⬜ Not used yet · 00:00:05:25 – 00:01:27:08 (1:21)
00:00:05:25 तो सभी को जय श्री राम। जैसा कि आप सब जानते हैं रामपाल के विवादित टिप्पणियां जो हमारे सनातन धर्म के देवी देवताओं के प्रति होती है या हमारे धर्म ग्रंथों के प्रति होती है उससे रिलेटेड एक अभियान लगभग 2023 से सक्रिय रूप से चल रहा था और जिसमें ये अभियान चलते चलते चलते चलते और अब इसमें काफी वरिष्ठतम महानुभाव अधिवक्ता गण भी इसमें जुड़ चुके हैं इस अभियान से और यह अभियान अब उच्च न्यायालय इलाहाबाद की जो लखनऊ बेंच है वहां पहुंच चुका है और आपको पूर्व में सूचना दी जा चुकी है कि दोनों महत्वपूर्ण हस्तियां हैं व्यक्तित्व हैं जो आने वाले हैं धर्मनिष्ठ और सनातन के योद्धा जो आज लाइव आने वाले हैं और आप सभी परिचित हैं हमारी रंजना दीदी जो अग्रजा भी हैं वो एक बार पहले एक पॉडकास्ट में आपको दिखाई दे चुकी हैं वो को इसी चैनल पर और साथ में हरिशंकर जैन जी भी आने वाले हैं। तो चर्चा को आगे बढ़ाने के लिए मैं उनको पहले ले लेता हूं स्टेज पर।
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→ Used in: B · Video रामपाल की किताबों को पढ़कर #supremecourt #advocate को बहुत पीड़ा हुई at 0:03 ↗
→ Used in: A · Video हिंदुओं को ये करना होगा-- हरिशंकर जैन जी व रंजना अग्निहोत्री जी at 1:24 ↗
→ Used in: A · Video रामपाल के विरुद्ध कार्रवाई करने की संपूर्ण जानकारी at 3:56 ↗
→ Used in: B · Video हाईकोर्ट का आदेश शासन की मार सतलोक गैंग में खौफ का माहौल at 2:35 ↗
00:01:27:08 जय श्री राम। हरिशंकर जी जय श्री राम। जय श्री राम। जय श्री राम। रंजना दीदी हमारी अग्रजा है और उनका कैमरा ऑफ है। कोई टेक्निकल इशू लग रहा है। तो जी दीदी जय श्री राम दीदी। जय श्री राम। जय श्री राम। तो इनमें से दोनों ही व्यक्तित्व आपके समक्ष है यहां पर और दोनों की अपनीप ख्याति है और साथ में दोनों ही सनातन धर्म के लिए लगातार सक्रिय हैं। बहुत सारे विषय हैं जिनमें प्रखर होकर के हमारे हरिशंकर जैन जी लड़ रहे हैं सनातन के लिए हमारे मंदिरों के लिए विग्रह के लिए वहीं पे जो हमारी अग्रजा है रंजना अग्निहोत्री जी उन्होंने भी यथावत धर्म के लिए कमर कस कस रखी है। बहुत सारे विषय हैं। बहुत सारी केसेस हैं जो इन्होंने कोर्ट में यह भी प्रखरता से सनातन धर्म का पक्ष रख रही हैं और कई ज्यादातर केसेस ऐसे हैं जिसमें ये दोनों ही जो आपके समक्ष इस समय महानुभाव यहां पर हैं तो ये दोनों ही साथ में मिलकर के केस लड़ रहे हैं। तो
00:02:43:25 मैं शुरुआत हरिशंकर जी से करूंगा। थोड़ा सा शंकर जी यह जो केस है रामपाल का जो इस समय चल रहा है इसको लेकर के आपका जो अपना एक पर्सपेक्टिव है दर्शकों को जो हमारे श्रोता गण है आम जनमानस है उनको थोड़ा सा बताएं। देखिए सबसे पहली बात यह है जी सबसे पहले मैं आपको बधाई दूंगा कि यह द्विवेदी जी की वजह से यह आंदोलन आज दिख रहा है। वरना हिंदू जाति सोई हुई है। उनको अपने धर्म कर्म से कोई मतलब नहीं है। कोई पैसा पैदा करने से और अपने पद पैसे से मतलब है। द्विवेदी जी प्रखर हैं और जब सबसे पहले मिले थे मुझसे तो मैंने इन सारी किताबों का अध्ययन किया था और अध्ययन करने में बड़ी पीड़ा हुई थी और पीड़ा इसलिए भी हुई कि आज हिंदू समाज में अकेले द्विवेदी जी क्यों आगे आए और लोग आगे क्यों नहीं आए? इतना बड़ा स्कैंडल चल रहा है। पूरे देश में इस तरह की भद्दी किताबें बेची जा रही हैं।
00:03:59:01 प्रसारित की जा रही हैं। और जनमानस में हिंदू धर्म के खिलाफ हिंदू देवी देवताओं के खिलाफ एक माहौल तैयार किया जा रहा है और लोग चुप बैठे हुए हैं। तो मैंने सोचा मैं तो दिल्ली में हूं कि इसमें किसी योद्धा की जरूरत है। तो योद्धा कौन हो? तो योद्धा खोजने के लिए सबसे पहले वीरांगना देखा जाता है। तो मैंने देखा कि रंजना जी सबसे उपयुक्त व्यक्ति हैं जो कि इस मामले को घंटा बजा सकती है क्योंकि व्यक्ति ऐसा चाहिए था जो डरे नहीं लालच में ना आवे किसी प्रभाव में ना आवे तो रंजना जी के हाथों यह बागडोर है और वह अच्छे तरीके से इसको ले चल रही है। आगे ले चल रही हैं। प्रारंभिक सफलता कोर्ट से मिली है और मुझे उम्मीद है कि आगे भी सफलता मिलेगी। अब रंजना जी इस बारे में ज्यादा पूरा विस्तार से बताएंगी। जी
00:05:15:10 जी रंजना दीदी आप थोड़ा सा आगे इसको थोड़ा सा प्रकाश डाल चीजों पर। देखिए सबसे पहले तो शिवश जी आपको बहुत-बहुत आशीर्वाद और यह आशीर्वाद मिला है हमारे हरिशंकर जैन सर के कारण आपको क्योंकि हरिशंकर जैन साहब ऊपर से प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से हम लोगों पर अपनी दृष्टि रखे हुए हैं। जैसे गुरु कुम्हार कुम्हार जैसे घड़े को पीट-पीट के सही करता है वैसे ही इनकी दृष्टि हमेशा मेरे ऊपर रही और इन्होंने हमें इस योग्य बनाया कि आज जैन सर गर्व से कह सकते हैं कि मैंने जो ये लड़ाई दी है सही योद्धा के हाथों में दी है। तो इनको बहुत-बहुत हृदय से मेरा नमन है और इन ऐसे ही मार्ग हमारा प्रशस्त करते रहे तो हम लोग सनातन धर्म के लिए कुछ कर पाएंगे। अब आते हैं हम लोग मुद्दे पर। देखो सनातन धर्म में जो नकालों के द्वारा नकली किताबें भेजी जा रही हैं और सबसे बड़ी बात है जो पायरेसी भारत में क्या होता है नकलीपन पर पायरेसी एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत यह पुस्तकें छापी गई
00:06:30:16 कि हमारे धर्म में प्रदूषण किया जा सके। सनातन धर्म में प्रदूषण किया जा सके और धोखे में रख के क्योंकि नाम लिया गीता का नाम लिया गंगा का नाम लिया कृष्ण का नाम चुराया कृष्ण का नाम चुराया श्री राम का नाम चुराया मां दुर्गा का नाम चुराया शंकराचार्यों का और नाम चुराया हमारे सनातन धर्म के वेदों पुराणों का और अंदर गंदगी भर दी अंदर अश्लील साहित्य भरा इन लोगों को और इसका जो मास्टरमाइंड है जेल में बैठकर करके ग्रामीण अंचल की सीधी साधी भोलीभाली जनता को अपने चंगुल में फंसा के यह व्यापार कर रहा है। यह धर्म को हमारे सनातन धर्म को प्रदूषित कर संक्रमित करने का कार्य कर रहा है। यह इतनी बड़ी महामारी है जो कि पूर्व में प्लेग और हैजा चलता था। उससे भी बड़ी महामारी है। इसको लेकर के अपने गुरु जी माननीय हरिशंकर जैन के दिशा निर्देश में जो याचिका दायर हुई है उसको माननीय न्यायालय ने बड़ी गंभीरता से लिया क्योंकि पुस्तक के सारे प्रश्न जिन प्रश्नों में भगवान श्री राम को मां दुर्गा को भगवान विष्णु को भगवान
00:07:45:20 श्री कृष्ण को मां सीता को हमारे महादेव जी को अश्लील शब्दों से का प्रयोग किया गया था। उन सब प्रश्नों को माननीय न्यायालय ने देखा और जब बहस चल रही थी तो मैंने स्वयं इस बात को महसूस किया कि माननीय न्यायालय न्यायमूर्तियों को न्यायालय में उस समय इन प्रश्नों को देखकर कितनी पीड़ा हुई। सारी बातें सुनी। राज्य सरकार को भी सुना और सेंट्रल गवर्नमेंट के भी जो अधिवक्ता आए थे उनको भी सुना। उनको पूरी तरीके से विधिवत सुनने के बाद माननीय न्यायालय ने यह नोटिस जारी किया और यह बताया कि बताएं राज्य सरकार ने इन पुस्तकों को सील करने का और सील करने की कार्यवाही अब तक क्या की है? वैसे आप दोनों महानुभावों का बड़प्पन है जो मुझे इसका श्रेय दे रहे हैं। यह कहीं ना कहीं इस युद्ध के सूत्रधार आप ही दोनों हैं और आप लोगों ने इस तरह से अगर आगे आकर के सक्रियता ना दिखाई होती तो संभवत मेरा इतना सामर्थ्य नहीं था। वो गुरुदेव गुरु गोविंद ग्रंथ की कृपा है कि आप लोगों का मार्गदर्शन मुझे प्राप्त हो गया। ये एक भगवत कृपा रही मेरे ऊपर। इसमें हरिशंकर जी एक
00:09:01:01 चीज दिखाई देती है कि यह लोग हर उस चीज पर वार कर रहे हैं अपने स्कैम के द्वारा जो चीज कहीं ना कहीं सनातन धर्म की नीव में है। जैसे ये केवल हिंदू देवी देवताओं के लिए अश्लील टिप्पणी करना तो बात अलग हो गई। मगर ये साथ ही साथ होली पे बहन दिवाली का मजाक रक्षाबंधन का मजाक भैया भाई दूध का मजाक इस समय कावड़ यात्रा चल रही है उसका मजाक हर चीज का मजाक और ऐसे ऐसे ब्रेन वाश लोग हैं अभी मैंने कुछ दिन पहले इनका एक चैनल है फॉलोअ का उस पर करीब लाख दो लाख फॉलोवरर्स हैं तो उस पर मैंने देखा कि बहुत अश्लील तरीके से कावड़ से जुड़ी हुई जो जानकारियां उनको प्रस्तुत कर रहे हैं तो ये आपको नहीं लगता ये सोचा समझा एक वेल प्लंड एक विदेशी षड्यंत्र है। यहां तक कि बिंदी लगाने को मना गहने मतलब जो हमारा श्रृंगार होता है हमारी मातृशक्तियों का हर उस चीज पर इन्होंने वार किया है जो हिंदू जो मूल हिंदू सभ्यता से जुड़ी हुई चीजें हैं। तो क्या एक विदेशी षड्यंत्र भी हो सकता है इस पर थोड़ा सा देखिए ये काम तो राज्य सरकार का है। जी और सबसे पहले जो आपने शक जाहिर किया सही किया कि इसके
00:10:16:09 पीछे बहुत बड़ी विदेशी फंडिंग है जी और कानून का उल्लंघन है। एफसीआरए कानून का उल्लंघन है। बाहर से पैसा भी आ रहा है। मेरे को ऐसा लगता है। और मैं आपको बता दूं कि देश में तमाम तरह के प्रकोप चल रहे हैं। जी अभी मेरे पास काफी कागजात आ गए हैं। रखे हैं। एक मिशनरी चल रही है क्रिश्चियंस की उनका काम है कि हिंदुओं का ब्रेन वास करना छत्तीसगढ़ हो नॉर्थ ईस्ट हो मेघालय मिजोरम नागालैंड सब जगह ये काम चल रहा है और इसमें दुबई से भी पैसा आ रहा है बाहर से भी आ रहा है कई तरह की फंडिंग है परंतु जो विचारणीय प्रश्न है तो मेरा थोड़ा दिमाग अलग अलग जाता है और लोगों से। जी जी जी ठीक है। वो कर रहे हैं गलत कर रहे हैं। ये देश चल कैसे रहा है? क्या देश में आज आप बाइबल कुरान के खिलाफ बोलने की क्षमता रखते हैं? वो टेरर कि ऐसा करेंगे तो ऐसा हो जाएगा। आज हम
00:11:31:13 लोग ऐसा क्यों नहीं पैदा कर पा रहे
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00:11:32:24 हैं? आज हम लोग जितने धर्मिस्ट हैं ज्ञानी लोग हैं, धर्माचार्य हैं। वो खाली मोटी मोटी फीस लेके भाषण देकर चले जाते हैं कथा करके। आज हिंदू जन जागृति क्यों नहीं हो रही है? और जितना हो रहा है जिसकी वजह है कि आज हिंदू जन जागृति नहीं हो रही है। आज देश में हम कहने के लिए बहुसंख्यक हैं। पर अल्पसंख्यक से बदतर जी रहे हैं। आज बुरी तरह हिंदू बट गया है। जातियों में खाली अपनी जाति समझ में आती है। जिसको देख रहे हो जातियों में बटा हुआ है। और जाति की बात के अलावा बाहें देख नहीं सकता। अखिलेश जी ने एक पीडीए बनाया है। आज तक आप हो, मैं हूं, रंजना जी हो या कोई भी हो। मैंने नहीं सुना कि पीडीए के खिलाफ कोई बोला हो। पिछड़ा, अल्पसंख्यक और दलित पीडीए बना दिया और पीडीएफ बनाकर हिंदू समाज को बांटा जा रहा है और कहा जा
00:12:47:25 रहा है कि एक वर्ग ऐसा है जो आपको दबाता है और एक चीज बता दूं आपको जब समाज को बांटा जाएगा और एक वर्ग को भड़काया जाएगा कि आप दबे हैं, कुचले हैं, इतिहास में बड़ी जाती है आपके के खिलाफ हुई हैं। आपके साथ बहुत काम हुए हैं और आपको आज प्रदलित किया गया है। अछूत व्यवस्था है। तो ये जो किताबें चल रही हैं इनको बल मिलता है। तो हमको इसको भी देखना है कि आज जिस तरह की राजनीति चल रही है। जैसे आप बिहार देख लीजिए एमवाई समीकरण यादव मुस्लिम समीकरण कोई नहीं बोलता।
00:13:32:21 महाराष्ट्र में हिंदी के नाम पर तो खाली एक रामपाल इशू नहीं है। आज इशू देश में वो भी लोग हैं जो इन सब चीजों को देखते हुए बर्दाश्त कर रहे हैं। और मेरी बात थोड़ी हो सकता है कि अच्छी ना लगे। परंतु मैं दिन बातों में कहता जरूर हूं। सवर्ण समाज सबसे ज्यादा जिम्मेदार है। आज सवर्ण समाज अपने पद से अपने पद से हट रहा है। आपकी ड्यूटी है कि आप उस समाज को जो आपसे कट रहा है उसको साथ लाइए। यह ज्ञानी है। आप पंडित हैं। आप पंडित क्यों हैं? इससे आपका ज्ञान है। उस ज्ञान का सारांश उस ज्ञान की व्याख्या आज उस परिवार तक पहुंचनी चाहिए जिसको बतलाया जा रहा है कि भगवान ऐसे हैं, भगवान ने ऐसा किया जो किताबों में लिखा है। और इसलिए नहीं चल रही किताबें। क्यों चल रही है किताबें? जैसी फंडिंग है वह सब तो अपनी जगह है। इसमें कोई डाउट नहीं है। इसलिए चल रही है कि हमने समाज के उस वर्ग तक नहीं पहुंच
00:14:47:25 पाए हैं ये बतलाने के लिए कि नहीं भाई हम आप एक हैं। ये 1000 साल की गुलामी में मुसलमानों अंग्रेजों ने आपको प्रदलित किया है। निवेदन करता हूं द्विवेदी जी की मैं किताबें देख रहा हूं। काफी अच्छा कलेक्शन है और रंजना जी तो कह ज्ञानी यही है। मैं धार्मिक ज्ञान में बहुत पीछे हूं। परंतु मोटी मोटी बात जो समझ में
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→ Used in: A · Video हिंदुओं को ये करना होगा-- हरिशंकर जैन जी व रंजना अग्निहोत्री जी at 11:32 ↗
00:15:16:28 आती है कि हिंदू धर्म का ज्ञान आम जनता तक दलित समाज तक पहुंचना चाहिए और उसको बतलाना पड़ेगा कि आपका भला केवल हिंदू देवी देवताओं से पूजा पाठ से ही हो सकता है और यह तब होगा जब ज्ञान आप केवल समर्थ तक ना रखें आप ज्ञान की अपनी जो ध्वनि है उसको नीचे तक पहुंचाइए मेरा निवेदन है कि आपको हमको सवर्ण समाज से हटकर जो अवर्ण समाज है जो गैर सवर्ण समाज है वहां तक पहुंचना पड़ेगा और अपनी आवाज शास्त्रों की आवाज शास्त्रों की व्याख्या करनी पड़ेगी और बताना पड़ेगा। जी जी जी
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00:16:01:22 कुछ बिल्कुल ठीक कहा आपने एक सबसे पहली बात तो एक ये कही आपने ना शंकर जी कि विवेकी का दायित्व ज्यादा होता है जो पूरी पीठ के जगतुगुरु शंकराचार्य हैं सब सदैव हमें समझाते हैं कि विवेकी का दायित्व ज्यादा होता है। जब भीष्म जब महाभारत हो रही थी तो सबसे पहले भगवान श्री कृष्ण ने औरों को नहीं देखा था। भीष्म जी को और द्रोणाचार्य को देखा था क्योंकि उन्हें धर्म का बोध था कि द्रोपदी का जब तीर हरण हो रहा था तुम क्या कर रहे थे तुमको तो मालूम था कि ये गलत है तो विवेकी का दायित्व आपने बिल्कुल कहा ज्यादा होता है और कहीं ना कहीं धर्म में जब भी पतन आता है तो वो किसी ना किसी ब्राह्मण जो सवर्ण समाज का जो ब्राह्मण वर्ग होता है उसका कहीं ना कहीं अपने कर्तव्य से चूक जाने पर ही एक ये माना जा सकता है कि पतन आता है और इसमें मैं रंजना दीदी के पास भी आ रहा हूं एक इसमें दीदी ये जो चीज है जैसे एक सोची समझी एक प्लानिंग चलती है कि जैसे हम लोग यह प्रयास कर रहे हैं कि हम हर वर्ग के व्यक्ति तक जो सनातन धर्म की सुंदरता है जो उसका सौंदर्य है जो आकर्षण है उसको पहुंचाएं उसको सुनाएं कोशिश हमारी जारी है अब आगे तो कर्मण्यवादी कारस्ते मा फलेशु कदाचन मगर एक दीदी ये आपको भी एक ये
00:17:16:24 प्लानिंग टाइप की एक पैरेलल एक स्कीम जैसी नहीं दिखती है कि जो लोग धर्म के वास्तविक वक्ता हैं। उनको उतना स्पेस समाज के समक्ष नहीं मिल पाता है। जो वास्तव में धर्म को जीत दिला सकते हैं। हर क्षेत्र में सनातन धर्म को जीत दिलाने वाले बहुत हैं। बहुत है और उनको जो जो उनको मंच मिलना चाहिए बोलने के लिए जो उनकी जो पॉपुलरिटी होनी चाहिए जो जिस तरह से उनका प्रचार होना चाहिए वो नहीं उनका ना हो के सदैव सनातन धर्म के मूल सिद्धांतों का पक्ष रखने के लिए उन्हीं लोगों को लाया जाता है जो खुद कहीं बाहर की बाहर के द्वारा विदेशी संस्थाओं के द्वारा फंडेड है या विदेशों से मिलता जुलता सनातन धर्म का स्ट्रक्चर खड़ा कर रहे हैं। मैं नाम नहीं लूंगा। मगर मैंने कई ऐसे टीवी शोज़ देखे पिछले कुछ दिनों में जहां पर मतलब नेशनल स्तर के टीवी शोज़ जिसमें बैठ के और मूर्ति पूजा पर सवाल उठाए जा रहे हैं। मूर्ति पूजा पर, भगवान के अवतार पर, सगुण साकार स्वरूप पर सवाल उठाए जा रहे हैं। एक पक्ष है तो सवाल उठा रहा है जो नहीं मानता कि भैया भगवान का मूर्ति पूजा होनी चाहिए। और वहां पर मूर्ति पूजा का पक्ष लेने के लिए ऐसे लोग बैठे हुए हैं जो मतलब
00:18:31:25 वहां पर हंसी उड़वा रहे हैं मूर्ति पूजा की और मुझे वहां पर ऐसा लग रहा है कि हमारा जो जैसे जो वास्तविक प्रामाणिक आचार्य परंपराओं से जुड़े हुए जो बच्चे भी हैं वहां पर जाकर के मूर्ति पूजा का समर्थन कर सकते हैं। तो यह एक पैरेलल एक स्कीम जैसी दीदी आपको क्या दिखाई देती है रंजना जी कि मतलब जो वास्तविकता से धर्म को यथावत पहुंचा सकते हैं उनको रोका जाता है उनको छुपाया जा रहा है उनको उतना प्रकाशित नहीं किया जाता और जो असमर्थ है या फिर वो भी अपनी एक प्लानिंग के थ्रू ही काम कर रहे हैं रामपाल सर के उनको मंच मिलता है उनको पॉपुलरिटी मिलती है इसमें आपका शिवश बिल्कुल सही कह रहे हो आप पहले तो अभी जैन सर की बातों का थोड़ा समर्थन करके अपनी उसमें अपना उत्तर भी मैं दे दूं। अभी जैन साहब ने कहा सवर्ण समाज की सबसे अधिक जिम्मेदारी है। ठीक है। विवेकी की सबसे अधिक जिम्मेदारी है। लेकिन विवेकी को कार्य करने का स्थान राजनीति देगी। राजनीतिज्ञों ने जो विवेकी वर्ग है जो सवर्ण वर्ग है उसको तो बिल्कुल ऐसे पायदान पर खड़ा कर दिया है कि वो अपनी बात किसी व्यक्ति से कह ही नहीं सकता। दूसरी बात है ब्राह्मण ने कभी दलित शब्द का प्रयोग ही नहीं किया। ना हमारे शास्त्रों में है ना ये वेदों
00:19:46:28 में है। इस बात की भी हमें जांच करनी होगी दलित शब्द आया कहां से? हम अगर चतुर्थ वर्ग की बात करते हैं तो पूरे सम्मान सहित मनुस्मृति में हमारे चतुर्थ वर्ण को प्रथम वर्ग के प्रथम वर्ण के समकक्ष रख के उनको अधिक सुविधाएं प्रदान की गई थी। तो विवेकी व्यक्ति बोलने का साहस कब कर सकता है? जब राजनीतिज्ञों की मंशा होती है। राजनीतिज्ञों की मंशा नहीं है। हमारे देश की सेकुलर राजनीति ने हमारे विवेकी पुरुषों को बोलने ना बोलने को मजबूर कर दिया। अगर हम बोले भी तो हमारा ना कोई मीडिया कवर करेगा ना कोई चैनल। अब दूसरी बात रह गई। तुमने कहा कि चैनल के ऊपर ऐसे ऐसे लोग आते हैं जो मूर्ति पूजा का खंडन करते हैं। वेदों पर कटाक्ष करते हैं। गौ गंगा गायत्री पर विश्वास नहीं है। तो इसका एक अभी मैं नाम ले लूं राजनीतिक पार्टी का या बड़े लोगों का नाम ले लूं तो हाहाकार मच जाएगा। कुछ बड़े लोग हैं जो कहते हैं कि गाय जो है उत्तर प्रदेश में तो गौ माता है लेकिन अगर मिडिल ईस्ट में जाओ तो उसको खाया जा सकता है। कुछ बड़े लोग कहते हैं कि मूर्ति पूजा अगर हमारे
00:21:02:00 युवा मूर्ति पूजा करेंगे तो वो बर्बाद हो जाएंगे। कुछ बड़े लोग कहते हैं कि लाओ मैं ही बेटियों का यज्ञोपवित कर दूं। भाई आपको आप कौन से ब्राह्मण हैं? आप कितनी गायत्री जपे हैं? आपको क्या मालूम है कैसे यज्ञ तो ये बिगाड़ा जा रहा है धर्म के साथ बहुत खिलवाड़ हो रहा है संक्रमण हो रहा है इसको रोकने की आवश्यकता है इसको सिर्फ और सिर्फ जैन साहब जैसे और हमारे तुम्हारे जैसे व्यक्ति अपनी आवाज तो उठाएं जिससे कि वह ब्रह्मांड में रहे और इतिहास हमें कोसने ना पाए या हम इस पृथ्वी को जब छोड़े तब हमें रहे कि हां हम अपने धर्म के लिए बोल के गए थे। लेकिन जब तक राजनीतिक मंशा नहीं होगी तब तक विवेकी पुरुष कुछ बोल नहीं पाएगा। धर्म की और यह राजनीति के चलते ही जो नए-नए अशास्त्रीय मार्ग चले हुए हैं। कोई बताता है कि पति पत्नी का संबंध ना रखो। नाम नहीं लेंगे उस कल्ट का। कोई कहता है कि होली, दिवाली रक्षाबंधन ना मनाओ। कोई कहता है सिंदूर ना लगाओ, शोला श्रृंगार ना करो। कोई कहता है माता-पिता के पैर ना छुओ। यह सारी चीजें चल रही है। राजनीतिज्ञ मंशा है अगर राजनीति स्ट्रिक्ट हो जाए और सेकुलरिज्म पर हमारे जैन साहब ने बहुत काम
00:22:17:03 किया। यहां पर उच्च न्यायालय में भी इनकी याचिका थी। सुप्रीम कोर्ट में भी लड़ रहे हैं। लेकिन अकेले हरिशंकर जैन साहब या अकेले एक रंजना अग्निहोत्री या शिवश क्या कर लेंगे जब तक राजनीतिज्ञों की मंशा नहीं होगी। बड़े मुझे पीड़ा के साथ ये कहना पड़ रहा है कि विवेकी पुरुष को बोलना मना है। बोलना मना है। जब आपका मुख बंद हो जाता है पैर जब आपकी मति समाप्त हो जाती है तो शक्ति शक्ति और सारी चीजें बेकार हो जाएंगी। ब्रेन खराब हो जाएगा। तो ब्रेन को काम करने दिया जाए और जो चैनल है वह भी सुनियोजित षड्यंत्र के तहत ऐसे लोगों को बुलाते हैं जो यह सारी बातें कहते हैं। जी जी जी ये भी आपने बिल्कुल सही एक तरफ आपने जो कहा है ना बोलने नहीं दिया जाता इससे मैं रिलेटेड अपना ही एक इस अभियान में ये जो चल रहा है रामपाल वाला ही इससे ही जुड़ा हुआ एक बताऊं कि
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00:23:14:16 जब ऐसा हो रहा था कि वो लोग धड़ाधड़ मेरे ऊपर जो है आईजीआरएस के थ्रू और कंप्लेंट लिखाने का एफआईआर लिखाने का प्रयास कर रहे थे तो बार-बार मुझे बयान देने के लिए अपना अपने मतलब अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए कहीं पुलिस थाने जाना पड़ रहा है। कहीं एसीपी कार्यालय जाना पड़ रहा है। ऐसा हो रहा था। हालांकि पुलिस ने बहुत निष्पक्ष कारवाई की। उसमें एक वो भी एक भगवत कृपा रही। पर एट दी एंड एक समय ऐसा भी आया जब पुलिस ने भी फ्रस्टेट होकर के कहा कि ऐसा है हम आपका मुकदमा लिख ले रहे हैं। मगर हम अब जब उनका मुकदमा आएगा तब हम उनका भी लिखेंगे। क्योंकि हम परेशान हो चुके हैं। तो पुलिस ने यह भी कहा कि भाई मतलब पुलिस एक एक हद तक जाकर के वह सच वो निष्पक्ष कारवाई करते करते पुलिस को जब वहां पर वो महसूस नहीं हुआ कि यहां पर बहुत ज्यादा हमारी मेहनत जा रही है। बहुत ज्यादा हमारा श्रम जा रहा है। तो फिर उसने भी फ्रस्टेट हो के फिर कहा कि भाई देखिए हम जो है मुकदमा उनका भी लिखेंगे। अब दोनों तरफ से हम लिख लेंगे। अब बहुत हो गया। तो वहां पर कहीं ना कहीं उस दिन मुझे लगा था कि आज जो जिस तरह से निडर होकर के मैं थाने में जा रहा था और बार-बार अपनी सच्चाई भाई हम वहां पर अपने लिए तो जा नहीं रहे हैं। हमारे देवी देवताओं को आपने गाली दी है इसलिए हम आ रहे हैं बार-बार। आप
00:24:29:18 वो किताबों पर कारवाई करवा दीजिए। हम क्यों हमें किसी से कोई पर्सनल कोई द्वंद, कोई दुश्मनी, कोई शत्रुता तो है नहीं। मगर उस दिन मुझे लगा था कि भाई और जब जो पुलिस अब तक साथ दे रही थी मतलब साथ हमारा नहीं न्याय का। न्याय का वह साथ दे रही थी। निष्पक्ष होकर के कार्य कर रही थी। मगर जब उधर से ऐसी आवाज आई तो वहां पर वो जो आपने बात कही ना कि एक विवेकी को भी बोलना से मना कर दिया। वहां पर कहीं ना कहीं पुलिस थाने में जाकर के अपनी आवाज को यथावत रखने की जो भावना थी उसको कहीं ना कहीं उन्होंने चोट तो पहुंचाई। हालांकि वो बात अलग है कि ऐसा होता है कि जब हम अपनी गीता पढ़ लेते हैं भगवत भगवत श्रीमद् भगवत गीता वो श्लोक पढ़ लेते हैं नैन चिनती शस्त्राण नैन दति पावका न चैन क्ल श मरता तो उसके बाद किसी प्रकार का फिर वो भय इत्यादि रह नहीं जाता है व्यक्ति को वो बात एक अलग है। मगर यदि कोई सामान्य व्यक्ति हो जो अपने धर्म की रक्षा के लिए वहां जा रहा हो तो उसको इस सिचुएशन में चुप होना ही उपयुक्त लगेगा कि भैया अब मैं बैठ जाता हूं। नहीं तो अगर मैंने कुछ किया तो मुझे बुलाया जाएगा। जैसा कि उदाहरण के लिए हरिशंकर जी एक हमारे पिटिशनर हैं। 17 पिटिशनरों में से एक हैं। उनका नाम है हिमांशु जोशी जी। राष्ट्रीय सेवा संघ नाम से वो
00:25:45:08 संस्था के अध्यक्ष हैं और वहां से ऑपरेट कर रहे हैं उत्तराखंड हरिद्वार से। उन्होंने भी बहुत वहां पर मुहिम चलाई। मतलब किस तरीके से उनके भी संज्ञान में जब आया तो उन्होंने अच्छे से वहां पर आवाज उठाई। आवाज उठाते उठाते वहां के प्रशासन ने क्या किया कि हद्वानी के हद्वानी का जो इनका सेंटर चल रहा है राम रामपाल का वो सेंटर उन्होंने सील तो किया मगर यह कहते हुए सील किया कि यहां या ये जो बिल्डिंग है अवैध रूप से बनी हुई है मतलब इसके नक्शे वक्शे में कुछ दिक्कत है इस तरह से सील किया मगर जो प्रॉपर एक कारवाई होनी चाहिए थी कि यहां पर इललीगल रूप से किताबें हैं ये किताबें इललीगल रूप से छप रही है वो कोई कारवाई नहीं हुई उल्टा क्या हुआ हिमांशु जी के ऊपर इस समय वहां से कई बार नोटिस आ चुका है पुलिस का हिसार से हिसार में एक एफआईआर दर्ज हो गई उनके ऊपर कि आपने किसी फला फला व्यक्ति को और जो है क्या कहते हैं ये गाली दी है जातिचक शब्द कहे तो ये वो सवर्ण है हिमांशु जोशी उन्होंने बोला और जाति सूचक शब्द कहने के नाम पे उन पर जो है एफआईआर हो गई तो जहां एक सामान्य व्यक्ति फिर ऐसी स्थिति में घबरा जाता है और पॉलिटिकल
00:27:00:09 भी या कहेंगे बड़े अफसर अफसर भी तब तक इन मामलों में अपना मुंह नहीं खोल रहे हैं या एक्टिवनेस खुद से नहीं दिखा रहे हैं यदि कोई सवर्ण जाकर के या विवेकी सवर्ण छोड़ दीजिए विवेकी कोई व्यक्ति बार-बार जाकर के कह रहा है कि भाई ऐसा हो रहा है इस पर आप संज्ञान में लीजिए मगर वो तब तक नहीं कर रहे हैं जब तक ऊपर से कोई दबाव ना उनके ऊपर आ जाए तो इस पर थोड़ा सा आप मार्गदर्शन करें ऐसी स्थिति में क्या करें मुझसे जी जी देखिए रंजना जी हमारे में सहमति और असहमति का दौर बराबर चलता रहता है। उन्होंने जो बात कही है मैं उससे थोड़ा असहमत हूं। काम करने वाला व्यक्ति कभी नहीं देखता कि कौन उसकी बात सुन रहा है, कौन नहीं सुन रहा है। बात सुनवाई जाती है। बात सुनवाई जाने की क्षमता चाहिए। मेरा विश्वास है कि अगर आपका मार्ग सही है और सच्चाई के रास्ते पर हैं तो सुनना पड़ेगा। राजनीति कोई बड़ी चीज नहीं
00:28:15:15 है। राजनीति कौन करता है? हम ही आप करते हो। हम आप राजनीति अपनी राजनीति करते हैं। आज सुनवाई ना होने की वजह है कि आज वो समाज जो बुद्धिजीवी है मैं सवाल नहीं कर रहा बुद्धिजीवी कह रहा हूं। यह जागरूक समाज है। आज वो अपने स्वार्थ में बटा हुआ है। जिसकी वजह से मैं यह करूंगा तो मुझको इसका टिकट मिल जाएगा। मैं यह बोलूंगा तो ऐसा नहीं हो पाएगा। कोई आवाज नहीं दबा सकता। आवाज दबाने की किसी ताकत नहीं है। आपकी आवाज में दम होना चाहिए। और दम तब आएगा जब कि आपका प्योर रास्ता, एक चिड़िया, एक क्षेत्र में हिंदुत्व दिख रहा है उस पर रहेगा। परंतु दुख के साथ मुझे कहना पड़ रहा है कि जो अधिवक्ता बंधु हैं आज मैं एक दो की बात नहीं कर रहा हूं। आमतौर पर अधिवक्ता बंधु हैं। सरकारी वकालत मिल जाए हमारे अपॉइंटमेंट हो जाए हम फला पोस्ट पे आ जाए इसके लिए तो संगठन में घुस जाएंगे तो जब काम करने की बात आएगी तो
00:29:30:24 कोई काम नहीं करता क्योंकि होगा कि अरे मैं क्या करूं मेरा कोई फायदा नहीं है आपको रंजना जी आपको आपको वह पैदा करनी है भावना इन अधिवक्ताओं में कि भैया नहीं आपको फायदे के लिए नहीं आपको नुकसान के लिए आगे आना है और जब हम हमारे ऐसे लोग जो बुजुर्ग हैं जो एक एज पा चुके हैं या रंजना जी हैं ऐसे लोग भावना भरे हैं समाज में उन अधिवक्ताओं को कि नहीं आपको धर्म के लिए कार्य करना है पैसे नहीं लेने हैं निशुल्क सेवा करनी है आपको पाना नहीं है खोना है तब देश का कल्याण होगा। जैसे आपने अभी कहा हिमांशु जी को नोटिस आ गया। हम लोग बैठे हुए हैं। क्यों नहीं हो सकता है? तो मैं शिवश जी आपसे कहना चाहता हूं कि आप इसी मौका पाकर इसी के साथ एक टीम तैयार कीजिए। पूरे देश में अधिवक्ताओं की जो कि समर्पण की भावना से हिंदुत्व की भावना से काम करें और उनको संकल्प होगा
00:30:46:02 कि हम कभी कोई टिकट नहीं मांगेंगे। किसी पद के पीछे नहीं जाएंगे और केवल हिंदू समाज की सेवा करेंगे। हिंदू समाज के लिए काम करेंगे। और ये बता दूं आपको आपका सारा आंदोलन जाया है। हम रोते रहेंगे। कोई हमारी नहीं सुनता। हमको कौन सुनेगा? हम तो सवर्ण है। हमारी तो सुनवाई नहीं है। हम पिटिकली दबा दिए गए। कोई नहीं दबा सकता। इसके लिए आपकी टीम चाहिए और टीम वर्क चाहिए और टीम वर्क में सबसे पहली बात है पानी की लालसा छोड़ दीजिए। कोने की जनता रखी है। कोने की और हमको आपको वो टीम तैयार करना है। जैसे शिव जी हैं। मैं जब मेरे पास आए थे तो मैं कई दिन तक किताबें देखा। बड़ा फिक्र लगा रहा कि इसमें क्या किया जाए? और मुझे ताज्जुब भी हुआ। एक जागरूक आदमी है। मुझे उसकी मदद करनी चाहिए। मैं नहीं कर पा रहा हूं। कई बार फोन आए। मैं विचलित हुआ। फिर बाद में सोचा कि इसकी यह तरकीब हो सकती है। तो आखिर आप जब उभर सकते हो किताबें ऐसा तो नहीं कि आप ही ने पढ़ी अकेले समाज बहुत लोगों ने पढ़ी
00:32:01:27 तो जागरूकता क्यों नहीं है? जागरूकता इसलिए नहीं है कि पॉलिटिकल नहीं है। जागरूकता इसलिए नहीं है कि हमारा आपका जो बुद्धिजीवी समाज है और सो रहा है। स्वार्थ में लिखता है और उसके पास निष्काम कार्य की भावना नहीं है। तो मैं इस बात को पहले सब बातों से अला कहना चाहता हूं। कुछ व्यक्तियों की अधिवक्ताओं की या कुछ अपने जो लाइक माइंडेड है एक ऐसी टीम तैयार होनी चाहिए जो कि केवल गिफ्ट की भावना रखे नो टेक हमें चाहिए कुछ नहीं हमें तो देना है हमें मिल मटना क्या हो रहा है एक एक पिटीशन होती है पिटीशन होने के साथ मैं अपना स्वयं का अनुभव बता रहा हूं पिटीशन बाद में होती है किसका नाम हो जाए इसकी लड़ाई शुरू हो जाती है। मथुरा केस में जो श्री कृष्ण भूमि का मामला है सबसे पहली याचिका मैंने दाखिल की अंजना जी के नाम से पूरे देश से भूचा गया। अरे अरे इनका नाम हो गया। आज 18 याचिका दाखिल
00:33:17:03 हो गई और उसकी वजह से कोर्ट में केस नहीं हो पा रहा है। सब अपनेप चिल्ला रहे हैं और कल दिखाने में लगे हैं कि मेरा नाम हो जाए। कृष्ण जन्मभूमि आवे इससे मतलब नहीं है। मतलब ये है कि मैं मेरा नाम हो। मैं किसी व्यक्ति विशेष में कोई बात नहीं कह रहा हूं। तो मैं आपसे निवेदन करना चाहता हूं। रजनी जी हतोत्साह में मत रहिए। उत्साह बढ़िए। जी सर। यह हतोत्साह होने का समय नहीं है। अभी आप हमसे बहुत कम से कम 20 साल छोटी है। 70 साल की उम्र में मेरे में पूरा उत्साह है। आप तो 50 52 की हैं। आप में भी ऐसा नहीं आप ये कहिए। मैं सुनाऊंगी। और पूरा समाज सुनेगा। तो मैं सुनेगा कैसे नहीं। आप में क्षमता जाइए। आप वो आग करिए। अपने आग भरिए अगर आप और कम से कम जो रण बाकुरा यानी जो महिला शक्ति है अगर वो आगे आ जाए तो कौन रोक सकता है तो आपके मुंह से यह असहाय भावना हम असहाय हैं। हम कुछ नहीं कर सकते।
00:34:32:09 हमारी आवाज दबा दी गई है। यह अच्छा नहीं लगता और कम से कम मेरे साथ तो अच्छा नहीं लगता। तो मैं आपसे निवेदन करता हूं कि एक भावना जगाइए। लखनऊ में पूरे देश में सब लोग मिलकर मैं सबको बात कह रहा हूं एक टीम तैयार कीजिए क्योंकि देखिए एक चीज बताऊं कोई लड़ाई चाहे जैसी भी हो जब तक कोर्ट सहारा नहीं मिलता तब तो आपकी लड़ाई पूरी नहीं होती जैसे आपने कहा हद्वानी में सील किया गया या नहीं किया गया यहां लखनऊ में आपने कहा दायर हो गया कोई बात नहीं है वहां से हरियाणा से नोटिस आ गया या कई जगह काम हो रहे कई एक्स व जेड रोज हो रहे तो नीचे लेवल से लेकर ऊपर लेवल तक एक संगठन तैयार होना चाहिए और संगठन करने की जरूरत नहीं है। हिंदू फ्रेंड फॉर जस्टिस 2013 में मैंने बनाया था और तो मैंने सब हट गया कमांड पूरीनाथ जी को दे दी है। मैंने स्थापित किया था। पूरी कमांड इनको दे दी है। ये सर्वे सर्वा है। सब कुछ इनके हाथ में है। नहीं बिना कुछ नहीं है। उसमें आप प्रत्यक्ष दोनों रूप से नजर डाले हैं। असहाय मत बनिए। मैं असहाय कभी नहीं रहा हूं। और
00:35:48:12 जिस समय आपको बतला दूं थोड़ा सा निशांतर कर रहा हूं। जिस समय मुलायम सिंह जी की सरकार थी। जय श्री राम बोलना बहुत बड़ा अपराध था। लोग बंद किए जा रहे थे। 90 9192 में उस समय 25 याचिका मैंने मुलायम के खिलाफ दाखिल की थी। तो और सुनिए सीखिए मुसलमानों से आज कहने के लिए मुसलमानों की सरकार नहीं है हिंदुओं की सरकार है। और मैं पूछना चाहता हूं कि मुसलमान और ईसाई दोनों के काम पूरे देश में धर्मांतरण चल रहे हैं कि नहीं चल रहे हैं? हिंदुओं की भावनाओं से खिलाफ चल रहे हैं कि नहीं चल रहे हैं? मंदिर के खिलाफ चल रहे हैं कि नहीं चल रहे हैं? और हिंदुओं को किस से प्रभावित किया जा रहा है? चाहे आपके पूर्वोत्तर राज्य हो अभी जांगुर बाबा का आपको मिला हुआ है। आज आप देख लीजिए मुझे क्षमा कीजिए। मैं विषांतर कर रहा हूं। आज धर्मांतर मास क्यों हो रहा है? आप तो एक चीज किताब मत छोड़ दीजिए। धर्मांतरण क्यों हो रहा है? धर्मांतर इसलिए हो रहा है कि अपने बच्चियों को धर्म की शिक्षा नहीं दे रहे हैं। सारे बच्चे कानमेंट में पढ़ रहे हैं। गुरुकुल खोलने की व्यवस्था नहीं हो रही है। हम तो आहान करते हैं आप लोगों का।
00:37:03:20 कि हम लोग दो आदमी काफी हैं। हम लेकर तीन आदमी काफी हैं। आइए और काम कीजिए। काम तो बहुत रहे हैं। और अगर पांच पांच पंच सिख धर्म चलाकर पूरे देश को बदल सकते हैं तो हम आपको नहीं बदल सकते हैं। तो असहाय मत होइए। रोइए नहीं। काम कीजिए और काम करने के लिए हमारे पास कमी नहीं है आपके पास। पर हां एक संगठन की भावना चाहिए। और शिवश जी जुड़ गए हैं। समझ लीजिए कि हमारे साथ एक हीरा जुड़ गया है। मैं इनको हीरे के रूप में देखता हूं। हमको जरूरत थी ऐसे आदमियों की। आज इनका क्या स्वार्थ है? किताब के लिए मेरे पास आए। दिल्ली आए। ठीक है। थोड़ा मुझे मैं क्षमा चाहता हूं। थोड़ा मुझे माइंड मेकअप करने में समझने में थोड़ी देर लगी। चार छ महीने लग गए। मैं क्योंकि मैं प्रयास कर रहा था किसी और लेवल पर वो नाम नहीं लूंगा। मैं और लेवल प्रयास कर रहा था कि मामला हो जाए। मुझे आश्वासन भी दिया गया था पर बात पूरी नहीं हो पाई। मुझे उम्मीद थी कुछ उससे शायद काम हो जाए। तब मैंने डिसीजन लिया कि अब ये किया जाए। ये काम मुझे छ
00:38:18:21 महीना करीब मैं लेट हो गया। मैं इसे क्षमा चाह रहा हूं। अरे हमारी परंतु परंतु मैं आपका रंजना जी का सबका यह आहान करता हूं कि आप लोग असहाय मत होइए हीन भावना से ग्रस्त मत होइए निष्प्राण मत होइए और ये अपने में इतनी क्षमता रखिए कि मैं एक आवाज उठाऊंगी या उठाऊंगा तो सरकार को सुनना पड़ेगा जरा बतला दीजिए याद कीजिए जयप्रकाश नारायण जी का वो समय 1973 उन्होंने क्या कहा था समग्र क्रांति चाहिए आवाज उठा दी थी पूरा देश हिल गया था जयप्रकाश नारायण जी की तरफ से पूरी इंदिरा गांधी की सरकार हिल गई थी उनके नाम से अन्ना आंदोलन शुरू हुआ था पूरी कांग्रेस गवर्नमेंट हिल गई थी और मनमोहन सिंह सरकार को उनको संसद में सैल्यूट करना पड़ा और आज उनका फल मिला। ठीक है? कम या ज्यादा बना एक्ट बन गया। तो ऐसा नहीं है। आवाज उठाने वाली क्षमता चाहिए और वो आग हमको
00:39:33:22 आपको पैदा करनी पड़ेगी। सबसे पहले और मैं रिपीट कर रहा हूं। मुझे माफ़ कीजिएगा। किसी भी आग को पैदा करने के लिए सबसे पहला जरूरी होता है हमको दिया बनना पड़ता है। लौह जलना पड़ता है। खुद को जलाना पड़ता है। जब लौह बन के जलेंगे तो तो तेल की तो डालते ही रहेंगे। पर लौ तो बनिए और लौ बनने के बाद आप फायदे की उम्मीद मत कीजिए। सब चीज को किनारे रख दीजिए। केवल ये रखिए कि हमको हिंदुत्व चाहिए और हिंदुत्व का काम चाहिए। निष्काम और बिना किसी स्वार्थ के इस काम में आगे बढ़िए। हम आप तीन आदमी है और जोड़िए और जोड़िए देखिए आवाज कैसे बनते हैं। आपको याद होगा नैना जी जब हिंदू फ्रंट जस्टिस 2013 में बनाया था। कौन सुनने वाला था उस समय हाई कोर्ट में और हमारे फ्रंट ने कितने केस किए, कितने काम किए और कितने काम हुए हैं। हम लोग भी तो कह रहे थे। लोग मजाक बनाते थे कि क्या पागलपन है। इसलिए मैंने विश्व हिंदू अध्यक्षता संघ मनाया था। 1990 में जिस समय भगवान उनकी मुलायम सिंह साहब की सरकार थी उस समय उसको जन्माया और काम हुआ।
00:40:49:15 तो मैं ज्यादा रिपीट ना करके केवल इतना कहना चाहता हूं कि निराशा की भावना मत रहिए। काम कीजिए। पूरे जोश के साथ कीजिए और संकल्प ले लीजिए। हमको इस हिंदू समाज को बदल देना है। कोई जरूरत नहीं किसी राजनीतिक पार्टी की जरूरत नहीं है। राजनीतिक पार्टी हमारे पास आएगी। हमारे पास आएगी। हमको वो क्षमता चाहिए। वो क्षमता लाइए। शास्त्र का ज्ञान आपके पास है। रंजना जी के पास है। मैं तो अज्ञानी आदमी हूं। पर जो कुछ थोड़ा बहुत हो सकता है करता रहता हूं। दूसरी बात आज जन भावना को जगाना होगा। आपको बतलाना होगा कि जो लोग हिंदू समाज के खिलाफ बोल रहे हैं वह देश के गद्दार हैं, थ्रेटर हैं और इस देश में अब हिंदू समाज की अवमाननान नहीं चलेगी। देवी देवताओं का अपमान नहीं चलेगी। ये वार्निंग देनी पड़ेगी आपको। कोई डरने की जरूरत नहीं है। कई चीजें हो सकती है। समाज का बहिष्कार हो सकता है। कोई जरूरी नहीं कि हम हिंसा करें। बिना हिंसा के काम हो सकते हैं। अगर हम लोग बहुत से काम करना चाहे
00:42:04:24 तो बहुत से काम बहुत से काम हो सकते हैं। दुकान सामान लेना है हम नहीं लेंगे ऐसे लोगों से। झुकना पड़ेगा लोगों को तो हमको आपको बैठकर कमरे में चुपचाप शांति से बैठकर फार्मूला निकालना पड़ेगा और वो दिशा पूरे समाज को देनी पड़ेगी। समाज तो बदलेगा। समाज बदलना कोई बड़ी बात नहीं है। हमेशा बदला बदलेगा और एक ही दो आदमी बदलते हैं। कोई झुंड नहीं बदलता है कभी झुंड कभी नहीं बदलता है। जब आरएसएस बना था हेड गोवार साहब अकेले थे। कुछ लोग थे मुट्ठी भर के आसंख्या है। तो ऐसे ही बनता है। ऐसे ही बनता है। हमेशा ऐसे ही बना है। तो इसलिए मैं निवेदन करता हूं कि जो मातृ शक्ति है अगर वह निराश हो जाएगी तब बहुत बड़ा नुकसान होगा। तो रंजना जी निराश मत होइए। असहाय मत समझिए और काम करने की पूरे जोश और खरोश के साथ काम कीजिए। अभी तो आप की उम्र कुछ भी नहीं है। अभी बहुत जिंदगी आपकी बाकी है। काम करिए। सर धन्यवाद। बहुत-बहुत धन्यवाद। लेकिन एक बात मैं बता दूं। ना मैं ना मैं असहाय हूं ना
00:43:19:27 मैं निराश हूं। लेकिन सत्य को सामने लाना भी एक आवश्यकता है। इस समय की जो आवश्यकता है वो हमें समय अनुसार सत्य को कहना आवश्यक इसलिए है कि लोगों को यह पता चले हम निराश नहीं हम हताश नहीं। अगर हताश और निराश होते तो हिंदू फ्रंट ने हमने और आप दो आदमियों ने मिलकर आतंकवादियों से टक्कर नहीं ली होती। पूरा समाज कहता था कि ये दोनों बेवकूफ है। आतंकवादियों से लड़ रहे हैं। और हमने और आपने आतंकवादियों से टक्कर ली और मुकदमा जीत करके आए हम। आपको पता होगा उस जमाने में अखबार में बड़ा-बड़ा निकला था कि हरिशंकर जैन और अंजना अग्निहोत्री ने अखिलेश सरकार को दिया करारा तमाशा। तो हम डरने वाले नहीं है। लेकिन समय की मांग यह है कि कौन चोर है उसको चोर बताएं। समय की मांग है कौन साकार है? कौन साकार बताएं। इसलिए सरकार की शासन की राजनैतिक इच्छाशक्ति नहीं है। उनकी इच्छाशक्ति है हमारा दमन करने की। उसको भी हमें कहना होगा जिससे कि हमारे बंधु हमारे सनातन धर्मी इसको समझे। आपकी बात एकदम सही है। लेकिन मेरी बात आपकी बात के उत्तर में ये बात है और सर आपकी जो बातें हैं उन सारी बातों को हम लोग जानते हैं। एक बड़ा संगठन मजबूत
00:44:35:01 संगठन था और आज भी है और नेतृत्व आपका है रहेगा। उसमें कार्य किया जाएगा और बहुत सारे कल्ट है जो अपने आप को हिंदू नहीं कहते हैं। ये रामपाल ये भी अपने आप को हिंदू नहीं कहते। ये कहते हैं हम रामपाल के फॉलोअर्स हैं। पूछो कि हिंदू हो की नहीं हो? नहीं नहीं हम तो रामपाल के फॉलोवर हैं। ब्रह्मा कुमारी कहती है हम तो ब्रह्मा कुमारी हैं। स्वामी नारायण कहते हैं हम तो स्वामी नारायण है। एक हम ही लोग हैं जो हम लोग सनातन धर्म का झंडा उठा करके कहते हैं। हम गर्व से कहते हैं हम सनातन धर्मावलंबी है और सनातन धर्म का प्रचार प्रसार जिस हद तक जाकर करना होगा। धर्म रक्षा के लिए हम 7 24 हमेशा खड़े हैं और सदैव तत्पर हैं। और एक बात और बता दें कि मुगलों ने मुगलों ने क्या किया? हमारे मंदिरों को तोड़ा। मंदिरों की संपत्ति लूट कर चले गए। लेकिन उनका यह षड्यंत्र हमारे धार्मिक ग्रंथों में मिलावट करने का षड्यंत्र कामयाब नहीं हुआ। लेकिन ये जो नए-नए कल्प बने हैं, अशास्त्रीय कल्प बने हैं। अशास्त्रीय संगठन बन गए हैं। इन्होंने हमारे धार्मिक ग्रंथों में मिलावट करने की प्रदूषण करने की जो चेष्टा की और कुछ हद तक कामयाब हो रहे हैं। नाम लिखते हैं ज्ञान गंगा। जन साधारण जनता जन
00:45:50:07 सामान्य समझता है। ज्ञान गंगा लिखा है माने कि कोई अच्छी बातें लिखी होंगी और जब उसको पन्ना पलटते हैं तो देखते हैं कि उसमें अभद्र भाषा का प्रयोग है लिखते है गीता तेरा ज्ञान अमृत तो लोग सोचते हैं कि गीता जी की बात लिखी है अंदर कुछ और यानी कवर कुछ और अंदर की गंदगी कुछ और बाहर कुछ और अंदर से कुछ और तो हमको यह भी देखना है कि यह कौन लोग हैं जो बाहर से कुछ और अंदर से कुछ और इनके मास्टर माइंड क्या कर रहे हैं इस पर हमें सोचना है इस पर विचार
⬜ Not used yet · 00:46:20:04 – 00:48:52:00 (2:32)
00:46:20:04 करिए सर जी जी जी जी रंजना दीदी इस इस पर मैं जो आप दोनों का वक्तव्य सुन रहा हूं मैं और मैं तो सीख ही रहा हूं आप दोनों ही से अनुभव और ज्ञान दोनों ही मामलों में मैं पीछे हूं। जैसे हरिशंकर जी ने एक बात कही कि एक जो है ये आह्वान इसी अभियान से हम लोग निकाल सकते हैं कि हम ऐसा गुट बनाएं जो आवाज उठाने के लिए तत्पर रहे सदैव। तो ये बहुत अच्छी बात कही है और मैं आपको बताऊं श्रीमान जी कि यह भावना के साथ हम लोग कार्य आपका ये जो मतलब आपने जो ये पंक्ति कही है और इस भावना के साथ लगभग दो जब से हम इस केस में कार्य कर रहे हैं रंजना दीदी के पास पहुंचे तब से मान लीजिए कि इसका जो है जो नीव इसकी पड़ चुकी है और एक टीम की तैयारी चल रही है कि एक अधिवक्ताओं की टीम हो जो सनातन के मूल जो मान बिंदु है उन पर जब भी प्रहार हो तो वो वो खड़ी हो और निष्काम भाव से हो और अगर आपका मार्गदर्शन मिलता रहा तो दीदी का मार्गदर्शन मिलता रहा तो जरूर वो चीज एकदम सक्रियता से दिखाई देगी। हालांकि अभी भी है मगर और ज्यादा प्रखर रूप से जब उसमें कुछ और युवा भी जुड़े होंगे और शास्त्रों के साथ
00:47:35:10 जुड़े होंगे तो हम लोग पकड़ने में इन चोरों को पकड़ने में बहुत आसानी होगी कि ये कहां पर मिलावट कर रहे हैं। शास्त्रों का ज्ञान भी आवश्यक होगा और अधिवक्ताओं की टीम भी होगी। एक जो मिलाजुला एक मिलजुल के एक संगठन वो जो आप जिस ओर इशारा कर रहे हैं उस पर भी हम लोगों ने कार्य शुरू कर दिया है और जैसा कि आपने कहा कि हताश नहीं होना है तो वो तो भगवत गीता ने कभी हमें सिखाया ही नहीं है। श्रीमद् भगवत गीता सदैव कहती रही कर्मवादी कारस्ते मा कदाचना और जो दीदी की बात है वो भी यही है कि जहां तक मैं समझ पा रहा हूं दीदी ने ये नहीं मतलब इस ओर नहीं था दीदी का वक्तव्य इस ओर नहीं है कि हम लोग डिप्लीट हो के बैठ जाए या इस ओर नहीं मगर जिन लोगों से अपेक्षा मतलब वांछनीय है जिनका कार्य या जिनको अधिकार प्राप्त है यदि वो भी सक्रिय हो जाए है ना यदि वो भी सक्रिय हो जाए तो इसमें और बल मिलेगा अब जैसे कि ये जो किताबें ही है अब ये समझिए कि ये लोग इस इन चीजों का प्रयोग भी करते हैं कि एडिक्ट करके योगी योगी जी के साथ एक फोटो बना दी कि हमने ज्ञान गंगा योगी जी को दी है। एडिट करके अमित शाह जी
00:48:50:14 के साथ एक फोटो बना दी।
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→ Used in: B · Video हाईकोर्ट का आदेश शासन की मार सतलोक गैंग में खौफ का माहौल at 3:22 ↗
→ Used in: A · Video हिंदुओं को ये करना होगा-- हरिशंकर जैन जी व रंजना अग्निहोत्री जी at 0:57 ↗
00:48:52:00 हमने ज्ञान गंगा अमित शाह जी को दी है। हो सकता है आपकी भी फोटो बनी हो।
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00:48:56:04 हो सकता है इन लोगों ने आपकी भी फोटो बनाई हो तो कोई बहुत बड़ी बात नहीं है। जैसे फोटोग्राफ दी तो सबकी फोटो के साथ इस तरह से षड्यंत्र पूर्वक कार्य कर रहे हैं और इनका एक बहुत अच्छा पैटर्न चलता है। ये लोग क्या करते हैं? Twitter पर ट्रेंड करते हैं। बहुत संगठनात्मक ऑर्गेनाइज तरीके से चैनलाइज तरीके से काम कर रहे हैं। Twitter पर काम करेंगे। Twitter पर हर हफ्ते इनका ट्रेंड चलेगा। और यह क्या कहते हैं? ऐसे धारावाहिक जैसे एपिसोड बनाएंगे कि मैं वहां जा रहा था। मनकामेश्वर जा रहा था। रास्ते में गाड़ी पलट गई। मेरे साथ यह हो गया, वो हो गया और फिर मैं रामपाल के पास पहुंचा। मैं बच गया। यहां तक कि लखनऊ में एक व्यक्ति पकड़ा गया जिसको हम ही लोगों ने बजरंग दल वालों के साथ मिलकर के और उस पर एक रिपोर्ट करवाई गई व्यक्ति पर। वो वही किताबें बेच रहा था। तो पुलिस ने वहां पर रिपोर्ट दर्ज की गोमती नगर थाने में लखनऊ में। तो वहां पर भी उस व्यक्ति ने गिरफ्तारी के समय जिस समय मामला चल रहा था उसने ऑन कैमरा यह बोल दिया गलती से कि भाई वहां तो मुझे लाख मिले हैं। क्या आप लोग मुझे लाख दे देंगे? इस तरीके का उसका वक्तव्य था। इसका मतलब क्या है कि हिंदू धर्म को तोड़ने के लिए किस हद तक ये
00:50:11:10 लोग अर्थ की भी व्यवस्था लगातार कर रहे हैं। तो मैं अब थोड़ा सा इस पे पूछना चाहूंगा रजना दीदी से कि जैसे अभी हमने राज्य सरकार से जी कितने चलेगा अभी? बस 20 मिनट अभी बस 20 मिनट इसका उत्तर जो है पूछा जी हरिशंकर जी से ही मैं ये पूछूंगा जरा सा कि जैसे हमने अभी राज्य सरकार राज्य सरकार से जवाब मांगा गया हाई कोर्ट के द्वारा तो ये राज्य स्तरीय मामला ही रहेगा या अपने आप ऑटोमेटिकली कन्वर्ट हो जाएगा राष्ट्रीय स्तर में या फिर हमें उसके लिए प्रयास करना पड़ेगा यह थोड़ा सा बताएं। क्योंकि यह पूरे भारत में फैल रहा है। अभी पहले जवाब आने दीजिए। थोड़ा इंतजार कीजिए। उसके हिसाब से इसको अगर जरूरत पड़ेगी सुप्रीम कोर्ट आने की तो सुप्रीम कोर्ट भी आएंगे। और इस किताब को बैन करा कर छोड़ेंगे। चलेगी नहीं। थोड़ा इंतजार कीजिए। थोड़ा इंतजार कीजिए। और बाकी तो आपने जैसा अभी मार्गदर्शन दिया है तो हमारे पास कई सारी चीजें हैं कि हमें किस किस पर आगामी कार्य करने हैं। तो अगर आपका मार्गदर्शन रहा तो उन सब पर एक-ए करके सबकी बारी आएगी जो
00:51:26:14 आपने संकेत कर दिया है तो उस सब पे रंजना दीदी से इस बारे में बात भी हुई है। तो रंजना दीदी थोड़ा सा आप बताएं थोड़ा सा इस बारे में। यह तो सर ने ठीक ही कहा है कि राज्य सरकार का उत्तर आ जाने दो और पहले हमें अगर मालूम भी हो तो अगर कोई बात आने वाली हो तो भविष्य की बात हम लोग क्योंकि पेश से खुले मंचों पर ओपन नहीं कर सकते हैं जब तक शपथ पत्र ना आ जाए और हमें आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है जिस मार्गदर्शन में इस पिटीशन की तैयारी हुई है उसमें कील कांटे से और साक्ष्यों प्रमाणों से हम लोग दुरुस्त हैं और विजय श्री हम लोगों को मिलेगी। यह जो धर्म पर प्रहार हो रहा है, धर्म पर मिलावट हो रही है नक नकली लोगों के द्वारा उस पर कोर्ट निश्चित ही संज्ञान लेगी और शासन को भी संज्ञान लेना पड़ेगा। जी दीदी मेरे पास अक्सर हैरेसमेंट वाले कॉल्स आते रहते हैं। अभी जब से हाई कोर्ट चला गया तब से तो और ज्यादा आ रहे हैं और फिर पूछेंगे घुमा फिरा के कि तुमने इस पे केस क्यों किया? उस पर केस क्यों किया और मतलब मुझे डराने का प्रयास करेंगे फिर डराते हुए फिर
00:52:41:18 मतलब मुझे वो धमकियां तो आपको दिखाई थी मैंने चाकुओं से वोट डालेंगे ये करेंगे वो करेंगे तो मुझे बार-बार हैरेसमेंट के कॉल्स जो आते हैं तो फिर तंग हो के मुझे उनसे कहना पड़ता है वो पूछते हैं कि क्या होगा अब कोर्ट में केस चला गया तो क्या होगा तो मुझे तंग हो के उनसे जरूर ये कहना पड़ता है भाई बैन होंगी तुम्हारी किताबें तुम्हारे आश्रम बैन हो जाएंगे तो तुम अपना अपनी व्यवस्था कर लो तुम मेरी चिंता मत करो ठीक है तो मुझे मुझे अवश्य कहना पड़ जाता है। तो उसके लिए थोड़ा सा ये ठीक ही उत्तर है। और अगर हैरेसमेंट की कोई अति हो जाती है तो हमारे पास और भी रास्ते हैं। उनको हम पब्लिक फोरम पर नहीं कहेंगे। हम लोग बैठेंगे तो हम लोग क्या करेंगे उसको हम बाद में डिस्कस करेंगे और बाकी न्यायालय में हमारा मामला है और हम कानूनी तरीके से मजबूत है इन पुस्तकों में जो गंदगी दी गई है हमारे धर्म शास्त्रों को बिगाड़ने के लिए उसको निश्चित ही कहानी परिणाम तक पहुंचेगी वो गंदगी क्योंकि किताबें बांटी जा रही है ज्ञान गंगा के नाम पर किताबें बेची जा रही है गीता तेरा ज्ञान अमृत और किताबें बेची जा रही है क्या श्रद्धाएं भक्ति और ट्रेन में बेची जा रही है व्यापार किया जा रहा है और व्यापार के साथ दुष्प्रचार
00:53:57:06 किया जा रहा जो भी खरीदता है ना ट्रेन में वो पढ़ता नहीं है वो देखता है अरे गीता तेरा माथे लगाया रख दिया अंदर अगर देखे ना तो कोई खरीदे नहीं और बेचने वाले का भी गला घोट दिया जाए उस समय ये ये सिर्फ कवर कुछ और अंदर कुछ और अंदर से कुछ और बाहर से कुछ और ये बहुरूप हैं इन बहुरूपियों को मजा चखाना होगा। इसके लिए अपने संगठन को हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस को बहुत मजबूत करना होगा। जिससे इन बहुरूपियों के जो ये करतूते हैं ना काले कारनामे ये कामयाब ना हो सके। जी अच्छा बस मैं एक लास्ट बस प्रश्न लूंगा और मेरे ख्याल से लगभग काफी समय हो भी चुका है। अ हरिशंकर जी बस ये थोड़ा सा और बताइए इस इसमें क्या हो रहा है? यह जानते हुए भी कि यह व्यक्ति देशद्रोही के मुकदमे में बेचाराधीन है जो व्यक्ति के नाम से चीजें चल रही हैं और ये जानते हुए भी के दो मामलों में इसको जो है आजीवन कारावास है। फिर भी कुछ देश के ऐसे सफेद पोस्ट चैनल है नेशनल जैसे मैं साधना टीवी उस पे इसका शो आता है बाकायदा 7:30 बजे तो क्या इन तक भी हमारी आवाज ये पहुंचेगी ये मतलब इन तक भी पहुंचे आवाज कि भाई ये इस
00:55:12:09 तरह का ये हिंदुओं पर टिप्पणी वाली चीजें ये आप कैसे प्रसारित कर रहे हो? वैसे हमने अपने स्तर पर वहां बोला उन लोगों को पत्राचार के माध्यम से ईमेल के माध्यम से कि आप ये गलत व्यक्ति का दिखा रहे हैं और गलत चीजें दिखा रहे हैं। आप इसको बंद करें अन्यथा विधिक कारवाही की चपेट में आप भी आएंगे। हम आपका भी नाम लेंगे। मगर वहां से ऐसा कोई रिस्पांस आया नहीं। तो क्या ऐसे बड़े जो चैनल्स हैं साधना साधना डी नेशनल स्तर के चैनल्स हैं जो लगे हुए हैं। तो क्या इन तक भी हमारी बात पहुंच पाएगी? पहले वह टीवी किस पर आता है बताइए मैं देख लूं तब बताऊंगा आपको क्या कर सकते हैं। जी जी चैनल कब आता है समय बताइए मैं उसको देख तब बताऊंगा आपको क्या हो सकता है ठीक है ठीक है शंकर जी बहुत-बहुत आभार आप दोनों ही का ज्ञान ज्ञानी आप दोनों ज्ञानवान व्यक्ति हमारे यहां पर आए और आपने काफी सारा मार्गदर्शन भी किया यद्यपि समय का अभाव है नहीं तो जो जन सामान्य है कुछ एक दो प्रश्न वो भी करना चाहता था कुछ एक दो प्रश्न प्रमुख प्रमुख हम ले सकते थे पर कोई बात नहीं बहुत अच्छा अच्छा लगा ले सकते हैं सर जवाब देंगे जी नहीं ऐसा लग रहा है कि उनको थोड़ा सा समय कम है एक दो प्रश्न लेने जवाब दे देंगे अगर कोई प्रश्न आ रहा है तो
00:56:27:10 उसका उत्तर देंगे सर जी जी शंकर जी अगर आपकी अनुमति भी हो तो मैं एक दो प्रश्न ले लूं सामान्य जनता सामान्य ले लीजिए अच्छा तो ऑपरेटर महोदय कोई एक प्रश्न आप यहां रिफ्लेक्ट कर दीजिए जो प्रश्न आ रहा हो और अभी तक प्रश्न नहीं पूछ रहे हैं आप लोग तो आप प्रश्न पूछ सकते शंकर जी और मान्य हमारी अग्रजा है। दोनों ही यहां पर उपस्थित है महानुभाव तो वो आपके प्रश्न का उत्तर देंगे। यदि कोई प्रश्न है तो आप पूछ सकते हैं। एक अंश तीर्थ वालों का बहुत आ रहा है प्रश्न
00:57:05:15 एक जगह है वहां पर प्रयागराज में जो शास्त्रों से और आर्कियोलॉजिकल डिपार्टमेंट से हर तरह से प्रूफ है कि वो वहां पर हंस भगवान का जन्म हुआ था। मगर एक बता रहे हैं कि भू माफिया के द्वारा उसको अपने कवर में ले लिया गया। मतलब वहां उनका आश्रम है तो धीरे-धीरे बाउंड्री बना करके उसको अपने नियंत्रण में ले लिया गया। वहां पर दर्शन सुलभ नहीं है। कहां पर? प्रयागराज में झूसी में जहां गंगा के उस तरफ वहां पर कोई आश्रम में उसको कवर में ले लिया गया है। कोई क्रिया योग नाम से आश्रम चल रहा है। वहां पर सनातन ही प्रसारित हो रहा है। यह भी अभी मतलब कुछ इसी तरीके का रामपाल जैसा ही कुछ प्रतीत होता है। वहां पर भी चल रहा है। और जो हमारा जो जी पूरी बात मालूम पड़े तभी कोई टिप्पणी करूं। ऐसे ही सुनी सुनाई बात पर थोड़ी बात पर हमारे पास उसका पूरा पर्याप्त पेपर वगैरह है। वो हंस तीर्थ वाले यहां पर कमेंट कर भी रहे हैं तो इसलिए उनसे ही मुझे याद आया। हां वो पूरा देख लो तभी बताऊंगा। अच्छा इसमें एक यह प्रश्न आ रहा है
00:58:16:02 जी ये देखिए
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→ Used in: A · Video हिंदुओं को ये करना होगा-- हरिशंकर जैन जी व रंजना अग्निहोत्री जी at 35:23 ↗
00:58:17:27 ये प्रश्न किया जा रहा है कि क्या ये धर्म और अधर्म के मामले में मतलब क्या रामपाल से शास्त्रार्थ भी होगा क्या ऐसा कुछ नहीं कोई कोई साथसाथ नहीं होगा जी ऐसे लोगों से जो अयोग्य हो और भड़काऊ कारवाई करते हो असामाजिक हो उनसे कोई साथसा नहीं हो सकता हमें साथसा नहीं करना है और मैं समझता हूं हिंदू समाज को ऐसे लोगों से शास्त्रार्थ करना भी नहीं चाहिए। भाई हमारी इच्छा हम पूजा करते हैं। हमारी इच्छा हम मूर्ति पूजा करते हैं। हमारी इच्छा हम ये मानते हैं। हु आर यू? आपसे क्या मतलब है? हमें ज्ञान क्यों दे रहे हैं? हमें आपसे ज्ञान नहीं चाहिए। बिल्कुल नहीं। एकदम नहीं। जी। जी कोई जरूरत नहीं है। शास्त्र ज्ञानी से होता है। जो ज्ञान की बात करे कायदे की बात करे जो समाज से विरत होके बात करे और इस तरह की नीच हरकत की बात करे उसमें कोई ज्ञान की बात नहीं हो सकती। कोई सवाल नहीं आता।
00:59:24:02 जो इसमें लिप्त है एक प्रश्न यह आ रहा है कि जो इसमें लिप्त है इनको कितनी मतलब किस प्रकार की सजाएं मिल सकती हैं अकॉर्डिंग टू हमारा जो संविधान है उसके अकॉर्डिंग अभी केस चल रहा है वेट कीजिए सब बातों जवाब आज ही नहीं दिया जा सकता अच्छा ठीक है अ चलिए ठीक है दो एक प्रश्न हमने ले भी लिए बहुत-बहुत आभार आप दोनों का मान्य है हरिशंकर जैन जी और मान्य हमारी अग्रजा रजना अग्निहोत्री जी आप दोनों ही का बहुत-बहुत साधुवाद कि आपने सनातन धर्म की ध्वजा को पकड़ा और फिर इस लड़ाई में जो हमें जो एक मार्गदर्शन चाहिए था संवैधानिक और जो नीतिगत होकर के लड़ाई लड़नी थी वो मार्गदर्शन हमें आप दोनों ही से प्राप्त हुआ। इसके लिए बहुत-बहुत आभार है। आपने आज समय भी दिया और प्रभु श्री राम की कृपा आप दोनों ही पर सदैव बनी रहे। जैसी हम प्रार्थना करते हैं। हम तो छोटे हैं। आपसे पर कृपा के लिए प्रार्थना अवश्य कर सकते हैं। तो इसी के साथ दर्शकों के लिए भी जय श्री राम बोलेंगे और सभी को
⬜ Not used yet · 01:00:29:13 – 01:00:34:00 (0:05)
01:00:29:13 जय श्री राम। जय श्री राम। राम जय श्री राम। जय श्री राम।
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क्या निर्णय सुना सकती है हाई कोर्ट : एक चर्चा मान्य हरिशंकर जैन जी व रंजना अग्निहोत्री जी
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