1
00:00:07,120 --> 00:00:11,040
बाबू राम दास जी को पहले ले लें।

2
00:00:11,040 --> 00:00:15,200
मैं आपको बात बोलूंगा शुक्ला जी।

3
00:00:15,200 --> 00:00:21,200
बाबू रामदास जी अपना कैमरा ऑन करें।

4
00:00:24,000 --> 00:00:28,960
हां जी बाबू राम जी बताएं। जय श्री राम।

5
00:00:28,960 --> 00:00:34,080
राम राम सर राम राम जी बताएं

6
00:00:34,080 --> 00:00:38,160
सर मैं आपसे कुछ पूछना चाहते हैं सर हमारे मोबाइल में थोड़ा

7
00:00:38,160 --> 00:00:42,240
नेट कम चलता है इसके वजह से थोड़ा आपसे बात नहीं हो पा रही है तो हम अभी

8
00:00:42,240 --> 00:00:46,480
मोबाइल में हैं बाहर में जी सर हम ये पूछना

9
00:00:46,480 --> 00:00:50,480
चाहते हैं कि आपने संत रामपाल जी महाराज के लिए बहुत आपने

10
00:00:50,480 --> 00:00:54,720
कुछ बोलते हैं तो अच्छा नहीं लगता है। देखिए हम हम लोग के

11
00:00:54,720 --> 00:00:58,800
और आप लोगों के बीच में जिस प्रकार से ये सब समस्या खड़ी हो रही है भाई

12
00:00:58,800 --> 00:01:02,800
जिसमें जो सच्चाई है सच्चाई जनता के सामने आना चाहिए चाहे कहीं

13
00:01:02,800 --> 00:01:06,960
से ज्ञान मिले जी तो हम यही चाहते हैं

14
00:01:06,960 --> 00:01:11,200
कि अगर आप लोग ही बता दें कि वर्तमान में

15
00:01:11,200 --> 00:01:15,440
जो ज्ञान सही है या संत रामपाल जी महाराज का ज्ञान सही है उस ज्ञान को हम लोग स्वीकार

16
00:01:15,440 --> 00:01:19,600
किया जाए सब जनता ठीक है

17
00:01:19,600 --> 00:01:22,160
तो मैं आपसे यही पूछना चाहता हूं

18
00:01:22,160 --> 00:01:26,720
सही बात जो है वही तो हम बता रहे हैं बाबूराम जी। जी

19
00:01:26,720 --> 00:01:30,800
तो मैं आपसे एक प्रश्न पूछ रहा हूं कि वर्तमान

20
00:01:30,800 --> 00:01:34,880
में जैसे कि हिंदू धर्म में तो सब लोग कहते हैं कि भाई हम लोग सनातनी

21
00:01:34,880 --> 00:01:39,120
है। हम लोग सनातन धर्म को मानते हैं। एक मिनट एक मिनट एक मिनट पहले मैं ये कहूंगा

22
00:01:39,120 --> 00:01:43,520
मयंक जी आप थोड़ा उठ के बैठ जाइए और मैं आपको ये कहूंगा बाबूराम

23
00:01:43,520 --> 00:01:47,760
जी कि जी आपने एक बात कही कि आप बहुत गलतसलत

24
00:01:47,760 --> 00:01:52,000
बातें बोलते हैं। देखिए हमने कोई गाली तो दी नहीं है। हमने ऐसा

25
00:01:52,000 --> 00:01:56,560
कोई शब्द नहीं बोला है जो मर्यादा के बाहर हो। हां मगर

26
00:01:56,560 --> 00:02:00,560
जो थोड़ी बहुत जो अप्रत्यक्ष रूप से आपको अवमानना जैसी फील हो रही

27
00:02:00,560 --> 00:02:04,560
है उसका कारण ये है कि हमारी दुर्गा माता के बारे में बहुत गलत बातें

28
00:02:04,560 --> 00:02:08,720
बोली है रामपाल दास ने। बहुत गलत बात है। हमने

29
00:02:08,720 --> 00:02:12,720
कुछ नहीं बोला। उसने ये तक बोला है दुर्गा माता के लिए

30
00:02:12,720 --> 00:02:16,960
कि दुर्गा माता के साथ दुराचार हुआ था। इस सृष्टि में कोई ऐसा तत्व

31
00:02:16,960 --> 00:02:20,960
नहीं है जो उनके साथ कुछ कर सके। जी तो पहले हमें सुधारने से

32
00:02:20,960 --> 00:02:25,200
पहले आप अपने तत्वदर्शी को सुधारने जाइए और फिर ये अपेक्षा करिए

33
00:02:25,200 --> 00:02:29,280
कि यहां पर उसके लिए जो है हीन भावना वाले वक्तव्य नहीं दिए जाएंगे। जो व्यक्ति

34
00:02:29,280 --> 00:02:33,920
जिस लायक है फिर जो उदारता आपके अस्तित्व और आदर्श पर

35
00:02:33,920 --> 00:02:37,520
भारी हो जाए हावी हो जाए वो उदारता उदारता नहीं कायरता कहलाती

36
00:02:37,520 --> 00:02:41,760
है। मेरी मां के विषय में तुम लोग ऐसे करोगे और यहां मैं आप लोगों का

37
00:02:41,760 --> 00:02:45,840
पूजा करूंगा। नहीं नहीं हम किसी के वो देखिए नहीं हम

38
00:02:45,840 --> 00:02:49,840
किसी के किसी भी धर्म के बारे में किसी को भी अनदेखा हम नहीं कह रहे

39
00:02:49,840 --> 00:02:54,000
हैं जो अगर मान लीजिए कि संतराम ये देखिए क्या शब्द

40
00:02:54,000 --> 00:02:58,320
लिखा है मुझे पूरे शास्त्रों से खंगार के दिखा दो ये कहां लिखा है

41
00:02:58,320 --> 00:03:02,640
दुर्गा हुआ था मैं बिल्कुल क्लियरली दिखा रहा हूं आपको रुकिए

42
00:03:02,640 --> 00:03:06,880
इनका थोड़ा सा वहम दूर हो जाएगा ठीक है बैक एक नंबर निकालो अरे

43
00:03:06,880 --> 00:03:11,200
पूरी षष्ठी रचना सुन लो ना सात आठ मिनट का वीडियो है उसका

44
00:03:11,200 --> 00:03:15,280
ये देख लो लिखा हुआ है भाई क्या लिख का है किसके

45
00:03:15,280 --> 00:03:20,160
बारे में लिखा हुआ है ये किसके बारे में लिखा हुआ है

46
00:03:20,160 --> 00:03:24,640
ये लिखा हुआ है

47
00:03:24,640 --> 00:03:28,960
बस करिए बस करिए हटा दीजिए बस करिए कभी गए

48
00:03:28,960 --> 00:03:33,120
अपने तत्वदर्शी से तिरछादर्शी से पूछने के ये क्या लिख दिया तुमने दुर्गा

49
00:03:33,120 --> 00:03:37,200
माता के बारे में ये पृष्ठ संख्या बताइए हम मिलाते

50
00:03:37,200 --> 00:03:41,280
हैं अपने हमारे पास भी बुक है ना बताओ इनको पृष्ठ संख्या 24

51
00:03:41,280 --> 00:03:45,520
नंबर 24 कौन सा

52
00:03:45,520 --> 00:03:49,760
बुक कौन सा है? ज्ञान गंगा

53
00:03:49,760 --> 00:03:54,240
पहचाना चलिए ठीक है अब इसको मिला लेंगे हमारे पास अभी नेटवर्क

54
00:03:54,240 --> 00:03:58,560
नहीं अभी मिलाओ अब देखो बाबू बाबू भाई अब अभी मिलाओ अगर सत्य

55
00:03:58,560 --> 00:04:03,280
के पक्षधर हो अभी मिलाओ तुरंत

56
00:04:03,280 --> 00:04:07,440
बहुत सी वीडियो में तो ये कहा है कि राम तो बोले राम तो राजा

57
00:04:07,440 --> 00:04:11,440
के लायक भी नहीं था इस तरीके से बोला राम तो राजा के लायक नहीं था उसको

58
00:04:11,440 --> 00:04:15,440
तुम भगवान मान रहे हो आप हमको आ रहे हो संसार

59
00:04:15,440 --> 00:04:19,520
सिखाने आज तक कुछ ऐसी बात कही नहीं है ना ही कोई व्यक्तिगत

60
00:04:19,520 --> 00:04:23,520
टिप्पणी की फैमिली के बारे में कोई टिप्पणी कर दी हो

61
00:04:23,520 --> 00:04:27,600
24 पेज नंबर कितना 24 24 पेज नंबर 24

62
00:04:27,600 --> 00:04:29,860
नंबर

63
00:04:29,860 --> 00:04:35,860
[गला साफ़ करने की आवाज़]

64
00:04:37,600 --> 00:04:41,600
अभी दीपावली में भर भर के वीडियो उठा लिए सोशल मीडिया पे इन लोगों ने

65
00:04:41,600 --> 00:04:45,600
और आपको नहीं मिलेगा ना तो मैं

66
00:04:45,600 --> 00:04:49,680
कहना चाहिए कि भाई मैं इतना बड़ा मुझे आपको दोष इस बात का देना चाहिए कि

67
00:04:49,680 --> 00:04:54,960
तुम कैसे पुत्र हो जो अपनी मां के बारे में ये सब बातें सुन के यहां पे बातें

68
00:04:54,960 --> 00:05:00,720
चौरिया रहे हो। देखिए काट क्यों नहीं रहा हमारा देखिए 24

69
00:05:00,720 --> 00:05:05,120
देखिए मेरा 24 देखिए बुक पेज नंबर पेज नंबर 24

70
00:05:05,120 --> 00:05:10,080
भैया बताओ इसमें चैप्टर क्रमांक सब बता दो आप

71
00:05:10,080 --> 00:05:14,080
आप लोग देख लीजिए कि 24 मेरा पेज नंबर दिखा रहे हैं भैया आपको सबूत दिखा रहे

72
00:05:14,080 --> 00:05:18,240
हैं इसी आपके हाथ में अगर ज्ञान गंगा है तो उसी में आपको सबूत

73
00:05:18,240 --> 00:05:19,520
मिलेगा

74
00:05:19,520 --> 00:05:23,600
दिखाओ इनको चैप्टर ये कौन सी पुस्तक है जरा स्क्रीन पर देखिए

75
00:05:23,600 --> 00:05:27,760
एक बार ठीक है हम हां फिर भी वही पुस्तक है दूसरा पुस्तक

76
00:05:27,760 --> 00:05:31,840
मैं नहीं लिया हूं। वही पुस्तक है देख लीजिए। ठीक है। हो सकता है आपके प्रश्न क्रमांक बदल गए हो

77
00:05:31,840 --> 00:05:36,000
छपाई में। कोई बात नहीं कोई बात नहीं। अभी आ रहा हूं। चैप्टर चैप्टर नंबर बताओ

78
00:05:36,000 --> 00:05:40,080
ना। सृष्टि रचना होगी शायद। नहीं भक्ति मर्यादा है। सृष्टि

79
00:05:40,080 --> 00:05:44,080
रचना हां। सृष्टि रचना है हमारे पास। कोई दिक्कत नहीं है।

80
00:05:44,080 --> 00:05:49,120
हां ठीक है। ठीक है। सृष्टि रचना का पहला दूसरा तीसरा पन्ना।

81
00:05:49,120 --> 00:05:53,680
जी देख लेंगे हम उसको। ये वाला पेज है। खोलो

82
00:05:53,680 --> 00:05:59,360
खोलो अब। ये वाला पेज है आपके यहां पे?

83
00:05:59,360 --> 00:06:05,360
हेलो देख रहे हैं। देख रहे हैं। देख रहे हैं।

84
00:06:05,520 --> 00:06:09,600
और आपके यहां के लोगों का खून पता नहीं क्यों नहीं खोलता जब आप लोग

85
00:06:09,600 --> 00:06:13,760
यहां पर बैठ के प्रचार करते हो, पुस्तकें देते हो। ठीक है? मैं कुछ बोलना

86
00:06:13,760 --> 00:06:17,920
नहीं चाहता हूं लाइव वीडियो में। ठीक है? लेकिन यदि ठीक है। समझ

87
00:06:17,920 --> 00:06:23,200
जाइए बाकी बात। स्त्री का खून खोल देना किसी दिन

88
00:06:23,200 --> 00:06:27,280
तो एक नई सृष्टि की रचना हो जाएगी। पुरानी

89
00:06:27,280 --> 00:06:30,560
वाली का विध्वंस हो जाएगा।

90
00:06:30,560 --> 00:06:34,720
अरे भाई क्या हुआ? क्या बहुत देर लग रही है बाबू भाई।

91
00:06:34,720 --> 00:06:38,800
नहीं मेरे में तो देखिए नहीं मिल रहा है क्योंकि मैं खुद बुक

92
00:06:38,800 --> 00:06:42,880
को ऊपर करिए। एक ब्रह्मांड का लघु चित्र एक

93
00:06:42,880 --> 00:06:48,160
ब्रह्मांड का लघु चित्र मेन प्रश्न दिखाइए बुक का।

94
00:06:48,160 --> 00:06:52,160
देखिए खोलिए रचना वाला षष्ठी

95
00:06:52,160 --> 00:06:56,480
रचना वाला पेज दिखाइए जरा ये जो दिखा रहे हैं ये

96
00:06:56,480 --> 00:07:01,520
एक ब्रह्मांड का लघु चित्र आप पहले 24 नंबर पेज खोलिए ना जरा

97
00:07:01,520 --> 00:07:05,680
इन इनकी स्क्रीन करिए जो है ना मेन स्क्रीन इनकी लाइए मैं

98
00:07:05,680 --> 00:07:11,200
इनको गाइड करता हूं थोड़ा सा इनको मेन स्क्रीन पे ले लो भैया

99
00:07:11,200 --> 00:07:15,280
हां ये है ना आपका चलिए इस अगले दो पेज और पलटते

100
00:07:15,280 --> 00:07:19,280
यही है ना आपका है आप अपना बैक बैक कैमरा ऑन कर लीजिए। बैक कैमरा

101
00:07:19,280 --> 00:07:23,760
हुक दिखाइए आप स्वयं ना दिखिए। बैक कैमरा ऑन कर लीजिए आप।

102
00:07:23,760 --> 00:07:27,760
उसके आगे ये चित्र आने वाला है। ये वाला एक ब्रह्मांड भाई आप अपना बैक

103
00:07:27,760 --> 00:07:32,320
कैमरा ऑन कर लीजिए।

104
00:07:32,320 --> 00:07:36,320
बैक कैमरा ऑन करिए। और आपका पृष्ठ मिले या ना

105
00:07:36,320 --> 00:07:40,320
मिले उससे हमें कोई लेना देना भी नहीं है। हेलो बाबू भाई।

106
00:07:40,320 --> 00:07:43,600
बैक कैमरा ऑन कर लो।

107
00:07:43,600 --> 00:07:47,840
बैक कैमरा ऑन कर लो। कहां चले गए?

108
00:07:47,840 --> 00:07:53,840
क्या बोले टू स्टॉप द ट्रेन पुल द चैन

109
00:07:58,960 --> 00:08:03,760
इनको इनको बोले दिखाइए क्यों भाग रहे हैं वो पीछे

110
00:08:03,760 --> 00:08:07,840
आ गए आ गए आ गए आओ भैया आ

111
00:08:07,840 --> 00:08:10,160
जाओ

112
00:08:10,160 --> 00:08:14,640
बाबू भाई आ जाइए

113
00:08:14,640 --> 00:08:18,720
बैक कैमरा ऑन कर लीजिए बाबू भाई कैमरा कैमरा नहीं हो रहा

114
00:08:18,720 --> 00:08:23,920
है कट जा रहा है क्या नहीं हो रहा

115
00:08:23,920 --> 00:08:29,840
भाई कैमरा नहीं हो रहा है कट जाता है सीधे दिखाओ

116
00:08:29,840 --> 00:08:34,160
चलो बुक ऊपर ले लो आप हम लोग पन्ना कहते जाएंगे आप पलटते जाना बुक

117
00:08:34,160 --> 00:08:39,040
ऊपर ले लो आप

118
00:08:39,040 --> 00:08:43,200
बुक ऊपर ले लो बाबू भाई जी जी जी जी मैं उसी

119
00:08:43,200 --> 00:08:48,000
बुक ऊपर में लिया हूं देख लीजिए देखिए

120
00:08:48,000 --> 00:08:52,160
हां थोड़ा पास लाओ कैमरे के हटाओ

121
00:08:52,160 --> 00:08:56,160
मत उसको हम लोग बताएंगे ना आपको पन्ना पलटने के लिए आप वही रखो वो कैमरे

122
00:08:56,160 --> 00:09:02,160
के सामने जी जी कैमरे के सामने रखो

123
00:09:02,560 --> 00:09:07,200
अरे इतनी दूर नहीं पास में लाओ कैमरे के

124
00:09:07,200 --> 00:09:10,560
हां

125
00:09:10,560 --> 00:09:14,560
ऐसे क्या पता चलेगा आपका बैक कैमरा चालू नहीं

126
00:09:14,560 --> 00:09:20,160
हो रहा है क्या फोन वो कट जा रहा है ना सर

127
00:09:20,160 --> 00:09:26,160
मैं कैमरा मेरा तो नहीं कटेगा मैं तो अभी करके दिखा दूं आपको

128
00:09:27,200 --> 00:09:31,280
ज्ञान गंगा है ये ज्ञान गंगा हम आपको दिखा

129
00:09:31,280 --> 00:09:37,280
रहे हैं आप देख नहीं पा रहे हैं शायद ये दिखा दो भैया अपनी ज्ञान गंगा इनको

130
00:09:39,600 --> 00:09:43,760
ज्ञान गंगा दिखा दो मैं तो दिखा रहा हूं देखिए

131
00:09:43,760 --> 00:09:47,760
मेरा ज्ञान गंगा मत दिखाओ। आपकी ज्ञान गंगा पढ़ने में आ रही है क्या?

132
00:09:47,760 --> 00:09:52,560
आपका बैग खराब है। क्या करें? ये देखो शब्द लिखा है।

133
00:09:52,560 --> 00:09:56,640
आप भाग पता क्यों नहीं? ज्ञान गंगा नहीं है क्या? नहीं नहीं मैं

134
00:09:56,640 --> 00:10:00,720
इनको एक और बात क्लियर कर देता हूं। आप यहां से भाग इसलिए नहीं सकते क्योंकि आप पेज

135
00:10:00,720 --> 00:10:04,720
पलटे ना पलटे। ये जो हम दिखा रहे हैं ना स्क्रीन पे ये आपके बाबा रामपाल

136
00:10:04,720 --> 00:10:08,880
जी की वेबसाइट से डाउनलोड की गई है पीडीएफ। ठीक है? तो

137
00:10:08,880 --> 00:10:12,960
मैंने आपको बुक खोल के दिखा दिया है। पीडीएफ में भी सेम बात लिखी हुई है। ले

138
00:10:12,960 --> 00:10:17,120
आइए स्पीड करके दिखा। 27 नंबर पेज पर ले आइए इसको 27

139
00:10:17,120 --> 00:10:21,120
नंबर पर। देखिए जो संत रामपाल जी महाराज ने जो भी अगर लिखे हैं

140
00:10:21,120 --> 00:10:25,440
उनका जो ज्ञान है चुप रहिए। दो मिनट चुप रहिए। लगे लपड़ थपड़

141
00:10:25,440 --> 00:10:29,600
अब लपड़पड़ करने लगे। नहीं नहीं दिखाइए।

142
00:10:29,600 --> 00:10:34,000
ये शब्द तुमको दुर्गा माता के लिए सही लग रहा है क्या? नहीं नहीं दिखाइए

143
00:10:34,000 --> 00:10:38,400
आप। कहां लिखा हुआ है? हां बस ज़ूम कर दीजिए।

144
00:10:38,400 --> 00:10:42,320
हां बस आ गया ना ये तो मैं पढ़ दूं यार स्क्रीन से ही आपको पढ़ना

145
00:10:42,320 --> 00:10:46,080
आता है

146
00:10:46,080 --> 00:10:50,080
जी पढ़ ले रहा हूं वचन शब्द में उत्पन्न हुई

147
00:10:50,080 --> 00:10:54,240
है आप मेरे बड़े भाई हो वह है वही का योग बना

148
00:10:54,240 --> 00:10:58,320
महापाप का कारण बनेगा परंतु ज्योति निरंजन ने प्रकृति देवी को

149
00:10:58,320 --> 00:11:02,320
एक भी प्रार्थना नहीं सुनी तथा अपनी सब शक्ति द्वारा नाखूनों

150
00:11:02,320 --> 00:11:07,040
से स्त्री इंद्रिय प्रकृति को लगा कि तथा बलात्कार

151
00:11:07,040 --> 00:11:11,120
करने की ठानी उसी समय दुर्गा ने

152
00:11:11,120 --> 00:11:15,200
अपनी इज्जत रक्षा के लिए जी इसको तो संत रामपाल जी महाराज

153
00:11:15,200 --> 00:11:19,280
ने बताया तो है कि इसने इस प्रकार से उस उनके साथ ऐसा कर रहा था ज्योति

154
00:11:19,280 --> 00:11:23,280
निरंजन ने नाटक नहीं ये कौन से शास्त्र

155
00:11:23,280 --> 00:11:26,800
में लिखा है दुर्गा के साथ ऐसा हुआ

156
00:11:26,800 --> 00:11:31,280
भाई उनको वहां तक जब वो तत्वदर्शी है तो उनको वहां तक की जानकारी

157
00:11:31,280 --> 00:11:35,280
हम भी तत्व सुनो फिर हमसे ये मत बोलो आ के कि तुम रामपाल के लिए ये

158
00:11:35,280 --> 00:11:39,360
सब क्यों बोल रहे हो हम भी तत्व दर्शी है साहब यहां बैठे सब तत्वदर्शी

159
00:11:39,360 --> 00:11:43,520
है नहीं तत्वदर्शी है तो वो शास्त्र से ज्ञान देता था या अपने से कहानी

160
00:11:43,520 --> 00:11:48,240
बनाता था तत्वदर्शी तत्वदर्शी का काम क्या होता है

161
00:11:48,240 --> 00:11:52,320
ना तत्वदर्शी का मतलब बोल के दिखाएगा ना

162
00:11:52,320 --> 00:11:56,320
आए तुम हमको ज्ञान देने के आप लोग रामपाल के लिए ये बोल रहे हो वो दो

163
00:11:56,320 --> 00:11:57,360
बोल रहे हो और

164
00:11:57,360 --> 00:12:03,360
तुम्हारा रामपाल ये बोल के बैठा है उसको कुछ बोलने नहीं जाओगे वो तत्वदर्शी है

165
00:12:04,080 --> 00:12:08,160
अपने कहानी तो मेरे को तत्वदर्शी बोलोगे तुम मैं बाबू रामदास जी से

166
00:12:08,160 --> 00:12:12,160
पूछ रहा हूं। मैं अपने से कहानी बनाऊं। अगर तुम्हारे कबीर जी के बारे में कोई ऐसी बात

167
00:12:12,160 --> 00:12:16,160
बोलूं तो तुम मेरे को तत्वदर्शी मान लोगे। उन्होंने उन्होंने

168
00:12:16,160 --> 00:12:20,320
ये जो ज्ञान गंगा पुस्तक है सुप्रीम कोर्ट सुनो बाबू

169
00:12:20,320 --> 00:12:24,400
बाबू सुनो प्यार से दूसरी बात कोई करनी है तो वो करो

170
00:12:24,400 --> 00:12:28,640
वरना जाओ। मुझे सुप्रीम कोर्ट की फालतू की बकवास मत करना। मैं अपने शब्दों को वापस

171
00:12:28,640 --> 00:12:32,640
लेता हूं। ऐसी बातें मत करना। अभी यहां पर Google कर लूंगा ना। सुप्रीम कोर्ट में जो तुम

172
00:12:32,640 --> 00:12:36,640
झूठ बोलते हो ना तुम्हारा सुप्रीम कोर्ट का झूठ यही धरा का धरा रह जाएगा। हमारे पास

173
00:12:36,640 --> 00:12:41,760
एक Google भी है और स्क्रीन भी है साथ में शेयर करने वाली। ठीक है?

174
00:12:41,760 --> 00:12:45,920
किसी और स्ट्रक्चर बन के आए रामपाल के लिए बड़े अच्छे शब्द निकाले

175
00:12:45,920 --> 00:12:50,000
जो हमारी मां के बारे में ये सब बातें कर रहा है। उसकी पूजा करें हम लोग यहां

176
00:12:50,000 --> 00:12:54,240
बैठ के। इनके ऊपर केस होना चाहिए। पब्लिकेशन जो इसको छाप

177
00:12:54,240 --> 00:12:58,240
रहा है उसके ऊपर भी केस होना चाहिए। ये बदले इन किताबों को बदले नहीं। कहां

178
00:12:58,240 --> 00:13:02,240
से केस होगा? कहां से केस होगा? सब तो बटे बैठे हैं ना हिंदू कोई

179
00:13:02,240 --> 00:13:08,240
मतलब है किसी को सब बटे बैठे हैं

180
00:13:08,960 --> 00:13:12,960
अपने ही बंदों को खाने के लिए जब कोई बैठी है सुनिए सुनिए मैं आपकी

181
00:13:12,960 --> 00:13:17,280
बात पंडित सूर्य प्रकाश जी की बात करे

182
00:13:17,280 --> 00:13:21,360
केकड़ा एक केकड़ा जब बाहर निकलने लगता है ना तो दूसरा उसको खींच के अंदर ले जाता

183
00:13:21,360 --> 00:13:25,440
है वैसे हिंदुओं का हाल हो गया है कार्य कर रहे हैं

184
00:13:25,440 --> 00:13:29,680
की पर्सनल टारगेटिंग शुरू कर दो मुझे बाबू तुम मुझे बताओ

185
00:13:29,680 --> 00:13:33,760
तुम मुझे ये बताओ ये जो ये जो चीज है

186
00:13:33,760 --> 00:13:39,200
जो लिखी हुई है वहां पर यह शास्त्र में कहां लिखी है बताओ

187
00:13:39,200 --> 00:13:43,280
अब इसका उन्होंने प्रमाण हर देवी भागवत से दिए हैं वेद से दिए हैं

188
00:13:43,280 --> 00:13:49,280
गीता पूछ रहा हूं शास्त्र में कहां लिखी है आप मुझे शास्त्र का नाम बताइए

189
00:13:49,440 --> 00:13:53,600
अब देखिए हम उसको शास्त्र से तो हम अभी नहीं मिलाए हैं तो उसको हम कैसे कह सकते हैं कि

190
00:13:53,600 --> 00:13:57,600
पहले क्यों ले रहे हैं उसका तत्वदर्शी कह के चलो तत्वदर्शी है वो

191
00:13:57,600 --> 00:14:02,000
सिद्ध करोगे तत्वदर्शी है वो उन्होंने सभी

192
00:14:02,000 --> 00:14:06,000
ग्रंथों से खोल खोल करके पूरा इसी कह रहा हूं वो तत्वदर्शी है।

193
00:14:06,000 --> 00:14:10,000
ये कैसे सिद्ध होता है? ये बताओ। चलो तत्वदर्शी

194
00:14:10,000 --> 00:14:14,160
होता है। तत्वदर्शी का मतलब क्या होता है? ये का मतलब

195
00:14:14,160 --> 00:14:18,160
क्या होता है? तत्वदर्शी का मतलब ये होता है कि जो तत्व

196
00:14:18,160 --> 00:14:22,160
ज्ञान को दे जो यहां से परमात्मा मुझे मुझे मुझे बताओ कहां

197
00:14:22,160 --> 00:14:24,480
से सिद्ध होता है कि रामपाल तत्वदर्शी

198
00:14:24,480 --> 00:14:28,640
है। ये बताओ। चलो। उन्होंने बताया है कि तत्वदर्शी

199
00:14:28,640 --> 00:14:32,800
वही होगा जो गीता अध्याय 15 बताओ मेरे भाई हम लोग शास्त्र

200
00:14:32,800 --> 00:14:36,960
को मानेंगे पहले कि पहले उन्हें तत्वदर्शी मान लेंगे। जी जी जी

201
00:14:36,960 --> 00:14:41,120
बता रहे हैं। गीता गीता अध्याय 15 श्लोक

202
00:14:41,120 --> 00:14:45,600
नंबर एक से चार को जो व्यक्ति जड़ से लेकर पत्ते तक डिटेल

203
00:14:45,600 --> 00:14:49,680
शब्द ही नहीं लिखा हुआ तुम्हारा एक और झूठ पकड़ा गया। वहां तत्वदर्शी शब्द ही नहीं लिखा

204
00:14:49,680 --> 00:14:54,720
गया। तो पहला झूठ तो है ही नहीं

205
00:14:54,720 --> 00:14:58,880
रामपाल रखा है भैया रट्टू तोते हो तुम

206
00:14:58,880 --> 00:15:03,440
लोग रट्टू तोते 15 एक से

207
00:15:03,440 --> 00:15:07,600
तत्वदर्शी शब्द दिखा दो मैं मान लूंगा उसको 15 एक से चार में तत्वदर्शी

208
00:15:07,600 --> 00:15:12,160
शब्द दिखा दीजिए कहां तत्वदर्शी लिखा है बोलो

209
00:15:12,160 --> 00:15:16,160
रुकिए हम भी खोल ले रहे हैं खोलो खोलो खोल

210
00:15:16,160 --> 00:15:22,160
लो

211
00:15:26,180 --> 00:15:32,180
[नाक से की जाने वाली आवाज़]

212
00:15:37,040 --> 00:15:43,040
जलेबी बनाएंगे अभी थोड़ी देर बाद

213
00:15:44,000 --> 00:15:48,000
इसमें जो 15 15 अध्याय का जो 101 से लेकर के चार श्लोक

214
00:15:48,000 --> 00:15:52,000
तक का जो है जो व्यक्ति तत्वदर्शी दिखाओ उसमें

215
00:15:52,000 --> 00:15:55,920
लिखा हुआ गीता में

216
00:15:55,920 --> 00:16:00,560
गीता में तत्वदर्शी लिखा हुआ दिखाएं। अरे 15.1

217
00:16:00,560 --> 00:16:04,720
में तुम 15.1 से सिद्ध कर रहे हो ना? एक

218
00:16:04,720 --> 00:16:08,800
से एक से चार में बताए हैं हम कि 15 तत्वदर्शी कहां लिखा

219
00:16:08,800 --> 00:16:14,800
है? अरे तत्वदर्शी कहां लिखा है?

220
00:16:16,480 --> 00:16:20,640
जी जी जी बता रहे हैं। बता रहे हैं। एक मिनट 15.1 में दिखाओ

221
00:16:20,640 --> 00:16:24,880
मुझे भाई। जी बता रहे हैं। जी जी बता दिया बता। प्रत्येक

222
00:16:24,880 --> 00:16:28,960
में तत्वदर्शी संत लिखा है क्या? हां बता रहे हैं। उसमें

223
00:16:28,960 --> 00:16:32,960
लिखा हुआ है अर्थ को सुनिए। उसमें लिखा हुआ है आदि

224
00:16:32,960 --> 00:16:37,040
पुरुष परमेश्वर मूल वाले और ब्रह्मा रूप

225
00:16:37,040 --> 00:16:41,280
मुख शाखा वाले जिस जिस संसार

226
00:16:41,280 --> 00:16:45,280
रूप पीपल के वृक्ष को अविनाशी कहते हैं तथा वेद जिसके

227
00:16:45,280 --> 00:16:49,440
पत्ते कहे गए हैं। रुक जाओ। एक मिनट रुक जाओ। क्या यह

228
00:16:49,440 --> 00:16:53,760
जो पीपल रूपी वृक्ष है संसार रूपी वृक्ष यह अविनाशी

229
00:16:53,760 --> 00:16:58,400
है? जी अविनाशी है।

230
00:16:58,400 --> 00:17:02,400
अरे जो अर्थ बनाया उसने अविनाशी लिखा है। मैं थोड़ी लिखा हूं। तुम मानते

231
00:17:02,400 --> 00:17:07,440
हो कि नहीं ये संसार रूपी वृक्ष अविनाशी है।

232
00:17:07,440 --> 00:17:11,760
हमारे गुरु जी ने बताया। संसार रूपी वृक्ष अविनाशी

233
00:17:11,760 --> 00:17:15,840
है कि नहीं? भाई जो चीज इसमें लिखा हुआ है उसको हम क्यों नहीं मानते?

234
00:17:15,840 --> 00:17:20,640
अरे भाई तुम मानते हो कि नहीं? मैं पूछ रहा हूं जो चीज लिखी है मानते हो?

235
00:17:20,640 --> 00:17:24,640
मानते हैं मानते हैं। मानते हो तो इसमें क्या लिखा है? ब्रह्मा

236
00:17:24,640 --> 00:17:29,040
रूप शाखा वाला तो जब पेड़ अविनाशी है तो ब्रह्मा

237
00:17:29,040 --> 00:17:33,040
रूप शाखा क्या हो गई? अविनाशी हो गई। ब्रह्मा को अविनाशी मानते

238
00:17:33,040 --> 00:17:37,040
हो। ठीक है। उसका श्लोक पूरा तो पढ़ने दीजिए। काट क्यों

239
00:17:37,040 --> 00:17:41,200
रहे हैं बात? अरे मेरे भाई जहां तक पढ़ लिया उसको तो क्लियर कर ले। ब्रह्मा

240
00:17:41,200 --> 00:17:45,440
जी को अविनाशी मानते हो।

241
00:17:45,440 --> 00:17:49,440
भाई अगर लिखा होगा तो क्यों नहीं मानेंगे? अगर नहीं लिखा होगा तो कैसे मानेंगे? सामने लिखा

242
00:17:49,440 --> 00:17:53,760
मैं पूछ रहा हूं ना ये सामने लिखा है ब्रह्मा रूप मुख्य शाखा वाला

243
00:17:53,760 --> 00:17:58,400
ये लिखा है। रुक जाइए देख रहा हूं मैं

244
00:17:58,400 --> 00:18:02,720
आदि पुरुष परमेश्वर मूल वाले ब्रह्मा रूप

245
00:18:02,720 --> 00:18:06,720
ब्रह्मा रूप मुख शाखा वाले हां जी ये जो

246
00:18:06,720 --> 00:18:10,720
ब्रह्मा रूप है ना ब्रह्मा रूप मुख शाखा वाला पेड़

247
00:18:10,720 --> 00:18:14,720
और पेड़ है अविनाशी तो जब उस उस पेड़ में जो

248
00:18:14,720 --> 00:18:18,800
मुख्य शाखा है वो है ब्रह्मा। तो जब पेड़ अविनाशी है तो उसकी जो

249
00:18:18,800 --> 00:18:23,280
शाखा है वो भी अविनाशी हो गई ना। भाई आगे अगर अविनाशी

250
00:18:23,280 --> 00:18:27,520
ब्रह्मा रूप को लिखा होगा तब ना हम उसको कहेंगे। जब लिखा नहीं है तो कैसे करेंगे? अरे ब्रह्मा

251
00:18:27,520 --> 00:18:31,520
मैं कह रहा हूं यहां तुम्हें अविनाशी दिख रहा है कि नहीं दिख रहा है? ब्रह्मा रूप

252
00:18:31,520 --> 00:18:35,680
मुख शाखा वाला लिखा हुआ है। अब सुनिए यानी कि तुम ये कह रहे हो पेड़ पेड़

253
00:18:35,680 --> 00:18:40,240
जो है अविनाशी नहीं है। वो कट जाती है उसकी डाल। ब्रह्मा जो है वो खत्म हो जाते हैं।

254
00:18:40,240 --> 00:18:44,400
भाई सर लिखा होगा तब तो हम कहेंगे ऐसे कैसे कह दे

255
00:18:44,400 --> 00:18:48,720
रहा हूं ये ब्रह्मा जब उसकी शाखा है जब ब्रह्मा रूप उसका मुख्य

256
00:18:48,720 --> 00:18:52,720
शाखा है और पेड़ जो है वो अविनाशी है तो तुम ब्रह्मा जी

257
00:18:52,720 --> 00:18:56,800
को अविनाशी मानोगे कि नहीं मानोगे बताओ

258
00:18:56,800 --> 00:19:00,480
भाई ब्रह्मा जी को अविनाशी नहीं लिखा हुआ है हम इसको कैसे कहते हैं हम झूठ कैसे बोल

259
00:19:00,480 --> 00:19:04,800
क्या लिखा है ब्रह्मा रूप मुख्य शाखा वाले जिस संसार रूपी पीपल वृक्ष को अविनाशी

260
00:19:04,800 --> 00:19:08,880
कहते हैं अविनाशी पीपल का वृक्ष है सुनो पीपल का

261
00:19:08,880 --> 00:19:12,960
वृक्ष अविनाशी शी है कि नहीं है यह बताओ पहले जी उस उस

262
00:19:12,960 --> 00:19:17,120
पीपल वृक्ष को अविनाशी बोला है और फिर बोला है यानी कि

263
00:19:17,120 --> 00:19:21,120
उसका क्षय नहीं हो सकता उसको कांटा मारा

264
00:19:21,120 --> 00:19:25,120
नहीं जा सकता और ब्रह्मा क्या उस वृक्ष

265
00:19:25,120 --> 00:19:29,120
की ब्रह्मा क्या है रुकिए रुकिए एक मिनट रुक जाइए यहां पर हमारे

266
00:19:29,120 --> 00:19:33,440
गुरु जी ने अर्थ को बताए हैं जो अधम शाखा जो उर्धव

267
00:19:33,440 --> 00:19:37,440
मूलम को लिखा आदि पुरुष परमेश्वर वाले इसके बाद आया है जो ब्रह्मा रूप मुख

268
00:19:37,440 --> 00:19:41,440
शाखा वाला है इसको इसको जो इसका जो संस्कृत लिखा

269
00:19:41,440 --> 00:19:45,440
हुआ है अध शाखम लिखा हुआ है ना भाई साहब मैं आपसे पूछ रहा हूं

270
00:19:45,440 --> 00:19:49,600
अभी आप अर्थ पढ़ रहे थे आपने बोला ब्रह्मा रूप मुख्य शाखा वाले ये अर्थ गलत

271
00:19:49,600 --> 00:19:53,680
है क्या भाइयों यहां पर जो हमारे गुरु जी जिस आधार

272
00:19:53,680 --> 00:19:57,680
के अर्थ को बताए हैं यहां पर गलत है ये अर्थ यहां पे

273
00:19:57,680 --> 00:20:02,560
यही पे अर्थ जो है गलत है आपके जो आपके

274
00:20:02,560 --> 00:20:06,960
जो है क्या कहते हैं उनको तिरछादर्शी तत्वदर्शी

275
00:20:06,960 --> 00:20:11,040
वो सही अर्थ आपको बता बता रहे हैं। है ना? जी उन्होंने

276
00:20:11,040 --> 00:20:15,120
हम उसको हम सिद्ध कर रहे हैं। आपको दिखा रहे हैं। आप

277
00:20:15,120 --> 00:20:15,620
थोड़ा शांत

278
00:20:15,600 --> 00:20:19,840
हो जाइए। हां। इस अध शाखम का इसमें दिए

279
00:20:19,840 --> 00:20:24,320
हैं। उन्होंने दूसरे श्लोक में दूसरे श्लोक में

280
00:20:24,320 --> 00:20:28,320
दूसरे श्लोक में देखिए। दूसरा श्लोक में अध लिखा हुआ है एक जगह। तो अध माने

281
00:20:28,320 --> 00:20:32,400
नीचे लिखा हुआ है उसका अर्थ। हम तो अध

282
00:20:32,400 --> 00:20:36,960
माने नीचे अध माने नीचे लिखा हुआ है तो इस पहला का

283
00:20:36,960 --> 00:20:41,360
पहले वाले श्लोक का जो अध शाखम लिखा हुआ है तो इसका होगा अध शाखम

284
00:20:41,360 --> 00:20:45,920
का मतलब होगा नीचे की ओर शाखा वाले अब आप ये बताइए

285
00:20:45,920 --> 00:20:49,920
कि यहां पे आप ब्रह्मा जी को मानते हैं कि नहीं मानते हैं कि यहां ब्रह्मा जी है

286
00:20:49,920 --> 00:20:53,920
ब्रह्मा लिखा हुआ है नहीं लिखा है ब्रह्मा ब्रह्मा लिखा हुआ इसको

287
00:20:53,920 --> 00:20:58,160
हम मानते हैं लेकिन जो हमारे गुरु जी ने बताया हम उसको बताया आपको कि मतलब

288
00:20:58,160 --> 00:21:02,320
तुम्हारे गुरु जी को क्यों माने ने चलो ठीक है। तत्वदर्शी बताओ इसमें इस श्लोक

289
00:21:02,320 --> 00:21:06,560
में तत्वदर्शी बताओ। चलो तत्वदर्शी बताओ चलो। जी जी

290
00:21:06,560 --> 00:21:10,560
बता रहे हैं। आदि पुरुष परमेश्वर रूप मूल वाले ब्रह्मा रूप

291
00:21:10,560 --> 00:21:14,640
मुख शाखा वाले संसार रूपी पीपल के वृक्ष

292
00:21:14,640 --> 00:21:18,800
को अविनाशी कहते हैं तथा वेद जिसके पत्ते कहे गए हैं। उस

293
00:21:18,800 --> 00:21:23,040
संसार रूप वृक्ष को जो पुरुष मूल सहित तत्व

294
00:21:23,040 --> 00:21:27,040
से जानता है। तत्व से जो तत्व से

295
00:21:27,040 --> 00:21:31,760
जानता है, वह वेद के तात्पर्य को जानने वाला है।

296
00:21:31,760 --> 00:21:36,000
अब अब यहां पर तत्व से जानने के लिए बोला गया है तत्वदर्शी

297
00:21:36,000 --> 00:21:38,480
कहां है?

298
00:21:38,480 --> 00:21:42,800
तो भाई तत्वदर्शी यहां पर नहीं जानता। अच्छा एक बात बताओ

299
00:21:42,800 --> 00:21:48,400
वेदों को जानने वाला तत्वदर्शी होता है क्या आपके अनुसार?

300
00:21:48,400 --> 00:21:53,120
भाई मुझे वेदों में मुझे बात करनी। वेदों को जानने वाला तत्वदर्शी

301
00:21:53,120 --> 00:21:56,000
होता है क्या आपके अनुसार?

302
00:21:56,000 --> 00:22:00,080
जी जी। इसमें लिखा हुआ है कि वेद उसके सुनो यहां

303
00:22:00,080 --> 00:22:04,080
पे पेड़ को तत्व से जानने वाले को वेदों को जानने वाला कहा गया है।

304
00:22:04,080 --> 00:22:08,080
जो पेड़ को तत्व से जानता है। पेड़ को तत्व से जानने वाले को वेदों को जानने वाला

305
00:22:08,080 --> 00:22:12,400
कहा गया है। तो क्या आप वेदों को जानने वाले को तत्वदर्शी

306
00:22:12,400 --> 00:22:16,720
मानते हैं? बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल। जो वेदों को जानेगा

307
00:22:16,720 --> 00:22:21,280
वो तत्वदर्शी होगा। जी ठीक है। अच्छा

308
00:22:21,280 --> 00:22:25,440
क्या वेदों में पूर्ण ब्रह्म परमात्मा का पूर्ण ज्ञान दिया

309
00:22:25,440 --> 00:22:28,240
गया है।

310
00:22:28,240 --> 00:22:32,320
जी परमात्मा के बारे में होने लगा।

311
00:22:32,320 --> 00:22:36,880
मैं पूछ रहा हूं क्या वेदों में आपके अनुसार परमात्मा

312
00:22:36,880 --> 00:22:41,280
का पूर्ण ज्ञान दिया गया है या किसी और वेद की जरूरत है?

313
00:22:41,280 --> 00:22:45,360
किसी और वेद की जरूरत है। उसमें पूर्ण ज्ञान नहीं है। इसमें हां तो

314
00:22:45,360 --> 00:22:46,800
इसका मतलब वेदों को

315
00:22:46,800 --> 00:22:50,800
जानने वाला तत्वदर्शी सिद्ध नहीं हुआ। और इसमें इसमें

316
00:22:50,800 --> 00:22:55,120
भी सुन लीजिए। गीता में भी मैं पूछ रहा हूं पहले। पहले इस बात का उत्तर दो।

317
00:22:55,120 --> 00:22:59,120
वेदों को जानने वाला तत्वदर्शी सिद्ध हुआ क्या? तुम ही

318
00:22:59,120 --> 00:23:03,280
कह रहे हो इसमें पूर्ण ज्ञान नहीं है वेदों में। भाई जो

319
00:23:03,280 --> 00:23:07,280
तत्वदर्शी है वही तो उसको क्लियर करेगा कि कौन सही है, कौन

320
00:23:07,280 --> 00:23:11,360
गलत है, कहां तक? को जानने वाला तत्वदर्शी सिद्ध हो रहा है क्या?

321
00:23:11,360 --> 00:23:15,360
क्योंकि वेदों में तो पूर्ण ज्ञान है ही नहीं। तो भाई

322
00:23:15,360 --> 00:23:19,440
उस तत्वदर्शी है। इसीलिए तो उसको सही का चिन्ह मार रहा है। क्रॉस का चिन्ह मार रहा है कि नहीं कहां तक ज्ञान

323
00:23:19,440 --> 00:23:23,760
है? कहां तक नहीं? पहले तत्वदर्शी तो सिद्ध होगा तब तो वो चिन्ह मारेगा ना।

324
00:23:23,760 --> 00:23:28,080
पहले तुम तत्वदर्शी सिद्ध करोगे पहले चिन्ह चिन्ह मरवाओगे

325
00:23:28,080 --> 00:23:32,160
भाई वो तत्वदर्शी को जानने वाला वो दिखा दो दुर्गा देवी दुर्गा

326
00:23:32,160 --> 00:23:34,880
से

327
00:23:34,880 --> 00:23:38,960
ये भी तो हम अभी तो गीता ही दिखा रहे है गीता तो क्लियर कर लीजिए इसके बाद आगे

328
00:23:38,960 --> 00:23:42,960
दिखाएंगे आपको अरे भाई हम आपको वेदों को जानने वाला कौन है

329
00:23:42,960 --> 00:23:46,960
ये दिखा रहे है वेदों को जानने वाला कौन है ये दिखा रहे है चलो

330
00:23:46,960 --> 00:23:50,960
चलो गीता को ही क्लियर कर ले चलो अभी गीता को ही क्लियर कर ले

331
00:23:50,960 --> 00:23:55,120
चलो 153 निकालो निकालो 15.3

332
00:23:55,120 --> 00:23:59,120
निकालो। जी निकल गया। निकल गया।

333
00:23:59,120 --> 00:24:03,120
पढ़ो। जी पढ़ो। इस संसार वृक्ष इस संसार

334
00:24:03,120 --> 00:24:07,280
का वृक्ष का स्वरूप जैसा कहा गया है वैसा यहां विचार काल में नहीं

335
00:24:07,280 --> 00:24:11,920
पाया जाता है। हां। पाया जाता है क्योंकि

336
00:24:11,920 --> 00:24:16,640
क्योंकि ना तो इसका आदि है और ना अंत है तथा

337
00:24:16,640 --> 00:24:20,800
ना इसकी अच्छी प्रकार से स्थिति है। इसलिए इस

338
00:24:20,800 --> 00:24:25,280
इस अहंता ममता अवर वासना रूप अति दृढ़ मूल वाले संसार

339
00:24:25,280 --> 00:24:29,840
रूप पीपल के वृक्ष को दृढ़ वैराग से शस्त्र द्वारा काटकर

340
00:24:29,840 --> 00:24:33,920
काटकर उसके पश्चात वैराग्य संसार रूपी

341
00:24:33,920 --> 00:24:38,000
वृक्ष को काटने के लिए क्या चाहिए?

342
00:24:38,000 --> 00:24:43,040
तत्व ज्ञान चाहिए। नहीं वैराग्य भी चाहिए।

343
00:24:43,040 --> 00:24:47,280
15.3 वैराग्य भी चाहिए। जी

344
00:24:47,280 --> 00:24:50,000
हां वैराग्य है सन्यासी है

345
00:24:50,000 --> 00:24:54,080
आपके तत्वदर्शी है एक मिनट इसमें ये बोला गया

346
00:24:54,080 --> 00:24:58,160
कि इस तीसरा श्लोक में कि जिस प्रकार से इसमें बताया गया है कि ऊपर का

347
00:24:58,160 --> 00:25:02,560
जोड़ नीचे की शाखा वाला तो ऐसा यहां विचार का भाई सुनो

348
00:25:02,560 --> 00:25:07,120
जो तत्वदर्शी है वो जो पेड़ को है वो काटने वाला होगा ना

349
00:25:07,120 --> 00:25:11,200
काटने में सामर्थ्यवान हां जी वही बता सकता है कि यह

350
00:25:11,200 --> 00:25:15,200
संसार कैसा बना हुआ है तो ठीक है वो बता सकता है वो बता सकता

351
00:25:15,200 --> 00:25:19,440
अभी मैं कह रहा हूं उसके पास यहां पे बोला जा रहा है दृढ़ वैराग रूप का शस्त्र होना

352
00:25:19,440 --> 00:25:23,440
चाहिए है क्या जी जी जी उसी के पास है दूसरे के पास नहीं

353
00:25:23,440 --> 00:25:27,600
है वैराग है आप जिसको तत्वदर्शी बोल रहे हो वो वैरागी

354
00:25:27,600 --> 00:25:31,680
है उसके पास सब कुछ है का चीज नहीं है सर कैसे

355
00:25:31,680 --> 00:25:36,960
पूछ रहा हूं जो तत्वदर्शी जिसको बोल रहे हो वो गृहस्थ है या सन्यासी है

356
00:25:36,960 --> 00:25:41,120
वो तो गृहस्थ है तो फिर हो गया

357
00:25:41,120 --> 00:25:45,120
तो अब ये रुको अब हम आपको सबूत दे रहे हैं।

358
00:25:45,120 --> 00:25:49,120
वेदों को जानने वाला कौन है? यहां पे तत्वदर्शी आपने माना ना वेदों

359
00:25:49,120 --> 00:25:55,120
को जानने वाला जी। हां भैया इनको देवी भागवत दिखाओ।

360
00:25:55,360 --> 00:25:59,520
भागवत गीता रुक जा अरे देवी भागवत एक मिनट देवी भागवत

361
00:25:59,520 --> 00:26:03,600
को नहीं मानते? क्यों नहीं मानते? मानते हैं? तो फिर देवी भागवत से

362
00:26:03,600 --> 00:26:05,120
हम आप मुझे वेदों को

363
00:26:05,120 --> 00:26:10,560
जानने वाला संत रामपाल है। ये दिखा दो। दिखा दो।

364
00:26:10,560 --> 00:26:15,120
दिखाओ? वेदों को जानने वाला संत रामपाल लिखा दिखा दो

365
00:26:15,120 --> 00:26:19,120
वहां पर किसी का नाम नहीं लिखा गया है वेदों में कि मतलब भागवत

366
00:26:19,120 --> 00:26:23,200
में उसकी पूर्ण पहचान बता रहे हैं वेदों को जानने वाला कौन है देखो देवी

367
00:26:23,200 --> 00:26:29,200
भागवत निकालो मैं बता रहा हूं आपको निकालिए

368
00:26:33,360 --> 00:26:37,520
यह है देवी भागवत श्री देवी भागवत है गीता प्रेस गोरखपुर

369
00:26:37,520 --> 00:26:41,920
द्वारा प्रकाशित है ठीक है इसके अंदर हम चलते

370
00:26:41,920 --> 00:26:45,920
पेज नंबर देख लीजिए एक बार छठा स्कंध है और

371
00:26:45,920 --> 00:26:50,160
424 नंबर है और ये 425 नंबर में क्या कह रहे हैं देखिए ध्यान से

372
00:26:50,160 --> 00:26:54,160
ठीक है जी अब पूरा ही पढ़ लेते हैं सुनो इस विषय में तुम्हें एक

373
00:26:54,160 --> 00:26:58,720
दृष्टांत दे रहा हूं साधु पुरुषों के चित्त भी युग के प्रभाव से प्रभावित

374
00:26:58,720 --> 00:27:02,960
होकर भ्रम में पड़ जाते हैं। राजेंद्र जैसे तुम्हारे पिताजी

375
00:27:02,960 --> 00:27:07,040
थे यद्यपि धर्म में उनकी निष्ठा थी। ठीक है और इसी प्रकार नीचे आते आते

376
00:27:07,040 --> 00:27:11,200
और बताते हैं कि यहां से यह सब युग

377
00:27:11,200 --> 00:27:15,360
का प्रभाव है। राजन निश्चय है कि सतयुग में ब्राह्मण वेद

378
00:27:15,360 --> 00:27:19,440
के पूर्ण विद्वान थे। उनके द्वारा निरंतर भगवती जगदंबा की आराधना

379
00:27:19,440 --> 00:27:20,240
होती थी। हां भैया

380
00:27:20,240 --> 00:27:24,240
बस बस बस बस बस बस बस बस बस बस और वेद

381
00:27:24,240 --> 00:27:28,320
का पूर्ण विद्वान कौन है? एक मिनट सर और बताइए ऐसा थोड़ी

382
00:27:28,320 --> 00:27:32,320
अधुरा से काट देंगे। एक मिनट, एक मिनट, वेद का, एक मिनट, एक मिनट,

383
00:27:32,320 --> 00:27:36,640
एक मिनट। वेद का पूर्ण विद्वान है जो मां

384
00:27:36,640 --> 00:27:42,000
जगदंबा की नित्य आराधना करता है।

385
00:27:42,000 --> 00:27:48,000
पूरा क्यों नहीं दिखाते? काटते। दोबारा दिखा दो भैया। दोबारा दिखा दो इनको।

386
00:27:50,080 --> 00:27:54,240
नीचे का बीच में

387
00:27:54,240 --> 00:27:58,780
जैसे रामपाल जी पूरा थे। पूरा पेज पढ़ाते थे। वैसे

388
00:27:58,780 --> 00:28:03,040
[गला साफ़ करने की आवाज़] कैसे पढ़ना है भाई जब और नेचर नहीं देखेंगे

389
00:28:03,040 --> 00:28:07,120
तो कैसे होगा और उसमें नहीं तो बाबा आपके बाबा जी ने तो

390
00:28:07,120 --> 00:28:11,280
बस इतना सा कह दिया था कि भाई सतयुग के ब्राह्मण कलयुग में राक्षस

391
00:28:11,280 --> 00:28:15,520
है या पता नहीं क्या तो आपने कहा उनको कि पूरा पेज पढ़ाइए मेरे को

392
00:28:15,520 --> 00:28:20,000
कहा था इतनी बार आपने ज्यादा सेने नहीं कहेंगे

393
00:28:20,000 --> 00:28:24,080
उनको नहीं कहेंगे वो जो करें वो पहले ही बिना शास्त्रों के ही वो तत्वदर्शी हो

394
00:28:24,080 --> 00:28:28,240
जाते हैं। आप आप क्या ज्यादा साने हो भाई मेरे को बता दीजिए हम आपको

395
00:28:28,240 --> 00:28:32,480
मूर्ख लग रहे हैं कोई आप अपने आप को ज्यादा साना

396
00:28:32,480 --> 00:28:35,680
समझते हो या हमें हमें बचकाना समझ रहे हो आप

397
00:28:35,680 --> 00:28:40,080
हम किसी को मूर्ख नहीं कर सकते ना तो आप अरे भैया आपने

398
00:28:40,080 --> 00:28:44,320
माना आपने माना वेदों को जानने वाला तत्वदर्शी है

399
00:28:44,320 --> 00:28:48,400
यहां हमने लिखा दिखा दिया वेदों का पूर्ण विद्वान वो है जो मां जगदंबा की

400
00:28:48,400 --> 00:28:52,400
नित्य आराधना करता है मानोगे कि नहीं

401
00:28:52,400 --> 00:28:56,400
तो ये बताइए कि क्या हम नित्य आराधना नहीं करते हैं क्या? मैं अभी ये

402
00:28:56,400 --> 00:29:01,040
पूछ रहा हूं कि जो मां जगदंबा को परम ब्रह्म मानता है। दोबारा दिखाओ।

403
00:29:01,040 --> 00:29:05,600
परम ब्रह्म के रूप में गायत्री मंत्र का जाप करता है। ये भी दिखा दो।

404
00:29:05,600 --> 00:29:09,680
गायत्री मंत्र का जाप करता है। ये भी दिखा दो भैया। ये

405
00:29:09,680 --> 00:29:15,520
देखिए जरा ये क्या लिखा हुआ है? एक मिनट दादा। बोलिए।

406
00:29:15,520 --> 00:29:20,640
ये देखिएगा जरा। ये पढ़ के सबको सुनाइए क्या है? ये

407
00:29:20,640 --> 00:29:24,640
कौन सा श्रीमद् भागवत गीता है? जी अरे भागवत गीता नहीं

408
00:29:24,640 --> 00:29:28,720
है यार देवी भागवत पुराण है क्या बच्चों वाली बात सुन रहे हो

409
00:29:28,720 --> 00:29:32,400
ये क्या है गायत्री के ध्यान प्राणायाम

410
00:29:32,400 --> 00:29:36,720
एक मिनट मैं पढ़ रहा हूं सतयुग में ब्राह्मण वेद के पूर्ण विद्वान थे

411
00:29:36,720 --> 00:29:41,200
उनके द्वारा निरंतर भगवती जगदंबा की आराधना होती थी

412
00:29:41,200 --> 00:29:45,200
भगवती का दर्शन करने के लिए उनका मन सदा लालायित रहता

413
00:29:45,200 --> 00:29:49,520
था गायत्री के ध्यान प्राणायाम और जप में अपना सारा

414
00:29:49,520 --> 00:29:50,720
समय व्यतीत करते

415
00:29:50,720 --> 00:29:54,880
थे हो गया जी गायत्री का जप

416
00:29:54,880 --> 00:29:59,680
एक मिनट गायत्री का जप मां भगवती की निरंतर आराधना

417
00:29:59,680 --> 00:30:03,840
निरंतर ये है वेद वेदों को पूर्ण विद्वान अब आप

418
00:30:03,840 --> 00:30:08,000
मुझे दिखा दो वेदों का पूर्ण विद्वान आपका रामपाल कहां है या फिर

419
00:30:08,000 --> 00:30:12,080
वेदों का पूर्ण विद्वान एक मिनट वेदों का पूर्ण विद्वान

420
00:30:12,080 --> 00:30:16,160
कबीर को भगवान कहने वाला कहां लिखा है बताओ अब अब

421
00:30:16,160 --> 00:30:20,480
ठहर लीजिए आप ठहर लीजिए थोड़ी सी मेरी बात को सुनिए उसमें आपने

422
00:30:20,480 --> 00:30:24,480
जो दिखाया कि सतयुग में ब्राह्मण पूर्व विद्वान मानते

423
00:30:24,480 --> 00:30:28,480
थे जो देवी का पूजा करते थे। लेकिन आपने [गला साफ़ करने की आवाज़] यह नहीं दिखाया कि

424
00:30:28,480 --> 00:30:32,640
देवी की पूजा करने से क्या मोक्ष होता है क्या उसको आप दिखाइए। अभी बात ये चल

425
00:30:32,640 --> 00:30:36,880
रही है तत्वदर्शी कौन है? अभी बात ये चल रही है तत्वदर्शी

426
00:30:36,880 --> 00:30:41,040
कौन है? विषय को मत बदलो। अभी बात चल रही है तत्वदर्शी कौन है? तुमने

427
00:30:41,040 --> 00:30:45,360
माना वेदों को पूर्ण रूप से जानने वाला तत्वदर्शी है। हमने आपको दिखाया

428
00:30:45,360 --> 00:30:49,360
वेदों को पूर्ण रूप से जानने वाला मां भगवती की उपासना कर रहा है। गायत्री मंत्र का जाप

429
00:30:49,360 --> 00:30:53,520
कर रहा है। ये दोनों चीजें आपका जो तिरछादर्शी है जेलधाम में उसके पास नहीं

430
00:30:53,520 --> 00:30:57,920
है। अब आप बताइए अपनी बात विषय

431
00:30:57,920 --> 00:31:01,920
को मत बदलिए। तत्वदर्शी कहां लिखा है? दो तरीके

432
00:31:01,920 --> 00:31:05,840
से बता दीजिए। या तो बता दीजिए तत्वदर्शी रामपाल है। ये लिखा

433
00:31:05,840 --> 00:31:09,840
हो। या तो बता दीजिए तत्वदर्शी वो है जो कबीर को भगवान मानता

434
00:31:09,840 --> 00:31:13,840
है। कबीर की पूजा करता है और जो ततशत मंत्र

435
00:31:13,840 --> 00:31:18,080
देता है वो अच्छा अभी

436
00:31:18,080 --> 00:31:22,080
तो हम देखो भाई देखो भाई आप विषयंतर करोगे हम लोग

437
00:31:22,080 --> 00:31:27,120
अब हो गए वो अभ्यस्त अब हम अभ्यस्त हो चुके हैं।

438
00:31:27,120 --> 00:31:31,280
ठीक है। विषयंतर मत करना। मैं सिर्फ पूछ रहा हूं

439
00:31:31,280 --> 00:31:35,600
तत्वदर्शी रामपाल कैसे है? वो बताओ

440
00:31:35,600 --> 00:31:40,960
कहां लिखा है? हेलो हेलो

441
00:31:40,960 --> 00:31:45,280
गए टू स्टॉप द ट्रेन। पुल द चैन स्कंध

442
00:31:45,280 --> 00:31:50,000
खोल दीजिए। पहला ही अध्याय है। नाइन स्कंध खोलिए। पहला ही अध्याय है। कुछ

443
00:31:50,000 --> 00:31:55,840
नवा स्कंध है सिक्स। आ गए आ गए वापस आ गए।

444
00:31:55,840 --> 00:31:59,840
मोक्ष भी देख लो देवी की पूजा से मोक्ष देख लो भैया

445
00:31:59,840 --> 00:32:04,000
जी मैं दो मिनट अरे दो मिनट रुक जाइए ना दो मिनट

446
00:32:04,000 --> 00:32:08,160
रुक जाइए सब कुछ कहेंगे आप ही कहेंगे पढ़ लीजिए ना पहले

447
00:32:08,160 --> 00:32:12,160
उसके बाद आप नहीं कह रहे सब कुछ आपके प्रश्नों का जवाब दिया जा

448
00:32:12,160 --> 00:32:17,760
रहा है धैर्य पूर्वक पूर्वक आप देखिए

449
00:32:17,760 --> 00:32:21,760
कीजिएगा स्क्रीन को ऊपर नीचे मत कीजिएगा बस यही रुकिए कहीं मत कीजिएगा अब

450
00:32:21,760 --> 00:32:26,320
स्क्रीन को अच्छा ये जो बाबा जी है हमारे पास रामपाल जी के आए।

451
00:32:26,320 --> 00:32:30,320
इनका कहना है कि जो देवी दुर्गा है वो काल ब्रह्म की पत्नी है।

452
00:32:30,320 --> 00:32:34,400
ठीक है? चलिए आज इनके दोनों क्लेम को उड़ा देता हूं। ये प्रश्न को

453
00:32:34,400 --> 00:32:38,240
थोड़ा नीचे लाइए अंतिम भाग में

454
00:32:38,240 --> 00:32:42,320
और इनसे पढ़ाइए ये जरा सारा ये बस बस यहीं पे ये जहां अंडरलाइन हुआ

455
00:32:42,320 --> 00:32:46,400
है। ये पढ़ना जरा एक बार। जो

456
00:32:46,400 --> 00:32:50,480
गणेश की माता भगवती दुर्गा है उन्हें शिव स्वरूपा कहा

457
00:32:50,480 --> 00:32:54,960
जाता है। यह भगवान शंकर की प्रयसी भार्या है।

458
00:32:54,960 --> 00:32:59,040
नारायणी विष्णु माया और पूर्ण ब्रह्म स्वरूपणी नाम

459
00:32:59,040 --> 00:33:03,200
से प्रसिद्ध ब्रह्मादि देवता मुनिगण तथा

460
00:33:03,200 --> 00:33:07,600
मनु प्रभूति प्रवर्ती सभी

461
00:33:07,600 --> 00:33:10,880
इनकी पूजा करते हैं। वे सब की व्यवस्था

462
00:33:10,880 --> 00:33:15,040
करती हैं। उनका चरित्र परम पावन है। यश मंगल सुख

463
00:33:15,040 --> 00:33:19,080
मोक्ष और हर्ष प्रदान करना लो भाई मोक्ष मिल गया

464
00:33:19,080 --> 00:33:23,200
[हंसी] हेलो उनका स्वाभाविक गुण है स्वाभाविक गुण

465
00:33:23,200 --> 00:33:28,000
है मोक्ष देना हेलो कहां गए मोक्ष मिल गया मैं कहीं

466
00:33:28,000 --> 00:33:32,160
मैं कहीं दूर नहीं जाऊंगा आपके पास मेरा भाई सुनेंगे कुछ नहीं खाली अपना अपना

467
00:33:32,160 --> 00:33:35,440
सुनाते रहेंगे

468
00:33:35,440 --> 00:33:39,600
मैं आपको सुन रहा हूं इनकी स्क्रीन बड़ी कर दीजिए इनकी स्क्रीन बड़ी कर दीजिए

469
00:33:39,600 --> 00:33:43,760
वापस ले आइए नॉर्मल कर दीजिए मैं आपको सुन रहा हूं बाबू राम जी अब

470
00:33:43,760 --> 00:33:47,760
दो बातें हो गई। पहली तत्वदर्शी आपने माना वो है

471
00:33:47,760 --> 00:33:51,760
जो वेदों को पूर्ण रूप से जानता है। हमने बताया वेदों को पूर्ण रूप

472
00:33:51,760 --> 00:33:55,920
से वो है जानने वाला जो मां दुर्गा की निरंतर आराधना करे। गायत्री

473
00:33:55,920 --> 00:34:00,480
मंत्र का जाप करे और वैराग्य भी हो। ठीक है। अब

474
00:34:00,480 --> 00:34:04,800
दूसरी बात ये आपने कहा कि मोक्ष हमने मोक्ष भी दिखा दिया और गायत्री

475
00:34:04,800 --> 00:34:09,120
के जब से मोक्ष भी हम दिखा सकते हैं आपको अगर आप कहेंगे तो। सुना

476
00:34:09,120 --> 00:34:13,200
जी से मोक्ष भी अब मैं प्रश्न मैं प्रश्न कर दूं फिर आप करिए। अब बात

477
00:34:13,200 --> 00:34:17,440
यह है कि हमने अपने पक्ष के संबंध में सुनिए हमने अपने

478
00:34:17,440 --> 00:34:21,520
पक्ष के संबंध में आपको प्रमाण दे दिया। अब आप रामपाल के पक्ष

479
00:34:21,520 --> 00:34:25,600
में प्रमाण दीजिए कि तत्वदर्शी रामपाल कैसे है?

480
00:34:25,600 --> 00:34:26,880
बताओ।

481
00:34:26,880 --> 00:34:30,880
मैं पहले पहला बात मैं ये कहूंगा कि मैं अभी मैं जो कटा था

482
00:34:30,880 --> 00:34:34,880
मेरा ये लाइव तो मैंने जब ऐड ऐड हो रहा था तो मैं ऐड क्यों

483
00:34:34,880 --> 00:34:40,000
नहीं हो पा रहा? भाई इसमें कारण क्या है? क्या

484
00:34:40,000 --> 00:34:44,400
मैं बता रहा हूं? क्या बोल रहे हैं ये? ये मुझे कुछ

485
00:34:44,400 --> 00:34:48,800
सुनाई दे रहा है क्या? नहीं नहीं देखिए बाबू रामदास

486
00:34:48,800 --> 00:34:52,480
जी

487
00:34:52,480 --> 00:34:55,920
आपकी बात

488
00:34:55,920 --> 00:35:00,160
राम जी एक मिनट एक मिनट क्या कह रहे हैं इनकी बात समझ गए?

489
00:35:00,160 --> 00:35:04,400
देखिए अभी मेरा कटा था तो मैं ये हो रहा था दोबारा। तो मैं ऐड

490
00:35:04,400 --> 00:35:09,200
क्यों नहीं हो पा रहा था? भाई इसमें कारण क्या है? अरे 25 बार हो पा रहे थे

491
00:35:09,200 --> 00:35:13,440
ऐड नहीं हो पा रहे थे ये वापस बस ऐड नहीं हो पा रहा था अभी

492
00:35:13,440 --> 00:35:17,600
थोड़ी देर पहले एक मिनट मैं इनको इनहीं की भाषा में जवाब दूंगा आप लोग रहने दिया करो मैं

493
00:35:17,600 --> 00:35:21,680
दूंगा इनको जवाब इनहीं की भाषा में अभी थोड़ी देर पहले आप कह रहे थे कि मेरा बैक

494
00:35:21,680 --> 00:35:26,320
कैमरा ऑन हो रहा है तो मैं कट जा रहा हूं उसका क्या कारण था

495
00:35:26,320 --> 00:35:30,400
उसका तो मान लीजिए मेरे से कैमरा ऑन बैक मतलब तुम्हारे पे

496
00:35:30,400 --> 00:35:35,680
जब बात आए तो मान लीजिए और हम पे तुम आरोप लगाओगे

497
00:35:35,680 --> 00:35:39,680
हम मान ले तुम्हारी सब बातें मान ले वो तत्वदर्शी है वो

498
00:35:39,680 --> 00:35:43,760
भगवान है सब बातें मान ले तुम्हारी हम जी जी जी

499
00:35:43,760 --> 00:35:47,760
अच्छा कोई बात नहीं मैं आपसे भी पूछता हूं अभी मेरा मेरा प्रश्न

500
00:35:47,760 --> 00:35:52,080
अभी क्लियर नहीं हुआ है आपको बताना पड़ेगा आपने

501
00:35:52,080 --> 00:35:56,640
जो अभी सुनो प्रश्न क्या है वो समझ लो आप

502
00:35:56,640 --> 00:36:01,280
आपने कहा तत्वदर्शी वो है जो वेदों को पूर्ण रूप से जाने

503
00:36:01,280 --> 00:36:05,600
हमने आपको बता दिया वेदों से वेदों को पूर्ण रूप से जानने ने वाला कौन है

504
00:36:05,600 --> 00:36:09,760
जो मां भगवती की निरंतर आराधना करे और गायत्री मंत्र का जप

505
00:36:09,760 --> 00:36:14,160
करे। अब आप बताओ कि तत्वदर्शी रामपाल कैसे सिद्ध हुआ?

506
00:36:14,160 --> 00:36:18,240
बताओ। जी मेरा भी कुछ सवाल रहेगा। खाली आप ही सवाल

507
00:36:18,240 --> 00:36:24,080
करेंगे। एक सवाल आप रामपाल को तत्वदर्शी सिद्ध करो ना।

508
00:36:24,080 --> 00:36:28,320
तुम विषय बदलते हो भाई। अभी बात चल रही थी तत्वदर्शी की।

509
00:36:28,320 --> 00:36:32,720
तुमने फिर कहा कि मोक्ष कहां है? जब मोक्ष दिखा दिया तो अब तुम और सवाल करोगे।

510
00:36:32,720 --> 00:36:36,960
अब पहले अपने रामपाल के बारे में तत्वदर्शी पना उसका सिद्ध

511
00:36:36,960 --> 00:36:41,040
करो। मैं ये कह रहा हूं तिरछा नहीं है। वो तत्वदर्शी

512
00:36:41,040 --> 00:36:45,040
है। सिद्ध करो। ठीक है। ठीक है। मैं ये कह रहा हूं कि एक सवाल

513
00:36:45,040 --> 00:36:49,120
आप करेंगे। एक सवाल हम करेंगे। ऐसा नहीं है कि सिर्फ आप ही आप सवाल

514
00:36:49,120 --> 00:36:51,440
करेंगे।

515
00:36:51,440 --> 00:36:51,940
अभी

516
00:36:51,760 --> 00:36:55,760
आप जो तत्वदर्शी की बात चल रही है उसका उत्तर दीजिए। फिर

517
00:36:55,760 --> 00:37:00,080
आप प्रश्न करिएगा। जी आपने जो आप लोगों के अनुसार

518
00:37:00,080 --> 00:37:04,160
जो जो भी तत्वदर्शी है बताइए कि गीता अध्याय 15 श्लोक नंबर एक

519
00:37:04,160 --> 00:37:08,160
से चार तक एक से चार मेरे को डिटेल बताइए कि वो तत्वदर्शी कौन है

520
00:37:08,160 --> 00:37:12,240
जो इसको डिटेल बता देगा। वो तत्वदर्शी

521
00:37:12,240 --> 00:37:16,480
आप ही ने कहा ना वो है जो वेदों को पूर्ण रूप से जानता हो। अब मुझे आप दिखा

522
00:37:16,480 --> 00:37:20,480
दीजिए कि वेदों को पूर्ण रूप से जानने वाला कहीं पर लिखा हो कि वो

523
00:37:20,480 --> 00:37:24,720
कबीर को मानने वाला हो। मान लूंगा आपकी बात। मैंने आपको दिखा

524
00:37:24,720 --> 00:37:28,880
दिया वेदों को पूर्ण रूप से मानने वाला जानने वाला वो है जो दुर्गा

525
00:37:28,880 --> 00:37:33,680
जो दुर्गा की पूजा करता है निरंतर फिर चले गए

526
00:37:33,680 --> 00:37:39,040
अब अब फिर आएंगे रोएंगे बोलेंगे जुड़ नहीं रहा हूं मैं हां

527
00:37:39,040 --> 00:37:43,040
देख लिया भैया तिरछा दर्शी की पोल
