⬜ Not used yet · 00:00:01:28 – 00:22:28:00 (22:26)
00:00:01:28 [घंटी की आवाज़] आपने बोले हैं कि संत रामपाल जी महाराज जी जो भी है वेद पुराण से अलग बताते हैं और जो भी वेद पुराण में बता वो सारा चीज गलत है। मिलता जुलता कुछ नहीं है। हमसे सवाल है और भी आप बोले हैं कि वेद पुराण पे बात करना बेकार है। और उनके सभी भक्तों को ना जाने क्या-क्या बोल रहे हैं। आप वो भी बोले हैं। तो वही चीज पे आज गीता पे साबित होगा कि क्या गलत बताएं आप बता दो कि क्या गलत बताएं उसके बाद मैं साबित करूंगा क्या सही बोले अच्छा तो वेद पुराण गीता के विरुद्ध नहीं जाते वो ये आपका कहना है पहला पहला यही है ना वेद पुराण गीता के विरुद्ध नहीं जाते वो अच्छा ठीक है तो ये बताइए दो बातें पहली बात यह है क्या वेद ने ऐसा कहा है कि वेद के अलावा और कोई मार्ग है जिससे मुक्ति मिलेगी? जी कहां पर कहा है? वो गीता अध्याय मैं आपको बता रहा हूं जिसमें बोले हैं मैं वेद की बात मैं वेद की बात कर रहा हूं। पहले आप वेद का बता दीजिए कहां पर है? तो वेद और पुराण ये गीता क्या है? वेद पुराण अरे भैया
00:01:17:03 पुराण से भी लेंगे। गीता से भी लेंगे। अब वेद में आपके पास प्रमाण है क्या जो वेद ये कह रहे हो कि भैया वेद में मार्ग नहीं है वेद से बाहर मार्ग है अच्छा है क्या आपके पास प्रमाण मैंने पूछा प्रमाण है कि नहीं देखिए एक बात को खत्म किया करिए हां वेद का प्रमाण है तो बताओ हां मैं बता मैं बता रहा हूं बताइए आप अभी क्या पूछे वेद ने ये कहा है क्या कि वेद में जो मुक्ति का मार्ग है वो नहीं है वेद से बाहर कहीं पर है ये कहा है क्या सब वेद में है लेकिन मैंने मैंने यह कहा कि वेद में वेद में ये प्रमाण है क्या कि वेद में मुक्ति का मार्ग नहीं है वेद से बाहर है मुक्ति का मार्ग नहीं है सब वेद में है मुक्ति का मार्ग लेकिन वेद को समझने वाला टीचर चाहिए एक मिनट भाई साहब एक एक करके चलेंगे वेद को समझने वाला टीचर चाहिए उस पर भी आ जाएंगे अभी आपने कहा कि वेद में मुक्ति का मार्ग है ठीक है वेद वेदों में चारों वेदों में चारों वेदों में मुक्ति का मार्ग है। वेदों में है कि नहीं मैं पूछ रहा हूं। वेद में वेद में वेद में वेद में है कि नहीं? हां वेद में उस परमात्मा के गुण लिखा
00:02:32:04 गया है। मैंने कहा मुक्ति मैंने कहा मुक्ति का मार्ग है कि नहीं? है सूक्ष्म वेद में है। सूक्ष्म वेद नहीं चारों वेद। चार वेद चार वेद चार वेद जो है चार वेद को मानते हैं। चार ही वेद है। या हां हां हां उनमें है कि नहीं है? उनमें है कि नहीं? अरे भाई मैं मैं पूछ आपकी बात मैंने क्या पूछा आपसे? मैं ये पूछ रहा हूं जो चार वेद हैं अथर्ववेद, ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद इनमें मुक्ति का मार्ग है कि नहीं? या वेद क्या ऐसा कहते हैं कि भैया इनसे बाहर कहीं मुक्ति का मार्ग है। यह मैं कह रहा हूं। मुक्ति का रह गया जो वेद का है बात आप बोल रहे हैं वेद के चार वेद ऋग्वेद सामवेद अथर्ववेद ये सब में उस परमात्मा के गुणगान लिखा गया है कि उस परमात्मा मैंने क्या पूछा है भाई साहब देखो भाई बात को समझो मैंने आपसे ये पूछा है क्या वेद में मुक्ति का मार्ग है कि नहीं पहले तो आप यह बता दो चार वेद जो हैं उनमें मुक्ति का मार्ग है कि नहीं और अगर आप यह कह रहे हो कि नहीं सूक्ष्म वेद को भी वेद मान के तब मैं बोल रहा हूं कि हां वेद में मुक्ति का मार्ग है तो उस पे फिर मैं बात करूं यह क्लियर कर दो। चार वेद में है कि नहीं? सूक्ष्म वेद को चार वेद में नहीं है। सूक्ष्म वेद को ऐड करके तब
00:03:47:10 आप वेद मानते हो। अच्छा सूक्ष्म वेद हां आप एक मिनट सुन लीजिए मेरी। हम पहले हमारे पिताजी पढ़ते थे तो ये संस्कृत नहीं था। मैं नहीं भाई साहब मैं आपसे देखिए। आप अगर मुझे इधर-उधर करेंगे। मैं पूछ रहा हूं। पहले बता दो क्लियर कर दो कि हम जानने क्या जा रहे हैं। आप ये क्लियर कर दो। उसके बाद हम जानेंगे। आप एक क्लियर कर दो वेद वेद में मुक्ति का मार्ग है कि नहीं? चार वेद में जो चार वेद है उसमें मुक्ति का मार्ग है कि नहीं? नहीं है। [गला साफ़ करने की आवाज़] नहीं है। हां। यानी कि चार वेद में मुक्ति का मार्ग नहीं है। ये आप भी कहते हो और आपके रामपाल भी कहते हैं। ठीक है। रामपाल भी यही कहते हैं। मैंने क्या पूछा? हां। ठीक है। चार वेद भी यही कहते हैं और रामपाल भी यही कहते हैं। अब आप कह रहे हो कि वेद भी यही कहते हैं। तो वेद में कहां प्रमाण है वो बता दो। हम वेद में कहां प्रमाण है कि मुक्ति का मार्ग नहीं है। नहीं है। इन चार वेदों में से किसी में भी मुक्ति का मार्ग ही नहीं है। पहले आप एक पहले आप एक बात बोले थे कि बिना माने कुछ सिद्ध होने वाला नहीं है। बात बात शुरू कहां से हो रही है? बात देखिए टॉपिक क्या चल रहा है? टॉपिक ये चल रहा
00:05:02:16 है कि आपने कहा आपके जो आपके जो वो हैं आपने कहा है आपके जो रामपाल जी महाराज हैं वो एक भी बात वेद के विरुद्ध नहीं कहते बाहर नहीं कहते है ठीक है अब आपने एक बात कही है कि जो वेद है उनमें मुक्ति का मार्ग नहीं है यह बात वेद में कहां लिखी है प्रमाण है चलिए ये साबित करना चाहता हूं कि कोई भी बच्चा एक सब्जेक्ट से पास होने वाला नहीं है मैंने कहा आपकी बात का प्रमाण है वेद में मुक्ति का मार्ग है या नहीं इस बात का एक एक बात क्लियर करके चलो प्रमाण है कि नहीं प्रमाण नहीं है हां चार वेदों में मुक्ति का मार्ग चार वेदों में मुक्ति का मार्ग नहीं है गीता में भी नहीं है और पुराणों में भी नहीं है नहीं है बहुत बढ़िया उपनिषद में भी नहीं है ठीक है नहीं है जी हां नहीं है ये तो हमने क्लियर कर लिया कि जो हमारे सनातन धर्म शास्त्र है आप उसमें कबीर को जोड़ो वो कबीर वाणी को जोड़ रहे हो हम नहीं जोड़ रहे हैं। मगर जो सनातन धर्मशास्त्र कबीर वाणी के बिना है उपनिषद पुराण स्मृति ग्रंथ यानी रामायण महाभारत गीता और वेद श्रुति ग्रंथ इनमें जो है मुक्ति का मार्ग नहीं है। यह आपका कहना है। ठीक है? हां। अब भैया इनको
00:06:17:27 शास्त्र जो ऑपरेटर जी हैं वो इनको जरा वो नान्या पंथा वाला दिखा दीजिए। प्रमाण यजुर्वेद 319 आप बता [गला साफ़ करने की आवाज़] दीजिए व से बता दीजिए। उसमें लिखा है उसमें लिखा है कि जन्म मरणम के चक्कर से छूटना यानी मुक्ति का। इसके अलावा और कोई मार्ग नहीं है जो वेद बता रहे हैं। अच्छा जन्म मरणम से छूटना। यही मुक्ति का मार्ग है। हम ठीक। और आगे क्या लिखा है? यही लिखा है मुक्ति का मार्ग और इसके अलावा और कोई मार्ग नहीं है। मतलब कि जो मतलब इससे यह सिद्ध हुआ कि वेद जो है वही मुक्ति का मार्ग है। चार वेद उसके अलावा और कोई मुक्ति का मार्ग नहीं है उससे बाहर जाकर के। ये कह रहे हैं वेद। चार वेद। तो गीता गीता भी नहीं मानेंगे तब। अगर गीता की यह बात तो रामपाल खुद लिखते हैं कि अगर गीता की कोई बात ऐसी होगी जो वेद से मैच नहीं खाएगी तो नहीं माननी है। यह तो रामपाल खुद लिखते हैं। दिखाऊं मैं दिखाऊं? हां दिखाइए। मैं
00:07:33:01 दिखाऊं? दिखा देता हूं। [नाक से की जाने वाली आवाज़] दिखा देता हूं। मैंने क्या कहा है? मैंने क्या कहा है? आप यह मानते हो कि रामपाल जो है गीता को एज इट इज पूरा का पूरा मानते हैं। थोड़ा बहुत उसमें कुछ चीजें ऐसी हैं जो वेद के विरुद्ध है जो वो नहीं मानते हैं। हां ये तो है जो है ना हां तो इसका मतलब गीता गीता ज्ञानी की गीता में जो भी चीजें वेदों के बाहर जा रही है ये चीज लिखी भी है रामपाल ने गीता में जो भी चीज वेद के विरुद्ध जाती हुई दिखाई देगी उसको नहीं मानना है रामपाल ने लिखा है दिखाना है मैंने कहा मैंने कहा दिखाना है क्या
00:08:24:21 यह देखिए गीता का जो ज्ञान गीता का जो ज्ञान वेद एक मिनट बता रहा हूं। एक मिनट बता रहा हूं। पहले पढ़ रहा हूं फिर आपको बता रहा हूं। गीता का जो ज्ञान वेदों तथा सूक्ष्म वेद जो सच्चिदानंद घन ब्रह्म अर्थात सत्य पुरुष ने अपने मुख कमल से तत्व ज्ञान बोला उससे मेल नहीं करता तो वह ज्ञान गलत है। यानी कि गीता तभी तक मान्य है जब तक वेदों से मैच खाए। ठीक है? तो गीता [गला साफ़ करने की आवाज़] के आधार पर आप वेद की बात को कट नहीं कर सकते। वेद कह रहे हैं कि वेद से बाहर और कोई ज्ञान नहीं है जीवन और मरण से छूटने का। रामपाल कह रहे हैं कि वेद से बाहर है।
00:09:08:00 तो ये तो वेद के ये तो वेद का विरोध हो गया। कौन सा? वेद का विरोध हो गया। तो वेद में एक अरे भाई इसका तो विरोध हो गया। मैंने कहा इसका तो विरोध हो गया। इसका तो विरोध हो गया। एक उंगली पकड़ लेने से क्या पूरा शरीर बांधा जाता है? अच्छा अच्छा ठीक है। ठीक है। ठीक है। मतलब मतलब एक आध बात का विरोध हो सकता है वेद की। रामपाल के अनुसार एक आध बात का विरोध होता है। रामपाल के यहां वेद की मैंने हां बोलिए। चलिए बोलिए। आपका जो यह बात बोले हैं जैसे मान लीजिए हम डॉक्टर चले गए एग्जांपल आप भी दे सकते हो मैं भी दे सकता हूं भाई साहब मैं आपकी बात को समझ गया हूं मुझे आप क्लियर पहले कर दीजिए यानी कि रामपाल के यहां पर वेद की एक आध मैंने कहा मैंने कहा रामपाल के यहां पर वेद की भी एक आध बात का विरोध होता है। आप यह बता दीजिए होता है ना होता भी है हां अभी होता है होता है हां हां तो जो मैंने ये बात कही है कि रामपाल का जो ज्ञान है वो वेद पुराण के बाहर है रामपाल का जो ज्ञान है वो वेद पुराण के बाहर है तो बाहर हो गया ये इसका विरोध हो गया अब दूसरी अब
00:10:23:01 दूसरी बात है अब दूसरी बात दूसरी अब दूसरी बात आप यह कह रहे हैं कि भाई एक आध चीज के विरोध से यह नहीं हो जाता कि हम पूरा का पूरा विरोध करते हैं ठीक है ठीक है ना? एक आ चीज के विरोध से यह नहीं हो जाता कि हम पूरा का पूरा विरोध करते हैं। यही तो है आपका कहने का मतलब। अरे बोलो मुंह से बोलो। मैं बोलूं मैं तो बोल रहा हूं। तो आप ये क्लियर कर दीजिए। कि एक आध आपका ये क्या आपका यही कहना है कि एक आध चीज के विरोध से पूरा का पूरा विरोध सिद्ध नहीं होता है। चलिए ठीक हां वही मैं बोल रहा हूं मेरा भी पहले बात तो सुन लो इसका जवाब दे दो फिर बोलो इसका इसका जवाब दे दो फिर बात बोलो इसका जवाब दे दो एक आ चीज के क्या क्या आप यही मानते हो आपने ये तो मान लिया कि रामपाल के यहां वेदों की एक आध कुछ बातों का विरोध भी होता है वेदों की होता है ठीक है तो वेदों की एक कुछ बातों का विरोध भी होता है ये एक एक बात हो गई ठीक है दूसरी बात ये हो गई कि इसका मतलब आपका ये मानना है कि एक आध का एक आध बात का विरोध हो जाने से आप उसके विरोधी सिद्ध नहीं होते हैं। यह आपका मानना है। ठीक है। अब आप अपनी बात बोलो।
00:11:38:07 हां जी। अब बोले हैं कि वेद पुराण से बाहर बताते हैं। आपको मानना है। लेकिन हमारे मानना है कि हमारे गुरु जी सब वेद पुराण से बताते हैं। हम लोग का जो भी साधना हो गया। इस संबंध में बताओ कि क्या आपने जो यह बात कही है इस संबंध में आपका पक्ष क्या रख रहे हो वो बताओ। वेद का विरोध करते हैं कि नहीं रामपाल? वेद वेद ये कह रहे हैं कि वेद ही मार्ग है। रामपाल कह रहे हैं कि वेद नहीं वेद के बाहर जाकर के कबीर वाणी मार्ग है। वेद का विरोध नहीं करते हैं। वेद को ना समझने वाले उसको विरोध करते हैं। वेद सही है हमारा। अरे ये क्या लिखा है? मृत्यु के परे जाने के लिए दूसरा मार्ग नहीं है। नान पता विद्यते यह लिखा है स्क्रीन पे बस देख लो भैया। ठीक ठीक दूसरा मार्ग नहीं है। अब इसको हटा दो आप हटा दो। चलो अब मैं बोलूं? हां बोलिए।
00:12:47:01 कोई भी वेद जो भी वेद लिखा है हजार वर्ष पहले लिखा है 600 वर्ष पहले लिखा है सारा चीज श्रद्धालय हम लोगों को मानना 600 वर्ष 600 मानना पड़ेगा 600 वर्ष पहले लिखा है 600 वर्ष या000 वर्ष ये हमारा टॉपिक नहीं है चलो छोड़ते हैं आगे बढ़ो जी हां बताइए ठीक उसको मानना पड़ेगा हमको [गला साफ़ करने की आवाज़] सूक्ष्म वेद में लिखा है पर सूक्ष्म वेद कहते है एक-एक भाई साहब मैं क्या कह रहा हूं। एक-एक करके चलिए एक टॉपिक पहले खत्म हो जाए। आपने कहा कि भैया एक आध चीज का विरोध रामपाल करते हैं वेद की। ये मानते हैं। अब इस संबंध में आपको कुछ विरोध नहीं। वेद के ना समझने वाले आदमी को विरोध करते हैं। जो वेद को नहीं समझता है। एक मिनट, एक मिनट। इस बात का क्या करें? यजुर्वेद 31 19 ये कह रहा है कि इस मार्ग के अलावा यानी जो मार्ग यजुर्वेद में बताया जा रहा है वेदों में चार वेदों में बताया जा रहा है उसके अलावा और कोई मार्ग नहीं है। इसका विरोध है कि नहीं रामपाल को? विरोध नहीं है। इसका कंप्लीट नॉलेज नहीं है। जब वो ये कह रहा है वो वो ये कह रहा है यही वो ये बात कहां लिखी है कि इसमें आधा अधूरा है। बताओ।
00:14:02:28 वो यह कह रहा है कि इसके अलावा वो यह कह रहा है यजुर्वेद क्या कह रहा है इसके अलावा और कोई मार्ग नहीं है। इसके अलावा यानी कि अगर यजुर्वेद ये चार वेदों को छोड़ दे तो इनके अलावा और कोई मार्ग नहीं है। वो ये कह रहा है वेद कहां से? पहले जड़ से जाना पड़ेगा। वेद कहां से आया? हां बहुत बढ़िया। बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया। बहुत बढ़िया। अब जड़ पे आते हैं। अब जड़ पे आते हैं। इसको थोड़ा और क्लियर कर लेते हैं। तब इस प्रश्न पे आते हैं कि वेद कहां से आया? अब बात यह आती है कि एक मिनट एक मिनट। रामपाल के अनुसार जो क्या कहते हैं? रामपाल के अनुसार गीता में किसी और भगवान के पास जाने की बात कही गई है। है ना? हां। कही गई। अच्छा। यानी कि तत्वदर्शी संत प्रामाणिक आचार्य वही बन सकता है जो जो किसी और भगवान के पास जाने की बात की गई है उसके पास जाने की बात करता हो। वही तो बन सकता है। है ना? तो वेद ये कह रहे हैं ब्रह्म से ब्रह्म से किसी और भगवान के पास जाने की बात की गई की गई है। जबकि जबकि वेद ये कह रहे हैं कि
00:15:18:02 ब्रह्मचारी यानी कि ब्रह्म के लिए आचरण करने वाला ब्रह्म की तरफ जाने वाला वही आचार्य बनता है। वही प्रामाणिक आचार्य है। ये वेद कह रहे हैं। इस बात का विरोध है कि मानते हो उस बात को? विरोध नहीं है। ब्रह्मचार्य का पालन करने वाला पालन करने वाला। हां अच्छा ब्रह्मचारी पालन क्या है ये बताइए। अरे भाई ब्रह्म ब्रह्मचारी का पहले मैं वो निकाल रहा हूं शाब्दिक ब्रह्म के लिए आचरण करने वाला ब्रह्मचारी ब्रह्म के लिए आचरण करने वाला तो आप ये कह रहे हो कि ब्रह्म के लिए ब्रह्म के लिए आचरण नहीं करना ब्रह्म से किसी और के लिए आचरण करना यानी कबीर कबीरचारी होना चाहिए। कबीरचारी होना चाहिए। कबीर की तरफ जाने की बात करने वाला होना चाहिए। ठीक है? जबकि वेद ये कह रहे हैं कि ब्रह्म की बात करने वाला ब्रह्म के तरफ ले जाने वाला ही आचार्य बनता है। इसका इसको मानते हैं कि नहीं मानते हैं? इसको मानते हैं ना भाई मानते हैं। तो फिर इसका मतलब ब्रह्म के लिए ही आचरण करने वाला आचार्य है। और जो ब्रह्म से किसी और के पास जाने की बात करे वो आचार्य नहीं है। अच्छा तो ब्रह्म कौन है? अरे भैया तुम्हारा ब्रह्म अलग है ना? तुम्हारा ब्रह्म जो परमेश्वर तुम्हारा ब्रह्म
00:16:33:06 परमेश्वर से अलग है ना तुम्हारा ब्रह्म परमेश्वर से अलग है ना भाई देखो ब्रह ब्रह्म ही परमात्मा है ब्रह्म ही परमात्मा है ब्रह्म ही परमात्मा है 21 ब्रह्मांड का परमात्मा ये ब्रह्म है अरे मेरे भाई आचार्य तो वो बनेगा ना जो 21 का हो चाहे 39 40 का हो, 40 का हो, 50 का हो, जो ब्रह्म के लिए आचरण करेगा वो आचार्य बनेगा। ब्रह्म के लिए जो आचरण करेगा वो आचार्य बनेगा। वही प्रामाणिक आचार्य है वेद के हिसाब से। अच्छा चलिए ठीक है। वेद के हिसाब से ब्रह्म के आचरण करने वाले क्या है? थोड़ा दो टॉपिक में पहले हां मैं बता दे रहा हूं। ब्रह्म के लिए आचरण करने वाले का मतलब है जो ब्रह्म के लिए आपको भक्ति में लगा है। जो ब्रह्म के लिए आपके सदाचरण आपको दे। ब्रह्म के लिए जो भी कार्य करना है ब्रह्म के लिए करना है। यानी ब्रह्म की तरफ जाने वाला मार्ग जो प्रशस्त करे वह ब्रह्मचारी हुआ। उसी का एक होता है कि भैया अपने फायदे के लिए ना भोग करना है ना संभोग करना है तो उसमें वो भी आ जाता है कि स्त्री से दूर रहना है। क्योंकि जब सारे काम बिल्कुल ही सारे के सारे काम जब ब्रह्म के लिए हो जाते तो उसमें जो अपना भोग है वो भी नहीं रह जाता। व्यक्तिगत भोग
00:17:48:16 तो इसलिए उसमें आ जाता है। मगर ब्रह्मचारी का मतलब केवल यही नहीं है कि स्त्री संबंध नहीं। ब्रह्मचारी का जो मूल अर्थ है वह है ब्रह्म ज्ञान स्वरूप भगवान सच्चिदानंद स्वरूप भगवान उनकी तरफ ले जाने का आचरण करने वाला ये हमारा हो गया आपके हिसाब से जो ब्रह्म है वो सच्चिदानंद स्वरूप परमेश्वर नहीं है वो अलग है तो वेद ये कह रहे हैं कि आचार्य तत्वदर्शी प्रामाणिक संत ये वो बनता है जो ब्रह्म के लिए आचरण करता है जबकि रामपाल ये कह रहे हैं कि नहीं ब्रह्म के लिए नहीं किसी दूसरे के लिए आचरण करो करो कोई अलग आचरण करो और वो आचरण है कबीर तो यह ब्रह्म से अलग किसी के लिए आचरण करने का प्रमाण वेद में कहां पर है
00:18:36:28 मैं आपको बोला कि कोई भी छात्र हो गया एक सब्जेक्ट से पास होने वाला नहीं है। अरे भाई मैं एक सब्जेक्ट की बात नहीं मैं यह कह रहा हूं कि आप यह कहते हो ना अपने आप आप ये कहते हो कि जो है जो रामपाल जी की बात है एक भी वेद के वेद का विरोध नहीं है एक भी बात में ठीक तो एक भी बात में यदि विरोध नहीं है तो इस बात का क्या करें जब वेद ये कह रहे हैं कि इस इन वेदों के अलावा इस वेदों के बताए मार्ग के अलावा और कोई मार्ग नहीं है मुक्ति का पहली बात दूसरी बात वेद का क्या करें? जब वेद ये कह रहे हैं कि ब्रह्म के लिए आचरण करो। ब्रह्म के लिए आचरण करने वाला ही आचार्य बनता है। 11 पांच 16 अथर्ववेद इसका क्या करें? चलिए ठीक। अब मैं जवाब दे रहा हूं सुनिएगा। ठीक हां प्रश्न समझ गए ना आप? प्रश्न प्रश्न समझ गए ना आप? प्रश्न समझ गए ना आप? वेदों के हिसाब से आचार्य वो है। संत वो है। प्रामाणिक संत वो है। तत्वदर्शी संत वो है जो ब्रह्म के लिए आचरण करे करवाए। आपके रामपाल कह रहे हैं कि भैया ब्रह्म के लिए आचरण नहीं करना है। किसी और के लिए आचरण करना है। तो फिर वेदों के
00:19:52:02 हिसाब से जो रामपाल है वो संत प्रामाणिक आचार्य सिद्ध नहीं होते। अब बोलिए। यह जो ब्रह ब्रह आप बोल रहे हैं तो पहले सबसे पहले जानना पड़ेगा ब्रह है कौन आपको पता है कि नहीं पता है ये तो मुझे पता नहीं है लेकिन हमको पता है वो ब्रह है क्या अरे भाई वो कुछ भी हो तुम्हारे हिसाब से वो भगवान नहीं है ना सबसे बड़ा सबसे बड़ा भगवान नहीं है ना सबसे बड़ा उसके बाहर कोई नहीं है उसके ऊपर कोई नहीं है मैंने कहा उसके ऊपर पर कोई नहीं है। मैंने कहा उसके ऊपर कोई नहीं है। तुम्हारे हिसाब से है ना ब्रह्म जो है परमेश्वर नहीं है। पूर्ण परमेश्वर नहीं है वो ब्रह्म तुम्हारे हिसाब से। तो वेद ये नहीं कह रहे हैं। वेद ये कह रहे हैं कि ब्रह्म ही है जो कुछ है अंतिम। वेद ये कह रहे हैं और वेद ये कह रहे हैं कि जो क्या कहते हैं? ब्रह्म के लिए आचरण जो करेगा वही तत्वदर्शी है वही संत है वही प्रामाणिक आचार्य है तो वेद वेद में प्रमाण है कि ब्रह्मचारी के लिए जो आचरण करता करवाता है वो आचार्य है तो फिर आपके जो तत्वदर्शी है वो ये कह रहे हैं कि ब्रह्म से अलग कोई और है जिसके लिए आचरण करना है वो आचरण बताने वाला आचार्य तो ये जो
00:21:07:03 है वेद की सीमा का उल्लंघन हो गया। वेद मना कर रहे हैं। जो ब्रह्म के लिए आचरण करेगा वो आचार्य है। और जो रामपाल है वो कह रहे हैं जो ब्रह्म के लिए आचरण करे वो आचार्य नहीं है। जो ब्रह्म से दूसरे किसी उनके हिसाब से जो पूर्ण परमेश्वर इत्यादि उसके लिए आचरण करेगा वो आचार्य है। तो फिर वेद को माने या रामपाल को माने हम ये दोनों को मानना पड़ेगा। ये सब सामने आया और मेरे को हां बोलिए बोलिए सुन बोलिए ये [गला साफ़ करने की आवाज़] जो ब्रह है ये बोल रहा है कि मेरा भक्ति करो मेरा साधना करो ठीक ये करो ठीक ये जो ब्रह है पहले जानना पड़ेगा ये ब्रह है कौन ये क्या है ब्रह्म अरे यार ठीक घूम फिर के बात तुम वहीं पे ला रहे हो ब्रह्म कोई भी हो मैं ये कह रहा हूं आपके पास प्रमाण है ब्रह्म से इतर किसी के लिए आचरण करने वाला आचार्य बनता है तो आप मुझे बता दीजिए ब्रह्म से इतर किसी के लिए हैं। आचार्य हो जाने से सबका मुक्ति हो जाएगा। धरती पे आचार्य कितना है? भारतवर्ष आचार्य कौन होता है? शास्त्रों के हिसाब से बताओ आचार्य की परिभाषा क्या है? आचार्य कौन? टीका लगाने वाला हो जाता है क्या? अरे यार तुमसे
00:22:22:12 जो तुमसे वो जो पूछ रहे हैं वो बताओ। फालतू की बातें [हंसी] करो भगा दूंगा मैं।
Plans for this video (0)
No Plans yet. Press "✂️ Open Clip Cutter" to make one.
-
⬜Hindi SRT Required
YouTube Studio → Subtitles → Hindi → upload the SRT file. (Checked automatically once OAuth is connected.)
-
⬜English SRT
YouTube Studio → Subtitles → Add language → English → upload the SRT file.
-
⬜Title (per Rules)
Check the title against the RULES on honorifics, names and terms.
-
⬜Description
YouTube Studio → Details → Description. Write it as per the RULES.
-
⬜End Screen
YouTube Studio → Editor → End screen. The API does not report this, so press Done after adding it.
-
⬜Cards
YouTube Studio → Editor → Cards. The API does not report this, so press Done after adding them.
-
⬜Playlist Automatic
YouTube Studio → Details → add to Playlists. It gets ticked ✓ automatically at the next sync.
-
⬜Thumbnail
YouTube Studio → Details → Thumbnail → upload a custom thumbnail.
"Done" is your confirmation. The YouTube API does not report things like End Screen and Cards.
Playlists
Not in any public playlist (or YouTube sync has not run yet).
नकली वैदिक रामपाल की असली अवैदिकता
🔗 This video is made from parts of these videos
Description
(empty)
History
No changes yet.
✂️ Clip Cutter
⌨️ Keyboard shortcuts
Space Play/Pause · I Set start · O Set end · ←→ 1 second (Shift: 5) · ,. 1 frame · P Preview · Enter Add clip · Esc Stop
Start
End
✂ Remove (middle part: bad audio, bad section)
Move the video to that spot (click the SRT or the bar), then press "Start"/"End".
Clips () · Total
Add clips above. They will appear here; drag (⋮⋮) to reorder.
-
⋮⋮