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00:00:01:22 सभी को जय श्री राम आशा करते हैं आप सभी कुशल पूर्वक होंगे और जो आनंद लेने वाले लोग हैं उनको तो आनंद आ ही रहा होगा तो शुरू करते हैं एक कल हमें प्रपोजल प्राप्त हुआ था ये निगरा चार्य जी की ओर से कि उन्होंने कहा था कि वह चर्चा करने का उन्होंने प्रस्ताव रखा था और हमने भी आज अपनी कम्युनिटी पोस्ट के द्वारा जो है बता दिया कि हमारी स्थिति क्या है उसके संबंध में कि जो उन्होंने प्रस्ताव रखा है हमने बताया कि जो विषय है वह इस तरह का है कि उस पर जो है सार्वजनिक रूप से इस तरह से द्वंद करना ठीक नहीं है उसम हम आगे बात करेंगे उस संबंध बहुत सारे प्रश्न भी पूछे गए

00:01:01:02 हम लोग आगे बात करेंगे उसका भी उत्तर देंगे जो प्रश्न पूछे जा रहे हैं तो अब पहली बात तो य हमने उसम कहा कि भाई अप्रिशिएट करते कि आपने इस तरह का यह जो है कदम उठाया प्रयास किया और संपर्क सादा मगर वह विषय ही ऐसा है जिस पर की सार्वजनिक चर्चा नहीं होनी चाहिए और दूसरी एक बात यह भी है कि अगर किसी प्रकार का विरोधाभास हुआ और या टीका टिप्पणी चालू हुई सीटा कसी चालू हुई यह सारे दृश्य जो है विरोधियों के बहुत कार्य आएंगे अभी भी आ रहे हैं हमने छटा गसी चालू नहीं की है हमने केवल डिफेंस डिफेंसिव रहे अभी तक हम आक्रामक नहीं हुए हैं और आशा करते हैं कि ऐसी स्थितियां ना आए कि हमें आक्रामक होना पड़े और हमने पूरी कोशिश की कि भाई दृश्य ना बने मगर जब सामने की तरफ से नहीं सोचा जाएगा इन सब चीजों को और विवश किया जाएगा तो बार-बार डिफेंस भी करना पड़ेगा और आवश्यकता पड़ी तो फिर आक्रामक भी होना पड़ेगा मगर फिलहाल ऐसी कोई हमें वो नहीं दिख रही है मगर एक चीज

00:02:16:20 है कि अ एक तरफ निग्रो जल देते हैं कि भाई 5 बजे से पहले तक आप जो है हमसे लाइव कर और और हमारा जब तक उनको उत्तर पहुंचता है तब तक व एक और वीडियो डालते हैं विरोधा भासी जिसमें की वोह खुद कहते हैं कि मैं इसका सत्यापन नहीं कर रहा हूं मगर अकॉर्डिंग में ऐसी ऐसी चीज जो आपको स्पष्ट हो जाएंगी भाई जब आप स्वयं य कह रहे कि मैं इसका सत्यापन नहीं कर रहा हूं तो फिर आप यह कैसे कह रहे कि स्पष्ट हो जाएंगे चीज स्पष्ट तब होती है जब वो सत्यापित हो स्पष्ट कैसे हो रही है आप खुद ही कह रहे हो कि सत्या सत्यापित नहीं कर रहे हैं फिर आप कह रहे हो कि स्पष्ट हो जाएंगे आपने उसम चीज मैंने पूरी रिकॉर्डिंग नहीं सुनी है जब नहीं है तो उसका क्या करें तो अभी कुछ देर पहले मेरे पास एक फोन आया उसम पूछ रहे थे वो कि व निगरा चार्य जी ने ऐसी ऐसी वीडियो डाली है वो गेट बंद करवा दो ऐसी ऐसी वीडियो डाली है उसमें ऐसी कॉल रिकॉर्डिंग डा तो मैंने उसम पूछा कि उसम तो वो स्वयं ही कह रहे सत्यापन नहीं है तो फिर क्या करें उसने पूछा क्या करें मैंने कहा एंटरटेनमेंट लो और एंटरटेनमेंट डालिए ना जिस चीज का कोई सिर पैर नहीं है वो केवल मनस्य फैलाने के लिए ही है

00:03:31:25 हमने जो अपनी जो लाइव कर रहे हैं ये इसका नाम क्यों रखा है सच के आसपास वाला झूठ वो क्योंकि जो सामग्री आपको दिखाई जा रही है वो आपको प्रभावित बहुत करेगी बहुत प्रभावित करेगी वो बिल्कुल आपके विचलित आपके विश्वास में आपके सब कुछ डगमगाने का सामर्थ्य रखती है वो सामग्री मगर उसकी एक कड़ी होगी जो कि मिथ्या उसको करार दे रही होगी तो वैसा ही है कि भाई एक तरफ आप प्रस्ताव रखते हैं कि हम आपके साथ चर्चा करें और एक तरफ आप अपना उद्देश्य य प्रकट करते हैं कि क्या कहते हैं आपके अंदर भरा हुआ है विरोधाभास तो विरोधाभास की स्थिति में और जो यह जो चर्चा है उसमें फिर एक विस्तृत जानकारी अभी मैं दूंगा आपको मगर

00:04:20:16 जो हमने अपने पोस्ट में कहा कि भाई जो इस विषय पर चर्चा जो है व्यक्तिगत रूप से अपेक्षित है नीति पूर्ण है और इस तरह से ठीक नहीं है कि हम लोग किसी मंच पर आकर के

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00:04:33:20 मंच पर किसी धार्मिक विषय को लेकर के अगर बात होती है तो बात वो होती है कि भाई कोई कह रहा है ईश्वर सर्व शक्तिमान है अवतार ले सकता है नहीं ले सकता है तो धर्म और ब्रह्म की जहां से पुष्टि हो रही हो उस विषय पर बात होती है किसी मंच पर तो वह उससे कुछ संदेश प्राप्त हो सकता है मगर जो सत्यापन का विषय है जिसमें अभी तक यह प्रूफ ही नहीं हुआ है कि जिस पर आरोप लगाए जा रहे हैं वोह ठीक है कि नहीं और ऐसे मामलों को लेकर के हम लोग जो है और विरोधी जिसमें दोनों दो लोगों का विरोधी मत है और फिर हम पब्लिकली लाइव आक के उसमें चर्चा करें तो वह हमें ठीक नहीं लगा और तो पहली बात तो यह है कि इससे हमें थोड़ा सा आपका जो प्रयोजन था चर्चा का वह स्पष्ट हो गया है तो हमें नहीं लगता कि आपके साथ अब व्यक्तिगत चर्चा का भी कोई चर्चा की भी कोई स्थिति बची है इस तरह की आप चीज करें तो फिर आपके साथ सौहार्द चर्चा की जो जगह है वो नष्ट होती जाएगी अच्छा एक चीज इसमें मैं ये कहूंगा कि जैसे आपने बिना सत्यापन के जो इन्होंने निगरा चार्य जी ने जो बिना सत्यापन के वीडियो डाल दिया कॉल रिकॉर्डिंग डाल दी हम भी डालते हैं

00:05:48:27 मगर हम कौन सी कॉल रिकॉर्डिंग डालते हैं जिसमें हम स्वयं बात कर रहे हैं हम हम स्वयं बात कर रहे तो हम कम से कम ये क्लेम कर सकते कि हां भाई किसी विरोधी का हमारे पास फोन आया था हम यह क्लेम कर सकते हैं और ऐसा कोई क्लेम भी आपने नहीं किया ऐसा कोई सत्यापन तक आपने नहीं किया है ना और फिर भी आपने उसको डाल दिया तो कहने का अर्थ यह है कि इन वीडियोस का अर्थ क्या है जो आप खुद कह रहे हैं सत्यापित नहीं है और उसमें बहुत ही इंपॉर्टेंट लोगों के नाम लिए जा रहे हैं बहुत तो क्या आशय है ऐसे वीडियोस को डालने का तो

00:06:27:01 मैंने वही कहा एंटरटेनमेंट आप ही मुझे बताइए जो आपको जिस पर स्वयं विश्वास नहीं है ऐसे वीडियोस को डालने का क्या है अच्छा ऐसा नहीं है हमने कई बार कुछ लोगों को बुलाया अपने चैनल पर उन्होंने कुछ सामग्री प्रस्तुत की वो लोग कम से कम य क्लेम कर रहे कि सामग्री का सत्यापन का सत्यापन की जिम्मेदारी मैं ले रहा हूं और हमने कहा वहां पर हम नहीं ले रहे यह भाई साहब ले रहे हैं जो भी दिखा रहे तो वहां पर ऐसा भी कुछ नहीं है कि आप आप जो यह कॉल डि आपने दिखाई निकरा चार्य जी ने तो उसमें उन्होंने कॉल रिकॉर्डिंग का सत्यापन की जिम्मेदारी तो यह क्या है खेल ही तो है

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00:07:06:15 तो अगर इनको लगता है कि धर्म है पीठ है जो जगतगुरु शंकराचार्य जी का मामला बहुत चिंता है तो फिर उसके साथ य खिलवाड़ क्यों ये यह क्यों है जब आप सत्यापित चीज नहीं है तो आप उनको क्यों डाल रहे जो संभावित जो संभावनाए उत्पन्न कर सकती है जो संभावना की ओर इशारा कर रही है ऐसी चीज उनको आप इस तरह से डाल करके केवल एंटरटेनमेंट या फिर केवल वो संभावना लोगों के मन में शक उत्पन्न करना या अविश्वास उत्पन्न करना इसके अलावा और क्या है जब धरातल पर आएंगी चीजें तो कुछ भी सि होने वाली बात ही नहीं

00:07:48:14 अब जैसे

00:07:49:26 मैं इसको और थोड़ा सा आगे ले जाऊंगा जैसे आपको चिंता है पीठ की और पीठ में स्वयं को ब्रह्मचारी डिक्लेयर करने वाला आपके अनुसार के आचरण जो है ब्र के अनुसार नहीं है तो आप कोर्ट में क्यों नहीं जाते आपको चिंता है ना तो आप मुकदमा लगा दो उस मुकदमे को लड़ने में मैं भी आपका सहयोग कर दूंगा लगा दो मुकदमा मगर आप इसलिए नहीं लगाओगे क्योंकि आप स्वयं जानते हैं कि यह वह प्रमाण और तथ्य नहीं है जिनके आधार पर लड़ा जा

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00:08:20:10 स बातें करने के लिए ठीक है बातें करिए खूब और वोट कमाइए उन सबके लिए ठीक है वोटिंग के लिए वोट प्राप्त करने के लिए सहानुभूति या चीजें इत्यादि इत्यादि करने के लिए काफी है मगर लड़ाई के लिए पर्याप्त नहीं है तो हम लोग ऐसी चीजों को लेकर कभी आगे नहीं बढ़े हमने स्न से आर समाज से बातें की उनकी जो चीजें थी जो वो गलत शिक्षा फैला रहे हैं हमेशा उन मुद्दों पर बात की सदैव उन मुद्दों पर बात की है जो मुद्दे सत्यापन के अधीन नहीं हमने कई बार ये चीज कही भी है कि हम लोग धर्म ब्रह्म के विषय में बात करते हैं लोगों से और उन विषयों पर बात करते हैं जो सत्यापन के अधीन नहीं है कि तुम अचिंत वेदा भेद मानते हो हा

00:09:08:21 मानते हैं तो अब अचिंत वेदा भेद प हम बात कर रहे हैं यह अचिंत वेदा भेद मानना इस कन का यह सत्यापन के अधीन नहीं है मगर ऐसे विषय कि स्कोन में यह हो गया या निगरा चार्य जी के यहां यह हो गया या वो भागवत कथा कर रहे थे तो वहां पर वो जो है गाना हो गया जिसका आपने डांट भी लगाई वीडियो के माध्यम से उसमें भी आपने एक शंकराचार्य विरोध वाली पंक्ति कही थी मैं उस पर नहीं जाऊंगा मगर ऐसा हो गया तो यह वाली चीजें जो सत्यापन के अधीन है किसने देखा डांस हुआ था किसने दे बात आएगी ना कि डांस हुआ था किसने देखा तो सत्यापन के अधीन है उसम फिर हमें जाना पड़ेगा कि हम इससे बुलवा उससे बुलवा ऐसी चीजों प हम लोग बात नहीं करते हम लोग अका चीजों पर बात करते हैं जो अका हो गया तो उस पर हम बात करते तो पहली बात तो यह है कि आपके एक तरफ आप प्रपोजल रखते हैं चर्चा का दूसरी र क्या कहते हैं आप विरोधाभासी वीडियो

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00:09:59:10 लना रोकते नहीं है तो आपका मंतव्य क्या है चर्चा का चर्चा के लिए स्थान क्या बच रहा है आपका स्टैंड क्लियर है आपने जो जो अर आदित शब्दों का उपयोग किया है वो क्लियर है आप उस पर डटे हुए हो तो फिर मैं आपके साथ चर्चा कैसे मंच को साझा करूं दूसरी बात ये भी है कि भाई वो ऐसा विषय ही नहीं है जिसके ऊपर सार्वजनिक मंच पर जो है चर्चा की जाए इस पर हम आगे बात करेंगे तो पहली बात तो ये हो गई कि यदि धर्म की चिंता है तो आपको जो है कोर्ट में चले जाना चाहिए यह जो आपके पास तथ अगर है जो

00:10:32:02 जो सामग्री आपके पास है वह पर्याप्त है तो आप कोर्ट चले जाइए कोर्ट में कर दीजिए

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00:10:38:03 केस फाइल एक एक व्यक्ति शंकर पीठ से है और वह स्वयं को ब्रह्मचारी कह रहा है जबक उसका ऐसे ऐसे चीज है पर नहीं जाएंगे क्यों नहीं जाएंगे वो आप भी जानते हैं खेल खेलने के लिए ठीक है खेल खेलते रहो ठीक है खेलिए कोई नहीं अब बात आती है कि लाइव प्रपोजल हमने रिजेक्ट क्यों किया तो इसमें एक विस्तृत वर्णन है मेरे पास वाई जो रिजेक्ट किया

00:11:16:28 है तो सबसे पहली बात तो यही है कि भाई इस लाइव चर्चा का उद्देश्य क्या है क्या निग्रह चार्य जी को अपने दिए हुए वक्तव्य पर संदेह है कि मैंने जो कहा है वह हो सकता है कुछ उसमें गलत हो तो मैं शिवान से समझना चाहता हूं ऐसा तो है नहीं क्योंकि वह चर्चा के चर्चा का प्रपोजल देने के बाद भी वीडियो डाल रहे हैं ठीक है तो यह भी बात खत्म हो गई फिर दूसरा एक यह पक्ष सोचा जाता जा सकता है कि क्या वह अपने पक्ष को सिद्ध करना चाहते हैं तो अगर ऐसा भी है कि अगर एक चर्चा के माध्यम से आप अपने पक्ष को सिद्ध करना चाहते फिर भी आप प्रपोजल देने के बाद भी आप वीडियो डालते जा रहे हैं तो यह भी बात खत्म हो जाती है तो चर्चा का उद्देश्य फिर वही हो रहा है मसाला प्रदान करना ठीक है मसाला जनता को मसाला मिले जो विरोधाभासी तत्व उनको मसाला मिले और वो जो तूतू मैं मैं हो वो दिखाई दे लोगों को देखो देखो वो सब ठीक है ऐसा नहीं है कि उससे भाग रहे हैं बात आएगी उस पर भी तो अच्छा यह चीज भी हो सकती थी ऐसा नहीं है कि आपके साथ मंच साझा नहीं हो सकता मंच साझा हो सकता था मगर अगर विषय में आपने निर्णायक बनते हुए अपने वक्तव्य

00:12:32:09 ना दे दिए होते आपत्ति जनक अपमान जनक अपमान सूचक शब्द ना कह दिए होते है ना तो आपने ऐसा बहुत कुछ कहा है जिसके कारण से हमें आपके साथ मंच को साझा करने में बाधा आ रही है और ऐसा नहीं है हम पहली बार कर रहे हैं ऐसा भी नहीं है ऋषि उवाच नाम का व्यक्ति था उसने अभद्र टिप्पणियां कर दी थी फिर हमने उससे मना कर दिया था भाई हम नहीं करेंगे मंच साझा ठीक है

00:13:03:18 और भी ऐसा था और भी कई लोग हैं जिन्होंने जैसे एक वो लड़का था

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00:13:08:01 स्कोन का है ना उसने भी एक बार वो लाइव में आया उसके बाद जाकर के उसने उल्टी सीधी बातें करना शुरू कर दी तो हमने उसके लिए ही मर्यादा की भाई पहले माफी मांगो पहले क्षमा मांगो अभद्र आप खंड आर्थ जो बोल रहे हो वो बात अलग है मगर आप जो अभद्र अमर्यादित अपमान सूचक चीजें जो बोल रहे हो वो बात अलग है तो तो इसलिए मंच साझा करना कठिन क्यों हो रहा है कि आपके मुख से हम गुरु निंदा सुन चुके अब गुरु निंदा की बात एक आपको बताऊ आप भागवत करने गए वहां पर क्या हुआ कि डांस हो गया शायद कोई फिल्मी गीत बज गया हो वहां पर आपने डांटना शुरू किया वहां पर शंकराचार्य की कोई बात नहीं हो रही थी ठीक है फिर वहां क्या हुआ बिना बात के ही आप शंकराचार्य को कह रहे हैं कि आप चार करोड़ रुपए देक चारों शंकराचार्य को बुला लो मगर मेरी भागवत में ऐसा नहीं होगा ये क्या है शंकराचार्य को नीचा दिखाते हुए अपने आप को अपना वर्चस्व स्थापित करने का प्रयास ही तो है और क्या है वहां शंकराचार्य आपका कुछ नहीं कह रहे वहां कोई विषय नहीं चल रहा है आप अपने व्यक्ति को उसको समझा रहे हैं मगर आपको य डायलॉग मारने की क्या जरूरत है ये गुरु निंदा इसको कहेंगे बिना बात के ही कोई बात नहीं थी वहां प

00:14:23:01 ऐसे मगर आपने कहा हां तो और ऐसी अनेक ने टिप्पणियां जिसमें की ठीक नहीं है जो हमारे गुरु की निंदा आपने की तो गुरु निंदा आपके मुख से सुन चुके मट के गुरु के जो सेवक हैं बिना किसी तथ तथ्य को प्रस्तुत किए हुए उपयुक्त पर्याप्त सामग्री को प्रस्तुत किए हुए और आपके द्वारा निर्णायक प्लस अपमान सूचक आपत्ति जनक शब्द सुन चुके ऐसे कई आचार्य हैं राजेंद्र दास जी प्रेमानंद जी जो क्या कहते हैं हमारे लिए सम्माननीय है हम उनमें गुरु भाव देखते

00:15:04:03 हैं उनमें से कईयों में और आप नहीं देखते कोई बात नहीं आप उनका खंडन करें आप उनका खंडन करते मगर आपने तड़ा के वो अरे भाई आयु में बड़े होंगे हा आपसे अनेक संतों का सानिध्य प्राप्त करने में बड़े होंगे काफी आ चीजों में आपसे बड़े होंगे तो उसी का ध्यान रखते मगर आपने उसमें भी ऐसे कई संत जो संत के रूप में जाने जाते आप ये काउंटर करेंगे वो संत तो हो वो संत तो हो ये काउंटर करेंगे तो मैं ये नहीं कह रहा हूं कि आपके लिए वो संत होने चाहिए आपके लिए वो संत नहीं है डजन मैटर मगर मेरी नजर में उनका सम्मान है मेरी नजर में वो संत है या मेरी नजर में वो आचार्य है और मैं इन सब बातों का जवाब दूंगा आगे कि आप कैसे हर एक की समीक्षा करते हैं और

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00:15:54:16 निगरा चार कैसे हर एक की समीक्षा कर पाते हैं और ये जो संत गण है इनके इर्दगिर्द ऐसी चीज क्यों होती है जो समीक्षा की उसम आ जाए आपकी रडार में तो उस पर हम आगे बात करेंगे मगर फिलहाल क्या चल रहा है कि आप खंड आर्थ

00:16:10:09 अगर बोले कोई बात तो बात ठीक है आपने मरे हुए लोगों को नहीं छोड़ा आपने दयानंद जी को नहीं

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00:16:17:25 छोड़ा प्रभुपाद जी को नहीं छोड़ा अरे भाई मरने के बाद राम ने सिखाया है राम ने सिखाया मृत्यु के बाद बैर नहीं रहता तो क्यों आप उल्टा सीधा बोल रहे खंड आर्थ बोलो मले राज से उनका संबंध है या फ्री मिशन से उनका संबंध है खूब बोलो मगर मर्यादा में रह कर के तो आपने

00:16:35:20 मरे हुए लोगों को नहीं छोड़ा आपने ऐसे किसी को भी नहीं छोड़ा तो जब आपके आपके द्वारा ऐसी चीजें निर्गत हो रही है आपके मुख से जो कि हमारे धर्म की सीमा में हमें यह आज्ञा नहीं दे रही कि हम आपके साथ किसी मंच को साझा करते हुए दिखे किसी मंच

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00:16:54:09 ठीक है सौहार्दपूर्ण चर्चा तो यह फिर और फिर इसमें आपने सोने प क्या किया कि चर्चा व्यक्ति अगर विचार करे भी मन बनाए भी कैसे किस किस आधार पर कर तो आप उसम सोने प सुहागा क्या कर रहे हो कि एक तरफ आपने प्रपोजल दिया और दूसरी तरफ आपने एक विरोधाभासी निराधार वीडियो फ डाल दिया कोई

00:17:12:25 बात नहीं इन सब बातों पर तो बात कर ही चुके व वीडियो कितना तथ्यात्मक है अच्छा अब यह जो आचार्य गण है राघवाचार्य जी महाराज राजेंद्र दास जी महाराज यह सब आचार्य गणों में से ऐसे कई आचार्य गण है जिनके शिष्यों ने आपको निमंत्रण दिया आपको बुलाया प्रस्ताव रखा कि आओ हमसे चर्चा कर लो पर वो कौन से कारण थे कि आप नहीं जा पाए जा पाए वो आप ही जानते हैं देखिए यह मेरा बात करने का

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00:17:44:10 तरीका है जब मैं अकाट्य चीज नहीं जानता हूं कि निगरा चार्य जी ने मना क्यों किया निगरा चार्य जी अमुक वहां वहां व्यक्ति के बुलाने पर क्यों नहीं गए ठीक है तो मैं यहां पर यह नहीं कहूंगा कि निगरा चार्य जी डरपोक है भाग गए क्योंकि मैं संभावनाओं के ऊपर बात नहीं करता अपना निर्णय नहीं देता हूं यह अंतर है मैं अंतिम सांस तक अकाट्य चीजों के लिए लडूंगा मेरा सनातन धर्म अकाट्य है शंकराचार्य अकाट्य हैं मेरा धर्म और ब्रह्म अकाट्य है मैं उसके लिए लडूंगा मरूंगा अकाट्य चीजों के लिए लड़ता मरता हूं संभावनाओं प नहीं तो जब यहां पर आपको बेनिफिट ऑफ डाउट दिया जा सकता है कि हो सकता है आपके कौन-कौन से कारण रहे हो जो उनके बुलाने पर आपने वो आप आप बताएंगे सबसे पहले मेरे इसमें मेरी स्थिति होगी कि मैं आपसे पूछू आप क्यों नहीं गए थे वहा बिना आपसे पूछे मैं य नहीं बोल दूंगा कि आप डर गए थे उन लोगों से कपाती जी जैसे महान धर्म सम्राट उनके सिद्धांतों का आपने खंडन करने का प्रयास किया अच्छा कपाती जी महाराज जी के कई ऐसे शिष्य हैं जो आपके भी डायरेक्ट संपर्क में है मगर आपने उनके साथ भी चर्चा करना उचित नहीं समझा

00:19:00:02 तो मतलब यह वाली बात है ना जो कि आपने कई ऐसी चीजें करके रख दी कि जो एक सौहार्द पूर्ण चर्चा का मंचन हो सकता है वह तो नहीं हो सकता क्योंकि वहां पर मैंने जैसा कि बताया कि क्या कहते हैं मेरा धर्म मुझे आज्ञा नहीं देता है और यह बात आप भी जानते हैं अगर आप धर्म को जानने वाले हैं तो आप अगर मेरी जगह होते तो आप भी यही करते यदि आप को जानने वाले तो यह एक बात रही सबकी आपने अमर्यादित रूप से देखिए खंडन अलग चीज है खंडन अथ शब्द अलग चीज है मगर अपमान सूचक तू तड़ाक और संभावित सामग्री के ऊपर जो है आरोप लगा देना निर्णय दे देना यह हो रहा है वो हो रहा है वो सब चीजें ऐसी स्वीकार नहीं है ठीक

00:19:52:07 है अब क्या है कि अब इस सबके बाद भी जब उन्होंने तो इस सबके बाद भी आपने जो प्रपोजल दिया मतलब इस सबके बाद भी आपके साथ मंच साझा हो सकता था है ना मगर जो

00:20:32:08 आपने ये मतलब हम लोग विचार कर रहे थे मगर तब तक आपका यह वीडियो तो आ ही गया तो कहने का अर्थ यह है कि भाई इन सब चीजों को देखते हुए हम यह नहीं

00:20:43:10 कर सकते कि आपके साथ हम मंच साझा कर पाए वो भी कब तक जब तक आप अपने इन अमर्यादित जो चीजें हैं यह सब चीजें मैं करना नहीं चाहता था

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00:20:52:07 मैंने आपने विवश किया है मैंने खुद को बहुत रोका था ये सब चीज बोलने से तो मैं आपने मुझे विवश किया ठीक है तो मैंने काफी स्वयं को रोका कि ये सब चीजें जो हमारा जो विरोधाभास है जो भी है जिस भी स्तर पर है वैचारिक मतभेद है जो भी है वो लोगों के बीच में ना प्रस्तुत हो मगर आपने विवश किया आपकी फोटो यूज नहीं कर रहे हैं फिर भी आप जो है बना रहे हैं वीडियो धरले से आपके बारे में आपका नाम नहीं ले रहे हैं फिर भी आप वीडियो बना रहे हो धड़ल्ले से फिर आप जो है और भी अमुक अमुक चीजें कर रहे हो तो फिर करना पड़ेगा बता चीजें बतानी पड़ी और आप आगे और बढ़ो ग तो डाल डाल और पात पात है ना तो ऐसा होगा ऐसा ना समझा जाए वो गुरुदेव कहते हैं ना कि उदारता को वो ना समझा जाए कायरता तो वो वाली बात है हमारी उदारता को कायरता ना समझा जाए आप आगे बढ़ो तो हम भी आगे बढ़ेंगे गुरुदेव की लाइब्रेरी में ऐसी ऐसे ग्रंथ भी पढ़े थे हमने तो तो पहली बात तो ये हो गई कि जब तक आप

00:22:05:10 पश्चाताप प्रकट नहीं करते तो इस तरह का सौहार्दपूर्ण मंचन लोग देख पाए मुझे कल से कई कई सारे वो मिल रहे थे इग्रा इत्यादि पर लोग मुझे टैग कर रहे हैं आप दोनों साथ में दिखेंगे तो हमारे लिए बड़ा सौभाग्य का दिन होगा मुझे भी अच्छा लग रहा था लोग ऐ ऐसा चाह रहे हैं मगर मेरी मर्यादा है मेरी गुरु की निंदा मैंने सुनी है आपके मुख से सुनी नहीं है और अगर आप अगर ऐसी ही बात करेंगे तो एक अच्छी खासी लिस्ट बना कर के मैं एक वीडियो बना दूंगा उसपे कहां क की है और जो अन्य जो ऐसे मेरे लिए सम्माननीय हैं उन आचार्यों की निंदा भी मैंने आपके मुख से सुनी है निंदा का मतलब है खंडन नहीं खंडन खूब करिए मगर तू तड़ाक छोटी उम्र के हैं आप छोटी आयु है आपकी है ना और तू तड़ाक से बात करना मरे हुए लोगों के लिए जो मर चुके हैं मरने के बाद कोई बैर नहीं रह जाता फिर भी तो ये सब निंदा निंदा मैंने सुनी परिकर की तो निंदा आप कर ही रहे हैं अधूरे तथ्यों के आधार पर तो पहली बात तो ये हो गई कि आप इन सब चीजों के लिए अगर पश्चाताप प्रकट करते तो हमारी एक सौहार्द पूर्ण चर्चा देखने को लोगों को मिल पाए संभवत आप करें कि ना करें वो नहीं पता

00:23:20:12 अब इन सबसे भिन्न बात आ जाती है कि भाई यह सब बातें तो एक तरफ है पर फिर भी जिस विषय पर आपने हम लोग चर्चा करेंगे तो यह चर्चा का वो विषय हो ही नहीं सकता जिस पर हम लोग सार्वजनिक रूप से बात करें

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00:23:34:20 यह मैं अभी आगे भी बताऊंगा पर यह वो विषय नहीं हो सकता जिस पर सार्वजनिक मंच पर मंचन किया जाए चर्चा का और हां यदि आपको शंकर परंपरा के सिद्धांतों द्वारा जो प्रचारित होने वाला जो जो विषय है धर्म और ब्रह्म का यानी कि आवान के जो मूल तत्व है सर्वशक्तिमान ईश्वर परम स्वतंत्र मोक्ष शाश्वत धर्म इस इसमें से यदि कहीं पर आपको कोई आपत्ति हैन तीन तत्वों से यदि आपको आपत्ति है आपको लग रहा है कि नहीं ईश्वर सव शक्तिमान नहीं है कहीं ना कहीं वादित है आपको लग रहा है कि मोक्ष परम स्वतंत्र नहीं है वादित है आपको लग रहा है कि नहीं धर्म शाश्वत नहीं है वह जो है बदलता है परिवर्तनशील है तो आप अपने किसी ऐसे योग्य शिष्य को अनुगामी को आप निग्रह चार है तो आपकी उसमें होगा ना कोई जो तैयार हुआ होगा उसको बेज सकते हैं क्योंकि उसने अभी तक हमारी जानकारी में अभद्रता नहीं की है उस चर्चा के लिए भी आप एलिजिबल नहीं है फिलहाल के लिए तो आप उसको बेज सकते हैं एलिजिबल मतलब वो एक विनोद पूर्ण कहा है मगर

00:24:50:04 वो वो चर्चा भी आपके साथ हम नहीं कर सकते सैद्धांतिक चर्चा वो क्यों नहीं कर सकते क्योंकि वही सारी बात मंच साझा नहीं कर सकते उसके लिए आप अपने किसी कोई कोई तो योग्य शिष्य आपने जना होगा कोई बनाया होगा निर्मित किया होगा कोई उसको आप भेज सकते हैं जो हमारी जानकारी में जिसने ऐसा कुछ ना कहा हो आपत्ति जनक चीज ना की हो तो उसको आप बेज सकते हैं इसके साथ ही साथ इसकी भी प्रबल संभावनाएं हैं कि जब हमारी और आपकी चर्चा हो और जाहिर सी बात है कि दोनों के अलग-अलग स्टैंड है तो हम आपस में तकरार करते हुए दिखें या अलग तरीके से व दृश्य बने तो अभी क्या हो रहा है कि हम लोग शांतिपूर्ण ढंग से उधर से आपने वक्तव्य दिया हमने इधर से दिया मगर वो फिर अलग ही एक दृश्य बन जाएगा और अब मैंने आज भी अपना जो कम्युनिटी पोस्ट डाला उसके साथ में क्या कहते हैं वो था क्या कहते

00:25:47:27 हैं यह क्या कहते हैं कम्युनिटी पोस्ट ये उसमें मैंने डाला कि हम लोग जो दो लोग हैं अब देखिए यहां पर कुछ लोग हैं जो कह रहे हैं हिसाब से औरंगजेब के लिए भी शत्रुता नहीं है हा औरंगजेब के लिए शता नहीं है भाई सिद्धांतों के लिए उसके द्वारा प्रचारित होने वाली शिक्षा के प्रति शत्रुता है व औरंगजेब तत्व में मिल गया अपना कर्म भोग रहा होगा नरक में पड़ा होगा जो भी कर रहा होगा और भाई तुम एक बात बताओ मैं अपने मन से नहीं कह रहा हूं इस बात के लिए आ जाओ चलो जो बात ये कह रहे हैं लोग कोई कह रहा है औरंगजेब से शत्रुता नहीं है जो बात ये कह रहा है अजीत सिंह भदौरिया आजा भाई त आजा सामना कर ले फिर इस पर हम पड़े हम अकाट्य चीजों के लिए पढने के लिए कभी भी तैयार है आ जाओ ठीक है तो श्री राम का यह सिद्धांत है और रामो विग्रहवां धर्मा अपने आप को सनातनी मानना छोड़ दो राम को नहीं मानते तो ठीक है तो पहली बात तो हमें दयानंद जी के जो द्वारा प्रचारित दयानंद जी के नाम से जो प्रचारित चीजें हैं उनसे दिक्कत है उन पर हम क कटाक्ष करेंगे उन पर हम जो है प्रतिकार करेंगे उन शिक्षाओं मगर हम ऐसा नहीं है कि उनके बारे में मतलब आपत्ति जनक

00:27:03:01 शब्द कहना लगे और यह सब करें या प्रभुपाद जी के लिए हम कहने लगे हैं वो करें ये करें ये सब हमने नहीं सीखा राम से आपने कहीं सीख लिया हो राम से तो बात अलग है ठीक है वो कोई और राम होंगे आपके वाल्मीकि रामायण से इतर अजीत सिंह भदोरिया जी हम तो मैं आ जाता हूं वो क्या कहते हैं कि भाई इस बात की भी प्रबल संभावनाएं है कि इस चर्चा से अधर्मी तत्वों को सामग्री प्राप्त होगी अभी तो शांतिपूर्ण फिर उस समय दिखेगा वो अधर्मी जो तत्व है वो फिर क्लिप निकालेंगे बनाएंगे यह देखो दो जातिवादी लड़ रहे हैं है ना तो आपको मैंने बताया कम्युनिटी पोस्ट के जरिए तो यह सारी एक चीजें है जिसके कारण मंच मंच साझा तो नहीं किया जा सकता हा व्यक्तिगत चर्चा हम लोग कर सकते थे मगर उसमें भी आज आपने बाद उत्पन कर दिया ये वीडियो रिकॉर्डिंग वाला हमको नहीं पता था वीडियो रिकॉर्डिंग हमारे कम्युनिटी पोस्ट को डालने से पहले आपने डाल दी है मगर हमने हमको तब तक नहीं पता कि आपने क्या किया क्या क्या नहीं किया हमने उत्तर दिया और उसके बाद हम देख रहे हैं थोड़ी देर बाद कि आपकी ये वीडियो चल रही है तो ठीक है वो आपने उसमें भी

00:28:18:01 बाधा उत्पन्न कर दी कि आपकी हमसे कोई व्यक्तिगत सहार पूर्ण चर्चा हो वो भी आप चीजें बंद कर रहे हैं तो अब जब तक आप पश्चाताप प्रकट नहीं करते तो हम आपको लेकर के कैसे आगे बे आप ही बताए एक तो यह बात हो गई अब बात आ जाती है कि हमने और क्या कारण था जो इसको रिजेक्ट किया तो इसमें एक बात ये भी है सबसे पहले सेंसिटिविटी एक तो धर्म रक्षा है ही है कि जो परंपरा विरोधी वर्णाश्रम विरोधी कहीं ना कहीं अवैध लोग शास्त्र के वचनों में दोष ढूंढने वाले जो लोग हैं जो कहीं ना कहीं आ कर के कह देते हैं कि देश काल परिस्थिति के अनुसार हम हम जो है वह बदल देते हैं है ना विधान को सभी कहते हैं आर्य समाज हो

00:29:09:14 या आर्य समाज हो या फिर स्कन वाले हो जितनी भी परंपरा को ना मानने वाली या परंपरा को मानने का दिखावा करने वाली संस्थाएं हैं जो सनातना भाषी कहते हैं सीधे सरल शब्दों में सनातना भाषी सनातन तो सनातन तो दिख रहा है पर वो आभास है नहीं तो यह जितने भी लोग हैं इनको मटेरियल मिलेगा अपने लिए अब इस बात की चिंता आपको पता नहीं क्यों नहीं है आप वो मुझे नहीं पता आगे बात करेंगे क्यों नहीं है इस पर मैंने कुछ मंतन मंथन किया है चिंतन मंतन अच्छा दूसरी एक बात आती है कि यह जो मामला है यह ऐसा है ही नहीं यह धर्म ब्रम तो है नहीं हमारा आवान का मूल क्या है भाई धर्म ब्रह्म की उस पर बात करना इसका कौन सा सिद्धांत क्या दे रहा है ईश्वर स शक्ति है कि नहीं परम स्वतंत्र मोक्ष है कि नहीं इसी के इर्दगिर्द आवान है और यह जो मैटर है यह ऐसा मैटर है मान लीजिए चलो यहां पुरुष की बात है अब महिला की बात ले लो कि यही इसी तरीके के आरोप महिला पर लग रहे हैं तो क्या यह उचित है कि इस तरह के वाद विवाद को मंच पर करना अब उसमें रिजल्ट कुछ भी निकले मगर जितनी देर वोह मामला चलेगा उतनी देर किस तरह के शब्दों का उपयोग

00:30:24:18 किया जाएगा किस तरह के शब्दों का उपयोग नहीं किया जाएगा तो वो सारी चीजें ध्यान में रखनी पड़ेगी कि विवाद कैसा है और क्या कहते हैं हम कहां पर इसको कर रहे हैं अच्छा अब बात आती है कि कुछ लोग कहेंगे कि भैया मैं कहता हूं कि मनुस्मृति में कहा गया जो वो है छिपाने वाले कर्म वो तामसिक की ओर ले जाते हैं बिल्कुल सही बात है तो क्या हमारे जीवन से छिपाने वाले कर्म पूर्णत आट गए हैं ग्रस्त है ना हां जो बात ये कह रहे हैं वो और जो निगरा चार्य जी है वो अनुमति का सिद्धांत है वो अगर छिपाने वाले कर्मों की पराकाष्ठा है तो व एक सन्यासी में होती है कि नहीं होते व लीस्ट अमाउंट ऑफ छिपाने वाले कर्म होते हैं सन्यासी के और जैसे ही आप सन्यासी से ग्रस्त में ब्रह्मचारी में आओगे गृहस्थ में आ गह में बहुत हो जाते तो छुपाने वाले कर्म से अभी अलग नहीं हो गए पहली बात दूसरी बात ये कि जहां पर छुपे हुए हैं डाकू छ छुपी हुई है महिलाएं है ना महिलाएं छुपी हुई है त है वहा पर डत पूछने किसी से बताओ महिलाए कहां है

00:31:39:21 व आए लूटने व आए उनका चीर हरण करने वहा पर डत पूछ रहे हैं कपा जी महाराज ने लिखा है पढ़िए तो वहा पर व पूछ रहे डाकू बताओ कहां महिलाए कहां स्त्रिया तो वहां पर झूठ बोलना भी धर्म है लो भाई ठीक है अब इसमें एक सिद्धांत और आ जाता है यह तो हो गए आचार्य का वचन तर्क भी दे दिया आचार्य का वचन भी दे दिया अब शास्त्र का वचन भी है भगवान ने भी कहा है कई चीजें परोक्ष रूप से बोलनी चाहिए है ना माता पिता ने क्या करके संतान को उत्पन्न किया कौन सी सत्तान है जो बताएगी क्लियर पूछू मैं आओ भैया जो ये बात बोल रहा हो वो आ जाए लाइव में आके बात करे तुम्हारे पिता ने क्या क्या किया माता के साथ जो उन्होंने गर्भ धारण किया तुम्हारा दिक्कत है ना टेंशन हो जाएगी इसीलिए कहता हूं यह इसीलिए कहता हूं जो कमेंट कर रहे हैं इस तरह के कि भाई छिपाने वाले कार्य जो है तामसिक होते हैं भाई जहां पर आपने शास्त्र में कोई बात लिख दी कोई वचन लिख दिया उसकी रक्षा के लिए खड़ा होने में कोई आदमी पीछे हट रहा है कि मैं तो फोन पर ही बात करूंगा मैं तो लिख के ही बात करूंगा मैं सामने आकर बात नहीं करूंगा मैं चेहरा नहीं दिखाऊंगा जिस सिद्धांत का वह प्रचार कर रहा है और यहां पर किसकी बात हो रही है जो हम स्वीकार ही नहीं कर रहे

00:32:54:27 कि ऐसा हुआ है तो दोनों अलग अलग चीज तो यह जो कमेंट करने वाले हैं सोच समझ के करें किससे बात कर रहे हैं है ना शेर का बच्चा एक ही अच्छा मत पढ़ो चक्कर में कोई है नहीं टक्कर में ठीक है और अब इसके बाद आती है कि जब यह सब कुछ बात थी तो वीडियो बनाने से पहले सोचना था कुछ लोगों ने ऐसा भी कमेंट किया है तो ठीक है क्या कहते हैं यह कमेंट आपने किया कि भाई लाइव करने से पहले तो हमने लाइव कैसे किया कैसे किया लाइव हम नहीं चाहते हैं कि हमारी और निग्रह चार्य जी की वैमनस्यता या विरोधाभासी वार्ता या संवाद ऑन एयर जाए ठीक है तो हमने क्या किया कि अगर उन्होंने कुछ ऐसी आपत्ति व्यक्त भी की तो हमने उनकी ओर संकेत ना करते हुए उ पूरी तरीके से दूर रखते हुए हमने बनाया तो हमने उनके खंड आर्थ वीडियो नहीं बनाया था अपने पक्ष को केवल रखने के लिए वीडियो बनाया था अब जब वो बार-बार नाम लेकर के करही रहे तो बताना पड़ रहा है कि हां भाई ठीक है ये चीज उनके लिए ही हो रही हो उनके

00:34:10:02 कहे हुए वक्तव्य के बारे में हम बात कर रहे हैं मगर अभी तक हम आक्रामक नहीं हुए हैं ठीक है जैसे कहा ना कि लाइव क्यों किया हम उत्तर दे रहे हैं बारबार मैं कह रहा हूं बार-बार मैं कह रहा हूं कि शिवांश नारायण द्विवेदी एक सोया हुआ शेर है जाग गया तो चीर फाड़ देगा मैं बार-बार कह रहा हूं समझ ही नहीं रहे हो मैं हम लोग अभी आक्रामक हो ही नहीं रहे हैं अभी केवल हम उत्तर दे रहे हैं जो बात बार-बार हो रही है मर्यादा में रहते हुए सामंजस दर्शन विज्ञान व्यवहार का सामंजस्य आलंबन लेते हुए वो कर रहे हैं तो ये जो आपका प्रश्न है ना कि ये अगर ये सब कुछ बात थी तो फिर वीडियो क्यों बनाया था लाइव क्यों बनाया था वो हम अपना पक्ष रखने के लिए बनाते रहेंगे आगे भी होगा आगे भी बनाएंगे मगर जब लाइव होगा तो उसका दृश्य अलग होगा चर्चा होगी तो उसका दृश्य अलग होगा और उस चर्चा का उद्देश्य सौहार्द नहीं है ये आज के वीडियो से भी सिद्ध हो रहा है जिसमें ना कोई तथ्य है ना कोई आधार है सत्यापन है नहीं एंटरटेनमेंट के लिए वीडियो डाल रहे हो मनता फैला रहे हो ऐसा नहीं करना चाहिए अकाट्य चीज करिए लाइए अका चीज हम भी लड़े आपके साथ खड़े हो कर के अका चीज है नहीं तो कैसे हम जंग पर

00:35:25:03 निकल चले भाई अब यह हो गया अच्छा एक शेर का बच्चा एक इच्छा से एक बात और बताया यह बात मैं इनसे कहूंगा जो कमेंट करने वाले हैं हमने कितनी चर्चाएं की है वन ऑन वन जा जा करके आपने कितनी की है जोय बोल रहे हैं कितनी चर्चा की सिवाय कीपैड वरियर के ज्यादातर तो यहां पर जो अभद भाषा का उपयोग कर रहे उनको चेहरा दिखाने का भी साहस नहीं है कि अब जिस अकाउंट से वो कर रहे हैं उनमें इतनी माता ने उनको दूध पिलाया हो कि अपना चेहरा ही दिखा दे और फिर बात कर रहे हो कि शेर का बच्चा एकही अच्छा तो और दूसरी बात अगर निगरा चार्य जी की बात करें अगर यह कंपेरिजन ही हो रहा है तो मुझे लगता है मेरे को तो नहीं पता कि उन्होंने कितनी जगह बा जाकर बा बातें की है हम तो गए घर में घुस के आए गलत गलत लोगों के यहां पर जाकर के उनका चीज लेकर के आए अच्छा दूसरी बात यह है कि इनको निगरा चार्य जी को जैसा कि हमने पीछे बताया कि इन्होंने कई लोगों का जो कई संतों का आचार्य हमारी नजरों में है ना ये बात में जोड़ता चलू क्योंकि वो बार-बार वो बदल जाता है तो हमारी नजरों में

00:36:40:20 वो जो संत गण थे उनके शिष्यों ने इनको बुलाया तो यह नहीं गए अभी अगर कोई हमको बहाना बनाने वाला कह रहा है तो क्या इनको भी इस विषय में बहाना बनाने वाला कहेगा तो कोई भी कारण हो सकता है चर्चा में ना जाने का यही नहीं हो सकता कि वो डरपोक है या भागा हुआ है ये बात हम स्पन वालों से भी कहते हैं यही बात हमको आर समाजी ने भी कही थी जब हम ऋषि उवाच के पास नहीं गए थे तो उन्होंने भी कही थी डर गया डर गया भोड़ा भगोड़ा आया तो हमने य यही कहा था और यही बात स्कोन वालों ने भी कही थी बच्चों ने कि डर गया डर गया तो यही हमने तब भी कहा वही आज वही आज कह रहे हैं ठीक है अच्छा एक चीज पे ध्यान नहीं गया किसी का कि अ विषयात कितना हो रहा है बात चालू होती है कुछ नीच गुरु द्रोही या मैं कहूंगा मूर्ख ऐसे शिष्य जो गुरुदेव के जिनके पास कुछ ऐसी सामग्री है जिन पर बातें बन सकती वो चीजें मतलब हमको भी मालूम है ऐसा नहीं है कि वो नहीं है अब वो क्या होता है कि उनको जो है विजय श्री नाम की लड़की से दिक्कत होती है विजय श्री नाम की लड़की के विरुद्ध वो एक कैंपेन टाइप का चालू कर देते हैं जब मैंने विजय

00:37:55:26 श्री को स्वयं देखा है मैं स्वयं जानता हूं मैं सच्चाई जानता हूं तो मैं उसके लिए अंतिम सांस तक लडूंगा ठीक है मैं उसके लिए अंतिम सास तक लडूंगा अगर वह मैं जानता हूं अगर मेरे मेरा मेरी अंत आत्मा यह कह रही है कि विजय श्री गलत नहीं है तो मैं उसके लिए सदैव खड़ा रहूंगा तो मैं खड़ा हुआ अब बात किसकी चल रही थी विजय श्री की विजय श्री के बारे में प्र मांगे गए अच्छा वहीं से होते होते विजय श्री की बात इनके पास भी आ गई निगरा चार्य जी के पास मैंने कल की लाइव में भी कहा था तो जब विजय श्री के लिए प्रमाण मांगे जा रहे हैं तो बातें हो रही और प्रमाण कौन से दिए जा रहे हैं व जो पहले साढ़े तीन वर्ष पूर्व के है उसी के आधार पर मठ में सब कुछ गलत हो रहा है और आज से 10 साल बाद बोला जाएगा अगर कि मठ में गलत हो रहा है तो वही प्रमाण दिखाए जाएंगे यह देखो मट में सब कुछ गलत हो रहा है तो ये कहां तक तक संगत है तो सब लोग स्वयं ही विचार करें जितनी बार विजया श्री के मामले में भी जितनी बार एक सशक्त उत्तर प्रस्तुत किया गया सशक्त उत्तर कि भाई वो मठ में क्यों

00:39:10:28 है वो मठ में नहीं है गुरुदेव ने बताया सीता माता का उदाहरण दिया जो व्यभिचारी नहीं व रह सकता है फिर जब इसका उत्तर मिले तुरंत आसा पलट दिया इसकी इसकी पुरानी फोटोज है वो ये करती हुई ये करती हुई फोटो दिख रही है उसकी जब उसका सशक्त उत्तर दिया गया तो फिर से विषय विषय चेंज टॉपिक चेंज योग योग सिखाती है उसका उत्तर दिया गया तो फिर टॉपिक चेंज फिर टॉपिक चेंज फिर टॉपिक चेंज फिर टॉपिक चेंज और टॉपिक चेंज करते करते इस पर आ गए कि विजय श्री के बारे में मामला चल रहा है तो हम सबूत देंगे परिकर का जो एक हमने वो भी सत्यापन के अधीन है उसमें भी कई चीज तो हम वो देंगे और वो इन्होंने दिया और उसको आधार बनाया नि गचार जीने है ना तो य भी एक सोचने वाली बात है कि कितनी बार टॉपिक चेंज हो रहे हैं यह भी एक सोचने वाली बात है कोई इस बारे में बात क्यों नहीं कर रहा जब उस वीडियो में विजया श्री नहीं है तो उस वीडियो को विजया श्री के नाम से निर्गत क्यों किया गया कोई बात नहीं करेगा क्योंकि सब लोग अंधे हो गए क्या अंधे ही हो गए किसी को न्याय से धर्म से राम से सत्य से मतलब नहीं है जिस पक्ष को हमने चुन लिया है उससे

00:40:26:02 मतलब जिस व्यक्ति को हमने चुन लिया है उससे मतलब कोई नहीं य सवाल करेगा सवाल करो पूछो कि आपको एक स्त्री के बारे में बात करने से पहले सोचना चाहिए था कि वह जो मैं वीडियो लगा रहा हूं व उसी का है कि नहीं कोई नहीं पूछेगा तो इसीलिए मैं कह रहा था कि संभावना उत्पन्न करने वाले जो सामग्री है उसके आधार पर जो है लड़ाइया नहीं लड़ी जाती है हो सकता है जांच आगे बढ़ सकती है जांचे की जा सकती है वो जांचे हुई उसमें व्यक्ति सामने वाला निर्दोष पाया गया तो हम कहां से चले जाए लाउड स्पीकर लेकर के हां अब बात एक और आती है कि एक वो शेर का बच्चा एक ही एक ही अच्छा वाला चैप्टर चल रहा है अब एक बात आती है कि भाई निगरा चार्य जी बहुत अच्छे से सबको वो करते हैं अच्छी बात है समीक्षा करने जहां तक अच्छा कर रहे हैं किसी की भी जो जो जो सर्व शक्तिमान ईश्वर परम स्वतंत्र मोक्ष शाश्वत धर्म के जो भी विपरीत चीजें हो तो आप समीक्षा खूब करिए मगर मेरा बस यही कहना है कि लड़ो मगर मर्यादा में रहकर गिरो

00:41:41:09 मगर उस झरने की तरह जो गिर कर भी अपनी सुंदरता खने नहीं देता अन्यथा उनमें और हम में कोई अंतर नहीं रह जाएगा दुनिया तो ये चाहती है ना कि अधर्मी अधर्म हो सब जगह मलेच्छ राज यही चाहता है ना तो अधर्म हमारे अंदर आकर के बोल रहा है अरे भैया अगर कोई अमर्यादित हो रहा है और बिल्कुल आउट ऑफ हो जा रहा है तो हम अमर्यादित नहीं हो जाएंगे ना अगर रावण ने मंदोदरी का हरण किया है तो हम अगर रावण ने सीता का हरण किया है तो श्री राम मंदोदरी का हरण नहीं करेंगे क्योंकि व राम है व धर्म है ठीक है इस बात का ध्यान रखना चाहिए अब एक बात य आती कि वो

00:42:21:02 जो कैसे इतनी समीक्षा करते बहुत बढ़िया ये है तो इसमें एक बात ये है कि इसको शुरू ऐसे कर सते कि मिल जाते हैं सारे रंग इसी मिट्टी के रंग में और गिरते हैं वीर जले ही मैदान जंग में

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00:42:35:04 इस बात का मतलब समझिए जितने लोगों की समीक्षा की जा रही है विशेष तौर पर अभी अगर बात करें शंकराचार्य पूरी के शंकराचार्य जी की समीक्षा हो रही है समय समय पर जो क्या कहते ज्योतिर मठ है उसकी भी समीक्षा हुई है समय समय पर सिंगरी मट की भी समीक्षा हुई है राजेंद्र दास जी महाराज की समीक्षा हुई है की भी आप समक्ष समीक्षा कर रहे हो जो पाले के स्तर परंपरा परंपरावादी की बात कर तो और तो ये जिनकी भी समीक्षा हो रही है इन सबके कुछ ना कुछ धरातल पर प्रकल्प चल रहे हैं प्रकल्प ठीक है धरातल पर जब हम प्रकल्प चलाते हैं ना तब पता चलता है कि देखिए आज की स्थिति क्या है कि पहले क्या था क्षत्रिय को क्षत्रिय के कार्य करने हैं ब्राह्मण को ब्राह्मण के कार्य करने हैं तो ब्राह्मण के हिस्से में वो छुपाने वाले कर्म थे कम से कम कम से कम होते हुए ब्राह्मण गृहस्थ से वान प्रस्थ वान प्रस्थ सन्यासी आज क्या हो रहा है सन्यासी को भी रणनीति और जो है सन्यासी को भी छात्र धर्म का आलंबन लेना पड़ रहा है लड़ना पड़ रहा है उसे हिंदू राष्ट्र के लिए अभियान बनाना पड़ रहा है गुप्त एवं प्रकट योजना चल रही है तो आ गया ना वो छात्र धर्म का रजोगुण वाली चीज आ गई ना करना पड़ रहा है क्योंकि आज वैसा हमें जो अपेक्षित

00:43:50:14 शासन तंत्र है वो प्राप्त नहीं क्षत्रिय नहीं प्राप्त है तो जब हम धरातल पर प्रकल्प कर अभी निगरा चार्य जी क्यों सभी की समीक्षा कर पा रहे हैं क्योंकि इनका अभी मुझे मुझे नहीं मालूम य मैं फिर वही कहूंगा निर्णायक नहीं बनूंगा हा मगर संभावना बता रहा क्या है सं आपका कोई टीम वर्क नहीं दिखा आपने स्कूलों में जा जा करके बच्चों को पढ़ाया हो हमने तो पढ़ाया है रामपाल के रामपाल के उसम आग लगवाई है ना कईयों के य जाकर के उनसे बात बातचीत की जिससे की लोगों को चीज जानकारी मिली कि भैया ये है वो है हम ग्राउंड पर उतरे और हम यह जो गुरुदेव पुरी के शंकराचार्य जी द्वारा चलाए जाने वाले प्रकल्प है तो उसमें से कई सारे अनेका अनेक प्रकल्प में से कोई एक छोटा सा निमित्त मात्र चीजें मैंने की यह तो निमित्त मात्र है सोचिए कि गुरुदेव के द्वारा जो सेना है जो भी है जो भी कुछ चल रहा है प्रकल्प चल रहा है उसमें कितनी चीजें धरातल पर हो रही है हमने तो चिल्लाया ना जाकर के बांग्लादेश हमने केवल वीडियो में नहीं बोला जब बांगलादेश में हिंदू मारे जा रहे थे तो हमने रोड पर जाकर चिल्लाया कि हिंदुओं की उदारता को उसकी कायरता ना समझा जाए

00:45:05:25 हमने किया तो धरातल पर जब कार्य करते हैं तो उसमें यह बात आती है कि हमको वहां पर फिर जब हम कार्य करने निकलते हैं जब छात्र धर्म का भी आलंबन लेना पड़ता है तब यह बात आती है कि क्या करना है क्या नहीं करना जैसे कि आपको एक बात बताऊं कि जैसे मान लीजिए कि आरएसएस है बजरंग दल है वैचारिक मतभेद है बहुत मतभेद मगर जिस दिन हम लोग वहां गए थे रामपाल का काउंटर पर बात करने हमारे साथ कौन खड़ा है कौन खड़ा है बजरंग दल वाले ही खड़े हैं आरएसएस वाले ही खड़े हैं अब हम वहा यह नहीं कह सकते कि नहीं नहीं तुम तो मोदी के भक्त हो नहीं कह सकते वो सब हिंदू है तुम तो यह हो तुम तो वो हो तुम तो पार्टी वादी हिंदू ये सब नहीं कह सकते वही लोग गए थे निगरा चार्य जी के भेजे हुए शिष्य नहीं गए थे

00:45:59:19 तो धरातल पर जब तो वहां क्या हुआ कि वहां पर हमको रणनीति का भी आलंबन लेना पड़ा ना तभी तभी आज पता है क्या हुआ तभी एक जगह पर हनुमान मंदिर पर वह जो अलग चल वो जो ज्योत जलाई गई हनुमान मंदिर पर कब्जा कर रहे थे रामपाल वाले ड़ बदल दिया था और मेरे बिना वहां गए मैं वहां नहीं गया मगर वो जो लोग जागृत हुए आज भी एक किसी का फोन आया भैया मुझे वो भेज दो मुझे एफआईआर करानी है क्या हुआ ये तब हुआ ना धरती पर उतरे केवल वीडियो नहीं बनाए केवल कथा नहीं की है जाकर के वो तो हो ही रहा है वीडियो तो बन ही रहा है कथाएं तो हो ही रही है मगर धरती पर धरातल पर बिल्कुल उतर करके स शरीर कार्य करने में अंतर आएगा तो जिसको स शरीर कार्य नहीं करना है जिसके प्रकल्प नहीं है ग्राउंड पर जिसके अभियान नहीं है ग्राउंड पर उसके लिए आसान है समीक्षा करते रहना आराम से समीक्षा करता रहेगा हा चाहे वह गौरक्षा का अभियान हो उनका मुक्त नंद जी का चाहे वह पुरी के शंकराचार्य जी का हिंदू राष्ट्र अभियान हो

00:47:15:09 कोई भी हो दुनिया का कोई भी हो मगर वो आराम से समीक्षा कर रहा है कर सकता है क्यों कर सकता है क्योंकि उसके अपने जो प्रक व है ही नहीं तो प्रभावित क्या होगा कुछ नहीं अपना जो धरातल का प्रकल्प है वो बहुत मुश्किल से प्रभावित होगा और जैसे की जो फ्री मशन से कनेक्शन निकाला उसमें भी जैसे ही आप धरती पर जाओगे जैसे ही धरती पर जाओगे आपकी चीजों पर उंगली उठ सकती है भागवत करने जहा जाओगे उन लोगों को ो टोल लेंगे जाकर के तो इसलिए यह कहा जा सकता है कि भाई समीक्षा करना क्यों आसान है वीडियो बनाइए समीक्षा करिए वीडियो बनाइए समीक्षा करिए धरती पर उतर करके जब कार्य करेंगे तो उसमें आपको रणनीति का आलंबन भी लेना पड़ेगा और जो समीक्षा कर रहे हैं वो उसी रणनीति के अंतर्गत आने वाली चीजों की समीक्षा कर रहे हैं है ना तो जो लोग ये कर रहे हैं वो अपने नगरों को जाकर के देखो भाई मैं बहुत बड़ी वो तुर्रम खान नहीं हूं मैं बहुत बड़ा मुझे घमंड नहीं है मगर इतना तो एक अंश किया ना कि मां दुर्गा को मां भगवती को है ना वो तो आपकी भी मां है मेरी भी मां

00:48:30:26 है क्या क्या लिखा है उसकी किताबों में अरे बंद करवाओ ना उन किताबों को बिकना अपने यहां पर करो धरातल पर उतरो तब पता चलेगा कि बजरंग दल वालों का साथ कैसे ले आरएसएस वालों का साथ कैसे ले राम भद्राचार्य जी को मानने वालों का साथ कैसे प्राप्त करें कैसे आग लगाए इसमें तब पता चलेगा तो समीक्षा करना अलग है केवल वीडियोस के माध्यम से और धरती पर उतर करके कार्य करना अलग है तो यह एक वजह हो सकती है हर हर एक की वो जो दिखता है निर्भीकता से समीक्षा कर पाने की बाकी और कोई वजह हो तो बात अलग है अब मैं एक चीज और कहूंगा

00:49:18:12 कि हां जैसे कि मैंने एक य बताया था कि हम कभी भी किसके यहां क्या चल रहा है कि कौन के यहां पर हो रहा है तो उन बातों को नहीं उखाड़ दे जिसमें कन य कह सकता है नहीं चल रहा है जैसे लोग य कह रहे ना कि तुम हमेशा लाइव चर्चा करते हो लाइव चर्चा करते हो आज के भाग रहे तो हमारा विषय वो होता है जो विषय सामने वाला स्वीकार कर रहा है हां हम ऐसा मानते हैं शिव और विष्णु में भेद है उन विषयों पर हम चर्चा करते ठीक है अब दूसरी बात यह है कि जैसे कि हमने कभी भी इस तरह की चीज नहीं उठाए कि आर समाज के मंदिरों में ये हो गया वो हो गया अभी आज ही एक न्यूज आई थी कि क्या कहते हैं वो जो इकन में गुजरात में कुछ ऐसा हो रहा है कि किसी बिटिया को जो है ब्रेन वश करके उसको ड्रग्स दिया जा रहा है एक न्यूज देखी थी आज मैंने ऐसा अब वो कितनी सच है कितनी झूठ वो नहीं वो मैंने न्यूज देखी थी इंटरनेट पर मगर इस मुद्दे को लेकर के हम तुरंत नहीं आ जाते सामने क्योंकि इस कौन इसमें आक के कहेगा कि नहीं भाई ये झूठ है सत्यापन के अधीन चीजें हैं तो हम लोग सैद्धांतिक लड़ाई लड़ने वाले लोग है उन चर्चाओं को हम करते रहते हैं लाइव और उन चर्चाओं के लिए हम तैयार रहते हैं और अकाट्य

00:50:33:19 तथ्यों को लेकर के बात करते हैं तो अब जैसे हम बना दे भैया कि भैया निगरा चार्य जी की फेसबुक आईडी पर ये है वो है ऐसा है वैसा है है ना पर्सनल चीजें लेकर के फिर वो एक प्रभाव प्रभावित कर देने वाली चीज के साथ में लेकर के वो कोई चीजें डाल दी कि क्या कहते हैं ऐसे है वैसे कुछ कहानी कुछ कहानी भी जोड़ दी तो ये सब हमने नहीं किया ना ही हम करते हैं हमने नहीं किया य सब धर्म की व्याख्या पर बात करते हैं सर्वशक्तिमान ईश्वर परम स्वतंत्र मोक्ष शाश्वत धर्म पूरा आवान का जो पूरा रा है आहवान का जो पूरा तारतम है वो सब इसी के र् अच्छा एक बात और है गुरुदेव ने एक अपने उसमें कहा है वक्तव्य में पूज्य जगदगुरु शंकराचार्य पु पीठाधीश्वर जी ने उन्होने कहा कि आने वाले समय में मठों का शोधन होगा है ना तो इस बात को लेकर के निगरा चार्य जी ने कहा अपना एक वक्तव्य दिया है कि मैं जो कर रहा हूं वो उनकी आज्ञा का पालन ही कर रहा हूं उन्होंने कहा है देखो वही तो मैं उनका सोच रहा हूं कि आप सोच रहे हो तो पहली बात तो ये सोचने वाली बात है क्या निग्रह चार्य जी को गुरुदेव ने

00:51:56:20 रहना किसको नहीं रहना ये सब मैं कर दूं पहली बात दूसरी बात ये है कि गुरुदेव ने एक बात और कई है आने वाले समय में कटनी छटनी होगी तो अब क्या है कोई भी व्यक्ति किसी को काटेगा कटनी छटनी होनी है तो कोई भी व्यक्ति किसी को काटेगा काट डाला कि मैंने तो पूरी शंकराचार्य जी का ऑर्डर फॉलो किया है ना वो अभी वो अभी एक वो मामला नहीं आया ड्रम में वो कुछ भर दिया हो मर्डर हुआ एक महिला ने अपने पति को या प्रेमी को किसी को है ना उसको जो ड्रम में भर दिया वहां पर निगरा चार्य जी के वो मले राज्य से मिलती जुलती जो आकृति भी मिली है पेंटिंग या जो भी है अब वो जो महिला वो भी कहेगी मैंने तो कटनी शक्ति का ऑर्डर फॉलो किया है आई एम फम आई एम फ्रॉम शंकराचार्य मैं तो शंकराचार्य जी का ऑर्डर फॉलो कर रही हूं यह भी एक सोचने वाली बात है कि ऐसे कहीं की ईट कहीं का रोणा अनुमति का कुनबा जोड़ा ये चीज ठीक नहीं है और एक बात और है जैसे छोटी छोटी बातें हैं जैसे आपने प्रपोजल दिया निरा चार्य जी ने मुझे जो प्रपोजल दिया कि भाई कल शाम पा बजे से बड़ा

00:53:11:24 सही बात थी और वह होना भी चाहिए संवाद होना चाहिए संवाद की जगह रखनी चाहिए थोड़ा ऐसी चीज बना के रखी जाए कि संवाद की जगह रह जाए ऐसी चीज ना करें कि नहीं पहले तो सर फोड़ दिया और उसके बाद फिर संवाद की बात हो रही है अब बात ये आती है कि आपने उसमें एक बात लिखी कि धूर्तता की हद होती है मूर्खता की हद होती है जब आप मेरे लिए वो डाल रहे हैं पोस्ट डाल रहे हैं तो वहां पर नीचे कमेंट में जिन लोगों ने धूर्तता की है मूर्खता की है आपको गालियां दी मैंने देखा अच्छी बात नहीं है वो गालियां देना मगर जिन लोगों ने ऐसा किया है उन लोगों के बारे में लिखते हुए मेरे बारे में बोल रहे हैं क्यों सीधे भी तो बोल सकते क्या इसको कंटेंट क्रिएशन नहीं माना जाए क्या उसमें कहीं ना कहीं इंगित नहीं किया जाए देखो शिवांश नारायण द्विवेदी का नाम इसी क्रम में आ रहा है बस आपने मुंह से स्वीकारा नहीं है बिल्कुल अक्षरस उसको स्वीकार नहीं किया है यह सब ट्रिक्स है ऐसा मुझे लगता है हो सकता है आपके पास कुछ और कारण हो है ना तो बचे इससे ना करें ऐसा और यहां पर भी मुझे कंफर्म नहीं होता हूं कि आपने ऐसा क्यों किया तो मैं कंफर्म नहीं हूं आपको कारण

00:54:26:24 बता सकते तो फिर मैंने यहां पर आपको कहा कि भाई ऐसा मुझे लग रहा है अगर और कुछ हो तो बताए अब बात करते हैं वो कुछ लोग ऐसे भी हैं जो बहुत आदर सम्मान करते थे और कमेंट करते थे और मैं उनको भी हालाकि ऐसा नहीं है आप कई ऐसे समर्थक हैं जो यहां आ कर के कुछ बातें बोल रहे हैं कई ऐसे समर्थक है वहां जाक आपको भी बातें बोल रहे हैं दोनों जगह हो रहा है पर अच्छा इस जो गाली वाला कमेंट आपने जो लगाया क्या आपको लगता है कि आपने जो गुरुदेव के विरोध में जिनके भी विरोध में आपने वीडियो बनाए वहां पर आपको वो या हम हमको गालिया नहीं दी ग मतलब शंकराचार्य इत्यादि को या हमारी तरफ की जो ऐसी चीजें है सम्मानित ज व्यक्तित्व है उनको गालिया नहीं मिली मिली है तो हम इन चीजों का उपयोग नहीं करते ऐसे कंटेंट क्रिएशन कि भई क्या कहते हैं वो वहां पर किसी ने गाली दी पुरी के शंकराचार्य जी को तो उसका जो है सिंपैथी गेन करें एक तरीके से सिंपैथी तो गेन करना हुआ गालियां दी जा रही है दोनों तरफ से दी जा रही है और जो लोग आपको भी गाली दे रहे हैं आप उधर भी गालिया पड़ रही है इधर भी गालियां पड़ रही है ऐसा दोनों जगह हो रहा है मगर मैं ये कहूंगा कुछ

00:55:41:26 ऐसे भी लोग हैं जो हमारे समर्थक थे और जिनम से कुछ को मैं पर्सनली भी जानता है ना बहुत पैर छू रहे हैं ये है वो है बहुत ज्यादा सम्मान प्रकट कर रहे हैं और अब हमने अगर अपना स्टैंड लिया क्लियर होकर के कि नहीं भाई विजया श्री लड़की गलत नहीं है और हम उसके लिए अंतिम सांस तक लड़ेंगे तो बस हो गया वह सारा सम्मान वगैरह खत्म अरे भाई अगर तुम यह सोच रहे हो

00:56:13:16 कि शिवांश भैया गलत कर रहे हैं या शिवांश नारायण द्विवेदी गलत कर रहा है तो तुमने यह नहीं सोचा कि शिवांश नारायण द्विवेदी क्यों कर रहा होगा अगर गलत कर रहा है तो पैसों का भूखा है लालची है या और भौतिक उसको लालच है अरे भाई तुम जान तुमने जानने के बाद ही मुझे जानने के बाद ही अपना समर्थन प्रकट किया था ना तो तुमने यह नहीं सोचा कि क्या मोटिव होगा क्यों ऐसा करर अगर यही सोच लेते वही मुझे बेनिफिट ऑफ डाउट देते कि नहीं जब तक कोई व्यक्ति पूरी तरीके से गलत सिद्ध नहीं हो जाए तब तक उसको गलत नहीं मानना चाहिए ठीक है तो ये उन लोगों की बात है जो दो मुह है कि कभी भी किसी को को भी बाप बना लेंगे और फिर कभी भी उसका इज्जत जो है नीलाम कर देंगे ऐसे लोगों का क्या भरोसा तो इसीलिए गुरुदेव कहते हैं कि मुझे वो भीड़ नहीं चाहिए मुझे बहुत लोगों एक मनोवा दी काफी है एक मनुवादी और मैं गुरुदेव अपने आपको को गुरुदेव का वही मनुवादी समझता हूं पूरी दुनिया एक तरफ हो जाएगी विजया श्री के लिए खड़ा होना पड़ेगा गुरुदेव के लिए खड़ा होना पड़ेगा बिना प्रमाणों के मठ पर उठाए जा रही उंगली के विरुद्ध खड़ा होना पड़ेगा मैं खड़ा रहूंगा

00:57:28:27 कपाती जी ने कहा था ना क्या कहा था गुरुदेव को लोग आएंगे तुमसे कहेंगे कलयुग है कुछ नहीं होगा बीच की रक्षा भगवान को अभीष्ट है करते रहना मैं करता रहूंगा यह बीज है नारी का सम्मान बीज है अगर अनावश्यक रूप से किसी नारी के ऊपर उंगली उठेगी और मैं वहां मौजूद होऊंगा तो मैं मारूंगा मैं लडूंगा किसी से भी लड़ना पड़े ठीक है नारी के सम्मान के लिए ही है धर्म और अधर्म गुण में जाकर के देखो अनावश्यक किसी नारी को आप वो करोगे और मैं वहां हूं तो मैं वहां लडूंगा मरते मर जाऊंगा अकेला रहूंगा पर लड़ता रहूंगा क्योंकि मैंने मुझे मालूम है कि वह सही है मुझे मालूम है वो सही है जितने लोग इस सब बातों में बोल रहे हैं ना तो कभी मिले ना उन्होंने पास से अन्य चीजों को देखा है आधी इधर से ले ली आधी उधर से ले ली केवल शक पैदा करने वाली चीजों पर आप लड़ मर रहे हैं आप अपने अपनी अपने लोगों से विमुख हो जा रहे हैं यही आपके सिद्धांत है अगर ऐसा ही है तो ठीक है लड़

00:58:44:15 चीजें निर्गत करते रहिए और निगरा चार्य जी को मेरा यही है कि हम इस श्रंखला को आगे नहीं बढ़ाना चाहते हैं हमने अपना सभी संदेश दे दिए हैं अब आपका निर्णय है आप उसम जैसा भी जो भी उचित है व करे और हम चलते रहेंगे डाल डाल तो हम पात ठीक जय श्रीराम

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B: SARVASHAKTIMAAN DHARMA Live 59:12 · 26 Mar 2025

सच के आसपास वाला झूठ भाग 3

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