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00:00:02:19 जी सभी को जय श्री

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→ Used in: B · Video ब्रह्माकुमारी स्कूल के बच्चों का हाल देख लो at 0:03 ↗

00:00:07:26 राम आप लोगों ने प्रतीक्षा की है काफी और हम लोग अक्सर ऐसा होता है अधिकांश हम लोग लेट हो जाते हैं अपनी लाइव को चालू करने में अभी का कारण तो यही था कि कुछ नेटवर्क इशू टेक्निकल इशू आ रहे थे जिसके कारण थोड़ा सा टाइम लगा सामान्य स्थिति तक पहुंचने में तो हमारे साथ में रोहित जी है ब्रह्मा कुमारी प्रजापति ब्रह्मा कुमारी द्वारा प्रतिपादित जो आध्यात्मिक सिद्धांत है उनको स्वीकार करते हुए उसके फॉलोअर है उन सिद्धांतों को ये मानते हैं तो जी अपना थोड़ा सा आप हमारे ये बता दीजिए आपका परिचय देते हुए कि आप ब्रह्मा कुमारी में कहां से जुड़े हुए हैं जी हित जी ब्रह्मा कुमारी में है आपके रोशनी बहुत कम आ रही है अगर हो सके तो ऐसे बैठे कि रोशनी आपके चेहरे पर आए अभी अंधेरा है आपके चेहरे पर अब ठीक है ठीक है चल जाएगा काम बताइए दे दिया आपने परिचय तो दे ही दिया है ब्रह्मा कुमारी में कहां से जुड़े हुए हैं आप माउंट आबू से ही नहीं नहीं

00:01:23:09 माउंट आबू से तो जुड़े हैं अभी आप रहते कहां है हरियाणा में तो जो रूटीन प्रैक्टिस करते हैं माउंट आबू जा जा कर के करते हैं कि आपके हरियाणा में ही कुछ होगा नहीं ऑनलाइन भी है हरियाणा में भी है तो हरियाणा में कोई पर्टिकुलर सेंटर है आप डायरेक्ट मतलब जब आपने ब्रह्मा कुमारी से जुड़े तो डायरेक्ट माउंट आबू से जुड़े या उनके किसी जो रिप्रेजेंटेटिव सेंटर होता है या कोई व्यक्ति होता है उसने आपको ब्रह्मा कुमारी से जुड़वा नहीं खुद खुद जांच की वो जांच कहां से की आपने ऑनलाइन ही उनके अथोरा कंटेंट है ना जो कहां पर नाम बता दीजिए उस चैनल का वेबसाइट पर उनकी मेन वेबसाइट है जो उस पर नहीं आपने ब्रह्मा कुमारी वेबसाइट को चेक किया खुद हा हा मतलब आपके मन में ब्रह्मा कुमारी शब्द जो है वो अपने आप आ गया था कि मुझे ब्रह्मा कुमारी को सुनना है ब्रह्मा कुमारी को जानना है ऐसा कुछ था कुछ तो ऐसा हुआ होगा जिसकी वजह से आपका रुझान हुआ वो क्या था कौन मेडिएटर था मा भगवत गीता प्रते टाइम

00:02:38:21 आ गया था ब्रह्मा कुमारी का नाम प्रजापति ब्रह्मा कुमारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट खोले हां हा आपको नहीं लगता आपकी बातें यहां पर थोड़ी सी अव्यावहारिक लग रही है क्यों किस वजह से आप यह कह रहे हैं कि जो ब्रह्मा कुमारी नाम की जो संस्था है भ गीता पढ़ते समय इसकी जानकारी आपके दिमाग में आई और आपने उसकी वेबसाइट को सर्च करना चालू किया य आप सच बोल रहे य पर हुआ था यह सब य पर देख के किया था मैंने य पर क्या देखा था आपने यही जो भी य कंटेंट बता रहे हैं जो भी चीज है तो कुछ अरे तो अरे कुछ तो चैनल का नाम होगा उसमें कोई तो वक्ता होगा जिससे आप प्रभावित हुए होंगे जिसको आपने सुना होगा

00:03:32:27 सभी है अरे तो एक का नाम बताइए ना सभी है उसमें तो बहुत सारे लोग हैं तो आप सबको सुनते हैं सबको सुनते थे क्याय पर नहीं खुद भी तो अवेलेबल है ना चीज मेरे भाई मैं आपसे पूछ रहा हूं कि आप ब्रह्मा कुमारी के बारे में आपका रुझान हुआ किसको सुनकर हुआ कौन से कंटेंट को देखकर हुआ हां उनका जो मेन कंटेंट है जो सेवन डेज का कोर्स है वो कहां से मिला आपको सेवन डेज का कोर्स वो ऑनलाइन नहीं मिला आप ऑनलाइन आपने कोई चैनल देखा वो थोड़ा प्रैक्टिकली बताइए कि क्या देखा आपने ऐसे हमको थोड़ा समझाई है कि आपने कोई चैनल देखा उसमें वो ये बात कह रहे थे तो मुझे ये बात क्लिक कर गई फिर मैं उनके ही उनके द्वारा मैंने संपर्क किया तो वहां से मुझे से सेन डेज का ऑनलाइन कोर्स मिला आप इस तरह से खोल के थोड़ा सा खुल करके बताइए भाई हां यही जो उनका ये चैनल है नाम उस नाम याद नहीं आपको पीसफुल माइंड जो चैनल है अच्छा पीसफुल माइंड वो चैनल आपने फॉलो किया फिर उनसे ही आपने संपर्क किया और

00:04:48:04 फिर उनसे ही आपको सेवन डेज का कोर्स मिला हां जी हां हां तो यह जो हां हां ठीक है तो यह जो आपको सेवन डेज का ऑनलाइन कोर्स मिला था वो वो डायरेक्ट माउंट आबू से संचालित हो रहा था ऑनलाइन कोर्स या आपके हरियाणा का कोई सेंटर था वो डायरेक्ट माउंट आबू से अच्छा डायरेक्ट माउंट आबू से और उसमें लीड कौन कर रहे थे लीड तो उसमें कुछ वो नहीं है हम अपने आप भी जांच कर सकते हैं ऐसा नहीं है सेन डेज सेवन डेज ऑनलाइन में प्रोग्राम में कौन वक्ता था जो आपको ज्ञान देता था कोई नहीं मैंने खुद ही जासा है उनकी चीजों को सेवन डेज ऑनलाइन कोर्स में कोई वक्ता होता है ना जो बोलता है आपको पढ़ाता है मेडिटेशन कोर्स जो होता है सेवन डेज का कोई बताता है ना आपको आपने का कोर्स लिया है ना हम बताते हैं बहुत बताते हैं मैं ये नहीं कह रहा 100 लोग बताते हैं एक साथ कैसी बातें कर रहे हो आप

00:06:03:10 पीडीएफ भी तो अवेलेबल है ना भैया जी य भी आपने से डेज का कोर्स किया था कि नहीं किया था हां किया है उसमें वक्ता कौन था वक्ता ऑनलाइन वैसे नहीं किया जैसे आप सोच रहे हो कि किसी ने सिखाया पढ़ाया या देखिए सेन डेज ऑनलाइन कोर्स जो हमें मालूम है वो यह है कि एक मीटिंग ऑर्गेनाइज होती है गल इत्यादि पर ग मीट पर या इस तरह के अन्य पोर्टल्स पर वहां पर कोई व्यक्ति टीचर की तरह बैठा होता है और वहां पर जवाइन करने वाले उसको सुनते हैं यह कोर्स नहीं था आपका नहीं ऐसा नहीं था तो आपका कैसा कोर्स था वो हमें समझाए वही पीडीएफ वाला था पीडीएफ कंटेंट होता उनकी वेबसाइट पर जो कंटेंट अवेलेबल है जो जो दे रखा उन्होंने जो भी नॉलेज है उस पीडीएफ में लिखा था सेन डेज कोर्स है हा लिखा था वो पीडीएफ है अभी भी आपके पास हां है वो जो पीडीएफ को लिखने वाले हैं जिसने वो पीडीएफ बनाई थी उसके लेखक कौन है ये ब्रह्मा कुमारी विश्वविद्यालय के ही

00:07:18:10 है लेख ब्रह्मा कुमारीज के ही है मगर उसमें लेखक का नाम होता है ना हम हम वो क्या है नाम कोई भी बुक या पीडीएफ जब लिखी जाती है तो उसमें व किसी भी संस्था से हो मगर उसमें जिसने उसको लिखा है पार्टिकुलरली उसका नाम होता है तो आपने किसकी पीडीएफ पढ़ी थी यही जो नॉलेज अवेलेबल है जो दी है इन्होंने जो भी नॉलेज है पीडीएफ किसने लिखी थी वो रचयिता कौन था उस पीडीएफ

00:07:51:09 का यह तो नॉलेज है यह तो ईश्वरीय नॉलेज है नहीं नहीं उसको नॉलेज को उस पीडीएफ फॉर्म में किसने टाइप किया वो कौन था अच्छा वो वो जो जि टाइप किया माउंट आबू से ही माउंट ताबू से कौन व्यक्ति था आपको नाम नहीं पता है नहीं मतलब आपका यह कहने का मतलब है कि मैं ब्रह्मा कुमारी को सुनता हूं पर उसके कुस किस व्यक्ति को सुनता हूं यह मुझे नहीं पता

00:08:27:19 है बताइए भाई साहब किस व्यक्ति के ऊपर डिपेंड थोड़ी हो सकता है अगर हम डिपेंड की बात नहीं कर रहा हूं मैं एक एक स्टेप आगे बढ़ रहा हूं अभी मैं क्लियर कर लूं आपको यह नहीं पता है कि आप किसको सुनते हैं ब्रह्मा कुमारी के कई सारे वक्ता है आप उनमें से किसको सुनते हैं यह आपको नहीं पता है वैसे पर्टिकुलर में किसी को नहीं सुनता हूं आपने सारों को सुना है आज तक हां सभी को सुनता हूं सभी को सुनते हैं उनमें से कुछ के नाम पता है हां

00:09:10:18 बताइए जैसे बी के सूरज भाई जी है हां उनको क्या नाम आया पहला सूरज ब के सूरज सूरज बस इतना ही है अभी आपने कुछ आगे बोला बी के सूरज भाई जी ऐसा कुछ हां बी के सूरज जी बोला है भाई अच्छा और बस इन्हीं का ही है और ज्यादा इतना नहीं सु बहु को सुना है ना एक केवल उम से एक का ही नाम मालूम है हा एक नाम इतना न

00:09:47:24 नहीं यह है क्या बी के सूरज भाई जी हा इनको सुनते ठीक है ठीक है तो मैं सबसे पहले पूछूंगा कि ब्रह्मा कुमारी के अनुसार जो ईश्वर है मनुष्य का अंतिम विकल्प है मतलब ईश्वर ही उसकी अंतिम डेस्टिनेशन है यह किस प्रकार प्रूव होता

00:10:20:22 है ईश्वर ही अंतिम डेस्टिनेशन है जीवन में पूरा पूरा क्वे में इस क्वेश्चन में दो क्वेश्चन छुपे हैं एक कि क्या ब्रह्मा कुमारी के द्वारा प्रतिपादित होने वाला जो सिद्धांत है उसके द्वारा ईश्वर का अस्तित्व सिद्ध होता है और यदि सिद्ध होता है तो क्या वह इस तरह से इस रूप में सिद्ध हो पाता है जो जिसको मनुष्य को प्राप्त करना ही मनुष्य का अंतिम विकल्प हो मतलब उसको स्वीकार किए बिना मनुष्य का काम ना चले

00:11:01:04 नहीं ऐसा तो नहीं है ऐसा नहीं है हां मतलब ब्रह्मा कुमारी इसके द्वारा ईश्वर सिद्धि नहीं हो सकती ईश्वर है यह सिद्ध नहीं हो सकता हो सकता है वो बताइए वो तो डिपेंड करता है ना हम किस रूप में देखते हैं उस चीजों को अरे मेरे भाई एक नास्तिक आपके सामने बैठा है उसके सामने ईश्वर को सिद्ध करिए ईश्वर है

00:11:40:14 बताइए यह तो हम नॉलेज के साथ ही देख सकेंगे ना फिर पहले उनकी नॉलेज को समझना होगा तभी समझ में आ सकेगा यह चीज मतलब आपसे जब कोई यह कहेगा जब देखिए धर्म क्या है पहले इसको समझ लीजिए धर्म है सच्चिदानंद स्वरूप परमेश्वर ईश्वर को प्राप्त कराने वाली विधा विधि का नाम धर्म है और व विधि है क्या झूठ मत बोलो सच बोलो यह मत करो यह करो यह धर्म है ठीक है अच्छाई और बुराई में अंतर करने वाले नियमों का नाम धर्म है तो जब कोई व्यक्ति अब यह धर्म है क्यों इसका अस्तित्व क्यों है क्योंकि यह ईश्वर की प्राप्ति करवाता है ठीक है अब जब कोई व्यक्ति को हम वादित करते हैं कि अपनी बहन से माता से विवाह मत करो उ उन पर कुदृष्टि म डालो झूठ मत बोलो हम जब ये किसी को सिखाते हैं तो एक नास्तिक कहेगा क्यों क्यों ना करें तो हम कहेंगे कि भाई ईश्वर ईश्वर ने ये कहा है कि ये मत करो ठीक है अगर ईश्वर तक पहुंचना है तो आपको ऐसा करना है अब वो ये कहेगा ईश्वर है ही नहीं ईश्वर है मुझे सिद्ध तो करो तो इस बारे में अगर कोई

00:12:55:19 संस्था ऐसी है जो यह कह रही है कि हम धर्म का प्रचार कर रहे हैं धार्मिक है तो उस संस्था के द्वारा सबसे पहले ईश्वर की सिद्धि होना आवश्यक है तभी तो धर्म तभी तो व धर्म के प्रचारक कहलाएंगे जब ईश्वर की सिद्धि ही नहीं है तो कोई प्राप्त क्यों करेगा उसको तो क्या क्या ब्रह्मा कुमारी के द्वारा प्रतिपादित होने वाले जो सिद्धांत है जो आपको मिले हैं सूरज जी के द्वारा उनके अनुसार ईश्वर सिद्ध होता है कि नहीं कि ईश्वर है

00:13:30:24 हां यह सिद्ध होता है वो बताइए कैसे होता है आप ईश्वर के कौन से स्वरूप को मानते हैं नास्तिक जो आपके सामने मान के चलिए अभी नास्तिक बैठा है किसी भी स्वरूप को आप छोड़ दीजिए अभी तो उसको मजबूर करिए कि वह ईश्वर को स्वीकार कर ले जिससे कि वह धर्म की सीमा में आ जाए मर्यादित हो जाए इसका मतलब हम वह मान सकते हैं कि वह दोनों रूप में से निकारी रूप को मानता है इसका मतलब नास्ति अरे मेरे भाई पहले ईश्वर का अस्तित्व तो सिद्ध

00:14:17:22 करिए अब यह प्रत्यक्ष थोड़ी है मैं आपसे कह जी क्या बोल रहे हैं जी बोलिए प्रत्यक्ष थोड़ी है बक में आपके सामने प्रत्यक्ष कर दूं यह हो जाएगा ये लो मेरे भाई अगर हम धर्म के प्रचारक हैं तो हमें धर्म की स्थापना के लिए ईश्वर की स्थापना को सिद्ध करना पड़ेगा ना तो ईश्वर की स्थापना करिए यह जरूर है कि व ईश्वरीय द्वारा वह चीजें होती है वो स्थापित हुई है अरे तो करिए ना मैं पूछ रहा हूं ना मुझे समझाइए एक नास्तिक को सामने रख कर के बताइए कि ब्रह्मा कुमारी के द्वारा किस प्रकार से ईश्वर की सिद्धि होती

00:15:10:27 है आपको उस नॉलेज द्वारा ही समझाया जा सकता है और दूसरा तो तरीका है तो समझाइए ना मेरे भाई समझाइए आप यहां पर आने से पहले मुझसे फोन पर बोले थे ना कि हमारे पास वास्तविक सिद्धांत कहां है वास्तविक सिद्धांत लाइए सामने यहां पर सो हो सकते हैं वैसे नहीं है दिखा अरे जैसे है वैसे बोलिए ना जैसे हैं जो है आपके पास वोह तो

00:15:52:28 बोलो ईश्वर है यह कैसे सिद्ध होता है यह बोलो पहले आप बताइए नास्तिक है आप नास्तिक तो कोई भी स्वरूप को मानता है नहीं आप बहुत मुझे लग रहा है अल्पज्ञ फॉलोअर है सच में यहां पर नॉलेज कैसे दी जा सक को नहीं आना चाहिए ए जब आपको पता है इससे क्या होता है जो उनकी थोड़ी बहुत चीजें होती भी है उनके पास तो आप जैसे लोग आकर के उनकी मट्टी कुटवा हैं जब आपको बिल्कुल बेसिक चीजें नहीं पता है ईश्वर कैसे सिद्ध होता है अरे भाई दुनिया में कोई ईश्वर है यह तो सीख लो पहले तब तो कहो हम अध्यात्म को जानने वाले वास्तविक सिद्धांत को जानने वाले हैं ये आपकी फाउंडेशन ही नहीं बनी है ईश्वर है यही नहीं मालूम है आपको आप ये तो देखो बिल्कुल नास्तिक रूप में कह रहे हैं ना तो आप निराकार को मानते हैं धर्म तो धर्म की स्थापना तो वहीं से चालू होती है ना मेरे भाई

00:17:08:14 क्या ऊपर ऊपर का हलवा हलवा खाने आते हैं क्या ये ब्रह्मा कुमारी वाले कि पहले जो परंपरा प्राप्त आचार्य गण है उन्होंने ईश्वर की सिद्धि कर दी धर्म दे दिया उसके बाद ऊपर ऊपर का हलवा खा लो फिर भाई पहली लड़ाई तो धर्म की स्थापना के लिए नास्तिकों से होगी ना उसके बाद धर्म स्थापित होगा उसके बाद अध्यात्म आएगा व्यक्ति के जीवन में उसके बाद उसकी वो होगा स्वा धारक तब वो जाकर के स्वाद धारक हो पाएगा जब धर्म की सिद्धि होगी तब आध्यात्म की सिद्धि होगी तब स् स्वधार हो पाएगा व्यक्ति तो आप वो जो स्व उधार जो ऊपर की क्रीम है बस उसके नाम का प्रचार कर रहे हैं आप तो आपने ईश्वर को सिद्धि नहीं किया धर्म की स्थापना ही नहीं

00:17:56:06 की और अगर है तो बताइए ईश्वर को सिद्ध करिए हां हो सकता है सुनिए जैसे ब्रह्मा कुमारी के द्वारा य बताया जाता है कि परमात्मा है परमात्मा आके नॉलेज देता है और वो नॉलेज ऐसे ऐसे मिलती है इतना इतना मोटा मोटा उसकी आकाशवाणी होती थी पहले अभी तक अभी क्या हो रही कि नहीं नहीं पता मगर परमात्मा है यह सिद्ध तो करो तभी तो कोई आपकी बात मानेगा

00:18:33:02 हां फिर आपने यह चीज जो कही है कि परमात्मा आते थे उनकी जो वाणी करते थे यह बात तो है ही सत्य यह आपके अनुसार है अभी मैं आपकी बात को लेकर बोल रहा हूं कि जब आप यह कहते परमात्मा अपनी वाणी देते हैं ठीक है परमात्मा है कोई सुपर नेचुरल कोई एंटिटी है सिद्ध तो करो अब यह प्रत्यक्ष थोड़ी है आपकी आंखों के सामने प ये प्रत्यक्ष नहीं है मैंने कहा मेरी आंखों के सामने करो कैसे भी करो समझाओ मुझे कि इस दुनिया में ईश्वर है आपको नहीं समझाया गया दो ही स्वरूप है इस चीज में तो हम जो भी देखते हैं आप देखते आए हैं संसार में एक निराकार स्वरूप है साकार स्वरूप है फर बात वो निराकार साकार तो उसके वो बाद की चीज आप मुझे अभी यह बताइए कि वह है जैसे कि आपने जापान देखा है क्या हा देखा है देख वैटिकन

00:19:44:00 सिटी वेटिकन सिटी भी देखा है वैसे ऑनलाइन देखा वैसे गया नहीं वेटिकन सिटी देखा है स्विटजरलैंड स्विटजरलैंड नीदरलैंड सारे दुनिया के जितने भी कंट्री है सब देखे हैं गया नहीं हूं वहां पर वैसे देखि सारे कंट्री देखे आपने नहीं घूमा नहीं हूं वैसे नहीं गया हूं अरे देखा है नहीं देखा नहीं है देखा नहीं तो आपने प्रत्यक्ष उसको नहीं देखा है फिर भी आपके अंदर यह सिद्ध है ना कि वह है आपकी जानकारी में सिद्ध है ना कि वो है हा ऐसे ही आप मुझे भले ही प्रत्यक्ष मत दिखाओ आप मुझे ईश्वर को सिद्ध करो जैसे आपके मन में जापान इत्यादि सिद्ध है बिना देखे नहीं बिना देखे कैसे सिद्ध हो सकता कोई चीज तो आप नहीं मानते जापान है दुनिया में वो तो है वो तो वो तो एजिस्ट करता हैलिए तो इसका मतलब परमात्मा एजिस्ट नहीं करता है

00:21:00:14 परमात्मा आपने परमात्मा को बिना देखे सिद्ध हुआ कि नहीं आपके मन में या देखा है हां जो देखा है मैंने तो चलिए दोबारा से आ जाते हैं आपने दुनिया के सारे कंट्रीज देखे हैं जितन के नाम बताए जाते हैं देखे हैं सारे कंट्रीज देखे नहीं वैसे नहीं देखे वैसे पता किय कंट्री एस्ट करता यानी कि आपको नॉलेज दी गई ना उसकी जिससे आपको य फिक्स हो गया बिना देखे ही कि हां वह है हा तो वैसे ही बोल रहा हूं मुझे ऐसी नॉलेज दीजिए जिससे मुझे फिक्स हो पाए कि हा ईश्वर

00:21:52:07 है जसे आपने कहा कि वो जो देखे हमने कंट्रीज वो तो खोज हुई ना जभी तो तभी तो पता चला कि ये है एजिस्ट करते हैं वैसे पहले कब कहां पता था इन चीजों का क्या नॉलेज तो दी गई ना किसी गुरु ने आकर समझाया कि हा भाई इस दुनिया में स्कॉटलैंड है नीदरलैंड है और हमें उसकी वाणी पर वो हुआ उसने ऐसे हमें समझाया आश्वस्त किया तो आज हम उसकी चीजों से मानते हैं तो अभी आप मुझे समझाइए तो सही कि हा ईश्वर है कैसे सिद्ध होता है

00:22:29:12 चलिए खैर आप दोबारा आइएगा कभी तैयारी करके आपको हटा रहे हैं भाई और कोई आना चाहता है तो बताए यह है ब्रह्मा कुमारीज का हाल

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00:22:48:01 कोई रामपाल वाला है क्या जो आ सके माता जी का निष्ठा पूर्वक पियूष वादवानी इस कौन की तरफ से पीयूष वादवानी हम एक एक कंडीशन पर आपको ले सकते हैं आपने कमेंट्स में बहुत अबे तुबे हैवान यह सब कहा है तो आके हाथ जोड़ के क्षमा मांगो तो तो बात करें बताइए अन्यथा नहीं किसी दिन मिलोगे तब बताए तुम उल्टी सीधी बातें जो किया करते हो छोटे हो समझ के छोड़ा करते हैं

00:23:44:02 समझे यूष कह रहे हैं कि हां यह आकर के क्षमा मांगेंगे ठीक है इनको ले लिया जाए कोई बताएगा लिया जाए कि नहीं ले ले और ले लो चलो ले लेते हैं दे दो भाई पिन कमेंट दे दो

00:24:37:18 पिन कमेंट दे दिया दे दीजिए यह कमेंट दे दिया है आ जाइए हा मांगिए क्षमा हां जी सॉरी बस मैं मैंने आपको हैवान बोला उसके लिए सॉरी आज तक मैंने जो जो आचरण किया है वह आपने जो अभद्र आचरण बहुत सारी टिप्पणियां की है आपने तू तड़ाक में बात की है अब आप में कर र देखो ये मैं कहता हूं ना आप सबसे मैंने आपको और तू तड़क बोला वो तू त क्या अभी आप क्यों कह रहे हो तू

00:25:34:26 कहो क्या तू क्या बोला ऐसे बोलो कि मैंने तेरे को हैवान बोला जो ऐसे बोलो हां मैंने आपको हैवान बोला उसके लिए सॉरी नहीं नहीं तेरे को आपने तू तड़ाक में बात की ना मुझसे आपको मैंने आपको हैवान बोला उसके लिए सॉरी आपको नहीं तू तड़ाक बोला ना तुमने कमेंट्स में हां मैंने जो त तू तलक बोला उसके लिए सॉरी बस हा ये ये मैं दिखाना चाह रहा था आपको ये होता है त्रिया चरित्र सामने आकर के अभी यह व्यक्ति जब पर्दे पर आया है तो इसकी भाषा शैली बदल गई है ना

00:26:16:15 और अभी ये दोबारा कमेंट में जाएगा ना तो फिर उसी पर आएगा हा भा नहीं कर ऐसा करोगे क्या नहीं करूंगा बिल्कुल नहीं नहीं करोगे भगवत गीता पर हाथ रख के सौगं खाओ नहीं करो अभी है नहीं मेरे पास ले आओ उठा के ले आओ घर में है नहीं किसी और के घर में में अच्छा तो भगवान श्री कृष्ण के चरणों की सौगं खाके बोलो चलो अब मैं तूतक में बात नहीं करूंगा और अचरण नहीं करूंगा हा मैं भगवान श्री कृष्ण की सन लखा के बोलता हूं मैं अच नहीं करूंगा त तक नहीं बोलूंगा हा तू तलाक नहीं बो थोड़ा तेज बोलो स्पष्ट जिसे सुनाई दे ऐसे एक बार में बोलो भगवान श्री कृष्ण के चरणों की सौगंद मैं अब टू तड़क नहीं बोलूंगा और ये जो हैवान इत्यादि शब्दों का उपयोग करता हूं आपके लिए वो नहीं करूंगा ये पूरी लाइन एक बार में बोलो मैं भगवान श्री कृष्ण की सौग के बोलता हूं चरण की मैं ल नहीं बोलगा और क्या नहीं बोलोगे पूरा पूरी लाइन नहीं बोल रहे हो आपको हैवान इत्यादि नहीं बोलूंगा बोला तो सही मैं वो मैंने पहले बोल दिया अभी च अभी चरणों की

00:27:31:15 सौगं खाके बोलना है अ भाई मैं आपको कभी नहीं बोलूंगा यार आप आगे बढ़ नहीं नहीं भगवान श्री कृष्ण के चरणों की सौगंध खाके पूरी लाइन बोलिए है कि मैं आपको तू तड़ाक नहीं बोलूंगा भद्र आचरण नहीं करूंगा और हैवान इत्यादि जैसे शब्दों का उपयोग नहीं करूंगा आपके लिए बोलिए मैं भगवान श्री कृष्ण की चरणों की के बोलता हूं कि मैं आपको तलग नहीं बोलूंगा एवान नहीं बोलूंगा और और क्या बोला आपने अभद्र आचरण किसी भी प्रकार का अद आचरण नहीं करूंगा आपके वि और मैं कोई भी

00:28:07:19 अद नहीं करूंगा ठीक है चलिए ठीक है छोटे हो तो जब माफी मांग रहे हो तो तुम्हें एक अवसर दिया है तो अभी हम लोगों की कल एक बात हो रही थी कि जो कौन है वो य दावा कर व चैतन्य महाप्रभु का फॉलोअर है चैतन्य महाप्रभु यह कहते कि श्रीधरी टीका जो है उनके लिए प्रमाण है उनके विरुद्ध कुछ भी लिखा जाएगा तो वो जो है लिखने वाला वैश्या कहलाएगा तो अभी उन्होंने कहा वहां पर आ सा 2 में कि वहां पर शिव जी की स्तुति हो रही है और शिवजी जो ब्रह्मा विष्णु महेश के रूप में अवतरित होते हैं इस बात को मानते हैं आपके वेवे में नहीं लिखा

00:29:02:03 है हो रही है श्रीधर स्वामी हैल में श स्वामी असल में वैष्णव सबसे पहली बात कौन पास उनके पास किस परंपरा से हमारे टाइप नहीं उनकी वंशावली बताइए जैसे आपकी वंशावली है प्रभुपाद जी तक की ऐसे वंशावली बताइए कि वैष्णव उनके पास कैसे आया उस टाइम प शब लोग होते थे और भाई साहब मैंने पूछा उनके गुरु के गुरु के गुरु का नाम बताएं जो आपके अनुसार वैष्णव तक पहुंचे किसके गुरु का नाम बताओ श्रीधर स्वामी के वैष्णवास्त्र

00:29:58:07 ब वो अपना बेस बदल बेस बदल के रखते थे ब उस लोग वैष्णव लोग का मैं आपसे पूछ रहा हं उनके गुरु कौन थे जिनके पास यह जो वैष्णव ज्ञान आया था देखो वो को नहीं खबर पर जीव गोस्वामी हैता गु गोस्वामी जी ने उसम य बात लिखी है क्या

00:30:33:12 हा केशव दस जी ने आपके केशव दास जी ने कहा है कि व सुद्धा दत वाले वैष्णव वल्लभाचार्य वाले केशव दास जी गलत बोल रहे क्या व सही बोलते अभी आप झूठ बोल रहे क्या आपने गड़िया वैष्णव केशव दास जी ने कहा कि व सुद्ध दत वाले वैष्णव ती हो तो भाई फिर आप अपनी चीज पक्का करके आइए ना आए क्यों गलती करनी है तो मेरी मेरी आप से य ी आप रामा संप्रदाय ऐसे किसी को भी बुला लेते सुनिए सुनिए विषयात मत करिए विषयात मत करिए मुझे हटाना पड़ेगा विषयात मत करिए मैं कह रहा हूं आप आए क्यों है मैं क्लियर करने रामानुज संप्रदाय के रामानु संप्रदाय की बात कल हुई है रामानुज संप्रदाय की बात कल हुई है उससे पहले भी आप आने के लिए मुझसे कई बार कह चुके

00:31:37:02 हैं वह बात सही है पर जो जो रामानु संप्रदाय जो जो ऑथेंटिक संप्रदाय है देखिए मैं विषयात मत करिए मुझे आपसे बात नहीं करनी है ठीक है जाइए आप यह जो भर के आए इनको उसमें बोलना है और इनका त्रिया चरित्र देख लिया ना यह यह शिक्षा दी जाती है कि कमेंट्स में आप तू तड़ाक करो वहां जाकर आप बोलो यह है सच्चाई की शक्ति

00:32:28:09 भाई मैंने जो भी शब्द बोले हैं मैं वही शब्द जब य सामने होंगे बोलूंगा तो मैं उन शब्दों को बोलने वाला व्यक्ति हूं क्योंकि मैंने प्रभु श्री राम से सीखा है कि रामो दुर नावी भाषित दो प्रकार की बातें मत करो अपनी बोली हुई बातें मत बदलो रघुकुल री सदा चली आई प्राण जाई परवचन ना जाई कहां है य सारे अनुशासन सिद्धांत कहां है इनमें यह नई जनरेशन तैयार हो रही है वह भव्य भी और यह पियूष देख

00:33:08:10 लो रामानुज संप्रदाय की चिंता आप मत करिए हम जा रहे राघवाचार्य जी के पास उनके जो प्रतिनिधि है उनसे बात हो गई है बहुत सहर्ष उन्होंने बुलाया है और जा रहे हैं एक बढ़िया चर्चा आपको देखने को मिलेगी उनके साथ वर्णाश्रम धर्म के पक्ष में बहुत बढ़िया चर्चा राणु संप्रदाय की चिंता ना करें आप अपनी चिंता करें अपने एथिक्स मजबूत करें ठीक है तो अब तो कोई मुझे लग रहा है है

00:33:56:01 नहीं कोई है जो आ सकता है स्ट्रीम में क्योंकि हमें नहीं लगता पियूष से कोई बातचीत होनी है कि वो अपना एक कुछ सिलेबस तैयार करके आए उनको व यहां बोलना है स्क्रीन पर आके और जो आप लोग कहते हो ना कि मैं प्रमाण की बात नहीं करता इस तरह के कई लोग हैं रामपाल इत्यादि के संजय कुमार संजय जी आप अपना चेहरा दिखा दें चेहरा दिखाएं हम आपको स्टेज पर

00:34:36:19 ले संजय जी अगर आपको चर्चा करनी है तो आपको अपनी पहचान को रिवील करते हुए करनी होगी क्योंकि हम निकले हैं धर्म की रक्षा में यह चिंता छोड़ कर के कि हमारा क्या होगा तो हम किसी ऐसे व्यक्ति से ही सामना करेंगे जो कम से कम अपनी पहचान को ना छिपाए अपने चेहरे को ना छिपाए ऑनलाइन होगा आप वहां पर फॉर्म भर दीजिए जब तक कोई नहीं आ रहा तब तक मैं आप लोगों को बता दूं

00:35:15:26 कि यह नंबर आप लोग नोट कर लीजिए 7408 30169 हमारा नाम जप ऑपरेशन नाम जप अभियान नामा स्त्र शुरू होने जा रहा है न तारीख से और यह पांच बार में होगा यह नाम जब 6 10 दो 6 10 मतलब सुबह के 6 बजे फिर सुबह के 10 बजे फिर दो बजे फिर शाम के 6 बजे फिर रात के 10 बजे पांच बार में पांचों देवों का नाम जाप किया जाएगा उसमें जुड़ कर के आप अपनी ईस्ट का नाम जाप कर सकते हैं या फिर जो नाम उच्चारित किया किया जा रहा है वो जाप कर सकते हैं या फिर केवल उसका श्रवण भी कर सकते हैं इससे आपका जो सवा घंटे का भक्ति का लक्ष्य है वह प्राप्त होने में आसानी होगी अपने भाइयों का आपको क्या कहते कंपनी मिलेगी जाप करते समय तो सत्संग हो जाएगा संकीर्तन हो जाएगा इसके साथ ही साथ इसमें कोई ऐसी बात नहीं है कि कोई अगर आर्य समाजी तो वो नहीं आ सकता है स्कन वाला है तो नहीं आ सकता है कोई भी है जो अपने प्रभु का नाम स्मरण करना चाहता है वोह आ सकता है नाम जप कर सकता है हम सब हिंदू सनातनी होते हुए एकजुट हो सकते हैं इसके

00:36:34:16 द्वारा अ कोई आया है क्या रतन दास हा जी रतन दास जी जय श्री राम हा आपका परिचय आप हमारा परिचय तो जानते ही होंगे जामा जो आप शायद कल या परसों टैक किए थे हमें फ में आप थोड़ा सीधा कर दीजिए अपने को स्वयं

00:37:12:01 को जी बताइए तो नहीं आपका वीडियो देखा था नहीं नहीं आप अपना परिचय बताइए मेरा परिचय मैं रतन दास हूं मैं जगतगुरु तर्शी संत रामपाल जी महाराज जी का शिष्य हूं ठीक है अभी आपकी ओर से एक मिथ्या बहुत फैलाई जाती है कि जो कलयुग के ब्राह्मण है सतयुग के राक्षस ही कलयुग में ब्राह्मण बनके जन्म लिए हैं जी जी जी जी तो क्या ये सभी ब्राह्मणों के लिए है या कुछ कुछ नहीं क्या है कि जो राक्षसों के स्वभाव मतलब कि आचरण करता रा रण की तर हीन आचरण करने वाला जी जी उसके लिए जैसे मान लीजिए अभी देखिए त्रिपति बालाजी मंदिर में क्या क्या हुआ तो हीन आचरण करने वाले यानी सभी समझ रहे मेरी बातो को हा मैं समझ गया ही आचरण बता दे रहा हूं ना ब्राह्मण जो ब्रह्म की जानकारी रखता है उसी को ब कते आपसे प्रवचन सुनने नहीं बैठा हूं जो हमारे टॉपिक की बात केवल वही कर अब पूछे

00:38:27:24 कि ब्राह्मण मतलब सभी ब्राह्मण तो मैं बता रहा हूं ना ब्राह्मण कौन से ब्राह्मण आपसे मैंने पूछा क्या ब्राह्मण कुल में जन्म लेने वाला हर व्यक्ति राक्षस है आपने कहा नहीं हर व्यक्ति नहीं जो आचरण से हीन है वो राक्षस है हा ठीक है ना हमारा टॉपिक हो गया अब मुझे आपसे नहीं जानना है कि ब्राह्मण किसे कहते मुझे नहीं जानना आपसे जाने नहीं सुनि बात अब हमारी हमारा विषय नहीं है मैं आपसे य ज्ञान लेने नहीं आया हूं कि ब्राह्मण किसे कह अरे बताइए मैं अपनी परिभाषा बता रहा हूं तब ना आप बताएंगे कि आप किस प्रकार के ब बता रहे परिभाषा जब मैं संतुष्ट हो गया आपके जवाब से मैं पूछ रहा हूं क्या आपसे परिभाषा मैं ब्राह्मण का परिभाषा बताने वाला हूं नहीं आपके जवाब से मैं संतुष्ट हो चुका हूं अब आप मुझे ज्ञान मत दीजिए ठीक है अरे ज्ञान कोई काला धन थोड़ी है जो छुपाए गे परमात्मा का दिया है पूरे विश्व को बताएंगे अब आप मुझे बताइए वेदों में प्रमाण है कबीर साहब भगवान ने कहां लिखा है अरे अभी आप तो ये नहीं पता है कि वेदों में प्रमाण है कबीर साहब कहां है मैं आपको हटा रहा

00:39:53:16 हूं इस तरह के कॉल्स इस तरह के लोगों को मुझे जो है व जो नंबर अपना पब्लिक कर रखा है उसके कारण सुनना पड़ता है देखना पड़ता है आइए पंडित जी आप ही आ जाइए क्या पता लगा में प्रमाण है कैसी बातें कर रहे आप जय श्री राम इन जैसों को रोज मेरे फोन आते हैं मेरे पास और शुरुआत हमेशा जीरो से करते हैं या तो अच्छे से स्टडी कर लो कि इस आदमी ने क्या क्या कहा है क्या क्या नहीं कहा है उसके बाद आओ मगर कोई एक छोटी मोटी चीज देख ली उसके बाद वो जवाइन कर लेते हैं लेकिन आपके प्रति जो उसका प्यार था व आज हम सबने देख लिया कितना मुस्कुरा मुस्कुरा के ऐसे बोल रहा था वो आपको कितना शांत था

00:40:50:10 बेचारा नारायण नाराय कोई है भाई जो और आना चाहेगा अभी कल जो व रामानु संप्रदाय के आए हैं हमारे यहां उसको लेकर के इनको कुछ ऐसे इकन के फॉलोअर्स हैं जो अपने आप को श्री संप्रदाय के रूप में वहां पर रखते हैं तो हमारी अभी बात हो गई है उनके गुरुदेव से उनके गुरुदेव अभी घर पर आएंगे जब हम जाएंगे वो भी जाने माने मतलब आचार्य है उसके जिनसे वो दीक्षित है जो कल आए थे ना सुम अच्छा अच्छा अच्छा जी जी जीके गुरुदेव कोई मतलब ऐसे साधारण नहीं है और उनके पास जाने वाले हैं और जो राघवाचार्य जी के पास भी चल रही है चीजें ये तो बहुत अच्छा लगा मु सुनक के आपको उनके दर्शन भी हो रहे हैं हमारा ही दुर्भाग्य बड़ा अच्छा लगता है उनको सुनना बड़ा अच्छा लगता है बहुत रस के साथ वो सिद्धांत को रखते हैं रस के साथ सिद्धांत को रखने वाले और वो भी बहुत गर्व के साथ उसमें वो नहीं होता कि थोड़ा ऐसे मृद भाषी बन के कहे जो थोड़ा सामने वाले को बुरा कम लगे एक बार बोल रहे थे ढोल गवार

00:42:05:15 शुद्र पशु नारी तो जो लोग ये वित फैलाते हैं ना उन्हीं के लिए लिखा [हंसी] गया नहीं अच्छे वक्ता है बहुत उनके प्रवचन सुनता रहता हूं मैं एक उनसे मुझे मिलना है एक राजेंद्र दास जी महा भाग से मिलना है हां बहुत बढ़िया और कल एक बात हुई थी क्या कहते हैं वोह मैंने जब यह कहा था कि हां य आचार्य श्री का चैनल है आप सभी लोग फॉलो कर ले यहां से आपको बहुत सारे प्रश्नों के हल मिल जाएंगे

00:42:47:03 और जो वह विषय चल रहा है ना आजकल जिसने तिरुपति बालाजी का वो कि एस मूवी जी अगर आपको कोई प्रश्न है तो आप आ जाएगी ना लाइव नहीं वो लाइव नहीं आते उन्होने बचपन में माता जी ने निष्ठा पूर्वक दूध नहीं पिलाया उन्हें नहीं पिलाया होगा हा वो लाइव नहीं आ सकते हैं वो बस यही कमेंट्स के ही द्वारा अपना पराक्रम दिखाएंगे जो आपका पर परब्रह्म जो मेरा परब्रह्म है वही आपका ही है अंदर नहीं है उसमें कोई बस ये है कि आप अपने परब्रह्म को बाधित के रूप में सीमित कर बैठे हो जी और जिसकी वजह से जो आपका धर्म है धर्म नहीं है अधर्म है ये देखिए शुभम जी को देखिए चलिए यही होता है कि यही समस्या है ना ये बहुत अच्छी बात है कि फेस टू फेस जब बात होती है ना तो ये बहुत सारे लोग ना ऐसे लोग छड़ जाते हैं हा अब जैसे पियूष पियूष की देखिए पियूष आया था और वो देखो कमेंट में कुछ और था मगर स्क्रीन पर आते ही वो व्यवहारिक हो गया आदर्श बन गया जी जी ये सच्चाई है प्रिया चरित्र यह धर्म सीख रहे हैं ये हरे कृष्ण का जाप कर रहे हैं तो जब तक वही बात है ना मनम कीी भक्ति आपके किसी काम की नहीं नारद पुराण में दिया

00:44:02:06 गया है जब आपके आचरण में वो नहीं आ रहा है तो कैसा आपने वो किया आप भव्य की जो वो है उसकी कई रिकॉर्डिंग मिल रही है वह गाली दे रहा है उल्टी सीधी मतलब गालिया अश्लील शब्द व तो जबक ऐसा नहीं दिखता था मुझे कि वह गाली वाली देता होगा मगर वो गालियां दे रहा है वो भी उसका भी हाल यही होगा अभी अगर स्क्रीन पर य ले लूंगा तुरंत आप आप करने लगेगा आप बड़े हो ये है वो है ये तो त्रिया चरित्र है भाई जी ये तो है सारा ज्ञान एस मूवी जी क्या बोलते हैं कमेंट प दे देंगे लाइव आ जाइए आपका स्वागत है हम कुछ नहीं बोलेंगे आप जिस तरह से आप बात कर रहे हैं वैसे आप स शिवांश जी नहीं करेंगे कंट्रोल करके रखते हैं वो अपने आप को अपने दांत पीसते हैं करके संतोष नोनिया जी स्वागत है आपका जी बताएं अपना परिचय संतोष जी कहां से हैं झारखंड का धनबाद जिला

00:45:06:07 से कहां किसके फॉलोअर है फॉलोवर तो किसका है नहीं लेकिन कुछ सवाल है मेरा मन में पूछ सकते हैं क्या सवाल के लिए हमारी क्लासेस चलती है वहां आ सकते हैं और हमने बहुत सारे वीडियोस बना रखे हैं आप वो देख सकते जब उनसे हल ना निकले तब आपको आना चाहिए अब आ गए हैं तो सवाल बता दीजिए हमने ये जो चर्चा रखते हैं ये वाली इसका क्या है कंटेंट बहुत सारे हो जाते हैं तो हम लोगों को क्या बताए कि इसमें क्या बताया गया सवाल का जवाब दिया गया है इकन वाले से बात की गई है रामपाल वाले से बात की गई है या ब्रह्मा कुमारी से बात की गई आप समझने का प्रयास करिए एक जो कंटेंट होता है वो एक जैसा रहना चाहिए अब उसी चर्चा में आकर के दूसरी दूसरे तरीके कंटेंट होगा तो हम उसको क्या कहे लोगों के सामने दिक्कत आती है अभी आप बताइए सवाल

00:45:59:00 जैसे कि लोग है कोई शिव की पूजा कर रहे हैं शंकर भगवान का कोई काली का पूजा कर रहा है कोई दुर्गा का पूजा कर रहा है कोई विष्णु का पूजा कर रहा है तो इतनी सारी देवी देवता भगवान की जो पूजा लोग कर रहे हैं तो आप रामपाल के फॉलोवर आप रामपाल के फॉलो रामपाल से क्या मतलब है हमको रामपाल को मानते हैं नहीं भाई उसको पाखंडी को कौन बोलेगा चलिए अच्छ पाखंडी इत्यादि शब्दों का उपयोग ना करें कि उनको नहीं वो करते बस ठीक है बताइए वेद में क्या ऐसा लिखा हुआ है कि इतने सारी देवी देवताओं को पूजा करना चाहिए बिल्कुल लिखा हुआ है रात्रि सूक्त में देवी मां की पूजा बताई गई बोल रहा हूं सुनिए किसम रात्रि सूक्त में देवी मां की पूजा बताई गई है नहीं ऋग्वेद का ऋग्वेद में कहीं लिखा हुआ है क्या अरे भैया वेद का ही बता रहा हूं आपको ऋग्वेद और यजुर्वेद अथर्ववेद सामवेद इनमें से एक का

00:47:18:03 बताऊंगा आपके पास वेद खुला है तो आप मीन टाइम जरा शुक्ल र्वेद कावा और उसका अंतिम श्लोक पढ़िए जरा क्या लिखा है व पर आपके पास वेद है वेद है हा ऋगवेद है शुक्ल यजुर्वेद ऋगवेद है बाकी नहीं जवेद पढ़िए कृष्ण र्वेद की हिता पढ़िए भर भर के हम आपको य पर प्रमाण बता दे रहे हैं वो आप जाकर चेक करिएगा अपने अनुसंधान करिएगा क्या हमने गलत बोला नहीं आपके पास क्योंकि सभी वेद नहीं है यह ऋग्वेद यह ऋग्वेद उत्तम देवी सूक्त है बताता हूं आपको ऋग्वेद का देवी सूक्त

00:48:14:10 237 वैसे इस बारे में भी आप यह जो बोल रहे हैं ना क्या ऋग्वेद में है ज मैंने कहा ना आपने वीडियोस देखे हमने छह वीडियोस बनाए रामपाल के ऊपर और उस छ वीडियो में लास्ट वाले वीडियो में एक पीडीएफ दी है उसमें सारे भगवान के जितने पांच रूप है उन सबकी कहां कहा पर बात हुई है यह मोटे मोटे तौर पर हमने वहा बता दिया उस पीडीएफ में और इसके अलावा भी बात हुई है ऐसा नहीं है कि वो अंतिम प्रमाण केवल वही है उनके अलावा बात हुई मगर यथा सामर्थ्य जो हम उसमें संकलित कर पाए हैं वह पर्याप्त है इसके लिए मंडल कौन होगा बता दीजिए हां बता रहा हूं आपको 27 यह मुझे दुर्गा सस्ती बहुत अच्छी लगती है गीता प्रस से प्रकाशित होती है य और और यह अंदर ऐसे जैसे कोई बच्चे कॉमिक्स नहीं पढ़ते थे फलकी जी आपसे बात कर रहा हूं बच्चे कॉम पढ़ते तो उस तरह से माता का इसमें बताया गया है जी जी जी छोटे थे तो राज कॉमिक्स पढ़ते

00:49:22:25 थे 237 यह ऋग्वेद उतम देवी सूक्त है और यह है ऋग्वेद का मंडल 10 अध्याय सूक्त 125 सूक्त 125 श्लोक अरे पूरा सूक्ति वही है भाई श्लोक नहीं होता मंत्र होते हैं मैंने एक बार गलती से श्लोक कह दिया था तो आर समाज पीछे पड़ गए लोक बोलता है

00:49:58:15 अच्छा इसमें क्या ब्रह्मा विष्णु म हेलो इसमें क्या ब्रह्मा विष्णु देवी इसमें परम तत्व की देवी के रूप में स्तुति की जा रही है ना क्या ऋगवेद में कहीं जिक्र है कि ब्रह्मा विष्णु महेश की उत्पत्ति किस तरह हुई स अरे वेद तो एक ही है लिए आपना आप हमारे वीडियो देखिए यजुर्वेद सामवेद या कोई वेद कोई भी चारों में से कोई भी एक वेद बताइए 3 चैप्टर बताहा खिवा चैप्टर में उसका अंतिम लोक पढ़िए क्या है उसमें भगवान विष्णु के बारे में बात हो रही है जिनके श्री और लक्ष्मी जी जिनके पति है उनके बारे में बात हो रही है प कौन सा कौन

00:50:53:21 सा इनको आपने दिखाओ अभी मैंने ऋग्वेद बोल दिया तोब आप दूसरा दूसरी बात क्यों कर रहे हैं नहीं नहीं आप ऋग्वेद में ही दिखा दिए क्या ब्रह्मा विष्णु महेश का जिक्र है या उसकी उत्पत्ति किस प्रकार सेवेद आवा केवल ऋग्वेद में क्यों बताए पहले तो ये बताओ केवल ऋग्वेद में क्यों बताए आपके पास क्या करें नहीं नहीं सबसे पहले तो ऋग्वेद ही ना आया लो नहीं नहीं आया कहां लिखा है सबसे पहले रिद आया लो हम लोग तो किताबों में यही पढ़ते आ रहे सबसे पुराना कहां पढ़ा आपने और ये मैंने आपको मैंने ब हम सुनते सबसे पुराना

00:51:39:04 वे तैत्र आरण पढ़ लीजिए आयात वरदा देवी अक्षर ब्रह्म समित करके पूरा है उसमें वो पढ़िए सावित्री की बात है आपको वेदों में प्रमाण जो है आपको जो है कहां मिलेगा वो जो कबीर पंथ का जो छवा वीडियो है उसमें हमने पीडीएफ दी है उसमें भगवान के रूपों का जहां जहां पर भी प्रमाण दिया गया है वह सारे हैं और एक अच्छा ग्रंथ और है सहस्त्र नाम

00:52:14:04 वाला व गीता प्रस से छपता है उसमें वेदोक्त स्तुति जितनी भी है वह संग्रहित की गई है तो आप वहां से गीता प से वो ले लीजिएगा संतोष जी आप जो है अनर्गल करने आए थे हमें पता लग गया एक ही वेद के चार विभाग करते हैं व्यास जी द्वापर में आकर के ठीक है तो अब तो यार समाज से भी आगे हो [हंसी] गए

00:52:47:07 श्रीराम पहले आए फिर इसके बाद ऋगवेद को बोले कि नहीं मुझे सारद में कहीं से भी दिखा दो उसमें जब बताने लग गए तो कह रहे हैं कि नहीं दिया मुझे वैसे ही दिखाओ हां विषयात इसी को कहते हैं विषयात अरे कोई और है क्या रामपाल दास जी की ओर से कोई है क्या कोई तो होगा माई का लाल जो आए और दिखाए कहां प्रमाण है वेदों में हम आया कोई आया माइका लाल कोई आया जी जय सियाराम जय श्री राम आपका नाम मेरा नाम कृष्णा है कृष्ण हा कृष्णा कृष्णा हा कृष्णा नाम तो द्रौपदी का था नहीं तो मेरा नाम कृष्णा है भगवान आपके गु हमारे गुरुजी प्रेमानंद महाराज क्या बात है बहुत बढ़िया स्वागत है आपका हमारा भाई हम भी उसी के पाखंडी रामपाल के विरोधी है देखिए आपत्ति जनक शब्दों का उपयोग वर्जित है आप मर्यादा में रहकर किसी के भी बारे में बात

00:54:02:19 करें जी ठीक है जी एक सवाल था आपसे बोलिए जो हमारे मतलब जो भगवान विष्णु है वही परब्रह्म है सर्वश्रेष्ठ हां वही वही परब्रह्म वही ब्रह्मा विष्णु महेश के रूप में दिखाई देते हैं और एक एक और है जैसे कारण दक्षा विष्णु शरो दक्षा विष्णु गर्भ दक्षा विष्णु ये सब लीला लीला की बात है देखिए ऐसा है

00:54:35:25 कि लीला में क्या होता है जैसे मान लीजिए शिव जी ब्रह्मा विष्णु महेश भगवती और गणेश के रूप में प्रकट हुए या विष्णु जी हुए ठीक है अगर वो कहीं पर लीला पूर्वक भक्ति नहीं करेंगे केवल स्वामी रह जाएंगे सेवक नहीं दिखाई देंगे ना तो ईश्वर पर एक बाधा आएगी क्या ईश्वर सेवक हो सकता है यह बाधा आ जाएगी इसलिए वो सेवक भी बनते हैं इसलिए वो सेवक भी बन जाते हैं कि मैं भक्त ही मैं भगवान ही नहीं मैं भक्त भी हूं यत्र तत्र सर्वत्र मैं ही मैं हूं तो अबाध अपने वो जो है व अबाध है कोई भी बाधा उन पर नहीं लग सकती वही भक्त वही भक्त वही भगवान वही भगवान वही भक्त तो वो बाधा नहीं लगती इसलिए ज भले ही परमेश्वर के रूप में स्थापित है मगर वहीं पर जाकर के वैष्णवास्त्र

00:55:56:27 और यह समझाने के लिए कि मैं ईश्वर हूं मैं कुछ भी कर सकता हूं मेरे ऊपर किसी भी प्रकार के नियम लागू नहीं होते मैं सभी नियमों को बनाने वाला सर्व नियामक हूं मैं सर्वशक्तिमान हूं यह ईश्वर आपको बता रहे हैं अपनी लीलाओं के माध्यम से मगर जब वो लीला करते हैं तो कुछ जो कुतर की होते हैं वो कहने लगते हैं अरे यह कैसा ईश्वर है जो रो रहा है यह कैसा ईश्वर है जो माया में फस गया ये कैसा ईश्वर है जो यह नहीं कर पा रहा यह कैसा ईश्वर है जो वो नहीं कर पा रहा फिर इसका अर्थ क्या हुआ कि वह जिस ईश्वर को मानते हैं वह फलाने फलाने काम नहीं कर सकता मगर इस बात का भगवान ने जवाब दिया भगवान ने 92 में मेरे ख्याल से कहा 92 है शायद वो लोग जो मुझे मानव देह में देख करके और मेरे ब्रह्म तत्व को भूल जाते हैं नजर अंदाज कर देते इग्नोर कर देते हैं वोह लोग मूर्ख है वो कभी मुझे प्राप्त नहीं कर पाएंगे और इसका एक उदाहरण भी ले ली उदाहरण क्या है इसका कि जैसे वायु है वायु आपको यह बताना चाहती है कि वह क्या क्या कर सकती है कहां कहा जा सकती है अब वायु आपसे कैसे कम्युनिकेट करे

00:57:12:07 वायु की अपनी एक वो है आपकी अलग है ज्ञानेंद्रियां कर्मेंद्रिय तो वायु ने अगर वायु के पास क्षमता होगी आपकी ज्ञानेंद्रियों का विषय बनने की तो वायु एक अवतार लेगी रूप लेगी ऐसा रूप जो आपको समझ में आ सके समझे और वो ऐसी भाषा बोलने वाला रूप जो आप जिसको आप सुन सके ऐसा रूप लेगी वाय अब उसने ले लिया मगर वो आप आई क्यों है आपको यह बताने कि मैं सभी जगह जा सकती हूं तो क्या हुआ वायु वाई एक अवतार लिया उसने वायु देव के रूप में वायु देव ने कहा देखो भाई मैं सब जगह जा सकता हूं मैं वायु हूं तो हां तो उन्होंने जा जा के बताना शुरू हुआ देखो मैं कान के अंदर जा सकती हूं मैं जो है ध्वज के ऊपर जा सकती हूं शीर्ष पर जा सकती हूं मैं नाली में भी जा सकती हूं मैं वायु हूं अब जब वो शीर्ष पर गई तो तो कोई बात नहीं है मगर जब उसने दिखाया मैं नाली में जा सकती हो अरे देखो वायु देव नाली में जा रहे हैं अरे भैया जो आपकी सीमाए है जो आपकी मर्यादा है वो वायु के लिए नहीं है वायु सब जगह वैसे ही व्याप्त है वो केवल आपको प्रकट टक करके दिखा रहा

00:58:27:07 है वो तो पहले से ही व्याप्त थी सब जगह ठीक है ऐसा है ठीक है भया अा लगा बहुत बढ़िया ब दीक्षा लेली प्रमान जी महाराज अभी नहीं अभी हम गए नहीं भैया अभी हम जाएंगे तो ले लेंगे ठीक है भया जय सियाराम सीताराम जय श्री राम धन्यवाद सन ऑफ उड़ीसा जी आप लोग भी हमारी सहायता कर सकते हैं इस अभियान में नाम

00:59:09:03 अभन नाम जप अभियान से जुड़े जो भी हमारी सहायता करना चाहता है किसी भी प्रकार से वह नाम जप अभियान से जुड़े क्योंकि हमारा वह नाम जप अभियान एक संगठन की शक्ति प्रकट करेगा हिंदुओं को एक करके दिखाएगा इसलिए नामा स्त्र से जुड़े और साथ ही साथ आपकी सवा घंटे की सवा घंटे की जो भक्ति है वह टारगेट भी कंप्लीट हो जाएगा सचिन मिश्रा मतभेद ठीक है इस जन्मना वर्ण व्यवस्था के कारण हमारे कितने हिंदू भाई देखिए यह जो सवाल आता है ना हमारे कितने हिंदू भाई जो मनुष्य है ना उसके अंदर नियमों नियमों में में ना बंधने का ना बंधने की प्रवृत्ति है आज अगर आप उसके लिए शास्त्रों की चीज को बदल दो ठीक है शास्त्र धर्म को चेंज कर दिया हमने जन्मना नहीं करमना क्योंकि इसकी वजह से वो ईसाई हो रहे है कल को वो बहन से विवाह ना होने की वजह से जाने लगेंगे तो इसको भी बदल दे भाई धर्म का अर्थ है मर्यादा जिसके जिसमें रह कर के उसको अनुशासित होकर के प्रवृत्ति से निवृत्ति और निवृत्ति से निर्वत तक जाना है

01:00:24:10 मगर उसके अनुसार हम उस मर्यादा कोही बदलते रहे तो हमारे सनातन धर्म में और दूसरे सनातन विरुद्ध तंत्रों में क्या अंतर रह जाएगा ब्रह्मा कुमारी वाले आए थे और मुस्कुरा मुस्कुरा के बस चले गए क्लास में जवाइन करने के लिए वही नंबर है हमारा 74836 और उसमें आप जवाइन कर सकते जो यथा सामर्थ उसमें बताने का प्रयास किया जा सकता है जाता है और हिंदू योद्धा के रूप में बनाने का कोर्स है वो जो हम लोग करते व्यक्ति हिंदू योद्धा बने ये तो है बहुत सारे प्रश्नों के उत्तर मिल जाएंगे आपको उस क्लासेस में अपने आप अपने आप

01:01:20:21 ही भया अब पियूष अब पियूष यहां पर दिख क्यों नहीं रहे हैं पता है य कमेंट्स में क्यों नहीं दिख रहे हा इसलिए नहीं दिख रहे कि वो जो करने आए थे व कर नहीं सकते चरणों की सौगंध खाली है क्या करें तो अब यहां रह के फायदा क्या है ठीक है अ भद्र भाषा के लिए कारवाई करते हैं कुछ ना कुछ चित्र बिगाड़ रहे हैं हमारा और इनका युगल जी का जोकर ड यह सब कह रहे हैं तो करते हैं कारवाई [संगीत] करेंगे शक्तिमान के शत्रु द्वारा तारीफ प्राप्त हो रही है प्रशंसा अच्छा आभार आपका समर्थन प्रकट करने के लिए किलविश एक पुराना कैरेक्टर है अंधेरा कायम रहे

01:02:26:26 बिल्कुल था तो सब्सक्राइबर मीट चलिए समय समय मिला तो किसी दिन रखते हैं सब्सक्राइबर मीट आद राय जी पूछ रहे कि मनुवाद आएगा कौन पूछ र है आदिर जी मनुवाद आएगा नहीं आएगा व आप पर निर्भर करता है ना जब तक आप और हम है तब तक मनुवाद है आना कहां से है यहां तो आर समां का लज जाता है ना कि भाई जब जब वह पहले से है तो उसको जन्म लेने की क्या आवश्यकता बिल्कुल तो मनुवाद तो है ही मनुवाद को संरक्षित करना है हमें केवल यथा सामर्थ फिर आगे तो भगवान भी है वो भी बैठे हैं कोई बात नहीं अब मैं आता हूं बस बहुत हो चुका एक बार गुरुदेव बता रहे थे कि मान लीजिए अगर वर्ण व्यवस्था नहीं रहेगी तो अब कल्की अवतार जी का कल्की अवतार भगवान का तो जो प्राकट्य होगा वह तो ब्राह्मण कुल में ही होगा तो जब वर्ण व्यवस्था नहीं रहेगी कोई ब्राह्मण बचेगा ही नहीं तो अवतार कैसे होगा तो इसलिए भगवान स्वयं इसको हमेशा प्रतिष्ठित करके रखेंगे क्योंकि सनातन अकॉर्डिंग टू आ समाज न मुझे ऐसा लगता

01:03:42:01 है कि भगवान जब गेट पर आएंगे कि भाई मुझे जन्म लेना है तो जो क्षत्रिय होगा वो कहेगा हां तुरंत वण बदल लेता हूं वर्ण बदल लिया मैंने वर्ण कैसे बदला बेटा ए फ एप्पल होता है हां पढ़ा दिया मैंने पढ़ा दिया आ जाओ ब्राह्मण हो गया आ जाओ जन्म हो गया यही यही तो है ब क कर्मणा मैंने पढ़ा दिया बच्चे को अरे छोटू इधर से नहीं उधर से जाना ये लो मैंने मार्गदर्शन कर दिया ब्राह्मण हो गया आ जाइ भगवान ब्राह्मण हो गए भगवान कहेंगे इधर मैं बताता नकली ब्राह्मण

01:04:27:01 जी जी धर्म के पक्ष में किलविश जी धर्म के पक्ष में व उन्होंने अपने किसी कारणवश वो नाम रखा होगा मगर व अच्छा है याद आ गई छोटे बचपन की नाम अभ कक्टर मिलेंगे आपको शक्तिमान के यहां पर एक से एक नाम बदल के आएंगे शक्तिमान काने दे सुपर हीरो का नाम रखते हैं वो लोग अद करते हैं और जो लोग विलन का नाम रखते हैं वह अच्छा आचरण करने वाले होते हैं जी पीयूष ठाकरे जी हमारा नंबर नोट कर लीजिए 7408 30169 इस पर ट करने पर आपको फॉर्म मिल जाएगा व फॉर्म भर दीजिएगा नाम जप के

01:05:20:10 लिए क्या समस्या है इनकी लॉर्ड दज्जाल जी व्ट द फ हिस्टोरियन एंड एविडेंसेस से आई एम सेइंग एक्जेक्टली दैट ठीक है तो मुझे लगता है कि आते हैं ब्रह्मा जी पंचदेव में आते हैं जहां पर ब्रह्मा जी प्र ब्रह्मा जी को प्रजापति कहा गया है शास्त्रों में और प्रजापति सूर्य को भी कहा गया है ब्रह्मा जी ही सूर्य है और सूर्य ही ब्रह्मा जी है और प्रजापति भी सपद ब्राह्मण बहुत सारे ग्रंथ है जहां पर ये विवेचन है ठीक

01:06:04:03 है अधिरा 2030 तक लागू ओहो जयगर वेटिकन सि हरि रत्नम आचार्य जी कौन है उस दिन हर हरि रत्नम आचार्य जी वो तो नहीं है जो वेदांत पाठशाला नाम से वो लाइव किया था वही है शायद वो वो लिखते हैं अपने नहीं है नहीं वो लिखते हैं आचार्य तो प्रशांत वो भी नहीं है नहीं वो मैंने पूछा था वो मैंने पूछा था हरि रत्नम से वो आचार्य नहीं है अच्छा आचार्य नहीं हा क मतलब अपने आपको आचार नहीं कहता इतना तो है क्या इसकन के सिद्धांत में नहीं वो कहता कहता होगा क्योंकि मैंने बहुत लोगों से सुना है कि वो अपने आप को कहते हैं कि वो आचार्य है शास्त्री लेकि हां ये लगता नहीं है वो नहीं है बच्चे हैं वो अभी नहीं नहीं एक से अधिक वर्ण नहीं हो होता है बस यह है कि जब आप वर्ण उचित कर्म करने वाले होते हैं तो आप प्रॉपर उस वर्ण को धारण करने वाले बन जाते हैं और जब आप

01:07:19:27 जैसे ब्राह्मण कुल में जन्म लेकर आप क्षत्रिय वाला कार्य कर रहे हैं तो आप क्षत्रियो उचित ब्राह्मण कहलाएंगे और अगर शुद्धता की दृष्टि से देखेंगे तो आप कर्म संकर हो गए तो जब आप क्षत्रियो चित ब्राह्मण हो गए तो आपको अमुक अमुक कई सारी जो विधि विधान होंगे उससे आपको अलग रखा जाएगा अब जैसे कि शंकराचार्य कौन बनता है जिसने कुल में जन्म भी लिया हो जिसने बचपन से ऐसा ऐसा किया हो इतनी इतनी पढ़ाई की हो फिर जाकर के उसको गुरुओं का सानिध्य प्राप्त हुआ हो फिर वो वेद वेदांग में निपुण हो इन सबके बाद वो बनता है ऐसा नहीं है कि जन्म ले लिया शंक हो गए तो वो वाली बात है कि क्षत्रियो चित ब्राह्मण वैश्य उचित ब्राह्मण हो सकता है ब्राह्मण उचित क्षत्रिय भी आजकल होने लगे हैं तो उसका परिणाम है जब हम लोग अपने अपने जो जिस कुल में जन्म लिया वो कर्म ना करके जब दूसरे कर्म करने पड़ रहे हैं हालांकि वो वो है समाज की समाज का स्ट्रक्चर ही ऐसा बना हुआ है तो किया क्या जाए अभी मैंने देखा था मुझे एक फोटो शेयर की गई थी उसमें क्या था एक एक युवक ने वो युवक ने आत्महत्या कर ली और क्योंकि क्योंकि वह कुछ पास नहीं हो

01:08:34:27 पाया किसी परीक्षा में किसी भी सेलेक्ट नहीं हो पाया इसलिए आत्महत्या की यह परिणाम है कर्म आधारित वर्ण व्यवस्था को मानने का यह परिणाम है उसका और जब आप जन्म से जन्म जन्म आधारित वर्ण व्यवस्था को मानते हैं तो क्या होता है जन्म से सबकी जीविका सुनिश्चित है जीविका के लिए दिमाग और और अलग से प्रेशर नहीं लगाना है जो आपके कुल में हो रहा है नहीं करना पड़गा हा जो आपके कुल में हो रहा है बचपन से आप वही सीखो ग वही सीखो गया आप और उसी को ही और ज्यादा निपुण होते हुए वही करने लोगो के आगे बिल्कुल उनको एक्स्ट्रा एफर्ट्स नहीं डालने है कि नहीं मैं बना मैं जन्म तो लिया लेब्राडोर का पर मुझे अब जो है रट वेलर बनना है बिल्कुल ये तो है वो भी बचपन सेही नहीं बड़े हो करर के जब वो 20 2 साल बिता लिए जब वो भाई जब व्यक्ति जन्म लेता है तो उसकी जो कॉपी होती है नोटबुक वो खाली होती है तो उसमें हम कुछ भी लिख भी सकते हैं पाच वर्ष की आयु में लिखना शुरू कर दिया मगर जब वो 25 वर्ष का हो गया तब वो कह रहा है कि अब मुझे जो है सब पछ पिछला मिटा कर के ये करना है और फिर आपको प्राप्त होने वाला जो खून है वो कहां चला जाएगा रक्त तो डीएनए तो प्राप्त हुआ ही है आपको पीछे का बिल्कुल अभी मैं जो आजकल वो डोनेट

01:09:50:01 करते हैं जो परक नली शिशु इत्यादि होते हैं जो तेरो गैसी मदर होती है या फिर सेरोगेसी फादर भी होता है तो उसमें देखते हैं कि हम जिसका जिसका डोनेट डोनेट करवाए है ना संतान प्राप्ति के लिए तो वीर जो होता है या फिर गर्भ धारण करने वाली जो मां होती है उसका कुल वंश अच्छे से जाच जांच हैं क्यों जांच रहे हो बिल्कुल जांच क्यों जांच रहे हो जब वो जन्म से गु गुण कर्म नहीं आने वाले हैं तो कोई भी हो अभी आपको 50 डोनर मिल जाएंगे सरकारी ठेके के पास चले जाइए 50 डोनर मिल जाएंगे आपको क्यों नहीं जाते वहा सरकारी ठेके के पास हा फाइल बनती है मोटी मोटी ब्राउंड मैंने कभी अखबार में पढ़ा था जॉन अब्राहम का लेने के लिए डोनेट डोनेट में जॉन अब्राहम का लेने के लिए जा रहे क्यों जा रहे हो भाई करोड़ों रुपए खर्च करके सही बहुत सस्ते मिल जाएगा किसी को भी पकड़ो रास्ते में बहुत आसानी से मिल जाएगा बहुत लोगों को अर्थ की आवश्यकता है किसी का भी ले लो और उसको बना लो लेब्राडोर या रट वेलर ऐसे नहीं होता है जन्म से हमें प्राप्त होते हैं सत्यम जी आए हैं जय श्री राम सत्यम

01:11:05:13 सक्सेना जी जय श्री राम बताए अपना परिचय दे जी बोलिए सना जी चले गए एक और है यह ज्ञानी पिशाच करके हैं यह कौन है य तो मुझे कुछ ज्ञानी जी आप अपना चेहरा दिखाएं

01:11:42:01 अमृत अमृत पाठक पाठक ही है जी पाठक जी आप अन म्यूट कर लीजिए अपना अन म्यूट कर दीजिए पाठक जी को जी बोलिए हेलो भैया मैं अभी शास्त्री द्वितीय वर्ष का विद्यार्थी हूं बीएचयू में जय श्री राम अच्छा जय मैं एक साल से इसकन संस्था से जुड़ा हुआ हूं और जुड़े हुए हैं अभी भी है अभी भी हू मतलब पहले रहता था रूम लेकर रहता हूं अलग से अच्छ भैया मतलब आपकी वीडियोस को सुनता हूं और पूरी शंकराचार्य जी को भी सुनता हूं तो बहुत स बहुत सारी चीज मेरे को क्लियर हुआ और वहां बहुत जो गलत गलत सिद्धांत पढ़ाया जाता है लेकिन भैया अब मेरे को एक समस्या में अभी हूं कि जैसे मैं इसकन से बहुत अच्छे चीजों को भी सीखा तो अब मेरे को लगता है कि क्या मुझे वह संस्था छोड़ देना चाहिए क्योंकि जैसे मेरे जो दोस्त है जो मित्र है जैसे वो भी ब्राह्मण है लेकिन जो वहां के लोग वो ब्राह्मण नहीं होकर भी बहुत अच्छा

01:12:57:04 अच्छा आचरण कर रहे हैं अपने जीवन में और वो ब्राह्मण होकर भी गलत आचरण कर रहे हैं तो फिर कभी कभी ऐसा मतभेद आता है कि मैं ऐसा सिच देखिए पहली बात तो यह है कि दो भाव है एक तो हमने वहां से बहुत कुछ सीखा है ठीक है जी उसके कारण पहली बात य संस्था छोड़ने का अर्थ क्या है क्या अर्थ है संस्था छोड़ने का लोग मुझसे पूछते हैं कि सनातन में वापसी कै हो सनातन में घर वापसी के लिए कोई स्पेशल प्रोटोकॉल नहीं बनाया गया है जिन्होंने बनाए हैं स्पेशल प्रोटोकॉल उन लोगों ने अपने मन गंत बनाए हैं दिखावा स्पेशल प्रोटोकॉल नहीं बनाया गया जिस दिन आप सनातन के सिद्धांतों पर आस्थान वित हो गए उस दिन आप सनातनी हो गए जी उनके प्रति आप में निष्ठा आ गई आप सनातनी हो गए है ना मगर अब आप कह रहे संस्था छोड़ने की क्या आवश्यकता है अगर आपके मन के अंदर सच्चाई है वास्तविकता है तो वहां की उन चीजों को ग्रहण करिए केवल जो ग्रहण करने योग्य है और अपना जीवन उस तरह से लीजिए मगर एक दिक्कत य आती है कि जो जगह गलत है उसके चेहरे पर तो कुछ और

01:14:12:06 लिखा है जैसे मान लीजिए कि जो नल की पत्नी थी दमयंती है ना उनको जो अजगर है वो खाने वाला था ठीक है अब अर खाने वाला था और वहां पर एक व्याध आता है और वो उनकी रक्षा कर लेता है ठीक है उसके बाद व्याध की कुदृष्टि हो जाती है दंती के ऊपर तो उस सिचुएशन में क्योंकि व्याध ने उनके उनको मरने से बचाया क्या दमयंती द्वारा अपने आप को उन्हें सौंप देना चाहिए हम आपसे पूछ रहा हूं नहीं नहीं भैया तो यही बात है कि जो आपको उनसे अच्छा मिला वो अच्छी बात है मगर क्या है कि सिद्धांत का त्याग नहीं करना है भले ही संबंधों का त्याग करना पड़ जाए हिरण्य कश्यप पिता थे प्रहलाद के पिता क्या उन्होंने कुछ अच्छी बात नहीं सिखाई होगी उन्हें गुरुओं को प्रणाम कैसे करना है खाना कैसे है पीना कैसे आचरण सिखाए ना अच्छे मनुष्य के आचरण मिले ना उनको प्रहलाद जी को आचरण मिले ना मगर यह आचरण प्राप्त होने के बाद भी जब उन्होंने ना को मानने से मना कर दिया नहीं नारायण जाप

01:15:27:08 मत करो मेरे नाम का जाप करो तो उन्होंने क्या किया सिद्धांत का त्याग नहीं किया संबंधों का त्याग और जो लोग संबंधों का पक्ष रखते हैं संबंधों का त्याग नहीं करते सिद्धांत का त्याग कर देते हैं उनकी दुर्गति भी देख लीजिए भीष्म पितामह भीष्म पितामह को मालूम था धर्म और अधर्म क्या है सिद्धांत क्या है उन्हें मालूम था जी मगर उन्होंने संबंधों को वरीयता दी हम है ना कई बार हमारे सामने आते हैं जीवन में ऐसे दो रास्ते जिसमें से एक कम गलत होता है एक ज्यादा गलत होता है हम और कई बार आते हैं जिसमें से एक ज्यादा सही होता है और एक कम सही होता है तो सही में से ज्यादा सही चुनना और गलत में से कम गलत चुनना ये हमारा वहां कर्तव्य हो जाता है हम ठीक है तो सिद्धांत की रक्षा करिए भले ही उसके लिए संबंधों का त्याग करना पड़े अब यदि आप ऐसा सोचे कि कोई संस्था है जो ऊपर से तो आचरण दे रही है सब कुछ पूरा उसका व्यापारी करण है धर्म को कैसे धर्म का एक कॉर्पोरेट वर्ल्ड बना हुआ है उस संस्था में कॉर्पोरेट वर्ल्ड धर्म का

01:16:42:08 एक धर्म का कॉम्प्लेक्शन गुरुओं के चरण में अपने जो परंपरा प्राप्त आचार्य गण है रामानुजाचार्य निंबार्काचार्य शंकराचार्य इनको छोड़कर और वहां से प्राप्त होने वाला धर्म जो है वह क्या है व शाश्वत नहीं है वो लोग खुद कहते हैं कि हमने मुसलमानों को कन्वर्ट करने के लिए ऐसा कहा हमने ईसाइयों को कन्वर्ट करने के लिए ऐसा कहा इसलिए गीता में ऐसा ऐसा लिखा है तो शाश्वत धर्म नहीं है तो उसको जब वो शाश्वत ही नहीं है तो इस सच्चाई को मानना आत्मसात करना ना कहना ही उस संस्था को छोड़ देना है बाकी आप व्यक्तिगत संबंध उनसे रख सकते हैं मगर यदि आप वहां पर फिजिकली अपीयर हो रहे हैं तो आप वहां का संख्या बल बढ़ा रहे हैं कई बार लोग कहते हैं ना कि भाई वहां तो मैं जाता हूं भगवान कृष्ण की मूर्ति के लिए मुझे वहां की मूर्ति बहुत अच्छी लगती है पहली बात वो भगवान कृष्ण की मूर्ति है ये शास्त्रों से सिद्ध होगा जब वहां पर शास्त्रोक्त विधि का वर्णन ही नहीं है तो वो केवल एक मूर्ति है वो विग्रह नहीं है प्राण प्रतिष्ठा हुआ अगर शास्त्रों को ताक

01:17:57:16 में रख दिया गया है है ना जैसे मान लीजिए जाकिर नायक कल को एक मंदिर खोल दे राम नाम का और उसम बकरे को चढ़ाए उनको रोज श्री राम जी को और उनके हाथ में धनुष पकड़ा दे और वहां पर चचेरी ममेरी बहनों से ब्याह करवाए उन्हीं के सामने तो क्या वह राम आपके राम है नहीं वो राम जैसे दिख रहे हैं वो राम नहीं है राम कौन है मर्यादा पुरुषोत्तम रामो विग्रहवां धर्मा तो इसी तरीके से हमें लेना चाहिए कि वो सब चीज तो है जो बहुत ज्यादा मैच खा रही है दिखाई दे रही है मगर अंदर जब आप जा रहे हो तो उसके अर्थ में आपको वह सनातन प्राप्त नहीं हो रहा है जो वास्तविक स्वरूप है सनातन का तो आप अपने परंपरा प्राप्त आचार्य गणों की शरण में जाइए वहां का संख्या बल बढ़ाइए जिससे कि हमारा जो परंपरा प्राप्त हमारे जो सार्वभौम सिद्धांत है वो उस तरीके के सशक्त रूप में दिखाई दे कि इस तरीके के जो तंत्र है वो खड़े ही ना हो भविष्य में अगर हमने ऐसा नहीं किया और हमने अपनी ओर से कोई प्रयास नहीं किया और यह लोग अपने उसम आते जा आते गए अस्तित्व में तो मैंने अभी कल परसों के अपने उसम बताया था आज इनके

01:19:12:18 ऑनलाइन जो पोर्टल्स है वहां पर कृष्ण के साथ क्राइस्ट को ख्या पित किया जा चुका है बाइबल इत्यादि के नाम की शिक्षाएं दी जा रही है इनके ग्रंथों में हमारे इस कन जाने वाले जो बालक गण है संतान है वह जो है आस्थान वित हो रही है जीसस क्राइस्ट के प्रति आज जी आने वाले समय में बहुत बड़ी बात नहीं है जब आपको अभी हमारे शिव दुर्गा काली गणेश य सब गायब हो गए मंदिरों से इसकन के मंदिरों से अधिकांशत आने वाले समय में क्या होगा जो हमारी वास्तविक संस्कृति उसका मूल स्वरूप है वो तो दिखेगा ही नहीं अगर इनके हाथों में चली गई तो धीरे धीरे ऐसे ही मंदिर केवल दिखेंगे ना जिसमें सि दुर्गा काली की पूजा को पाखंड माना जाता होगा भगवान समझने वालो को पाखंड माना जाता हो तो क्या होगा केवल कृष्ण रह जाएंगे और क्योंकि अभी से कृष्ण के समानांतर क्राइस्ट को खड़ा करना शुरू किया जा चुका है तो बहुत बड़ी बात नहीं है धीरे से कि नहीं क्राइस्ट जो है सबसे अच्छा रूप है भगवान यह भी हो सकता है है ना तो कृष्ण क की एक जर्नी मुझे तो दिखाई देती जब मैं ओवरल बाहर

01:20:27:19 निकल के देखता हूं कैसे हम कृष्णा से क्रा तक पहुंचे जी तो इसलिए हमें जागरूकता की आवश्यकता है बाकी निर्णय आपका है हम इसमें ये नहीं कहेंगे नहीं नहीं आप ऐसा करो ही करो हमने आपको शास्त्रों के और जो वृतांत स्मृतियां उनके आधार पर भी आपको बताया है ना बहुत कठिन समय था कुंभकरण जब उठे उनसे कहा राम से लड़ो तो वह चाहते तो ना लड़ते मगर उन्होंने भाई के मोह के कारण लड़ाई लड़ी तो आज उनको राक्षस में ही गिना गया और जो है उनका वध हुआ अधोगति को प्राप्त हुए इसी प्रकार से द्रोणाचार्य आचार्य थे फिर भी वो कौरवों की तरफ से लड़े और अधर्म की तरफ से लड़ने के कारण अधोगति को प्राप्त हुए ये सब शिक्षाए है कि जिन्होंने अपने सिद्धांत को नीचे किया संबंध को ऊपर किया वो लोग कभी भी उसको प्राप्त नहीं हुए और जिन्होंने संबंध को पीछे कर दिया सिद्धांत को ऊपर कर दिया वह हमारे आदर्श राम श्री राम के सामने एक विडंबना आई क्या थी वह विडंबना कि माता सीता के को आधार बना

01:21:42:20 कर के वहां की कई स्त्रियां कुछ दुराचार करने लगी माता सीता को आधार बना कर के और उससे प्रजा में विप्लव होने लगा अब प्रजा जो है वह उसका कहना य है कि माता सीता के कारण हमारे साथ उसका मतलब उसका जो दृष्टिकोण है और वह प्रजा कैसी प्रजा थी हीन हीन आचरण वाली प्रजा नहीं थी स्वधर्म का पालन करने वाली वर्णो चित धर्म का पालन करने वाली ऐसी प्रजा वह परेशान होने लगी तो एक तरफ थे शासक के मेरी प्रजा जो है परेशान हो रही है और एक तरफ कि मेरी पत्नी निर्दोष है उसको मैं कैसे तो दो गलत परिस्थिति आ गई या तो अपनी जो स्वधर्म का पालन करने वाली प्रजा है उसको कष्ट में रहने दे और या फिर जो हमारी धर्म पत्नी है जो निर्दोष है उसको कष्ट में रहने दे तो वहां पर उन्होंने क्या सिद्धांत दिया कि नहीं दो गलत रास्तों में से कम गलत करेंगे एक तरफ पूरी प्रजा को परेशान करना और एक तरफ निर्दोष पत्नी को परेशान करना तो उन्होंने वहां पर क्या किया निर्दोष पत्नी को वनवास भेज दीजिए उसके पीछे भी बहुत सारी और अलौकिक है चीजें है मगर उन्होंने एक आदर्श दिया कि जब आपके सामने दो गलत रास्ते हो तो उनमें

01:22:57:22 से कम गलत को चुनो दोनों गलत है प्रजा भी परेशान है और इधर इनको कष्ट होगा तो उन्होंने आदर्श स्थापित किया हमारे लिए कि मैं अपनी पत्नी का त्याग कर देता हूं जिससे कि यह जो प्रजा है वो सुखी हो इसी तरीके की इसी तरीके का कुछ कथानक वृंदा जो वृंदा वाला वो है कथा है व वृंदा वाली तुलसी जी का जो पिछला जन था उससे भी हमें यही सीखने को मिलता है वो फिर किसी दिन बताएंगे अलग तरीके की है वो कथा जी हां तो भैया बता भैया जी एक प्रश्न था जैसे आपने बताया एक नाम जब ग्रुप से जुड़ने के लिए उससे कैसे जुड़ सकते हैं और आपसे जुड़ना आप जो है 7408 30169 ये नंबर नोट कर लीजिए जी इस पर व करिए हम एक फॉर्म मिलेगा आपको जी और और बीएचयू में हमारी टीम के एक एक टीम लीडर है वहां पर जो पूरा संभालते हैं उनसे भी संपर्क कर लीजिएगा आप जब व करेंगे हम उनका संपर्क सूत्र दे देंगे आपको जी भैया ठीक वो भी वहां अन रहते हैं सेवन ये नंबर नोट कर लीजिए इस परे आप जो

01:24:13:03 है ट करेंगे आपको जो है फॉर्म मिल जाएगा नामा स्त्र से जुड़ने के लिए और हम और आप बैठ कर के सब लोग बैठ कर के आहवान करेंगे भगवान का ना मास्त्र के द्वारा जी जितना आवान होगा उतनी जो देवीय शक्तियां उतनी वो उसमें आएंगी अस्तित्व में और धीरे धीरे स्वतः नाश होने लग भगवान ने क्या कहा मेरी शरण में आ जा चिंता मत कर मैं देखूंगा तेरी प्राप्ति और प्राप्ति मैं देखूंगा हम पूरे जीवन ये करते रहते कि हम जो है स्वयं करेंगे भगवान के पास बाद में जाएंगे यह दिक्कत में रहते हैं हम लोग अगर सवाल भी आ रहे मन में तो उन सवालों का खोज खुद करेंगे पहले भगवान की शरण पकड़ लो फिर सवाल अपने आपके हल होते जाए मेरे पास मेरे जीवन में तो हुआ भी है मैं डेडलिफ्ट का एक मतलब मैंने थीसिस लिख डाली है डेडलिफ्ट के ऊपर डेडलिफ्ट स्कट के ऊपर बेंच प्रेस के ऊपर कि जब आप डेडलिफ्ट कर रहे होते हैं नीचे से पड़े हुए वजन को उठा रहे होते हैं जो डेड वेट होता है उसको जब उठा रहे होते हैं तो किस किस क्षण आपकी कौन-कौन सी मसल्स पर जोर आएगा लोड आएगा बिल्कुल एगजैक्टली ये मैंने पता किया मगर ये कब किया मैं दो दो तीन-तीन साल तक लगा रहा लगा रहा नहीं हो रहा था मगर इधर भगवान का नाम लेना शुरू किया जाप शुरू किया और

01:25:28:10 अपने आप जैसे हलवा हो गया वो सब जानना डेडली डिस्कोट ये जो भौतिक वो है लक्ष्य वो तो ऐसे प्राप्त होने लगते हैं जिसकी कोई सीमा ही नहीं आपको लगेय क्या चमत्कार हो रहा है क्या मेरे साथ बैठे बिठाए विष्णु भगवान का नाम लीजिए बैठे बिठाए आपको खबरें आने लगेंगी हा वहां से यह काम हो गया वो काम हो गया इतना ज्यादा उसमें बल होता है केवल नाम जप में तो यह बिल्कुल यह सिद्ध बातें है इसमें जैसे ही करना शुरू करते हैं नाम जप अपने आप आपके जीवन में वह आने लगता है जो आना चाहिए मगर बस प्रॉब्लम यही है वो डायलॉग है ना कि सक्सेस के पीछे मत भागो तो व्यक्ति सक्सेस के पीछे भागता है इंटेलिजेंस के पीछे नहीं भागता है वही बात यहां पर है कि आप जो है भौतिक दुनिया के पीछे मत भागो भगवान के पीछे भागो भगवान के पीछे भागोगे भौतिक दुनिया आपके पीछे अपने आप आएगी ठीक है जी अच्छा लगा आपसे बात इसमें एक और उदाहरण दे देता हूं मैं जी महाग बता रहे थे इसके बारे में करपात्री जी के बारे में कि वो भी बचपन में गुरु के पास जब पढ़ते थे तो अपने पास कोई पोता पोथी नहीं रखते थे वो याद करते थे तो वो

01:26:43:25 भगवान का नाम का जब इतना करते थे कि उनकी मेधा इतनी लक्षण हो गई थी कि उनको वेदों हम वेद उनको याद ग्रंथ उनको याद रहने लग गए उनकी स्तुति जो मेदा थी इतनी बढ़ गई थी उनकी और उनके बाद स्वत ही उनके पास ऐसे विचार आते थे उनके मन में इस तरह से जो वेदों से मिलते थे तो कहने का अर्थ यह है कि भगवान के नाम में इतनी शक्ति है कि आपको वैदिक ज्ञान भी प्राप्त हो सकता है उस शक्ति ये मैं नहीं कह रहा हूं ऐसा राज दास जी बता रहे थे जी स्वयं तो ये चीज है क्योंकि करपात्री जी महाराज भी हरनेस राम नाम का जप करते रहते थे ह ऐसा शब्द कहते हैं तो नाम जप में तो है ही शक्ति

01:27:26:15 नाम जब भी एक शरणागति का मार्ग ही है भगवान के ऐसा होता है कि भगवान के हमने पैर पकड़ लिया मैं छोडूंगा नहीं जब तक सुनोगे नहीं मेरी बात हम लोग तो कई प्रकार की वो भाव में डूब जाते तो कई प्रकार के आते के भगवान कह र छोड़ छोड़ नहीं छोडूंगा मैं टंगा तुम्हारा नाम बड़े अच्छे अच्छे भैया एक अंतिम प्रश्न है मेरा क्या आध्यात्मिक ज्ञान जो है वह कहीं से भी लिया जा सकता है जैसे य इत्यादि प अभी बहुत सारे आचार्य गुरु हैं जो आध्यात्मिक ज्ञान दे रहे हैं तो जैसे कहा जाता है कि हमें जहां से भी अच्छा ज्ञान मिले हमें वहां से ले लेना चाहिए

01:28:12:24 जैसे वो भी समाज के ऊपर हा बात ये है कि क्या अच्छा है और क्या बुरा है यह आपको पता कैसे है जो मतलब जो मुझे अच्छा लग रहा है भैया जो सही लग रहा है इसका अर्थ है कि आपके आपका जो आध्यात्मिक ज्ञान जो सही है या गलत है वो इस पर आधारित है कि आपको क्या अच्छा लग रहा है आपके संस्कार क्या है अब किसी के संस्कार बचपन से हैं कि उसको मां से ही खाना है तो उसके लिए तो आचार्य प्रसन नहीं है फिर हम नहीं है ना इसलिए यह सिद्धांत नहीं है कि जो मुझे अच्छा लग रहा है जो मीमांसा दर्शन उसमें जो कुमारिल भट्ट जी उन्होंने एक बहुत वैसा कठोर शब्द में लिखा है कि माता के साथ रमण करना भी अच्छा लगता है सुख प्राप्त सुखदायक होता है मगर वह धर्म नहीं कहा जाएगा यह उनके शब्द है कुमार भट्ट जी अच्छा लगना धर्म और अधर्म का निर्णायक नहीं है तो क्या है धर्म और अधर्म का निर्णायक तस्मा शास्त्रम प्रमाणम भगवत गीता 1624 और जब तक हम लोग अपने अपने मुताबिक हमें क्या अच्छा लग रहा है उसको क्या अच्छा लग रहा है इसके अनुसार जब तक हम लोग धर्म और अधर्म की व्याख्या करते रहेंगे तभी तक तो संसार में विप्लव रहेगा

01:29:28:04 जी विप्लव क्यों है क्योंकि जो आपको गलत लग रहा है वो किसी और को सही लग रहा है जब हम एक शास्त्र के नीचे आते हैं थर्ड व्यक्ति थर्ड पार्टी जिसके नीचे आते हैं तब हम लोग अब जैसे आज वैकल्पिक शास्त्र तो है ही ना संविधान के रूप में जी वैकल्पिक शास्त्र के नीचे आ गए ना संविधान के रूप में मगर वो भी क्योंकि वो बदल रहा है तो हम ये डिपेंड नहीं हो सकते कि नहीं यह जो चीज आज हम गलत मान रहे कल भी गलत हो जैसे पहले लिवन रिलेशनशिप नहीं था आज मेरे ख्याल से हो गया है है ना तो हम उसके ऊपर निर्भर नहीं हो सकते कि य अच्छाई बुराई का ही निर्णायक है वह केवल व्यवस्था लाने के निमित्त है और व्यवस्था लाने के निमित्त क्यों है क्योंकि ईश्वर वाणी के नाम पर अनश्वर वाणिया भी प्रचारित हो गई है ईश्वर के नाम पर एक है और ईश्वर के नाम पर बहुत सारी है अब उसमें एक वो कैसे लाए तो एक वैकल्पिक शास्त्र बनाया गया जिसको संविधान कहते हैं अच्छाई और बुराई तो तस्मा शास्त्रम प्रमाणम अच्छाई और बुराई का निर्णय शास्त्र करेंगे आप करोगे तो आप तो जन्म से जन्म से आप एक पशु

01:30:43:18 हो जन्म से हम क्या है पशु अगर हमको हमारे माता पिता ये ना सिखाए कि बाहर कपड़े कपड़े के बिना नहीं जा तो चला चले जाएंगे हम लोग कपड़े के बिना बाहर जाएंगे तो वस्त्र धारण करना हमें हमारे माता पिता ने सिखाया उनको उनके माता पिता ने सिखाया और यह जो धर्म की स्थापना है यह होती है शास्त्रों से अपने आप से नहीं होती है फिर हमारे जो बंड्स बन गए बचपन से लेकर के बड़े होने तक विचार इत्यादि आ गए हमने तरह तरह के विचार पाल लिए फिर हमने जब किसी को सुना उनमें से किसका विचार हमसे मैच खा रहा है हमको हिट कर गया हमको वही सही लगने लगता है यह है

01:31:26:09 अब इसमें है क्या कि भगवत गीता में एक बात कही गई है अज्ञानता वस हमने एक चार्ट बनाया है किसी दिन उस पर वीडियो बनाएंगे उसमें प्रथम स्तर के जो हिंदू हैं या धार्मिक है आस्तिक है उसमें क्या है कि उसमें सबके बाद जैसे परंपरा प्राप्त आचार्य हो गए उनके परिकर हो गए उनसे दीक्षित हो गए यह सब ठीक है उसके बाद भी एक प्रकार और है उनका कि जो लोग अज्ञानता वश अथवा व्यवस्था वश धर्म का पालन नहीं कर पा रहे हैं मगर उनके मन में आस्था है कि सही तो वही है मैं जो कर रहा हूं गलत है अगर इतनी निष्ठा भी है तो भी आप प्रथम श्रेणी के सनातनी है प्रथम श्रेणी के आस्तिक है प्रथम श्रेणी के धार्मिक है होता क्या है द्वितीय श्रेणी में कौन आता है जो यही वाली बात बदल जाती है वहां वह क्या होता है कि जब उसे यह पता चलता है कि मैं शास्त्र विरोध कर रहा हूं तो व शास्त्र को गलत कहने लगता है मैं नहीं मानता गलत है जैसे कि रामपाल दास जी के लोग क्या करते हैं विदों में प्रमाण है कबीर साहब भगवान है अब उसी में भगवान विष्णु को कहा जा रहा है जिसको वह प्रमाण मान रहे हैं उसी में भगवान विष्णु को कहा जा रहा है परम ब्रह्म यह अज्ञानता बश यह क्या हुआ यहां पर उन्होंने शास्त्र

01:32:41:09 को दोष देना शुरू कर दिया तो जो जब शास्त्रों को दोष देने लग जाए तो इसका मतलब शास्त्रों से बाहर से उनका धर्म और अधर्म का निर्णय हो रहा है और जब शास्त्रों के बाहर धर्म धर्म का निर्णय होगा तो मन मुताबिक होगा अपने मन से कुछ भी अच्छा कुछ भी बुरा जो जिसका जो समझ में आए तो कुल मिलाकर आपके प्रश्न का उत्तर क्या हुआ कि शास्त्रोक्त जो आचार्य हैं उनके द्वारा ही धर्म और अध्यात्म की का ज्ञान लेना चाहिए अब जैसे आचार्य प्रशांत है वो कई जगह पर जो हमारा वास्तविक धर्म है उसका खंडन करते हैं गलत शिक्षा फैलाते हैं जैसे कि वर्णाश्रम धर्म को ना मानना जैसे कि यह कहना कि मैं तो कहता हूं कि अभी थोड़े बहुत दिनों में यूटरस निकाल दिया जाए मातृ शक्तियों का यह सब बातें भी करते हैं वो है ना मैं मनुस्मृति को सिद्धांत नहीं मानता पता नहीं किसने उसको प्रमाणिक माना है राम ने माना है श्री राम जो जिसको प्रामाणिक मान रहे हैं उसके लिए आप इतनी आपत्ति जनक बातें कर रहे हो अच्छा वो यह क्यों लिखते हैं कि मैं मैं आईआईटी से पढ़ा ह बताओ क्यों लिखते हैं अपना पवा दिखाने के लिए ना हम कि मैं इंजीनियर भी हूं पवा जी

01:33:56:26 तो फिर वो ये क्यों नहीं बताते मैंने धर्म की शिक्षा कहां से ली किसी से नहीं लियाने पुस्तक मतलब अपनी भौतिक उपलब्धि को बताने के लिए अपनी परंपरा बता रहे हैं परंपरा भाई मैं आईआईटी एन हूं तो आईआईटी एन क्या है मेरी परंपरा मेरे गुरु का नाम पता चल जाएगा आईआईटीए से और वहां जाएंगे तो उसके गुरु का नाम वहां जाएंगे तो उसके गुरु का नाम तो आईआईटी यानी इंजीनियरिंग की शिक्षा का से ली इसकी गुरु परंपरा व दिखा रहे हैं अपनी गुरु परंपरा जो धर्म की जिसके बारे में वह आचार्य लिख रहे हैं वह परंपरा कहां है जिनको व आदर्श मान रहे हैं शंकराचार्य के रूप में उनके ही ग्रंथों में ज बाल वाला वृतांत है जिसमें उन्होंने जब वो वहां जो है यह नहीं माना कि वो जो है उनको उनके पति का नाम नहीं पता था उनको उनका गोत्र नहीं पता था गोत्र तो उसको कन्वर्ट कर दिया कि उनको अपने पति का नाम नहीं पता था परिचर्या शब्द इतनी जगह आया में कहीं भी पर परिचर्या का अर्थ ये नहीं लिया गया कि परिचर्या का अर्थ होता है कि अतिथि गणों के साथ जो है देह संबंध बनाना और वहां पर परिचर्या शब्द आया है उनकी जो मां है जबाला उनके लिए सत्यकाम जी की जो माता जी है उनके लिए परिचर्या का शब्द आया है तो उसका

01:35:11:27 अर्थ उन्होंने ये निकाल लिया कि वो जो अतिथि गण आते थे घर में उनके साथ वो दहिक संबंध बनाती थी बताइए और क्यों निकाला जिससे कि वो अपनी किसी फॉलोअर को जिसने कई लोगों के साथ संबंध बनाए उसको वह संतुष्ट कर सके यह बता सके कि तुमने जो किया है वह सही किया है तो क्या हुआ व्यक्ति के अकॉर्डिंग धर्म की स्था धर्म बन रहा है जो उसको क्या अच्छा लगना चाहिए उसके अकॉर्डिंग धर्म तो यह शाश्वत धर्म नहीं है जी यह ब्रिक आडलज है उसमें पा 101 में यह कहा गया कि ज्यादा सवाल मत करो ज्यादा सवाल करोगे तो आपके लिए वो आयतें खोल दी जाएंगी जिनके कारण पहले के लोग बागी हो गए थे समझिए यानी कि वहां पर धर्म का निर्धारण किस चीज पर हो रहा है कि इसको लोग मानेंगे कि नहीं मानेंगे भाई मनुष्य का अंत तो गत्वा तो ये है ना कि उसको धर्म को नहीं मानना है उसके अंदर प्रवृत्ति है मुझे मैं मैं जो है मैं ये भी नहीं मानूंगा वो भी नहीं मगर जो उसको अपनी इंद्रियों को कंट्रोल कर ले जाता है वो आगे निकल जाता है मुक्ति के मार्ग पर और जो रह जाता

01:36:27:00 है व उसी में माया में फस के रह जाता है ठीक है जी धन्यवाद भैया बहुत आचार जो है प्रमाणिक हो और परंपरा से हो वंश परंपरा से ब्राह्मण और आचार्य परंपरा से आचार्य और सन्यासी अंतिम निर्णायक हो सभी सुति स्मति शास्त्र में सामंजस्य की शिक्षा दे और अंततोगत्वा आपका संशय दूर करे ईश्वर सर्वशक्तिमान है कि नहीं यह वाला ब मोक्ष मोक्ष परम स्वतंत्र है कि नहीं संध्या नहीं कि आप क्या किया जाए तो इस बारे में आप जो आचार्य श्री का चैनल है वहां संपर्क करें और संपर्क करके उनसे नाम जप का वो ले ले संकल्प और साढ़े लाख बार नाम जाप करें भगवान का उसके बाद आपका जेनेव दोबारा से आपको कराना होगा यज्ञ

01:37:38:01 पवित्र डिस्कॉर्डेंस रहे हैं उसका इनवाइट लिंक में भ देता ये लीजिए हां कोई वो आने वाले थे यूष वादवानी जी ष वादवानी जी को लेंगे क्या दोबारा वो तो अपनी और जो वो वही बात करनी है उनको कुछ और वो नहीं करना है राम संप्रदाय के बारे में बात क्यों वो कर रहे हैं राम संप्रदाय से उनका मतलब ही नहीं है अच्छा अच्छा प अच्छा ये अपने ये वाले पि जी जोभी आए थे हां अच्छा सत्यम सक्सेना जी अभी आ तो चुके सत्यम जी आप तो आ चुके हैं यह कौन है पदम

01:38:37:20 लोच कैमरा ऑन किया क्या उन्होने पद मलो जी आपका कैमरा ऑफ है आप ऑन करें तो आपको ले राहुल जी आपका कैमरा भी ऑफ है आप ऑन करें तो आपको ले तब तक रजत जी से बातें कर लेते हैं जी जी नम नमस्ते जय श्री राम जय श्री राम बताइए शिवांश जी मेरा मेरे काफी प्रश्न है क्योंकि मैं जैसे आप आज ब्रह्मा कुमारी का बता रहे हैं क्योंकि मेरा जो सर्च है स्पिरिचुअलिटी को लेकर वह शुरू से ही बचपन से ही चल रहा है जैसे आपने अभी ब्रह्मा कुमार इस का अभी जैसे आप चला रहे हैं तो मैं आया फिर मैंने सोचा तो मेरा जो सर्च स्टार्ट हुआ था वो ब्रह्मा कुमारी से स्टार्ट हुआ था और इकन में जाकर एंड हुआ था तब मैंने यन में एंड हो गया नहीं एंड तो अचत है

01:39:35:20 नहीं मैं कुछ और बताना चाह रहा हूं की लोगों को यह बताना बहुत जरूरी है कि धर्म और अध्यात्म दोनों अलग अलग चीज हैं स्लिटी इ डिफरेंट थिंग ए रिजन डिफरेंट थिंग आध्यात्म की आवश्यकता धर्म है हां धर्म धर्म एक बड़ी चीज है धर्म अध्यात्म से बड़ी चीज है तो धर्म का जो क्या कहते हैं नहीं कर सकते एक दूसरे के पूरक है पूरक हा हा पूरक तो धर्म जो है बेसिकली या फिर मोटी मोटी तौर पर हम समझे तो भारत में एजिस्ट करता है विदेशों में एजिस्ट नहीं करता है

01:40:16:18 धर्म करता है आंशिक रू से करता है हा वहां पर स्पिरिचुअलिटी का ज्यादा दुनिया में जहां भी थोड़ी बहुत चमत्कृत है वो है तो वेदों के ही आधार पे प्रॉब्लम वहां है जब वेदों की कुछ चीजें तो ले ली बाकी को डिनायर दिया और उसको अपना नाम दे दिया [संगीत] ये तो जैसे कि जैसे हम देखते हैं कि जितने भी देवी मंदिर हैं 51 शक्ति पीठ है या फिर 12 ज्योतिर्लिंग है वो सिर्फ भारत में ही क्यों है क्योंकि जो ऐसा भी ऐसा भी मैंने सुना है कि जो शंकराचार्य जी है व विदेशों में नहीं जाते हैं खाली भारत में ही रहते हैं

01:41:04:15 उसका सारे प्रश्नों के उत्तर गुरुदेव दे चुके हैं अपनी वीडियो में करना मैंने आपको बताया केवल भारत में ही क्यों वैसे तो मैंने आपको एक ग्रंथ भी बताया है और इस तरह कपा जी का भक्ति सुदा है इसको आप पढ़े इस तरह के प्रश्नों के उत्तर केवल भारत में ही क्यों भारत भूमि को भगवान ने चुना एक सेंटर बनाने के लिए कि हम इसको सेंटर बनाएंगे पूरे विश्व का केंद्र बनाएंगे तो इसलिए उन्होंने सारी चीजें की यहां पे तो ऐसा नहीं है भारत में ही जन्मे भारत वो है जहां वो जन्मे इसको समझिए वो भारत में ही जन्मे ऐसा नहीं है भारत वो है जहां वो जन्मे जहां वो मंदिर बने ठीक है थोड़ा साही और जसे और जैसे यह कहा जाता है कि ब्रह्मा जी की पूजा नहीं होती तो मैंने मेरा भी था आज से करीब 12 1 साल पहले यह सवाल मेरा भी था मैं अपने पिताजी से पूछता था और मेरे घर में मैं कोई जन्म से वैसा नहीं है कि मेरा यज्ञ पवित्र समय पर हो गया और रात संध्या का दोष लगा था उसके बाद ज जन् वो हुआ और क्या कहते हैं मेरे घर में मैं पूछता

01:42:19:15 था पिताजी ये मेरे पिता जी का समय पर हुआ मेरे पिताजी तक समय पर हुआ उनका तो आठ वर्ष की उम्र में आयु में ही हो गया तो मैं उनसे पूछता था पिताजी सारे जो वो है वो सारे जन्म भगवान ने यहीं पर क्यों लिए हैं और ऐसा पूछते मतलब मुझे कभी संतुष्ट जनक उत्तर नहीं मिलता था मगर पिताजी जो है वो मुझे घर में कभी कभी चर्चाएं होती थी शंकराचार्य के बारे में सनातन के जो सार्व मतलब सबसे बड़े गु के रूप में उनका नाम लिया जाता था शंकराचार्य का कौन थे नहीं पता था पिताजी ने बचपन में स्वरूपानंद सरस्वती जी जो हमारे ब्रह्मलीन है पूज उनकी सेवा करने का उन्ह सौभाग्य प्राप्त हुआ है हमारा जो ददल था उसके बिल्कुल सटे हुए घर में करपा जी आ कर रुकते थे उनकी सेवा का सौभाग्य प्राप्त हुआ एक बार का तांत पिताजी बताते हैं कि स्वरूपानंद सरस्वती जी आए थे वहां पर पूज पाद तो पिताजी को काजू बादाम खाने को देते थे ये लोग वहां जाकर के सेवा करते थे काम धाम कराते थे वहा शिविर में तो उनको काजू और बादाम खाने को ड्राई फ्रूट्स देते थे छोटे छोटे थे हमारे पिताजी और फिर उन्होंने एक बताया कि एक

01:43:34:16 कोई कार्यक्रम था तो उसमें किसी बालिका को मंच पर किसी भौतिक जो ये फिल्मों का गाना होता है उस पर डांस कराया जा रहा था नृत्य कराया जा रहा था तो वो बहुत गुस्से में रहते थे मतलब बल तुरंत उनका पारा हाई होता तो उन्होने तुरंत किसने कराया य व्यवस्था हमारे य देवी बना के पूजा होती है कन्याओ की सब बंद करो तुरंत बंद करा दिया ऐसे सिद्धांतों के पक्के आ जाता हं अपने प्रश्न पर वापस विषय पर वापस आ जाता हूं कि यह प्रश्न मेरा भी था जिसका समाधान मुझे गुरुदेव से प्राप्त हुआ आने वाले समय में जब मैंने शंकराचार्य जी को सुनना शुरू किया तो उसका समाधान मुझे प्राप्त शिवांश जी एक मैं मतलब एक क्लेरिफिकेशन चाहता हूं क्योंकि मैं मेरा जो नेचर रहा है हमेशा काफी जैसे नहीं सीक्रेट पता करने गुण तत्व जैसे कर्म धर्म को कर्म से भी गुण कहा जाता है धर्म जो है वो बहुत गुण गुण विषय है कर्म से भी गुण है तो क्या कहते हैं एक जैसे राम कृष्ण मिशन भी आप ही के मतलब इंक्लूड माना जाता है शंकराचार्य जी से

01:44:49:26 वण व्यवस्था को लेके वर्ण व्यवस्था को लेकर के अंतर है और दार्शनिक धरातल पर शंकराचार्य को ही मानने वाले हैं और अभी प्रासंगिक वही ब्रह्म की व्याख्या लगभग समान है धर्म की व्याख्या में अंतर है तो एक मेरा बहुत मतलब इंटरेस्टिंग प्रश्न है मतलब आपको लगेगा क्योंकि एक डिवाइन डिवाइन स्पार्क करके एक संस्था है उडपी कर्नाटक में साउथ में तो वो यह क्लेम करते हैं कि जो स्वामी विवेकानंद थे वो अपने पूर्व जन्म में पूर्व जन्मों में शंकराचार्य रहे हैं और उनकी एक पर्टिकुलर एक वेबसाइट भी है तो उन्होंने ऐसा मतलब बताया है कि कि मतलब ये उनके पिछले कितने जन्म हुए हैं आठ आठ जन्म हुए उन्होंने वो वो वो आप मुझे क्लेरिफिकेशन करके आप कृपया बताएंगे कि और उसकी जो उस मंदिर की जो स्थापना है वो रामकृष्ण मिशन के जो स्वामी जी होते हैं मक होते हैं उन्होंने ही स्थापना करी है उनकी देखिए इसमें तो सीधे-सीधे वाली बात है इसमें तो सीधे-सीधे वाली बात है कि मैं अगर ये कह दूं कि मैं जो है विवेकानंद जी का अवतार हूं

01:46:05:18 मैं विवेकानंद जी का अवतार हूं और यहां पर जो पंडित फलकी जी बैठे हैं य भी कह देंगे हाय अवतार है इसको क्यों ना माना जाए क्यों माना जाए व्यर्थ की चर्चा है शास्त्र तस्मा शास्त्रम प्रमाणम शास्त्र में क्या ऐसा वर्णन है कि वो ऐसा ऐसा शंकराचार्य होंगे अगर नहीं है तो शास्त्रों के द्वारा निर्धारित जो अंतिम निर्णायक है क्या वो ये कह रहा है या तो शास्त्र कहे या शास्त्रों के द्वारा जो अंतिम निर्णायक गद्दिया है वो ये कहे तब तो ये माना जाएगा और बात है कि वो अवतार है या नहीं ये हमारा विषय है ही नहीं हमारा विषय ये है कि उनसे द्वारा प्राप्त होने वाला जो धर्म है वो सार्वभौम है जो ब्रह्म है जो धर्म है वो शाश्वत हो जो ब्रह्म हो ईश्वर हो वो सर्वशक्तिमान हो और जो इन दोनों के साधन से प्राप्त होने वाला मोक्ष हो वो परम स्वतंत्र हो तो धर्म में लेकर के अंतर है तो वो अवतार अपने आपको को कह सकते उनको उनके जो श्रद्धावन है उनको मान सकते हैं उससे हमें कोई आपत्ति नहीं है मगर जब वो शास्त्रों की आड़ में उसका प्रचार करेंगे तो हम काउंटर करेंगे जैसे रामपाल जी रामपाल जी कबीर को भगवान माने कोई दिक्कत नहीं मगर वो जब वेदों की आड़ में प्रचार करेंगे तो हम का

01:47:21:10 किसी को भी किसी को भी नए सेक्ट को चालू करने के लिए अपनी बात को मनवाने के लिए दो ही चीजें होती है अपने व्यक्ति को अवतार घोषित करो जिसके द्वारा हमारा सेक्ट जाना जा रहा है उसको अवतार घोषित करो और क्या कहते हैं जो अपने जो शास्त्र लिखो व ऐसे लिखो कि हम पुराने वाले को नकार नहीं रहे हम उससे जोड़ के ही आगे चल रहे हैं तभी आपकी बात को वैल्यू दी जाएगी आपने बिल्कुल नया शटर अगर खोला तो दुकान का तो आपको कोई सुनेगा ही नहीं इसलिए वो पुराने से जोड़ के देखिए जो इस्लाम की जो व्याख्या है उसमें देखिए जो जीसस है उसको उनको छोड़ा नहीं गया जीसस को लेकर के इस्लाम की स्थापना हुई है जीस को नकारा नहीं गया है स्कोन में क्या हो रहा है स्कोन में क्या हो रहा है कि चैतन्य महाप्रभु को जोड़ लिया श्रीधर स्वामी के जो थे अब हम नकार नहीं रहे श्रीधर स्वामी को हम देखो उन्हीं को मानने वाले का तो फॉलो कर रहे हैं मगर जब उसको खोलते हैं पन्नों को इधर उधर पलटते तो वो तो कुछ का कुछ ही मिलता है तो पहले के किसी व्यक्ति से जोड़ के ही अपने

01:48:36:14 अस्तित्व को सिद्ध करने करना पड़ता है जब हम धार्मिक आध्यात्मिक संस्था के रूप में उ भाषित होना चाहते हैं तो जी जैसे उन्होंने कबीर जी को जोड़ा उन्होंने तो परमात्मा ही बना दिया उनको नहीं कबीर जी को जोड़ा तो जोड़ा कबीर जी को जोड़ते हुए अपने आप को वेदों से जोड़ा अपने स्वयं को वेदों से जोड़ा वेदों में प्रमाण है केवल ये कहो कि आपके वो जो आपने सक्षम कुछ लिख रखा है वेद भी मत क आपका कोई सक्षम ग्रंथ है कबीर वाणी उसके अनुसार कबीर भगवान है कौन सुनेगा फ जब ये गीता नहीं लेंगे साथ में वेद नहीं लेंगे साथ में कौन सुनेगा बाइबल वाले सुनेंगे नहीं

01:49:25:26 यह बात है चलिए अब आज का समाप्त करते हैं काफी लंबी हो गई चर्चा और चर्चा एक दिशा में नहीं है एक चीज मैं जानना चाह रहा हूं एक प्रश्न है कि जैसे अद्वैत के बारे में मतलब जो फिर कभी आ जाइएगा कुछ अन्य लोग है हमको उनको लेना है मैं आप फिर कभी आइएगा आकाश जी आप अपना कैमरा ऑन करें या पद्म लोच जी आप अपना कैमरा ऑन

01:50:21:03 करें कर रहे कोई आया क्या आ नहीं रहा है कोई भी ठीक है तो आज की चर्चा को बढ़ाते हैं आपका आभार आपका हमने कई बार देखा यह कमेंट आप बहुत बढ़िया कार्य कर रहे हैं शिवांश भैया जिनके नाम में ही शिव कांश तो वो तो धर्म की रक्षा हेतु अभियान चलाएंगे चलिए आपका आभार बहुत-बहुत समर्थन प्रकट करने के लिए

01:50:54:09 मेरे ख्याल से कोई है नहीं जो चेहरे के साथ आ सकता है पद्म लोच जी अच्छा अच्छा आकाश जी आप आए हैं क्या आकाश जी आप अपना कैमरा ऑन करिए ना फेस रिवील कर अपना फेस रिवील होते ही व्यक्ति पहले तो थोड़ा बहुत मर्यादित हो जाता है जितनी उसम थोड़ा सा मर्यादा होती प थोड़ मुझे लोग देख

01:51:37:20 रहे बहुत बढ़ ल कर आकाश जी ल करिए वरना रिमूव हो जाइए चेहरा दिखाइए आकाश जी सब लोग कमेंट में लिख दीजिए फेस रिवील ईश्वर सर्वशक्तिमान है कि नहीं मैं एक बार फिर से आप लोगों को स्मरण करा दूं यह जो अभियान है वह किसी मनोरंजन के लिए नहीं है आनंद के लिए नहीं है यह एक युद्ध है जो हमें जीतना है कैसे जीतेंगे सिद्धांत से ईश्वर सर्वशक्तिमान है कि नहीं बस इसके पीछे आप पड़ जाइए जिसको जहां से बचा बचा लेंगे जिसको जहां लाना है ले आएंगे ईश्वर को सर्वशक्तिमान कहिए केवल एक बात प्रचारित करना शुरू करिए केवल एक बात क्या आपके द्वारा परिभाषित होने वाला ईश्वर जो है वह सर्वशक्तिमान है कि नहीं बस इसके ही पीछे पड़ जाएंगे सब आपकी बातें सुनने समझने लग जाए आवान का आधार ही यही है ईश्वर सर्वशक्तिमान

01:52:47:14 यह मैंने कृपा जी की जो ग्रंथ है ना उसमें पढ़ लिया था अब अवाद शब्द मैंने कहा ये अवाद पकड़ने वाला है ये तो है ला सभी सभी बातें गुरुदेव के प्रवचन या उनके ग्रंथों से ही पकड़ में आई है जी जैसे गुरुदेव का मैंने इधर सुना जिनका ईश्वर जगत बनाता ही नहीं बनता भी है उन्हीं का ईश्वर श्री राम कृष्ण आदि रूपों में अवतार ले सकता सकता वा बात बोला था उन्होंने ये हां और और इधर करपात्री जी के ग्रंथ में मैंने पढ़ा के आबाद किसी भी नियम के नीचे नहीं मैंने कहा फिर मैं अच्छा मेरा मैं इनके बारे में ज्यादा नहीं जानता था ये स् कन की क्या धारणा है आर्य समाज की क्या धारणा है आपने देखा होगा चैनल स्टार्ट करने के बहुत समय तक आर्य समाज पर कुछ नहीं बोला था जी जी तो मैं बहुत ज्यादा इनको ध्यान नहीं देता था मैं जो है मुस्लिम्स को जानता था उनकी क्या विचार है कैसे वह विरोध में है कहां कहां पर तो मैंने वो जो सक्ता सुना गुरुदेव से और फिर मैंने 611 देखा ये बहुत बड़ा ट पॉइंट था फिर मैंने उनके उसकी कोई संतान कैसे हो सकती है सक्ति है नियम आ रहा है और यहां पर नियम नहीं है अवाद है

01:54:03:06 यह था वो टर्निंग पॉइंट यह है अंतर आप लड़ते रहो कि अरे तुम्हारे य बहनों से विवाह होता है आप लड़ते रहो इन बातों को लेकर के कभी कोई निस्तारण नहीं निकलेगा आपका जो धर्म है वो आपका जो अधर्म है वो उनका धर्म है उनका जो अधर्म है वो आपका धर्म है इन बातों को लेकर कभी आप जीत ही नहीं सकते वह अनिश्चित कालीन वार्ताएं होती जाएंगी एक बात आपको जिता देगी ईश्वर सर्वशक्तिमान है कि नहीं इसको पकड़ लो बस अबाध बनाओ ईश्वर और जिस दिन सारा हिंदू ईश्वर को अबाध बनाने के पीछे पड़ जाएगा सब एक हो जाएंगे इसको आर समाज ब्रह्मा कुमारी सब एक हो जाएंगे सारा हिंदू ईश्वर को अवाद मानने के पीछे पड़ जाए अब देश्वर शंकराचार्य को मत मानो प्रेमानंद जी को मत मानो रामानुजाचार्य को मत मानो ईश्वर को अवाद मानो और जो सनातन विरोधी तंत्र है उनकी दाल गलना बंद हो

01:55:03:19 जाएगी आकाश जी की तो अपनी समस्याए है उसकी सेद नहीं आ पाए आकाश जी देखिए हमारी बात आकाश जी ये कह रहे कि भा मैं दूसरी आईडी से मुस्लिमों के पास जाता हूं तो आप अपना चेहरा छिपा के जाते हैं ना उनको कैसे पता कि आकाश है और यहां पर आकर के वो कोई फंक्शन होता है ना इसमें आप अपनी आवाज भी चेंज कर सकते हैं तो आपकी आवाज से भी वो पहचान में नहीं आएंगे है ना और इसके साथ ही साथ बात यह है कि आपकी अगर अपनी कोई व्यक्तिगत वो है व्यवस्था तो वो ठीक है मगर हमारी व्यक्तिगत व्यवस्था यही है कि हम चर्चा उसी के साथ करते हैं जो अपना चेहरा लेकर आए ठीक है अ

01:56:02:25 देखिए मुझे कोई बहुत बड़ा ज्ञानी ना समझे आप लोग एक भाई साहब पूछ रहे हैं कि आपने उन ग्रंथों का व किया है अध्ययन मुझे बहुत बड़ा ज्ञानी ना समझे अल्पज्ञ शिष्य हूं कोशिश कर रहा हूं कि गुरुदेव के द्वारा प्राप्त जो सिद्धांत है उन्हीं को समझ लू पूरा बहुत बड़ा ज्ञानी ना समझे मगर जितना है उतना य जो तथाकथित धर्मा भाषी तंत्र है सनातना भाषी उनके लिए पर्याप्त है ऐसा जितना है सनातन विरुद्ध तंत्रों के लिए पर्याप्त है सनातन भासी तंत्रों के लिए पर्याप्त है समाज को संगठित करने के लिए

01:56:50:24 पर्याप्त ठीक है बढ़ाते हैं आप काफी देर बातें हो गई सभी को जय श्री राम आने के लिए धन्यवाद और नाम जब से जुड़े किसी भी प्रकार के वैचारिक मतभेद के लिए ट करें सबसे बड़ी बात है देखिए कुछ तथाकथित ये रामपाल जी के फॉलोअर्स भी हैं वह लोग वो ट करते हैं वह फॉर्म भरने के लिए नहीं करते अपना मटेरियल भेजने के लिए करते हैं प्रचार करने के लिए मुझे आप प्रचार मत करिए आप ट अगर व्यर्थ में करेंगे आप ब्लॉक हो जाएंगे आपको ट करना है वहां पर फॉर्म लेना है फॉर्म भरिए हम आपसे संपर्क करेंगे आप अपने वीडियोस फोटोस पोस्ट यह सब वहां पर मत भेजिए तो किसी प्रकार के वैचारिक मतभेद के निमित्त धार्मिक कक्षाओं से जुड़ने के लिए या फिर नाम नास्त्र के लिए नाम जप अभियान से जुड़ने के लिए और धर्म रक्षा के अभियान से जुड़ने के लिए इन चारों में से किसी से भी जुड़ने के लिए आप जो है हमें इस नंबर पर ट करिए फोन मत करिए केवल ट करिए किसी भी प्रकार का अन्य मैसेज मत करिए इनमें से एक फॉर्म भरिए हम आपसे संपर्क करेंगे ठीक है सभी को

01:58:05:26 जय श्री राम जय श्री राम आपका पंडित जी स्तांक जी जय श्री राम ह

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A: AHVAAN - Call Of Dharma Live 1:58:19 · 29 Sep 2024

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