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00:00:01:18 और जो है सर यह मुल्ले के घर में सारे औजार हथियार और लोग वहां पर बैठे थे कि अगर यह कुछ ऐसा होता तो हम लोगों पर हमला हो जाता। लेकिन अगर ये बजरंग दल हमारे साथ ना होते भैया लोग तो हमारे साथ कुछ भी हो सकता था। हमारे हाथ भगा नहीं देंगे। बस वो भगवान के हाथ भगा नहीं देंगे। तो तुम जबरदस्ती किसी के घर में कब्जा करोगे तुम लोग? [संगीत] तो सभी को जय श्री राम। जय श्री राम। इस समय हम लोग खड़े हुए हैं। एक यहां आप देख सकते हैं विवादित एक भवन है जिस पर लिखा हुआ है कि इस भवन का मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है और मुकदमा संख्या भी यहां पर बताई गई है। विचाराधीन होते समय यहां पर एक हमारे साथ मातृशक्ति जो खड़ी हुई हैं। अगर आज की आधुनिक जो लोकतांत्रिक भाषा है उसमें कहा जाए तो ये एस एससी एसटी समाज से आती हैं। और ये इस भवन में निवास कर रही थी और न्यायालय की अनुमति के अनुमति की सीमा के अंदर इनका निवास यहां पर था। और किसी भी प्रकार का विरोधाभासी निर्णय लेने से पहले व्यक्ति
00:01:16:28 को यह आदेश प्राप्त था कि इस भवन से संबंधित जो भी विवाद है वो न्यायालय में अभी विचाराधीन है। तो कोई भी इस प्रकार का ऐसा कोई कदम जो कि न्यायालय की द्वारा दी गई जो अह अनुमति है या आदेश है। उसकी सीमा के बाहर हो। ऐसा कोई भी कदम, ऐसा कोई भी प्रहार, ऐसा कोई भी आक्रमण आप नहीं कर सकते या भवन पे कब्जे इत्यादि को लेकर के। परंतु यहां पर अभी-अभी कुछ दो कुछ समय पूर्वी कुछ दिवस पूर्व एक घटना घटित होती है जो कि पुलिस में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और उस एफआईआर के अनुसार घटनाक्रम के अनुसार यहां पर दल बल के साथ एक समूह आता है। ज्यादातर उस समूह के लोग जो हैं वो इस्लाम से बिलोंग करते हैं और यहां पर बेहद अभद्रता के साथ इस महिला को खींच कर इसके घर से बाहर निकालते हैं। उसमें कुछ महिलाएं भी हैं, महिलाएं भी थी ना? उस दृश्य में कुछ महिलाएं भी हैं जो इस अकेली महिला को पकड़ कर खींच रही है। इसकी गृहस्ती अंदर है।
00:02:32:12 आप ये सोच सकते हैं कि इन पर क्या बीती होगी जब इनको इनके घर के बाहर धकेला जा रहा होगा। इन इनका अपना अंदर मंदिर है। इनके व्यक्तिगत सामान है अंदर और इनकी गृहस्ती से इनको धक्के मार करके बाहर निकाला जा रहा है। ये चिल्ला रही हैं, तड़प रही हैं। और अराजकता की पराकाष्ठा देखिए कि इनकी अगर संख्या ज्यादा है तो ये ज्यादा संख्या का बाहुबल का प्रयोग करके इनको बाहर निकाल के ले जाते हैं। बाहर खड़ा कर देते हैं। और ये चिल्लाती रहती है मदद के लिए और ये सब हुआ। यह सारे दृश्य आपको इस वीडियो में भी दिखा दिए जाएंगे। इसी बिहाफ पर आज की तारीख में पुलिस में एफआईआर दर्ज है। वो कारवाई क्या हुई है, क्या नहीं हुई है वो अभी आपको आगे पता चलेगी। और इसमें किस प्रकार से किन-किन लोगों को संघर्ष करना पड़ा। किस प्रकार के हमारे ऐसे ऐसे योद्धा जो केवल और केवल मानवता के लिए खड़े होते हैं, जिनके बारे में शायद उनका पूरा जीवन बीत भी जाएगा तो हमें पता नहीं लग पाता। वो किस तरह से समाज की रक्षा के लिए आगे आते हैं, धर्म की रक्षा के लिए आगे आते हैं, वो भी आपको पता चलेगा। मगर सबसे जरूरी बात क्या है कि यहां पर एक महिला अकेली थी
00:03:47:20 और करीब 20 से 25 25 25 से 30 लोगों ने यहां पर उस महिला को उसके घर से बाहर निकाला धकेला। जबरद जबरदस्ती यह है प्रशासन लोकतंत्र व्यवस्था कि एक महिला के घर में घुसकर उसको पुरुषों सहित महिलाएं धक्के धक्कामुक्की करके आपके साथ अभी इनसे हम पूछते हैं इनके साथ क्या-क्या बीती है तो आप सबसे पहले अपना थोड़ा आप कौन है क्या नाम है और अपने बारे में थोड़ा बता दीजिए उस दिन क्या घटना घटित हुई थी वो थोड़ा सा बताइए मेरा नाम आरती है मैं बंगला सेक्टर में रहती हूं सर ये तीन 3 तारीख की सुबह के टाइम रात वही सुबह 11 11:30 के बीच में मैं खाना बना रही थी। सब्जी बना चुकी थी। मेरा आटा गुना रखा था। उसके बाद 2025 वकील आए लेडीज जेंट्स बुलाकर। वो जैसे मेरे घर के अंदर दाखिल हुए और मुझसे मतलब कहने लगे तुम बाहर निकलो बाहर निकलो। मैंने कहा क्यों मैं बाहर निकलूं? भाई कोई वजह बताइए। तो कहने लगे जिसने ये मकान खरीदा है ये मकान उसका है। उसका कब्जा है। तुम्हारा कब्जा नहीं है। मैंने कहा मेरा कोर्ट में चल रहा है। न्यायालय से विचाराधीन है। बल्कि ये रजिस्ट्री करने से पहले मेरा विचाराधीन न्यायालय में पहले से ही था। उसके बावजूद भी इससे पहले भी इन्होंने मुझको
00:05:03:08 टारगेट बनाया मारा पीटा धमकियां दी हर तरह से मतलब टॉर्चर किया लेकिन हम उसमें नहीं डरे। उसके बाद जब ये तीन तारीख को जब सर ये हादसा हुआ। उसके बाद मतलब और वकील जो लेडी थी मुझे आंगन में लेके गई। दो चार जेंट्स वकील थे। वो मुझे आंगन में लेके गए। लेडीज़ मुझे पकड़ रखी थी। उसके बाद जेंट्सों ने मुझसे बदतमीजी भी की। मतलब गलत गलत जेंट्स ने आपको हाथ भी लगाया टच भी किया टच किया गलत गलत जगह हाथ लगाया और कहा कि तुम्हारा वो हर्ज करूंगी कि तुम जो जिंदगी में मुंह दिखाने लायक नहीं रहोगी उसके बाद मुझे घसीटते हुए घर से बाहर निकाला आसिया बानो थी और आसिया बानो के साथ तीन चार लड़के थे आदमी था उनका और उनको अंदर दाखिल करा दिया गया और यहां बाहर से ताला लगा दिया गया उसके बदले में और मेरा मोबाइल तक छीन लिया गया मेरा भतीजा था निखिल मैंने उससे कहा कि निखिल जाके कि फोन जल्दी से 112 नंबर डायल करो। उसने उसका भी मोबाइल छीना लिया। बाहर जितने लोग खड़े थे मतलब उस टाइम तो मोहल्ले के भी लोग अचंभ हो गए कि मतलब ये हो क्या रहा है। बगल में सामने चाची है वो दौड़ के आई। एक चाची बगल में और हैं वो भी दौड़ के आई। मतलब दो चार चांियां दौड़ के आई और लड़के भी खड़े थे कि इनको छोड़ो क्या कर रहे हो तुम लोग। लेकिन मतलब पूरा मैटर किसी को पता नहीं था कि वो संख्या में इतने ज्यादा भी थे। दलबल के साथ आए
00:06:18:09 थे। सोची समझी एक प्लानिंग के साथ आए थे। के साथ आए उसके बाद सर हमें बाहर निकाला जैसे ही मेरा मोबाइल देखा मैंने मोबाइल छी सीना 112 मिलाया मैं पीछे गई। पीछे जाने के बाद देखा वहां पे भी ताला मैं अपना लगाने लगी। वहां पे भी वकीलों ने मुझे मारा जिसकी वीडियो मेरे पास आज भी है। वो इधर ही से घुसे थे। इधर ही से इधर से घुसे थे। मुझे मारा पीटा। मुझे बाहर निकाला। आसिया बानू थी और चार पांच उनके लड़के साथ में थे। और वो दरवाजा अंदर से बंद करके ताला लगा लिया। फिर उसके बाद पीछे से घूम के गए। पीछे दो चार औरतें बाहर बैठी कुर्सी डालके। मुझे अपना ताला नहीं लगाने दिया और मैंने पुलिस से भी मदद मांगी। उसके बाद फिर मोहल्ले वाले हमारे इकट्ठा हुए। सब इकट्ठा हुए। करते-करते सर कोई कंप्लेंट मेरी नहीं दर्ज की गई। आपको ये थोड़ा सा विवाद क्या है? किस तरह का विवाद है? वो थोड़ा सा बता दीजिए। विवाद सर ये है कि हमारे अभी ये दादा के नाम जमीन है। अभी ना मेरे पिता के नाम हुई है ना मेरी मां के नाम हुई है। अभी किसी के नाम नहीं हुई। जब तक इसमें पूरे भाइयों, बहनों का बंटवारा नहीं हो जाता है और सर नगर निगम में हाउ टैक्स का जब तक नाम नहीं चढ़ता तब तक किसी के नाम ये मकान कोई बेच नहीं सकता है। हम बिना भाइयों की सहमति से बहनों की सहमति से अच्छा चलिए कुल मिला के जो भी है आपका जो मामला था न्यायालय
00:07:33:13 में पेंडिंग है। चल रहा है। जो कि यहां लिखा भी है। तो किसी भी माई के लाल को ये अधिकार नहीं है कि वो आ करके इस तरीके से एक अकेली महिला पर दल बल के साथ आक्रमण करता हुआ उसके उसको उसके घर से धक्के मार के बाहर निकाले। तरह-तरह की धमकियां देते हुए और इतनी अराजकता वो भी उत्तर प्रदेश के ये हम राजधानी में रह रहे हैं। कि इतनी हिम्मत कैसे किसी के अंदर आ रही है? इसीलिए हम आपसे कहते हैं कि जाग जागरूक हो जाइए। 25 लोगों की अगर संख्या हो गई तो उन्होंने इतना सोच लिया कि किसी महिला को उसके घर से हम बाहर निकाल देंगे। यह संख्या सोचिए और हो जाएगी तो वो क्या-क्या करने की सोचेंगे? मतलब करते-करते हमें यहां पर 8 9:00 बज चुका था। फिर हमने बजरंग दल से अपनी मदद मांगी। वो लोग जब आए मेरे पूरे मोहल्ले के लोग इकट्ठा हुए, खड़े हो गए। फिर आसिया बानो को बाहर निकाला गया। निकालने के बाद उन्होंने अपना ताला लगा दिया। हमारे पड़ोसी के घर से चाय नाश्ता सब कुछ जा रहा था। सारे लोग उनसे मिले हुए हैं और यहां तक मेरा ₹3 लाख और ₹75,000 भी चले गए हैं। ये आपने एफआईआर में लिखाया है। ये सारी चीजें मिली हैं। अब कोई वकील मतलब एप्लीकेशन जो हमने
00:08:48:19 थाने में डाली है। किसी का नाम नहीं सिर्फ आसिया बानो का नाम है और किसी व्यक्ति का नाम उसमें नहीं डाला गया है। यहां तक मेरी कोई रिपोर्ट 25 लोगों में से और कोई नाम नहीं डाला गया। कोई भी नाम आपको जबकि नाम पता है और कौन-कौन? हमें बाद में दूसरे दिन पता चला है। मैंने सबका नाम जिसजिस को पता चला है मैंने उनका नाम डलवाया। मेरे पूरे मोहल्ले ने खड़े होके बजरंग दल लोग खड़े होकर पूरा ताला तुड़वाया। ताला तुड़वाने के बाद मुझे अंदर रखा गया। 2:00 से 2:30 मतलब 2:30 बजे रात तक हम लोग थाने में रहे। मीडिया सहित मेरा पूरा बंगला बाजार ये मेरा मोहल्ला पूरा सब ने साथ दिया। मेरी मदद की। अब हम थोड़ा सा बात करेंगे। हमारे एक सनातनी योद्धा हमारे साथ हैं। सचिन सिंह जी। ये हिंदुत्व हिंदुत्व के लिए जय श्री राम भाई साहब हिंदुत्व के लिए सदैव सक्रिय रहते हैं और मैं कहूंगा ये हमारे उन अनसुने योद्धाओं में से हैं जिनके बारे में हम भारतीयों को संभवत ज्ञात ही नहीं हो पाएगा और ये अपने जीवन में जो संघर्ष करना है करके चले भी जाएंगे। ये उन योद्धाओं में से है जिनके नाम कहीं ना कहीं गुमनामी में छिपा दिए जाएंगे जिसमें राजनीतिक रोटियां सेक दी जाएंगी कि फलानी उसका है फलाने दल का है फलानी संस्था से जुड़े हैं इसलिए नहीं इनका नाम लिया जाएगा इसलिए नहीं लिया जाएगा मगर इन ये जो अपने धर्म के
00:10:03:22 लिए खड़े हो रहे हैं इस सच्चाई को लोगों से लोगों तक इस वास्तविकता के साथ पहुंचने ही नहीं दिया जाएगा। तो हम ऐसे अपने एक सनातनी योद्धा से अभी बात करेंगे। आपको सबसे पहले मेरा बहुत सम्मान पूर्वक अभिवादन आपसे कि आपने जो है इस महिला के लिए आप बहुत सशक्त रूप से खड़े हुए और आपको हम दिखाएंगे कि ये जो हैं सचिन सिंह जी और इनके साथ जो अन्य हैं इनके साथ अन्य भी इनके सहयोगी कार्यकर्ता हैं। आधी रात को भी अगर कहीं पर गौ माता का समाचार मिलता है कि गौवंश वहां पर जा रहा है कटने के लिए तो आधी रात को ये लोग जाते हैं। फिर चाहे वो सर्दी हो चाहे गर्मी हो कोई फर्क नहीं पड़ता। तो ये मैंने खुद देखा कि ये लोग किस तरीके से इस महिला का वहां पर महिला के लिए संघर्ष कर रहे हैं और जो पुलिस राजनीतिक दबाव के कारण या किसी अन्य दबाव के कारण जो सक्रियता के साथ इस पर कारवाही करनी चाहिए थी पुलिस को वो नहीं कर रही है तो वहां पर ये ये खड़े हुए हैं। कोई नहीं है जब इनके साथ तो ये खड़े हुए हैं। है ना? तो आप आप उन दृश्यों को देखिएगा वो कितने हृदय विधारक दृश्य हैं जो इनके साथ हुआ और आप उन दृश्यों को देखिएगा कि इन लोगों ने कितने साहसपूर्ण
00:11:18:24 तरीके से सामने आकर उस लड़ाई को अपनी लड़ाई बनाया अपना व्यक्तिगत युद्ध बनाया। तो सचिन जी आप हमें थोड़ा सा बताएं कि क्या घटना है? कैसे क्या आपका क्या आपके पर्सपेक्टिव से क्या मामला है? देखिए लगभग रात के 8:30 9 बजे रहे हमें सूचना किसी द्वारा मिला कि एक सनातनी बहन है। सो कुछ जिहादी तत्व मानसिकता व्यक्ति जो उनको घर से निकाल रहा है उनके पता कर रहा है। तो हम लोगों ने अपनी टीम को सूचना दी और तुरंत हम लोग यहां पहुंचे। यहां पे देखते हैं कि बहुत बड़ी जो इनके मकान को मुसलमानों ने पूरी टीम ने पूरा वो रख रखा है। कब्जा कर रखा है और उसमें देखिए सोचने वाली बात है। एक महिला अंदर बैठी है और बाहर से ताला बंद करके दूसरी महिला बाहर बैठी हुई है। तो बड़ा आश्चर्य की बात है। आप बगल में देखेंगे तो बंगला चौकी पड़ता है। 10 कदम पे आप जाएंगे तो आश्चर्य थाना पड़ता है। और हम जहां पे रहते हैं उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जिसका मुख्यमंत्री आदित्य योगीनाथ जहां पे कहा जाता है कि महिला सुरक्षित है। वहां पे इतनी बड़ी घटना हो जाती है। बड़ा आश्चर्य होता है। कैसे घटना हो रही तब ये सोचने वाली बात है। लेकिन जब हमें सूचना मिला तब हमें इस पे कार्य करने का मिला। जब हम अपनी टीम के साथ है देखा कि बहन को निकाला जा रहा है। तो फिर हम लोगों ने उससे संघर्ष किया। इनका ताला खुलवाया। ताला खुलवाने के बाद इनको पूरा कब्जा दिलवाया। तो पुलिस का कैसा रहा? क्योंकि मैंने आपके वीडियोस देखे जिसमें आप पुलिस के सामने खड़े हुए हैं। आपके साथ दीपक शुक्ल जी हैं।
00:12:34:02 वो वहां पर उनसे वार्ता कर रहे हैं। लगातार बात चल रही है जो शायद मेरे ख्याल से चौकी इंचार्ज है। बंगला बाजार। मैं बताता हूं। साइकिल से कोई बच्चा गिर गया उठा के छोड़ दिया और पहले भी मैं जब आया था यहां पे दो पुलिस वाले थे उनसे मैं बार-बार कह रहा हूं कि तुम्हारा चौकी इंचार्ज कहां गया चौकी इंचार्ज क्योंकि बड़ी यह बहुत बड़ी घटना है एक हिंदू घर में मुस्लिम मुस्लिम कब्जा कर रहा हो और इस तरह की घटना होना बहुत बिल्कुल बिल्कुल बहुत बड़ी घटना है एक महिला पहली बात और आने वाले लोग पुरुष और उसमें कुछ दो चार महिला ठीक है और महिला हिंदू है हमारे एससी एसटी समाज से आती है आज की लोकतांत्रिक भाषा के अनुसार और आने वाला जो समुदाय क्या है? मुस्लिम समुदाय के लोग। तो कितने इसमें एंगल्स इस घटना को किस-किस तरह से देखा जा सकता है? यह सोचने वाली बात है। एक हिंदू को कोई मुस्लिम आकर के अपने ज्यादा संख्या में आकर के उसको उसके घर से बाहर निकाल देगा। एक महिला को ज्यादा संख्या में पुरुष आकर के उसको उसके घर से बाहर निकाल देंगे। और ऐसी स्थिति में भी पुलिस जो है ऐसी निष्क्रियता क्यों दिखा रही है? यह हमारा प्रश्न होगा। जो माननीय योगी योगी आदित्यनाथ जी की सरकार है
00:13:49:06 उससे हमारा यह प्रश्न होगा कि ऐसी इतनी निर्मम इस तरीके से इस ऐसी व्यंगम दृश्य को देख लेने के बाद साक्ष्य होने के बाद पुलिस कैसे इस तरह का निष्क्रियता भरा जो रवैया है वो अपना सकती है और आपको जानकारी दूंगा कि मुझे इस एफआईआर कराने में समझिए अगर हम लोग रास्ता जाम ना करते तो एफआईआर भी नहीं होता मैं रात के 2:00 बजे तक चौकी थाने में बड़ा रहा पूरी टीम साथ बाकी इनके मोहल्ले के थे ये भी थी बहुत देर तक हम लोगों ने संघर्ष किया एसएओ साहब को बुलाया कह रहे मैं बहुत उसे कार्य में व्यस्त हूं। आपको रोड जाम करना पड़ा। बताइए मैं भी मोमेंट में हूं और 2:00 बजे तक नहीं आए। तो फिर उन्होंने कहा मैं सुबह आऊंगा। सुबह भी वो नहीं आए। जब हम लोगों ने बंगला बाजार चौकी के पास जब रास्ता जाम किया तब वो 10 मिनट में भाग गए। अरे जब आप आपको आने दो चौकी इतना बड़ा वो क्यों कहना चौकी हमें रास्ता जाम करने की क्यों जरूरत पड़ी? मैं समझ बगली में तो तुरंत आने चाहिए। मैं मैं इस बात क्यों नहीं रहा? मैं इस बात को समझ सकता हूं कि प्रशासन के ऊपर तरह-तरह के दबाव होते हैं। मगर यहां पर हम इस बात को लेकर के खड़े हैं कि जब सारे मा सारे साक्ष्य आपके सामने हैं। सब कुछ आंखों से साफ सुथरा दिख रहा है। और उसके बाद भी अभी ये बता रही हैं कि इसमें जो क्या कहते हैं? अभी एफआईआर तो दर्ज हो गई। उसमें केवल एक नाम एक ही नाम है। बाकी सब अज्ञात है। बिलकुल सारे अज्ञात में है। जबकि जबकि इनको नाम पता चल गया था। इन्होंने
00:15:04:12 जब एप्लीकेशन दिया उसमें नाम भी मेंशन किया था। की किसी में कोई कारवाई नहीं। तो मेरी प्रशासन से हाथ जोड़कर विनती है कि इस महिला के साथ वो न्याय करें। इस महिला को न्याय दिलवाएं और ऐसा उदाहरण प्रस्तुत करें समाज में कि आगे आने वाले टाइम में किसी भी मायके लाल में यह साहस ना हो सके कि वो इस तरह का कोई कृत करने का सोच भी सके। मैं तो आपके चैनल के माध्यम से बताना चाहता हूं कि इन लोग का मकसद ही होता है। लैंड जिहाद, लव जिहाद ये सब पे ही काम करते हैं। इनका एक मोटिवेट होता है। पहले एक आएगा, फिर दो आएगा, फिर आपको परेशान करेगा, मीट की हड्डी डालेगा, कुछ ना कुछ करेगा, छेड़छाड़ करेगा। इनके चार मिलने वाले आएंगे। ये तो हर मोहल्ले में जाना चाहते हैं। मोहल्ले में जाके एक बसना चाहते हैं। एक बस गए समझ लीजिए उनका वो मोहल्ला गया। जिस दिन ये बस गए वो मोहल्ला गया। आपकी लड़की को छेड़ेंगे बहुत ज्यादा वो जब बाहर ऐसा ऐसा वातावरण उत्पन्न कर देंगे कि आप स्वयं ही असह अनुभव करते हुए वहां से पलायन करने का सोच देखिए आप खुद देखिए ये जो पलायन शब्द होता है हमेशा हिंदुओं के लिए ही होता है और क्यों होता है आप पूरा इतिहास पूरा देखेंगे कि सारे वहां हिंदुओं को एक-एक करके घर छोड़ के जाना ही पड़ता है। तो मेरा प्रशासन से माननीय मुख्यमंत्री जी से और पुलिस
00:16:19:22 से हाथ जोड़कर के निवेदन है कि इस मामले पर इस तरह की निष्क्रियता ना दिखाएं और जो सशक्त कारवाई होनी चाहिए वो करें और किसी भी प्रकार के व्यक्तिगत मंतव्यों को ना देखें। किसी भी प्रकार के दबाव को ना देखते हुए सबसे पहले राष्ट्र को और धर्म को देखें। धर्म क्या कहता है? मैं सनातन धर्म नाम लेकर के यह नहीं कह रहा हूं। धर्म का अर्थ न्याय भी है। धर्म का अर्थ मर्यादा भी है। धर्म का अर्थ मानवता भी है। तो अगर आप संवैधानिक दृष्टि से देखें तो यहां पर मानवता को जूते की नोक की तले यहां पे कुचला गया है। और आप क्योंकि दायित्व आपके ऊपर दायित्व है यहां पर व्यवस्था बना के रखने का। तो आपका कर्तव्य है कि जो दोषी हैं उनको सख्त से सख्त सजा दिलवाएं। इसी कमरे के अंदर से घसीट कर बलपूक इनको लाया जा रहा है। अकेली मातृशक्ति हैं। और यहां पर वो तांडव नृत्य हो रहा है। है ना? कुछ लोग बैठे हैं बड़े इत्मीनान से कि हम जो कर रहे हैं हम पूरा सुरक्षित हैं। हमें कोई डर नहीं है। कोई भय नहीं है। है ना? वहां पर वो कैमरा लगा हुआ है। आप देख सकते हैं। तो आप हमें थोड़ा सा बताइए कैसे क्या-क्या उन लोगों ने किया था घर के अंदर थोड़ा सा। ये हमारा ये दरवाजा है। इन्होंने क्या किया था? दरवाजा ये बंद कर दिया। मेरा आसिया बानो मतलब घर
00:17:34:24 के अंदर आ गई थी हां और वकील पहले वकील लोग आए थे लेडीज जेंट्स सारे लोग थे और सर मैं यहां पे बैठी थी मैं यहां पे बैठी थी खाना बना रही थी मेरा सब्जी बनी नहीं है यहां पे हां मोबाइल जब ये मैं यहां पे खाना बना रही थी सब्जी बनी रखी थी मेरा आटा गुंधा हुआ रखा था और ये मेरी कोठरी का ताला है जिसमें मैंने अपना सारा सामान रखा हुआ था मैंने ये कल ही सारा सामान समेटा है पूरा फैला हुआ था अच्छा इसमें 3 लाख के जेवर थे मेरी मां के मेरे और ₹75,000 थे। मैंने पूरा सामान सब समेट के रखा हुआ है। यहां पर भी आपके साथ मुझे यहां घसीट के लेके आए। यहां पे मुझे मारा। यहां मारा और यहां आपको मारा गया। यहां मारा गया। सब और ये जो सबसे आवश्यक बात है कि जैसे कि इन्होंने बताया कि इसमें इनको कई लोग हैं जिनको ये पहचानती हैं। हां। पर उसमें जो एफआईआर दर्ज हुई है उससे यह संतुष्ट नहीं है अभी क्योंकि उसमें केवल और केवल एक ही सिर्फ आशिया बानो का नाम आशिया बानो का नाम उनके बच्चों का नाम नहीं है उनके घर में जो उनकी बहनें हैं उनके जो अन्य उनके साथ आई थी उनके साथ आई थी उनके साथ जो मतलब मकान पे कब्जा करने के लिए घर की कुछ नहीं तो 40 से 50 के लोग थे
00:18:49:25 जो बाहर एक गेस्ट हाउस मुल्ला जी का बना हुआ है उसके अंदर 30 35 लोग थे और बाकी 30 35 लोग बाहर थे उसमें हथियार आपके घर के पास में ये राजक तत्व में से कोई रहता है? सामने है। अच्छा और जो है सर ये मुल्ले के घर में सारे औजार हथियार और लोग वहां पे बैठे थे कि अगर ये कुछ ऐसा होता तो हम लोगों पे हमला हो जाए। लेकिन अगर ये बजरंग दल हमारे साथ ना होते भैया लोग तो हमारे साथ कुछ भी हो सकता था। कोई चलिए कोई नहीं। कोई नहीं। कुछ भी मतलब एक उम्मीद भी नहीं थी कि हम घर के अंदर आ सकते। और मोहल्ले वालों ने भी मेरा बहुत साथ दिया है क्योंकि मतलब इतने हम मजबूर हो गए थे मेरे मतलब हम कमजोर पड़ने लगे थे कि अब मेरा कुछ नहीं रह जाएगा आप आप बिल्कुल भय ना रखें आप यहां तक हॉस्पिटल मेडिकल भी हो गया मेरा सब कुछ हो गया तब भी मेरी रिपोर्ट दर्ज नहीं करी जा रही है थाने में 2:00 बजे 2:30 बजे रात तक हम लोग सब लोग वहां पे थे चलिए अब आप अब आप भय मुक्त रहिए आपके भाई आपके साथ खड़े हैं सनातनी भाई सभी और हमारे साथ श्री रघुनाथ तो किस बात की चिंता हमें नहीं
00:20:04:14 खुलेगा भगवान का हाथ नहीं देंगे भगवान के हाथ नहीं देंगे [संगीत] तोड़ो
00:21:44:02 जबरदस्ती किसी के घर में कब्जा करोगी तुम लोग? हां जबरदस्ती पेपर है? बिल्कुल दिखाएंगे पेपर। पुताई नहीं होगी अब। पुताई नहीं होगी। नहीं होगी। पुताई होगी। बहुत खुदाई कर रहे हो तुम लोग तोड़ो तोड़ो तुम लोग तोड़ो देखो इतने लोग खड़े हैं यहां पे ये देखो ये देखो अबे कब्जा ये जबरदस्ती कब्जा किया जा रहा है मेरे घर में जबरदस्ती पूरे मुसलमान लोग मिलके पूरे मेरे घर में हां मेरे घर में कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं हां हां मेरा घर है देखे देखे कब्ज़ा करो तुम लोग कब्ज़ा करो कब्ज़ा करो ये देखिए मेरे घर में इतने लोग आए हुए हैं। सब कब्जा कर रहे हैं। ये देखिए पोत रहा है। ये देखिए पोत रहा है। ये ये देखिए अवैध कब्जा नहीं है। मेरा घर है। मेरे बाप का घर है। मेरे बाप का घर है। ये देखो सब ये देखिए। खोलो दरवाजा तुम। दरवाजा खोलो ना। ये ये [संगीत]
00:22:52:12 कोर्ट का आदेश है तो कोर्ट का आदेश दिखाओ ना। कोर्ट का आदेश है तो। कोर्ट का आदेश दिखाओ। खोलो दरवाजा। खोलो। देखें मेरा मोबाइल नोच दिया इन लोगों ने। जबरदस्ती कब्जा करोगे। करो तुम कब्जा। ये देखो। सब तोड़फोड़ हटाया। हटाओ तुम। देखें। बहुत मत बोल ताला तोड़ा इन लोगों ने अंदर से अंदर से ताला तोड़ा इन लोगों ने तोड़ो तुम ताला पिछले दरवाजे की तरफ आ गए हैं यहां पर भी इन्होंने लिखवा रखा था कि मामलाचारे न्यायालय में विचाराधीन है परंतु उन्होंने देखिए अपने दलबल का संख्या बल का प्रयोग करते हुए और इस पर जो है ये चूना पोत दिया है से हमने देखा था हिस्सा और यहां तक इनको इनके साथ इतनी अभद्रता इतनी अमर इतना अमर्यादित व्यवहार हुआ है, आचरण हुआ है। मैं इसको सपने में भी नहीं सोच सकता हूं। मगर इन पे यह सब बीता है। यह मेरा टट्टाटर सब हटा दिया था। यह तो मैंने कल लगाया है। अच्छा मैंने कल लगाया। ये इनका सब तोड़ दिया गया था।
00:24:11:10 लगेगा ताला। ये मेरा मकान है। मोबाइल मोबाइल देखिए। सबने मोबाइल मेरा पकड़ा हुआ है। सबने सबने मेरा मोबाइल पकड़ा हुआ है। तोड़ दूंगी ताला। मेरा घर वीडियो बना रहा हूं। वीडियो बना रहा हूं। मेरा बनाओ वीडियो। वीडियो बनाओ। [संगीत]
00:24:49:20 मना किया हम लोगों ने हां सर मेरे पास वीडियो है ये सब ये सभी लोगों ने पो दिया है वीडियो है हमारे पास है का घर है इनका विष्णु उसने हमको बेचा सुनिए गलती से ये देख लीजिए और जो अंदर है उससे कोई मतलब नहीं है
00:25:32:07 घुस जा रहे हैं आप लोग जबरदस्ती पड़े हैं घुस जा रही है कितने पड़ोसी लोग ऐसे कब्जा किया नशा और यहां सुनो भाई आप यहां मोहल्ले में रहते हो कोई एक महिला पे हाथ उठाते देखते रह जाते हो एक-ए मारा साले सबको यहां एक मारो
00:26:06:14 क्यों नहीं बोलेंगे क्या हुआ अपना मुसलमान उस तरफ हां तब 25 बोले ना मोहल्ले क्यों नहीं बोलेंगे हम लोग क्यों नहीं बोलेंगे हमारा गाना बोलेंगे जैसे आप वहां से यहां आई हैं तो मुर्दाबाद मुर्दाबाद मुर्दाबाद मुर्दाबाद मुर्दाबाद मुर्दाबाद मुर्दाबाद मुर्दाबाद मुर्दाबाद जिंदाबाद
00:26:46:02 सिंह होश में आओ आओ आओ सिंह होश में आओ आओ सिंह पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद मुर्दाबाद मुर्दाबाद पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद पुलिस मुर्दाबाद होगी
00:27:19:06 [संगीत] एक बार आप एक बार पूछे क्या क्यों मारा इसको आप इससे पूछे क्या कि कौन मारा कुछ नहीं आपने पूछा क्या इसको किसने मारा आप एक बार तो नहीं पूछे पूछा जो है कानून करेगा आप आगे कब्जा करवाएंगे ना सर अगर कानून देगा कानून अगर लिखित देगा तो आप कब्जा करवाएंगे कोई 20 लोग आके कब्जा नहीं करवाएगा सर आपने पूछा कि तुम्हारे भाई है उसका राइट है नहीं है किसका राइट सर ये कानून ये कानून डिसाइड करेगा हमने हम इसीलिए आए हैं कि किसी एक महिला को प्रताड़ित किया जा रहा है इसीलिए आए हैं कि एक महिला को अभी सुबह की घटना हुई आपने एक दर्ज किया केस लेकिन उनको जो है सलाम कर चुका हूं कर चुके क्या लगाया सब देखा जाएगा इस तरीके लगा
00:28:23:08 दीजिए हम जिम्मेदार है लेडी को इतना जिम्मेदार है आप एक लेडी का अगर आप करते तो नहीं होता ये सब में आने की जरूरत नहीं पड़ती अगर आप सही से करते तुम्हारे भाई तुम्हारे भाई के कुछ अधिकार है नहीं सर आप आए यह संवधानिक क्षेत्र है कानून अगर आ जाएगा उनके खिलाफ उनके सम्मान आ जाएगा तो आप नहीं आएंगे आपके नहीं आप अगर कोर्ट के आप कोर्ट के करेंगे ना करेंगे बस आप लेकिन कोई 25 के बाहरी जो है इसीलिए मारा गया को निकाला गया उसके साथ ज्यादती हुई है चलिए चलिए
00:29:15:01 इसके अंदर तो बैठी थी नाला अभी निकली है वीडियो बना है अभी निकली है क्या मैं उसको ताला तोड़ के निकालता क्या आप बताइए ना आप बताइए ना ये तो आपको बताना चाहिए हमसे क्यों पूछ रहे हैं रुको [संगीत]
00:29:55:03 सारे वकील पकड़े जाए भैया सुबह 12 वकील हैं और 12 वकील हैं और छह लेडी है वकील की ड्रेस में आई हुई मेरे पास मेरे पास जो है बस ये सारी घटना आप लोगों ने देखी और एक बात मैं और कहूंगा कि एक हमारे हिंदुओं के बीच में फूट डलवाने के लिए राजनीति की जाती है कि वो हमें छेकते हैं। हमारे साथ अच्छा व्यवहार नहीं करते हैं। जो सवर्ण हैं जो ब्राह्मण हैं जो क्षत्रिय हैं और वो एससी एसटी वालों के साथ ठीक से व्यवहार नहीं करते उनके बारे में सोचते नहीं है उनको छिटक दिया है जिस कारण से जो है वो धर्म परिवर्तन होता है हम और वो क्या कहते हैं वो भीम आर्मी और ये उसमें जाना चाहिए उनको अलग हो जाना चाहिए कैसे फूट डाली जाती है मैं पूछ रहा हूं आज ये जो हमारी जो चतुर्थ वर्ण से आने वाली ये मातृशक्ति यहां पर जो खड़ी हैं एससी एसटी जिनको लोकतांत्रिक भाषा में कहा जाएगा तो आज इनका साथ देने के लिए पुलिस के सामने इनके घर वालों से भी आगे अपनी छाती लेकर के कौन खड़ा हुआ?
00:31:10:19 सचिन सिंह शिवजीत गिरी इन्होंने क्या यहां पर आकर के इस महिला की मदद करने से पहले यह सोचा कि यह जो है एससी एसटी है। मैं जो है इसकी मदद क्यों करूं? मैं तो क्षत्रिय हूं। या शिवजीत ने यह बात सोची या दीपक शुक्ल जी ने यह बात सोची कि मैं एससी एसटी महिला की मदद क्यों करूं? यह फूट डलवाई जाती है हम हिंदुओं में जिससे कि हम बट के रह जाए और जो सामने वाला है वो अपने संख्या बल का उपयोग करते हुए वो हमें कुचल डाले। इस बात को कब समझेंगे आप लोग? किसी ने इनसे नहीं पूछा कि तुम कौन सी जात के हो? कौन से वर्ण के हो? और आखिर इनके लिए चट्टान की तरह खड़ा हो गया। मगर फिर भी लोग रोटियां सेकते हैं। राजनीति करते हैं कि अरे वह तो हमें दूर वो तो तुम्हें दूर करते हैं अपने आप से। आज कौन खड़ा है इनके साथ? जब कोई नहीं था तब यह लोग थे। आप इस तरह की जो राजनीति करते हैं लोग यह जाति पाती के आधार पर हमें बांटना चाहते हैं। हम भाइयों को एक दूसरे से दूर करना चाहते हैं। इससे दूर रहिए। यह सारी जो व्यवस्थाएं इनके कुछ अर्थ हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि हमें एक दूसरे से प्रेम नहीं है। एक दूसरे की चिंता नहीं है। एक दूसरे का सम्मान नहीं है। बस मैं यही कहते हुए
00:32:26:02 इस वीडियो को विराम दूंगा और प्रशासन से मुख्यमंत्री से शासन से मेरा आदर पूर्वक विनम्र निवेदन है कि हिंदुओं की उदारता को उनकी कायरता ना समझा जाए क्योंकि हर क्रिया की विपरीत प्रतिक्रिया होती है। तो ऐसा समय ना आए कि हिंदुओं को प्रतिक्रिया करनी पड़ जाए क्योंकि वह फिर विप्लव की स्थितियां उत्पन्न करेगा। इसलिए ऐसी स्थिति आने से पहले ही शासन को अपना दायित्व निभाते हुए ऐसी स्थितियों को आने से पहले ही कुचल देना चाहिए था। यहां तो आ चुकी है। उसके बाद पे भी उसके बाद भी निष्क्रियता दिखाई जा रही है। आपको मैं एक बार बहुत दोबारा से मैंने आप लोगों के वो जो शौर्यपूर्ण और साहसपूर्ण जो आपका मैंने वीडियो देखा हमें कहीं पे सूचना मिलता है कि हमारे हिंदू भाई प्रत्या किया जा रहा है बहन या कोई भी चाहे गौ बांस के तो हम ये नहीं सोचते किस किस जाति का क्या है कुछ नहीं। हमारा यही मकसद होता है। हम उसकी जितना ज्यादा मदद कर सके जितनी ज्यादा उनकी सुरक्षा कर सके ये यहां होता है। इस पे हम लोग काम करते हैं। बिल्कुल बिल्कुल नहीं आप लोगों का वो सेवा भाव मैंने देखा और मुझसे इसीलिए रहा नहीं गया तो इसलिए मैंने मैंने ये प्रण लिया कि मैं इस मामले को ज्यादा
00:33:41:06 से ज्यादा जन समाज तक जरूर पहुंचाऊं और आपसे भी मेरी विनती है कि जिस प्रकार से भी इस महिला का आप सहयोग कर सकें इस अभियान में आप हमसे संपर्क कर सकते हैं। हमारे द्वारा यहां इनसे संपर्क करेंगे और इस महिला को न्याय दिलाएं। इस महिला के लिए आगे आए। सभी को जय श्री राम। जय श्री राम। जय श्री राम। [संगीत]
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