No part of this video is used anywhere yet.
SRT: ⬇ SRT ⬇ Original file

.srt or .vtt (Hindi). The old file is backed up. After that the match for this video is rebuilt (may take a few minutes, keep the page open).

⬜ Not used yet · 00:00:01:25 – 00:09:02:00 (9:00)

00:00:01:25 तो शंकर परंपरा पर शंकर परंपरा के मान्य आचार्यों शंकराचार्यों पे फता के साथ अमर्यादित रूप से टिप्पणी करने के लिए और व्यक्तिगत रूप से पीएन मिश्रा जी पर टिप्पणी करने के लिए फुवरता भरी हुई टिप्पणियां करने के लिए पीएन मिश्रा जी ने भागवतानंद को शास्त्रार्थ के लिए चुनौती दे डाली है। अब भागवत आनंद का वही पुराना प्रलाप चालू हो गया कि भाई जो अमुक को नहीं मानता है मैं उसके साथ शास्त्रार्थ क्यों करूं? जो अमुक को नहीं मानता है मैं उसके साथ शास्त्रार्थ क्यों करूं? अरे भाई यह कहां लिखा है कि जो अमुक को नहीं मानता है उसके साथ शास्त्रार्थ क्यों नहीं होगा क्यों होगा? अथवा क्यों नहीं होगा? पी.एन मिश्र जी ने शास्त्रार्थ की जो चुनौती दी है। तो जो व्यक्ति आदि शंकराचार्य के भाष्य और महर्षि वादरायण के भाष्य से असहमति रख सकता हो ऐसे व्यक्ति से शास्त्रार्थ करने की योग्यता हमारी कैसे हो सकती? अच्छा यदि वह अमुक को मानने का दावा कर रहा है और तुमने यह तय किया है कि वह अमुक को नहीं मानता तो शास्त्रार्थ करके उसको शास्त्रार्थ में निरुत्तर कर दो ना कि तुम्हारा यह दावा जो है गलत है झूठा है। तुम अमुक को मानने का दावा कर रहे हो मगर अमुक को अमुक को नहीं मानते हो। तुम वेद को मानने का दावा कर रहे हो गुरु चंद्र दास मगर तुम वेद को नहीं मानते हो उसको निरुत्तर

00:01:16:28 करो ना जाके और शास्त्रार्थ होता किसके बीच में है? दो एक मत को मानने वालों में या दो अलग-अलग विचारधाराओं में तुम यदि ये सोच रहे हो कि पीएन मिश्रा जी भगवत आदि शंकराचार्य भगवान को नहीं मानते हैं तो तुम उनको शास्त्रार्थ में निरुत्तर करो ना क्या हुआ बाबू सामना करने लायक दूध नहीं मिला क्या बचपन में पोषण के साथ ह माताजी ने निष्ठा पूर्वक दूध नहीं पिलाया क्या बचपन में जो किसी का सामना कर पाओ मैं गुरु चरण दास का सामना इसलिए नहीं करूंगा कि वह अमुक को मानता मानता ही नहीं है तो मैं क्या शास्त्रार्थ करूं मैं पीएन मिश्रा जी का सामना इसलिए नहीं करूंगा क्योंकि मैं वो अमुक को मानता ही नहीं है तो मैं क्या शास्त्रार्थ करूं मैं शिवश नारायण द्विवेदी के तो सामने जिंदगी में जीवन में झांकूंगा तक नहीं क्योंकि वो तो खाल उधेड़ के रख देगा है ना इसका अगला प्रलाप क्या है कि मैं यहीं से उत्तर दे रहा हूं तो ठीक है इस विषय पर हमको जो कहना है वह अब आप आगे श्रवण कर सकते हैं। मैं चाहता तो इसका व्यक्तिगत उत्तर भी मैं दे सकता था और लघु उत्तर तो मैंने 2ाई मिनट का या पौ/ 3 मिनट का एक प्रसारण ऑडियो मैसेज के माध्यम से उनको भिजवा दिया है। लेकिन इसमें जिन बिंदुओं

00:02:32:09 पर उन्होंने एक बात कही है। उन बिंदुओं का मैं सार्वजनिक उत्तर भी देना चाहता हूं। जब तुझे शास्त्रार्थ करना नहीं है। जो व्यक्ति तेरे हिसाब से भगवत पाद आदि शंकराचार्य भगवान को नहीं मानता है। इसलिए तू उससे शास्त्रार्थ नहीं करेगा। तो अपना पक्ष क्यों रख रहा है? उन उन विषयों पर जो जो विषय उन्होंने शास्त्रार्थ के लिए प्रस्तुत किए हैं। क्यों रख रहा है बंद कमरे में? क्योंकि तू कायर है। क्योंकि तू दोगला है। तू सामने जाकर के वो पक्ष नहीं रखेगा जो बंद कमरे में रख लेगा। इसलिए तू बंद कमरे में अपना पक्ष रख रहा है। हां। अरे भैया यही पक्ष जो तू यहां रख रहा है यही पक्ष सामने जाके रखना।

00:03:11:10 कि वो मंदिर के अंदर इसको ले गए, उसको ले गए। यही सारे पक्ष तू सामने जाकर रख दे। तेरा पक्ष मजबूत है। तू सत्य पे है। रख दे। पर नहीं रखेगा। तुझे मालूम है तेरी ढोल में पोल है। तू कायर है। तू दोगला है। कुपोषित है। नहीं रखेगा। केवल मुंह चलाना आता है। केवल मुंह चलाना है। मुंह चलवा लो बस। कुछ करने की बारी आएगी तो अब्बा डब्बा चब्बा। अच्छा अब ये क्या कह रहा है? यह वही प्रलाप कर रहा है जो कुछ दिनों पहले अलंकार समाजियों ने चालू किया था कि भैया श्रृंगेरी मठ में तो टीपू सुल्तान की सहायता की गई थी। वीडियो बनाया था हमने मुंह तोड़ वीडियो हैं। मैं जो भी कह रहा हूं वो श्रृंगेरी मठ की ऑफिशियल वेबसाइट के आधार पे कह रहा हूं। मैं अपने मन से नहीं कह रहा हूं। अब श्रृंगेरी मठ वाले अगर अपने बारे में नहीं जानते तो फिर इसमें मेरी क्या गलती है? अगर सत्यता श्रृंगेरी मठ वाले नहीं जानते तो इसमें मेरी क्या गलती है? या तो यह सब बातें हम नहीं कह रहे यह श्रृंगेरी की वेबसाइट कह रही है। तो जो टीएन मिश्र हैं वो ऐसा करें कि चाहे तो भारत तीर्थ जी के पास चले जाए या विश्व शेखर जी के पास चले जावे और कहें कि आप गलत लिखे हैं इसीलिए अपनी वेबसाइट में सुधार कर लें। क्योंकि भैया हमने श्रृंगेर की वेबसाइट में जो पढ़ा सो हमने लिखा वो हमने कहा अब अगर श्रृंगेरी की वेबसाइट अगर अपनी पीठ और

00:04:26:14 इतिहास के बारे में झूठ बोल रही है तो इसके उत्तरदाई हम नहीं। श्रृंगेरी मठ की ऑफिशियल वेबसाइट के आधार पर जो तू व्याख्या कर रहा है वो तेरी मनमुखी व्याख्या है धूर्त वो व्याख्या तूने श्रृंगेरी मठ वालों से मैच कराई क्या सत्यापन कराया क्या कि मैं आपके लिखे हुए इस पैराग्राफ का ये मतलब समझ रहा हूं तूने कहा कि अ उस पूरे लेख में कहीं भी यह नहीं लिखा है कि टीपू सुल्तान के लिए यज्ञ नहीं किया गया था तो यह लिखा है क्या कि टीपू सुल्तान के लिए यज्ञ किया गया था वो यज्ञ प्रजा के लिए किया गया था। प्रजा के हित में किए गए यज्ञ की अनुभूति सकारात्मक अनुभूति आंशिक रूप से टीपू सुल्तान को भी हुई थी। तो उसके द्वारा व्यक्त किए गए भाव को उस उस लेख में बताया गया है। क्या यह कहा गया है कि वो जो यज्ञ था वो इसलिए किया गया था कि टीपू सुल्तान जो है हिंदू राजाओं पर जीत प्राप्त कर ले। अब सुन अब अब करते हैं बात कांटे की। अकाट्य याद है ना अकाट्य छोडूंगा नहीं मैं हूं तेरे पीछे छोडूंगा नहीं तुझे क्या लगता है मैं व्यस्त हो गया ये रामपालियों में तो तुझको छोड़ दिया है नहीं छोडूंगा नहीं तो अकाट टेप बात

00:05:41:20 सुन जहां से तूने ये बात उठाई है जिस ऑफिशियल वेबसाइट से ना वो वेबसाइट तेरे लिए प्रमाण है ना तो यदि तेरे लिए शंगेरी की वेबसाइट प्रमाण है जहां से तू यह सिद्ध करना चाह रहा है कि शंगेरी मठ के जो शंकराचार्य थे तत्कालीन उन्होंने टीपू सुल्तान से मदद ली थी या उसके लिए यज्ञ किया था तो मूर्ख उसी ऑफिशियल वेबसाइट में उसी लेख लेख के क्रम में ये लिखा हुआ है कि शास्त्रार्थ के समय जब पर्दा हटा के देखा गया था तो वहां पर स्वयं शारदा मां विद्यमान थी और वही रूप बदलकर के शंगेरी पीठ के तत्कालीन शंकराचार्य के रूप में विराजमान हुई थी। ये मानता है कि नहीं तू मानता है? उसी ऑफिशियल वेबसाइट में है। तो अब अगर तू यह मानता है तो तेरे अनुसार जो यह अन्न दोष लगा है वह शारदा मां को लगा है। यानी कि शारदा मां ने गलत किया। शारदा मां ने टीपू सुल्तान की सहायता की। शारदा मां ने टीपू सुल्तान के लिए यज्ञ करवाया। शारदा माता ने है ना? तो तेरे हिसाब से वो शारदा माता शारदा माता नहीं होंगी। अब तू यह कहने लगेगा तो या तो अब तू जब यह कहेगा कि नहीं मैं नहीं मानता मां शारदा मां थी शंकराचार्य के

00:06:56:24 लिए तो यानी कि तू यह नहीं मानता कि वहां सब सच लिखा है तो फिर यह क्यों मानता है क्योंकि तुझे शंकर परंपरा के प्रति लोगों को अनास्थावान बना के बना बना के बना के अपना परचम लहराना है। यह सोचे समझे बिना कि शंकराचार्यों के प्रति यदि मैं लोगों को अनास्थावान बना दूंगा तो जो अकाट्य सिद्धांत ऐसे सिद्धांत, ऐसे सार्वभौम सिद्धांत जिनके सामने संसार का कोई भी सनातन विरोधी तंत्र टिक नहीं सकता। मैं उन सिद्धांतों के प्रति लोगों को अनास्थावान बना दूंगा। यह सोचना भूल गया तू मूर्ख। क्योंकि तेरे लिए धर्म श्रेष्ठतम नहीं है। तेरे लिए अपनी वर्चस्वता, अपनी ख्याति, अपनी स्थापना वो प्राथमिकता है। बाकी बातें मैं खूब बनाऊंगा। मैं बहुत बड़ा धर्मज्ञ हूं, धर्म प्रेमी हूं। और समय आने पर झूठ तो ऐसे निकलेगा जीवा से जैसे गीली माटी में हल चलता है ना। ऐसे झूठ निकलेंगे कि आदित्य प्रकाश सिंह के द्वारा आदित्य सिंह के द्वारा शिवश नारायण द्विवेदी ने मेरे घर की स्त्रियों को गाली दिलवा दी। सिद्ध

00:08:12:00 कर जीते जिए सिद्ध करके जाना कि शिवश नारायण द्विवेदी ने तेरे घर की मातृशक्तियों को गाली दिलवाई थी। चुनौती दे रहा हूं तुझे मैं। कर शपथ गंगा में उतर के दिलवाई है। नहीं दिलवाई तो माफी मांग। कि मैंने गलत बोला। जीतने के लिए शपथ का बहुत शौक है ना तेरी यह शपथ भी मैं देख लेता हूं। शपथ बाद जनेऊ हाथ में गंगा में उतर के खा शपथ खा शपथ शिवश नारायण द त्रिवेदी ने तेरे घर की स्त्रियों को गाली दिलवाई है आदित्य सिंह के द्वारा

00:08:53:18 रामपालियों में व्यस्त हूं। बताता हूं मैं तुझको रुक जा। जय श्री राम। [संगीत]

Plans for this video (0)

No Plans yet. Press "✂️ Open Clip Cutter" to make one.

🤖 Ask AI for suggestions

AI reads the remaining (unused) parts of this video and gives ideas for new videos: from where to where, hook, and what to remove from the middle. Suggestions follow the RULES and appear here as "AI Suggestion". You can review, edit or approve them.

  • ⬜
    Hindi SRT Required

    YouTube Studio → Subtitles → Hindi → upload the SRT file. (Checked automatically once OAuth is connected.)

  • ⬜
    English SRT

    YouTube Studio → Subtitles → Add language → English → upload the SRT file.

  • ⬜
    Title (per Rules)

    Check the title against the RULES on honorifics, names and terms.

  • ⬜
    Description

    YouTube Studio → Details → Description. Write it as per the RULES.

  • ⬜
    End Screen

    YouTube Studio → Editor → End screen. The API does not report this, so press Done after adding it.

  • ⬜
    Cards

    YouTube Studio → Editor → Cards. The API does not report this, so press Done after adding them.

  • ⬜
    Playlist Automatic

    YouTube Studio → Details → add to Playlists. It gets ticked ✓ automatically at the next sync.

  • ⬜
    Thumbnail

    YouTube Studio → Details → Thumbnail → upload a custom thumbnail.

"Done" is your confirmation. The YouTube API does not report things like End Screen and Cards.

Playlists

Not in any public playlist (or YouTube sync has not run yet).

A: AHVAAN - Call Of Dharma Video 9:05 · 02 Aug 2025

पी एन मिश्र जी की शास्त्रार्थ चुनौती और भागवतानंद की भागमभाग

0%
☁️ Drive Not in Drive yet

Notes

Description

(empty)

History

No changes yet.

✂️ Clip Cutter

⌨️ Keyboard shortcuts

Space Play/Pause · I Set start · O Set end · ←→ 1 second (Shift: 5) · ,. 1 frame · P Preview · Enter Add clip · Esc Stop

▶

Start

End

🔍 zoom
Already used Plan clips
⚠️ () of this clip is already used in another video (green part). Fine if on purpose, otherwise change the times.
✂ Remove (middle part: bad audio, bad section)

Move the video to that spot (click the SRT or the bar), then press "Start"/"End".

Clips () · Total

Add clips above. They will appear here; drag (⋮⋮) to reorder.

Hook, full note for editor, status