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00:00:01:28 [संगीत] सभी को जय श्री राम और अचानक से हमको जो है आना पड़ा कुछ बात करने के लिए आपसे अभी सुबह हमको एक तीसरा नहीं चौथा लेटर हमें प्राप्त हुआ आर्य समाज की ओर से उसमें क्या लिखा है और क्या-क्या चीजें हैं उसी पर हम आज बात करने वाले हैं और बहुत ही विशेष और आवश्यक और कहूंगा कि हर व्यक्ति के जानने योग्य बातें हैं तो सभी लोग ध्यान से जुड़े और ध्यान से चीजों को सुने

00:01:09:24 तो कुछ दिनों पूर्व हमें इग्राम स्टोरी पर शुरू से शुरू करता हूं अगस्त मा में शायद दो अगस्त को एक लेटर हमारे नाम से निकला कि भाई ये आपको शास्त्रार्थ के लिए चुनौती दी जाती है और आप आकर के माउं आबू पर्वत में हमारा आर् गुरुकुल है यहां पर आकर के आप जो है शास्त्रार्थ करें और शास्त्रार्थ का विषय था वहां पर किसकी परंपरा आश हमने इस बात का उत्तर वीडियो बना कर के दे दिया था और उसी एक दो दिन दो चार दिन के अंतराल में वीडियो बना कर के इस बात का उत्तर दे दिया था कि जिसको भी चर्चा करनी है व लखनऊ आकर के चर्चा करे हमारे पास इतना समय नहीं है कि हम जगह जा कर के घूमे आप अपने उसको देख लीजिए आपको जैसा सहज लगे यदि आपको लगता है कि हमसे चर्चा करना आपका आवश्यक है तो आप लखनऊ आ जाइए इस प्रकार का हमने उत्तर दे दिया था जिसको भी चर्चा करनी है यदि वह एक कोई भगौड़ा नहीं है अंडर कवर्ड गुंडा नहीं है अलंकार समाज के द्वारा पाला हुआ है ना तो हमने उत्तर तभी दे दिया था तब से

00:02:24:25 लेकर के अभी तक उस उत्तर को लेकर के कोई प्रतिक्रिया हमें प्राप्त नहीं हुई इसके बाद अभी कुछ दिनों पूर्व हमको उसी लेटर को लेकर के शायद किसी ने इग्राम पर स्टोरी लगा कर के टैग कर दिया हमने उसका फिर से वही उत्तर दे दिया भाई जिसको भीय ऐसी इस प्रकार की कोई चर्चा करनी है तो वो जो है लखनऊ आ सकता है जब हमने ये उत्तर इग्रा की स्टोरी पर दिया अभी भी हमने कोई लिखित उत्तर नहीं दिया है ध्यान रखिए इग्रा की स्टोरी पर हमने वो लेटर वो उत्तर दिया अब हमारे पास एक लेटर दोबारा से आता है और इस ये जो आबू पर्वत वाले जो आर्य समाज का जो केंद्र है वहां सेय लोग सक्रिय हो जाते हैं और फिर हमें जो है भेजते कि आपने हमारा निमंत्रण स्वीकार कर लिया और आपने तीन महीने बाद जवाब दिया है अमुक अमुक ये वो सब करते हैं भाई हमने तीन महीने बाद जवाब नहीं दिया है हमने जवाब उसी समय दे दिया था जिस समय आपने लेटर भेजा था आप अगर यह कहे कि आपने लिखित में दिया था तो आपको लिखित चाहिए तो हमने तो लिखित से आपसे संपर्क ही नहीं किया था आपको हमारे बारे में मालूम कैसे पड़ा के माध्यम सेय के माध्यम से तो य के माध्यम से हमने पर्याप्त सामग्री हमसे संपर्क करने की उपलब्ध करा रखी है आपने तो हमें व इत्यादि पर नहीं भेजा था

00:03:40:22 और अगर भेजा भी था तो अगर आप हमें य से जानने वाले हैं तो अपने संपर्क अपने संदेशों को टब के माध्यम से भेज सकते हैं है ना क्योंकि हमें उस समय बहुत सी जगह से डेली एक ना एक लेटर आ जाता था तो हमें याद नहीं है कि आपने हमारे पर्सनल ट नंबर पर वो लेटर भेजा था या नहीं भेजा था ठीक है मगर हमने आपका उत्तर अपने वीडियो के माध्यम से दे दिया आप चेक करिएगा जो आधुनिक गार्गी के नाम से एक वीडियो बनाया था कि यह जो झूठ प्रलाप क्यों हो रहा है उसी में आपका उत्तर भी दिया था वो उन्ही दिनों की बात है कुछ दो चार दिन अब क्या हुआ कि इनका लेटर हमें दोबारा आता है कि आप ठीक है हम लखनऊ आने के लिए तैयार हैं और आप हमारी ओर से फला फला जगह जो है इनका जो आर्थ समाज का मंदिर है जहां पर निष्ठा विद्या अलंकार जो इनकी आधुनिक ग गार्गी जी है उनके साथ जहां पर चर्चा हुई थी उसी जगह को इन्होंने बता दिया कि यहां पर हम लोग चर्चा करेंगे अब दोबारा से हमको जो है इनका लिखित क्योंकि ये अब लिख के भेज रहे तो हमने कहा चलो इनको अब लिख के दे दिया जाए उत्तर तो हमको समय लग रहा था हम लोग फ्री नहीं बैठे रहते हैं आप भी कार्य करते होंगे हम भी कार्य करते तो कार्य कर रहे हैं उसमें

00:04:55:24 नहीं समय मिल रहा है समय मिला लिखा उस बीच में इनका लेटर और प्राप्त हो गया कि आपका जो है लिखित में उत्तर प्राप्त नहीं हुआ है और आप इन विषयों में से कोई भी एक विषय चुन सकते हैं तो वो लेटर जरा इनको दिखा दीजिए जो इनका दूसरा अभी का जो लेटर दूसरा वाला जिसमें उन्होंने विषय बताए तो इन्होंने उसमें विषय बता दिए आप ईश्वर सर्वशक्तिमान है कि नहीं मूर्ति पूजा और गायत्री मंत्र स्त्रिया जप सकती है कि नहीं या जने का जो मामला है शायन भाष्य महिदर भाष्य यन भाष्य पात्री भाष्य यह जो इन्होंने दूसरा लेटर दिया है इसको आप देख लीजिए पहले इनका जो इनका शीर्षक है वो दिखा दीजिए ऊपर का आर समाज जो गुरुकुल य बताते हैं यह यह इन्होंने लेटर दे दिया अब इसमें इन्होंने देखिए हमें ऑप्शन दिए हैं कि आप जो है इन इन विषयों पर चर्चा कर सकते हैं इनमें विषय नंबर सबसे पहला विषय ईश्वर का स्वरूप उसके बाद आचार्य शाय महिदर बट कपाती जी और महा ऋषि दयानंद के वेद भाष्य में किस की प्रामाणिकता ठीक है अभी

00:06:11:07 शब्दों पर भी ध्यान दीजिए की प्रामाणिकता ये ठीक अब हिंदू शब्द की प्रामाणिकता और क्या है स्त्री वेदा अध्यन अधिकार अवतारवाद मूर्ति पूजा अच्छा इसमें जो और किसकी परंपरा आ यहां पर ने फिर से दे दिया किसकी परंपरा आर स्वामी शंकराचार्य और स्वामी और महा ऋषि दयानंद ठीक है किसकी परंपरा अर्श तो इनमें से किसी एक विषय को आप चुनिए तो यह विषय हम जो है यह हमें विषय उनके प्राप्त हो गए अब जब यह विषय हमको प्राप्त हो गए तो हमारा यही कहना था सबसे पहला कहना तो यही था हमने इनका उत्तर दे दिया कि भाई ठीक है हटा लीजिए इसको हटा लीजिए अब हमने दिखा दिया हटा अब हमने को उत्तर दे दिया कि ठीक है भाई हम जो है आपसे ईश्वर का स्वरूप सर्वशक्तिमान ईश्वर पर चर्चा करना चाहते हैं और इसमें इन्होंने जितने भी विकल्प दिए हैं कि क्या कहते हैं ये मूर्ति पूजा अवतार और ईश्वर का स्वरूप यह लगभग एक ही एक ही विषय है भाई ईश्वर का स्वरूप ईश्वर सर्वशक्तिमान है

00:07:26:13 कि नहीं अवतार ले सकता है कि नहीं अवतार ले लेगा तो मूर्ति पूजा तो ये सब इंटर कनेक्टेड है इनको अलग अलग स्पेसिफिक नाम देने की भी बहुत ज्यादा आवश्यकता नहीं है खर आपने यह सब दिया तो इनका कुल मिलाकर के एक निचोड़ निकला ईश्वर का स्वरूप हमने इधर से इनको उत्तर दे दिया कि ईश्वर के स्वरूप पर आप आ जाइए चर्चा कर लीजिए आ अच्छा अब इनका एक अंतिम लेटर आता है और वह इतना हास्यास्पद है और मैं कहूंगा कि आर समाज को जो फॉलो करने वाले लोग होंगे उनकी निष्ठा को भी ठेस पहुंच सकती है वो उनके लिए भी आश्चर्य चकित कर देने वाला इनका लेटर है क्योंकि अब यह अपनी ये जो विकल्प दिए है ना हमको इस विकल्प से अभ मुकर गए हो गया इनका अब इन विकल्पों में से इन्होंने जो ईश्वर का स्वरूप वाला विकल्प ता हटा दिया एक साइड कर दिया और इन्होंने कहा कि आप यदि परंपरा की बात करना चाहते हैं तो आप परंपरा पर आप उसे बात कर लीजिए क्योंकि आपने कहा कि आर्य समाज ने परंपरा नहीं दिखाई जबकि आर्य समाज के विद्वानों ने आपको परंपरा के विषय में उचित उत्तर दिया है और आपने उनको संतुष्टि जनक रूप से अपनी परंपरा के बारे में नहीं बताया फिर भी यदि आपको परंपरा के विषय में बात करनी है

00:08:41:14 तो आप आ कर के कर सकते हैं ठीक है तो सबसे पहले तो इसी बात पर बात करते हैं आपने कहा कि आपके विद्वानों ने परंपरा के विषय में हमें उचित उत्तर दिया है वो कौन विद्वान है कौन विद्वान है कहीं अंडर कवर्ड वो भगोड़ा वो गुंडा तो नहीं है जिसको आर्य समाज की संस्था नकार देती है यह कह देती है कि हम नहीं जानते इस नाम के व्यक्ति को कौन विद्वान है आर समाज का जिसने हमें उत्तर दिया और उत्तर क्या था हमने आपसे आपका नाम पूछा तो उस नाम नाम बताने की बजाय आप हमको यह कह रहे हो कि आपका नाम क्या है यह उत्तर है अच्छा दूसरी बात यह है कि किसकी परंपरा आर इस विषय में कोई भी बात तब हो सकती है आपने कहा कि हमें आपकी परंपरा वो जो आपका उत्तर था कोई भी आपने संतुष्टि जनक उत्तर नहीं दिया भैया हमने उत्तर दिया है आपको संतुष्टि हुई है कि नहीं हुई है यह तो शास्त्रार्थ का विषय है चर्चा का विषय है आपके अनुसार शास्त्रार्थ हमारे अनुसार चर्चा का विषय आप उसे साथ करिए हमारे अनुसार तो चर्चा का विषय हम तो चर्चा ही कह करके गए हैं कहीं भी ना तो यह तो चर्चा का विषय है कि आप हमारे उस उत्तर से संतुष्ट है कि नहीं यह

00:09:56:14 हमारी गुरु परंपरा को बताने वाली ग्रंथ है और सार्वजनिक है वेबसाइट पर अवेलेबल है जाके पढ़िए किसका गुरु कौन आर्य समाज का कौन सा ग्रंथ अभी तक ऐसा छपा है जिसमें विरजानंद का गुरु पूर्णानंद और पूर्णानंद के गुरु का नाम बताया गया फिर उनके गुरु का नाम बताया गया गुरु परंपरा बताई गई हो आपके व्यक्ति ने आर्य समाज के मंदिर में बैठ कर के कहा कि आर्य समाज गुरु डम परंपरा को नहीं मानता क्या करें उसका आप तो स्वयं खंडन कर रहे हैं और फिर कह रहे हैं किसकी परंपरा पहले अपनी परंपरा को मानिए कि हम भी परंपरा को मानने वाले हैं पहला पहली नंबर फिर उसके बाद यह बताइए कि आपकी परंपरा क्या है और दिखाइए वो कहां पर आपके जो जिनके द्वारा जो प्रवर्तक है उनके द्वारा कहां स्वीकार किया गया परंपरा को कहां पर उनके द्वारा उल्लेख किया गया तब हम लोग इस बात पर बात कर सकते हैं कि आपकी परंपरा प्रामाणिक है कि नहीं या हमारे द्वारा बताए जाने वाले जो गुरुओं के नाम है वो प्रामाणिक है कि नहीं हा तो आप कहते हैं कि हमें संतुष्टि नहीं भाई तो चर्चा का विषय है और चर्चा क्यों हो रही है और आप तो कभी संतुष्ट होंगे नहीं ना व जनता देखेगी किसकी बात में दम है जनता देखेगी आप कभी संतुष्ट

00:11:11:16 हो सकते हैं क्या नहीं हो सकते क्या उत्तर दिए नहीं गए खब दिए गए अब कोई संतुष्टि जनक उत्तर नहीं दिया तो इसलिए जो आप संतुष्ट नहीं तो इसमें हम क्या करें भाई उत्तर दिया गया आपकी तरफ से कोई ग्रंथ कोई लेख इस बारे में हो प्रामाणिक दयानंद जी के द्वारा स्वीकार किया गया अरे वो छोड़ दो पहले तो य ये तो दिखाओ कि है कोई किताब है कुछ है सामग्री आपके पास आपकी गुरुओं की वंशावली है परंपरा है आपकी कुछ दिखाओ उसके बाद तो बात करें कि वो परंपरा आर्ष है कि नहीं पहली बात दूसरी बात यह है कि इन्होंने फिर वहां पर जो अपना अंतिम लेटर दिया उसम परंपरा के बारे में विकल्प में आ गए वो ईश्वर सर्व शक्तिमान को छोड़ दिया उसको मैं थोड़ा बाद में लूंगा और इन्होंने कहा क्या कि देखिए ईश्वर सर्वशक्तिमान है मतलब ईश्वर के विषय में आपकी चर्चा आर्थ समाज के कई विद्वानों से कई बार हो चुकी है इसलिए हमें उचित नहीं लगता इस विषय पर बात करना आप पहले या तो क्या कहते हैं यह परंपरा के विषय को तो रख ही दिया था उन्होंने और दूसरा उन्होंने रखा कि क्या कहते हैं यह हिंदू शब्द की प्रामाणिकता या जो आचार्य शायन है करपात्री जी है इनके भाष्य

00:12:29:20 सनातन धर्म के अनुकूल है कि नहीं अब देखिए यहां क्या शब्द आया सनातन धर्म के अनुकूल है कि नहीं भाई वेद वेद से प्रतिपादित होता है जब सनातन धर्म और वेद की प्रमाणिकता कोई वेद के भाष्य कोई हम जांचने निकले हैं तो फिर सनातन धर्म अलग से कहां से आएगा जो वेरिफिकेशन करेगा पहली बात दूसरी बात य है अगर सनातन धर्म के अनुसार सनातन नाम हम पकड़ते हैं कि उसके अनुसार वेद के भाष्य होने चाहिए तो सनातन ईश्वर होना चाहिए ना वेद का ईश्वर सनातन होना चाहिए ना सनातन सर्व शक्तिमान समर्थ सर्व सामर्थ वान होना चाहिए ना और उसी विषय पर हम बात कर रहे कि आपके वेद भाष्य के द्वारा आपकी मान्यताओं के द्वारा आपकी विचारधारा के द्वारा ईश्वर सर्वशक्तिमान है कि नहीं सर्व सामर्थ वान है कि नहीं उसी में तो बात कर रहे हैं तो उससे आप पीछे हट रहे हो अपनी ही कही हुई बात से आप कैसे बहानेबाजी कर कर के पीछे हट सकते हैं कहां से सीखा धर्म की कौन सी व्याख्या है यह सारी बातें विचारणीय है अरे भाई आपने जब हमको विकल्प दिया है ठोक करके ईश्वर का स्वरूप अब हम उस पर चर्चा करने जा रहे हैं तो आप उसको पीछे क्यों कर रहे हैं दूसरे विषयों

00:13:44:27 को आगे क्यों कर रहे हैं क्योंकि इसमें झोल है क्योंकि उसमें भय है क्योंकि वह सर्वशक्तिमान नहीं है क्योंकि उस पर आपको गर्व नहीं है उस पर आपको डाउट है हमने अपनी चर्चाओं में सदैव क्या कहा हिंदू शब्द की प्रमाणिकता पर आप लोग बात करते हैं हिंदू शब्द की प्रमाणिकता क्या हम लोग हिंदू शब्द की प्रमाणिकता को लेकर के फिरते हैं क्या मैं अपनी हर वीडियो के एंड में कहता हूं कि अगर हमें अगर हमें सनातन को एक करना है सिर्फ तीन खंबे पकड़िए सिर्फ तीन खंबे सर्वशक्तिमान ईश्वर परम स्वतंत्र मोक्ष शाश्वत धर्म अगर आप लोग हिंदू शब्द नहीं बोलना चाहते मत बोलो हमारा विषय तो इतना होता है कि उसको बुरा भी मत बोलो बस और वो तो बातें बाद की है ना जिसका ईश्वर सर्वशक्तिमान होगा जिसके वेद भाष्य जो है सनातन ईश्वर को प्रतिपादित करेंगे उसके अनुसार मान लिया जाएगा हिंदू शब्द प्रमाणिक है कि

00:14:44:12 नहीं अरे भाई हम लोग तो स्वयं को सनातन वैदिक आर्य हिंदू कहते ही है और आपके भी बहुत सारे भगोड़े विद्वान नहीं आपके द्वारा जिनको सम्मान प्राप्त है वो विद्वान मंचों पर अपनी बात रखते समय कई बार हिंदू बोलते हिंदू शब्द का उपयोग करते तो इसको लेकर के हमारे बीच में कोई बड़ा अलगाव नहीं है यह तो बाय प्रोडक्ट है जड़ में क्या है यह बाय प्रोडक्ट है इन पर अगर बात होगी भी या नहीं भी होगी अगर जड़ को हम लोग बात कर लेंगे तो यह सब कुछ अपने आप क्लियर हो जाएगा और अगर बात यह है कि ईश्वर के विषय पर बात कई बार हो चुकी है तो इन पर भी हमने बहुत सारे वीडियोस बनाए हैं अगर आपका कहना यह है कि को देख कर के जनता अपना निर्णय ले रही है तो इन पर इनको देखकर भी जनता अपना निर्णय ले लेगी फिर आप क्यों परेशान आपने मूर्ति पूजा का विषय हटा दिया आपने अवतार का विषय हटा दिया आपने ईश्वर ईश्वर के स्वरूप का विषय तीनों विषय हटा दिए इनका जो आखिरी लेटर आया है इनका आखिरी लेटर दिखा

00:15:48:16 दीजिए तो यह है आर समाज का एक क्या कहे इसको अपनी बात से मुकर जाने वाला क्रिया चरित्र दोहरा चरित पहले बहुत शन के साथ कहते हैं भाई आ जाओ आप इसमें से अपना अपना विकल्प चुन लीजिए ईश्वर सर्वशक्तिमान और यह मूर्ति पूजा और यह अवतारवाद चुन लीजिए और उसके बाद जब हम चुन लेते हैं पकड़ लेते हैं पक्के वाले खंबे को एक ही खंबा ऐसा है जिसको हर सनातनी अगर पकड़ लेगा हम सब एक हो जाएंगे कुछ नहीं परेशान होने की आवश्यकता होगी एक ही खंबा ईश्वर सर्वशक्तिमान है कि नहीं बस जो भी आपको भटका है वो भले ही स्वयं को सनातनी कहता हो या स्वयं को सनातनी ना कहता हो केवल एक बात पकड़ो आपके धर्म और अधर्म का निर्णय हो जाएगा केवल एक बात जो ईश्वर है व बाधित ना हो अवाद ईश्वर सर्वशक्तिमान ईश्वर दिखाइए भैया लेटर वो तीसरा वाला इ ने पहले क्या किया हमको ऑप्शन दिए कि आप चुन लीजिए अपना कौन

00:17:03:16 सा विकल्प आपको चुनना है और फिर लास्ट में कह दिया नहीं नहीं इन पर तो बातें हो चुकी है अच्छा बातें हो चुकी है यह क्या आपको तब मालूम नहीं था जब आप विकल्प दे रहे थे किसी और ने लिख दिया था वह विकल्प वो पांच सिद्धांत शिक्षा के उससे हैं उन पांचों सिद्धांतों के मूल में यही तीन सिद्धांत जैसे धर्म शाश्वत की बात करेंगे तो प्रामाणिक आचार्य आ जाएगा और सरलता से जानने योग राम आ जाएंगे है ना उन वो पांच इन्ही तीन सिद्धांतों का और एक्सप्लोर कर देंगे तो व पांच हो जाएंगे वो समझाने के उससे हैं जब किसी को आप समझाएंगे मगर आप जब किसी से वैचारिक मतभेद मिटाने के निमित्त बात करेंगे तो केवल तीन चीजें सर्वशक्तिमान ईश्वर परम स्वतंत्र मोक्ष और परम स्वतंत्र मोक्ष और शाश्वत धर्म तो एक बार और दिखाइए एक बार और दिखा दीजिए इनको थोड़ा सा मैं बता दूं दर्शको को इस बात से

00:18:18:18 हम असहमत है कि आर्य समाज नीचे वाला आइए नीचे वाला शास्त्र चर्चा के लिए हमने अच्छा इनका एक यह वाला मामला है कि शास्त्र चर्चा के लिए इन्होंने स्थान का वह दिया था तो ठीक है हमें स्थान से कोई आपत्ति नहीं है ठीक है आपके यहां पर शास्त्र चर्चा होनी है वहां कर लेंगे लखनऊ में होनी है आपके वाले आपके वहां पर होनी है कर लेंगे आर समाज मंदिर में उससे हमें कोई दिक्कत नहीं है हमने तो अपना विकल्प दिया था कि आप इस मंदिर में आ सकते हैं कि नहीं आ सकते मगर आपने कह दिया कि आप नहीं आप वहीं पर वहीं पर आपको जो है सहज प्रतीत हो रहा है तो ठीक है मैं उसमें कोई आपत्ति नहीं वो वाला दिखाइए जिसमें इन्होंने मना किया है सर्वशक्तिमान ईश्वर के बारे में चर्चा करने से यह

00:19:16:28 देखिए हां हां सर्वशक्तिमान

✅ This part is already used · 00:19:21:18 – 00:19:38:00 (0:16)

→ Used in: A · Live सर्वशक्तिमान का भय या भागने के बहाने #aryasamaj #dayanandsaraswati at 8:34 ↗

00:19:21:18 सर्वशक्तिमान ईश्वर पर आप अन्य आर्य विद्वानों से चर्चा कर ही चुके हैं इस विषय पर आप की और आर समाज की जो जो मान्यता है उस पर पर्याप्त सामग्री सर्वज्ञ उपलब्ध है और निष्पक्ष लोग उसे देखकर निर्णय ले सकते

⬜ Not used yet · 00:19:38:00 – 00:50:00:12 (30:22)

00:19:38:00 हैं इसलिए एक ही विषय पर बार-बार चर्चा करने का कोई औचित्य नहीं है अरे मेरे भाई जितनी बार हमने सर्वशक्तिमान ईश्वर पर चर्चा की है उतनी बार हमने परंपरा पर भी चर्चा की है एक भी चर्चा ऐसी नहीं है जहां पर हमने सर्वशक्तिमान की बात की हो मगर परंपरा की बात नहीं हो क्यों क्योंकि आपके पास जब तर्क नहीं होते हैं तो आप अपने अनुसार अर्थ किया हुआ प्रमाण उपलब्ध कराते हैं और जब प्रमाण उपलब्ध कराते तो हम पूछते हैं कि वेद मंत्र कहां से है आपके पास तो परंपरा और सर्वशक्तिमान ईश्वर साथ में ही चले हैं बल्कि परंपरा पीछे रही है सर्वशक्तिमान ईश्वर आगे रहा है और परंपरा पर जाकर के हर हर चर्चा संपन्न हुई है जिसका उत्तर नहीं दिया गया एक भी आर्य विद्वान ने और जिसके जिसकी आड़ में आप बचने का प्रयास कर रहे हैं वो तो खुद को स्व भगोड़े कहते हैं कौन कौन सा आर विद्वान है जिसने उत्तर दिया है परंपरा के संबंध में कोई नहीं तो यह बात यह आपका जो कथन है गलत है कि ईश्वर विषयक चर्चा कई बार हो चुकी है मगर दूसरे विषयों पर चर्चा नहीं हुई है क्योंकि दूसरे विषय जो आपने परंपरा का विषय पकड़ा था उस पर भी हर बार जहां पर ईश्वर के ऊपर चर्चा हुई वहां पर परंपरा पर भी हुई और सबसे बड़ी बात है कि यदि आपको कोई गलत फहमी हो भी रही है

00:20:53:02 कि परंपरा पर चर्चा नहीं हुई है या जो भी है और ईश्वर विषय पर हो चुकी है तो आप जब हमें विकल्प दे रहे थे कि आप इनमें से अपना चुन लीजिए तब आपको ये ध्यान नहीं रहा था क्या ईश्वर के विषय पर चर्चा हो चुकी है तो हम मूर्ति पूजा ना लिखे तो हम अवतारवाद ना लिखे ईश्वर के स्वरूप का विकल्प ना दे ये कैसा दोहरा चरित्र है भाई कैसा दोगलापन है ये और फिर कहते हैं हम धर्म की स्थापना कराने वाले हैं धर्म की रक्षा करने वाले हैं यह धर्म है लिखित में कही हुई बातों को बदल दिया जाए यह धर्म है यह धर्म के देवता के धर्म धार्मिक केंद्र संचालक है अच्छा एक चीज और है इनके पत्र में बहुत गजब की वो देखिए वो वाला दिखाइए जरा कि चर्चा जो है लाइव रिकॉर्ड की

00:21:42:15 जाएगी हां चर्चा की लाइव स्ट्रीमिंग करने की व्यवस्था आर्य समाज के द्वारा की जाएगी अन्य किसी को रिकॉर्ड करने की छूट नहीं है यह यह मेरे भाई ऐसे आप लोग कथन कह रहे हैं कि आप लोग ही नहीं चाहते हैं कि अभी चर्चा हो क्यों भा हम परतंत्र हो गए क्या जो हम आपसे चर्चा करने आ रहे हैं तो आपने हम पर एहसान कर दिया कि हमें चर्चा का अवसर देक के आप लाइव स्ट्रीम करोगे आपको चर्चा पसंद नहीं आई आपने लाइव स्ट्रीम हटा दी तो हम क्या करेंगे भाई एक दूसरे पर भरोसा नहीं है इसीलिए तो हम आमने सामने हैं चर्चा में तो फिर आप इस भरोसे की उम्मीद क्यों कर रहे हैं हमसे कि लाइव स्ट्रीम आप डालेंगे हम रिकॉर्ड भी नहीं कर सकते वाह क्या बात है अजीब तानाशाही है भाई यह देख रहे हैं आप लोग यह देखिए यह हाल है आबू पर्वत के आर्स गुरुकुल के संचालक है यह और यह बोल रहे हैं कि भैया रिकॉर्ड करने की अनुमति और किसी की नहीं होगी क्यों नहीं होगी क्यों नहीं होगी रिकॉर्ड करने की अनुमति भाई जितना अधिकार आपका है उस चर्चा पर उतना ही अधिकार हमारा भी है अजीब नहीं अरे

00:22:57:19 भाई नियमों के साथ तुम्हारे साथ कौन बैठेगा चर्चा करने अभी तुम कह दोगे कि चर्चा में बैठने की अनुमति केवल हमारे विद्वान कोगी आप खड़े रहोगे तो क्यों जाए तुम्हारे द्वारे परतंत्र हो गए क्या तुम्हारे अजीब बात है चर्चा रिकॉर्ड करने की अनुमति केवल हमारे विद्वान की होगी अच्छा अब इसमें आगे चलते हैं तो इन्होंने हिंदू शब्द की अब जब ये ये कह रहे हैं कि अन ईश्वर विषय पर बात हो चुकी उसके ऊपर जो वो लोग है वो निर्णय ले रहे हैं

00:23:37:01 तो हां अब इसमें य यह कहते हैं कि जो हमारी जो चर्चा होगी वह सबसे पहले क्या होगी या तो इस पर हो कि सनातन के अनुकूल है कि नहीं करपात्री जी का भाष्य अगर सनातन के अनुकूल आप लिख रहे हैं पहली बात तो सनातन कोई अलग से नहीं है जब वेद का भाग होगा वही से सनातन प्रतिपादित होगा तो यह आपकी भूल है अलग से कोई स्ट्रक्चर है कोई बॉडी है जहां जिसके अकॉर्डिंग हमें वेद भाष्य करना है अलग से कोई स्ट्रक्चर नहीं हा आपने अपने मन का स्ट्रक्चर को नाम दे रखा है सनातन का यह बात है कई बार अपने मन के अनुसार आप ईश्वर ऐसा कैसे कर सकता है ईश्वर पर प्रतिबंध लगा देते हो अपने मन के अनुसार बनाए हुए ताने बाने के अनुसार आप जो है ईश्वर पर प्रतिबंध लगा देते हो और उसको आप सनातन का नाम देते हो ठीक है तो वो सनातन नहीं सनातन को सिद्ध करिए आप तो वेद भाष्य के जिस वेद भाष्य का ईश्वर सनातन साबित हो जाएगा सर्वशक्तिमान सर्व सामर्थ वाद सिद्ध हो जाएगा वही ईश्वर वही वेदवा प्रमाणिक सिद्ध हो जाएगा तो आपकी बात से इससे भी निकल रहा है कि ईश्वर के स्वरूप पर हम चर्चा कर सकते हैं दूसरी एक बात यह है कि इन्होंने यह ऑप्शन फिर हमें दिया कि पहले आप या तो इस पर

00:24:52:01 बात कर लीजिए हिंदू शब्द की प्रामाणिकता या फिर ये पात्री जी और सायन की सनातन के अनुकूल प्रामाणिकता पर और यदि उसके बाद आपको लगता है तो हमारे विद्वान हम उपलब्ध करा देंगे और आप जो है फिर आप सर्वशक्तिमान ईश्वर पर चर्चा कर लीजिएगा तो ये जो विकल्प इन्होंने सबसे पहले दिया था पहले तो उसको नकार ही दिया कि हमारे हमारी समझ से वो उचित है ही नहीं और नकारते हुए उसको सबसे पीछे कर दिया क्यों भाई जब आप आप अपनी जबान के पक्के रहिए ना भाई आपने कहा आप इसमें से कोई भी विकल्प चुन लीजिए हमने चुन लिया तो अब आप क्यों पीछे हट रहे हैं कि नहीं नहीं इनमें से चुनिए अब आप और वह विकल्प पीछे रखिए यह दोगलापन है यह दोहरा चरित्र है इससे बचिए और जो ऑप्शन आप दे रहे हैं उनमें से भी ईश्वर के स्वरूप का अर्थ निकल रहा है और एक ऑप्शन की हमने बात बता दी हिंदू शब्द की प्रमाणिकता और अगर यही बात है कि इन पर तो चर्चा हो तो मूर्ति पूजा पर भी खूब बातें हो चुकी है यह बात आप लोग ही नहीं कहते मुसलमान भी कहते हैं मूर्ति पूजा के बारे में खूब राम मंदिर के विषय में खूब ये बात ठी है कि मूर्ति

00:26:07:01 पूजा प्रमाणिक है कि नहीं है वैदिक है कि नहीं है और कोर्ट के ऑर्डर्स में समरी में लिखा हुआ है कि मूर्ति पूजा जो है मूर्ति पूजा वि भेदों से सिद्ध है कोर्ट ने माना वो बात और है कि वो संविधान हमारा लौकिक संविधान के अनुसार वो कोर्ट है मगर आप तो लौकिक संविधान के अनुसार चलते हैं वो मैं अभी बताऊंगा कसे से चलते हैं बताऊंगा मैं सनातन संविधान कब लागू आपके यहां लौकिक संविधान का आलंबन लेते हैं धार्मिक तंत्र होने के बावजूद भी आपका जो आधार है धार्मिक निर्णय लेने का वो लौकिक संविधान प्रतीत होता है आगे आपके पास इस विषय में कोई उत्तर हो तो दीजिएगा खैर तो इन्होंने पहली बात क्या आई परंपरा किसकी आर्ष तो परंपरा किसकी आर्ष पर तब बात हो सकती है जब आप अपनी पूर्व परंपरा बताएं दूसरी बात ये आई हिंदू शब्द की प्रामाणिकता तो अगर आपको लगता है कि ईश्वर विषय पर चर्चा हो चुकी है तो हिंदू शब्द पर भी बहुत सारे वीडियो से जनता अपना निर्णय ले ही रही है दूसरी बात ये है कि हिंदू शब्द को लेकर के ऐसा कोई बहुत ज्यादा बड़ा हमारे बीच में कोई द्वंद नहीं है क्यों क्योंकि हिंदू शब्द हम भी स्वयं को आर्य कहते हैं और आप भी आपके भी विद्वान स्वयं को हिंदू कहते रहते हैं

00:27:22:27 यह देखिए इनका पांचवा जो पॉइंट है जिन विषयों पर दोनों पक्ष में अभी तक चर्चा नहीं हुई है जिनमें दोनों मत अलग-अलग हैं उन विषयों पर चर्चा करने से सबका लाभ होगा हम आपको यह फलाने फलाने विषय के लिए आमंत्रित करते हैं हिंदू शब्द की प्रमाणिकता तथा स्वामी करपात्री आचार्य ण मदर और मर्ष दयानंद में से किसके वेद भाष्य सनातन धर्म के मान्यता के अनुकूल है अब सनातन धर्म की मान्यता अलग से है वेद भाष्य को वेद भाष्य को चेक किया जाएगा किसी की मान्यता के अनुसार वो कौन व्यक्ति होगा जिसकी मान्यता मानी जाएगी ये सनातन की मान्यता है यह सोचने वाली बात है अजीब तर्क है फिर भी अगर आपका आग्रह है कि सर्वशक्तिमान ईश्वर पर आपको पुनः चर्चा करनी है तो उपरोक्त दोनों विषयों पर चर्चा करने के बाद आप आग्रह आपके आग्रह का सम्मान रखते हुए सर्वशक्तिमान ईश्वर के विषय पर भी फिर से चर्चा करने के लिए हमारे विद्वान उपलब्ध रहेंगे ये है ठीक है तो ये अपनी बात इस तरह से पलट गए अच्छा अगर ऐसी ही बात थी तो इनको यह जो विकल्प इन्होंने पहले दिए थे उसमें लिख देना चाहिए

00:28:37:27 था कि ईश्वर विषय पर भी चर्चा कर सकते हैं मगर व बाद में पहले इन विषयों पर आप चर्चा हम देख लेते अच्छा अब दूसरी एक बात है कि इनका जो लेटर है उसमें हमें क्या मिला था हम एक इनकी कमजोर कड़ी है अच्छा यह जो बातें है ना मूर्ति पूजा स्त्री जनेऊ ये सब में ये इन्होंने पिछले लेटर में जो ऑप्शन दिए थे वो सब गायब हो गए वैसे तो अब आ गया कि वेद भाष किसके सनातन के अनुकूल और हिंदू शब्द की प्रमाणिकता दो बचे वो सारे विकल्प कट गए मगर उन्होंने जो पहले जो विकल्प दिए थे उनमें वो उन विकल्पों पर भी कई बार बातें हो चुकी है है ना जैसे स्त्रियों शूद्रों का अधिकार इस पर हमारी बात हुई थी जो निष्ठा विद्या अलंकार जी है जो आधुनिक गारगी है उनसे बात हुई थी तो अगर सनातन मान्यता के अनुकूल होने चाहिए तो यह व सोर्स बताए कि सनातन मान्यता के सोर्स क्या है जब वेद भाष्य को हम चेक करेंगे सनातन मान्यता के अनुसार तो आपका सनातन मान्यता का सोर्स भी तो होगा व तो नहीं है थियोसोफिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया ऐसा

00:29:54:16 कुछ तो यह तो ये रही बात अब ने इनकी एक बात और है कि आप जब चर्चा का वो जब समय बता देंगे जब आप हां कर देंगे उसके बाद हम विद्वान सेट करेंगे आपके लिए तो भाई जैसे हमारा नाम आपको सेट है जैसे आपको पता है कि हम किससे चर्चा करने जा रहे हैं आज करें या 10 दिन बाद करें या जो आप अपने व्यक्ति को सामने रखिए और फिर दोनों दोनों के सामंजस्य से समय निर्धारित किया जाएगा आप हमसे समय पहले क्यों फिक्स करवाना चाह रहे हैं अपने व्यक्ति को भी तो फिक्स कर ली कौन है वो सर्वशक्तिमान ईश्वर पर बात कर पाएगा कि नहीं कर पाएगा ऐसा तो नहीं कि व्यक्ति आपको मिल नहीं रहा है सर्वशक्तिमान ईश्वर के लिए जिसके कारण आपको सर्वशक्तिमान विषय को पीछे किसका ना पड़ा सबसे आगे से पीछे लास्ट

00:30:46:02 हा नहीं मुझे नहीं पता है मैंने अभी एक कमेंट पढ़ा था तो उसमें से लिया था तो ये अब लास्ट में एक बात और है कि इनकी ओर से हमने एक प्रश्न किया था कि आपको आर्य समाज का माना जाए इसकी निश्चित नियमावली क्या है तो इन्होंने कह दिया कि जो चर्चा हो रही है वो आर्य समाज में हो रही है जो क्या कहते हैं जो व्यक्ति आ रहा है व आर समाज से आ रहा है ये है वो इन्होंने हमको निश्चित नियमावली नहीं बताई है नियमावली कहां पर लिखी हुई है कि कोई व्यक्ति आ समाज की ओर से प्रामाणिक हो पाएगा हमारी नियमावली बिल्कुल फिक्स है हमको आप शंकराचार्य जी का प्रतिनिधि मत मानिए हमने कहीं पर लिखा है क्या कि हम शंकराचार्य जी के प्रतिनिधि है जो शंकराचार्य के पद पर नियुक्त होगा परंपरा से वह निर्णय देगा हमारा प्रतिनिधि कौन है कौन नहीं है ये हमारी नियमावली फिक्स है लिखित में भी दिखा दे शंकराचार्य की भाष में लिखा है कई जगह आपकी निश्चित नियमावली क्या है कि हम किसको आर्य समाज का माने किसको नहीं माने अगर मैं कल को बोर्ड लगा लू आर्य समाज का और अपने यहां चर्चा करा लू तो मेरे को आर समाज का व्यक्ति माना जाएगा और मैं कुछ भी कह सकता

00:32:01:08 हूं आप ऐसा तो नहीं कहेंगे व्यक्ति आर समाज का ही नहीं है तो यह बहुत ही कमजोर पॉइंट है कि आप अपने आप को आर समाज का ही साबित नहीं कर पा रहे हैं लौकिक संविधान का सहारा आपको लेना पड़ रहा है भाई आपका धार्मिक आपका सनातन संविधान कहां है चलो वो नहीं है तो दयानंद जी के द्वारा लिखी गई कोई नियमावली हो उसको मान लिया जाए कि इस नियमावली के आधार पर य तय होगा कि यह व्यक्ति अधिकृत प्रतिनिधि है अब यह बताते हुए उन्होंने लास्ट में क्या कहा यह बताते हुए लास्ट में इन्होंने यह कह दिया कि भाई इस चर्चा को दो विचारधाराओं के बीच की चर्चा नहीं दो विचारधाराओं को मानने वाले के बीच की चर्चा रखिए इसका मतलब इन्होंने मान लिया कि हम आर्य समाज नहीं है हमको आप एक स्वतंत्र व्यक्ति देखिए जो आर्य समाज को मानता है मर आर्य समाज नहीं है यह चर्चा करने वाला तो क्या आप वीडियो बना कर के पत्र लिख कर के उन चैनलों को उन सोशल मीडिया हैंडल्स को क्रिटिसाइज करेंगे उनकी आलोचना करेंगे जो यह कह रहे हैं कि आर समाज ने इसको ललकारा आर्य समाज की ओर से इसने इसको ललकारा उनको क्रिटिसाइज करेंगे है आप में इतनी सत्यता है आप इतने सत्य प्रतिज्ञ आपकी

00:33:16:27 लाचारी देखिए यहीं से आपकी जो परंपरा है ना वो खंडित होती हुई दिखाई देती है यहीं से आपके यहां पर परंपरा जो जो विधि है परंपरा प्राप्त आचार्यों का जो सिस्टम है उसका अभाव दिखाई देता है क्यों क्योंकि आज एक आर्ष गुरुकुल को चलाने वाला व्यक्ति भी यह नहीं कह पा रहा है कि कौन आर समाज से और कौन नहीं है वह नहीं बता पा रहा है यह है परंपरा का पावर जिसका अभाव है आपके य गद्दी सुरक्षित नहीं है गद्दी की व्यवस्था नहीं है गुरु गद्दी की कौन बताए वोट डालेंगे डाले जाएंगे यह है सनातन व्यवस्था नहीं है दिखाइए कौन से ग्रंथ में माना है इस व्यवस्था

00:34:10:01 को हा तो यह सारी सच्चाई थी हमने थोड़ा सा एक समरा कर ले अब हमसे कह रहे हैं लेटर में हमसे भी देखिए हद होती है य मैंने कहा था हास्यास्पद है अब हमसे कह रहे कि आप अपनी प्रमाणिकता बताइए भाई आप हमसे चर्चा करने आए आपने क्यों चुना हमको हमने तो नहीं कहा था कि हम शंकराचार्य की ओर से अधिकृत प्रतिनिधि है हम उनके शिष्य हैं उनको फॉलो करते हैं उनके अनुगामी है उनके अधिकृत प्रतिनिधि नहीं है हमने कभी नहीं कहा हमने तो यह तक कहा है कि अगर हमारा कोई वचन कोई वक्तव्य अगर जो मान्य जगतगुरु है इस समय सार्वभौम आचार्य उनके विरुद्ध अगर हो जाता है उनकी वाणी का कोई विरोध हो जाता है तो उसको तुरंत वहीं पर निरस्त माना जाए क्योंकि ऐसा हो सकता है हमने तो नहीं कहा आपने हमारा चयन किया है और हमने आपसे यह बात इसलिए पूछी है कि आपको आर्य समाज का क्यों माना जाए क्योंकि आपको बाकी आर्य समाज यों के साथ होने वाली जो हमारी चर्चाएं है उनसे आपको संतुष्टि नहीं मिली इसीलिए तो आप आए हैं चर्चा करने और अगर यूं ही आए हैं तो फिर हम आपके साथ चर्चा क्यों करें हमारा यही काम है क्या जो डेली दिन भर आता रहे उसके साथ हम

00:35:25:02 वो आबू से बुला ले वो कन्याकुमारी से बुला ले पडि री से बुला ले हम बस उनके साथ जो है चर्चा करने जाते तो एक कोई वो होना चाहिए ना सिस्टम कि भाई यह व्यक्ति प्रमाणिक है इस आधार पर ये प्रमाणिक है आप लौकिक सिद्धांत के आधार पर बता रहे हैं किय जो है आर्य समाज के अनुसार जो है ये इसमें बैठ के चर्चा होगी इसलिए आपकी चर्चा आर समाज से हो रही है आपके कहां है आपके दयानंद जी के कोई सिद्धांत तो वो बता देते तो कुल मिलाकर के समरा क्या है परंपरा किसकी आरस इस बात पर निर्णय तब हो जब आप अपनी परंपरा बताए हमारी परंपरा सर्व विधित है पढ़ के बता दूं इसमें दो स नाम है मेरे पास अभी पीढ़ी के हमारी और सुनो इनके जो लोग हैं जो व अंडर कवर्ड वाले वह वेबसाइट पर जाकर के अपने मतलब की आधी अधूरी बात तो निकाल लाते हैं टीपू सुल्तान का इतिहास तो निकाल लाते हैं वो बात और है उनके पास अपना इतिहास नहीं है सनातन का शुद्ध इतिहास हम सबको बताएंगे हमारा इतिहास क्या है नहीं पता वो लोग जाकर के जिस वेबसाइट से जाकर के वो टीपू सुल्तान इत्यादि की आधी दूरी कट करके जानकारी लाते हैं वहीं पर परंपरा है तो हमने हमारी परंपरा प्रामाणिक है कि नहीं आर्ष है कि नहीं

00:36:40:03 वो बात बाद की है उस पर तो चर्चा होगी हमने अपनी परंपरा बताई है आपने अपनी परंपरा नहीं बताई है अगर बताई है तो हमें बताइ है कहां है वो कहां मेंशन है आपके गुरुओं के नाम गुरु वंश के नाम वो बताए और इस बात का खंडन और हो जाता है जब इस बात का खंडन और हो जाता है जब आपका ही व्यक्ति आर समाज के मंदिर में बैठ कर के यह बोल देता है कि आर्य समाज में गुरुम परंपरा नहीं चलती देख लीजिए जाके हमारे ऑफिशियल चैनल पर लिखा हुआ है तो क्या करें किसकी बात माने अब आप कह दोगे वो भी प्रमाणिक नहीं है इसीलिए मैंने पूछा आपसे कि आर्य समाज में किसी को प्रामाणिक किस आधार पर माना जाए अगर आर समाज मंदिर में बैठ कर के या मंदिर का संचालक कोई बात कह रहा है तो वो भी तो मंदिर में बैठ कर के बोला था तो उसकी परंपरा उसकी बात क्यों ना मानी जाए कि आर्य समाज में गुरुम परंपरा नहीं चलती यह परंपरा का जो चोला अभी ओड़ा गया ना यह हमारे प्रश्न पूछने के बाद ओड़ा गया है वरना सदैव परंपरा का नाम आते ही बुरा भला बोलना आज आप लोग कर रहे हैं य सब कि हमारी भी परंपरा हमारी ऋषियों की परंपरा है ये अब चालू हुआ कहां आपने परंपरा को सम्मान दे

00:37:55:14 दिया सद परंपरा के प्रति अनादर क्योंकि उसी से ही तो हमारे हमारा अस्तित्व है परंपरा का अनादर करके तो अगर सूत्रा क्मक शैली में हम बोले आज तो क्या क्या है परंपरा किसकी आर से है इस पर बात तब होगी जब सामने वाला अपनी परंपरा दिखाए हिंदू शब्द को लेकर के कोई ऐसी बात नहीं है जिसके प्रति जो है आर या पार का चर्चा की जाए जिके लिए आप हमें चुनौती शास्त्र की चुनौती हालाकि उस पर भी बात हो जाएगी मगर मुख्य बातें क्या है सर्वशक्तिमान ईश्वर परम स्वतंत्र मोक्ष शाश्वत धर्म जो परंपरा वाला पार्ट है वो तीनों में आ जाता है क्योंकि जब आप अपनी बात को बल देने का प्रयास करते हैं प्रमाण के आधार पर तो वहां पर फिर परंपरा का परंपरा की बात खुल जाती है और तर्क तो है नहीं तर्क तो न्य हुआ जा रहा है ना इसीलिए प्रमाण को अपने अनुसार तोड़ मरोड़ करके पेश करना है इसीलिए पूछना पड़ता है परंपरा जिससे कि परम प्रमाण का दुरुपयोग ना हो जाए तो दूसरा क्या रहा कि भाई दूसरी बात यह रही कि यह चाहते

00:39:10:14 हैं कि इनके स्थल पर जाकर के यह चर्चा हो और उस चर्चा को यह लाइव रिकॉर्ड अपने में डाले अपने चैनल पर दिखाए मगर हमें कोई अनुमति नहीं है हमें इतना अधिकार नहीं है कि उसको हम रिकॉर्ड तक कर ले है ना दो रा क्या है कि इनके द्वारा जब पहला विकल्प दे दिया गया मूर्ति पूजा अवतार और क्या कहते ईश्वर का स्वरूप और उसके साथ में अन्य ऑप्शन भी हमको दिए गए कि आप इनमें से अपना चुन लीजिए तो फिर बाद में क्यों दोगलापन दिखाया गया कि नहीं नहीं यह ऑप्शन पीछे करो यह वाले प्रमुख रूप से लो क्यों क्यों बात से बदल रहे हो क्या वजह है इसकी अपने ईश्वर पर गर्व नहीं है क्या विश्वास नहीं है क्या आर्य समाज के द्वारा प्रतिपादित होने वा ईश्वर पर विश्वास नहीं है क्या क्या वास्तव में वह सर्वशक्तिमान नहीं है क्या क्या वास्तव में भय लग रहा है क्या ईश्वर विषय पर चर्चा करने के लिए और अपने आप को आप आर्य समाज का प्रामाणिक व्यक्ति तक सिद्ध नहीं कर पा रहे हो क्या करोगे आप क्या करोगे वरना वह नियमावली बताइए किस आधार पर किसको प्रमाणिक माना जाए और किसको ना माना जाए रजिस्ट्रेशन अगर आ समाज के नाम से कराना

00:40:25:15 है तो वो आप भी जानते िक संविधान है आप सनातन संविधान या फिर दयानंद ऋषि जी जो आपके जो दयानंद जी है उनके द्वारा आप बताए कि किस आधार पर किसी को प्रमाणिक माना जाएगा वह नियमावली बताए अच्छा दूसरी बात एक जानने को मिली कि इनके द्वारा जो ऑप्शन दिया गया एक ऑप्शन इनके द्वारा दिया गया हिंदू शब्द की प्रमाणिकता हिंदू शब्द की हिंदू शब्द की णता पर हम बात हो गई कि वह इतना महत्त्वपूर्ण विषय नहीं है जब हमारा सर्वशक्तिमान ईश्वर परम स्वतंत्र मोक्ष और शाश्वत धर्म यदि आप समाज को दे रहे हैं तो हमें कोई आपत्ति नहीं होगी कि आप हिंदू शब्द का उपयोग करें या ना करें वह दूसरे विषय हो जाते हैं ठीक है वो दूसरे विषय हो जाते हैं

00:41:29:27 और एक बात और इन्होंने कही कि वो नाम बताने में इसलिए देरी होती है कि वो तो भाई आप अपना विद्वान जो है सेट करिए कि हमसे जो चर्चा करेगा कौन करेगा ठीक है तो इन सब बातों को जनता देखे कि चर्चा से कौन पीछे हट रहा है नहीं हट रहा है भाग रहा है नहीं भाग रहा है यह जनता देखे स्वयं के द्वारा दिए गए विकल्पों को क्यों पीछे करा जा रहा है क्यों पहले स्वतंत्र किया था इनमें से कोई भी उसको चुन लो और उसके बाद क्यों उसको हटाया जा रहा है क्यों काट छाट की जा रही है सब सोचने वाली बात है और हम जब भी आर समाज के मंदिरों में गए हैं तो हमने सर्वशक्तिमान ईश्वर और परंपरा पर ही बात हुई है क्योंकि वो इतनी लंबी चर्चा हो जाती है कि उसके बाद जो परम स्वतंत्र मोक्ष है उस पर बात आ ही नहीं पाती हालांकि शूद्र इत्यादि पर भी हमने बात की है ब्राह्मण क्षत्रिय वैश शूद्र वर्णाश्रम वर्णाश्रम पर भी हम हमारी बात हुई है तो कोई इस विषय पर आना चाहता है तो आप लिंक दे दीजिए बात करें कुछ था कोई था जो अभी बोल रहा था कि मैं लिक दे

00:42:39:13 द ना खाता ना बही जो अलंकारी कहे बस वही सही अजीब कानून है भाई तो हमारा निर्णय अब यह है कि हम ईश्वर के स्वरूप पर आपसे चर्चा करेंगे अपना ईश्वर सिद्ध कर दीजिए आपकी सारी बातें मान्य हो जाएंगी और ऑटोमेटिक ईश्वर का स्वरूप आप सिद्ध करिए सर्वशक्तिमान और परंपरा पर बात करनी है यदि आपको तो आपको यह बताना पड़ेगा कि आपकी परंपरा है क्या ठीक है और दूसरी बात यह है कि अब हम पत्राचार के माध्यम से कोई बात करने का हमारे पास समय नहीं है हमने अपनी बातें कह दी है जिसको वहां तक पहुंचाना हो पहुंचाए नहीं पहुंचाना हो ना पहुंचाए हमने अपना एक बार लिखित में उतर दिया था बड़ा साफ सुथरा था बिल्कुल उसमें कोई झूठ लाग लपेट ये सब हम नहीं करते हैं जो कहते हैं उसी पर रहते हैं ठीक है तो हमने उत्तर आपको दे दिया हमारे पास इतना समय नहीं है कि हम लेटर लिख लिख कर आपको उत्तर देते रहे ठीक है हमने अभी आपको बता दिया आपका स्थान हमें स्वीकार रहे आपका समय हमें स्वीकार रहे आपके द्वारा दिया गया निर्णय स्वीकार नहीं है कि वहां पर रिकॉर्डिंग सिर्फ आप करोगे और अपने लाइव

00:43:54:15 पर डालोगे इस पर हम सहमत नहीं है और चर्चा करिए सर्वशक्तिमान ईश्वर पर अगर सर्वशक्तिमान ईश्वर को आप प्रमाणों के आधार पर ही सिद्ध करने का प्रयास करेंगे तो आपसे पूछा जाएगा कि वैदिक मंत्र आपके पास कहां से आए परंपरा आ जाएगी उसमें तो परंपरा और सर्वशक्तिमान ईश्वर का विषय व साथ में संलग्न हो जाता है और दूसरी बात यह है कि अगर हमारे बारे में आपको डाउट है भी उससे सिद्ध नहीं होता है कि आपकी परंपरा प्रामाणिक है आपके पास वेद भाष्य का आ जाना प्रमाणिक हो जा आपको बताना होगा आपको अगर विश्वास नहीं है हमारी परंपरा पर तो वो बात बात की है आपकी परंपरा क्या है वोह तो बताइए और इसके साथ ही साथ यह हमने निर्णय बता दिया और कोई आना

00:44:48:28 चाहे हां रिकॉर्डिंग भी नहीं करने देंगे भाई रिकॉर्डिंग भी नहीं करने देंगे कोई है क्या आया है क्या कोई ठीक है कोई आना नहीं है आज के लिए इतना काफी है इसीलिए हम कहते हैं अपनी चर्चाओं में फिर लोग कहते हैं कि ये मत बोला करिए अच्छा नहीं लगता है खुद ही तो आते हो हमने बुलाया था कि आपको वहां से के आओ अरे भाई हम हमें जब जिसके पास जाना होगा चले जाएंगे जाके बैठ के कर लेंगे आपने वहां से पत्र लिख के आओ आपने क्यों नहीं चेक किया कि हम प्रमाणिक है कि नहीं हमने कहा कभी कि हम जो शंकराचार्य की ओर से प्रामाणिक प्रतिनिधि आप कह रहे हो आप ये लोग कह रहे हैं वही लोग वही लोग जिनको आप कह रहे हो कि हमारे आर विद्वानों ने आपको जो है परंपरा का उचित उत्तर दिया वही लोग कह रहे हैं आर्य समाज की ओर से इसने लकारा इसे ये नहीं जाएगा आर्य समाज की ओर से इसने ललकारा इसे ये नहीं जाएगा हर वो व्यक्ति जो आर्य समाज से आता है बात करने थोड़े दिनों बाद बेगाना हो जाता है थोड़े दिनों बाद वो आर्य समाज का रहता ही नहीं है आप जिसको विद्वान कह रहे हो उसी को जिनका आपने अपने उसमें नाम लिया है कि वो आर्य समाज प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष हैं या कोई पदाधिकारी है उन्होंने अपने लेटर में लिखा कि हम इन्ह नहीं जानते उन्होंने ही उसको भगोड़ा अंडर कवर्ड एजेंट

00:46:04:01 स्वीकार किया कि हम इन्ह नहीं जानते जिनके बारे में आप यह कह रहे हैं कि हमारे आर्य विद्वानों ने बताया है और आपका जो व्यक्ति अभी मोहित गौर की बात कर ले मोहित गौर की उससे चर्चा होने जा रही थी मोहित गौर खुद कह रहा है मैं आर समाज का नहीं हूं तो क्यों कह रहे हो कि आर समाज की ओर से इसने ललकारा उसने ललकारा क्यों डंग पीट रहे हो जब कोई आर समाज का है ही नहीं तो समाज का कौन है बताओगे हम आर समाज के हैं हम आर समाज को फॉलो करते हैं हम ये करते हैं हम ये करते हैं मगर जब बात आएगी तो हम आर समाज के नहीं है मैं आर समाज का नहीं हूं वो अंकुर आर भी यही कह देता है मैं आर समाज का नहीं हूं मोहित गौर भी यही कह देता मैं आर समाज का नहीं हूं आपने भी कह दिया य आर समाज और उसके बीच में नहीं है ये दो उनको मानने वालों के बीच में है आप आर समाज के आर् गुरुकुल के संचालक हैं आप बात कैसे कह रहे हैं आपको सिद्ध करना चाहिए कि आप आर समाज के किस प्रकार है या जो व्यक्ति सामने बैठेगा व आर समाज का किस प्रकार है या आपके पास आर समाज का कोई प्रामाणिक व्यक्ति ऐसा नहीं जो सामने बैठ सके इसलिए आपको अनाधिकृत व्यक्ति को सामने बिठाना पड़ रहा है बहुत सी बातें

00:47:21:18 हैं हां जी निर्भय जी बताइए न जी आवाज आ रही है क्लियर आ रही है कैसे हैं आप बस कृपा है राम की अच्छी बात है अच्छा बराता जी मेरे को थोड़ी सी जो आप अभी सर्वशक्तिमान विषय में चर्चा कर रहे थे मतलब बात आपने कई बार कही इस पर मेरे कुछ प्रश्न थे अगर आप उत्तर दे सकते तो हम लोग बात करेंगे अभी जो चर्चा का विषय है वो इनके लेटर्स उस पर आप बात लेटर्स का तो चलिए जो आपने उत्तर दिया तो उनके जो उत्तर देने का उनके अधिकारी है तो वही लोग अभी जो लाइव चल रही है ना अभी जो लाइव का विषय है व लेटर ओके दोबारा आ क करते चचा कल आ जा ऐसा देखि पॉसिबल पॉसिबल तो यही होगा कि आज ही हो पाए क्योंकि आज संडे भी है मैं घर परही हूं तो कोशिश काम करिए इसको स समापन की हो और अगर

00:48:26:27 एक घंटे बाद दोबारा चालू कर लीजिए नहीं दूसरा है ना हिंदू राष्ट्र गो होती है उसम जाना होता है अच्छा खैर जो भी है एक काम करेंगे ठीक है और नाम आप अच्छी बात हैम को भी है अच्छी बात है कि एक काम करते हैं चर्चा करते हैं सर्वशक्तिमान वाले विषय पर आपने कहा य बहुत भारी भयंकर विषय है और यही ऐसा विषय जो सबको एक कर सकता है ठीक है तो मेरे हिसाब से भी चर्चा हो चाहि तो इस विषय पर होनी चाहिए और मेरे हिसाब से जितना जितना मेरी जानकारी बहुत ही छोटा सा विषय है कोई इसमें भागने की जरूरत नहीं है मुश्किल से पाच मिनट लगेगा सलूशन करने बहुत इजी विषय है ठीक है मैं चाहूंगा आपके साथ में चर्चा हो और प्रश्न वगैरह भी मेरे म मन में सारे प्रश्न है मैं थोड़े से पूछूंगा जानकारी लूंगा तो अगर आज पॉसिबल नहीं है अगले संडे को चर्चा रखते हैं ठीक है हम कर लेते हैं बात कोई दिक्कत जी जी बहुत बहुत धन्यवाद ठीक है रेशनल स्टार नाम से चैनल है उसकी ओर से मैं एक बार शायद बात हो चुकी है पहले हुई है पहले तो आप प च पीछे क्या हट गया था आपने आपने कहा था कि शक्ल दिखाओ तो मैंने उस टाइम फिर शक्ल दिखाने से मना कर दिया था फिर अब अब

00:49:42:08 क्या है उस टाइम आपका चैनल छोटा सा था आपका कोई चैनल आपको कोई जानता भी नहीं था आप धीरे धीरे धीरे धीरे फिर आप आरोप प्रत्यारोप करते करते ग्रो कर गए आपने इसने हां बिल्कुल सही बिल्कुल सही महत्व इसलिए नहीं दिया अब क्या है कि आप जो धीरे धीरे हैं अब चैनल आरोप प्रत्यारोप करते करते ग्रो कर गए ठीक है तो इसलिए मेरे को लग रहा है कि हा इस विषय

✅ This part is already used · 00:50:00:12 – 00:50:18:27 (0:19)

→ Used in: A · Video आप हमें अलंकारी क्यों कहते हैं? Big announcement at 0:04 ↗

00:50:00:12 पर बात करनी चाहिए नहीं आपका कहना प्रत्यारोप करते हुए ग्रो कर गए हम कहेंगे सत्य बोलते बोलते ग्रो कर गए वो आपकी इच्छा है मुझे कोई दिक्कत नहीं सही लगे वही बोलू आपको सही लगा बो आप अगले संडे को आइए अपना फोटो जो है कर दीजिए बिल्कुल बिल्कुल कोई दिक्कत नहीं

⬜ Not used yet · 00:50:18:27 – 00:57:21:10 (7:02)

00:50:18:27 है अगले चचा आ समाज आर्य समाज आर्य समाजी पुकारो आर्य समाज पुकारो आर्य समाजी समाज की ओर से प्रामाणिक व्यक्ति आर्य समाज पुकारो मतलब आप भी आर्य समाज की ओर से प्रामाणिक व्यक्ति नहीं है मैंने बोला क्या अपनी तरफ से फिर जबरदस्ती वर्ड क्यों घुसे रहे हो मतलब तुम मसाला चाहते हो इसलिए वर्ड घुसे रहे हो जानबूझ कर पूछ रहा हूं कि आप प्रामाणिक है कि नहीं मैंने क्या बोला मैंने बोला कि मैं रेशनल आरे नाम से चैनल है निर्भर हूं उस तरफ से मैं आया हूं ठीक है और आपने पूछा कि आर्य समाज क्या मैंने आपको मैं आपको सुनिए सुनिए बोलने दीजिए बोलने दीजिए बोलने दीजिए आपने पूछा मैंने आपको उत्तर दे दिया आर्य समाजी हूं इससे फदर डिस्कस करने का को मतलब तो है नहीं मेरे खल इ तो आप समझ होगी पता होगा कैसे कर सकते फदर डिस्कस करने का मतलब है कि नहीं कर लो ना फिर बताओ क्या है मैंने आपको एक बात पूछी है हम आपको आर्य समाज का प्रमाणिक व्यक्ति समझे या नहीं समझे मैं आर्य समाज का परमाणिक व्यक्ति किसी संस्था से जुड़ा हुआ नहीं हूं रेशन सार नाम से चैनल है हां मैं आर्य समाज की विचारधारा जरूर मानता हूं मन विचाराधारा को मानते हैं मगर उनकी तरफ से प्रमाणिक व्यक्ति नहीं है नहीं नहीं मैं किसी संस्था से नहीं जुड़ा हुआ हूं नहीं संस्था नहीं आर समाज के प्रामाणिक व्यक्ति है कि

00:51:33:28 नहीं संस्था नहीं संस्था देखो परमाणिक व्यक्ति वही माना जाता है जो उसकी संस्था में जुड़ा हुआ हो जिसको उसकी संस्था जो है वो डिबेट श करने कर आर्य समाज का स्वरूप क्या है संस्था है ना वो तो समाज सुधार हिंदू सुधार संस्था है आपको नहीं पता क्या आर समाजिक संस्था है समाज सुधारक संस्था और आप किस आर्य समाज को मानते हैं देखो आर्य समाज से जुड़ी बहुत सारी विचारधारा भी है मैं उस विचारधारा को मानता हूं मन सस्त की विचारधारा को मानता हूं तो यह जो संस्थाएं है उनसे अलग है क्या मतलब अलग मतलब वि विचार सुनो अब जैसे अब जैसे मैं बताता हूं मैं समझाता हूं मैं समझाता हूं आपको थोड़ा टाइम लगे जैसे मान लो आपकी आपकी संस्था है नहीं है पता मेरे को आवाहन नाम से ठीक है अब कोई व्यक्ति है अब जो आवाहन वाले जो लोग हैं वो जो भी कोई विचार प्रतिपादित कर रहे हैं कोई थर्ड पर्सन है वो उस विचार को मान रहा है ठीक है जरूरी नहीं है कि वो जो व्यक्ति है उसी संस्था से जुड़ा हुआ हो ठीक है भाई मेरे को विचार ठीक लगे मैंने वो मान लिए तो आप केवल विचार को मानने वाले हैं वही तो मैं कह रहा हूं मेरे भाई नहीं नहीं वही तो मैं कह रहा हूं आप सुनिए तो मेरी

00:52:49:03 बात जब वो व्यक्ति ये कहेगा ना जब उससे पूछा जाएगा कि आप आवान के प्रामाणिक व्यक्ति है कि नहीं तो वो व्यक्ति ठोक के मैं आवान का प्रामाणिक व्यक्ति नहीं हूं मगर आप ये कहते थोड़ा कतर रहे आप जब यम मुझे मेरी बात सुनने दीजिए हा बोलिए जब आपके पास यह बात उत्तर देने की बारी आती है तो आप यह कहते मैं आर्य समाज की संस्था का प्रमाणिक व्यक्ति नहीं हूं आप उस बच के निकल जाते सीधे बोलिए नहीं अब सुनिए ये मैं बोल चुका हूं पहले भी ठीक है लेकिन आपने य क्या आपने दोबारा एक प्रश्न पूछा मेरे को बोल आपने दोबारा क्या प्रश्न पूछा कि क्या आर्य समाज आर्य समाज आपने पूछा आर्य समाज फिर क्या है मैंने कहा भाई आर्य समाज संस्था है वहां से वो क्लेरिटी मिल गई क्लेरिटी मिल गई ना नहीं मिली बताइए क्या इसमें क्या दिक्कत है ब आप क्या समझ रहे हो हां मैं बता रहा हूं आर समाज को अगर संस्था मान लेंगे तो आर समाज संस्था बहुत है तो अगर हम ये कहेंगे कि मैं आर समाज का संस्था से जुड़ा हुआ प्रमाणिक व्यक्ति नहीं हूं तो वो जो किसी अन्य संस्था बहुत है हां आर समाज से सं बहुत है रस्ट अच्छा नाम बताइए जरा दो चार के नाम बताइए आप ये देखिए आब वाली

00:54:04:06 अलग है और यह जो जो य से आया सबका रजिस्ट्रेशन नंबर अलग है नहीं है जानकारी की कमी है थोड़ी सी आपकी मैं आपको बता देता हूं जी आर्य समाज का जो हब है पहले लाहौर में था दिल्ली में ठीक है बाकी जितने आर समाज है वो सारी उनकी ब्रांचेस है अलग अलग स्थानों पर खुलती रहती है सारी कंट्रोल होती है वो दिल्ली व से कंट्रोल या कह लो उसका जो हेड क्वार्टर है वो दिल्ली में तो यही तो मैं जानना चाह रहा हूं यही जानकारी तो मैं जानना चाह रहा हूं यह जो सारी आपको नहीं पता था इसलिए मैंने आपको बता दिया मेरे को पता है आपको नहीं पता था इसलिए मैंने आपको बता दिया मैं आपको बता रहा हूं ना उसम भी एक क्वेश्चन उठ जाता है उसम भी क्वेश्चन उठ जाता है कि आर्य समाज नाम की संस्थाएं बहुत है सबका रजिस्ट्रेशन नंबर तो अलग है ना इतना तो है हा रजिस्ट्रेशन नंबर सबका अलग है ना

00:54:56:22 अब वो आपका कहना है कि वो कंट्रोल सारी दिल्ली से होती है हेड क्वार्टर जो है वो दिल्ली में है तो इसका आधार क्या है कि अपने आप में वो रजिस्टर्ड भी है पंजीकृत भी है उनका हेड क्वार्टर दिल्ली में इसका क्या आधार है क्या वो तो उसे पूछो ना वो तो उनसे पूछो ना जो कोई आरे समास भाई मैं क्यों मैं तो लायबल नहीं अगर मैं मा मैं बता भी दूं मेरे को तो पता तो सारी चीज ठीक है बता द लेकिन मैं बताऊ क्यों अभी तो आप ही बता रहे थे ना कि आपको जानकारी की कमी और आप ये बता रहे थे बिल्कुल आपको जानकारी ज आपको छोटी सी चीज ये नहीं पता अब देखो मैं बैठ के क तो पढ़ाऊंगा नहीं आपको देखो अभी अभी यहां प आपके दो बातें हो गई आपने अभी मुझको वो बात बता दी जो आपको ठीक लगी अब जब बाकी की बात मैं आपसे आगे की पूछ रहा हूं तो जरूरी है उसमें आप कह रहे हो भाई मैं कैसे बता दूं मैं लायबल नहीं हूं जरूरी किस परपट से वो समझो क्या आपकी और मेरी चर्चा के हिसाब से जरूरी है बिल्कुल जरूरी है क्योंकि जबि करो सि करो इसलिए जरूरी है कि आप यदि आप यदि ये कहते हैं कि मैं आर समाज की ओर से आपसे आ रहा हूं बात करने यह चवा उड़ाया जाता है कि आर समाजी की ओर से आर समाज की ओर से इसने पुकारा मगर जबक आप आर समाज की ओर से प्रामाणिक कौन है कौन नहीं है इसका कोई आधार ही नहीं है आ समाज के

00:56:11:25 अब सुनो देखो एक चीज मैं आपको क्लियर करता हूं जब जो जो चीज मैंने आपको पहले बोल दी कि भाई मैं कोई मैं आर्य समाजी हूं मैं विचारधारा मानता हूं मैं किसी संस्था से जुड़ा हुआ नहीं हूं अब सुनो बात पूरी सुनलो ये बात गलता से जुड़ा हुआ मत बोलो आप ये बो मैं आ समाज का प्रामाणिक प्रतिनिधि नहीं हूं आप उस का मतलब वही होता है आपको सम आपको दिक्कत इसलिए क्योंकि आपके समझने में दोष है आपको दिक्कत इसी नहीं आपको शायद बोलने में दोष है मैं तो बोल रहा हूं ना मैं तो क्लियर कट बोल रहा हूं तो कह रहा किसी संस्था से जुड़ा हुआ नहीं हूं अरे तो आर्य समाज है क्या फिर जैसे जैसे बोल दिया आर्य समाज उसके अलावा आर्य समाज क्या है जिस आप जिससे आप जुड़े हुए हैं मैं तो कह तो रहा मैं विचारधारा मानता हूं वो आपको समझ में नहीं इ देर से चार बार रिपीट कर लिया मैंने वो विचारधारा कहां से प्रतिपादित होती है ग्रंथों से पुस्तकों से प्रतिपादित होती है पुस्तको से आती है तो पुस्तको से आती है वो तो पुस्तकों से आवाज कम आ रही है क्या मेरी वो पुस्तक कहां से वो पुस्तक कहां से प्रमाण मेरी आवाज क्लियर आ रही है वो पुस्तक कहां से प्रमाणिक होती है

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→ Used in: A · Live सर्वशक्तिमान का भय या भागने के बहाने #aryasamaj #dayanandsaraswati at 1:16:07 ↗

00:57:21:10 मेरी आवाज क्लियर आ रही है आपको आ रही है आप आपकी तो आ रही है लेकिन आप बारबार कर रहे डाउट हो क्या पता नहीं आ रही ते प बात कर रहे मुह चलाते हुए हमारे य बात नहीं करते खाते पते मैं कर लेता हूं मैं तो कर लेता कोई दिक्कत नहीं

⬜ Not used yet · 00:57:36:09 – 01:21:02:28 (23:27)

00:57:36:09 बता खाना खाते हुए बात करने वालो की बातें समझ में नहीं आती जय श्री राम जी शिवा जी जय श्री रामम कैसे इस ब आ समाज आर्य समाज ने लेटर दिया था ना अब व्यक्ति से मैंने पूछा भाई तुम प्रमाणिक कैसे हो तो व खाते खाते चुकी लेते हुए बात कर रहा है और उसकी कोई बात अगर समझ में ना आए तो बोल रहा है आपको मेरी आवाज सुनाई नहीं दे रही वो बोल रहा था कि मैं ऐसे ही करता हूं वो बोल तो रहा था कि मैं ऐसे ही करता हूं हां तो यह भी हम दिखा देंगे शास्त्रों से कि ऐसे नहीं करना

00:58:32:10 चाहिए नाब चर्चा में आना मैं जब तक आता आपने उनको हटा दिया मैं उनसे पूछने वाला था कि आपको भैया राधा प्रॉब्लम क्यों है अभी वो जो दार्शनिक विचार वाले जो प्रशांत शर्मा य कौन इन्होने फिर वीडियो बनाई थी मैंने उस वीडियो में अपने दो कमेंट लिखे थे आपको भेजे भी थी मैं पर डीम करके अपने कमेंट जी हा पंकज जी जय श्री राम जय श्री राम इनकी जो है आज लेटर को लेकर जो बात हो रही थी तो कम से कम अगर गिनती में काउंट करेंगे तो कम से कमद 50 लोगों से तो चर्चा हो चुकी होगी भया आपसे ह समाज के व्यक्तियों से वो भी अपने आपको कते हर व्यक्ति हर व्यक्ति स्वयं को आर समाज से अलग कर लेता है और फिर ये ड जाता है आ समाज की ओर से ललकारा गया अ जी हमने अपने किसी भी वीडियो का टाइटल ऐसा रखा गया कि शंकराचार्य का व्यक्ति की ओर से ललकारा गया शंकराचार्य के व्यक्ति ने उसको हरा दिया इनके लोगों के द्वारा किया गया तो इनको उसको क्रिटिसाइज करना चाहिए ना आलोचना करो उसकी जो ऐसा फैला रहा है आर समाज ने ये कर दिया वो कर दिया

00:59:47:26 कोई व्यक्ति जाकर के शंकराचार्य से स्वयं शंकराचार्य से उनकी सभा में जाकर के प्रश्न पूछता है वो उसका यथोचित उत्तर देते हैं उसके बाद व व्यक्ति वहां पर विघ्न डालने का प्रयास करता है वहां से हटा दिया जाता है उसके बाद चिल्लाया जाता है समाजी ने शंकराचार्य को शास्त्रार्थ में हरा दिया जब इनसे पूछा जाता है किसी व्यक्ति को आर समाज समाजी कैसे माना जाए तो इनके पास कोई आधार नहीं है ऐसे ही बगले ता है कि वो उनसे पूछो जाकर के अरे जब उनसे पूछना है तो तुम यहां पर क्यों उत्तर दे रहे हो उनका भया य नि कमेंट में चैट बॉक्स में लिख र तुमसे रे बस का कुछ नहीं है और मेरे लिए वो बोल रहा है कि मेरे को अंदर लो मैं इसको यानी वो मुझको बताएगा कि हमको राधा जी से दिक्कत क्या है लो भैया हम भी बताएंगे उसको हमको पूछना है कि प्रॉब्लम क्या है लो उसको ऐसा है चर्चा चर्चा जो है वो संडे को होगी अगर इनको बिना खाना खाए आना है मुंह नहीं चलाना आ कर के स्क्रीन पर तो होगी और ये अपने आपको को बता बताना चाहता है ना ये अपना मुझे बताना चाहता है ये अपना स्टैंड क्लियर करें र समाज के प्रामाणिक प्रतिनिधि नहीं है या फिर ये आर समाज की केवल विचारधारा को फॉलो करते अपना स्टैंड क्लियर करें मेरे

01:01:02:27 को भैया पता है क्या ल आपने सुनि सुनिए एक सेकंड बस एक सेकंड क्या लगता है मुझे भैया क्या लगता है कि जैसे आप स्न के मतलब प्रेसिडेंट के पास आप बात करते हो लखनऊ में और ऐसी राम पालियो की भी आपने उससे बात की जैसे मेले में आप गए उनसे बात की तो अब ये जो आय समाज आय समाज का एक है एक वो एक है वो क्या नाम है उनका स्वामी स चिदानंद आपने सुना होगा उनको बुला लो उनसे मजा आएगा शास्त करने में और एक चीज तो बहुत अच्छी है कि इकन वालों के सामने आय समाज के सामने दिमाग लगाना पड़ता है कबीर वालों के सामने दिमाग की जरूरत नहीं पड़ती है विशाल जी पहली बात हम शास्त्रार्थ नहीं करते और दूसरी बात यह है कि यह रित्विक नाम से पहले आ चुका है क्या यह व्यक्ति आ चुका है शायद ना है ना ये अबकी बार नाम चेंज करके आया है पहले चेहरा नहीं दिखाया था डर के भाग गया था और इसने जो है अपना चैनल नया बनाया शायद 10 50 सब्सक्राइबर इसके हो गए आज हमारे ऊपर आके आ लगाने आ गए हम जो है ना आपने उसको तुरंत ही तुरंत उसको टोका तुरंत ही एक्शन का रिएक्शन वाली बात आती है तो तुरंत ही बोला गया था कि हम जो है ना सत्य को लेकर आ इसलिए ग्रो कर रहे हैं और हमारा य उद्देश्य आधुनिकता

01:02:18:04 में आकर के केवल चैनल पर जो है ना सब्सक्राइबर बढ़ाने का नहीं है ये बात तो सबको भी थे और विशाल जी भैया मैं आपको एक बात बताना यहां पर किसी भी आर समाज के व्यक्ति का नाम लेकर आप ना पुकार गुरुदेव बहुत अच्छी बात कही है गांधी जी को लेके कही थी ना इस देश का जितना नुकसान हुआ अगर गड से जो है गांधी जी को नहीं मारते तो य इतना बड़ा विपलव जो स्थितियां हुई थी वो नहीं होती आप इनका नाम लेकर के इनको अपने चैनल से ही किसी भी ऑफलाइन में आपके भी आप लोगों के बीच में बैठ इनको प्रमोट ना करिए क्योंकि इनका फट में इनको धर्म क्या है इनके धर्म धर्म का निर्णय क्या होता है य बताया जा रहा है रियल इंटेंशन के चैनल पर जने कराते हुए इनका वीडियो पड़ा हुआ है आर्य समाजी हाय क रहे विचारधारा को मानता हूं आर समाज की अब अगर विचारधारा को मानते सुनिए तो बा अग विचारधारा से नहीं जुड़े हुए अच्छा ठीक है किताबों के आ जा मानते हैं वो किताबें कौन छाप रहा है वही संस्थाए और उन संस्थाओं को तु कर रहे हो कि मैं उनसे नहीं जुड़ा

01:03:33:09 हुआ तुम खुल के कहो ना कि मैं आर समाज का प्रामाणिक प्रतिनिधि नहीं हूं क्या दिक्कत है कहने में मैं किसी संस्था से नहीं जुड़ा हुआ हूं अरे भैया उसी संस्था की किताब के आधार पर तो तुम स्वयं को आर समाजी कह रहे हो या तो यह कहो मैं प्रमाणिक प्रतिनिधि नहीं हूं और या फिर ये कहो कि हूं यह बीच की दोहरी बात इ याद आई है इनका देखिए इनका धर्म और धर्म का निर्णय देखिए ये मुह चलाते हुए आते हैं बात करने यह तो इनका आचरण है मुह चलाते हुए बात करना खाना खाते हुए बात करना बोलते है ना और दूसरी बात क्या है कि अपनी बात से मुकर जाना पहले बताएंगे कि भाई वो आर समाज की जो संस्था है वहां से ऑपरेट होती है आपको जानकारी कम है जब उसकी प्रमाणिकता पूछी जाती है तो फिर कहते तो आप उनसे जाकर पूछिए तब उनकी जानकारी का अभाव हो जाता है मैं बता सकता हूं मगर इसलिए नहीं बता रहा हूं कि उनका लायबल थोड़ी ना उनकी तरफ से अरे तो फिर ये क्यों बता रहे हो वहां से ऑपरेट होती है व्यक्ति को अम अमंड र इस व्यक्ति का न तीन बार खंडन हो गया ये व्यक्ति पहले चेहरा छुपा के आया िक के नाम से ठीक है यहां पर

01:04:48:12 आक के सर समय होगा दो तीन महीने पहले अपना लाइव चल रहा था शायद रामपाल को लेकर के दो महीने पुरानी बात है तय आया ीच में दो बार आ चुका है और हर बार य रा नहीं दिखाता के नाम से आया था उस समय इसने मना कर दिया तीसरी बार जो है अपने आप कह रहा संस्था से नहीं जड़ा हुआं चलो संस्था की बात कर ले सारा कुछ है इसब ला था वहा ची मिल जाए ग्रंथ की तुम बात कर रहे हो पुस्तको की बात कर रहे ले रहे अरे भाई संस्था अगर आर समाज नहीं है तो समाज का अस्तित्व है क्या फिर वही संस्था ही तो आर समाज है जिसको तुम ऑपरेट करना बता रहे हो दिल्ली से चलिए हा हा अब जैसे अब जो बागेश्वर धाम की शास्त्र जी वो हिंदू पदयात्रा निकाल अच्छी बात है वो जो जाति पाति का जो कुछ बोला उसमें शंकराचार्य जी तो विरोध किया इसमें आर्य समाधि को फायदा दिख रहा है इसमें वो उसको सही मान रहे हैं अब मुझे लगता है ने शायद इसलिए कहा क्योंकि श्री राम जी ने शबरी के झूठे खा या केवट की वो नाव में बैठे हो तो इसलिए जब राम जी ने कुछ भेज नहीं किया तो हम क्यों करें वो शायद उनका मंतव्य होगा देखिए

01:06:04:22 चया कल चर्चा हो चुकी फायदा दिख रहा है वो ठीक है सालो से दिख रहा है सालो सेख रहा है आज जो है तीन चार बातें मैं क्लियर कर दूं आपने कहा कि परंपरा पर बात कर सकते हैं पहले अपनी परंपरा प्रदर्शित करें दूसरी बात मैं आपको बता दूं कि आपकी तरफ से कौन प्रमाणिक है कौन प्रमाणिक नहीं है इस विषय में इस विषय में आपकी ओर से कोई ठोस सामग्री नहीं दी गई अगर है तो उपलब्ध कराए तीसरी बात यह है कि आपका यह बिल्कुल निराधार है यह कहना कि चर्चा हमारे यहां होगी और वो भी रिकॉर्ड केवल हम करेंगे और कोई नहीं करेगा यह आप कोई तानाशाह नहीं है और हम आपके गुलाम नहीं है चौथी बात यह है कि अपने दिए हुए वक्तव्य से क्यों पलट रहे हो सर्वशक्तिमान ईश्वर नहीं है क्या तुम्हारा जो उससे भाग रहे हो उसको प पीछे कर अगर और अगर तुम्हारे को अगर आपको यह पता था कि उस पर चर्चा पहले बहुत बार हो चुकी है तो फिर आपने उसको विकल्प में पहले दिया क्यों था और अगर जिन विषयों पर चर्चा कई बार हो चुकी है तो जितने भी विषय आपने दिए उन सब विषयों पर चर्चा हो चुकी है दर्शक अपना देख कर के निर्णय ले लेंगे और चौथी बात ये है कि आपने जो अंत में विकल्प दिया भी है कि सनातन मान्यताओं के अनुकूल

01:07:19:27 पहली बात तो ये बात ही गलत है कि वेद भाष्य वेद का अर्थ उससे भिन्न कोई सनातन मान्यता है जिससे य पता चलेगा कि य भेद भाष्य उसके अनुकूल है कि नहीं तो ये बिल्कुल निराधार बात है आपकी तर्क पूर्ण नहीं है दूसरी बात कि अगर सनातन को ढूंढना है वेद भाष्य में तो सिंपल ईश्वर सर्वशक्तिमान सनातन सिद्ध करो सनातन सर्वशक्तिमान ईश्वर सिद्ध करो और वैदिक भाष को प्रमाणित कर लो और ये हिंदू शब्द वगैरह सब मान लिए जाएंगे उसी में जिसका ईश्वर स शक्तिमान उसका य धर्म सब मान लिया जाएगा ठीक है गीता के 4 प स में पढ़े क्या बोला है इसके अलावा में कुछ भूल तो नहीं

01:08:02:02 आ ये लास्ट में बंदा आया था जो खाना खाते हुए बात कर रहा था भाई सुन ले मुह चलाए बिना आना तो यहां पर बात करना खाना खाते हुए बात मत करना यहां पर आकर के और दूसरी बात यह है कि अपना स्टैंड क्लियर करके आना कि तू है कौन आर समाज का प्रामाणिक प्रतिनिधि है या केवल आर समाज का फॉलो जानने का मतलब आप यह है कि जब हमें यह सिखाया जाए ये देखिए तिक के नाम से आया है पहले चेहरा नहीं दिखा ररा चेहरा दिखा दिया और गर्व से कहो हिंदू है यह आपको गोवर्धन की जो वेबसाइट है जो स्वस्ती प्रकाशन है वहां से मिलेगा गोवर्धन मठ से और बाकी के तीनों ग्रंथ आपको जिज्ञासु बन के आ जिज्ञासु जो भी

01:08:52:15 प्रश्न जो भी शंका आए उसको उसम नोट कर लीजिए क्या पूछा क्या था इसने अरे उनको प्रश्नों की थी हम किसी विचारधारा को नहीं मानते हैं कुछ नहीं है बस हमें धर्म की ज्ञान जो है आपसे चाहिए तो आपने ये बोला था कि जो है ना ऐसा ऐसा है आप ऐसा ऐसा करना आप बढ़िया आराम कोई दिक्कत नहीं किसी प्रकार क्लासे जरूरत है तो आप क्लासेस में आइए चर्चा के लिए बीच में आ गए थे लाइव आदमी को व्यक्ति को अपना अस्तित्व छिपाना क्यों सोचने वाली बात है क्यों छिपाना पड़ रहा

01:09:32:18 है करने वाले हो तो को र्म नहीं वही तो बता रहा है परमार्थिक उस देख इसम क्या होता है बात ऐसी है अगर आपने किसी को व्यवहार में ईश्वर अपना लिया जी अगर ने उसे ईश्वर मान लिया तो जब ईश्वर मान लिया तो उसके अनुसार उसकी परमार्थ की सिद्धि हो गई क्योंकि परमार्थ का जो लक्षण

01:10:05:13 आप ये भैया आने को है एक ही अरे वही वाली बात है बस करिए ठीक है मैं समझ गया ये वो वाली बात क रहे कि परमार्थिक ईश्वर की सिद्धि हो सकती है कि नहीं सिद्ध हो सकते है नहीं तो परमार्थिक ईश्वर तो वाणी का विषय है ही नहीं व्यवहार का विषय है ही नहीं परमार्थ में ईवर है यह आपको मालूम कैसे पड़ा जब किसी को आपने व्यवहार में ईश्वर मान लिया यह आपको तभी मालूम पड़ा तो जब मान लिया है तो नकार नहीं सकते परमार्थ वो सिद्ध होता है कि नहीं होता है जब मान लिया तो नकार नहीं सकते अगर नकार दिया तो फिर व्यवहार में आपका ईश्वर नहीं बचा जब ईश्वर नहीं बचा तो उसके द्वारा परमार्थिक ईश्वर की प्राप्ति नहीं हो सकती है ना वो इनको जिज्ञास समझ के हमने कह दिया होगा कि आप जो है जाकर के क्लासेस जन फ आज जो है अपने मुझे लगता है इनकी इंद्रियो इंद्रियों ने मजबूर कर दिया कि आज जो है बहुत बोल रहा है और जाना ही पड़ेगा क्योंकि इनके आर समाज की पोल खुल गई आज का समाधान करेंगे आज अभी नहीं का विल हो

01:11:17:02 चुका मेरा नहीं आप फिर करेंगे क्यक जय श्री राम जय श्री राम भैया जय श्री राम कैसे हो आप जय श्री राम बस मैं कुशल मंगल आप अपना जो धार्मिक आध्यात्मिक पक्ष है वो एक बार हमें याद दिला द किसकी ओर से हैं आप जी मैं सामान्य हिंदू समझ सकते हैं क्योंकि अभी तो मैं वही जानने का प्रयास कर रहा हूं मुझे कौन से ग्रंथ पढ़ने चाहिए अध्ययन करने चाहिए सोट की हमें नॉलेज मिल कक आप जानते हो कि जो मॉडर्न स्कूल में पढ़े हुए बंदे होते हैं तो हमें उन चीजों की ज्यादा नॉलेज नहीं होती बट ये कि हम लोग कक हम लोग बचपन से सुनते आ रहे हैं कथा प्रवचन वगैरह देखते आ रहे हैं हमारे दादा लोग या घर परिवार में चीज होती है तो उससे भी कुछ कुछ हमें आईडिया लग जाता है बहुत कुछ मिलता है बाकी फिर जैसे आप लोग के चैनल्स हो गए और स्वामी जी के प्रवचन हो गए हैं तो पूरी शंकराचार्य भगवान जी के तो बहुत कुछ वहां से भी थोड़ा थोड़ा मिलता है तो लेकिन कुछ कुछ डाउट्स है जो मैं पूछने वाला था और वो जो दोगले

01:12:21:20 बास अबकी बार निर् आ लिख के आ रहा है अभी भी कोई कंफर्म नहीं निर् आ रही है ये लोग भक्त आने अपना पिता का नाम भी झूठ बता देते हैं क्या अब ये तो पता नहीं उसके लिए तक गिर सकते हैं तो अब देखो वो जब अटक रहा था ना देखो जब तक वो अटक नहीं रहा था क्योंकि किसी भी चीज में डेथ में जब जाते तब व्यक्ति अटकता है जब तक वो अटक नहीं रहा था तब तक निर्विवाद रूप से बोल रहा था फ जब वो अटकने लगा जब ऐसे प्रश्न आने लगे जो उसम उसे दिक्कत हुई तो उसने चर्चा को बिगाड़ा चर्चा कैसे बिगाड़ा मेरी आवाज आ रही है क्या क्यों कर रहे हो चर्चा को उसने बिगाड़ दिया क्यों बिगाड़ा क्यों बिगाड़ा क्योंकि उसके पास प्रश्न जवाब उसने बा कर बचने के लिए जी चलिए आने के लिए सभी का जय श्री राम समय देने के लिए जय श्री राम जय श्री राम भैया एक पंक्ति एक बात कगा भैया बस थोड़ा सा आपसे निवेदन है आगे से आगे से जो है एक छोटा सा निवेदन है कि जितने भी अलंकार समाज का व्यक्ति हो या कोई भी जो लोग यहां पर चर्चा के लिए अपने आ रहा वैचारिक मत और अगर नहीं मानते

01:13:36:20 मान लीजिए इसके आधार पर हम नहीं मानते हैं थोड़ा सा जो है हमें इस बात का थोड़ा सा ध्यान रखना है कि इनकी जो नियमावली है ये बताते तो नहीं है लेकिन हमें हर संभव ये प्रयास करना है कि जो यहां पर आकर के अपनी नियमावली जो है कुछ तो बताए कि यहां पर क्लियर हो जाए उस चीज के लिए कि ये व्यक्ति प्रमाणित है ये व्यक्ति य आके कोई अभद्रता नहीं करेगा ये वक्ति आ चर्चा को कर इनकी मुझे सबसे बड़ी ढोल में पोल यही नजर आ रही है कि कोई भी व्यक्ति यह सिद्धि नहीं कर सकता कि मैं आर समाज हूं क्योंकि ये सिस्टम है ही नहीं इनकी य गुरु परंपरा है नहीं इनके य गुरु परंपरा के अभाव में कोई एक व्यक्ति ये निर्णय नहीं दे सकता है कि जाओ हम इसको जो है निर्णय दे रहे हैं लौकिक सिद्धांत के अनुसार किसी संस्था का अध्यक्ष होने के नाते आर समाज के नाम से संस्था है उसके नाते वो कह सकता है हमारी आर समाज ये फला फला संस्था का प्रमाणिक व्यक्ति है उसके प्रामाणिकता को भी दूसरी आर समाज संस्था का व्यक्ति चैलेंज कर सकता है नहीं हम नहीं मानते वो प्रामाणिक है हम उसे विद्वान नहीं मानते

01:14:43:26 समस्या क्योंकि इनके पास दिनेश पांडे जी कौन है विशाल भैया मैं आपसे विशाल एक बात कहना चाहता हूं जो आप मां भगवती मा भगवती राधा रानी के बारे में य जो भी चीज हो रही है आप इनको आक के इस तरीके से नहीं बोलिए इनको पकट में प्रसिद्धि के लिए आते हैं क्योंकि इनका मकसद ही वही रहता है कि हमें य आक के अनल प करना है हम इनके विरुद्ध बोले तो इनको बहुत सारे मंच बड़े बड़े मंच मीडिया जो है ना ये हमारे संतो के बारे में हमारे महापुरुषों के बारे में गलत क्यों बोलते हैं क्यक तंत्र है मीडिया तत्र मीडिया तंत्र है बुला कर के इनको व लाएगा और इनकी प्रसिद्धि हो जाएगी और इनका कोई मकसद है ही नहीं ना इनका कोई उस कोई सिस्टम से मतलब ही नहीं है सनातन से कोन कोई लेना देना नहीं है दूर दूरत किलोमीटर तक केवल नाम का चोला ड़ कर के आएंगे और अप आर्स गुरुकुल वाले अपनी बातों से मुकर रहे हैं लिखी हुई बातों से आदमी आ रहा है मुह चला रहा है खाना खाते हुए बात कर रहा है तमीज नहीं है बात करने की और वो फिर वो भी अपनी बातो से मुकर एक बार आ रहा है कह रहा है मैं सामान्य हिंदू हूं पुरी शंकराचार्य जी को भगवान कह रहा है

01:15:59:07 कह रहा है कि मैं वो सत्यार्थ प्रकाश की ग्रंथों को जो मैं मानने वाला हूं आर समाज के ग्रंथों को उसमें शंकराचार्य जी को कहां भगवान कह दिया गया सत्याना रामो दुर नावी भाषित राम दो प्रकार की बातें नहीं करता ट्रेडिशनल आर्य वो रैशनल आर्य रशन भाई धर्म का धर्म का प्रचारक बनने से पहले धर्म को धारण तो करो थोड़ा बहुत वो नहीं सिखाया क्या माता पिता ने चले उठा कर के टा टाई इनकी भाषा जो है ना इतनी अवद हो चुकी हैसे ही फसते तो इनका जो मिजाज होता है बदल जाता है नीचता प आ जाते तुरंत जैसे ही फसते हैं तो नीचता प तुरंत जाते यहीं पर यही पर वि भया अत ही बात वही चीज समझाना चाह रहा हूं धैर्य रखिए हमें हमें धैर नहीं खोना है क्योंकि देखो सीधी सी बात है के कमल जो है कीचड़ में खिलता है ठीक है तो वहां पर कोई पत्थर फेंके कोई कुछ करेगा हमारा

01:17:14:13 2000 साल तक ये लोग जितने जो भी चीज 2000 साल तक हमारे पास कितने हमारे अत्याचार हुए कितना सब कुछ प्रहार हुए हमारे ऊपर हमारा अगर ऐसा कुछ होता तोरा अस्तित्व मिट जाता कितने प्रयास नहीं किए आ तां ने कितने प्रयास किए तो इनसे हमें ना किसी से बस हमें धैर्य रखना है ये बोलते रहे इसको इनको इग्नोर कर जहां आवश्यकता पड़े हर विषय पर आक के इनको पकट में प्रसिद्धि के लिए यहां पर देखना है बड़ी ये सब चीजों को थोड़ा सा नोट डाउन करके और ये सब चीज ध्यान रखना उसका समय हमें अपने उसम लगाना है नाम जप में और इन सब चीजों में लगाना है मुझे एक बात याद आई जो इससे रेशनल वाले से मेरी बात हुई थी जब हम तो इसने यह तैयार हो गया था फेस दिखाने के लिए उसके बाद ये फेस दिखा पहले बहुत पहले जब चैनल छोटा था जब चैनल बहुत छोटा था तब ये फे दिखाने को तैयार हो गया था तब भी ये नहीं आया था क्यों नहीं आया था कि इसने केवल धर्म के हम डंका बजाते हैं हम डंका डंका पीटते हैं हमारे अंदर धर्म नहीं है हम तो धर्म से बाहर है मैं तो ऐसे ही खाता हूं मैं ऐसे ही चढ़ता हूं जानवरों तरह मैं तो समय आने पर अपने पिता का नाम भी झूठ बोल देता हूं

01:18:29:28 हम सर फिर तो बात बिगड़ते ही नीचता उतर आता हूं हम सर फिर बिगड़े हुए ना बाब [संगीत] है चलिए सभी को जय श्री राम आने के लिए जय श्री राम हर हर महादेव और भाई तू सुन ले जो बातें बताई है नंबर है 74836 उस पर कर और यह जो इस तरह से आया है ना मुंह चलाते हुए इस तरह से मत आना और दूसरी बात यह

01:19:04:06 कि अपना स्टैंड क्लियर करना कि तू प्रमाणिक है कि नहीं आर समाज की ओर से या तो लिख के दे मैं प्रामाणिक नहीं हूं मैं बस फॉलोअर हूं आ समाज का और या फिर यह क कि मैं प्रामाणिक हूं ठीक है दोनों में समाज की संस्था का प्रामाणिक व्यक्ति नहीं हूं कैसे बच रहा है वति का कोई इस व्यक्ति का कोई मतलब ही नहीं है जिसका तीन तीन चार चार बार वो सब नाम बदल के किसी भी तरीके से आ रहा उस व्यक्ति से क्या चर्चा

01:19:36:20 करेंगे उसका भ्रम तोड़ने दीजिए ना देखिए बन आता है व्यक्ति तो हम उससे उस तरह से बात करते हैं कि ऐसे बात करें कि उसको बुरा ना लग जाए ये सब बातें ध्यान रखते हुए बात करनी पड़ती है अब व्यक्ति जब अब अपना असलियत उसने सामने दिखाई है तो आने दो सामने से है ना क यहां पर आके कुछ ऐसे शबद सोचते हम दो चार शब्द अंग्रेजी के बोल देंगे तो लोग हो जाए अंग्रेजी हमें भी बहुत अच्छे आती है हम उस चीजों को प्र अंग्रेजी की आवश्यकता नहीं है हमारी मात्र जो भाषा है की भाषा यहा पर आ अपने आप समते हो आज शाम को लाइव

01:20:22:00 है ये रिदम से जिया तक का जो तक की यात्रा एक है एक मात्र शक्ति है जिनके जीवन में बहुत परिवर्तन आया है कैसे उनके जीवन में सब परिवर्तन आया गायत्री मंत्र का उच्चारण प्रणव का उच्चारण उस पर हम लोग बात करेंगे उनका जीवन कैसा था कैसा हो गया ये सारी बातें होने वाली है आप सब लोग आज शाम को जरूर जुड़े 7:00 बजे है आज बकुल सभी को जय श मेरे को ना जय श्री राम एक पंक्ति एक पंक्ति मेरे दिमाग में बनी है भैया दो लाइनों की एक पंक्ति मेरे दिमाग में आई है प्रभु की कृपा से बोलू एक पंक्ति हा बोलिए मतलब दिमाग में प्र की पास से आ गई है बोल देता हूं बोलिए जिनकी शक्ति और भक्ति का कभी

✅ This part is already used · 01:21:02:28 – 01:21:16:24 (0:14)

→ Used in: A · Live रामपाल का झूठा satlok #तत्त्वदर्शीसंत #rampaljimaharaj at 2:29:16 ↗

01:21:02:28 नहीं लगता अनुमान जिनकी शक्ति और भक्ति का कभी नहीं लगता अनुमान राम नाम की जो अलग जगह है उनको कहते हैं हनुमान जिनकी शक्ति और भक्ति का कभी नहीं लगता अनुमान राम नाम की जो अलग जगह है उनको कहते हैं हनुमान क्या

⬜ Not used yet · 01:21:16:24 – 01:21:35:00 (0:18)

01:21:16:24 बात है क्या बात है बोलो बजरंग बली की जय जय जय जय जय जय जय जय हनुमान साई कृपा करो गुरुदेव की गुद जय श्री राम जय श्री राम हर हर महादेव हर [संगीत]

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A: AHVAAN - Call Of Dharma Live 1:21:41 · 24 Nov 2024

क्या आर्यसमाज का ईश्वर सर्वशक्तिमान नहीं हैं? आर्ष गुरुकुल आबूपर्वत चर्चा विषेश #aryasamaj

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A · Live Discussion with Arya Samaj Follower आर्यसमाज का ईश्वर #aryasamaj #vedp...
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