⬜ Not used yet · 00:00:00:00 – 00:08:32:26 (8:33)
00:00:00:00 [प्रशंसा] तो सभी को जय श्री राम। आशा करते हैं सभी कुशल मंगल होंगे। और जैसा कि आप लोग जानते हैं कि भगवत आनंद के विषय में आज की हमने लाइव रखी है। कल उन्होंने एक बहुत लंबी चौड़ी सी एक लाइव की है जिसमें कि ढेर सारा अनावश्यक प्रलाप किया है। तो आज हम थोड़ा सा उनके प्रलाप का प्रति उत्तर प्रस्तुत करेंगे और फिर अंत में कुछ एक विशेष बात भी है वह करते हुए फिर लाइव को पूर्ण करेंगे। तो सबसे पहले तो जिस तरीके
00:00:49:24 से उन्होंने प्रलाप किया है। उस पर चालू करने से पहले इनकी आज एक पोस्ट भी आ गई है। इस संबंध में कि हमारी जो यह लाइव होने जा रही थी 7:00 बजे उस संबंध में इनकी पोस्ट आ गई है। तो भैया पोस्ट में इन्होंने लिखा है जिन अनेकानेक विषयों पर हमने स्वामी करपात्री जी श्रीधर स्वामी और गुरुदेव पूज्य पूरी पीठाधीश्वर इन्होंने पूज्य नहीं लिखा है। इन्होंने उनका नाम लिखा है। है ना? जी लगा के मगर हमारे गुरु का नाम है तो हम लेने से बचते हैं। तो आदि के सम्मान और समर्थन में मुखर होकर बड़े-बड़े हस्तियों को फटकार लगाई। उसमें तो कभी शिवश का हमें समर्थन ऐसे नहीं लिखा।
00:01:45:03 तो आपका कहने का मतलब है कि दुनिया में संसार में जहां भी कुछ भी हो रहा हो अच्छा तो वहां पर शिवश कुछ ना कुछ किसी ना किसी रूप में कर कर वाला होना चाहिए और जहां पर दुनिया में कहीं भी कुछ भी गलत हो रहा हो तो वहां पर किसी ना किसी रूप में शिवश रोकने वाला होना चाहिए। यह कुछ कुतर्क आपके आगे के लाइव में भी मुझे देखने को मिले जो अभी हम देखेंगे है ना समर्थन विवेकानंद को मैक्स मूलर में महर्षि वशिष्ठ दिख रहे थे। एक शिवश है जिनको रिदमम कपूर की वाणी में करपात्री स्वामी ध्वनित हो रहे हैं। हां हो रहे हैं और वो इसलिए हो रहे हैं कि उसको वो जो धर्म की परिभाषा है ना कि जीव की चाह का वास्तविक विषय उसी का नाम ईश्वर है और उसे प्राप्त कराने वाली विधि का नाम धर्म है। वो परिभाषा मैंने सिखाई थी और वो परिभाषा मुझे मेरे गुरुदेव ने सिखाई थी। आया समझ में कुछ और वह परिभाषा गुरुदेव को करपात्री जी महाराज ने सिखाई थी नास्तिक भी आस्तिक में सिखाई थी करपात्री जी महाराज है वो परिभाषा वो परिभाषा जब वो लड़की मेरी सिखाई मेरे द्वारा सिखाई गई लड़की वहां जाकर के बोल रही
00:03:00:04 है तो मैंने उसका प्रोत्साहन किया अप्रिशिएट किया और बिल्कुल भी मुझे नहीं पता था कि आपको प्रोत्साहन की आवश्यकता होती है धर्म पथ पर आगे बढ़ने के लिए है ना समर्थन की आवश्यकता होती है मुझे तो कोई आवश्यकता नहीं है मुझे किसी से कोई शिकायत नहीं है कि मुझे किसी ने समर्थन किया है कि नहीं किया है। मुझे ऐसा लगता था कि आप भी ऐसे ही चट्टानी व्यक्तित्व वाले होंगे जिसको किसी के समर्थन की आवश्यकता नहीं होगी धर्म पथ पर आगे बढ़ने के लिए। धर्म को यथावत उस रूप में रखने के लिए जिस रूप में धर्म को रखना चाहिए। हां मगर मगर जो ऐसे युवा हैं जिनको हम भी दिशाहीन थे कभी ना कभी। हम वो आपने कहा है ना अपनी लाइफ में हम तो शुद्ध ही जन्मे हैं। हम नारा तो जन्म से ही हम शुद्ध हैं। है ना? हम वैसे नहीं थे भाई। वो आगे बहुत सारी बातें होंगी। मगर जब हमारे सापेक्ष कोई वहां पर ऐसा है जो अभी दिशाहीनता से अभी दिशावान हो रहा है और जब हमारी चीजें हमारे द्वारा बताए गए मार्ग पर चलते हुए जो हम निमित्त रूप से बन जाते हैं गुरुदेव और भगवान के बारे में बताने वाले कुछ
00:04:15:10 छोटे-मोटे निमित्त के भूमिकाएं निभा देते हैं। तो अगर उस पथ पर उस मार्ग पर कोई आगे बढ़ रहा है तो उसको हम प्रोत्साहन करने जाएंगे। और तुम्हें प्रोत्साहन करने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि ऐसा नहीं है कि तुम्हारे बारे में बात नहीं की है। आगे देखते हैं कब की है। क्या कहा है तुमने? आज रिदमम कपूर की वाणी मैं कर पाती। स्वामी ध्व ध्वनित हो रहे हैं। हां। जब जब जीव की चाह का वास्तविक विषय सच्चिदानंद स्वरूप परमेश्वर बताया जाएगा तो जिसकी वाणी से बताया जाएगा तो उसकी वाणी से कृपात्री जी महाराज बोल रहे होंगे। है ना करपाती जी महाराज के उनस्तिकों को हराने वाले सिद्धांत बोल रहे होंगे इसलिए ध्वनित हो रही है हम और मुझे पता नहीं था कि आपको हमारे प्रोत्साहन की बड़ी चिंता होती है नहीं तो बहुत भरभर के प्रोत्साहन आपको भेजता मुझे नहीं पता था कि आपको जो है बड़ा आवश्यकता है हमारे प्रोत्साहन की उसके बिना आपका काम नहीं चलता है और दूसरी दूसरी बात यह है कि दुनिया में कहीं भी कोई अच्छा कार्य हो रहा है तो हमारे लिए संभव नहीं है। सब जगह पहुंच के उसका प्रोत्साहन करना और
00:05:30:16 दुनिया में कहीं भी कोई गलत कार्य हो रहा है तो हमारे लिए संभव नहीं है कि सब वहां पर जाकर के सबको रोक देना। यह ठीक उस प्रकार से है कि यदि कोई बिना टिकट यात्रा कर रहा है ना ट्रेन में और टीसी ने उसको उसको पकड़ लिया है फिर भी ट्रेन में और भी ऐसे यात्री हैं जो बिना टिकट यात्रा कर रहे हैं तो क्योंकि टीसी ने उन्हें पकड़ा नहीं है। टीसी ने इसको पकड़ा है तो इसका अर्थ यह नहीं है कि टीसी का उन सबको समर्थन प्राप्त है कि घूमो। तो ये दोनों चीजें दोनों जगह लागू हो जाएगा। अच्छा फिर आगे आप क्या लिख रहे हैं? मतलब हम मतलब हम इसके समान खाली बैठे हैं। क्या जो रोज रोज कहता है रहे तो काम छोड़कर YouTube खोले रहे। हमने कब कहा भाई? हमने फोन किया। अरे हमने तो तुमको यह भी नहीं कहा कि हमसे लाइव कर लो। हम तुमने कहा हमसे? हम तो हम खाली बैठे थे नहीं बैठे थे। तुमने पूछा हमसे तुमने ही तो कहा था 5:00 बजे से पहले कर लो। तो तुमको ऐसा क्यों लग रहा है कि हमें लगता है कि तुम खाली बैठे हो या तुमको ऐसा क्यों लग रहा है कि हम खाली बैठे हैं? अकाट बातें बोला करो। इधर उधर की बातें बोलने से बचा करो। आज मैं
00:06:45:18 यही बताने आया हूं। आगे क्या लिख रहे हो? हमें जब समय था तो कहा दो-दो बार अवसर दिया। लेकिन इसने मना कर दिया। अब यहां तू तड़ाक पे आ गए। तो अब अपेक्षा मत करना। तुम और आपकी तू तड़ाक पर आ गए। वैसे तुमने कल काफी कुछ कर दिया है। ठीक है? तो लेकिन इसने मना कर दिया। फिर हमने समय निकाल कर स्वयं ही सब बताया। तो अब कहता है कि फाइनल कॉल है। अरे भाई फाइनल कॉल का अर्थ क्या तुम्हारे अनुसार ही माना जाएगा? फाइनल कॉल का मतलब है कि होने वाली चर्चा के संबंध में हमारा फाइनल जो कथन है वो क्या है? इसका मतलब यही नहीं है कि हम आपको आहान कर रहे हैं बुलाने के लिए। हमारा क्या डिसीजन है वो फाइनल डिसीजन वो उसको हमने फाइनल कॉल कहा। हम तो आपका यही तो है कि बिना सोचे समझे सामने वाले की दृष्टि समझे बिना सामने वाले का अर्थ जाने बिना पर ले घोड़ा चाबुक घुमाना चालू कर दिया। ले घोड़ा चाबुक यही किया है। कल की वीडियो में भी यही किया है। हजारों बार पता नहीं हजार बार तो नहीं कहा होगा। अतिशक्ति हो जाएगी।
00:08:00:28 मगर कई बार ऐसी चीजें थी जो हम कुछ और कह रहे हैं। आप कुछ और कर रहे हो। आप कुछ और उसका अर्थ लेकर के चल रहे हो। यहां पर भी वही है कि हमारा जो सम्मान नहीं किया। अरे भाई हमें नहीं पता चला कि तुमने ऐसा ऐसा किया और जब तुम्हारा मुंह बिगाड़ रहे थे, कुत्ते का मुंह लगा रहे थे। तुम्हारे मुंह के साथ तो हमने बोला था ना इस वालों को तुमने नहीं देखा तो हम क्या करें अगर इस दुनिया में जापान नहीं है अगर इस दुनिया में आपने जापान
✅ This part is already used · 00:08:32:26 – 00:08:35:10 (0:02)
→ Used in: A · Video श्रीमन्महाप्रभु के प्रति पूज्यपाद श्रीमद् जगद्गुरु महाभाग का भाव क्या है at 22:25 ↗
00:08:32:26 नहीं देखा है तो इसका अर्थ ये नहीं है कि इस दुनिया में जापान है
⬜ Not used yet · 00:08:35:10 – 00:43:11:03 (34:36)
00:08:35:10 ही नहीं ठीक है आपके देखने ना देखने से सत्य का वो बदल नहीं जाता है अगर तुमने कह दिया कि जापान हमने नहीं देखा तो मतलब जापान है ही नहीं तो देखो पहले और भी बहुत सी बातें हैं जो तुमने बिना देखे जाने सोचे समझे कह दिया और कहते चले आ रहे हो। हमारी बात भी यहीं से शुरू हुई थी। मैं बताऊंगा अभी कैसे शुरू हुई थी। लाइव का विषय है। अब फिर क्या बोल रहा है कि मानो इसने पहले से अवसर दिया था। अरे भाई हमने ना तुम्हें पहले से अवसर दिया था और ना हमने तुम्हें बुलाया था। ना हम अवसर देने वाले हैं ना बुलाने वाले हैं और ना आज जो है यह जो तुमको बुलाने के लिए लाइव वीडियो बनाया है अपना डिसीजन अपना कथन अपना वक्तव्य देने के लिए वीडियो बनाया है और उसका नाम रखा है कॉल तो पहले समझ तो लो भाई हं कि एक ही शब्द के कई अर्थ निकल सकते हैं तो विरोधाभासी अर्थ को लेकर के और चाबुक लेकर के घोड़ा दौड़ाना बंद करो पहले सामने वाले को पूछो सुनो धैर्य रखो तब तो तरतड़ी रहती है तुरंत और पोस्ट डालने की उसी तरतड़ी में ही तो तुमने डाला रिदमम कपूर
00:09:50:16 के नाम से जो तुमने वीडियो डाला है जिसका तुमको वो मानना का दावा प्राप्त हुआ है वो तरतड़ी में ही डाला था तुमने आ मिल गया मसाला हम चलो जल्दी से डाल देते हैं और मैं इस तरह से प्रतिकार प्रतिकार नहीं करना चाहता था जैसे आज होगा। ऐसे नहीं करना चाहता था। मैं ऐसे नहीं करना चाहता था। मैं मैं बचता रहा। मैं कहता रहा भाई मत कर मत कर मत कर मत कर। मगर नहीं तुमको धर्म से मतलब नहीं है। वो अभी बताऊंगा कैसे? सब सब कर्मबद्धता से चलेगा। धर्म से मतलब नहीं है। तुम्हें करियर से मतलब है। करियर खाने आए हो ना मेरा। मैं इसका करियर खा जाऊंगा। लोगों से कहते घूम रहे हो। मैं इसका करियर खा जाऊंगा। तुम्हें एक करियर दिख रहा है ना यह? धर्म की रक्षा करना यह सब तुम्हारे लिए करियर है। हमारे लिए नहीं है। हमारे लिए धर्म है। करियर
00:10:49:02 खाओगे। तो हम इसने स्वभोषित आचार्य शब्द लिखा तो क्या करें? क्या करें? भाई जब तुम हमें विमर्श कर रहे हो। हमें जो चीजें तुम्हारे बारे में हम नहीं बोलना चाहते जो सत्य है जो सत्य हैं नहीं बोलना चाहते थे क्यों वर्णाश्रमी हो क्यों क्योंकि परंपरा से नहीं हो वो देखेंगे परंपरा जो है अभी आपकी सत्यापन के अधीन है वो ठीक है उस पर मीमांसा होगी आगे मगर परंपरा निष्ठ तो हो गुरु गोविंद और ग्रंथ में बात करने वाले तो हो ठीक है थोड़े बहुत वस्तुनिष्ठ कहीं पर भेद है गुरुदेव के साथ है कृपाती जी महाराज के साथ है मगर ऐसे तो राघवाचार्य जी महाराज के साथ भी है मतभेद रामानंदियों के साथ भी है तो ठीक है तुम्हारे साथ भी हो गया मगर जब तक वर्णाश्रमी हो जब तक वेद में प्रमाण बुद्धि वाले हो जब तक परंपरावादी हो तब तक हम तुम्हें अपने साथ अपने भाई के रूप में देखते हैं वो बात और है कि अंदरूनी रूप से तुमने कितनी क्षति पहुंचाई क्या क्या किया गुरु निंदा की मगर गुरुदेव ने ही सिखाया था कि अंदरूनी कोई मामला हो तो वो
00:12:04:04 तो वह 100 हम पांच मगर बाहर का कोई आ जाए तो हम 105 तो उस दृष्टिकोण से हमें हमने सदा जो है एक भाई के रूप में देखा कि भाई ठीक है दूर ही दूर से हम दूर रहे साथ में ना दिखे दूर रह के इन अ धर्मियों की खाल उधेड़ते रहे सनात सनातना भाषियों की खाल उधेड़ते रहे मगर तुमको जैसे ही एक मौका मिला जैसे कि आगे तुमने लिखा है लाइव का विषय जानबूझकर घुमा रहा यह जबकि बात परिकरों के दुराचरण और अभियान में विकृति की चल रही है। नहीं चल रही थी। तुमने पहले पहला वीडियो बनाया था क्या जिस दिन हमने वो लाइव बनाई थी जो चार घंटे की लाइव तुम अपने वीडियो में रो रहे हो। चार घंटे की लाइव चार घंटे की लाइव चार घंटे की लाइव तो उस दिन तुमने पहली बार परिकरों के बारे में बात की थी क्या? कितनी बार बात कर चुके हो परिकरों के बारे में? हमने कभी तुम्हारा विरोध किया सामने से आकर के क्योंकि हमें मालूम था जिनके बारे में तुम बात कर रहे हो वह समर्थवान है अगर उनको लगेगा कि तुम्हारा प्रति उत्तर देना है वो देंगे मगर मुझे मैदान में तब उतरना पड़ा वो भी तुम्हारे लिए नहीं उतरा था जो तुमने वीडियो बनाया है विजय श्री पर विजय श्री पर जो तुमने वीडियो बनाया था वो उस संबंध
00:13:19:15 में बातें उससे करीबन 10 दिन पूर्व से फैल रही थी। Instagram इत्यादि पर हमारी रील देखना। तुमसे चालू नहीं हुआ है। विजय श्री का पक्ष समाज के सामने रखना तुम्हारी वीडियो से चालू नहीं हुआ है कि तुम्हारी वीडियो बनी उसके बाद हमने वीडियो बनाया। नहीं वीडियो बन चुकी थी पहले। इसलिए कहते हैं के ले घोड़ा ले चाबुक नहीं दौड़ना चाहिए। पहले पहले क्या करना चाहिए? पहले पहले रिसर्च करनी चाहिए। जांच करनी चाहिए। कौन है? क्या है? क्यों कर रहा है? क्यों कह रहा है? कुछ नहीं। मसाला चाहिए, करियर बनाना है ना। करियर लुप्त संप्रदाय का आचार्य मैं हूं निग्रह आचार्य। कौन सा निग्रह आचार्य? कौन से प्रामाणिक आचार्य ने स्वीकार किया है? अभी आना किसी दिन तब बात होगी। अभी बात होगी। इसमें आगे सब बातें हैं। ठीक
00:14:16:06 है? हम फिर क्या है आगे? कि लाइव का विषय जानबूझकर घुमा रहा है। परिककरों के दुराचरण और अभियान में वह जो पूरा चार घंटे का वीडियो था उसमें जो आक्षेप जिस पर हमने बात की थी उस पूरे चार घंटे के वीडियो में से तुम्हारे लिए जो बोला गया अंश था वो केवल मुश्किल से 15 मिनट या आधे घंटे का अंश होगा। मुश्किल से चार घंटे का अंश नहीं था तुम्हारे लिए। जो तुमने विजय सिंह का वीडियो दिखाया था वह और तुमने जो विजय सिंह को प्रीिशन से जोड़ने का प्रयास किया था वो उस पर जो बातें हुई थी केवल वो तुम्हारे वीडियो के निमित्त था और उसमें भी हमने इतनी मर्यादा रखी क्योंकि हम तुमसे दूर रहते हुए भी तुम्हारे साथ शत्रुता नहीं करना चाहते थे। इसका कारण तुमने समझा डर कायर है ना अभी आगे बहुत सी बातें होनी है इसका कारण तुमने समझ लिया डर हम नहीं दिखाना चाहते थे परंपरा विरोधियों को कि हमारे बीच में भी वैमनसता है। हम तुम्हारी परंपरा का खंडन कर रहे हैं। तुम जाकर के बोल रहे हो कि भैया उन्होंने वो स्पॉन वालों ने जो है शीशे में देखकर तस्वीर के सामने अपने आप को दीक्षा दी। तुम उनको यह नहीं फिर तुम उनको यह कैसे बताओगे कि हमने तो स्वप्न में दीक्षा
00:15:31:15 ली है अपने संप्रदाय की है ना अच्छा फिर क्या है और स्वप्न में ली तो ली फिर उस दीक्षा को कौन से परंपरा प्राप्त आचार्य से आपने जाकर के वो कर लिया कौन से परंपरा प्राप्त प्रमाणिक आचार्य ने आपकी ये निग्रह निग्रह संप्रदाय को प्रमाणिकता दे दी है बोलो साथ में उठ उठना बैठने से प्रमाणिकता नहीं हो जाती। वो तो तुमने भी विदेश विदेशगामी व्यक्ति के साथ में उसके द्वारा जो है खुद को माला वाला पहना करके और जो है हमारा स्वागत हुआ है। खड़े हुए ना तो हो गया वो प्रमाणिक। उसकी जो द्विजता भंग हुई है विदेश विदेश गमन करके वो हो गई। सही हो गई क्योंकि निग्राचार उसके साथ में खड़ा है भाई। तो ऐसे नहीं होता है ना। क्या प्रमाणिकता है? कौन से प्रामाणिक संप्रदाय तुमको मानते हैं? निग्रह संप्रदाय और उसी में तुम लगे हो। उसी में लगे हो। मठाधीश बनने के लिए और मठ का अता पता नहीं है। अभी इस पर भी बात होगी। सारी बातों पर बात होगी। क्या है? विकृति चल रही है लेकिन ये कभी विजय श्री को ले आता है। तो विजय श्री को कौन लाया था? अरे तुमने तुमको परिकरों पर वीडियो बनाना था ना।
00:16:47:01 परिकरों पर वीडियो बनाते हैं। विजय श्री को कौन लाए थे? तुम लाए थे। उल्टी सीधी बातें किसने की थी? तुमने की थी लिप टू लिप किस करती है तुम्हारे घर की स्त्री के बारे में जब ऐसा बोला जाएगा तो तुम्हें अच्छा लगेगा अब तुम यह कहोगे कि मेरी घर की स्त्रियों की तुलना विजय श्री जैसी स्त्रियों से मत करो तो सुनो जब कोई व्यक्ति वापस आ जाता है दिशाहीन व्यक्ति वापस दिशा में आ जाता है तो क्या उसको बार-बार टोच मारते रहोगे यही है तुम्हारी धर्म स्थापना उसको बार बार यही टांग खींचते रहोगे नहीं नहीं तुम्हारी पुरानी फोटो ऐसी है इसलिए अब तू साड़ी नहीं पहन सकती
00:17:26:21 यही है तुम्हारी धर्म स्थापना। भाई किसी धर्म से दूर रहने वाले को ही धर्म में लाने के लिए निकले हो या धर्म वालों को ही धर्म में लाने के लिए निकले हो? जो धर्म को मान रहे हैं उन्हीं को धर्म उन्हीं को धर्म में रखने के लिए निकले हो क्या? तो अगर कोई व्यक्ति वापस आ चुका है, अपनी चीजों को स्वीकार कर चुका है और प्रयास कर रहा है जितना ज्यादा से ज्यादा हो सके अपने शास्त्रों के आलंबन का। हम सभी पूर्णतया ये जो संक्रमण काल है इसमें क्या पूर्णतया शास्त्रों का आलंबन ले पाते मगर हमारी प्रमाण्य बुद्धि रहती है। हम लोग वो नहीं है जो यह कहते हैं कि भैया हम जो वो नहीं कर पा रहे ना क्या कहते हैं? हम जो है शास्त्रों का आलंबन नहीं ले पा रहे तो आज जो हम कर रहे हैं वही धर्म है। हम यह नहीं कहते क्योंकि अगर हम ऐसा कहना चालू कर देंगे तो धर्म का मूल स्वरूप तो खो ही जाएगा। तो हम फिर लड़ किसके लिए रहे हैं? जितना बदलता जा बदलते जाओ, बदलते जाओ, बदलते जाओ। तो धर्म की परिभाषा के साथ छेड़छाड़ नहीं की जाती है। ये अंतर है। ठीक है? अब इसमें से भी कुछ निकाल लेना अपने लिए कि उसने हम पर ऐसा आरोप
00:18:41:27 लगाया। जो हम बोलना चाह रहे हैं, जो हम कहना चाह रहे हैं, उसको ना समझना। उसमें से अपने लिए निकाल लेना कि उसने मेरा ऐसे विरोध किया। अब लो मैं बम लेकर के आऊंगा, उड़ा दूंगा सबको। बहुत बड़े बमबाज हो, बहुत बड़े तुर्रम खान हो तुम। दुनिया तुमसे थर थर थर-थर कांपती है। है ना? ऐसा ही सोचते हो। चलो। अरे भैया हमने कितना कहा मान जाओ मान जाओ मान जाओ भाई। मत विवश करो। हां। हम तुम्हें विवशता की याद दिला रहे तो तुम वजन की बात कर रहे हो। कहा तुम्हारा वजन कहां निकल गया वो पता है हमें क्यों नहीं तुम्हारा वजन बढ़ पाया कहां तुम्हारा वजन स्टक हो गया वो पता है
00:19:22:18 हमें जब शरीर की सारी धातु निकाल दोगे तो कहां से आएगा वजन हार्ड मास में तो दूसरों का वजन तो तुम्हें ज्यादा लगेगा ही खराब लगेगा ही तो उस पर टोंड कसोगे प्रोटीन पाउडर की बॉडी हम प्रोटीन पाउडर का प्रचार करने निकला था क्या मैं आर्य समाज में जाके ये कहता हूं तुम प्रोटीन पाउडर क्यों नहीं खाते हो? फिर क्या बोल रहे हो? आरोपियों की ओर से लोगों का ध्यान हट जाए। हमने तुमसे कितनी बार कहा? भाई तुमको लगता है कि जो जो तुम्हारे पास जो वह है क्या कहते हैं यह जो साक्ष्य तुम दिखाते हो जो तुम्हारे हिसाब से साक्ष्य है वो कुछ नहीं है। तुमको लगता है कि हम उसको उसके आधार पर किसी को दोषी सिद्ध कर लेंगे। हमें नहीं लगता है। तो अगर हम यह कह रहे हैं कि हमें अकाट्य प्रमाण लाओ तो तुम हमको यह क्यों सोच रहे हो कि हम विरोधी हैं। भाई हमें किसी युद्ध में कूदने के लिए वो ठोस चीजें चाहिए जिनके आधार पर हम लड़ सके। वो आप उपलब्धि नहीं करा रहे हो। और अगर वो ठोस चीजें होती तो तुम स्वयं
00:20:37:22 युद्ध लड़ रहे होते। आज ये मदद को नहीं घूम रहे होते कि मेरा समर्थन नहीं हो रहा है। मुझे जाने नहीं दिया जा रहा है। आज लोगों को तुम इंस्टिगेट नहीं कर रहे होते कि जाओ जाकर के उसके हाथ पैर पकड़ लो। ये कर लो वो कर लो। ये नहीं कर रहे होते तुम। खुद जाकर के कर लेते वो काम। तुम्हारे मन में खुद चोर है ना। तुम दुनिया को भड़काना चाह रहे हो। करियर बना रहे हो ना तुम अपना। करियर बिल्ड कर रहे हो। लुप्त संप्रदाय के नाम पे। अपने आप को उपाधि दे दी। बचपन में मंत्र हो गया। है ना? 2017 में मंत्र प्राप्त हो जाता है और 2018 में 16 में तुम्हारे प्रेम प्रसंग चलते हैं विवाह से पूर्व ऐसे ऐसे जो क्या कहते हैं दिव्य जिनको वो बचपन से ही शुद्ध थे जन्म लेने से पहले जो है वो हमारे माता-पिता ने जो वो किया था और वो संतान जो है कितनी गाली गलौज कर रही है वो सब दिख रहा है Facebook पर जाकर के
00:21:38:20 हम अगर तुम्हारे हिसाब से कोई पूरी मठ में लंपट है तुम्हारे हिसाब से तो लंपट से बचने के लिए हम दूसरे लंपट के पास जाएं तुम्हारे पास आए पिछले यदि पहले बोल दिया कि मसाला मिलेगा इसलिए लाइव नहीं करेंगे। तुमको यही लगता है तुम इस गलतफहमी थे। तुम इस गलतफहमी में थे अह भगवतानंद कि शिवांश हमसे डरता है। डरता नहीं हूं। मेरे को अभियान की चिंता है। धरातल की चिंता है और तुम्हें किसी की चिंता नहीं है। तुम कहां रहते हो? तुम्हारा मठ कहां है? मंदिर कहां है? तुमने सार्वजनिक किया है? क्यों नहीं किया है? तुम जिनकी समीक्षा करते हो उनकी सब चीजें सार्वजनिक है। तभी तो वो कर पाते हो। मैंने तुमसे कहा तुम जहां भागवत कथा कराने जा रहे हो मुझे उनका परिचय दे दो। निकाल दूंगा उसमें 50 कमियां गिन के लिख के और बोलो दो। अपनी कॉल रिकॉर्डिंग दो। अपनी जो जीवन शैली
00:22:53:27 है उसको सार्वजनिक कर दो ना भाई। क्यों छुपे छुपे घूम रहे हो? क्योंकि तुम्हें मालूम है जिस दिन मेरी चीजें सार्वजनिक हो उस दिन मेरा भेद खुल जाएगा। तो मैंने इस भाव में कहा था कि आपका धरातल पर कुछ नहीं है। इसलिए आप सबकी समीक्षा कर पा रहे हो। धरातल पे जिनके प्रकल्प चल रहे हैं। फिर उनकी तुलना कर रहे हो कौन से और फिर मेरी तुलना कर रहे हो। फिर क्या है? आगे यदि स्वषित ही मानता था तो अपने ही पिछले लाइव में बार-बार निगराचार शब्द का प्रयोग करना ही नहीं था। हमने उस तथाकथित स्वसित आचार्य प्रशांत को कई बार आचार प्रशांत भी कहा है तो हो गया आचार्य प्रशांत हमने मान लिया उसको आचार प्रशांत भाई जिस नाम से लोग उसे जानते हैं उस नाम को भी लेना पड़ता है ना और लिया पर तुम्हें खराब लगा तुम्हारे लिए वो निगराचार शब्द लेना ही गलत है तुम भगवत आनंदी ठीक हो अब लोकाचार की दृष्टि से भी तुम्हें निग्राचार नहीं कहेंगे ठीक है हमने बहुतों को कहा है हमारे हिसाब से तो अलंकार समाज है। मगर लोकाचार की दृष्टि से बोलना पड़ता है आर्य समाज क्योंकि बना लिया उन्होंने आर्य
00:24:09:01 समाज से अपना अपनी पहचान हम मेंशन करना पड़ेगा ना टैग लगाना पड़ेगा आर्य समाज नहीं है आर्य समाज अलंकार समाज है हमारे हिसाब से वो तो लोकाचार की दृष्टि से कहना पड़ता है निगराचार गुरु निंदा नहीं हो क्या तुम दूर बैठकर के बहाने बना लेना जिस दिन आमना सामना होगा तो अब मैं अलग से एक वीडियो बना देंगे तुम्हारे लिए कि तुमने कहां कहां उपहास उड़ाया है गुरुओं का और विशेष तौर पर पूज्य गुरुदेव पूरी पीठाधीश्वर का बस बना देंगे वीडियो कोई बात नहीं भी चल रही होगी उनकी संभावना व्यक्त करने के लिए तू तड़ाक वाली बातें कर लोगे उनके लिए कि बोल दो नागपुरी का शंकराचार्य को हमने गुलाम बना लिया है गुलाम है तेरा यह है वो उनके लिए तू तड़ाक हल्की हल्की बातें अपने एक इंटरव्यू में तुम कह रहे थे ना कि वाणी जो है वो वो होनी चाहिए। एक इंटरव्यू दिया था ना तुमने वो रिलीजन वर्ल्ड वालों को हम रिलीजन वर्ल्ड को तुमने एक इंटरव्यू दिया था। उसमें तुम खुद कह रहे हो कि आचार्य की वाणी होनी चाहिए। ऐसा होना चाहिए वैसा होना चाहिए। तुम्हारी वाणी क्या है? आदर मादर किया करते हो जो Facebook पे जाकर
00:25:24:02 के। देखा है तुम्हारे चीजें। और तू तड़ाक अश्लील भाषा तो अभी भी तुम कर रहे हो। अरे मेरा यही यही तो कहना था कि भैया तुम्हें खंडनार्थ जो बोलना है बोलो किसी के लिए शास्त्रोक्त पक्ष में तुम्हारा कोई मतभेद हो रहा है तो बोलो हम मगर नहीं हमें उसके साथ साथ उसके व्यक्तिगत भी होना है जो तुमने और तुम्हारा दोगलेपन तुम्हारा दोगलापन क्या था तुम बड़ा सम्मान प्रकट कर रहे थे मैं यही चाहता था मैं चाहता था कि तुम्हारे अंदर की जो असली असली सूरत है वो बाहर आ जाए जिससे कि मैं जब अपना वो शुरू करूं ना तुमने क्या कहा था ऑफेंस तो मेरे पास मुझसे कोई यह ना कहे भैया तुमने शुरुआत की हम इनका भैया वीडियो चालू करो वो वाला इनका वीडियो देख के अब इनको उत्तर दिया जाए इसकी स्वयं ही ये तीनों बातें हैं और कारण एक दूसरे के सापेक्ष अकाट है क्या अब निग्रह प्रवेशिका के ही समय इस पर बोलेंगे आवश्यकता नहीं पड़ेगी निग्रह प्रवेशिका आ जाना किसी दिन कर लेंगे सामने से चर्चा ठीक है बहुत जो खुजली है सामना करने की वो मिटा देंगे
00:26:39:06 आ जाइएगा और शुरुआत वहीं से करिएगा रिदमम कपूर फ्री मेसेंस की कैसे और वो जो रिदमम कपूर है उस पर जो आपने वो लगाए हैं वह सिद्ध करिए फिर पूरी के जो परिकर हैं उन पर सिद्ध करिए जो आपने बोला है आ जाइएगा चलो आओ भैया और YouTube के जन्म में भी पहली बार YouTube लाइव आया हूं तो मुझे इस बात का अनुभव नहीं है कि ये तकनीक ठीक से काम कर रही है कि नहीं क्योंकि इससे पहले YouTube लाइव आने का मेरा कोई अनुभव नहीं है तो ट्यूटोरियल देखकर मैंने रखिएगा डेढ़ की कम से कम 1.5 की और आगे बढ़ाइए
00:27:23:06 जाता है Facebook का तो अनुभव था तो यदि आप सब को हमारी ध्वनि और वीडियो स्पष्ट आ रहे हो तो एक बार आप बता दें और इसे हम विषय पर आते हैं। कोई भी एक व्यक्ति कमेंट कर दें। जहां तक मैं देख पा रहा हूं कि मेरी जो वीडियो है वो तो दिख रही है। एक बार मैं ऑडियो चेक कर लेता हूं। मुझे लगता था एक बार मैं ऑडियो एक मिनट करो। मुझे लगता था कि भैया कोई भी बात ऐसी बोलो जो कटनी ना जो कट ना सके उसी बात को ही बोलो। दूसरी बातें बोलो ही नहीं। मगर मुझे इनका कल का वीडियो देख करके पता लगा कि कुछ भी बोलो। जनता सबसे खुश होती है। कुछ भी बोलो कोई मतलब नहीं है कि वो अकाट्य तथ्य है कि नहीं। बस कुछ भी बोलो जो जो अंधी भेड़े हैं वो कुछ भी सुन लेंगी और वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह करने लगेंगी। हां चलो आओ भैया। हां ऑडियो वीडियो तो मेरी दृष्टि से ठीक है और अगर कोई स्कैनर की समस्या होगी तो उस पर तो मेरा कोई अंतरण नहीं रहा और प्रयास करूंगा कि जितने भी महत्वपूर्ण विषय है उन पर हम चर्चा व्यक्त करें और आवश्यक विषय को उपेक्षित करें तो आप सभी जो टिप्पणियां कर रहे हैं लाइव चैट में उसको मैं साथ-साथ देख नहीं पाऊंगा क्योंकि इसका कारण क्या है कि मैं इधर देखूंगा तो विषय पर बोल नहीं पाऊंगा तो आप लोग अपने इधर
00:28:38:12 जो वार्तालाप है पक्षपक्ष से उसको मर्यादित शैली में बिना किसी व्यक्ति के प्रति किसी अनुचित शब्दावली का प्रयोग किए भी आप लोग कर सकते हैं हम एक मिनट पॉज करिए अब तक क्या उनके प्रश्नों का उत्तर नहीं दे रहे थे? उनके प्रश्नों का उत्तर ही दे रहे थे। उन्होंने जो कम्युनिटी पोस्ट की है उनके ही प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे। बस जो उन्होंने कल अपना वास्तविक स्वरूप दिखाया है। अब उस उनको उस अंदाज में दे रहे थे। अब तक हम क्या कर रहे थे कि भाई किसी तरीके से टल जाए, टल जाए, टल जाए। ना हमें इस तरह का प्रतिकार करना पड़े। मगर तुम तो सोच रहे हो कि भैया यह जो है कायर है। यह हमारे साथ ऐसे ही करता रहेगा। हम इसको ऐसे ही करते रहेंगे। इसको दबाते रहेंगे। हम अभी सारे प्रश्नों के उत्तर आ रहे हैं। आप ज्यादा बौखलाए ना और धैर्य रखें। चलिए भैया चलाइए। शिवशु नारायण द्विवेदी के द्वारा अनुग्रहचार्य का वीडियो अनुग्रह करी कर रहा है। गुवाहाटी तो शिवशु नारायण द्विवेदी का जो वीडियो है कृपया ध्यान दीजिए। न्यू गांव से आने वाली गुवाहाटी। उस वीडियो को हमने अभी तक देखा नहीं है। कौन वाला वीडियो? पहला वाला भी, दूसरा वाला भी, तीसरा वाला भी। लेकिन हमने लाइव चैट्स की टिप्पणियां कुछ पढ़ी और हमारे शुभचिंतकों ने उसके महत्वपूर्ण अंशों को हमें भेजा। उसको हमने सुना। मतलब सिंहावलोकन किया। सनातन धर्म
00:29:53:13 में एक शब्दावली बड़ी प्रचलित है जिसको रोक दो। रोक दो। यही आपने बहुत बड़ी भूल की। आपने स्वयं कोई रिसर्च नहीं की जो आपके चिलांटू टपोरी टाइप के जो अ कचरे समर्थक हैं। उनके द्वारा दिए गए जो कुछ तथ्य थे आधे अधूरे उन पर आपने प्रतिक्रिया व्यक्त की वह अभी आगे मैं बताऊंगा कैसे व्यक्त की वैसे बता भी चुका हूं अब जरा क्रम क्रम में चलेंगे अब यही आपकी गलती हुई हमसे हमसे भिड़ंत नहीं होती आपकी ठीक है हम और आप इस तरह से आमने सामने ना होते मगर यही आपकी गलती थी कि आपके लोगों ने आपके समर्थकों ने जितना अंश आपको दिखा दिया उतना नहीं आपने देखा। अरे क्यों भाई मेंढक हो गए कुएं के बाहर निकलो कुएं से अपने समर्थकों द्वारा बनाए गए कुएं से बाहर निकलते पूरे पूरे वीडियोस देखते जाकर के कि शिवश ने वो चार घंटे सबसे बड़ा तुम्हारा जो वो है ना गलतफहमी का पिटारा वो यही है जो तुम्हारे ईगो का हर्ट हो गया जयकांत सिकरे का ईगो हर्ट हो गया लाइफ में कुछ भी करने का जयकांत सिकरे का ईगो हर्ट नहीं करने का तो
00:31:08:16 सुन मैं हूं इस गांव का बाजीराव सिंघम। सुना अगर तुम अपने आप को जयगान सिगरे मानते हो तो मैं सिंघम हूं। समझ गए? अब सिंघम से मिलो। तो क्या था इनका मामला? कि भैया मुझे मेरे मैंने पूरे वीडियोस देखे नहीं है। मगर वो जो है मेरे समर्थकों ने जितना दे दिया उतना हमने बोल दिया। अरे क्यों भाई? देखो ना पूरा वीडियो। पूरा मामला देखो ना कौन क्या कर रहा है? कैसे कर रहा है? क्या कहना चाहता है कि जो भड़काऊ चीजें जो अंश काट काट के तुमको दिखा दिए जाएंगे उनप तुम बलबली लेके निकल जाओगे। हमने तो ऐसा नहीं किया। कितना मौका दिया? कितना अवसर दिया कि ये ये दिन ना आए। ठीक है। अब अब आपको प्रसन्नता हो जाएगी। संभवत चलाओ भैया। हम स्थाई पुला न्याय का अर्थ है कि जैसे आपने चावल में पानी डाला उसको बर्तन में रखा। उसको आपने चूल्हे पर चढ़ाया तो चावल पके या नहीं पके इसका परीक्षण करने के लिए एक एक दाने को नहीं देखा जाता तो उसी पात्र में से कुछ महत्वपूर्ण भाग को लेकर मतलब जो ऊपरी भाग है उसको आपने देख लिया मसल लिया यहां पर गया है इसलिए करो करो अब इनका कहने का मतलब है कि मेरे जो बड़े-बड़े वीडियोस हैं उसमें से ये सब नहीं देखेंगे बल्कि
00:32:24:09 वो जो समर्थक इनको चावल के रूप में कटिंग पकड़ा रहे हैं ये उससे ही देख लेंगे कि वो पक गया कि नहीं पक गया तो इसका मतलब निर्णय कौन हुआ? इसका मतलब निर्णायक तुम नहीं हो। तुम अपने समर्थकों के अनुगत हो। क्योंकि वो चावल को देख के ला के दे रहे हैं। ये पका हुआ है। ये देखो भैया पक गया। तुमने कैसे पता किया कि कौन सा वाला पार्ट जो है वो सही वही पार्ट है जो मेरे लायक होना चाहिए। क्योंकि तुमने तो पूरा वीडियो देखा नहीं। तुमने चेक किया कि जो चावल के चावल पकने चावल मुझे पकड़ाया जा रहा है। वह उसी कुकर से आ रहा है। तुमने यह सब चीजें चेक की?
00:33:03:25 ऐसा तो नहीं पहले से पका पकाया चावल मुझे पकड़ा दिया जा रहा हो तो तुम अपने समर्थकों के अनुगत चल रहे हो ना तभी तुम्हारी बुद्धि इस तरह से भ्रष्ट हुई और किन-किन कारणों से भ्रष्ट हुई है वो भी बताएंगे ठीक है अपने जो मतलब जो समर्थक हैं जो तुम्हारे फॉलोअर्स हैं जो तुमसे सीख रहे हैं तुम उनसे सीख रहे हो कि कौन से अंश का जवाब देना है कौन से अंश का बोलना है कौन से अंश का नहीं बोलना है क्यों भाई तुम उनको सिखा सिखाते हो कि वो तुम्हें सिखाते हैं। चलो भैया जो स्थाई पुलाक है वो कहता है कि चावल के तने जो पके हैं उसको परीक्षण करने के लिए कुछ सैंपल पर्याप्त है। तो हमने जो वीडियो का सिंहावलोकन किया था उससे हम विषय का बोर हो गया कि क्या कहना चाहते हैं तो पहला और दूसरा वीडियो तो इन्होंने शिवश नारायण द्विवेदी धर्मरक्षक बनकर नहीं अपितु शिवश नारायण द्विवेदी अधिवक्ता बनकर निर्गत हमने इस विषय पर कहा कि भाई आप जो बातें कह रहे हैं और जिस प्रकार के बचाव ये देखिए ये एक अंतर है ये अंतर है जिसको लड़ना है पॉज करिए पॉज करिए जिसको लड़ना है जिसको कोई धर्म स्थापना से मतलब नहीं है जिसको कोई शांति वार्ता से मतलब नहीं है जिसको लड़ना है वो क्या करता है आगे से आगे ऐसी चीजें करता है जिससे सामने वाला इंस्टगेट हो भाई उपाधि दी
00:34:30:01 क्या है जो ये कह रहा है अभी अगर हम कह दे कि तुम कचरा बिनने वाले के रूप में थे तो क्या मानोगे नहीं मानोगे तो फिर क्यों दे रहे हो उपाधि? क्योंकि तुम्हें इंस्टिगेट करना है। तुम्हें मतलब नहीं है सामंजस्य से। तुम्हें मतलब नहीं है धर्म रक्षा से। है ना? उससे मतलब नहीं है। कैरियर बिल्डिंग से मतलब है। तभी तो लोगों कहते फूल फिर रहे हो कि मैं तुम्हारा करियर खा जाऊंगा। मैं इसका ये कर दूंगा, वो कर दूंगा। हम चलो प्ले करो इनका। लुप्त संप्रदाय के आचार्य। में बहुत सारे लोगों को निमंत्रण देते हैं कि लाइव आ जाओ इस पर चर्चा कर लाइव आ जाओ इस पर चर्चा कर लेते हैं। तो हमने एक प्रस्ताव रखा था जिसके विषय में हमने लिखित रूप से और वीडियो बनाकर मौखिक रूप से भी कहा कि हम लाइव आएंगे तो इन्होंने अस्वीकार कर दिया। अब जब अस्वीकार किया तो इन्होंने क्या लिखा था जरा मैं उसको देख लूं एक बार थोड़ा सा मुझे समय दीजिएगा सनातन धर्म का इनका चैनल है सर्वशक्तिमान धर्म इस चैनल पर भी इन्होंने स्पष्टीकरण दिया था और दूसरा एक इन्होंने किया था आह्वान वाला जिनका चैनल है जो इनका छोटा चैनल है उस पर भी किया था तो पोस्ट मैं जरा निकाल लू इनके और
00:35:37:06 कहां गई पोस्ट? एक दिन पहले वाला जो है इन्होंने लिखा है उसको मैं पढ़ के सुना देता हूं जैसा कि आप लोग पढ़ भी चुके होंगे लेकिन हम विषय को साबित कर दें। अब देखिए इनके ये समर्थक पहले बता बता पॉज करो पॉज करो। ये हैं आपके दोगले समर्थक। इनसे इनसे ही आप वो चावल के दाने ले रहे हो ना। अभी कल तक यही समर्थक कह रहे थे कि लाइव क्यों नहीं कर रहे? लाइव से क्यों डर रहे हो? अब जब आज लाइव के लिए कह दिया तो इन्होंने तुरंत पलटी मारी। यह है आपके दोगले समर्थक। इनके ऊपर डिपेंड करके आप किसी मनुवादी से भिड़ने जा रहे हो। हम आप किसी मनुवादी से भिड़ने जा रहे हो। किसी भेद में प्रमाण बुद्धि रखने वाले बुद्धि रखने रखने वाले से लड़ने जा रहे हो। ऐसे सिद्धांत हीन दिशाहीन लोगों के आधार पे आप चल रहे हो। वो आपको चला रहे हैं। आप नहीं चल रहे हो। क्योंकि आपने तो पूरे वीडियो देखे ही नहीं। आपने तो समझा ही नहीं शिवश कहना क्या चाहता है। क्या नहीं वो क्या करना चाहता है। आपने खुद अपनी कोई रिसर्च ही नहीं की। आपको जो लाके दिखा दिया गया उसके ऊपर आप बन गए कि अरे ये क्या हुआ जयकार शिखरे के ईगो को हल्ट कर दिया मेरे ऊपर वीडियो बना दिया तुम्हारा चेहरा लगाया था क्या तुम्हारा नाम लिखा था क्या उसमें और तुम जब किसी स्त्री के बारे में अनावश्यक निराधार
00:36:52:09 प्रलाप करोगे तो क्या उसका तुम्हारा बिना नाम लिए लिया बिना नाम लेते हुए भी निराकरण प्रस्तुत नहीं कर सकता कोई उसमें भी तुम्हारा ईगो हर्ट हम इतने बड़े फन्ने खाओ क्या बात है भाई क्या बात है लोगों को कहते घूम रहे हो कि मैं शिवश का करियर खा जाऊंगा हम यही तुम्हारे अंदर की मंशा थी और ये जो कल तुम जो व्यक्तिगत हुए और जो आज तुमने इसका उसका शुरू किया यही तुम्हारा वास्तविक स्वरूप है भगवतानंद वो जो तुम्हारा वो जो मरदित वो चरित्र चित्रण है ना वो दोगलापन है कुछ देर के लिए है वो बस तुम्हारा वास्तविक चरित्र चित्रण वही है जो तुम्हारे एफबी एफबी अकाउंट से प्राप्त होता है जिसमें तुम मातृशक्तियों के लिए एक तरफ से गालियों की बौछार करते दिख नहीं रहे हो
00:37:56:18 क्या लेता हूं आपको मैं Facebook निकाल लेता हूं अपना और अच्छा हां Facebook निकाला तो मुझे एक बात याद आ गई बता ही देता हूं शुभ समाचार है हमारे ऊपर एक और लीगल नोटिस जारी हुआ है तो क्या बड़ी देरी कर रही हो मैं तो सोच रहा था कि मैंने अपने पिताजी को बताया कि भाई लीगल नोटिस जारी हुआ है पिताजी तो पिताजी डांट रहे ऐसा थर्ड क्लास वीडियो बनाया था कि अभी तक एक ही जारी हुआ है वीडियो बना रहे हैं रश को जारी होने चाहिए थे क्या थर्ड क्लास वीडियो बना रहे हो कि लोग एक ही लीगल नोटिस जारी कर पा रहे हैं वो भी लेट से तो मैंने कहा कीजिए पिताजी आ जाके प्रयास करेंगे कि कुछ ऐसा ठोस वीडियो बनाया जाए कि तीसरी संपर्क में तो चले पॉज करो। अब यह यहां पर कहने की क्या आवश्यकता है पता है? कुछ नहीं। केवल वर्चस्व केवल वर्चस्व है। सामने वाला सौहार्दपूर्ण तरीके से बात कर रहा है। विनम्रता से बात कर रहा है। मगर इनको दिखाई नहीं दे रहा है। क्योंकि इन्होंने पूरे वीडियो देखे नहीं। तो मैं तो बेनिफिट ऑफ डाउट दूंगा। मगर ऐसी मूर्खता क्यों कर रहे हो? जब तुम अपने आप को किसी महान संप्रदाय के निग्रह करने वाले आचार्य कह रहे हो भगवतानंद तो फिर ऐसी मूर्खता क्यों कर रहे हो कि जो तुम्हारे अनुगत हैं उनके अनुगत हो के तुम संसार को देख रहे हो लोगों को देख रहे हो उनके वीडियोस देख रहे हो क्यों कर रहे हो ऐसी
00:39:12:20 मूर्खता और करोगे तो फिर भना पड़ेगा कोई नहीं भिड़ा नहीं भिड़ा नहीं भिड़ा सर फिरा कोई सर फिरा मिलेगा भी फिर चलो भाई नोटिस आया कहां से आया अभिषेक द्विवेदी नाम के कोई अधिवक्ता है प्रयागराज में वहां से उन्होंने भेजा है किसके बिहाफ पे किसके ओर से विजयश्री और प्रीदम कपूर से और उसमें जो बातें कही गई है मुख्य बात है एक करोड़ मानहानि का है ना मनी डिगिंग का काम है और कुछ नहीं एक करोड़ मानहानि का इन्होंने ठोका है दावा ₹1 करोड़ मानहानि का दावा मतलब कि अब जीवन भर के लिए तो करियर बन गया ना खैर कोई बात नहीं उसका जो विषय है वो लीगल तरीके से जो भी फॉर्मेट में लाए हैं उसको हमने ऐसे पढ़ लिया है ऊपर ऊपर से लेकिन जो उसको गहराई से पढ़ना समझना हो प्रति तैयार करना ये सब जब हो जाएगा तो फिर हम उसको सार्वजनिक कर देंगे जैसा कि हम पहले करते रहे हैं बहुत से मामलों में जो हिंदी हिंदी नोटिस आती है उसको हम हिंदी में कर देते है जो अंग्रेजी में आती है उसको अंग्रेजी में देते है अभी तक संस्कृत में किसी ने भेजा नहीं है तो संस्कृत में नहीं दिया है तो वो भी हम साल कर लेंगे कुछ दिनों के अंदर ही जैसे ही हम उसको पढ़ते है समझते है फिर उस पर हम लेखन करने के लिए समय निकालेंगे फिर उत्तर देंगे खैर तो मैं अपना फेस बुक निकाल चुका हूं और मैंने क्या लिखा था शिवश नारायण द्विवेदी को यदि अनुकूलता हो तो हम उनके साथ कल साम 5:00 बजे जो कि बीत गया लिखित समय भविष्य काल था अभी वर्तमान में वाचिक समय भूतल हो चुका है साम 5:00 बजे से पहले तक उनके YouTube चैनल पर लाइव आकर उनके साथ वर्तमान विषय पर चर्चा कर सकते है इस ग्रह के साथ की उसकी वीडियो भी अपने चैनल से डिलीट या प्राइवेट नहीं करेंगे तो हमने ये शर्त रखी थी ग्रह मतलब शर्त ही मान लीजिए शर्त का पर्यायवाची शब्द है गह दाव लगाने को भी गला कहा जाता है लेकिन लेकिन लेकिन लेकिन लेकिन गलत से कहते है शर्त इस शर्त के साथ
00:40:27:27 की उस वीडियो को प्राइवेट नहीं करेंगे जो हम गलत रखेंगे या जो हम चर्चा करेंगे और डिलीट भी नहीं करेंगे थोड़े मच्छर है लेकिन ठीक है और इस प्रसम नशित भगवान का निर्देश है की उड़ते हुए मच्छर को भी नहीं मारना चाहिए संत पुराण में दोष बताया है खैर और मारना भी तो मच्छर को मार क्या होगा मच्छर मारने से कहीं से बनेगा नहीं ना तो इन्होने अपने द्विवेदी जी ने मेरे इस बात पर जो लिखा है वो मैं पढ़ के सुना देता हूं ये कहते है जैसा की सर्वता की निग्रचार ने हमारे साथ चर्चा का प्रस्ताव रखा है हम उनकी ओर से किए गए इस सकारात्मक प्रयास की प्रशंसा करते है परंतु इसके साथ ही साथ वह यह भी जानते वह मतलब यह भी जानते हैं कि युद्ध प्रतिस्पर्धा द्वंद हालाकि द्वंद नहीं लिखा है इन्होने द्वंद लिखा है लेकिन ठीक है वो डिजिटल टाइप्सिंग्स है तो डिजिटल टाइपिंग में कई बार क्या होता है की टंकल दोष हो जाता है तो कहते है की आदि कारणों को छोड़कर उनके साथ एक निश्चित दूरी बनाए रखना भी हमारा धर्म है फिर भी जिन अत्यंत संवेदनशील विषयों पर उन्होंने चर्चा का प्रस्ताव रखा है उन विषयों पर सार्वजनिक चर्चा ना होकर व्यक्तिगत रूप से चर्चा होना ही नीतिपूर्ण एवं अपेक्षित भी है क्योंकि हम अपनी ओर से अधर्मियों को किंचित माध्यम की सामग्री प्रदान करना उचित नहीं समझते है इन्होंने लिखा अब हम इस पोस्ट का पोस्टमार्टम करेंगे क्या हुआ कि इन्होंने क्या लिखा पहले अन प्रशंसा करते हैं कि आप लाइव आना चाहते हैं लेकिन हम आपकी इस को स्वीकार नहीं करेंगे। क्यों नहीं करेंगे? तो पहले इन्होंने बताया कि उनके साथ एक निश्चित दूरी बनाए रखना भी हमारा धर्म है। मेरे साथ वो एक निश्चित दूरी बनाए रखना चाहते हैं। इन्होंने पहले ही मन स्पष्ट कर दिया कि मेरे साथ लाइव नहीं आना चाहते। मुझे लोगों ने बताया इन्होंने उत्तर दिया कि गुरु निंद निश्चित दूरी तुम्हारे साथ क्यों क्यों ना बनाई जाए ये बताओ ना। निश्चित
00:41:43:01 दूरी बनाने वाले तुमने काम किए ना। तुमने आचार्यों की निंदा की ना। तुमने उनका शास्त्रोक्त खंडन नहीं किया। तुमने उनकी निंदा की। तू तड़ाक में बात की। हल्के शब्दों में बात की। फिर तुम कहते हो तुम्हारी वाणी बहुत अच्छी होनी चाहिए। श्री राम की वाणी ऐसी थी क्या? ऐसी वाणी थी श्री राम की जैसी तुम्हारी है। राम से भी ऊपर हो गए तुम। तो तुमने ऐसे कार्य किए भगवतानंद जो तुम्हारे से निश्चित दूरी बनाने के लिए मेरे पास पर्याप्त कारण दिए तुमने और वो विषय आएगा और मैं इधरउधर से बहुत सारी चीजें इकट्ठा करके तुम्हें दे मारूंगा जिसमें कि तुम्हें पता चलेगा कि तुमने कितनी सारी चीजें की है। तो निश्चित दूरी बनाना बिल्कुल सही है। क्योंकि तुम्हारे साथ सौहार्दपूर्ण चर्चा हो ही नहीं पाएगी। तुमने की है आचार्य निंदा और हम तुम्हें दे सम्मान। इसलिए दूर रहना ठीक था। तो हमने ये लाइन लिखी तो क्या गलत लिखा? शास्त्रों में वचन है कि गुरुदेव की निंदा करने वाले की जीवा ना काट सको
00:42:58:07 तो उसे वहां से भगा दो। भगा ना सको तो खुद वहां से चले आओ। तो हमने तो वही किया ना। निश्चित दूरी और वो तुम्हारे गुरु नहीं है। तुम्हारे गुरु हो
✅ This part is already used · 00:43:11:03 – 00:43:15:25 (0:05)
→ Used in: A · Video निग्रह परंपरा का अस्तित्व एवं भागवतानंद की नियुक्ति The Nigrah Nikasika Chapter... at 5:20 ↗
00:43:11:03 या ना हो। भले ही तुमने उनसे जाकर के ज्ञान प्राप्त किया हो या ना किया हो वो
⬜ Not used yet · 00:43:15:25 – 01:30:53:25 (47:38)
00:43:15:25 नहीं है मगर हमारे तो हैं और तुमने केवल बात वही आएगी बार-बार कि शास्त्र का ही खंडन नहीं किया है कि किसी शास्त्रों विषय में तुमने अपना पक्ष रख दिया हो तुमने उनको व्यक्तिगत टिप्पणियां की है। अनगिनत की है। अनेकानेक जगह की है। चलिए चलाइए। कोई तकनीकी वो है तब तक हम यहां पे
00:43:55:19 जो आप किसे क्या देखते हैं डजंट मैटर आपको वेद मंत्र कहां से प्राप्त हुए यह मैटर करता है। ठीक है? जिनसे प्राप्त हुए उनका खंडन करते हुए उनका विरोध करते हुए आप कुछ भी बोलेंगे तो अवैदिक होंगे। यही पक्ष वो भी कहते हैं आर्य समाज के हमारे लिए सबसे बड़े वैदिक वही है। ठीक है? और क्या है? नहीं आएंगे। ये तो बहाना है केवल। इन्होंने अपनी मनुष्य को स्पष्ट कर दी है कि युद्ध प्रतिस्पर्धा द्व अधिकारों को छोड़कर उनके साथ और मेरे साथ एक निश्चित दूरी बनाए रखा हमारा करिए करिए आपको ये अंतर होता है ये अंतर होता है धर्म की चिंता करने वाले को जिसको वैमनसता नहीं फैलानी होती है वो अपना निर्णय नहीं देता है आप इसको सिद्ध कर लोगे कि ये बहाना था जो आपने वक्तव्य दिया वही बात बोलो जिसको सिद्ध करो मत बोलो ऐसी बातें इसी के पीछे पड़ जाऊंगा तो सिद्ध नहीं कर पाओगे इसको कि भैया वो जो है क्या कहते हैं वो तो बहाना था
00:45:11:15 बहाना नहीं था बस इस तरह की स्थितियों से बचना चाहते थे कि तुम्हारे साथ में इस तरह के दृश्यों को हम नहीं लाना चाहते थे समाज के सामने और जो तुम अभी आगे बोलो मैं उत्तर दूंगा चलो चलो आओ से निश्चित दूरी बनाए रखने में कोई रुचि नहीं है। तब धर्म आपको नहीं याद आता। आपको या रामपाल वालों के साथ निश्चित दूरी नहीं बनाए रखनी। आपको एक वर्णाश्रम समर्थक अद्वैत मतावलंबी व्यक्ति से निश्चित दूरी बनाए रखने की क्या व्यवस्था है? फोकस करो। जो भी आर्य समाजी हमारी जानकारी में व्यक्तिगत रूप से कोई गाली गलौज कर देता है। यही तो दिक्कत है तुम्हारी। यही समस्या यही है शुरू से। हम और तुम एक साथ हो सकते थे। मगर दिक्कत यह है कि तुम्हारे अंदर जो तुम्हारा उबाल है बलबली है करियर बनाने की या अपना जो लुप्त संप्रदाय है उसमें अपने आप को ख्यापित करने की अपने आप को प्रामाणिक सिद्ध करने की इतनी जल्दी है तुम्हें कि तुम्हें कुछ भी क्या कहते हैं तथ्यात्मक विवेचना करनी ही नहीं है जाके देखो हमारे चैनल पर मना किया है हमने जिस
00:46:26:19 किसी आर्य समाजी ने व्यक्तिगत रूप से कोई अश्लील भाषा तू तड़ाक वाली बातें कर दी। हमने उसको दरकिनार किया। चाहे वो स्पॉन का था और चाहे वो आर्य समाज का था। अरे कम से कम अपने समर्थकों से ही यहां पर पूछ लेते क्योंकि जो तुम्हारे समर्थक है वो हमारे भी समर्थक हैं। पूछ लेते कि क्या उसने कभी ऐसा और भी कई ऐसी गलतफहमियां जो तुम पाले बैठे हो। भगवत आनंद बहुत सी गलतफहमियां है जो तुम्हारे वीडियो में तुमने पाली हुई है। ऐसा नहीं है। जिस किसी व्यक्ति ने शास्त्र की बात ना करते हुए व्यक्तिगत टिप्पणियां की और उसमें भी वो एक मर्यादा से बाहर गया तो हमने उससे बात करना बंद कर दिया। उससे दूरी बना ली। जाके देखो। जब कृतेश पटेल की ओर से वह जो ऋषिवाच नाम का चैनल चलता है। है ना? जब उसकी ओर से हमको बुलाया गया था कि यहां आ जाओ गुजरात आ जाओ यह है वह है और उन्होंने बता दिया था कि जो है हमारी संस्था का एक मेंबर है वो ऋषिवाच तो हमने कह दिया था पहले आप अपनी संस्था की ओर से लिखित में माफी मांगो जाके देखो ना क्यों नहीं
00:47:41:20 देखना चाहते हो समय नहीं है कोई बात नहीं तो बोलो मत भेड़ चाल मत चलो ना निग्रह वो तुम पर कर रहे हैं कि तुम उन पर कर रहे हो। तुम तो फिर अनिग्रहचार्य हो गए। तुम्हारे ऊपर तो कोई और निग्रह कर रहा है। कहां से तुम निग्रहचार्य हो रहे हो? वो लोग तुमको कंट्रोल कर रहे हैं। वो जितनी दुनिया तुम्हें दिखा रहे हैं उतनी दुनिया तुम देख रहे हो। वो जितनी खबरें तुम्हें दिखा रहे हैं उतनी खबरें तुम देख रहे हो। पूछ लेते कि ऐसा तो नहीं शिवश ने अन्य को भी मना किया है। मना किया है। इस वालों को भी किया है। अभद्र टिप्पणियां अभद्र आचरण करने वाले करने पर इस वालों से भी निश्चित दूरी बनाई है। और इनसे भी निश्चित दूरी बनाई है। आर समाजियों से भी और जो जो करता जाएगा उन सब से निश्चित दूरी बनाएंगे। क्योंकि जब कोई आपकी मां को गाली दे देता है उसके प्रति अवमानना आपत्तिजनक तरीके से बोलता है तो उसके साथ फिर आप चर्चा नहीं करते दोद हाथ करते हैं तो हमें ना आपके साथ तो क्योंकि आपने ऐसा आपत्तिजनक आचरण किया तो हम आपके साथ चर्चा नहीं करनी थी और दोद हाथ हमें करने नहीं है आपके साथ वही
00:48:56:24 कारण है दूसरा अब इसमें तुम ये सोच लो कि वो कायर है तो तुम ऐसा सोच सकते हो स्वतंत्र ंत्र हो अपना निर्णय लेने के लिए। मगर यदि हम आपके साथ चर्चा करने से बच रहे हैं तो इसका अर्थ यह नहीं है कि हमें आपसे डर लगता है। जिनको धरातल पर कार्य करने होते हैं उनको यह सब सोचना पड़ता है। कि निग्रचार्य ने निग्रचार के नाम से जो जाना जा रहा है जो भगवत आनंद नाम का व्यक्ति उसने उनहीं लोगों का वो किया है। प्रतिकार जिनका मैं भी करता हूं। तो हम लोग एक होकर के प्रतिकार करें भले ही दूर रहे। हम लोग एक दूसरे की टांगी खींचने से बचे जिससे कि उनको बल मिले सामने वाले को जिससे हमारा प्रतिकार है पुरजोर और फिर तुम यहां कह क्या रहे हो अद्वैतानुगामी तुमने तो अपनी साइट में लिख रखा है कि मैं अव्यक्ता द्वैतवादी हूं क्यों भाई अब तुम अपनी बात को रखने के लिए कितना दोगलापन है भाई यह अगर तुम अद्वैतवादी हो तो अद्वैत का ज्ञान कैसे आ रहा है तुम्हारे पास? कौन से ब्रह्म सूत्र आए तुम्हारे पास? कौन से भाष्य तुम्हारे पास? अद्वैत वाला
00:50:12:04 कहां है भाष्य आपके? प्रस्थान त्रय के भाष्य कहां है आपके? क्योंकि आप तो अव्यक्तान वो द्वैतवादी हो ना। कहां है? और दूसरी बात यहां झूठ क्यों बोल रहे हो? कि हम अद्वैत वाले हैं। तो यह तो कुछ ठीक नहीं है ना। आपने अपनी वेबसाइट में कुछ और लिख रखा है। इनकी वेबसाइट खोल के दिख सकती हो तो दिखा दीजिए। ऑपरेटर मोड है। फ्रंट पेज पे ही लिखा है। अद्वैत गामी बोल रहे हो। समय पड़ने पर कुछ भी बोलने लगो। और अगर यह कहो कि नहीं नहीं उसमें अद्वैत ही है तो फिर इस तरीके से तो विशिष्टाद्वैत भी अलग नहीं है। सुद्धा द्वैत भी अलग नहीं है। है ना? द्वैताद्वत भी अलग नहीं है। कुछ भी अलग है ही नहीं। सब अद्वैत है। तो फिर क्यों परंपराएं अलग-अलग है? तो एक तो वो बात अलग रही कि तुम्हारा तुम्हारी जो परंपरा है आपका जो ज्ञान है अद्वैत का वो कहां से स्फुटित हो रहा है? आपको कैसे प्राप्त हो रहा है भैया? है ना? वो बताएं अपनी परंपरा। कौन से प्रस्थान के भाष्य आपके अवक्ता अव्यक्ता द्वैत वाले चलिए भाई प्ले करिए।
00:51:21:15 कारण है कि आप मुझसे निश्चित बुरी बनाए रखना चाहते। यही आपने स्पष्ट कर दिया कि आप लाइव नहीं आना चाहते। तो वो बहाना बाद में क्यों बना रहे हैं कि तुमने कॉल रिकॉर्डिंग सार्वजनिक की इसलिए हम लाइव नहीं आना चाहते हैं। जनता पॉज करो। अरे पॉज करो पॉज करो। ये भी तुम्हारी जल्दबाजी। ये भी तुम्हारी फवड़ता। ये भी तुम्हारी जल्दबाजी। कुछ देखना नहीं है। हमने बाद में जब तुमने कॉल रिकॉर्डिंग वाला वीडियो डाला तो यह नहीं कहा कि हम इसलिए नहीं आ रहे हैं क्योंकि कॉल रिकॉर्डिंग तुमने डाल दी है। ध्यान से देखो। हमने तुम्हारे उत्तर में ये कहा था कि जिस विषय पर फिर भी तुम चर्चा करना चाह रहे हो तो उसके लिए व्यक्तिगत चर्चा अपेक्षित है। क्यों नहीं कर सकते तुम व्यक्तिगत चर्चा? भाई तुम्हें मटकी चिंता है कि तुम्हें शो दिखाना है लोगों को। मटकी फिक्र है ना तो गोष्ठी क्यों नहीं कर सकते तुम? गोष्ठी गोष्ठी हमसे आकर के करने में क्या दिक्कत हमें बता देते हम आते हमने व्यक्तिगत चर्चा का तो समर्थन किया था ना क्योंकि तुम्हें करियर बिल्डिंग करनी है मैं इसका करियर खा जाऊंगा हमने अपने जीवन का त्याग कर दिया है तुमको नहीं मालूम होगा क्योंकि तुमने वो कुएं के मेंढक की तरह जो तुम्हारे लोगों ने तुमको दिखाया उसके अलावा तुमने कुछ देखना पसंद नहीं
00:52:36:16 किया अरे कितने भावनाएं भावुक तरीके से मैंने अपने वो चीजें रखी थी। कुछ देख दिखाया ही नहीं मुझे लगता है तुम्हारे समर्थकों ने तुम्हें इसीलिए तुम्हारे बलबली सवार है। उसने वही पार्ट उतार के दिखा दिया। ये देखो तुम्हारा खंडन कर रहे हैं। अरे ये तो सोचना चाहिए था। अगर हमें तुम्हारा खंडनार्थ कोई चीज करनी थी तो हम तुम्हारा चेहरा लगाते वहां। उस वीडियो में तुम्हारा कहीं चेहरा लगाया था। हमें तुम्हारा खंडन नहीं करना था। हमें केवल जो निर्दोष था उसके पक्ष को रखना था। और वो भी वो चार घंटे का जो वीडियो था उसमें से तीन घंटे तुम्हारे लिए थे ही नहीं। यह जो दंभी सेना है, गुरुदेव के जो दंभी शिष्य हैं, गुरु द्रोही हैं। इन्होंने कैंपेन चला करके उसको परेशान कर रखा था Instagram पर और ये सारे जो प्रश्न हमने लिए थे, तुम्हारी पीडीएफ से नहीं लिए थे। जिस पीडीएफ को तुमने वहां पढ़ा है अपने वीडियो में। ये सारे प्रश्न वहां Instagram पर दौड़ रहे थे और Instagram पर हमने उस कैंपेन का प्रतिकार शुरू कर दिया था। बस अब हमने YouTube पर भी
00:53:51:20 उसको लाने का प्रयास किया था। मगर जिस दिन हम लाने वाले थे संयोग से दिन में उसी दिन तुम्हारा भी वीडियो आ गया। तुमने फ्री मेंशन जोड़ दिया। तुमने वहां पर लिप टू लिप किस जोड़ दी। तुमने वहां पर जो है वो क्या कहते हैं? एक किसी अन्यत्र किसी मातृशक्ति को कह दिया ये देखो वही बैठी अपना बिजनेस चला रही है। है ना? गलत बात है ना। सिद्ध करो अब आ के कि तुमने नहीं कहा उसमें और दोगलेपन की पराकाष्ठा सीधे कह देते भाई वो गलती से हमने जल्दबाजी में देखा नहीं तुम्हें तुम्हारी जल्दबाजी ही ले डूब रही है भगवतानंद मैं तो यही देख रहा हूं ता ना देखा ता कौन दोस्त है कौन दुश्मन है कुछ भी सोचे समझे बिना अपने आप को बहुत बड़ा हितषी तुम प्रूफ करना चाहते हो अरे तुम सामने वाले का प्रयास देख रहे हो क्या पूर्णतया तुम तो अपने समर्थकों का चश्मा लगा के देख रहे हो तुम तो उनके गुलाम हो। तुम तुम कहते हो परिकर जो है परिकर जितना बताते हैं उतनी खबरें पहुंचती है उनके पास। तुमने भी तो कहा कि हालांकि हमारे समर्थकों ने जो लाकर दिखा दिया हमने पूरा वीडियो नहीं देखा। क्यों नहीं देखा? तो तुम भी तो उसी पोजीशन में आ गए। तुम्हारे समर्थकों के तुम गुलाम बने बैठे हो। अगर तुम्हारी भाषा का उपयोग किया जाए तो उस हिसाब
00:55:06:26 से तुम गुलाम हो उनके। ठीक है? चलाइए भैया जिन अत्यंत संवेदनशील विषय पर उन्होंने चर्चा का प्रस्ताव रखा है। उन विषयों पर सार्वजनिक चर्चा ना होकर व्यक्तिगत रूप से चर्चा होना ही नहीं अपेक्षा है हम अपनी ओर से याद आ गया ये अच्छा है चला चला करके जो बोलते हैं उसमें ये अच्छी चीज है कि हम कोई भी पॉइंट भूलते नहीं है। हां तो क्या कह रहे थे यह कि तुमने तो पहले ही कह दिया था कि हमें जो है चर्चा नहीं करनी है तो फिर बाद में यह नाटक क्यों अब तुमने वीडियो डाल दिया है जब वीडियो तुमने डाला तो हमारा जो एक व्यक्तिगत एक जो सॉफ्ट कॉर्नर था कि भाई व्यक्तिगत चर्चा करके कुछ गोष्ठी करके और ये जो समस्या बार-बार उठ रही है इसका कुछ निराकरण करेंगे भगवत आनंद निराकरण लड़ेंगे नहीं इसलिए हमने इशारा किया था कि इसके लिए व्यक्तिगत चर्चा अपेक्षित है कुछ समस्या का समाधान निकलेगा। मगर नहीं ना तो उस इशारे पर ध्यान दिया, उस संकेत पर ध्यान दिया और ना ही तुमने यह देखा कि जब तुमने वो क्या कहते हैं? जब तुमने वो कॉल रिकॉर्डिंग वाला वीडियो डाल दिया तो हमने यह नहीं कहा कि अब हम इनके साथ लाइव चर्चा नहीं करेंगे।
00:56:22:12 हमने यह कहा व्यक्तिगत का भी इन्होंने मामला बंद कर दिया। क्यों मिले भाई? तुम्हारे अंदर कोई सौहार्द की भावना है ही नहीं। जब सामंजस्यता की भावना है ही नहीं। तुम तो अपना जयकांत सिखरे का ईगो लेकर के घूम रहे हो कि शिवश नारायण द्विवेदी ने हमारा नाम कैसे ले दिया? तुम किसी के साथ कुछ भी करते रहो बिना आधार के। किसी को भी फ्री मेंशन वाला सिद्ध कर दो। किसी की भी किसी के भी एक क्या कहते हैं? वो अस्पर्श है। जो स्ान है वो अस्पर्श है। मगर वो जो व्यक्ति उसको छू रहा है वो दिशाहीन है। मगर दिशाहीनता में इतना तो विवेक उसका नहीं खोया हुआ है कि तुम वो तुम उसके जो है उसको जो प्यार कर रही है वो लड़की उसको तुम लिफ्ट टू लिप किस कह रहे हो।
00:57:10:01 हम और फिर मैं कह रहा हूं तुम बताओ कहां पर कथा कर की थी तुमने तुम्हारे तुम जहां जिनसे जुड़े हुए हो वो तो वो लोग तो भागवत में नाच नचा रहे हैं क्यों भाई और नाच नचाया गया तो तुमने उनको डांटा ना तो तुमने चेक किया कि जहां पर विजय श्री की गलती हुई वहां पर उसको कहा गया कि नहीं उसके बाद बदलाव हुआ कि नहीं तुमने यह सब कहा मेरा वीडियो अटक रहा हो तो कोई बता दे। अगर वीडियो अटक रहा है तो कोई बता दे कमेंट
00:57:54:25 करके। ये देखो। ये देखो तुम्हारे अंधे समर्थक। यह देखो क्या कह रहे हैं इधर उधर की बात करके अरे मेरे भाई जो तुम्हारे तथाकथित स्वभूषित आचार्य बात कर रहे हैं उसी पर तो बात कर रहा हूं अब क्यों कह रहे हो इधर उधर की बातें तुम्हें तो यही रवैया चाहिए था तुम यही चाहते थे कि तुम्हारे गुरु के साथ यही किया जाए यही चाहते थे ना और अब जब वो हो रहा है तो तुम्हें परेशानी हो रही होगी तुम यही चाहते थे इसीलिए के लिए तुमने भिड़वाया है। तुमने उनको हमारे सभी पक्षों को नहीं दिखाया। इसमें तुम्हारे गुरु से ज्यादा तुम लोगों की गलती है। तुम लोगों ने फंसवाया है। तुम लोगों ने ये सीन दुनिया को दिखाने पर जो है एक सीन क्रिएट करवाया है तुम लोगों ने। अब दिखाना अच्छे से कि अब तो उसने अच्छे से कर दिया है। अभी तक तो बड़े रेस्पेक्ट के साथ बात कर रहा था।
00:58:59:22 नहीं समझते ऐसा इन्होंने कहा है तो के लिए बोल दिया है एक मिनट लाइव के लिए बोल दिया है बुला लो अपने स्वषित आचार्य को सिद्ध करवाओ जो प्रमाण उसने दिखाए हैं उनके आधार पर मटका कौन सा परिकर क्या सिद्ध हो रहा है जो प्रमाण उसने दिखाए हैं वहां पर विजय श्री सिद्ध हो जाएगी मैं उसका शिष्य बन जाऊंगा बुलाओ उसको लाइव में ठीक है शिष्य शिष्य घोषित करूंगा। निग्रचार्य के संप्रदाय को मानूंगा। भगवत आनंद के संप्रदाय को मानूंगा। बुलाओ उसको और वो अभी आगे और भी कुछ तथ्य और प्रमाण रखूंगा। उनको भी सिद्ध
00:59:40:18 करें। चलिए चलाइए। दो वीडियो बना चुके थे। बना चुके थे ना एक तो इन्होंने कोलबेशन किया था वीर के साथ और एक कोई और बंधु थे पंडित डॉट कुछ उनका था हैंडल का नाम। मैं उनको व्यक्त के रूप से जानता नहीं हूं। लेकिन उन्होंने जो बातें उस लाइव में कही पौने चार घंटे तक उन्होंने जो बातें रखी क्या वो बातें सार्वजनिक नहीं थी क्या व्यक्तिगत रूप से चर्चा की जा रही थी ऐसा तो नहीं है ना तो जिस विषय पर आप करिए करिए सार्वजनिक थी ऐसा नहीं है कि सार्वजनिक थी नहीं थी मगर हम सिर्फ उत्तर दे रहे थे डिफेंस कर रहे थे मगर जब हम और आप सामने आमने सामने होते तो लड़ाई जैसा माहौल होता तू तड़ाक वाला माहौल हो सकता था चिल्लम चिल्ली दिल्ली का माहौल हो सकता था। झगड़े जैसा माहौल हो सकता था और यहां पर हम शांतिपूर्ण ढंग से अपने पक्ष को रख रहे थे और वो पक्ष रखने के लिए भी तुम ही हमको मजबूर कर रहे थे। अगर तुमको नहीं पता है कि वो जो महिला है वो विजय श्री नहीं है जो मंच पर आ रही तो तुम मत बोलो कि विजय श्री ने मंच साझा किया अपने व्यापार को बढ़ाने के लिए। तुम भगवान नहीं हो और ना ही कोई प्रामाणिक आचार्य हो। समझे? और आज के बाद यह बिगुल बज चुका है ना। अब तुम्हारी प्रामाणिकता पर भी बात होगी।
01:00:55:25 कितने प्रामाणिक हो। चलो भैया तब आप क्या कह रहे हैं कि सार्वजनिक चर्चा नहीं तो व्यक्तिगत चर्चा होनी चाहिए। नीति पूर्ण है। अपेक्षित है। लेकिन उससे पहले घोषित कर चुके हैं कि आपके साथ एक निश्चित दूरी बनाए रखना हमारा धर्म है। ऐसा क्या छूट हो गया हमारे जीवन में कि आप ऐसी दूरी बनाना चाहते हैं कि लाइफ खा भी नहीं पाते। अच्छा ठीक है। कारण बता रहे हैं कि हम अपनी ओर से अधर्मियों को किंचित मात्र भी सामग्री प्रदान करना नहीं। पीछे करना और दूसरा लाइव सवा घंटा पीछे करो जरा पीछे करो हल्का सा आ भी नहीं पाते अच्छा ठीक है नहीं नहीं थोड़ा और पीछे करो इन्होंने एक सार्वजनिक नहीं थी क्या व्यक्तिगत रूप से चर्चा की जा रही थी ऐसा नहीं है जिस विषय पर बात कर रहे हैं जब हम लाइव आना चाहे तब आप क्या कह रहे हैं कि सार्वजनिक चर्चा नहीं तो व्यक्तिगत चर्चा होनी चाहिए नीतिपूर्ण है अपेक्षित है लेकिन उससे पहले घोषित कर चुके हैं कि आपके साथ ये निश्चित दूरी बनाए रखना हमारा धर्म है ऐसा क्या छूट हो गया हमारे जीवन में कि आप कुछ ऐसी दूरी बनाना चाहते हैं कि लाइव आ भी नहीं पाते हमने आपको पहली बात तो यह है हमने आपको सभी स्थितियों से अपनी अवगत कराया था कि तुम एक बुद्धिजीवी हो। हमने तुम्हें प्रबुद्ध समझा था तो हमने अपनी स्थितियों से तुमको अवगत कराया कि तुम धर्म को अगर जानने वाले हो तो तुम्हें पता होगा कि एक शिष्य का धर्म क्या होता है? जब उसके गुरु के प्रति ऐसी चीजें बोली जाती है किसी के द्वारा तो उससे उसके क्या धर्म होता है? दूर रहने का धर्म होता है कि नहीं होता है? और
01:02:10:26 अगर नहीं रहेगा और मिलेगा तो वह तो उठाकर पटकेगा। वो तो उठा के पटकेगा भाई। इसलिए निश्चित दूरी आवश्यक थी। मगर फिर भी क्योंकि अत्यंत संवेदनशील मामला है। धर्म स्थापना की चिंता है। तो जब तुमने आगे से प्रस्ताव रखा तो हमने एक बात कही कि भैया जिस विषय पर तुम गोष्ठी करना चाहते हो। यदि तुम्हारा यदि तुम्हारा उद्देश्य शोधन है। यदि तुम्हारा उद्देश्य यह नहीं है कि मैं जो है तमाशा करूं तो तुम आकर के एक व्यक्तिगत चर्चा कर सकते थे। हम योजना कोई बना सकते थे। किसी एक निष्कर्ष पर हम निकल पहुंच सकते थे। मगर तुम्हारा वो उद्देश्य है ही नहीं। भगवत आनंद वो वो तो एक बेनिफिट ऑफ डाउट दिया था मैंने। मैं पहले से भी जानता हूं। तुम्हारा वो है ही नहीं। क्योंकि जब तुम अपने वीडियो में लोगों को यह बता रहे हो कि जाओ जाकर के 10 लोग उसके उनके हाथ पकड़ लो। यह पकड़ लो। तो तुम क्यों नहीं गए? तुमको 10 आदमी नहीं मिले क्या?
01:03:15:08 तुम क्यों नहीं गए हम चलाई भैया कारण बता रहे हैं कि हम अपनी ओर से अधर्मियों को किंचित मात्र भी सामग्री प्रदान करना उचित नहीं समझते तो भैया मेरे जो पहला लाइफ पौने चार घंटे का किया और दूसरा लाइफ सवा घंटे से अधिक का किया अब मिला के पांच घंटे का तो पूरा कंटेंट आपने बना दिया उससे अधर्मी को सामग्री नहीं मिल रही थी ये ये है जयकांत सिगरे का ईगो कि तुमने मेरे नाम पे 4 घंटे का लाइव बना दिया उसमें कहां पे तुम्हारा लाइव लिया गया था मूर्ख देखो तुम अगर यह तो सोचते हो कि वो चार घंटे का लाइफ तुम्हारे लिए था। वो चार घंटे का लाइफ तुम्हारे लिए नहीं था। वो उन दबी गुरु द्रोहियों के लिए था जो उस लड़की के पीछे Instagram इत्यादि पर चार पांच दिन से पड़े हुए थे। उसकी फोटो के साथ अनर्गल प्रलाप कर रहे थे। उसको धमकियां दे रहे थे। कि चार दिन में तुम्हारे साथ यह कर देंगे। पांच दिन में यह कर देंगे। तुम्हें वहां से उठवा लेंगे। उसके लिए था वो।
01:04:20:02 और तुमको लगा कि तुम्हारे लिए था तो तुम्हें या तो तुम्हें पता है कि तुम्हारे लिए नहीं था और तब तुम ये बोल रहे हो कि तुम्हारे लिए था तो तुम्हें जंग चाहिए तुम्हें युद्ध चाहिए तुम्हें करियर चाहिए तुम्हें संशोधन नहीं चाहिए और अगर तुम्हें नहीं पता है कि तुम्हारे लिए था कि नहीं तो ऐसे में ऐसे संवेदनशील मामलों पर बोलने वाले तुम कौन हुए? मूर्ख नहीं हुए तो कौन हुए? अभी भी देख लो। अभी भी ये मेरे गुरु द्वारा सिखाई गई मर्यादा है कि मैं तुमको मूर्ख बोलने से बचने का प्रयास कर रहा हूं। बार-बार मूर्ख हो निर्णय नहीं दे रहा हूं। कोशिश कर रहा हूं बार-बार कि मेरे मुख से निर्णय ना निकले। मैं तुमको याद दिलाऊं कि तुम कौन साबित हो रहे हो अगर तुम बिना जाने ताने लड़ने निकल रहे हो किसी से तो
01:05:17:09 हम चलो भैया चलो आने का प्रस्ताव रखे वैसे आप निश्चित दूरी भी बनाने लग गए और सार्वजनिक चर्चा ना करके व्यक्तिगत चर्चा करना पूर्ण हो गया और अपनी और को सामग्री मिल जाएगी ऐसी आशंका बताने लग गए इसका अर्थ क्या आप कभी लाइन चर्चा व्यक्तिगत चर्चा और क्यों नहीं और क्यों नहीं हो सकती है ये हमने नहीं बताया क्या अपने में क्यों होनी चाहिए थी रोक दीजिए व्यक्तिगत चर्चा और क्यों होनी चाहिए थी हमने अपने वीडियो में नहीं बताया बताया था क्योंकि यह ऐसा मामला नहीं है जिस पर की व्यक्तिगत सार्वजनिक चर्चा की जाए धर्म और ब्रह्म के सिद्धांतिक चर्चाएं जो होती है पहली बात तो हमारी आपकी कोई सार्वजनिक चर्चा का जगह ही नहीं है मगर फिर भी किसी तरीके से किसी उद्देश्य की प्राप्ति के लिए आवश्यक है अगर हमारा आपसे जो है गोष्ठी करना करना तो उसमें आपने जो है यह समझ लिया जो है हम आपसे बच रहे हैं इसलिए ऐसे कुतर्क कर रहे हैं। तो हमने आपको उसका भी कारण बताया था ना कि भैया यह किसी की निजता का मामला है। भले ही परिणाम यह निकले कि तुम यह सिद्ध ना कर पाओ कि मठ के परिककर निर्दोष है। उस स्क्रीन रिकॉर्डिंग के आधार पर उन्हें दोषी सिद्ध नहीं किया जा सकता। भले ही परिणामी ये निकले मगर
01:06:32:21 उनके निजता का कितना खिलवाड़ होता सार्वजनिक चर्चा में इसलिए उस विषय पर सार्वजनिक चर्चा क्यों करनी है हां रिकॉर्ड कर लो बाद में उसे लाइव कर दो भैया जब अगर वो दोषी सिद्ध हो गया तो हमने दोषी कैसे सिद्ध किया चलो ऐसा कर लेते और अगर दोषी सिद्ध नहीं हुआ तो ठीक है उसको हटाओ अगर वह दोषी है तब तो उस दौरान जो उसे पीड़ा होगी अगर बाद में कोई व्यक्ति दोषी निकलता है और उस दौरान उसे कोई पीड़ा होती है तो फिर वो उस पीड़ा का तब भी उसको सहने के लिए वो वो है अधिकारी मगर यदि वो अगर निर्दोष सिद्ध हो जाए तो उनका जो यहां पर हमने जो खिलवाड़ किया उनकी निजता के साथ उसका उसकी भरपाई कौन करेगा तो क्यों करें हम जब हमें पूरा विश्वास है कि वो निर्दोष है हम
01:07:41:26 लड़ेंगे इसलिए हमने कहा था जो तुम्हें लगा कि हम जो है सार्वजनिक चर्चा से बच रहे हैं। जिन सिद्धांतों पे जिन अह उद्देश्यों पे हमें दृढ़ विश्वास होता है उस पे हम निर्भीकता के साथ खड़े रहते हैं। और आज भी इन मामलों में इसलिए खड़े हैं निर्भीकता से क्योंकि हमें पता है हमें ज्ञात है कि हम जीतेंगे। इसमें कहीं भी दूसरी वो है ही नहीं सिचुएशन। ठीक है? और तुम आना सिद्ध करना। विजय श्री के बारे में जो जो बोला है वहां से शुरू करो और फिर चीजें सिद्ध करो। तुम्हारे पास जो प्रमाण है उनके आधार पर चीजें सिद्ध
01:08:24:25 करो। चलाइए भैया। जो उन्होंने लिखा है दो प्रमाणों का मर्यादा का ध्यान ये तो बाद में आऊंगा इसके बाद आऊंगा मैं वीडियो इधर का इधर आऊंगा तब इस पर बाद में आऊंगा मुख्य बात ये है कि इन्होंने जो लाइव वाली बात से मना किया था मैंने दूसरा अभी तक नहीं देखा है जो इनका पहला दूसरा वीडियो वो भी नहीं देखा लेकिन जिस वीडियो में मैं लाइव आना चाहता था जहां पर आमने सामने चर्चा करके हम इनको मुंह तोड़ कर देना चाहते थे ये मुंह तोड़ वाले शब्द लिखा है ना राम जी दुवा दे रहे हैं राम जी जो सुमित शत्रु के साथ व्यवहार करते थे। भैया हमने कभी नहीं कहा कि मुर्दा की लाश उखाड़ कर उनको पीट डालो। हां वो तो केवल अंतिम संस्कार वाली बात है ना जब रावण का अंतिम संस्कार विष्णु जी नहीं करना चाहते थे कि दुरात्मा है महाराज पापी है राम जी बोले मर गया मर गया उसमें क्या मुद्दे से पॉज करिए जब हमने वहां पर डाला था कि भैया मृत्यु के बाद बैर नहीं रहता है तो इनका पोस्ट आया था उसमें क्या लिख रहे हैं कि हमारे तो शत्रु हैं। प्रभुपाद और दयानंद हमारे तो शत्रु हैं। उस पोस्ट में ये लिख रहे हैं। जब हमने कहा था कि भाई मृत्यु के बाद कोई बैर नहीं होता है। हम लोग शास्त्रों उनका पक्ष खंडन करें। हम लोग उनके ऊपर व्यक्तिगत टीका टिप्पणी ना करें। और ये पूरा समाज जानता है। तुम खुद जानते हो। तुम
01:09:39:27 अपनी वास्तविकता से भाग रहे हो। अगर तुम ये कह रहे हो कि तुमने व्यक्तिगत टीका टिप्पणी नहीं की है। क्यों कर रहे हो? शास्त्रों उनका खंडन करके रख दो। मगर व्यक्तिगत टी टीका टिप्पणी करने से मसाला मिलेगा ना पब्लिक को। उसके कारण तुम्हारे जो अनुगामी है वह बढ़ेंगे। मसालेदार कंटेंट देना है ना इसलिए व्यक्तिगत टीका टिप्पणी पर जाते हो तुम। तू तड़ाक व्यक्तिगत कटाक्ष कितना किया है तुमने? और यह बताओ कि किसी से शत्रुता निभाने का मतलब यही होता है कि उसको जो है हाथ से हाथ पैर से मारो। वाणी से नहीं मारा जा सकता। तो वाणी से नहीं मारा जा सकता। तुम अपने इंटरव्यू में क्यों कह रहे हो कि वाणी जो है जो आचार्य होते हैं श्रेष्ठ होते हैं उनकी वाणी अच्छी होनी चाहिए क्योंकि वाणी से तो तुम किसी को चोट पहुंचा नहीं रहे हो हम तो या तो तुम अपना स्टैंड क्लियर कर लो कि वो तुम्हारे शत्रु थे कि नहीं थे और या फिर यहां पर कहो कि हां शत्रु हैं और मैं ऐसे ही बोलूंगा। आप क्यों वहां पर ड्यूल दूसरी डोगलेपन की बात कर रहे हो कि हम कौन सा उसको उठाकर मारते हैं। यानी कि यहां पर तुमने मान लिया शत्रु नहीं है। तुम शत्रुता नहीं निभाते हो उसके साथ और वहां पर तुम मान रहे हो कि नहीं हमारे शत्रु
01:10:55:02 हैं। ये तो दोगलापन हो गया ना। यहां पे तुमने ये नहीं बोला कि वो मेरे शत्रु हैं। मैं तो उन्हें ऐसे ही बोलूंगा। यहां तुमने कहा हम भी कौन सा वो कर रहे हैं। हम भी कौन सा उसको लाश को उठा करके मार रहे हैं। चलाइए। देखिए क्या बोल रहे हैं आगे। जिसने अपकार किया उसको दंड मिला हो गया खत्म अभी सब संस्कार करो इतना अवधारित तो भगवान सिंह ने भी गुरु कार्य प्रद जी को निर्देश किया है भागवत पुराण हम थोड़े कह रहे हैं कि जितने भी हमारे विपक्षी है सब जो गुजर गए हैं उनके सबके साथ दुर्व्यवहार करो और उनको जो है सो मुंह करो निकाल निकाल के पीो ऐसा हमने कहा गया यहां पर ये वाला अप्रासंगिक संदर्भ दे रहे हैं ऐसा तो नहीं है तो गुजर गए हैं पॉज करो जो अप्रासंगिक नहीं है जो गुजर गए हैं उनके ऊपर तुम अनावश्यक रूप से टीका टिप्पणी करते हो तू तड़ाक में बात करते हो अग्ने मूतने जैसे शब्दों का उपयोग करते हो क्यों कर रहे हो भाई यह सब क्या बहुत सभ्यता वाली चीजें हैं जो ये सब बातें तुम करते हो उनके लिए जो गुजर गए अपने घर में भी ऐसे ही करते हो और अगर अपने घर में नहीं करते हो तो कहो कि हां ये शत्रु है एक तरफ तो रहो ना भाई पोस्ट में कह रहे हो शत्रु है यानी वहां तुम ये प्रकट कर रहे हो कि जिनके साथ मैं ऐसा ही व्यवहार करूंगा तो फिर यहां क्यों नहीं कह रहे हो यहां भी कहो क्योंकि अब राम का विरोध हो जाएगा तो
01:12:10:04 यहां नहीं कह कह पाएंगे। है ना? राम का विरोध कैसे करें? मगर सच कहे तो भैया आज के टाइम में तो अगर राम भी आ जाए तो आप उनका भी निग्रह करेंगे। है ना? चलिए चलाइए। हम कौन सा लाठी उठाकर किसी पीट रहे हैं भाई? अगर तुम उनका विरोध विचारधारा के नाम पर कर रहे हो। तो हमारा कौन सा मत का झगड़ा है कि जमीन का झगड़ा है कि प्रॉपर्टी का केस चल रहा है। हमारा भी तो विचारधारा का ही संघर्ष है ना। तुम केवल विचारधारा का नहीं करते हो। तुम तूतक करते हो। हल्के शब्दों का प्रयोग करते हो अमर्यादित बातें करते हो खामाखा की टीका टिप्पणी करते हो जिसकी उसमें आवश्यकता ना भी हो वो भी करते हो चलो वो टिप्पणी भी करो विनोद भी हो मगर उसमें एक मर्यादा तो हो चलो मैं इनका वीडियो चलाऊंगा आपके सामने क्योंकि मैंने स्वयं भी नहीं देखा है आप लोगों ने तो देख लिया है लेकिन अभी पूरा का पूरा वीडियो हमने भी नहीं देखा है और ये वीडियो हम स्वयं आपके साथ साथ देखेंगे और इस वीडियो के साथ साथ उन बातों का उत्तर भी देंगे जो बातें साथ अब फॉरवर्ड करते जाओ मेरा वीडियो जो है चलाना जो उसका उत्तर देंगे वो चलाना उसको करेंगे क्योंकि मैं चाहता था कि करते हैं कॉपीराइट स्ट्राइक मैंने क्यों कहा कि संघर्ष है और यही कारण है कि आपके असंख्य प्रायण आचार्य नारायण भी लिखा है इन्होंने और हमने कहा वहां पर कि हम नहीं ले
01:13:25:06 रहे ये भाई साहब ले रहे ये पूरी की गौरी महात्मा कह रहे हैं जबकि हां इन्होने कर्म की रक्षा के बंधन में आपको सुनते है आपका क्या कथन तो मैंने वही कहा एंटरटेनमेंट आप ही मुझे बताइए जो आपको जिस पर स्वय विश्वास नहीं है ऐसे वीडियोस को डालने का क्या अच्छा ऐसा नहीं है हमने कई बार कुछ लोग लोगों को बुलाया अपने चैनल पर उन्होंने कुछ सामग्री प्रस्तुत की वो लोग कम से कम ये क्लेम कर रहे है की सामग्री का सत्यापन का सत्यापन की जिम्मेदारी मैं ले और हमने कहा वहां पर की हम नहीं ले रहे ये भाई साहब ले रहे है जो भी दिखा रहे है तो वहां पर ऐसा भी कुछ नहीं है आप जो ये कॉल रिकॉर्डिंग आपने दिखाई दिन में तो उसमें उन्होंने कॉल रिकॉर्डिंग सत्यापन की जिम्मेदारी तो ये क्या है खेल ही तो है अरे भाई मेरा वाला मेरा वाला मत सुनाइए आप केवल इनका वाला सुनाइए मेरी आवाज निकालते जाइए नहीं तो बहुत लंबा और हो जाएगा। धर्म है पीठ है ना करें। धर्म के विवेक के दृष्टिकोण से जब सन्यास ले एक कोर्ट में कभी जाते चिंता है ना मुकदमा लगा लूं हम उस मुकदमे को लड़ने में मैं भी आपका सहयोग कर दूंगा लगा लूंगा नहीं नहीं मेरा ये प्रश्न है कि हम क्यों मुकदमेबाजी में जा रहे जब हमारे पास शासकों के शासक पूरी के शंकराचार्य जी स्वस्थ और जीवित उपलब्ध है धरती पर तो ये हमको कोर्ट जाने के लिए क्यों कह रहे हैं कहां जाने के लिए कहां जाने के लिए पीछे करिए भैया अंकुशान सरस्वती को भाट कह रहे थे वो चाहे रामदेव चाहे मोहन
01:14:40:14 भागवत जैसे तमाम असांतिक लोगों को आपके साथ घंटों में बैठाकरण फिर उस दिन इन्होने मैसेज किया है 30 अगस्त 2023 को मैसेज किया है तो और भी बस इन्होंने बताया मुझे और फिर बाकी की गुल भागवत कथा को चैनल पर अपलोड करें सब कुछ कुछ पूछती रहती है और स्त्री के व्यासपीठ वाले विषय पर पूछती रहती है कि क्या उसका शास्त्री है प्रकरण ये सब पूछती रहती है तो मेरा ये कहने का अर्थ है कि ये स्त्री तो किसी प्रकार से ऑडियो कॉलर से संबंधित नहीं है लेकिन वो भी एक बात कह रही है और ये भी एक बात कह रहे है वहां के रहने वाले अन्य संप्रदाय के बात कह रहे है वहां पढ़ाने वाले आचार्य भी यही बात कर रहे है ये पूरी के ही ग लाभ नहीं होना है तो आप जो कह रहे हैं कि ये पूरी के क्या सत्यापन तुम कर रहे हो तो हम कैसे समझ में नहीं आ रहा है स्पीड धीमी करिए स्पीड धीमी करिए वो क्या कह रहे हैं समझ में नहीं आ रहा है
01:15:21:06 के बाद कभी भी हमें उनसे मिलने नहीं दिया गया घटनाओं का सत्यापन तो पर उन्होंने कुछ सामग्री प्रस्तुत की पर उन्होंने कुछ सामग्री प्रस्तुत की इसके अलावा और कानून की धारा के अनुसार जब धरातल पे आई हुई चीजें तो कुछ भी सिद्ध होने वाली बात ही नहीं अब ये क्या हो रहा है? कुछ तकनीकी तकनीकी खराबी आ रही है क्या? दे कैन नॉट इवन स्पीक व्हेन दे आर हंग्री दे कैन नॉट इवन ये तो विज्ञापन आने जाते हैं बीच में।
01:15:57:25 जैसे मैं इसको और थोड़ा सा आगे ले जाऊंगा। जैसे आपको चिंता है पीठ संस्थाएं हैं जो कि ब्रह्मचारी भी होते हैं। उसमें ब्रह्मचारिणी भी होते हैं। कहेगी ना कोर्ट। तो स्त्रियां जब सन्यास ले ब्रह्मचारी ना कोर्ट क्योंकि कानून की धारा के अनुसार हम निर्णय देंगे अपना पक्ष रखे तथ्यों को अरे भाई समझ में नहीं आ रहा कैसे क्या हो रहा है क्या बोल रहे हैं आप कीबोर्ड से आगे पीछे करिए माउस से ना करिए आप
01:16:37:19 [संगीत] से डाल केवल एंटरटेनमेंट या फिर केवल वो संभावना द नेक्स्ट स्टेप या अविश्वास पुष्प करना इसके अलावा भाई यहां पर इनका वीडियो अटक रहा है। ये क्या कह रहे हैं कोई बताएगा? पे आएगी चीजें तो कुछ भी सिद्ध होने वाली बात ही नहीं है। अब
01:17:23:10 दे कैन नॉट इवन स्पीक व्हेन दे आर हंग्री। दे कैन नॉट इवन स्पीक व्हेन दे। ये तो विज्ञापन आने जाते हैं बीच में। तो हम जैसे मैं इसको और थोड़ा सा आगे ले जाऊंगा। जैसे आपको चिंता है पीठ की और पीठ में स्वयं को ब्रह्मचारी डिक्लेअर करने वाला आपके अनुसार के आचरण जो है ब्रह्मचारी के अनुसार नहीं है। नहीं ठीक है। तो आप कोर्ट में क्यों नहीं जाते? आपको चिंता है ना? हम तो आप मुकदमा लगा दो। हम उस मुकदमे को लड़ने में मैं भी आपका सहयोग कर दूंगा। लगा दो मुकदमा। नहीं नहीं मेरा यह प्रश्न
01:18:03:14 है कि हम क्यों मुकदमेबाजी में जावे जब हमारे पास शासकों के शासक हम पूरी के शंकराचार्य जी स्वस्थ और जीवित उपलब्ध है धरती पर तो हमको कोर्ट जाने के लिए क्यों कह रहे हैं हम और हश ब्रह्मचारी सरस्वती करो इनका उत्तर सुनो इनका उत्तर सुनो क्यों यह पूरी के शंकराचार्य जी शासकों के शासक उपलब्ध है तो उनका अपमान कर लेंगे। उनके लिए अनावश्यक अनाप सनाप ढेर सारा सारा प्रलाप कर लेंगे। मगर एक ऐसा तरीका नहीं अपनाएंगे जिसमें कि उनकी अवमानना भी ना हो। उनको बुरा भला ना कहना पड़े। उनका उपहास ना उड़ाना पड़े। तो यह तो अच्छा क्यों करें अब आपने कहा क्यों करें अभी आप ही तो ताल ठोक रहे हो ना धर्म की कि हम पूरी के शंकराचार्य के मठ को बचाना चाहते हैं तो अगर जिस रास्ते को हमने चुना है वो रास्ता उपयोगी सिद्ध नहीं हो रहा है और दूसरा विकल्प भी है तो क्यों नहीं जा रहे हो उस रास्ते पर
01:19:18:19 क्योंकि तुमको निराकरण से मतलब नहीं है भगवत आनंद तुमको तमाशे से मतलब है और तमाशा तो तभी होगा जब हम यहां से बैठ बैठ के बोलते रहेंगे। वहां तो कोर्ट में जाना पड़ेगा ना। कचहरी में अपने बाल नचवाने पड़ेंगे ना। चक्कर लगाने पड़ेंगे ना। केस लड़ना पड़ेगा ना। है ना? मेहनत करनी पड़ेगी और यहां तमाशा करना है। हमारा उद्देश्य है ही नहीं कि हमको जो है वास्तव में वहां का शोधन करना है। अगर वहां पे ऐसा कुछ है तो हमारा उद्देश्य नहीं है। अरे भाई तुम कितने साल से कर रहे हो? तुम्हें अगर शंकराचार्य से ही न्याय चाहिए तो तुम कितने साल से अपनी बकबक कर रहे हो और मैंने अभी तुमने जब ये वाली बात कही थी मैं कहना भूल गया दोबारा से कि अभी लाइव नहीं कर रहे हो तुमने अगर तुमको अगर चर्चा व्यक्तिगत करनी थी तो तुमने चार घंटे की लाइव क्यों बना डाली चार घंटे की लाइव पहली बार तुम्हारे लिए बनाई नहीं थी बनाई नहीं थी और अगर बनानी होती तो बताओ कि मैं उसी दिन क्यों बनाता क्या उससे पहले तुमने मठ के परिककरों के बारे में कुछ नहीं कहा है। मठ के बारे में कुछ नहीं कहा है। तो तुम्हें सोचना चाहिए था कि मेरी वो लाइफ तो पहली
01:20:33:22 बात तुम्हारे लिए थी नहीं। और तुम्हारे से अगर मुझे वो कटुता दिखानी होती तुम्हारा प्रतिकार करना होता या तुम्हें अपना जयकार शिकरे का ईगो हर्ट करना होता। तो मैं पहले कर चुका होता। तो तुमने जरा भी नहीं सोचा कि जो मुझे धर्मज्ञ दिख रहा है जो मुझे धर्म के लिए कार्य करने वाला दिख रहा है दर जाना जाने वाला दिख रहा है उसने ऐसा क्यों किया कि मैं आज उसने वीडियो बनाया इस बात पर मेरे विरोध में चलो बेनिफिट ऑफ डाउट है कि चलो वो विजय श्री नहीं मैंने तो परिकरों के लिए ही बनाया था मगर उसने विजय श्री के नाम पर मेरा खंडन किया ऐसा तुम्हें लगा ये हमने बेनिफिट ऑफ डाउट दिया मगर तुमको एक ध्यान देना चाहिए था अगर तुम कहीं पर कहीं पर भी तुम थोड़ा बहुत भी यह सोच सोच रहे हो कि शिवश भी लड़ रहा है धर्म स्थापना के लिए तो अगर इसको मेरा खंडन करना होता या मेरी मेरे साथ इसको कटता करनी होती प्रतिकार करना होता या लड़ते हुए दिखना होता समाज को जन्म में भी पहली बात तो क्या है तो यह और बहुत पहले वीडियो बना चुका होता यह मेरी फोटो लगा के वीडियो बनाता मैंने तो ऐसा नहीं किया मगर तुमको तो हदब के लड़ना था
01:21:49:18 हम और क्या था मामला अभी जो चल रहा था कि क्यों जाए हम कोर्ट धर्म के लिए भाई तुमने शंकराचार्य के से के के द्वारा न्याय पाने का जो न्याय पाने की जो प्रतीक्षा है वो कर ली ना दो ढाई वर्ष कितने वर्षों से कर रहे हो उनके द्वारा न्याय पाने की प्रतीक्षा और तुमको जो उनका न्याय है वो न्याय नहीं लग रहा है तुमको क्या कहते ये लग रहा है कि वो न्याय कर पाने में असमर्थ है। उनकी दृष्टि नहीं है। नहीं देख पा रहे वो चीजें। तुम्हारे पास विकल्प है। मैं विकल्प दे रहा हूं। सहयोग भी कर रहा हूं। तो तुम्हें तो तमाशा करना है। इसलिए तुम पूछ रहे हो क्यों जाए भाई? चलो भाई। आगे बढ़ो।
01:22:35:22 अभी हमारे पास भी सामग्री आ गई है। हमारे पास भी एक रिकॉर्डिंग आ गई है। जो तुम्हारी जो प्रेम प्रसंग है ना व्यक्तिगत हुए थे ना अब लो व्यक्तिगत यहां प्रेम प्रसंग फिर मैं एक मिनट एक मिनट एक मिनट हाइपर सेक्सुअलिटी डिसऑर्डर से आप ग्रस्त यह हो रहा है लुप्त निग्रह संप्रदाय में भैया जिसको देवता आकर के मंत्र दे रहे हैं। जो बचपन से शुद्ध है वह जो है 16 साल की उम्र आयु में एक बार फिर 18 साल की आयु में दूसरी बार प्रेम जाल में फंसता है। विफल होता है। हां और बाईपोलर नामक रोग से लड़ वो ग्रस्त है। उसको दी जा रही है। 2017 में निग्रह लुप्त संप्रदाय का वो दिया जा रहा है। क्या यंत्र 2017 में
01:23:35:03 रिकॉर्डिंग में तो यहां तक भी बोला जा रहा है। यह तक बताने का प्रयास किया जा रहा है कि इनको हस्तमैथुन का वो है रोग है। हस्तमैथुन हस्तमैथुन से ग्रस्त है ये और राजस्थान के किसी डॉक्टर के जो जोधपुर के पता नहीं आसपास के डॉक्टर के द्वारा इनका गुप्त रूप से वो चल रहा है। विवाह हो जाने के बाद भी इनको नियंत्रण नहीं है अपने उस पर। यह सब भी बताया जा रहा है। और एफबी के अकाउंट के चित्र तो इन्होंने देखे ही है सबके जो अपनी जानवी के लिए वो गा रहे हैं। विवाह भैया ऐसे होते हैं क्या
01:24:15:25 यही होते हैं क्या निग्रह संप्रदाय के जो आचार्य होते हैं जिनको जिनको बचपन से जो है वो मिला होता है। क्या कहते हैं चार साल की आयु से ही हमें सब कुछ हो गया था और बिल्कुल बिल्कुल बात है भैया दिव्य दंपत्ति रहे होंगे साधना की होगी मगर उसके बाद करने के बाद आपको देवताओं के दर्शन होने लगे 10 साल की आयु में और आप आगे चलकर के जो है 2017 में यंत्र प्राप्त कर रहे हो और और यहां निग्रह नहीं कर पा रहे हो यदि वह अष्टमैथुन की पीड़ा से पीड़ित हो तो इसका निग्रह नहीं हो पा रहा है। प्रेम प्रसंग में गिर जा रहे हो। ब्रह्मचर्य आश्रम में बिना विवाह के कैसे गिर जा रहे हो भाई? हां बिना किसी आधार पर नहीं है। सामग्री है हमारे पास वो डाली जाएगी। जो इस तरह का अंदेशा उत्पन्न करने वाले तथ्य हैं वो है हमारे पास। डाल दिए जाएंगे। एक दो दिन में आ चुके हैं। भैया इनकी वो इनकी वह दिखाइए जरा। वो दिखाइए फोटो इनकी बुक है जो कौन सा डिसऑर्डर है वह
01:25:30:28 जिससे ग्रस्त थे दिखाइए लगातार व्यक्तिगत होगे ना नहीं चाहता था मैं यह सब करना यही हम दिखाओ यह है इनकी किताब पढ़ लेना आर्काइव पर डली हुई है। ठीक है? इसी में इन्होंने बताया है कि हमें कब कब किस-किस के साथ प्रेम प्रसंग हुआ था। बड़ा कर दीजिए। इस समय बुक को बड़ा करिए। आपको चित्र अलग से भेजे गए थे ना। वह दिखा दीजिए ना सीधे।
01:26:19:20 अच्छा अगर इसको खोल ही लिया है तो यह दिखाइए 32 नंबर और उसमें वो निकालिए जरा वो निकालिए वो इन्होंने जहां कहा हाइपर सेक्सुअलिटी डिसऑर्डर व्यक्ति खुद बता रहा है किसी और की आवश्यकता ही कहां है? जनेऊ लेट हुआ है। गोलगप्पे खा रहे हो और तुम इलाज करवा रहे हो जाकर के। निग्रह नहीं कर पा रहे हो अपने रोग का।
01:27:07:20 झारखंड से राजस्थान की यात्रा हो रही है। चलिए भाई। हमसे भी बहुत से लोग कह रहे हैं ये सब बातें जैसे तुम आप तुमसे कहा जाता है ना ये भी बोल रहा है वो भी बोल रहा है ऐसे ही बोल रहे हैं चलो ये ठीक है इसको हम किसी और समय देखेंगे अभी उस पर रहे हम लोग विषय पर हो गया। चलिए।
01:27:48:09 तो मुझे इस बात का अनुभव नहीं है कि यह तकनीक ठीक से काम कर रही है। क्योंकि इससे पहले YouTube लाइव देखने का कोई अनुभव नहीं है। तो ट्यूटोरियल देखकर मैंने समझा कि कैसे आया जाता है। Facebook का तो अनुभव था। कहते हैं कि इस समय जो लाइव वीडियो इन्होंने तीसरा भाग चलाया उसमें ये कह रहे हैं कि व्यक्तिगत चर्चा की कोई स्थिति नहीं बची है तो भैया मेरे आप ये बताइए जब स्थिति नहीं बची है तो आपने आज हमको WhatsApp मैसेज क्या भिजवाया है? जरा मैं एक बार इस मैसेज को देख लूं। एक मिनट और करो नहीं पाएगा। देखो इनका यहां पे दोगलापन पता चलता
01:28:46:08 है। तो यहां पर यह कह रहे हैं कि व्यक्तिगत चर्चा की भी जगह नहीं बची है। यानी इनको पता था कि व्यक्तिगत चर्चा के लिए हमने बोला है। जबकि शुरू में क्या बोल रहे थे? कि वह इनको शुरू में यह बोल रहे थे जब हमने इनको क्लियर किया था जब हमने इनको क्लियर किया था कि क्या कहते हैं हमने व्यक्तिगत चर्चा के लिए मना किया आपकी रिकॉर्डिंग आने के बाद हमने लाइव चर्चा के लिए तो पहले भी हम वो नहीं थे तैयार मगर जो व्यक्तिगत चर्चा का समर्थन हमने दिखाया था वो आपकी रिकॉर्डिंग आने के बाद उसकी भी जगह नहीं रह जाती है तो इन्होंने शुरू में क्या कहा था शुरू में इन्होंने ऐसा प्रकट किया कि इनको पता ही नहीं है कि हमने व्यक्तिगत चर्चा के लिए मना किया। लाइव के लिए नहीं। मगर यहां पर स्पष्ट हो गया कि ये जानबूझकर ऐसा बोले वहां पर और यहां पर स्वीकार कर रहे हैं कि इनको पता था कि व्यक्तिगत चर्चा के लिए हमने मना किया है। तो वहां पर ये झूठ बोल रहे थे और अभी इनका ये दोगलापन पकड़ा गया। चलिए
01:29:48:06 चलाइए कि स्क्रीन पर क्या दिख रहा है। लेकिन मैं प्रयास करूंगा कि वो आप देख एक बार मुझे निकालने दीजिए वो क्योंकि नंबर बहुत सारे संदेश आते हैं ना तो सेफ तो है नहीं नंबर इनका लेकिन मिल जाएगा कहीं मिल गया जरा देखिए अगर आपको स्क्रीन में दिख रहा हो तो नहीं दिख रहा होगा तो मैं थोड़ा सा दिखा देता हूं कृपया ध्यान दीजिए से आने वाली न्यू हफ के रास्ते को जाने वाली गाड़ी संख्या भाई क्या है इनकी स्क्रीन
01:30:29:06 इनकी पढ़ के बता दे रहे हैं वो नहीं वो खोलो लाइव हम चलो इनहीं को पढ़ के बता देने दो इनहीं को पढ़ के बना देने दो प्ले करो प्लेटफार्म नंबर तीन देखिए मुझे लाइव करने का अभ्यास नहीं है कैसे स्क्रीन कास्टिंग की जाती है इसलिए मैं पढ़ के बता दे रहा हूं ये कहते हैं यदि यदि आपको लगता है कि आप सत्य के
✅ This part is already used · 01:30:53:25 – 01:31:04:16 (0:11)
→ Used in: A · Video श्रीराम ने ब्राह्मण शबरी माता से अपने पैर क्यों धुलवाए? भागवतानंद प्रलाप भंजन :... at 1:21:30 ↗
→ Used in: A · Live तुम डाल डाल हम पात पात @SwamiNigrahacbarya at 2:55:13 ↗
→ Used in: A · Live स्वयं को निर्भय कहने वालों में आह्वान का भय बौखलाहट अभद्रता और पलायन at 1:47:39 ↗
01:30:53:25 पक्षधर हैं तो प्रत्यक्ष वार्ता करने का साहस प्रकट करें। अन्यथा मुंगेरी लाल के हसीन सपनों की दुनिया में डूबे रहने के लिए आप स्वतंत्र हैं। प्रत्यक्ष वार्ता होगी तो दृश्य बदल जाएगा।
⬜ Not used yet · 01:31:04:16 – 02:42:35:25 (1:11:31)
01:31:04:16 ये उन्होंने किसी व्यक्ति के माध्यम से मुझे भिजवाया है। नीचे लिखा है। ये उन्हें भेज दो। ऐसे करके इन्होंने कहा है। ये नहीं कि कोई कॉल चैट हम लीक कर रहे हैं। चैट कोई लीक नहीं कर रहे हैं। ये कोई दोगला व्यक्ति है। ठीक है भगवतानंद हमें जो करना होगा हम सामने से करेंगे। तुमको ऐसा लगता है कि हमें ये तुच्छ वाला रास्ता अपनाएंगे। उसने हमसे कोई और नाम लेकर के संपर्क किया होगा। अब नहीं चाहिए। उसने हमसे कोई और नाम लेकर के संपर्क किया होगा। अगर वो यह बताता कि ये भगवतानंद ऐसा कह रहा है। अगर वो हमको यह बताता कि भगवतानंद ऐसा कह रहा है तो हम आप ये उसको ये उत्तर कभी ना देते। उसने हमसे आके पूछा होगा वो ऐसा कह रहा है। ऐसा कह रहा है और उसने कहीं ना कहीं कुछ ना कुछ ये सब किया होगा कि कोई ऐसा जवाब मांग रहा है। इस बात का जवाब मांग रहा है। क्या दें? तो हमने समय बचाने के लिए हम यही कह देते हैं। हम बहुतों से कहते हैं। हमारे कमेंट सेक्शन जाकर के आप चेक करिए। बहुतों से कहते हैं। तो यह हमने तुम्हारे लिए नहीं कहा। तुम अंधे हो गए हो जो अपने समर्थकों के अनुगत हो के चल रहे हो। उससे कहते नंबर दे मेरा नंबर दे मुझे फोन कर लेते मुझे स्पष्ट हो जाता। हमने नहीं कहा है ये तुम्हारे लिए।
01:32:20:00 और जो तुमको ये भेज रहा है उसको अगर वो थोड़ा बहुत भी धर्म को मानने वाला है उसको जल हाथ में लेकर गया। जो भी तुम धर्म की व्याख्या जानते हो उसके अनुसार उससे प्रतिज्ञा करवाओ। शपथ दिलवाओ, संकल्प दिलवाओ कि बोल क्या तूने शिवश नारायण द्विवेदी को यह बताया था कि यह मैसेज जो जो भी तू वहां पर वार्तालाप कर रहा है वो मेरी ओर से कर रहा है और क्या शिवश नारायण द्विवेदी को ये पता था कि वो ये मैसेज भगवत आनंद को भेज रहा है। अरे बीच में कलह करवाने वाले कर देंगे नाश।
01:33:02:26 इनकी बातों में आने से बचो। भगवत आनंद अनुगत हो चुके हो। प्रज्ञा शक्ति क्षीण हो गई होगी। अगर वो सब बातें ठीक है जो हमें रिकॉर्डिंग हमें मिली है। अभी डालेंगे कल परसों में रिकॉर्डिंग जिसमें यही सब बातें हो रही हैं। चलिए बताइए। कहा कि उन्हें भेज दो तो बताइए जी स्वस्थ और हम यहां पर है धरती
01:33:42:22 पर चलो चलो तो ये हमको कोर्ट जाने के लिए क्यों कह रहे हैं और हर्षेष ब्रह्मचारी जब अमुतेश्वरानंद सरस्वती जी को भाट कह रहे थे तब क्यों कोर्ट नहीं गए थे कोर्ट जाना चाहिए था ना क्योंकि उनकी वजह से तो अधिवक्ता करो करो पहुंच करो हम क्या लड़ने निकले कि उन्हें भाट मानो भाट वो भाट हैं हमने ऐसे वीडियोस बनाए क्या आचार स्तर का मामला है वो अपना तय करेंगे हमने बनाए क्या वीडियोस हमने तो सदैव मुक्तेश्वर सरस्वती जी के अगर विरोध में कोई बात हुई तो हमने वहां पर स्टैंड लिया क्योंकि कहीं ना कहीं वह हमारे शंकर संप्रदाय के हैं।
01:34:29:20 आचार्य तो है ही। गुरुदेव ने भी नहीं कहा कि उनका अपमान करो जाकर के। उनकी समीक्षा करो जाकर के। हमने अपने आान चैनल को इसलिए खोला है क्या कि आचार स्तर के मामले को हम देखें जाकर के या जो गुरुदेव ने अगर कोई वचन कहा है तो हम उसको जाकर के लेकर के जाके भिड़ भिड़ रहे हैं। हम कब गए? हम कब गए ज्योतिर्मठ में? यह कहने कि तुम जो है यह ऐसा है तुम शंकराचार्य नहीं हो उतरो नीचे हमने तो नहीं की जाके समीक्षा ना ही हमें समीक्षा करने की अनुमति मिली है ना ही निर्देश मिला है तो ये प्रश्न हमसे क्यों किया जा रहा है क्योंकि तुमको वो नहीं चाहिए समाधान नहीं चाहिए तुमको केवल वो चाहिए मसाला जयकांत सिगरे का ही वो हर्ट हो गया क्योंकि मुझे अपना वो बनाना है झूठा एक संप्रदाय मुझे अपना वो वर्चस्व दिखाना है दुनिया को कोई बात ना चीज भिड़ने चले आए चलो ठीक है चलाओ
01:35:39:09 भैया सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि भाई जो कि ब्रह्मचारी भी अनुशासन मर्यादा है उस मर्यादा के अंतर तो जो ये शास्त्री व्यवस्था के आधार पर अगर कहेगी तो शंकराचार्य ही उसका निर्णय कर सकते हैं कि हां इस अनुशासन मर्यादा में बहिष्कार है कि प्रायश्चित है कि यह शास्त्र प्रमाण स्वीकार ये नहीं होगा कुछ तो कहेंगे ना तो जब शासकों के शासक शंकराचार्य विद्यमान है तो शंकराचार्य से इस विषय पर क्यों नहीं परामर्श किया जाए तो शंकराचार्य जब शासकों के शासक हैं तो शंकराचार्य जब कह रहे हैं तो उस शासन को मान रहे हो तुम तब तो तुम कह रहे हो कि हम निग्रह करने आए हैं और फिर जब कोर्ट जाने की बात आ रही तो कह रहे हो हम शंकराचार्य से कराएंगे तो यह दोगलापन क्यों तुम कहां मान रहे हो शंकराचार्य की आवाज को अंतिम आवाज ना कोई परंपरा ना कुछ ना शास्त्रों का कहां से मिला ना अद्वैत कहां से मिला कुछ आधार
01:36:39:14 नहीं और समय आने पर शंकराचार्य जो है वो हैं शासकों के शासक और समय आने पर जो है हम उनके ऊपर निग्रह करने आए हैं हम बताइए चलिए कोर्ट में इस बात को ले जाएंगे तो क्या बात सार्वजनिक प्रमाण कर प्रवत्त से पूछ ले कि क्या सत्य है हो पाए मगर आप इसलिए नहीं लगाओगे क्योंकि आप गुरु शिष्य चल रहा है आप यह निर्णय देंगे किस भरोसे से आपके पास व्यक्ति जाएगा इसीलिए हम विवश है इन सब बातों पर सार्वजनिक चर्चा करने के लिए ताकि किसी व्यक्ति विशेष की निजी महत्वाकांक्षा और निजी पद प्रतिष्ठा के चक्कर में एक विशुद्ध सनातन वैदिक मर्यादा क्षतिग्रस्त ना हो पाए। नहीं लगाओगे। निग्रह संप्रदाय एक लुप्त संप्रदाय जो कि तुम्हारे द्वारा उद्भाषित होता है और तुम अपने आप को उसका जो है निग्रचार के रूप में ख्यापित करने का प्रयास करने लगते हो। ठीक है? तो तुम्हारी चीजों को लेकर के भी बहुत सी ऐसी चीजें हैं जिसमें कि सार्वजनिक चर्चा होनी चाहिए। बताओ कब हो रही है? बताओ कब हो रही है? हम पूछेंगे भैया आपसे भी कि कहां
01:37:54:19 से क्या है आपका मैटर कैसे कौन सा मंत्र कहां से वेरीफाई हो रहा है सबको पूछेंगे कोई मिला नहीं ना अब तक पूछने वाला इसीलिए हम पूछेंगे चलाओ इनका सार्वजनिक चर्चा करनी है आप स्वयं जानते हैं कि ये वो प्रमाण और तथ्य नहीं है जिनके आधार पर लड़ा जा और आपको लगता है कि इनके आधार पर वो दोषी सिद्ध हो सकते हैं। चाहे तो विद्या श्री चाहे तो परिकर तो आप आ जाइए। हो गया। चलिए भाई बताइए। ठीक है। तदर्थम सोवाते पापी पुरुष को समर्थ होने पर भी जो प्रतिकार पूर्वक वद शास्त्रहित दंड अधिकृत पुरुष नहीं देता है। वह भी उसके पाप में भागीदार बन जाता है। हिस्सा बन जाता है। और दंड देने का अधिकार तीन ही लोगों को है। गुरु आत्मता शास्त्रा राजा चोतगा तथा प्रक्ष पाना शास्त यम पहले दंडाधिकारी होते हैं गुरु गुरु में माता पिता इत्यादि बड़े भाई सभी सम्मिलित हो जाते हैं से वरिष्ठ हो शास्त्रज्ञता की दृष्टि से दंडाधिकारी होते हैं करो गुरु सबके गुरु होते हैं दंडाधिकारी
01:39:10:16 बस तुम्हारे नहीं है क्योंकि तुम्हारा कोई गुरु नहीं है तुम्हारे गुरु तुम स्वयं हो या फिर तुमने अपने गुरुओं को ऐसा बताया जो है नहीं प्ले करो भैया इसीलिए प्रथम दंडाधिकारी गुरुजन हम ऊपर तुम अच वेदाभेद मानते हो मानते हैं तो अब अच वेदाभेद पे हम बात कर रहे हैं ये अच वेदाभेद मानना इस का सत्यापन के अधीन नहीं है मगर ऐसे विषय मेंचार जी के यहां ये हो गया या भागवत कथा कर रहे थे तो वहां पर जो गाना हो गया बढ़ा दो शंकराचार्य विरोध वाली पंक्ति गई थी। मैं उस नहीं जाऊंगा। अगर ऐसा हो गया तो ये वाली चीजें जो सत्यापन के अधीन है। नहीं नहीं आप नहीं जाएंगे लेकिन हम चले जाते हैं क्योंकि आपने वो विषय उठा दिया। यही है ना कि हमने कहा था कि तुम एक एक करोड़ दे के चारों शंकराचार्य को बुला लो लेकिन ग्रहचार्य को नहीं बुला सकते। इसका कारण क्या है? इसका कारण आप ही के जैसे जो शिष्य हैं परिकर हैं जो अर्थ लोपता के कारण मठ से जुड़े हुए होते हैं और सिद्धांत ये देखो अर्थ लोलुपता के कारण मठ से जुड़े हुए होते हैं सिद्ध कर दिया हो गया क्या तुम इस जीवन में सिद्ध कर पाओगे क्या अर्थ लोलुपता के कारण
01:40:25:22 मैं जुड़ा हुआ हूं नहीं सिद्ध कर पाओगे तो फिर क्यों बोल ऐसे स्टेटमेंट्स देते हो जो तुम सिद्ध नहीं कर पाओ। यही अंतर है तुम में और मुझ में। चलो शंकराचार्यों को भी पता नहीं चलेगा कि परिक कितने में उनके कार्यक्रम के डीलर कहां करके बैठा हुआ है। आप बताएं शंकराचार्य क्यांद सरस्वती को कहेंगे कि अमो कार्यक्रम से हमको 5 लाख देना, 10 लाख देना, 20 लाख देना। ऐसा तो नहीं कहेंगे। यह सारे जितने पादुका पूजन का पैसा उठाते हैं और जितना डोनेशन प्राप्त करते हैं और शंकराचार्य को हम स्थान पर ले जाने के लिए डील करते हैं कि हमको बुला देंगे तो इतना पैसा हमको चाहिए। ये आप नहीं जान रहे हैं क्या? एक बार आप शंकराचार्य जी का आयोजन अपने यहां कर लीजिए। दूसरी बार करने की हिम्मत नहीं पड़ेगी आपको। अगर आप बने ठाने संपन्न व्यक्ति नहीं है तो। ये हाल है। ये हाल है। मैं बताऊं छत्तीसगढ़ में मेरा प्रवेश ही हुआ है। इसी कारण से क्योंकि बजट की कमी के कारण पूरी के शंकराचार्य जी नहीं आएंगे। ऐसा स्पष्ट उनके छत्तीसगढ़ प्रभारी ने उस समय कह दिया था और मठ से भी यही बात कही गई थी हम उसमें 5 लाख कुछ की बात कही गई थी कब की बात है मार्च 2017 की बात है तब हम पहली बार छत्तीसगढ़ में प्रवचन करने गए थे विकल्प स्वरूप तो परिकर आप कहते हैं हम तो कहते हैं एक करोड़ में चारों शंकराचार्य आ जाएंगे परिकर ही पैसा ले
01:41:42:00 चार करोड़ देके चारों शंकराचार्य को बुला लो मगर ये बताओ पहले कि वहां पर इस बात का संबंध क्या था तुम तो वहां पर जिन लोगों तुम्हारी भागवत कथा में नाचा था, नाच नचाया था। उन लोगों को सुधार रहे थे ना। वहां पर शंकराचार्यों को दिखाने का अपने सापेक्ष क्या आवश्यकता थी? और तुम तो वही हो जो शंकराचार्य का समर्थन करते हो। जो भी उस जो उनके आर्थिक कार्य है उनमें जो तुम बता रहे हो कि मैं विकल्प के रूप में गया था छत्तीसगढ़ में। तुम तो वही हो। तुम्हें तो कोई आपत्ति नहीं है उससे और या फिर तुम वही हो जो जब तक हम साथ में हैं तो हम साथ साथ हैं और उसके बाद जरा सी कोई खटपट हो गई तो हम आपके हैं कौन तो हम जब हम साथ साथ हैं तब हम सारी वो निभाएंगे सारी कसमें वो करेंगे और जब हम आपके हैं कौन हो गए तो सारे भेद खोलेंगे यही तो था इसीलिए मैंने तुमसे व्यक्तिगत संपर्क नहीं किया कभी भी क्योंकि तुम उस योग्य नहीं हो तुम इस योग्य नहीं हो तुमने धर्म को जाना है मगर धारण नहीं किया। तुम्हारी वाणी में धर्म नहीं है। मैंने धर्म को तुमसे कम
01:42:57:06 जाना होगा। मगर जितना जाना उतना धारण करने का प्रयास करता हूं। तुम्हारी तरह अपने से बड़ों को अपने लिए जो सम्माननीय लोग हैं उन पर व्यक्तिगत टिप्पणियां नहीं करता। उनका अनादर करते हुए। चारों शंकराचार्य को बुला लो चार करोड़ देकर के। अरे भैया अर्थ लगता है तो इसलिए लगता है कि जगह-जगह गौशाला है। पूरे भारतवर्ष में जगह-जगह पर देख रहे हो क्या हालात है? और तुम भी तो थे उसी व्यवस्था का एक हिस्सा तो फिर शिकायत क्यों कर रहे हो? क्योंकि आज तुम अलग हो इसलिए शिकायत कर रहे हो। जब तक उसके साथ थे उसी व्यवस्था के तो वो वो व्यवस्था ठीक थी। और अगर नहीं ठीक थी तो उस समय प्रतिकार क्यों नहीं कर रहे थे समर्थन करने की बजाय चलाओ
01:43:53:12 भैया परिकरों का 55 लाख 10 लाख 15 लाख एक एक परिकर ले लेंगे गुरु जी से निवेदन करेंगे गुरु जी वहां चलना है गुरु जी चलना है ये धार्मिक धर्म सभा करनी है गुरु तो गुरु जी क्या कहेंगे नहीं जाएंगे गुरु जी तो जाएंगे और गुरु जी क्या कहेंगे कितने में बात किए हो हमको इतना कमीशन दो ऐसा तो होता नहीं है ना कारण क्या है मठों की जो संपदा है मठों की जो प्रतिभा है उसको जब नीलाम किया जाता है परिकों के द्वारा परिक्रमों को खरीद कर आयोजक शंकराचार्य को बुलाते हैं। यह आयोजन का तथ्य है और अगर किसी व्यक्ति को इस बात में संदेह लगता हो तो एक बार आप स्वयं आमना पीठों से संपर्क करें कि मैं शंकराचार्य का कार्यक्रम कराना चाहता हूं। क्या बात है? क्या व्यवस्था है? अब लोग यह कहेंगे कि भाई कार्यक्रम की तो तुम भी दक्षिणा लेते हो। तो पहली बात कि मैं सन्यासी नहीं हूं। दूसरी बात कि मैं कार्यक्रमों की दक्षिणा निश्चित नहीं रखता हूं। नारायण मैंने स्पष्ट कहा है कि जो व्यक्ति जितना सामर्थ्य रखता है वो व्यक्ति उस अनुसार दक्षिणा देगा। हां ये जरूर है ये अवश्य है कि जिस व्यक्ति का सामर्थ्य 10 लाख का है उसको मैं 10,000 नहीं कहूंगा और जिसका सामर्थ 10,000 का है उसको मैं 10 लाख नहीं कहूंगा। हां मेरे पास समय होना चाहिए। साल में कितने ऐसे कार्यक्रम होते हैं जो मैं निशुल्क करता हूं। साल में कितने ऐसे कार्यक्रम होते हैं जो मैं कहता हूं जो इच्छा हो दे दीजिएगा। और साल में कितने ऐसे कार्यक्रम होते हैं जहां मैं साल में ऐसे कई कार्यक्रम होते हैं जो शंकराचार्य के भी निशुल्क होते हैं। और मैं गिनवा दूंगा। चलना तुमको केवल
01:45:08:19 वैमनसता और नकारात्मकता फैलानी है शंकराचार्यों के प्रति अगर वो वहां पर अच्छा तुमने भी माना कि हम तो लेते हैं बस जिसकी जिसका सामर्थ 10 लाख है उससे 10,000 नहीं यानी तय तो तुम भी करते हो ना और अगर तुम गस्थ गृहस्थ हो तुम सन्यासी नहीं हो तो उनके पास उनके पास वो भी तो है उत्तरदायित्व तुम्हारे पास क्या उत्तरदायित्व सिवाय तुम्हारे रे अपने परिवार के कौन सी गौशालाएं तुमने कर रखी है कौन सा क्या कर रखा है पूरी के शंकराचार्य जी के शिष्यों के साथ तुम कंबल बांट देते हो तो अपनी वाहवाही करवाते हो चलो
01:45:50:01 चलो बताऊं कि तुम्हारा ये सामर्थ है तो इतना देने में समर्थ तुम लो दो और ये बात जान लीजिए कि बाकी कार्यक्रमों के समान हमारे कार्यक्रम में दक्षिणा में कोई कमी नहीं होती तो सिद्ध त्रिकालदर्शी साक्षात हरिहर के तेज संयुक्त महाराज जी जो है वो 3 साल की बात कहे थे कि नहीं कह थे और बाद निष्क ब्रह्मचारी ही और निर्कल्पनंद सरस्वती गुरु भाइयों को कहने लगे कि नहीं व्यक्तिगत रूप से तुम्हारे ही निकटवर्ती गुरु भाई इनको कहे थे कि हिंदू राष्ट्र प्रकल्प की चर्चा अधिक नहीं करनी है अब इस विषय में हमसे मत पूछो कहीं बात मत हो गई सब भी तो कही हुई है ना बात वृंदावन में और उज्जैन में और उज्जैन वाले जो शर्मा जी है उनसे जरा बात कर लेना कि जो तीन चार साल से लगे हुए थे इस अभियान में उनके साथ कैसा व्यवहार किया गया है आपके तो परिचित होंगे ना उज्जैन वाले शर्मा जी उनसे बात कर लेना अभी हाल फिलहाल का मामला है बहुत पुराना भी नहीं इसी महीने की घटना है ना आगे पीछे तुमको जो है सात आठ वर्ष की आयु से देवताओं ने दर्शन देना शुरू कर दिया था। हां। तुम एफबी पे क्या कर रहे हो वहां पर? गालियां दे दे के। वो कहां गया फिर तुम्हारा देवत्व? तुमको जो है 2017 में यंत्र प्राप्त हो गया था। तुम्हारे कहां प्रेम प्रसंग चल रहे हैं। तुम जानवी को लेकर के गाना गा रहे हो। दिखाओ भैया इनका गाना जरा। दिखाओ इनका गाना।
01:47:02:02 दिखाओ गाना अरे बाद में क्यों? ठीक है। आगे पीछे वो गाना भी दिखा दिया जाएगा। चैनल पर डाल दिया जाएगा जो प्रेम प्रसंग में जो ये गा रहे हैं एक तरफ तुम्हें यंत्र मिल रहा है देवताओं का वहां देवत्व चला गया जो तुम गाना गाते फिर रहे हो अविवाहित होते हुए और या तो कह दो कि नहीं गाया कह देना फिर उसके बाद दिखा देंगे और क्या
01:47:49:28 था वो क्या बोल कि वो तीन वर्ष हिंदू राष्ट्र पहली बात तो तुम गलत जगह आ जाते हो। प्रॉब्लम यही है। प्रॉब्लम यही है। क्या हम इस चीज को लेकर के भिड़ते हैं? किसी से किसी से बात करने जाते हैं कि तीन वर्ष की बात मान नहीं तो तू जो है जा यहां से या जो भी है तेरी चीजें ठीक छोटी है ये वो है एक प्रकल्प पकड़ा था कि सर्वशक्तिमान ईश्वर परम स्वतंत्र मोक्ष शाश्वत धर्म हमें एक कर सकता है ये वो चीजें हैं जो हमें मिलवा सकती हैं जो असंगठित हिंदुओं को संगठित कर सकती है आचार्यों ने किस परिपेक्ष में क्या बोला है यह सब चीजें आचार्यों से जाकर पूछिए हम तो इस चीज को लेकर के नहीं निकल रहे आगे कि उन्होंने भाट क्यों बोला? उन्होंने मधुमक्खियों की सेना क्यों बोली? मगर आप जब आपका जो पक्ष है, जिस पक्ष में आप निरुत्तर होने लगेंगे तो आप बार-बार तीन वर्ष लाएंगे। अरे हम आए थे क्या आपके पास तीन वर्ष की बात लेकर के? हम तो नहीं लेकर के निकल रहे हैं। नहीं नहीं इसको मानो। शंकराचार्य शंकराचार्य इसलिए नहीं है कि उन्होंने तीन वर्ष की में हिंदू राष्ट्र की घोषणा की है। उनके शंकराचार्य होने के लिए पर्याप्त कारण है शास्त्रोक्त इसलिए वो शंकराचार्य
01:49:04:28 हैं। अब जो उन कारणों से उनके अनुगत हो गया, उनमें निष्ठावान हो गया। वह अपने आचार्य की वाणी को जाने देखे समझे। कि उन्होंने ये क्यों कहा, उन्होंने वो क्यों कहा? मतलब जहां तुम हारने लगो, जहां तुम असफल होने लगो, जहां तुम्हारी बात कटने लगे, वहां तुम ये सब करने लगो। तुम्हारे आचार्य की बात कैसे खाली जा रही है? अरे भैया आचार्य ने कब क्यों किस परिपेक्ष में कहा? हम आचार्य की वाणी का तुमको हम व्याख्या करके बताएं। आचार्य ने जो हमें सिद्धांत दिए उनकी उनका प्रचार प्रसार कर रहे हैं। और हम किसी को भी नहीं कहते कि नहीं जा तीन वर्ष में हिंदू राष्ट्र होना है मान ले। हम भी तो गुरुदेव जब से ये चैनल चल रहा है। हमने कितनी बार लोगों के यहां जाकर के चर्चा करी। अह 3 वर्ष में हिंदू राष्ट्र होने वाला है। मान लो नहीं तो तुम जो है आर्य समाजी हो। यह है वह है अहिू हो, अप्रामाणिक हो, परंपरा प्राप्त आचार्यों के द्रोही हो। ये वो सिद्धांत तो नहीं है। ये तो आचार्यों की वाणी है। उन्होंने किस परिपेक्ष में क्यों कही आचार्यों का मामला है। उनसे जाकर के आप समझिए। हमसे जब भी बात करने आएंगे जब जब अटकने लगेंगे सा वर्ष मधुमक्खी की सेना
01:50:20:00 ये सब क्या है? चलिए तुम उनके उस अनुभव को सार्वजनिक लाने का साहस करोगे हम लाएंगे तो कहोगे कहोगे सत्यापित करो सत्यापन नहीं करते तो जो सत्यापन नहीं करते तो क्यों देखें और आपने मेरी कॉल रिकॉर्डिंग वाली वीडियो इसीलिए नहीं देखी क्योंकि मैंने उसका सत्यापन नहीं किया और इतने और लेकिन आपने स्वयं नहीं सुनी है ऐसा इसी लाइव हिस्ट्री में आप पहले स्वीकार कर चुके हैं अभी 10 ही मिनट हुए हैं इस वीडियो को हम देखते हुए तो 10 मिनट के हैं उसमें आप क्या कह चुके हैं कि हम इस बात को स्वीकार नहीं करते सत्यापित नहीं करते इस वजह से निग्रहाचार्य इस ऑडियो में कही गई बातों का सत्यापन नहीं करते इस वजह वजह से आपने वो कॉल रिकॉर्डिंग वाली बात देखी ही नहीं है। तो भैया जब आप देखे ही नहीं थे उस समय तक तो आप कैसे कह [संगीत] दिए रुक जा फिर बताता हूं। [प्रशंसा]
01:51:15:18 [संगीत] कोई चिंता की बात नहीं आधी रात तक का परमिशन है अपने पास आधी रात तक का समय है अपने पास खैर मुझे लगा की आवाज आ रही है तो ये बात है कि इसी लाइव स्ट्रीम में अभी 10 मिनट तक का ही भाग मैं देख पाया हूं हूं। आपने कहा है पहले ही कॉल रिकॉर्डिंग वाले विषय में किक क्योंकि मैंने यह कहा था कि मैं इस ऑडियो को सत्यापित नहीं करता। इसीलिए आपने वो कॉल रिकॉर्डिंग नहीं सुनी और अभी पांच छ मिनट बढ़े ही है हम आपकी वीडियो में कि आप कह रहे हैं कि उस कॉल रिकॉर्डिंग में विरोधाभासी बातें थी। तो ऐसा क्या हुआ आपके साथ कि 5 सात मिनट पहले आप इसी लाइव स्ट्रीम में कहे टोटल तो 10 मिनट 16 सेकंड तक अभी तक हम पहुंचे हैं। इसमें 10 मिनट 16 सेकंड तक पहुंचे हैं। आप टाइम स्टैंप देख सकते हैं यहां पर। 10 मिनट 16 सेकंड तक हम पहुंचे हैं और इसी में आप दो चार पांच मिनट पहले कह चुके हैं कि आपने मेरी कॉल रिकॉर्डिंग वाली वीडियो इसीलिए नहीं देखी क्योंकि मैंने उसका सत्यापन नहीं किया और इतने ही पांच सात मिनट के बाद आप फिर कह रहे हैं कि उसमें विरोधाभासी बातें थी क्या दोनों में से क्या बातें सत्य है और अगर आपने लाइफ में चलते-चलते देख ली तो ये तो संभव नहीं है ना कि आपने कि
01:52:34:20 आपने कि आपने 55 मिनट की वीडियो जो है वो बिलकुल पांच मिनट में देख 50 मिनट वीडियो जो भी है या उसको रिकॉर्डिंग का हिस्सा भी मान ले तो वो लगभग लगभग कितना नहीं इनका कहने का पीछे से पीछे करो दोबारा पीछे करो दोबारा खैर तो मुझे लग रहा है कि आवाज ठीक से आ रही है तो ये बात है कि इसी लाइव स्ट्रीम में अभी 10 मिनट तक का ही भाग मैं देख पाया हूं आपने कहा है पहले ही कॉल रिकॉर्डिंग वाले विषय में कि मैंने यह कहा था कि मैं इस ऑडियो को सत्यापित नहीं करता इसीलिए आपने वो कॉल रिकॉर्डिंग नहीं सुनी और अभी 5 6 मिनट बढ़ ही है हम आपके वीडियो में कि आप कह रहे हैं कि उसके अकॉर्डिंग में विरोधाभासी बातें थी तो ऐसा क्या हुआ आपके साथ कि 5 सात मिनट पहले आप इसी लाइव स्ट्रीम में कहें टोटल तो 10 मिनट 16 सेकंड तक अभी तक हम पहुंचे हैं इसमें 10 मिनट 16 सेकंड तक पहुंचे
01:55:39:15 तो कॉल रिकॉर्डिंग वाली वाली जो बात है वह हमने अभी भी नहीं सुनी है और यह कहीं पर कोई या तो हमसे कुछ कहने में गलती हुई होगी या फिर आपके समझने में इतने इससे ज्यादा इसका इसके बारे में हम और कुछ नहीं कह पाएंगे। आपकी वो कॉल रिकॉर्डिंग आज की डेट तक भी हमने नहीं सुनी है। यही सच्चाई है। बोलिए भाई आप टाइम उस टाइम देख सकते हैं यहां पर। 10 मिनट 16 सेकंड तक हम पहुंचे हैं और इसी में आप दो चार पांच मिनट पहले कह चुके हैं कि आपने मेरी कॉल रिकॉर्डिंग वाली वीडियो इसीलिए नहीं देखी क्योंकि मैंने उसका सत्यापन नहीं किया और इतने ही पांच सात मिनट के बाद आप फिर कह रहे हैं कि उसमें विरोधाभासी बातें थी क्या
01:56:19:15 भाई क्या बात है मेरा वो लाइव आप चला सकते हैं क्या एक ऑपरेटर ऑपरेटर महोदय ये जो टाइम स्टैंप बता रहे हैं उस टाइम स्टैंप पे मेरा वो लाइव चला सकते हैं क्या तो मुझे बताएं अगर सहज हो आपके आपके लिए जरा देख लें हमने क्या बोला था क्योंकि ये आधा आधी अधूरी बात लेकर के और उस पर जो है चाबुक लेकर के घोड़े को दौड़ाते हैं। [संगीत]
01:57:04:26 चलो अच्छा इसी को प्ले करो अगर वो नहीं हो पा रहा है तो चलते चलते देख ली तो ये तो संभव नहीं है ना कि आपने या आपने कि आपने 55 मिनट की वीडियो जो है वो बिल्कुल 5 मिनट में देख 50 मिनट की वीडियो जो भी है या उसमें कॉल रिकॉर्डिंग का हिसाब भी मान ले तो वो लगभग कितना होगा कॉल रिकॉर्डिंग का हिसाब 45 मिनट का होगा 42 47 मिनट का होगा तो आप क्या 10 गुनी गति से उसको देख रहे थे जो आपको पता चल गया बातें थी और कॉल रिकॉर्डिंग को सार्वजनिक करने के कारण यदि आप ये कहते हैं कि हम लाइव में नहीं आना चाहते आपके साथ के बारे में हमने निग्रचार की कॉल रिकॉर्डिंग के बारे में विरोधाभासी बातें थी उसमें ऐसा नहीं कहा होगा और अगर कहा होगा तो वो कोई ना कोई शाब्दिक गलती रही होगी होगी या तो हमने कहा नहीं होगा ये 100% श्योर है। एक मिनट रुको जरा कितना बता रहे हैं जरा मोबाइल खोलना जरा लाइव वो लाइव जो मैंने
01:58:04:21 लास्ट लाइव की है जो कितना टाइम स्ट बता रहे हैं वहां लाना जरा क्या बोल रहा है [संगीत] आशा करते हैं आप सभी को एक तरफचार्य जी प्रपोजल देते हैं जो इस विषय पर चर्चा जो है व्यक्तिगत का है लोगों से और वो जरा पर बात करते वो जरा बोलना जरा वो इनका बुलवाना वो टाइम स्टैंप अभी दिखा रहे है हल्का सा पीछे करके प्ले करो।
01:58:55:01 [प्रशंसा] कोई चिंता की बात नहीं। आधी रात तक का परमिशन है अपने पास। आधी रात तक का समय है अपने पास। चार पांच घंटे की परमिशन हमने ले रखी है। तो मेरे पास कोई दिक्कत नहीं है। आप लोग भी अपना बाद में भी डाउनलोड करके देख सकते हैं। लेकिन ये लाइव तो मैं पूरा का पूरा पोस्ट का पोस्टमार्टम करूंगा। खैर तो मुझे लग रहा है कि आवाज ठीक से आ रही है। तो ये बात है कि इसी लाइव स्ट्रीम में अभी 10 मिनट तक का ही भाग मैं देख पाया हूं। आपने कहा है पहले ही कॉल रिकॉर्डिंग वाले विषय में कि क्योंकि मैंने ये कहा था कि मैं इस ऑडियो को सत्यापित नहीं करता। इसीलिए आपने वो कॉल रिकॉर्डिंग नहीं सुनी। और अभी 5- 6 मिनट बढ़े ही है हम आपके वीडियो में कि आप कह रहे हैं कि उस कॉल रिकॉर्डिंग में विरोधाभासी बातें तो ऐसा क्या हुआ आपके साथ कि पांच सात मिनट पहले आप इसे पीछे करो कौन सी टाइमिंग बता रहे हैं हल्का सा पीछे करो है अपने पास आधे रात तक का समय है अपने पास चार पांच घंटे की परमिशन हमने ले रखी है तो मेरे पास कोई दिक्कत नहीं है आप लोग भी अपना बाद में
02:00:10:02 डाउनलोड करके देख सकते हैं लेकिन ये लाइव तो मैं पूरा का पूरा पोस्ट का पोस्टमार्टम करूंगा कि हम इस बात को स्वीकार नहीं करते। सत्यापित नहीं करते। इस वजह से निग्रचार इस ऑडियो में कही गई बातों का सत्यापन नहीं करते। इस वजह से आपने वो कॉल रिकॉर्डिंग वाली बात देखी ही नहीं है। तो भैया जब आप देखे ही नहीं थे उस समय। दूसरी बात ये भी है। अच्छा जब हमने चर्चा के लिए प्रस्ताव रखा था। उस प्रस्ताव को आप इसको दोबारा एक बार और पीछे करिए।
02:00:47:20 तो सत्यापन के अधीन नहीं है कि तुम अचक से विषय के में ये हो गया आचारों के विरोध वाली पंक्ति गई थी मैं उस नहीं जाऊंगा मगर ऐसा हो गया तो ये बात हमें इससे बुलवाए उससे बुलवाए ऐसी चीजों पे हम लोग बात नहीं करते हम लोग आदत की चीजों पर बात करते तो उसप हम बात तो पहली बात तो ये है कि आपके एक तरफ आप प्रपोजल रखते हैं चर्चा का दूसरी ओर क्या कहते हैं आप विरोधाभासी वीडियो डाल देखा यह है मैं कह रहा हूं विरोधाभासी वीडियो डालना और यह कह रहे हैं कि उस कॉल रिकॉर्डिंग में विरोधाभास है। वाह बहुत बढ़िया यही तो है। अभी एक दोगलापन तुम्हारा पहले बताया और अब फिर बता रहे हैं। सुनो विरोधाभासी वीडियो मतलब तुम हमसे चर्चा करने आ रहे हो। और दूसरा हमारे ही विरोध में विरोधाभासी ऐसा ऐसा वीडियो डाल रहे हो जिससे हमारे विरोध का आभास हो रहा है। उस उसमें जो कंटेंट है वो विरोध उसमें कंटेंट विरोधाभासी नहीं है। ये सब हमने नहीं कहा। हमने क्या कहा? इसीलिए हम उस पर अड़ते हैं। यही अंतर है तुम में और हम में भगवत
02:02:02:22 आनंद। मैं अड़ा क्यों? क्योंकि मुझे अपने ऊपर विश्वास था कि मैंने कहा ही नहीं। का ही मैंने कहा ही नहीं होगा ये कहीं ना कहीं कोई गलती हो रही है और देख लो मैं कह रहा हूं कि हम जो तुम चर्चा के लिए हमसे प्रस्ताव रखते हो एक तरफ तो इस चर्चा जब तुम कहते हो तो हम सोचते हैं कि तुम एक सामंजस्य बिठाना चाहते हो तुम एक सौहार्दपूर्ण चर्चा करना चाहते हो तुम लड़ने भिड़ने नहीं आ रहे हो आ रहे हो ठीक है तुम जीतने नहीं आ रहे हो तुम निराकरण के लिए आ रहे हो तो जब एक तरफ जब ऐसा करते हो कि शिवश नारायण द्विवेदी के को यदि अनुकूल लगे तो वो हमसे कल शाम 5:00 बजे से पहले तक चर्चा कर सकते हैं। जब तुम यह बोलते हो जिसका हम वहां पर प्रोत्साहन भी करते हैं उसको एप्रिशिएट भी करते हैं तो दूसरी तरफ तुम जब हमारे विरोध में वीडियो डालते हो भाई जिस पक्ष को लेकर के हम खड़े हुए हैं उसी पक्ष पर तो हमारी चर्चा होने वाली है और उसी पक्ष से संबंधित तुम वीडियो डाल देते हो विरोधाभासी। अब हमने कहा वीडियो विरोधाभासी है तो आपने उसका अर्थ निकाल लिया कि उस वीडियो के अंदर का कंटेंट विरोधाभासी है। क्यों ऐसा कर रहे हो भाई? पहले पूरा देख तो लो। क्या बोल रहा है सामने वाला व्यक्ति? तुम तो बड़े मर्मज्ञ हो। तुम तो बड़े
02:03:17:27 वाकपटु हो। तुम तो बड़े भाषाओं के धनी हो। तो क्या हो गया? समझ नहीं पा रहे थे। क्या बोला हमने? लो सुन लो भैया। हमने कहा इसमें वीडियो के अंदर की जो सूचना है वह विरोधाभासी है। यह कह रहे हैं कि या वो वीडियो मेरे विरोध में है। यह कह रहे हैं। ये सब लोग सुनो मैं सुनाता हूं। ये के अधीन है। किसने देखा? डांस हुआ था। किसने? बात आई थी ना कि डांस हुआ था। किसने देखा? तो सत्यापन के अधीन है। उसमें फिर हमें जाना पड़ेगा कि हमें इससे बुलवाया उसने बुलवाया।
02:03:59:20 ये क्या है? एक मिनट ज्ञापन के अधीन है। उसमें फिर हमें जाना पड़ेगा कि हमें इससे बुलवाए उससे बुलवाए। ऐसी चीजों पे हम लोग बात नहीं करते। हम लोग अकाद की चीजों पर बात करते हैं। जो अकाट हो गया तो उसप हम बात करते हैं। तो पहली बात तो ये है कि आपके एक तरफ आप प्रपोजल करते हैं चर्चा का। दूसरी ओर अह क्या कहते हैं आप विरोधाभासी वीडियो डालना रोकते नहीं है। हां। तो विरोधा देखो। हम यहां बता रहे हैं। एक तरफ आप चर्चा का प्रपोजल रखते हैं और दूसरी ओर आप विरोधाभासी वीडियो डालना बंद नहीं करते हैं। हमारे विरोध में वीडियो डालना बंद नहीं करते हैं। तो काहे की चर्चा हो रही है। वो तो प्रतिस्पर्धा हो रही है ना द्वंद हो रहा है। और द्वंद से ही हम दूर रहना चाह रहे तुम्हारे साथ क्योंकि हम लोगों को नहीं दिखाना चाह रहे तुम्हारे साथ लड़ते हुए। यह दृश्य भी तुमने विवश किया है। अब वो तुम वजन वाला जो तुमने आगे कुतक किया है उसको हम आगे ही देखेंगे। मगर यहां तुम्हारी बात झूठी पड़ गई। और जितने इनके फॉलोअर्स हैं वो भी देखें कि कितना झूठ बोलते हैं।
02:05:03:22 झूठ बोला ना। हम कह रहे हैं हमारे विरोध में वीडियो बनाया। तुम कह रहे हो कि उस वीडियो के अंदर विरोधाभासी बातें हैं। वाह! अकल से पैदल हो क्या भाई? चलो चलाओ। बात तो आपने क्या कहा? हालांकि जिसमें हम वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे उस समय तक आपका नहीं आया था वो विषय तो एक और आप अभी इसीलिए लाइफ में कह चुके हैं कि हमने वो कॉल रिकॉर्डिंग वाली वीडियो नहीं देखी है क्योंकि आपने कहा कि सत्यापन हम नहीं करते तो जो सत्यापन नहीं करते तो क्यों देखें और लोगों को कह दिया कि एंटरटेनमेंट के लिए देखो एक तो आपने ये बात कह दी और लेकिन आपने स्वयं नहीं सुनी है ऐसा इसी लाइव स्ट्रीम में आप पहले स्वीकार कर चुके हैं। अभी 10 ही मिनट हुए हैं इस वीडियो को हम देखते हुए तो 10 मिनट के हैं। उसमें आप क्या कह चुके हैं कि हम इस बात को स्वीकार नहीं करते। अह सत्यापित नहीं करते। इस वजह से निग्रचार्य इस ऑडियो में कही गई बातों का सत्यापन नहीं करते। इस वजह से आपने वह कॉल रिकॉर्डिंग वाली बात देखी ही नहीं है। तो भैया जब आप देख ही नहीं हो गया हो गया। आगे बढ़ाओ। तो आपका शर्ट की वीडियो जो है वो बिलकुल पांच मिनट में देख ली। 50 मिनट की वीडियो जो भी है या उसमें कॉल रिकॉर्डिंग का हिस्सा भी मान ले तो लगभग कितना होगा? कॉल रिकॉर्डिंग का हिस्सा। 45 मिनट का होगा। 42 45 मिनट का होगा। तो आप क्या दशगुनी गति से उसको देख रहे थे जो आपको पता चला विरोधाभासी बातें थी और कॉल रिकॉर्डिंग को सार्वजनिक करने के कारण यदि आप ये कहते हैं कि हम लाइव में नहीं आना चाहते आपके साथ क्योंकि आपका स्टैंड क्लियर है तो फिर आपने उससे पहले ये क्यों लिखा था इस लाइव
02:06:18:24 स्ट्रीम से पहले कि आपके साथ एक निश्चित दूरी बनाना हमारा धर्म है और वो पोस्ट में आपने ये क्यों लिखा था कि हम लाइव आएंगे नहीं हम सार्वजनिक चर्चा नहीं करेंगे क्योंकि लोगों को विरोधियों को अधर्मियों को मसाला मिल जाएगा मौका मिल जाएगा और लाभ लोग उठाने लगेंगे इस प्रकार के भाव को आपने क्यों व्यक्त किया था कहीं आप स्टैंड है आपका कहीं कुछ पता पता चल रहा है कि आप किस स्थान पर खड़े हैं, क्या बोल रहे हैं, आपका क्या पक्ष है। हमारा तो क्लियर है स्टैंड। आपका स्टैंड कब क्लियर होगा? एक और आप कहते हैं कि हमने कॉल रिकॉर्डिंग नहीं सुनी। सेम लाइव स्ट्रीम में पांच मिनट के बाद आप कह देते हैं कि उस कॉल रिकॉर्डिंग में विरोधाभासी बातें थी। तो आपका स्टैंड क्लियर था। इसीलिए हम लाइव नहीं करेंगे आपके साथ। पूरी लाइव से पहले पंक्तियां देखो कैसे बनाना हमारा धर्म है। पता नहीं क्या धर्म इनकी पंक्तियां इनकी पंक्तियां देखो। तो मैंने यह कहा है कि उस वीडियो में विरोधाभासी बातें हैं या यह कहा है कि आप विरोधाभास एक तरफ आप चर्चा के लिए कहते हैं और दूसरी तरफ विरोधाभासी वीडियो डाल देते हैं। ये कैसे बात को घुमा रहे हैं अपनी कि विरोधाभासी वीडियो भाई समझने का प्रयास करो। मैं बेनिफिट ऑफ डाउट ही दूंगा यहां पर तुम्हें कि तुमने यहां जानने का प्रयास ही नहीं किया कि हम किस विरोधाभास की बात कर रहे हैं।
02:07:35:22 प्ले करो हो गया और सार्वजनिक विषय पर हम चर्चा नहीं करेंगे क्योंकि विरोधियों को मौका मिलेगा तो आप तो पढ़ ही नहीं क्योंकि लाइव नहीं करेंगे तो ये बहाना क्यों बनाए हम कॉल रिकॉर्डिंग विरोधाभासी बातों के कारण लाइव नहीं करेंगे और विरोधाभासी बातें अगर ये आपको पता था मतलब आप सुने थे और अगर सुने थे तो फिर आप ये अभी पांच मिनट पहले क्यों कहे कि हम आप क्योंकि सत्यापन नहीं करते थे इसलिए हम सुने नहीं और लोगों को कह दिया कि तुम एंटरटेनमेंट के लिए सुनना चाहो तो सुन लो क्या चल रहा है खैर आगे सुनते के आप क्या कह रहे हैं? इसीलिए इसी डर से आप हमको लाइफ पर नहीं बुलाना चाहते थे। आपका करियर खा जाते हम। जा अगर मेरे मुंह पर बोल देता तो करियर खा जाते आपका। फिर आगे सुनते हैं। ऐसा विषय नहीं है। इसके ऊपर ये देखो ये देखो करियर खा जाते। ये करियर की जो भूख है ना ये वही है। करियर की जो प्रतिस्पर्धा है ना वही है। वही बोल रही है। वही है। करियर खा जाते। आ जाना खा लेना करियर लाइव में चलो करियर खाएंगे चाचा की जैसे हमारी बातेंगे तो पहली बात तो ये होगी ये करियर है तुम्हारे लिए ये तुम्हारे लिए करियर है मठ पर मठ पर उंगली उठाना तुम्हारे लिए करियर है शास्त्रों वचनों का प्रचार प्रसार
02:08:50:28 करना तुम्हारे लिए करियर है ये सब चीजें करियर है तुम्हारे लिए आना खा लेना करियर मेरा मेरे लिए करियर नहीं है धर्म है तुम्हारे लिए करियर है ये चलाओ करियर खाएंगे अगर है जो सामग्री आपके पास है वो पर्याप्त है तो आप कोर्ट चले जाइए कोर्ट में कर दीजिए भाई कोर्ट वाला विषय प्रथम पहले ही उत्तर दे चुके हैं भैया कोर्ट भारत की ऐसी है ना कि कोई मर्डर भी करके चला जावे तो कह दे कि भैया निबंध लिखो और निकलो यहां से हमारे पास उतना टाइम नहीं है तुमको दंड देते वो हाल है कोर्ट का कोर्ट तो वो जगह है जहां पर यह कह दिया जाता है कि दादादी अपने पोते के लिए अनजान व्यक्ति हैं। कोर्ट तो वो जगह है जहां पर ये कह दिया जाता है निर्णय में कि मृत शरीर के साथ संभोग करना गैर कानानूनी नहीं है। बहुत करो। तुम्हारे हिसाब से जहां पर जहां से न्याय मिलना चाहिए वहां से न्याय मिल रहा है क्या? तो दूसरा विकल्प नहीं अपनाओगे। गीता का सिद्धांत नहीं अपनाओगे। कर्मवादी कारस फले कदाचना अपना प्रयास तो जारी रखोगे ना। हमें मालूम है कि सर्दी का मौसम है, सर्दी तो पड़ेगी तो क्या सर्दी से बचने का उपाय बंद कर दोगे?
02:10:06:12 उपाय सर्दी से बचने का प्रयास बंद कर दोगे? हमें मालूम है कि गर्मी का मौसम है, गर्मी तो पड़ेगी तो क्या गर्मी से बचने का प्रयास बंद कर दोगे? हां। अगर तुम दो साल एक ऐसी जगह पर दे चुके जहां जहां की तुमने खूब निंदा की कि भैया यहां से न्याय नहीं हो रहा है। यहां से शासन तंत्र नहीं हो रहा है। इनकी भविष्यवाणियां झूठी हो रही है। इनकी मधुमक्खियों की सेना नहीं आ रही है। हां तो दूसरा विकल्प अपनाओगे ना। क्यों नहीं अपना रहे? तमाशा करने की बजाय? और जब तुम्हें मालूम है कि कहीं कुछ होना ही नहीं है तो तमाशा कर क्यों रहे हो? तमाशे से क्या हो रहा है? चलो बताओ। करियर बिल्डिंग हो रही है।
02:10:53:21 करियर चलो भारतीय न्यायपालिका की हालत क्या है? भारतीय न्यायपालिका जो है वो लतखोरी के उच्च शिखर पर लेटी हुई है। मैं रिपीट करता हूं। भारत के न्यायपालिका की जो है वो लखोरी के उच्च शिखर पर स्थित पालन करें या ना करें आ जा सकता है कहीं भी आपने ये कहा कि भाई हम नहीं करेंगे तो ठीक है और नहीं दिख रहा है तो मैं पढ़कर बता दूंगा और नहीं और भी ऐसा था और भी कई लोग हैं जिन्होंने जैसे एक वो लड़का था इस का तो उसमें क्या लिखा हुआ है दीन बंधु जी महाराज श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर जगत प्रकाश त्यागी महाराज श्री श्री 108 स्वामी राम जी दास भोपाल श्री श्री 108 जब भगवान सूर्य का मंदिर वहां बनवाया उन लोगों ने तो प्रतिष्ठा करवाने के लिए लोगों को बुलाया ऐसे खूनी संघर्ष वाले जगह पर जहां बात और पर गोली चली और बम फूटे वहां पर कौन यज्ञ करवाए तो हम गए यज्ञ करवाने हम चलेंगे हम गए तो हमारे पिताजी भी गए और भी बहुत सारे लोग गए वहां पर उन लोगों ने क्या कर दिया साध्वी सरस्वती को भी बुला लिया कि एक लेडीज कथा वाचिका रहेगी तो थोड़ा और भीड़ आएगी उनकी तो और हमने तो नियमावली स्पष्ट कर रखी है इफ यू आर समोस्ट अ लॉट मैटर हाउ हार्ड यू ट्राई बट यू कैन नॉट गेट थिंग्स हम उन गुरु भाग देखते हैं उनमें से कईयों में और लेकर पूरे शंकराचार्य जी क्यों विरोध करते आप उनका खंडन करें।
02:12:09:13 आप उनका खंडन करते थे। मगर आपने तू के वो अरे भाई आयु में बड़े होंगे। आपसे अनेक संतों का सानिध्य प्राप्त करने वाले होंगे। क्या बोला ना आपसे बड़े होंगे। तो उसी का ध्यान रखते मगर आपने उसमें भी ऐसे कई संत जो संत के रूप में जाने जाते हो आप ये काउंटर करेंगे। वो संत तो हो वो संत तो हो ये काउंटर करेंगे। तो मैं कह रहा हूं कि आपके लिए वो संत होने चाहिए। हम आपके लिए वो संत नहीं है। डजंट मैटर मगर मेरी नजर में उनका सम्मान है। मेरी नजर में वो संत है या मेरी नजर में वो आचार्य है और मैं इन सब बातों का जवाब दूंगा। ठीक है। आप कैसे हर एक की समीक्षा करते हैं और निराचार कहते हर एक की समीक्षा बोले हुए कथन का ही संदर्भ देकर उन्हीं की विचारधारा को अनुसरण करके सनातन धर्म के मूलभूत सिद्धांतों को विकृत किया जाए तो उनको क्यों छोड़ेंगे हम? सिर्फ इसलिए वो मर गए। अगर वो मर गए और उनकी विचार सनातन को विकृत कर रहा है। मेरे वो आचार्य हैं। मैं इस बात का जवाब दूंगा। वो मर गए हैं। उनके साथ उन पर व्यक्तिगत टी टीका टिप्पणी करना अश्लील बातें बोला बोलना और अमर्यादित शब्दों का व्यवहार करना वो उसके लिए हमने कहा है जो तुम करते हो अपने वीडियोस में। समझे? उसके विचारधारा खंडन करने के लिए नहीं रोक रहे हैं।
02:13:25:08 अपनी बात को अपनी चीजों को बचाने के लिए मिक्स करते हो तुम। पहले कह दोगे वह हमारे शत्रु ही है। फिर कह दोगे यहां पर आओगे तो यह नहीं कहोगे शत्रु हैं। यहां पर आओगे तो कहोगे हम कौन सा उनको कब्र से निकाल के मार रहे हैं। चलो ठीक है। ठीक है। आप कैसे हर एक की समीक्षा करते हैं और कैसे हर की समीक्षा कर पाते हैं। है ना? सवेरे तो इंदिरा गांधी का है। भौतिक दृष्टि से तो दोनों जा चुके। लेकिन सुकरात्री जी के कर्म के प्रभाव के कारण तुम उनके लिए सम्मानजनक समर्थनात्मक शब्दावली का प्रयोग करते हो। इंदिरा गांधी का विरोध करते हो। क्यों करते हो? क्योंकि उनके कृत उनके व्यक्तित्व उनके विचारधारा का प्रभाव पड़ रहा है। सकारात्मक या नकारात्मक अलग-अलग पक्ष हो। बहुत ग्रो बहुत ग्रो बहुत गर्व तो यहां पे इसका मतलब तुम राम का सिद्धांत नहीं मानते हो क्योंकि वहां पर सकारात्मक चीजें हैं। राम को मना कर दो। राम ने जो कहा है कि मृत्यु के बाद कोई बैर नहीं रहता। और हम कहां कह रहे हैं कि उनका सम्मान करने लग जाओ। भाई सम्मान भी मत करो। मगर कम से कम अपमान तो मत करो। क्यों कर रहे हो अपमान? वो तू तड़ाक और यह हगना ये वो मूतना ये सब क्यों कर रहे
02:14:42:25 हो? चलो भैया। तो जब वो कर रहे हो तो सुन लो। वैराल नाम कल जो है तुम्हारे ऊपर इतने लोग आ जाएंगे कि तुम निग्रचार तो हो नहीं कि सबको एक साथ संभाल के रखोगे यहां लीगल नोटिस तो लीगल नोटिस हां हमला तो आओ हम लोग हां गाली तो वहां आओ गाली ऐसा सबको थोड़ी तुम संभाल लोगे इसीलिए शिवश प्रेमानंद बाबा के लिए हमने जो शब्दावली का प्रयोग किया है अगर ऐसी बकवास वो फिर से करते रहे जैसे अभी सूत जी वाले प्रकरण में किया है ना शंकर और ब्राह्मण वाले कथा वाचन वाले विषय में नहीं सुना है सुन लेना डॉक्टर ज्ञानेंद्र शर्मा जी ने उनका खंडन भी बहुत अच्छा किया अगर ऐसा वो करते रहे ये सब अनजाने जो मीडिया टीआरपी के बाबा है ना उनको तो माने रहो संत और माथे में बैठा घूमते रहो। ये सारे लाल बाबा और पीले बाबा की हैसियत हम सबको पता है। ये जो सेलिब्रिटी वर्शिपिंग चल रही है ना यही सेलिब्रिटी वर्शिपिंग की पैदाइश कृपालू भी था। यही सेलिब्रिटी पैदाइश कभी निर्मल का भी हुआ करता था निर्मल बाबा का। और यही सेलिब्रिटी वर्शिपिंग की पैदाइश में पूरा का पूरा एक नया किन्नर अखाड़ा चल रहा है। इसलिए सेलिब्रिटी वर्शिंग वालों को मत बताओ। हां राजेंद्र दास देवाचार्य की बात रही तो उनका तुमने नाम लिया है। अगर आगे फिर से उनका वर्णन करोगे तो फिर हम बताएंगे कि हम क्यों उनके विषय में विरुद्ध बोले थे। टॉपिक तो बताओ कि क्या बोले थे हम? किस टॉपिक में बोले थे? क्यों बोलना पड़ा था? अगर तुम नहीं बताते तो फिर हम बताएंगे वो विषय आने दो अभी। दयानंद जी को नहीं छोड़ा प्रभुपाद जी को। प्रभुपाद जी और दयांद जी क्या मैंने सुन लिया क्या सुन लिया मैंने फिर से आप अगर बोले कोई बात तो बात ठीक है आपने मरे हुए लोगों को नहीं छोड़ा नहीं छोड़ा आपने
02:15:57:25 दयानंद जी को नहीं छोड़ा जी को नहीं छोड़ा तुम डिप्लोमेट हो भैया हम डिप्लोमेट नहीं है हम निग्रचार्य है निग्रह शब्द का अर्थ हम निग्रहचार्य है अपनी बारी आने पर दोगलापन दिखाते हैं हम निग्रचार्य हैं। हम विदेशगामी के साथ खड़े हो जाते हैं। और विदेशगामी से अपना स्वागत सत्कार आतित स्वीकार करवाते हैं। हम निग्रचार हैं। जब सनार्ग पेज पर हमसे कहा जाता है कि यह बातें तुमने क्यों बोली? तुमने मत्स्य पुराण में भक्ष अभक्ष के संबंध में जो सिद्धांत दिया गया उसको क्यों नहीं मान रहे? आकर के सिद्ध करो तो हम दुम के वहां से भाग लेते हैं। हम निग्रह आचार्य हैं। हम जाते हैं जब राम श्री संप्रदाय के आचार्य के यहां तो वहां पर किए गए जो स्वागत सत्कार है उसकी फोटो डालते हैं कि देखो देखो वो हमारे अनुगत हो गए। रूप में व्यक्त करते हैं। हम निगराचार्य हैं। है ना? और अभी दो दोगले पद तो तुम्हारे यही दिखा दिए। इसी में चलो प्ले करो। देख लो मेदनी कोष देख लो। निग्रहो भरना भिक्षो मर्यादाया बंधने मर्यादा में बांधने के कर्म को निग्रह कहते हैं। भरना को निग्रह कहते हैं। निग्रह शब्द की पहले शब्दार्थवली तुम समझ लो। निग्रह शब्द के क्या तात्पर्य
02:17:12:28 है? क्या व्याप्ति है? चलो इनकी थोड़ा आगे बढ़ो आगे बढ़ो थोड़ा हिंदू बना रहे हैं जिनेवा में क्या बोल बोलो कोई दिक्कत नहीं होती ऐसे लोगों के साथ तो लाइव कर ही चुका है वीडियो कर ही चुका है लेकिन हमारे साथ में या लाइव आकर मरे हुए लोगों को नहीं छोड़ा आपने ऐसे किसी को भी नहीं छोड़ा तो जब आपके आपके द्वारा ऐसी चीजें निर्गत हो रही है आपके मुख से क्योंकि हमारे धर्म की सीमा में हमें ये आज्ञा नहीं दे रही कि हम आपके साथ किसी मंच को साझा करते हुए दिखे किसी मंच मंच को हाल तो यह है कि जिस प्रकार के लोगों के साथ तुम्हारे गुरुओं का उठना बैठना है तुम्हारे गुरुओं के साथ हम मन साझा करने को निरस्त करते जा रहे हैं। यह वाला है मेरे साथ जब हमारे साथ करो कोर्ट ना जाने से बचना है तो शासकों के शासक शंकराचार्य कोर्ट ना जाने की कवायद से बचना है तो शासकों के शासक शंकराचार्य और जब बात कोई फंस रही है किसी कारण से पहली बात तो यह है कि तुम ऐसे व्यक्ति नहीं हो जिसको किसी निकृष्टता के कारण हमने मना किया कि तुम अछूत हो या तुम ऐसे व्यक्ति से हमें दूर रहना है। भाई किसी बात को लेकर के ऐसा तुम अगर तुम निग्र आचार्य
02:18:28:00 हो तुम धर्म की परिभाषा जानते हो तो तुम ये नहीं जानते हो कि गुरु के प्रति क्या कर्तव्य होता है शिष्य का। और तुमने गुरु निंदा की है। ठीक है? तुमको अगर अंदर नहीं जाने दिया गया तो इसका मतलब ये नहीं हो गया है कि तुमको अधिकार प्राप्त हो गया बाहर से कुछ भी कहते रहने का। तुमने कहा है कुछ भी और मैं एक अलग से एक वीडियो बना दूंगा तुमने कहां कहां पर कहां कहां पर कहां-कहां पर अना अनावश्यक रूप से और वो किया है अपमान उनका पूज्य गुरुदेव का और दूसरी बात यह भी है कि मठ का विजय श्री जैसे लोगों का भी तुमने निराधार अपमान किया है। अगर तुम्हारे पास ठोस सबूत नहीं है तो तुम्हें नहीं बोलना चाहिए और अगर बोलोगे तो फिर सुनोगे कोर्ट में जाने से बचना है तो शासकों के शासक हम क्यों जाए कोर्ट हम तो वही जाएंगे और अब हम उनके साथ नहीं बैठेंगे ये है अपमान सुना और ये है दोगलापन
02:19:39:16 चलो को देखना पड़ेगा बोले नहीं नहीं अब नहीं आप करौली सर के साथ मत साझा कीजिए आप कबीर पंथियों के साथ मत साझा कीजिए आप मुरारी रामदेव के साथ मत साझा कीजिए अभी अपने निग्रचार के साथ मत साझ करने नहीं हुए अब ये हल आने वाला है जिस अब यहां पर ये खैर एक का ईगो हर्ट हो रहा है क्योंकि हमारी वो भाव उसमें जो मानवता है जो अपने गुरु के प्रति जो समर्पण भाव है सिद्धांतों के प्रति जो समर्पण भाव है उसको तुम देख नहीं पाओगे। तुम अपने घमंड के नशे में और करियर के नशे में चूर हो चुके हो। यह कहते हुए कि हम तुम्हारे साथ मंच साझा नहीं करेंगे। भगवत आनंद हमने तुम्हारे अपमान के लिए नहीं कहा था। हमने अपनी व्यवस्था व्यक्त की थी कि तुमने इतना प्रतिकार इस तरीके तुम प्रतिकार किया होता तो बात अलग थी। मगर तुमने कई जगह इस तरह से किया है जो हमें हमारे हृदय को चुभा। तुमने व्यक्तिगत व्यक्तिगत टीका टिप्पणी की। केवल खंडरार्थ नहीं बोले हो तुम। ठीक है? केवल खंडनार्थ नहीं बोले हो और इसको हम दिखाएंगे तुमने कहां कहां व्यक्तिगत टीका टिप्पणी की है अनावश्यक वो बनाएंगे हम दे देंगे तुम्हारे और फिर तुमसे
02:20:54:24 पूछेंगे बताओ इसमें कौन सा तुम शास्त्र शास्त्र की मर्यादा याद दिला रहे हो इस पंक्ति से और जो तुम यह समझ रहे हो कि हमने तुमको जो है हीन दिखाने के लिए यह कहा मंच साझा नहीं कर पाएंगे तो यही तुम्हारा वो है वो अंधकार वो अहंकार के नशे में तुम चूर हो चुके हो। तुमको दिख नहीं रहा है कौन अपना है कौन पराया है। नहीं दिख रहा है तुमको। हमने नहीं तुम्हारे अपमान के लिए कहा था। अपनी व्यवस्था व्यक्त की थी कि तुमने ऐसी चीजें की है जिसके कारण हम तुम्हारे साथ मंच साझा नहीं कर सकते। हमारी वो मर्यादा है। नहीं कर सकते। मगर तुमने उसको अपने अपमान पर ले लिया। बौखला गए। बौखला जाओ। चलो
02:21:43:15 इस प्रकार के लोगों का उठाना मठ में बढ़ रहा है। तुमसे मन कौन सा करेगा? जी तुम हो कौन? अरे तुम करो। अब बात अगर ईगो पे ही आ रही है तो तुम इस गांव के जयकांत सिगरे तो मैं इस गांव का बाजीराव सिंघम। ठीक है। अब बात ईगो पे आ रही है। तुमने कहा हमको लाइव आ जाओ। लाइव आ जाओ। हमने थोड़ी ना कहा। हमने कहा था क्या? तुम अपनी ही बात को ठुकरा रहे हो। तुमसे कौन मन से साझा करेगा? करने को कहा तो तुमने। किसने कहा था? तुम ही ने तो कहा था अरे झूठे भी हो क्या साथसा तुम दोगले हो तुम मूर्खों जैसी बात करते हो तुम कि भैया मैं जो है अपने समर्थकों ने जो दिखा दिया वो देखूंगा और अब तुम झूठे भी हो रहे हो भाई तुम ही ने तो मुझे लाइव चर्चा के लिए बोला
02:22:32:20 था और अब तुम कह रहे हो कि तुमसे कौन मंच साझा करेगा या तो तुम्हारा वो जो क्या क्या शब्द था वह बायो क्या था बाईपोलर वो अभी तुम्हारा खत्म नहीं हुआ उसकी वजह से जो दिमाग पर असर पड़ता है चलो भाई जिस व्यक्ति का जननी विवाह के बाद हुआ हो जिस व्यक्ति को सड़क के ठेला से चार फुचका खाने से फुर्सत नहीं हो जो व्यक्ति प्रोटीन पाउडर खा के जीवन में बॉडी बना के स्वयं को है क्या तुमको हस्तमैथुन से फुर्सत है क्या जो इलाज कराने घूम रहे हो राजस्थान स्थान तुमको जानवी के प्यार में गाना बनाने से फुर्सत थी क्या? हां और सुनो भगवतानंद अगर हमने चाट फुल्का खाया तो हमने कभी अपने आप को आचार्य नहीं कहा। हमने कभी आपको अपने आप को ब्राह्मण के रूप में पुजवाने की भी नहीं सोची। और ना कभी सोचेंगे क्योंकि हम आए ही गुरु की शरण में तब थे जब तक हमें पता चल चुका था कि हमारा जीवन भ्रष्ट हो चुका है। ठीक है? मगर तुम तो आचार्य हो। तुम क्यों दारू को
02:23:47:22 प्रमोट कर रहे हो? तुम क्यों विद्या बालन को विद्या बेलन कह रहे हो? ह तुम क्यों वहां पर जो है वो गालियां भरी बातें आदर मादर ये सब लिख रहे हो? तुम्हारा निग्रह क्यों नहीं हो रहा है तुम्हारी इंद्रियों पर? जो विवाह के बाद भी तुम हस्तु के हस्तमैथुन से परेशान हो। तुम क्यों जान विवाह से पूर्व जो मातृ शक्तियां उनके प्रति मोह वश जो है गाने बना रहे हो। [संगीत] चलो रक्षक मान रहा हो जिसको स्वशाखा सूत्र का ज्ञान नहीं हो जिसके यज्ञ में ही दोष हो वो व्यक्ति हमारे साथ साझा किस है से कर रहा है नहीं करना हैुन वालों से दूर रहना है भाई नहीं करना है चलो
02:24:46:07 भाई पोलर की बीमारी है विवाह से विवाह से दोनों तुम्हारे प्रेम प्रेम चल रहे हैं। हमारा सुनो के साथ हमारा जो है पॉज करो इसको हमारा यज्ञ पवित नहीं हुआ समय पर और आचार्यों की शरण में आने पर जो प्रात संध्या का दोष होता है वो हमने किया मगर तब भी हम कभी अपने आप को श्रेष्ठ ब्राह्मण नहीं मानेंगे क्योंकि हमें पता है हम पतित हैं। केवल जैसे तैसे अपनी बीज की रक्षा करेंगे आजीवन जो हमारी आगे अगली होने वाली संतान हो किसी तरीके से उसमें बीज आ जाए मगर तुमने क्या किया तुम तो दरवे हो रहे हो हां क्या क्या नहीं कर रहे हो तुम दरवे नहीं हो रहे हो क्या तुम हस्तमैथुन से परेशान नहीं हो क्या तुम जानवी के लिए तुमने गाने नहीं बनाए क्या ब्रह्मचर्य आश्रम में बोल देना नहीं बनाया उसके बाद हम देंगे
02:25:49:28 प्रमाण। चलिए बोलिए। हो सकता है मंच अधोजनंद तक के साथ तुम साझा कर सकते हो लाइव में आकर मतलब अधोजनंद जो स्वयं को डायरेक्ट पूरी शंकराचार्य अधोक छजानंद अधोग छजानंद के पास में क्या पूरी के शंकराचार्य जी का शिष्य बन के गया था? शिवश नारायण द्विवेदी बन के गया था। अरे भष बदल के गया था। उसकी बाहर निकालने गया था। उसकी वास्तविकता को समाज में दिखाने के लिए गया था। और अगर या तो अगर तुम्हें ये चीज नहीं मालूम है तो तुम मूर्ख हो। और अगर तुम्हें ये चीज मालूम है तो भी तुम मूर्ख हो। अगर तुम्हें मेरा वहां जाने का निमित्त मालूम है, कारण मालूम है कि मैं वहां क्यों गया था और तब तुम ये सब बातें कर रहे हो तो तुम मूर्ख हो। तुम्हारे साथ मुझे शिवश नारायण द्विवेदी के रूप में आना था ना। वहां मैं शिवश नारायण द्विवेदी के रूप में नहीं गया था। अपनी पहचान को बदल कर गया था।
02:26:58:10 चलो कोई आपत्ति नहीं है। मतलब अधुक्तानंद के लेवल तक भी अगर हम होते तो इसको आपत्ति नहीं। मतलब अगर छोड़ो हम खुद को निग्राचार्य बोलने के स्थान पर सीधे पूरी का शंकराचार्य भी घोषित कर देते ना तब भी ये बंदा आ जाता। जैसे 200 के पास जा चुका था। हालांकि पश्चाता छुप कर गया था लेकिन गया था ना भाई। उसको एक्सपोज करने ही तो गया था। वहां तक भी इसको दिक्कत नहीं होती। वहां तक भी इसको आपत्ति नहीं होती। लेकिन हमसे इसको आपत्ति हो गई कि तुम मंच साझा करने लायक या लाइफ में आने लायक नहीं हो। अगर हम किसी कुत्ते को किसी कुत्ते को ऐसे पकड़ के मुंह में मुंह लगाकर फोटो डालते या आपत्तिजनक वस्त्रों में फोटो सार्वजनिक करते या छोड़ो सीधे-सीधे खुद को पूरे का शंकराचार्य ही घोषित कर देते तब भी इसको दिक्कत नहीं होती। ऐसे लोगों के साथ तो लाइव कर ही चुका है। वीडियो कर ही चुका है। लेकिन हमारे साथ वीडियो करने में या लाइव आकर धर्म शास्त्र पर विमर्श करने या प्रासंगिक जो धर्म शास्त्र संबंधित है प्रासंगिक विषयों में धर्म का अनुशासन और अनुशासन हीनता पर चर्चा करने में ये कह रहा है कि मंच साझा नहीं करेंगे। मतलब अधु सजनंद तक के साथ जो लाइव आ सकता है लाइव मतलब रिकॉर्डिंग कर सकता है। उसके उसको एक्सपोज करने के लिए सही। तो हमको एक्सपोज करने के लिए हमारे साथ आ। पहले तुम निग्रह तुम भगवतानंद पहले अपनी जानकारी पूरी करो। जो व्यक्तिगत टीका टिप्पणी करने लगते हैं गुरुदेव के प्रति उसके साथ हम मंच साझा नहीं करते हैं। हमारे वीडियोस हैं इस बारे
02:28:08:08 में। जाकर के देखना चाहिए तुम्हें। चलो जो व्यक्ति भगवान श्री रामचंद्र जी को ना भगवान कह रहा है ना श्री कह रहा है ना जी कह रहा है केवल राम कह रहा है लेकिन जिन लोगों ने रामो बॉस करो ना राम कह रहा है ना श्री कह रहा है ना भगवान कह रहा है क्योंकि जो राम है ना वही मेरे लिए पर्याप्त है क्योंकि मैं राम नाम का ही जप करता हूं तो मेरी जो प्रीति ती है वह राम शब्द इसमें ही है। जिस समय मैं राम कहता हूं उसी समय मेरे हृदय को ठंडक मिलती है। तो इसलिए मुझे राम कहना गर्व का विषय लगता है। अन्य जो नाम है उनके साथ जी लगाना ये करना बोल करना उसमें भावना ऐसा नहीं है कि श्री राम कहना गलत है। ये नहीं है। अगर ऐसा है कि राम जो है अपने आप में पूर्ण नहीं है तो क्या पूरी के शंकराचार्य जी की व्याख्या आपने नहीं सुनी राम शब्द पर अब तो यहां से सिद्ध हो गया कि तुमको धर्म स्थापना से
02:29:23:10 शोधन से कोई मतलब नहीं है तुमको लड़ना है तुमको मुद्दा बनाना है और अगर तुम मुद्दा बनाने के लिए निकले हो भगवत आनंद तो हम तैयार है आ जाना बता देना कब आना है चलो चलो और गालियां दी राम जी को भगवान ही नहीं माना राम जी को मतलब एक मनुष्य के अतिरिक्त या एक थोड़ा विशेष प्रतिभा ऐश्वर्य या पराक्रम को मनुष्य के अलावा कुछ नहीं माना उन लोगों को भी जी लगाकर कह रहा है स्वयं वो शंकराचार्य जी का शिष्य बता रहा है लेकिन भगवान का सामान्य शाब्दिक सम्मान भी नहीं कर सकता वो व्यक्ति हमें कह रहा है कि तुम मंच साझा करने योग्य नहीं चलो क्या वाला अरे भगवतानंद कितना नीचे गिरोगे कितना नीचे गिरोगे
02:30:09:13 अरे भगवतानंद मैंने मैंने किस कारण से कहा है यह तुम भी समझ रहे हो। तुमको बस बातें छोंकनी है। तुम अच्छी तरह समझ रहे हो कि मैंने क्यों कहा है? मैंने एक अच्छी भाषा में तुमको धर्म को जानने वाला होते हुए यह भी कहा कि यह भी आप जानते हैं कि आपसे एक निश्चित दूरी बनाना मेरा धर्म है। क्यों कहा? क्योंकि तुम जानते हो कि धर्म क्या है। मगर तुम नहीं जानते हो या फिर तुम्हें धर्म से कोई मतलब नहीं है। समझे? मैंने अपनी व्यवस्था व्यक्त की है और तुम कह रहे हो कि मैंने तुम्हारा अपमान
02:30:43:21 किया। अगर तुम्हारा कोई अपमान करेगा ना अनावश्यक तो मैं तुम्हारे लिए भी खड़ा होऊंगा और हुआ था। इसके बावजूद कि मैंने देखा था कि तुम जो गुरुदेव के लिए जो है आपत्तिजनक चीजें बोले हो। तुम नहीं हुए थे। मेरे अपमान के लिए तुम खड़े नहीं हुए व्यक्तिगत तौर की अगर बात करें हम हुए हैं। अब तुम्हारे वह जो कुएं के मेंढक वाले चश्मा वाला जिसका जिनका तुमने चश्मा लगा रखा है उन्होंने वो रील तुम्हें नहीं दिखाई तो मत देखो भाई
02:31:18:25 लड़ो चलो इसको इंटरनेट फॉर टुडे वाला हाल हो गया इसका अगर विचार करे उस पर समर्थन देता भी हूं स्वत संज्ञान लेकर और उनके मठ में भी मैं गया हूं हमारे मंच पर भी वो आए हैं। हम उनके मंच पर भी गए हैं और लगभग प्रतिदिन ही WhatsApp के माध्यम से कभी वो कभी हम अपने अपने विषयों का अवगत कराते रहते हैं। तो हमारी जानकारी में ऐसा कोई भी राघवाचार्य जी का चेला तो नहीं है जो कि हमें किसी विषय में शास्त्रार्थ या इस प्रकार की कोई विवादित विषय पर चर्चा के लिए बुलाया हो। हां मलूक मिश वाले के शिष्य ने बुलाया था। राम स्नेही राम स्नेही है। स्नेही है कि स्नेही है क्या लिखता है? स्नेही स्नेही लिखता है राम स्नेही मिश्र जो भी है स्नेही शब्द अधिक उत्तम है गुरु चरण दास तो गुरु चरण दास और स्नेही राम स्नेही की तो बात है तो प्रभुपाद के चरणों में लोट लोट कर खूब यशोगान करने वाला जो गुरु चरण दास है जो प्रभुपाद को परम वैष्णव बता रहा है उससे हम क्या चर्चा करें दूसरी बात राम स्नेही जो गधी का दूध पीने वाले रामदेव के चरणों में बैठकर स्वामी जी स्वामी जी कर रहा है और उसके गुरु ऊपर बैठे हुए हैं सामान्य वर्णाश्रम मर्यादा का बोध नहीं है रामदेव की चापलूसी एकदम ऑन टेलीकास्ट कर रहा है जो व्यक्ति तुम लोग हमसे ने मना क्यों किया पीठों के प्रधान श्रृंगेरी और पूरी उत्तर और पश्चिम नहीं एक मिनट पीछे करो जरा
02:32:37:01 यहां पर ये नहीं कहूंगा कि निगराचार्य डरपोक है भाग गए हां ये तो नहीं कहा तुमने क्योंकि मैं संभावनाओं के ऊपर बात नहीं करता हां बिल्कुल करो पीछे करो पीछे करो भाई जाएगा समय कहां आएगा ऐसे तो सब आदमी है अगर तुमको वहां पे पहुंचो नहीं भैया ना भैया ना भैया जागृत है कुंडली चिंता मत करो आगे डाल लिया कोई बात नहीं इन सब बातों में तो बात कर ही चुके वो वीडियो कितना है हां बिल्कुल बात कर चुके हैं अच्छा अब ये जो आचार्य गण है राघवाचार्य जी महाराज राजेंद्र दास जी महाराज ये सब आचार्य गणों में से ऐसे कई आचार्य गण है इनके शिष्यों ने आपको निमंत्रण दिया आपको बुलाया प्रस्ताव रखा कि आओ हमसे चर्चा कर लो और वो कौन थे कारण थे कि आप नहीं जा पाए जा पाए वो आप ही जानते हैं अब देखिए ये मेरा बात करने का तरीका है पहली बात स्वामी राघवाचार्य जी के किसी शिष्य ने हमको चर्चा के लिए कहीं नहीं बुलाया है। स्वामी राघवाचार्य जी के जिस शिष्य ने हमको चर्चा के लिए जहां बुलाया है उसका नाम सार्वजनिक करें आप। दूसरी बात स्वामी राघवाचार्य जी से हमारा निजी संपर्क लगभग बना ही रहता है। गलत करने पर मैं टोकता भी हूं। सही करने पर समर्थन देता भी हूं स्वतः संज्ञान लेकर और उनके मठ में भी मैं गया हूं। हमारे मंच पर भी वो आए हैं। हम उनके मंच पर भी गए हैं और लगभग प्रतिदिन ही WhatsApp के माध्यम से कभी वो कभी हम अपने अपने
02:33:52:02 विषयों का अवगत कराते रहते हैं। तो हमारी जानकारी में ऐसा कोई भी राघवाचार्य जी का चेला तो नहीं है जो कि हमें किसी विषय में शास्त्रार्थ या इस प्रकार की कोई विवादित विषय पर चर्चा के लिए बुलाया हो। हां मलूक पिछवाले के शिष्य ने बुलाया था। राम स्नेही राम स्नेही है। स्नेही है कि स्नेही है क्या लिखता है? स्नेही स्नेही लिखता है राम स्नेही मिश्र जो भी है स्नेही शब्द अधिक उत्तम है गुरु चरण दास तो गुरु चरण दास और स्नेही राम स्नेही की तो बात है तो प्रभुपाद के चरणों में लोट लोट कर खूब यशोगान करने वाला जो गुरु चरण दास है जो प्रभुपाद को परम वैष्णव बता रहा है उसे हम क्या चर्चा दूसरी बात राम स्नेही जो गधे का दूध पीने वाले रामदेव के चरणों में बैठकर स्वामी जी एक मिनट एक मिनट पहली बात तो ये है भाई चर्चा होती किससे है ये भी तो विषय है चर्चा होती किससे है? जिससे आपका मतांतर होगा उसी से चर्चा होगी या मतांतर नहीं होगा उससे चर्चा होगी। किससे चर्चा होगी? हां चर्चा होती किससे है? अरे भाई वो गलत कर रहा है तो तुम निग्रचार्य हो ना। तुम जाके रोको उसको उसको बताओ। उसको सिद्ध करो। इसके लिए तुम चर्चा करो। क्या तुम्हारा अपना बचने का नाटक है भैया? और तुम्हारे हिसाब से तो मैं भी वो फचके खाने वाला हूं। जेनेट
02:35:07:15 हुआ है। अरे तुम्हारे हिसाब से तो दुनिया में किसी से चर्चा ही नहीं होगी। तुम्हारे हिसाब से दुनिया के सब गलत है। जहां तक मेरी जानकारी है। तुम राघवाचार्य जी के मंच पे काहे क्यों चले जा रहे हो? भाई राघवाचार्य जी भी तो वहां उनके यहां पर गए थे। तुम्हारे जानकारी में तुमने टोका भी था। राघवाचार्य जी महाराज भी तो वहां गए थे। तुम क्यों जा रहे हो उनके मंच पर? भाई और जब उनके मंच पर जा रहे हो जहां रागवाचार्य जी वहां क्या कहते हैं प्रभुपाद जी के वहां पर गए थे इस वालों के यहां पर गए थे तो तुमको इनके यहां जाने में क्या दिक्कत है क्या वो अगर लौट रहा है किसी के चरणों में क्या तुम्हें भी लौटने को कह रहा है क्या कि चर्चा का तुम्हारा यह सिद्धांत है कि वो जो जहां पर तुम जाओगे तो वह जो कर रहा होगा वो तुम्हें भी करना होगा
02:36:00:25 हां तो सुनो भगवतानंद ये ड्रामेबाजी कहीं और करना कि जहां मन आया वहां पे खड़े हो गए और जहां मन आया कि वो ऐसा कर रहा था उससे कौन चर्चा करे सनातन सिद्धांत ले आओ फिर अब यहां नहीं लाओगे आगे लाओगे कि तुम्हारे पीछे विभव रखी है ये ग्रंथ रखा है वो ग्रंथ रखा है यहां नहीं लाओगे सनातन सिद्धांत की चर्चा किससे करनी है? जिसने सीता माता का हरण कर रखा था उससे तक चर्चा करने के लिए श्री राम जी ने उनको भेज दिया था अंगद को कि जाओ तो तो चर्चा क्यों नहीं कर रहे हो जब वो बुला रहे
02:36:47:04 तो चलिए स्वामी जी कर रहा है और उसके गुरु ऊपर बैठे हुए हैं। सामान्य वर्णाश्रम मर्यादा का बोध नहीं है। रामदेव की चापलूसी एकदम ऑन टेलीकास्ट कर रहा है जो व्यक्ति गुरु चरण दास जो रामभद्राचार्य की खूब तारीफ कर रहा है ये जानते हुए प्रभु कि रामभद्राचार्य जो है वो उत्तरकांड को प्रमाणिक नहीं मानते हैं तो उस व्यक्ति से हम क्या चर्चा करें अरे भाई उसको उसको सिद्ध करो ना जाके कि वो गलत कह रहा है ये कौन सी बात हुई अपने सिलेक्टिव हो गए अरे भाई जब मैं तुम्हारे अनुसार कार्य बहुत सारे नहीं कर रहा हूं तो मुझसे चर्चा करने के लिए क्यों तुम तैयार हो गए और जब विरोध तो तुम्हारे अनुसार कार्य ना करने वाले के साथ भी तुम चर्चा करने के लिए तैयार हो जाते हो तो तुम्हारे अनुसार कार्य ना करने वाले के साथ तुम चर्चा करने के लिए क्यों नहीं तैयार हो रहे हो? ये क्या डुअल स्टैंडर्ड
02:37:38:25 है? हम चलाओ भैया। गुरु चरण दास आनंद भाष्य को प्रमाणिक मानते हैं। एक और गुरु चरण दास आनंद भाष्य को प्रमाणिक मानते हैं। कर दे और हम सबकी चुनौती ऐसे ही स्वीकार कर ले तो पूरे भारत में हम साल भर घूमेंगे और कोई नहीं मिलेगा। नहीं मिलेगा ना? अरे क्यों स्वीकार करोगे भाई जाके निग्रह करो ना निग्रह करो भाई निग्रह कहां गया क्यों स्वीकार कर लोगे चर्चा करो सिद्ध करो यहां तो यहां तो भगवान भगवतानंद यहां आप जो है बिल्कुल स्पष्ट रूप से अब यहां आपका पक्ष जो है साफ दिखाई पड़ रहा है कि चर्चा करने के विषय में आपका क्या स्टैंड
02:38:19:16 है तुम चर्चा करने जा ही उससे रहे हो जो तुम्हारे तुम्हारे जानकारी में जो धर्म है उसका पालन नहीं कर रहा है तो फिर तुम सिलेक्टिव क्यों हो रहे हो कि वहां मैं नहीं जाऊंगा चर्चा करने हां उसने तुम्हारा व्यक्तिगत तुम पर आघात पहुंचा दिया हो तुमको मां बहन की गाली कुछ दे दी हो कुछ कर दिया हो तो बात अलग है पर ऐसा तो मेरी जानकारी में कुछ है नहीं व्यक्तिगत कोई टिप्पा टीका टिप्पणी कर दी हो कोई अश्लील भाषा बोल दी हो कुछ अपशब्द बोल दिया हो
02:39:06:13 चलिए इनके निमंत्रण बजाते जाए फिजिकली एक एक जगह पर यहां तुम्हारे जो त्रिकालदर्शी जगुरु शिवा अवतवतार साक्षात हर के संयुक्त सर्वोच्च धर्म गुरु पूरी के माननीय शंकराचार्य स्वामी श्री निशानंद सरस्वती जी महाभाग ने नाग लोक सेना बुलाकर तीसरे आंख खोलकर सा तीन साल में हिंदू राष्ट्र बना देने का जो उद्घोष किया था वो अदा था कि कात्य था ये भी समय मिले तो बना देना हम बना देंगे बना देंगे और गुरुदेव से इसका उत्तर दिलवाएंगे अकाट्य है हां अकाट है शंकराचार्य अकाट्य है तो शंकराचार्य जी जो है अकाट्य जब है तो ये बताओ तीन वर्ष में हिंदू राष्ट्र बनेगा ये तुम्हारे विरोध में है क्या इससे तुम्हें दिक्कत है क्या हम तुम्हारे से उन तथ्यों के बारे में पूछ रहे हैं जिनसे तुम किसी का विरोध कर रहे हो तो कह दो कि हां हिंदू राष्ट्र मेरे विरोध में है तो तुम्हारी असलियत सामने आए तुम्हारे विरोध में है क्या ये इसके लिए हमें सिद्ध करने की आवश्यकता पड़े कि नहीं इससे बड़ी दिक्कत है क्या तुम्हें हिंदू राष्ट्र बन जाएगा तो अगर साढ़े तीन वर्ष में बन जाएगा तो तुम्हें दिक्कत है क्या उससे जो हमें उसको सिद्ध करना पड़े ये केवल किसी को नीचा दिखाने का तरीका है भगवत आनंद
02:40:21:25 और कुछ नहीं है। और अगर नीचा दिखाने का तरीका यह है कि उसकी किसी वक्त वक्तव्य का अपने अनुसार जो है अर्थ निकाल करके कुछ भी जो है उससे बिना पूछे बिना किए तुम तो कह रहे थे ना मैं तो अपने शिष्य का कर्तव्य निभा रहा हूं। तो क्यों नहीं जाते हो? पूछ लो जाके साढ़े तीन वर्षों में क्यों नहीं हुआ? नागोक से सेना क्यों नहीं आई? भाई मैं कहीं जाकर के ये नहीं कहता हूं कि शंकराचार्य को तुम इसलिए मानो क्योंकि वहां पर नागोक की सेना है। मैं किसी से यह नहीं कहता हूं कि शंकराचार्य को इसलिए मानो क्योंकि उन्होंने तीन वर्ष में हिंदू राष्ट्र की भविष्यवाणी की है। मैं किसी से यह कहता हूं कि शंकराचार्य को इसलिए मानो क्योंकि वो परंपरा प्राप्त आचार्य हैं। उनसे हमें मिलता है सर्वशक्तिमान ईश्वर, परम स्वतंत्र मोक्ष और शाश्वत धर्म। तुम लोगों से कहते हो कि मुझे इसलिए निग्रचार मानो क्योंकि मेरे पास सपने में मंत्र आया था। तुम लोगों से कहते हो चाहे भले ही तुम्हारा हर साल दंड बदलता रहे चाहे भले ही हर साल तुम्हारा टीका बदलता रहे तुम तो बड़े शुद्ध ब्राह्मण हो ना बचपन से शुद्ध थे ना सब कुछ शुद्ध शुद्ध था तुम्हारा तुम कहते हो अपने चमत्कारों के नाम पे कि मैं हूं निगराचार्य तुम मनवाना चाहते हो
02:41:37:01 शंकराचार्य को शंकराचार्य होने के लिए इन चमत्कारों की आवश्यकता नहीं है पर तुम जैसे निगराचार्य बनने वालों को तथाकथित स्वषित बनने वालों को चमत्कार की आवश्यकता है कि मुझे यहां यंत्र मिल गया। फिर जो है मुझे जो मुझे देवता ने मंत्र दिया था। फिर मैं जो है उस मंत्र को वेरीिफाइड कराने वहां एक उसके पास गया। आचार्य के पास गया। फिर उन्होंने आचार्य ने भी अपने तपोबल से एक और आचार्य के दर्शन किए। फिर उनसे लेकर के आया। और यह सब होने के बाद मैं शंकराचार्य के पास गया। क्या हमें जो है देवता दर्शन दे सकते हैं? फिर मैं शंकराचार्य से पूछने
02:42:25:12 गया। चलो शंकराचार्य काट्य हैं। ये चारों शंकराचार्य काट्य होते हैं। ये बता दो शिवश
✅ This part is already used · 02:42:35:25 – 02:42:39:22 (0:04)
→ Used in: A · Video धर्मयुद्ध अहंकार या व्यापार | क्या है पूरा विवाद | at 25:23 ↗
02:42:35:25 लाइव बुलाता भैया तो तेरा करियर खा जाते हो हम। तुम लाइव नहीं बुलाया। ये तुम ग्रह
⬜ Not used yet · 02:42:39:22 – 02:59:15:00 (16:35)
02:42:39:22 कुछ तुम्हारी अच्छी थी। शंकराचार्य तो वर्तमान वालेगा यदि तुम कहो कि केवल बताओ इतनी नीच सोच है करियर खा जाते यहां करियर की होड़ लगी है इतनी गिरी हुई सोच है ये होड़ लगी है प्रतिस्पर्धा है ये एक ये एक वो है प्रोफेशन का सेक्टर तुम्हारे लिए तेरा मेरा करियर खा जाते हैं हम। मेरा करियर कौन खाएगा? मुझे निग्रह निगरा इन सब का भय नहीं है। समझे? हमारे पास गुरु है। तुम्हारे पास कौन है? कौन है तुम्हारा गुरु? कहां से आया द्वैत? वक्त आने पे अव्यक्ता द्वैत बन जाओ। फिर बन जाओ। अद्वैती जहां जिससे काम चल जाए भाई। इस वालों जैसा दोगला व्यवहार कि मैं अद्वैती भी हूं। मैं अव्यक्ता द्वैती भी हूं। मैं जो है शंकराचार्य वो है शासकों शासक भी हैं। उनसे न्याय लूंगा और मैं उसके साथ बैठूंगा भी नहीं थोड़े दिन बाद।
02:43:55:04 हम क्या है परंपरा तुम्हारी? पूछूंगा। अब आना पकड़ के। बताना मुझे परंपरा जो तुमने वह खिचड़ी पकाई है ना मेरे सामने पकाना खिचड़ी परंपरा की तब पूछूंगा यहां कैसे क्या हुआ कहां से आया अद्वैत का ज्ञान आओ चलो आपस में टकराओ कलह नहीं चाहिए थी ठीकठाक चल रहा था समझे सब नहीं चाहिए थी कल इसीलिए मना कर रहा था मत करो मत करो मत करो मत करो मत करो मगर उस वीडियो के अच्छे वाले पार्ट्स को ना लेकर के केवल उसमें जो विरोध विरोध करने वाले जो पार्ट विरोधाभासी यही विरोधाभासी अब इसको कर लेना कि विरोधाभासी का दूसरा अर्थ ले लेना जो तुम्हारे विरुद्ध में जो तुमको पार्ट मिल गए उसमें इतना खिन्न हो गए तुम अहंकार के नशे में चूर करियर देखते
02:45:03:21 हो मुझे लगा था धार्मिक युद्ध करने निकला हुआ एक योद्धा है अगर उससे मैं हारूंगा भी तो भी मुझे अच्छा लगेगा मगर मुझे नहीं पता था तुम इतने गिरे हुए हो जो करियर शब्द का इस्तेमाल कर रहे हो यहां पर अरे तुमने यही देख लिया होता कि इस व्यक्ति का थोड़ा अवलोकन कर लिया होता और अगर तुम्हें करियर ही दिख रहा है यहां पर मेरा तो क्यों तुमने अपने वहां पर कर अगर तुम मानते हो कि धर्म के नाम पर बिजनेस करना गलत है मानते हो कि नहीं मानते हो अगर तुम्हारे हिसाब से मैं करियर पर ध्यान देने वाला व्यक्ति हूं तो तुमने क्यों तुम क्यों प्रशंसा कर रहे हो कहीं पर क्यों नाम ले रहे हो क्यों प्रोत्साहन दे रहे
02:45:53:14 हो या तो तुम भी उसी पटरी पर चल रहे हो जिस जैसा मुझे समझ रहे हो तो भगवतानंद मैं इसलिए नहीं निकला हूं। ठीक है? ये सब बहुत देख लिया जीवन में। कुछ नहीं रखा है। राम जी नहीं बोला, श्री नहीं लगाया। तो जो लोग राम राम जपते थे, जो लोग राम राम कह के अपने आप को बल देते थे, वो सब गलत थे। वाल्मीकि गलत थे। पूरी के शंकराचार्य गलत है। जिनकी भी राम शब्द में आस्था है, केवल राम शब्द में आस्था वो सब गलत है। जहां जैसी बातें झोंकनी हो छोंक लो। चार तरह की बातें कर लो। मुझे थोड़ा मैं तुम्हारी रिस्पेक्ट करता था। सच बताऊं तो अरे बढ़िया अपने बात को सही से रखने वाला व्यक्ति है। चलो थोड़े बहुत उसमें मतभेद है। ठीक
02:46:51:12 है। और तुम जब इन सब चीजों पर चलते थे। हालांकि वो मलेचराज वाली सीरीज मुझसे कोई पूछता था भैया मलेचराज है कि नहीं? वास्तविकता है कि नहीं? तो मैं यही कहता था कि भाई अगर किसी सिद्धांत को कोई एक सम्मानित व्यक्ति कह रहा है तो उसको तुम्हें तब तक मानने से क्या हर्ज है जब तक वो वेदों का खंडन ना हो और अगर उसको मानते हुए तुम वेदों की रक्षा कर पा रहे हो और तुम्हारे अंदर ये गिरे हुए ख्यालात चल रहे मैं तुम्हारा करियर खा जाता खा लेना करियर तुम्हारा करियर खाऊंगा तुम आओ विजय श्री को दिखाएगा प्रमाणों के आधार पर सिद्ध करो कि उसने पूरी मठ में जो है व्यापार किया और दिखाए गए प्रमाणों के आधार पर पीठ के परिककरों के लिए जो तुमने बोला उसको सिद्ध करो आओ और अपनी परंपरा सिद्ध करो अद्वैत कहां से आया सिद्ध करो करियर खाएंगे ये
02:47:56:25 आना इतनी गिरी हुई बातें तो मैंने सुना ही नहीं था कि इस वीडियो में भी बोला है ना? किस माध्यम से ये सिद्ध होता है? किस प्रमाण से सिद्ध होता है कि केवल पूरी के शंकराचार्य ही अकाट्य होते हैं। बाकी तीन पीठ के शंकराचार्य अकाट्य नहीं होते हैं। और अगर ये कहो कि चारों पीठों के शंकराचार्य अकाट्य होते हैं। तो केवल दो बातों पर तुम निर्णय पॉज कर दो। पॉज कर दो। जो जब मेरे पास ये वाला प्रश्न आता है तो मेरा जवाब सुन लो।
02:48:30:04 कि जिस विषयों में धर्म और ब्रह्म प्रभावित होता है उन विषयों में चारों पीठ के शंकराचार्य मत एक्य है और शंकराचार्य जैसे आध्यात्मिक पद पर बैठने के साथसाथ वो एक मनुष्य देह में भी है तो मनुष्यगत भेद भी है। जब भगवान विष्णु में भगवान शिव में युद्ध हुआ वह तो स्वयं भगवान थे। ठीक है? तो तुम कह दो कि वो विष्णु जो है अकाट नहीं थे। शिव जो है अकाट नहीं थे। या तुम दोनों को मानने वाले नहीं हो। कह दो। कह दो तुम हमें चाहिए धर्म और ब्रह्म। परम स्वतंत्र मोक्ष सर्वशक्तिमान ईश्वर शाश्वत धर्म चारों से एक मिलता है और बाकी उनके अपने अपने जो मनुष्यगत जो भेद है किसी का दृष्टिकोण कुछ है जो जिसका अनुयाई हो जिसकी जिसमें श्रद्धा हो जिसका विवेक जिसके अनुगत उसको रहने को कहे वो उसमें अपना श्रद्धा रख करके उनके अनुसार चले अपने गुरु वचनों के अनुसार मैं तो यही कहता हूं कि अगर चारों शंकराचार्य में ये ये चीजें अगर
02:49:45:06 अलग-अलग है इससे तुम्हारे धर्म ब्रह्म पे क्या असर पड़ रहा है? क्या ब्रह्म की व्याख्या बदल गई है? क्या धर्म की व्याख्या बदल गई है? चलो दे दो कि पीठ कितने हैं? और आदि शंकराचार्य जी कब हुए थे? ये बता दो। अगर तुम ये कहते हो कि आदि शंकराचार्य जी पांचवी शताब्दी ईसा पूर्व हुए थे। जी को खत्म हुए थे तुम इनहीं में पड़े रह जाना बौद्ध कितने हुए थे तुम इनहीं में पड़े रह जाना वस्तुनिष्ठता में पड़े रह जाना इससे धर्म और ब्रह्म पे क्या फर्क पड़ रहा है किसी
02:50:37:16 के तुम्हारे पड़ रहा होगा तुम बताओ ना ये अद्वैत का ज्ञान कहां से आया सपने में दिया है। ब्रह्म सूत्र याद है क्या जो देवता देके गए थे पूरा ब्रह्म सूत्र सुना देना भगवान ने दिया ना तुम्हें सीधे कहां से मिला अद्वैत आज तुमने कहा ना मैं अद्वैती हूं झूठ बोला अद्वैती नहीं हो तो अव्यक्ता द्वैती हो तो उसमें भाष्य कहां है अपना
02:51:10:18 चलाओ पड़ेगा श्रृंगेरी की बात को खंडित करना पड़ेगा तो तुम गुरु निंदक हो जाओगे कि नहीं हो जाओगे तुम्हारे श्री के बात कटेगी कि नहीं कटेगी और तुम्हारा तो खुद भी संपर्क है नाचार्य जी से पूछेंगे पूछ तुम्हारा का कितनी बार तुम्हारी तो इतनी इतनी सारी चीजें हैं कि तुम्हारा पूरा तुम अगर इसको करियर कहते हो तो उसका तो बिल्कुल वो लुप्त हो जाएगा और करियर की बात तो छोड़ो अभी जो संप्रदाय लुप्तता में ही था वो लुप्तता नहीं रह जाएगा। तुम्हें इसकी चिंता होनी
02:51:47:21 चाहिए। परंपरा प्राप्त आचार्यों पर तुम वो बात करोगे। तुम्हारा क्या हैसियत है? उनहीं के पास चरणों में बैठकर के तो तुम ज्ञान प्राप्त करते हो। फिर कह देते हो कि हमें जो सपने में आकर के दे गया कोई। अपने सिद्धांत बताओ कहां से आए तुम्हारी परंपरा के? शंकराचार्यों से अलग बताओ। है ना? तो उन्होंने कहा था काशी सुमेरू पीठ के विषय में पूरे के वर्तमान शंकराचार्य जी के एकांत में कि हमारे जाने के बाद इस पीठ का विलय कर देना मतलब इसको क्लोज कर देना ये नहीं टिकेगी। तो पूरे के शंकराचार्य तो वो भी नहीं कर रहे हैं। बल्कि वो तो नए शंकराचार्य का अभिषेक पर अभिषेक किए जा रहे हैं। ऊपर से कह देते हैं कि चार पीठ चार ही आचार्य होते हैं। मतलब आपके गुरु शंकराचार्य जी गलत थे तो कब गलत थे? और अगर गलत थे तो तुम क्या कर रहे थे उनके चरणों में बैठकर के पहली बात और दूसरी बात किसने किसके कान में क्या कहा तुम कौन होते हो पूछने वाले तुम उनके परंपरा प्राप्त शिष्य हो
02:52:51:04 क्या तुमने दीक्षा ली है तुमने शंकर परंपरा का ज्ञान शंकर परंपरा से प्राप्त किया है क्या बोल दो मैं शंकर परंपरा का हूं निग्रह परंपरा का नहीं हूँ तुमको क्या मालूम एक आचार्य ने अपने शिष्य से क्या कहा पूरी के शंकराचार्य जी से पूछा था कि पांच है कि चार हैं। लोग कहते हैं पांच कह के गए कृपात्री जी उन्होंने सीधे कह दिया मैं उनका शिष्य हूं। मुझे मुझे बताया उन्होंने कोई क्लेम कैसे कर परंपरा की आवश्यकता क्या है भाई? जो ये बताएगा कि पीछे वाले आचार्य क्या कह के गए? तुम कौन होते उनके कहे हुए क्लेम करने वाले? कहां से आ गए तुम? तुम्हारी कोई परंपरा नहीं। अपनी परंपरा तुम्हारी सिद्ध नहीं है। उसको तुम परंपरा मान नहीं रहे हो। तुम क्लेम कैसे कर दोगे कि शंकराचार्य जी जो बोल रहे हैं उनके पूर्वाचार्यों ने नहीं
02:53:50:08 बोला। हम इनका कितना हो गया है यहां तक भाई? हम चलाओ ये वाला चैप्टर क्लोज कर ले और टाइम मार्क लगा लेना कल सुबह जो है 12:00 बजे स्वामी जी का खंडक कौन हुआ मैं नहीं पूरे के शंकराचार्य हुए अपने गुरु का निंदा कौन हुआ हम नहीं क्योंकि हम तो दीक्षा भी नहीं दिए स्वामी कृपात्री जी से हम तो दीक्षा भी नहीं ली किससे है एक मिनट ली किससे से कभी तुम अद्वैती बन जाते
02:54:35:19 हो। पूरी के शंकराचार्य जी के गुरु ने क्या-क्या शिक्षाएं दी है, किस रूप में दी है ये क्लेम करने वाला उनका जो प्रामाणिक शिष्य होगा वो हो सकता है। कोई एरा नत्थू कह रहा आ करके ये नहीं बता सकता। नहीं करपात्री जी ने ये कहा था आप गलत कह रहे हो। जो उनका प्रामाणिक शिष्य होगा वह कह सकता है। तो पहले तुम अपने आप को या तो प्रामाणिक शिष्य घोषित करो या फिर दूर रहो। कितना टाइम हो गया यहां
02:55:08:08 पर? कोशिश थी मेरी कि 6:00 बजे से ही बैठ जाऊं क्योंकि मुझे पता था कि लंबा हो लंबा हो जाएगा यह। पर लास्ट मोमेंट पर यह जो वाईफाई था वह काम करना बंद कर दिया था। है ना? उसके बाद वाईफाई का इंतजाम किया गया। 2 घंटा 43 मिनट का हो गया है। 2 घंटा 43 मिनट का कहां से हो गया होगा? हमारा वीडियो हो गया। नहीं इनका कहां तक पहुंच गया है?
02:55:48:19 स्वषित आचार्य भगवतानंद का कहां तक पहुंचा? हम यह सब नहीं चाहते थे भगवतानंद। और तुमने हमें विवश इसलिए किया क्योंकि तुमने प्रतिकारात्मक वीडियोस बनाना बंद नहीं किए। हमने तुम्हारा खंडन नहीं करना चाहा था। नहीं कर था। हमने केवल जिस स्त्री को हम जानते हैं जो हमारी बहन जैसी है, बेटी जैसी है, घर की है, जिसको हम जानते हैं उसकी कहानी तुम्हें पता नहीं है। वो कैसे पहुंची है शंकराचार्य जी के मठ। अपना अच्छा भला वो Instagram चला रही थी। अपने उसके जो भौतिकवाद में जो उसके उद्देश्य थे वो चल रहे थे उसके। हमने चाहा कि हमारे गुरु हमारे गुरु के प्रति आस्था हो। भी सब चाहते हैं कि सनातन के संविधान की ओर आकर्षित हो। हमने उनके मन में भाव जगाया सर्वशक्तिमान परमेश्वर का सनातन धर्म का धीरे-धीरे करके उनको निष्ठावान बनाया सिद्धांत उनके अंदर थे गुण पर जो यह जो मूलभूत सिद्धांत है इनको हमने इनसे उनको परिचित कराया और वो हुई और अपने आप
02:57:03:22 एक दिन उनके मन में वो आया उनको कोई ऐसी भौतिक आवश्यकता नहीं थी। पर जब वो धीरे-धीरे परंपरा प्राप्त आचार्य इन सब चीजों को जान गई तो उनके मन में अपने आप ये आया कि मैं जो है मेरे को अगर दीक्षा लेनी है, मेरे को अगर कोई गुरु किसी को गुरु मानना है तो मैं पूरी के शंकराचार्य जी को गुरु मानूंगी। ये सब मैंने अपनी आंखों से देखा था। साक्षी हूं मैं इसका। मैं जानता हूं उसमें कोई दोष नहीं है। तो अगर कोई उसकी इस तरह से अनादर करेगा उसका जिसको मैंने परिवर्तन भगवत कृपा से जिसका परिवर्तन मैंने किया। हृदय परिवर्तन उसका मैंने किया। भगवत कृपा से गुरु कृपा से मैं जानता हूं।
02:57:59:00 ना अगर मैं किसी की सच्चाई जानता हूं और वह मेरे कारण कहीं से कहीं पहुंचा वहां पे उसको अकेला छोड़ दूं तो मैं खड़ा रहूंगा। ठीक है? तुम ऐसा करना कि जहां पर अनुकूलता हो वहां खड़े हुआ करो लोगों के साथ। तुम ऐसा कर सकते हो शायद। अरे विदेशगामी है तो कौन सा उसको आचार्य की पदवी पर बिठा रहे हैं या कौन सा उसको वहां के जो संवेदनशील जगह होती है वहां पहुंचाया जा रहा है और अगर हम लोग अपने धर्म को ऐसा बना देंगे कि विदेशगामी है छी छी छीची आ ही नहीं सकता तो कौन आएगा और विदेशगामी वो भी था जिससे तुमने अपना आतित स्वीकार किया था भगवतानंद वहां तो तुमने नहीं सोचा है ये विदेशगामी है तो मीठामीठा गपगप कड़वा कड़वा थू ठीक है कल मिलते हैं 12:00 बजे इसको स्थगित किया जाए यहीं पर टाइम स्टैंप ले लिया
02:59:11:04 जाए जय श्री राम सभी को
Plans for this video (0)
No Plans yet. Press "✂️ Open Clip Cutter" to make one.
Live: Required tasks are not set on the Rules page yet.
-
⬜Hindi SRT
YouTube Studio → Subtitles → Hindi → upload the SRT file. (Checked automatically once OAuth is connected.)
-
⬜English SRT
YouTube Studio → Subtitles → Add language → English → upload the SRT file.
-
⬜Title (per Rules)
Check the title against the RULES on honorifics, names and terms.
-
⬜Description
YouTube Studio → Details → Description. Write it as per the RULES.
-
⬜End Screen
YouTube Studio → Editor → End screen. The API does not report this, so press Done after adding it.
-
⬜Cards
YouTube Studio → Editor → Cards. The API does not report this, so press Done after adding them.
-
⬜Playlist Automatic
YouTube Studio → Details → add to Playlists. It gets ticked ✓ automatically at the next sync.
-
⬜Thumbnail
YouTube Studio → Details → Thumbnail → upload a custom thumbnail.
"Done" is your confirmation. The YouTube API does not report things like End Screen and Cards.
Playlists
Not in any public playlist (or YouTube sync has not run yet).
किसी को कभी हम छेड़ते नहीं कोई हमें छेड़ दे तो छोड़ते नहीं @swaminigrahacharya
% not set🔗 This video is made from parts of these videos
Description
(empty)
History
No changes yet.
✂️ Clip Cutter
⌨️ Keyboard shortcuts
Space Play/Pause · I Set start · O Set end · ←→ 1 second (Shift: 5) · ,. 1 frame · P Preview · Enter Add clip · Esc Stop
Start
End
✂ Remove (middle part: bad audio, bad section)
Move the video to that spot (click the SRT or the bar), then press "Start"/"End".
Clips () · Total
Add clips above. They will appear here; drag (⋮⋮) to reorder.
-
⋮⋮