1
00:00:01,960 --> 00:00:07,280
[घंटी की आवाज़] चलिए ठीक है। अब आते हैं इनके दोगलेपन।

2
00:00:07,280 --> 00:00:11,280
ठीक है? तो दोगलापन इन्होंने शुरू किया है।

3
00:00:11,280 --> 00:00:15,920
उसमें एक क्लिप मैं इनकी नहीं दिखाऊंगा। मुफ्ती जी की क्लिप दिखाऊंगा।

4
00:00:15,920 --> 00:00:20,000
इन्होंने एक जगह पर सोनाली जी जहां पर मुझे उत्तर देते

5
00:00:20,000 --> 00:00:24,000
टाइम अटक रही हैं। कुछ हल्का सा ऐसे कर रही तो वहां पर यह मजाक उड़ा रही

6
00:00:24,000 --> 00:00:28,240
हैं सोनाली जी का। तो ऑपरेटर जी जरा मुफ्ती जी का वो वन नंबर

7
00:00:28,240 --> 00:00:33,760
का वीडियो दिखाइए जरा इनको।

8
00:00:33,760 --> 00:00:37,760
यह क्या कर रही हैं? बहुत सूक्ष्मता से सोनाली जी का वहां पे मजाक

9
00:00:37,760 --> 00:00:41,920
बनाने के लिए एक-एक फेस का एक्सप्रेशन ले ले के अरे यह बड़ा करके

10
00:00:41,920 --> 00:00:46,000
उसको बात कर रही हैं उस पर। तो अब हम दिखाते हैं कि आपके मुफ्ती जी कैसे अटके

11
00:00:46,000 --> 00:00:52,000
थे हमसे बात करते समय। देखिए भैया चलाइए।

12
00:00:52,240 --> 00:00:56,320
ऑपरेटर जी सुन रहे हैं मुझे।

13
00:00:56,320 --> 00:00:59,680
हम

14
00:00:59,680 --> 00:01:03,680
12 सेकंड वाला फिक्स मान लेता हूं कि खुदा में ऐब नहीं हो

15
00:01:03,680 --> 00:01:07,680
सकते जो पॉज पॉज करो ये देखो पॉज करो

16
00:01:07,680 --> 00:01:11,840
इनके हाथ पैर देखो कैसे चल रहे हैं इस समय ये फंस चुके हैं यहां मुफ्ती जी ये समझ लीजिए

17
00:01:11,840 --> 00:01:16,080
ये जो चर्चा है ना कि ईश्वर की कही हुई बात को

18
00:01:16,080 --> 00:01:20,640
आपने प्रमाण कैसे माना है ना हमारे यहां जो वेद को अपारुषय

19
00:01:20,640 --> 00:01:24,720
कहा गया है वो क्यों कहा गया है और यहां मुफ्ती जी के चेहरे के एक्सप्रेशन आप

20
00:01:24,720 --> 00:01:28,800
देखिए कैसे वो फड़फड़ कर रहे हैं। ये सब ये ऊपर नीचे जो हो

21
00:01:28,800 --> 00:01:33,040
रहा है आप समझिए यहां फंस चुके हैं और अभी देखिएगा मेरी एक

22
00:01:33,040 --> 00:01:37,120
एक लॉजिकल बात का क्या इलॉजिकल जवाब होगा नहीं बनाया

23
00:01:37,120 --> 00:01:41,120
हां ऐप का क्रिएट करना नहीं बना रहे इंसान को ऐप का

24
00:01:41,120 --> 00:01:45,280
क्रिएट करना नहीं बना रही अब ये क्या हो रहा है मुफ्ती

25
00:01:45,280 --> 00:01:49,280
जी को ये क्या हो गया यहां क्या

26
00:01:49,280 --> 00:01:53,280
करेंगी आप मोमिना जी मुफ्ती जी का तो

27
00:01:53,280 --> 00:01:57,360
आपने पर्दाफाश कर दिया बेनकाब कर दिया आपने मुफ्ती जी को ऐसे ही ऐसे ऐसे ऐसी उड़ाई

28
00:01:57,360 --> 00:02:01,520
थी ना हमारी बहन की ऐसे ही ऐसी उड़ाई थी ना उनकी सोनाली

29
00:02:01,520 --> 00:02:05,920
जी की अब हां तो

30
00:02:05,920 --> 00:02:07,440
देखो ऐसा है हमारे अंदर

31
00:02:07,440 --> 00:02:11,680
का आपस का मामला है तब तक हम पांच वो 100 हो सकता

32
00:02:11,680 --> 00:02:15,760
है कोई बाहर का आ जाएगा तो हमें 105 समझना अकेला

33
00:02:15,760 --> 00:02:19,760
मत समझना किसी को ठीक है ऐब को क्रिएट करना भी

34
00:02:19,760 --> 00:02:23,760
ऐब है। ठीक है? कोई व्यक्ति बम बना रहा है

35
00:02:23,760 --> 00:02:27,840
तो वह खासतौर पर तब जब उसे पता है कि ओबरॉय होटल में लगना है, ताज

36
00:02:27,840 --> 00:02:32,240
होटल में लगना है तो तब वो इस मंशा से बम बना रहा है ना

37
00:02:32,240 --> 00:02:37,280
तो वो ऐब है या तो यह मान लो कि बम फटा ही नहीं

38
00:02:37,280 --> 00:02:41,360
प्रपंच रूपी संसार वो फिर हमारी हो जाएगी। समस्त कार्यों

39
00:02:41,360 --> 00:02:45,600
को करते हुए भी तू मुझे करता समय। ठीक है? तो आपके

40
00:02:45,600 --> 00:02:49,680
मुफ्ती जी का भी मजाक उड़ाइए। अगर आप न्यायप्रिय हैं। आप जो

41
00:02:49,680 --> 00:02:53,760
है मुफ्ती जी का समीक्षा करिए। ये ये जो वो कर रहे हैं

42
00:02:53,760 --> 00:02:57,840
ना ये फड़फड़ा रहे हैं। इसके बाद अब

43
00:02:57,840 --> 00:03:01,840
इनकी एक क्लिप आप चला दीजिए जहां पर ये खुद

44
00:03:01,840 --> 00:03:06,720
इस बात को स्वीकार कर रही हैं कि

45
00:03:06,720 --> 00:03:10,800
आर्य समाजी जो है वो अप्रामाणिक है। हम जो ये

46
00:03:10,800 --> 00:03:15,520
बात बिल्कुल सही है। आर्य समाजी अप्रामाणिक है। टोटल लो आईक्यू

47
00:03:15,520 --> 00:03:19,600
और इसके इसकी सपोर्ट में कौन गया है? आर्य समाझी इसके

48
00:03:19,600 --> 00:03:22,800
पीछे आर्या समाजी इसकी सपोर्ट में गया था। दोनों एक जैसे हैं।

49
00:03:22,800 --> 00:03:26,960
दोनों ही खुद भी आ रही है समाधि ये खुद भी आ रही है समाधि है। अच्छा

50
00:03:26,960 --> 00:03:31,120
खुद भी है तो बोल नहीं रही हो। आगे से क्या आगे से बकवास करती है मैं फलानी

51
00:03:31,120 --> 00:03:35,280
उसको परंपरा को मानती हूं। मैं फलानी को मानती हूं। कोई परंपरा नहीं है। समाजों का

52
00:03:35,280 --> 00:03:39,360
उनका सिर्फ दयानंद होता है ना उनका गुरु होता है। उसके गुरु होता है। इसीलिए वो फंस रही है। जब

53
00:03:39,360 --> 00:03:43,680
उनसे पूछा जा रहा है परंपरा क्या तो वो बता नहीं पा रहे क्योंकि आर्य समाज की परंपरा नहीं है।

54
00:03:43,680 --> 00:03:47,920
समाज में ये कहा जाता है कि दयानंद जो है ना 18वीं सदी या 19वीं सदी में वो

55
00:03:47,920 --> 00:03:52,320
बहुत फीलियर मतलब करा था। ये उसने अपने धर्म को थोड़ा इंप्रोवाइज कर लिया

56
00:03:52,320 --> 00:03:56,560
और थोड़ा अपडेटेड कर लिया। सही ठीक है। और इसमें इन्होंने

57
00:03:56,560 --> 00:04:00,640
फिर आगे ये तो उदाहरणार्थ मात्र था। इन्होंने आगे कई बार

58
00:04:00,640 --> 00:04:04,640
इस चीज को माना है कि हां भाई जो परंपरा से बात आ रही है वो

59
00:04:04,640 --> 00:04:08,960
मानी जाएगी और यह आर्य समाजी जैसे लोगों की नहीं मानी जाएगी। इस पर इन्होंने समर्थन

60
00:04:08,960 --> 00:04:13,040
प्रकट कर दिया। मूल सनातन धर्म जो परंपरा प्राप्त जो

61
00:04:13,040 --> 00:04:17,040
हमारे प्रामाणिक हैं आचार्य गण वह सनातन

62
00:04:17,040 --> 00:04:21,040
धर्म है तार्किक व्याख्या भी यह हो गई कि भैया कैसे आए वेद हम तक तो मानना पड़ेगा कि

63
00:04:21,040 --> 00:04:25,200
हमसे आए प्रमाणिक आचार्यों से आए तो मूल सनातन धर्म इन्होंने मान लिया

64
00:04:25,200 --> 00:04:29,440
मोमिना ने कि वही है आर्य समाजी जो है अप्रामाणिक है अब जरा इनके

65
00:04:29,440 --> 00:04:35,120
मुफ्ती जी का सेकंड नंबर वाला वीडियो चलाइए आप

66
00:04:35,120 --> 00:04:38,000
देखिए आपने कैसे बेनकाब किया है अपने मुफ्ती जी

67
00:04:38,000 --> 00:04:42,240
को यहां पर यह उनहीं इनहीं आप प्रामाणिक लोगों को लेकर आ रहे हैं जिनको आपने रिजेक्ट

68
00:04:42,240 --> 00:04:46,480
किया हुआ है। मोमिना जी आपके मुफ्ती और आवाज अकबाई जो आपके लिए बहुत बड़े

69
00:04:46,480 --> 00:04:50,480
तुर्रम खान है। तोप के गोले हैं। तोप के गोले हैं ना आपकी लाइफ में आपने

70
00:04:50,480 --> 00:04:54,720
इस तरह की बातें की है। ये आप इनको बहुत बड़ा धुरंधर मानती हैं।

71
00:04:54,720 --> 00:04:58,720
है ना? तो धुरंधर है तो देखिए क्या लॉजिकल बातें

72
00:04:58,720 --> 00:05:02,880
कर रहे हैं जो 100 साल पहले जो इंप्रोवाइज करके मूल सनातन

73
00:05:02,880 --> 00:05:07,040
से हटके जो बनाई बनाया गया बनाया गया सेक्ट है उसको आधार लेकर

74
00:05:07,040 --> 00:05:11,040
के कह रहे हैं नहीं तुम्हारे सनातन धर्म में तो अवतार को माना ही नहीं गया जब हम कह रहे

75
00:05:11,040 --> 00:05:15,200
हैं कि तुम्हारा ईश्वर अवतार क्यों नहीं ले सकता समझे

76
00:05:15,200 --> 00:05:19,360
तो किसका सहारा ले रहे हैं अप्रामाणिकता का तो यहां लॉजिकल भी खत्म

77
00:05:19,360 --> 00:05:23,520
और आपका भी विरोध लॉजिक भी खत्म हो गया और आपने उस लॉजिक

78
00:05:23,520 --> 00:05:28,000
को स्वीकार किया तो आपका भी विरोध हो गया। जिस लॉजिक के कारण आप सोनाली

79
00:05:28,000 --> 00:05:32,240
को हारा हुआ मान रही हैं, उसको क्रिटिसाइज कर रही हैं। उसी लॉजिक

80
00:05:32,240 --> 00:05:36,240
के आधार पर आपके मुफ्ती और ये आवाज हक जो आपके तोप के गोले

81
00:05:36,240 --> 00:05:40,480
हैं, यह धराशाही हो रहे हैं। उसी लॉजिक के आधार पर कब करोगी

82
00:05:40,480 --> 00:05:45,040
इनकी समीक्षा? न्यायप्रिय हो ना? तो करना इनकी समीक्षा

83
00:05:45,040 --> 00:05:49,040
इस चर्चा की कि भाई आवाज क्या? तुमने 100 साल पहले आए हुए

84
00:05:49,040 --> 00:05:53,360
को सनातन धर्म क्यों मान लिया? जब मूल सनातन धर्म वाले तो कह रहे मूर्ति पूजा है,

85
00:05:53,360 --> 00:05:57,360
अवतार है। क्यों मान रहे हो आवाज भाई क्यों बचने का रास्ता ढूंढ रहे

86
00:05:57,360 --> 00:06:01,360
हो जवाब दो ना खुदा अवतार क्यों नहीं ले सकता यह

87
00:06:01,360 --> 00:06:05,440
जवाब दो यह मत बताओ कि दयानंद जी ने तो माना है अवतार नहीं ले सकता

88
00:06:05,440 --> 00:06:08,560
सुनाओ इनको दोबारा

89
00:06:08,560 --> 00:06:14,560
12 से सुनाओ 12 से

90
00:06:15,120 --> 00:06:19,280
सरस्वती साहब ने उस भूमिका के अंदर वो कहते हैं कि ईश्वर कभी भी जिस्म ले नहीं

91
00:06:19,280 --> 00:06:23,360
सकता चीज पूछना चाहूंगा आपसे कि जैसे कुरान के बारे में ये

92
00:06:23,360 --> 00:06:27,360
भी कहा जाता है कि उसमें शैतान ने ये कर दिया था वो कर दिया था। सलमान रुदी बोलता

93
00:06:27,360 --> 00:06:31,440
है। मैं आपकी हेल्प कर दूं। मेरा सवाल ये है कि आप ही की

94
00:06:31,440 --> 00:06:35,440
बात को क्यों माना जाए? [हंसी] भाई एक मिनट आमिर भाई

95
00:06:35,440 --> 00:06:40,160
आप समझते हैं कि स्वामी दयानंद सरस्वती

96
00:06:40,160 --> 00:06:44,790
और सलमान रुदी दोनों इक्वली स्टेटस के हैं। बिल्कुल

97
00:06:44,790 --> 00:06:50,790
[हंसी] दयानंद सरस्वती जो है वो प्रमाणिक गुरु नहीं है। सर्टिफाइड नहीं है।

98
00:06:50,800 --> 00:06:54,800
सुन लिया? तो यही बात जो तुम अभी मान

99
00:06:54,800 --> 00:06:59,520
रही हो कि वह सर्टिफाइड नहीं है। वह मूल सनातनी नहीं है। इंप्रोवाइज

100
00:06:59,520 --> 00:07:03,600
करके हैं। चेंज किए हुए हैं। वो सर्टिफाइड नहीं है। नकली है

101
00:07:03,600 --> 00:07:07,760
हिंदू के नाम पे। सनातना भाष है जो तुम मान रही हो। वो तुम्हारे

102
00:07:07,760 --> 00:07:08,720
मुफ्ती

103
00:07:08,720 --> 00:07:12,800
नहीं मान रहे हैं और उसी आधार पर हमारा काउंटर कर रहे हैं। अब या तो तुम

104
00:07:12,800 --> 00:07:16,800
सही हो या यह सही है। मेरी दृष्टि में मेरी जानकारी में तो तुम

105
00:07:16,800 --> 00:07:20,880
ही सही हो। तुमने सही होकर के तुमने मेरी चीजों को समर्थन

106
00:07:20,880 --> 00:07:25,520
देकर के सोनाली से द्वेष निकालने के चक्कर में अपने आकाओं को धराशाही

107
00:07:25,520 --> 00:07:29,840
सिद्ध कर दिया। बेनकाब कर दिया हमारे

108
00:07:29,840 --> 00:07:35,040
लॉजिकल और प्रामाणिक आर्गुममेंट को समर्थन करके थैंक यू

109
00:07:35,040 --> 00:07:39,280
आई थी ना हमारी हमारे बीच की आपसी वाद

110
00:07:39,280 --> 00:07:43,680
विवाद का फायदा उठाने आई थी ना जाओ करो जाके इन मुफ्तियों

111
00:07:43,680 --> 00:07:49,520
का आवाज हक का समीक्षा करो इनकी कैसा आदमी है

112
00:07:49,520 --> 00:07:53,520
तुझसे लॉजिकल बात पूछी गई है तुझसे वो पूछ रहा है

113
00:07:53,520 --> 00:07:57,680
भैया उसका क्यों माना जाए उसका क्यों नहीं माना जाए ऐसे बोलो वहां जाकर तू

114
00:07:57,680 --> 00:08:01,680
तड़ाक में निष्पक्ष बनो ना मोमना जी क्या हो

115
00:08:01,680 --> 00:08:04,320
गया

116
00:08:04,320 --> 00:08:08,720
शायद किसी ठीक-ठाक व्यक्ति से पाला नहीं पड़ा है इसलिए

117
00:08:08,720 --> 00:08:12,960
सब खोल खाल के बैठे हो आप लोग आर्य समाजी को

118
00:08:12,960 --> 00:08:16,960
गलत समझती हैं और इनके आका लोग आर्य समाजी को प्रमाणिक

119
00:08:16,960 --> 00:08:21,040
मानते हुए हम हमसे बचने का प्रयास करते हैं। वो तो हमारे पास परंपरा

120
00:08:21,040 --> 00:08:23,840
वहां पर भी दे रहे हैं। जैसे हमने सोनाली से पूछा

121
00:08:23,840 --> 00:08:27,920
तुम कौन होते हुए हो बताने वाले? यह लिखा है। ऐसे ही हमने तुम्हारे मुफ्तियों

122
00:08:27,920 --> 00:08:32,000
से पूछा था। तो अगर सोनाली से पूछने में तुम हमारा समर्थन कर रही तो यहां भी समर्थन

123
00:08:32,000 --> 00:08:36,320
कर देना। वीडियो कब बना रही हो यह जरूर बताना। तुम्हारे दीन

124
00:08:36,320 --> 00:08:40,800
में ये तो बताया होगा ना कि भैया ये वो वो मत करना। न्याय करना। न्यायप्रिय

125
00:08:40,800 --> 00:08:45,040
है कि नहीं दीन कि दोगलापन सिखा रहा है। क्या है? क्या मानू?

126
00:08:45,040 --> 00:08:49,440
मैं वही मानूंगा जो तुम दिखाओगी। तो या तो तुम निष्पक्ष उसकी

127
00:08:49,440 --> 00:08:53,440
समीक्षा करो बैठकर के कि भैया तुम दयानंद को लाए क्यों? पहले तो

128
00:08:53,440 --> 00:08:57,520
ये बताओ। तुम यह जवाब दो ना कि अवतार क्यों नहीं ले सकता? इस पर रहो ना। तुम दयानंद

129
00:08:57,520 --> 00:09:01,520
को ला क्यों रहे हो? ला रहे हो तो वो लॉजिकल आर्गुममेंट दे रहा है कि दयानंद

130
00:09:01,520 --> 00:09:05,840
जी परंपरा से नहीं है। प्रामाणिक नहीं है तो उसका वो आर्गुममेंट स्वीकार करो।

131
00:09:05,840 --> 00:09:09,920
फिर तुम परंपरा को भी खंडित करने में जा रहे हो। उन्होंने परंपरा के लिए क्या कहा

132
00:09:09,920 --> 00:09:14,560
कि विष्णु पुराण में कहा गया है कि जब

133
00:09:14,560 --> 00:09:18,560
शुरुआत होती है सृष्टि की तो इतने लाख

134
00:09:18,560 --> 00:09:22,640
जो है श्लोक होते हैं और कलयुग आते-आते आज श्लोक

135
00:09:22,640 --> 00:09:26,720
बहुत कम है। मंत्र बहुत कम है। इतने मंत्र होते हैं मंत्र बहुत कम है। तो मैंने वहां

136
00:09:26,720 --> 00:09:30,800
पर संक्षिप्त उत्तर यही है कि जो मंत्र पहली

137
00:09:30,800 --> 00:09:34,960
बात तो हमारे यहां देवी देवलोक इत्यादि माना गया है। तो कई मंत्र

138
00:09:34,960 --> 00:09:39,040
तो उस उन लोकों के लिए हैं। मनुष्यों के लिए है ही नहीं। दूसरी

139
00:09:39,040 --> 00:09:43,120
बात मंत्रों का लोप हो जाना और मंत्रों का बदलना अंतर है। मेरे

140
00:09:43,120 --> 00:09:47,360
घर पर डांका पड़ गया और वो जो पैसे किसी के रखे हुए

141
00:09:47,360 --> 00:09:51,440
थे मेरे घर पे वो चोरी हो गए। ये अलग अलग बात है। मगर मैंने

142
00:09:51,440 --> 00:09:55,600
खुद उनको कहीं पर छुपा दिया लालच में आकर के

143
00:09:55,600 --> 00:09:59,680
या किसी के कहने पर यह अलग बात है। ठीक है? तो जो

144
00:09:59,680 --> 00:10:03,920
मंत्र सृष्टि के प्रारंभ से मिले हैं उनका लुप्त हो जाना अलग बात है

145
00:10:03,920 --> 00:10:08,240
और उनका जानबूझकर गलत अर्थ करना।

146
00:10:08,240 --> 00:10:12,320
ठीक है? ये अलग बात है। अब बात आती है

147
00:10:12,320 --> 00:10:16,640
कि एक फाइनल शॉट है। बहुत तगड़ा बहुत बढ़िया वाला फाइनल

148
00:10:16,640 --> 00:10:22,400
शॉट। तो मोमिना जी का जो सेकंड वीडियो है वो दिखा दो इनको जरा।

149
00:10:22,400 --> 00:10:26,880
ठीक है। मुझे नहीं मानो सनात। मुझे नहीं मानो वैदिक। नहीं मानो सनात।

150
00:10:26,880 --> 00:10:30,880
मुझे नहीं मानो वैदिक लो जी चीख

151
00:10:30,880 --> 00:10:35,280
चीख कर बोल रही है नहीं मानो मुझे सनातनी नहीं मानो

152
00:10:35,280 --> 00:10:39,440
मुझे वैदिक तुम पे पैर आई है कि नहीं आई है पंडित

153
00:10:39,440 --> 00:10:43,440
जी जियो कम से कम इस कतूरी के मुंह से जो है सच

154
00:10:43,440 --> 00:10:47,440
तो निकला यानी अब जो तुम ना सनातनी हो ना वैदिक हो तो

155
00:10:47,440 --> 00:10:51,680
तुम्हारा अब किसी और धर्म पर भी बात करना बनता नहीं है

156
00:10:51,680 --> 00:10:54,160
विहीन होने पर ही तो बात हो रही है आप संप्रदाय विहीन

157
00:10:54,160 --> 00:10:58,240
होते हुए हिंदू सिद्ध नहीं होती है ना वैदिक ओ हो हो उसने

158
00:10:58,240 --> 00:11:02,400
तुम हिंदू सिद्धि नहीं होती तुम हिंदू हो ही नहीं लो जी पंडित ने 15

159
00:11:02,400 --> 00:11:06,400
मिनट में सोनाली लिंग तोड़ को नॉन हिंदू

160
00:11:06,400 --> 00:11:10,400
यानी एक्स हिंदू साबित कर दिया वेल डन वेल डन मेरे

161
00:11:10,400 --> 00:11:14,640
हिंदू होने से आप मुझे हिंदू नहीं मानिए मैं ये कह रही हूं आप मुझे मुसलमान

162
00:11:14,640 --> 00:11:18,720
मानिए आप मुझे हिंदू नहीं मानिए मैं ये कह रही हूं आप मुझे मुसलमान

163
00:11:18,720 --> 00:11:23,280
मानिए आप मुझे हिंदू नहीं मानिए मैं ये कह रही हूं आप मुझे

164
00:11:23,280 --> 00:11:29,280
अल्हम्दुलिल्लाह अल्हम्दुल अल्हम्दुलिल्लाह

165
00:11:29,280 --> 00:11:33,840
कैसा मजा आया मुसलमानों कैसा मजा आया मुसलमानों

166
00:11:33,840 --> 00:11:38,240
बताओ दिल पे हाथ रख के यहां पे जब इनको कंफ्रंट

167
00:11:38,240 --> 00:11:42,560
किया जाता है तो इनकी दो टके की भी औकात नहीं है हमारी किसी मुसलमान

168
00:11:42,560 --> 00:11:46,720
बहन को कोई यह कह देना कि तुम अब तुम अपने को मुसलमान साबित करो तो

169
00:11:46,720 --> 00:11:50,880
वो कभी यह नहीं कहेगी कि नहीं मुझे मुसलमान नहीं समझो वो लड़ेगी वो आखरी

170
00:11:50,880 --> 00:11:54,960
दम तक बोलेगी कि नहीं मैं अपने रब को मानती हूं मैं अपने अल्लाह को मानती हूं मैं अपने कुरान पर यकीन

171
00:11:54,960 --> 00:11:59,760
करती हूं वो कभी यह नहीं कहेगी। क्यों?

172
00:11:59,760 --> 00:12:04,000
ठीक है। अब जरा इनका मुफ्ती का दिखा दो भैया। लास्ट वीडियो जो

173
00:12:04,000 --> 00:12:09,120
है

174
00:12:09,120 --> 00:12:13,440
ये तो फिक्स ही हो गया कि वो जन्म नहीं ले सकता। ये भी क्लियर है ना?

175
00:12:13,440 --> 00:12:17,540
बिल्कुल। चलिए हमारा मेहनत थोड़ी देर के लिए मान लेने वाला है।

176
00:12:17,540 --> 00:12:21,600
[हंसी] पॉज करो इसको। पॉज करो। इसको रिपीट करो। चार पांच

177
00:12:21,600 --> 00:12:25,600
बार। हमने मान लिया कि हम गलत हैं। दिखाओ। नियम उस प्लान नियम चलिए

178
00:12:25,600 --> 00:12:29,680
हमारा मेरार थोड़ी देर के लिए मान ले गलत फिर दिखाओ चलिए हमारा मेरार

179
00:12:29,680 --> 00:12:33,680
थोड़ी देर के लिए मान लेगा फिर दिखाओ नियम उस पे अप्लाई चलिए

180
00:12:33,680 --> 00:12:38,080
हमारा मेरार थोड़ी देर के लिए मान लेगा चलिए हमारा मेरार थोड़ी देर के लिए मान लेगा

181
00:12:38,080 --> 00:12:43,360
मोमिना जी यहां क्या करेंगी अब आपका

182
00:12:43,360 --> 00:12:47,440
तो जो वो था वो सिद्धांत सिद्धांत सब मान लिया मुफ्ती जी ने गलत

183
00:12:47,440 --> 00:12:52,320
है वही सिचुएशन चाहे मान लो मैं मुस्लिम हूं मान लो मैं वैदिक नहीं हूं

184
00:12:52,320 --> 00:12:56,320
अब क्या करो व्हम्दुलिल्लाह क्या था? मैं बोल नहीं पाता हूं। कोई जानता है क्या वो

185
00:12:56,320 --> 00:13:00,720
उर्दू? क्या बोला जाता है? कोई जानता है? अल्हम्दुलिल्लाह।

186
00:13:00,720 --> 00:13:05,120
हां। क्या करेगी अब यहां? ये मोमिना

187
00:13:05,120 --> 00:13:09,280
ये देखो मुफ्ती जी क्या हो गया? मान लिया ना दो मिनट में।

188
00:13:09,280 --> 00:13:13,360
चलिए ऐसे ही होता है। जिस दिन कोई कांटे का व्यक्ति सामने आ

189
00:13:13,360 --> 00:13:17,440
जाता है। ये हालत होती है आप लोगों की। मान लिया ना? और क्या कह रही थी

190
00:13:17,440 --> 00:13:21,520
कि अगर वो मुस्लिम होती, कोई होती तो मानती नहीं, लड़ती। क्या

191
00:13:21,520 --> 00:13:24,240
हो रहा है मुफ्ती को? मान लिया उन्होंने फिर दिखाओ

192
00:13:24,240 --> 00:13:30,240
उनको चार पांच बार जिससे अलम्दुलिल्लाह कर ले दिखाओ

193
00:13:30,560 --> 00:13:34,640
के नियम उस पे नियम चलिए हमारा मेरार थोड़ी देर के मान ले गलत हम

194
00:13:34,640 --> 00:13:40,320
बनाए हैं कैसा कैसे हो सेंट के नियम उस पे प्लान नियम चलिए हमारा मेहार थोड़ी देर के मान ले गलत है

195
00:13:40,320 --> 00:13:44,320
के नियम उस पे प्लान नियम चलिए हमारा मेरार थोड़ी देर के मान ले गलत करो

196
00:13:44,320 --> 00:13:48,800
नियम उस पे नियम थोड़ी देर के मान ले गलत ये तो फिक्स ही हो गया कि

197
00:13:48,800 --> 00:13:54,480
एक मिनट अब मैं हिंदुओं से कहता हूं देख रहे हो ना हिंदुओं

198
00:13:54,480 --> 00:13:59,920
कैसा लग रहा है यह सुन के आनंद आ गया ना

199
00:13:59,920 --> 00:14:04,160
जो हमारे धर्म पर उंगली उठाते हैं 15 मिनट

200
00:14:04,160 --> 00:14:08,240
15 मिनट में मैंने इनको भी जैसे सोनाली जी पर कटाक्ष कर रही ना

201
00:14:08,240 --> 00:14:12,800
15 मिनट में सोनाली जी की ये कर दी तुम्हारे मुफ्ती बैठे हैं

202
00:14:12,800 --> 00:14:17,440
15 मिनट में आया यह सीन चलिए मान लिया कि हम गलत

203
00:14:17,440 --> 00:14:22,160
यह होता है अभी पाला नहीं पड़ा है सनातनी से

204
00:14:22,160 --> 00:14:26,160
ठीक है। अभी वह सनातना भाषियों से तुम जूझ रहे हो। उसी में कुछ ठीक कर देते

205
00:14:26,160 --> 00:14:30,240
हो। फस जाओगे। व्यक्तिगत सलाह यही है। आना

206
00:14:30,240 --> 00:14:34,480
मत। फस जाओगे नहीं तो सर्वशक्तिमान

207
00:14:34,480 --> 00:14:38,560
का परम उत्तर नहीं है। परम स्वतंत्र मोक्ष का उत्तर नहीं है। शाश्वत धर्म का

208
00:14:38,560 --> 00:14:40,320
उत्तर नहीं है।

209
00:14:40,320 --> 00:14:44,960
और आपका दोगलापन सिद्ध हो गया। आपके द्वारा ये जो आपने कहा वलम्दुलिल्लाह

210
00:14:44,960 --> 00:14:48,960
वो भी सिद्ध हो गया मुफ्ती जी पर। अब मुफ्ती जी को कहना कि भैया उनका

211
00:14:48,960 --> 00:14:53,040
मियाद गलत है यानी कुरान गलत है। कुरान गलत है। यानी कि मुसलमान धर्म गलत है।

212
00:14:53,040 --> 00:14:57,680
मुसलमान धर्म गलत है। तो मुफ्ती जी कौन हो गए? नास्तिक नास्तिक

213
00:14:57,680 --> 00:15:01,680
हो गए तुम्हारे अनुसार मुफ्ती जी। अल्हम्दुलिल्लाह करो अब हो

214
00:15:01,680 --> 00:15:05,920
गए ना? बताओ क्या क्या हुए यहां पर मुफ्ती

215
00:15:05,920 --> 00:15:08,720
जी?

216
00:15:08,720 --> 00:15:13,280
तो आज के बाद इस वीडियो को जब तुम देख लोगी

217
00:15:13,280 --> 00:15:17,280
उसके बाद तुम अपना इलाज ढूंढोगी सब जगह-जगह जाकर के इलाज

218
00:15:17,280 --> 00:15:21,280
तुम्हें मिलेगा नहीं और जब ना मिले तो हमारे दरवाजे पे

219
00:15:21,280 --> 00:15:25,280
आना आ जाना अगर रहम आ गया तो हम आपका इलाज भी

220
00:15:25,280 --> 00:15:29,520
आपको दे देंगे। ठीक है? हमारे

221
00:15:29,520 --> 00:15:33,520
सनातनी भाई बहनों को बैठा के और अपने वह तीन टप्पर लोगों को

222
00:15:33,520 --> 00:15:37,840
बिठा के आप जो है बहुत अकेले में कुछ भी बड़बड़ा लो

223
00:15:37,840 --> 00:15:41,840
ये सब कर रही हो ना हम ऐसे नहीं है सीधे सीधी बात और सीधी बात

224
00:15:41,840 --> 00:15:45,920
क्या है मूल विषय तुम्हारे यहां ये होता है हमारे यहां

225
00:15:45,920 --> 00:15:50,000
कुछ नहीं ईश्वर सर्वशक्तिमान है तुम्हारा तुम्हारे दीन को

226
00:15:50,000 --> 00:15:54,320
दीन माना क्यों जाए ईश्वर सर्वशक्तिमान है ईश्वर

227
00:15:54,320 --> 00:15:55,440
ईश्वर है यदि

228
00:15:55,440 --> 00:15:59,440
है तो सिद्ध कर दो आ के परम स्वतंत्र मोक्ष

229
00:15:59,440 --> 00:16:03,680
है तो तीन चीजें हैं। सर्वशक्तिमान

230
00:16:03,680 --> 00:16:07,680
ईश्वर सिद्ध करो अपने खुदा को। परम स्वतंत्र

231
00:16:07,680 --> 00:16:11,760
मोक्ष सिद्ध करो मिलने वाली वो तुम्हारी आखी रात वाली चीजें हैं।

232
00:16:11,760 --> 00:16:15,840
वो मोक्ष है। परम स्वतंत्र शाश्वत सुख सिद्ध

233
00:16:15,840 --> 00:16:20,160
करो कि तुम्हारा जो धर्म है वो शाश्वत है। यानी तुम्हारा जो दीन

234
00:16:20,160 --> 00:16:24,320
है वो बदलता नहीं है। शाश्वत है। तुम्हारे भाई

235
00:16:24,320 --> 00:16:28,560
बहनों को तुम क्रिटिसाइज करोगे। सनातन धर्म का अपमान करोगे

236
00:16:28,560 --> 00:16:32,560
वो भी ऐसे दोगलेपन के साथ ऐसे कमजोर सिद्धांतों के साथ

237
00:16:32,560 --> 00:16:36,640
तुम कह रहे हो उसने मान लिया सोनाली का यह मान लेना कि मैं वैदिक

238
00:16:36,640 --> 00:16:40,800
नहीं हूं ये उतनी बड़ी बात नहीं है जब तुम्हारे दीन

239
00:16:40,800 --> 00:16:45,440
को ना मानने वाले व्यक्ति के समक्ष तुम्हारे मुफ्ती का मान लेना

240
00:16:45,440 --> 00:16:49,440
तुम्हारे मुफ्ती का मान लेना कि हमारा गलत है और उसके बाद वो

241
00:16:49,440 --> 00:16:53,440
सही सिद्ध हुआ नहीं है उस डिबेट में जब उन्होंने गलत माना है उसके बाद वो

242
00:16:53,440 --> 00:16:57,520
सही सिद्ध नहीं हुआ है सिर्फ सिर्फ वो इस पर तुले कि तुम तुम गलत

243
00:16:57,520 --> 00:17:01,520
हो। अपने आप को सही सिद्ध नहीं किया है और तुम गलत हो में भी सिद्ध कुछ नहीं

244
00:17:01,520 --> 00:17:05,760
हुआ। तुम्हारे अनुसार आगे जाकर के वो वही गलत सिद्ध हुए हैं। ठीक है?

245
00:17:05,760 --> 00:17:09,920
तुम्हारे यहां के मुफ्ती और तुम्हारे दीन के बाहर

246
00:17:09,920 --> 00:17:10,480
के व्यक्ति

247
00:17:10,480 --> 00:17:14,480
के सामने वो कह रहे हैं चलिए मान लिया मेरा मियाद गलत

248
00:17:14,480 --> 00:17:18,480
है। और यहां तो एक जो भटकी हुई

249
00:17:18,480 --> 00:17:22,560
हमारी जो बहन है दिशाहीन है भगवान से प्रार्थना करते कहीं ना कभी

250
00:17:22,560 --> 00:17:26,640
ना कभी आ जाएगी वापस। यहां तो वह कह रही है दुर्जन तोषण

251
00:17:26,640 --> 00:17:32,640
ऐसे तो आप मजाक उड़ाए पड़े हो। कब मजाक उड़ाओगे मुफ्ती का? अलम्दुलिल्लाह।

252
00:17:32,720 --> 00:17:36,800
तो मूल सिद्धांत क्या है? पत्तों पर बात नहीं करते।

253
00:17:36,800 --> 00:17:40,880
तुम्हारे यहां ये हुआ है। जो तुम्हारे यहां होता है वो तुम लेके आओ। जो हमारे

254
00:17:40,880 --> 00:17:44,960
यहां होता है वो हम लेके आ रहे हैं। सीधी बात है। जिसके पास गुर्दा है उसी

255
00:17:44,960 --> 00:17:49,360
को जीने का हक है। जिसका ईश्वर सर्वशक्तिमान है

256
00:17:49,360 --> 00:17:53,440
उसी का धर्म धर्म है। ठीक है? तो अपने

257
00:17:53,440 --> 00:17:57,520
ईश्वर को सर्वशक्तिमान सिद्ध कर दो। मुझको मुसलमान बना लो।

258
00:17:57,520 --> 00:18:02,960
तुरंत कलमा पढूंगा। ठीक? नमाज पढूंगा।

259
00:18:02,960 --> 00:18:06,960
ईश्वर को सर्वशक्तिमान सिद्ध करो। धर्म को शाश्वत सिद्ध

260
00:18:06,960 --> 00:18:10,960
करो। मोक्ष को परम स्वतंत्र सिद्ध करो। आ जाओ। कब आ रहे

261
00:18:10,960 --> 00:18:16,960
हो? अब

262
00:18:30,890 --> 00:18:34,890
[संगीत]
