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→ Used in: B · Video हाईकोर्ट का आदेश शासन की मार सतलोक गैंग में खौफ का माहौल at 2:23 ↗
00:00:00:00 [संगीत] सबसे पहले मैं आपको बधाई दूंगा कि यह वरना हिंदू जाति सोई हुई है। उनको मेरे धर्म कर्म से कोई मतलब नहीं है। एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत ये पुस्तकें छापी गई कि हमारे धर्म में प्रदूषण किया जा सके। वहां तक पहुंचना पड़ेगा और शास्त्रों के बाद क्या करना पड़ेगा पता पड़ेगा। तो फिर उसने भी फ्रस्ट्रेट हो के फिर कहा कि भाई देखिए हम जो है मुकदमा उनका भी लिख लेंगे। अब दोनों तरफ से हम लिख लेंगे। अब बहुत हो गया। मैंने कहा
⬜ Not used yet · 00:00:30:12 – 00:00:53:18 (0:23)
00:00:30:12 जी के नाम से पूरे देश का नाम हो गया आज 18 जगाना होगा आपको बताना होगा [संगीत] नाम लिखते हैं ज्ञान गंगा साधारण जनता जन सामान्य समझता है ज्ञान गंगा लिखा है माने की कोई
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→ Used in: B · Video हाईकोर्ट का आदेश शासन की मार सतलोक गैंग में खौफ का माहौल at 3:19 ↗
00:00:53:18 अच्छी बातें लिखी होंगी ज्ञान गंगा योगी जी को दी है हमने ज्ञान गंगा अमित शाह जी को दी है हो सकता है आपकी भी फोटो बनी हो। [संगीत]
⬜ Not used yet · 00:01:24:14 – 00:03:03:01 (1:39)
00:01:24:14 जय श्री राम हरिशंकर जी जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम रंजना दीदी हमारी अग्रजा है और उनका कैमरा ऑफ है कोई टेक्निकल इशू लग रहा है तो जी दीदी जय श्री राम दीदी जय श्री राम जय श्री राम तो इनमें से दोनों ही व्यक्तित्व आपके समक्ष हैं यहां पर और दोनों की अपनीपनी छाती है और साथ में दोनों ही सनातन धर्म के लिए लगातार सक्रिय हैं। बहुत सारे विषय हैं जिनमें प्रखर होकर के हमारे हरिशंकर जैन जी लड़ रहे हैं सनातन के लिए हमारे मंदिरों के लिए विग्रह के लिए वहीं पे जो हमारी अग्रजा है रंजना अग्निहोत्री जी उन्होंने भी यथावत धर्म के लिए कमर कस कस रखी है। बहुत सारे विषय हैं। बहुत सारे केसेस हैं जो इन्होंने कोर्ट में यह भी प्रखरता से सनातन धर्म का पक्ष रख रही हैं और कई ज्यादातर केसेस ऐसे हैं जिसमें ये दोनों ही जो आपके समक्ष इस समय महानुभाव यहां पर हैं तो ये दोनों ही साथ में मिलकर के केस लड़ रहे हैं। तो
00:02:41:03 मैं शुरुआत हरिशंकर जी से करूंगा। थोड़ा सा शंकर जी यह जो केस है रामपाल का जो इस समय चल रहा है इसको लेकर के आपका जो अपना एक पर्सपेक्टिव है दर्शकों को जो हमारे श्रोताग है आम जनमानस है उनको थोड़ा सा बताएं। देखिए सबसे पहली बात यह है जी सबसे
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→ Used in: B · Video रामपाल की किताबों को पढ़कर #supremecourt #advocate को बहुत पीड़ा हुई at 0:03 ↗
→ Used in: A · Video रामपाल के विरुद्ध कार्रवाई करने की संपूर्ण जानकारी at 3:56 ↗
00:03:03:01 पहले मैं आपको बधाई दूंगा कि यह द्विवेदी जी की वजह से यह आंदोलन आज दिख रहा है। वरना हिंदू जाति सोई हुई है। उनको अपने धर्म कर्म से कोई मतलब नहीं है। कोई पैसा पैदा करने से और अपने पद पैसे से मतलब है। द्विवेदी जी प्रखर हैं और जब सबसे पहले मिले थे मुझसे तो मैंने इन सारी किताबों का अध्ययन किया था और अध्ययन करने में बड़ी पीड़ा हुई थी और पीड़ा इसलिए भी हुई कि आज हिंदू समाज में अकेले द्विवेदी जी क्यों आगे आए और लोग आगे क्यों नहीं आए? इतना बड़ा स्कैंडल चल रहा है। पूरे देश में इस तरह की भद्दी किताबें बेची जा रही हैं। प्रसारित की जा रही हैं। और जनमानस में हिंदू धर्म के खिलाफ हिंदू देवी देवताओं के खिलाफ एक माहौल तैयार किया जा रहा है और लोग चुप बैठे हुए हैं।
⬜ Not used yet · 00:04:11:08 – 00:06:19:18 (2:08)
00:04:11:08 तो मैंने सोचा मैं तो दिल्ली में हूं कि इसमें किसी योद्धा की जरूरत है। तो योद्धा कौन हो? तो योद्धा खोजने के लिए सबसे पहले वीरांगना देखा जाता है। तो मैंने देखा कि रंजना जी सबसे उपयुक्त व्यक्ति हैं जो कि इस मामले को घंटा बजा सकती है क्योंकि व्यक्ति ऐसा चाहिए था जो डरे नहीं लालच में ना आवे किसी प्रभाव में ना आवे तो रंजना जी के हाथों यह बागडोर है और वह अच्छे तरीके से इसको ले चल रही है। आगे ले चल रही हैं। प्रारंभिक सफलता कोर्ट से मिली है और मुझे उम्मीद है कि आगे भी सफलता मिलेगी। अब रंजना जी इस बारे में ज्यादा पूरा विस्तार से बताएंगी। जी जी रंजना दीदी आप थोड़ा सा आगे इसको थोड़ा सा प्रकाश डालें चीजों पर। देखिए सबसे पहले तो शिवश जी आपको बहुत-बहुत आशीर्वाद और यह आशीर्वाद मिला है हमारे
00:05:26:12 हरिशंकर जैन सर के कारण आपको क्योंकि हरिशंकर जैन साहब ऊपर से प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से हम लोगों पर अपनी दृष्टि रखे हुए हैं। जैसे गुरु कुम्हार कुम्हार जैसे घड़े को पीट-पीट के सही करता है वैसे ही इनकी दृष्टि हमेशा मेरे ऊपर रही और इन्होंने हमें इस योग्य बनाया कि आज जैन सर गर्व से कह सकते हैं कि मैंने जो ये लड़ाई दी है सही योद्धा के हाथों में दी है। तो इनको बहुत-बहुत हृदय से मेरा नमन है और इन ऐसे ही मार्ग हमारा प्रशस्त करते रहे तो हम लोग सनातन धर्म के लिए कुछ कर पाएंगे। अब आते हैं हम लोग मुद्दे पर। देखो सनातन धर्म में जो नकालों के द्वारा नकली किताबें भेजी जा रही हैं और सबसे बड़ी बात है जो पायरेसी भारत
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→ Used in: B · Video रामपाल की किताबों को पढ़कर #supremecourt #advocate को बहुत पीड़ा हुई at 1:25 ↗
00:06:19:18 में क्या होता है? नकलीपन परसी एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत यह पुस्तकें छापी गई कि हमारे धर्म में प्रदूषण किया जा सके। सनातन धर्म में प्रदूषण किया जा सके और धोखे में रख के क्योंकि नाम लिया गीता का नाम लिया गंगा का नाम लिया कृष्ण का नाम चुराया कृष्ण का नाम चुराया श्री राम का नाम चुराया मां दुर्गा का नाम चुराया शंकराचार्यों का और नाम चुराया हमारे सनातन धर्म के वेदों पुराणों का और अंदर गंदगी भर दी अंदर अश्लील साहित्य भरा इन लोगों को और इसका जो मास्टर माइंड है जेल में बैठकर करके ग्रामीण अंचल की सीधी साधी भोलीभाली जनता को अपने चंगुल में फंसा के यह व्यापार कर रहा है। यह धर्म को हमारे सनातन धर्म को प्रदूषित कर संक्रमित करने का कार्य कर रहा है। यह इतनी बड़ी महामारी है जो कि पूर्व में प्लेग और हैजा चलता था। उससे भी बड़ी महामारी है। इसको लेकर के अपने गुरु जी माननीय हरिशंकर जैन के दिशा निर्देश में जो याचिका दायर हुई है उसको माननीय न्यायालय ने बड़ी गंभीरता से
00:07:34:19 लिया क्योंकि पुस्तक के सारे प्रश्न जिन प्रश्नों में भगवान श्री राम को मां दुर्गा को भगवान विष्णु को भगवान श्री कृष्ण को मां सीता को हमारे महादेव जी को अश्लील शब्दों से को का प्रयोग किया गया था उन सब प्रश्नों को माननीय न्यायालय ने देखा और जब बहस चल रही थी तो मैंने स्वयं इस बात को महसूस किया कि माननीय न्यायालय न्यायमूर्तियों को न्यायालय में उस समय इन प्रश्नों को देखकर कितनी पीड़ा हुई। सारी बातें सुनी। राज्य सरकार को भी सुना और सेंट्रल गवर्नमेंट के भी जो अधिवक्ता आए थे उनको भी सुना। उनको पूरी तरीके से विधिवत सुनने के बाद माननीय न्यायालय ने यह नोटिस जारी किया और यह बताया कि बताएं राज्य सरकार ने इन पुस्तकों को सील करने का और सील करने की कार्यवाही अब तक क्या की है?
⬜ Not used yet · 00:08:32:26 – 00:13:10:28 (4:38)
00:08:32:26 वैसे आप दोनों महानुभावों का बड़प्पन है जो मुझे इसका श्रेय दे रहे हैं। ये कहीं ना कहीं इस युद्ध के सूत्रधार आप ही दोनों हैं और आप लोगों ने इस तरह से अगर आगे आकर के सक्रियता ना दिखाई होती तो संभवत मेरा इतना सामर्थ्य नहीं था। वो गुरुदेव गुरु गोविंद ग्रंथ की कृपा है कि आप लोगों का मार्गदर्शन मुझे प्राप्त हो गया। यह एक भगवत कृपा रही मेरे ऊपर। इसमें हरिशंकर जी एक चीज दिखाई देती है कि ये लोग हर उस चीज पर वार कर रहे हैं अपने स्कैम के द्वारा जो चीज कहीं ना कहीं सनातन धर्म की नीव में है। जैसे ये केवल हिंदू देवी देवताओं के लिए अश्लील टिप्पणी करना तो बात अलग हो गई। मगर ये साथ ही साथ होली पे बहन दिवाली का मजाक रक्षाबंधन का मजाक भैया भाई दूध का मजाक इस समय कावड़ यात्रा चल रही है उसका मजाक हर चीज का मजाक और ऐसे ऐसे ब्रेन वाश लोग हैं अभी मैंने कुछ दिन पहले इनका एक चैनल है फॉलोअ का उस पर करीब लाख दो लाख फॉलोवरर्स हैं तो उस पर मैंने देखा कि बहुत अश्लील तरीके से कावड़ से जुड़ी हुई जो जानकारियां उनको प्रस्तुत कर रहे हैं तो ये आपको नहीं लगता ये सोचा समझा एक वेल प्लंड एक विदेशी षड्यंत्र है। यहां तक कि बिंदी
00:09:48:02 लगाने को मना गहने मतलब जो हमारा श्रृंगार होता है हमारी मातृशक्तियों का हर उस चीज पर इन्होंने वार किया है जो हिंदू जो मूल हिंदू सभ्यता से जुड़ी हुई चीजें हैं। तो क्या एक विदेशी षड्यंत्र भी हो सकता है इस पर थोड़ा सा देखिए ये काम तो राज्य सरकार का है। जी और सबसे पहले जो आपने शक जाहिर किया बिल्कुल सही किया कि इसके पीछे बहुत बड़ी विदेशी फंडिंग है जी और कानून का उल्लंघन है। एफसीआरए कानून का उल्लंघन है। बाहर से पैसा भी आ रहा है। मेरे को ऐसा लगता है। मैं आपको बता दूं कि देश में तमाम तरह के प्रकोप चल रहे हैं। जी अभी मेरे पास काफी कागजात आ गए हैं। रखे हैं। एक मिशनरी चल रही है जी क्रिश्चियंस की उनका काम है कि हिंदुओं का ब्रेन वाश करना छत्तीसगढ़ हो नॉर्थ ईस्ट हो मेघालय मिजोरम नागालैंड सब जगह ये काम चल रहा है और इसमें दुबई से भी पैसा आ रहा है बाहर से भी आ रहा है कई तरह की फंडिंग है परंतु जो विचारणीय प्रश्न है
00:11:04:09 तो मेरा थोड़ा दिमाग अलग लग जाता है और लोगों से जी जी जी ठीक है वो कर रहे हैं गलत कर रहे हैं ये देश चल कैसे रहा है क्या देश में आज आप बाइबल कुरान के खिलाफ बोलने की क्षमता रखते हैं वो टेरर कि ऐसा करेंगे तो ऐसा हो जाएगा आज हम लोग ऐसा क्यों नहीं पैदा कर पा रहे हैं वो तो मोटी मोटी बातें समझ में आती है कि हिंदू धर्म का ज्ञान आम जनता तक दलित समाज तक पहुंचना चाहिए और उसको बतलाना पड़ेगा कि आपका भला केवल हिंदू देवी देवताओं से पूजा पाठ से ही हो सकता है और ये तब होगा जब ज्ञान आप केवल सवर तक ना रखें। आप ज्ञान की अपनी जो ध्वनि है उसको नीचे तक पहुंचाइए। मेरा निवेदन है कि आपको हमको सवर्ण समाज से हटकर जो अवर्ण समाज है जो गैर सवर्ण समाज है वहां तक पहुंचना पड़ेगा और अपनी आवाज शास्त्रों की आवाज शास्त्रों की व्याख्या करनी पड़ेगी और बताना पड़ेगा। जी जी जी जब ऐसा हो रहा था कि वो लोग धड़ाधड़
00:12:19:15 मेरे ऊपर जो है आईजीआरएस के थ्रू और कंप्लेंट लिखाने का एफआईआर लिखाने का प्रयास कर रहे थे तो बार-बार मुझे बयान देने के लिए अपना अपने मतलब अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए कहीं पुलिस थाने जाना पड़ रहा है कहीं एसीपी कार्यालय जाना पड़ रहा है ऐसा हो रहा था हालांकि पुलिस ने बहुत निष्पक्ष कारवाही की उसमें एक वो भी एक भगवत कृपा रही पर एट दी एंड एक समय ऐसा भी आया जब पुलिस ने भी फ्रस्टेट होकर के कहा कि ऐसा है हम आपका मुकदमा लिख ले रहे हैं। मगर हम अब जब उनका मुकदमा आएगा तब हम उनका भी लिखेंगे क्योंकि हम परेशान हो चुके हैं। तो पुलिस ने यह भी कहा कि भाई मतलब पुलिस एक एक हद तक जाकर के वो सच वो निष्पक्ष कारवाई करते पुलिस को जब वहां पर वो महसूस नहीं हुआ कि यहां पर बहुत ज्यादा हमारी मेहनत जा रही है। बहुत ज्यादा हमारा श्रम जा रहा है।
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→ Used in: B · Video हाईकोर्ट का आदेश शासन की मार सतलोक गैंग में खौफ का माहौल at 2:47 ↗
00:13:10:28 तो फिर उसने भी फ्रस्टेट हो के फिर कहा कि भाई देखिए हम जो है मुकदमा उनका भी लिखेंगे। अब दोनों तरफ से हम लिख लेंगे।
⬜ Not used yet · 00:13:16:24 – 00:19:27:20 (6:11)
00:13:16:24 अब बहुत हो गया। तो वहां पे कहीं ना कहीं उस दिन मुझे लगा था कि आज जो जिस तरह से निडर होकर के मैं थाने में जा रहा था और बार-बार अपनी सच्चाई। भाई हम वहां पर अपने लिए तो जा नहीं रहे हैं। हमारे देवी देवताओं को आपने गाली दी है इसलिए हम आ रहे हैं बार-बार। आप वो किताबों पर कारवाई करवा दीजिए। हम क्यों? हमें किसी से कोई पर्सनल कोई द्वंद, कोई दुश्मनी, कोई शत्रुता तो है नहीं। मगर उस दिन मुझे लगा था कि भाई और जब जो पुलिस अब तक साथ दे रही थी मतलब साथ हमारा नहीं न्याय का न्याय का वो साथ दे रही थी निष्पक्ष होकर के कार्य कर रही थी मगर जब उधर से ऐसी आवाज आई तो वहां पर वो जो आपने बात कही ना कि विवेकी को भी बोलना से मना कर दिया वहां पर कहीं ना कहीं पुलिस थाने में जाकर के अपनी आवाज को यथावत रखने की जो भावना थी उसको कहीं ना कहीं उन्होंने चोट तो पहुंचाई हालांकि वो बात अलग है कि ऐसा होता है कि जब हम अपनी गीता पढ़ लेते हैं भगवत श्रीमद् भगवत गीता वो श्लोक पढ़ लेते हैं नैन चिनती शस्त्राण नैन दति पावका ना चैन क्ले शति मारता तो उसके बाद किसी प्रकार का फिर वो भय इत्यादि रह नहीं जाता है व्यक्ति को वो बात एक अलग है मगर यदि कोई सामान्य व्यक्ति हो जो अपने धर्म की रक्षा के लिए वहां जा रहा हो तो उसको इस सिचुएशन में चुप होना ही उपयुक्त लगेगा कि भैया अब मैं बैठ
00:14:31:27 जाता हूं नहीं तो अगर मैंने कुछ किया तो मुझे बुलाया जाएगा जैसा कि उदाहरण के लिए हरिशंकर जी एक हमारे पिटिशनर हैं। 17 पिटिशनरों में से एक हैं। उनका नाम है हिमांशु जोशी जी। राष्ट्रीय सेवा संघ नाम से वो संस्था के अध्यक्ष हैं और वहां से ऑपरेट कर रहे हैं उत्तराखंड हरिद्वार से। उन्होंने भी बहुत वहां पर मुहिम चलाई। मतलब किस तरीके से उनके भी संज्ञान में जब आया तो उन्होंने अच्छे से वहां पर आवाज उठाई। आवाज उठातेउठाते वहां के प्रशासन ने क्या किया कि हद्वानी के हद्वानी का जो इनका सेंटर चल रहा है रामद रामपाल का वो सेंटर उन्होंने सील तो किया मगर यह कहते हुए सील किया कि यहां या ये जो बिल्डिंग है अवैध रूप से बनी हुई है मतलब इसके नक्शे वक्शे में कुछ दिक्कत है इस तरह से सील किया मगर जो प्रॉपर एक कारवाई होनी चाहिए थी कि यहां पर इललीगल रूप से किताबें हैं ये किताबें इललीगल रूप से छप रही है वो कोई कारवाई नहीं उल्टा क्या हुआ हिमांशु जी के ऊपर इस समय वहां से कई बार नोटिस आ चुका है पुलिस का हिसार से हिसार में एक एफआईआर दर्ज हो गई उनके ऊपर कि आपने किसी फला फला व्यक्ति को और जो है क्या कहते हैं ये गाली
00:15:47:06 दी है जातिचक शब्द कहे तो ये वो सवर्ण है हिमांशु जोशी उन्होंने बोला और जातिचक शब्द कहने के नाम पे उन पर जो है एफआईआर हो गई तो जहां एक सामान्य व्यक्ति फिर ऐसी स्थितियों में घबरा जाता है और पॉलिटिकल भी या कहेंगे बड़े अफसर अफसर भी तब तक इन मामलों में अपना मुंह नहीं खोल रहे हैं या एक्टिवनेस खुद से नहीं दिखा रहे हैं यदि कोई सवर्ण जाकर के या विवेकी सवर्ण छोड़ दीजिए विवेकी कोई व्यक्ति बार-बार जाकर के कह रहा है कि भाई ऐसा हो रहा है इस पर आप संज्ञान में लीजिए मगर वो तब तक नहीं कर रहे हैं जब तक ऊपर से कोई दबाव ना उनके ऊपर आ जाए तो इस पर थोड़ा सा आप मार्गदर्शन करें ऐसी ऐसी स्थिति में क्या करें फिर विवेक मुझसे जी जी देखिए रंजना जी हमारे में सहमति और असहमति का दौर बराबर चलता रहता है। उन्होंने जो बात कही है मैं उससे थोड़ा असहमत हूं। काम करने वाला व्यक्ति कभी नहीं देखता कि कौन उसकी बात सुन रहा है, कौन नहीं सुन रहा है। बात सुनवाई जाती है।
00:17:02:24 बात सुनवाई जाने की क्षमता चाहिए। मेरा विश्वास है कि अगर आपका मार्ग सही है और सच्चाई के रास्ते पर हैं तो सुनना पड़ेगा। राजनीति कोई बड़ी चीज नहीं है। राजनीति कौन करता है? हम ही आप करते हो। हम आप राजनीति अपनी राजनीति करते हैं। आज सुनवाई ना होने की वजह है कि आज वो समाज जो बुद्धिजीवी है। मैं सवाल नहीं कर रहा बुद्धिजीवी कह रहा हूं। यह जागरूक समाज है। आज वो अपने स्वार्थ में बटा हुआ है। जिसकी वजह से मैं यह करूंगा तो मुझको इसका टिकट मिल जाएगा। मैं यह बोलूंगा तो ऐसा नहीं हो पाएगा। कोई आवाज नहीं दबा सकता। आवाज दबाने की ताकत नहीं है। आपकी आवाज में दम होना चाहिए और दम तब आएगा जब कि आपका प्योर रास्ता, एक चिड़िया, एक क्षेत्र में हिंदुत्व दिख रहा है उस पर रहेगा। परंतु दुख के साथ मुझे कहना पड़ रहा है कि जो अधिवक्ता बंधु हैं आज मैं एक दो की बात नहीं कर रहा हूं। आमतौर पर अधिवक्ता बंधु हैं।
00:18:19:27 सरकारी वकालत मिल जाए हमारे अपॉइंटमेंट हो जाए हम फला पोस्ट पा जाए इसके लिए तो संगठन में घुस जाएंगे तो जब काम करने की बात आएगी तो कोई काम नहीं करता क्योंकि होगा कि अरे मैं क्या करूं मेरा कोई फायदा नहीं है आपको रंजना जी आपको आपको वह पैदा करनी है भावना इन अधिवक्ताओं में कि भैया नहीं आपको फायदे के लिए नहीं आपको नुकसान के लिए आगे आना है और जब हम हमारे ऐसे लोग जो बुजुर्ग हैं जो एक एज पा चुके हैं या रंजना जी हैं ऐसे लोग भावना भरे हैं समाज में उन अधिवक्ताओं को कि नहीं आपको धर्म के लिए कार्य करना है पैसे नहीं लेने हैं निशुल्क सेवा करनी है आपको पाना नहीं है खोना है तब देश का कल्याण होगा। जैसे आपने अभी कहा हिमांशु जी को नोटिस आ गया। हम लोग बैठे हुए हैं। क्यों नहीं हो सकता
✅ This part is already used · 00:19:27:20 – 00:20:41:18 (1:14)
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00:19:27:20 है? तो मैं शिवश जी आपसे कहना चाहता हूं कि आप इसी मौका पाकर इसी के साथ एक टीम तैयार कीजिए। पूरे देश में अधिवक्ताओं की जो कि समर्पण की भावना से हिंदुत्व की भावना से काम करें और उनको संकल्प होगा कि हम कभी कोई टिकट नहीं मांगेंगे। किसी पद के पीछे नहीं जाएंगे। और केवल हिंदू समाज की सेवा करेंगे। हिंदू समाज के लिए काम करेंगे। और ये बता दूं आपको आपका सारा आंदोलन जाया है। हम रोते रहेंगे। कोई हमारी नहीं सुनता। हमको कौन सुनेगा? हम तो सवर्ण है। हमारी तो सुनवाई नहीं है। हम पिटिकली दबा दिए गए। कोई नहीं दबा सकता। इसके लिए आपकी टीम चाहिए और टीम वर्क चाहिए और टीम वर्क में सबसे पहली बात है पानी की लालसा छोड़ दीजिए। कोने की जनता रखी है। कोने की और हमको आपको वो टीम तैयार करना है। जैसे शिवा जी हैं। मैं जब मेरे पास आए थे तो मैं कई दिन तक किताबें देखा। बड़ा फिक्र लगा रहा कि इसमें क्या किया जाए?
⬜ Not used yet · 00:20:41:18 – 00:26:35:10 (5:54)
00:20:41:18 और मुझे ताज्जुब भी हुआ। एक जागरूक आदमी है। मुझे उसकी मदद करनी चाहिए। मैं नहीं कर पा रहा हूं। कई बार फोन आए। मैं विचलित हुआ। फिर बाद में सोचा कि इसकी यह तरकीब हो सकती है। तो आखिर आप जब उभर सकते हो किताबें ऐसा तो नहीं कि आप ही ने पढ़ी अकेले समाज बहुतों ने पढ़ी तो जागरूकता क्यों नहीं है? जागरूकता इसलिए नहीं है कि पॉलिटिकल नहीं है। जागरूकता इसलिए नहीं है कि हमारा आपका जो बुद्धिजीवी समाज है और सो रहा है। स्वार्थ में लिप्त है और उसके पास निष्काम कार्य की भावना नहीं है। तो मैं इस बात को पहले सब बातों से अला कहना चाहता हूं। कुछ व्यक्तियों की अधिवक्ताओं की या कुछ अपने जो लाइक माइंडेड है एक ऐसी टीम तैयार होनी चाहिए जो कि केवल गिफ्ट की भावना रखे नो टेक हमें चाहिए कुछ नहीं हमें तो देना है हमें मिल मटना क्या हो रहा है एक एक पिटीशन होती है पेंशन होने के साथ मैं अपना स्वयं का अनुभव बता रहा हूं पेंशन बाद में होती है किसका
00:21:56:24 नाम हो जाए इसकी लड़ाई शुरू हो जाती है। मथुरा केस में जो श्री कृष्ण भूमि का मामला है सबसे पहली याचिका मैंने दाखिल की थी अंजना जी के नाम से पूरे देश से भूचा गया। अरे अरे इनका नाम हो गया। आज 18 याचिका दाखिल हो गई और उसकी वजह से कोर्ट में केस नहीं हो पा रहा है। सब अपनेप चिल्ला रहे हैं और केवल दिखाने में लगे हैं कि मेरा नाम हो जाए। कृष्ण जन्मभूमि आवे इससे मतलब नहीं है। मतलब ये है कि मैं मेरा नाम हो। मैं किसी व्यक्ति विशेष में कोई बात नहीं कह रहा हूं। तो मैं आपसे निवेदन करना चाहता हूं। रजनी जी हतोत्साह में मत रहिए। उत्साह बढ़िए। जी सर। यह हतोत्साह होने का समय नहीं है। अभी आप हमसे बहुत कम से कम 20 साल छोटी है। 70 साल की उम्र में मेरे में पूरा उत्साह है। आप तो 50 52 की हैं। आप में भी ऐसा उत्साह नहीं। आप ये कहिए मैं सुनाऊंगी। और पूरा समाज सुनेगा। तो मैं सुनेगा कैसे नहीं। आप में क्षमता
00:23:11:27 जाइए। आप वो आग उगिए। अपने आग भरिए अगर आप और कम से कम जो रण बाकुरा यानी जो महिला शक्ति है अगर वो आगे आ जाए तो कौन रोक सकता है तो आपके मुंह से यह असहाय भावना हम असहाय हैं। हम कुछ नहीं कर सकते। हमारी आवाज दबा दी गई है। यह अच्छा नहीं लगता और कम से कम मेरे साथ तो अच्छा नहीं लगता। तो मैं आपसे निवेदन करता हूं कि एक भावना जगाइए। लखनऊ में पूरे देश में सब लोग मिलकर मैं सबको बात कह रहा हूं एक टीम तैयार कीजिए क्योंकि देखिए एक चीज बताऊं कोई लड़ाई चाहे जैसी भी हो जब तक कोर्ट सहारा नहीं मिलता तब तक आपकी लड़ाई पूरी नहीं होती जैसे आपने कहा हद्वानी में सील किया गया नहीं किया गया यहां लखनऊ में आपने कहा दायर हो गया कोई बात नहीं है वहां से हरियाणा से नोटिस आ गया या कई जगह काम हो रहे कई एक्स व जेड रोज हो रहे तो नीचे लेवल से ले ऊपर लेवल तक एक संगठन तैयार होना चाहिए और संगठन करने की जरूरत नहीं है। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस 2013 में मैंने बनाया था
00:24:27:01 और तो मैंने सब हट गया मैं कमान पूरीनाथ जी को दे दी है। मैंने स्थापित किया था। पूरी कमांड इनको दे दी है। आज सर्वे सर्वा है। सब कुछ इनके हाथ में है। नहीं बिना कुछ नहीं है। उसमें आप प्रत्यक्ष दोनों रूप से नजर डाले हैं। असहाय मत बनिए। मैं असहाय कभी नहीं रहा हूं। और जिस समय आपको बतला दूं थोड़ा सा निशांतर कर रहा हूं। जिस समय मुलायम सिंह जी की सरकार थी। जय श्री राम बोलना बहुत बड़ा अपराध था। लोग बंद किए जा रहे थे। 90 91 92 में उस समय 25 याचिका मैंने मुलायम के खिलाफ दाखिल की थी। तो और सुनिए सीखिए मुसलमानों से आज कहने के लिए मुसलमानों की सरकार नहीं है हिंदुओं की सरकार है। और मैं पूछना चाहता हूं कि मुसलमान और ईसाई दोनों के काम पूरे देश में धर्मांतरण चल रहे हैं कि नहीं चल रहे हैं? हिंदुओं की भावनाओं से खिलाफ चल रहे हैं कि नहीं चल रहे हैं? मंदिर के खिलाफ चल रहे हैं कि नहीं चल रहे हैं? और हिंदुओं को किस से प्रभावित किया जा रहा है? चाहे आपके पूर्वोत्तर राज्य हो अभी जांगुर बाबा का आपको मिला हुआ है।
00:25:42:07 आज आप देख लीजिए मुझे क्षमा कीजिए। मैं विषांतर कर रहा हूं। आज धर्मांतर आज क्यों हो रहा है? आप तो एक चीज किताब को छोड़ दीजिए। धर्मांतर क्यों हो रहा है? धर्मांतर इसलिए हो रहा है कि अपने बच्चियों को धर्म की शिक्षा नहीं दे रहे हैं। सारे बच्चे का पढ़ रहे हैं। गुरुकुल खोलने की व्यवस्था नहीं हो रही है। हम तो आहान करते हैं आप लोगों का। कि हम लोग दो आदमी काफी हैं। हम लेकर तीन आदमी काफी हैं। आइए और काम कीजिए। काम तो बहुत रहे हैं। और अगर पांच पांच पंच सिख धर्म चलाकर पूरे देश को बदल सकते हैं तो हम आपको नहीं बदल सकते हैं। तो असहाय मत होइए। रोइए नहीं। काम कीजिए और काम करने के लिए हमारे पास कमी नहीं है आपके पास। पर हां एक संगठन की भावना चाहिए।
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00:26:35:10 और शिवश जी जुड़ गए हैं। समझ लीजिए कि हमारे साथ एक हीरा जुड़ गया है। मैं इनको हीरे के रूप में देखता हूं। हमको जरूरत थी ऐसे आदमियों की। आज इनका क्या स्वार्थ है? किताब के लिए मेरे पास आए। दिल्ली आए। ठीक है। थोड़ा मुझे मैं क्षमा चाहता हूं। थोड़ा मुझे माइंड मेकअप करने में समझने में थोड़ी देर लगी। चार छ महीने लग गए। अरे मैं क्योंकि मैं प्रयास कर रहा था किसी और लेवल पर वो नाम नहीं लूंगा मैं और लेवल प्रयास कर रहा था कि मामला हो जाए। मुझे आश्वासन भी दिया गया था पर बात पूरी नहीं हो पाई। मुझे उम्मीद थी कुछ उससे शायद काम हो जाए। तब मैंने डिसीजन लिया कि अब ये किया जाए। ये काम मुझे 6 महीना करीब मैं लेट हो गया। मैं इसे क्षमा चाह रहा हूं।
⬜ Not used yet · 00:27:24:24 – 00:30:30:07 (3:05)
00:27:24:24 अरे हमारी परंतु परंतु मैं आपका रंजना जी का सबका यह आहान करता हूं कि आप लोग असहाय मत होइए हीन भावना से ग्रस्त मत होइए निष्प्राण मत होइए और ये अपने में इतनी क्षमता रखिए कि मैं एक आवाज उठाऊंगी या उठाऊंगा तो सरकार को सुनना पड़ेगा जरा बतला दीजिए याद कीजिए जयप्रकाश नारायण जी का वो समय 1973 उन्होंने क्या कहा था समग्र क्रांति चाहिए आवाज उठा दी थी पूरा देश हिल गया था जयप्रकाश नारायण जी की तरफ से पूरी इंदिरा गांधी की सरकार हिल गई थी उनके नाम से अन्ना आंदोलन शुरू हुआ था पूरी कांग्रेस गवर्नमेंट हिल गई थी और मनमोहन सिंह सरकार को उनको संसद में सैल्यूट करना पड़ा और आज उनका फल मिला ठीक है कम या ज्यादा बना एक्ट बन गया तो ऐसा नहीं है आवाज उठाने वाली क्षमता चाहिए और वो आग हमको आपको पैदा करनी पड़ेगी सबसे पहले और
00:28:40:02 मैं रिपीट कर रहा हूं मुझे माफ कीजिएगा किसी भी आग को पैदा करने के लिए सबसे पहला जरूरी होता है हमको दिया बनना पड़ता है लौ जलना पड़ता है खुद को जलाना पड़ता है जो लौ बन के चलेंगे तो तो तेल की तो डालते ही रहेंगे पर लौ तो बनिए और लौ बनने के बाद आप फायदे की उम्मीद मत कीजिए सब चीज को किनारे रख दीजिए केवल ये रखिए कि हमको हिंदुत्व चाहिए और हिंदुत्व का काम चाहिए निष्काम और बिना किसी स्वार्थ के इस काम में आगे बढ़िए हम आप तीन आदमी हैं और जोड़िए और जोड़िए देखिए आवाज कैसे बनते हैं आपको याद होगा रजना जी चाहे हिंदू फ्रंट जस्टिस 2013 में बनाया था। कौन सुनने वाला था उस समय हाई कोर्ट में? और हमारे फ्रेंड ने कितने केस किए, कितने काम किए और कितने काम हुए हैं। हम लोग भी तो कहते थे लोग मजाक बनाते थे कि क्या पागलपन है। इसलिए मैंने विश्व हिंदू संघ मनाया था। 1990 में जिस समय उनकी मुलायम सिंह साहब की सरकार थी उस समय उसको जन्मया और काम हुआ। तो मैं ज्यादा रिपीट ना करके
00:29:55:10 केवल इतना कहना चाहता हूं कि निराशा की भावना मत रहिए। काम कीजिए पूरे जोश के साथ कीजिए और संकल्प ले लीजिए कि हमको इस हिंदू समाज को बदल देना है। कोई जरूरत नहीं किसी राजनीतिक पार्टी की जरूरत नहीं है। राजनीतिक पार्टी हमारे पास आएगी। हमारे पास आएगी। हमको वो क्षमता चाहिए। वो क्षमता चाहिए। शास्त्र का ज्ञान आपके पास है। रंजना जी के पास है। मैं तो अज्ञानी आदमी हूं। पर जो कुछ थोड़ा बहुत हो सकता है करता रहता हूं। दूसरी बात
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00:30:30:07 आज जन भावना को जगाना होगा। आपको बतलाना होगा कि जो लोग हिंदू समाज के खिलाफ बोल रहे हैं वह देश के गद्दार हैं, थ्रेटर हैं और इस देश में अब हिंदू समाज की अवमानना नहीं चलेगी। देवी
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00:30:49:10 देवताओं का अपमान नहीं चलेगी। ये वार्निंग देनी पड़ेगी आपको। कोई डरने की जरूरत नहीं है। कई चीजें हो सकती है। समाज का बहिष्कार हो सकता है। कोई जरूरी नहीं कि हम हिंसा करें। बिना हिंसा के काम हो सकते हैं। अगर हम लोग बहुत से काम करना चाहे तो बहुत से काम बहुत से काम हो सकते हैं। दुकान सामान लेना है हम नहीं लेंगे ऐसे लोगों से। झुकना पड़े लोगों को
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00:31:16:07 तो हमको आपको बैठकर कमरे में चुपचाप शांति से बैठकर फार्मूला निकालना पड़ेगा और वो दिशा पूरे समाज को देनी पड़ेगी। समाज तो बदलेगा। समाज बदलना कोई बड़ी बात नहीं है। हमेशा बदला बदलेगा और एक ही दो आदमी बदलते हैं। कोई झुंड नहीं बदलता है कभी।
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00:31:38:00 झुंड कभी नहीं बदलता है। जब आरएसएस बना था हेड गोवार साहब अकेले थे। कुछ लोग थे मुट्ठी भरते हैं। आसन है। तो ऐसे ही बनता है। ऐसे ही बनता है। हमेशा ऐसे ही बना है। तो इसलिए मैं निवेदन करता हूं कि जो मातृक्ति है अगर वह निराश हो जाएगी तब बहुत बड़ा नुकसान होगा। तो रंजना जी निराश मत होइए। असहाय मत समझिए और काम करने की पूरे जोश और खरोश के साथ काम कीजिए। अभी तो आप की उम्र कुछ भी नहीं है। अभी बहुत जिंदगी आपकी बाकी है। काम करिए। सर धन्यवाद। बहुत-बहुत धन्यवाद। लेकिन एक बात मैं बता दूं। ना मैं ना मैं असहाय हूं ना मैं निराश हूं। लेकिन सत्य को सामने लाना भी एक आवश्यकता है। इस समय की जो आवश्यकता है, वह हमें समय अनुसार सत्य को कहना आवश्यक इसलिए है कि लोगों को यह पता चले। हम निराश नहीं, हम हताश नहीं। अगर हताश और निराश होते तो हिंदू फ्रंट ने हमने और आप दो आदमियों ने मिलकर आतंकवादियों से टक्कर नहीं ली होती। पूरा समाज कहता था कि ये दोनों बेवकूफ है। आतंकवादियों से लड़ रहे हैं। और हमने और आपने आतंकवादियों से टक्कर ली और मुकदमा
00:32:53:13 जीत करके आए हम। आपको पता होगा उस जमाने में अखबार में बड़ा-बड़ा निकला था कि हरिशंकर जैन और अंजना अग्निहोत्री ने अखिलेश सरकार को दिया करारा तमाशा। तो हम डरने वाले नहीं है। लेकिन समय की मांग यह है कि कौन चोर है उसको चोर बताएं। समय की मांग है कौन साकार है कौन साकार बताएं। इसलिए सरकार की शासन की राजनैतिक इच्छाशक्ति नहीं है। उनकी इच्छा शक्ति है हमारा दमन करने की। उसको भी हमें कहना होगा जिससे कि हमारे बंधु हमारे सनातन धर्मी इसको समझे। आपकी बात एकदम सही है। लेकिन मेरी बात आपकी बात के उत्तर में ये बात है और सर आपकी जो बातें हैं उन सारी बातों को हम लोग जानते हैं। एक बड़ा संगठन मजबूत संगठन था और आज भी है और नेतृत्व आपका है रहेगा। उसमें कार्य किया जाएगा और बहुत सारे कल्ट है जो अपने आप को हिंदू नहीं कहते हैं। ये रामपाल ये भी अपने आप को हिंदू नहीं कहते। ये कहते हैं हम रामपाल के फॉलोअर्स हैं। पूछो कि हिंदू हो की नहीं हो? नहीं नहीं हम तो रामपाल के फॉलोवर हैं। ब्रह्मा कुमारी कहती है हम तो ब्रह्मा कुमारी है। स्वामी नारायण कहते हैं हम तो स्वामी नारायण है। एक हम ही लोग हैं जो हम लोग सनातन धर्म का झंडा उठाकर के कहते हैं। हम गर्व से कहते हैं हम सनातन धर्मावलंबी
00:34:08:14 है और सनातन धर्म का प्रचार प्रसार जिस हद तक जाकर करना होगा। धर्म रक्षा के लिए हम 7 24 हमेशा खड़े हैं और सदैव तत्पर हैं। और एक बात और बता दें कि मुगलों ने मुगलों ने क्या किया? हमारे मंदिरों को तोड़ा। मंदिरों की संपत्ति लूट कर चले गए। लेकिन उनका यह षड्यंत्र हमारे धार्मिक ग्रंथों में मिलावट करने का षड्यंत्र कामयाब नहीं हुआ। लेकिन ये जो नए-नए कल्प बने हैं, अशास्त्रीय कल्प बने हैं, अशास्त्रीय संगठन बन गए हैं। इन्होंने हमारे धार्मिक ग्रंथों में मिलावट करने की, प्रदूषण करने की जो चेष्टा की और कुछ हद तक कामयाब हो रहे हैं। नाम
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→ Used in: B · Video हाईकोर्ट का आदेश शासन की मार सतलोक गैंग में खौफ का माहौल at 3:13 ↗
00:34:49:13 लिखते हैं ज्ञान गंगा। जन साधारण जनता जन सामान्य समझता है। ज्ञान गंगा लिखा है माने कि कोई अच्छी बातें लिखी होंगी और
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00:34:58:09 जब उसको पन्ना पलटते हैं तो देखते हैं कि उसमें अभद्र भाषा का प्रयोग लिखते है गीता तेरा ज्ञान अमृत तो लोग सोचते हैं कि गीता जी की बात लिखिए अंदर कुछ और यानी कवर कुछ और अंदर की गंदगी कुछ और बाहर कुछ और अंदर से कुछ और तो हमको ये भी देखना है कि ये कौन लोग है जो बाहर से कुछ और अंदर से कुछ और इनके मास्टर माइंड क्या कर रहे हैं इस पर हमें सोचना है इस पर ये प्रश्न किया जा है कि क्या यह धर्म और अधर्म के मामले में मतलब क्या रामपाल से शास्त्रार्थ भी होगा क्या ऐसा कुछ नहीं कोई कोई शास्त्र नहीं होगा जी ऐसे लोग जो अयोग्य हो और भड़काऊ कारवाई करते हो असामाजिक हो उनसे कोई साथ नहीं हो सकता हमें साथ नहीं करना है और मैं समझता हूं हिंदू समाज को ऐसे लोगों से साक्षार्थ करना भी नहीं चाहिए भाई हमारी इच्छा हम पूजा करते हमारी इच्छा हम मूर्ति पूजा करते हैं। हमारी इच्छा हम ये मानते हैं। हु आर यू? आपसे क्या मतलब है? हमें ज्ञान क्यों दे रहे हैं? हमें आपसे ज्ञान नहीं चाहिए। बिल्कुल नहीं। एकदम नहीं। कोई सह जरूरत नहीं है। शास्त्र ज्ञानी से होता है। जो ज्ञान की बात
00:36:13:13 करे, कायदे की बात करे, जो समाज से विरत होकर बात करे और इस तरह की नीच हरकत की बात करे उसे कोई ज्ञान की बात नहीं हो सकती। इधर से कोई सवाल नहीं आता। जो इसमें लिप्त है एक प्रश्न यह आ रहा है कि जो इसमें लिप्त है इनको कितनी मतलब किस प्रकार की सजाएं मिल सकती हैं अकॉर्डिंग टू हमारा जो संविधान है उसके अकॉर्डिंग अभी केस चल रहा है। वेट कीजिए। सब बातों जवाब आज ही नहीं दिया जा सकता। अच्छा ठीक है
00:36:51:20 चलिए ठीक है दो एक प्रश्न हमने ले भी लिए बहुत-बहुत आभार आप दोनों ही का मान्य हरिशंकर जैन जी और मां ने हमारी अग्रजा रजना अग्निहोत्री जी आप दोनों ही का बहुत-बहुत साधुवाद कि आपने सनातन धर्म की ध्वजा को पकड़ा और फिर इस लड़ाई में जो हमें जो एक मार्गदर्शन चाहिए था संवैधानिक और जो नीतिगत होकर के लड़ाई लड़नी थी वह मार्गदर्शन हमें आप दोनों ही से प्राप्त इसके लिए बहुत-बहुत आभार है। आपने आज समय भी दिया और प्रभु श्री राम की कृपा आप दोनों ही पर सदैव बनी रहे। ऐसी हम प्रार्थना करते हैं। हम तो छोटे हैं। आपसे पर कृपा के लिए प्रार्थना अवश्य कर सकते हैं। तो इसी के साथ दर्शकों के लिए भी जय श्री राम बोलेंगे और सभी को जय श्री राम। जय श्री राम। जय श्री राम। जय श्री राम। जय श्री राम।
00:37:40:11 [संगीत]
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हिंदुओं को ये करना होगा-- हरिशंकर जैन जी व रंजना अग्निहोत्री जी
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