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00:00:07:22 तो ये दीक्षा आपने जब ली थी तब तो आपने डायरेक्ट उनसे ही ली थी राम रामपाल जी से या कैसे ली थी? डायरेक्ट मैंने गुरुजी से ली थी हरियाणा में जाकर। हरियाणा गए थे। अच्छा तो आजकल दीक्षा कैसे होती है लोगों की? दीक्षा एलईडी के माध्यम से होती है। एलईडी का माध्यम मतलब मैं समझा नहीं। एलईडी का माध्यम ऐसा है। एक वीडियो रिकॉर्ड की गई है गुरु जी की जिसमें गुरुजी अपना नाम दीक्षा दे रहे हैं। पूरी वीडियो बाकायदा बनी हुई है। प्रथम नाम दूसरा नाम तीसरा नाम इस प्रकार से दी जाती है। अच्छा तो वो वीडियो दिखा दिया जाता है और दीक्षा हो जाती है। जी। [गला साफ़ करने की आवाज़] मगर इसमें मतलब मैं अपनी जानकारी के लिए ही पूछ रहा हूं कि इसमें तो एक दुविधा ये है कि जैसे हम कहते हैं गुरु शिष्य आपका तो गुरु शिष्य संबंध जो है वो इससे प्रूफ है क्योंकि आपने डायरेक्ट लिया है। मगर जैसे हम कहते हैं गुरु
00:01:22:26 शिष्य तो आपने किसी को गुरु मान लिया अच्छी बात है। मगर क्या गुरु ने भी आपको शिष्य माना है कि नहीं यह कैसे पता चलता है? क्योंकि जो लोग दीक्षा देते हैं उन्हें ही अधिकार है यह वीडियो दिखाने का अन्यथा किसी और को यह अधिकार नहीं है। नहीं नहीं वो तो आप सही कह रहे हैं कि और लोगों को अधिकार नहीं है। तो ऐसा कोई प्रमाण रामपाल जी का है जिसमें उन्होंने ये कहा हो कि ये ये लोग दीक्षा देंगे मेरी ओर से मेरा वीडियो दिखा के। एक्चुअली ऐसा है कि हमारे गुरु जी से उनका संपर्क है। सीधा संपर्क है। जितने भी नाम दीक्षा होते हैं पूरे दिन में या एक महीने में तो पूरी डिटेल उन तक पहुंच जाती है। गुरु आपके जो गुरु जी हैं जिनसे आपने दीक्षा ली है। उनका कोई ऐसा वक्तव्य कोई वीडियो है जिसमें उन्होंने बताया हो कि मैं जब नहीं रहूंगा तो ये ये लोग मेरा वीडियो दिखा के आपको दीक्षा देंगे मेरे नाम से। हां हां है इस तरह का है। है बिल्कुल है। वो YouTube पे पड़ा हुआ है या लिखित
00:02:38:09 में है। क्या है वो? YouTube पर नहीं है। ये उन लोगों के पास ही वीडियो है जो जिन्हें अधिकार है वीडियो दिखाने का के प्रथम नाम दीक्षा वही देंगे। नहीं नाम दीक्षा तो देखिए वो तो गुप्त रखना अच्छी बात है। नाम दीक्षा को वो रखना तो अच्छी बात है कि नाम दीक्षा वाला वीडियो जो है नहीं दिखा रहे मगर जिसमें वो घोषणा कर रहे हैं कि मेरी ओर से कौन-कौन अधिकृत है। ये वाला जो वीडियो है ये तो समाज को मालूम होना चाहिए। तभी तो वो पहचान पाए कि हम जिनसे दीक्षा ले रहे हैं उनको रामपाल जी ने नियुक्त किया है या नहीं किया है। हो सकता है उनके नाम से कोई यू ही बांटने लग जाए। नहीं सर जी ऐसा कुछ नहीं है। जो लोग नाम दीक्षा दे रहे हैं उनके पास बाकायदा गुरु जी का मैसेज आता है और उस मैसेज के वो मैसेज हमारे पास भी आता है क्योंकि हमारे पास जो उनका एक गुप्त WhatsApp पर ग्रुप है उस ग्रुप पर जो मैसेज आता है पीले पेज पर जो मैसेज आता है वो गुरुजी का ही मैसेज होता है उसे पढ़कर ही गुरुजी कैसे मैसेज भेजते हैं वो तो इस समय कारावास में है
00:03:54:14 गुरु जी का संपर्क उनकी पुत्री से है और जो भी वो आपस में उनकी बात होती है वो उनकी पुत्री वो पीले पेज पर लिखकर बकायदा उन्हें मैसेज में डाल देती है। तो तो रामपाल जी का कोई ऐसा वीडियो या ऐसा कोई वसीहत कि मैं मतलब मेरी जो पुत्री होगी वो मेरा जो है मेरा संदेश आप लोगों तक पहुंचाएगी। ऐसा कुछ है ऐसा वो जाती हैं। उनकी गुरु जी से मिलने की वीडियो तो कई सारी है लेकिन ये बोलते हुए नहीं दिखाया कि मेरी पुत्री ही मेरी सारा संदेश पहुंचाएगी।
00:04:37:20 तो यह खैर एक कमजोर कड़ी है कि अब पता नहीं वह क्या चाहते हैं। वह क्या जानते वो उनके बीच में क्या वाद संवाद हो रहा है। ये आप डिपेंड करता है कि उनकी पुत्री पर आपको विश्वास होना चाहिए बस और पुत्री पर विश्वास होने का कारण यही है कि वो वहां पर आपके जो रामपाल जी हैं उनके साथ वो दिख जाती है। कई बार आपने देखा होगा ऐसे लोग होते हैं किसी महान किसी बड़े व्यक्तित्व के साथ जाकर के फोटो खिंचवा लेते हैं। ऐसे लोग होते हैं और फिर उस फोटो का गलत फायदा उठाते हैं। तो मैं ये नहीं कह रहा कि उनकी पुत्री गलत बोल रही है। मगर एक एक ठोस अगर उनकी पुत्री के द्वारा रामपाल जी के मैसेजेस आप लोगों तक आने हैं तो उनकी पुत्री के लिए रामपाल जी का एक ठोस वक्तव्य कोई वीडियो कोई वसीहत कोई उसको कहते हैं विल कुछ ऐसा प्रपत्र होना आवश्यक है। अगर जो पुत्री है वो उनके नाम से आपको मैसेजेस दे रही है तो और फिर भी यह सब हो जाने के बाद एक बात रह जाती है कि जिस समय नाम दीक्षा हो रही होती है जब कोई गुरु के सामने खड़ा होता है तो गुरु
00:05:52:26 देखता है अपने शिष्य को शिष्य देखता है अपने गुरु को मगर यह जो दीक्षा हो रही है यह दीक्षा एलईडी के थ्रू हो रही है और एलईडी के थ्रू हो रहा है। हां एलईडी के थ्रू हो रही है। तो उसको तो मालूम पड़ रहा है कि भाई ठीक है रामपाल जी ने मेरे लिए क्या बोला मान मान लेते थोड़ी देर उसको तो एक मालूम पड़ रहा है। मगर रामपाल जी को मालूम ही नहीं पड़ रहा दीक्षा के समय कि इस समय मेरा कोई शिष्य मुझसे दीक्षा ले रहा है। मालूम पड़ रहा है क्या? हां गुरु गुरु जी को बता दिया जाता है ना उनकी पुत्री के पास जिस समय जिस समय दीक्षा हो रही होती है उस समय नहीं बताया जाता लाइव लाइव उनके पास जानकारी नहीं जाती उसके पूरे एक हफ्ते की या एक दिन की या महीने की पूरी जानकारी उनके पास पहुंच जाती है हम तो अब [गला साफ़ करने की आवाज़] मैं इसमें फिर मेरा पहला ये सवाल है कि आप लोग ये क्लेम करते हैं कि जो रामपाल जी को नहीं मानते हैं वो वो लोग मन मुखी भक्ति करते हैं। शास्त्रों सम्मत भक्ति नहीं करते हैं। तो अब मुझे ये बताइए कि जिस प्रकार से दीक्षा दी जा रही है इसका शास्त्रों में कहां वर्णन है? जिस प्रकार से
00:07:08:12 भक्ति दी जा रही है उसका कहां वर्णन है? ये जो दीक्षा हो रही है इस प्रकार की दीक्षा का कहां प्रमाण है? ये एलईडी से गुरु को मालूम पड़ेगा एक महीने बाद एलईडी से दीक्षा हो जाएगी। उसको नाम मिल जाएगा। तो ये प्रक्रिया कहां पर वर्णित है? यह प्रक्रिया कहीं वर्णित नहीं है। यह हमारे गुरु जी के बनाए हुए नियम के अनुसार प्रक्रिया हो रही है। मतलब मतलब मन मनमुखी भक्ति है। मनमुखी मतलब मनमुखी जैसा आप कहते हैं ना कि भाई शास्त्र सम्मत बातें नहीं है जो रामपाल जी को नहीं मानते। गुरु जी इस वक्त रिसेंटली जेलधाम में है तो नाम दीक्षा देने के लिए मार्ग नहीं जेलधाम बिल्कुल अच्छा ठीक है तो अब मुझे बताइए कि कोई मार्ग नहीं है इस स्थिति में जो प्रक्रिया आप लोग आलंबन ले रहे हैं उनके नाम से दीक्षा देने का जो वो फिलहाल में मैंने तो मेरी बात सुनिए फिलहाल मैंने लाइव उनसे नाम दीक्षा ली
00:08:23:15 है और तो मैं बाद में क्या हो रहा है इससे मुझे कोई मतलब नहीं है। फिलहाल मैंने मतलब उनके नाम से जो दीक्षा ली ली जा रही है ये सब हो रहा है इससे आप सहमत है कि नहीं सहमत है? मैं सहमत तो हूं। सहमत है ना? तो सहमत है तो आपको उत्तर तो देना होगा ना। आप मुझे प्रमाण बताइए कि उनकी जो ये दीक्षा की प्रक्रिया इस समय चल रही है। एलईडी पे वीडियो देख के जिसमें गुरु को पता ही नहीं है उस समय के मेरा मैं किसी को इस समय दीक्षा दे रहा हूं। ये ये शास्त्र में कहां वर्णित है
00:09:03:27 तो शास्त्रों में जो वर्णित है शास्त्रों में जो गुरु को माना गया है के गुरु की जो पहचान बताई गई है वो शास्त्रों में पहचान मैं अभी मैं ये मान के चल रहा हूं कि वो तत्वदर्शी है अभी मैंने ये मान लिया अभी मैं ये मान के चल रहा हूं कि वो तत्वदशी है चलिए ठीक जिस प्रकार से गुरु जी की गीता पहचान बताई गई है। उस प्रकार से गुरु जी वो हमारे सिद्ध होते हैं। दूसरा आंसर ये है यदि वो गीता के अनुसार वो सिद्ध हो गए गुरु तो वो किस प्रकार शिक्षा दे रहे हैं ये मैटर नहीं रखता। ये कहां लिखा है? तो ये कहां भी ये भी कहीं नहीं लिखा है कि गुरु सामने ही होना चाहिए। जक्षा पूरी होगी। बिल्कुल लिखा है। कहां लिखा है? बिल्कुल लिखा है। जहां दीक्षा हो रही है, जहां जहां दीक्षा हो रही है, वहां वहां गुरु सामने है। हम आपको प्रमाण दे देते हैं महाभारत से।
00:10:10:28 जहांजहां दीक्षा हो रही है वहां वहां गुरु सामने है। एक एक सेकंड थोड़ा सा कॉल आ गया था किसी का थोड़ा डिस्टर्ब हो गया। मैंने आपकी बात सुन नहीं पाई। मैं आपसे प्रमाण देखना चाहता हूं कि गुरु लाइव देगा तभी नाम दी इच्छा पूरी होगी। ये कहीं लिखा है। हम चलिए मैं देखता हूं इस बार। दिखाइए। यह स्कंद पुराण उमा महेश्वर संवाद है। इसमें गुरु गीता है।
00:10:48:26 ठीक है? इसमें बहुत से गुरु के लिए ऐसे व्यवहार बताए जा रहे हैं जिसमें कि गुरु का साक्षात होना सामने आवश्यक है। हां दिखाइए। वो व्यवहार हो सकता है। एक दो उदाहरण मैं आपको दे देता हूं। किसी गुरु के सामने शिष्य को पूर्ण मर्यादा व अनुशासन का पालन करना चाहिए। श्री गुरुदेव के समक्ष सुनिए श्री गुरुदेव के समक्ष श्री गुरुदेव के समक्ष ये है 60 शिष्य को कभी हुंकार शब्द से अब यहां समक्ष हो गया। तो गुरुदेव के लिए जो व्यवहार हो रहा है वह तभी हो रहा है जब समक्ष है। वहां तो उनकी छाया है। एलईडी है। यहां पर ये सब हो रहा है।
00:11:40:12 तो जी उसे दिखाइए तो सही। मुझे दिखाइए तो सही। कैसे मतलब कैसे दिखाना है आपको? मतलब मैंने ये ग्रंथ दिखा दिया। इसका श्लोक क्रमांक दिखा दिया। और क्या ऐसी पुस्तक मैं भी दिखा रहा हूं। स्क्रीन पर देखिए। श्री गुरुदेव के समक्ष ओकार भरे शब्द नहीं कहने चाहिए। यहां सामने हो गया ना उनके टीवी के समक्ष नहीं उनके वीडियो के समक्ष नहीं आपने मेरा क्वेश्चन ये है के गुरु नाम दीक्षा ज पूरी होगी जब गुरु सामने होगा मुझे ये दिखाइए ये शब्द दिखाइए देखिए ये पैरामीटर आप तय कर रहे है मैं आपको मैं आपको मैं आपको बता रहा हूं मैं आपको बता रहा हूं मैं आपको बता रहा हूं आपका आंसर दे रहा हूं किसी चीज के होने का प्रमाण चाहिए होता है ना होने का प्रमाण अगर वो नहीं लिखा है तो उसी से सिद्ध हो गया कि वो नहीं है तो होने का प्रमाण दे रहा हूं कि गुरु समक्ष होना चाहिए इसमें बहुत जगह लिखा है मैं आपको उदाहरण के लिए दे रहा हूं आप मेरी बात सुनोगे आप दो मिनट बोलिए यदि मेरे या आपके
00:12:55:18 गुरु जी नाम दीक्षा देने के बाद में और नियम मर्यादा भक्ति बताने के बाद में उनकी मृत्यु हो जाए तो क्या उनका उन्होंने जो नाम दीक्षा दी है वो पूरी नहीं होगी? नहीं वो होगी वो सही है। मगर बात ये है कि दीक्षा के समय मैं आपको मैं आपको एक बड़ा उदाहरण दे दे रहा हूं। बड़ा मुझे वही तो चाहिए। दीक्षा के समय जो नाम दीक्षा देगा वही महाभारत में भगवान श्री कृष्ण ने उपमन्यु ऋषि से दीक्षा ली। ठीक है। किससे ली? उपमन्यु ऋषि से दीक्षा ली। एलईडी से नहीं ली। टीवी से नहीं ली। अब आप टीवी का प्रमाण दिखाइए मुझे।
00:13:50:07 भैया जी मैं आपसे यही जानना चाहता हूं कि कहीं यह लिखा है कि गुरु जी का होना सामने लाइव होना अति आवश्यक है या नहीं। अच्छा एक बात बताओ एक बात बताओ आप कि गुरुदेव को क्या गाली दी जा सकती है? क्या नहीं दी जा सकती। नहीं दी जा सकती ना। गुरुदेव को आजकल जो ये मां बहन की गालियां चल रही है जो मेरे ख्याल से भी कलयुग में ही बनी होंगी ये पिछले दो ढाई हजार सालों में ही मां बहन की गालियां ये दी जा सकती है क्या नहीं नहीं तो आप मुझे लिखा दिखा दोगे आप मुझे लिखा दिखा दोगे कि फलानी फलानी मां बहन की गालियां जो जो मैं कहूंगा मैं तो इंग्लिश में कहूंगा वो सब गालियां लिखी दिखा दोगे शास्त्र में गुरु को नहीं दी जा सकती गुरु की जो गुरु के प्रति जो मर्यादा है जिस प्रकार से
00:14:53:03 सुनिए शास्त्रों में मर्यादा मर्यादा जो अपने शब्दों में सीमित कर रहे हैं तो फिर मैं आपसे पूछ रहा हूं क्या गुरुदेव को इंग्लिश वाली जो गालियां है वो दी जा सकती है अगर शास्त्र में नहीं लिखा होगा तो दोगे क्या अपने गुरु को आप इंग्लिश वाली गालियां तो इसका मतलब मर्यादा जो है वो बताई जाती है शास्त्र में मर्यादा में मर्यादा लिखी है भैया जी के प्रति भाव नहीं रखना है मैंने आपको ये बता दिया कि श्री कृष्ण जो है वो दीक्षा ले रहे हैं उपमन्यु ऋषि से उपमन्यु ऋषि की छाया से नहीं उनकी फोटो से नहीं उनके चलचित्र से नहीं उपमन्यु ऋषि से दीक्षा ले रहे हैं आप मुझे कोई ऐसा प्रमाण बता दो जहां पर उन्होंने छाया से दीक्षा ली हो जहां उन्होंने चलचित्र से दीक्षा ली हो और जिससे दीक्षा ले रहे हैं उसको एक महीने बाद पता चल रहा हो 10 दिन बाद पता चल रहा हो ये ऐसा कोई प्रमाण मुझे बता दो मैं आपसे बहुत नॉर्मल बात कर रहा हूं मैं आपसे बता रहा हूं कि कृष्ण
00:16:08:09 भगवान ने सुनिए भगवान श्री कृष्ण ने उपमन्य ऋषि से दीक्षा ली तो वहां पे ये नहीं आएगा। छाया से दीक्षा ली, चलचित्र से दीक्षा ली, वीडियो से दीक्षा ली, एलईडी से दीक्षा ली। यहां ये नहीं आया। उपमन्यु ऋषि से दीक्षा ली। हो गया। अब आप अगर आप ये कहते हो कि वीडियो से भी हो सकता है तो दिखा दो मुझे। कहां लिखा है वीडियो से? वैसे ये हमारा मुख्य टॉपिक नहीं है। तो इसको छोड़ के हम आगे बढ़ जाएंगे।
00:16:40:12 तो मेरा जो अब आपका जो टॉपिक था वो तो हो चुका। अब मेरा जो प्रश्न है नहीं क्या प्रश्न है कुछ आप क्या हो चुका? हो चुका आपको इस पर बात नहीं करनी है। कोई उत्तर नहीं मेरे पास। इसका उत्तर नहीं है आपके पास। इसका उत्तर है ही नहीं मेरे पास। नहीं। अच्छा ठीक है। मैं आपसे पूछ रहा
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00:17:04:09 हूं। आपकी देह का नाश हो जाएगा तो आप खत्म हो जाएगा। आपका अस्तित्व वो तो बोल रहा हूं ना सुनिए आप मेरी बात सुनिए बोलिए आप मेरी बात सुनिए हमारी आत्मा इस काल लोक में फंसी हुई है और हमें पहले आत्मा को मैं पूछ रहा हूं रामपाल जी महाराज जी प्रयत्न कर रहे हैं और आप आप मैं पूछ रहा हूं आपका वास्तविक रूप क्या है? आपका वास्तविक रूप क्या है? मदन जी आपका वास्तविक रूप क्या है? मैं पंच मैं पंच महाभूत तत्वों से बना हूं। मेरा वास्तविक रूप मनुष्य है। मुझे मनुष्य योनि प्राप्त हुई है। 84 लक्ष योनियों योनियों के बाद प्राप्ति हुई। ये आपका वास्तविक ये आपका वास्तविक रूप है। ये मैं पूछ रहा हूं कि ये आपका वास्तविक रूप है जो आपका ये पंचभूतों से बना हुआ जो शरीर है ये वास्तविक रूप है। ये नाशवान है। ये वास्तविक रूप नहीं है।
00:18:11:08 बादाम, काजू सतलोक में जाके कौन खाएगा? यह रूप खाएगा या आपका कुछ कोई और रूप खाएगा? बादाम, काजू, सेब, केला यह सब है ना सतलोक में? सतलोक में है ना यह सब? वो कौन खाएगा यह वाला शरीर? ये ये रूप खाएगा या दूसरा रूप कौन सा रूप खाएगा? आत्मा। तो आपका जो इसका मतलब इसका मतलब भाई साहब आप बात करने नहीं आए क्या? मैं पूछ रहा हूं। इसका मतलब आपकी देह का नाश हो जाएगा तो भी आप अपना नाश नहीं मानते। मानते हैं क्या? ये देखिए आत्मा ने आप 84 लक्ष योनियों को मानते हैं क्या? मानता हूं बताइए। हां हम तो मनुष्य जन्म किस लिए मिला है? यही जानने के लिए कि आत्मा भाई साहब भाई साहब आप विषय को बदलिए नहीं। बात ये हो रही है आप अपनी देह के नाश से अपना नाश मानते हैं या नहीं मानते हैं यह बताइए।
00:19:18:28 मैं नष्ट हो जाऊंगा। मेरी आत्मा विनाशी है। यही तो बोल रहा हूं ना। आत्मा आपसे अलग है क्या? हम कहां रहते हैं? मृत्यु लोक में रहते हैं ना। आत्मा आपसे अलग है क्या? हां आत्मा अलग है मेरी से। अपना आत्मा आपसे अलग है। आत्मा की है। इसलिए आत्मा अलग है। आत्मा आपसे अलग है क्या? आत्मा अलग है मेरी से। मैं पूछ रहा हूं आत्मा से अलग है। यानी कि यहां पर कर्म आप करोगे और कोई और वहां पर जाकर फल भोगेगा। ऐसा है आप फल नहीं भोगोगे।
00:19:55:03 हेलो भाई साहब आत्मा को आपने अलग माना। यानी कि कर्म आप करोगे और फल कोई और भोगेगा। बोलो कि आप ही भोगोगे। आत्मा ही भोगेगी ना सतलोक जाके मैं अभी पूछ रहा हूं आपने कहा आत्मा आपसे अलग है तो आपकी आत्मा अलग है और वो फल भोगेगी आप तो भोगोगे नहीं आप नहीं भोगोगे ना मेरे से अलग है या नहीं इससे मतलब नहीं है हम आत्मा को मतलब क्यों नहीं है से सकते इसलिए नहीं है मतलब इसलिए नहीं है क्योंकि आपको अपना पॉइंट सिद्ध करना है और मतलब इसलिए है क्योंकि आ आपकी देह के नाश से आप अपना नाश नहीं मान रहे हो और अगर मान रहे हो तो फिर आपकी भक्ति करने का कारण हो क्या रहा क्योंकि वहां पर फल तो कोई और भोग रहा है। बादाम काजू तो किसी और को खाने को मिलेगा सतलोक आश्रम में। देखिए मैं क्या कह रहा हूं? अब मैं आपको प्रमाण दे देता हूं। आप प्रमाण ले लीजिए। ब्रह्मा विष्णु महेश के अविनाशी होने के। बहुत देर तक मगजमारी नहीं कर सकते। हां बताइए सबसे पहली
00:21:10:24 सबसे पहले क्या है कि देवी ही ब्रह्म है। इस बात का प्रमाण लीजिए। नौवा नौवा स्कंद पहला अध्याय आठ से 10 श्लोक खोलिए। खोलिए। पुस्तक नहीं है। पुस्तक नहीं है मेरे पास। क्यों नहीं है? क्यों नहीं है? जो रामपाल जी ने कहा उसको वेरीफाई किया कि नहीं किया? हां वेरीफाई किया। वेरीफाई किया तो बताओ क्या लिखा है? नौवे स्कंध में पहले अध्याय में आठ से 10 श्लोक में वेरीफाई किया है तो क्या लिखा है आप बोल रहे हैं ना आप बताइए ना आप तो बोलने दे नहीं रहे मेरे को आप बताइए बाद में बताता हूं जितनी चाबी बड़ी रामपाल है आप शांत रहिए मैं आपको बता रहा हूं आप शांत रहिए अब मैं आपको बता रहा हूं शांत रहिए भाई साहब शांत रहिए अब बिल्कुल भी अननेसेसरी टॉक नहीं चाहिए ठीक शांत रहिए। मैं आपको बता रहा हूं। आपका जो अर्थ है वो डायरेक्ट भाई साहब भाई साहब आप घर आप बोलेंगे व्यर्थ व्यर्थ बोलेंगे। मुझे आपको हटाना पड़ेगा। मैं आपको प्रमाण दे रहा हूं। तब तक आप धैर्या रखिए शांत रहिए। ठीक है? यह पहले देख लीजिए। देवी भागवत दर्शन कर लीजिए। इसी से शायद मुक्ति मिल जाएगी। आपको क्योंकि वहां तो
00:22:26:28 सिद्धांत है नहीं। कुछ देवी भागवत नौवा स्कंद और उसके बाद प्रथम अध्याय 1216 पेज नंबर आपका कहीं ना ऐसा तो नहीं ना जीव ही ब्रह्म है मैं जो ग्रंथ में लिखा है प्रमाण सहित आपको बता रहा हूं ठीक है वो आपको मैं बता रहा हूं आपको केवल प्रमाण चाहिए तर्क की कोई आवश्यकता नहीं है आपको तर्क अगर बताएंगे तो आपके वो सर से ऊपर चला जाएगा 1216 देवी भागवत का नवा स्कंध और
00:23:02:21 इसमें पहला अध्याय श्लोक क्रमांक आठ से 10 सृष्टि के आदि में जो देवी विराजती है उसे प्रकृति कहा गया है। सृष्टि करने के लिए योग माया का आश्रय लेकर परमात्मा दो रूपों में विभक्त हो गए। उनका आधा दाहिना भाग पुरुष और बाया आधा भाग प्रकृति कहा गया। देवी प्रकृति ब्रह्म स्वरूपा नित्या एवं सनातनी है। कौन है जो प्रकृति है जो देवी है मां भगवती है नित्य है सनातनी है। परमात्मा के सभी गुण परमात्मा के सभी गुण उसमें उसी प्रकार निहित है जिस प्रकार अग्नि में दाहकत्व शक्ति विराज विद्यमान रहती है। ठीक है? इसके बाद जो भी सत असत जो कुछ भी दृश्यमान जगत है वह सब ब्रह्ममय है। ब्रह्ममय और सुनो आगे क्या है? तत्पश्चात आनंद कंद भगवान श्री कृष्ण चंद्र के मन में सृष्टि करने की इच्छा होती है। किसके मन में होती है? भगवान श्री कृष्ण चंद्र के। उनकी मूल प्रकृति तत्पश्चात परमात्मा की आज्ञा के अनुसार वह पांच प्रकार की बन जाती है। इस तरीके से
00:24:17:27 यहां पे भगवान श्री कृष्ण से सृष्टि का बनना बताया जा रहा है। और जो भगवान की वो है शक्ति वो अनादि है अविनाशी हैं। अनंत है और सुनो देवी भागवत नौवा स्कंध पहला अध्याय और 12 से 13 श्लोक
00:24:52:28 12 से 13वा श्लोक कृष्ण चंद्र की आज्ञा से ही वे षष्ठी करती हैं और उनकी जो सबसे परम प्रिय जो पांच रूप धारण करती हैं उनमें से जो कृष्ण को प्रिय हैं वह हैं मां भगवती का जो राधा स्वरूप है वो भगवान श्री कृष्ण को सबसे ज्यादा प्रिय है। इसके अलावा भगवत गीता चार छ भगवान स्वयं कह रहे हैं मैं अजन्मा हूं। मैं अविनाशी हूं। ठीक है
00:25:37:09 [गला साफ़ करने की आवाज़] और इसके अलावा अनेकानेक जगह ऐसे प्रमाण हैं जिसमें कि भगवान को ब्रह्मा विष्णु महेश को अविनाशी परमात्मा कहा गया है। जैसे कि विष्णु पुराण दूसरा अध्याय पहले से तीसरा श्लोक उसमें क्या लिखा हुआ है ब्रह्मा विष्णु और शंकर रूप से जगत की उत्पत्ति स्थिति एवं संहार के कारण विकार रहित शुद्ध अविनाशी परमात्मा कौन सा परमात्मा? अविनाशी परमात्मा सर्वदा एक रस सर्व विजय भगवान वासुदेव विष्णु है। ठीक है?
00:26:26:00 और सुनो देवी ऋग्वेद दसवा मंडल 125वा सूक्त उसमें क्या कहा जा रहा है देवी परम ब्रह्म से भिन्न नहीं है अपितु परमेश्वर परमात्मा नित्य सनातन सच्चिदानंद स्वरूप परम तत्व ही है। देवी परम ब्रह्म से अभिन्न है। यह ऋग्वेद में लिखा है। और सुनो जो देवी शक्ति है वही परमात्मा है और जो परमात्मा है वही शक्ति है। देवी भागवत तीसरा स्कंध सातवा अध्याय और 14 से 15 श्लोक देवी भगवती ही ब्रह्म और ब्रह्म शक्ति है। देवी भागवत तीसरा अध्याय छठवा तीसरा स्कंध छठवा अध्याय दूसरा श्लोक और इसी तरीके से
00:27:17:22 अनेकानेक प्रमाण है अब बताइए क्या किया जाए भगवत गीता में जो बताया है तीन पुरुष मैंने आपको देवी भागवत से भी बताया है ना उसको नहीं मानोगे क्या है नहीं नहीं नहीं आपने बताया लेकिन मैं क्या बता रहा हूं आपकी बात ठीक है। प्रमाण अब मैं अक्षर पुरुष परम अक्षर पुरुष ये तीन पुरुष पुरुष माने तो परम अक्षर पे आ गए पहले एक बात खत्म करो अक्षर की बात पे भी आएंगे पहले एक बात खत्म करो पहले एक बात खत्म करो अविनाशी है या नहीं है माने आपको शास्त्र से बता दिया विष्णु पुराण से देवी भागवत इत्यादि से कि ब्रह्मा विष्णु महेश भगवती गणेश पांचों के लिए अविनाशी शब्द आया है अविनाशी नित्य सनातन
00:28:09:13 अब इसको मानोगे कि नहीं? श्रीमद् श्रीमद् देवी भागवत स्कंध तीसरा उसमें लिखा है भाई साहब लीला पूर्वक भगवान लीला पूर्वक ये बात कह रहे हैं कि हमारा भी जीवन मरण होता है। वस्तुत नहीं होता है। आप आप ये बताइए कबीर साहब के कोई गुरु थे या नहीं थे? थे उनके गुरु हां उन्होंने भी लीला की थी वो क्या अज्ञानी वो क्या अज्ञानी थे जो उनको गुरु करना पड़ा समाज को एक मार्गदर्शन मिले कि गुरु ऐसे ही समाज को मार्ग दिखाने के लिए वो लीला पूर्वक अपनी देह का नाश करते हैं। ऐसे ही जैसे आपने आपके कबीर दास जी ने समाज को दिखाने के लिए लीला की ना गुरु बनाने की। ऐसे ही वह समाज को दिखाने के लिए लीला करते हैं। अपनी देह का नाश करके। अब मैं आपसे अब मैं आपसे पूछ रहा हूं सीधी बात। मैं आपसे ज्यादा मगज नहीं मार सकता। मैं आपसे सीधी बात पूछ रहा हूं। क्या आप जिसको ईश्वर मानते हैं वो सर्वशक्तिमान है या नहीं? ये बताइए। बस इसीलिए ज्यादा उसको खोलने का कोई मतलब नहीं रहता है। सब लोग कहते हैं ना प्रमाण दिखाओ, खोल के दिखाओ, खोल के दिखाओ। उससे कोई फर्क नहीं पड़ना
00:29:24:19 है। उससे कोई मतलब नहीं है। आप तो आप तो मुझे ये बताओ रामपाल दास जी के अनुसार प्रतिपादित होने वाला जो ईश्वर है वो सर्वशक्तिमान है या नहीं? ये बताओ आप। इसका भी आंसर देता हूं और इससे पहले का भी आंसर देता हूं। इसके पहले का मत दो भाई साहब। मत दो भाई साहब। आप मुझे ये बताओ। आप मुझे बताओ वो सर्वशक्तिमान है या नहीं? स्वीकारना ही होगा और आपको एक अच्छा आदमी मिलेगा आपको एक बढ़िया जो आपको ग्रंथ दिखाएगा। सर ग्रंथ दिखाएगा। ठीक है? भाई साहब मुझसे ज्यादा व्यर्थ की बातें ना करिए। मुझे सीधे-सीधे जवाब दीजिए। क्या ईश्वर सर्वशक्तिमान है जिसको आप मानते हो? बताओ। सर्वशक्तिमान है। अविनाशी है। परम पुरुष सर्वशक्तिमान क्या वो सब कुछ कर सकता है? सब कुछ कर सकता है। अपनी देह का नाश कर सकता है। अपनी देह का भी नाश कर सकता है। यानी कि उसकी देह अविनाशी नहीं है। लीलावश कर सकता है। उसकी देह अविनाशी है कि नहीं? मैं पूछ रहा हूं उसकी देह अविनाशी है कि नहीं? अविनाशी है। उसकी देह अविनाशी है। किसी नियमों से उनकी देह हम नष्ट नहीं हो जाती।
00:30:40:04 उसकी देह अविनाशी उसकी देह अविनाशी है कि नहीं वो खुद करेंगे देह का नाश तो ऐसा नहीं है कि वो अविनाशी नहीं है हां अगर किसी नियमों से बाधित है किसी नियम के अंदर वो है जैसे ब्रह्मा विष्णु महेश की आयु लिखी है हमारे सद ग्रंथों में भाई साहब मुझे आपको हटाना पड़ जाएगा भाई साहब आप जो है सर में दर्द वाली बात मेरी बात आप समझिए मैंने आपको म्यूट किया है प्लीज मेरी बात समझिए में मैं हाथ जोड़ रहा हूं। मैं आपके बोलने के अधिकार का हनन नहीं करना चाहता। आप मुझे यह बता दीजिए। आप मुझे यह बता दीजिए कि आपके जो कबीर है आपके अनुसार जो कबीर भगवान है वो सब कुछ कर सकता है या नहीं? यह बताइए। सब कुछ कर सकते हैं। प्रारब्ध नष्ट कर सकते हैं। अपने देह का नाश कर सकते हैं। अपने देह का लीलावश अपने देह का नाश कर सकते हैं। कर सकते हैं ना कुछ भी कर सकते हैं। वो तो कर सकते हैं। तो यानी कि उनकी देह अविनाशी नहीं है ना। अविनाशी कब कब नहीं होगी? जब वो नियम में होंगे। जब आप जा सकते हैं भाई साहब
00:32:04:00 आपने देख लिया। आप लोगों ने देख लिया इनके जवाब क्या आ रहे हैं। ठीक है। आपने अपनी बात कह दी। हमने अपनी बात कह दी। अब लोग यहां पर डिसाइड कर लेंगे। वह अपनी देह का नाश कर सकते हैं। फिर भी उनकी देह अविनाशी है। आपके अनुसार यह है ना। एक मिनट सुनिए ना। बोलिए मेरे को एक मिनट दीजिए। एक मिनट मैं एक मनुष्य हूं। मुझे मोक्ष चाहिए यदि आपका ज्ञान सही लगा मैं ज्ञान चर्चा में इसके लिए आया हूं यदि आपका ज्ञान मेरे को सही लगा तो मैं आपके मार्ग पर चलूंगा। हां यदि मेरे सतगुरु का ज्ञान आप जो है मैं आपकी बात समझ गया आपका भाव मैंने समझ लिया मैं समझ गया संक्षिप्त में समझ लेता हूं मेरे भाई मैं समझ गया आपकी बात मेरी बात सुनिए अब दोनों हम दोनों शास्त्र निकाल रहे हैं शास्त्र देखो देखो देखो देखो देखो बोलने ही नहीं दोगे भाई मेरी बात सुनिए आप ध्यान से मेरी बात सुनिए ध्यान से आपने कहा कि उनकी देह अविनाशी है अगर उनकी देह अविनाशी है तो कबीर अपनी देह का नाश नहीं कर सकते अगर उनकी देह अविनाशी अगर वो कर सकते हैं तो उनकी देह अविनाशी नहीं है तो अगर आप ये कह रहे हैं कि उनकी देह अविनाशी भी है और वो वो भी कर सकते हैं तो अब जनता डिसाइड
00:33:19:01 करेगी आप क्या कह रहे हैं। ठीक है हमने सर्वशक्तिमान देवी भागवत हमने देवी भागवत से अनेकानेक प्रमाण दे दिए हैं कि ब्रह्मा विष्णु महेश जो है अविनाशी है वो लीला पूर्वक अपनी देह का नाश करके दिखाते हैं वो लीला पूर्वक जन्म ले दिखाते हैं हां क्या आप अभी बोल रहे हैं अविनाशी अभी बोल रहे हैं वो लीलावश नाश कर सकते अरे मेरे भाई लीला में अपनी देह का नाश करते हैं मैं वही तो कह रहा हूं देह का नाश्त आप ठीक है भाई साहब ठीक जनता देख लेगी। जनता देख लेगी। ठीक है। आप आए अच्छा लगा। आपने सहजता से बातें की। आप आए अच्छा लगा। आपने सहजता से बातें की।
⬜ Not used yet · 00:34:01:27 – 00:34:05:00 (0:03)
00:34:01:27 अब हम और लोगों को ले लेते हैं।
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रामपाल एक्सपोज़: एलईडी दीक्षा से लेकर कबीर के देह नाश तक, चेलों की बोलती बंद
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