⬜ Not used yet · 00:00:02:03 – 02:22:22:00 (2:22:20)
00:00:02:03 सभी को जय श्री राम हम लोग फिथ वीडियो पर बात कर रहे हैं इस समय और जो पिछला लाइव चल रहा था हमारा उसमें कुछ बाधा उत्पन्न हो गई थी घर घर की कोई दृश्य थे घर के कुछ तो वह आ गए घर के नहीं मतलब जिस स्थान पर हमारा कार्य स्थल है जहां पर हम बैठ करके कार्य कर रहे थे तो वहां के कुछ दश आ गए थे जिसको लेकर के हमारे घर के लोग थे उनको आपत्ति थी तो उसको अभी प्राइवेट कर रखा है उस वीडियो और क्या कहते हैं फर लाइव कर दिया
00:00:42:18 जाएगा तो हम लोग ये भगवता अंद के फिफ्थ वीडियो का फ वीडियो पर बात कर रहे हैं तो चलते हैं कहां पर थे हम लोग इसका क्या मसाला मिल जाएगा
00:01:16:07 कर 151 का टाइम है 151 के टाइम पर भगवता नंद ने यह बोला था की क्या कहते हैं यह भगवता ने बोला था कि तुम दोगले हो जब तुम लाइव के लिए मना कर रहे हो तुम लाइव वो मेरी बात को समझ नहीं पा रहा है ऐसा हुआ है कि भगवता ंद ने जब पहले पहले पोस्ट के द्वारा यह पूछा कि हमारे मतलब यह इच्छा जाहिर की कि हमारे साथ लाइव कर लो जब य इच्छा जाहिर की तो उस पोस्ट के उत्तर में हमने यह बताई अपनी सिचुएशन बताई उसमें अलग-अलग चीजें थी कि जैसे कि हमने हर लाइन में अपना निर्णय नहीं बताया कि हम नहीं आएंगे हमने बताया हमारी स्थिति क्या क्या जैसे कि गुरु विरोध है आपका तो हमें आपसे एक निश्चित दूरी बना के रखना है गुरु के गुरु के सम्मान में जो है तंज कसते हैं यह है वो है फिर हमने बताया दूसरी बात की हमारी और आपकी यदि राम राम फिर हमने दूसरी चीज बताई कि हमारी और आपकी यदि चीजें देखेंगे तो अधर्म हों को थोड़ा सा स्पेस मिलेगा फिर हमने बताया फिर भी आपने जो अगर इन दो चीजों को हम लोग नजर अंदाज कर भी दे हमारा भाव यह था फिर भी आपने जो विषय चुना वो विषय हम ऐसा नहीं समझते
00:02:31:19 कि उसके बारे में सार्वजनिक मंच पर बात होनी चाहिए उसके लिए व्यक्तिगत स्वार्थ पूर्ण चर्चा ही उचित यह हमने बता अब इसके बाद जब तक हमने बताया बताया तब तक इनका एक वीडियो और आ गया जिसमें कि इन्होंने विरोधाभास प्रस्तुत किया ठीक है फिर जब हमने शाम को लाइव की उस उत्तर को दे देने के बाद और इनका वीडियो आ जाने के बाद एक और तो हमने शाम को यह कहा कि भाई पहले तो हम आपसे य कह रहे थे कि व्यक्तिगत चर्चा हो सकती मगर आप जिस तरीके से कटाक्ष करते जा रहे हो आधी अधूरी सामग्री को
00:03:18:25 youtube1 मिनट देख लो सर्वशक्तिमान पर ही लाइव हूं ना तो यहां पर ये भाई साहब मेरी बात को समझ ही नहीं पा रहे अपने दिमाग के थोड़े घोड़े जो है यूं ही दौड़ा जा रहे हैं र चलो लिए लाइव के लिए मना किया था व्यक्तिगत चर्चा के लिए मना नहीं किया था व्यक्तिगत चर्चा के लिए तब मना किया जब तुमने वीडियो भी डाल दिया एक और चर्चा के लिए तुमने कम्युनिटी पोस्ट डाला और उसके थोड़ी मतलब उसके अगले दिन तक तुमने दिन में एक वीडियो भी डाल दिया तो हम जो तुमने कम्युनिटी पोस्ट डाला था उसका जवाब दे रहे थे उसके बाद तुमने तुम्हारा वीडियो देख देखा इसमें तुमने फिर से कुछ निराधार कॉल रिकॉर्डिंग लगाई थी तो हमने अपने शाम के लाइव में कहा कि जो तुमने एक आरोप लगाया था कि इसका भगवता अंद का आरोप यह था कि जब मैं पहले ही मना कर चुका हूं चर्चा करने से तो फिर ये शाम को आके लाइव में ये क्यों बोल रहा है कि अब हम लाइव नहीं करेंगे तुमने क्योंकि वीडियो डाल दिया है तो उसमें जवाब ये पहले हमने यह जो लाइव स्ट्रीम होती है उसके लिए बना
00:04:33:27 किया है और यहां उसमें हमने य जगह छोड़ी थी व्यक्तिगत चर्चा की शाम को हमने व्यक्तिगत चर्चा के लिए भी मना किया कि अब हम व्यक्तिगत चर्चा भी आपसे नहीं करना चाहते क्योंकि पहले हमको लग रहा था कि आपका उद्देश्य कोई शोधन शोधन है मगर जिस तरह से आप अपना वीडियो डाल रहे हो निराधार सामग्री को लेकर के उससे पता लगता है कि आपका उद्देश्य शोधन नहीं लड़ाई है और मंचन है आपका उद्देश्य चलिए च में मसाला नहीं मुझे दोला मलागा तो इस क्या तुम ला के लिए मना कर रहे मना नहीं किया अरे तुम गोच हो यार
00:05:31:00 ला खुद मना कर चुके हो जब तुम कहा साला मि जाए और उसके बाद व्यक्तिगत चता काका खुद कमटी पोस्ट नहीं व्यक्तिगत चर्चा के लिए हमने शाम को लाइव में कहा है और जिसका तुम यहां पर खंडन कर रहे हो कि यह तो भाई पहले ही चर्चा के लिए मना कर चुका है फिर यहां पर क्यों चर्चा के लिए मना कर रहा है जबक वहां पर अंतर है पहले मैंने लाइव के लिए मना किया व्यक्तिगत चर्चा को समर्थन दिया शाम को लाइव स्ट्रीम में मैंने व्यक्तिगत चर्चा
00:06:16:16 को फिर मैंने शाम को जो है यह बताया कि अ व्यक्तिगत चर्चा का स्थान भी बंद हो गया तो तुमने य आरोप लगाया था हमारे ऊपर कि भाई जो है ये जो है पहले ही मना कर चुके कम्युनिटी पोस्ट में फिर भी कह रहे हैं कि तुमने वीडियो डाल दिया इसलिए व्यक्तिगत चर्चा नहीं करेंगे जबकि व्यक्तिगत चर्चा के लिए हमने बाद में मना किया है वही बात क रहा तो क ऐसा क दिया वसा क पले क्या लिखा निना करेंगे तो नहीं लेकिन व च अवकाश नहीं मिला बचा य भी बा अगली कमटी पोस्ट ख इतना तो आप पढ़ चुके तो इस क्या बो अगली कम्युनिटी पोस्ट में नहीं कही थी लाइव स्ट्रीम में कही थी इस
00:07:09:07 शिवांश ने स्वयं अपनी गलती स्वीकार करते हु कमटी पोस्ट ाली थी य बकवास कर रहा है व गलत उसने हमसे कोई और नामले किया होगा उसने को गा अब शिवांश ने स्वयं अपनी गलती स्वीकार करते हुए कम्युनिटी पोस्ट डाली थी यहां जो बकवास कर रहा है वो गलत शिवांश ने कम्युनिटी पोस्ट में क्या डाली थी आप पढ़ चुके होंगे नहीं पढ़
00:07:42:06 था कि इससे एक त्रुटि हो गई है और त्रुटी के आधार पर इसने जो कोई दुगला व्यक्ति होगा व दोगला व्यक्ति ये सीधे सधे गौरी नामक है और त्रुटि के आधार पर इसने जो कोई दुगला व्यक्ति होगा व दोगला व्यक्ति य सीधे-सीधे गौरी नामक एक स्त्री बता रहा है गौरी गोस्वामी या क्या नाम है तो उसने इसको मैसे भेजा था वस्तुत हम कई सारे मैसेज आते रहते हैं मैं नबर सेव भी नहीं करता मुझे पता भी नहीं भेजने वा क्या जो पूछा जाता है बता देता तो इसने जो गौरी ने मैंने क्यासे उसने भेजा कि ला करेंगे कि नहीं करेंगे क्या होगा तो मैंने कह दिया कि आर सामाजिक और ये मैसेज मैंने चार पांच लोगों को और भेजा सेम टू सेम वा दे समर्थन किया है और क गुरु निंदा का मुख तोड़ आ समा और शास्त्र के बिना गु क्या उपदेश करेंगे शास्त्र बिना संबोध दिया ये आपके लिए भगतान जीने का उतर दे चुका इस पूरे प्रसंग का उत्तर दे चुका इस पूरे प्रसंग का उत्तर
00:08:43:12 में होने के बाद दस ने बा मला मि मैंने नीचे इसने सेपरेट मैसेज में लिखा है ये उन्हे भेज दो मतलब जिसने मुझे व किसको भेज दो गौरी ने लिखा कि आखि भेजा भगतान जी ने ये जो गौरी ने भेजा कि आपके लिखा है गौरी ने भेजा कि आपके लिए लिखा है भगवता अंद जी ने तो यह वाली लाइन जो थी ना कि भगवता अंद जी ने यह नाम मैंने नहीं पढ़ा ये मैं समझ गया कि किसी थर्ड पर्सन से आ रहा है मगर ये तुमने ही भेजा है ये मैं नहीं समझा क्योंकि बहुत बहुत मैसेजेस आते हैं और मुझसे कई लोग ट चैट के माध्यम से ही चर्चा करने का प्रयास करते हैं तो इसलिए मैं जब कोई इस तरह से कहता है तो उसको जल्दी जवाब दे मतलब दे देता हूं जवाब व चैट के माध्यम से बहुत लोग परेशान करते हैं उन्ह भेज दो यानी किसी को भी भेज दो मगर भगवता को नहीं यह नहीं जानता था करना चाहते भाई तो अब यहां पर जब यह बोला जा रहा है कि हम लाइव में जब ये बोल रहे
00:10:00:08 मना हम हम लाइव में प्रत्यक्ष वार्ता ही तो करना चाहते थे ना ये डिस्टर्ब प्रॉब्लम हो रही है कि ये गौरी जो है यह मैसेज में लिख रही है ना भगवता अंद को यह भगवता ंद ने आपके लिए भेजा है ये एक अलग मैसेज कर रही है अगर गौरी को एक प्रॉपर एक संदेश भेजना है तो ऊपर कुछ भी अभिवादन लिख के या इनका नाम लिख के इनकी ओर से आपके लिए या लास्ट में उसी मैसेज के लास्ट में लिख दे यह भगतान की ओर से आपके लिए भेजा गया मगर यह क्या करर दो तीन मैसेज अलग अलग टुकड़ों में भेज रही फिर एक पतला सा छोटा सा पतला सा मैसेज दिखाई दे रहा है जो मेरी जिस पर नजर नहीं गई ठीक है जैसे किसी का अगर प पत्र वाहक हम बनते हैं तो उसके हर हर लाइन के अलग अलग शब्द भेजते हैं क्या क्या करते हैं तो अगर भगवता अंद की ओर से यह संदेश आया था तो जिस जो बात भगवता ंद ने भेजी थी उसी में नीचे भगवता ंद के बारे में विवरण लिख देते तो मैं समझता अब पहले भगतान का वो पढ फिर उसने एक मैसेज पढ़ या फिर उसने तीसरी बार ये कहा ये भगवता नंद ने आपके लिए भेजा है उसके बाद भी और भी कुछ भेज रही है तो इसलिए वो मिसअंडरस्टैंडिंग हुई फिर भी क्योंकि वहां त्रुटी मेरी थी कि मैं उसके मैसेज को देखे में नहीं ही मैंने क्या कहते
00:11:16:08 हैं इसके बाद भी त्रुटि मेरी है यह देखते हुए मैंने उसको वहां पर स्वीकार भी किया और ये बात सत्य है कि मैं नहीं जानता था ये मैसेज जो है भगतान का है खैर तूल देना है तो दो कोई बात नहीं से बात नहीं करेंगे कते प्रत्यक्ष बात कर तो प्रत्यक्ष अब जब मैं यह कह रहा हूं ना कि जब इन्होंने भगवता ने यह मैसेज भेजा है कि क्या कहते हैं भगवता ने ये मैसेज भेजा कि भाई प्रत्यक्ष मारता के लिए तो कह रहे थे तो यहां पर मुझे ये लग रहा है कि तीसरा व्यक्ति कह रहा है कि तुमको प्रत्यक्ष वार्ता क्योंकि ऐसा भी करते हैं लोग कि तुमको ऋषि उवाच ने बुलाया तो प्रत्यक्ष वार्ता के लिए उसके पास क्यों नहीं गए वहां पर ऐसे करते चैट में मुझसे भिड़ने की कोशिश करेंगे फिर जब मैं कहूंगा लाइव आओ तो तुम उसके साथ ला क्यों नहीं ऐसे कहते तो यहां पर मैं वही समझ रहा हूं थर्ड पर्सन को कि अ भगतान के बारे में बोल रहा है कि भगवता ंद के बुलाए जाने पर तुम क्यों नहीं गए एकदम एक आसन पर बैठ कलांगे
00:12:13:03 वि जो वक्ति लाइफ में बात करना चाहता है इसने उत्तर दिया उसने भेजा और क्या क रहा है जो ला में बात करना चाहता है उसने गुरु निदा किन मैंने भेज नहीं मैं उसको बता रहा हूं जिस मैं जिसके बिहाव से क्योंकि वो जो पहले समझ लो गौरी जब बात करती है तो गौरी या तो मतलब गौरी ऐसे बात करती जिसमें कि स्कन वगैरह वालों का संदेश प्रेषित नहीं करती गौरी तो गौरी किसी ऐसे व्यक्ति का संदेश प्रेषित कर रही है जो भगवता अंद का ही फॉलोअर है यह मुझे आभास है तब मैं उस जब वो व्यक्ति मुझे जब मैं ऐसा समझ रहा हूं कि वोह व्यक्ति यह कह रहा है कि तुम अगर मुझसे लाइव चर्चा करना चाहते हो तो तुमने जो लाइव चर्चा क्यों नहीं की थी भगवता आनंद के साथ तो मैं उसको उत्तर दे रहा हूं जो लाइ चर्चा करना चाहता है व गुरु निंदक है उसके साथ लिए नहीं जा सकते ऐसा है वैसा है और फिर उसको मैं कह रहा हूं यदि तुम आ नहीं सकते फिर मैं उसको कह रहा हूं कि यदि तुम आ नहीं सकते तो फिर तुम संदेश क्यों दे रहे हो अगर तुम बात नहीं कर सकते सामने आकर के तो बात कर क्यों रहे हो फिर मैं यह कह रहा हूं आप गरी को आप गौरी को नहीं कह रहा हूं थर्ड पर्सन को कह रहा हूं पहला पैराग्राफ उस थर्ड पर्सन को बता रहा हूं जब मैं यह समझ रहा हूं
00:13:28:04 कि वो व्यक्ति य कह रहा है कि तुम भगतान के बुलाए जाने पर क्यों नहीं गए तो मैं कह रहा हूं कि भगतान के बुलाए जाने पर क्यों नहीं गया क्योंकि व गुरु निंदक है फिर मैं कह रहा हूं कि आप भी यदि गुरु निंदक होते तो आपसे के साथ भी नहीं कर सकता समझ लो थोड़ा समलो करने करय एक्सपोज नहीं
00:14:07:15 ु साय ु कर कितना ठ क्या अरे भाई पहली बात तो य कि कम्युनिटी चैट जो है बाद में डाली है यह बोलने की जो तुम देख रहे हो समय सताना ने ताने नहीं पता किने भे तो कैसे बचारी आचार्य
00:15:14:04 आचार्य आचार आज त अब लो बात हो रही है मुक्तेश्वर जी को भाट क्यों कहा या मुक्तेश्वर जी को आचार्य क्यों नहीं माना शंकराचार्य क्यों नहीं माना तो इस पर मैं कह रहा हूं आचार्य स्तर का मामला भाई हम उनकी अमानना नहीं करते ना हमें सिखाया गया उनकी समीक्षा करना तो ये व्यक्ति क्या भिड़ा रहा है ऋषिकेश ब्रह्मचारी जी आचार्य है अब यह क्या है ये विष अंतर नहीं है तो क्या है जवाब नहीं है तो कुछ भी बोलो आज तक भाट भाट भाट करते रहते हैं कहां भाट करते रहते क करते रहते ब बार चल आज तक कौन सी डेट है भाई इसका वीडियो बात बोलो जो खरी हो चल दो तीन दिन आज तू वीडियो बना रहा है ये वीडियो देखना कौन सी तारीख को आया है दो तीन दिन पहले आया होगा मैं कह रहा हूं एक हफ्ते पहले तक तू बता पुरी के शंकरा पुरी मट के किस अधिकृत व्यक्ति ने भाट मांट किया है चल बता बता कौन सा वक्तव्य पूरी पूरी मटके एक हफ्ते पहले तक के वीडियोस में बता दे कौन से उसमें भाट किया गया है हां तेरे जैसे कुछ तुम्हारे जैसे इसके जैसे कुछ दोगले लोग होंगे वो ऐसा कर रहे होंगे मगर कौन से अधिकृत व्यक्ति ने किया है बांट बाट एक हफ्ते पहले से बताओ उनके
00:16:30:01 तुम्हारा पूरा का पूरा गैंग है अरे भैया वो गैंग वही गैंग है जो तुम्हारा वही गैंग है जो डगले पन के साथ तुम्हारे पी तुम्हारे साथ जो है पुरी मठ का खंडन करने में लगा है वही गैंग है वही गैंग है जो तुमको जो है अपने गुरु गुरु का द्रोह करते हुए सब बातें बोलता है तुम्हारा समर्थन करता है वही गंग है कुछ छोटे छो छद्म सा उनकी संख्या है ग भाई क्या रना देख लेंगे क्या है पर लेख लिखे हैं इस विषय में
00:17:10:06 स शंकराचार्य जी के का मैसेज पू परित भीराज के और कथा वाचन करते हैं उनका मैसेज प्राप्त हुआ था और उस मैसेज में उन्होने कुछ बातें कही है जो मैं आपको पढ़ सुना रहा हं मैं आपको उका सना पड़ेगा क्या सीख के इस तरह की डॉक और क्या आप न्यू एज एआई और साइकोलॉजी की मदद से ऐसी इंगेजिंग वीडियोस बनाना चाहते हो जिसकी मदद से आप हमारी तरह मिय जनरेट कर पाओ अगर हा तो मैं आपके लिए नहीं आ रहे हमने बोल तो दिया लाइव आ नहीं आएंगे आपको बताऊंगा मै मीडिया की डॉक्यूमेंट्री कैसे बनानी है ए ल् को कसे करना कैसे करना हैई टू को कैसे
00:18:14:24 बता अपनी सामग्री जो भी दिखाते रहो उसर बात होगी शंकराचार्य क्या शासन कर दे क्या शंकराचार्य के किस वजन को हमने कहा नहीं मान निग्रह करने आए तो किस ब पर गतम ब वाले प्रक वहा शास्त्र प्रमाण है हमारे पास नहीं उस प्रकरण पर के वो वहां पर सिंहासन पर क्यों बैठे उस प्रकरण पर कि उन्होंने जो साढ़े तीन वर्ष की जो वो है वो क्यों कही इन सबका शास्त्रों से कोई मतलब नहीं था मगर तुमने यहां पर भी उनका विरोध प्रकट किया ना उस प्रकरण पर कि उन्होंने जो है उनके ही गुरु ने उनको क्या बताया है चार चार पीठे की पांच पीठे है ना उस प्रकरण पर तुमने उनका विरोध किया ना उसम काहे का शास्त्र का पक्ष था उनके गुरु ने क्या कहा है क्या नहीं कहा है यह तुम कहां से बताओगे भाई शास्त्र में तो चलो ठीक है शास्त्र और भी जगह से प्राप्त है तुम्हें वो भी एक बात की बात है कि तुम्हारी परंपरा क्या है अगर परंपरा नहीं है तो तुम तुम क्योंकि तुम्हारी कोई परंपरा नहीं है तो तुम्हें य यदि तुम किसी एक
00:19:29:24 गुरु पर परंपरा प्राप्त आचार्य पर तुम्हारा विश्वास नहीं है तो फिर तुम्हारे पास शास्त्रों का कोई प्रमाण नहीं है वो बात अलग है व परंपरा तो तुम्हारी अभी वो है प्रश्न चिन्ह है परंपरा पर मगर तुमने उससे इतर जो उनके प्रति अमानना की है शासन करने की कोशिश की है शास्त्र से बाहर शास्त्र का पक्ष रखने से बाहर वो भी है वो भी की है ठीक है उसमें कोई कमी नहीं है चलो चलते हैं श जी हो अब इसमें खब प्रलाप किया इसने उसम क्या बोले उत्तर दे दिया
00:20:09:25 हमने शंकराचार्य माते जिसका स्पष्ट विरोध शास्त्र सेन अच्छा साढ़े तीन वर्ष में भारत हिंदू राष्ट्र बनेगा इसका स्पष्ट विरोध यह कहां से शास्त्र से सिंहासन का उन्होंने स्क्ष से त्याग किया अगर वो उसमें बैठ गए जाकर के अन्यों का सम्मान रखने के लिए तो कहां से उन्होंने शास्त्र का वो किया विरोध किया और शास्त्र भी कौन से हैं कौन से नहीं है तुम्हें बता कौन रहा है वह तो बताओ क्योंकि तुम्हारे हिसाब से तो कोई वो है ही नहीं तुम्हारे हिसाब से तो कोई प्रमाण है ही नहीं तुम्हारे लिए वो शास्त्र का भी वो स्त्रोत देखना पड़ेगा ना फिर तुम्हारा कौन सा रह गया शंकराचार्य है नहीं रामानुजाचार्य है नहीं मार काचार्य है नहीं तुम्हारे कौन से हैं वो पता नहीं है वो भी देखना पड़ेगा अच्छा और क्या है और क्या है
00:21:13:26 भाई और भी कुछ चीजें थी शास्त्र जैसे कि पुरी के शंकराचार्य जो है चार करोड़ चारों शंकराचार्य चर करोड़ रुपए लेते ये सब क्या है और भी बहुत बकवास की है वो फिर ले आएंगे किसी होता है हो गया शस के शासक स हो करहा है य पर सबरी जी जो है व क्यारी सबरी व सबरी और गौतम बुद्ध वाला अपना पीडीएफ सार्वजनिक करो फिर तुम्हारा
00:21:50:15 देखेंगे शंकराचार्य जी के काल शासको के शासक नहीं मान रहे शस हम शासकों का शासक नहीं मान रहे हो ये तुमने आगे ही बात खींची है चलो खैर अभी मैं सुनाता हूं तुम्हें तोहा तुमने एक जगह प ये कहा है ना कि क्या कहते हैं ये केवल पुरी वालों का ही क्यों माने तुम ये बताओ और तुमने कहा यह बातें इसके लिए जो है रुचि नहीं है इसकी इन बातों में पहली बात तो यह है कि हमारी जो चर्चा है उसका मूल आधार मूल विषय क्या है मूल विषय है कि पूरी मट पर तुमने जो आरोप लगाए और विजय श्री पर तुमने जो आरोप लगाए यह मूल विषय ठीक है इसके बाद तुमने जो शास्त्रोक्त पक्ष रखा है वह क्या रखा है वह आज तक मुझे पता ही नहीं है व सार्वजनिक करोगे तब पता चलेगा सुलभ नहीं है वेबसाइट पर बहुत बुद्ध के बारे में पढ़ा था तो वो भी मुझे पता नहीं है वो कंप्लीट है कि नहीं मगर बात वहां पर यह आती है कि जब तुम फसते हो तो तुम साढ़े तीन वर्ष लाते हो तो तुम लाते हो कि तुम्हारे शंकराचार्य विरोध क्यों है एक तरफ तुम कहते हो पूरी मट का शोधन कर रहा हूं रक्षा कर रहा हूं तो जब तुम फसते हो तब तुम गुरु के
00:23:05:15 विरोध में जाते हो अच्छा तुमने जब यहां पर यह कहा कि शंकराचार्य की हर उस बात को मैं मानूंगा जो शास्त्र का विरोध नहीं है तो तुमने ये चेक किया कि दोनों में से कौन से शंकराचार्य वो शास्त्र सम्मत है कौन से नहीं है और अगर चेक किया तो तुम्हारी विवेचना उसमें क्या निकली क्या निष्कर्ष निकला तुमने य नहीं किया तो तुम यहां पर अपना दोगलापन क्यों क्यों दिखा यहां पर यहां पर ये दो बातें क्यों कर रहे भाई जब तुम शास्त्र से तय करते हो कि कौन से शंकराचार्य सही बोल रहे हैं कौन से नहीं बोल रहे हैं तो यहां पर पता करो ना शास्त्र से कौन से शंकराचार्य सही बोल रहे हैं कौन से नहीं बोल रहे हैं अब यहां पर तुम्हें क्यों चाहिए दोनों शंकराचार्य एक सा बोले और दूसरी बात अब तुमने कहा कि मुझे जो है इसमें धर्म ब्रह्म में वो इस सवाल से धर्म ब्रह्म पर असर नहीं पड़ता है हां क्योंकि व्यक्ति को चाहिए तीन चीजें सर्वशक्तिमान ईश्वर परम स्वतंत्र मक्ष शाश्वत धर्म यह शाश्वत धर्म जो है यह परंपरा प्राप्त आचार्यों से मिलता है और इन्हीं परंपरा प्राप्त आचार्यों के पास ऐसी युक्ति और प्रमाण है जिनके कारण ईश्वर की सिद्धि हो सकती है और परम स्वतंत्र मोक्ष के लिए वह प्रयास कर सकता है और उसके लिए व धर्म का आलंबन लेगा मगर अब इसमें आदि शंकराचार्य भगवान ाज
00:24:20:16 वर्ष पूर्व आए थे या 1200 साल पहले आए थे 1400 साल पहले आए थे ये एक विषय तो है गंभीर भी है मगर इससे व्यक्ति की जो सिद्धि है ईश्वर की सिद्धांत है जो मोक्ष के सिद्धांत है उस पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है वस्तु नि एक जानकारी मगर तुम तुम्हारा कहना इसके लिए ये ऐसा व्यक्ति है निर्लज है नीच है इसको जो है वो नहीं पढ़ता अब मैं तुमसे पूछता हूं कि ईश्वर द्वैत है या अद्वैत है तात्विक विवेचन है द्वैत है या अद्वैत या विशिष्टा द्वैत अगर विशिष्टा द्वैत में भी अद्वैत है तो क्या विशिष्टा द्वैत की जो परंपरा है उन्होंने इसको माना है और नहीं माना है तो तुम जाकर के खंडन क्यों नहीं कर रहे हो भगवान रामानुजाचार्य का तुम अगर शंकराचार्य के सिद्धांत को मान रहे हो वैसे तो नहीं मान रहे हो मान रहे हो तो उस परंपरा के कहलाना पड़ेगा उस परंपरा के आचार्यों को प्रमाण मानना पड़ेगा तो तुम्हारी परंपरा अलग है तो तुम्हारा तात्विक सिद्धांत भी अलग है और अगर एक है तो फिर भी जो विशिष्टा द्वैत है क्या उसके आचार्य मान रहे हैं तुम्हारे चीज को अवत अद्वैत को जब अद्वैत को व नहीं मान रहे तो तुमने क्या खंडन किया अगर खंडन नहीं कर रहे हो उनके साथ में जाकर बैठ रहे हो
00:25:35:24 तो क्या तुम्हारे लिए भगवान का अस्तित्व भगवान का तात्विक विवेचन यह सब रुचि पूर्ण नहीं है क्यों नहीं कर रहे हो इसे कहते दोगलापन तुम जानते हो तुम जानते हो कि ऐसा क्यों नहीं किया जा रहा है फिर भी यहां पर तुम ऐसी चीज को निकाल के ला रहे हो जिससे कि नसता फैले तुम्हारा यही काम है तुम्हे आग लगवा है तो हमसे समीक्षा क्यों करवाना चाह रहे हो भाई हमारे गुरु ने कहा ईज वर्ष पूर्व हुआ तो हम तो वही कहेंगे हमसे ये समीक्षा क्यों करवाना चाह रहे हो कि वो फला जो दूसरे शंकराचार्य शंकरी पीट के उनकी बात कटेगी जिससे कि नसता फैले जिससे कि विरोधाभास फैले लड़ाई हो है ना इसलिए समीक्षा करवाना चाह रहे हो भले ही उससे कोई मामला उस पर फिट बैठ रहा हो कि नहीं बैठ रहा हो भले उससे धर्म ब्रम पर आंच आ रही हो कि नहीं आ रही हो अब बात ये है सोचने की कि तूने क्यों नहीं रामानुजाचार्य जी का खंडन कर दिया जो ज्ञान मार्ग यों को उन्होंने प्रचंद बत का क्यों नहीं कर दिया कर खंडन नहीं करेगा और क्यों जाकर के भाई वो लोग गलत है ना तो उनके साथ क्यों बैठ रहा है जाकर के श्री संप्रदाय के पास तो वही काम तो तू कर रहा है ना वहां पर समीक्षा से बच रहा है ना तू खुद
00:26:50:24 अपने वीडियोस में कह रहा है कि सबम प्रणम है ये जो है संत है जितने भी हैं मैं केवल शास्त्र की बात कर रहा हूं जो शास्त्र के विरोध में जाएगा अगर तेरे हिसाब से अद्वैत है तो द्वैत वालों का खंडन कर जा अगर तू कहता है कि अद्वैत है अंतिम लक्ष्य तो द्वैत वालों का खंडन कर बोल वीडियो बनाना शुरू कर तात्विक उन पर मतलब जो जो सिद्धांत दूसरे पर लागू कर रहा है व्यक्ति वही सिद्धांत अपने पर लागू करने से बच रहा है यही तो है दोगलापन
00:27:29:01 ऐसी कोई अता है क्या म में संप्रदाय शस्त्र की मर्यादा के निग्रह करोना जो य कह रहा है है ही नहीं द है को नकार रहा उसका निग क्यों नहीं कर रहे अद्वैत को जो नकार रहा उसका निग्रह क्यों नहीं कर रहे हो जो भगवान शिव के भगवान शिव के उसको नकार रहा है उसका निग्रह क्यों नहीं कर रहे हो भगवान शिव की परब्रह्म को जो नकार रहा है उसका निग्रह क्यों नहीं कर रहे हो अगर तुम पंच देवों में आस्था रखने वाले हो क्यों नहीं कर रहे उसका निग वहां क्यों बच रहे हो करो निग्रह करो लड़ाई नाम लेकर के रावण जा चार भगवता जो भगवान रामानुजाचार्य थे उनका खंडन करो और उनकी संप्रदाय वालो के साथ उठना बैठना बंद करो इतने दोगले हो भाई तुम बहुत दोगले हो हमसे समीक्षा करवाना चाह रहे हो अन्य मान्य शंकराचार्य की जिससे की लड़ाई हो और खुद वहीं पर समीक्षा से बचे बैठे हो कि
00:28:44:02 नहीं नहीं सब परंपरा वाले सब एक है सबका सम्मान हमारा केवल शास्त्र के विरुद्ध जाने वाले का खंडन है और हमसे कह रहे हो रुचि नहीं है इसकी जो है इन मामलों में कोई पीट कितनी तुम्हारी रुचि है भगवान अंतिम लक्ष्य हस रहे हो और जनता को बेवकूफ बना रहे हो और पुस्तक के महीनों तक वीडियो बनाएंगे सा चचा स्वयं करेंगे सार्वजनिक चर्चा क्यों भाई अभी क्यों नहीं तु पता नहीं तुम्हारे पिताजी कौन है अभी क्यों नहीं सार्वजनिक चर्चा करो ना पिताजी को प्रणाम है माता जी को प्रणाम है मगर यहां पर हो रही है बात जो शिक्षा के विषय में जो पिता है गुरु तुम्हे पता नहीं क्या गुरु कौन है तुम्हारी वंशावली क्या है गुरु
00:29:47:13 की अभी क्या दिक्कत है मतलब कि एक व्यक्ति होता है जिसको पता होता है कि मेरी गुरु परंपरा क्या है वो फिर जो है जाकर के उसमें खोजता है कि शास्त्रों में कहां कहा इसका संदर्भ है अभी तुम्हें पता तो होगा ना क्या है क्या नहीं है कि पहले शास्त्रों में खोजो फिर जो है उसके वो बताओगे कि ये है मतलब अभी तुम्हें पता ही नहीं है अभी पता होगा ना क्या है क्या नहीं है तभी तो परंपरा से हो बिना परंपरा के हो आज की डेट में हेलो हेलो
00:30:21:28 क्या देखो कितना महत्त्वपूर्ण प्रश्न है इस पर इसने आगे सरकाया हम बन लिखेंगे पुस्तिका लिखेंगे इसी पर तो फसे ग इसी पर फसे ग निग्रह चार्य आना लाइव आना तब पूछूंगा [संगीत] हमने अपनी गुरु परंपरा सार्वजनिक कर रखी है हमने नि परंपरा के अंतत सार्वजनिक कर रखा है हमने हम धिरी मंडल को सा नहीं किया का लेकिन करेंगे छो ख में तो सा करते ही रहे जिस दिन मेरा महा साम्राज्य अष हुआ था उसके एक दो दिन के बाद सब कुछ सार्वजनिक कर दिया
00:31:17:10 था करके वगत रूप से प्रधान प्रधान लोग को जैसे की स्वामी जी को जैसे की रावा स्वामी जी को जैसे की बमान स्वामी जी को सब हमने भे दिया आओ ना फिर अपनी परंपरा सिद्ध करो आ करके क्या परंपरा है तुमरी क्या क्या सबको पता है सामाजिक व कारण बग हैगा शंकराचार्य बनाने वा आरस का विरोध
00:32:03:10 करने अर्थ लोलुपता आरएसएस वाले या आरएसएस से जुड़े हुए सामान्य लोग आरएसएस में क्या उत स्त्री से आते हैं हमारे तुम्हारे बीच के तो लोग है जो आरएसएस से जुड़े हुए हैं उनको छे दे क्या पूरा उनको हिंदू उनको जो है सनातन वैदिक का हिंदू धर्म जो है वास्तविक उससे ना जोड़े जोड़ेंगे तो तुम जैसे लोग रोकोगे और अर्थ लोलुपता के लिए उनका साथ लिया था कि मां को गाली देने वालों को रोकने के लिए साथ दिया था और अगर किसी के साथ किसी अंश में खड़े हो जाने से उसको पूरी तरीके से स्वीकार कर लेना ही माना जाएगा तो तुम अपनी बारी आने पर क्यों कह देते हो कि मैं जो है मैंने तो उनको इस अंश में ही स्वीकार किया था कि वो जो है विदेश विदेश गमन का मैंने कहीं वो नहीं किया अपनी बारी आएगी मीला मीठा मीठा गप गप कड़वा कड़वा थू वो काम है
00:33:10:19 तुम्हारा सग करेंगे तो जहा धम स बात हो वही सहयोग करेंगे ना की बात नहीं होगी हां पर कोई की बात नहीं होगी जहा पर को कपट की बात नहीं होगी वही सहयोग करेंगे किसकी बात में सहयोग कर सयो मैं बताऊ आपको की बात नहीं होगी हमारे मंच पर उस मंच सेज का जोय सहयोग है व हमने ही मंच से वहा भवाया छग सा दिन जोड़
00:33:54:25 दिन दरब मानते नहीं विदेशी स्त्रियों को भर इत्यादि रूप में बनाकर रखे हैं विदेशियों का खूब आना जाना है वश्रम इत्यादि को कुछ नहीं मानते ऊपर से उनकी आराधना पद्धति को हमको देखकर ज्ञात हुआ कि सनातन के मूल परंपरा से कम और बदनी बौद्ध से अधिक प्रभावित है ऐसा अनुभव हुआ था वहा पर तो हमने कहा और उस समय अपने घर में नहीं थे उनके शि लोग थे हमने वहाली में लाल किला के बगल में धर्मशाला में रुके कुछ चेहरा तो जब से संपर्क कम में नहीं जाते तुम पहले उस गांव में हमारी भागवत कथा कराओ तो हमारी भागवत कथा में हमको इतनी दक्षिणा चाहिए उस कथा के अंतर्गत शंकराचार्य जी कभी एक दो दिन के लिए आ जाएंगे ऐसा कहा इ लोगों का बजट पाछ लाख काथा नहीं तब इन लोगों ने फिर हम था व्यस्त और हमारा हमारी भागवत कथा करवाओ हमारा कार्यक्रम करवाओ ये मैंने ममन शास्त्र जी मु से प्रणाम क्या हुआ उस गांव के मुखिया ने जो भी मुख सरपच जो भी होता है जब मैं विदा लेकर उस गाव से जा रहा था अपनी पगड़ी उतार कर मेरे चरणों में रखी और कहा सरपच जो भी हो ने उस कथा में गालिया प्रयोग की थी कि नहीं गना मतना शब्द प्रयोग किया था कि नहीं उस कथा में छत्तीसगढ़ में बताना जरा उसके बाद कौन जो पकड़ी रखेगा करो गालियां उपयोग मां बहन की गालियां दो तब गंदी गंदी बातें बोलो अश्लील बातें बोलो अगना मूत ना बोलो डेली कथा में सामान्य
00:35:09:28 शब्द है उसम गलत क्या है संस्कृत में भी तो उसका वो है य धातु है ये वो है बोलो बोलो आरती के टाइम पर करो पूजा के टाइम पर करो अच्छे शब्द है ना बहुत जब मैं विदा शबद के साथ मिल गए अब आप हमारे जगत ये उसकी शब्दावली थी और ये चा रे जैसा नहीं आरोप लगा यह शब्दावली उसकी इसलिए थी सम्मानजनक क्योंकि वो तुम्हारे वास्तविक चरित्र को चाल चलन को जानता नहीं होगा जान गया होता तो ऐसा ना करता जाकर इलाज करवाया मैंने डेट बताया टाइम बताया लोकेशन बताया सब स्पष्ट बात की आगे सुनते
00:35:47:25 हैं सत्यनाथ जी के बारे में ऐसा वो कह रहे हैं प्रभावित कोई व्यक्ति कह रहा है कि वज्रयान उनसे प्रभावित है वो वज्रयान से नहीं पूछ गुरुजी हो सकता है सथ के बारे में हो सता है सनातन र्म के बहुत कुछ को क्या तुम्हारे पास उतर है भी नहीं क्या करो ने
00:36:27:24 तो मैंने तो स्वयं लेख और वीडियो बनाकर य कहा है कि शंकराचार्य को वव संपन्न होने का तो शास्त्र अधिकार ना लेकिन मैं बता दे रहा हूं क्योंकि मैंने शास्त्र पढ़े और मैं शास्त्रों को तुमसे अधिक ही महत्व देता हूं कम से कम जो तुम क रहे हो ना तुम मेरे से अधिक धर्म का आचरण करते हो ठीक है करते हो करना भी चाहिए इसके लिए तुम साधुवाद के पात्र ऐसा है लेकिन मैं तुमको य पढ़कर बता देता हूं की शंकराचार्य जी वर्णित करते हैं ऐश्वर्य स्वयं शलोक है इस ने बताया क्या बताओ कि
00:37:09:14 सालोक क्या बता य तुमने फिर से वही किया यहां य फिर से वही कर रहे हैं भैया जहां पर कुछ बात है नहीं रखने लायक फस रहे हैं तो एक संस्कृत का श्लोक पढ़ दो जिससे की अपनी बात पर वजन आ जाए और बस वजन आ जाए तो लोग ये भूल ही जाए कि वास्तविकता में विषय क्या था और यहां पर कुछ ऐसे व्यक्तियों का नाम भी लिया जा रहा है चैट में जो जिनके कारण ही यह सब शुरू हुआ है अपनी वर्चस्व दिखाने के चक्कर में वो इतना गिर गए कि गुरु द्रोह करे गुरु द्रोह के लिए भी तैयार हो गए चैट में ये सब बातें जिनका नाम लिया जा रहा
00:38:00:04 अ शास्त्रीय कार्यक्रमों में बुलाकर हमने शंकराचार्य को पैसा नहीं दिया या इस बात का समर्थन किया है हम यहां विषय क्या कह रहे कि परिक का यंत्र है कि शंकराचार्य जी के नाम पर डील कर लेते हैं साइड से पैसा ले लेते हैं और जिस मंच पर शंकराचार्य जी का जाना त नहीं वहा भेज तुमने जहां पर भागवत कथा में शंकराचार्य के लिए लिया था नाम तुमने यह नहीं बोला था कि शंकराचार्य के परों को चार करोड़ रुपए दे दो चारों के और उन्हें यहां बुला लो उनकी उसमें कुछ भी करो और मगर भगवता आनंद की उसमें यह सब नहीं पहली बात दूसरी बात है वही वाली बात है कि जब तुम शंकराचार्य के परकर को भी कुछ कह रहे हो भगवता अंद तो तुम्हारा भी नाम उसमें बदनाम तो तुम उसमें शंकराचार्य को भी बदनाम कर रहे हो तो वहां पर शंकराचार्य ने क्या गलती की थी उस पर तुम यहां पर भी अभी बचने से बताने से बच रहे हो देते ऐसे शसे जा र ऐसे धर्म विरोधी तत्व से पैसा लेकर शंकराचार्य जी को वहां पर बेचने का उनकी प्रतिष्ठा उनकी ब्रांडिंग को निलाम करने का काम कर ये तुम अब कह रहे हो वहां पर तुमने शंकराचार्य की प्रतिष्ठा को गिराने के लिए अपनी वर्चस्व को सिद्ध करने के लिए अपना कंपेरिजन करने के लिए ही वो किया था ये तुम अब कह रहे हो बचने के लिए
00:39:16:18 ये य तुम्हारे कहने का मतलब था तो तुम्हें यही कहना चाहिए था और अगर विस्तार से नहीं कह सकते थे तो वहां पर जरूरत ही नहीं थी ना शंकराचार्य का नाम लेने की जरूरत ही नहीं थी वहां का नाम क्यों ले रहे हो खुद का नाम उठाने के लिए शंकराचार्य का नाम ले रहे हो कर रहे हो र विषयात तुम कर रहे हो नहीं क शंकराचार्य काकम नहीं कर सकते मेरा व टॉपिक ही नहीं है जो तुम बता रहे हो हम यह क रहे शंकराचार्य जी के ब को बेच कर अपना अकाउंट यह तुमने नहीं कहा था और दूसरी बात बिना आधार के अगर तुमय कहोगे जैसे अभी तुमने कहा था लेट बात मेरी बात को मैनिपुलेट किया जा रहा है उस पर ऑफेंस लगेगा यहां पर तुम मैनिपुलेट कर रहे हो तुम्हारे पास अगर आधारभूत तथ्य है कि नहीं है कि वोह ऐसा कर रहे हैं नहीं तो तुम पर कोड के ऑफेंस चार्जेस लग जाएंगे पूरी मटके पर ऐसा कर रहे कि नहीं कर रहे तो तुम जो मुझसे कह रहे थे थोड़ी देर पहले कि ऐसा हो जाएगा वैसा हो जाएगा कोर्ट वाली बातें बता रहे थे यहां पर तुम भी तो अपने लिए वही चीज कर रहे हो टप ही नहीं रहा बता शकरा हमने क्या कहा नहीं होता ऐसा कहा क्या जिन लोगों ने कार्यक्रम
00:40:31:19 कराया है और जिन लोगों ने ऐसे बुरे अनुभव हम बताए उन लोगों से बात की जाएग जिन लोगों ने हमें बताया जिन लोगों ने कार्यक्रम अटेंड किए तो ऐसे तो मैं भी ऐसे लोगों को बोल रहा हूं ना रे ऐसे लोगों से सुन रहा हूं ना जो तुम्हारे साथ रहे हैं मैं भी तो ऐसे ही लोगों को बोल रहा हूं उ को उपेक्षित कर दिया जाए तो मैं क्या इनके अनुभवों को उपेक्षित कर दू जो बता रहे जो तुम्हारे साथ रहे इत्यादि में ग्रुप्स में हम पर की वस्था पर चर्चा कर रहे हमय नहीं शंकराचार्य न के पहली बात तो तुमने वहा पर परिकर शब्द का उपयोग ही नहीं किया चारों शंकराचार्य की बात की दूसरी बात जब तुम पर को परिक को लेकर के भी इस तरीके से मंच पर बोल रहे हो तो वहां पर शंकराचार्य के लिए अपकीर्ति भी हो रही है तो अगर तुम उनकी अपकीर्ति नहीं चाहते हो तो तुम्ह ऐसी बात भी वहां पर नहीं बोलनी है पहली बात तो व आवश्यकता ही नहीं है क्या आवश्यकता थी वहां बोलने की अपने आप को डन दिखाना था ना मैं हू डन यही दिखाना था ना हमय नहीं कर शरार
00:41:39:12 कोद हो हमारे कम बने हमारी वाणी बत धनवाद चार लाइ के बाद जान वाला प्रने आप सब न ना दिखा दिखाओ जदी गाना है जानवी के लिए मैंने कोई गाना नहीं क्योंकि जानवी नाम की कोई लड़की का नहीं है मेरे जीवन अब य तो गाना शायद दिखाएंगे आ
00:42:15:26 नहीं अब यहां पर वही वाली बात आएगी कि जो लोग तुम्हारे साथ रहे हैं वो लोग जो कह रहे हैं उनके अनुभव को उनके देखे गए को क्या उपेक्षित कर दे जैसा कि अभी तुमने थोड़ी देर पहले कहा और मथुरा फिर गए अपना माम
00:42:59:01 क्या हुआ य नहीं क रहा इस पहले आपको ब का शलोक ही मिलेगा सुने [संगीत] सु तोय जो है फिर भी लगता है हमारे समर्पण में कोई कमी है तो गोपी गत में गो की प्रत परम कांत
00:43:36:28 अ स बता रहे तुम लोग कोते तुम जब लोगों की सुनी सुनाई बातों को यहां कह सकते हो कि हम उन बातों को उपेक्षित नहीं कर सकते तो हम लोगों से सुनकर कुछ नहीं बता सकते हम तो तुम्हे य ध्यान दिला रहे हैं ना कि वही बोलो जो अकाट्य हो और अगर नहीं बोलते हो तो फिर सुनी सुनाई बातों को अगर मान लेना है तो तुम्हारे बारे में भी अरे भाई ये वो गाना है ही नहीं जिसके बारे में बताया गया है उने वेदों पर रैप बनाया है वेद वेद मंत्रों पर और जानवी के लिए गाना बनाया वो हमें बताया गया लोगों ने और तुम्हारी शायरियों के वो स्क्रीनशॉट दिखाए थे फिर एफबी वाले जो हमें लोगों से मिले हैं तुम्हारे हैं कि नहीं वो तुम बताओ तुम्हे पता होगा मर उनको क्यों ना माना जाए तुम्हारा ये सोचने वाली बात प आप सर्च करें करने जोधपुर गया जब सत्य में कभी जोधपुर नहीं गया तुम जान वा मुझे प्लांटेड किया गया जबकि सत्य में मुझे प्लांटेड नहीं किया गया विजय श्र फी मेशन की है जबक सत्य में नहीं है उन्होंने वहां पर जाकर अपने व्यापार को प्रमोट किया जबक नहीं किया क्या है स बता रहे
00:44:52:06 ट सत्य नहीं बता रहे मेरे भाई हम तुम्हे चिता रहे हैं कि जिस तरीके से तुम सुनी सुनाई बातों को लोगों के समक्ष रख सकते हो गंभीर आरोप लगाते हुए वैसे ही दूसरे भी रख सकते हैं तो दूसरे की बातों को क्यों नहीं मानोगे हमने किसी से सुना है कि तुमने जानवी प गाना गाया है यह एक्सप्लेनेशन क्यों दे रहे हो तुम वहा पर सुन लिया हो गया निर्णय इतना आनंद आया मुझे जा वा
00:45:33:21 मैंने ये गाना सुनाया था क्या वहां पर जो तुम इस गाने को लेकर के जस्टिफिकेशन दे रहे हो मैंने गाना सुनाया था क्या [हंसी] री क चला जा चल रहा है इस प्रकार से प्रस्तुत करने वाले सोचो इस पर री चला जाऊ क्या होगा तुम्हारा हमको मतलब नहीं क्या होगा भैया हमने कहा हमने य गाना सुनाया क्या क्या
00:46:29:08 भाई कहां तक से हम ने धर्म को जाना को तुमसे कम जाना होगा करता कहा होगा कहा होगा
00:47:02:18 होगा होगा ना ठीक है नहीं कहा होगा और कहा होगा तो रही होगी आप सु चुके उसने कहा नहीं कछ प्रि देना नहीं कहा है नहीं कहा है हमने सुन लिया हमने कुछ उसमें गलत नहीं कहा है अच्छ उसने नहीं
00:47:43:05 [प्रशंसा] किया उसने किया बना बो रडि बात हैने कहा था कल रडि विरोधाभासी बातें नहीं है तुमने विरोधाभासी वीडियो डाला क्या कॉल रिकॉर्डिंग वाला विरोधाभासी हमारे लिए हमारे प्रति विरोधाभास कॉल रिकॉर्डिंग के अंदर विरोधाभास नहीं वह कॉल रिकॉर्डिंग हमारे प्रति
00:48:17:08 विरोधाभास मूर्खता की पराकाष्ठा है वहा मैंने बी एक्सेल नहीं आता थाने एक्सेल सीखा और एक्सेल के लोग जाग रहे मे साथ उनको बत आपको बहुतली सब डि को बात बोलना चाहता अगर कोई स्ल सबसे ज्यादा सु मैंने पले इसका वी देखा फिर सब तयार किया बिल्कुल नहीं मैं अभी तक लोग बताते रते ने पले इस वीडि
00:49:25:21 दे क रही है कि मैंने प लेकिन मैंने इस प्रन तर्क नहीं है अब देखो यहां पर इसने क्या स्किप किया है जब मैं यह कह रहा हूं कि इसके पास सबूत है ठोस प्रमाण है इसको लगता है जबक वो जो सामग्री इसने दिखाई वो ठोस नहीं है तो मैंने कहा कि भैया तुम कोर्ट क्यों नहीं चले जाते हो तो इसने एक तक इसने कुतर्क किया जब शासको शासक बैठे तो हम कोर्ट क्यों जाए तो भाई जब दो वर्ष बीत चुके हैं तीन वर्ष बीत चुके तेरे हाथ में वह जो चीजें हैं वह आए हुए और तुझको य सब पता चल रहा है और तुझे लगता है कि यही ठोस प्रमाण है इसके आधार पर सब सिद्ध हो जाएगा तो फिर तुम दूसरा रास्ता क्यों नहीं अपना रहे हो अब तुम कह रहे हो शासको से ज्यादा कोर्ट हो गई क्या तो क्योंकि तुम्हें वहां से न्याय नहीं मिल रहा है ना अब तुम कह रहे हो कोर्ट में कोर्ट तो बेकार की चीज है कोर्ट से कुछ मिली नहीं रहा जबकि तुम कोर्ट दूसरी चीजों के लिए जा रहे हो तुमने सात आठ मुकदमे लड़े हैं यहां तुम्हारा झूठ और फिर दूसरी
00:50:41:01 बात कि न्याय मिलता है कि नहीं मिलता बाद की बात है मगर कम कर्मण्य वादी कारते को तो ध्यान रखो तो यहां पर यह कह रहे हैं अरे सब तो प्रवचन कौन सुने ठीक है सिद्धांत वीक है इनके भाई साहब तुम मत करो हम कर वाल्मीक जी भी राम राम कहते थे वम जीने म के बा नहीं
00:51:21:06 करते इतना ही कहने का भाव है तो वहा पर बाद में य भी लिखा हुआ है कि उसके मैं मेरा स्ने वैसा ही है जैसा तुम्हारा है इसका क्या करें ये नहीं कहा अपमान मत वहां ये है कि उसका अंत सकार ऐसा कुछ नहीं है ये आप मैनिपुलेट कर रहे हैं फिर यहां पर बात आएगी परंपरा सिद्ध करें अपनी जो अर्थ आप ले रहे हैं वहां का उसमें परंपरा सिद्ध करें चाहिए और उसकी सतता चली उस पर क्या करना ये कोई भी सज्जन व्यक्ति का कर्तव्य है सज्जन व्यक्ति जब शत्रुता चली गई तो उसको मां बहन की गालियां नहीं देगा हगना मतना नहीं करेगा उसके लिए आपत्ति जनक टिप्पणियां नहीं करेगा उसके लिए अश्लील बातें नहीं करेगा आश्य पूर्ण बातें नहीं करेगा द्वेष पूर्ण बातें नहीं करेगा अपमान जनक बातें नहीं करेगा और कम से कम यह तो नहीं कहेगा कि मेरा वो शत्रु है मर भी गया तो क्या हुआ जनता के स को भगवान शम चंद्र जी ने बस ये
00:52:23:01 कहा हो अनुत हो कहा वत कर कब हम क संदाय आचार्य हमारे अनुत हो गए कब हमेशा बो ऐसा है कोई एक श्री संप्रदाय के आचार्य हैं राम द्विवेदी नाम है उनका उन्होने उनके साथ इनका शायद शास्त्रार्थ होने वाला था यह क्या हुआ उनके घर पर किसी कारण वश पहुंचे तो उस समय जो उन्होंने इनको अतिथि सत्कार इनका अतिथ किया इन्होने उस वहां पर जो आतिथ्य प्राप्त किया उसके फोटोज ले ली और उन फोटोस को प्रत्यक्ष रूप से इस तरह से दर्शाया समाज में कि देखो देखो वो जो है हमारे जो है अनुग हो गए मतलब एक शास्त्रार्थ वाली बात में उनको वो शास्त्रार्थ हुआ कि नहीं हुआ वो तो हुआ ही नहीं शायद मेरी जानकारी में तो नहीं है मगर इन्होंने वो उन फोटोस को ऐसे उपयोग किया वो जो आतिथ्य में जो चीजें वो कर रहे हैं इनके वो
00:53:38:08 उन फोटोस को इन्होंने ऐसे यूज किया कि जैसे वो जो है उन्होंने हमारी प्रभुता स्वीकार कर ली हमारे सामने नतमस्तक हो गए और आज तक ये सनमार्ग वालों से क्यों भाग रहे हैं चुनौती दे सनमार्ग वालों को क्यों भाग रहे हैं क्यों इधर उधर की बगले झाक रहे हैं रहे हो क्या म कर रहे हो अरे मेरे भाई यहां बात क्या चल रही है यहां बात यह चल रही है कि कोई व्यक्ति के साथ में मिलू कि ना मिलू उस संबंध में गुरु के साथ क्या कर्तव्य होना चाहिए तुम जानते हो कि नहीं जानते हो तो तुम यहां विषयात कर रहे हो फिर मैं क्या कर रहा हूं क्या नहीं कर रहा हूं यह तो प्रासंगिक चीज हो गई यह तो जांच का विषय हो जाएगा जब तुम ये कहोगे मैं क्या कर रहा हूं क्या नहीं कर रहा हूं यह तो जांच का विषय हो जाएगा ना कि मैं उनको बता रहा हूं कि नहीं बता रहा हूं मैं क्या कर रहा हूं क्या नहीं कर रहा हूं तुम तुम्हारी बात क्यों मानी जाए मेरी बात क्यों ना मानी जाए क्या है जब कोई शास्त्र की बात आएगी तो अगर इनके पास कोई तोड़ नहीं है तो दूसरी बात कैसे फसाए ये फसा दी इन् विषयात
00:55:00:07 र गुरुदेव से उन्होंने पूछ लिया है कि योग शिक्षिका के रूप में व्यायाम के रूप में व योग की शिक्षा दे सकती है कि नहीं एक व्यायाम शारीरिक स्तर पर तुम जुड़े हुए हो त तो ऐसा भी नहीं योगाचार्य जब शंकराचार्य तुम्हारा संपर्क नहीं है और म वाले सिकेट की गुलामी कर रहे हो और सिकेट ने तुमको इसलिए खड़ा किया टिक ट करो मु को टॉपिक तो तुम डायवर्ट कर रहे हो य पर बात चल रही है कि गुरु के प्रति शिष्य का य कर्तव्य होता है कि नहीं उसे किससे मिलना है किससे नहीं मिलना विशेष तौर पर यदि वह गुरु की अवमानना करने वाला है तो यहां पर तुम इस बात का जवाब ना देते हुए टॉपिक को इस तरफ ले जा रहे हो कि तुम कर क्या रहे हो तुम क्या गुरु के प्रति सही चीज कर रहे हो अरे भाई मैं नहीं भी कर रहा हूं बात ये हो रही तुम्हें धर्म का बोध है कि नहीं कि गुरु के प्रति एक शिष्य का य कर्तव्य होता है कि नहीं कि गुरु की निंदा करने वाले के साथ खड़ा ना हो यहां टॉपिक ये चल रहा है
00:56:03:24 बा आप के नाम नेे शुक्ल जी की ऑडियो अपने लाइव में सुनाएंगे पर इन्होने कहा है लेते क्योंकि इनके पास शुक्ल जी की ऑडियो है नहीं य इन्होंने बाद में कम्युनिटी पोस्ट में भी डिक्लेयर कर दिया एक
00:56:38:12 21 39 ठीक है कौन सा लाइव है यह कहते हैं इसको झूठ ट बता किस दिन का डि ता
00:57:17:28 कर जान होका इसने गौरी वाले प्रक पर हो गने जा वाले प्रक पर भी क दिया य सब क्यों भाई तुमने त्रुटि हो गई थी नहीं कहा था कि हमसे वाक स्खलन हो गया है वो विजय श्री बोल दिया उस महिला को जो मंच पर बैठी है टी तो तुमसे हुई तुम्हारे कितने झूट मैंने य पकड़ाए हमें क्या बता रहे हो जानवी बाइपोलर में तुमने क्या सिद्ध कर दिया तुमने क्या सि कर दिया अपनी किताब को खुद ही पढ़
00:58:16:13 केआ थो स्लो करके मजा आ गया एक मिनट स्लो करके मजा आ गया आप सु सही टाइम मेन टॉपिक आया है उनकोन से त है क्या जो इलाज कराने घूम रहे हो राजस्थान क इ यह तो तुम ही बताओ लोग कह रहे तुम्हारे बारे में सुनने में आ रहा है तुम्हारे अनुसार बोल रहे हैं ना भगवता नंद तब तुम ढीले पड़ रहे हो
00:59:02:02 अरे तुम भी तो कुछ दे दो ना कहां से आया पिजा कौन सा तारीख थी कौन सा दिन था जो य सब व्यभिचार के आरोप लगा रहे हो तुमने दिया क्या यह सब जानकारिया दी है क्या लिखित में तुमने भी तो सुनी सुनाई बातों पर ही बोला है केवल नहीं बचा तुम योग्य हो भी तुम योग्य नहीं हो तो तुमसा नहीं प्रस्तुत करना चाह रहे हो चलो ठीक है लेकिन तुम यहां पर जो बन कर बैठे हुए हो ना उस वही से तुम्हारा दमित हो रहा है तुम भी योग्य नहीं हो उसके दूसरे कारण है हो सकता है तुम भक्ष भक्ष या सोच इत्यादि में आगे हो और संध्या वंदन भी करते हो मगर दूसरे कारण है जो तुम्हारे अंदर वो नहीं है एक तो जैसे तुम्हारी जो भाषा है वही गंदी है दिन भर उसमें तुम गालियां देते हो अश्लील शब्द बोलते हो तुम खुद कहते हो मैं गाली देता हूं मैं गाली दूंगा तो यहां पर तुम्हारा वो जो दोष है ना जो तुम अपने आप को स्वक्ष रख रहे हो वाणी में आ जा रहा है वो गंदगी तो उस हिसाब से योग्य तुम भी नहीं बच रहे हो और
01:00:17:06 निंदा कर ही रहे हो अब वो निंदा वाली बात फिर तुम कह दो शास्त्रो निंदा फिर मैं कहूंगा कि शास्त्रों से इतर भी तुमने निंदा की है लोगों की इतर भी तुम ने मरे हुए लोगों की निंदा की है तो फिर वही बात होगी वो फिर चर्चा का विषय बन जाएगा मगर योग्य तुम भी नहीं हो और अगर मैं देखूं तो मुझे जो है तुम छोटे क्यूटू पाई से हो बस और कुछ नहीं ठीक है आदर कर किसके साथ हा हा आदर मादर जल्दी बताओ उसका पता चलेगा किसके साथ आदर करना किसके साथ मादर करना है विद्या वालन को हमने कह दिया इस विद्या वाला नहीं बोला इसने विद्या न को भी बोला है अन्य को भी बोला है क्या बो है प्रमोट
01:01:04:19 किया दारू को प्रमोट करने वाली जो सामग्री है स्क्रीनशॉट इत्यादि वह भी तुम्हारी फेसबुक आईडी के चित्र के साथ प्राप्त हुए हैं सुनो विद्या बालन वा टॉपिक बता को बद विद्या कर तो इस प्रकार से आपको होगा लेकिन हमने व यही कहा था कि अगर डायरेक्टर प्रोड्यूसर इत्यादि पेमेंट नहीं किया पेमेंट करके देखना के चरित्र पर इस प्रकार से उठाई थी क्या शंकराचार्य या रामानुजाचार्य राघवाचार्य गालियां देंगे मां बहन की अगर कोई व्यक्ति गलत काम कर रहा होगा तो और अगर यह अपने आप को किसी संप्रदाय के आचार्य के रूप में ख्या पित करते तो य गालियां देंगे भाई गाली तो मुझ जैसा एक साधारण व्यक्ति नहीं देगा यह तो संप्रदाय के आचार्य इनका क्या हुआ था वो पता नहीं क्या महा लगा के बता रहे थे इनकी वाणी अगर माने तो हालांकि वह है नहीं कोई परंपरा वगैरा सब कपोल कल्पना बढ़िया एक ताना बाना बुना है लोगों को बेवकूफ बनाने के लिए मगर फिर भी क्या मां बहन की गालिया सुनोगे क्या आप शंकराचार्य इनके मुख से राम ने कभी सिखाया है क्या गाली
01:02:21:19 दो बुरा तो राम जी को भी लगा था उन्होने तो उस प्रकार की शली का प्रयोग नहीं किया नहीं तो यह तुम यह तुम्हारे वो है ना शास्त्र से दिखाओ बुरा लगे तो इस शब्दावली का उपयोग हो सकता है हम तुमहे शास्त्र से दिखा रहे हैं राम जी ने गाली नहीं दी दिखाओ शास्त्र से गाली गाली देना चाहिए बुरा लगने पर पर आर मादर सब ख क्या सर हाउ मच ड यू लव र फ नेली आई लव माय न्यू फ पुराने वाले बेकार में छोड़कर फै शोर तो करेंगे ही ना न वाले नहीं
01:03:10:15 करते कहा लिखने कहा लिखने का बात आदर मादर ये सब लिख रहे हो कहा लिख क्या क्या एक मिनट एक मिनट एक मिनट क्या बोला इसने फिर से सुनू ये वक्ति इतनी बात कर देता मुझे समझ में नहीं आता क्या सो विवाह के बा से परेशान हो मेरा विवाह कब मेरा विवाह कब हुआ पिछले विवाह पंचमी को अंग्रेजी दिसंबर 204 उस समय से अभी तक चार महीने हो गए इसको ये बात हम बताने गए कि हमारी पत्नी बताने गई कि हमारे माके वाले दोनों पित पक्ष और ससुर पक्ष बताने गए ये खुद आ गया था कैमरा लेशन तुमसे मिलने जुलने वाले लोग कहते हैं तुम्हारी कई सुनी बातों के आधार पर अगर तुम जिस प्रकार से कई सुनी बातों के आधार पर उनको निर्णायक रूप से प्रस्तुत करते हो तथ्यों को तो फिर यह क्यों ना किया जाए तुमसे जुड़े हुए लोग कहते हैं ऐसा जो तुम्हारे साथ समय बिताए पुराने लोग प्रशांत मिश्र जी ने ऐसा नहीं कहा मगर जैसे प्रशांत मिश्र जी हैं तुम्हारे पुराने लोग जुड़े हुए
01:04:25:27 ऐसे ही और भी तो जुड़े हुए होंगे वोह लोग यह कहते हैं उनकी बात क्यों ना मानी जाए क्यों उपेक्षित कर दी जाए उनकी बात के बाद हम परेशान है परेशान कोई लॉजिक है क को अरे लॉजिक की क्या तुमने कहां कौन सा लॉजिक दिया अपनी बात आने पर लिख के दो यह दो वो करो और दूसरे की बात आने पर जो है किसी ने कुछ कह दिया बस वहां के लोग ऐसा कह रहे हैं मान लो भैया सही
01:05:01:26 कुछ नहीं बस बोल देना नीचे पीछे हज और कना ध ा के लिए कर रहे और शंकराचार्य के शिष्य पर ये इसमें धर्म ग्रंथ कहां से आ गए अगर कोई मुझसे कहता है कि भगवता अंद जो है हस्तमैथुन की आदत से पीड़ित है और वह इलाज करा रहा है अपना वहां राजस्थान इत्यादि से तो इसको मुझे ग्रंथों से सिद्ध करना पड़ेगा ग्रंथ की बात क्यों आई क्योंकि अपनी बात को बढ़ाना है कुछ बोलना है समथिंग टू से है ना कुछ तो कहे क्या कहे भाई इसके बारे में तर्क नहीं है क्योंकि हमने खुद ही उन तर्कों का गला घोटा है हमने खुद ही उन तर्कों का गला घोटा है खुद ही युक्तियों का ताला गला घोट दिया है इसलिए क्या कहे कुछ कहने को बचा नहीं
01:06:00:25 जा ने बना रहे हो किस मात्र शक्ति के प्रति मना बना दिया भगवा अरे भाई लोग बोल रहे हैं हमारे पास भी आ रहे हैं मैसेजेस बोल रहे हैं लोग हमसे तुम भी उंगली रख के बताते हो तो मैं भी उंगली रख के बता दूंगा उंगली रख के बताओगे ना मैसेज मुझे कोई मैसेज कर देगा मैं अपने किसी कोई ना कोई तुम्हारे विरोधी होते हैं मैसेज कर देते हैं तो मैं उंगली रख के बता दूंगा फलानी जान के फलानी मात शक्ति के बारे में तुमने गाना बनाया भाई सुनी सुनाई बातों परही चलना है ना हम लोगों को तो चल रहे हैं तो फिर तुम्हे दिक्कत क्या हो रही है अब ये क्यों पूछ रहा किस किस किस बताओ ना ऋषिकेश ब्रह्माचारी जी का किसके साथ संबंध है बताओ ना एकट उस आदमी का नाम उस समय स्थान घटना का नाम बताओ जिसमें उसने यह जिसमें उसका फ्री मिशन के लिए कार्य करना सिद्ध हुआ हो विजया श्री का वो नहीं बता
01:07:13:22 पाओगे लोग केस केस नहीं कर बना दिया इना प्रयास केस केस क्या करोगे कर दो केस केस केस की बात जो तुम कर रहे हो जब तुम लोगों की कही सुनी बातों पर कोई निर्णय देते हो तब तुम्हें केस की याद नहीं आती और हम लोगों की कही सुनी बातों पर प्रश्न करते तो तुम्हें याद आ रही है वो भी तुम्हें याद दिलाने के लिए जब तुम्हें याद दिलाने के लिए कि भाई ऐसे कई सुनी बातों पर निर्णय नहीं लिए जाते
01:07:53:19 गंभीर इस परेशान दू बच्चा अपना जी खा रहा है पत्नी है मा थो परेशा इसके अयान से उनकी पूरी संस्था दा तो हो भी नहीं रही ऐसे कम से कम च उसके केस अभी इस मानसिकता में हम नहीं है उस पर केस बच्चे नहीं तुम्हारे बड़े भाई है नहीं बनाई भाई
01:08:29:19 नहीं बनाई भाई जान सुना तो फिर तुम्हारी वाणी को मान्य मान लिया जाए अन्य जो लोग कह रहे हैं उसको उपेक्षित कर दिया जाए उनके अनुभवों को हा क्यों भाई तुम्हारा ही तो तर्क है क्या अन्य लोगों के अनुभवों को अपेक्षित क्यों कर दिया जाए यह है वो है भगतान रो रहा है होगा तुमको ने करने सा करने प् सा करने में समस्या नहीं है हमसे भी नहीं होनी चाहिए क्योंकि कम से कम अगर तुमको गुरु मानते हो अपने दण से तो अने समर्थन तो किया है किसी ने यदि गुरुदेव के बारे में हास्यास्पद उपहास भी आया है तो हम उसके साथ चर्चा नहीं करते दूरी बनाते और आवश्यकता पड़े तो उसका खंडन अवश्य करते
01:09:36:20 हैं दूसरी बात यह भी है कि यदि हम उसके साथ में मंच साझा करते भी हैं तो या तो उसमें कोई द्वेष होता है मतलब कुछ प्रतिकार आक्रमण टाइप से होता है है ना उसका विरोध होता है और हमें नहीं पता था कि हमें तुम्हारा विरोध करना है हमें लगता था कि वो जिसके लिए तुम लाइव आ रहे हो व सौहार्द पूर्ण चर्चा है सर्पण किसी नतीजे पर पहुंचने के
01:10:10:19 लिए कुछ लोग यहां पर कह रहे हैं कि भाई पर सब पड़ा है तो जैसे पर जो पड़ा है कीचड़ वाली होली का वीडियो पड़ा है या ऋषिकेश ब्रह्मचारी जी के फोन की कॉल रिकॉर्डिंग पड़ी है उस कॉल रिकॉर्डिंग से सिद्ध क्या हो रहा है जो जैसे य पूछ रहा है कि मेरा दो मेरा मैं कौन सी ट्रेन से गया मैं कौन से दिन गया कौन से ईयर गया कुछ बता दो यह सब चीजें हैं क्या उसमें कि कौन से दिन उनके उनका संबंध बना कौन लड़का था सब चीजें है उसमें रिकॉर्डिंग में और कीचड़ वाली होली की बात हम बता चुके हैं दूसरे वीडियो देखिए क ब सकारात्मक या उनके प्रकल्प के विषय में लोगों को भाई सम्मान तुमने किया होगा हम मना नहीं कर रहे मगर तुमने उपहास भी किया है किए गए उपास के कारण हमारे मन में भावना थी कि हम तुमसे ना मिले क्योंकि अगर मिलेंगे तो हमें तुम्हारा प्रतिकार करना पड़ेगा उस उपास के लिए और वह प्रतिकार हम जनता को नहीं दिखाना चाहते म से कई बार बताते पर स लेन क अरे मेरे भाई उसके साथ हमने विरोधाभासी चर्चा की हम रे साथ
01:11:25:22 विरोधाभास के लिए नहीं दिखना चाहते थे लोगों को उसी बात के पीछे पड़े हो मूर्ख हो गए हो मगर आप दिखाएंगे मामला इतना बढ़ गया तो दिखाने के लिए तैयार है आ जाना े देखो यही कारण तुमको अपनी पहचान को बदलना भी पड़ता है स्न मुझे अपने पहचान को बदलने की कोई आवश्यकता जो बोलता खल खुला बोलता हूं चेहरे के साथ बोलता हूं नहीं बोलते पहली बात तुम जो है जब मंच पर जाते हो कहीं पर वहां पर भगवता नंद तुम गालियां नहीं देते कथा करने जाते हो वहां गालियां नहीं देते धर्म संसद में जब बोलते हो जाकर गालियां नहीं देते राज राजन दास जी राघवाचार्य जी के बगल में बैठते हो गालियां नहीं देते अगना मतना नहीं करते वहां ठीक है तो पहली बात तो यह है कि जो तुम यहां बोल सब जगह नहीं बोलते और दूसरी बात यह है कि एक बार एक अपराधी किस्म के व्यक्ति के यहां छानबीन करने के लिए हनुमान जी की तरह अगर हम दूत बन के चले गए भेष बदल के चले गए तो उस पर तुम कह रहे हो कि हम हमें यह नहीं करना पड़ता तुम्हें इसलिए नहीं
01:12:40:26 मैंने बताया ना यहां देखिए वह जो मर्म है ना जो मैं हमेशा कहता रहता हूं कि इसने धरातल पर कोई रक्षा विषयक कार्य नहीं किया है इसलिए यह सबकी समीक्षा कर सकता है तो मैंने क्या बताया कि इसको बेस तब बदलना पड़ेगा ना जब इसको अक्ष का पर्दा फास करना हो सामने लाना हो उसका जो अपराधिक तत्व है या उसका जो शंकराचार्य जी के विरुद्ध जो उसकी चीजें है तब भेस बदलना पड़ेगा ना मगर इसको ऐसा कुछ करना ही नहीं है तो भेस क्यों बदले जब भेज नहीं बदलेंगे तो भेज बदलने का आरोप नहीं आएगा है ना
01:13:19:13 मच नहीं बोलते मंच से मंच से गाली देकर दिखाओ मंच से ली दे के दिखाओ इसलिए तुमको राने जो तुम अपना सारा जीवन छुपाए हुए हो खुद को आचार्य कहते हो तो गुरुदेव पर तिग करने लगते तो गुरुदेव पर ति टी करने लगते क्या क शंकरा चरित्र राब ऐसा क दिए शंकराचार्य अस नहीं री शंकराचार्य जी के लिए तुमने काफी उपास वाली चीजें फिर वही रिपीट रिपीट हो रही है आगे बात करें आधार श उसके साथ नहीं ली नहीं कर रहे थे अ नहीं आ जो कते अरे भाई शास्त्र प्रमाण की बात से इतर तुमने उनका खूब मजाक उड़ाया है ठीक है यह बातें मत करो ज्यादा सीधे मत बनो जो हो वही रहो कोई नहीं है ऐसा तो संभव ही नहीं है शरा
01:14:41:00 ता को देता तना बता उस नहीं राम शब्द इनके लिए पर्याप्त नहीं है यह इनकी प्रस्तुतिकरण है बड़ा भारी भयंकर मगर उसमें इनका जो मर्म यह है कि राम शब्द जो है इनके लिए पूर्ण नहीं है उसको अन्य शब्दों की आवश्यकता भी है देखिए अपने रस गत भेद हो सकते हैं कि कोई श्री लगा के ही करे मगर कोई अगर यह कहने लगे कि राम शब्द पूर्ण नहीं है तोय इसकी वितना नहीं है तो और क्या है इसको क्या ही
01:15:22:22 कहे तुम राम श की व्याख्या नहीं लो वहार की चर्चा कर रहे हो केवल राम ही बोलते े कोई आपत्ति नहीं थी लेकिन एक ही सा तु प्रभुपाद जी और दयानंद जी बोलने के बाद राम क रहे य पर बो राम राम राम राम राम राम राम जते कोई दिक्त नहीं राम श की व्या करते सिद्धांत इस विषय में सिद्धांत दो इस विषय में सिद्धांत दो कि अगर वहां पर किसी के लिए हमने जी लगा दिया है फिर भले ही वो शब्द अपने आप में पूर्ण हो उसे अलग से कोई वो चीज की ना हो वहां पर राम कहना आपत्ति जन सिद्धांत दो इसम तेरे लिए कर्तव्य कर्तव्य के विषय में जहा शास्त्र देने होते व नहीं देते हो व गोल मोल करते हो बात व मनमुक बातें करते हो सिद्धांत दो
01:16:23:27 ऐसा को रासकल कहने वाले प्रभुपाद को जी कह रहा है लेकिन उसी बाद सास बिना क्योंकि जैसे तुम बताते हो कि अगर हमने ये किया है वो किया तो ये भी तो किया है तो प्रभुपाद जी ने ही कपाती जी को अपने यहां बुलाया भी था मंदिर में उद्घाटन में गए नहीं थे वो फिर अखंडानंद जी गए थे क्या करें तुम भी तो यही कह रहे हो ना कि हमने अगर यहां विरोध किया वहां विरोध किया तो हमने समर्थन भी तो किया तो हम तुम्हारे लिए क्यों इतने वो हो गए और वैसे भी वो हीनता की दृष्टि से नहीं कहा था कि तुम जो है हमारे लिए अछूत हो गए सम्मान ही था इसीलिए कहा था क्योंकि हम तुम्हारे साथ लड़ना नहीं चाहते थे दुनिया को दिखाना नहीं चाहते थे शिवांश द्वेदी भगतान लड़ रहे हैं मर एक बात तो तुम्हारी संकीर्ण विचारधारा में घुसी नहीं तुम अपने अहंकार के नशे में चूर अच्छा दूसरी बात ये है कि प्रभुपाद जी ने ही कहीं पर ऐसा वक्तव्य भी दिया है कृपा जी जो है वो बहुत बड़े स्कॉलर हैं तो ये उनका समर्थन नहीं है सा राम ने कहा राम किया अभी भी कहूंगा अभी मैं कहूंगा तुम राम को नहीं
01:17:39:28 मानते चापलूसी तुम्हारी है चापलूसी तुम्हारी है जो तुम यहां पर कुछ होते हो बंद कमरे में और वहां दूसरों के सामने जब वहां जाते हो सब भ्रांत जग लोगों के बीच में तो दूसरे हो जाते हो यह तो रा दोगलापन चापलूसी अब यह भाई साहब यह कह रहे हैं चापलूसी ठीक है तो यह श्री राम भगवान है जो
01:18:52:25 यह देखो लूसी की बात करते अगर यह राज राम भी होते ना यहां पर तो य यह व्यक्ति ऐसा निर्लज है ऐसा पापी है कि उनमें भी दोष निकालता यह देख देखो जब रावण का वध हो गया अब यहां पर ऐसे कहेगा भगतान जिसने इसकी स्त्री पर कुदृष्टि डाली जिसने इतनी स्त्रियों के साथ बला कार किया और यह व्यक्ति अगर श्रीराम यहां हो तो और यह व्यक्ति ऐसे व्यक्ति के लिए इतना गुणगान कर रहा है देखो क्या कर
01:19:44:04 र देखो क्या कह रहे हैं श्री राम ने कहा यह रावण समरांगन में असमर्थ होकर नहीं मारा गया इसने प्रचंड पराक्रम प्रकट किया है इसका उत्साह बहुत बड़ा हुआ था इसे मृत्यु से कोई भय नहीं था यह देवात ण भूमि में धराशाई धराशाई हुआ है जो लोग अपने अभ्युदय की इच्छा से क्षत्रिय धर्म में स्थित हो समरांगन में मारे जाते हैं इस तरह नष्ट होने वाले लोगों के विषय में शोक नहीं करना चाहिए जिस बु मान वीर ने इंद्र सहित तीनों लोगों को युद्ध में भयभीत कर रखा था वही यदि इस समय काल के अधीन हो गया तो उसके लिए शोक करने का अवसर नहीं है ये क्या कर रहे हैं श्री राम जी यहां रावण की महिमा का गान कर रहे हैं श्री राम जी युद्ध में किसी को सदा विजय ही विजय मिले ऐसे पहले भी कभी नहीं हुआ है वीर पुरुष संग्राम में या तो शत्रुओं द्वारा मारा जाता है या स्वयं ही शत्रुओं को मार गिराता है आज रावण को जो गति प्राप्त हुई है यह पूर्व काल के महापुरुषों द्वारा बताई गई उत्तम गति है
01:20:59:09 यह सब उनकी महिमा में यह क्षत्रिय वृति से रहने वाला वीर पुरुष यदि युद्ध में मारा गया तो वह शोक के योग्य नहीं है यही शास्त्र का विधान है सिद्धांत है शास्त्र के निश्चय पर विचार करके सात्विक बुद्धि का आश्रय ले तुम निश्चिंत हो जाओ अब आगे जो कुछ भी है इस तरह से इन्होंने यहां रावण की बढ़ाई की अब ये यहां क्या कहेगा यह व्यक्ति अरे जिसने इसकी स्त्री का वो किया हरण किया उस पर कुदृष्टि डाली अयोध्या की गरिमा को भंग करना चाहा अरे दादा रे अरे जिसने इतनी स्त्रियों के साथ बलात्कार किया उसके लिए उसके लिए हाय हाय हाय उसके लिए राम ऐसा कर रहा है यह वो निर्लज है यह वो निर्लज इनको ड्रामा करना आता है केवल ड्रामा मगर ये नहीं पता कि ड्रामे में भी हम तुम जहां से ड्रामा सीख के आए हो ना जि स्कूल से तुमने ड्रामे की क्लासेस ली है उस स्कूल के प्रिंसिपल हमसे आके ट्यूशन लेते समझे
01:22:45:28 अरे भाई जब वो सामने से बुला रहा देखलो य य व्यक्ति फिर फस रहा है क्या कहा जा रहा है ये क्या बात हुई भाई जी नहीं तो रिस्पेक्ट नहीं यह व्यक्ति यहां पर फिर जो है उस पर खेल रहा है क्या कहते हैं बच रहा है जब उन्होंने तुम्हें सामने से वार्ता के लिए बुलाया है तो क्या कायर हो क्या निग्रह का सामर्थ्य नहीं है क्या क्यों नहीं जा रहे हो हमने कितनी बार उस पर वक्तव्य दिया है इसका मतलब केवल एक तरफ से वक्तव्य दे दे हो जाता है शास्त्रार्थ नहीं करना चाहिए चर्चा की कोई आवश्यकता नहीं है क्यों नहीं गए अब क्या करें जा एक एक व्यक्ति को पस पकड़ बोले एक एक व्यक्ति नहीं है ना वो उस परे तुमने वक्तव्य दिए है ना वो तुम्हें शास्त्रार्थ के लिए ललकार रहा है ना करो शास्त्रार्थ ना एक एक व्यक्ति क्यों अरे एक संप्रदाय एक व्यक्ति सही कर लो अगर वह कह रहा है तो 50 बहाने करके नहीं जाऊंगा व है ना 10 बहाने करके ले गई दिल तो ये 50 बहाने करके नहीं [हंसी]
01:24:00:18 जाऊंगा ऐ नहीं होता हा तो मेरे ख्याल से अब तुम मेरे सामने भी नहीं आओगे मुझे लगता है क्योंकि तुमको समझ में आ गया होगा हल्के में नहीं लेना शिवांश कोसा क्या रामानंद संप्रदाय अरे भाई तुम उसके सामने जाओ ना वो व्यक्ति तुम्हें बुला रहा है रामानंद संप्रदाय से दीक्षित है वो व्यक्ति तुम्हें बुला रहे हैं क्यों नहीं जा रहे हो कहां गई तुम्हारी वो निग्रह चार की सामर्थ बहानेबाजी देख लो भाई नोट कर लो इनकी जो फिफ्थ लाइव है उसमें एक 40 के आसपास इनकी बहानेबाजी देखो शास्त्रार्थ के लिए कोई ललकार रहा है तो उसमें क्या कह रहे हैं कि हमने जो वक्तव्य देना था दे दिया अब क्या करें एक एक व्यक्ति के पास ऐसे ऐसे करें क्या बात वो एक एक व्यक्ति हो गया उसको सुनिए उनको सुनिए किसी दिन लाएंगे लाइव में तुम नहीं जाओगे और रे धागे जरूर खोलेंगे
01:25:09:13 बता ऐसा है क्या रावा के मच पर उस समय बा राघवाचार्य जी के मंच पर हम गए थे उस राघवाचार्य जी के मंच पर जाने का मतलब है राघवाचार्य जी के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध प्रदर्शित करना मंच से हम उनको बहुत क शव कि जिसकी वी
01:26:16:26 भी और यही बता दूम ग लिख रहा सारे पाख राम गु सारे सबकी फो खले लोग समझ रहे अरे तुम अपना एक पक्ष क्यों रख रहे हो तुम जाओ ना पहले शास्त्रार्थ के लिए कोई बुला रहा है क्यों नहीं गए भाई नहीं कर रहा मैंने कितनी चीज बताई है कि तुमने कहा कि व अशा स्त्रीय व्यक्ति है उसके आचरण अशा स्त्री है तो फिर मैंने बताया भैया उसी को तो तुम्ह निग्रह करना है निग्रह चार हो ना तुम निग्रह करो जाकर के उसके आचरण को और तुम मेरे जैसे पतित व्यक्ति के पास आ सकते हो मेरे जैसे पतित व जिसका ज लेट हुआ यह हुआ व हुआ मुझसे तो कई मामलो में ही होंगे मेरे पास आने के लिए जब तैयार हो रहे हो तो उनके पास जाने में क्या दिक्कत हो रही है
01:27:31:20 आ प्रकार से हमने के में अकेले हम और काम होगा देखो यहां पर हमने इनको तर्क दिया प्रमाण के साथ कि जिसने श्री राम की पत्नी का हरण कर रखा था उसके पास भी श्री राम ने अंगत को भेजा था वार्ता के लिए तो य इन्होने कोई जवाब नहीं दिया आगे बढ़ गए जवाब है नहीं इसलिए
01:28:24:07 ऐसा लगता है जब तक हम नहीं ऐसा तो नहीं है ना कर रहा नहीं एक एक व्यक्ति के लिए क्यों भाई जब तुम राजेंद्र दास जी महाराज को इतना बोल रहे हो तो उनका कोई कृपा पात्र शिष्य है जो प्रमाणिक शिष्य है वो तुमको बुला रहा है तो क्यों नहीं जा रहे हो वो एक एक व्यक्ति नहीं सामान्य व्यक्तियों में क्यों गिन रहे हो उसको सामान्य से हटके हैं वो क्यों गिन रहे हो एक एक व्यक्ति बल्कि मैं सामान्य में अवश्य हो सकता हूं सामान्य यूट्यू कह सकते हो तुम्हारे हिसाब से मैं उ उस रूप में अपने आप को ख्या पित नहीं करता और तुम्हारे हिसाब से तो मैं बहुत गया भी उनके आगे
01:29:07:18 तोमने वा बता दो तो लाइव में बात कर लो उनके साथ लाइव चर्चा करवा देते हैं संपर्क कर लेंगे लाइव लाइव जाओगे उनके साथ सनमार्ग वाले बुला रहे हैं सनमार्ग वाले कह रहे उनको चुनौती दोगे को बोल दे कि तुमने चुनौती दी है बता दो सन्मार्ग वाले हैं जो आचार्य श्री जो इनका सबरी माला प इनकी खूब बैंड बजाई है वो भी इनको बुलाते हैं मुझे असल में इनका सबरी वाला पक्ष पता ही नहीं है तो मैं क्या बोलू उस पहले पक्ष तो बताओ इनका हमने खंडन कर दिया हमने खंडन कर दिया तब किया क्योंकि उन आचार्यों ने अपनी जो बात थी वो सार्वजनिक की सुलभ सुलभ की लोगों के लिए तभी तो कोई पड़ेगा तुमने कहां लिखा है क्या लिखा है बताया ही नहीं है तुमने
01:29:54:07 सार्वजनिक करो उसे सुलभ करो सुलभ अति कम सं [हंसी] पता भी है आनंद के विषय में इसको पता भी बत्र के देवता क्या लिखा है पता नहीं टप पता
01:30:50:00 नहीं मतलब इन्होने एक चीज क्लियर कर दी है उन्होने एक चीज क्लियर कर दी है कि हम जो ये बोलते थे कि भाई ये धरातल पर कुछ करने नहीं जाते कुछ करने नहीं जाते तो इनका इनकी एक चीज क्लियर है यह वीडियो बना के वक्तव्य जारी करते रहेंगे इनके किसी भी प्रकार के जो प्रकल्प है व कभी आपको देखने को नहीं मिल सकते है ना एक मिनट
01:31:57:02 तो एक चीज इन्होंने क्लियर कर दी कि ये इसी तरह से वक्तव्य दे सकते हैं य धरातल पर कुछ साहस पूर्ण कार्य करते हुए नहीं दिख सकते यहीं पर बकब बकती दिखाएंगे बंद कमरे में वह भी बैठ कर के जब भाषण देने जाएंगे जब वहां जाएंगे कथा वाचन के लिए तो वहां पर भीय कुछ नहीं बोलेंगे ये यही बकैती अपनी दिखाएंगे बंद कमरे में बैठकर अब इसम क्या ही बोलू
01:32:46:24 [हंसी] क्या का कहना है साथ चर्चा करने जा रहे हैं तो जिनके साथ चर्चा करने से भाग रहे हैं तो इनका कहना है कि वह फलाने ग्रंथ को नहीं मानता अरे भाई तो तुम मनवा हो ना जैसे हम जैसे आर्य समाजी पुराण को नहीं मानते तो हम जब जाते हैं तो वहा पुराण को मनवाने के लिए तर्क प्रस्तुत करते हैं ना हम तो मुसलमान को वे वेद को मनवाने के लिए तर्क प्रस्तुत कर देंगे हम उसको वो आर्गुमेंट देंगे ना कि तुमको वेद को क्यों मानना है अगर व्यक्ति पहले ही निष्ठावान होना होना चाहिए तुम्हारे मंतव्य में तो बात ही क्या है आप उसको जो सही चीज है तुम्हारे अनुसार वो
01:34:01:26 नहीं मानता तो मनवा ना यह बात यहां पर य जो है भाग रहे हैं और कुछ नहीं भाई लाइव लाइव चल किस पर रही है कि तुम्हारे वक्तव्य को सुन रहा हूं और यहां पर मैं जवाब दे रहा हूं तो मैं उस किसी और वीडियो को वहां पर दिखाने की कोई बात है क्या ऐसी वहां पर दूसरी बात अगर कोई दिक्कत है कोई किसी ग्रंथ को नहीं मानता है जो आपके अनुसार सही ग्रंथ है जाकर वहां एक सही आर्गुमेंट पेश करो ना उसको इसलिए जाओ तो तुमने कहा कि हम जाएंगे नहीं क्योंकि वह ग्रंथ को नहीं मानता है प्रमाणिक यह कौन सी बात है भाई हमको कोई मुस्लिम बुला ले हम तो जाएंगे क्रिश्चन बुला ले हम तो जाएंगे कन वाला बुला ले हम तो जाएंगे हां व ऐसा व्यक्ति हो ऐसे नहीं कोई गली का लुचा कोई बुला ले ऐसा व्यक्ति हो जिससे जनता प्रभावित हो रही हो अन्यथा व हमारे लाइफ पर आए ठीक
01:35:08:16 है चालू करते हैं फिर यह वाली करके और इस बात का इस बात [हंसी] काने कब कहा शंकराचार्य नहीं
01:35:59:18 में शक केने इस बात का उत्तर हम दे चुके हैं प्रकार मिलया देवताओ से मिला हुआ दंड कैसे हो गया विश्वासघात से देवताओं की कृपा है निग्रह चार्य है निग्रह संप्रदाय य दंड नष्ट कैसे हो रहा है दंड जो है परंपरा से मिल रहा है कि अपने मनमुक कोई भी बना ले रहा
01:37:12:25 है देखो शास्त्रीय उदाहरण है व आपको प्रवेशिका में मिलेगा देखो व्यक्ति जब अपनी चीज पर आ रहा तो कैसे बचता है इसमें कुछ शास्त्रीय उदाहरण आपको प्रवेशिका मिलेगा बस और प्रवेशिका जब आएगी तब आएगी मगर प्रमाणिक इनको अभी से मान लो और प्रमाणिक के रूप में कहेंगे क्या कुछ नहीं संप्रदाय का तिलक लगाओगे कि नहीं लगाओगे भाई संप्रदाय का तिलक क्यों बदलो ग परंपरा परंपरा भी तो कुछ काम की है
01:37:57:26 बताओगे तब ना तुम तो प्रवेशिका कर देते हो हर बार तुम बताओ ना तुम अपनी चीजें प्रस्तुत तो करो प्रस्तुत का कर रहे हो तुम तो प्रवेशिका प्रवेशिका कर रहे हो आज तुमसे पूछ लिया तो तुम बोल लो हो बताओ तो अपने बारे में भाई चोर बन के ते रहोगे कुछ बताओगे नहीं अपने बारे में तो कोई क्या करेगा बताओ आपका जो दंड है वो पहले कैसे आया आपका गुरु परंपरा का दंड है अपने आप बनाया हुआ दंड है बैट बल के बैट सेही तो नहीं बना दिया
01:38:46:03 है देखो अरे देवता दर्शन दे सकते हैं कलयुग में उस वाला में पूछ गया मने में हु आरहा है देवता के दर्शन तुमको बचपन से हो रहे हैं ना सात आ वर्ष की आयु से देवताओं के दर्शन हो रहे हैं ना तो फिर 2017 में क्यों जा रहे हो
01:39:30:15 [संगीत] पूछने मने हु सुनो तुमने अपने खुद के उसम कहा है कि जो मेरा वो मुझे जो है बचपन में सात आठ वर्ष की आयु से ही देवताओं के दर्शन होते थे तब हम पूछ रहे कि भैया तुम 2000 यह 17 में जाने जो वर्ष है व जगतगुरु शंकराचार्य जी महाराज के चरणों में बैठकर क्या पूछ रहे
01:40:18:21 हो अरे भैया तुम अपनी बुद्धि को थोड़ा ठीक करो तो जो साने गु अरे भैया किसी को ऋषि और देवता सपने में आकर उनको क्या कर रहे हैं वह एक अलग बात है और तुम उनके पास प्रमाणिकता के लिए गए थे कि नहीं गए थे एक अलग बात है और यह जो यह तुमने बचपन में ही बचपन की सात आ वर्ष की आयु से देवताओं के दर्शन किए हैं फिर भी तुम्हें शंकराचार्य के पास जाना पड़ रहा है य पता करने के लिए कि दर्शन दे सकते हैं कि नहीं दे सकते यह अलग बात है इनको मिक्स मत
01:41:11:28 करो क्या आवश्यकता है तो अपने बारे में बता रहे हैं उनके साथ ऐसा ऐसा हुआ तुम बता तुम्हारी चीज चमत्कार पर क्या केवल तुम्हारे पीछे कुछ नहीं है बस मंत्र प्राप्त हुआ तुम्ह चमत्कारिक तरीके से और क्या है तुम्हारे पीछे कुछ नहीं नथ अभी प्रवेशिका लाओगे उसको देखना पोस्टमार्टम कर देंगे भाई ले आओ प्रवेशिका लाओ प्रवेशिका कब ला रहे हो क्या अरे भाई वो दिव्या भूति तो बाद में आ रही है ना शंकराचार्य बन गए लोगों उन्होने शंकराचार्य मान लिया यहां तुम निगरा चार्य बनने से पहले अपनी चीज दिला रहे हो हम सपने में यह हुआ हमारे साथ ये हुआ बम बम बम बम बचपन से यह हो रहा वो हो रहा है य तो तुम पहले अपने आप को ख्या पित कर रहे हो ना कि हम नि ग्रहा चार है लुप्त संप्रदाय के गुप्ता
01:42:07:10 [संगीत] चार बस आधे से ज्यादा निग्रह प्रवेशिका निग्रह प्रवेशिका निग्रह प्रवेशिका यही चला बस है औरन इस प्रमा तुको चाहिए तो
01:43:03:15 उस इसकी शकल देखना जरा भाई एक 54 47 पर 43 एक 43 से थोड़ा पहले कर लेना ज अपनी बातें कमजोर बातें बताने पर आएगा य व्यक्ति वहां पर कैसे फेस होता है हालाकि वहां पर इस रूप में नहीं पर में हम प्रवेशिका में बताएंगे बताओगे ना भैया तो अभी क्या कर रहे हो परंपरा तुम्हारी ढीली है तुम परंपरा में कमजोर हो परंपरा नहीं है तुम्हारे पास ठन ठन गोपाल है इसीलिए बारबार कर रहे हो लाओ नहीं तो परंपरा तुमको अभी वाणी से मालूम है कि नहीं तुम्हारी परंपरा पीछे कैसे कनेक्टेड हो रही है बताओ मुझे कैसे कनेक्टेड हो रही है उसका करें किया पांचा
01:43:54:21 ठीक है तो तुम क्या कर रहे हो कि पहले तुमने ठोक दिया कि परंपरा से हूं मैं उसके बाद जाकर के शास्त्रों की वो ढूंढोगे यहां यहां पर य लिखा है तो इसको मैं पेश कर दूं अभी नहीं पता क्या अभी पता है कि नहीं तुम्हें तुम्हारी परंपरा तो क्यों प्रवेशिका तक रुक रहे हो बताओ अपने व जगत की सृष्टि होने से अभी तक के गुरुओं के नाम यही तो ल है ना देख लो परंपरा निगरा चार्य की परंपरा देख लो जितनी बार परंपरा में बात आ रही उतनी निग्रह प्रवेशिका में बात
01:44:30:16 करेंगे देख लो भैया कितनी बार बोलेंगे निग्रह प्रवेशिका निग्रह प्रवेशिका यही बताने आए ना वीडियो में निग्रह प्रवेशिका में बताऊंगा बहुत गजब की एक्टर हो भाई पालतू की बातें खूब बोलो खूब इधर उधर की बातें झको और जब परंपरा की बात आए तो यह करो प्रवेशिका में बताऊंगा प्रवेशिका में बताऊंगा अरे जब प्रवेशिका में बताने वाले हो तो अभी से क्यों अपने आप को निग्रह चार कह रहे हो निग्रह संप्रदाय बता रहे हो ें कोई बात होगी ना जिसके कारण निग्रह संप्रदाय के बारे में पता है वो चीजें बताओ ना अपने क्रमबद्ध से कि इनसे इनको विद्या मिली उनसे उनको विद्या मिली उनसे उनको विद्या मिली बताओ निग्रह प्रवेशिका यही है कुल दीपक
01:45:20:28 [हंसी] ये सुनो ध्यान से सुन और
01:46:14:14 भगवान और कलयुग भवान और भगवान विराजमान प्रमाण तुमको चाहिए तो वहा पर उसका वणन त्र और जिस मिलेगा बताए भगवान की पुरा में मिल जाएगी
01:46:59:13 बता रहा की प्र करते वि प्र जी जी
01:47:56:24 नहीं [संगीत] जब तुम्हें पता है तुमने तुम निग्रह करने आए हो तो तुमने किसी दोनों में से जब अलग अलग वो है मत आदि शंकराचार्य के जन्म को लेकर के तो तुम क्यों नहीं जो जो मत गलत है उसका खंडन कर देते हो निग्रह करने आए हो ना कर दो निग्रह हमसे क्यों समीक्षा करवाना चाह रहे हो क्योंकि तुम धर्म स्थापना नहीं नसता फैलाने आए हो हमें पता है ना अपना समीक्षा करने से बचोगे अन्य मतो की वहां कह दोगे सब
01:49:11:26 प्रणम में है अ हमसे कहोगे समीक्षा करो शंकराचार्य की ले रामानुजाचार्य जी का कथन सही है तो आदि शंकराचार्य जी गलत आदि शंकराचार्य जी का कथन सही है तो रामानुजाचार्य जी गलत आदि शंकराचार्य जी का कथन सही है तो जो मधुवा चार्य जी उनका कथन गलत मधुवा चार्य जी का कथन सही है तो आदि शंकराचार्य जी का कथन तुम अगर आदि शंकराचार्य जी वाले हो तो इनका निग्रह कब करो कब किया तुमने निग्रह क्या तुम्हारे लिए सब रुचि पूर्ण नहीं है बताना
01:50:04:10 मुझे चर्चा क्यों नहीं कर रहे हैं तुम क्यों नहीं कर रहे हो क्योंकि उत्तर नहीं पता है या फिर तुम समीक्षा नहीं करना चाहते हो मनता नहीं लाना चाहते हो क्यों नहीं समीक्षा कर रहे हो क्यों नहीं समीक्षा कर रहा मचार भगवान [प्रशंसा] इसका जवाब दे चुके ब नर के बच्चे जान और पर जब करते हैं क्या ऑस्ट्रेलिया कनाडा अमेरिका
01:50:37:06 जाने ब नाटक नाटक करवा लो अब इसके लिए वो विषय आवश्यक नहीं रह गए इसके लिए वो विषय आवश्यक नहीं है कि जो परिकर है उन पर मैंने क्या आरोप लगाया वो सिद्ध होते है कि नहीं या जो विजय श्री है उस पर मैंने क्या आरोप लगाया वो सिद्ध होते है कि नहीं है ना इसके लिए वो विषय अब इंपॉर्टेंट नहीं है ये जब वहां फस रहा है तो क्या कर रहा है साढ़े तीन वर्ष हिंदू राष्ट्र छत्र का सिंहासन का त्याग किया तो वहां पर बैठ क्यों गए चांदी का छत्र सिंहासन उससे बैठ क्यों गए या फिर वह चारों चार पीठ है के पांच पीठ है है ना वो कांची को पीठ मानते हैं कि नहीं मानते यह सब इसके लिए मुख्य बिंधु है य क्यों है क्यों इंपॉर्टेंट बना क्यों लाया बीच में क्योंकि इसके पक्ष वहां पर कमजोर था अब जब बीच में लाया तो जैसे यह बोल रहा है कि वो दोनों दोनों एक है दो शंकराचार्य में मत एक क्यों नहीं है यह है वो है तो यह निग्रह वो यह जो है शोधन करना चाहता है जो नीच गुरु द्रोही है वह सुने यह शोधन करना चाहता है यह पॉइंट उठा कर के दोनों मतक क्यों नहीं है ये मट का शोधन कर रहा है शंकर परंपरा का
01:51:52:25 वो कर रहा है या यह नष्ट कर रहा है परंपरा के प्रति अनास्ता वान बना रहा है ना लोगों को यह करके सुन लो वो गुरु द्रोही [प्रशंसा] नीच मेरे भाई धर्म और ब्रह्म की व्याख्या बदलने से फर्क क्या पड़ रहा है वो सुन धर्म और ब्रह्म की व्याख्या नहीं बदलती है जब किसी व्यक्ति को अलग-अलग धर्म और ब्रह्म की व्याख्या होती है तो नए नए मत पंथ संप्रदाय बनते हैं आर्य समाज कौन जैसे रामपाल जैसे और यदि धर्म ब्रह्म की व्याख्या नहीं बदल रही है विशेष तौर पर धर्म की व्याख्या नहीं बदल रही तो धर्म सबका एक होने के कारण सब लोग एकजुट हो जाते हैं एक ही काम करना है एक ही तरीके से करना है तो जितने भी जितने भी वेदों में प्रमाण बुद्धि रखने वाले परंपरा प्राप्त आचार्य को मानने वाले लोग है व ऐसे ही अगर वह इस पर आ जाएंगे तो हम सब एक हो जाएंगे तो इसलिए हम उस बात को उठाते जिस पर हम एक हो सकते हैं नहीं तो
01:53:07:25 बहुत सी बातें मनता फैलाने वाली और धर्म और ब्रह्म की व्याख्या बदलने का मतलब नहीं है तात्विक रूप से व्याख्या बदल गई धर्म ब्रह्म की व्याख्या बदलने का मतलब यह है कि अगर किसी को जैसे कि वाली बात आती है कि अ मुक्तेश्वर जी शंकराचार्य है कि नहीं अगर वो शंकराचार्य नहीं होंगे तो वो क्या दूसरी शिक्षा देंगे शंकर मत के विपरीत शिक्षा देंगे या वेदों में प्रमाण बुद्धि ना रखने वाली शिक्षा देंगे शिक्षा तो वही मिलेगी तो जब शिक्षा वही मिलेगी तो उनको मानने वाला उनको फॉलो करने वाला उनके अनुग उनका शिष्य वो शंकराचार्य के रूप में ख्या पित है पूरी वाले जो जगतगुरु शंकराचार्य जी है गुरुदेव भगवान वो उनको नहीं मानते उनको शंकराचार्य के रूप में स्वीकार अगर नहीं भी करते हैं फिर भी उनसे कोई व्यक्ति अगर जुड़ा है तो व हमसे दूर नहीं होगा क्योंकि वह वेदों की रक्षा करने आएगा वो रामचरित मानस की रक्षा करने आएगा वह मूर्ति की रक्षा करने आएगा यह है धर्म ब्रह्म एक होने का फायदा मगर यदि व्यक्ति परंपरा प्राप्त आचार्यों के अनुग नहीं होगा यदि व्यक्ति वेदों में प्रमाण बुद्धि नहीं रखेगा उसका धर्म ब्रह्म अलग हो जाएगा तो
01:54:22:27 क्या होगा वो स् कोनिया बनेगा वो आर समाजी बनेगा वो रामपाल बनेगा स् कोनिया बनेगा तो क्या होगा शिव के मंदिर बचाने नहीं आएगा रामचरित मानस बचाने नहीं आएगा है ना और मेरे ख्याल से वेदों में भी उतनी आस्था नहीं कि वेदों को बचाने में वर्ण संता फैलाए अंतरजातीय विवाह करेगा मलेच्छ को व्यास गद्दी में बिठाए
01:54:54:04 और ऐसे ही समाजी उनका धर्म ब्रह्म बदल जा बदल जाएगा व्यक्ति का अगर व्यक्ति उनसे जुड़ेगा तो तो क्या होगा स्त्रियों को गायत्री मंत्र देगा मूर्ति पूजा मूर्ति की रक्षा करने नहीं आएगा यह है धर्म ब्रह्म की व्याख्या बदलने का तो जिनको राष्ट्र निर्माण करना है जिनको सनातनी हों को एकजुट करना है वो उन बातों को लेकर के अगर आएंगे जिनमें की सनातनी विरोधाभासी हो जाए जबक उससे कोई फर्क नहीं पड़ना है फिर भी एक ऐसे पॉइंट पर बात की जाए जिससे कि नसता फैले धर्म ब्रह्म की व्याख्या तो नहीं बदल रही व्यक्ति मंदिर बचाने फिर भी आएगा व्यक्ति रामचरित मानस बचाने फिर भी आएगा व्यक्ति वे वेदों को बचाने फिर भी आएगा भले ही आदि शंकराचार्य जी का काल जो है जगतगुरु शंकराचार्य पूरी पीठाधीश्वर उनके अनुसार सिद्ध ना हो और शरी जी संगे वाले महाराज जी के अनुसार सिद्ध हो जाए मान लो दो मिनट तो इससे धार्मिक आचरण में क्या अंतर आएगा कोई अंतर नहीं तो हम बात उसकी करते हैं जिससे की धार्मिक आचरण में अंतर आ रहा है थोड़ा थोड़ा विवेक से भी काम लो भाई तक तुम्हारा खत्म हो चुका है समझे और तुम इधर
01:56:09:07 उधर की बातें कर रहे हो बस ऐसे तो बहुत सारी बातें है जीवन निकल जाएगा पूरा करने में आई बात समझ में तो क्या है कि धर्म और ब्रह्म की व्याख्या किसी से नहीं बदलेगी मगर व्यक्ति जब गलत जगह से जुड़ेगा जहां से नहीं जुड़ना चाहिए वो भले ही शरी पीठ के शंकराचार्य जी यह कह रहे हैं कि भाई आदि शंकराचार्य जी 1200 साल पहले हुए 1500 साल पहले हु जो भी है और जबकि हमारा हमारे गुरुदेव के अनुसार जो है व ईज वर्ष पहले हु मगर फिर भी चंगेरी के शंकराचार्य जी की का खंडन या उनकी समीक्षा इसलिए नहीं करनी चाहिए क्योंकि व प्रमाण है प्रणम है क्योंकि उनके पास भी यदि व्यक्ति जाकर के जुड़ता है तो उसका धर्म वही होगा जो हमारा धर्म है उसका ब्रह्म वही होगा जो हमारा ब्रह्म है तो धरातल पर कोई कार्य करते समय हम लोग व्यावहारिक रूप से एक होंगे वो लड़ेंगे मूर्ति को बचाने के लिए हम भी लड़ेंगे मूर्ति को बचाने वो लड़ेंगे भगवान के अवतार के लिए हम भी लड़ेंगे भगवान के अवतार केलिए जो आर समाजी वो नहीं लड़ेगा इस कन वाले शिव के लिए नहीं लड़ेंगे
01:57:30:09 और भी बहुत सी चीजें हैं वर्ण व्यवस्था के लिए नहीं लड़ेंगे मगर जो संगरी मट से जुड़ेगा वह भी वर्ण व्यवस्था के लिए लड़ेगा जो पुरी मट से जुड़ेगा वो भी वर्ण व्यवस्था के लिए लड़ेगा जो ज्योति मट से जुड़ेगा वो भी वर्ण व्यवस्था के लिए लड़ेगा जो द्वारका मट से जुड़ेगा वह भी वर्ण व्यवस्था के लिए लड़ेगा जो राघवा चारज से जुड़ेगा वो भी लड़ेगा निबार का चारज से लड़ेगा वो भी लड़ेगा निंबार्गा चार जी से जुड़ेगा वो भी लड़ेगा ठीक है रामानंदाचार्य जी से जो जुड़ेगा वो भी लड़ेगा इसलिए यहां पर विवाद करने की कोई आवश्यकता नहीं इस कौन क्या करेगा कृष्ण अल्लाह एक है शिव और कृष्ण अलग है वह अल्लाह के लिए एगा शिव से दूर हटाएगा ये बात को समझो धर्म और ब्रह्म की व्याख्या पर हम क्यों जोर डाल रहे हैं क्योंकि राष्ट्र निर्माण करना है हिंदू राष्ट्र इसलिए धर्म ब्रह्म की व्याख्या पर जोर जोर डालते हैं कि सर्वशक्तिमान ईश्वर परम स्वतंत्र मोक्ष जब इन तीनों के पीछे भागोगे तो हम सब एक हो जाएंगे किसी के नाम से भी वो अब इसमें अगर आदि शंकराचार्य भगवान 1200 साल पहले नहीं ईज वर्ष पूर्व हुए या ाज वर्ष पूर्व नहीं 1200 साल पहले हुए इससे इसमें कोई असर नहीं पड़ेगा
01:58:45:15 तो या अगर कोई व्यक्ति संगरी वालों को मान ले तो भी कोई दिक्कत नहीं है अगर कोई व्यक्ति पुरी के शंकराचार्य जी को मान ले तो कोई दिक्कत नहीं यह कहने का भाव है जो तुम्हारी अल्प बुद्धि में घुसता नहीं है चलो खैर बहुत देर बाद ऐसा टॉपिक आया जिस बोलना और दूसरी बात यह है कि अगर ऐसी बात है और यह बहुत रुचि पूर्ण होनी चाहिए सब चीजें तो तू रामानुजाचार्य जी के लिए बोल ना शंकराचार्य जी को मानता है तो बोल रामानुजाचार्य जी के लिए बोले य व्यक्ति कि भई ये जो है रामानुजाचार्य जी ने तात्विक वचना गलत की है अगर तात्विक वचना उनकी वही है जो इनकी है आदि शंकराचार्य जी की उसी का पार्ट है तो उनके गद्दी पर बैठने वाले जो आचार्य गण है उनसे कलवा एक ही तात्विक वचन है कोई है ही नहीं एक ही संप्रदाय है अवत संप्रदाय कलवा दो सब और नहीं कलवा रहे तो उनकी बात का खंडन करो उनकी बात कटेगी लड़ो नहीं लड़ो समीक्षा करने से बचोगे हमको बताओगे समीक्षा करो हमको टपोरी समझ रखा है क्या हमारे तो पीछे पड़े
01:59:56:22 रहेंगे यार यह व्यक्ति पागल हो गया है पागल हो गया है रामपाल के द्वारा वेद का विरोध किया जाता है इससे भी धर्म ब्रह्म की व्याख्या नहीं बद तुम्ह पता भी है धर्म ब्रह्म की व्याख्या बदलने का मतलब क्या है जब कोई व्यक्ति मुझे फोन करता है कि जो ज्योतिर मठ वाले वो है मुक्तेश्वर सरस्वती जी वो शंकराचार्य है कि नहीं तो मैं यही कहता हूं भाई इससे क्या मतलब है शंकराचार्य है कि नहीं शंकरा अगर वो शंकराचार्य नहीं भी है थोड़ी देर के लिए मान लो तुम उन्हे शंकराचार्य मानते हो और हम नहीं मानते नहीं भी है तो क्या वो गलत गलत शिक्षाए दे रहे हैं धर्म ब्रह्म की व्याख्या गलत बता रहे हैं धर्म धर्म और ब्रह्म की व्याख्या ि वही बता रहे जो शंकर परंपरा के बता रहे हैं तो यह कहां लिखा है कि जो आपका गुरु हो वो शंकराचार्य की गद्दी पर बैठा हुआ ही हो तो कहीं नहीं लिखा है धर्म और ब्रह्म की सही व्याख्या बताने वाला कोई व्यक्ति आपका गुरु बन सकता है वो पीछे से उसके कुछ लक्षण और है वोह चीज है तो इस परे ध्यान दो ना अगर वो ब वो वही चीजें बता रहे जो आदि शंकराचार्य जी महाराज ने बताई है तो तुम्हें क्या दिक्कत हो रही है उनसे जुड़ने तो धर्म ब्रह्म की व्याख्या
02:01:11:22 नहीं बदल रही है इसलिए और अन्य छोटे मोटे वैचारिक मतभेद होते हुए भी कोई भी किसी के अनुग रह सकता है अरे जाओ यार तुम छोटी बुद्धि के व्यक्ति क्यों मतलब नहीं है किसने कहा जो हमारा कहना है वह तो हमने कह ही दिया ना गुरुदेव ने कह दिया मतलब अब तुम हमारे मुख से समीक्षा क्यों करवाना चाह रहे हो और समीक्षा करनी है तो जाके करो र जी के सिद्धांत की समीक्षा वैसे वो तुम्हारे लिए बड़ा भारी विषय हो जाएगा स्थिति देख चुका हूं दर्शन इत्यादि के विषय में कैसे हो
02:02:00:20 [संगीत] तुम अनंद स्वयं को पुरी का शंकराचार्य बता रहा है इससे दिक्कत यह है कि जब व्यक्ति उससे पूछने जाएगा कि अद्वैत में भक्ति है कि नहीं तो व नहीं बता पाएगा व नास्तिक को आस्तिक नहीं बना पाएगा तो क्या होगा वहां पर जाने वाला व्यक्ति टूटेगा अगर पुलिस इंस्पेक्टर नकली घूमने लगे तो सही पुलिस इंस्पेक्टर के पास ना पहुंचने के कारण अव्यवस्था फैले गी वह जो धर्म ब्रह्म की व्याख्या है व व्यक्ति तक नहीं पहुंच पाएगी जैसे इंस्पेक्टर नहीं होगा तो सही न्याय नहीं पहुंच पाएगा लोगों तक कुछ मालूम ना तालम तुम तो यार बहुत बहुत ज्यादा निम्न लेवल के व्यक्ति हो समझ नहीं पाए यार भगवता अंद तुमने मुझे निराश किया है सच में गाल होते तो तुम्हा गाल पकड़ता और ड़ नोचता गाल है नहीं वजन 47 है ना
02:03:07:08 इसलिए नाटक करवा [हंसी] क्योंकि गुरुदेव शंकराचार्य है और हम उनकी सेना के एक सैनिक है जो गुरुजी करेंगे वही हमें करना है क्या हां गुरुदेव ने कहीं गलत नहीं किया हम तो जो गुरुदेव कह रहे हैं उसी को ही आगे बढ़ा रहे हैं पर हमसे समीक्षा क्यों करवा रहे हो गुरुदेव ने हम समीक्षा समीक्षा करने को तो नहीं कहा है तुम जाकर अन्य शंकराचार्य की समीक्षा करो और अगर तुम समीक्षा करवाना चाहते हो तो तुम खुद समीक्षाएं करो ना मैं कह रहा हूं उनकी जाकर समीक्षा करो अभी देखो तुम्हें आटे दाल का भाव पता चल जाएगा करो जाके रामानंद संप्रदाय की समीक्षा सुद्धा दत वालो की समीक्षा जितने लोग अद्वैत के वि विरुद्ध में जितने दर्शन है सबकी समीक्षा करट डालो पता चल जाएगा फिर आएंगे जब ब्रह्म सूत्र के भाष आएंगे सामने करो समीक्षा सबकी
02:04:24:16 और समीक्षा करो जो तुमने कहा हम अभ देखते हैं जो नहीं देखते उनकी समीक्षा कट दो जाके नाम ले लेकर के क्योंकि तुम अभेद देखते हो तो उनका तो कट रहा है उनका तो कट रहा है ना सिद्धांत वो समीक्षा क्यों नहीं करते हो वा दोगले एक नंबर के दोगले हैं बात है बदमा लो बस और कुछ नहीं निग्रह प्रवेशिका यह व्यक्ति जब से हमने इस पर वो किया ना आक्रामक रवैया अपनाया है इसने कम से कम कुछ नहीं तो 50 से 60 बार बोला होगा निग्रह प्रवेशिका निग्रह प्रवेशिका बताएंगे निग्रह प्रवेशिका बताएंगे
02:05:36:18 बिल्कुल बदल जाएगी शंकर संप्रदाय ही तो है जो धर्म ब्रह्म की व्याख्या को ढो रहा है तो अगर व लुप्त होगा तो व्याख्या कौन कराएगा कौन देगा प्रमाणिकता कौन बताएगा परंपरा प्राप्त आचार्य वंशा वाली वो तो लुप्त करवा रहे हो तुम मैं कुछ मालूम ना तालू बस बोलते हो को अपने संख्या अरे भाई रुचि है पर तू समीक्षा करवाना चाह रहा है चीजों की ठीक है रुचि है व गुरुदेव ने बता दिया हमने प्रश्न कर लिया उनसे आमना पीठों में रुचि है कपाती जी के शिष्य तुम थे कि वो थे गुरु शिष्य परंपरा का कार्य क्या है यही बता दो चलो क्यों आवश्यक है गुरु शिष्य परंपरा क्यों प्रमाणिकता गुरु शिष्य परंपरा को जांच हैं क्या जरूरत है व यही जरूरत है ना कि गुरु ने क्या बताया था वह उनका शिष्य बताएगा प्रामाणिक तो कपात जी ने कितनी पीठ स्वीकार की है किस रूप में व वोह बताएंगे उनके शिष्य तुम कौन होते हो दाल भात में मुसर चंद
02:06:47:09 बड़ ब बदल रही है अगर गलत व्यक्ति व्यासपीठ बैठेगा तो अपने मन मुताबिक धर्म ब्रह्म की व्याख्या करने लगेगा जैसे की धर्म की व्याख्या एक आई सामने के मृत्यु के बाद वह नहीं रह जाता है बैर मगर तुम जैसा व्यक्ति बैठ जाएगा तो बताएगा रह जाता है मृत्यु के बाद भी रह जाता है व तो अंतिम संस्कार के लिए बोल दिया था हा बदल जाएगा प्रामाणिकता नहीं रह जाएगी ना तब भी आप अपने धर्म को सिद्ध नहीं कर पाएंगे शाश्वत सिद्ध नहीं नहीं कर पाएंगे आ तो तुम कभी हवेली बताए
02:07:36:01 तुम तो पूरी शंकराचार्य जी बागेश्वर वालों के साथ भी तो इसलिए नहीं खड़े हुए थे कि वह दुबई क्यों गया तब क्यों तुमने टोका था पूरी शंकराचार्य जी को पूरी शंकराचार्य जी करौली वाले के साथ इसलिए भी तो नहीं खड़े हुए थे कि वो जो है कहीं कहीं पर वो शस्त्री वचन जो भी कर तब क्यों तुमने ठोका था हम आरएसएस वालों को साथ में इसलिए भी तो नहीं ले गए थे कि वो जो है कपाती जी के सिद्धांतों के विरुद्ध है या नकली शंकराचार्य खड़ा करते तुम्हारे अनुसार तुमने जो बोला हम तो उन्हें दुर्गा मां को गाली देने वालों से लड़ने के लिए ले गए थे साथ में तुम अपनी चीजों को कस्टमाइज कर लो अपने बात आने पर और दूसरे को कर आओ क्योंकि तुम जो है स्वयं भू हो तुम्हारा स्वयंभू
02:08:29:14 [संगीत] पना पूछ लिया ना पूछ लिया कौन बताएगा मैंने पूछा कि नहीं पूछा तो गुरुदेव बताएंगे मैं बताऊंगा तुम जाकर गुरुदेव से कलवा दो उसने नहीं पूछा अरे भाई तुम्हारा विवाह कब हुआ अभी तुमने बताया ना तुम्हारे संबंध क्या है य तुम्हारा आना जाना कौन बताएगा तब तो हस रहे थे थाकी लगा रहे थे तु मठ में रहते हो क्या पर
02:09:39:08 [संगीत] तुम्हारी किताब कोई वेल नोन किताबे है क्या वेल नन ग्रंथ है क्या तुम्हारे तुम कोई क्या ऐसे महान आचार्य हो क्या गाली बाज हो तुम गाली बाज हो तुम तुम्हारे ग्रंथ तो पढ़े मिलेंगे तो नहीं पढ़ने की कोशिश करेगा कोई ऐसे तो गाली बाज हो तुम मगर फिर भी तुम यह क्यों अपेक्षा कर रहे हो कि पढ़ लिए होते तो यह
02:10:18:14 कहते तु हमें मत सिखाओ क जानते तुमरा खंडन कैसे होगा आओ तो कभी च वही
02:11:14:19 लगाना बचाता हैने आप य ग शीट यूज करता रहता है पूरा दिन झे पता है कितना टाइम वेस्ट होता है शीट में अगर ट के बदले अगर एई पावर अता श है और है भवान बने आदेश दिया
02:11:52:25 नाम क्या होगा दो ना भाईब तब मुह चलाओ दो पहले दो पहले दो पहले भाई तुम अपनी थ्योरी तो दो यह सब बोल रहे हो ना यह सब पहले अपनी थोरी प्रॉपर बनाओ उसको ग्रंथ में लिखो और फिर दो तब हम देखेंगे वह कितना प्रामाणिक चीज है जो बोल रहे हो कहां लिखी क्या लिखी थोड़ी सी गरम गरम चीजें बोल दो जिससे कि सुनने वाले प्रभावित हो जाए उसके बाद अपनी जो मेन चीज है उसको लेकर आगे बढ़ जाओ निग्रह प्रवेशिका में देंगे निग्रह प्रवेशिका में देंगे निग्रह प्रवेशिका में देंगे बस ये
02:12:39:12 है भगवान सिद्धनाथ की पूजा होती तो इसमें क्या दिक्कत है प्रॉब्लम यह है कि तुम्हारी गुरु शिष्य परंपरा क्या है तुम तक कैसे आ रहे हैं वेद कैसे आ रहे हैं शास्त्र अरे मेरे भाई धर्म ब्रह्म सूत्र पर भाष्य किसका पढ़ोगे किसका पढ़ोगे ब्रह्म सूत्र पर भाष अगर आदि शंकराचार्य जी का पढ़ोगे तो आदि शंकराचार्य जी के अनुग आने वाले शिष्य के वो हो जाओगे ना शिष्य या अलग से भाष्य लिखा है तुम्हारे पास वो दिखाओ खाली खाली गुरुओं के नाम शास्त्र में ढूंढने की बात नहीं है जिन गुरुओं के नाम से तुम तक वो आ रहे हैं शास्त्र तात्विक विवेचन भी तो आएगा वहीं से कि वो आदि शंकराचार्य से लोगे
02:13:55:07 हमको भेजो ना हमको भेजो भाष्य कहां से आ रहा है तात्विक विवेचना क्या है और कभी अद
02:14:40:00 अव्यक्ता दवादी कभी तुम अवती बन जाते हो कभी तुम अव्यक्ता दवादी बन जाते हो अपने आपता क्यों कह रहे हो क्योंकि अपने आप को तुम्हें अलग दिखाना है शंकर संप्रदाय से अल्लाह अपने बारे में नहीं बताएंगे य घुमा फिरा के यही कह रहे हैं कि हमने मान्य आचार्यों को बता दिया मगर हम तुम्हें नहीं बताएंगे
02:15:38:21 निग्रह प्रवेशिका निग्रह प्रवेशिका गाना बनाओ भाई निग्रह प्रवेशिका मिलेगी तो देखेंगे प्रमाणन की ब करते गुव से कभी तो आ गुरुजी सा साल गुदव से कभी श् किया सा
02:16:45:02 समना नहीं तो हम अपने आपको को तो ऐसा खपत कर भी नहीं रहे हम बताएंगे कि उनकी शिक्षाएं क्याक है हा यह जरूर बता सकते कि हमारे व्यक्तिगत विषय में हमने जो पूछा था तो उन्होंने क्या कहा मगर तुम तो ना तो उनकी प्रामाणिक शिक्षाएं बता सकते हो प्रामाणिक अधिकृत वो वक्ता बन के उनकी ओर से और ना ही उनकी ओर से य कह सकते हो कि इस विषय में उन्होंने हमसे यह कहा हमारे विरोध में हमारे बारे में ठीक है पहली बात दूसरी बात यह है कि यह व्यक्ति यहां पर देखिए कैसे विषयात कर रहा है मैं जब यह कह रहा हूं कि भाई कोई चीज तुम जैसे पूछ रहे हो हमसे योगाचार्य के बारे में क्या कहना है पुरी शंकराचार्य जी का तो मैं जब यह कह रहा हूं कि तुम कौन होते हु बताने वाले उन्होंने क्या कहा क्या नहीं कहा हमारे विरोध में ठीक है हम कह रहे यह कहा तुम कह रहे हो वो कहा तुम उनसे मिलते नहीं तुम उनके पास जाते नहीं हम उनसे मिलते हैं उनके पास जाते हैं तो तुम हमारे विरोध में और हम उनसे दीक्षित भी है तो हमारे विरोध में तुम कहां तुम कौन कहां खड़े होते हो जो ये बोल सको कि ऐसा ऐसा कहा तो यह व्यक्ति क्या कर रहा है वहां पर विषय चेंज कर रहा है तुम प्रमाणिक तो तुम कभी पूछते क्यों नहीं होय पूछते नहीं हो यह नहीं करते कभी सवाल नहीं करते यह कौन सी बात है भाई अपनी बात शास्त्रों के आधार पर बोलना चालू
02:18:05:25 करो किसने कहा प्रश्न नहीं कर रहे चल मैंने बहुत सारे प्रश्न कर रखे हैं गुरुदेव से मैंने पूछा कि भाई क्या कहते हैं यह ब्रह्मा विष्णु महेश अलग अलग क्यों व्याख्यान हुए तब मुझे वह तत्व प्राप्त हुआ था विद्या विद्या का प्रश्न किया था प्रश्न करते हुए देखा नहीं तो ठीक है इसके डिस्क्रिप्शन में लगा देंगे यह भी इसका एक झूठ है प्रमाणिक शिष्य प्रश्न कहां कर रहे हैं य प्रश्न किया कि नहीं किया मैं दिखाऊंगा तो तुम्हारी तरह मैं समझ रहा हूं तुम किस तरह के प्रश्नों की बात कर रहे हो मगर मैं तुम्हारी जुबान पकड़ू तुमने यहां क्या कहा कि प्रमाणिक शिष्य प्रश्न कहा कर रहे हैं तो प्रश्न करते हुए का मेरा वीडियो है मेरा वीडियो है प्रश्न करते हुए का तुम य सिद्ध हुए झूठे असत्य
02:18:55:24 वादी नहीं नहीं तुम्हारे शिष्य बढ़िया होंगे सपने में यंत्र मिल गया बाइपोलर के टाइम पर यंत्र मिल गया हां मिल गया दीक्षा मिल गई हां मिल गई मंत्र मिल गया हा मिल गया यह तुम्हारे शिष्य कहेंगे हमारे गुरु को यह मिला पहले सांप जैसा था फिर कुछ हुआ फिर कुछ हुआ और सांप से याद आया वो पदार्थ अगर बनाना सीख जाओ अगर ना सीख पाओ तो पूरी तुम्हारे अनुसार मट के जो प्रकार है वो जानते हैं तो उन्हीं की शरण ले लो सीख लो फिर आओ क्या वी इस तरह की डॉक्यूमेंट बनाना चाहते
02:19:41:13 हो और क्या आप य ए आई और साइजी की मदद से ऐसी बनाना चाहते हो जिसकी मदद से है
02:20:22:06 हैको जानते उस और उसके बाद शंकराचार्य पहुचने के बाद क्या कर रही है शंकराचार्य को खलेम कना पड़ रहा है भायो कप को बसाना बड़ा कठिन है तुमको नहीं पता शंकराचार्य को भी नहीं पता है और नहीं पता तो बताओ प्रामाणिक परंपरा वि
02:20:57:12 नहीं इसका जो महा संग्राम है य वीडियो पूरा हो गया एक भाग इसका बधाई और दूसरा है इसका जो महासंग्राम है पा पता नहीं कितने बनेगा लेकिन आ ज्यादा लंबा नहीं खचा जाएगा क्योंकि उसको इस प्रकार सुनूंगा और अ सु उतर देता जानकी नि प्रवेशिका का इतजार करते रहो इनकी निग्रह प्रवेशिका का इंतजार करते रहो इनके गुणगान गाते रहो इनकी परंपरा की प्रामाणिकता य जो है मान्य आचार्यों के कान में बताएंगे हम सबको नहीं बताएंगे सबको बताएंगे निग्रह प्रवेशिका के समय और इनका सबसे बड़ा जो झोल है वह यही है कि इनकी निग्रह प्रवेशिका आज तक य बता नहीं पा रहे हैं चलो र सभी को जय श्री राम समय देने के लिए और जल्दी ही इनका जो अंतिम लाइव है पांच लाइव के हम उत्तर दे चुके हैं अंतिम लाइव है उसको देकर के इस मामले को समाप्त करेंगे जो इन्होंने एक विशेष लाइव करी थी आचार्य राम शंकर शुक्ल जी के लिए जो उसमें विशेष बातें थी उनका जवाब आज हमने जो पहली लाइव की थी उसमें दे दिया है आने वाले टाइम में सबके पोस्टर्स उसके अनुसार कर देंगे जिससे की पोस्टर देख करके और टाइटल देख कर के समझ में आ जाए यह किस लाइव का उत्तर है
02:22:12:12 ठीक है सभी को जय श्री राम i
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लुप्त संप्रदाय और गुप्त आचार्य का सच Reply of 4th live
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