1
00:00:01,960 --> 00:00:07,960
[घंटी की आवाज़]

2
00:00:15,920 --> 00:00:20,080
मैंने आपको जैसा कि बताया था कि हम लोग एक

3
00:00:20,080 --> 00:00:24,720
बड़ा आंदोलन प्रारंभ करने वाले हैं। उसका उद्घोष

4
00:00:24,720 --> 00:00:28,720
हो गया है। जयघोष हो चुका है और मेरे पास जगह-जगह से

5
00:00:28,720 --> 00:00:32,880
लोग संपर्क कर रहे हैं। बहुत जल्द दिल्ली में,

6
00:00:32,880 --> 00:00:36,960
अह पटना में, वाराणसी में, नागपुर में भी

7
00:00:36,960 --> 00:00:41,040
मतलब जगह-जगह से लोग संपर्क कर रहे हैं और रामपाल का पुतला

8
00:00:41,040 --> 00:00:46,240
जलाया जलाने की तैयारी है जगह-जगह पर और साथ ही साथ

9
00:00:46,240 --> 00:00:50,560
जो रामपाल का जो भी सेवक है जो उनके आसपास

10
00:00:50,560 --> 00:00:54,560
यदि रहता है तो अब आली रे आली क्या कहते हैं

11
00:00:54,560 --> 00:00:59,120
वो क्या कहता है उसमें आली रे आली अत

12
00:00:59,120 --> 00:01:03,360
तुजी वाली बारी आली तो वह स्थिति आने वाली है। तो अब

13
00:01:03,360 --> 00:01:07,760
यह लोग जो प्रचारक बने घूम रहे हैं इधर-उधर रामपाल के

14
00:01:07,760 --> 00:01:11,760
वो अपनी चीजों को देख लें जो भी उनके साथ होने वाला है।

15
00:01:11,760 --> 00:01:15,920
जगह-जगह पर ये अभियान शुरू होने वाला है और

16
00:01:15,920 --> 00:01:17,120
वो जो समोसे वाला

17
00:01:17,120 --> 00:01:21,200
है उसने दो दिन से समोसा लगाया नहीं है ठेल और हम

18
00:01:21,200 --> 00:01:25,280
अभी एक दो बार वहां पर प्रदर्शन और कर देंगे। जैसे ही समय मिलेगा और

19
00:01:25,280 --> 00:01:29,520
लोगों को वहां बताएंगे बल्कि वहां जो जब वह समोसे बेच रहा होगा

20
00:01:29,520 --> 00:01:33,920
तो जिस समय उसके समोसे लोग खा रहे होंगे उसी समय प्लेट ले जाने वाले हैं बांटने

21
00:01:33,920 --> 00:01:38,240
के लिए। यह लो जिसके तुम समोसे खा रहे हो वह कौन है उसको जानो।

22
00:01:38,240 --> 00:01:42,480
यह सब चीजें होने वाली हैं। तो अच्छा हमारे

23
00:01:42,480 --> 00:01:46,560
इस प्रदर्शन के विरोध में कुछ हास्यात्मक वीडियोस भी मुझे

24
00:01:46,560 --> 00:01:50,720
दिख प्राप्त हुए। जिसमें जो सबसे प्रमुख

25
00:01:50,720 --> 00:01:55,120
रूप से जो वीडियो मुझे मिला है वह मिला है इसका अभिषेक का और उसमें राघव

26
00:01:55,120 --> 00:01:59,360
दास दोनों जो है खड़े हैं। वही उनका पुराना तरीका किताबों

27
00:01:59,360 --> 00:02:04,080
के पीछे खड़े हो जाओ किताबें दिखाओ और किताबों

28
00:02:04,080 --> 00:02:08,080
का कुछ ऐसा अट्रम शटरम कुछ बनाओ कि मामला जो है

29
00:02:08,080 --> 00:02:12,480
अपनी प्रजा को यह बता दो कि देखो कुछ हुआ तो हमने बोला

30
00:02:12,480 --> 00:02:16,560
बाकी उससे कुछ तंत पानी निकलता है कि नहीं निकलता वो कोई मतलब

31
00:02:16,560 --> 00:02:20,640
नहीं है। जैसे कि हमने कार्यवाही

32
00:02:20,640 --> 00:02:25,120
की यहां पर बोला भी लोगों को परास्त भी किया निरुत्तर भी किया ढेर सारी

33
00:02:25,120 --> 00:02:29,120
अनगिनत बार इसके बाद धरातल पर उतरे धरातल पर

34
00:02:29,120 --> 00:02:32,320
उतर के कोर्ट केस किया रामपाल जिस

35
00:02:32,320 --> 00:02:37,120
जेल में बंद है उसके जेलर को यहां बुलवा लिया जेलर को है ना

36
00:02:37,120 --> 00:02:42,560
और तुम्हारा नाम दान सेंटर बंद हो गया वहां पे लोगों को कहना पड़ा

37
00:02:42,560 --> 00:02:46,640
कि यहां पे किताबें नहीं है यह सब ऐसा नहीं

38
00:02:46,640 --> 00:02:50,800
है कि सिर्फ बस हम औपचारिकता के लिए कर रहे हैं। हम

39
00:02:50,800 --> 00:02:54,800
कुछ ऐसा कर रहे हैं कि हमें प्राप्त करना है अभीष्ट फल केवल औपचारिकता के

40
00:02:54,800 --> 00:02:59,440
लिए नहीं। मगर वो दोनों जो टट्टू हैं किराए के

41
00:02:59,440 --> 00:03:03,440
वो बेचारे दोनों खड़े हो गए। वही अपना पुराना रटा रटाया कि यहां यह लिखा

42
00:03:03,440 --> 00:03:07,920
है वहां वो लिखा है। उसका अपने मन मन के अनुसार अर्थ जो कि अभी मैं बात करने वाला हूं।

43
00:03:07,920 --> 00:03:12,000
तो सबसे पहले राघव दास ने बात की कि यह कुछ नहीं है।

44
00:03:12,000 --> 00:03:16,640
यह भड़काता है और इसकी जो इसके साथ में जो लोग थे

45
00:03:16,640 --> 00:03:20,640
वो इतने कम संख्या वाले थे बोल

46
00:03:20,640 --> 00:03:25,040
रहा था कि बहुत कम हालांकि मैंने पूरा वीडियो नहीं देखा थोड़ा राघव दास की पूरी बात संभवता

47
00:03:25,040 --> 00:03:29,360
मैंने सुन ली और वो फैक्टफुल अभिषेक वो दोबारा तुरंत शुरू हो गया। वही किताबें

48
00:03:29,360 --> 00:03:33,360
खोलना ग्रंथ खोलना उनका अपने अनुसार मैनपुलेशन करना। अभेद

49
00:03:33,360 --> 00:03:37,440
का मतलब बता रहा है कि वह पति पत्नी का रिश्ता है। अभेद शब्द का अर्थ हो

50
00:03:37,440 --> 00:03:41,840
गया पतिप और पति पत्नी में भी बलात्कार भी फिट हो गया। है ना?

51
00:03:41,840 --> 00:03:47,200
यह सब वो कर रहा है। तो अ

52
00:03:47,200 --> 00:03:47,700
वो

53
00:03:47,440 --> 00:03:51,600
क्या कह रहा है राघव दास? सबसे पहले तो वो ये बता रहा है कि तुम्हारे साथ इतनी

54
00:03:51,600 --> 00:03:55,600
भीड़ है जितनी तो हमारी गली में इकट्ठा हो जाती है। अबे

55
00:03:55,600 --> 00:03:59,760
मूर्ख व्यक्ति वो भीड़ तेरे ठिलिया कुलचे वाले के लिए

56
00:03:59,760 --> 00:04:03,920
थी। रामपाल के लिए नहीं। अब तू अपने रामपाल को वास्तविकता

57
00:04:03,920 --> 00:04:07,920
में वही घोंंचू समझता है जो हम लोग समझते हैं तो बात अलग है।

58
00:04:07,920 --> 00:04:12,000
ज्ञान के मामले में तो टच्चा है ही मगर वो तू इस मामले में भी उसे टुच्चा

59
00:04:12,000 --> 00:04:16,400
समझता है कि वह जो जनता एकत्रित हुई थी वह रामपाल के लिए हुई थी ना

60
00:04:16,400 --> 00:04:20,400
रामपाल को नहीं अब रामपालियों को पकड़ा जाएगा वो तुम्हारे वो

61
00:04:20,400 --> 00:04:24,400
ठेले वाले मित्र के लिए हुई थी एकत्रित उसके लिए तो पर्याप्त है या

62
00:04:24,400 --> 00:04:28,400
तुम ठेले वाले को रामपाल के समान समझते हो तो बात अलग है। यह तुम तय

63
00:04:28,400 --> 00:04:32,560
कर लो कि तुम्हारा वह जो ठेले वाला व्यक्ति है, वह रामपाल के बराबर

64
00:04:32,560 --> 00:04:36,560
दमखम वाला है या उनमें अंतर है। तुम तय कर लो। तो है नहीं। तो, यह

65
00:04:36,560 --> 00:04:40,640
तो रहा संख्या बल का एक जवाब। अब दूसरा संख्या बल का जवाब ले

66
00:04:40,640 --> 00:04:44,640
लो। यह पहला जवाब भी तुम्हारे ही तुम्हारा ही जूता तुम्हारे सर

67
00:04:44,640 --> 00:04:48,880
पर मारा। अब दूसरा जूता भी तुम्हारा ही है। भाई, वो दिखा दीजिए जरा। एक

68
00:04:48,880 --> 00:04:52,960
स्क्रीनशॉट मैंने शेयर किया है। तो देखो भाई।

69
00:04:52,960 --> 00:04:57,200
तो ये देखो कमेंट दिखाइए। इसे ऊपर करिए। ऊपर वाला चित्र

70
00:04:57,200 --> 00:05:01,200
दिखाइए। यह क्या लिखा है? यह रामपाल

71
00:05:01,200 --> 00:05:03,200
का जो हमने

72
00:05:03,200 --> 00:05:07,440
विरोध प्रदर्शन किया है, उस प्रदर्शन के विरोध

73
00:05:07,440 --> 00:05:11,520
में ये कमेंट आ रहा है तेरे गुरु भाई का रामपाल के तत्व ज्ञानी शिष्य

74
00:05:11,520 --> 00:05:16,240
का। तत्वज्ञानी शिष्य का मतलब समझा? तत्वज्ञानी वो

75
00:05:16,240 --> 00:05:20,240
जो सच्चा भक्त होता है वही तत्वज्ञानी है। अब तेरे

76
00:05:20,240 --> 00:05:24,560
ये गुरु भाई भगत तो है ना। पढ़ ले अपनी गरमा गीता की। सनातन

77
00:05:24,560 --> 00:05:28,720
धर्म की किताबें पढ़ने से पहले राघव दास अपनी

78
00:05:28,720 --> 00:05:33,040
तत्व ज्ञानी की किताबें पढ़ ले जेल कट्टटू की शर्म आ जाएगी

79
00:05:33,040 --> 00:05:37,120
और कंफ्यूज हो जाएगा पागल हो जाएगा आत्महत्या करने की सोचेगा अगर पढ़

80
00:05:37,120 --> 00:05:41,260
ली तो ये क्या पढ़ लिया मैंने

81
00:05:41,260 --> 00:05:45,280
[हंसी] कॉमेडी शो है कॉमेडी शो तो पहले उसको पढ़ ले

82
00:05:45,280 --> 00:05:49,680
उसमें उसने लिखा है कि भगत वही है जो तत्व ज्ञानी

83
00:05:49,680 --> 00:05:53,680
है तो ये तेरे तत्व ज्ञानी अब तू भगत तो मानता है ना अपने गुरु

84
00:05:53,680 --> 00:05:57,760
ियों को ऐसे अनेक कमेंट आ रहे हैं। तेरे भगत जो कि

85
00:05:57,760 --> 00:06:02,160
तत्व ज्ञानी है तो तत्वज्ञानी है तो वो क्या लिख रहा है? सत्य अकेला

86
00:06:02,160 --> 00:06:06,240
खड़ा होता है और मूर्खों की फौज होती है। ले तू मुझसे कह

87
00:06:06,240 --> 00:06:10,320
रहा है ना कि मेरे पास मेरी फौज नहीं है। कम लोग थे तो

88
00:06:10,320 --> 00:06:14,320
फौज कहां होती है? मूर्खों के पास। यह भी तेरा जूता ही तेरे सर पे।

89
00:06:14,320 --> 00:06:18,800
इसको कहते हैं मार। ठीक है? अकाट्य

90
00:06:18,800 --> 00:06:22,880
बातें होती है यहां। यहां वो फरलोबाजी नहीं है। वह खड़े हो गए तमाशा कर

91
00:06:22,880 --> 00:06:27,280
दिया और अपने गवार अनपढ़ फॉलोअर्स को संतुष्टि

92
00:06:27,280 --> 00:06:31,280
दे दी। देखो भाई कुछ हुआ तो हमने ये किया। ये फरलोबाजी नहीं है। यहां

93
00:06:31,280 --> 00:06:35,360
पे बिल्कुल कांटे की बात है। और जिस दिन सामना होगा एक खीखी

94
00:06:35,360 --> 00:06:39,360
खीखी खू खू सब निकल जाएगी। बस हिजड़ों की तरह ये

95
00:06:39,360 --> 00:06:43,440
सब करो कि क्या कहते हैं? फोटो बिगाड़ के

96
00:06:43,440 --> 00:06:47,600
डाल दो। ये सब फोटो बिगाड़ के और सबसे बढ़िया चीज है। भाई

97
00:06:47,600 --> 00:06:51,600
वीडियो बनाओ। यह सब करो इसमें तुम करते रहो लगे रहो मगन

98
00:06:51,600 --> 00:06:56,240
रहो मैं जड़ से उखाडूंगा जमीन पर उतरूंगा रामपाल

99
00:06:56,240 --> 00:06:56,740
के

100
00:06:56,400 --> 00:07:00,240
समर्थकों का जीना दुश्वार

101
00:07:00,240 --> 00:07:04,320
दुर्गा माता को गाली देने वाले के समर्थकों

102
00:07:04,320 --> 00:07:09,280
को चैन से नहीं रहने दूंगा मैं अपने पास की बात कर रहा हूं ठीक है

103
00:07:09,280 --> 00:07:13,520
तो एक तो यह बात रही तेरा जूता तेरे ही सर पहला वाला भी तेरा जूता

104
00:07:13,520 --> 00:07:17,760
तेरे ही सर और दूसरा वाला तेरे तत्व ज्ञानी भाई का तेरा जूता तेरे सर तू

105
00:07:17,760 --> 00:07:22,080
तू तू संख्या बल ढूंढ रहा है। तू फौज ढूंढ रहा है तेरा। तत्व ज्ञानी भाई कह रहा है

106
00:07:22,080 --> 00:07:26,320
कि फौज तो मूर्खों की होती है। शेर अकेले खड़ा होता है। अब सुन

107
00:07:26,320 --> 00:07:30,640
इतने से बात नहीं बनेगी। हमारे जो सनातन भाई बहन हैं सनातनी

108
00:07:30,640 --> 00:07:34,640
हिंदुत्ववादी मनुवादी उनके लिए भी सिद्धांत दे दूं जिससे

109
00:07:34,640 --> 00:07:39,360
वो इस बात का उत्तर दे पाए। जुगनू और उल्लू यह तेरे भेजे में नहीं घुसेगा

110
00:07:39,360 --> 00:07:43,440
और तेरे तत्वज्ञानी भक्तों के लिए नहीं। यह हमारे दर्शकों के लिए हमारे जो समर्थक

111
00:07:43,440 --> 00:07:47,760
हैं उनके लिए सिद्धांत जुगनू और उल्लू

112
00:07:47,760 --> 00:07:52,080
सूर्य के प्रकाश की ओर आकर्षित नहीं होते हैं। टिमटिमाते

113
00:07:52,080 --> 00:07:56,240
हुए दिए की ओर आकर्षित होते हैं। है ना? मगर

114
00:07:56,240 --> 00:08:00,640
सूर्य की ओर आकर्षित ना होने में सूर्य के सामर्थ्य

115
00:08:00,640 --> 00:08:05,120
का दोष नहीं है बल्कि जुगनू और उल्लू के असामर्थ्य का दोष है।

116
00:08:05,120 --> 00:08:09,760
समझ में आया कुछ? हिंदी पढ़ लियो थोड़ा सा जाकर के। ठीक है?

117
00:08:09,760 --> 00:08:11,440
प्रकाश के विषय में

118
00:08:11,440 --> 00:08:15,520
जुगनू और उल्लू प्रमाण नहीं होते हैं। समझ में आया? और

119
00:08:15,520 --> 00:08:19,840
समझ ले। दुनिया में कितने

120
00:08:19,840 --> 00:08:24,240
लोग हैं तेरे अनुसार बोल रहा हूं। तेरी फिलॉसफी के अनुसार मूर्ख व्यक्ति

121
00:08:24,240 --> 00:08:30,240
मैं तो तेरे ही जूता तेरे सर पर मारूंगा। मुझे अपनी चीजें लाने की जरूरत ही नहीं है।

122
00:08:30,240 --> 00:08:34,240
ज्यादा लोग काल के काल को फॉलो कर रहे हैं कि ज्यादा लोग तेरे तत्व ज्ञानी

123
00:08:34,240 --> 00:08:38,320
को फॉलो कर रहे हैं। जो तत्वज्ञानी को फॉलो नहीं कर रहा है वो काल को फॉलो कर रहा है। तो

124
00:08:38,320 --> 00:08:42,480
तेरा तत्व ज्ञानी बेकार हो गया। हो गया तत्वज्ञानी

125
00:08:42,480 --> 00:08:46,640
तो हो गया बेकार। उड़ा खिल ली अपने तत्व ज्ञानी की तेरा जूता

126
00:08:46,640 --> 00:08:50,720
तेरे सर मारूंगा मैं इसलिए कहते हैं मत पड़ो चक्कर

127
00:08:50,720 --> 00:08:54,800
में कोई नहीं है टक्कर में ऐसे ही नहीं कहते ठीक है अब दूसरी बात

128
00:08:54,800 --> 00:08:59,280
इसने ये कही है राघव दास ने कि भाई

129
00:08:59,280 --> 00:09:03,520
अह मेरे पास इसका राघव दास का फोन नंबर

130
00:09:03,520 --> 00:09:07,920
है और इसने मुझे कई बार बुलाया है मैं आया नहीं हूं।

131
00:09:07,920 --> 00:09:11,920
इसने एक बार मुझे फोन किया था और इसने फोन किया था। यह बात मुझे

132
00:09:11,920 --> 00:09:15,920
पता चली थी फोन के शायद महीने भर बाद जब

133
00:09:15,920 --> 00:09:20,000
वो कार्यक्रम हुआ था ना इनका तत्व ज्ञानियों की किताबें जलाई गई

134
00:09:20,000 --> 00:09:24,320
थी। ध्यान है ना चौराहे पे उसी चौराहे पर पुतला जला है। तो जब वो कार्यक्रम

135
00:09:24,320 --> 00:09:26,800
हुआ था इनका जहां से इनकी

136
00:09:26,800 --> 00:09:31,040
बिगिनिंग शुरू हुई थी इनके एंड की इनका नाच शुरू हुआ था इनको नचाना

137
00:09:31,040 --> 00:09:35,280
मदारी की तरह। तो तब जब किताबें वगैरह जलाई गई उनको पैरों से कुचल कुचल

138
00:09:35,280 --> 00:09:39,280
के जलाया था। बाय द वे वो जो थूथुन होती है ना जहां पे थूथुन छपी

139
00:09:39,280 --> 00:09:43,760
है ना तुम्हारे दुर्गा माता को गाली देने वाला जो बाबा है तुम्हारा उसकी थूथुन

140
00:09:43,760 --> 00:09:47,840
जहां छपी है वहां पे मल मूत्र लगा हुआ जो चप्पल होता है ना उसको

141
00:09:47,840 --> 00:09:52,240
रगड़ के कुचला गया था उन फोटोस को और

142
00:09:52,240 --> 00:09:56,320
उसको कुचल कुचल के रगड़गड़ के ऐसे करके वो किताबें जलाई गई थी

143
00:09:56,320 --> 00:10:00,720
शर्म की बात है भाई तुम लोगों के अनुसार तो बड़ा सम्मान है उसका हमारे

144
00:10:00,720 --> 00:10:04,800
लिए सम्मान नहीं भैया दुर्गा माता को गाली देने वाले बाबा तो उसकी यह

145
00:10:04,800 --> 00:10:08,800
दुर्गति हुई हुई थी। बहुत बुरी दुर्गति थी। तो इसने वह जो

146
00:10:08,800 --> 00:10:13,040
कार्यक्रम हुआ था जब इसके थूथून को रगड़ा गया था। वो जो

147
00:10:13,040 --> 00:10:17,200
किताबें ये ये जो सीन था तो जब यह

148
00:10:17,200 --> 00:10:21,200
रगड़ा गया था इसको तब इसके मेरे ख्याल से इसके कुछ दो

149
00:10:21,200 --> 00:10:25,440
चार दिन के अंतराल में ही इसका फोन आया होगा। मैं ऐसे नहीं जानता

150
00:10:25,440 --> 00:10:30,080
था। इसका फोन मेरे पास आया और इसने मुझसे यह पूछा कि भाई

151
00:10:30,080 --> 00:10:34,080
आपके तुम्हारे क्या-क्या आपके कहा होगा? क्या-क्या

152
00:10:34,080 --> 00:10:38,080
प्रश्न है? तो मैंने मुझे नहीं पता कि कौन

153
00:10:38,080 --> 00:10:42,000
कॉल कर रहा है। ठीक है? तो मैंने और दिन भर में 50

154
00:10:42,000 --> 00:10:46,080
लोग आते हैं। 50 लोग फोन कर रहे थे उस समय दिन भर में। तो अब इस

155
00:10:46,080 --> 00:10:50,160
अच्छा इसने उस समय यह भी नहीं कहा कि मैं ऑथेंटिक हूं। यही हो कि मैं ऑथेंटिक हूं। कह

156
00:10:50,160 --> 00:10:54,160
दे तो एक नॉर्मल व्यक्ति जो दिन भर में चिलवा भगत फोन किया करते हैं।

157
00:10:54,160 --> 00:10:58,160
वैसा ही एक चिलवा भगत ये था। आज भी है। मगर उनकी ओर

158
00:10:58,160 --> 00:11:02,320
से यह महत्वपूर्ण है। यह इसने नहीं बताया और सीधे इसने कहा कि कितने कौन-कौन से

159
00:11:02,320 --> 00:11:06,400
प्रश्न तो मैंने कहा भाई मैंने जो भी मेरे प्रश्न है वो वहां डले हुए हैं।

160
00:11:06,400 --> 00:11:10,560
वो आप देख लो और उसके बाद जो है चर्चा करने बैठ

161
00:11:10,560 --> 00:11:14,560
जाओ। तो बाद में यह एमपी खबर एमपी खबर फास्ट वाले

162
00:11:14,560 --> 00:11:18,720
पे कोई मैंने इसकी वो देखी थी चर्चा जिसमें ये कह रहा था कि मैंने उससे पूछा कौन-कौन

163
00:11:18,720 --> 00:11:22,720
से प्रश्न है तो उसने प्रश्न ही नहीं बताए। अरे भाई पहले तू बता तो सही कि तू किस

164
00:11:22,720 --> 00:11:26,720
उद्देश्य से आया है और तू सतलोक आ तेरे जो चिलवा भगत लोग हैं ये देखा

165
00:11:26,720 --> 00:11:30,800
है सूखे चेहरे वाले छुआारे जैसे चेहरे के कितने लोग ये दिन भर फोन करते

166
00:11:30,800 --> 00:11:34,960
हैं एक एक को मैं प्रश्न बताता घूमूं अब क्या है

167
00:11:34,960 --> 00:11:39,200
कि इसने मेरा कभी फॉर्म भरा होगा यह वाला चर्चा चर्चा में आने वाला राघव

168
00:11:39,200 --> 00:11:43,280
दास की बात बता रहा हूं इसने कभी फॉर्म भरा होगा मुझे नहीं मालूम यह वही व्यक्ति है

169
00:11:43,280 --> 00:11:47,280
जो मेरे पास आया तो मैंने उसको प्रश्न नहीं बताया फिर वह बाद में एमपी कवर

170
00:11:47,280 --> 00:11:51,280
फास्ट पर जाकर बोल रहा है कि मुझे प्रश्न नहीं बताया अब

171
00:11:51,280 --> 00:11:54,720
राघव दास ने एक

172
00:11:54,720 --> 00:11:57,120
फॉर्म भी भरा हुआ है। अब वह कब भरा है

173
00:11:57,120 --> 00:12:01,200
वह मुझे नहीं पता है। मगर राघव दास नाम से फॉर्म मेरे पास भरा हुआ है। मुझे

174
00:12:01,200 --> 00:12:05,360
यह नहीं मालूम था कि यही इसी का ही है। और वो राघव दास नाम से नहीं है वो फॉर्म।

175
00:12:05,360 --> 00:12:09,360
वो फॉर्म भरा हुआ है राघव मिश्रा के नाम से। अब ये सब बातें

176
00:12:09,360 --> 00:12:13,520
होने के बाद में मुझे आज तक नहीं पता था कि राघव दास का नंबर मेरे पास

177
00:12:13,520 --> 00:12:17,680
है या नहीं। मगर मेरा तो नंबर सार्वजनिक है ना राघव दास

178
00:12:17,680 --> 00:12:21,760
और तूने कितनी बार बुलाया है मुझे लाइव में बताओ कितना झूठ

179
00:12:21,760 --> 00:12:25,920
बोलेगा अपने गवरों को यार शर्म नहीं आती क्या आज ये बोला

180
00:12:25,920 --> 00:12:30,960
कल के वीडियो में शायद कल बोलता है कि भाई वो

181
00:12:30,960 --> 00:12:35,520
हमने उसे कई बार बुलाया उसके पास मेरा नंबर है अरे

182
00:12:35,520 --> 00:12:39,520
जो पुरुषत्व है ना तो अपना नंबर सार्वजनिक कर पहली बात

183
00:12:39,520 --> 00:12:44,560
तो कि मुझे जो है तेरा नंबर ढूंढना ना पड़े

184
00:12:44,560 --> 00:12:48,880
तुझसे किसने कह दिया कि मैंने तेरा नंबर सेव कर रखा है? एमपी खबर फास्ट

185
00:12:48,880 --> 00:12:53,120
वाले से नंबर मांगा था तेरा पूछ लेना उससे। वो जो ऊंचा सुनता

186
00:12:53,120 --> 00:12:57,360
है ऐ करके बोलता है ना ऐसे उससे पूछ

187
00:12:57,360 --> 00:13:01,840
लेना अपने बहरे मित्र से कि मैंने नंबर मांगा था कि नहीं।

188
00:13:01,840 --> 00:13:07,440
खैर उसने मुझे नंबर नहीं दिया। बीच में

189
00:13:07,440 --> 00:13:11,680
मेरे मन में यह बात हमेशा अटकी रही कि राघव दास का फोन आया था और मुझसे

190
00:13:11,680 --> 00:13:12,240
बात नहीं कर

191
00:13:12,240 --> 00:13:16,320
पाया। आज इसने जब यह बोला कि इसके पास मेरा नंबर है। हम लोग कई बार लाइव

192
00:13:16,320 --> 00:13:20,320
पर बुला चुके हैं। तो आज मैंने अपने में देखा क्या मेरे

193
00:13:20,320 --> 00:13:24,480
पास राघव नाम से कोई नंबर सेव है? तो मेरे पास

194
00:13:24,480 --> 00:13:28,560
राघव नाम से नंबर मुझे मिल गया। सेव

195
00:13:28,560 --> 00:13:33,360
अब वो देखिए आप किस नाम से मेरे पास सेव है।

196
00:13:33,360 --> 00:13:37,440
इसको कैसे दिखाऊं कि यह जो है इसका नंबर ना दिखाई दे राघव

197
00:13:37,440 --> 00:13:39,760
दास का।

198
00:13:39,760 --> 00:13:43,840
अब यही तो बात है। पुरुषत्व होता तुम्हारे अंदर तो तुम अपना नंबर

199
00:13:43,840 --> 00:13:48,080
खुद सार्वजनिक करते तो मैं लोगों को दिखा पाता कि यह राघव दास का नंबर है।

200
00:13:48,080 --> 00:13:52,240
यह मेरे पास ऐसे उंगली रख के दिखा देता हूं। यह

201
00:13:52,240 --> 00:13:56,400
देखिए अब आपको नहीं दिखाई दे रहा है तो बात अलग है। मगर

202
00:13:56,400 --> 00:14:00,480
इसमें लिखा हुआ है एफ आई डी एन टेम

203
00:14:00,480 --> 00:14:04,560
राघव मिश्रा। मिश्रा मैं क्यों लिख रहा हूं? क्योंकि इसने

204
00:14:04,560 --> 00:14:08,800
इस दोगले व्यक्ति ने जब फॉर्म

205
00:14:08,800 --> 00:14:13,040
भरा होगा मेरा जो चर्चा करने वाले फॉर्म होते हैं ना तो उसमें अपने आप को राघव

206
00:14:13,040 --> 00:14:17,280
दास नहीं बताएंगे वहां पर अपना भोकाल दिखाएंगे मिश्रा है हां

207
00:14:17,280 --> 00:14:21,520
और वैसे मिश्रा कौन है ब्राह्मण कौन है जो सतयुग

208
00:14:21,520 --> 00:14:25,520
के राक्षस हैं वो कलयुग में ब्राह्मण है हर

209
00:14:25,520 --> 00:14:27,760
बात को अपनी को काटते हो

210
00:14:27,760 --> 00:14:31,840
हंसी आती है तुम्हारे एकदम तरस आता है तुम लोगों पे तुम्हारी बेवकूफियों

211
00:14:31,840 --> 00:14:36,000
पे दोगला व्यक्ति की एक तरफ ये कलयुग के ब्राह्मणों को राक्षस

212
00:14:36,000 --> 00:14:40,080
कहते हैं फिर दूसरी बात फॉर्म भरते टाइम अपने आप को मिश्रा कहते

213
00:14:40,080 --> 00:14:44,080
हैं। और तीसरी बात कि यह जब फोन करते

214
00:14:44,080 --> 00:14:48,560
हैं तो बताते नहीं है कि मैं कौन बोल रहा हूं। मैं किस लिए मैंने फोन किया है

215
00:14:48,560 --> 00:14:52,720
और उसके बाद इतने दिनों के बाद आज भी इस व्यक्ति ने

216
00:14:52,720 --> 00:14:56,800
जब लाइव के लिए मुझे अपनी जनता को खुश करने

217
00:14:56,800 --> 00:15:00,880
के लिए बातें बोली हैं कि मैंने उसे बुलाया है, यह किया है, लस्सी

218
00:15:00,880 --> 00:15:05,440
पी है, खीर पी है। तो, यह सब बात

219
00:15:05,440 --> 00:15:09,440
करते हुए भी इस व्यक्ति ने अपना नंबर ना तो सार्वजनिक किया और ना ही मुझे

220
00:15:09,440 --> 00:15:13,440
पर्सनल मैसेज भेज दिया। चलो भाई तुम्हें कायर हो या फिर ऐसा कुछ

221
00:15:13,440 --> 00:15:17,520
नपुंसकता का प्रदर्शन करना है। बचपन में माता जी ने ऐसा दूध

222
00:15:17,520 --> 00:15:22,000
नहीं पिलाया जो तुम्हें पोषण पोषक तत्व प्राप्त हो पाए हो

223
00:15:22,000 --> 00:15:26,320
तो चलो भाई प्राइवेटिवली है ना प्राइवेट तरीके से व्यक्तिगत

224
00:15:26,320 --> 00:15:30,640
रूप से तुम मुझे नंबर भेज देते यह मेरा नंबर है अपने आप ही मुंगेरी

225
00:15:30,640 --> 00:15:34,640
लाल के हसीन सपने कि मेरा नंबर शिवश नारायण द्विवेदी के पास नहीं

226
00:15:34,640 --> 00:15:39,200
शिवश नारायण द्विवेदी के पास तुम्हारी जो पहचान है

227
00:15:39,200 --> 00:15:43,040
यह थल मीडिया पर इस पहचान

228
00:15:43,040 --> 00:15:47,120
के द्वारा आज से पहले तक शिवश नारायण द्विवेदी के पास तेरा

229
00:15:47,120 --> 00:15:51,440
नंबर नहीं था। आज मुझे वो नंबर मिला जब मैंने राघव

230
00:15:51,440 --> 00:15:55,440
टाइप किया वो भी किस नाम से मिला? राघव मिश्रा के नाम से। तो

231
00:15:55,440 --> 00:15:58,160
ये तो तुम्हारी

232
00:15:58,160 --> 00:16:02,800
षड्यंत्र वाली कहानियां है। तुम दोगलों से क्या अपेक्षा कर सकते हैं?

233
00:16:02,800 --> 00:16:06,800
इतना सब दोगलापन करने के बाद ये व्यक्ति कह रहा है कि अब ये आएगा

234
00:16:06,800 --> 00:16:11,120
नहीं। क्यों आऊं भाई? पांच महिला और एक बच्चे की हत्या

235
00:16:11,120 --> 00:16:15,280
मेरे पक्ष पर चल रही है। हत्या का आरोप मेरे पक्ष पर है कि तेरे पक्ष पर है?

236
00:16:15,280 --> 00:16:20,320
12 साल जेल काट के तेरा बाबा आया है कि मेरा आया है?

237
00:16:20,320 --> 00:16:26,320
अपराधी अपराधी तुम लोग घोषित हो कि मैं घोषित हूं?

238
00:16:26,800 --> 00:16:30,880
क्यों आऊं भाई तेरे यहां पर? दोगलापन हर पन्ने पर हर बात पर

239
00:16:30,880 --> 00:16:35,360
तुम्हारी दिख रहा है। टपक रहा है दोगलापन तुम्हारे मुंह से। चरित्रहीनता

240
00:16:35,360 --> 00:16:39,440
तुम्हारे मुंह से। व्यभचार तुम्हारे मुंह से टपक रहा

241
00:16:39,440 --> 00:16:43,120
है। मैं तुम्हारे स्थान पर आ जाऊं।

242
00:16:43,120 --> 00:16:49,120
झूठ की सीमा नहीं है जहां पर वहां मैं चला जाऊं। क्यों?

243
00:16:49,200 --> 00:16:53,200
अच्छा ये मेरे को ही तुम्हारे चलो ये तो एक रही कि तुम लोग तुम लोगों का

244
00:16:53,200 --> 00:16:57,200
चरित्र जो है समाज में बदनाम है। ये तो एक इसको अलग हटा दो।

245
00:16:57,200 --> 00:17:01,440
न्यूट्रल हो जाते हैं। तो बेवकूफ व्यक्ति

246
00:17:01,440 --> 00:17:05,680
ये कैसे तय होगा कि मुझे ही तेरे यहां आना है। ये कैसे तय

247
00:17:05,680 --> 00:17:10,880
होगा? न्यूट्रल जगह क्यों नहीं रखेगा तू? बोल।

248
00:17:10,880 --> 00:17:14,880
नानी याद आती है ना? और आज

249
00:17:14,880 --> 00:17:18,880
तूने मेरा फोन क्यों नहीं उठाया? तुझे तो पता नहीं है कि मैं तेरे आने वाला हूं कि नहीं आने वाला हूं।

250
00:17:18,880 --> 00:17:22,960
फोन क्यों नहीं उठाया? भाई आऊंगा तो तेरे से संपर्क करूंगा ना कि तेरे

251
00:17:22,960 --> 00:17:27,360
चैनल पे आना है, कब आना है, कहां आना है, कैसे आना है? तू तूने तो संपर्क किया नहीं।

252
00:17:27,360 --> 00:17:31,600
तो तेरे से संपर्क करूंगा ना। तो कैसे करूंगा?

253
00:17:31,600 --> 00:17:35,760
फोन से करूंगा। तो फोन कर रहा हूं तो तू उठा नहीं रहा। अभी भी डायल कर लेते हैं। देख

254
00:17:35,760 --> 00:17:38,720
लो भैया

255
00:17:38,720 --> 00:17:44,720
देखते हैं उठाता है कि नहीं।

256
00:17:45,040 --> 00:17:51,040
[गला साफ़ करने की आवाज़] राघव राघव मिश्रा बनेंगे। मिश्रा

257
00:17:52,480 --> 00:17:58,480
यह देखो। यह जा रहा है इस पर।

258
00:17:58,880 --> 00:18:04,880
फोन चल रहा है।

259
00:18:08,480 --> 00:18:12,560
फोन कर रहा हूं इस समय।

260
00:18:12,560 --> 00:18:17,760
अब देखते हैं कितना बड़ा पौरुष वाला है ये।

261
00:18:17,760 --> 00:18:22,720
आप जिस व्यक्ति को एक बार और मिलाते हैं। हो सकता है बिजी हो।

262
00:18:22,720 --> 00:18:26,960
कृपया खुद शेर का बच्चा एक ही अच्छा।

263
00:18:26,960 --> 00:18:31,280
ठीक है। केवल बोलते नहीं है।

264
00:18:31,280 --> 00:18:35,520
तांडव नृत्य करके दिखाते हैं। समझे? यह केवल

265
00:18:35,520 --> 00:18:40,720
बातों के शेर नहीं है।

266
00:18:40,720 --> 00:18:44,720
ये देखो दोबारा मिला रहा हूं। और किसी

267
00:18:44,720 --> 00:18:48,800
को नंबर चाहिए हो तो व्यक्तिगत रूप से जो है उससे पूछ लेना। नंबर

268
00:18:48,800 --> 00:18:52,880
भी प्रोवाइड करा दूंगा। और प्रामाणिक रूप से राघव जो

269
00:18:52,880 --> 00:18:55,440
है

270
00:18:55,440 --> 00:18:59,760
वो अपने फोन की कॉल डिटेल डाल दे आज के दिन की। प्रामाणिक

271
00:18:59,760 --> 00:19:03,680
वेरीिफाइड

272
00:19:03,680 --> 00:19:07,680
ठीक है यह लग रहा है तुम्हारे राघव को नंबर जो भागा भागा फिर रहा है शिवश

273
00:19:07,680 --> 00:19:12,800
नारायण द्विवेदी

274
00:19:12,800 --> 00:19:16,480
ठीक है

275
00:19:16,480 --> 00:19:20,480
क्यों भागा भागा फिर रहा है उसको मालूम है गवरे तो पागल बन

276
00:19:20,480 --> 00:19:24,640
जाएंगे मगर शिवश नारायण द्विवेदी के सामने तो कोई को कॉल कर रही है

277
00:19:24,640 --> 00:19:28,720
वह उत्तर नहीं दे रहा है अब इस व्यक्ति को मैंने कितने ने कॉल कर ली

278
00:19:28,720 --> 00:19:33,120
अभी तक सुबह से जब से मैंने वो बात जानी कि भाई यह जो है

279
00:19:33,120 --> 00:19:37,280
इसका नंबर मेरे पास है ये कह रहा है तो ऐसा तो नहीं कि किसी नाम से इसका नंबर सेव हो

280
00:19:37,280 --> 00:19:39,600
मेरे पास

281
00:19:39,600 --> 00:19:43,600
अब देखो सुबह से चार दो अभी

282
00:19:43,600 --> 00:19:47,760
हो गई और दो पहले हो चुकी है ये देखो चार

283
00:19:47,760 --> 00:19:52,240
कॉल हो चुकी है बंदे को दिन भर में टाइम नहीं मिला शिवश

284
00:19:52,240 --> 00:19:56,400
नारायण द्विवेदी से बात करने का केवल तुम जैसे

285
00:19:56,400 --> 00:20:00,560
गवर्नरों को बेवक बेवकूफ बनाने के लिए ये लोग ठायएं ठायएं करते हैं।

286
00:20:00,560 --> 00:20:04,960
ठायएं ठाय ठायएं दुनिया की ठाय ठायएं ठायएं और वास्तव

287
00:20:04,960 --> 00:20:09,280
में जब किसी मनुवादी

288
00:20:09,280 --> 00:20:13,520
से शंकराचार्य के सैनिक से सामना करने की बात आती है तो पुई

289
00:20:13,520 --> 00:20:18,320
पुई पुई पुई अब ये बता तेरे प्लेटफार्म पे क्यों आए भाई?

290
00:20:18,320 --> 00:20:18,880
मुकदमे

291
00:20:18,880 --> 00:20:23,040
मेरे प्लेटफार्म पे चल रहे हैं कि तेरे पे चल रहे हैं? तेरे पे विश्वास क्यों

292
00:20:23,040 --> 00:20:27,200
करे? कोई तुम्हारी कोई कोई सम्मान है क्या

293
00:20:27,200 --> 00:20:31,440
समाज में तुम्हारा अपने ही लोगों को खरीद खराब के और जो है पाइप

294
00:20:31,440 --> 00:20:35,680
बांट करके पैसा खर्चा करके तुम भीड़ कमाते हो ये है तुम्हारी

295
00:20:35,680 --> 00:20:39,760
स्थिति थूकते हैं लोग तुम्हारी फोटो लगा के जूते

296
00:20:39,760 --> 00:20:43,760
से रगड़ते हैं जिसको तुम मानते हो उसको हम

297
00:20:43,760 --> 00:20:47,760
जिसे मानते हो उसको तुम भी जूते से नहीं रगड़ पाओगे और रगड़ दो

298
00:20:47,760 --> 00:20:52,080
मैं राम को मानता हूं रगड़ फोटो पैर से पता चल जाएगा अभी

299
00:20:52,080 --> 00:20:56,240
मालूम है तुम लोगों की आस्था नहीं है। दिखावा करते हो मगर रगड़ तो तुम भी नहीं पाओगे ना।

300
00:20:56,240 --> 00:21:00,240
तुम्हारी चीजों को लोग रगड़ रहे हैं। समझ में आया?

301
00:21:00,240 --> 00:21:04,640
यह अंतर है। इस अंतर को भूलो मत। बताया है ना कई बार

302
00:21:04,640 --> 00:21:09,120
वो बड़ा वाला जानवर है ना हाथी

303
00:21:09,120 --> 00:21:14,960
वो हम हैं। और वो जो होते हैं ना वो

304
00:21:14,960 --> 00:21:19,040
समझ लेना वो तुम हो। तो पानी में रह के मगर

305
00:21:19,040 --> 00:21:23,040
से बैर नहीं करने का। हं? यह औकात, यह सब शब्द

306
00:21:23,040 --> 00:21:27,120
ये सब तुम्हारे ऊपर शोभा नहीं देते हैं। वही दबे कुचले टाइप के व्यक्ति हो।

307
00:21:27,120 --> 00:21:29,120
उतने में ही अपना कर लो। हमारे

308
00:21:29,120 --> 00:21:31,760
यहां आना पड़ेगा।

309
00:21:31,760 --> 00:21:36,000
इसका भी मैंने उत्तर दे दिया कि पांच महिला और

310
00:21:36,000 --> 00:21:40,000
एक बच्चे की हत्या का मुकदमा मेरे ऊपर नहीं चल रहा है। मेरे पक्ष के ऊपर नहीं चल रहा

311
00:21:40,000 --> 00:21:44,240
है। 12 साल जेल में मैं नहीं रह के आया। ठीक है? और

312
00:21:44,240 --> 00:21:48,320
हर पन्ने पर तुम्हारा दोगलापन हर बात में तुम्हारा दोगलापन सिद्ध हो

313
00:21:48,320 --> 00:21:52,320
रहा है मेरा नहीं सिद्ध हो रहा है और तब भी मैं

314
00:21:52,320 --> 00:21:56,480
तुझे अपने आने की थोड़ी ना कह रहा हूं है पुरुषत्व

315
00:21:56,480 --> 00:22:00,480
शेष तो बीच के स्थान पर मिल पता चल

316
00:22:00,480 --> 00:22:06,000
जाएगा ये राग कितना बड़ा तुम लोग तत्वज्ञानी हो समझ गए

317
00:22:06,000 --> 00:22:10,720
चौथी बात मैंने ये भी दिखा दिया ऑन लाइव स्ट्रीम

318
00:22:10,720 --> 00:22:14,880
कितना साहस है इसके अंदर जो ताल ठोक रहा वीडियो में कि मैंने उसको

319
00:22:14,880 --> 00:22:19,200
कई बार बुलाया। अरे मनुवादी शंकराचार्य के सैनिक का फोन

320
00:22:19,200 --> 00:22:23,360
तक उठाने की तो सामर्थ्य है नहीं तुम में। बात करते हो तुम सामना

321
00:22:23,360 --> 00:22:28,240
करोगे। मालूम है तुम्हें केवल ज्ञान से

322
00:22:28,240 --> 00:22:33,840
केवल वार्तालाप से तुम्हारी थूथुन को रगड़ दिया जाएगा।

323
00:22:33,840 --> 00:22:38,080
जगह नहीं मिलेगी मुंह छुपाने की। यह मालूम है तुम्हें। इसलिए

324
00:22:38,080 --> 00:22:44,080
अपने गवर्नरों के लिए वीडियो बनाते हो कि गवर्नर संतुष्ट हो जाए।

325
00:22:54,080 --> 00:22:58,080
हां जी आपने कॉल किया था बताइए।

326
00:22:58,080 --> 00:23:02,160
हां तुम ये कह रहे थे ना आप अपने वीडियो में कि भाई वो आ नहीं रहा है चर्चा करने

327
00:23:02,160 --> 00:23:07,120
के लिए। औकात कहां आ रहे हो चैनल पे बताओ?

328
00:23:07,120 --> 00:23:12,480
कौन से चैनल पे? अभिषेक पे।

329
00:23:12,480 --> 00:23:16,480
अभिषेक फैक्ट फुल पर क्यों आए? बीच का चैनल रखो कोई या बीच की जगह

330
00:23:16,480 --> 00:23:20,480
पर आ जाओ। जब तुम्हारे पे भगत जाते हैं तो तुम कहते

331
00:23:20,480 --> 00:23:24,480
हो कि बीच वाले चैनल पे आओ तब हवा निकल जाती है वहां पे। देखो

332
00:23:24,480 --> 00:23:28,800
इधर-उधर की बातें मत करो। जो मुद्दा चल रहा है वो करो। हैं? जब कोई विशेष

333
00:23:28,800 --> 00:23:32,800
व्यक्ति आ रहा है तब मैं उससे कह रहा हूं बीच के चैनल पे आओ। अब कूड़े के ढेर के जैसे लोग

334
00:23:32,800 --> 00:23:36,800
आएंगे तो सबके लिए मैं बीच के चैनल पे जाऊंगा क्या? जब कूड़े शल देखी है

335
00:23:36,800 --> 00:23:41,760
उनकी जो आते हैं तो एक घंटे भोक क्यों रहे थे फिर अगर कूड़े के ढेर

336
00:23:41,760 --> 00:23:45,920
अरे तुम्हें आना आना है नहीं तुम्हारी औकात औकात है नहीं ठीक है रखो फ़ नहीं कूड़े

337
00:23:45,920 --> 00:23:50,000
के आना हो तो बता देना वहां का दूध पिया हो तो जय श्री राम की जगह पे आना

338
00:23:50,000 --> 00:23:54,160
है बीच के न्यूट्रल चैनल पे आना है ना तुम्हारा ना मेरा ना तेरा

339
00:23:54,160 --> 00:23:58,160
ना मेरा बीच की जगह पे आने की औकात नहीं है ना

340
00:23:58,160 --> 00:24:02,720
बीच बीच की जगह पे आने की औकात नहीं है ना तेरी भकने

341
00:24:02,720 --> 00:24:06,960
के लिए वीडियो बनाता है ना कब आना है चैनल पे? मैंने पूछा

342
00:24:06,960 --> 00:24:09,120
बीच की जगह पे आने की औकात है कि नहीं?

343
00:24:09,120 --> 00:24:13,280
ना तेरी ना मेरी। क्या औकात है? कब आना पता चैनल पे? तो मैं

344
00:24:13,280 --> 00:24:17,280
चैनल क्यों बोल रहा है तू? बीच का चैनल या फिर बीच की जगह। वो अपने

345
00:24:17,280 --> 00:24:21,280
चैनलों पे भक्तों को क्यों बुलाता है? तेरी हवा निकल जाती है। अरे तेरे भगत को

346
00:24:21,280 --> 00:24:25,760
मना कर देना कि मत जा उसके चैनल पे। अरे तो

347
00:24:25,760 --> 00:24:30,880
वो अपनी मर्जी से आते हैं ना। मेरी मर्जी। मैं तेरे चैनल पे नहीं आ रहा हूं। तेरे भक्त

348
00:24:30,880 --> 00:24:35,760
तुझे करना कुछ है नहीं। तेरी औकात है नहीं तू आएगा मुझसे चर्चा करने

349
00:24:35,760 --> 00:24:40,240
कब आ रहे हो फिर चैनल पे अरे तुम्हारे चैनल पे क्यों आऊं मैं

350
00:24:40,240 --> 00:24:44,320
क्यों तुम लोग अपराधी लोग तुम लोग अपराधी लोग हो तुम्हारे चैनल

351
00:24:44,320 --> 00:24:48,400
पे क्यों आऊं भाई तुम्हारा भरोसा है क्या वहां मनुवादी ज्ञान की

352
00:24:48,400 --> 00:24:52,400
हवा निकल जाती है हवा नहीं निकल जाती है तुम लोग तुम लोग तुम लोग धोखेबाज हो

353
00:24:52,400 --> 00:24:57,440
मार कुटाई करने वाले हो मर्डरर हो तुम लोग और

354
00:24:57,440 --> 00:25:03,440
तुम पूजा कर रहे हो वो जेल कट्टू अपराधी है

355
00:25:32,080 --> 00:25:36,160
वो एक राघव दास नाम का व्यक्ति रामपाल की ओर से उससे मेरी बात हुई।

356
00:25:36,160 --> 00:25:40,480
हालांकि जब मैंने उसे दिन भर में चार बार फोन मिलाया था और लाइव मिलाया

357
00:25:40,480 --> 00:25:44,560
था तो उसने फोन नहीं उठाया था। दिन में उसने पूरे पूरे पूरे दिन

358
00:25:44,560 --> 00:25:48,800
उसको फोन उठाने का नहीं आया। अब वो अपना कहीं

359
00:25:48,800 --> 00:25:53,360
पर मुझे फोन लगा रहा है। मैंने उसे ब्लॉक पर डाला है। क्यों डाला है? इनके पास

360
00:25:53,360 --> 00:25:57,520
इस तरह के लोगों के पास रामपाल और उसकी कंपनी है जो इनके

361
00:25:57,520 --> 00:26:01,760
पास चर्चा से भागने के कई तरीके हैं।

362
00:26:01,760 --> 00:26:06,160
उसमें पहला तरीका है सबसे पहली बात तो ताल तो खुप टोको

363
00:26:06,160 --> 00:26:10,640
कि मैं चैलेंज करता हूं मैं चैलेंज करता हूं। पर उसको उस चैलेंज

364
00:26:10,640 --> 00:26:14,880
के क्रियान्वयन हेतु कोई भी इंतजाम ही मत करो। जैसे रामपाल

365
00:26:14,880 --> 00:26:18,960
रामपाल ताज ताल तो खूब ठोकता है मगर क्या उसने ऐसा कहा कि

366
00:26:18,960 --> 00:26:23,120
भैया चर्चा सुनिश्चित करने के लिए यह मेरा नंबर है इससे मेरी बात

367
00:26:23,120 --> 00:26:27,120
होगी नहीं ऐसा कोई उसने नंबर नहीं किया जहां

368
00:26:27,120 --> 00:26:31,120
पर चर्चा सुनिश्चित करने के लिए कोई उसने नंबर सार्वजनिक किया हो

369
00:26:31,120 --> 00:26:35,120
दूसरी बात इसी प्रकार से उसके जो चेले चापड़ है वो ताल ठोका करते हैं धनाना चला

370
00:26:35,120 --> 00:26:39,280
जा धनाना चला जा धनाना जाने के लिए भी कोई समय सारणी इत्यादि

371
00:26:39,280 --> 00:26:43,360
उन्होंने ऐसी कोई जारी नहीं की है कि आप अगर इस समय आएंगे

372
00:26:43,360 --> 00:26:47,600
यहां प्रश्नोत्तरी होगी। जैसे हमारे गुरु गुरुजन

373
00:26:47,600 --> 00:26:51,600
होते हैं तो आप देखो वह कहीं पर ट्रेवल करते हैं। कहीं उनका शिविर लगता है तो उसमें

374
00:26:51,600 --> 00:26:55,760
लिखा होता है कि इतने से इतने बजे तक प्रश्नोत्तरी होगी। दर्शन दीक्षा होगी। यह सब

375
00:26:55,760 --> 00:27:00,160
ऐसा कोई टाइम टेबल कोई शेड्यूल रामपाल के सेक्ट के द्वारा कोई

376
00:27:00,160 --> 00:27:04,400
सार्वजनिक नहीं किया जाता। दूसरी बात जब रामपाल स्वयं एक

377
00:27:04,400 --> 00:27:08,640
विवादास्पद व्यक्ति है। आपराधिक मामलों से जुड़ा हुआ व्यक्ति है तो क्यों

378
00:27:08,640 --> 00:27:12,800
अपने बिल में छुप करके बैठा रहता है? भाई आगरा पहुंच, हैदराबाद पहुंच,

379
00:27:12,800 --> 00:27:17,040
ग्वालियर पहुंच, झांसी पहुंच, एमपी में जबलपुर पहुंच,

380
00:27:17,040 --> 00:27:21,520
इंदौर पहुंच, जहां-जहां तूने अपने सेंटर्स बनाए सब जगह जा। और

381
00:27:21,520 --> 00:27:25,520
तुझे अगर शंकराचार्य जी का ज्ञान बुरा लग रहा तो सबसे पहले तू ही उनके यहां चला जा। वो थोड़ी

382
00:27:25,520 --> 00:27:29,520
ना जेल काट के आए। तू आया है काट के। तो तू ऐसा कैसे सोच रहा है कि कोई तेरे दरवाजे

383
00:27:29,520 --> 00:27:33,520
पे आ जाए। वो मूर्ख होगा जो तेरे दरवाजे पे जाएगा। हालांकि बीच में

384
00:27:33,520 --> 00:27:37,840
मैंने देखा कई आर्य समाजियों ने बोला भैया तेरे ही यहां पे चर्चा कर ले। चल।

385
00:27:37,840 --> 00:27:42,000
तो इनकी ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया इन बातों के लिए रामपाल

386
00:27:42,000 --> 00:27:46,800
के यहां पर चर्चा करने के लिए। यह हो गया।

387
00:27:46,800 --> 00:27:50,960
अच्छा अब इनके पास एक तो यह आ गया कि

388
00:27:50,960 --> 00:27:55,200
यह सोचते हैं कि यह इनका जो बदनाम अड्डा है जहां पर खीर

389
00:27:55,200 --> 00:27:59,440
की चीजें हैं या वो सामग्री या कैमरों की चीजें हैं, गोलियों की गोलियां चलाई

390
00:27:59,440 --> 00:28:02,640
गई हैं, हत्या के मुकदमे, देशद्रोह के मुकदमे हैं, वहां पे कोई

391
00:28:02,640 --> 00:28:06,960
व्यक्ति जो है चला जाए और तो और इनकी अपराधिक स्पष्ट रूप से गतिविधियां

392
00:28:06,960 --> 00:28:10,960
जो सिद्ध हैं। जैसे कि किताबों पर झूठ झूठा पता डालना यह सब

393
00:28:10,960 --> 00:28:15,040
सिद्ध प्रत्यक्ष प्रमाण है। इसके बाद भी कोई व्यक्ति इनके

394
00:28:15,040 --> 00:28:19,040
यहां पर जाएगा रामपाल से प्रश्न पूछने के लिए। ठीक है? पहली

395
00:28:19,040 --> 00:28:23,200
बात यह ऐसा एक्सपेक्ट करते हैं और नहीं आ रहा है तो वह जो है चर्चा करने

396
00:28:23,200 --> 00:28:27,200
का उसमें सामर्थ्य नहीं है। फिर दूसरा इनका बहाना क्या है कि चर्चा के

397
00:28:27,200 --> 00:28:31,440
लिए कोई स्पष्टीकरण कोई स्पष्ट जो विवरण

398
00:28:31,440 --> 00:28:35,680
है वह उपलब्ध ही ना कराना। केवल ताल टोकते रहो। विवरण उपलब्ध मत कराओ।

399
00:28:35,680 --> 00:28:39,840
ऐसा ही कुछ इन्होंने किया था। फैक्ट भाई अभिषेक और राघव दास इत्यादि ने। ताल

400
00:28:39,840 --> 00:28:43,840
टोक टोकी। उसमें यह नहीं कहा। यह मेरा नंबर है भाई। जिसको भी वैचारिक मतभेद के निमित्त

401
00:28:43,840 --> 00:28:47,840
चर्चा करनी हो वो चर्चा कर लेना। फिर तीसरा इनका है

402
00:28:47,840 --> 00:28:51,920
कि दो हो गए विवरण उपलब्ध कराना और अपने बिल

403
00:28:51,920 --> 00:28:56,080
में घुसे रहना। फिर तीसरा है कि

404
00:28:56,080 --> 00:29:00,160
अगर चर्चा होने के लिए चर्चा करने के लिए बात हो रही हो तो

405
00:29:00,160 --> 00:29:04,240
उसमें ऐसे शब्दों का उपयोग अपनी ओर से करने लगो कि मामला चर्चा

406
00:29:04,240 --> 00:29:08,240
से हटकर के वाद-विवाद तू तड़ाक और गंभीर धारण कर ले।

407
00:29:08,240 --> 00:29:12,560
वो जो तर्क वितर्क युक्ति प्रमाण इत्यादि है वो सब गायब हो जाए। जैसे

408
00:29:12,560 --> 00:29:16,960
राघव दास को मुझसे चर्चा करनी है, चर्चा सुनिश्चित करनी है। भाई तो राघव

409
00:29:16,960 --> 00:29:18,160
दास का फोन आया

410
00:29:18,160 --> 00:29:22,560
तो मैंने उससे क्या कहा? और मैंने पहले ही कह रखा था तूने तो फोन भी मूर्खपने

411
00:29:22,560 --> 00:29:26,560
में किया है। बेवकूफ व्यक्ति मैंने तो अपनी जिस लाइव में तेरे को तेरी औकात

412
00:29:26,560 --> 00:29:30,640
याद दिलाई थी। तुझे सब सिद्ध किया था ना कि तू कैसे रामपाल की पत्नी है।

413
00:29:30,640 --> 00:29:34,720
रामपाल कैसे कबीर की पत्नी है। फिर कैसे तुम्हारे वो जो स्त्री अंग होता

414
00:29:34,720 --> 00:29:38,880
है चिपकाया जाता है फेविकोल से नाखूनों के द्वारा। ये सब सिद्ध किया था तेरी

415
00:29:38,880 --> 00:29:42,960
किताबों से। इसीलिए तेरी जो है बुद्धि भ्रष्ट हो गई होगी।

416
00:29:42,960 --> 00:29:47,120
पादुर्भाव पादुर्भाव यह सब सिद्ध किया था अपनी लाइफ में। तो इसका दिमाग

417
00:29:47,120 --> 00:29:52,080
खराब हुआ। यह मेरी तात्यात्मक चीजें थी कि चर्चा जो होगी वो

418
00:29:52,080 --> 00:29:56,560
बीच के चैनल पर होगी। बीच के स्थान पर होगी। तुम्हारे चैनल पर नहीं होगी। तुम लोग कुख्यात

419
00:29:56,560 --> 00:30:00,640
लोग हो। एक होता है विख्यात। एक होता है साधारण। एक होता है

420
00:30:00,640 --> 00:30:05,040
कुख्यात। तो तुम साधारण भी नहीं हो। तुम लोग कुख्यात

421
00:30:05,040 --> 00:30:09,040
हो। निचली स्तर के व्यक्ति हो। तब भी तुम्हें मौका दे रहे हैं कि तुम्हारे साथ बीच

422
00:30:09,040 --> 00:30:13,040
के स्थान पर चर्चा कर सकें समाज सुधार के लिए, लोगों की जागरूकता के

423
00:30:13,040 --> 00:30:17,280
लिए। तो खैर मैंने यह सब बातें उसमें अपने उसमें कही थी। अब इसका फोन आता है

424
00:30:17,280 --> 00:30:21,280
तो जब मैं कहता हूं कि भाई फैक्ट भाई अभिषेक के चैनल पर चर्चा

425
00:30:21,280 --> 00:30:25,360
क्यों होगी? तो ये व्यक्ति क्या कहता है कि क्यों हवा निकल गई। अब यह

426
00:30:25,360 --> 00:30:29,600
देखो हवा निकल गई। बात ठीक शब्दों से हो रही है। हवा निकल

427
00:30:29,600 --> 00:30:33,200
गई वाला शब्द क्यों आया? पहले भाई तुमने अपने चैनल पर खूब

428
00:30:33,200 --> 00:30:37,280
गरमा गर्मी दिखाई। मैंने भी दिखाई। अब बात करनी है अगर चर्चा करनी है तो

429
00:30:37,280 --> 00:30:41,280
हमें ऐसे शब्दों का उपयोग करना पड़ेगा एक दूसरे की मर्यादा की सीमा

430
00:30:41,280 --> 00:30:45,440
में रहते हुए कि वह चर्चा हो सके अब अगर तुम वहां पर गाली देने लगो

431
00:30:45,440 --> 00:30:49,760
चलो अभी तो तुमने कहा कि हवा निकल गई तुम गाली देने लगो आगे उसने भौकना

432
00:30:49,760 --> 00:30:53,760
वोकना भी ये सब भी कहा तुम गाली देने लगो उसके बाद भी मैं कहूं हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां

433
00:30:53,760 --> 00:30:58,080
मैं तुम्हारे चैनल पे आऊंगा चर्चा ये कहां का सिद्धांत है भाई ये कोई तार्किक

434
00:30:58,080 --> 00:31:02,160
बात है क्या ये मूर्खों की बातें हैं मूर्ख जिन्होंने

435
00:31:02,160 --> 00:31:06,320
जहां मल के द्वार से बह के दूध आता है है ना? और फिर उस दूध की खीर

436
00:31:06,320 --> 00:31:10,400
बनती है समाचार पत्रों के अनुसार वो खीर

437
00:31:10,400 --> 00:31:14,560
ग्रहण की हुई हो। ऐसा बर्ताव इस तरह के दिमाग वाले करते

438
00:31:14,560 --> 00:31:18,880
हैं जो तुम इस समय कर रहे हो। है ना? तो इससे क्या सिद्ध होता है? वो खीर

439
00:31:18,880 --> 00:31:22,880
की बातें सही सिद्ध होती है कि नहीं? ये निर्णय स्वयं करो और अपने लोगों को कहो तुम

440
00:31:22,880 --> 00:31:27,040
भी करो भाई। तो पहली बात जब चर्चा सुनिश्चित

441
00:31:27,040 --> 00:31:31,120
करने के लिए बात हो रही है तो उसमें ये अपशब्द हवा निकल गई इत्यादि

442
00:31:31,120 --> 00:31:35,360
कौन ला रहा है? तू ला रहा है। अबे मूर्ख व्यक्ति गाली

443
00:31:35,360 --> 00:31:39,520
के पीछे गोलियां चलती हैं। चर्चा नहीं होती गाली के बाद और तू

444
00:31:39,520 --> 00:31:43,920
गाली दे रहा है। तो गाली दे रहा है। फिर चर्चा कहां से होगी? तो ये हवा निकल जाना, भोकना

445
00:31:43,920 --> 00:31:48,080
ये सब क्या है? अपशब्द है। अब तू अपशब्द कहेगा तेरे ही द्वारे पे आकर के हम तुझसे

446
00:31:48,080 --> 00:31:48,580
चर्चा

447
00:31:48,320 --> 00:31:52,400
करें। खैर यह सब जो फूहड़ बातें हैं यह सब

448
00:31:52,400 --> 00:31:56,400
तुम्हारे जो टट्टू भगत है ना जो खीर इत्यादि के

449
00:31:56,400 --> 00:32:00,880
स्वाद में डूबे रहते हैं वो सब लोग पचा सकते हैं जो बुद्धिजीवी है वो सब

450
00:32:00,880 --> 00:32:05,280
इस तरह के पुतर्कों को नहीं पचा पाते। अब दूसरी बात क्या है

451
00:32:05,280 --> 00:32:09,280
कि फिर कहता है कि भाई कि जब

452
00:32:09,280 --> 00:32:13,280
हमारे लोग तेरे चैनल पे आते हैं तब तू बीच की बात क्यों नहीं करता? इसका मतलब यह है

453
00:32:13,280 --> 00:32:17,280
कि रामपाल के यहां से भले ही 500 लोग आए उनके कहने

454
00:32:17,280 --> 00:32:21,280
पर मैं किसी भी नए चैनल पर जाने लगूं। हैं

455
00:32:21,280 --> 00:32:25,440
यही करूं ना। अरे ये तो मेरा बड़प्पन है भाई कि मैंने तुम्हारे यहां के हर

456
00:32:25,440 --> 00:32:29,440
छोटे से छोटे और बड़े से बड़े व्यक्ति को यहां पर आकर अपनी बात

457
00:32:29,440 --> 00:32:33,520
रखने का अवसर प्रदान किया। तूने कितनों को कर दिया? फैक्ट बाय

458
00:32:33,520 --> 00:32:37,520
अभिषेक ने कितनी लाइव चर्चाएं कर ली है? किसके साथ कर ली? बता

459
00:32:37,520 --> 00:32:41,760
मैं करवाऊं भाई तुझे 50 कॉल नए-नए लोगों से। सबको सबके साथ अपने

460
00:32:41,760 --> 00:32:46,640
तेरे ही चैनल पर तू नहीं करेगा। तेरे ही चैनल पर तू नहीं करेगा।

461
00:32:46,640 --> 00:32:50,880
यह औकात है तुम लोगों की। मैंने तो तेरे लोगों को मौका दिया कि रख लो

462
00:32:50,880 --> 00:32:55,200
भाई। अब बात यह है कि भाई मैं

463
00:32:55,200 --> 00:32:59,200
यह मेरा निर्णय होगा ना कि मैं किसी के चैनल पर जाऊं कि ना जाऊं। भाई

464
00:32:59,200 --> 00:33:03,280
तुम लोगों की औकात ऐसी है ही नहीं। चाहे तुम्हारा जो चरित्र

465
00:33:03,280 --> 00:33:03,780
प्रमाण

466
00:33:03,760 --> 00:33:08,160
पत्र है वह गिरा हुआ है निकृष्ट कोटि का नीच लोगों के टाइप का है नीच हरकतें

467
00:33:08,160 --> 00:33:12,400
करने वाले झूठा झूठा पता डालने वाले अपने वीडियोस

468
00:33:12,400 --> 00:33:16,720
में झूठ बोलने वाले बात बातबात में झूठ ऐसे

469
00:33:16,720 --> 00:33:20,960
नीच लोगों का जो प्रमाण पत्र तुम्हारा है चरित्र प्रमाण पत्र उसके

470
00:33:20,960 --> 00:33:24,960
चैनल पर मैं क्यों जाऊं भाई और अगर मैं भी वैसा ही था तो तू

471
00:33:24,960 --> 00:33:29,040
अपने लोगों को मना कर कि मत जाओ उसके चैनल पे ये मैंने कमाया ये

472
00:33:29,040 --> 00:33:33,040
मेरी अचीवमेंट है कि तेरे लोग मेरे पास मेरे मेरे चैनल पर आते थे और आते

473
00:33:33,040 --> 00:33:37,280
हैं और आएंगे। तू नहीं रोक पाएगा उन्हें। अच्छा

474
00:33:37,280 --> 00:33:41,280
मैंने यह भी नहीं कहा कि तू मेरे स्थान पे आ। यह भी बात देखो। मैंने तो

475
00:33:41,280 --> 00:33:45,600
ये नहीं कहा क्योंकि जब मैं किसी से कह रहा हूं कि मुझे तुम पर भरोसा नहीं है तो मैं

476
00:33:45,600 --> 00:33:49,600
उससे उससे उससे एक्सपेक्ट कभी नहीं करूंगा कि वो मुझ

477
00:33:49,600 --> 00:33:53,600
पर भरोसा कर ले। मगर यह बेवकूफ देखो। ये बेवकूफ क्या? महाभारत

478
00:33:53,600 --> 00:33:57,600
में क्या लिखा है कि अन्यों के साथ वही व्यवहार करें जो स्वयं के

479
00:33:57,600 --> 00:34:01,600
लिए स्वीकार हो। तो जब तू यह दिखा रहा है कि तुझे मुझ

480
00:34:01,600 --> 00:34:05,760
पर भरोसा नहीं है तेरे कितने ही भगत आ गए हो तुझे तो भरोसा नहीं है ना तो

481
00:34:05,760 --> 00:34:09,840
भरोसा नहीं है तो तू यह क्यों सोच रहा है कि मैं तुझ पर भरोसा कर लूं ये

482
00:34:09,840 --> 00:34:14,240
कहां का न्याय है ये न्याय नहीं है ये फड़ बाबा के फवड़

483
00:34:14,240 --> 00:34:18,400
चेलों की खीर वाली टोली है जेल कट्टू

484
00:34:18,400 --> 00:34:20,480
बाबा की

485
00:34:20,480 --> 00:34:24,640
तो यह हो गया तो कहने का तात्पर्य यह है

486
00:34:24,640 --> 00:34:28,720
कि भाई मैंने किसी को पकड़ पकड़ के बुलाने नहीं गया कि

487
00:34:28,720 --> 00:34:32,800
आ जाओ आ जाओ मेरे यहां चर्चा कर लो। मैंने मौका दिया था किसी को अगर किसी को

488
00:34:32,800 --> 00:34:36,880
आपत्ति है और वह यहां आने में अगर उसको सहज लगता है तो

489
00:34:36,880 --> 00:34:41,040
वो आकर के कर सकता है चर्चा। ठीक है? मुझे सहज नहीं लगता तेरे

490
00:34:41,040 --> 00:34:45,120
चैनल पे। तुम लोग अपराधी टाइप के लोग हो। जिसकी तुम पूजा कर रहे

491
00:34:45,120 --> 00:34:49,360
हो। अपराधी है। मुकदमे चल रहे हैं उसके ऊपर। हथियार पकड़े गए थे।

492
00:34:49,360 --> 00:34:53,360
देशद्रोह का मुकदमा चल रहा है। ऐसे घृणित ऐसे

493
00:34:53,360 --> 00:34:57,440
घृणित लोगों के ऊपर मैं विश्वास कैसे कर लूं कि मैं उनके चैनल पर जाऊंगा।

494
00:34:57,440 --> 00:35:01,840
तब वह मुझे बोलने का बराबरी का मौका देंगे।

495
00:35:01,840 --> 00:35:05,840
अगर तेरे लोगों को नहीं है भरोसा तो ना भरे ना फॉर्म। मैं फॉर्म भरवाता हूं

496
00:35:05,840 --> 00:35:09,920
उसको इस बात की तकलीफ है। तो भाई अपने लोगों को कहना कि मत भरो फॉर्म

497
00:35:09,920 --> 00:35:13,920
मत जाओ। ये तुम्हारी ड्यूटी है। फिर उनको मना करो। मेरी

498
00:35:13,920 --> 00:35:18,160
नजरों में तू ऐसा व्यक्ति नहीं है जिसके यहां पर जाया जा सके। तो इतनी

499
00:35:18,160 --> 00:35:22,320
सारी चीजें हो रही। इतने फ्रॉड टाइप के चीजें तुम्हारी खुलती परते जा रही हैं। ना

500
00:35:22,320 --> 00:35:26,320
तुम्हारा मुनि धर्म धर्म ट्रस्ट सच्चा है। तुम कहते हो कि बाबा

501
00:35:26,320 --> 00:35:30,400
मेरे उड़ के करंट के तारों से बचा लेते। युवराज सिंह पीटा जाता है। घर

502
00:35:30,400 --> 00:35:34,400
में ही पीटा जाता है। फिर तुम अफवाहएं फैलाते हो कि उनके खिलाफ एफआईआर हो गई।

503
00:35:34,400 --> 00:35:35,600
वो लोग नंगे थाने में

504
00:35:35,600 --> 00:35:39,600
बंद है कच्छा पहन के। पता चलता है कि वो तो छूट गए। अरे कितने झूठ

505
00:35:39,600 --> 00:35:44,080
बोलते हो तुम पसेरी भर के। और फिर तुम यह सोचते हो कि तुम्हारी ये थोबड़े

506
00:35:44,080 --> 00:35:48,240
थूथुन से जिससे झूठ टपक रहा है उस पर कोई व्यक्ति विश्वास कर

507
00:35:48,240 --> 00:35:52,560
ले। हैं तो अपने आप को पहले ऐसा

508
00:35:52,560 --> 00:35:56,640
बना तो सही अपनी औकात अपनी योग्यता ऐसी प्रस्तुत कर जिससे कि शिवश नारायण

509
00:35:56,640 --> 00:36:00,800
द्विवेदी तेरे चैनल पर आ सके और वरना 100 की सीधी एक बात

510
00:36:00,800 --> 00:36:04,800
है जिसके हो जिसके है दम तो बीच में

511
00:36:04,800 --> 00:36:10,000
आके बात कर ले ना तेरा ना मेरा मैं तो नहीं कह रहा तू मेरे ऊपर भरोसा कर

512
00:36:10,000 --> 00:36:14,000
तू क्यों कह रहा है मैं तेरे ऊपर भरोसा कर लूं भाई तेरे लोगों ने मेरे

513
00:36:14,000 --> 00:36:18,080
ऊपर भरोसा किया है मेरी गलती थोड़ी ना है और भी कर रहे हैं करेंगे आगे

514
00:36:18,080 --> 00:36:22,080
हो सकता है मेरी साइड का कोई तेरे ऊपर मुझे नहीं है तेरे ऊपर भरोसा मैं निर्णय

515
00:36:22,080 --> 00:36:26,240
करूंगा कि मैं किसके यहां जा सकता हूं किसके यहां नहीं जा सकता हूं नहीं तो बीच के चैनल

516
00:36:26,240 --> 00:36:30,240
पे तेरी मां ने तुझे निष्ठा पूर्वक दूध पिलाया तो आजा हां

517
00:36:30,240 --> 00:36:34,480
तेरे जेल कट्टू के द्वारा खीर के माध्यम से मल के द्वार से बहकर

518
00:36:34,480 --> 00:36:38,720
आए दूध के माध्यम से जो चीजें तुझे प्राप्त हुई है

519
00:36:38,720 --> 00:36:43,200
जो इसमें तू अश्लील बातें बोलता है अश्लील गालियां बकता

520
00:36:43,200 --> 00:36:47,360
है वो सब बातें मैं तुझे रिपीट नहीं करूंगा मूर्ख

521
00:36:47,360 --> 00:36:50,640
कहीं जिस दिन बात होगी थूथनी उतनी सब निकल जाएगी।

522
00:36:50,640 --> 00:36:55,520
अपने लोगों को बेवकूफ बनाते रहो। बंद कमरे में फोटोग्राफी करके

523
00:36:55,520 --> 00:36:59,840
बीच बीच के स्थान में आने में पौकी ढीली हो गई ना नपुंसकता

524
00:36:59,840 --> 00:37:03,920
का प्रमाण दे दिया वहां पर। मैंने कैसे बात की भाई

525
00:37:03,920 --> 00:37:08,160
फैक्ट बाय अभिषेक पे क्यों आएंगे? बीच के चैनल पे आओ। क्यों? हवा निकल

526
00:37:08,160 --> 00:37:12,240
गई। ये हवा निकल गई वाली बात क्यों आई? जब सभ्रांत तरीके से चर्चा

527
00:37:12,240 --> 00:37:16,320
हो। चर्चा कब हो सकती है? जब दोनों लोग सभ्य रहे। सीधी बात। अगर

528
00:37:16,320 --> 00:37:20,320
तुम सभ्य नहीं रहोगे तो चर्चा नहीं। लड़ाई होगी तो लड़ाई करनी तो

529
00:37:20,320 --> 00:37:24,720
लड़ाई तो हो ही रही है। पुतले जल ही रहे हैं। जहांजहां जलेंगे वहां पे कहीं पे आ जाना।

530
00:37:24,720 --> 00:37:28,720
देख लेंगे किस में कितना है दम। उठा के पटक नहीं दिया ना चार

531
00:37:28,720 --> 00:37:32,880
पांच बार तुझ जैसों को। दो ले आना तू एक नहीं दो आना अपने जैसे

532
00:37:32,880 --> 00:37:36,960
बन रहा है ना तू बहुत चौधरी दो ले आना। जहां पुतला जला रहा होगा वहां

533
00:37:36,960 --> 00:37:41,920
और तुझे पटक दूंगा उठा के। चार बार पटकूंगा गिन करके गिन लियो।

534
00:37:41,920 --> 00:37:46,080
और यह सब बातें मेरी जो है साफ सुथरी होती है। इसमें मुझे गाली गलौज

535
00:37:46,080 --> 00:37:50,240
मिलाने की जरूरत नहीं है। मैं तेरे जैसों की पट गीली करने के लिए इतना ही काफी होता

536
00:37:50,240 --> 00:37:54,320
है। उठा उठा के पटकूंगा। हमारी दुर्गा मां

537
00:37:54,320 --> 00:37:58,480
को गाली दी है ना तुम लोगों ने? आ जाना पुतला जलाऊंगा और

538
00:37:58,480 --> 00:38:02,880
कह के जलाऊंगा। आ जाना रोकने। तो

539
00:38:02,880 --> 00:38:05,760
लाइफ में कुछ भी करने का जयकांत सिगरे के ईगो को हर्ट

540
00:38:05,760 --> 00:38:11,760
नहीं करने का। अपना उसी बिल में घुसे रहो। अपना वह वीडियो वगैरह बनाते रहो।

541
00:38:29,560 --> 00:38:33,560
[संगीत]
