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00:00:03:08 एक धूर्त व्यक्ति है जिसने भागवतानंद के बारे में अनग पिछले कुछ समय में प्रलाप किया है काफी और मैंने यह भी जाना है कि उसने भगवतानंद के की माता की पत्नी के बारे में काफी अत्यंत अशोभनीय टिप्पणियां की है या गालियां दी हैं। तो ऐसे एक धूर्त व्यक्ति की बारे में जानकारी मिली है कि उसने भाई भागवतानंद पर जो कुछ दिन पहले तक जो वह आरोप लगा रहा था उन आरोपों का खंडन करते हुए और गालियों के लिए क्षमा मांगते हुए उसने कल एक वीडियो जारी किया है। तो यह जो व्यक्ति है यह कितना धूर्त है वह आपको अभी पता चलेगा। पर

00:01:00:26 यह जो उसने जो वीडियो बनाकर उपलब्ध कराया है आदित्य वैभव सिंह ने उसको ठोस उसको प्रस्तुत करते हुए भागवतानंद अपने पक्ष को अपने उन पक्षों को भी सिद्ध करने में लगा है जिन विषयों में जिन विषयों से यह आदित्य वैभव सिंह का कोई मतलब ही नहीं है। जैसे सबसे पहले बात करें कि आदित्य वैभव सिंह ने उन विषयों में जो हमारे और भागवतानंद के बीच में चल होने वाले जो विषय हैं उन विषयों को ठोस दिखाने का प्रयास कर रहा है। उस अपने पक्ष को उन विषयों में अपने पक्ष को ठोस दिखाने का प्रयास कर रहा है कि आदित्य वैभव सिंह ने देखो पहले मेरी बुराई की थी और अब मेरी बढ़ाई कर दी। अब मुझसे क्षमा मांग ली। तो इसलिए मेरे ऊपर लगने वाले दुनिया के सभी जितने भी वो हैं आक्षेप उनका खंडन हो गया। फिर वो भले ही कितने भी ठोस हो या उनकी वास्तविकता क्या हो क्या नहीं हो। क्योंकि आदित्य वैभव सिंह भी एक ऐसा ही व्यक्ति था जिसने मेरे ऊपर आक्षेप किए। मुझे गालियां दी। अब देखो गालियों के लिए उसने क्षमा मांग लिया है और आक्षेपों का उसने स्वयं ही खंडन कर दिया है। सबसे पहली बात

00:02:15:27 तो मैं अपने कई वीडियोस में बताता आया हूं कि गाली के हम किसी के भी द्वारा दी जाने वाली गाली के पक्ष में कभी नहीं रहे हैं और आज भी नहीं है। नहीं है। अगर आदित्य वैभव सिंह ने ऐसी गालियां दी हैं निर्लज्ज निर्लज्जता के साथ तो वह नीच है धूर्त है। और ऐसे विषयों में हम सदा अगर भागवतानंद के साथ ऐसा हो रहा है कि उसकी पत्नी और माता को निशाना बनाया जा रहा है तो हम उसके साथ खड़े होंगे। पर जो विषय है वह क्या है कि क्योंकि आदित्य वैभव सिंह ने पहले आक्षेप किए, गालियां दी और अब उसने आक्षेपों का खंडन कर दिया और गालियों के लिए माफी मांग ली। तो इसलिए भागवतानंद के विषय में उठने वाली हर विरोधी आवाज गलत है। यह सिद्ध करने का प्रयास किया जा रहा है। तो इस पर मैं आज आपको एक साक्ष्य प्रस्तुत करने वाला हूं। प्रमाण ठोस है ना। पर सबसे पहले बात कर लेते हैं कि कौन से कुछ पक्ष हैं जिनको क्लियर करने की कोशिश की जा रही है आदित्य वैभव सिंह के उस वीडियो के आधार पर। एक

00:03:31:15 कालिया जिन और परिसाधना। अरे भाई जब कालिया जिन और परिसाधना की बात हमने अपनी वीडियो में कही थी और उसमें सोशल मीडिया से हमें वो जो है स्क्रीनशॉट प्राप्त हुआ था। हमें कोई ऐसा कोई पर्सनल लिंक नहीं था। हो सकता है किसी अनजान नंबर से WhatsApp पे आ गया हो। बस इतना हो सकता है कि उस नंबर से पहले हमारी कभी चर्चा ना रही हो या फिर किसी ऐसे व्यक्ति के द्वारा हमारे पास आया हो

00:04:03:16 जो Facebook पे एक्टिव हो तो उसने Facebook से लेके हमें दिया हो। है ना? मगर आदित्य वैभव सिंह से डायरेक्टली हमारा कोई कनेक्शन कभी रहा ही नहीं। पर फिर भी वह जो स्क्रीनशॉट थे क्योंकि हम सिद्धांतवादी हैं और वह जो स्क्रीनशॉट थे हमने नहीं उनकी जांच कर ली थी कि ये कितने सही हैं तो उन्हें प्रस्तुत करते समय भी हमने कहा था कि ये स्क्रीनशॉट जो हैं ये स्क्रीनशॉट जांच का विषय हैं। अब उसमें फैक्ट क्या है? स्क्रीनशॉट तो वह है मगर वैभव सिंह के द्वारा एडिटेड है। मतलब वो चैट तो हुई है कि परिसाधना बताई गई है या वो साबर मंत्र के नाम पर वो जो कालिया जिन वाला मंत्र तो बताया गया है। मगर उसके साथ में जो टेक्निकली जो विधि बताई गई है कुछ हमने तो उस पर ज्यादा ध्यान भी नहीं दिया उस बात को कहते समय हमारे लिए तो इतना ही पर्याप्त था कि भागवतानंद ने स्वयं कालिया जिन्न की साधना कालिया जिन्न को सिद्ध करने की लिए कुछ अनर्गल पंक्तियों को सावर मंत्र के रूप में दिया या सावर मंत्र नहीं तो किसी और मंत्र

00:05:18:21 के रूप में दिया हमारे लिए इतना ही पर्याप्त है भाई शक्ति संगम तंत्र में ही लिखा है। प्रथम खंड में ब्राह्मण को सदैव वेद रहित विधि विधानों से दूर रहना चाहिए। यह लिखा है शक्ति संगम तंत्र उसी का नाम लिया जाता है ना बार-बार इनकी प्रमाणिकता के लिए और शक्ति संगम तंत्र में यह लिखा है कि जो व्यक्ति वेद विहीन भूत प्रेत आदि आदि को सिद्ध करने वाली विधियों का आलंबन लेता है वो व्यक्ति चांडाल है। ये सब लिखा है। तो हम तो इस बात का विरोध कर रहे हैं ना। हम तो इस पर जा ही नहीं रहे कि उसमें वह टेक्निक जो आपने बताई थी टोपी वाली या टेक्निक जो बताई गई है उसमें स्क्रीनशॉट में वजू करने वाली हमने तो इन बातों पर बात ही नहीं की। हमने तो केवल इन बातों पर बात की है। केवल उन बातों पर बात की है जिनको सामने वाले ने स्वीकारा है कि हां मैंने किसी को कालिया जिन का मंत्र दिया पर साधना बताई हां पर उसके साथ जो वो टेक्निक्स हैं विधि है वो नहीं बताई उसका क्या नाता तो हमने कहां उसको क्लेम किया मगर अब क्योंकि उसमें विधि लिखी हुई है इस बात के आधार पर हमारी ही बात को गलत

00:06:33:25 साबित किया जा रहा है अरे भाई सामने वाले व्यक्ति ने भागवत ानंद ने स्वयं स्वीकार किया कि मैंने कालिया जिन का मंत्र दिया। वो बताएं उसको किस परंपरा से वह मंत्र प्राप्त हुआ है। किस वैदिक परंपरा से वह मंत्र उसको प्राप्त हुआ है। बताएं वो और यदि वैदिक परंपरा से प्राप्त नहीं हुआ तो वेद रहित पूजा पाठ से उसको दूर रहना है। यदि वह ब्राह्मण है तो यदि वह अपने आप को ब्राह्मण बताता है। यदि वो वेद विहीन भूत प्रेत इत्यादि को सिद्ध करने वाली विधि है तो ऐसी विधि का आलंबन करने करवाने वाला कौन हुआ? चांडाल शक्ति संगम तंत्र के अनुसार। शक्ति संगम तंत्र के अनुसार बोल रहा हूं मैं ये। तो यहां तक आपको बात समझ में आई? हमने कभी भी भागवतानंद की वो अगर वह स्क्रीनशॉट एडिटेड है क्या है वह एक अलग विषय है। मगर हमने कभी भी भागवतानंद की कालिया जिन्न और परिसाधना के संबंध में बताई गई विधि पर आक्षेप नहीं किया बल्कि कालिया जिन और परिसाधना पर आक्षेप किया और वह आज भी कर रहे हैं

00:07:49:06 और इसको सत्यापित करने के लिए हमें किसी स्क्रीनशॉट की आवश्यकता नहीं है। इसके सत्यापन के लिए तो केवल इतना ही पर्याप्त है कि भागवतानंद खुद अपने वीडियोस में अनेकानेक बार बोल चुका है कि हां मैंने इस तरह का मंत्र किसी को दिया बल्कि महिमागान तक किया उसने कालिया जिंदगी की साधना का कि उससे किसी को फायदा हुआ ये हुआ क्या इतना पर्याप्त नहीं है एक धर्मनिष्ठ हिंदू के लिए सुनना कि ये व्यक्ति मुसलमान ही पूजा करवा रहा है। मुसलमानों की पूजा करवा रहा है। कालिया जिन्न की पूजा करवा रहा है। अच्छा अब बात करते हैं कुछ लोग कुतर्क यह भी करते हैं कि उसमें शिव जी का नाम आया है तो वह मुसलमान कैसे हो गया यानी कि दोनों तरफ पैर रखने वाला कट्टर हिंदू है यही कहोगे जिसमें शिव जी भी हैं कालिया जिन्न भी है परी भी है मार आई मरवा आई ये सब उसमें बातें हो रही है और ऐसी चीजों का उपयोग आत्म कल्याण के लिए बताने वाला व्यक्ति वैदिक ब्राह ब्राह्मण है परंपरा प्राप्त आचार्य है। हां पहली बात दूसरी बात क्या है? हालांकि हस्तमैथुन के विषय में हमको इसका

00:09:04:21 नोटिस प्राप्त हुआ है और हमने बहुत बढ़िया उत्तर दिया है। है ना? वो भी पता चलेगा आने वाले समय में। खैर मगर हस्तमैथुन के विषय में हम शुरुआत से प्रारंभ से कहते आए कि भाई ऐसा अगर जिस प्रकार से तुम किसी के कहने मात्र से कहने मात्र को आधार बनाकर किसी भी प्रतिष्ठित व्यक्ति पर आक्षेप लगा रहे हो तो क्या तुम्हारे बारे में जो लोग कह रहे हैं जो कि कह रहे हैं तो क्या उसको आधार बना करके ये मान लिया जाए कि तुम भी ये इस अमुक गुप्त गुप्त रोग से पीड़ित हो उसका इलाज करवा रहे हो जोधपुर जाकर के यह प्रश्न किया था और यह प्रश्न भी ऐसे ही नहीं किया है इसका इसका स्वयं का सिद्धांत है कि इसने अपनी कोई किताब लिखी है उसमें लिखा है कि इसके आचरण में दोष होने पर इसको लेकर के संशय होने पर सार्वजनिक तौर पर इससे प्रश्न किया जाए तो हमने अगर सार्वजनिक तौर पर कोई प्रश्न किया तो इसको क्यों वो लगा क्यों क्यों इसको बुरा लगा? तो इसे कहते हैं दोगलापन। अपने ही सिद्धांतों को शंकराचार्य की बुराई करनी है, गोवर्धन मठ की बुराई करनी है

00:10:19:25 तो एक सिद्धांत बताया कि सार्वजनिक तौर पर प्रश्न होना चाहिए और जब सार्वजनिक तौर पर प्रश्न किया जा रहा है तो लुपलुप हो रहा है। हां हृदय कांप रहा है। तो ये दो विषय ऐसे हैं जिस पर हमने सामने वाले पर सामने वाले का प्रतिकार किया है। तो अगर वैभव सिंह ने अपनी गालियों के लिए अपने लगाए गए झूठे आरोपें आरोपों का खंडन करते हुए अपनी गालियों के लिए क्षमा मांग ली तो उससे इन विषयों में तुम्हारा पक्ष कैसे मजबूत हो रहा है यह कोई मुझे आ करके समझाए। सामना तो तुम कर नहीं रहे हो तब से भागे-भागे फिर रहे हो। हम्म अरे मेरे चैनल पर नहीं आना है तो अपने ही चैनल पर आ जाओ। वहां कर लो बात। मतलब तुम्हारे बारे में कोई व्यक्ति दुनिया का कोई कुछ बोल रहा हो निराधार बोल रहा हो और वह आकर के बता दे हां मैं निराधार बोल रहा था तो इसलिए दुनिया में जितने भी लोग तुम्हारे संबंध में कोई बात बोल रहे हैं वो भले ही आधार पूर्ण है या निराधार है वो सब खारिज हो जाएंगे क्योंकि भाई एक व्यक्ति यहां से देखो ऐसा हो गया क्या सिद्धांत है

00:11:35:13 यही यही करेंगे सनातन का उद्धार ऐसे ही दोगले लोग करेंगे ना ऐों से ही उम्मीद है ना आप लोगों को अब आगे क्या बात है इसकी एक रिकॉर्डिंग सुनी मैंने उसमें यह खुद ही वो बातें बोल रहा है जो हम बोलना चाहते थे हम बोलते थे शुरू से हमने कहा जब इसने हमको इसको गाली देने वालों के साथ इसको धमकी देने वालों के साथ जोड़ा कि हमको धमकी दिलवाई जा रही है या फिर एडिट स्क्रीनशॉट एडिट करके प्रचारित करने वालों के साथ हमको जोड़ा है ना कि भाई यह जो है हमारे खिलाफ ये शिवश वगैरह सब मिलकर के ये कर रहे हैं और हमको गालियां दिलवा रहे हैं, धमकी दिलवा रहे हैं मेरी पत्नी को। अरे कभी स्वप्न में भी मत सोचना शिवश नारायण द्विवेदी किसी की माता बहन और पत्नी के साथ इस तरह का आचरण करने का निर्देश देगा। उनके आगे आकर के खड़ा हो जाएगा। शिवश नारायण द्विवेदी। तुम अगर अनुपस्थित रहे तो वहां रक्षा करेगा। शिवश नारायण

00:12:43:00 द्विवेदी हमें हमें अपने धर्म को बचाने के लिए ऐसी नीच चीजें करने की आवश्यकता नहीं है। ठीक है? मगर जब हम ये जो बातें कह रहे थे कि जब इसने हमको इसको गाली देने वालों को के साथ और अह क्या कहते हैं इसका विरोध ये इसके स्क्रीनशॉट एडिट वगैरह करने वालों के साथ हमको जोड़ा कि तुम इनके साथ मिले हुए हो तुम करवा रहे हो। है ना? तो तब इसने यह नहीं सोचा था जो कि भाई अगर कोई केवल विरोधी होने के आधार पर किसी को किसी के साथ कि तुम्हारा विरोधी शिवांश भी है और तुम्हारा विरोधी आदित्य वैभव सिंह भी है। ठीक है? तो केवल इस विरोधी होने की समानता के कारण आदित्य वैभव सिंह और शिवश नारायण द्विवेदी आपस में मिले हुए हैं। वो एक दूसरे के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से तुम्हारे विरोध में कार्य कर रहे हैं। शिवश नारायण द्विवेदी के निर्देशन में हो रहा है ये कार्य। यह सब सिद्ध नहीं होता। केवल तुम्हारा विरोधी हो जाने मात्र से। केवल तुम्हारा विरोधी होने की समानता से। है ना? और यह बात इसने उस स्क्रीन वो जो इसने रिकॉर्डिंग डाली है अभी दो-तीन दिन पहले उसमें यह

00:13:58:04 बात खुद भी कही जब आदित्य वैभव सिंह ने इसको कहा कि भाई तुम्हारे समर्थक लोग हमसे हमको गालियां देते हैं तो क्या कहा भागवतानंद ने कि समर्थकों से भेड़ो कोई स्वयं को मेरा समर्थक बताते हुए और मर्डर कर देगा तो तुम क्या कहोगे कि मैंने करवाया मर्डर जी गुरु उसमें एक बात एक बात जो सच्चाई है जो सब मिल के बात की है ठीक है ना गुरु जी उसने बोला बोला कि आवेश में आके उधर से जब गाली दे रहे थे तो हमने भी गाली दी है। हमने उसको कभी मैसेज में गाली नहीं दी है। पहले है ना हमने बहुत अधिक बहुत गुरु जी बिल्कुल उसने बताया मुझे कि गुरु जी ने मुझे कभी गाली नहीं दी। उनके समर्थक लोग जो थे उन्होंने आप समर्थक से भेड़िए। कोई व्यक्ति कल अगर आपको मेरा समर्थक बताकर मर्डर कर देगा तो आप क्या कहिएगा कि निग्राचार्य ने करवा दिया मर्डर। बिल्कुल आप तो कोई स्वयं को गोवर्धन पीठ का समर्थक बताते हुए कुछ कह देगा तो यह मान लिया जाएगा कि हां गोवर्धन पीठ पर लगने वाला वो आक्षेप बिल्कुल अकाट सत्य है। वो व्यक्ति वैभव सिंह की तरह बाद में पलट नहीं सकता है। आक्षेप लगाने के बाद है ना वह भी वह व्यक्ति जो आज तक सामने ही नहीं आया वह केवल तुम्हारे

00:15:13:15 अनुसार उसका अस्तित्व है तुम्हारे शब्दों के अनुसार कि भाई गोवर्धन मठ वाले ऐसा कर रहे हैं और जिनका अस्तित्व है वो तो सामने आकर के तुम्हारा मुंह तोड़ जवाब दे चुके आचार्य रामशंकर शुक्ल जी प्रशांत जी हम खैर तो जो यह जो यह बात इसने कही कि अगर तुमको मेरे समर्थक गाली दे रहे हैं तो समर्थकों से भिड़ो। उनके वो खुद को मेरा समर्थक बता के मर्डर कर देंगे तो यह नहीं मान लोगे। तो क्या मुझे मान लोगे क्या मैंने मर्डर करवाया है? यही बात जब हम कह रहे थे कि कोई अगर तुम्हारा विरोध कर रहा है और हम भी तुम्हारा विरोध कर रहे हैं तो केवल इतने मात्र से तुम हमसे भिड़ रहे हो। तुमको गालियां दी जा रही, तुमको धमकियां दी जा रही हैं। तब इसको यह सिद्धांत नहीं याद आया क्योंकि यह दोगले हैं। यह सिद्धांतवादी नहीं है। यह दोगले हैं। और हम कितने सिद्धांतवादी हैं आपको आज पता चलेगा। अब इसमें अच्छा मेरे पास रामपाल के द्वारा आर्य समाजियों के द्वारा अनेकानेक प्रकार से कॉल आते हैं। किसी में धमकी आती है। हां। मेंटली हैरेस किया जाता है। मैंने तो नहीं उन कॉल्स के लिए नाम ले लिया कि भागवत आनंद के इशारे

00:16:28:19 इशारे पर हो रहा है। क्योंकि मैं सिद्धांतवादी हूं। भाई गुरु गोविंद ग्रंथ है। केवल ग्रंथ नहीं है। तुम्हारी तरह झूठ नहीं है। गुरु गोविंद ग्रंथ है। गुरु रहित नहीं है। सिद्धांत है। सिद्धांत। तो कहने का अर्थ यही है कि मैंने रामपाल के द्वारा किए जा रहे कुक कृत्यों को केवल मेरा विरोधी होने के कारण तुमसे नहीं जोड़ दिया। जो रामपाल के लोग मेरे पीछे पड़े हैं या विरोधाभासी चीजें कर रहे हैं। नौ नौ मुकदमे लिखाने का प्रयास किया। तो मैंने तो नहीं तुमसे जोड़ दिया। मैंने तो नहीं छाती पीट-पीट के रोए वहां पे जाकर के हर हर हर जब कंप्लेन की गई पहली दूसरी नौ बार कि भैया मेरे खिलाफ देखो ये भागवतानंद के आदेश पर ऐसा किया जा रहा है रामपाल के द्वारा रामपाल के लोगों के द्वारा तो यह सिद्धांतों की कमी है तुम्हारे अंदर है ना वस्तुनिष्ठ रूप से कुछ शास्त्रों का अध्ययन है ऐसा नहीं है नहीं है मगर सैद्धांतिक तौर पर अप्लाइड नहीं है खुद पर अप्लाइड नहीं है। नहीं तो रामोद नाभ भी भाषे राम दो प्रकार की बातें नहीं करता।

00:17:44:12 पहले बोल दिया चारचार बार वीडियो में कि विजय श्री का वीडियो विजय श्री का वीडियो है और फिर बाद में कह रहे हैं भूलवश हो गया। वाकलन था। अरे श्री राम जो भी करते हैं वह सोच समझ के करते हैं। सोच समझ के बोलते हैं। राम दो प्रकार की बातें नहीं करते। तो बिना सोचे समझे बोल देना। दो प्रकार की बातें करना। यह राम विरुद्ध आचरण है। धर्म विरुद्ध आचरण है। और तुम्हें तो वरदान प्राप्त है कि तुम्हारी कर्मेंद्रियों के द्वारा कुछ गलत हो भी रहा होगा तो तुम्हारा विवेक इतना एक्टिव होगा कि उसको रोक लेगा। चार बार हो रहा है गलत तुमसे। तुम्हें अपना बयान पलटना पड़ रहा है। क्यों नहीं कर्म इंद्रियों का निग्रह कर लिया तुम्हारी चेतना शक्ति ने? इसका अर्थ क्या माने? वरदान झूठा है। पूरा मना कल्पित संसार है। है ना? वो तो खैर आगे बात होगी। इसका सिद्धांत क्या है? कि किसी भी कुकर्मी के द्वारा किए जाने वाले किसी भी कुकृत को यह किसी से भी जोड़ देगा। यह बिना जाने कि जिससे जोड़ रहा है उसके साथ इसका किसी प्रकार का कोई संपर्क है भी कि

00:18:59:16 नहीं। यह बिना जाने कि सामने वाला व्यक्ति इस तरह का दोगला नहीं है। सिद्धांत विहीन नहीं है कि अपनी लड़ाई को जीतने के लिए, अपने पक्ष को मजबूत करने के लिए सामने वाले की माता बहन और स्त्री तक जाए। अब इसने WhatsApp के स्क्रीनशॉट्स को एडिट किए जाने के आरोप को स्क्रीनशॉट्स को एडिट किया गया तो इसमें मुझे जोड़ दिया कि शिवश नारायण द्विवेदी के निर्देशन में हो रहा है मिला हुआ है और इसको गाली और धमकी दिए जाने वाले मामले में इसने शिवश नारायण द्विवेदी को जोड़ दिया तो अब ये इस जन्म में इस जन्म में यह सिद्ध करके रखा है कि वो स्क्रीनशॉट वगैरह मैंने एडिट करने के लिए मैं उसमें शामिल था। इसको गाली देने वाले विषय में, इसको गाली दिलवाने में, धमकी दिलवाने में मेरा हाथ था। यह इस जन्म में सिद्ध नहीं कर पाएगा। क्योंकि ईश्वर साक्षी ये झूठ है। मगर इस जन्म में ये सिद्ध करके दिखाए। मैं चैलेंज देता हूं। आ जाओ कहां आना है? तुम्हारे चैनल पर आना है। वहीं बात कर लेंगे। मैं चैलेंज दे रहा हूं। अगर किसी ने Facebook पर कोई कुछ चित्र डाल दिया और हमने उस चित्र को

00:20:14:19 यह कहते हुए कि सत्यापन का विषय है उपयोग ले लिया तो इसका अर्थ यह हो गया कि वो जो चित्र है वो मेरे निर्देशन में एडिटेड हुआ एडिट हुआ था हम बात होगी सारी चीजों पर तो यह इस जन्म में सिद्ध करके दिखाएं तो सबसे पहले तो अपना वो जो रोना गाते हैं ना जनेऊ पकड़ कर सबसे पहले तो जनेऊ पकड़ के रोएं पहले कि हां वो ऊपर सूर्य और इधर कामाख्या और मैं ब्राह्मण मेरा जनेऊ हाथ में ले मैं बोल रहा हूं कि इस मामले में शिवश नारायण द्विवेदी का निर्देशन है वह मिला हुआ है चैट को एडिट करने में और इसको गाली दिए जाने में ये कहे सबसे पहले उसके बाद आगे की चीजें हो मैंने अगर इस व्यक्ति से इसकी परंपरा पूछ ली गुप्त रोग के विषय में प्रश्न कर दिया और इसके उन कुकृत्यों पर लगाम लगा दी जिनमें यह जो है बिना किसी आधार के किसी के कह देने मात्र से किसी पर किसी भी प्रतिष्ठित किसी भी व्यक्ति पर आक्षेप लगा देता था। उसको बदनाम करने लगते था। हम मैंने इन चीजों का प्रतिकार कर दिया।

00:21:30:00 तो इसका मतलब यह है कि इसके बारे में हर विरोधी कार्यवाही करने वाले का मैं साथी साथी हो गया। किसी भी नीच धूर्त का मैं साथी हो गया। यह सिद्धांत है। अब सुन इस धूर्त व्यक्ति ने है ना जिसका वीडियो रिलीज किया गया है। इस धूर्त व्यक्ति ने जीवन में पहली बार मुझसे होने वाली बातचीत में तेरे बारे में क्या-क्या कहा है। सुन और उसमें यह देख कि उसमें हमारा पक्ष क्या है? क्या स्टैंड है? क्या वहां पर हमने अपनी सिद्धांतों का त्याग किया? जब इसने तुझ पर आक्षेप लगाए तेरी पीठ पीछे तू मेरा विरोधी है। यह सब होते हुए भी तुझ पर इसने आक्षेप लगाए तो क्या हमने बिना ठोस प्रमाणों के उन आक्षेपों को मान लिया? उस पर काउंटर क्वेश्चंस नहीं किए? तुझे गाली दिए जाने का विरोध किया कि नहीं किया? सुन उसमें और उस बातचीत से यह पता लग रहा है कि नहीं लग रहा है कि वो जो एडिटिंग हुई है स्क्रीनशॉट्स की जो जो एडिटिंग कोई मुख्य विषय है ही नहीं। मुख्य विषय कालिया जिन्नो परिसाधना क्यों बता रहे

00:22:46:13 हो? तो उसको मोड़ दिया इधर कि भैया वो हमारी एडिट देखो एडिट करके हमारा दुष्प्रचार कर रहे हैं। अरे भाई कौन कर रहा है? वह एडिटेड स्क्रीनशॉट केवल इस विषय में है कि वह मंत्र क्या था। हमें पता ही नहीं है कि वो एडिट है कि नहीं है। मगर वो स्क्रीनशॉट केवल इस विषय में है। वो मंत्र क्या था? उस मंत्र को तो तुमने भी स्वीकारा। मगर उस रिकॉर्डिंग में सुनो। क्या यह पता लग रहा है कि नहीं कि वह जो स्क्रीनशॉट्स वगैरह एडिट है वह उस योजना में या उसको करने करवाने में मेरा तनिक थोड़ा बहुत भी थोड़ा बहुत भी हाथ था या नहीं था। उस रिकॉर्डिंग में ये देखो कि अपने विरोधी पर उसकी पीठ पीछे लगाए जाने वाले आरोपों को भी क्या मैं बिना आधार के स्वीकार कर लेता हूं। क्या मैं उस पर काउंटर क्वेश्चंस करके सामने वाले का मुंह बंद नहीं कराता हूं? विरोधी के बारे में बात होते हुए भी और तो और सत्यापन के अभाव में, प्रमाणों के अभाव में, आज तक मैंने उस ऑडियो रिकॉर्डिंग का उपयोग इस

00:24:01:18 व्यक्ति को बदनाम करने के लिए नहीं किया। वह बात एक अलग है कि अच्छा हुआ नहीं किया क्योंकि यह व्यक्ति तो धूर्त ऐसा धूर्त था पलटता। मगर मैंने उपयोग नहीं किया कि अरे वाह भागवतानंद के विरोध में देखो इतनी सारी चीजें मुझे मिल गई। यहां तक कि इसकी अनुमति प्राप्त थी कि इस रिकॉर्डिंग को आप डाल सकते हो। मगर मैंने नहीं डाला था। क्या गारंटी है कि जिन लोगों ने इससे कहा है पहली बात तो यही है कि वह लोग दुनिया में एक्सिस्ट करते हैं कि नहीं करते हैं उल्टे सीधे जिन जिन लोगों ने आरोप लगाए हैं ये पीडीएफ पढ़ देता है हम कुछ एक चीजें होती हैं जो सच होती हैं जो कोई मायने नहीं रखती उन चीजों के साथ में खूब गंभीर गंभीर बातें खूब गंभीर गंभीर आक्षेप किसी पर भी लगा देता है क्या गारंटी है कि जिनके आधार पर इसने लगाया है वह लोग भी एक दिन वैभव सिंह की तरह पलट नहीं जाएंगे। अरे पलटेंगे तो तब ना जब सामने आए। वो लोग तो है ही नहीं। एक्सिस्ट करते हैं कि नहीं करते? अभी पहला प्रश्न तो यही है। जब तक सामने नहीं आते तब तक

00:25:17:06 इस विषय में क्या प्रमाण है? केवल भागवत आनंद का वचन वही प्रमाण है। वह वचन जो खुद मेरे से भूलवश हो गया था। भूल नहीं करते। राम भूल नहीं करते। धर्म भूल नहीं करता है। और कम से कम वो तो भूल नहीं करता जिसको भूल ना करने का वरदान प्राप्त हो। भाई कोई आम इंसान थोड़ी ना हो। सामान्य मनुष्य हो क्या? हम चमत्कार के साथ तो तुम जन्मे हो। चमत्कारों से ओतप्रोत तुम्हारा पूरा जीवन है। फिर तुम बताते हो भूलवश हो गया। चार बार वाकलन हो गया। हम तो उसमें देखो वीडियो रिकॉर्डिंग में सुनो जाकर के। गाली देने का विरोध किया था कि नहीं किया था। अपने विरोधी को गाली देने का विरोध किया था कि नहीं किया था? इसे कहते हैं सिद्धांत।

00:26:23:01 आचार्य रामशंकर शुक्ल हो या प्रशांत जी हो ऐसे कई लोग हैं जिन्होंने इस व्यक्ति के द्वारा लगाए जाने वाले आक्षेपों को सामने आकर झुठलाया है। झुठला दिया। मगर तब वो लोग गलत हो गए। क्योंकि उन्होंने पहले आक्षेप लगाया था और अब जो है वह इसके अनुसार पहले उन्होंने आक्षेप लगाया था और अब वह जो है उन आक्षेपों को मानने से उन आक्षेपों को अस्वीकार कर रहे हैं तो इसलिए अब वह झूठे हैं। पहले वह सच कह रहे थे। हम यदि इसके समर्थक को आधार बनाते हुए इसका विरोध किया जाता है तो यह व्यक्ति कहता है कि उनसे जाकर भिड़ो। कोई व्यक्ति मेरा खुद को समर्थक बता के कुछ भी कर देगा, कुछ भी कह देगा तो उसको मान लिया जाएगा क्या? मगर यह जब रहा चलते अज्ञात पत्रों को पढ़कर उनको आधार बना करके किसी के भी विरोध में उनको खड़ा कर देता है तब यह सिद्धांत इसको याद नहीं आता। इसे कहते हैं दोगलापन। खुद के ही सिद्धांतों का खंडन हर कदम पर खुद ही कर रहा है। इसे कहते हैं दोगलापन। जो लोग सामने तक नहीं आ सकते हैं। ऐसे उठाए गिरे लोगों की बातों का आधार बनाकर पूरी पीठ के परिकरों पर या किसी पर भी आक्षेप लगाने से पहले

00:27:38:09 यह बात नहीं सोची थी कि कोई कि केवल समर्थक होने के आधार पर किसी की बात पर विश्वास नहीं किया जा सकता है। केवल शिष्य होने के आधार पर उसकी बात पर विश्वास नहीं किया जा सकता है। अपने लिए दूसरा सिद्धांत सामने वाले के लिए दूसरा सिद्धांत और और यदि समर्थक होने से शिष्य होने मात्र से शिष्य के द्वारा लगाए जाने वाले आरोप संबंधित तंत्र पर संबंधित पीठ पर संबंधित आचार्य पर वो प्रामाणिक मान लिए जाते हैं, सत्यापित मान लिए जाते हैं। तो जब आदित्य वैभव सिंह इस व्यक्ति का फॉलोअर रहा है तब इस व्यक्ति ने क्यों नहीं सोचा कि क्योंकि यह मेरा समर्थक है क्योंकि यह मेरा शिष्य है इसलिए इसके द्वारा लगाए जाने वाले आरोपों को सही के रूप में ख्यापित करना चाहिए सत्य के रूप में ख्यापित करना चाहिए समाज में क्यों विरोध किया था उनका फिर क्यों वहां पर ठोस प्रमाणों की आवश्यकता थी क्यों वो जांच का विषय था यह है दोगलापन क्योंकि तब इसे इसका ये मन कल्पित सिद्धांत याद नहीं आया था कि यदि समर्थक आक्षेप लगा रहा है, शिष्य आक्षेप लगा

00:28:53:10 रहा है तो वह बिना किसी प्रमाण के सत्यापित है। बस बोल दिया ना समर्थक है ना शिष्य है ना बस इतना काफी है। तो इसका अर्थ क्या हुआ? इसका सिद्धांत क्या है? सिद्धांत यह है कि इसके लिए सत्य और असत्य इस बात पर निर्भर करता है कि कौन इसके विरोध में है और कौन इसके पक्ष में है। यदि इसका कोई विरोधी है तो उसका शिष्य बताते हुए कोई कितने भी गंभीर आक्षेप लगा देगा ये उनको सत्य मान लेगा और अपने विरोधी को बदनाम करने लगेगा। पर स्वयं को इसका शिष्य बताते हुए जब कोई आक्षेप लगाएगा तो वो जांच का विषय होगा। उसकी बात पर बिना सोचे समझे विश्वास नहीं किया जाएगा। यह है दोगलापन। यह है इनके सिद्धांत दोगलेपन के। अब ये जो धूर्त है जिसने भागवतानंद की माता बहन पत्नी घर की स्त्रियों के बारे में अश्लील बातें की हैं। इस धूर्त व्यक्ति ने इस रिकॉर्डिंग में भी आप सुन लीजिएगा कि कितने गंभीर गंभीर आरोप लगाए भागवतानंद पर। और अब वह यह कह रहा है तो कहने वाले तो अभी भी यह कह सकते हैं ना कि भाई ऐसे व्यक्ति का विश्वास क्या करना जो कभी कुछ कह रहा है कभी कुछ कह रहा है

00:30:08:26 कैसे विश्वास करें हमने उसकी बात को बात पर विश्वास करके उसकी रिकॉर्डिंग नहीं डाली थी तुम्हारे लिए इसे कहते हैं सिद्धांत हमने नहीं मानी रिकॉर्डिंग नहीं डाली थी बिना ठोस प्रमाणों के अभी भी यह लोग कह सकते हैं कि नहीं कह सकते हैं कि हो सकता है कि अभी वह क्या कहते हैं ये कोर्ट बाजी या पुलिसबाजी इत्यादि के भय से ऐसा कर रहा है। अभी भी लोग कह सकते हैं ऐसा कि पहले वो सही कह रहा था मगर अब वो भय से ऐसा कर रहा है। जैसे तुमने कहा था आचार्य रामशंकर शुक्ल जी के लिए कि आचार्य रामशंकर शुक्ल जी ने मुझसे जो अकेले में कहा था वह तो सत्य है मगर अब वो गोवर्धन पीठ के भय में आकर के ऐसा कह रहे हैं बयान को पलट रहे हैं। आचार्य रामशंकर शुक्ल जी जैसे आचार्य श्रेणी के व्यक्ति तुम्हारे विरोध में आकर के अब तुम्हारे द्वारा बताए गए आक्षेपों का खंडन कर देते हैं तो वो झूठे और यह वैभव सिंह जैसा धूर्त जो किसी की माता बहन और पत्नी के बारे में अश्लील टिप्पणियां करता है, गालियां देता

00:31:24:02 है। वो धूर्त स्वयं के द्वारा लगाए हुए आक्षेपों का तुम्हारे पक्ष में आकर के खंडन कर देता है। तो वो खंडन करते हुए सत्य है। वह झूठा नहीं है। क्योंकि दोनों ही मामलों में सच्चा और झूठा होने का आधार केवल इतना है कि तुम्हारे पक्ष में क्या है? तुम्हारे पक्ष में क्या था? यह अंतर है। सिद्धांतवादी और सिद्धांत विहीन में। अपने विरोधी के पीठ पीछे भी अपने विरोधी होते हुए भी स्वयं का विरोधी होते हुए भी उसकी पीठ पीछे भी अधर्म का साथ ना देना। यह होता है सिद्धांत। और स्वयं का विरोधी होने पर किसी भी अनर्गल चीज को लेकर के और अपने विरोधी पर कटाक्ष करना उसको बदनाम करने का प्रयास करना यह होता है दोगलापन। अब सुनो आनंद लो उस चर्चा का और दर्शक स्वयं निर्णय करें कि कौन सिद्धांतवादी है। वो जो अपनी जो अपने विरोधी के पीठ पीछे भी उसको गाली

00:32:39:08 दिए जाने का विरोध करता है। उसके बारे में निराधार उठाए जा रहे लगाए जा रहे आक्षेपों का खंडन करता है। काउंटर करता है। प्रमाण मांगता है। प्रमाण ना प्राप्त होने की सूरत में उस वार्ता का उपयोग करके अपने विरोधी को बदनाम करने का प्रयास नहीं करता है। हम ये आप लोग दर्शक लोग स्वयं तय करिए कि कौन है सिद्धांतवादी या वह व्यक्ति सिद्धांतवादी है जो अपने ऊपर होने वाले हर प्रहार की यथोचित जांच की अपेक्षा करता है और अपने विरोधी के ऊपर होने वाले अपने विरोधी पर लगाए जाने वाले जो आक्षेप हैं उनकी किसी प्रकार की जांच की अपेक्षा नहीं करता। तो आप स्वयं तय करें इस चर्चा को सुने और हां वो निग्रह प्रवेशिका आने वाली है। उसप हम वीडियो लाने वाले हैं। इनकी परंपरा ज्ञात हो गई है। क्या है कैसे है? तो उसके बारे में विधिवत बातचीत की जाएगी। उसका आप लोग प्रतीक्षा करिएगा। आगे ये रिकॉर्डिंग सुनिए। जय श्री राम। जी जी आप सुधांशु द्विवेदी नाम है आपका ना शिवश जी

00:33:55:04 शिवश शिवश नारायण ददी जी हेलो जी बताइए जी हां आवाज तो पहचान गए नमस्ते जी नमस्ते जी प्रणाम कहते हैं आप ब्राह्मण है ये बोल रहे हैं कि पहचाना है उनको आदित्य वैभव सिंह जी आपका नाम मैंने वहां सुना है जब ये [संगीत] भागवतानंद ठीक है भागवतानंद के विरोध में बात चली है उसका कहना है उनका कहना है कि आप मतलब आपने कुछ प्रमाण प्रस्तुत किए उनके विरोध में और गाली इत्यादि का उपयोग भी किया है। ठीक है। हम अपने भाई को कॉल पे जोड़ सकते हैं? कौन भाई? मेरा भाई है विशाल सिंह गौतम नाम। जोड़िए। ठीक

00:34:53:09 है। आप जिस व्यक्ति से बात कर रहे हैं, उन्होंने आपके कॉल

00:34:57:27 को होल्ड पर रखा है। कृपया लाइन पर बने रहे। द पर्सन यू आर स्पीकिंग विद हैस पुट योर कॉल ऑन होल्ड। प्लीज स्टे ऑन द लाइन।

⬜ Not used yet · 00:35:09:22 – 00:51:10:04 (16:00)

00:35:09:22 हां, जय माता दी। जय माता दी। जय माता दी। बताइए। हां हां इनसे बात हो रही है गौतम जी हां जय माता जी हां हां ये जुड़े हुए हैं नारायण द्विवेदी विश्वास नारायण द्विवेदी जिनको कॉल कर रहे थे ठीक है अच्छा अच्छा हां तो लाइन पे बने रहिएगा रोड पे थोड़ा शोर हो रहा है ये बोल रहे हैं कि देखिए हुआ क्या था हम आपको शुरू से बताते हम अ साल 2016 में लेकिन मेरा जो डेट ऑफ़ बर्थ है पहले वो आपको बता देते 28 जुलाई एक मिनट एक मिनट आपकी आवाज आप शोर हो रहा है आपके पीछे बहुत। अभी ठीक आवाज आ रही है? आवाज आ रही है पर स्लो आ रही है। बताइए समझ आ रही है? ठीक है। सुनाई दे जाएगा बताइए। अच्छा ठीक है। सबसे पहले आप मेरी डेट ऑफ़ बर्थ सुन लीजिए। ठीक है। मेरी जो डेट ऑफ बर्थ है वो है 28 जुलाई 2004। हां। ठीक है। और तो ये मेरा जो ननिहाल है हम वो बोकारो में है। अच्छा तो इस माध्यम से इनके बारे में हमको शुरू से पता था। हम थोड़ी बातें भी होती थी। वो ऑनलाइन नहीं हुई थी। ठीक है। और उतना ये

00:36:24:28 ध्यान भी नहीं दिए होंगे क्योंकि बहुतों से तो इनकी बातें होती ही होंगी। ठीक है? हम तो मेरा जो था ये आध्यात्म से जुड़ा बिल्कुल ही शून्य था। हम ठीक है शून्य था तो मतलब इस तरीके से शून्य कह सकते हैं क्योंकि किसी आचार्य या फिर कहे कि परंपरा से हम जुड़े हुए नहीं थे हम जो मेरी कुल परंपरा है या फिर जो हमको जितना पता है माता की कृपा से हम बस उतनी रुचि थी जितना हमको पता था उतना हम पालन करते थे ठीक है माता की सेवा करने वाली हम फिर ये मेरी सदैव भी बचपन से ही मेरी निष्ठा एकमात्र मेरी कुल देनी में है ठीक है किस में उनकी सेवा कुलदेवी जो हमारी माता हां उनमें तो उनकी सेवा करते थे और उनका बड़ा ही मतलब प्रताप है हमारे यहां उनकी बहुत ही मान्यता है उनकी बहुत मानते हैं हम लोग ठीक ठीक है समझ गए फिर हां तो उनके बारे में बहुत सारी बातें सुनते थे तो होता था ना कि अरे माता कबूतर पर हम खुद ही ठीक है तो अरे माता के प्रति हमको और समर्पण समर्पण करना है ठीक है उनसे और जोड़ना है तो हम इसी बारे में जानने का प्रयास कर रहे थे कि कैसे जोड़ा जाए कैसे जोड़ा जाए तो हम उस समय सिर्फ क्षत्रियों से जुड़े हुए थे ब्राह्मणों से इतना मेरा संपर्क ही नहीं था। हम ठीक है। फिर बहुत

00:37:40:04 ब्राह्मण आए वो लोग उनको सुझाव दिए कि तुम द्विज हो तो एक काम करो जेन्युइन करवा लो। ठीक है। तो द्विजयों को उपनयन करवाना चाहिए और आयु अभी तुम्हारी सही है। रास्ते नहीं हुए हो। हम तो बोले ठीक है लेकिन करवाया किसने? कोई तो मार्गदर्शन मिलना चाहिए। तो उसी टाइम पे एक व्यक्ति थे उनका नाम है आनंद सिंह गहरवाल। वो एमपी के रहने वाले हैं इंदौर के। हम तो उन्होंने देखा कि जो बालक है लड़का है ये सज्जन है धर्म के प्रति झुकाव है और निष्ठा से पालन करता है तो उन्होंने मुझे संपर्क सूत्र दिया निद्राचार्य का हम 2019 में हम कि इनसे बात कीजिए भाई आप इनसे उपनयन करवा लीजिए अपनी क्योंकि शब्द धर्म पालन करने वाले क्षत्रियों की बहुत कमी नहीं है वो वैभ्याचारी हैं वासना लिप है जो भी है इन बातों को उन्होंने मुझे बताया ठीक है तो इनके बारे में हमको पता था ही एक बार बात भी हो चुका था लेकिन इतना इनको ध्यान में था नहीं तो ऑनलाइन हम इनसे बात किए ठीक है WhatsApp पे WhatsApp पे भी इनसे बात नहीं किए हम किसी से बात करते तो सीधा कॉल पे ही बात करते हैं तो इनको कॉल लगाए तो ये कॉल लगा के उठाए नहीं फिर उधर से फोन आया तो हम बिजी रहे तो नहीं उठा पाए फिर ये बोले कि WhatsApp पे ही बात

00:38:55:08 कर ठीक है हम तो फिर WhatsApp पे बात होने लगी अब कोई भी क्षत्रिय है तो उसका स्वभाव है कि ब्राह्मणों के प्रति निष्ठा रखेगा ही हम ठीक उनको आदरणीय कहेगा मतलब जितना आदर देना चाहिए जितना अभी बंद करना चाहिए वो करेगा ही ठीक है ये सामान्य बात है तो लेकिन इनसे जुड़ने के पूर्व में हम अभ्यास कर रहे थे योगाभ्यास ठीक है योग का अभ्यास तो योग के अभ्यास के क्रम में जैसे जैसे हमको पता चला अध्यात्म के बारे में कि अरे हमारे लिए अध्यक्ष है एक आचार्य पुलकित शास्त्री जी हैं गुजरात वाले हम्म उनकी एक पोस्ट मैंने पढ़ रखी थी कि ये जो सभी अभक्ष है ये नहीं खाना चाहिए हम्म हां ठीक है और मेरी निष्ठा उसमें बन गई मैंने इसको छोड़ के देखा और मुझे लाभ हो गया तो ये बात मैंने इनसे शेयर किया था इनसे जुड़ने के पूर्व में मैंने ये कार्य कर लिया था ठीक है कि अभक्ष जो भी भक्षण है उसका त्याग कर दो ठीक है तो इन्होंने बोला हां बढ़िया है इसको छोड़ दीजिए तो इनसे मार्गदर्शन नहीं मिला कि हां ये अभक्ष है इसको छोड़ दो यानी इनसे निवेदन नहीं किया कि हमको बताइए कि यह भक्ष है तो इसका भक्षण करना चाहिए या नहीं ठीक है तो इसका सरासरी जो था आचार्य कुल शास्त्री सिर्फ पोस्ट को जाता है। उनको भी नहीं जाता। हम नहीं उन्हीं को जाता है। पोस्ट उन्हीं की थी ना? हां पोस्ट उन्हीं को जाता है। ये बात सही है।

00:40:11:03 ठीक है। तो आचार्य शास्त्री जी को ही जाता है सारा। ठीक है। हम्म। तो उनसे मतलब मेरी बात भी हो रही थी। उपनयन विशेष लेकिन वो उस समय बोल रहे थे कि नहीं अभी संभव नहीं है मेरे द्वारा उपनयन होगा। ठीक है। शुरू में मेरी निष्ठा उन्हीं में एक हिरन त्रिवेदी है ना गुजरात वाले उनसे मैंने बोला तो उन्होंने बताया कि शंकराचार्य से संपर्क कर लो। आपके निकटवर्ती जो है तो निचलानंद जी सरस्वती जी जो है वही हमारे ये क्षेत्र में है लेकिन उसमें मेरी अवस्था नहीं थी कि हम जा सके अकेले और कोई तैयार भी नहीं था कि ले चलेंगे। और फिर जैसे उसे पता चला कि अरे भीड़ होता है तो बोले मतलब मनोबल टूट सा गया। फिर आयुष सिंह चौहान है ना। उससे हम पूछते रहे कि अगर उनका इधर-उधर कहीं सम्मेलन हो आते जाते रहते हैं। उनका कार्यक्रम होता है अगल-बगल तो वहां पे आ जाएंगे। हम्म तो यही बात था तो इसी बीच में इनसे भागवतानंद जी जो है उनसे मेरी बात हो रही थी तो उनसे मैंने यही स्पष्ट रूप से निवेदन किया था। वो जो स्क्रीनशॉट प्रमाण में बांट रहा था ना वीडियो में उसमें भी दिखा होगा आपको कि हम उनको बोल रहे थे। एक मात्र यही बात कि देखिए मेरी निष्ठा जो है एक मात्र मेरी कुलदेवी में है। हमको सिद्धि का कोई लोभ नहीं है। ना ही चमत्कार का लोग है। बस उनकी कृपा

00:41:26:09 मिल जाए और हमको कुछ नहीं चाहिए। हम्म। ठीक है। ये मैंने उनसे निवेदन किया है। तो वो क्या कह रहे हैं इन चीजों के बारे में? तो वो बोलने वो उसमें कुछ नहीं बोलते। नहीं नहीं वो अभी वो क्या किस तरह से दिखा रहे हो उस स्क्रीनशॉट को? टोटल बात तो हम आपको शुरू से बता रहे हैं। हां ठीक है तो वो आप समझ लीजिए हां तो उनसे मैंने ये निवेदन किया करता ही रहा लेकिन वो इस पे कोई विशेष ध्यान नहीं दिए ठीक है फिर मेरी आर्थिक स्थिति शुरू में बहुत ही अच्छी थी फिर धीरे-धीरे बहुत ही डाउन जाता रहा ठीक है और फिर हमने ये प्लान किया था कि चलो एक क्षत्रियों को इकट्ठा किया जाए धर्म के मार्ग में उनको जोड़ा जाए ठीक है हम्म तो इसके लिए अर्थ लगेगा तो हम उनको ये बोले थे आर्थिक परेशानी आ रही है हम्म और उनको ये हम कब बोले वो बताते हैं तो उसमें हम उनको अर्थ के बारे में कोई साधना के बारे में कुछ नहीं बोले थे। हम सिर्फ ये बोले थे कि अगर कोई प्रयोग है जैसे कि कुलदेवी की कृपा मिल जाए तो हमको बतला दीजिए। तो ये व्यक्ति हमको सबसे पहले एक प्रयोग देता है लाली। शैतान की बेटी लाली है ना वो वाला प्रयोग देता है। उसमें कहता है कि छत पे बैठ के उजले कपड़े में भूत केंद्रिय हाथ पैर

00:42:41:13 जैसे कि वो मुसलमान नहीं है वजू करते। हम वैसे धो लेना है और कुंजरा कपड़ा पहन के छत पे चंद्रमा को देखते हुए शटर की माला से जाप करना है। हम ठीक है। तो अब हम जब उसका मंत्र पढ़े कि शैतान की बेटी लिखा हुआ है और तरीका तो मुसलमान ही है। वो आपकी चैट थी क्या जिसमें कि ऐसे लिखा था कि अब आप क्या मुसलमानी साधना करेंगे क्या? हां मेरी चैट्स थी। ठीक है। तो ये तो कह रहा है कि वो जो है एडिटेड चैट है। हम बता रहे हैं। हम आपको बता रहे हैं सर ये तो। तो ये वैसा जो लिखा ना पहली बार में वो सबसे पहला जो हमको WhatsApp पे जो साधना दिए। तो हम बोले अरे सबसे पहला साधना है लेकिन करने की इच्छा तो नहीं है। क्योंकि मुसलमान ही प्रयोग है। और अगर हम इनको सीधा मना कर दे तो ये हमको भविष्य में कोई और मार्गदर्शन भी नहीं देने वाले हैं। मेरा अपन भी नहीं करेंगे। ठीक है? हम्म। क्योंकि फिर आपका स्नेह खत्म हो जाएगा ना उससे। अगर कोई आपकी बात नहीं सुनता तो। तो मैंने ठीक है उस समय वो जो YouTube पर जो विडियो डाला है या Facebook पर जो विडियो डाला है उसके चैट में आप पढेंगे की मेरी तो निष्ठा एकमात्र कुलदेवी में है लेकिन आप जो आज्ञा देंगे उसका पालन करेंगे हम ये लिखे हम ये नहीं बोलेंगे साधना करेंगे हम ठीक है तो हम ये लिखे है उसके भी चैट में वो जो दिखाया उसमें भी ये बात लिखा हुआ है तो हम

00:43:56:16 उसको झूठ बोल दिए मतलब साधनाओं में क्या होता है इतना तो अनुभव था ही तो बोल दिए पायल बाग उगला कपड़ा उड़ता हुआ दिखा अनुभव हुआ चलने का जो भी मतलब कहा जा सकता ये आपने यूं ही आपने यूं ही कह दिया जिससे कि उनका मान रह जाए हां कि मतलब मान रह जाए उनके बात का कि हम किए हैं बहला दिया कि हां ये किए लेकिन हुआ नहीं ठीक है बहाना देके फिर उसको बोले पांच दिन बाद क्या बहुत हो गया कितना झूठ बोला जाए बोल दिए हमसे नहीं हो पाया तो वो बोले कि इसको छोड़ दीजिए ठीक है फिर हम उनसे उसी में पूछे थे कि सूर्य नारायण का व्रत बताइए क्या आप ये सब बता रहे हैं ठीक है तो सूर्य नारायण भगवान का वो व्रत हमको नहीं बताएं ठीक है वो जिस विधि से बताया उस विधि किए तो उल्टा हमको चर्म में रोग होने लगा। ये बात भी अपने वीडियो में बोला है। उसका भी कारण असमाधान नहीं बताया। फिर मेरी मां को स्वप्न आता है छठ में कि नारियल एक्स्ट्रा चढ़ाओ। उससे मेरा ठीक होता है। तो ये फंसाने वाला ही काम करता है ना। हम तो ये तो लाली वाला साधना निकल गया। फिर वो हमको बताता है कालिया जीन का। ठीक है। तो कालिया जीन का जो साधना बताता है तो हम तो इसमें कहते हैं अरे ये तो बड़ा खतरनाक ही साधना है। ये तो फिर तुम समझ कोई एक सामान्य वह पोस्ट Facebook पे आप ही ने डाली थी क्या जिसमें पूरा वृतांत बताया था कि मेरे को वह डर लगा मेरे नाना

00:45:12:07 दादा थे जो बाहर खेतों में सोने गए थे वो आपकी नहीं थी ना वह पोस्ट नहीं वो किसी और तिवारी जो है थे बताइए बताइए सुनिए तो होता ये है कि 2021 उस समय मेरी आयु 17 वर्ष की थी हम्म ठीक है उस समय ये हमको अब एक प्रयोग देते हैं कालियां वाली ठीक है तो कालियां वो उनको प्रयोग देता है। तुम कहा अरे ये तो मुसलमान ही प्रयोग है क्योंकि उसमें जो उसका रक्षा मंत्र है उसमें ये है कि आयतल कुर्सी का कुरान आगे पीछे तुम रहना अंदर राखे खुदा सर राखे सुलेमान हम अरे भाई ये तो पूरा मुसलमान ही प्रयोग है। ठीक है। उसमें बैठने का वज्रासन में उजला कपड़ा ये सभी बोल रहा है। ठीक है। रुमाल बांध रहा है। फिर बोले ये तो पूरा मुसलमान ही प्रयोग है। मतलब इसमें ये बोला कि क्या बोला था हां कि उसका फिर जो मंत्र रहता है कालिया जिन जिनों का सरदार लगे पुकार हो स्वीकार में चलाए जो भैया जो मेहमान वो लेकर आए तो बोला कालिया जिन जिनों का सरदार ये तो जिन तो मुसलमानी चीज है भले उसने अंत में ये कुछ भी बोल रहा है कि सिद्ध के तीजे नेत्रों से भंग हो जाए लेकिन है तो मुसलमान प्रयोग ना और ये कहीं भी जाए इसका जो रक्षा

00:46:27:10 मंत्री है तो पूरा मुसलमान ही है उसका विधि पूरा मुसलमानों वाला है तो उसमें भी हम सीधा मना उसको नहीं कर सकते थे दूसरा मतलब हम बोल रहे थे कि कहां दे देंगे मतलब वो बोल रहा था कि जब तक फिर आगे आगे बताइए समझ गया मैं वो आप मना नहीं जब तक आप क्षत्रद्र शक्तियों का नहीं करेंगे ना आप उस लेवल पे नहीं पहुंच सकते वो ये बात हमको बोला था हम्म इसलिए हम उसको बोल दिए कि झूठ में उसको बोल के निकल जाओ कि नहीं हो पाया तो हमको आगे का प्रयोग देगा हम ये सोचे थे हम तो हम उसको बोल दिए हम प्रयोग किए लेकिन हमको इसमें सफलता नहीं मिली ठीक है 2021 में ठीक है फिर 2022 में भी फिर उसको झूठ बोल दिए नहीं हो पाया हम तो 2022 में नहीं हो पाया और उसमें जो आर्थिक स्थिति सुधारने वाला जो हम प्रयोग मांगे ना वो 2022 में मांगे हम और ये हमको प्रयोग कब दे चुका था 2021 में हम ठीक है दीपावली बुद्धि प्रयोग होता है तो बताइए कहां से ये कनेक्शन बैठता है कि हम इससे आर्थिक स्थिति सुधारने वाला प्रयोग मांगिए कौन सा प्रयोग मांगेंगे जैसे कि ये बोल रहे है ना कि एक साल से लोग मेरे पास गिर गिरा रहे हैं कि हमको आर्थिक स्थिति सुधारने वाला कोई प्रयोग दीजिए हां ठीक है हां तो ये आपको नाम लेके कह रहा है क्या ये लोग जैसे बोलना है ना तो मेरा भी नाम उसने लिया है ना वो अच्छा तो अगर वैसा कोई बात होता

00:47:42:14 तो फिर हम एक साल बाद मानते या फिर एक साल पहले मानते अच्छा ये हमको प्रयोग दे चुका है 2021 में और हम उनसे निवेदन किए 2022 में निवेदन क्या निवेदन क्या कहा था आपने निवेदन आर्थिक स्थिति हमारी बहुत ही ज्यादा बिगड़ गई है हमारा यही प्लान था हां हेलो हेलो हां हमारा ये प्लान था हेलो हेलो जी हां हां तो हमारा ये प्लान था देखिए 2021 में हमको कालेजन का प्रयोग किया हां तो वो उसको हम टाल के बहाना बना दिए 2022 में हम लोगों का ये प्लान था कि उसमें हम उनसे जुड़े थे एक रंजीत मिश्रा जी है ना हमारे गुरु जी जो है मार्शल आर्ट वाले हां उनसे जुड़े उसी दिन शंकराचार्य जी का भी कथन आया था कि हिंदुओं को युद्ध का प्रशिक्षण मिले हां तो उन्होंने भी हमको आज्ञा दिया था कि आदित्य तुम जो है एकेडमी खोलो अपने मुंगेर क्षेत्र में वहां के क्षत्रियों को या फिर जो भी उचित लगे उनको अभ्यास करवाओ उन्होंने हमको आज्ञा दिया अपने यहां एकडमी तो आपने इनसे 2022 में नहीं मांगा कि मुझे कोई तो 2022 के मिड में हम इनको बोले हैं कि हमको ऐसा कोई प्रयोग है तो बताइए तो हम कोई कार्य करने वाले अपने

00:48:57:18 धर्म के लिए ये बात भी अपने वीडियो में बोला है ना हां हां धर्म के के लिए हम देते हैं। हमको कालिया जिन का प्रयोग दिया 2021 में हम जो बात कर रहे हैं 2022 में। अच्छा तो मतलब इससे आप प्रूफ क्या करना चाहते हैं कि कालिया जिन का प्रयोग इसने 2022 में नहीं 2021 में दे चुका था ये। ये दे चुका था। फिर 2022 में इसका पोल खोलने के लिए इसको एक वीडियो का लिंक भेज के इसको बोलने की। आप अभी इसको भी प्रयोग आप ही दिए हैं। क्या मतलब मैं समझा नहीं? मतलब हमको उस समय पता चल गया था कि यह जो है किताबों से YouTube के वीडियो से कॉपी करता था कंटेंट को और वही हमको दे रहा था। अच्छा तो इसीलिए हम उसको इनडायरेक्टली ये भेज के बोल रहे थे कि अरे YouTube वाला भी प्रयोग जानता है। इसको भी प्रयोग आप ही दे दिए थे क्या? हां। तो हम उसमें टाइम नहीं रहे ना कि हम उससे पूछ रहे हैं। हम इनडायरेक्टली ठीक है। तो अब आप अब आपने मेरे पास क्यों फोन मिला है? ये तो बताइए। हम आपको पूरी बात बताना चाहते हैं ना। हां सुन लीजिए हां तो फिर उस समय इसे तो कोई प्रयोग दिया नहीं गया तो बोला कि ठीक वो कोई नहीं बोला वो बोला कि मेरे पास सकाम प्रयोग मत मांगिए निष्काम मांगिए बोले निष्काम मांगिए तो अब हमको सकाम दे रहे है अब ये कह रहे कि सकाम प्रयोग मत मांगिए हां ठीक है हम तो बोले थे कि सिर्फ कुलदेवी की कृपा चाहिए तो हमको दीन दिन ये सब दे रहे हैं और कहते हैं निष्काम मांगिएगा काम मत

00:50:12:19 मांगिए तो आपके बीच में बिगाड़ कैसे हो गया फिर कब हुआ तो मतलब ये नॉर्मल चलता रहा ठीक है फिर इसके जो आपको शैतान की बेटी टीवी कालिया जी तब का प्रयोग देगा वो आपकी नजरों में कैसा दिखेगा हम फिर ठीक है तो 2022 से ही के लास्ट में ही हमको से पूरा संदेह हो गया था हम कंफर्म होना चाहते थे कि ये कहीं भ्रम तो नहीं क्योंकि हम इनसे उपनयन करवाना चाह रहे थे हम इनसे जुड़े थे और अब इनसे मेरा कोई इच्छा नहीं था वो तो हम भ्रम में आके क्योंकि हम सभी वही बोलते हैं हमको एक मिनट रुकिए भाई को जोड़ते हैं वो भी बताएगा कुछ ठीक है इसलिए उसको जोड़े हुए हैं मेरे पास अभी तुरंत समय थोड़ा कम है या तो आप अह 10 बजे 9:30 बजे फोन लगा से बात कर रहे हैं उन्होंने आपके कॉल को होल्ड पर रख मैं ये कह रहा था हेलो आप जिस व्यक्ति से बात कर रहे हैं उन्होंने आपके कॉल को

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→ Used in: A · Video क्या यही है इस्कॉन का मोक्ष? श्वान माता at 0:33 ↗

00:51:10:04 होल्ड पर रखा है। कृपया लाइन पर बने रहे। द पर्सन यू आर स्पीकिंग

⬜ Not used yet · 00:51:17:13 – 01:38:57:00 (47:40)

00:51:17:13 हेलो हां हेलो हां हेलो जी हां तो 2022 के लास्ट में तक हमको थोड़ा संदेह हो गया था कि ये आदमी सही नहीं है। ठीक है तो और हमको उसमें ये मेरे मन में विचार आ रहा था कि इनसे हम उपनयन करवाने वाले ये मेरे आचार्य हुए। ठीक है? और क्योंकि ये हमको कुछ साधना भी दिया तो कहीं कोई शक्ति ही तो नहीं है मेरे मन में भ्रम दे रहा है कि हम इनसे दूर हो जाए और अपनी जो भी शुभकामनाएं हैं उनका त्याग करवा लें। ठीक है? हेलो हम तो हमको लग रहा है कि कोई शक्ति तो कहीं नहीं भ्रम पैदा कर रहा है तो हम सोचे कि कंफर्म होना चाहिए इसलिए हम इनसे तब दूर नहीं हुए हो सकता है कि कोई शक्ति ही माया फैला रही हो कि हमसे दूर हो जाए और अपना जो भी सब मार उसका त्याग कर दे ठीक है हम तुम जुड़े रहे फिर हमको बोले कि 2023 में आ जाओ मेरे पास मतलब स्थिति में मतलब आप उस उसको उस उसके प्रति सम्मान का भाव भी रख रहे हो और सम्मान का भाव नहीं भी रख रहे हो सम्मान का इसलिए देखिए वो ब्राह्मण है इसलिए हम सम्मान कर रहे हैं। बाकी हम उसके कोई नहीं तो ये भी तो सोच रहे हो कि कोई शक्ति मुझे मार्ग से भटका रही है उनके प्रति अश्रद्धा उत्पन्न करा रही है। हां इसलिए तो हम उनपे ये भी सोच रहे हो ना? इसलिए तो हम उनपे श्रद्धा बनाए हुए रखे थे कि हो सकता है कि कोई शक्ति हमको बहका

00:52:32:14 रही हो। ठीक है। ठीक है। तो मैं एक बात नहीं समझ पाया कि यदि आपने 22-21 में वो ले लिया था और 22 में आपने मांगा था इनसे साधन दोबारा आर्थिक स्थिति मेरी सुनिए तो मेरा प्रश्न प्रश्न मेरा ही है इससे फायदा क्या है ये बता करके कि हम 21 में 21 में हमें कालिया झंड की साधना दे चुके थे और 22 में हमने इनसे जो है अर्थोपार्जन के लिए साधन मांगा था जैसे कि ये बोल रहे है ना कि ये लोग एक साल से मेरे पास रो रहे गिड़गिड़ा रहे हैं कि हमको आर्थिक स्थिति सुधारने में मतलब रोक दीजिए। तो ये झूठ बोल रहा है। इसको कोई नहीं मांगा था। इसको हम कभी नहीं बोले 2021 में कि हमको धन दीजिए धन दीजिए। तो फिर कालिया जिंदगी की साधना क्यों दी थी? कुलदेवी को अपने मन से दी। इसने अपने मन से दी है। अच्छा मतलब आप आप 2022 में पहली बार अर्थ के लिए बोले हैं। उससे पहले उससे पहले इन्होंने अपने मन से दी। 2022 में बोले कि 2022 में हमको अर्थ चाहिए। के स्वार्थ के लिए नहीं है। ठीक है थोड़ा थोड़ा शॉर्ट में अगर बता देंगे ना तो सही रहेगा या तो फिर किसी फ्री समय में कॉल कर शॉर्ट में बता रहे हैं ठीक है शॉर्ट में बता रहे है हम अपने जीवन में कभी कालिया जिन का नाम नहीं सुने थे नहीं वो ठीक है अब आप आगे आ जाइए वर्तमान जो चल रहा था उस पे आ जाइए तो ये कैसे बोल सकता है कि

00:53:47:18 ये लोग श्री राम से कालिया जीन का ही मांगने के लिए आए थे अब ये बिगाड़ कैसे हुआ वो कैसे हुआ वो हां ठीक है तो 2023 में हमको अपने पास बुलाया कि एक साधना देंगे आ जाओ मेरे पास हम ठीक है जाते हैं 23 में 2023 के जून 21 जून को हम इनके पास पहुंचे। हम 2023 के 20 जून को बिलासपुर उतर गए थे शाम 5:00 बजे। हम वहां पे एक पुलिस वाले ने अपने बाइक पे बैठा के हमको मंगला चौक जो महाराणा प्रताप चौक है जहां से बस खुलती है। हम कवरदा जाना था जहां पे इनका कथा हो रहा था और उस दिन पहले वहां पे गोविंदानंद सरस्वती का इनसे शास्त्रार्थ भी हुआ था वहां पे। किससे हुआ था? गोविंदा सरस्वती के यहां तोड़ दिया गया था। हां। तो इनके पास जाना हुआ 20 जून को तो उस दिन बस शाम में मिली नहीं तो उस दिन मुदित भैया वहां पे मुदित मिश्रा नाम के एक भैया है हम तो उन्होंने बोला कि आ जाओ मेरे पास रहट में जाना हम यहां पे रहते ही हैं और उनसे भी हम अपनी समस्या के बारे में पूछे थे तो वो बोले थे कि जज साहब एक है उनसे आपकी बात करवा देंगे ठीक है क्या समस्या थी आपकी मेरी समस्या ये उपनयन विषय ही था मेरा उपनयन के ऊपर कुछ था ही नहीं समस्या हां मेरे मन में ये बैठ गया था कि हम रात ना हो जाए हमको उतने जल्दी से जल्दी करवाना है। अच्छा

00:55:03:16 फिर तो जज साहब के पास गए तो बोले कि हम करवा देंगे और वो लोग अब तक आपका ये ये मुंह हट गया था कि हमें भागवत आनंद से ही करवाना है। उस समय तक में तो मेरे पास एकमात्र वही उपाय था ना कि मेरी आर्थिक स्थिति तो सही नहीं थी। वो बोले थे कि हम कम से कम करवा देंगे। मतलब एक तरीके से आपके जीवन का एक परम लक्ष्य बन गया था उपनयन कराना। उपनयन कराना अभी भी मेरे जीवन और वो और वो आपके लिए बड़ा वो हो गया था दुर्लभ। हां दुर्लभ क्योंकि मेरे पास पैसा है नहीं। बोला कि ₹1.5 लाख बोला कि नीचे उपनयन होगा नहीं। तो ये बोले कि हम 40-50 में मैनेज करवा देंगे। अच्छा हां। तो हम बोले कि यही बढ़िया है और इनका बहुत नाम भी चल रहा था तो हम सोचे कि ठीक है इन्हीं से करवा लिया जाए। और ये हमारे निकटवर्ती भी हैं। बाकी तो गुजरात के हैं, महाराष्ट्र के हैं, ठीक है। डेढ़ दो लाख में नहीं 50000 में उपनयन हो जाएगा। हां तो ये बोले कि 5,000 में हो जाए तो हम बोले ठीक है तो इसी इसीलिए हम इनके पास आ रहे थे। बाकी ये जो प्रेरित थे उनसे हमको कोई मतलब ही नहीं था। फिर अब बताइए आगे एक बार फिर मामला बिगड़ा। गए उनके पास तो जज साहब बोले कि आदमी सही नहीं है। इनसे दूर हो जाइए। मोदी सिंह मिश्रित भैया जो है वो भी बोले कि सही नहीं है आदमी।

00:56:18:24 ठीक है। इनसे दूर हो जाइए। तो हम बोले कि हम उनको बोल के दिए हैं कि हम आपके पास आ रहे हैं तो फिर अपने बात पे नहीं रहना होगा ना वचन की हानि हो जाएगी। जब निकल गए तो मिलके आ ही लेते हैं। देख लिया जाएगा कि आदमी कितना सही है कि मेरे मन में भ्रम हो रहा है। ठीक है? तो उन लोगों की बात को मान के फिर साहू जी योगेंद्र साहू उस दिन क्या आप उपनयन के लिए जा रहे थे वहां उसके पास? उपनयन की बात के लिए हम आमने सामने जा रहे थे। प्लस देखने के लिए जा रहे थे कि मेरे मन में जो उनके प्रति भ्रम हो रहा है कि आदमी सही नहीं है। तो उसके साथ रहेंगे एक दो दिन तो पता चल जाएगा आदमी कैसा है। तो ठीक है अब आगे बताइए तो हम उनके पास गए अगले दिन 21 जून को निकले थे उस दिन योग दिवस था योगेंद्र साल नाम के एक प्रोफेसर है फास्टपुर के कॉलेज में वो जा रहे थे तो उनके साथ हम गए बस में बैठ के तो कवरदा होते हुए धर्मपुरा चले गए धर्मपुरा गांव में वहां पे उनका कथा प्रवचन चल रहा था तो 21 जून को शाम में हम उनके पास पहुंचे हम ठीक है जो कथा पे कर रहे थे तो बैठे जहां पर रह रहे थे उसके बगल पे रूम में रहे फिर हुआ ऐसा कि इनके दो परिकर है। एक प्रभारी है बृजेश पांडे जी हम और एक परिकर का नाम है मेदनी दुबे जी। ठीक है। तो मेदिनी दुबे जब हम मंगला चौक पे थे ना तो उसी समय वो हमको फोन किए हम कि

00:57:34:00 देखो भाई हमारे लिए जहर का पैकेट ले आओ। किसने? मेनी दुबे। हां? तो हम बोले अरे जहर का पैकेट आप क्या बोले? तो बोले अरे भाई हम जहर बोलते हैं गुटखा को। मैं समझा नहीं पीछे पीछे से पीछे बताइए क्या हुआ वेदनी दुबे नाम का जो व्यक्ति है उनका परिचर जो है भागवत आनंद जी का हां उनसे मेरा संपर्क Facebook पे हो चुका था और उनका मेरी उनसे मेरी बात भी हो रही थी फोन से हां तो और वही हमसे बात कर रहे थे कि भाई कहां आए कहां नहीं आए वो लोग भी चिंता में थे कि आज 20 तारीख को आने वाले थे 21 को आ रहे हैं रात भर कहां रुके ठीक है हम तो उनसे मेरी बात हुई थी वो बोले थे अच्छा आप आ रहे हो बस में ना तो हमारे जहर का पैकेट ले आओ। तो बोले जहर का पैकेट तो बोला वो आपसे फोन पर बोले भगवतन के परिक जहर का पैकेट ले आओ। तो बोले जहर का पैकेट हम शौक हो गए। जहर क्यों मंगवा रहे? तो बोला हम जहर बोलते हैं गुटखा के पैकेट को। हम आपको Google पे कर देते हैं। तो बोले अरे आप ब्राह्मण होके पैसा दे रहे हैं। हम आपको पैसे भेज देंगे। आप क्यों पैसा हमको भेज रहे हैं? हम ये भी बोले। तो वो बोले कि ठीक है हम आधी राशि आपको भेजते हैं Google पे। तो हमको पैसा भेजे वो ट्रांजक्शन हिस्ट्री भी अभी मेरे पास है Google P पे ठीक है हम तो हम उससे एक गुटखा का जो पूरा पैकेट होता है बंडल वो

00:58:49:06 खरीदे साहब जी देख के आते क्या ऐसा खाते हैं तो उनको भी क्या बोले कि वो वहां आचार्य लोग मंगवा रहे हैं बोले नहीं कोई व्यक्ति मंगवाया है तो उनको तो संसर्ग हो ही गया कि यही खाने वाला है हम तो फिर हम बस में बैठे फिर उनके पास पहुंचे तो उनको गुटखा का पैकेट दे दिया बोले छिपा के दो भाई तो बोले ठीक है तो वो लोग गुटखा खाते मतलब इनके परिक गुटखा खाते हैं। ये कह रहे हो परिकर नहीं वो आचार्य खुद गुटखा खाता है ये परिकरों के साथ भागवतानंद हां तो हम बोले अरे हमको तो जहां तक पता है कि तंबाकू लेने वाला ब्राह्मण तो दान के लिए अयोग्य होता है वो अच्छा नहीं होता तंबाकू में कलयुग का निवास होता है मेहंदी ये सभी में ना के रक्त से हुआ है निर्माण ये लोग तंबाकू खा रहा है गुटखा खा रहा है तो फिर समझ गए हम अब आगे आगे बताइए तो मतलब फर्स्ट इंप्रेशन ही उसका मेरे मन में बेकार सा बन गया ये लोग गुटखा खाता है हम और फिर वो प्रवचन करता है कि ये नहीं खाना चाहिए वो नहीं खाना चाहिए हम ठीक है और फिर बोल रहा है कि चाय मत पियो उसमें गाय का रहता है यहां पे ये लोग चाय वाल-बाल के पी रहा है हमको बोला कि आपको बनाने आता है हम बोले नहीं हमको बनाने ही नहीं आता है हम नहीं बनाएंगे ठीक है चाय वाल-बाल के पी रहा है हम फिर देखे कि ये लोग एक भी टाइम पे संध्या नहीं करता एक भी टाइम पे नहीं भागवत आनंद भी नहीं करता नहीं करता वो झूठ बोलता है

01:00:04:07 ना लोगों को कि मानसिक संध्या करते वो तो खराटा ले रहा था अपने रूम में अच्छा तो बोले कि ठीक है हो सकता है कि यात्रा पे लोग होता है ना कुछ नहीं है कि यात्रा पे जब हो तो नहीं किया जाता तो वही होगा हां उसका हम उनको जज नहीं किए तो फिर देखते क्या है जब भी लघु संज्ञा करने गए तो उनका पैर गीला ही ना हो वो पैर धोते ही नहीं थे हाथ थोड़ा सा धो लेते थे ये सब आपने वहां रह कर के देखी अशा शास्त्रीयता हां और हम जो कि कुछ धर्म के मामले में सजग नहीं है वो दातून लेके गए घर पे कि वहां पे दातून ही करेंगे और ये लोग टूथपेश का यूज कर रहे हैं टूथपेस्ट का यूज़ कर रहे हैं। यहां पे बताते हैं कि उसमें गाय की हड्डी है। तो अपने पास पे लोग बिल्कुल खरे नहीं उतरे। हम सर्च करने के लिए अब बिगड़ा कैसे? मैं समझ गया। अब बिगड़ा कैसे ये बता दीजिए आप। तो इनके कारनामों से तो पता चल गया कि ये जितना बोलते उतना करते नहीं है। हम तो हम समझ गए कि ये लोग ढोंगी आदमी है। पाखंडी के गुटखा खो रहे हैं। हम तो इनसे अब दूरी बना लिया गया। मेरे मन में जो भ्रम था वो एकदम सत्य साबित हो गया। हम्म। ठीक है। तो इनका विवाह हुआ। ठीक है। उनका नाम तो नहीं पता हो माता का। तो उनके चचेरे भाई भी आए थे। उन लोगों का भी आक्रमण सही में था। वो लोग लड़की वा क्या-क्या समझता भी करता था। तो हम देख लिए कि

01:01:19:08 वो भी परिवार से नहीं है। ये भी परिवार से सही नहीं है। हां। तो हम बोले अब इनसे दूरी बनाना ही उचित होगा। हम्म। ठीक है। तो वो हमको क्या प्रलोभन देते हैं कि हम आपको एक रीडर का प्रयोग ले रहे हैं। किसका वीर वीर होता है ना वीर हम का जो वीर होता है उसका प्रयोग ले रहे हैं हम ठीक है आंख का जो पौधा होता है ना आंकड़ा हम भंडार उसका एक प्रयोग है तो बोले ठीक है दे दो आप तो हम उनसे उपनयन के विषय में बात किए तो वो हमको अपना कार्ड दिए थे दो इससे संपर्क कीजिएगा और मेरा तो मेन फोकस वही था उपनयम हम तो उनसे बात हुई तो बोले कि अभी तो क्या-क्या तो बोले ये ग्रह अस्त है इसका उदय जब हो जाएगा तभी हम करेंगे उपनयन ठीक है हम्म तो बोले ठीक है तो वो हमको डेट दिए थे कि 2024 से अप्रैल के में आपका उपनयन कर दिया जाएगा हम ठीक है तो बोले चलो ठीक है ओपन हो रहा है और क्या चाहिए तो आपने कुछ वो 50000 जो खर्चा होता है वो कुछ दिया था क्या उसमें से नहीं और फिर वो हमको वहां पर क्या बोलते हैं पता है वो हमको वहां पे बोलते हैं कि आप कहीं झूठ तो नहीं बोल आपका प्रयोग सफल हो गया तो

01:02:34:14 25% हमको क्यों नहीं दे रहे? ठीक है। अच्छा अच्छा मतलब आपने कहा था प्रयोग सफल हो गया। नहीं नहीं वो बोल रहा है कि आप हमसे झूठ बोल रहे हैं कि आपका प्रयोग सफल नहीं हुआ। हमको 25% चाहिए। अच्छा बोले अरे तो प्रयोग चाहिए। प्रयोग ये वीर वाला प्रयोग था जो हां वो तो हुआ ही नहीं। हम किए ही नहीं तो प्रयोग होगा कहां से? अच्छा तो ये बोल रहे हैं कि हमको चाहिए तो ढाई करोड़ दूसरे होंगे ना 25% 10 करोड़ तो हम हम कहां ला के देंगे ऐसा हुआ ही नहीं कुछ अगर होता तो आपको पता नहीं चलता कि आप ही तो हमको दिए हम ठीक है तो फिर हमको एक प्रयोग देता है हनुमत वीर वाला जो आगरा वाला प्रयोग होता है ठीक है हम्म तो बड़ा ही खतरनाक था वो तो वो हम किए थे तो उसका उसको करने से पहले हम रिसर्च किए ठीक है नहीं वो तो वीर वाला जो प्रयोग है वो अब अब आपने बाद में किया वो हम इधर किए 2024 में तो ये कौन सा प्रयोग था जिसपे वो कह रहे थे मैं ₹5 करोड़ दूं ये कालिया जिन वाला था उसमें नहीं बोला था 25% का डिमांड तो कालिया जिन वाला प्रयोग तो आपने पैसों के लिए लिया ही नहीं था वो तो ₹2100 2021 में लिया था

01:03:49:15 हां तो उसमें जो उसका जो ऐ था ना साधना का यही था कि वो प्रत्यक्ष जब हो जाए तो उससे ₹1 करोड़ ले लेना है और उसका 25% हमको दे देना। मतलब आपने कहा नहीं था। वो अपने से इन्होंने दिया था। मगर उसका ऐम यही था कि अगर वो सिद्ध हो जाएगा तो उसका 25% नहीं वो हमको ये बोले थे कि ये प्रयोग करना है और आधे घंटे तक बैठे रहना है। वो आएगा उसको बोलना है तीन वचन लिया जाता है ना। तो उसको बोलना है कि मेरा समय ना बिगाड़े और मेरा काम करके तुरंत चला जाए और किसी को परेशान ना करें। और तीसरा ये वचन था कि आप ₹10 करोड़ रुपया दो। हम्म। और बस यही है। उसके बदले में हमसे कुछ नहीं। अच्छा और ठीक है। फिर फिर यहां प्रेजेंट स्टोरी में आ जाइए। मैं समझ गया। हां प्रेजेंट जो प्रेजेंट स्टोरी है तो हमको हनुमान वीर का प्रयोग किया 2023 में तो 2023 में हम प्रयोग नहीं नहीं नहीं जो ये ये वाला जो आपने किया अभी आखरा वाला। वीर वाला वीर वाला करने से पहले हम रिसर्च किए क्योंकि मेरा पूरा इसके भ्रम हो ही गया था कि क्लियर कि ये आदमी सही नहीं है। गुर्खा है ये वो कोई पालन नहीं करता। मले जैसा व्यवहार है। मूत्र त्याग तो सामान्य व्यक्ति नहीं करता तो आप धोता ही है वो भी नहीं धोता है। हैंड वाश भी यूज करता है मिट्टी के जगह पे टूथपेस्ट तरीका यूज करता है। चाय पीता है। ठीक है? और सोता है इतने

01:05:04:19 बजे कोई जो एक नॉर्मल आर्मी का तैयारी करता है वो भी समझ गया मैं समझ गया। आप आप जो है मुख्य बात 2023 में जो ये हमको प्रयोग दिए ना उसमें भी ये प्रयोग भूल गए थे। हम्म। तो ये हमको बोले कि हम जब घर जाएंगे ना तब आपको प्रयोग भेजेंगे। ठीक है फिर आपने यह आर्काइव्स की कॉपी किए टेक्स्ट को और हमको पेस्ट करके WhatsApp पे भेज दिए। हम्म अगले दिन जो हमको वहां से निकलना था। ठीक है? हां बोले ठीक है फिर बोले कि यंत्र भी एक बनाना होगा इसमें। हम्म वो हमको बोले यंत्र बनाना होगा। ठीक है? बोले यंत्र बनाना होगा तो बताइए कैसे? ठीक है वो विधि विधि विधि दी फिर उसका वो बताइए विधि मत बताइए वो तो ठीक है उन्होंने कुछ ऐसा दिया जो शास्त्रीय था। यंत्र का वो फोटो बोले हम कैसे देंगे? वो मेरे पास नहीं हमको याद नहीं है। हम तो इन्होंने फोटो दिया हां वो पूछता इनके पास नहीं था। ठीक है। तो बोले ठीक है बाद में दीजिएगा। फिर वो हमको दो भोज पत्र वहां पे देते हैं। हम ठीक है। दो भोज पत्र कि लीजिए इसके लिए यंत्र बनाना है। ठीक है। अभी आपके लिए आपके जनेऊ के लिए कह दिया 2024 में होगा। 2024 के अप्रैल में करेंगे। हम जब जून में इनके पास गए थे 21 जून 2023 को उनके पास गए तो बोले कि 204 अप्रैल में आपका फरवरी से अप्रैल के बीच में हम जेन्यू करेंगे। ठीक है। फिर यंत्र दिया आपको फिर यंत्र बोला

01:06:19:22 कि घर जब हम चले जाएंगे ना रांची तो वहां पे हम आपको फोटो भेजेंगे। अभी यंत्र का मेरे पास फोटो नहीं है। फिर भेजिए। ठीक है। हां। तो उसमें फिर हमको वहीं पे प्रेजेंट में छत्तीसगढ़ में हमको दो भोज पत्र देते हैं। ठीक है? सीसीटी यंत्र बनाना है। तो वो जो भोज पत्र था वो प्रिंटेड पन्ना था। पन्ने पे वो भोज पत्र का नहीं होता। हम प्रिंट कर दिया कोई कलर प्रिंट। हम तो समझ गए क्योंकि वो तो उबड़ खाबड़ होता है। उसमें निशान है तो वो तो छाल है ना पौधे का। हम तो बोले अरे ये तो इसको तो भोज पत्र का भी पहचान नहीं। साधना के इसको कितना पहचानो। हम ठीक है। तो उसी समय बहुत ही ज्यादा ट्रेंड में थे धीरेंद्र शास्त्री जी। हम तो नहीं है सभी लोग पर्चा लिख देते थे तो फिर हम इसको सर्च किए आर्काइव पे तो वो जो मंत्र हमको बोला था आकाशी बेला पाताली आला मराठी शब्द है तो हमको मिल गया आर्काइव पे हम्म चंडी प्रकाशन का जो पुस्तक है उसे मिल गया सारा प्रयोग मिल गया वो यंत्र हमको उसके पहले ही मेरे पास यंत्र उपस्थित था हम तो वही वाला प्रयोग अब डायरेक्टली बोलेंगे तो वो शर्मिंदा हो जाएगा ना इनडायरेक्टली वो वाला कॉपी किए और उसमें जो गंद्र का शब्द था वो ढेनु शब्द था। यह जो हमको लिख के दिया वो ढेन शब्द था। इससे कॉपी करने में नहीं होता की मिस्टेक हो जाता है। घ को घ कर देता है घ को ध कर कर देता है।

01:07:34:26 ठीक है? हम्म तो इस चक्कर में हम उसको भेजे की अरे देखिए आपका तो मंत्र ये है। एक संडी प्रकाशन में जो पब्लिश हुआ था उसमें मंत्र ये है। यंत्र ऐसा है। आप तो हमको बोले कि ये दो आदमी पकड़ेगा। तो शर्मिंदा हो गए। बोले नहीं ये जो महाराष्ट्र वाला व्यक्ति पब्लिश किया है ना यही प्रयोग हमको दिया है। तो वह जानबूझ के यह गड़बड़ी किया है कि यह जो है ना अह सामान्य लोग नहीं कर पाए। ठीक है? बोले ठीक है। 2023 में हम मेघाचार्य के बताए विधि प्रयोग को करते हैं। 21 बार बोलना था एक घंटे का प्रयोग था। हम्म। और ये एक विशेष नक्षत्र होता है ना अनुराधा उसमें ही किया जाना जाता है तो महीने में एक ही बार दिन आता है हम और ये ऐसा उसमें पौधे का आवश्यकता होता है ना कि मात्र चार महीने ही आप इसको कर सकते हैं मात्र चार तो चार महीने प्रयोग कर सकते हैं क्योंकि फिर वैसा पौधा मिलता नहीं उतना डाली निकल जाती है इसी डाली वाले से पौधा चाहिए होता है वो तो तुरंत जो उत्पन्न होगा वही पौधा नहीं मिलेगा ऐसा हम तो चार महीने लगातार हम चार बार इसकी बट प्रयोग को वो असफल रहा उसमें एक चू तक का आवाज नहीं था हम ठीक है हम तो हम बोले कि ये आदमी सही नहीं है तो फिर 2024 का अप्रैल आ गया हम

01:08:49:27 2024 के अप्रैल में ये मेरा ओपिनियन नहीं किए आगे टालते गए हम ठीक है तो फिर ये हमको 2024 में फिल्म में भी प्रयोग देते हैं आपके हिसाब से आपको क्या लगता है आपका ओपिनियन क्यों नहीं कर रहे थे ये टालते जा रहे थे नहीं क्यों टाल रहे थे एक बार पता नहीं ये बोल रहे थे कि हमसे मत लीजिए हम ये सब नहीं देते हैं। हमसे नहीं हो पाएगा। गायत्री मंत्र कर्मकांड हम नहीं करते हैं। हां ये सब हमसे नहीं हो पाएगा। हम नहीं कर पाएंगे। आप पुल्य शास्त्री जी से ले लीजिए। हम सब का उच्चारण ही नहीं करते मंत्रों का। हम्म मेरा शक्ति ही नहीं है। ये है वो है क्या-क्या बोल रहे हैं। सब बोले नहीं हम लेंगे तो आप ही लेंगे हम पूरा हट। फिर 2024 निकल गया। फिर आप मतलब 2024 निकला नहीं मतलब 2024 का ऑप्शन निकल गया लेकिन ये कुछ नहीं दिए। ठीक है। उपनयन कुछ नहीं। ठीक है। ठीक है। फिर ये हमको 2024 में ही फिर से प्रयोग देता है। हम इस बार शैतान की बेटी लाली नहीं थी। शैतान की बेटी परी थी। मंत्रों में थोड़ा बदलाव था। और मंत्रों में जो बदलाव था तो विधि में भी बदलाव था। ये जो कहता है ना चैट दिखा रहा है। वो पूर्व में हमको प्रयोग था। फिर इस बार जो प्रयोग देता है ना इसमें कहता है कि बकरे की चर्बी लो और बतासे का भोग दो। बकरे की चर्बी लो। वो कहां से लाओगे? मीट की दुकान से। कसाई थाने से मिला बुज थाने से वहां

01:10:04:28 पे तौसी दे देगा 250 ग्राम अच्छा और वजू करो तो हम कह अब हम पहले तक तो इनको टालते आ रहे थे कि भाई साधना वधना दे तो इसको बोल दो कि ये ये हुआ फिर आप विरोध में आ गए फिर विरोध में झूठ बोल दो कि हम ये मेरा शुरू में कि झूठ बोल दो साधना किए ये हुआ वो हुआ तो जैसा कि बोले कि आगे हम साधना देंगे क्या उपनयन करा देंगे हमको तो उपनयन से मतलब था ठीक है तो अब हम बोर हो गए और इसका आचरण भी हम जान गए थे। बोले कि पाखंडी आदमी है। विरोध में आ गए थे। तो इस बार हम स्पष्ट रूप बोलिए। इस बार हम झूठ नहीं बोले। हम झूठ आप बोलना नहीं चाहते थे। क्या बोला आपने? हम सीधा बोलिए हमने मुसलमान प्रयोग नहीं किया। हम ठीक है। हम सीधा बोल ये सब हमसे नहीं होगा। हम ठीक है। नहीं बोल दिए। फिर 2023 में ही फिर वो हमको रिपीट किए थे। वही प्रयोग का कॉलेज वाला। तो उसमें भी हम बोल दिल मुसलमान प्रयोग नहीं करेंगे। हम्म। ठीक है? तो ये दो साधना को दो बार रिपीट किया गया है। हम तो एक ही साल का चैट दिखा रहा है। दूसरे साल का नहीं दिखा रहा हूं। ठीक है? हम तो उसमें कहता है बकरे की चर्बी लो वजू करो। तो आपके पास तो वो चैट होगी ना फिर। हम डिलीट कर दिया ना। मेरा मोबाइल तीन चार बार बदला। अच्छा। तो फिर वो वो चैट आई कहां से फिर जब वो डिलीट कर दी थी तो?

01:11:20:12 क्योंकि वो जो प्रयोग है उसको हम सेव करके रख लिए सुरक्षित रख लिए कि यह प्रयोग हमको ये दिया है तो फिर ये ये नकली कैसे प्रूफ कर रहे हैं उसे ये मनगढ़ंत बातें कर रहे हैं एक बात तो हां और सुनिए और एक वो प्रयोग दिए थे कि ठीक है दिया होगा मैं समझ गया वो वो एक समरी प्रयोग वो देते हैं समरी समझ में आ गई मगर बात ये है कि वो है ये मुख्य बोलिए एक और प्रयोग देते हैं जिसमें कि वो एक मुसलमानी यंत्र में कुछ अक्षर लिखा हुआ है। हम्म। उसमें कहते हैं कि विलोम क्रम से लिखना है और जो डॉट लगा के वो भेजे हैं ना वो नंबर पहले लिखना है। हम्म और उसको मोमबत्ती में जलाते जाना है। बोले हम ये भी नहीं करेंगे। हम्म। वो एक परी का साधना था। वो तो पूरा मुसलमान ही है। उर्दू लिखना है। उर्दू कौन लिखेगा? सफेद चलने पे। उसने भी मना कर दिए। उसका कोई प्रमाण आपके पास? प्रमाण उसके मुंह से खुद निकला है। प्रमाण देखिए वो तो उनको जरूरी नहीं लगा तो मिशन शॉट लेके उसको Google ड्राइव में बैकअप कर लिए। हम्म। चैट का मेरे पास बैकअप नहीं होता। मोबाइल हम कई बार बदले चैट मेरा चला गया। 2021 का चैट कौन रखता है? हम ठीक है। हम 2021 से लेके अभी तक का चैट कौन रखता है? डिफॉल्ट टाइमर लगा के रखे है कि एक दिन कभी चैट ना रहे और उतने सालों साल का चैट कौन रखता है? उसके जैसा किसके पास फालतू समय

01:12:35:18 है और स्टोरेज है? अब मैं आपसे एक बस यह पूछ रहा हूं कि इसने आपके चैट जो आपने दिखाने का प्रयास किया है वो चैट इसने वो झुठला झुठला कैसे रहा है? झुठला कैसे रहा है वो? देखिए ये प्रामाणिक कैसे है वो बताते हैं। झुठला इसलिए रहा है क्योंकि इसकी छवि धुंधली हो जाएगी। नहीं नहीं झुठला क्यों रहा है? वो नहीं कह रहा। झुठला कैसे रहा है? कैसे कह रहा है कि वो नकली है? वो झुठला रहा है कि यह चैट नकली है इसलिए क्योंकि उसकी छवि पे धूमिल हो जाएगी ना छवि। अरे आप समझे नहीं कोई आधार बता रहा है ना वो कि इसमें देखो टाइमिंग ये डली है। वो टाइमिंग वहां वो डली है। इस तरह से कुछ चीजें। अब तो देखिए टाइमिंग बिल्कुल सही है। अब ये कैसे झुकला रहा है वो हम आपको बताते हैं। फिर मानसी की बात हो गई। हम उसमें एक चैट है वरमाला वाला हम वरमाला फिर हंसते हैं फिर बोलते क्या ये सब तो उसके नीचे वो उनको प्रयोग भेजा है हम्म तो स्क्रीनशॉट में उस प्रयोग का टाइम नहीं लिखा हुआ है कि इसने भी उनको भेजा है वहां पे वो जो गलत शब्द लिखता है ना संभोगना करी उसको मिटाया गया है तो उसी के साथ टाइम भी जग गया है हम तो किसके बारे में बोल सकता है किसने मिटाया वो टाइम वो गलत शब्द किसने टाइम मतलब जो सबसे लास्ट वो

01:13:50:21 जो शब्द का प्रयोग किया था ना कि इसके साथ संभोग ना करें। मेरे पास भेज दे। हां। इसको पहले मेरे पास भेजना होगा और इसके साथ संभोग ना करें। ये बस वो लिखा था ना तो ये अच्छा नहीं लगा। मतलब वो जो परी जो मुसलमानियों वाली जो प्रयोग दिया था ना कि कागज को जलाना उर्दू में यंत्र मिलता है। तो परी के साथ अंत में परी के साथ वो बोले कि जब ये सिद्ध हो जाए तो इससे पहले मेरे पास भेजना होगा। अच्छा। फिर वो बोले थे कि इसके साथ संभोग ना करना। इसके साथ संभोग ना करें। ठीक है? अच्छा। तो बोले जो लिखा हुआ है तो इसको कवर कर तो आप मतलब स्क्रीनशॉट जब दिखा रहे हो तो संभोग इत्यादि को छिपा रहे हो। हां अच्छा शब्द ये थोड़ी असली शब्द है। नहीं नहीं वो नहीं कह रहा हूं मैं कि मतलब आपने छिपाने की दृष्टि से जो स्क्रीनशॉट जब आपने वायरल किए हैं तो आपने उस शब्द को हटा दिया उसी के चक्कर में टाइमिंग भी छिप गई। छिप गई है ठीक है। ठीक है। बोलता है ना करें। तो उसको हम छिपाए हैं। टाइमिंग में थोड़ी छिपाए हैं। तो अब अगर मेरा वो स्क्रीनशॉट फर्जी है हम तो फिर उसी के मोबाइल में वो चैट कैसे मिलता है कि वरमाला देखो वरमाला वो कहा ना कि कौन ने चैट वायरल किया तो अपने WhatsApp पे सर्च किया वरमाला तो मेरा वाला चैट खुला हम तो अगर वो स्क्रीनशॉट निकली है तो फिर वरमाला वाला उसमें खुला कैसे?

01:15:05:22 ठीक है मान सकते हैं कि वरमाला वाला सेम सेम वर्ड उसके उसके मोबाइल में कैसे है सेम कैसे वरमाला वाला उसी के ठीक पहले और ये कोई नकली नहीं बना लेगा ना मगर उसका कहना ये है ना उसका उसका कहना ये है ना कि ये चैट आप ही के साथ की चैट है मगर इसको आपने थोड़ा सा एडिट किया है। ठीक है। उसी को आप ही के साथ की चैट है तो आप तो देख सकते हो ना कि चैट में क्या है। ठीक है। उसी बातों को मान लिया जाए। घर वाला वाला हम कॉपी करके डाल दिए। ठीक? हम्म। लेकिन उसके तरफ से ये जो यंत्र जो भेजा गया है। उसमें वो खुद बोल रहा है ना वो व्यक्ति कि देखो इसमें जो डॉट लगा के भेजा गया कि किस क्रम से यंत्र को लिखना है। वो स्वीकार कैसे कर रहा है कि हां ये यंत्र हम ही भेजे हैं। मतलब उसका ये कहना है कि ऐसी साधना तो बताई जिसमें कि ऐसे शब्द आते हैं जो सुनने देखने में मुसलमानी लगे। मगर जो विधि वहां लिखी हुई है वो विधि एडिट की हुई है। यह कहना है उसका। अच्छा मेरा बात समझिए। पूरा का पूरा पन्ना उर्दू से लिखना है। उसमें कोई मंत्र भी नहीं है। ठीक है। मैं आपकी बात समझ गया। मगर यह जांच का विषय है, इस पे केवल

01:16:20:26 शब्द ही तो आपका प्रमाण माना जा सकता है कि यह सब चीज़ें हुई है। और और तो सब चीज़ें डिलीट हो चुकी है। एक और प्रमाण इसका क्या वो खुद ही इसी से बोलता है कि हम कुछ वर्ष पहले एक ब्राह्मण को भी यह प्रयोग दिए थे। हां, तो वह तो, वो तो उसने स्वीकार किया। उसने बस यह कहा है कि इसमें जो विधि वगैरह बताई है वो गलत है। बाकी प्रयोग हमने कालिया जिन्न की साधना का दिया है लोगों को। कालिया जिनरे परी की साधना अब आप अब मैं यह कह रहा हूं कि आप आप उन्हें गालियां भी दी है क्या इनको? देखिए हम बता रहे हैं तो ये सभी चीज हुआ हम फिर थोड़ा जल्दी बताइए या तो आप फिर थोड़ी देर बाद फोन कर लीजिएगा दो घंटे बाद जल्दी बता रहे हैं सुनिए मतलब अभी लगभग कितनी देर की बातचीत और होगी पांच मिनट ठीक है बताइए हां तो ये तो अभी जब दिया तो उसने रूप से मना कर दिया ठीक है तो अब आप किसी को ऐसे मुंह पे मना कर दे रहे हो नहीं करेंगे ठीक है डायरेक्ट तो उसको बुरा तो लगेगा ही ना हम्म हम्म और क्योंकि हम उनका कृत देख के आ चुके थे कि ये कैसे व्यक्ति है तो उनसे दूरी बनानी थी और क्योंकि ये उपनयन का भी कोई बात नहीं कर रहे थे तो बोले हम समझ गए थे कि उपनयन नहीं करने वाले हैं।

01:17:35:27 ठीक है तो उसी समय फुल शास्त्री जी से पूछिएगा कि निवेदन किए कि आप मेरा उपनयन कर देंगे तो बोले कि 2ाई ग्राम सोना या कैसे तो बोले थे ये सब खर्चा आएगा मेरे पास अहमदाबाद में एक महीना रुकना पड़ेगा हम तो वो मान गए तो बोले चलो अपना तो काम हो ही गया जो चाहिए तो इनसे हमको मतलब ही क्या है ठीक है तो उनका त्याग कर दिया उसी समय फिर बोले कि चलो ठीक है इनकी बातों को मतलब उजागर करने से क्या लाभ है कोई लाभ नहीं है तो आप शांत थे फिर आपने उजागर क्यों की हम सब कुछ डिलीट कर दिए इनका नंबर सब कुछ डिलीट कर दिए हां क्योंकि इनसे हमको मतलब ही नहीं था फिर उजागर क्यों की बात सब डिलीट कर दिए फिर हुआ क्या कि बृजेश पांडे एक दिन हमको फोन किए इनके जो प्रभारी है हम और क्या ये हम जब इनके पास छत्तीसगढ़ गए ना तो ये खुद ही हमसे मांग करते अरे आप तो मुंगेर से हो मुंगेर सिटी ऑफ गन आप हमको गन सप्लाई कीजिए बोले अरे मुंगेर से होने का क्या मतलब है हम धंधा करते थे गन का हम तो गन का डिमांड बार-बार कर रहा था बृजेश पाठक ने क्या कहा बृजेश पांडे पांडे क्या बजेश पांडे नहीं भागवतानंद बोला कि आप मेर से हो ना तो हमको अरे वो ठीक है बाद में बृजेश पांडे ने आपसे क्या कहा हां तो उस दिन वो हमको फोन करके बोले क्या हालचाल है आदित्य तो हम उनसे अच्छी ही बात करते थे हां तो बोले

01:18:51:03 हद तक तुम बोले बढ़िया हालचाल है। तो बोले क्या चल रहा है? तुम बोले कि सर मेरी मार्शल आर्ट्स की प्रैक्टिस नहीं है। हम और मतलब हमको रिक्वायरमेंट थोड़ा प्रोटीन का हो रहा है। ठीक है। हम्म। फिर हम आचार्यों से मार्गदर्शन लिए तो बोले कि हां और हम छत्तीसगढ़ में गए थे ना तो इनके पास हम पूछे थे कि हमारे यहां कुल परंपरा में बलि प्रथा है। ठीक है। अच्छा आपने वो भक्ष भक्ष वाली बात समझ गया। फिर आगे बताइए। तो इन्होंने हमको बोल दिया कि नहीं मैं समझ गया वो देखा है वो देखा है मैंने। वो आगे बताइए। बोले थे कि बंद कर दो तो हम कैसे बंद कर दे भाई हम नहीं करेंगे फिर हमको एक स्वप्न आया था माता का उसमें बोली थी कि जब तुम देते ही नहीं तो खाते ही नहीं तो देते क्यों हो ठीक है तो हम कहे अरे माता से भी बढ़के कोई है क्या माता का माना जाएगा इसको हटाओ साइड करो उस बांड को उसी टाइम से हम उसका त्याग कर दिए कि अरे माता से भी बढ़के कोई है क्या हम तो बलि प्रथा के विषय में हमको बहुत ही रुचि होगी हम आचार्यों के मार्गदर्शन लिए वो बोले कि बलि प्रथा जो प्रूव विधि से ग्रहण किया गया वो बाकी है। हम्म ठीक है। तो विजय पांडे को भी ये बात बताई कि देखो मेरी रिक्वायरमेंट मेरा उग्र कर्म अभी चल रहा है ना हम प्रैक्टिस कर रहे इतना हार्ड ठीक है सेंट ट्रेनिंग कर रहे हैं मार्शल आर्ट प्रैक्टिस करें मीठाई तो हमको रिक्वायरमेंट है हम पुरोचित मार्क्स को ग्रहण करना चाह रहे है हम्म ठीक है और हम करेंगे तो ये बात वो भागवतानंद को बतलाएं उनसे मेरी बात नहीं हो रही थी तो हमको बोलते

01:20:06:04 हैं आप अक्ष भक्षण कर रहे हैं तो मेरा तो सीधा मानना था कि हम अपने मन से त्याग किए अपने मन से छोड़ रहे है ना ही हम किसी से दीक्षित है ना हम किसी से मार्गदर्शन दिए हम्म तो तुमको इससे मतलब क्या पुलकित शास्त्री जी से हम पूछ चुके हैं। हां ठीक है। हां तो वो कुछ नहीं बोला। फिर हम चाहिए हम सोचे बहुत ज्यादा उड़ रहा है ये आदमी। ठीक है। तो हम उसको खुद ही मैसेज दीजिए कि देखो आज हम पुरक्षित विधि से रूह मछली कुषा विधि ग्रहण किए हैं। ठीक है? और कुछ दिनों के पश्चात अपनी मां के ननिहाल के साइड जाएंगे। वहां पे हिरन का शिका करके खाएंगे। और आपसे पूछ नहीं रहे हैं या फिर मेरा कोई उद्देश्य उद्देश्य का इच्छा नहीं है। हम आपको सिर्फ बता रहे हैं। हम ये भी उसको मैसेज दीजिए वो जो दिखाया है। हम्म। तो उससे कोई मतलब ही नहीं। हम उसको बता रहे हैं चढ़ाने दो कि देखो हम खा रहे तुमको उसे क्या फिर तो इससे उसका मन बहुत ज्यादा खिन हो गया। हमको ब्लॉक कर दिया। हम्म। फिर हम टू ऐसे संपर्क नहीं करे थे हम और छोड़ दिए उसको। फिर इधर कुछ दिनों पहले क्या होता है कि वो एक पोस्ट डालता है। कि आदित्य आदित्य नाम का व्यक्ति है। हम्म। वो इन भूतों के जाल में यानी क्षित समाज और आचार्य भैरव जो है। उनके जाल में सबसे मांसाहार कर लिया। हम उसको मार्गदर्शन दिए। लेकिन देखो आदमी कैसे भटक जाता है। तो आप को चैट का स्क्रीनशॉट भी दे सकते हैं। उनको जय माता दी अभिवादन

01:21:21:06 करते हुए प्रणाम करते हुए निवेदन किए थे कि देखिए ऐसा कुछ बात नहीं है। हम आप और वो भी निवेदन क्यों किए उसका जो चेला चटिया है हम पंडित जो है पंडित यश कुमार मिश्र हम और मेदनी दुबे ये सब अमेरिकल मेरे तलाश कर रहा है कि पोस्ट पे गाली वाली दे रहा है। तुम क्षत्रिय हो क्यों बोलेगा भाई हम क्या लड़ाई में भाग गया कुछ कर गया ऐसा तो उसने उसने जब अपनी पोस्ट में अपने वीडियो में यह बोल दिया कि आप जो है चितेशुमानी इत्यादि के प्रभाव में आ करके जो है मांसाहार करने लगे ही बात था वीडियो तक बात नहीं गया था अरे ठीक है पोस्ट पोस्ट में उन्होंने उसने ये बताया कि आप क्षितिजमानी इत्यादि के प्रभाव में आ गए हो तो ये आपको बुरा लगा हाँ तो उस समय तक निराकरण पोस्ट नहीं किया। उसका जो भी समर्थक है ना वो आके हमको बोल रहा है कि बस तुम्हारी बहुत शिकायत सुनी है। स्क्रीनशॉट मेरे पास है कि तुम बिगड़ गए हो। तो फिर आपने निर्णय लिया कि हम भी इनकी स्क्रीनशॉट ये सब सब बताएंगे कालिया। बनचार्य और भैरवाचार्य के चक्कर में आके तुम मांग भाषण करने लगे। बनियाचार्य भैरवाचार्य से मेरा संपर्क ही नहीं है। हम समझ गए मानी और मैं आपको मार रहा हूं। लेकिन उससे मेरा संपर्क नहीं। उसको तुम ब्लॉक करके ऐसे हो दोनों को। नहीं तो फिर तब इसीलिए आपने फिर ये निर्णय लिया कि भाई मैं इनकी जो आरोप क्यों लगा रहा

01:22:36:07 है? वो लोग उनको परेशान कर रहा था मैसेज करके कार्य क्षत्रिय कार्य क्षेत्रीय कोई कार बोले तो उससे भयानक गाली हमारे लिए कुछ नहीं होता ठीक है तो इसीलिए इसीलिए आपने वो सर गुस्से में उसके समर्थक को गाली दी है आपने जो गाली दी है वो उसके समर्थक को दी है उसको हम कभी गाली नहीं दी है वो दिखा दे प्रमाण ठीक है तो हमने उसके समर्थक को गाली दीदी दुबे को हम फोन करके गाली दी क्यों वो मेरी कुल परंपरा पे आक्षेप कर रहा है आपके यहां बलि नहीं होता मेरी कुल परंपरा के बारे में वही ज्यादा जानता है उसका क्या नाम है जिसको आपने आपने गाली दी है? मेरी अच्छा तो अब ये रिकॉर्डिंग थी मेरे पास है। ठीक है वो रिकॉर्डिंग आप भेजिएगा। मैं ये कह रहा हूं कि इसका ये कहना गलत है कि आपने इसको गाली दी इनको इसको जो है गाली दी। शुरू में हम इनको नहीं दिए हैं। तो हम समर्थकों को गाली दिए कि तुम मेरे कुल परंपरा के बारे में कैसे कुछ बोल सकते हो? ठीक है। फिर आगे बताइए। आगे बताइए। वो लोग झूठा मेरे बारे में क्या प्रचार कर रहे हैं कि लहसुन प्याज खाने लगा। हम कब खा रहे हैं। ठीक है मैं समझ गया भाई। नहीं अब आगे तो बताइए आप आगे बताइए भागवतानंद तक बात कैसे आई तो उसके समर्थकों को जो हम गाली दिए ना हां और इसी बीच में वो हमको पोस्ट भी कर दिया था भागवत आनंद की आदित्य आदित्य नाम का मुरका व्यक्ति को भ्रमित कर दिया उस सम्मान की

01:23:51:08 ठीक है फिर तो फिर आपने भागवत आनंद को गाली देना शुरू किया नहीं नहीं गाली नहीं दी अभी सुनिए तो उसके समर्थक का ये कारनामा देख के और भागवतानंद जो पोस्ट कर दिया ये कारनामा देख के हम निर्णय लिए की उनसे बात किया जाए। ठीक है? क्योंकि फिर वो अपनी पोस्ट में क्या उल्लेख करता है कि आदित्य जो है वो हमको मातृभनी का गाली दे रहा है और मेरे गुरु जी को भी गाली दे रहा है। कौन कह रहा था ये बात? भागवतानंद जो अपना पोस्ट करता है Facebook पेज पे कि आदित्य नाम का जो मुंगेर का व्यक्ति है हां ये अपने पोस्ट ये जो है समर्थकों को गाली दे रहा है और हम मेरे को और मेरे गुरु जी को भी माखली भगनी का गाली दे रहा है। बोल अरे माखली भगनी का गाली तुम दिए ही नहीं। झूठ बोल रहा है। तो हम इनसे निवेदन किए वो उसके ऊपर ये जो डाला है हम अपने डबल9 वाले नंबर पे उसमें जय माता जी करके अभिवादन दिए प्रणाम किए बोले देखिए एकदम अच्छे शब्दों में कि देखिए ये बात है कि हम आपसे मार्गदर्शन नहीं दिए। हम पूर्व में ही सही छोड़ चुके हैं। आपने मार्गदर्शन दिए नहीं जो भी बात है वो तो वायरल हुआ ही स्क्रीनशॉट। हम्म तो अच्छे शब्दों में उनको बोले थे कि देखिए आप ज्यादा ऐसा मत कीजिए। झूठ मत बोलिए। मास्टर भगिनी का बात पे तो किस्मत ही गुस्सा आएगा ना। किसी और बाली आपको बोल रहा है। आरोप लगा रहा है। से मेरा कोई मतलब

01:25:06:16 ही नहीं है। उसके नाम पे हमको बदनाम कर रहा है। तो ये मुझसे मात्र एक निवेदन किए थे कि तुम जो है ऐसा मत करो। मेरे बारे में दुष्प्रचार मत करो क्योंकि तुमको भले दो लोग ना जानते हो। हमको 10 लोग जानते हैं। हां। ठीक है। तो ऐसा मत करो। हम उनसे निवेदन किया कि डिलीट कर दो। डिलीट कर दो। तो ये क्या करता है? ध्यान पुरानी नाम से भी उसका फेक आईडी है या फिर कोई व्यक्ति है। हम्म। उससे स्क्रीनशॉट को पोस्ट कर दिया। अच्छा और हमको लिख के भेजता है नालायक और कुछ अभद्र बातें लिखता है। ठीक है। हम और फोन करके गाली देता है। हम तो हमको आ गया गुस्सा फ़ किए तो आया ब्लॉक हम तो उसको मैसेज करके बोले अरे बढ़ाई फिर उसका जो भी इच्छा था मातृ गाली सुनने का वो पूर्ण कर दिए। ठीक है। अब आप मुझसे क्या चाहते हैं? तो यहां तक बात हो गई। अब ये तो आगे जो झूठा रायता फैलाए वो तो आपको पता ही है। वो पता है। ठीक है। ये फैला रहे हैं वो भी आपको पता है। तो हमको इनसे कोई मतलब नहीं है। उनको सूखता के बराबर भी वैल्यू नहीं देते। ठीक है। मैं ये कह रहा हूं दो बातें हैं। आपने मुझे बहुत लंबी कहानी सुनाई है। जी। उसमें एक पहली बात यह है कि

01:26:21:25 जो कहानी आपने सुनाई है उस सब में प्रमाणिकता के लिए केवल आपकी बात ही है ना कोई प्रमाण तो है नहीं आपने जो मुझे भेजा है प्रमाण प्रमाण है इसका ये जो हमारे लाइन पे इनका पूछिए हम जो है ना ये इनसे दूसरी बात ये है कि आपको गाली नहीं देनी चाहिए थी हेलो जी हां ये जब छत्तीसगढ़ भी गए हैं तो हम इनको मना किए थे कि वहां पे मतलब ठीक नहीं है वो आदमी वहां जाना ठीक नहीं होगा ये मुझे वहां पे मेरे स्वर में जो हम जो दक्षिणा लेके गए थे ना उनके पास हां जबरदस्ती मेरे स्वर में आभूषण ये सभी ले ले ले ले ले ले ले ले ले ले लीजिए वो सभी कितने का है 10 लाख से ऊपर का सामान यहां से लिए 10 लाख से ऊपर का आपका आभूषण किसने लिया निग्राच ले लिया प्लस हां उनको दक्षिणा में ₹00 दिए हैं हम 10 लाख के आभूषण आपके लिए हैं निग्राचर ने भगवत आनंद हां हां ऐसे ढाई ढाई लाख ढाई ढाई कर दो 25% तो आपके पास पास जनेऊ कराने के एक डेढ़ लाख नहीं थे इसलिए आप इनके पास गए थे 500 में कर रहे थे और आपके 10 लाख 10 लाख के गहने इन्होंने हमसे मांग रहे हैं कि नहीं दे दोगे तो बर्बाद हो जाओगे ये सब हत्या बर्बाद कर देगी अब ये सब बातें मुझे मैं कैसे विश्वास करूं भाई ये मेरी तो हजम ही नहीं हो रही

01:27:37:08 हमको छत्तीसगढ़ बुलाए क्यों थी इसीलिए सब के लिए ना कि हमको चाहिए नहीं वो ठीक है आप ₹1 लाख जिसके पास ₹1.5 लाख जो उसके जीवन का सपना है उपनयन कराने का वो नहीं है इसलिए वो भगवतानंद के पास जा रहा है कि वो 50,000 में कर देगा। फिर वो 1.5 लाख सुनिए ₹1.5 लाख कोई अपने स्वेच्छा पे खर्च करना चाह रहा है ना अपने मतलब नहीं मगर जो जो कम से कम खर्चे के सुनिए तो आप कम से कम खर्चे के लिए भागवतानंद के पास जा रहे हो। उनके पास हां और फिर आप कह रहे हो कि मैंने उसको 10 लाख के जनेब वो दे दिए जेवर। सुनिए सुनिए कैसे दिए वो तो समझिए बात को। हां। वो क्या कहते कि 25% वो हिस्सा चाहिए नहीं तो तुम्हारा नाश हो जाएगा। तो नाश ना हो इसलिए आपने 10 लाख के अच्छा देखिए आप आपके खर्च सुनिए आप विवाह कर रहे हैं तो विवाह आप अपने औकात के अनुसार ही ना आप खर्च करिए विवाह में अपना लेकिन वही अगर आपसे कोई आपत्ति आ जाती है डॉक्टरी का लफड़ा आ जाता है तो तो आप आपको पुलिस में रिपोर्ट लिखानी चाहिए कि इन्होंने इस तरीके से मुझे मेरे साथ ठगाई की है क्यों नहीं अगर कुछ करोगे तो तुम्हारे पूरे परिवार का नाश हो जाएगा तो वो तो वो आपको जब इतना भय है उसकी बात का तो वो गाली देते समय भय याद नहीं आ रहा है। तो शुरू में तो हम डर के रहे फिर आदमी कितना

01:28:52:12 ज्यादा तो शुरू में थे अब तो नहीं हो। अब लिखा दो। अब तो लिखवा ही देंगे जैसे कि ये कर रहा है। हम्म ठीक है तो यही बात है। तो ये हमसे अब ये वो लिया। जो भाई साहब साथ में बोल रहे हैं वो जरा उनसे बात कराइए जो भाई साहब साथ में है। हेलो और क्या इनके जो परिकर है ना दुबे जी? हां। वो भी हमसे ना अपने एड्रेस जो सामान मंगवाते थे उनको हम बहुत कुछ भेजे हैं और अपना एड्रेस और ये Google पे ये सभी भी दिए हैं उसप भी हम इनको कई बार पैसा देंगे तो डिमांड करते हैं ये लोग तो वो सब आपके पास होगा ना प्रमाण हां वो जी बताइए जी बताइए देखिए देखिए जो दुबे जी जो है ना जो मेदी दुबे है तो ये हम हम जब वहां पे गए थे तो मुझे उनसे परिचय कराए थे तो मतलब ये सब के बारे में वो को कोई परी साधना ये सब के बारे में वो बताते थे और ये भी ये बताए थे देखिए पूरा उस टाइम पे ये बताए थे कि हम बहुत सारा चीज लेके जा रहे हैं वहां पे

01:29:56:21 उनके उपहार के लिए बहुत चीज लेके गए थे बहुत कुछ बहुत सारा चीज लेके गए थे छत्तीसगढ़ दक्षिणा के लिए और वो जो डिमांड किए थे 25% उसके लिए हम ले गए थे हां मजबूरी में उनके लिए जाना था जी तो ये जो भी चीज है ना वो पहले यही से संदेह था मुझे कि मैं बोलता भी था कि यह आदमी अच्छा इंसान नहीं है। ये आपके पास जो आपने जो चीजें सुनाई है इनके संबंध में या उसको उससे संबंधित जो जो प्रमाण है साक्ष्य जी वो आप मुझे भेज दीजिएगा। दूसरी बात ये है कि आपने आप मुझसे चाहते क्या है जो आपने मुझे फोन लगाया। हां तो ये मतलब हम आपको पहले सारी बातें कुछ बता दें। आपके पास भी वो आया है क्या मानहानि का दावा? हां हां तो सवाल ने आज हमको फोन किया सामने हां वो बताएं कि शिवास नारायण दोरी नाम है ना आपका हां उनके पास नोटिस आया है तो उसमें आपका भी नाम था तो बोले करने दो नाम वो देगा तो खुद ही फंसेगा तो सत्य के मार्ग पे तो आप सत्य के मार्ग पे कहां है? आपने कितनी बार झूठ बोला जब आप उसके प्रति अनास्थावान हो चुके थे तो क्यों उसकी वो कर रहे थे चापलूसी वही खेल खत्म हो जाता यह सत्य का मार्ग कैसे हुआ

01:31:12:19 भाई आपको जब मन में यह लग रहा है जब मन में यह लग रहा है कि यह व्यक्ति ठीक नहीं है तो फिर आप उससे दूर क्यों नहीं हट रहे ठीक साफ-साफ बोल करके तो सत्य का मार्ग कैसे देखिए हम बता रहे हैं इनका बचपना था उस टाइम हां बचपना था मगर फिर जब बचपना हो करा देंगे। समझिए मेरी बात। भाई साहब जब यह बचपने जब इन्होंने अपनी नासम जब अपने इन्होंने अपने किसी कृत्य की क्रेडिबिलिटी पे प्रश्न लगा दिया और उस पर हम यह कह दें कि बचपना है तो फिर कौन सी बात को सही से माने? यह भी तो दिक्कत है ना। फिर इनके चीजों को हम उनकी चीजों के लिए खड़े थोड़ी ना हो सकते हैं। क्योंकि इन्होंने बचपने में बहुत कुछ खुद ही बता रहे हैं कि गलत करके बैठे हुए हैं। भाई जब इनको अनास्था हो गई थी किसी व्यक्ति के प्रति तो उसकी चापलूसी करने की जरूरत ही नहीं थी। अगर सत्य का मार्ग था तो यही लग रहा था कि हो सकता है कि कोई शक्ति भ्रम वो लग रहा था लग रहा था मैं आप बहुत आगे निकल आए ना लग रहा था बहुत बहुत लंबा चल गया लग रहा था जी ये बात है ना और दूसरी बात अंत में आपको गाली इत्यादि तो देनी ही नहीं चाहिए बिल्कुल भी अगर आप सत्य के मार्ग पर है तो सत्य के मार्ग में कहां लिखा है कि गाली दो देखिए सुनिए जब गाली वाला जो मैटर है ना हम्म तो मतलब ये आवेश में आके ये पहले

01:32:27:25 तो दुख हां आप समझ नहीं रहे आप अपनी देखिए ऐसा है अभी किया था कि गाली वाली ये सब मत दीजिए वो ठीक है वो ठीक है मगर आप देखिए अब हमारी ओर से जो गलतियां हो रही हैं उसको हम कह दे रहे हैं बचपना है सुनिए सुनिए अरे अब थोड़ा सा इतनी देर बोले हैं थोड़ा बोल लेने दीजिए मुझे हमसे क्षमा मांगे थे अब उसमें क्या है कि जब हमसे कोई गलती हो रही तो हम कह दे रहे हैं बचपना था आवेश था तो इस तरीके से सामने वाला भी समय आने पर कह देगा कि भाई मेरा बचपना था मेरा आवेश तो चलेगा क्या हमको उसमें मैच्योरिटी वाला है ना तो वो और कोई अपनी स्थिति बता देंगे मेरे साथ ऐसी समस्या थी या मेरे ऊपर किसी ने ऐसा किया था वैसा किया था तो इसलिए धर्म का त्याग करने का कोई कारण थोड़ी ना होता है कि हमने इसलिए कर दिया जी और आवेश में आकर के हम अपने पिता को थोड़ी ना गाली दे देंगे इसका मतलब हमने सोच समझ के दी है गाली किसको दे रहे हैं क्या कर रहे हैं जी है ना अब कोई आप इतने वर्षों से टॉर्चर कर रहा है। इतना आपसे धन्य इतना भी टॉर्चर करे भाई देखो ऐसा होता है कि गिरो तो उस झरने की तरह जो गिर के भी अपनी सुंदरता खोने नहीं देता। जी आप लड़िए अपने सम्मान के लिए अपनी चीजों के लिए लड़िए।

01:33:43:08 मगर धर्म का आलंबन लेकर के लड़िए ना। ऐसे थोड़ी ना किसी को गाली दे दी। फिर उसमें आप में अंतर क्या रह गया? वो भी तो यही कहता है कि मेरे साथ मेरे पास चाहे वो मैं दूंगा गाली दूंगा। मेरे पास चक्र नहीं है इसलिए गाली देता हूं मैं। भाई गाली देना हमारे धर्म में तो सिखाया ही नहीं गया कहीं आप गाली दे कर के अपना पक्ष कमजोर करना है तो आप उसके लिए दंड की चीजें करिए ना रावण ने जब माता सीता का हरण किया था तो इन्होंने क्या मंदोदरी का हरण करना सिखाया था नहीं फिर लड़े थे अपनी गरिमा मान सम्मान को वापस लेके आए थे अब आप मुझसे बताइए क्या चाहते हैं वो नोटिस नोटिस नोटिस हमारे लिए जो उसने जो भी कुछ लिखा है वो तो खिलवाड़ किया है कुछ नहीं है उसमें फिर भी इसको यतोचित जवाब दे दिया जाएगा अब बताइए आगे हम ये सुानी जी बोल रहे थे कि उसमें आपका भी नाम है मेरा आपका नाम आपके नाम से तो अलग नोटिस आया संभवत हां तो उसी विषय में पूछ रहे हैं हां तो आपके नाम से एक नोटिस आया था कल मेरे पास भी भेज दिया था गलती से उन्होंने मगर फिर डिलीट कर दिया तो हम पढ़ नहीं पाए जी नोटिस है हम्म मतलब तो आप यही सब होगा

01:34:58:12 कि आप गाली दे रहे हैं। उनके उनके नाम से स्क्रीनशॉट शेयर कर रहे हैं। फैब्रिकेटेड एडिटेड जो जो उसने बोली है बातें वही सब होंगी और क्या होगा? गाली और धमकी ये सब करने की जो आपने दिया है। जी। दूसरी बात मैं ये कह रहा हूं कि आप तो फोन लगा करके क्षमा मांग लीजिए क्योंकि आपने गाली तो दी है। है ना? आप तो फोन लगा के गाली इत्यादि के लिए क्षमा मांग लीजिए। हम उनको फोन लगाए उठाए नहीं। ठीक है। ब्लॉक कर चुके हैं। दूसरे नंबर से दूसरे नंबर से लगा लीजिए। मेरे तीनों नंबर को ब्लॉक कर चुके हैं। तो तीनों नंबर क्या किसी मित्र के माध्यम से कर लीजिए। क्षमा मांग लीजिए। और दूसरी बात यह है और दूसरी बात यह अगर आपके ₹1 लाख के गहने लिए गए हैं तो उसके लिए लड़िए आप। आप आपका चुनाव है। वह आपको क्या करना है? जी तो हम शादी में पोस्ट किए थे क्षमा मांगे थे आप सब के लिए कि आदेश दे दिए हां उसी दिन जिस दिन हम अब ये ये एक बात और बताइए ये सब बातें जो आपकी मुझसे हुई है जो आपने कहानी पूरी अपनी सुनाई है आप क्या चाहते हैं हम बताएं दुनिया को समाज

01:36:13:18 को यही सच्चाई है क्योंकि इस झूठा आरोप लगा रहे हैं इसमें सब फर्जी एडिट किया गया तो उसी के बात को सिद्ध करवाने के लिए जो वीडियो रिकॉर्डिंग है ना हां वो फर्जी आवाज से था कि खुद स्वीकार कर लिया। वो एक चाल था वही हम Facebook पर पोस्ट किए हैं। क्या चाल थी? किसकी चाल थी? वो चाल थी हम लोगों की कि मतलब उसको प्रमाण मिल गया। जैसे कि कल वो प्रमाण में बोला था ना कि स्क्रीनशॉट असली है। और उस दिन वीडियो जो फर्जी आया उसने बोल दिया कि नहीं स्क्रीनशॉट भी नकली है। तो उसी के मुंह से सर्च करवाने के लिए। नहीं तो स्क्रीनशॉट नकली वो यह कह रहा है कि उसमें नकली इसलिए है क्योंकि उसमें मिलावट की गई है। वो पूरा का पूरा स्क्रीनशॉट गलत नहीं बता रहा है। वो ये कह रहा है कि उसमें मिलावट कर दी गई है। और अगले दिन वो कह रहा है कि पूरा स्क्रीनशॉट ही फर्जी है। अगले दिन क्या कह रहा है? पूरा स्क्रीनशॉट ही फर्जी है। जो 6 मिनट का जो वीडियो बनाता है। पूरा स्क्रीनशॉट फर्जी है कि नहीं यह मुझे नहीं पता कहा है कि नहीं कहा है। हां उसका 6 मिनट का वीडियो अपलोड किया है अपने प्रोफाइल पे। उस देखिएगा वो अपनी बातों में फस गया। वही उसका चाल था। अच्छा ठीक है तो अब बताइए मैं थोड़ा सा विलंब हो रहा है काफी लंबी चर्चा भी हो गई और आगे से ध्यान रखिए कि आप जो है वो ना करें जी गाली इत्यादि का उपयोग ना

01:37:28:19 करिए अगर धर्म के रास्ते पर चलने वाला मानते हैं स्वयं को तो और क्षमा मांग लीजिए गाली के जी और जब क्षमा मांगने जा रहे हैं तो आप फिर कहीं से भी वो करने वाले तो रह नहीं जाते हैं कि आप जो है उसके उसके विरुद्ध जो है वो करें कि 10 लाख के गहने मेरे मेरे से ठगाई हुई है। नहीं तो आप या तो यह कहिए अब मैं इसमें क्या बताऊं आपने गलती तो की है ना तो उनको बोल दे कि अपने अपशब्दों के लिए माफी क्षमा मांगते हां ये करिए आप अपने शब्दों के लिए क्षमा मांगिए यही आपने और यदि आपके पास प्रमाण हो तो आप आप भी जाइए या तो देखिए क्षमा मांगेंगे तो वहां पर पूरी फाइल क्लोज कर दीजिए क्षमा मांग करके फिर भूल जाइए आपके गहने इत्यादि नहीं तो यदि वह आपके साथ आपके अगेंस्ट उसमें जा रहे हैं विधिक कारवाई में तो आप जाइए आप अपने गहने मांगिए हम हमको ठग आ गया जी ठीक है

01:38:30:09 ठीक है ठीक है और कोई बात आपको कहनी थी जो नहीं नहीं अब आपसे कभी और बात हुई समय नहीं ठीक है हम ये फिर हम ये फिर क्या कहते हैं फिर हम ये कर देंगे सार्वजनिक आपसे जो बातचीत हुई इसको ठीक है ठीक है ठीक जय श्री राम हेलो जय जी बोलिए बोलिए जय बोलिए जय माता दी जय माता दी [संगीत]

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A: AHVAAN - Call Of Dharma Video 1:39:00 · 17 May 2025

भागवतानंद के लिए गाली बकने वाले व्यक्ति को शिवांश जी ने फोन पर क्या कहा था? Call recording....

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