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00:00:02:04 सभी को जय श्री राम। आशा करते हैं आप सभी कुशल पूर्वक होंगे और आज ब्रह्मा कुमारी के कोई फॉलोअर हैं जिनके साथ हमारी चर्चा होने वाली है। मैं उनको ले लेता हूं स्टेज पर। अच्छा एक बात और है कि अभी रिसेंटली हमने जो है आर्य समाज को फॉलो करने वाले व्यक्ति के साथ हुई हमारी फोन पर वार्तालाप है उसको जो सार्वजनिक किया था उसमें एक बात निकल कर के आई है कि जो अलंकार समाज का जो ईश्वर है वो इच्छा करता है और जो जड़ पदार्थ हैं वह निर्मित हो जाते हैं अमुक अमुक स्ट्रक्चर में या जो भी जो भी क्रियाएं होती हैं वह ईश्वर इच्छा करता है और वह होती हैं। इस इच्छा और जड़ पदार्थों के बीच में कोई कनेक्शन है या नहीं या किस प्रकार से है तो वो चीजें डाउटफुल रही। जड़ पदार्थों को ईश्वर की इच्छा किस रूप में प्राप्त होती है? तो इसमें वो नहीं बता पाए कुछ भी और बात को बार-बार वो उन्होंने विषयंतर ही किया पूरी चर्चा के दौरान वो चर्चा वैसे तो पांच घंटों की हमने मेन चैनल पर डाली हुई है और संक्षिप्त करके हम 202 मिनट में मूल
00:01:17:06 विषय है जो जो एक यह वाला प्रश्न आता है कि भाई कि यह वाले जो रूप है ईश्वर जो धारण कर रहा है वह तो नित्य नहीं है। तो फिर उसको ईश्वर कैसे कहा जाए? तो क्योंकि वह ईश्वर ही क्रिया करने के लिए ही वह रूप धारण कर रहा है। इसलिए उसको ईश्वर ही कहा जाएगा। और भी बहुत सी बातें हैं। जैसे ईश्वर का प्रकट और अप्रकट होना व्यवहारिक जगत में वो केवल प्रकट और अप्रकट होता है। इससे उसके जो उसका नित्यता है वो सिद्ध होती है। वो हमारे समक्ष गोचर और अगोचर मात्र होता है। तो इसलिए वह नित्य भी है। अब व्यवहार व्यवहारिक जगत में। अब दूसरी बात यह आ जाती है कि यदि ईश्वर की इच्छा करने और जड़ पदार्थों को वह इच्छा किसी रूप में प्राप्त होने में बीच में कोई कनेक्शन नहीं है और सिर्फ इच्छा हुई और वहां हुआ तो इस इस हिसाब से तो फिर जो जिहादियों का ईश्वर है जो कहीं पर बैठा हुआ दुनिया को नियंत्रित करता है वो उस ईश्वर से भी काम चल जाएगा। ईश्वर का सर्वव्यापक होना भी आवश्यक नहीं रह जाएगा क्योंकि वह मन में सोचेगा और दुनिया में कहीं पर भी कोई भी हरकत हो जाएगी। सर्वव्यापक ईश्वर है ही इसलिए कि उसका पूरे में कंट्रोल हो
00:02:32:14 और यदि उसकी इच्छा जड़ पदार्थों में पहुंचने के लिए कोई माध्यम नहीं है हमारे अनुसार भौतिक दुनिया के संपर्क में आने के लिए जो अभौतिक ईश्वर है जो उसका पारमार्थिक स्वरूप है वो एक ऐसा रूप धारण करता है जो मध्यस्थता का कार्य करता है भौतिक संसार और पारमार्थिक ईश्वर के बीच पर इस बात पर वह चुप हैं उनके पास पास उत्तर नहीं है और उत्तर ना होने की स्थिति में वह बस विषयंतर करते रहे। वो पांच घंटे की चर्चा में आप देख सकते हैं। तो अगर मध्यस्थता की आवश्यकता नहीं है केवल ईश्वर मन में सोचेगा और वहां पर हो जाए। बीच में कोई हम कनेक्शन बता ही नहीं रहे तो फिर आवश्यक नहीं है ईश्वर का सर्वव्यापी होने का। सर्वव्यापी होना भी कोई आवश्यक नहीं है। बस वो इच्छा करेगा और दुनिया के किसी भी कोने में कुछ भी हो जाए। ठीक है? तो यह हमारा पक्ष है और जब जब हमने पूछा कि ईश्वर की इच्छा जड़ पदार्थों को प्राप्त कैसे हो रही है? किस रूप में हो रही है? भाई इच्छा का अधिष्ठान क्या है? चेतना चेतन। इच्छा का अधिष्ठान चेतन है। तो अगर इच्छा कोई ऐसा रूप नहीं बनाएगी जो जड़ पदार्थों के संपर्क में आए तो जड़ पदार्थ में चेतना तो है नहीं जो वह इच्छा को ग्रहण कर पाए। दूसरी बात
00:03:47:15 तब भी स्वतंत्र रूप से वहां जड़ पदार्थों के पास एक शक्ति होनी चाहिए होगी कि भाई अगर सूचना प्राप्त भी हो रही है तो उस शक्ति के माध्यम से वह आगे बढ़े भौतिक सूचना भौतिक शक्ति तो बहुत सी चीजें हैं इसमें बाकी हमने एक अपना संदेश भी जारी कर दिया है कि अभी हमें एक दो दिन के अंदर ही बनारस की यात्रा है हमारी और निर्भय ने कहा था कि वह इस समय बनारस में ही है। और यह भी कहा था कि
00:04:20:26 शायद वह वहां पर कोचिंग पढ़ाता है बच्चे को। तो अगर कोचिंग पढ़ाता है तो ऐसा तो है नहीं कि दो दिन के लिए जाएगा बनारस। तो कोचिंग पढ़ाते हैं तो डेली पढ़ाते होंगे। महीने भर तो पढ़ाएंगे ही। तो इसका मतलब है कि वह बनारस में ही स्थित हैं। तो हम एकद दिन के लिए बनारस जा रहे हैं एक दो दिन में तो वह यदि हमसे संपर्क करेंगे तो हम आमने सामने बैठकर के चर्चा कर लेंगे। ठीक है? और अब हम लेते हैं हमारे जो आज के आज का जो मूल विषय है ब्रह्मा कुमारी वाला मामला। हां जी भाई साहब जय श्री राम। जय श्री राम। भाई जय श्री राम। ओम भाई साहब आप अपने फोन को ना कहीं ऐसी जगह रखें कि आपकी स्क्रीन बार-बार बदले नहीं। ये जो हिल रही है ना मेरी स्क्रीन हिल रही है क्या? आपकी स्क्रीन हिल रही है।
00:05:17:18 मेरी भी तो अच्छा मेरी हैंग सी हो जा रही है हमें लग रहा है हां आपकी भी हैंग हो रही है अच्छा मेरा मेरी स्क्रीन साफ दिखाई दे रही है कुछ आगे थोड़ा सा इधर उधर वो करूं क्या आप आपके में नेटवर्क पूरे आ रहे हैं 5G नेटवर्क इंटरनेट वगैरह मैं ये कहता हूं थोड़ा आगे पीछे करता हूं गाड़ी को भी हां हां है तो पूरे भाई जी लेकिन एरिया दिए में कभी कम ज्यादा हो जाता है ना
00:06:01:01 घर पे आप घर पे बैठ के करिए ना कार में बैठ के कर ही क्यों रहे हैं नहीं वैसे तो बाहर है तो इसीलिए तो संडे कह रहा था अगर संडे को हम आप करते ना तो घर पे वाईफाई भाई साहब आज जब मैंने आज जब मैंने आपको कहा तब आप जब आप आज जब मैंने आपको कहा कि भाई आज दोपहर 1:00 बजे 2:00 बजे कर ले तो आपने ये नहीं कहा कि संडे को करते हैं। आप कहते हैं मुझसे संडे को करते हैं। वाईफाई रहेगा। भाई आज मैं आपको चैट WhatsApp चैट यहां पे दिखा दूंगा स्क्रीन पे।
00:06:37:18 नहीं नहीं वो आप दिखा तो क्या देंगे? वो तो मैंने फिर बोला तो वही था ना तो आपने कहा आज 1:00 बजे कर लेते हैं। मैंने तो संडे के लिए कहा था। आज आपने कहा तो फिर मैंने कहा चलो ठीक है हां अब अब सही आ रहा है ना अब आपकी आवाज भी सही आ रही है नहीं आपकी जो पिक्चर है वो रुक रुक के रुक रुक के दिखाई दे रही है एक भाई साहब है जो ये प्रश्न पूछ रहे हैं एक मिनट एक भाई साहब है जो ये प्रश्न पूछ रहे हैं क्या ईश्वर ऐसा पत्थर बना सकता है जिसको वह स्वयं ना उठा सके इन प्रश्नों का जवाब हमने अपनी वीडियो में दे दिया है कई बार और आप अपने लोगों को कहे कि सामने सामने से आकर यह प्रश्न करें। जिसके गुर्दे में दम हो, वह सामने आकर पूछा करें। कायरों की तरह नपुंसकों की तरह व्यवहार ठीक नहीं है। एक ही प्रश्न का जवाब बार-बार एक एक व्यक्ति के पूछने पर दिया जाएगा क्या? सनातन सिद्धांत नाम की प्लेलिस्ट बनाई गई है। उसमें जाकर देख लीजिए। और ये जो ये जो प्रश्न करते हैं ना आप यह नास्तिकों द्वारा उठाए गए बहुत पुराने प्रश्न है। कुछ नया लाइए। ठीक है? सबके जवाब दे दिए। तोड़ के रख दिया ईश्वर विरोधी सभी को। चाहे वो सनातना वासी हो, चाहे वो विधर्मी हो, चाहे वो नास्तिक हो। जाकर देखो प्ले लिस्ट में एक एक व्यक्ति के पूछने पर एक एक व्यक्ति का जवाब देते फिरेंगे क्या
00:08:01:20 हां भाई साहब आपकी जो पिक्चर है वो सस्टेंड नहीं है सस्टेंड नहीं है जो पुराने जमाने का कार्टून पुराने जमाने का जो कार्टून आता था रुक रुक के चलता था वो वाला मामला है हां तो वो नेटवर्क की वजह से हो सकता है ऐसा हो रहा हो। अरे भाई तो हम क्या करें भाई साहब ये बताइए ना नेटवर्क की वजह से हो सकता है तो करना क्या है वो बताइए व्हाट टू डू इस तरीके से चर्चा तो नहीं होगी संडे को रख लीजिए अगर तो ठीक है जाइए संडे को 10 बजे रख लीजिए ठीक है देखता हूं नहीं नहीं तो जो थोड़ी बहुत रुकिए एक सेकंड मैं उसको नेट को और बदलता हूं दूसरे वाले पे। बदल के बदल के दोबारा आइए।
00:09:06:00 हमारे फॉर्म में एक चीज और बढ़ा दी जाए भैया कि आप अपना नेटवर्क वगैरह देख लें क्योंकि कई बार इस तरीके से सारे प्रयास किए जाते हैं। उसके बाद यह परिणाम प्राप्त होता है। फिर ये जुकू जी मूर्ख हो क्या मूर्ख हो क्या आप ये जुक जी क्या नाम है पता नहीं मूर्ख हो क्या सामने आकर बात करो
00:09:46:12 सामने आकर बात करिए ठीक है माता माता जी ने निष्ठा पूर्वक दूध पिलाया है तो सामने आकर बात करिए। ये इस तरीके से कायरता और नपुंसक का नपुंसकता का व्यवहार मत चित्रित करिए। बार-बार एक ही तरीके के अलग-अलग रूपों में प्रश्न पूछ पूछ करके जो है स्वयं को आत्मसंतुष्ट कर लिया। हां, हमने प्रश्न पूछा हम जवाब नहीं दे पाए। यह सब सवाल धरे के धरे रह जाएंगे। सामने आओगे जब ठीक है? फिर बगले झांकने के अलावा कुछ नहीं बचेगा। अपने अस्तित्व पर शर्म आने लगेगी तुरंत। ये क्या कर दिया?
00:10:22:24 हां भाई सही आ रहा है मगर उसको एक जगह रख दीजिए कैमरे को। आप ऐसा है संडे को आइएगा। जाइए जय श्री राम। रखने का नहीं नहीं नहीं थोड़ी बहुत तो चर्चा कर लेते हैं। फिर क्या पता संडे को आए फिर ज्यादा देर हम ना टिक पाए आपके सामने। संडे को आइए आपका पिक्चर गड़बड़ आ रही है आपकी नहीं कर सकते। चलिए ठीक है ऑपरेटर जी ठीक है आज की इस चर्चा को कैंसिल करते हैं।
00:11:10:09 रहने दीजिए। छोड़िए दूसरी चीज है। यह कह रहे हैं शिवश भाई आप पहले ब्रह्मा कुमारीज का सेवन डे कोर्स करिए। आप मेरे एक घंटे का कोर्स करिए। यह मुझे बोलने से पहले एक घंटे का मेरा कोर्स करिए। बताइए कब आ रहे हैं? एक घंटे के लिए लाइव आ जाइए। मुझे कहीं जाना भी बुलाना भी नहीं आपको। लाइव आ जाइए। एक घंटे का कोर्स करिए। ठीक है। जय श्री राम सभी को।
00:12:39:24 [संगीत]
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क्या ब्रह्माकुमारी का ईश्वर सर्वशक्तिमान है? Discussion with BK follower 4.3.2026
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