⬜ Not used yet · 00:00:02:09 – 00:10:42:14 (10:40)
00:00:02:09 तो आज बात करेंगे हम एक खट्टर है जो दिखाता है कि मैं बहुत कट्टर हूं सिद्धांतों के लिए अ हिंदू धर्म के लिए सनातन धर्म के लिए वैसे वह छुपा हुआ शत्रु ही है हिंदू धर्म का मगर वह अपने आप को दिखाएगा ऐसे जैसे वह बहुत कट्टर सनातन का पक्षधर है। अलंकार समाज की विचारधारा को मानने का दावा तो करता है मगर इतना बड़ा व्यापारी है बिजनेसमैन जो अपने काम के लिए अपने काम के अनुरूप अपने काम को निकालने के लिए अलंकार समाज के सिद्धांतों को भी तिलांजलि दे देता है। है ना? तो यह जो खट्टर साहब हैं आज इनके कुछ वक्तव्यों की मीमांसा करते हैं। यह कितने बड़े पक्षधर हैं सर्वप्रथम सनातन धर्म के और उसके बाद देखेंगे कि यह कितने पक्षधर हैं आर्य समाज के। क्योंकि अगर ये आर्य समाज के पक्षधर हैं और आर्य समाज यदि यह कहता है कि भैया मूर्ति पूजा
00:01:17:15 करना गलत है तो यह क्या करने जाते हैं? बागेश्वर धाम जहां पर मूर्ति पूजा ही नहीं अन्यों की जो कष्ट होते हैं दीन दुखियों के उनके निवारण का उपाय भी बताया जाता है जो सारी चीजें सर्वदा सर्वथा विपरीत हैं आर्य समाजी विचारधारा के क्या करने जाते हैं वहां क्यों एंडोर्स करते हैं उस मंच को क्योंकि इनके फॉलोअर्स बढ़े आर्य समाज के बढ़े ना बढ़े सनातन धर्म के बढ़े ना बढ़े इनके फॉलोवरर्स बढ़े इनको को अच्छा लगे वही सेकुलर वाली विचारधारा कि हम वो बोलेंगे जो सबको अच्छा लगे ऐसा बोलेंगे। अब अगर ये बात करें कि हम तो सनातन की एकता के लिए गए थे तो मेरे भाई सबसे पहली बात तो यह है और एक बात और करते हैं। सनातन की एकता एकता से संबंधित ही अपने दुर्वचनों में प्रवचन नहीं कहेंगे उसे। दुर्वचन कहेंगे। क्या बात करते हैं कि दुनिया में कोई पोप ऐसा नहीं होगा जो दूसरे पोप को कुछ कह ना रहा हो। दुनिया में कोई मौलवी नहीं होगा जो दूसरे मौलवी से दूसरे मौलवी का विरोध ना कर रहा हो। है ना? और
00:02:33:08 मगर हमारे जो शंकराचार्य हैं वो जरूर कहते हैं कि सामने जो शंकराचार्य वो असली है कि नकली है। विरोध करते हैं एक दूसरे का। तो इस विरोध से इनको बड़ी परेशानी है और यह स्वयं भी यह दावा करते हैं कि भाई क्या कहते हैं हम जो है बागेश्वर वालों का मंच जो साझा कर रहे हैं उनके साथ तो मंच साझा करके वहां एंडोर्स कर रहे हैं सनातन की एकता को है ना और ये सनातन की एकता के लिए हम प्रतिबद्ध हैं कार्यरत हैं और हमसे बड़ा कट्टर कोई है नहीं साहब ये समझ लो क्योंकि आई एम आई एम द बिगेस्ट कट्टर। आई एम गौतम खट्टर। है ना? तो ये इनका चौगा है। अब यह बात करते हैं सनातन की एकता की। जरा इसको देख ले सनातन की एकता की बात कैसे करते हैं और क्या बागेश्वर वालों के यहां जाकर के यह सनातन एकता को एंडोर्स कर रहे हैं कि नहीं कर रहे हैं। सबसे पहली बात की जाए कि यह जब भी कोई दार्शनिक या शैक्षणिक या धार्मिक दृष्टिकोण देना होता है समाज को तो कहां से देते हैं?
00:03:48:16 स्वामी दयानंद को एंडोर्स करते हैं। स्वामी दयानंद जी के लिए दी के स्वामी दयानंद जी के द्वारा बताए गए जितने भी सिद्धांत है उनको प्रसारित करते हैं। प्रचारित करते हैं। स्वामी दयानंद जी के सिद्धांतों के बैनर तले चलने का चलते हुए यह सब सबके मंचों को साझा करते हैं। और उन मंचों से जुटी हुई जो इनके यहां की भीड़ होती है वह भीड़ जब इनके पास आती है तो जिन मंचों के द्वारा इन्होंने साझा किया था जिन मंचों के द्वारा इन्होंने अपना प्रचार प्रसार किया था उन्हीं मंचों के विरोध करने वाली किताब इनको पकड़ाते हैं। कौन सी सत्यार्थ प्रकाश सत्यार्थ प्रकाश की वास्तविकता पता है खट्टर साहब क्या है सत्यार्थ प्रकाश की वास्तविकता सुनो तुम कितनी सनातन एकता की बातें करते हो हमारे यहां पर आचार्य गणों के द्वारा बनाए गए जितने भी तीर्थ हैं या फिर जितने भी स्मारक हैं स्मृति स्थल हैं वहां पर यह होगा कि अगर आचार्य शंकर शंकर ने हराया होगा तो यहां पर बौद्धों को हराया होगा। यहां पर माता ने फलाने राक्षस का वध किया होगा। यहां पर भगवान का वो वाला अवतार हुआ होगा। उस अवतार
00:05:04:04 ने जो है फलाने राक्षस का वध किया होगा। यह सब हमारे तीर्थ हैं। ये सब हमारे स्मृति स्थल हैं। ये सब हमारे स्मारक हैं। तुम्हारा तीर्थ क्या है? पता है? काशी शास्त्रार्थ स्मृति स्थल यह तुम्हारे अलंकार समाधियों का स्मारक है। यह शास्त्रार्थ में हराने का दावा तुम किसको करते हो? किसको हराने का दावा करते हो? मुस्लिमों को, ईसाइयों को, बौद्धों को, हिंदुओं को, उन्हीं भाइयों को जिनके साथ आज एकता निभाने का ड्रामा और पाखंड आज तुम कर रहे हो। जाओ जाकर तोड़ दो अपना वो शास्त्रार्थ स्मृति स्थल मारो उसमें दो चार ईंटें तब होगी हिंदू
00:06:03:07 एकता बात करते हैं सनातन की एकता की तुम्हारी वजह से फूट पड़ी है सनातन में परंपरा से चले आ रहे सिद्धांतों का तुम जैसे तुच्छ लोगों ने खंडन करने का प्रयास ना किया होता तुम्हारा अस्तित्व किसके विरोध में तुम्हारा अस्तित्व किस पर है? मुसलमानों से लड़ने में तुम्हारा अस्तित्व। तुम्हारा अस्तित्व है अपने हिंदुओं को हराने में। तुमने डंका पीटा कि हमने हिंदू हिंदुओं को हरा दिया। हिंदुओं को नहीं हरा दिया। हिंदू तो तुम्हारे लिए चोर, लुटेरे, काफिर है, डाकू हैं। तुमने जो सनातन के पोप है, पंडे हैं उनको हरा दिया। समझे? इसे कहते हैं नीचता की
00:06:55:07 पराकाष्ठा। मुंह पे राम और बगल में छुरी। खुद सनातन को तोड़ने वाले एक नंबर के आज चले हैं सनातन एकता की बातें करने। तुम्हारा तो अस्तित्व सनातन को तोड़ने के रूप में है। क्या है हमारा स्मृति स्थल? काशी शास्त्रार्थ स्मृति स्थल। किसको हराने का दावा है? सनातनियों को, हिंदुओं को। शास्त्रार्थ में हरा दिया। भाई मूर्ति पूजा में जवाब नहीं दे पाए वो लोग। अरे क्या फायदा है तुम? क्या फायदा मुसलमानों से लड़कर? जब मूर्ति पूजा करने वाले मंदिर को तुम खुद ताला लगवा देना चाहते हो।
00:07:38:28 सनातन एकता की बातें करते हो मंचों से और वहीं पर खुद ही कहते हो कि सनातन धर्म की जो जिसके कंधों पर नीव है शंकराचार्य हम उसी को क्रिटिसाइज करते हो खुद ही कह रहे हो कि उनके कंधों पर नीव है सनातन धर्म की क्योंकि क्रिटिसाइज करना है क्योंकि महिमा क्योंकि अपना महिमा मंडन करना है क्योंकि बहुत बड़ा दृश्य दिखाना है इसलिए आवश्यकता पड़ने पर शंकराचार्य का आलंबन भी ले लेंगे जब साईं की मूर्ति का खंडन करना होगा तो कह देंगे हमारे शंकराचार्य नहीं मानते तो हम क्यों माने फिर शंकराचार्य के भी सिद्धांतों का खंडन कर देंगे फिर हम आर्य समाजी बन जाएंगे अलंकारी बन जाएंगे और फिर बागेश्वर वालों के यहां जाकर के हम अलंकार समाज का भी खंडन कर देंगे और क्या बन जाएंगे व्यापारी ढोंगी पाखंडी मैं असली शंकराचार्य हूं कि तू असली शंकराचार्य हम सोच करके देखें हम कौन से पायदान पर आ के खड़े हो गए। दुनिया का कोई मौलाना यह नहीं कह रहा कि ये जो सामने मौलाना बैठा है यह नकली मौलाना है। दुनिया का कोई सैयद यह नहीं कह रहा ये सैयद झूठा है। दुनिया का कोई भी मौलवी कोई भी मुकर्रम कोई भी बारी ये नहीं कह रहा कि यह वाला
00:08:54:00 मौलवी फर्जी है। सबसे पहले तो यह दावा करते हैं कि हम सनातन एकता के लिए कार्यरत है। इसलिए हमें शंकराचार्य का दूसरे शंकराचार्य को कुछ कहना गलत लगता है। और दुनिया में कोई पोप और इस्लाम को मानने वाला उनके यहां का जो पुजारी है मौलवी कहते हैं जिसे वो ऐसा नहीं है जो दूसरे मौलवी का खंडन करता हो। मगर सबसे बड़ी बात यह है कि यह स्वयं को मौलवी तो समझते हैं ना। अगर इस्लामिक भाषा में बताया जाए जैसे ये नाम देते हैं पोप। क्रिश्चियन नाम देते हैं ना तो इनको नाम देना मौलवी कोई गलत तो है नहीं तो यह खुद को अगर यह मौलवी समझते हैं तो यह जो शास्त्रार्थ स्मृति स्थल तुमने बनाकर रखा है उसमें तुमने किसका विरोध किया है तुम अपने हर भाषण में हर मंच से जिसके कंधों पर तुम मानते हो कि सनातन की नीव है उसका खंडन करने से चूकते हो क्या तो कर तो तुम भी वही रहे हो जिसके लिए तुम किसी और को क्रिटिसाइज कर रहे रहे हो विरोध ही तो कर रहे हो
00:10:09:04 तुम और फिर सनातन एकता की बातें करते हो जिन बागेश्वर वालों के यहां तुम जाते हो मंच साझा करते हो तुमको वहां मौका मिल जाता है मंच साझा करने का सुर्खियां बटोरने का वो बागेश्वर वाले किसको मानते हैं हनुमान जी को और तुम्हारे तुम कितने अपमान सूचक शब्दों में हनुमान जो मूल सनातनी है परंपरा प्राप्त सनातनी उनके द्वारा पूजित होने वाले हनुमान जी के लिए तुम किस प्रकार से बातें करते हो? हनुमान जी की लीला थी। वे बंदर थे।
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→ Used in: A · Live गीता के नाम पर रामपाल के बोलबचन अध्याय 2 Ep-2 #satlokashram #rampalmaharajbooks at 1:41:25 ↗
00:10:42:14 इन हिंदुओं ने हनुमान जी की पूंछ ठोक दी। अरे अंजनी इंसान उनकी मां पवन इंसान उनके पिता और बेटा बंदर पैदा हो जाएगा। दुनिया में कहीं ऐसा होता है कि अनसाइंटिफिक बातों को क्यों लीला का नाम देकर यह हिंदू लोग स्वीकृति देते? जो उनके इष्ट है उनके लिए किस
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00:11:02:14 प्रकार से बातें करते हो? कि हनुमान जी की माता जो है वह थी मनुष्य पिता मनुष्य थे उनका बेटा वानर कैसे हो जाएगा हिंदुओं ने पूंछ थोक दी हनुमान जी में हम जब तिब्बत में आलू के रूप में मनुष्यों का उत्पन्न होना मानते हो तब साइंस की याद नहीं आती। मगर तुम्हारे सनातनी भाई हनुमान जी को जिस स्वरूप में पूजते हैं उस स्वरूप का अपमान जरूर करोगे साइंस के नाम पे ना तुम्हें तब साइंस याद आएगी ना तुम्हें तब सनातन एकता याद आएगी ये है तुम्हारा दोगलापन ये है नीचता की पराकाष्ठा कृष्ण ने उपजा के साथ संभोग किया भागवत प्रथम संबंध से कृष्ण की मामी राधा द्वितीय संबंध से कृष्ण की पुत्री राधा तृतीय संबंध
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00:11:55:01 से कृष्ण की बहन राधा। यहां कहीं पर भी किसी भी पुराण में हमको यह देखने को नहीं मिला कि कृष्ण की प्रेमिका राधा तो हम क्यों कह रहे हैं? अगर आप इस प्रमाण को माने तो कृष्ण का राधा के साथ ये ये संबंध है। तीन संबंध जो मैंने बताए। अगर आप विशुद्ध चरित्र माने तो कृष्ण का राधा के साथ
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00:12:16:16 कोई संबंध नहीं। करें लेकिन ध्यान रहे कृष्ण को बदनाम ना करें राधा के साथ जुड़कर। योगेश्वर भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को कहा ओम एक ब्रह्म है उसी का अनुस्मरण करो कृष्ण भी कह रहे है लेकिन लोगों ने क्या करा कृष्ण जी को ही परमात्मा बना करके प्रस्तुत कर दिया ये सब नहीं बताया तुमने बागेश्वर वालों को पता है ना क्या होता है वहां से भगा भगा के जूते मारे जाते वहां ये सब देख लेते तो राधा और कृष्ण के लिए क्या-क्या बोलते हो यह सब बताया था तुमने बागेश्वर वालों को अपने बारे कुब्जा के साथ संभोग किया। हिंदू का अर्थ है चोर, लुटेरा, काफिर, डाकू। बागेश्वर वालों ने जिन शंकराचार्य का तुम यह कहते हुए विरोध कर रहे हो कि शंकराचार्य एक दूसरे का विरोध करते हैं। बागेश्वर वालों ने कहा कि मुझे जो हिंदू राष्ट्र का उद्घोष है, यह पूरी के शंकराचार्य जी से मिला है। भारत हिंदू राष्ट्र की जय। अभी एक राज की बात पता है तुम लोगों को हमारी पूछो क्या जोर से पूछो जो हमने हिंदू राष्ट्र का संकल्प लिया था वो इनहीं
00:13:31:27 महापुरुष के चरणों के प्रताप से लिया [प्रशंसा] था जो हमने संकल्प उठाना है कि हर हाल में अपने भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना है। परम पूज्य शंकराचार्य भगवान जी का ही संकल्प सबसे पहली बात तो यहां से बागेश्वर वाले हिंदू शब्द के समर्थक हो गए। तुम हो समर्थक तुम्हारे अनुसार तो चोर लुटेरा काफिर डाकू हिंदू हिंदू जो नाम है यह नाम थोपा हुआ है और इसको आज हमने एक स्टैंप के रूप में स्वीकार कर लिया कि हिंदू धर्म ये कहीं नहीं है हिंदू को आप उर्दू डिक्शनरी में देखेंगे अरबी डिक्शनरी में देखेंगे फारसी डिक्शनरी में देखेंगे तो उसका अर्थ है काला चोर लुटेरा का काली आज के वर्तमान दौर में तो आज भी शंकराचार्य यह कह करके उनका विरोध कर रहे कि हम इसके घर का पानी नहीं पिएंगे क्योंकि यह ब्राह्मण होकर के शूद्रों को गले लगा रहा है। अरे बताना है तो यह भी बताओ ना कि पूरी के शंकराचार्य बागेश्वर वालों के मंच पर तीन दिन तक प्रवचन देते हैं। वहां पर डोम की कथा सुनाते हैं। शूद्रों को अपना छोटा भाई बताते हैं।
00:14:47:20 यह नहीं बताओगे कि वहां पर लाखों हजारों लोग जो सुनने वाले थे प्रवचन उनमें से किसी से यह नहीं पूछा गया कि तुम शूद्र हो इसलिए तुम प्रवचन नहीं सुन सकते। तुम ये सब क्यों बताओगे? क्योंकि तुम्हें तो शूद्रों के अस्तित्व से ही नफरत है। स्वामी श्री कृपा जी महाभाग का देहावसान हुआ। हमारे पूर्वाचार्य नाम धन निरंजन देवते जी महाराज उनके शरीर को गंगा जी में विसर्जन करने के लिए आए। उन दिनों में शंकराचार्य नहीं था।
00:15:23:15 एक स्टीमर पर ऊपर गद्दी बना के बैठा हुआ व्यक्ति बोला हे शंकराचार्य सावधान महाराज तो राजस्थान परंपरा के गुजरात परंपरा के थे वो तो एकदम फिर कौन है ये स्टीमर पर बैठा है बड़े ऊंचे दो आ जाओ लाडले प्यारे आ जाओ क्या चाहते हो मुझे टैक्स दिए बिना आप करपाती महाराज शरीर को प्रवाहित नहीं कर सकते। मैं डोम राजा हूं। सच्ची घटना है मेरी आंखों पर। क्या चाहते हो भैया बेटा? स्वामी करपात्री महाराज के गले की एक माला दे [प्रशंसा] दीजिए। टक्स तो मुझे चाहिए। उन्होंने कहा देखो बात यह है कि जो भी माला पहनते थे सब माला उनके गले में डाल दी गई। आपस में विप्ल हो जाएगा। कुछ और अपने गले की माला दे दीजिए। छोटा भाई है महाराज ने बड़े प्रेम से अपने गले की माला पहनाई। अब कहा मेरी अनुमति है प्रवाहित कीजिए [प्रशंसा] डोम राजा क्या उनका सम्मान हुआ या निय उसने
00:16:38:16 भी क्या कहा रुपए पैसे नहीं स्वामी कृपा महाराज के शरीर से संलग्न माला दे दीजिए वो ना देना चाहे तो अपने गले की माला दे दीजिए कृपया अब अनुमति है प्रवाहित कीजिए या हमारे यहां सम्मान शूद्रों के अस्तित्व से ही आपत्ति है क्योंकि शूद्र तो तुम्हारे लिए अनार्य है मूर्ख हैं। शूद्र होना ही नहीं चाहिए इस दुनिया में कोई। इतनी नफरत है शूद्रों से। लोगों के मन में जहर भरने वालों तुमने मनगढ़ंत रूप से यह दावा तो कर दिया कि तुम्हारे श्रद्धानंद जब घर वापसी करा रहे थे तो उनकी उनकी निंदा की थी शंकराचार्यों ने। तुम्हारे अंदर यह बताने का साहस नहीं आया कि जब बागेश्वर वालों के लिए शंकराचार्य जी से पूछा जाता है कि बागेश्वर वाले घर वापसी करवा रहे हैं लोगों की तो उस संबंध में आपका क्या कहना है तो शंकराचार्य खुले हृदय से पूरे हृदय से बागेश्वर वालों की प्रशंसा करते हैं। यह नहीं बताओगे क्योंकि शंकराचार्य का अस्तित्व जब तक है तब तक तुम जैसे पाखंडियों की दाल नहीं गलने वाली। और चर्चित धीरेंद्र शास्त्री जी के बारे में जो अपने साधना के बल
00:17:53:24 पे तमाम समस्याओं को ठीक कर रहे हैं और उस जो है धर्म का प्रचार प्रसार भी कर रहे हैं। दूसरी ओर एक समाज उनका साथ दे रहा है और एक समाज जो है उनके इस कर्तव्यों को इस कृत्य को जो है वो अंधविश्वास बता करके उनका उपहास कर रहा है। तो कहां तक आपके नजरिए में ये सही होगा? अच्छा कार्य कर रहे हैं। जी बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं। हिंदुओं को बचा रहे नहीं तो लोग ले जाएंगे। कोई क्रिस्टल बना देगा, कोई कमिस्ट बना देगा। इसलिए बहुत अच्छा कार्य कर बहुत अच्छा कार्य और वो मेरे पास आए भी थे वृंदावन में। अच्छा कार्य करने वाले को अच्छा ही प्रोत्साहन देना चाहिए। बहुत अच्छा कर रहे थे। अब उनके कथा में एक करोड़ भीड़ हो तो प्रसन्नता होगी। मुझे क्या
00:18:46:07 लोग सुनते हैं मुझे कष्ट क्यों होगा? जी बहुत प्रसन्नता होती है। क्या कोई मां चाहेगी कि जिस बेटे शाही ना हो जाए? अच्छा है वो अगर 10 करोड़ व्यक्ति भी सुनने आती मुझे प्रसन्नता होगी। मुझे कष्ट कैसे होगा? बहुत अच्छा कार्य कर रहे। नहीं तो कोई क्रिश्चियन हो जाए, कमिस्ट हो जाए, कोई मुसलमान हो जाए, बचा रहे हिंदुओं को बहुत अच्छा कर। बात करते हो सनातनी एकता की। और तुम और झूठ बोलने में माहिर
00:19:21:04 उस्ताद इतना दोगलापन अच्छा नहीं है अपने भाइयों के साथ खट्टर इतना दोगलापन अच्छा नहीं है अपने भाइयों के साथ अगर तुम ये समझते हो कि हम तुम्हारे भाई हैं। समझे इतना दोगलापन कहां पर यह वक्तव्य आया है कि उन्होंने बागेश्वर वालों ने शूद्रों को गले से लगाया इसलिए उनके घर का पानी नहीं पिएंगे कितनी नीचता करोगे कौन से वक्तव्य में शंकराचार्य के आया है कि बागेश्वर वाले घर वापसी करा रहे हैं इसलिए बागेश्वर वाले लोगों को दोबारा सनातन से जोड़ रहे इसलिए शंकराचार्य जी ने उन्हें क्रिटिसाइज किया। शंकराचार्य जी ने उन पर अगर कुछ कहा तो वो इसलिए कहा कि एक जो धार्मिक व्यवस्था है उनके किसी वक्तव्य के कारण उसका खंडन हो रहा था। उसमें कहां ऐसा था कि उन्होंने गले से लगा लिया और उनको बुरा लग गया। शंकराचार्य जी को। नफरत फैलाने वालों जब मौत आएगी ना सामने ईश्वर से कभी साक्षात्कार होगा वह तो होगा
00:20:36:27 नहीं क्योंकि तुम्हारा तो निराकार है जब कभी भी सामना होगा ना अपना चेहरा दिखाने लायक नहीं रहोगे कितना झूठ परोसोगे समाज में क्या शंकराचार्य ने बागेश्वर वालों के लिए इसलिए कहा था कि हम नहीं जाएंगे उसके घर क्योंकि वह शूद्रों से गले मिलता है। झूठ क्यों बोलते हो यार? सच्ची बात करो ना। क्योंकि सच के साथ चलेंगे तो हार जाएंगे। अपना परचम दूसरा काशी शास्त्रार्थ स्मृति स्थल नहीं बना पाएंगे। झूठे दावों से भरा
00:21:16:01 हुआ। और स्मृति स्थल शास्त्रार्थ का नहीं बनाएंगे तो और किसका बनाएंगे? परमात्मा हमारा निराकार है। तो उसके तो विग्रह हम लगा नहीं सकते। कोई स्मृति स्थल या कोई तीर्थ हम बना ले तो यही हमारा तीर्थ है जहां हमने अपने भाइयों को आने का हमने दावा करते हैं। दावा झूठा क्योंकि ईश्वर हमारा बाधित है तो हम अबाद ईश्वर की पूजा करने वालों को कहां से परास्त कर देंगे शास्त्रार्थ में हां झूठा शास्त्रार्थ स्मृति स्थल जरूर बना
00:21:54:01 देंगे जिसकी जिसका अपना अस्तित्व अपने ही भाइयों से लड़ने पर खड़ा हुआ है वह बात करता है कि मैं सनातन एकता की बात करता हूं। यह सब अपनी सच्चाइयां राधा जी के बारे में क्या बोलते हो? कृष्ण कुब्जा समागम के बारे में तुम क्या बोलते हो? हनुमान जी के पूछ घुसे दी। हिंदू का अर्थ ये सब बोलते ना वहां मंच से। क्यों नहीं बोलाता? जूते मार मार के भगाए जाते वहां से। और सुन जो शंकराचार्य की तू बात करे। शंकराचार्य ने जो बोला ना छाती ठोक के बोला। उसके बाद भी वही बागेश्वर वाले उनके चरण छूने गए कुंभ के मेले में तुम्हारे जैसों के नहीं क्यों गए क्योंकि सैद्धांतिक तौर पर वो किसी के अनुगत हैं तो शंकराचार्य के अनुगत है और जब उन्हें पता लगा कि सिद्धांतिक तौर पर हमारे कुछ वक्तव्य ऐसे हो गए जिनका अर्थ कुछ ऐसा निकल रहा है भले ही उनकी मंशा ना हो मगर जिनका अर्थ कुछ ऐसा निकल रहा है प्रासंगिक स्थितियों के अनुसार जिसमें कि सार्वभौम सिद्धांतों का खंडन हो रहा है तो उन्होंने उस
00:23:09:01 चीज को स्वीकार किया उन्होंने तो कोई वक्तव्य जारी नहीं कर दिया तुम ही ने एक शुद्धि कराई है क्यों बंगाल के ब्राह्मणों को वापस नहीं लाए थे करपात्री जी महाराज क्यों झूठ बोलते हो भाई झूठ बोल के जीतोगे क्या सत्यार्थ प्रकाश बेचनी है तो स्टॉल लगाओ ना सीधे-सीधे और YouTube लाइक चाहिए और क्या कहते हैं Instagram फॉलोअ चाहिए तो जाके कोई और धंधा खोल लो। धर्म के साथ क्यों खेल रहे हो? कोई फैक्ट है तुम्हारे पास? कि कभी किसी मुल्ला ने दूसरे मुल्ला को कुछ नहीं कहा। कभी किसी पोप ने दूसरे पोप को कुछ नहीं कहा। अरे वो छोड़ो। सनातन धर्म में रहते हुए तुमने शंकराचार्य को कितनी बार क्या नहीं कहा है तुमने और तुम्हारे लोगों ने क्यों कहते हो फिर छोड़ दो क्रिटिसाइज करना वो भी छोड़ दो आर्य समाजी होते हुए तुम लोग खुद एक दूसरे को कितना कोसते हो उसको नहीं देखा लज्जा नहीं आई फिर ये कहते हुए शर्म नहीं
00:24:24:02 आई आई। अबे झूठ के पुतले हो क्या तुम? शूद्र को गले से लगा लिया। जिस राधा और कृष्ण की तुम बुराई करते थकते नहीं हो ना उन्हीं के नाम से चलने वाले अनुरुद्धाचार्य जी के भंडारों में तुम्हारे यहां का जाकर व्यक्ति भोजन पाता है। उससे नहीं पूछा जाता कि तुम शूद्र हो कि नहीं हो। प्रश्न करता है उससे नहीं पूछा जाता किसको माइक देना है कि नहीं देना है। शर्म करो सनातनियों के पीठ में छुरा घोंप घोंप के अपना अस्तित्व तैयार करने वाले अरे तुम तो उस इतने गलीच हो कि जिस अलंकार समाज की विचारधारा के नाम पर तुमने ये सब किया उस अलंकार समाज की भी पीठ में तुम छुरा घोंपते हो।
00:25:18:09 पराकाष्ठा नीचता की तुमने क्यों नहीं बताया जब साईं के बारे में तुमसे प्रश्न किया गया कि साईं की मूर्ति जो है साईं भगवान की पूजा होती है साईं को भगवान माना जाता है भगवान है कि नहीं तुमने वहां क्यों नहीं बोला भगवान का कोई अवतार हो ही नहीं सकता वहां ये क्यों बोला शंकराचार्य नहीं मानते क्या आप साईं बाबा को भगवान मानते हमारे शंकराचार्य नहीं मानते हमारे धर्माचार्य नहीं मानते साईं बाबा एक महात्मा हो सकते हैं एक फकीर हो सकते हैं एक संत संत हो सकते हैं और भगवान नहीं हो सकते। यह है तुम्हारा बिजनेस माइंड। समझे निर्लज? देखना अपना चेहरा एक बार जाकर के दर्पण में और पूछना अपने आप से सवाल क्या कर रहा हूं मैं? झूठ झूठ की राजनीति। ये हैं धर्म के मर्मज्ञ। ये हैं धर्म के इन्फ्लुएंसरर। तुम्हारे जैसे लोग बनाएंगे रामराज्य। तुम्हारे जैसे लोग करने में सहायता करेंगे धर्म
00:26:19:26 संस्थापना। तुम्हारे जैसे लोग केवल स्टॉल लगाने में काम आएंगे। तुम्हारे जैसे लोग केवल भीड़ बढ़ाने में काम आएंगे। तुम्हारे जैसे लोग केवल अपनी फॉलोअप बढ़ाने में काम आएंगे। व्यूज बढ़ाने में काम आएंगे। कोई शंकराचार्य दूसरे शंकराचार्य का खंडन ना करे। भले ही जिसको अद्वैत का आ भी ना आता हो वह अधोक्ष आनंद क्यों ना हो मगर वह खुद को शंकराचार्य कह रहा हो तो यह ना कहा जाए शंकराचार्य क्यों कह रहा है हां तुम उनहीं शंकराचार्यों को पोप पंडे ढोंगी पाखंडी सब कह लो तुम और तुम्हारे जो आचार्य गण है वो कितना भी कोस लो तब याद नहीं आएगा सनातन एकता का शंकराचार्य सिद्धांतों की रक्षा के लिए अगर किसी को कुछ कह दे तो भैया एक मौलवी दूसरे मौलवी को नहीं कहता एक पोप दूसरे पोप को नहीं कहता मगर खुद को आचार्य कहने वाले लोग और खुद का अस्तित्व सिर्फ नफरत फैला करके सनातन धर्म की मान्यताओं पर मूल मान्यताओं पर आ जाना कभी सामना करना कभी हिम्मत हो तो एक सिद्धांत को काट के दिखा देना है [प्रशंसा]
00:27:34:06 हिम्मत केवल मूल मान्यताओं पर प्रहार करने के रूप में अस्तित्व जिनका खड़ा हुआ है वो और स्वयं को आचार्य कहने वाले वही अपने धर्म की नीव जिसके कंधों पर है तुम्हारे अनुसार उसका खंडन करने से नहीं चूकते हैं। उसकी उसको क्रिटिसाइज करने से नहीं चूकते हैं। उसकी बुराई करने से नहीं चूकते हैं। बुराई यही शब्द कहूंगा मैं। यही है तुम्हारे जैसे लोगों के लिए उपयुक्त शब्द। अच्छे शब्द के योग्य भी नहीं हो तुम। निंदा शब्द का उपयोग नहीं करूंगा तुम्हारे जैसों के लिए कि तुम लोग निंदा करते हो वह भी उच्च कोटि का शब्द है बुराई करते हो तुम केवल बुराई तुम जैसे लोग बुराई करते हो और बुराई फैलाते हो शूद्रों से गले अरे तुम्हारे हिसाब से तो शूद्रों का अस्तित्व ही नहीं है। आर्य समाज में कितने शूद्र हैं? तुमने शूद्र को गले कब लगा लिया भाई? तुम तो शूद्र का नाम मिटा देना चाहते हो इस दुनिया से। तुम्हारे हिसाब से तो शूद्र होता है अनार्य और तुम्हारा है आर्य समाज। तुम्हारे हिसाब से तो शूद्र का अर्थ होता है
00:28:51:12 मूर्ख। विवाह पद्धति की रक्षा के लिए शंकराचार्य जी ने उनके किसी वाक्य का खंडन किया। और शास्त्रोक्तवाद में किया। आओ ना सामने और जब उनको पता लगा हालांकि वो हालांकि उनकी मंशा भी ऐसी नहीं थी कि किसी शास्त्री किसी सनातन सिद्धांत का खंडन हो जाए मगर जब उनको पता लगा तो वो शांत रहे और उसके बाद भी शंकराचार्य का जो शरण शंकराचार्य की शरणागति उन्होंने ली ऐसा तो नहीं है। उसके बाद उन्होंने कह दिया कि हम नहीं जाएंगे उनके पास।
00:29:33:12 और क्या विवाह पद्धति की सुरक्षा के लिए कुल परंपरा का ध्यान रखने की बात आप तुम्हारे यहां नहीं है सत्यार्थ प्रकाश में नहीं लिखा हुआ जिस जिसके यहां वेद का पाठ होता हो वही वहीं पर विवाह करो कन्या का क्यों लिखा हुआ है क्या जिसके यहां वेद का पाठ होता है वहां यह पक्का है कि जो उसका लड़का है वह वेद पाठी हो कर्म से मानो ना कर दो विवाह तुमने तुम्हारे हिसाब से तो शूद्रों का अस्तित्व नहीं है और तुम शूद्रों को गले लगाने की बात करते हो। कितने आर्य समाज आर्य समाज में कितने शूद्र हैं? आर्य समाज ने कितनों को शूद्र घोषित किया है। दिखाओ। दोगलेपन और नीचता की पराकाष्ठा। जो यह खोखला दावा किया जाता है कि सनातन धर्म में घर वापसी का कोई मार्ग नहीं है। यह तुम जैसे लोगों ने अपने अस्तित्व को बनाने के लिए किया है। क्योंकि सनातनी का मतलब ही है जो सनातन विरुद्ध नहीं है वो सनातनी है। उसके लिए कोई विशेष विधि की आवश्यकता नहीं है। जैसे जैसे वो उसके अनुसार अपने जीवन का निर्वाह करता जाएगा वो सनातन के रूप में ख्यापित भी हो जाएगा।
00:30:49:03 एक सच्चे हिंदू के रूप में, एक सनातनी के रूप में और तुम ढोंग करके पाखंड करके किसी मूल्य को त्यागी बना दो। वो भी कई जन्मों में एक सच्चे हिंदू के रूप में नहीं जाना जाएगा। समझ में आ रहा है? नाथ परंपरा में मुस्लिम कुल में जन्मे और वह गुरु के रूप में पूजित होते हैं। जाओ देख लो जाकर के ना जाने ऐसे कितने लोग हैं। कोई आडंबर की आवश्यकता नहीं पड़ी। किसी विधि विधान की आवश्यकता नहीं पड़ी। तुम लोगों ने एक ड्रामेटाइज किया किसी की घर वापसी को। जिस दिन से किसी ने सनातन विरुद्ध सिद्धांतों का आलंबन लेना छोड़ दिया। उन पर विश्वास करना छोड़ दिया। उसी दिन से वह सनातनी है क्योंकि दुनिया में प्रत्येक व्यक्ति प्राकृतिक प्राकृतिक रूप से सनातनी जन्मा है। वो सनातनी है। यह है सनातन सिद्धांत। दुनिया का प्रत्येक व्यक्ति सनातनी है। इसलिए यदि कोई भी दुनिया में ऐसा है जो सनातन का विरोध नहीं कर रहा है। सनातन धर्म के सार्वभौम सिद्धांतों का विरोध नहीं कर रहा है। वो सनातनी
00:32:04:12 है। उसके लिए किसी ड्रामा और इसकी आवश्यकता नहीं जो तुम लोगों ने खड़ा किया अपनी दुकानें चलाने के लिए और फिर उसको उसकी मार्केटिंग की कि देखो देखो हम घर वापसी करा रहे हैं। क्योंकि तुम्हारे पास अपनी मार्केटिंग का और कुछ तो है नहीं जो तुम नकली कृष्ण बनाकर नकली राधा ही बना लो और हरे कृष्ण करवाओ उतना भी नहीं तुम्हारे पास तो कैसे करें मार्केटिंग भाई वहां तो तब भी मार्केटिंग के लिए कुछ है ना विग्रह तो है ना चित्र तो है ना तुम्हारे पास तो वो भी नहीं है तो तुम अपनी मार्केटिंग ऐसे ही करोगे काशी शास्त्रार्थ स्मृति स्थल और घर वापसी अभियान शुद्धि आंदोलन इन सब से करोगे
00:33:01:14 है मूर्ति पूजा करना अधर्म है जाके बताओ बागेश्वर के मंच पे बोलो अपने सिद्धांतों को रामोद नाभि भाषेते क्यों नहीं बोलते रामलीला को देखने से उतना ही पाप लगता है जितना 100 बार अश्वमेध यज्ञ कराने से पुण्य मिलता है। अपने उस सिद्धांत को बताओ बागेश्वर वालों को दोगलेपन की पराकाष्ठा तुम किसके सगे हो? तुम ना हिंदुओं के सगे हो। तुम्हारे शब्दों में अगर कहा जाए जो तुम हिंदू और सनातन को अलग करते हो ना तो तुम ना स्वयं को हिंदू कहने वालों के सगे हो। तुम ना स्वयं को सनातनी कहने वालों के सगे हो। तुम ना स्वयं को आर्य समाज कहने वालों को सगे हो। तुम किसी के सगे नहीं हो। तुम केवल अर्थ के, धन के, संपत्ति के, ख्याति
00:34:03:16 के क्रेडिट, क्रेडिट मुझे मिले। इसके सगे हो तुम और तुम्हारी सबसे बड़ी समस्या तो शंकराचार्य है क्योंकि जब तक शंकराचार्य तब तक तुम्हारा अस्तित्व है ही नहीं। तो शंकराचार्य को बदनाम शंकराचार्य को की आलोचना करने के नाम पर ही अपना धंधा चलाओ और जहां पर आवश्यकता पड़े वहां शंकराचार्य का आलंबन ले लो इसको कहते हैं पाखंडी तुम आर्य समाजी भी नहीं हो निकृष्ट
00:34:37:07 व्यक्ति क्योंकि जब तुमसे साईं के बारे में पूछा गया तो तुम वहां शंकराचार्य का नाम ले रहे हो क्यों शंकराचार्य तो पोप पंडे है ना वो तुम्हारे लिए प्रमाण कब से हो गए वहां बोलते ना सीधेसीधे मूर्ति पूजा अपराध है तुम साईं की बात क्या कर रहे हो भगवान अवतार ही नहीं ले सकता भले ही भगवान कह रहे हो यदा धर्मस भवती भारत अभान धर्मस तत्न सजाम भले ही यजुर्वेद में लिखा हो कि परमात्मा अपनी माया का आलंबन लेके विभिन्न प्रकारों में उत्पन्न होता है। विभिन्न रूपों में उत्पन्न होता है। गर्भ में विचरण करता
00:35:19:26 है। धंधेबाज कहीं के अगर वास्तविकता में सनातन धर्म की चिंता है ना तो सबसे पहले तो अगर शंकराचार्य के सिद्धांतों को नहीं भी मानते हो तो शंकराचार्य की यू दूरदूर से छिपछिप करके आलोचना बंद करो और अगर ज्यादा समस्या है तो सामने आ जाओ। हम में से किसी एक के तो हो जाएगा दूध का दूध और पानी का पानी ठीक है मगर प्रॉब्लम क्या है प्रॉब्लम तो यही है कि हमारा तो अस्तित्व ही इस पे देखो देखो शंकराचार्य क्या कर रहे हैं ऐ दुनिया का कोई पोप ऐसा नहीं होगा कोई मुल्ला ऐसा नहीं होगा मौलवी ऐसा नहीं होगा जो दूसरे मौलवी का खंडन करे मगर आज हमारे सनातन धर्म की नीव जिसके कंधों पर है वो शंकराचार्य कहते हैं कि सामने वाला व्यक्ति शंकराचार्य नहीं है। भले ही उस सामने वाले व्यक्ति को शंकराचार्य के रूप में खड़ा किया गया हो राजनीतिज्ञों के द्वारा हिंदुओं के विरोध में भले ही उसको शंकराचार्य
00:36:35:03 के सिद्धांत अद्वैतवाद का आ ना आता हो नास्तिकता का खंडन ना आता हो आदि शंकराचार्य जी ने बौद्धों का खंडन किया था नास्तिकों का खंडन किया था ना तुम्हारी सत्यार्थ प्रकाश में भी लिखा है देख लेना काफी समय हो गया होगा पड़े हुए शंकराचार्यों की आलोचना से फुर्सत मिले तब ना देख लेना उसमें चले हैं शंकराचार्य से टक्कर लेने घर वापसी कराने वालों को अशोभनीय बातें कही थी शंकराचार्यों ने यह अशोभनीय बातें नहीं दिखती तुम्हें शिवलिंग भगवान शिव को कहना हिंदुओं ने हनुमान जी के पूछ घुसेड़ दी कुब्जा समागम राधा और कृष्ण के संबंध को अनैतिक बताना अपमान करना अरे तुम्हारा विश्वास नहीं है मत करो ना अपमान क्यों करते हो क्योंकि उससे रोटी चलती है अपमान से है ना क्यों करते हो अपमान कितने मुल्लाओं को शास्त्रार्थ में हराया था उसका शास्त्र ार्थ स्मृति स्थल
00:37:50:04 क्यों नहीं बनाया? आज बात करते हो तुम हिंदुओं की एकता की। सनातन धर्म को आज जो विकृत स्वरूप प्राप्त हुआ है वो तुम जैसे आर्य समाजियों के कारण हुआ है। ये लिख लो। तुम कारण हो इसका। तुमने परंपरा का खंडन किया तो आज ब्रह्मा कुमारी इस जैसे रामपाल जैसे अनगिनत पाखंड खड़े हो गए हैं जिनसे वास्तविक सनातनी जूझ रहा है और तुम भी जूझ रहे हो मगर तुमको पता नहीं है कि उनको खड़े करने वाले ऐसे राक्षसों के पिता तुम हो और तुम तो उसमें भी एक और आगे की श्रेणी के धंधा बना के रखा है धर्म
00:38:39:02 को। शंकराचार्य हमारे लिए प्रमाण नहीं है। मगर जहां पर हमें सुर्खियां बटोरनी होंगी। साईं की मूर्ति का खंडन करना होगा वहां शंकराचार्य का नाम लेंगे। फिर जहां हमें हिंदू एकता दिखानी होगी, वहां हम बागेश्वर वालों के मंच पर जाएंगे। फिर हम बागेश्वर वालों का शंकराचार्य दोनों का खंडन करेंगे। बागेश्वर वाले जिसकी पूजा करते हैं उसका अपमान करेंगे। शूद्रों की रक्षा की बात करते हैं मगर शूद्रों का अस्तित्व मिटा देंगे। शंकराचार्य को हम सनातन नरक भी नीव मानते हैं। मगर शंकराचार्य की हर कदम पे हर मंच से आलोचना आलोचना आलोचना और समय आने पर हम आर्य समाज के सिद्धांतों को भी साइड में करते हुए अनेकानेक ऐसी बातें कर देंगे जिसमें अलंकार समाज का ही विरोध होता हो। आर्य समाज का ही विरोध होता हो। क्योंकि हम धर्म के धंधेबाज हैं। धर्म के
00:39:35:09 धंधेबाज आना कभी सामने बात करना बात। यह दृश्य जो बनाया हुआ है ना तुमने फिल्मी अंदाज में बदल जाएगा। समझ में आ रहा है? बदल जाएगा ये दृश्य। जय श्री राम। [संगीत]
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गौतम खट्टर का दोगलापन #satyarthprakash #आर्यसमाज @TheAryasamaj
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