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00:00:02:00 सभी को जय श्री राम हमारे साथ में आज महोदय है जो भगवान में विश्वास नहीं रखते हैं इनके अपने कारण होंगे उनको आज हम देखेंगे क्या क्या कारण है और हम कोशिश करेंगे कि इनकी जो नास्तिकता है वो दूर हो सके इनसे देखिए जो भी हम कार्य कर रहे हैं और जो भी हम सिद्धांतों का प्रचार प्रसार कर रहे हैं वो आकर के यह जो दृश्य है ना जिन सिद्धांतों का हम प्रचार प्रसार करते हैं वो इस दिन के लिए करते हैं जब धर्म की स्थापना करने के लिए ईश्वर के अस्तित्व की स्थापना करनी आवश्यक हो जाए इसलिए सितो की आवश्यकता है ऐसे ईश्वर की आवश्यकता है इसको की स्थापित किया जा ठीक है तो सबसे पहले अतुल कुमार जी आप हमारे दर्शकों को अपना एक परिचय दे दीजिए बता दीजिए आपकी आपके बारे में जो भी है जो आप बताना चाहे जी
00:01:17:26 सर सर मेरा नाम अतुल कुमार वैष्णव है मैं छत्तीसगढ़ से हूं और मेरे कुछ सवाल थे बस ऐसा है और रही बात सर की तो मैं नास्तिक नहीं हूं सर मैं एक आस्तिक ही हूं पर मेरे मन में कुछ सवाल है जिनकी जवाब मुझे अध्यात्मिकता की तरफ से नहीं मिल पा रहा बस यही बस है और जैसे कोई कोई भगवान को देखने का सबका अलग अलग नजरिया हो सकता है सर वैसे ही मेरा कुछ अलग नजरिया है बस तो असली कारण है सर की मेरा दोस्त है विष्णु नाम का ठीक है तो मैं भगवान पर तो विश्वास करता हूं लेकिन मेरे स तो उन्होंने मुझे सजेशन दिया कि आपसे मैं एक बार बात करूं इसलिए फॉर्म भरने के लिए बोले फिर मैं फम भर दिया नहीं तो उसके लिए तो हमारी क्लासेस चलती है अगर सवाल है तो यह बात आपसे कल भी हुई थी मेरी तो आपने बताया था सवाल नहीं है विरोध है जी सर विरोध है क्योंकि आपका भगवान के मानने का तरीका थोड़ा अलग है और मेरा थोड़ा सा अलग है अच्छा अच्छा आप मुझे एक बात ब अच्छा ठीक आप क्या है भगवान को मानने जैसे
00:02:33:07 आप लोग अच्छा मैं सवाल पूछता हूं एक सवाल जैसे आप ब्रह्मा विष्णु महेश है ठीक है तो इनको भगवान मानते हैं कि नहीं मैं आपसे जानना चाहता हूं हां जी मानते हैं हा वही तो उनको मैं भगवान नहीं मानता ना उन लोगों को चाहे वो ब्रह्मा विष्णु महेश हो चाहे व ईसा मसीह हो चाहे कोई भी परमेश्वर हो चाहे कोई अल्लाह हो किसी भी धर्म का ईश्वर को मैं विश्वास नहीं करता सर मेरे हिसाब से ईश्वर का कुछ अलग ही रूप है ऐसा मैं नास्तिक ह नास्तिक तो कोई नहीं है ठीक है मतलब आप मानते है इस दुनिया में कोई सत्ता है नहीं नहीं सर मैं नहीं मानता की दुनिया में कोई सत्ता है सिर्फ भवान बता रहा सर मैं सिर्फ प्रकृति को ही भगवान मानता हूं जिसके वजह से हम चल रहे हैं मेरा तरीका है अब जैसे कोई प्रकृति को कोई चलाने वाला कोई बैठा नहीं है ऊपर य मैं कह रहा हूं कोई बैठा नहीं है ऊपर प्रकृति है प्रकृति स्वयंभू खुद ही खुद बना है सर तो तो जब प्रकृति स्वयंभू है तो प्रकृति तो वो है ना जो साइंस से डिफाइन होती है जी सर तो जब प्रकृति स्वयंभू है तो अ आपका कहने का मतलब है यदि
00:03:48:07 आप झूठ बोलते हो हम तो आपको कोई सत्ता है जो नोट कर रही है जो आपको सजा दे ऐसा मानते हैं नहीं सर ऐसा कुछ भी नहीं मानता सर तो फ इसमें ईश्वर इसमें ईश्वर की बात कहां आ गई फिर नहीं सर तो दूसरे शब्दों में अप्रत्यक्ष रूप से जब आप ये जिन चीजों को आप जान रहे हैं उससे ऊपर की किसी सत्ता को नहीं मान रहे हैं कि कोई सत्ता है जो निर्णायक धर्म अधर्म के रूप में बैठी हुई है डिसाइड करने साइंस हमें बोल नहीं रहा है कि आप झूठ बोलोगे तो आपको दिक्कत होगी साइंस तो नहीं बोल रही ना तो तो यानी कि जब आप जब आप प्रकृति को ही अंतिम मान रहे हो तो फिर आपके पास वो सत्ता नहीं है जो दंड का अपराध देती हो इस तरह के मल मोरल वैल्यू के दंड का अपरा दे एकदम सही सर तो तो कुल मिलाकर के दूसरे शब्दों में आप बस कह रहे कि मैं ईश्वर को मानता हूं जबक आप मान नहीं रहे ईश्वर नहीं सर भक नहीं एक सेकंड सुनिए मैं ये बोल रहा हूं कि आप ईश्वर की पूजा करते हैं ना पूरी तरह से गलत है वो मैं सिद्ध करूंगा व बिल्कुल सही है तो एक अगला टॉपिक है मगर अभी हम लोग बात कर रहे कि आप ईश्वर को मानते
00:05:03:08 हैं कि नहीं मानते तो आप ईश्वर को नहीं मानते मैं भी सिद्ध करूंगा ईश्वर किसे कहते हैं आप क्या लक्षण होने चाहिए सर मेरे हिसाब से तो ईश्वर का वही रूप है ठीक है जो हमारे प्रकृति के द्वारा हमें मिला है इंसानों को जो मिला है जानवरों को जो मिला है ठीक है जिसके वजह से हम जी पा रहे हैं जीवन अपना व्यतीत कर पा रहे हैं जैसे अपना पानी हो गया ठीक है आपका वायु हो गया अग्नि हो गया ईश्वर की ईश्वर की यह परिभाषा कहां लिखी है जो आप बोल रहे हैं कहीं लिखी नहीं है इसका मतलब इसका मतलब आपने शब्द तो हमारा ले लिया परिभाषा अपनी ले ली एकदम सही सर तो फिर आप क्यों कह रहे कि हम ईश्वर को मानते हैं
00:05:54:06 बना आप समझे नहीं आप अपना कोई नया शब्द बनाइए ना सक्तिमान है ईश्वर की परिभाषा के लिए हम किसी प्रामाणिक डिक्शनरी को लाएंगे उसम क्या ईश्वर की वही परिभाषा लिखी होगी जो आप बोल रहे नहीं सर जी आप ब्र वि ईश्वर मानता हूं आप ये कहिए जैसे आप ब्रह्मा विष्णु महेश को ईश्वर मानते हैं सुप्रीम मानते सुप्रीम क्योंकि मेरे लिए प्रकृति सुप्रीम है इसलिए मैं उसको ईश्वर कह रहा हूं बाकी यह वो ईश्वर नहीं है जो किसी प्रमाणिक डिक्शनरी में ईश्वर की डेफिनेशन जो दी गई होती है वो वाला ईश्वर नहीं है एकदम सही समझे आप आप ही पहले इंसान हो जो इसको समझ चुके हो लेकिन सर मैं ये भी बोल रहा हूं कि आप जिनको इवर मार रहे हो ब कितनी बार बोलोगे मैं उसका जवाब दे रहा हूं ना कितनी बार बोलोगे दे रहा हूं सुन लिया मैंने ब्रह्मा विष्णु महेश ब्रह्मा विष्णु महेश ब्रह्मा विष्णु महेश बताइए बताइए हा माफ कर माफ कीजिएगा तो पहली बात तो ये हो गई कि आप जो है ईश्वर को नहीं मानते वो आपने अपनी एक डेफिनेशन पकड़ रखी है उसके अनुसार उस तथा
00:07:09:19 कथित ईश्वर को आप मानते हैं अपनी एक अलग डेफिनेशन बना इससे ये भी है कि भाई लोग आप लोग आपको पहचानने में थोड़ी लोगों को दिक्कत होगी कि ईश्वर वादी है कि नहीं क्योंकि आप ऊपरी तौर पर तो कह दोगे मैं ईश्वर को मानता हूं अंदरूनी तौर पर तो आप भौतिकवादी ही हो खैर तो कोई ऐसी सत्ता है नहीं इसकी बात कर रहे हैं काफी सारी ऐसी बातें हो गई ना तो मुझे ये लग रहा है कि कौन सा टॉपिक उठाऊं मैं पहले जिससे कि मैं आपको ईश्वर को प्रूव करू तो सबसे पहले मैं आपको प्रूव करूंगा कि प्रकृति से ऊपर कोई सत्ता है ठीक
00:07:53:14 है प्रार उपनिषद एकती 28 हमारे य उसम कहा गया है असतो मा सद गमाया तमसो मा ज्योतिर गमाया मृत मतम गमाया तो इसके अनुसार एक जीव के अंदर की प्यास बताई जा रही है दुनिया के प्रत्येक जीव के अंदर भी कभी ना मरने की चा विद्यमान है क्या साइंस नेय कह दिया है कि आप कभी मरोगे नहीं नहीं नहीं कहा है फिर भी वह चा विद्यमान है हा अच्छा एक नास्तिक व्यक्ति के अंदर भी संपूर्ण ज्ञानी बन जाने की चाह विद्यमान है कुछ भी ऐसा ना हो कुछ भी ऐसा ना हो जो मेरे से जानने से रह गया हो जैसे कि आपने किसी व्यक्ति को पहली बार देखा तो आप अपनी ओर से प्रयत्न करने लगते हो उसके बारे में गेस करने कौन कन हो सकता है जब साइंस केडि जब तक आपको सूचना नहीं मिलेगी तो आपको पता नहीं लगेगा कि आप वो कौन है मगर
00:09:08:18 फिर भी साइंस के विपरीत जाकर के आप कोशिश कर रहे हो मुझे पता लग यानी कि अखंड ज्ञानी बन जाने की चाह विद्यमान है कई बार ऐसा होता है कि कल मैच में कौन जीतेगा यह भी हम पता लगाना भविष्य देख लेना चाहते हैं जबकि जो साइंस है वो कह रही है कि नहीं आप भविष्य भी नहीं देख सकते है ना इसी प्रकार से कई बार एक नास्तिक के मन में भी एक चा विद्यमान है कि वह कभी दुखी ना हो सदा आनंदित रहने की चा विद्यमान जैसे कि मेरे मेरी जो पोजीशन है जैसी मुझे अच्छी लगती है वो एज इट इज बनी रहे यानी कि मेरे गालों में कभी झुरिया ना पड़े मेरे सर के बाल कभी झरे ना मैं गंजा ना हू मेरी कार है तो उसके टायर घिसे ना मेरे मोबाइल है तो उसमें कभी स्कच ना आए है ना तो कुल मिलाकर के जो तीन चा है सत चित आनंद कहते हैं इसे क्या कहते हैं सत
00:10:24:16 चित तो इसका अर्थ है कि हमारे अंदर हम कह तो रहे हैं प्रकृति को ही सुप्रीम मानते हैं मगर प्रकृति के नियमों के ठीक विपरीत जाने की इनबिल्ट चाह विद्यमान हो रही है हम प्रकृति को मानते हैं मगर उसको तोड़ देना चाहते उसके नियमों को तो अब एक नियम है कि हमारे अंदर जो जो चाह इनबिल्ट है जिसको हम अपने से अलग नहीं कर सकते उस चाह का जो सब्जेक्ट है मौजूद है जैसे हम ख से अपने आप को अलग नहीं कर सकते इन तो उसका जो निवारण है भोजन उसका दुनिया में अस्तित्व जैसे हमारे अंदर प्यास है तो दुनिया में पानी है तो जिस प्रकार एक नास्तिक व्यक्ति के अंदर मौजूद पानी प्यास और प्यास से पानी का अस्तित्व होता है भूख से भोजन का अस्तित्व सिद्ध होता है उसी प्रकार एक नास्तिक व्यक्ति के अंदर भी प्रकृति को कंट्रोल कर लेने की चा विद्यमान
00:11:39:21 होने के कारण उसका सब्जेक्ट प्रकृति को कंट्रोल कर लेने वाला सच्चित आनंद स्वरूप परमेश्वर का अस्तित्व सिद्ध होता है अब या तो आपको यह कहना पड़ेगा कि मैं मरना चाहता हूं मुझे कोई दिक्कत नहीं मरने से मैं अपने मां-बाप को भी मरता हुआ देख लूंगा कोई दिक्कत नहीं है जो कि निराधार बातें होंगी या फिर आपको मानना पड़ेगा कि मैं प्रकृति को देख पा रहा हूं वह बात अलग है मगर मैं प्रकृति पर कंट्रोल चाहता हूं मैं प्रकृति के नियमों से मुक्त होना चाहता हूं तो जो आप ये जो चा है जिसको आप छोड़ नहीं रहे मृत्यु का विचार आते ही आपके मन में उसको बुला देने का ख्याल आता है हटाओ इधर से जैसे अभी कोई आपको बाबा मिल जाए और वो यह बताने लगे कि तुम कब मरोगे मैं बताऊंगा एक सामान्य को अगर कोई यह बताने लगे कि तुम कब मरोगे मैं बताता हूं तो वो कहेगा नहीं नहीं मुझे नहीं जानना ज्यादातर ऐसा ही होगा ना क्यों होता है क् मृत्यु से दूर रहना चाहता है जबकि प्रकृति का नियम है कि तुम मरोगे मगर वह प्रकृति को तोड़ देना चाहता है प्रकृति को हरा देना चाहता है तो यह जो इनबिल्ट चा है एक नास्तिक व्यक्ति के अंदर भी
00:12:54:22 इस चाह को ना छोड़ पाने के कारण इससे सिद्ध होता है में कोई है जो प्रकृति को तोड़ सकता है इस दुनिया में कोई है जो प्रकृति को कंट्रोल करता है अब बताइए सर तो सामने क्यों नहीं आता सामने क्यों नहीं आता सामने नहीं आता आप इसलिए नहीं मानते ईश्वर को भाई मैं आपके सामने बैठ आप मेरे सामने बैठे मैं आपके सामने बैठा हूं आप मेरे सामने बैठे हैं तो मेरे सामने तो ईश्वर बैठा हुआ है आपके रूप में मानो या ना मानो वो बात एक अलग है आपका कहना है वो नहीं आता सामने मुझे तो दिख रहा है रूप में बैठा है और बहुत सारे रू में बैठा है हा तो इसको सिद्ध कैसे करेंगे आप आप मुझे वो बता दीजिए कि आप भगवान को सिद्ध कैसे मैंने तो आपकी चाह से सिद्ध कर दिया ना आपने कहा था कि प्रकृति को कंट्रोल करने वाली कोई एंटिटी नहीं है मैंने आपके अंदर की इनबिल्ट चा से सिद्ध कर दिया कि प्रकृति को कंट्रोल
00:14:10:03 करने वाली एंटिटी है य कहने का मतलब यह है कि नास्तिक एक नास्तिक अपनी वाणी से भले ही ये कह रहा है कि भगवान नहीं है मगर वो मांग उसी को रहा है किसको मांग रहा है कैसे मैंने अभी बताया की वजह से हां सर इसको आप प्रैक्टिकली रूप में कैसे सिद्ध कर पाएंगे सच प्रिक रूप में एक बात बताइए कुल मिला के आपका कहना है कि भगवान नहीं है इसका मतलब कोई नहीं है जो मृत्यु को हरा सकता हो कोई नहीं है दुनिया में जो मृत्यु को हरा सकता हो तो फिर आप मृत्यु को हराने की मांग करना बंद कर दो कौन कर रहा है सर आप एक एक मिनट आप एक ऐसी मांग कर रहे हो ना आप एक ऐसी मांग कर रहे हो ना जो कि व्यर्थ है तो आप व्यर्थ का काम करते हो सर जी आप समझ वो तो इच्छा है ना तो इच्छा छोड़ दो ना देखो देखो सुनो सुनो अच्छा अभी एक फम रिलीज हुई थी अभी एक फिल्म रिलीज हुई थी पुष्पा टू अच्छा हुई थी की नहीं हुई थी ई थ थी जी जब वो
00:15:25:03 लगी जब वो लगी तो कई लोगों के मन में आया मैं पुष्पा टू देख लू ये क्या है इच्छा है सर इच्छा है जरूरी नहीं है कि सब लोगों ने उसे देखा ना नहीं देखा तो उन्होने अपनी उस इच्छा को छोड़ दिया ना छोड़ दिया छोड़ दिया तो आप इस व्यर्थ की इच्छा को छोड़ दो सर जी उस इच्छा को छोड़ा जा सकता है पिक्चर वाला ठीक है लेकिन उसको उसको कभी तो देख सकते हैं ना यानी कि
00:15:57:01 आप मान हो ऐसी इच्छा कर रहे हो जिसका निवारण नहीं है सर एक बात बताऊ अगर ऐसी इच्छा हम नहीं करते कि जिसको आज से 50 साल पहले अगर देखा जाए ठीक है आज से 50 साल 100 साल पहले अगर देखा जाए तो कोई रोबोटिक इच्छा नहीं करता तो रोबोट बन जाए किसी ने इच्छा किया उसके ऊपर काम किया धीरे धीरे काम किया तो बना समझ यानी कि आपका मानना है कि कोई आने वाले टाइम में कोई होगा जो मृत्यु को जीत लेगा मैं ये नहीं बोल रहा हूं क्या बोल रहे हैं आप समझ नहीं रहे मैं बो रहा ज रोबोट आपने जब रोबोट का उदाहरण दिया है आपने जब रोबोट का उदाहरण दिया है तो आपने यही तो बताया कि रोबोट की इच्छा किसी ने नहीं की थी रोबोट की इच्छा किसी ने नहीं की थी आने वाले टाइम में वो जो रोबोट बन गया तो इस तरीके से आप भी यही कहना चाह रहे हैं ना कि आने वाले टाइम में कोई होगा जो मृत्यु को जीत लेगा सर मैं ये नहीं बोल रहा हूं हा बोलिए क्या बो आपका उदाहरण बता रहे हो ना ठीक है इच्छा किस मनुष्य के अंदर नहीं होता है
00:17:12:15 बताइए कहा इसीलिए तो मैं कह रहा हूं कि अगर उसके अंदर ऐसी इच्छा है जिससे व दूर नहीं हो पा रहा है तो उसका निवारण है सच्चिदानंद मिला के नास्तिक जो है वो जा ईश्वर की तरफ ही रहा है कभी ना मरने वाले की तरफ अखंड ज्ञानी की तरफ और क्या कहते हैं सदा आनंदित रहने वाले की तरफ जा उधर ही रहा है मांग उसी को बस वो कह रहा है बस वो कह रहा है कि इस दुनिया में कोई नहीं है जो सच्चिदानंद हो मगर मुझे सच्चिदानंद चाहिए इस दुनिया में कोई नहीं है जो सच्चिदानंद हो मगर मुझे सच्चिदानंद चाहिए सर आपकी स्त से श्वर है कि नहीं कैसे सिद्ध हो रहा है ये बता दीजिए बस आपकी इस उदाहरण से अच्छा एक सेकंड अरे भाई ये बताओ आप क्या मूर्ख हो क्या जो ऐसी इच्छा कर रहे हो जिसका अस्तित्व ही ना हो आप मूर्ख हो क्या सर हा सुनि सर आज से हज साल प मैं आपको उदाहरण दूं मैं आपको उदाहरण दूं अगर कोई आपसे ये कहने लगे कोई आपसे ये कहने लगे कि पुष्पा 10 आ गई है टॉकीज में लगी है देख लो जाकर के मैं देखने जा रहा हूं मेरी बहुत इच्छा है पुष्पा कौन सी 10 कौन सी
00:18:28:04 10 जबक आपको अच्छी तरह से मालूम है अभी टू के बाद थ्री नहीं आई फोर नहीं आई फ नहीं आई सिक्स नहीं आई तो आप उससे क्या कहोगे उससे मैं उसको मूर्ख ही कहूंगा तो फिर आप भी तो वही हो कैसे में सिद्ध करो नहीं सर आप समझ नहीं रहे को जो मनुष्य की क्रिएटिव इच्छा होती है ना सर वो अलग होती है अगर कोई प्रोड्यूसर डायरेक्टर सोच रहा है कि 10 साल पहले 10 साल बाद पु बना दूंगा देखूंगा तब वो अलग बात है उसको पागल मैंने आपसे सवाल क्या किया है मैंने आपसे सवाल क्या किया है मैंने सवाल ये किया है अभी पुष्पा 10 का अस्तित्व नहीं है नहीं है ना नहीं नहीं आज की डेट में आपका जो फ्रेंड आपसे कहेगा कि भाई मेरी पुष्पा 10 देखने की बहुत इच्छा हो रही है अच्छा उसको क्या कहो आज की डेट में मुझे जाना है न बजे देख सु सर पागल ही कहा तो फिर आप आज की डेट आज की डेट में आप क्यों कह रहे हो कि भैया मैं मृत्यु से भागना चाहता हूं अमर होना चाहता हूं हा तो आप क्या हुए अरे सर जी आपके इस सवाल से ईश्वर का अस्तित्व से क्या लेना देना है समझाइए पहले तो मैं समझा
00:19:43:09 रहा हूं ना हमारे अंदर की जो प्यास इनबिल्ट है जिससे हम खुद को अलग नहीं कर सकते उस उस प्यास का अस्तित्व है दुनिया में सब्जेक्ट उसका सब्जेक्ट है दुनिया में कैसे आपने सुनोगे हां जो मनुष्य है वो अपने आप को भूख से अलग नहीं कर पा रहा है उससे सिद्ध है कि डंके की चोट में सिद्ध है इस दुनिया में भोजन है इसी प्रकार से मनुष्य अपने आप को प्यास से अलग नहीं कर पा रहा है उसको पानी मिले ना मिले मगर उसके अंदर प्यास होने से ही ये सिद्ध हो रहा है कि दुनिया में पानी है उसको पानी मिला कि नहीं मिला बाद की बात है ऐसे भी लोग है जो पानी ना मिल पाने के कारण मर गए तो क्या पानी का अस्तित्व नहीं था था एकदम था पानी का अस्तित्व क्यों था क्योंकि उसके अंदर इनबिल्ट प्यास थी पानी तो जिस प्रकार से आपके अंदर की इनबिल्ट प्यास भूख के विषय से भोजन सिद्ध हो रहा है प्यास के विषय से पानी सिद्ध हो रहा है उसी प्रकार से वो इनबिल्ट प्यास जिसको आप छोड़ नहीं पा रहे पुष्पा टू को आप छोड़ सकते हैं पुष्पा 10 को आप छोड़ सकते हैं अगर आप इसको क्यों नहीं छोड़ पा रहे उपाद को आप क्यों छोड़ देंगे क्योंकि
00:20:58:09 वो नहीं है तो आप छोड़ देते हैं अभी आई नहीं तो कहा से देख लेंगे तो जब ये जब सच्चिदानंद सच्चिदानंद नहीं है तो क्यों उसको मांग रहे हो सर जी आप समझ नहीं लेकिन य सच वाली जो बात है वो आपने कहां पढ़ी क्या पढ़ी किसी अभी वेद पुराण में पढ़े हो ना सर हा तो बुरा मान लगता है नाराज मत होना सर सही में नाराज मत हो नहीं नहीं बुरा क्यों मानेंगे बुरा बुरा आपको ना लगाओ मैंने आपको पागल कह दिया मूर्ख भी आप सिद्ध हो गए पागल मैं हूं नहीं पहली तो मैं सही सवाल कर रहा लेकिन आपने आपने अभी कहा कि भाई जो जि चीज का अस्तित्व नहीं है उसे मांगने वाला व्यक्ति पागल है है कि नहीं है आप पागल हो फिर भगवान का अस्व है नहीं तो आप मार रहे तो फिर आप पागल हुए अरे भाई मैं तो कह रहा हूं कि है तुम अपनी गवाही खुद दे रहे हो मांग तो तुम भी रहे हो कर रहे कर तो दिया तुम मांगना बंद कर दो स अरे तुमको सुनना नहीं है मैं समझ गया अब ड्रामा करना सुनना है सुनना हैने कहा जब आप सुनो सुनो जब
00:22:14:00 जब मैंने कहा आपने यह बताया कि जिस चीज का अस्तित्व नहीं है उसको मांगने वाला पागल है अब मुझे आप ये बताइए आज की डेट में आपको मालूम है कि किसी ने मृत्यु को जीत लिया हो नहीं ठीक है तो आप मृत्यु को जीतने वाले की मांग कर रहे हो ना लेकिन मैं कहां कह रहा हूं कि भगवान नहीं है मैं तो कह रहा हूं कि भगवान अरे भगवान पे क्यों जा रहे हो भगवान का अर्थ समझाया कभी भगवान शब्द प क्यों जा रहे हो भगवान का शब्द का अर्थ समझाया कभी आप जो मांग रहे हो ना उसी का नाम है भगवान आप जिसको मांग रहे हो उसी का नाम है भगवान आप सीधे भगवान को देखते हो भगवान शब्द को देखते हो मांग आप भी उसी को रहे हो मैंने आपसे पूछा आप मृत्यु को जीतने वा की मांग कर रहे हो आज की डेट में कि नहीं कर रहे हो एकदम कर रहे लेकिन वो तो इच्छा है ना सर अरे तो फिर अभी अभी तुमने कहा कि जिसका अस्तित्व नहीं है उसकी इच्छा करने वाला पागल होता है तो मान लोगे आप पागल हो सर आप समझ नहीं रहे बात मतलब नहीं सिद्ध कर पा रहे हो आप ठीक से आपको एक ही बात कहनी है आप करो आपको एक ही बात करनी है आप करो मैंने अभी आपसे क्या कहा आपने खुद कहा कि जिस चीज का अस्तित्व नहीं है उसे मांगने वाला पागल होता है आप खुद कह रहे हो कि मृत्यु को जीत लेने वाला कोई नहीं
00:23:29:00 है फिर भी आप मृत्यु को जीतने की फिर भी आप मृत्यु को जीतने की मांग कर रहे हो तो मैं कब कह रहा हूं कि भगवान नहीं है फिर भगवान प आ गए जो कट टू कट बात हो रही फिर दूसरी बात पर क्यों जा रहे हो अभी मैंने कहा कि क्या आप मृत्यु को जीतने की मांग आज की डेट में करते हो कि नहीं करते हो सब कर रहे हैं सर सब आप कर रहे हो कि नहीं कर रहे हो सब तो भगवान को भी मान रहे मैं तो नहीं कर रहा हूं सर लेकिन सब कर रहे हैं सा साइंस तो कर र मृत्यु को जीतने की बात आप नहीं कर रहे हो मैं नहीं कर रहा ना सर साइंस की बात कर रहा था मैं आपसे पूछ रहा हूं आप आज की डेट में मृत्यु की मृत्यु के विचार को त्याग देना चाहते हो कि नहीं मौत से भाग रहे हो कि नहीं अपनी सर जो जी रहे व भाग रहे समझो एक एक दिन तो मौत आएगी आएगी अरे आएगी मगर आप उसे हराना हराने की इच्छा रख रहे हो कि नहीं आज की डेट में एकदम सर रख रहे हैं इसमें कोई डाउट रख रहे हो ना तो आज की डेट में कोई अमर नहीं है ना नहीं है सर तो फिर क्यों मांग रहे हो
00:24:33:02 अमरता अमरता की खोज हुई नहीं है अभी अमरता की खोज नहीं हुई अभी तो अमरता क्यों मांग रहे हो सर ठीक है ठीक है आपकी बात समझ गया लेकिन ये तो मनुष्य की इच्छा हुई ना सर आप क्या कहना चाहते हो भगवान इच्छा सेले पहले ठीक है क्या समझे तुमने माना कि तुम पागल हो नहीं सर मैं तो पागल नहीं हं क्यक मैं तो य सब नहीं जानता तो तुम खुद कह रहे हो जिसकी प्यास का विषय ना हो उस विषय को मांगने वाला जो है व्यक्ति पागल है अब मैंने आपको बताया म से भागने की इच्छा है कि नहीं तो आप कह रहे हो है और जबक आप खुद कह रहे हो कि मृत्यु से भागने वाला कोई है नहीं विषय है नहीं तो आप पागल हुए ना पहले इसको सिद्ध करो पागल हो नहीं सर सुनिए सर मुझे नहीं लग रहा सर उतर मिल पाएगा मेरे सवाल का वो आप अगर य नहीं वो मिलेगा वो दर्शक देखेंगे वो दर्शक देखेंगे कि आप मिला कि नहीं मिला वो आप मत करो चलो अब इतनी बात हमने कर ली है अब एक बात मैं पूछता हूं आपसे जी सर की आपकी माता है हा हा सर बहन है बहन तो नहीं है लेकिन मानता हूं किसको
00:25:49:01 अच्छा जी तो क्या कोई ऐसा नियम है कि आप माता जी के साथ कभी भी पत्नी वाला व्यवहार नहीं करोगे अ है ना सर है सर एकदम सही सवाल पूछा आपने नजरिया दोनों अलग अलग है सही सही पूछा आपने नजरिया अलग-अलग है कहां से आया वो नियम सर पहला तो इसका जवाब है साइंस का साइंस के तरफ से आपको समझाऊ मैं ठीक है और दूसरा अगर मैं बात करू आपके जीवन में कहां से आया सर दो दो वज बता रहा हूं ना मैं हम दो बज बता रहा हूं पहला तो सर आप जीवन आप अपने जीवन में कहां से आए ये बताइए आपके में आया एकदम सर एकदम सर एकदम फिर तो उसके तीन वज है पहला है सर समाज प सुनि बात को सुनि मत प्लीज ठीक है ठीक है दूसरा इसके पीछे साइंस का भी कारण है ठीक है की माता को अलग नजर से देखना है बहन को अलग नजर से देखा जाता है ठीक है पत्नी को अलग नजर से देखा जाता है य साइंस का दूसरा अगर बात कर ठीक है तो धर्म है धर्म है धर्म धम नहीं धर्म को आप ईश्वर को नहीं मानते तो धर्म कहां से आ गया तो धर्म
00:27:04:09 से श्वर का क्या लेने देना सर धर्म क्या है परिभाषा बताओ अरे सर मेरे हिसाब से तो धर्म का मतलब सिर्फ इतना है कि ऐसा काम करो नहीं होता भाई अगर तुम कहीं से ट कोई शब्द ले रहे हो तो उसकी परिभाषा भी तो लोगे वहां से बता रहा हूं सर मैं मैं आप आप किसे धर्म मानते हो हिंदू मुस्लिम सय सब है क्या धर्म केवल हिंदू आर्य वैदिक धर्म है ठीक है सर लेकिन मैं इन सब को धर्म नहीं मानता ना सर मतलब मैं भी इस कटेगरी अरे भाई तुम यह बताओ तुम कह रहे हो सुनो तुम करते क्या हो सुनो तुम्हारा सुन लो तुम करते क्या हो मैं मनुष्य को मानता हूं अब मनुष्य क्या है जिसके चार पैर है जो रात में इधर से उधर मकानों में छलांग लगाती है जो दूध पी जाती है मैं उसे मनुष्य मानता हूं मनुष्य को मैं मानता हूं ऐसा नहीं नहीं मानता हूं मगर मनुष्य वो है जो चोरी से घर में घुसे गी दूध पी जाएगी चूहो को खाएगी वो मनुष्य उसको उसे मनुष्य कहता हूं यह क्या ड्रामा भाई सर जहा से आपने मनुष्य शब्द लिया वही से आपको लेना पड़ेगा ना उसकी परिभाषा तो आप धर्म को ज से ले उठ रहे हो पिक कर रहे हो
00:28:19:15 वो परिभाषा बताइए सुनि सर आपने पूछा धर्म तो धर्म काथ मेरे हिसाब से जो मैं मान रहा हूं जो मैंने पढ़ मेरे मेरे हिसाब से बाला मत बताइए आप धर्म की परिभाषा बताइए परिभाषा क्या है आपने कहा मैं धर्म को मानता हूं र् की परिभाषा है सर ऐसा काम करना ठीक है जिससे अपना भी कल्याण हो प्लस किसी समाज का भी कल्याण हो हर किसी का कल्याण हो य मेरे लिए ध कौन त करेगा ये कौन एक मिनट आपने जो परिभाषा बताई है वो अधूरी है यह कौन तय करेगा आपको जो सही लग रहा है कि मेरा कल्याण भी है समाज का भी क वही कार्य सही हो कौन तय करेगा क्या सर एक सेकंड आवाज आ र है एक बार और जो आपको अपने पॉइंट ऑफ व्यू से दिख रहा है यह कार्य करने का है वही कार्य सही हो करने योग्य हो यह कैसे डिसाइड होगा हो सकता है कि आपको जो सही लग रहा है हो सकता है दूसरे को गलत लग रहा हो और उसको जो सही लग रहा है व आपको सही लग रहा हो हा एकदम सही सर एकदम सही हो सकता है फर धर्म से ले आप से लेसे ले नहीं सर हर सिक्के के दो पहलू होते है सर अगर मैं अगर किसी के साथ
00:29:34:16 खेल रहा हूं मैं अगर अपना कल्याण चाहता हूं मैं जीता तो दूसरा तो हारेगा ना सर अरे मेरे भाई बात देखो बात है टॉपिक चेंज हो र है मैं क्लियर कर दू मैं आपको क्लियर कर दू सवाल पूछ सर एक सवाल बस सवा एक सवाल आप एक बात बताइए ठीक है दो आदमी है ठीक है एक आदमी वो है जो श्वर के अस्तित्व को मानता है रोज मंदिर जाता है सुबह शाम लेकिन वो काम करता है ऐसे जिससे किसी का नुकसान हो रहा है ठीक है और एक ऐसा आदमी है जो कभी भगवान को नहीं मानता व पूरा शीका से बोलता है कि भगवान नहीं है ठीक है लेकिन वो अच्छे काम करता है कर्म उसके बुरे नहीं है बस कहता है कि भगवान बुरा है तो आप मुझे बताइए कि धार्मिक आदमी कौन हुआ वो जो भगवान को मार रहे है या वो जो भगवान को नहीं मानता बताता हूं बताता हूं हा धार्मिक आदमी कौन हुआ वो बताता हूं हा पहली बात जो आप ये सोच रहे हो कि नास्तिक जो धार्मिक है जो भगवान को मना कर रहा है वो तो धार्मिक है नहीं और जो दूसरा वाला है दूसरा वाला सुनो दूसरा वाला है जो भगवान को मानता तो है मगर आचरण कर रहा है उसके विरुद्ध धर्म के विरुद्ध आचरण कर रहा है तो
00:30:49:16 वह धार्मिक है मगर धर्म के द्वारा उसकी संज्ञा हुई अपराधी धर्म के द्वारा उसकी संज्ञा क्या हुई के दृष्टिकोण से अपराधी और जो नास्तिक है वो धार्मिक नहीं है और सुनो कैसे मैं बता रहा हूं सुन लो ठीक है मैंने आपसे जो प्रश्न पूछा था उस पर आते हैं आपके जीवन में जो क्या कहते हैं निश्चित जो सिद्धांत है माता के साथ गमन ना करने का एक जगह बैठ जाइए फिर बात करते
00:31:26:04 हैं जी आपके पास जो निश्चित सिद्धांत है माता के साथ गमन ना करने का वो आपको कहा से मिला है सर उसके ब बताया मैंने एक बताया धर्म बताया मिनट मिनट आपने जो धर्म उसका कारण बताया धर्म का प्रारूप क्या है वो कहा से उित हो रहा है कोई आइजी है कोई नियमावली को बुक है क्या है
00:32:02:00 वो धर्म सर समास है सर धर्म सर आप य पहले तय कर लीजिए धर्म धर्म धर्म से आया है धर्म समाज से आया क्या कह रहे हैं आप चले गए थोड़ा सा कट हो गया था सर ठीक है अब मैं पूछ रहा हूं आपसे कि धर्म जो आपके पास आया है वो धर्म नहीं माता को पत्नी की माता के साथ गमन ना करने का सिद्धांत आपके पास कहां से आया वही तो बता रहा हूं सर देखिए बोते वेस्टर मर्क प्रक्रिया बोलते हैं सर ठीक है इसके अरे मेरे भाई अभी आपने जो तीन चीज बताई थी धर्म समाज और साइंस उनमें से एक किसकी बात कर रहे हो साइंस साइंस की अच्छा तो साइंस के आधार पर आप ये मानते हो कि माता के साथ गमन नहीं करना चाहिए
00:33:17:24 अरे सर एकदम सही बोल रहे हो आप अरे सरदम सही बोल रहे सुनि य ज्यादा बाहर आ रहा हं ठीक है यहां प थ सोर जा रहा है थोड़ा सा इसीलिए मैं थोड़ा सा बाहर आ रहा हूं एक सेकंड सर एक सेकंड एक सेकंड जस्ट जा रहा हूं ठीक है हम यहां पे थोड़ा सा स्वर ज्यादा हो गया इसीलिए बताइए जी सर जी बताइए बताइए सर आपने जो तीन पॉइंट बताए थे उसमें से आपका मुख्य कारण क्या है माता के साथ गमन ना करने का सर इसके पीछे कारण है वेस्टर मर्क प्रक्रिया ठीक है 18 सा बोल रहे हो ना आप साइंस बोल दो ज्यादा उसको खोल रहे हो साइंस है ना आपका कारण माता के साथ गमन ना करने का कारण साइंस है नहीं तीन वज बता रहा तीन वज न न म है कौन ककन सी है बताइए एक तो समास ठीक है समाज दूसरा हा समाज तीसरा सासरा सा है ठीक है और तीसरा सर धर्म भी है एक तरह से बोले तो धर्म भी है सर सबसे पहले
00:34:32:27 आप यह बता दीजिए यह धर्म का प्रारूप क्या है आपके कोई किताब है कोई आडलज है जिसको आप धर्म कह रहे हो क्या है वो सर धर्म जिससे अच्छे काम हो सके अब मा हुआ है क्या मैं आपसे पूछ रहा हूं व आपको मिला किस रूप में किस रूप में मिला वो आपने कहाना इसकी वजह से कोई वस्तु है कोई आडलज है कोई टीचिंग है कोई ज्ञान है किसी का वो पूछ रहा हूं मैं आपसे क्या है कोई टीचिंग नहीं अनुभव से सर यानी आपके अंदर से आता है वो अनुभव से बाहर देखता हूं सीखता हूं उससे आ रहा है क्या सही क्या गलत अरे क्लियर कट बोलो अनुभव से आ रहा है कि बाहर से आ रहा है दोनों से दोनों से बाहर से देखा और यहां से तो एक बाहर से हो गया समाज समाज हो गया और एक आप जो अंदर से आया तो समाज की बात कर लेते हैं समाज में इस समय जो है एलजीबीटी क्यू वालों की संख्या बढ़ती जा रही है हम ठीक है और दुनिया में बहुत बड़ी एक पन इंडस्ट्री है हां है एकदम है तो क्या
00:35:48:12 यह समाज की संख्या बढ़ती जाएगी और ये लोग ऐसा सिखाने लगेंगे कि माता के साथ गमन करो तो आप भी करने लगोगे कौन बोला सर आप ही तो कह रहे मैं समाज से प्रभावित हो रहा हूं नहीं सर तो समाज में तो दो लोग है ना अच्छे और बुरे करता मैं आपसे कह रहा हूं समाज में जिसकी संख्या ज्यादा होगी उसकी बात मान लोगे ना कैसे में मानने का सही और गलत सर क्या सही क्या गलत है और गलत पैरामीटर क्या है वही तो बता रहा सर धर्म है सर अरे धर्म पैरामीटर आ गया अभी आप बात कर रहे थे अनुभव और समाज की अब धर्म का मुझे प्रारूप बताओ क्या है धर्म अरे सर जी तो समाज से धर्मला धर्म ने हमें बताया कि क्या सही क्या गलत वो धर्म क्या है कहां से मिला आपको वो धर्म धर्म की परिभाषा जो है वो है जीव की चाह के वास्तविक विषय सच्चिदानंद स्वरूप परमेश्वर को प्राप्त कराने वाली नियमावली धर्म है अब आप ईश्वर को नहीं मा एक मिनट जब आप ईश्वर को ही नहीं मानते हो तो धर्म की परिभाषा बता दो मुझे क्या है तो सर धर्म से ईश्वर का क्या लेना देना मैंने बताया ना सच्चिदानंद
00:37:03:22 स्वरूप परमेश्वर को प्राप्त कराने वाली जो नियमावली है उसका नाम धर्म है नहीं सर तो आपने तो वेद पुराण में पढ़ा है ना है कि नहीं धर्म क पढ़ लिया वेद पुराण के अलावा बताओ वाह सर वा क्या बात कर सर आप बा क्या बात दिखाओ वेद पुराण गीता जो सनातन शास्त्र वो है इनके अलावा लिखा दिखाओ धर्म शास्त्रों के अलावा धर्म लिखा है दिखाओ अरे ऐसा नहीं है सर आप बात बता हर चीज लिखा उसको मान लोगे क्या तो फिर तो फिर हम आपकी बात क्यों माने जो आप धर्म कह रहे हो वही तो मैं पूछ रहा हूं सर वैसे भी मेरा सवाल तो मुझे सवाल पूछने किया मत करोना उसके दूसरे शब्द का उपयोग करो आप खुद ही बोले चले जा रहे हो मुझे दे ही नहीं रहे हो बोलने का कुछ वो वो दिख रहा है जो लोग देख रहे लाइ उनको दिख रहा है नहीं दिख रहा है सर नहीं दिख रहा है आप उलझे हुए सवालों के जवाब दे रहे हो जैसे कि हमने आपसे पूछा माता बहन और पत्नी में अंतर क्यों करते हो ठीक हैन चीज बताई आपने बताया समाज साइंस धर्म धर्म का कोई स्पेसिफिक
00:38:19:09 आपने वो बताया नहीं कि आपका धर्म कहां से आ रहा है आपके पास आपके पास से आ रहा हैन बिल्ट है आपने हा या ना जवाब देना मैं फिर से वही सवाल दोहराता हूं ठीक है कोई ऐसा आदमी है ठीक है मतलब मैं अपनी बात क धर्म से श्वर क्या लेने देना ऐसा आदमी है जो अच्छे कर्म कर र क्या धार्मिक नहीं हो सकता और ऐसा तुम्हारी क्या दिमाग खराब है क्या मैंने तुमसे य पूछा हैने तुमसे य पूछा है मैंने तुमसे य पूछा है हा धार्मिक नहीं हो सकता सिर्फ अच्छे कर्म करने वाला व्यक्ति धार्मिक नहीं हो सकता है धार्मिक वही है हम अरे बोल तो रहा हूं जो ईश्वर को मानता है वो धार्मिक है वो आस्तिक है अब वो र्म तो वो अपराधी कहलाएगा ना वो अपराधी कहलाएगा सुनो सुनो मेरी बात मेरी बात सुनो कोई व्यक्ति अगर रेप कर देता है तो क्या हम ये कहने लगे कि वो मनुष्य नहीं है वो जानवर है अरे सर ग वो जान वो जानवर के तुल्य हो सकता है जानवर नहीं है जानवर के तुल्य है जो जानवर जैसा व्यवहार करने
00:39:34:20 लगे अगर कोई मनुष्य जानवर जैसा मवार करने लगे तो वो जानवर नहीं है जानवर योनि में जन्म लेने वाला नहीं है वो है मनुष्य मगर जानवर के तुल्य है इसी तरीके से वो जो जो धर्म ईश्वर पर आस्था रखने वाला होते हुए भी गलत आचरण कर रहा है तो वो ऐसा नहीं है कि वो आस्थावान है ही नहीं वो अपराधी है धार्मिक दृष्टिकोण से और जो तुम्हारा जो नास्तिक है जो ईश्वर को मानता ही नहीं है आपकी फोटो फ्रीज हो गई है जो आस्तिक है जो आस्तिक है वो जो नास्तिक है जो ईश्वर को मानता ही नहीं है क्योंकि उसके पासस अंतिम रूप से कोई नियमावली नहीं है मां को मां मानने की बहन को बहन मानने की इस कारण से वो तब भी निम्न ही कहलाएगा क्योंकि जो नास्तिक है तब भी उसके कुछ सिद्धांत है मगर जो आस्तिक है उसके तब भी सिद्धांत है कुछ मगर नास्तिक के कोई सिद्धांत नहीं होते इसलिए वो हमेशा निम्न कहलाएगा भले ही वो आज की डेट में एक अच्छा आचरण कर रहा हो क्योंकि नास्तिक के पास कोई सिद्धांत नहीं है वह कह रहा है कि मेरे साइंस के ऊपर आधारित है क्योंकि साइंस कहती है तो मालूम पड़ा वो अपनी माता जी के साथ रात में सो रहा है
00:40:50:00 पास में और रात में मैसेज आया कि साइंस ने ढूंढ लिया है कि अब माता के साथ गमन करने पर दिक्कत नहीं है तो बस वहीं से बदल गया मामला तो ऐसे नहीं इसलिए व नास्तिक जो है उसकी क्रेडिबिलिटी नहीं है वहां आस्तिक के सामने मेरी थोड़ी तबीयत स्वास्थ खराब है नास्तिक लोग यह तो खैर छोटे बच्चे टाइप के हैं ज्यादातर उलझे हुए होते हैं सवाल का जवाब ही नहीं देते ठीक से सीधे-सीधे समाज धर्म अब धर्म अलग से पकड़ लिया अब धर्म को पूछ रहे कहां से आया तो कहो ना मेरी इच्छा है उसको मैं धर्म कह रहा हूं तो फिर हम
00:41:39:24 पूछेंगे हेलो सर हां जी सर नेटवर्किंग प्रॉब्लम हो सकता है बताइए ठी हो सकता है मैं आपसे कुल मिलाकर दोबारा आ जाता हूं जो आप धर्म नाम ले रहे हैं या तो इसको छोड़ दो या फिर इसकी परिभाषा बताओ आपकी जो परिभाषा हो वो बताओ नहीं सर आप ही बता दीजिए एक बार इसकी परिभाषा आपके हिसाब से क्या मा करनी नहीं है आपको क्लियर बात अब करनी नहीं है करनी है आपकी जो आपकी जो परिभाषा है धर्म की वो बताइए सटीक आपने देखिए एक बता दिया कि समाज के कारण में माता को गमन नहीं करता हूं एक साइंस के कारण हम लोग इसको तब बात करेंगे जब आपके तीनों पॉइंट को हम समझ ले समाज में क्या होता है इसलिए आप नहीं करते हो माता के साथ गमन और साइंस कहती है इसलिए आप नहीं करते हो माता के साथ गमन और जो धर्म की बात है नहीं साइंस है आपके शरीर में ही साइंस वही बात है एक बात है सही बात है ठीक नहीं आपने जो तीसरी बात कही है ना धर्म आपने जो तीसरी बात कहि है धर्म इसको हमें समझा दो ये क्या है क्या है ये आपकी वही तो बता रहा हूं ना सर ऐसा काम करना जिससे लोगों का कल्याण हो वही धर्म है यानी अरे मेरे भाई वो जो काम करना है वो कोई वस्तुनिष्ठ थोड़ी ना हो रहा है यानी कि
00:42:55:08 आपको जो लग रहा है कि समाज का कल्याण होगा वो आपका धर्म है और आपको लगता है कि माता के साथ गमन करने से समाज का कल्याण नहीं होगा इसलिए आप गमन नहीं करते हो एकदम सही तो यानी कि आप अपने अनुभव को धर्म कह रहे हो ना [संगीत] अपने कर रहा हूं क्या आपने अनुभव नहीं किया है क्या ऐसा आपकी आपकी जो है फोटो और वॉइस अटक रही
00:43:29:27 बार बार ना कट र सर को नहीं सर मेरे हिसाब से आप बताइए आप धर्म को क्या अच्छा नहीं मानते है आप अपने को तो धर्म कह रहे हो मैंने बात हैने वाले को धर्म बोलते हैं मैं आपसे पूछ रहा हूं कि आप अपने अनुभव को धर्म कह रहे हो या किसको क रहे हो किसका अनुभव है वो काम बुरा करने वाले को सर आपका पूरा क पूरा क आप नेटवक खराब है सही नेटवर्क में आके बात
00:44:19:01 करिए एक असल में बात इसलिए आगे नहीं बढ़ पा रही है क्योंकि इन्होंने एक शब्द अलग से ले रखा है धर्म भाई जब तुम ईश्वर को मानते नहीं हो तो धर्म को लाओ मत बीच में अब धर्म को ये कह रहे हैं कि वो मेरा अनुभव है तो पहली बार जब ये निर्वस्त्र बाहर जा रहे होंगे तो इनको माता जी ने कहा होगा कि भाई वस्त्र पहन के जाओ हम कि अपने आप इनका अनुभव हुआ था व क्या मैं आपकी पूरी बात नहीं सुन पाया था ना चला गया था नेटवर्क इसलिए अब बताइए सर बताइए हां मैं ये कह रहा हूं कि क्या आप अपने अव को धर्म कह रहे हैं ये धर्म की संज्ञा आप दे किसको रहे हैं अनुभव कोही धर्म कह रहा सर अच्छे कर्म करने वाला धर्म बात मत करो भाई भी वाली बात मत करो सटीक बात करो सटीक ये जो धर्म की इंफॉर्मेशन है क्या सही है क्या गलत यह इंफॉर्मेशन प्रोवाइड कहां से हो रही है आपको नहीं सर तो आप यह कहना चाहते हो जो वेद पुराण में लिखा है वही सही है फिर वही बात अभी मैं आपसे क्वेश्चन किया है ना आप धर्म किसे कह रहे हो अच्छे कर्म को धर्म कह रहा हूं बुरे कर्मों को अधर्म कह रहा गलत क्या अच्छा कर्म क्या अच्छा कर्म है क्या बुरा
00:45:34:09 कर्म है इसकी कोई नियमावली की बुक है आपके पास या कहां से सोर्स ऑफ इंफॉर्मेशन कहां पर है कि वह अच्छा कर्म क्या है बुरा कर्म क्या है अनुभव है ना क्या है अनुभव है सर अनुभव से ही तो आदमी सीखता है सर सही तो बात बार पूछ चुका बोल दो ना अनुभव को धर्म कह रहा हूं अनुभव ही धर्म है सर अच्छे कर्म करू ना वो धर्म बुरे कर्म कर खराब है वो अच्छे कर्म काम नि होगा अच्छे कर्म का निर्णय कहां से होगा कि अच्छा है कल्याण से सय से होगा वो बताओ कल्याण से सर किसी का कल्याण हो रहा अच्छा धर्म है आप नहीं समझ पाओ कल्याण की परिभाषा क्या है जिससे भला हो सर अ भला का परिभाषा मत पूछना भले की परिभाषा क्या है पूछनी पड़ेगी क्योंकि आपसे पूछूंगा ना क्वेश्चन अच्छा मैं सवाल करूंगा तो फिर आप जवाब नहीं दे पाओगे फिर वो बाद की बात है अभी आप अपने धर्म को क्लेरिफाई नहीं कर पा रहे आप मुझे ये बताइए कि भले की परिभाषा क्या है ऐसा क्या हो जिससे माना जाए कि सामने वाले का भला हुआ ऐसा क्या हो उसके साथ सामने वाले का भला सर
00:46:49:14 जिससे उसका भला हो ना कि किसी का नुकसान हो एकदम नुकसान भी ना हो किसी का उसका भी भला हुआ मैं आपसे पूछ रहा हूं कि सामने वाले का भला हो ऐसी कौन सी प्रक्रिया है जिससे हम ये मानेंगे कि उसको उसका भला हुआ वो क्या है प्रक्रिया देख कर के सर आप नहीं समझ पाओ ता है पास आपके पास शब्द नहीं है आप हसने आए आ आपने मुझे सवाल करने का मौका ही कहा दिया है अभी अरे भाई जब तुम उल्टी सीधी बातें कर रहे हो तो मैं उसमें से सफाई करके अपनी बात करने की टॉपिक तो निकालूं ना तुम कह रहे हो कि धर्म वो है जिससे किसी का कल्याण हो अब मैंने कहा कल्याण की परिभाषा क्या है जिससे किसी का भला हो अब मैं पूछ रहा हूं भला क्या है कि देख कर के पता लगेगा तो हम क्या देखेंगे क्या ऐसा हो रहा होगा जिससे हमय मानेंगे कि उसका भला हो गया क्या वो हवा में उछल रहा हो या वो अपनी दाढ़ी बना रहा हो ऐसा क्या हो उसके साथ उसको क्या उसमें हम क्या देखेंगे जिससे हम उसका भला मान ले बोलिए लाभ सर लाभ अब किसी का लाभ हो अब ऐसा नहीं बोल रहा हू कि हर लाभ नहीं सर हर प्रकार का लाभ नहीं ठीक है कुछ लाभ ऐसे भी है ठीक है जिनसे
00:48:05:02 खराब है ठीक मैं हर ला की बात नहीं कर रहा मुझे आप निश्चित नियमावली बताइए कि वो जो आप कह रहे हो कल्याण हो उसकी परिभाषा क्या है वो कुछ और कुछ जो आप कह रहे हो उसका निश्चित पैरामीटर क्या है निश्चित बताइए ना जैसे की सुनो जैसे की कुछ लोग कह देंगे कि हमारा भला तो माता के साथ गमन करने में है तो क्या हम उसको वो उसके लिए क हा तुम सही कर रहे हो भला हो गया उसका अरे सर क्या उसको समाज नहीं बताएगा क्या सही है गलत है समाज प आइए फिर आप धर्म पर मत जाइए धर्म उल्टा सीधा धर्म की व्याख्या करते हु मत जाइए आप समाज मान कि मेरे लिए समाज है आपने धर्म को लिया ना बीच में आप समाज मानिए ना नहीं सर मैंने धर्म को लिया क्योंकि आप इस की बात कर रहे थे नाय समाज है समाज है साइंस है धर्म है फिर धर्म आ गया धर्म के पीछे तो समाज है ना धर्म के पीछे समाज नहीं है सर समाज से धर्म निकला है ना कि धर्म से समाज धर्म एक तरीका है जिससे चल रहा है समाज कहीं से कुछ
00:49:20:04 काम पागल आदमी भाई कैसा पागल आदमी जो तू कह रहा वही तो मैंने कहा नहीं सर आप नहीं जवाब दे पा रहे हो ठीक से अरे भाई धर्म के पीछे समाज है तुम भी तो वही कह रहे हो कि धर्म से समाज से धर्म निकला धर्म से समाज नहीं निकला मैंने भी तो वही कहा कि धर्म के पीछे समाज है धर्म का अंतिम निर्णायक समाज है यही तो मैंने कहा दोनों तो सेम ना सर स मैं भी तो वही कह रहा हूं सर मैं भी तो वही कह रहा हूं तुम मेरे को ये कहते हुए कह रहे हो कि तुमने गलत बोला आप अरे सर जी आप भी सही हो सुनो जब मैंने ये कहा कि धर्म के पीछे समाज है तो आपने कहा नहीं नहीं सर धर्म के पीछे समाज नहीं है फिर खुद ही वही बात बता रहे हो कि क्या कहते हैं जो धर्म है वो समाज से निकला है समाज धर्म से नहीं निकला है एक बेटे के पीछ के लिए कहा सुनले तो ऐसा मत करो कोही बात बोलो जो सच हो ऐसा मत करो कोई बात बोलो जो हां तो यानी कि आपके पास दो चीजें है समाज और साइंस धर्म भी फिर धर्म आ गया धर्म के पीछे समाज ही तो है
00:50:36:12 अरे सर ध धर्म के मूल में क्या है मूल में क्या है धर्म के धर्म सर कार्य अच्छे करोना सर धर्म है वो धर्म के मूल में क्या है धर्म का मूल कर्म है सर समाज नहीं है समाज नहीं है अरे सर आपका आवाज नहीं आ रहा था सर आपका नेटवर्क खराब है हेलो धर्म के मूल में अभी आपने माना ना अगर वो गलत कर रहा होगा तो समाज भी तो देखेगा तो यानी कि धर्म का निर्णय समाज से हो रहा है कहने का मतलब ये है मेरा
00:51:28:06 कहने का मतलब मेरा सुनिए सुनिए मैं ये कहना चाह रहा हूं कि जब आप समाज को ले रहे हो तो अलग से धर्म को मत लो क्योंकि आपने बताया कि धर्म का निर्णय समाज से ही हो रहा है समझ रहे जब आप धर्म को समाज को ले रहे हो तो आप साइंस ले रहे हो वोह ठीक है मगर धर्म को अलग से मत लो धर्म उसी से निकल रहा है ओरिजिन उसका वही है समाज सर अगर धर्म का ओरिजन क्या है हा वही है समाज इसलिए मैं कह रहा हूं धर्म को अलग से लो धर्म अपने आप में अलग अस्तित्व नहीं है समाज से ही निकल रहा है समाज ही य तय कर रहा है यह अच्छा कार्य है यह करने का है समाज ही तय कर रहा है यह बुरा कार्य है यह करने का नहीं
00:52:19:18 है पले नेटवक में चलिए ठीक है आज के लिए इतना काफी है इनका नेटवर्क ठीक है नहीं आते हैं तो देख लेते हैं हेलो मैं ये कह रहा था कि जब आप समाज को ले रहे हो तो क्योंकि धर्म भी समाज से ही है क्या करना है क्या नहीं करना है तो अलग से एक और ऑप्शन बनाने की कन्फ्यूजन पैदा होगी इसलिए उसको अलग से रखने की आवश्यकता नहीं है
00:53:14:06 हा मेरे पछे कारण सुन ना क्या कारण सु मैंने धर्म को इसलिए कहा क्योंकि धर्म का नाम मैंने इसलिए लिया क्योंकि धर्म से लोग ईश्वर को जोड़ते हैं भगवान को जोड़ते हैं क्योंकि वो है क्योंकि वो है आप कैसे सि करोगे अच्छा ये बताओ आपका नाम क्या है मेरा नाम सर अतुल वैष्णव अतुल वैष्णव स कैसे सिद्ध करोगे सर सर्टिफिकेट है सर तो मेरे पास ग्रंथ है अच्छा अच्छा तो सर एक बात बताइए आप क्या मानते है क्या ग्रंथ में सब लिखा सही है अभी टॉपिक चेंज मत करो अभी तुम काउंटर करो मैं उनको किताबों को नहीं मानता सर वो तो बुलाने का तरीका है सर आप नाम की बात कर रहेने पूछा नाम पूछा तो मैंने तुम उनको काउंटर करो ना धर्म की परिभाषा धर्म शब्द जहा से आया वहा से लोगे कि नहीं लोगे लेंगे सर लेकिन वही से सही हैय कैसे लेे वही से सही कैसे लेलो ठी है अब यह बताओ तुम्हारा नाम जो सर्टिफिकेट में लिखा है वही सही है यह कैसे सर जी सर जी क्या बात कर रहे हो कहां
00:54:29:07 से कहां टॉपिक आप जोड़ रहे हो आप बताइए मुझे ऐसे ऐसे ही छते है ना जैसे तुम लोग छते हो ऐसे पर आपने नाम का बात किया ना नाम एक तरीका है किसी को बुलाने का बस नाम आपका नाम क्या है सर तो ये आपका नाम नहीं है मतलब आपका नाम इसको माने कि ना माने अतुल पिताजी का नाम क्या है मानोगे सर मानो ना सर पिताजी का नाम क्या है लक्षमण दास वैष्ण सर तो वो पिताजी का नाम कहां लिखा है कैसे मान ले वही है अरे सर जी फिर वही सर जी एक बात बताइए नाम क्या है पहले य पूछ वो तो बताइए कैसे मान ले कि आपके पिताजी का नाम लक्ष्मण दास है लक्ष्मण दास है कैसे मानोगे सर सर्टिफिकेट है एक चीज ठीक है दूसरी चीज हमें बताया गया है कि उनका नाम है वैसे ही मेरा नाम रखा गया है रखा गया है ऐसे ही मैं बता रहा हूं कि हमारे पास ग्रंथ है और हमें बताया गया है तो आप उसको कैसे दिखा पाएंगे मैं तो अपने पिताजी को लाकर खड़ा कर सकता हूं भगवान को लाकर खड़ कर सकते हो क्या अभी बात ये हो रही है कि धर्म किसे कहते धर्म की परिभाषा की बात हो रही है अभी ईश्वर के अस्तित्व की बात नहीं हो रही है मे सवाल जवाब नहीं दे पाओगे सर इसलिए नहीं क्यों नहीं दूंगा तुम हसने लगते हो
00:55:44:28 अभी बात किसकी हो रही है अभी बात य हो रही है धर्म की परिभाषा किसकी मानी जाए तो धर्म की परिभाषा ग्रंथों में लिखी हुई धर्म की परिभाषा नहीं मानेंगे तो हम आपसे ये कहेंगे कि आपके पिता का नाम ये क्यों माना जाए आपके सर्टिफिकेट नहीं मानेंगे समझ गए तो कहा का टॉपिक आप कहा जोड़ रहे हो समझ में आ रहा है आपको क्यों आप इसको कैसे सिद्ध करोगे अरे भाई सुनो तुम दो चीजों को मिला रहे हो ईश्वर के अस्तित्व की बात नहीं हो रही थी अभी अभी बात हो रही थी कि धर्म की परिभाषा क्या है तो आपने कहा धर्म की पर आपने आपने कहा धर्म की परिभाषा वो नहीं मानेंगे जो ग्रंथ में लिखी होगी हमारी अपनी परिभाषा धर्म की अच्छा ले च सु धर्म की परिभाषा वो नहीं मानेंगे जो ग्रंथ में लिखी होगी तो फिर इसी प्रकार से हम आप पता का नाम आपके पिता का नाम हम वो कैसे मान ले जो सर्टिफिकेट में लिखा हुआ है हा समझ रहे तो ये तो रही सवा
00:57:00:13 सवाल अभी करेंगे हो जाएगा छूट जाएगा सवाल अभी करेंगे इसलिए मैंने कहा था आप जो है समाज लो सास लो मगर धर्म को आप बीच में मत लाओ क्योंकि धर्म है नहीं अभी आपने कहा धर्म से ईश्वर का संबंध है आप टॉपिक को छोड़ रहे हो अभी बात य चल रही है कि माता बहन और पत्नी में आप अ किस आधार पर करते हो तो आपने तीन आधार बताए थे सा और र्म जिसम से एक जो धर्म व अनावश्यक है क्योंकि उसके मूल में भी समाज है तो आप धर्म का नाम मत लो अलग से एक तो व परिभाषा धम की आपकी जो परिभाषा है धर्म की वो धर्म श की हुई है जहा से उसके विरोध में ठीक अरे सर जी तो गलत भी तो हो सकता है आपकी उत्पत्ति वाली बात फिर आपके बाप का नाम भी तो गलत हो सकता है अरे सर ते आपको अपने पिता के नाम शक हैम रखते नाम क्यों रखते आपको आपके पिता के नाम पर शक है किसी को अभी नाम क्यों रखते हैं बताइए आपको आपके पिता के नाम पर शक
00:58:15:24 है मैं आपसे पूछ रहा हूं कि नाम क्यों रखते हैं जिससे कि हम जान पाए ये ये है ये ये है ये ये है क्लासिफिकेशन कर पाए एकदम सही जवाब एकदम सही जवाब उसी प्रकार से मेरा पिता का नाम रखा गया है जिसे जान पा रहे हैं ठीक है अरे तो भाई जिसको तुम अपना पिता बता रहे हो वही तुम्हारा पिता है हम कैसे मान ले अच्छा ऐसा बात है अब आप मुझसे पूछ रहे हो कि जो मेरे साथ सुनि ना सर आप मुझे पूछ रहे हो कि जो बाप मेरे साथ रहता है जिसे मैं पिता मार रहा हूं य क्या सबूत है कि मेरे पास पिता है वो यही पूछ रहे हो ना हा वही आपका पिता है वो क्या है कैसे मान ले कैसे मान ले कि वो पिता है मेरे साथ ठीक है ये तो सर सवाल का काउंटर हो गया फिर मैं कैसे मान लू कि भगवान जो है आपका है अस्तित्व में यानी कि एक ज देखो अभी ईश्वर के अस्तित्व की बात नहीं चल रही है अभी बात चल रही है कि आपने कहा धर्म की परिभाषा यह है ठीक है मैंने कहा नहीं धर्म श एक मिनट भाई मैंने आपको बताया धर्म शब्द की उत्पत्ति जहां से होती है वही पर उसकी परिभाषा दी हुई है वो परिभाषा में माननी पड़ेगी तो आपने बताया कि हम हो सकता है उसने धर्म की गलत परिभाषा लिख दी हो तो इस प्रकार से
00:59:30:28 तो जैसे आप यहां पर आए तो आप अगर अपना पिता हमें बताएंगे कि ये है तो हमें मानना पड़ेगा कि यही है क्योंकि हम आपसे ही आपके पिता को जान रहे हैं ठीक है अब आप अगर ये कहोगे आप अगर ये कहोगे कि धर्म धर्म को हम जान तो हम धर्म शब्द को रहे शास्त्रों से मगर हम परिभाषा नहीं े शास्त्रों से तो हम हम भी कह सकते हैं कि हम जान तो रहे हैं आपके पिता को आपसे मगर हम परिभाषा नहीं मानेंगे आपकी आपका पिता है आप उनके पुत्र हो समझ में आया को छोड़ दो धर्म शब्द को छोड़ दो समाज और सास कर या फिर तुम लगे रहो धर्म है तो कैसे छोड़ को छोड़ क्या अरे कहा से धर्म है तुम्हारा कहां से धर्म है वो बताओ ना धर्म का प्रारूप तुमने कहा तुमने कहा धर्म का प्रारूप है समाज तो जब समाज को आपने लडी ले लिया है जब समाज को है तो फिर अलग से फर धर्म का ऑप्शन क्यों ला रहे हो मत लाओ या तो धर्म की अपनी या तो धर्म की अपनी या तो धर्म की अपनी सिद्ध करो धर्म की अपनी जो वो है एक्जिस्टेंस वो सिद्ध करो सर जी तो आप किसे धर्म मानते हो मेरे हिसाब से तो धर्म
01:00:46:03 है अरे भाई हिब से मैं बात कर रहा हूं यदि तुम्हारा धर्म समाज से निकल रहा है और समाज को ऑलरेडी आपने ऑप्शन में लिया है तो फिर उससे निकलने वाली एक और चीज को क्यों रख रहे हो या तो उस सता उसकी सत्ता समाज से अलग प्रूफ करो एक मिन सर आवाज नहीं आया आपका एक मिनट एक बार फिर आवाज नहीं आ
01:01:19:03 रहा धर्म जहा से निकल रहा है जब धर्म जहां से निकल रहा है जब धर्म से निकल रहा है उसकी जहां से व निकल रहा है उसको आपने लिया समाज और साइंस भी ले लिया अब जब समाज आपने ले लिया तो समाज में आपका धर्म वही से निकलता है तो समाज जब ले लिया तो उसम सब आ गया फिर अलग से धर्म क्यों कह रहे हो समझ रहे हो या अगर अलग से लेना है अगर धर्म को अलग से लेना है तो धर्म की अपनी अलग सत्ता सिद्ध करो बिना समाज के चलिए सर समझ गया मैं आपकी इसीलिए क्या करते हम धर्म को चली छोड़ते है चाहिए एहसान नहीं चाहिए वोसा कर र सर मैं आपसे छोटा नहीं अब आपकी दो बात हो गई समाज और साइंस ठीक है सर हा तो आपने कहा सास साइंस को ले लेते हैं साइंस आपका आधार है ईश्वर को ना मानने का है ना तो ईश्वर को ना मा क्या ऐसा क्या ऐसा होता है साइंस में कि आज कुछ कहा गया और उसके बाद कुछ नई इन्वेंशन हुई वो बदल
01:02:34:04 गया सिद्धांत बदल जाता है सर साइंस में बदल जाता है है ना एकदम सही कि जैसे आज आज ये चीज नहीं नहीं ये चीज गलत है कल को हो सकता है सही है या ये चीज आज सही है कल को हो सकता है गलत सा के सि बदलते हैं तो यानी कि यानी कि साइंस पहली बात तो ये है कि आपने ने अच्छे से जान लिया है कि दुनिया में ऐसा कोई साइंटिस्ट नहीं है जो यह कहता हो नहीं माता के साथ गमन करने में कोई दिक्कत नहीं है हा कोई मतलब की सर ऐसा नहीं है मतलब कहने का मतलब मेरा है कि को गलत है और करसे सासे सा सुनि सुनि ऐसे साइंटिस्ट भी दुनिया में है ऐसे साइंटिस्ट भी दुनिया में है जो कि इस तरह के संबंध का समर्थन करते हैं अरे सर तो उनकी बात है ना भी पूछ रहा हूं हा ठीक है ऐसे साइ दुनिया में है जो ऐसे संबंधों का समर्थन करते हैं और ऐसे साइंटिस्ट भी दुनिया में है जो ऐसे संबंध का विरोध करते हैं ठीक है
01:03:49:06 सर सुनिए अबरा मेरा पूछना ये है आपसे कि कल को अगर प्रॉपर सभी साइंटिस्ट नेय निकाल लिया कि माता के साथ गमन में कोई दिक्कत नहीं है बल्कि अच्छा है तो आप करने लगोगे सुनि सर सुनिए ना सर मैं पूछ रहा हूं मैं पूछ रहा हूं वो बताइए आप करने लगोगे हा बता सर सुनेंगे तभी तो बता पा आप ब बताने से पहले आप कहते हो सुनिए ना सर भाई मैं जब आपसे कह रहा हूं बताओ तो फिर उसम एक एक्स्ट्रा लाइन की आवश्यकता नहीं है कि सुनिए ना सर देखि देख आप जो बोल रहे हो कि साइन शाश्वत नहीं है मैं मार रहा हूं शाश्वत नहीं है ठीक है लेकिन कुछ चीजें सिद्ध हो चुकी है और जो एकदम करेक्ट है उन्हें बदला नहीं जा सकता सर ठीक है उन्हें बदला कहां जा सकता है 181 में एक स्टडी हुआ था उसको बोलते हैं वेस्टर मर का अभिक्रिया ठीक है वो शरीर का प्रक्रिया होता है वो जैसे उसम ना नवजात शिशु को लिए थे अलग-अलग नवजात शिशु को लिए थे और उनको एक साथ रखा गया तो बाद में उनके बी पाया गया एक बात बताइए एक बात बताइए ये जो आप मुझे रिसर्च बता रहे हैं इस पर ठप्पा किसने लगाया कि अब ये बदलेगा नहीं अरे सर जी बदलेगा नहीं तो आप क्या कहना
01:05:04:12 चाहते हो कि सर्फ धर्म धर्म शाश्वत है उसम कुछ गलत नहीं है देखो देखो देखो छोटे भाई जैसे हो मेरा गलत होना मेरा गलत होना उससे ये सिद्ध नहीं होगा कि आप सही हो आप फिलहाल अपने को सिद्ध करो ठीक है मैं कर रहा हूं ना सर फिलहाल अपने आप अपने को सिद्ध करो य वो धर्म शाश्वत है फिर उस क्वेन चला जाए फिर ये बात छूटी जाए ये विषय होता है आप मुझे बताइए क्या उस पर ठप्पा किसने लगाया कि वो बदलेगा नहीं बदलेगा नहीं ऐसा ल सा के नियम बदलते हैं जान रहा हूं सर मैं भी लेकिन स्टडी में पूरा पा गया सर पूरा तरीके से सिद्ध हो चुका है य बात ठीक है पहली बात तो ये हो गई मतलब आपका कहना है नियम जो साइंस का है ये बदलेगा नहीं वो नियम सच में नहीं बदलेगा कुछ नियम ऐसे हैं जो दिया ब किसने लगाया साइंटिस्ट ने लगाया है सरकार ने लगाया है सुप्रीम कोर्ट ने लगाया है सर दिखाओ कहां प कौन सा वो है नोट कराओ कौन-कौन से साइंटिस्ट ने लगाया है आगे बात करते अभी मैं उस किताब को लिखा नहीं हूं इसीलिए लया
01:06:19:16 नियम बदलेगा नहीं बताओ साइंटिस्ट ने लगाया है सर नाम बताओ जैसे अभी रिसर्च का नाम बता रहे थे अब साइंटिस्ट का नाम बताओ जिसने लगा वेस्टन मर्क अभिक्रिया है रोबर्ट हुसनी नाम से था उस किताब पास लगाया य बदलेगा नहीं हा तो नहीं सर नहीं सर आप बता रहा सर झूठ की लई म नेपा लगाया वो कौन है वो बताओ साइंटिस्ट है सभी साइंटिस्ट मिल
01:06:55:24 रोबर्ट नी न बर्ग और बहुत सारे वैज्ञानिक है सर इसने कभी बदलेगा नहीं वेस्टर्न मर्क अभिक्रिया है सर किसने कहा है रिसर्च किसने की य मत बताओ रिसर्च किसने कि किसीने नहीं ऐसा किसीने क्या सर ये अपने मन से की साइंटिस्ट नेभी ब अरे सर जी मैं विज्ञान की पूरी बात नहीं ब रहा हूं मैं वेस्टर मरक प्रक्रिया की बात कर रहा था मैं आपसे कह रहा हूं आपने कहा ये वो सिद्धांत है जो बदलेगा नहीं उसके बाद मैंने पूछा यह किसने बताया यह किसने ठप्पा लगाया बदलेगा नहीं आपने कहा कि साइंटिस्ट ने बताया य बदलेगा नहीं सुप्रीम कोर्ट ने बताया बदलेगा नहीं एक मिनट सुप्रीम कोर्ट ने बताया बदलेगा नहीं ठीक है फिर मैंने पूछा उसके नाम बताओ किसने कहा सुप्रीम कोर्ट ने कौन से ऑर्डर में कहा ये बदलेगा नहीं नियम
01:08:09:28 बताओ आपका चेहरा रुक गया है जाम हो गया नेटवर्क नहीं आ रहा है सर माफ करना ठीक है सुप्रीम कोर्टम कोर्ट ने कौन से ऑर्डर में दिया है कि यह जो माता के साथ गमन का सिद्धांत है साइंटिस्ट का यह कभी बदल नहीं सकता कहां लिखा है सर मैंने ऐसा कब कहा ये तो आप बो रहे हो आपने कहा पंडित जी मैंने ऐसा कब कहा सर एक मिनट दिखाते
01:08:45:04 मिनट अतुल जी आप थोड़ा विज्ञान प मैं आप यह कह रहे कि विज्ञान का कोई नियम बदल नहीं सकता यही कह रहे है ना नहीं ये ये कह रहे है कि ये वाला नियम नहीं बदलेगा क्योंकि ये इनको इनके या इनका क्योंकि इन टकता वहां से मिली है विज्ञान का ये वाला नियम बदल नहीं सकता आप ये कह रहे हैं आवाज आ रही है आपको नारायण हां वो म्यूट है इस समय हां बोलिए बोलिए म्यूट करिए मैं कह रहा हूं कि आप जो ये नियम बता रहे हैं ये नियम बदल नहीं सकता ये सिद्ध है जी सर ये सिद्ध है ठीक है हेलो तो आप हा हेलो आवाज आ रही है आपको जी सर जी जी जी बताइए बताए मैं ये कह रहा हूं कि आज से कुछ वर्ष पूर्व मान लीजिए अंजन 1930 से पहले ठीक है ग्रेविटी का सिद्धांत समझते हैं ग्रेविटी का सिद्धांत क्या है सारे ग्रह एक दूसरे को अट्रैक्ट करते हैं ग्रेविटेशनल फोर्स का सिद्धांत वो सिद्ध था जी सर ठीक है बक आज भी वो पढ़ाया जाता है क्योंकि नियम है वो सिद्ध है ठीक है फ इसके बाद अरे भाई तुम अपना शोर बंद करो पहले भाई
01:10:00:24 शोर ब कर मिनट उसके आप बोलिए पंडित जी मैं कह रहा हूं कि उसके बाद अल्बर्ट आइंस्टाइन नाम के एक साइंटिस्ट आए उन्होंने ग्रेविटी का सिद्धांत जो है व अलग दे दिया बिल्कुल ठीक है उन्होंने कुछ और ही दे दिया उन्होंने स्पेस और टाइम का के बीच के बीच की रिलेटिविटी बताई जिसकी वजह से क्या बोलते हैं जो ग्रह है वो एक दूसरे के ऊपर आकर्षित होते हैं सिद्धांत बदल गया अगर आप यह बोल रहे हैं कि आज के समय सबसे छोटी वस्तु मान लीजिए अभी के लिए कह रहा हूं इलेक्ट्रॉन है अ ये सिद्धांत है स्पीड ऑफ लाइट जो है वो न 10 पावर 8 मीटर पर सेकंड है एप्रोक्सीमेट ठीक है आप कह रहे इससे ऊपर उसके आगे कोई सी नहीं जाती सिद्धांत है क्योंकि इस सिद्धांत को हम यूज करते हैं है ना एस अ कांस्टेंट सी जो लाइट की स्पीड है वो हमले चलते इससे तेज कोई वस्तु जा नहीं सकती लेकिन टिकली उसके बाद भी प्रूफ कर दिया कि इसके बाद भी हो सकती हैसे इससे आगे जा सकते हैं तो उसके लिए क्या क्या चीज होंगी वो बताया गया है ठीक है आप मेरी बात सुन रहे हैं ठीक है मैं आपको बताना चारहा विज्ञान का सिद्धांत ठीक है कभी एब्सलूट हो ही नहीं सकता आप ये तक प्रूव नहीं कर सकते स्टिकली बता रहा मैं आपको ठीक
01:11:15:24 है आप य भी नहीं कल का सर उगा कि नहीं यह भी आप केवल और केवल 99.99% शर हो सकते हैं लेकिन 0 जी सर एक अभी कल का सूरज उगेगा नहीं उगेगा इसकी भी कोई गारंटी नहीं है क्योंकि एट नहीं है एकदम सही राइट स ठीक है जी तो जब आप ये कह रहे हैं कि वो जो भी आपने जो अपका रिसर्च य से य से यहां से मैं बात करता हूं यहां से मैं बात करता हूं ठीक है तो कहने का मतलब ये है कि साइंस के सिद्धांत खास तौर पर आपने कहा ये वाला सिद्धांत है वो बदलेगा नहीं तो साइंस के सिद्धांत जो है शाश्वत नहीं है ठीक है और आप हीने माना आप ही ने माना कि आज भी ऐसे साइंटिस्ट है जो कह रहे हैं नहीं नहीं माता के साथ गमन करने में कोई दिक्कत नहीं आज भी है आपने माना ना आपने माना इस बात को एक बात बताइए सुनिए सुनि भाई जो टॉपिक चल रहा है उसको पहले खत्म करो जब मैंने आपसे य पूछा आपने माना ना कि ऐसे भी साइंटिस्ट है जो इसका समर्थन करते हैं तो आपने यस बोला था बोला था कि नहीं सर जी आप एक बात बताओ आप जाइए आपसे बात करके अच्छा लगा ठीक है
01:12:31:12 आपका आभार आने के लिए इनको अब मत लीजिएगा हो गया इनका बस नास्तिक भी कैसे कैसे चले आते हैं थोड़ा बहुत उनका कुछ लेवल भी नहीं होता है एक बात का जवाब ठीक से नहीं दिया इन लोगों ने अरे ये इस विज्ञान की थ्योरी पर ही साइंस की थ्योरी पर ही फस जाते हैं अभी ठीक है हां आपको पता है जितनी बार आप उससे कोई बिल्कुल कांटे की बात करोगे कि यह है क्या तो वो दूसरी बात पर जाएगा यही सिद्धांत है सबका देख कोई भी कोई भी रिसर्च लिखा होता है शिवांश जी सुनिए जो नास्तिक बनके ईश्वर का विरोध कर रहा हो उसका भी यही सिद्धांत है और या जो विधर्मी बन के सनातन ईश्वर का विरोध कर रहा हो उसका भी यही सिद्धांत है और या फिर जो आस्तिक का चोला ड़ के और सनातनी का चोला ड़ करके और सनातन ईश्वर का विरोध कर रहा हो उसका भी यही सिद्धांत है कि जब काटे की बात कोई फसेगी तो सुनिए ना सर जी ये ना सर जी मैं तो आप य बताओ फिर इससे हो जाएगा जी आप
01:13:47:01 बोले जी मैं ये कह रहा हूं कि विज्ञान का भी कोई सिद्धांत अगर दिया जाता है ना तो उसमें भी एब्सलूट 100% जैसी कोई चीज नहीं होती है स फिसली आप कह सकते हो लेकिन उसे प्रूव नहीं कर सकते ठीक है और जो उन्होंने अब कोई अगर मान लीजिए उसके ऊपर भी उन्होंने कोई रिसर्च किया होगा तो रिसर्च करने के लिए उन्होने क्या लो चार पांच सैंपल लिए होंगे बच्चों के लोगों के ठीक है सैंपल ही लेंगे ना कि पूरी जनता के ऊपर रिसर्च कर चुके हैं कि वो एब्सलूट कह सकते नहीं नहीं धरती पर अगर कोई पैदा होगा तो वो अपनी माता के साथ गमन नहीं कर सकता ये तो कोई सिद्धांत नहीं है ना सिद्धांत क्योंकि उन्होने सब पे तो नहीं किया हुआ है तो उन्होंने सैंपल लिया होगा अमुक अमुक देशों से लिया होगा अमुक अमुक ट्राइब से लिया होगा फलाना फलाना ठीक है उसके बाद भी वो एब्सलूट ये नहीं कह सकते कि नहीं नहीं अब ये नियम आ चुका है अब ऐसा नहीं होगा अगर ऐसा होता अगर ये नियम होता साइंस द्वारा प्रूफ तो तो आज के समय क्या विचार नहीं होता है होता है तो वो तो वहां पर फिर सिद्धांत का क्या रहा उनका बात ये है तो ये जो ये बिल्कुल ही मतलब बेसलेस बात थ बेसलेस इस बात से थी नास्तिकता के सिद्धांत नहीं है इनके पास के मैं नास्तिक हूं क्यों यूं ही है बस मजे में इनके
01:15:02:13 चार पांच कंटाप नहीं पड़े हैं ठीक से कपा जी होते तो उसम इसी को बता कि तुम ये भी पूछ सकते थे तुम य भी पूछ सकते थे ऐसे नहीं पूछा पूछा आप सुनो इसका जवाब इनके बचपन में ठीक से मारे जाते चरपा ल तोल के कं कं इनकी जो इस तरह से बसी है ये बंद होती होते एक बात करने में कुछ ठहराव होता सुनिए ना अरे क्या सुने भाई जो पूछा जा रहा है वो तुम बता नहीं रहे हो और जब तुमने समाज ले लिया साइंस ले ली तो एक खंबा और खड़ा कर दिया धर्म अब उसमें व्यक्ति कंफ्यूज होता रहे जब वो साइंस को खत्म कर दे जब वो धर्म को वो समाज को खत्म कर दे तुम्हारी लिस्ट से उसके बाद खामखा उसको धर्म को भी खत्म करना पड़े है ना परिभाषा जी अगर इन्हे धर्म परिभाषा हा वही कह रहा हूं ना अगर धर्म की मूल परिभाषा उनको पता पता होती तो धर्म का प्रयोग ही नहीं करते इस जगह क्योंकि यह बिल्कुल मजाक वाली बात ही है कि मैं धर्म को मानता हूं समाज के से सीखा धर्म से सीखा ऐसे नहीं करना चा अरे धम सीखा होही गए
01:16:15:20 आस्तिक समाज आस्तिक भी तो है समाज आस्तिक भी तो है वो क्यों नहीं सीख लेते समाज से भाई आज भी दुनिया में 100 में से परसेंटेज ऑफ आस्तिक बहुत ज्यादा है जी तो वो क्यों नहीं सीख रहे हो तुम हां और राम पालियो को कहूंगा जो दूसरे लोग हो कि नास्तिकों से लड़ना सीखिए हमारी य क्लासेस ले लिया करिए जब हम नास्तिकों का मुह बंद कराते हैं उनकी सच्चाई बाहर लाते तुम्हारे पास तो कुछ है नहीं है ना बाबा जी ने कभी बताया ही नहीं धर्म ईश्वर कैसे सिद्ध होता है नास्तिकता का खंडन क्या है उन्होंने बस तीन पाच 16 चार पाच जन्म मेरा भी जन्म मरण होता है फ बा चरो
01:17:07:18 देवी और व जो कलयुग के ब्र सतयुग के ब्राह्मण कलयुग के राक्षस ही आरी बात चलिए धन्यवाद आपका समय से आ गया जी मैं देख रहा था लाइ था कभी से लेकिन मुझे भी कंट्रोल नहीं हुआ मैंने कहाय अब ये कहीं और ही रेल गाड़ी जा रही है जो इनकी रिसर्च है ना उसी को अभी मैं कर देता हूं अभी बैठा देता हूं नहीं इसकी तो बंदने की रिसर्च भी नहीं है कुछ वो भी नहीं है नहीं है नहीं क्योंकि जब उन्होने हान बर्ग का नाम दे दिया ना हाइजनबर्ग का पहली बात तो उस रि हाइजनबर्ग है ही नहीं हाइजनबर्ग ने अनसर्टेन प्रिंसिपल दिया था वो इलेक्ट्रॉन के मतलब वो आप समझ लीजिए कि वो अलग ही है वो ठीक है बिल्कुल अलग है ठीक है उससे कोई लेना देना नहीं है लेकिन ये हाजन बग प आ गए अभी तो ये अगर आज रहते तो अभी मैं इनसे पूछने वाला था साइंस वाला मामला तुमने बचपन में जब तुमको कहा होगा बेटा माता के साथ गमन नहीं करना है या जो भी है ऐसे नहीं करते वैसे नहीं करते कि मैंने तो साइंस अभी पड़ी नहीं है तो अभी तो करू ना मुझे
01:18:22:19 समाज का झे समाज का अनुभव है और सबसे बड़ी बात क्या है कि अगर कोई नास्तिक है और वो आचरण से सही है इसका मतलब उसकी कोई सोर्स ऑफ इंफॉर्मेशन वो आस्तिक है तब वो ऐसा है पीछे उसके मूल में आस्तिक है मानना पड़ेगा एक बात और बोलना चाहूंगा अतुल जी के लिए अगर वो सुन रहे होंगे तो लाइव अगर देख रहे हैं तो देखिए आपके बचाव में कह देता हूं एक बात जो आप नियमावली बता रहे हैं ना वो एक अल्प काल के लिए या लिमिटेड टाइम पीरियड के लिए किसी स्पेसिफिक सरकमस्टेंसस के लिए बिल्कुल सही हो सकती है लेकिन वो नियम फिर भी शाश्वत नहीं है ठीक है तो अगर वो नियम शाश्वत नहीं है तो मतलब मतलब आपके पास जो बेस है ना बेस वो शाश्वत नहीं है टर्नल नहीं है तो वो नहीं होगा तो फिर आप टर्नल नियम नहीं बना सकते तो जब आपका बेस टनल नहीं है तो आप यय नहीं क सकते कि नहीं नहीं य माता के साथ गमन ना करना एक धर्म है मतलब ये नियम है शाश्वत नियम है ऐसा नहीं है ना वो बात तो आपको थोड़ा सा ना दर्शन पर भी विचार करना पड़ेगा थोड़ा सा फिलोसोफी को समझिए ये तो ऐसा नास्तिक था जो अभी आया था ये ऐसे नास्तिक थे कि इन्होंने आज तक सोचा नहीं है ठीक से कि
01:19:37:19 नास्तिक क्यों क्यों हूं मैं इस कारण से बहके बहके जवाब दे रहे थे जब मैंने पूछा कि ठप्पा किसने लगाया बदलेगा नहीं तो साइंटिस्ट ने लगाया सुप्रीम कोर्ट ने लगाया सबको बोल दिया और बाद में कह रहा है कि मैंने कब बोला बिल्कुल चलिए सभी को जय श्री राम ठीक था जी जय श्री राम और अभी एक बहुत ही अच्छी एक वीडियो डाली गई है सर्वशक्तिमान धर्म चैनल पर हमारे उसमें यह जो काल को सदाशिव कहा है ना रामपाल ने उस पर फसाया है किसी को वो वीडियो देखिएगा आप लोग जय श्री राम चलिए कुछ लोग जवाइन करना चाह रहे हैं अभी तो नहीं हो पाएगा अरे अब ठीक है अब रहने दीजिए मेरा तबीयत मेरी तबीयत खराब थी इनसे मैंने आज का वो कह दिया था अमन मिश्रा जीथ हां अमन मिश्रा जी आप जो है जो भी जवाइन करना चाहता है वह एक नंबर है नंबर दे दीजिए पंडित जी 7408 30169 तो आप जो है इस पर ट करें और ट करने के बाद आपको आईडियोलॉजिकल
01:20:52:19 डिस्कशन का एक फम प्राप्त होगा उस फॉर्म को भर दें और फॉर्म को भरने के बाद हम आपसे संपर्क कर लेंगे यह भी ऐसे ही आए थे हमारे टच में कहीं से तो क्या कहते हैं इनसे मैंने आज का कह दिया था कि भाई दो बजे ढाई बजे जो है आपके साथ वार्ता होगी तो कर ली अन्यथा आज हमारा स्वास्थ इतना गड़बड़ था कि करते नहीं आपको लग रहा होगा बोलने में भी दिक्कत है जो गला है उसमें वो कोल्ड हो गया बहुत ज्यादा ठीक है सभी को जय श्री राम पंडित जी आपका बहुत बस एक लास्ट लाइन गमा जी क्या बोलते सबके लिए कैमरा ऑन करना आवश्यक है मैं क्षमा चाहूंगा मैं इस समय नहीं कर पाया हूं मैं ट्राई कर रहा हूं मेरा कैमरा चालू नहीं हो पा रहा है वरना मैं अवश्य कैमरा ऑन कर ये नियम सबके लिए है यह मेरे लिए भी है यह शिवान जी के लिए भी है और जो मतभेद में आ रहे हैं मतभेद के लिए आ रहे हैं या जो समर्थन में आ रहे सबके लिए कैमरा ऑन करना बहुत अति आवश्यक ठीक है और मैं भी आगे से ध्यान रखूंगा कि कैमरा ऑन करके ही आऊ मैं इस समय नहीं कर पा रहा हूं क्योंकि मेरा कैमरा खराब हो मु आना जरूरी था इसलिए मैं आ जय श्री राम जय श्री राम
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