⬜ Not used yet · 00:00:02:16 – 00:50:40:07 (50:38)
00:00:02:16 सभी को जय श्री राम आप लोगों के समक्ष अत्यंत विलंब से आने के लिए हमें खेद है पर मैं आपसे अपेक्षा करता हूं कि एक व्यक्ति जिसको चाकुओं से गोद गोद कर मारने की धमकी दी गई है और उसके घर की मातृ शक्तियों के साथ भी उनका शील भंग करने की धमकी दी गई है तो ऐसे व्यक्ति से आप सामान्य व्यवहार की अपेक्षा नहीं करेंगे कि वह बिल्कुल रेगुलर जैसे यूजुअली आना चाहिए स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल तो वह सब कुछ वैसा ही करे है ना
00:00:52:28 तो अब आप समझ गए होंगे कि देर से आने का कारण क्या है इस अच्छा तो हमारे जो गेस्ट हैं शायद आ चुके हैं आप अपना चेहरा दिखाएंगे किशन दास जी आने वाले हैं आज जय श्री कृष्ण जय श्री कृष्ण कल सब लोग तैयार रहिएगा रात के 10 बजे हम लोग
00:02:04:04 अभी तक मैंने देखा कि इनके द्वारा बहुत सारे वीडियोस बनाए जा रहे हैं हमारे विरुद्ध और राक्षस का चेहरा बना कर के बहुत सारी चीजें की जा रही है पर एक बात का जवाब नहीं दिया जा रहा है कि इनकी किताबों का कारखाना है कहां अगर इनकी किताबों में सब कुछ सही है क्लीन चट प्राप्त है कोर्ट के द्वारा जैसा कि ये क्लेम करते हैं तो किताबों में झूठा पता क्यों लिखा हुआ
00:02:39:25 है इस बारे में कोई वीडियो नहीं आ रहा है एक वो बहरा है जो चिल्लाता रहता है खबर फास्ट वाला वह कहता है कि भाई तुम्हें क्या मतलब है किताबें कहां छपती है कहां नहीं छपती है ज्ञान से मतलब है ना तुमको ज्ञान से ज्ञान को हरा ज्ञान को तो हरा ही दिया है तू आ नहीं पा रहा अपने नाम दान केंद्र से कहीं और बीच की जगह पर आकर के बात नहीं कर पा रहा है ज्ञान की बात नहीं है बात ये है कि जब तुम गीता प्रेस गोरखपुर की किताबें उठाते हो तो दिखाते हो नाय कहां से छप रही है क्यों दिखाते हो इसलिए दिखाते हो कि जो हम कह रहे हैं कि इसको छापने वाला वो है वही इसको छापने वाला है तो अपनी किताबों की प्रामाणिकता दिखाओ
00:03:32:22 ठीक है और ट्वीट में भी उसमें कुछ लिख सकते हैं रिट्वीट कर करते समय जैसे
00:04:18:01 instagram2 वट होता है तो मेरे ख्याल से वो आए नहीं है हर हर महादेव सभी को किशन दास जी आने वाले थे किशन दास जी को जुड़ना चाहिए मैं देखता हूं फिर एक बार जी
00:06:18:08 उनको लिंक मिल गया है आने वाले हैं बरवाला आश्रम में एक लड़की की करंट लगने से मौत हो गई तो रामपाल जी उसे क्यों नहीं बचा पाए सोचने वाली बात है मेरे ख्याल से आ गए हैं
00:07:07:01 तो रामपाल खुद बीमार होते हैं पूछना चाहिए कि रामपाल स्वयं को क्यों नहीं बचाते हैं एक वीडियो है रामपाल बोल रहे हैं कि मैं पहले बीमार था अब नहीं एक वीडियो में य बोल रहे हैं कि मुझे बहुत अफसोस है जो लोग मारे गए भाई सा आ ही नहीं रहे लिंक भी मिल गया है मगर नहीं आ रहे हैं यही है रामपाल का ज्ञान वास्तविकता में यही है बाकी नाटक करवा लो बहुत सारा बत बहुत बड़ी महाभारत के दृश्य आ गए घोड़े वो मुझे फिर वही याद आने लगता है फिर आप लोग कहोगे क्योंकि क्या है ना कि आजकल की यह जो आमजन है वो उससे जल्दी समझ जाता है ये वो दृश्य याद है आपको आप में से किसी ने अगर वो चलचित्र देखा जाना हो तो जिसमें वो यह लंबे लंबे घोड़े तगड़े तगड़े घोड़े अब वो वहां से धनुष निकाल रहा है वो यह कर रहा है तगड़े तगड़े घोड़े लंबे लंबे घोड़े बड़े बड़े घोड़े एक हास्य
00:08:22:03 कलाकार था हालाकि वास्तविकता में वो क्रिश्चियन मिशनरीज के द्वारा कार्यरत एक व्यक्ति है उसने बॉलीवुड के कई लोगों को धर्मांतरण करवा दिया है आपको शायद जानकारी हो ऋतिक रोशन और जो राकेश रोशन है इनको क्रिश्चन बना दिया है और बनाने में सबसे बड़ा हाथ है जॉनी लीवर का तो जॉनी लीवर एक कन्वर्जन करने वाला व्यक्ति कभी देखना ऋतिक रोशन सेरेमनी डाल के
00:09:00:00 उसमें दृश्य है के तगड़े तगड़े घोड़े लंबे लंबे घोड़े इतना बड़ा व ंगम दृश्य बता दिया कि भाई वास्तविक जो बिंदु है उससे ध्यान ही हट जाए व्यक्ति का वहां पर व सामने वाला जो नकारात्मक अभिनय कर रहा था अमरीश पुरी वो बोलता है उससे वो चिल्ला रहा होता है कि कहां देखा करण अर्जुन को तो चिल्लाता है ड़ तगड़े घोड़े वो लंबे लंबे घोड़े वो फिर वो जो विलन वाला रोल था ना वो कहता है अबे चिल्ला क्यों रहा
00:09:42:25 है तो वही हाल इनका है जो मुख्य बात है ना वो उसके इधर उधर खूब तगड़े तगड़े घोड़े लंबे लंबे घोड़े कभी कोई वास्तविक व्यक्ति इनको मिल जाए तो तो उसको यही कहना पड़ेगा अे चिल्ला क्यों रहा है मतलब काम की बात तो कर इधर-उधर की बहुत सारी बात कर रहे है भाई कहां रह गए किशन दास फैक्ट फुल डिबेट में क्या फैक्ट रखे गए हैं उनसे कहो ना भाई सामने से आके ज्ञान चर्चा करो अरे अकेले बैठ कर के वीडियो बनाया ना सामने आकर के चर्चा क्यों नहीं कर रहे हैं और चर्चा अगर करनी है तो केवल अपने ऑफिस में अपने घर में अपने आश्रम में क्यों करना है क्यों चर्चा खुले मैदान में करो ना बीच की जगह पर आके करो ना बक्कल उतार ऐसे बक्कल नहीं उतरता है बक्कल तो तुम्हारे लोगों का उतरा
00:10:46:27 है है ना बक्कल तुम्हारे लोगों का उतरा है जितने लोगों से बात हुई है देख लो तुम्हारे लोगों को बीच में बीच मैदान में मेला लगा था खरेड़ा था यह वाला नहीं है जब वो जो स्टॉल जो बंद करवाया था वो नहीं जब पिछले वर्ष वहां पर तुम्हारे लोगों के मुंह में दही जम गया था आमने सामने से जब बात होती है तो तुम्हारे लोगों के मुंह में दही जम जाता है देखना वो जाकर के हम तो ये टट पंजिया पन वही दिखाओ जाकर
00:11:25:10 के वो लोग अपना बढ़िया दृश्य बना लेंगे बहुत बढ़िया फिल्म बना लेंगे अबे इस तरह की फिल्म तो उसने भी बनाई थी राम रहीम ने जेल जाने से पहले फिल्म बना के गया था ना बहुत बड़ी सी फिल्म बनाई थी वो मैसेंजर ऑफ गॉड वैसे ही फिल्में बनाते हो तुम लोग नाटक कंपनी खोल लो सतलोक आश्रम सतलोक आश्रम नाटक कंपनी है ना यही करते हो ना एक फिल्म बनाई है जिसमें वो मेरा छोटा भाई वहां पहुंचा और उसको शास्त्रार्थ में व हार गया है उसके बाद उसने मुझे फोन मिलाया फिर मैंने ही उसको वहां कह दिया बने रहो मूर्ख दिख रहा है कि तुमको मूर्ख बनाया जा रहा है फिर भी तुम लोग मूर्ख बन रहे हो तुम्हारे ही यहां तो तुम्हारे घर पर आग लगाई जा रही है और लोग उस पर हाथ सेक रहे हैं और तुम लोग हसते रहो बने रहो
00:12:25:09 मूर्ख आ जाइए लाइव में छोटा बच्चा जान के हमको ना समझाना रे है ना तो भाई किशन दास जी ने आज भी धोखा ही दे दिया और रामपाल की दी हुई शिक्षा से हम और क्या ही अपेक्षा कर सकते हैं हा धोखेबाज धमकी बाज कायर ऐसे ही लोग हैं सब
00:13:01:20 जो रामपाल के नाम से आज जो शिक्षा दी जा रही है उससे तो ऐसे ही लोग निकल रहे हैं हा यह भी लिखा है कि कलयुग में जो स्त्रियां होंगी वह क्या हो जाएंगी तुम्हारे घर की स्त्रियां वैसी ही होंगी ना त्र्या चरित्र पर पुरुषों के साथ अठखेलियां करने वाली व्यभिचार ये भी लिखा है कलयुग के लिए पायल
00:13:36:22 परिहार दूसरे फोन से मैंने आपको किया है जी जी हम तो सर्वप्रथम आप अपना परिचय दे दे हमारे दर्शकों को किशन दास आपका नहीं आ रहा फोटो मेरा फोटो नहीं आ रहा है आपको हां आ गया जी मिनट
00:14:13:07 चलिए हां यही पर्दा फास करते रहना और समझते रहना हम जीत गए जीत गए वहां जिसको तुम गुरु कह रहे हो ना उसके साथ क्या क्या हो रहा है क्या क्या नहीं हो रहा है उससे मतलब मत रखना बस यही इसमें चिल्लाते रहना बस जीत गए जीत गए जीत गए वहा रहा है भले है ना कर लो पर्दा फास आपका जो ऑडियो चे आपका जो फोटो स्कप मतलब रुका हुआ है आपका इंटरनेट ठीक है बिल्कुल है भाई मेरा फोटो रुक रुक कर आ रहा है क्या हा आपका रुका हुआ ही है नहीं मैं आपसे नहीं पूछ
00:14:57:09 रहा भाई कोई कमेंट करके बता दे फोटो मेरा वीडियो ठीक चल रहा है ना तो आप भाई साहब एक बार आप जो है लीव करके दोबारा आ जाओ आप शायद कुछ कनेक्शन प्रॉब्लम होगी हो गई होगी ठीक है दोबारा इसी तरह से आना बस वैसे ही आना है जैसे अभी लिंक को टच किया था वैसे ही उनको कोई दिक्कत हो रही होगी
00:15:34:26 दोबारा चर्चा करो फोटो में क्या रखा है अभी कल का लाइव देख लेना जो व्यक्ति बिना पहचान के आता है वह क्या कर सकता है उस तक पहुंचने में कितनी दिक्कत होगी इसलिए यह मर्यादा बनाई गई है कि चर्चा जो है चेहरे के साथ होगी बिना चेहरे के नहीं कल आप लोगों ने लाइव में देखा था ना क्या क्या धमकियां दीी जा रही थी तो यह सब करने का मौका मिलता है व्यक्ति को जब वह अपने चेहरे को छुपा कर के आता है तो वह स्वतंत्र अनुभव करता है कि मैं कुछ भी बोल लू कुछ भी कर दूं है ना
00:16:40:15 कहां गए भाई साहब दोबारा जुड़ने बड़ा टाइम लग गया इनको भैया ब्रह्मा कुमारी वाले भी अपनी किताबों में बहुत उल्टा सीधा लिखते हैं ब्रह्मा कुमारी का कल वीडियो लिया है कल आने वाला है अल्लाह सर्वशक्तिमान नहीं है भाई अवतार नहीं ले सकता बहुत सी चीजें नहीं कर सकता वो वो कहते हैं अल्लाह सिर्फ अच्छे कार्य ही करके दिखा सकता है अब यह तय कौन करेगा अच्छा क्या है मनुष्य मनुष्यों के अधीन हो
00:17:25:20 गया हां जी अब ठीक आ रही है आपको मेरी फोटो हां हरि तो आप अपना सबसे पहले परिचय दे दीजिए मतलब आप रामपाल जी के शिष्य किस तरह से हैं किस तरह से मतलब मतलब आपने कब ली दीक्षा और यह आप सतलोक आश्रम के नाम से जो मैनेजमेंट अभी चल रहा है उसके साथ है उसके विरोध में इतना थोड़ा सा बता दीजिए
00:17:59:24 मैंने सन 2012 में नाम दक्षा लिए अच्छा हां तो मतलब इसमें किसी को दोष ना ल होता क्या है कि यहां पर आक व्यक्ति जब निरुत्तर होने लगता है तो लोग ये कहने लगते हैं रामपाल जी का शिश है ही नहीं लो साहब कहानी खत्म वो आपके ऐसे होते हैं ना उनको क्या है कि देखिए ऐसा है कि जो कोई नया होता है ना तो वो उसको पूरा ज्ञान मालूम नहीं होता है तो वैसे मतलब खंडन करते है ना वही बात है जी तो अभी जो य जो नाम दीक्षा हो रही है ये इसके द्वारा एलईडी के द्वारा ये सही है या गलत है सही है बक
00:18:46:07 पुराने तो यह सही है हां सही है बिल्कुल सही है मैनेजमेंट के द्वारा जो दिलवाई जा रही है अब देखिए ऐसा है कि इसमें अब कितने वो उनको गुरु जी को मानने वाले हैं या नहीं है वो तो गुरु जी जानते हैं ठीक है अब उनमें क्या है कि जैसे मान लीजिए कोई अपने स्वार्थ के लिए कर रहा है ना तो वो गलत है और यह जो बात बताई जाती है कि वह वहां से जेल से वोह सीधा प्रसारण होता है वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग होती है वो प्रवचन देते हैं यह सब सत्य है उसके बारे में हमारे को जानकारी नहीं है हमने तो जब से गुरु जी का नाम लिया तब से हम उनके अनुवाई है ठीक है और व उन्हीं को फॉलो करते हैं अच्छा चलिए ठीक है मुख्य विषय पर आते हैं सीधे सबसे पहले मुझे यह बताइए कि रामपाल जी ने रामपाल जी के अनुसार जो धर्म की व्याख्या है वह क्या है धर्म क्या है उनके अनुसार धर्म की परिभाषा धर्म की परिभाषा
00:20:02:09 हेलो आपका आवाज नहीं आ रहा है जी धर्म की परिभाषा धर्म की उपयोगिता धर्म क्या है मनुष्य जीवन के लिए धर्म आवश्यक क्यों है आपका आवाज कटकट के आ रहा है आपका इंटरनेट प्रॉब्लम है हमारी आवाज सबको साफ आ रही है जी हमारा फोन तो बिल्कुल नेटवर्क में है तुम्हारा नाम ठीक कर लो भाई आर यू एन डी बी ए जेड जड भाई तब तो तुम्हारा जो कमेंट है कोई हाईलाइट कर पाएंगे पहले जाओ अपने माता पिता से पिता से पूछ के आओ तुम्हारा सही नाम क्या है किसकी किसके आप बेटे हो वह नाम लिखो थोड़ा साफ सुथरा सा तो उसको हम दिखाए पर जी पायल परियार
00:20:52:08 जी किसके बात कर रहे हैं आप मा पिता का नाम मिनट आपसे नहीं कर रहे बात वो कमेंट कोई वक्ति है जो गलत बातें कर रहा है उससे बात अच्छा अच्छा ठीक है ठीक है आपका आवाज थोड़ा कट के आ रहा है हमारी आवाज सभी को सही आ रही है और आप हमारे पास तो ब हमारी आवाज सबको सही आ रही है आप ही को प्रॉब्लम
00:21:24:14 है अच्छा अभी ठीक है ठीक है ठीक है हार है हा थोड़ा सा रुक रुक आ रही आपकी आवाज अब मैं क्या करूं बताइए क्या किया जाए हा चलिए आप प्रश्न रखिए मैंने पूछा ना कि रामपाल जी के अनुसार धर्म क्या है धर्म की आवश्यकता क्या है क्यों आवश्यक है मनुष्य के लिए धर्म
00:21:59:21 मनुष्य के लिए वही है जो सत्य को मतलब स्वीकार कर लिए सबसे पहला प्रश्न मतलब उसका उतर तो यही है जो सत्य कोने स्वीकार करे ना तो उसके लिए कोई धर्म नहीं होता फिर क्या जो सत्य को स्वीकार नहीं करे उसके लिए तो कोई धर्म ही नहीं है नहीं नहीं मैं यह नहीं पूछ रहा धर्म क्या है एक जनरल सा क्वेश्चन है कि धर्म आवश्यक क्यों धर्म क्या है क्यों आवश्यक है हमारे लिए धर्म क्यों आवश्यक है हम धर्म इसलिए आवश्यक है कि धर्म के अनुसार अगर हम चलेंगे तो अपने जो भी इस संसार के अंदर जितने भी है प्राणी सबके अंदर आप अपना मानवता का भाव अपन रख पाएंगे दूसरी बात य हा बोलिए बोलिए
00:23:03:26 क्या एक व्यक्ति कह रहा है खिसिया के मारे चैनल को बंद कर दे और क्या किया [हंसी] जाए इतनी कियान है भाई अच्छा है जी बोलिए आपका आवाज नहीं आ रहा स बिल्कुल आप धर्म के पक्ष में और कुछ कहना चाहते हैं या यही कि अगर हम धर्म पर चलेंगे तो सब में मानव सब में वो मानवों को देख पाएंगे य यही है आपका आवाज इस से नहीं आ रहा है अब भाई मैं क्या करूं आप या तो गलत जगह पर है जहां नेटवर्क का नेटवर्क इशू है नहीं बिल्कुल हम नेटवर्क में है घर के अंदर ही हूं मैं अब मैं क्या करूं सब सब लोग कमेंट करके भाई दो चार कमेंट कर दीजिए आवाज मेरी साफ आ रही है कि नहीं चंद्रभान चौरसिया जी आप आ जाइए धर्म और ईश्वर को स्थापित करिए रामपाल के
00:24:11:28 अनुसार हां बस वही वीडियो देखते रहो रियांशी जी और खुश होते रहो गुरुदेव को खांसी है बुखार है सर्दी है ुकाम है यह मत सोचो वो तुम्हें उल्लू बनाते रहेंगे वो देखते रहो बढ़िया फिल्मों जैसा अंदाज में बना देंगे वीडियो उसको देख देख देख के खुश होते रहो बहुत बढ़िया डावर चवन प्रास चार रन लोकल क्रिकेट मैच होते थे पहले बहुत पहले छोटा था मैं तब तो वहां पर जो सस्ते कमेंटेटर होते थे ना और वह थोड़ा बहुत पक्ष वाले हो जाते थे अगर बैटिंग टीम के तोब जब वोह चौका पड़ता था तो वह चिढ़ाने के लिए बोलते थे डावर चवन प्रस चार रन तो वैसे ही खुश होते रहो
00:25:02:10 हां जी परियार जी आप परियार क्यों लिखे अपना नाम आपको अपना नाम सही करके आना चाहिए देखिए सब लोग कह रहे हैं कि ऑडियो और वीडियो सब ठीक है हां जी बताइए धर्म की आवश्यकता धर्म क्या है आपके अनुसार क्या धर्म है बताइए नहीं अभी आपने बोल लिया क्या कि धर्म को फॉलो करेंगे तो हमको सब में मानव दिखाई देने लगेगा इसलिए धर्म को फॉलो करना चाहिए जो सत्य को स्वीकार करे सबसे पहला तो धर्म यही है क्या जो सत्य को स्वीकार करके नहीं नहीं सत्य को स्वीकार करें सबसे पहला धर्म यही है तो धर्म का लक्षण हो गया सत्य को स्वीकार करना धर्म क्या है सबसे पहले भाई धर्म की आवश्यकता क्या है है क्या धर्म क्यों आवश्यक है व हमारे
00:26:07:21 लिए धर्म औसत क्यों है हां भाई हमक है कोई व्यक्ति है सुनिए कोई व्यक्ति है अधर्मी समझिए मेरी बात मतलब उसको उसके जीवन में ना शिष्टाचार है ना अच्छे आचरण है कुछ नहीं है वो हमसे आकर के यह पूछ रहा है कि भाई मैं आपसे जानना चाहता हूं कि जो नियम कायदे कानून आप फॉलो करते हैं वही नियम कायदे कानून मुझे क्यों फॉलो करने चाहिए तो इस कांटेक्ट में क्या जवाब है क्यों धर्म आवश्यक है हम कैसे कैसे धर्म की स्थापना करें प्रत्येक जीवन के प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में क्या है जिस आप सुनिए शिवान जी आपकी आवाज ना बिल्कुल थोड़ा कटकट के आ रही है हम बकुल नेटवर्क में हूं और पता नहीं क्या है इसमें आपकी आवाज साफ नहीं आ रही है मेरे को मैं आपको पाच द कमेंट कर दिख देता हूं जो कमेंट में आपको देख बताएंगे कि भाई मेरी आवाज कैसी आ रही है कमेंट कर दीजिए भैया भाई
00:27:14:00 कुछ इनकी जिओ जाति है जिओ हमारी जाति है रिलायस धर्म हमारा है एक कोई कमेंट कर रहा है यह देखिए जीव हमारी जाति है रिलायस धर्म हमारा है उनको ज्ञान नहीं है ना तो उनको सबसे पहला तो ज्ञान ही नहीं है ध क्या है देखिए सब लोग कह रहे हैं कि सही आ रही है आवाज अब मुझे आप रामपाल जी के द्वारा क्या धर्म की परिभाषा बताई गई है वह बता दीजिए
00:27:58:24 धर्म की पहली व्याख्या यही है कि मतलब आप सत्य को स्वीकार करो ठीक है अब सत्य कहां से मिलेगा आपन को भाई यह तो आप आप उसका एक वो बता रहे हैं एक क्या कहते हैं घटक यह करो सत्य को स्वीकार करो अरे भाई मुझे उसकी आवश्यकता के अनुसार उसकी परिभाषा तो बताइए कि वो हमारे लिए उपयोगी क्यों है व हमारे लिए लाभप्रद क्यों है धर्म की कोई परिभाषा कहीं बताई है कि नहीं बताई है आपके गुरु महाराज ने बिल्कुल बताई है वो परिभाषा हम बता दीजिए
00:28:51:02 आप आ जाई भाई कोई यह क्या हुआ पहली बॉल परही बोल्ड हो गए तो यह हालत है यह वास्तविकता है इनके ऐसे न्यूज चैनल वाले भी आएंगे ना तो शुरुआती उसमें ही इनका ऐसा होगा यह जो भगवत गीता 16 22 16 36 य सब करते रहते हैं ना यहां तक वो एक वीडियो है उसमें व इनका शिवम दास आया था जो पता नहीं क्याक उसने गाली वाली भी दी है है ना
00:29:30:22 तो यह डांसर तेजा करके कोई आया है चेहरा दिखाए डांसर जी जब जब मेन बात मालूम होगी त तभी तो करेंगे ना यह धर्म क्या है ईश्वर का अस्तित्व कैसे सिद्ध होता है ईश्वर है ईश्वर सर्वशक्तिमान है यह सब बातें अगर इनके बारे में जानने का प्रयास ही नहीं किया बस सा 24 में य लिखा है वो ये है वो ये है तो फिर इनका यह हो जाता है हाल
00:30:24:09 बुरा आप ही आ जाइए टोपी मास्टर आप आ जाइए आप लोगों को कब तक कमेंट में टोपी पहनाते रहेंगे तो वास्तविकता में यह हाल है इनका जो कहते ज्ञान चर्चा ज्ञान चर्चा इनको धर्म की परिभाषा नहीं मालूम इनको ईश्वर का अस्तित्व कैसे सिद्ध होगा यह नहीं मालूम एकदम निचले लेवल का अर्थ लेकर के घूमते हैं और अनर्गल प्रलाप करते हैं
00:31:01:13 मैंने कोई प्रमाण तो मांगे नहीं है मैंने अभी सिर्फ इतना मा मांगा है कि आपके गुरु महाराज ने धर्म की व्याख्या क्या की है वही नहीं पता है जाओ देख लो खुश होलो फैक्ट फुल डिबेट पंडित लोकी जी को जोड़ दीजिए यह देखिए कल हमारा यह वीडियो आने वाला है बहुत ही काफी समय से यह वीडियो जो है रुका हुआ था ब्रह्मा कुमारी इस के साथ हमारी बातचीत होनी थी तो कल आपको आनंद आएगा यह चर्चा जरूर देखिए और बहुत ही निष्कर्ष पूर्ण एक ये चर्चा
00:31:53:08 है आर्य समाज के साथ चर्चा कीजिए आर्य समाज के साथ चर्चा हुई है काफी बार हुई है यह देखो दाग द फायर के वो जॉनी लीवर काजल काजल काजल एक्सीडेंट के बाद जो बस एक ही चीज रह गई थी अरे धर्म क्यों चाहिए ये मानवता का धर्म क्यों चाहिए भाई तुम्हें वो बताओ ना क्यों आवश्यक है धर्म
00:32:32:08 सिस्टम नाम से कौन है चेहरा दिखाएं और अब जब अगर वह दोबारा आते हैं ना तो उनको आप कहिए अपना सही नाम लिख कर के आए क्योंकि यह लोग क्या करते हैं परिहार नाम डाल लेंगे द्विवेदी डाल लेंगे तिवारी डाल लेंगे त्रिपाठी डाल लेंगे और आ कर के दिखाएंगे कि हम जो है संत रामपाल के भक्त बन गए यह सब इनकी स्ट्रेटजी है यह हमारा चैनल है दूसरा सर्वशक्तिमान धन जिसने सब्सक्राइब ना किया हो फॉलो ना किया हो वो फॉलो
00:33:08:19 करें पंडित फ्लोकी जी ही आ जाए तो जब तक कोई नहीं आ रहा है तो यही गाते रहना परमात्मा का नो मन सूत ऐसे मूर्खों को हमारे यहां सूता जाता है सूत भी होता है सूतना भी होता है सूत दिया जाता है आप शिवांश द्विवेदी आपके हिसाब
00:33:48:03 से केवल पंडित लोग और आप जैसे ब्लाइंड लोग जाएंगे बाकी लोगों को स्वर्ग यह कहां लिखा है हमने कन सी जगह कहा है कि जो ब्राह्मण नहीं है उसको जो है मुक्ति नहीं मिलेगी मोक्ष नहीं मिलेगा हा यह सब आपको भरा जाता है आपके भाइयों से दूर करने के लिए आपके अंदर जहर घोला जाता है और फिर उसको जहर को बिना जांचे परके लेकर के आकर के उगल देते हो अपने भाइयों
00:34:21:12 पर ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य और शूद्र होने से किसी के मोक्ष पर कोई फर्क नहीं पड़ता रियांशी जी यहीं पर चिल्ला पाएंगी आपके यहां के जो पुरुष है उनका पौरुष बहुत कम है उनमें इसीलिए वह सामने से चर्चा करने में घबराते हैं है ना उनको थोड़ा कहिए कि माता जी का दूध पिए निष्ठा पूर्वक और फिर जो है सामर्थ्य एकत्रित करें वो ज्ञान और लेकर के आए अपने जेल मम निवासी अपराधी गुरु से फिर आके चर्चा
00:35:04:24 करें यह देखो यह भी एक धर्म की व्याख्या है जितेंद्र यादव जी अपना चेहरा दिखाएं किशन दास जी तो पहली बॉल पर ही बोल्ड हो गए ऋतिक जी अपना चेहरा दिखाएं भाई जो भी आ रहा है ना चर्चा से जुड़ने के लिए वह यह सोच कर आए कि आपको आपके चेहरे के साथ आना
00:35:52:24 है परमधाम वही है और प्रलय का में धाम और धामी एक हो जाते हैं धाम और धामी में कोई अंतर नहीं जसे नाम और नामी में कोई अंतर नहीं किशन दास जी अब चले गए लग रहा है ऋतिक जी चेहरा दिखाए आप सामने ला जरा कैमरे
00:36:37:02 के हां जी तिक जी अरे वो क्रिश्चियन हो क्या हेलो क्रिश्चियन हो क्या हां जी हां जी क्रिश्चियन हूं जी चलो भी बता दो धर्म क्या है धर्म तो हम मानते नहीं सर जी धर्म को नहीं मानते भाई साहब धर्म नहीं मानते क्रिश्चियनिटी क्रिच जी क्या मानते हो हम धर्म नहीं मानते हम भगवान के और इंसान के बीच में जो होता है ना रिलेशनशिप वो क्रिश्चियनिटी है क्रिश्चियनिटी को धर्म नहीं है अच्छा जी भगवान के और इंसान के बीच में जो रिलेशनशिप होता है वोह क्रिश्चियनिटी है अच्छा तो इसकी आवश्यकता क्या है जी इसकी आवश्यकता क्या है आप ठहर के बात करिए स्थाई तरीके से इसकी आवश्यकता य है स अगर हम धर्म में बात करते हैं धर्म में
00:37:52:24 तो इसम इंसान बट जा अच्छा आप मेरी बात सुनो आप एक स्टेबल स्टेबल हो कर के बात करिए नई चीज पता लग गई आज हमें क्रिश्चन कोई धर्म नहीं है वैसे धर्म है नहीं इस इस बात से तो हम भी एग्री करते हैं धर्म बात है क्या पूछ रहे थे भाई साहब आप मैं पूछ रहा हूं कि इसकी आवश्यकता क्या है इस रिलेशन की क्यों हमें जानता है इस रिलेशन को इस रिलेशन को इसलिए जानना है कि भाई मतलब इस दुनिया में जिस उद्देश्य से भगवान ने भेजा उस उद्देश्य को पूरा कर सके धर्म भगवान ने बना नहीं धर्म ब तुमसे पूछ रहा उस बात करो ना तुम उसके दूसरी चीजों पर क्यों ला रहे हो जो बात चल रही है उसकी बात करो मतलब क दोगे जब तुमय कह दोगे सुनो जब तुम यह कहने लगोगे एक एक्स्ट्रा बात की धर्म इंसान ने बनाए तो फिर क्या होगा कि मुझे वहा पर तुम्हारा खंडन करना पड़ेगा कि नहीं इंसान ने नहीं बनाया फिर उसम हम लोग विषय बदल जाएगा तो विषय की बात करिए जिससे कि मुझे दूसरे आंसर आपको ना देने पड़े तो आपने कहा कि जो क्रिश्चियनिटी
00:39:08:03 है वो मनुष्य और भगवान के बीच का रिलेशन है उसका नाम क्रिश्चियनिटी अब इसकी आवश्यकता क्या है क्यों आवश्यक मतलब है कटी क्रिश्चियनिटी संबंध है उसकी आवश्यकता इसलिए है कि भगवान से हम बातचीत कर सके जिसके वो हमारा बाप है हम उसके बच्चे हैं ये क्य अरे देखो देखो बाप बात सुनो सुनिए सुनि सुनिए आपने कहा वो हमारा बाप है हम उसके बच्चे हैं ये तो बाद की बात है जब मैंने क्रिश्चियनिटी को स्वीकार कर लिया मान आपकी नेट प्रॉब्लम आर आपकी फोटो रुक गई है भाई आपकी आवाज आ नहीं कर रही
00:39:57:02 [संगीत] एक मिनट [संगीत] रुकिए दिनेश गराडे जितेंद्र यादव जी कैमरा ऑन नहीं हो रहा है तो क्षमा करिए हम आपको नहीं ले सकते पंडित जी आपका स्वागत है देर से कर रहा हूं स्वागत हालांकि आप पहले आ चुके हैं जय श्री राम जय श्री राम वो तो किशन दास जी का किशन दास जी का देखा आपने क्या हाल हुआ देखा मैंने लाइव देख रहा था क दिनों से मेरे पीछे पड़े हुए
00:40:42:19 थे अब क्या बोलते हैं ये आएंगे क्या दोबारा आ रहे हैं क्या वो जी का तो पता नहीं जो वो बच्चा है जो क्रिश्चियन बच्चा है वो मुझे लग रहा है काफी तैयारी करके आया था सर्वशक्तिमान के ऊपर आज बात छिड़ गई धर्म पर आउट ऑफ [हंसी] सिलेबस य दित है ये दिक्कत है जैसे अब कोई व्यक्ति देखिए जो मूल घटक है उन पर तो बात होगी कभी ना कभी पता नहीं कौन सी बात तो यह मूल घटक है नाराय नारायण
00:41:28:25 कने आ ग हां जी अब आ रही है हां जी अब आ रही है अब आ रही है वो थोड़ा कनेक्ट कर रखा है फोन पापा जीी दूर ले बैठे तो मैं ये पूछ रहा था आपका इतना धुला धुला क्यों आ रहा है चेहरा अरे मेरा फोन भाई साहब sams7ng मैं ये पूछ रहा था कि आपने कहा हम उसके बेटे हैं और वो हमारा बाप है ये तो तब की बात है जब व्यक्ति पहले धर्म को स्वीकार कर ले बाइबल को स्वीकार कर ले तब वो आपके इन प्रमाणों को मानेगा तो वो क्यों स्वीकार करे क्यों आवश्यक है बाइबल आपकी उसके लिए आवश्यक भाई इसलिए है व उसका बाबू के उत्तर में आपको एक एग्जांपल दूंगा हम बोलिए हम आप हो हम आप जो अपने बाप के साथ आपने रिलेशन क्यों जरूरी है प्यार मोहब्बत के लिए भाई पहले पहले यह तो सिद्ध करो कि वो बाप ही है जी बिल्कुल बाप ही है वह अरे तो य तो तुम क्लेम है तुम्हारा इसको सिद्ध तो करो अब सिद्ध
00:42:44:03 मा आपको कैसे करू उसमें आपको हर चीज मिलेगी अच्छा एक बात बताओ जब व्यक्ति जब व्यक्ति क्रिश्चियनिटी को स्वीकार कर लेता है ठीक बाइबल को खोल के पढ़ने लगता है उसके तो ये महता बताई गई होगी ना कि क्यों आवश्यक हूं मैं तुम्हारे लिए क्यों बाबल तुम्हा लिए आवश बता रहा हूं बता रहा हूं जो हम शुरू से लेकर लास्ट तक के पाप करते हैं उन पापों की जो हम शुरू से लेकर लास्ट तक के पाप करते हैं उन पापों की माफी के लिए यीशु मसीह ने क्रूस पर अपना बलिदान दिया अच्छा फिर उसके लिए वो पेमेंट वो पेमेंट उसने चुका दिया इसलिए वो हमारे लिए जरूरी है व हमारे पा है भाई देखो देखो मेरी बात सुनो मैं मैं आपको बताऊ बताओ बता बाइबल में लिखा है यह करना है यह नहीं करना है लिखा है कि नहीं लिखा है हां जी मतलब लिखी है इधर कुछ लिखी है नियम सब में होते है नियम नहीं लिखे हैं क्या यह करना है ये नहीं करना है जी लिखा है मैं बता द रहा हूं लिखा है लिखा है इन्हीं नियमों को हम धर्म कहते हैं आप ना जाने क्या आपने कहा रिलेशन कहते हो हालाकि उसमें
00:43:59:03 भी जाएंगे तो पता नहीं क्या क्या निकलेगा खर जी जी ब बक जब बाइबल यह कह रही है कि तुमको यह करना है यह नहीं करना है ठीक है तो कोई व्यक्ति य क्लेम करेगा कि भाई मैं क्यों फॉलो करू इन नियमों को रे चू आवाज [संगीत]
00:44:47:25 भाब यह ले लीजिए भैया स्क्रीनशॉट स साहेब आ जाता हा जी जी बोलिए जब आपकी बाइबल किसी से यह कह रही है आवाज आरही जब आपकी बाइबल किसी से यह कह रही है कि यह कार्य करना है यह नहीं करना है तो फिर उसम पूछ सकता है ना कि मुझे यह कार्य मुझे आपके कहने को क्यों मानना है मैं यह कार्य क्यों करूं यह क्यों ना करूं क्यों मानू मैं इस नियमावली
00:45:41:03 को नेटवर्क सही नहीं है नहीं हो पाएगा ये तब से वही अटके हैं ये वही अटक गए हैं इनका टेप रिकॉर्ड वही पर है जीभ हमारी जाती है जीभ दोबारा दिखा हमारा कल आने वाला जो वीडियो उसका दिखा दीजिए जरा सा जीव हमारी जाती है मानव धर्म हमारा किकी जीव जीव जीव वो तो समझ गया लेकिन वो मतलब इतना भ्रंश करना है कि मतलब लिखने में भी जो लिखावट है उसमें भी कर दो ये देखो ये देखो राम पालियो आपके लिए क्या क्या लिखा जा रहा है आपको शर्म आनी चाहिए रामपाल के शिष्यों से ज्यादा हिम्मत वाला तो ईसाई व्यक्ति निकला कम से कम अपने चेहरे के साथ तो बहस करने आया चेले तो केवल कमेंट करना सीख के आए हैं एकट फुल डिबेट का वीडियो देख लो जितनी चाबी भरी सिस्टम ने उतना चली खिलौना
00:46:57:02 हां जी किशन दास जी हा जी कहां चले गए थे आप आपको नेटवर्क में रहना चाहिए था आज के दिन जब इतने दिनों से हमारी चर्चा की डेट निश्चित हो रही है बारबार हो के नहीं हो पा रही है तो आपको नेटवर्क वाली जगह पर रहना चाहिए आज हा ब ही प्रॉब्लम था अरे भाई इनका स्क्रीनशॉट लेते रहिए और बीच-बीच में यहां पर दिखा भी दीजिए जो यह बोल रहे
00:47:38:08 हैं हां जी किशन दास जी धर्म आवश्यक क्यों किशन दास जी आप किसी और दिन आइए जिस दिन आपका नेटवर्क बढ़िया हो आवाज नहीं आ रही आपकी देख देख तू बंद कर दे देख तू बंद कर दे रामपाल जी महाराज के अपनी मौत बला रहा है
00:48:24:07 तू य और ये मैसेज किसी को खाया तो कल तेरे घर से किसी के चलिए अब देखिए हम लास्ट बार ट्राई कर रहे हैं अगर अब आपका कुछ डिस्टरबेंस आया ना तो फिर आप किसी और दिन आइएगा और उस दिन आप किसी अच्छे नेटवर्क एरिया में रहिएगा ठीक है हम आपका प्रश्न था कि धर्म धर्म आवश्यक क्यों क्या है धर्म हा उनकी उपयोगिता क्या है
00:49:00:07 धर्म का तो सबसे पहला गुरु जी ने यही बताया आत्म उद्धार ऐसा परम धर्म नहीं कोई और क्या आत्मा का उद्धार ही सबसे बड़ा धर्म है तो मुझे क्यों करना आत्मा का उद्धार उसके लिए पहले मैं अपनी आत्मा को मानू तो मेरी आत्मा भी है तो बगैर आत्मा के क्या आप देखिए आप मेरे सवाल का जवाब दीजिए एक जिज्ञासु खड़ा है अगर आप आपके रामपाल जी के सामने जब एक व्यक्ति खड़ा हुआ है जो धर्म को धर्म की आवश्यकता उपयोगिता धर्म की परिभाषा जानना चाहता है आपने कहा कि आत्मा का उद्धार अब आत्मा के उद्धार के लिए उसको सबसे पहले बिलीव करना होगा कि आत्मा है वो बिलीव करवाइए अच्छा उसको म पता नहीं बिलीव करवाइए उसको फिर ये बिलीव करवाइए कि उसके लिए धर्म अंतिम विकल्प अगर सिद्ध करना है और अगर धर्म का मतलब आत्मा का उद्धार तो उसको फिर ये बिलीव करवाइए कि आत्मा का उद्धार इज मतलब लास्ट ऑप्शन फॉर यू अरे नास्तिक व्यक्ति के लिए तो
00:50:15:09 कोई मतलब धर्म और वो है ही नहीं ना फिर तो भाई साहब देखिए हर व्यक्ति हर व्यक्ति धर्म को मानने वाला होने से पहले ना मानने वाला ही होता है आवश्यक नहीं कि कोई व्यक्ति अगर प्रश्न कर रहा है तो वो जो है नास्तिक ही है हर व्यक्ति धर्म को मानने वाला ना होने से पहले तक वो ना मानने वाला था जैसे कि इस दुनिया में इस दुनिया में जब
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→ Used in: B · Live सच के आस-पास वाला झूठ at 52:07 ↗
00:50:40:07 बारिश हो रही होती है ना तो कहीं ना कहीं ऐसी जगह जरूर होती है जहां बारिश
⬜ Not used yet · 00:50:45:13 – 01:14:41:01 (23:56)
00:50:45:13 नहीं हो रही होती है हम और कहीं ना कहीं ऐसी जगह जरूर होती है जहां वो दोनों स्थान आपस में मिल रहे होते हैं कि ये बारिश हो रही है ये बारिश नहीं हो रही है हम है ना होता है ना ऐसा हा तो है नहीं पूरी दुनिया में एक साथ बारिश होती है इसी तरीके से जो नास्तिक होता है वो धर्म को मानने वाला होने से पहले तक जस्ट पहले तक वो ना मानने वाला होता है और ना मानने वाला होता है तो एक जगह ऐसी होती है जब व मिल रहा होता है यह वही जगह है जब वो पूछ रहा है धर्म मेरे लिए आवश्यक क्यों [संगीत] क्या उपयोग तो धर्म पर तो आप जब आएंगे ना त पहले आप ये मान तो लीजिए कि हां कि आत्मा होती है तो आप मुझे बताइए कि आत्मा क्यों मानू मैं और अगर मान भी लू तो उस जैसे कि जैसे मुझसे कोई कहे कि भाई तुम अगर प्रतिदिन शैंपू करोगे तो तुम्हारे बालों में चमक रहेगी ठीक है ठीक है अब मैं चाहूं तो करूं ना ना भी करूं ठीक है मैं गंजा होना चाहता हूं अमित दास की तरह है
00:52:00:15 ना तो वो भी मुझे उसकी उसकी आवश्यकता मुझे मेरी बात सुनिए आपना के प्रसन तो करने से र रुकिए जो आपने भक्तों के साथ में जो प्रसन किए ना गीता का ज्ञान किसने दिया वेदों में कबीर नाम है कि नहीं है मतलब आपके पास यह वाला नहीं है ज्ञान हमारे पास तो बिल्कुल है गुरु जी का दिया सब कुछ है तो वो बताइए उसी प्रश्न पर आइए ना फिर वो वही बात करते हैं उसी को आगे बढ़ाते हैं अरे भाई वो अच्छा ये बताइए गता का ज्ञान मैं उस आ जाता हूं आपसे आपसे पूछता हूं क्या है एक पॉइंट बोलता हूं मैं वो जिस पर तैयारी करके आए हैं आप उस पर आउट ऑफ सिलेबस क्यों पूछ रहे हैं तयारी कर तयारी करके आए उस परे भी बात हो जाएगी किशन जी देखिए मैं मैं पता है देखिए अगर हम लोग क्रम से चलेंगे ना तो मैं आपको यह यकीन के साथ कह सकता हूं कि बाद में आप मेरे से मना नहीं कर पाएंगे कि यह जो बात हमने की है ये आवश्यक नहीं थी ये बहुत आवश्यक बात है और जो चर्चा हमारी होनी है उससे जुड़ी हुई बात हैय तो हमारे गुरु जी ने तो सर्व सिद्ध करके बता दिया पहले ही
00:53:15:26 ठीक है अब आप मान नहीं रहे हो तो व बात अलग है क्या मान आप बताइए तो गुरुजी ने क्या बताया है कि धर्म आवश्यक क्यों है एक मनुष्य के लिए धर्म आवश्यक क्यों व तो मैंने आपको बताया क्या कि आत्मा को आत्मा का उधार ना हा आत्मा उधार आत्मा का उद्धार जब आपने बताया तो आपके गुरु ने यह नहीं बताया कि आत्मा है यह कैसे प्रूव होता है दूसरी बात आत्मा का उद्धार बहुत जरूरी है एक मनुष्य के लिए यह दो चीजों के बारे में आपके गुरु जी ने क्या बताया है वो बताइए हमारे गुरुजी ने तो सब कुछ हमार को बताई है ठीक है देखिए आप य मान हा मैं आपसे प्रश्न मैं आपकी बात को मानने से मना नहीं कर रहा हूं मैं उसमें पूछ रहा हूं कि आपने कहा आत्मा का उद्धार तो आपके गुरु जी ने आत्मा के होने की सिद्धि कैसे की और आत्मा के उद्धार की आवश्यकता की और अत्यंत आवश्यकता की सिद्धि कैसे की यह दो चीज तो बताइए भाई गीता को पढ़ने तब जाएंगे ना जब गीता की हमारे लिए वैल्यू होगी गीता
00:54:30:27 की आवश्यकता होगी किसी के लिए तब तो वह प्रमाण मानेगा गीता को तो गीता पर बात करने से पहले हम लोग ये तो वो कर ले एस्टेब्लिश कर ले कि हम लोग गीता के पास जा क्यों रहे हैं क्यों जा रहे हैं वेदों के पास देखिए ऐसा संसार में नास्तिक नहीं बताया तो कोई बात नहीं हम लोग आगे बढ़ सकते हैं क्या उन्होंने बताया है तो आप मुझे बता दीजिए नहीं बताया तो हम आगे बढ़ते हैं नास्तिक व्यक्ति है ना कोई ना कोई किसी ना किसी पर तो विश्वास करता ही है ना अब जैसे जय भीम है तो वो अंबेडकर जी को भगवान मानते हैं तो वो उनको मान ही रहे मैंने आपसे ये नहीं पूछा है कि नास्तिक व्यक्ति क्या करता है सुनिए मैं आपसे यह पूछ रहा हूं कि आत्मा है अगर आत्मा का उद्धार ही धर्म का मतलब है तो आत्मा है ये क्यों माना जाए और इस इसके अलावा आत्मा का उद्धार उसके लिए अंतिम विकल्प है यह क्यों माना जाए जैसे कि कोई व्यक्ति कोई व्यक्ति बालों को चमकाए बिना रह सकता है उसको शैंपू की आवश्यकता नहीं है हो सकता है कि उसको कुछ फायदा हो जाए शैंपू से पर वह शैंपू के बिना भी रह सकता है उसको
00:55:46:15 क्रीम लगाने की चेहरे पर आवश्यकता नहीं है हो सकता है कि उसको कुछ फायदा हो जाए क्रीम लगाने से मगर उसके लिए अंतिम विकल्प नहीं है तो अंतिम विकल्प के रूप में धर्म को ख्या पित करना सिखाया है क्या आपके गुरु ने धर्म तो क्या है वोह तो देखिए हम जानते ही है आप नास्तिक व्यक्ति की बात कर रहे हैं ना नास्तिक व्यक्ति के लिए वैसे तो उसके लिए तो एक एक ही जीवन होता है ठीक है आत्मा उसके लिए माने मतलब वो उसको विश्वास ही नहीं करते बिलीव नहीं करते उस क्या नहीं मानता है इसमें हमारा समय व्यर्थ नष्ट करने की बजा आप यह बताए आपके गुरु ने आत्मा की सिद्धि
00:56:27:16 आप उ आपके गुरु ने नहीं बताया है तो बोल दीजिए बिल्कुल बताया हमारे को बिल्कुल बताया नास्ति व्यक्ति की बात कर रहे हैं नास्तिक ने तो फिर मैं कह रहा नास्तिक व्यक्ति की बात नहीं कर रहा हूं एक व्यक्ति गुरु के पास गया है वो जानना चाहता है गुदव हे गुरुदेव मेरे लिए धर्म आवश्यक क्यों है क्यों मानना है मुझे धर्म को क्यों मुझे सच ही बोलना है क्यों मुझे वय विचार नहीं करना है मे मुझे वो अंततोगत्वा धर्म की आवश्यकता क्यों है वो आप मुझे बताइए जिससे मैं संतुष्ट हो सकू और गुरु का मतलब क्या है रु का मतलब अंधकार रू का मतलब निकालने वाला यह जो मेरे प्रश्न आ रहे हैं इनका निवारण करिए गुरुदेव तो क्या इन प्रश्नों का निवारण किया है आपके गुरु ने अगर किया है तो आप बता दीजिए या फिर दोनों में से एक बात बोल दीजिए कि गुरु ने नहीं किया या तो आपको नहीं पता है
00:57:28:16 हमारे को तो पता ही है बिल्कुल पता ही है ठीक है धर्म क्यों आवश्यक है धर्म के बिना हम जी नहीं सकते हा मम के बिना हम जी नहीं सकते यह प्रमाण यह प्रमाण हो गया यह प्रमाण हो गया आप मुझे प्रमाण दे रहे हैं आपकी बात पर या तो मैं भरोसा करूं या ना करूं ये मेरा चुनाव होगा मुझे तर्क पूर्ण व्याख्या चाहिए अभी धर्म की जैसे कि मैं ने कहा मैंने कहा कि तुम राम को माने बिना जी नहीं सकते हो श्री रामचंद्र जो दशरथ के बेटे थे उनको माने बिना जी नहीं सकते हो तो क्या आप इस बात को मानेंगे
00:58:09:16 वो आपके अनुसार है ना बस बस एटली यह आपका प्रमाण हो गया कि आप जो बोल रहे हो उसको मैं मान लू आपको मुझे सेटिस्फाइड करना है कैसे संतुष्ट तो क्या आपके गुरु ने धर्म के की व्याख्या जानने के लिए संतुष्ट किया है अपने शिष्यों [संगीत] को बोलिए किशन दास जी हां धर्म की व्याख्या मतलब आप य सुनना चाहते हैं ना धर्म क्या है धर्म आवश्यक धर्म क्या है यह तो आपने मुझे बता दिया कि आत्मा का उद्धार ही धर्म है अब दो चीज आ गई कि आत्मा है और अवश क्यों है और आवश्यक क्यों उसका उ बोलिए तो जब हम आप जब धर्म को हम जानेंगे तभी तो हमारे को पता चलेगा ना किई धर्म आत्मा के लिए मतलब उद्धार क्यों करना चाहिए अच्छा तो इसका मतलब ये है आपका कहने का मतलब ये है कि अगर कोई मुझसे यह कहने लगे
00:59:25:08 वलय चले जाओ और मैं कहं भा वैश्यालय क्या है तो हम उसे तर्क देंगे जब वैश्यालय जाओगे उसके बाद ही तो पता चलेगा ना वलय क्या है पहले क्यों चुनाव कर रहे हो ऐसा है क्या आपको समझाना पड़ेगा ना कि वह जगह मेरे लिए उस को अपनाना उसका अस्तित्व क्यों आवश्यक [संगीत] है नहीं देखिए ऐसा है कि जब तक आप अच्छाई और बुराई को नहीं जानेंगे तब तक आपको धर्म के लिए समझना ही पड़ेगा ना धर्म क्या है चलिए आप आप बता दीजिए अच्छाई और बुराई का आधार क्या है आप यही बता दीजिए अच्छाई और बुराई का आधार क्या है अब आधार क्या है आ आधार तो सभी जानते ही है अच्छाई क्या है और बुराई क्या है तो सभी जानते तो इसका मतलब रामपाल जी की मतलब जरू एक ही समान होती है नहीं सभी जानते हैं तो फिर वो रामपाल जी की जरूरत तो है नहीं खम हो ग सब जानते हैं आप कैसी निराधार बातें कर रहे हो आप बता रहे हो 2012 से आप श हो सभी जानते
01:00:39:09 हैं तो सभी जानते हैं तो फिर आप यही तो बात सभी नहीं जानते भाई साहब सभी नहीं जानते अच्छाई और बुराई का आधार एलजीबीटी क्य वाले नहीं जानते अच्छाई बुराई का आधार पता नहीं कैसी बातें कर रहे हैं आप सभी जानते हैं चलिए बताइए मैं जो धर्म को मानने वाला उनके लिए कर रहा हूं जो धर्म को जो मानने वाले उनके लिए बात कर रहा हूं मैं तो मैं आपसे पूछ रहा हूं कि धर्म को मानने वाला कैसे बने व्यक्ति क्यों बने क्यों उसके लिए धर्म आवश्यक है कैसे धर्म की स्थापना करें किसी मनुष्य के जीवन में कि नहीं तेरे लिए सबसे इंपॉर्टेंट धर्म है ये उसको कैसे समझाए वो बताइए तो ये नास्तिक व्यक्ति के लिए नहीं आप नास्तिक व्यक्ति के लिए पूछ रहे हो या कोई धर्म को मानने वाला उसके लिए पूछ रहे हो एक सामान्य व्यक्ति जो सकारात्मक सोच के साथ आपसे पूछने आया है उसके लिए पूछ रहा हूं देखिए सामान सामान्य व्य नहीं नहीं सामान्य व्यक्ति देखिए सामान्य व्यक्ति में तो धर्म को मानने वाला भी होता है नहीं मानने वाले भी होता है अब मान लीजिए कोई मतलब ईसाई धर्म को मानने वाला या मुस्लिम धर्म को मानने वाला हि धर्म को मानने
01:01:54:13 वाला मानने वाला बनने से पहले ठीक पहले तक ना मानने वाला होता है तो ये वैसा ही व्यक्ति है इसका मतलब ये नहीं है सोच के आया है इसका मतलब ये नहीं है सुनिए इसका मतलब ये नहीं है कि वो ये सोच के आया है कि उसको जो है उसको ठुकराना ही है वह जानना चाहता है व सकारात्मक थॉट के साथ आया आपके पास आप समझाइए उसे जब व्यक्ति के अंदर दुख होते हैं ना सुनिए मेरी बात जब व्यक्ति के अ दुख पढ़ते हैं ना दुख दुख हां जब वो चारों तरफ से हार जाता सुनिए ठीक है कोई बीमारी के कारण कोई किसी मतलब किसी भी कारण तब उसको मतलब पता चलता है कि संसार के अंदर कोई ऐसी भी शक्ति है जो अपने को सुख दे सकती है तब वो मानता है मतलब अगर दुख नहीं अगर दुख नहीं होगा व्यक्ति को तो उसको ये समझाया नहीं जा सकता कि दुनिया में कोई ऐसी भी शक्ति है हां तो वो नहीं मान सकता जब तक दुख नहीं होगा उसको संसार को सुख समझ के बैठा है नहीं वो संसार कोई सुख समझ के बैठा है कि बस जो है यही है फाइनल है इसके अलावा और कुछ नहीं है मैंने आपको क्या कहा व्यक्ति
01:03:09:19 को जब तक सुख नहीं होगा तब तक उसको समझाया नहीं जा सकता तर्क पूर्ण तरीके से बात को नहीं रखा जा स मेरी बात सुनिए अरे आप मेरी बात सुनिए आप यह बताइए ब धर्म ब धर्म को आप क्या मानते है [संगीत] अब यह तो खैर विषयात हो रहा नास्तिक मानते हैं नहीं नास्तिक मानते हैं ना अब जब नास्तिक मानते हो तो जय भीम जो अंबेडकर जी थे उन्होंने बहुत धर्म अपनाया ठीक है अब वो हिंदू धर्म के खिलाफ हो गए हिंदू धर्म में पैदा जरूर हुए लेकिन उनके खिलाफ हुए उसका कारण क्या था यह क्या बात है ये तो नया चैप्टर खोल रहे हैं आप आपसे मैं पूछ रहा हूं अपनी बात बता जवाब दीजिए आप अपनी बात बताइए धर्म आवश्यक क्यों है या तो ये कहिए कि महाराज ने नहीं बताया या ये कहिए कि मुझे नहीं पता है महाराज ने बताया होगा मैंने इस बारे में जानकारी प्राप्त नहीं की
01:04:17:01 है बोलना मत अन म्यूट कर रहा हूं चलिए ये मान लीजिए कि भाई जानकारी प्राप्त नहीं की है हम आपको बताएंगे बिल्कुल आवश्यक क्यों है बता दिया कि आत्मा का उधारी हां ठीक है हा ये मान लीजिए नहीं आप जो बताना चाहते हैं ऐसे मत करिए कि बाद में आप यह कह सके फिर उसमें कि भाई वह जो है जिद कर रहा था इसलिए उसकी बात को रखने के लिए मैंने बोल दिया जो सच है वो बोलिए स्पष्ट बोलिए मैंने यही बताया मैंने यही बताया आपको कि भाई मैंने
01:04:56:09 बता दिया आपको मैंने क्या क्या बता इसके बारे में जानकारी प्राप्त नहीं की मैंने आवश्यक क्यों है तो सुनिए ऐसा है धर्मा आवश्यक क्यों है मैं मैं बताता हूं धर्मा आवश्यक क्यों है दिनेश दास जी आपको पता है क्या आप बताएंगे क्या आप भी आए हैं आप बता दीजिए फिर मैं रखूंगा अपनी बात मैं आपको नहीं पता है क्या नहीं ऐसा तो मैंने नहीं कहा ना तो बताओ पता है कि नहीं नहीं मैं कुछ और सवाल लेकर के आया हूं उसके बाद मैं इसका भी जवाब दे दूं कोई दिक्कत नहीं है आपके गुरु ने बताया है कि नहीं आपको वो कि धर्म की धर्म आवश्यक क्यों है अरे हमारे गुरु जी ने बताया ये है लेकर ही बताओ क्या है धर्म देखिए धर्म क्या है धर्म की परिभाषा तो यह है कि जो धार्मिक जो धार्मिकता है जो धार्मिकता के अंदर सारी चीजें आती है जो ज्ञान आता है जो जो भी कुछ धार्मिकता के अंदर आता है वो धर्म है जैसे कि और धार्मिकता क्या है धार्मिकता क्या है धार्मिकता क्या है
01:06:11:27 धार्मिकता क्या है हम धार्मिकता क्या है कि जो हमारे शास्त्रों में बताया गया है कि यह करना चाहिए यह नहीं करना चाहिए यह गलत है और यह सही है जैसे हम किसी को सताते हैं या किसी को कोई पाप करना या कोई पुण्य होता है या पाप तो आप ब ये तो आप ये बता रहे हैं कि धर्म सुनिए ये आप ये बता रहे हैं कि धर्म का वर्णन कहां पर है आप यह बता रहे हैं अभी मैंने आपसे धार्मिकता धर्म पूछा है क्या है धर्म यही है कि अब धर्म यही है कि हम सही मार्ग पर जाए मतलब जो जिस लिए हमें मनुष्य जन्म प्राप्त हुआ है जिस लिए मनु जन्म प्राप्त हुआ है धर्म धर्म वो नॉलेज है जिसके कारण हम सही मार्ग पर जाते हैं
01:07:04:12 हेलो जी जी जी बोलिए बोलिए यानी कि धर्म वह है जिसके कारण हम सही मार्ग पर जाते हैं धर्म वो है जिसके कारण अरे भाई चेहरा तो लाओ सामने चलिए आपको ही टाइम देते हैं किशन दास जी इन्होने बताया कि धर्म वही है जो सही मार्ग पर ले जाए अब नास्तिक व्यक्ति के लिए तो सही मार्ग क्या है अंदर सुनि ऐसा है ना इन्होने मैं पूछने वाला था यह देखिए भैया अंबेडकर जी ब में नहीं गए उन्होंने खुद का धर्म बनाया था नहीं ये तो ब जिसको शायद नव बध कहते हैं बुद्धम बिल्कुल ठीक मैं सोच रहा था बोलू लेकिन कोई बात नहीं आपकी बात क्या काटू ब हा तो मैं यह कह रहा था कि जब व्यक्ति कहता है कि सही मार्ग पर जाने के लिए धर्म की आवश्यकता है
01:08:19:21 तो यहां पर दो प्रश्न उठ जाते हैं एक कि व्यक्ति सही मार्ग पर क्यों जाए और दूसरा उसको सही और गलत में अंतर करना आता हो हां तो फिर मैं यही तो बात कर रहा था आपसे कि नास्तिक व्यक्ति के लिए तो सही और गलत दोनों मतलब एक बराबर ही है अब देखिए ये जो है ये चले गए हैं मगर मैं अब परिभाषा दे दूंगा तो इसको कॉपी कर देंगे वापस आके बस ये दिक्कत है बिल्कुल ऐसा है धर्म आवश्यक इसलिए है कि धर्म की परिभाषा से पता चल जाएगा धर्म आवश्यक क्यों है बाबू दास भी आए हैं धर्म की बात बताने धर्म की यही होता है सभी ग्र में जो प्रमाण लिखा हुआ है बाबू दास को ऊपर ले लो जरा लिंक दे दो धर्म एक बार बाबू दास का सुन ले लिंक दे दो जरा बाबूदास को भाई चलो खैर डिस्टर्ब नहीं करते किशन जी से ही बात चलाते बाबू दास आएगा
01:09:20:16 नहीं आए तो एक बार सुन ले जर बाबू दास की वैसे समय आपको दिया था बाबू दास आना चाहते हो क्या तो कमेंट कर दो हा ब बाबू नहीं आ रहे हैं बाबू नहीं आ रहे हैं चलिए ठीक है मैं बता देता हूं धर्म की परिभाषा से समझ में आ जाए संसार के प्रत्येक प्राणी में जो वास्तविक चा है वो सत चित आनंद की चा है है ना तो हम लोग एसी में टीवी में फ्रिज में कूलर में पंखे में उठते बैठते कार मकान घर दुकान सब में हम लोग एक ही चीज ढूंढ रहे हैं सत चितता आनंद यही चीजों को सब जगह खोज रहे हैं तो जीव की चा का जो वास्तविक विषय है ना सत चिता आनंद यानी कि सच्चिदानंद स्वरूप परमेश्वर जीव की का वास्तविक विषय क्या है वो भगवान को ही ढूंढ रहा है सोते जाते उठते बैठते तो जीव की चाह का वास्तविक विषय सच्चिदानंद
01:10:36:08 स्वरूप परमेश्वर को परिभाषित कर सकने वाले शास्त्र द्वारा सच्चिदानंद स्वरूप परमेश्वर को प्राप्त करने के निमित्त बताई गई विधि का नाम धर्म है आपने पसंद क्या किया था नहीं तो सुनिए सुनिए जी सुनिए तो एक मिनट एक मिनट की सं जी जीव की जो वास्तविक चा है ना वो एसीटीवी फ्रीज कूलर नहीं है जब तुम किसी से बात करोगे आप अगर नास्तिक से भी अंदर भी अरे किशनदास जी जब मैं बोल रहा हूं तो मुझे बोल लेने दीजिए ना मैं आपको कहूंगा फिर बोलिएगा आप हा तो नास्तिक व्यक्ति से भी बात आप अगर करेंगे वो भी कभी कभी ऐसा सोचने लगता है कि बारिश ज्यादा पड़ रही है तो कम हो जाए मुझे ऑफिस जाने में देर हो रही है वो भी कभी-कभी सोचने लगता है कि धूप ज्यादा पड़ रही है तो कम हो जाए जबकि नास्तिक व्यक्ति भौतिकवादी है उसने अभी स्पिरिचुअल आध्यात्मिक चीजों को स्वीकार नहीं किया है और जब वह भौतिकवादी है तो साइंस के अनुसार एक मनुष्य बारिश के कम ज्यादा होने को कंट्रोल
01:11:51:18 नहीं कर सकता है मगर फिर भी उसके मन में चा विद कि वो बारिश को कंट्रोल कर ले उसके मन में धूप को कंट्रोल करने की चा विद्यमान है तो यहां पर वो अपनी ही आईडियोलॉजी के अगेंस्ट हो जा रहा है इसका मतलब उसके अंदर जब चा विद्यमान है सत चित आनंद की तो इससे सिद्ध होता है कि दुनिया में कोई सत चित आनंद है ने बता दिया सुनिए सच आनंद आपने बता दिया अब नास्तिक व्यक्ति के लिए तो स सच्चि तो आनंद है नहीं उसम खाली चाहा है चाहा बे आप नास्तिक बन जाओ अभी आपका ब हो भाई साहब मैं बता तो रहा हूं बता रहा बता रहा किस जी मैं बता रहा हूं मैं बता रहा हूं एक नास्तिक व्यक्ति के अंदर भी कभी ना मरने की चा विद्यमान है कि नहीं
01:12:56:21 यह हो गई उसकी सत होने की चा काहे की चा हो गई सत होने की व सत होना चाहता है ठीक है सत जो कभी बदलता नहीं है शाश्वत है ना अच्छा एक नास्तिक व्यक्ति के अंदर भी एक नास्तिक व्यक्ति के अंदर भी मूर्खता विहीन बन जाने की चा विद्यमान है वो सब कुछ जान लेना चाहता है कल इंडिया पाकिस्तान के मैच में कौन जीतने वाला है वह यह भी जान लेना चाहता है हा कभी कभी अगर वह कभी भी नए व्यक्ति से मिलेगा आज मैं किससे मिला हूं वो नए व्यक्ति के बारे में भी उसको मालूम नहीं है कुछ भी फिर भी व गेस करना शुरू करता है यह यहां से आया होगा ये ऐसा होगा ये वैसा होगा इसका मतलब उसके अंदर अखंड ज्ञानी बन जाने की चा विद्यमान है इसी को कहते हैं चित और आनंद व दुखी नहीं होना चाहता है मेरे बाल कभी सफेद ना हो मेरी जो चेहरा है कभी रिंकल्स ना आए मेरी गाड़ी का टायर कभी घिसे नहीं मेरे पास दुनिया का सबसे अच्छा मोबाइल होना चाहिए मोबाइल में स्क्रैच भी नहीं आना चाहिए यह क्या है अनंत आनंद इसी
01:14:11:24 को आनंद कहते हैं जोब हम सचित आनंद कह रहे हैं यह सारी जो चा है यह नास्तिक के अंदर विद्यमान है और इस चाह के विद्यमान होने से ही यह सिद्ध होता है कि दुनिया में कोई सच्चिदानंद स्वरूप परमेश्वर है जैसे कि हमारे अंदर भूख है तो उसी से पता लग गया कि दुनिया में भोजन है हमारे अंदर प्यास है तो उसी से पता लग गया कि दुनिया में पानी है हमारे अंदर
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→ Used in: A · Video एक नया पाखंड | आध्यात्मिक विश्वविद्यालय या पागलखाना at 32:26 ↗
01:14:41:01 सुनने की चाह है तो उसी से पता लग गया कि दुनिया में आवाज है हमारे अंदर देखने की चाह है
⬜ Not used yet · 01:14:49:25 – 01:44:49:00 (29:59)
01:14:49:25 तो उसी से पता लग गया कि दुनिया में दृश्य है ठीक है तो एक नास्तिक व्यक्ति के अंदर भी व्याप्त सच्चिदानंद एक ना जिस प्रकार एक नास्तिक व्यक्ति के अंदर भी व्याप्त भूख के होने से भोजन का अस्तित्व सिद्ध होता है उसी प्रकार एक नास्तिक व्यक्ति के अंदर भी व्याप्त सत चित आनंद की चा से सच्चिदानंद स्वरूप परमेश्वर का अस्तित्व सिद्ध होता है और फल स्वरूप जब फल स्वरूप व ईश्वर को प्राप्त करने की कोशिश करता है तो उस कोशिश में उसे जो करना है और जो नहीं करना है यह जो विधि विधान है इसी का नाम धर्म है यानी कि धर्म का वास्तविक फल क्या है सच्चिदानंद स्वरूप परमेश्वर की प्राप्ति मोक्ष और यही धर्म की उपयोगिता
01:15:47:13 है अब बात ये आती है कि हमने यह जाना कि ईश्वर कौन है जो सभी प्रकार के प्राकृतिक नियमों के ऊपर कंट्रोल कर लेने वाला है क्योंकि व्यक्ति के अंदर प्रकृति के सभी नियमों को तोड़ देने की चा विद्यमान थी जिससे कि हम य सिद्ध कर पाए कि इस दुनिया में कोई सभी नियमों को तोड़ सकने वाला ईश्वर भी है ठीक है तो अब सवाल यह बनता है आगे का कि जब ऐसा है तो यानी कि ईश्वर वही हो सकता है जो किसी भी प्रकार के नियम से मुक्त हो अद हो सर्वशक्तिमान हो उसके सामने कोई भी नियम नहीं लग सकता ठीक है तो अब बात य आती है क्या रामपाल दास जी के द्वारा प्रतिपादित होने वाला जो ईश्वर है जिसे आप कबीर कहते हैं क्या वह सर्वशक्तिमान है
01:16:57:00 क्या वो जीव क्या वो मनुष्य की चाह का वही ईश्वर है जिसको प्राप्त करने के लिए उसका धर्म का पालन आवश्यक हो जाए क्या वोह वही ईश्वर है हां बिल्कुल अच्छा तो जैसे आपके अनुसार रामपाल दास जी के अनुसार वो जो है तत् लोक से सीधा आता है जो सफेद दाढ़ी में होता है वही है ना कैसे आता
01:17:37:06 है कैसे आता मतलब आपके अनुसार जो ईश्वर का स्वरूप है जो जिसको परम सत्य कहा जाए वह कबीर है ना और परम सत्य का मतलब है जो कभी बदलता नहीं है शाश्वत बिल्कुल तो कबीर शाश्वत सत्य है ना बिल्कुल है हां तो जब वो शाश्वत सत नीचे आ रहा है तो वह पहले शिशु के रूप में आ रहा है उसके बाद वह किशोर हो रहा है फिर उसके दाढ़ी आ रही है तो क्या यह जो स्वरूप है ईश्वर का हां जो आप कबीर बता रहे हो ये तो बदल रहा
01:18:32:04 है यह बदल रहा है सर्वशक्तिमान किसको कहते हैं फिर सर्वशक्तिमान किसको कहते हैं मैंने वही तो कहा इसका मतलब देखिए मैं आपको ऐसे बता दूं कि ईश्वर नीचे आ गया ठीक है अब मैं आपसे एक प्रश्न पूछ रहा हूं क्या वो पहाड़ बन सकता है एक प्रश्न पूछ रहा हूं जो कबीर है हां पहाड़ बन सकते हैं हां बन सकते हैं तो जब वो पहाड़ बन सकते हैं तो यानी कि उनका जो रूप है वो ट्रांसफॉर्म हो रहा
01:19:12:21 है यानी कि यह जो रूप है यह शाश्वत सत्य नहीं है ये तो प्रति लोक में आप इस इनको देख रहे हैं ना हम इस पृथ्वी लोक में तो फिर वो जैसे जैसे आम इंसान जैसे जीता है वैसे ही वो अपना रूप दिखाते है ना उनको अगर वो एड जो रूप है ना उनका सतलोक में वो य उतार दे तो फिर वो आप और हम कोई देख नहीं सकते यानी कि यानी कि वो अपने असली रूप में नहीं आते हैं यह जो कबीर का रूप है यह अलग है वो जो रूप है वो अलग है परमात्मा की वेदों में तीन बताइए शरीर की भाई साहब हम लोग प्रमाण पर बात करेंगे अभी मैं आपसे आपका पक्ष पूछ रहा हूं जब मुझे आवश्यकता होगी कि मुझे इसका प्रमाण दो तो आप प्रमाण दीजिएगा
01:20:11:27 हा बताइए कि ईश्वर अपने वास्तविक स्वरूप में आता है या फिर बदल कर के आता है जो उनका वास्तविक स्वरूप होता है ना वो उसी रूप में आता लेकिन इस पृथ्वी लोक के अंदर वह अपने रूप को बदलते हैं जैसे बालक किशोर स्ता जवानी बुढ़ापा व इस तरह से अपना वह लीला करते हैं वह वास्तविक स्वरूप में ही आते हैं मगर यहां पर अपने रूप को बदलते हैं तो जब वो अपने रूप को यहां पर बदल रहे हैं तो उनमें से कौन सा रूप है जो वहां पर बैठा है इसको कैसे माने हम जब यहां पर उनका रूप बदल रहा है तो आपको यह कैसे पता चला में से यही वाला रूप है जो वहां बैठा है तलोक में कैसे पता
01:21:04:12 चला आप संतो की वाणी तो मान उस पर विश्वास तो करते हैं ना मानते तो है ना फिर हम बताएंगे कि व कैसे हैं मैं अपने सनातन शास्त्रों को मानता हूं और उनके अनुरूप अगर संतों की वाणी होती है तो उसको मानता हूं अच्छा इस कते गुरु ग्रंथ और गोविंद सा तो गुरु नानक जी को मानते हैं आप उनको तो सही मानते गुरु नानक जी की कोई बात होगी जो वेद विरुद्ध नहीं होगी तो मानते हैं बिल्कुल वेद गु वेद शास्त्र तो ये जो ज्ञान तो कबीर साहब ने जो दिया ना तो पूरा वेद के बिल्कुल उ ये बात की बात है अभी मैंने आपसे ये पूछा है बात ये चल रही है कि कबीर जब यहां पर आ रहे हैं तो वो शिशु रूप में भी है वो किशोर अवस्था में भी है और वो बूढ़े भी हो रहे हैं तो वो जब ऐसा कर रहे हैं तो हमें कैसे पता कि इसमें से बूढ़ा वाला जो रूप है यही वहां पर बैठा है परमात्मा बिल्कुल सा स्वस्त है ठीक है ना सनातन क्या क्या कहां चले गए पप हो गए उनके नेटवर्क की बड़ी प्रॉब्लम है मैं तो सोच रहा था
01:22:19:15 कि स्क्रीन शेयर करके जरा क्वेश्चन में लिख देता हूं धर्म आवश्यक क्यों है उसे भटकने की जरूरत पड़ेगी लिखा हुआ हैय वापस इस पे आइए वापस इसपे आइए अमित दु जी जय श्री राम भैया जय श्री राम देखिए जय भवा ये दिख रहा आपको ये रामपाल जी है भटके हुए हैं यही लिखूंगा अब ताकि जब इस क्वेश्चन प है तो यहां से कूदे ना इधर से उधर ठीक है इसी प रहे ये ब्रह्मचर्य का पालन नहीं कर पाएंगे इनम इतनी ताकत नहीं है ब्रह्मचर्य का पालन करने ये लोग आ रहा है चलिए ये तो खैर व्यक्तिगत बातें हो
01:23:00:12 गई एक मिनट बड़ी खुशी हुई दास जी मैं आपसे एक मिनट में बात कर रहा हूं जी अमित दुबे जी और कानपुर से हैं आप जी भैया कान जी आप कहां चले जाते हैं बारबार जी किशन दास जी हां आपका कहने का मतलब है कि वह जो परमात्मा है वह अपने असली रूप में यहां पर आता नहीं है बल्कि असली रूप में वह बन जाता है अंत तक आते आते नहीं यह हमने कब कहा कि असली रूप में नहीं आता है क्यों वो शिशु अवस्था में आता है ना हा वो असली रूप है उसका
01:23:55:21 [हंसी] कहां चले गए सब लोग चले गए हम बहुत ज्यादा टाइम नहीं है रामपाल जी रामपाल जी के यहां नेटवर्क ही प्रॉब्लम है जेल में है ना बेचारे क्या करें बहुत दुखी है इस समय इन लोगों को मजा आ रहा है फैक्ट फुल डिबेट के वीडियो देख देख के खुश है रामपाल जी दुखी है ये नहीं कि उनकी खबर ले उनके लिए बढ़िया बढ़िया मुलाकात होती है ना जेल में मुलाकात होती व बढ़िया बढ़िया मिस्ठान वगैरा पहुंचाए यह सब नहीं बैठे घर पर फैक्ट फुल डिबेट का वीडियो देख लिया सतलोक आश्रम वालों का वीडियो देख लिया खुश हो गए वो दुखी है सर्दी लग रही है मच्छर काट रहे हैं अभी मेरे न्यूज में पता पता चला था कि व शायद वो उनको क्यारी संभालने का काम मिला है बगीचा पौधा इत्यादि ऐसा कुछ सुनने में आया था हा सही सर देख
01:25:10:22 लो भाई क्या कर नेय क्या चल रहा है मैंने देखा तो उसम काफी कमेंट किया मैंने य चल क्या रहा है य बोलिए जय श्री राम हा स नमस्ते हा जी तो अभी आप बातें कर रहे हैं आपने धर्म की परिभाषा बताई और पिछली बार हम हमारी डिबेट जो है यहीं पर बात हमारी अटक गई थी धर्म धर्म क्या है आपने मुझसे पूछा था कि धर्म क्या है तो मैं थोड़ा बोलू देखो धर्म क्या है आपने जो परिभाषा बताई मैं तो आप बोलते नास्तिकों को कैसे समझाओ ग तो आपने जो अभी धर्म की परिभाषा बताई है कि भाई जैसे मान लो कोई नास्तिक है उसको भी इच्छाएं हैं उसको भी जो है आपने बोला था ना सचिदा क्या शब्द बोला था आपने उसको भी मतलब जो है रिक्वायरमेंट है यही बोला था ना आपने अभी धर्म की परिभाषा के अंदर काफी आपने ज्यादा शब्द यूज किए थे एजेक्ट वर्ड तो याद नहीं लेकिन उसका भावार्थ मेरे समझ में आ गया आप जो कहना चा लेकिन उस परिभाषा को तो मैं नकार
01:26:25:22 सकता हूं नकार चलिए बन जाइए थोड़ी देर के लिए नास्तिक हो जाए खेल थोड़ी देर आप नास्तिक बन जाइए अभी देखिए आपके मु पर टेप लगा आप आप आप उसकी जो शब्दों को मत पकड़ना भावार्थ पर आ जाओ आप शब्दों को नहीं पकड़ोगे कि खाली आपका ऐसा है हा या ना हा ना ना बनिए तो सही मेरी बात को काटिए तो सही मैं तो नास्तिक हु ही नहीं ना प्रॉब्लम तो यही है मैं तो आस्तिक हूं अरे भाई मैं तो मानता हूं भगवान है जो नहीं मानता मेरी परिभाषा को हटा दो आपको ई अपनी परिभाषा दे दो फिर देखो नास्तिक बन के मैं आपकी सारी परिभाषा काट डालूंगा और चलो मेरी परिभाषा मत
01:27:13:19 छूना एक बार थोड़ा सा आप एक मिनट में एक बार और डिफाइन कर दो एक बार थोड़ा सा रिवाइज हो जाएगा एक बार एक बार और बता दो शर्ट में बताना लेकिन ज्यादा लंबा उसको एक् मत करना जीव की जीव की चाह के वास्तविक विषय सच्चिदानंद स्वरूप परमेश्वर को प्राप्त करने के निमित्त बताई गई विधि का नाम धर्म है शॉर्ट में बताया बहुत तो इसको थोड़ा दूसरे शब्दों का प्रयोग करके भी तो थोड़ा थोड़ा सा हल्का शब्दों का प्रयोग करो ना
01:27:57:25 देखिए आप क्या शब्द को बा देखिए संसार का प्रत्येक प्राणी सच्चिदानंद स्वरूप परमेश्वर यानी कि भगवान को ही ढूंढ रहा है बस वो यह जान नहीं पा रहा है कि मैं जो मोबाइल में मोबाइल में फिल्म में कार में मैं ईश्वर को ही ढूंढ रहा हूं तो जब हम उसे बताते हैं कि देख जब तू ईश्वर को नकार रहा है तो यहां पर तू ईश्वर को चाह रहा है कहां कहा पर चाह रहा है जैसे कि वो भी ये आकलन कर लेता है कि भाई कल पाकिस्तान से कौन जीतेगा यानी वो भविष्य देखने वाला ब एक मिनट एक मिनट यानी कि वह भविष्य देखने वाला बनना चाहता है समझ रहे हैं वह भी चाहता है वो भी कई बार उसकी म एक मिनट एक मिनट एक मिनट वो भी क वो भी कई बार कहता है कि धूप ज्यादा पड़ रही है तो कम हो जाए बारिश ज्यादा पड़ रही है तो कम हो जाए यह सारे थॉट्स उसके उसके मन में भी आते हैं क्यों आ रहे हैं जबकि साइंस ने नहीं माना कि यू कैन कंट्रोल द वेदर फिर भी आ रहे हैं और वोह पर्सन कभी इस बात को मानेगा ही
01:29:12:26 नहीं कि यह जो आप बता रहे हैं भगवान की जो डेफिनेशन है व वो यह कहेगा कि यह मेरी इच्छा है खाली भगवान का रूप थोड़ी है अरे जो तुम्हारी वो इच्छा है उसका जो सब्जेक्ट है वही भगवान है ना जो तुम्हारी इच्छा है जिसको तुम छोड़ नहीं पा रहे हो उस इच्छा का विषय होना सिद्ध है मैं बता रहा हूं मनुष्य के अंदर इा मैं बता रहा हूं मैं बता रहा भगवान को एक एंटिटी मत समझिए जिसके मतलब हाथ पैर होंगे बस बैठ है देख रहा है अभी कुछ देर के लिए छोड़ दीजिए समझिए मैं बता रहा हूं देखिए ऐसा है हमारे अंदर जो भी ऐसी चाह है ना जिसको हम छोड़ नहीं सकते हैं ठीक है उस चाह का सब्जेक्ट दुनिया में मौजूद है उस चाह को पूरा करने वाला जैसे हमारे अंदर प्यास है ना तो उस प्यास का निवारण इस दुनिया में मौजूद है सिद्ध है अगर हम मैं कहूं अभी इस समय मैं यह कहने लगूं कि भाई मेरे अंदर उड़ने वाली मोटरसाइकिल का मोटरसाइकिल की चा है तो इस दुनिया में उड़ने वाली मोटरसाइकिल भी नहीं है ठीक है
01:30:28:12 उड़ने वाली मोटरसाइकिल नहीं है तो मेरी चाह का निवारण इस दुनिया में नहीं है मगर इस चा को मैं अपने से अलग कर सकता हूं मैं उड़ने वाली मोटरसाइकिल को चाहना छोड़ सकता हूं मगर ऐसी कई चाह है मेरे अंदर जिनको मैं नहीं छोड़ पा रहा हूं चाहे जो हो जाए मैं मृत्यु से दूर भागना चाहता हूं है कि नहीं अम चाए नहीं आतंकवादी तो आतंकवादी टेररिस्ट इस बात को नहीं मानेंगे वो कहेंगे मैं तो मरना चाहता हूं अरे ई सुनो मेरी बात वह मरने में भी आनंद ढूंढ रहे हैं ना तीन चीज है ना केवल अमरता नहीं है वो केवल अमरता नहीं है केवल च नहीं है तीन चीजों में से एक वो फिर आनंद को ढूंढ रहे हैं मर के क्या मिलेगा आनंद वो भी सदा सुखी रहना चाहते हैं क्यों मरना चाहते हैं कि भाई झंडा मेरा जाए सब लोग इस्लाम को मान ले या कुछ भी जो भी उनका हो तो उनको उनको ऐसा लगता है कि वो जो उनका झंडा फैर जाएगा तो उनको सदा के लिए आनंद मिल जाएगा सदा के लिए आनंद समझ
01:31:43:22 रहे आनंद हो गया ना वो भगवान काने केवल मैंने केवल अमरता थोड़ी ना कहा है सत चित आनंद तीनों चीजें हैं यह तो घटक है एट द एंड तो एक ही चीज है आनंद एट द एंड एक ही चीज है ये तो घटक हो गए तो सच्चिदानंद स्वरूप सच्चिदानंद की जो प्राप्ति की चा है वह हर व्यक्ति के अंदर विद्यमान है और मृत्यु से भागने की बात है जो कहता है कि मैं मरना चाहता हूं ठीक है जैसे अभी आप अगर मेरे सामने हो और आप यह कहने लगो कि मैं तो नहीं डरता मौत से तो मरना चाहता हूं एक चाटा घुमाऊंगा आपकी पलक झपक जाएगी यानी कि आप झूठ बोल रहे हो यानी कि आपके अंदर की चा है सुनो आपके अंदर की जो चाह है वो आपसे करवा रही है आपका शरीर बोल रहा है कि आप मरना नहीं चाहते हो मगर आप झूठ बोल रहे हो तो हम सामने वाले को निरुत्तर और निराधार बनाते हैं उस अपनी मु अपनी बात उसके मुंह से नहीं बुलवा उसको ऐसी स्थिति पर लाकर खड़ा कर देते हैं जब उसकी जो मूर्खता है वो बाहर आ जाए तो
01:32:58:22 नास्तिक जब हमसे ये कहेगा ना वो आतंकवादी आप कह रहे हो मैं मरना चाहता हूं एक डंडा घुमाऊंगा पलक झपक जाएगी चार पांच डंडे मारूंगा तो आऊ निकलने लगेगी मुह से ऐसा कुछ नहीं है सर हमने ऐसे ऐसे आतंकवादी देखे हैं जिन्होंने कई लोगों को मार दिया जेल में भी गए और जेल में भी उन्ह कोई दुख नहीं है अरे मैं पूछ रहा हूं पलक झप केगी कि नहीं अरे झ पकने से व भगवान का सिद्ध होना वो कहा रे या उनके अंदर बचने की चा विद्यमान है ना वो अपनी चा के विरुद्ध बोल रहे तुमसे पलक झपक रही है व बचना
01:33:40:02 चाहते उसल से बाहर निकलने की चाह नहीं है फिर से निकले और फिर से मारे हरि ओम जी सुनि प्रश् मत करिए आपने एक प्रश्न किया कि कई आतंकवादी होते हैं जो कहते मिनट मिनट धम बोल रहा हूं तो बोल लेने दीजिए ना बोले दीजिए आपने दो प्रश्न एक साथ कर लिए सुनिए क्या था एक आपने कहा कि कई आतंकवादी ऐसे होते हैं जो यह कह देते मैं तो मरना चाहता हूं मैंने उसके आपको दो उत्तर दिए जो यह बोल रहा है आतंकवादी उसके पास भी जा जो मरना चाहता है यानी कि जिसको मरने का भय नहीं है उसके पास भी जाकर के आप जब चाटा घुमाओ तो उसकी पलक झपके गी पहली बात यानी कि वो झूठ बोल रहा है उसकी वो चा है मगर वो झूठ बोल रहा है दूसरी बात जरूरी नहीं है अरे सुन लो वो जनता डिसाइड करेगी जरूरी है कि नहीं ठीक है अभी मैं जो बोल रहा हूं वो सुन लो पूरा दूसरी बात दूसरी बात क्या हुई आप ऐसे बोल करके वो जो मैं
01:34:55:04 बोल रहा होता हूं धारा प्रवाह में वो भुला देते हो तो फिर क्या होता है दूसरी बात क्या थी हा दूसरा प्रश्न आपने यह बोला कि वह इससे यह कहां सिद्ध होता है पलक झपक से कि ईश्वर है हमने यह सिद्ध किया कि उसके अंदर कभी ना मरने की चा विद्यमान है इसका मतलब कि इस दुनिया में कोई है जो कभी नहीं मरता जब वह किसी भी अजनबी से मिल टाइम यह सोचने लगता है कि यह कौन है तो इसका मतलब है कि वह कभी भी अनजान किसी भी ज्ञान से बेखबर नहीं बनना चाहता इसका मतलब है कि इस दुनिया में कोई बा खबर है आपके वह रामपाल जी की भाषा में इसका मतलब है कि इस दुनिया में कोई अखंड ज्ञानी है अमर है अखंड ज्ञानी है और वोह एन केन प्रकार अगर मरना भी चाह रहा है तो वो यह चाहता है कि वह आनंदित हो जाए वह जो प्राप्त जिसमें वह अपना सुख सोच रहा है वो उसको प्राप्त हो जाए तो वह जो है सदा के लिए आनंदित हो जाएगा इसका मतलब है कि इस दुनिया में कोई है जो सदा आनंदित है समझ में आया आपको क्योंकि हमारे
01:36:10:10 अंदर अगर प्यास है तो अगर हमारे अंदर प्यास है तो इसका मतलब है कि इस दुनिया में पानी है उस प्यास का निवारण तो जिस प्रकार एक नास्तिक व्यक्ति के अंदर भी व्याप्त प्यास का विषय पानी सिद्ध होता है उसी प्रकार एक नास्तिक व्यक्ति के अंदर भी व्याप्त सत चिता आनंद की चा का विषय सच्चिदानंद स्वरूप सिद्ध हो गया ऐसी चा सुन लीजिए ऐसी चा जिसको वो छोड़ नहीं पा रहा अब अब इसमें फैक्ट क्या है कि नास्तिक यह कह रहा है कि भाई मैं अमरता चाहता तो हूं मगर मैं नहीं मानता कि इस दुनिया में कोई अमर है यही तो कहेगा भाई मैं ज्ञानी बनना तो चाहता हूं मगर मैं नहीं मानता कि इस दुनिया में कोई अखंड ज्ञानी है यही तो कहेगा भाई मैं आनंदित होना तो चाहता हूं मगर मैं नहीं मानता कि इस दुनिया में कोई आनंदित है यही तो कहेगा तो इसका मतलब क्या हुआ इसका मतलब जिम में जो ट्रेड मिल की मशीन लगी होती है ट्रेड मिल देखा है आपने ट्रेड मिल देखा है जिस पर दौड़ते हैं जिम में वर्कआउट करते हैं हा देख उस परे दौड़ने वाला जो व्यक्ति जो दौड़ तो रहा है
01:37:25:28 मगर पहुंच कहीं नहीं रहा है वहीं की वही दौड़ रहा है नास्तिक वो बन जाता है क्यों अब उससे पूछो कहां जा रहे हो वो बोलेगा अमरता बोलेगा अखंड ज्ञान बोलेगा अनंत आनंद अच्छा फिर उससे पूछो क्या इस दुनिया में अमरता है अखंड ज्ञान है अनंत आनंद है वो कह रहा नहीं है अबे तो दौड़ क्यों रहे हो उसी तरफ तो दौड़ रहे हो दुनिया के जितने भी वैज्ञानिक हैं वोह हर पल जिस खोज में लगे हुए हैं अंतिम खोज क्या हो सकती है उनकी ऐसी कौन सी खोज होगी वैज्ञानिकों की जिको खोज लेने के बाद वैज्ञानिक मैं संतुष्ट हो गया उसी खोज का नाम ईश्वर है जन है उसी खोज का नाम ज्ञान है उसी खोज का नाम ईश्वर है तो जिसको वह खुद खोज रहा है उसी को कह रहा है कि वोह है ही नहीं जब तुम पहले ही डिक्लेयर कर रहे हो कि वह है ही नहीं तो तुम खोज क्यों रहे हो जब तुम खुद ही ताल ठोक रहे हो और अगर तुम य यह मानते हो कि है तो आगे बढ़ो तो नास्तिक और आस्तिक में अंतर क्या हुआ आस्तिक व्यक्ति
01:38:41:07 जहां जा रहा है वहां के लिए वह कहता है कि हां वह इस दुनिया में है नास्तिक व्यक्ति भी वही जा रहा है मगर वह यह कहता है वो इस दुनिया में है नहीं अंतर बहुत बड़ा अंतर हो गया जो हा अंतर तोही है जो आस्तिक वो भगवान से जोड़ेगा नास्तिक व्यक्ति उसको भगवान से नहीं जोड़ेगा नास्ति व्यक्ति कहेगा मैं मेरी नौकरी कर रहा हूं तो पैसा मिल रहा है तो मैं एसी लगाया मैंने कूलर लगाया री आप यहां पर जिस कारण से आए थे वह कारण हमको ठुकराई है ना हमारी परिभाषा को धर्म की परिभाषा ठुकराई है आपने आपने हम तो आस्तिक व्यक्ति है हम तो धर्म की बातों को मानेंगे क्योंकि हम पहले से इन चीजों को स्वीकार करते हैं धर्म की आपने बात बताई तो मैं तो हा उस धर्म की बात कोही ठुकराने के लिए आया हूं मैं तो तो ठुकराए आपने बोला आतंकवादी है उसके जब थप्पड़ मारेंगे तो उसकी पलक झपक गगी मैं आपको एग्जांपल देता हूं भगत सिंह जी थे भगत सिंह जी तो फांसी पर चढ़े थे उनकी कोई उनके साथ ऐसा कोई सीन नहीं था वो दुखी नहीं थे जरूरी नहीं है कि एक मिनट वो दुखी नहीं थे हा नहीं थे उने अपने बकेश्वर दत्त को पत्र
01:39:56:15 लिखा था छोटे भाई को दुख भरा फलत महा दुखी नहीं थे क्यों थे दुखी क्योंकि वह जो चाहते थे व नहीं हो सक नहीं हुआ अरे व तो छोड़ दो व्यक्ति की चा क्या है एक मिनट व्यक्ति की चा क्या है परम स्वतंत्रता वो तो खुद ही स्वतंत्रता के लिए लड़ रहे थे व्यक्ति की चाह क्या है परम स्वतंत्रता और वह खुद ही उसके लिए लड़ रहे हैं वह आजादी चाहते थे उनके जाने तक आजादी मिल गई थी क्या दुखी नहीं थे खामा खा की बात कर रहे हो नहीं मिली ना ठीक है ठीक है वो जनता देख लेगी आपका कहना है भगत सिंह दुखी नहीं थे वो बहुत खुश थे सेटिस्फाइड थे
01:40:55:03 वो वो मौत से डरे नहीं थे मैं ये कह रहा हूं आप बोले डर जाते हैं और ऐसा नहीं मौत से भय था मगर स्वतंत्रता की जो चाह थी वो उस पर हावी थी मौत से भय पर हावी थी बिल्कुल ऐसा नहीं है मौत से भय था मगर स्वतंत्रता की जो लड़ाई की वो चाह थी इच्छा थी वो उस पर हावी थी इसलिए वो फांसी पर छड़ गए चलिए अब समय हो रहा है ज्यादा हां और तैयारी करके
01:41:30:12 आइए चलिए अब आज का तो अब हो गया किशन दास जी आपसे ज्यादा बात नहीं हो पाई आपके नेटवर्क के कारण किसी और दिन आपके साथ चर्चा रखते हैं अरे अभी अभी नहीं रख पाएंगे अभी अब नहीं रख सकते 10 बज चुका है और हमने आपके साथ आपके साथ दो घंटे रखे थे हमने बगर आपका आना जाना ही लगा रहा बारबार आप आते ही कहां हो टाइम हम हमने बताया आपने बोला कि हम फ्री नहीं है फिर अरे और किसी दिन कर लीजिएगा आपके लोगों की तरफ से जान से मारने की धमकी भी तो दी जा रही है अभी तो आपने बात भी शुरू नहीं की थी पूरी तरह से फिर आप बीच में कह रहे हो टाइम नहीं है मैंने आपसे क्या बो 10 बज चुके हैं अब आप किसी और दिन आ जाइए आपका स्वागत है ठीक है नहीं आप धर्म प चर्चा करना चाहते तो पूरी करिए फिर अधूरा मत छोड़िए हम भाई साहब अभी आज तो नहीं हो पाएगी आप मेरे गोली मार दो अब चलिए अजीब बात कर रहे हो मैं अजीब नहीं कर कल का कल रात को नहीं आप कल रात को 8
01:42:45:16 बजे करते हैं दूसरे चैनल प करेंगे सर्वशक्तिमान धर्म प कर लेंगे कल कल क्योंकि इस पे वो ब्रह्मा कुमारी वाला चल रहा होगा ना तो दूसरे चैनल पर आपके साथ कर लेते हैं दो घंटे करेंगे आ से 10 मगर आप ऐसे नेटवर्क में रहिएगा कि आपको जाना आना ना पड़े बारबार ठीक है आप दिन में रख लीजिए दिन में नहीं रख सकते कल वो होता है कल कार्य होते हैं बहुत सारे संडे के दिन ठीक है कार्य इससे महत्त्वपूर्ण तो कोई कार्य है ही नहीं अरे भाई साहब आपको क्या पता है खामखा क्यों इंटरप्ट कर रहे हो आपको बहस ज लड़नी है क्या कल भंडारा होता है हर संडे को मंदिर में भंडारे का क्या मतलब पता हैय तो बस उठा के खा लेते हैं
01:43:35:09 क कल जो है थोड़ा सेवा करते हैं थोड़ा कीर्तन करते हैं भगवान के नाम का बैठते हैं थोड़ा सा और उसी के कारण यह सब हो रहा है जो दुनिया में जो थोड़ी बहुत धर्म की स्थापना है इन लोगों को यह नहीं पता कि सबसे पहले कौन सा धर्म आया सनातन धर्म सर्वोपरि सबसे पहले सनातन धर्म आद सनातन सनातन तो हमारा है सुनिए सनातन हमारा है और इनका आदि सनातन है अब सनातन क्या है जो जो कभी ना जन्मा वो हुआ आदि सनातन वो है जो कभी ना कभी जन्मा आदि सनातन कभी ना कभी आदि हमारा अनादि है ठीक है तो चलिए सभी को जय श्री राम आने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद समय देने के लिए और किशन दास जी आपके साथ हमारी चर्चा कल 8 बजे प्रारंभ होगी सर्वशक्तिमान धर्म चैनल जो हमारा दूसरा चैनल है ठीक है जय श्री राम हरर महादव जय श्री राम महादेव हर हर महादेव जय श्री राधा रानी
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