Used:
SRT: ⬇ SRT ⬇ Original file

.srt or .vtt (Hindi). The old file is backed up. After that the match for this video is rebuilt (may take a few minutes, keep the page open).

⬜ Not used yet · 00:00:01:13 – 00:13:04:07 (13:03)

00:00:01:13 जय श्री राम सभी को बंधु जनों को जय श्री राम और नामा स्त्र बहुत तेजी से चल रहा है लोग जुड़ रहे हैं पूरे भारतवर्ष से आप लोग भी अब जुड़े नामा स्त्र से और साथ में मिलकर नाम जप करें आ गए हमारे जो आज के मेहमान

00:00:40:19 हैं जगत राता दास जी स्वागत है आपका आप लाइव है आपको इस समय लोग देख रहे हैं तो आपका स्वागत है जय श्री राम आपको और हरे कृष्णा सबसे पहले आप अपने थोड़ा सा परिचय दे दे जिससे कि हमारे जो दर्शक है श्रोता है व यह जान जाए कि आप कहां से हैं हमारी बात किससे हो रही है ओ तो मेरा नाम खित नाम है आप कान वाला तो नहीं लगाए हैं ना एक लगाया अगर कान का लगाया बहुत बहुत स्लो आवाज आ रही है

00:01:27:16 आपकी मैं ब्लूटूथ ऑफ कर देता हूं हा यह सही है ठीक है जी लेकिन आपका आवाज कम लग रहा था मेरी आवाज कम लग रही है आपको हा क्लियर तो है लेकिन साउंड कम लग रहा है बात नहीं बताइए तो मेरा नाम जगत राता दास है मैं 99 में इसको जन किया था भुवनेश्वर थोड़ा थोड़ा सा ना अपनी अप्रोच से आप तेज बोल लीजिए थोड़ा तेज बोल लेंगे तो अच्छा हो जाएगा

00:02:02:10 तो मेरा नाम जगत राता दास है उड़ीसा से हूं मैं भुवनेश्वर जॉइन किया था इसकन तो अभी मैं इसकन इंडोनेशिया में हूं अगर बोलू तो अभी क्या है क्या बोला आपने अभी मैं अभी इसकन इंडोनेशिया में हूं मैं सीधा उड़ीसा में एक सेंटर खोला है जो कि हमारा हम इसकन से अलग है ठीक है ना आप स् कन से अलग है हां अभी अलग है अच्छा इंडोनेशिया से ऑपरेटेड स् कन है आपका नहीं नहीं इसकन इंडोनेशिया सेपरेट जैसे कल आए थे हरे कृष्णा सेंटर करके ना ऐसे ही अलग है तो इसका नाम भी इसकन है इसकन है लेकिन इसकन इंडोनेशिया है ऑर्गेनाइजेशन हम लोग डिफरेंट है इकन इंडोनेशिया यस तो आपके और उन क्या ऐसा है इकन इंडोनेशिया इंटरनेशनल फाउंडेशन पूरा नाम ऐसा है इकन इंडोने इंटरनेशनल फाउंडेशन या तो इधर ये ओड़ीशा में एक सेंटर खोला है मैं इसको लीड कर रहा हूं अच्छा अच्छा अच्छा तो तो और क्या बताऊ बोलिए आपके और उन में क्या डिफरेंसेस है डिफरेंस है जैसे कल

00:03:18:08 बात कर रहे थे थोड़ा देख रहा था जैसा कि इस कल में जो है अग मैं पहले बोल देता हूं कि मैं सबको प्रेयर करता हूं जितना बचना भक्ता गुरु संत जितना इंडिया सनातन धर्म सबको अगर मैं कहीं गलत भी हूं तो कहीं हमको सीरियस ना ले और क्षमा करें क्योंकि मैं मैचर नहीं हो बत ज्यादा फिर भी कुछ बोलना चाहता हूं सुनाई दे रहा मैं एक काम करता हूं मैं एक बार जाकर दोबारा वापस आता हूं शायद ये मेरी कमी है क्योंकि लोग बता रहे हैं आपकी आवाज बिल्कुल परफेक्ट आ रही है मैं एक बार फिर आता हूं ठीक

00:04:30:03 कृष्णा कृष्णा हरे कृष्णा गोविंदा गोपाल गिरिधारी नरसिंह मुरा जय श्री कृष्ण चैतन्य प्रभु नित्यानंद श बोलिए ठीक है हा बेटर है तो आप तो जानते होंगे अच्छा मैं बोल रहा था मैं प्रेयर कर रहा था किसी किसीने मेरा गलती ना पकड़े सीरियस ना ले थोड़ा कुछ मैं कोशिश करता प्रचार करने कुछ भूल भी हो सकता है और मेरा कंडीशन है मैं अभी जो वीडियो हो रहा है अगर मैं जो भी बोलूंगा उसको सपोर्ट करने के लिए आप कुछ काट छट के वीडियो बनाएंगे अ नहीं बनाएंगे ठीक है ना समझ गए ना हम आपकी काट छाट नहीं करते हैं बस य कभी कभी छोटा छोटा काट के फिर आप कुछ वीडियो बनाते ऐसा कोई भी आप कोई भी ना करना चाहिए मेरा नहीं नहीं नहीं ऐसा है कि हम आपकी बात को बदलते नहीं है जैसे मान लीजिए कोई एक बहुत बड़ी कन्वर्सेशन है उसम बीच में कोई एक टॉपिक आया छोटा सा वो हम करते हैं नहीं मेरा आपसे एक ऑब्जेक्शन क्या है मैं देख रहा वीडियो की कभी कभी आप इसकन का किताब या इसकन कोई बात लेकर थोड़ा कुछ आप थ

00:05:45:06 ऑब्जेक्शन की बात हम करेंगे क्लियर करले पहले एक चीज क्लियर कर ले कि हम रील्स बनाते हैं मगर हम कभी भी किसी व्यक्ति के भाव को नहीं बदलते हैं जैसे वो कहना कुछ और चाह रहा था और हमने काट के ऐसा कर दिया कि वो जो है उसकी बात को झूठ कर दिया यह हम कभी नहीं करते हैं ऐसा नहीं करते लेकिन थोड़ा तो मज मजा उड़ाते जैसा करते हैं आप ठीक है ना पता नहीं गलत बात का विरोध करते हैं अगर वो मजाक दिख रहा है तो बात अलग है क्या आपको कंडीशन नहीं कर सकता कि मेरा वीडि ऐसा मत करिए नहीं यह हमारा स्वतंत्रता का वो है इसमें आप हस्तक्षेप नहीं कर सकते ओके आपके साथ अगर करेंगे तो अन्यों के साथ अन्याय हो जाएगा पक्षपात हो जाएगा भेदभाव हो जाएगा इसमें क्या है अगर मैं कुछ बोलू ना आप फिर रिल नहीं बनाकर छोड़ दीजिए ना मेरा अकेला को जैसे मान लीजिए कि मैंने आपसे आपका नाम पूछा आपने अपना नाम बता दिया अब हम केवल यही बताना चाह रहे हैं कि हमारी इनसे बात हुई थी वो इतनी स रील निकाल के बता दी तो इसमें क्या हर्ज है अगर हम आपको आपकी रील काट दे आपने अपना नाम बताया कि जगदा जगता जगत राता आपने अपना नाम बताया और उसके बाद आपने आगे जाकर

00:07:00:07 के किसी और का नाम बताया घनश्याम तो हम रील काट के आपका जगत राता हटा दे और घनश्याम लगा दे मेरा नाम जगत राता काट दिया घनश्याम लगा दिया ये नहीं करते हम मैं समझ गया लेकिन देखिए आप सुनिए आप भी सनातन धर्म है हिंदू धर्म है ठीक है ना अगर मैं कुछ गलत बोलूंगा तो आप इसको प्रचार करने का क्या जरूरत है किसको दिखाने की क्या जरूरत है कि मैं कुछ गलत भी बोल दिया हमारा उद्देश्य ये है कि लोगों के सामने सच आए कि कौन ऐ फील करता ऐसा नहीं करना चाहिए क्यों ऐसा करना चाहिए तुम भी मेरा भाई है मैं आपका भाई हूं मैं कुछ गलत कर दिखा देंगे में ऐसा ही दिखा देंगे ऐसा क्या मेंटी है पता

00:07:41:25 नहीं आप क रहे आई डोंट लाइक आप मेरे गलत को दिखाए अगर मैं आपसे क आप गलत कर मगा रने मनत बना बोल रहा था मैं आपसे अगर यह कहूं आप गलत करिए मत आई डोंट लाइक फिर देखो गलत होता है ना भैया नहीं गलती से गलत होना एक अलग बात है और आप अपने सि बो वही समझ जैसे अभी कुछ दिनों पूर्व मेरे से किसी ने पूछा कि आत्मा नित्य है या अनित्य है तो मैंने बोल दिया अनित्य है जबकि मुझे मेरा भावता नित्य वो एक अलग बात है कि गलती से मेरे मुह से कुछ निकले और सोच समझ के हम कोई सिद्धांत को जी तो और क्या बोलना था मुझे आपसे क्वेश्चन करना है कुछ रिक्वेस्ट करना य सब डिफरेंट डिफरेंट क्वेश्चन रहेगा पता नहीं कहां जाऊंगा मेरा कितना ब्रेन में क्या आएगा ठीक है ना तो पहले में सवाल से आप स्टार्ट करता हूं आपके इंट्रोडक्शन में एक बात रह गई है कि आप में और इनम जो नर्मल न वाले र क्या हैन फाउंडड बाय प्रभुपाद आप सब जानते हैं च ठीक है और उसम प्रभुपाद अकेला सिंगल हैं

00:08:57:01 सब कुछ किया अकेला गुरु थे लेकिन जाने के बाद में बहुत सारे नंबर्स का गुरु आए तो बाद में अभी जो चल रहा है स्कन में उसमें स्कन का जो कमिटी है गवर्निंग बॉडी कमीशन बोलते हैं उसको ठीक है ना जीबीसी शॉर्टकट में जीबीसी बोलते है तो वही सिलेक्ट करते हैं कुछ प्रोसेसिंग करते हैं मुझ जो कुछ करना है वही सिलेक्ट करेंगे कभी बैठा भी सकते हैं नंबर बढ़ा भी सकते हैं कम भी कर सकते हैं सब कुछ उस कमिटी में पावर है गुरु बनाने का और कुछ भी करने का ठीक है ठीक है ना और इसमें क्या होता है प्रभुपाद हमारा हम हम जो फॉलो करते हैं लाइन में हम प्रभुपाद ने एक गुरु एक उनका डिसाइल गुरु बनने के लिए ऑर्डर दिया था ठीक है उसके बाद उन्होंने और दूसरा मेरा गुरु को दिया था मेरा गुरु आभ अभी जो है हमारे इधर इस इंडोनेशिया में एक गुरु परंपरा उनको ऑर्डर दिया है करने के लिए तो ये जो जीबीसी के अभी भी हमारे पास लाइव गुरु है जैसा ऋत्विक सिस्टम नहीं हमारा ठीक है ऋत्विक नहीं समझ ग भी नहीं है समझ क्लियर हो गया स्कन शैली भी नहीं है और यह जो त्विक सिस्टम है य भी नहीं हा अभी मैं एक चीज जानना एक चीज थोड़ा सा कन्फ्यूजिंग हैय

00:10:12:10 जो जीबीसी के मेंबर्स होते हैं ये कौन लोग होते हैं सन्यासी होते हैं या कोई ओनर होते हैं सं थोड़ जीबीसी ऑलरेडी सेटप है प्रद के द्वारा कुछ मेंबर्स से 30 4 जो भी है तो वो लोग किसी ड भी कर सकते ड भी कर सकते हैं जो सीनियर हो गया कुछ मैच हो गया थोड़ नॉलेजेबल पर्सन है कुछ कर सकते हैं समझ ग नाच मैच पैरामीटर नहीं है जीबीसी में कौन ऐसा है कि थोड़ा मैचर होना चाहिए थोड़ा नॉलेजेबल होना चाहिए थोड़ा सोसाइटी का मान सम्मान जो रख सकता है ऐसा कुछ देखकर वो लोग उसको सिलेक्ट करते हैं फिक्स नहीं है वर्बल बातें है नियम नहीं है कैसे फिक्स करेंगे जैसे कमिटी जो ट्रस्टी मेंबर्स है जैसे गुरु परंपरा में जो अंतिम गद्दी में बैठता है वो सन्यासी होता है उसने परंपरागत शास्त्रों का अध्ययन किया होता है मीमांसा ग्रंथों का प्रस्थानत्रई का प्रकरण ग्रंथों का और इसके साथ ही साथ मतलब बहुत सारी उसकी वो होती है तो ऐसे पट ऐ है में भी ऐसा है गीता है भागवत है चैत च जोय जीबीसी के मेंबर्स है ये इनकी क्या क्वालिफिकेशन है जो तय कर रहे एटली मुझे नहीं मालूम

00:11:27:18 है लेकिन जो आइडिया में कि सीनियर्स होना चाहिए थोड़ा नॉलेजेबल होना चाहिए अच्छा करेक्टर होना चाहिए कुछ जैसे लगे तो नहीं होना चाहिए सन्यासी सन्यासी गृहस्था कोई भी सकता है तो मतलब अंतिम निर्णायक जो है अगर सन्यासियों का भी अंतिम निर्णायक को जीबीसी में कोई गृहस्थ प्रवृति मार्ग का व्यक्ति है एक तरीके से जीबीसी मेंबर्स अंतिम निर्णायक हमारे य वैराग्य को माना गया ना वैरागी वैराग अंतिम निर्णायक सन्यासी तो यहां पर गुरु कौन बना रहा है जीबीसी के मेंबर्स जो प्रवृत्ति मार्ग के हैं तो यह कुछ अजीब नहीं है उसके बारे में आप उनसे पूछिए हमको नहीं पूछिए हम लोग इसमें थोड़ डिग्री करके हम सेपरेट हुए हैं जैसा जस्ट समथिंग लाइक हम लोग कोई कमेटी सिलेक्ट करेंगे हम उनको नहीं मानते हैं हम

00:12:26:02 लोग इसीलिए तो आप अलग हुए हैं उसकी कोई चीजें हैं जो आपसे डिफर है तो एक तरीके से आपको ऐसा नहीं लगता एक कंपनी के जैसी जहां प गुरुओं को एक बिजनेसमैन फिक्स कर रहा है कि कौन गुरु बनेगा कौन नहीं बनेगा उसमें बहुत बहुत कुछ बहुत कुछ है जो कि इतना जिस जिस जिस किसी के साथ बात करने का जरूरत नहीं मैं ऐसा फील करता हूं आप उन्हीं से बातचीत करें कभी कोई आएंगे तो क्या चल रहा है क्या चल रहे है मैं डिफरेंस बोल दिया उनसे हम किस क्यों अलग है ठीक मैं समझ रहा हूं आपकी बात हम ठीक है अच्छा है तो अभी

✅ This part is already used · 00:13:04:07 – 00:31:01:00 (17:57)

→ Used in: B · Video ISKCON के भक्तो का मोक्ष at 0:00 ↗

00:13:04:07 मैं आपको क्वेश्चन कर बताइए आपका क्या प्रश्न है बताइए अच्छा मैं पहले आपसे देखो मैं आपको बोला था कि मेरा ऑब्जेक्शन भी है और क्वेश्चन भी क्लियर करना है मेरा ठीक है तो पहले मैं आपसे क्वेश्चन करूंगा मैं आपको पकड़ने के लिए भी कोशिश करूंगा कि आप कैसे कहां ठीक है पकड़ने तो पहले मैं आपसे क्लियर करूंगा एक्चुअली आप लोग पुलिस कर रही है सॉरी नहीं सुना नहीं सुना कुछ नहीं फिल्म का डायलॉग मारा बताइए ओके तो मैं जैसा गेस कर रहा कि आप लोग भगवान निराकार को मानते हैं ठीक है ना नहीं किसने कहा गेस कर रहा बोला ना नहीं निराकार अमेट साकार है अल्टीमेट तो वाणी का अ विषय है वाणी के द्वारा उसको बात ही नहीं की जा सकती अल्टीमेट की इसका मतलब क्या बो अल्टीमेट तो आपका भी निराकार है ना नहीं हा सिद्ध कर दूंगा मैं हो सकता है आप सि करें लेकिन हम नहीं मानते ठीक है अचिंत का मतलब क्या है हम देखि आप जानते हमन वाले हम कृष्ण की मानते है ठीक है ना और क्या बोलरे बोल तो

00:14:19:08 रहा अचत का मतलब क्या है मेरा क्वेश्चन का आंसर क्या दिया अरे आप यह मना कर रहे हो ना कि अल्टीमेट आपका जो है आप जान हो कौन है अभी आप अल्टीमेट अचिंत मानते हो कि नहीं अल्टीमेट अंतिम हां रि हा मानते हैं अचिंत मानते हो ना अचिंत क्वेन का आंसर निकालेंगे ठीक है आप बोलिए अचिंत का अर्थ क्या है जो कंडीशन जो माया में गिर के रहता है उसको सोच नहीं सकता है उसको मैं समझता हूं उसको अचिंत कहते अल्टीमेट आपको नहीं पता है एजेक्ट वो कैसा है अचत लेकिन किसी को नहीं पता देखो मैं क्या बोला सुनि कह रहा हूं कि हमारा भी वाणी का विषय है व्यवहार में ना आ सकने लायक जानने में ना आ सकने लायक मांड कोप निषद साथ अच्छा ठीक है ठीक है ठीक है सुने ठीक सु तो किसके लिए अ चिंत है सबके लिए अ चिंत है ना क्या जब तक हम जीव भाव को प्राप्त है तब तक अचिंत

00:15:22:06 है जब तक हम जीव भाव को प्राप्त है तब तक अचिंत है का विष्णु पुराण में ख लिखा भी है आप बोल समझ रहा हूं मैं क्या बोल रहा था हम लोग क्या बोलते इसन हमारा गड़ पर मैं जितना पढ़ूं मैंने अभी तक जो देखा है मैंने अभी तक जो इकन का देखा है वो देखा है कि इसकन सब कुछ बोलता है इधर बोलता है कृष्णा ही है हमारा अल्टीमेट उधर दूसरी ओर बोलता है अचिंत है अरे भाई या तो अचिंत

00:15:56:12 कृष्ण मुझसे लीजिए मैं क्या बोलता सुन ली पले ऐसा करते ठीक से आप बोलिए ठीक से हम बोलेंगे उसके बाद बा करते बहुत होना चाहिए फायदा नहीं तो मैं जितना पढ़ समझा हूं कंडीशन हमारे प्रभुपाद लगाते कंडीशन कंडीशन जिसका फोर डिफेक्ट होता है आपको मालूम हो समझने में मेहनत करनी पड़ रही है आप क्या बोल रहे दोबारा बोलिए कंडीशन क मानते जानते कंडीशन स जो कि माया के अंदर में रहता है अच्छा जो मुक्ति नहीं जिसको मुक्ति नहीं मिला है जो परफेक्ट नहीं हुआ है जीव भाव को प्राप्त है बंद मुक्त ब बंद जी बध जी बोलते हम बध जी भी बोलते जी इनके लिए अचिंत है लेकिन जो लिबरे सोल होते हैं उनके लिए क्यों अचिंत होना चाहिए ये मेरा क् उनके लिए क है हम थोड़ी ना थोड़ी टर सोल है तो मेरा क्वेश्चन था सिर्फ आपका इंडिविजुअल के लिए नहीं आपका परंपरा में आपका लाइन में जो फॉलो करते हैं गुरु परंपरा करते हैं जो सनातन धर्म का रिप्रेजेंट जैसे करते हैं ना तो उनके

00:17:11:16 हिसाब से आप क्या समझे भगवान क्या है साकार है निराकार या बहुत भी है और कुछ भी नहीं क्या आप क्या बोलते व्यवहार में ना आ सकने लायक परमात्मा अपने साधु भक्तों के उद्धार के लिए व्यवहार में आ सकने लायक रूप लेता है तो इस प्रकार से ईश्वर साकार और निराकार दोनों हो जाता है जो प्राप्त का विषय है जिसको सिर्फ प्राप्त किया जा सकता है वह निर्गुण निराकार है और निर्गुण निराकार को प्राप्त करने का जो रास्ता है वह उसके लिए हमें भक्ति करनी होती है सगुण साकार की सगुण साकार की भक्ति करते हैं सगुण साकार से प्यार करते हैं सगुण साकार के अस्तित्व को स्वीकारते हैं उसके पीछे पीछे चलते हैं तब हमें निर्गुण निराकार की प्राप्ति होती है तो यही तो आप क्लियर शॉर्टकट में बोल सकते भगवान निराकार निर्गुण है अल्टीमेटली भगवान निरा निर्गुण है लेकिन वही रूप ले आते वो जो निर्गुण निराकार है वाणी का अ विषय है ना वो तो हम के इतना बोलने से हो गया ना

00:18:13:12 हा बोलिए साथ साथ में ऐसा भी बोलते शास्त्र में लिखा हु कि भगवान सच्चिदानंद मय है तो ये किसके लिए बताया गया है निर्गुण निराकार के लिए बताया गया है ना साकार के लिए बताया गया सच्चिदानंद हमारे पर्सपेक्टिव से भगवान है बिल्कुल नहीं मेरा क्वेश्चन था सच्चिदानंदम जो आनंदमय जो होता है वो साकार रूप में होता है और निर्गुण निराकार रूप में होता है ये फर्क पड़ता है कि हम सच्चिदानंद किसको किस दृष्टि से देख रहे हैं सच्चिदानंद वो जो निर्गुण निराकार उसको प्राप्ति हम इसलिए करेंगे क्योंकि वो सच्चिदानंद है

00:18:53:22 कौन भगवान जो है सच्चिदानंद है तभी तो हम उन्हें प्राप्त करना चाहते हैं तो मैं आपको क्वेश्चन किया था कि जो अल्टीमेट निर्गुण निराकार वही सच्चिदानंद है ना वो पहले से सच्चिदानंद है ना रूप लेने के बाद सच्चिदानंद होता है पहले से ही सच्चिदानंद वही तो मैं बोल रहा था आपको तो मेरा क्वेश्चन था सिर्फ आपसे क्वेश्चन है मेरा माइंड का प्रश्न है मैं क्लास में बोलता हूं डिस्कशन करता हूं दूसरा से पूछना चाहता हूं जाना चाहता हूं कि कौन क्या सोच रहा है ठीक तो मेरा क्वेश्चन था कि भगवान अगर निर्गुण निराकार है तो व आनंदमय भी है तो क्या चीज को लेकर व आनंदमय है हा इसको मैं बताता हूं आपको आनंद में वो कैसे और निर्गुण निराकार कैसे जो अब हम उसको निर्गुण निराकार कह रहे हैं तो यह जो उसका आनंदमय होना है जो सच्चिदानंद स्वरूप होना है यह उसका गुण नहीं है यह उसका स्वरूप भूत लक्षण है अधित है ठीक और ये उसके अंदर है इसीलिए वो हमारा ईश्वर है हमारा जो है लक्ष्य है यह उसके अंदर है अगर हम इसको क्वेश्चन कर देंगे जैसे आंख क्यों देखती है अगर आंख देख रही है इसीलिए वो आंख है तो ईश्वर जो है निर्गुण

00:20:08:28 निराकार उसका स्वरूप भूत लक्षण है कि वो सच्चिदानंद स्वरूप है हमारे लिए सच्चिदानंद स्वरूप वो है इसीलिए हम हमारा वो ईश्वर है अगर हम यह कह दे कि नहीं साहब निर्गुण निराकार वो है तो सही मगर वह जो है सच्चिदानंद नहीं हो सकता अगर हम यह कह देंगे तो हमारा प्राप्त व्य कहां से रह जाएगा मतलब वो ईश्वर ही नहीं रह जाएगा यहां पर वो वाली डेफिनेशन आती है कि एक सोता हुआ व्यक्ति यह नहीं कह सकता है कि मैं सुनने के कारण जाग गया अगर हम अगर हम यह कहे ना कि भाई वो जो है वो निर्गुण है इसलिए हम उसे नहीं मानते सपोज ट वो निर्गुण है इसलिए हमारी जो भक्ति है उसम मन नहीं लग रहा बहुत एक जगह वो भी शब्द आया है क्या कहते हैं ये प्रभुपाद जी ने एक जगह कहा है कि वो बहुत नीरस है जो अद्वैत है अद्वैतवाद जो है वो बहुत नीरस है प्रभुपाद जी ने य कहा है तो अब बात ये आती है वो नीरस कहां पर है वो आपके व्यवहार में नीरस नहीं है वह प्राप्त व्य और प्राप्त व्य वाली स्टेज जो पार मार्थी दृष्टि है उसके आधार पर आप उसके प्रति अनास्ता मान नहीं हो सकते

00:21:24:04 वो इसलिए नहीं हो सकते कि एक जैसे सोता हुआ व्यक्ति ये नहीं कह सकता है कि मैं सुन के जाग गया एक सोता हुआ व्यक्ति ये नहीं कह सकता कि मैं सुन के जाग गया क्योंकि अगर वो सो रहा है तो उसका सुनना सिद्ध नहीं होगा और अगर वोह सुन रहा है तो उसका सोना सिद्ध नहीं होगा इसी प्रकार से एक व्यक्ति परमार्थ में ईश्वर क्या है और क्या नहीं है इसके आधार पर उसके प्रति अनास्ता वान नहीं हो सकता क्योंकि अगर वह परमार्थ को जान रहा है कि परमार्थ में ईश्वर ऐसा है तो उसका ईश्वर के प्रति अनास्ता वान होना सिद्ध नहीं होता और अगर वह ईश्वर को नहीं मान रहा है तो फिर उसके द्वारा ईश्वर का परमार्थ जानना सिद्ध नहीं होता क्योंकि परमार्थ को जान कहां से रहा है ईश्वर के द्वारा इसका मैं आपको बताने को प्रयास करूं कि जैसे मान लीजिए कि हमने कहा कि वहां पर वो निर्गुण है हमने निर्गुण से प्यार नहीं है हम निर्गुण को नहीं चाहते हैं यह कह दिया ठीक है अब क्या होगा कि हमने उसको नकार दिया अब आपसे अगर पूछा जाएगा कि आपने उसको क्यों नकारा क्योंकि वो परमार्थ में निर्गुण था तो बोले कि वह परमार्थ में निर्गुण है कि सगुण है यह कैसे सिद्ध होता है कि जब हमने उसको ईश्वर को ईश्वर मान लिया तब यह सिद्ध होता है

00:22:39:04 कि व परमार्थ में क्या है और क्या नहीं है तो हम तो ईश्वर को ईश्वर मान ही नहीं रहे तो अभी भी हमारे पास उसको नकारने का कोई कारण नहीं बचा आप समझ पा रहे मेरी बात हा ठीक है तो हो गया आपका हो गया तो आंसर का दिया आपने हम क्या बोल थे आनंद देख लिखा है आनंदमय बोल ठीक है ना तो मेरा क्वेश्चन था कि क्या चीज को लेकर क्या सोच के क्या देखकर क्या क्या करके ऐसा कुछ एक्सप्लेन नहीं कर सकते कि य के जितने भी माया रूपी प्रपंच है यहां पर होने वाले क्लेश से मुक्त है सर्वदा आनंद

00:23:23:04 है ठीक है मुक्त तो हो गया लेकिन मुक्त होने के बाद कुछ तो कुछ तो होगा ना जो कि ले कु ये कुछ तो आप बताइए यह कुछ तो आप बताइए क्या होना चाहिए यह कुछ तो आप बताइए भाई आनंद का मतलब है जो जर व्याधि यह सब चीजें है जो प्रपंच माया रूपी संसार का जो प्रपंच है इनके रोग दोष क्लेश से मुक्त हो गया जो वह आनंद में हो गया ठीक है जो मुक्त है वह आनंद में हो गया अब अगर इनसे मुक्त हो जाना आनंद नहीं है तो आपके अनुसार आनंद क्या है वो बता दीजिए

00:24:01:03 अच्छा ठीक है हम लोग का हमलोग का जितना पता नहीं ठीक है क्या बोल र हम लोग भगवान जैसे मैं बोल रहा आपको मैं जितना पढ़ा है जो समझा उसके हिसाब से बोल रहा हूं क से कोट करना हमको नहीं आता है ज्यादा तो मैं जितना समझा इसके अनुसार भगवान का रूप है ठीक है लेकिन उनका दिव्य रूप है जो स्पिरिचुअल फॉर्म होता है तो स्पिरिचुअल फॉर्म में फिर वो अपने को एक्सपेंड करते हैं जैसे कि बलराम के रूप में दूसरा विष्णु के रूप में या राधा रानी के रूप में लक्ष्मी के रूप में ये सब सब कुछ तो अल्टीमेटली भगवान साथ ये हम लोग का फिलोसोफी जितना समझाऊ तो उन लोग के साथ इंटरेक्शन करके अनलिमिटेड राइटी ऑफ इंटरेक्शन लविंग अफेर जो किसी कहते हैं किसी ने जैसे हनुमान जी रामचंद्र सेवा करते हैं तो हनुमान का जो मूड है सेवा का मूड देखकर उनका प्यार देखकर रामचंद्र बहुत खुश होते हैं तो स मुक्ति से पहले की बात है मैं आपसे मुक्ति पूछ रहा हूं मुक्ति के बाद क्या आनंद है आपका इसलिए मैं आपको क्या बोल रहा था हम लोग क्या मानते आपको क्या बो हम लोग मानते भगवान काम ठीक है भवान का फिगर है उनका सेंसेस

00:25:16:04 है उनका आख है नाक है कान सब कुछ है ठीक है लेकिन स्पिरिचुअल हम लोग जैसे मटेरियल पंच तव पय सब चीज नहीं है ठीक है तो इसलिए वो अपने को अपने से एक्सपेंड करते हैं दूसरे को दूसरे कोका डिटी अरे भाई मैं आपसे य पूछ रहा हूं कि आपके अनुसार मुक्ति के बाद आनंद क्या है आनंद मुक्ति देखिए सुनते नहीं सुनते समझने की कोशिश कर क्या बोल र खत्म भी नहीं होता बात करना श कर जी भगवान का फिगर है रूप है उनका सेंसेस है उनका डिजायर है उनका सब कुछ है कुछ नहीं है जो बोल देंगे तो भगवान को लिमिटेड कर दे आप जो भी सोचता है के पास सब कुछ

00:26:04:19 हैलिए कट अभी ट्रक से हट रहे भाई साहब मैं क्या बताऊ मैंने आपसे पूछा एक जीवात्मा जो यहां से मुक्त होकर गई उसको वहां पर ऐसा क्या मिला जो व आनंदित रहेगी सदा के लिए उसको कृष्णा मिलेगा कृष्णा को प्यार करेगा प्रेम करेगा अनलिमिट प करना आप मुझे जरा प्यार करना डिफाइन करिए क्या करेगा प्यार में भन के लिए काम करेगा अपना प्रभु के लिए काम करेगा जैसे जसे हनुमान जी राम जी की सेवा करते हैं स्टिंग हनुमान जी राम जी की सेवा ऐसे करते हैं कि मान लीजिए राम जी को वो तुलसी पैर दबा रहे हैं या फिर उनके लिए कुछ लेने जा रहे हैं यही तो सेवा है राम जी चाहेंगे जो राम जी की इच्छा है जो राम आपके अनुसार जो नित्य आनंद है वो भगवान की सेवा करना है यस ठीक है हां नित्य है ना यही है ना नित्या आनंद अब ये बात आती है कि जब नित्य आनंद भगवान की सेवा करना है और आपने बताया कि मान लीजिए पैर दबाना सेवा करना है ठीक है ओके ठीक तो अभी मैं पैर दबा रहा हूं भगवान के

00:27:20:03 और मैं भगवान के पैर दबा के एक बार दबाया उसके बाद मेरा हाथ ऊपर आया तभी तो अगली बार दबा ंगा ऐसे ही है ना सेवा तो जब मैंने दबाया तब तो मुझे आनंद आया मगर जब मैं ऊपर आया तब तो आनंद नहीं आया खाली हो गया आनंद ऐसा कैसे आ सकता है ब्रेक आ रहा है कपलीट प्रोसेस उठाना और दबाना तो कंपलीट प्रोसेस है ना भाई साहब अरे भाई दबाना अगर आनंदमय है तो उठाना आनंदमय कैसे हो जाएगा या तो दबाना आनंदम या उठाना आनंदम अग नहीं उठ तो कैसे दंगे आप चलिए और कोई ले लेते हैं और कोई सेवा ले लेते हैं जैसे मान लीजिए टीका लगाना भगवान को तैयार करना यह भी सेवा है भगवान से कुकिंग करो मैं कुकिंग करो भगवान के लिए ठीक है हां ठीक है तो आपने खाना बना करन खाएंगे आपने खाना बना मैं जो मार्केटिंग सुनिए मैं जब मार्केटिंग करूंगा मैं खुशी से मार्केटिंग मैं भगवान के लिए लेके जा रहा हूं बोलके हां मैं कुकिंग करूंगा मैं मेरा प्रभु खाएगा मेरा हाथ से इस इस सोच के मैं खाऊंगा बनाऊंगा मैं उनका पट में पसंगा व वहां पे ऐसे वहां पे ऐसे ही करेंगे मुक्ति में हा गोलोक में कुकिंग करेंगे तो जैसे आपने आज बनाया बढ़िया सा खाना बनाया

00:28:35:03 आपने ठीक है तो आपने आज खाना बना दिया और भगवान को खिला भी दिया ठीक है खिला भी दिया खुद भी खा लिया इसके बाद अगली बार खाना कब बनेगा सिर्फ एक ही सेवा नहीं होता है अनलिमिटेड राइटी अनलिमिटेड सर्विस है अनलिमिटेड सेवा में बीच में ब्रेक आ रहा है ना नो ब्रेक स्पिरिचुअल व में कुछ ब्रेक नहीं बक देखिए सुनि सुनि सि मत कर सुनि अभी मैं खाना पकाऊ बाद में खाना खा गया तो बन कैसे सोएंगे बैठेंगे उनका मुखवास लेना उनका फैन करना है उनको बात करना नहीं हो ननप सर्विस उर इधर इधर इधर सब बलक होता

00:29:20:09 है कुछ पूछना चाह रहा जैसे आपने उनको खाना परोस दिया ठीक है खाना परोसने के बाद भगवान खा रहे हैं अब आप वेट कर रहे हो ना कि अब ये जब सोएंगे तो मैं इनका बिस्तर लगाऊंगा वेट कर रहे हो ना आनंद का भाव होगा मैं वेट कर रहा प्रभु के लिए आप वेट कर रहे हो उसमें भी आनंद है ना क्यों नहीं वेट कर रहे हो जो आप उसमें आनंद है ना इसका मतलब इसका मतलब सेवा करना ही आनंद नहीं है वहां केवल खड़े हो अगर आप तो वो भी आनंद है हां मैं वेट प्रभु जब चाहेंगे मैं उनको सेवा करूंगा मेरे दिल में उनके लिए अभी भी दिल अगर आप अगर आप केवल वेट कर रहे हो वहां पहुंच गए अगर गोलोक धाम में वो आनंदमय हो गया आपका भले ही आप सेवा कर रहे हो नहीं कर रहे भले ही आप सेवा कर रहे हो नहीं कर रहे हो डजन मैटर देखिए एक सेकंड में बोल रहा उधर बिना सेवा से कोई एक सेकंड नहीं रहेगा अरे आप ही तो कह रहे हो कि मैं से अभी आपने कहा वेट कर रहे हो नहीं वेट करना भी सेवा है क्या बात करते अरे वेट जब वेट किस चीज का कर रहे हो ये बताओ जरूर जरूर मैं ऑफिसर हूं मेरा प मेरे लिए वेट कर र आप ये बताओ वेट किस चीज का कर रहे

00:30:36:15 हो क्योंकि भगवान का नना डिजर कर इच्छा करेंगे तो नना सेवा करेंगे अगर आप किसी चीज का वेट कर रहे हो तो इसका अर्थ है कि ऐसा कुछ है जो आपको चाहिए जो अभी नहीं है उसी का तो वेट कर रहे हो नहीं होने से भी मेरा दिल में तो उनके लिए प्रेम है ना आप ही तो कह रहे हो मैं वेट कर रहा हूं वेट करने से आनंदम स्पिरिचुअल में हर कुछ

⬜ Not used yet · 00:31:01:00 – 00:31:18:14 (0:17)

00:31:01:00 सच्चिदानंदम होता है बस कज सेकंड सु एक सेकंड अभी इसको क्लियर करने प्लीज अगर आप बत आर्मेंट में म जा ठीक है आर्गुमेंट प नहीं जा रहा हूं मैं ये कह रहा हूं कि अगर आप लज आप जदा ज्यादा लॉजिक यूज कर लॉजिक

✅ This part is already used · 00:31:18:14 – 00:48:12:02 (16:54)

→ Used in: B · Video ISKCON के भक्तो का मोक्ष at 18:14 ↗

00:31:18:14 लॉजिक लॉजिक स्पिरिचुअल मीस एवरीथिंग स्पिच अगर आपको लॉजिक लॉजिक लॉजिक य करके बात खत्म करनी है तो पहले ही कह देते अच तो है ही आपका आखरी मुकाम नहीं इतना लॉजिक ढूंढने से आपको कौन समझाएगा इतना तो कोई बात नहीं करते दुनिया जो आदमी होता है ना लॉजिक का पैरामीटर क्या है कि कितना लॉजिक होना चाहिए और कितना नहीं होना चाहिए इसका क्या पैरामीटर है आप डिसाइड करेंगे मैं देख रहा जितना वीडियो देख र सब आप डिसाइड करेंगे हम डिसाइड नहीं करेंगे अरे मैं नहीं कर रहा आपसे पूछ रहा हूं मैं लॉजिक कितना होना चाहिए देखिए सुने ना सुनिए स्पिरिचुअल वर्ल्ड में कोई चीज भी टेस्टलेस नहीं होता है कोई कोई चीज भी डिस्ट्रेस नहीं होता है दुख नहीं होता है टेस्टलेस नहीं होता है अगर आप भगवान के लिए वो सेवा करने का वेट कर रहे हैं तो तब भी आपको आनंद मिल रहा है इसका मतलब अगर आप गोलोक धाम केवल पहुंच गए वह भी आनंदमय है भले ही आप सेवा कर रहे हो या नहीं कर रहे हो डजन मैटर बिना सवा के उधर कोई नहीं रहेगा अरे आपने कहा ना कि जब वो मैं इंतजार करूंगा उनका जब वो सोएंगे तो बिस्तर लगाऊंगा ठीक है और मेरे लिए इंतजार भी सेवा है मैं इंतजार कर रहा प्रभु जो इच्छा करेगा मैं काम करूंगा अगर इंतजार सेवा है तो इसका अर्थ है कि इंतजार

00:32:33:22 में ही शाश्वत सुख आपको मिल रहा है भले ही आपको सेवा करने का अवसर मिले या ना मिले या तो सेवा अंतिम सुख नहीं है और अगर सेवा अंतिम सुख है तो इंतजार में सुख नहीं है ठीक है वो आप आप ऐसा बोलिए हम ऐसा नहीं मानते आप आप समझाओ ना भैया जैसे आप अगर अंतिम सुख सेवा है आपको कौन समझाएगा आपको कौन समझाएगा आप ही तो आए हो आपके लिए गरम गरम खाना प वेट कर रहे है वो आपको वेट करना सेवा नहीं है आपके लिए अरे अगर अगर सेवा वेट करना भी सेवा है तो इसका मतलब सेवा करना अंतिम सुख नहीं है ना क्यों नहीं है अगर अंतिम सुख सेवा है तो वेट करने में वो अंतिम सुख नहीं मिलेगा जो खड़े होकर आपको सुख मिल रहा है ठीक है होगा सोचते हैं आप ऐसा सोचते हैं आप ऐसा सोचते अरे तो आपको वेट किस चीज का है फिर जब आपको सब कुछ प्राप्त है तो आपके मन में आस नहीं होनी चाहिए अगली चीज आए और जब आपको खड़े होकर के सुख मिल रहा है तो आपके अंदर ठीक है आपको आपको ऐ ठीक है सुनि अभी बताता आपको अभी याद आया मांड जी उधर अगर आप अगर अनलिमिटेड काल तक अनंत काल तक मसाज करते रहेंगे तो चलते ही रहेगा कोई स्टॉप करने वाला नहीं है और भगवान आपको लो करके

00:33:49:06 त मसाज कर रहे ठीक है मसाज करने में भी तो आप मसाज ऐसे ऐसे करेंगे ना इसी को तो कहते हैं मसाज एक सेकंड भी नहीं फरक पड़ता उसको आप इतना लॉजिक इतना आर्गुमेंट करते सेकंड नहीं ऐसे ही बात होती है इतनी इतनी चीजों पर बात होती है ठीक है आप मान उर उर प्रॉब्लम मत इतनी इतनी चीज बात होती है अगर मसाज करते समय भी प्रेशर जा रहा है और हट रहा है तो जितनी देर आपका प्रेशर हट रहा है मसाज करते समय उतनी देर आपको वो नित्यता नहीं रही सुख में सुख फट हो नहीं ठीक है लेकिन हम लगता है नहीं समझता आपका आपको नहीं मानना है तो बात अलग है मगर बात तो यही है कि आपने जब हाथ हटाया म करते ऐसा ही है लेकिन आप दबाना है तो आपको दबा के रखे रखिए रखिए से आनंद लेना रख के रखिए उठाना नहीं है मसा हो जाए भी फ्लकचुएशन एक जगह पकड़ लिया तो बस वही अनंत है जीवन वही अनंत है वो भी हो सकता है स्पिरिचुअल व में वो भी पॉसिबल है स्पिरिचुअल व में वो भी वो सेवा नहीं है फिर सेवा बताइए सेवा आपके लिए नहीं है आप समझते नहीं है उधर का दुनिया अलग है इधर भाई साहब अपनी बातो से हटते जा रहे हैं आप आप सेवा बताइए ना सेवा होनी चाहिए ना ये क्या मैंने

00:35:04:08 हाथ रख इसके ज्यादा बात के कोई फायदा नहीं य सब बहुत आप इतना बात कर और दूसरा कुछ करते हैं आप ही ने तोय टॉपिक छेड़ा है चलिए बताइए आपने एक बात कही कि जो हमारा हम श्री कृष्ण को मानते हैं वो जो है उनका विग्रह है हम भी श्री कृष्ण को ही मानते हैं ऐसा नहीं है मगर क्या यह बात सच है कि श्री कृष्ण जैसे बैकुंठ में रहते हैं वैसे ही उठके सीधे सीधे आते हैं आज नीचे धरती पर हा जैसे बैकुंठ में रहते हैं वैसे ही आते हैं हमारे बीच में हा ऐसे ही आते एज इट इज है ना यस एज इट इजस अच्छा यानी कि मतलब अगर हम जो श्री कृष्ण क्या कहते हैं यहां पर आए थे वही श्री कृष्ण हमको वहां मिलेंगे ठीक है यस हां ए कोई अंतर तो नहीं है ना जरा सा भी बिल्कुल हा बोलिए तो नहीं है नहीं है अच्छा अभी बताइए जो वहां का जो भगवान का शरीर विग्रह है क्या वह शाश्वत है या वो नष्ट हो सकता है या बदल सकता है पले बो क्योंकि सुना वयो में सुना हूं वो शाश्वत ही है सनातन ही है

00:36:19:14 शाश्वत है तो शाश्वत की परिभाषा क्या है आपके अनुसार जो की क्या बोलते एंड नहीं हो सकता है क्या नहीं हो सकता है खत्म नहीं हो सकता है खतम नहीं शाश्वत की परिभाषा ये होती है कि वो परिवर्तनशील नहीं होता है और ये चेंजलेस चलेस चेंजलेस नहीं भगवान शरीर चेंजलेस नहीं है सरी चेंजलेस है चेंजलेस है ना परिवर्तन नहीं होता नहीं तो अब एक बात बताइए वो आए थे छोटे लला के रूप में उनका शरीर चेंज हुआ तो यह शरीर शाश्वत कैसे फ व चेंज दिखता है ऐसा चेंज नहीं होता भगवान उनका शरीर जो हमें दिख रहा है वो वास्तविक नहीं है दिख रहा है वास्तविकता कुछ और है नहीं नहीं जो दिखता है वही है और वास्तविकता भी वही है रियल है तो रियल है तो फिर चेंज क्यों हो रहा है और चेंज आपको दिखता है दुनिया में जो लीला करते दिखता है ऐसा अरे तो वो तो फिर तो हमारी जगह आ गए ना हमें जो दिख रहा है सु मैं आपको एक एग्जांपल दे रहा हूं पहले का

00:37:34:15 जो फिल्म आता उसका रील आता था ठीक है याद है ना देखा है ना कभ रील देखा है ना पहले वा हा हा देखा है देखा है और रील जो वीडियो आता है वो एक्चुअली क्या है अंदर में क्या होता है सब फोटो होता है ना है ना बोलिए बोलिए हा बहुत सारे फोटो जो उसको जो मूव कराते हैं तो वीडियो जैसा दिखता है लाइफ दिखता है लेकिन हर फर्म उसम ऐसा ही रहता है चेंज नहीं होता है एक एक पिक्चर का जो स्टेबल होता है चेंजिंग नहीं होता है लेकिन जब मूवमेंट करता है तो वो चेंज होता है दिखता है हाथ हिलता है ता दिखता है यानी किहा है असत नहीं है हमें जो दिख रहा है हम जो सोच रहे हैं हम जो जान रहे हैं वो असलियत नहीं है ना भगवान रूप असलियत है आप ही तो कह रहे देखो आपकी बात देखो आपने कहा भगवान का शरीर चेंजलेस है वो परिवर्तनशील नहीं है ठीक है हा अब मैंने जब बताया कि वो लला रूप में आए थे फिर वो किशोर हुए ठीक है तो उनका शरीर चेंज हुआ उन्होंने विराट स्वरूप दिखाया चेंज नहीं हुआ नहीं चेंज नहीं हुआ हमको दिख रहा था उनकी माया थी हां माया के कारण दिख रहा

00:38:49:26 था ऐसा ही हम लोग जो मैं जो समझा हूं भगवान के जगत में भी ऐसा ही करते हैं नंद जस के बाद पास में वो छो ला रते माया के कारण जी नंद जस के लिए है ना स्तन पाई है सब सम इटरनल स्तन पाई है स्तन पाई समझ गए ब्रेस्ट नहीं समझा ब्रेस्ट फेड छोटा शिशु है नंद जदा के लिए अच्छा ठीक है लेकिन जो गाय चरा जाते है वो भी सब सम इटरनल गाय चरा निकल जाते है ऐसा नहीं कि एक दिन गया और बाद में कभी नहीं जाते

00:39:30:09 आप बत जदा क आप ऐसा करते सबके साथ अच्छा ठीक है ऐसा नहीं करना चाहिए आपको तो पोलाइट होना चाहिए दूस को लो करो बोलने के लिए बोलने के लिए प्रिपर ज्यादा मत हो दूसरा को सुनने के लिए प्रिपर हो ठीक है ना आप बोलिए तो न का जो छोटा लाला है वो इटरनल है सब समय रहता है सनातन है जो डांस करने वाले है के साथ हो कि उनके सखा के साथ वो भी इटरनल है सुनिए पहले सुनिए जो मथुरा का कृष्णा वो भी इटरनल है व रू भी सब समय होता है अभी भी है जो द्वारिका का कृष्णा है वो रूप अभी भी है जो विष्णु अभी भी है राम अभी भी है राम का लला रूप अभी भी है अनंत कोटि ब्रह्मांड है अनंत कोटि ब्रह्मांड में हर लीला अभी भी चल रहा है यह चैतन्य महाप्रभु का बात है मैं नहीं बोल रहा हूं मैं आपको बोला था एक दिन आप पहले के बा चैत चन थ प लीजिए लेकिन आप सुनते ही नहीं है चैतन्य महाप्रभु को मानते हैं सुनि पहले सुनिए बात मेरी बात सुन लीजिए मैं आपको थोड़ा सुन रहा हूं री बात सुनिए आपकी बात बात सुना पड़ आपकी बात जब पूरी हो जाए तो मुझे बता दीजिएगा कि

00:40:45:09 मेरी बात पूरी हो गई बताइए हां ठीक है बताइए ठीक है ना बोलिए चैतन्य महाप्रभु को आप लोग भी मानते हैं कि आप लोग का परंपरा का आचार्य है ठीक है प्रमाण बता रहे हैं मैंने आपसे नॉर्मल पूछा है कि आप मानते क्या है भगवान का शरीर शाश्वत है या मैं तो समझा रहा हूं बात मत करो सुनिए मैं जब पूछा तो आंसर दीजिए ठीक है सुनाओ आप जितना रूप लीजिए हम हम लोग गोड़ बसन लाइन में मैं भाई बहुत छोटा आदमी हूं ले जितना पढ़ा है मैंसी से बता रहा हूं अगर कहीं गलत है तो गलत हैने दीजिए ना क्या है आप हमसे ज्यादा आर्गुमेंट ना करिए सुनिए आप बोलिए हम सुनेगा समझने के लिए कोशिश करिएगा मैं बोलेगा आप सुनने की कोशिश करिएगा अगर कुछ है तो देखते हैं ठीक है ना तो भगवान का जितना रूप अभी तक है जितना अवतार में बोल रहा हूं अवतार जितना रूप है विष्णु हो राम हो कृष्णा हो और क्या बड़ नरसिंह देव जितना अवतार ये हम लोग मानते हैं अभी भी वो लोग का लीला चल रहा है दूसरा दूसरा ब्रह्मांड में चल रहा है एक ही पृथ्वी एक ही यही नहीं है कि और दुनिया कोई नहीं है अनंत ब्रह्मांड है अनंत ब्रह्मांड में अभी भी चल रहा है अभी भी चल रहा है जन्माष्टमी भगन का जन्म हो रहा है कहीं दूध पी रहे हैं कहीं खेल आगे बढ़ समझ सुनो सुनो सुनो सुनो सुनो सुनो तो नहीं बोला मैं समझ गया आपकी बात आगे बढ़ी

00:42:00:16 रिपीट हो रहा है बारबार रिपीट कर र ठीक है बोल क्या करें बोलिए हां बोलिए आपने कहा कि अनंत कोटि में अनंत लीलाएं अभी भी चल रही है इसका मतलब भगवान का शरीर एक नहीं है अनंत है यस अनंत मीस अनंत रूप में ला भगवान के भगवान का जो मूल शरीर है वो एक नहीं है बहुत सारे भगवान है ऐसा नहीं है एक ही भगवान है तो वो जो एक है जो मूल है वही आया था ना नीचे गोलोक धाम से हां ठीक है मूल वाला ही आया था ना दूसरा एक एक चीज और प अगर वो मूल वाला आया है जो बदलता नहीं है जो ट्रा ट्रांसफॉर्मेबल नहीं है तो वो आया था लाला के साइज में उसके बाद वो किशोर हुए तो यह ट्रांसफॉर्म हो रहा है फिर व वो तो बदल रहा है ना नहीं नहीं हो सकता है लेकिन हम लोग का परंपरा से नहीं मानते हैं ठीक है तो आख पर पट्टी बांध के मानना पड़ता है क्या भगवान श क छोटे लला के रूप में आए नहीं हा हमें दिख रहा है भगवान जी छ करना पड़ेगा आपको हम पूछेगा आपको मैं भी क्वेश्चन करूंगा इसके बारे में ठीक है ना

00:43:16:01 आख बंद करके चलना पड़ता है तब अभी मैं आपसे पूछ रहा हूं कि आपको जब दिख रहा है कि भगवान इस इस तरह से आए हैं छोटे लला के रूप में हम लोग जन्माष्टमी मनाते हैं तो लड्डू गोपाल के मूर्ति के साथ जन्माष्टमी का पर्व मनाते हैं और जो भगवान का एक विग्रह होता है मंदिर में वो होता है वो उनकी किशोरावस्था वाला तो ये ट्रांसफॉर्मेशन य ट्रांसफॉर्म तो हम खुद ही मान रहे परिवर्तन हो रहा है दूसरी बात इसको भी छोड़ दीजिए अगर हम यह कहे अर्जुन ने जब कहा अपना विराट स्वरूप दिखाओ तो वही खड़े खड़े कृष्ण भगवान ने अपना विराट स्वरूप दिखा दिया जिसको परम सत्य माना गया उसको ज्यादा बड़ा सत्य माना गया यह दृष्टि से दिख रहा है तुझे तो अब आप कह रहे हो कि वो अपने ओरिजिनल स्वरूप में आए थे फिर अर्जुन कह रहा है कि मुझे अपना विराट स्वरूप दिखाओ तो उन्होंने विराट स्वरूप जो दिव्य दृष्टि जिसको चाहिए देखने के लिए वह स्वरूप उन्होंने दिखाया ट्रांसफॉर्म भी हो रहा है और इस बात से ये भी सिद्ध हो रहा है कि उनका वह जो स्वरूप था वह मेन नहीं था मेन स्वरूप तो इसके कंपेरटिवली व वाला था जो विराट स्वरूप लिया था तो मैं बोलू आप गीता का पास में है तो का थोड़ ण नहीं चाहिए

00:44:31:03 मैं आपसे मांगूंगा प्रमाण अभी तो आप जो मानते हो वो बताओ मैं क्या बोलना चाहता सुनि तो पहले क्यों बात कर ठीक है निकालिए जब भगवान अर्जुन ने चाहा कि आपका रूप विश्वरूप दिखाने के लिए तो भगवान कृष्ण ने विश्वरूप दिखाया हा ठीक है व उ उन्ही की बॉडी बड़ी हुई थी वो उन्हीं की बॉडी बड़ी हो गई थी या फिर वो कोई दूसरा ऐसे प्रोजेक्शन से दिखाया था विराट स्वरूप समथिंग लाइक प्रोजेक्शन क्योंकि वो सब लरे विश्वरूप ऑलरेडी है उसको दिखाया था मतलब वो जो विश्वरूप दिखाया था वो माया था एक तरीके से नहीं वो ऑलरेडी है उसको दिखाया था भगवान ने एक ही ज में ला के दिखाया था बस इतना अरे भाई वो उनका ओरिजिनल स्वरूप नहीं था ना ओरिजिनल तो ये है ना जो खड़े

00:45:21:01 हैं तो क्या हुआ तो क्या हुआ हा अर्जुन को जो दिव्य दृष्टि से दिखाया वो उनका ओरिजिनल स्वरूप नहीं था बल्कि ओरिजिनल स्वरूप तो वही था जो वो खड़े थे हां ठीक है तो फिर ठीक है तो यह जो शरीर है वो बालक बन के आ रहे हैं वो किशोर हो रहे हैं ट्रांसफॉर्म हो रहा है बदल रहा है परिवर्तनशील तो फिर ये आप कैसे कह रहे हैं सनातन शरीर हैय अच्छा ठीक है मैं आपको एक एक एग्जांपल मैं दे दू आप समझ जाओगे एक एग्जांपल मैं दे दूं आप समझ जाओगे अगर हम पूछे अगर हम पूछे आपसे क्या इसकन के द्वारा या आपके द्वारा पूजित होने वाला जो ईश्वर का स्वरूप है आपने कहा वो जो गोलोक में बैठा है वही है जो कृष्ण भगवान के रूप में आया हम भी कृष्ण भगवान को ही मानते हैं तो कृष्ण भगवान जो आपके अनुसार जो यहां पर आते हैं गोलोक से वो उनका शरीर यदि शाश्वत है तो क्या वो सब कुछ कर सकते हैं हां वो हाथी बन सकते हैं जरूर हाथी बन सकते हैं हां क्यों नहीं बन सकते सर्वशक्तिमान

00:46:36:10 बन एक ही वार्ड में सब खत्म हो गया तो तो फिर उनका शरीर तो चेंज हो गया ना शाश्वत कहां रहा देखिए चेंज हो गया है ना लगता है मैं आपको समझा नहीं सकता हूं मेरा कैपेबिलिटी नहीं है क्योंकि आप उसी में टिके हुए हो और आप मानते किस टिकना चाहिए किसम टिकना चाहिए फिर नहीं देखो आप बोल चेंज हो रहा है लेकिन मैं बो चेंज नहीं हो रहा है जो है उसको दिखाई जा रहा है आपको जो मतलब वो हाथी है वो दिखा रहे हैं वो क नहीं है मैं आपको फिल्म का रिल क्या दि क्या बोला फ इसका मतलब जो हाथी का रूप दिखाया वो माया है वास्तविकता में व वही खड़े है माया नहीं तो क्या मैं आपको फिल्म का रिल के बारे में बताया था ठीक है फिर रिपीट करता हूं प्लीज फिल्म का ल में ना हर एक पिक्चर जो है वो स्टेबल होता है वो चेंजिंग चेंजलेस चेंजलेस है वो हम लेकिन उसको मूवमेंट करने से चेंज जैसा दिखता है हमको तो हमें जो दिख रहा है वो गलत दिख रहा है ना गलत दिख रहा है लेकिन ये मेटेल एग्जांपल आपको दे रहा हूं मटेरियल एग्जांपल दे रहा आपको मैं समझ गया आप स्पिरिचुअल नहीं है हां ये रियल फिम वाले स्पिरिचुअल नहीं है हर तरक

00:47:51:15 से आप एग्जाम समझाने के लिए बोला जाता है ऐसा नहीं हर तरी हर तरीके से परफेक्ट मैं समझा नहीं सकता मैं अचिंत इसी को कहते हैं हम विग्रह को मानते आप सोचते जैसे सोते ही बोलू ठीक है ना वैदिक कल्चर में इतना आर्गुमेंट नहीं करते थोटी

⬜ Not used yet · 00:48:12:02 – 00:48:27:21 (0:16)

00:48:12:02 बोलता [हंसी] है चलिए ठीक है तो आपको क्यों सुन आप सु मैं आपको बोलता मिनट टाइम ठीक है स्पिरिचुअल जो फम है न मन इव ही

✅ This part is already used · 00:48:27:21 – 01:19:07:16 (30:40)

→ Used in: B · Video ISKCON के भक्तो का मोक्ष at 35:24 ↗

00:48:27:21 होता है और वन प्सव वन ही होता है आप जानते हैं मानते हैं आप भी तो गोल कृष्णा र आएगा फिर भी कृष्णा उधर ही रहेगा यार क्या है अब क्या बात करते हैं अरे तो हम तो ला ही नहीं रहे ना आप ला रहे हो ना गोलोक के ला रहे लेकिन ने सु उधर भी रहते हैं इधर भी रहते हैं एक ही साथ में गोलोक का जो स्वरूप है भगवान का वो आप ला रहे हो हम तो मांग ही नहीं रहे हम नहीं ला रहे उनको य आप ला रहे हो कि नहीं जैसा गोलोक में था वैसा ही यहां आया था तो ये मानना पड़ेगा कि वो जो स्वरूप है उसको हम नहीं जानते वो हमारे व्यवहार का नहीं जानते हम लोग जानते अगर जानते हो तो वो सर्वशक्तिमान सिद्ध नहीं होगा क्यों नहीं अगर आप उसको जान बताओ ना वो हाथी बन रहा है तो उसका शरीर बढ़ रहा है जो वो पर सुनो सुनो सुनो ऐसा ऐसा नहीं कता सुनो थोड़ा सुनो हम स्पिरिचुअल फॉर्म हो जो कुछ भी स्पिरिचुअल होता है वन माइव इव ही होता है आप हां या ना बोलिए अरे मेरे भाई तो स्पिरिचुअल

00:49:30:18 अगर वो स्पिरिचुअल है तो उसको मटेरियल स्टिक क्यों बना रहे हो आप बना रहे हो ना मैटेरियलिस्टिक हमारे बीच आप बोलते हम क नहीं बोला हम मेटल बने अरे यहां जब हमारे बीच में आ गए तो हम पूछ रहे हैं कि भैया श्री कृष्ण क्या हाथी बन सकते हैं अगर श्री कृष्ण का वो जो शरीर है ना घट सकता है ना बढ़ सकता है नैनम चिंति शस्त्राणि नैनम दती पाव का अगर वो शाश्वत है ना घट सकता है ना बढ़ सकता है कुछ नहीं हो सकता तो फिर वो क्या हाथी बन सकते हैं अगर आप कहोगे हाथी बन सकते हैं तो वो घट बढ़ रहा है और वो घटे बे है वो लाला के रूप में आए थे वो लाला के रूप में आए थे तो नहीं आप कहते रहो ठीक है वो नहीं आप नहीं समझते बिल्कुल नहीं समझते समझने की कोशिश भी नहीं करते आप ठीक है मुझे नहीं करनी है कोशिश अब ये बताइए सुनो क्वेन का आंसर दो पहले न माइनस वन कितना होता है स्पिरिचुअल व में स्पिरिचुअल चीज को मैं वन माइनस वन नहीं बोलता हूं मैं बोलता हूं पूर्ण का मतलब होता है पूर्ण स्पिरिचुअल मीनिंग य आसर नहीं देने के लिए कोशिश कर रहे सीर नहीं मैं बोल रहा हूं पूर्ण का मतलब पूर्ण होता पूर्ण सेना पूर्ण से ना कुछ कम होता है पूर्ण में ना कुछ जुड़ता है तो यदि वो अपने सेम

00:50:45:18 चीज है भैया से अरे तो इसका मतलब वो नहीं बन सकते हा पूर्ण से ना कुछ निकलेगा ना कुछ घटेगा ना बढ़ेगा तो वो हाथी नहीं बन सकते सर्व शक्तिमान नहीं है फिर वो तो जब ठीक है मैं क्वेश्चन कर आपका ठीक है अभी पहले आप ये बताइए वो सर्वशक्तिमान है कि नहीं मैं तो बोल दिया यार हा हो सकता डेफिनेटली बन पा रहे वो हाथी क्यों नहीं बन पा रहे मैं तो नहीं बोला नहीं बन पा रहे तो बोला बोन रहे बन पा रहे तो फिर उनका शरीर तो चेंजलेस नहीं रहा चेंज हो रहा शरीर ठीक है अभ सुनि अी सुनि अरे पहले बोलो तो चेंज हो रहा है पहले आप सुनो शरीर चेंज हो रहा है ना पहले सुनो यार प्लीज सुनो पहले हम मैं हम लोग का पॉइंट ये है गल वृंदावन जो कृष्णा है हां वो उधर ही रहेगा फिर भी र आ सकता है फिर भी एक हाथी बोलने के बाद भी वो फिर वही ऐसे ही रूप में रह सकता है गलो ववन वृंदावन में इसका मतलब वो अपनी रियल फॉम में नहीं हाथ बनेगा

00:52:01:04 क्या कर हाथ बन सकते हैं फिर भी जैस कृष्णा ऐसा ही रहेगा चेंजलेस है तो इसका मतलब कृष्ण हाथी नहीं बना ना क्यों नहीं बना आप ही आप ही तो कह रहे हो व कृष्ण हाथी बन सकता है मगर वो चेंजलेस है करोड़ों आथ बन गए मगर व वैसा का वैसा ही रहेगा आप ही ने बोला हम पूछ रहे कृष्ण भगवान बन सकते हैं कि नहीं शेर बन सकते हैं कि नहीं हम यह पूछ रहे हैं मैं बोला हा तो जब वो बन सकते हैं तो फिर क्यों कह रहे हो वैसा का वैसा ही रहेगा अगर वैसा का वैसा ही रहेगा तो शेर नहीं बन सकते शेर बन सकते वैसा का वैसा ही नहीं रहेगा दोनों बातें क्यों कर रहे हो क्योंकि भगवान एक ही साथ में दोनों किया हजारों काम एक ही टाइम में कर सकता है ठीक है कर दिया हमने यह पूछा है क्या भगवान श्री कृष्ण अपने शरीर को सि के रूप में बदल सकते हैं या नहीं उनके अंदर इस बात की क्षमता है कि नहीं अपने रियल शरी अपने जैसे दूसरे नहीं अपने रियल शरीर को बदल सकते हैं कि वो भी कर सकता है वो भी कर सकता कर सकते हैं वो भी कर सकता है कर सकते हैं तो फिर उनका

00:53:16:09 शरीर वो शाश्वत कहां रहा वो तो बदल गया बदल रहा है नहीं बदला है क्यों बदला आप क्यों ऐसा करते आप ही तो कह रहे हो वो बदल जाएगा शेर बन जाएंगे आप ही तो कह रहे हो स्पिरिचुअल चीज का कुछ भी नहीं मालूम है आपको सिर्फ मटेरियल लॉजिक के मटेरियल हिसाब से कुछ कैलकुलेशन करते हो एक चला गया तो माइनस हो गया ख हो चेंज हो गया चेंज होना मटेरियल चीज का क्या हो क्वालिटी होता है चेंज होना अजीब बात कर रहे हो आप चेंज होना मटेरियल चीज है स्पिरिचुअल चेंज चीज कोई चेंज नहीं होता है क्यों नहीं समझते आप इसको जो स्पिरिचुअल है जो भी हो आत्मा भी चेंज नहीं होता आत्मा भी चेंज नहीं होता तो कृष्णा क्यों चेंज होंगे आत्मा को तो अनबल बता गया है सुनिए आत्मा जो है वो व्यवहार का विषय नहीं है आत्मा का ज्ञान प्राप्त व्य है और आप अ व्यवहारिक ईश्वर को यहां व्यवहार में ले आ रहे हो जब व्यवहार में आएगा तो बाधित हो जाएगा आप बताओ या तो बाधित ही तो हो रहा है नहीं भगवान एक ही टाइम में साइनस सब काम कर सकते मतलब कि यदि भगवान श्री कृष्ण सिंह के रूप में अपने शरीर को परिवर्तित कर रहे हैं तो इसका मतलब जो मूल शरीर है वो ऐसा नहीं है वो बदल रहा है और वो

00:54:31:16 छोड़ दो के परिवर्तित हाथी के रूप में करेंगे कि नहीं करेंगे सिंह के रूप में वो आए थे लल्ला के रूप में अच्छा य बताइए आप ये बोल रहे हो कि वो वहां से सीधे उठके आते हैं तो वोह तो छोटे बालक के रूप में आथे शिशु के रूप में क्या बात करें आपसे हम वो रियल नहीं था क्या माया थी भगवान की कैसे आपको समझाया जाए चलिए और कुछ बात करते हैं अचत बोल दो समझ जाऊंगा आप क्या सोचते भगवान चिंत है निराकार मानते निराकार मानते चिं है चिता करत भेद कौन बोलता है बताइए हम बोलते हैं तो अचिंत भदा भद जब बोलते तो फिर क्यों ठोस ठोस भगवान श्री कृष्ण को सीधे ले आ रहे हो ये लोय खड़े हैं इस उसको मैं लास्ट में पकडा ठीक है अ दूसरा क्वेश्चन जाते है इसको हम आपको फिर कान पकड़ेगा बाद में अब आप मुझे बताइए कि ये शिव जीी जो है उनके लिए आपके न 15 25 में क्यों लिखा है कि वो उनको भगवान समझने वाले पापी हैं बताइए हम नहीं जाएंगे अब तो

00:55:46:16 इतना आसान चीज हम नहीं समझा पाया तो व सब जाने के क्या फायदा है कुछ फायदा नहीं है तो फिर आए क्यों है रहन दो बंद करते हैं वैसे ही आजकल पर है लेकिन मैं आपको बोला था मैं मेरा कुछ ऑब्जेक्शन भी है आप सब आपका बातचीत में जो है इसकन का किताब लेकर और कुछ क्लेरिफिकेशन लेना चाहिए था हमको ठीक है तो क्लेरिफिकेशन हो तो गया आपका ना तो मोक्ष सिद्ध है परम स्वतंत्र मोक्ष नहीं है ईश्वर सर्वशक्तिमान नहीं है और अभी यह जो चैप्टर खुल रहा है इसमें आपका जो धर्म है वो शाश्वत नहीं रहेगा हां वो भी होने दीजिए आप सर्टिफिकेट दीजिए आप ऐसा ही करिए ऐसा ही करिए आप ये आपका काम आप ही तो कह रहे हो कि वो सिंह बन सकते हैं तो सिं नहीं बन सकते व शाश्वत है उनका शरीर हम ऐसा नहीं बोला हम बोला एक ही समय में भगवान हर कुछ काम कर सकते है एक ही टाइम मेरे भाई ये भगवान श्री कृष्ण आप समझते नहीं आप समझते नहीं आपका माइंड इतना चेंज हो गया है ना वैदिक कल्चर कु समझते नहीं बिल्कुल नहीं और यही मैं कह द आप समझते नहीं आपका माइंड इतना चेंज हो गया तो हा बोला मैं तो मान लिया हा बोला माना नहीं समझता आपका बात हो नहीं मैं बोला आपका बात मैं आपको नहीं समझा पा रहा हार गया ना मैं नहीं नहीं आप हार गए य बोल रहे हो लेकिन आप ऐसा नहीं बोलते आप थोड़ा ऐसा

00:57:01:21 बोल के देखिए कितना आप दम है नहीं सम सतार बोल दिखा क्यों बोलू भाई जो उदारता अपने आप तो सब कुछ जानते हो इसलिए सबते उदारता आपके अस्तित्व और आदर्श पर हावी हो जाए वो उदारता नहीं कायरता होती है मैं क्यों बोलू हा ठीक है हम ड भी बोलू जो बातें राम ने नहीं सिखाई मैं उनके विरुद्ध क्यों जाऊ इंडोनेशिया की पढ़ा है आप लोग इकन का किता पिता खोल के एक्सपोज करते ऐसे बैठे रहो ऐसे आपका काम है अभी आपसे मैंने पूछा कि भगवान शिव के लिए क्यों लिखा है उनके भक्तों के लिए पापी आपके 3 1525 में बताइए भागवत हर को चीज का क्वेश्चन लेने के लिए कोई ऐसा कोई तो ऐसा नहीं होता ना जो हम बोल सकता हूं ज बोलना चाहू मैं वही बोलूंगा नहीं पता इस बारे में पता भी है नहीं भी है लेकिन आप जैसा मेंटालिटी में रहते बात कर फायदा नहीं अजीब बात हैब बात है या हर एक आदमी का अपना सिचुएशन होता है अपना लिमिटेशन होता है अपना मजबूरी होता है अपना बारे आपको इस बारे में नहीं पता है

00:58:17:24 चलिए नहीं हम बात ही करना नहीं चाहते जितना इतना छोटा ची आपको समझा नहीं था क्या आपने अभी बोला वो झूठ था क्या कौन सा आपने बोला हमें नहीं पता है रीड मुंडकोपनिषद तीन दो तीन लॉर्ड कैन नॉट बी रिच्ड बाय आर्गुमेंट और बाय अपलाइन इंडिपेंडेंट ब्रीन पावर और बाय स्टडिंग मेनी स्क्रिप्चर हां ये तो मैं आपको बोल बो हम यही कह रहे हैं भाई साहब कि भगवान का जो अव्यावहारिक रूप है व्यवहार में ना आ सकने वाला उसकी यहां पर बात हो रही है बिल्कुल सातव में भी यही लिखा है वो वाणी का विषय है व तर्क का विषय है और अगर आप उसको य ले है हम लोग के लिए जो रेटेड होते हैं उलो के लिए नहीं हैन क्या कर रहा है वो जो भगवान का अव्यावहारिक स्वरूप है व्यवहार में ना आ सकने वाला वाणी का अ विषय है उसको यहां लाकर खड़ा कर दे रहा है लो यह तो नेत्रों का विषय हो ग कानों का विषय हो ग सबका विषय हो गए फिर कह रहे कि यह जो है मूल स्वरूप है अगर मूल स्वरूप यही है आप कहां गए मेरे बात में आइए हां हमसे बात करिए

00:59:34:01 हम देखो आप जैसे पता नहीं मैं जो समझता हूं आपको ना अगर ऐसा ही हम लोग बात करें कि हम लोग कु उनको उसके बारे में मालूम नहीं कर सकते हैं जान नहीं सकते हैं तो क्या प्रचार करते हैं हम लोग अच्छा आप ये बताइए इसीलिए इसीलिए हम लोग प्रचार नहीं कर सकते दुनिया में हम फेल नहीं सकते सिर्फ इंडिया में सीमित हो गया लिमिटेड हो गया हम लोग क्योंकि आपको बा पता नहीं है भगवान पता नहीं है उसके बारे में बोल नहीं सकते उ सोच नहीं सकते क्या देख वर्थ की बात है मत करिए अभी मुझे आप बताइए शिवजी के बारे में आपको पता है कि नहीं पता है पता है बहुत कुछ पता है लेकिन उसके बा टॉपिक छोड़ ना क्योंकि आपको बात करना बहुत मुश्किल होता है ना आपसे करूगा आप क् मत कर पले क् करूंगा बाद में आप एक मिनट एक मिनट आपको आपको ब नहीं पता है मालूम है क्यों नहीं मालूम इतना दिन से मैं 25 साल हो गए स्कूल में पढ़ता हूं सुनता हूं क्यों नहीं मा शिव जी के बारे में जो यह बात लिखी हुई है कि उनको भगवान समझने वाले पापी हैं आपसे बोला ये क्वेश्चन मैं नहीं लूंगा लूगा तो दूसरा दिन लूंगा ठीक है अभी के लिए छोड़ दीजिए मैं आपको क्वेश्चन करने जा रहा हूं

01:00:49:18 पहले आपने यह कहा था कि मुझे नहीं पता इस बारे में जरूरी नहीं है सबको सब कुछ सब चीजों के बारे में पता हो कुछ भी सोचिए ना कोई भी ऑप्शन लीजिए हमको छोड़ दीजिए ना बाद में बात करेंगे दूसरा दिन बात करेंगे बोलिए आपको किस किस बारे में बात करनी है मैं आपसे मु बता दीजिए एक बात मुझे बता दीजिए आप जो बात करने जा रहे हैं इसके बाद मैं भी एक बात करूं या ना करूं या ये आपकी बात कर लेकिन क् मैं जब करूंगा तो आप यह कह सकते हो कि मैं नहीं करूंगा इस बारे में बात फिर आप यह चाहते हो कि मैं तो आपकी बात को मानू मगर मैं जब अपनी बात कहूंगा तो आप निर्णायक हो जाएंगे तो मैं क्या आपके परतंत्र हूं आपके प्रति बिल्कुल ऐसा नहीं सोचता हूं मैं आप तो बोलना सुनो सुनो मैं कोशिश किया समझाने कोशिश किया समझाने के लिए कोशिश किया जितना था लेकिन आपको समझा नहीं पाया ठीक है ना मैं छोड़ दिया उसको नहीं अभी आप मेरे प्रति व्यवहार ऐसा कर रहे हैं मैं पूछूंगा वह तुम्हें बताना है और तुम पूछोगे मैं उसके बारे में बात नहीं करूंगा जाओ नहीं ऐसा नहीं है मैं पूछा पूछूंगा आप नहीं बोलना तो नहीं बोलना मना कर दीजिए ना कि इस मैं बात नहीं करूंगा बोलिए ना भाई नहीं नहीं मैं य नहीं बोलूंगा

01:02:04:18 अभी मैंने बोला कि आप आप शिव जी के बारे में बात करो तो आप मना कर रहे हो कि मैं नहीं करूंगा क्योंकि मेरा कुछ है और कोई बात कर सकता कुछ भी कर सकता हूं ना क्यों आप हमको फर्स करेंगे क्या क्वेश्चन आंसर देने के लिए तो आप फिर आप कैसे फोर्स कर सकते हैं मुझे मैं कभी कब आपको फोर्स किया मैंने आप क्वेश्चन ठीक है बंद कर बंद कर बंद करिए बंद करें चलिए पूछिए पूछिए बोलिए बोलिए अरे या सुने थोड़ा ठीक है आ से बात करते दूसरा टॉपिक लेते ठीक है ना बोलिए आप जितना पढ़े हैं सुने समझे हैं उसका हिसाब

01:02:47:21 से गुरु का पोजीशन क्या होता है देखिए मुझसे जो है आप सैद्धांतिक काटर करिए वस्तुनिष्ठता से मेरी परीक्षा मत लीजिए आप जो मेरी कही हुई कोई बात हो उसको आप काउंटर करिए मेरी परीक्षा मत लीजिए मेरी परीक्षा मत लीजिए गु की परिभाषा क्या है कछ बोता सुनो मैं क्यों पूछ रहा हूं क्योंकि मेरा प बात करता मैं आपका कनेस का पकड़ना पड़ता है पहले बाद में क्वेन करू प पहले से बैकग्राउंड क्लियर नहीं करूंगा ना तो आपको कुछ समझ में नहीं आ जाएगा लोगों को आपका बैकग्राउंड क्या है कैसा बैकग्राउंड आप नॉलेज लिया है सुनिए परंपरा में आप भी एक परंपरा से लिए शा लिए है ना में आपको देखा है आप मेरी नरी कहां से दीक्षा हुई है कहां से शिक्षा हुई है मैं जानता हूं पूरी का शंकराचार्य महाराज से दिखा लिए मैं जानता हूं में जा देख ठीक है मेरी कही हुई बात कौन सी ऐसी है जो गलत है वो आप बताइए जो मैंने गलत किया उस पर काउंटर करिए आपकी गलत बातों को मैं बताऊं नहीं

01:04:02:28 उससे बाद में बता मैं आपको बारे में बता ऐसे बताइए आप सुनि आप इसन का बहुत सार किताब में लेकर ना इधर गलत है इधर इलॉजिकल है ऐसा करके बहुत सारे वीडियो बनाया है है कि नहीं ठीक है ठीक है लेकिन सुनिए तो ये हम लोग का गड़ परंपरा का आचार्य लिखा हुआ है ठीक है ठीक है तो इसका अंदर आपका सिर घुसा कर उसको एक्सपोज करने ट्राई करने का आपको अधिकार कहां से मिला अच्छा ठीक सु पले सु पहले सुनि एक परंपरा में परंपरा में गुरु बताया है ठीक है और हम लोग मानते हैं फॉलो करते हैं पूछते हैं प्रभुपाद को ठीक है आप य क्वेश्चन कर य सब क्यों लिखा हुआ है अब यह क्वेश्चन य एक्सपोज करने केलिए कोशिश क्यों करते अच्छा अब ऐसा ही क्वेश्चन मैं आपको जवाब दे देता हूं

01:04:59:08 आपके प्रश्न जैसा ही आपका जवाब है मेरा मेंटालिटी यही है अगर मैं आपका गलत देखा तो मैं आपके पास में आऊ आप फोन करू गीता पढ़ते हैं वो स्कन की पढ़ते हैं हां जरूर और भागत ले जा रहे मेरा क्वेश्चन कहां रह गया अभी आपका क्वेश्चन मुझे लेना पड़ेगा आपके क्वेश्चन प आ जाऊंगा नहीं आया तो मैं तुरंत जो है अपने आप को कह दूंगा आज से स्कोन का नाम लेना ही बंद ठीक है आजन का नाम लेना बंद कर दूंगा ठीक ऐ भागवत किसकी पढ़ते हैं गीता या भागवत भागवत श्रीमद् भागवत इस कौन काही पढ़ प्रभुपाद काही प प्रभुपाद जी का तो प्रभुपाद जी किस परंपरा से आते हैं मैं जो समझा गड़ी बण परंपरा से आते है ब्रह्म मा परंपरा बोलते परंपरा से तो नहीं आते ना नहीं नहीं तो श्रील प्रभुपाद जी को किसने अधिकार दिया इस कौन को किसने अधिकार दिया कि श्री प्रभुपाद जी के नाम से उसने लिखा श्रीमद् भागवत के तात्पर्य में 4 24 17 में कि

01:06:15:09 जो शंकराचार्य है वो मायावादी है उनकी फिलॉसफी नीरस है बेकार है किसने अधिकार दिया उनको अगर मैं सीधा सीधा आंसर द जब वो शंकर परंपरा के नहीं है तो उनको किसने अधिकार दिया आपके अनुसार आपके अनुसार अगर मैं परंपरा का हूं तो ही मैं उसकी बात करूं अन्यथा ना करूं तो अब मुझे बताइए कि श्रील प्रभुपाद जी को किसने श्रील प्रभुपाद जी ने नहीं किया य इस कन ने छापा है इसकन को किसने अधिकार दिया कि श्रील प्रभुपाद जी के नाम से वह शंकराचार्य पर उंगली उठाए बताइए आप शर है इसको ने क्या प्र नहीं किया बल आप शर है मुझे नहीं पता मगर य अरे बिल्कुल बोलूंगा क्योंकि और बहुत सी बातें है और बहुत से क्वे उसका आसर इसको देगा भया अगर इसको इस

01:07:10:00 देगा आप किसकी साइड है हम प्रभुपाद के साइड में तो य प्रभुपाद जी के नाम से झूठ लिखा है अगर प्रभुपाद लिखा है तो झूठ नहीं लिखा है नहीं आप ये बताओ आपको क्या लगता है य प्रभ ने लिखा है कि नहीं लिखा है मेरा मेरा अंडरस्टैंडिंग में प्रभुपाद ही लिखा है प्रभुपाद ने लिखा है तो फिर आप इनके साथ है ना य जी जो लिखा है कि शंकराचार्य जो है मायावादी उनका वो है नीरस है ये है वो है हां हा तो आप इनके साथ है ना तो फिर आप तो फिर आप क्यों ऐसे व्यक्ति के साथ है जो आपका ही सिद्धांत तोड़ रहा है नहीं तोड़ा है प्रभुपाद नहीं तोड़ र है अरे आप ही ने तो कहा जब आपने उस परंपरा का अध्ययन नहीं किया है तो आपको कोई अधिकार नहीं है उस परंपरा सवाल करा करने का लेकिन वो अलग बात है अ जिसने बोला दुनिया स अलग बात है क्यों अलग बात तो अगर ये अगर गलत है तो गलत है तो महाभारत में लिखा है दूसरों के साथ वही व्यवहार करो जो अपने लिए पसंद हो धर्म है ये तो शुरुआत किसने की शुरुआत किसने कीय करने की

01:08:25:22 ने किया मुझे नहीं पता प्र आप बताइए मैं आपसे पूछ रहा हूं किसने किया हा मैं बोल रहा हूं ना मैं बोल रहा प्रभुपाद ने किया तो आप ऐसे व्यक्ति के साथ क्यों जिस व्यक्ति का व व्यक्ति सिद्धांत आंसर देता ठीक है मैं आपका आंसर देता हूं ठीक है बोलिए तो इसके लिए आपको जानना पड़ेगा प्रभुपाद कौन है है कि नहीं क्या जो लिखा है वो व्यक्ति कौन मालूम तो करना पड़ेगा ना आप मुझे वो सिद्धांत बताइए कि कब किसी दूसरे पर हम लोग क्वेश्चन कर सकते हैं और कब नहीं कर सकते हैं बस ये बताइए सिद्धांत क्या प्रभुपाद जी ने जान लिया था शंकराचार्य कौन है शर क्या श्यर मैंने भी जान मैंने भी जान लिया शर बिल्कुल नहीं ऐसा नहीं होता देखो फालतू की बातें मत करो व्यर्थ हो रहा है

01:09:27:09 व्यर्थ की बातें कर रहे हो जो व्यवहार अपने लिए पसंद नहीं है वो दूसरों के साथ भी ना करो ठीक है लेकिन एक आदमी होता और दूसरी बात यह है कि धर्म की रक्षा करने के लिए कोई अपॉइंटमेंट लेटर की आवश्यकता नहीं है अगर हमारे आसपास कहीं अधर्म हो रहा है तो हम उसे रोकेंगे भले ही परंपरा से हो रहा हो या ना हो रहा हो अगर वहां पटना ठीक कर ठीक है सुनि सुनिए पटना में किसी लड़की को यह सब करते हुए आज जो है ये सब वीडियो वायरल हो रहे हैं मैं वो बात कहना नहीं चाहता हूं अब मेरे सामने वो सब हो रहा है इसकन मंदिर का अध्यक्ष है वहां पर वो वहां पर वो पकड़ा गया है निर्वस्त्र था वो ऐसे पकड़ा गया व्यक्ति अब मेरे सामने हो रहा है तो मैं इसलिए ना करूं क्योंकि मैं उस परंपरा का नहीं हूं मैं उसको रोकूं नहीं किसी मातृ शक्ति के साथ वो जो है दुराचार करते हुए उसके वीडियोस वायरल हो रहा है मैं उसको रोकू नहीं क्योंकि वो परंपरा का है ऐसा नहीं होता है रोकना चाहिए क्यों नहीं रोकना चाहिए तो फिर आप ही तो कह रहे हो आपको किसने अधिकार दिया क्वेश्चन उठाने का वो भी गड़िया परंपरा का है जो आज सि क्वेश्चन क्या डिस्कशन करने डिस्कशन ओपन करने क्वेश्चन किया था आपको आर्गुमेंट नहीं किया था हमने हम आर्गुमेंट करने के लिए नहीं आए बिल्कुल नहीं फ आर्गुमेंट आर्गुमेंट नहीं है ये तो

01:10:42:10 मैं भी तो आपको क्वेश्चन ही कर रहा हूं आपने मुझे कहा कि गड़िया परंपरा प क्वेश्चन करने का आपको किसने अधिकार दिया अब मेरे सामने कोई मातृ शक्ति का चीर हरण हो रहा है तो वहां पर मैं जो है यह सोचूं कि भैया वो गड़िया परंपरा के द्वारा बनाए गए अध्यक्ष है स्कोन मंदिर के और जो है इसलिए मैं और उनको उसकी रक्षा ना करूं वहां पर यह कहां का सिद्धांत है अगर आपके आसपास अधर्म हो रहा है और आप शांत है तो आप भी अधर्मी है यह सिद्धांत है चलिए अब मैं अपना क्वेश्चन पूछ लू आपने कहा था बाद में अपना पूछ लीजिएगा

01:11:25:16 मैं बोलना चाहता था तो क्या आपका बात आपसे बात करना मैं तो आपको पूछा था कि गुरु का पोजीशन क्या होता है ठीक है उसी से मैं धीरे धीरे ओपन करना चाहता था कि एक्चुअली हम लोग इकन में देखो कभी इकन का ब्रह्मचारी भी है डिवटी है हम भी है जो भी हो क ऐसा ऐसा बात करते हैं जो समाज के लिए अच्छा नहीं होता समाज उसको हमारा हिसाब से समझ नहीं सकते क्योंकि हम लोग गलत भी करते हैं ठीक है कोई प्रॉब्लम नहीं है होता है लेकिन हम हमारा पॉइंट

01:12:05:18 था जितना आपके साथ इसको डिटी साथ जितना बातचीत आर्गुमेंट जै चलता रहता है इसका तो इसकन का डिवटी इतना बात क्यों करते हैं मी समथिंग लाइक टेंपर लाइक टेंपर जैसा है अभिमान जैसा है हम लोग क्यों बात करते हैं उसका बैकग्राउंड भी आपको समझना पड़ेगा कि ये लोग इतने सारे राम के बारे में जैसे आप बोल रहे राम को कृष्ण छोटा मानते हैं लोग या शिव जी को छोटा मानते हैं उसको मानते हैं नहीं मानते ये इसको हम लोग मानते और बोलते भी है उसमें कोई हम लोग दोरे नहीं पता नहीं किसने क्या बोल रहे हैं ठीक है हम मानते हैं हम कृष्णा से जो बोलते हैं ना राम छोटा है कृष्णा बड़ा जैसा य य ो कुछ तो है हम लोग हम बोलते हैं लेकिन क्यों बोलते हैं उसका रीजन आप ढूंढिए ये मैं आपको आपको रिक्वेस्ट कर ढूंढिए इसकन लोग इतना सार गब किताब में जो दिख रहा है क्यों है इस सब आपको जो मुझे अभी तक समझ में आया जो मुझे अभी तक समझ में आया है वो ये है कि इकन की फाउंडेशन हो सकता है एक अच्छे मंतव्य से डाली गई हो मगर आज स्कोन का स्वरूप जो दिखाई देता है वह यह है कि सनातन संस्कृति के नाम पर सनातन जो सामग्री है उसकी जो कुछ मूलभूत चीजें हैं उसको सनातन से दूर करते हुए और जो

01:13:20:21 यह विचारधाराएं हैं अब्राम उनसे जोड़ दो क्योंकि शिव और कृष्ण एक नहीं है क्योंकि शिव और कृष्ण एक बोलने में दिक्कत है मगर अल्लाह और कृष्ण एक बोलने में दिक्कत नहीं है बोलने में दिक्कत है राम और कृष्ण एक बोलने में दिक्कत है मगर कृष्ण और यहोवा बोलने में दिक्कत नहीं है यह जो कंट्रोवर्सी है ना इसको जानने के लिए डीप स्टडी करिए ऐसा ही हमसे पूछ लीजिए और किसी पूछ ली एक्चुअली आप आंसर नहीं मिलेगा य आपको अगर कुछ हम मंदिर तक गए वहां जाकर के डीप डिस्कशन हुआ उनसे पूछा उन्होंने बोला नहीं नहीं शिवजी तो वो नहीं है अलग है अल्लाह यहोवा और कृष्ण एक है और अल्लाह वही कुरान का अल्लाह यहोवा वही बाइबल का जो होगा तो ये है कुछ तो है इसलिए बोलते हैं बिल्कुल नहीं है ऐसा भी नहीं बोल सकते कुछ तो है अंदर में इसलिए बोलते हैं नहीं तो कितना डेरिंग किसका है बोलने के लिए क्या तो क्यों बोले सोर्स का सुनिए ना सुनिए अरे भाई आप मुसे ये कहने आए हैं क्या कि क्यों बोलते हैं आप डिस्कस करो तो फोन प बोल देते यहां क्यों आए फिर कितना बार फन कियां मालूम है सुनो सुनो

01:14:35:21 सुनो मैं आपको फोन किया हूं आप हर बार काट लिया मेरा मुझे टाइम नहीं लाइव में लाइव में आपके पास बहुत एक लाइन बोलनी थी आप स्कोन का और डीप स्टडी करिए बस बात खत्म करते आप हमको फोन बाद में बात करहा है जितनी बार आपकी बात गलत गलत हो रही है या कट रही है उतनी बार आप जो है उस जो कन्वर्सेशन है उसको रोक देना चाह रहे हो बंद कर देना चाह रहे हो और सोच रहे हो हालाकि एक भी बार मेरी बात कटी नहीं हो सकता है कटी हो मगर सोच रहे हो कि मैं ऐसा कुछ बोलू जिसम इसकी बात कटती जाए आप यह सोच रहे हो ऐसा नहीं है मैं आपको ससा नहीं है मैं आपको समझाना चाहता हूं हा कि हम लोग ऐसा जो आप कंट्रोवर्सी जैसे आप बोला की शिव राम आला जि बात कर ना इसम इसको उनका किताब में है प्रभुपाद ने बोला है लेकिन क्यों बोला है कहां है आपको थोड़ा रिसर्च करना चाहिए क्योंकि हम लोग देखो प थ सुनो पले थो आपने की कि नहीं थोड़ा सुनो तो पहले पहले थ सुनो यार देखो हम लोग हम बोलते हैं इसकन वाले बोलते हैं इतना आसानी से नहीं बोलते कुछ पढ़ा है कुछ सुना है कुछ जानते हैं इसलिए तो बोलते हैं क्यों बोलेंगे ऐसा तो वो क्या जाना है आपने वो बता दो ना

01:15:50:22 आज भेद खुल जाए आज दुनिया के सामने मैं तो वही बोलने के लिए आपको कोशिश कर रहा हूं लेकिन आप तो इतना होते है ना अभी खिला देने जैसा हो जाते तो अभी बोलेंगे कि नहीं बोलेंगे अब हां बोलेंगे अब वेट करो आपको बैकग्राउंड आपको थोड़ा क्लियर करना चाहिए देखो कोई चीज डिफिकल्ट होता है फिलोसोफी होता है समझने के लिए मेरा क्लियर आप जो है अपनी बात बताइए आप तहकीकात मत करिए आप सीआईडी इंस्पेक्टर मत बनिए आप अपनी बात बताइए प्लीज कंटिन्यू कैसे आपके समझाए अगर अगर सुने सुन बात सुनो पहले अगर किसी को को हम लोग पीएचडी का पाट पढ़ना चाहते हैं तो उसका बैकग्राउंड भी क्लियर करके लेके आना पड़ेगा या इतना जिसको सामने जा सुनो एक मंदिर में चले जाओ कुछ क्वेश्चन कर लो इधर थोड़ा फोन कर लो इधर वीडियो में में बुला लो इसी से ऐसा करके आपका परंपरा समझ क्या आप तो बहुत प है बं कौन ने पीएचडी की है कौन ने नहीं की है इसका पैरामीटर क्या है मैं आपको बोलना तो चाहता बोलना ही चाहता हू यही बोलना चाहता हूं हा बोलो य आपको किसने

01:17:00:28 पने हम लोग का परम गीता में जो पहला जो चैप्टर स्टार्ट होता है उसका पहला पेज में चैप्टर का स्टार्टिंग जो नाम उसका पहले पेज में लिखा हुआ है गुरु परम लिस्ट दिया गया है ठीक है कृष्णा उसके बाद ब्रह्मा नारद ब्यास माध लिस्ट दिया गया है देख तो उसके बाद प्रभुपाद के नाम आता है ठीक है बीच में बहुत सारे नाम है उसम 3 न प्रभुपाद के नाम आता है ली प्रभुपाद कौन थे उनका स्पीच में ऐ गुरु था एजुकेटेड था दीक्षा लिया था य सब य सब सेकेंडरी है मेरा मेरा अंडरस्टैंडिंग आपको न का हिसाब से बोल रहा प्रभुपाद एजुकेटर थे बिजनेसमैन थे गस्त थे सन्यास थे यह सब आउट वर्ड है य सब आउट वर्ड है क्यों हसते हो नहीं नहीं वो किसी ने कुछ कमेंट किया कोई कमेंट किया था उस पर हंसी आ गई आपकी बात प नहीं ठीक है अगर आपको एक्चुअली एक्चुअली कुछ करना इसकन का एक्सपो भी करना हो या इसन सपोर्ट भी करना कुछ भी करना मेरा रिक्वेस्ट आपसे एक्चुअली आप थोड़ा इक्वारी कर प्रका स्पिरिचुअल आइडेंटिटी

01:18:16:03 बताने जा रहे थे भाई साहब वो बताइए मुझे सुनना ही नहीं चाहते आप तो यह आ रहे है ना कि आप स्टडी करिए चलिए ठीक है बहुत आप क्या मानते हो ईश्वर कृष्ण अल्ला एक है हम बात करने के नहीं देते क्वेश्चन कर लेते कहीं से अरे तो आप कुछ कर क रहे हैं आप तो वही वही रिपीट कर रहे हैं कुछ नहीं है आप दूसरा को एक्सपोज करना है लाइव में बला के एक्सपोज करना है आपको ऐसा नहीं होता है चलिए ठीक है आने के लिए आभार आपका जय श्री राम ठीक है थैंक

01:19:06:03 यू सुबह

⬜ Not used yet · 01:19:07:16 – 02:01:55:00 (42:47)

01:19:07:16 नाम जप के लिए उठना है भाई टाइम नहीं है क्यों भैया लड़कियों की तरह क्या हो रहा है क्या हुआ मैंने क्या किया भाई इनको रखना था क्या बताएं इफ द सुप्रीम लॉर्ड अपीयर इन डिफरेंट फॉम्स इट इज ओनली बिकॉज ऑफ हि डिजायर ट वी सी हिम इन दैट वे और सिंपली बिकॉज ऑफ हर लैक ऑफ डिस्क्रिमिनेशन

01:19:54:25 म भागवत आप ऊपर आना चाहेंगे क्या स्पिरिचुअल साइंस आपका ये किसके पक्ष में है मैं समझ नहीं पा रहा हूं निकाल ले क्या दसवा स्कंद 48 वा अध्याय और अच्छा मेंबर है आप अब तो अपनी तरफ से होगा अचिंत है सब कुछ जहां यह फसें वहां पर अचिंत है और जहां

01:20:34:21 पर दीपक कुमार पूछ रहे हैं कि शिव जीी भगवान है तो भस्मासुर के डर से पहले तो आपका वही ठीक नहीं है लहजा नहीं तो आपका उत्तर दे देते ईश्वर वही है जो कुछ भी कर सकता है तो वह डर के भी दिखा सकता है अच्छा अच्छा ठीक है प्र सारे भेद तो खुले हुए हैं अब तो कुछ बचा ही नहीं है ना खुलने को क्या है सर्वशक्तिमान ईश्वर परम स्वतंत्र मोक्ष और शाश्वत धर्म शाश्वत धर्म उसमें आता हरि और हर के वेद में तो उस पर बात नहीं करनी है हम लोग और इधर उधर की बात नहीं करते हैं ना कि कौन के मंदिरों में क्या हो रहा है क्या नहीं हो रहा ये सब कुछ तित वो जाते हैं टारगेट हम लोग ये नहीं करते जैसे कोई कहीं पर आया तो मैं उसको चर्चा में यह कहूं कि क्यों वो तुम्हारे यहां व अध्यक्ष जो है वो पकड़े गए इस तरह से बहुत गंदा वीडियो उनका वायरल हो रहा है और यह लोग क्या करते इनके पास कुछ नहीं रह जाता है शंकराचार्य प्राण प्रतिष्ठा में क्यों नहीं गए हालांकि वोह जो भाई साहब आए थे पिछली बार वो तो उनका तो अलग था मामला मगर बाकी सब भी

01:21:50:20 उन्होंने सबने इस बात को लाने का प्रयास किया है जो स कहीं भी आए हैं तो शंकराचार्य क्यों नहीं गए ये है वो है और ये जबक लोगों से कह दें कि व पारंपरिक मंदिर में मत जाना तो कोई दिक्कत नहीं है हम वो आएंगे नहीं वो कभी समय नहीं देंगे बहुत संभव नहीं है ये कि वो हमें समय दे द गुरुदेव ने एक बार कहा था अपने प्रवचन में उनको बरगला दो जिन्होंने ग्रंथों का ना देखा हो यहां दाल नहीं गलेगी वो वाली बात

01:22:49:24 है हम लोग इस तरह के काउंटर्स नहीं करते हैं कि आज इतने सारे हमारे पास वीडियोस आए पर हमने अपने कोई पब्लिकली कहीं शेयर नहीं किया कुछ नहीं किया क्योंकि हमारी जो भाषा है वह सैद्धांतिक है इतनी बार रामपाल वालों से चर्चा हुई है हमने कभी वो जेल वाली चर्चा को वो नहीं बनाया दे दीजिए भाई किसी को आना हो तो आ जाए लिंक दे दीजिए लिंक दे दिया गया

01:23:32:28 है कोई लग नहीं रहा है वैसे जो आएगा फेस कैम के साथ सिद्धांत ही काफी है किया था एजुकेशन उनका बड़ा चल रहा है मामला तो वह क्यों आएंगे उनको कोई मतलब नहीं है ना उनकी चीजें सेट

01:24:16:19 है एजुकेशन वालों को भी अप्रोच किया था एक बार ई बात करिए आके उनकी चीज ब्रह्मा कुमारी वाले समय नहीं देते हैं वोह समय नहीं देते हैं जानते हैं कि एक बार चर्चा हुई थी तो कैमरा बंद करवा के चर्चा की थी आइए दीपक कुमार जी निष्ठा पूर्वक माता जी द्वारा प्राप्त हुआ हो पोषण युक्त आहार तो आए और कबीर भगवान है सिद्ध करें आइए दीपक जी कोई आया

01:25:14:28 है आप तो आ चुके हैं नरेंद्र जी क्या परिचय है आपका परिचय दोबारा पूछ रहे हो हां मुझे याद नहीं है सर मैं नरेंद्र हूं जी जयपुर से हूं और नास्तिक नहीं हूं एनोट हूं जिसको हिंदी में कहते हैं अवादी सर मैं यह पूछ र हां जी बोलिए मैं यह पूछ रहा हूं उस दिन मैंने आपसे पूछा था नहीं मैंने नहीं कोई और कोई आदमी चर्चा कर रहा था आपके साथ उसने ईश्वर के बारे में कुछ गलत शब्द बोले थे हालांकि उसको कहने का उसका तरीका सही नहीं था लेकिन उसका सवाल यह था कि क्या ईश्वर अपराध करते हैं यह सवाल था उसका लेकिन उसने ठीक है वो गलत तरीके से पेश किया आपने फिर बीच में हटाना पड़ उसको हा जी गल जब कण कण में ईश्वर है तो जो अपराध कर रहा है उसके अंदर भी तो ईश्वर है हा जीय उसका हा जी तो गलत व्यक्ति के रूप में ईश्वर ही तो कर रहा है

01:26:30:28 नहीं आप इसको थोड़ा एक्सप्लेन करेंगे कि अगर कोई गलत हो रहा है तो क्या वो भी ईश्वर ही कर रहे हैं ईश्वर की मर्जी के बिना तो कुछ नहीं होता ना दुनिया में बात इतनी है कि ईश्वर सर्वत्र समान रूप से सर्वव्यापी है सब कुछ दुनिया में जो भी हो रहा है वो ईश्वर ही कर रहा है मगर हम ईश्वर के उस रूप का अनुगमन करते हैं पूजन करते हैं उनके पीछे पीछे चलते हैं जो मोक्ष दायक कहा गया है वेदा दि शास्त्रों के द्वारा जो वेदा दि शास्त्र सम्मत सीमाओं के अंदर रहकर के मोक्ष की बात करें हम उसका अनुगमन करते हैं जैसे कि पानी सर्वत्र व्याप्त है नमी के रूप में जी मगर हमारी प्यास वो पानी बुझाता है जो हमारे व्यवहार की सीमा में हो गिलास की सीमा में हो जो जिसके लिए हम व्यवहार कर सके तो दुनिया में सर्वत्र सर्व ईश्व है मगर ईश्वर का वो रूप जो वेदों के द्वारा मोक्ष दायक बनाया बताया गया है उसको हम अनुगमन करते ठीक है तो सर आपका कहने का मीनिंग यह हुआ कि जैसे अगर कोई आदमी मान लो कुछ गलत कर रहा है कोई आदमी की बात कर रहा हूं कोई अपराध कर रहा है तो वो भी तो उस इंसान के रूप में ईश्वर ही कर रहे हैं तो फिर उसको सजा क्यों मिलती

01:27:46:06 है तो उसको जो सजा देगा वो भी तो ईश्वर ही देगा नहीं मेरा सवाल रूप में जब हम उसे रोक रहे हैं तो वो भी तो ईश्वरी है यह पार मर्थक सत्य है कि सब कुछ ईश्व है मगर व्यावहारिक सत्य क्या है वह अलग है हम अलग है तो हम जो व्यवहार करते हैं व्यवहारिक सत्य के अनुसार करते हैं जैसे कि पार मार्थी सत्य के पृथ्वी गोल है मगर हम जो व्यवहार करते हैं व व्यावहारिक सत्य के अनुसार करते हैं पायलट से आप पूछो पायलट का इंटरव्यू पड़ा है य पर क्या आप जब एरोप्लेन उड़ा रहे होते आकाश में इसपे जा रहे होते तो आपको पृथ्वी गोल लगती है करके उड़ाते हो या सीधे समझ के उड़ाते हो वो तो कहते सीधे पायलट की जान पायलट की जानकारी जो धरती से ऊपर उड़ रहा है हा सर जाते तो सीधी नजर आती है सीध नजर आती हैलाइट य व्यवहारिक सत्य हो गया मान जानते हैं कि वो पृथ्वी गोल है फिर भी उसके अनुसार व्यवहार नहीं करते व्यवहार जो व्यवहारिक सत्ता प्राप्त है उसके अनुसार करते अब यह बताइए मेरा आपसे एक प्रश्न है जी आप कहते हो कि आप भगवान को नहीं मानते अवाद सर

01:29:01:08 नहीं मानते ना हां 100 पर यकीन नहीं है कि सच में है या नहीं अभी सब सबसे पहली बात तो ये आ गई कि आपके पास सामने खड़ी हुई तीन स्त्रियों में माता बहन और पत्नी में अंतर करने का आधार क्या है ईश्वर इसका मतलब मानते हो हां आपका यह सवाल है ना इसम क्या है आदमी कुछ भी बोले चा दोनों तरफ फसता है प्रॉब्लम य है य कुछ ऐसे

01:29:42:20 होते आप अच्छे लगे आप जो क्लासेस में आया करिए मेरा एक सवाल है सवाल है जैसे नॉनवेज नहीं खाना चाहिए मैं खाता भी नहीं हूं हमारे घर में कोई भी आदमी नॉनवेज नहीं खाता है मैं खाता नहीं हूं ये बात मैं पहले बता रहा हूं अब मेरा सवाल स्टार्ट करता हूं सवाल ये है कि जैसे हम दही भी खाते हैं दही में भी बैक्टीरिया पानी पीते हैं पानी में बैक्टीरिया परमार्थ और व्यवहार का अंतर है वहां आपको दिख रहा है ना क्योंकि वो मर रहा है कोई और यहां पारिक दृष्टि से हो गई सूक्ष्म है वो दिख नहीं रहा है इट्स ऑल अबाउट योर कॉन्शसनेस आपका चित्त अशुद्ध होता है जितनी बार आप कोई कर्म करते हैं छिपाने वाला तो आपके चित्त में दोष आता है आप व्यवहारिक संसार में बंद जाते हैं आपकी जो प्रज्ञा शक्ति घटती है निर्णायक क्षमता घटती है जितनी बार आप छुपाओ ग उतनी बार आपकी जो प्रज्ञा शक्ति घटेगी तो इसलिए अगर हम देखे कि पेड़ भी तो जीव है पेड़ भी जीव है बिल्कुल और यह हमारे उसम भी आया है शास्त्रों में जी मेरा मतलब जीव हत्या तो फिर भी हो रही है ना अगर हम

01:30:57:26 नॉनवेज तो मैं बता रहा हूं ना आपको कि व्यवहारिक रूप से वहां पर नहीं दिख रहा है कि हम किसी को मार रहे हैं जब पेड़ काट रहे हैं व्यवहारिक रूप से वहां पर दिख रहा है कि हम बकरे की जान ले रहे हैं तो वो जो बकरे को जो कष्ट है जो कष्ट हो रहा है वोह एक अलग मैटर है मगर हमने क्या किया कोई ऐसा काम किया जिसमें हमारे मन में छिपाने का भाव आया आप बकरे को अपनी रसोई में काटोगे क्या कहीं भी मैं रसोई क्य मैं तो खाता ही नहीं मैं तो कहीं भी नहीं कटू नॉर्मल जो लोग नॉर्मली खाते भी हैं अगर एक कानून लागू कर दिया जाए कि जानवर कसाई की दुकान से नहीं मिलेगा सबकी रसोइयों में कटेगा तो जो मीट ईटिंग है नॉनवेज का जो व हो रहा है कंजप्शन उसम बहुत गिरावट आ जाएगी क्योंकि घर में काटना जानवरों को उतना आसान नहीं है मगर टमाटर काटना गोभी काटना हिंडी काटना आसान है सर आपका कहने का बाव अर्थ क्या है काटना आसान नहीं है आसानी और ना आसानी से आप कहना क्या चाहते हो मैं बता रहा हूं जी जो जब हम कोई भी कार्य करते हैं ना छिपाने वाला तो उस उसके चि में दोष उत्पन्न होते हैं तो इस दृष्टि

01:32:13:07 से छिपाने वाले कार्यों पर या तो लगाम लगाई गई है और या फिर कहीं कहीं पर निषेध ही कर दिया गया निषिद्ध कर दिया गया है तो जो मासा हार इत्यादि है के बारे में यह है कि अमुक अमुक स्थितियों से उभरने के लिए प्राण रक्षा के निमित्त या विषम परिस्थितियों में जब अंतिम विकल्प ही वो हो तो उसका उपयोग अमुक अमुक विधि से ही कर सकते हैं वहां भी अविधिकता गए ना कि ऐसा कर वैसा कर पूरा सुबह से शाम कर यह चित्त में दोष को कम से कम करने की प्रक्रिया है कि आपके मन में छिपाने वाला भाव कम से कम उत्पन्न हो जितना ज्यादा व्यक्ति छिपाए उतना ज्यादा उसके जीवन से ईश्वर दूर होता जाएगा जैसे कि फॉर एग्जांपल इसका एक उत्कृष्ट उदाहरण ले ले कि जैसे कोई भगवान को मानने वाला व्यक्ति है बहुत श्रद्धा है ठीक है और वो राम भगवान का बड़ा भक्त है और वो जा रहा डकती डालने रास्ते में उसको भगवान की मूरत दिख गई उससे वो अपनी नजरें चुराए

01:33:30:10 छुपाए तो क्या हुआ भगवान का भक्त था मगर फिर भी उस समय के लिए उसकी भगवान से दूरी बनी क्योंकि वह ऐसा काम करने जा रहा है जितने भी ऐसे काम हैं जिनको करते समय आपके मन में छिपाने का भाव आता है उस उसी पर काम किया गया है पूरी दुनिया में जितने भी जो ये चीजें बनी है ना अच्छाई और बुराई इसके डीप में आप जाओगे अच्छाई और बुराई तो छिपाना और ना छिपाना है शाकाहार को बिना छिपाए एक्सेप्ट कर लिया गया साकार को एक्सेप्ट कर लिया गया कोई वो नहीं है दिक्कत आराम से ले सकते हैं क्यों क्योंकि हमें जब हम पेड़ को काटते हैं या इसको काटते तो व्यावहारिक रूप से हमें नहीं दिखता कि हम किसी की जान ले रहे हैं मगर जब हम बकरे को काटते हैं तो पूरी दुनिया से छिपाए या ना छिपाए कम से कम बकरे से तो छुपा के ही उसको काटा जाता है सर आपकी छिपाने ना छिपाने वाली तो ठीक है बात समझ आती है लेकिन जब किसी दही को खाते हैं भले ही वो आंखों से उस टाइम दिखाई नहीं देते तड़पते हुए मरते हुए मैं आपको वही तो कह रहा हूं आपको मैंने कहा क्या व्यावहारिक सत्य ये है कि वहां पर हमें नहीं पता हमें नहीं मालूम है हमारी जानकारी में हम किसी को मार नहीं रहे यह व्यवहारिक सत्य है और उसमें सूक्ष्म

01:34:45:14 सत्य है कि उसमें भी कुछ है सूक्ष्म सत्य वैसा ही हो गया जैसे पृथ्वी गोल है मगर व्यवहार में चपटी तो हम जो व्यवहारिक सत्य है उसके अनुसार अपना कर्म कर रहे हैं तो कहने का मतलब जो चीज नजर आ जाए गलत होता हुआ दिख जाए वह गलत ना करो और जिसमें नजर ना आए वह कर सकते हैं क्या आपका यह मतलब है जिसमें नजर नहीं आ रहा वो गलत कहां से रहा नहीं लेकिन ज्ञान तो है ना अपने को कि कुछ ना कुछ गलत हो रहा है अपने को नजर नहीं आ रहा लेकिन रियल में गलत हो रहा है तेरे लिए कर्तव्य और अकर्वेंट

01:35:23:27 प्रमाण है हमारी जो नजर होती है वो फ्लकचुएट होती है सनातन दृष्टिकोण नहीं होता हमारा हम अपने हिसाब से चीजों को देखते हैं हम कहीं खड़े हैं वही जो लाल दिख रहा है दूसरी ओर से पीला दिखेगा तो इसलिए जो थर्ड पॉइंट ऑफ व्यू है ईश्वर के द्वारा प्रदत है जो थर्ड पॉइंट ऑफ व्यू उसके अनुसार पूरी जो चीज है वह दिखाई जा रही है तो आपको बता दिया गया है कि दही को खाना गलत नहीं है उससे आपके चित्त में दोष नहीं आएगा आपको आता है क्या आपको दिक्कत होती है क्या दही खाते टाइम नहीं यह बात तो बकरे वाले भी बोलते हैं कि बकरे खाते टाइम दिक्कत नहीं होती होती है दिक्कत मैं बता तो रहा हूं आप उनको जो है बकरा जो कटवा रहे हो कसाई में पर्दा लगा के पर्दा लगा के काट रहा है ना कसाई कसाई कैसे काट रहा है हम लोग कभी स्पेंसर में आप जाओ क्या ऐसे होता है क्या मल होते है जहां पर मीट मिलता है क्या वहां पर ऐसा होता है खड़े हैं बकरे कचा कच कचा कच वही भीड़ के बीच में कट रहे हैं नहीं कहीं से कट कुटा के पैकिंग करके वह आता है तब जो है उसको काटा जाता है तब जो है उसको बेचा जाता है मतलब जो मीट ईटिंग हो रही है ना बहुत ज्यादा नॉनवेज को ग्रहण कर रहा है व्यक्ति उसका कारण यह है

01:36:38:27 कि उसको बहुत सुलभ तरीके से उपलब्ध कराया जा रहा है सुलभता ले आए अगर वह सुलभता कम कर दे और यह सब हो जाए मुर्गा घर में ही काटो बकरा घर में ही काटो बहुत गिरावट आ जाएगी बहुत ही बड़े हत्यारे टाइप के होंगे जो बिल्कुल दया या नहीं होगी वही बचेंगे फिर बहुत गिरावट आ जाएगी नहीं घर पर ही काटना है कसाई नहीं काटेगा दूसरा नहीं काटेगा छिपकर नहीं काटेगा अच्छा आप देखो मुस्लिम्स की बात देख लो मुस्लिम्स के यहां पर आप कहते हो कि नहीं नहीं वो तो कह देते कि हमारे हम तो वो नहीं आता उनके यहां पर शाकाहार और मासा आर में अंतर क्यों किया गया बिस्मिल्लाह करके क्यों काटना है भाई वैसे ही जैसे तरकारी काट रहे हो वैसे ही काटो ना उसको क्यों अंतर है वहां इसका मतलब वहां पर कोई दिक्कत है ना टमाटर काटते हुए तो आपको नहीं कहा गया आयत पढ़ केही काटना ऐसे ऐसे काटना मगर वहां पर कहा गया कि ऐसे ऐसे करना विधि क्यों दी गई जब वोह दोनों चीजें समान है साकार और मासा हार में अंतर नहीं है तो मासा हार के लिए विधि क्यों है

01:37:43:03 एक्स्ट्रा सर आपने सवाल का जवाब तो दे दिया लेकिन मजा नहीं आया मेरा मतलब वो आप ये कह रहे हो कि कोई चीज दिख रही है चलो ठीक है मैं आपकी क्लास मैंने आपको ये बताया कि जब भी हमारे मन में छिपाने वाला भाव उत्पन्न होता है तो उससे हमारे चित्त में दोष उत्पन्न होता है हम तो इसलिए हमें उन कामों को करने से रोका जाता है जिससे छिपाने का भाव उत्पन्न हो जैसे कि झूठ बोलना झूठ बोल रहे हैं तो इसका मतलब हम छुपा रहे हैं चोरी करना छिपा रहे हैं अब आप इसको भी देख लीजिए व्यभिचार जब हम इलीगल संभोग करते हैं अ अवैध संभोग के लिए मनुष्य प्रवृत होता है तो वहां क्या है चार जनों से छिपा रहा है मगर वहीं पर विवाह कर रहा है तो क्या हो रहा है बैंड बज रहा है सबको बता रहा है हुआ ना तो यह छिपाने और ना छिपाने पर सब कुछ है अच्छा एक आखरी सवाल क्या जो लोग ईश्वर की पूजा करते हैं उनके साथ में क्या कभी कोई चमत्कार जैसी चीज होती है जैसे कोई बीमार था मंदिर गया या पूजा की और वो ठीक हो गया ऐसी घटना जरूरी

01:38:58:15 नहीं कि मरीज ही ठीक हो मेरा मतलब जैसे किसी के घर में किसी हा जी चमत्कार होता है बिल्कुल होता है सर तो क्या इसका कहीं पर प्रूफ मिल सकता है मतलब सुनी सुनाई बात ना हो प्रूफ हो ठोस हो मान य है बात ये है आपकी अभी बात मतलब आपकी क्या है कि अभी जो आप मतलब सही लाइन पर जा रहे हो मगर कुछ चीजें है जो बेसिस आपको क्लियर करने चाहिए की नजर में जो प्रूफ है पडि मैटर ये करता है वो क्या मानते हो आप क्या प्रूफ है जैसे आपने मुझसे पूछा कि मेरा नाम शिवांश नारायण द्विवेदी है अब इसको मुझे सिद्ध करना है तो मैं कैसे सिद्ध करूंगा कैसे सिद्ध करूंगा कैसे सर सर दवारा बताओगे मैंने कहा मेरा नाम शिवांश नारायण द्विवेदी है जी अब इसको आप कहोगे प्रूफ करो प्रूफ के साथ बताओ तो कैसे आपसे आपसे मैं पूछ रहा हूं आपने क्या नाम बताया अपना नरेंद्र कुमार हा अब मुझे आप सिद्ध करो सर एक्चुअल में सिद्ध करने के लिए कोई भी टूल्स नहीं है कोई भी चीज नहीं है बता विश्वास ना करने पर आ जाऊ अगर मैं

01:40:13:19 आपकी बताई हुई चीजों पर विश्वास ना करने पर आ जाऊ तो मुझे आप अपना नाम अपने पिता का नाम अपनी माता जी का नाम अपने घर का एड्रेस ये सब भी सिद्ध कर सकते नहीं नहीं हो सकता क्यों आप मान लो ज्यादा से ज्यादा क्या करोगे सरकारी पेपर ही तो दिखा दोगे ये देखो वोटर आईडी फिर मैं आपसे पूछूंगा हा मैं आपसे पूछूंगा क्या नकली बनते हैं कि नहीं बनते हैं एक आतंकवादी कैसे देश में घुसता है फिर बनते हैं नकली बन जाते इट कैन बी पॉसिबल दूसरी बात यही वोटर आईडी लेकर के आप एज इट इज इंग्लैंड चले जाइए वहां आप कहिए मेरा नाम दिनेश कुमार है तोव टर आईडी जो है मान्य नहीं होगी उनको तो उन्हीं के हिसाब का पहचान पत्र चाहिए तो क्या हुआ यह सब जो यह सब जो आपके पैरामीटर्स है ना विश्वास करने और ना करने के यह पैरामीटर शाश्वत नहीं है एक स्टार्टिंग पॉइंट हमें लेना ही पड़ेगा जिसको शब्द प्रमाण कहते हैं वह हमारा लेना ही पड़ेगा तभी यह दुनिया एक सेकंड चल रही है य दुनिया एक सेकंड नहीं खिसके आपने दुकान पर आप गए कि कोलगेट दे दो उसने कोलगेट लिखा हुआ आपको दिया मगर यह जरूरी नहीं है कि उसके अंदर कोलगेट हो आपको विश्वास है उसम कोलगेट

01:41:29:27 विश्वास तो इसी तरीके से यह विश्वास पर है बहुत सारे अच्छे अच्छे लोग कहते हुए मिल जाएंगे मेरे साथ चमत्कार मगर आप नकार दोगे और बिना अच्छे लोगों के कोई कोई बात आप स्वीकार कर लोगे बहुत सी चीज दुनिया में आपने ऐसे ही स्वीकार कर ली होंगी किसी ने कहा होगा अच्छा पैकेट है बिस्किट का ले जाओ खा लो आपने विश्वास कर लिया सर देखो अच्छा पैकेट वाला वो इसलिए स्वीकार करते क्योंकि दुनिया में मैंने बहुत सारे अच्छे पैकेट देख रखे हैं अब जैसे मान लीजिए मिट यानी कि आपका कहने का मतलब है आप तर्क परही विश्वास करते हैं जी बिल्कुल ठीक है आपके एक मिनट मैं आपको तक खत्म कर देता हूं आपके माता पिता ने आपको मान लीजिए सिखाया कि बहन के साथ कुदृष्टि मत डालना सर वही अब इसमें तर्क क्या है बताइए य तो वही एग्जांपल आ गया इस प्र प्रैक्टिकल करके देखोगे इसमें पहले कि नहीं मैं पहले जान लू गलत होता है कि नहीं या विश्वास कर लोगे देखो वो तो वही बात आ जाती है ना कि जिस माहौल में पले बड़े हैं जहा के जिस चीज को संस्कार के रूप में सभी आपको ये नहीं लगता है कि ये सही चीज है सर सही तो लगता ही है ये क्या है उस टॉपिक प

01:42:44:28 जाने के बाद आदमी कुछ भी बोले वो दोनों तरफ एक तरफ तो ये हो जाता है लोग क्या कहेंगे आप मैं आपको ये बताना चाह रहा हूं ने भी अपने जीवन में बिना तर्क के चीजें बानी है विश्वास किया है तो विश्वास पर य दुनिया चलती है अगर हमसे कहा गया नाया सुनिए हमसे कहा गया ना कि दुनिया में बरमूडा ट्रायंगल है हमने उसके बारे में कोई तहकीकात नहीं की हमने जिन लोगों से जाना उन पर विश्वास कर लिया बहुत सी ऐसी चीज जो हमने विश्वास की नहीं बहुत सारी विश्वास तो की मैं एपल से अगर आप किसी के कहने पर किताब में छाप देने पर यह मान लेते हो कि भाई बर्मुडा ट्रायंगल है दुनिया में बहुत सी ऐसी चीज है जो हम ऐसे ही मान लेते लिखी हुई तो फिर हम यह क्यों नहीं मान सकते जब हमारे गुरुजन जो हमारे परंपरा प्राप्त आचार आचार्य गण हमारे मां बाप हमारी वंश परंपरा जो शब्द प्रमाण हमें मिल रहा है वहां पर हम तर्क क्यों कर रहे हैं शब्द प्रमाण प दुनिया एक सेकंड बा होती है तर्क करना तो अच्छी बात होती है नहीं अच्छी बात है मगर आप सिर्फ तर्क पर चलते हैं ऐसा नहीं है मैं आपको बता रहा हूं वो देखो आप मैं अने उस दिन मैं आपको ये क्यों बता रहा हूं क्योंकि आपने मुझसे ये कहा

01:44:00:01 कि चमत्कार किसी के साथ हुआ इसका मुझे प्रमाण दो अब किसी के साथ हुआ मैंने आपको कह दिया भाई मेरे साथ प्रमाण हुआ आप नहीं मानोगे इसको क्योंकि मेरी जो वाणी है आपके लिए प्रमाण नहीं है मगर आपके मां-बाप की वाणी आपके लिए प्रमाण थी जिसने कहा कि बहन के ऊपर को दृष्टि मत डालना वो प्रमाण थी वो अच्छी बात नहीं होती तो ये जो आपका प्रमाण मांगना है ये तरीका ही गलत है क्योंकि जब आप प्रमाण मांग रहे हो तो प्रमाण डिपेंड इस पर करता है कि आप किसको प्रमाण मानते हो मैं आपको प्रमाण के रूप में क्या दूंगा नहीं जैसे सर वो तो मैं आपकी बात समझ गया मेरा सवाल समझिए किसी आदमी ने यह कहा कि मैं मंदिर गया और मेरी यह बीमारी ठीक हो गई अब उसका प्रमाण तो मिलना चाहिए ना उसकी कोई डॉक्टर की पहले वाली रिपोर्ट और अब वाली रिपोर्ट अब तो मैंने आपको डॉक्टर की रिपोर्ट दे दी ठीक है डॉक्टर की रिपोर्ट डॉक्टर सची रिपोर्ट लिखते झूठी नहीं बनवा सकता उस पर शक नहीं हो सकता ऐसा है मैं आपको दिलवा दूंगा मगर मैं मैं इस चीज पर लड़ रहा हूं कि ये कुतर्क है आपको ये समझाना चाह रहा हूं ऐसे भी प्रमाण है जो आपको मान लिया सर इस बता रहा हूं मैं आपको बता रहा हूं यह कुतर्क इसलिए है कि एक ना एक जगह आपको विश्वास ही करना पड़ेगा

01:45:15:08 भाई जब मैं आपको रिपोर्ट दूंगा कि पहले ऐसी रिपोर्ट थी अब ऐसी रिपोर्ट है उस रिपोर्ट पर आप विश्वास ही तो कर रहे हो आप जब तक वहां खड़े नहीं हो पहले इसकी यह हालत थी अब यह हालत है अपनी आंखों से प्रत्यक्ष होकर नहीं देखा किसी की वाणी पर तो भरोसा कर रहे हो आप रिपोर्ट वाली बात छोड़ दीजिए हा आप जो आदमी आज से 10 साल पहले मंदिर जाने लगा आज भी मंदिर ही जा रहा है और वहीं का वही खड़ा है तो वो भी तो हमारे लिए प्रमाण है कि उसने कोई प्रोग्रेस नहीं की आपको इसके लिए बता देता हूं साइंस के तरीके से बता देता हूं एक आदमी ने जिम जवाइन की ठीक है और उसका वेट था 12 केजी फैट लॉस के लिए उसने जिम जवाइन की वो जिम में आया बोला सर मुझे जो है फिट कर दो मुझे बॉडी बना दो मेरी यह कर दो वो कर दो ठीक है भाई कर देंगे वह वर्कआउट करता है डेली आता है 10 साल हो गए डेली आता है एक किलो वजन कम नहीं हुआ तो इसका मतलब यह है कि जो पूरी थ्योरी है वेट लॉस की वो गलत है साइंस की या यह है कि केवल जिमाने से काम नहीं चलेगा यह भी देखना पड़ेगा कि उसके जेनेटिक्स क्या कहते हैं यह भी देखना पड़ेगा कि वो बाहर जाक के क्या खा पी रहा है उसकी लाइफ स्टाइल कैसी है जब ओवरऑल सारी चीजें होंगी तब जाकर के रिजल्ट

01:46:31:13 मिलेगा अब आप मान लोगे साइंस की थ्योरी है इसली मान लोगे सर आप है ना तो कोई तो ऐसा हो इस पूरी दुनिया में मैं भक्त नहीं हूं मैं तो नास्तिक हूं पूरी दुनिया में कर नहीं आपने अभी थोड़ी देर पहले माना है कि मैं अपनी बहन को माता को पत्नी को अंतर इसलिए करता हूं क्योंकि मैं ईश्वर को मानता हूं नास्तिक मेरा मेरा मतलब समझिए मेरा पूरी बात सुनिए मैं पापी हूं अब पापी कह फिर आप क आप पाप करते हो अपने बात को रिप्रेजेंट करने के लिए किसी ना किसी शब्द का तो इस्तेमाल करना ही पड़ेगा नास्तिक बोलूंगा तो आप कहोगे नास्तिक तो मैं आपको दे दूंगा मुझे व करिएगा मैं बहुत सारी थ्योरी दे दूंगा जहा चमत्कार हुआ है एक सेकंड सर मेरी बात पूरी कर लेने दीजिए मैं पापी हूं मैं भक्ति नहीं करता ठीक है लेकिन जो व्यक्ति मेरे इर्दगिर्द रहते हैं जिनको मैं अच्छे से जानता हूं बचपन से जानता आया हूं मेरे जो साथ पड़े हुए है मैंने आपको बताया ना कोई व्यक्ति जिम जा रहा है पूरी डाइट अच्छी ले रहा है मगर उसके जेनेटिक्स खराब है उसको जो शरीर मिला है उसके अनुवांशिकता में ही उसको जो है थायराइड मिल गया बीपी मिल गया शुगर मिल गया वो प्रोटीन फैट और कार् प खूब काम कर रहा है कि पूरे दिन की मेरी कैलोरी कितनी है मेरे प्रोटीन कितना है प्रोटीन से

01:47:46:15 एक कैलोरी एक ग्राम प्रोटीन में चार कैलोरी आती है तो पूरे दिन में मुझे कितना प्रोटीन से कैलोरी कितनी फैट से कैलोरी लेनी है म आपका मतलब य केवल पूजा से कुछ नहीं मिलेगा पूजा के साथ साथ बहुत सार सब कुछ केवल भक्ति नहीं केवल ज्ञान नहीं केवल कर्म नहीं ज्ञान भक्ति और कर्म तीनों का मिलाकर के फायदा होगा ना तीनों का मिला कर के फायदा होगा ना ज्ञान भक्ति और कर्म भक्ति क्या है ज्ञान के भी उसमें चलती है और कर्म के भी कर्म में भी चलती है तो केवल ज्ञान नहीं केवल कर्म नहीं ज्ञान कर्म दोनों मिलाकर के इंटरडिपेंडेंट है ये चीज जैसे केवल गुरु नहीं केवल गोविंद नहीं केवल ग्रंथ नहीं गुरु गोविंद और ग्रंथ जब इन तीनों का सामंजस्य होगा तब धर्म की स्थापना होगी इंटरडिपेंडेंट है अब मालूम पड़ा हमें गुरु तो परंपरा प्राप्त मिल गया परंपरा से है मगर उसके अनुसार बताया जाने वाला जो ईश्वर है व सच्चिदानंद है ही नहीं सर्वशक्तिमान है ही नहीं तो वो गोविंद कहां से सिद्ध हुआ व गोविंद सिद्ध नहीं हुआ तो क्या हुआ गुरु है गुरु के द्वारा दिए गए ग्रंथ है गोविंद नहीं है एक पांव खाली है तो हम यह नहीं कह सकते अरे वो तो परंपरा प्राप्त गुरुओं के पास गया था फिर भी उसको जो है यह चीज दिक्कत

01:49:01:24 है क्योंकि उसके में गोविंद की कमी है फिर हमें गोविंद मिल गया भगवान सच्चिदानंद स्वरूप परमेश्वर मिल गए भैया उनके बारे में पता चल गया इनकी भक्ति करनी है मगर भक्ति कैसे करनी है उसके लिए जो गुरु मिले वो परंपरा प्राप्त नहीं है तो क्या हुआ अब यहां गुरु वाला पाया तो ये तीनों इंटरडिपेंडेंट चीजें है ज्ञान भक्ति कर्म ये सब इंटरडिपेंडेंट एक भी पाया हटेगा तो दिक्कत हो जाएगी इसी प्रकार से जैसे एक वेट लॉस करने वाले को या मसल बिल्डिंग करने वाले को जिम जिम गोवर को क्या होता है दिक्कत कि उसकी जो सारी चीजें मैटर करती है उसकी जेनेटिक्स भी मैटर करते हैं उसकी लाइफ स्टाइल भी मैटर करती है उसका खानपान भी मैटर करता है फिर वो जो वर्कआउट कर रहा है वहां पर जिम में वो भी मैटर करता है सब कुछ मैटर करता है तो सर मान लिया सब कुछ मैटर करता है आम आदमी जो मेरी कैटेगरी में आता हो हम लोगों को नहीं पता कि क्या है क्या नहीं हम तो ये मानते हैं कि ठीक है वो पूजा कर रहा है तो भी हमारी जैसा ही है पूजा नहीं कर रहा तो भी हमें तो एक बार उपर उपर से देखने में एक जैसे नजर आते हैं सभी ठीक पूजा करने वाला ऊपर ऊपर से देखने में तो एक नास्तिक जो अपनी माता बहन और पत्नी में अंतर नहीं करता होगा और एक आस्तिक जो अंतर करता होगा वो भी एक नजर आएंगे इसका क्या करें मेरा सवाल तो सुन लीजिए हां

01:50:17:13 मेरा सवाल यह था कि जैसे एक बड़े-बड़े संत है मुझे नहीं पता आप जिन संत की बात करें शंकराचार्य जी की कि वो कौन है और मुझे उनके बारे में ज्यादा ज्यादा क्या बिल्कुल भी नहीं पता लेकिन उनके अलावा अगर बातें करें जो बड़े बड़े संत हुए हैं जिनका काफी नाम है अपने इंडिया में मोस्टली या तो किसी गंभीर बीमारी से असाध्य बीमारी से पीड़ित चल रहे हैं या फिर अकाल मौत के शिकार हो रहे हैं मैं किसी का अपमान नहीं करना चाह रहा बड़ी इज्जत के साथ अपनी बात रख रहा हूं किसी के पर्टिकुलर मैं कोई टारगेट नहीं कर रहा हूं वैसे एक नॉर्मली जनरली बात कर रहा हूं पहली बात तो ये है पहली बात तो ये है कि आपका आखरी प्रश्न जो था वो अब फिर टक गया आगे एक और प्रश्न आ गया अच्छा अब इस प्रश्न का उत्तर ये है अभी आखरी है इसके बाद अब अगला प्रश्न नहीं आएगा ठीक है आप क्लासेस में आया करिए क्योंकि आप अच्छे व्यक्ति है जिज्ञासु है और मानते हैं चीजों को इसलिए तो इसका जवाब ये है कि ईश्वर का होना का यह अर्थ है कि दुनिया में कोई मरेगा

01:51:18:18 नहीं ईश्वर के होने का क्या ये अर्थ है कि दुनिया में कोई मरेगा नहीं देखो अकाल मौत तो बुरी चीज होती है अकाल मौत तो ये भी हो सकता है ना कि जितना कर्म आप उसका देख रहे हो उसके अलावा उसने कुछ ऐसा किया हो जो काल मौत का कारण बनाओ आप डिसाइड नहीं कर सकते कि उसने पूरे दिन क्या कहा आप डिसाइड तब कर सकते हो जब आप उसी के साथ रह रहे हो तब भी दिक्कत है दिक्कत क्या है उसने एक साल पहले क्या किया हो तो यह पैरामीटर्स नहीं है जांचने के तो सर किसी ना किसी पर तो विश्वास करें जिसको विश्वास करने लगते हैं उसकी या तो काल मौत या बीमारी से पीड़ित अब संत है संतो को ही हम भक्ति के लिए अपने नहीं सेलेक्ट कर सकते ऐ है मैं आपको बताऊ देखिए जो आध्यात्म है उसका अर्थ ये नहीं है कि आपका शरीर सड़ेगा नहीं गलेगा नहीं आध्यात्म का अर्थ य है कि जब शरीर ड़ेगा कुछ भी होगा आपको दिक्कत नहीं होगी आप सुखी रहोगे यह है अध्यात्म का फायदा कुछ भी होता रहे आपको क्योंकि मालूम होगा नैनम छिंदंति शस्त्राणि नैनम दती पावक न चन किले पुति मारता गुरुदेव के पास एक व्यक्ति आया था जिसको कैंसर था तो गुरुदेव ने कहा कि गुरुदेव से उसने

01:52:33:24 बोला कि मुझे कैंसर है बताइए मैं क्या करू गुरुदेव ने उसको य नहीं कहा कि हम तुमहे एक मंत्र दे रहे हैं तुम ठीक हो जाओगे गुरुदेव ने उसको यह कहा कि हम तुम्हारे उसको नहीं कम कर सकते हैं हम आपके व जो भय है ना जो दुख है उसको कम कर सकते हैं जैसे आत्मा का ज्ञान हो जाता है उसको भय नहीं होता है कम होता चला जाता है उसकी लाइफ से तो ये जितने भी संत जिनको आप अकाल मृत्यु होता हुआ देख रहे हो यह देख रहे हो वो देख रहे हो अकाल वाली तो नहीं जानता मगर जैसे आप इनको देख लो प्रेमानंद जी को डायलिसिस प ठीक हैर मजे में मगर हमसे मगर हमसे मगर हमसे और आपसे ज्यादा मजे में है यह फर्क है अध्यात्म का डेरा सच्चा सौदा वाले जेल में स सदा वालो की बात मत करो यार प्रेमानंद महाराज जी हमारे हमेशा एक बात कहते हैं कि ब्रह्मास्त्र का प्रयोग कभी मच्छर मारने के लिए नहीं किया जाता है यह जो हमारे प्रारब्ध है व तो श्री कृष्णा जी भी बोले है अवश्य भत कम शुभना किसको बोल र ब का मनि मैं बता रहा हूं आपको इनका कहने का अर्थ है कि तलवार

01:53:49:07 की धार से नाखून नहीं काटा जाता अब आया समझ में पास अगर भक्ति की पावर है नाम की पावर है अगर आप चाहे तो अपने कष्ट खत्म करने के लिए उस यू कर सकते हैं कर सकते हैं लेकिन बात यह है कि एक जन्म में एक प्रारब्ध को काटने के लिए आप कर लेंगे नाम का यूज कर लेंगे अपनी पावर्स का य क्या दोबारा प्रारब्ध नहीं आएगा क्या दोबारा जन्म नहीं आएंगे फिर तो फिर आप उसको क्यों यूज कर रहे हो मुक्त होने के लिए यूज करो ना जी जी महाराज जी जैसे है आप बोल रहे हैं कि दोनों किडनी फेल आप मुझे आपने बोला ना दुनिया से एक एग्जांपल आप मुझे पूरी दुनिया से एक एग्जांपल बता दीजिए जिनकी दोनों किडनीज 18 20 साल से खराब हो और वो इतने आराम से रह रहे हो ऐसी दिनचर्या का पालन कर रहे हो जो हमारे आप जैसे हेल्दी लोग भी नहीं कर पाते एक एग्जांपल आप ढूंढ करके ले आइए और आपके लिए एक जीता जाता एग्जांपल मैं खुद हूं मैंने खुद अपनी मेडिसिन फेंक दी थी थक करके हर जगह से ट्रीटमेंट करवा करके अपने एंकल के लिए और आपने बोला ना मंदिर जाने से ठीक हो जाता है मैं कहती हूं मैं एग्जांपल मैं ठीक हुई मंदिर जाने से हालाकि ये चीजों में जैसे प्रभु जी ने बताया कि मतलब आसान नहीं है वो आप प्रमाण मानेंगे नहीं मानेंगे वो आप प डिपेंड करता

01:55:04:10 है और मेरे जैसे लाखों करोड़ों लोग है लेकिन इसीलिए मैं जो है जो आपने अभी जो बात कही मैं इसीलिए वो बातें खोदता ही नहीं हूं जो बातें अंतिम ना हो ऐसी बात बोलो जो अंतिम हो वो बेकार का व्यर्थ जैसे रामपाल वाले कई बार ऐसा आरोप लगाते गया अरे वो प्रमाणों से डर गया भाई मैं प्रमाण से क्या करूंगा निकालू वो तो वो काल बोल रहा है तो वो बात करो ना जो बिल्कुल उसम खत्म बात ू स्टॉप द न स् होगा तभी आप उनकी चीजों को बिलीव करेंगे अब जब हम ग्रंथ दिखाएंगे तो तुम कहोगे नहीं रामपाल जी ने जो कहा है वो मानेंगे तो ग्रंथ दिखाने का कोई फायदा ही नहीं है बात ही नहीं की मैंने ग्रंथों की बात आप गलत आप गलत जा रहे ठीक है अब आप क्लास में आया करिए और 7 ठीक है सर बारबार मैसेज आ लाइव खत्म करो इसलिए मैं बात को आ नहीं बढ़ रहा नहीं बात आगे कैसे बढ़ेगी आपने तो दो बार कह दिया मेरा अंतिम प्रश्न दो प्रश्न हो गए आपके वो क्या बात चलती आगे से आगे बात निकल जाती है किसी भी प्रकार की विचारी मलिए आप फम भर के आइएम और अपनी बात पर अक रही

01:56:19:13 है कि मैं नास्तिक हूं देखो नास्तिक सुनो अब बात में बात चल जाती है बात ऐसी बोल देते कि आगे कोई ना कोई सवाल फिर आ जाता है अब आपने कहा ना नास्तिक प रही है अपने आप को रिप्रेजेंट करने के लिए कोई ना कोई वर्ड इस्तेमाल करना पड़ेगा अगर कोई बोले कि मैं जनी को मानते हैं कि नहीं मानते नहीं मानते फिर आप वो पति माता पत्नी वो वाला एग्जांपल ओगे आप अच्छे व्यक्ति है कुछ ऐसे भी आते हैं जो कह देते कि नहीं करता मैं अंतर वो होते हैं ओरिजिनल नास्तिक सैद्धांतिक नास्तिक बोल में आप अगर दो मिनट टाइम दे सकते हो तो आप मेरी बात को समझने का प्रयास करो जो मैं कहना चाह रहा हूं अगर आप टाइम हो तो मैं दो ही मिनट ज्यादा टाइम लूंगा नहीं मैं चाहता हूं कि जितनी देर मैं बोलू बीच में ना टोका जाए ताकि मैं मेरी बात को कह सकूं बोलिए सर एक्चुअल में होता यह है आप भी इस बात को मानते हैं पूरी बात सुनना आप भी इस बात को मानते हो कि कोई भी इंसान जिस सोसाइटी में जिस परिवार में जहां जन्म लेता है वहां की जो रीति रिवाज होती है उसको वो एक अनुशासन का हिस्सा मानने लग जाता है उस रीति रिवाज के अकॉर्डिंग चलने आपकी चीजें गलत है आप गलत जा रहे हो अभी आप मुझे आपसे कुछ ऐसे टफ क्वेश्चंस

01:57:34:15 बोलने पड़ेंगे आपको दिक्कत होगी ठीक है सर सुनिए ये आपका जो मानना है कि मैं ये इसलिए मानता हूं क्योंकि मैं यहां जन्म लिया हूं ये आपका मानना गलत है नहीं तो आप यह बोलिए कि अगर मैं वहां चला जाऊंगा वहां की सोसाइटी में यह अंतिम सत्य नहीं है माता बहन और पत्नी वाला जो चीज है अंतिम नहीं दूसरी बात अगर अगर इस संसार में कोई सत चित आनंद नहीं है तो आप सचित आनंद को हर पल हर क्षण क्यों मांग रहे हैं अभी साइंस ने तो डिक्लेयर किया नहीं है आप उसके उसके ना होने की स्थिति में आप दुखी हो रहे हैं अगर आपको अभी मृत्यु के बारे में बात होने लग जाए तो आप वहां से अपना मन हटाओ क्यों भाग रहे हैं साइंस ने तो नहीं कहा है सर आप आपके अंदर आप अपनी बात बोल देते हो सर आप अपनी बात तो रख देते हो मैं मेरी बात बोलने लगता हूं तब उस टाइम बीच में मेरी बात को काट देते हो एक्चुअल में जब आपने सवाल पूछ ही लिया ठीक है बोलिए देखो आप मेरी पूरी बात सुनिए जो मैं बात बोल रहा था कि कोई भी आदमी है वह जन्म लेता है इस दुनिया में आता है वह सीखता है तो इसी दुनिया से सीखता है ना कि किसको क्या समझना है किसके प्रति

01:58:50:03 क्या बिहेव करना है किसके पांव छने किसि मगर ये मगर ये जो चीज है ना आपका मानना यह है कि यह हमारे वातावरण पर निर्भर होता है हमारा मानना यह है कि हमारे शास्त्र पर निर्भर होता है आपका मानना यह है कि किसी ऐसी चीज पर निर्भर होता है जो बदल सकती है हमारा मानना यह है किसी ऐसी चीज पर निर्भर होता है जो बदलती नहीं है आपका मानना यह है कि माता बहन और पत्नी वाला जो सिद्धांत है वह बदल सकता है और हमारा मानना यह है कि नहीं नहीं बदल सकता है यह अंतर है

01:59:24:04 ठीक है सर आप सही हो मतलब मतलब किसी भी स्थिति में आप यह नहीं कह सकते कि य नियम जो है गलत है ठीक है सर लाइव प्रोग्राम बंद कर देना चाहिए ठीक है चलिए जय श्री राम चलिए म आपको अच्छा लगा जी बताइए आप कुछ कह रहे हैं आपकी आवाज नहीं आ रही आवाज नहीं आ रही अभी आ रही है जी बोलिए मुझे एक्चुअली यह बताना था आपको याद होगा परसों एक रोहित मिश्रा करके आए थे दो दिन पहले रोहित करके वो बोल रहे थे कि मैं पहले आस्तिक था फिर नास्तिक हो गया फिर कबीर को स्टडी कर रहा हूं अच्छा वो आपके भाई थे क्या जी वही थे एक्चुअली उनको मैंने काफी देर पहले ही मैंने भेजा था कि आप आ जाइए आ जाइए डिबेट में बट आई फील ए आई फील जब तक मैं ऑन स्टेज थी वो नहीं आए और जैसे ही उतरी वैसे ही क्योंकि मेरा फोन ऑफ हो गया जैसे ही उसे क्या हुआ था उनके साथ हमारी कोई बातचीत हुई थी क्या थोड़ी बहुत ही बात हुई थी उन्होंने जैसे नास्तिकता के लिए बोला था तो आपने वो एक्सप्लेन किया था फिर आपने बोला था क्लासेस में आने के लिए और वो के प्रणाम बोलके चले गए वहां से तो बाद में फिर वो मुझे

02:00:39:07 बोले कि हा मैंने उनको क्वेश्चन किया था लेकिन उन्होंने मुझे क्लासेस में आने के लिए कहा तो मैंने कहा आप वहां पर स्टूडेंट बन के जाएंगे तो आपको क्लास में ही आने बोलेंगे ना आप जैसे हमारे आगे ज्ञानी बन के रहते वहां पर ज्ञानी बन के जाते तो व आपसे डिबेट करते आप स्टूड कार कर काउंटर करने आइए तो बोलिए कर तो आपका थोड़ सनातन सिधांत नहीं है आप मुझे कोई ऐसी ऐसा व दो नियमावली जो मैं आपकी बात मान सक बात तो वही है ना तस्मा प्रमा हम आपकी बात क्यों मान मुझे आपको थैंक य बोलना है आपकी से मुझे परेशान नहीं कर रहे क्योंकि मुझे कुछ बोल व जा बात कर वहा जा अपना पॉट प्रू कर दीजिए तो मैं मान लूंगी तो मेरी प्रॉब्लम मतलब ये सॉल्व हो गई है उसके लिए मुझे आपको थैंक यू बोलना था मैं उसी के लिए आई थी चलिए चलिए बहुत अा एक्चुअली वो आपके आगे निरुत्तर हो गए उनके पास बचा नहीं कुछ बोलने के लिए तो इसलिए थैंक यू सो मच ठीक है जय श्री राधा बो श्री हरिवंश राधे राधे श्री हरि राधे

02:01:46:13 राधे सभी को जय श्री राम सबने इतना समय दिया भैया बहुत लेट नाइट हो गया है जय श्री राम सभी

Plans for this video (0)

No Plans yet. Press "✂️ Open Clip Cutter" to make one.

🤖 Ask AI for suggestions

AI reads the remaining (unused) parts of this video and gives ideas for new videos: from where to where, hook, and what to remove from the middle. Suggestions follow the RULES and appear here as "AI Suggestion". You can review, edit or approve them.

Live: Required tasks are not set on the Rules page yet.

  • ⬜
    Hindi SRT

    YouTube Studio → Subtitles → Hindi → upload the SRT file. (Checked automatically once OAuth is connected.)

  • ⬜
    English SRT

    YouTube Studio → Subtitles → Add language → English → upload the SRT file.

  • ⬜
    Title (per Rules)

    Check the title against the RULES on honorifics, names and terms.

  • ⬜
    Description

    YouTube Studio → Details → Description. Write it as per the RULES.

  • ⬜
    End Screen

    YouTube Studio → Editor → End screen. The API does not report this, so press Done after adding it.

  • ⬜
    Cards

    YouTube Studio → Editor → Cards. The API does not report this, so press Done after adding them.

  • ⬜
    Playlist Automatic

    YouTube Studio → Details → add to Playlists. It gets ticked ✓ automatically at the next sync.

  • ⬜
    Thumbnail

    YouTube Studio → Details → Thumbnail → upload a custom thumbnail.

"Done" is your confirmation. The YouTube API does not report things like End Screen and Cards.

Playlists

Not in any public playlist (or YouTube sync has not run yet).

A: AHVAAN - Call Of Dharma Live 2:02:00 · 07 Oct 2024

Discussion with iskcon follower #iskconvrindavan

% not set
☁️ Drive Not in Drive yet

Notes

Description

(empty)

History

No changes yet.

✂️ Clip Cutter

⌨️ Keyboard shortcuts

Space Play/Pause · I Set start · O Set end · ←→ 1 second (Shift: 5) · ,. 1 frame · P Preview · Enter Add clip · Esc Stop

▶

Start

End

🔍 zoom
Already used Plan clips
⚠️ () of this clip is already used in another video (green part). Fine if on purpose, otherwise change the times.
✂ Remove (middle part: bad audio, bad section)

Move the video to that spot (click the SRT or the bar), then press "Start"/"End".

Clips () · Total

Add clips above. They will appear here; drag (⋮⋮) to reorder.

Hook, full note for editor, status