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00:00:13:06 मेरी आवाज आ रही है सभी को? एक मिनट सेटिंग्स वगैरह देख लें। काफी दिन के बाद लाइव आ रहे हैं। तो मेरी आवाज साफ आ रही होगी। आशा करता हूं आप सभी को साफ आ रही होगी। कोई अगर देख रहा है तो थोड़ा सा कमेंट करके बता दें आवाज साफ आ रही है या नहीं। हम जी सभी को जय श्री राम। हर हर महादेव और बहुत-बहुत आभार आपका इस तरह से अपना समर्थन प्रदान करने का और आज की लाइव जो है बहुत विशेष होने वाली है हमारे साथ में अनिकेत द्विवे जी भी जुड़ने वाले हैं

00:01:07:22 और सनातन शंकर जी भी जुड़ने वाले हैं। [गला साफ़ करने की आवाज़] बहुत से रोचक तथ्य हैं जिन पर आज बात होगी और क्या था बहुत दिनों से यात्रा में थे आपने देखा होगा पहले हम ऋषिकेश गए हरिद्वार गए उसके बाद एक बार वहां से वापस आए उसके बाद फिर ऋषिकेश हरिद्वार गए और अब ऐसा सोच रहे हैं कि ऋषिकेश एक बहुत ही महत्वपूर्ण जगह है जहां पर हमारा होना आवश्यक है। तो ऋषिकेश की यात्राएं आपको ज्यादा देखने को मिलेगी क्योंकि वहां पर बहुत ज्यादा आप मान लीजिए कि पाखंड का जो

00:02:06:00 केंद्र स्त्रोत बन गया है। ओरिजिन सेंटर बन गया है। अ मैं कुशलता से हूं। भैरव जी पूछ रहे हैं। मैं कुशल पूर्वक हूं। तो हुआ क्या है कि जितनी भी सनातन धर्म विरोधी शक्तियां हैं उन्होंने क्या किया है कि जहां पर हमारा सबसे जो भी हमारा मुख्य स्थान है ना धर्म का केंद्र है वहीं पर ही सबसे ज्यादा बड़ा वार प्रहार करने का प्रयास उन्होंने किया है और [गला साफ़ करने की आवाज़] इसका एक उदाहरण है राम मंदिर है ना आप देखो कृष्ण जन्मभूमि जहां पर है जहां पर कृष्ण भगवान का मंदिर है कृष्ण जन्मभूमि वाला वहीं पर आप देखो मंदिर के अंदर से जो मस्जिद है उसकी वो गुंबद है जो वो दिखाई देती है। राम मंदिर का आप जानते ही हैं। और अगर आप देखें तो हां आर के एस वकर जी मैं ठीक हूं बिल्कुल [खांसने की आवाज़] हां जी यही मुख्य विषय होने वाला है आज एनोनिमस जी

00:03:21:03 और मैं बिल्कुल ठीक हूं मेरी चिंता ना करें हमारे साथ शिवनाथ तक किस बात की चिंता में चिंता करने के लिए बहुत-बहुत आभार आप सब की जो प्रार्थनाएं हैं वो मेरे साथ सदैव हैं और अभी तो अंगड़ाई है। आगे बहुत लड़ाई है। खैर [खांसने की आवाज़] तो आज हमारी स्ट्रीम में बोबड़ा सोल भी जुड़ने वाला है। वो कुतर्कों का जो क्या कहा जाता है? कुतर्कों का बेताज बादशाह या निराकार बादशाह वो बोबड़ा सोल है बोबड़ा स्पिरिट सोल वो भी जुड़ने वाला है शायद जुड़ भी गया है डीपी चेंज नहीं हुई है बोबड़ा की डीपी चेंज होनी चाहिए क्या [हंसी] अच्छा मैं वो बता रहा था तब तक बोबड़ा बोबड़ा आएगा आज हमारे लाइव स्ट्रीम में तो तब तक मैं बता रहा था कि राम जन्मभूमि आप देख लीजिए कृष्ण जन्मभूमि आप देख लीजिए बोबड़ा जी आप अपनी डीपी चेंज करेंगे या ऐसे ही आपको ले लिया जाए?

00:04:42:09 [गला साफ़ करने की आवाज़] राम जन्मभूमि कृष्ण जन्मभूमि और मैंने देखिए आप देखिए बनारस जाइए जो बनारस जब उसकी जितनी मान्यता है बनारस की कि वहां पर जो देह त्याग करता है उसका मोक्ष निश्चित हो जाता है और सारी दुनिया में प्रलय आ जाएगी पर बनारस में कुछ नहीं होगा तो ये सारी चीजें हैं और बनारस आज आप जाओगे ना तो वहां पर इतना पतन हो रहा है हमारी संस्कृति का हमारे धर्म का इतना ज्यादा मांसाहार कच्चा मांस और गंदगी और वहां के लोग है वैसे अगर देखा जाए तो एक छोटा शहर है वाराणसी आध्यात्मिक रूप से बड़ा शहर है पर यूं देखेंगे दिल्ली मुंबई के सामने जो है अपेक्षागत छोटा शहर है पर वहां के लोग ऐसी उड़ान भर रहे हैं कि दिल्ली मुंबई को भी फेल कर देंगे कुछ दिनों में। घाटों पर जो है जो एक हमारी भारतीय संस्कृति है कि पराई स्त्री का स्पर्श ना करें और अ अगर

00:05:58:12 मतलब दूर रहे एक मर्यादा में रहे तो वहां पर आप देखेंगे घाटों पर जाकर के तो उसको जूहू भी बीच बनाया जा रहा है और यही हाल ऋषिकेश का भी है। अश्लीलता नग्नता और एक अनुशासन हीनता है ना तो द कहने का तात्पर्य यह है कि जो हमारे सेंटर्स है ना वहीं पर सबसे ज्यादा वार हो रहा है। जहां पर लक्ष्मण जी की तपोभूमि है जो ऋषिकेश ऋषियों की तपोभूमि जो मानी जाती है तो वहीं पर सबसे ज्यादा प्रहार हो रहा है। वाराणसी हो या अयोध्या हो या राम कृष्ण जन्मभूमि हो या फिर आपका यह ऋषिकेश जैसी जगह हो जहांजहां पर हमारे वो है ना गर्भ ग्रह उस गर्भ पे ही वार किया जा रहा है सनातन विरोधी ताकतों के द्वारा तो जब जब ऐसा होगा [गला साफ़ करने की आवाज़] तबत भगवान की कृपा से कोई ना कोई शिवश कोई ना कोई सनातन शंकर कोई ना कोई

00:07:10:09 मनुवादी उठ खड़ा होगा जो अपने धर्म को क्षति पहुंचते हुए नहीं देख पाएगा। कई बार ऐसा हुआ मेरे साथ कि जब भी हम कोई ऐसा कार्य करने जा रहे होते हैं [गला साफ़ करने की आवाज़] जिसमें कि रिस्क होता है जिसमें कि साहस दिखाना पड़ता है खतरा होता है तो वहां क्या होता है कि एक आवाज आती है कि भाई ये करना है कि नहीं करना है और करना है तो क्यों करना है क्या वो कारण है जो हम कर रहे हैं व्यक्तिगत क्या है तुम्हारा आखिरकार तुम एक समष्टि की लड़ाई को व्यष्टि के रूप में लेकर के और जो लड़ रहे हो तो तुम्हारा व्यक्तिगत क्या है? तो फिर वहां पर यही बात आती है कि सबको नहीं करना पड़े इसलिए किसी ना किसी एक को तो करना ही पड़ेगा। और दूसरी बात यह आती है

00:08:11:07 [खांसने की आवाज़] कि और उस समय हमारे पास एक ही सहारा होता है ऐसे कठिन रास्तों पर चलते हुए हमारे साथ शिवनाथ तो किस बात की चिंता हमें तो शिवश भैया क्या अद्विज शंकर भाष्य पढ़ सकते हैं। हिंदी अर्थ तो पढ़ ही सकते हैं। गुरुदेव ने ही कहा है।

00:08:59:02 [गला साफ़ करने की आवाज़] ठीक है। मुझे लग रहा है उनको कुछ समय लग रहा है। आने में हां

00:09:33:08 तो ये पूछ रहे हैं आप कौन सी स्टेट से हो? मैं उत्तर प्रदेश से हूं। लखनऊ हां भाष्य पढ़ सकते हैं। गुरुदेव ने बताया है। हिंदी पढ़ने में कोई दोष नहीं है। ये बेस्ट कमेंट है अभी तक का। इस सब से मेरा खून बढ़ता है। जब सामने वाला जो द्वंदी है जब सामने वाला तर्क ना करके निराधार आरोप प्रत्यारोप चालू करता है। तुम यह हो तुम वो हो तो उससे क्या होता है? वह हमारी विजय का द्योतक है। जब वह तर्क नहीं कर रहा है, वह अपनी चीजों को एक्सप्लेनेशन के साथ नहीं रखना चाहता है। निर्णायक हो रहा है कि तुम अंधे हो, तुम यह हो, तुम वो हो। इसका अर्थ क्या हुआ? उसके पास हमसे लोहा लेने का सामर्थ्य नहीं है। और तब वह ऐसा करता है कि अरे तू यह है। उनके यहां पर जोंबीज बनाए जाते हैं। अंधा गधा, अंधा गधा, अंधा गधा, अंधा

00:10:48:16 गधा उनको ही अंधा गधा बना दिया गया है। रामपाल के यहां और [गला साफ़ करने की आवाज़] भैरव जी इस प्रकार के प्रश्न आप ना आचार्य श्री से किया करें। अगर हमारी आचार वाणी आचार्य मुख से सुनेंगे निराकरण तो वो ज्यादा उचित होगा। हां जी हां जी पढ़ सकते हैं।

00:11:23:03 दीक्षित [गला साफ़ करने की आवाज़] जी एक मिनट मैं जरा देख लूं। तो

00:12:45:03 तो अच्छा दो तीन चीजें मैं बता देता हूं जब तक लोग जॉइ कर रहे हैं कि पहली चीज चीज है

00:12:56:04 रामपाल ने शायद अपने वीडियो में यह कहा है कि वह चैनल की व्यवस्था वह करेगा और वह जो है अ चर्चा के लिए तैयार है हम तो रामपाल सबसे पहली बात तो यह है कि क्या तू मूर्ख व्यक्ति है क्या भाई और या तेरे चेले मूर्ख है हां अरे भाई हमने घोषणा पहले ही की हुई है कि भाई चर्चा कब करोगे बताओ और विषय भी बताए हुए हैं उसमें तो फिर इस प्रकार की घोषणा करने का अर्थ क्या हुआ? जब पहले ही घोषणा की जा चुकी है कि भाई चर्चा के लिए कोई तैयार है। तुम्हें तो अपने चेलों के द्वारा हमसे संपर्क करवाना करना चाहिए था। सिंपल और या फिर तुम्हारे चेले तुमको मूर्ख बनाते हैं। तुमको शायद 10 20 फीट के कमरे में बंद रखते हैं। और बाहर की दुनिया से तुम अनजान हो क्या रहा है? तुम्हारी थूथू हो रही है जगह-जगह। खैर

00:13:53:18 तुमने जो बोला है ना अपने किताबों में अश्लील बातें की है ना दुर्गा मैया के बारे में शिव जी के बारे में हमारे भगवान के बारे में कृष्ण के बारे में विष्णु के बारे में तो जहर उगला है ना तो कोई ना कोई दिन आने वाला है तुम्हारी थूथू तो अभी तो हो ही रही है अभी और होना बाकी है अभी तो यहां कोर्ट के चक्कर लगाने हैं तुम्हें। खैर तुम्हारी जो तमन्ना जागी है ना चैनल की या तुमने अपने लोगों को सुनाने के लिए जो बेवकूफ बनाया है। है ना? तो तुम कर लो। तुम्हारा ये जो चैलेंज है वो एक्सेप्ट है। सुन लो क्लियर। रामपाल तुम्हारा चैलेंज एक्सेप्ट है। अब आप बताइए कौन से दिन आप चैनल की व्यवस्था कर रहे हैं? दिल्ली में। दिल्ली में ही करोगे ना चैनल की व्यवस्था। न्यूट्रल जगह हो जाएगी दिल्ली। तो दिल्ली में चैनल की व्यवस्था करो। कौन से दिन कर रहे हो और कौन से चैनल पर कर रहे हो? यह सारी सूचनाएं प्रदान करो। और हम पहुंचते हैं तुम्हारे मुंह पर टेप लगाने के लिए। हां। लव पंडित जी। आपसे बात कर लेते हैं। ठीक है? बाकी एक पर्सनल

00:15:10:02 परामर्श और है तुम्हारे लिए कि रही सही जो बची खुची जो दो चार मंद बुद्धियों के बीच में जो इमेज है अगर उसको बचाना चाहते हो तो मत पड़ो चक्कर में कोई है नहीं टक्कर में ज्यादा से ज्यादा 510 मिनट होंगे और तुम्हारा बोलती बंद हो जाएगी लिख के दे रहा हूं अभी नोट कर लेना इसको 510 मिनट बोलती बंद और जब मैं ये कहता हूं हूं ना 510 मिनट तो 510 मिनट ही होते हैं। फिर उसके बाद फिर अभी व्यक्ति अब अगर कोई भी चर्चा हमारे विरोधी के साथ आज तक कई घंटों तक चली तो वो इसलिए चली कि हम चाहते हैं कि वह चले जिससे कि कई और नई चीजें लोगों को सुनाई दे जाए। वरना सामर्थ्य ऐसी है कि टू स्टॉप द ट्रेन पुल द चेन। समझ गए? अगर हम चाहे तो किसी भी चर्चा को 510 मिनट के अंदर ही समाप्त करने का सामर्थ रखते हैं। गुरु गोविंद और ग्रंथ की कृपा से। यह सब नोट कर लो और फिर अपना ढंडस बनाओ। अपनी वो कौन सी दवाई ववाई पिलाते हो अपने उनको पिछड़े हुए लोगों को जो पागल हो जाते हैं सोचने समझने की

00:16:25:03 शक्ति क्षीण हो जाती है हम तो [गला साफ़ करने की आवाज़] 510 मिनट ही लगेंगे मुझे तुम्हारा मुंह बंद करने में और जिसजिस को कहा है आज तक 510 मिनट की बात उसको 510 मिनट में बंद किया भी है और जिसजिस की चर्चा लंबी चली है तो हमारा रहम होता है चर्चा लंबी चलाना समझ रहे हो हमारा रहमोकरम होता है वो [हंसी] ठीक है कि हम कुछ देना चाहते हैं समाज को तो इसलिए छूट देते हैं चलो इस बारे में बात की जाए ऐसे ऐसे चला जाए आगे चला जाए है ना

00:17:03:20 वो हमारी छूट होती है रहम होता है हमारा जो हम करते हैं सामने वाले पर और वो इसलिए करते हैं कि एक तो सामने वाले को थोड़ा सा और लंबा वो ले जाकर के जो है घुमाया फिराया जाए और फिर लास्ट में उसको दिया जाए। जैसे एक भव्य राधा कृष्ण दास था। हम चाहते तो उसकी उसके साथ जो चर्चा शुरू हुई थी वो पांच 10 मिनट में तीन टर्म खत्म पर दूसरे दूसरे टॉपिक उठाए जो अब तक नहीं डिस्कशन हुआ था जिन टॉपिक्स पर वो उठाए और उन पर बात करते हुए तब जाकर के जब अच्छे से वह उसमें टूट चुका था तब हम अपना वो लाए लो भाई टू स्टॉप द

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00:17:47:10 ट्रेन पुल द और अनिकेत जी आ चुके हैं। ठीक है। और जो अलंकारी बच्चा आया था हमारी लाइव में उसके साथ भी यही था। हम चाहते तो जहां पर भी अटकने वाली बातें थी धक्का स्वीकार कर लिया वहीं पर जो है निर्णय हो गया कि

00:18:21:22 भगवान का अवतार वहां पर सिद्ध हो गया जहां पर धक्का स्वीकार कर लिया और धक्का उसने स्वीकार किया ही था। हम अटके नहीं कि चलो और इसके जो जो प्रश्न है उनके जवाब देता चलो। ईश्वर का सृष्टि बनाने के लिए जड़ पदार्थों को मूव कराने के लिए उसका अवतार मानना ही पड़ेगा। भले ही आंखों का विषय ना हो पर अवतार मानना पड़ेगा। कहीं किसी भी अवस्था में सीधी सी सरल सी बात है। कहीं किसी भी

00:18:57:18 लव जी पंडित जी लव पंडित जी आप जो है ना अभी हमारी जब चर्चा हो जाएगी हम आपको बोलेंगे तब आप जुड़ जाइएगा। अभी आपका कोई काम नहीं है। पहले हमारा जो मुख्य उद्देश्य है वह हो जाए। उसके बाद हम आपको ले लेंगे। ठीक है? तब तक आप दर्शक की भक्त देखिए। सनातन शंकर जी आ गए। अच्छा नहीं आए। अच्छा अनिकेत जी चले गए। अनिकेत जी आप क्यों चले गए? मैंने तो लव पंडित को मना किया था। वह एक और हैं जो आए हैं आज। खैर सनातन शंकर जी को ले लेते हैं। जय श्री राम। जय श्री राम। जय श्री राम जी। हर हर महादेव। अच्छा मुझे जो है मैं तो भूल ही गया था। मेरे पास ये हेडफोन है एक।

00:20:04:28 हां जी। आवाज आ रही है मेरी? सबको साफ सुन। आ रही है। आ रही है। हां हां आ रही है। आ रही है आवाज? जी जी नहीं आ रही है आ रही है। अच्छा छोड़ते हैं इसको रहने देते हैं। अभी हमें तो आ रही है आवाज।

00:20:46:02 बोलिए कुछ? हां आ रही है आपकी आवाज। हां तो लव पंडित जी अभी आप बाहर रहिए। अभी जब हमारी जो मुख्य विषय है वो जब पूरा हो जाएगा तो हम आपको ले लेंगे। लव पंडित जी के कुछ सवाल हैं। विरोधाभासी विरोधी कुछ सिद्ध करना है लव पंडित जी को हमारे विरोध में। अच्छा तो सुबह इनको वर्णाश्रम को लेकर के कुछ शंकाएं थी विरोधी। तो वह हमने उस समय दूर कर दी थी फोन पर आधे घंटे में बालक हैं यह 17 वर्ष की आयु है इनकी अब ये बोले नहीं नहीं नहीं मुझे जो है ओखली में सर देना है इस तरह का कुछ तो मैंने कहा भाई आप जो है बहुत छोटे हैं फिर अवमानना होती है फिर क्या कहते हैं फिर लोग कहते हैं भाई इतने छोटे बालक से क्यों भिड़े हालांकि मुझे किसी से भी बात करने में ये रहता है कि अगर उससे बातें होंगी और कुछ चीजें होंगी तो वो सामने जो देखने वाले लोग होंगे उनको समझ में आएगा कुछ है ना तो बातचीत करने से क्या होता है वन साइडेड गेम नहीं होता है जो जैसे बोबड़ा सोल बनाया करता है अभी आने वाला है बोबड़ा सोल हमारे

00:22:01:03 चैनल पे अनिकेत जी जय श्री राम जय श्री राम अनिकेत जी जी जी जय जय श्री राम जय श्री राम आवाज आ रही है मेरी? जी जी आ रही बात [गला साफ़ करने की आवाज़] तो वही है कि बोबड़ा सोल जैसे

00:22:34:21 लोग होते हैं कुतर्की उनको भी उत्तर मिल जाते हैं। अच्छा तो अभी अह मैं एक बात कह रहा था कि जैसे आर्य समाज मानता है कि जो अवतार है वो उनकी भाषा में कहे तो अल्पज्य होता है। है ना? सीमित होता है। अल्पज्य का मतलब सीमा सीमा हो गई उसकी। तो ईश्वर कभी भी मनुष्य के व्यवहार में आया कि नहीं आया? सीधी बात संपर्क में आए बिना शिक्षित नहीं हो सकता मनुष्य है ना वो दयानंद जी ने ही लिखा है सत्यार्थ प्रकाश में शिक्षित नहीं हो सकता और वहां पर किसी ना किसी गुरु की आवश्यकता ही पड़ेगी ही यह भी माना उन्होंने अपने से नहीं हो सकता तो क्यों अगर उसकी जो

00:23:32:12 लव पंडित जी आप बार-बार प्रया प्रयास ना करें जुड़ने का। अभी आप बाहर रहें। जब हमारा यह हो जाएगा जो मुख्य उद्देश्य है वो बात हो जाएगी तब हम आपको ले लेंगे। तब आप जुड़िएगा। तो यदि वह अल्पज है तो उसके व्यवहार में अनंत कैसे आएगा? नहीं आएगा। तो किसी ना किसी प्रकार से मनुष्य के व्यवहार में जब ईश्वर आएगा तो वह अवतरित होगा। अवतार लेगा। एक ऐसा रूप धारण करेगा कि वह सीमित सीमित अल्पज्य जो जीव है मनुष्य है उसकी उसके व्यवहार का विषय बन सके। सीधी सी बात है। यहीं पे सब कहानी खत्म हो जाती है। आप खुद ही मानते हो कि जीव जो है अल्पज है और ईश्वर जो है वो सर्वज्ञ है। तो अल्पज यानी सीमित सर्वज्ञ यानी अनंत। तो वो कैसे आएगा व्यवहार में? एक बहुत साधारण सा है। उसमें आप और हां मैंने देखा है कि इनके तरह-तरह के कयास वाले लोग यह कह रहे हैं कि ईश्वर जो है वो जैसे विद्युत जो है पंखा चला देती है। पंखे में जाती है तो पंखा घूमता है। जबकि बल्ब में जाती है तो बल्ब जलता है। यह सब कुतर्क कर रहे हैं। अरे भाई

00:24:47:15 बात हो रही है कि अलग-अलग उपकरणों में जो विद्युत होती है, उसका जो स्तर होता है, है ना? मारक क्षमता मान लो जो क्षमता होती है वो अलग-अलग होती है। 100 वाट के बल्ब में आप वो हीटर वाली वाली पावर नहीं दे देते हो तो सीमित बल्ब के अनुसार सीमित क्षमता वाली विद्युत होती है बल्ब में जो जाती है तब बल्ब चलता है नहीं तो फट जाता है। वोल्टेज ज्यादा होते हैं तो फ्यूज हो जाता है कि नहीं? बल्ब खराब हो जाता है ना? हां। तो दुनिया में यदि निश्चित अनुपात में भगवान की शक्ति प्राप्त हो रही है जड़ पदार्थों को निश्चित अनुपात में तो वहां पर भगवान अवतार ले रहे हैं। ऐसा अवतार जो अलग-अलग जड़ पदार्थों के व्यवहार का विषय अलग-अलग रूप में बने। कम ज्यादा रूप में बने। ठीक है? बात यह नहीं हो रही कि अलग-अलग प्रकार का कार्य कैसे हो रहा है। बात यह हो रही है अलग-अलग क्षमता वाले कार्य कैसे हो रहे हैं। क्षमता क्षमता अलग-अलग हो रही है। सीमित हो रही है क्षमता और सीमित नहीं करेंगे तो जहां भी लगेगा अनंत बल लगेगा। अनंत बल लगेगा। कुछ होगा ही नहीं। इन बातों

00:26:02:16 अच्छा इनका ईश्वर धक्का लगाता है। अरे ठीक है भैया नहीं लगाता। क्या लगाता है वह बता दो ना। वह नहीं बताएंगे। वही अचंत जैसे जीव जो है इच्छा करता है और जो है वह सूक्ष्म शरीर काम करता है। जैसे जीव इच्छा करता है वो वाला शरीर काम करता है। अरे भाई तो हम तो कह ही रहे हैं ना कि भैया माया है अद्वैत है। हम इसलिए काम करता है। मान लो हमारी बात। वो मान ही नहीं रहे। और जब ये मानोगे तो अवतार भी मान लो। और अगर वह भी नहीं मान रहे, सत्य ही मान रहे हो तो सत्य से बता दो जड़ पदार्थों को धक्का कैसे लगा? ईश्वर ने इच्छा की। भाई इच्छा किस रूप में प्राप्त हुई जड़ पदार्थों को? और एक है अवतार का अवतार का एक और है कि

00:26:58:00 इस समय राइट नाउ क्या ईश्वर मेरे व्यवहार का विषय है? नहीं है। क्या इस जड़ पदार्थ के व्यवहार का विषय है? नहीं है। नहीं है ना? मगर एक समय ऐसा यानी ईश्वर का मौलिक स्वरूप क्या हो गया? ईश्वर का वास्तविक मौलिक स्वरूप हुआ व्यवहार में ना आ सकने वाला। सिंपल यही तो हुआ। तो जब भी कभी सृष्टि बनी, जब भी कभी सृष्टि रचना हुई तो ईश्वर व्यवहार में आया। जब भी कभी वेद का ज्ञान दिया गया ऋषियों को ईश्वर व्यवहार में आया। तो मौलिक स्वरूप क्या है? व्यवहार में ना आ सकने वाला। व्यवहार में आ गया। अवतार हो गया। कैसे आएगा? परिवर्तनशील मान लो या तो कि ईश्वर परिवर्तित हुआ। परिवर्तित हुआ तो शाश्वत नहीं रहा। खत्म। तो मानोगे कि वह वही की वही एज इट इज है। व्यवहार में ना आ सकने वाला रूप अभी भी व्याप्त है। अब एक और रूप है जो व्यवहार में आ रहा है। जो ज्ञान दे रहा है चार ऋषियों को जो षष्ठी रचना कर रहा है। क्यों भाग रहे हो यार सच्चाई से? सिंपल है और इतना ज्यादा गहनता से जाकर के बता दिया कि ईश्वर जब एक निश्चित धक्का

00:28:13:01 मार सकता है चीजों को चीजों के लिए छेपक बन सकता है। इतना इतना ज्यादा सबको समझ में आ चुका है। बच्चा समझ चुका है। अब मगर ये जो है ये हम नहीं मानेंगे। हमारी पास के पत्तों की इमारत डह जाएगी। नहीं तो फिर वो ईश्वर ही था। यह बताना पड़ेगा। है ना? जिसने ज्ञान दिया चार ऋषियों को वो ईश्वर ही था। यह बताना पड़ेगा। और आपको कैसे पता चला यह ज्ञान ईश्वर का ही है? तो आपने कवर करा ही हुआ है सारा कुछ उसमें। अच्छा वो मूवी आई थी उसमें उसमें हर एक चीज पे बात की हमने। हां उस वो बड़ी पसंद आई। सबने पसंद की है। हम बहुत पसंद की है वो। [खांसने की आवाज़][गला साफ़ करने की आवाज़] तो अब आते हैं मुख्य विषय पर। 28 बज के 28 मिनट हो चुके हैं। लगभग 29 मान लो 29 वे मिनट में हम लोग मुख्य विषय पर आते हैं। सबसे बड़ी बात है पहले मैं आपको वहां का वृतांत सुनाऊं वहां हुआ क्या था क्योंकि वहां से लेकर के अब तक मुझे वो समय नहीं मिल पाया जहां जब मैं जो है वहां का वो जो आंखों देखा एक्सपीरियंस है अच्छे से बैठकर के एक सहजता वाले

00:29:28:07 उसमें मैं बता सकूं आपबीती क्या थी तो होता क्या है कि हम लोग ऋषिकेश पहुंचे तो इसी मकसद से थे कि भाई हमें बहुत बताया गया था कि वहां पाखंड बहुत हो रहा है यद्यपि हमें यह नहीं ऐसा मन में नहीं था कि हमें इस वाले मिल जाएंगे। उनहीं से शुरुआत हो गई ऋषिकेश में तो हम गए थे और सुबह सुबह हम लोग निकले थे शायद हम ओसो का ओशो का सेंटर ढूंढ रहे थे ओशो का और वहां पर क्या है योग के नाम पर नग्नता भी बहुत हो रही है वहां पर विजयश्री जी रहती हैं ऋषिकेश में तो उन्होंने बताया था यहां योग के नाम पर बहुत अश्लीलता फैल रही है। घाट पर भी बहुत ज्यादा यह नशेबाजी हो रही है। तो हमने कहा ठीक है चालू करते हैं कहीं पहुंचते हैं। एक वहां पर कोई एक Instagram और है उसके साथ और वार्ता हुई है वन ऑन वन तो वो शायद अगर कुछ काम का लगा तो बाद में डाला जाएगा वीडियो। तो हम लोग निकले थे सुबह-सुबह। हमने देखा कि वहां पर सीता घाट है। जहां जिस आश्रम में हम रुके थे भागीरथी धाम में उससे एक मतलब ऐसा रास्ता इसमें कार वगैरह नहीं जा सकती है और स्कूटी ज्यादा चलती है वहां पर ऋषिकेश

00:30:43:10 में तो जैसे गंगा नदी ये बह रही है तो गंगा नदी गंगा मैया के ही तट से लगा हुआ भागीरथी धाम आश्रम है। बहुत अच्छा आश्रम है। और मैं तो कहूंगा सभी को एक एक बार वहां अवश्य जाना चाहिए। भागीरथी धाम और वहां जाकर के जब आप उसमें पीछे जाकर के उसमें अपने कमरे से गंगा मैया के दर्शन करते हैं आहा क्या आनंद आ जाता है वहां पर सबको जाना चाहिए एक बार तो

00:31:14:21 अ तो यह जो गंगा मैया बह रही हैं इसके उस ओर जो है टिहरी गढ़वाल है अगर जिले की बात की जाए और इस तरफ पौड़ी गढ़वाल है और मेन जो सिटी एरिया है वो उस तरफ है। गंगा मैया के उस तरफ हम इस तरफ है। है पूरा ऋषिकेश ही कहा जाता है। जिले का अंतर पड़ता है। और आवागमन जो होता है ऋषिकेश में वो होता है अगर पैदल जाना है तो इस समय जो लक्ष्मण झूला है वह अभी बंद है। लक्ष्मण झूले के ही विकल्प के रूप में बगल में ही लक्ष्मण झूले के बजरंग सेतु बना हुआ है। तो उस पार जाने के लिए पैदल अगर आपको जाना है तो बजरंग सेतु से जाते हैं और बजरंग सेतु फिर इधर की ओर चले अगर बजरंग सेतु से तो बीच में ही इस पार हमारा आश्रम था जिसमें हम रुके थे भागीरथी धाम वो भी अद्वैत को ही मानने वाला आश्रम है अद्वैत परंपरा का ये और आगे चले अच्छा मैंने देखा उस आश्रम में भी स्कनिस्ट आकर के रुकते हैं हम जबकि मायावादियों की शक्ल देखना इनके लिए वो है [हंसी] मैं वो बाद में बताऊंगा इसनियों का सामना कैसे हुआ मुझे उसमें? खैर मैं आगे बढ़ा और आगे

00:32:30:02 जब बढ़े तो फिर थोड़ी दूर बाद फिर है राम झूला। लक्ष्मण झूला फिर राम झूला। ये जो झूला है ना मतलब झूले का मतलब ये सेतु है। इस पार से उस पार के लिए। इसके बाद फिर आगे जाकर के लगभग 3 कि.मी. टोटल हो जाएगा इधर से इधर तक। तो लास्ट में जाकर के जानकी झूला है। तो जानकी झूला से आप बाइक लेकर उस पार जा सकते हो। कार के लिए तो और बड़ा राउंड मारना पड़ेगा। जानकी झूला से भी नहीं जा सकते। तो हम लोग उस पार जा रहे थे जहां विजय श्री जी ने हमको बताया था कि यहां यहां पे हमें जाना है स्पॉट देखने हैं। कहां-कहां पे हो रहा है ऐसा कार्य तो हम लोग निकले थे। रास्ते में मिल गया सीताघाट। हम लोग क्या हो रहा है? गंगा जी के इस तरफ अपने आश्रम से जानकी झूले की तरफ चल रहे हैं और बगल में अलग-अलग छोटे-छोटे से घाट पड़ रहे हैं। उनका अलग-अलग अपना नाम है। तो हमें दिखा सीता घाट। सीता घाट पर ओपनली इनके इनका जो है सभा चल रही है। यह अपनी बातें कर रहे हैं। सामान्य जन भी वहां पर बैठे हुए हैं। अब [गला साफ़ करने की आवाज़] अब जो है मैंने जैसे ही देखा तो मैंने कहा भाई यह लोग करते तो हैं ही। अब

00:33:45:06 ऐसा तो नहीं यहां पर भी शिव जी का अपमान कर रहे हो। और मैंने देखा है कि अगर वास्तविकता में आप धरातल पर जाकर के इन लोगों को सुनोगे ना भले ही यह थोड़ा बहुत वो हो जाए जब क्या कहते हैं जब कैमरा चल रहा हो और ऑनलाइन वगैरह आते टाइम मंच पे ऐसे पब्लिकली सब कुछ बोलते टाइम जब वहां पे हो सकता है थोड़ा सॉफ्ट वो उसमें आ जाए वैसे आते नहीं है उसमें भी कॉमेडी मजाक उड़ाते हैं हमारी चीजों का पर धरात धरातल पे धरातल पे तो यह शास्त्रवाद जी को ऊपर जोड़ दीजिए। इसमें धरातल पे क्या होता है कि ये लोग इनका शायद ही कोई ऐसा लेक्चर रहता होगा जिसमें यह निंदा ना करें। जैसे आर्य समाज का है ना आर्य समाज का लगभग हर एक जो लेक्चर होगा लगभग या तो वह कोई पर्टिकुलर विषय की बात कर रहे हो कि कोई एक चैप्टर चल रहा है अगर जनरल उनको बोलना है कोई एक पर्टिकुलर उनका अध्याय नहीं है कि फलाने चैप्टर का फलाना फलाने ग्रंथ का फलाना अध्याय ऐसे नहीं है तो अगर वो जनरल लेक्चर दे रहे हैं तो उसमें बहुत चांसेस हैं कि

00:35:00:09 पुराणों की अवमानना अवतार की अवमानना मूर्ति पूजा की अवमानना यह सब होनी है और हमारे परंपरा प्राप्त आचार्यों की अवमानना सब होनी है। उसी प्रकार से इस के जितने भी लेक्चर्स होते हैं उसमें जो शिव निंदा है वो थोड़े बहुत फेरबदल के साथ अच्छे शब्दों में कभी सॉफ्ट तरीके से है ना सॉफ्ट ब्रेन वाशिंग वो आपको मिल जाएगी। खैर मैंने वहां पर जब देखा और सुना मैंने जाकर के तो उसमें वह चीज आ गई जो मैं देख ही रहा था। अच्छा गीता का प्रचार प्रसार ये करते ही है जहां भी जाते हैं तो गीता तो बेचनी है इन्हें बांटनी है गीता तो फिर मेरे पास बहुत सी रीजनिंग्स हो गई कि भाई मैं वहां पर बोलूं अब वो उनका मंदिर तो था नहीं अपना है ना कि अपने मंदिर के अंदर कर रहे होते हालांकि यदि मंदिर सार्वजनिक है सबके आने का है तो हम तो वहां पर भी प्रश्न कर सकते हैं और मैंने विधिवत मर्यादा में रहते हुए प्रश्न किया कि आप ऐसा क्यों कर रहे हैं शिव जी की अब मानना क्यों करते हैं? गंगा माता के घाट पर बैठे हुए जिनकी जटाओं में गंगा बहती है उनकी ही अवमानना क्यों कर रहे हैं? तो उन्होंने पहले कहा कि

00:36:15:18 ओ हमने क्या किया अवमानना ऐसे करके कुछ बताने लगे और फिर बोले कि शिवजी जो है वो वो तो परम वैष्णव है। तो मैंने वो वाला उदाहरण दिया कि भाई हरिदास ठाकुर को तो आपने यह कर दिया। परम वैष्णव भी नहीं रहने दिया शिव जी को। चलो मान लो कि परम वैष्णव परम वैष्णव करने लगते हो तो आप तो हरिदास ठाकुर से भी छोटा बना दे रहे हो उनको शिव जी को ऐसा क्यों कर रहे हो और जब छोटा कर रहे हो तो फिर परम वैष्णव कैसे सिद्ध होंगे वो खैर [गला साफ़ करने की आवाज़] अब जो है क्या होता है कि जब मैं जब उन्होंने कहा फिर वो आगे एक ये बोलने लगे कि वो उनके भक्त है तो मैंने कहा वो भी भक्त हैं। शिव जी के अगर शिव शिव जी अगर विष्णु जी के भक्त हैं तो क्या कहते हैं विष्णु जी भी शिव जी के भक्त हैं। और मैं उनको उदाहरण देने लगा। फिर वो बोले कि अगर एक दिन प्राइम मिनिस्टर ने झाड़ू लगा दी तो क्या प्राइम मिनिस्टर झाड़ू वाला बन गया?

00:37:20:03 [गला साफ़ करने की आवाज़] अच्छा इसमें एक बहुत बड़ा वो है फिर लूप वो भी समझने वाली बात है कि श्री कृष्ण भगवान यदि भगवान शिव की भक्ति कर रहे हैं या विष्णु रूप उनका भगवान शिव की भक्ति कर रहे हैं वो हम बाद में बात करेंगे विष्णु और कृष्ण में भी भेद है वो बाद में बात करेंगे मगर शिव जी की भक्ति अगर कृष्ण जी कर रहे हैं तो वह लीला है क्योंकि कृष्ण भगवान ने कहा है कि मैं तो अपने भक्तों की भक्ति करता हूं। तो भैया शिव जी ने भी तो कहा है नारद पुराण में शिव जी ने कहा है हे गोविंद गोविंद भगवान विष्णु पूछते हैं कि आप किसका ध्यान लगा रहे हैं? तो वो कहते हैं हे गोविंद मैं किसी का ध्यान नहीं लगाता। वो वहां यही बात पूछ रहे आप तो देवों के देव महादेव है। आपको क्या जरूरत किसी का ध्यान लगाने की? तो वो बोल रहे हैं कि मैं तो लीला करता हूं नास्तिकों को प्रवृत्त करने के लिए। शिव पुराण में भी कह रहे हैं। जी तो [नाक से की जाने वाली आवाज़] जब कृष्ण भगवान ने भक्ति की आपने भक्ति नहीं मानी क्योंकि कृष्ण भगवान ने कह दिया मैं तो अपने भक्तों की भक्ति करता हूं लीला करता हूं तो शिव भगवान ने भक्ति की तो शिव जी ने भी तो कह दिया वो क्यों नहीं मान रहे हो फिर उनकी केवल भक्ति ही क्यों मान रहे हो यहां पे क्या हो गया अर्ध कुकुट न्याय

00:38:36:28 खैर ये वाली बात हो गई तो अब यहां पर मुझे पिंच हुआ जब उन्होंने ये वाला उदाहरण दे दिया ना कि वो कूड़ेदार से अगर वो हो जाए कूड़े ददार से तुलना कर कूड़ा कूड़ा उठाने वाले से झाड़ू लगाने वाले से तुलना कर दी शिव जी की तो यहां पर मुझे थोड़ा सा फिर हृदय को मुझे बुरा लगा फिर उन्होंने कुछ शायद कहीं पर बोला था भागवत में ऐसा है वैसा है कुछ तो मैंने तुरंत बोला पद्म पुराण का ये तो वो प्रमाण सुनने से पहले ही प्रमाण सुनने से पहले ही वो बोल पड़े कि पद्म पुराण लिखा किसने है व्यास जी ने लिखा है तो व्यास जी ने तो वो बोलने जा रहे थे तो फिर मैंने मेरे पास ब्रह्मास्त्र है। ज्यादा इधर-उधर नचाओगे तो हमारे पास राम है। धर्म स्थापना करने के लिए हमारे पास राम है। ज्यादा इधर-उधर की बात करोगे तो रामो विग्रह धर्म राम ने गायत्री मंत्र के द्वारा किसकी पूजा की? बताओ। अपने से अलग किसी तत्व की तो उस तत्व का नाम बताओ। अपने से अलग किसी तत्व की और अपने ही अपने ही स्वरूप की पूजा की कृष्ण की तो अद्वती हो जाओ

00:39:52:09 ना तो तुम अद्वैती हो ना तुम शिव जी को मान रहे हो दूसरे तत्व को भी नहीं मान रहे हो गायत्री मंत्र का जाप किया ना भगवान ने और जगह जगह पर किया है कहां तक बचोगे [गला साफ़ करने की आवाज़] सबसे बच जाओगे पर मेरे राम से नहीं बच पाओगे है ना तो मैं वो बोलने ही जा रहा था तब तक उन्होंने इनको को बाहर करूं। मैंने कहा बाहर क्यों जाऊं? मेरी तुम्हारी प्रॉपर्टी थोड़ी ना है। क्यों जाऊं बाहर? अच्छा [नाक से की जाने वाली आवाज़] फिर उनके लोग आ गए भाई कि क्या किया? क्या किया? तो फिर अच्छा उन्होंने कहा कि आप अगर यही रहना है तो चुप बैठो। मैंने कहा चुप मैं बैठ रहा हूं। आप प्रवचन करो। मगर शिव जी के बारे में अनापशनाप बोलोगे भ्रमित करोगे मैं बोलूंगा। वहां पर मैंने यह भी कहा कि भैया मेरे इष्ट है। यद्यपि मेरे इष्ट राम जी है पर शिव जी के लिए मेरा हृदय धड़कता है। ऐसे छोटाई बड़ाई नहीं सुनूंगा मैं और फिर वहां पर मुझे बताना आवश्यक हो गया मेरे हृदय को ठेस पहुंच रही है शिव जी के लिए ऐसा सुनके क्योंकि उनमें भी मेरी वैसी ही बुद्धि है राम जी जैसी राम जी के रूप में मैं समस्त रूपों की पूजा करता हूं। पर ऐसा थोड़ी ना कि शिव जी के प्रति जो भगवान की दृष्टि है वह नहीं है। तो मैंने वहां पर कहा कि भाई मेरे इष्ट की अगर वह होगी निंदा तो

00:41:07:10 मैं बोलूंगा। अब उनको पता नहीं क्या लगा कि शायद हमारा जो है प्रपंच जो है आगे पूर्ण हो नहीं पाएगा। हम जो करना चाह रहे हैं। तो ऐसा करो कि थोड़ा सा वो मतलब घबराने लगे इस चीज के मेरी वहां उपस्थिति से। फिर क्या हो रहा है कि दूसरे लोग आकर के उधर से वो कुतर्क करने लगे कि अरे यह है वो है तो मुझे उनको जवाब देना पड़ा। एक व्यक्ति कह रहा है शांत बैठो। तो मैं कह रहा हूं भाई अपने लोगों को बोल दो। वो अगर प्रश्न पूछेंगे तो मुझे उत्तर देना पड़ेगा ना। वो ना पूछे प्रश्न। वहां पर एक महिला भी आई मातृशक्ति भी आई। वो भी थोड़ा सा इस तरह की बात कर कर रही थी। बता रही थी कि शायद वो भी परेशान थी उस चीज से क्योंकि वो बोल रही थी कि हम लोग कैसे भेद कर सकते हैं। वो जबकि उन्हीं के साथ थी पर वो उन के साथ थी वो बैठी हुई थी उनके साथ। वो ये सब प्रश्न कर रही थी कि हम ये सब नहीं कर सकते। वो शायद मेरे आने से वो मेरा आना उनके लिए सकारात्मक था। शायद वह किसी विवशता के कारण उस टोली में शामिल थी। कोई कोई होता है ना संबंध का निर्वाह कर रहे हैं। तो शायद दबाव के कारण उस टोली में शामिल थी। पर उनके हृदय में अग्नि थी। जिस कारण से वहां वो वो मेरे [गला साफ़ करने की आवाज़] पक्ष में बोलने लगी। इससे ज्यादा और क्या प्रमाण होगा

00:42:22:16 मूर्खों जो आप लोग ये जो बात जो बात वो बोल रही थी इस की तरफ से ऐसा लग रहा था कि वो इस की तरफ से बोल रही है लेकिन जो इस के जो ऑथराइज बंदे वहां बैठे हुए थे खड़े थे उनके मुख से वो बात नहीं निकली ये वहां पर बहुत नोट करने वाली बात है वो नहीं बोल सकते ना कि शिव और विष्णु में भेद नहीं कर सकते हम वो कह रही थी कि हां हम इंसान हो के कैसे भेद कर सकते हैं मतलब कि वो वो थोड़ा सा सॉफ्ट वे में मेरा पक्ष ले रही थी और उनका जो जिस टोली के साथ स्वयं थी उसका विरोध कर रही थी वो विरोध कर और इससे बड़ी और क्या बात होगी मूर्खों जो जिस टोली के जिस टोली का जो ये जो इस वाले जो बातें कर रहे हैं जिस टोली का तुम विरोध देख रहे हो जिस टोली के साथ तुम विवाद देख रहे हो उस टोली के साथ ही उपस्थित महिला वहां पर मौके पर और हमारा पक्ष ले रही है मौके पर वो वो महिला नहीं जिन्होंने बाद में कहा था सबका सबको भगा दिया एक अकेला सब पर भारी पड़ गया वो महिला नहीं आप जब वो देखिएगा वीडियो अभी तो खैर हट गया है हम लोगों ने मेल किया है और हम लोग जो है अभी आगे कानूनी कारवाई के बारे में बताएंगे तो [गला साफ़ करने की आवाज़]

00:43:38:04 उस वीडियो में आप देखेंगे वो महिला उसी मौके पर ही जब मेरी बात औरों से चल रही तो वह मेरा पक्ष ले रही है कि हां हम हमें कोई अधिकार नहीं है शिव और विष्णु में भेद करने का। खैर अब यह सब होने लगा। एक व्यक्ति फिर इस पर आ गया कि तुम बकवास कर लो। तुम तो शायद कोई एक जानता होगा मुझे तो वो कहने लगा अरे ये तो YouTube बनाते हैं। तो मुझसे कहा आपका तो यही काम है YouTube बनाना। मेरा काम मैंने कहा तुम्हारा काम है क्रिश्चियन बनाना। लो भाई अभी अभी मैंने इस लाइव की शुरुआत में ही कहा कि जब व्यक्ति जो एक प्रवाह चल रहा होता है आपके विचारों के आदानप्रदान का आपने अपना पक्ष प्रस्तुत किया मैंने अपना किया जब आप निर्णायक होने लगते हो बिना किसी तर्क और आधार को प्रस्तुत किए हुए और आक्षेप सीधे-सीधे व्यक्तिगत लगाने लगते हो इसका मतलब यह है कि आपके पास सैद्धांतिक उत्तर नहीं है इसीलिए आपको पर्सनल होना पड़ रहा तो आप क्या कह रहे हो? आप तो YouTube बनाते हो, वीडियो बनाते हो, उठा उठा के पटकता भी हूं। काक में दबा के मारता भी हूं। [हंसी] वो नहीं बोला। हां नहीं भैया उसने यही बोला था। हां उसने ये बोला

00:44:53:06 कि वो किसी को बोल रहा था प्रभु जी इनका तो काम ही है। इनका काम ही है केवल वीडियो बनाना। खाली दोष ढूंढना। बस आप खाली भक्ति मत करो। केवल दोष ढूंढो। अच्छा अच्छा ये वाला भी एक तर्क बड़ा वो आता है जो लोग समन्वय की बात करने आते हैं मुझसे कि भैया समदर्शी बनो पंडित तो समदर्शी होते हैं। तो तुमने मेरे अंदर अंतर क्यों देख लिया? तुमने कैसे देखा? तुम समीक्षा कर रहे हो ना मेरी? तुम ये देख पा रहे हो ना कि मेरे अंदर समदर्शिता नहीं है। इसका अर्थ क्या हुआ? तुम समदर्शी नहीं हो या फिर समदर्शी का अर्थ यह होता है कि सब में ईश्वर को देखना परंतु जो व्यवहार है वो अलग-अलग अमुक के साथ उसके अनुसार किया जाएगा आताई के साथ आताताई वाला व्यवहार किया जाएगा भले ही हमें उसमें भी ईश्वर दिखाई दे रहा हो ये है समदर्शिता समदर्शिता भाव से है व्यवहार से नहीं है ठीक है अच्छा और फिर लोग कहते हैं अरे तुमने वैष्णव अपराध कर तो तुम भी तो वही कर रहे हो। मैं भी राम का भक्त हूं। तुम क्यों कहा करके कह रहे हो? राम के भक्त सिंगली क्यों उठा रहे हो? यानी तुम उंगली उठा रहे हो तो वैष्णव

00:46:08:12 पर उंगली नहीं उठानी चाहिए। और अगर किसी कारण से उठाई जा सकती तो मेरे पास भी कारण है वहां उठाने का। फिर क्या दिक्कत है? तो ये लोग कभी सामना नहीं कर पाएंगे। ये बोबड़ा फोबड़ा सोल थोपड़ा बिगाड़ करके वो अंधेरे कमरे में बैठ के वीडियो बनाना और वो ऐसे ये सब बातें करना यही है इनके पास। सामना करने की बारी आए तो गिग्गी बिल्कुल गिग्गी ततला ही जाएंगे। खैर तो फिर क्या होता है वहां पर जो माता जी थी वह मेरा पक्ष थोड़ा सा लेने लगी और वहां पर बोलने लगी और तब तक और लोग आ गए कुछ वो बकवास जैसे शब्दों का प्रयोग करने लगे और आपने देखा कि वहां पे मैंने कहा कि भाई देख लो इनका जो शब्द बिगड़ रहा है तो बोला वाह वाह वाह इनको मौका मिल गया ये वो मैंने कहा भाई ये सब अच्छा फिर एक व्यक्ति आया कि आओ चलो चर्चा करते हैं तो चर्चा करने मैंने कहा चलो भाई करते हैं तो जब चर्चा करने की बारी आई तो बोल रहा है कि आपने भागवत पढ़ा है। अरे भाई तुमने सारे शास्त्र पढ़ लिए। तुमने वेद पढ़ लिए, पुराण पढ़ लिए, सारे, उपनिषद पढ़ लिए। पढ़ो सब कुछ और नहीं पढ़ा तो फिर बात मत करो। और हमने नहीं पढ़ा, जिसने पढ़ा है, हम उसके शिष्य हैं। फॉर योर काइंड इन

00:47:24:04 ठीक है। हमने कुछ नहीं पढ़ा। हमने बस पांच सिद्धांत जानते हैं और वही पर्याप्त है तुम्हारा टेट दबाने के लिए। बिल्कुल बिल्कुल ज्ञानार्थक टुआ वास्तव में [गला साफ़ करने की आवाज़] ये सब हो गया। [गला साफ़ करने की आवाज़] इसके बाद क्या होता है कि उनका जो होल सोल था सबसे बड़ा वाला जो प्रवचन कर रहा था वो आकर बताता है अरे ये लोग रिकॉर्ड कर रहे हैं। जैसे ही उसने बताया तो इनके जो दो युवा थे ना जो बाद में बीच में आगे जाकर के भी आते हैं झपट्टा मारते हैं। उन्होंने सबसे पहली बार छीना झपटी की तो छीना झपटी करके मेरे साथ जो छोटा भाई जैसा ही है हर्षित नाम है उसका तो वो थोड़ा मतलब वो व्यायाम वगैरह करता है हमारे हमारे साथ रहेंगे तो भैया शरीर से मजबूत लोग रहेंगे तो वो अपना जुझारू व्यक्ति था वो उसने जो है अपने आप को उन वो दोनों ढीले ढाले से थे तो वो खैर पहली बार में उसने अपने आप को संभाल लिया अब मैं जाके देखता हूं कि इतने सारे लोग इतने सारे लोग हमला कर रहे

00:48:39:13 हैं। सबसे पहले तो मैं सबसे पहले तो मैं यह देख रहा हूं कि उन दो लोगों ने जो बंद करने का प्रयास किया था तो हर्षित पीछे हो गए। अब मैं जल्दी से बाहर उसकी मदद करने के लिए जा रहा हूं तो पता नहीं कुछ मेरा ध्यान हटा था क्या हुआ था। मैं बाहर जा वहां जाकर देख रहा हूं तो वो जो प्रवचन कर रहा था मृदभाषी व्यक्ति बहुत मीठा व्यक्ति वो व्यक्ति सीधे हर्षित से जाकर के कैमरा छुड़ाता हुआ दिख रहा है मुझे मोबाइल छुड़ाता हुआ। मैंने कहा यार हां मैंने कहा यार मतलब इतनी एक्सपेक्टेशन तो थी कम से कम जो बैठ के प्रवचन कर रहा है वो कम से कम शांत रहेगा उसके लोग हमला करेंगे मगर वहां तो वो स्वयं ही कूद पड़ा उसमें और वो जो मृदभाषित जो मृदभाषी पन था वो सब निकल गया अब मैंने देखा कि भाई अब बिना ना मानस जल्दी जड़ गए तीन दिन बीत भोले राम सो तब भय हो ना प्रीत तो फिर मैंने उनको पकड़ा उनके हाथ से मोबाइल मोबाइल उन्होंने उन्होंने पकड़ के उससे ले लिया था हर्षित हर्षित के पास में एक एक बैग भी था हर्षित के पास में एक बैग भी था तो एक बैग उसने कंधे पर टांगा हुआ था एक ऐसे हाथ में लिए कितना वो आदमी अपने आप को बचाएगा

00:49:54:14 इतने सारे लोग जब एक-एक करके वो फटाफट फटाफट बैक टू बैक हमला करेंगे तो मैंने देखा था इसके हाथ में आ चुका था यह व्यक्ति जो प्रवचन कर रहा था इसके मतलब जैसे हर्षित के हाथ में है तो इसने हाथ रख के खींचना चालू कर दिया था उस समय मेरा हाथ गया उसको मैंने रोका और उसका एक कलाई पकड़ के उसकी उसका देखा हाथ ऐसे पीछे जा रहा होता है जब कैमरा चालू होता है तो उनके हाथ लगने की वजह से वो लॉक हो जाता है फोन कैमरामन है ना और इस इससे मुझे एक बात याद आई वो रैबन का वो चश्मा आ गया वो वाला बहुत अच्छा हाई क्लास की उसमें वीडियो क्वालिटी आती है तो अगर भैया कोई हेल्प करना चाहता है, सहायता करना चाहता है तो वो मेटा वाला एक दिलाए जिससे कि यह वाली स्थिति आए ना अगर कहीं पे हम लोग हो तो सबसे पहले तो हम इसी से रिकॉर्ड करें तो हमारे पास जैसे एक है वो बहुत अच्छी क्वालिटी का नहीं है वो और थोड़ा सा उसका सिस्टम वो भी है तो अगर कोई सहायता करना चाहता है तो ये वाली सहायता करें। खैर आगे चलते हैं। तो मैंने देखा कि वह पकड़ लिया था अच्छे से। वह छुटाने वाला था। तब तब मैंने जो है उसकी कलाई पकड़ी और कलाई पकड़ के उसको पीछे धक्का मारा तो वो झूमते हुए

00:51:09:20 दूर गया वो व्यक्ति। फिर वो दिख रहा है वीडियो में जाता हुआ वो। हां डांस करता हुआ झूमते हुए। हम तो फिर जब मैंने हाथ लगाया तो उसका कोई वहां पर फिर जोर था नहीं। उसका कुछ हल्के हल्के फुल्के लोग थे पॉपकर्न जैसे सब के सब तो दूर चला गया। अब मैं देख रहा हूं। मैं उसको देख रहा हूं। जैसे ही हर्षित को अकेला पाया तो दूसरे लोग झपट्टा मार रहे। मतलब इतनी जल्दी जल्दी उससे इससे छुड़ाया तो एक बार फोन छिड़ा करके और इस वाले किसी व्यक्ति के हाथ में चला भी गया और मैं केवल फोन देख रहा हूं भीड़ के बीच में। ये सब चीजें रिकॉर्ड नहीं हुई है। क्योंकि फोन में लॉक लग गया। एक ही कैमरा वहां पर चालू था। तो मैं देख रहा हूं कि एक हाथ मुझे दिख रहा है जिसमें अब मेरा फोन है और मुझे कुछ नहीं दिख रहा है। इधर उधर हर्षित कहां है? यह कहां है? सबसे पहले तो फोन छुड़ाना है भाई। तो मैंने जो है उस हाथ को देखा। उस हाथ को ऐसे पकड़ा और यूं पकड़ के यूं करके उससे फोन लिया और फिर हर्षित को दिया कि लो जाओ अब तुम जाओ आगे। हर्षित को आगे भेज दिया। उसके बाद इतना सब देखा जब पब्लिक ने इतनी ज्यादा मतलब लगातार वार और मेरा जूझना उन लोगों से जब ये सब

00:52:25:06 लोगों ने वहां देखा तो अब तक लोगों के अंदर वो जो ज्वाला थी ना वो भड़क चुकी थी पहले तो अपमान देखा हां पहले अपमान देखा शिव जी का उन लोगों ने वहां के जो फल बेचने वाले थे जो छोटी-छोटी टपरी लगाए रहते हैं वो जो वहां आए हुए अन्य पर्यटक थे वो सब यह देख रहे थे तो उन पर्यटकों में से जो सहारनपुर से कुछ लोग आए थे परिवार के साथ वो जो दो युवा और उनकी माताजी और एक एक दो और मातृशक्तियां इधर उधर से सब एकत्रित हो गई फिर वो लोग जो है बोलने लगे जैसे ही उन लोगों ने बोला तो बस इनका कीर्तन चालू हो गया और अपीर दिखा के भागने लगे वहां से अच्छा इससे पहले का एक सीन बता दूं कि जब हम लोग को भागवत वाली बात आई थी ना कि आपने भागवत पढ़ी है कि नहीं जब हम लोग ऊपर की ओर आए नीचे से है ना कि चलो आओ चर्चा करते हैं तो इतने भर में वहां की जो बैठी हुई सामान्य जनता थी जिनको ये बेवकूफ बना रहे थे वो उठ खड़ी हुई कि भैया समझ में आ गया यहां ढोल में पोल है तो कितना जरूरी है मौके पर जाकर के प्रतिकार करना मौके पर जाकर के प्रतिकार करना कितना जरूरी है असेंबली में बम फेंकना कितना जरूरी है भगत सिंह की तरह अपनी आवाज

00:53:40:09 सुनाने के लिए बहुत आवश्यक है और अगर आप नहीं बोलते वहां पर तो वो जो जनता सुन रही थी वो चुपचाप सुनती और चली जाती। उनको यह पता ही नहीं चल पाता इनकी सच्चाई का क्योंकि ये लोग बड़ी चालाकी से वो बीच शिव का अपमान तो करते ही हैं। तो इसीलिए बोलना बहुत ज्यादा जरूरी था जो आपने किया बहुत ही मतलब साहसिक कार्य है। मेरे साथ भी हुआ था एक इंसिडेंट। हालांकि मैं उसको रिकॉर्ड नहीं कर पाया था। ऐसा मेरे साथ भी हुआ था। जी दिल्ली में नेहरू प्लेस में भी ऐसे किताबें वो बांट रहे थे और वहां पर भी मैंने वही प्रश्न उनसे पूछा था कि आप तो शिव का अपमान करते हैं इसमें लिखा हुआ है। तो वो दूध और दही वाली बात कहने लगे तो फिर मैंने उस वक्त मेरे माइंड में कुछ नहीं आया। मैंने कहा ईश्वर के लिए दूध और दही वाला उदाहरण आप नहीं दे सकते। मैंने यही बोला उनको मैंने कहा ईश्वर के लिए अगर आप यह उदाहरण दे रहे हैं। आप कहीं ना कहीं ईश्वर को बाधित कर रहे हैं। उनके पास जवाब नहीं था।

00:54:36:00 नहीं एक उदाहरण और लाए हैं। एक उदाहरण और लाए हैं। जब दूध दही का मैंने बहुत बार पूछा एकिक से तो बोलता है ठीक है आपको दूध दही वाला नहीं जम रहा है तो छोड़ दो। अब वो नया उदाहरण दे रहे हैं। आप शाखाशाखी न्याय से समझो। जैसे शाखा होती है और उसके शा एक तो पेड़ होता है उसके शाखाएं निकलती है तो वह एक भी है और अलग भी है। अब वो लोग इस पे आ गए हैं। अरे अच्छा एक नहीं है भाई शाखाएं शाखाएं और पेड़ पेड़ है। एक नहीं है। शाखाएं उसका एक पार्ट है। एक हिस्सा है। ठीक है? और दूसरी बात यह भी उदाहरण फिट नहीं बैठेगा ईश्वर पर क्योंकि वह जो शाखा है उस पेड़ से अगर अलग होगी तो उस पेड़ का जो पहले जो स्वरूप था अब वो बदल गया क्योंकि अब वो शाखा उससे जुड़ी हुई नहीं है कम हो गया उसका शरीर अवयव कुछ टूट गया उससे परंतु ईश्वर से पहली बात तो कुछ अलग होता नहीं केवल वो माया मात्र अलग होना और अगर अलग हो भी रहा है तो पूर्ण से पूर्ण ही निकलता है पूर्ण निकल जाने के बाद भी वो पूर्ण रहता है वो ईश्वर है ठीक है ये तो ये बात हो गई। खैर मैं थोड़ा सा उस वृतांत को पूरा कर दूं। तो सीता घाट से वह लोग थोड़ा सा आगे राम

00:55:51:03 झूले की ओर चलने लगे। तब तक वहां पर जो है जब चलने लगे तो लास्ट में जब हर्षित वापस आ रहा था। मैंने कहा कि हर्षित बस रहने दो। अब वो जा रहे हैं जाने दो। हो गया। हर्षित जब वापस आ रहा है तो लास्ट में दो लड़कों ने फिर से ट्राई किया उससे फोन जपने का और एक लड़का जाकर के हर्षित को अकेले में दो चार दो तीन लड़के एक मार रहा है दो तीन उसको पकड़ रहे हैं और मैंने देखा वो नीचे से घूसे मार रहे हैं नीचे से घूसे मार रहे हैं उसके पेट हर्षित लोग भड़क गए और भड़क गए फिर चिल्लाने लगे तब ये पूरा गैंग वहां से भाग गया फरार हो गया कहां गया ये ठहरा हुआ था। गीता भवन में गीता भवन में ठहरा हुआ था। गीता भवन क्या है? ये गंगा मैया चल रही हैं। इसके बगल में घाट है और गंगा मैया के बगल में ही सबसे पहले हमारा जो भागीरथी धाम है उसी में इस इसी लाइन में जो है सीता घाट फिर आगे जो है अन्य घाट और इस लाइन में सारे मुख्य मुख्य्य वो हैं। जैसे परमार्थ निकेतन है, गीता भवन है, स्वर्ग आश्रम है। इसको स्वर्ग आश्रम लाइन कहते हैं। ये जो गली टाइप की है ईंटों की।

00:57:07:00 [खांसने की आवाज़] खैर फिर हमने एक 112 नंबर डायल करके पुलिस को तो सूचित कर ही दिया तुरंत और उस समय हमें फिर समय नहीं मिला था तो फिर अब जाकर के हम वहां पर कानूनी कारवाई चालू की है। जी अब आप लोग अपना-अपना बताएं। मैंने मुझे कुछ ध्यान आएगा तो फिर बताऊंगा। अभी तो मेरे पास मतलब सबसे ज्यादा जो पिन पॉइंट है ना जो आप लोग अभी नहीं जान रहे हैं उसमें जो अलग-अलग लोगों से फटाफट फटाफट मोबाइल को बचाना मोबाइल को छीनना एक दो लोगों से और फिर हर्षित को बचाना एक मैं अकेला वहां पर बहुत सारे लोग एक-एक कर फटा इधर से कर रहे हैं उधर से कर रहे सबसे भिड़ना तो वहां उतनी देर के लिए बड़ा वैसा थ्रिलर सा हो गया था मेरे लिए इतने सारे लोगों को आप दो लोग ही थे ना वहां सिर्फ आप थे और आपका जो कैमरा हर्षित जी भी हाथ फ्री नहीं थे ना उसके कंधों पे बैग था हाथ में मोबाइल था और एक हाथ पे वो लटका था ट्राईपॉड वाला बैग हम वो फ्री नहीं था तो बचा मैं अकेला ये बात थी जी और उसके बावजूद भी उनको वहां से मैदान छोड़कर भागना पड़ा ये बहुत बड़ी अचीवमेंट है बहुत बड़ी चीज है क्योंकि

00:58:22:07 एक ऐसा ही व्यक्ति आया था विधर्मी जो काशी में यह दावा कर रहा था कि उसने वहां पर बहुत तीर मारा है लेकिन वहां से वो कैसे भागा था। ठीक है। बंदी छोड़ बंदी बंदी छोड़ 2. मैंने कहा ना कि भाई पता नहीं क्या ये पाखंडियों के अंदर एक आदत पड़ गई है कि कुछ ना कुछ छोड़ के ही भागना है। कोई जूता छोड़े कोई चप्पल छोड़ है। हम यहां पर भी वो जूता चप्पल छोड़ के भागे हैं। ये भी बात है। अच्छा होता क्या है कि आप अगर साहस का एक कदम बढ़ाते हो ना तो फिर ईश्वरीय शक्तियां आपका साथ देती हैं। तो वहां पर क्या है वो युद्ध ऐसे नहीं जीत सकते थे वहां पर ईश्वर की शक्ति ने साथ दिया शिव जी ने सदैव मेरा साथ दिया है शिव जी ने राम जी ने सदैव मुझे मौके पर सदैव उनका सहारा मुझे प्राप्त होता ही है गुरु गोविंदो ग्रंथ की कृपा से तो वहां पर वही हुआ मुझे नहीं मालूम था कि सहारा मिलेगा कि नहीं मिलेगा जनता में जागृति आएगी कि नहीं मगर जनता जाग गई जनता जाग जैसे ही जनता जनता को जगाना ही तो हमारा कार्य है भगत सिंह असेंबली में बम फोड़ने गए क्यों थे इसीलिए गए थे। बहरों को सुनाने के लिए धमाके की जरूरत होती है। धमाके की जरूरत है। और धमाका ऐसा हुआ है कि अब वो मतलब

00:59:37:22 जबकि आपके कैमरे से रिकॉर्ड हुआ है। मैं बड़ा हैरान हूं कि वीडियो YouTube ने क्यों हटाया ऐसा होना नहीं चाहिए क्योंकि रिकॉर्डिंग तो आपके कैमरे से हुई है। वापस आ जाएगा नहीं तो YouTube को बुला लेंगे। आ जाओ तुम भी कोर्ट कचहरी खेल लो हमारे साथ। हम हम बिल्कुल बिल्कुल भैया बाद में क्या हुआ था? वो जब जब वो कैमरा छीन रहे थे वो जो मृदभाष वाले उसके बाद जब वो पब्लिक ने धबोचा फिर आगे क्या कर रहे थे वो फिर वो अपना चालू कर दिया मजीरा चालू कर दिया मजीरा बजाना आगे आगे जाकर के [हंसी] हां उससे तो ऐसा लगता है कि जैसे इनके जैसा कोई भक्त है नहीं और वहीं पर जनता जो है फस जाती है सनातन फिल्म है जिसमें ऐसे ही कोई एक पाखंड ठंडी है जो आगे आगे जा रहा होता है। पीछे उसके लोग पिट रहे होते हैं। ऐसे ही है। बिल्कुल सेम यही सीन है। वो आगे आगे कुछ भजन सा करता हुआ जा रहा होता है। ऐसे ही खैर फिल्म का सीन कोई ध्यान नहीं आ रहा। जी शास्त्रवाद जी [गला साफ़ करने की आवाज़]

01:00:48:19 का माइक माइक का आप कुछ बोलेंगे अंकित जी? नहीं तो फिर हम अगले चरण पर फिर आगे बढ़े जी [गला साफ़ करने की आवाज़] भैया उसमें एक चीज और देखने मिला था कि जो वहां पर देखिए वो लोग सत्संग जो भी सत्संग नाम देते हैं सत्संग छोड़ के चले गए सारे के सारे अपने कर्मकांड सब कर दिए लेकिन ये मानने को तैयार नहीं हुए कि हां हां भाई आप बैठिए शिव भी हमारे भगवान ही है हम निंदा क्यों करेंगे हम छोटा क्यों नहीं करेंगे ये कह देते तो शायद यहां तक पहुंचती ही नहीं बात लेकिन वो कहने को तैयार नहीं। इनका एटीट्यूड ऐसा है। नहीं नहीं ऐसा था। इसमें एक ट्विस्ट है। भाई मैं तो नहीं चाहूंगा कि जिस व्यक्ति के जो सिद्धांत हो उनका त्याग करे। हमारी लड़ाई बड़ी वैसी रहती है। है ना? साफ सुथरी। हम ये थोड़ी ना चाहेंगे कि सामने वाला अपने सिद्धांत का त्याग कर दे। इसमें बात यह है कि वह मेरे रहते सहज नहीं थे। अगर वह कह भी देते तो उनका जो स्वभाव बन चुका है या जो उनके अंदर उनकी जो प्रकृति आ गई है उसको कंट्रोल कैसे करते वह प्रवचन देना होता है सहजता का जब आपको

01:02:03:20 सहज हो प्रवचन करोगे तब ना जब आपके अंदर सहजता की फीलिंग हो अब वो फीलिंग तो है नहीं डर लग रहा है पता नहीं कौन सी पंक्ति मैंने मेरे मुख से वही रटी रटाई निकले और यह व्यक्ति यहां पर बैठा है शंकर का सैनिक और यह जो है गन मशीन ले खड़ा हो जाएगा अपने सिद्धांतों के साथ दाग दी फायर बना देगा फिर यह हां तो वो असहजता के कारण वहां से भागे। भले ही वो यह कर सकते थे कि झूठ बोल देते। हालांकि इनके अंदर ये चीज है कि तुरंत अपने सिद्धांतों से क्विट होते हैं। जो चाहो वो मान लेंगे। अभी मैं चर्च में गया था। वहां वो भी यही कर रहा था व्यक्ति। सामने वाला व्यक्ति है। सब कुछ मानने लगा। अवतार भी लेता है। ये भी है वो भी है। अभी देखना बड़ा आनंद आएगा। उसमें चर्च वाले में डिट्टो इनकी कॉपी है ब्रह्मा कुमारी इसको की कॉपी बिल्कुल हम बस ये है कि वो जो है ये करके अपने में ला रहे हैं और ये अपने में है ना हम संख्या बल बढ़ाना इनका उद्देश्य है बस अपनी जो है संख्या बढ़ाओ सनातनियों को बस बेवकूफ कर बनाओ है ना और नाच गाना बहुत करते हैं नाच गाना गिटार के साथ हम

01:03:18:26 ये मैंने बहुत देखा है कि इनका वो चलता है कि गिटार पकड़ लेंगे बस उसी में चलते वो है। जी जी जी एक मिनट एक मिनट तो क्या है कि मैंने जब ये कह दिया ना कि मैं कहीं नहीं जाऊंगा। है ना? दूसरी बात कि अगर मेरे ईस्ट की निंदा होगी तो मैं बोलूंगा। मत करो आप लोग ईस्ट की निंदा। अगर नहीं कर सकते भाई। चलो आप यह मत कहो कि शिव और विष्णु एक हैं। मगर आप इनमें जो है बड़ा छोटा ना करते हुए अपना प्रवचन कर लो। तो उनको लगा यार हमारा और दूसरी बात वहां की जो आम जनता है वो समझ चुकी थी मामले को। फिर वो उठ खड़ी होने लगी। तो इनको और ज्यादा अपमानित सा लगा। उन्होंने कहा अब निकल लो यहां से। ये हुआ था। जाने की वजह ये थी। जी। ये कहना मात्र इनका वो नहीं था कि हमको ये ना कहना पड़े कि शिव विष्णु है। वो मैं चाहता भी नहीं था। आप प्रवचन करो बस शिव जी के बारे में ऐसी बातें ना करो बड़ी छोटी वाली जब तक मैं सुन रहा हूं तो उसमें इनको अगर ना भी कर तो यह पहली बात तो इनके लिए प्रैक्टिकल पॉसिबल नहीं है प्रैक्टिकली कि ये शिवजी की निंदा किए बिना अपने लेक्चर को पूरा करें क्योंकि इनके उससे दिख रहा है कि भाग गए इनको इनका लेक्चर जो रटा रटाया है उसमें शिवजी की निंदा आएगी बार-बार ये पॉइंट आउट करेंगे कि शिवजी भगवान के भक्त

01:04:34:04 हैं। शिवजी दास है। शिवजी कूड़े वाले के समान है। झाड़ू वाले के समान और जो विष्णु जी हैं वो कृष्ण जी विष्णु जी भी नहीं वो आगे बात आई तो इसलिए वो लोग वहां से गए थे जी शास्त्रवाद जी जय श्री राम बताइए [नाक से की जाने वाली आवाज़] जी भैया जय श्री राम मेरा आवाज थोड़ा कम आ रहा होगा क्या कम आ रहा है क्या मेरा आवाज की सही है नहीं परफेक्ट आ रही है बताइए ठीक है ठीक है जी भैया जी जी भैया वही कह रहे थे कि ये लोग किस तरह से आप पे मतलब मतलब सिद्धांतों से डर के भाग जाते हैं। वो सभी ने देखा और जब वीडियो अपलोड हो गई तो किस प्रकार से इतना ज्यादा डर गए अपने छवि को लेकर के कि वीडियो को हटाने के लिए अपना वो कार्य करने लग गए। वीडियो भी हटवा दी। ये लोग मतलब कुछ भी सच्चाई दिखाना नहीं चाहते हैं। इनका अपना एक रहता है कि मेरा एक वर्चस्व बना रहे। एक इमेज वो जैसा भी चाहे भक्ति वाला यही तो भक्ति भक्ति बोल के सबको अपनी तरफ फंसाते हैं। लेकिन रियलिटी में तो देख ही लिया सभी ने कि हरिहर में भेद करते हैं। दूध दही लस्सी सब बना देते हैं। [हंसी] सप्रेटा नहीं और और

01:05:51:00 [हंसी] आप जहां जाते हैं कि वहां पे सब जहां आप जाते हैं ना भैया जहां आप रहते हैं वहां पे ये लोग भागते फिरते हैं। कोई भी चाहे अलंकारी हो चाहे ये लोग। हमारे द्वारा इस प्रकार के कार्य करना इसलिए भी आवश्यक है कि लोगों में एक चेतना आए। वह चुप कैसे रह पा रहे हैं? वो कैसे मौन है? जब तक लोगों में जागृति नहीं आएगी तो उनके आसपास भाई सिंपल है ना। लोग दुनिया बदलने निकल दुनिया बदलने मत निकलो। अपने घर के पड़ोस में देखो क्या ऐसा कुछ हो रहा है? वहां जाकर के पूछो उनसे क्यों हो रहा है? वहां जाके प्रतिकार कर दो आप। सिंपल। तो वह उदाहरण जो बनना होता है ना मंगल पांडे वाला उदाहरण। भाई मैं गाय का कारतूस अपने मुख में नहीं लूंगा। चाहे मुझे 10,000 सैनिकों पर गोली चलानी पड़ जाए। है ना? तो वो मंगल पांडे किसी ना किसी को बनना ही पड़ेगा। उदाहरण प्रस्तुत आपको करना पड़ेगा। तब लोगों में चेतना आएगी और क्रांति आएगी। किसी ना किसी को तो मंगल पांडे बनना ही पड़ेगा। तो इसीलिए वहां पर और जरूरी हो गया था कि नहीं भाई मुझे जाना है मुझे यहां मैं तो वैसे

01:07:06:07 भी मेरा स्वभाव ऐसा नहीं है कि मैं अपने आसपास इस तरह की चीजें देख सकूं जब तक नौका डूबती नहीं तब तक हमारा काम है खेते रहना खेते रहना हमें नहीं पता क्या होगा क्या नहीं होगा और जब हम हिम्मत दिखाते हैं साहस दिखाते हैं तो भगवान साथ देते हैं वो तो एक बात अलग है। मगर यह उदाहरण प्रस्तुत करना भी जरूरी है। अरे भाई आपके घर के आसपास रामपाल जैसे लोग शिविर कर रहे हैं। उनके पोस्टर लगे हुए हैं। आप भी पोस्टर लगवा दो ना। रामपाल ने अपनी बुक में यह लिखा हुआ है। छपवा के लगवा दो अपने जगह-जगह पोस्टर। अभी देखो वो उसका सेंटर बंद करने के लिए पब्लिक हावी हो जाएगी। आप करो ना प्रतिकार। आपके घर के आसपास बहुत साधारण से सवाल है। जाकर के पूछ लो उनसे। जहां ये सब प्रवचन चल रहे हैं उल्टे सीधे। ये वाली बात है। अच्छा अब बात आती है इन लोगों ने जो है ना अच्छा वही मैं एक बात खत्म करके।

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→ Used in: B · Video Who is Bobda sprit soul? खुल गया रहस्य at 0:00 ↗

01:07:58:12 बोबड़ा जी जुड़ गए हैं। बोबड़ा स्पिरिट सोल आ गए हैं। तो बोबड़ा जी को जोड़ लेते हैं। बोबड़ा स्पिरिट सोल यहां पर आ चुके हैं। आज इनसे भी बड़ी रोचक बातें होने वाली

⬜ Not used yet · 01:08:10:14 – 01:10:26:00 (2:16)

01:08:10:14 है। जय [गला साफ़ करने की आवाज़] श्री राम बोबड़ा जी। हरे कृष्णा हताई गौर हरि प्रदे हरि हरि बोल [हंसी] जय हरि बोल हरे कृष्णा बोबड़ा जी अभी अभी आप अभी आपका थोपड़ा सुखाते हैं थोड़ी देर रुक जाइए बस थोड़ी देर अभी बात करते हैं थोड़ी देर में है ना क्योंकि कुछ चीजें चल रही है तब तक आप थोड़ा सा धैर्य रखें और जो कालिक लगी हुई है अपने मुंह पर उसको थोड़ा और साफ करें जिससे कि शायद आज भगवान यह साहस आपको प्रदान करें कि आप अपना थोपड़ा दिखा पाए अन्यथा हम ऐसे ही काम चला लेंगे। आज डर रहे हो [हंसी] डर रहे हो दिख रहा है।

01:09:00:07 इनका इनका थोपड़ा टेढ़ामेढ़ा जरूर होगा क्योंकि ये ऐसे ही टेढ़ा-मेढ़ा लगाते हैं। हां इनको यही आता है। खैर ठीक है बोबड़ा जी अभी लेते हैं आपको। है ना? [गला साफ़ करने की आवाज़] तो अब बात आती है कि भाई इन्होंने रिमूवल के लिए डाला है। हम तो मुझे बड़ा आश्चर्य हुआ देख के जब हमारे वीडियो पर वो स्ट्राइक आई प्राइवेसी वाली तो मुझे आश्चर्य ये हुआ कि अ मतलब आपने प्रहार किया है। आपने वहां पर हाथ उठाया है। छीना झप्ती की है। फिर भी आपके अंदर यह सामर्थ्य आ रहा है कि आप जो है किसी को कह रहे हो, शिकायत कर रहे हो हमारी लिखित में। खैर हमने वहां लक्ष्मण झूले में एफआईआर के लिए प्रोसेस कर दिया है। एप्लीकेशन वगैरह दे दी है और संबंधित लोगों को अभी पुलिस की इन्वेस्टिगेशन चालू हो जाएगी कुछ ही एक दो दिन में। तो वो चीज तो अलग है। बाकी यह प्राइवेसी उसमें आता भी नहीं है। तो हम वहां YouTube से भी बातें चल ही रही है। नहीं होगा तो YouTube को भी लीगल में घसीटेंगे। है ना अभिव्यक्ति की आजादी वाली है ना बात फ्रीडम ऑफ स्पीच तो

01:10:16:08 [गला साफ़ करने की आवाज़] ये बात है वीडियो रिमूवल वाली जी बोबड़ा जी [नाक से की जाने वाली आवाज़]

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→ Used in: B · Video Who is Bobda sprit soul? खुल गया रहस्य at 0:31 ↗

01:10:26:00 आपने हमारे ऊपर बहुत सारे वीडियोस बनाए मैंने सुना है और आप कहते हैं कि आपने जो है 80 90 पता नहीं कितने वीडियोस बना दिए हैं 85 85 85 85 गिनती कर लो 85 [हंसी] 85 85 वीडियोस तो आपका कहना ये है कि आप जवाब एक का भी जवाब तुमने नहीं दिया इसी में तुम्हारी हार दिख रही है। [हंसी]

01:10:58:28 बात ऐसी है बोबड़ा जी कि मतलब आपके 85 वीडियोस का जवाब मैंने नहीं दिया तो उससे मेरी हार निश्चित हो जाती है। तो इस हिसाब से देखा जाए तो अमोग लीला पर या इस के अन्य-अ्य्य्य लोगों पर बहुत सारे वीडियोस मैंने बनाए हैं और एक का भी जवाब उन्होंने मेरा नाम लेकर तो मुझे दिया नहीं है। तो फिर क्या यह माना जाए कि स्क हार चुका है, अमोग लीला हार चुके हैं। जिस पर मैंने वीडियो बनाया वो सब हारे हुए हैं।

01:11:31:22 अरे क्यों बोल रहे हो? आप तुम अपनी बात को अपनी बात को क्यों घुमा रहे हो? मेरे सवाल का जवाब दो ना। एफ5 का क्यों तुम रिप्लाई? मैं सवाल का जवाब ही तो दे रहा हूं ना कि बहुत सारे वीडियोस बना देने पर उन वीडियोस को बनाने वाले का नाम लिए बिना नाम लेकर उत्तर ना दिए जाने पर जो व्यक्ति उत्तर नहीं दे रहा है उस व्यक्ति को हारा हुआ माना जाना है। यदि ये यदि यह सिद्धांत है तो ऐसा ही मैंने भी किया है। क्या वहां पर भी यह सिद्धांत लागू होगा आपकी जानकारी में। अभी देखो जो जो मैंने एडिटिंग की है ना उसी का उत्तर मैं दे सकता हूं। ठीक है? [हंसी]

01:12:19:08 अन्य चीजों का नहीं। पहले तो ये बताओ कि मैंने सिद्ध किया है कि जो वो तुम्हारे जो शंकराचार्य है वो हज करके आए हैं। मैंने एक बुक से सिद्ध किया। इंग्लिश वाले बुक से जिद गए। इंग्लिश [हंसी] वाले बुक इंग्लिश वाली बुक से। अभी अभी उस पे आते हैं। फैक्ट्स पे अभी आगे आते हैं। पहले मैं सिद्धांत दे दूं। क्या सिद्धांत है कि भाई जरूरी नहीं है कि हम जो है अगर हमारे ऊपर कोई व्यक्ति वीडियो बना रहा है तो उसका नाम लेकर उसको जवाब दें। यह जरूरी नहीं है। हमने अपने ऐसे सिद्धांत और अपने चीजें इतनी बताई हैं जिसका कहीं पर भी कोई खंडन प्राप्त है ही नहीं। अकाट्य चीजें बताई और जितनी चीजें बताई है उन सब में तुम्हारे उन 90 क्या 90 हजार वीडियो में तब भी उनका जो खंडन है वो उन चीजों में प्राप्त हो जाएगा जो हमने बनाई। तुम्हारा नाम लेकर नहीं बनाई। ठीक है? अब बात ऐसी आती है कि तुम ये कहोगे कि नहीं नहीं खंडन प्राप्त नहीं होगा तो हम तुम्हारा नाम लेकर बनाए। तो तुमने 90 90 वीडियोस बनाए हैं। कोई और भी बना रहा है 50 वीडियो। कोई और भी बना रहा है 50 वीडियो। तो हम सब कार्य छोड़ केवल जो जो हम पर वीडियो बनाना शुरू कर दे। भले ही कुतर्कों

01:13:34:21 से भरे हुए वीडियोस हो। कोई सिर पैर की बात ना हो तब भी वो हम उनका उत्तर देने के लिए बैठ जाए। यह तर्कसंगत बात है। इसीलिए जब हमने शुरू में ही एक दो वीडियोस तुम्हारे रिप्लाई में बनाए उसके बाद ये कह दिया। अब बात सामने से करो वीडियो वीडियो खेलना बंद क्योंकि हम इधर से उत्तर देते रहेंगे तुम फिर वीडियो बनाओगे फिर उत्तर देंगे फिर वीडियो बनाओगे बार-बार विषयांतर करोगे टू द पॉइंट बात करोगे नहीं जितनी बार मैं कोई बात कहूंगा उससे आगे पहुंच जाओगे फोक के तो इसलिए आमने सामने से बात होना बहुत आवश्यक है पहली बात अब तुमने बात कही कि

01:14:17:22 यह शंकराचार्य [गला साफ़ करने की आवाज़] जी हज करने गए थे कौन सी ऑथेंटिक किताब प्राप्त हुई है शंकराचार्य जी की किस परंपरा से प्राप्त हुई है तुमको तो तुमने एक दो उदाहरण और दिए एक दो एक एक दो चीजें और बताई है शंकराचार्य जी का भाष्य ये था उसको ये बदल दिया वो बदल दिया तो शंकराचार्य जी का भाष्य तुमको प्राप्त कहां से हो रहा है ये बताओ हम तो इस से ही प्राप्त होने वाली जो बुक है उसी के आधार आधार पर बता रहे हैं। इस से प्राप्त हो रही है। उसी के आधार पर बता रहे हैं कि तुम्हारी वर्तमान की जो भगवत गीता छप रही है उसमें बदलाव है और वर्तमान की भगवत गीता में लिखा हुआ है कि बदलाव किया है हमने। हम तब बात करते हैं। हम अपने मन से आरोप नहीं लगा रहे कि तुमने ऐसा किया है। तुम जिस चीज को स्वीकार कर रहे हो उस चीज पर हम क्वेश्चन उठा रहे हैं। और तुम हम पर ऐसे आक्षेप लगा रहे हो जिस चीज को हमने स्वीकार ही नहीं किया है। समझ रहे हो? जैसे तुम शिव और विष्णु में भेद मानते हो तो अब हमने जब तुमने स्वीकार कर लिया शिव और विष्णु में भेद है। तब हम तुमसे पूछ रहे हैं कि कैसे? और तुम क्या कर रहे हो

01:15:33:03 कि हमने यह कहा ही नहीं है कि शिव और विष्णु में भेद है या हमारी व्याख्या और कुछ है। जैसे अल्लाह शब्द वहां गुरुदेव कह रहे हैं कि अल्लाह अल्लाह नहीं अल्लाह। तो तुम क्या कह रहे हो कि देखो तुम्हारे गुरुदेव खुद कह रहे हैं अल्लाह अल्लाह का मतलब शक्ति है। अल्लाह को अल्लाह बनाए दे रहे हो। ये क्या है? एक ऐसे आक्षेप लगाना जो हमने स्वीकार ही नहीं किया है। उस पर बात करना। और हम क्या करते हैं? पहले तुम्हारे मंदिर में जाते हैं। तुम्हारे मंदिर वाले से ऑथेंटिक पर्सन से पूछते हैं। क्या तुम कृष्ण और अल्लाह को एक मानते हो? कृष्ण अल्लाह और यहोवा को एक मानते हो। वो जब डन करता है तब हम कहते कैसे एक? आगे की बात पूछ रहे हैं। एक है तो कैसे है? भाई गुरुदेव तो मना अगर मान लो उनकी किसी बात से तुमको यह लग रहा है कि उसने उन्होंने किसी मुसलमान को जो मुसलमान उनकी शरण में आया हुआ है जो मुसलमान प्रभावित हो रहा है हमारी सनातन संस्कृति से उसके लिए दो मीठे बोल बोल दिए रसखान इत्यादि के लिए मीठे बोल नहीं सुनाई दिए क्या भगा दें अगर कोई मुसलमान अगर कोई हिंदुत्व की ओर प्रभावित हो रहा हो तो उसको भगा दें या भगाए नहीं तो तुम्हारे हिसाब से आचार्य बना दे सीधे तुम तब मानोगे तो उन्होंने जो उसके लिए उचित हो सकता है वैसा व्यवहार किया उसके प्रति तो तुमको ये लगा कि भाई वो जो है प्रेस

01:16:48:09 कर रहे हैं तो उन्होंने एक जगह स्पष्ट यह भी तो बोला है कि भैया कुरान की सीमा का ईश्वर बाधित है साक्षात अवतार नहीं ले सकता जगत बना सकता है बन नहीं सकता ये खंडन भी तो किया है तो तुम अपने यहां के ऑथेंटिक पर्सन के द्वारा कुरान का खंडन सुनाओ ना हमको सुनाया कभी तो यह जो आक्षेप है अपने मन से कि हम यह मानते हैं और यह गलत है। अरे भाई पहले हमारा मानने के संबंध में तो सही प्रमाण ले आओ कि हम ये मानते हैं। तुम्हारे मानने जिस तुम्हारी जिन मान्यताओं पर हमें हमारा प्रश्न है वो मान्यताएं हम केवल पढ़ते नहीं है किताबों से और केवल लेक्चर दूर से नहीं सुनते हैं। बाद में जाकर उसको क्लियर करते हैं। ऐसा बाद में तुम यह ना कह दो कि नहीं तुम्हारी बात का हमने गलत मतलब निकाला ना। उसको क्लियर करते हैं। कहीं दिखा दो तुम्हारे ऑथेंटिक व्यक्ति ने ऑफिशियली कहीं पर क्लेम किया हो, कुरान का खंडन किया हो, बाइबल का खंडन किया हो। तुम तो गुरु बना के बैठे हो जीसस को। जीसस गुरु है। वो जीसस जो बाइबल दे रहे हैं। यहां भी समझ लेना। अभी कल आ रहा है चर्च वाला वीडियो वो देख

01:18:03:15 लेना। उसमें वो बातें हुई है वैष्णव वाली। पूरी के शंकराचार्य जी ने जीसस को वैष्णव माना है। पर बाइबल देने वाले के रूप में नहीं। उनकी जानकारी में जीसस जो यहां 10 वर्ष रहे थे उन्होंने वैष्णवों से शिक्षा दीक्षा लेकर वहां पर वैष्णवता फैलाई। मगर उनकी वैष्णवता को एज इट इज बाइबल नाम के ग्रंथ में नहीं लिखा गया है। उनके उनके मरने के कई सालों के बाद कंपाइल की गई बाइबल जिसमें अपनी मनगढ़ंत बातें जीसस के नाम पर लिखी। तो उस स्थिति में वह उनको वैष्णव कह रहे हैं। और आप गुरु कब कह रहे हो? जब वह बाइबल को देने वाले हैं। यह अंतर है। कभी-कभी सच में और सच के आसपास वाले झूठ में बहुत जरा सा फर्क होता है। ये वही फर्क है। ठीक है? इसको समझो। हां। तो बताओ कौन सी परंपरा से तुमको प्राप्त हुई है शंकराचार्य की वो किताबें जिसमें कि शंकराचार्य के भाष्य का बदला जाना सिद्ध होता है और उनका हज करके आना सिद्ध होता है। बताओ बोबड़े भाई साहब अब मैं बोलूं अब मैं बोलूं अब ठीक है इसको इसको बाजू में रहने दो इसको मुझे अभी बात को समझो एक हफ्ता लगेगा इसका कुछ ढूंढ के एडिटिंग करने

01:19:18:19 में अभी मेरा एआई चल नहीं रहा है वरना अभी तुमको मैं जवाब दे देता मेरा एआई बंद है [हंसी] मेरा एआई पे डिपेंड हो गया। एआई चल रहा होता तो मैं अभी जवाब दे देता था। अभी वो चल नहीं रहा अभी। खैर एक और है कि मेरे चेहरे से क्या लेना देना है? मेरे बिना चेहरे के बात करो ना। चेहरे से क्या लेना देना है? तो बात तो कर ही रहे हैं। पहले तुम ये बताओ तुम्हारे साथ ऐसा क्या हुआ? क्या है? [गला साफ़ करने की आवाज़] जो तुम्हें चेहरा छुपाना पड़ता है। क्या क्या दिक्कत क्या है? क्या कुछ सामूहिक वगैरह कुछ ऐसा कोई घटना तो नहीं हो गई तुम्हारे साथ जिससे वो जो अलंकारी बच्चा आया था वो भी डर रहा था कि मुझे कमरे में ले जा रहे हैं। एक साथ मुझे कमरे में ले जाने का क्या [हंसी] मतलब है? हां देखो मुझे वो सब याद नहीं करना मतलब सॉरी मतलब कि मुझे वो सब बात नहीं करनी है। ठीक है? और वो सब बात फालतू की मत करो। जो भी मेरे साथ हुआ है वो मैं देख लूंगा ना। [हंसी] पहली बात तो ये बताओ कि तुमको पता कैसे चलता है कि किसके साथ क्या हुआ है। यानी कि हमारा अंदाजा सही है सनातन शंकर जी हां बिलकुल [हंसी] फिर भी बता दो थोड़ा बहुत तो बता दो कितने लोग थे मैं गिनती नहीं

01:20:33:20 कर पाया जाने दो यार मुझे रात को नींद नहीं आएगी फिर अच्छा गिनती भी नहीं करी [हंसी] [खांसने की आवाज़] ये है कि मुझे इतना पता है कि जो भी लोग थे हमारे गुरु ने हमको ठूस ठूस के दिमाग में सिखाया है कि जो भी अगर गलत कर रहा है वो मायावादी अद्वैती ही होगा। इसलिए मुझे जितने भी अद्वैती है सब में उनहीं का रूप दिखता है। अच्छा अच्छा इसलिए ये पर्सनल है। ये है पर्सनल वजह है। तो इसीलिए वो उन्होंने तुम्हारा थोबड़ा कुछ बिगाड़ा था। तुम्हारे थोबड़े के साथ ऐसा क्या किया था जो तुम्हें एक आदत पड़ गई सबका थोबड़ा बिगाड़ने होता है ना? कि मुझे किसी चार लोगों ने मिलके मारा था। अब मैं भूत बन गया। अब मैं सबको मारूंगा तो तुम्हारे साथ के साथ गुन्स प्रतिशोध प्रतिशोध [हंसी]

01:21:29:22 प्रतिशोध तो लेना ही चाहिए ना प्रतिशोध क्यों छोड़ने का जैसे तुम सब जगह जाके प्रतिशोध लेते हो वैसे हम भी प्रतिशोध ले रहे हैं अच्छा नहीं तो प्रतिशोध एग्जैक्ट वो चीज बताओगे तुम्हारा थोबड़ा कैसे बिगड़ा थोबड़े के साथ क्या किया उन्होंने मतलब जिससे कि थोबड़ा इतना बेकार हो गया बता दिया इनडायरेक्टली तो मुझे बताने की क्या जरूरत है? अच्छा मैं समझ लो भैया इनके थोबड़े के साथ कुछ ऐसा हुआ है जिससे कि थोबड़ा दिखाने लायक नहीं रह गए। है ना? इसी कारण से ये सबका थोबड़ा बिगाड़ते हैं एडिटिंग के द्वारा। सिद्धांतिक खंडन करो। सिद्धांतिक मैंने वीडियो बनाए हैं। इत्तफा तुमने इतिफाई वर्ड भी नहीं बोले। [हंसी] इतिफाई बहुत बड़ी अचीवमेंट है ये। चलो अभी कुछ तुम्हारे द्वारा देखो मान गए मान गए देखो देखो देखो देखो मान गए तुम्हारे भाई है ना मान गए अचीवमेंट अचीवमेंट देखा ऐसे एक एक करके सबकी धुलाई करूंगा मैं एक एक करके [हंसी] अभी इसी को काटूंगा इसी को काटूंगा और डालूंगा देखो इसको भी वो टेढ़ामेढ़ा कर देना है ना सॉफ्टवेयर कौन सा यूज़ करते हैं आप मान लिया सनातन शंकर ने मान लिया 85 अचीवमेंट है

01:22:45:03 बहुत बड़ा अचीवमेंट है [हंसी] उसमें मेरा भी शायद एक दो वीडियो है शायद 85 में या वो ऊपर है उसके नहीं दो तीन वीडियो मेरे भी है अभी तुमने बोलना शुरू किया है ना इस अच्छा ठीक है और बोलना पड़ेगा मुझे 85 बार बोलना पड़ेगा समझ गया समझ गया मुझे 85 बार बोलना पड़ेगा तब जाके वो जुड़ेगा ठीक है कम से कम 85 एक ही आदमी का चेहरा बिगाड़ते बिगाड़ते मैं थक गया हूं दूसरा भी तो आना चाहिए नो अच्छा ये चेहरा बिगाड़ने से सिद्ध क्या होता है क्या वो अपनी संतुष्टि प्राप्त हो जाती है क्या खुद को मतलब एक स्वाता सुखाय मिल जाता है मतलब हम लोग चेहरा बिगाड़ते नहीं है किसी का ये प्रश्न किया भैया आपने पूछो पूछो इससे बहुत बोलता है ये हम हां चेहरा चेहरा बिगाड़ के भाई क्या चेहरा चेहरा बिगाड़ बोसली बंद हो गई ना बोलो बोलो देखो ऐसे ही ऐसे ही [हंसी] अरे भाई बोलने तो दो हम चेहरा बिगाड़ करके तुमको मतलब वो वहां पर क्या तथ्यात्मक क्या प्राप्त होता है क्योंकि चेहरा बिगाड़ने से सिद्धांत तो सिद्ध नहीं हो रहा है तो आप सैद्धांतिक प्रश्न करो जो अगर वैसे भी वो कुतर्क

01:24:00:12 होते हैं मगर करो मगर उसमें चेहरा बिगाड़ने से क्या मिलता है हमने आज तक किसी का चेहरा नहीं बिगाड़ा है सिवाय रामपाल के रामपाल का एक आध एक एक आध बार बिगाड़ा है वो भी तब जब जो है उन वो लोग हमारा दसों बार बिगाड़ चुके हैं और राम रामपाल तो जानते ही हो उसका तो कोई स्तर है ही नहीं नीचता का हमारे माताओं के बारे में हमारे देवी देवताओं के बारे में बहुत नीच बातें बोली है रामपाल ने तो वहां उसका चेहरा जरूर बिगाड़ा है खैर तो तुमको तथ्यात्मक क्या वहां पे क्या सिद्ध होता है चेहरा बिगाड़ अभी तुमने कुछ पढ़ा ही नहीं क्या मूर्ख संहिता पढ़ो मूर्ख संहिता मूर्ख संहिता में क्लियर लिखा हुआ है कि जब तुम्हें एकदम से खंडन करना है तो उसके उसके चेहरे के साथ खिलवाड़ करो। उसके मूर्ख संिता पढ़ो। मूर्ख संहिता ये कहां पे है? मूर्ख समिता कौन सा ग्रंथ है? मिलेगा। धुंधो धुंधो। जैसे तुम बहुत सी चीजें ढूंढ लिए हो। वैसे और भी चीजें ढूंढो मिल जाएगा। नहीं तो किसी दिन मैं मानते हो कि मैंने इसका मतलब मानते हो कि मैंने कुछ ढूंढा है। हां हां तो तुम्हारे तो काम ही वही है ना ढूंढना। ही तुम्हारा काम है। हम तो [गला साफ़ करने की आवाज़] तुम्हारे

01:25:15:15 कुछ सवालों के जवाब तो शायद इसमें कवर होंगे अभी चर्चा में। मगर फिर भी कुछ अगर मदद चाहिए हो अपने कुपोषण को दूर करने के लिए कुछ मतलब खानपान क्या करें कि चेहरा वापस सुधर पाए जो दुनिया के सामने आ पाए। किसी दूसरे रूप रंग में जरूरी नहीं कि उसी पहचान के साथ आओ। पहचान बदल के आ जाओ। अपने माता-पिता का नाम चेंज कर दो। जिस जिससे वह तुम्हें तुम्हारी पहचान होती हो कि भाई इनके लड़के के साथ यह हुआ था इस नाम का लड़का तुम्हें क्या दिक्कत है दूसरे नाम के साथ समाज के सामने आ जाओगे थोड़ा तुम्हारी खुराकराक ऐसी की जाए जो तुम्हारे चेहरे के साथ जो कुछ हुआ था दुष्कर्म वो जो है उससे आप उभ पाओ तुम्हारे सपोर्टर्स भी ना कमेंट में यही बोलते हैं तुम्हारे सपोर्टर्स भी कमेंट में यही पूछते हैं मैंने तो कितनी बार तुमको चैलेंज दिया तुम आ जाओ ना हमारे चैलेंज चैलेंज पे अरे तो तुम्हारा चैनल कुछ ऐसा हो भी तो योग्यता वाला जो तुम्हारे चैनल पर आए। भाई तुम्हारे किसी योग्य व्यक्ति ने बुलाया ईस्ट ऑफ कैलाश मंदिर देखा था ना वीडियो गए थे ना ईस्ट ऑफ कैलाश कि नहीं गए मंदिर में गए अंदर गए वहां मंदिर में जाकर के हमने नहीं ये कहा कि भैया कमरे में क्यों ले जा रहे हो है ना तो हम वहां गए और वहां बैठ

01:26:30:24 के अच्छे से चर्चा की वापस भी आए अपने को ऐसी बात को याद मत दिलाओ यार हम क्या थी बात तो बात क्या है थोड़ा बताओ तो सही भाई क्या कैसे कैसे क्या क्या हो गया तुम्हारे साथ ठीक है किसी दिन तुमको पर्सनल वीडियो भेज दूंगा लेकिन क्या तुम पे भरोसा नहीं है ना वो हमारा एक बंदा गाली दिया था कुछ दिन पहले तो तुमने उसका भी रिकॉर्डिंग करके डाल दिया तुम पे भरोसा नहीं है ना हम कैसे भरोसा करें वरना तुमको हम लाइव दिखा देते थे क्या क्या हुआ हमें फर्क नहीं पड़ता है एक बात बताओ कि जब तुम्हारे घर की स्त्रियों पे हमला हो होगा या फिर वाकई में तुम्हें पौरुषिक का प्रदर्शन करना होगा तो वहां पर भी तुम एडिटिंग करके पौरुष का प्रदर्शन करोगे क्या कैसे करोगे डिजिटल मीडिया है डिजिटल जमाने में ये सब नहीं करूंगा तो क्या करूंगा तुम डिजिटल नहीं समझ पा रहे हो इसीलिए कहते हैं मायावादियों का बुद्धि पुराना था पुराना ही रहेगा डिजिटल है तो इसी से सिद्ध करूंगा ना [हंसी] यानी कि डिजिटल पौरुष से सिद्ध करोगे

01:27:42:02 अरे जब जमाना ही डिजिटल है, जमाना ही डिजिटल है तो फिर कैसे सिद्ध करूंगा? इसी से सिद्ध करूंगा। और सही बात बोलो तो मैंने सिद्ध कर दिया है। मैंने कर दिया है

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01:27:54:28 बढ़िया है। बढ़िया तो अभी तुम्हारे कुछ प्रश्नों के उत्तर मैं दे दे रहा हूं। कुछ जो तुम्हारे नहीं है वो एक व्यक्ति है। उसके कुछ मुझे ठीक-ठाक प्रश्न लगे। तो उसके मैं उत्तर देता हुआ आगे बढ़ता हूं और राम फिर बाकी [गला साफ़ करने की आवाज़] आगे फिर किसी और दिन आपसे बात की जाएगी। है ना? बाकी

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01:28:14:28 पहले आप लोग थोड़ा सा ये बोबड़ा सोल से अगर बात करनी हो तो आप लोग थोड़ी थोड़ी बात कर सकते हैं। जी सनातन शंकर जी आप बात करें। बोबड़ा सोल से आपको अगर कुछ पूछना हो तो बोबड़ा सोल ने आज बहुत हिम्मत दिखाई है अपने बारे में। यहां यहां आके और सच्चाई बता के। हां बिल्कुल बिल्कुल नहीं तो निकलता नहीं था ये घर से बाहर कभी ये मुंह में पान दबा के बोलते हैं क्या बिना पान दबाए बोलते हैं या कोई आवला डाल रखा है मुंह में नहीं वोसल है ही चाय कॉफी हम लोग चाय कॉफी भी नहीं पीते समझे क्या चाय कॉफी नहीं पीते नहीं मुंह में कुछ आमला दबा रखा होगा तो उसके चक्कर में वो फिर ऐसी आवाज निकल जाती है [हंसी] ये लोग चाय कॉफी नहीं पीते मगर ये जो है ना जो क्या कहे अब जो अर्ध नग्न मातृ शक्तियां अर्ध नग्न कपड़ों में नाचती है उनके साथ नाचते अवश्य है ये लोग ये लोग अक्सर ये बातें किया करते हैं कि भैया ये चारों शंकराचार्यों में बन नहीं रही है ये सैद्धांतिक बात है क्या किस शंकराचार्य ने कहां पर जन्म लिया है कि कैसे उसकी जीवन शैली में क्या-क्या घटित घटनाएं हैं ये सब शास्त्रोक्त बातें हैं क्या हम लड़ रहे हैं शास्त्रों के सिद्धांतों के लिए उनमें

01:29:30:09 परिवर्तन कौन कर रहा है और तुम किन बातों को ला रहे हो? तुम्हारे तो बन नहीं रही। धर्म ब्रह्म को लेकर के कोई अंतर है उनमें? हां। अब बन नहीं रही। तुम्हारे यहां बन रही है। ऋतिक पालों से केस चल रहा है इस का। क्यों चल रहा है भाई? पटना में इतना बड़ा कांड हो गया। उसको क्या सजा दी जाए? हरे कृष्ण की माला करो। ये सजा है उसकी। अरे भाई कोर्ट केस होना चाहिए था उस व्यक्ति के पास। नंगा पकड़ा गया था वो व्यक्ति। किस किस हालात में तुम लोग पकड़े [गला साफ़ करने की आवाज़] जा रहे हो? तुम लोग बात करते हो। चारों शंकराचार्यों में धर्म और ब्रह्म को ले अर्थात सिद्धांतों को लेकर कोई अंतर है क्या? तुम्हारे यहां तो सिद्धांतों को लेकर के अंतर आ रहा है ना। सिद्धांत अलग है तुम्हारे तो। ऊपर से अगर आचरण की बात करो। चलो तो आचरण भी देख लो क्या-क्या हो रहा है। तुम्हारे अपने लोगों को ही भगा भगा के मारा जा रहा है। उनके कपड़े फट रहे हैं। वो लोग एक बड़ा क्रांति तुम्हारे विरोध में तैयार कर दिए हैं। इस के विरुद्ध तुम्हारा अपना व्यक्ति इस ईस्ट ऑफ क्लास में बैठकर के ठोक के कह रहा है। इस गलत है। क्या करोगे यार इससे ज्यादा? कितने नीच गिरे हुए व्यक्ति हो तुम। तुम्हें यही नहीं दिखाई पड़ रहा है। अब मैंने यह सब बातें

01:30:45:13 की इनका जवाब ना दे के एक नए खाते खोल देना। फिर मैं उनका जवाब दूं वीडियो बना के। फिर तुम नए खाते खोल दो। फिर मैं उनका जवाब दूं। इसलिए आमनासामना होना जरूरी है। ठीक है। इसीलिए वीडियो नहीं बनाता मैं। तुम 90 क्या 90 हजार बना दो। प्रश्न वही रहेंगे। प्रश्न [गला साफ़ करने की आवाज़] वही रहेंगे। बिल्कुल जी। अच्छा ये बताइए के भैया मुझे मुझे कुछ पूछना है इनसे। ये ये जो है चेहरा बिगाड़ते हैं ज्यादातर तो ये क्या इनके श्री कृष्ण ने सिखाया है इन्हें

01:31:19:25 प्रभुपाद ने सिखाया मूल संहिता मूर्ख संहिता लिखा तो है अच्छा वो तो छोड़ो वो छोड़ो वो छोड़ो अच्छा एक बात बताओ मुझे मायावती ये जो मच्छ बोलते हो तुम किस आधार पे बोलते हो म्च जो मलेच्छ धरती पर जन्मा है जो जो कुल परंपरा से ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य शद्र में नहीं है वो मलेच्छ है विधर्मी है वो मलेच्छ है विधर्म को अपनाए हुए जो हम जो कुछ दिन पहले अभक्ष भक्षण कर रहा था अभी उसका जनेऊ संस्कार कर दिया गया है उसको ब्राह्मण बना दिया गया है ये सभी मलेच्छ में आते हैं

01:32:05:27 मलेच्छों को जनेऊ करा रहे हो तुम लोग ऐसा नहीं करना चाहिए मतलब मतलब मतलब हमारा जो फॉरेनर्स जो गुरु बने हैं फॉरेनर्स वो मैक्स हो गए भाई तुम वो मत देखो ना वो देखो वो लोग इंग्लिश में सिखाते हैं इंग्लिश में इंग्लिश में सिखाते हैं तुम वो देखो ना अब तुमको इंग्लिश समझ में नहीं आ रही है तो वो उनकी गलती है इंग्लिश में सिखाते इंग्लिश में सिखाते हैं और मैंने देखा है बिकनी में भी सिखाते हैं बिकनी पहन पहन के भी डांस देखा है मैंने कुछ वो भी सिखाते हैं वो भी वो भी देखूं ना मैं वो बिकनी वाला डांस नहीं है वहां तुम्हारे वो ढोलाक लेके बिकनी वाली एक लड़की मातृशक्ति है वहां पे विदेशों में वहां नाच तो और तो हम तो उनको हरि नाम से उनको शुद्ध करेंगे शुद्ध शुद्ध करेंगे शुद्ध करेंगे तो तुम खुद क्यों लिपटे जा रहे हो उससे

01:33:02:19 शुद्ध करो ना उसको सबसे पहले उसकी गद्दर उड़ाओ करने के लिए गटर को साफ करने के लिए गर में उतरना पड़ता है। इतना भी नहीं पता है कि उसमें भी एक मर्यादा होती है। यह थोड़ी ना है कि तुम जहां पर पोर्न इंडस्ट्री होगी वहीं चले जाओगे। उसका एक अंग बन जाओगे साफ करने के लिए। उसमें भी एक मर्यादा होती है। और आपको अगर उसको शुद्ध करना है तो आप उसको सबसे पहले तो एक बड़ा सा वस्त्र लो पीतांबर और उसको ओढ़ाओ और फिर हरि नाम कीर्तन करवाओ उससे। ये क्या मृदंग लेकर के नाचने लगे? ढोलक लेकर के नाचने लगे उसके साथ। ये क्या तरीका है? हम खैर जी शास्त्रवाद [गला साफ़ करने की आवाज़] जी आपको और कुछ पूछना है इनसे? अनिकेत जी आप भी पूछ लीजिए कुछ।

01:33:52:02 जी जी भैया। मेरे को यह पूछना था यही तो आपने तो बहुत कुछ पूछ लिया है। लेकिन मुझे यह पूछना था कि आधा कट इधर से लेता है। आधा कट वहां से लेता है और सब कट कट करके एडिटिंग करके जोड़ देता है। इसको ये खंडन कहता है। तो भाई मुझे यह बता इस हिसाब से खंडन होता है क्या? कि खंडन के लिए अच्छे से वीडियो बना। तू बता कि हां परंपरागत आचार्य से आचार्यों के बुक में ये ये लिखा है। वो बता ना। हां भाई क्या कहना है इस बारे में आपका? बता रहा हूं। बता रहा हूं बता रहा हूं। बता रहा हूं भाई। बता रहा हूं। सबको सबको जवाब दूंगा। किसी को छोडूंगा नहीं। सबको [हंसी] जवाब दूंगा। तो ऐसा है भाई कि इतना ना हमारे पास टाइम नहीं होता है। हम लोगों के पास में ड्यूटी वशिप इतना रहता है। ड्यूटी वशिप ऑफर करना रहता है भगवान को। ठीक है? और 16 माला जप करना पड़ता है। 16 माला 16 माला जप करने के बाद चारों नियमों पालन करने के बाद टाइम नहीं मिलता है। हां वो एआई को मैं लिख तो देता हूं कि ऐसा ऐसा ऐसा ऐसा वीडियो बना

01:35:07:03 वो छोटा बना देता है तो मैं क्या करूं? अब मैंने बोला ना डिजिटल का जमाना है डिजिटल का। डिजिटल में शॉर्ट नहीं पता चलता है। ठीक है भाई। मतलब बड़ा तू बना ही नहीं सकता। जी या सामना करने के लिए मतलब सिद्धांतिक बात तू कर ही नहीं सकता। हां भाई बोबड़ा बताओ सिद्धांतिक बात भाई इतनी देर से मैं सिद्धांतिक बात ही तो कर रहा हूं लेकिन क्या वो कहते है ना मायावा सिद्धांतिक बात है क्या डिजिटल डिजिटल कर रहा है अरे वही तो बोल रहा हूं ना अरे मायावादी मायावादी बोल रहा है मायावादी हो सर्वनाथ [हंसी] कोई बात समझ नहीं अरे मायावादी तो अरे मायावादी तो तुम्हें बोला गया है तुम्हारे सिद्धांतों को और पुराण में मायावादी मिथ्यावादी तो तुम हो अरे सिद्ध करो सिद्ध करो

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01:36:03:10 शास्त्र प्रमाण है भाई शास्त्र प्रमाण का विरोध करते हैं वो मायावादी है बहुत बुरा बुरा लिखा हुआ है प्रक्षिप्त है प्रक्षिप्त है प्रो [हंसी] अच्छा खैर मैं थोड़ी सी आगे कुछ बातें बता देता हूं। अ क्या कहते हैं एक ये [गला साफ़ करने की आवाज़]

01:36:38:04 पेजावर मठ वाली बात उठाई जा रही है। हमारा जो उसके बाद एक क्या कहते हैं? मधवाचार्य जी की परंपरा के जो आचार्य हैं [गला साफ़ करने की आवाज़] उनके साथ में चर्चा हुई है सबने देखी है तो एक बात उठाई जा रही है कि भाई वो जो मधवाचार परंपरा के कोई आचार्य है उन्होंने तो खुद जो है बहुत वो किया है अ एक मिनट आप लोग कंटिन्यू करिए मैं जरा आता हूं जी जी

01:37:11:15 [गला साफ़ करने की आवाज़] तो बोबड़ा सोल जी आप ये बताइए देखो भाग गया भाग गया हां अरे नहीं नहीं आएंगे वापस आएंगे। भागे नहीं है। तुम मत भागना अभी। ठीक है? तो यह बताओ ये जो तुमने फिल्म बनाई है महावतार नरसिम वाली यह तुम्हारे किसी स्कॉन वाले ने बनाई है। और क्या भाई ऐसा कोई बना सकता है क्या? टू क्रिप्टोस हां नहीं तो हमें भी यही पता चला ना कि ये जो फिल्म बनाई है महावतार नरसिम इसमें तुमने शुरू में ही तुम्हारे बंदे ने ये निर्देशक अश्विन कुमार जो है इस से जुड़ा हुआ ये व्यक्ति है तो इसने वहां पर शिव जी का भी अपमान किया हुआ है उसमें सिद्ध करो सिद्ध करो सिद्ध शुरू में ही देखो जहां पर जो ऋषि हैं। वह वहां पर जब संध्या करते हैं तो जब ऋषि माता उनके पास आती हैं तो वह कहते हैं कि भाई यह जो समय है वह सही नहीं है क्योंकि इस वक्त जो है जो राक्षसों के और प्रेतों के देवता शिव जो है इस वक्त विचरण कर रहे हैं। तो यह समय शुभ नहीं है। तो वहां पर तुमने शिव जी का अपमान किया हुआ है उस मूवी में। उस फिल्म में

01:38:26:19 मैं भी यही पूछने वाला था। है ना? तो तुमने कितने करोड़ रुपए लगाकर वो फिल्म बनाई है। है ना? 40 50 करोड़ तुमने उसमें वास्तविक पक्ष रख दूं। उसमें भागवत में ये लिखा हुआ है कि क्योंकि [गला साफ़ करने की आवाज़] शिवजी उनके साडू भाई लगते हैं जो ऋषि थे। हम तो साडू भाई क्योंकि इस समय विचरण पर होंगे हम। इस कारण से उनकी नजर सब जगह होती है। तो वो जो रमण वाला मामला है उस वो उनकी नजर में ना जाए तो एक लज्जा भाव उनको याद दिला रहे हैं। वो हमें जैसे होता है ना कि वो देख लेगा कोई तो शिवजी देख लेंगे। वो ये कह रहे हैं ये नहीं कि शिवजी के कोई गण है जो वो वहां जन्म ले लेंगे। पहली बात हम दूसरी बात यह है कि अगर गण की बात की जाए कि कोई गण किसका गण जो है किसी का गलत गण जो है जन्म ले सकता है तो जिसने जन्म लिया था वो किसका गण था हिरण्यकश्यप के रूप में किसने जन्म लिया था जय विजय थे ना द्वारपाल विष्णु के ही गण थे वो विष्णु के गण भगवान के ही गण थे अगर ये बात है कि भाई देखो शिव जी के गण है और जो है वो जन्म ले लेंगे

01:39:41:25 तो जन्म तो लिया विष्णु के गणों ने। अगर ऐसी बात है तो वहां पर गणों का जन्म लेने का मामला था ही नहीं। वहां पर ये मामला था कि शिव जी जो है भ्रमण पर होते हैं अपने समस्त जो गण होते हैं उनके उनके साथ और क्योंकि वो साडू लगते हैं उनके ऋषि के क्योंकि ये किसी प्रकार से बहने लगती थी जो ऋषि जी ऋषि की जो पत्नी थी वो और उधर वो पार्वती माता है ना तो इस कारण से वहां पर वह शब्द आया जिसको इन्होंने इस तरह से भुना लिया अपनी फिल्म में तो इसका कोई जवाब है भाई बोबड़ा हां देखा यही होता है जब किसी अच्छे और मायावाद भाष सुनो सर छोड़ दो उसमें कुछ बोलना ही नहीं एक चीज मैं बता दूं इसका उत्तर सरल है जिस तरह से दूध से सुन लो नई बात बता रहा हूं जिस तरह से दूध से दही बन सकता है दही से दूध नहीं बन सकता है। उसी तरह से कृष्ण से शिव बन सकते। शिव से कृष्ण नहीं बन सकते। और शिव जी तो तामसी है ना भाई। तामसी है। ये लिख लो लिख लो काम आएगा। हंसो मत लिख लो। [हंसी] तुमको पता भी नहीं होगी ये बात कि दूध से दही और दही

01:40:57:03 से दूध वाला। अच्छा ये बताओ भगवान श्री कृष्ण अनंत अबाध्य सर्वशक्तिमान है या नहीं? है है तो वो शिव बनने के बाद वापस श्री कृष्ण नहीं बन सकते फिर नहीं बन सकते भाई दूध से दही बन दही से दूध बन सकता है क्या दही से दूध इसलिए नहीं बन सकता क्योंकि जो दूध है वो दही बनने पर बाधित है दूध एक बाधित तत्व है क्या श्री कृष्ण भी बाधित है क्या हो गया बोला हो गया इसको कहते उत हां हां हां बाधित है बाधित है अगर हम हार रहे हैं तो बाधित है अगर यहां पर अगर मैं हार रहा हूं तो जीतने के लिए मैं यहां भी बाधित हूं अच्छा श्री कृष्ण भगवान बाधित है फिर वाह सर्वशक्तिमान सर्वशक्तिमान का मतलब क्या है अनंत पूछता हूं सर्वशक्तिमान ईश्वर है तो क्या वो बाधित नहीं हो सकता है

01:42:02:02 सर्वशक्तिमान का मतलब ही है कि जो बाध्य ना हो अभी मैं तुम्हारे प्रति तुम्हारे

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01:42:14:14 ऊपर डालता हूं। अब बताओ मुझे क्या भगवान कृष्ण जो है वो वो सर्वशक्तिमान है कि नहीं? हैं? ठीक है। तो वो सारे कार्य कर सकते हैं तो क्या वो बाधित हो सकते हैं? अरे भाई बाधित होना तो उनके उसमें आ गया ना कि जब वह सर्वशक्तिमान है तो बाधित होना सर्वशक्तिमत्ता को काट रहा है ना। बाधित होना सर्वक्ता काट रहा है। मतलब तुम यह कह रहे हो कि क्या विष्णु जी ऐसा कार्य कर सकते हैं जिसमें वो कुछ ना करें। आप अपनी पहली बात से दूसरी बात काट रहे हो ना।

01:42:54:04 एक मिनट वो मैं डाला हूं। थोड़ा समझ में समझ में नहीं आएगा। एक काम करना एक काम करना एडिटिंग करके बना देना कुछ

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01:43:03:15 हम ठीक है वही अभी मुंह टेढ़ा कर देना ये देखो ये देखो कैसा मुंह टेढ़ा किया हुआ है तुमने ये क्या है ये ये कौन सा सॉफ्टवेयर यूज़ करते हो ये देखो शिवश जी का भी है देखो मजा आ रहा है ना ऐसा वीडियो देख के हो रहा है ना ऐसे ही दुख होता है जब तुम हम लोगों से ऑथेंटिक सॉरी अन ऑथेंटिक ऑथेंटिक प्रश्न पूछते हो नहीं तो

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01:43:28:09 तुमने तो जो इस के जो तुम्हारे खुद के वो है उनके भी तुमने टेढ़े-मेढ़े मुंह किए हुए हैं। तुम तो अपने वाले जो तुम्हारे बाबा लोग कोई भी नहीं होगा मेरा बाप भी होगा ना अगर मेरे को बोलेगा ना तो मैं उसका भी मुंह टेढ़ा कर दूंगा। अच्छा अच्छा ये ये बताओ तुम्हारे पिताजी भी उन लोगों को उन लोगों में शामिल तो नहीं थे जिन्होंने तुम्हारे साथ ऐसा कुछ किया जिसके कारण तुम मुंह दिखाने के लायक नहीं रह गए। मतलब उन्होंने ही उनको सह दी हो कुछ ऐसा हो कि तुमसे वह तंग आ गए हो और तुमसे तुम तुमको निपटाने के लिए ही उन लोगों को तुम्हारे पास भेजा हो जो तुम्हारा आज ये हाल है ऐसा कुछ है क्या पहले बात तो एक बात बताओ मैं एक क्वेश्चन इसका उत्तर दूंगा दूंगा एक क्वेश्चन मेरे को एक बात सच सच बताना भाई तुमको तुम्हारे सिद्धांत के भाई मेरा कोई आदमी तुम्हारे साथ मिला हुआ है क्या

01:44:20:16 तुम्हारे कोई मेरा कोई आदमी तुम्हारे साथ मिला हां भैया तुम्हारे कुछ सिद्धांत का क्वेश्चन सिद्धांत का कसम दिया मैंने कसम दिया सिद्धांत का नहीं नहीं नहीं तुम्हारे कुछ लोग हैं जो तुम्हारी खुफिया जानकारियां हमें दे रहे हैं समय आने पर उचित इंतजाम तुम्हारा किया जाएगा कुछ

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01:44:39:03 लोग हैं इस बात की चिंता मत करो में बैठे हुए हैं अंदर चलिए ठीक है बोबड़ा जी से बहुत सारी बातें हो गई और काफी रोचक रही बातें बोबड़ा जी हम फिर से आपसे किसी दिन बात करेंगे। काफी सारी बातें हो गई और अह जो कुछ ऐसे प्रश्न उठाए जा रहे हैं जिनका सवाल देना जवाब देना उचित समझता हूं। वो आपने नहीं उठाए हैं। और लोगों ने उठाए हैं। वो मैं आज दिए दे रहा हूं। मौका है तो। [गला साफ़ करने की आवाज़] सबसे पहली बात है जो पेजावर मठ वाली बात है ना वो जो आचार्य जी हैं जो जिनके साथ वार्ता हुई है तो उसमें एक बात आ रही है कि भाई मद संप्रदाय के ही एक आचार्य हैं जिन्होंने यह माना है कि जो इस है बहुत अच्छा कार्य कर रहा है और अप्रिशिएट किया है। ठीक है? तो इसमें [गला साफ़ करने की आवाज़] पहली बात आती है कि इस का ही एक व्यक्ति है जिसको जब यह बताया गया कि मध्य संप्रदाय के एक आचार्य ने इस को अप्रिशिएट किया या इस को मान लो सर्टिफाइड तक कह दिया। अपना अंग तक कह दिया। मान लो दुर्जनंतोष ने ऐसे ये तक कह दिया गया स्कॉन हमारा ही अंग है। यह बात जब इस

01:45:54:12 के ही व्यक्ति को बताई गई जिसका नाम है केशव मोहन प्रभु। पता नहीं क्या नाम है? क्या नाम है अंकित जी? केशवदास मालूम है आपको? अंकित जी? हां। हां तो केशवदास प्रभु करके हैं। उन्होंने इस बात को जब उनको बताया गया कि भाई मधवाचार वालों वालों ने मान लिया इस्कॉन को मतलब एप्रिशिएट किया अपना अंग मान लिया तो उन्होंने कहा कि नहीं वो ऐसे ही बोल रहे होंगे उस समय इस्कॉन वालों को वो संबोधित कर रहे होंगे तो उनको अच्छा लगे इसलिए ऐसे बोल दिया होगा और आपको बता दूं कि अगर एप्रिशिएट की बात है तो समय-समय पर जो पूज्य गुरुदेव है पूरी शंकराचार्य उन्होंने ब्रह्मा कुमारी को भी अप्रिशिएट किया है कुछ अंशों में गायत्री परिवार को एप्रिशिएट किया है कुछ अंशों में और [गला साफ़ करने की आवाज़] क्या कहते हैं? आर्य समाज को भी कुछ कुछ अंशों में एप्रिशिएट किया है। इसका मतलब यह नहीं है कि आर्य समाज को प्रमाणिक कह रहे हैं। ठीक है? [खांसने की आवाज़] दूसरी बात अगर मान भी लिया जाए कि पेजा जो कोई एक आचार्य है मधवाचार्य संप्रदाय के जिन्होंने माना है इस को प्रमाणिक। हालांकि माना नहीं है। अगर यह बात मान भी

01:47:09:18 ली जाए कि माना है उन्होंने प्रमाणिक तो क्या होगा कि यह जितने भी क्वेश्चंस है ना उनके निराकरण चाहिए होंगे ना सैद्धांतिक बातें जैसे विद्या भास्कर जी ने भागवतानंद के लिए कह दिया कि वो प्रामाणिक आचार्य है तो फिर क्वेश्चन पुट अप्स होते हैं ना वहां पे कि वो किस-किस प्रकार से यह वाली दिक्कत आती है निग्रह संप्रदाय की यह परंपरा भाष्य कौन सा है ब्रह्म सूत्र का जिसके कारण उन्हें प्रामाणिक माना जाए परंपरा प्राप्त माना जाए तत्व की विवेचना कैसे होगी यह सारी बातें भी वहां पर आ जाती हैं। अच्छा तो यह जो सवाल हमने किए जो व्यक्ति ये प्रश्न उठा रहा है कि उन्होंने तो मान लिया है। पेजावर वालों ने मान लिया है। अरे भाई तो यह सवाल ये वाले सवाल जो सवाल किए गए हैं जिनके आधार पर पुष्टि हुई है कि जो इस है वो प्रामाणिक रूप से मधु संप्रदाय से जुड़ा जुड़ा हुआ नहीं है। तो तुम जब यह कह रहे हो कि उनके आचार्य ने माना है। माना मानने का यदि आधार है वह आधार बताओ ना इन सवालों का निराकरण भी बताओ ना निराकरण ले आओ फिर कि 1427 में ब्रह्म कहा गया ब्रह्म का अर्थ मधवाचार्य जी ने माया माना और फिर प्रकृति लक्ष्मी माना ठीक है और तुमने

01:48:24:21 क्या माना ब्रह्म का अर्थ निराकार ब्रह्म अब ये बताओ लक्ष्मी जी में और निराकार ब्रह्म में अंतर है कि नहीं बताओ फस गए ना यहां आप विपरीत हो गए अपनी गुरु परंपरा के। उसके अलावा भागवत पुराण के लिए वह लोग नहीं जा रहे श्रीधर स्वामी के पास। आपका कहना है कि श्रीधर स्वामी जो थे वो जो है विष्णु स्वामी संप्रदाय के अरे भाई मैंने कहा है क्या उस इंटरव्यू में कि विष्णु संप्रदाय के नहीं थे या वो अ क्या कहते हैं वो इस पर जोर दिया हो कि भाई वो शंकराचार्य मैंने कहा ऐसा वो शंकर शंकर शंकराचार्य संप्रदाय के हम लोग मानते हैं। इस इससे मतलब नहीं है। वो मधवाचार्य संप्रदाय के नहीं थे। ये पॉइंट है तो फिर जब वो मधवाचार्य संप्रदाय के नहीं है तो उनके पास भागवत के लिए जाने वाला विजयध्वज के पास ना जाने वाला मधवाचार्य के पास ना जाने वाला फिर मधवाचार्य परंपरा का कैसे हो रहा है भाई हां सवाल ये है विष्णु स्वामी संप्रदाय वाले क्यों नहीं आ रहे ये कहने कि श्रीधर स्वामी हमारे हैं शंकर परंपरा के नहीं है फिर उसमें कुतर्क आता है कुतर्क ये आता है कि भाई ये स्वामी जो टाइटल यह कौन से उसमें होता है मेरे पास पूरा ग्रंथ रखा है

01:49:39:22 मठामनाय मानुष आश्रम इसमें श्रीधर नाम से एक आचार्य नहीं केवल गोवर्धन परंपरा में गोवर्धन पूरी पीठ की परंपरा में कम से कम चार से पांच ऐसे आचार्य हुए जिनका नाम था श्रीधर और स्वामी जरूरी नहीं है कि उनके टाइटल के रूप में ही दिया जाए यह भी ध्यान रखो है ना दयानंद स्वामी बहुत से लोगों के नाम के साथ स्वामी लगा दिया जाता है उनके नाम विद्या स्वामी अब विद्या को भी कह दो क्योंकि स्वामी टाइटल लगाया तो हरि और बुक्का के गुरु नहीं थे। सायन के बड़े भाई नहीं थे जिन्होंने वेदों का भाष्य किया। तो शयनाचार्य जो है वो भी किसी और स्वामी संप्रदाय के सिद्ध कर दो। बेवकूफ लोग हो। इसीलिए तो कहता हूं भाई सामने आकर के बात करो तब तुम्हारी एक एक बात का जवाब दिया जाए। है कि नहीं? वो मोहन मोहन रूप दास या तो फिर केशव मुरारी दास होंगे। दो में से एक हां वो सांवले सांवले से है ना जिन पे मैंने एक वीडियो बनाया था शोम शोम शोम शाम शाशा वो वीडियो बनाया था मैंने

01:50:42:14 है ना उन्होंने खुद इस बात को स्वीकार किया था कि अ [खांसने की आवाज़] [गला साफ़ करने की आवाज़] उन्होंने खुद इस बात को स्वीकार किया था कि अगर मधवाचार्य संप्रदाय के प्रामाणिक आचार्य ने वर्तमान पीठाधीश्वर ने स्वीकार कर भी लिया कि इस हमारा ही अंग है तब भी उन्होंने कहा था कि नहीं वो ऐसे ही कह रहे होंगे। उनके लिए किसी के लिए भी ऐसे ही कहने वाला कह देना बहुत आसान होता है। उनके यहां कुछ शब्द प्रमाण है भी कि नहीं है ये पता ही नहीं है। खैर आगे चलते हैं। [खांसने की आवाज़] [गला साफ़ करने की आवाज़] उन्होंने मना कर दिया। अच्छा तो स्वामी जो टाइटल नहीं है स्वामी लोकाचार में उनको कहा गया उनका नाम था श्रीधर तीर्थ तीर्थ उनका टाइटल था श्रीधर स्वामी का हमारे संप्रदाय में और बाकी अगर वो हमारे संप्रदाय में नहीं भी है तो मधवाचार में तो नहीं ना भाई और साथ ही साथ वो हरिहर में अभेद मान रहे हैं। पढ़ो चौथा स्कंद अभेद मान रहे हैं बाबू श्रीधर स्वामी अनेक जगहों पर आप उनके विपरीत जा रहे हैं। ठीक है? दूसरी बात अगर आप यह कहे कि श्रीधर स्वामी ने क्या लिखा है वो हम बताएंगे तो तुम्हें उनका प्रामाणिक शिष्य होना होगा परंपरा से तो फिर अपने से

01:51:57:20 लेकर श्रीधर स्वामी के बीच की चैन बता देना फिर चैन क्या है वो भी बता देना और श्रीधर स्वामी का नाम अपनी परंपरा में डाल लेना ये भी तो मजे की बात है ये सब क्वेश्चन है अच्छा फिर एक ये बात लेकर के आता है एक बोबड़ा करपात्री जी की कि करपात्री जी ने किसी ग्रंथ में जो है ये कहा है कि विष्णु जी से श्री कृष्ण बोले अरे भैया तो उनके जो ग्रंथ है उनमें भक्ति सुधा में उन्होंने एक भी तो माना है कोई अंतर नहीं है वो तो प्रसंगु भगवान के जिस रूप की व्याख्या करनी जैसे व्यास जी ने किया ऐसे ही वो कर रहे हैं प्रसंगु ऐसे ही पूरी पीठ के गुरु शंकराचार्य भी करते प्रसंगु जिसका प्रसंग चल रहा है उसकी महिमा का गान होता है उन्होंने एक जगह पर शिव जी शिव जी की पूजा कर ली तो पांचों की पूजा कर ली माना माना कि नहीं माना ये सब बात अच्छा दूसरी बात ये करपात्री जी ने क्या कहा है? प्रामाणिक रूप से तुम कैसे कह रहे हो? हम तो तुम पर उन बातों को लेकर प्रश्न कर रहे हैं ना जिसमें तुम हमने तुम्हारे प्रामाणिक व्यक्ति से पूछ लिया कि जो हम समझ रहे तुम्हारी बात वही है कि कुछ और है बता दो। तो वो जब मान गया कि ईश्वर अल्लाह एक है तब हमने प्रश्न किया। तुमने पूछा क्या? पूरी शंकराचार्य जी से जाकर के कि भेद माना है कि नहीं माना? करपात्री जी ने और अगर नहीं पूछा है तो फिर तुम अपनी परंपरा बता दो। करपात्री जी

01:53:12:24 को जानने के संबंध में तुम्हारी परंपरा क्या है? उनका भी नाम डाल लो अपनी परंपरा में। प्रामाणिक शिष्य और [गला साफ़ करने की आवाज़] दूसरी बात पहले तुम यह तय कर लो ना भाई कि वो मायावादी थे कि वैष्णव थे ऐसे ही तुम आदि शंकराचार्य जी के मामले में करते हो भजो गोविंदम आदि शंकराचार्य सच बताने आए थे कि झूठ बता तुम कहते हो झूठ बताने आए थे फिर क्यों बताते हो भज गोविंदम भज गोविंदम झूठ हो गया सच्चाई का प्रचार प्रसार प्रसार क्या हुआ फिर या तो तुम ये कह रहे हो कि वो सच्चाई बताने आए थे इसीलिए उन्होंने भजो गोविंदम बताया और या फिर तुम ये कह रहे हो कि वो झूठ बताने आए थे इसलिए उन्होंने भज गोविंदम बताया तो मूर्ख बनाया तो यानी भजगोविंदम मूर्खता है। तुम तय कर लो ना भाई कि कौन सी चीज से किस झूठ को बोल के अपनी नैया बचानी है डूबती हुई हम [गला साफ़ करने की आवाज़] तो ये सारी बातें हैं। अब आप लोग अपनीपनी बात कह दे उसके बाद जो है सब समाप्त करते हैं आज की लाइव हम और अच्छा बोबड़ा सोल का प्रेजेंस कैसा लगा आप लोगों को जरूर बताइएगा और आप लोग दोबारा बोबड़ा सोल से हमारा आमनासामना देखना चाहते हैं वो भी बताइएगा बिल्कुल बिल्कुल अच्छा इनमें जो ये जीबीसी है वो नियुक्त करती है इनके गुरुओं को सबसे बड़ी बात इसमें ये है कि जीबीसी

01:54:28:14 बताएगी कि कौन कौन का गुरु होगा अच्छा कल को वो अगर किसी बेविचार में पकड़ा जाता है वह गुरु तो जीबीसी उसे हटा देती है। तो यानी कि जब हटाया तो पॉइंट यह है कि जो जब उसको गुरु बनाया गया था तो यानी कि वो गुरु बनने के योग्य ही नहीं था। तभी तो वो व्यभचारी निकला। यह बात आती है और सबसे बड़ी अथॉरिटी गुरु नहीं है वह है जीबीसी इस में वो सबसे बड़ी अथॉरिटी है अरे ये लोग ये कह रहे हैं तुम्हारे शंकराचार्य भाई हमारे यहां कोई है तो जो अंतिम रूप से ख्यापित है जिनके एकत्व ना होने पर तुम उंगली उठा रहे हो तुम्हारे यहां है कौन एक कंपनी की तरह तुम अपनी धार्मिक वो चला रहे हो कॉरपोरेट की तरह हम कॉर्पोरेट ऑफिस चला रहे हो तुम जीबीसी के द्वारा वो तय करेंगे कि सन्यासी के कितने शिष्य होंगे? सन्यासी सर्वश्रेष्ठ पद है, आश्रम है। उस पर नियंत्रण कर रहा है। कोई गृहस्थ जीबीसी में बैठा हुआ। और ज्यादातर भक्तों को तो मालूम ही नहीं है कि जीबीसी में कौन-कौन है, कौन-कौन नहीं है। जिसके इशारे पर मैं चल रहा हूं। भाई मैं छाती ठोक के कह तो सकता हूं मैं पूरी के शंकराचार्य के अधीन हूं। तुम कह सकते हो तुम किस-किस के अधीन हो? किस-किस के

01:55:43:22 गुलामी कर रहे हो तुम? कह सकते हो? तुम्हें पता ही नहीं होगा किस किस की गुलामी कर रहे हो। बस झंडा उठाना तानाशाही नहीं चलेगी कि किसकी कि किसी की भी किसी की भी अच्छा टारगेट मिल रहे हैं। भगवत गीता को डिस्ट्रीब्यूशन के टारगेट मिल रहे हैं इनको। इतनी करनी है वो गलीगली चौराहे चौराहे पर हां मिलती है मिलती है। हां जी। जी कन्हैया जी जय श्री राम। जय श्री राम कन्हैया जी। जय श्री राम सभी को। जय श्री राम। आवाज आ रही है क्या मेरी? हां जी। हां जी आ रही है। अच्छा मैं ये कहना चाह रहा हूं पहले तो हमको है ना एक चीज क्लियर करना एक चीज में है ना हम बार-बार मिस्टेक्स करते हैं कि जो भगवान शंकर जी थे ना वो कश्यप जी के साडू नहीं थे बल्कि ससुर जी थे। हमको पहले ये करेक्ट करना पड़ेगा पहले। हां। एक्चुअली क्या होता है कि प्रजादु है

01:56:48:00 शायद कल्प वेद से होंगे। भागवत में प्रसंग लिखा है वो नहीं कल्प वेद से नहीं एक्चुअली मैं बताता हूं। मैं बताता हूं आपको। एक्चुअली क्या होता है? ये जो देवी सती थी ना ये ब्रह्मा जी के जो पुत्र दक्ष प्रजापति हुए थे। ये उनकी पुत्री थी। है ना? जो ब्रह्मा जी के पुत्र थे और ब्रह्मा जी के जो पुत्र हुए थे वह मरीच हुए थे और मरीच के भाई भगवान शंकर थे और मरीच जो थे मरीच के हुए थे कश्यप जी ठीक है तो मरीच और भगवान शंकर ये दोनों आपस में भाई भाई थे मरीच और शंकर भगवान भाई भाई जो आप बता रहे हैं ना मरीच भगवान शिव जो भाई भाई आप बता रहे हैं ये कल्प भेद है ये पढ़ा है मैंने नहीं कल कल्पवेद नहीं है ये ये उसी ब्रह्मा जी सृष्टि के आदि में हुए थे ये ब्रह्मा जी के जो मानस पुत्र हुए थे ना ऐसा है ये जो ब्रह्मा सरस्वती वाला प्रसंग है

01:57:50:09 उसमें एक कल्प में जो है जो मरीचि है वो ब्रह्मा जी को समझाते हैं और दूसरे कल्प में समझाते हैं हम हम सीधे तौर पर चलो जो भी मैं आपको बता तो ऐसा फिर क्या हुआ ऐसे दूसरी क्या होता है अब जो ऋषि कश्यप की जो पत्नी दति थी वो भी दक्ष की पुत्री थी लेकिन वो दक्ष जो थे वो प्राचेतस दक्ष प्रचेता के जो पुत्र थे यानी कि वो दक्ष वाल्मीकि ऋषि के भाई थे भाई वाल्मीकि जी भी प्रचेता के पुत्र थे और जो दक्ष थे वो भी वो भी प्रचिता के पुत्र थे तो वो वाल्मीकि जी और दक्ष दोनों आपस में भाई थे तो उन दक्ष के जो है वह दति हुई थी। उनका विवाह जो है हुआ था वो दक्ष प्रजापति से हुआ था। तो इसीलिए जो दति के ससुर जी लगते थे लगते हैं भगवान शंकर ना कि उनके साडू लगते हैं। भागवत के प्रसंग के हिसाब से बता रहा हूं मैं। जैसा भागवत भागवत जिस भागवत के हिसाब से कोई नहीं ये वस्तुनिष्ठ जानकारियां है इसमें तो हो सकता है मेन बात ये है कि वहां पर उनका कहना ये था ऋषि का

01:59:05:22 कि भाई वो निकलेंगे हमारे रिश्तेदार है चलो ससुर हो या वो भी हो जो भी हो ससुर लगते हो मगर वो निकलेंगे तो उनकी दृष्टि दृष्टिपात हो जाएगा उनका हम पर तो इसलिए अभी वो उस स्थिति में नहीं होना है वो जब बीत जाए वो घड़ी तब हमें उस स्थिति में और वहां पर वहां पर इन लोगों ने उसको ऐसे फिल्माया है कि जैसे भगवान शिव की वजह से जो है राक्षस ने जन्म ले लिया। हां नहीं नहीं ऐसा ऐसा नहीं है ऐसा नहीं नहीं वहां पर एक और चीज भी आई है उन्होंने यह भी कहा है कि ये जैसे भगवान शंकर जी तो है ही है चलो इनसे तो पर्दा करना है उन्होंने ये भी कहा था कि राक्षसों का भी समय है तो राक्षस भी इसी समय घूमते हैं जैसे अच्छे लोग घूमते हैं तो राक्षस भी इसी समय घूमते हैं जैसे भगवान शंकर जा रहे हैं तो वहां राक्षसों का भगवान शंकर के साथ में वर्णन नहीं किया गया बल्कि उनका अलग से वर्णन किया गया है हम लेकिन फिल्म भगवान शंकर नहीं फिल्म ये उसमें उन्होंने उन्होंने ये दिखाने का प्रयास किया है कि भगवान शंकर के लोगों का जन्म हो सकता है जो बुरे लोग हैं और बार-बार अंधकार अंधकार शब्द का प्रयोग हो रहा है तो शंकर भगवान आ रहे हैं। अंधकार शब्द की बात आ रही भगवान आ रहे हैं पर्दे पर। बार-बार जो है शिव जी का के प्रति एक द्वेष भावना डालने का कि भैया अगर

02:00:20:26 राक्षसों की बात की जाए तो शिव जी की बात की जाए वहां पर वो नहीं ये ये गलत है ये गलत है ये गलत है ऐसा ऐसा वहां कुछ नहीं है भागवत में ऐसा कोई प्रसंग नहीं है कि भगवान शिव शंकर जी की वजह से जो है कश्यप पैदा हुए थे रामपाल वाले मामले में थोड़ा सा फंसा थोड़ा सा आर्थिक वो भी नहीं था बहुत सी चीजें करनी होती तो संसाधनों की कमी मैं उसी समय जो है इसके खिलाफ बड़ा एक्शन लेने वाला था फिल्म के खिलाफ मगर थोड़ा सा मैं वहां पर एक तो रामपाल से चल ही रहा है ना तो थोड़ा सा उसमें समय और [गला साफ़ करने की आवाज़] संसाधन धन इत्यादि का अभाव रहा नहीं तो मैं उसी समय इनके खिलाफ जो है मोर्चा खोल देता और अगर मैं मैं देख रहा हूं परोश और अभी भी हो सकता है कि आने वाले कुछ समय में अगर मुझे ठीक से कुछ सहायता प्राप्त हो जाए कुछ चीजों में तो मैं जरूर इस पर जो है एक्शन और क्या कहते हैं ये यह परशुराम आ रही है ना दूसरा पार्ट आ रहा है कुछ मैं उसमें भी बहुत ज्यादा ध्यान दे रहा हूं अबकी बार मैं नहीं जाने दूंगा इन चीजों को मैं करूंगा कर्मवादी कार ठीक है

✅ This part is already used · 02:01:28:12 – 02:04:26:12 (2:58)

→ Used in: B · Video Who is Bobda sprit soul? खुल गया रहस्य at 27:59 ↗

02:01:28:12 बहुत-बहुत आभार सभी का और बोबड़ा स्टोल के साथ हमारी जो बातचीत हुई कैसा लगा सबको और मैं चाहूंगा इनका नाम इनका नाम तो उनसे मिलता है एक मूवी देखी आपने गोविंदा की मूवी देखी थी अखियों से गोली मारे मूवी थी उसमें गोविंदा का नाम बोबड़े दादा [हंसी] देख ही थे उसका नाम तो गोविंदा का नाम था बोबड़े दादा [हंसी] बोबड़े अगली बार बोबड़ा अगली बार बोबड़ा यहां आए अगली बार बोबड़ा से बात हो तो बोबड़ा थोड़ी तैयारी करके आए केवल अपनी एडिटिंग के ऊपर आधारित ना रहे अपनी थोड़ी तैयारी करके आए उससे थोड़ा सा इनका नाम तो इनका नाम इनका नाम यही है क्या बोबड़े दादा ही है क्या बोबड़ा नाम है क्या इनका क्या नाम है इनका अब यहां तो बोबड़ा नाम से बोबड़ा बोलते ऐसे ही है ना बोबड़ा स्पिरिट सोल है कहीं कहीं पे बीइंग स्पिरिट सोल भी दिखाई देता है अच्छा अच्छा अच्छा

02:02:28:02 इसके पास में नाम कह रहा हूं नाम तो सही लिखे कुछ नहीं था इसके पास हैं तो नाम तो सही लिख के आए मैं कह रहा हूं नाम तो सही लिख के आए ये बोबड़ा दादा क्या नाम है बड़ा क्या नाम है नाम ही नहीं है कोई ये तो कोई तो वो है ही बोबड़ा तो क्या भाई आप तो [हंसी] ये बताओ आप तो उसके स्वरूप भूत लक्षण को हेलो मैं कह रहा हूं आप तो उसके स्वरूप भूत लक्षण को उससे अलग कर दोगे क्या स्वरूप के विरुद्ध कार्य करवाओगे क्या उससे वो उसका स्वरूप है बहुत सही बहुत सही [हंसी] अरे चलो कोई दिक्कत नहीं है कोई दिक्कत नहीं है कभी किसी फालतू किसी किसी व्यक्तिगत कमेंट कमेंट फेंट मत करो कोई दिक्कत नहीं है फायदा करने से काम में [हंसी] हमें अपना काम करना है। व्यक्तिगत कमेंट किसी पे मत करो। क्या फायदा है उसे करने से? कोई दिक्कत [हंसी] क्या आप कह रहे हो कि वो बोबड़ा बदल दो तो मैंने कहा वो वो स्वरूप है उसका। स्वरूप को नहीं बदल सकते ना। वो देखा नहीं था वो अलंकारी बच्चा स्वरूप के पीछे कितना परेशान था। उसकी आवाज आवाज नहीं सुनी आपने कन्हैया जी। हां। वो है तो आवाज देखो आवाज तो किसी की किसी की आवाज तो किसी की कैसी भी हो सकती है सर लेकिन फिर उसको रहने दो। उसको मत किया करो उसको दो। मैं वो कहां कह रहा हूं? देखो

02:03:43:08 उसका नाम बोबड़ा है। उसने अपना नाम बोबड़ा रखा है। अब आप कह रहे हो बोबड़ा नाम बदलो। तो मैंने कहा कि वो उसका स्वरूप है। जैसे अग्नि अगर जलाना छोड़ देगी तो वो अग्नि थोड़ी ना कहलाएगी। ऐसे ही बोबड़ा अगर बोबड़ापन छोड़ देगा या बोबड़ा नाम हटा देगा तो उसका स्वरूप चेंज हो जाएगा। फिर वो वो नहीं रह जाएगा जिसको हम जानते थे। इसलिए वो उसका स्वरूप है। स्वरूप भूत लक्षण है। ये कह रहा हूं। कभी कभी सत्य बोलना पड़ता है कड़वा होता है फिर भी बोलना पड़ता है ना वो वाली बात नहीं वो खंडन खंडन के लिए आया था ना वो आते रहेगा मेरे को लगता है कुछ ना कुछ अगली बार कन्हैया जी की बात करा देंगे उनसे ना कन्हैया जी बात करेंगे की बात करेंगे चलिए ठीक है समय देने के लिए सबका आभार बहुत-बहुत आभार सभी का जय श्री

⬜ Not used yet · 02:04:26:12 – 02:05:10:00 (0:44)

02:04:26:12 राम सभी को जय श्री राम जी जय श्री राम [गला साफ़ करने की आवाज़] [संगीत]

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A: AHVAAN - Call Of Dharma Live 2:05:12 · 12 Jun 2026

ऋषिकेश यात्रा इस्कॉन घटनाक्रम पूर्ण वृतांत व संशय निराकरण

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