⬜ Not used yet · 00:00:01:28 – 00:21:29:03 (21:27)
00:00:01:28 [घंटी की आवाज़] मैंने आपको जैसा कि बताया था कि हम लोग एक बड़ा आंदोलन प्रारंभ करने वाले हैं। उसका उद्घोष हो गया है। जयघोष हो चुका है और मेरे पास जगह-जगह से लोग संपर्क कर रहे हैं। बहुत जल्द दिल्ली में, अह पटना में, वाराणसी में, नागपुर में भी मतलब जगह-जगह से लोग संपर्क कर रहे हैं और रामपाल का पुतला जलाया जलाने की तैयारी है जगह-जगह पर और साथ ही साथ जो रामपाल का जो भी सेवक है जो उनके आसपास यदि रहता है तो अब आली रे आली क्या कहते हैं वो क्या कहता है उसमें आली रे आली अत तुजी वाली बारी आली तो वह स्थिति आने वाली है। तो अब यह लोग जो प्रचारक बने घूम रहे हैं इधर-उधर रामपाल के वो अपनी चीजों को देख लें जो भी उनके साथ होने वाला है। जगह-जगह पर ये अभियान शुरू होने वाला है और वो जो समोसे वाला
00:01:17:03 है उसने दो दिन से समोसा लगाया नहीं है ठेल और हम अभी एक दो बार वहां पर प्रदर्शन और कर देंगे। जैसे ही समय मिलेगा और लोगों को वहां बताएंगे बल्कि वहां जो जब वह समोसे बेच रहा होगा तो जिस समय उसके समोसे लोग खा रहे होंगे उसी समय प्लेट ले जाने वाले हैं बांटने के लिए। यह लो जिसके तुम समोसे खा रहे हो वह कौन है उसको जानो। यह सब चीजें होने वाली हैं। तो अच्छा हमारे इस प्रदर्शन के विरोध में कुछ हास्यात्मक वीडियोस भी मुझे दिख प्राप्त हुए। जिसमें जो सबसे प्रमुख रूप से जो वीडियो मुझे मिला है वह मिला है इसका अभिषेक का और उसमें राघव दास दोनों जो है खड़े हैं। वही उनका पुराना तरीका किताबों के पीछे खड़े हो जाओ किताबें दिखाओ और किताबों का कुछ ऐसा अट्रम शटरम कुछ बनाओ कि मामला जो है अपनी प्रजा को यह बता दो कि देखो कुछ हुआ तो हमने बोला बाकी उससे कुछ तंत पानी निकलता है कि नहीं निकलता वो कोई मतलब नहीं है। जैसे कि हमने कार्यवाही की यहां पर बोला भी लोगों को परास्त भी किया निरुत्तर भी किया ढेर सारी अनगिनत बार इसके बाद धरातल पर उतरे धरातल पर उतर के कोर्ट केस किया रामपाल जिस
00:02:32:09 जेल में बंद है उसके जेलर को यहां बुलवा लिया जेलर को है ना और तुम्हारा नाम दान सेंटर बंद हो गया वहां पे लोगों को कहना पड़ा कि यहां पे किताबें नहीं है यह सब ऐसा नहीं है कि सिर्फ बस हम औपचारिकता के लिए कर रहे हैं। हम कुछ ऐसा कर रहे हैं कि हमें प्राप्त करना है अभीष्ट फल केवल औपचारिकता के लिए नहीं। मगर वो दोनों जो टट्टू हैं किराए के वो बेचारे दोनों खड़े हो गए। वही अपना पुराना रटा रटाया कि यहां यह लिखा है वहां वो लिखा है। उसका अपने मन मन के अनुसार अर्थ जो कि अभी मैं बात करने वाला हूं। तो सबसे पहले राघव दास ने बात की कि यह कुछ नहीं है। यह भड़काता है और इसकी जो इसके साथ में जो लोग थे वो इतने कम संख्या वाले थे बोल रहा था कि बहुत कम हालांकि मैंने पूरा वीडियो नहीं देखा थोड़ा राघव दास की पूरी बात संभवता मैंने सुन ली और वो फैक्टफुल अभिषेक वो दोबारा तुरंत शुरू हो गया। वही किताबें खोलना ग्रंथ खोलना उनका अपने अनुसार मैनपुलेशन करना। अभेद का मतलब बता रहा है कि वह पति पत्नी का रिश्ता है। अभेद शब्द का अर्थ हो गया पतिप और पति पत्नी में भी बलात्कार भी फिट हो गया। है ना? यह सब वो कर रहा है। तो अ वो
00:03:47:13 क्या कह रहा है राघव दास? सबसे पहले तो वो ये बता रहा है कि तुम्हारे साथ इतनी भीड़ है जितनी तो हमारी गली में इकट्ठा हो जाती है। अबे मूर्ख व्यक्ति वो भीड़ तेरे ठिलिया कुलचे वाले के लिए थी। रामपाल के लिए नहीं। अब तू अपने रामपाल को वास्तविकता में वही घोंंचू समझता है जो हम लोग समझते हैं तो बात अलग है। ज्ञान के मामले में तो टच्चा है ही मगर वो तू इस मामले में भी उसे टुच्चा समझता है कि वह जो जनता एकत्रित हुई थी वह रामपाल के लिए हुई थी ना रामपाल को नहीं अब रामपालियों को पकड़ा जाएगा वो तुम्हारे वो ठेले वाले मित्र के लिए हुई थी एकत्रित उसके लिए तो पर्याप्त है या तुम ठेले वाले को रामपाल के समान समझते हो तो बात अलग है। यह तुम तय कर लो कि तुम्हारा वह जो ठेले वाला व्यक्ति है, वह रामपाल के बराबर दमखम वाला है या उनमें अंतर है। तुम तय कर लो। तो है नहीं। तो, यह तो रहा संख्या बल का एक जवाब। अब दूसरा संख्या बल का जवाब ले लो। यह पहला जवाब भी तुम्हारे ही तुम्हारा ही जूता तुम्हारे सर पर मारा। अब दूसरा जूता भी तुम्हारा ही है। भाई, वो दिखा दीजिए जरा। एक स्क्रीनशॉट मैंने शेयर किया है। तो देखो भाई। तो ये देखो कमेंट दिखाइए। इसे ऊपर करिए। ऊपर वाला चित्र दिखाइए। यह क्या लिखा है? यह रामपाल का जो हमने
00:05:03:06 विरोध प्रदर्शन किया है, उस प्रदर्शन के विरोध में ये कमेंट आ रहा है तेरे गुरु भाई का रामपाल के तत्व ज्ञानी शिष्य का। तत्वज्ञानी शिष्य का मतलब समझा? तत्वज्ञानी वो जो सच्चा भक्त होता है वही तत्वज्ञानी है। अब तेरे ये गुरु भाई भगत तो है ना। पढ़ ले अपनी गरमा गीता की। सनातन धर्म की किताबें पढ़ने से पहले राघव दास अपनी तत्व ज्ञानी की किताबें पढ़ ले जेल कट्टटू की शर्म आ जाएगी और कंफ्यूज हो जाएगा पागल हो जाएगा आत्महत्या करने की सोचेगा अगर पढ़ ली तो ये क्या पढ़ लिया मैंने
00:05:41:07 [हंसी] कॉमेडी शो है कॉमेडी शो तो पहले उसको पढ़ ले उसमें उसने लिखा है कि भगत वही है जो तत्व ज्ञानी है तो ये तेरे तत्व ज्ञानी अब तू भगत तो मानता है ना अपने गुरु ियों को ऐसे अनेक कमेंट आ रहे हैं। तेरे भगत जो कि तत्व ज्ञानी है तो तत्वज्ञानी है तो वो क्या लिख रहा है? सत्य अकेला खड़ा होता है और मूर्खों की फौज होती है। ले तू मुझसे कह रहा है ना कि मेरे पास मेरी फौज नहीं है। कम लोग थे तो फौज कहां होती है? मूर्खों के पास। यह भी तेरा जूता ही तेरे सर पे। इसको कहते हैं मार। ठीक है? अकाट्य बातें होती है यहां। यहां वो फरलोबाजी नहीं है। वह खड़े हो गए तमाशा कर दिया और अपने गवार अनपढ़ फॉलोअर्स को संतुष्टि दे दी। देखो भाई कुछ हुआ तो हमने ये किया। ये फरलोबाजी नहीं है। यहां पे बिल्कुल कांटे की बात है। और जिस दिन सामना होगा एक खीखी खीखी खू खू सब निकल जाएगी। बस हिजड़ों की तरह ये सब करो कि क्या कहते हैं? फोटो बिगाड़ के डाल दो। ये सब फोटो बिगाड़ के और सबसे बढ़िया चीज है। भाई वीडियो बनाओ। यह सब करो इसमें तुम करते रहो लगे रहो मगन रहो मैं जड़ से उखाडूंगा जमीन पर उतरूंगा रामपाल के
00:06:56:12 समर्थकों का जीना दुश्वार दुर्गा माता को गाली देने वाले के समर्थकों को चैन से नहीं रहने दूंगा मैं अपने पास की बात कर रहा हूं ठीक है तो एक तो यह बात रही तेरा जूता तेरे ही सर पहला वाला भी तेरा जूता तेरे ही सर और दूसरा वाला तेरे तत्व ज्ञानी भाई का तेरा जूता तेरे सर तू तू तू संख्या बल ढूंढ रहा है। तू फौज ढूंढ रहा है तेरा। तत्व ज्ञानी भाई कह रहा है कि फौज तो मूर्खों की होती है। शेर अकेले खड़ा होता है। अब सुन इतने से बात नहीं बनेगी। हमारे जो सनातन भाई बहन हैं सनातनी हिंदुत्ववादी मनुवादी उनके लिए भी सिद्धांत दे दूं जिससे वो इस बात का उत्तर दे पाए। जुगनू और उल्लू यह तेरे भेजे में नहीं घुसेगा और तेरे तत्वज्ञानी भक्तों के लिए नहीं। यह हमारे दर्शकों के लिए हमारे जो समर्थक हैं उनके लिए सिद्धांत जुगनू और उल्लू सूर्य के प्रकाश की ओर आकर्षित नहीं होते हैं। टिमटिमाते हुए दिए की ओर आकर्षित होते हैं। है ना? मगर सूर्य की ओर आकर्षित ना होने में सूर्य के सामर्थ्य का दोष नहीं है बल्कि जुगनू और उल्लू के असामर्थ्य का दोष है। समझ में आया कुछ? हिंदी पढ़ लियो थोड़ा सा जाकर के। ठीक है? प्रकाश के विषय में
00:08:11:13 जुगनू और उल्लू प्रमाण नहीं होते हैं। समझ में आया? और समझ ले। दुनिया में कितने लोग हैं तेरे अनुसार बोल रहा हूं। तेरी फिलॉसफी के अनुसार मूर्ख व्यक्ति मैं तो तेरे ही जूता तेरे सर पर मारूंगा। मुझे अपनी चीजें लाने की जरूरत ही नहीं है। ज्यादा लोग काल के काल को फॉलो कर रहे हैं कि ज्यादा लोग तेरे तत्व ज्ञानी को फॉलो कर रहे हैं। जो तत्वज्ञानी को फॉलो नहीं कर रहा है वो काल को फॉलो कर रहा है। तो तेरा तत्व ज्ञानी बेकार हो गया। हो गया तत्वज्ञानी तो हो गया बेकार। उड़ा खिल ली अपने तत्व ज्ञानी की तेरा जूता तेरे सर मारूंगा मैं इसलिए कहते हैं मत पड़ो चक्कर में कोई नहीं है टक्कर में ऐसे ही नहीं कहते ठीक है अब दूसरी बात इसने ये कही है राघव दास ने कि भाई अह मेरे पास इसका राघव दास का फोन नंबर है और इसने मुझे कई बार बुलाया है मैं आया नहीं हूं। इसने एक बार मुझे फोन किया था और इसने फोन किया था। यह बात मुझे पता चली थी फोन के शायद महीने भर बाद जब वो कार्यक्रम हुआ था ना इनका तत्व ज्ञानियों की किताबें जलाई गई थी। ध्यान है ना चौराहे पे उसी चौराहे पर पुतला जला है। तो जब वो कार्यक्रम हुआ था इनका जहां से इनकी
00:09:26:24 बिगिनिंग शुरू हुई थी इनके एंड की इनका नाच शुरू हुआ था इनको नचाना मदारी की तरह। तो तब जब किताबें वगैरह जलाई गई उनको पैरों से कुचल कुचल के जलाया था। बाय द वे वो जो थूथुन होती है ना जहां पे थूथुन छपी है ना तुम्हारे दुर्गा माता को गाली देने वाला जो बाबा है तुम्हारा उसकी थूथुन जहां छपी है वहां पे मल मूत्र लगा हुआ जो चप्पल होता है ना उसको रगड़ के कुचला गया था उन फोटोस को और उसको कुचल कुचल के रगड़गड़ के ऐसे करके वो किताबें जलाई गई थी शर्म की बात है भाई तुम लोगों के अनुसार तो बड़ा सम्मान है उसका हमारे लिए सम्मान नहीं भैया दुर्गा माता को गाली देने वाले बाबा तो उसकी यह दुर्गति हुई हुई थी। बहुत बुरी दुर्गति थी। तो इसने वह जो कार्यक्रम हुआ था जब इसके थूथून को रगड़ा गया था। वो जो किताबें ये ये जो सीन था तो जब यह रगड़ा गया था इसको तब इसके मेरे ख्याल से इसके कुछ दो चार दिन के अंतराल में ही इसका फोन आया होगा। मैं ऐसे नहीं जानता था। इसका फोन मेरे पास आया और इसने मुझसे यह पूछा कि भाई आपके तुम्हारे क्या-क्या आपके कहा होगा? क्या-क्या प्रश्न है? तो मैंने मुझे नहीं पता कि कौन कॉल कर रहा है। ठीक है? तो मैंने और दिन भर में 50
00:10:42:00 लोग आते हैं। 50 लोग फोन कर रहे थे उस समय दिन भर में। तो अब इस अच्छा इसने उस समय यह भी नहीं कहा कि मैं ऑथेंटिक हूं। यही हो कि मैं ऑथेंटिक हूं। कह दे तो एक नॉर्मल व्यक्ति जो दिन भर में चिलवा भगत फोन किया करते हैं। वैसा ही एक चिलवा भगत ये था। आज भी है। मगर उनकी ओर से यह महत्वपूर्ण है। यह इसने नहीं बताया और सीधे इसने कहा कि कितने कौन-कौन से प्रश्न तो मैंने कहा भाई मैंने जो भी मेरे प्रश्न है वो वहां डले हुए हैं। वो आप देख लो और उसके बाद जो है चर्चा करने बैठ जाओ। तो बाद में यह एमपी खबर एमपी खबर फास्ट वाले पे कोई मैंने इसकी वो देखी थी चर्चा जिसमें ये कह रहा था कि मैंने उससे पूछा कौन-कौन से प्रश्न है तो उसने प्रश्न ही नहीं बताए। अरे भाई पहले तू बता तो सही कि तू किस उद्देश्य से आया है और तू सतलोक आ तेरे जो चिलवा भगत लोग हैं ये देखा है सूखे चेहरे वाले छुआारे जैसे चेहरे के कितने लोग ये दिन भर फोन करते हैं एक एक को मैं प्रश्न बताता घूमूं अब क्या है कि इसने मेरा कभी फॉर्म भरा होगा यह वाला चर्चा चर्चा में आने वाला राघव दास की बात बता रहा हूं इसने कभी फॉर्म भरा होगा मुझे नहीं मालूम यह वही व्यक्ति है जो मेरे पास आया तो मैंने उसको प्रश्न नहीं बताया फिर वह बाद में एमपी कवर फास्ट पर जाकर बोल रहा है कि मुझे प्रश्न नहीं बताया अब राघव दास ने एक फॉर्म भी भरा हुआ है। अब वह कब भरा है
00:11:57:03 वह मुझे नहीं पता है। मगर राघव दास नाम से फॉर्म मेरे पास भरा हुआ है। मुझे यह नहीं मालूम था कि यही इसी का ही है। और वो राघव दास नाम से नहीं है वो फॉर्म। वो फॉर्म भरा हुआ है राघव मिश्रा के नाम से। अब ये सब बातें होने के बाद में मुझे आज तक नहीं पता था कि राघव दास का नंबर मेरे पास है या नहीं। मगर मेरा तो नंबर सार्वजनिक है ना राघव दास और तूने कितनी बार बुलाया है मुझे लाइव में बताओ कितना झूठ बोलेगा अपने गवरों को यार शर्म नहीं आती क्या आज ये बोला कल के वीडियो में शायद कल बोलता है कि भाई वो हमने उसे कई बार बुलाया उसके पास मेरा नंबर है अरे जो पुरुषत्व है ना तो अपना नंबर सार्वजनिक कर पहली बात तो कि मुझे जो है तेरा नंबर ढूंढना ना पड़े तुझसे किसने कह दिया कि मैंने तेरा नंबर सेव कर रखा है? एमपी खबर फास्ट वाले से नंबर मांगा था तेरा पूछ लेना उससे। वो जो ऊंचा सुनता है ऐ करके बोलता है ना ऐसे उससे पूछ लेना अपने बहरे मित्र से कि मैंने नंबर मांगा था कि नहीं। खैर उसने मुझे नंबर नहीं दिया। बीच में मेरे मन में यह बात हमेशा अटकी रही कि राघव दास का फोन आया था और मुझसे बात नहीं कर
00:13:12:07 पाया। आज इसने जब यह बोला कि इसके पास मेरा नंबर है। हम लोग कई बार लाइव पर बुला चुके हैं। तो आज मैंने अपने में देखा क्या मेरे पास राघव नाम से कोई नंबर सेव है? तो मेरे पास राघव नाम से नंबर मुझे मिल गया। सेव अब वो देखिए आप किस नाम से मेरे पास सेव है। इसको कैसे दिखाऊं कि यह जो है इसका नंबर ना दिखाई दे राघव दास का। अब यही तो बात है। पुरुषत्व होता तुम्हारे अंदर तो तुम अपना नंबर खुद सार्वजनिक करते तो मैं लोगों को दिखा पाता कि यह राघव दास का नंबर है। यह मेरे पास ऐसे उंगली रख के दिखा देता हूं। यह देखिए अब आपको नहीं दिखाई दे रहा है तो बात अलग है। मगर इसमें लिखा हुआ है एफ आई डी एन टेम राघव मिश्रा। मिश्रा मैं क्यों लिख रहा हूं? क्योंकि इसने इस दोगले व्यक्ति ने जब फॉर्म भरा होगा मेरा जो चर्चा करने वाले फॉर्म होते हैं ना तो उसमें अपने आप को राघव दास नहीं बताएंगे वहां पर अपना भोकाल दिखाएंगे मिश्रा है हां और वैसे मिश्रा कौन है ब्राह्मण कौन है जो सतयुग के राक्षस हैं वो कलयुग में ब्राह्मण है हर बात को अपनी को काटते हो
00:14:27:22 हंसी आती है तुम्हारे एकदम तरस आता है तुम लोगों पे तुम्हारी बेवकूफियों पे दोगला व्यक्ति की एक तरफ ये कलयुग के ब्राह्मणों को राक्षस कहते हैं फिर दूसरी बात फॉर्म भरते टाइम अपने आप को मिश्रा कहते हैं। और तीसरी बात कि यह जब फोन करते हैं तो बताते नहीं है कि मैं कौन बोल रहा हूं। मैं किस लिए मैंने फोन किया है और उसके बाद इतने दिनों के बाद आज भी इस व्यक्ति ने जब लाइव के लिए मुझे अपनी जनता को खुश करने के लिए बातें बोली हैं कि मैंने उसे बुलाया है, यह किया है, लस्सी पी है, खीर पी है। तो, यह सब बात करते हुए भी इस व्यक्ति ने अपना नंबर ना तो सार्वजनिक किया और ना ही मुझे पर्सनल मैसेज भेज दिया। चलो भाई तुम्हें कायर हो या फिर ऐसा कुछ नपुंसकता का प्रदर्शन करना है। बचपन में माता जी ने ऐसा दूध नहीं पिलाया जो तुम्हें पोषण पोषक तत्व प्राप्त हो पाए हो तो चलो भाई प्राइवेटिवली है ना प्राइवेट तरीके से व्यक्तिगत रूप से तुम मुझे नंबर भेज देते यह मेरा नंबर है अपने आप ही मुंगेरी लाल के हसीन सपने कि मेरा नंबर शिवश नारायण द्विवेदी के पास नहीं शिवश नारायण द्विवेदी के पास तुम्हारी जो पहचान है यह थल मीडिया पर इस पहचान
00:15:43:01 के द्वारा आज से पहले तक शिवश नारायण द्विवेदी के पास तेरा नंबर नहीं था। आज मुझे वो नंबर मिला जब मैंने राघव टाइप किया वो भी किस नाम से मिला? राघव मिश्रा के नाम से। तो ये तो तुम्हारी षड्यंत्र वाली कहानियां है। तुम दोगलों से क्या अपेक्षा कर सकते हैं? इतना सब दोगलापन करने के बाद ये व्यक्ति कह रहा है कि अब ये आएगा नहीं। क्यों आऊं भाई? पांच महिला और एक बच्चे की हत्या मेरे पक्ष पर चल रही है। हत्या का आरोप मेरे पक्ष पर है कि तेरे पक्ष पर है? 12 साल जेल काट के तेरा बाबा आया है कि मेरा आया है? अपराधी अपराधी तुम लोग घोषित हो कि मैं घोषित हूं?
00:16:26:24 क्यों आऊं भाई तेरे यहां पर? दोगलापन हर पन्ने पर हर बात पर तुम्हारी दिख रहा है। टपक रहा है दोगलापन तुम्हारे मुंह से। चरित्रहीनता तुम्हारे मुंह से। व्यभचार तुम्हारे मुंह से टपक रहा है। मैं तुम्हारे स्थान पर आ जाऊं। झूठ की सीमा नहीं है जहां पर वहां मैं चला जाऊं। क्यों? अच्छा ये मेरे को ही तुम्हारे चलो ये तो एक रही कि तुम लोग तुम लोगों का चरित्र जो है समाज में बदनाम है। ये तो एक इसको अलग हटा दो। न्यूट्रल हो जाते हैं। तो बेवकूफ व्यक्ति ये कैसे तय होगा कि मुझे ही तेरे यहां आना है। ये कैसे तय होगा? न्यूट्रल जगह क्यों नहीं रखेगा तू? बोल। नानी याद आती है ना? और आज तूने मेरा फोन क्यों नहीं उठाया? तुझे तो पता नहीं है कि मैं तेरे आने वाला हूं कि नहीं आने वाला हूं। फोन क्यों नहीं उठाया? भाई आऊंगा तो तेरे से संपर्क करूंगा ना कि तेरे चैनल पे आना है, कब आना है, कहां आना है, कैसे आना है? तू तूने तो संपर्क किया नहीं। तो तेरे से संपर्क करूंगा ना। तो कैसे करूंगा? फोन से करूंगा। तो फोन कर रहा हूं तो तू उठा नहीं रहा। अभी भी डायल कर लेते हैं। देख लो भैया
00:17:38:21 देखते हैं उठाता है कि नहीं। [गला साफ़ करने की आवाज़] राघव राघव मिश्रा बनेंगे। मिश्रा यह देखो। यह जा रहा है इस पर। फोन चल रहा है। फोन कर रहा हूं इस समय।
00:18:12:16 अब देखते हैं कितना बड़ा पौरुष वाला है ये। आप जिस व्यक्ति को एक बार और मिलाते हैं। हो सकता है बिजी हो। कृपया खुद शेर का बच्चा एक ही अच्छा। ठीक है। केवल बोलते नहीं है। तांडव नृत्य करके दिखाते हैं। समझे? यह केवल बातों के शेर नहीं है। ये देखो दोबारा मिला रहा हूं। और किसी को नंबर चाहिए हो तो व्यक्तिगत रूप से जो है उससे पूछ लेना। नंबर भी प्रोवाइड करा दूंगा। और प्रामाणिक रूप से राघव जो है वो अपने फोन की कॉल डिटेल डाल दे आज के दिन की। प्रामाणिक वेरीिफाइड
00:19:03:20 ठीक है यह लग रहा है तुम्हारे राघव को नंबर जो भागा भागा फिर रहा है शिवश नारायण द्विवेदी ठीक है क्यों भागा भागा फिर रहा है उसको मालूम है गवरे तो पागल बन जाएंगे मगर शिवश नारायण द्विवेदी के सामने तो कोई को कॉल कर रही है वह उत्तर नहीं दे रहा है अब इस व्यक्ति को मैंने कितने ने कॉल कर ली अभी तक सुबह से जब से मैंने वो बात जानी कि भाई यह जो है इसका नंबर मेरे पास है ये कह रहा है तो ऐसा तो नहीं कि किसी नाम से इसका नंबर सेव हो मेरे पास अब देखो सुबह से चार दो अभी हो गई और दो पहले हो चुकी है ये देखो चार कॉल हो चुकी है बंदे को दिन भर में टाइम नहीं मिला शिवश नारायण द्विवेदी से बात करने का केवल तुम जैसे गवर्नरों को बेवक बेवकूफ बनाने के लिए ये लोग ठायएं ठायएं करते हैं। ठायएं ठाय ठायएं दुनिया की ठाय ठायएं ठायएं और वास्तव में जब किसी मनुवादी से शंकराचार्य के सैनिक से सामना करने की बात आती है तो पुई पुई पुई पुई अब ये बता तेरे प्लेटफार्म पे क्यों आए भाई? मुकदमे
00:20:18:26 मेरे प्लेटफार्म पे चल रहे हैं कि तेरे पे चल रहे हैं? तेरे पे विश्वास क्यों करे? कोई तुम्हारी कोई कोई सम्मान है क्या समाज में तुम्हारा अपने ही लोगों को खरीद खराब के और जो है पाइप बांट करके पैसा खर्चा करके तुम भीड़ कमाते हो ये है तुम्हारी स्थिति थूकते हैं लोग तुम्हारी फोटो लगा के जूते से रगड़ते हैं जिसको तुम मानते हो उसको हम जिसे मानते हो उसको तुम भी जूते से नहीं रगड़ पाओगे और रगड़ दो मैं राम को मानता हूं रगड़ फोटो पैर से पता चल जाएगा अभी मालूम है तुम लोगों की आस्था नहीं है। दिखावा करते हो मगर रगड़ तो तुम भी नहीं पाओगे ना। तुम्हारी चीजों को लोग रगड़ रहे हैं। समझ में आया? यह अंतर है। इस अंतर को भूलो मत। बताया है ना कई बार वो बड़ा वाला जानवर है ना हाथी वो हम हैं। और वो जो होते हैं ना वो समझ लेना वो तुम हो। तो पानी में रह के मगर से बैर नहीं करने का। हं? यह औकात, यह सब शब्द ये सब तुम्हारे ऊपर शोभा नहीं देते हैं। वही दबे कुचले टाइप के व्यक्ति हो। उतने में ही अपना कर लो। हमारे
✅ This part is already used · 00:21:29:03 – 00:22:54:02 (1:25)
→ Used in: A · Video सात फेरों का मजाक बनाना रामपाल को पड़ा भारी at 7:02 ↗
00:21:29:03 यहां आना पड़ेगा। इसका भी मैंने उत्तर दे दिया कि पांच महिला और एक बच्चे की हत्या का मुकदमा मेरे ऊपर नहीं चल रहा है। मेरे पक्ष के ऊपर नहीं चल रहा है। 12 साल जेल में मैं नहीं रह के आया। ठीक है? और हर पन्ने पर तुम्हारा दोगलापन हर बात में तुम्हारा दोगलापन सिद्ध हो रहा है मेरा नहीं सिद्ध हो रहा है और तब भी मैं तुझे अपने आने की थोड़ी ना कह रहा हूं है पुरुषत्व शेष तो बीच के स्थान पर मिल पता चल जाएगा ये राग कितना बड़ा तुम लोग तत्वज्ञानी हो समझ गए चौथी बात मैंने ये भी दिखा दिया ऑन लाइव स्ट्रीम कितना साहस है इसके अंदर जो ताल ठोक रहा वीडियो में कि मैंने उसको कई बार बुलाया। अरे मनुवादी शंकराचार्य के सैनिक का फोन तक उठाने की तो सामर्थ्य है नहीं तुम में। बात करते हो तुम सामना करोगे। मालूम है तुम्हें केवल ज्ञान से केवल वार्तालाप से तुम्हारी थूथुन को रगड़ दिया जाएगा। जगह नहीं मिलेगी मुंह छुपाने की। यह मालूम है तुम्हें। इसलिए अपने गवर्नरों के लिए वीडियो बनाते हो कि गवर्नर संतुष्ट हो जाए।
⬜ Not used yet · 00:22:54:02 – 00:38:31:00 (15:37)
00:22:54:02 हां जी आपने कॉल किया था बताइए। हां तुम ये कह रहे थे ना आप अपने वीडियो में कि भाई वो आ नहीं रहा है चर्चा करने के लिए। औकात कहां आ रहे हो चैनल पे बताओ? कौन से चैनल पे? अभिषेक पे। अभिषेक फैक्ट फुल पर क्यों आए? बीच का चैनल रखो कोई या बीच की जगह पर आ जाओ। जब तुम्हारे पे भगत जाते हैं तो तुम कहते हो कि बीच वाले चैनल पे आओ तब हवा निकल जाती है वहां पे। देखो इधर-उधर की बातें मत करो। जो मुद्दा चल रहा है वो करो। हैं? जब कोई विशेष व्यक्ति आ रहा है तब मैं उससे कह रहा हूं बीच के चैनल पे आओ। अब कूड़े के ढेर के जैसे लोग आएंगे तो सबके लिए मैं बीच के चैनल पे जाऊंगा क्या? जब कूड़े शल देखी है उनकी जो आते हैं तो एक घंटे भोक क्यों रहे थे फिर अगर कूड़े के ढेर अरे तुम्हें आना आना है नहीं तुम्हारी औकात औकात है नहीं ठीक है रखो फ़ नहीं कूड़े के आना हो तो बता देना वहां का दूध पिया हो तो जय श्री राम की जगह पे आना है बीच के न्यूट्रल चैनल पे आना है ना तुम्हारा ना मेरा ना तेरा ना मेरा बीच की जगह पे आने की औकात नहीं है ना बीच बीच की जगह पे आने की औकात नहीं है ना तेरी भकने के लिए वीडियो बनाता है ना कब आना है चैनल पे? मैंने पूछा बीच की जगह पे आने की औकात है कि नहीं?
00:24:09:03 ना तेरी ना मेरी। क्या औकात है? कब आना पता चैनल पे? तो मैं चैनल क्यों बोल रहा है तू? बीच का चैनल या फिर बीच की जगह। वो अपने चैनलों पे भक्तों को क्यों बुलाता है? तेरी हवा निकल जाती है। अरे तेरे भगत को मना कर देना कि मत जा उसके चैनल पे। अरे तो वो अपनी मर्जी से आते हैं ना। मेरी मर्जी। मैं तेरे चैनल पे नहीं आ रहा हूं। तेरे भक्त तुझे करना कुछ है नहीं। तेरी औकात है नहीं तू आएगा मुझसे चर्चा करने कब आ रहे हो फिर चैनल पे अरे तुम्हारे चैनल पे क्यों आऊं मैं क्यों तुम लोग अपराधी लोग तुम लोग अपराधी लोग हो तुम्हारे चैनल पे क्यों आऊं भाई तुम्हारा भरोसा है क्या वहां मनुवादी ज्ञान की हवा निकल जाती है हवा नहीं निकल जाती है तुम लोग तुम लोग तुम लोग धोखेबाज हो मार कुटाई करने वाले हो मर्डरर हो तुम लोग और तुम पूजा कर रहे हो वो जेल कट्टू अपराधी है
00:25:32:02 वो एक राघव दास नाम का व्यक्ति रामपाल की ओर से उससे मेरी बात हुई। हालांकि जब मैंने उसे दिन भर में चार बार फोन मिलाया था और लाइव मिलाया था तो उसने फोन नहीं उठाया था। दिन में उसने पूरे पूरे पूरे दिन उसको फोन उठाने का नहीं आया। अब वो अपना कहीं पर मुझे फोन लगा रहा है। मैंने उसे ब्लॉक पर डाला है। क्यों डाला है? इनके पास इस तरह के लोगों के पास रामपाल और उसकी कंपनी है जो इनके पास चर्चा से भागने के कई तरीके हैं। उसमें पहला तरीका है सबसे पहली बात तो ताल तो खुप टोको कि मैं चैलेंज करता हूं मैं चैलेंज करता हूं। पर उसको उस चैलेंज के क्रियान्वयन हेतु कोई भी इंतजाम ही मत करो। जैसे रामपाल रामपाल ताज ताल तो खूब ठोकता है मगर क्या उसने ऐसा कहा कि भैया चर्चा सुनिश्चित करने के लिए यह मेरा नंबर है इससे मेरी बात होगी नहीं ऐसा कोई उसने नंबर नहीं किया जहां पर चर्चा सुनिश्चित करने के लिए कोई उसने नंबर सार्वजनिक किया हो दूसरी बात इसी प्रकार से उसके जो चेले चापड़ है वो ताल ठोका करते हैं धनाना चला जा धनाना चला जा धनाना जाने के लिए भी कोई समय सारणी इत्यादि उन्होंने ऐसी कोई जारी नहीं की है कि आप अगर इस समय आएंगे यहां प्रश्नोत्तरी होगी। जैसे हमारे गुरु गुरुजन
00:26:47:18 होते हैं तो आप देखो वह कहीं पर ट्रेवल करते हैं। कहीं उनका शिविर लगता है तो उसमें लिखा होता है कि इतने से इतने बजे तक प्रश्नोत्तरी होगी। दर्शन दीक्षा होगी। यह सब ऐसा कोई टाइम टेबल कोई शेड्यूल रामपाल के सेक्ट के द्वारा कोई सार्वजनिक नहीं किया जाता। दूसरी बात जब रामपाल स्वयं एक विवादास्पद व्यक्ति है। आपराधिक मामलों से जुड़ा हुआ व्यक्ति है तो क्यों अपने बिल में छुप करके बैठा रहता है? भाई आगरा पहुंच, हैदराबाद पहुंच, ग्वालियर पहुंच, झांसी पहुंच, एमपी में जबलपुर पहुंच, इंदौर पहुंच, जहां-जहां तूने अपने सेंटर्स बनाए सब जगह जा। और तुझे अगर शंकराचार्य जी का ज्ञान बुरा लग रहा तो सबसे पहले तू ही उनके यहां चला जा। वो थोड़ी ना जेल काट के आए। तू आया है काट के। तो तू ऐसा कैसे सोच रहा है कि कोई तेरे दरवाजे पे आ जाए। वो मूर्ख होगा जो तेरे दरवाजे पे जाएगा। हालांकि बीच में मैंने देखा कई आर्य समाजियों ने बोला भैया तेरे ही यहां पे चर्चा कर ले। चल। तो इनकी ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया इन बातों के लिए रामपाल के यहां पर चर्चा करने के लिए। यह हो गया। अच्छा अब इनके पास एक तो यह आ गया कि यह सोचते हैं कि यह इनका जो बदनाम अड्डा है जहां पर खीर की चीजें हैं या वो सामग्री या कैमरों की चीजें हैं, गोलियों की गोलियां चलाई गई हैं, हत्या के मुकदमे, देशद्रोह के मुकदमे हैं, वहां पे कोई
00:28:02:19 व्यक्ति जो है चला जाए और तो और इनकी अपराधिक स्पष्ट रूप से गतिविधियां जो सिद्ध हैं। जैसे कि किताबों पर झूठ झूठा पता डालना यह सब सिद्ध प्रत्यक्ष प्रमाण है। इसके बाद भी कोई व्यक्ति इनके यहां पर जाएगा रामपाल से प्रश्न पूछने के लिए। ठीक है? पहली बात यह ऐसा एक्सपेक्ट करते हैं और नहीं आ रहा है तो वह जो है चर्चा करने का उसमें सामर्थ्य नहीं है। फिर दूसरा इनका बहाना क्या है कि चर्चा के लिए कोई स्पष्टीकरण कोई स्पष्ट जो विवरण है वह उपलब्ध ही ना कराना। केवल ताल टोकते रहो। विवरण उपलब्ध मत कराओ। ऐसा ही कुछ इन्होंने किया था। फैक्ट भाई अभिषेक और राघव दास इत्यादि ने। ताल टोक टोकी। उसमें यह नहीं कहा। यह मेरा नंबर है भाई। जिसको भी वैचारिक मतभेद के निमित्त चर्चा करनी हो वो चर्चा कर लेना। फिर तीसरा इनका है कि दो हो गए विवरण उपलब्ध कराना और अपने बिल में घुसे रहना। फिर तीसरा है कि अगर चर्चा होने के लिए चर्चा करने के लिए बात हो रही हो तो उसमें ऐसे शब्दों का उपयोग अपनी ओर से करने लगो कि मामला चर्चा से हटकर के वाद-विवाद तू तड़ाक और गंभीर धारण कर ले। वो जो तर्क वितर्क युक्ति प्रमाण इत्यादि है वो सब गायब हो जाए। जैसे राघव दास को मुझसे चर्चा करनी है, चर्चा सुनिश्चित करनी है। भाई तो राघव दास का फोन आया
00:29:18:04 तो मैंने उससे क्या कहा? और मैंने पहले ही कह रखा था तूने तो फोन भी मूर्खपने में किया है। बेवकूफ व्यक्ति मैंने तो अपनी जिस लाइव में तेरे को तेरी औकात याद दिलाई थी। तुझे सब सिद्ध किया था ना कि तू कैसे रामपाल की पत्नी है। रामपाल कैसे कबीर की पत्नी है। फिर कैसे तुम्हारे वो जो स्त्री अंग होता है चिपकाया जाता है फेविकोल से नाखूनों के द्वारा। ये सब सिद्ध किया था तेरी किताबों से। इसीलिए तेरी जो है बुद्धि भ्रष्ट हो गई होगी। पादुर्भाव पादुर्भाव यह सब सिद्ध किया था अपनी लाइफ में। तो इसका दिमाग खराब हुआ। यह मेरी तात्यात्मक चीजें थी कि चर्चा जो होगी वो बीच के चैनल पर होगी। बीच के स्थान पर होगी। तुम्हारे चैनल पर नहीं होगी। तुम लोग कुख्यात लोग हो। एक होता है विख्यात। एक होता है साधारण। एक होता है कुख्यात। तो तुम साधारण भी नहीं हो। तुम लोग कुख्यात हो। निचली स्तर के व्यक्ति हो। तब भी तुम्हें मौका दे रहे हैं कि तुम्हारे साथ बीच के स्थान पर चर्चा कर सकें समाज सुधार के लिए, लोगों की जागरूकता के लिए। तो खैर मैंने यह सब बातें उसमें अपने उसमें कही थी। अब इसका फोन आता है तो जब मैं कहता हूं कि भाई फैक्ट भाई अभिषेक के चैनल पर चर्चा क्यों होगी? तो ये व्यक्ति क्या कहता है कि क्यों हवा निकल गई। अब यह देखो हवा निकल गई। बात ठीक शब्दों से हो रही है। हवा निकल गई वाला शब्द क्यों आया? पहले भाई तुमने अपने चैनल पर खूब
00:30:33:06 गरमा गर्मी दिखाई। मैंने भी दिखाई। अब बात करनी है अगर चर्चा करनी है तो हमें ऐसे शब्दों का उपयोग करना पड़ेगा एक दूसरे की मर्यादा की सीमा में रहते हुए कि वह चर्चा हो सके अब अगर तुम वहां पर गाली देने लगो चलो अभी तो तुमने कहा कि हवा निकल गई तुम गाली देने लगो आगे उसने भौकना वोकना भी ये सब भी कहा तुम गाली देने लगो उसके बाद भी मैं कहूं हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां मैं तुम्हारे चैनल पे आऊंगा चर्चा ये कहां का सिद्धांत है भाई ये कोई तार्किक बात है क्या ये मूर्खों की बातें हैं मूर्ख जिन्होंने जहां मल के द्वार से बह के दूध आता है है ना? और फिर उस दूध की खीर बनती है समाचार पत्रों के अनुसार वो खीर ग्रहण की हुई हो। ऐसा बर्ताव इस तरह के दिमाग वाले करते हैं जो तुम इस समय कर रहे हो। है ना? तो इससे क्या सिद्ध होता है? वो खीर की बातें सही सिद्ध होती है कि नहीं? ये निर्णय स्वयं करो और अपने लोगों को कहो तुम भी करो भाई। तो पहली बात जब चर्चा सुनिश्चित करने के लिए बात हो रही है तो उसमें ये अपशब्द हवा निकल गई इत्यादि कौन ला रहा है? तू ला रहा है। अबे मूर्ख व्यक्ति गाली के पीछे गोलियां चलती हैं। चर्चा नहीं होती गाली के बाद और तू गाली दे रहा है। तो गाली दे रहा है। फिर चर्चा कहां से होगी? तो ये हवा निकल जाना, भोकना ये सब क्या है? अपशब्द है। अब तू अपशब्द कहेगा तेरे ही द्वारे पे आकर के हम तुझसे चर्चा
00:31:48:09 करें। खैर यह सब जो फूहड़ बातें हैं यह सब तुम्हारे जो टट्टू भगत है ना जो खीर इत्यादि के स्वाद में डूबे रहते हैं वो सब लोग पचा सकते हैं जो बुद्धिजीवी है वो सब इस तरह के पुतर्कों को नहीं पचा पाते। अब दूसरी बात क्या है कि फिर कहता है कि भाई कि जब हमारे लोग तेरे चैनल पे आते हैं तब तू बीच की बात क्यों नहीं करता? इसका मतलब यह है कि रामपाल के यहां से भले ही 500 लोग आए उनके कहने पर मैं किसी भी नए चैनल पर जाने लगूं। हैं यही करूं ना। अरे ये तो मेरा बड़प्पन है भाई कि मैंने तुम्हारे यहां के हर छोटे से छोटे और बड़े से बड़े व्यक्ति को यहां पर आकर अपनी बात रखने का अवसर प्रदान किया। तूने कितनों को कर दिया? फैक्ट बाय अभिषेक ने कितनी लाइव चर्चाएं कर ली है? किसके साथ कर ली? बता मैं करवाऊं भाई तुझे 50 कॉल नए-नए लोगों से। सबको सबके साथ अपने तेरे ही चैनल पर तू नहीं करेगा। तेरे ही चैनल पर तू नहीं करेगा। यह औकात है तुम लोगों की। मैंने तो तेरे लोगों को मौका दिया कि रख लो भाई। अब बात यह है कि भाई मैं यह मेरा निर्णय होगा ना कि मैं किसी के चैनल पर जाऊं कि ना जाऊं। भाई तुम लोगों की औकात ऐसी है ही नहीं। चाहे तुम्हारा जो चरित्र प्रमाण
00:33:03:22 पत्र है वह गिरा हुआ है निकृष्ट कोटि का नीच लोगों के टाइप का है नीच हरकतें करने वाले झूठा झूठा पता डालने वाले अपने वीडियोस में झूठ बोलने वाले बात बातबात में झूठ ऐसे नीच लोगों का जो प्रमाण पत्र तुम्हारा है चरित्र प्रमाण पत्र उसके चैनल पर मैं क्यों जाऊं भाई और अगर मैं भी वैसा ही था तो तू अपने लोगों को मना कर कि मत जाओ उसके चैनल पे ये मैंने कमाया ये मेरी अचीवमेंट है कि तेरे लोग मेरे पास मेरे मेरे चैनल पर आते थे और आते हैं और आएंगे। तू नहीं रोक पाएगा उन्हें। अच्छा मैंने यह भी नहीं कहा कि तू मेरे स्थान पे आ। यह भी बात देखो। मैंने तो ये नहीं कहा क्योंकि जब मैं किसी से कह रहा हूं कि मुझे तुम पर भरोसा नहीं है तो मैं उससे उससे उससे एक्सपेक्ट कभी नहीं करूंगा कि वो मुझ पर भरोसा कर ले। मगर यह बेवकूफ देखो। ये बेवकूफ क्या? महाभारत में क्या लिखा है कि अन्यों के साथ वही व्यवहार करें जो स्वयं के लिए स्वीकार हो। तो जब तू यह दिखा रहा है कि तुझे मुझ पर भरोसा नहीं है तेरे कितने ही भगत आ गए हो तुझे तो भरोसा नहीं है ना तो भरोसा नहीं है तो तू यह क्यों सोच रहा है कि मैं तुझ पर भरोसा कर लूं ये कहां का न्याय है ये न्याय नहीं है ये फड़ बाबा के फवड़ चेलों की खीर वाली टोली है जेल कट्टू बाबा की
00:34:20:14 तो यह हो गया तो कहने का तात्पर्य यह है कि भाई मैंने किसी को पकड़ पकड़ के बुलाने नहीं गया कि आ जाओ आ जाओ मेरे यहां चर्चा कर लो। मैंने मौका दिया था किसी को अगर किसी को आपत्ति है और वह यहां आने में अगर उसको सहज लगता है तो वो आकर के कर सकता है चर्चा। ठीक है? मुझे सहज नहीं लगता तेरे चैनल पे। तुम लोग अपराधी टाइप के लोग हो। जिसकी तुम पूजा कर रहे हो। अपराधी है। मुकदमे चल रहे हैं उसके ऊपर। हथियार पकड़े गए थे। देशद्रोह का मुकदमा चल रहा है। ऐसे घृणित ऐसे घृणित लोगों के ऊपर मैं विश्वास कैसे कर लूं कि मैं उनके चैनल पर जाऊंगा। तब वह मुझे बोलने का बराबरी का मौका देंगे। अगर तेरे लोगों को नहीं है भरोसा तो ना भरे ना फॉर्म। मैं फॉर्म भरवाता हूं उसको इस बात की तकलीफ है। तो भाई अपने लोगों को कहना कि मत भरो फॉर्म मत जाओ। ये तुम्हारी ड्यूटी है। फिर उनको मना करो। मेरी नजरों में तू ऐसा व्यक्ति नहीं है जिसके यहां पर जाया जा सके। तो इतनी सारी चीजें हो रही। इतने फ्रॉड टाइप के चीजें तुम्हारी खुलती परते जा रही हैं। ना तुम्हारा मुनि धर्म धर्म ट्रस्ट सच्चा है। तुम कहते हो कि बाबा मेरे उड़ के करंट के तारों से बचा लेते। युवराज सिंह पीटा जाता है। घर में ही पीटा जाता है। फिर तुम अफवाहएं फैलाते हो कि उनके खिलाफ एफआईआर हो गई। वो लोग नंगे थाने में
00:35:35:18 बंद है कच्छा पहन के। पता चलता है कि वो तो छूट गए। अरे कितने झूठ बोलते हो तुम पसेरी भर के। और फिर तुम यह सोचते हो कि तुम्हारी ये थोबड़े थूथुन से जिससे झूठ टपक रहा है उस पर कोई व्यक्ति विश्वास कर ले। हैं तो अपने आप को पहले ऐसा बना तो सही अपनी औकात अपनी योग्यता ऐसी प्रस्तुत कर जिससे कि शिवश नारायण द्विवेदी तेरे चैनल पर आ सके और वरना 100 की सीधी एक बात है जिसके हो जिसके है दम तो बीच में आके बात कर ले ना तेरा ना मेरा मैं तो नहीं कह रहा तू मेरे ऊपर भरोसा कर तू क्यों कह रहा है मैं तेरे ऊपर भरोसा कर लूं भाई तेरे लोगों ने मेरे ऊपर भरोसा किया है मेरी गलती थोड़ी ना है और भी कर रहे हैं करेंगे आगे हो सकता है मेरी साइड का कोई तेरे ऊपर मुझे नहीं है तेरे ऊपर भरोसा मैं निर्णय करूंगा कि मैं किसके यहां जा सकता हूं किसके यहां नहीं जा सकता हूं नहीं तो बीच के चैनल पे तेरी मां ने तुझे निष्ठा पूर्वक दूध पिलाया तो आजा हां तेरे जेल कट्टू के द्वारा खीर के माध्यम से मल के द्वार से बहकर आए दूध के माध्यम से जो चीजें तुझे प्राप्त हुई है जो इसमें तू अश्लील बातें बोलता है अश्लील गालियां बकता है वो सब बातें मैं तुझे रिपीट नहीं करूंगा मूर्ख कहीं जिस दिन बात होगी थूथनी उतनी सब निकल जाएगी।
00:36:50:19 अपने लोगों को बेवकूफ बनाते रहो। बंद कमरे में फोटोग्राफी करके बीच बीच के स्थान में आने में पौकी ढीली हो गई ना नपुंसकता का प्रमाण दे दिया वहां पर। मैंने कैसे बात की भाई फैक्ट बाय अभिषेक पे क्यों आएंगे? बीच के चैनल पे आओ। क्यों? हवा निकल गई। ये हवा निकल गई वाली बात क्यों आई? जब सभ्रांत तरीके से चर्चा हो। चर्चा कब हो सकती है? जब दोनों लोग सभ्य रहे। सीधी बात। अगर तुम सभ्य नहीं रहोगे तो चर्चा नहीं। लड़ाई होगी तो लड़ाई करनी तो लड़ाई तो हो ही रही है। पुतले जल ही रहे हैं। जहांजहां जलेंगे वहां पे कहीं पे आ जाना। देख लेंगे किस में कितना है दम। उठा के पटक नहीं दिया ना चार पांच बार तुझ जैसों को। दो ले आना तू एक नहीं दो आना अपने जैसे बन रहा है ना तू बहुत चौधरी दो ले आना। जहां पुतला जला रहा होगा वहां और तुझे पटक दूंगा उठा के। चार बार पटकूंगा गिन करके गिन लियो। और यह सब बातें मेरी जो है साफ सुथरी होती है। इसमें मुझे गाली गलौज मिलाने की जरूरत नहीं है। मैं तेरे जैसों की पट गीली करने के लिए इतना ही काफी होता है। उठा उठा के पटकूंगा। हमारी दुर्गा मां को गाली दी है ना तुम लोगों ने? आ जाना पुतला जलाऊंगा और कह के जलाऊंगा। आ जाना रोकने। तो लाइफ में कुछ भी करने का जयकांत सिगरे के ईगो को हर्ट
00:38:05:22 नहीं करने का। अपना उसी बिल में घुसे रहो। अपना वह वीडियो वगैरह बनाते रहो। [संगीत]
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रामपाली यू ट्यूबर कैसे देते हैं अपने भगत भाइयों को चूरन
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