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00:00:00:00 जिन लोगों को नहीं पता है उन लोगों को मैं बता दूं कि इनकी बेटी पिछले लगभग एक दो वर्ष से या उससे कम या थोड़ा बहुत ऊपर नीचे हो सकता है ढाई साल से वो अमोल कोकने का जो आध्यात्मिक विश्वविद्यालय है वहां पर है। इनसे दूर हो चुकी है। इस बीच इन्होंने हर प्रकार से जो भी इनके सामर्थ्य की सीमा में आता है वह सारी वह सारे प्रयास कर लिए हैं उसको वापस लाने के और इनकी बेटी एक अकेली नहीं है। इस तरह की कई अन्य बिटियाएं हैं जो वहां पर है बेटियां है वहां पर है जो

00:00:40:28 बहुत और कई बार ऐसे हुआ है मैंने देखा बताती थी कि उनके क्लासेस में जो पार्टिसिपेट कर रहे हैं वो और किसी को किसी की डेथ हो गई है तो मैंने पूछा कि मतलब इन लोगों का तो कहना है कि जो इनके ज्ञान में चलते हैं वो उनकी डेथ नहीं होगी। वो सीधा सतयुग में जाएंगे। वीरेंद्र देव दीक्षित का यह कहना था कि सतयुग में जाएंगे। इसी शरीर के साथ सबको ले जाएंगे जो ज्ञान इनके ज्ञान में चलेंगे। तो अगर किसी की डेथ हो गई तो फिर उसका तर्क ये लोग ऐसे देते थे कि उनके अंदर भक्ति के संस्कार रह गए हैं। इसलिए वो ज्ञान के संस्कार पूरे नहीं अपना पाए। भक्ति के संस्कार छोड़ नहीं पाए। इसलिए उनको शरीर छोड़ना पड़ा। फिर वो तुरंत ही पैदा होंगे। फिर नए शरीर के साथ वो सिर्फ ज्ञान में चलेंगे तब जाके वो सतयुग में जा पाएंगे। यह उनका तर्क हुआ करता था। मतलब कोई मर जाए तो उसके लिए वो ये तर्क देते हैं। बाकी जितने लोग इनका ज्ञान फॉलो कर रहे हैं ये सब मरेंगे नहीं। यही बात रहती है। और जितना ज्यादा ये प्रचार करेंगे इनका ज्ञान है क्या? इनका ज्ञान है क्या? वो है यही चीज भगवान धरती पर आ गए हैं। अभी वीरेंद्र देव दीक्षित की आत्मा मतलब शरीर में भगवान का मतलब कुछ ऑब्जेक्ट मतलब कुछ मतलब कुछ ऑब्जेक्टिव जानकारियां इनका ज्ञान है। कि ये ये भगवान इस शरीर में आया है। इसकी उंगली पकड़ के चलोगे तो यहां जाओगे वहां जाओगे।

00:01:56:16 जो ऑब्जेक्टिफाई कर रहे हैं यह यह ज्ञान है। यह ऑब्जेक्टिव जो दिखा रहे हैं इस नाम के व्यक्ति के अंदर आते हैं। यह वो ये तो मतलब इसका उससे तो कोई मतलब है ही नहीं कि सतोमा सद्गम तमसोमा ज्योतिर्गम मतम गम या फिर अथातो धर्म जिज्ञासा अथातो ब्रह्म जिज्ञासा इन सब से कोई मतलब नहीं है। सिर्फ नाम बता रहे जैसे रामपाल नाम में सारी झूठी बातें लिखी हुई है। असली सच्चाई आत्मा की सच्चाई सिर्फ इनका ज्ञान देता है। और बाकी में कुछ है कि वो ज्ञान ये है कि उसमें नाम पता चलता है कि कौन से किस नाम के शरीर में ये होगा। ये ज्ञान है। उनका कहना है कि भगवत गीता में भी लिखा हुआ है कि किस कहां पर भगवान का मतलब अवतरण होगा कौन सी जगह पर। तो भगवत गीता के आधार से ही नॉर्थ में जहां मतलब कंपिल गांव में एक साधारण शरीर में आएगा करके ये साफ लिखा गया है उनके ये भगवत गीता में। ये उनका कहना है ये उन्होंने अपना मिस इंटरप्रिटेशन कर दिया है। जी फिर बेटी को तो वीरेंद्र ये अमोल कोकने जो है वकील है और उसके अलावा यह भी बताया गया है कि उस वो अष्ट देवों में से एक हैं। और मुझे इस बात की बिल्कुल जानकारी नहीं थी क्योंकि उनका कहना था कि मम्मी जब ये सारी बातें

00:03:11:18 फॉलो नहीं करती है तो ये सारी ये बातें नहीं समझ पाएगी जब तक वो ज्ञान में नहीं आएगी तो ये बातें मां को नहीं बताना है। तो पहली बार जब अमूल कोकने से बात हुई थी मेरी बेटी की तो मेरी बेटी ऐसे किसी से बात नहीं करती थी जनरली तो उसने क्या किया दूसरे फोन में रिकॉर्ड किया कि वो अपने आप देखना चाहती थी कि मतलब उसने बात की है सही तरीके से बात की है नहीं की है करके तो उसकी रिकॉर्डिंग मुझे मिली तो उसे समझ में आया कि वो पहले ही कॉल में जब मां के बारे में पूछ रहा है उससे तो पूछ रहा है कि मां तुमको हमेशा डांटती रहती है क्या क्योंकि उस तब तक मैं थोड़ा सा समझ चुकी थी कि यह कट रही है धीरे-धीरे मुझसे जब अमोल कोकनी से बात करना या उसके टच में आना चालू हुआ इसका। फिर एक बार मैंने उसका लैपटॉप ले लिया था। मतलब मैंने कहा तू यह सब काम करते बैठेगी तो मैं करने नहीं दूंगी। बाकी पढ़ाई करेगी टाइम से सोएगी तो करने दूंगी। और इनको एक चीज और सिखाई जाती है कि मां-बाप जो है वो बंधन है। तो वो एक एक कोड वर्ड जैसे उनको अगर बोलना है कि मम्मी पास में है तो उसको ये ये बोलती थी कि मैं बंधन में हूं। बोलते बोलते बोलते इसको यह फील होने लग गया कि मेरी मां अगर मेरे साथ है तो मैं बंधन में हूं। मुझे काम नहीं करने दे रही है। और इस काम से ही मैं सतयुग में जाऊंगी या फिर आगे की तरक्की

00:04:26:21 होगी जो भी है। तो फिर इसको तो समझाया गया था कि उसको ये बातें रटा दी थी कि आप अगर अपनी मां के साथ हो तो बंधन में हूं। जी जी और फिर वो धीरे-धीरे वो सोचते-सचते बोलते बोलते फील भी करने लग गई कि मैं बंधन में हूं। जैसे ही मैं दिख जाती थी उसका मतलब तो चेहरा ही बदल जाता था कि अब मुझे काम नहीं करने देगी मेरी मां। पहले तो मैं स्कूल से आती थी या फिर इधर कहीं से भी बाहर तरह से ये ये ठीक उस तरह से दृश्य दिखाई दे रहा है जैसे वो केरला स्टोरीज की एक सच्चाई है ना कि वो जाकर के अपने पिता के मुंह पे थूकती है। वो भावनाएं आ जाती है उसके अंदर। ये इस समय वैसी भावनाएं उसके अंदर डाल दी गई आपकी बिटिया के। बिल्कुल मैंने केरला स्टोरी मतलब मेरी बेटी घर से जाने के बाद ही मैंने वो मूवी देखी तो कई सारे किस्से ऐसे मुझे दिख रहे थे कि ये हुआ है मेरे और लोग ये सोचते हैं कि ये जो है इस्लामिक संस्थाएं नहीं है। ये तो हिंदू धर्म की बात कर रही है। जबकि वही कार्य हो रहा है। केवल किताबों का नाम बदल गया है। आपकी किताबों के नाम के आधार पर वही कार्य हो रहा है। जी

00:05:35:03 बोले। कभी भी मैं बाहर जाती थी तो निकलने से पहले ही पूछती थी कि कितनी देर में आओगे और मतलब 10-15 मिनट तो 10 मिनट लग जाएगी क्या इतने से काम में आपको ऐसे वैसे पूछती थी लेकिन जब इन लोगों से जुड़ी तो उसको लगता था कि मां जितनी देर बाहर रहे उतना अच्छा है और जैसे अगर मैं दो-ती घंटे भी लग जाते थे घर आती थी तो उसको मतलब उधर तुरंत समझ में आता था कि वो उधर फोन पे लगी है या उनका काम कर रही है तो उधर तुरंत समझ में आता था कि किसी को बोल रही कि मम्मी आ गई है घर पे इस तरीके से हिंट देते रहती है और कई बार मैंने देखा है कि मैं आ रही हूं तो उसको कुछ परवाह ही नहीं है वो अपने कमरे में है लगी है कोई फर्क नहीं पड़ रहा है उसको फिर मुझे ही बोलना पड़ता था कि बेटी मैं आ गई हूं घर थोड़ी थोड़ी देर मेरे साथ बिता ले तो फिर हां आ रही हूं करके जबरदस्ती आके मेरे साथ बैठती थी। फिर ऐसे करते-करते धीरे-धीरे उनको मतलब मुझे समझ में आ रहा था कि कुछ तो गलत हो रहा है। लेकिन अब अब हम मां बेटी हैं और मेरी इकलौती बेटी है तो मुझे इतना ज्यादा एक्सपीरियंस भी नहीं है कि बच्चे बड़े होते समय कितना मां मतलब पेरेंट्स से जुड़े रहते हैं या कटते हैं। कटती तो मुझे दिख रही है। लेकिन जब मैंने अपने फ्रेंड से बात की कि मेरी बेटी मुझसे कट रही है। मुझे समझ में नहीं आ रहा क्या कारण है। कहीं मैं डांटना करना भी

00:06:50:07 नहीं करती हूं। तो कारण ही समझ में मुझे इस पर तो बिल्कुल शक ही नहीं हुआ क्योंकि कोई लड़कों से बात नहीं करती थी तो मैं एकदम निश्चिंत थी कि मेरी बेटी कहीं मतलब गलत जगह तो नहीं फंस रही है लेकिन ये ज्ञान जो इसका चल रहा है इस पर मैं शक भी नहीं कर सकती थी क्योंकि ये भगवत गीता के श्लोकों की बात करती है वही रटती है टाइम वेस्ट ये करती है नहीं तो कहां शक करूं समझ में ही नहीं आ रहा था फिर कहीं ना कहीं मुझे समझ में आ रहा था कि पूरा टाइम ये इसी में लगा रही तो यही कारण हो सकता है मुझसे कटने का और जब मैंने इससे बोलना चालू किया कि ये सब जो कर रही है तू गलत हो रहा है। भगवान मां बेटी को अलग नहीं करते हैं। तू घर में मेरे साथ रहते हुए भी मेरे साथ नहीं है। मैं बहुत अकेलापन फील कर रही हूं। तो ये सब बंद करना पड़ेगा तेरे को। मैं ऐसे नहीं तेरे को कंटिन्यू करने दूंगी तो कोई भगवान मां बेटी के बीच में नहीं आ सकते हैं। यहां तक आयु क्या थी आपकी बिटिया की? लगभग 16 साल। धीरे-धीरे वो उसकी बातों में आने लगी और उसी कॉल में उसने कहा कि आपको ना डॉक्टर इंजीनियर की पढ़ाई नहीं करना है। आप आध्यात्मिकता के रास्ते पर जाओगे तो सबसे हट के कुछ करोगे और हमारे पास अब ज्यादा टाइम नहीं बचा है। तो पहले कॉल से जो उसने पढ़ाई को लेके एक डिरेज करना चालू किया तो तब से उसकी पढ़ाई भी छूटने लगी। पहले पढ़ाई में अच्छी थी

00:08:05:10 मेरी बेटी। तो इनका काम करते-करते कि यह YouTube के वीडियो सेवा उसको सेवा का नाम देते थे कि आप जितनी ज्यादा सेवा करोगे आपको ऊंचे पद का मेवा मिलेगा। उसके चैट में भी सब हर जगह यही लिखा है कि जितनी सेवा करोगे उतना ऊंचे पद का मेवा मिलेगा। तो हर दिन की इसको सेवा की रिपोर्ट देनी पड़ती थी कि आज क्या किया? तो आज इतने वीडियोस अपलोड किए, आज इतने वीडियोस की एडिटिंग की, आज ये किया, वो किया। चारप चीजें वो लिख के भेजती थी हर दिन की। और अगर किसी दिन उसने कुछ रिपोर्ट नहीं भेजा तो उस उस तरफ से अभी तक यह काम क्यों नहीं किया? मतलब ऐसे हक से वो डांटता था कि जैसे इसको नौकरी पर रखा है और वो ये काम कर रही है और वो डरती भी थी कि हर दिन काम नहीं किया तो नहीं भाई जी अभी भेजती हूं। अभी 9:00 बजे तक भेजती हूं। भाई जी ऐसा हुआ था भाई जी। मतलब अपना एक्सप्लेनेशन देती थी। फिर काम हो गया टाइम से तो वो तारीफ करता था कि बहुत अच्छा काम कर रही हो और काम नहीं होता था तो डांटता था। फिर यह पूछती थी भाई जी आप नाराज हैं क्या मुझसे? आप मुझसे बात क्यों नहीं कर रहे हैं? फिर दो दिन तीन दिन बात नहीं करता था। फिर कोई काम देता था तो इसको लगता था कि मैं पूरा मतलब अच्छा काम करके दिखाऊंगी तो भाई जी बात करेंगे मुझसे। तो ऐसे करते-करते पूरा उसको कंट्रोल में ले लिया। रात भर वो सोती नहीं थी। मैं उसको बुलाते बुलाते थक जाती थी कि बेटा सो जा आजा सोते हैं।

00:09:20:19 कितनी देर तक वेट कर रही हूं मैं तेरा। तो वो अभी आ रही हूं। अभ्यार करते हैं लैपटॉप खोल के वैसे ही मतलब कभी आधी रात को उठ के देखती थी तो वैसे वैसे कुड़ के पड़ी रहती थी चटाई पर लैपटॉप चालू ही रहता था तो मुझे इतना अजीब लगता था कि चल क्या रहा है समझ ही नहीं पा रही हूं कि ये कर क्या रही हैं और कुछ भी पूछती थी तो बोलती थी कि स्कूल का काम कर रही हूं या ऐसे आप देख लो मतलब दोनों तरफ टैब चालू रहते थे उसके एक तरफ स्कूल का काम और एक तरफ इनका काम तो कभी-कभी ये भी चीजें दिखाती थी कि देख लो आप मैं स्कूल का ही प्रोजेक्ट का काम कर रही हूं कुछ तो मैं समझ मैं शक करूं तो किस बात कशा करूं यह भी मुझे समझ नहीं पा रही थी। तो कभी आधी रात को उठ के देखती फिर तकिया रख के उसके सर के नीचे ओढ़ा के फिर मैं अपने काम में लगती। समझ ही नहीं पा रही थी। पहले कॉल से उसने जो इसका ब्रेन वाश करना चालू किया कि आपकी लाइफ में कोई भी परेशानी है तो आप मुझे बताओ। तो बेटी मान रही थी कि वो एक केयरटेकर है। वो उसका ध्यान रखेंगे या ध्यान तो मैं रख ही रही थी। लेकिन जैसे ही मेरे खिलाफ वो बोलने लग गए कि तुम्हारी मां ज्ञान में नहीं चलती है और उनको इतनी जानकारी नहीं है और वो समझना भी नहीं चाह रही है तो धीरे-धीरे वो ज्ञान के आधार पर इसको सपोर्ट करना चालू किए हैं और बोल रहे थे कि जो भी बात है मुझे बताना करके और जब भी मैं सामने आती थी तो बेटी उनको मैसेज कर देती थी कि मम्मी सामने

00:10:35:25 है तो अभी बात नहीं कर सकती बंधन में हूं और जैसे ही धीरे-धीरे हर दिन उनकी बात होती थी। कोड वर्ड था बंधन में हूं। कोड वर्ड जी जी जैसे इस्लामिस्ट हैं कि हम काफिर में सिखाते हैं कि भाई इनके पास जब तुम रहोगे तो बंधन में रहोगे जी और जो रामपाल वाले हैं वो कहते हैं कि ये जगत के लोग हैं। संगत के लोग नहीं है जगत के लोग हैं। इनके यहां भी वही बोला जाता है भाई जी कि ये लौकिक मां-बाप हैं और यह सिर्फ इस जन्म के मां-बाप हैं और आपको पुरुषार्थ सारे जन्मों का करना है और यह अंतिम जन्म है आपका। इस जन्म में आपने अगर सही पुरुषार्थ कर लिया तो आप सतयुग में जाओगे वरना नहीं तो बेटी मुझसे बहुत ज्यादा जुड़ी हुई थी तो उसको यह बोला गया है कि वो समझाने की कोशिश करती थी कि मम्मी नहीं समझ रही है ऐसे उनको बोलती थी तो बोलते थे कि यह सब मोह माया फिर भी नहीं समझ रही थी बेटी का जुड़ाव तो था ही बचपन से मुझसे तो फिर मोह माया के नाम से भी नहीं समझ रही थी तो उन्होंने एक और चीज ट्राई की कि तुम अगर सतयुग में जाओगी तो तुम्हारी मां भी तुम्हारी वजह से सतयुग में जाएगी तो तुम पुरुषार्थ करो अपना अभी तो नहीं मान रही है तुम्हारी मां लेकिन तुम जब चली जाओगी मां को छोड़ के या इस ज्ञान में आ जाओगी तो तुम्हारी मां भी समझने की कोशिश करेगी कि तुम कहां गई हो फिर वैसे

00:11:51:08 तुम्हारी मां भी इस ज्ञान में आएगी अभी तो नहीं समझ रही है उनको अभी जरूरत महसूस नहीं हो रही है और ज्यादा टाइम नहीं बचा है तो तुमको अपनी मां की का भी भला करना है तो तुमको यह करना पड़ेगा ऐसे धीरे-धीरे रेगुलर टच में रहे फिर साल भर पूरा बीत गया और जैसे ही वो 18 साल की होने वाली थी तैयार उसको कर दिया गया है कि तुम अब तुमको आना है और मैं परेशान होकर फिर कभी उसको समझाने की कोशिश करती तो बेटी वहां बताती थी कि मां डांट रही है तो उनका उनको एक पॉइंट यह भी चाहिए था कि मां के खिलाफ कुछ सबूत उनको इकट्ठा करने थे कि मां डांटते रहती थी इसलिए बेटी घर छोड़ के गई तो बेटी को बोला गया था कि तुम रिकॉर्ड करो जो मां तुमको डांटती है। तो फोन तो हाथ में पकड़ के बैठी रहती थी और मुझे अंदाजा भी नहीं कि वो रिकॉर्ड कर रही है। तो जब भी मैं उसको समझाने की कोशिश करती थी या कभी डांट भी देती थी। तो सारी चीजें उसने रिकॉर्ड की। रिकॉर्ड करके सामने वालों को भेजा है। यह तो भेजा ही होगा जब उन्होंने कहा है। तो यह चीजें मुझे उसके फोन में रिकॉर्डिंग मिली। तो मुझे ख्याल आया कि ये तो मैंने उसको समझाने के लिए कहा था। ये रिकॉर्डिंग कहां से हो गई? कभी मैंने सोचा भी नहीं कि बेटी ऐसी बातें रिकॉर्ड कर सकती है। आपके घर में बैठी हुई आपकी ही बिटिया जिसको आपने अपने गर्भ से जन्म दिया था वो एक जासूस की तरीके से काम कर रही है। एक एजेंट की तरीके से काम कर रही है आपके विरोध में कि आपकी

00:13:06:09 जो निजी क्षण होते हैं उनको रिकॉर्ड करके जिसमें आप अपनी बिटिया से बात कर रही हैं। ऐसे क्षणों को रिकॉर्ड करके और वह किसी पराए व्यक्ति को भेज रही हैं जिससे आपका कोई संबंध नहीं है। ना ही वह किसी तरीके से अधिकारी है शास्त्रों में ना ही वह किसी तरीके से अधिकारी है शास्त्रों का अर्थ बताने में वह किसी भी तरीके से प्रमाणिक व्यक्ति नहीं है। उस व्यक्ति को एक घर के बाहर के पर्सन को आपके घर का जो बच्चा है वह भेज रहा है आपकी निजी जानकारियां रिकॉर्ड करके भेज रहा है। इतना ब्रेन वाश एक बात मैं पूछूंगा कि जब आपने पहली बार यह डिक्लेअ किया था कि तुमको यह सब बंद करना होगा तो फिर उस दिन फिर उसका रिप्लाई क्या आया था? नहीं मां आप सही बोल रहे हो। मुझे पढ़ाई में ध्यान देना चाहिए। एग्जाम भी पास आ रही है तो मैं ये सब बंद कर दूंगी। सारे ग्रुप से एग्जिट हो जाऊंगी करके। फिर उन्होंने सबको इन दे दी। जी कि इंफॉर्मेशन दे दी कि अब कुछ दिन तक मैं कांटेक्ट में नहीं रह पाऊंगी। एग्जाम पास में आ रही हो और मम्मी सब बंद करवा देगी करके और फिर सारे ग्रुप से एग्जिट हो गई तो मुझे मैं भी निश्चिंत हो गई कि अभी यह कुछ नहीं कर रही लेकिन सारा काम वो कर ही रही थी कैसे मतलब सारी इन लोगों के नाम

00:14:21:15 उसने सारे टीचर्स के फ्रेंड्स के नाम से सेव कर रखा था जैसे अमोल कोकने का नाम कर रखा था ए के सर करके जैसे उसके कॉलेज के ही टीचर हैं और सबके चट्स लॉक करके रखा था तो कभी भी मुझे कुछ शक होता था कि तू कर क्या रही है पर फोन तो दिखा अपना तो फोन हाथ में लेती थी तो आराम से दे देती थी। देख लो क्या है इसमें? मैं किसी से बात कर रही हूं। क्या आप जानते हो मैं किसी लड़कों से बात नहीं करती हूं? तो आपको किस बात की चिंता हो रही हो? तो फिर मैं फोन देखती थी तो उसमें मुझे कुछ दिखता नहीं था और इतना भरोसा था बेटी पर कि कुछ गलत काम करेगी नहीं। अपने संस्कारों पर भरोसा था। लेकिन मैं ये नहीं समझ पाई कि ये भोलीभाली सीधी साधी इसको कुछ भी बोल दिया जाए भगवान के नाम पर तो ये मान लेगी करके। इस बात का मुझे अंदाजा भी नहीं था। तो सारे ध्यान रखनी चाहिए। एक बात यहां ध्यान देने वाली बात है कि हम अपने बच्चे को अधर्मी होने से बचा सकते हैं। परंतु जब अधर्म को ही धर्म के नाम पर परोसा जाएगा तो बच्चे को तो यही लगेगा ना कि मैं धर्म कर रहा हूं। जबकि वो होगा अधर्म। ये सोचने मां-बाप सोचते माता-पिता सोचते रहते हैं कि मैं अधर्म से दूर रखे हूं अपने संतान को। जबकि संतान को संतान को अधर्म नहीं करना है। मगर जब उसके सामने अधर्म धर्म के रूप में प्रस्तुत कर दिया जाएगा तब तो वह उसमें फंस सकता है। यदि उसको सही

00:15:36:16 मार्गदर्शन सही दिशा नहीं मिली होगी। जी उसको यही बोला जाता है कि भगवान के नाम पर तुम अगर झूठ भी बोलोगी तो वो पाप नहीं होगा। वो युक्ति उसको युक्ति का नाम देते थे। तो अगर वो मुझसे झूठ भी बोलती थी तो युक्ति से युक्ति से पुरुषार्थ करना। उसको बोलते थे कि उसके बहुत सारे जी चैट में भी मिला है कि वो क्लासेस सुन रही है और उनको फिर क्लासेस सुनने के बाद जो जो ज्ञान के पॉइंट्स उन्होंने सुनाए हैं तो सबको पॉइंट सुनाना पड़ता है कि क्या-क्या पॉइंट्स आपने लिखे हैं या फिर ग्रहण किए हैं। तो वो पॉइंट नहीं सुना पाती थी। तो उसके चैट में था कि तुम पॉइंट क्यों नहीं सुना रही हो? करके पूछा जाता था। तो बोलती थी कि मां सो रही है। वो आधी रात की बात होती थी। जैसे सुबह 3:00 बजे 3:30 बजे उस समय। तो बोलती थी कि मैं ईयरफोन लगाकर सुन रही हूं। मां सो रही है इसलिए मैं पॉइंट सुना नहीं सकती। मैं बाद में लिख के भेज दूंगी पॉइंट। तो फिर उसकी तारीफ की जाती थी कि देखो कितना युक्ति से तुम पुरुषार्थ कर रही हो। बहुत अच्छी बात है करके तारीफ होती थी। तो ऐसे करते-करते धीरे-धीरे सब कुछ मतलब उनके कंट्रोल में आने लग गया और बेटी पूरी तरह तैयार हो गई घर छोड़ के जाने के लिए। अब वो उनसे पूछने लग गई कि कब मुझे आना है। तो उससे मेरी बेटी पूछ रही थी कि कब मुझे आना है बताओ। तो उसका कहना था कि एडल्ट होने के बाद तुम नवंबर में एडल्ट होने वाली हो।

00:16:51:27 दो महीने पहले वह पूछ रही थी तो उसने कहा कि एडल्ट होने के बाद यहां आना और जानकारी उसकी चैट से मिली है। जी जी सारी चैट्स के स्क्रीनशॉट मैंने रखी है। तो उसने भी उसका उसने कॉलेज ज्वाइन कर लिया था 12th के बाद। 12th के पहले भी वो पढ़ाई में ज्यादा ध्यान नहीं दे रही थी। मतलब लास्ट का एक महीना अगर मैं उसके पीछे नहीं लगती और इन सब चीजों को से दूर नहीं रखती उसको तो 12th में फेल हो जाती। एग्जाम्स में भी उसने कभी भी झूठ नहीं बोलती थी वो। मैं मतलब इतना अच्छे से उसको समझा के रखी थी कि झूठ बोलना भी पाप है। तो एग्जाम में उसने कॉपी तक किया क्योंकि वो पहले दिन तक इन्हीं का काम कर रही थी। अगले दिन सुबह उसकी एग्जाम थी। प्रैक्टिकल एग्जाम में वो पकड़ी गई। तो टीचर ने बताया कि इसने कॉपी किया एग्जाम में करके। तो मुझे बहुत अजीब लग रहा था कि ये कर क्या रही है आखिर। फिर उससे पूछा तो फिर रोने लग गई कि मुझे समझ में नहीं आ रहा था क्या करूं। बहुत परेशान हो गई थी मैं ऐसे वैसे करके। फिर चैट में समझ में आया कि वो उस दिन पहले दिन आधी रात तक इन्हीं लोगों का काम कर रही थी इनकी वाहवाही लेने के लिए या फिर इनका इनको नाराज ना करने के लिए। हम तो कॉलेज में ज्वाइन किया उसने और अब वो चाह रही है कि वो मुझसे दूर रहे और कॉलेज

00:18:06:28 उसका 30 कि.मी. दूर था तो मैं भी परेशान थी कि सुबह 7:00 बजे निकलती थी कि शाम को फिर 7:00 बजे घर पहुंचती फिर कॉलेज का काम भी ज्यादा हो रहा था तो मैंने कहा हॉस्टल में रह लेगी क्या? पहले तो हॉस्टल में रहने से बिल्कुल उसको पतन नहीं था क्योंकि वो मार्च को छोड़ के नहीं रहना चाह रही थी। लेकिन इस बार जब मैंने कहा कि हॉस्टल में रह लेगी क्या तू? तो तुरंत उसने हां कर दी क्योंकि अब उसको मां से दूर रहना है क्योंकि मां की रोक-टोक चल रही है यहां पर और वहां पर रहेगी तो कोई रोक-टोक करने वाला नहीं होगा। तो तुरंत उसने हां भर ली और मैंने भी सोचा कि आना जाना परेश बहुत उसको प्रॉब्लम हो रही है तो हफ्ते में एक बार आया जाया करेगी। और यहां तक यहां तक यहां तक आप यह समझ चुकी थी कि मतलब आपके मन में यह आ गया था कि इसने वो छोड़ दिया आध्यात्मिक विषय क्योंकि आप डिक्लेअ कर चुकी हो ना जी जी तो इसने कहा था कर रही थी वो काम हां ग्रुप्स भी छोड़ दिया कर रही थी मगर आप वो कर रही थी मगर आपको ये लग रहा आपको ये लग रहा था कि अब ये हट चुकी है जी बहुत दिनों तक बिल्कुल किसी से कांटेक्ट नहीं कुछ नहीं अब मैं भी थोड़ा सा रिलैक्स हो गई कि ध्यान पूरा पढ़ाई में लगा रही है या कॉलेज का काम कर रही है। आधेआधी रात तक बैठ के प्रोजेक्ट वर्क कर रही है। तो मैं भी निश्चिंत हो गई थी। फ्रेंड्स के साथ घुलना मिलना सब कुछ कर रही है। तो ठीक था। लेकिन कॉलेज से जब वो मैं मतलब वीकेंड पर जब आती

00:19:22:02 थी घर पे तो मैं वेट कर रही थी। पहले हफ्ते जब हफ्ता भर पहली बार मुझसे दूर रही है तो मैं वेट कर रही थी कि अब आएगी कॉलेज से तो मिलेगी घर के। तो जैसे आपने कहा ना केरला स्टोरी में वो लड़की जैसे अपने पिता पर थूकती है वो घर के अंदर हिजाब पहन के जब घुसती है वही वाला सीन मतलब एकदम देखते ही मैं दें रह गई तो ये सीन तो मेरे साथ हुआ है बेटी जैसे ही घर में घुसी कभी भी मैं घर से बाहर निकलती हूं या वो निकलती है तो गले मिलके कि मतलब जल्दी आना ऐसे वैसे ध्यान रखना अपना ये चीजें हर दिन की हुआ करती थी और उस दिन हफ्ते भर के बाद वह जब घर के अंदर घुसी

00:20:06:26 सीधा घर के अंदर चली गई। देखा तक नहीं उसने मेरी तरफ। मैं रुक के मैंने पूछा उससे कि लाडो इतने दिन बाद तो आई है। गले तो लग गए तो फिर आके ऐसा लगती है जैसे अब जबरदस्ती गले लगना पड़ेगा। के तो वही जो केरला स्टोरी वाला सीन था वही समझ में आ रहा था कि कुछ बहुत ज्यादा गड़बड़ हो रहा है। मैंने सोचा कि उससे बात करूंगी आराम से। फिर उसके थोड़े दिन बाद की ही बात है जो वो घर छोड़ के चली गई। मैं उसको बड़े प्यार से रखने की कोशिश कर रही थी कि उसको डांटो ना बढ़ती उम्र है। शायद वो फ्रेंड से घुलमिल रही है इसलिए मुझसे दूर हो रही है। मैं बात करने की कोशिश करती और वो नहीं मां ऐसा कुछ नहीं है। आपको ही ऐसा लग रहा है। आपको दिख रहा है ना कितना काम है कॉलेज का आए हुए ऐसे करके। लेकिन साफ समझ में आ रहा था कि कट रही थी वो। और 17 नवंबर 2023 को वह 18 साल की हुई और 18 तारीख को ही उसकी घर छोड़ने की बात थी। उन लोगों की तैयारी थी कि अगले दिन भी मां कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी। वो 18 साल की अगर हो गई तो तो फिर 18 तारीख को वो जा नहीं पाई क्योंकि मैं अपने पेरेंट्स के पास गई हुई थी। दिवाली का

00:21:21:27 टाइम था और हम सारी बहनें सब मिलने वाले थे। तो उस समय तो वो जा नहीं पाई। तो उसने बता दिया कि मैं अभी नहीं आ पाऊंगी। बर्थ सर्टिफिकेट वगैरह सब कुछ उसने लगभग मंगवा ही लिया था। फिर उसके चैट्स में जो लेडी उसको लेने आने वाली थी उसका भी मैसेज था कि मैं अभी आज दिल्ली जा रही हूं करके 18 तारीख की बात है। तो बाद में समझ में आया कि अगले दिन वो जाने वाली थी लेकिन उसका प्लान उस समय फ्लॉप हो गया था करके। फिर 14 तारीख को हम लोग कुछ 8 नवंबर कुछ निकले थे। अपने पेरेंट्स के घर गए थे। दिवाली थी 14 तारीख की कुछ। तो उस समय हम लोग अपनी दीदी के घर गए थे जो इनके ज्ञान में चलती हैं। उन्होंने इसको एक ड्राफ्ट दिया एक लेटर और एक सिम भी दिया था इसको कि इन लोगों के कांटेक्ट में रहे जिसका बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था मुझे। वो भी चैट में से ही पता चला बाद में कि यहां पर एक तुम्हारा एक लेटर पड़ा है और उसमें सिम पड़ी है तो तुम ले लेना करके। उस दिन के बाद की चैट हमको मिली नहीं कि सारा कांटेक्ट उसके बाद का उस नए सिम से हुआ था। तो फिर वो सिम यूज करने लगी और उस ड्राफ्ट में यह था कि उसको घर से निकलने के पहले सारे पुलिस स्टेशन में क्या-क्या उसको लिख के देना। तो फिर 1 दिसंबर को फिर हम वहां से अपने पेरेंट्स के घर से आ गए। उसके बाद

00:22:37:01 1 दिसंबर को इन लोगों का प्लान बना और उसके तीन दिन पहले उसने मुझसे कहा कि कॉलेज की ट्रिप है। ट्रिप में जा रही हूं। मैं पोंडीचेरी जा रही हूं। तो तीन दिन लगेंगे उसमें। फिर उसने मुझसे पैसे लिए कुछ ₹4500 लिए। तो कैश मैंने देकर भेजा था और मैं परेशान थी कि कैश पास में रखेगी इतना हैंडल कर पाएगी नहीं कर पाएगी तो मैं उसको बार-बार बोल रही थी कि तुम अपने किसी टीचर को दे देना अपने अकाउंट में रखना ऐसे वैसे उसको समझा रही थी लेकिन सारे रास्ते जो घर से निकली

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00:23:05:18 उस दिन 28 नवंबर को वो घर से निकली थी हॉस्टल के लिए एक तारीख को उसको जाना था ट्रिप पर तो सामान लेके जितना उसको पहले हॉस्टल में पहुंचाना था घर से जो लेके जाना था वो सारी सारा सामान धीरे-धीरे उसने हॉस्टल में रख दिया और उस दिन जब सामान ले निकली तो उस समय में मैं नहा रही थी। वो जैसे जैसे निकलने से पहले गले लग के जाती है तो उस दिन वो गले भी नहीं लग पाई थी। मेरे मैं नहा रही थी और उसने कहा कि जा रही हूं। मुझे लेट हो रही है। कॉलेज की बस आने वाली है। तो फिर चली गई और फिर वहां तक मेन रोड तक जाने के बाद उसको एहसास हुआ कि मां को।

00:23:53:27 हम मां को छोड़ के जा रही हूं तो उसने मेन रोड पर सामान रखा अपना फिर कॉल किया मुझे वापस घर आई वो घर आती मतलब मां आप नीचे आओ एक बार करके मैंने कहा क्या हुआ तो बोली मैं कुछ भूल गई हूं आप आओ नीचे तो मैंने कहा भेज रही हूं किसी के साथ मुझे भी स्कूल जाना है लेट हो रही तो बोली नहीं आप आओ फिर नीचे गई तो उसने गले लगाया मुझे और और कहां अपना ध्यान रखना और बस लव यू मां करके वो वापस निकल गई। मैं समझ ही नहीं पाई थी इतने दिन बाद ऐसे मतलब इतना करते जा रही थी और आज फिर से वापस आके ये कैसे गला गले लगा रही है। मैंने पूछा तो बोलती है आपकी शिकायत रहती ना आजकल मैं आपसे बात नहीं करती हूं करके इसलिए मैं ट्रिप में जा रही हूं। दो-तीन दिन तक आऊंगी नहीं ना इसलिए करके मैं आपको फिर से मिलने आई लेके और मुझे बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि वह पूरी तरह छोड़ के जाने की तैयारी में

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00:24:51:13 है। फिर [संगीत]

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A: AHVAAN - Call Of Dharma Video 25:15 · 09 Aug 2026

कहीं आपके बच्चे को भी इसी प्रकार कोई कालनेमी भी आपसे दूर तो नहीं कर रहा?

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