⬜ Not used yet · 00:00:01:25 – 00:34:23:00 (34:21)
00:00:01:25 सभी को जय श्री राम। और जैसा कि आप सभी जानते हैं अभी हमारा आपने थंबनेल देख ही लिया होगा। इस के फॉलोअ हैं हमारे साथ और उनके साथ एक चर्चा होने वाली है। अब आएगा जय श्री राम। पॉल जी आपका आवाज आवाज नहीं आ रहा है। आपको नहीं आ रहा? अब आ रहा है।
00:00:33:20 अब भी नहीं आ रहा। आवाज नहीं आ रहा। आवाज मेरा आवाज जा रहा है आपका पास? जी जी आ रहा है। आ रहा है। आप ऐसा करें। कुछ आवाज नहीं आ रहा है इधर। आप ऐसा करें एक बार जाके दोबारा आइए। यह जो फॉलोअ है यह इस में ही वर्क भी करते हैं वहां जमशेदपुर में और वहीं से ये आए हैं।
00:02:31:03 कोई तकनीकी समस्या आ रही है और अभी आ रहा है आपका आवाज अब देखिए हां अभी क्लियर सुनाई दे रहा है मुझे दे रहा है हां ठीक तो सबसे पहले आप थोड़ा सा परिचय दे दीजिए अपना हमारे दर्शकों को आप कहां से हैं और इस कौन से किस प्रकार जुड़े हैं मेरा नाम प्रसंजित पाल है जामशेदपुर टाटा स्टील जो प्लांट के हैं काम करते हैं। मैं किसी संस्था के थ्रू नहीं हूं अभी भी पूरा क्लियरली लेकिन एक है ना सामान्य कॉमन मैन की तरह जो जैसे कॉमन मैन जैसे हम ड्यूटी करते हैं टाटा स्टील में उधर सामने में मंदिर तो बहुत सारा है लेकिन वो एक तो इस मंदिर भी है जमशेदपुर में जहां आना जाना रहता है। बाकी मंदिर भी जाते हैं। श्री संप्रदाय का एक लक्ष्मी नारायण का मंदिर है। वहां भी जाते हैं।
00:03:36:21 तो आपको हमारी किस बात से आपत्ति है? हां ये बात ये है कि कोई पास में बैठा आपको गाइड कर रहा है क्या? नहीं हम दिखा देते हैं। मेरे हम घर में हैं। मेरा इस तरह से बात करना मेरे लिए नया है। बहुत ही मेरे सामने कोई नहीं है और मैं उतना भी गहरी से किसी संस्था से जुड़ा नहीं हूं। आपको हमसे क्या आपत्ति है जब आप किसी से जुड़े नहीं है तो हम बोल रहे हैं उसी चीज को मुझे जहां तक लगता है कि ये जो आप बात बोलते हैं ना एक तो बांटने वाला चीज तो कहीं ना कहीं हमको लग रहा है कि जो अखंड भारत थोड़ा समझने का कोशिश करेंगे। लंबा हो सकते हैं। हम ठीक से बता पा रहे हैं कि नहीं कि जैसे लोगों को बांटने वाली बात लगती है आपको हमारी। नहीं नहीं पूरा बात सुनिए। हां मतलब जैसे मुझे लगता है कि 90% जो हिंदू है जनसंख्या
00:04:51:22 है उनमें से ज्यादातर किसी को धर्म से तो सभी जुड़ा है जो कल्चर है हम लोगों का घर से ही लेकिन एक मतलब जे शास्त्र और वैदिक धर्म में जो लिखा है अगर कि यह नहीं करना चाहिए ज्यादातर आदमी आदमी को कुछ नहीं होता है कि मतलब अपने सुख से प्रभावित है कि हमको यह करना है तो करना है। लेकिन जो 10% 20% आदमी है जो चाह रहा है किसी वैष्णव संप्रदाय हो संप्रदाय हो किसी भी संप्रदाय से जोड़ के अपना उन्नति और अपना आत्मा का उन्नति के लिए हम लोग मतलब आप देख रहे हैं कि आज के समाज में मांस छोड़ना भी बहुत बड़ी बात है। मतलब कुछ मदिरा छोड़ना भी बहुत बड़ी बात है। लेकिन पूरा पॉइंट मुझे ये बताइए कि आपकी किस चीज से मुझे आपत्ति है? आप इस का विरोध क्यों करते हैं या इस से प्रश्न क्यों करते हैं? ऐसे बोलिए सीधे क्योंकि क्योंकि हिंदुओं हिंदुओं के पास कुछ नहीं है तो इसको तो अच्छी चीजें दे रहा है। मांस छुड़वा रहा है, बीड़ी छुड़वा रहा है, सिगरेट छुड़वा रहा है, नशा छुड़वा रहा है। यही आपका प्रश्न है।
00:06:07:22 यही आपका मेरा हां, मेरा प्रश्न यही है कि कोई भी व्यक्ति जब मतलब अंदर से चाह रहा है कि मैं अपना उन्नति करना चाह रहा हूं और धर्म से जुड़ना चाह रहा हूं तो इस एक एनवायरमेंट दे रहा है। जब वहां कीर्तन वगैरह हो रहा है और धीरे-धीरे जुड़ के वो अपना बुरी आदत एक बार में नहीं अपना थोड़ी-थोड़ी करके अपना बुरी आदत जब छोड़ रहा है। वही तो मैं कह रहा हूं कि इस एक एनवायरमेंट दे रहा है जब लोगों को अच्छा बनाने का एक अच्छी चीजें वो दे रहा है तो फिर हम उसका विरोध क्यों कर रहे हैं? हां आप उसका हमको पूरा पूरी क्लेरिटी समझ में नहीं आ रहा है। इसीलिए मैं आपसे पूछ रहा था कि किस पॉइंट पे हम विरोध किया मुझे मुझे टू द पॉइंट बात करने की थोड़ी सी आदत है। मैं बहुत ज्यादा इधर-उधर की बातें नहीं करता हूं। मैं आपकी वो जो लाइन है वो समझ गया हूं। ठीक है? अब मैं आपको जवाब दूं? हां दीजिए।
00:07:10:28 नल की पत्नी थी दमयंती। उसको अजगर खा जाने वाला था। एक शिकारी आया वहां पर। उसने नल की पत्नी के प्राणों की रक्षा की। दमयंती के प्राणों की रक्षा की। अजगर को मार दिया। दमयंती मारने के बाद दमयंती के प्राणों की रक्षा करने के बाद उसकी कुदृष्टि हो गई दमयंती पर। और अब वो दमयंती के गरिमा को भंग करना चाहता है। उसके उसका जो शील है, उसकी जो उसका जो पति धर्म है, उसको छीन लेना चाहता है। नष्ट कर देना चाहता है। तो ऐसी सिचुएशन में क्योंकि उसने उसके प्राणों की रक्षा की है। ऐसी सिचुएशन में हमें उस शिकारी का विरोध नहीं करना चाहिए।
00:08:06:09 नहीं मतलब प्राणों से भी ज्यादा उत्तम चरित्र होता है ना। मैं बस इतना पूछ रहा हूं। विरोध करना चाहिए कि नहीं? करना चाहिए। क्यों नहीं करना चाहिए? करना चाहिए। इसका मतलब यह है कि यदि किसी ने कोई एक अच्छी चीज कर दी और वहीं पर कोई दूसरी बुरी चीज कर रहा है तो ऐसा नहीं है कि अच्छी चीज के कारण उसकी बुरी चीज के लिए कहा ना जाए। नहीं बुरी चीज अगर एक्चुअली में कर रहा है तो करना। नहीं इसका मतलब अगर बुरी चीज है तो कहा जाएगा। चाहे वो अच्छा कर रहा हो चाहे ना कर रहा हो। हां बुरी चीज के लिए उसको तो कहना ही कहा जाएगा। अच्छा ये तो क्लियर हो गया। अब आगे एक बात है कि क्या
00:08:54:24 क्या हुआ? कोई आपत्ति किसी को क्या मेरा मम्मी था वो रहा था जामा पहनने के लिए बोल रहा था शर्ट पहनने के लिए मम्मी हां आपकी आयु क्या है 25 25 में आपकी हरकतें तो बिल्कुल अभी 12 13 साल वाली है मतलब घर थोड़ा बढ़ रहा है थोड़ा मतलब तो हम लोग एक ही घर में अभी शिफ्ट है उधर
00:09:30:14 ये बात मैंने आपको बता दी है कि अगर कोई व्यक्ति बुरा कार्य कर रहा है तो उसको कहा जाएगा भले ही उसने कोई अच्छा कार्य भी किया हो पहली बात दूसरी बात दूसरी बात यह है कि हमने क्या कभी यह कहा है कि यह जो है लोगों का हाथ क्यों छुड़वा रहा है? हमने क्या कभी ये कहा है कि ये जो है लोगों को जो है कीर्तन क्यों करवा रहा है? हमने अपने किसी वीडियो में कहा है क्या? नहीं कहा है। नहीं अच्छा अगर ऐसी ही बात है तो रामपाल भी मांस छुड़वाता है जो मां दुर्गा को गाली देता है। रामपाल जो है मांस छुड़वाता है और बहुत सारा दान करता है इस समय वो पाइप काट रहा है। जगह-गह में पाइप बंटवाए हैं। उसने ऐसा सुनने में आ रहा है कि हरियाणा में बाढ़ आई वहां पर उसने पाइप बटवाए तो इस कारण से कि उसने पाइप बटवाए हैं। इस कारण से वह कह रहा है कि ब्रह्मा विष्णु महेश की पूजा करने वाले नीच है। कृष्ण को भगवान समझने वाले नीच है। पापी हैं। वो ये सब कह रहा है तो उसको हम विरोध ना करें क्योंकि उसने पाइप बटवाए क्योंकि उसने मांसाहार छुड़वाया है। क्योंकि
00:10:45:25 उसने मांसाहार छोड़ने की बात कही है। दूसरी बात यदि वो लोगों को अच्छाई बना रहा है तो भागलपुर के स्कॉन मंदिरों में क्या हो रहा है? भागलपुर के स्कॉन मंदिर वालों का कहना है कि स्कॉन में इतनी भ्रष्टता हो रही है कि वहां पर जब कोई आवाज उठाता है तो मारा जाता है। अभी कल ही भागलपुर के जो स्कॉन वाले हैं उनका एक वीडियो आया है। उनके चैनल का नाम है तत्व करके कुछ है। उनके चैनल का नाम है तत्व करके कुछ। तत्व शब्द आता है। उन्होंने बहुत सारी चीजें ऐसी बताई है कि उनके बड़े-बड़े जो जीबीसी के मेंबर्स हैं उन पर रेप चार्जेस, बच्चों का शोषण करने का चार्जेस ये सब लगे हुए हैं। तो अगर एक जगह आप यह मान रहे हो कि इस के द्वारा लोग मास्क छोड़ रहे हैं। लोग मदिरा छोड़ रहे हैं। लोगों का आचरण अच्छा हो रहा है। ये आप मान रहे हो। आपका प्रमाण है तो दूसरी जगह पर लोग वहां पर रेपिस्ट भी हो रहे हैं। ऐसी खबरें भी आ रही है। दूसरी दूसरी जगह पर वहां पर अच्छे लोगों का शोषण हो रहा है। ये भी खबरें आ रही है। स्त्रियों के साथ बलात्कार हो रहा है। ये भी खबरें आ रही है। तो इस बात से इस बात ये बात कट रही है। और इस बात से ये बात कट रही है। है ना? तो इसलिए इसको हम आधार नहीं बना सकते निर्णय लेने का कि धर्म क्या
00:12:01:01 है। पहली बात। दूसरी बात हमने कभी इस चीज पर ब्लेम किया भी नहीं कि वहां वो जो है लोगों को शाकाहारी क्यों बना रहा है। लोगों को वो जो है भक्ति कीर्तन क्यों करा रहा है? हमने इस बात को ले वो नहीं किया। हां यदि प्राणों की रक्षा करने के बाद कोई व्यक्ति स्त्री के प्राणों की रक्षा करने के बाद उस पर कुदृष्टि डालेगा तो हम कहेंगे वहां ये नहीं है अरे उसने प्राणों की रक्षा की है। इसलिए उससे मत कहो और नहीं तो फिर रामपाल से भी ना करें। हमने केस लगाया हुआ है हाई कोर्ट में रामपाल पर केस वापस ले ले क्योंकि उसने पाइप बटवाया है क्योंकि उसने लोगों का गुटखा छुड़वाया है। अब वो छुड़वाया है कि नहीं छुड़वाया वो एक अलग बात है। उसमें भी वो वाली बात है कि जैसे यहां इस में ही दुराचार भी चल रहा है वैसे ही वहां रामपाल के यहां भी दुराचार चल रहा है। हां उसके चैनल का नाम है द तत्व टॉक। उसको देखिएगा। कल बहुत सारे सबूतों के साथ उसने बहुत अच्छा वीडियो बनाया व्यक्ति ने। इस का ही व्यक्ति है। इस का ब्रह्मचारी है। उसका कहना है कि इस में भ्रष्टता हो रही है। इस में भ्रष्टता इसलिए हो रही है। इस में भ्रष्टता इसलिए हो रही है क्योंकि जो टॉप में जो बैठे हुए लोग हैं वो भ्रष्ट है जीबीसी में। अब उसका कहना यह है कि भाई प्रभुपाद जी ने कहा था कि मेरे बात
00:13:16:04 जो है जीबीसी की मानो। तो जीबीसी अगर गलत करेगा तो उसकी कैसे माने? दिक्कत यह है। अब प्रॉब्लम यह है कि वह भागलपुर वाला जो व्यक्ति है वह यह बात नहीं समझ पाया कि उसको यह भी मानना चाहिए कि प्रभुपाद जी ने यहां पर गलती की कह के कि मेरी जीबीसी की हर बात माननी है। जीबीसी की हर बात नहीं माननी है। जीबीसी की वो बात माननी है जो शास्त्र सम्मत हो। गुरु गोविंद और ग्रंथ केवल गुरु नहीं। जब गुरु की चीजें ग्रंथ से मैच खाएंगी तब हम उसको ले सकते हैं। गुरु की चीजें ग्रंथ से मैच खाएंगी और इन दोनों के मैच से मिलने वाला गोविंद होना चाहिए। गोविंद वो और कोई नहीं होना चाहिए। जीसस नहीं होना चाहिए। अल्लाह नहीं होना चाहिए। गोविंद होना चाहिए। गोविंद कौन है? सत्यम ज्ञानम अनंतम ब्रह्म। गोविंद कौन है? सत्यम ज्ञानम अनंतम ब्रह्म। तो वो कृष्ण होना चाहिए। वो शिव होना चाहिए। वो विष्णु होना चाहिए मगर वो अल्लाह नहीं होना चाहिए। तो गुरु गुरु गोविंद दौर ग्रंथ का ये सामंजस्य होता है धर्म होता है। अब उसने कल क्वेश्चन उठाए हैं दत्त तत्व टॉक वाले ने ब्रह्मचारी ने जिसको मारा गया था कुछ दिन पहले पटना में। भगा भगा के मारा
00:14:31:13 गया था। वीडियो खूब वायरल हुए थे। एक वीडियो और वायरल हुआ था। पटना का जो अध्यक्ष है इस मंदिर का वो नग्न किसी स्त्री के साथ यौन शोषण करने का प्रयास कर रहा था। था उस समय का उसका नग्न चित्र जो है वायरल हुआ था तो ये इस छुड़वा रहा है अच्छी चीजें या मतलब अच्छी चीजें छुड़वा रहा है इस कौन या अच्छी चीजें दे रहा है कौन इनमें से क्या मानेंगे तो इस आधार पर हम निर्णय नहीं कर सकते क्योंकि हम व्यक्ति को सही मार्ग बताते हैं वो व्यक्ति का फिर बाद का उसका अपना ही होता है कि उनमें से कौन सा मार्ग वो चुनता है है ना जैसे धर्म का बोध तो उसको भी था रावण को धर्म का बोध तो रावण को भी उसने धर्म का मार्ग नहीं चुना। ठीक है? तो बोध आप करा रहे हो वो अच्छी चीज है कि आपने कहा कीर्तन कर लो। मगर वहां कीर्तन व्यक्ति कर रहा है। किस मन से कर रहा है? क्यों आ रहा है? क्यों जा रहा है? ये सब बहुत डिटेलिंग का मामला हो जाएगा अलग। दूसरी बात ये है एट द एंड हमने ये कहा कि कृष्ण और अल्लाह को एक क्यों कर रहे हो? हमने ये कहा कि महादेव का अपमान क्यों कर रहे हो? हमने ये कहा एक मिनट एक मिनट एक मिनट आप पूरा कर लूं पूरा कर लूं आपको मैंने सुना ना हमने ये कहा कि महादेव
00:15:46:21 का अपमान क्यों कर रहे हो माना कि तुम महादेव को वैष्णव मानते हो तो वहां पर वैष्णवता का भी अपमान कर रहे हो जब कह रहे हो कि हरिदास ठाकुर जो है इंद्रियों पर कंट्रोल कर ले गए मगर महादेव नहीं कर पाए क्यों कर रहे हो और अगर तुम कृष्ण और शिव में भेद कर रहे हो शिव नाम तुम्हारे लिए भगवान का नाम नहीं है तो तुम कृष्ण और अल्लाह में भेद क्यों नहीं कर रहे हो? कृष्ण और क्राइस्ट में भेद क्यों नहीं कर रहे हो? वहां ताल ठोक के क्यों नहीं कहते हो? नहीं अल्लाह कृष्ण नहीं है। वहां क्यों नहीं ताल ठोक रहे हो? वही यही पर ताल ठोक रहा जहां शिव जी हैं। भाई जैसे अल्लाह नाम किसी के लिए भगवान का नाम है इसलिए तुम ये कह देते हो कि कृष्ण अल्लाह एक है। ऐसे ही शिव नाम भी तो किसी के लिए भगवान का नाम है। तब तुम्हें शर्म नहीं आती लज्जा नहीं आती कि तुम अपने हिंदू भाइयों के भावनाओं को आत कर लोगे क्योंकि वो सहिष्णु है। इस नाम पे कि हम हिंदुत्व फैला रहे हैं। मगर अल्लाह वालों से डोगे क्योंकि वो सहिष्णु नहीं है। गुस्ताख रसूल की एक ही सजा सरत से जुदा
00:16:57:01 और फिर तुम बाहर बाहर के लोगों को ला के हमारी धार्मिक सत्ता किसको दे रहे हो विदेशियों को हमारे ऊपर कौन राज्य करेगा धर्म की सत्ता इस कौन के पास जा चली गई अगर तो कौन निर्णय करेगा हमारे धर्म का यही डीबीसी के मेंबर जो आज ये घोटाला करा रहे हैं जिनके बारे में टटोक बना है कौन करेगा हमारे ऊपर राज कौन करेगा जो सबसे ऊपर की गद्दी होती है वो गद्दी होती है सन्यासी की। आपके इस कोन के अंदर के सन्यासी भी किसी जीबीसी के मेंबर जो गस्थ है उसके अधीन है। ये अगर प्रभुपाद जी ने ये नियम बनाया तो गलत बनाया। इसको स्वीकार करना चाहिए। बदले इस नियम को। नहीं। ऊपर सबसे सन्यासी ही होगा। निर्णय सन्यासी ही करेगा। और फिर वर्णाश्रम धर्म ना मधवाचार परंपरा ना श्री संप्रदाय है ना नंबार संप्रदाय कोई ऐसा प्रामाणिक संप्रदाय नहीं है गिया वैष्णव संप्रदाय भी नहीं है जो वर्णाश्रम को ना मानता हो इन लोगों को क्योंकि अंग्रेजों को आचार्य बनाना था अंग्रेजों को गुरु बनाना है इसलिए वर्णाश्रम धर्म की धज्जियां उड़ा दी अब बाहर के लोगों को ला के हमारे सर पर बिठा रहे हैं हमारे ही यहां वेद हमारे यहां की गीता
00:18:12:14 मगर उसको हम सुने किससे किसी अंग्रेज से और वो एक दिन क्या करेगा उसमें मिलावट करेगा फिर कृष्ण क्राइस्ट करेगा, कृष्ण अल्लाह करेगा। यह सब विरोध की बातें हैं। समझ में आई चीजें? ये सब तो सोचने वाली चीज है और कुछ पॉइंट। लेकिन इनमें से बीच में से बहुत सारा चीज मैं भी मानता हूं। बीच में एक जो पॉइंट है कि शिव का अपमान में क्या मतलब भगवान श्री कृष्ण को सबसे ऊपर और शिव को उनके भक्त मानना शिव का अपमान हो जाता है। शिव को भक्त ही नहीं माना है। शिव का अपमान किया है। वहां लिखा है दो 62 में कि शिव जी अपनी इंद्रियों पर कंट्रोल नहीं कर पाए।
00:19:05:06 और जो पिता है उसको पिता ना मानना उस पिता का अपमान है। अगर तुम्हारे पिता है और तुम उसको पिता नहीं कहोगे और बताओगे तो अपने भाइयों से कहोगे कि तुम्हारे पिता नहीं है। पिता तो यह है अलग करोगे। पिता के दो स्वरूपों को अलग करोगे। पिता एक जो घर में बैठा हुआ है उसका एक स्वरूप है। ऑफिस गया वो दूसरा स्वरूप है। ऑफिस वाले स्वरूप को तुम मानोगे और दूसरे स्वरूप को नहीं मानोगे। वह भी तब जब कोई गैर गैर व्यक्ति बाहर से आ रहा है उसको तुम कहोगे यह और अपना पिता एक ही है। चलो ठीक है। तुम्हें घर वाला रूप या ऑफिस वाला रूप पसंद नहीं है। ठीक है। मत मानो उसको पिता। मगर तुम एक बाहर से आए हुए व्यक्ति जो एक दूसरा बिल्कुल अलग व्यक्ति है। उसको तुम कह रहे हो ये और हमारे पिता एक ही है। मगर पिता का ही दूसरा रूप है जो ऑफिस वाला उसको हम कह रहे हैं कि वो जो है भक्त है। वो पिता नहीं है। यह अपमान है। समझ गए ये अपमान है और ऐसा और सुनो भक्त मानना अपमान नहीं है मगर उसकी भक्ति करने वालों को अपराधी पापी नीच मूर्ख कहना अपरा पाप है तीन 15 25 में क्या लिखा है भागवत
00:20:20:16 में इसकी पता है पता है शिव दुर्गा काली के नाम को कृष्ण के नाम के समान समझने वाले मूर्ख अपराधी हैं। मतलब हम सब अपराधी हैं। मूर्ख है। अब हम इस पर अगर क्लेम करें तो आप कहोगे कि भैया शिव कृष्ण को भगवान समझना और शिव को उनका भक्त समझना क्या पाप है क्या? भाई समझो कोई दिक्कत नहीं है। यह मत कहो कि हम पापी है। मैं पूछ रहा हूं आपसे शिवजी को भगवान समझना पाप है क्या? आप बताओ। जितना मैं जानता हूं कि जो शिव को भगवान मानते हैं शव संप्रदाय है वो विष्णु को उनका भक्त मानते हैं जो वैष्णव वैष्णव संप्रदाय है वो कृष्ण को अपना भगवान और मतलब विष्णु को अपना भगवान और शिव को उनके भक्त मानते शिव को भगवान और विष्णु को भगवान नहीं मानता वो संप्रदाय शिव को अल्लाह के साथ एक नहीं करता है और करेगा तो हम उसको भी कहेंगे और दूसरी बात संप्रदाय की बात अगर आती है तो यह बताओ कोई व्यक्ति विष्णु का भक्त बनने के बाद वैष्णव होता है या वैष्णव होने के कारण विष्णु का भक्त बनता है? यह बताओ।
00:21:36:09 मतलब जिसको जिसको जो जिसका भक्ति करना है या आकर्षण करता है वो उसके भक्त होते हैं तो बाकी देवी देवताओं को उनका भक्त समझते हैं। भाई जैसे मेरे सामने पांच रूप खड़े हैं। ये पांचो बराबर है। इसके बाद मैंने मैंने समझ लिया की पाचो भगवान है। उसके बाद मैंने कहा कि मैं अब जो है विष्णु या शिव मैंने कहा मैं शिव की भक्ति करूंगा। तो उसके बाद क्या मैं कहने लगूंगा बाकी के चार रूप भगवान नहीं है? मैं कहूंगा ये सब ये सब शिव के ही रूप है। और मैंने क्या कहा? मैंने इस बात से आपत्ति नहीं है कि जो सह होगा वो शिव की पूजा करे। कोई दिक्कत नहीं है। जो वैष्णव होगा वैष्णव की पूजा करे। मगर शिव का अपमान ना करे। शिव के भक्तों का अपमान ना करे। और कृष्ण को जब तुमने इतना भेद कर दिया तो कृष्ण को अल्लाह के साथ मत जोड़ो। कृष्ण को जीसस के साथ मत जोड़ो। बाइबल के साथ मत जोड़ो।
00:22:38:02 समझ में आया? समझ में आया? अल्लाह के साथ जोड़ना तो मुझे भी सही उतना नहीं लगता। लेकिन ये पर्सनल सुनो मेरी बात। ये जो है सुनो सुनो सुनो। ये जो है ये सोशल स्टडी का पेपर नहीं है। जिसमें दो चार लाइनें अपने मन से लिख दी। दो चार लाइनें अपने मन से हटा दी। मैथमेटिक्स है। 2 2 4 ये है धर्म। उसमें थोड़ा उतना नहीं चलता है। धर्म का मतलब धर्म। मां का मतलब मां। बहन का मतलब बहन। उसमें थोड़ा उतना नहीं चलता है। थोड़ी सी कुदरष्टि डाल दो। ये धर्म है। मजाक है क्या? थोड़ा उतना। एक सूत के बराबर भी अंतर नहीं आना चाहिए। इसे धर्म कहते हैं। मर्यादा
00:23:31:03 थोड़ा उतना ये कोई कंपनी की बातें चल रही है क्या? कोई बिजनेस कर रहे हैं क्या हम लोग? थोड़ा घाटा झेल लो। ये धर्म है। इसको समझो। सनातन शाश्वत मजाक बना रखा है। थोड़ा उतना मुझे गलत लगता है। अरे भाई वो थोड़े उतने की तो बात कर रहे हैं। क्या फांसी लगा दी? तोप चला दी। क्या बात कर रहे? मैथमेटिक्स होता है। मैथमेटिक्स 2 प्लस टू ही फोर होगा। टू 2 प्लस क्या कहते हैं? 1.54 नहीं होगा। ये मैथमेटिक्स है। थ्री प्लस वन भी तो फोर होता है। धर्म के साथ समझौता नहीं होता है। एक सूत के बराबर भी और इसीलिए प्रामाणिक आचार्य होते हैं। प्रामाणिक गुरु होते हैं। नहीं तो थोड़ा बहुत धर्म तो रामपाल भी बता रहा है। थोड़ा बहुत धर्म तो रामकृष्ण मिशन वाले भी बता रहे हैं। सब बता रहे हैं। थोड़ा बहुत धर्म तो ईसाई भी बता रहे हैं। सब लोग धर्मी हो गए।
00:24:40:28 चलो ठीक है समझ गया आपका लेवल अभी थोड़ा बुद्धि का कम है और कोई चीज है आपकी जो बोलना है मतलब बुद्धि का कम तो होगा ही देखिए आप लोग बचपन से ही या हो सकता है पूरा कह रहा हूं हो गया आपका आपका और कोई बात है मैं कह रहा हूं जो और कुछ है कोई और बात है लोगों ने देख लिया वो समझ लेंगे किसका किसने क्या कहा ठीक है जय श्री राम कुछ मेरी बातें कुछ समझ में आई आपको कि नहीं? यह जो होता है धर्म ये जो होता है ये धर्म जो होता है इसमें हम लोग समझौता नहीं करते हैं। नहीं तो वो धर्म थोड़ी ना है जिसमें समझौता करें। थोड़ा बहुत थोड़ा बहुत उतना उतना ये धर्म है भाई। आप आपकी इतनी सी बात से कि कृष्ण अल्लाह एक है। इतनी सी बात का प्रभाव क्या हो सकता है? सुनो। इस अगर इस को व्यक्ति मानता है इस में कीर्तन करता है। उसने कहा कृष्ण अल्लाह एक है। उसकी नजर क्या होगी? अल्लाह और कुरान के लिए अरे एक ही तो है। फिर कुरान में क्या कहा जा रहा है? 33 चार में कि आपने अगर किसी को बहन मां बोल भी दिया है। फिर भी मुंह के बोले हुए कोई
00:25:56:00 रिश्ते नहीं होते हैं। आप उनके साथ उसका उलट कार्य कर सकते हो। यह कुरान सिखा रही है। जी एक मिनट एक मिनट भाई साहब पूरी बात होने दो। एक मिनट अब वहां का जो व्यक्ति पला बड़ा है उसके मन में क्या है कि मैं अपनी कोई बात बोल सकता हूं किसी को बहन कोई दिक्कत नहीं। मैं उसको उसके साथ दूसरा व्यवहार भी कर सकता हूं। ये वहां के व्यक्ति को सिखाया गया। यहां के व्यक्ति को क्या सिखाया गया? रघुकुल रीत सदा चली आई। प्राण जाई पर वचन ना जाई। ये है धर्म। अब हमने कह दिया कृष्ण अल्लाह एक है। हमारे यहां की जो बिटिया है जो कीर्तन करने वहां जा रही है उसके मन में क्या आएगा कुरान वाले के लिए यह भी वही होगा जब कुल्ली सदा चली आई प्राण जाए पर वचन ना जाए मगर वो वो नहीं है वो बहन कहेगा मगर उल्टा काम भी कर सकता है क्योंकि उसका धर्म जिसको वो धर्म मानता है वो उसको वही सिखा रहा है इसलिए ये जो धर्म है ना जिसमें आपने कह दिया उतना उतना इसके साथ खिलवाड़ नहीं चलता है यह समझौते वाली चीजें नहीं है। धर्म है। आपके यहां मां है, बहने हैं। उसमें कोई यह कह दे अरे थोड़ा बहुत कुदस्ती से देख सकते
00:27:11:03 हो। चलता है क्या? इतना चलेगा क्या? नहीं फिर बहन का मतलब बहन ना उसमें एक एक सूत भी आ सकता है क्या? दूसरा भाव ऐसा ही होता है। ऐसा ही होता है धर्म। उसमें मिलावट नहीं की जाती है। आपके प्रभुपाद जी ने ही भाग भागवत के उसमें जो भूमिका होती है प्रीफेस होता है शायद उसमें लिखा है कि ज्यों की त्यों डाकिए की तरह हमारा काम है पीछे से ली हुई चीज को आगे देना ज्यों की त्यों बदलाव नहीं
00:27:50:04 जी बोलो बोल रहे थे कि हम ये क्वेश्चन जब किए थे कि अल्लाह को अल्लाह तो पूरा पूरी आल है इसका ये कुरान अलग ही है। लेकिन ये क्वेश्चन जब मैं वहां उठाया था बोलते कि हम लोग अल्लाह जब बोलता है कि दूसरे जगह में कि सर्वशक्तिमान कोई एक है उसको हम लोग वीडियो को दोबारा देख लीजिएगा। इस बात का जवाब दिया है मैंने। इस वीडियो को दोबारा देख लीजिएगा। इसका जवाब मैंने दिया है। ठीक है? विष्णु सहस्त्र नाम में शिव सहस्त्र नाम में राम सहस्त्र नाम में सब में सबके नाम है। श्री राम को भी शिव कहा जाएगा शंकर कहा जाएगा और शिव शंकर को भी राम विष्णु ये सब कहा जाएगा। यानी हमारे शास्त्रों से शिव नाम जो है भगवान का नाम हमें प्राप्त है। अगर हम वैष्णव भी है तब भी हम भगवान को शिव कह सकते हैं। सहस्त्र नामों में ऐसे नाम आ जाएंगे। महाकाल महादेव ये सब आ जाएंगे। ठीक? मगर फिर भी हम महादेव को नहीं कहेंगे कि भगवान का नाम है। मगर अल्लाह नाम हमारे शास्त्रों में नहीं आया है। अल्लाह अल्लाह नाम हमारे शास्त्रों में नहीं आया। मगर क्योंकि कोई उसे सर्वशक्तिमान का नाम समझता है। इसलिए हम मानते
00:29:05:20 हैं इसलिए हम मानते हम जो है अल्लाह और उसको एक कह देते हैं। लेकिन कभी भी इस हो या किसी देखिए अपने आगे किसी विद्वान को लाइए। मैंने आप आप इस वीडियो को दोबारा से देखिएगा शुरू से और उसमें आपको आपके सवालों के जवाब मिल जाएंगे। ठीक है? चलिए जय श्री राम। जय श्री राम। कोई और अगर कुछ विचार प्रकट करना चाहता हो तो आ सकता है।
00:30:21:13 जय श्री राम सर जी जय श्री राम भैया हमी आते हैं हर बार हां एक बार ऐसे ही रहता है हां जी क्या कह रहे है ये आवाज क्यों हो रहा है आपकी ओर से ही में दिक्कत होगी। नहीं आवाज आ रही है अभी। हेलो
00:31:02:02 हेलो हम हां ये लोग तो उसी पे अटकते है ना कि अगर वो अच्छा काम कर रहा है तो हम उसप कोई आक्षेप ना लगाए। बस मतलब आक्षेप नहीं है। बस कोई पाइप पाइप बांट रहा है तो जो चाहे वो करे घर की स्त्रियों का गरमा भी भंग कर दे तो ठीक है। पाइप तो बांट रहा है। कर्म से ये लोग अपने जो दुराचार है उसको छुपाने का प्रयास करते हैं। बस यही है ना। ये कौन है भाई पाखंडी?
00:31:34:07 अपना कैमरा ऑफ वो कर लो। इसको बैन कर दो। इसका कोई मकसद नहीं है। मुझे लग रहा है परेशान करने आया है। उसको बैन कर देना बैन ये लोग ये लोग इसी पे आते हैं बार-बार और वहां पे जो चर्चा हो रही थी कल वो भी बहुत अच्छी चल रही थी उनसे है ना किससे कल हां मैं उन्हें लेता हूं अभी थोड़ी बहुत देर में सर्वशक्तिमान पर लाइव कर लेंगे क्योंकि मुझे ज्ञात नहीं था कि ऐसे हैं इन्होंने जो है फॉर्म भर दिया था और यह था कि आज आ जाए। चलो ठीक है। अच्छा मैसेज मिल गया आज वालों को 2 प्लस 2 4 वाला। ठीक है। बढ़िया बहुत बढ़िया। जी भैया। चलिए जय। यही कहने आए। हां। लाइव में कैसे जुड़ते हैं? प्लीज बताइए। लाइव में आपको लिंक देते हैं। उसको टच करते हैं और आप उसको टच करने के बाद आपके यहां अगर जो आपका ब्राउज़र होता है जो Chrome वगैरह उसकी सेटिंग्स ऑन होती है ज्यादातर होती है पहले से। नहीं तो माइक उसकी सेटिंग्स में जाकर ब्राउज़र की सेटिंग्स में जाकर माइक और कैमरे को अलऊ करना
00:32:49:08 पड़ता है। नहीं तो जैसे ही आप हमारा लिंक टच करते हैं तो वो पेज ओपन हो जाता है जहां पर आपको आप पूछा जाएगा कि नाम अपना क्या डालना चाहते हैं वो नाम डालिए और अंदर आ जाइए। आप जब आ जाएंगे वहां पर तो हम आपको जब हमारी इच्छा होगी तो हम आपको यहां स्टेज पर ले सकते हैं। दूसरी बात यह है कि यह लिंक दिया है अभी कमेंट सेक्शन में तो आप वहां पर टच करके आ सकते हैं। दूसरी बात यह है कि अगर हमसे आपको चर्चा करनी है तो हमारा नंबर हमारे अब लगभग सभी वीडियोस में अंत में तो आवश्यक रूप से और प्रारंभ में भी दिया जाता है। अ और उस नंबर पर आप WhatsApp करेंगे तो आपको एक फॉर्म प्राप्त होगा चर्चा करने वाला। उस फॉर्म को भर देंगे। हम आपसे संपर्क करेंगे और आप तक आप हमारे साथ चर्चा में उपस्थित हो सकते हैं। ठीक है? चलिए कोई नहीं है। मत पड़ो। क्या है? मत पड़ो। कोई है? नहीं। चक्कर क्यों पड़े हो? चक्कर में कोई नहीं है टक्कर में।
00:34:03:27 चलिए जय श्री राम। जय श्री राम। [संगीत]
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