⬜ Not used yet · 00:00:00:00 – 01:05:56:00 (1:05:56)
00:00:00:00 अभी मैं आपको क्वेश्चन बताइए आपका क्या प्रश्न है बताइए? अच्छा मैं पहले आपसे देखो मैं आपको बोला था कि मेरा ऑब्जेक्शन भी है और क्वेश्चन भी क्लियर करना है मेरा। ठीक है ना? तो तो पहले मैं आपसे क्वेश्चन करूंगा। मैं आपको पकड़ने के लिए भी कोशिश करूंगा कि आप कैसे? [नाक से की जाने वाली आवाज़] ठीक है। तो पहले मैं आपसे क्लियर करूंगा कि एक्चुअली हम लोग इसको पुलिस कर रही है। सॉरी [हंसी] नहीं सुना। नहीं सुना। कुछ नहीं फिल्म का डायलॉग वाला बताइए। ओके तो मैं जैसा गेस कर रहा हूं कि आप लोग भगवान निराकार को मानते हैं। ठीक है ना? नहीं किसने कहा? नहीं मैं गेस कर रहा हूं। मैं बोला ना नहीं निराकार अल्टीमेट साकार है। अल्टीमेट तो वाणी का विषय है। वाणी के द्वारा उस पर बात ही नहीं की जा सकती अल्टीमेट की। इसका मतलब आप क्या बोलना चाहें? अल्टीमेट तो अल्टीमेट तो आपका भी निराकार है ना नहीं हां सिद्ध कर दूंगा मैं हो सकता है आप सिद्ध करें लेकिन हम नहीं मानते ठीक है ना अचिंत का मतलब क्या है हम नहीं देखिए आप जानते हैं हम लोग इस वाले हम लोग कृष्ण को मानते हैं ठीक है ना और क्या बोलना है अरे मैं बोल
00:01:15:01 तो रहा हूं अचिंत का मतलब क्या है मेरा क्वेश्चन का आंसर का आप अरे आप ये मना कर रहे हो ना कि अल्टीमेट आपका जो है आप जानते हो कौन है अभी आप अल्टीमेट अचिंत मानते हो कि नहीं? अल्टीमेट अंतिम हां रियली हां मानते हैं। अचिंत मानते हो ना? अच क्वेश्चन का आंसर निकालेंगे। ठीक है आप बोलिए। अचिंत का अर्थ क्या है? जो कंडीशन जो माया में गिर के रहता है वो उसको सोच नहीं सकता है। उसको मैं समझता हूं उसको अचिंता कहते हैं। अल्टीमेट आपको नहीं पता है। एग्जैक्ट वो कैसा है? अचिंती है। लेकिन किसको नहीं पता है। देखो मैं क्या बोला? सुनिए। वही तो मैं भी कह रहा हूं कि हमारा भी वाणी का विषय है। व्यवहार में ना आ सकने लायक, जानने में ना आ सकने लायक। मांडकोपनिषद सात। अच्छा ठीक है, ठीक है, ठीक है, सुनिए, ठीक है, सुनिए। तो किसके लिए अवचिंत है? सबके लिए अवचिंत है ना क्या? जब तक हम जीव भाव को प्राप्त है तब तक अचिंत है।
00:02:18:25 [गला साफ़ करने की आवाज़] जब तक हम जीव भाव को प्राप्त है तब तक अचिंत है। वाणी का विषय है विष्णु पुराण में लिख मैं लिखा भी है आप बोल रहे मैं समझ रहा हूं मैं क्या बोल रहा था हम लोग क्या बोलते हैं इस में हमारा ग परंपरा मैं जितना पड़ा हूं मैंने अभी तक जो देखा है मैंने अभी तक जो इस का देखा है वो देखा है कि इस सब कुछ बोलता है इधर बोलता है कृष्णा ही है हमारा अल्टीमेट उधर दूसरी ओर बोलता है अचिंत है अरे भाई या तो अचिंत है या कृष्ण
00:02:52:14 सब आप मुझसे लीजिए मैं क्या बोलता सुन लीजिएगा आप पहले ऐसा करते है ना ठीक से आप बोलिए ठीक से हम बोलेंगे उसके बाद बात करते हैं बहुत अच्छा होना चाहिए इधर उधर करके फायदा नहीं ठीक है टाइम तो मैं जितना पढ़ा हूं समझा हूं कंडीशन हमारे प्रभुपाद जो लगाते है कंडीशन कंडीशन जिसका फोर डिफेक्ट होता है आप मालूम आपको मालूम होगा समझने में मेहनत करनी पड़ रही है आप क्या बोल रहे हैं दोबारा बोलिए कंडीशन कंडीशन सोल मानते हैं जानते हैं कंडीशन सोल जो कि माया के अंदर में रहता है अच्छा जो मुक्ति नहीं जिसको मुक्ति नहीं मिला है जो परफेक्ट नहीं हुआ है जीव भाव को प्राप्त है बंद मुक्त बंद बंद हां बद्ध जीव बोलते हैं हम लोग बौद्ध जीव भी बोलते हैं बद्ध जीव इनके लिए अचिंती है लेकिन जो लिबेटेड सोल होते हैं उनके लिए क्यों अचिंती होना चाहिए ये मेरा क्वेश्चन उनके लिए कहां है हम थोड़ी हम थोड़ी ना लिबरेटर टोल है तो मेरा क्वेश्चन था सिर्फ आपका इंडिविजुअल के लिए नहीं आपका परंपरा में आपका लाइन में जो आप फॉलो करते हैं गुरु परंपरा फॉलो करते हैं जो सनातन धर्म का रिपजेंट जैसा करते हैं ना तो उनके
00:04:07:15 हिसाब से आप क्या समझे भगवान क्या है साकार है निराकार या बहुत भी है कुछ भी नहीं क्या आप क्या बोलते व्यवहार में ना आ सकने लायक परमात्मा अपने साधु भक्तों के उद्धार के लिए व्यवहार में आ सकने लायक रूप लेता है तो इस प्रकार से ईश्वर साकार और निराकार दोनों हो जाता है। जो प्राप्तव्य का विषय है जिसको सिर्फ प्राप्त किया जा सकता है वो निर्गुण निराकार है। और निर्गुण निराकार को प्राप्त करने का जो रास्ता है वो उसके लिए हमें भक्ति करनी होती है सगुण साकार की। सगुण साकार की भक्ति करते हैं। सगुण साकार से प्यार करते हैं। सगुण साकार के अस्तित्व को स्वीकारते हैं। उसके पीछे पीछे चलते हैं। तब हमें निर्गुण निराकार की प्राप्ति होती है। तो यही तो आप क्लियरली शॉर्टकट में बोल सकते हैं। भगवान निराकार निर्गुण है। अल्टीमेटली भगवान निराकार निर्गुण है। लेकिन वही रूप ले आते हैं। वो जो निर्गुण निराकार है वाणी का विषय है ना वो तो हम केवल इतना बोलने से हो गया ना। हां हम साथ साथ में ऐसा भी बोलते हैं शास्त्र में लिखा हुआ कि भगवान सच्चिदानंदमय है तो ये किसके लिए बताया गया है निर्गुण निराकार के लिए बताया गया है ना साकार के लिए बताया गया है सच्चिदानंद हमारे
00:05:22:21 पर्सपेक्टिव से भगवान है बिल्कुल नहीं मेरा क्वेश्चन था सच्चिदानंदमय जो होता है जो आनंदमय होता है और साकार रूप में होता है या निर्गुण निराकार रूप में होता है यह फर्क पड़ता है कि हम सच्चिदानंद किसको किस दृष्टि से देख रहे हैं? सच्चिदानंद वो जो निर्गुण निराकार उसको प्राप्त ही हम इसलिए करेंगे क्योंकि वो सच्चिदानंद है। कौन? भगवान जो है सच्चिदानंद है तभी तो हम उन्हें प्राप्त करना चाहते हैं। तो मैं आपको क्वेश्चन किया था कि जो अल्टीमेट निर्गुण निराकार वही सच्चिदानंद है ना वो पहले से सच्चिदानंद है ना रूप लेने के बाद सच्चिदानंद होता है। पहले से ही सच्चिदानंद वही तो मैं बोल रहा था आपको। तो मेरा क्वेश्चन था। मैं सिर्फ आपसे ही क्वेश्चन है। ये मेरा माइंड का प्रश्न है। मैं क्लास में बोलता हूं। डिस्कशन करता हूं। दूसरों से पूछना चाहता हूं। जानना चाहता हूं कि कौन क्या सोच रहा है। तो मेरा क्वेश्चन था कि भगवान अगर निर्गुण निराकार है तो और वो आनंदमय भी है तो क्या चीज को लेके वो आनंदमय है हां इसको मैं बताता हूं आपको आनंदमय वो कैसे और निर्गुण निराकार वो कैसे जो अब हम उसको निर्गुण निराकार कह
00:06:37:27 रहे हैं तो ये जो उसका आनंदमय होना है जो सच्चिदानंद स्वरूप होना है ये उसका गुण नहीं है ये उसका स्वरूप भूत लक्षण है अधष्ठित ठीक है और ये उसके अंदर है इसीलिए वो हमारा ईश्वर है हमारा जो है लक्ष्य है ये उसके अंदर है अगर हम इसको क्वेश्चन कर देंगे जैसे आंख क्यों देखती है अगर आंख देख रही है इसीलिए वो आंख है तो ईश्वर जो है निर्गुण निराकार उसका स्वरूप भूत लक्षण है कि वो सच्चिदानंद स्वरूप है हमारे लिए सच्चिदानंद स्वरूप वो है इसीलिए हम हमारा वो ईश्वर है अगर हम ये कह दे कि नहीं साहब निर्गुण निराकार वो है तो सही मगर वो जो है सच्चिदानंद नहीं हो सकता। अगर हम यह कह देंगे तो हमारा प्राप्तव्य कहां से रह जाएगा?
00:07:25:01 मतलब वो ईश्वर ही नहीं रह जाएगा। यहां पे वो वाली डेफिनेशन आती है कि एक सोता हुआ व्यक्ति यह नहीं कह सकता है कि मैं सुनने के कारण जाग गया। अगर हम अगर हम ये कहे ना कि भाई वो जो है वो निर्गुण है इसलिए हम उसे नहीं मानते। सपोज दैट वो निर्गुण है इसलिए हमारी जो भक्ति है उसमें मन नहीं लग रहा है। बहुत एक जगह वो भी शब्द आया है क्या कहते हैं ये प्रभुपाद जी ने एक जगह कहा है कि वो बहुत नीरस है। जो अद्वैत है अद्वैतवाद जो है वो बहुत नीरस है। प्रभुपाद जी ने ये कहा है। तो अब बात ये आती है वो नीरस कहां पर है? वह आपके व्यवहार में नीरस नहीं है। वह प्राप्तव्य है और प्राप्तव्य वाली स्टेज जो पारमार्थिक दृष्टि है उसके आधार पर आप उसके प्रति अनास्थावान नहीं हो सकते। वो इसलिए नहीं हो सकते कि एक जैसे सोता हुआ व्यक्ति यह नहीं कह सकता है कि मैं सुन के जाग गया। एक सोता हुआ व्यक्ति यह नहीं कह सकता कि मैं सुन के जाग गया। क्योंकि अगर वो सो रहा है तो उसका सुनना सुनना सिद्ध नहीं होगा। और अगर वो सुन रहा है तो उसका सोना सिद्ध नहीं होगा। इसी प्रकार से एक व्यक्ति परमार्थ
00:08:40:07 में ईश्वर क्या है और क्या नहीं है? इसके आधार पर उसके प्रति अनास्थावान नहीं हो सकता। क्योंकि अगर वह परमार्थ को जान रहा है कि परमार्थ में ईश्वर ऐसा है तो उसका ईश्वर के प्रति अनास्थावान होना सिद्ध नहीं होता। और अगर वो ईश्वर को नहीं मान रहा है तो फिर उसके द्वारा ईश्वर का परमार्थ जानना सिद्ध नहीं होता। क्योंकि परमार्थ को जान कहां से रहा है? ईश्वर के द्वारा। इसका मैं आपको बताने का प्रयास करूं कि जैसे मान लीजिए कि हमने कहा कि वहां पर वह निर्गुण है। हमने निर्गुण से प्यार नहीं है। हम निर्गुण को नहीं चाहते हैं। यह कह दिया। ठीक है? अब क्या होगा कि हमने उसको नकार दिया। अब आपसे अगर पूछा जाएगा कि आपने उसको क्यों नकारा? क्योंकि वो परमार्थ में निर्गुण था। तो बोले कि वो परमार्थ में निर्गुण है कि सगुण है? यह कैसे सिद्ध होता है? कि जब हमने उसको ईश्वर को ईश्वर मान लिया तब यह सिद्ध होता है कि वह परमार्थ में क्या है और क्या नहीं है। तो हम तो ईश्वर को ईश्वर मान ही नहीं रहे हैं। तो अभी भी हमारे पास उसको नकारने का कोई कारण नहीं बचा। आप समझ पा रहे हैं मेरी बात? हां ठीक है। हम तो हो गया आपका हो गया। हम तो आंसर कहां दिया आपने?
00:09:55:25 हम क्या बोला? आनंद देखा लिखा है आनंदमय बोल के। ठीक है ना? हम तो मेरा क्वेश्चन था कि क्या चीज को लेकर, क्या सोच के, क्या देखकर, क्या करके ऐसा कुछ एक्सप्लेन नहीं कर सकते कि हम लोग जितने भी माया रूपी प्रपंच है यहां पर होने वाले क्लेशों से मुक्त है। सर्वदा आनंद है। ठीक है। मुक्त तो हो गया लेकिन मुक्त होने के बाद तो कुछ तो कुछ तो होगा ना जो कि जिसको लेकर कुछ तो ये कुछ तो आप बताइए। यह कुछ तो आप बताइए क्या होना चाहिए? [हंसी] यह कुछ तो आप बताइए भाई आनंद का मतलब है जो जड़ व्याधि ये सब चीजें हैं जो प्रपंच माया रूपी संसार का जो प्रपंच है इनके रोग दोष क्लेशों से मुक्त हो गया जो वो आनंदमय हो गया। ठीक है? जो मुक्त है वो आनंदमय हो गया। अब अगर इनसे मुक्त हो जाना आनंद नहीं है तो आपके अनुसार आनंद क्या है वो बता दीजिए।
00:10:56:26 अच्छा ठीक है हम लोग का हम लोग का मैं जितना समझा हूं पता नहीं पता नहीं कहांहां से हम ठीक है मैं क्या बोल रहा हूं हम लोग भगवान जैसे मैं मैं बोल रहा हूं आपको मैं जितना पढ़ा है जो समझा है उसके हिसाब से बोल रहा हूं कहांहां से कोर्ट को हमको नहीं आता है ज्यादा तो मैं जितना समझा हूं इसके अनुसार भगवान का रूप है ठीक है लेकिन उनका दिव्य रूप है जो स्पिरिचुअल फॉर्म होता है तो स्पिरिच फॉर्म में फिर वो अपने को एक्सपेंड करते हैं। जैसे कि बलराम के रूप में दूसरा विष्णु के रूप में या राधा रानी के रूप में लक्ष्मी के रूप में ये सब सब कुछ तो अल्टीमेटली भगवान साथ ये हम लोग का फिलोसफी गौ फिलॉसफी में जितना समझा हूं तो उन लोगों के साथ इंटरेक्शन करके अनलिमिटेडली वैरायटी ऑफ इंटरेक्शन लविंग अफेयर्स जो किसी को कहते हैं किसी ने जैसे हनुमान जी रामचंद्र की सेवा करते हैं तो हनुमान का जो मूड है सेवा का मूड देखकर उनका प्यार देखकर रामचंद्र बहुत खुश होते हैं या सीता देवी जो है रामचंद्र मुक्ति से पहले की बातें हैं मैं आपसे आपसे मुक्ति पूछ रहा हूं। मुक्ति के बाद क्या आनंद है आपका? इसलिए मैं आपको क्या बोल रहा था? हम हम लोग क्या मानते हैं? आपको क्या बोलते हैं? हम हम लोग मानते हैं कृष्णा सुप्रीम। ठीक है? भगवान का फॉर्म है। हम लोग का ठीक है? भगवान का फिगर्स है। उनका सेंसेस
00:12:12:04 है। उनका आंख है, नाक है, कान है, सब कुछ है। ठीक है? लेकिन स्पिरिचुअल है। हम लोग जैसे मटेरियल, पंच तत्व, पंच ये सब चीज से नहीं है। ठीक है? तो इसलिए वो अपने को अपने से एक्सपेंड करते हैं दूसरे को दूसरे को उनको उनका डिवोटी मैं आपसे ये पूछ रहा हूं कि आपके अनुसार मुक्ति के बाद आनंद क्या है? आनंद मुक्ति देखिए मुनते हैं नहीं सुनते समझने की कोशिश करें। हम क्या बोल रहे हो? अगर खत्म भी नहीं होता है बात करना शुरू करते हैं। भगवान का फिगर है, रूप है, उनका सेंसेस है, उनका डिजायर है, उनका सब कुछ है। कुछ नहीं है जो बोल देंगे तो भगवान को लिमिटेड कर दिया आप जो भी सोचता है। भगवान के पास सब कुछ है। इसलिए सब कुछ बाद में पूछेंगे। बाद में बाद में बाद में पूछेंगे। मेरा अभी मेरा कंप्लेंट नहीं। आप अभी ट्रैक से हट रहे हैं। भाई साहब मैं क्या बताऊं? मैंने आपसे पूछा एक जीवात्मा जो यहां से मुक्त होकर गई उसको वहां पर ऐसा क्या मिला जो वो आनंदित रहेगी तदा के लिए उसको कृष्णा मिलेगा कृष्णा को प्यार करेगा प्रेम करेगा अनलिमिटेडली नाचेगाएगा खाएगा प्यार करना आप मुझे जरा प्यार करना डिफाइन करिए क्या करेगा प्यार में भगवान
00:13:27:08 के लिए काम करेगा अपना प्रभु के लिए काम करेगा जैसे जैसे हनुमान जी राम जी की सेवा करते हैं हनुमान जी राम जी की सेवा ऐसे करते हैं कि मान लीजिए राम जी को वो तुलसी पैर दबा रहे हैं या फिर उनके लिए कुछ लेने जा रहे हैं। यही तो सेवा है। यही जो राम जी चाहेंगे जो राम जी की इच्छा है जो राम जी की आपके अनुसार जो नित्य आनंद है वो भगवान की सेवा करना है। यस ठीक है। हां नित्य है ना यही है ना नित्यानंद? हम अब ये बात आती है कि जब नित्य आनंद भगवान की सेवा करना है और आपने बताया कि मान लीजिए पैर दबाना सेवा करना है। ठीक है? ओके ठीक। तो अभी मैं पैर दबा रहा हूं भगवान के और मैं भगवान के पैर दबा के एक बार दबाया। उसके बाद मेरा हाथ ऊपर आया। तभी तो अगली बार दबाऊंगा। ऐसे ही है ना सेवा? तो जब मैंने दबाया तब तो मुझे आनंद आया। मगर जब मैं ऊपर आया तब तो आनंद नहीं आया। खाली हो गया आनंद ऐसा कैसे हो सकता है ब्रेक आ रहा है ना कंप्लीट प्रोसेस है उठाना और दबाना तो कंप्लीट प्रोसेस है ना भाई साहब अरे
00:14:42:24 भाई दबाना अगर आनंदमय है तो उठाना आनंदमय कैसे हो जाएगा या तो दबाना आनंदमय है या उठाना आनंदमय अगर नहीं उठाएंगे तो कैसे दबाएंगे आप चलिए और कोई ले लेते हैं और कोई सेवा ले लेते हैं जैसे मान लीजिए टीका लगाना भगवान को तैयार करना ये भी सेवा है मैं भगवान के लिए कुकिंग कर रहा हूं। मैं कुकिंग कर रहा हूं भगवान के लिए। ठीक है। हां। ठीक है। तो आपने खाना कुकिंग करो। भगवान खाएंगे। आपने खाना मैं जब मार्केटिंग सुनिए मैं जब मार्केटिंग करूंगा मैं खुशी से मार्केटिंग मैं भगवान के लिए लेके जा रहा हूं बोल के। मैं कुकिंग करूंगा मैं मेरा प्रभु खाएगा मेरा हाथ से ये सोच के मैं खाऊंगा। बनाऊंगा। मैं उनके पेट में पहुंचूंगा कि वहां पे ऐसे वहां पे ऐसे ही करेंगे। मुक्ति में हां क्यों? गोलोक में कुकिंग करेंगे। यस तो जैसे आपने आज बनाया बढ़िया सा खाना बनाया आपने ठीक है तो आपने आज खाना बना दिया और भगवान को खिला भी दिया ठीक है खिला भी दिया खुद भी खा लिया इसके बाद अगली बार खाना कब बनेगा सिर्फ एक ही सेवा नहीं होता है अनलिमिटेड वैरायटी एंड अनलिमिटेड सर्विस है सेवा अनलिमिटेड सेवा में बीच में ब्रेक आ रहा है ना नो ब्रेक स्पिरिचुअल वर्ल्ड में कुछ ब्रेक नहीं होता है क्यों ब्रेक देखिए आप सोने सोनिए आप सिर्फ सिर्फ क्वेश्चन मत
00:15:57:27 कर सुनिए अभी मैं खाना पकाऊंगा बाद में खाना खा गया तो कैसे सोएंगे बैठेंगे उनका मुखवास लेना है उनका फैन करना है उनको बात करना है उनका गाने सुना है सब कुछ स्टॉप नहीं होगा नॉनस्टॉप सर्विस उधर इधर इधर सब इधर सब ब्लॉकेज होता है आपके इधर है उधर उधर कोई नहीं होता अभी अब मैं कुछ पूछना चाह रहा हूं जैसे आपने उनको खाना परोस दिया ठीक है खाना परोसने के बाद भगवान खा रहे हैं अब आप वेट कर रहे हो ना कि अब ये जब सोएंगे तो मैं इनका का बिस्तर लगाऊंगा। वेट कर रहे हो ना? तो ये जो वेट कर रहा हूं जितनी देर वेट कर रहा हूं आनंद का आनंद का भाव कि मैं वेट कर रहा हूं प्रभु के लिए। आप वेट कर रहे हो उसमें भी आनंद है ना? क्यों नहीं? तो इसका वेट कर रहे हो जो आप उसमें आनंद है ना? हां। इसका मतलब इसका मतलब सेवा करना ही आनंद नहीं है। वहां केवल खड़े हो अगर आप तो वो भी आनंद है। हां मैं वेट कर रहा हूं। प्रभु जब चाहेंगे मैं उनका सेवा करूंगा। मेरे दिल में उनके लिए अभी भी दिल नहीं अगर आप अगर आप केवल वेट कर रहे हो वहां पहुंच गए अगर गोलोक धाम में वो आनंदमय हो गया आपका भले ही आप सेवा कर रहे हो या नहीं कर रहे हो डजंट मैटर भले ही आप सेवा कर रहे हो नहीं कर रहे हो डजंट मैटर देखिए एक सेकंड मैं बोल रहा हूं उधर बिना सेवा से कोई
00:17:12:28 एक सेकंड नहीं रहेगा अरे आप ही तो कह रहे हो कि मैं से अभी आपने कहा वेट कर रहे हो नहीं वेट करना भी सेवा है क्या बात कर रहे हो आप अरे वेट जब वेट किस चीज का कर रहे हो ये बताओ। जरूर जरूर मैं ऑफिसर हूं। मेरा पीओ मेरे लिए वेट कर रहा है। वो भी आप ये बताओ वेट किस चीज का कर रहे हो? क्योंकि भगवान का नया ना डिजायर करने इच्छा करेंगे तो नए ना सेवा करेंगे। ठीक है। अगर आप किसी चीज का वेट कर रहे हो तो इसका अर्थ है कि ऐसा कुछ है जो आपको चाहिए जो अभी नहीं है। उसी का तो वेट कर रहे हो। [गला साफ़ करने की आवाज़] नहीं होने से भी मेरे दिल में तो उनके लिए प्रेम है ना। आप ही तो कह रहे हो मैं वेट कर रहा हूं। वेट करने से भी आनंदमय स्पिरिचुअल में हर कुछ सच्चिदानंदमय होता है। बस ठीक है आपकी इतना ठीक है सुन सुनिए एक सेकंड सुनिए सुनिए नहीं एक सेकंड नहीं अभी एक इसको क्लियर करने दीजिए प्लीज अगर आप आर्गुममेंट पे मत जाइए ठीक है आर्गुममेंट पे नहीं जा रहा हूं मैं ये कह रहा हूं कि अगर आप लॉजिक आप लोग ज्यादा आप ज्यादा लॉजिक यूज़ करो लॉजिक लॉजिक लॉजिक स्पिरिचुअल मीन्स एवरीथिंग स्पिरिचुअल आपको लॉजिक लॉजिक लॉजिक ये करके बात खत्म करनी है तो पहले ही कह देते अर्ज तो है ही आपका आखरी मुकाम नहीं इतना लॉजिक ढूंढने से आपको कौन समझाएगा इतना इतना तो
00:18:28:00 कोई बात नहीं करते हैं दुनिया जो भद्र आदमी होता है ना लॉजिक का पैरामीटर क्या है कि कितना लॉजिक होना चाहिए और कितना नहीं होना चाहिए इसका क्या पैरामीटर है आप डिसाइड करेंगे मैं देख रहा आप जितना वीडियो देख रहे हो सब आप डिसाइड करेंगे वो हम डिसाइड नहीं करेंगे अरे मैं नहीं कर रहा आपसे पूछ रहा हूं मैं लॉजिक कितना होना चाहिए देखिए सुनिए ना सुनिए स्पिरिचुअल वर्ल्ड में कोई चीज भी टेस्टलेस नहीं होता है कोई कोई चीज में डिस्ट्रेस नहीं होता है दुख नहीं होता है टेस्टलेस नहीं होता है अगर आप भगवान के लिए वो सेवा करने का वेट कर रहे हैं तो तब भी आपको आनंद मिल रहा है। इसका मतलब अगर आप गोलोक धाम केवल पहुंच गए वो भी आनंदमय है। भले ही आप सेवा कर रहे हो या नहीं कर रहे हो डजंट मैटर। बिना सदा के उधर कोई नहीं रहेगा। अरे आपने कहा ना कि जब वो सो मैं इंतजार करूंगा उनका जब वो सोएंगे तो बिस्तर लगाऊंगा। ठीक है। और मेरे लिए इंतजार भी सेवा ही है। मैं इंतजार कर रहा हूं। मेरे प्रभु जो इच्छा करेगा मैं काम करूंगा। अगर इंतजार सेवा है तो इसका अर्थ है कि इंतजार में ही शाश्वत सुख आपको मिल रहा है। भले ही आपको सेवा करने का अवसर मिले या ना मिले या तो सेवा अंतिम सुख नहीं है और अगर सेवा अंतिम सुख है तो इंतजार में सुख नहीं है।
00:19:43:27 ठीक है वो आप आप ऐसा बोलिए। हम ऐसा नहीं मानते। आप आप समझाओ ना भैया। जैसे आप अगर अंतिम सुख सेवा आपको कौन समझाएगा? आपको कौन समझाएगा? आप ही तो आए। अच्छा आपके लिए गरम-गरम खाना पाकर वेट कर रहे हैं। वो आपको वेट करना सेवा नहीं है आपके लिए। अरे अगर से अगर सेवा वेट करना भी सेवा है तो इसका मतलब सेवा करना अंतिम सुख नहीं है ना। क्यों नहीं है? अगर अंतिम सुख सेवा है तो वेट करने में वो अंतिम सुख नहीं मिलेगा जो खड़े होके आपको सुख मिल रहा है। ठीक है। होगा सुख सोचते हैं। आप ऐसा सोचते हैं। आप ऐसा सोचते हैं। अरे तो आपको वेट किस चीज का है? फिर जब आपको सब कुछ प्राप्त है तो आपके मन में आस नहीं होनी चाहिए ना कि अगली चीज आए और जब आपको खड़े होकर के सुख मिल रहा है तो आपके अंदर ठीक है आपको ऐसा ठीक है आप सुनिए अभी मैं बताता हूं आपको अभी याद आया हमको माइंड में उधर अगर आप अगर अनलिमिटेड काल तक अनंत काल तक अगर मसाज करते रहेंगे तो चलते ही रहेगा कोई स्टॉप करने वाला नहीं है और भगवान आपको हेलो करके अनंत काल तक आप सब कुछ कर सकते हैं मसाज करना है ठीक है मसाज करने में भी तो आप मसाज ऐसे करेंगे ना इसी को तो कहते हैं मसाज करेंगे एक सेकंड भी नहीं फर्क पड़ता है उसको आप इतना लॉजिक इतना आर्गुममेंट करते हैं एक सेकंड नहीं लगता है हाथ उठा के दबाने ऐसे
00:20:59:03 ऐसे ही बात होती है इतनी इतनी चीजों पे ही बात होती है ठीक है आप मानिए उधर उधर भी प्रॉब्लम है आप मानते रहिए इसका मतलब इतनी इतनी चीजों पर बात होती है अगर मसाज करते समय भी प्रेशर जा रहा है और हट रहा है तो जितनी देर आपका प्रेशर हट रहा है मसाज करते समय उतनी देर आपको वो नित्यता नहीं रही सुख में सुख फ्लक्चुएट ऐसा नहीं है। ठीक है। लेकिन हम ऐसा लगता है मैं नहीं समझता हूं आपका बात को। ठीक है। मैं हार मान आपको नहीं मानना है तो बात अलग है। मगर बात तो यही है कि आपने जब हाथ हटाया ठीक है। आप जैसा सोचते हैं ऐसा ही है। लेकिन दबाना है तो आपको दबा के रखे रखिए। रखिए सब आनंद लेना रखे रखिए। उठाना नहीं है। तब जाके मसाज हो जाएगा। अभी फ्लक्चुएशन एक जगह पकड़ लिया तो बस वही अनंत है जीवन। वही है ना वो भी हो सकता है स्पिरिचुअल वर्ल्ड में वो भी पॉसिबल है स्पिरिचुअल वर्ल्ड में वो भी पॉसिबल है वो सेवा नहीं है फिर सेवा बताइए आपके लिए नहीं है आप समझते नहीं है उधर का दुनिया अलग है इधर भाई साहब आप समझते जा रहे हैं आप आप सेवा बताइए ना सेवा होनी चाहिए ना ये क्या मैंने हाथ नहीं आप टॉपिक चेंज कर इसके ज्यादा बात कोई फायदा नहीं ये सब बहुत है सिर्फ आप इतना बात कर और दूसरा कुछ करते हैं आप ही ने तो ये टॉपिक छेड़ा है चलिए बताइए ठीक है हम हार गया भैया तुमसे हम हार गया आपने ने एक बात कही कि जो
00:22:14:14 हमारा हम श्री कृष्ण को मानते हैं वो जो है उनका विग्रह है। हम भी श्री कृष्ण को ही मानते हैं। ऐसा नहीं है। मगर क्या यह बात सच है कि श्री कृष्ण जैसे बैकुंठ में रहते हैं वैसे ही उठकर सीधे सीधे आते हैं यहां नीचे धरती पे। जैसे बैकुंठ में रहते हैं वैसे ही आते हैं हमारे बीच। हां ऐसे ही आते हैं। एज इट इज है ना? यस एज इट इज यस। अच्छा यानी [नाक से की जाने वाली आवाज़] कि जो मतलब अगर हम जो श्री कृष्ण क्या कहते हैं यहां पर आए थे वही श्री कृष्ण हमको वहां मिलेंगे। ठीक है? यस हां एस कोई अंतर तो नहीं है ना जरा सा भी बिल्कुल हां बोलिए तो नहीं है। नहीं है। अच्छा अभी बताइए जो वहां का जो भगवान का शरीर है विग्रह है क्या वो शाश्वत है या वो नष्ट हो सकता है या बदल सकता है? पहले से मैं बोल रहा हूं यस क्योंकि मैं आप सुना है आपका वीडियो में सुना हूं वो शाश्वत ही है सुनाता नहीं है वोलेस एंडलेस है वो शाश्वत है तो शाश्वत की परिभाषा क्या है आपके अनुसार जो कि क्या बोलते है एंड नहीं हो सकता है क्या नहीं हो सकता है खत्म नहीं हो सकता है
00:23:30:24 खत्म नहीं शाश्वत की परिभाषा ये होती है कि वो परिवर्तनशील नहीं होता है और ये चेंज चेंजलेस नहीं है चेंजलेस नहीं है भगवान शरीर चेंजलेस नहीं है चेंजलेस है चेंजलेस है ना परिवर्तन नहीं होता नहीं तो अब एक बात बताइए वो आए थे छोटे लला के रूप में और उसके बाद उनका शरीर चेंज हुआ तो ये शरीर शाश्वत कैसे फिर [नाक से की जाने वाली आवाज़] वो चेंज उसे दिखता है ऐसा चेंज नहीं होता है भगवान जो उनका शरीर जो हमें में दिख रहा है वो वास्तविक नहीं है। दिख रहा है वास्तविकता कुछ और है। नहीं नहीं जो दिखता है वही है और वास्तविकता भी वही है। रियल है तो रियल है तो फिर चेंज क्यों हो रहा है? वो चेंज आपको दिखता ही दुनिया में जो लीला करते हैं दिखता है ऐसा। अरे तो वो तो फिर तो हमारी जगह आ गए ना। हमें जो दिख रहा है फिर सुनिए मैं आप सुनिए ठीक है। मेरे मैं आपको एक एग्जांपल दे रहा हूं। हम्म पहले का जो फिल्म होता है उसका रील आता था। ठीक है। याद है ना? देखा है ना कभी रियल देखा है ना पहले वाला हां हां देखा है देखा है और रियल जो वीडियो आता है वो चीज एक्चुअली क्या है अंदर में क्या होता है सब फोटो होता है ना हम हम
00:24:46:21 है ना बोलिए बोलिए हां बहुत सारे फोटो जो उसको जो मूव कराते हैं तो वो वीडियो जैसा दिखता है लाइव जैसा दिखता है हम हम लेकिन हर फर्म उसमें ऐसा ही रहता है चेंज नहीं होता है एक-एक पिक्चर का जो है ना स्टेबल होता है चेंजिंग नहीं होता है वो लेकिन जब मूवमेंट करता है तो वो चेंज होता है जैसे दिखता है हाथ हिलता है उसे हिलता दिखता है यानी कि हमें जो दिख रहा है वो असलियत नहीं है ना हमें जो दिख रहा है हम जो सोच रहे हैं हम जो जान रहे हैं वो असलियत नहीं है ना भगवान रूप असलियत है आप ही तो कह रहे देखो आपकी बातें देखो आपने कहा भगवान का शरीर चेंजलेस है वो परिवर्तनशील नहीं है ठीक है अब मैंने जब बताया कि वो लला रूप में आए थे फिर वो किशोर हुए ठीक है तो उनका शरीर चेंज हुआ। उन्होंने विराट स्वरूप चेंज नहीं हुआ है। नहीं चेंज नहीं हुआ है। हमको दिख रहा था उनकी माया थी। हां माया के कारण दिख रहा था। ऐसा ही हम लोग जो मैं जो समझा हूं भगवान जगत में भी वैसा ही करते हैं। नंद जोश के बाद पास में वो छोटा लला ही रहते हैं।
00:25:58:00 बोलने दीजिए दीजिए। जी हां नंददा के लिए है ना वो स्तन्य पाई है सब समय इटरनली स्तन्य पाई है स्तन्य पाई समझ गए ब्रेस्ट नहीं समझा ब्रेस्ट फेड छोटा शिशु है नंददा के लिए अच्छा ठीक है लेकिन जब गाय चोरा जाते हैं वो भी सब इंटरर्नली गाय चोरा लेने निकल जाते हैं ऐसा नहीं कि एक दिन गया बाद में कभी नहीं जाते सुनिए पहले सुनिए पहले सुनिए नहीं आपको बोलने नहीं दूंगा मैं आप बहुत ज्यादा बात करते हैं क्यों आप ऐसा करते हैं सबके साथ अच्छा ठीक है [हंसी] ऐसा नहीं करना चाहिए। तो पोलाइट होना चाहिए। दूसरों को एल करो। बोलने के लिए बोलने के लिए प्रिपेयर ज्यादा मत हो। दूसरा को सुनने के लिए भी प्रिपेयर हो। ठीक है ना? ऐसा क्वालिटी नहीं है। हां बोलिए। तो नॉन का जो छोटा लाला है वो इटरनल है। सब समय रहता है। सनातन है। जो डांस करने वाले हैं गोपियों के साथ हो कि उनके सखा के साथ हो वो भी इटरनल है। सुनिए पहले सुनिए। जो मथुरा का कृष्णा है वो भी इटरनल है वो रूप भी सब समय होता है अभी भी है जो द्वारिका का कृष्णा है वो रूप भी अभी भी है जो विष्णु अभी भी है राम अभी भी है राम का भी लला रूप अभी भी है अनंत कोटि ब्रह्मांड है अनंत कोटि ब्रह्मांड
00:27:13:13 में हर लीला अभी भी चल रहा है ये चैतन्य महाप्रभु का बात है मैं नहीं बोल रहा हूं मैं आपको बोला था एक दिन आप पहले के बाद चैतन्य चरित्र थोड़ा पढ़ लीजिए लेकिन आप सुनते ही नहीं है चैतन्य महाप्रभु तो मानते हैं अपना सुनिए सुनिए पहले सुनिए आप बात नहीं मेरी बात सुन लीजिए मैं आपको थोड़ा सुन रहा हूं इसलिए आप सुनिएगा क्यों विषय मेरी बात सुनिए क्यों सुनिए मेरी बात सुनिए आपकी बात सुनना पड़ेगा आपकी बात जब पूरी हो जाए तो मुझे बता दीजिएगा कि मेरी बात पूरी हो गई बताइए हां ठीक है बताइए ठीक है ना बोलिए चैतन्य महाप्रभु को आप लोग भी मानते हैं कि आप लोग का परंपरा का आचार्य है ठीक है आप मुझे प्रमाण बता रहे हैं मैंने आपसे नॉर्मल पूछा है कि आप मानते क्या है? भगवान का शरीर शाश्वत है या मैं तो समझा रहा हूं। नहीं आप आप बात मत करो। सुनिए मैं जब पूछा तो आंसर दीजिए। ठीक है? [हंसी] आप जितना रूप लीजिए हम जो हम लोग ग वैष्णव लाइन में नहीं भाई बहुत छोटा आदमी है। लेकिन जितना पड़ा है मैं उसी से बता रहा हूं। अगर कहीं गलत है तो गलत है। दीजिए ना क्या है? आप हमसे ज्यादा आर्गुमेंट ना करिए। सुनिए आप बोलिए हम सुनिएगा। समझने के लिए कोशिश करिएगा। मैं बोलेगा आप सुनने की कोशिश करिएगा। अगर कुछ है तो देखते हैं। ठीक है ना? तो भगवान का जितना रूप अभी तक है जितना
00:28:28:16 अवतार मैं बोल रहा हूं अवतार जितना रूप है विष्णु हो राम हो कृष्णा हो और क्या बरा नरसिंह देव जितना अवतार है ये हम लोग मानते हैं अभी भी वो लोग का लीला चल रहा है दूसरा दूसरा ब्रह्मांड में चल रहा है एक ही पृथ्वी एक ही यही नहीं है कि दुनिया कोई नहीं है अनंत ब्रह्मांड है अनंत ब्रह्मांड में अभी भी चल रहा है अभी भी चल रहा है जन्माष्टमी कहीं जन्म हो रहा है कहीं दूध पी रहे हैं कहीं खेलते हैं कहीं आगे बढ़िए समझ गया सुनो सुनो सुनो सुनो सुनो सुनो अभी तक नहीं बोला आपको मैं समझ गया आपकी बात आगे आगे बढ़िए। रिपीट हो रहा है। बार-ब
00:29:01:15 बोलिए। आपने कहा कि अनंत कोटि में अनंत लीलाएं अभी भी चल रही है। इसका मतलब भगवान का शरीर एक नहीं है। अनंत है। यस। अनंत में अनंत रूप में लीला। क्योंकि भगवान का जो मूल शरीर है वो एक नहीं है। बहुत सारे भगवान है। ऐसा नहीं है एक ही भगवान है। तो लेकिन अलग-अलग रूप में है अलग-अलग रूप वो जो एक है जो मूल है वही आया था ना नीचे गोलोक धाम से हां ठीक है। मूल वाला ही आया था ना। दूसरा एक एक चीज और एक अगर वो मूल वाला आया है जो बदलता नहीं है जो ट्रांसफर ट्रांसफॉर्मेल नहीं है तो वो आया था लाला के साइज में उसके बाद वो किशोर हुए तो ये ट्रांसफॉर्म हो रहा है फिर वो वो तो बदल रहा है ना नहीं हो सकता है लेकिन हम लोग का परंपरा हम ऐसे नहीं मानते हैं ठीक है ना तो आंख में पट्टी बांध के मानना पड़ता है क्या हमें दिख रहा है टोटे लला के रूप में आए नहीं हां हां हमने दिख रहा है भगवान जी आपको यही करना पड़ेगा आपको हम पूछेंगे आपको मैं भी क्वेश्चन करूंगा इसके बारे में ठीक है ना आंख बंद करके चलना पड़ता है तब अभी अभी मैं आपसे पूछ रहा हूं कि आपको
00:30:16:24 जब दिख रहा है कि भगवान इस तरह से आए हैं छोटे लला के रूप में हम लोग जन्माष्टमी मनाते हैं तो लड्डू गोपाल के मूर्ति के साथ जन्माष्टमी का पर्व मनाते हैं और जो भगवान का एक विग्रह होता है मंदिरों में वो होता है वो उनकी किशोरावस्था वाला तो ये ट्रांसफॉर्मेशन ये ट्रांसफॉर्म तो हम खुद ही मान रहे हैं परिवर्तन हो रहा है। दूसरी बात इसको भी छोड़ दीजिए। अगर हम यह कहें अर्जुन ने जब कहा अपना विराट स्वरूप दिखाओ तो वहीं खड़ेखड़े कृष्ण भगवान ने अपना विराट स्वरूप दिखा दिया जिसको परम सत्य माना गया उसको ज्यादा बड़ा सत्य माना गया। ये दिव्य दृष्टि से दिख रहा है तुझे। तो अब आप कह रहे हो कि वो अपने ओरिजिनल स्वरूप में आए थे। फिर अर्जुन कह रहा है कि मुझे अपना विराट स्वरूप दिखाओ। तो उन्होंने विराट स्वरूप जो दिव्य दृष्टि जिसको चाहिए देखने के लिए वो स्वरूप उन्होंने दिखाया ट्रांसफॉर्म भी हो रहा है और इस बात से यह भी सिद्ध हो रहा है कि उनका वो जो स्वरूप था वो मेन नहीं था मेन स्वरूप तो इसके कंपैरेटिवली वो वाला था जो विराट स्वरूप लिया था तो मैं बोलूं हम अब गीता का अगर पास में गीता है तो 11 का थोड़ा निकाल दो नहीं चाहिए मैं मैं आपसे मांगूंगा प्रमाण अभी तो आप जो मानते हो वह बताओ नहीं नहीं नहीं मैं क्या बोलना
00:31:32:00 चाहता हूं सुनिए तो पहले क्यों बात कर ठीक है नहीं निकालिए जब भगवान अर्जुन ने चाहा कि आपका रूप विश्व रूप दिखाने के लिए तो भगवान कृष्ण ने विश्व रूप दिखाया हां ठीक है वो उनहीं दिखाने के बाद में उन्हीं की बॉडी बड़ी हुई थी वो उन्हीं की बॉडी बड़ी हो गई थी या फिर वो कोई दूसरा ऐसे प्रोजेक्शन से दिखाया था विराट स्वरूप समथिंग लाइक प्रोजेक्शन क्योंकि वो सब ऑलरेडी विश्व ऑलरेडी है उसको दिखाया था मतलब वो को जो विश्व रूप दिखाया था वो माया था एक तरीके से नहीं वो ऑलरेडी है उसको दिखाया था भगवान ने एक ही जगह में ला के दिखाया था बस इतना ही अरे भाई वो उनका ओरिजिनल स्वरूप नहीं था ना ओरिजिनल तो ये है ना जो खड़े हैं
00:32:17:15 [खांसने की आवाज़] तो [गला साफ़ करने की आवाज़] क्या हुआ तो क्या हुआ अर्जुन को जो दिव्य दृष्टि से दिखाया वो उनका ओरिजिनल स्वरूप नहीं था बल्कि ओरिजिनल स्वरूप तो वही था जो वो खड़े थे [नाक से की जाने वाली आवाज़] हां ठीक है तो फिर ठीक है तो यह जो शरीर है वो बालक बन के आ रहे हैं वो किशोर हो रहे हैं ट्रांसफॉर्म हो रहा है बदल रहा है परिवर्तनशील तो फिर ये आप कैसे कह रहे हैं सनातन शरीर है ये अच्छा ठीक है मैं आपको एक दो एक एग्जांपल मैं दे दूं आप समझ जाओगे अगर हम पूछे आपको अगर हम पूछे आपसे क्या इस के द्वारा या आपके द्वारा पूजित होने वाला जो ईश्वर का स्वरूप है आपने कहा वो जो गोलोक में बैठा है वही है जो कृष्ण भगवान के रूप में आया था हम भी कृष्ण भगवान को ही मानते हैं तो कृष्ण भगवान जो आपके अनुसार जो यहां पर आते हैं गोलोक से वो उनका शरीर यदि शाश्वत है तो क्या वो सब कुछ कर सकते हैं हां वो हाथी बन सकते हैं जरूर हाथी [नाक से की जाने वाली आवाज़] बन सकते हैं। हां क्यों नहीं बन सकते? सर्वशक्तिमान बन
00:33:32:16 से एक ही वार्ड में सब खेल खत्म हो गया। तो फिर उनका शरीर तो चेंज हो गया ना। शाश्वत कहां रहा? [गला साफ़ करने की आवाज़] देखिए चेंज हो गया ना मैं लगता है मैं आपको समझा नहीं सकता हूं। मेरा कैपेबिलिटी नहीं है क्योंकि आप उसी में टिके हुए हो और आप नहीं मानते। मैं जो चाहिए किस में टिकना चाहिए फिर? [गला साफ़ करने की आवाज़] नहीं देखो आप बोलते हैं चेंज हो रहा है लेकिन मैं बोल चेंज नहीं हो रहा है जो है उसको दिखाए जा रहा है आपको जो मतलब वो हाथी है वो दिखा रहे हैं वो कृष्ण नहीं है मैं आपको एक फिल्म का रियल क्या दिखा क्या बोला फिल्म के रील आप बोलिए हम नहीं बोलेंगे इसका मतलब जो हाथी का रूप दिखाया वो माया है वास्तविकता में वो व खड़े हैं। नहीं नहीं नहीं नहीं माया नहीं है। तो क्या मैं आपको फिल्म का रील के बारे में बताया था। ठीक है। फिर रिपीट करता हूं प्लीज। फिल्म का रियल में है ना हर एक पिक्चर जो है वो स्टेबल होता है। वो चेंजिंग चेंजलेस नहीं चेंजलेस है वो। हम लेकिन उसका मूवमेंट करने से चेंज जैसा दिखता है हमको। तो हमें जो दिख रहा है वो
00:34:36:19 गलत दिख रहा है। लेकिन ये मटेरियल एग्जांपल आपको दे रहा हूं मैं। मटेरियल एग्जांपल दे रहा आपको। मैं समझ गया। स्पिरिचुअल नहीं है। हां ये रियल फिल्म वाला स्पिरिचुअल नहीं है। हर तरह से एग्जांपल समझाने के लिए बोला जाता है। ऐसा नहीं हर हर तरीके से परफेक्ट होता है। भाई आ गए ना मैं समझा नहीं सकता। मैं अचिंत इसी को कहते हैं हम विग्रह को मान सोचते हैं। आप जैसे सोचते है मैं वैसा ही बोलूं। ठीक है ना? वैदिक कल्चर में इतना आर्गुमेंट नहीं करते। अथॉरिटी बोलता है डिसाइड सुनता है सर बोलता है। [हंसी] चलिए ठीक है तो मैं आपको क्यों सुनू आप सुन नहीं मैं आपको बोलता हूं एक मिनट आपने मुझे टाइम दीजिए ठीक है ना स्पिरिचुअल जो फॉर्म है 1 1 1 ही होता है और 1 1 वन ही होता है आप जानते हैं मानते हैं आप भी तो गोलोक कृष्णा इधर आएगा फिर भी कृष्णा उधर ही रहेगा यार क्या है आप क्या बात करते हैं अरे तो हम तो ला ही नहीं रहे है ना आप ला रहे हो ना गोलोक हम ला रहे हैं लेकिन वन माइनस वन उधर भी रहते हैं इधर भी रहते हैं एक ही साथ में दो मैं कह रहा हूं गोलोक का जो स्वरूप है भगवान का वो आप ला रहे हो हम तो मांग ही नहीं रहे हम नहीं ला रहे उनको आप ला रहे हो कि नहीं जैसा गोलोक में था वैसा ही यहां आया था
00:35:52:09 या तो ये मानना पड़ेगा कि वो जो स्वरूप है उसको हम नहीं जानते वो हमारे व्यवहार हम जानते हम लोग जानते हो अगर जानते हो तो वो सर्वशक्तिमान सिद्ध नहीं होगा आप उसको बताओ ना वो हाथी बन रहा है तो उसका शरीर बढ़ रहा है जो वो परिवर्तनशील है सुनो ऐसा ऐसा नहीं कहता है सुनो थोड़ा सुनो हम स्पिरिचुअल फॉर्म हो जो कुछ भी स्पिरिचुअल होता है वन माइनस वन इक्व वन ही होता है आप हां या ना बोलिए अरे मेरे भाई तो स्पिरिचुअल है दो अब इधर उधर मत करो आप इधर नहीं है तो उसको मटेरियलिस्टिक क्यों बना रहे हो आप बना रहे हो ना मटेरियल स्टिक हमारे बीच में हम आप बोलते हम कब नहीं बनाए हम मटेरियल बने अरे यहां जब हमारे बीच में आ गए तो हम पूछ रहे हैं कि भैया श्री कृष्ण क्या हाथी बन सकते हैं? अगर श्री कृष्ण का वो जो शरीर है ना घट सकता है ना बढ़ सकता है नैन चिंदती शस्त्राण नैन दति पावका अगर वो शाश्वत है ना घट सकता है ना बढ़ सकता है कुछ नहीं हो सकता तो फिर वो क्या हाथी बन सकते हैं अगर आप कहोगे हाथी बन सकते हैं तो वो घट बढ़ रहा है और वो घंटा है वो लाला के रूप में आए थे वो लाला के रूप में आए थे तो नहीं आप कहते रहो ठीक है वो नहीं
00:37:07:15 आप नहीं समझते हैं आप बिल्कुल नहीं समझते समझने की कोशिश भी नहीं करते ठीक है। मुझे नहीं करनी है कोशिश। अब ये बताइए अब सुनो मेरा क्वेश्चन का आंसर दो पहले। वन माइनस वन कितना होता है? स्पिरिचुअल वर्ल्ड में स्पिरिचुअल चीज को मैं वन माइनस वन नहीं बोलता हूं। मैं बोलता हूं पूर्ण का मतलब होता है पूर्ण। स्पिरिचुअल मीनिंग ये है आप भी आंसर नहीं देने के लिए कोशिश कर रहे है ना तो सीधेसी आंसर नहीं देंगे। नहीं तो वो मैं बोल रहा हूं पूर्ण का मतलब पूर्ण होता पूर्ण से ना कुछ पूर्ण से ना कुछ कम होता है पूर्ण में ना कुछ जुड़ता है तो यदि वो अपने सेम चीज सेम चीज है भैया सेम चीज सेम ही चीज है अरे तो इसका मतलब वो नहीं बन सकते हाथी पूर्ण से ना कुछ निकलेगा ना कुछ घटेगा ना बढ़ेगा तो वो हाथी नहीं बन सकते [नाक से की जाने वाली आवाज़] सर्वशक्तिमान नहीं है फिर वो तो जब ठीक है मैं क्वेश्चन करता हूं आपका ठीक ठीक है। अभी पहले आप ये बताइए वो सर्वशक्तिमान है कि नहीं? मैं तो बोल दिया यार हां हो सकता है डेफिनेटली क्यों नहीं बन पा रहे हैं? वो हाथी क्यों नहीं बन पा रहे हैं? मैं तो नहीं बोला नहीं बन पा रहे हैं। उन्होंने तो बोला बन पा रहे हैं। बन पा रहे हैं तो फिर उनका शरीर तो चेंजलेस नहीं रहा। चेंज हो रहा है शरीर। ठीक है अभी सुनिए। अभी सुनिए। अरे पहले बोलो तो चेंज हो रहा है कि नहीं
00:38:22:16 हो रहा? पहले आप शरीर चेंज हो रहा है ना? पहले सुनो यार प्लीज सुनो पहले। हम मैं हम लोग का पॉइंट यह है वृंदावन जो कृष्णा है हां वो उधर ही रहेगा फिर भी इधर आ सकता है फिर भी एक हाथी बनने के बाद भी वो फिर वही ऐसे ही रूप में रह सकता है वृंदावन में इसका मतलब वो सुनो करोड़ों हाथी बन सकता है फिर भी कृष्णा जैसा ऐसे ही रह सकता है
00:38:57:01 क्या करोड़ों हाथी बन सकते हैं फिर भी जैसा कृष्णा ऐसा ही रहेगा। वो चेंजलेस है। तो इसका मतलब कृष्ण हाथी नहीं बना ना। क्यों नहीं बना? आप ही तो का लॉजिक है। ये सब इस दुनिया का लॉजिक है। चेंजलेस है। आप ही तो कह रहे हो कि वो कृष्ण हाथी बन सकता है मगर वो चेंजलेस है। करोड़ों हाथी बन गए। मगर वो वैसा का वैसा ही रहेगा। आप ही ने बोला। हम पूछ रहे हैं कृष्ण भगवान हाथी बन सकते हैं कि नहीं? शेर बन सकते हैं कि नहीं? हम ये पूछ रहे हैं। मैं बोला हां तो जब वो बन सकते हैं तो फिर क्यों कह रहे हो वैसा का वैसा ही रहेगा। अगर वैसा का वैसा ही रहेगा तो शेर नहीं बन सकते। शेर बन सकते वैसा का वैसा ही नहीं रहेगा। दोनों बातें क्यों कर रहे हो? क्योंकि भगवान एक ही साथ में दोनों क्या हजारों काम एक ही टाइम में कर सकता है। ठीक है? कर दिया। क्यों नहीं? कोई बात। हमने ये पूछा है क्या भगवान श्री कृष्ण अपने शरीर को सिंह के रूप में बदल सकते हैं या नहीं? उनके अंदर इस बात की क्षमता है कि नहीं? अपने रियल शरीर को अपने जैसे दूसरे नहीं अपने रियल शरीर को बदल सकते हैं। वो भी कर सकता है। वो भी कर सकता है। कर सकते हैं। वो भी कर सकता है। कर सकते हैं। तो फिर उनका
00:40:12:07 शरीर वो शाश्वत कहां रहा? वो तो बदल गया। बदल रहा है। नहीं बदला है। क्यों बदला है? आप क्यों ऐसा करते हो? आप ही तो कह रहे हो वो बदल जाएगा। शेर बन जाएंगे। आप ही तो कह रहे हो स्पिरिचुअल चीज का कुछ भी नहीं मालूम है आपको। सिर्फ मटेरियल लॉजिक है। मटेरियल हिसाब से कैलकुलेशन करते हो। एक से एक चला गया तो माइनस हो गया। खत्म हो गया। चेंज हो गया। चेंज होना मटेरियल चीज का क्या हो गया? क्वालिटी होता है। चेंज होना। अजीब बात कर रहे हो आप। चेंज होना मटेरियल चीज है। स्पिरिचुअल चेंज चीज कोई चेंज नहीं होता है। क्यों नहीं समझते आप इसको? जो स्पिरिचुअल है जो भी हो आत्मा भी चेंज नहीं होता आत्मा भी चेंज नहीं होता तो कृष्णा क्यों चेंज होंगे आप आत्मा को तो अनचबल होता है क्या सुनिए आत्मा जो है वो व्यवहार का विषय नहीं है आत्मा का ज्ञान [गला साफ़ करने की आवाज़] प्राप्तव्य है और आप अव्यवहारिक ईश्वर को यहां व्यवहार में ले आ रहे हो जब व्यवहार में आएगा तो बाधित हो जाएगा आप बताओ बाधित ही तो हो रहा है नहीं भगवान एक ही टाइम में समटेसली सब कम कर इसका मतलब कि यदि भगवान श्री कृष्ण सिंह के रूप में अपने शरीर को परिवर्तित कर रहे हैं तो इसका मतलब जो मूल शरीर है वो ऐसा नहीं है वो बदल रहा है और वो
00:41:27:15 छोड़ दो कि परिवर्तित हाथी के रूप में करेंगे कि नहीं करेंगे सिंह के रूप में वो आए थे लल्ला के रूप में अच्छा ये बताइए आप ये बोल रहे हो कि वो वहां से सीधे उठ के आते हैं तो वह तो छोटे बालक के रूप में आए थे शिशु के रूप में क्या बात करें आपसे हम वो रियल नहीं था क्या माया थी भगवान की [गला साफ़ करने की आवाज़][खांसने की आवाज़] कैसे आपको समझाया जाए चलिए और कुछ बात करते हैं अचिंत बोल दो समझ जाऊंगा
00:42:00:28 आप [गला साफ़ करने की आवाज़] क्या सोचते हैं भगवान चिंत है आप ही आप जो निराकार मानते निराकार मानते वो भी चिंत है चिंता चिंता कर लेंगे भगवान को अचिंत भेदाभेद कौन बोलता है बताइए आइए हम बोलते हैं तो अचिंत भेदाभेद जब बोलते हो तो फिर क्यों ठोस ठोस भगवान श्री कृष्ण को सीधे ले आ रहे हो ये लो ये खड़े हैं ना इसको इसको मैं आपको लास्ट में पकड़ूंगा ठीक है अब दूसरा क्वेश्चन जाते हैं इसको हम आपको फिर कान पकड़ेगा बाद में आपको अब आप मुझे ये बताइए कि ये शिवजी जो है उनके लिए आपके तीन 15 25 में क्यों लिखा है कि वो उनको भगवान समझने वाले पापी है बताइए [हंसी] हम नहीं जाएंगे। अब तो इतना आसान चीज हम आपको नहीं समझा पाया तो वो सब जानने के क्या फायदा है? कुछ फायदा नहीं है। तो फिर आए क्यों है? रहने दो बंद करते हैं। वैसे ही आजकल आपके ऊपर है लेकिन मैं आपको बोला था मैं मेरा कुछ ऑब्जेक्शन भी है आपसे आपका जो बातचीत में जो है इस का किताब किताब लेकर और कुछ क्लेरिफिकेशन लेना चाहिए था हमको। ठीक है? तो क्लेरिफिकेशन आपका ना तो मोक्ष सिद्ध है परम स्वतंत्र मोक्ष नहीं है ईश्वर सर्वशक्तिमान नहीं है और अभी ये जो चैप्टर खुल रहा है इसमें आपका जो धर्म है वो शाश्वत नहीं रहेगा हां वो भी
00:43:16:00 होने दीजिए आप आप सर्टिफिकेट दीजिए आप ऐसा ही करिए ऐसा ही करिए आप यही आपका काम आप ही तो कह रहे हो कि वो सिंह बन सकते हैं तो सिंह नहीं बन सकते हैं वो शाश्वत है उनका शरीर हम ऐसा नहीं बोला हम बोला एक ही समय में भगवान हर कुछ काम कर सकते हैं एक ही टाइम मेरे भाई ये भगवान नहीं नहीं आप समझते नहीं आप समझते नहीं आपका माइंड इतना चेंज हो गया है ना आप बॉडी कल्चर कुछ समझते नहीं आप बिल्कुल नहीं समझते और यही मैं कह दूं कि आप समझते नहीं है आपका माइंड इतना चेंज हो गया मैं तो हां बोला मैं तो मान लिया हां बोला कहां माना नहीं समझता आपका बात मैं नहीं समझता अपने पेट के हो ना [नाक से की जाने वाली आवाज़] नहीं मैं बोला आपका बात मैं आपको नहीं समझा पा रहा हूं इसलिए मैं से हार गया ना मैंने नहीं आप हार गए ये बोल रहे हो लेकिन आप ऐसा नहीं बोलते हैं आप थोड़ा ऐसा बोल के देखिए कितना आपको दम है आप बोलो कि मैं आपको नहीं समझा सकता हूं में हार गया ऐसा बोल के दिखा क्यों बोलू भाई जो उदारता यही तो है ना अहंकार है ना अहंकार है ना सब कुछ जानते हो ना आप तो सब कुछ जानते हो इसलिए सबको आपते हैं सबता आपके अस्तित्व और आदर्श पर हावी हो जाए वो उदारता नहीं कायरता होती है मैं क्यों बोलू हां ठीक है हमको भी है तो मैं उनके विरुद्ध क्यों बोलूं जो बातें राम ने नहीं सिखाई मैं उनके विरुद्ध क्यों जाऊं इंडोनेशिया पढ़ा है आप लोग इस का किताब खोल के
00:44:31:03 स्पष्ट करते ऐसे बैठे रहो। ऐसे ही आपका काम है। अभी आपसे मैंने पूछा कि भगवान शिव के लिए क्यों लिखा है उनके भक्तों के लिए पापी आपके तीन 15 25 में बताइए भागवत में। नहीं हर हर कोई चीज का क्वेश्चन लेने के लिए कोई ऐसा कोई तो ऐसा नहीं होता ना जो हम बोल सकता हूं जब मैं बोलना चाहूं मैं वही बोलूंगा। आपको नहीं पता है इस बारे में। पता भी है नहीं भी है लेकिन आप जैसा मेंटालिटी में रहते हैं। आपको बोलते ये सब बात करके फायदा नहीं। अजंत का अजीब बात है। क्यों अजीब बात है यार हर एक आदमी का अपना सिचुएशन होता है। अपना लिमिटेशन होता है। अपना मजबूरी होता है। अपना क्या बोलते हैं बेवकूफी भी होता है। क्या बात आपको इस बारे में नहीं पता है। चलिए नहीं हम बात ही करना नहीं चाहते क्योंकि आप जितना इतना छोटा चीज मैं आपको समझा नहीं पाते। इतना बड़ा चीज बोलने क्या आपने अभी बोला वो झूठ था क्या? कौन सा? आपने बोला हमें नहीं पता है। रीड मुंडकोपनिषद तीन दो तीन लॉर्ड कैन नॉट बी रीच्ड बाय आर्गुमेंटेशन और बाय अपाइंग वंस इंडिपेंडेंट ब्रेन पावर और बाय स्टडिंग मेनी स्क्रिप्चर हां ये तो मैं आपको हम यही कह रहे हैं भाई साहब कि
00:45:46:21 भगवान का जो अव्यवहारिक रूप है व्यवहार में ना आ सकने वाला उसकी यहां पर बात हो रही है बिल्कुल सातव में भी यही लिखा है वो वाणी का विषय है वो तर्क का विषय है और अगर अगर आप उसको यहां लिखा है हम लोग के लिए जो लिबेटेड होते हैं वो लोग के लिए नहीं है जो इस क्या कर रहा है वो जो भगवान का अव्यवहारिक स्वरूप है व्यवहार में ना आ सकने वाला वाणी का अविषय है उसको यहां ला के खड़ा कर दे रहा है लो ये तो नेत्रों का विषय हो गए कानों का विषय हो गए सबका विषय हो गए फिर कह रहे हैं कि ये जो है मूल स्वरूप है अगर मूल स्वरूप यही है आप कहां गए मेरा बात में आइए हमसे बात करिए हम
00:46:30:28 देखो [गला साफ़ करने की आवाज़] आप जैसे पता नहीं मैं जो समझता हूं आपको ना अगर ऐसे ही हम लोग बात करें कि हम लोग किसी को बोलकर उसके बारे में मालूम नहीं कर सकते हैं जान नहीं सकते हैं तो क्या प्रचार करते हैं हम लोग अच्छा आप ये बताइए इसीलिए इसीलिए हम लोग प्रचार नहीं कर सकते हैं दुनिया में हम फेल नहीं सकते हैं सिर्फ इंडिया में सीमित हो गया लिमिटेड हो गया हम लोग क्योंकि आपको बात पता नहीं है भगवान पता नहीं है उसके बारे में बोल नहीं सकते उसके सोच नहीं सकते क्या देखिए व्यर्थ की बातें मत करिए अभी मुझे आप यह बताइए शिव जी के बारे में आपको पता है कि नहीं पता है पता है बहुत कुछ पता है लेकिन उसके बाद वो टॉपिक छोड़िए ना क्योंकि आप आपको बात करना बहुत मुश्किल होता है ना आपसे क्वेश्चन करूंगा आप होम का क्वेश्चन मत करिए पहले मैं आपको क्वेश्चन करूंगा बाद में आप क्वेश्चन नहीं नहीं एक मिनट एक मिनट आप नहीं आपको मेरा आपको शेड के बारे में नहीं पता है
00:47:26:00 मालूम मालूम है क्यों नहीं मालूम इतना दिन से मैं 25 साल हो गए इसको मैं पढ़ता हूं सुनता हूं क्यों नहीं मालूम जी के बारे में जो यह बात लिखी हुई है कि उनको भगवान समझने वाले पापी है मैं आपसे बोला ये क्वेश्चन मैं नहीं लूंगा अगर लूंगा तो दूसरा दिन लूंगा ठीक है आप अभी के लिए छोड़ दीजिए उनको मैं आपका अभी क्वेश्चन करने जा रहा हूं थोड़ी देर पहले आपने ये कहा था कि मुझे नहीं पता है इस बारे में जरूरी नहीं है सबको सब कुछ सब चीजों के बारे में पता हो [नाक से की जाने वाली आवाज़] कुछ भी सोचिए ना कोई भी ऑप्शन लीजिए और हमको छोड़ दीजिए बाद में बात करेंगे। दूसरा दिन बात करेंगे। बोलिए आपको किस किस बारे में बात करनी है? मैं मैं आपसे निकलना चाहता हूं। एक बात एक बात मुझे बता दीजिए। आप जो बात करने जा रहे हैं इसके बाद मैं भी एक बात करूं या ना करूं या ये आपकी बात है। करिए लेकिन जब मैं जब करूंगा तो आप यह कह सकते हो कि मैं नहीं करूंगा इस बारे में बात। फिर आप यह चाहते हो कि मैं तो आपकी बात को मानू। मगर मैं जब अपनी बात कहूंगा तो आप निर्णायक हो जाएंगे तो मैं क्या आपके परतंत्र हूं आपके प्रति
00:48:30:21 बिल्कुल [गला साफ़ करने की आवाज़] ऐसा नहीं सोचता हूं मैं आप तो मैं बोलना सुनो सुनो मैं कोशिश किया समझाने की कोशिश किया समझाने के लिए कोशिश किया मेरा जितना था लेकिन आपको समझा नहीं पाया मैं ठीक है ना मैं छोड़ दिया उसको नहीं अभी आप मेरे प्रति व्यवहार ऐसा कर रहे हैं मैं पूछूंगा वो तुम्हें बताना है और तुम पूछोगे मैं उसके बारे में बात नहीं करूंगा जाओ नहीं ऐसा नहीं है मैं पूछूंगा पूछूंगा आप नहीं बोला तो नहीं बोलना मना कर दीजिए ना कि इसका मैं बात नहीं करूंगा बोलिए ना भाई नहीं नहीं मैं ये नहीं बोलूंगा अभी मैंने बोला कि आप आप शिवजी के बारे में बात करो तो आप मना कर रहे हो कि मैं नहीं करूंगा क्योंकि मेरा कुछ है मैं और कभी बात कर कुछ भी कर सकता हूं ना क्यों आप हमको फोर्स करेंगे क्या क्वेश्चन आंसर देने के लिए तो आप तो मैं ये कहूंगा तो फिर आप कैसे फोर्स कर सकते हैं मुझे मैं कभी कब आपको फोर्स किया मैंने आपको क्वेश्चन को ठीक है बंद करें बंद कर दे हां बंद करिए बंद करिए चलिए पूछिए पूछिए बोलिए [हंसी] बोलिए अरे यार तो सुनिए थोड़ा ठीक है आशा से बात करते हैं दो चार टॉपिक लेते हैं ठीक है ना हम बोलिए आप जितना पढ़े हैं सुने हैं समझे हैं उसका हिसाब से [गला साफ़ करने की आवाज़] गुरु का पोजीशन क्या
00:49:45:27 होता है देखिए मुझसे जो है आप सिद्धांत काउंटर करिए। वस्तुनिष्ठता से मेरी परीक्षा मत लीजिए। आपने आपको जो मेरी कही हुई कोई बात हो उसको आप काउंटर करिए। मेरी परीक्षा मत लीजिए। मेरी परीक्षा मत लीजिए। क्या है? अच्छा ठीक है। मैं क्यों पूछ रहा हूं मैं बोल देता हूं। मैं सुनो सुनो। मैं क्यों पूछ रहा हूं? क्योंकि मेरा पॉइंट ऐसे पहले मैं बात करता हूं। मैं आपका वीकनेस काहे पकड़ना पड़ता है पहले। बाद में आप क्वेश्चन करूंगा। ठीक पढ़ना पहले से बैकग्राउंड क्लियर नहीं करूंगा ना तो आपका कुछ समझ में नहीं आ जाएगा लोगों को आपका बैकग्राउंड क्या है कैसा बैकग्राउंड आप नॉलेज लिया है सुनिए परंपरा में आप भी एक परंपरा से दीक्षा लिए शिक्षा लिए है ना YouTube में आपको देखा है आप मेरी मेरी कहां से दीक्षा हुई है कहां से शिक्षा हुई है नहीं मैं जानता हूं आप आप पूरी का शंकराचार्य महाराज से दीक्षा लिए मैं जानता हूं आप YouTube में आप देखा हूं वीडियो में देखा हूं ठीक है मेरी कही हुई बात कौन सी ऐसी है जो गलत है वो आप बताइए जो मैंने गलत किया उस पर काउंटर करिए आपकी गलत बातों को मैं बताऊं नहीं नहीं उस बाद में बताएंगे मैं आपके बारे में बता हां
00:51:01:06 ऐसे बताइए आप सुनिए आप इस का बहुत सारे किताब में लेकर ना इधर गलत है इधर इलॉजिकल है ऐसा करके बहुत सारे वीडियो बनाया है कि नहीं ठीक है ठीक है लेकिन सुनिए तो ये हम लोग का ग परंपरा का वहां आचार्य लिखा हुआ है ठीक है हम ठीक है तो इसका अंदर में आपका सिर घुमा घुसा कर इसको एक्सपोज करने ट्राई करने का आपको अधिकार कहां से मिला? अच्छा ठीक क्योंकि सुनिए सुनिए पहले सुनिए पहले सुनिए [गला साफ़ करने की आवाज़] एक परंपरा में परंपरा में गुरु बताया है ठीक है और हम लोग मानते हैं फॉलो करते हैं पूजते हैं प्रभुपाद को ठीक है आप यही क्वेश्चन करें कि ये सब क्यों लिखा हुआ है अब ये क्वेश्चन ये एक्सपोज करने के लिए कोशिश क्यों करते हैं आप अच्छा अब ऐसा ही क्वेश्चन मैं आपको जवाब दे देता हूं हम
00:51:55:06 आपके प्रश्न प्रश्न जैसा ही आपका जवाब है। मेरा मेंटालिटी यही है। अगर मैं आपका गलत देखा तो मैं आपके पास में आका क्या है? आप जो गीता पढ़ते हैं वो स्कॉन की पढ़ते हैं। हां जरूर और कहां ले जा रहे? मेरा क्वेश्चन कहां रह गया? अभी आपका क्वेश्चन मुझे लेना पड़ेगा। आपके क्वेश्चन पे आ जाऊंगा। नहीं आया तो मैं तुरंत जो है अपने आप को कह दूंगा आज से इस का नाम लेना ही बंद। ठीक है। आज का नाम लेना बंद कर दूंगा। ठीक। नहीं ऐसा बताइए भागवतम किसकी पढ़ते हैं? गीता या भागवतम? भागवतम श्रीमद् भागवतम स्कूल का पढ़ते प्रभुपाद का ही पढ़ते हैं। प्रभुपाद जी का तो प्रभुपाद जी किस परंपरा से आते हैं? मैं जो समझा ग वैष्णव परंपरा से आते हैं। ब्रह्मा परंपरा बोल बोलते हैं। शंकर परंपरा से तो नहीं आते ना? नहीं तो श्रील प्रभुपाद जी को किसने अधिकार दिया? इस को किसने अधिकार दिया कि श्रील प्रभुपाद जी के नाम से उसने लिखा श्रीमद् भागवतम के तात्पर्य में चार 24 17 में कि जो
00:53:12:04 शंकराचार्य हैं वो मायावादी है। उनकी फिलोसफी नीरस है बेकार है। किसने अधिकार दिया उनको? अगर मैं सीधा सीधा आंसर दूं तो से पूछना चाहिए। जब वो शंकर परंपरा के नहीं है तो उनको किसने अधिकार दिया? आपके अनुसार [गला साफ़ करने की आवाज़] आपके अनुसार अगर मैं परंपरा का हूं तो ही मैं उसकी बात करूं अन्यथा ना करूं। तो अब मुझे बताइए कि श्रील प्रभुपाद जी को किसने श्रील प्रभुपाद जी ने नहीं किया ये इस ने छापा है। इस को किसने अधिकार दिया कि श्रील प्रभुपाद जी के नाम से वो शंकराचार्य पर उंगली उठाए बताइए। आप श्योर है इस ने क्या प्रभुपाद ने किया बोल के आप श्योर है? मुझे नहीं पता मगर यहां पर लिखा है तो क्यों अरे बिल्कुल बोलूंगा क्योंकि और बहुत सी बातें हैं और बहुत से उसका उसका आंसर तो इस रहेगा ना भैया अगर इस ने किया तो इस प्रपा आप आप किसकी साइड क्वेश्चन मुझसे है ना तो मुझसे आप आप किसकी साइड है हम प्रभुपाद की साइड में तो ये प्रभुपाद जी के नाम से झूठ लिखा है अगर प्रभुपाद लिखा है तो झूठ नहीं लिखा है नहीं आप आप ये बताओ आपको क्या लगता है यह प्रभुपाद ने लिखा है कि नहीं लिखा है? मेरा मेरा अंडरस्टैंडिंग में प्रभुपाद ही लिखा है। प्रभुपाद
00:54:27:08 ने लिखा है। तो फिर आप इनके साथ है ना यहां ये जो लिखा है कि शंकराचार्य जो है मायावादी उनका वो है नीरस है ये है वो है। हां हां तो आप इनके साथ है ना तो फिर आपको तो फिर आप क्यों ऐसे व्यक्ति के साथ है जो आपका ही सिद्धांत तोड़ रहा है। नहीं तोड़ा है प्रभुपाद नहीं तोड़ा है। अरे आप ही ने तो कहा जब आपने उस परंपरा का अध्ययन नहीं किया है तो आपको कोई अधिकार नहीं है उस परंपरा पर सवाल करा करने का। [नाक से की जाने वाली आवाज़] लेकिन वो अलग बात है। अब जिसने वीडियो में बोला कि दुनिया सर क्यों अलग बात है? क्यों अलग बात है? तो अगर ये अगर गलत है तो गलत है तो गलत है तो भारत में लिखा है दूसरों के साथ वही व्यवहार करो जो अपने लिए पसंद हो। धर्म है ये। तो शुरुआत किसने की? शुरुआत किसने की करने की? प्रभुपाद ने किया। मुझे नहीं पता प्रभु आप बताइए मैं आपसे पूछ रहा हूं किसने किया हां मैं बोल रहा हूं ना मैं बोल रहा हूं प्रभुपाद ने क्या है तो आप ऐसे व्यक्ति के साथ क्यों हो जिस व्यक्ति का वो व्यक्ति वो सिद्धांत ठीक है ठीक है मैं आपको आंसर देता हूं ठीक है मैं आपका आंसर [गला साफ़ करने की आवाज़] देता हूं ठीक है हम बोलिए तो इसके लिए आपको जानना पड़ेगा प्रभुपाद
00:55:42:09 कौन है कि नहीं हम्म क्या जो लिखा है वो व्यक्ति कौन है मालूम तो करना पड़ेगा ना। आप मुझे वो सिद्धांत बताइए कि कब किसी दूसरे पर हम लोग क्वेश्चन कर सकते हैं और कब नहीं कर सकते हैं। बस ये बताइए [गला साफ़ करने की आवाज़] सिद्धांत क्या प्रभुपाद जी ने जान लिया था शंकराचार्य कौन है? श्योर क्या श्योर तो जानते थे क्या मैंने भी जान लिया शोर बिल्कुल नहीं ऐसा नहीं होता आप आर्गुमेंट करना शुरू कर देखो फालतू की बातें मत करो व्यर्थ हो रहा है अब हां हम फालतू की बात करते हैं आपसे अच्छा बात करते व्यर्थ की बातें कर रहे हो जो
00:56:28:09 वो दूसरों के साथ भी ना करो ठीक है लेकिन एक आदमी होता है और दूसरी बात यह है कि धर्म की रक्षा करने के लिए कोई अपॉइंटमेंट लेटर की आवश्यकता नहीं है। अगर हमारे आसपास कहीं अधर्म हो रहा है तो हम उसे रोकेंगे। भले ही परंपरा से हो रहा हो या ना हो रहा हो। अगर वहां पटना है सुनिए [नाक से की जाने वाली आवाज़] सुनिए पटना में किसी लड़की को यह सब करते हुए आज जो है ये सब वीडियो वायरल हो रहे हैं। मैं वो बात कहना नहीं चाहता हूं। अब मेरे सामने वो सब हो रहा है। इस मंदिर का अध्यक्ष है वहां पर वो वहां पर वो पकड़ा गया है। निर्वस्त्र था वो ऐसे पकड़ा गया व्यक्ति। अब मेरे सामने हो रहा है तो मैं इसलिए ना करूं क्योंकि मैं उस परंपरा का नहीं हूं। मैं उसको रोकू नहीं। किसी मातृशक्ति के साथ वो जो है दुराचार करते हुए उसके वीडियोस वायरल हो रहे हैं। मैं उसको रोकू नहीं क्योंकि वो परंपरा का है। ऐसा नहीं होता है। रोकना चाहिए। क्यों नहीं रोकना चाहिए? तो फिर आप ही तो कह रहे हो। आपको किसने अधिकार दिया हो वो क्वेश्चन उठाने का? वो भी गौडिया परंपरा का है। जो आज हमने सिर्फ क्वेश्चन डिस्कशन करने डिस्कशन ओपन करने क्वेश्चन किया था। आपको आर्गुममेंट नहीं किया था हमने। हम आर्गुमेंट करने के लिए नहीं आए थे। बिल्कुल नहीं। तो आर्गुममेंट आर्गुममेंट नहीं है यह तो मैं भी तो आपको क्वेश्चन ही कर रहा हूं। आपने मुझे कहा कि गौडिया परंपरा पे क्वेश्चन करने का
00:57:43:13 आपको किसने अधिकार दिया? अब मेरे सामने कोई मातृशक्ति का चीर हरण हो रहा है तो वहां पर मैं जो है यह सोचूं कि भैया वो गौडिया परंपरा के द्वारा बनाए गए अध्यक्ष है इस मंदिर के और जो है इसलिए मैं और उनको उसकी रक्षा ना करूं वहां पर। ये कहां का सिद्धांत है? अगर आपके आसपास अधर्म हो रहा है और आप शांत हैं तो आप भी अधर्मी हैं। यह सिद्धांत है। चलिए अब मैं अपना क्वेश्चन पूछ लूं। आपने कहा था आप बाद में अपना पूछ लीजिएगा।
00:58:20:28 मैं मैं बोलना चाहता था [गला साफ़ करने की आवाज़] तो क्या आपका बात आपसे बात करना? मैं तो आपको पूछा था कि गुरु का पोजीशन क्या होता है। ठीक है? उसी से मैं धीरे-धीरे ओपन करना चाहता था कि एक्चुअली हम लोग इस में देखो कभी इस का ब्रह्मचारी भी है, डिबोटीज है, हम भी है जो भी हो कभी-क ऐसा-सा बात करते हैं जो कि समाज के लिए अच्छा नहीं होता है। मैं समाज उसको हमारे हिसाब से समझ नहीं सकते क्योंकि हम लोग गलत भी करते हैं। ठीक है? का कोई प्रॉब्लम नहीं है। होता है। लेकिन हम हमारा पॉइंट था
00:59:02:14 जितना आपके [गला साफ़ करने की आवाज़] साथ इस डिवोटी साथ जितना बातचीत आर्गुममेंट जैसे चलता रहता है इसका से तो इस का डिवोटी इतना बात क्यों करते हैं समथिंग लाइक टपर लाइक टपर जैसा है अभिमान जैसा है। मतलब क्यों बात करते हैं उसका बैकग्राउंड भी आपको समझना पड़ेगा कि ये लोग इतने सारे राम के बारे में जैसे आप बोल रहे हैं राम को कृष्ण छोटा मानते हैं ये लोग या शिव जी को छोटा मानते हैं उसको मानते हैं नहीं मानते इसको हम लोग मानते हैं और बोलते भी है उसमें कोई हम लोग दो नहीं पता नहीं कृष्ण क्या बोल रहे है ठीक है हम मानते हैं हम कृष्णा से जो बोलते हैं ना राम छोटा है कृष्णा बड़ा जैसा ये सब ये सब थोड़ा कुछ तो है हम लोग अंदर हम बोलते हैं लेकिन क्यों बोलते हैं उसका रीजन आप ढूंढिए ये मैं आपको रिक्वेस्ट करना चाहिए ढूंढिए कि इसको बाल लोग इतना सारा गड़बड़ किताब में जो दिख रहा है क्यों है इस आपको
00:59:53:13 जो मुझे अभी तक समझ में आया है वो ये है कि इस की फाउंडेशन हो सकता है एक अच्छे मंतव्य से डाली गई हो मगर आज इस का स्वरूप जो दिखाई देता है वो यह है कि सनातन संस्कृति के नाम पर सनातन जो सामग्री है उसकी जो कुछ मूलभूत चीजें हैं उसको को सनातन से दूर करते हुए और जो यह विचारधाराएं हैं अब्राहमिक उनसे जोड़ दो क्योंकि शिव और कृष्ण एक नहीं है।
01:00:26:28 क्योंकि शिव और कृष्ण एक बोलने में दिक्कत है। मगर अल्लाह और कृष्ण एक बोलने में दिक्कत नहीं है। बोलने में दिक्कत है। राम और कृष्ण एक बोलने में दिक्कत है। मगर कृष्ण और जयोवा बोलने में दिक्कत नहीं है। ये जो कंट्रोवर्सी है ना इसको जानने के लिए थोड़ा डीप स्टडी करिए ऐसा ही हमसे पूछ लीजिए और किसी से पूछ लीजिए इससे एक्चुअली आपको आंसर नहीं मिलेगा डेली मैं आपको बोल रहा हूं अगर हम कुछ करना है हम मंदिर तक गए वहां जाकर के डीप डिस्कशन हुआ उनसे पूछा उन्होंने बोला नहीं नहीं शिवजी तो वो नहीं है अलग है अल्लाह यहोवा और कृष्ण एक है और अल्लाह वही कुरान का अल्लाह यहोवा वही बाइबल का यहोवा
01:01:10:16 तो ये है कुछ तो है इसलिए बोलते हैं बिल्कुल नहीं है ऐसा ऐसा भी नहीं बोल सकते कुछ तो है अंदर में इसलिए बोलते हैं नहीं तो इधर कितना डेरिंग किसका है बोलने के लिए क्या तो क्यों बोले सोर्स का सुनिए ना सुनिए अरे भाई ये कहने आए हैं क्या कि क्यों बोलते हैं आप डिस्कस डिस्कस करो ये तो फोन पे बोल देते हैं यहां क्यों आए हैं फिर मैं आपको कितना बार फ़ किया हूं मालूम है सुनो सुनो सुनो मैं आपको फ़ किया हूं आप हर बार काट लिया मेरा कि मुझे टाइम नहीं आप लाइव में लाइव में आपके पास बहुत वो है ना लाइन बोलनी थी आप इस फोन का और डीप स्टडी करिए बस बात खत्म आप फ़ में बात ही नहीं करने आप हमको फ़ बाद में बात करने है जितनी बार आपकी बात गलत गलत हो रही है या कट रही है उतनी बार आप जो है उस जो कन्वर्सेशन है उसको रोक देना चाह रहे हो बंद कर देना चाह रहे हो और सोच रहे हो हालांकि एक भी बार मेरी बात कटी नहीं हो सकता है कटी हो मगर सोच रहे हो कि मैं ऐसा कुछ बोलूं जिसमें इसकी बात कटती जाए आप ये सोच रहे हो ऐसा नहीं है मैं आपको समझ ऐसा नहीं है मैं आपको समझाना चाहता हूं हां कि हम लोग ऐसा जो आप जो ये जो कंट्रोवर्स जो जैसा आप बोला कि शिव राम आल जिस बात कर ना इसमें इस का किताब में है प्रपाद ने बोला है लेकिन क्यों बोला है कहां है आपको थोड़ा रिसर्च करना चाहिए क्योंकि हम लोग देखो आपने सुनो पहले थोड़ा सुनो तो पहले
01:02:28:09 थोड़ा सुनो तो पहले थोड़ा सुनो यार देखो हम लोग हम बोलते हैं इस वाले बोलते हैं इतना आसानी से नहीं बोलते थे कुछ पढ़ा है कुछ सुना है कुछ जानते हैं इसलिए तो बोलते बोलते हैं नहीं क्यों बोलेंगे ऐसा तो वो क्या जाना है आपने वो बता दो ना आज भेद खुल जाए आज दुनिया के सामने मैं तो वही बोलने के लिए आपको कोशिश कर रहा हूं लेकिन आप तो इतना होता है ना अभी खिला देने जैसा हो जाते हो तो अभी बोलेंगे कि नहीं बोलेंगे अब हां बोलेंगे अब वेट करो आपको बैकग्राउंड मैं आपको थोड़ा क्लियर करना चाहिए देखो कोई चीज डिफिकल्ट होता है फिलोसोफिकल होता है समझने के लिए मेरा क्लियर आप जो है अपनी बात बताइए आप तहकीकात मत करिए आप सीआईडी इंस्पेक्टर मत बनिए आप अपनी बात बताइए प्लीज कंटिन्यू [गला साफ़ करने की आवाज़] कैसे आपको समझाई अगर अगर सुनिए सुन बात सुनो पहले अगर किसी को हम लोग पीएचडी का पाठ पढ़ाना चाहते हैं तो उसका बैकग्राउंड भी क्लियर करके लेके आना पड़ेगा यार इतना अच्छा जिसको सामने जाओ एक सुनो एक मंदिर में चले जाओ कुछ क्वेश्चन कर लो इधर थोड़ा फोन कर लो इधर थोड़ा वीडियो में YouTube में बुला लो इसी से ऐसा करके आपको परंपरा समझाए क्या आप तो बहुत पढ़ा है बहुत क्वेश्चन किया है कौन ने पीएचडी की है। कौन ने नहीं की है? इसका पैरामीटर क्या
01:03:43:10 है? मैं आपको बोलना तो चाहता हूं। मैं बोलना ही चाहता हूं। यही यही बोलना ही चाहता हूं। हां बोलो। यही मैं आपको यही बोलना चाहता हूं। किसने पैरा किसने हम लोग का परंपरा के बारे में? हम हम लोग का परम गीता में जो पहला जो चैप्टर स्टार्ट होता है। उसका जस्ट पहला पेज में चैप्टर का स्टार्टिंग जो नाम है उसका पहले पेज में लिखा हुआ है। गुरु परम लिस्ट दिया गया है। ठीक है? हम कृष्णा उसके बाद ब्रह्मा नारद व्यास माधवा इस लिस्ट दिया गया है ना देखा अभी तक कभी हम तो उसके बाद अंतिम 32 नंबर में प्रभुपाद के नाम आता है हम ठीक है बीच में बहुत सारे नाम है उसमें 32 नंबर प्रभुपाद का नाम आता है ठीक है तो एक्चुअली प्रभुपाद कौन थे उनका स्पिरिच मैं ऐसा कोई ग्रस्त था एजुकेटेड था दीक्षा लिया था ये सब ये सब सेकेंडरी है मेरा मेरा अंडरस्टैंडिंग मैं आपको इस हिसाब से मैं आपको बोल रहा हूं। प्रभुपाद एक एजुकेटर थे, बिजनेसमैन थे, गस्थ थे, सन्यास थे। ये सब आउटवर्ड है। ये सब आउटवर्ड है। क्यों हंसते हो? नहीं नहीं वो किसी ने कुछ कमेंट किया था उसप हंसी आ गई। आपकी बात पे नहीं आ रहा। कोई
01:04:58:14 कमेंट किया। ठीक है। अगर आपको एक्चुअली एक्चुअली कुछ करना इस का एक्सप भी करना हो या इस को सपोर्ट भी करना हो कुछ भी करना हो मेरा रिक्वेस्ट है आपसे कि एक्चुअली आप थोड़ा इंक्वायरी करके प्रोफाइल उनका स्पिरिचुअल आइडेंटिटी उनका पावर क्या चाह रहे थे भाई साहब वो बताइए आप तो सुनना ही नहीं चाहते आप तो ये आ रहे हैं ना कि आप स्टडी करिए चलिए ठीक है बहुत आप क्या मानते हो ईश्वर कृष्ण और अल्लाह एक है हम [गला साफ़ करने की आवाज़] तो बात करने के नहीं देते और क्वेश्चन कर लेता हूं कहीं से। अरे तो आप कुछ कर कहां रहे हैं? आप तो वही वही रिपीट कर रहे हैं। [खांसने की आवाज़] नहीं है। आप दूसरा को एक्सपोज करना है। लाइव में बुला के एक्सपोज करना है आपको। ऐसा क्वेश्चन ऐसा नहीं होता है। चलिए ठीक है। आने के लिए आभार आपका जय श्री राम। ठीक है। थैंक यू।
Plans for this video (0)
No Plans yet. Press "✂️ Open Clip Cutter" to make one.
-
⬜Hindi SRT Required
YouTube Studio → Subtitles → Hindi → upload the SRT file. (Checked automatically once OAuth is connected.)
-
⬜English SRT
YouTube Studio → Subtitles → Add language → English → upload the SRT file.
-
⬜Title (per Rules)
Check the title against the RULES on honorifics, names and terms.
-
⬜Description
YouTube Studio → Details → Description. Write it as per the RULES.
-
⬜End Screen
YouTube Studio → Editor → End screen. The API does not report this, so press Done after adding it.
-
⬜Cards
YouTube Studio → Editor → Cards. The API does not report this, so press Done after adding them.
-
⬜Playlist Automatic
YouTube Studio → Details → add to Playlists. It gets ticked ✓ automatically at the next sync.
-
⬜Thumbnail
YouTube Studio → Details → Thumbnail → upload a custom thumbnail.
"Done" is your confirmation. The YouTube API does not report things like End Screen and Cards.
Playlists
Not in any public playlist (or YouTube sync has not run yet).
ISKCON के भक्तो का मोक्ष
🔗 This video is made from parts of these videos
Description
(empty)
History
No changes yet.
✂️ Clip Cutter
⌨️ Keyboard shortcuts
Space Play/Pause · I Set start · O Set end · ←→ 1 second (Shift: 5) · ,. 1 frame · P Preview · Enter Add clip · Esc Stop
Start
End
✂ Remove (middle part: bad audio, bad section)
Move the video to that spot (click the SRT or the bar), then press "Start"/"End".
Clips () · Total
Add clips above. They will appear here; drag (⋮⋮) to reorder.
-
⋮⋮