब आपको गुण का पता लग जाए ठीक है उसके

384
00:28:42,320 --> 00:28:46,800
लिए गीता पढ़नी पड़ती है जाइए आप जाइए आप गीता पढ़िए

385
00:28:46,800 --> 00:28:50,960
कई बार कई बार पढ़िए फिर आइए ऐसा तो होता

386
00:28:50,960 --> 00:28:56,960
नहीं आप जो कह रहे हो [संगीत]

387
00:29:02,920 --> 00:29:08,920
लाइक

388
00:29:13,920 --> 00:29:17,440
चलो चलिए ठीक

389
00:29:17,440 --> 00:29:22,560
है मुझे लगता नहीं है आप लोगों को और कुछ देखना बाकी

390
00:29:22,560 --> 00:29:26,600
होगा सभी को जय श्री राम मुझे तो लग रहा है कि मैंने अपने ऊपर एक

391
00:29:26,600 --> 00:29:30,920
अपने आपको को एक दंड दिया है इनको दोबारा से लाइव

392
00:29:30,920 --> 00:29:34,920
पर लेकर के और आप लोगों को भी दंड दिया है

393
00:29:34,920 --> 00:29:38,600
जो आप लोगों को इन्ह इस तरह से देखना

394
00:29:38,600 --> 00:29:43,320
पड़ा मुझे एक मैंने बचपन में अपनी माता के साथ एक

395
00:29:43,320 --> 00:29:48,080
मूवी देखी थी पूरे परिवार के साथ उसका नाम था दाग द फायर

396
00:29:48,080 --> 00:29:52,680
उसमें क्या होता है जो उसका जो

397
00:29:52,680 --> 00:29:56,880
हीरो था चंद्र चूर्ण सिंह जब उसको गोलियां

398
00:29:56,880 --> 00:30:01,080
मार देता है संजय दत्त कई सारी तो उसको एक पागल

399
00:30:01,080 --> 00:30:05,120
खाने में ले जाया जाता है ठीक होने के लिए वो अपनी याददाश्त वगैरह भूल जाता है

400
00:30:05,120 --> 00:30:09,120
तो वो स्ट्रेचर पर होता है ना जब तो उससे कुछ भी कहो व एक

401
00:30:09,120 --> 00:30:14,400
ही बात बोलता रहता था काजल काजल काजल

402
00:30:14,400 --> 00:30:18,120
जोनी लीवर का बड़ा हास्यास्पद रोल है उसमें और जोनी

403
00:30:18,120 --> 00:30:22,120
लीवर कहता है कि बादल बोल बिच्छू बोल सब कुछ

404
00:30:22,120 --> 00:30:26,440
बोल मगर काजल मत बोल इनका भी वही हाल है जॉम्बीज

405
00:30:26,440 --> 00:30:30,640
नहीं होते हैं जो कहीं से कुछ चाबी भर दी गई बस मुझे वही बोलना

406
00:30:30,640 --> 00:30:34,640
है वही बोलना है तो इनका आचरण

407
00:30:34,640 --> 00:30:38,720
उस प्रकार का हो रहा है कि मुझे बस वही बोलते रहना है

408
00:30:38,720 --> 00:30:42,920
मैं भी दिखा दो प्रमाण दिखा दो कुछ भी वैदिक प्रमाण दिखा दो मगर

409
00:30:42,920 --> 00:30:47,040
मैं तो एक ही बात बोलूंगा कृष्ण स्तु भगवान स्वयं भागवत

410
00:30:47,040 --> 00:30:51,960
पुराण अंत में जो शील प्रभुपाद जी द्वारा लिखा गया वही मानूंगा

411
00:30:51,960 --> 00:30:55,960
और श्रील प्रभुपाद जी की बुक्स में भी चेंजेज हो रहे हैं मैं उसका भी मान

412
00:30:55,960 --> 00:31:00,440
लूंगा क्योंकि उस पर नाम लिखा है श्री प्रभुपाद मैं उसको भी मान लूंगा शील

413
00:31:00,440 --> 00:31:04,680
प्रभुपाद जी की बुक्स में मिलावट करके जो मुझे देगा स्कन के नाम से देगा वो

414
00:31:04,680 --> 00:31:09,440
मान लूंगा तो इनका वो हाल है काजल काजल

415
00:31:09,440 --> 00:31:13,520
काजल ठीक है

416
00:31:13,520 --> 00:31:17,960
जय श्रीराम सभी को अ कोई महाशय

417
00:31:17,960 --> 00:31:22,080
थे जो आने वाले थे अगर और किसी को आना है तो

418
00:31:22,080 --> 00:31:26,840
इसको लाइव यहां पर शेयर कर दीजिए कोई अगर आना चाहे तो

419
00:31:26,840 --> 00:31:32,840
बात कर ले किसी से

420
00:31:43,080 --> 00:31:49,080
यहां पर शेयर कर देते तो शायद कोई आ सकता

421
00:31:53,320 --> 00:31:57,880
था चलिए ठीक है एंड करते हैं जय श्री राम

422
00:31:57,880 --> 00:32:01,880
i
