⬜ Not used yet · 00:00:00:23 – 01:25:48:00 (1:25:47)
00:00:00:23 [संगीत] सभी को जय श्री राम आशा करते हैं आप सभी कुशल पूर्वक होंगे और महाशिवरात्रि का पर्व आप लोगों ने अच्छे से मनाया होगा और शास्त्र सम्मत विधान का आलंबन लेते हुए बनाया होगा आप लोगों को पता ही होगा कि कुछ रात्रिया ऐसी की गई ऐसी बताई ग है जिसमें की शयन जो है निषेध किया गया है उसम महाशिवरात्रि है और जो जन्माष्टमी होती है वह है दीपावली है और एक और थी याद नहीं आरही तो आशा करते हैं अगर इस बार पूरा मतलब इस इस मर्यादा का पालन ना भी कर पाए हो तो अगली बार से अवश्य करें और इसमें इन रात्रि हों में शयन नहीं किया बल्कि भगवान भगवन नाम का जप किया जाता है मंत्र है तो मंत्र का ज्यादा से ज्यादा जप किया जाता है जिसे की उस मंत्र आपको सिद्ध हो जाए
00:01:15:06 तो एक भाई साहब है वीर प्रताप करके नाम है इनका और यह हमसे रिसेंटली जो हमारा एक आने वाला वीडियो है उसमें उसका जो एक रील हमने रिलीज किया है जी जी सभी को जय श्री राम और जितने भी छोटे हैं उन सबको ेर सारा प्रेम स्नेह आशीर्वाद और जो बड़े हैं उनको अभिवादन प्रणाम उनको और जो समकक्ष है उनको यथोचित अभिवादन और एक बात और मैं बता दूं कि शुरू कर रहे हैं जब हम तो शुरू में बता दूं कि हमें कुछ संसाधनों की आवश्यकता पड़ रही है तो जो भी कुछ अर्थ से अगर सहायता करने के इच्छुक है वह हमसे इसके लिए संपर्क कर सकते हैं मैं कुछ ऐसी चीजें हैं जो जुटाने है अभियान के लिए तो उसमें आप एक एक एक एक चीज का अगर भार अलग-अलग लोग ले लेंगे तो सारी चीजें अरेंज हो जाएंगी तो यह जो भाई साहब है जो आज हमारे साथ लाइव चर्चा में जुड़ने वाले हैं यह हमसे एक रिसेंटली एक हमने ल रिलीज की थी आने वाला एक
00:02:30:08 वीडियो है स्न के महानुभाव है ब्रह्मचारी उनके साथ हमारी चर्चा हुई थी तो उसका एक अंश हमने रिलीज किया था तो उसी अंश को लेकर के इनको कुछ आपत्तियां थी तो इन्होंने वहां पर कुछ टिप्पणियां की थी जिनका हमने यथा सामर्थ उत्तर देते हुए इनको जो है आमंत्रित किया और अब वह आज यहां पर उपस्थित है तो हम उनको ले लेते हैं सर्वप्रथम नमस्कार जी जय श्री राम जय श्री राम अवान जी जी तो आ जी जी जी बताए आप क्या कह रहे हैं जी मैं कह रहा हूं अवान जी हमारी य टिप्पणी टिप्पणियां का वार्तालाप होने से पहले मैं कुछ चीजें बताना चाहूंगा कि मैं चाहता हूं कि एक पॉइंट आप दीजिएगा एक पॉइंट मैं दीजिएगा मैं यह नहीं चाहता हू कि हम दोनों एक दूसरे के बोलने के बीच में ही टकरा जाए तो काफी मीनिंगफुल डिस्कशन हो तो इसके लिए मैं चाहता हूं एक पॉइंट आप दें और एक पॉइंट मैं दूं जी जी बताएं कुछ शायद नेटवर्क इशू हो गया था बताइए जी मैं कह रहा हूं कि ताकि हमारी डिस्कशन मीनिंगफुल जाए अवान जी मैं चाहता हूं कि हमारे जो कन्वर्सेशन
00:03:45:24 होगी एक पॉइंट आप दीजिएगा अपनी साइड से एक पॉइंट मैं दीजा ताकि जब हम दोनों की बीच में बात हो रही है तो हम एक दूसरे को काटे ना बीच में क्योंकि बुरा लगता है जब कोई अपनी टिप्पणी दे रहा होता है उसके बीच में ही बोलना बुरा लगता है तो मैं चाहता हूं कि एक जब मैं बोल रहा हूं तब आप ना बोले जब आप बोल रहे हो तो मैं ना बोल ये ठीक है मैं प्रयास करूंगा असल में देखिए हो सकता है कि सामने से देखने में ऐसा लगता हो कि मैं बोलने नहीं देता हूं सामने वाले कोर सुन लीजिए सुन लीजिए अब देखिए अभी आपने काटा अभी आपने काटा अभी आपने काटा ना बस यही होता होता क्या है कि जिस संदर्भ में हम बात कर रहे हैं सामने वाला व्यक्ति उस संदर्भ में बात ना करके कुछ और बात कर कर रहा होता है तो उसको बताना पड़ता है कि यह विषय नहीं है यह विषय है जैसे अभी आपने बताने के लिए मुझको कहा नहीं नहीं है ना बस इतना सा अंश है विषयात होने से बचाने के लिए याद दिलाने के लिए बोलते हैं फिर भी प्रयास करूंगा कि आपकी पूरी बात
00:04:47:24 सुनू तो अ सबसे पहले आप अपना एक संक्षिप्त परिचय दे दीजिए कि आप मतलब कहां से जुड़े हुए हैं इस कौन को किस प्रकार से आप जानते हैं और उ उसमें कहा किस कौन से जुड़े हैं वहा गुरु कौन है आपके थोड़ा सा अपने बारे में बता द जी मैं आपको बताना चाहूंगा कि मेरा नाम वीर प्रताप सिंह चाणक है अपनी आयु में डिस्क्लोज नहीं करना चाहूंगा वो तो अच्छा ही रहेगा मैं आपको बताना चाहता था कि मैं इसकन का मेंबर नहीं हूं ना मैं इसकन से अभी जुड़ा हुआ हूं मैं इसकन की कही हुई बातें जो श्रीला प्रभुपाद ने अपनी किताबों में कही थी जैसे कि
00:05:29:28 न मोस्ट फेमस बुक्स उसको पढ़कर काफी ज्यादा प्रभावित हुआ था और उन्होंने अपने जीवन काल में जितनी भी बातें की है मैं यह देखकर बहुत ज्यादा प्रभावित हुआ हूं कि उन्होंने कैसे वेस्ट में इन्फ्लुएंस किया था और मैं उसी के ऊपर आज आपसे कर ऐसा है शील प्रभुपाद जी अपनी कमेंट्री में बताते हैं कि अगर आपने बुक ले भी ली है परंतु आपने उस परंपरा किसी आचार्य या गुरु से जाकर के उसको वेरीफाई नहीं किया है तो आपकी वह पढ़ाई व्यर्थ जाएगी ना जी हो सकता है कि वो दृष्टांत कुछ और बताना चाह रहे हैं अर्थ कुछ और बताना चाह रहे हैं तो आपने कन्फर्म कहां से किया कि इनकी बुक का जो अर्थ मैं समझ रहा हूं वही अर्थ है सपोज ट आज आप यह कहेंगे कि यहां पर यह लिखा है आपकी आवाज नहीं आ रही है
00:06:32:20 मेरी आवाज आ रही है ना सबको जी बोलिए बोलिए अब र तो उसके मान लीजिए दो मीनिंग निकल सकते हैं जो प्रभुपाद जी ने अपनी बुक में लिखा है ठीक है अब उस बात का एक मीनिंग आपने पकड़ लिया और हमें उसके दूसरे मीनिंग से दिक्कत है जो आपने पकड़ा है उससे दिक्कत नहीं है हमें उसके दूसरे मीनिंग से दिक्कत है मगर आप कहेंगे नहीं तो यहां पर तो यह वाला मीनिंग है मगर वो जो मीनिंग आप जो बताएंगे वो आपने कहीं से वेरीफाई नहीं किया है कि प्रभुपाद जी की बात का जो मीनिंग मैं बता रहा हूं वही मीनिंग यहां पर लेकर चलना है या फिर वो मीनिंग जिस पर हमको आपत्ति है तो इसमें तो फिर हम आपस में बात ही नहीं कर पाएंगे ना जब तक आपने प्रभुपाद जी की बातों को कहीं से वेरीफाई नहीं किया है उनके जो बोनाफाइड डिसिप है है ना डिसाइल्स मेरी अंग्रेजी थोड़ी उतनी खतरनाक नहीं है त्रुटिया हो सकती है तो जो उनके जो प्रामाणिक शिष्य है जिन्होने उनसे शिक्षा ली है उनके उनके शिष्यों से शिक्षा ली है तो आपको उनकी बात को वेरीफाई करवाना होगा ना कि यह बात जो मैं ले रहा हूं इनका अर्थ जो ले रहा हूं वही अर्थ स्कोन
00:07:47:22 को मान्य है कि नहीं मालूम पड़ा आप यहां पर दूसरा अर्थ लेकर के उसको डिफेंड कर रहे हैं मगर स्कोन के द्वारा दूसरा ही अर्थ स्वीकार है फॉर एग्जांपल एक बात मैं आपको बताऊ जैसे कि प्रभुपाद जी ने एक जगह कह दिया कि कृष्ण इज रास्कल आवाज कट रही है वापस आवाज कट रही है मेरी कोई कमेंट करके बता दे भाई आपकी आवाज कट रही है हवान जी मेरी आवाज कट रही है कोई कमेंट करके बता दे हवान जी आपकी आवाज कट रही है मेरी आवाज नहीं कट रही है आपको कोई शायद आपके नेटवर्क इशू है लोग आप एक बार जाकर पुन वापस आ जाइए
00:08:31:03 आज्ञाकारी जी आप सुन पा रहे हैं इंटरनेट मेरी इंटरनेट सेवा कुछ अच्छी नहीं है आवाज नहीं कट रही है सभी लोग बता रहे हैं आप एक बार ना डिस्कनेक्ट हो कर के वापस आ जाइए आप डिस्कनेक्ट होकर वापस आ जाइए जी ठीक है जी जी ठीक है हा तो मैं आपको एग्जांपल दे रहा था कि जैसे कि उन्होंने एक जगह पर भगवान श्री कृष्ण को भी रासकल कहा है अब एक अर्थ यह है कि उन्होंने रासकल कहते हुए यह बताया है कि दुनिया में अगर रासकल डम है जो कि वहा उन्होने तर्क भी लिखा है तो जिस भी चीज का कोई अस्तित्व है तो उसका मूल कारण कृष्ण ही है तो यदि दुनिया में राल है तो उसका मूल कारण रास्कल जो है वो कृष्ण को भी मानना पड़ेगा कि उनमें वो चीज है अगर उनमें कोई चीज नहीं है तो उसका दुनिया में अस्तित्व नहीं हो सकता यह बात समझ में आती है मगर अब मान लीजिए स्कोन वाले यह कहे कि नहीं
00:09:46:12 रास्कल उन्होंने इसलिए कहा था क्योंकि रासकल का ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी में कुछ अलग अर्थ है उसका बहुत अच्छा अर्थ है तो उस पर हमें आपत्ति हो जाएगी हम कहेंगे फिर अपने पिता को रास्कल कहो हम कहेंगे कि अपने गुरुओ को रासकल कहो अगर वो अच्छा शब्द है तो समझ रहे अब आप यहां पर डिफेंड करेंगे कि नहीं रासकल का वो वाला तर्क लेंगे जो अगर दुनिया में रास्कल डम है तो इसका अर्थ है कि वो जो चीज है वो जो तत्व है वो आया तो कृष्ण से ही है तो हमें मानना पड़ेगा कृष्ण में भी वो है है ना आप यहां पर वो पक्ष लेंगे और स्कोन वाले कहेंगे नहीं नहीं वो सब नहीं है बल्कि सीधे सधे ये है कि रास्कल का तो अच्छा अर्थ है तो फिर हम अगर आपने ने अपनी बातों को इस कन से वेरीफाइड नहीं करवाया है डायरेक्टली किसी परंपरा में उनकी जो परंपरा वो मानते हैं उसमें जाकर के आपने वेरीफाई नहीं कराया तो आपके अर्थ को हम कैसे मान लेंगे कि य स् कन का ही अर्थ है यह प्रॉब्लम है जी मैं बोलू जी बोलिए जी जो इनकी बुक मिलती है सेफ रिलाइजेशन आप बोल रहे हैं कि उनकी जो डिसाइल सक्सेशन आती है उनके बोनाफाइड स्पिरिचुअल मास्टर होते हैं उनके ही कहे हुए मान्यता
00:11:01:18 के वर्ड को हम मान्य रखते हैं उनके अ सही कह रहे कि उनके वर्ड को मिसइंटरप्रेट किया जाता है परंतु बात करते तो नीचे चीज च अब अभी जी जी थोड़ा सा इशू है जी शीला प्रभुपाद जब भी अपनी कोई किताब लिखते हैं और जब भी व कोई वर्ष डालते हैं अपने कोई टिप्पणी देते हैं कोई आपत्ति जनक कुछ भी चीज बोलते हैं एक नीचे दे देते जिसका नाम होता है परपट परपट का मतलब होता है उस चीज से उनका एजट मतलब क्या था तो जो भी नया व्यक्ति इकन से जुड़ना चाहता है भगवान की लीलाओं से जुड़ना चाहता है जब व यह परपट पड़ता है उसम कोई प्रॉब्लम ही नहीं आ सकती है इट एस इ अगर आप खुद एक बोना स्पिरिचुअल मास्टर से पढ़ रहे सर सेकंड ऑफ ल आपने कहा कि रास्कल डम वाला कहा था ये मैंने पढ़ी है वो मैंने वो मैंने एग्जांपल के लिए बताया है वो टॉपिक आप बाद में ले लीजिएगा वो एग्जांपल के लिए बताया वो टॉपिक आप बाद में ले लीजिएगा आपने बताया कि बुक से हम समझ सकते हैं बुक में परपट है आपको क्या लगता
00:12:16:20 है कि उनसे पहले के जो आचार्य गण आए हैं उनको नहीं पता था कि व्यक्ति कैसे समझेगा जैसे भगवत पाद रामन चार आए थे भगवत पाद जो शंकराचार्य महा भाग आए थे इन सबको नहीं पता था कि व्यक्ति कैसे समझ पाएगा तो अगर बुक से ही काम चल जाना था तो फिर परंपरा प्राप्त शिष्यों की आवश्यकता क्या थी बुक से समझ लेगा व्यक्ति उसमें दिक्कत अच्छा वो सब छोड़ दीजिए ईश्वर क्या ईश्वर को नहीं पता था कि व्यक्ति कैसे समझेगा तो वह उसी रूप में देते ना उसको जिस रूप में ईश्वर समझ सकता है तो कहने का मतलब यह है यह प्रश्न से यह बनता है कि जो देश काल परिस्थिति हो है उसमें प्रज्ञा शक्ति घटती बढ़ती है तो उस समय देश काल परिस्थिति के अनुसार तो आचार्य बल्कि ईश्वर भी अपनी बात कह के चले जाते हैं जैसे जो सतयुग के ऋषि महा ऋषि थे व वेद से डायरेक्ट समझ लेते थे बातों को मगर उसके बाद फिर उसकी कमेंट्री चाहिए थी उन्हें तो कमेंट्री करने के लिए बाद में आचार्य गण आए उन्होंने कमेंट्री की विस्तार किया उनको खोला और समय समय पर हमें प्रामाणिक आचार्यों की जरूरत इसलिए ही पड़ती रहेगी क्योंकि देश काल परिस्थिति के अनुसार हमारी प्रज्ञा शक्ति समझने की शक्ति
00:13:32:08 घटती जाएगी घटती जाएगी बल्कि भाषा में विकृति आती जाएगी तो भाषा में विकृति आ जाने के कारण भी हमको उसका जो एजेक्ट मीनिंग उन्होंने क्या कहा था यह जानने के लिए उसका सत्यापन कराने के लिए हमें सदैव पर उसी परंपरा जिस परंपरा की हम बुक पढ़ रहे हैं जिस परंपरा का हम ग्रंथ पढ़ रहे हैं उसी परंपरा के किसी जो परंपरा से प्राप्त जो शिष्य मंडली है शिष्य गण है उनसे उसको पढ़ने के लिए आवश्यक होगा अब मैं एग्जांपल बता दूं आपको इसके लिए भी जैसे कि वेदों ने कह दिया नाथस प्रतिमा स्ती अवान जी अवान जी अवान जी मुझे लग रहा है आप थोड़ा पॉइंट से हट रहे जो मैं कहना चाहता हूं उस चीज पर बात नहीं कर आपको थोड़ा थो गल एक मिनट पूरा कर लू मैं एक मिनट पूरा कर लू य बात जैसे की एग्जांपल ले लीजिए वेदों ने कह दिया नात प्रस्ती तो उस समय के जो ऋषि महा ऋषि गण थे उन्होंने तो समझ लिया नात प्रतिमा का मतलब प्रतिमान मेरे जैसा मान मेरे जैसी वैल्यू किसी की नहीं है मगर समय के साथ उसी शब्द के अर्थ में कई और शब्द आ गए क्योंकि मूर्ति किसी के समान होती है देखने में तो प्रतिमा का अर्थ मूर्ति भी आ गया तो इस चीज का फिर लोग फायदा उठाने लगे कि वेद में भगवान ने
00:14:47:09 कह दिया नात प्रस्ती मेरी कोई मूर्ति नहीं हो सकती मेरी कोई मूर्ति नहीं है इसलिए भगवान की मूर्ति पूजा गलत है तो भाषा में चेंजेज आते हैं और चेंजेज आने के कारण कृति आ जाती है उस शब्द के सही अर्थ को समझने में हमें आवश्यकता होती है कि परंपरा प्राप्त उस ग्रंथ के जोला वो चेन ऑफ नरेशन से जुड़े हुए लोग हैं उनसे उसको जानने की जैसे कि तीन बेर खाती थी वो तीन बेर खाती है अब इसमें बेर शब्द का उपयोग दो बार हो रहा है तो हमें जानना पड़ेगा कि बेर शब्द का उपयोग दो बार किया दोनों बार अलग-अलग अर्थ है तो अलग-अलग है नहीं है क्या लिख रहा है लिखने वाला क्या बताना चाहता है तो इसलिए हमें उस उसके परंपरा प्राप्त शिष्य के पास जाना
00:15:33:24 होगा जी अगर भवान जी देखिए आप अगर अगर हम बुक पर ही डिपेंड करने लग जाएंगे तो फिर जाकिर नायक भी आके कहेगा कि ठीक है मैं बुक में इसमें परपट लिखा तो है शंकराचार्य जी ने रामानुजाचार्य जी ने मैं बता तो रहा हूं आपके राघवाचार्य जी की क्या आवश्यकता है वासुदेवाचार्य जी की क्या आवश्यकता है जो वर्तमान संक उनकी क्या आवश्यकता है मैं बता रहा हूं आप मुझसे पढ़ो आ कर
00:16:07:28 जी हवान जी आपकी आवाज नहीं आ रही अभी जी मुझे लगता है आपके य पर नेटवर्क का इशू है जी हवान जीकी हा मैं बोलू जी बोलिए जी हवान जी आपकी बात से मैं बिल्कुल सत हूं बिल्कुल एग्री करता आप आपने जो बात कही डिसाइल सक्सेशन होनी बहुत जरूरी है किसी भी पुराने ग्रंथों को पढ़ने से आते आते सतयुग से पहुंचते पहुंचते जब हम कलयुग में पहु तो इंसान का बुद्धि ट करता है आप ड्यूरेशन ज्यादा ले रहे हैं शंकराचार्य जी के ग्रंथों का भी मिसयूज कर रहा है रामपाल 500 साल पहले लिखे गए ग्रंथों का भी मिसयूज हो रहा है तो आप इस पर मत जाइए सग आप इस पर मत जाइएगा कि सतयुग से कलयुग में आते आते तो डिफरेंस हो सकता है मगर 100 साल पहले लिखी हुई किताब या 50 साल पहले लिखी हुई किताब में डिफरेंस नहीं हो सकता इस पर मत जाइएगा जी जी जी जैसे मैं आपको कह रहा था कि इन किताबों मेंट दिया है सर वो आप मानने से वो
00:17:23:24 कि वो श्लोकों का परपट नहीं दिया है वो परपट दिया है जो चीज शीला प्रभुपाद खुद व्यक्त करना चाहते थे अपने खुद के अंतर मन से व्यक्त करना चाहते थे व हमें ब में ये नहीं बताते थे कि श्लोक में क्या लिखा है वो कृष्ण भगवान मे भा आप सुनिए परपट परपट लिखने वाले प्रभुपाद जी पहले नहीं है परपट शंकराचार्य जी ने भी लिखा है रामानुजाचार्य जी ने भी लिखा है मधवा चार्य जी ने भी लिखा है वह पहले नहीं है परपट लिखने वाले कमेंट्री देने वाले भाष्य देने वाले स अनुवाद के अलावा कमेंट्री देने वाले व पहले नहीं है फिर भी आवश्यकता है उनके ग्रंथों को समझने के लिए उनके प्रामाणिक शिष्यों की
00:18:08:09 तोरने खुद अपनी किताब मेंहा है कोई बोना स्पिरिचुअल गुरु नहीं मिलता है साइंस एक बार कट कर दीजिए दोबारा लीव करके दोबारा आ जाइए क्योंकि आपकी आवाज बारबार ब्रेक हो रही है जी जी हम इनका कहना कि अगर आपका ज्ञान श्रेष्ठ है तो आपसे जुड़े लोग संत रामपाल जी महाराज की शरण में कैसे जा रहे हैं अगर कबीर का ज्ञान श्रेष्ठ था तो कबीर की आत्माएं काल के शरण में क्यों जाने लगी भाई चौरसिया जी कबीर का ज्ञान श्रेष्ठ था तो सतलोक में वो क्यों जाने
00:19:23:12 लगी काल के जाल में क्यों उनका मन करने लगा हम इसके इसके पीछे जाए है ना जी जी मत प चकर में कितनी बार एक मिनट मिनट कितनी बार आप लोगों को समझाया है राम पालियो मत पढ़ो चक्कर में कोई है नहीं टक्कर में फिर भी चले जाते हो मु उठा के जी आ गया कर बताइए जीवा जी जी अवान जी जैसे बात कर रहे थे आपकी आप कैसे जान सकते हैं इन विषयों में आपने विषय में बात जो की थी डील की में उस मध्य नजर में उसको लाना चाहता हूं जो मेन जिस वजह से आया था मैं मुख्य टॉपिक पर आना चाह रहा हूं मैं मुख्य टॉपिक पर आऊंगा ऐसा नहीं है कि मुख्य टॉपिक जो हमारा जिसके लिए हम यहां आए हैं उस पर हम लोग बात नहीं करेंगे मगर मैं आपको आपकी एक कमी बता रहा हूं कि
00:20:25:00 आप आपके साथ ट्रांसलेशन ऑफ वर्सेस प जो श्लोक दिए गए हैं उनके ऊपर अगर मैं आपसे सा चर्चा करता तो वहा मैं आपके साम स्टंड नहीं करता क्यों मेरे गुरु नहीं है मैं किसी इसकन संस्था से नहीं आर्य समाज से नहीं किसी संप्रदाय से नहीं मेरे भाव को आप समझ नहीं पा रहे हैं आप मेरे भाव को समझ नहीं पा रहे जैसे कि मैं कह रहा हूं कि प्रभुपाद जी मानते हैं कि ईश्वर अल्लाह एक है वाकई में मानते हैं अब आप कहोगे नहीं एक मिनट एक मिनट अब आप कहोगे वाकई में नहीं मानते हैं ठीक है अब उनके जो परंपरा प्राप्त शिष्य है वो कह रहे कि मानते हैं तो फिर हम अब यहां जब आप यह कह दोगे कि नहीं मानते हैं तो हम आपकी बात मानेंगे उनके परंपरा प्राप्त शिष्यों की बात माने जी आहवान जी मेरे को एक लिखित हुई चीज दिखा दीजिए जहां पर उन्होंने बोला है कि अल्लाह भी दिखाऊंगा मैं वो भी दिखाऊंगा आपको मैं वो भी दिखाऊंगा उनके परंपरा प्राप्त जो शिष्य हैं जो मंदिरों में बैठे हैं जो उनके द्वारा चुने गए उसमें लिख रहे हैं यह नहीं कह रहा हूं कि प्रभुपाद जी कुछ लिख के गए मेरी मेरा जो संघर्ष है व स्कन से है मैं तो खुद कहता हूं प्रभुपाद जी के नाम पर बहुत कुछ उल्टा सीधा हो रहा है मैंने व
00:21:40:20 पर कहना चाहते आप कहना चाहते अगर एक संस्था का मान लीजिए आपने कोई संस्था शुरू की है उसका कोई मेंबर आके आपका चन मेंबर आके अगर कुछ गलत फैमिली गलत व फैला रहा है तो आप सीधे जा कहां चले
00:22:13:19 गए एक बार दोबारा जाकर वापस आइए भाई प्रीफिक्स जो होता है वह भी बड़ा आवश्यक होता है क्योंकि आपने देखा कैसे आई वह बात हर हर महादेव पड़ी जी कैसे हैं आप मैं आपको फोन मिलाने ही वाला था आजकल में कहां पर है कुंभ में स्नान कर लिया कि नहीं
00:23:00:01 हर हर महादेव जी अवान जी अब नहीं शायद से अब ठीक कनेक्शन अब नहीं जाएगा शायद से हा तो अहवान जी मैं आपसे कह रहा हूं कि आप मेरे को बताइए कि अगर आपने संस्था खोली है कोई भगवान का नाम आगे बढ़ाने के लिए संस्था खोली है उसमें से आपके कोई चोजन डिसाइल आगे आकर कोई मिस इमेशन फैला देते हैं कल को तो हम क्या आकर आपको कहेंगे कि नहीं आवान जी आपने ही ऐसा कहा है आपके कहने पर उस डिसाइल ने इन इन गलत चीजों का प्रयोग किया है देखिए मैं ये नहीं कह रहा हूं कि इसको आपने एक सवाल किया है अब आप जवाब सुनिए सवाल किया जवाब सुनिए भवान जी मैं अपने पॉइंट यहां बात किसी भी डिसाइल की नहीं हो रही है यहां बात ऑथेंटिक गद्दी प जो कि किसी ऑथेंटिक व्यक्ति के द्वारा ही नियुक्त होता है और वो जो ऑथेंटिक होता है वह शील प्रभुपाद जी के द्वारा नियुक्त है जी उसके द्वारा कही जा रही वो बात है दूसरी बात अगर वो गलत बात बोल रहे हैं तो जो ऑथेंटिक बॉडी है स्कोन की जीबीसी है वो मना करे ना कि वो व्यक्ति गलत बोल रहा है उतने अंश में हम उसके साथ नहीं है गलत बोले उसको मंचों पर आक के खंडन कर दे उस बात का कि हम नहीं मानते ईश्वर कृष्ण और अल्लाह एक है अहवान जी मैं आपसे पहले तो पूछना चाह इसका मतलब ये है कि उनको फॉलो
00:24:15:01 करने वाले किसी भी व्यक्ति की बात नहीं हो रही ऑथराइज पर्सन की बात हो रही है और इसकन की बुक में भी हम आपको दिखा देते हैं ईश्वर अल्ला एक लिखा हुआ है जी दिखाइए कृष्णा बुक है आपके पास जी कृष्णा बुक नहीं है मेरे पास मेरे पास एसएसआर और बाकी सारी किताबें चलिए मैं दिखा देता हूं कृष्णा आप मेरे को बता भी दीजिए मैं पेज नंबर भी खोल देता हूं उसका [संगीत]
00:25:09:04 यह है कृष्णा बुक जी ठीक है और यह देखिए अल्लाह जवा यह सभी श्री कृष्ण है जी अहवान जी अब आपकी बहुत अब बताइए न ध्यान से सुनिए मैं आपकी बहुत बड़ी मिसकनसेप्शन दूर करने वाला हूं ध्यान से सुनिए फर्स्ट ऑफ ल यहां पर अगर आप ध्यान से देखेंगे तो जीसस क्राइस्ट का नाम श्री कृष्ण के साथ कंपेयर नहीं किया है मैंने जीसस क्राइस्ट को नहीं कहा है जी जी जी रुकिए रुकिए आप मुझे क्यों बता रहे हैं मैंने कब कहा कि मोहम्मद और जीसस को उन्होने कहा मैंने कहा रुकिए रुक अवान जीन जी रुकिए आपके जो लाइव स्ट्रीम का वो है कृष्णा इ इक्वल टू क्राइस्ट मैं आपको पहले ही बता रहा हूं ऐसा कुछ नहीं यवा सुनिए सुनिए सुनि समझ लीजिए समझ लीजिए पहले जान लीजिए आपकी जानकारी का भाव है यहां पे क्राइस्ट जो है बाइबल के ईश्वर का नाम है उनके ईश्वर का नाम यवे भी है क्या है उनके ईश्वर का नाम यवे भी है उनके क का नाम
00:26:24:07 क्राइस्ट यवा उसको क्राइस्ट भी कहते हैं कस्ट भी कहते तो हम वो जो जीसस जो सन ऑफ गॉड बता रहे हैं उसके साथ कंपेयर नहीं कर रहे हैं ये नहीं कह रहे प्रभुपाद जी ने वो जो जीसस क्राइस्ट के और कृष्ण को एक कहा है नहीं बाइबल का ईश्वर वो जिसको अपना जिसको अपना पिता बता रहे हैं जीसस क्राइस्ट जिसको अपना पिता बता रहे जवा क्राइस्ट उस उसके साथ कंपेयर किया है उन्होंने कहा है कि अल्लाह क्राइस्ट और कृष्ण एक है जी अवान जी देखिए अब मैं आपकी बहुत बड़ी इस पर प्रभुपाद जी ने काफी बारी बात भी की थी जब उनसे पूछा गया था कि आप ऐसा क्यों बोलते हैं कि करके चते एक एक करके चलते हैं पहला है कि आपने कहा कि लिखा दिखा दीजिए कहां पर इस कन की किताबों में लिखा हुआ है कि अल्लाह और जो है कृष्ण एक है तो हमने आपको लिखा दिखा दिया जी हा अब आप बताइए जी अब मैं आपकी इस गलतफहमी को दूर करना चाहता हूं जैसे आपने कहा था कि आपने ली इस के किसी डिसाइल सशन से ये बात नहीं पढ़ी है तो आपको ये गलत फैमिली यहां प क्रिएट हो गई है एक बात हमने पढ़ी है आपने नहीं पढ़ी है हमने पढ़ है हा आपने पढ़ी है पर आपने किसी डिसाइल
00:27:39:09 सशन से नहीं पढ़ी प्रभुपाद डिसाइल से पढ़ी है और बताइए नाम बताइए कौन से डिसाइल सक्सेशन से पढ़ी परम श्याम दास 500 लोगों की भगवत गीता क्लासेस लेते हैं हर संडे को लखनऊ स्कन प्रेसिडेंट अब मैं बताता हूं उनका मतलब क्या था मैं आपको श्रीला प्रभुपाद बात ले चलिए आपने जो कहा है गलत कहा ना आपने किसी डिसाइल से नहीं लिया है लखन वड को गलत लिया है मैं यह कहना चाहता हूं आपको आपने मिसइंटरप्रेट किया है जी अरे ठीक है वो मिसइंटरप्रेट देखिए अभी आपने यह कहा था कि आपने किसी डिसाइल से नहीं पढ़ा अब आप बदल रहे हैं य आप बदल रहे बात को आपने कहा था आपने किसी डिपल से नहीं पढ़ सुन लीज सुन लीजिए मैं आपकी बात सुनूंगा आपकी बात सुनूंगा पहले मैं आपको एक चीज क्लियर कर दू आपने प पहले कहा था कि आपने प्रभुपाद जी की बात पढ़ी है मगर किसी डिसाइल से जाकर नहीं पढ़ी तो मैंने आपको बता दिया कि फिर आपने पूछा भी किस किस दिशा यानी कि आपको डाउट था कि मैंने नहीं पढ़ी है इससे क्लियर हो गया आपने पूछा भी किससे पढ़ी है फिर मैंने आपको बताया कि इकोन के विषय में सबसे पहला वीडियो उठाकर देख लीजिएगा उन्होंने ठोक बजा के कहा था इकोन प्रेसिडेंट लखनऊ ने कि
00:28:54:14 कृष्ण क्राइस्ट यानी यहोवा और अल्लाह ये तीनों एक है इनमें कोई भेद नहीं है जी ठीक है अब मैं अब अब उनकी बात का जो अर्थ है वो आप हमें सही से बताएंगे जो कि कभी डिसाइल के पास नहीं गए पढ़ने के लिए नहीं मैं शीला प्रभुपाद की कही हुई खुद के वर्ड से कहना चाहता हूं जो उन्होंने खुद हमारे यहां पे आपको ये स्क्रीन पर दिखाई दे रहा है जी जी यही है अपर में श्यामदास जी कच्ची गोलियां नहीं खेलते हम लिए अवा अवान जी सुनिए चलिए बताइए पेज नंबर 136 जब हम खोलते हैं साइंस ऑफ सेल्फ रिलाइजेशन का तो वहां पर श्रीला प्रभुपाद एक क्रिश्चियन मिशनरी क्रिश्चन फादर से बात कर रहे होते हैं वो क्राइस्ट और कृष्ण जी के बारे में बात करते हैं वो बोलते हैं क्राइस्ट और कृष्ण सेम कैसे हो सकते हैं उनकी सिखाई हुई बातें तो अलग अलग है ना उनके बातें सिखाई हुए लगे वो बोलते हैं कि 10 10 कमांडमेंट द श नॉ किल रिस्पेक्ट ू नेबर कोई क्रश्न फॉलो नहीं करता है जिसका मतलब है क्रश्न हवान जी मैं सुन रहा हं आवाज आ रही आपको जी
00:30:09:20 आ रही है आपकी फोटो रुक गई है अवान जी मेरी आवाज आ रही है हा अब आपकी ठीक से दोनों चित्र और धनि दोनों अवान जी हा हा बोलिए [संगीत] बोलिए हवान जी बोलिए बोलिए जी देखिए तो क्राइस्ट है द सन ऑफ गॉड मोहम्मद है द मेसेंजर ऑफ गॉड जब श्रीला प्रभुपाद जी से य बात की गई कि उन्होंने मोहम्मद अल्लाह को और जीसस क्राइस्ट को कृष्ण के बराबर क्यों बताया है उन्होंने यह कार्न क्राइस्ट को जो जीसस क्राइस्ट के फादर होते प पंक्ति देखि आपने गलत पंक्ति बोली हमने कभी नहीं कहा कि उन्होंने कृष्ण और मोहम्मद और जीसस क्राइस्ट को एक बताया है हमने कहा कि उन्होंने सुन लीजिए अभी आपने एक लाइन बोली है कि जब य पूछा जाता है कि आपने मोहम्मद और जीसस क्राइस्ट और कृष्ण को बराबर क्यों बता दिया हमने एक क्लेम कभी
00:31:24:21 नहीं किया आप पता नहीं कहां से कर रहे हैं हमने क्लेम किया है कि आपने सनातन शास्त्रों के द्वारा प्रतिपादित होने वाला ईश्वर कृष्ण और बाइबल के द्वारा प्रतिपादित होने वाला यहोवा और कुरान के द्वारा प्रतिपादित होने वाला अल्लाह इन तीनों को एक कैसे कह दिया हमारा प्रश्न य है जी जी जी अहवान जी जब वो कार्डिनल से बात करते हैं तो उसमें उनको पता लगता है कि वो उनसे पूछते हैं श्रील प्रभुपाद से कि ये जीसस क्राइस्ट और अल्लाह सेम कैसे हैं तो वो बोलते हैं मोहम्मद जो आए थे द मेसेंजर ऑफ गॉड उन्होंने काफी अच्छी अच्छी चीजें बताई काफी बुरी चीज भी जीसस क्राइस्ट जब नीचे आए भन के बारे में बात बताया और काफी अच्छी चीजें बताई जो लोग फॉलो नहीं करते उन्होंने कहा द मेसेंजर ऑफ गॉड ने जो असली मैसेज लाया था भगवान के लिए जो सन ऑफ गॉड जीसस क्राइस्ट ने जो मैसेज लाया था भगवान के लिए वो लोगों नेते जैसे आप कह रहे थे डिसाइल सशन ना होने की वजह से और भी काफी ज्यादा फैक्टर्स ना होने की वजह से मिस इंटरप्रेट करते आए हैं बात उन्होंने की एक ही भगवान की थी श्री कृष्ण की विष्णु जी की इंफिनिट अवतारों की बात की थी परंतु लोगों
00:32:39:21 ने इस तरीके से मिस इंटरप्रेट किया है कि वह सारे भगवानों में अंतर करने लगे हैं व डिवीजन करने लगे हैं जैसे हमें पता लगता है कि विष्णु जी और श्री शिव जी के बीच में अंतर करते हैं लोग बट हरी हरा स्कन जी स्कन खुद कहते हैं कि हरी हरा एक है परंतु लोगों को मिस इंटरप्रिटेशन की वजह से लगता है विष्णु जी और शिव जी अलग है उसी तरीके से लोग आते हुए समय में उनको लगता था कि जीसस क्राइस्ट के बताए हुए भगवान और मोहम्मद के बताए हुए अल्लाह और हमारे विष्णु जी तीनों अलग है जबकि सब एक थे लोगों की आई हुई बातें जो मिस इंटरप्रेट होते उन्होने खुद से भगवान बना लिए तो श्रीला प्रभुपाद और उनकी जो डिसाइल क्लेम करते है अल्लाह कयाई विष्णु जी सेम है व कहना चाहते हैं भगवान एक है उनका मैसेज एक है श्रीला प्रभु
00:33:34:02 शीला प्रभुपाद कहते हैं कि आप किसी भी धर्म में जाक देख लीजिए भाई आपका इंटरनेट गड़बड़ हो रहा है आप प्लीज अपने इंटरनेट को सही कर नहीं आप दिक्कत आ रही है आपका चित्र रुक रहा है आप आपका इंटरनेट क्या स्पीड नहीं आ रही कहां पर है आप गांव में है क्या किसी गांव गाव में है क्या आप हेलो बोलिए
00:34:30:27 हां हां बिल्कुल सही कह रहे हैं आप गांव में भी अच्छा नेटवर्क आता है पता नहीं इनके यहां क्यों नहीं आ रहा है हो सकता है कोई समस्या होगी सनातन सोल आप स्कन की तरफ से आर्टिस्ट एच के कच्ची गोलिया नहीं खेलते हम नहीं खेलते भाई पहले जाके ठप्पा लगाते हैं कि अगर कोई आपत्तिजनक बात है तो मंदिर में जाएंगे उनसे पूछेंगे कि जो हम समझ रहे हैं वही सही है या कुछ और मतलब अभी ये जो भाई साहब बोल रहे हैं जब ये रुकेंगे तो इनको इनकी सारी बातों का उत्तर दिया जाएगा वो मुझे आज पहली बार नहीं देना पड़ रहा है आप थोड़ा सा इंटरनेट का इशू अपना ठीक रखना चाहिए था ना जब आज आपको लाइव आना था तो माफ कीजिएगा मेरे थोड़ा सा नहीं यहां अच्छा दिक्कत हो रही है जी ज और दूसरी बात आप बोल रहे हैं आप जो बोल रहे हैं उसमें थोड़ा सा बनावट सी कर रहे हैं ना वो मत करिए नॉर्मली बोलिए ऐसा हो रहा था और ऐसा चल रहा था यह सब करने की जरूरत नहीं है सीधे सीधे अवान जी अगर आपको मेरी मीडियम ऑफ लैंग्वेज नहीं समझ आ रही तो उसम मेरी गलती
00:35:46:03 नहीं है मैं कोशिश करता हूं नहीं नहीं अभी आप अभी आप नॉर्मल बोल रहे हैं अभी आप नॉर्मल बोल रहे हैं इसके बाद जब अभी आपने व्याख्या करना शुरू की थी तो वो ड लग रहा था टोन ऑफ वॉइस है मेरी अलग है सुनिए हवान जी टोन ऑफ व अलग अभी तो नहीं है ना अभी अभी नॉर्मल बोल रहे हैं आप वैसे ही बोलिए नर्मल बोली सामान्य तरीके से जी तो जब श्रीला प्रभुपाद यह कहते हैं कि अल्लाह बकुल बत बढिया और कृष्ण एक है तो वह यह नहीं कहना चाहते हैं कि जीसस क्राइस्ट के बताए हुए बाइबल में लिखे हुए भगवान या फिर कुरान में लिखे हुए भगवान विष्णु जी या फिर शिव जी के बराबर है वे कहना चाहते हैं कि जो एक भगवान जिसकी परंपराओं में अलग अलग जगहों पर बात चलते हुए आई है जैसे हमें पता लगता है कि बाइबल में जो थोड़ी बहुत मिस ट्रांसलेशन बच गई है उससे हमें पता लगता है कि द फास्टेस्ट वे टू हेवन भगवान के पास जल्द से जल्द जाने का तरीका क्या है भगवान का नाम ंट करना भगवान के नाम की रोजमेरी बीड्स लेकर उनके ंट करना कुरान में भी जाकर अगर आप देख लेंगे तो मोहम्मद ने क्या कहा था अल्लाह का नाम ले गया अल्लाह कौन है विष्णु जी ही तो है अब अगर आप मिस इंटर श्रीला प्रभुपाद कहते हैं कि आते आते लोगों ने इतना मिस इंटरप्रेट कर दिया है कि जो असली भगवान है विष्णु जी उनको मिस
00:37:01:15 संक्षिप्त में आपकी बात समझ गया मैं उसको क्लियर कर देता हूं कि मैं क्या समझाऊ आपका कहने का अर्थ है कि जो यह जो बुक्स है यह आई कृष्ण जी के द्वारा ही है मगर आते आते उसमें मिस इंटरप्रिटेशन हुआ और जो उसम एक भगवान द नहीं कृष्ण जी के द्वारा नहीं आई है जैसे ही वा सन ऑफ गड तो वो सन ऑफ गड थे व हम सब की तरह ही थे तो उनको कृष्ण ने भेजा था ना उनको कृष्ण जी नेही भेजा था ना कि जाओ जाके बाइबल में अपना ज्ञान दो क्या सकते है ना ब और जो वो थे मेसेंजर ऑफ गॉड मोहम्मद उनको भी कृष्ण नहीं भेजा था कि जाओ अल्लाह के नाम से मेरी बातें बताओ लोगों को जी इस मोहम्मद वाले वर्ड प मैं क्लियर नहीं क्योंकि श्रीला प्रभुपाद ने ये कभी क्लेम कि क्लियर बात होनी चाहिए भैया भाई साहब देखिए क्लियर बात कांटे की नोट की बातें किया करिए ऐसे नहीं होता है कह सकते नहीं है क्लियर है कि नहीं है जी क्लियर क्लियर है ना हा जी जी तो यानी कि यह जो दोनों बुक्स है बाइबल और कुरान यह दोनों कृष्ण भगवान नेही भेजी थी मगर मिस इंटरप्रिटेशन और जो प्रक्षिप्त इत्यादि जोड़ जोड़ के उसम यह भी हुआ होगा कि कुछ बातें उन्होंने नहीं भेजी वो
00:38:16:19 भी जोड़ दी गई और आते आते आज य हो गया कि दोनों देखने में एक दूसरे से भिन्न भिन्न जो है वो लगने लगे ठीक है अब यहां पर जो प्रामाणिक शिष्य जो देते यह तो आपकी अपनी व्याख्या है जोक जिसको भी मैं काउंटर करूंगा मगर जो प्रामाणिक शिष्य गण जो व्याख्या देते व यह देते हैं कि नहीं वो जो है व वही है जो दी गई थी उसमें कुछ मिस इंटरप्रिटेशन नहीं हुआ था बल्कि उस समय की देश काल परिस्थिति के अनुसार कुछ बातें ऐसी थी जो अवैध थी व उसमें डालना आवश्यक थी इसलिए डाली गई मिस मिस इंटरप्रिटेशन नहीं हुआ बाइबल और कुरान की बात कर रहे हैं हा जो आपके जो शिष्य गण है है परंपरा प्राप्त प्रामाणिक वो यह कहते हैं कि उसमें कुछ भी चीजें गलत जोड़ी नहीं गई है वो गलत दी ही गई थी क्योंकि उतने लोगों को वह चीजें ही समझ में आ सकती थी तो कुछ चीजें अवैध भी इसलिए दी गई जो वेदों से मैच नहीं खाती है वो चीजें भी इसलिए दी गई क्योंकि उस देश काल परिस्थिति की व आवश्यकता थी जी तो अब इसमें से कौन सी डेफिनेशन को मान के मैं काउंटर करूं आपकी कि उनकी
00:39:28:27 अवान जी अवान जी हिस्टोरिकल श प्रभुपाद ऐसे मत किया करिए देखि आपने दो बातें हो गई शिष्य गण कुछ बता रहे आप कुछ बता रहे हो मैं आपकी बात को ही मैं उसका उत्तर दे रहा हूं आपको आपने कहा कि वो द आपने कहा कि कृष्ण भगवान के द्वारा मोहम्मद को भी भेजा गया और जीसस क्राइस्ट को भी भेजा गया और वो जो ज्ञान उन्होने दिया व कृष्ण के भेजा गया था मगर उसमें जो है प्रक्षिप्त के प्रक्षिप्त चीज जोड़ते चले गए मिस इंटरप्रिटेशन करते चले गए तो आज जो है ये दिख रहा है कि जो है अलग अलग ईश्वर दिख रहे हैं ठीक है जी तो इसमें सबसे पहली बात य आपने कहा कि अल्लाह कौन है विष्णु ही है एक तो यह वाली बात आ गई अल्लाह विष्णु है तो जब हम कहते हैं कि अल्लाह कुरान में जो अल्लाह बताया गया वो विष्णु ही है तो कहीं पर हमारे शास्त्रों में भी लिखा हा हा कुरान में बताया हुआ है अल्लाह विष्णु नहीं है मैं मैंने मेरा पॉइंट ही यही था हवान जी कि कुरान और बाइबल की मिस इंटरप्रिटेशन की वजह से उसके गलत अनुवाद की वजह से सबको ऐसा लगा पता लगा मगर अल्लाह तो विष्णु ही है ना जी भगवान के नाम अनेक हैं भगवान के नाम अनंत
00:40:44:04 है भगवान को आप अल्लाह कज भगवान देखिए पहले आप डिसाइड कर लीजिए आप अल्लाह और विष्णु को एक मानते हैं या भगवान के नाम अनंत है तो कोई भी नाम ले लेंगे क्योंकि अगर भगवान के नाम अनंत है तो क्या भगवान का नाम मल भी रख देंगे के अकॉर्डिंग क्लिटी है वही माने क्या भगवान के नाम अनंत है तो क्या भगवान का नाम मैं आपसे एक चीज पूछ रहा हूं क्या भगवान के नाम अनंत है तो क्या आप भगवान का नाम मूत्र भी रख देंगे मल भी रख देंगे शौच भी रख देंगे शौचालय भी रख देंगे क्योंकि भगवान के नाम अनंत है देख देखिए देख और दूसरा प्रश्न आगा
00:41:28:26 अगम का भगवान के नाम के रूप मेंप करेंगे जी अवान जी सुन लीजिए जैसे हरे हरे कृष्ण हरे कृष्ण होता है तो क्या आप हरे अल्लाह हरे अल्लाह करेंगे हवान जी मेरी बात सुनिए जैसे जिस प्र मुरली धार मुरली धार कहते श्री कृष्ण जी का एक नाम है अब अगर उसको इंग्लिश में ट्रांसलेट द वन हु है बासरी वन प्ले भाई साहब मैंने आपसे सवाल कुछ और पूछा है आप दूसरी सेम बात हो हवान जी आप दूसरी चीज मुझे बता रहे हैं मैंने आपसे आप कह रहे भगवान के नाम अनंत है तो इसलिए कोई भी नाम भगवान का स्वीकार किया जा सकता है जी बिल्कुल नहीं कहा मैंने ऐसा मैंने ऐसा बिल्कुल नहीं कहा तो फिर किसी भी नाम को भगवान के नाम के रूप में स्वीकार करने का आधार क्या है आधार यह नहीं है कि अनंत है तो मैं इस फोन को थोड़ी बोलूंगा यह श्री कृष्ण जी है इसका मतलब यह है कि अनंत होने का मतलब यह नहीं है कि हर एक चीज का नाम आ जाए अनंत होने का मतलब किस चीज का नाम मैंने आपसे पूछा तो फिर मैंने आपसे पूछा है कि तो फिर किस चीज का नाम आप स्वीकार करेंगे किस चीज का स्वीकार नहीं करेंगे इसका आधार क्या है इसका आधार क्या है जो वेदों में बताया गया है जितने नाम हम वेदों में बताए गए हैं
00:42:44:02 हा तस्मा शास्त्रम प्रमाणम तेरे लिए कर्तव्य और अ कर्तव्य के विषय में एकमात्र शास्त्र प्रमाण है तो भगवान का कौन सा नाम ग्रहण करना है कौन सा नहीं अनंत नाम है मगर हमें किस नाम के द्वारा मुक्ति मिल सकती है हमें कौन सा नाम उनका ग्रहण करना है यह हमें कौन बताएंगे शास्त्र तो आपने कहा कि अल्लाह जो है विष्णु ही है यह कहां लिखा है वेदों में वेदों में नहीं लिखा है परंतु मैं आपको कह रहा हूं मिस ट्रांसलेशन की वजह से नहीं हुआ है नहीं अल्लाह नाम अल्लाह जो है वो विष्णु ही है यह कहां लिखा है वेदों में तो आप क्यों कह रहे
00:43:24:10 हैं जीरी बात मैं आपको य समझाने की कोशिश कर रहा हूं कि भगवान को जिसको वो मानते है जिन्होने दुनिया को बना आप एक बार जाके फिर आइए हवान जी मेरी आवाज आ रही है आ रही है अब मेरे को बताइए अल्लाह को वो क्या मानते हैं व मानते हैं कि जिसने दुनिया बनाई क्या दुनिया किसी अलग अलग भगवान ने बनाई एक ही बात को बदलिए नहीं एक एक बात करके चलिए पहले बात हो रही है क्या हमारे शास्त्रों में कहीं पर कहा अल्ला है विष्णु
00:44:01:09 है जी कॉमन थिंकिंग स्किल से नहीं मैंने कहा 16 24 को कहां ले जाएंगे तेरे लिए कर्तव्य कर्तव्य के विषय में शास्त्र प्रमाण है देखि गलत बात करेंगे तो थोड़ा देखिए मैं आपको इसका बड़ा स कमेंट किया है आपने जो एक वक्तव्य दिया है स्टेटमेंट दिया है कि जो अल्लाह है व तो विष्णु ही ये हमको शास्त्र से तो दो अन्यथा फिर मैं पूछ रहा हूं कि शौचालय भी बोलोगे क्या मोबाइल भी बोलोगे
00:44:37:21 क्या अहवान जी अब मैं आपको एक नर्मल सी चीज बोलूंगा सुनिए सुनिए जी क्या आप क्या आप क्या आप श्री कृष्ण जी के श्री कृष्ण जी के माता-पिता का नाम जानते हैं हां जानता हूं तो आपको जानकर यह हैरानी होगी कि उस नाम को जब कुरान जिस लैंग्वेज में लिखी गई थी अरेबिक उस लैंग्वेज में जब उनके माता-पिता का नाम को अरेबिक में ट्रांसलेट किया जाता है तो वह मोहम्मद के माता-पिता के नाम में आता है तो बात उससे क्या मतलब है ये एक संयोग मात्र हो सकता हैवान जी जी क्या है देखि मैं क्यों ऐसा बारबार टोक रहा हूं आपको क्योंकि मैं किसी और मुख्य पॉइंट पर आना चाह मगर आप इसी में इतना देर लगा रहे हैं इसी को इतना खींच रहे हैं आपने ये लाइन गलत कही कि अल्लाह विष्णु ही है क्योंकि अगर भगवान के अनंत नामों के कारण आप विष्णु विष्णु भगवान के लिए अल्लाह को ग्रहण करेंगे तो दो क्वेश्चन उठ जाएंगे कि अनंत नाम है तो क्या मल मूत्र भी कहेंगे और अगर अल्लाह भी उनका नाम है तो क्या आप हरे अल्लाह हरे अल्लाह करेंगे दोनों ही चीजें पॉसिबल नहीं होगी
00:45:53:16 आपने खुद स्वीकार किया कि हम किसी भी नाम को तब स्वीकार करेंगे जब वो हमारे शास्त्रों द्वारा स्वीकार किया गया हो तो आपको यह प्रमाण देना पड़ेगा जब आप यह कहेंगे कि विष्णु जो है वह अल्ला ही है तो आपको य प्रमाण देना होगा कि कहां पर लिखा है और अगर नहीं है तो आप अपने वक्तव्य को वापस ले लीजिए कि अल्ला जो है व विष्णु ही है नहीं नहीं मेरी बात सुनिए प्रभुपाद श्रीला प्रभुपाद जी ने अपनी किताब में कहा है कृष्णा कृष्णा ग्रीक इज नोन एस क्रिस्टस एंड क्रिस्टस सुनिए सुनि मैंने अभी आपको दिखाया ना कृष्ण और अल्लाह एक है मैंने अभी देखिए आप दूसरी जगह क्यों जा रहे हैं मैंने आपको सीधे-सीधे दिखा दिया कि अल्लाह कृष्ण ही है तो आप उस पर बात करिए ना उसको उसको खामा खा टाइम टेकिंग चीज क्यों बना रहे हैं जब मैंने आपको शॉर्ट में दिखा दिया चीवान जी अवान जी भगवान को किस चीज से पहचाना जा सकता है उन उनकी खूबियों से व ल अट्रैक्टिव है व ऑल पावरफुल है जैसे वेदों ने बताया थाने आपको क्या कहा मैंने मैंने आपकी बात को स्वीकार किया है मैंने मैंने आपकी बात को स्वीकार किया भाई साहब मैंने आपसे पूछा है भगवान के अनंत नाम है बल्कि इस दुनिया में जो भी कुछ शब्द है वह भगवान का ही
00:47:08:18 नाम है मगर हमें हां बिल्कुल इस दुनिया में जो भी कुछ नाम कल को ऑक्सफ डिक्शनरी में नया नाम बना दूंगा वो भगवान का नाम थोड़ी होगा कैसी बातें कर रहे देखिए ये मैं क्या मैं अपनी धारणा बता रहा हूं इस दुनिया में कोई भी शब्द है कोई भी शब्द वो भगवान का ही शब्द है भगवान का ही प्रतीक है क्योंकि भगवान के बिना उस तो पॉसिबल नहीं है सुन लीजिए मेरी बात सुन लीजिए मेरी बात सुन लीजिए मैं अपनी धारणा बताई अब उसके बाद मैं फिर भी मैं जानता हूं कि सब कुछ भगवान का ही नाम है हर शब्द भगवान का ही है मगर हम भगवान के किस नाम रूप को ग्रहण करेंगे जो शास्त्र में बताया होगा वही मुक्ति दायक है जैसे कि पानी नमी इत्यादि के रूप में सर्वत्र व्याप्त है सुन लीजिए सुन लीजिए जैसे कि पानी नमी इत्यादि के रूप में सर्वत्र व्याप्त है मगर हम पानी के उस रूप को ग्रहण करते हैं जो हमारे व्यवहार का विषय बन जाए गिलास में चुल्लू में आ जाए उसी को हम ग्रहण करते हैं हम हवा में हाथ नहीं मारते कि भैया यहां भी पानी होगा उसी तरीके से भगवान के अनंत नाम है भगवान सर्वत्र व्याप्त है तो भगवान के अनंत नाम है मगर हमें वही नाम स्वीकार रहे हैं जो शास्त्रों में दिए गए हैं अब आपका कहना है क्योंकि वहां पर गुण मिल
00:48:23:20 रहे हैं देखने में भगवान के जो गुण है वो मिल रहे हैं इसलिए वहां का नाम भगवान पर फिट बैठता है ठीक है यानी कि आप जो है कुरान मैं करेक्ट करना चाहूंगा मेरी मेरे को प्लीज बोलने का मौका दीजिए मैं आपको करेक्ट करना चाहूंगा भगवान का मैं आपको यह कह रहा हूं कि जो अल्लाह वो समझते हैं जिस भगवान को वो समझते हैं व है असली में विष्णु जब श्रीला प्रभुपाद जी से ये एक बात की थी बीटल्स के एक मेंबर ने कि फिर तो हम क्राइस्ट का ही नाम ले लेते हैं फिर तो हम अल्लाह का ही नाम लेते का नाम क्यों नहीं लेते जैसे आपने कहा था अल्ला हला बोल ते हैं जब जब श्रीला प्रभुपाद जी से इस बात पर बात की गई उन्होंने बोला नहीं हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्ण कृष्ण हरे हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे जो यह महामंत्र दिया गया था इस मंत्र में सबसे ज्यादा पोटेंसी है अगर हम कोई दूसरा नाम लेते हैं अल्लाह बम से हम भगवान के पास पहु सते इसका मतलब अब इसका मतलब हमें किसी भी नाम को ग्रहण करने से पहले शास्त्रों को खंगालना हो कि वह शास्त्रोक्त है कि नहीं हा तो हम डायरेक्ट य नहीं कह सकते कि अल्लाह विष्णु ही है पहली बात आपने कही है ठीक है आपने श प्रमाण र
00:49:38:25 अल्ला आपको कह रहा जिस अल्ला को समझते हैं होना असली में विष्णु चाहिए था पर उनके मिस ट्रांसलेशन की वजह से उनके किया है तो प्रभुपाद जी को अगर मिस ट्रांसलेशन किया है तो प्रभुपाद जी को अपनी बुक में लिखना चाहिए था कि अल्लाह जो है वो विष्णु का भ्रामक नाम है मगर वह प्रचारित किया गया वस्तुतः अल्लाह नाम से गलत प्रचार किया गया है वहां पर विष्णु की बात हो रही है यह सब लिखना चाहिए
00:50:13:02 थाने दूसरी अब दूसरी एक बात आपसे पूछ रहा हूं यह अल्लाह शब्द जो है आपको एजिस्ट कहां से किया कहां से इसकन के पास अल्ला शब्द आया कहां से अल्ला शब्द आया इसकन के पास मिडिल ईस्ट के जो वहा पर रिलीजन चला था इस्लाम का वहां से आया मतलब की कुरान से आया ना जी आप कुरान तो नहीं कह सकते तो क्या कहेंगे उसे पीछे उनके परपरा
00:50:58:03 मिडिल ईस्ट में वह अल्लाह शब्द कहां से आया चलिए एक सेकंड जी जी मिडिल ईस्ट से उनके पास आया तो मिडिल ईस्ट में वह अल्ला शब्द कहां से आया कुरान से कुरान से ना तो हमें मानना पड़ेगा ना कि अंतिम रूप से कुरान से उनके पास अल्लाह आया ठीक है यानी कि अल्लाह शब्द जो एस्ट करता हैम आया हा अल्लाह शब्द जो एजिस्ट करता है उनके लिए वोह अल्लाह शब्द के एक्जिस्टेंस को स्वीकार करने के लिए वह कुरान पर निर्भर है वापस बोलिएगा अल्लाह शब्द के अस्तित्व को स्वीकार करने के लिए इस दुनिया में अल्लाह नाम की कोई एंटिटी है उसको स्वीकार करने के लिए वह कुरान पर निर्भर
00:52:02:01 है देखिए अवान जीवा जी आपको बात देखिए य पर चर्चा बदल रही है बहुत स्पष्ट स्पष्ट बातें करता हूं मैं और आप देखिए अवान जी देखिए अवान जी ऐसे कर कर के जो है दूसरी बात चालू करते मैंने आपसे पूछा अल्लाह शब्द के अस्तित्व को स्वीकार करने के लिए किस पर निर्भर है कुरान पर कुरान प तो फिर अल्लाह के बारे में क्या बताया गया है और क्या नहीं बताया गया यह कौन बताएगा उन्हें क्या बताया गया क्या नहीं बताया गया कुरान कुरान बताएगी तो कुरान में जो अल्लाह के लिए लिखा हुआ है वह कह रहे हैं कि वह गलत है यह आप बता रहे हो वह मिस इंटरप्रिटेड कर दिया गया है ठीक है बक तो अब जो सही बात है सही बात है वो कुरान का जो सही अर्थ है वह इनके पास कहां से आया किस पर जी जी जी जैसे आपको पता होगा श पता होगा शीला प्रभुपाद ने वेदिक नॉलेज का प्रयोग करके वेस्ट में गए थे जहां पर उन्होने लोगों को इलस
00:53:17:18 किया था होता है मैंने आपसे सवाल पूछ आप देखिए दूसरी जगह बात को ले जाते की वजह से क्या होता है जो मुख्य विषय होता है बहुत देर में आता है आप पहले बताइए तो कि उनके पास जो कुरान की वो नॉलेज है जो कुरान वाले जो दे रहे हैं वो ना होकर के कुछ और नॉलेज है वो नॉलेज उनके पास कहां से आई किस परंपरा से आई व वेदिक नॉलेज को मानते थे कि वैदिक नॉलेज सर्वो परे है जो हमको भी पता है जब उन्होंने वैदिक नॉलेज को कुरान की नॉलेज से कंपेयर किया तो उनको पता चला कि कुरान में क्या-क्या खामियां है वेदिक नॉलेज को एज अ एंकर पॉइंट मान के उन्होंने देखब ये कह रहा मेरा सवाल मेरा सवाल आप समझ नहीं रहे आप दूसरा जवाब दे रहे मैंने आपसे पूछा है जैसे उनके पास भगवत गीता का जो अर्थ है वोह मधवा चार परंपरा से चेतन महाप्रभु से होते हुए उनके पास तक आया जो श्री भागवत श्रीमद् भागवत का जो अर्थ है वो इकोन के अनुसार उसमें भी कई सारी दिक्कत है मगर फिलहाल मान लेते कि स्कोन के अनुसार मधवा चार से होते हुए और जो है चेतन महाप्रभु जी से होते हुए उनके पास तक आया अब मैं पूछ रहा हूं कुरान का अर्थ उनके पास कहा से होते हुए आया कुरान का अर्थ उन्होंने हवान
00:54:32:27 जी सबसे पले जब वेस्ट गए थे तो वेस्ट नॉलेज में वेस्ट गए थे अपना प्रचार फैलाने के लिए उन्होने पास नाम नहीं है क्या मैंने आपसे पूछा कि किस परंपरा से उनके पास कुरान की नॉलेज आई है कुरान का वो अर्थ जो कुरान वाले जो बता रहे उसके विरुद्ध है अवान जी देखिए नॉलेज क्या है द ट्रुथ क्या है सच क्या है वेद उन्होने वेदों को कुरान के साथ मैं आपसे भाई साब आप बोल दोना किसी परंपरा से नहीं आया सुनि भाई साहब सुनिए तो मेरी बात सुनिए आप ये बोल दो ना परंपरा से नहीं आया सीधे बोलो पर दिया नहीं जाता कुरान तो पढ़ने के लिए बोरान का जन बोलो उ कुरान का ज्ञान उन्होने अपने अपने हिसाब से व व्याख्या अपने हिसाब से उन्होंने की नहीं हा तो बोलो फिर कहां से आई बोलो कहां से आई आवान जी कुरान और बाइबल को समझने के लिए पढ़ने के लिए पारंपरिक डिसाइल सक्सेशन की जरूरत नहीं पड़ती है उन्होंने सुनिए मेरी बात सुनिए मेरी बात सुनिए मेरी बात उन्होंने कुरान और बाइबल को पढ़ा उनको पता जरूरत पड़ती है कि नहीं पड़ती है सुनिए सवाल ये नहीं है जरूरत पड़ती है कि नहीं पड़ती है मेरी बात सुनिए भाई आप जो
00:55:48:00 है भटक रहे हैं मैंने प्रश्न पूछा है अगर परंपरा से आया है तो परंपरा का नाम बताएं परंपरा से नहीं आया है तो आप बोलिए कि नहीं परंपरा नहीं आया मुझे नहीं जानना है मैं आपसे पूछ लूंगा आपकी बात सुन लूंगा मगर अभी प्रश्न यह किया जा रहा है कि परंपरा से आया है या अपने मन से किया है अगर आप यह कह रहे हैं उसम परंपरा की आवश्यकता नहीं होती तो बोल दो ना कि अपने मन से किया है मैं अभी आपको पाच मिनट में बताता हूं उन्होने परंपरा से किया है या नहीं किया बस दो मिनट गा
00:56:36:06 सत्य की खोज किसका पक्ष रखना चाहते हैं आप इसीलिए मैंने व आपको कमेंट में भी कहा पूरा वडियो आने उनको परंपरा से नहीं मिला है क्योंकि कुरान जैसे पता लग रहा है हमें परंपरा नहीं है उन्होने खुद से ही पढ़ के बताई है खुद सही किया ना ठीक है जी अब बात ये आती है कि कुरान उन्हें मिल कहां से रही है अवान जी आप ऐसे बात कर रहे हैं जैसे कुरान मिलती नहीं है खरीदने के लिए जैसे भगवत गीता नहीं मिल रही खरीदने के सुनिए सुनिए मैं बता दूं अगर हम ये मान अगर हम इस चीज को स्वीकार कर लेंगे कि हमारे यहां का कोई भी व्यक्ति जाकर के कुरान का जो चैन ऑफ नरेशन से जो अर्थ आ रहा है जो उनकी जहां से मोहम्मद साहब ने अपने डिसाइल्स को बताया उसके बाद उनकी चन ऑफ रेशन से जो कुरान आ रही है उनके अर्थ को अस्वीकार करते हुए अगर हम अपना अर्थ बताने लगे नहीं नहीं तुमने मिस इंटरप्रेट कर दिया है और जो हम जो बता रहे सही है तो फिर हमें जाकिर नायक के अर्थ वो जो वेदों का करता है वो भी स्वीकार करना पड़ेगा
00:57:51:13 वो भी कह देगा कि मेरा अथ क्यों नहीं माना जाएगा सुन लीजिए सुन लीजिए सुन लीजिए सुन लीजिए अगर परंपरा से ज्ञान आता है तो आपको परंपरा से ज्ञान को लेना पड़ेगा दूसरी बात अगर आपको उन पर विश्वास नहीं है जो कुरान आपको दे रहे हैं आपके पास कुरान कहां से आ रही है उनकी परंपरा से मोहम्मद के नीचे जो डिसाइल्स हुए होंगे उनके उसके बाद उनकी परंपरा से जो उन्होंने छापा छापते छापते छापते छापते तब आकर के मार्केट में आपको आज कुरान मिलती है तो कुरान के विषय में अंतिम वक्तव्य किसका का मान होगा जो डायरेक्ट उनकी लाइनेज से जुड़ा हुआ होगा क्योंकि अगर हम उन पर विश्वास नहीं करते तो हमें कुरान पर विश्वास कुरान नाम की चीज एजिस्ट करती है उस पर भी विश्वास होना हमारा सिद्ध नहीं होगा यह तर्क हम किसको देते हैं आर्य समाज यों को या मुस्लिमों को जब वोह अपना मन गणन अर्थ करने लगते हैं वेदों का तो हम उनसे पूछते हैं कि तुम्हारे पास वेद कहां से आए तो हम वो कहते भैया वो तो परंपरा प्राप्त आचार्यों से ही आएंगे तो फिर जब आप को परंपरा प्राप्त आचार्यों पर विश्वास नहीं है तो उनसे मिलने वाले वेद पर विश्वास कैसे और जब आपको वेद पर विश्वास है तो वो जिससे मिल रहे हैं उन परंपरा प्राप्त आचार्यों पर विश्वास
00:59:06:21 क्यों नहीं है इसी तरीके से अगर कुरान हम मानते हैं कि कुरान नाम की कोई चीज एजिस्ट करती है तो वह जहां से हमको मिल रही है उन पर हमें उन पर हमें विश्वास मानना पड़ेगा और अगर हम उन पर विश्वास नहीं है तो हो सकता है वो कुरान नाम की चीज कोई मोहम्मद साहब ने लिखी ना हो कुछ भी उसमें तो नर गल लो वो तो फिर हमारे लिए कुछ मायने नहीं रखती उसकी बात भी करना बेकार है क्योंकि जिसे वो हमको मिली उस पर हमको विश्वास नहीं है बोलिए अन जी आपको इस बात से तो ज्ञात है ना कि शीला प्रभुपाद ने कभी यह नहीं बोला कि कुरान और बाइबल मेरी बात सुनिए मैं दो पॉइंट उठाऊंगा कुरान और बाइबल में जो बताया गया है उसी चीज को हमने फॉलो करना है उन्होने बस दो चीज एक चीज देखिए ये विष हो रहा हैलिए मुझे ना पड़ता टॉपिक ये नहीं है कि उन्होने क्या ये बोला है कि नहीं बोला है कि कुरान में जो बोला गया उसको ही फॉलो करना है हम एक एक करके हर पन्ने को खोलेंगे एक एक परके अभी टॉपिक ये चल रहा
01:00:09:06 है हाब आप बदलते जैसे ही आप जैसे ही आपकी बात कटती है तो आप जो है विषयात करते दूसरी बात ले आते हैं अभी बात ये चल रही है कि जहां से आपको कुरान मिल रही है जहां से आपको कुरान मिल रही है यदि उस ोत पर जो उसका पॉइंट है जहां से आपको मिल रही है उस पर विश्वास नहीं है तो इसका मतलब है आपको कुरान पर विश्वास भी नहीं है कुरान किसी ने किसी लड़के ने चार साल के लड़के ने लिख दी है या क्या लिखा है आपको कुछ नहीं पता क्योंकि जिससे आप कुरान ले रहे हो उस पर आपका भरोसा होना सिद्ध नहीं हो रहा है और यदि उस पर भरोसा है यदि आपको कुरान पर भरोसा है तो आपको उस पर भी भरोसा करना होगा जिससे आपको कुरान मिल रही है सिंपल इसी बात से तो हम लोग अगर कोई हमारे ग्रंथों गलत अर्थ करके करने लगेगा तो इसी बात से तो उह पटक के और आप उसी बात का खुद ही खंडन कर रहे
01:01:04:19 हो प्रभ तो इसका मतलब य क्लेम करना कि हमको ज्यादा पता है कुरान का अर्थ और जो कुरान वाले हैं जो कुरान हमको दे रहे हैं इसका मतलब की कुरान का अर्थ हमको ज्यादा पता है और जो कुरान वाले जो हमको कुरान का अर्थ बता रहे उनको कुछ नहीं पता है यह क्लेम करना गलत है कभी क्लेम ही नहीं किया ये इसकन ने कभी क्लेम नहीं किया ये आप क्लेम कर रहे हो ना आप अभी कह तो रहे होट किया गया क्लेम कर रहा हू अरे भाई तुम आए क्यों हो जब तुम्ह प्रभुपाद जी का पक्ष नहीं रखना है स्कन का पक्ष नहीं रखना है तो आए क्यों हो फिर क्या करने आ मैं आपके आपको जो गलतफहमी हुई है वो दूर कर तो तुम कह रहे हो ये तो मैं कह रहा हूं प्रभुपाद जी ने थोड़ी ना कहा है तो फिर क्यों आए हो भाई जब प्रभुपाद जी की चीजों को डिफेंड नहीं कर रहे हो तुम जी
01:01:59:26 एक पॉट दूंगा उसके बाद मेरा भी समय हो रहा है जाने का मैं आपको एक पॉइंट दूंगा प्लीज आप अपने सुनिए बात यह है कि कि इनका प्रभुपाद जी का किसी भी ग्रंथ को एक धार्मिक या ईश्वर के द्वारा भेजे गए ग्रंथ के रूप में स्वीकार करने का आधार क्या है इस कन का जी किसी भी ग्रंथ को किसी भी पुस्तक को धार्मिक ग्रंथ के रूप में स्वीकार करने का आधार क्या है इसकन का इसने स्वीकार किया ही नहीं हा इसको ने स्वीकार किया ही नहीं किसी दूसरे धार्मिक ग्रंथ को अरे भाई आप यहां क्या डिफेंड करने आए हो कि भैया जो कुरान है वो उसम मिसइंटरप्रेट कर दिया उनके लोगों ने और और जो प्रभुपाद जी उनको सही अर्थ पता है तो इसका मतलब वो कुरान को धार्मिक ग्रंथ के रूप में स्वीकार कर रहे ना शुरू में आपने कहा भी वो श्री कृष्ण के द्वारा भेजे गए ग्रंथ है श्री कृष्ण जी के भेजे द्वारा भेजे गए ग्रंथ नहीं श्री कृष्ण जी के द्वारा भेजे गए लोग थे जिन्होंने यह मैसेज लाना चाहा परंतु एट द एंड वो ग्रंथ जो ग्रंथ उन लोगों के द्वारा आ रहा है उनको श्री कृष्ण नहीं तो भेजा था वो चाहते थे ना तुम मेसेंजर ऑफ गड क है ना मेसेंजर ऑफ गड तो गड का ही संदेश दे
01:03:14:28 रहे है ना वो आपको के द लोगों ने खुद से ए ने तो वो अगर आप यह मानते हो कि वो कृष्ण के द्वारा भेजा गया ग्रंथ था मगर उसम मिलावट हो गई है तो इसका मतलब आप ये कह रहे हो कि जिस व्यक्ति से आपको वो ग्रंथ मिल रहा है वो व्यक्ति झूठ है तो जब वो जब उस जब उस व्यक्ति से आपको झूठा अर्थ निकल सकता है दे सकता है वो झूठा व्यक्ति आपको तो व आपको झूठी किताब क्यों नहीं दे सकता वो झूठ नाम क्यों नहीं दे सकता अवन जी आप क्या मानना चाहते हैं कि भगवत गीता की जो पहले परंपरा आई थी वो खंडित हो चुकी थी या नहीं नहीं नहीं हो चुकी थी कर र हां जब विष्णु जी नेलिया नहीं खेलते बताते तो बताया तो है सब तैयारी करके बैठते भग वो जो श्लोक में आया है प्राय लुत हो गया है उसका अर्थ ये होता है कि प्राय लोगों में उतना ज्यादा प्रासंगिक नहीं रहा है मगर ये नहीं कि बिल्कुल खत्म ही हो गया है उतना लोग नहीं जानते प्राय प्राय लुप्त सा हो गया है वो खत्म नहीं हो गया नष्ट नहीं हो गया अगर नष्ट हो गया था अगर नष्ट हो गया था अगर नष्ट हो गया था एक मिनट मिनट अगर नष्ट हो गया था श्री कृष्ण
01:04:31:10 बताते मैं वही उसी का जवाब दे रहा हूं मैं उसी का जवाब दे रहा हूं आपको भगवत गीता चार दो का ही जवाब दे रहा हूं महा भगवान ने कहा है प्राय लुप्त हो गया है प्राय लुप्त से उनका मतलब है कि उतना ज्यादा समाज में प्रासंगिक नहीं है लुप्त जैसा हो जाना मतलब खोता जा रहा है तमाज से लुप्त सा हो गया है यह उनका कहने का मतलब है अगर हम ये मान लेंगे कि लुप्त बिल्कुल नष्ट ही हो गया था खो गया था ठीक है तो फिर आपकी जो परंपरा है वो खंडित हो जाएगी क्योंकि आपकी परंपरा द्वाप से हो चाहिए अरे मेरे भाई सुन तो लो मेरी बात सुन लो मैं जो कह रहा हूं वो सुन तो लो अगर आप आपका ज्ञान वहां तक नष्ट हो गया और श्री कृष्ण से चालू हो रहा है तो फिर आपको यह मानना पड़ेगा कि द्वापर से आपकी गुरु परंपरा शुरू हो रही है ना कि वो जो सृष्टि का निर्माण काल था वहां से शुरू नहीं हो रही फिर परंपरा द्वापर से शुरू हुई मानी जाएगी तो पूछो से क्या मानते द्वापर से शुरू होना परंपरा तो श्री कृष्ण के द्वारा ही शुरू हुई थी श्री कृष्ण के द्वारा मगर द्वापर से नहीं सृष्टि के निर्माण काल से शुरू हुई बताते हैं के निर्माण काल से शुरू ही बताते हैं पर यह भी बोलते हैं
01:05:46:10 कि बीच में खंडित हो गई थी इसलिए श्री वापस आ उनसे प्रश्न कर वही उनके ऊपर क्लेम है कि अगर वो खंडित होना स्वीकार करते हैं तो उनके पास मेरा प अरे भाई पहले सुन लो ये उनकी ये उनकी परंपरा के ऊपर एक ये उनकी परंपरा के ऊपर एक क्लेम है कि अगर आप यह मानते हो कि जो ज्ञान है व खंडित हो गया तो फिर आप यह क्यों बता रहे हो कि सृष्टि के निर्माण काल से मेरे पास ज्ञान आया आप बताओ द्वापर से आया मेरे पास ज्ञान क्योंकि सृष्टि के निर्माण काल में भी कृष् ही आप टॉपिक चेंज कर रहे मैं आपको अरे नहीं मानते भाई वायु का अवतार मानते हैं कि नहीं एक मिनट एक मिनट वायु का अवतार मानते हैं कि नहीं मधवा चार्य जी को जी तो भगवान ने वायु वायु को कब वो दिया था
01:06:42:10 ज्ञान देख लेंगे अवान जी अगर आप श्री कृष्ण से ब्रह्मा से नीचे जाते जाते देख लेंगे तो आपको पता लग जाएगा मेरे भाई जो भगवान श्री कृष्ण जी ने जो मधुवा चार के बीच की जो लाइनेज है उसम में जो क्या कहते हैं वायु जी और जो ब्रह्मा जी जो आ रहे हैं नाम ये ज्ञान कौन से कालखंड में दिया जा रहा है बताइए अवान जी अगर आपको ये डिसा सक्सेशन की बातें करनी है तो इस बारे में यहां पर बात नहीं करने आया हूं मैं बात करने आया हूं जीसस इ इक्वल टू क्रिश्चन और नॉट मैं उस बारे में बात करने आया और आप मेरे को मेरी बात कंप्लीट करने का मौका ही नहीं दे रहे जैसे ही मैं कोई पॉइंट बनाने जा रहा हूं आप टॉपिक ही चेंज कर रहे हैं आप इस कन के ऊपर सवाल उ टॉपिक भाई साहब आप चेंज कर रहे हैं जब मैंने आपसे परंपरा पूछा तो आप यह बता रहे हो कि परंपरा की आवश्यकता नहीं आप बोलो परंपरा नहीं है उसके बाद आगे बढ़ो परंपरा क चज करते हवान जी परंपरा क्यों नहीं है परंपरा खंडित हो गई थी आपसे पूछा भाई साहब मैंने आपसे पूछा था देखो अभी भी टॉपिक चेंज करर मैंने क्या बोला मैंने आपसे बोला था कुरान का ज्ञान किस परंपरा से आया आपने कहा कि परंपरा की आवश्यकता आप यह बोलो ना पहले कि नहीं परंपरा से नहीं आया उसके बाद बताओ परंपरा की आवश्यकता है कि नहीं कुरान का ज्ञान
01:07:57:16 परंपरा से नहीं आया इसलिए खंडित था क्रिश्चन बाइबल का गुरान उससे नहीं आया इसलिए मैं आपसे ये कह रहा हूं मैं आपसे यह कह रहा हूं भाई साहब यदि आपके पास कुरान का ज्ञान कुरान के मूल स्रोत से परंपरा से नहीं आ रहा है तो आप कुरान को लेकर क्लेम नहीं कर सकते हो कि हम जो कह रहे हैं उसका अर्थ वो है तुम जो कह रहे हो वो नहीं क्योंकि जहां से आपको कुरान मिल रही है वो कोई और है और वो परंपरा से जुड़ा हुआ है तो कुरान को लेकर आप का क्लेम नहीं माना जाएगा जो गुरु शिष्य परंपरा से अपनी कुरान से जुड़ा हुआ होगा उसका क्लेम मान्य होगा और अगर हम ऐसा करेंगे कि उनकी किताबों का जाकर के अपना मन गंत अर्थ करेंगे तो फिर उनको भी छूट मिल जाएगी कि वो अपना मन गणन अर्थ हमारी किताबों का करें फिर तो परंपरा का कोई मतलब ही नहीं रह जाएगा अहवान जी अवान जी मेरी बात सुनिए को एक पॉइंट बनाने दीजिए फिर और ये भी बातें तब हो रही है इतनी लंबी बातें तब हो रही है जब आप वो अर्थ बता रहे हो जो अर्थ उनके जो बोनाफाइड जो क्या कहते हैं जो शील प्रभुपाद जी के जो ऑथेंटिक वो शिष्य है वो कुछ और व्याख्या देते हैं हालांकि उसका भी काउंटर है मगर जो जो आपने व्याख्या दिया जो अप्र माणिक है शील प्रभुपाद जी की तरफ से अप्र माणिक उस पर भी हम लोग बात कर रहे
01:09:20:10 हैं ठीक है अवान जी अभी मेरे को जाने का वो बुला रहे हैं चलिए जय श्री राम श्री राम कोई और आया है अगर इसी विषय को आगे बढ़ाते हुए बात करना चाहता है तो ठीक है अपना फेस दिखाए और हम उसे ऊपर ले लेंगे अन्यथा फिर हम लाइव सेशन को अभी ऑफ करने वाले हैं आप आएंगे बात करने के लिए थोड़ा अकल चाहिए सो ने के लिए प्रभुपाद ने ऐसा क्यों कहा कुतर्क ना करें हमें अलग-अलग लोग अलग अलग बातें बताते हैं कुछ लोग कहते हैं कि मुस्लिमों को हिंदू धर्म में मिलाने के लिए या ईसाइयों को हिंदू धर्म में मिलाने के लिए कहा यह बताया जाता है तो इस बात पर हम भरोसा कैसे करें भाई कोई ऑथेंटिक बॉडी भी तो बोले ना इस बात को यह तो आप बोल रहे हो मंच पर जाकर बोल दे हमने ऐसा इसलिए कहा दूसरी बात अगर केवल उनको मिलाने के लिए कहा था तो अब ये चीजें यहां क्या कर रही है हिंदुओं के बीच में क्यों पढ़ाया जा रहा है हिंदुओं को य ये ज्ञान जब यह सनातन ज्ञान नहीं है तो सनातन
01:10:35:21 ज्ञान वाली किताबों के साथ इसको क्यों जोड़ दिया गया है है ना तो देश काल परिस्थिति से जो प्रभावित है वो सनातन नहीं है और आप आ जाइए ऊपर आपसे बात करते हैं हटा दीजिए भैया इनका कमेंट हम कोई चेहरा नहीं दिखा रहा है हम लोग राम पांडे जी हैं यहां पर जय श्री रामम बहुत दिन बहुत दिनों
01:11:19:06 बाद क्या हां पहले कुंभ और कुंभ के बाद आप देख ही रहे होंगे ल चीज आ रही है सामने नमस्कार सभी [संगीत] को हेलो नमस्कार आवाज आ रही है राम पांडे जी चले गए दिख नहीं रहे जी आदित्य जी बताए हां तो उसी कमेंट आगे डिस्कस करना था किस बारे में कृष्णा इक्वल्स टू अल्ला या कृष्णा इक्वल टू क्राइस्ट प्रभुपाद ने क्यों कहा कन का पक्ष रखना है इस कन को डिफेंड करना है आपको यस इस कन नहीं पर्टिकुलर प्रभुपाद ने जो कहा उसको ये हमारा ये लाइव आने वाला है व लाइव नहीं सॉरी सेशन हुआ था इनके साथ आर्य समाज के विवाह को लेकर के बात हुई थी आर्य समाज में जो विवाह कराया जाता है उसको लेकर के बात हुई थी उसके दो वो थे पर्सपेक्टिव एक तो कि आर्य समाज जो विवाह कराया जा रहा है वो जब मुस्लिम से करा दिया जाता है तो उसका आधार क्या होता है किसी भी मुस्लिम को यह मान लेना कि बढ़िया वाला हिंदू हो गया
01:12:34:10 विश्वास प्रद हिंदू हो गया भाई मुस्लिम कोई अगर बदल रहा है तो उसका विवाह अगर आपको कराना है तो कोई बदली हुई मुस्लिम जो महिला उससे कराओ एक तो ये टॉपिक था दूसरा फिर उसमें और भी चीज है कि जब व्यक्ति आपकी धारणाओं को आपकी मान्यताओं को मानने वाला नहीं है एक साधारण हिंदू परिवार से मूर्ति पूजक है तो आप उसका विवाह अपने य क्यों करा दे रहे हो उसको उसके भ्रम को तोड़ क्यों नहीं रहे हो कि यहां पर भैया मूर्ति पूज का विवाह नहीं होता उसको बताओ ना मूर्ति पूजा मूर्ति पूजा हमारे लिए अधर्मी है तो अधर्म का विवाह अपने य क्यों करा रहे हो ये भी उसमें पॉइंट बोला गया उस उस व्यक्ति की विडंबना यह हो जाती है कि वो यह सोच के जाता है कि मेरा जो विवाह है वो अच्छा है वो यह सोच के जीवन जीता है और अपना भगवान के कृष्ण के अवतार की पूजा करता है राम की पूजा करता है मगर जितनी बार वह राम की पूजा कर रहा है राम के अवतार को मान रहा है उतनी बार व अपने विवाह को नहीं मान रहा है अपने विवाह को अ वैदिक मान रहा है व खुद ही और जितनी बार व अपने विवाह को वैदिक मान रहा है उतनी बार व राम के कृष्ण के अस्तित्व को नहीं मान रहा है भगवान के स्वरूप में ईश्वर के स्वरूप में यह सब दिक्कत तो इसको जरूर देखिएगा काफी अच्छी रोचक चर्चा
01:13:50:18 है राम पांडे जी आप चले थे जी आवाज क्यों आ रही है बंद करो आ रही जी जी राम पांडे जी चर्चा होसे आज्ञाकारी जी से किनसे आज्ञाकारी हा आज्ञाकारी जी चले गए
01:14:28:28 आपका नेटवर्क बहुत डाउन है तब तक गौरव पांडे जी से बात कर लेते हैं जी गौरव पांडे नमस्कार भैया जी जय श्री राम बड़ेन बाद आपके दर्शन हुए लाइव में आज का जो आज का जो विषय है व क्या है कि इसकन द्वारा भगवान कृष्ण को अल्लाह और जीसस क्राइस्ट के समकक्ष कहा जा रहा है हरि ओम नारायण तो इस विषय
01:15:03:06 में शिवांश भैया कहां गए हां आज का विषय क्या है कि प्रभुपाद के साहित्य में भगवान कृष्ण को अल्लाह और जीजस के समकक्ष किया जा रहा है समकक्ष बताया गया है ना जी चर्चा का विषय यह है तो इससे पहले अगर वो ऐसा कोई दावा करते दलील देते हैं तो हमें उनके ही शास्त्रों को देखना पड़ेगा कि वो किन शास्त्रों के आधार पर अपनी संस्था संचालित करते हैं तो मेन जो उनका शास्त्र है वो यथारूप यथार्थ यथारूप करके जो भगवत गीता बेचते है उनकी श्रीमद भागवत है जो प्रभुपाद के द्वारा कमेंट्री लिखी गई है उसका आधार मान के अपनी संस्था को संचालित करते हैं तो अगर उसके मूल श्लोकों का हम हिंदू अनुवाद करें कुछ जो मूल श्लोक है तो उनकी धारणा का खंडन हो जाता है जैसे कि एक श्लोक है शास्त्रम प्रमाणम ते कार्या कार्य व्यवस्थित ज्ञात शास्त्र विधान उतम कर्म करतु महार हसी य कर्तव्य और अ कर्तव्य की परंपरा में क्या करना है क्या नहीं करना है क्या मानना है क्या नहीं मानना है इस सब चीजों में भगवान कृष्ण ने भगवत गीता में किसको माना प्रमाण माना है वेद शास्त्र को ही प्रमा
01:16:22:22 जी मुझे लगता है सभी का नेटवर्क में कोई गड़बड़ी है राम जी आप भी अपनी बात बोले फिर उनको ले लेते हैं जो भाई साहब आए थे इसकन के पक्ष को रखने आप अपनी बात बोले जय श्री राम सर जय श्री राम आप अपना चेहरा दिखा दीजिए जी बोलिए बोलिए राम जी मेरा फेस दिख रहा है क्या आपको जी दिख रहा है शिश जी मतलब इसी के लिए आया जो ये क्वेश्चन था ना की क्या बोलते हैं कृष्णा ला उसको मलब उसके रिगार्डिंग आप डिफेंड करने आए क्या आई मीन के पक्ष में हा मतलब ये सोच
01:17:16:21 आ मेरा क्या है कि मैंने काफी देर हो गई है अपना कुछ भोजन प्राप्त नहीं किया है काफी लंबा समय हो गया है तो बहुत लोगों ता नहीं कर पाने के में सामर्थ मतलब संभव नहीं हो पा रहा है आप ऐसा करिए कि अगर इच्छुक है आदित्य जी आपसे भी कह रहा हूं तो कल क्या है शनिवार है कल शाम का कर लेते हैं कल शाम को आप दोनों ही आ जाइए एक के बाद एक दोनों से बात करले ठीक है अभी क्वेन आपसे एक क्वेश्चन था पूछना था अगर आप उसका उत्तर देते तो अच्छा कनेक्ट होते होते हो जाएगा चलिए बोलिए हा मतलब मेरा ए एक फ्रेंड है जो कि एस्ट है मतलब उसने ऐसा म ऐसा क्वेश्चन करा था तो मतलब मैं आंसर नहीं कर पाया था जो आपने जसे आप क्वेश्चन करते हैं ना कि जो ईश्वर है अगर वह सर्वशक्ति मान है तो क्या वह अपने शरीर का नाश कर सकता है तो फिर इसमें मतलब प्रॉब्लम हो जाती
01:18:18:19 है बोलिए क्वेश्चन क्या है मतलब इसका जानना चाह रहा था मैं इसका आंसर यह है कि वो लीला में आकर के व्यवहार में आकर के कुछ भी करके दिखा सकते हैं लोग कहते हैं अपने जैसा ईश्वर बना सकता है बना सकता है अपने जैसे पांच ईश्वर खड़े कर सकता है वो भी कृष्ण वो भी क वो भी कृष्ण वो भी कृष्ण है ना वो कुछ भी कर सकता है व्यवहार में आकर के अच्छा आप कहो कि वास्तविक जो दुनिया है परमार्थ क्या उसमें कर सकता है तो उसमें करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि ईश्वर के अस्तित्व को सिद्ध करना के लिए उसका व्यवहार में कुछ भी कर सकने वाला होना आवश्यक है क्यों क्योंकि अगर तुमने मान लिया कि इस व्यवहारिक दुनिया के अलावा भी पार मार्थी सत्ता है तो तुमने ईश्वर को अस्तित्व को मान लिया और अब अगर तुम उसका खंडन करते हो कि नहीं नहीं वह परमार्थ में जो है अपने जैसा दूसरा ईश्वर नहीं बना सकता स्वयं को नष्ट नहीं कर सकता अगर आप यह प्रश्न करते हैं तो आप ईश्वर का खंडन कर देते हैं तो जब खंडन कर देते हैं तो आपके द्वारा परमार्थ की दुनिया को स्वीकार किया जाना भी सिद्ध नहीं होता तो फिर से सवाल य आज जाता है भा ईश्वर कहां पर कुछ नहीं कर पा रहा वो बताओ तुम कहोगे परमार्थ परमार्थ की दुनिया तो है ही नहीं परमार्थ की दुनिया तो तब है जब ईश्वर है
01:19:33:25 इस बात पर बातें की है आप हमारी सीरीज है सनातन सिद्धांत तो उसमें एक वीडियो मिलेगा आपको ईश्वर क्या ईश्वर ऐसा पत्थर बन सकता है जिसे वह खुद ना उठा पाए उस वीडियो को देखिएगा उसमें चर्चा है और एक है कि ईश्वर ने सृष्टि क्यों बनाई उसमें आप देखिएगा ये सब बातें की गई है आदित्य जी आपको कु कहना चाहते हो तो बता दीजिए वरना फिर आज की जो लाइव है उसको ऑफ करें हा शवा जी मेरा एक एक्सटेंसिव डिबेट करने का तो मतलब इंटेंशन नहीं था वो लग रहा है आप जिस तरह से बात कर रहे हैं व लग रहा है कि आप जो है भिड़ने नहीं आए हा हा नहीं मतलब अगर डिस्कशन चाहे को और डिक कर सते आप कल आ जाइए कल शाम का रख ले 8 बजे का राम जी आप भी बता दे मुझे क्लियर कर दे तो हम कल शाम का रख लेते हैं हमारा नंबर नोट कर लीजिए 7408 30169 इस पर अपना एक फोटो भेज दीजिए तो हम लोग कल का एक शेड्यूल कर लेंगे और भी कोई व्यक्ति यदि आना चाहता है किसी विषय में डिस्कशन करने के लिए तो वो आ सकता है इस नंबर पर हमसे संपर्क करे
01:20:46:10 74836 बोलिए बोलिए बोलिए पॉइंट पुट करना था कि मतलब जब आप कोई फॉरेन कंट्री में प्रीज करते हो तो मतलब वहा लोग को धर्म का ध भी पता नहीं है आप सीधे उनको जाकर नहीं बता सकते हो कि नहीं य मैं आपके देखिए मैं यह सारी चीजें लेकर बैठा हूं मैं यह सारी चीजें लेकर बैठा हूं अभी मैंने योगा ऑफ लव जी ने योगा ऑफ लव वाले जो भाई साहब है उन्होंने हमसे कांटेक्ट किया था उन्होंने हमसे कहा था कि स्कन को लेकर क्या क्या आपके वो है प्रश्न वो आप बता दीजिए उसमें ही मैंने आपके सारे चीजों को पूर्व पक्ष के रूप में लिया है अगर आप कह रहे कि हमने फॉरेन कंट्रीज में धर्म को फैलाने के लिए ऐसा किया सबसे पहली बात आती है अभी भाई साहब बोल रहे थे 16 24 कि धर्म को फैलाने के लिए अगर हम धर्म का अर्थ ही बदल दे रहे हैं तो हम धर्म का अ बदल के जो अर्थ कर रहे हैं उसका अर्थ है कि हम धर्म को नहीं फैला रहे हम धर्म के बदले हुए अर्थ यानी अधर्म को फैला रहे पहली बात ठीक है शास्त्र का प्रमाण चाहिए एक मिनट एक मिनट शास्त्र का प्रमाण चाहिए कि भाई कहां कहता है कहां कहता है धर्म ये कि आप धर्म को फैलाने के लिए धर्म का अर्थ बदल दो पहली बात अगर आप ले भी आएंगे कहीं से के शास्त्र इसका कहते हैं ठीक है
01:22:01:19 तो उसमें फिर दूसरी बात आती है कि अगर आपने फलाने फलाने लोगों के लिए वो स्पेसिफाई तरीके से वो बातें कही है तो आप हिंदुओं को वो बातें क्यों पढ़ा रहे हैं आप बंद कर दीजिए फॉरेन इंडिया में बंद करिए वो किताब बैन करिए उन किताबों को और फॉरेन कंट्रीज में जाकर के करिए दूसरी बात अगर पढ़ा भी रहे तो कम से कम उसमें छापी ये सनातन धर्म ग्रंथ नहीं है ये किसी विशेष देश काल परिस्थिति में विशेष देश काल परिस्थिति के लोगों को समझाने के लिए लिखी गई किताबें है यह धार्मिक ग्रंथ नहीं है वैदिक ग्रंथ नहीं है लिखो उसम और तीसरी बात चौथी बात आ जाती है कि अगर आप लोगों को समझाने के लिए अपने में लय कराने के लिए लोगों को यह बोल देते हो कि कृष्ण अल्ला एक है कृष्ण क्राइस्ट एक है तो फिर लोगों को अपने में लय कराने के लिए क्यों नहीं बोलते हो कि शिव और कृष्ण एक है मनुस्मृति जो कह रही है कि वेद विरोधी नास्तिक पुरान में नहीं छोड़ी गई है कि भैया वो जो है उस उससे जो है वेदों तक आते क्योंकि कुरान में यह कहा गया है कि मेरे अलावा जितनी भी किताबें वो सब गलत है मैं उनका सत्यापन करूंगी तो यहां सब समाप्त हो गया यह जगह उसने खुद खत्म कर दी अच्छा तो जो जो हमारे वैदिक सिद्धांतों के अनुरूप जो ग्रंथ है शिव पुराण
01:23:16:19 उसके द्वारा स्कंद पुराण उसके द्वारा पूजित होने वाला ईश्वर तो शिव वो कृष्ण के बराबर नहीं है मगर जो हमारे सन सिद्धांतों के विरुद्ध जो अवैध किताब है नास्तिक किताब है उसको जो उनके लोगों से हम इतना प्रेम है उन लोगों को अपने में ल कराने के लिए हम य बोल देंगे कि जो है कृष्ण क और यह सब बातें भी इन ऑथेंटिक तरीके से बोली जा रही है भाई कोई आचार आ कर के मंच पर तो कहे किसी किताब में छाप तो कि भैया इसलिए बोली गई जो वास्तविक लोग है प्रामाणिक लोग है जीबीसी इत्यादि वो लोग तो यही कहते नहीं नहीं नहीं वो उनका वो एक ही है वो इसलिए वो तो वहां प्रेज करते हैं मोहम्मद को और जीसस को ये तो आप और हम जैसे लोग जो किसी तरीके से इस कौन का खंबा बचाना चाहते हैं डूबता हुआ जहाज बचाना चाहते हैं वो लोग प्रयास करते हैं वास्तविक लोग नहीं कहते ये बातें जो आप कह रहे हैं तो ये सब चीजें है आप कल आ जाइए हम लोग अच्छे से डिस्कस करेंगे मेरे को भूख लग रही है अभी और मैंने काफी समय से कुछ खाया नहीं है और ये जो बालक आए थे अभी इन्होंने भी अ क्या कहते हैं ये इन्होने भी अचानक से मुझे बताया था कि इन्होंने काफी दिन से पीछे पड़े थे मतलब हम लोगों में कन्वर्सेशन हो रहा था तो ये आना चाह रहे थे अचानक
01:24:31:21 से इन्होने बताया तो मैंने मतलब मैं जा ही रहा था कि मैं भोजन कर लू भोजन भोजन प्रसाद जो भगवान उसको मतलब घर जाकर के प्राप्त कर लू उससे पहले इनका आ गया तो मैंने कहा चलो इनसे बात कर लेते हैं तो विलंब हो चुका है ऑलरेडी आप कल आ जाइए और नंबर है हमारा 740819 इस पर आप संपर्क करें और कल हम लोग बैठ कर के अच्छे से तां के साथ चर्चा करते हैं ठीक है और सभी भाई बंधुओं को समय देने के लिए धन्यवाद आशा करते हैं कि आज की जो लाइव हुई है उससे आपको काफी कुछ जानने को मिला हो जितने भी य तर्क दिए जाते हैं पक्ष को लेने के संबंध में आप प्रामाणिक रूप से ही सही उन सबका अच्छे से माथा मथ या करके बैठे हुए हैं और मैंने शुरू में कहा था वीडियो के कि हमको कुछ संसाधनों की आवश्यकता पड़ रही है कुछ यात्राएं हैं जो इस अभियान के निमित्त कर है और भी कुछ प्रकल्प है तो अर्थ की दृष्टि से जो लोग भी सहायता करना चाहते हैं वह हमें संपर्क कर सकते हैं और छोटा छोटा एक एक छोटा मोटा कारभार अगर सब लेते जाएंगे तो काफी सारी चीजें होंगी यह नंबर है हमारा यहां पर आप संपर्क कर सकते हैं सभी को जय श्री राम हर हर महादेव
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