Used:
SRT: ⬇ SRT ⬇ Original file

.srt or .vtt (Hindi). The old file is backed up. After that the match for this video is rebuilt (may take a few minutes, keep the page open).

⬜ Not used yet · 00:00:01:10 – 00:02:51:18 (2:50)

00:00:01:10 सभी को जय श्री राम अभी एक विवाद छिड़ गया है बहुत ज्यादा जब पुरी के शंकराचार्य जी ने पूज्य गुरुदेव ने एक टिप्पणी की कि अगर मोदी जी वहां पर अनावरण करेंगे राम मंदिर में जो प्राण प्रतिष्ठा हो रही है प्रभु श्री राम की तो मैं क्या वहां पर तालियां बजाऊंगा तो इस पर मोदी जी की तरफ से तो कोई आपत्ति नहीं जताई गई है योगी जी की तरफ से तो कोई आपत्ति नहीं जताई गई है पूज्य गुरुदेव ने योगी जी के लिए भी कुछ ना कुछ वक्तव्य दिए हैं पर कहीं ना कहीं जो तथाकथित हिंदुत्ववादी हैं या जो तथाकथित इनके समर्थक खुद को दिखाते हैं वह अनेका अनेक प्रकारों से पूज्य गुरुदेव के लिए वीडियोस बना रहे हैं हैशटैग चला रहे हैं तरह-तरह की बातें हो रही हैं एक अजीत भारती जी हैं जो वीडियो के माध्यम से पूछते हैं कि शंकराचार्य ने आज तक किया क्या है धर्म के लिए अ एक नव नव नियुक्त हिंदू है अ उनका नाम है तोफ चतुर्वेदी यह उन्होंने अपने आप को नाम दिया दिया है हिंदू बनने के बाद

00:01:16:16 वो भी टिप्पणी कर रहे हैं शंकराचार्य पर कि भाई श कि भाई पिछले 1000 साल के इतिहास में किसी ने भी शंकराचार्य को अपना अ प्रमाण नहीं माना गुरु नहीं माना तो इस सं में यह वीना ं क्योंकि यह माम बहुत फैलता जा रहा है तो गुरुदेव जो ें हैं वह खने के लिए मैं यह वीडि बना रहा हूं सबसे पहले तो आप यह जान लीज अगर कोई भी हिंदू है जो इस वीडियो देख रहा है तो उसे मालूम होना चाहि कि शंकराचार्य कौन होते हैं अग आज हिंदू धर्म का आप कोई भी स्वरूप है जो देख रहे हैं तो उसका आधार है शंकराचार्य बौद्धों के समय में हिंदू धर्म पूर्णतया लुप्त होकर चुका था लुप्त होने के कगार पर था तब हमारे पुराणों की मान्यता के अनुसार भगवान आदि शंकराचार्य के रूप में शिवजी अवतार लेते हैं और जो बौद्धों का जो नास्तिक दर्शन है जगह-जगह जाकर के शंकर दिग्विजय यात्रा के दौरान उसका खंडन करते हैं नास्तिक दर्शन का और ईश्वर वाद यानी कि आस्तिक वाला जो दर्शन है वह फैलाते हैं और उसके आधार पर निर्मित मंदिर स्थापित किए जा जिन मंदिरों को तोड़ा गया था जैसे

00:02:31:16 जगन्नाथ पुरी आदि वहां पर दोबारा से दारू ब्रह्म जो हैं हमारे जगन्नाथ पुरी जगन्नाथ भगवान उनकी स्थापना करते हैं इसी प्रकार से अनेका अनेक प्रयास करते हुए सनातन धर्म की पुनर स्थापना करते हैं इसी संदर्भ में वह चार पीठों का निर्माण करते हैं और पुराणों के अनुसार शंकर का अवतार सिद्ध होते हुए वह स्वयं य घोषणा करते

00:02:51:18 हैं कि सतयुग में स्वयं ब्रह्मा गुरु थे त्रेता में स्वयं वशिष्ठ गुरु थे द्वापर में स्वयं व्यास गुरु थे और कलयुग में मैं शंकराचार्य जगतगुरु हूं इसके बाद वह अगली घोषणा करते हैं कि मेरे द्वारा स्थापित

⬜ Not used yet · 00:03:10:12 – 00:10:48:24 (7:38)

00:03:10:12 पीठ पर बैठने वाला सन्यासी मुझ शिव का रूप ही मान्य है इसलिए उनकी पीठ पर जो भी सन्यासी बैठता है उसे शंकराचार्य का पद मिलता है उसे शंकराचार्य कहा जाता है उनकी पीठ पर बैठने वाला जो सन्यासी होता है वह कोई स्वघोषित शंकराचार्य नहीं होता है वह भगवान अवतार द्वारा सिद्ध शंकराचार्य कहलाता है यह तो हो गई उनके लिए बात जो पुराणों को मानते हैं अब बात करते हैं जो पुराणों को नहीं मानते जैसे आर्य समाज आदि आर्य समाज आदि भी अपनी पुस्तकों में इस बात का संदर्भ देते हैं कि आज जो हिंदू धर्म बच पाया है उसमें शंकराचार्य का योगदान है यहां तक कि शंकराचार्य का पुरजोर विरोध करने वाले सभी जितने भी मत और पंथ बन चुके हैं आज कालांतर में वह स भी अपनी अपनी पुस्तकों में कहीं ना कहीं किसी ना किसी रूप में धर्म का भला करने वाला शंकराचार्य को अवश्य कहते हैं तो शंकराचार्य पद की गणमा आप लोग समझ लीजिए कि आज आप जो भी किताबें पढ़ रहे हैं वह किताबें कोई ईश्वर ने नहीं छापी है वह किसी पब्लिकेशन ने छापी है और उस पब्लिकेशन ने किस आधार पर छापी है जो गुरु शिष्य परंपरा से जो ज्ञान प्राप्त होता है जो श्लोक

00:04:25:18 प्राप्त होते हैं उनको आजकल पब्लिकेशन छाप रहे हैं अगर आप गुरु शिष्य परंपरा पर विश्वास नहीं है तो आपको भगवत गीता पर विश्वास नहीं है आपको छांदोग्य ना करें परंपरा प्राप्त आचार्य की शरण में जाकर के अध्ययन करें क्योंकि अगर आप केवल ग्रंथ पर सरवाइव करेंगे अपने धर्म के निर्णय के लिए तो आपके धर्म का निर्वाह करने वाला पब्लिकेशन का स्वामी होगा जो अपने मनचाहे धर्म को आपका धर्म बना देगा तो क्या आप ऐसा ही मानते अपने सनातन धर्म को कि जिस जिस पब्लिकेशन के मन में जो आए वह दो श्लोक बढ़ा दे और दो श्लोक घटा दे यही है धर्म धर्म हमें प्राप्त होता है परंपरा से जब परंपरा जब वेद उत्पन्न होते हैं तो वह पीढ़ी दर पीढ़ी गुरु शिष्य परंपरा के द्वारा हम तक पहुंचते हैं हमारे सनातन शास्त्र परंपरा के द्वारा हम तक पहुंचते हैं हमारे सनातन शास्त्रों का अर्थ परंपरा के द्वारा हम तक पहुंचते हैं सायन भाष्य आज के टाइम में अगर सबसे प्राचीन कोई भाष्य मिलता है तो शायन भाष्य मिलता है अब मैं पूछना चाहूंगा जो तथाकथित चतुर्वेदी जी हैं वह कह रहे हैं कि वह राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में नहीं जा रहे और उन्होंने कुछ किया नहीं है भाई

00:05:40:28 आप जिनका पीछे फोटो लगा कर के बैठे हो उनके अनुसार तो राम मंदिर बनना ही नहीं चाहिए उनके अनुसार तो मूर्ति पूजा होनी ही नहीं चाहिए तो आप किसका पक्ष ले रहे हो आप अगर अगर आप परंपरा को नहीं मानते हैं तो आप उस गीता को नहीं मानते हैं जिस गीता को मानने का आप दिखावा कर रहे हैं आप अगर परंपरा को नहीं मानते हैं तो आप उस सनातन धर्म को नहीं मानते हैं जो सनातन धर्म को मानने वाला होने का आप दावा कर रहे हैं आपके धर्म का निर्णय कहां से हो रहा है मुझे बस यह बताइए कि आप सनातन का आप सनातन का निर्वाह कर रहे हैं सनातन धर्म है क्या कहां से प्रतिपादित होता है कहां से निकलता है आप बताइए मुझे क्या पब्लिकेशन वाले सनातन धर्म को बनाते हैं जो किताबें छाप रहे हैं या फिर गुरु शिष्य परंपरा द्वारा जो प्राचीन भारत में जो वेद उत्पन्न हुए थे वैदिक ज्ञान उत्पन्न हुआ था वो गुरु शिष्य परंपरा द्वारा जो ज्ञान यहां तक आया है वह पब्लिकेशन वाले छाप रहे हैं वह आपका धर्म है तो हमारा धर्म केवल ग्रंथों पर आधारित नहीं है क्योंकि अगर होगा तो धर्म भ्रष्ट हो जाएगा मिलावट हो जाएगी हमारा धर्म गुरु गोविंद और ग्रंथ पर आधारित है तो सबसे पहले य समझ लीजिए कि आचार्यों की और परंपरा प्राप्त आचार्यों की आवश्यकता क्या है अब बात करते

00:06:56:01 हैं कि शंकराचार्य ने अभी तक किया क्या है तो इस बारे में मैं एक पूरी सीरीज चालू करने वाला हूं मैं प्रतिदिन शाम को एक रील डालूंगा अलग-अलग विषयों पर कि शंकराचार्य ने किया क्या है उन्होंने मदर टेरेसा का खंडन किया कि नहीं किया शंकर परंपरा के जो आचार्य हैं वह राम मंदिर आंदोलन के प्रणेता बने कि नहीं बने गौ रक्षा आंदोलन के प्रणेता बने कि नहीं बने कांग्रेस को श्राप दिया कि नहीं दिया कांग्रेस कांग्रेस को दिया गया उनके द्वारा जो श्राप था करपात्री जी महाराज का वह फलीभूत हुआ कि नहीं हुआ उस श्राप का प्रचार प्रसार आपके द्वारा भी किया जाता है कि नहीं किया जाता है तो कुल मिलाकर सबसे पहले आप यह देखिए कि आप जो बात कर रहे हैं किसके बारे में कर रहे हैं पुरी के शंकराचार्य जी को बागेश्वर वाले देवकी नंदन ठाकुर अनिरुद्धाचार्य प्रदीप मिश्रा जितने भी प्रसिद्ध कथावाचक हैं वह सब अंतिम निर्णायक मानते हैं आप इनमें से किसी एक का भी समर्थन नहीं करते हैं समर्थन नहीं लेते हैं प्रचार प्रसार नहीं करते हैं और अगर आप इनको अपना आदर्श मानते या इनको अपना निर्णायक मानते हैं तो फिर आपकी एक ऐसी श्रद्धा है कि जिनको वह अपना निर्णायक मान रहे हैं उनके प्रति आप अनास्ता रख रहे हैं आप पुष्पेंद्र कुल श्रेष्ठ को मानेंगे आप

00:08:11:07 मोदी जी को मानते हैं आप योगी जी को मानते हैं यह लोग तो स्वयं शंकराचार्य के चरणों को छू कर के कहते हैं कि आप हमारे पिता समान है तो जब यह उनको अपना पिता मान रहे हैं तो एक पिता अगर अपने बच्चे को अपने बेटे को डांट रहा है या किसी उसकी गलती पर कुछ कह रहा है तो आपको यह अधिकार किसने दिया कि आप शंकराचार्य को क्रिटिसाइज करिए किसने दिया आपको ये अधिकार मोदी जी ने फोन करके कहा है आपको पुरी के शंकराचार्य जी को क्रिटिसाइज करो मोदी जी ने फोन करके कहा है आपको अजीत भारती जी कि पुरी के शंकराचार्य को क्रिटिसाइज करिए अपने चैनल से और अगर मोदी जी ने नहीं कहा है तो आप क्यों कर रहे हैं तो फिर आप मोदी जी के भी समर्थक नहीं हुए तो आप समर्थक किसके हैं धर्म आपका सिद्ध नहीं हो रहा है क्योंकि आपको गुरु चाहिए नहीं आपको केवल ग्रंथ चाहिए तो आपका धर्म तो पब्लिकेशन वाला हो गया आप धर्म के समर्थक नहीं है आप यह जो हमारे आदरणीय कथावाचक है आचार्य गण है इनके समर्थक नहीं है यहां तक कि आप बीजेपी मोदी जी के और योगी जी के भी समर्थक नहीं है तो आप समर्थक हैं किसके अपने प्रचार तंत्र के अपनी लोक प्रसिद्धि के समर्थक

00:09:26:15 है केवल आप आपको मतलब नहीं है कि आप जो कर रहे हैं उससे कितना हास होगा शंकराचार्य के प्रति अनास्ता का अर्थ मान जानते हैं आप शंकराचार्य वो है जहां से हमारा धर्म सुरक्षित होता है अगर शंकराचार्य के प्रति मानवता आस्था अनास्ता वान हो जाएगी पूरी तो हमारा धर्म बचेगा ही नहीं कैसे बचेगा बताइए किताबों से जाकिर नायक अपनी किताब देगा ब्रह्मा कुमारी अपनी किताब देंगे कबीर पंथी अपनी किताब देंगे ब्रह्मा विष्णु महेश के पिता बताएंगे आर समाजी कहेंगे मूर्ति पूजा ही मत करो कहां से होगा निर्णय आपके धर्म का बताइए गुरु गोविंद और ग्रंथ से होता है धर्म का निर्णय गुरु गोविंद और ग्रंथ से और यह कोई साधारण परंपरा नहीं है जो भी व्यक्ति पुराण को मानता है मूर्ति पूजा को मानता है अवतारवाद को मानता है उस व्यक्ति के अनुसार भले ही वह स्कोन वाले हो भले ही वह मधुवा चार्य हो भले ही व रामानुजाचार्य के लोग हो भले ही व वल्लभाचार्य के लोग हो भले ही वो निबार काचार्य के लोग हो वो भी यह कहेंगे कि भगवान शिव के अवतार थे आदि शंकरा और उस पीठ पर बैठने वाला स्वयं शिव स्वरूप होता है आप उसको क्रिटिसाइज कर रहे हैं राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के लिए जब राम जी जन्म लेते हैं तो अपने जीवन के हर निर्णय के लिए वह अपने गुरु के पास जाते हैं

00:10:41:15 वशिष्ठ के पास उसी वशिष्ठ की परंपरा से आने वाले शंकराचार्य हैं शास्त्रों के अनुसार सबसे पहले नारायण भगवान

00:10:48:24 विष्णु ज्ञान देते हैं ब्रह्मा जी को ब्रह्मा जी ज्ञान देते हैं वशिष्ठ जी को वशिष्ठ जी ज्ञान देते हैं शक्ति को शक्ति ज्ञान देते हैं पाराशर को पाराशर ज्ञान देते हैं व्यास जी को व्यास जी ज्ञान देते हैं सुखदेव जी को सुखदेव जी ज्ञान देते हैं गड पादा चार्य को गड पादा चार्य ज्ञान देते हैं गोविंद योगिंद्र मतस्य को और फिर वो ज्ञान देते हैं भगवान आदि शंकराचार्य को और

⬜ Not used yet · 00:11:09:20 – 00:21:35:00 (10:25)

00:11:09:20 क्या कहा आपने अजीत भारती जी पिछले 1000 साल में मैंने नहीं देखा आप उस महिला की तरह बात कर रहे हैं जो बालाजी के दर्शन के लिए एक बार मैं लाइन में लगा था तो वहां पर एक मुझे महिला मिली थोड़ी देर के लिए जब मैं लघु शंका के लिए गया अपनी पंक्ति को छोड़ कर के वापस आया अपनी जगह पर लगने लगा तो महिला कहने लगी आप यहां कैसे लग रहे हो आप तो यहां लगे नहीं थे मैंने कहा माता जी मैं यही लगा था माता जी मैं यही लगा था माता जी बोली नहीं हमने तो नहीं देखा मैंने मैंने कहा आपने जापान देखा है क्या माता जी बोली नहीं देखा तो मैंने कहा इसका मतलब जापान नहीं है क्या इस दुनिया में आपने अगर नहीं देखी है कोई चीज कि शंकराचार्य ने क्या किया है शंकराचार्य की जो वैदिक मैथमेटिक्स है उसके लिए कोरिया वाले फिल्म बना रहे हैं शंकराचार्य की वैदिक मैथमेटिक्स के लिए पूरी दुनिया में पढ़ाई जा रही है शंकराचार्य से मार्गदर्शन लेने के लिए इजरो वाले आ रहे हैं जिसके चंद्रयान थ्री का प्रचार प्रसार करके आप खुद क्रेडिट ले रहे हैं उनसे तो पूछिए जाकर के कि आप किनको अपना आदर्श मानते हैं शंकराचार्य से मार्गदर्शन लेने के लिए विश्व बैंक वाले लोग आ रहे हैं शंकराचार्य से मार्गदर्शन लेने के लिए नासा वाले आ रहे हैं आपको यह सब नहीं दिख रहा है पूरे वर्ष शंकराचार्य भारत भ्रमण पर रहते हैं कि लोगों की धर्म के प्रति

00:12:24:22 जो शंका है उनका समाधान हो सके क्योंकि उन्हें पता आपको नहीं पता है कि संशय आत्मा विनश्यति भगवत गीता 440 जिसकी अपने धर्म में जिसके मन में अपने धर्म के लिए संशय होगा वह ना तो इस लोक में सुखी रह पाएगा और ना ही परलोक में यही कारण है कि धर्म परिवर्तन होता है आप संशय दूर ही नहीं कर पाते हैं भगवान साकार है कि निराकार है कभी जाइएगा उनके पास और जितने भी मन में सवाल है अगर आपके मन में आपको लगता है कि आप सही रास्ते पे हैं तो जाइए ना एक बार शंकराचार्य से जाकर के पूछिए कि ऐसा क्यों कर रहे हैं मोदी जी जिनके पैर छू रहे हैं योगी जी जिनके पैर छू रहे हैं आपको किसने अधिकार दिया उनको क्रिटिसाइज करने का आपके पैर छुए क्या उन्होंने आपके चरणों की वंदना की क्या उन्होंने तो आप कैसे बड़े हो गए मोदी जी से और उनसे योगी जी से एक बाप एक पिता अपने बेटे को अगर डांट रहा है तो आपको कैसे अधिकार है उस पिता को क्रिटिसाइज करने का जहां जितने संदर्भ में शास्त्र सम्मत नहीं दिखी गुरुदेव को उन्होंने मोदी जी के लिए कहा जहां पर अच्छी बातें होती वहां अच्छी बातें भी कहते हैं जहां कांग्रेस गलत होती है कांग्रेस के लिए कितने वीडियोस है आप देखिए

00:13:59:09 दो मिनट आप खड़े नहीं हो सकते हैं यह पीछे जिनकी फोटो लगा रखी है तो फेल जी आपसे कह रहा हूं इनके दर्शन इनको सिद्धांत को लेकर के जाइए आप दुनिया में अगर धर्म का अस्तित्व है तो शंकराचार्य के कारण है इस चीज को समझ लीजिए कैसे है क्योंकि एकमात्र शंकराचार्य का सिद्धांत है जो ईश्वर को सर्वशक्तिमान सिद्ध करता है अन्यथा जो भी शंकराचार्य का विरोध करेगा वह सबसे पहले ईश्वर का विरोध करेगा फिर हो जाएगा वोह नास्तिक फिर हो जाएगा वह अधर्मी और जब वो अधर्मी हो जाएगा तो मानव कहलाने लायक भी नहीं रहेगा क्योंकि वह सामने खड़ी हुई तीन स्त्रियों में से कौन माता है कौन बहन है कौन पत्नी है इन तीनों में अंतर करने का उसके पास कोई कारण नहीं बचेगा जब वो धर्म नहीं होगा उसके पास एक अपने छोटे से फायदे के लिए पूरी मानवता को नुकसान पहुंचा रहे हैं आप पूरी मानवता को जगत गुरु को कोई ऐसी उपाधि नहीं होती है हां आज के टाइम में जरूर नकली शंकराचार्य नकली जगतगुरु खड़े होकर के इस उपाधि को आपने आम समझ लिया है मगर इस तरीके से आप अपने ही पैरों पर कुलड़ी मारेंगे क्या कहा आपने

00:15:14:24 कि पिछले 1000 साल में शंकराचार्य को अपना प्रमाण मानने वाला कोई नहीं है और मैंने जाना कि उनके वह जो थे वह वै शक्त को मानते थे और शंकर को मानते वैष्णव को उनकी परंपरा क्या थी सी परंपरा से थे उनके गुरु के गुरु के गुरु कौन थे है आपके पास लिस्ट मेरे पास लिस्ट है विष्णु भगवान तक की लिस्ट है मेरे पास कि 145 में शंकराचार्य और 155 में गुरु कैसे हैं पुरी के शंकराचार्य आपके पास लिस्ट है जिनके बारे में आप बात कर रहे हैं आर्य समाज हो इसकन हो कबीर पंथी हो ब्रह्मा कुमारी हो या वैष्णव सैव शक्त सौर गान पत यह सब हो क्या इनके सिद्धांत तब एजिस्ट नहीं करते थे जब बौद्ध सनातन धर्म का नाश कर रहे थे और अगर एजिस्ट करते थे तो क्या इनके सिद्धांतों में वह सामर्थ्य नहीं था जो बौद्धों को परास्त कर सके जिन शिवाजी को आप जानते हैं उन शिवाजी के गुरु कौन थे समर्थ रामदास शंकर परंपरा के थे इस कौन जिनको मानता है चैतन्य महाप्रभु उनके गुरु कौन थे वह गुरु मानते थे तत्कालीन शंकराचार्य को श्रीधर स्वामी जी को अगर आप

00:16:29:28 किसी भी परंपरा में पीछे जाने लगेंगे तो उनका या तो कोई गुरु मिलेगा नहीं और अगर गुरु होगा और वह सिद्धांत वादी होंगे तो उनका गुरु आपको शंकर परंपरा का गुरु मिलेगा वह है शंकर परंपरा आज आप जो भाष्य पढ़ते हैं सबसे प्राचीन वह सायन भाष्य कौन सी परंपरा के है वह आचार्य जिन जिन जिन श्लोकों का अर्थ आप कर रहे हैं अपने मनमाने ढंग से कोई बात नहीं वो एक अलग विषय है जिन श्लोकों का आप आज अर्थ कर रहे हैं वह श्लोक आपको कहां से मिलता मार्केट से लेकर आते हो ना शायन भाष्य कौन है शायन विद्यारण्य स्वामी के छोटे भाई विद्या रण स्वामी कौन है अपने समय के शंकराचार्य बवे शंकराचार्य संगरी पीठ के उनके गुरु का नाम था भारतीय कृष्ण

00:17:15:25 तीर्थ किसी ने उनको प्रमाण नहीं माना भाई शिवाजी ने उनको प्रमाण माना राम जी ने उनको प्रमाण माना आप आप कह रहे हो कि उनको किसी ने प्रमाण नहीं माना सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें प्रमाणिक माना शंकराचार्य के द्वारा उनके शिष्यों के द्वारा उपलब्ध कराए गए शास्त्रीय प्रमाणों के आधार पर सुप्रीम कोर्ट का वह निर्णय प्राप्त हुआ है जिसके आधार पर आज राम मंदिर बन पाया है जिन शास्त्रों के आधार पर जिन आचार्यों के ज्ञान के आधार पर आज सुप्रीम कोर्ट का वो निर्णय आ पाया जिसके कारण वहां प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है उन्हीं शास्त्रों की सीमा का उल्लंघन होने की स्थिति में अगर गुरुदेव ने दो कटु वचन बोल दिए तो आज गुरुदेव की आप निंदा कर रहे हैं एक बात समझ लीजिए यदि इस संसार में कोई मनुष्य ऐसा है जो यह मानता है कि वह मनुष्य है वह जानवर नहीं है पशु नहीं है तो इसका अर्थ है कि वह यह मानता है कि इस दुनिया में कोई सर्वशक्तिमान ईश्वर है जिसे प्राप्त करने के लिए उसने उन मर्यादाओं का आलंबन लिया हुआ है जिसे धर्म कहते हैं और दूसरा सिद्धांत आप समझिए कि यदि इस संसार में कोई ऐसा मनुष्य है जो यह मानता है कि संस में कोई सर्वशक्तिमान ईश्वर है तो

00:18:30:28 इसका अर्थ है कि वह वेदों के द्वारा प्रतिपादित होने वाले ईश्वर को मानता है और वेदों के द्वारा प्रतिपादित होने वाले धर्म का पालन करता है और तीसरा सिद्धांत यह है कि यदि इस संसार में कोई मनुष्य ऐसा है जो यह मानता है कि वेदों के द्वारा प्रतिपादित होने वाला जो ईश्वर है वह सर्वशक्तिमान है अबाध है तो इसका अर्थ है कि वह शंकराचार्य के द्वारा स्वीकार किए जाने वाले वेदों के अर्थ को मानता है तो शकरा चार का विरोध करने का अर्थ है आप पूरी मानवता का विरोध कर रहे हैं सनातन धर्म का विरोध कर रहे हैं और सनातन धर्म के विरोध की आड़ में आप पूरी मानवता का विरोध भी कर रहे हैं तो आप समझिए पहले शंकराचार्य कौन होते हैं उन्होंने क्या-क्या किया है उनको कौन-कौन मानता है और मोदी जी योगी जी भी मानते हैं और यदि पिता ने पुत्र को डांटा पिता ने अपने बेटे समान किसी व्यक्ति को डांटा तो क्या वह व्यक्ति आपको फोन करके या लिखित रूप में कह रहा है कि अब आप इसको

00:19:30:15 करिए अगर नहीं कह रहा तो आप समर्थक किसके हैं धर्म आपका बचा नहीं शंकराचार्य आपके बचे नहीं मोदी जी भी नहीं बचे योगी जी भी नहीं बचे क्योंकि वह इनका सम्मान करते हैं देवकी नंदन ठाकुर नहीं बचे क्योंकि वह इनका सम्मान करते हैं बागेश्वर वाले बाबा नहीं बचे क्योंकि वह इनका सम्मान करते हैं उनके लिए अंतिम निर्णायक है यह प्रेमानंद जी महाराज नहीं बचे क्योंकि वह शंकराचार्य का समान न करते हैं आपका नहीं करेंगे जाइएगा कभी अगर यह वहां पहुंचेंगे तो इनका सम्मान कैसे होगा और आप वहां पहुंचो ग तो सम्मान कैसे होगा यह देखिएगा आप उनको भी नहीं मानते आप पुष्पेंद्र कुल श्रेष्ठ को भी नहीं मानते आप कौन से एंगल से हिंदुत्ववादी हैं कौन से एंगल से क्योंकि हिंदुत्व के किसी भी चेहरे को आप नहीं मान रहे हैं ना अंततः आप मोदी जी योगी जो वो भी जिनको पिता कह रहे हैं आप उनको क्रिटिसाइज कर रहे हैं आप किसको मानते हैं य को इंटरनेट को सोशल मीडिया

00:20:35:18 को किसके समर्थक हैं आप मेरा प्रश्न है आपसे और जो आम लोग हैं या जो मेरे विचारधाराओं से सहमत हैं वह एक हैशटैग चलाए मैं आज शाम को एक ऑन रोड प्रदर्शन करने जा रहा हूं वहां जो सामग्री मैं उपयोग करूंगा वह सामग्री मैं आपको भी प्रदान करूंगा आपको हाथ में तकती लेकर के प्रदर्शन करना है अपना चेहरा नहीं दिखा सकते नहीं दिखाइए आप रोड पर नहीं जा सकते अपनी छत पर जा सकते हैं वहां पर एक तख्ती लेकर के खड़े होना है रील बनानी है फोटो बनानी है हैशटैग यूज करने हैं जो आज रात तक मैं सब कुछ दे दूंगा हमें रोकना है हिंदुत्व पर हो रहे इस प्रहार को सनातन धर्म पर हो रहे इस प्रहार को हमारे आचार्यों पर हो रहे इस प्रहार को रोकिए इस अधर्म के प्रहार को धर्म के प्रति शंकराचार्य का अर्थ होता है धर्म और शंकराचार्य के विरोधी होने का अर्थ होता

00:21:33:04 j

Plans for this video (0)

No Plans yet. Press "✂️ Open Clip Cutter" to make one.

🤖 Ask AI for suggestions

AI reads the remaining (unused) parts of this video and gives ideas for new videos: from where to where, hook, and what to remove from the middle. Suggestions follow the RULES and appear here as "AI Suggestion". You can review, edit or approve them.

  • ⬜
    Hindi SRT Required

    YouTube Studio → Subtitles → Hindi → upload the SRT file. (Checked automatically once OAuth is connected.)

  • ⬜
    English SRT

    YouTube Studio → Subtitles → Add language → English → upload the SRT file.

  • ⬜
    Title (per Rules)

    Check the title against the RULES on honorifics, names and terms.

  • ⬜
    Description

    YouTube Studio → Details → Description. Write it as per the RULES.

  • ⬜
    End Screen

    YouTube Studio → Editor → End screen. The API does not report this, so press Done after adding it.

  • ⬜
    Cards

    YouTube Studio → Editor → Cards. The API does not report this, so press Done after adding them.

  • ⬜
    Playlist Automatic

    YouTube Studio → Details → add to Playlists. It gets ticked ✓ automatically at the next sync.

  • ⬜
    Thumbnail

    YouTube Studio → Details → Thumbnail → upload a custom thumbnail.

"Done" is your confirmation. The YouTube API does not report things like End Screen and Cards.

Playlists

Not in any public playlist (or YouTube sync has not run yet).

A: AHVAAN - Call Of Dharma Video 21:35 · 10 Jan 2024

Message to So called Hindus like @Ajeetbharti and @tufailchaturvedi #narendramodi #shankaracharya

0%
☁️ Drive Not in Drive yet

🔗 This video is made from parts of these videos

A · Video हिंदुओं की दुर्गति का मूल । Top 5 problems of Hinduism #shankaracharya...
Open at 00:05:49:20
A · Video आदित्य वाहिनी हिन्दू एकता संगोष्ठी में क्यों जाएं | why should we join...
Open at 00:13:29:18
A · Video Similarity between ISKCON Arya Samaj and Rampal Panth | ईश्वर को बाधित...
Open at 00:06:52:26
A · Video बच्चों ने जाना गुरु परंपरा क्या है | Sanatan ka Sarvabhaum Guru kaun h...
Open at 00:06:42:07
A · Video करपात्री जी महाराज अवतरण दिवस | लव कुश प्रतियोगिता | karpatri Ji Mahar...
Open at 00:04:05:12
A · Video JIGYASAAHVAAN Live Stream Discussion Amid Differences session 1 #puri...
Open at 00:04:05:25

Notes

Description

(empty)

History

No changes yet.

✂️ Clip Cutter

⌨️ Keyboard shortcuts

Space Play/Pause · I Set start · O Set end · ←→ 1 second (Shift: 5) · ,. 1 frame · P Preview · Enter Add clip · Esc Stop

▶

Start

End

🔍 zoom
Already used Plan clips
⚠️ () of this clip is already used in another video (green part). Fine if on purpose, otherwise change the times.
✂ Remove (middle part: bad audio, bad section)

Move the video to that spot (click the SRT or the bar), then press "Start"/"End".

Clips () · Total

Add clips above. They will appear here; drag (⋮⋮) to reorder.

Hook, full note for editor, status