No part of this video is used anywhere yet.
SRT: ⬇ SRT ⬇ Original file

.srt or .vtt (Hindi). The old file is backed up. After that the match for this video is rebuilt (may take a few minutes, keep the page open).

⬜ Not used yet · 00:00:03:03 – 00:30:55:00 (30:52)

00:00:03:03 आवाज आपकी बहुत कम आ रही है। मैं आ रही है बात कर रहा था। आप दूर से बात कर रहे हैं क्या? मतलब नहीं नहीं अब आ रही है आवाज? ठीक है मतलब उतनी क्लियर नहीं है। बताइए। मैं तोताराम आर्य बात कर रहा था। टीकाराम आर्य तोताराम आर्य तोताराम आर्य जी अच्छा बताइए। मैं यह कह रहा था आपने पंडित महेंद्रपाल आर्य जी का नाम सुना है? कुछ खास नहीं जानते बताइए। नहीं जानते। पंडित महेंद्रपाल आर्य हैं पूर्व मौलाना। महबूब अली धर्मुरु थे पहले वो 1983 में। पंडित महेंद्रपाल आर्य क्या थे? हां। पूर्व मौलाना थे वो। 1983 में उन्होंने इस्लाम को छोड़ दिया। अच्छा। हां और वो सत्य सनातन वैदिक धर्म का प्रचार करते हैं और वो 36 36 हजार मतलब मौलानाओं मौलानाओं को मतलब वैदिक धर्मी बना चुके हैं वो अब तक हम हम तो एक बार उनसे आपका मतलब शास्त्रार्थ कराया जाए

00:01:13:01 या और मतलब हर संडे को हर संडे को मतलब लाइव भी आते हैं। मैं गुरु जी से रिक्वेस्ट करूंगा कि आप आपके जो तर्क हैं जो भी चीजें हैं आप उनसे पूछ सकते हैं। हम करा दीजिए पर पर मेरा एक सिद्धांत है एक वो है कि हम समाज में आर्य समाजी और हमें लेकर के आपस में तनातनी देख के विप्लव की स्थितियां उत्पन्न ना हो अथवा अथवा सुन लीजिए सुन लीजिए अथवा विरोधियों को उससे बल ना मिले इसलिए हम इस तरह की चीजों को शास्त्रार्थ नाम ना देकर करके चर्चा का नाम दें तो वह अधिक अच्छा रहेगा। बाकी आप करा सकते हैं नहीं नहीं चर्चा का नाम ऐसा है आप मैं बात कर लूंगा उनसे ठीक है आप एक विषय चुन लीजिए कि किस विषय पर मतलब आप बात करना चाहते सर्वशक्तिमान ईश्वर अच्छा सर्वशक्तिमान ईश्वर अच्छा अच्छा हां तो ये तो ये तो सर्वशक्तिमान ईश्वर ईश्वर सर्व शक्तिमान ये तो आर्य समाज लोग भी बोलते हैं ईश्वर सर्वशक्तिमान है वो सिद्ध नहीं होता ना। अच्छा। अच्छा इसको

00:02:28:07 सिद्ध करवाना है कि ईश्वर सर्वशक्तिमान है या नहीं है। आर्य समाज का ही आर्य समाज की जो परिभाषा है, उसके अनुसार सर्व ईश्वर जो है, सर्वशक्तिमान सिद्ध नहीं होता। जैसे कि हमने किसी के लिए यह कह दिया कि भाई, यह व्यक्ति सत्य प्रतिज्ञ है। नहीं व्यक्ति और ईश्वर नहीं नहीं हमने एक एग्जांपल दे रहा हूं। जैसे हमने किसी के लिए कहा कि यह सत्य प्रतिज्ञ है और आगे चलकर के उसका झूठ बोलना भी स्वीकार कर लिया तो हमारी बात कट गई। या तो वह सत्य प्रतिज्ञ नहीं है या तो आगे चलकर के उसका झूठ बोलना स्वीकार ना करें हम। हमें ही कह रहे हैं कि सत्य प्रतिज्ञ है आगे चलकर के हम उसका झूठ बोलना स्वीकार कर रहे हैं। तो ऐसी ही चीजें दिखाई देती हैं आर्य समाज के द्वारा जो प्रचार किया जाता है ईश्वर के संबंध में तो उसको लेकर के चर्चा हो जाएगी। अच्छा अच्छा नहीं ऐसा मैं बता रहा हूं आपको ये जो महेंद्रपाल आर्य है ना हम इनसे इनसे सारे मतलब जो आर्य समाजी जो लोग हैं वो भी चिढ़ते हैं। ईसाई ईसाई और इस्लाम के जगत के जो लोग हैं वो तो चिरते ही चिढ़ते हैं। बौद्धिस्ट जगत के जो लोग हैं उन्हें ₹00 करोड़ का ऑफर मिल चुका है बौद्धिस्टों से और ईसाइयों से। हम उनका लाइव लाइव आता है और मतलब लाइव सुनवाते हैं लोगों को। देखिए

00:03:43:10 किस तरीके से मुझे कितने हजार करोड़ का ऑफर दे रहा है। इस तरीके से मतलब उनके बहुत ₹00 करोड़ वाले का ऑफर वाले का है क्या वीडियो आपका? हां बिल्कुल बिल्कुल मेरे पास वो आप मुझे भेजिएगा। आप मुझे अपना WhatsApp नंबर दीजिए। यही हमारा WhatsApp नंबर है। अच्छा इसी तो WhatsApp नंबर है ना आपका? हां अच्छा इनके पता है मैं भी मैं भी आर्य हूं लेकिन मैं जो चीज इतनी मुझे नॉलेज नहीं है। लेकिन मैं जो सुनता हूं आर्यों को भी सुनता हूं। पौराणिक लोगों को भी सुनता हूं। ठीक है और पंडित महेंद्रपाल आर्य जी के लिए भी सुनता हूं। रियलिटी में अगर इनके पास जो तर्क है वो किसी के पास नहीं है। सच में पौराणिक लोग कौन? पौराणिक जगत जैसे कि जो कहते हैं कि सूर्य को मुंह में दे लिया था। मुंह में दे लिया था। सूर्य को तो वो तो वैदिक भी है। वो वेदों में आस्था नहीं रखते क्या? और हनुमान जी की पूछ थी। इस तरीके की जो बातें वो ठीक है। मगर यह कहां लिखा है कि हनुमान जी की पूछ थी तो उसको पौराणिक कहा जाए। वैदिक क्यों ना कहा जाए? नहीं वैदिक वेदों को भी तो मानते हैं नहीं तो अवैदिक बातें हैं ना ये वैदिक कैसे वो तो वो तो शास्त्र वो तो चर्चा के बाद तय होगा ना कि उनकी बातें अवैदिक है कि नहीं हां मैं वही कह रहा हूं क्योंकि अवैदिक बातें है ना ये कभी व्यक्ति एक ये अवैदिक बात है कि हनुमान जी के पूछ मतलब

00:04:58:14 एक में ये तो आपका मत है कि वो हनुमान जी के पूछ होना अवैदिक बात है। अब वो कह दे कि आलू से इंसान की उत्पत्ति होना अवैदिक बात है। तो फिर आपको उस पर ऐतराज होगा ना। फिर वह इस आधार पर इस आधार पर वह यह कहे कि आप वैदिक नहीं हो वैदिक हो तो आपको यह पसंद आएगा। आलू से तिब्बत में इंसान की उत्पत्ति होना हां अवैदिक बात है ये वो लोग कहते हैं। अवैदिक आलू से व्यक्ति कैसे पैदा हो सकता है? ये बताओ आप। ये आपके सत्यार्थ प्रकाश से पूछिए जाकर के। हर समाज में लिखा हुआ है। अच्छा सत्यार्थ प्रकाश में मैंने तो मैंने तो आज तक नहीं पता। आप पता करिए कि पहले प्रथम आप प्रथम इंसान की उत्पत्ति का पता करिए। कहां से हुई? आर्य समाज के अनुसार। मनुष्य से मनुष्य से हुई है। नहीं मनुष्य पहला मनुष्य जिस मनुष्य से उत्पत्ति हुई वो आपने सत्यार्थ प्रकाश को पढ़ा है? मैंने इतना जाना है कि उसने उत्पत्ति मानी है आलू से तिब्बत में। नहीं एक मिनट। आपने सत्यार्थ प्रकाश को पढ़ा है तो मुझे आप पेज नंबर बताइए। मेरे पास सत्यार्थ प्रकाश रखा है। पेज नंबर अभी नहीं मालूम मगर मैं थोड़ी बहुत देर में आपको WhatsApp कर दूंगा। आप मुझे वह वीडियो WhatsApp करिए 500 करोड़ वाला और मैं आपको जो है सत्यार्थ प्रकाश का वो तिब्बत वाला

00:06:13:20 सत्यार्थ प्रकाश नहीं मगर दयानंद जी के द्वारा लिखी गई किताबों में वर्णन है तिब्बत मैं क्या कह रहा हूं आप ये देखो दयानंद की नाम से तो मतलब ऐसे अरे भाई तो आप ये कह देना ना कि दयानंद जी की ये किताब नहीं है मैं मान लूंगा वो दयानंद की प्रमाणिक किताब वो है वो जिसमें ये लिखा हुआ आप अभी सत्यार्थ प्रकाश की बात कर रहे हैं मेरे पास सत्यार्थ प्रकाश सत्यार्थ सत्यार्थ प्रकाश अपने आप में एक सिंबॉलिक नाम भी है दयानंद जी को रिप्रेजेंट करने वाला। मगर दयानंद जी ने केवल सत्यार्थ प्रकाश नहीं लिखी है। उन्होंने ऋग्वदा आदि भाष्य भूमिका भी लिखी है। उन्होंने जो है वो भी लिखा है। क्या कहते संस्कार संस्कारों के लिए कौन सी किताब है? संस्कार विधि संस्कार विधि तो उन्होंने केवल एक बुक नहीं लिखी है मगर सत्यार्थ प्रकाश से हम यह रिप्रेजेंट कर देते हैं प्रतिनिधित्व कर देते हैं कि भाई सत्यार्थ प्रकाश मतलब कि दयानंद जी की ग्रंथावली नहीं मुझे ये बता दीजिए मुझे बस मैं देखो मेरे पास संस्कार विधि भी है अभी मैं आपको आपको 10 मिनट के अंदर फोन कर रहा हूं और आपको जो है आलू वाला विवरण दे रहा हूं ठीक संस्कार विधि से और क्या बोलते हैं दयानंद जी की प्रामाणिक किताब से जिसको आप मानेंगे कि हां यह दयानंद जी की है। देखो सत्यार्थ प्रकाश दयानंद जी का है। ठीक है?

00:07:28:24 तो मैं आपको दयानंद जी की किताब से दूंगा ना। मुझे आप समय तो दीजिए। भाई मेरे तो मैं कोई रटे थोड़ी ना बैठा हूं कि उनकी कौन सी किताब में कहां पर लिखा हुआ है। मैं अभी देखकर अपनी चीजें वो तो वो तो किताब तो प्रकाशन के द्वारा किसी दूसरे मतलब अरे तो भाई पहले देख तो लो। आप पहले देख तो लो कि मैं कौन सी किताब की बात कर रहा हूं। आप बोल देना यहां प्रामाणिक किताब है। हां तो बिल्कुल आप भेजिए। मेरे पास उसका मुझे नाम बता देना। आप यह बताओ, आप यह बताओ कि अभी अभी मैं किताब आपको भेज रहा हूं। अभी राइट नाउ आपको मनुष्य की उत्पत्ति कहां से हुई है? यह पता है दयानंद जी ने इस विषय में क्या माना यह पता है? कि नहीं पता? आप ये मुझे हां बिल्कुल ये मनुष्य से उत्पत्ति हुई है। मनुष्य वो मनुष्य कहां से आया था? कौन मनुष्य? पहला मनुष्य कैसे बना?

00:08:21:06 पहला मनुष्य कैसे बना? हां दयानंद जी के अनुसार पहला मनुष्य कैसे बना? अच्छा आपके अनुसार आपके अनुसार आप भी तो बताइए कैसे पहला मनुष्य तो मैं तो आपको दे ही रहा हूं। अब आप तो सत्यार्थ प्रकाश को पढ़ने वाले हैं ना। तो दयानंद जी के अनुसार बताइए पहला मनुष्य कैसे बना? नहीं तो आपको पता होगा। नहीं तो आप आप यह वाली बात भेजिए कि मतलब मैं भेज रहा हूं मेरे भाई। मैं अभी आप मैं अभी आपसे पूछ रहा हूं कि मेरा आलू से उत्पन्न होने वाली बात पर आपको संशय है। क्यों संशय है? क्योंकि आपको अपना भी तो कुछ पता होगा इसलिए संशय होगा ना। या आपने अपने मन से ही मान रखा है कि वो जो है मनुष्य से मनुष्य की उत्पत्ति हुई। जी मैं पूछ रहा हूं आपसे दयानंद जी ने कहीं आपने पढ़ा होगा ना दयानंद जी को कि पहला मनुष्य उन्होंने कैसे माना?

00:09:15:25 चलो मैं यह आपको बताऊंगा। ठीक है। हां। तो आप यह बताइए कि उन्होंने यहां यह लिखा है कि भैया यह आलू से उत्पन्न से विपरीत कोई बात लिखी है और मैं आपको आलू वाला भेज रहा हूं। ठीक है? जी जी जय श्री राम। ठीक है। जय श्री राम। जी। ये मैंने आपसे भेजा है। हां। आपने कौन सा पेज नंबर भेजा है? 100 84 हम्म आपने कौन सा भेजा है? मैंने 185 भेजा है। हां तो वहीं पे संदर्भ है कि आलू की तरह इंसान पैदा हो रहे हैं जमीन से। देखो मेरा आप पढ़ो कहां है इसमें बताओ 185 में। नहीं तो आप आप पढ़ के बता दो ना। कैसे जन्म ले रहा है पहला इंसान? नहीं तो आप आप पढ़िए ना। अरे भाई आप आपने उसको अभी-अभी देखा है ना तो मैंने अभी-अभी नहीं देखा है। आप उसको एग्जैक्ट वो लाइन पे जल्दी चले जाओगे। बस इसलिए कह रहा हूं। आप वो लाइन बता दो। मनुष्यों की आधी सृष्टि हां। मनुष्यों की प्रश्न दिया है। मनुष्यों की आधी सृष्टि किस स्थल में हुई? हां। वो बोल रहे हैं त्रिविष्टम

00:10:23:25 त्रिविस्टम अर्थात जिसको तिब्बत कहते हैं। हां। हां वहां पर तो तिब्बत वाली इतनी बात तिब्बत वाली बात तो मेरी सही हो गई आगे बढ़िए। अरे हम हम गलत नहीं बोलेंगे। आप आप पहले देखो आदि सृष्टि में एक जाति थी व अनेक देखिए भैया आप सीधे पॉइंट की बात करिए ना कैसे उत्पन्न हुआ पहला आदमी सत्यार्थ प्रकाश के अनुसार वो बोल दीजिए क्यों समय नष्ट कर रहे वैसे भी मेरी और आपकी चर्चा तो अपेक्षित है नहीं वो तो आप उनसे कराएंगे महेंद्र पाल आर्य जी से वो तो आप सुनिए ना मेरी आप मुझसे तो बात करें महेंद्रपाल आर्य जी से तो मैं कराऊंगा ही कराऊंगा आपसे हां मतलब मेरा कहने का है समय नष्ट ना करते हुए टू द पॉइंट बात करें। सीधे वो बात बोले कि आपकी सत्यार्थ प्रकाश में क्या लिखा है? कहां से जन्म होना माना गया है? पहला इंसान सृष्टि आदि सृष्टि में एक जाति थी व अनेक तो ये बोल रहे हैं एक मनुष्य जाति थी। एक मनुष्य जाति थी। जी बिल्कुल और उसके बाद में कह रहा है विजानीहार में चार दवा यानी ऋग्वेद का वचन है कि अरे मेरे भाई कैसे जन्म हुआ? पहले इंसान का ये लिखा है कि नहीं? जी जी बिल्कुल इंसान थे इंसान थे मनुष्य जाति थी तिब्बत में मनुष्य जाति का उत्पन्न हुआ

00:11:38:26 मनुष्य जाति वो मनुष्य जाति कैसे उत्पन्न हुई थी वो भगवान थी क्या क्या चीज अरे वो मनुष्य जाति जिससे आप मनुष्य जाति को उत्पन्न होना मान रहे हैं वो वो कहां से जन्म हुई थी भगवान इस तरीके से किस तरीके से पैदा कर रहा है मुझे ये बताओ भगवान पूर्ण है या अपूर्ण ये बताओ मैं वही तो आपसे पूछ रहा हूं कि आपने पहला इंसान जन्म लेना कैसे माना है किस किससे माना है? मैं क्या कह रहा हूं ईश्वर पूर्ण है या अपूर्ण ये बताओ पहले तो आप पहले क्यों बताऊं जब बात ये चल रही है जब बात ये चल रही है कि हमें आपसे ये जानना है कि कैसे पैदा हुआ पहला इंसान तो वो बताइए ना आप मैं बता रहा हूं मनुष्य जाति हुई नहीं पहली पहली मेरी पहली पहले मेरी बात सुनो ईश्वर पूर्ण है या अपूर्ण है ये इसका जवाब दो इसका एक एक ऐसा है आप मेरी परीक्षा मत लीजिए आप अपना पक्ष रख दीजिए फिर मैं आपको बोलूंगा उत्तर मैं कह रहा हूं ईश्वर पूर्ण है। आप आपको जो पता है वो वो मानते हुए आप अपना पक्ष रखिए। आप मेरी परीक्षा मत लीजिए। मैं कह रहा हूं। आलू से पैदा हुआ मनुष्य। चलो मैं आपकी बात आलू आलू से पैदा हुए का मतलब धरती से पैदा होता है आलू। आलू की तरह मनुष्य वहां पैदा हो रहा है। ऐसा होता है क्या? ये बात मैंने क्यों उठाई? पहले इसको समझो।

00:12:54:09 जब आपने कहा कि क्या किसी उसके पूछ होती है क्या? आपने बताया पूछ पर आपत्ति थी ना आपको जी तो फिर मैंने कहा क्या धरती से आलू जैसे आलू आलू की भांति इंसान पैदा होता है क्या आलू की भांति के इंसान कैसे पैदा हो जाएगा तो वह धरती तिब्बत की धरती से क्या हो रहा है वहां पर तिब्बत की धरती से मनुष्य की उत्पत्ति हुई थी तो धरती से ही तो हो रही है धरती से कैसे हुई कैसे हुई मनुष्य की भाई आज भी तो मनुष्य की मनुष्य की उत्पत्ति धरती से ही होती है ना माता के गर्भ से होती है तो माता के माता कहां रहती है? माता भी तो घर पृथ्वी पे रहती है। अरे ऐसे तो फिर अंतरिक्ष में हुई। पृथ्वी कहां रहती है? अंतरिक्ष में होती है। क्या चीज? तो अंतरिक्ष अंतरिक्ष से हुई। भाई जैसे जिस तरीके तो इसका मतलब इसका मतलब ये लिखना ज्यादा अच्छा है कि अंतरिक्ष में हुई। पहले मनुष्य की सृष्टि ये क्या बात है भाई? क्या इसको ग्रह अच्छा अंतरिक्ष, अंतरिक्ष तो सारी पृथ्वी, सारे नक्षत्रों को, ग्रहों को मिलाकर अंतरिक्ष बनता है ना? हां। भाई ये भी तो ये भी तो मानेंगे कि सिर्फ तो अंतरिक्ष में कौन से अंतरिक्ष में हुई तो कौन से टुकड़े में हुई? पृथ्वी के टुकड़े में हुई तो पृथ्वी पृथ्वी के टुकड़े में हुई तो फिर तिब्बत क्यों ले रहे हो? फिर भारत कह दो क्या चीज? हां और तिब्बत में भी

00:14:09:10 अगर अगर इतना ही विभाजन करना है तो तिब्बत में भी किस किन किन दो फुट की रेंज में तीन फुट की रेंज में वो कौन सी धरती थी फिर वो भी दे दो। जब आपको जब आपको स्पेसिफिकेशन देना है। आपको जब स्पेसिफिकेशन देना है कि अंतरिक्ष में किस टुकड़े में हुई? तो पृथ्वी में हुई तो पृथ्वी में कहां हुई? भारत में हुई, भारत में कहां हुई? तिब्बत में हुई। तो तिब्बत में कहां हुई? वो भी दे दो। वो तीन फुट की जगह कौन सी है? चार फुट की। इसमें पूरा तो सुने कह रहा है। का वचन है। अरे भैया ऋग्वेद के वचन पे हम लोग आएंगे। आप मेरी बात समझिए हमारी बात अटकी कहां है? आपने प्रथम मनुष्य की सृष्टि चमत्कारिक रूप से मानी मानी है या वैज्ञानिक ढंग से मानी है? वैज्ञानिक ढंग से हां तो वो वैज्ञानिक ढंग क्या है आपका बता दीजिए आज देखिए आप आज मनुष्य कैसे पैदा हो रहा है माता के गर्भ से इसी प्रकार की तो वहां माता कौन थी तिब्बत में बताइए चलिए आप ये मान रहे हैं ना कि वहां माता माता के गर्भ से ही वहां मनुष्य उत्पन्न हुआ तो वहां माता कौन थी वो मनुष्य नहीं थी क्या और थी तो फिर वो कहां से उत्पन्न हुई थी मनु मनु थे महाराज मनु थे और उनकी तो वो कहां से उत्पन्न हुए थे। चलिए जी हां

00:15:24:12 वो कहां से उत्पन्न हुए थे? जिस माता के गर्भ से पहला मनुष्य उत्पन्न हुआ वो माता कहां से उत्पन्न हुई थी? हां तो ये ये आप भी बताइए ना आप बताइए। मेरा मैं तो यह बता रहा हूं भगवान चमत्कार कर सकते हैं। उन्होंने चमत्कार से उत्पन्न कर दिया। अब आप बताइए। तो यही चमत्कार है। उन्होंने चमत्कार से उत्पन्न कर दिया। यही तो यानी आप मानते हो ना चमत्कार को। जहां पर विज्ञान जहां विज्ञान से उसको नहीं वो किया जा सकता है। समझा नहीं जा सकता है। क्या चमत्कार है जब ईश्वर सृष्टि को रचेगा तो जब जब भगवान बिना माता के गर्भ से पहला मनुष्य उत्पन्न कर सकता है तो भगवान पूछ भी दे सकता है। तो पूछ तो पूछ अब अब देखिए अब आप जो है महेंद्र पाल आर्य जी से मेरी बात कराइएगा। आप जो है आपने बिल्कुल ठीक कहा कि पूछ हो सकती है तो पूछ इस समय क्या फिर अब पूछ कहां गई ये बताओ ना फिर तो ईश्वर ऐसा नहीं है जाके पढ़िए ऐसी प्रजाति पाई जा रही है जो धीरे-धीरे लुप्त हो रही जिसके पूछ बाकी रह गई थी क्या प्रजाति का नाम है उसको होमोसेपियंस पता ऐसे करके कुछ नाम है प्रजाति पाई जाती है और ये बताइए जब बिना माता के गर्भ के आपने माना है कि मनुष्य जो है पैदा हो सकता है तो अब क्यों नहीं हो रहा है

00:16:39:20 अब अब क्यों नहीं हो क्योंकि ईश्वर का तो बस ईश्वर का विधान तो ईश्वर का विधान वहां पूछ पे भी लागू हो गया। लो अपनी चीजों के लिए तो आप अपनी चीजों के लिए तो आप ईश्वर का चमत्कार मानोगे मगर दूसरे की चीजों के लिए आप जो है तर्क करोगे। वहां साइंस लाओगे। अपने में क्यों मान लिया आपने? अब कहां गायब हो गया? ईश्वर एक बार रचता है। सिद्धांत को उसमें कोई बदलाव नहीं करता। बदलाव बदलाव जो करता है ये सिद्धांत नहीं है ये सिद्धांत सिद्धांत तो यह है कि माता जो है जो है मनुष्य उत्पन्न हुआ अगर सिद्धांत ही मानोगे तो ये मानना पड़ेगा तो फिर सदैव अगर सिद्धांत मानोगे अगर सिद्धांत मानोगे मनुष्य का उत्पन्न होना तो फिर आपको उसी सिद्धांत को लेकर चलना पड़ेगा कि हमेशा मानव वैसे ही उत्पन्न हो जैसे पहली बार हुआ। आप खुद काट रहे हो अपनी बात को। अगर मनुष्य का उत्पन्न होना सिद्धांत है तो आप जो है फिर हर मनुष्य सदैव वैसे ही उत्पन्न होगा जैसे पहला हुआ फिर तो उसने बदल दिया उसने पहला मनुष्य उत्पन्न करने के बाद दूसरा मनुष्य जो उसके गर्भ से उत्पन्न किया तो इसका मतलब ये सिद्धांत नहीं है। सृष्टि के सृष्टि को रचने के लिए ऐसी बहुत सी चीजें हैं जो लुप्त हो गई है। डायनासोर लुप्त हो गया है। तो अब आप यह कहोगे डायनासोर था ही नहीं। मेरे भाई आप समझोगे ना समझोगे?

00:17:54:26 नहीं आप आपने एक बात कही है ना कि अब कहां चला गया तो डायनासोर कहां चला गया? कहां चला गया? मिल जाएगा डायनासोर है क्यों नहीं? डायनासोर है। अच्छा डायनासोर है कहां पे है? बताओ चलो। दूसरे कंट्री में कंट्री में मिल जाएगा। हमारे भारत में नहीं मिलेगा। डायनासोर है इस समय। बिल्कुल। मतलब आप यह मान रहे हैं कि जो सृष्टि के प्रारंभ से जो चीजें थी वह आज तक एज इट इज है। कोई भी चीज लुप्त नहीं हुई है। बिल्कुल नहीं हुई है। अब आप कुतर्क कर रहे हैं और आप मुझे WhatsApp करिए डायनासोर कहां पर है जीवित? ठीक है। करिए WhatsApp। और वो महेंद्र पाल आर्य जी से मेरी वो चर्चा फिक्स कराइए। ठीक है। ठीक है। ठीक। जय श्री राम। जय श्री राम।

00:18:42:28 जय श्री राम। जय श्री राम भाई साहब इस पर चर्चा करें हम लोग यह जो आपने लिखा है कि आलू की तरह इंसान पैदा हो रहा है हां ठीक है इसमें कहां लिखा है आलू की तरह इंसान पैदा हो रहा है धरती से उत्पन्न हो रहा है ना धरती से आलू उत्पन्न होता है भाई मेरा वहां पर कहना यह है आप उस शब्द को मत पकड़ो आप उस मेरा कहना यह है वहां चमत्कार हो रहा है और आप हमारे चमत्कार को नकार रहे हो ऐसा कहां होता है यह कहां हो गया वो कहां हो गया तुम्हारा क्या चमत्कार चमत्कार है ये तो ईश्वरीय चमत्कार है ना ईश्वर ने अरे भाई जिस जिसको हम चमत्कार रूप में स्वीकार कर रहे हैं उसको आप नकार रहे हो और जिसको आप चमत्कार के रूप में स्वीकार कर रहे हो उसको आप स्वीकार रहे हो अरे तो ये ईश्वर ईश्वर का चमत्कार है तो हम यहां पे भी ईश्वर का ही चमत्कार कह रहे हैं ना कि हनुमान जी के पूछ थी। अरे तो भाई मेरी मेरी बात सुनेंगे इसपे चर्चा करो ना मैं आपको इस पर चर्चा करिए आप। आप अभी मेरे पास समय नहीं है। आप चर्चा निर्धारित कर लीजिए और आप जो है लाइव आ जाइए। वहां पर फेस टू फेस चर्चा होगी। ठीक है? मैं आप इस पर चर्चा करिए। इसमें कह रहा है मैं अभी चर्चा नहीं करूंगा। आप अपनी फोटो भेज दीजिए। मैं थंबनेल लगा लेता हूं। फेस टू फेस बात करेंगे। 2 घंटे बाद बात कर लेते हैं। दो बजे ठीक है। अच्छा 2:00 बजे।

00:19:58:02 हां। आप अपना फेस फेस भेजिए। मैं आपको लिंक भेज दूंगा। लाइव चर्चा कर लीजिए। सर्वशक्तिमान पे भी करेंगे ना। नहीं नहीं इस पे ही चर्चा करेंगे इस पे ही हां ठीक है ठीक है इस पे कर लेंगे ओनली सिर्फ मनुष्य पर ठीक है मनुष्य पे कर लेंगे चलो आ जाओ भेजो आपने फोटो नहीं भेजा किस चीज का हेलो आपने फोटो नहीं भेजा किस चीज का अरे आप लाइव चर्चा में आने वाले हैं ना अच्छा अच्छा अच्छा

00:20:39:06 तो आप लिंक भेज दीजिए मैं लिंक से जुड़ जाऊंगा। अरे भैया हमें थंबनेल बनाना है ना कि अब आप आने वाले हैं। उस समय आपने कहा भी था मैं फोटो भेजता हूं। ठीक है कहा था। मैंने जब आपसे कहा था फोटो भेजिए। हेलो कहा ऐसे काम नहीं चल पाएगा ना। इतनी देर देर में आप जवाब देंगे। कैसे काम चलेगा बताओ? तो आप मैं बोल रहा हूं कि आपने फोटो नहीं भेजा। अब आप पहले आप बोल रहे थे। ठीक है अब आप कह रहे हो कि आप लिंक भेज दो मैं आ जाऊंगा। फोटो क्यों नहीं भेज रहे हैं आप? आप मुझे लिंक भेज दीजिए। मैं लिंक से जुड़ जाऊंगा ना। मेरा फोटो आएगा उसमें। नहीं। आप पहले फोटो भेजेंगे तो हम लोगों को बताएंगे। यह चर्चा होने वाली है। जिससे लोग वहां पहुंचे उसे देखने के लिए।

00:21:31:13 अच्छा, अच्छा। हां ठीक है। ठीक है। तो क्या ठीक है? मैं भेज रहा हूं। फोटो भेज रहा हूं। भेजिए फोटो। और अब मुझे एक घंटा बढ़ाना। हेलो बोलिए बोलिए आवाज नहीं आ रही। आप लखनऊ में रहते हैं क्या? हां जी। लखनऊ में रहते हैं। नहीं नहीं संभल में। तो लखनऊ का फोटो लगा आपके लिए। आपने फोटो भेजा है जो अरे फोटो तो मेरे पास पड़ा है ना। मैं संभल का रहने वाला हूं। आप आए थे क्या लखनऊ? हां जी आप आए होंगे ना लखनऊ कभी? जी। अच्छा तो कोई रिशेदारी वगैरह नहीं नहीं संभल उत्तर प्रदेश नहीं है। उत्तर प्रदेश में ही तो है लखनऊ। संभल भी तो उत्तर प्रदेश में है। अरे तो वो ठीक है। मैं पूछ रहा हूं यहां लखनऊ में किस कारण से आना जाना होता है आपका? लखनऊ हम आते रहते हैं आर्य समाज के लिए या फिर अपना कोई पर्सनल बिजनेस या कोई जॉब या फिर कोई रिशेदारी इसलिए पूछ रहा हूं कि अगर ऐसा कार्य रहता है हमारा मतलब कोई काम पड़ता है तो लखनऊ जाते रहते हैं तो आप लखनऊ आ जाइए सामने सामने बैठकर के हो जाएगी चर्चा नहीं तो लाइव भी आप लाइव आओ लाइव में भी क्या दिक्कत है ठीक है तो अभी अब लाइव 3:00 बजे आएंगे ठीक है जी जी बिल्कुल

00:22:46:21 3:00 बजे आते हैं लाइव ठीक ठीक ठीक है क्योंकि वो फोटो थोड़ा देर से मिली ना तो अब हम बनाए रहेंगे उसको लगाएंगे तब तक 2:00 बजे ही जाएगा तो एक घंटे का टाइम मिल जाएगा 3 बजे ठीक है 3 बजे आती है विज्ञान ही ईश्वर का जो सिद्धांत है वो वो सब बातें वही करेंगे भैया जय श्री राम ठीक है जय जय श्री राम जय श्री राम जी आप पूरी चर्चा हुए बिना ही चले गए मेरा डाटा खत्म हो गया था तो दोबारा डाटा डलवा के रिचार्ज करवा करवा के आना आपने उचित नहीं समझा। हां दोबारा डाटा डलवा करके पुनः आना चर्चा में आपने उचित नहीं समझा। आपने ठीक से कुछ बताया नहीं। इस बारे में कोई सूचना नहीं दी कि डाटा खत्म हो गया है। कुछ भी नहीं बस चले गए तो चले ही गए। यहां तक कि उसके बाद भी फोन नहीं किया। मैंने मैसेज डाल दिया था आपको और मैसेज भेज भी दिया था। मैसेज डाला था आपने। क्या मैसेज डाला था? WhatsApp पर उसका जो डाटा खत्म हुआ था उसका भी मैसेज स्क्रीनशॉट ले डाला था। एक मिनट रुकिए।

00:24:05:10 आपने दोबारा मेरे मुझे फोन नहीं किया ना। मैं भाई आपने मैसेज डाला तो अगर मैं उसका रिप्लाई नहीं कर रहा हूं मैसेज का तो आपने दोबारा मुझे कॉल क्यों नहीं किया? क्या चीज? अगर आपने मैसेज डाला था और मैं उसका रिप्लाई नहीं कर रहा हूं। आपने ब्लू टिक देख लिए थे। आपने इसको जानना चाहा कि आपने मैसेज डाला है तो मैंने आपका मैसेज कम से कम देखा है कि नहीं देखा है? नहीं तो मैंने आपने इसमें कोई रुचि नहीं दिखाई कि जिस चर्चा का आह्वान आपने ही किया था वो चर्चा पूरी हो पाए या ना हो पाए। जी। दूसरी बात यह है कि यह बात तो आपने बताई नहीं कि वह क्या कहते हैं जो महेंद्र पाल जी नाम का कोई आप बता रहे थे तो उनके साथ चर्चा क्या होनी है कब होनी है होनी है कि नहीं होनी है क्या है वो मैं आपको कॉल करूंगा ठीक है अच्छा जी और ठीक है अब ऐसे मतलब कम से कम आपको चलो आपने मैसेज डाल दिया है मगर मैसेज डाल दिया तो आप जो है हमको बताते अगर इनफॉर्म करते कॉल कर लेते अगर हम आपका डाटा डलवाते भाई ऐसा है इतना मतलब जो हिंदू

00:25:20:24 की गतिविधियां जो चल रही है ना हां हां उसमें दिमाग लगाने से बढ़िया है कि इस्लाम और ईसाई को खत्म करने में दिमाग लगाया जाए तो अच्छा रहेगा तो ये कहां लिखा है हैं जी ये कहां लिखा है कहां लिखा है भाई आप चाहते हैं कि आपके द्वारा बताया गया कोई बात है जो उसको को हम लोग मान ले तो उसके पीछे कोई प्रमाण होना चाहिए ना? नहीं प्रमाण है ना कुरान कुरान हदीस है बाइबल है उसको पढ़ो नहीं पढ़ो ये प्रमाण कैसे है कि वो ज्यादा इंपॉर्टेंट है उससे उससे ज्यादा उससे जानकारी लो फिर आपको पता अरे वो हमने पढ़ा है भैया आपसे ज्यादा पढ़ा है आप आप मुसलमान को जितनी देर में चुप नहीं करा पाएंगे उससे आधे टाइम में हम चुप कराएंगे उसको आपसे आपके पास जितना टाइम लगेगा ना उसको चुप कराने में उससे आधे से आधे समय में हम चुप करा देंगे। हो सकता है आधे का आधा लगे। भेजूंगा आपको मैं अपना क्या कहते हैं वीडियो। देखिए अगर कितनी जल्दी आदमी हथियार डालेगा। तो वो वो तो खैर अलग बात है। मगर आप एक बात समझिए कि आपको ऐसा लगता है कि ऐसा करने की बजाय ऐसा करना ज्यादा आवश्यक है। अच्छी बात है। सबसे

00:26:36:02 पहले ये बात अपने ऊपर लागू क्यों नहीं करते? जब मैं आपसे कह रहा था कि महेंद्र पाल आर्य जी से ही बात कर ली जाएगी जो है आप ही पीछे पड़े। सुनिए तो आप ही पीछे पड़े थे कि भैया नहीं अभी इस बात पे अभी के अभी चर्चा कर लो और जब चर्चा हुई तो उसके बाद बिना ठीक से इनफॉर्म किए आपने एक मैसेज डाल दिया वो सामने वाला देखे या ना देखे तब तो आप फोन पर फोन कर रहे थे कि इस बात पे अभी के अभी चर्चा कर लो और जब आप चर्चा हुई या उसमें आपका पक्ष प्रस्तुत हो पाया कि नहीं हो पाया वो ठीक है अलग बात है मगर जब चर्चा हुई उसके बाद आपसे जब यह पूछा जा रहा है कि आप बिना इनफॉर्म किए बिना रुचि दिखाए आप गायब क्यों हो गए तो अब आप कह रहे हो ये करने से अच्छा इस्लाम पे ध्यान दो। फोन आपका मेरे पास आया था सुबह जी। और इस्लाम पे ध्यान देने की बात है तो ये शुरुआत आप अपने से करो। आप ये सब बोलना बंद करो कि हनुमान जी हनुमान जी के पूछ नहीं होती है या पौराणिक हैं। ये सब बोलना बंद करो। फिर आलू से इंसान पैदा कर दिया। बताइए। अरे भैया धरती से इंसान पैदा कर रहे हो तुम बिना मां के तो हम तुमसे पूछेंगे ना। अगर आपको हमारे हमारे हनुमान जी की पूछ होने पर आपको आपत्ति है तो हम आपसे पूछेंगे ना भैया बिना गर्व के कहां पे कौन सी सत्तान उत्पन्न हो रही है बता दो हमें तुम्हें प्रमाण चाहिए ना भाई ये बात तो आप बोल रहे हैं ना जमीन

00:27:51:08 से पैदा कर दिया हम कहां बोल रहे हैं आप आपकी किताब में लिखा है जमीन से जमीन जमीन से उत्पन्न हुए क्या लिखा है वहां क्या चीज आपकी वहां किताब में लिखा है ना जी ईश्वर ने किया ना ईश्वर ने किया अरे तो ईश्वर ने किया चलो चलो चमत्कारिक रूप से ही उत्पन्न होना मान रहे हो ना? जी जी बिल्कुल तो बस तो बस तो बस चमत्कारिक रूप से उनके पूछो ना हम मान रहे हैं। आप आप भी आप भी तो बताइए आपके अनुसार कैसे मनुष्य पैदा हुआ ये भी तो बताइए मुझे। ईश्वर के ईश्वर के द्वारा ईश्वर ईश्वर ने कैसे किया? चमत्कार से। तो यही बात तो हम मान रहे हैं। अरे भाई हम आपको यह बता रहे हैं कि आप हमारी आधी आधी जो बातें चमत्कार की है वो तो आप भी मान लेते हैं। फिर जहां मन करता है वहां आप चमत्कार पे लगाम लगाते हैं। ये क्या बात है? समाज के लोग ईश्वर को नहीं मानते हैं क्या? फिर वही बात। मैं आपको क्या बता रहा हूं। आप चम आप जो है जहां मन कर रहा है वहां पे चमत्कार को स्वीकार कर रहे हो। जहां आपका काम नहीं चल रहा है और फिर अपने मनमर्जी से चमत्कार को ठुकरा दे रहे हो। मैं ये आपको बता रहा हूं। ठीक है। अब मुझे वो बहस नहीं करनी है। आपको आना नहीं है। आप जो है बिना बताए रघु चक्कर हो गए। बात अलग है। आप जो है महेंद्र पाल आर जी से बात

00:29:06:12 करके मुझे बता दीजिएगा। ठीक है। और कोई बात करनी है आप जो है वहां आइए। लाइव में आइए। लाइव में आकर बात करिए। अपनी चीजों में ना फसाए व्यक्ति को। बोलने क्या बोल रहे हो? समाज के लोग ईश्वर को नहीं मानते हैं क्या? फिर वही बात मैं कह रहा हूं हम ईश्वर को मानते हैं। मगर हम यह नहीं करते कि भैया जहां हमारा मन किया वहां चमत्कार को हमने मान लिया। जहां हमारा मन किया वहां चमत्कार को ठुकराने लगे। जहां गुरु वचनों में शास्त्र वचनों में चमत्कार के रूप में भी बात कही गई है तो हम एज इट इज स्वीकारते हैं। मैं आपसे ये पूछना चाहता हूं क्या आर्य समाज महर्षि दयानंद ने बनाया? अरे ये हां महर्षि दयानंद महर्षि नहीं है। पहली बात तो वो वो वो जो है आर्य समाज दयानंद जी ने ही बता बनाया है। किसने बनाया कौन दयानंद? अरे भैया तुम लाइव आ जाओ दोबारा कल लाइव आ जाना तुम दोबारा। ठीक है और अबकी बार डाटा पैक हमें बता देना। तुम डाटा पैक हम डलवा देंगे आपका। तो सृष्टि के आ रहे हो क्या लाइव? कल भाई राम को आ रही है। लाइव आ रहे हो क्या? कल कल लाइव आ रहे हो क्या? कल लाइव आ रहे हो क्या? क्या लाइव लाइव कैसे काट रहे हो? अरे भाई तुम जो बात विषय चल रहा है तुम बार बार विषय को बदलना चाहते हो। टू द पॉइंट रहो तुम बार बार हर

00:30:21:18 बार विषय बदल रहे हो। क्या राम को आर्य कहा गया कि नहीं कहा गया? क्या आर्य समाज आर्य समाज दयानंद ने बनाया। ये विषय होता है। बात ये चल रही है कि तुम चमत्कार को मानते हो कि नहीं मानते हो? अरे तो ईश्वर को मानते हैं तो ईश्वर के चमत्कार को क्यों नहीं मानेंगे? तो फिर ईश्वर का चमत्कार है कि हनुमान जी के पूछ थी। फिर उसमें ये क्यों पूछ रहे हो दुनिया में कहां पे किसके पास पूछ है? चमत्कार है तो सामने आओ। [संगीत]

Plans for this video (0)

No Plans yet. Press "✂️ Open Clip Cutter" to make one.

🤖 Ask AI for suggestions

AI reads the remaining (unused) parts of this video and gives ideas for new videos: from where to where, hook, and what to remove from the middle. Suggestions follow the RULES and appear here as "AI Suggestion". You can review, edit or approve them.

  • ⬜
    Hindi SRT Required

    YouTube Studio → Subtitles → Hindi → upload the SRT file. (Checked automatically once OAuth is connected.)

  • ⬜
    English SRT

    YouTube Studio → Subtitles → Add language → English → upload the SRT file.

  • ⬜
    Title (per Rules)

    Check the title against the RULES on honorifics, names and terms.

  • ⬜
    Description

    YouTube Studio → Details → Description. Write it as per the RULES.

  • ⬜
    End Screen

    YouTube Studio → Editor → End screen. The API does not report this, so press Done after adding it.

  • ⬜
    Cards

    YouTube Studio → Editor → Cards. The API does not report this, so press Done after adding them.

  • ⬜
    Playlist Automatic

    YouTube Studio → Details → add to Playlists. It gets ticked ✓ automatically at the next sync.

  • ⬜
    Thumbnail

    YouTube Studio → Details → Thumbnail → upload a custom thumbnail.

"Done" is your confirmation. The YouTube API does not report things like End Screen and Cards.

Playlists

Not in any public playlist (or YouTube sync has not run yet).

A: AHVAAN - Call Of Dharma Video 30:58 · 26 Oct 2025

हनुमान जी की पूंछ पर चर्चा से भागा अलंकारी

0%
☁️ Drive Not in Drive yet

Notes

Description

(empty)

History

No changes yet.

✂️ Clip Cutter

⌨️ Keyboard shortcuts

Space Play/Pause · I Set start · O Set end · ←→ 1 second (Shift: 5) · ,. 1 frame · P Preview · Enter Add clip · Esc Stop

▶

Start

End

🔍 zoom
Already used Plan clips
⚠️ () of this clip is already used in another video (green part). Fine if on purpose, otherwise change the times.
✂ Remove (middle part: bad audio, bad section)

Move the video to that spot (click the SRT or the bar), then press "Start"/"End".

Clips () · Total

Add clips above. They will appear here; drag (⋮⋮) to reorder.

Hook, full note for editor, status