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00:00:00:09 सभी को जय श्री राम। आशा करते हैं आप सभी लोग कुशल पूर्वक होंगे। छोटे भाइयों को ढेर सारा प्रेम, स्नेह और शुभकामनाएं, आशीर्वाद। बड़ों को सादर प्रणाम और जो समकक्ष है उन्हें भी यथोचित अभिवादन। तो हमारे
00:00:38:27 साथ बात करने आने वाले हैं। आज एक सज्जन है और कहीं ना कहीं वो दयानंद जी की जो शिक्षाएं हैं, फिलॉसफीस हैं उनको जो है वरीयता देते हैं। तो आज हम उनसे बात करने वाले हैं उन विषयों में। काफी दिन से हमारे बीच में Instagram के माध्यम से बातचीत हो रही थी। बातचीत नहीं हो रही थी। मतलब वो अपने मैसेजेस भेजते रहते थे। तो कभी-कभी इधर से मैं भी कुछ रिप्लाई देता था इसी संबंध में कि यहां कब आ रहे हो। तो देखते हैं आज शायद वह आएंगे। अभी तक नहीं जुड़े हैं। तब तक हम कुछ क्वेश्चन ले सकते हैं। एक भाई साहब है जो अभी कुछ देर पहले तक क्वेश्चन कर रहे थे कि क्या ईश्वर अपने जैसा दूसरा ईश्वर बना सकता है?
00:01:42:12 तो अगर हम प्रपंच रूपी संसार की बात करें, यहां की बात करें तो हां ईश्वर कुछ भी कर सकता है। मगर हम कहें कि वास्तविक जो परमार्थ है उसमें भी क्या ईश्वर अपने जैसा दूसरा ईश्वर बना सकता है? तो नहीं। ये संभव नहीं है। क्या ईश्वर वेद धर्म पर चलने वाले के साथ अन्याय कर सकता है? नहीं। कहां? परमार्थ में। जो यह व्यवहारिक सत्य है, जो अविद्या रूपी संसार है, इसमें वह कासता है। इसमें वह किसी ऐसे रूप में आएगा। यह सब जितने भी अन्याय हो रहे हैं, ये सब भी ईश्वर की सत्ता के बाहर तो नहीं है ना। तो हां यहां वो कर सकता है। मगर यहां जो वास्तविक जो परमार्थ है उसमें नहीं कर सकता है। अब बात आती है कि परमार्थ में तो वो नहीं कर सकता तो फिर वो सर्वशक्तिमान कैसे हुआ?
00:02:34:16 तो परमार्थ में यदि वह नहीं कर सकता तो सर्वशक्तिमान कैसे हुआ? तो परमार्थ में प्राप्त जानकारी के आधार पर आप ईश्वर को नकार नहीं सकते। व्यवहार में प्राप्त जानकारी के आधार पर आप ईश्वर को नकार सकते हैं। क्योंकि व्यवहार की जो जानकारी है वो आपको डायरेक्ट आपकी चीजों के द्वारा प्राप्त हो रही है। मगर परमार्थ की जो दुनिया है उसको आप जान ही तभी रहे हो जब आपने ईश्वर को ईश्वर मान लिया। ईश्वरीय सत्ता को स्वीकार किए बिना पारमार्थिक सत्ता का आपके समक्ष कोई अस्तित्व नहीं है। जब तक आपने ईश्वरीय आध्यात्मिक सत्ता को स्वीकार नहीं किया है तब तक परमार्थ है ही नहीं। तो होगा क्या? यदि आपने यह कह दिया कि नहीं परमार्थ के परमार्थ में ईश्वर फलाने फलाने कार्य नहीं कर सकता। इसलिए मैं उसको नहीं मानता। तो जैसे ही आपने कहा नहीं मानते तो वैसे ही परमार्थिक जो दुनिया है उसका अस्तित्व मिट गया और जैसे ही वह मिट गया तो फिर से आपके पास परमार्थिक सत्ता ना का बोध ना होने के कारण परमार्थिक सत्ता का अस्तित्व ना होने के कारण वो जो है परमार्थिक
00:03:50:02 सत्ता का अस्तित्व ना होने के कारण वो अह आप यह नहीं कह सकते कि परमार्थ में क्योंकि वो बाधित हुआ था। इसलिए मैं ईश्वर को नहीं मानता क्योंकि ईश्वर को मानने के कारण आप परमार्थ को जान पाए थे। है ना? अगर आप ईश्वर को नहीं मानते तो आप परमार्थ को जानते ही नहीं है। ये भाई साहब कह रहे हैं क्या ईश्वर ऐसा परमत बना सकता है जिसे वह खुद नहीं बना सकता। इन सब बातों का जवाब दिया है हमने। अर्श गुरुकुल खेड़ा वाले भाई साहब व्यवहार में ईश्वर कुछ भी कर सकता है और दिक्कत तब आती है जब आप व्यवहार में ही ईश्वर को बाधित कर देते हो ये आर्य समाज इस जितना भी सनातन विरुद्ध तंत्र है इस्लाम क्रिश्चियनिटी ये सब ये सब संसार में भी ये जो प्रपंच रूपी संसार है विद्या रूपी संसार है जिसके अंदर सारी चीजें नकली हो रही है। उस नकलीपन में भी ईश्वर को आप बाधित कर देते हैं। यह वाला नकली काम नहीं कर सकता। अजीब बात है। तो व्यवहार में ईश्वर को आप बाधित कर देते हैं। और आपने जैसा कि कहा कि पर्वत बना सकता है कि नहीं? तो पर्वत जैसी स्थितियां मैं आपको बता देता हूं। जैसे
00:05:05:03 विष्णु भगवान के कान के मैल से मधुकैट उत्पन्न होते हैं। मगर विष्णु भगवान स्वयं ही उनका नाश नहीं कर पाते। तो नहीं असमर्थता आ गई ना यहां पर नहीं कर पाए वैसे ही तो स्थिति हो गई उनहीं से उत्पन्न मगर नहीं कर पाए मगर दुर्गा माता के रूप में कर दिया तो फिर इसका मतलब क्या है कि ईश्वर ने ऐसी कोई चीज बनाई जिसको उठा पाने में या जिसको कुछ कर पाने में वह खुद बाधित हो गया नहीं कर पाया मगर इसके बावजूद भी ईश्वर दूसरे स्वरूप में आकर के उसको नष्ट कर सकता है अब आप कहोगे कि नहीं ऐसा पत्थर बनना चाहिए जिसके बाद ईश्वर का जिसको जिसके सामने असमर्थ सिद्ध होने के बाद ईश्वर का कोई दूसरा अस्तित्व शेष ना रह जाए। यानी कि आपने माना कि इसके अलावा भी कुछ उसका अस्तित्व हो सकता है जिसका नाम ईश्वर है। मतलब जो हम देख रहे हैं जो हम अपनी भौतिक इंद्रियों से उसे देख पा रहे हैं उसके अलावा भी उसका कोई स्वरूप हो सकता है। उसका नाम ईश्वर है। आपने मान लिया उसको ईश्वर ईश्वर को ईश्वर मान लिया। जब आपने ईश्वर को ईश्वर मान लिया तो फिर आप फिर यह क्लेम नहीं कर सकते कि दूसरा रूप रह नहीं
00:06:20:04 वह ऐसा नहीं कर सकता जिसके कारण से हम उसे नकार रहे हैं। तो ईश्वर का वही परमार्थ वाली बात यहां पर भी आ जाएगी। तो ईश्वर का सब कुछ कर सकने वाला व्यवहार में होना आवश्यक है। प्रॉब्लम तब आती है जब आप व्यवहार में भी ईश्वर को बाधित कर देते हैं। क्योंकि करना ईश्वर क्या कर सकता है? क्या नहीं कर सकता यह सब जानने का विषय तब तक है जब तक व्यक्ति मुक्त नहीं है। उसको ईश्वर को जानना है। फिर ईश्वर को प्राप्त करना है। प्राप्त होने वाली दुनिया में ईश्वर क्या कर सकता है? क्या नहीं कर सकता है? वहां से कोई मतलब नहीं है। जब व्यक्ति मुक्त हो गया तभी तो वहां पहुंच रहा है। तो यहां पर उसको ईश्वर को जानना आवश्यक है। उसकी सर्वशक्तिमत्ता को जानना आवश्यक है। तो यहां के जो ये जो संसार है इसमें ईश्वर सब कुछ कर सकता है कि नहीं? बात यह है तो हां वह ऐसा पत्थर बना सकता है जिसको स्वयं ना उठा सके और फिर दूसरा रूप लेकर के उसको उठा भी सकता है। तो उसने ऐसा पत्थर बना दिया जिसको उठाने में वह असमर्थ था और समर्थ भी था अगली बार। तो जब वो असमर्थ होगा तो वो आपकी जो पंक्ति है वो क्लियर हो जाएगी। क्या वो ऐसा पत्थर बना सकता है जिसको वो स्वयं नहीं उठा पाया? मगर जब आप ईश्वर का खंडन करने चलोगे तो ईश्वर दूसरे रूप में आकर के उसको उठा देगा। तो
00:07:35:08 क्वेश्चन आपका यह होना चाहिए कि क्या ईश्वर मर सकता है उस पत्थर को ना उठाने के बाद उसका अस्तित्व शेष ना रह जाए। उससे भिन्न कोई अस्तित्व ना हो। तो क्वेश्चन यही हो गया। आपने मान लिया कि जो दिखाई देने वाली चीज है उससे इत भी एंटिटी एक्सिस्ट करती है। यानी आपने ईश्वर के अस्तित्व को स्वीकार कर लिया। तो यह ईश्वर का सब कुछ कर पाने वाला होना ईश्वर का अस्तित्व स्वीकार कराने के लिए है। अगर आप ईश्वर की सर्वशक्तिमत्ता को सिद्ध नहीं कराओगे तो वो ईश्वर को नकार दिया जाएगा।
00:08:09:00 सिंपल वो एक वीडियो पड़ा है सनातन सिद्धांत में वहां आप जाकर के देख लीजिएगा। दूसरी बात एक और है कि ईश्वर पत्थर नहीं उठा पाया। इसको भी आपको देखना चाहिए। मगर उसको असमर्थ सिद्ध किसने किया? किसी दूसरे ने किया। नहीं उसी ने किया। जिसने जो खुद ईश्वर है उसी ने अपने आप को बाध्य किया। तो कोई और दूसरे से तो वो नहीं हारा ना। ठीक है? यह सब चीजें आपको सोचनी चाहिए। और तब यह सब उतर के लाने चाहिए। हम लोग इन सब बातों पर चर्चाएं कर चुके
00:08:56:25 हैं। और इसमें एक और फैक्ट है कि आप कार्य कर पाने की बात करें। जब आप यह कहते हैं कि क्या ईश्वर मर सकता है? वास्तविकता में व्यवहार में तो ईश्वर मर सकता है। आएगा अपने शरीर का नाश करके दिखा देगा। जो आप जिसको आप वो मानते हैं। क्या कहते हैं? जिसको आप मरना मानते हैं, नाश होना मानते हैं, करके दिखा देगा। प्रॉब्लम यह है कि ये जो जो लोग ईश्वर को बाधित करते हैं ना ये अपने ईश्वर को सिद्धि नहीं कर सकते हैं। ये क्या करते हैं? परसा परसाई जो थाली है उसमें अपनी रोटियां सेकते हैं। ब्रह्मा कुमारी को देख लो। आर्य समाज को देख लो। ये उन लोगों की उन लोगों को समझा सकते हैं जो लोग ईश्वर को मानते हो। उन लोगों को अपने ईश्वर से जोड़ सकते हैं। यह मगर ईश्वर को ईश्वर मानने के लिए जो शुरुआती पैराटर्स हैं वो देते हैं शंकराचार्य। जब उन्होंने किसी को आस्तिक बना दिया तो तुम अपने अपने घर ले जाओ। भाई चलो तुम हमारे ब्रह्मा कुमारी चलो तुम्हारे आर्य समाज चलो तुम्हारे इस चलो। जब आस्तिक बन गया व्यक्ति उसके बाद जो है अपनीपनी चीजें लाद दो उसके ऊपर। और जो शुरुआती वह पैराटर्स थे
00:10:11:25 जो ईश्वर के लिए आवश्यक थे वह खत्म कर दो। व्यक्ति उस ओर ध्यान ही नहीं देता है कि भाई मैं जो है आस्तिक हुआ ही इसलिए हूं। ईश्वर को ईश्वर मानता ही इसलिए हूं क्योंकि वो परम स्वतंत्र मोक्ष देता है। शाश्वत धर्म देता है या सर्वशक्तिमान ईश्वर देता है। वो सोचना ही बंद कर देता क्योंकि वो तो यह जान लेता है मैं आस्तिक हूं। उसके बाद वो अपना किसी मेंटालिटी से जुड़ जाता है। तो क्या हुआ ईश्वर ऐसा पत्थर बना सकता है वाली बात हां बना सकता है इसको ना उठा पाए बना दिया अब ईश्वर बाधित हो गया क्योंकि वो पत्थर नहीं उठा पाया तो नहीं जब तुम ये बात बोलोगे तो जैसे ही बोलोगे वैसे ही जब आप यह सेंटेंस बोलोगे क्या ईश्वर ऐसा पत्थर बना सकता है तो बना दिया जब आप ये सेंटर सेंटेंस बोलोगे अगले ही पल कि ईश्वर बाधित हो गया तो वो आकर के उठा देगा दूसरे रूप में तो वो उठाने वाला भी हो और ना उठाने वाला भी हो गया। आपका स्टेटमेंट यह होना चाहिए कि उसका अस्तित्व शेष ना रह जाए। तो अस्तित्व शेष नहीं रह जाने के पीछे फिर वो वाली बात आ जाएगी। क्या ईश्वर स्वयं को मार सकता है? वास्तविक दुनिया में क्या उसका ऐसा हो सकता है कि उसका अस्तित्व शेष ना रह जाए। तो फिर वही बात आ जाएगी कि वो व्यवहार में आकर
00:11:26:26 सब कुछ कर सकता है। मगर परमार्थ में उसकी इस सीमा के कारण आप उसे नकार नहीं सकते। आप ये बताओ क्या मुक्ति में जाकर के भी आपको ईश्वर की चीजों को जानना आवश्यक है कि आपको और कोई मुक्ति चाहिए जिसे जानने के बाद बताइए भाई साहब लेट कर रहे हैं आ नहीं रहे हैं ये वीडियो है आपके सामने देख लीजिएगा क्या ईश्वर ऐसा पत्थर बना सकता है यह सीरीज है यह वाली क्या हुआ ऑपरेटर महोदय वो भाई साहब आए नहीं अभी तक आर्य समाज वाले जो आने वाले
00:12:20:22 थे एक वो कुतर्क भी आ रहा है क्या ईश्वर वेद के विरुद्ध सृष्टि कर सकता है तो व्यवहार में कर सकता है। भाई रावण जैसे लोगों ने क्या करने की कोशिश की और जो ये जो मलेच राज है या जो भी है आजकल जो एक नया संसार बनाने की कोशिश कर रहे हैं वो सब क्या है? वेद विरुद्ध ही तो बना रहे हैं संसार सृष्टि तो व्यवहार में कर सकता है। परमार्थ में नहीं और परमार्थ के आधार पर आप ईश्वर को नकार नहीं सकते। मगर व्यवहार में यदि ईश्वर को बाधित कर दोगे तो नकार दिया जाएगा। तो ऐसा ईश्वर मत दो संसार को जिसको नकारा जा सके। दोगे तो नास्तिकता आएगी अधर्म आएगा। ठीक है? एक्चुअली है क्या? प्रॉब्लम यह है कि व्यक्ति जब जो आस्तिक है वह इन सब धारणाओं से वो हो सकता है। आर्य समाज से स्क से जो आस्तिक है थोड़ा बहुत
00:13:26:22 नास्तिक एक जो नास्तिक में जो बुद्धिमत्ता रखता है उसको यह सब लोग नहीं इम्रेस कर पाएंगे। उनको आस्तिक नहीं बना पाएंगे। आस्तिक बनने के लिए पहले शंकराचार्य के पास जाना होगा। करपात्री जी के पास जाना होगा। पहले इनको आस्तिक बना दो फिर हम ले जाएंगे आर्य समाज में। फिर हम दे देंगे ब्राह्मण दीक्षा इस में। तो यह बात समझने की है। पहले अब जो आस्तिक है वो आस्तिक में आस्तिकता में उनकी इतनी ज्यादा वो होती है निष्ठा कि वो जब ऐसे किसी सेक्स में फंस रहे होते हैं तो वो ये भूल जाते हैं कि जहां जो ईश्वर जो मोक्ष में मुझे मिल रहा है वो तो वो है ही नहीं जिसके कारण मैं आस्तिक हूं।
00:14:15:20 सर्व सामर्थ्यवान यह है वह चीज जिसके कारण एक नास्तिक आस्तिक बनता है। क्या बनना चाहता है? सच्चिदानंद स्वरूप। तो ईश्वर कौन होगा? सच्चिदानंद। मोक्ष क्या होगा? सच्चिदानंद। अब आज व्यक्ति बना है सच्चिदानंद के लिए और उसको वहां कह रहे हो तुम ऐसे लोक में पहुंच जाओगे। वहां से फिर वापस आ जाओगे। ऐसा ही लोक तो है इस का। वहां से फिर वापस आते हैं। बैकुंठ है मगर कुंठा नहीं है मगर वहां से लोग वापस आ जाते हैं। बहुत विलंब हो रहा है आने में। आशा करते हैं आपको समझ में आई हो चीजें। अब एक तर्क आया था। हालांकि उस पर ज्यादा विचार नहीं कर पाए। तर्क आया था कि भाई ईश्वर में वह सब सामर्थ्य है। ईश्वर का ईश्वर का सर्वशक्तिमान होने का मतलब यह नहीं है।
00:15:14:20 कि ईश्वर का सर्वशक्तिमान होने का मतलब यह नहीं है। बस आ रहे हैं वो आ गए शायद चर्चा आरंभ करते हैं।
00:16:05:18 जी तो ईश्वर का सर्वशक्तिमान होने का अर्थ यह नहीं है। बस मैं आपको ले रहा हूं कुलदीप जी बस एक बात मेरी पूरी हो जाए। तो ईश्वर को सर्वशक्तिमान होने का अर्थ यह नहीं है कि वह जो है ऐसे सामर्थ्य को भी रखता हो जिसका अस्तित्व ना हो। ठीक है? जिन जिन सामर्थ्यों का अस्तित्व है वही ईश्वर जो है रखता है। तो अब प्रॉब्लम ये आएगी। पहली बात तो अनंत सामर्थ्यवान वाली बात हटा दे। उसमें ये भी कहा गया है कि इनफिनिट इनफिनाइट नहीं है उसका सामर्थ। अनंत नहीं है उसका सामर्थ। दूसरी बात यह भी आ जाएगी कि इसका अर्थ यह हुआ कि जिनका जिन कार्यों को करने का उदाहरण हमें प्राप्त है वही कार्य ईश्वर कर सकता है। जबकि ईश्वर कौन है? जो कोई नहीं कर सकता वो कर सकता है। वो और फिर जन्म लेने का सामर्थ्य तो प्राप्त है। जीव ले रहा है ना जन्म। जीव शरीर धारण कर रहा है ना। इस सामर्थ का एक्सिस्टेंस है ना? अस्तित्व है ये शरीर धारण करना तो फिर शरीर धारण क्यों नहीं करते तो ये सब छोटी-छोटी बातें हैं। चलिए उनको ले लेते हैं। आ तो गए थे अभी चले गए क्या?
00:17:38:19 अपशब्दों का उपयोग ना करें। बिगिनर्स के लिए ज्ञानेश्वरी गीता रामचरितमानस और ज्ञानेश्वरी गीता रामचरितमानस और दास बोध बी के वाले जल्दी मिलते नहीं है। वो एक्सपर्ट्स जल्दी नहीं मिलते हैं। मुश्किल से मिलते हैं
00:18:15:28 वो। आप शब्दों का उपयोग ना करें। कोई भी किसी के लिए भी। रामचरितमानस पढ़िए। रामचरितमानस भी अपने धर्म को समझने के लिए पर्याप्त है। पर प्रॉब्लम यह है कि जो विकृतियां फैला रहे हैं, गलत बातें फैला रहे हैं। उसके लिए आवश्यक होता है क्या? व्यक्ति को दूसरी चीजें भी जाननी हो। मगर यदि व्यक्ति को किसी का सामना करने नहीं जाना है तो आपके लिए रामचरितमानस भी पर्याप्त
00:19:09:16 है। अब वो कितनी देर में आएंगे? आर्ट विद कुणाल। आपने हमें शायद फॉर्म दिया था। फॉर्म भरा था वो इस पर डिस्कस करने के लिए। आपसे बात करेंगे। थोड़ा समय निकाल करके बात करेंगे आपसे। जी पढ़ सकते हैं। पढ़ सकते हैं। समय व्यर्थ जा रहा है। नष्ट हो रहा है। आभार आपका रिसर्च वाले जो महानभाव है उनका आ
00:20:19:18 जी जय श्री राम कुलदीप जी आपका स्वागत है। कैसे हैं आप? धन्यवाद आप सुनाइए। बस बस प्रॉब्लम रही जो दूसरे वाले डिवाइस से जुड़ रहा था वो नहीं कनेक्ट हो पाया। काफी देर लगी। अच्छा इसलिए मैं आपको बोल रहा था कि पहले जब आपसे मैंने मांगा था ना लिंक उसी समय आप भेज देते तो मैं एक बार चेक कर लेता। कोई बात नहीं। अब तो ठीक है ना सब? अब तो ओके है ना? हां अभी आप देखो जरा आवाज ठीक आ रही है? हां बहुत अच्छी आ रही है। आपको ठीक आ रही है मेरी आवाज? हां आपकी आवाज ठीक आ रही है। कहां पे लाइव चल रहा है आपका ये? यह हमारे YouTube चैनल पर भी चल रहा है और फिर ऑपरेटर महोदय को पता होगा कहां-कहां और चल रहा है। तो
00:21:12:04 थोड़ा सा हमारे दर्शकों को आप अपना एक संक्षिप्त में परिचय दे दें तो जिससे कि वो जान जाए कि हमारी बात किससे हो रही है। इंस्टा पर भी चल रहा है, एफबी पर भी चल रहा है और YouTube पर भी चल रहा है। जी जी YouTube पर नहीं है। YouTube पर नहीं चल रहा है। नहीं YouTube पर चल रहा है ना? नहीं मैं दूसरा चैनल है आान वो हमारा दूसरा चैनल है सर्वशक्तिमान धर्म उस पर चल रहा है। नहीं आप मुझे लिंक भेजिए ना उसको क्योंकि बहुत सारे लोग बैठे हैं देखने के लिए। अच्छा जी जी जी ऑपरेटर महोदय इनको लिंक भेज दीजिए भाई दूसरे वाले मुझे उसी पे भेज दीजिए आप। मैं कुछ लोगों को भेज दूंगा।
00:21:57:03 हां जाने दीजिए कोई बात नहीं एक दो मिनट की बात है आने दीजिए मैं भेज देता हूं ऊपर तब तक आप अपना एक संक्षिप्त परिचय दे देते तो ठीक रहता जस्ट एक एक मिनट लगेगी उसके जरा सा जरा सा समय लगेगा मैं क्या इंस्टा पे भेज रहे हैं कहां पे भेज रहे हैं ऑपरेटर मोड नहीं इन्होंने मुझे इंस्टा पे भेजा है भेज दिया हां भेज दिया इन्होने इन्होंने मुझे भेज दिया एक बार चेक करके इंस्टा पे इसी पे चल रहा है आहान पे आपका हां इंस्टा पे आान पे ही चल रहा है इंस्टा पे आान लाइव है
00:22:44:07 मैं शायद पहली बार इंस्टा पर लाइव हूं अच्छा नहीं हुए आपसे पहले ना आपने कहा कि इंस्टा वो दूसरे प्लेटफॉर्म्स पर भी करिए तो मैंने कहा ठीक है कर लेते हां देखो जहां से आप बहुत सारे लोगों को जोड़ करके रखे हो जहां से बहुत सारी बातें आ रही है निकल कर के सामने है ना तो मेरा मानना है कि वहां लोग बैठे हैं हां जी प्रारंभ करें जी तो आप सर्वप्रथम अपना एक संक्षिप्त परिचय दे दीजिए जी मैं परिचय दे देता हूं मेरा नाम कुलदीप विद्यार्थी है और पिछले लगभग 18 वर्षों से हम हम लोग सनातन को प्रोटेक्ट करने के लिए काम कर रहे हैं। जौनपुर धर्मांतरण में जो 12 गांव क्रिश्चियन बने थे 2018 में आपको शायद याद होगा वो 12 गांव में से आठ गांव हम लोगों के द्वारा वापस हुए थे। वो मेरी टीम ने उसमें काम किया और अब तक 1 लाख से ज्यादा लोगों की हम लोग घर वापसी कर चुके हैं। जो ईसाइयत में कन्वर्ट हो चुके थे। 96 गांव की हमारे पास में इस समय पर लिस्ट है। जिन लोगों को हमने धर्मांतरित होने से बचाया या शुद्धि की उनकी एक बड़े स्तर पर और इस्लाम में भी बहुत सारी बहन बेटियां हमारी जो चली जाती हैं बहला
00:23:59:20 फुसला करके कुछ लोग ले आते हैं तो उसको भी हम लोगों ने वापस किया। एक बड़े स्तर पर हमने सनातन धर्म के लिए घर वापसी का अभियान चलाया है और उसको निरंतर हम लोग चला रहे हैं। हम तो आपके ये जो अभियान है इसका कुछ नाम आर्य समाज या किसके अंतर्गत आप ये कार्य कर रहे हैं? हां मैं बताता हूं आपको स्वामी दयानंद सरस्वती जी से प्रेरित होकर के इस काम को हम लोग कर रहे हैं। क्योंकि स्वामी दयानंद सरस्वती जी ने घर वापसी की जो सबसे पहली बात गई आपको याद होगा कि हमारे बहुत सारे लोग कश्मीर में मुसलमान बन गए थे। अगर आपने हिस्ट्री पढ़ी हो उसका कारण क्या था? छुआछूत भेदभाव, जातपात, ऊंचनीच इस सब को लेकर के बहुत बड़े सारे लोग वहां पर मुसलमान बने। तो स्वामी दयानंद सरस्वती जी ने एक बहुत बड़ा अभियान इस क्षेत्र में चलाया कि भाई घर वापसी होनी चाहिए। जो लोग हमारे मुसलमान या ईसाई बन जाते हैं तो वो वापस होने चाहिए। उसके लिए तो हम लोग प्रेरित हुए स्वामी दयानंद सरस्वती जी को उस विचारधारा से और हमने इस क्षेत्र में काम किया। पूरी तरीके से आर्य समाज को नहीं मानते हैं। स्वामी दयानंद मैं मानता हूं पूरा पूरा मानता हूं। आर्य समाज को पूरा मानता हूं। लेकिन एक बात मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि मैं आर्य समाज का ना तो कोई प्रतिनिधि हूं। ना आर्य समाज का कोई बहुत बड़ा विद्वान हो ना नेता हूं। आर्य समाज का एक छोटा सा छोटा सा सिपाही बन
00:25:14:21 के मैं काम करता हूं। जी ठीक है। ठीक है। वो कोई बात नहीं मानते तो हैं। ये तो बात है। हां मानता हूं क्यों? देखो एक संस्था है आर्य समाज। आर्य समाज धर्म नहीं है। आर्य समाज धर्म संप्रदाय नहीं है। आर्य समाज एक एक संस्था है। जैसे आरएसएस है जैसे विश्व हिंदू परिषद है। ये लोग सनातन को प्रोटेक्ट करने का काम करते हैं। आर्य समाज भी वैसे ही करता है। क्या आरएसएस के अपने वो सब है संस्कार विधि या वेदों का भाष्य या मनुस्मृति का भाष्य ये सब है आरएसएस का। नहीं हो वह एक संस्था है अपना कितना प्रगति कर पाती है किस रास्ते पर कितने लोग चल पाते हैं वह विषय नहीं है तुलनात्मक अध्ययन हम लोग जाने आपके पर्टिकुलर अपने भाष्य है आपके पर्टिकुलर अपने धर्म ग्रंथ है आपका अपना भाष्य है उन पर धर्म ग्रंथ धर्म ग्रंथ अपने धर्म ग्रंथ नहीं है आप भूल कर रहे हो सनातन की सनातन की जो डूबती नाव थी ना उसको बचाने का काम स्वामी दयानंद ने किया जो जो धर्म ग्रंथ हमारे ऐसे थे जहां जहां पर कमी हो गई थी अपने ऐसे हैं कि जो धर्म ग्रंथ आपके पास है वही धर्म ग्रंथ आवश्यक नहीं है कि सबके पास हो। तो यानी कि आपके आपके कुछ सेलेक्टिव धर्म ग्रंथ लेकिन वो हमारे धर्म ग्रंथ नहीं है। आप आप शब्दों को अपने को ठीक कीजिए। वो हमारे धर्म
00:26:29:25 ग्रंथ नहीं है। वो जो है जो पुस्तकें हैं ना वो सनातन को बचाने के लिए धर्म ग्रंथ है। वो सनातन के धर्म ग्रंथ है। वो आर्य समाज के नहीं मैं मैं आपकी बात मान लेता हूं। वो सनातन को बचाने के लिए धर्म ग्रंथ है। मगर आरएसएस से आर्य समाज की तुलना इसलिए नहीं की जा सकती क्योंकि आर जो आर्य समाज है वो एक धार्मिक विचारक के रूप में भी आता है। आरएसएस का कोई अपना अलग से एक धार्मिक विचार नहीं है। एक यूनिक मगर आर्य समाज का है। आर्य समाज का अपना एक स्पेसिफिक विचार है। जो आरएसएस है उसमें आर्य समाजी भी है। पुराणों को मानने वाला भी है। उसका कोई स्पेसिफिक धार्मिक विचार नहीं है। ठीक है? मगर आर्य समाज का है। इसलिए आर्य समाज की तुलना आरएसएस वगैरह जैसी संस्थाओं से नहीं की जा सकती। हां, मैं भी कह रहा हूं आपसे तुलनात्मक अध्ययन यहां नहीं कर सकते हम लोग। वो एक व्यवस्था है अपनी। कोई संस्था कितनी प्रगति कर पाई किसने क्या संस्था है जैसे आरएसएस है तो उस तरह से हम नहीं देख सकते क्योंकि आर्य समाज का अपना एक सिद्धांतों का वो है। क्या कहते हैं जमावाड़ा है ना? हां। जमावाड़ा सिद्धांतों की एक बात और मैं आपको सुनिश्चित कर दूं। बड़ी सारी चीजें मैं देखता रहता हूं। आर्य समाज की जो बातें है ना आर्य समाज की नहीं है। स्वामी दयानंद की भी नहीं है। अगर आपने सत्यार्थ प्रकाश पढ़ा हो बड़ी सारी पुस्तक आपके पास शायद आपने पढ़ा
00:27:45:07 के मेरी बात मेरी बात पूरी हो जाने दीजिए। मेरी बात पूरी हो जाने दीजिए। आर्य समाज जिस विचारधारा को लेकर चलता है। ब्रह्मा से लेकर जैवनी पर्यंत ऋषियों का जो मंतव्य है उस मंतव्य को स्वामी दयानंद सरस्वती ने लोगों के बीच में रखा। अपना कोई मत मजहब संप्रदाय नहीं चलाया। जी। ठीक है। मैं अभी तीन बातें मुझे अब याद रहेगी। बातें होती है ना बहुत सारी बातें हो जाती तो हम लोग चर्चा में हम लोग चर्चा में एंट्री कर गए हैं। मैं माफ़ कीजिएगा मैं आपसे भी अपना आपका परिचय जानना चाहता हूं। मेरा नाम शिवश नारायण द्विवेदी है। पूरी के शंकराचार्य जी का एक अल्पज्ञ शिष्य हूं। श्री राम का एक साधारण सा भक्त हूं। और पिछले करीब दो वर्षों से आवाहन के माध्यम से जो वैचारिक क्रांति है वो लाने का प्रयास कर रहे हैं समाज में। जिस वैचारिक क्रांति के अंतर्गत हमारा जो सनातन समाज है वह संगठित हो पाए और जो सनातन विरोधी शक्तियां हैं उनसे लड़ पाए है ना जी सुसंस्कृत सुशिक्षित स्वस्थ संपन्न सेवा परायण व्यक्ति और समाज की संरचना के लिए प्रयासरत है। जी जी ठीक है। और अब जैसे अगर मैं अपनी अलग से बात करूं तो भाई विगत चार पांच वर्षों में मैंने क्या किया होगा? स्कूलों में जाकर के बच्चों को पढ़ाया होगा
00:29:00:09 या हिंदू राष्ट्र गोष्ठियां की होंगी या मोर्चे निकाले होंगे वो सब ठीक है। मगर यह मेरी व्यक्तिगत बात है। वो इतनी बड़ी मैं नहीं मानता कि वो बताने लायक है। मगर अगर शंकराचार्य नाम जुड़ जाए कि शंकराचार्य ने क्या-क्या किया है तो मेरे ख्याल से वो कुछ बताने की आवश्यकता ही नहीं है। आज अगर आज
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→ Used in: B · Video आर्यसमाज ने बताया हिन्दू मुस्लिमविवाह का सच #aryasamaj at 0:57 ↗
00:29:19:10 हिंदू धर्म का अस्तित्व है तो शंकराचार्य नाम के कारण है। यह बात एक तो आप बार-बार बार-बार जो हिंदू शब्द को बोल रहे हो ना आप यह मुझे चुभ रहा है।
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00:29:27:25 देखिए इसलिए चुभ रहा है कि सुनिए आप सनातन की बात करें आप सनातन की बात करें जब मैं बोल रहा हूं जब मैं आप बोल रहे थे तो मैंने आपको बोलने दिया था। अब जब मैं बोल रहा हूं तो मुझे बोलने दीजिए। ठीक। दूसरी बात यह है कि एक के बाद एक इतनी सारी पॉइंट्स हैं कि अगर ऐसे हर एक पॉइंट को हम लोग निकालने लग जाएंगे कि मैंने कुछ बोला उसी में बात होने लगी तो विषयंतर होता है। जैसे हिंदू शब्द पर भी हम बात कर सकते हैं। घर वापसी पर भी हम बात कर सकते हैं। आर्य समाज के अपने आर्य समाज के अपने ग्रंथ है कि नहीं उस पर भी हम बात कर सकते हैं। मगर जैसे ही अगर हर बात मैं बोलूंगा उस हर बात पे आप जो है पकड़ करके एक विषय खोल देंगे तो सारे विषय पीछे चलते चले जाएंगे। हम लोग आगे बढ़ते जाएंगे। अब आप आप आज आप जो विषय मैं अपनी बात बोल मैं अपनी बात बोल शंकराचार्यों ने क्या किया है तो इसको मुझे नहीं लगता कि बताने की बहुत आवश्यकता है वो भले ही बौद्धों का खंडन करके सनातन धर्म की स्थापना हो वैदिक धर्म की स्थापना हो जिसको आर्य समाज ने भी अपने ग्रंथों में माना जगह दी भले ही नास्तिकों का जो अकाट्य खंडन हो वो हो वो भले ही हरिहर बुक्का को खड़ा करना हो वो भले ही अंग्रेजी शासन के रहते हुए भी अंग्रेजी शासन के दबाव में ना आते हुए भी धर्म को यथा वत रखने का पालन करने का प्रयास करने करवाने वाला हो और
00:30:43:04 अनेकानेक और जो संप्रदायों में बिखरा हुआ समाज उसको एक करने के लिए चार जो ये सारी व्यवस्था वो मैं समझता हूं सुनिए आप मैं शंकराचार्य जी के विषय में मैं पढ़ता रहता हूं। आप सीधा विषय पर आ जाइए। ठीक है? क्योंकि हमें थी सुनिए। आपने जब कश्मीर के बारे में बताया था तो मैंने आपको कहा था कि दयानंद जी के बारे में जानता हूं। आपको आपको बड़ी सारी बातें चुभ रही है। मैं समझ रहा हूं कि आपको बहुत बातें चुभ रही है। सुनो शिवश जी पर आइए। विषय विषय पे नहीं विषय पे मैं आ रहा हूं। जैसे आपने बताया कश्मीर में ये किया वो किया तो अगर आप जैसे जैसे आप बोल रहे हो ना शंकराचार्य जी की बहुत सारी बातें सब बातों से सहमत ना तो आप हो मेरी से ना मैं आपकी से हूं। ठीक है ना? अगर आप जैसे सहमत नहीं है मगर मैंने आपको बोलने दिया ना। जी जी बोल बोलने दिया मैं बोल रहा हूं तो आप मुझसे ये मत कहिए कि विषय पे आइए आप विषय पे आ जाओ ना आप सीधे विषय पे आ जाओ कश्मीर की बात बोली थी तो मैंने आपको कहा था ये सब बातें छोड़ो सीधे विषय पे आओ आ गया ना आप नहीं मैंने आपको मैंने आपको बोलने दिया था मैंने आपको काटा नहीं था आप काट रहे हो मैं आप नहीं आप इतना लंबा तो नहीं बोला ना मैंने आप तो चार पांच सात मिनट बोलते चले जाओगे बोला था कौन डिसाइड करेगा आपने नापा मैं कर रहा हूं ना मैं देख रहा हूं ना टाइम देख रहा हूं ना क्या टाइम देखा बताइए बताइए
00:31:58:28 बोलो ना आपने कितना लंबा परिचय दिया था अपना चलिए टाइम बताइए आपका आपने मेरे से बोला था कि कितने मिनट का देना है अरे तो आप अब मेरे से आप बोल रहे हो ना कि आप लंबा जा रहे हो मेरा टाइम आप निर्धारित कर रहे हो अच्छा और निर्धारित नहीं होगा इसमें एक विषय जो विषय आप लेकर के बैठे हो उसप कोई चर्चा नहीं भाई आपको बता रहा हूं मैंने अभी आपसे कम टाइम लिया परिचय देने में आप नाप सकते हैं आप विषय पर आ जाइए इसलिए आपको काटना नहीं चाहिए था आप विषय पर आ जाए। हां। तो अब विषय पर आते हैं कि आपने कहा कि घर वापसी कराते हैं और उनके हमारी बेटियां चली जाती हैं। ठीक है? ये दो चीजें आपने अपने उसमें कही। अच्छा ऐसा ऐसे में क्या किया जाए? जब कोई व्यक्ति हमारी बेटी को ले जाने के लिए कहे कि मैं हिंदू हो रहा हूं। मैं सनातनी हो रहा हूं और हमारी बेटी को जो है ले जाए लव जिहाद में। फिर क्या किया जाए? ऐसे ऐसे लोग जो करवाते हैं उनके लिए क्या किया जाए? वो मेरे को पता है आप क्या प्रश्न पूछोगे और क्या उत्तर दोगे? सुनो मेरी बात। हम क्यों दे देंगे उसको अपनी बेटी? क्यों दे देंगे? किस लिए देंगे? दी जा रही है। कहां दी जा रही है? आर्य समाज मंदिरों के द्वारा दी जा रही है। आर्य समाज में कोई भी बेटी नहीं दी जाती। झूठ बोलना।
00:33:14:28 आप दो ना प्रमाण। प्रमाण दिखाओ भैया। प्रमाण दिखाओ। दिखाओ। प्रमाण दिखाओ। दिखाते हैं रुको। जी। प्रमाण दिखाइए। दिखाते दिखाओ भैया कोर्ट के प्रमाण दिखाइए। एक और बात सुनिएगा जो आप प्रमाण मुझे दिखा रहे हो ना आर्य समाज के नाम से नकली नकली आर्य समाज की संस्था बना बना करके लोग काम कर रहे हैं। बहुत सारे लोग हैं जो पैसा कमाते हैं शादियों में। सुनो मेरी बात। जो शादी करा करके पैसा कमा रहे हैं। नकली आर्य समाज का गठन कर रहे हैं। नकली आर्य समाज बन रहा है। आप उनके उनके खिलाफ क्या कर रहे हैं? कर रहे हैं ना हम। सुनो मेरी बात। क्या एक मैं बताता हूं सनातन आर्य समाज के नाम से किसी ने रजिस्ट्रेशन करा लिया आप उसको खारिज कर दोगे मैं आपसे पूछ रहा हूं कि आप इस नकली आर्य समाज के बनकर के जो लोग कार्य कर रहे हैं शादियां करवा रहे हैं उसके लिए आप कर क्या रहे हैं कर रहे हैं ना हमने हमने एक्शन लिया हमने बंद कराई ना आप जाओ ना दिल्ली चांदनी चौक पे चार आर्य समाजें बनी थी जो यही काम करते थे रात की शादी में और सुनो मेरी बात और सुनो सारे सारे जन्मजात ब्राह्मण थे सारे जहां ब्राह्मण बने हुए घूम रहे थे हां भाई थे की बात मत करिए। चार तरीके की बात मत करिए। अभी मैंने आपसे यह पूछा है कि आप उन नकली आर्य समाजों को
00:34:30:02 बंद करने के लिए क्या कर रहे हैं? दूसरी बात कि आर्य समाज कोई नकली है और कोई असली है। इसका फैसला किस आधार पर होता है? क्या हम कह रहे हैं ना जो हमारी आर्य प्रतिनिधि सभा है जो उसको सुनो जो रजिस्ट्रेशन देती वो असली है जो आर्य प्रतिनिधि सभा जिसको रजिस्टर नहीं देती वो असली नहीं है मुझे आप ये बताइए ये सिद्धांत कहां का सिद्धांत है कि आर्य समाज प्रतिनिधि सभा जिसको रजिस्ट्रेशन देगी वही आर्य समाज असली है हां मैं बताता हूं सुनो ना मेरी बात सुनो ना आप जैसे आप जैसे शंकराचार्य जी की बात कर रहे हो पूरी शंकराचार्य जी की उन्होंने जो संस्थान खोले हैं तो वही तो वही तो वेरीफाई करेंगे आप करोगे या कोई भी बैठ कोर्ट कर देगा बैठ के जो शंकराचार्य वही तो वेरीफाई करेंगे कौन है संस्था उनके कौन है उनके वेरीफाई करने के पीछे सनातन शास्त्रों का सिद्धांत है जो वह लोग मानते हैं अरे हम हम हमारी हम वैसे ही किसी को रजिस्ट्रेशन नहीं देते आर्य समाज का रजिस्ट्रेशन होता है वो व्यवस्था से होता है पूरी जानकारी शंकराचार्य जी को शंकराचार्य सुन लीजिए अगर शंकराचार्य अंतिम निर्णायक है एक मिनट पॉज करिए भैया पॉज करिए एक मिनट अगर शंकराचार्य अंतिम निर्णायक है तो उनके अंतिम निर्णायक होने के लिए वह शास्त्र बोल रहे हैं जो शास्त्र वहां पर प्रमाणिक हैं। आप जब प्रतिनिधि
00:35:45:15 सभा के किसी अध्यक्ष को अंतिम निर्णायक बता रहे हैं तो क्या आपके द्वारा स्वीकार किए गए जो शास्त्र है उनमें वो सिद्धांत है कि प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष को अंतिम निर्णायक माना जाए कि नहीं माना जाए? प्रतिनिधि सभा का आपको जानकारी नहीं है। अध्यक्ष बैठकर के वेरीफाई नहीं करता है उसको। वो नीचे से पूरी एक व्यवस्था होती है। व्यक्ति का साल भर तक सत्संग चलता है। ऐसे थोड़ी होता है। डिक्टेटर नहीं है। समाज में शिवश जी डिक्टेटरशिप नहीं है। जो आप सोच रहे हो कोई भी करेगा उसको बैठ भाई साहब। मैं आपसे प्रश्न क्या पूछ रहा हूं? मुझे लग रहा था स्वहार पूर्ण चर्चा होगी मगर आप लड़ने आए ऐसा लग रहा है। अरे लड़ने नहीं आए भैया। आप अपनी भाषा देखो ना। आप जो आप जो अपनी मेरी भाषा ऐसी है। मैंने क्या देखा? क्या कहा बताइए? मेरी भाषा ऐसी है। शिवा जी मेरी बात सुनो ना। आप जो वीडियो बना करके डालते हो ना उसकी एक बार भाषा चेक करना मेरी करना मेरी बातों को स्पष्ट तरीके से आपसे आपसे कौन सी चीज गलत तरीके से कही है वो बताइए मुझे कोई गलत नहीं बोला मैंने क्या गलत मेरे पास भी है आपको कैसे स्वहार खराब होता दिखाई दे रहा है आपको स्वार्ह कैसे खराब होता दिखाई दे रहा है आप जो है चढ़ चढ़ के और अग्रेसिव मोड पे आकर मैं मोबाइल में से निकल कर के आ गया हूं क्या नहीं मानसिक आप ऐसा आचरण कर रहे हैं जो चढ़
00:37:00:21 बार-ब बात को काटना आचरण आप अपना आचरण देखिएगा आपने मुझे लिख के क्या भेजा था किस विषय पे चर्चा करेंगे आप आपने लिख के क्या भेजा आज किस विषय पर किस विषय आपने क्या विषय आप ना आप आपको याद होना चाहिए ना मुझे मेरे तो ऑपरेटर मेरे तो ऑपरेटर महोदय ने भी आपसे बात की है ना मैंने पूरी बात नहीं की आपसे जी अरे मुझे नहीं पता ऑपरेटर ने की आपने की आप बहुत बड़े व्यक्ति हो सकते हैं मैं तो सीधी बात कर रहा था आप बताइए ना कि क्या विषय दिया था मैं दिखा देता हूं आपको। हां ऑपरेटर से पूछ लीजिए। ऑपरेटर कोई बहुत दूर नहीं बैठा आपका। पास में आप बहुत बड़े व्यक्ति मुझे पता है ना। अरे आपका तो ऑपरेटर बात करता है। हम लोग तो सीधी बात करते हैं। शिवास जी सीधी बात करते हैं हम। क्या बात सीधी बात ही तो नहीं कर रहे हो आप? हां सीधी करो। नहीं कर रहे हैं। मैंने प्रश्न पूछा है कि शंकराचार्य अगर ये निर्णय लेंगे ये कौन सी हमारी संस्था है और कौन सी नहीं है? तो शंकराचार्य के निर्णायक होने के संबंध में वो शास्त्र बोलते हैं जिन शास्त्रों को वहां पर प्रामाणिक माना जाता है। आपके यहां पर जिन शास्त्रों को प्रमाणिक माना जाता है उसमें उसके आधार पर आपकी व्यवस्था है जो लागू है ये निर्णय करने के लिए कि कौन सी संस्था आर्य समाजी है और कौन सी
00:38:15:25 नहीं है। मेरी बात सुनो आप शंकराचार्य जी की जिस बात को लेकर के आप बात कर रहे हो ना शंकराचार्य जी एक मिनट भाई साहब यह देख लीजिए आपकी चैट आप मुझे बताइए हमने आपसे कौन से विषय पर बात करने गई थी और हम अपनी बात से मुकर रहे हैं वो जरा क्या आर्य समाज के द्वारा परिभाषित होने वाला ईश्वर सर्वशक्तिमान है पढ़ो एक बार यही लिखा है ना हां तो मैंने क्या दिया है हां जी तो इसी विषय पर बात करनी है आपने जैसे अपना जो परिचय दिया है उसके बारे में हम नहीं पूछ सकते ना पूछो आपको आपको अधिकार है लेकिन उस विषय पर तो चर्चा कर लो पहले जो विषय आप लेकर के घूम रहे हो पूरा मैं बता देता हूं विषय घूम जो पूरा घूम रहे हैं लेकर के जैसे अभी मैंने हिंदू शब्द का उपयोग किया था जी ठीक है तो जब मैंने मुझे लिख करके दिया पहले सीधे आप वहां आ जाइए मैं आऊंगा मैं आऊंगा मेरे को बोलने दीजिए मैं आऊंगा आपने मुझे आप जब मैं बोल रहा था हिंदू शब्द का उपयोग कर रहा था तो आपको यह लगा कि भाई हिंदू शब्द से मेरे को बात करनी है वह विषय तो नहीं था। फिर भी आपको लगा ना कि इस पर बात की जाए। इसी तरीके से जब आपने यह कहा ताल ठोक करके कि भैया हमारी बेटियां जा रही हैं। ये हो रहा है, वो हो रहा है। तो हम मेरे को भी लगा कि मैं उस बारे में दो बातें पूछ लूं।
00:39:31:21 भाई है ना? तो अभी मैंने जो एक बात पूछी है इसका जवाब आप देंगे या बाद में रख लें। बाद में करें कि आर्य समाज के द्वारा यह निर्धारित किया जाएगा। किस आर्य समाज की किस पॉइंट के द्वारा यह निर्धारित किया जाएगा कि कौन सा आर्य समाज असली है या नकली है। यह आर्य समाज के द्वारा प्रामाणिक माने जाने वाले शास्त्रों में कहां पर दी गई है यह व्यवस्था जिसके कारण हम सामने वाले को मनवा सके कि नहीं ये आर्य समाज नहीं है। ये देख शास्त्रों में लिखा है। जैसे अगर शंकराचार्य उत्तर देना होगा तो उत्तर दे इसका। उत्तर दे दूं आपको मैं समझ गया आपकी बात। आप शंकराचार्य जी का वो विषय ले लीजिए। आप उत्तर ले लीजिए मेरे से। आर्य समाज ने अपना एक नियम बनाया हुआ है। अपना एक लॉ है आर्य समाज का और वो लॉ कहता है कि भाई कितने समय तक कहां सत्संग होना चाहिए। कौन व्यक्ति को संध्या हवन के मंत्र आने चाहिए। किस व्यक्ति को ये सारे मंत्र याद है या नहीं है? उसका पूरा की पूरी परीक्षा हो। दूसरी बात साप्ताहिक सत्संग होता है कि नहीं होता? कितने साल तक होता रहा? कितने लोग सदस्य हैं? सदस्य इस विचारधारा को मानते हैं कि नहीं मानते? यह सब पूरा पैरामीटर है नापने का। इस पैरामीटर को जो क्वालीफाई करेगा वो आर्य समाज आर्य समाज उसको रजिस्ट्रेशन देता है। आर्य समाज ऐसे किसी को रजिस्ट्रेशन दे प्रश्न उठ जाता है। इसमें फिर एक प्रश्न उठ
00:40:46:26 जाता है। उठाओ ये व्यवस्था पहली बात तो दयानंद जी ने बनाई है। जाहिर सी बात है आप कह रहे हैं तो बनाई होगी। जी बनाई है ना। कौन से ग्रंथ में लिखा उन्होंने ये सब? क्या? ये जो व्यवस्था आपने अभी बोली है ये उन्होंने किस ग्रंथ में? आप आप सब आप पूरी बात सुन नहीं रहे ना। आपको क्या है ना क्लू ढूंढने का काम कर आप पूरी बात समझ लीजिए आर्य समाज का एक नियम बना मुंबई के गिरगांव में स्वामी दयानंद सरस्वती जी ने जब आर्य समाज की स्थापना की तो वहां पर नियम बनाए आर्य समाज के वहां बैठकर के पूरे नियम बनाए नियम किसी बुक में लिखे होंगे ना आर्य समाज का अपना लॉ है अपना कानून है बुक का नाम होगा ना उसका कोई आर्य समाज का अपना लॉ है आर्य समाज के सारे जितने भी हमारे कार्यालय हैं सब कार्यालय में उपलब्ध होता है सबको दिया जाता है वो उस बुक का नाम है कोई आर्य समाज के नियम ही नाम है उसका ऐसे लिखा है आर्य समाज के नियम आर्य समाज के नियम और दयानंद जी दयानंद जी द्वारा कृत दयानंद जी द्वारा ठीक है दूसरी बात ये अब दूसरी बात ये आती अब दूसरी बात ये आती है जैसे कि आपने बताया कि भाई हमने कई आर्य समाज मंदिर बंद कराए नकली वाले तो आपने बंद कराने से पहले क्या वहां पर ये सब देखा था कि इसको मंत्र
00:42:02:00 आते हैं कि नहीं यहां सत्संग होता है कि नहीं या यह सब ऐसा कुछ चेक किया था। जो आपने प्रश्न उठाया था ना जो लोग गलत काम कर रहे थे हमारी बहन बेटियों को दूसरे मजहब वालों के साथ में भेज रहे थे वो यही गंदा काम कर रहे थे। नहीं वो तो वो तो ये कहते हम तो हिंदू पर शुद्धि आंदोलन करा करके हिंदू में कन्वर्ट करके तब भेज रहे हैं। कौन बोल रहा है आपसे? वो गलत साबित कैसे करोगे? आप तो किसी आपको कौन बोल रहा है? आपको कौन बोल रहा है? क्यों? आपने इंटरव्यू नहीं देखा अभी। रिसेंट वाला दिखाएं आपको इंटरव्यू भाई वो तो किसी किसी मुस्लिम के साथ वो ये वो ये तर्क देते हैं कि आर्य समाज के द्वारा सर्टिफिकेट दिया जा सकता है किसी मुस्लिम को हिंदू बनने का और हम तो हिंदू के साथ भेजते हैं अपनी लड़की को हम मुस्लिम के साथ थोड़ी ना भेजते हैं आपको किसने बोल दिया सब बातें कहां से ले लिया आपने इंटरव्यू आर्य समाज मंदिर में बैठे हुए व्यक्ति ने आर्य समाज आर्य समाज का एक छोटे से व्यक्ति को उठा के आप उसके साथ डिबेट करके डाल दोगे कल को मैं कोई शंकराचार्य जी का चेला मुझे आपने कोई आपको नियम दिया वो कोई वेरीफाई व्यक्ति था जिससे आपने उठा के बात कर ली आर्य समाज संस्था के द्वारा नियुक्त वो वेरीफाई व्यक्ति है जो धर्माचार्य के पद पर बैठा हुआ है आप नहीं कौन है मुझे बताओ ना कौन व्यक्ति था किसने आपको बोल दिया रायपुर के आर्य समाज
00:43:17:01 मंदिर का वो अध्यक्ष है धर्माचार्य है वो अध्यक्ष नहीं होता आर्य समाज के अध्यक्ष से बात ही नहीं की आपने अरे धर्माचार्य भाई अरे आप यार छोटे से आदमी को उठा करके कुछ भी बात बोल दोगे उसको डाल दोगे तो भाई साहब मैंने आपसे पहले जब आपसे मैंने बात की ना बात को बदल रहे हैं। विषय हो रहा है। आप बदलते हैं बात को मैंने बदलते हैं। आपने छोटेोटे कि जब आपने चार चार आर्य समाज के नकली मंदिरों को बंद करवाया तो वहां पे आपने चेक किया ये वास्तव में आर्य समाजी है या आर्य समाजी का इन्होंने यूं ही रजिस्ट्रेशन ले लिया। कैसे चेक किया था? चार दिन उसकी तहकीकात की थी क्या? क्यों तहकीकात के बिना से बंद कर दिया उसको तो आपके आपने ये सब तहकीकात की नहीं मैं कौन होता हूं तहकीकात करने वाला मैं अकेला व्यक्ति हूं कि आर्य समाज में कितनी बड़ी व्यवस्था समाज ने बंद करवाया उसने तहकीकात की क्यों नहीं की अब ये अब ये बताइए कि जिसने तहकीकात की तो उसके कुछ आधार होंगे ना उसने क्या तहकीकात की क्या नहीं की कि इतने दिन तक चेक करेंगे आपको कितनी बार बताऊं मैं कितनी बार बताऊं मैं आपको जब आर्य समाज के व्यक्ति नहीं आर्य समाज के व्यक्ति से जब हम पूछते हैं कि उसका पैरामीटर क्या है नापने का? वो संध्या हवन करता है कि नहीं करता? उसको
00:44:32:04 ये मंत्र आते हैं कि नहीं आते? वो तार्किक व्यक्ति है कि नहीं? वो ईश्वर को एक मानता है या नहीं मानता? ईश्वर को निराकार मानता है या नहीं मानता है? यज में श्रद्धा रखता है कि नहीं रखता है? वो पैरामीटर है नापने का। ये सब ये सब आपके आर्य समाजी लोग जब उनको पता चलता है कि यहां मुस्लिमों के साथ मुस्लिमों का धन कर्म करा के हमारी बेटियों को ब्याह हो जाता है तो जो ये वाला आर्य समाज है जाकर के चेक करता है कि यज्ञ में विश्वास रखता है कि नहीं ये केवल निराकार ईश्वर को मानता है कि नहीं या संध्या वंदन करता है कि नहीं और जो है वो और भी जो बातें आपने बोली ये सब वो चेक करता है वहां पर रह के है ना कहां पे रह के उसके साथ आसपास रहता होगा ना दूरबीन लगा के चेक करता होगा ये सब वो दूरबीन लगा के नहीं रहता दूरबीन लगा के नहीं रहता जहां जहां से जहां से शिकायत मिलती है वहां जा के किया जाता है यह सब काम तो फिर वह कैसे करता है उसको कैसे ऑब्जर्व करता है कितनी बार बताऊं तुम्हें ऐसे ही तो बताया तो है आपको पैरामीटर यही है हमारे पास में क्योंकि ये जो बात बता रहे हैं ये अव्यवहारिक बात है कि हमने चेक किया में श्रद्धा रखता है कि नहीं नहीं तो नहीं वो एक व्यक्ति से मैंने पूछा कि वो यज में श्रद्धा रखता है कि नहीं रखता तो उसे पूछूंगा ना कैसे होता है बताना उसने अपनी जानकारी छुपा पाने के लिए आपसे किसी कारणवश बोल दिया कि मैं श्रद्धा नहीं रखता तो हो गया फैसला हां
00:45:47:13 बिल्कुल होगा ना फैसला क्यों नहीं होगा उसको तो नहीं बताना मैं किसी कोर्ट के सामने बैठा हुआ हूं कहीं बैठा हो उससे कोई लेना देना नहीं असत्य का आचरण करेगा वो व्यक्ति हमारा नहीं हो सकता असत्य आचरण करने वाला व्यक्ति हमारा नहीं हो सकता असत्य का आचरण नहीं होता यहां यहां सत्य बोला जाता है असत्य का यहां सत्य बोला जाता यहां गंगाशियार नहीं होता आदमी क्या अभी मैं चंदन लगा कर के बैठ जाऊं पूरे शरीर में कुर्ता पजामा पहनूंगा और बढ़ जाते एक कदम और बढ़ जाते हैं। यह बताइए कि उसने असत्य बोला या वह सत्य संध्या वंदन करता है कि नहीं करता है? यह निर्णय लेने वाला यह जानकारी करने वाला और इस जानकारी के आधार पर यह घोषित करने वाला कि वो नकली आर्य समाज है। यह कौन होगा ये कौन डिसाइड करेगा? आपको बता नहीं दिया मैंने। प्रतिनिधि सभा डिसाइड करेगी इसको। और कौन अरे मेरे भाई जैसे कोई व्यक्ति संध्या वंदन कर रहा है कि नहीं कर रहा है यह सारा ऑब्जरवेशन करके एक जासूस गया आर्य समाजी वो जो आपने कहा नकली वंदन करने मात्र से नहीं होता आपको शायद इस विषय की जानकारी नहीं है मंत्र जो प्रतिदिन करता होगा उसको मंत्र तो याद होंगे कि नहीं होंगे बिना मंत्र याद होगा कुछ भी आपने बताई है आपने चार पांच चीजें बताई है मैं एक चीज को उदाहरणार्थ बोल रहा हूं मैं एक चीज को
00:47:02:14 उदाहरणार्थ बोल रहा हूं कि आपके आपके यहां से जब कोई नकली आर्य समाज मंदिर एक्टिवेट होता है तो आपके यहां से कोई जासूस जाता है। वो वहां जाकर के निगरानी करता है कि ये से विषय नहीं है। सामने बैठेगा बिल्कुल सामने सामने बैठ के चर्चा होंगी। जासूस से क्या मतलब है? कहने का मतलब है कि जिसको जो नकली आर्य समाज मंदिर है उसको यह पता है कि मेरी जांच करने आया है। वह तब भी वही कार्य करता है जो वो करता है। वह अपने आप को परिवर्तित करके पेश नहीं करता वहां पर। कैसे कर लोगे तुम? सारे मंत्र याद कर लोगे। जब पूछे जा सारे प्रश्नों के उत्तर दे दोगे थोड़ी देर में होने चाहिए वही मंदिर में होगा एक केवल मंत्र नहीं है यहां मंत्र के साथ साथ नियम भी होने चाहिए यहां व्यक्ति को जानकारी होनी चाहिए मंदिर में वही होगा जिसको सारे मंत्र याद होंगे विषय मंदिर में रहने का नहीं पद पर वो व्यक्ति होगा जिसको जानकारी होगी वैसे नहीं होगा सारे मंत्र सारे मंत्र कितने मंत्र याद होने चाहिए बताइए पद पर पद पर वो व्यक्ति होगा जिसको जो पद पर वो होगा व्यक्ति जिसको ये सब याद याद होगा जिसको सारा विषय पता होगा जिसको तर्क आता होगा वो पद पर होगा जिसको तर्क नहीं आता जो एक ईश्वर को नहीं मानता जो संध्या हवन को नहीं मानता वो पद पे नहीं रह सकता यहां पे जिसके पास सामान्य व्यक्ति रह सकता है नहीं रह
00:48:17:18 सकता नहीं रहेगा पद पे कैसे रहेगा देखिए तो आपने बातें ये कही कि अब मैं थोड़ा सा समझ लेता हूं कि जो आर्य समाज के नकली नकली नाम से चलने वाले मंदिर है वहां आपका जो पॉजिटिव वाला वाइट वाला आर्य समाज है जो असली है। वहां से एक टीम जाती है। वह उसके मंदिर में जाती है। उससे सवाल करती है। शास्त्रार्थ करती है। यहां तक कि उसके साथ दिन भर रहती है कि तू संध्या वंदन कर रहा है कि नहीं हम देखेंगे। हां पूरा पहले तो स्पष्ट कीजिए। सुनिए मेरी बात। पहले तो आप आप ज्यादा है ना एडवांस बहुत ज्यादा बनते हो आप। आपसे पूरे दिन का विषय नहीं है। सुनो पूरे दिन की जासूसी की बात थोड़ी हुई है। पूरे दिन की जासूसी की बात है। सुनो जरा एक मिनट सुनो बात। एडवांस बनता हूं कि नहीं बनता हूं? एडवांस तो नहीं रहे आप। एक बात अगली फालतू बोलते आपने व्यक्तिगत मैंने व्यक्तिगत टिप्पणी की है क्या आपसे मैं व्यक्तिगत कर ही नहीं रहा मैंने व्यक्तिगत टिप्पणी की है क्या मैं व्यक्तिगत नहीं कर रहा हूं मैं व्यक्तिगत नहीं कर रहा हूं आप एक बात बोलते हो ये क्यों कहा आपने ऐसे बोल रहा हूं आप एक बात फालतू क्यों बोल रहे हो मैं समझना चाह रहा हूं कि भैया जब कोई नकली आर्य समाज मंदिर है तो आप जब मैंने 20 बार आपको बोल दिया 20 बार मैंने बोल दिया आपकी समझ में बात नहीं आ रही कि एक व्यक्ति दिन भर नहीं रहेगा सामने जाके बात होंगी बात खत्म हो जाएगी आप तो कह रहे पूरे दिन रहेगा जांच करेगी क्या 20 बार 20 बार
00:49:32:21 बोलने पे इतना मंदबुद्धि तो कोई भी समझ जाता है। 20 बार बोलने पे समझ में नहीं आ रहा। यह कहां लिखा हुआ है? चलिए ये बताइए। क्या? यह कहां लिखा हुआ है? कितनी बार बोलने में कौन समझ जाएगा? बताइए कहां लिखा है? कहीं मैं यही तो बोल रहा हूं आपको। आप तो पूरी पूरे जहां तहां घूमते हो। अपने आप को दिमागदार घोषित करते हो। सबको नीचा दिखाने का प्रयास करते हो। पांच छ बार बोल और कर्तव्य के विषय में एकमात्र शास्त्र प्रमाण है। आप मुझे सनातन सिद्धांत दीजिए। रखिए एक तरफ उठा व्यवहारिक बात मेरे से सीधी व्यवहारिक बात कीजिए शास्त्रों को उठा के रखिए एक तरफ बाद में करेंगे शास्त्र की बात पहले व्यवहारिक बात करो सुनिए अगर व्यवहारिक बात करनी है तो आपकी बात को मैं स्वीकार कैसे कर लूंगा आप जो कह रहे हो कि 20 बार बोलने पर तो मधुबद्धि भी समझ जाएगा ये आपके आपकी सोच है मेरी सोच नहीं है ये मेरी सोच नहीं है मैं देख रहा हूं ना सामने मैं आप जब वीडियो बना करके डालते हो जिस समय पर तो एक एक बात की बाल की खाल निकालते हो तब तो दूसरे को समझाने का प्रयास करते हो और आप एक एक प्रश्न को 20 उलट समझाने पे भी नहीं समझ में आ रही भाई आप इस आप इस नियम को सार्वभौम सिद्ध करिए फिर मैं कर रहा हूं नाभ मैं सार्वभौम सिद्ध कर रहा हूं आप जानब पूछ के एक प्रश्न को 20 बार उठा रहे हो आप फिर
00:50:47:21 आप बोलो ना फिर हाथ जोड़ के आप हाथ जोड़ के बोलो कि मैं अल्पमती हूं मेरी एक आध बार में समझ में बात नहीं आती आप चार पांच बोलिए मैं पांच बार बोलूंगा आप यह सिद्ध करिए कि 20 बार बोलने के बात आपकी आप कुछ भी बोलते रहो सामने वाले को समझ में ना आए तो पूछ नहीं सकता। आप यह सिद्ध करिए कहां लिखा है? यह आपका अपना नियम है। हमारा नियम नहीं है। मेरा नियम नहीं है। मैं देख रहा हूं ना आपको बहुत देर से। आप एक ही बात को 20 एक बात आपको बोल दी गई। आपको समझा दी गई। आपकी समझ में बात नहीं आ रही है। मैं उसको खोलूंगा। नहीं आ रही तो आप सुनिए। आप शिव सुनो मेरी बात सुनो। मैं उसे मेरी बात सुनो। मेरी बात सुनो। आप इस बात को आप मुझे एक बात बताओ। सुनो मेरी बात एक बात आपको कोई राइट नहीं है बोलने का आपको समझाना है आप थोड़ी कुछ भी बोलते चले जाओगे बात चलती चली आप सुनो मेरी बात मैं पूछ रहा हूं मैं कुछ नहीं हूं कुछ भी आप बोल रहे हो आप मुझसे बचने के लिए आप कुछ भी आप एक बार पहले ये बोलो मुझे एक बार ये बोलो कि मेरी एक बार में समझ में बात नहीं आती आप चार बार प्रश्न पूछता हूं तो चार बार उत्तर दीजिए आप सनातन सिद्धांत दिखाओ
00:51:52:16 आप मुझे एक बार बताओ ना कि एक बार में मेरी समझ में नहीं आता चार पांच बार बोलो आपको यदि मैं आपकी बात को समझना चाह रहा हूं तो उत्तर देना है या हम लोग दूसरा वो मेन विषय पे आ जाए आ जाओ वही आ जाओ आप आप मैं उत्तर दे चुका चार बार सुनने वाले सुनने वाले सारे लोग सुन चुके हैं समझ चुके हैं आप व आ जाओ नोट करके ये बताइए ये बात जो आपने कही सुनने वाले सारे लोग सुन चुके हैं समझ चुके हैं ये बात क्या मुझे नहीं मालूम है चलिए आपको मालूम है तभी तो आप आप जानबूझ कर के इसी को तो आप आप आपको अगर यह बात समझ में नहीं आई होती ना तो आपको अगर यह बात समझ में नहीं कि हमने बहुत बड़ा झंडा गाड़ लिया जबरदस्ती काहे का झंडा गाड़ लिया अरे जो सुनने वाले सब समझ चुके हैं हंसते हुए क्या झंडा है ये और 20 बार बोली जा चुकी है एक बार आप बोल रहे हो क्या पैरामीटर होगा क्या पैरामीटर होगा बार-बार एक ही बात बोलते रहते हो जा के वहां नकली आर समाज मंदिर में आपकी एग्जैक्ट गतिविधि क्या होगी वो आपने क्लियर नहीं बताया बता दिया मैंने वो जाकर के टीम हमारी जांच करेगी उस चीज से भाग रहे हैं आप भाग नहीं रहा हूं सुनिए आपके पास कोई पैरामीटर है ही नहीं टाइम पास करना आपको करना टाइम पास मेरी बात सुनो आप टाइम पास करने के लिए
00:53:07:20 आपने जब ये बताया से बात करते हैं तो मैं उसको समझना समझना चाहता हूं कि आप जाकर के करते क्या है क्या एक्सजेक्टली आप करते हैं वो आप बताना नहीं चाह रहे मैंने भी एक बार बता दिया मैंने भी एक बार बता दिया अरे भाई वो सुनना है अब सुनना है क्या सुनना है तो चुप हो जाइए पहले सुनना है तो सुनिए नहीं पहले मुझे अपनी भड़ास निकालने दीजिए आपने जो अभी तक आप निकालो ना भड़ास निकालो निकालो निकालो सुनो मेरी बात सुनने के लिए नहीं बैठा सुनने के लिए थोड़ी बैठा हूं इतना टाइम नहीं है मेरे पास तो तुम्हारे पास कोई काम नहीं है घोषित करो ये बात है और कौन होता है अल्पमति अल्पमति किसको कहेंगे अल्पमति किसको कहेंगे अल्पमति किसको कहेंगे अल्पमति किसको कहेंगे फालतू चलाने थोड़ी नीचे बात करना चाहिए और अकर्तव्य के विषय में एक बात शास्त्र प्रमाण है वो बात कर पाओ शास्त्र तक तो पहुंच ही नहीं पा रहे हो शास्त्र तक तो पहुंच ही नहीं पा रहे हो शास्त्र कहां गए थे तुम्हारे जब इस्लाम को स्वीकार कर लेती जब पूरा कश्मीर तुम लोगों ने जब तुम्हारा पूरा कश्मीर इस्लाम में कन्वर्ट करा दिया तब शास्त्र कहां थे जब
00:54:23:00 जातिपात के नाम पर तुम लोगों ने गरीब हमारे हिंदुओं तब शास्त्र जिसके भाग रहे हैं तब धर्म शास्त्र व्यवहारिकता नहीं आएगी और कोई किसी क्षेत्र में काम करके राजी नहीं हो जाओगे शास्त्रों को शास्त्र की शोर मचाते हुए चर्चा करते रहो शास्त्र के अलावा व्यवहारिक बात भी तो होनी चाहिए व्यवहारिकता तो दिखाओ व्यवहारिकता दिखाइए व्यवहारिकता है आपका आपका व्यवहार क्या शास्त्रों से भिन्न चलता है क्या मेरे को तो पूरी निंदा करो पूरी दुनिया में मैं तो कह रहा हूं क्या मेरा व्यवहार गलत है मैं तो सिद्ध आपको सिद्ध करना गलत है ना है क्या आप व्यवहार को पूरा गलत सिद्ध करो मेरे मैं तो कह रहा हूं हां मैं गलत हूं पर वो गलत होने का कारण भी तो है व्यवहार है वो शास्त्रों से इतर चलता है क्या किसका व्यवहार आपका मेरा क्यों चलता है शास्त्र से अलग मैं तो शास्त्र आप भाई साहब आप जब ये मुझसे कह रहे हैं अपने आप को अल्पमति घोषित करो करो क्योंकि आपने ऐसासा किया तो आपको मुझे कुछ ऐसा देना पड़ेगा ना जो मैं भी मानता हूं कि आपने कहा इसलिए मान लूं। आपने बोला अल्पमति किसको कहेंगे इसकी परिभाषा सुन लो जरा मेरे से अगर
00:55:38:02 आपको नहीं आती हो तो एक व्यक्ति को एक व्यक्ति को एक बार में बोल दिया गया बुद्धि सद्बुद्धि मेधा बुद्धि प्रजाज बुद्धितांबरा प्रज्जा बुद्धि ये बुद्धि के प्रकार हैं। समझ गए आप? और जब व्यक्ति एक बार में बोलने से सुन के समझ लेता है और जो बुद्धिमान बोलते हैं जब एक बार बोलने से नहीं समझ में आता। कई कई बार बोलना उसको अल्पमति बोलते हैं और क्या बोले? ठीक है। ठीक है। अब मैं आपसे जो प्रश्न कर रहा हूं इसके उत्तर में आप वही बात बोलिएगा जो आपने पहले बोली है। एक तो आपकी बात बीच में कट जाती है। आपका आपका आपका नेटवर्क चला जाता। कोई बात नहीं। सुनिए सुनिए। अब मुझे बोलने दीजिए। मैंने अभी आपको सुना है। अगर मेरे प्रश्न के उत्तर में आपको नहीं नया शब्द बोलना पड़ा तो इसका मतलब आपका ये कथन गलत हो जाएगा कि मैं आपकी बात को समझ नहीं पाया था। ठीक है। मेरा प्रश्न आपसे यह है कि एग्जजेक्टली वो व्यक्ति वहां जाकर क्या करता है? उसका सबसे पहला प्रश्न क्या होता है उससे? मैं यहां से आया हूं। मैं बैठ रहा हूं। मुझे आपसे सवाल करने हैं। मुझे पता लगाना है कि आप आर्य समाजी हैं कि नहीं? उसकी क्या वो कारवाही होती है? वो गतिविधि क्या होती है? एग्जैक्ट। वो वो पूरी गतिविधि जो निर्णायक मंडल जाता है वो निर्णायक मंडल व्यवस्थित जाकर के वहां पर जांच करता है। उस व्यक्ति को पूछता है जो व्यक्ति
00:56:53:06 वहां का अध्यक्ष है या उस जांच करने की व्यवहारिक विधि पूछ रहा हूं आपसे। क्या प्रश्न करोगे उससे जाकर के? मैंने आप मेरे सवाल का उत्तर नहीं है। आपके आपके सवाल का ही उत्तर दे रहा हूं। सुनो जरा। आप अगर सुनने की हिम्मत रखते हो सुनो ना। बीच में नहीं टोकना आप बीच में नहीं टोकना। बोलिए। एक प्रतिनिधि मंडल जाता है। प्रतिनिधि मंडल जाकर के वहां के अधिकारियों को, पुरोहित को सबको इकट्ठा करके बैठता है। उनकी जांच करता है। जांच करने के बाद में वो पूछता है उनसे प्रश्न भाई साहब जांच करने के लिए कुछ चीजें होंगी वो बताइए क्या-क्या करता है। वही बता सुनते सुनते तो हो नहीं आप बीच में बोल पड़ते हो। आप इसलिए सुनिए आप आप सुनिए पहले। बोलिए वो जाकर के उन लोगों से पूछता है। प्रश्न पूछता है। प्रतिनिधिमंडल कोई मूर्खों का नहीं। प्रतिमंडल विद्वानों का एग्जांपल देते चलिए। फॉर एग्जांपल फॉर एग्जांपल जैसे आप आपने गलत गलत गतिविधि चला रखी है। आपके पास एक टीम आएगी। टीम आ के आपसे प्रश्न पूछेगी। प्रश्न पूछेगी कि आप आर्य समाज चलाते हैं और आप अगर आर्य समाज में कुछ गलत काम करते हैं तो आर्य समाज का नियम कायदा कानून ये नहीं कहता कि हम गलत रास्ते पर चलेंगे। हम सनातन के विरोध में कोई काम करेंगे। तो व्यक्ति आपसे प्रश्न पूछेंगे। जो प्रतिनिधि मंडल है वो उसका पहला प्रश्न यही होगा क्या आप आर्य समाज को जानते हैं? अगर जानते हैं तो आर्य समाज के विषय में पूछेगा कि
00:58:08:09 कितने नियम है? अगर नियम है तो किस-किस नियम का क्या अर्थ निकलता है? वो सब आपसे पूछा जाएगा और अगर आप वो बता पाते हो आपसे पूछा आप संध्या करते हो कि नहीं करते हवन करते हो कि नहीं करते। अगर यह काम व्यक्ति करता होगा तो वो गलत काम नहीं करेगा। समझ गए ये हमारा पैरामीटर है। और अगर वो ये सब काम नहीं करता। आप सुनिए मैं आपकी बात समझ गया। बहुत बढ़िया बात बताई आपने। इसमें भी कुछ क्वेश्चन है। इसमें भी कुछ क्वेश्चन है। पर मैं अभी एक बात बताऊं। आपने जो ये सारी विधि बताई जो अब मुझे समझ में आई क्या ये विधि आप पहले बता चुके हैं? किसको? अभी जो आपने खोल के बताया है कि वो ऐसे ऐसे आपको ये शब्द पहले यूज़ किए थे क्या? आप रिपीट कर लीजिए। आप रिपीट कर लीजिए। रिपीट कर लीजिए ना। रिपीट कर लीजिए। रिपीट कर लीजिए। क्या रिपीट कर लूं? जो मैंने बोला था पहले और यह वाला। हां कर लीजिए भैया इनका पहले का लगाओ जो मैंने पूछा है क्या इन्होंने वाली यह वाला जो इनका क्लिप है यह दिखाओ और इन्होंने पहले जो आंसर दिया है वो दिखाओ दिखाओ इनको दिखाओ जरा एक बार
00:59:15:24 हम अभी आपने जो ये सब बातें कही है कि हम उससे बात करेंगे तुम ये जो गतिविधियां कर रहे हो और तुम आर्य समाज के 10 नियम जानते हो कि नहीं जानते हो ये सब बातें आपने पहले बोल दी है उससे करते हो कि नहीं आपने कहा करता है कि नहीं आपने कहा करता है कि नहीं जानबूझकर जानबूझ के जानबूझ के आप रिपीट करो ना आप दिखाओ ना मेरे पास रिकॉर्डिंग है मेरे पास रिकॉर्डिंग है मेरे पास रिकॉर्डिंग है मेरे पास रिकॉर्डिंग है मेरे पास रिकॉर्डिंग है मेरे पास रिकॉर्डिंग है आप उसका ढिंढोरा मत पीतो। अभी हम दिखा रहे हैं आपको। आपने पहले दिखाओ। दिखाओ जरा। इनका दिखाइए। जब मैंने पूछा था कि ये निर्णय कैसे होता है कि आर्य समाज नकली है कि असली तो इन्होंने क्या बताया था वहां पर और मैं पूछ रहा हूं कि आप जाकर के वहां क्या करेंगे एक्सैक्टली वो क्या-क्या चीजें होंगी?
01:00:18:02 वॉल्यूम भेजना। बुक का नाम होगा ना उसका कोई? आर्य समाज का अपना लॉ है। आर्य समाज के सारे जितने भी हमारे कार्यालय हैं सब कार्यालय में उपलब्ध होता है। सबको दिया जाता है। नाम है कोई आर्य समाज के नियम ही नाम है उसका। ऐसे लिखा है आर्य समाज के नियम। आर्य समाज के नियम और दयानंद जी दयानंद जी द्वारा कृत दयानंद जी द्वारा ठीक है। दूसरी बात अब दूसरी बात है। अब दूसरी बात ये आती है जैसे कि आपने बताया कि भाई हमने कई आर्य समाज मंदिर बंद कराए नकली वाले। तो आपने बंद कराने से पहले क्या वहां पर ऐसा देखा था कि इसको मंत्र आते हैं कि नहीं यहां सत्संग होता है कि नहीं या ये सब ऐसा कुछ चेक किया था ने प्रश्न उठाया था ना जो लोग गलत काम कर रहे थे हमारी बहन बेटियों को दूसरे मजहब वालों के साथ में भेज रहे थे वो यही गंदा काम कर रहे थे नहीं वो तो वो तो ये कहते हैं हम तो हिंदू शुद्धि आंदोलन करा करके हिंदू में भेज रहे एक मिनट एक मिनट इन्होने यहां पर क्या बताया कि वो लोग गंदा काम कर रहे थे ठीक है इनका पैरामीटर ये था वो लोग गंदा काम वो बहन बेटियों की शादी उनके साथ करते हैं कि नहीं करते हैं। यह पैरामीटर इन्होंने यहां पे बताया है। अभी इन्होंने लास्ट में जब मैं खोल के इनको पूछना चाह रहा हूं तो इन्होंने क्या-क्या बताया? दिखाओ इनको लास्ट वाला। लास्ट वाला दिखाओ इन्होंने क्या-क्या बताया? दिखाओ जरा। क्या बोला?
01:01:33:18 जब ये मुझसे कह रहे हैं अपने को क्या प्रश्न करोगे उससे जा के? जा के वहां के अधिकारियों को, पुलिस को सबको इकट्ठा करके बैठता है। भैया एक ही बात है क्या? मैं नहीं सुनो मेरी बात। सुनो मेरी बात सुनो ना। एक एक बात को एक जो आप ना आप आप यही चतुराई दिखाते हो हर बार आप जो चतुराई दिखाते हो ना शिवश यही चतुराई दिखाते हो हर जगह सुनो मेरी बात ये एक बार एक बार नहीं बोला कई बार बोला गया है सब आगे का विषय को लो यहां से आगे का विषय यहां से आगे का विषय लीजिए ना यहां से आगे का विषय लो यहां से आगे का विषय लो यहां से आगे का विषय लीजिए आगे लीजिए आगे आगे लीजिए आगे बोलो ना मैंने बोला है ना आगे लो ना इससे उन 20 बारों में लो
01:02:17:10 अरे इससे आगे लो आगे क्या बोला मैंने आगे लो ना इससे इसे आगे बढ़ाओ जरा इसी से और आगे दिखाओ जरा आगे चलाओ इसको क्या लेकिन ये कुछ आगे बताइए क्या सुनते सुनते तो सुनिए सुनिए पहले वो जा के हम लोगों से पूछता है प्रश्न पूछता है प्रतिनिधि मंडल का मूल होता है ममंडल विद्वानों का देते चलिए जो अभी पहले सुनाया था हिंदू शब्द से मेरे को बात करनी है। वो विषय तो नहीं था। फिर भी आपको लगा ना कि इस पर बात की जाए। इसी तरीके हो। दूसरी बात साप्ताहिक सत्संग होता है कि नहीं होता। कितने साल तक होता रहा? कितने लोग सदस्य हैं? सदस्य कि आर्य समाज के द्वारा ये निर्धारित किया जाएगा किस आर्य समाज की किस पॉइंट के द्वारा ये निर्धारित किया जाएगा कि कौन सा आर्य समाज असली या नकली है। ये आर्य समाज के द्वारा प्रमाणिक माने जाने वाले शास्त्रों में कहां पर दी गई है ये व्यवस्था। उसके कारण हम सामने वाले को मनवा सके कि नहीं ये आर्य समाज नहीं है। ये देख शास्त्रों में लिखा है। जैसे अगर मनवाना होगा आर्य समाज ने अपना एक नियम बनाया हुआ है अपना एक लॉ है आर्य समाज का और वो लॉ कहता है कि भाई कितने समय तक कहां सत्संग होना चाहिए कौन व्यक्ति को संध्या हवन के मंत्र आने चाहिए किस व्यक्ति को ये सारे मंत्र याद है या नहीं है उसका पूरा की पूरी परीक्षा हो दूसरी बात साप्ताहिक सत्संग होता है कि नहीं होता कितने साल तक होता रहा कितने लोग सदस्य बोल रहा है मैं
01:03:32:16 पूछ रहा हूं एक्सजेक्टली वहां पे जो परीक्षा होगी किस प्रकार से होगी मेरा प्रश्न ये है तो आप बता रहे हो कि हम उससे पूछेंगे परीक्षा ऐसे भी ली जा सकती है कि हम छुप के जासूसी कर रहे हैं करता कि नहीं करता है। यह आप कह रहे थे। आप कह रहे यह आप बोल रहे थे कि परीक्षा कैसे ली जाएगी? मैं बोल रहा था यह परीक्षा का यह कोई व्यवस्था नहीं। सीधे जाने बता दी वो बात मेरा प्रश्न नया है। मेरा उत्तर नया है। तो क्यों कह रहे हो? 20 बार हम दे चुके आपके प्रश्न। अरे सुनो मेरी बात। जब आप जब आपको समझ में नहीं आ रहा एक बात मैंने मोटा-मोटी बोल दी। आपकी समझ में नहीं आ रहा तो मुझे तो गहराई से बताना पड़ेगा ना। फिर एक एक बात खोल करके पत्ते बताने पड़ेंगे ना। जब आपको मैंने बोल दी आपकी समझ में नहीं आया। फिर आप बार-बार निकालना पड़ेगा। मुझे समझाने का दूसरा तरीका निकालना पड़ेगा। जब आप समझने को तैयार नहीं हो। आपको समझाने का मुझे दूसरा तरीका निकालना पड़ेगा। अगर आप समझने को तैयार नहीं हो तो जब आप नहीं समझोगे तो जब आप जांच करने की बात करते हो तो उसका अर्थ यह भी हो सकता है कि हम दूरबीन लेकर के चेक कर रहे हैं। यह जरूरी नहीं कि हम उससे पूछे। पूछेंगे, पूछेंगे, पूछेंगे, पूछेंगे। आपने अब कहा है 21वीं बार में मैं बोल चुका हूं पहले भी जब
01:04:47:18 आपकी समझ में बात नहीं आती है तो मुझे बार-बार तरीके से समझाना पड़ता है और गहराई में और गहराई में जाके समझाना पड़ रहा है एक बात को खोल खोल करके आपको इसलिए समझाना पड़ रहा है क्योंकि आप समझने को तैयार नहीं है जो गोलगोल वाली बातें हैं उनको गुर्दा पुआ खा के सामने वाला चल दे और ऐसे करता रहे आपके पीछे पीछे चल दे मेरे पीछे क्यों चलते हो शंकराचार्य जी के पीछे चलो शंकराचार्य जी के पीछे चलो मेरे पीछे चलोगे तो मेरे पीछे चलोगे तो बहिष्कृत हो जाओगे स्वामी दयानंद मैं दयानंद के पीछे चलता हूं आप मेरे पीछे चलोगे तो बहिष्कृत हो जाओगे गोलगोल गोलगोल खा नहीं चलता हरि समाज का जो व्यक्ति है समाज का व्यक्ति गोलगोल खा के नहीं चलता समाज का वो आपने पिछले 20 बार में नहीं बताई आपने 21वीं बार में जो बात बताई वो आपने पिछले 20 बार में नहीं बताई तो आपका यह कहना है आपको इसलिए समझा रहा हूं जब एक बात आपको समझाई गई मुझे तरीका बदलना पड़ेगा मुझे तरीका तब बदलना पड़ता है जब आप समझते नहीं सामरे स्यम समाचार आप सुना है आपने एक वाक्य है घोषित करो और किसको अल्पमति बोलेंगे अल्पमति किसको बोलेंगे मैंने बोल दिया आर्य
01:06:02:21 समाज के दुनिया नियम के अनुसार जा के जांच करेंगे बात खत्म हो गई आपने कहा और बताइएगा और बताइएगा समझाया वो ये समझाया कि जांच होती है उसका एमलीफाई कैसे करते हैं इंप्लीमेंटेशन कैसे होता है व्यवहारिक स्वरूप क्या है वो आपने 21वीं बार में आपने एक ही प्रश्न बार-बार किया कि नहीं किया आप बोलो आपने एक ही प्रश्न बार-बार किया कि नहीं किया आपने भाई एक ही प्रश्न नहीं किया मैं उसको आगे आपने किया आप एक ही प्रश्न करते रहे कि उसका क्या जांच करेंगे मैं कर रहा हूं आप कह रहे हैं जांच होती है जांच करने के कई तरीके हैं छुप के सामने से आप कह रहे हो वो आप कह रहे हो छुप के जांच करने का मैंने कोई छुप के जांच का विषय नहीं दिया यहां छुप के जासूसी नहीं होती आर्य समाज में आपने यह भी नहीं बताया था 20 बार आपने यह भी नहीं बताया था 20 बार कि मुझसे जाकर मैं बता चुका हूं आपको आपको मैंने बोला प्रतिनिधि मंडल जाएगा वो जांच करेगा वहां बताया था भाई साहब आपने नहीं बताया भाई बताएं आप आप क्या बात नहीं बताया मैं कई बार बोल चुका हूं इस विषय को पूरा वीडियो दिखा दो इनको पीछे से के इन्होंने पीछे से क्या बोला बाद में क्या बोला है और दोनों लाइनों में अंतर है कि नहीं दिखाओ अंतर तो आपकी भाषा में भी होगा आप जो सेंटेंस बोल रहे हो क्या एक ही शब्द बोलोगे बार-बार नहीं होगा
01:07:17:22 शब्द क्या टाइमिंग वही होगी शब्द की आप जबरदस्ती जड़ खोद करके जो आप विषय से भटक रहे हो शिवश आप विषय से भटक रहे हो आपको आप विषय से भटक रहे हो जब जानबूझ कर आप जान के विषय से भटक रहे हो आपके जो शब्द है जो सेंटेंस आप बोलते हो क्या उसी सेंटेंस को आप 20 बार में लगातार वैसे मैं भाई साहब नहीं कह रहा मैं कह रहा हूं जो आपकी भावना मैं भी यही कह रहा हूं मेरी भाषा बदलेगी अगर आप एक ही क्वेश्चन बार-बोगे बार में नई भावना थी
01:07:49:03 आप जब एक ही क्वेश्चन को बार-बार करोगे तो मुझे समझाने का तरीका बदलना पड़ेगा ऐसा नहीं है मैंने मैंने ऐसा ही होता है आप लोग क्या करते हैं वहां जाकर के बात सुनो क्लास में जब टीचर पढ़ाता है ना और एक जगह पढ़ाता है 50 स्टूडेंट बैठे होते हैं सबकी समझ में आ जाता है क्या बात कुछ बच्चे ऐसे होते हैं जिनकी समझ में नहीं आता है उनको बुलाए आपने जो 20 बार मुझे आंसर दिया था वो 21वीं बार में नहीं दिया आपने नया नहीं दिया ना दिया बच्चा सुनो इनको चला के आंसर दे दो आंसर दे दूं आपको आंसर देता हूं सुनो अभी मैं समझ दूंगा आपको इनको चला के आपको आप इनको आप आंसर इसको मत दिखाइए। आप मेरा आंसर सुनिएगा जरा। मैं आपको आंसर दे रहा हूं। सुनो मेरे पास इतना समय नहीं है। एक ही बात को 2020 बार घोटा जाए। मेरी बात सुनिएगा जरा। आप अभी भी आपकी बात में आपको उत्तर दे रहा हूं। ये ध्यान रखिएगा। आपने किसी बार में आंसर दिया है। वो भी कंप्लीट नहीं है। मैं उसको फिर खोलूंगा। आप इस बार क्वेश्चन कीजिए। अब मेरी बात सुनिएगा। अब मैं उत्तर दे रहा हूं। बोलिए मत। अब उत्तर दे रहा हूं। सुनिए। एक अध्यापक ने 50 स्टूडेंट
01:09:04:04 की क्लास में पढ़ाया। दो चार स्टूडेंट की उत्तर समझ में आया। कुछ की नहीं आया। फिर उन्होंने दोबारा पढ़ाया। फिर कुछ की समझ में आया। फिर तीसरी बार पढ़ाया। फिर कुछ की समझ में आया। फिर कुछ बच्चे ऐसे थे जो कई बार पढ़ाने पे भी समझ नहीं आया। क्लास में टीचर ने उनको अलग किया। अलग-अलग करके बहुत तरीके से बड़े डीपली उनको गहराई से टीचर ने पढ़ाया। उनकी समझ में आया। ऐसा ही होता है। और वो टीचर टीचर से वो बच्चे प्रश्न करें कि गुरु जी आपने जब पहले क्लास में पढ़ाया था तो आपने ये उत्तर दिया था। अब जो पढ़ा रहे हैं आप यह उत्तर दे रहे हो। पहले तो आपने यह बताया था। उन बच्चों को यह बताया था। मुझे यह बता रहे हो। तो आपका प्रश्न वो वाला है। समझने का प्रयास करो अपने को। इसका अब आप उत्तर सुनिए इसका। उन बच्चों को ये नहीं कहा जाता है कि तुम मूर्ख हो। इसलिए हम तुम्हें अलग से बता रहे हैं। समझे? उनको यह नहीं कहा जाता। आवाज कट जाती है। बीच में तो आपकी आवाज कट आपकी आवाज रिपीट कर दीजिए। क्या बोला? सुनिए। क्या बोला रिपीट? जी जो आपने पीछे से बताया है वह यह बताया है कि हमारे हमारा सिद्धांत क्या है? जांच होती है मगर जांच होने का अर्थ यह भी हो सकता है कि जासूसी हो और जांच होने का अर्थ यह भी हो सकता है कि सामने बैठ के कोई रिटन टेस्ट हो। जांच होने का अर्थ यह भी हो सकता है कि सामने बैठ के कोई ओरल टेस्ट हो। तो अगर इसमें मुझे समझना है कि ओरल होता है, रिटन
01:10:19:15 होता है कि जासूसी होती है तो मैं प्रश्न कर रहा हूं। ये एक नया प्रश्न है अपने आप में। ठीक है? तो आप यह नहीं कह सकते कि वही बात समझाई जा रही है। जब आपने कहा जांच करते हैं तो जांच करने का मतलब यह भी हो सकता है रिटन टेस्ट हो। अब आप मुझे या तो शास्त्रों से दिखा दीजिए कि जांच करने का अर्थ वही होता है जो आपने 21वीं बार में बताया। तो यह माना जाएगा कि मैं समझ नहीं पाया था। मैं अल्पबुद्धि हूं। या फिर आप मुझे बताइए कि आपने ऐसा क्यों कहा कि मैं अल्पबुद्धि हूं। आप अल्प बुद्धि पर टिके रहना चाहते हैं। आप यही घोषित होना चाहते हैं सुनो ना मेरी। अगर आप सुनो ना मेरी बात। अरे शिवश सुनो यार आप आप अगर अपने आप को यह बुद्धिमान मानना चाहते हो ना कि आप बुद्धिमान हो इसीलिए आप दर्शन कर रहे हो तो आप आपको मैं बुद्धिमान घोषित कर दूं मेरा टंका लगाने से आप बुद्धिमान थोड़ी हो जाओगे मैं अगर एक बार आपको बोल दूं कि आप बुद्धिमान हो तो मेरे मेरे बुद्धिमान कहने मात्र से आप बुद्धिमान थोड़ी हो जाओगे ये तो आप आप जो सबके कमेंट पढ़ लीजिए आप आप कमेंट पढ़ लीजिए आप जो लोग जुड़े हैं उनको पढ़ लीजिए आपकी समझ में आ जाएगा पूरा मैं आपको जो विषय आप आप जो बार-ब एक ही विषय को रहे हैं ना आपको यही तो चाहते मैं आपको बुद्धिमान कह देता हूं मेरे बुद्धिमान कहने मात्र से अगर आप बुद्धिमान होते तो आप तो महाुद्धिमान हो
01:11:34:19 गए आपने कहा कि आपकी टीम जाती है उससे पूछती है 10 नियम ठीक है आर्य समाज के 10 नियम उसे आते हैं कि नहीं यह पूछती है और यह पूछती है कि तुम संज्ञा वंदन करते हो कि नहीं तो थोड़ी देर के लिए मान लीजिए कि मैं वो व्यक्ति हूं जिसने नकली आर्य समाज खोल रखा है आप मुझसे पूछिए अब मैंने आपको 10 नियम भी बता दिए। बता दिए ऐसे थोड़ी होगा। ऐसे परीक्षा नहीं होती। आप बताओ ना नियम पूरा मेरा प्रश्न पूरा होने दीजिए। बोलिए बोलिए बोलिए बोलो। अगर मैंने आपको 10 नियम बता दिए। आपने पूछा कि मैं संध्या वंदन करता हूं कि नहीं। मैंने आपको बोल दिया कि हां मैं करता हूं। तो हो गया मैं। ओके हो गया। क्या विद्वान व्यक्ति गलत काम नहीं कर
01:12:24:10 सकता? जिसको वेद जिसको वेद मंत्र रटे हो जिसको आपके 10 वो नियम रटे हो वो गलत काम नहीं कर सकता। क्या वो जो गलत काम करने वाला है वो आपसे झूठ नहीं बोल सकता कि मैं संध्या वंदन करता हूं। आपका प्रश्न पूरा हो गया। उत्तर दे दूं। हां बोलिए। आप बोलिए मत बीच में। आप बोल बोलिए। आप सुनो जरा उत्तर बोलिए। आर्य समाज के आर्य समाज के उसने नियम बता दिए। उसने बोला कि मैं संध्या वंदन करता हूं। उसने बोल दिया तो संध्या के मंत्र सुना दीजिए जरा और संध्या के मंत्र सुना दीजिए। अगर सुनो मंत्रों का भाव क्या है? अर्थ सुना दीजिएगा। मतलब आपका कहने का मतलब ये है कि जो विद्वान व्यक्ति होता है वो गलत काम नहीं करता। जो अगर मंत्रों का अर्थ सहित जो जो मंत्र जानता होगा वो जो है गलत काम नहीं करेगा। ये मैंने नहीं बोला है आपको। तो मैंने दुनिया का ठेका नहीं लिया। पर मेरी आर्य समाज में अगर व्यक्ति यह काम कर रहा है तो उसको निष्कासित किया जाएगा। किसको निष्कासित किया जाएगा? आर्य समाज से उसको निकाला जाएगा। पूरी दुनिया में मंत्र बोल के गलत करेगा कि नहीं करेगा? कितने पर आधारित है यह बात। कितने पोंगे पंडे कितने ऐसे धूर्त बन के लोगों को रोजग रहे हैं। लोगों के साथ में लोग गड़बड़ काम कर रहे हैं। वो
01:13:39:15 मंत्र बोल के कर रहे हैं। तो उसको मैं लगा दूं कि वो सारे ठीक करते हैं। ये कहां पे लिखा है आर्य समाज के आर्य समाज है वो सनातन शास्त्रों पर आधारित है कि अपना मनगढ़ंत है मनगढ़ंत नहीं है सनातन शास्त्रों पर आधारित है तो आप मुझे बताइए ये कहां लिखा है कि जिसको मंत्र रटे होंगे उनका अर्थ भी जानता होगा वो जो है अपराधी नहीं हो सकता ये मैंने कब बोला आपको आपको मैंने कब बोला आपको मैंने कब बोला नहीं लिया है अभी तो अभी तो अभी तो अभी तो एक शंकराचार्य और अभी एक और विद्वान आदमी और मुसलमानों का समर्थन कर रहा मुसलमानों का समर्थन कर रहा तो मैं मंत्र मंत्र बोलने वालों के मंत्र के अर्थ वालों का समर्थन नहीं करता सुनो मेरी बात कोई मंत्र याद होगा उसको तो होगा ये मैंने नहीं बोला ये आप अपनी मर्जी से व्याख्या कर रहे हो शिवश ये तो मौलानाओं का मुल्लाओं का समर्थन कर रहा है शंकराचार्य जाओ ना एक बार देखो ये आप बता दीजिए आपकी व्याख्या क्या है यह आप बता दीजिए जी मैं बता चुका आपको व्याख्या मैंने बता दिया एक बार दोबारा दोबारा मेरे पास मैं बार-बार बार-बार इन सब चीजों को रिपीट नहीं करता अगले विषय पर आइए मेरे पास इतना समय नहीं है मैं आपसे
01:14:54:21 अगला प्रश्न कर रहा हूं अगला प्रश्न वो कीजिए जो आपने लिख करके दिया था बातों को घोट मत हलवे की तरह ये बात ये बात नहीं करनी ना वाला विषय नहीं करना मैं बोल उत्तर दे चुका हूं उत्तर दे चुका हूं उत्तर दे चुका हूं उसमें जड़ बाकी है आप संतुष्ट नहीं हो 20 दिन तक 20 दिन थोड़ी डिबेट चलेगी। आपको संतुष्ट करने का ठेका नहीं है। आपको संतुष्ट करने का ठेका नहीं लेकर के बैठा के संतुष्ट करूंगा। आपको प्रश्न किया मैंने उत्तर दिया। बाकी है। अभी बहुत से क्वेश्चन उसमें बाकी है। अरे हजार प्रश्न बाकी होंगे। उस विषय पर डिबेट कर लीजिए। नहीं तो आपके नहीं तो आपके मन की बात मन में रह जाएगी। जिस बात आपके मन की बात मन में रह जाएगी। आप लगा और श्स डालते हो श्स डालते हो श्स छोटे-छोटे शते हो ना उसपे आ रहा हूं जो आपको लिख करके वो लिखा गया था मैं उसपे आ रहा हूं उसपे आ जाइए जरा उसी पे आ जाइए हम्म जी तो बताइए क्या आर्य समाज के द्वारा प्रतिपादित परिभाषित होने वाला जो ईश्वर है वो सर्वशक्तिमान अनंत सामर्थ्यवान है कि नहीं?
01:16:06:26 ठीक है उत्तर ले लीजिए आप बताइए एक तो आप जब बोलते हैं ना तो आपकी आवाज कट जाती है बीच में आपका नेटवर्क चला जा रहा है तो अभी जो आपने सेंटेंस बोला ना ये आधा मुझे समझ में आया बाद में आपने क्या बोला ये मुझे समझ में नहीं आया बोल देता हूं दोबारा एक मिनट आपने एक दोबारा बोल दीजिए आप एक बार आप हम अभी आ रही है आवाज हां अब आ रही है हां तो पहले बताना चाहिए था ना आवाज वो हो रही है मिस ठीक है कोई बात नहीं मैंने कई बार बोला भी है आपने हां बोलिए तो क्या है क्या आर्य समाज के द्वारा प्रतिपादित परिभाषित होने वाला ईश्वर सर्वशक्तिमान अनंत सामर्थ्यवान है कि नहीं है बताइए क्या वह अवतार ले सकता है? अब मेरा आपसे प्रश्न है कि अवतार लेने की जरूरत क्या है? और बता दीजिए जरा। अंगूर अंगूर अंगूर मतलब भाई मैंने जो प्रश्न किया उस प्रश्न का उत्तर ना देके आपने कुछ और बात कही। तो आपने जो प्रश्न किया उसका उत्तर
01:17:22:02 ना देके मैं कुछ और बोल रहा हूं। कुछ और नहीं मैंने प्रश्न किया आपने पूछा है अनंत अवतार नहीं आपके आपका पिक्सल फिक्स हो गया उसका उत्तर दिया क्या आपने दे रहा हूं ना उसी का उत्तर दे रहा हूं धैर्य जरूरत क्या है धर्म का धर्म का पहला लक्षण है शिवश धैर्य धैर्य रखो धैर्य धैर्य रखो एक मिनट नेट कट रहा है आपका नेट कट रहा है चेक करें नहीं आपका कट रहा है आपका नेटवर्क गया है मेरा नहीं आपका नेट कट रहा है आपका साहब आपका पिक्चर हमारा नेट ठीक है। हमारा नेट ठीक
01:18:17:16 है। लड़ने बैठे हुए हैं भाई। अच्छा दादा अंगूर इसीलिए कहते हैं आहान का कोर्स करिए। यह सब चीजें आएंगी प्रैक्टिस में।
01:19:01:01 रामपाली भी है क्या देख रहे हैं जो लड़ने बैठे हुए हैं भाई मौका मिल जाए तो आ जाओ भैया कुलदीप जी आ जाइए आप भी आ जाइए आपको भी दे दे बैंगन अंगूर कुछ दे दे
01:19:32:25 आपको भी आ जाइए कुछ आपको भी दे दे पूछा है उसका उत्तर कुछ और बोल रहे हैं तो हम भी कुछ और बोलेंगे ना आ जाइए भैया कहां चले गए?
01:20:39:10 अंगूर वाला कैसा लगा सभी को? जब भी किसी से पूछोगे तो यही होता है विषयंतर। जी हां विषय पर आने के लिए बोल रहे थे भैया तैयारी की होगी। [संगीत]
01:21:40:19 आ जाइए कुलदीप जी नेट खत्म हो गया क्या आपका हां जी बताइए
01:22:13:14 भाई आपका पिक्चर जो है फ्रीज है वो भी मेरे तो प्रॉब्लम नहीं है आपका शायद फोन हीट हो गया होगा ज्यादा देर वॉइस आवाज आ रही है पर कट रही है आपका नेट या तो खत्म हो गया है या आपका जो फोन है वो हीट हो गया शायद जिस कारण से ऐसा हो रहा है ना हीट हुआ है नेट खत्म हुआ है आवाज
01:22:49:16 आपको आवाज कट रही है आपकी तब तक इनके के उसकी विवेचना कर ले जो इन्होंने उत्तर दिया है क्योंकि आने में उनको समय लग रहा है। इन्होंने बताया कि जो इनका वाइट कॉलर आर्य समाज है वह ब्लैक कॉलर आर्य समाज वालों को जाकर के प्रश्न करता है और वो ये चेक करता है कि उसको वेद मंत्र आते हैं कि नहीं। वो संध्या वंदन करता है कि नहीं। क्योंकि ऐसा करने वाला जो है गलत व्यक्ति नहीं हो सकता। मगर मेरे ख्याल से मुझे नहीं लगता फिर यह रावण को जो है मानते हैं कि वह विद्वान था शास्त्रों का हम वो तो गलत व्यक्ति था फिर
01:24:04:27 कैसे वो भी संध्या वंदन भी करता था यहां तो झूठ भी बोल सकते हैं वो तो संध्या वंदन करता था तो ये एक दिक्कत है। दूसरी बात प्रॉब्लम ये है कि निर्णय लेने वाला कौन होगा? ये भी एक प्रॉब्लम है। निर्णय कौन लेगा? भाई वो ये कहेगा मैं मैं क्यों मानू कि इसने मेरी जांच की और इसने अपनी जांच में ये पाया कि मैं गलत हूं। ये कौन होता है? ये निर्णय लेने वाला कौन होगा? मैं एक्चुअली मैं इनकी जो विकृति है सिस्टम में वो सामने लाने का प्रयास कर रहा हूं। क्योंकि इनके यहां परंपरा नहीं है। उत्तराधिकारी बैठेगा वो अगला बताएगा कौन होगा क्या नहीं। उस परंपरा के सिद्धांत के अभाव में आप किसी को बाउंट नहीं कर सकते। यही सही है। निर्णायक कोई हो ही नहीं सकता। सब लोकतंत्र चलेगा और लोकतंत्र चलेगा तो नकली आर्य समाज को लेंगे आराम से। विकृति फैलाएंगे और आप कुछ नहीं कह सकते। ये जो है नकली है और ये हमारा नहीं है। कुछ नहीं चल रहा है। अभी जाएंगे कवर करने। रायपुर उसको वेद मंत्र भी आते सब आता है। तो चल रहा है वहां पर आर्य समाज छत्तीसगढ़ में।
01:25:18:04 और भाई इनके यहां पर तो आर्य समाज को मानने वाले लोग भी ऐसा करवा रहे हैं ना। अच्छा अच्छा तब क्या करोगे? वास्तव में कोई जब मुस्लिम तुम्हारा बनाया हुआ जो मुस्लिम से हिंदू है वो आ जाएगा जब शादी करने तब क्या करोगे? बहुत सी दिक्कत है भाई। वो बात खत्म। अभी ऐसे कैसे हो जाएगी? मोटा मोटा हमने बता दिया। मान लो मोटा मोटा हमने बता दिया। परंपरा प्राप्त आचार्यों की शरण में आ जाओ मुक्ति हो जाएगी और उनके विरुद्ध बातें मत फैलाओ मान लो तब बाल की खाल निकालोगे ना निकाली तो है सत्यार्थ प्रकाश में अपने जो कुतर्क है उनको दिया तो है
01:26:08:26 चार्जर मुझे लगा था कि इनसे बड़ी वैसी चर्चा होगी। असल में जब वहां बात कर रहे थे तो मित्र मित्र करके बात कर रहे थे और आज तक जब भी इनसे कभी बात हुई तो बहुत लाइट सी बात हुई है। मगर यह तो उतना ही उसमें आए हैं। अग्रेसिव मोड में चलिए फिर किसी दिन रखते हैं क्योंकि काफी देर हो चुकी है ऑलरेडी।
01:26:40:28 आए नहीं वह दोबारा अंगूर सुन के या शायद उनको कोई परेशानी हो रही है आने में। विकास दास जल्दी देख लीजिए भाई। डेढ़ घंटा हो चुका है ऑलरेडी। किसी और दिन दोबारा कर ले आयोजित। इस दुनिया में जो लोग जन्म लेते हैं ना इन्हीं के अकॉर्डिंगली इनके अकॉर्डिंगली वो इसलिए लेते हैं क्योंकि उनका जो सच्चिदानंद वाला मोक्ष का समय है उससे मन ऊब जाता है। इसलिए वो धरती में आते हैं मन ऊब जाने के कारण। ठीक है? भोग के लिए आते हैं। तो शंकराचार्यों की शरण छोड़ के जो लोग भाग रहे हैं वो भोग के लिए भाग रहे हैं। हमको वहां भोग मिल जाए। हमको वो मिल जाए। वो नियम मर्यादा थोड़ी कम हो जाए। उसके लिए भाग है। तो सूर्य
01:27:56:09 के प्रकाश जो जुगनू और उल्लू होते हैं वो सूर्य के प्रकाश की ओर आकर्षित
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→ Used in: A · Live क्या रामपाल अब भी कामवासना में फँसा हुआ है? पाखंडी का गीता ज्ञान भाग 10 अध्याय 5 at 9:17 ↗
01:28:02:28 नहीं होते हैं। टिमटिमाते हुए दिए इत्यादि की ओर आकर्षित होते हैं। तो जुगनू और उल्लूओं का सूर्य के प्रकाश की ओर आकर्षित ना होने में सूर्य के सामर्थ्य का दोष नहीं है। जुगनू और उल्लू के
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01:28:15:25 असमर्थ का दोष है। विकास दास आप आना चाहते हैं क्या? मतलब आप आ के कुछ भी व्यक्तिगत होते चले जाओ पर्सनल होते चले जाओ कि आप अपने आप को मूर्ख कहो मंदबुद्धि कहो मंदबुद्धि घोषित कर दो सामने वाले को हम आपसे नहीं व्यक्तिगत कटाक्ष नहीं कर रहे कि आप ये कर रहे हो एडवांस कर रहे हो ये कर रहे हो वो कर रहे हो हम तो यह नहीं कर रहे सवाल जवाब सिंपल आपको सवालों से दिक्कत हो रही है क्योंकि मैं कुरद रहा हूं उसको खोल रहा हूं एक एक परत आपको परत नहीं खुलने देनी है। छुपाना है उस बात
01:29:17:24 को। आपकी बात का जवाब दे दिया गया अजनेश जी और आपको कोई आपत्ति है तो आ जाइए इसी दिन। काफी देर हो रही है। अब रहने देते हैं। वो आए नहीं है। लिंक दे दीजिए। विकास दास आना चाहे तो आ जाए। केवल विकास दास के लिए दिया जा रहा है। और कोई नहीं आए।
01:30:00:19 वो आ रहे हैं। ठीक है। जय श्री राम। लगातार यूं ही चर्चा हो रही है आज बढ़िया सी प्यारी सी सॉफ्ट सॉफ्ट वाली जैसे एक बार एक हरे कृष्णा मूवमेंट को मानने वाले एक सज्जन आए थे
01:30:43:12 ना मुझे लगा था कि उनके साथ हो रही हो उनके इनके जैसी वार्ता होगी आज। ये तो एकदम खोखियाए बैठे थे। वो किस-किस को मजा आया था। उसमें वो आनंद आया आप लोगों को जब क्या वो क्या वो अवतार ले सकता है उसको जरूरत क्या है
01:31:24:13 अंगूर जब भी इन लोगों से बात करो तो यही करते जरूरत क्या है ये नहीं बोलेंगे उसको वो नहीं ले सकता विज्ञान दर्शन छोटा बच्चा जैसा है उससे डरना कैसा आपको डर लगता होगा इसलिए आपको लगता है कि मुझे भी डर लगता है। उसने कार्य ही ऐसा कर दिया है वहां जाके बैठ बैठ गया जाकर के वहां जहां पर व्यक्तिगत कटाक्ष हो रहे थे। हम उस चर्चा में ऐसी चर्चाओं से दूर रहना चाहिए। अब उसके साथ हम मंच कैसे साझा करें? कैसे कहे? आइए आइए। आइए बात करते हैं। सम्मान नहीं दे सकते ना। क्षमा मांगी नहीं। हमने कहा क्षमा मांग लो कर लेते हैं चर्चा। तो क्षमा तभी मांग लेंगे जब चर्चा हो रही होगी। अरे भाई जैसे तुमने बिना किसी चर्चा होने के ही और जाकर के तुमने गलत कार्य किया तो वैसे ही चर्चा से अलग क्षमा मांगो पहले। फिर बात होती है। तो फिर वो जो आज आचार्य प्रशांत शर्मा जी हैं उन्होंने लिख दिया कि मेरे बहुत कहने पर वो आया नहीं। आए नहीं। शिवश जो है आप लोग निर्णय कर ले मैं बार-बार नहीं बोलूंगा। वाह
01:32:40:04 खुद ही जज खुद ही जल्लाद सब कुछ खुद ही बन जाओ। अपने मन से सब डिसाइड कर लो। जैसे इन्होंने अभी डिसाइड कर लिया था कि मैंने 20 बार बता दिया है। 20 बार नहीं बताया था। आपको 21वीं बार में उसे और खोलना पड़ा। अभी और खोलना पड़ेगा। अगर बात हो जाती तो। वरना अगर वो टॉपिक चलता रहेगा तो उसे और खोलना पड़ेगा। चलिए अब फिर कभी करेंगे। हो गया टाइम। काफी टाइम हो चुका है। है
01:33:19:28 ना? फिर कभी कर लेंगे। उनसे बात हो जाएगी। दोबारा कभी शेड्यूल कर लेंगे। [संगीत] ठीक है भाई 5 साल तक रुकते हैं।
01:33:58:26 [संगीत] समाजी लोग आना चाह रहे हैं क्या? अरे भाई डेढ़ घंटा ऑलरेडी हो चुका है। जिन्हें जल्दी थी वो चले गए। हां सनातनी
01:34:43:16 जी सूरज सनातनी हां अभी देखते हैं 5:40 तक यदि वो नहीं आए तो इनको ले लेंगे सूरज सनात आप किस आर्य समाज के पक्ष को रखने आ रहे हैं बता दीजिए एक ही मैसेज बार-बार ना करें अन्यथा वो बैन कर दिया जाएगा। एक मैसेज कर चुके बार-बार एक ही रिपीट मत करिए।
01:35:28:07 आप अपनी बात बताएं। आपका आने का उद्देश्य क्या है? किस विषय पर बात करनी है आपको? [संगीत] हम समझे नहीं। आपका कोई मत है उसका नाम बताइए। आपका पक्ष क्या
01:36:10:22 है? सनातन के अंतर्गत कौन सा पक्ष है? ज्ञान गंगा फ्री में मिल रही है। किसी ने मैसेज दिया है। ज्यादातर समर्थकों से निवेदन है कि इनकी ज्ञान गंगा मंगवाइए खींच के एक-एक व्यक्ति 10-10 ज्ञान गंगा मंगवाए कम से कम और फिर क्या करना है समाजियों के यज्ञ में डालना है किसके यज्ञ में डालना है क्या करना है वो आप लोग देख ले मंगाइए किसी ने मैसेज किया नंबर वंबर भी दिया है एक एक व्यक्ति 10 10 20 से कम ना मंगाए ठीक है यह मैं दे दे रहा हूं आपको नंबर और लिंक
01:37:25:10 कहां गया? वो हटा दिया। डिलीट कर दिया क्या? वह वाला जरा दिखा दीजिए। चलिए सभी को जय श्री राम। जुड़ने के लिए आभार आप सभी का। वो आएंगे नहीं अभी शायद कोई तकनीकी दिक्कत आ गई है। और फिर किसी दिन हम लोग बात करेंगे। क्या प्रश्न है आपका?
01:38:02:21 चलिए जय श्री राम सभी को और मैं निवेदन करूंगा कि कोई आर्य समाज आए तो प्रश्न का उत्तर दें ना कि विषयंतर करें। जरूरत क्या है? अलग विषय है। आप यह बोल दीजिए कि इसका उत्तर नहीं है हमारे पास। फिर आप पूछिए कि वह क्या कहते हैं वह उसकी जरूरत क्या है उसको लेने की? ठीक है। जय श्री राम।
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