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00:00:02:00 तो सभी को जय श्री राम। आशा करते हैं आप सभी कुशल पूर्वक होंगे और जैसा कि आप लोगों ने थंबनेल देखा है। आज मैं बात करने वाला हूं एक सनातन का चोला ओढ़कर सनातन विरुद्ध विचारधारा का प्रचार करने वाले एक और व्यक्ति का। उसका नाम है अमोल कोकने। जो तथाकथित आध्यात्मिक विश्वविद्यालय नाम की कोई
00:00:35:22 ऐसी संस्था है जिसका ना कहीं कोई रजिस्ट्रेशन है वैसे ही रामपाल के जैसी जिसका ना कहीं कोई रजिस्ट्रेशन है ना कोई उसे अनुमति प्राप्त है और कानूनी रूप से किस-किस प्रकार से वो ठीक नहीं है ये सब बातें तो हम आज करेंगे ही अ इस आज होने वाली जो लाइव स्ट्रीम है बहुत विशेष गंभीर और आप लोगों के लिए आवश्यक इसलिए है विशेष इसलिए कि आज आप एक और कल्ट के बारे में जानने वाले हैं जो ब्रह्मा कुमारी का बाय प्रोडक्ट है। ब्रह्मा कुमारी जैसी ही लमसम बातें करना करने वाला और कुछ वस्तुनिष्ठ जानकारियों को लेकर के ब्रह्मा कुमारी से दूर मगर लगभग वही सब बातें जो ब्रह्मा कुमारी वाले करते हैं। तो यह इसकी विशेषता है। गंभीरता यह है कि जैसे कि बहुत सारे परिवार तोड़े जा रहे हैं। ऐसा सुनने में आता है। ब्रह्मा कुमारी की जो शिक्षा है वो कुछ इस प्रकार से कार्य करती है कि गृहस्थ जो होते हैं कई लोग बताते हैं कि उनको बहन भाई बनने को बोला गया पतिप को कि ऐसा
00:01:51:10 डाल दिया गया पत्नी के मन में या पति के मन में कि तुम तो बहन भाई हो। ज्यादातर पत्नियों के मन में ऐसा डाला जाता है तो उनकी जो गृहस्थ संसार होता है जो उसमें बाधा आने लगती है और इसी क्रम में आगे अ बहुत सारे बीके के खिलाफ बहुत सारे केस भी पेंडिंग ऐसा भी बताया जा रहा है। तो गंभीरता यह है कि जिस व्यक्ति विशेष की आज हम बात करने वाले हैं अमोल कोकने। ये इस षड्यंत्र पूर्वक कार्य करते-करते आज जो है एक मां की चपेट में आ गया। एक मां जो अपनी बेटी के लिए पिछले दो से तीन दो ढाई सालों से लड़ रही है। पूरे देश में भाग रही है। इधर से उधर उसकी इकलौती बेटी को इस अमोल को कोकने ने विभिन्न प्रकार के लोभ लालच भय इत्यादि दिखा के किसी तरीके से जब वो बचपन में थी तो उसका ब्रेन वाश करके उसको यह यकीन दिला के कि केवल तुम्हारे पास बचने की एक
00:03:06:14 ही जगह है और वह है मेरी शरण। ऐसा दिखा के उसको अपनी बातों में लिया और आज वह बेटी अपनी मां से दूर है। यह जो मां है इसकी कहानी हम अपने दूसरे चैनल सर्वशक्तिमान धर्म पर दिखा चुके हैं। यहां पर वीडियो का लिंक डिस्क्रिप्शन में डाल दिया जाएगा। उसने रो-रो कर और बहुत ही मार्मिकता के साथ अपनी कहानी बताई है हमें और जो भी उसे सुनने वाले हैं जब वह कहानी सुनते हैं उस मां के मुख से तो सभी की आंखें नम हो जाती हैं। पर उस मां ने हार नहीं मानी। जबकि वह सिंगल थी। किसी कारण से वह अपने पति के साथ नहीं है और अपनी बिटिया को लेकर के अपना जीवन जीने का प्रयास कर रही थी। इकलौता एक सहारा उनकी बेटी ही थी और समय ने भाग्य ने और एक काल नेमी ने उनसे उनकी उस बिटिया को भी छीन लिया। तो इसलिए गंभीर है। और गंभीर क्यों है? क्योंकि इस मां ने कभी भी हार नहीं मानी। जगह-गह दरवाजे खटखटाए। हालांकि मेरे संपर्क
00:04:21:22 में भी पिछले लगभग डेढ़ दो साल से हैं। और मुझे इस बात का दुख है कि मैं कोई विशेष कार्य कर नहीं पाया सिवाय एक बार जो आध्यात्मिक विश्वविद्यालय इन्होंने पालम में डाल रखा है अमोल कोकने ने। सिवाय एक बार वहां जाकर के और थोड़ा सा वहां पर एक जो हम सार्वभौम सनातन सिद्धांतों के आधार पर किसी को भी थोड़ा बहुत चलते फिरते कुछ दे देते हैं तो सिवाय इसके और कुछ विशेष मैं कर नहीं पाया था इनके लिए तो इसी प्रकार से जैसे ये मेरे पास आई मदद के लिए इसी प्रकार से इन्होंने अ बहुत सारे दरवाजे खटखटाए मदद मांगी और अंतत ततोत्वा जब इनसे कुछ नहीं इनको समझ में आया तो इन्होंने स्वयं बीड़ा उठाया कि मैं बलपूक अ अपनी बेटी को रेस्क्यू करूंगी वहां से और जिन लोगों ने उसको बरगला रखा है, बहला रखा है, फुसला रखा है उन लोगों से बलपूक अपनी बेटी को लेकर आऊंगी। और विश्वास करना मुश्किल है। पर उन्होंने ये किया। अपने कुछ हिंदू साथी एकत्रित किए। उनके साथ
00:05:38:02 अपनी बेटी को रेस्क्यू करने के लिए अ पेपर स्प्रे का सहारा भी लिया और बेटी को बेटी को रेस्क्यू कर लिया था वहां से। मतलब उन लोग उन लोगों के साथ से अलग लेकर के और कहीं काफी दूर तक जा चुके पर कुछ कारणोंश किसी एक साथी के संकट में पड़ जाने के कारण उन्हें पुनः अपनी बिटिया को वहां पहुंचाना पड़ा। और अब देखिए कि विधि का विधान कुछ इस तरीके से हुआ है कि एक मां पर उसकी ही बेटी को किडनैप करने का आरोप लगाया जा रहा है। कि उसने अपनी बेटी को किडनैप किया। यह बात जितनी हास्यास्पद है, उतनी ही गंभीर भी है। कि उस मां को
00:06:30:02 घातक बनने पर किसने विवश किया? एक साधारण महिला जो गवर्नमेंट स्कूल में टीचर है दक्षिण भारत में। वो कैसे इस नतीजे पर पहुंची कि उसे जो है अपनी बेटी को रेस्क्यू करने के लिए बल का प्रयोग करना पड़े। और ऐसी चीजें करनी पड़े जो सीधे तौर पर अगर दिखाई दें उनके पीछे आगे ना देखा जाए तो ऐसा लगे कि यह तो क्रिमिनल एक्टिविटी है। तो कैसे एक मां को यहां तक आना पड़ा? कैसे उसकी बेटी को बरगलाया गया और यह जो ब्रह्मा कुमारी से निकला हुआ जो संस्थान है आध्यात्मिक विश्वविद्यालय इसके पीछे कौन जुड़ा हुआ है जो किस तरीके से यह ब्रह्मा कुमारी से जुड़ता है और एक्चुअली में सीधे तौर पर यह कौन से ऐसे दावे करता है जो हमारे धर्म के लिए हानिकारक है। यह भी वैसे ही रामपाल की तरह बातें करता है। यह भी वैसे ही हमारे आराध्यों का अपमान करता है। जो हमारी आस्था के केंद्र हैं उन पर प्रहार करता है यह संस्थान। तो इसमें और रामपाल में कोई फर्क नहीं है। मेरे पास रामपाल से जुड़े हुए लोगों के फोन आते हैं। मेरी पत्नी फंस गई है। मेरा भाई फंस गया है। मेरा बेटा फंस गया है। ब्रह्मा कुमारी से जुड़े
00:07:45:08 हुए लोगों के फोन आते हैं कि मेरा फला फला फंस गया है। ब्रेन वाश हो गया है। तो ठीक उसी पैटर्न में ये भी चल रहा है। तो यह [गला साफ़ करने की आवाज़] गंभीरता है इसकी और आवश्यकता विशेषता आपको यह जानने की है कि पर्टिकुलर यह जो संस्थान है यह कौन से ऐसे दावे कर रहा है जिनके बिहाफ पर आप इस संस्थान के विरुद्ध खड़े हो सकते हैं जिसके आधार पर आप इन इसके विरुद्ध भी आवाज उठा सकते हैं इसलिए विशेष है और
00:08:25:13 एक तीसरा शब्द और बोला था। एक अच्छी चीज और हुई है। जब इन्होंने अपनी बेटी को बचाने के लिए रेस्क्यू करने के लिए वहां से और वो बलपूक जो इन्होंने गतिविधि जो भी थी उसको पूर्ण किया। उसके बाद इन पर आरोप लगा। एक एफआईआर दर्ज हुई पालम पुलिस स्टेशन में। जबकि पुलिस वाले जान रहे हैं कि इस महिला की क्या कहानी है। पर उनके हाथ भी बंधे हुए हैं। तो जिस प्रकार की कानूनी प्रक्रिया के तहत जो करना होगा वो उसने किया पुलिस वालों ने। हालांकि क्योंकि पुलिस वाले बहुत समय से इस महिला को वहां देख रहे थे इस मां को। वो आए दिन वहां जाती थी जहां पर इनकी बिटिया को डिटेन करके रखा हुआ है। बाहर की दुनिया से काट कर। उसको कुछ नहीं पता कि बाहर की दुनिया में हो क्या रहा है। अमोल कोकने को कितना ज्ञान है। कितने लोग अमोल कोकने को कह रहे हैं कि भाई आकर के जो तुम दावे कर रहे हो उनकी पुष्टि करो। किसी मनुवादी के समक्ष। तो अमोल कोक ने उनकी अमोल कोक ने अपने जो तथाकथित दावे
00:09:40:21 हैं उनको उनकी पुष्टि करने के लिए क्या किसी सार्वजनिक चर्चा में पहुंच रहा है? क्या उसके ज्ञान में या उसकी बातों में वो दम है जिसके आधार पर वो किसी परंपरा प्राप्त आचार्य के एक अल्पज्ञ शिष्य का सामना कर सके। तो उसको यह सब चीजें नहीं पता है। वह तो एक भवन में डिटेन है। बाहर की दुनिया से कट है। उसको बताया गया है कि भाई तुम्हें बिल्कुल कट के रहना है और कभी भी कोई भी आकर के तुम्हें चुरा सकता है, ले जा सकता है अपने साथ। तो तुम्हें किसी पर भी भरोसा नहीं करना है। बिल्कुल घर से बाहर बहुत रेयरली निकलना है। इस तरीके से मतलब यह समझ लीजिए कि उसका जीवन इस समय तालीबान जैसा है उस भवन में। पर वह एक्सेप्ट है उसे। बात बस यही फंस रही है। तो खैर वहां आ जाते हैं कि जो मेन जो बात है परिवर्तन कैसे आता है, क्रांति कैसे आती है और कैसे यह कहानी हम सबके लिए प्रेरणादायक है। मैं वो बताने के लिए आज आया हूं। परिवर्तन कैसे बदलाव कैसे आएगा? इस मां ने कभी भी हार नहीं मानी। उसका नतीजा उसने फाइनली अपनी बच्ची को रेस्क्यू करने के लिए वह कार्य किया जिसके कारण उसके
00:10:56:00 ही विरुद्ध एफआईआर दर्ज हुई। उसमें कहा गया मां ने किडनैप करने का प्रयास किया गया है उन लोगों के द्वारा जो जिन लोग जिन लोगों के संरक्षण में जिन लोगों के साथ इस समय वो बिटिया है अब होता यह है कि सामने वालों को विरोधी जनों को पुलिस की कारवाही से संतुष्टि नहीं होती है और बौखलाहट में वो पहुंच जाते हैं हाई कोर्ट क्योंकि पुलिस की कारवाही से इसलिए संतुष्टि नहीं होती है कि उनको लगता है कि पुलिस अ जो है इनके फेवर में जा रही है। जबकि पुलिस निष्पक्ष कार्य कर रही है। पुलिस को पूरी कहानी पता है कि ये किडनैपर नहीं है। यह मां है। परंतु वो अपनी रोटियां सेकने के लिए और अपने ईगो को सेटिस्फाइड करने के लिए वो लोग पहुंचते हैं हाई कोर्ट। अब हाई कोर्ट में क्या होता है? हाई कोर्ट में आज के दिन आज ही की डेट में वह निर्णय आया है जिसमें इन लोगों को फटकार लगाई गई है और इनकी ही करतूत के कारण अब हाई कोर्ट के नजर में इस मां ने जो केस कर रखा था अपनी बच्ची को वापस लेने के लिए जो धूल चढ़ रही थी जिस केस पर शुरुआत में थोड़ी बहुत सुनवाई हुई थी और उसके बाद
00:12:14:19 इनको अपनी बिटिया से प्रतिदिन 45 मिनट मिलने की अनुमति मिली थी। कोर्ट का आदेश हुआ था। तो उस बिहाफ पर थोड़ा बहुत मिली भी थी और कुछ दिन अपनी बिटिया के साथ रहने का रहने की आज्ञा भी मिली थी। तो अ वो उतना हो के फिर उसके बाद उस केस पर धूल चढ़ रही थी उस फाइल पर। पर इन कमबख्तों के वहां पर पहुंच के और यह कार्य करने के कारण
00:12:50:00 अब वह जो मुकदमा था दोबारा से कोर्ट की नजर में आ गया है। कोर्ट की दृष्टि उस पर दोबारा पड़ गई और कोर्ट ने उस पर फोकस किया कि भाई मतलब कोर्ट के दिमाग में भी यह आया ना कि एक मां को आज अपनी बच्ची को एक मां के ऊपर किडनैपिंग का केस लग रहा है। अपनी बच्ची को किडनैप करने के लिए। तो कहीं ना कहीं कोर्ट ने भी देखा कि अब हम वो जो केस पेंडिंग पड़ा हुआ है उसकी वैसे शीघ्र अति शीघ्र सुनवाई करेंगे। तो दो चीजें हुई। एक जिस जो डिमांड लेकर के कोर्ट गए थे कि भाई यह जो जिस पुलिस स्टेशन में यह जांच हो रही है एफआईआर दर्ज हुई है वो लोग ठीक से कारवाही नहीं कर रहे हैं तो इसलिए आप इसमें सीबीआई या और कोई अपर लेवल की जांच जांच मांग रहे थे कोर्ट से कि इसमें ऐसा होना चाहिए इनके विरोध में यह जो मां है एक मां के विरोध में अपनी ही बच्ची को किडनैप करने के संबंध में और वह चाहते हैं कि सीबीआई जैसी कोई जांच हो समझ रहे हैं ना आप कहां ले जा रहे हैं हमारे बच्चों को। खैर तो कोर्ट ने संज्ञान लिया और कोर्ट ने फटकार लगाई। कोर्ट ने उनकी इस डिमांड को नकारा और अब
00:14:05:10 वो जो मुकदमा पेंडिंग पड़ा हुआ था अब वो दोबारा से हाईलाइट हो गया। तो यह एक सबके लिए शुभ सूचना है। जो भी धर्म प्रेमी हैं। [गला साफ़ करने की आवाज़] अब सबसे पहली बात है कि जो अमोल कोकने है उसकी स्थिति इस समय क्या है? अमोल कोकने कौन है? पहले ये समझ लीजिए। जो मोटा-मोटा मुझे मालूम है थोड़ा बहुत वस्तुनिष्ठ जानकारियों में अंतर आ सकता है। ब्रह्मा कुमारी संस्था का एक मर्मज्ञ व्यक्ति फॉलोअर जिसका नाम था वीरेंद्र देव दीक्षित। वीरेंद्र देव दीक्षित एक समय आता है जब वह अपना खुद का कल्ट स्टार्ट करने का सोचता है और वह एक संस्था डालता है आध्यात्मिक विश्वविद्यालय। अब कुछ अंशों में वह ब्रह्मा कुमारी से भी डिफरेंट बातें करने लगता है और कुछ लोग ब्रह्मा कुमारी के ही जो फॉलोअर्स थे वो वहां से टूट करके इसके साथ हो लेते हैं। तो जब मतलब इनमें आपस में कोई ऐसा तालमेल नहीं है आध्यात्मिक विश्वविद्यालय और ब्रह्मा कुमारी में मतलब अगर देखा जाए तो सैद्धांतिक तौर पर कहीं ना कहीं दोनों में अनबन है क्योंकि अलग हुए
00:15:20:12 भाई वो फॉलोअर्स को ले गया इनके खैर अब वीरेंद्र देव दीक्षित अपनी संस्था डाल लेता है। मगर वीरेंद्र देव दीक्षित अपनी संस्था में स्पिरिचुअलिटी के नाम पर बहुत सारे उस पर आरोप लगते हैं वीरेंद्र देव दीक्षित पर। आरोप लगना शुरू होते हैं। कोर्ट केसेस होते हैं और संभवत कुछ केसेस में उसको सजा भी सुनाई जाती है। उसके बाद वीरेंद्र देव दीक्षित गायब हो जाते हैं। गायब मतलब फरार जैसा कुछ और खबर आती है कि वो कहीं पर वीरेंद्र देव दीक्षित मर चुका है। कुछ अब क्या होता है? वीरेंद्र देव दीक्षित की जो संस्था है आध्यात्मिक विश्वविद्यालय उसके दो टुकड़े होते हैं। एक टुकड़ा जो ये कहता है कि वीरेंद्र देव दीक्षित जीवित ही है और वो वही वाला जो कांसेप्ट है ना कि प्रलय काल में वो संधि हो रही होगी तब वो आ जाएगा तो वो आएगा है ना वीरेंद्र दीक्षित कहीं पर जीवित है और दूसरा जो टुकड़ा है वो यह कहने लगा कि नहीं नहीं पहले वीरेंद्र दीक्षित के शरीर में आते थे और अब मेरे शरीर में आते हैं भगवान ज्ञान देने के लिए वही लेखराज वाला स्टाइल क्योंकि ब्रह्मा कुमारी से ही आया ना इसलिए खैर
00:16:30:14 तो जो दो टुकड़े हुए उनमें जो एक टुकड़ा है वो वीरेंद्र देव दीक्षित का ही वकील है अमोल कोकने जो यह कह रहा है जो यह दावा कर रहा है कि अब मेरे अंदर भगवान आकर के ज्ञान दे रहे हैं वही ज्ञान जो दो कौड़ी का है अगर सामने से बात हो जाए तो पांच 10 मिनट से ज्यादा नहीं वो आप लोग जानते होंगे कितनी देर का व्यक्ति होगा वो खैर मैंने बहुत बार ट्राई किया कि भाई उससे बात हो जाए सामने से पर वो जैसे चोर होता है ना जिसको मालूम होता है कि भाई मैं मेरा कहीं भी टिक नहीं पाऊंगा। तो इसी तरीके से जो अमोल कोकने है वह भागा करता है और इस समय मामला गंभीर इतना हो गया है कि अमोल कोकने का जो सार्वजनिक नंबर है अमोल कोकने ने वो स्विच ऑफ कर रखा है। जबकि एफआईआर वो करा रहे हैं स्मार्ट पर। परंतु इस समय मोबाइल नंबर बंद है अमोल कोकने का। यह खतरे की घंटी है उसके लिए। अमोल कोकने हो सकता है तू बहुत बड़ी अपनी सल्तनत बना लेता। हो सकता है बहुत बड़ा तू एंपायर खड़ा कर लेता। बहुत बड़ा अपना ब्रह्मा कुमारी जैसा कल तू भी खड़ा कर लेता। रामपाल जैसा कल तू भी खड़ा कर लेता। पर तुझसे गलती हो गई। एक गलती हो गई। तूने
00:17:46:16 शरिता शर्मा की बिटिया को अपने यहां ले आया। ये गलती हो गई। तूने उससे संपर्क कर लिया। ये गलती हो गई। और यह गलती वैसी गलती जैसे रावण ने गलती कर दी थी। सब सही चल रहा था। बढ़िया जैसे वो चाहता था वैसे करता था। पर उसने एक गलती कर दी। सीता माता को अपने घर ले आया। अपने काल को अपने घर ले आया। बस तेरे जीवन में भी यह जो बिटिया है यह उसी तरीके से है जो तेरा तथाकथित जो तू अपना भगवान का चोला ओढ़ करके और लोगों को बेवकूफ बना करके अंधविश्वास फैला करके जो तू अपना साम्राज्य खड़ा करना चाहता है गीता के नाम पर हनुमान जी के नाम पर उस सब में आग लग जाएगी केवल एक लड़की की वजह से वह लड़की जो सरिता शर्मा की बेटी यह नोट कर ले आज तू स्ट पेपर में लिख ले सरिता शर्मा की बेटी जो है वही तेरे इस पूरे साम्राज्य का जो भी तूने अपने सपने देखे होंगे उसके अंत का कारण बनने वाली है तेरा जो उल्टी गिनती शुरू हो चुकी तू
00:19:01:20 शायद देख नहीं पा रहा है हालांकि तू तो भगवान है तेरे अंदर तो भगवान आते हैं पर मैं देख रहा हूं और मैंने बहुतों को देखा इसी तरीके से अंत होते हुए तो तेरी उल्टी गिनती शुरू हो चुकी और अगर तेरी जगह मैं होता तेरी जगह अगर मैं होता तो मैं तो सबसे पहले ये करता कि भैया क्यों मैं बवाल लूं अपने यहां बिठा करके रखा है अपने काल को पहले इसको हटाऊ यहां से तब देखूंगा बाद की बात तो अब ऐसी जगह जगह से तेरे ऊपर प्रहार होने वाले हैं मुलकोक ने कि तू सोच भी नहीं सकता है तूने बहुतों के साथ ये सब किया होगा। बहुतों का ब्रेन वाश किया होगा। बहुतों को अपने यहां ले गया होगा। पर तूने एक गलती कर दी। इस बेटी को ले जाकर के तूने गलती कर दी। और यही तेरे पतन का कारण बनने वाली है। जो तू ये सब बाबागिरी करता है ना बैठकर के जो भी मैं बताऊंगा क्या-क्या बाबागिरी करता है। तेरे वीडियोस का वो ट्रांसक्रिप्ट निकाला है मैंने। हनुमान जी के लिए तूने क्या बोला? शिव जी के लिए क्या बोला? लड़कियों को तू क्या बोलता है कि समर्पण कैसे करो यह सारी बातें हम लोग देख रहे हैं और जानता
00:20:16:28 है ना शंकराचार्य के शिष्य कौन होते हैं शंकराचार्य की सेना कौन होती है शंकराचार्य कौन होते हैं है ना तो अब ऐसे ऐसे लोग तेरे उसमें कूद पड़े हैं इस युद्ध में कूद पड़े हैं राम मंदिर के केस लड़ने वाले तेरे समक्ष खड़े हो चुके हैं तो यही तेरे जीवन की सबसे बड़ी गलती हो गई कि तू अपने सारे षड्यंत्र करता रहता धर्म के नाम पर 50 लोग 100 झूठ रोज बोलते हैं तू भी बोल रहा था बोलता रहता बस संयोग से तेरा प्रारब्ध था कुछ ऐसा जो पता नहीं कौन सी स्थिति ऐसी खराब रही होगी जो तूने सरता शर्मा की बेटी पर भी अपना वही षड्यंत्र डाल दिया
00:21:07:22 और उसको बता बता के गीता का ज्ञान यह वो एंड ऑल एंड ऑल ये सब बता तू के अपने ले गया। ठीक है। अच्छा उसको ले जाने की कहानी भी मैं बता देता हूं। पर बताने से पहले फिर से मैं एक बार कहूंगा कि अमोल कोकने जो है तेरे पतन का कारण यही बिटिया बनने वाली है जो तेरे यहां पालम में बैठी हुई है और तू जानता नहीं है अभी क्या क्या होने वाला है जितना तू सोच रहा है ना मैं बच जाऊंगा बच जाऊंगा अभी कहां कहां से क्या-क्या चीजें आने वाली है तुम सोच भी नहीं पाओगे और तुमने सामग्री पर्याप्त प्रदान कर रखी है कार्यवाही नहीं करने के लिए वो मैं अभी बताऊंगा कौन-कौन सी सामग्रियां है कैसे तुम हिंदुओं को हिंदुत्व के ही नाम पर भगवान के ही नाम पर भगवान से दूर कर रहे हो अध्यात्म के ही नाम पर अध्यात्म से दूर कर रहे हो मर्यादा के नाम पर मर्यादा से दूर कर रहे हो धर्म के नाम पर धर्म से दूर कर रहे हो ये सारी सामग्री हमारे पास है और इसका एक बहुत बड़ा श्रेय एक बहुत बड़ा क्या इसका पूरा श्रेय शता शर्मा को जाता है जो उन्होंने मेहनत से लगन से पीछे पड़ी रही। हार नहीं मानी। नहीं और लोग थक के बैठ जाते हैं।
00:22:22:24 ठीक है एक्सेप्ट कर लिया। हारने का भी अलग मजा है। कुछ लोग ऐसा करते हैं ना हारने का भी अलग ही आनंद होता है। कुछ करना नहीं पड़ता। कुछ लोग ऐसे भी होते हैं। मगर ये इन्होंने हार नहीं मानी। कर्मवादी कारस्ते मा फले कदाचना। उसका नतीजा है। अब इस युद्ध में बहुत दिग्गज दिग्गज लोग कूद पड़े हैं। ठीक है? खैर तो यह तो रही अमोल कोकने के बारे में एक संक्षिप्त जानकारी। अब मैं थोड़ा सा इस पर प्रकाश डालता हूं कि वह आप लोग वीडियो देख सकते हैं। ऑपरेटर से कहूंगा कि वो उस वीडियो का कुछ थोड़ा सा चलचित्र यहां चला दें जिससे कि लोग देख लें उस वीडियो को। तो उसमें पूरी कहानी इन्होंने डिटेल से बताई है कि कैसे-कैसे इनकी बिटिया को क्या-क्या कहा जाता था। मां के बारे में क्या कहा जाता था और कैसे उसको जब तक वह 18 साल की नहीं हुई थी। कैसे उसको बरगलाया जाता था कि तुम अगर यह तो तुम्हारी देह के माता-पिता हैं और इनका साथ तो यही तक है। तुम्हारा वो तुम्हारे पिता तो वो हैं जो यह वो ऐसे करके और यह महत्वपूर्ण नहीं है।
00:23:38:02 और अगर बिटिया अपनी मां के लिए इमोशनल हो रही है तो उसको समझाया जाता था कि अपनी मां के उद्धार का कारण भी तुम ही हो। तुम्हारे कारण तुम्हारी मां का उद्धार हो जाएगा। तो यह इमोशनल भी दे दिया कि अगर इमोशनल कार्ड के कारण अगर वह ना जाना चाहे अपनी मां को छोड़ के तो मां के फाय मां का भी फायदा दिखा दो। उसमें माता जी का भी फायदा ही है। और बहुत सारे लालच यह वीडियो है हमारा। सर्व आन कॉल धर्मा पर है। आप लोग इसको देख सकते हैं। इसमें पूरी कहानी है क्या-क्या बरगलाया जाता था और कैसे कैसे तो खैर ये सारे लोभ भय लालच वगैरह दे के बहुत सारी चीजें दिखा के उसको बिटिया को ले जाया गया और सरिता जी ने अपनी एक बुक भी लिखी है जो मैंने दिखाई है कई बार Amazon पर अवेलेबल है। दिखा देता हूं।
00:24:39:03 ब्रेकिंग फ्री ए मदर्स प्रॉमिस। यह सरिता जी की अपनी आत्मकथा है जो उन्होंने लिखी है और Amazon पे अवेलेबल है। आप लोग पढ़ना चाहे तो पढ़ सकते हैं। इंग्लिश में है हिंदी में भी लिखवा रही है क्योंकि वह दक्षिण भारत की हैं तो उन्होंने [गला साफ़ करने की आवाज़] इंग्लिश में लिखना ही उनके लिए सहज था। खैर तो इस तरीके से और उस बिटिया को यह तक कहा गया कि भाई जिस दिन तुम 18 की हो जाओ 18 से पहले तक अपनी माताजी को भनक मत पड़ने देना कि तुम कुछ ऐसा प्लानिंग कर रही हो छोड़ के जाने वाली कुछ भी तो फिर उसने 18 तक बिल्कुल नहीं महसूस होने दिया कि वो कहीं जा सकती है और जिस दिन वो 18 की हो गई उसके बाद प्लानिंग शुरू हो गई बता दिया गया कि तुम निकलने से पहले वो कानून का जो फायदा उठाया जाता है ना वो उठाया गया कि 18 साल के हो गए तो लेटर लिख के भेज दो जगह जगह कि भैया मैं अपनी मर्जी से जा रही हूं। मुझे कोई परेशानी नहीं है। मुझे अपनी मां से थ्रेट है। मुझे अपनी मां से प्रोटेक्शन चाहिए और मैं जाके वहां रहूंगी। मैं अपनी स्पिरिचुअल साधना करने के लिए जा रही हूं। वो सब पूरा पट्टी पढ़ा दी गई थी। आज भी वह बिटिया पट्टी पड़ी हुई है और
00:25:54:07 वह जो पट्टियां उसको पढ़ाई गई है वह पट्टियां चकनाचूर हो सकती है 10 मिनट में अमोल कोकने से कोई शास्त्र व्यक्ति कोई तार्किक व्यक्ति सनातन सिद्धांतों को जानने वाला व्यक्ति अमोल कोकने से सामने से बात कर ले आधे घंटे में अमोल कोकने का अब्बा डब्बा चब्बा बेटी बिटिया को दिखाई दे जाएगा आधे घंटे में वैसे तो पांच 10 मिनट में ही चालू हो जाएगा मगर आधे घंटे में पूरा एक निष्कर्ष निकल के आ जाएगा पर वह सिचुएशन तो अमोल को अपने जैसे लोग लाने नहीं देंगे ना वो तो रामपाल की तरह कूलर लेकर के दावे करेंगे कि चर्चा कैसे होगी बस मैं अपना ज्ञान बताऊंगा तुम अपना ज्ञान बताना ये दावे करेंगे वो तो ये इस तरीके से इनकी बिटिया को इनसे छीना गया जिसके बाद की कहानी आपको बताया ही है कि पूरे भारत में घूम घूम करके इन्होंने जगह-जगह मदद के लिए भीख मांगी दरवाजे खटखटाए कहीं से इनको कुछ आश्वासन मिले, कहीं से इनको ठोकर मिली, कहीं से इनको विरोध मिला। मगर इन्होंने हार नहीं मानी। अंतत गतवा बलपूक अपनी बिटिया को वापस लाने का प्रयास किया। उसके बाद इन पर मां पर ही एक मां पर ही अपनी बेटी को अगवा करके किडनैप करके ले जाने का आरोप लगा। एफआईआर दर्ज
00:27:09:15 हुई। उतने पर भी इन निर्दयी लोगों का जी नहीं भरा। और ये लोग हाई कोर्ट पहुंच गए अपने लिए गड्ढा खोदने। कि भैया इसमें सीबीआई की जांच कराइए। तब हाई कोर्ट ने फटकार लगाई है और अभी तो अंगड़ाई है। आगे बहुत लड़ाई है। अमोल कोक ने यह बात यह मैसेज तुम्हारे लिए है। अभी अंगड़ाई है। आगे बहुत लड़ाई है। तुम्हारे जैसे होता है ना कि भाई एस ए फिटनेस वीक अगर अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दे देने वाला कोई व्यक्ति है उससे पूछिए। तो वह देखता है कि अपने घर में ही उसने बहुत सारी ऐसी चीजें रख रखी हैं जो उसके उसकी अस्वस्थता का कारण है। जो स्लो पोइजन है जो उसको खत्म कर रही है। बहुत सारी चीजें होती है जो आजकल के जो सामान्य रसोई घर होते हैं उसमें मिल जाएंगी। पाम ऑयल से बने हुए बिस्किट्स होंगे जिसमें हाइड्रो हाइड्रोजनरेटेड ऑयल होगा, ब्रेड होगी, रिफाइंड ऑयल होगा जिसमें केमिकल्स होते हैं बहुत सारे। यह सारी चीजें आपको सामान्यता रसोई में मिल जाती है। और जो भी व्यक्ति जानता है खाद्य पदार्थों के बारे में, हेल्थ के बारे में, न्यूट्रिशन
00:28:24:16 के बारे में तो वह यह समझता है कि हमने तो अपने अस्वस्थता के कारण को घर में ही रख रखा है। तो ऐसे ही जो प्रबुद्ध जन है जो अब इस कहानी को देख रहे हैं और जो भी देखेगा वह यह जानेगा कि अमोल कोकने ने अपनी तबाही अपने ही यहां अपने भवन में पालम वाले उसमें वो जो देव सिंह नाम का व्यक्ति है उसके घर में देव सिंह वो है जिसके साथ हमने चर्चा की थी खड़े खड़े जो चर्चा हुई थी पालम वाली चर्चा उसका भी दिखा दीजिएगा चित्र ऑपरेटर जी पालम वाली जो चर्चा हुई है तो देव सिंह का वो घर है जिसमें कि अमोल कोकने ने अपना फिलहाल ठिकाना बना रखा है और भी कहीं होंगे ठिकाने और यह अपना वो सड़ा हुआ जो तथाकथित हिंदुत्व का आध्यात्मिकता का जो ज्ञान है वो विद्यालयों में जाकर के भी दे रहा है। पता नहीं वो कैसे विद्यालय होते हैं जो उसका ज्ञान सुन लेते हैं। अपने यहां आने देते हैं। खैर तो अच्छा इसकी एक चीज और है कि यह देव सिंह जो है यह अमोल कोकने जो है यह क्या कर रहा है कि स्वयं को सुरक्षित रखने के लिए अपने जो अनुयाई हैं सिपाही हैं जो मेन उनको आगे रख रहा है। तो बेचारे देव सिंह फस रहे हैं। अब देव सिंह फसेंगे उनकी पत्नी
00:29:39:18 फसेंग जो चीजें आगे जब चीजें होंगी कारया होंगी तो उसमें देव सिंह उनकी पत्नी और जो इनके प्रमुख जो कैप्टेंस है ना इनको भी यह भी लपेटे में आएंगे और अमोल कोक ने यदि यह सोच रहा है कि मैं पीछे पर्दे के पीछे रह के खेलूंगा तो वह भी ऐसा नहीं होगा। वह भी लपेटे में आना ही है। अंतत गतवा खैर तो अमोल ने अपने ही घर में अपने नाश का कारण आध्यात्मिक विश्वविद्यालय तथाकथित अच्छा आध्यात्मिक विश्वविद्यालय की बात भी है। जहां तक मेरी जानकारी है सुप्रीम कोर्ट से आदेश हुआ है कि विश्वविद्यालय लिख नहीं सकते। तो वह भी एक बात है कि फेक तरीके से वो विश्वविद्यालय लिखा जा रहा है। बहुत सी चीजें हैं जब कारवाई होती तो कई प्रकार की हो जाती है। खैर अब बात आती है कि एज ए हिंदू अभी तक तो व्यष्टि की बात चल रही थी कि एक माता से उसकी बेटी छीनी गई। मगर एज ए हिंदू आपके समाज में आपकी बेटियों को आपके घर की मातृशक्तियों को क्या सिखाया जा रहा है आध्यात्मिकता के नाम पर आप देखिए। मैं बताने जा रहा हूं। [गला साफ़ करने की आवाज़] तो इनके कई वीडियोस है जिनकी ट्रांसक्रिप्ट निकाली है। जिसमें से
00:30:54:21 पहली ट्रांसक्रिप्ट मैं पढ़ने जा रहा हूं। इसमें इसका हेडिंग है संपूर्ण समर्पण के संबंध में शिव बाबा के महावाक्य। अब ये शिव बाबा कौन है? जो जैसे लेखराज के शरीर में आते थे तो ऐसे ही इधर जो है वीरेंद्र दीक्षित के शरीर में आते थे। और यह शिव बाबा के यहां आकर के यह क्या कह रहे हैं? यह कन्याओं को सिखा रहे हैं कि आप अपने पूरे शरीर को
00:31:30:21 भगवान के यानी जिसके शरीर में शिव बाबा आ रहे हैं उसको समर्पण कर दो। कैसे कह रहे हैं? देखिए जरा। समर्पण किसको कहा जाता है? जो तन मन धन संबंध समय सब में अर्पण हो। अगर मन को समर्पण कर दिया तो मन को बिना श्रीमत के यूज़ नहीं कर सकते। इसी तरीके से धन के लिए तन के लिए है। और [गला साफ़ करने की आवाज़] आगे लिखा है कन्या। कन्या सोचे सरेंडर हुई। अरे बाबा ने तो ऐसी बात बोल दी। तन भी सारा का सारा अर्पण करना पड़े। शरीर भी पूरा अर्पण करना पड़े। पूरा अर्पण करना पड़े। यह सिखाया जा रहा है कन्याओं को। पूरा अर्पण करिए। माने कोई भी अंग ऐसा ना रह जाए जो अर्पण किए बिना बगैर रह जाए। यह बाबा जो वीरेंद्र देव दीक्षित है उसके शरीर में आकर बाबा बोल रहे हैं तथाकथित। और यह वीरेंद्र देव दीक्षित का वीडियो वो वीरेंद्र देव दीक्षित जो घोषित अपराधी है जिसको कोर्ट से सजाएं मिली है उसके तथाकथित वीडियो जिसके कारण कई कई विक्टिम्स हैं और जिसके कारण वीरेंद्र देव दीक्षित एक्यूज था और उस वीरेंद्र देव दीक्षित
00:32:45:22 की यह शिक्षाएं अमोल कोकने के चैनल पर पड़ी हुई है और यही बातें अमोल कोकने भी प्रोसीड कर रहा है आगे उसका प्रवाह कर रहा क्या कह रहा है कि कोई भी अंग ऐसा ना रह जाए। समझ रहे हैं ना आप? कहां जा रही है बात? कोई भी अंग ऐसा ना रह जाए जो अर्पण किए बगैर रह जाए। सारे अंग एक एक अंग अर्पण करना है। यह है आध्यात्मिक विश्वविद्यालय वीरेंद्र दीक्षित और अमोल कोकणी तथाकथित सो कॉल्ड आध्यात्मिक गुरु और तथाकथित सो कॉल्ड भगवान। अच्छा ऐसा नहीं है कानप अर्पण कर दिया हम बाबा की बातें बातें सुनेंगे और दुनिया में किसी की बातें नहीं सुनेंगे उससे काम चल जाएगा संपूर्ण समर्पण हो जाएगा नहीं कान अर्पण करेंगे नाक अर्पण नहीं करेंगे नाक और कान हाथ है सब अर्पण करेंगे मुंह अर्पण नहीं करेंगे खिचड़ी नहीं खाएंगे तो संपूर्ण अर्पण हुए हैं माने जितने भी अंग है जो भी इंद्रियां है सब अर्पण करनी पड़े तब कहेंगे तन पूरा अर्पण किया उसमें भी एक और पद लगा दिया। आगे कह रहे हैं अपन को अगर सरेंडर समझते हैं, सरेंडर है तो सरेंडर होने वालों के लिए क्या जरूरी है? पूरा तन
00:34:00:26 अर्पण करना है, करना पड़े। तन पे ही बात हो रही है। वैसे तो तथाकथित लोग आत्मा की बातें करते हैं। मगर तन पे ही बात हो रही है। ये हमारी लड़कियों को हमारी बिटिया को समझाया जाता है इनके यहां। अच्छा तो सरेंडर होने वालों के लिए क्या जरूरी है? पूरा तन अर्पण करेगा। अर्पण करना पड़ेगा। ऐसा नहीं कि यह नहीं हो सकता। देखिए ऐसा नहीं कि यह नहीं हो सकता। यह भी होना है। सब कुछ होना है। सारे अंगों से होना है। कोई अंग नहीं रहना चाहिए। ऐसा नहीं कह सकते कि यह नहीं हो सकता। वो नहीं हो सकता। तब बाप का कहना होता है, उठाना देना होता है। यह अच्छी रही भक्तों की बात कि तेरा सो मेरा सब कुछ लेकिन मेरे हां मेरे को हाथ नहीं लगाना। वाह भाई तेरा घर मेरा तेरा सब कुछ मेरा क्या? तो ये समझा रहे हैं कि हाथ ना लगाने वाली बात मत कह देना।
00:34:57:27 वह तो विश्व का पिता है। सारी दुनिया का पति है। विश्वापति भी है। तो उसका सब कुछ तेरा और वो जब संबंध जोड़ने की बात करे तो इनकार कर दे तो क्या कहेंगे कि संपूर्ण अर्पण हुआ या नहीं हुआ। यह सब वो बोल रहे हैं ना फ्लो में तो कहीं-कहीं पर बातें ऐसी है जो उसके मुख से आप सुनेंगे तो आपको समझ में आएगा कि एक्सैक्ट वो क्या कह रहा है। तो वो ट्रांसक्रिप्ट में है ना? अच्छा क्योंकि उसमें साथ में भाव भी होते हैं ना चेहरे के तो संबंध जोड़ने की बात करें तो इंकार कर दे तो क्या कहेंगे कि संपूर्ण अर्पण हुआ कि नहीं अर्पण हुआ तो बताया कि शरीर रूपी जो धनुष है इतना लचीला होना चाहिए इतना लचीला कि जैसे वो चलाना चाहे वैसे चलाए
00:35:46:13 [गला साफ़ करने की आवाज़] तो ये सारी बातें अर्पण के बारे में की जा रही है। फिर सरेंडर के बारे में कहा जा रहा है धन बार-बार यही अर्पण सिखाया जा रहा है। अच्छा मुख्य रूप से अह
00:36:19:20 जिसका जो शरीर सरेंडर करेगा उनको राजा का पद मिलेगा। शरीर सरेंडर करो और राजा का पद लो। तन से सरेंडर होना और कागज में सरेंडर होना यह अलग-अलग बातें हैं। कोई कागज से सरेंडर हो जाते तन से भी नहीं सरेंडर होते हैं। कोई जरूरी है कि जो कागज से सरेंडर हो जाते हैं वो तन से भी सरेंडर होते हैं। होना तो जरूर है। तो कागज के साथ साथ शरीर से सरेंडर और शरीर शरीर से जब सरेंडर तो कोई भी अंग ऐसा नहीं होना चाहिए जो बगैर सरेंडर के रह जाए और यह नहीं कह सकते कि छूना नहीं है। और यह नहीं कह सकते कि यह नहीं यह नहीं हो सकता वो नहीं हो सकता। जो बाबा कहेगा वही होना है। अच्छा फिर संपर्क और संबंध फिर देह के जो भी संबंधी हुए जिन जिन से संबंध जोड़ा है साकार जीवन में वो संबंधों की सारी ताकत ईश्वरी सेवा में लगा दो। वो संबंधी हमारा संबंधी तब तक है तब तक वो सारे बंधन की ताकत ईश्वरी सेवा में ना लगे। अगर वह सेवा में नहीं लगता तो संबंधी हमारा संबंधी नहीं है। यानी कि यदि मां अपनी बेटी के साथ उनहीं क्रियाकलापों में इन्वॉल्व नहीं हो रही है जो बिटिया को सिखाया जा रहा है या जो बिटिया को बरगलाया जा रहा है तो मां जो है वो तुम्हारी मां नहीं है।
00:37:35:22 ऐसे ही फिर आगे इसी तरीके की बातें इसने की है जो बेबुनियाद सी चीजें हैं पांचप मिनट में जिनका काम तमाम होने वाली बातें हैं। खैर अच्छा अब देखिए क्या सिखाया जा रहा है इनके चैनल से सरेंडर कन्याओं के सबसे बड़े टेवड़ा दुश्मन कौन है? सबसे पहले मां बाद में मां बाप पहले मां ही क्यों? तो फिर आगे इन्होंने अपनी घुट्टी पिलाई है कि मां दुश्मन कैसे है? मां को दुश्मन के रूप में ख्यापित कर दिया एक बच्चे के जीवन में जिसके कारण आज वो बच्चा अपनी मां के विरोध में खड़ा हुआ है और कानून का फायदा किस तरह से उठाया जाता है वो इस संस्था को मालूम है। खैर वह भूल गया मैं बताना कि गुरुदेव की लाइब्रेरी में कानून की किताबें भी पढ़ी थी हमने तो वो क्या डायलॉग है वो है ना कानून अकेला तुम्हारा नहीं है अमोल वो वाली बात है अच्छा गीता
00:38:50:28 सिखाते हैं गीता पे बात करते हैं भाई गीता के बारे में तो इतनी ये लोग फर्जी बातें करते हैं कि महाभारत काल्पनिक है गीता काल्पनिक है, सब काल्पनिक है और सब कुछ और सब कुछ सत्य भी है। आपको अपने से जोड़ने के लिए ये लोग गीता की बातें करेंगे और बाद में जाकर के कहेंगे कि गीता जो है काल्पनिक है, महाभारत काल्पनिक है। ये सब कभी घटित ही नहीं हुआ। अभी आगे देखिए हनुमान जी के बारे में बहुत अपमानजनक बातें की। आपत्तिजनक बातें की। जैसे रामपाल करता है ना वैसे ही
00:39:39:25 अब यहां पे सिखा रहे हैं एक वीडियो में कि डरो मत लिखो विश्वविद्यालय क्या करेंगे जेल में डालेंगे किसको डालेंगे कोई भी मनुष्य इस सृष्टि पर नहीं है जो राइट और रोंग को समझता हो राइट यूनिवर्सिटी कौन सी है और रोंग यूनिवर्सिटी कौन सी है? अगर होता तो आवाज उठाता। अरे भाई तुम क्यों दुनिया भर का गड़बड़ करते हो? यह तुमने निकाला क्या? तो ये लोग तैयारी कर रहे हैं कि भाई तुम अपनी लिस्ट में से क्या निकालोगे? तुम्हारे हम आदि थोड़े हैं। इसलिए बाबा ने भी बोल दिया तुम बच्चे डरो मत। लिखो यूनिवर्सिटी लिखो। विश्वविद्यालय लिखो। उस बात पर जो विश्वविद्यालय लिखा नहीं जा सकता। क्या क्या करेंगे? क्या जेल में डाल देंगे? क्या हमने ऑफिस किया तो हमें जेल में डाल देंगे। किसको डालेंगे? तो वो सब बातें हैं। हां ये देखिए हनुमान जी के बारे में इसने लिखा और इस बिहाफ पर इसकी लिखित में शिकायत करने का कुछ लोगों ने प्रयास भी किया था और इसने वो जो वीडियो है अपने चैनल से डिलीट किया है। अरे कैसा व्यक्ति है भाई तू अमोल? तू भगवान बनता है। तेरे अंदर भगवान आ रहे हैं और तू वीडियो डाल के डिलीट करता है। रामोप भाषेते खैर ये सब बातें तेरी समझ से परे हैं।
00:40:55:03 वो मिला नहीं ना सामने से बात नहीं हुई। श्री रामचंद्र जो धर्म है ना मर्यादा पुरुषोत्तम रामो विग्रह धर्म 337 13 वाल्मीकि रामायण श्री रामचंद्र दो प्रकार की बातें नहीं करते। जो भी कहते हैं सोच समझ कर कहते हैं पढ़ ले थोड़ा बहुत काम आएगी पढ़ाई आने वाली है तो भाई तू कैसा व्यक्ति है तू दावा कर रहा है कि भाई तू भगवान है तो जब भगवान है तो तेरे मुख से निकलने वाली चीज तो बिल्कुल अक्षरस होनी चाहिए ना फिर तू उसको डाल के डिलीट कर रहा है गलती हो गई तुझसे खैर कोई बात नहीं हमने वो वो स्क्रीन रिकॉर्ड कर रखी है चैनल की है ना चिंता मत कर तो इसने क्या कहा है हनुमान जी के लिए देखिए आप तो हनुमान किसको कहा है शास्त्रों में जो बंदरों जैसा पुरुषार्थ करता है बंदर होता है बंदर होता है ना बंदर में बोलते हैं पांचों विकारों की प्रधानता है बंदर में हनुमान जी को बंदर बंदर कह रहा है अब बंदर में पांचों विकारों की प्रधानता है काम क्रोध लोभ मोह अहंकार पांचों है तो हनुमान जो है वह बंदरों का मुखिया और बोला कैसा बंदर
00:42:10:04 है? बड़े घटिया तरीके से बोलता है व्यक्ति उसमें वीडियो में जैसे कोई बहुत बड़ा नशेबाज हो और बोला बंदर कैसा है? बंदर जैसा पुरुषार्थ करता है। घड़ी घड़ी विकार में जाना। अब ये देखिए क्या कह रहा है? घड़ी घड़ी विकार में जाना। घड़ी घड़ी डिस्चार्ज होना। हनुमान जी कौन है? जो घड़ी घड़ी डिस्चार्ज हो रहे हैं। डिस्चार्ज का मतलब समझ रहे हैं ना आप लोग? जो व्यस्क हो वह समझ ले। यह हनुमान जी के बारे में बोल रहा है। भक्ति के बारे में अनाप शनाप बोल रहा है। मंदिर जाने के बारे में विरोध कर रहा है। ये तथाकथित हिंदू हैं। जब हम लोग इनसे लड़ते हैं तो कहते आपस में क्यों लड़ रहे हो? यह है तदाकत हिंदू जो अब्राहमिक आईडियोलॉजी हमारे ही शब्दों में हमारे ही शास्त्रों के नाम पर बांट रहे हैं। इतनी मिलती जुलती इतना इंफ्रास्ट्रक्चर अपना खड़ा किया है कि व्यक्ति सोच ही नहीं पाता कि भैया ये तो हिंदू है ही नहीं। वैदिक है ही नहीं। भगवत गीता इनके लिए खेल है। भगवान राम खेल है। हनुमान जी खेल है इनके लिए।
00:43:27:08 इतनी शर्म नहीं आई इसको यह बातें बोलते हुए हनुमान जी बार बार डिस्चार्ज होते हैं। यह बोल रहा है व्यक्ति किसने अधिकार दिया इसको? और यह व्यक्ति तथाकथित आध्यात्मिक गुरु है जो अगले युग में ले जाएगा देवता बनाएगा। वो तुमको देवता बनाने के नाम पर ना खुद यहां सारे भोग विलास कर रहा है। जिसके सपने दिखा के तुम तुमको वहां ले जाने की बात कर रहा है। उन सपनों के नाम पर वो अपना जीवन यहां पुष्ट कर रहा है कि मैं तुम्हें ले जाऊंगा।
00:44:07:03 मंदिरों के लिए क्या कह रहा है? तो वो भक्ति का संसार है। भक्ति गलत है। सारा का सारा। हां जी। मंदिरों में जाते हैं, सिर झुकाना, पंडित जी के चरण छूना। तो यह सब भी भक्ति के संस्कार हुए। भक्ति का विरोध है भाई। तो वो तो भक्ति के ही संस्कार है। बाबा जी ने कहा अगर भक्ति के संस्कार में रहेंगे तो वो शरीर छोड़ना पड़ेगा। भक्ति भी नहीं करनी है। मंदिर नहीं जाना है, पैर नहीं छूना है। मगर ये लोग हिंदू है। कुछ लोग आएंगे कहेंगे भाई हिंदुओं को हिंदुओं से क्यों लड़ रहे हो? हिंदू है भाई। ये मंदिर नहीं जाना है, पैर नहीं छूना है। ये हिंदू है। और करना क्या है? अपने एक एक अंग को बाबा को दे दो। बाबा ने अपने साथ कितने पुरुषों को लिया हुआ है। प्रत्येक अंग को मांग रहा है ना। तो क्या पुरुषों से भी मांगता है कि केवल कन्याओं से ही मांग रहा है? यह भी बता देना बाबा। अमोल कोकने भी यही कहता है कि मुझे पार्टनर समझो। तो अमोल कोक ने मैं तुझसे पूछ रहा हूं कि पार्टनर के रूप में केवल जो तू अपने आप को पार्टनर के रूप में प्रस्तुत कर रहा है केवल मातृ शक्तियों के समक्ष प्रस्तुत करता है या पुरुषों के समक्ष भी प्रस्तुत करता है और जो यह बात कह रहा है कि एक भी अंग ऐसा नहीं होना चाहिए कि जो बगैर समर्पण के रह जाए तो ये केवल मातृ शक्तियों से बोल रहा है कि पुरुषों से भी बोलता है
00:45:22:21 उस तरह का व्यक्ति है क्या तू यह भी बता देना भाई खैर आगे चलते हैं जिनको बुद्धि में इसी तरह की घिनौनी बातें इसमें बार-बार आ रही है। इतना पढ़े कुल मिलाकर के पर्याप्त सामग्री हमें प्राप्त है। जिसके आधार पर यह अमोल कोकने का जो तथाकथित आध्यात्मिक विश्वविद्यालय है
00:45:59:22 जो जिसमें तथाकथित वो इस संसार से दूसरे संसार में जाने की विद्या देता है। तो इसका जो तथाकथित विश्वविद्यालय है इसका पतन की कहानी काउंट डाउन शुरू हो गया है। और अगर अमोल कोकने वीडियो देख रहा है तो तू सुन ले भाई। यह हम नहीं कर रहे हैं। कोई नहीं कर रहा है। तेरे पतन का कारण तो तू स्वयं है। जो सरिता शर्मा की बिटिया को अपने वहां भवन में बिठा के रखा है ना और रख आराम से रख। जब तक वो बिटिया तेरे यहां पर बैठी हुई है। तू समझ ले तेरे गले पर तलवार लटकी हुई है। ये छोड़ेगी नहीं तुझे। और अब तो ऐसी चीजें चालू हो गई है कि बस उल्टी गिनती। सब कुछ तहसनहस होगा। जितना तूने सब अपना कल्ट का सपना देखा होगा वह पूरा साम्राज्य कालनी भी वही बी के जैसा पूरा खड़ा कर दूंगा। जितना तूने सपने देखे होंगे यह सेंटर जाऊंगा वो सेंटर जाऊंगा। यहां पे ये खोलना है। सब कुछ नष्ट होगा। सब कुछ तूने एक मां से उसकी बिटिया को छीना है ना। तो हम नहीं कर रहे हैं। तुमने खुद ही बिठा के रखा और मैं तो साक्षी हूं। देख रहा हूं। ऐसे ऐसे लोग इस युद्ध में जुड़ चुके हैं।
00:47:15:03 तुम तुम्हारे लिए बहुत पर्याप्त है। अपने आप को अष्ट देव कहता है। ये अष्ट देवों में से एक। अच्छा यहां देखिए शिवलिंग के बारे में बात हो रही है। तो सच्ची पवित्रता किसे कहते हैं? सच्ची पवित्र पवित्रता किसे कहेंगे? यह भी वही रामपाल आर्य समाज सच्ची पवित्रता कहेंगे। शिवलिंग योनि में रखा हुआ है और रखा रहे और बुद्धि ऊपर लटकी रहे। बुद्धि माने मान मन बुद्धि रूपी आत्मा। वो नीचे ना गिरे मजा लेने के लिए। अच्छे से समझा कि नहीं समझा? यह तो भाषा है इसकी। उसकी तुमको पूजा करनी पड़ती है। सारी दुनिया में उसकी पूजा होती है। हर धर्म के लोग उसको पूजते हैं। नहीं समझ आया? नहीं आया? बहुत जल्दी समझ जाते हैं। खोल खोल के समझाया है। समझाया जाए तभी समझते हैं। वैसे चाहे जिंदगी भर गाना सुनाते रहो। गीता सुनाते रहो। बुद्धि में बात बैठेगी नहीं। और
00:48:30:09 भी इसमें बहुत घिनौनी बातें हैं। पूरा पढ़ने के उसमें नहीं हूं मैं। जो कन्याएं सरेंडर होती हैं, कोई अपनी इच्छा से भाग कर आती है, कोई अपने माता-पिता की इच्छा से आती है। तो इनमें से कौन श्रेष्ठ है? जो सरेंडर हो रही है, जोर से बोलो। जो कन्याएं सरेंडर हो रही है, कोई तो अपनी इच्छा से होती है और कोई अपने माता-पिता की इच्छा से होती है। कोई भाग कर आती है। कोई कोई भाग के आते ना भाग के आते हैं तो अपनी इच्छा से ही होते हैं। या तो संसार ने उन्हें धक्के लगाए। रखों से परेशान होकर के आती हैं। या तो संसार में जो दुख फैले हुए हैं उन दुख दर्दों को सुनकर के भयभीत हुई पड़ी हैं तो आती है। अच्छा आप यह देखिए कि ज्यादातर यहां पर मातृ शक्तियों के पीछे पड़ा हुआ है ये पूरा विश्वविद्यालय का कल्ट ये अमोल कोक ने मातृ शक्तियों पर ज्यादा फोकस है। वो वीरेंद्र देव दीक्षित जिस पर आरोप लगे थे। तरहतरह के मुकदमे हुए थे वह भी मातृ शक्तियों को ही टारगेट कर रहा है और आगे भी वही हो रहा है। फिर क्या है? तो इसमें सबसे अच्छा कौन सा है जो मां-बाप की परमिशन से भी आए और अपनी स्वेच्छा से भी आए। मां-बाप को मनाए। अमृतवेल योग बल में बैठे। मां-बाप को
00:49:45:10 रोज आधेआधे घंटे बैठकर के क्या दे? बाप की याद में वाइब्रेशन दे। जो काम वाचा से नहीं हो सकता। कर्मुणा से व्यवहार से नहीं हो सकता। कर्मुणा की सेवा से नहीं हो सकता। प्यार की दृष्टि से भी नहीं हो सकता। वह काम बाप की याद में जो वाइब्रेशन देंगे ना एकाग्र होकर के तो माता-पिता की बुद्धि भी बदल जाएगी। बाय चांस भाग के आने वाले ज्ञानी नहीं बने हैं। भाग खड़े हुए सरेंडर हो गए तो जब भी उन्हें इस ज्ञान की प्राप्ति हो जाए वह बुद्धि में ज्ञान बैठ जाए। क्या जिन माता-पिता ने हमको इस श्रेष्ठ शरीर का जन्म दिया जिस श्रेष्ठ शरीर के पुरुषार्थ के आधार पर हम ईश्वर को प्राप्त कर सके।
00:50:25:01 अगर सरेंडर करके आ भी गए तो ज्ञान बुद्धि में जब से आए हैं तब से यह प्रयास करना शुरू कर दे कि अमृतवेले कम से कम क्या करें आधा घंटा तो यह माता-पिता की परमिशन से आओ या अपनी मर्जी से आओ सब कुछ विधान है। जबकि हमारे यहां पर शास्त्रों में लिखा हुआ है कि सन्यास की दीक्षा लेने के लिए सन्यास प्राप्त करने के लिए माता पिता की परमिशन चाहिए होती है। यह शास्त्र कहते हैं। सनातन धर्म कहता है और यहां तो मातृ शक्तियों को बुला लिया जा रहा है। उनको ना कोई ज्ञान है, ना कोई बोध है, ना उन्होंने गुरु के वचन सुने हैं और सीधे बुला लिया जा रहा है। और गुरु कौन है भाई? गुरु कौन है? वो भी एक विचारणीय बात है। अ आप वो दे दीजिए लिंक दे दीजिए शास्त्रवाद जी कोई आना चाहे तो उसमें
00:51:32:02 वैचारिक समर्थन के लिए लिंक दिया जा रहा है। यदि किसी को वैचारिक मतभेद के निमित्त चर्चा करनी है तो वह हमारा नंबर पर WhatsApp कर सकता है। हमसे संपर्क कर सकता है और [खांसने की आवाज़] [गला साफ़ करने की आवाज़] वह जो यह नंबर शो हो रहा है अगर किसी को हमसे वैचारिक मतभेद के निमित्त चर्चा करनी है तो वह हमसे संपर्क कर सकता है और यह जो आध्यात्मिक विश्वविद्यालय कल्ट वाले लोग अगर देख रहे हैं अगर उनको लगता है कि उस सत्य के पक्षधर हैं और वह जो ज्ञान दे रहे हैं धर्म के नाम पर या आध्यात्मिकता के नाम पर भगवान के नाम पर जो भी दे रहे हैं अगर उनको लगता है कि उसमें दम है तो वह इस पर संपर्क करें और आमने सामने बैठकर के चर्चा करें। ठीक है? भागे नहीं चोरों की तरह। और चोरों की तरह जब तुम भाग रहे हो तो इससे सिद्ध होता है कि तुम्हारे पास कुछ नहीं है सिवाय लोगों को बेवकूफ बनाने के। ठीक है? और अगर दम है तो आके बैठ के सामने से बात करो। अपने वो जो तथाकथित दावे हैं उनको देखते हैं कि किस में दम है। कौन से सिद्धांत है तुम्हारे? [गला साफ़ करने की आवाज़] तो यहां पर जरा पढ़ के देख ले क्या बोल रहे हैं।
00:52:50:04 गुप्त किया जाता वह अभी आपने डिस्प्ले किया था ना एक कमेंट एक कमेंट डिस्प्ले किया था ना बुद्ध वाला मैं पढ़ नहीं पाया क्या था वो कमेंट आवान भैया आपका धन्यवाद आपकी वजह से आज मैं एक बुद्धिस्ट की बोलती बंद कर पाया अ सनातन सिद्धांतों को रख पाए। जी ये परंपरा नाम का शस्त्र अस्त्र बहुत खतरनाक है। आप और पी सिंह दोनों ने मुझे इस काबिल बनाया है। धन्यवाद। पी सिंह कौन है? मैं जानता नहीं हूं। ठीक है। अच्छी बात है। बहुत अच्छी बात है। सनातन सिद्धांतों का प्रचार करें। उससे लोगों को जोड़ें। गुरु गोविंद और ग्रंथ से जोड़े लोगों को
00:54:06:26 [गला साफ़ करने की आवाज़] शास्त्रवाद जी आ गए हैं। उनको ले लेते हैं। जय श्री राम शास्त्रवाद जी। जय श्री राम भैया जय श्री राम जय श्री राम एक मिनट जी जी कुछ कह रहे थे बताइए
00:54:39:22 बोलिए बोलिए आप पहले आप आप ही बोल लीजिए पूरा बता हां हां ये पूरा कर लूं बस एंडडी है तो इसमें कुछ गुप्त तरीके से बच्चों को लेना देना सिखाना बता रहे हैं बार-बार मैं वही चीजें पढ़ पढ़ के अपने चित्त को अपवित्र नहीं कर सकता बहुत ज्यादा। वैसे ही दिन भर मुझे तरह-तरह के लोगों के कॉल वगैरह आते रहते हैं जो जिनकी मैंने रातों की नींद उड़ाई हुई है तो वो कॉल करते हैं, कमेंट करते हैं तो वो सब तो मैं लेता ही रहता हूं। अ मां-बाप से दूर करने के संबंध में तरह-तरह की शिक्षाएं। सबसे घटिया जो बातें हैं वह तो आपको सबसे शुरू में ही मैंने बता दी। अच्छा एक चीज और है एक कमला देवी की बात है जिसको कुछ इन्होंने गलत तरीके से यूज किया है जिनके नाम को उन्होंने एक पत्र लिखा है भाइयों बहनों और माताओं मैं कमला देवी शर्मा आध्यात्मिक ईश्वरीय विश्वविद्यालय विजय विहार को सन 2000 से निवेदन कर रही हूं कि मेरा इस संस्था के संस्थापक वीरेंद्र देव दीक्षित से कोई संबंध नहीं है। मेरी मां पुष्पावती
00:55:54:28 शर्मा ने मेरी इच्छा के विरुद्ध सन 83 में मुझे जबरदस्ती सरेंडर कराया था। लगभग 10 वर्ष की उम्र से संस्था में ले जाती थी और मैं अपनी इच्छा के विरुद्ध अपनी इच्छा के विरुद्ध अपनी माताजी के कारण सन 98 तक जुड़ी रही। 98 के बाद मैंने धीरे-धीरे संस्था से अपने आप को अलग करना शुरू कर दिया। बाकी वीरेंद्र देव दीक्षित से मेरा विवाह नहीं हुआ था। वीरेंद्र देव दीक्षित की विवाहिता के नाम पर इसको प्रस्तुत करते हैं आध्यात्मिक विश्वविद्यालय वाले तो ये क्लियर कर रही है एक पत्र के माध्यम से ऐसा कुछ है और शिवलिंग के सामने बैल दिखाया नहीं दिखाया नंदी बैल ये नंदी बैल जो है उसका शिवलिंग की जो जलधारी की जो नाली है उसकी तरफ है नाली है तो खैर अब निकृष्ट प्रवृत्ति के लोग हैं तो निकृष्ट बातें ही इनके मुख से निकलेंग। कुल मिलाकर के अमोल कोकने ने किस प्रकार से शरिता शर्मा जी की बिटिया को अपने तथाकथित आध्यात्मिक ज्ञान से जो है प्रभावित किया। उसको बहलाया फुसलाया और प्रतीक्षा की कि 18 वर्ष की आयु में
00:57:10:02 वो किस प्रकार से अपनी माता को धोखा देकर के वहां से निकले और वह निकली और अपने यहां पर उसको जो है रखा और उसके बाद इस मां ने किस प्रकार से अपनी बेटी के लिए युद्ध लड़ा ये सब आप लोगों ने जाना। यह संस्था किस प्रकार से हम हिंदुओं के लिए हानिकारक है। किस प्रकार की बातें फैला रही है। फिर वह भले ही किसी के शरीर में भगवान के आने की बात हो, हमारे ही शास्त्रों का नाम लेकर हमारे ही शास्त्रों के अपमान की बात हो, उनको कल्पना कहे जाने की बात हो या फिर उनका गलत अर्थ प्रस्तुत करने की बात हो या फिर उनमें दिए गए जो पात्र हैं, घटनाएं हैं
00:57:51:18 विरुद्ध जाकर के कोई भी दृष्टांत सुनाने की बात हो या फिर उनका भी अपमान करने की बात हो। जैसे अभी आपने हनुमान जी और शिवलिंग इत्यादि के विषय में देखा और या फिर सीधे तौर पर हमारे घर की बहू बेटियों को समझाया जा रहा हो कि तुम्हें समर्पण कैसे करना है। कैसे एक-एक अंग को तुम्हें समर्पित कर देना है और किसी भी चीज के लिए मना नहीं करना है कि यह नहीं करना है कि वो नहीं करना है। छूने से मना नहीं करना है। पकड़ने से मना नहीं करना है। सोच के देखिए। तो कैसे दीमक की तरीके से किस प्रकार की विचारधारा बनाई जा रही है। यह सब आपने जाना। इस मार्ग के अथक प्रयासों को आपने जाना और अंतत गतवा आपने जाना कि अमोल कोकने की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। अमोल कोकने ने जो भी अपने सपने देखे हैं तथाकथित आध्यात्मिक विश्वविद्यालय को लेकर के वो पनप सकते थे। बहुत से लोग पनप रहे हैं। तुम भी एक पनप जाते हो। बस गलती हो गई। तुमने सरिता शर्मा जी की बिटिया को ले आए अपने। यह गलती हो गई तुमसे और अभी भी बिठाए हुए हो। और इसका गलती का सबसे बड़ा जो प्रतीक है इस पतन का जो दतक है वह क्या है? आज अमोल कोक ने अपना वो नंबर जो वो कहते हैं कि मेरे अंदर भगवान
00:59:06:28 आते हैं। मैं अष्ट देव में से एक हूं। वो अमोल खोक ने वो अष्ट देव आज अपना नंबर स्विच ऑफ करके बैठे हैं। क्यों बैठे हैं? कोई भी व्यक्ति सामने आकर के बात नहीं कर सकता। ये जो फलाना एडवांस ज्ञान और ये ढिमका ज्ञान ये सब बका करते हैं। बात नहीं करने की हिम्मत है। क्यों नहीं कर सकते? भागे भागे फिर रहे हैं। स्विच ऑफ कर रखा है अपना नंबर। यह जो स्विच ऑफ है अमोल कोकने का नंबर यही इस बात का द्योतक है कि अमोल कोकने का पतन शुरू हो चुका है। पतन का कारण है वो बिटिया जो इसके ही उस तथाकथित आध्यात्मिक विश्वविद्यालय नाम के भवन में रह रही है। जहां पे इसके जो सिपाही बैठे हुए हैं वह देव सिंह और उसकी पत्नी और जो भी हैं आगे और मैं अगर इसकी जगह होता अमोल कोकनी की जगह तो मैं सबसे पहले इस बला को बाहर निकालता भाई तू जा यहां से। फिर बाद में देखूंगा कैसे बचना है। खैर वो दो प्रकार के टीचर होते हैं। एक होता है सस्ता टीचर और एक होता है महंगा टीचर। जो सस्ता टीचर होता है ना वह आपको फ्री में मिलता है। फ्री में सलाह देता है। परामर्श देता है। हमारे अपने
01:00:22:07 हमारे गुरुजन, हमारे माता पिता, बड़े भाई बहन ये सब सस्ते टीचर होते हैं। हमने कुछ इनको पे नहीं किया मगर ये हमको बार-बार मार्गदर्शन देते रहते हैं। पर हम नहीं सीखते, नहीं समझते। वैसे ही आज ये सस्ता टीचर तुझे बता रहा है। पर तुझे नहीं समझ में आएगा। दूसरा टीचर जो होता है ना महंगा टीचर उससे सब लोग सीख लेते हैं और वह होता है अनुभव इधर मत जा गड्ढा है गिर जाएगा तो व्यक्ति उसकी बात नहीं सुनी सस्ता टीचर आगे जाके गड्ढे में गिर गए चोट लगी टाके आए चार उसके बाद उसको समझ में आया इधर से नहीं जाना है ये महंगा टीचर है उसको पे करते हैं कष्ट लेते हैं तो महंगे टीचर की बात ही इसको समझ में आएगी ऐसे लोगों को और मुझे आनंद आएगा। मुझे आनंद आएगा। मुझे अच्छा लगेगा कि तुम मेरी बात जो है वो मत सुनो। क्योंकि फिर जो युद्ध बहुत कम रह जाएगा ना। फिर तुमने अगर बिटिया को हटा दिया अपने यहां से तो फिर बात शुरू होते ही खत्म सी लगने लगेगी। इसलिए नहीं अब तो वो है ना वह छत विच्छत साम्राज्य है बड़ा चोर विपत्ति
01:01:37:13 विराजे है ढोल मृदंग नगाड़े घंटे शंख बिगुल सब बाजे है द्वंदी शत्रु है मार्ग में खड़ा अस्त्र शस्त्र अस्त्र शस्त्र सब साजे है युद्ध विराम नाभ होगा जीवन मृत्यु सब आज है रणभूमि में घमासान विकट विवत्स प्रचंड है अंत नहीं है आहान मेरा यह तो संघर्ष प्रारंभ है अंत नहीं आहान मेरा यह तो संघर्ष प्रारंभ है जी शास्त्रवाद जी बोले
01:02:17:22 शास्त्रवाद जी सुन रहे हैं अभी कोई और भी जुड़े थे। यह हमारा कल जो पटना में शास्त्र चर्चा हुई थी अवतार विषय पर वह कल 10:00 बजे रिलीज होगा। पब्लिक हो जाएगा यह वीडियो। आप लोग देख सकते हैं। काफी कुछ चीजें समझ में सीखने वाली हैं इस वीडियो में। और यहां पर भी लिंक दिया जा रहा है। पर वैचारिक मतभेद के निमित्त नहीं विचार विमर्श के लिए यदि आना हो तो आप आ सकते हैं।
01:03:18:11 [गला साफ़ करने की आवाज़] मुझे लिंक जरा WhatsApp में भी दे दीजिए जो ग्रुप है लाइव स्ट्रीम का लिंक डाल दीजिए पब्लिक में कमेंट में भी डाल दीजिए और यहां ग्रुप में भी दे दीजिए।
01:03:58:24 ये लाइव स्ट्रीम का लिंक है क्या? ये मुझे लगता है उसका लिंक है। अ [गला साफ़ करने की आवाज़] [नाक से की जाने वाली आवाज़] बताएं शिवांश जी सुन रहे हैं। बिल्कुल हर गांव में सनातनी मित्रों को तैयार करना है और हम लोग एक फज़ टू चालू करने जा रहे हैं। अभी तक हमने वैचारिक क्रांति लाए हैं। ऑनलाइन अ क्या कहते हैं ये
01:04:56:16 अब जो है धरातल पर कुछ कार्य करना है और जो लोग फेज टू में साथ आना चाहे यह समझ लीजिए फेज टू में जो काफी जरूरत पड़ने वाली है अर्थ की तो जो लोग संपन्न हैं अर्थ से जुड़ जुड़ सकते हैं अर्थ से सहायता कर सकते हैं क्योंकि धरातल पर बहुत सारे कार्य हैं जो करने हैं आप ही के माध्यम से होंगे आप ही के शहर में जहां पर आप निवास करते हैं तो अर्थ के माध्यम से जो लोग जुड़ सकते हैं वो अवश्य जुड़े क्योंकि फेज टू जो अब हम चालू करने वाले हैं धरातल पर उसका समय आ चुका आहान का फेज टू अभी तक हमने ऑनलाइन के जरिए बहुत सारे युद्ध लड़े हैं। लड़ भी रहे हैं। धरातल पर भी लड़ रहे हैं। पर अब धरातल पर कुछ और तरीकों से सामने आना है।
01:05:43:27 यहां पर मीटिंग का लिंक दिया गया है। शुक्ल जी आप चैट में ऊपर जाइए। यह लिंक दिया है उसको आप टच करके जुड़ सकते हैं। और एक कोई व्यक्ति है। यह इसने अजीब तरीके का नाम लिखा हुआ है। इनसे ऑपरेटर जी इनसे जरा पूछे कौन है? क्या है? इन्ह इनका नाम ही अजीब सा इन्होंने लिखा हुआ है।
01:08:39:18 अब आ रही है वॉइस वॉइस आ रही है अब एक मिनट देखता हूं मैं ठीक है तो अब आ रही है आवाज जी बोले हरिहर अभेद जी अपना अन म्यूट कर लीजिए माइक जी सुंश भाई राम राम राम राम राम राम जय श्री राम
01:09:13:13 वैसे नाम इसलिए रख के आया था आपने देखा होगा मैं निग्र आचार्य जी को देखता हूं तो उसके लिए थोड़ा क्षमा करें हेलो हेलो जी जी बोले बोले जी तो जो वाद विवाद है जैसे अब सामने वाला जैसे आर्य समाधि है या कोई और वो निराकार ब्रह्म को मान रहा है। ठीक है? निराकार शास्त्र सम्मत वाणी से उसका विरोध कैसे करें और पूर्णत जो है कर्मणा का पूर्णत विरोध कैसे करें? श्रुति से चाहे स्मृति से चाहे किसी भी शास्त्र से श्रुति शास्त्रों में भर भर के साकार की बातें हुई है ना श्रुति शास्त्रों में स्मृति शास्त्रों में और ये सब चैप्टर्स हमने पढ़ाए भी हैं। बहुत सारे इनेटिव वीडियोस बनाए। बहुत सारी तर्क और प्रमाण के आधार पर डिस्कशन भी हुए हैं। वह सब पड़े हुए हैं। आप चेक करें लिस्ट को। सनातन सिद्धांत नाम की एक लिस्ट है प्लिस्ट उसमें वीडियोस हैं। और बाकी हमारी क्लासेस भी चलती है। उसमें भी जुड़ सकते हैं आप। ठीक है? तो तो ये तो आर्य के नाम पे सर बहुत अशिष्टता करते हैं। मैंने जो है एक चैट ग्रुप में सर मैं गया था। उसमें जो है लाइव
01:10:28:28 उसको पता है उसको यहां पर क्या कहते हैं उसको प्रचारित करने की आवश्यकता नहीं है वो सब ज्ञात है और उस पर हम सम्यक रूप से जो कर सकते हैं सामर्थ की सीमा में वो कर रहे हैं थोड़ा थोड़ा श्री जी पर बोल दीजिए श्री राधा भगवती पर क्या भगवती राधा प्रमाणिक है और जो भगवती के रूप में जब भगवान अपने आप को प्रकट करते हैं तो तो एक रूप उनका वो राधा होता है। राधा के रूप में जो ब्रह्म है वो को प्रकट करते हैं। और अगर वैसे देखा जाए श्री कृष्ण के समकक्ष रखते हुए तो उनकी जो आलादनी शक्ति होती है वो शक्ति जिसमें प्रेम रस होता है तो वो राधा जी को कहा गया है। कुछ लोग कहते हैं मामा की पत्नी बन गई थी वो भगवान की और छाया छाया सीता उन सबका निराकरण दे चुके हैं और आप एक ग्रंथ ले लीजिए पुराण दिगदर्शन उसमें इन सब बातों का निराकरण दिया गया है। ठीक है
01:11:36:07 जी [गला साफ़ करने की आवाज़] शास्त्रवाद जी जय श्री राम शास्त्रवाद जी जय श्री राम जय श्री राम भैया आवाज आ रहा है हां अब आ रहा है आवाज बोलिए सर नेटवर्क प्रॉब्लम है तो पता नहीं कैसे मैं बार-बार निकल जा रहा हूं यहां से। जी तो आपने तो बताया है जो तो बहुत ही बहुत ही अधिक सच्चाई है इन लोगों की जो इस तरह से बोलते हैं होना तो नहीं चाहिए। इस तरह से बोलना नहीं चाहिए था। वो जो
01:12:26:24 मुझे लग रहा है शास्त्रवाद जी के साथ नेटवर्क का इशू चल रहा है। वो भी ठीक से ज्वाइन कर नहीं पा रहे हैं। और यह शास्त्रवाद जी का चैनल है जहां पर वो भी वैचारिक क्रांति लाने का एक बिगुल उन्होंने भी बजाया है। तो आप उन्हें फॉलो करें जरूर। शास्त्रवाद जी के चैनल को। ठीक है? तो हमने पर्याप्त सामग्री जो जानकारी आवश्यक थी और जोड़ रहा हूं हां हां बोलिए बोलिए हेलो जी जी आ रही है आवाज आ रही है बोलिए
01:13:06:09 मैं मैं जोड़ रहा हूं एक मिनट में पता नहीं मेरा नेटवर्क लॉक हो रहा है अभी आपको आवाज आ रहा है हेलो जी आ रही है आवाज आ रही है आपकी बोलिए भाई भाई जिसके भी जिसको भी लगता है कि उसके पास कुछ कुछ ऐसा है। ये संत रामपाल जी कौन है भाई? वही तो नहीं है जो दो 16 में बोलता है कि आत्मा नित्य नहीं है। आत्मा का भी अभाव था। वही है क्या रामपाल? जो पहले कहता है कि
01:13:44:21 गीता के आधार पर कहता है कि भाई जो हट योग है इंद्रियों को वश में हालांकि वह पूरे में इंद्रियों को वश में करने की बात भी कहता है मगर एक जगह पर कहता है कि हट पूर्वक इंद्रियों को वश में नहीं करना चाहिए ठीक है अब अब यह जो हठ योग है ना इसके लिए ही आगे आया है कि यह योग जो है ना तो ज्यादा खाने वाला कर पाता है ना कम कम खाने वाला मतलब वो ऐसा उसमें प्रतीत हो सकता है कि वो व्रत की बात हो रही है मगर किस योग को साधने के लिए हठ योग को है जिस हठ योग को साधना ही नहीं है उसको साधने के लिए कहा जा रहा है रामपाल के अनुसार कि व्रत नहीं करना है तो व्रत का खंडन रामपाल क्यों कर रहा है कि हठ योग हठ योग करना है और रामपाल के अनुसार हठ योग करना ही नहीं है। रामपाल के अनुसार जिस रेफरेंस से वो व्रतों का खंडन करता है वो जो खंडन है वह हठ योग के समर्थन में है। यदि आपको हठ योग का समर्थन करना है तो आपको अह
01:14:52:07 यदि आपको हठ योग का समर्थन में है तो आपको यह वाला जो योग है यह करना है जिसमें बहुत ज्यादा खाया नहीं जाता बहुत ज्यादा सोया नहीं जाता है ना तो एक जगह तो खुद ही हठ योग का विरोध कर रहा है और फिर आगे चलकर के उसके समर्थन के लिए जो बात की जा रही है उसके आधार उसके आधार पर फिर व्रत का विरोध भी कर रहा है संदीप राम स्नेही जी आप अपना चेहरा दिखाएं जी बोले शास्त्रवाल जी जी जी भैया मेरा नेटवर्क अभी ठीक आ रहा होगा थोड़ा सा हां आ रहा है जी जी बोलिए ये सब जो ये जो आपने बताया अभी उसे जो लोग बोलते हैं हम तो ये बहुत ही बहुत यही निंदनीय है जो जो लोग इस तरह से बोलते हैं अपना समर्पण करने के लिए ताकि जी ताकि जो है वो संभवत उन स्त्रियों का शोषण कर सके। ऐसा भी ऐसा भी हो सकता है। तो ये जो लोग सच्चाई को नहीं समझते वो लोग ये सब जाल में ऐसे फंसते जाते हैं कि फिर उनको सोचता नहीं है। वो दलदल
01:16:07:18 में पूरे अंदर चल जाते हैं। और वही हो रहा था। जी और ये बहुत अच्छा है जो कि अब इनके ऊपर भी कारवाई होने वाला है और कारवाई चालू हो चुकी है और और देखिए परमाणु बदल रहे हैं। आज जो है हाई कोर्ट ने फटकार लगाई है इसका जो नंबर है बंद है और इसको अपना वो हनुमान जी वाला वीडियो डिलीट करना पड़ रहा है। ये सब ये सब प्रतीक है। ये सब संकेत है कि पतन प्रारंभ हो चुका है। फिर आवाज नहीं आ रही क्या मेरी? आ रही है आ रही है।
01:16:43:01 आ रही सही बात है। उनका पतन का समय चालू हो चुका है। उन्होंने जो उसको उनकी बेटी को रख लिया ना यही उनके विनाश का एक सूचक हो गया है। ये बहुत ही जी ये बहुत ही एक अच्छा संकेत है कि भगवान तो किसी को भी निमित्त बना देते हैं किसी का भी अंत में तो शायद इस बार ही निमित है। हम जी
01:17:15:13 और ये बात सही है कि सबको समझना चाहिए जो सब बातें लोग बोलते हैं। हां बिल्कुल जी राम स्नेही जी आवाज आती है जी आप अपना कैमरा ऑन कर ले जी मैं थोड़ा अंधेरा है। जी हां क्वेश्चन थोड़ा क्वेश्चन है आपसे। वैसे बड़ा ही गुड क्वेश्चन है। नहीं नहीं पहले पहचान के साथ हो। क्वेश्चन पूछने के लिए वहां पे आइए आप क्लासेस में और पहचान और थोड़ा कैमरा रख के आया करिए। बात करने आया करिए तो। ठीक है।
01:18:03:27 ठीक है। फिर जो महत्वपूर्ण जानकारी थी वो दे चुके हैं मूल कोकने के संबंध में और कल वीडियो आने वाला है उसको देखें आर्य समाज के संबंध में जो वहां पर जो चर्चा हुई है पटना में जय श्री राम सभी को जय और किसी को भी वैचारिक मतभेद के निमित्त यदि हमसे चर्चा करनी है तो वो फॉर्म भर सकता है और हमसे संपर्क कर सकता है। ठीक है? जय श्री राम सभी को।
01:18:41:27 जय श्री राम। जय श्री राम। जी। [संगीत]
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अमोल कोकणे का नंबर बंद एक सामान्य कन्या कैसे बनी आध्यात्मिक विश्वविद्यालय के सर्वनाश का कारण
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