⬜ Not used yet · 00:00:06:07 – 00:24:23:00 (24:17)
00:00:06:07 सबसे पहले हम एक यह बात कर ले कि अभी आपने हमारी जो लास्ट लाइव देखी थी उसमें एक सज्जन आए थे जो ये बोल रहे थे कि जो कबीर है उनको भी दुख होता है और मुक्त होने के बाद भी तो क्या वो सही बोल रहे थे? जी मैंने लाइव को तो खैर नहीं देखा। मैं सिर्फ ये जानना चाहता हूं। आपसे जी जी अभी अभी बात करेंगे मैं एक थोड़ा सा प्रीफिक्स दे रहा हूं जी कि अगर कोई व्यक्ति ये बोल रहा है कि कबीर जी को दुख होता है तो क्या ये सही है अकॉर्डिंग टू रामपाल जी सर एक मिनट आप भाई साहब ने क्या कहा उसे छोड़िएगा ये है आपने किस भाई साहब से डिबेट किया मैंने तो आप भाई साहब को आप एक तरफ रख लीजिए मैं आपसे पूछ रहा हूं कबीर जी को दुख होता है क्या मैं आपसे पूछ रहा हूं भाई साहब को छोड़ दीजिए जैसे हमने ने कहा कि कबीर दास भगवान नहीं है क्योंकि वो सर्वशक्तिमान नहीं है। अब इससे आपको आपत्ति है क्या? बिल्कुल है। हां तो क्या कबीर दास सर्वशक्तिमान है? जी बिल्कुल है। सर्वशक्तिमान है। सर्वाधार है। सबके आधार हैं। वही सबके रक्षक वही सबके जनक है। जो पवित्र अध्याय पांच मंत्र
00:01:21:13 32 में स्पष्ट है। देखिए देखिए जितना पूछा है प्लीज उतनी ही बात करें। एक्स्ट्रा बात ना करें। मैंने आपसे पूछा क्या वो सर्वशक्तिमान है तो आप उसमें हां करिए। मैं जब आपसे प्रमाण मांगू तो आप प्रमाण दीजिएगा। मैंने अभी आपसे प्रमाण मांगा क्या? देखो सर्वप्रथम तो यह है जो कर रहे हैं। देखिए देखिए विषयंतर करेंगे तो हमारी डिबेट आगे नहीं बढ़ पाएगी। यह सबसे पहला रूल है। मैंने आपसे मैंने आपसे प्रमाण नहीं मांगा है तो आप प्लीज प्रमाण नहीं देंगे। जब मैं आपको कहूंगा कि नहीं मुझे इस चीज का प्रमाण चाहिए तो आप प्रमाण दीजिए। जी मैंने आपसे सिर्फ इतना पूछा है क्या आप जिस आईडियोलॉजी को मानते हो जिस संत के आधार
00:02:05:08 साइकोलॉजी नहीं है साइकोलॉजी नहीं कह सकते इसे मैंने साइकोलॉजी नहीं कहा है मैंने आईडियोलॉजी कहा है आपको सुनाई नहीं दिया ठीक है नहीं सुनाई तो आईडियोलॉजी के अनुसार आपके अनुसार क्या कबीर दास जी सर्वशक्तिमान है मेरे मेरे अनुसार नहीं वेदों के अनुसार कबीर दास जी कबीर साहिब जी काशी वाले सर्वशक्तिमान वही पूर्ण परमात्मा है। ठीक है क्या वो किसी भी नियम के नीचे आते हैं या नहीं आते हैं? परमात्मा
00:02:42:00 वचन बंद जो उसका विधान है विधान के अनुसार परमात्मा काम करता करता है जिस तरीके से यानी सीधे बोलो ना कि हां नियम के नीचे आते क्यों इतना लंबा बोल रहे हैं आप सीधे बोलिए नियम के नीचे है परमात्मा नियम के नीचे नहीं आते वो अपने द्वारा सारे कार्यों को करते हैं परमात्मा कहते हैं ये सारे काम हमारे किए हमसे मिले वो निश्चय परमात्मा त्मा ही सब कुछ करते हैं। वो किसी के बंधक नहीं है। यानी कि वो अपने बनाए हुए नियमों के बंधन में भी नहीं है। परमात्मा ने जो नियम बनाए हैं वो किस लिए बनाए हैं? सर्वप्रथम हमें उसको जानना ही पड़ेगा। सीधी सीधी बात नहीं करेंगे। हम करेंगे सब कुछ जानेंगे। पहले एक एक टॉपिक सही करते चले ना। अभी मैं आपसे पूछ रहा हूं कि वो किसी नियम के नीचे है या नहीं। जो परमात्मा ने नियम बनाए हैं वो किस लिए बनाए हैं? विधान जो संविधान लिखा ये मेरे प्रश्न का उत्तर नहीं है। मैं पूछूंगा आपसे मैं उसको भी पूछूंगा। मैं सुनूंगा आपकी बात। प्रश्न मेरा यह है क्या वो किसी भी नियम के नीचे है या नहीं है? उत्तर मेरा यह है कि परमात्मा ने जो नियम बनाए हैं वह उसे मिटा भी सकता है और बना भी सकता है। सीधा सा उत्तर मेरा
00:03:57:06 यही है। वो नियम के अंदर है। अपने इसका मतलब वो किसी भी नियम के नीचे नहीं है। जी बिल्कुल परमात्मा किसी भी नियम में बंधित नहीं होता। परमात्मा किसी भी नियम के नीचे नहीं है। जी अब बंधक है। परमात्मा बंधक नहीं है। परमात्मा नियम के नीचे है। वो नियम कौन सा है? जो उसने स्वयं निर्धारित कर रखा है वो तो दोहरी बात क्यों बोल रहे हैं? अपने बनाए हुए नियम के नीचे ये बोलिए ना अपने भाई आप कहलवाना क्या चाहते हैं? परमात्मा अपने द्वारा बनाए नियम के कुछ नहीं चाह रहा हूं। मैं आपका जो दृष्टिकोण है साफ सुथरे तरीके से सामने चाहता हूं। वो नियम के नीचे है या नहीं है? सर जी गाड़ी मैंने बनाई है। मैं उसके नीचे क्यों रहूंगा? मैं उसके तो नहीं रहेंगे तो बोलिए कि नहीं है। नहीं है तो बोलिए। परमात्मा नियम के नीचे नहीं है। आपने खुद ही तर्क दे दिया कि परमात्मा भी क्योंकि गाड़ी जिसने बनाई है वो उसके नीचे क्यों रहेगा? तो अगर नियम परमात्मा ने बनाए हैं तो वो उसके नीचे क्यों रहेगा? परमात्मा के नियम का परिचय अलग है सर। परमात्मा ने जो नियम बनाए हैं उस पर उसकी सत्ता है। ये नहीं कह सकते वो उसके नीचे है। परमा यानी वो उन्हें तोड़ सकता है कि नहीं? मैं ये पूछ रहा हूं। वो उन्हें तोड़ सकता है कि नहीं? बिल्कुल तोड़ सकता है।
00:05:12:19 तो अब मुझे ये बताइए क्या वो अपने शरीर को नष्ट कर सकते हैं? बिल्कुल नहीं कर सकते। क्यों? आपने कहा कर सारे नियम तोड़ सकते हैं। हां तोड़ सकते हैं। लेकिन शरीर को नष्ट क्यों करेंगे परमात्मा? सुनिए। क्यों करेंगे? एक अलग। देखिए ऐसे नहीं हो पाएगा। ऐसे नहीं हो पाएगा। क्यों मत बताइए। हमको यह बताइए कि जब आपने कहा कि वह सभी नियमों को तोड़ सकते हैं। किसी नियम के नीचे नहीं है तो इस नियम के नीचे क्यों है? ये बताइए। मैं बता सकता हूं आपको। ये कोई नियम नहीं है। ये कोई नियम नहीं है कि परमात्मा आप परमात्मा को ही नष्ट करने की बात कर रहे हैं। ये मैं परमात्मा को नष्ट करने की बात नहीं कर रहा हूं। ध्यान से सुनिए। मैंने कहा वो अपना शरीर नष्ट कर सकते हैं कि नहीं? मैंने नहीं कहा परमात्मा परमात्मा नष्ट हो सकता है कि नहीं? ध्यान से सुनिए वो अपना शरीर नष्ट कर सकते हैं कि नहीं? आपने मेरा प्रश्न है आपने कहा क्या पूर्ण परमात्मा कबीर साहिब जी अपना शरीर नष्ट कर सकते हैं? मैंने बहुत अच्छे से सुन लिया। मैं आपके बात प्रश्न का उत्तर दे रहा हूं। प्रथम तो सुनिए कि परमात्मा को सभी वेदों में पवित्र गीता जी में मैं आपको प्रमाण पूछूंगा।
00:06:28:00 अभी बहुत लंबा सेशन है। एक चैप्टर खत्म हो जाए। मेरी बात मुझे आप प्रमाण मत दीजिए। मुझे आप प्रमाण मत दीजिए। प्रमाण बोलेंगे मैं आपको काउंटर करूंगा। मैंने आपसे प्रमाण नहीं पूछा है। मैं पूछूंगा उसप भी आएंगे। हम प्रमाण पे भी आएंगे। पर अभी बात चल रही है कि जब एक तरफ आप कह रहे हैं वो किसी नियम के नीचे नहीं है तो फिर ये बताइए कि वो इस नियम के नीचे कैसे है? और अगर इस नियम के नीचे है तो फिर आप ये क्यों कह रहे हैं कि वो किसी नियम के नीचे नहीं है। दोनों में से एक बात करिए। परमात्मा की सब पर सत्ता रहती है। पहले सुन ले बहुत अच्छे से मैं आपको कोई प्रमाण अभी खोल के नहीं दिखा रहा हूं। जब आप प्रमाण मांगेंगे जब दिखाऊंगा कंट्रोल कंट्रोल करिए अपने ऊपर जो आपको सिखाया गया है ना जिस चीज की ट्रेनिंग की गई है उसको थोड़ा साध के रखिए हम पूछेंगे आएंगे उसप सर सुनिए एक मिनट क्या सिखाया गया है सिखाया नहीं पूरा विश्व देख रहा है हमें सिखाया जाएगा मैं सुनो आपने कहा परमात्मा अपने शरीर को नष्ट कर सकता है या नहीं इस चीज को इस चीज को मैं बार-बार 100 बार कह देता हूं। मैंने सुन ली। अब उसका उत्तर सुनिए आप। बोलिए। परमात्मा को मैं प्रमाण नहीं दूंगा। केवल सुन लेना मेरी बात को। जैसे आप हम सुन रहे है ना सुन लो। वेद और गीता का नाम मत लेना अभी। बोलिए नहीं है। मतलब मैं
00:07:43:01 कहीं की सैर कर रहा हूं तो मैं मैप का नाम नहीं लूंगा। लूंगा पहले। अरे मैं भाई अभी हम सिर्फ तर्क की बात कर रहे हैं। प्रमाण पे भी आएंगे। अभी मैं सिर्फ आपकी विचारधारा जानना चाह रहा हूं कि आपको कि आपके अनुसार परमात्मा क्या है। मुझे उसके लिए प्रमाण की आवश्यकता नहीं है। मैं आपकी थिंकिंग जानना चाह रहा हूं। पहले हां मैं वही बता रहा हूं। सुनिए पहले परमात्मा अविनाशी है। गीता वेद की बात नहीं कर रहा हूं। सुनिए। परमात्मा अविनाशी है। ईश्वर अंश जीव अविनाशी। परमात्मा अविनाशी है। और अविनाशी वस्तु का कभी नाश नहीं हो सकता। सर्व सर्वप्रथम परमात्मा अपने शरीर को ही नष्ट कर देगा। ये छोटी सी बात है। परमात्मा अपने शरीर को ही नष्ट कर देगा। भला बचेगा क्या? इसलिए उसे मान लिया मान लिया क्योंकि परमात्मा अगर नष्ट कर देगा अपने शरीर को तो कुछ बचेगा नहीं। इसलिए वो अपने शरीर को नष्ट नहीं कर सकता। मेरा ये तो मानना पड़ेगा ना। मैं मैं परमात्मा नियम के नीचे तो मानना पड़ेगा ना भाई साहब। किसके नीचे? एक नियम के नीचे मानना पड़ेगा कि वो अपने को नष्ट नहीं कर सकता। उसका एन के प्रकार आप कुछ भी लॉजिक दे दो। इस नियम के नीचे तो है ना ये नियम नहीं है सर। कहां पर आप
00:08:58:02 सो रहे हैं? आप अपने शरीर को नष्ट कर सकते हो। अपनी आत्मा को नष्ट कर सकते हो क्या? मैं आपसे प्रश्न करता हूं। बताइए। इस पे आगे आऊंगा मेरे भाई। कर सकते हो। बिल्कुल मेरा शरीर नष्ट हो सकता है। और आपने जो अभी तर्क दिया अभी मैं आपका तर्क ले लेता हूं। आपने कहा कि जी सुनिए सुनिए सुनिए सुनिए सुनिए सुनिए आपने कहा जीव अविनाशी है परमात्मा भी अविनाशी है जीव अविनाशी है कि नहीं जी बिल्कुल अविनाशी अविनाशी है कि नहीं मैं मैं प्लीज देखिए कट टू कट बात करिए मैं पूछ रहा हूं जीव अविनाशी है कि नहीं बिल्कुल है उसका शरीर नष्ट होता है कि नहीं किसका जीव का भाई आत्मा अविनाशी है ये शरीर तो नशना है जीव कौन है जो मैं आवाज मेरी सुन रहे हो ना ये जीव की आवाज है आत्मा की आवाज है ये शरीर दिख रहा है ना तो आत्मा आत्मा जब कोई शरीर धारण कर रही है तो शरीर धार शरीर नष्ट हो रहा है ना आत्मा का तो भाई बिल्कुल बिल्कुल होगा वो तो तो फिर इसका मतलब अविनाशी का शरीर भी नष्ट हो सकता है मिनट सुनिए अब थोड़ा शांति बना के रखिए सर एक मिनट मैं बताता हूं आपको आप
00:10:13:13 ये कहना चाहते हो इधर सर देखिए सर आप कहना चाहते हो कि जिस प्रकार आत्मा शरीर धारण कर रही है ऐसे परमात्मा शरीर धारण नहीं करता परमात्मा सह अब आ गया दूसरा नंबर नियम नंबर टू पहले क्लियर होने दो पहले क्लियर होने दो ऐसे नहीं काम चलेगा चल रहे है बोलिए क्लियर करिए क्लियर करिए जिस प्रकार आत्मा शरीर को धारण करती है जैसे इस शरीर पर मैंने ये वस्त्र धारण कर लिया हम ठीक है। शरीर पर वस्त्र धारण किया। वस्त्र का नाश हो गया। शरीर ज का त्यों है और वस्त्र खरीद लिया। ये हो गया सिस्टम आत्मा और शरीर का। परमात्मा तेज पुंज और नूरी शरीर है। परमात्मा का तेज पुंज और नूरी शरीर है। ठीक है? नाम परमात्मा के शरीर में ना जो परमात्मा का शरीर है वो नूर का बना हुआ है। स्नो वाइट बर्फ जैसा। यानी परमात्मा का पा शरीर नहीं हमारे तुम्हारे जैसा परमात्मा टट्टी करने नहीं जाता पेशाब करने नहीं जाता परमात्मा का नूरी शरीर है वो जन्म ऋतु में नहीं आता और वो साकार है जी तो हम बात ये कर रहे हैं हम बात ये
00:11:28:14 कर रहे हैं कि हम बात ये कर रहे हैं कि जब आत्मा अविनाशी होते हुए शरीर धारण कर सकती है तो कबीर शरीर धारण क्यों नहीं कर सकते हैं। आत्मा अविनाशी होते हुए गर्भ से जन्म ले सकती है तो कबीर क्यों नहीं ले सकते हैं? बहुत ही सुंदर प्रश्न किया। बहुत ही सुंदर जिस पर मैं आपको पूछना चाहूंगा। सर ये बताइए मैं तो ज्ञानी नहीं हूं ना। मैंने तो रामपाल जी से नाम की रखी है संत रामपाल जी से। मैं आपसे पूछना ये चाहूंगा कि आत्मा की उत्पत्ति कहां से हुई? आप बताइए। मेरा प्रश्न है इसका जवाब नहीं आप कोई विद्वान हो बिल्कुल कोई उत्पत्ति नहीं है जीव ब्रह्म आत्मा ये सब अनित्य है एक मिनट एडवांस मजा आ गया डिबेट का सच में आपकी उत्पत्ति कहां से हुई आपकी उत्पत्ति कहां से हुई आपकी माता के गर्भ से हुई माता के गर्भ से आत्मा अन हो गई आत्मा को भी किसी ने उत्पन्न किया होगा नहीं किया बिल्कुल सफेद झूठ तो ठीक है आपका कहने का मतलब है डटिए दिन आपकी इस डिबेट को बहुत ही डिबेट रोमांचिक
00:12:43:20 हो गई है डट जाइए एक मिनट आप ऐसा है आपकी सुनने केवल नहीं आए अब मैं बोल रहा हूं आप चुप हो जाइए चुप होंगे कि नहीं चुप होंगे कि नहीं आप चुप होंगे कि नहीं अभी चुप होंगे कि नहीं आप अभी अभी मुझे बोलने देंगे कि नहीं भाई साहब मैं इसको लाइव सेशन को बंद बंद करूंगा। आप मुझे बोलने देंगे? बोलने देंगे। बोलने देंगे। मैं ये पूछ रहा हूं की उत्पत्ति बताइए मुझे। ध्यान ठीक है। अब सुनिए अब सुनिए। अब सुनिए। अब सुनिए। जी। हमारी बात ये हो रही है। क्या कबीर के ऊपर कोई भी नियम लागू होता है या नहीं? बस ये बताओ होता है कि नहीं? वो कंफर्म हो गई। वो मैंने कह दिया। नहीं हुई खत्म। नहीं हुई खत्म। अभी दो नियम आ गए। अभी दो नियम आ गए। पहला नियम है कि वो अपने शरीर का नाश नहीं कर सकता। दूसरा नियम है कि वो शरीर धारण नहीं कर सकता। आत्मा की तरह गर्भ से नहीं आ सकता वो। जैसे आत्मा जन्म ले रही है गर्भ से। मुझे देखिए देखिए अगर आप लड़ाई करने आए हैं जिस तरह से आप आवेश में आकर के बात कर रहे हैं। लड़ाई करने आए हैं तो मैं इसको चर्चा को तुरंत बंद करूंगा आराम से। ठीक है? जी सर आप मुझे
00:13:58:21 बताइए कबीर के ऊपर अब दो नियम आ गए हैं। पहला नियम है कि कबीर जो है अपना शरीर नष्ट नहीं कर सकते और दूसरा नियम है कि कबीर जो है आत्मा की तरह शरीर धारण नहीं कर सकते। तो एक चीज आपने बोली एक मिनट एक मिनट एक मिनट उसका शरीर जो कबीर है वो अविनाशी है उसका वो नहीं होता। तो मैं आपको बता दूं देह के नाश से आत्मा का नाश नहीं होता और देह के भेद से आत्मा में भेद नहीं होता। इसका अर्थ यह है कि मैं जब यह पूछ रहा हूं कि क्या कबीर शरीर धारण कर सकते हैं कि नहीं तो यह बताइए जब जीव आत्मा धारण कर सकती है शरीर तो कबीर क्यों नहीं कर सकते और क्यों की तो बाद की बात है क्योंकि तो बाद की बात है आप तो पहले ये स्वीकार करिए कि हां इन नियमों के नीचे कबीर भी है वो शरीर धारण नहीं कर सकता वो अपनी देह का नाश नहीं कर सकता नहीं है परमात्मा अपनी देह का नाश नहीं कर सकता वो मां के गर्भ से नहीं आता। वो स्वयं प्रकट होता है। तीनों अब आपने दो बात कही वो मां के गर्भ से नहीं आ सकता और वो अपनी देह का नाश नहीं कर सकता। दो बातें आपने कह दी। आपने शुरू में कहा आपने शुरू में ये कहा आपने शुरू में ये कहा वो सब कुछ
00:15:13:25 कर सकता है। जी परमात्मा कबीर साहिब जी अपनी देह का नाश नहीं करते। अरे भाई आपने अभी अभी कहा कि वो नहीं कर सकते। अभी आपने शुरू में कहा था कर सकते हैं। मैंने यह नहीं कहा कि नहीं कर सकते। मैंने यह कहा है वह अपनी देह का नाश नहीं करते। कबीर साहिब जी देखिए करते हैं कि नहीं वो बाद की बात है। अभी मुझे उनकी कैपेबिलिटी बताइए। देह का नाश कर सकते हैं या नहीं? ये बताइए। भाई नहीं करते। नहीं करते। फिर वही नहीं करते। मैं पूछ रहा हूं। नहीं कर सकते क्या? सकते। भगवान नष्ट ही नहीं होता। भगवान नष्ट होता ही नहीं। ठीक है? तो इसका मतलब कबीर पर यह नियम लागू है कि वह अपने देह का नाश नहीं कर सकते। वह गर्भ से नहीं आ सकते। जब सच्चाई है तो भाग क्यों रहे हो? ठीक है। इसको मानो ना कि हां ये दो नियम लागू है। भाग तो आप रहे हो। परमात्मा पर नियम लागू कहां से हुआ? ये बताइए। आप ही तो कह रहे हो गर्व से नहीं आ सकता। बिल्कुल नहीं आ सकता। ये क्या है? अच्छा ये क्या है जो आप मुझे बता रहे हो। ये क्या है? व्हाट इज दिस? एक मिनट। हां। जी बता रहा हूं। गीता जी अब मैं प्रमाण दूंगा आपको। ठीक है। फिर फिर प्रमाण मुझे आप पहले ये बताइए कि नियम है कि नहीं जो आप बोल रहे हो? क्या है
00:16:28:26 ये? खेल है तमाशा है क्या है ये? परमात्मा गर्व से नहीं आ सकता। इसको मैं क्या समझू? तमाशा तो आपने बना रखा है। ये ढोला तो भाई साहब देखिए व्यर्थ की चर्चा अगर करेंगे तो मैं इस लाइव को बंद करूंगा। आप मुझे बताइए आप मुझे प्लीज ये बताइए। भाई साहब मैं हाथ जोड़कर विनती कर रहा हूं आपसे। आप मुझे बताइए मैं मैं भी हाथ जोड़ के आप मुझे बताइए जो आपने लाइन कही है आपने जो लाइन कही है कि परमात्मा गर्भ से नहीं आ सकता परमात्मा जो है अपनी देह का नाश नहीं कर सकता ये क्या है क्या ये तो शांति से आप सुन नहीं रहे हैं तो फिर मैं कैसे बता पाऊंगा मैं कहीं बात करता हूं तो जाइए ऐसे नहीं ऐसे बताइए मैं आपके स्तर पे बोलिए बोलिए ये कबीर साहिब जी पूर्ण परमात्मा अपने स्वयं मां के गर्भ से नहीं आ सकते। सुनो क्योंकि जो हां बता रहा हूं जो ये जन्म और बता रहे हैं एक मिनट सुनो तो अब आप कहेंगे फिर आवेश में आके बात करे आवेश में नहीं आते बोलिए बोलिए बोलिए कबीर साहब जी जो मां के गर्भ से जन्म लेता है उसका शरीर 100% छूटता है। ये भगवान
00:17:44:02 का विधान है कि जो मां के गर्भ से आएगा और जन्म लेगा उसका शरीर नाशवान होगा। आत्मा जीवनाशी होगी। समझो कबीर साहिब जी पर यह नियम लागू आप कैसे कर सकते हैं? कैसे आप जबरदस्ती कबीर साहिब जी को घुमा के कब से बुला सकते हैं? परमात्मा मैं नहीं बुला रहा हूं मेरे भाई। मेरा प्रश्न दूसरा है। मैंने प्रश्न ये पूछा है। मैंने प्रश्न ये पूछा है शिवम जी कि जो आप मुझे बता रहे हैं कि वो गर्भ से नहीं आ सकता। वो अपनी देह का नाश नहीं कर सकता। ये इसको मैं क्या समझूं? यह व्यंग है। ये एक मिनट यह व्यंग है। कहानी है, कथा है या कबीर के संबंध में ईश्वर के संबंध में कुछ नियम है? क्या है ये? सर एक मिनट शांतिपूर्वक सुनिए। आप बार-बार एक बात कह रहे हैं। मैं उसका उत्तर दे चुका हूं। फिर भी आपके समझ नहीं आ रहा। ये अलग बात है। आपसे आपसे मैंने पूछा देखिए आपसे मैंने ये पूछा है कि जो बात आपने मुझे कबीर के बारे में बताई है। ये क्या है? ये कथा है, प्रवचन है, कहानी है, कविता है या नियम है? क्या है ये जो आपने मुझे बताया? ये सच्चाई है। ये सच्चाई है। सच्चाई है। ये सच्चाई रूपी नियम नहीं
00:18:59:06 है। ये सच्चाई रूपी नियम नहीं है। पहले आप अपना ये सच्चाई रूपी नियम नहीं है। आप आवेश में आके बात कर रहे है ना? पहले सुनिए। मैं देखिए देखिए मैं हम लोग बहुत सारी अच्छी चर्चा कर सकते हैं। आपको कुछ चीजें एक्सेप्ट करनी होंगी। मैं आपसे पूछ रहा हूं ये सच्चाई रूपी नियम नहीं है। क्या चीज जो आप बोल रहे हो? भाई साहब इसको नियम आप कैसे कह सकते हो? नियम क्या होता है? क्या है? तो ये ये किस प्रकार की सच्चाई है? ये चलिए बताइए। जैसे मेरा जैसे खेलता है उसमें नियम होता है। उसके बाहर जाएगा तो ये हो जाएगा। उसके बाहर जाएगा ये हो जाएगा अंदर रहेगा तो ऐसा खेल खेलने के योग्य है ये सच्चाई क्या होती है सच्चाई होती है तो अंदर के लिए नियम है ना एक सच्चाई का मैंने कहा सच्चाई है सच्चाई सत्य का कभी नाश नहीं होता ये सच्चाई होती है मेरे भाई आपने आप मेरी बात तो सुन नहीं रहे हैं आपका प्रश्न क्योंकि आप विषय से हटकर बात कर रहे हैं। मैंने बोला है ये जो सच्चाई है इस सच्चाई में हमें बताया क्या जा रहा है नियम है कथा है क्या है अभी मैं आपसे पूछ रहा हूं दोबारा आप
00:20:14:16 आप मुझे ये बताइए कि ये जो सच्चाई आप मुझे बता रहे हैं इसमें आप मुझे बता क्या रहे हैं किस प्रकार की सच्चाई है ये वो बताइए उसमें क्या है वो अगर ये केवल सच्चाई है इससे कोई लेना देना नहीं है तो क्या मैं ये प्रचार प्रसार कर सकता हूं हां कबीर भी गर्व से जन्म लेते हैं कर सकता हूं गलत है ना इसका मतलब इसका मतलब मुझे बाउंड इसका मतलब नियम है ना ये नियम है ना जो मुझे अगर मैं उसके विरुद्ध बात करूंगा तो वो गलत हो जाएगी बात नियम है ना ये सुनो इसे आप नियम आप नियम कह लो लेकिन मैं इसको नियम नहीं मानता आपके मुताबिक ये नियम है ठीक है ठीक है आपको तो आपके मुताबिक ये क्या है एक मिनट रुको मेरे मुताबिक क्या है वो मैं बहुत अच्छे से जानता हूं मेरे मुताबिक ये है कि एक सच है और बिल्कुल वास्तव अरे भाई सुनिए सच तो ये भी है कि कबीर भगवान है। सच तो ये भी आपके अनुसार के कबीर भगवान है। सच तो ये भी है ना। मैं आपसे डिबेट आगे इसलिए कर पाऊंगा कि मैं पहले आपका ये मान लेता हूं। सुनो कि ये एक नियम है जो आप नियम चिल्ला रहे हैं ना तो नियम मान लेता हूं। एक मिनट सुनना। आपका प्रश्न ये था लाइव चल रहा है। सारे लोग देख रहे हैं कि क्या कबीर बाद में ये मत कहना आपने प्रश्न नहीं चल पाया। क्या कबीर मां के गर्व
00:21:29:22 से जन्म ले सकते हैं? क्या कबीर अपने शरीर का कर सकते हैं? ठीक है। मेरा प्रति उत्तर ये है कबीर साहिब जी मां के गर्भ से नहीं आते और ना ही फिर आते उनमें बोलो नहीं आ सकते जिससे लोग ये सुने कि उनके अंदर कुछ है जो वो नहीं कर सकते। नहीं आ सकते क्योंकि मां के गर्भ से जो भी आता है वो गीता अध्याय 14 के श्लोक फिर मैं बंद करूंगा आपका मुंह बंद करूंगा मैं आपको हटा दूंगा प्रमाण अभी दिया तो मैं हटाऊंगा अभी प्रमाण मैं नहीं मांग रहा हूं अभी मैं हटाऊंगा आपको आऊंगा प्रमाण अभी मत दीजिए हम अभी प्रमाण अभी मत दीजिए मैं आऊंगा प्रमाण पे हम आएंगे देखिए आपको चर्चा करनी है कि नहीं करनी है मैंने पहले ही क्लियर कर दिया था मैं प्रमाण अभिमान था आपसे। मैं तो तैयार बैठा हूं विद्या के लिए। आप मेरी सुनिए तो पहले आप प्रमाण मत बताइए। अपनी बात रखिए। प्रमाण मत दीजिए। अभी इस बात में जिस मैं प्रमाण पे आऊंगा भाई साहब। अब एक बार और आपने कहा तो मैं हटाऊंगा। मैं प्रमाण पे बात करूंगा। अगला चैप्टर वही है। अगला चैप्टर वही है। मैं बात करूंगा प्रमाण। ये बताओ।
00:22:45:27 आप अभी मुझे ये बताइए कि उनके ऊपर एक उसके ऊपर ये नियम है कि नहीं है? किसके ऊपर? आपने कहा ना अभी मान लेता हूं कि उसके ऊपर नियम है कि वो माता घर से नहीं आ सकता। एक मिनट रुक जाओ। आप ये बताइए शांतिपूक पूछ रहा हूं आवेश में नहीं। परमात्मा के ऊपर जो परमात्मा होता है ना समृत जिसे कबीर भगवान हम कहते हैं। कहते नहीं वो वास्तविक वेदों में भी प्रमाण है उसके। उस परमात्मा पर धरती का कोई नियम काम नहीं करता और इन ब्रह्मांडों का परमात्मा निर्बंध है। किसी का बंधन नहीं पर वो अपने अनुसार सारे कार्य करता है। परमात्मा पर किसी का भी शक्ति नियम बंधन काम नहीं करता। वह परमात्मा जो भी लीला करता है अपने अकॉर्डिंग टू अकॉर्डिंग स्थिति के अनुसार काम करता है भगवान। ठीक है जी। यानी कि अब इसका कंक्लूजन मैं यह लूं कि वो गर्भ से जन्म नहीं ले सकता। नहीं लेता। नहीं ले सकता। ये आप ले सकते हो। लेकिन मेरे मेरा जो वास्तविक सच्चा नियम है मैं नियम कहता हूं। परमात्मा मां के गर्भ से जन्म नहीं लेता।
00:24:02:19 अच्छा ले सकता है। नहीं ले सकता। क्यों नहीं ले सकता? पूछो। [संगीत]
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सार्वभौम सिद्धांतों के समक्ष नतमस्तक होना ही पड़ता है | सर्वशक्तिमान रामपाल भक्त के साथ चर्चा
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