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00:00:00:02 जो रामपाल का हम्म ये

00:00:02:09 सेट इनका फोटो लगा करके अभद्र टीका टिप्पणियां लिखते हुए हास्य प्रद पाखंडी और कुछ मुझे प्रमाण से बताइए कि कबीर कबीर कैसे बना बस प्रमाण से तो ऐसा ना भाव से क्षमा चाहते नहीं वो नहीं जानकारी कौन सी संस्था कौन सा वो रजिस्टर्ड है जैसे व्यक्ति अपराध के उसमें दो मुकदमों में आजीवन वो उसके सीधे प्रवचन आते हैं लाइव

⬜ Not used yet · 00:00:38:19 – 00:25:45:27 (25:07)

00:00:38:19 आप झंडा कहूंगी कि आप झंडा एक झंडा झंडा मतलब है आप देश में आंतरिक कलह फैलाना चाहते हैं। आप ये किताबें बेचते हो? [संगीत] मर जाएंगे मगर ये नहीं बिकने देंगे समझे ये इनके कपट पूर्ण कृत है कपट पूर्ण कृत हैं और कपट पूर्ण कृत्यों से को आगे रख के ये धर्मांतरण का काम ये सब है कालनेमी और कालनेमी का इलाज जो है हनुमान जी ने अच्छे से किया था तो कर रही है इस अभियान में रामपाल के गिरोह का नाश

00:01:21:08 तो सभी को जय श्री राम आज आज हम साथ में हैं हमारी अग्रजा है यहां पर रंजना अग्निहोत्री जी जिन्होंने इस युद्ध की कमान को अपने हाथों में लिया है जो रामपाल के गिरोहों द्वारा सनातन का लगातार अपमान किया जा रहा है और हिंदुओं की भावनाओं को आहत करने का प्रयास किया जा रहा है तो अब हम काफी दिनों से इस युद्ध में चल रहे थे सक्रिय थे अब हमारी अग्रजा उन्होंने हमें अपना नेतृत्व प्रदान किया है। तो आज हम उनके समक्ष आए हैं। आप लोगों को कुछ जरूरी कुछ महत्वपूर्ण बातें बताने के लिए केस के बारे में और जो माननीय हमारी रंजना अग्निहोत्री जी हैं उनके बारे में और जो हमारी हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस संस्था है जिसके द्वारा यह जो केस है फाइल हुआ है रामपाल गिरोह के विरुद्ध उसके बारे में एक समग्र एक वीडियो यह आपको मिलने वाला है। तो अ सबसे पहले हम अग्रजा जी आपको बहुत-बहुत आपका आभार। आपका सम्मान

00:02:36:12 पूर्वक सम्मान करते हैं कि आपने हमें जो है मार्गदर्शन प्रदान किया अपना और हमारा यह जो बिखरा हुआ एक अभियान था ना उसको आपके कारण एक नेतृत्व मिला और एक सूत्र में बंध पाया ये क्योंकि अ गुरुओं के सानिध्य में रहकर के हमें शास्त्र के विषयक्त जानकारियां प्राप्त हुई जिससे हम जो कर सकते थे हमने अपने अनुसार किया सही पर जो संवैधानिक जानकारी है। कानूनी जो भाषा होती है वो क्या होती है? उससे हम बिल्कुल अनभिज्ञ थे। तो ऐसे में आपने अपना हमें सानिध्य दिया तो उसके लिए हम बहुत-बहुत वो भी हमारे गुरुदेव की कृपा ही है कि हर जगह पर मार्गदर्शन करते हैं और उन्होंने ही सल दिया है कि धर्म के मार्ग पर धर्म सम्मत कार्य करने की हमको बुद्धि मिली है और उसी में आपका साथ मिला। तो जहां तक हमसे संभव होगा हर प्रकार से आपके इस आंदोलन में सनातन धर्म के साथ मैं हूं।

00:03:39:08 हमारी अग्रचा का पहले हम आपको एक परिचय बता दें कि माननीय जो पूज्यपाद ब्रह्मलीन स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती जी हैं उनकी शिष्या हैं और राम मंदिर के राम जन्मभूमि वाले केस में और अनेकों ऐसे हिंदुत्ववादी जो केस हैं जिसमें कि हम हिंदुओं की रक्षा हुई है। ऐसे केसेस में अग्रणी और सक्रिय भूमिका इनकी है जो अभी हम आगे अह ज्ञात करेंगे। थोड़ा सा माननीय दर्शकों को आपकी जो जीवन यात्रा है ना थोड़ा सा कुछ उसके बारे में बता दें। कैसे क्या मेरी जीवन यात्रा तो हमारे गुरुदेव गुरुदेव ब्रह्मलीन ज्योतिष पीठाधीश्वर द्वारका शारदा पीठाधीश्वर जगभगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी के ही सानिध्य से उन्हीं के आशीर्वाद से प्रारंभ हुई और उन्हीं के शुभ आशीष से मुझे राम जन्मभूमि के वाद में इलाहाबाद हाई कोर्ट से ले उच्चतम न्यायालय तक अपने पक्ष को प्रस्तुत करने का अवसर मिला और गुरु कृपा से श्री राघवेंद्र सरकार की कृपा कृ से हम लोग यह दिन देख रहे हैं कि उसी स्थान पर दिव्य और भव्य भगवान श्री राम का मंदिर बन पाया है और हम सब अपने भौतिक नेत्रों

00:04:54:16 से दर्शन कर पा रहे हैं। जी जी और गुरुदेव के सानिध्य से गुरुदेव के आशीर्वाद से जो जो मार्गदर्शन मिला उसको मैंने अक्षरश अपने जीवन में उतारा और उनके बताए हुए धर्म के मार्ग पे और महाराज मनुस्मृति मनु महाराज ने मनुस्मृति में जो मार्ग दिखाया उस पर मैंने अपने जीवन को चलने की चलने का प्रयत्न किया है। अब मैं कितना चल पा रही हूं वो तो ऊपर वाले प्रभु को ही जी ज्ञात होगा कि गुरुजन जो गुरु गुरुजन अथवा जो ईश्वर है वही उसका वही उसका आकलन कर पाएंगे जी जी बहुत ही सुंदर बहुत ही सुंदर माननीय एक हमारी जो हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस हम जो संगठन है हमारा हालांकि यद्यपि मैं भी उसका एक सदस्य हूं पर थोड़ा सा आप आप पदाधिकारी हो उसमें आप जी जी जी तो परंतु आपके मुखार बिंदु से थोड़ा सा दर्शकों को उसका भी एक परिचय मिल जाए कि देखिए हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस का जो गठन हुआ था वर्ष 2012 में हुआ था और 2012 से लगातार अनवरत हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस काम करता चला आया। इसके संरक्षक माननीय हरिशंकर जैन जी हैं। मैंने और हरिशंकर जैन जी ने मिलकर हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस का गठन किया। उसका रजिस्ट्रेशन हुआ।

00:06:09:25 यह बतौर न्यास रजिस्टर्ड है और अह विभिन्न न्यायालयों में कम से कम 150 से ऊपर मुकदमे किए हैं जो हिंदुओं के हिंदुओं के अधिकारों को का जहां हनन हो रहा था धर्म की रक्षा के लिए या मंदिरों को जहां तोड़ा जा रहा था हिंदुओं के साथ अन्याय हो रहे थे उन मुकदमों को हिंदू फ्रेंड फॉर जस्टिस ने किया है। अच्छा अच्छा अच्छा जैसे मुझे मुझे ज्ञात है कि राम मंदिर में तो आपकी अग्रणी भूमिका रही थी इसके अलावा थोड़ा सा कृष्ण जन्मभूमि काशी विश्वनाथ और मुझे भोजशाला वाला विषय भी पता है जिसमें आपकी अग्रणी भूमिका रही थी हमारे संगठन की भी तो इसमें थोड़ा सा कुछ कृष्ण जन्मभूमि में जो पहला मुकदमा दायर हुआ है उसमें बतौर भगवान कृष्ण के वाद मित्र मैं हूं माता श्रृंगार गौरी का जो काशी का केस है उसमें भी माता माता श्रृंगार गौरी के बतौर वाद मित्र हूं और जो भोजशाला वाला केस है भोजशाला में जो जिला धार पड़ता है इंदौर में वहां पर महाराजा भोज के बनाई हुई एक भोजशाला थी जिसमें कि हजारों की संख्या में ब्राह्मणों को ज्योतिष व्याकरण सारी चीजें पढ़ाई जाती थी और उन उसका ध्वंस हुआ

00:07:25:01 उसको तोड़ा गया वो भी वाद जो है हिंदू फ्रंट फायर जस्टिस के द्वारा दायर किया गया है वो लंबित है अच्छा तो एक कोई लखनऊ का भी केस आप देख रहे थे वो टीले वाली वो टीले वाली मस्जिद का 2012 में कोर्ट में इलाहाबाद हाई कोर्ट के खंडपीठ लखनऊ में दायर किया गया था तो उस समय सीनियर जज हुआ करते थे जस्टिस उमाना सिंह उनके यहां दायर किया गया था तो हमको और हरिशंकर जैन साहब को एज ए कमिश्नर बना करके कोर्ट ने वहां भेजा था और पूरी बड़ी कड़ी सुरक्षा में हम गए हमने वहां जांच पड़ताल की हमने पाया वहां पाताल कूप है उसको शेषनागस्ट पाताल कूप कहा गया वो मुकद अभी जो है नीचे के न्यायालय में लंबित है। जी जी जी तो यह हमारा सौभाग्य है कि इधर हम भी जगुरु शंकराचार्य जी के पूरी पीठाधीश्वर जी के शिष्य थे और इस अभियान में जो रामपाल का गिरोह है उसका प्रतिकार कर रहे थे जो भी जितने भी अंशों में कर पा रहे थे और जब विधि का विधान देखिए कि आ मतलब जो अंतिम समय में जो एक नहीं जो आपके जीवन में एक भगवत स्वरूप के रूप में प्रकट होता है। प्रकाश शक्ति के

00:08:40:04 रूप में प्रकट होता है। तो हमें जो अग्रजा हमें प्राप्त हुई हमारी इस विषय में क्योंकि हम हमें हर तरफ से घेरा जा रहा था। जैसा कि आपको पता होगा अगर आप हमें फॉलो कर रहे थे तो ये सब लड़ाई में हमें हर तरफ से घेरा जा रहा था। झूठे मुकदमे पर्सनल थ्रेट्स भी दिए जा रहे थे। जान से मार देने की धमकियां वगैरह। बहुत सारी चीजें अभी भी चल रही हैं। हमारे जो हमसे जुड़े हुए लोग हैं उनके ऊपर झूठे मुकदमे हमारे घर पर हमला करने का प्रयास है। सारी चीजें चल रही थी। तो ऐसी स्थिति में और फिर भी हम लड़ने का प्रयास कर ही रहे थे यथावत। तो ऐसी स्थिति में अपने ज्ञान का प्रकाश लेकर के प्रकट हुई। तो वो भी कोई अन्य नहीं थी। वो भी हमारी गुरु बहन ही निकली। क्योंकि वो भी जगद्गुरु शंकराचार्य जी की ही शिष्या थी। और संयोग से यह बात परम सत्य है कि इस संसार में जब भी कभी कहीं पर भी धर्म को नष्ट करने का प्रयास किया जाएगा। धर्म को क्षति पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। तो जो प्रयास करने वाला व्यक्ति है उसके समक्ष सबसे बड़ी बाधा जो होगी वो एक नाम होगा। उस वो नाम है शंकराचार्य। तो आप यह देख लीजिए कोई भी व्यक्ति जब सनातन की मूल मान्यताओं

00:09:55:06 पर प्रहार करता है तो उसकी जो बुक्स होंगी उसके जो लिटरेचर होंगे उसकी जो भी चीजें होंगी वो चाहे जाकिर नायक से लेकर रामपाल तक कोई भी हो उसकी चीजों में आपको शंकराचार्य का नाम लेकर के और शंकराचार्य का नाम लेकर के कहीं ना कहीं शंकराचार्य के लिए विरोधाभासी चीजें मिलेंगी। बिल्कुल सही। तो आज हम मतलब मैं एक छोटे भाई के रूप में मतलब भाई बहन एक तरीके से अग्रजा और अनुज दोनों साथ में आए एक एक शारदा पीठाधीश्वर हमारे गुरुदेव तो दो पीठाधीश्वर थे एक जगुरु शंकराचार्य ब्रह्मलीन स्वामी श्री स्वरूपानंद जी की शिष्या महाराज जी के शिष्या और एक जो है जगदगुरु शंकराचार्य पूरी पीठाधीश्वर जी के शिष्य तो इस तरीके से देखिए ये विधि का विधान ही था कि हमें इनसे मिलना था। हमें प्राप्त हुआ। अ माननीय ये जो केस है ये इसकी गंभीरता पे थोड़ा सा प्रकाश डाल दें। किस प्रकार से ये गंभीर है? कैसे क्षति पहुंचा रहा है? देखिए सनातन के धर्म के विरुद्ध जी एक सुनियोजित षड्यंत्र बहुत दिनों से चल रहा है और उस सुनियोजित षड्यंत्र का टारगेट सिर्फ सनातन धर्म के साथ-साथ शंकराचार्य परंपरा

00:11:10:12 के जो शिष्य हैं और जो चारों पीठे हैं हमारी उन चारों पीठों को टारगेट किया जा रहा है। चाहे वो राजनैतिक पार्टियां हो। राजनीतिक पार्टियों को भी हमारे शंकराचार्य फूटियां भा नहीं रहे और चाहे यह जो सुनियोजित षड्यंत्र के तहत धर्मांतरण चल रहा है चाहे अभी जो इटावा में कांड हुआ है सबसे पहली बात यह है कि ब्राह्मणों को टारगेट करो ब्राह्मणों को समाप्त कर दो अगर ब्राह्मणों को समाप्त कर दोगे तो धर्म संस्कृति समाप्त हो जाएगी और यह भारत नहीं रह जाएगा ये आर्यावर्त जो हम कहते हैं आर्यावर्त नहीं रह जाएगा और विधर्मियों के मंसूबे कामयाब हो जाएंगे। परंतु इस बात यह विषय बहुत गंभीर है। इस पर सोचना होगा। इस पर चिंतन करना होगा। और जो लोग यह हरकतें कर रहे हैं वो आखिर अपने हैं। ब्राह्मण तो सबको अपना मानता है। तभी तो हम कहते हैं कि विश्व का कल्याण हो। जी जी। प्राणियों में सद्भाव ना हो। पूरे विश्व में कोई व्यक्ति ऐसा नहीं है जो ये कहता हो या कोई धर्म मत पंथ मजहब ऐसा नहीं जो कहता हो विश्व का कल्याण हो। जेएनयू में पोस्टर लिखे गए कि ब्राह्मणों भारत छोड़ो। अभी इटावा में लिखा गया कि ब्राह्मणों इस गांव में आना मना। इसका मतलब सबसे ज्यादा खतरा विधर्मियों को ब्राह्मणों से ही है। क्योंकि ब्राह्मणों ने

00:12:25:15 अपनी शीश कटाने के बावजूद भी धर्म की रक्षा करने के लिए धर्म की रक्षा करने के लिए धर्म संस्कृति के संरक्षण के लिए प्राणों के बलिदान दिए। तो लोगों का यह मानना है विधर्मियों का मानना है कि अगर यह ब्राह्मण हट जाए तो इनको तो हम कन्वर्ट कर ही लेंगे। हम चाहे इस्लामिक कंट्री बना लें, चाहे हम ईसाइयत में कन्वर्ट कर लें। जी तो इसीलिए ये सब चाहे रामपाल का षड्यंत्र हो, चाहे इटावा वाला षड्यंत्र हो, चाहे और षड्यंत्र हो इसी के कारण चल रहे हैं। और वो तो मैं तुम्हें बहुत आशीर्वाद देना चाहती हूं कि तुमने जो है शंकराचार्य जी के शिष्य होने का पूरा धर्म और पूरा कर्तव्य का निर्वाहन किया। तुमने इसमें बहुत बड़ा शोध किया। तुमने सारी पुस्तकों को मेरे सामने रखा। उन पुस्तकों को मैंने देखा और हमारे देवी देवताओं को, हमारे सनातन धर्म को, हमारे ब्राह्मणों को जिस तरीके से अभद्र टीका टिप्पणी की गई है। पूरे के पूरे धर्म को की परिभाषा ही चेंज कर दी। जिससे कि आज से 100 साल बाद, 200 साल बाद आने वाली जो पीढ़ी है वो देखे तो कहे कि सनातन धर्म के देवी देवता इसी प्रकार के थे। इसलिए इस पर रोक लगाना बहुत आवश्यक है। जो शोध

00:13:40:26 हमारे अनुज के द्वारा किया गया उस शोध को मैंने देखा और पाया कि यह तथ्य परक है और इसी को लेके माननीय न्यायालय में हिंदू फ्रेंड फॉर जस्टिस की तरफ से याचिका दायर की गई और ये जिला संयोजक हिंदू फ्रेंड फॉर जस्टिस के हैं। इसके अलावा 18 लोग और हैं जिसमें जगद्गुरु शंकराचार्य जी के शिष्य हैं। जगतगुरु रामभद्राचार्य जी के शिष्य हैं। कथावाचक हैं, एडवोकेट्स हैं। यानी कि प्रबुद्ध वर्ग के लोगों ने जब देखा और यह जाना कि यह धर्म की हानि हो रही है तो हमें आगे आना पड़ेगा। इस कारण ये याचिका दायर हुई है और इसकी स सुनवाई जो है मंगलवार को है और मुझे आशा ही नहीं विश्वास है कि हमारे गुरुदेव की कृपा से निश्चित ही कहानी परिणाम तक पहुंचेगी। बहुत बहुत आपका आशीर्वाद रहा। ईश्वर और गुरु का आशीर्वाद रहा तो अवश्य ही लक्ष्य को प्राप्त अवश्य करेंगे।

00:14:39:03 इसमें आपने वो वाली बात ला ही दी कि मैं आपको बुलाने वाला था कि ये क्या करते हैं कि जब सनातन को आघात पहुंचाना है तो देखना है कि उसके स्त्रोत क्या है? स्त्रोत क्या है? ब्राह्मण स्त्रोत है तो उस पर वार करो। ब्राह्मण है, मनुस्मृति है, वेद है, रामायण है, जो हमारे धार्मिक ग्रंथ है उन पर प्रहार करो। आधी अधूरी चौपाई पढ़ के देश में उसके दरिया बहाओ और सबसे बड़ी बात क्या है ना कि हम जिसको कहते हैं स्त्री जो शक्ति है स्त्रियों के दिमाग में ऐसी बातें भर दी गई हैं इसको भी विधर्मी भरने में सफल हो गए हैं कि मानस आपके विरुद्ध बोलती है। मनुस्मृति आपके विरुद्ध बोलती है। आज दिल्ली न्याय न्यायालय के एक न्यायाधीश महोदय ने लिखा है कि मनुस्मृति से ज्यादा स्त्रियों का सम्मान किसी धर्म ग्रंथ में है ही नहीं। क्या बात है। जब तक आप पढ़ेंगे नहीं किसी शास्त्र को समझेंगे नहीं आप जला रहे हैं। पैरों तले रौंद रहे हैं। ये सब चीजें चल रही हैं। हमें तो कहीं ना कहीं उठ के खड़े होना ही होगा और धर्म की रक्षा के लिए जन्म हुआ है और धर्म की रक्षा अंतिम स्वास तक हम लोग करेंगे। जी जी जी बिल्कुल करेंगे। बिल्कुल करेंगे। हमारा जीवन उसी को समर्पित कर बिल्कुल सही वर्णाश्रम

00:15:55:13 ब्राह्मण इत्यादि पर आघात करने के साथ-साथ ये देखते हैं कि हमारे जो आचार्य पीठे हैं शंकराचार्य पीठ तो है ही साथ ही साथ जैसे आपने नाम लिया पूज्य रामद्राचार्य जी का और भी अन्य जो हमारे आचार्य गण राघवाचार्य जी महाराज ये जो सेक्ट है राम जो रामपाल का है हम ये सेट इनका फोटो लगा के अभद्र टीका टिप्पणियां लिखते हुए हास्यप्रद पाखंडी और कुछ-कुछ फोटो तो ऐसे भी बनाते हैं इसमें जितने भी संत होंगे उन सबके फोटो और उनके बारे में एक कोई ना कोई अभद्र मजाकिया कुछ हास्यप्रद बात लिखते हुए फिर उनका मजाक उड़ाना कार्टून बनाना तो ये सब चीजें भी ये कर रहा है जिससे कि हमारा मतलब हमारा जो सामान्य वर्ग है जो जानता ही नहीं है कि आचार्य कौन होना चाहिए कौन नहीं होना चाहिए ग्रंथ कौन से हैं कौन से नहीं तो वह पहले ही जो शिक्षा के मूल स्त्रोत हैं उनके प्रति अनास्थावान हो जाए तो इसको तो देखो हम रामपाल पे ही क्यों जाए? हम 70 वर्षों में हिंदू समाज जो था ना फिल्मी गानों और फिल्मों के चक्कर में पड़ा रहा। बॉलीवुड ने जितना नुकसान किया है हिंदू समाज का जितने देवी देवताओं का अपमान किया है जितने ब्राह्मण समाज का या क्षत्रिय समाज का या वैश्य का

00:17:10:14 पुरानी जितनी भी पिक्चर होंगी एक मदर इंडिया पिक्चर आई थी नरगिस की उसमें देखो जब नरगिस का बलात्कार कोई कर रहा था तो उसमें एक व्यक्ति माथे पर टीका लगाया था दुकान चलती थी उसकी यानी कि वह वेशभूषा से वैश्य लगता था और जय अंबे दुर्गा जय अंबे दुर्गा करके दुर्गा माता की आरती करके अटेमप्ट टू रेप करने की कोशिश की। यह दिखाया गया। बचाने कौन आया? खान चाचा। शोले पिक्चर में खान चाचा का रोल बहुत अच्छा है। हर पिक्चर में हर सिनेमा में कोई व्यक्ति अगर संजीदा एक सम्मानित किरदार दिया जाता है। एक सम्मानित किरदार तो विधर्मी दिया जाता है और जो ब्राह्मण है उसको दिखाया जाएगा कि बहुत लालची है। जो क्षत्रिय है वो जिम्मेदार दिखाया जाएगा और सबकी जमीनें हड़प लेता है। सब यानी कि स्त्रियों से बलात्कार करता है। बनिया सारा कालाबाजारी करता है और जो है शूद्र है वो बहुत प्रताड़ित है। एक बात बॉलीवुड दूसरी बात प्रेमचंद बड़ी जिम्मेदारी से कहूंगी कि प्रेमचंद ने भी समाज के चातुर चारों वर्णों में फूट डालने की कोशिश की। उसके बाद अब तो यह सब जो टूटपुंजे आ ही गए हैं। अब एक बात और भी है इंपॉर्टेंट। चारों वर्णों में फूट डाल दी। देखा कि बहुत कुछ सक्सेस नहीं मिल

00:18:25:18 रही। बहुत सफलता नहीं मिल रही है। तो सोचा भाई सफलता नहीं मिल रही। अब क्या करूं? अब घरों में जाकर एंट्री मारू। घरों में जाके घर की स्त्रियों से महिलाओं से बेटियों से ऐसी बात करी बताया कि मानस में तो लिखा है ढोल गवार शूद्र पसमारी सकल ताड़ना के अधिकारी। इसका मतलब है स्त्रियों को मारने की बात कही है। अब स्त्रियों ने अपना दिमाग नहीं लगाया। जिसने बरगलाया सोच लिया कि सही कह रहा है ये तो। उसका परिणाम ये हुआ कि विवाह करने के बाद स्त्रियां कोई भी लड़की का विवाह होता है। विवाह होने के बाद जाती है और जाने के छ ही महीने के बाद ससुराल के पक्ष पर 498 125 दुनिया भर के मुकदमे लगा देती है। ये इनकी चाल है और इस चाल ये चाल यहीं नहीं खत्म हो जाती। ये चाल और बड़ा रूप लेती है। क्या बड़ा रूप लेती है? कि रामायण को लाल कपड़े में बांध के रख दो। मत पढ़ो। जी। हमारे सनातन धर्मावलंबियों ने सोचा कि रामायण हमारा पवित्र ग्रंथ है। इसको लाल कपड़े में बांध के रख दो। इसको मत पढ़ो। और महाभारत बिल्कुल मत पढ़ो। घर में भी मत रखो। महाभारत जय ग्रंथ है कि अगर महाभारत कोई पढ़ लेगा तो वो सोचेगा कि हमें जीवन कैसे जीना चाहिए और जीवन में जो हमारे नकारात्मक पहलू है

00:19:40:19 उनको कैसे हटाना चाहिए। जय ग्रंथ। इस जय ग्रंथ के विषय में कहा गया कि अगर आप इसको पढ़ेंगे तो आपके घर में कलह हो जाएगी। लड़ाई हो जाएगी। लड़ाई हो जाएगी। इसी षड्यंत्र का शिकार हमारे भोलीभाली सनातन धर्मावलंबी जनता हो गई। उसका रीजन क्या है? क्योंकि आपने किसी गुरु का सानिध्य प्राप्त नहीं किया। आपने किसी परंपरागत गुरु का सानिध्य अगर प्राप्त किया होता। सड़क चलते आपने जिसको चाहा गुरु बना लिया। अब ब्राह्मण बना लिए अविद्वान बना लिए। इनको वेदों वेदों को छोड़ दो। हनुमान चालीसा का भी ज्ञान नहीं है। लेकिन वेद से ऋग्वेद से ले हनुमान चालीसा तक सब वैदिक बातें यही है। तो कहा जाता है कि पानी पियो छान के गुरु करो जान के और ऐसे गुरु का सानिध्य करिए जिसके कम से कम आप अपने गुरु के दादा गुरु का नाम तो जानते हो। जी जी जी बिल्कुल ब्रह्म का ज्ञान तो हो। परंपरा प्राप्त आचार्य को आप गुरु बनाइए। जब परंपरा प्राप्त आचार्य को आप गुरु बनाएंगे तो ये सारी समस्याएं जीवन में नहीं आएंगी। लेकिन पिछले 70 वर्षों से चल रही है। हमारे आचार्यों ने प्रयत्न किया। लेकिन क्या होता है ना राजसत्ता जब हावी होती है। राजसत्ता आचार्य सत्ता के ऊपर हावी होती है तो आचार्य अपना काम धीरे-धीरे

00:20:55:27 करते रहते हैं। लेकिन वो व्यवस्थाएं नहीं होती हैं। वो चीजें नहीं पब्लिक में आ पाती हैं जो राजसत्ता दे सके। जी जी जी अच्छा माननीय ये मतलब पर्टिकुलर अगर अगर हम इस गिरोह की बात करें जिसके विरुद्ध हम कोर्ट में गए हैं तो इसने कई सारे ऑफेंसेस ऑफेंसिव जो चीजें हैं वो दिखती हैं इसके द्वारा जो की जाती है जैसे अ सबसे पहले एक दिखता है कि सीधे-सीधे हिंदुओं की भावनाएं आहात करने वाली असली टिप्पणियां अभद्र बातें मजाक तू तड़ाक सब कुछ हमारे जो आराध्य देवी देवता है उनके बारे हम इसके साथ ही साथ फिर एक दूसरा दिखता है कि यह जो पूरा यह सेक्ट खड़ा हुआ है ना तो कोई कहीं पर रजिस्टर्ड अभी तक हमें कुछ प्राप्त हुई जानकारी कि कौन सी संस्था कौन सा वो रजिस्टर्ड है जिसके द्वारा मतलब हम कल को किसी पे क्लेम करें तो वो सामने से आने को भी नहीं तैयार होते कि कौन आएगा पक्षकार के रूप में और फिर इनकी किताबें जहां छप रही है वहां कोई और कारखाना है बरवाला ये इनके कपटपुर कृत हैं कपट पूर्ण कृत है और कपट पूर्ण कृत्यों से को आगे रख के यह धर्मांतरण का काम और ये नया मत पंथ मजहब चलाना चाहते

00:22:10:28 हैं। रामपाल का एक मजहब चलाना चाहते हैं। जबकि रामपाल के बारे में मुझे जानकारी जहां तक है ना वेदों का ज्ञान है ना शास्त्रों का ज्ञान है और ना ही कोई बहुत मजबूत चरित्र का ये व्यक्ति है। जी जी और इतना ही नहीं कि हमारे शास्त्रों को लिखा हो, हमारे वेदों को लिखा हो। इनके यहां से तो जो पुस्तकें छपी हैं उन उसने माननीय न्यायालयों की भी धज्जियां उड़ाई है। उनके ऊपर भी ऐसेसे शब्द लिखे हैं कि अब आप न्यायालय को नहीं मानोगे। न्यायालय के लिए ऐसे शब्दों का प्रयोग करोगे। तो ये तो अति हो गई ना। न्यायालय के लिए जो इन्होंने जो किताबें छापी थी उसको लेकर के इन पर इन जो महिलाएं बेच रही थी वो किताबें उसको लेकर के हिसार कोर्ट में केस चला था। तो सजा हुई है वहां पर। अच्छा हां निश्चित ही सजा हुई होगी। न्यायालय पे लिखेंगे। अब मानना है तो ये भावनाएं धार्मिक भावनाओं पर आघात करना और मतांतरण का प्रयास हम है ना तो यह कितना गंभीर मतलब देखो धार्मिक भावनाओं पर आघात करना इसका अर्थ यह है कि आप किसी एक बड़े समुदाय की धार्मिक भावनाओं पर आघात कर रहे इसका मतलब है आप देश में आंतरिक कलह फैलाना चाहते हैं। विप्ल हां दंगा इत्यादि आप कराना

00:23:26:07 चाहते हैं इसलिए आप ये कर रहे हैं और ये सुनिए जो षड्यंत्र है आप तो जेल के अंदर बैठे हैं और आपके जो चंगूमंगू हैं वो बैठ के बाहर ये सब कर रहे हैं जी लेकिन न्यायालय इसमें अगर कड़ी कार्यवाही कठोर कार्यवाही का आदेश देती है तो ये सब रुकेगा और ऐसा नहीं है कि ये सब नहीं रुकेगा ये निश्चित ही एक दिन रुकेगा क्योंकि झूठ के पैर बहुत लंबे नहीं होते अकबर ने भी एक धर्म नया चलाया दीन इलाही वो दिन चला खत्म हो गया अच्छा सनातन की बराबरी कोई नहीं कर सकता है प्रहार कुठारा घात सब चलते रहे षड्यंत्र चलते रहे लेकिन अभी सावधान होने का समय है सभी सनातन धर्मावलंबियों को सावधान होने का समय है और विशेषकर उनके घर की जो स्त्रियां हैं उनको यह सोचने का अभी सही समय है कि आखिर यह शक्तियां क्यों बताती हैं कि हमारे धार्मिक ग्रंथों में महिलाओं का अपमान हुआ है जबकि उच्च न्यायालय की न्यायाधीश महोदय न्यायमूर्ति महोदय कह रही है कि मनुस्मृति से अधिक सम्मान किसी ग्रंथ में नहीं हुआ तो आप स्वयं पढ़िए आप वाचन करिए नहीं समझ में आता है प्रमाणिक आचार्य से प्रमाणिक आचार्य से उसका अर्थ लीजिए और अनर्थ ले मत चलिए क्योंकि ये बहुत छोटी

00:24:41:18 चीजें हैं। आपका परिवार खराब होगा। आपका समाज खराब होगा। आपका देश खराब होगा। देश भारत देश आर्यावर्त या भारत देश तब तक है जब तक सनातन धर्म जिंदा है। और लेकिन एक बात और बड़े गर्व के साथ कहना है कि सनातन धर्म कभी खत्म नहीं होने वाला है। जी जी लेकिन कुठाराघात प्रहार तो हो रहे हैं। इस बारे में जो आपने कहा ना कि सनातन कभी समाप्त नहीं होगा। और जैसे कभी-कभी कुछ लोग कहते हैं अरे कलयुग है तो होना ही है जो यह सब हो रहा है। तो इस बारे में करपाती जी महाराज की वो कुछ वर्णिंग्स थी वो याद आ जाती हैं। कृपाती जी से किसी ने कहा था कि अरे कलयुग है ये तो होगा ही। तो उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में हम ये मालूम है कि गर्मी पड़नी ही है। फिर भी तुम गर्मी से बचने का प्रयास करते हो कि नहीं? बिल्कुल सही। तो सामने वाले का मुंह बंद कर देते। बिल्कुल सही बात है। अच्छा तो मैं इसमें एक इनका जो दूसरा पक्ष है ये तो धार्मिक भावनाएं आहत करना मतांतरण। एक जो दूसरा पक्ष है कि ये लोग कुछ बिल्कुल सीधे तौर पर झूठ बोलते हैं। जैसे कि हमारे गुरु जो इनका बंद है जो

00:25:45:27 व्यक्ति अपराध के उसमें दो मुकदमों में आजीवन कारावास हुई है। वो उसके सीधे प्रवचन आते हैं लाइव। नहीं

⬜ Not used yet · 00:25:52:16 – 00:34:54:00 (9:01)

00:25:52:16 इस पर इसमें एक जो हमारी प्रेयर है कि इसकी जो है जांच हो एसआईटी जांच हो स्पेशल इन्वेस्टिगेशन बैठे कि जेल से जेल में बैठे हुए अपराधी को ये सारी सुविधाएं कौन मुहैया करा रहा है जेल से प्रयोजन कैसे वायरल हो रहे हैं किसके आदेश पर ये किताबें बिक रही है किसके आदेश पर ये लगातार छपती जा रही हैं इनका ऐसा नहीं हो रहा है तो फिर यह बोलने वालों पर लगाम कसी जा रही अब इनका किंग पिन कौन है यह तो देखा जाए अगर एक किन पिन जेल में बैठा है तो अब इनका किन पिन कौन है यह तो देखा जाए इस पर एक इन्वेस्टिगेशन और निश्चित ही इनके कुछ कई नाटकीय प्रयास वाले वीडियोस मेरे सामने मेरे पास हैं सुरक्षित हम जिसमें कि ये क्या करते हैं कि वही व्यक्ति आज इस का बनके आएगा और फिर इनकी इनसे उसकी एक चर्चा दिखाई जाएगी और फिर वो व्यक्ति इनको इनके मत को मान लेगा ठीक है वही व्यक्ति दूसरे एपिसोड में मतलब थोड़े बहुत दिनों बाद दूसरे वीडियो में वही व्यक्ति शंकराचार्य का व्यक्ति बनके मिलेगा फिर वो इनसे कुछ चर्चा चर्चा हो गई है उसको परास्त करेंगे और मतलब मतांतरण करने के लिए पूर्णतया एक झूठा वो जो देखो ये सब है कालनेमी और कालनेमी का इलाज जो है हनुमान जी ने अच्छे से किया था तो अभी हमारे जो न्यायालय हैं उनको हम हनुमान जी का स्वरूप समझते हैं उस स्वरूप में

00:27:08:19 हनुमान जी के स्वरूप को समझ के हम न्यायालय में आए हैं और वही इनका इलाज करेंगे। जैसे कालनी दुष्ट कालनेमी का इलाज किया था भगवान ने वैसे ही इनका इलाज होगा क्योंकि मतांतरण चाहे ये हो चाहे ईसाई मिशनरियां हो चाहे इस्लाम के मानने वाले लोग हो सबको यही एक समस्या है कि सनातन धर्म किसी तरीके से नष्ट हो और इसको नष्ट तब तक नहीं कर सकते हैं जब तक एक भी शिखाधारी एक भी त्रिकाल संध्या करने वाला ब्राह्मण इस धरा धाम पर जीवित है तब तक सनातन नष्ट नहीं किया जा क्या बात क्योंकि मुगलों के समय में हजारों यज्ञ पवित काट करके उनको फेंका जाता था तब औरंगजेब पानी पीता था। हर जगह मंगल पांडे देख लो वो भी तो ब्राह्मण ही थे। चंद्रशेखर आजाद देख लो, रानी लक्ष्मीबाई देख लो। तो ये षड्यंत्र समाप्त नहीं होगा। लेकिन हम भी नहीं समाप्त होंगे। यह षड्यंत्र अपना चला। लेकिन निश्चित ही एक ना एक दिन कोई कानूनी दावपेश में फंस गए ना तो सबको जिसमें जो फंस जाएगा उसको हम बिल्कुल बिल्कुल सामान्यवादी कारस्ते बिल्कुल बिल्कुल तो ये तो हो गया

00:28:24:04 17 लोग जो और पिटीशन पिटिशनर्स हैं उनके बारे में आपने प्रकाश डाल लिया एक इन्होंने जो हम जब से इनसे शास्त्रोक्त रूप से कर रहे थे और एक मर्यादा की सीमा में रह के प्रतिकार करना कि भाई ये किताबें गलत है इनको मत बेचो अ जो बिकवार जैसे मेले मेले में उन्होंने स्टॉल लगाया मेले प्रशासन ने आके इनका स्टॉल हटवा दिया फिर उन्होंने हमारे खिलाफ झूठी एफआईआर कराने की कोशिश की हमने जातिचक शब्द कहे झूठी एफआईआर अभी हमारे ये जो 17 पिटिशनर है इनमें जैसे कि आप जानते हैं कि वो हिमांशु जोशी जी हैं हद्वानी के उनके विरुद्ध एक एफआईआर दर्ज करा दी है इन लोगों ने झूठी वहां पर हिसार में और वहां से वो धमका रहे हैं कि जो है यहां आना होगा आपको एफआईआर के लिए उसमें कहा गया है कि आपने अपने फोन पर जो है जातिचक शब्द कहे तो यह एफआईआर कराना फिर धमकी देना जान से मारनी घर की स्त्रियों के साथ यह कर देंगे नोटिस बहुत सारी चीजें तो ये मतलब इसको कैसे लेगी न्यायालय कितनी गंभीरता से लेगी देखो जो एफआईआर हिमांशु वाली मैंने देखी है उसमें इन्होंने लिखा है जातिचक लेकिन ये तो बताओ किस जाति के थे कौन सी जाति के गाली दी गई है जातिचक ऐसे तो वीडियो रोज वायरल हो रहे हैं अरे

00:29:39:06 अरे पंडिताइन तू पंडिताइन कितनी गंदी गंदी गालियां दे रही सूचक गालियां तो पंडित जी को भी दी जा रही है तो इन्होंने ये तो लिखा ही नहीं कि किस जाति के व्यक्ति को उन्होंने कौन सी गाली दी एफआईआर में ये लिखा नहीं है लिखा नहीं है तो कोई अपराध बनता नहीं है इसमें जो जांच करी जाएगी उसमें ये तो देखा जाएगा पूछा जाएगा और उन्होंने अपनी जात के बारे में भी नहीं लिखा कि मैं इस जाति का हूं मैं चमार जात का हूं मैं धोबी जात का हूं मैं धानुक जात का हूं और मुझे इन्होंने मेरी जात का नाम लेकर गाली दी है जात तो कहीं लिखी नहीं है। आप जब मर्जी हो जात छुपा लो। जब मर्जी हो जात बना लो। आरक्षण लेना है जात बना लो। जी। बगल में बैठना है पंडित जी के लिए तो जात छुपा लो। व्यास गद्दी पर बैठना है तो कालनेमी बन जाओ। ये सब आखिर कब तक चलेगा? तो ये दोहरे चरित्र हैं। दोहरे मानदंड है। निश्चित ही न्यायालय इस पर कठोर कार्यवाही करेगी। और इन सब का अंत होगा। हर एक चीज का अंत होता है। ये सब सनातन नहीं है कि अनवरत चलते जाए। ये छोटी-छोटी चीजें हैं। ये अंत होगा ही होगा इनका। जहां तक मेरी जानकारी है कि इन्होंने तो उसको गाली नहीं दी होगी जहां तक मतलब मेरा पूर्ण विश्वास है मगर इनको लेकर के वो जो व्यक्ति जिसने एफआईआर कराई

00:30:54:14 है और जो व्यक्ति संभवत मुझे लगता है वेदपाल नाम के एसएओ हैं हिसार के जिन्होंने एफआईआर दर्ज की है वो भी लग रहा है कि वो से के फॉलोअर में से एक है इसलिए आसानी से बिना किसी प्राथमिक जांच के और जो है एफआईआर दर्ज कर ये इस सेक्ट के फॉलोअ जो है लेकिन इसमें तो एक बहुत गंभीर विषय है इसमें शासन को भी गंभीर रता से लेना होगा कि इसकी फंडिंग कहां से हो रही है? कहीं इस्लामिक देशों से तो फंडिंग नहीं हो रही है कि जो देश के विरुद्ध एक मकड़ जाल रच रहे हो। देश को तोड़ने की साजिश चल रही है। देखिए ना जिधर इस तरह के सेक्स ज्यादा है सक्रिय उधर ही ये क्रिश्चियनिटी में कन्वर्शन इस्लाम में कन्वर्शन ज्यादा होता है। हालेलुया। और इन लोगों का इन लोगों का कोई जो है दीन ईमान भी नहीं है। आज रामपाल के फॉलोअ हो गए। कल क्रिश्चियन के फॉलोअ हो जाएंगे। परसों इस्लाम के फॉलोअ हो जाएंगे। इसका मतलब है ये सब पैसे के लालची लोग हैं। जो इनके फॉलोअर्स हैं वो सब पैसे के लालची लोग हैं। और अभी चार डंडे पड़े तो कहो इस्लाम कबूल कर ले, कहो क्रिश्चियनिटी में चले जाए। इसमें इनकी फंडिंग कहां से हो रही है? इनकी जो किताबें छप रही हैं ये इस इसकी व्यवस्थाएं कौन कर रहा है? इसकी जांच होनी चाहिए। क्योंकि ये देश विरोधी षड्यंत्र चल रहा है। इसमें तो सरकार को एक बड़ा कदम उठाना चाहिए। जी मेरे मेरे साथ तो किया ही है जिन पर एफआईआर

00:32:09:18 हुई है उनका चेहरा बिगाड़ के गधा पंडित पंडा बहुत सारे ऐसे थंबनेल मेरे लिए भी इनके लिए भी हिमांशु जोशी जी के लिए कि पंडित पंडा और बहुत अभद्रभद्र शब्द मैं कुछ तो बोल नहीं पा रहा हूं यहां पर मगर बहुत सारे अश्लील शब्द भाई बड़ी विडंबना है देश की कि अगर ब्राह्मण को कोई गाली दे रहा है पंडित कह रहा है गधा कह रहा है अरे पंडिताइनिया चल तो अगर हमने हमने इनको चमार कह दिया। हमने इनको धोबी कह दिया। हमने इनको धानु कह दिया। तो हमारे ऊपर तो एक्ट लग जाएगा। लेकिन अगर ये हमको ए पंडितिया ए पंडित और ये और मतलब हम तो वो शब्द इस चैनल पे कह नहीं सकते। इनके ऊपर कुछ नहीं होगा। जी जी जी। इसमें भी इसमें भी अब सरकार को सोचना चाहिए कि भाई सबको अगर राइट टू इक्वलिटी है आर्टिकल 14 में तो सबको बराबर समझे। कि समाज के दो टुकड़े कर रखे हैं। मनु महाराज ने नहीं किए। मनु महाराज ने तो चार वर्ण बताए और चार वर्ण बताए कि चार वर्णों के कार्य ये है। हां ये ये कार्य हैं। और सबसे ज्यादा कठिन सजा ब्राह्मण को ही मनुस्मृति में है। सबसे कठिन जीवन ब्राह्मण का ही है। मनुस्मृति में जी जी तो संविधान ने जो समाज को तोड़ा है। जी उसको हमें तुम्हें बताने की जरूरत नहीं है। उसका ही

00:33:24:26 परिणाम ये इटावा वाली घटना दिख रही है। उसका परिणाम ही रामपाल की घटना दिख रही है। जी बहुत-बहुत आभार आपका माननीय मैं नेतृत्व आपको बहुत-बहुत आशीर्वाद आपके चरणों में प्रणाम निवेदित करते हैं। बहुत-बहुत आशीर्वाद आप हमारे अनुज हैं। जी तो यह थी एक छोटी सी चर्चा माननीय हमारी जो अग्रजा है रंजना अग्निहोत्री जी के साथ और जो अब संवैधानिक युद्ध में यह जो विधिक युद्ध है लीगल रूप से हमारा नेतृत्व कर रही है इस अभियान में रामपाल के गिरोह का नाश जिसने हमारे हिंदू देवी देवताओं के लिए अत्यंत अभद्र अश्लील टिप्पणियां की हैं। जिन किताबों में वही सब लिखा हुआ है। जिन सेंटर से यह सब प्रचलित होता है। जिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह सब प्रचारित किया जाता है, इन सब का नाश होकर ही रहेगा। तो इस भावना के साथ इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रार्थना मन में रखती हुई मैं कृपात्री जी का उद्घोष था ही धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो, प्राणियों में सद्भावनाओं में विश्व का कल्याण हो। तो इसके इस उद्घोष के साथ ही आपको चर्चा कैसी लगी बताइएगा। और आगे जो यह जो न्यायालय का प्रकरण है इससे संबंधित जो और और

00:34:40:02 चीजें हैं उस पर प्रकाश डालने वाले वीडियोस आपके समक्ष हम प्रस्तुत करते रहेंगे। जय श्री गुरु। [संगीत]

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A: AHVAAN - Call Of Dharma Video 34:57 · 09 Jul 2025

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