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00:00:02:00 [संगीत] जय श्री राम सभी को बहुत लेट हो गए आज पूरे लगभग आधा घंटे लेट है और अगर मैं आपको लेट आने का कारण बताऊंगा तो संभवतः आप मुझे क्षमा कर सके है ना सब लोग छोटे भाई हैं छोटी बहने हैं जय श्री राम काफी देर हो गई है पंडित जी भी यहां पर वेट कर रहे थे काफी देर से और और मैं लेट था और मेरे लेट होने का कारण क्या है मैं अभी आने से पहले फैक्ट बाई अभिषेक का वीडियो देख रहा था कि उसने क्या क्या कुतर के किए तो मैंने कहा भाई क्या कहते हैं उसका थोड़ा देख लो उसने क्या क्या कुतर किए है तो उसको अभी अभी देखा है बस आने से जस्ट पहले मैं देख ही रहा था और मैं देख कर के आया हूं जी उसने उसने मैं तो कह रहा हूं ना इनके ही वीडियोस को अगर आप देखोगे तो उसी में इनका खंडन मिल जाएगा आराम से जी कुछ और देखने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी जैसे फैक्ट भाई अभिषेक नेही अभी एक जगह बताया कि भाई जो गुणों की भक्ति के लिए भगवान ने मना किया

00:01:17:19 है उसके संबंध में उसने बताया कि यह जो ब्रह्मा विष्णु महेश है यह गुण है अच्छा जब इसने प्रमाण दिखाया तो वहां क्या दिखा रहा है वो इन तीन गुणों से युक्त है वो इन तीन गुणों से युक्त है तो युक्त होना और वही होने में अंतर है भाई अगर मैं जल से युक्त हूं तो मैं जल नहीं हूं मैं किसी की प्यास नहीं बुझा दूंगा मेरी बॉडी के अंदर जल है 70 पर हमारी बॉडी में क्या है जल जल है ना मगर इसका मतलब य नहीं है कि मुझे कोई पी सकता है

00:02:05:19 मारूंगा हुआ था एक बार ऐसा मेरे साथ एक दो बार हो चुका है कोई किसी ने अलग तरह का प्रयास किया तो उसको मार खानी पड़ी अच्छा हा मिल जाते हैं ना एलजीबीटी क्य वाले जी जी कहीं प था मैं कोल्हापुर में था तो वहां के वहां के होटल का जो मैनेजर था उसमें पता नहीं क्या सक्ति हो गई और अकेलापन देख कर के लिफ्ट में जो है कुछ अलग तरह की बातें करने लगा तो जैसे ही उसने कुछ अनर्गल बातें की तो मैंने उसका ऐसे थोड़ा पकड़ा और वह जो लिफ्ट थी उसमें पीछे की साइड कांच लगा हुआ था तो मतलब दूर आपको बाहर से लोग देख सकते हैं रोड साइड था जी होती है ना लिफ्ट बाहर लगी होती बिल्डिंग के हां हा की लिफ्ट थी तो मैंने उसको ऐसे थोड़ा यूं पकड़ के और पीछे उस कांच से चिपका दिया मैंने कहा सुन वो दूसरा रद्र रूप उसको दिखाया मैंने कहा देख गलत बात गलत प्रयास मत करना नहीं तो वही वाली बात है कि वो मार पड़ेगी दाया की दाया हाथ जेब

00:03:20:22 में रख लो सेठ वरना पूरी उम्र बाए हाथ से खाना खाना पड़ेगा वो वाली बात तो एक अर्पित जी है जो आना चाहते हैं कुछ बातें मैं पहले क्लियर कर दूं नहीं तो फिर फैक्ट बाई अभिषेक का अलग से करना पड़ेगा अच्छा इस समय क्या है कि पता नहीं क्या हुआ फसबुक पर भी ऐसा ही कुछ हो रहा है फस पर क्या हुआ है मैंने जब से अपना अकाउंट बनाया है तो उसमें व्यर्थ के जो संपर्क करने वाले लोग बहुत आते हैं फुक में अब फबुक के लिए एक रा क्रिएट हो गया मेरे दिमाग में फु पर वैसे ही लोग मिलते हैं हां ऐसा नहीं अच्छे लोग भी होते हैं मगर मुझे सारे जितने भी संपर्क कर रहे हैं वहां पर ऐसा कुछ हुआ है कुछ पता नहीं कुछ षड्यंत्र है कि आए दिन मुझे एक ना एक मैसेज मिलता रहता है वह कभी मातृ शक्ति की तरफ से कभी कोई पुरुष की तरफ से इस तरह का हो रहा है तो हो सकता है कोई षड्यंत्र पूर्वक किया जा रहा हो र अभी हम आते हैं मुख्य बिंदु पर हमारी जो लास्ट चर्चा हुई थी कोई मुझे याद नहीं है उनका नाम हर हर महादेव हर हर

00:04:36:08 महादेव तो लास्ट चर्चा जो हुई थी उसमें एक दृश्य था कि व्यक्ति ने पहले बताया कि वह तत्वदर्शी कैसे हैं यह बताने के लिए उसने देवी भागवत खोला देवी भागवत में उसने बताया कि जो इस स् तरह से भक्ति बताए वो तत्वदर्शी है मगर तत्वदर्शी की केवल एक यही पहचान नहीं हो सकती वरना हर कोई वो देवी भागवत के वो दो पेज जो है जिसमें उस उस तरह की भक्ति लिखी है उस उस तरह की भक्ति बता कर के उसको रीड करके केवल बताने लगेगा और वह तत्वदर्शी स्वयं को सिद्ध कर लेगा तो फिर उसने भगवत गीता का चैप्टर खोल दिया कि वो फिर उसी से मिलती जुलती कोई बात सातव अध्याय से बताने लगा शायद आठवे से और उसके बाद फिर वो हमें 434 पर ले गया 434 के बाद ने 435 में उसको पढ़ाया कि भगवान य वहां यह कह रहे हैं कि तत्व ज्ञान वो ज्ञान है जिस ज्ञान को पाकर तू बंधनों से मुक्त हो जाएगा और पहले सारे सर्वस्व संसार को स्वयं में और फिर मुझ में देखेगा बिल्कुल और वहां पर एक बात और बता दी गोविंद गुरुकुल जी ने मुझे

00:05:51:21 अध्याय और श्लोक क्रमांक याद नहीं आ रहा है उन्होंने बता दिया कि उसमें यह भी लिखा है कि वेदों के द्वारा भगवान श्री कृष्ण को ही जाना जाता है ठीक है ब यह भी उन्होंने बता दिया अब इसके बाद वो व्यक्ति आया कि पहले हम समीक्षा करेंगे कि भाई यह जो आप चार 34 में कह रहे हो ना कि मुझ सर्वशक्तिमान या सच्चिदानंद घन ब्रह्म में सारी दुनिया को देख इसमें सच्चिदानंद घन ब्रह्म आया है कि नहीं क्योंकि उसके जेल जाने से पहले तत्वदर्शी जी ने उसको बता दिया होगा यहां पर यह वाली बात 435 तो जो रटी हुई बातें होती केवल उन्हीं का उत्तर होता जिसकी इन्होंने इनको तैयारी करवाई गई है तो फिर क्या कहते हैं वो बोला कि भाई हम वहां पर शब्दों को देखेंगे 435 में हम शब्द देखेंगे तो पहली बात तो यह है कि जब तुम संस्कृत के शब्द को चेक करने वाले हो तो तुमने देवी भागवत संक्षिप्त क्यों पढ़ी वहां पर आपको संस्कृत के साथ जो हिंदी अर्थ आता है उसे पढ़ना चाहिए था और चेक करना चाहिए था कि कहां पर संस्कृत का अर्थ सही किया है कि नहीं किया है या वो शब्द है भी कि नहीं संस्कृत में तो तुमने वहा पक्षपात क्यों किया बिना देखे ही संस्कृत आज तक

00:07:06:25 रामपाल जी ने भी संभवत संस्कृत वाली देवी भागवत देखी नहीं है देखी तक नहीं है केवल अपने मतलब के वो जो क्योंकि वहां पर कुछ चैप्टर्स है जिनसे व अपना मतलब हल कर सकते हैं तो इस कारण से उन्होंने संक्षिप्त देवी भागवत को प्रस्तुत कर दिया कहां है संस्कृत वाला वीडियो दिखाइए ना देवी भागवत का और भी कई पुराण उन्होने ऐसे ही लिए हैं जिसमें कि संस्कृत है ही नहीं तो जब तुम संस्कृत चेक करते हो तुम्हे विश्वास नहीं है गीता प्रेस के अनुवाद पर तो जब तुम संस्कृत चेक करने वाले हो तो आपको प्रत्येक शास्त्र का करना चाहिए ना यह थोड़ी ना कि मीठा मठा गप गप और कड़वा कड़वा थू हा पहली बात हो गई दूसरी बात ये हो गई कि जैसे आप बता रहे हो वही वाली शास्त्र अनुकूल भक्ति बताने से ही एक मात्र तत्वदर्शी सिद्ध नहीं होगा उसके लिए उसको शास्त्रों का बोध तो होना चाहिए और देवी भागवत में कहा जा रहा है हमने बता दिया है कि शास्त्रों का बोध उसे होता है पूर्णतया जो कि मां जिसको होता है वो मां भगवती को निरंतर उनकी आराधना करता है ठीक है यह लोग

00:08:21:28 एक डायलॉग मारते हैं ब्रह्मा विष्णु महेश में तीन गुण है ठीक है मगर उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि मां भगवती जो है वो माया जो शक्ति है भगवान की वो है इस बारे में उन्होंने मतलब य तीन गुण से वो ब्रह्मा विष्णु महेश को कट करते हैं फिर देवी की पूजा कर लो अगर आप तीन गुणों से ब्रह्मा विष्णु महेश को कट कर रहे हो तो देवी की पूजा कर लो उनको भी कट कर रहे हो तो गणेश जी की पूजा कर लो नहीं करोगे उसकी पूजा करोगे जिसका जिक्र ही नहीं है भाई अगर आप तीन गुणों से युक्त सिद्ध मान रहे हो कि युक्त है वो गुण ही है अगर मान रहे हो और इसलिए उनकी पूजा नहीं कर रहे हो मगर जिसकी पूजा कर रहे हो उसका भी तो व होना चाहिए प्रमाण कि वह कबीर तीन गुणों से युक्त नहीं है उसका कहीं रेफरेंस ही नहीं है उसकी पूजा करोगे करते हैं फिर इसी में आगे वो अच्छा तत्वदर्शी संत की पहचान हमने जान लिया कि 15.1 के अनुसार अगर इनका तत्वदर्शी है तो तत्वदर्शी व है जो संपूर्ण वेद शास्त्रों को जानता हो और वेद शास्त्रों को जानने वाले के लक्ष है कि वो नित्य जो है निरंतर मां भगवती की आराधना करता हो अब

00:09:37:22 बात आती है कि कि मान लिया जाए कि वह जो श्लोक है चार च 35 जिसमें कि हमने यह कहा कि पहले मतलब भगवान वहां पर यह कह रहे हैं श्री कृष्ण कि पहले तू सारी दुनिया को स्वयं में देख और फिर मुझ में देख ठीक है तो यह जो शिक्षा है में देखने की इस शिक्षा के कारण वहां कहा जा रहा है कि इस शिक्षा के कारण तू जो है बंधनों से मुक्त हो जाएगा और जो यह ज्ञान तुझे देगा वोह तत्व ज्ञानी है यही ज्ञान तत्व ज्ञान है ठीक है चलो मान लिया वहां पर सच्चिदानंद घन ब्रह्म नहीं लिखा है वो बात और है कि जब भगवान यह कह रहे हैं कि मुझ मुझ में देख तो वह अन्य कई जगहो पर स्वयं को ईश्वर कह रहे हैं है ना जैसे सात सात में स्वयं को ईश्वर कहा है सा 19 में स् को ईश्वर कहा है तो वह कह रहे हैं साथ साथ में स्वयं को ईश्वर साथ 19 में कह रहे हैं बहुत जगह अनेक अनेक जगह कह रहे हैं है ना संपूर्ण प्राणियों का ईश्वर होते हुए भी अपनी योग माया को अधीन करके मैं जन्म लेता हूं प्रकट इसके साथ ही साथ अनेक अनेक जगह स्वयं स्वयं को परम ब्रह्म कहा तो मान लो वहां पर सच्चिदानंद घन ब्रह्म शब्द नहीं आया संस्कृत में मगर

00:10:52:22 यह तो आया कि सारी दुनिया को मुझ में देखने से तो तुम क्या सारी दुनिया को ब्रह्म में देखते हो नहीं देखते देखते हो क्या अगर ज्यादा बात आएगी तो तुम कबीर या परमात्मा को श सबब दुनिया में देखने की बात हो सकता है कबीर ने कहीं कही हो या फिर परमात्मा में सारी दुनिया को देखने की बात कही हो मगर वहां बोलने वाला कौन है ब्रह्म ब्रह्म में देखने की बात तो नहीं कही ब्रह्म तो अलग है ठीक है तुम्हारे हिसाब से तो सबसे पहली बात ये हो गई फिर उसके बाद क्या है कि वही वाली बात कि तत्वदर्शी की सही व्याख्या तो वही है जो देवी भागवत में बताई गई है अगर बात ये आती

00:11:38:01 हैन सी शिक्षा कबीर हां ठीक है अच्छा एक बात और है अब इन्होंने ये जो संस्कृत वाला व्रज शब्द है जैसे इन्होंने उसम उंगली उठा दी संस्कृत वाला जो व्रज शब्द है उसका मतलब या तो गो होता है या कम होता है अलग अलग कर दिया ठीक है इस पर हम एंड में आएंगे शरण में जाने के लिए कहा मतलब यहां पर मैं यह बता रहा हूं कि यह जब किसी से अपने मन की बात चल रही होती है तो तो उसकी शिक्षा को बिना चेक किय ही स्वीकार कर लेते हैं यह भी नहीं देखते कि यहां पर संस्कृत में क्या लिखा है और जब अपने विरुद्ध जा रही होती है तब उसी की उसी के ज्ञान पर व लगाने लगते हैं तो इसका पैरामीटर क्या है कि किसी को किसी को सही और किसी को गलत मानने का आपका पैरामीटर क्या है ठीक है अर्पित जी अपने चेहरे के साथ आप आइएगा किसी दिन लाइव में हमारा नंबर नोट कर लीजिए वैचारिक मतभेद के निमित्त चर्चा का हां रिप्लाई आएगा आपको आर्यन जी ना मास्त्र के लिए रिप्लाई आएगा

00:12:48:09 और आप जो है तब जवाइन करें तो इनके हिसाब से किसी की शिक्षा उतनी सही है जितना इनके पक्ष की बात हो रही वो भी इनके पक्ष की नहीं है अगर इनके सारी चीजों को देख लिया जाए कि भाई वहां पर ब्रह्मा विष्णु महेश की भक्ति करने को मना किया गया है गणेश जी की भक्ति करने को मना किया गया सब ठीक है कबीर की भक्ति करने को कहां आ गया है रामपाल कहां से आ गए अगर तत्वदर्शी की बात हो रही है तुम्हारी व्याख्या तुमने हमारी व्याख्या को गलत कर दिया सब सब कुछ गलत तुमने सिद्ध कर दिया तो रामपाल वहां पर कहां से आ गए कैसे सिद्ध कर रहे हो रामपाल को जबरन कि उन्होंने उल्टे वृक्ष की व्याख्या कर दी मैं भी कर रहा हूं उल्टे वृक्ष की व्याख्या मैं कर दे रहा हूं मान लो मुझे तत्वदर्शी और मैं कविता भी करता हूं अभी सुनाई थी मुझे तेरा अंतिम प्रयास चाहिए और बचपन में मेरे घर वाले मुझे वो भी कहते हैं कवि लो तुम्हे तो कबीर कहना पड़ेगा मेरे घर वाले मुझे कवि कहते हैं स्वेतांक जी मुझे कभ बोल दीजिए एक बार कभ बोलिए मुझे एक बार एक बार बोल दीजिए बस कवि जी कवि जी आपको प्रणाम हैलो लो मेरा वेदों में प्रमाण आ गया पूजा कर लो मेरी हो गया प्रमाण देखो भाई तुम तुम उसको तुम उसको वहां पर वेदों में कवि लिखा

00:14:03:10 मेरे को तो कवि बोल रहे हैं तुम तो कबीर बोलते हो ऐसे नहीं होता है ना प्रमाण होना चाहिए कि यही वाला कबीर कबीर है अगर कबीर है भी तो कबीर है नहीं वैसे यही वाला कबीर कबीर है है ना ऐसे नहीं होता है कि बस तुमने किसी को कवि कह दिया हमने कभ कहा हमने किसी कवि कहा वही तो कवि बस चालू हो जाओ ऐसे नहीं होता है तो ये हो गया अब इसके बाद ज लेकिन इसमें एक बात और है ऐसे तो वो हमारे वो थे ना कौन से कवि बड़े मशहूर है ये कोई दीवाना कहता है कोई वो भी भी क है हां उनसे भी मैं कह दूंगा जरा तुम पेन कॉपी लेकर उल्टे वृक्ष की व्याख्या कर दो नीचे अपने कविताओं के नाम लिख देना ये पत्ते प फलानी कविता ये पत्ते पर फलानी कविता वो भी वो हो गए आपके लिए भगवान और अब मैं एक काम करूंगा किसी के य कोई छोटा बच्चा जब जन्म लेगा उसको कह दूंगा इसका नाम तुम कवि रख दो और फूल वाली कहानी मैं बना दूंगा उड़ा दूंगा क्यों विश्वास करें अगर विश्वास ही करने की बात है तो बकल और सीधी बात है कि कौन अगर मान लो वेदों में कहीं कबीर की बात हुई नहीं अगर हुई है एक बार को मान लो तो यह कैसे माना जाए कि तुम जिसे कबीर कह

00:15:18:12 रहे हो उसी कबीर की बात हुई है भाई मैं कह रहा हूं मेरे मेरे मोहल्ले में पोस्ट मास्टर है वो कविता करते हैं और वो जो है उनका नाम कबीर है उस कबीर की बात हो रही है क्यों नहीं मानोगे आप ऐसे नहीं होता है ना वही कबीर है तो ये इनकी कहानी है पूरी पिक्चर में यह हमको गलत तो साबित करने में लग रहेंगे मगर कभी यह नहीं बताएंगे कि भैया इसमें कबीर कहां से आ गया रामपाल कहां से आ गया पिक्चर में वो नहीं वो उनका कैमियो रोल अचानक से मेन रोल हो जाता

00:15:52:00 है अच्छा अब इसके बाद अगली बात देखें इनकी क्या है बहुत हंसी की बातें हैं ्र शब्द तो लास्ट में आएंगे अब जरा फैक्ट वाइ अभिषेक की बात कर लेते हैं इसमें सबसे पहली बात तो यह है कि मैंने एक वीडियो था जिसमें की व्यक्ति कह रहा था कि पहले वेद फिर गीता फिर पुराण मैंने उससे पूछा यह सीक्वेंस कहां लिखा है अगर आप यह कहो कि वेद जो है हमारे लिए अंतिम प्रमाण है जो भी चीज उसके अकॉर्डिंग होगी वो हमारे लिए प्रमाण है जो उसका विरोध करेगी वो प्रमाण नहीं है यह तो ठीक है मगर तुम ये सीक्वेंस बता रहे हो पहले वेद फिर गीता फिर पुराण यह कहां लिखा है तो वो व्यक्ति कह रहा है किय तो मैंने अपने मन से निकाला है मेरा मन है अरे मन है तो फिर ये क्यों चिल्ला र सद ग्रंथों के आधार पर भक्ति सद ग्रंथों के आधार पर भक्ति तो इसमें वो व्यक्ति मुझे उत्तर दे अच्छा मेरा पूछने का कारण क्या था मेरा पूछने का कारण यह था कि इनके जो तथाकथित तत्वदर्शी है जेल धाम में जो इस समय निवासी है वो ये कहते हैं वो उन्होंने अपना जो तानाबाना मेनली बुना है वो वेदों के आधार पर नहीं होना है वेदों के आधार पर केवल कवि शब्द की ज्यादा वो अग्न्या को

00:17:06:04 अधनोम सारा बना है गीता और पुराणों पर ठीक है तो अब ये जब मैं इसको पुराण से कोई प्रमाण दूंगा और उसकी बात ही वेद में नहीं हो रही है मान लो उस किस्से की उस दृष्टांत की नहीं हो रही है मगर उसमें जिस तत्व के बारे में बात हो रही है उस तत्व के बारे में वेद में बात होती है जैसे विष्णु तत्व शिव तत्व इनकी बात वेदों में हुई है और इन्हीं तत्वों का विस्तार से यहां पर लीला पूर्वक वर्णन है है ना तो मैं उससे ये जानना चाह रहा था कि जब तुम्हारे ज्ञान गंगा के अनुसार तुम्हारे जो तत्वदर्शी है उन्होंने पुराणों को प्रमाण माना है तो तुम पुराणों को प्रमाण क्यों नहीं मान रहे बिना वेद के आधार के भी जब वो कई बार पुराण दिखाते तो तुम मानते हो ना जैसे कि ब्रह्मा विष्णु महेश ने स्वयं को आविर्भव और त्र भाव वाला कहा क्या तुमने इसम पुराण से चेक किया ब्रह्मा विष्णु महेश का आविर्भाव तिरोभाव होता है किया चेक नहीं किया है ना तो ये सीक्वेंस में पता करना पा रहा था कि और दूसरी बात गीता बीच में कैसे आ गई अगर अगर अगर पहले नंबर बात आएगी अगर बात आएगी तो पुराण की बात पहले आई इतिहास पुराणा भ्यम मैं आपको श्लोक दिखा देता हूं गीता फिर पहले कैसे आ जाएगी

00:18:21:28 ये देखिए यह महाभारत है भैया मेरे पास फैक्ट वाई अभिषेक अगर देख पा रहे हो तो देख ले आपने जैसे देवी भागवत आपका देवी भागवत का मैं विरोध थोड़ी ना कर रहा हूं बिल्कुल सही बात है कोई भी किसी भी प्रमाण को तब तक माना जा सकता है जब तक व वेद विरुद्ध ना हो मगर मैं उससे सामने वाले व्यक्ति से यह जानना चाह रहा हूं कि अगर पुराण कोई बात कह रहा है जिसमें की वेद का विरोध नहीं है मगर डायरेक्ट प्रत्यक्ष रूप से वेद में उस बारे में बात ही नहीं हो रही तो उसको मानोगे कि नहीं मानोगे इसलिए मैंने पूछा और तुम्हारा जो स्केंस है भी गलत है कि वेद गीता पुराण यह सीक्वेंस भी गलत है वेद पुराण यह सीक्वेंस सही है इसलिए जानने के लिए मैंने उससे तीन चार बार कहा कि शास्त्र में लिखा है अंत तो एक बात क जो जो तुम कह रहे हो अगर वो व्यक्ति ने कह दिया होता तो हमारी वो चर्चा आगे बढ़ जाती क्यों ऐसे मूर्ख शिष्य भाई तुम्हारे जेल धामी वालों के क्यों नहीं बोल पाते वो बात जो तुमने बोल दी अगर जो बात तुमने बोली है तो फिर मैं अपनी भावना त करता है ना और वो बात आगे पहुंचती किसी निष्कर्ष तक पहुंचती पर वो मूर्त तो ये बोल रहा है कि नहीं नहीं मैंने

00:19:37:01 अपने मन से मैंने अपने मन से कह दिया आप मेरी भावना को कैसे बदल दोगे मेरे मैं मैं अरे भाई व्यक्ति तो कह रहा है कि मुझे हर जगह संभोग करने दो किसी के भी साथ संभोग करने दो तो दो चाटे मार के उसकी भावनाओ को नहीं बदला जाएगा बिल्कुल बिल्कुल ये कौन सी बात है पता व्यक्ति ये बोल कैसे देता है कि मेरा मन है तो मेरे मन की को कैसे बदल दोगे मार के बदला जाएगा अच्छा मैं वो दिखा रहा हूं आपको कि गीता जहां से निकली है महाभारत से इनको मालूम ही नहीं गीता कहां से आई गीता आ गई साब हवा में आ गई गीता महाभारत से आई है गीता महाभारत आदि पर्व और जो श्लोक है अध्याय का 167 वा श्लोक है 267 क्या है

00:20:44:26 उसमें 267 वा लोक कह रहा है इतिहास और पुराणों की सहायता से ही वेदों के अर्थ का विस्तार एवं समर्थन करना चाहिए यानी कि इतिहास पुराण की सीमा में उनके सीमा में रहते हुए सामंजस एक तरीके से वेदों का अर्थ करना चाहिए यानी कि अगर वेदों में भगवान शिव की बात हो रही है तो वह कौन से शिव है कैसे शिव है यह आपको पुराणों में मिलेगा उनका विस्तृत वर्णन विष्णु की बात हो रही है तो वह कैसे दिखते हैं उनकी भुजाएं कैसी है उनके पास क्याक वो धारण करते हैं वो सब आपको पुराणों में मिलेगा तो जो इहा अच्छा इसमें एक बात और कही जा रही है जो इतिहास और पुराणों से अनभिज्ञ है है ना उनके लिए कहा जा रहा है उससे वेद डरते रहते हैं यानी कि आप पुराणों को नकार करके वेदों पर नहीं जा सकते अगर आप महाभारत गीता को मानने वाले तब की बात कर रहा हूं नहीं अभी बीच में आर समाजी भाजी ना मानने लगे मुझे तो खाने के लिए सब बैठे

00:21:56:27 हैं मुझे ऐसा लग रहा है थोड़े दिनों में ये लोग आपस में देखो देखो बाद में लड़ेंगे आपस आपस की चीजें बाद में देखेंगे पहले बात बोल देंगे ना कि अभी हम वो पांडव अभी हम 106 हो जाते हैं 105 हा मुझे ऐसा ही लग रहा है ये लोग बहुत जल्दी और मुझे लग रहा है नास्तिक भी आने वाले हैं हमारे भी नाक में दम कर लगका है शिवांश ने लेकिन लेकिन अंततोगत्वा देखिए ना लेंगे सहारा किसका स्मृति का पुराण का इतिहास का तो अभी अभी बहुत जल्दी अच्छा ऐसा हो भी रहा है कुछ हद तक जैसे वो बंगाल के बाबू जी ने वीडियो बनाया था तो उसमें रामपाल और स्कन दोनों को अपने साथ मिलाया था बात करते समय रामपाल वो जिसको ल भिजवाने वाले स्वयं आर समाजी है ना आर समाज से ही कोई वो था वो दयानंद जी के लिए इन्होंने कुछ अभद्र टिप्पणी कर दी थी तो उनको जेल भिजवाने वाले वही और क्या कहते हैं उसने जो है इन दोनों को अपने साथ मिलाया था तो यह खतरे की घंटी है मेरे लिए य खतरे की घंटी

00:23:12:22 है एक साथ सबसे ले लिया है ना पंगा तो ये लोग ये लोग मिल बाट करके भी एक एक हो गए हा भाई आ जाओ कान्फ्रेंस में मगर बात यह है कि तुम्हारे पास अगर संख्या बल है प्रस बल है वो डॉक्टर को भी ले आए वकील को भी ले आए और बहुत सारे बल है तुम्हारे पास और भी बहुत सारे बल होंगे तुम्हारे पास तो तुम पूछोगे मेरे पास क्या है हा मेरे पास क्या ऐसे ही पूछोगे ना मेरे पास ये है वो है मेरे पास क्या है मेरे पास राम है मेरे पास राम है राम बस वो काफी सर्व सामर्थ वान मर जाऊंगा मगर अपनी बात से पीछे नहीं मर जाऊंगा लड़ता रहूंगा आखिर तक आखिरी सांस तक अगर जैसे एक कतरा भी बचेगा ना रक्त का तब भी लड़ता रहूंगा धर्म के लिए और अपने भाइयों के शोधन के लिए जो भटक गए ठीक है तो यह तो एक बात य हो गई देवी भागवत की हमने कर ली और भी लोग हैं क्या फैक्ट भाई अभिषेक

00:24:28:00 पर मुझे लग रहा है वीडियो बनाना पड़ेगा क्योंकि अभी यह हो रहा है कि बहुत से लोग आने को कह रहे हैं एक दो और एक दो और बता देता हूं फिर हम वो कर देंगे क्या कहते हैं पब्लिक कर देंगे अपना लिंक यह अपने एक दो व्यक्ति पूछ रहे हैं कैसे जवाइन करे लाइव अ गुप्ता जी परेशान अभी अभी जरा फैक्ट बाई अभिषेक का एक दो एक दो चीज और बता दू ले लीजिए हा लीजिए हा अभी क्या है कि गीता वेद पुराण का सीक्वेंस हमने देख लिया अच्छा इसमें एक बात और है इसने एक बात और मान ली फैक्ट बाई अेक में वो एक जगह यह बोल गया है कि उपनिषद उपनिषद को मान गया है है ना वैसे उपनिषद बहुत प्रमाणिक ग्रंथ है कोई ऐसा सनातनी नहीं है इनको छोड़ कर के उपनिषद को ता हो मगर उपनि जो है इन्होंने स्वीकार कर लिया हमें नहीं मालूम था यह क्या कहते उपनिषद के बारे में मगर उपनिषद को फैक्ट वाइ अभिषेक ने स्वीकार किया उपनिषद बोला अरे अपने मतलब के लिए वो कुछ भी कर देंगे हा उपनिषद यहां पर भी लिखा है महाभारत में भी उपनिषद

00:25:43:10 के बारे में लिखा है तो अब बात आ जाती है तुमने उपनिषद को गलत कह रहे हो तु उपनिषद को नहीं मानते और यह सीक्वेंस तुम्हारे लोग अलग अलग बताते सिखाओ ना भाई अपने लोगों को सिखाओ वहा जाने से पहले मुंह धोया करो पहले तो एक तो सब बिना मुंह धोए चले आते हैं वहां से मैंने जितने भी लोगों को देखा यूं ही चले आते बीड़ी कारखाने से सीधे आ गए अरे भाई ठीक से भी आओ बहुत कम लोग आए ऐसे फैक्ट वाई अभिषेक तब भी थोड़ा नहा धो करके वीडियो बनाता है थोड़ा साफ सुथरा लगता है अच्छा फिर क्या है

00:26:20:15 आगे अब बात आती है कि आप लोगों के लोग यहां पर आकर के हम नहीं कहते आप लोगों के जो नुमाइंदे वो कहते य पर आकर के कि वेदों में मिलावट हो गई है हम तो कहते हैं कि रामपाल जी ने काम आना दिखाओ तो वो नहीं बता पाते मगर कहते मिलावट हो गई है क्यों कहते हैं क्योंकि हमने रुद्र के विष्णु भगवान के उनको सूक्त दिखाए उसमें प्रमाण है कि रुद्र की पूजा करने से रुद्र की पूजा कल्याण काक है सवा अध्याय यजुर्वेद हा तो अगर तुम लोग वेदों को मिलावट वाला नहीं मानते तो रुद्र सूक्त का क्या करोगे मानना पड़ेगा या तो मिलावट या तो तुमने वेद उतने ही पढ़े है जितना जितना वो लेंस लगा कर के दिखा दिया अब बात ये आती है कि जो सूक्ष्म वेद है तुम कहते हो पूरी वही वही वाली बात की सारी कथा तुम्हारी सुन ली फैक्ट भाई अब से कहां पर लिखा है कि जो पांचवा पुराण है वह तुम्हारा व कबीर सागर है क्यों माने भाई पुराणों के लिए तो लिखा है उपनिषद में वेद में पुराण के लिए लिखा है दो चार 10 पढ़ो धारण उपनिषद तुम्हारा कहां लिखा है कि कबीर सागर वो सूक्ष्म

00:27:35:19 वेद है या पंचम वेद है अरे भाई तुम सब तरह से गल कर दोगे मर अपनी चीजों को तो सही करो बिल्कुल वो कहां से आएगी मतलब हमारी पूरी इमारत को वही वाली बात की तो तू तेरे पिता के बारे में नहीं जानता तू तेरी मां के बारे में नहीं जानता तू तेरा नाम नहीं जानता तुझे प्यास लगी है क्या मैं कहूंगा हा लगी तू नहीं जानता मुझे मालूम है सब कुछ मुझे मालूम है एवरीथिंग मुझे मालूम है मगर अपने बारे में मुझे कुछ नहीं मालूम है वो कहां से आएगा वो नहीं पता और देखो और क्या

00:28:17:13 है अब ये 6 16 में गीता में कहते हैं 6 16 भगवत गीता में जरा शॉर्ट में चल रहा हूं फटाफट फटाफट 6 16 में गीता कहते हैं कि यह क्या कहते हैं व्रत नहीं करने चाहिए अब 6 16 इन्होने खोल के भी दिखाई वहां व्रत शब्द का उपयोग ही नहीं हुआ है वहां कहा जा रहा हैने मन से ना अधिक जानने वाला अब अब ये लोग अब ये लोग शब्द क्यों नहीं पकड़ रहे अब क्यों नहीं शब्द पकड़ रहे भाई कहां चली गई शब्द को पकड़ने की कहानी मीठा मीठा ग ग कड़वा थ इसीलिए आते नहीं हो तुम मेरे पास जानते हो मत पढ़ो चक्कर में कोई नहीं है टक्कर में ये लोग समझ गए सीख गए चक्कर में नहीं पढ़ना है इसीलिए आते नहीं है वही बंद कक्ष में बैठ कर के बढ़िया ट्यूनिंग लगा लेंगे आजकल एआई वाला वो आ गया है तो एआई के आधार पर जो है बहुत बढ़िया सा सनसनी खेज वाला वीडियो और बनाएंगे आराम से खड़े होकर के बकल 6 16 देखते हैं क्या लिखा है थोड़ा सा रोचक भी रखना पता वीडियो को जिससे की ज्ञान के साथ साथ एक जुड़ाव बना रहे लोगों

00:29:32:21 का देखते रहे तो 6 16 के आधार कहते व्रत नहीं करने चाहिए कोती संत वाला य वाला होगा है ना नात हे अर्जुन योग ना तो बहुत खाने वाला खाने वाले का और ना बिल्कुल ना खाने वाले का तथा ना बहुत चयन करने वाले का और ना सदा जागने वाले का ही सिद्ध होता है तो इसमें कहां से आगे व्रत नहीं करना चाहिए मैं बताता बताता उनके हिसाब से व्रत करना मतलब खाना नहीं खाना होता है लिएने बोल दिया त नहीं करना चाहिए पहली बात तोय है यहां पर क्या लिख रहे हैं ना अधिक जागने वाले का है ना ना अधिक जागने वाले का और ना ही अधिक सोने वाले का बिल्कुल तो जब आप व्रत करते हैं क्या आप अगर ना सोने वाले का अधिक है ना अधिक जागने वाले का अधिक है तो यहां तो बैलेंस बताने की बात की जा रही है कि तुम किसी भी एक चीज में अगर वो विस्तृत व्याख्या तो अलग होगी वोह बात अलग है मगर फिलहाल

00:30:48:09 अगर मोटी मोटी मोटी बात करें तो एक बैलेंस बताने की बात की जा रही है किसी से तुम एकदम से अलग नहीं हो सकते डिटैच नहीं हो सकते और किसी से तुम एकदम से जुड़ नहीं सकते उसी पूरा पसान नहीं कर सकते अपनी पूरी दिन चर का ये अभी मोटी मोटी व्याख्या यह योग ना तो बहुत खाने वाले का ना बिल्कुल ना खाने वाले का अब ये बताओ जो व्रत करता है व्यक्ति वो क्या बिल्कुल ना खाने वाला इंसान हो जाता है उसी दिन ूसा भर गया है भाई कैसी बात कर अगले दिन वो खाएगा नहीं व्रत के अगले दिन वो खाएगा कि नहीं खाएगा तो बिल्कुल खाने वाला कहा से हो गया व्रत का अर्थ व्रत का अर्थ बिल्कुल ना खाने वाला व्यक्ति है व्रत करने वाला का अर्थ ये दिखाओ कहां लिखा है अपने मन से मन कुछ भी व्याख्या कर लो यहां बैलेंस बनाने की बात की जा रही है बहुत ज्यादा सोना भी गलत है बहुत ज्यादा जागना भी गलत अगर स्वास्थ की दृष्टि सेही देख लो तो भी गलत है तो इनमें से कौन सी चीज छोड़ दोगे तुम तो व्रत जो है व्रत करने वाला व्यक्ति बिल्कुल वो हो गया ना जो है ना सोने वाला सदा जागने वाला हो गया व्रत करने वाला व्यक्ति वो तो एक दिन की प्रैक्टिसिंग है

00:32:03:13 बहुत सारी चीजें होती है व्रत में व्रत में आपकी जो बॉडी होती है अगर साइंटिफिक लैंग्वेज में देखें तो वो डिटॉक्स होती है आपकी बॉडी करेक्ट है ना तो यह सब बातें खैर इनको समझ में नहीं आएंगी डिटॉक्स टॉक्स के लिए इनको डिक्शनरी खोलनी पड़ेगी वो शरीर की अशुद्धिया निकल जाती है फैक्ट वा अभिषेक जी आप भी करके देखिएगा या इंटरमिटेंट फस्टिंग कर लीजिएगा इन्होंने इन्होंने क्या है ना कि इस श्लोक में एक शब्द है ये न चै कांत यानी कि न एकांतम अनत इन्होंने इसको पकड़ लिया और जिसका अर्थ होता है कि ना बिल्कुल ना खाने वाला बिल्कुल ना खाने वाले से इन्होंने यह मान लिया कि जो बिल्कुल नहीं खाता है तो उसके लिए तो बिल्कुल ठीक है बिल्कुल नहीं खाओगे तो जीवित ही नहीं रहोगे अच्छा एक बात बताइए ऐसे व्रत होते हैं कि नहीं जिसमें फलर भी करता है व्यक्ति होते हैं बिल्कुल होते हैं चलो भैया तुम फलारी वाला व्रत कर लेना ठीक है आज से डन य हो ग तसल्ली हो गई फलारी वाला व्रत कर लेना आज से तुम करोगे ना क्ट भाई अभिषेक कल से फलाहार वाला व्रत कर लेना लिखा हुआ फला वाला कर सकते वो भी उसके प्रमाण किसी अन्य वीडियो में दे देंगे ठीक है और श्री राम

00:33:19:00 अगर मान लो कि ऐसे बहुत कम व्रत है जिसमें रात्रि भर जागा जाता है ठीक है मगर यह कह रहे हैं कि बहुत ज्यादा जागने वाला यानी कि इनका कहने का मतलब है कि यदि व्यक्ति पूरे दिन जाग रहा है तो व भी व्रत का एक हिस्सा है तो यह भाई साहब पूरे दिन जागते नहीं है दिन में भी कम से कम अब आधा आधा तो सो ग ना तो अगर दिन के 12 घंटे हैं तो ये भाई साहब छ घंटे दिन में सोते हैं है ना भाई फैक्ट बाई अभिषेक इसको इसमें एक और पॉइंट जोड़ देता हूं मैं जहां से उन्होने श्लोक उठाया है ना उसी जगह पर ठीक है जोय शब्द चन जाग्रता वाला जो शब्द है उसम न के ब्रैकेट में सदा लिखा हुआ है सदा सदा जागने वाला सदा जागने वाला लेकिन वो पन चल जाएगी उस ठीक है क्योंकि उन्ह व फिर य पर सदा का मीनिंग नहीं है ना मगर व्रत का मीनिंग इनको मिल गया भाई व्रत की कौन सी व्याख्या है व हमको लाकर दिखाइए जो बिल्कुल य अर्थ निकले उस व्याख्या य आपको बैलेस बताना सिखाया जा रहा है अच्छा अब आगे चलते हैं 6 16 से अच्छा इसके लिए मुझे कोई बहुत मेहनत

00:34:34:01 नहीं करनी पड़ती इनकी चीजों के लिए जैसे इसने वो वेद वेद के लिए निकाला होगा तो व सब इन्होंने बहुत पूरा वीडियो बनाया अभी अभी मैंने इसका वीडियो देखा है और साथ की साथ व वही की वही अब इन्होंने क्या कहा है कि मूर्ति की हां इसने एक प्रमाण दिया कि केवल मूर्ति सब कुछ नहीं होती है संत भी संतों का भी वो करना चाहिए अबे मेरे भाई तुम ही तो कह रहे हो केवल मूर्ति यहां पर बात हो रही है कि ऐसा नहीं है कि अगर आप मूर्ति पूजा कर रहे हो पास में कोई संत आए तो उसकी अवेल ना करो यह बात की जा रही है शास्त्र में तो आपने मान लिया मूर्ति को हटा ही दो बिल्कुल निकाल ही दो है बिल्कुल वहां केवल शब्द आ रहा है ना केवल मूर्ति ही सब कुछ नहीं है बिल्कुल सही बात है ऐसा ना हो कि म कारण किसी संत का अनादर करो निरादर करो यह कहा जा रहा है मगर मूर्ति पूजा गलत है तो शिव पुराण में भगवान कह रहे हैं मेरी मूर्ति पूजा होती है शुरू में ही बता रहे हैं सकल और जब अपने सकल और निष्कल रूप के बारे में बात कर रहे हैं वहा अपने निष्कल रूप के लिए शिवलिंग बता रहे हैं और सकल रूप के लिए मूर्ति बता रहे हैं ऐसे थोड़ी ना

00:35:49:01 होता है कहीं पर भी बस जरा सी कोई बात मिल गई बस डंका बजाने लगे और फिर वहां पर केवल शब्द आया है ना कि केवल हम कहा कह रहे केवल मूर्ति से मोक्ष मिल जाएगा मूर्ति पूजा करोगे अच्छा आचरण करोगे संतों का सानिध्य प्राप्त करोगे उनसे मिलने वाले ज्ञान को अपने जीवन में उतारो चरितार्थ करोगे तब आप उस मार्ग पर आगे बढ़ पाओगे बहुत सी चीज है तो हम कहा कह रहे केवल मूर्ति पूजा तुम कह रहे हो मूर्ति पूजा खंडन खत्म हो गया यह कहा लिखा है मूर्ति पूजा बंद कर दो मूर्ति पूजा के लिए वेदों में प्रमाण है प्राण प्रतिष्ठा होती है वेद में तुमने वेद उतने ही पढ़े हैं जितनी चाबी भरी जेल धाम से उतना चले

00:36:41:00 खिलौना दिखाना पड़ेगा क्या मूर्ति पूजा का प्रमाण बताओ ये चीज र समायो के लिए लेकर रखनी पड़ती थी अब जो है इनको भी दिखाना पड़ेगा अरे केवल मैं तो कह रहा हूं कि दिखाने की आवता नहीं जी पहली बात तो ये है जब ब्रह्म साकार हो गया परम ब्रह्म भगवान जो है साकार हो गए तो वहीं से मूर्ति हो गई है ना मूर्ति की बात आ गई एक मैं बिल्कुल स्पष्ट इनको दे दूं मूर्ति के बारे में जहा बात हो रही है

00:37:30:16 अथर्ववेद हा 5 30 12 अथर्ववेद 5 30 12 इस प्रतिमा में प्राण आए मन आए नेत्र आए बल आए य प्राण प्रतिष्ठा के संबंध में है अथर्ववेद 16 दो 16 दो नहीं है अथर्ववेद में लिखा है हे प्रतिमा ये जो वो है क्या कहते हैं प्रमाण इसमें करेक्शन है प्रमाण स्थली में बात गलत नहीं है प्रमाण ल बताना पड़ेगा अलग से हे प्रतिमा तू ऋषियों का पाषाण है तुझसे पा तुझसे तुझे पाषाण के लिए नमस्कार हो इस तरह का वर्णन है मूर्ति पूजा का और स्वेता सत्रप निषद में ले

00:38:15:19 लो उपनिषद में लेलो उपनिषद को तो मान लिया ना अभिषेक जी ने मूर्ति पूजा हो रही है और अथर्ववेद में एक जगह और है वो क्या है 5 58 ऋग्वेद 5588 हे बुद्धिमान मनुष्यों उस प्रतिमा का पूजन करो और यह स्वेता शतु में है तीसरा अध्याय है अध्याय तीन और इसका जो मंत्र है वह तीन

00:39:06:10 पांच भगवान शिव की बात हो रही है यहां पर रुद्र की हां तुम्हारी जो मंगलमय शांत पुण्य प्रकाशनी मूर्ति है हे गिरि संत उस पूर्ण आनंदम मूर्ति के द्वारा तुम हमारी ओर देखो यह मूर्ति की बात हो रही है ठीक है स्पष्ट रूप से भाई तुम्हारी तरह नहीं कि कवि को कबीर बना दिया अग्न्या को अदन्या बना दिया हरियाणवी लैंग्वेज कर दिया संस्कृत को ऐसे नहीं है ना यह हो गया मूर्ति वाली बात अब आगे चलते हैं अब इन्होंने बात कर दी रामचरित मानस की रामचरित मानस में तुलसीदास जी स्वयं को गलत बता रहे मैं इतना वैसा इंसान हूं मतलब उस अपने आप को समर्पण भाव एक दिखा रहे है कि मैं कितना गया बीता हूं तो अगर वो समर्पण भाव सही है तो फिर यह अगर इसके कारण किसी की बात को नहीं मानना चाहिए रामचरित मानस लिखने वाले की बात को तो फिर तुम उसकी लिखी हुई इस बात को क्यों मान रहे हो कि हनुमान जी अपनी भक्ति को मना कर रहे हैं जबकि शिव पुराण में हनुमान जी की भक्ति को मोक्ष दायक कहा गया है मान

00:40:21:20 लो रामचरित मानस में तुलसीदास जी स्वयं को गलत बोल रहे हैं इसने बोला कि वहा तुलसीदास जी स्वयं को गलत बोलते हैं उन्होंने अपना समर्पण भाप दिखा दिया तो फिर जब उस उनकी बात नहीं माननी है तो फिर हनुमान जी के विषय में उनकी बात क्यों मान रहे हो जब तुलसीदास जी गलत है तो क्यों मान रहे हो कि हनुमान जी के विषय में जो उन्होंने लिखा है वो सही लिखा है कि हनुमान जी ने ऐसा ऐसा कहा था ये क्या है दोगलापन डगला भाई अभिषेक हो तुम फैक्ट भाई अभिषेक नहीं हो डोला भाई अभिषेक क्या दोगलापन है हम रामचरित मानस लिखने वाले को इसलिए नहीं मानेंगे कि उसने खुद कहा है कि मैं गलत हूं अरे भाई वो गलत है तो हनुमान जी के बारे में भी तो वही लिख रहा है क्यों मान रहे हो फिर उसका प्रचार क्यों कर रहे हो क्योंकि वो हमारे मन की बात है मन की बात जैसे प्रधानमंत्री मोदी मोदी जी की मन की बात है ऐसे तुम भी शुरू करो एक शो मन की बात बिल्कुल अजीब बात है अच्छा एक बात और है जब हम इनसे पूछेंगे कि वो तुम्हारा जो जेल धाम निवासी जो गुरु है तुम्हारे तत्वदर्शी वो स्वयं को कुत्ता कह रहे हैं तो फिर वहां कुत्ता क्यों नहीं मान रहे वहां तो मान लो वो संकेत कर रहे हैं कि ईश्वर के उसमें

00:41:36:28 ऐसे जाना चाहिए तो वैसे ही तुलसीदास जी भी कर रहे हैं बक सही बात है ऐसे किया जाता है भाई ऐसे ही हनुमान जी कर रहे स्वयं को राम जी के प्रति समर्पित ठीक है अच्छा आगे चलते हैं इसमें इन्होंने एक वाली बात कही रामायण पर दोष ना करे अच्छा इस इस सब में तत्वदर्शी संत कहां है कबीर कहां है वो वाला जो जिसको यह बता रहे हैं कि उसके दाढ़ी होगी उसके ऐसा होगा उसका वैसा होगा व वहां य होगा वह सब कुछ नहीं पता एक पूरी पूरी कहानी में एक दो चीजें इनकी गायब रहेंगी है ना बहुत चीज निकल गई हां यह वाला निकल गया पेज 6 16 के बाद इसने बात की भागवत में 8 में श्लोक में मूर्ति की बात हो रही है केवल मूर्ति की वो नहीं करनी चाहिए तो उसका हमने कर दिया अच्छा एक चीज और है वहां पर ये भी लिखा है जहां ये उंगली दिखा रहा है ना ये डगला व्यक्ति वहीं पर ये लिखा है कि स्त्री पुत्र को अपना मतलब वहां पर मानने के उसमें कि केवल उससे ही तुम्हारा जीवन नहीं जीवन यापन नहीं हो जाएगा मगर अगर केवल

00:42:52:09 के कारण तुम मूर्ति को निकाल रहे हो तो क्या तुमने स्त्री पुत्र को अपना मानना छोड़ दिया क्या तुम गृहस्थ नहीं हो क्या तुमने वैराग्य ले लिया सबने नहीं लिया ना वहीं पर लिखा है जहां इसकी उंगली है वहीं से मिला मुझे प्रमाण वहीं पर लिखा है कि केवल स्त्री पुत्र से स्त्री पुत्र को अपना मान कर के काम नहीं चलेगा कुछ इस तरह का भाव व व्यक्त हुआ है जहा इसने उंगली दिखाई वहीं पर लिखा है तो फिर स्त्री पुत्र को अपने घर से निकालो बाहर अगर तुम मूर्ति को निकाल रहे हो कि केवल मूर्ति से काम नहीं चले लेगा तो इस हिसाब से वही लिखा है स्त्री पुत्र को अपना मानने से काम नहीं चलेगा बिल्कुल सिमिलरली लिखा है निकाल दो बाहर क्यों नहीं निकाल रहे हो तब तो नहीं नहीं लाल चुनरिया वाली कोई घर मेरे भी लाओ मैं कुवारा कब तक बैठू बैंड मेरा बजवा हो मेरी शादी करवाओ तब तो यह चल रहा है अच्छा 8 1 8 1 का आधार लेते हुए उन्होंने कहा कि भाई जब मान लो वहां पर प्रणव की बात हो रही है तो तुम प्रणव का उच्चारण क्यों नहीं कर रहे कौन कह रहा नहीं कर रहे कई संत ऐसे हैं

00:44:07:09 जो प्रणव से ही अपनी साधना करते हैं किसने कहा किसने मना किया कई संत है जो केवल प्रणव से अपनी साधना करते हैं मगर अगर प्रणव के लिए कहा गया है तो दूसरी चीजों के लिए दूसरी जगह भी तो कहा गया है और प्रणव युक्त गायत्री मंत्र का जा पहली बात तो यह है कि जब हम किको धन कर रहे तो एक अक्षर परम अक्षर ब्रह्म को भगवान को तो लगाया गया प्रणव और फिर उसके लिए मंत्र क्या है गायत्री ऐसे करके भगवान का आहवान कर कर के और मंत्र का जाप किया जाता है गायत्री मंत्र के बारे में देवी भागवत में लिखा हुआ है प्रणव युक्त गायत्री मंत्र के बारे में देवी भागवत में लिखा है वही लिखा है जहां पर यह लिखा है कि वेदों को पूर्ण रूप से जानने वाला कौन है जो मां भगवती की निरंतर आराधना करता है वहीं पर लिखा है प्रणव युक्त प्रणव युक्त हम ऐसे ऐसे कच्ची गोलिया नहीं खेलते हम है ना तुम खेलते हो तुम करते हो इसकी इसकी ईट इसका रोड़ा भानुमती का कुनबा जोड़ा हम नहीं करते हर एक बात का शास्त्र प्रमाण देते हैं बिल्कुल अच्छा फिर इन्होने कह दिया वेद मंत्र से छेड़खानी वगैरह इत्यादि इत्यादि

00:45:22:22 वेद मंत्र से छेड़खानी तो तुम करते हो भाई तुम करते हो अगनि अदन्या जब वहां लिखा है अग्न्या तो उसको अदन्या कैसे कर दिया तुमने और अगर तुम तुम तुम तुम्हारे पास फिर वही बात जो जो तुम्हें वेद दे रहा है उसके मंत्र तुम्हें नहीं मानने अपने मानने हैं तो फिर वो वाली बात आ गई तुम्हारी तुम जो कहते हो वेदों के सब मंत्रों को मानते हो नहीं मानते भाई वेद के मंत्र में लिखा हुआ है अग्न घ और तुम कर रहे हो धा ये छेड़खानी ये है इसे कहते हैं छेड़खानी है ना कवि को तुमने लिख दिया य कबीर है यह है छेड़ कानी कवि का अर्थ कबीर लिखा दिखाओ कवि का अर्थ कबीर कहां लिखा है और तुम कहते कबीर देव कबीर देव अगर कबीर एक देव है तो फिर महादेव कौन है उनको मान लो भैया अथर्ववेद में लिखा है स रुद्र स महादेव गणपति कौन है हां अगर क मानते हो तो गणपति ले लो अगर कबीर देव को मानते हो तो महादेव ले लो कहां बचोगे इसीलिए आते नहीं हो मालूम है कोई है नहीं टक्कर में नहीं पड़ना चक्कर में यह हंसते हंसते खेलते खेलते तुम्हारा वो

00:46:37:27 हो रहा है अभी पाच मिनट पहले आने से पहले देखा वो उसका परिणाम है य अगर लग के बैठ कर के आधे घंटे बाद पड़ पड़ा लिए तुम्हारे बा तो क्या होगा तुम्हारा आगे क्या है और यह बात नहीं कहते मिलावट छेड़खानी तुम लोग तुम्हारे लोग आते हैं यहां पर कहते उनको मना करो उनको मना करो वो लोग बोल के गए हैं तुम्हारे यहां के लोग बोल के गए हैं कि वेद म वो जो वेद है उसमें मिलावट हो गई है अपना अपना वो है थिंकिंग तुम्हारे लोग बोल के गए उनको मना करो बस खत्म ही होने वाला है फिर ले लेते

00:47:21:27 फटाफट और अगर तुम वेद मंत्रों को पूरा का पूरा मानते हो तो शिव रुद्र विष्णु वालो मंत्रों को क्यों नहीं मानते हो गणपति वालों को क्यों नहीं मानते हो जिनके बारे में स्पष्ट लिखा हुआ उनको क्यों नहीं मानते हो वो आदि शिव है वो आदि गणेश है बोल ना बोल वेदों में प्रमाण है आदि गणेश भगवान है जिसका नाम जिसका नाम ठीक से है ही नहीं अपना मन से मिलावट करते हो उसके लिए बोलते हो और जिसका नाम ठीक से है उसका क्यों नहीं बोलते हो बेवकूफ नारायण फ गु गुण प आ फिर गुण प आ गया व्यक्ति फिर बोलता है कि वोह साते में गुणों की भक्ति करने को मना किया है वहीं पर लिखा है जहां य गुणों की भक्ति करने को मना करने को कह रहा है वहां क्या लिखा है कि वो ब्रह्मा विष्णु महेश है जो उनकी भक्ति करने में मना कर रहा है क् क्यों मना कर रहा है क्योंकि उनमें गुणों से युक्त है और युक्त कैसे हुए भागवत में वचन है वो स्वयं अपनी इच्छा से स्वीकार करते हैं गुणों को वोह स्वयं अपनी इच्छा से स्वीकार करते हैं और यह बताओ अगर गुण अगर गुण का अस्तित्व इस दुनिया में तो क्या

00:48:38:00 यह बाहर से कहीं से आ गए क्या गुण अगर तुम्हारे अनुसार कबीर ने दुनिया बनाई है तो उसकी बिना मर्जी के टपक आए है क्या यह गुण कहां से आ गए इस दुनिया में अगर गुण से युक्त होना य सिद्ध करता है कि ये गुण है पहली बात तो गुण से युक्त होना सिद्ध नहीं होता मेरी बॉडी पानी से युक्त है मगर मैं पानी नहीं हूं अगर ब्रह्मा विष्णु महेश गुण से युक्त है जहां प्रमाण दिखा रहे हो वही लिखा है दोगला भाई अभिषेक अपने चैनल का नाम बदल लो फैक्ट भाई अभिषेक अच्छा नहीं है दोगला भाई अभिषेक यह करो यह अच्छा है जहां उंगली दिखा रहे हो वही लिखा है गुण युक्त कि ब्रह्मा विष्णु महेश इन तीन गुणों से युक्त है ब्रह्मा विष्णु महेश ये तीन गुण है ये नहीं लिखा और अगर युक्त होने से आप यह मानते हैं कि वह गुण हो गए तो कबीर के कबीर से ही बन रही ना सृष्टि कि हवा से आ गई बाहर से आ गई कोई और है बनाने वाला वो भी सिद्ध हो गए गुण से युक्त उसकी भक्ति क्यों कर रहे हो और मैंने एक बात देखी इसने वहां पर ब्रह्म को अविनाशी मान लिया इसने वहां पर इसने जो वहां पर गीता पढ़ी

00:49:53:01 है जहां सात 1 का बताया इसने वहां पर इसने ब्रह्म को अविनाशी मान लिया अब फिर ये लोग कहते ब्रह्म के बारे में ब्रह्म के बारे इनका जो स्पेसिफिक ब्रह्म है काल फिर ये लोग उसके बारे में कहते हैं कि वो उसके तो कई बार जन्म और मरण हो चुके हैं तू जानता है मैं नहीं जानता हे अर्जुन य उसको कोट करते हैं ब्रह्म बोल रहा है कि तेरे और मेरे बहुत से वो हो चुके हैं भाई एक बार तय कर लो तुम्हारा ब्रह्म अविनाशी है कि नहीं फ फिर उस पर हम बात करेंगे तय तो करो पहले कि ब्रह्म विनाशी है कि नहीं तो ब्रह्म को अविनाशी मान लिया और जो तीन गुणों की भक्ति ना करने की बात होती है वह बात होती है कि जो इस माया रूपी संसार में हम लोग लोलुपता में फसे रहते हैं मुझे ये मिल जाए जैसे यह मिल जाए वो मिल जाए तो उनके पीछे भागने को मना किया गया है कि क्या कहते हैं इन तीन गुणों के पीछे नहीं भागना इनकी भक्ति नहीं करनी वहां पर यह बात हो रही है अच्छा खैर अब आगे चलते इसने एक बात मेरी कही मेरे मुह से निकल गया होगा कि सा 37 इसने पकड़ लिया इसने कभी गीता पढ़ी नहीं है भाई जितना पढ़ा है ना तुम जैसे लोगों के लिए बहुत है आओगे ना

00:51:08:10 तब पता चलेगा तो भगवान ने जो साथ मेरे मु से सा 37 निकल गया व सात सात था तो सात सात में भगवान ने कहा कि मैं परमेश्वर हूं सा 19 में भगवान ने कहा कि मैं परमेश्वर हूं फिर कह रहा है गणेश जी को व्यर्थ बताया गया है हां भाई कई जगह पर ब्रह्मा विष्णु महेश भगवती गणेश की जो बात हुई है पुराणों में वहां पर क्या हुआ है कि सृष्टि की रचना एक बार नहीं हुई है हर बार भगवान के अलग अलग रूपों के द्वारा सृष्टि की रचना बताते हुए जो भगवान के अन्य रूप है उनको उनके परिकर के रूप में ख्या पित किया जाता है और वह भी उनके उस रूप को जो भगवान खुद ही कह रहे हैं कि कार्य कारण भेद कार्य रूप में भगवान दिखने लगते हैं कि वो जो है शिव की तरह वो पर स्वयं को आविर्भव रोभ मगर परम तत्व के रूप में वो सदैव वो रहते हैं मां भगवती य भी कहती है कि भाई जो पांचों है वो एक ही है यह क्यों नहीं मानते हो चलो बस एंड है आपका यह होही गया हनुमान वाला अब बात आ जाती है सबसे अंतिम बात वो ये जो बहुत संस्कृत बनते हैं इनका मतलब है कि कम का मतलब केवल आना ही

00:52:23:14 होता है जाना नहीं होता है है ना इनका मतलब है कि कम का मतलब केवल आना ही होता है जाना नहीं होता है जबकि कई बार हम लोग ऐसे शब्दों का उपयोग करते हैं जहां जाने में आ भी छुपा हुआ होता है अंडरस्टूड होता है अलग से बोलने की आवश्यकता नहीं होती है आने के लिए जाने शब्द का उपयोग भी करते हैं तो भैया इनको जरा इनका दे दो प्रमाण वो वाला दिखा दो जहां पर यह एक ही शब्द जहां पर यह क्या चा इनकी थ्योरी के अनुसार अगर

00:53:01:00 बंदे शरण राम की आजा बंदे शरण राम की हां भैया एक मिनट अब इसकी अंग्रेजी क्या करोगे गो कम कम गो आजा दो बातें हो गई ना यहां तो यहां तो दो बातें हो गई ना केवल एक बात कहनी चाहिए ना भाई आ आजा क्यों बोल रहे हो इसकी अंग्रेजी क्या करोगे कम गो कम गो बंदे शरण राम की मालूम है वो वो आदि राम है मालूम है तुम लोग आदि राम कहोगे ठीक है अभी बात यह चल रही है इसकी अंग्रेजी क्या करोगे कम गो या कम आजा वो बोल रहे हैं आजा दोबारा सुनाओ भैया दोबारा सुनाओ इनको आजा बंदे हा अब इसमें इसमें अब इसको इसको आजा आजा को क्या क्या कहोगे कम गो कहोगे गो कम कहोगे इसका क्या करोगे संस्कृत में आ ब्रज करोगे या ब्रज करोगे क्योंकि इसमें तो वो जाने को बोल रहे हैं मगर कहां जाने को बोल रहे हैं अपनी शरण में या राम की शरण में हो गया हो गया ठन ठन

00:54:18:00 गोपाल बताओ इसका अर्थ क्या करोगे और इन सारी बातों के बाद बहुत मूल प्रश्न है कि भाई तुमने हमको हर जगह से गलत मान लिया गलती हो गई तुमसे या तुमको लगता है कि तुम ही सही हो कबीर कहां से आ गया पिक्चर में तत्वदर्शी के रूप में रामपाल कहां से आ गए इस बारे में तो कोई प्रमाण है ही नहीं इसके लिए तुरंत सूक्ष्म वेद पर चले जाओ कबीर सागर पर चले जाओ वेदों में प्रमाण दिखाओ ना कि जिस कबीर को तुम पूज रहे हो वही उसी कबीर की बात हो रही वेदों में यही दिखा दो पहले तो कबीर को कबीर सिद्ध करके दिखाओ कवि को कबीर सिद्ध करके दिखाओ तत्वदर्शी अगर वो सब व्याख्या गलत है हमारी तो तुम्हारे रामपाल दास जी कहां से आ गए और तो और 5 पर का अर्थ वो 35 श्लोक कौन से हैं गीता के जिनको नहीं मानना है जो काल ने बोल दिए वो कब बताओगे पूरा जीवन निकल जाएगा जब जेल धाम में उनका हद होती है

00:55:28:27 बताना ये इसकी अंग्रेजी क्या करोगे आजा जब जब गो का मतलब तुमने कहा कि ब्रज का अर्थ आना जाना नहीं होता है य उसका मतलब वही होता है तो अब ये आजा बोल रहे हैं अब इसमें भी कहीं पर जाने की बात हो रही है मगर कहां आने आते हुए जाने की बात हो रही है तो इसमें भी जाने की बात हो रही है इसी प्रकार से जाने की बात हो रही है भगवान श्री कृष्ण के तो इसलिए उसका परव सान आने में लिया जाता

00:56:02:25 है शब्द कोष में देख लिया है पाणिनी के सूत्र में देख लिया है और दूसरे वीडियोस देखिए भाई साहब अभी आप बहुत देर से आए हैं ठीक है इनको सुना दो दोबारा इनके तिरछे दर्शी की आवाज एक बार और आजा बंदे और इनसे पूछो कि इसमें क्या ब्रज शब्द लिख दें इसको क्योंकि जाने को कह रहे हैं वो एक बार और सुना दो एक बार सुना दीजिए संस्कृत में क्योंकि ये इसमें जाने की बात कर रहे हैं एट दी एंड तो ब्रज लिख दे क्या यहां पर और जब ब्रज लिख देंगे तो इस इसका मतलब तो राम की शरण से जाने की बात हो जाएगी आजा बंदे आना है जाना है आजा बंदे शरण राम [हंसी]

00:57:04:03 की चलो खैर तो अंत में तीन बातें बताओ कि अगर पहली बात वो कबीर कबीर कबीर कैसे हुआ कवि कबीर कैसे हुआ कबीर देव कबीर देव कैसे हुआ और अगर हो भी गया तो वही कबीर क्यों जिसको तुम बता रहे हो वो प्रमाण लाओ शास्त्रों से और यह तत्वदर्शी अगर हमारे जो व्याख्या सब गलत है तो वह व्याख्या लाओ तत्वदर्शी रामपाल कहां से आ गए इसम वो अचानक से आ जाते हैं बाहर से सारी चीज हमारी गलत बता के वो अचानक से बाहर से उसम मिनिमाइज कर देते हैं उसम जंप मार जाते हैं बंबू लेकर और वो 35 श्लोक बताओ जिससे कि हम उनके बिना बात करें आप लोगों से ठीक है यह सारी बातें हो गई अब हम लोग ले लेते हैं भैया ऋतिक जी जय श्री राम

00:57:59:26 एक मेरा प्रश्न था एक बात बताइए आप वि के म हा जी हा जी कबीर के ऊपर है मंडल नंबर न हा जी सर मेरा नाम रितिक है रितिक रितिक अरे ये तो हम पढ़ ही रहे हैं आगे तो दीजिए परिचय क्या है आपका मैं सरपुर से रहने वाला हूं हा तो ऋगवेद के मंडल नंबर न सक्त नंबर एक भाई साब परिचय य बताइए आध्यात्मिक परिचय क्या है आपका कहां से शिक्षा ले किसके शिष्य वो बताइए रामपाल जी शिष्य हूं मैं रामपाल कौन है गुरु मेरे गुरु का अर्थ क्या है जान देने वाला कहा

00:58:58:06 जान देने वाला बता दीजिए अरे मैं तो बताऊंगा तो बताऊंगा आप अगर किसी को अपना गुरु कह रहे तो आपको पता होना चाहिए ना गुरु का अर्थ क्या है अरे व बता तो आपको प्रश्न पूछ न देने वाला गुरु है एक मिनट एक मिनट एक मिनट ज्ञान देने वाला गुरु है जी इतनी परिभाषा है इसमें कुछ ड तो नहीं करना है नहीं जो परमात्मा तक हमें मिलाने का रा दिखाता है रास्ता दिखाता है उसे गुरु कहते है तो फिर यह वाली व्याख्या होनी चाहिए ना तो बोलो ना अरेका उद में लिखी हुई है अद्वैता आरका उपनिषद में लिखा हु जानकारी सुनना है कि नहीं सुनना है जी जी बो बोलिए अद्वैता आरिका उपनिषद में लिखा हुआ है गु का मतलब अंधकार रू का मतलब निकालने वाला तो अंधकार रूपी अज्ञानता से निकालने वाला आपका गुरु हुआ ठीक है अंधकार रूपी अज्ञान जो है अज्ञान अब जो अज्ञान है उससे क्या गुरुदेव वो जो है उनके ज आपके सवालों के जवाब देते हैं व अज्ञान जो अज्ञानता है आपके गुरु जी जी देते हैं आलि

01:00:14:04 आलिया तो मुझे सर यह बताइए आप भाई साब एक बात पूछ रसे आपने आपने अपनी पहचान बताई है मैं आपका प्रश्न ले रहा हूं आपने कहा कि वो मेरे गुरु है तो क्या उन्होंने आपको अज्ञानता रूपी अंधकार से निकाला है आपके मन में परमात्मा को लेकर के कोई अज्ञानता कोई अंधेरा तो नहीं है नहीं है नहीं नहीं है नहीं है तो तो मुझे ये बात बताइए जैसे भगवान एक छोटी सी बात पूछूंगा फिर आपका प्रश्न ले लूंगा जिससे कि आपके वो गुरु सिद्ध हो जाए ठीक है आप मुझे बताइए कबीर ने यह संसार बनाया तो संसार में जो भी कुछ बनाया अपने अंदर से निकाला या बाहर अपने आप प्रकट हो गया वह कहां था उससे पहले देखिए जो कबीर थे उसने सब कुछ बनाया सब कुछ सब कुछ सब कुछ बनाया उसने ठीक है और कबीर सर्वशक्तिमान है कबीर सब कुछ कर सके कुछ और रहा मैं कुछ और पूछ रहा हू जब उसने सब कुछ बनाया तो जहां जिस जगह वो बैठा है वो जगह किसने बनाई है कबीर ने बनाई

01:01:26:21 यानी कि जब कबीर पहले से सदा से है ना तो उसके बाहर की जगह सदा से हो गई ना कबीर का एक स्ट्रक्चर है ना कोई स्ट्रक्चर तभी है जब स्पेस है जी तो इसका मतलब स्पेस को कबीर ने नहीं बनाया देखिए सब कुछ बनाने वाला वही है फ फिर वही बात मैं पूछ रहा क्या मैं आपको बता मैं आपको मतलब समझा नहीं इतना अंतर है बस यानी कि अंधकार है अभी थोड़ा चलो सर छोड़ को छोड़ नहीं छोड़ देंगे छोड़ देंगे थोड़ा थोड़ा थोड़ा सा एक चीज कंफर्म कर ल यानी कि अभी अंधकार

01:02:13:04 है अंधकार नहीं सर मुझे इतना मतलब थोड़ा इसके बारे में मैं समझा नहीं पा रहा आपको थोड़ा इसके बारे में क्या है सम समझा नहीं पा रहे क्यों मैं कहता हूं नहीं सर वो बात नहीं है चलो चलो ले लीजिए का प्रश्न मेरा प्रश् सर मेरा प्रश्न लेज आप भी बस ऐसे ही करते आप अपनी अपनी बताते पूछ र प्रश्न लो प्रश्न बताओ हा वो ऋगवेद मंडल नंबर न सक्त नंबर एक मंत्र नंबर न इसमें लिखा है कि भाई वो परमात्मा वो परमात्मा ऐसी लीला करते आता है और कमारी गायो से उसकी पालन पोषण होता है तो किस परमात्मा लिखा हुआ पहली बात तो ये है कि उसम कुवारी गाय की बात हो रही है ये बताओ मुझे कैसे हो रही है कौन सा शब्द है व कुमारे के लिए वहा देख मेरे पास नहीं मेरे पास फिलहाल मैंने नोट कर आपके पास क्या है जो आप तड़ा तड़ मुझसे प्रश्न करने आए हो कैसे आपको इतना वो आया नहीं मैं देख का कौन

01:03:28:09 सा शब्द है मंत्र में जिससे आपको य पता लगा कि वहा कुमारी शब्द लिखा है नहीं वहा पर लिखा है ना पता क्या अरे तो बताओ ना दिखाओ बताओ मुझे कहां लिखा है कौन सा शब्द है व शब्द तो बोलो आजा बंदे चरण जेल की वो शब्द तो बताओ ये रामपाल का बताता मैं क्यों बताऊ जब तुम्हारा प्रश्न है मुझे प्रश्न तो पूरा बताओ वो शब्द बताओ मैंने पूछ तो लिया तुमसे कुवारी को उद् भाषित करने वाला वहां कौन सा शब्द है सर मेरे पास ना असल में ऋग्वेद नहीं है फिलहाल मैंने मैंने अपने गुरुजी गुरुजी बता रहे थे वहा पर मेरे गुरु क गुरुजी वेद थोड़ी ना है हमको वेद का वो शब्द बताइए कि जो आपने कहा उसका संस्कृत शब्द कौन सा है कुमारी के लिए वहां पर कौन सा संस्कृत शब्द आया

01:04:30:02 है तो वहां पर लिख रहा है ना मतलब जो ट्रांसलेट रखी है नहीं वहां प कुमारी गाय नहीं लिखा है वो आपके जेल धाम निवासी संत जी ने लिखा है वहां कुमारी गाय नहीं लिखा है किसी वेद में नहीं लिखा है किसी ट्रांसलेशन में नहीं लिखा है और अगर ट्रांसलेशन करने वाले जेल धाम निवासी है तो फिर उनको बुलाइए और संस्कृत का वो कराइए उनसे सारे वो जो संक्षिप्त देवी भागवत पढ़ते हैं व देखिए उन्होंने कौन-कौन से ग्रंथ उन्होंने संस्कृत से हिंदी किए बताइए उन्होंने तो कई प्रमाण ऐसे दिए जिसमें उन्होंने संस्कृत देखी नहीं कौन सी है आज तक देवी भागवत का संस्कृत संस्कृत वाला संस्करण उन्होंने देखा नहीं है आंखों से क्योंकि तब तक गता छाप नहीं रही थी

01:05:26:07 खुद अज्ञानी है कभी संस्कृत पढ़ी नहीं जिन्होंने व क्या देखेंगे हर हर महादेव सभी लोगों को हर हर महादेव भैया शिवान जी भाई एक मैं क्वेश्चन इनसे पूछना चाहूंगा रितिक भाई जैसे आप इंग्लिश सीखना चाहते हो आप किसके पास जाओगे इंग्लिश सीखने के लिए भाई ऋतिक भाई अभी यहां से जरूर जाने वाले हैं कुछ ही मिनटों में अभी देखते जाइए आप सिंपल सा क्वेश्चन है आपने इंग्लिश सीखनी है इंग्लिश सीखने के लिए किसके पास जाएंगे आप उसके पास जाएंगे जो इंग्लिश का टीचर है या उसके पास जाएंगे जिसने कभी इंग्लिश जिंदगी में पढ़ी नहीं किसके पास जाओगे आप नहीं उन्हें सब आता है वो वो आपके इसम है ना वो आपके उ नहीं संस्कृत प है अरे भाई मैं मैं आपको उनको सब आता है उनको अंग्रेजी पढ़ना नहीं आती है संस्कृत पढ़ते तो मैंने कभी देखा नहीं अंग्रेजी पढ़ना नहीं आती है उन्हें उससे अच्छी अंग्रेजी तो आप पढ़ लोगे न्यूमरस को न मोरिय

01:06:41:12 पढ़ते हैं वो थोड़ा वो हरियाणा के हरियाणा के उधर के हो ग ना मैं ऐसा थोड़ा बोरे ऐसे थोड़ी ना ऐसे थोड़ी ना होता है कहां लिखा है कि हरियाणा के उधर के हो जाओगे तो गलत उच्चारण करोगे कहलाओगे देखिए रितिक भाई दोनों अलग अलग है आपको कुछ नहीं पता है आपको कुछ नहीं पता है आपको वही पता है जो आपके जो इस समय जेल धाम में बैठे हुए हैं उ जेलम जाने से पहले जो बता के गए वो आपको पता है मैंने आपको दयानंद सरस्वती ने कई ट्रांसलेशन गलती कर रखा है आपको कैसे बता अरे भाई वो पहली बात तो वो शब्द अगर उन्होंने ट्रांसलेशन गलत कर रखा है तो कहीं पर तो सही होगा जहां से पता चले वो सही जगह लाओ ना कहां पे

01:07:31:04 है आपको गलत चीज का पता तब चलेगा ना जब सही चीज बगल में रखोगे वो सही चीज ले आओ उसमें देख ले सही वाला ट्रांसलेशन ले आओ कौन सा है सर देखिए मेरे पास ऋगवेद है नहीं व आपको मंत्र में दिखाता पढ़ के मेरे पास फिलहाल ऋगवेद नहीं है अब मैं आपसे मैं आपसे पूछ रहा हूं आप मुझे वो कंपनी का नाम बताओ जिसने सही ट्रांसलेशन किया हो और उसम वहां पर कुमारी शब्द आया हो वो ट्रांसलेशन का नाम आपको कैसे पता कि वो ट्रांसलेशन गलत है तभी ना जब आपको सही वाला पता हो तभी आपको पता चलता है कि यह चीज गलत है तो वह सही वाला ट्रांसलेशन किसका है रामपाल दास जी ने तो ट्रांसलेशन वेदों का किया नहीं कहीं नहीं किया ना दयानंद सरस् दयानंद सरस् दयानंद जी ने किया ना अब वो कह रहे हो कि वो उनका ट्रांसलेशन गलत है तो सही वाला कहां है वो लाओ उससे हम चेक कर ले डिशन लेओ डिक्शनरी में लिखा हो कि वहां पर कोई ऐसा शब्द आया जिसका जिसका अर्थ कुवारी लिखा हो डिक्शनरी ले अच्छा एक बारसे शब्द के लिए एक मिनट जैसे ब्रज शब्द के लिए डिक्शनरी लाते हो लाते हो कि नहीं लाते हो जाना होता है शब्द का अर्थ अरे मैं पूछ रहा हूं लाते

01:08:46:09 हो डिक्शनरी की नहीं लाते हो जी तो फिर इसके लिए भी ले आओ डिक्शनरी में दिखा दो कहां लिखा है वहां पर कोई ऐसा शब्द जिसका अर्थ यहां कुवारी लिखा हो डिक्शनरी में शिवराम आपटे की डिक्शनरी निकालो उसमें दिखा दो और अगली बार इस तैयारी के साथ आओ या अभी चले जाओ आधा घंटा खोजबीन करो और ले आओ जाओ अभी तो है हम लोग आधे पन घंटे जाओ जाओ इतनी छूट दी मैंने देखिए मैं ऐसा तो मतलब हो ऐसा तो मुमकिन नहीं है फिलहाल अरे भाई अभी आप लाइव से जाओ डिक्शनरी से लेकर आओ किस डिक्शनरी में ऋग्वेद के उसके अंदर जो मंत्र के अंदर जो शब्द है उस शब्द का अर्थ कुमारी लिखा है या कोई वेदों का ऐसा ट्रांसलेशन ले आओ जिसमें उस शब्द का अर्थ कुमारी लिया गया हो तो आपके हिसाब से मतलब अर्थ क्या है वहां पे दूसरा अर्थ है क्या अर्थ है कुमारी अर्थ है ही नहीं वहां प वहां प तो वहां बात हो रही है कि वहां जो हवन यज्ञ हो रहा होता है इंद्र इंद्र के लिए वहां परमात्मा की बात हो रही है कि इंद्र के लिए जो यज्ञ हो रहा होता है वहां पर जो अवद अवध गाय होती है गाय को गाय को वहां अव का अरे यार अब तुमने जब पूछा तो सुनो ना जी जी जी ओके बताओ

01:10:01:19 ये गाय को अवध कहा गया है जिसका वध नहीं किया जा सकता उसको वहां पर अवध कहा गया है और अवध के लिए कि भाई गाय को कभी-कभी हम लोग अवध भी बोलते हैं अवध जिसको मारा नहीं जा सकता उस रूप में वहां गाय को कहा गया और फिर कहा गया कि उसका दूध उसमें मिलाया जाता है यज्ञ में हो गया हां जी चलो ठीक है ठीक है बढ़िया लगा और वो अपना हा जी अज्ञानता रूपी अंधकार दूर करो ठीक है तब उनको गुरु कहना पूछन से जाक जब सब कुछ उन्होंने बनाया तो फिर वो जो सतलोक है वह किसने बनाया पूछो कहां था सतलोक बनने से पहले अच्छा आपका परमात्मा तो बता दीजिए अब आप जाइए मैं दूसरे से बात कर रहा हूं चलो

01:10:59:01 ओके हां भाई कबीर इज गॉड कहां है चले गए जिन्हे जल्दी थी वह चले गए अग्न्या शब्द आया है न एकन में अग्न्या घ कहां है भाई अर्पित जी अपना चेहरा दिखाए ऊपर

01:11:37:09 आए बोलिए अर्पित जी जय श्री राम भैया जय श्री राम आवाज आ रही है आपको हम बोलिए आप ही क्या कमेंट में कह रहे थे जातिवादी इत्यादि नहीं नहीं भैया अच्छा एक मिनट भैया एक मिनट अभी मैंने जो किसी का नाम पढ़ा है ना कबीर इज गॉड ये मैंने किसी का नाम पढ़ा है इसको ये लोग उठा लेते हैं देखो ये जो है देखो उनके मुंह से भी निकलवा लेता है हमारा कबीर कि कबीर इज गॉड इसकी कटिंग करके निकलवा लेते हैं देखो उसने बोला उसको भी बोलना पड़ गया कबीर इज गॉड अभी मैंने कहा आजा बंदे शरण राम की निकलवा लिया तुम्हारे तुम्हारे जेल धाम निवासी से निकलवा लिया ना आजा वंदे शरण राम की अब क्या करोगे इसकी कटिंग नहीं करोगे क्योंकि हम मीठा मीठा ग ग कड़वा कड़वा ू चलिए अरे कहां गए भाई वो वो आए थे अभी फॉरेन कलर के

01:12:52:13 अरे वो तोब क्या बताए अभी छोड़ क्या हुआ था क्या कुछ कह रहे क्या नहीं नहीं कुछ बताइए तो दो चीज होती है एक तो होता है कि एई फेस एई ठीक है उससे आ थे हा और दसरा हा दूसरा य होता है कि कैमरे के ऊपर उन्होने वीडियो चला दी थी जैसे की वो रिपीटेड बस वही चल रही थी व था बस यही था अी अभी मतलब इस तरह से आ रहे हैं अ ये लोग हा साइड में भी पूछा ना कि अपनी टोपी हटाइए हाथ हिलाए भाग गया नहीं कर सकता पकड़ा जाएगा नई विधा निकाली है कि इनके चैनल पर चेहरे को छुपा के कैसे जाए तो नकली चेहरा लेकर आ रहे हैं अगर थोड़े बहुत दिनों में एआई ने टेक्नोलॉजी निकाल दी कि आप जो है वीडियो कॉन्फ्रेंस में जा सकते हैं अपना एआई वाला रूप लेकर के ऐसा है है ऐसा है एआई वाला रूप लेकर के वीडियो कॉन्फ्रेंस में जा सकते हैं हां करते हैं लोग मैं आपको ऐसे बहुत सारे हैं अब जैसे एक एप्लीकेशन है एवी ब्रॉडकास्ट जो अभी मैं यूज कर रहा हूं अरे बताओ मत बताओ मत भाई ये लोग वो करने लगेंगे यूज करने ल इस इसमें

01:14:07:16 इसमें ये नहीं है इसमें ये नहीं है जो बता रहा हूं वो है ये है मान लीजिए कि मैं मीटिंग कर रहा हूं वैसे तो ये हमारी कंपनी में अलाउड नहीं है ये सब बप्स लेकिन मैं मीटिंग ले रहा हूं मुझे नींद आ रही है बहुत तेज तो मैं आराम से आंख बंद किए रहूंगा लेकिन मैं उसमें चालू कर दूंगा ओपन आई तो मेरी आंख खुली रहेगी और झपक की रहेगी अच्छा ये सब भी है अच्छा एक बात और है कि अ बहुत सारी कोशिश की जा रही रिपोर्ट करके चैनल को रुकवाने की

01:14:41:24 तो कोशिश नहीं धमकी बोलिए धमकी धमकी क्या धमकी कह रहा हूं कोशिश क्यों कह रहे हैं सीधा बोले धमकी दे रहे हैं रुकवा देंगे कोन करवाने की धमकी मिल रही है तो आप लोग थोड़ा सपोर्ट दिखाए और चैनल को सुरक्षित करने के लिए लाइक और हो सके तो चैनल की सदस्यता अवश्य ले ले क्योंकि सदस्यता लेने से उसका सदस्यता का जो एक अंश होता है वो य को मिलता है और जब य को मिलता है तोय के पास य मैसेज जाता है कि इस चैनल की आवश्यकता है लोग देख रहे हैं इसको पसंद करने वाले लोग भी हैं जी मयंक जी बोले जय श्री राम एक बार वो और दे दीजिए लिंक लिंक दे दीजिए मैं लूंगा सदस्यता आपने तो ले ली होगी ना ले क्या अब लूंगा मैं लेकिन अब लेना जरूरी है ना तो ले लीजिएगा ये इतने हाथ धो के पीछे पड़े है ना जिसकी हद नहीं है एक नहीं है खूब होंगे एक नहीं है बहुत है एक आप है ना

01:15:59:19 भैया जी आप इनके ऊपर रोज लाइव डिबेट किया करो पता है जब रात को नींद नहीं आती है मैं सोचता रहता हूं कब लाइव आए कब लाइव आए पता है कल भैया य लाय लाइव चला रखे थे एमपी फास्ट वाले है ना तो मैं भी उनको पूछा था मैंने कि अगन का मतलब कंवारी का एक कन लिखा हुआ मैंने कि बताओ मेरे को तो पता है व खोलने लग गए बस खोलने लग गए कि ये लिखा हुआ है मैंने की सामने करो ना जो लिखा हुआ है उसको सामने करो अच्छा फिर मेरे बाद में एक भैया आए आशीष नाम के उन्होंने इनको इतना समझाया इतना समझाया यह मान लो कि य इंसान हो ना इनम थोड़ी बहुत बुद्धि हो

01:16:57:06 हर चीज को उन्होने प्रमाण दिया हर चीज उनको समझाई कम से कम तीन घंटे की लाइव थी बहुत समझाया उन्होंने भाई कल हुआ क्या बड़ा फनी फनी क्या हुआ जो दूसरे भाई गए थे हमारे सनातन उने सात ग्रंथों के नाम पूछ लिए पसीने पसीने हो गए बता नहीं पाए देखना सात ग्रंथों के नाम नहीं बता पाए और ये ज्ञान चर्चा में बैठे हैं हां उनको पूछे थे ना सात गमतो के नाम बताओ इनकी पोल इ के उसने खोली थी पवन दास ने कि तुम्हारी शक्ल नहीं है तुम्ह बैठने का संस्कार नहीं है सभ्यता नहीं है तुम मुंह उठा के चले जाते हो यह जो लोग बैठ कर के करते हैं इनकी पोल उसी ने खोली है और आपको बता दूं ये लोग कहते हैं छठ पूजा के दिन ये हो गया वो हो गया मैं कह रहा हूं भाई तुम्हारे शरण में आने के कारण तुम्हारे ये सब करने के कारण तुम्हारा व्यक्ति जेल धाम में रो रहा है बीमार पड़ रहा है लोग मर गए उस वो क्या हुआ था वो झड़प उसमें लोग मरे अभी कल फोटो आई कि वहां फलाना आश्रम है वो कौन सा लोक है वो वाला आश्रम है कोई वहां पर

01:18:12:07 दांत टूटे हुए व्यक्ति का मुंह टूटा हुआ है ये सब क्या हो रहा है तुम तो नहीं करते ना छटका व्रत अरे भाई अगर किसी ने मंदिर में चंदा दे दिया है दान कर दिया है तो इसका मतलब यह नहीं बाहर जाक वो टकती डालेगा तो उसको फल नहीं मिलेगा अगर किसी ने गंगा में स्नान कर लिया है तो इसका मतलब यह नहीं है कि उस वो अगर कीच में खेलेगा तो दोबारा गंदा नहीं होगा ठीक इसी प्रकार हमें सब जगह ध्यान रखना है केवल यही नहीं कि व्रत ही कर लिया बस बाकी पाप करो ऐसा नहीं है स्कोन वाले आएंगे जब स्कोन पर वीडियो बनेंगे तो स्कन वाले आने लगेंगे ये कोई है जो कह रहे भैया लगता है स्न वाले गायब हो गए स्कन वाले आएंगे स्कन प वीडियोस बनेंगे तब आएंगे आज मैं इनका वीडियो देख रहा था मैं तो कोई हो भाई जो कबीर का पक्ष जो है करना चाहता हो रखना चाहता हो फैक्ट भाई अभिषेक का दोगला भाई अभिषेक का रखना चाहता ह वो आए अभी फिलहाल हम लोग एक बात प बात करते हैं काफी सारे वैसे लोग हो गए हैं तो मैं अभी थोड़ी देर के लिए ड्रॉप हो जाता हूं ताकि और लोग जुड़ सके भाई जी

01:19:27:09 जय श्री राम मैं एक बात कहना चाह रहा था बोलिए बोलिए मैं परसों गड़गंगा गया था तो वहां पर भी इनकी टीम सक्रिय थी भाई जी वहां पर भी ऐसे लोग थे इनके दो चार मात शक्ति और दो चार ए जेंट्स वहां भी अपनी किताब को बांट रहे हैं अब लोगों को क्या कहते हैं क्या भ्रमित करते हैं कि गंगा स्नान करने से कोई मोक्ष नहीं मिलेगा परंतु आपको आपके वीडियो का इतना प्रभाव है लोगों ने इतना धोया इनको इतना धोया मेरा मन बड़ा खुश हो गया फिर मैंने बीच में थोड़ा फिर मैंने भी उनको ऐसे भगाया लोगों ने मतलब मुझे देख कर के बड़ी खुशी हुई इतना सनातन जागृत हो है मतलब की इनको वहां टिकने ही नहीं दिया इनकी जो टीम आई थी गंगा स्नान से कुछ नहीं होता जितने मातृ शक्ति थी वहां पर जितने लोग थे बहुत भीड़ हो रखी थी सबने इनको इतना मतलब इतना मतलब बेजत किया वहां पर मैं फिर भी ये अपनी बुद्धि को ऐसा व जबरदस्ती किताब दे रहे हैं जबरदस्ती मनवा रहे हैं फिर भी इतना मतलब की राम रामपाल की इतनी मतलब दुर्बुद्धि इनके मन में है यह मेरी समझ में नहीं आया मैं ये देख रहा था कितना एक ब जिद्दी

01:20:40:14 पना हेलो मैं आपको बता दे रहा हूं वेदों में लिखा है 24 सूक्त है पाप नाशक गंगा आदि नदिया नदियों का जल हिमालय से निकलता है और सागर में मिलता है इस प्रकार का दिव्य जल औषधिया प्रदान कौन सा वेद है एक मिनट मैं देख य अथ अवेद एक मिनट मैं देखता हूं मैं बताता हूं चलिए तब तक हम इनसे पूछ ले ज श्री राम आपका नाम है जय सीताराम जी गुरुजी जय सीताराम जी बोलिए जी मैं ज्यादा तो नहीं थोड़ा सा ही कहूंगा कि आप जो कार्य कर रहे हैं सनातन से संबंधित व बहुत ही अच्छा उत्कृष्ट कार्य है और मैं केवल अपने हृदय से आपको दुआ तो नहीं

01:21:56:16 मतलब अपनी शुभेक्षा व्यक्त करता हूं कि ईश्वर आपको और आपके परिवार को सदैव प्रसन्न रखे स्वस्थ रखे और आप दीर्घा हो मैंने एक बात जानी है ज्यादा इतना ज्ञानी कि धर्मो रक्षति रक्षिता जो धर्म की रक्षा करता है धर्म उसकी रक्षा करता है मैं ईश्वर से कामना करता हूं आप दीर्घायु हो स्वस्थ रहे प्रसन्न रहे और इसी प्रकार से सनातन का प्रचार और प्रसार करते रहे ताकि जो वास्तव में पाखंड जो है कहने वाले तो बहुत कहते हैं कि पाखंड क्या है लेकिन पाखंड की जो वास्तविक परिभाषा है जो वेदों से शास्त्रों से रहित जो ज्ञान है उसको दुष्प्रचार करके लोग अपने अपने मत मजहब संप्रदाय जो बना रहे हैं आप वास्तव में उस पाखंड को लोगों को लोगों के सामने लेकर आ रहे हो इसके लिए मैं अपने हृदय से और ईश्वर से प्रार्थना करूंगा कि आपको सदैव सुखी और स्वस्थ रहे जय सीताराम जय श्री नारायण आभार आपको बहुत-बहुत आभार आभार आपका ये अथर्ववेद का छटा कांड है 24

01:23:11:19 वा सूक्त है मंत्र नंबर एक एक से लेकर तीन मंत्र है इसमें पाप नाशक गंगा आदि नदियों का जल हिमालय से निकलता है और सागर में मिलता है इस प्रकार दिव्य जल हृदय की जलन मिटाने वाले औषधियां प्रदान करें इसमें और भी लिखा है बहुत सी चीजें लिखी है इसमें गंगा जी के बारे में बहुत बढ़िया तो शंकर सिंह जी जय श्री राम बताइए सत सा भाई बोलिए आपका परिचय परी कुछ नहीं बहुत वो कर रहे हो लाइव में क्या क्या कर रहे हैं गुरु संत रामपाल जी की मतलब कुछ कर रहे हो आप संत रामपाल जी के शिष्य हैं हां जी शिष्य वो आपके गुरु वो आपके गुरु हैं जी जी अच्छा तो गुरु का मतलब क्या होता है मैं तो यह पूछने आया हूं कि जैसे तुम बोल रहे हो ना जैसे छठ पूजा में कितने नुकसान हुए थे मतलब भक्तों के जैसे छठ पूजा जाते हैं नुकन होता भाब देखिए मैं एक

01:24:26:20 बात बताऊ आपको हमारे और रामपाल दास जी के बीच में इस बात को लेकर के नहीं इस बात को लेकर के कोई मतभेद नहीं है कि उनको छट पूजा करनी है कि नहीं करनी हमने नहीं कहा छट पूजा करो ही करो ना करो मगर य मत वेद में प्रमाण है कबीर भगवान यह मत कहो गीता को काल ने बोला है यह मत कहो के रामपाल तत्वदर्शी है अगर यह कहो तो इस खा शलोक में लिखा है कि अर्जुन मैं स्वयं काल बताओ आप खुद स्क्रीन पर प्रमाण चला दय बैठे य भी देखेंगे आप भी देखोगे अब आपने सही बात बोली जिस लोग बात करेंगे आपका कहना दिखा मुझे ठीक मैं अभी दिखा

01:25:13:15 रहा अरे भाई दिखा रहा हूं मुझे वो शलोक बताओ अरे मैं दिखाऊंगा मेरे भाई तुम मुझे ला चला रहे दिखाना चाहिए ना प्रमाण तभी तो आदमी जानेंगे कि वास्त ये ये कहां लिखा है जिस तरह से तुम दिखाने को बोल रहे हो वो कहां लिखा है मैंने सिर्फ एक क्वेश्चन किया आप स्क्रीन पर नहीं पूछ रहा हूं मैं पूछ रहा हूं स्क्रीन पर ऐसे ऐसे लाइव चला रहे हो ऐसे दिखाना चाहिए कहां लिखा है बताओ क्या चीज क्या चीज हो गया क्या चीज क्या चीज कुछ मतलब समझ में नहीं आया क्या बोलना चाह रहे हो मैंने बोला ऐसे ऐसे लाइव चला रहे हो ऐसे स्क्रीन पर दिखाना चाहिए कहां लिखा है अरे मेरी बात को उल्टा क्यों घुमा रहे हो आप मैं बोल रहा मैंने तुमसे मना किया क्या तुम जो बोल रहे हो वो नहीं लिखा है प्रमाण दिखाने की आवश्यकता तब है जब जो तुम कह रहे हो व मैं नहीं मान रहा हूं मैंने तुमको कहा क्या मैं नहीं मान रहा हूं नहीं तो आप तो कभी मानोगे नहीं ये बात म इतने मैं तो मान रहा मैं तो मान रहा हूं कि भगवत गीता को काल ने कहा है मगर वो काल भगवान स्वयं है भगवान श्री कृष्ण ही काल है नहीं वो काल नहीं है श्री कृष्ण भगवान काल नहीं है मुझे

01:26:28:20 य बताओ अब मुझे यह बताओ मैं कौन सा श्लोक खोलू यह रही भगवत गीता जिसम लिखा हो मेरा सवाल तो सुनलो रोबोट हो क्या बताइए बताइए सवाल यह है तुमने कहा नहीं वो काल नहीं है तुमने य कहा ना जी जी य कहा लिखा है कि श्री कृष्ण काल नहीं है ये बताओ आप ये बताइए कृष्ण भगवान काल नहीं थे उनके अंदर य बताओ श्री कृष्ण भगवान काल नहीं है ये कहा लिखा है मैं तुम्ह बताऊंगा श्री कृष्ण भगवान ही काल है वो नहीं है आप बताओ बताओ आप इतने पढ़े लिखे हो इतने ग्रंथ

01:27:12:18 कारे बता रहे चुप हो जाओ बता रहे क काल लिखा है बताइए बताइ का बता रहे तब तक तुम रामपाल जी महाराज के चेले हो ना हा जी बताइए म आप अगन का मतलब निकाल के बताओ वो राम भगवान श्री कृष्ण का तब तक आप निकाल के बताओ ना मेरे पास देखो ग्रंथ तो है नहीं मैं कोई इतना बड़ा पंडित तो नहीं हूं जो मैं ग्रंथ रखूंगा य अच्छा मतलब तु अप अपनी बात आई तो मैं पंडित नहीं हूं अरे तुम हमसे पूछ रहे हो तो अपनी बातो को भी तो सिद्ध करो अरे तो भा प्रमाण दिखाने की बोल रहे तो मेरे पास ग्रंथ नहीं है अभी फिलहाल क दि जो मान लिया खुद की बुद्धि काम में नहीं करती है तुम्हारी भाई आप जो लाइव चला रहे हो उसके पाद सब स्क्रीन वगर हर चीज देखो इनके पास कितनी किताब प दिखा दीजिए मैं जो बोल रहा दिखा दीजिए बात खत्म हो जाएग मैं लेकिन तुमको बोल रहा हूं कर चते सुनि सुनि एक करके चलते मैं इनको पहले काल खा द एक मिनट काल बता दे शकर जब श्री कृष्ण जब अर्जुन ने श्री कृष्ण से

01:28:27:21 कहा कि मैं आप आपको किन किन रूपों में किन किन रूपों में आपका चिंतन करूं मैं दसव अध्याय में क्योंकि श्री कृष्ण ने नव अध्याय में कहा कि सब कुछ में हूं किंचित मात्र भी कोई दूसरा कारण है ही नहीं तो अर्जुन को शंका हुई कि मैं किन किन रूपों में आपकी मैं क्या करूं चिंतन करूं तो श्री कृष्ण ने अध्याय 10 के 33 श्लोक में कहा कि अक्षरों में आकार और समावेश द्वंद समास मैं ही हूं काल अर्थात काल का भी महाकाल तथा सब और मुख वाला धाता सबका पालन पोषण करने वाला भी मैं ही हूं पहले ही काल कह दिया 11 32 से पहले अपने को काल बता दिया हो गया श्लोक क्रमांक दिखा दूं बताइए श्लोक क्रमांक

01:29:11:16 बोलो बो दिया तो बाद में आया है 11 3 जी कौन सा बोल रहे ये जो बोल मि मिनट मिनट मिनट मिनट एक मिनट मिनट जी आप कौन सा बोलना है 10 अरे भाई तुम चुप रहो ना तुम्हारा 11 सुन लिया मैंने अध्याय 10 लोक संख्या बात बोलना जरूरी है क्या बीच में बोलिए अध्याय 10 श्लोक संख्या 33 33

01:29:54:07 और सबसे पहले तो एक परमाण य दिखा देना इनको कि अर्जुन ने भगवान श्री कृष्ण से बोला कि मैं आपको किन किन रूपों में आपका चिंतन करूं मैं मतलब कि आपके रूप कौन-कौन से हैं तो उन्होने कहा कि मैं ही काल हूं पहले ही बोल दिया 11 से 32 से पहले ही बोल दिया अर्जुन नेय कहां पूछा है किन किन रूपों में चिंतन करू अभी बताते हैं आपको हम शलोक संख्या देता हूं आपको मैं मिन इसी में अध्याय

01:30:32:04 में स्क्रीन पर दिखाओ मुझे 11 32 हाय 1 श्लोक में 10 के 1 श्लोक में हे योगी निरंतर सांग चिंतन करता हुआ मैं आपको कैसे जानू और हे भगवान किन किन भाव में आपके मे मेरे दरा 18 फिर अच्छे से कहा हे जनार्दन अपने योग को और विभूति को मिनट ये अर्जुन ने पूछा है भाई 10 1 10

01:31:18:13 है में अर्जुन कह रहा है हे जनार्दन आप अपनी योग शक्ति को विभूति को फिर से फिर भी विस्तार पूर्वक कहिए आपको किन किन रूप में भजना है देख लो विस्तार पूर्वक कहो अपने को दिख रहा है विस्तार पूर्वक कहिए अर्जुन कह रहा है 11 अध्याय का 32 निकालो अरे तुम्हारी बात हमने मान तो ली भाई सबको पता लगना चाहिए

01:31:57:27 क्या अरे 11 32 में क्या लिखा है दिखा तो स्क्रीन प बताओ तो सही बोल रहे खुद में काल जैसे प्रकट हो बोला गता कौन बोल रहा है कौन बोल रहा है भगवान का शरीर यूज हो रहा उसम बात मुझे ख दिखाओ श्री कृष्ण का शरीर यूज हो रहा है य दिखाओ लिख अगर यह बात तुम लिख के नहीं दिखा रहे हो एक मिनट एक मिनट अगर तुम यह वाली बात लिखी नहीं दिखा रहे हो कि श्री कृष्ण का शरीर यूज हो रहा है काल अंदर से बोल रहा है काल कोई और है तो फिर यह वाली बात तुम्हारी क्यों मान ली जाए श्री कृष्ण काल से अलग है गीताजी में लिखा है भाई आप क्यों नहीं मानोगे उसको श्री कृष्ण का शरीर यूज हो रहा है ये कहा लिखा है श्री कृष्ण भगवान काल है क्या ये बताओ बिल्कुल श्री कृष्ण भगवान काल वही तो हम तुम्ह बता रहे हैं वही बता रहे क्या होता है

01:32:59:07 में श्री कृष्ण भगवान य बोल रहे में सुनना है कि नहीं सुनना है क्लियर जवाब सुनना है इसलिए तो बैठा हूं मैं हा सुनना है तो सुनो 10 33 में ये श्री कृष्ण भगवान अपने रूप का विस्तार बता रहे हैं कि मैं काल हूं बहुत से रूपों का किया मैं ही विष्णु हूं मैं ही श्रीराम हूं मैं ही गंगा हूं ब मैं ही पम हूं मैं ही पीपल का विय देख

01:33:54:02 बो काल क्या कौन सा शलोक कौन सा शलोक 10 33 मेरे को क्या मतलब क्या मतलब मलब गीता से मतलब नहीं है 10 से अरे तो उनका क्वेश्चन था ना मेरा क्वेश्चन अलग है मेरे कहने का मतलब अरे अलग क्या है तुमको मुझे य बताओ कि उनका शरीर यूज हो रहा है वो नहीं बोल रहे ये बताओ बता रहे हो अध्याय का 3 लो बता ही नहीं रहे आप अरे 11 अध्याय का 32 वा मैं दिखा देता हूं उससे हो क्या जाएगा मैं मान तो रहा हूं तुम्हारी बात कि काल है वो हा कौन काल है ये बताओ क्या हो जाएगा उससे क्या हो जाएगा लो काल कौन है ये बताओ अरे भाई साब श्री कृष्ण ही काल है तु दिखा तो दिया 33 में मैं ही काल हूं बोल काल नहीं है नहीं श्री कृष्ण जी जिसको जो जो काल मानते हैं वो श्री कृष्ण काल नहीं है ये बताओ ये कृष्ण जी भगवान है मैं पूछ रहा हूं उनके उनका शरीर यूज हो रहा है वो नहीं बोल रय कहा लिखा है सुन तो लो हर चीज लिखा होता है क्या मतलब हा आ गई ना मनम भक्ति य कौन बात भक्ति नहीं

01:35:09:04 है लिखा दिखाओ जब यहां पर श्री कृष्ण का उवाच है श्री कृष्ण रुक जाओ यहां प लिखा है श्री कृष्ण ने बोला तुम कह रहे हो उनका शरीर य हो रहा है मगर वो नहीं बोल रहा लिखा दिखाओ कहा लिखा है पले बताओ गीता जी किने लिखा है गीताजी व्यास जी ने लिखी है ट उसका वो बोलने वाला कौन है श्री कृष्ण बोलने वाले ये नहीं है काल और सुनलो सुनो गता भगवान नहीं बोली अरे कहा लिखा है मेरे भाई वही तो बोल रहा हू उनका शरीर यूज किया गया है काल ने बोली बात लिखी है शरीर य हुआ उनका उन्होने बोला नहीं है अध श्री कृष्ण भगवान प लेते सबको खाने के लिए प्रकट हुआ फालतू बात वो श्री कृष्ण नहीं है य लिखा है वो तो बोल रहे हैं ना थोड़ा आप रिलैक्स होकर बोलिए थोड़ा इस तर मम बार वही बात रिपीट करोगे तो तुम्हारी बात हम सुनते रहे क्या 11 32 में लिखा है क्या वो कह रहे मैं बड़ा हुआ काल हूं ये क लिखा शरीर मेरा शरीर यूज हो रहा है मैं नहीं बोल रहा हूं लि तो है ना उसम

01:36:24:04 काल है अरे काल है वो तो हम भी मान रहे हैं वो श्री कृष्ण नहीं है ये बताओ कहा लिखा है भगवान काल नहीं है आप ये मान रहे हो कृष्ण भगन ये जो भाई साहब तुम बोल रहे हो यह कहां लिखा है गोविंद जी गोविंद जी कहां गए वो वो कौन सा पर्व वो कौन सा पर्व था जहां पर वो श्री कृष्ण भगवान से दोबारा उन्होंने पूछा था कि वो मुझे गीता का ज्ञान दोबारा सुना दो ज वो कौन सा पर्व था तब भी वो श्री कृष्ण भगवान नहीं बोल पाए भाई साहब आपसे जब बात की जाए ना तब आप बात करिएगा अभी मैं किसी और से बात करता चुप रहिए य मुझे पता है हा वो पर्व कौन सा है गोविंद

01:37:14:08 जी गोविंद जी कौन गोविंद जी दिख ही नहीं र वो चैप्टर नंबर मुझे नहीं मिल रहा अनुशासन पव में है शायद हरि ओम जी मैं दिख रहा हूं आपको हरि ओम जी मैं दिख रहा हूं जी आप दिख रहे हैं आज मेरे नेटवर्क नेटवर्क की बड़ी प्रॉब्लम है महाभारत अनुशासन पर्व अध्याय नंबर 17 से शुरू हो रहा है वो अध्याय 17 है अनुशासन पर्व के

01:38:04:21 अंतर्गत अध्याय अमिक पर्व है अनुशासन पर्व नहीं है अश्व मैिक पर्व है पर्व है अध्याय 17 अध्याय नंबर 17 हा अनु गीता नाम का पर्व है आप ही आप ही खोलो जरा मैं समझ यहां तो अनुग अनु गीता पर्व लिखा है भाग गया वो तो अनु गीता प अनुग प पता नहीं क्यों हालाकि वाईफाई चल रहा है 806 अनुग पर्व है ना ये आदिक पर्व के अंदर पर्व हां अनु गीता पर्व है 806 हां

01:39:23:25 ये मानने वाले तो है नहीं फिर जाकर फिर वही रोना रोएंगे ये कौन सा श्लोक है अमिक पर्व में ये है 169 169 10 जी श भाइयों वासुदेव श्री कृष्ण अनेक शांत किया बता आपको नहीं मिल महा तपस्वी श्री कृष्ण विधि पूर्वक अर्जुन को शत देकर अपना भ दिया बातचीत में कोने वा बाहु इसम

01:40:15:27 सोवा उस समय मैंने तुम्ह य श्री कृष्ण बोल मैंने तुम्ह य अत्यंत गोपनीय ज्ञान दिया था [संगीत] बता तो श्री कृष् दिया य लि है गीता का जन आ जब अर्जुन को ता चल रही थी तो क्या बोल र जी जो नहीं सुना सकता वापस जैसे मैं कोई बात बोल क्योंकि अर्जुन ने उस गुप्त ज्ञान को से याद नहीं रखा उन्होने बताया श्री कृष्ण वक्ता होता देखिए बात बारबार बदली जा रही है थोड़ क्लियर अगर वो जो का त्य नहीं बता सकते तो इसका मतलब ये ज्ञान उन्होंने नहीं दिया ये कहा लिखा है यह बताइए जैसे मैंने थोड़ी देर पहले बात बोली रिपीट एकदम करेक्ट कर दूंगा उसको अगर क बोल रहे होय लिखाने आपसे पूछ मैं आपसे पूछ रहा हूं आप जो बोल रहे हो यह लिखा कहां है क्या यदि वो दोबारा ज्ञान नहीं दे रहे हैं तो इसका मतलब उन्होंने नहीं बोला था स्पष्ट कह रहा है अरे मेरे भाई ये लिखा कहां है कि अगर कोई व्यक्ति ने एक बात कही और उसके थोड़ी देर बाद वो दोबारा नहीं कह पा रहा है नहीं कह

01:41:30:28 रहा है तो इसका मतलब वो ज्ञान उसने नहीं बोला था यह नियम कहां लिखा हैय तो आपका है पहले मुझे बता दो य लिखा है कि नहीं लिखा है अगर कोई व्यक्ति ने मैंने आपको कुछ भी बताया मैं दोबारा नहीं बता पा रहा हूं तो इसका मतलब पहली बार मैंने नहीं बताया था किसी और ने बताया था यह सिद्धांत कहां लिखता है सिद्धांत नहीं अगर कोई हो सवास में होगा है क्याले करके सिद्धांत है क ब गता का जन दे दिया में

01:42:06:07 है मैं पूछ रहा हूं क्या यह सिद्धांत है कहीं आप तो नहीं आप तो भगवान को भी काल बता सकते हो तो फिर तो आप देख बा करेंगे हया जाएगा मैं आपसे पूछ रहा हूं य सिधांत लिखा है क्या अ यह मुझे नहीं पता कहां लिखा है कि क नहीं पता नहीं तो पता करिए य सिद्धांत पर है किसीने सुनो अगर किसी ने कोई बात बोल द दोबारा नहीं बोल रहा है किसी भी वजह से तो इसका मतलब व पहली बार थी व उसने नहीं बोली थी वो कोई आम आदमी नहीं था भगवान था बता सकता उसका मन नहीं बता रहा

01:42:50:06 दोबारा को कुता क रहा है ये कौन सी बात हो भगवान वाली बात च र ये कौन सी बात है ये कौन सी बात है रामपाल स्वयं को कुत्ता कह रहे हैं कबीर स्वयं को कुत्ता कह रहे हैं कबीर किसको कुत्ता कह रहा है स्वयं को हा तो कुत्ता मीस होता है जैसे अगर दास बन के रहेंगे तो भगवान अपने निकट आता है कहने का मतलब ये नहीं तो बस ऐसे ही वो भी अपनी वो भी ऐसे ही कर रहे हैं ये कहां लिखा है कि कबीर ने इसलिए कुत्ता बोला तो यार तुम पता नहीं कौन से टोपी में कहां घुसा रहे हो मतलब भा ह श से पूछी जाएगी आपकी अपने लिए दास के लिए मतलब भक्ति के लिए जैसे इसका मतलब वो जो बोल रहे है कि वो कुत्ता है वो वास्तविक में कुत्ता नहीं है कुत्ता का मीस होता है नौकर मतलब आई थक जैसे अपने कुत्ता पालते लिखा है कुत्ता का मीन नौकर कहा लिखा है य आपकी मुझे नहीं लग रहा कि आपकी थोड़ी माइंड हर चीज लिखा लिखा म बो तुम गलत बोल रहे हो ना तुमको य मानना पड़ेगा कि उन्होंने कुत्ता लीला पूर्वक कहा है तुमको ये मानना पड़ेगा वो कुत्ता है नहीं वास्तव में तुमको यह मानना पड़ेगा लेकिन आप मतलब कहने का मतलब है मैं आपसे पूछ रहा हूं मेरे भाई क्या कुत्ता मान लिया जाए

01:44:05:08 उनको स्पष्ट किसको मान लिया जाए जो कह रहा है कि मैं कुत्ता हूं उसम पूरी वाणी में क्या लिखा है कुत्ता हू राम कुत्ता हूं मैं मैं दो टके का ह यह सब कह रहे है वो रामपाल परमात्मा नहीं है तर्शी तो है कुत्ता मानते हो तुम रामपाल को नहीं वो ऐसी कैसी बात कर रहा हा बोलो नहीं नहीं इस तरह की बात करना आपको शोभ दे रहा आपसे पड़े वो थोड़ा देरहा है क्या आपको शो दे रहा है क्या मैं आपसे पूछ रहा मैं बात नहीं कर रहा मैं आपसे पूछ रहा हूं वो कह रहे कि मैं कुत्ता हूं दो कड़ी का हूं तो क्या वो वास्त में कुत्ते हैं इसका मींस होता है पहले इसका जवाब दो है क्या वास्तव में कुत्ता तो नहीं है भाई नहीं है इसका मतलब वो लीला पूर्वक बोल रहे हैं ना लीला पूर्वक नहीं मतलब कुत्ते का मीस जैसे अपन जैसे मैं समझा रहा हूं जैसे कोई वो कोई आपको अर्थ समझाना चाहते हैं ना इसलिए बोल रहे हैं ना हां तो ऐसे ही श्री कृष्ण अर्जुन को अर्थ समझाना चाहते हैं इसलिए बोल रहे हैं

01:45:20:08 ये आपका कोई मीस नहीं नि सु दिक्कत क्या है रामपाल दास सुनो दिक्कत क्या है रामपाल दास जब कुछ बोलेंगे तो उनकी बातों को एज इट इज नहीं मानोगे उनके पूछे का भाव ढूंढ लोगे श्री कृष्ण जब कोई बात बोलेंगे तो उनकी बातों को एज इट पकड़ोगे सबसे पहले हम जुड़े थे तो रामपाल जी की बात नहीं मान थ हम परमाण देख के माना ऐ थ प्रमाण प्रमाण प भी आएंगे प्रमाण प भी आएंगे प्रमाण प भी आएंगे बताओ ब्रम है ब्रह्म है वो अविनाशी है कि नहीं है ब्रह्म काल ब्रम अविनाशी नहीं है नहीं है ब्रह्म विनाशी नहीं है नहीं है हा अच्छा तो ब्रह्म का विनाश होता है कब होता है जी बिल्कुल होता है कब होता है कब होता है जब प्रलय होगी जब होगा और क्या मुझे क्या तो अभी तक ब्रह्म का एक भी बार विनाश हुआ है क्या बिल्कुल कितनी असं जन्म हो गए तो आज के नहीं अपन बहुत पहले अरे ब्रह्म का मैं अपनी बात नहीं कर रहा हूं ब्र का बोल रहा था उनका कई बार विनाश हो चुका है कई बार वापस भी उनको जैसे सृष्टि रचना वापस जैसे हुई बनी है जैसे मतलब हम लोग हम लोग कई बार सतलोक जा चुके हैं कौन कौन ब्र ब्रह्म सतलोक

01:46:36:07 ब्रह्म सतलोक नहीं गया कभी वापस नहीं गया तो ब्रह्म तो ब्रह्म सतलोक नहीं गया यानी कि ब्रह्म का विनाश अभी तक तो एक भी बार नहीं हुआ है मगर सृष्टि के प्रलय में होगा कितनी बार हो चुका है आगे भी होगा और ये चीज प्रलय प्रलय जब प्रलय होती है तब सारे लोग कहां जाते हैं जब प्रलय हो जाती है सृष्टि रहती नहीं है जब रहती नहीं है जब इसके जो नेक्स्ट ब्रह्म है परब्रह्म जिसको कहा गया गीता जी में तीन राम बताए गए हैं रे भाई कहां जाती सीधे बताओ वो गीता जी तीन बाला मालूम है मुझे आप बात बताओ सब लोग कहां जाते हैं प्रलय में व परब्रह्म के लोक में शिफ्ट कर दी जाती है आत्माएं तो वो पर परम ब्रम का लोक कौन सा लोक है जो परब्रह्म जो नेक्स्ट राम है जैसे ब्रह्म होता है इसके परम ब्रम अलग है और तुम्हारा कबीर अलग है परब्रह्म है हमारा कबीर जो है अपन सभी का है वो पूर्ण ब्रम है उसको पूर्ण ब्रम बोला गया अच्छा वो पूर्ण ब्रम है और ये परम ब्रह्म है जि लोक में य लोग जाते हैंते जी भाई साहब आपने कभी गीता पढ़ी है जीवन में गीता नाम का एक ग्रंथ होता है सा श्लोक वाला शंकर जी जी से बोल हाजी हा शंकर जी मैंने कहा आपने कभी जीवन में गीता नाम का ग्रंथ पढ़ा है कभी

01:47:53:06 जी पढ़ा आप थोड़ा डायरेक्टली क्वेश्चन कीजिए इस तरह अगर घुमा फिरा होगे तो तो अगर हमारे भी थोड़े ज्ञान चु प्रकाशित करने हो तो 18 अध्याय का लेकर थोड़े दो चार श्लोक पढ़ के सुनाएंगे हमें देखो भैया मेरे पास तो गीता है नहीं फिलहाल तो और जो पास है मेरे पास है आपने प्रमाण देखे प्रमाण कैसे देखते थे आप प्रमाण गुरुजी सत्संग करते हैं डेली प्रमाण दिखाते स्क्रीन प गुरुजी सत्संग करते हैं जब जब गुरुजी प आपको जब आपने गुरुजी को दे एक मिनट गोविंद जी जब आपने गुरुजी को देखा था तो उन्होंने जो प्रमाण दिखाए आपको जब उन पर विश्वास नहीं था उस समय की बात पूछ रहा हूं उस समय आपने कैसे मान लिया य जो दिखा रहे यही प्रमाण है आपने बाहर से चेक नहीं किया बाहर से चेक नहीं किया वो गुरुजी है ना ने से खोलने से पहले उसम गीता प्रेस गोरखपुर से सब भाई तोप सकता नकली किताब

01:48:53:15 नकली किताब सता है मैं तुमसे पूछ रहा हूं नकली किताब कोई छाप सकता है कि नहीं रामपाल जी कोई कोण में बैठ के गीत थोड़ी रे इंटरने पूछ रहा भाई साब मे सवाल का जवाब ही नहीं दे रहे हो नकली हा तो फिर आपको कैसे पता कि उन्होने जो किताब दिखाई है व नकली नहीं है जब तक आप बाहर असली किताब से उसक कर हमारे घर में हमारे पिताजी खुद पहले पंडित जी थे ब गीता खोल के दिखाई थी तो उस दिन आपने अपने घर की गीता से उसको चेक किया था जो बोल रहा है सही है कि नहीं बिल्कुल किया था ये ज्ञान गंगा और मैं दोनों गीताने गता प है आपके पास गीता है गीता है बिल्कुल क्यों नहीं है आज भी रख तो क रहे नहीं है फिल य नहीं है मैं य पर नहीं मेरा घर राजस्थान में हूं फिलहाल भी कानपुर में बैठा हूं बाकी सारे ग्रंथ भी है आपके पास सारे कमरे दि पूरे ब से भरे त पूरा फोटो भेजेंगे कल फोटो कैसे भे मगा नंबर कर रहा आप फोटो भेज दीजिए आपके पास सारे ग्रंथ जिनका उपयोग रामपाल करते हैं चलो भेज दूंगा उसकी कोई बड़ी बात नहीं है लेकिन आप थोड़ा उस आप ये मानते

01:50:08:20 हो कबीर भगवान नहीं है कहने का मतलब अभी अभी आपको बता रहे है 158 कबीर को भगवान नहीं मानते हो ना कहने मतलब नहीं मानते ना कबीर को भगवान ना तत्वदर्शी रामपाल अ तो फिर रामपाल जी की चर्चा क्यों हो रही और संत की तो नहीं हो रही फिर ऐसा आपको लग रहा है जब जिसकी बात होती है सुनो जब जिसकी बात सुनो सुनो जब टिकट के बिना पकड़ा जाता है ट्रेन में कोई व्यक्ति तो वो ये नहीं कह सकता कि तुमने औरों को क्यों नहीं पकड़ा है अच्छा जी समझ रहे हो बिना टिकट अगर कोई पकड़ा गया तो उसको इसलिए नहीं छोड़ दिया कि सब सब खुले छूट रहे हैं अगर सब खुले घूम रहे हैं तो आपके पास टिकट नहीं हैय चीज सही नहीं हो

01:51:05:00 गई दो चार लोक पढने थे मेरे को अगर इत एक मिनट मिनट इनको कुछ दिखाने वाला हूं 79 में बड़ा मजा आएगा सबको बता अविनाशी भगवान कौन है मिनट एक मिनट अभी बता रहा करके अपना अपना मत भागो 39 40 गंत लेकर बैठे हो प्रमाण नहीं मानते अरे रुक जाओ ना कुछ हो जाएगा क्या 10 मिनट में कहीं जाना इमरजेंसी वासुदेव जी भूत संकर्षण और चौथा अनिरुद्ध कहते हैं आ परमात्मा को सबकी आज्ञा से दिखाते हैं

01:52:03:04 य देखो भया ये देखो ये के बारे में बताया रहा है नहीं रहा सुना हा पढ़ रहा यह विश्व के निवास स्थान और निर्गुण है इन् को वासुदेव जी भूत संकर्षण प्रदुमन और चौथा अनिरुद्ध कहते हैं यह आत्म योनि परमात्मा सबको अपनी आज्ञा के अधीन रखते हैं यह कृष्ण के लिए यहां पर बोला जा रहा है महाभारत हा अनुशासन पर्व और उसमें भी दान धर्म पर्व और उसमें भी ये अध्याय नंबर है 158 और श्लोक नंबर है 39 अब वासुदेव इनको कहा जा रहा है और भगवत गीता में सा 19 वासुदेव का मतलब होता है अविनाशी भगवान अभ अविनाशी है क्याय बताओ तो वही तो मैं कह रहा हूं वही मैं कह रहा हूं सा में क्या कह रहे देख अविनाशी य य कृष्ण के लिए वासुदेव और सा 19

01:53:15:20 में हा हा अविनाशी है दे रहे हैं ना दो मिनट रुके होगे कि नहीं कृष्ण भगवान अविनाशी है नहीं वो तो माता ग से जन्म लिया मरे वाला भी दिखा देंगे अभी दिखा देंगे मरे वाला जल्दी में ककर जी कहीं जाना है क्या आपने जाना नहीं है मैं मोटे मोटे सवाल करना चाह ब जल्दबाजी में होता भाई साहब लोग को भाई साहब लोग को ऐसा रटा दिया गया है कि तुरंत किताब दिखाओ और यह वाला लाइन पढ़ो और इसके बाद दूसरा प्रमाण और फिर भाग जाओ अच्छा हा फिर भाग जाओ इनको जो है कभी शिक्षा नहीं दी जाती कि बच्चों आप लोग पूरी गीता पढ़ो पूरा महाभारत पढ़ो पूरा वेद पढ़ो पूरा पुराण पढ़ो कभी नहीं बताते हैं नहीं तो ये सब बोल र भगवान अविनाशी है केवल एक लाइन बता हा वो बताएंगे ना अभी आप चिंता क्यों कर रहे इतनी टेंशन मत लिया आपको अच्छे खासे ये देखो भैया य ये किसके लिए आया है सुनाओ हां पढ़ के सुन लो

01:54:25:08 बहुत जन्मों के अंत के ज जन्म में तत्व ज्ञान को प्राप्त पुरुष सब कुछ वासुदेव ही है इस प्रकार उनको बजता है सब कुछ वासुदेव भगवान

⬜ Not used yet · 01:54:36:13 – 03:09:21:00 (1:14:45)

01:54:36:13 अविनाशी कहां है ये लिखा प्रमाण बताऊ मैं यहां बता रहा हूं ना श्री कृष्ण भगवान वासुदेव है वासुदेव वासुदेव कहां है वासुदेव मीस होता है अविनाशी भगवान अरे तो मैं बता तो रहा हूं ये कृष्ण के लिए वासुदेव शब्द आ रहा है ये महाभारत में कृष्ण जी वासुदेव नहीं है लेकिन वो वासुदेवन की महिमा गाई जा रही वासुदेव नहीं है तुम दिखा दो हमने तु प्रमाण दिखाया प्रमाण को माने तुमको माने प्रमा प्रमाण कोने वासुदेव आ गया यहा तुमको माने प्रमाण को

01:55:15:26 मानेव हैको माने तुमको माने अ तो मुझे नहीं मानना बो प्रमाण को आपकी कोई बा ये महा भारत को नहीं मानते हो लिखा हुआ है ये बोल रहे है कि ये वासुदेव है वासुदेव असली कौन है ये पूछ रहा हूं ना मैं जैसे राम चार बता असली वासुदेव पहले तुम ये बताओ ये नकली वासुदेव है यहां लिखा है ये कहां लिखा है ये नकली वासुदेव है हर बात सुनो जब भी कई शिव आएगा वो आदि शिव है जब भी कोई काल वो जब भी क्या कहते हैं वो कृष्ण आएगा तो काल है जब भी कहीं वासुदेव आएगा तो असली वासुदेव अरे भाई कहां लिखा है कि ये नकली है कहा खा वासुदेव अलग [संगीत]

01:55:59:22 है देख ऐसा हैना गोविंद जीसे बहुत ज्यादा प्रमाण की आवश्यकता नहीं है इनको केवल उस बात पस बात भागते दूसरी बात अभी बता असली वासद क्या लिखा य पर जो लिखा है नकली वासुदेव लिखा है य लिखा दिखाओ करहा भगवान भवान श्री कृष्ण वासुदेव है व लेकिन तीन लोग तक भगवान है

01:56:44:02 जैसे वासद ख दिया गया तो य लिखा दिखाओ यह वासुदेव असली वासुदेव नहीं है मैं एक प्रमाण समझा थोड़ा सुनना चाहोगे तो आप मुझे य प्रदेव नहीं है बार बार हो क्या रहा है आप मेरी बात को समझो आप थोड़े समझदार दिख रहे हो बारबार हो क्या रहा है जब हम आपको कोई प्रमाण दे रहे हैं तो आप कोई ऐसी बात बोलते हो कि वो वाली बात बंद हो करके नई बात खुल जाती है समझ रहे हो आप मुझे बताओ भगवत गीता में कहा पर लिखा है कि वो जो ज्ञान है वो कृष्ण ने नहीं दिया बस यह बताओ अच्छा मैं अब दो मिनट अपनी बात रखना चाहूंगा शंकर जी यह तीन चार श्लोक आपके सामने खो पड़ी कर दीजिए तीन चार श्लोक पढ़ देंगे मेरे लिए मेरे को थोड़ा पढ़ा नहीं जा रहा मेरे ये पढ़िए जरा ये क्या है श्रीमद भगवत गीता है अवा अध्याय 73 शलोक पढ़ देंगे थोड़ा सा 74 में से पढ़ दीजिए इस प्रकार मैंने वा लिखा है वासुदेव श्री वासुदेव के और महात्मा अर्जुन के इस अदभुत रहस्य युक्त रोमांसक सधन को

01:57:58:01 सुना श्री व्यास जी को कृपा से दिव्य दृष्टि पर पाकर मैंने इस परम गोपनी योग को अर्जुन के प्रति कहते हुए स्वयं योगेश्वर भगवान श्री कृष्ण से प्रत्यक्ष सुना है हे राजन भगवत भगवान श्री कृष्ण और अर्जुन के के इस रहस्य युक्त कल्याण काक और अद्भुत संवाद को पुनः पुन स्मरण करके मैं बारबार हर्षित हो रहा हूं राजन श्री हरि के उस अत्यंत विलक्षण रूप को भी पुन पुन करके मेरे चित में आवाज बंद करो यार रे कर आवा महान आश्चर्य होता है और मैं बारबार अरित हो रहा हूं लास्ट पर दीजिए जहां योगेश्वर भगवान श्री कृष्ण है और जहां का धनुष दारी अर्जुन है वहीं पर शी विजय विभूति और अचल नीति है ऐसा मेरा मत

01:59:09:01 है बताइए तो आप कह रहे थे कि भाई गीता का ज्ञान ही नहीं दिया नहीं श्री कृष्ण ने गीता जी नहीं बोली ये बात क्लेरिटी है अगर गता आपसे बा बात कर रहा सु आपको एक बात बताता बड़ी मजेदार बात है आपको सुनोगे आप आज पूरी रात आनंद से अपनी रात बताओगे य

01:59:45:26 पर मानागा हा माना जाएगा शास्त्र की बात हो श कृ पढ़ अब तो पढ़ने में आ रहा होगा पढ़िए भगवान श्री कृष्ण से छोटा छोटा दिख रहा है पास में करो भगवान श्री कृष्ण ये जो है हा बल्कि मैं इससे भी अधिक प्रभावशाली है यही परम पुरुष अविनाशी नारायण है यही सतावर ज हो गया क्या हो गया अरे अविना परम पुरुष नारायण है य क हो

02:00:34:24 गया नारायण है अब क्या करोगे इसको मानोगे कि नहीं इनको बताइए परम पुरुष अविनाशी नारायण लो दोबारा देख लो पढो पलो रहा है आदरा लेने दिख नहीं रहा थ इधर

02:01:12:10 करो स्क्रीन पर नहीं चला सकते हो क्या अभी फिलहाल नहीं ये पढ़ो भगवान श्री कृष्ण की ऐसी महिमा है नहीं तोय कौन बोल कौन रहा है मसे श्री कृष्ण भगवान महिमा है जो इससे प्रभावशाली है यही परम अविनाशी नारायण है यही सता अना आ का हैना भाई और क्या करोगे पर महाभारत पहने का मतलब मतलब य अविनाशी है आपका अविनाशी है नो शस्त्र को शास्त्र को मानता हूं मैं हा मान ग श्री कृष्ण अविनाशी पर परम पुरुष नारायण और दोबारा पलो लास्ट लाइन

02:02:06:16 पराय लास्ट वाला क्या लिखा है इच्छा वाले प्राणियों के उत्पति कारण ला लास्ट लाइन को इन्ही को अधिकारी परमात्मा कहते हैं अकारी जिसम कोई विकार नहीं अविकारी फिर व गोपियो के पीछे नहीं गोपियों के पीछे क्यों पढते थे श्री कृष्ण जी गोपियों के पीछे फिर फालतू बात अरे इसको मानते हो कि नहीं मानते हो अच्छा सुनो सुनो सुनो ये कहा लिखा है गोपियों के पीछे अगर कोई पड़ेगा तो परमात्मा नहीं होगा बताओ

02:02:43:08 जैसे प्रमाण से कोई मतलब नहीं है मेरे भाई तु बंदे हो अरे तुमसे मैंने पूछा कहा लिखा है कोई गोपियों के पीछे पड़ेगा तो वह परमात्मा नहीं होगा कहां लिखा है फालतू की बात अब मैं पूछू ये बताओ अगर अगर वो जो है जो परमात्मा है कबीर जो है उनको दूध पीने की जरूरत क्यों पड़ी कौन दूध पिया जो तुम कह रहे हो कबीर कबीर को कुमारी गाय के दूध की जरूरत क्यों पड़ी एक मिनट थ प देना और वो तो 25 दिन से भूखा था कबीर उसको दूध भी आकर भगवान श्री शिव ने पिलाया है आपको नहीं पता बच्चा 25 दिन से रो रहा था वहां पर रुको नेट खम

02:03:33:27 हो नहीं य य क्या दिखा दिया आप सीधी बात आप सीधी बात पर आते हैं हेलो कहा गए इनको जितनी बारन कोई प्रमाण दूसरी बात पूछेंगे कि वो गोपियों के पीछे क्यों भागे यह क्या दिखाया जा रहा है रोहतक में अस्पताल में गए तत्वदर्शी संत अरेरेरे ये तत्वदर्शी जी है क्या ये तत्वदर्शी वही है जो वो जो दूर से ही देख के कैंसर ठीक कर देते थे वही है ये ये अस्पताल जा रहे ये क्या चक्कर है लीला कर रहे लीला

02:04:20:04 हा वहीं प बासुरी बजाएंगे वहीं पे शिवान जी यह जो एक उदाहरण दे रहे थे महाभारत का कि भगवान कृष्ण जो है अर्जुन को वहां पे गीता का संवाद नहीं किए हैं उसका एक मेरे विचार में एक परिपेक्ष ऐसा है कि जैसे कोई एक जो सर्जन है यदि कहीं पर कोई मिल जाता है बोले कि भई हमारा सर्जरी कर दो तो वो वहां पर सर्जरी थोड़ी ना करेगा उसके लिए परिपेक्ष एक व्यवस्था चाहिए तब वो जाके वहां प सर्जरी करेगा तो गीता जी ऐसे थोड़ी ना जहां चलते फिरो जहां पर रास्ते में मिलो वहीं पर गीता जी बोलना चालू कर दे बकुल मैं इस इसके ऊपर कुछ बोलना चाहूंगा आप बोलिए पहले शिवांश जी आप बोल लीजिए अरे ये अगर वापस आ गए अच्छा नहीं आए जी बोलिए आप गोविंद जी आप बोलिए देखिए क्या होता है चक्र पानी मिश्रा जी जब संवाद पूरा नहीं पढ़ा जाता ना बीच के कोई एक दो अक्षर भी रह जाए तो फिर दिक्कत हो जाए उन्होंने कहा है उस समय मैं योग अवस्था

02:05:35:16 में था ठीक है और मैंने तुम्ह य ज्ञान तो योग अवस्था में जब चाहे वो वापस जा सकते हैं जबकि उनको संपूर्णता उनको योगेश्वर कहा गया तो योग का जो ईश्वर है ठीक है वो उनकी स्थिति है वो कह रहे हैं कि उस वक्त मैं योग अवस्था में था तो जब भी देना होगा दोबारा तो चले जाएंगे योग अवस्था में उन्होंने ये तो नहीं कहा मैं दोबारा कभी योग अवस्था में नहीं जा सकता हम आप समझ रहे हैं हम उनके परिपेक्ष में हमें एक उदाहरण दे रहे हैं नहीं बिल्कुल बिल्कुल आपने जो बात मैं रिपीट कर रहा हूं लेकिन मैं बस एक शब्द बीच में ले आपने मैंने कोई अल नहीं जी जी बिल्कुल बिल्कुल सही बात है तो रही बात काल की भाई पहले पढ़ लीजिए पदम पुराण के अंतर्गत उत्तरखंड में काल भगवान श्री कृष्ण का ही नाम है ठीक है तो पहले अगर आपको किसी चीज का नहीं पता तो पहले पढ़ लिया करिए ये है ना काल युग वर्ष मास पक्ष आदि रूप से सबका सबको अपना ग्रास बनाने वाले यही है ना यही कह रहे हैं भगवत गीता 1132 में जी जी ठीक है काल ठीक है विसर्ग लगा हुआ साथ में युग वर्ष मास पक्ष आदि रूप से संपूर्ण विश्व को ग्रास बनाने वाले काल पदवा यमराज भी है ठीक है आप कौन सा कह रहे हो भाई कौन सी नई साइंस आई है कि भाई काल अलग है और श्री कृष्ण अलग है ये थोड़ा मेरे को अब आप

02:06:50:18 बताइए जरा चलिए अपने प्रमाण देना शुरू करिए शंकर जी लिए अपना ग्रंथ जरान आज तक नहीं बताया गया है आप बताइए पदम पुराण के अंतर्गत पदम पुराण गीता प्रस गोरखपुर का प्रकाशित है संक्षिप्त उसके अंदर उत्तर कांड है और उत्तर कांड के अंतर्गत ही आता है यह विष्णु सहस्त्र नाम का अध्याय विष्णु सहस्त्रनाम

02:07:23:01 पीछे देखिए इसम अध्याय क्रमांक लिखा होगा जहा ये खत्म हो रहा है जी जी मैं आपको अध्याय का नंबर अध्याय का नंबर सीधे बता देता हूं वैसे तो है नाम कीर्तन की महिमा ठीक है था विष्णु का स्रोत का वर्णन लेकिन मैं आपको अध्याय नंबर बता रहा हूं आप बोल लीजिए अरे भाई आप जहां से आए हैं ना हम बहुत पहले से उसका सारा कर चुके हैं इंतजाम बोलिए शिम भाई क्या बोल रहे हो अट करिए बोलिए हां कुछ बोल ना शय जो पूछ रहे हैं श्री कृष्ण काल है कि नहीं है इसका प्रमाण अनुशासन पर्व पर चैप्टर 148 में दिया गया है 148 में ना मैं वही कुछ गलती हो गई थी वही उसी को ही ढूंढ रहा था तो उसम दिया गया मैं एक बार पढ़ क्या बोल सकता हूं एक मैं मैं खोल रहा हूं आपके पास है जी हां है आपना शिवांश जी आप 712 नंबर पेज खोलिए मेरे को इसका अध्याय जल्दबाजी में मिल नहीं रहा है अच्छा ठीक है मैं नोट कर लेता हूं 712 नंबर प है ना ये हा 712 नंबर पेज ठीक है ठीक है भाई

02:08:38:03 पहले इनसे पूछते लीजिए ये शंकर जी से कि ये प्रमाण मानेंगे नहीं मानेंगे इतनी मेहनत करवा रहे हैं हम लोग हम लोग अभी करेंगे अपना अपनी चीजें पूरी दिखा दे क्योंकि फिर इनके लोग बोलते वो जब प्रमाण मांगता है तो ये लोग प्रमाण नहीं दिखाते हा भैया पढ़ दो 148 का उसम भीष्म पिता कहते प्रमाण क्या दिखा रहे हो मुझे क्या पता चल रहा है क्या दिखा हो गया अब प्रमाण की बात खत्म करें फिर अब आए आर्य पार की लड़ाई पर बोलो खत्म करें फिर आ लड़ाई नहीं करनी लड़ाई करनी है लड़ाई मतलब तुमने कहा प्रमाण नहीं दिखा रहे हो बात कर अब बात की बात

02:09:20:10 करमा महाभारत दिखा रहे बो काल का कृष्ण भगवान अविनाशी है क्या मतलब किस चीज का बता रही नहीं है हमने हमने दिखा दिया अना आप कह रहे श्री कृष्ण परमेश्वर नहीं दिया परमेश्वर है आपके कहने से कुछ नहीं होता है अच्छा तो हमने शास्त्र में आपके कहने से होता है ठीक है भया बहुत बढ़िया मेरे कहने से भी कुछ नहीं होगा तो फिर आपने शस्त्र जब शा आपके कहने से कुछ नहीं होगा रा नहीं आपको भी सबको पता होगा लाक ब्रह्मा विष्णु महेश की जन्म मृत्यु होती है व तीन

02:10:10:07 गु पूछ रहा ब्रह्मा विष्णु महेश की लीला अगर वो होती है मैंने आपको दिखा दिया ब्रह्मा विष्णु महेश अविनाशी है तो क्या करोगे अगर मैंने नहीं दिखा उसकी जन्म मत दिखा दी तो तो आप क्या कर तो वो लीला पूर्व करते हैं लीला जैसे ता क रहा है ुद को नहीं तो ये लीला है क्या मतलब जन्म म जैसे कुत्ता कहना लीला है ना कुत्ता क्या है सबसे पहले अविनाशी भगवान का एक प्रमाण होता ताछ ता क्या है हेलो हेलो कुत्ता क्या है सच है या लीला है कुता एक डॉग है सुनो मेरी बात कता लीला है सच है एक अपने आप को दास के लिए बोला गयासे नहीं बो ऐसे ही दास दिखाने के लिए देवी मां के समक्ष उन्होंने अपने आ भाव और रो भाव को स्वीकार किया तामसी वृति का जीव अगर अविनाशी होगा तो कभी मा के अगर श्री कृष्ण मैं कह रहा हूं अगर तुम श्री कृष्ण को अविनाशी मानते हो तो इस अगर विनाशी नहीं मानते हो तो तुम इसका क्या करोगे जो अभी अभी दिखाया मैंने तुम्ह इसको नहीं मानोगे ना मानेंगे हर चीज मानेंगे ऐसी बात तो फिर तुम तो फिर तुम तो फिर तुम एक जगह की बात को क्यों पकड़

02:11:25:10 रहे हो जब एक जगह लिखा है अविनाशी दूसरी जगह लिखा है आविर्भव तीरो भाव तो ऐसा अर्थ निकालो जिसमें दोनों अर्थ का मान रह जाए एक जगह की बात रह जाए ये नहीं दोनों जगहों का मान रह जाए ऐसी बात बोलो जैसे मैं बोलूं कि रामपाल जी तो इंसान है मगर एक जगह वो कह रहे हैं को कुत्ता है तो मैं ऐसा अर्थ निकालू कि दोनों की बात रह जाए तो मैं ये मानूंगा कि जहां वो अपने आप को कुत्ता कह रहे हैं वो कुत्ता है नहीं वो अपनी भक्ति दिखा रहे हैं भक्ति मार्ग है तो भक्ति मार्ग में अपने आप को थोड़ा नीचे रखना ऐसे ही जहा ऐसे ही जहां प वो दुर्गा माता के सामने खड़े हो करर के अपनी भक्ति दिखा रहे हैं कि देखो हमारा भी आविर्भव तिरो भाव होता है र ऐसे ही मतलब लिखा है मतलब प्रमाण में बताओ आप खुद बोल रहे हो आ आपको पूछ रहा हूं कबीर है मैं आपको पूछ रहा हं अभी अभी मैं आपको पूछ रहा हूं भाई साहब देखो प्रमाणों की आप बात मानोगे नहीं अब मैं आपसे पूछ रहा हूं जो कबीर है वो स शरीर आता है नीचे या कैसे आता है बताओ बस ये इसी से मानते हैं और किसी से नहीं मानते नहीं स शरीर ही आता है स शरीर आता उसका शरीर अविनाशी है कि नहीं है अविनाशी है बिल्कुल है

02:12:40:14 यानी कि अगर उसमें हथौड़ा पड़ेगा तो चोट लगेगी कि नहीं लगेगी नहीं लगेगी नहीं लगेगी उसको काटने की कोशिश की जाएगी तो कटेगा कि नहीं कटेगा नहीं कटेगा यानी कि ना तो वह कम हो सकता है ना ही ज्यादा हो सकता है जैसा है वैसा ही रहेगा अविनाशी का मतलब यही होता है मैं पूछ रहा हूं जो बताओ यानी कि अगर वो यानी कि वो जैसा है वैसा का ही रहेगा वो बिल्कुल भी उसम ना तो कट लग सकता है ही वो जो है उसको खींच के लंबा किया जा सकता है नाही ही कट करके कम किया जा सकता है बिल्कुल वो मतलब उनका कुछ खोस तक नहीं आ सकती कहने का मतलब मतलब कहने का मतलब है ना तो उसको काटा जा सकता है ना ही उसको खीच के लंबा किया जा सकता है हा मतलब कुछ भी नहीं किया जा सकता उसका अब मैं पूछ रहा हूं वो सर्वशक्तिमान है कि नहीं बिल्कुल है तो वो रूप बदल सकता है कि नहीं बदल सकता है तो वो 6 फ पा इंच के है तो क्या 15 किलोमीटर लंबे पहाड़ बन सकते हैं कि नहीं बन सकते हैं तो तुम तो कह रहे थे वो लंबा नहीं होगा खिच के य आप बोल रहे हो कि खिच के लंबा नहीं आप बोलो मैंने तो कुछ बोला ही नहीं अरे अभी तुमने बोला नहीं नहीं लंबा नहीं हो सकता वो अच्छा बताओ वो आपने कहा वो कम आपने कहा वो जैसा कहा है वैसा ही

02:13:55:20 रहेगा आपने कहा वो जैसा है वैसा ही रहेगा आपने कहा वो जैसा है वैसा ही रहेगा वो छोटा हो सकता है इस थरी का कोई मैं आपसे भाई साहब मैं ये पूछ रहा हूं आपने कहा कबीर जैसा है वैसा का ही वैसा ही रहेगा क्या वो च बन स मतलब है कि वो अविनाशी है मतलब उसको कोई मार नहीं सकता मेरा कहने का मतलब केवल अना की बात नहीं होती है केवल अच्छा एक बात बताओ स क्या कबीर अपने शरीर को गायब कर सकते हैं कि नहीं बिल्कुल कर सकते हैं कर सकते हैं क्या कबीर लोगों को ये लीला दिखा सकते हैं देखो मेरी तो मृत्य हो गई मेरा शरीर गायब हो गया वो दिखा ही नहीं सकते उनका अविनाशी शरीर है गायब का मैं पूछ रहा हूं क्या वो ऐसी लीला दिखा सकते लीला वास्तविकता में वो नहीं मरेंगे मगर वो लोगों को य लीला दिखा सकते हैं कि नहीं लीला दिखा सकते हैं ना वो समर्थ है कुछ भी कर सकते मल लोगों कोय कह सकते हैं मेरा भी आबि भाव और रो भाव हो सकता है नहीं कभी नहीं बोल सकते क्योंकि वो उनका है ही नहीं या सर्वशक्तिमान नहीं है सर्वशक्तिमान है वो तो यानी कि व बोल सकते कि मेरा भी आविर्भव रो भाव होता है नहीं बोल सकते यानी कि कबीर कुछ नहीं कर सकता कबीर सब कुछ नहीं कर सकता

02:15:11:07 बिल्कुल कर सकता है तो यानी की व बोल सकते है मेरा भीरो भाव होता है आप जो बात बोल रहे हो बस फट करना चाह रहे हो से कहना चाहे और जब वो अपने शरीर सुनो आव रोव का मतलब क्या है पहले तोय बताओ अव होता जम और रोव मीस मृत्यु और बताओ कहां लिखा है री में लिखा है डिशनरी में अपनी ली खोलिए ना जहां से आपने पढ़ा था रामपाल जी ने जहा आपको पढ़ाया था वो खोलिए न बता दो पेज नंबर मैं थोड़ी बताऊंगा इसमें आप ढूंढो आविर्भाव कहां ब अरे मैं क ढूंढू तुम बोल रहे हो ना आविर्भाव का मतलब वो है जन्म मृत्यु आविर्भव रो भाव आवि भाव का मतलब है प्रकट और अप्रकृतिक

02:16:21:03 मतलब डिक्शनरी में बताओ अरे मैं क्यों बताऊ भाई तुम बताओ ना सबूत तुम दो ना मैं क्यों टाइम वेस्ट करू अरे भाई बात तुमने रखी है आविर्भाव का मतलब ये होता है भैया आप चाहे जितनी बात बना लो लेकिन यही होता है अरे यही होता है अरे भाई फिर भाही बात यही होता तो तुने पढ़ा होगा ना कहीं पे कहां पे होता है कहां पे होता है शिवा जी दो मिनट ा कहां प होता आप नहीं मानते हो गोविंद जी आप नहीं मानते हो आप नहीं मानते आपने कहा प पढ़ा वो पूछ रहा हूं ना मैं आपने कहीं से पढ़ा होगा आप तो बिना शास्त्र की बात करते नहीं है आपने कहां पर पढ़ा हम नहीं मानते बताए ना हम नहीं मानते आप पढ़ है हमें भी पढ़ाइए हम सभी देख लेते हैं एक बार कौन से ग्रंथ है का नाम बताइए ग्रंथ का नाम बताइए शास्त्र के अनुसार च वैदिक आश्रम से पढ़े हैं शब्द कोश में लिखा है स्प आप खोल के देख लीजिए श का नाम बता दो चलो शब्दकोश का नाम बता दो शब्दकोश में पढ़ा है ना तुमने नाम बता दो तुमने कुछ नहीं पढ़ है तुमने केवल जेल धाम की वाणी सुनी है कुछ नहीं पढ़ा तु नहीं यही बोल सकते हो आप बस और कुछ नहीं बोल सते अरे और तुम क्या बोल सकते

02:17:37:18 हो टीवी ऑन कीता है होल डाउन होल डाउन अच्छा शंकर देखो भगवान के बारे में बुराई करेंगे उतना ही अपने कर्म बिगड़ेंगे पहली बात हमने कोई प्रमाण नहीं दिखाया तुम हमसे मांग रहे हो प्रमाण बस हमने बहुत प्रमाण दिखा दिए शास्त्री आप हो ना फिर आपसे ही मांगेंगे तो श तो हमने दिखा दिए तो उसके बाद मान कहां रहे हो मान ो डिक्शनरी खोल ली तो अरे भाई तुमने कहां से पढ़ा वो डिक्शनरी कौन सी है जेल धाम मेरे पास यार ये क्यों बोलते हो तुम जेल क्यों ना बोले जब तुम कोई ऐसी बात बोल सकते हो जो हमें बुरी लगे तो हम क्यों ना बोले को ऐसी बात जो तुम्ह बुरी लगे नहीं थो शांति से पूछ रहे हम शांति से पूछ रहे हैं ना आप आप आर भाव का मतलब जन्म तिरो भाव का मतलब मृत्यु कहां पर पढ़ा आपने आप यह नहीं मानते यह बता दो चलिए मेरी तरफ से इसी चलती लाइव में आपको 000 का इनाम पेटीएम की तरफ से मैं दूंगा आविर्भव का मतलब जन्म रो भाव का मतलब मृत्यु सिद्ध करिए किसी भी ग्रंथ से हमें इनाम चाहिए नहीं पहले अरे भाई आपको नहीं चाहिए किसी जरूरतमंद को डिक्शनरी

02:18:53:10 हा इसम बताओ अ लि अच्छा मानोगे नहीं मानोगे हा मानो आर भाव का मतलब है बताओ बताओ अभिव्यक्ति अभिव्यक्ति क्यार लिखा पले य बताओ अरे य लिखा है यार यह देखो दिख गया ड़ पास में करो आ बता हा आगे ब इसका मतलब अभी उपस्थिति प्रकट होना अवतार हो क्या ट होने का मतलब नहीं

02:19:36:27 पता टाइम पास कर इनको पीछे ीन ला आपके गुरु जीने तुम तो मुझे बताओ आर भाव का ज आविर्भव का अर्थ उसमें जन्म लिखा है क्या किसम ये डिक्शनरी में जन्म तो नहीं लिखा है मतलब कोई जैसे पर्यायवाची व हो है अलर मतलब मैं पूछ रहा हूं अभी तुम कह रहे थे जन्म होता है मैं जब बोल रहा था प्रकट अप प्रकट तो तुम नहीं मान रहे थे अब डिक्शनरी में दिखा दिया प्रकट अब तुम दिखाओ जन्म अभी दूसरी डिक्शनरी से मैं दिखा दूं अच्छा तुम भी नहीं मु दिखाओ मेहनत मत करो अब मुझे बताओ क्या कबीर सब कुछ कर सकता है कि नहीं सब कुछ कर सकता है भाई आज अच्छा वो अपना रूप बदल सकता है कि नहीं रूप तो कुछ भी अनेक बना सकता है यानी कि कबीर जो है वह अगर 6 फीट 5 इंच का है तो वह 5 फीट का शेर बन सकता है कि नहीं क्यों नहीं बन सकता है कुछ भी कर सकता है यानी कि जब वो जब वो 6 फीट 5 इंच का है तो जब वो 5 फीट बना तो बाकी

02:20:52:07 का जो एक फीट 5 इंच है व कहां गया कम हो गया ना य आपकी बालक वाली सोच ह दि भाई हर बात लिखी नहीं होती आप देखते फगा जैसे आप बातो में फसा रहे ऐसे ही फगा क्या सुनो सुनो क्या अनंत काल तक अपने बदले हुए रूप में रह सकता है क्या वापस रिपीट करो तुमने कहा कि वो रूप बदल सकता है क्या वो अनंत काल तक अपने बदले हुए रूप में रह सकता है क्या क्यों नहीं जैसे अगर मालिक की इच्छा चाहे जो रू यानी कि जो उसका स्वरूप यानी कि जो उसका स्वरूप है वो वास्तविक स्वरूप नहीं है क्योंकि वो अनंत काल बदल सकता है वो उनकी इच्छा हो तो कुछ भी कर सकता है ना मतलब सतगुरु जो यानी यानी कि वो डेड एंड नहीं है वो शाश्वत नहीं है आपके कहने से नहीं होगा ये चीज हम हम और आपके कहने से नहीं होगा तो भगवान है अरे तु अरे भाई वो तुम ख सुनो सुनो पहले मेरी बात

02:22:07:09 शाश्वत का अर्थ क्या होता है क्या जी शाश्वत का अर्थ क्या होता है शाश्वत का मतलब बिल्कुल जैसे य कह सकते हैं हम की शव का मतलब तुम लोग तरस आता है तुम लोग को उसके अलावा कुछ नहीं पता है जो उसने पढ़ा दिया है उसके अलावा तुम्ह कुछ नहीं पता है सुनो सुनो शाश्वत का अ होता है ई वही तो कह रहा शव तुम क रहे हो व शरीर बदल सकता है या तो व शाश्वत नहीं है या फिर व बदल नहीं सकता भाई आपके उन अनेक सि तो कुछ भी कर सकता है आपको इससे क्या मतलब तो फिर वो शाश्वत नहीं है ना बोलो वो शाश्वत नहीं है उसका शरीर बोलो मैं क्यों बोल आप नहीं बोलूंगा मैं आपके कहने से अरे तो आप ही तो कह रहे हो कि वो शाश्वत है शाश्वत उसे कहते जिसको बदला ना जा सके आज अपन जितने भी लाइव स्ट्रीम पर बैठे हैं या कुछ देख रहे हैं और सारे कबीर भगवान के बच्चे करो फलत बात मत करोट करो इनको फालतू बात बोलने के लिए नहीं दिया जाएगा फालतू बात म्यूट करो इ फालतू बात नहीं जो बात च वो करो अच्छा चलो ठीक

02:23:23:06 है क्या जो कबीर है वो अजर अमर अविनाशी है कि नहीं अजर अमर अविनाश तीनों है हां अजर का मतलब क्या है ये तो कह रहे हैं कि भाई आविर्भव तिरो भाव नहीं होता उनका तो यहां पर तो जो है यह पूर्ण प्रभु इनका प्रकट हुआ है यानी कि उसका आविर्भाव हुआ है यहां पर स लो ये क्या हो रहा है भाई ये ये थोड़ा समझाना मेरे को समझ नहीं आ रहा हां तो ये सही तो लिखा है इस अभी आप कह रहे थे मेरे को प्रकट का मतलब ही नहीं पता उसका अभी आप कह रहे थे अभी अभी प्रकट का मतलब आप हमसे पूछ रहे थे और आपकी किताब में ही प्रकट लिखा हुआ है इसका मतलब क्या है थोड़ा समझाइए लोगों को ये इनको इनको जरा प्रकट का मतलब समझाने दीजिए हमको थोड़ा प्रकट का मतलब क्या मतलब होता है

02:24:20:19 पूर्ण परमात्मा के लिए लिखा है जो सतलोक से जो प्रकट हुए थे उसके लिए लिखा प्रकट होने का मतलब क्या है वही पूछ रहे हैं ना कोई मैं आपसे कोई जापनीज में बात थोड़ी कर रहा च सरीर सर प्रकट का मतलब स शरीर होता है ना पक्का शरीर नहीं होता सरीर आना मतलब प्रकट होना जैसे कोई होना मतलब प्रकट अट होने का मतलब आना नहीं होता है आना तो ब्रज होता है ना प्र होने का मतलब होता क्या सुन अरे मेरे भाई प्रकट प्रकट होने का मतलब आना होता है कहां लिखा है डिक्शनरी में लिखा है क्या ब्रज मीस आना नहीं होता ये भी आपकी बात अरे वो छोड़ दो वो छोड़ दो मैं अभी पूछ रहा हूं प्रकट होने का मतलब आना का का मतलब नहीं पता है आना होता प्रकट हो विषय मत बदलो प्रकट होने का मतलब आना कहां लिखा है वो बताओ प्रकट का भगवान ऊपर से प्रकट होता है सबको पता है ना प्रकट होता ऊपर से प्रकट होता है में प्रकट होता है तलोक में प्रकट होता है

02:25:22:00 भगवान य सुनो भगवान सुनो सुनो सुनो भगवान ऊपर से या नीचे आते हैं उसको एक बार को माना जा सकता है प्रकट हुए सतलोक में सतलोक में प्रकट हो रहा है भगवान सतलोक में प्रकट हो रहा है जो सतलोक है जहा सब कुछ नित्य है तो यह प्रकट का शब्द का अर्थ आपसे मैं पूछ रहा हूं शंकर सिंह जी दो मिनट सुनिए कोई ना बहुत आप भी कोई अच्छे व्यक्ति लग रहे हैं प्रकट का अर्थ क्या होता है यह पूछ रहा हूं मैं आपसे बस प्रकट शब्द का प्रकट काने बता आप तर्शी संत के चेले हैं और आपको यह भी नहीं पता कि प्रकट शब्द का अर्थ क्या होता

02:26:02:00 है म प्रकट का मतलब जैसे भगवान ऊपर से आए हैं धरती में बस य प्रकट होना य मेरा मतलब भाई आने का मतलब प्रकट नहीं होता आना शब्द आना होता है प्रकट का क्या मतलब होता है य पूछ रहा हूं मैं आप बता दीजिए हमारा इतनी बुद्धि काम तत्वदर्शी जी ने आज तक आपको इतनी बात भी नहीं समझाई कि प्रकट का अर्थ क्या होता है आपको हिंदी भी नहीं आती है इसका मतलब संस्कृत की तो मैंने बात ही नहीं की अभी तक आपसे चलिए गल कर लीजिए चलिए गल कर लीजिए कोई बात नहीं चलो प्रकट होने प्रकट होने का मतलब बताए आपको मान लोगे बताइए बताइए प्रकट होने का मतलब है आंखों का विषय बन जाना प्रकट आंखों का विषय बन जाना हा जिसको देख जा जिसको देखा जा सके ऐ इसका भी नहीं पता इनको इसका मतलब नहीं पता इनको आंखों का विषय बन जाना अच्छा आप मेरे को बताइए पांच विषय कौन से होते हैं हमारे शरीर में हमारे शरीर के साथ जुड़े पांच विषय कौन से होते हैं फिर ही बताएगा ना विषय क्या होता है पांच विषय कौन से हैं हमारे पाच कमल कमल की बात कर रहे हो क्या आप अरे भाई कमल कहीं नहीं खिले हुए हमारे शरीर में आप चिंता मत करिए होगा तो कमल का फूल मेरे को लाके देना मैं बीजेपी

02:27:17:04 के दफ्तर में दे आऊंगा मैं ये पूछ रहा हूं आपसे कि हमारे पंच विषय कौन से होते हैं पंच विषय क्या होते हैं अपने शरीर में कमल होते हैं ऐसी बात नहीं पंच विषय क्या होते हैं कमल की बात नहीं कर रहा हूं पंच विषय क्या होते हैं मैंने कमलो के नहीं पूछा कि पंच कमल कौन से होते हैं उनमें कौन से देवता होते हैं पूछ रहा हूं पांच विषय कौन से होते हैं हमारे यह तो जानकारी नहीं है भया आप बता दीजिए अच्छा वेरी गुड वेरी गुड एक बार ताली बजाओ के अपने लिए बार नहीं तो आप बता दे क्या दिक्कत है इस अच्छा

02:27:53:02 जब हम बता रहे तो हमारी चीज पर विश्वास तो है नहीं तो हम बता के करें क्या नहीं नहीं आप एक ल ब यही जब हम आपको शास्त्र खोल खोल के दिखा रहे तो आप कह रहे हो आप पता नहीं कौन सी किताब दिखा रहे हो क्या दिखा रहे हो हमें क्या पता ये वो मैंने ऐसे बोला ही नहीं अभी तक कि कौन सी किताब शिवा जी एक मिनट मैं इनसे बात करू अच्छा मेरे को बताइए शंकर सिंह जी सर्ग में और अध्याय में क्या अंतर आप करोगे जब आपको बोला जाएगा कि यह रामायण का का सर्ग है और बोला जाए कि यह महाभारत का अध्याय है तो इसमें क्या अंतर करोगे आप अरे गोविंद भा क प अरे छोटी बेसिक जानकारी तो ले लेने दो इनसे अच्छा वेद शब्द का अर्थ क्या है और कौन सी धातु से बना हुआ है वो देखो इतना बड़ा लिखा नहीं है जो आप मेरे से बात कर रहे हो अच्छा अच्छा अच्छा अच्छा अच्छा चलिए और आसान कर थोड़ा सा और आसान कर देता हूं दशा अवतारों के नाम पता है आप दशा अवतारों के नाम पता है आपको बताइए सीक्वेंस वाइज बता दीजिए पहला दूसरा तीसरा चौथा हमें नहीं बताया मैं सड़क प बैठा हुआ अगर कोई चरसी भी होगा ना ठीक है मैं वैसे ही बात यूज नहीं करता हूं अगर मैं किसी अपने अभी निकल जाऊ ना घर के बाहर सड़क प कोई बैठा हो ना जो थोड़ा मादक पदार्थ भी

02:29:08:02 लेता है ठीक है उसको भी ये सारे विषयों का ज्ञान होगा उसने अगर कोई भी अपना गुरु बनाया होगा ठीक है उस चीज का ज्ञान होने से क्या वो भगवान का वो हो जाएगा या फिर भगवान का ज्ञान शास्त्र से होगा और जब आपको शास्त्र का बेसिक ज्ञान ही नहीं है तो आप किस अनुसार कह रहे कि उससे भगवान का पता चल जाएगा भगवान आपको खुद तो आए नहीं थे मिलने एक बात बताओ जब तुम्हें कुछ ज्ञान ही नहीं है तो तुम किसी और के क्लेम को काउंटर कैसे करते हो जब तुमको कुछ पता ही नहीं है तुमको यह नहीं पता आर भाव का अर्थ जन्म नहीं बल्कि प्रकट है रो भाव का अर्थ मृत्यु नहीं बल्कि अपक है तुमको यह नहीं पता कि सतलोक में आपका जो परमेश्वर प्रकट हो रहा है प्रकट होने का मतलब उससे पहले सतलोक में नहीं था अप प्रकट था जब कोई चीज प्रकट हो रही है तो इसका मतलब व अप प्रकट थी उससे

02:30:04:16 पहले में किया इसका मतलब य है कि आपका ईश्वर सर्वशक्तिमान नहीं है आप ही के अनुसार नहीं सर्वशक्तिमान तो है य तो मैं मानता हूं जी क्या बोल रहे जी थोड़ी इजाजत चाहूंगा आज के लिए आपसे बड़ी क्षमा चाहता हूं कुछ भाई बंधु और भी है वो वेट कर रहे हैं ठीक है ऐसे लोगों से आप जितना भी कर लीजिए कोई फायदा नहीं इनकी एक रील भी काट के डाल दीजिएगा जो जो मैंने इनसे पूछा है अगर हो सके

02:30:36:03 तो नहीं भाई अब एक बा काटने और व सेने कोई महाभारत 148 4 वा श्लोक पढ़ो श्री कृष्ण ही क्या लिखा है भैया कोई पढ़ के सुना दो इनको श्री कृष्ण ही यहां से पढ़िए य से श्री कृष्ण ही श्री कृष्ण ही लाल नेत्रों वाले दंड दारी सनातन काल है इसको सेव भी कर लीजिएगा सेव है सेव से और परमेश्वर भी लिखा है ये देखो काल ही परमेश्वर है को काल मानते हो ना अरे काल ही परमेश्वर है देखलो पहले पहले ये देख लो ऊपर काल ही परमेश्वर है ये भी देख लो हरि ओम जी माया हेलो क्याय काल ही परमेश्वर है दिख रहा है काल अलग चीज है भगवान अलग चीज देखो क्या लिखा है काल ही परमेश्वर है क्या लिखा है लिखा है का परमे ये देखो ना काली परमेश्वर लिखा है

02:31:51:16 ये ये पढ़ो खा काल ही परमेश्वर है दिख रहा दिख रहा है हो गया हैरे सु अब सुनो की बात बताओ हा बताओ जो कबीर का जो शरीर है जो कबीर का शरीर है वोह बदला जा सकता है या नहीं बदला जा सकता आपका कहने मतलब आप क्यों देखो फल बात मत करो बहुत देर हो गई वो कम ज्यादा हो सकता है कि नहीं वो शाश्वत है कि नहीं है बताओ उनके डिक्शनरी में इंपॉसिबल वर्ड नहीं है वो कुछ भी कर सकता हैका मतलब उसका शरीर है व शाश्वत नहीं है बदला जा सता है क्यों नहीं अरे तो तुम बताओ ना क्यों है जब वो बदला जा सकता तो व शाश्वत क्यों है भाई वो अविनाशी भगवान है बाकी सारे जितने भी भगवा तो है लेकिन वो मुझे बस यह बताओ कि उनका शरीर शाश्वत है कि नहीं है उनका शरीर शाश्वत है शाश्वत है यानी कि उसको कम ज्यादा नहीं किया जा सकता वो कुछ भी

02:33:06:18 कर सकता है मैं बोल रहा हूं कब से आप का मतलब य होता है जिसको कम और ज्यादा नहीं किया जा सकता ऐसा नहीं होता है आप बो रहे या तोय मानो ईश्वर भी अपने शरीर को कम ज्यादा नहीं सता या तो यह मानो की ईश्वर का जो शरीर है वह शाश्वत नहीं है बस दोनों में से एकज मान सकते हो आपके कहने से चलो क्या य बता अजीब बात है मेरे कहने से चलो मैं आपसे पूछ रहा शास्त्र के कहने से चलोगे मैंने बोल तो दिया कुछ भी कर सकता था आप कुछ भी कर सकता है तो यह बोलो उनका शरीर शाश्वत नहीं है मैं क्यों बोलू आप क्योंकि उनका शरीर बदल सकता है आप थोड़ा टॉपिक चेंज कर द आपके समझ में नहीं आएगा येज क क्यों क्यों टॉपिक चेंज करें यही तो टॉपिक है ज फोगे क्यों टॉपिक चेंज करें मयंक जी को बोलने दो काफी देर से नहीं नहीं म जी मत बो म जी आप मत बोलो रुक जाओ आप मुझे ये बताओ आप मुझे य बताओ आप मुझे ये बताओ कि आपके जो कबीर साहब है उनका शरीर अजर है कि नहीं अजर अमर

02:34:21:24 अविनाशी बोला मैंने वो है कि नहीं जी बिल्कुल तीनों है तीनों है और अपान वायु है कि नहीं अपान वायु बोले तो भैया इनको पहले इनका मतलब बताओ फिर ये बात करेंगे ना इनको म अपान वायु का मतलब आप तो उसमें वर्ड आ जाता जैसे निराकार में नहीं नहीं आप यहां बोल निराकार नहीं तो समझ में नहीं आ रहा है मैं आपसे यह पूछ रहा हूं चलो उसको छोड़ दो पानवा को आप मुझे बताओ कि आपका जो कबीर है वो अजर है कि नहीं अजर आपका नहीं अजर अमर अविनाशी है भैया कब से बोल रहा हूं ठीक है अजर का मतलब क्या समझते हैं आप उनको बोलो मैडम जी को बीच में ना बोले कोई

02:35:20:02 को अल हां तो उनसे कहिए किसी और रूम में जाए या आप दूसरे रूम में चले जाइए उल् सीधा हां भैया बात करनी है हमसे कि हम लोग फालतू बैठे हैं आप वही उनसे ही बात करिए य तो आप बताइए ना अरे मैं क्यों बताऊं भाई तुमको क्या पता है हमने तो बहुत चीज बता दी बूढ़ा नहीं होता मैंने बता दिया नहीं तो आप नहीं मानोगे ना इस चीज को कि कबीर भगवान बूढ़ा भी हो सकता है ऐसे आप तो मानोगे नहीं ना मैं आपसे पूछ रहा हूं कभी क्या आपका भगवान ऐसा है जो कभी बूढ़ा नहीं होता बिल्कुल कभी बूढ़ा नहीं हो सकता ठीक है अब भैया इनको फोटो दिखाओ फोटो दिखाओ फोटो दिखा दीजिए क्या दिक्कत बस ये लोग इन्ही चीजों प होते हैं फोटो का मतलब जैसे धरती पर आते हैं तो जैसे अपने यहां जैसे बूढ़े लोग होते हैं तो वो लीला अनुसार व रहते हैं ऐसी बात नहीं है कि य आने से मतलब बूढ़े होने से भगवान या वो उका वास्तविक रूप नहीं है वास्तविक रूप का मीस ये नहीं होता है जैसे आपने बोला कि बूढ़ा नहीं हो सकता कहने का मतलब आप भा जो चित्र आप लेके चल रहे हो कबीर का

02:36:35:07 कि वो जो दाढ़ी है सफेद सफेद बुढ़ापे जैसा शरीर है जो वो उनका वास्तविक रूप है कि नहीं देखो परमात्मा का जो चित्र जो कबीर साहेब का है इनकी बुक इनकी बुक चित्र दिखाओ कबीर साब का चित्र [संगीत] जो शिवांश जी मैं आपके साथ कल जुड़ता हूं फिर अगली लाइव में अभी मेरे को जाना पड़ेगा ठीक है आप सभी कोरी तरफ चले जा थो एंटरटेनमेंट होता है बिल्कुल रुकता थोड़ा सा भाई लोग और भी इंतजार कर

02:37:16:01 रहे जय श्री राम बताइए बताइए बताइ हा भाई ये बूढ़ा है जवान है कि क्या है ये यह भगवान है कुछ भी नहीं है भगवान है अरे मैं कह रहा हूं यह जो इनका शरीर दिख रहा है बुढ़ापे का शरीर है या जवानी का शरीर है बुढ़ापे का है बुढ़ापे का है तो तुम तो कह रहे हो कभी बूढ़ा नहीं होता वो नहीं होता लेकिन य लीला अनुसार दिखाना पड़ता है ना लोगों को लोगों को इस तरह लगे लिखा है पता है भगवान की महिमा है भाई इछ लिखा है उसको लीला अनुसार ऐसा करना पड़ता है आप हर चीज का लिखा लिखा मत बोलिए मतलब आपके पास हरज का लिखा लिखा नहीं है लेकिन मैं जो बोल रहा बिल्कुल सच्चाई है आप अरे सचाई ख दिखाओ ना तब तो बात कर हमने आपको दि दिया सनातन काल है हमने आपको दिखा दिया कृ वासुदेव हमने दिया कृष्ण ही परमेश्वर है तुम लिखा दिखा तुम अभी तक लिखा नहीं दिखा पाए कृष्ण काल नहीं है कृष्ण परमेश्वर नहीं है पूछ रहा जो आपका जो ईश्वर है उसको यदि लीला में आना

02:38:31:03 पड़ता है तो बूढ़ा ही होना पड़ता है यह कहां लिखा है और दूसरी बात यह है कि इसका मतलब यह जो फोटो है यह वास्तविक फोटो नहीं है यह आपके रामपाल जी ने कहां पर लिखा है यह वास्तविक स्वरूप नहीं है यह कहां लिखा है ऐसा तो नहीं लिखा भैया तो फिर ये तो तुम्हारे मन की बात हो गई फिर तुम्हारे लोग दूसरे दूसरे कहते हैं तुम्हारे लोग दूसरे दूसरे कहते हैं कि मूर्खों से हमारे मूर्खों से बात करते हो तुम्हारे ही लोग बोलते हैं फिर वीडियो बनाते हैं अरे वो बात बोलो ना जो रामपाल जी ने मानी हो जो स्वीकार की हो उस बात के लिए बात रखो यहां पे फालतू बात बोल रहे अपने मन से भगवानों की बात कर रहे हो अविनाशी अंतर देखिए अब जो विषय चल रहा है उस पर रहिए कबीर बूढ़ा दिख रहा है कि नहीं दिख रहा आपने मान लिया बूढ़ा दिख रहा है आप कह रहे हो बुढ़ापा उस पर नहीं आता आप बताओ कि ये उसका असली शरीर नहीं है ये कहां लिखा है रामपाल ने क स्वीकार किया रामपाल दास ने यह कहां स्वीकार किया यह जो कबीर दिख रहा है यह वास्तविक शरीर नहीं है कबीर का आज की डेट में देखो भगवान है वो सुन रहे होंगे तो क्या आपको बोलते हो फि प्रमाण बताओ अब प्रमाण फलतु बात मत बोलो प्रमाण है प्रमाण क्या दिखा

02:39:46:04 मेरे पास मेरे पास कु है ठीक है चलिए निकलिए शंकर जी कभी दिल में झांक बढ़िया टाइम पास हुआ आज क्या कहते हैं करीब दो घंटे अच्छा टाइम पास हुआ इसमें क्या हुआ ऐसे लोग आते हैं सोच के कि हम लोग जाकर के व यह करेंगे वो करेंगे और उसम हमारे लोगों को सच्चाई दिखती है पता चलता है क्या है क्या नहीं है हां भाई आकाश तिवारी नहीं है झूठ क्यों भाई शरू से ही लीला लीला नहीं जो आपने कहा था इनकी शुरू से ही लीला चल रही देख

02:40:37:00 लो आकाश हा एक मिनट एक मिनट एक मिनट आकाश दास जी आप बोले शिवो हम बो भैया आपको इनसे एक चीज और पूछना चाहिए था जो यह बताते हैं जो भी आए शंकर सिंह जी उनसे पूछना चा जोय बताते हैं कि पांचवे वेद के रूप में सूक्ष्म वेद में जो कबीर सागर का नाम लेते हैं उस जबका जी मैं ये पूछ रहा हूं आपसे कि आपकी ज्ञान गंगा इत्यादि में लिखा है गीता तेरा ज्ञान अमृत में भी लिखा है कि जो भगवत गीता है उसके 5 प्र श्लोक जो है वह काल ने अपने मन का अपना ज्ञान दे दिया है ऐसा ही है ना 5 प्र बात सुनिए ऐसा है देखिए देख मैं जो पूछ रहा हूं उसका उसके बारे में बताइए हां जो आप कह रहे हो काल ने दिया है ना

02:41:45:10 अरे मुझे अपना प्रश्न तो पूछ लेने दो क्यों ज्यादा बता रहे मैं ज्यादा पूछ नहीं रहा हूं तो अच्छा अच्छा हा गीता में टोटल 700 श्लोक है गीता में टोटल 700 श्लोक है हा 700 का 5 प्रत होता है 5 35 यह जो 35 यानी कि गीता के 35 श्लोक ऐसे हैं जो काल ने अपना ज्ञान दे दिया है वो 5 प्र 35 शलोक कौन कौन से हैं वो

02:42:23:15 बताइए देखिए नहीं पता ऐसा बात पहले हम इस तर्क प नहीं कर अरे भाई जो तुम लोग देखो तुम एक कहानी लेकर चलते हो मैं क्यों पूछ र हूं उसको समझो तुम एक कहानी लेकर चलते हो भाई काल ने अपना भी ज्ञान दे दिया अपने बारे में बोल दिया अपने बारे में बोल दिया यह तो काल बोल रहा है ये तो अपने बारे में बोल रहा है बोलते हो ना तो अब हम आपको अब हम आपको वो प्रमाण दिखा पाए जिसमें आप ये ना बोल पाओ कि तो काल ने अपने लिए बोला है यह काल ने अपना ज्ञान दिया इसलिए हमें यह पता होना चाहिए कि गीता के व 35 लोक कौन कौन से है

02:43:00:15 बताओ बताओ मैं टिक लगाऊंगा गीता में जल्दी बताओ शलोक कौन कन से देखिए यने अपने लिए बोला है तत्वदर्शी संत ने नहीं बताया व जो पूज्य गुरुदेव ने जो बताया है नहीं उन्होने आपको य नहीं बता कौन से लोक है नहीं जो गलत है काल ने अपना जन दिया है वो ऐसा है देखिए बात समझ देखिए ऐसा इधर उधर की बात मत कर देखिए जो ज्ञान गुरु पूछ रहा पता है क्या गीता में वो 35 लोक कौन-कौन से हैं देखिए जो वो 3 पले पहले बात क्लियर करो कि पता है कि नहीं पता है अभी संदर्भ में हम कंफर्म नहीं कर सकते हां कल परसों में हम इसमें बता सकते हैं क्या है अच्छा ठीक है दूसरा अब आप बोलिए क्या बोल रहे थे बोलिए हां यह बोल रहे हैं कि देखिए जो आप यह कह रहे हो कि जैसे श्रीमद भाग देवी पुराण में या किसी में भी जो ज्ञान है या कोई जैसे अविनाश है कहीं है देखो ज्ञान

02:44:15:27 एक परमात्मा ने जो बताया है गुरुजी उसका मूल आधार जो है व कबीर सागर है वाह वाह वा एक ब सब लोग तालिया बजा दो भैया सब लोग एक बार तालिया बजा दो बहुत बढ़िया भैया पा आप बजा माइक खोल के बजाइए माइक खोल लीजिए अपने अपने माइक खोल लीजिए सब लोग तालिया बजा बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया बहुत बढ इतनी सची बात कही आपने उसका मूल आधार कबीर सागर है उसका मूल आधार वेद नहीं

02:44:55:01 है लेकिन ऐसा नहीं है कि कि उसका ज्ञान वेदों में भी नहीं मिलता है अरे भाई सुनो मेरी बात सुनो जैसे मान लो की कुत्ता जो है दातो से चबा के खाना खाता है स्वान जानते हो स्वान हिंदी में कुत्ता कहते हैं शु हिंदी में स्वान जी जी समझता ठीक है स्वान जो है दांतों से चबा केर खाना खाता है अब जैसे रामपाल दास जी अपने लिए कह भी रहे हैं कि मैं कुत्ता हूं और वो भी दांतों से ही चबा के खाना खाते हैं तो क्या केवल इतने मात्र से कि कुत्ते ने दांतों से चबा के खाना खाया और उन्होंने भी दांतो से छवा के खाना खाया इसलिए कुत्ता और रामपाल एक हो जाएंगे क्या नहीं उसका भाव देखना पड़ता है कहां कैसा नहीं मैं बोलने वाली बात पर नहीं बात कर रहा हूं बोल रहा हूं जैसे कुत्ता भी दातो से चबा के खाना खाता है और रामपाल दास भी खाते हैं हम भी खाते हैं ठीक है जी जी जी क्या इस कारण से कुत्ते और रामपाल दास जी को एक मान लिया जाएगा नहीं नहीं माना जाएगा और कब एक माना जाएगा जब तक कुत्ते के सारे गुण रामपाल दास जी में ना मिलते हो कब एक माना जाएगा

02:46:10:03 हा हा कब एक माना जाएगा जब तक गुण रूप और ना मिले तब तक नहीं माना जा सारे के सारे हम सारे सारे हा तो रामपा जैसे आपने कहा ना कबीर सागर आप खूब मानो मगर वो सारा का सारा वेदों से मैच नहीं खाता है कुछ एक बात अगर मैच खा गई तो उसके आधार पर आप ये नहीं कह सकते हो कि नहीं वो ज्ञान वेदों में नहीं है क्योंकि वेदों में दूसरा भी ज्ञान है उसका खंडन हो रहा है आपके कारण वेदों में दूसरा भी ज्ञान है उसका खंडन हो रहा है आप ये बोला करो कबीर सागर में प्रमाण है और कबीर भगवान है खुब बोलो हम भी बोलेंगे जी बोलेंगे भाई कबीर सागर में प्रमाण है बोल दो भैया सब लोग कबीर सागर में प्रमाण है और आपके कबीर जो है आपके लिए भगवान है बोल दिया कबीर पंथ के लिए कबीर भगवान है हा विरोध किस चीज का है देखिए क्या नाम है आकाश दास जी विरोध हमारा यह नहीं है कि आप कबीर दास को भगवान मानते हो विरोध इस बात का है कि आप ये कहते हो कि वेदों में प्रमाण है ऐसा विरोध इस बात का देखो परमात्मा ने ये कबीर साहब ने स्वयं बताया है कि देखिए हम हमारे लिए कबीर साहब की वाणी प्रमाण

02:47:25:09 नहीं है पहले तो ये समझ लो सुनो हमको प्रमाण के रूप में वेद चाहिए हमको प्रमाण के रूप में पुराण चाहिए हमको कबीर सागर नहीं चाहिए कबीर साहब ने क्या बोला नहीं चाहिए अगर उनकी कोई चीज हमारी वेदों से मैच खाएगी जो वेदों का खंडन ना करती हो वेदों के बाहर ना हो तो हम उनकी वाणी को ले लेंगे बस जैसे जैसे जैसे आप वेदों की वो बात लेंगे जो कबीर सागर से मैच करती हो ऐसे ही हम कबीर सागर की सिर्फ वो बात लेते हैं जो वेद और पुराण से मैच करती हो ट्स इट और यह बात महाभारत में लिखी भी है यह बात अन्य शास्त्रों में लिखी ई है तुम्हारा जो फैक्ट फुल वो दोगला अभिषेक है जो उसने भी बोला कि जो भी जो भी ग्रंथ है उनका जो अर्थ है वो वेद के सीमा में होना चाहिए अगर वेद के कोई बाहर जाएगा तो वो ले जाने वाला गधा है ये वो है ये बोला उसने ऐ वेद में जो लिखा है वो सत्य लिखा है लेकिन ऐसा है देखिए वेद में सुनिए आप कह रहे वेद में लिखा है स क र आप कह रहे वेद में जो लिखा है सत्य लिखा है हम कह रहे वेद में सब कुछ जो लिखा है वो सब कुछ सत्य

02:48:40:14 लिखा है यह दिक्कत है आप सब कुछ नहीं मानते हैं स आप सिर्फ उतना सत्य मानते जितना आपके कबीर सागर से मैच खाता है समझ रहे अब एक बात बताइए आप यह तो हो गई य बात के शास्त्रों का आधार पर वो नहीं है कबीर सागर के आधार पर आपका मामला ठीक अच्छी बात अब आप मुझे बात बताइए गीता के साथ जो प लोक है वो पता करके आइएगा और अब मुझे बात बताइए कि क्या कबीर जो है वो सदैव था हमेशा से था या नहीं था वो बताइए हां जी कबीर जी ही सर्वप्रथम स प्रथम वही थे कबीर साहब ही नहीं सर्वप्रथम नहीं वो सदैव थे कि नहीं थे हा सदैव थे सदैव है और सदैव रहेंगे सदैव थे सदैव है और सदैव रहेंगे तो जो सबसे अंतिम जो दुनिया है वो कौन सी दुनिया उसका कुछ नाम है क्या जी उसका नाम है सतलोक उससे भिन्न तो कोई दुनिया नहीं है उससे भी भिन्न है लेकिन उ

02:49:55:15 के तीन लोग है वो भी अजर अक लोग अनामी लोग और अगम लोग नहीं नहीं उससे ऊपर उससे ऊपर तो कोई लोग नहीं है हां उससे ऊपर है ये तीनों लोग तलोक से ऊपर हां जी अच्छा तलोक के ऊपर है तो सबसे एंड में कौन सा वो है अनामी शिवम जी आप अपनी बात रख लीजिए आपको एक मिनट ले रहा हूं मैं आकाश दास बोलिए भैया इनसे यह पूछिए जोय लोग बकवास करते हैं कि यह सक्षम वेद इनका जो कबीर सागर है यह पांचवा वेद है यह भी कई लोग बकवा अरे वो अपने मन से करते हैं वो अपने मन से करते बोल तो रहे कि हमारा जो आधार है व कबीर सागर है और क्या बोले आदमी इतना सच बोल तो दिया और क्या बोले हमारा आधार कबीर सागर है और हमारा आधार वेद है हमारा नहीं य तुम्हारा कबीर कहां पर रहता है उस बारे में मुझे बात करने आ एक्सपर्ट न मामलो का मुझे उस बारे में बात कर दज

02:51:10:16 ठीक है हा भाई तो सबसे अंतिम वाला जो लोग है वो कौन सा है हां बता दो दिया अरे एक बार और बता दो अनामी लोग अनामी लोग तो ये जो अनामी लोग है इसमें कबीर स शरीर रहता है या नहीं रहता है हां कबीर साहब जी अपने स शरीर मतलब जो रूप में है परमात्मा एक मनुष्य के रूप में रहते हैं हां ठीक बहुत बढ़िया तो मुझे बता दो कि जब सब कुछ उसी ने बनाया है कि नहीं बनाया है जी सब कुछ उसी ने बनाया सारे लोक भी उसी ने बनाए हां सारे लोकों की रचना उन्हीं ने की है अच्छा तो जहां वो अनामी लोक है वो अनामी लोक किसने बनाया कबीर साहब ने जैसे मान लीजिए ये कबीर साब ये कबीर साहब है हम समझ गए आपके भाव को समझ ग एक मिनट एक मिनट मुझे बोल बोलने दीजिए ये कबीर साहब है मान लीजिए जी अभी तक अनामी लोक नहीं है वो बनाने वाले हैं तो ये कहां खड़े हैं उस समय

02:52:25:16 देखिए सर्वप्रथम को जब कोई लोग नहीं थे तब वो कबीर साहब ही थे उनमें सब समस्त चराचर सब कुछ उन्हीं में विद्यमान था नहीं नहीं उनमें था उनके बाहर उनके बाहर दुनिया थी कि नहीं थी उनसे बाहर नहीं तब दुनिया नहीं थी उनके बाहर स्पेस था कि नहीं स्पेस स्पेस नहीं था कुछ भी नहीं था ड़ थे सर्वप्रथम मनुष्य रूप में मनुष्य रूप में परमात्मा तब नहीं थे तब मालिक जो है उनका रूप अनित्य था और अनित नहीं अरे मतलब परमात्मा का जो है वो रूप हम बता नहीं सकते शब्दों में तरीके से अरे बात तो मतलब जो परमात्मा का ये वाला रूप है यह जो रूप है यह प्रकट नहीं था उस समय हां ये रूप तब नहीं था यानी कि ये रूप शाश्वत नहीं है अरे ये रूप शाश्वत ही है जब मालिक ने आप कह रहे हो ना कि ये रूप तब नहीं था अरे भा पहले बात तो पूरी समझिए ठीक है बताइए तब परमात्मा ने सृष्टि की रचना की विषय में उनका विचार

02:53:40:22 आया तब उन्होंने अपने शब्द से ये लोग भाई साहब पहले तो मेरी एक बात समझिए पहले मेरी एक बात समझिए मनुष्य के रूप में विराजमान हुए यानी कि कोई समय ऐसा था जब वो मनुष्य के रूप में नहीं थे सबसे पहले वो अपक रूप में थे हां वो एक समय था सबसे पहले सबसे पहले वो अपक रूप में थे जी जी तो उसको क्या निराकार भी कहते हैं क्या ऐसा तब वो निराकार रूप नहीं था लेकिन वो उनका एक रूप ऐसा था कि कैसा रूप था वो बताओ कैसा रूप था कैसा रूप भाई साहब देखो आगे की स्टोरी में सुनूंगा आपसे बहुत अच्छी है रोचक है मैं सुनूंगा उनका कैसा रूप

02:54:31:26 था रूप का मतलब आ समझ लीजिए कि उनके अंदर सब विद्यमान था हर अी बताइए परमात्मा से अलग कुछ खाली जगह थी कि नहीं थी खाली जगह परमात्मा से अलग मैं छोड़ दो मैं अभी इस नहीं जा रहा हूं वो किस रूप में थे खाली जगह थी हा श्य स्थान था सु स्न अरे मैं ये पूछ रहा हूं कि जैसे परमात्मा अभी ऐसे रूप में है जिसको देखा नहीं जा सकता जिसको सुना नहीं जा सकता जिसको छुआ नहीं जा सकता ऐसे रूप में था ना परमात्मा सर्वप्रथम

02:55:10:28 जी जी तो फिर यहां तो उसका आविर्भाव होना सिद्ध हो गया देखो आर्व परमात्मा का अविर भाव और जो त्र भाव जो यह है वो ना उनके जन्म हुआ ना उनकी मृत ई अरे मेरे भाई मैं अभी आर भाव की बात कर रहा हूं पहली बात तो ये है अगर आप ये मान रहे हैं कि सबसे पहले वह ऐसी अवस्था में था जिसका कोई रूप नहीं होता अब तुम उसको मानो नहीं कि मैं वो निराकार है बात अलग है तुमने कहा उसका कोई रूप नहीं होता ठीक है अब उसका कोई रूप नहीं है मैं उसको निराकार नहीं बोल रहा मगर जो उसका रूप तुम मान रहे हो उस रूप का आविर्भाव हुआ ना प्रकट हुआ ना वो अरे तो वो प्रकट हुए या उन्होंने मतलब प्रकट प्रकट हुआ प्रकट प्रकट हुआ

02:56:05:26 ना हां यानी कि आविर्भाव हुआ ठीक ठीक अच्छा तो पहली बात तो यहां पर स हो गया अब दूसरी बात मैं कह रहा हूं कि जिस समय परमात्मा किसी ऐसे रूप में था जो जिसका कोई रूप नहीं है उस समय क्या परमात्मा से अलग थोड़ी बहुत जगह जिसमें की परमात्मा खुद को प्रकट करे वो थी कि नहीं थी थी बता तो रहा हूं सुन्य स्थान था अरे भाई सुन्य स्थान का मतलब जैसे मान के चलिए 1015 किलोमीटर का एरिया या अनंत मतलब की जो परमात्मा ने प्रकट होने से पहले जब वो अप प्रकट था तब तक उसने यह जो शून्य स्थान है उसको उसने नहीं बनाया जी जी श स्थान को उसने नहीं बनाया नहीं यानी वह सब कुछ बनाने वाला रचयिता नहीं है क्यों नहीं सब कुछ उसी ने रचना की आप ही तो क श स्थान को उसने नहीं बनाया

02:57:20:24 अरे बनाया सब उन्हीं ने है फिर वही बात अभी आपने कहा श्य स्थान उन्होंने नहीं बनाया श्य स्थान के बारे में कल कन्फर्म करके बता देंगे बहुत बढ़िया आप सच्चे व्यक्ति है अपना नाम बदल के मत आया कर आकाश तिवारी रख के मत आया कर ठीक है कल आइए विल जी जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम बहुत बहुत बधाई आपको अरे बहुत बहुत अच्छे से गौ माता की कल सेवा की है वीडियो डालेंगे एक दिन में हम लोग और यह थोड़े से थोड़े थोड़े ठीक व्यक्ति है स जहां पर जो सच होता है उसको फर बोलते हैं अब खुल के उन्होने बोला जो बात य लोग नहीं बोलते य हमारा अंतिम प्रमाण वेद नहीं है हमारा अंतिम प्रमाण क्या है कबीर सागर कबीर सागर हमारा अंतिम प्रमाण भद है िक व है सनातनी व है जिसका अंतिम प्रमाण वेद है सुनिए मैं य चल सकता है इस एक वीडियो दिखानी है मुझे आपको सबको नहीं

02:58:35:26 असल में व वीडियो आप पहले से देनी होगी क्योंकि वीडियो दे देते हैं ना दिखा देते सीधे सधे कुछ इशू होते हैं टेक्निकल तो वीडियो मैं आपको इ प डीम कर दू कहा आप अपने मोबाइल में दिखा सकते जसे दसरा मोबाइल हो कोई उसम प्ले करके दिखा सकते हैं पता नहीं ना कि मैं यय कैसे चल रहा हूं इतना भी मुझको दूसरा दूसरा मोबाइल जैसे इससे आप बात कर रहे हो और दूसरा मोबाइल प आप प्ले करके थोड़ा आवाज सुना दो अच्छा तो एक सेकंड में लेकर आता हूं ठीक है जी एक सेकंड आ जाइ वेदों में परमात्मा की स्तुति कैसी की जाती है उसके बारे में किस तरीके से बताया जाता है थोड़ा बहुत बगा यजुर्वेद का 31 31 और 32 अध्याय है उस परमात्मा के बारे में क्या लिखा है परम पुरुष हजारों सिर वाला हजारों नेत्रों वाला व हजारों पैर वाला है वह परम पुरुष सारे ब्रह्मांड को घेर कर भी 10 अंगुल ऊपर अधिक तट है जो हो चुका है जो होने वाला है वह परम पुरुष ही है वह अमरता का स्वामी है जो अन्य से बढ़ोतरी पाते हैं उनके भी व स्वामी है परम पुरुष अत्यंत महिमा वान है इनके चरणों

02:59:51:03 में सभी प्राणी है इसका इनका एक भाग पृथ्वी पर है जिसमें सब प्राणी है और तीन भाव तीन भाग कौन सा कौन सा पढ़ रहे यजुर्वेद 3 अध्याय और इसमें देखो और जब इसका तुम सवा 18 मंत्र पढ़ोगे उसम क्या लिखा है परम पुरुष को जानने से परम तत्व की प्राप्ति होती वह अंधकार से परे है वह आदित्य जैसे वर्ण के हैं उसको उनको जानने के जानकर जो मृत्यु के पथ पर जाते हैं उन्हें उस पथ से मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है इसके अलावा मोक्ष का कोई दूसरा मार्ग नहीं है और 20 बावे मंत्र में क्लियर किया कि वोह कौन है हे परम पुरुष श्री लक्ष्मी आपकी पत्नी है कौन हुए हे परम पुरुष श्री आप श्री लक्ष्मी आपकी पत्नी है दोनों भुजाएं दिन और रात है नक्षत्र आपके रूप हैं आप सबकी इच्छा पूर्ति की सामर्थ्य रखते हैं आप सभी लोगों की इच्छा पूर्ति की पूर्ति करने की कृपा कीजिए इसमें 22 मंत्र है 31 अध्याय

03:01:06:10 और 32 31 में 22 है और 32 32 में तुम्हारे हैं 16 16 और 22 38 मंत्रों में पूरी व्याख्या की गही है परम पुरुष की व्याख्या हो गई परम पुरुष जो है लक्ष्मी पति विष्णु हा विशाल जी बोलिए पहाड़ी जीने जोभी बताया उसी पर वीडियो लाया य देखि इनको आप जानते ही होंगे य आवा सुना दीजिए व दिख नहीं रहा स्क्रीन में आवाज सुना आवाज आ रही

03:01:45:00 है उसका जो स्पीकर है ना उसका जो स्पीकर है ना वो आप बिल्कुल य जो इसका जो होता है ना बोलने वाला वहां पर कर उसका स्पीकर नीचे में हा जहा पर वो हा जहां से बोलते हैं ना फोन में नीचे की साइड से वहा पर आप उसका स्कर लगा जोड़ दे रहा इनको आप ऐसा करो मेरी इंस्टा आईडी पर उसका लिंक मैसेज कर दो वीडियो का एक सेकंड वो मैं इस दिखाना सभी लोग देखे रुकिए ऐसा करो हो गया इंतजाम कर दिया है आप इसका लिंक भेज दीजिए मेरी इं आईडी ठीक है मैं इसका लिंक भेज दूंगा आपको अभी भेज दीजिए वही बताने अभी बोला अच्छा नहीं आप आप भेजिए तो हम दिखा देंगे अभी दिखा देंगे भेजता हूं भेजता हं अगर उसके लिए आउट होना पड़े ना तो आउट हो जाइएगा थोड़ी देर के लिए फिर आ जाइए ंश भाई एक जो मंत्र है ना वो चारों वेदों में मिलेगा तुमको सहस्त्र शीर्ष पुरष चैट पर चैट पर दे दीजिए चैट पर भी मांग रहे दे दीजिए विशाल जी चैट

03:03:00:01 पर दे दीजिए आप कर देंगे इस आपका लाइव स्ट्रीम हमारे टेक्निशियन आ ग भैया हमें टेक्निक मालूम नहीं है ज्यादा हमें व्यक्ति को कैसे फसाना है ये आता है ये चैट प शेर कर उस तो हम आही रहे कर दीजिए चैट प कर दीजिए जी जी कह रहा हूं कह रहा हूं अच्छा एक बात एक बात आप माननी पड़ेगी भाई सामने वालों के मुख से भी अपने लिए वो निकलवाना सकारात्मक चीजें ये बहुत टेढ़ी बात होती है जैसे इनके पवन दास जी को बोलना पड़ गया कि भैया वो जो है कांटे के सवाल पूछता है है ना अभी एक व्यक्ति लिख रहा है कि आपको ज्ञान बहुत है चलिए कोई आना चाह रहा है मैं ट्र जाता हूं मगर वो शास्त्र विरुद्ध है देखो अभी किसी ने बोला था अभी एक मिनट

03:03:52:01 पहले अरे किसी ने बोला है भाई यह लोग कभी इतना जाते नहीं ना उसके बारे में सोचने के लिए यह देखिए देखिए ये देखिए क्या बोल रहे हैं शिवांश भाई आपके पास दिमाग बहुत है लेकिन शास्त्र विरुद्ध साधना ये बात भी ये बात भी विरोधी के मुख से निकलवाना मुश्किल होता है ये तड़प में नि लिखा गया है तड़प तड़पा है व यार ये कहां तक पहुंच गया यजुर्वेद जी एक चीज बताऊंगा यजुर्वेद के 32 अध्याय का पांचवा मंत्र है उसमें परम पुरुष की बात हो रही है इसमें श्री कृष्ण भगवान का भी इसमें व्याख्या की गई है जिससे पहले कोई उत्पन्न नहीं हुआ उस परमात्मा से सभी लोग उत्पन्न हुए वह परम पुरुष प्रजा के साथ रहते हैं वह परम पुरुष तीन ज्योति को धार हैं तीन ज्योतिया कौन अग्नि सूर्य और विद्युत ये कौन है श्री क जी के वो थे प्रजा के साथ रहने वाले प्रजापति 16 कला के कलाओ के स्वामी है 16 कलाओ के स्वामी कौन थे भगवान श्री कृष्ण और कोई नहीं तो यहां पर श्री

03:05:07:02 कृष्ण का नाम भी आ गया य जवेद कावा अध्याय है पांचवा मंत्र किसी को सक हो तो पढ़ लेना नहीं नहीं काफी है इतना काफी है तो अभी एक बात और है इन्होंने यह माना कि सबसे पहले जो परमेश्वर था वो जो है अप्रकृतिक सुजीत जी कैसे हैं जय श्री राम मैंने भेज बार चला दीजिए अरे सुनो ना इनको पहले तो संस्कृत का ज्ञान नहीं है संस्कृत का ऐसा मतलब व्याख्यान करेंगे कि इनको संधि का पता नहीं है कि सर्ग संधि के नियम क्या है जो है व्यंजन संधि में किस तरह का व्यंजन संधि क्या होता है हां दिखाओ भाई राम राम भैया जय श्री राम ज जय माता

03:06:20:04 दोस्त लोकी जी कहां गए मैंने आज चैट पर वीडियो सेंड की है शेयर कर दी मैंने अब की तो है अब हमारे जो टेक्नोलॉजी वाले हैं वह दिखाएंगे थोड़ा सा थोड़ा सा घर रखिए व दिखा रहे होंगे दिखा दीजिए मतलब उनको आप बोल दीजिए बहुत सरी वीडियो है हा हा दिखाएंगे सुजीत जी जय श्री राम बाबू राम जी वापस आए हैं लेना है क्या काफी देर हो गई तीन घंटे तो हो ही गए तो ठीक है ऑफ करते हैं बाबूराम जी फिर किसी दिन आइएगा तीन घंटे हो चुके हैं थक गए दो दो लोगों से बात कर ली गले में खराश आ जाती है बा कौन जो परस आए बात करलो सुनो ना यार कितना भी बात करलो ये लोग मानने वाले हैं नहीं नहीं नहीं ठीक है वो लोग लोग तो सुन रहे हैं देख रहे हैं ना ना ये ठीक है देखो हमने तो यहां तक कहा एक दो लोगों से हमने यहां तक कहा कि देखो यार सत्य ही शिव है शिव ही सुंदर है अद्वैत में जाओगे आप तो अद्वैत में सबके अंदर वही परम पुरुष परमात्मा है ठीक तो आप कबीर में मानते हो तो ठीक है कोई ना आप कबीर में ही मानो

03:07:35:14 बट ये मत चिल्लाओ कि कबीर ही परमात्मा है अरे इनका तो हद हो गया ये यार ये कहते हैं कि कबीर का बेटा काल काल का बेटा जो है ब्रह्मा विष्णु महेश हद पागल पंथी है कहां से ता आप भगवान को कबीर नाम से पूज रहे हो तो उतने में कोई दिक्कत नहीं है पहली बात तो ये है कि यह सब ले रहे हो ब्रह्मा विष्णु महेश ये नहीं है वो नहीं अपना प्रचार करने के लिए अरे या इतने पागल है सुन य इतने पागल है इनको नहीं समझ में आ रहा है कि कबीर का बेटा काल बना दे रहे हैं यह हद हो गई अगर यह थोड़ा सा अद्वैत को जाने तभी इनका मैटर सॉल्व हो जाए ऑपरेटर जी इनका लिंक आपको तो इनका वो दिखा दीजिए और जो आज काउंटर क्वेश्चन करने आए हैं चर्चा के लिए बाबू राम जी और रामपाल आपका क्या नाम है क्रिश्चियन है ना तो रामपाल करके कुछ लिखा है आप तो क्रिश्चियन है ना आधा घंटे के लिए ले लीजिए आ घंटे देखलो आप क्रिश्चियन है ना पहले आ चुके अच्छा एकज और हमने नोटिस किया सुनो वो बाइबल में बोलते हैं ये बोलते हैं आप आप ही तो थे हां

03:08:50:20 हां अरे एक चीज हमने और नोटिस किया इनके जितने भी वो सिद्धांत है ना वो आप देखोगे तो वो कहीं ना कहीं बाइबल से जो है मिलते जुलते हैं अरे वो वो है बाइबल और कुरान से ज्यादा मैच करते हैं मेरी बात सु हा और हां बोलो भाई अग कोई अगर कोई अब्राहम अब्राहम रिलीजन का और भद का ज्ञान मैच करने की कोशिश करेगा ना तो कभी नहीं मैच होनागा मैं आपको पूछ रहा हूं मैं आपको ये पूछ रहा हूं आप तो क्रिश्चियन है ना हां जी हां

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03:09:21:00 तो आप वो वाली बात करिए क्रिश्चियन वाली इसको छोड़िए रामपाल जी की नहीं जी वो छोड़ दो आप मैं कह रहा हूं कि जो अगर कोई भी रामपाल नहीं कह रहा कोई भी अगर कुरान का बाइबल का और इससे वेद ज्ञान मैच करने की कोशिश करेगा तो कभी मैच नहीं होने का कभी नहीं मैच होनागा बिल्कुल अलग मैच नहीं होगा क्योंकि जो अब्राम जो ब्रा जो वो है उसमें जो है ईश्वर सृष्टि से अलग है अलग है हा और यह जो वैदिक है इसमें ईश्वर ही सृष्टि है ईश्वर ही संसार

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03:09:55:28 है सब कुछ ईश्वर ब्र ब्रह्मण से पैदा हुआ मैं समझ गया बा थोड़ा पढ़ था ब्रह्मण से पैदा हुआ तो आप आए क्यों है क्या करना है आपको क्या बताना है बस ऐसे ही आ गया था कलने आए आप आप जो है ये जो आप है अपनी बात रखने आए हैं अपनी बात रखना य बता तो सही रहे मैं आपको ये पूछ रहा

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03:10:23:24 हूं मैं कि आप जो है ये ईसा मसीह में बिलीव करते हैं बाइबल में बिलीव करते हैं जी जी करता हूं अ तो बाइबल के अनुसार जो वो है क्या कहते हैं ईश्वर वो सर्वशक्तिमान है हां जी सर्वशक्तिमान है सब कुछ कर सके वो सब कुछ कर सकता है जी सब कुछ कर सके तो उसका जो फाइनल रूप है फाइनल रूप जिसको चेंज नहीं कर जो चेंज नहीं होता कभी नित्य वो कौन सा रूप है वो साकार भी है वो निराकार भी है वो साकार भी है व निराकार भी है जी बिल्कुल अच्छा मतलब उसका कोई एक फिक्स रूप नहीं है फिक्स रूप नहीं है उसका अच्छा तो जी उसका फिक्स यानी कि वो जो प्राथमिक रूप हो गया व निराकार ही हो गया ना निराकार से साकार निकल रहा है ऐसा हां कुछ ऐसा समझ लो अच्छा यह प्रूफ कहां पर लिखा है ई प्रूफ मतलब लिखा नहीं है देखो एजेक्ट एकदम लिखा नहीं होता एट नहीं मिलता जलता मिलता जुलता हा अगर किसी को परमेश्वर अगर किसी को दर्शन देने के लिए

03:11:38:25 आते है तो साकार रूप में आते है बाकी जो परमेश्वर में है वो निराकार है हां ऐसे ही समझ लो अच्छा तो परमेश्वर कितनी बार आए हैं जी परमेश्वर कितनी बार आए हैं धरती पर कहां कहां पर धरती हा धरती पर परमेश्वर यीशु मसीह के रूप में 2000 साल पहले आए थे जो आप पढ़ते हो जी 2000 साल पहले जी दोबारा दोबारा भी आ सकते हैं दोबारा आगमन होगा उनका ऐसा बता दोबारा क होगा लगभग दोबारा मतलब कुछ कह नहीं सकते लेकिन दोबारा आगमन होगा उनका उन्होंने कुछ चिन बता रखे है अपने आने प ठीक है अभी मैं ये पूछ रहा हूं ये जो सृष्टि है पूरी सृष्टि उन्होंने ही बनाई है जी बिल्कुल उन्होने बनाई स सृष्टि तो वो जब उन्होंने सृष्टि बनाई है तो वो सबसे पहले जब सृष्टि नहीं थी तो वो किस रूप में विद्यमान थे और उनसे अलग जो शृष्टि थी वो किस रूप में मानती सृष्टि मतलब सृष्टि उन्होने बनाई सृष्टि से पहले भी थे

03:12:54:07 किस रूप में क्या हवा थे निराकार थे क्या थे निराकार ही थे तो वास्तविक स्वरूप उनका निराकार हुआ हां वास्तविक निराकार हुआ यह कहां लिखा है यह बाइबल में लिखा है कहां उत्पत्ति ग्रंथ में उत्पत्ति ग्रंथ बताइए बाइबल है मेरे पास उत्पत्ति दे

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03:13:19:13 स्पष्ट लिखा है मतलब जि परमेश्वर शुरुआत में वास्तविक स्वरूप निराकार है कहां लिखा है और अगर वह उस रूप में आते हैं जीसस वाले रूप में तो वह रूप अस्थाई रूप है ना व तो थोड़ी देर के लिए बनाते हैं फिर अपने वास्तविक रूप में निराकार वाले में चले जाते हैं हा जी हा जी है ना और दूसरी बात यह है

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03:13:42:14 कि वो जब निराकार रूप में थे तो उनसे अलग कुछ खाली जगह पड़ी थी या नहीं पड़ी थी स्पेस था कि नहीं था देखिए मैं आपको बता दूं इसके बारे में यह प्रश्न मेरे मन में है ज पूछ रहे हो मतलब आपके आपका क्लियर नहीं है अभी कि इसका क्या मामला है ये वाला मेरा थोड़ा क्लियर नहीं है देखो लंबी ख इनकी तो रामपाल ती देखि मैं एक बात बता रहा हूं हर व्यक्ति के मन में तीन प्रकार की प्यास है असतो मा सद

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03:14:22:22 गमय तमसो मा ज्योतिर्गमय मृत्य मा मतम गमाया मुझे सत से असत की ओर ले चलो असतो मा सत गमाया तमसो मा ज्योतिर गमाया मुझे अंधेरे से उजाले की ओर ले चलो और मृत्युर मा मतम गमाया मुझे मृत्यु से अमृत्व की ओर ले चलो ल है ना तो जब ये जो

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03:14:47:09 है आपके अंदर की आत्मा की प्यास है और यदि आप अपने जो आत्मा की प्यास है वह जानना चाहती है कि एगजैक्टली मैं कौन हूं और मेरे को कहां जाना है मेरा उद्देश्य क्या है और जब तक आपकी ये आत्मा की प्यास बुझाने वाले उत्तर आपको नहीं प्राप्त हो रहे हैं तो आपको ये डिक्लेयर करना बेकार है कि मैं जो है इसको मानता हूं अभी आप उस अपने आप को खोज गई है आप प्रश् कुछ अलग अलग अलग तरीके का प्रश्न होगा देखो ज आप पूछ समझ नहीं र आपको अपने जिसको आप जिसको मानने का दावा कर रहे हो उसी को लेकर के आपके मन में संशय है जिसको मानने का आप दावा कर रहे हो उन चीजों को लेकर के आपके मन में दुविधा है प्रश्न है तो फिर आप अपने ही डिसीजन को लेकर के बोल रहे हो कि भाई मैं अभी किसी उस पर नहीं हूं मैं उत्तर ढूंढ रहा हूं तो जब आप उत्तर ढूंढ रहे हो तो आप उत्तर को स्वीकार किसी एक उत्तर को स्वीकार करने वाले कैसे हुए अभी तो आप उत्तर ढूंढ रहे हो ना इसका उत्तर ढूंढो आपको वहां नहीं मिलेगा जब कहीं ना मिले तो हमारे पास आइएगा हम इसका उत्तर आपको देंगे देखिए बाइबल में ना इसका उत्तर है मैंने इतना धन किया नहीं है बाइबल का बस थोड़ी इतना है आपने

03:16:02:16 पहले आप जन्म से तो आप मेरे ख्याल से सनातन है जी तो आपने सनातन को क्यों छोड़ा सनातन को मैंने इसलिए छोड़ा इधर सच्चाई दिखी आप ने जब बाइबल को अच्छे से जाना नहीं आप कह रहे हो मैंने उसका अच्छे से अध्ययन नहीं किया तो क्यों छोड़ दिया सनातन को बस ऐसे ही ना बचपन से चाह यशु मसी की तरफ बिना किसी करने के चाह बस बचपन से अच्छ बात बताइए कुछ लोगों की चा होती हैरी फेरी बहनों से शादी करने की कुछ लोगों की चाह होती है अपनी ही बहन से विवाह कर लेने की तो क्या करना चाहिए

03:16:48:27 नहीं सर वो गलत है गलत है ना तो चा इसका अर्थ ये है कि चाह के ऊपर य डिपेंड नहीं करता है कि हमें क्या करना है क्या नहीं करना है केवल चाह के ऊपर वो नहीं कर सकते हमलाई क्योंकि वास्तविकता में देखा जाए अगर आपके मां-बाप ने आपको मनुष्य ना बनाया होता आपके मां-बाप पहले तो वो रहे होंगे ना हिंदू है ना यानी कि जो मनुष्यता का ज्ञान है जितना भी आपके अंदर मनुष्यवकाशा हिंदुत्व से आया है ना मानवता का ज्ञान आप मानव आज की डेट में क्यों हो आप मां को मां क्यों मान रहे हो आप बहन को बहन क्यों मान रहे हो क्योंकि आपके जो माता-पिता है उन्होंने आपको सिखाया और उनको हिंदू धर्म ने सिखाया है ना देखिए मैं मैं आपको क्रिश्चियनिटी की एक बात बता दूं मेरी एक बात सुनो बस मेरी बात सुनिए सुनिए बहुत सी चीजें है जो क्रिश्चियनिटी में अच्छी मिल जाएंगी बहुत सी चीजें मगर तीन चीजें हैं जिसके आधार पर धर्म और अधर्म का निर्णय होता है पहली बात तो यह कि जो भी अच्छी चीज मिलेगी वह चीज यहां ना हो ऐसा नहीं है जो चीज वही चीज मिल सकती है जो चीज यहां पर अवेलेबल हो दूसरी

03:18:04:00 बात जो अच्छाई और बुराई को निर्धारित करती है वह सिर्फ तीन चीजें हैं सिर्फ तीन चीजें सर्वशक्तिमान ईश्वर परम स्वतंत्र मोक्ष शाश्वत धर्म यह तीनों ही चीजें बाइबल में नहीं है सर्वशक्तिमान है ईश्वर बता मैं पूछ लेता हूं अभी देखिए सिद्ध हो जाएगा यह बताइए क्या आपका ईश्वर कण कण में है मतलब क्या आपका ईश्वर क एजिस्ट करते हैं आपके अंदर भी है हमारे अंदर भी है पत्थर में भी अब सुनो मेरी बात ईश्वर ईश्वर हर जगह मौजूद ईश्वर ईश्वर हर जगह म लेकिन ईश्वर आपके अंदर नहीं है ईश्वर क्योंकि हमारे अंदर पाप है यानी कि एक मिनट मिनट यानी की जितने एरिया में मेरा शरीर है उतने एरिया में आपका ईश्वर नहीं है जी ठीक है तो सर्वशक्तिमान का अर्थ क्या होता है सर्वशक्तिमान का मतलब होता है सब कुछ करने वाला तो क्या वो सब जगह हो सकता है सब जगह हो सकता है वो आपके अंदर भी हो सकता है लेकिन क लिखा है कहां

03:19:19:02 लिखा है वो हमारे अंदर हो सकता है बाइबल में कहा लिखा है मतलब आप अपनी बाइबल के विरुद्ध जा रहे हो नहीं हा बाइबल में दिखाओ लिखा हुआ ये तो आप सनातन की ओर जा रहे हो करतु अतु पर चले जा रहे हो तुम तुम करतु और अतु का जो श्लोक है उस पर जा रहे हो बाइबल में देखो लिखा हुआ है मुझे वो आसे होता कसे नहीं होता देखो भाई तुम कह रहे बाइबल का शक्तिमान है बाइबल में लिखा तो दिखाओ कि वो हमारे अंदर हो सकता है अब आप कहते हो आपका ईश्वर सब शक्तिमान है अच्छा एक बात बताओ एक मिनट एक मिनट मैं आपकी इस बात को क्लियर कर लू हमारे अंदर ईश्वर नहीं है क्योंकि हमारे अंदर पाप है ठीक है पाप है ठीक है ये वजह है तो हमारे अंदर ईश्वर का कंट्रोल कैसे है हमारे अंदर ईश्वर का कंट्रोल कैसे है मतलब उसने जब मनुष्य को बनाया था तो उसने सब कुछ चुनने का अधिकार दिया था मैं कह रहा अगर ईश्वर चाहे तो मेरा दिल रुक सकता है कि नहीं बिल्कुल रुक सकता है इसका मतलब उसका मेरे शरीर पर कंट्रोल है हां कंट्रोल है उसने

03:20:34:02 बना रखा तो जब वो मेरे अंदर नहीं है तो उसका कंट्रोल कैसे है मेरे अंदर वो बताओ जरूरी थोड़ी है उसे अंदर जाना पड़ेगा जरूरी है ना यानी कि उसकी शक्ति है ना उसकी पावर है ना मेरे अंदर उसने जब आपको बनाया था ना तो उसने पहले से ऐसा बनाया था भाई साहब मैं पूछ रहा हूं उसका मेरे शरीर पर पूरा पूरा कंट्रोल है कि नहीं आपके शरीर पर उसका पूरा पूरा कंट्रोल है ठीक है तो जब व मेरे शरीर के अंदर नहीं है तो वह मेरे शरीर को कंट्रोल कैसे कर रहा है यानी कि मानना पड़ेगा कि उसकी पावर मेरे शरीर में है हा पावर है पावर है ठीक है तो अब दो चीज हो गई एक हो गया ईश्वर और एक उसकी पावर हो गई ना दो चीज हो गई ना अब जो ईश्वर की पावर है वो ईश्वर जितनी शक्तिशाली तो हो नहीं सकती भाई जैसे कि मान लीजिए ये ईश्वर है ठीक है शक्ति ललग आपकी बात में समझ गया आपकी बात की शक्ति मेरा शरीर है जितना पावरफुल ये है यहां प

03:21:49:04 ये खड़ा है उतना पावरफुल जो शक्ति इसके अंदर है उतनी पावरफुल वो शक्ति नहीं जितना पावरफुल ये स्वयं है है ना क्योंकि दो चीज है ना शक्ति ईश्वर से अलग है बकुल बकुल है ना पावरफुल है ना पावरफुल नहीं है अच्छा तो इसका अर्थ यह हुआ कि ईश्वर का जितना कंट्रोल यहां पर है उतना कंट्रोल इसके अंदर नहीं है हेलो जी जी बिल्कुल बिल्कुल इसका मतलब ईश्वर का जो जहां जहां पे हम लोग है जहां जहां पे हम लोगों का शरीर है वहां वहां प उतना कंट्रोल नहीं हो सकता जितना जहां पर वो बैठा है वहां हो सकता

03:22:33:06 है तो हो गया ना बाधित नहीं बाधित नहीं हुआ ना बाधित नहीं हु तो कह रहे हो कि जहां पे ईश्वर है वहां पर उसका कंट्रोल ज्यादा हो सकता है जहां पर वो नहीं है वहां उसका कंट्रोल ज्यादा नहीं हो सकता अंतर है ईश्वर अगर चाहे तो हर जगह कंट्रोल कर सकता है पहले तो आप ये लिखा दिखाओ कि ईश्वर जो है पाप की वजह से अंदर नहीं अंदर नहीं रहता है और वह रहता भी है हर जगह है भी दूसरी बात यह है कि वो वोह कंट्रोल कर रहा है य बात मैं आपकी मान रहा हूं मगर जब आप कह रहे हो कि जो शक्ति है वह थोड़ा बहुत तो कहीं 19 होगी ना ईश्वर से कि बिल्कुल बराबर है कोई अंतर नहीं है ईश्वर और उसमें अगर आप बिल्कुल अगर आप थोड़ा भी अंतर मानते हो तो आपको य मानना पड़ेगा कि ईश्वर जहां पर अवेलेबल है उतना कंट्रोल जितना कंट्रोल जहां पर ईश्वर है वहां पर उसका उतना कंट्रोल उसका मनुष्य के शरीर के अंदर नहीं है थोड़ा कम है तो यह बाधित हो गया नियमित हो गया देखब परमेश्वर ने मनुष्य को बनाया

03:23:42:10 था जो उसने क्या कहा वो मैं मैं अंत में आउटपुट क्या आया वो पूछ रहा हूं उसने जो कहानी आपको सुनाई है व मैं समझ रहा हूं कोई ना कोई कहानी होगी उसकी मैं अभी आपको आउट मैं आपको आउटपुट पर पूछ रहा हूं कि जब ईश्वर एक तरफ खड़ा है और वह इसके शरीर में नहीं है इसके शरीर में उसकी शक्ति है अगर शक्ति में वह सारे गुण नहीं है जो ईश्वर में है तो इसका अर्थ यह माना जाएगा कि इस शरीर के अंदर ईश्वर का उतना कंट्रोल नहीं है जितना यहां जहां वो खड़ा है वहां पर है ईश्वर की शक्ति कम हो रही है यहां पर कंट्रोल कम हो रहा

03:24:24:20 है हो रहा है ना जी जी तो हो गया बाद अरे सर मतलब आपने मेरी बात समझ नहीं पा रहे आप मेरी बात नहीं समझ पा रहे ईश्वर ऐसे हो रहा है कि ईश्वर ईश्वर जो है सब जगह सर्व नियंता नहीं है वह जहां पर है वहीं सर्व नियंता है वह जहां पर नहीं है वहा सर्व नियंता नहीं है आप कह रहे हो व हमारे शरीर में नहीं है किसी कारण वस नहीं है तो इसका मतलब हमारे शरीर पर उतना कंट्रोल उसका नहीं है सर्व नियंता नहीं रहा व बाधित हो

03:25:10:02 गया आप ना मतलब ऐसे प्रश्न करते हो अलग तरीके से अलग ही है प्रश् अलग तरीके करते हो अच्छा चलिए आज आपसे जो बातें हुई है इन प्रश्नों के उत्तर ढूंढिए और फिर फिर वापस आइएगा मिनट दो मुझे अबकी बार जो है मैं बोलने दे रहा हूं अबकी बार आप अपनी बाइबल को बाइबल के प्रमाण लेकर आइएगा अभी आपने बहुत सी ऐसी बातें बोली है जो बाइबल के ही विरुद्ध है मैंने कुछ कहा नहीं मान लिया ठीक है अब आप अपनी बात बोलिए देखिए हिंदू धर्म में और क्रिश्चियनिटी में अत अंतर क्या है हिंदू धर्म हिंदू

03:25:54:00 धर्म हिंदू धर्म कहता है कि सनातन धर्म सरी हिंदू कह रहा हूं के ब्रह्मण से सब कुछ पैदा हुआ ब्रह्मण यानी कण कण जो है हर परमेश्वर है परमात्मा है लेकिन बाइबल बाइबल इस बात को क्या बता बाइबल य बतावे कि नहीं वो नहीं है परमेश्वर कोई है और उसके दरा सृष्टि की हु अरे भाई य तो हम भी जान रहे हैं इससे मतलब क्या है इस बात से क्या मतलब ये

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03:26:18:07 तो हम भी कह रहे आपकी बाइबल में लिखा है हा जी तो य अंतर है लेकिन जरा इटर करेंगे हम थोड़ा एक मिनट एक मिनट बोल हमको बो ठीक है ठीक है ठीक है बोलो भाई वही

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03:26:36:14 बताया मैंने आपको ईश्वर के अंदर न्याय है आपके आपके ईश्वर के अंदर जिस ईश्वर के अंदर न्याय नहीं है ना तो परमेश्वर नहीं हो सकता अच्छा पहली बात तो ये बताओ कि आप कहते हो कि ईश्वर के अंदर न्याय है अन्याय नहीं है आपके ईश्वर के अंदर अन्याय नहीं है अन्याय नहीं है अच्छा ठीक है अन्याय करने वालों को किसने बनाया अन्याय देखिए अब मेरी

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03:27:06:24 उत्तर सुनि मेरा आपने प्र पूछा जब वही स्टार्ट करूंगा जब भगवान ने मनु जब परमेश्वर ने परमात्मा ने मनुष्य को बनाया था तो उसने बनाने के बाद की इच्छा जीती स्वयं से चुनने का अधिकार अरे मैं मैं आपसे पूछ रहा हूं कि दुनिया में जब किसी का मर्डर हो रहा हैई एक मिनट अब रुक जाओ अब रुक जाओ अब हमको बोलने दो एक मिनट पहले इनके एक सवाल का जवाब हम दे दें ये कह रहे हैं कण कण में ईश्वर नहीं है ठीक है आप कह रहे हो ना भाई अब हमको यह बताओ कण कण में अगर ईश्वर नहीं है तो हम एक छोटा सा मिट्टी का टुकड़ा ले लिए या कोई भी लोहे का टुकड़ा ले लिए या लकड़ी का टुकड़ा ले लिए आज का साइंस इस बात को प्रूफ कर चुका है कि वो टम पार्टिकल से बना एटम से बना है ठीक साइंस का मॉडल अगर आप स्टडी करो एटॉमिक मॉडल तो उसमें इलेक्ट्रॉन कंटीन्यूअसली रिवॉल्व कर रहे हैं विदाउट एनर्जी लॉस किए हुए एटॉमिक थरी अगर आप पढ़ोगे जो है तो आप अब बताओ उसमें एनर्जी कहां से आ रही है कौन दे रहा है उसको एनर्जी अगर ईश्वर नहीं है

03:28:08:18 तो आप तो सीधे इनकार कर नहीं है नहीं है उसम कुछ अगर उसम नहीं है तो आप नहीं मानते हो मत मानो आप नहीं मानते हो लेकिन इसका सुन लो मेरी बात मेरी बात सुनो पहले अगर आप नहीं मानते हो तो आप कुछ भी मत मानो आपसे कोई जबरदस्ती या फोर्सफुली नहीं मना सकता बट एक चीज जान लो कि अगर सुन लो सुन लो अगर ईश्वर नहीं है गॉड नहीं है ऑलमाइटी नहीं है सर्वशक्तिमान विधाता नहीं है उस जगह तो उस जगह एनर्जी पॉसिबल नहीं है उस जगह मूवमेंट पॉसिबल नहीं है इस बात को एक्सेप्ट आपको करना पड़ेगा आप नहीं मानना चाहो मत मानो बट रियलिटी यही है कि अगर या अल माइटी वहां नहीं है तो वहां कोई भी तरह का मोमेंट हो ही नहीं सकता वो मोमेंट आप नहीं सुनो वो मोमेंट आप प्रोड्यूस नहीं कर रहे हो सुनो सुनो गड गॉड के बारे में एक चीज कहा गया है जो कि ना कभी पैदा होता है ना कभी खत्म होता है ठीक यही चीज एनर्जी के बारे में कहा जाता है एनर्जी नादर कैन बी क्रिएट न कैन बी डिस्ट्रॉयड देखो इसको हम साइंस से भी जोड़ करके आपको समझाना है फिर भी आपको नहीं समझ में आ रहा है मींस कहीं ना वही जो ईश्वर है वही परमात्मा है वही एनर्जी फॉर्म में सब कुछ क्रिएट और डिय कर रहा है और वही है

03:29:24:12 जिसको आप एक्सेप्ट नहीं करोगे आप कहोगे एकज इसको अगर आप समझोगे सुनो इ अच्छे वे में समझो आप जरा सोचो सुनो सुनो आप एक मिनट शिवांश भाई आप जरा सोचो अगर ईश्वर हमारे अंदर नहीं है तो हम कैसे बोल सकते हैं इतना वोह आत्मा जिसको हम आत्मा कहते हैं आप उसको कहते हो कि आत्मा हमारे अंदर है बट हम अभी हमारे यहां एक मैडम है चकि हम पेसे से एक टीचर हैं हमारे यहां एक मैडम है वो भी क्रिश्चियन रिलीजस को फॉलो करती हैं हिंदुइज्म से कन्वर्ट हुई है वो तो हमें उसका कोई वो नहीं है बट उन्होंने एक दिन उनसे हमारी बहस हो रही थी तो वहां हमने ज्यादा टाइम उनको देना ठीक नहीं समझा उनका सीधा कहना था उन्होंने सीधे तौर पर हमसे कहा कि सर आपके अंदर आत्मा है बट पशु पक्षियों में आत्मा नहीं है हाउ इज इट पॉसिबल अगर पशु पक्षी में आत्मा नहीं है तो पशु पक्षी कैसे चल रहे हैं उनको कौन चला रहा है मैं कौन चला रहा है मैं अब इनसे बात करू देखो ऐसा है एक और फाइनल हम चीज बता द आपको कि देखो आप जिस भी रिलीजियस को जिस भी ट्रेडीशन को जिस भी कल्चर को अडॉप्ट कर लो बट एक चीज बता दे जो रियलिटी आपका धर्म है ना वह आपके संस्कार में दिख ही जाएगा आप

03:30:39:19 भले किसी धर्म को अडॉप्ट कर लो बट आप हिंदू हो और यह आपके संस्कार दिखा दे रहे हैं जी उसको दिखाने की या पूछने की जरूरत टली मिला है वो आपके अंदर दिख रहा है एक चीज बता अभी हम एक छोटा सा एग्जांपल दे रहे है सुनो ना एक छोटा सा एग्जांपल दे रहे है आज भी कई कन्वर्टेड मुसलमान भाई है हमारे बट उनके अंदर वही हिंदुओ वाले कल्चर वही संस्कार वही तेवर आज भी दिखते हैं और वह दिखा देता है कि यह हिंदू से कन्वर्ट किए गए मुसलमान है एक मुसलमान वो जो अरब वगैरह से आए थे वो दूसरे उनके बिल्कुल अलग दिखेंगे और यह तीन चार पीढ़ी के बाद भी हिंदुओं से जो कन्वर्टेड मुसलमान भाई है हमारे उनके कल्चर बिल्कुल हिंदुओं से मिलते जुलते उनमें कोई कटर पथता नहीं है भाई मैं

03:31:33:28 आपकी मुझे दिखा मेरी बात सुनो क्रिटी मुझे खास दिखा आप क्रिटी बा से दिखाई दे सबको पता क्रिश्चियनिटी समझ रोमन कैथोलिक धर्म उ समझा इसमें बड़े-बड़े पादरी सफेद पादरा पहन के और ये ऐसे करे ऐसे करे उसे लो वो क्रिश्चियनिटी नहीं है दूसरी बात क्रिश्चियनिटी अध चर्चों में देखने कोसे ड्रा मिले के उसका कु बिठा दिया उसका हाथ लगा दिया व ऐसे कर रहा इस भी क्रिटी समझ र वो भी क्रिश्चियनिटी नहीं है क्रिश्चियनिटी भाई साहब अगर आप समझ रहे ना अनोखी है बिल्कुल देखिए भाई साहब देखिए देखिए देखिए देखिए मैं आपका य पर देखिए देखिए हमारे पास आपके ग्लोरिफिकेशन के लिए समय नहीं है आप तर्क और प्रमाण की बात करिए तर्क और प्रमाण या मिनट मुझे बोलने दीजिए भाई साब एक मिनट मुझे बोलने आपने जो चीज स्वीकार

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03:32:30:24 की है अपने ईश्वर के लिए कि वह सबसे पहले निराकार होता है फिर रूप बना कर के आता है इसका कोई प्रमाण हमें आज तक प्राप्त नहीं हुआ बाइबल से आप मुझे बताइए पहली बात पहली बात हो गई दूसरी बात ये है कि ईश्वर से अलग सृष्टि थी स्पेस था नहीं था वोह उस समय किस रूप में था यह सब भी आपको हमें बताना होगा ठीक है आपने कहा यह मैं ढूंढ रहा हूं ठीक है तीसरी बात यह है कि आपने कहा ईश्वर सर्वशक्तिमान है इसका मतलब हर जगह उसका पूर्णतया नियंत्रण है ठीक है मगर आपने माना कि वह हम क्योंकि कड़कड़ में नहीं है तो हमारे शरीर में वो नहीं है तो फिर हमारे शरीर में उसकी शक्ति है तो जब शक्ति है वो दूसरी एंटिटी हो गई शक्ति ठीक है वो तो है नहीं शक्ति दूसरी एंटिटी हो गई तो शक्ति जब दूसरी एंटिटी हो गई दूसरी हो गई तो यानी कि वो कहीं ना कहीं ईश्वर से कमतर है कमतर हो गई ना हम लोग तो ये मानते हैं ईश्वर शक्ति के रूप में हमारे अंदर प्रेजेंट है ठीक है ईश्वर ही है अंतर नहीं है कोई भी मगर आप ये कह रहे हो कि शक्ति अलग है वो ईश्वर नहीं है ईश्वर नहीं है वो शक्ति दूसरी एंटिटी है तो जब दूसरी मानेंगे

03:33:46:09 तो शक्ति कमतर हो जाएगी किससे ईश्वर से तो जब ईश्वर से कमतर हो गई तो आपको य मानना पड़ेगा जहां ईश्वर है वहां उसका कंट्रोल ज्यादा है और शरीर के अंदर उसका कंट्रोल कम है तो व यहां पर सर्व नियंता नहीं रहा एक मिट शिवांश भाई एक मिनट पूरा करल पूरा कर सर्ता नहीं रहा अब लास्ट में आपने एक बात कही कि हमारा जो ईश्वर है वो उसके अंदर न्याय अन्याय नहीं है ठीक है हा तो अब बात य आती है इस पर तो हम बाद में जाएंगे कि धर्म और धर्म का निर्धारण कैसे होगा धर्म और अधर्म का निर्धारण कैसे होगा क्या इस बात से होगा कि किसके अंदर न्याय है यह सोचने वाली बात है इस हम जाएंगे आपने इसीलिए पकड़ा है ना व धर्म ईश्वर के अंदर सिर्फ न्याय है मगर अभी हम यह बात कर रहे हैं क्या ईश्वर के अंदर सिर्फ न्याय है तो इस पर मैं आपसे पूछना चाह रहा हूं कि जहा पर कहीं पर मातृ शक्ति के साथ कोई दुर्व्यवहार हो रहा होता है दुराचार निर्दोष मातृ शक्ति दुराचार हो रहा होता है वहां ईश्वर का नियंत्रण होता है कि नहीं मैं मैं एक एक करके आऊंगा आपकी बात प मैं आपकी बात

03:35:01:09 जानता हूं आप क्या बोलोगे वो फ्री विल देता है मैं जानता हूं मैं पूछ रहा हूं नियंत्रण होता है कि नहीं ईश्वर का नियंत्रण मतलब ईश्वर का नियंत्रण नहीं है

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03:35:13:16 वहा वो आदमी के वो मनुष्य नियंत्रण है वहां पर अच्छा तो ईश्वर का वहां पर नियंत्रण नहीं है नहीं है मतलब कुछ भी हो जाए ईश्वर कुछ करने नहीं आएगा वो किसी को बचाने नहीं आएगा उसको किसी से लेना देना थोड़ी है श् कि से लेना मुझे मुझे बात करने

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03:35:30:24 ईश्वर का नियंत्रण है कि नहीं दोबारा पूछ रहा हूं ईश्वर का नियंत्रण हर जगह है वहां प भी नियंत्रण है वहां प नियंत्रण है नियंत्रण है यानी यानी वो रोक सकता है रोक सकता है मगर वो रोकता नहीं है लेकिन रोकता नहीं है क्यों रोकता अभी पूछो अरे वो मुझे मालूम है कि उसने फ्री विल दी है करने के लिए तो तो इसका मतलब ईश्वर के अंदर भी अन्याय है मगर उसका कारण यह है कि उसने फ्री विल दी है आपके अंदर आपके ईश्वर के अंदर अन्याय तो है क्योंकि उसने रोका नहीं पाप होने से मान लिया ना सर दो मतलब आप ये कह रहे हो कि हमारे ईश्वर के अंदर अन्याय है मगर उसका कारण है अन्याय होने का और वो कारण भी आपके ईश्वर ने ही बताया है भाई फ्रीविल भी नाम कुछ चीज होती है ना फ्रीविल आप देखिए कारण बाद में आएगा अन्याय है कि नहीं है वो तो कारण है कि क्यों नहीं रोकता मगर नहीं रोक रहा है ये तो माना ना आपने अन्याय है नहीं तो अन्याय है ना उसके अंदर नहीं है

03:36:46:20 अच्छा एक बात बताइए जब वो बना रहा था इन बलात्कारियों को तो उसको पता नहीं था बलात्कार करेंगे देखिए उसे सब पता था बुराई को बनाना बुराई एक मिनट बुराई को बनाना बुराई नहीं मिट एक मिनट बराई को क्रिएट जानबूझ बुराई को क्रिएट करना बुराई नहीं है नहीं व तो हम तो उसके बच्चे है ना वो हमारा पिता होगा मैं इसलिए बुराई कि उसको सब कुछ जानता है कि नहीं जानता है ये बताओ चलो एक बाप का जो एक बाप के जो बच्चे मैं आपसे पूछ रहा हूं भाई साहब देखिए मैं आपसे आप सीधे-सीधे जवाब दे रहे हैं आप यह बताइए उसको सब कुछ पता है कि नहीं पता है भाई साहब सब कुछ पता पता है तो जब वो किसी ऐसे इंसान को बना रहा है जो आगे जाकर के किसी मातृ शक्ति के साथ दुराचार कर सकता है तो उसको मालूम है ना मैं किसी दुराचारी को बना रहा हूं आज जी मालूम है मालूम है ना फिर भी बना रहा है ना तो बुराई को बना बुराई को बनाना बुराई नहीं होती है तो हम तो उसके बच्चे हो गए ना अरे भाई बच्चे होलो बच्चे हो या कुछ भी हो बुराई को तो क्रिएट कर रहा है ना वो बुराई को पै

03:38:02:04 नहीं बच्चे पैदा होने के बाद होंगे या पैदा होने से पहले ही होंगे पैदा होने के बाद होंगे तो वो तो वो तो बना रहा है ना वो जब बना रहा है तभी उसको पता चल रहा है कि मैं किसको बना रहा हूं ऐसे नहीं ऐसे नहीं बच पाओगे वो जब बना रहा है वो जब बना रहा है तभी उसको पता है कि मैं क्या बना रहा हूं ना बनाए ऐसे बच्चे ना बनाए जो बलात्कार करेंगे य खुल बोल नहीं पा रहा मेरा कभ फ्री होगा ना क्योंकि उधर मेरे पापा सो रहे इधर आराम से बोल रहा हूं आप आइएगा और हम लोग विस्तृत बात करेंगे और इस बार बाइबल के प्रमाण लेके आइएगा क्योंकि आपने कई ऐसी बात बोली जो बाइबल के विरुद्ध है हो सके हो सके तो उस प्रश्न का जवाब लेके आइएगा की शुरुआत में ईश्वर किस रूप में था हा

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03:38:54:15 रणजीत सिंह जी रजीत सिंह जी हां दोस्त बोलो आपको हा आपको मैं उत्तर दूंगा जो आपने प्रश्न पूछे मेरे फिलहाल लेकिन अभी देने का नहीं फिलहाल मतलब हमारे य का माल अलग है कुछ इन से देखो देखो एक चीज हम बताए अपनी कल्चर जिसको तुम्हारी आत्मा एक्सेप्ट करे वही आपका धर्म ठीक है स्वधर्मे निधन श्रेय पर धर्मो भयावह हमारा धर्म यही सिखाता है अगर आपकी आत्मा ने उसे धर्म के रूप में स्वीकार किया तो वही आपका धर्म है आप उस आत्मा ने स्वीकार नहीं किया ये अभी भी खोज में है य संतु

03:39:35:01 नहीं शिवांश भाई सुनो ना अपने झूठ बोल रहे हो अरे सुनो अभी हम देखो बहुत ज्यादा बाइबल के बारे में स्टडी नहीं किए ठीक है बट एक मैडम के कांटेक्ट में भी चाहे हम क्रिश्चियन लोगों से तो हमारा कोई कांटेक्ट रहा नहीं पिछले छ महीने से हैं तो हमको मेन अंतर जो पता चली ना हमारे हिंदुइज्म में और क्रिश्चियनि जम में वो यह कि परमात्मा को यह मानते हैं इनका मानना है कि इनका परमात्मा कभी भी जो है किसी का अहित नहीं करता किसी का खून नहीं बहाता और हमारा परमात्मा जो है अहित करता है खून बहाता है अरे यार हमारा परमात्मा अहित खून मैं बाइबल से दिखा दूंगा बाइबल से दिखा दूंगा जो दूसरे क्षेत्र वाले हैं उनके साथ क्या क्या करने को कहा गया है बाइबल से आपको दिखाऊंगा मतलब अभी ये वाला पार्ट खोला नहीं है हम लोगों ने बाइबल से भी आपको दिखा दूंगा कि दूसरों के साथ क्या क्या करना है ठीक है आप दोबारा आइए तैयारी तैयारी करके आइए हम भी आएंगे हम दि हम तो इतना जानते हैं यार शिवांश की हम अपने चार वेद शिवा शिवांश भाई जी आप किस बारे में बात कर रहे मतलब क्या दिखाओगे थोड़ा बता दो उसके बारे में मैं आपको ये बताऊ सबसे पहली बात तो यही है सबसे पहली बात तो यही है मैं आपको यह बताऊंगा कि जो उसको नहीं मानते हैं

03:40:50:03 या दूसरे वाले जो लोग है उनको मारो यह करो वो करो यह दिखाऊंगा चलो दिखा देना उसका उत्तर दूंगा आपको मैं लेकिन अभी थोड़ी ठीक आप रुके क्यों जल्दी जाइए कोई बात नहीं जय श्री राम जय श्री राम लड़का जय श्री राम बोल के गया अरे च अरे सुनो ना जो धर्म है ना वो कहीं और नहीं होता है इंसान के जो है डीएनए में होता है धर्म ठीक है लोग किसी को डाइवर्ट कर सकते हैं सुनो किसी को डाइवर्ट किया जा सकता है बट उसकी अंतरात्मा में जो ज्ञान है छिपा हुआ ना उसको आप खत्म नहीं कर सकते उसके ऊपर चादर डाल कर के अज्ञान का भ्रमित करके उसको छिपा सकते हो कुछ देर के लिए यह कबीर पंथी लोग भी आजकल यही कर रहे हैं इनको जो है भ्रमित कर दिया जा रहा है अंतर आत्मा में छिपे ज्ञान को भला कौन कब तक छिपाए वो तो एक ज्योति कहते हैं ना हवा और ज्योति इस तरह का संबंध है कि हवा बह नहीं कि चिनगारी जो है आग बन के जलने लगेगी मैं तो ये कहता हूं भाई आपने अपने आपको को ऐसे क्यों बोल रहे हो कि भाई मैं जो है

03:42:05:04 आप अपने सनातन को छोड़ कर के क्रिश्चियनिटी में क्यों जा रहे हो जब तक आपको पूर्ण तरीके से हजम नहीं हुआ है जी यार सुनो ना हम बता रहे अच्छा एक बात और है भाई मुझे जो न्याय का न्याय लगा वो न्याय अन्याय नहीं करता पहली बात तो यह है कि अगर तुम न्याय और अन्याय के तराजू से अपने पर्सपेक्टिव से ईश्वर को तोल रहे हो तो उस हिसाब से तो ईश्वर अन्याय तुम्हारा कर रहा है क्योंकि अच्छाई बुराई सब कुछ बनाने वाले ईश्वर है मगर इनके मतलब इनके अनुसार अन्याय केवल मारना अन्याय है बट यह नहीं सोच र है कि ईश्वर ने किसी का अगर संहार किया किसी दैत्य शक्ति का संहार किया तो किस लिए किया ये इस जन से एकदम अभी दूर है भाई उनका देखो ईश्वरीय शक्तियां जब भी अवतरित हुई है या दुष्टों का संहार की है इसलिए थोड़ी की है कि उनको मारना था इसलिए कि वो पाप शरीर में जी रहे थे उनकी आत्मा को मोक्ष देना था बट इस चीज को ये नहीं मानते हैं चलिए ठीक है अब हम लोग फिर बात करेंगे काफी देर हो चुकी है इसीलिए हमने आपको आपको कॉल किया था ना उस दिन कि इन लोगों के लिए थोड़ा सा ना हम लोगों को वर्क आउट करके भाई लगना हो सभी को आने के लिए सभी को आने के लिए ज श्री राम आप लोग आए श्री राम ह महादेव जय माता दी पड़

03:43:20:15 जी आज का भी सार्थक रहा हमारा काफी देर हम हम थोड़ा लेट हो गए या पता है हम ही थोड़ा लेट हो गए दरअसल पितांबरा माता का जो है मूल मंत्र का जाप करना होता है थोड़ा लेट करते हैं शम जी आपका कुछ रह गया है कुछ अगर बोलना चाहते तो बोले ओके है ना शिवा हेल्प आपका हो गया का आप कल परसों देखेंगे जी जी एक या शिवांश वोह हेल्प ऐसा है ना कि आपके पास वह पीडीएफ फॉर्मेट में कुछ हमको पुराण वगैरह मिल जाएंगे क्या मैं देखता हूं मैं प्रयास करूंगा अगर हो तो परचेस भी हम करेंगे इसके लिए हमारे टेलीग्राम ग्रुप पर संपर्क करें हमको हमको मैसेज कर दो आप हम मैसेज कर रहे आपको ना आप ग्रुप का लिक हमको शेयर कर दो इसके य के डिस्क्रिप्शन में य का जो प्रोफाइल होती है पीछे जाते है उसम सब है डिक्र चैनल पर जाएंगे टेलीग्राम चैनल पर जाएंगे वहा पर ग्रुप है व आप उनको टच कर दीजिए व आपको लेले ठीक है सभी को जय श्री राम जय श्री राम भाई

03:44:35:26 शिवम जी जय श्री राम आने के लिए आभार आपका पाड़ी जी जय श्री राम तो सर्वशक्तिमान ईश्वर के आधार पर आज हमारी चर्चा हुई और काफी सारी चीजें हुई दज्जाल जी आपको अच्छा लगा होगा आई थिंक आज की चर्चा और जो लोग नास्त्र में जुड़ना चाहते हैं हमारे साथ भगवान के नाम का जप करना चाहते हैं वो कर सकते हैं नामा स्त्र में जुड़ने के लिए अ किसी भी प्रकार के वैचारिक मतभेद के निमित्त चर्चा करने के लिए या फिर जो हमारा एक कोर्स है आवान उससे जुड़ने के लिए और धर्म रक्षा के लिए आप हमें संपर्क कर सकते हैं ट करिएगा केवल 740819 और ट पर आकर के आप चर्चा करने का प्रयास ना किया करें क्योंकि बहुत सारे लोग होते हैं जो ये चाहते हैं कि हमसे पर चर्चा की जाए पर हमारे लिए चर्चा करना संभव नहीं कारण एक तो बहुत सारे लोग है दूसरा वहां पर हमारे द्वारा की जाने वाली जो

03:45:51:00 मेहनत है श्रम उसका उतना उपयोग विनियोग नहीं होगा जितना यहां पर जब चर्चा करेंगे तो उसका होगा हमें केवल एक व्यक्ति को कुछ निशब्द करा करके निरुत्तर करके कुछ नहीं सिद्ध करना है हमें अपने समाज को जागृत करना है धर्म के प्रति निष्ठावान बना तो हमारा लक्ष्य किसी को हराना नहीं है हमारा लक्ष्य कितना लाना है समाज में तो उसके लिए इसीलिए हम वहा अपना समय व्यर्थ नहीं करेंगे जब आप लोग ट पर अभी कल एक मातृ शक्ति ने बहुत परेशान किया कि आप मुझसे यहीं पर प्रश्न उत्तर करिए और तरह तरह के उसमें कुतर्क करे तो हमने हमें उसे ब्लॉक करना पड़ा तो इसलिए ऐसा प्रयास ना करें और अपने मन से आपके मन से कहीं पर भी कभी भी यह सब चीजें शुरू हो जाए कि हम आपसे चर्चा करने लगे य सब संभव तो इसलिए किसी भी प्रकार के वैचारिक मतभेद के निमित्त चर्चा के लिए धर्म रक्षा में जुड़ने के लिए नामा स्त्र में नाम जप करने के लिए साथ में या फिर आवान का जो कोर्स है उसके लिए हमारी मदद करने के लिए

03:47:06:01 अगर आप हमारा साथ देना चाहते हैं तो हमें ट कर सकते हैं 74836 इसके अलावा दो जरूरी बातें हैं कि आपको जो ईश्वर से भगवान से रिलेटेड जो क्वेश्चन आते हैं मन में वो सारे क्वेश्चंस के लगभग लगभग उत्तर आपको प्राप्त है ट्यूब पर साज प्रश्नों से ज्यादा जगतगुरु शंकराचार्य जी के उत्तर हैं वहां पर जाएं उनको सुने और अगर कुछ नहीं अगर मतलब कोई प्रश्न नहीं है तो कम से कम उनका एक धारण उपनिषद ब्रह्म सूत्र या भागवत पर उनका जो को वो है पूरी क्लासेस है उनको सुनिए उनका एक वीडियो ज्ञानार्थी आप देख सकते हैं और इसके साथ ही साथ विधि निषेध इत्यादि के बारे में हमसे संपर्क ना करें ज्यादा अच्छा होगा क्योंकि हम भी जहां से उत्तर लाते हैं आपके लिए वह आचार्य हैं राम शंकर शुक्ल जी जो प्रयाग में है तो उनका अपना चैनल भी है और उनके चैनल को फॉलो करिए आपको बहुत ज्यादा यह सब पता लगने लगेगा क्या करना है क्या नहीं विधि निषेध इत्यादि के बारे में और इसके अलावा जगतगुरु

03:48:21:06 भगवान के अभियान से जुड़ने के लिए आप जो है सबसे पहले उनकी जो पप है गोवर्धन मट उसमें अपने आपको वो अपना डाउनलोड करिए उसमें रजिस्टर्ड करिए अपना नाम तो आपसे यथा साम यथा संभव प्रयास संपर्क कर लिया जाएगा इसके अलावा गुरुदेव से दीक्षा लेने के लिए गुरुदेव कब जा रहे कहां जा रहे हैं यह सारी अपडेट्स आपको मिलेंगी कहां से जो गोवर्धन मटकी पप वहां से इसके अलावा और भी बहुत सी सुविधाए हैं गोवर्धन मट का ट चैनल भी है उसको भी आप फॉलो करें जिससे कि गुरुदेव के बारे में आपको सारी जानकारियां प्राप्त हो जाए यह देखिए यह आपको प्ले स्टोर पर मिल जाएगी गोवर्धन मटकी पप और यह सारी चीजें हैं जो आपको करनी चाहिए और तब तक

03:49:19:26 आप गुरुदेव के वीडियोस अवश्य देखें गोवर्धन मट के पप को जरूर डाउनलोड कर ले इसके साथ ही साथ हमारे बारे में हमने बता ही दिया 74 740 8306 ठीक है सभी को जय श्री राम जो आज आए हैं और उनको हम ले नहीं पाए हैं उनके लिए क्षमा प्रार्थी है बहुत समय हो गया है तो अभी आवश्यक है लाइव स्ट्रीम को पूरा करना हमें ऐसी अपेक्षा है कि आज हम ऐसी आशा करते हैं कि आपने आज बहुत सारी चीजों को देखा होगा आप सनातन सिद्धांतों के बाहर जाकर के ईश्वर को मानने वाले सिद्ध नहीं हो सकते और ईश्वर को ना मानने वाले होते हुए आप धर्म का पालन करने वाले सिद्ध नहीं हो सकते और धर्म का पालन ना करने वाले होते हुए आप मानवो चित मर्यादा का अ निर्वाह करने वाले सिद्ध नहीं होते और सनातन के अंदर रहते हुए शंकराचार्य का विरोध करते हुए सनातन को मानने वाले आप सनातन सर्वशक्तिमान ईश्वर

03:50:34:28 को मानने वाले आप सिद्ध नहीं हो पाएंगे किसी भी प्रकार से कोशिश करेंगे हां उनके द्वारा जो तैयार किया हुआ जो सिद्धांत का परिधि है डायमीटर है उसके अंदर रहकर के आप जरूर अपने अपने मत को पोषित कर सकते हैं जैसे कोई निराकार में इसकी आस्था है वह निराकार को पूछ सकता है ब्रह्मा विष्णु महेश भगवान के जो अलग अलग रूप है जिस रूप में जिसकी आस्था है व उसको पूछ सकता है मगर उनका विरोध जब कर देंगे तो कहीं ना कहीं आपका धर्म शाश्वत नहीं रहेगा ईश्वर सर्वशक्तिमान नहीं रहेगा और मोक्ष परम स्वतंत्र नहीं रहेगा इस बात को समझने का प्रयास की हम किसी एक विशेष मत या धारणा को प्रचारित प्रसारित नहीं कर रहे हैं मूल में जाएंगे तो हम मानवता को प्रचारित प्रसारित कर रहे हैं मानवता को बचा रहे हैं मानवता ही धर्म है धर्म ही सनातन है और सनातन की जो शुद्ध विशु बिल्कुल जो शुद्ध व्याख्या है जो आप मतलब बिल्कुल भी उसका जो है विरोध करने योग्य नहीं है वो शंकराचार्य जी की है और जो अन्य आचार्य गण है परंपरा प्राप्त उनके द्वारा जो दिया गया ज्ञान है उसका विरोध नहीं है शंकराचार्य जी के द्वारा

03:51:50:09 बल्कि इन सब आचार्यों का पर्या वसान है शंकराचार्य जी के सिद्धांत में तो सत्य सता की क्रमिक अभिव्यक्ति उसको कहा जा सकता सभी को जय शीराम [संगीत]

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A: AHVAAN - Call Of Dharma Live 3:52:12 · 10 Nov 2024

रामपाल के चेले के कुतर्कों का जवाब #rampaljimaharaj #kabir

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