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00:00:02:22 तो सभी को जय श्री राम अ जो हमारे आज के गेस्ट हैं वह अभी आए नहीं है तो तब तक मैंने कहा कि कुछ बातें आप लोगों से ही कर लू यह एक मैं अभी यहां आने से जस्ट कुछ देर पहले ही एक वीडियो देख रहा था उस वीडियो में मुझे मिला मतलब मेरे पास आया वो उसमें था कि रामपाल दास जी जो है वह बता रहे

00:00:46:15 हैं जी हरचंद दास जी जय श्री राम तो वो जो मैं वीडियो देख रहा था उसमें रामपाल दास जी दास जी बस मैं दो मिनट में आपसे बात करूंगा यहां पर एक बात चल रही तो पूरी कर लू है ना तो रामपाल दास जी उस वीडियो में बता रहे हैं यह बताने के लिए कि कलयुग में जो है जो ब्राह्मण होंगे उनको ब्राह्मण माना जाएगा जो चोरी करेंगे ठगी करेंगे असल में जो सतयुग के राक्षस है वह कलयुग में ब्राह्मण के रूप में मान जाने जाएंगे माने जाएंगे ठीक है अब इसका पहली बात तो उत्तर यह है कि कि रामायण के महात्म में लिखा हुआ है स्कंद पुराण में और अनेकानेक शास्त्रों में कि कलयुग में जो स्त्रियां है मातृ शक्तियां हैं वह वाचाल हो जाएंगी पर पुरुषों से संबंध बनाएंगी तो रामपाल दास जी और उनके फॉलोअर्स जो इस बात का दावा करते हैं कि जो सतयुग के राक्षस है वही कलयुग में ब्राह्मण बनकर के जन्म लेने वाले हैं या लेते हैं

00:02:02:03 उनसे मैं पूछना चाहूंगा कि स्कंद पुराण की जो ये बात लिखी हुई है कि कलयुग में जो स्त्रियां है वो वाचाल हो जाएंगी ज्यादा बात करने वाली पराय पुरुषों से संबंध बनाने वाली हो जाएंगी तो आप लोगों का अपने घर की स्त्रियों के बारे में क्या दृष्टिकोण है क्या आप मानते हो कि वो ऐसी है जाहिर सी बात है आप लोग नहीं मान पाओगे तो इसका अर्थ यह है कि वहां पर भाव समझना होगा कि कलयुग में ब्राह्मण भी ऐसे हो जाएंगे जो राक्षस प्रवृत्ति के होंगे या राक्षस ऐसे ब्राह्मण घरों में जन्म हो जाएगा या जो भी है मगर वहां पर सभी ब्राह्मणों की बात नहीं हो रही है अगर सभी ब्राह्मणों की बात हो जाएगी तो फिर हमको यहां पर भी सभी मातृ शक्तियों की बात माननी पड़ जाएगी तो हम तो नहीं मानते मगर यदि आप सभी ब्राह्मण मान रहे हैं तो फिर आपको सभी मातृ शक्तियां माननी पड़ेंगी तो उन मातृ शक्तियों में फिर आपके घर की मातृ शक्तियां भी वही हो जाएंगी तो यह है कुतर्क का उत्तर अच्छा एक चीज मैंने वहां पर और देखी कि रामपाल दास जब यह बता रहे हैं

00:03:13:14 कि हां खोल कर दिखा देते हैं यह बात आपने अच्छी कही रामायण वाल्मीकि रामायण में ही वो उत्तरकांड वो जो स्कंद पुराण का जो है वो दिया गया

00:03:48:03 है एक बार इसी प्रकार से मेरे साथ इस्कोन में भी हुआ था इकन जब मैं गया तो कुछ नाम को लेकर के बात होने लगी उन्होंने भी यही कहा कि भाई भागवत में लिखा है कि कलयुग में सभी जो है शूद्र हो जाएंगे तो मैंने उनको यही बात बताई कि भाई शास्त्र में यह भी लिखा है कि जो स्त्रियां है वो कलयुग में व्यभिचार हो जाएंगी तो आप क्या अपने घर की स्त्रियों को व्यभिचारिणी मानते हैं नहीं मानते इसका मतलब है कि हां कई स्त्रियां ऐसी हो जाएंगी सभी नहीं इसी प्रकार से ब्राह्मण घर में जन्म लेने वाले या ब्राह्मण माने जाने वाले ब्राह्मण के रूप में खित कई लोग ऐसे होंगे जो ठगी करेंगे झूठ बोलेंगे कर रहे हैं अब ब्राह्मण को मनुस्मृति में ये भी कहा गया है कि ज्ञान देने वाला जो है ब्राह्मण होता है तो अगर उस दृष्टिकोण से केवल देखा जाए तो ब्राह्मण जैसा किसी भी गुरु को ब्राह्मण जैसा माना जा रहा है आज के टाइम में तो वोह तो फिर रामपाल स्वयं भी हो सकते हैं क्योंकि उनको ब्राह्मण पद पर जो रहकर कार्य किया जाता है वो कार्य तो वो कर ही रहे हैं ना अपनी मन मर्जी से

00:05:05:04 तो यह रामायण महात्मा है इसमें प्रथम अध्याय में द्वितीय अध्याय और हम

00:06:00:27 इसमें विधान विधान विधान अप मार्ग नारायण का ढूंढना पड़ेगा थोड़ा टाइम लग जाएगा इस पर मैं अलग से एक वीडियो बना दूंगा ना इस बात पर जो यह राम पाल दस जी के द्वारा य मिथ्या फैलाई जाती है इस पर एक अलग से वीडियो मैं बना दूंगा रियली बना दूंगा छोटी सी जिसमें मैं ग्रंथ दिखाते हुए बता दूंगा वैसे बात ये होती है ना कि ग्रंथ दिखाने का भी एक बात होती है

00:06:57:15 कि हम जो द्विज इस भयंकर कलिकाल में रामायण श्री राम का सारा श्री राम नाम से देखिए मिल गया क्या कहा जा रहा है कलयुग के सभी लोग काम वेदना से पीड़ित तो जगतगुरु रामपाल काम वेदना से पीड़ित है क्या और लोभी होंगे जगतगुरु राम लोभी है क्या है ना ये ये लिखा है कलयुग का वर्णन जो लोग सद ग्रंथों को खोल के दिखाओ तो इसमें लिखा है कि कलयुग

00:08:12:19 में सभी लोग यहां तो सभी भी आ गया काम वेदना से पीड़ित तो क्या रामपाल दास जी और उनके फॉलोअर काम वेदना से पीड़ित रहते हैं क्या दिन भर इधर उधर जाते आते टाइम सभी को काम दृष्टि से ही देखते हैं यह सवाल आ जाता है और क्या हो जाएगा शरीर के लो शरीर नाटे शरीर के अब भाई नाटे नाटा भी कहा जा सकता है और लोभी होंगे धर्म और ईश्वर का आश्रय छोड़ देंगे ठीक है इसका मतलब है कि रामपाल दास जी ने ईश्वर का आश्रय नहीं पकड़ा हुआ है तो शास्त्र में यह कहा जा रहा है उस समय ऐसी स्थितियां हो जाएंगी समझने की आवश्यकता है अगर इस तरह से उस युग की स्त्रिया अपने शरीर के पोषण में तत्पर और वेश्याओं के समान आचरण में प्रवृत होंगी अब क्या कहना है रामपाल दास जी के फॉलोअर्स का दिख रहा है पहला ही शलोक है इधर वाला इधर कही है य देखिए क्या लिखा है श्याओ की तरह आचरण में प्रवृत होंगी तो रामपाल दास जी के फॉलोअर जो यह कहते हैं कि ब्राह्मण जो है सतयुग के राक्षस ब्राह्मण होंगे

00:09:27:22 तो उनको देखना चाहिए व अपनी घर की स्त्रियों को क्या मानते हैं इसमें लिखा हुआ है वैश्या के समान आचरण करने में प्रवृत होंगे हम तो नहीं मानते आप क्या मानते हैं सवाल क शास्त्र में कलयुग का जो विवेचन हुआ व यह हुआ है कि उस समय ऐसा ऐसा हो जाएगा हर व्यक्ति वही है यह नहीं है वैसा वैसा हो जाएगा होगा तो क्या रामपाल दास जी स्वयं काम वेदना से पीड़ित रहते हैं ईश्वर की बात नहीं करते किसी और की बात करते हैं क्या रामपाल दास जी के अनुसार उनके घर की स्त्रियां तो यह सब प्रश्न है दुराचारी पुरुषों से मिलने की सदैव अभिलाषा करेंगी कलयुग की स्त्रियां पर पुरुषों के निकट ऊची बातें करने वाली होंगी है ऐसी स्त्रियां मगर सभी स्त्रियां ऐसी नहीं है अब यहां पर कहेंगे हमारे घर की तो नहीं है कम से कम यह तो कहेंगे ना इसलिए बहुत ही उतरक और बेकार की बातों से बात नहीं बनती जी हरचंद दास जी आपका स्वागत है आपकी आवाज नहीं आ रही है हरचंद

00:10:44:04 जीभ आ रही है बहुत कम आ रही है ब्लूटूथ बंद कर लीजिए ब्लूटूथ बंद करो ब्लूटूथ बंद कर लीजिए आवाज कैसे आए अभी आ रही है जी कम आ र आप एक बार जाक दोबारा आइए आप लीव कर दीजिए मैं हटा देता हूं आपको

00:11:23:25 टेस्ट हां इस पर रील डाल देंगे कि रामपाल दास जी अपने और आप भी यहां से देखिए जो हम लोग बोल रहे हैं वह भाव ना बदले जो बोल रहे हैं वही भाव निकले जैसे वो बीइंग स्प्लिट सोल वाला आधा इधर से उतार लेता है आधा उधर से उठा लेता है और वो रील बनाता है भाव नहीं बदले जो हम कहना चाह रहे वही मैसेज रहे आप लोग यहां से खूब सारा कोई भी वीडियो किसी अपने उसमें लिया करिए और आप लोग रील्स वगैरह बना सकते हैं स्वतंत्र होक के निर्वा

00:11:59:21 आवाज आपकी बहुत कम आ रही है अच्छा मुझे कोई बताएगा भाई साहब की आवाज ठीक से आ रही है या नहीं आ रही आपको आ रही है हा आ रही है आवाज ऐसा क्यों है मुझे क्यों नहीं आ रही अभी अभी बोलिए हां मुझे बराबर आवाज आ रही मुझे बहुत कम आ रही मैं लीव करके दोबारा आता हूं ठीक है नहीं मेरी सही आ रही है इनके बारे में बताए चंद दास जी की आवाज आ रही है ठीक से कि नहीं मेरे पास तो ठीक आ रही है आपकी नहीं नहीं आपसे नहीं बोल रहा य दर्शकों से पूछ रहा हूं दोनों की आवाज आ रही है अच्छा तो मैं लीव करके दोबारा आता हूं एक बार

00:13:03:18 मैं लीव नहीं हो सकता क्या [संगीत] राम राम जी आ रही है आवाज अब आ रही है आवाज अच्छे जी जी तो हम लोग शुरू करते हैं आज हम लोग सबसे पहले यही बात करेंगे देखिए पहले मैं एक बात आप सबको बता दूं कि हमने अपनी कई ऐसी चर्चाएं हुई है जिसमें की प्रमाण पर हम लोग बात नहीं करते हैं तो प्रमाण ऐसा नहीं है एक मिनट मैं अपनी बात बोल दू प्रमाण पर आपको भी बता रहा हूं जो दर्शक है उनको भी बता रहा हूं कि प्रमाण ऐसा कई बार आप लोगों को लगा कि मैं प्रमाणों को नहीं मानता हूं शास्त्रों को नहीं मानता हूं या प्रमाणों पर बात नहीं करना चाहता हूं ऐसा नहीं है बात यह है कि अगर अभी विषय चल रहा है ईश्वर सर्वशक्तिमान है कि नहीं

00:14:18:28 और उसको आप मानते क्या हो प्रमाण से नहीं आपने प्रमाणों से जो रस आपके अनुसार जो लिया है वो रस क्या है वो बोल दो बाद में हम लोग प्रमाण मैं बाद के लिए प्रमाण क्यों रखता हूं इसलिए कि पहले यह निश्चित हो जाए कि रामपाल जी के अनुसार प्राप्त होने वाला जो ईश्वर है वो सर्वशक्तिमान है कि नहीं उनकी मान्यता क्या है प्रमाण के अनुसार नहीं प्रमाण के बाद उन्होंने माना क्या हुआ है मान्यता उसमें ईश्वर सर्वशक्तिमान है कि नहीं मोक्ष परम स्वतंत्र है कि नहीं धर्म शाश्वत है कि नहीं अब यदि वहां पर आप प्रमाण बोलते भी है हालांकि मैं आपसे नहीं मांग रहा हूं कि अपनी बात को सिद्ध कर करने के लिए प्रमाण दीजिए मैं मांगूंगा जब बात आएगी तो मैं मांगूंगा भी मगर अभी बात हो रही है आप मानते क्या हो तो आपकी बात को सिद्ध करने के लिए मैं आपसे प्रमाण नहीं मांग रहा हूं मगर फिर भी आप कुछ चीजें बोलते हैं भगवत गीता 247 फलाना छ दो फिर उसको जो र जो एक रटा हुआ है वह सब बोलते हैं उससे क्या होता है यदि मैंने वो चर्चा काफी लंबी चलनी है ईश्वर सर्वशक्तिमान है कि नहीं मोक्ष परम स्वतंत्र है कि नहीं यह चर्चा काफी लंबी चलनी है आपने अपनी बात को रखने के लिए प्रमाण यहां पर बोल दिया बोल दिया ठीक

00:15:34:00 है अब वो प्रमाण मैंने मांगा नहीं मगर आपने बोल दिया अब अगर मैं उसको काउंटर नहीं करूंगा कि नहीं आप इसका अर्थ जो यह बता रहे हो यह अर्थ नहीं है इसका अर्थ तो यह है अगर मैं उसको वही की वही काउंटर नहीं करूंगा तो क्या होगा कि जो शास्त्रों पर आस्थावान लोग जो होते हैं वो यह सोचे कि भाई उसने अपनी बात को रखने के लिए प्रमाण दिया था और बात चली जाएगी प्रमाण पर उनके उनके पास गलत जानकारी चली जाएगी और अगर मैंने काउंटर कर दिया कि भाई जिस श्लोक का अर्थ आप ये बता रहे हैं उस श्लोक का अर्थ यह है है ना अगर मैंने काउंटर कर दिया तो क्या होगा फिर आप कहोगे नहीं ऐसे नहीं ऐसे ऐसे नहीं ऐसे तो जो सर्वशक्तिमान की बात चल रही थी या परम स्वतंत्र मोक्ष की बात चल रही थी वो छूट जाएगी और बात इस पर आ जाएगी कि जिस श्लोक का मैं कुछ अर्थ बता रहा हूं उसी श्लोक का आप दूसरा अर्थ बता रहे हैं तो किस इसका अर्थ मान्य होगा किस आधार पर तो फिर बात आ जाएगी गुरु परंपरा पर कि आप आप हम जो बता रहे हैं वो परंपरा प्राप्त आचार्यों का अर्थ बता रहे हैं आप जो बता रहे हैं वो अपना मन गंत बता रहे हैं तो कुल मिलाकर के वो जो विषय है सर्वशक्तिमान ईश्वर परम स्वतंत्र मुख शाश्वत धर्म और भी इत्यादि इत्यादि इस तरह के जो विषय है वो रह

00:16:49:16 जाएंगे इसलिए मैं रोकता हूं कि प्रमाण की बात हम बाद में करेंगे पहले आपकी मान्यता के अनुसार बताओ मुझे ठीक है तो ये तो रही ये बात मगर आज हम लोग शुरू करते हैं कि आप यह बता दो आज मुझे कि वेदों में प्रमाण है और कबीर साहब आपके भगवान है यह किस प्रकार सिद्ध होता है आज प्रमाण सेही शुरू कर रहे हैं बताइए तो ऋगवेद मंडल नंबर में 15 नंबर नहीं ऋग्वेद केवल एक पब्लिकेशन नहीं छाप है आप मुझे अध्याय मंडल सूक्त ये सब बताइए पन्ना नंबर नहीं किसी किसी ने कम पन्नों में छापा किसी ने ज्यादा पन्नों में छापा पब्लिकेशन के आधार पर धर्म और धर्म का निर्णय नहीं होगा ना आप मंडल सूक्त बताइए ऋगवेद में वो मैं आप सीधा सधा बताता हूं ऋगवेद में बताया गया परमात्मा सर्वशक्तिमान है जो तीसरे दू लोक प स्थापित है वो बिजली तर गति करके आता है अपने वर्णी पुरुषों को प्राप्त होता है भाई साब मैंने आपसे पूछा

00:18:04:21 है कि कहां पर लिखा है पहले आप अध्याय बताइए जिससे मैं ऋगवेद खोलू मेरे पास ऋगवेद नहीं है अभी शस्त्र नहीं है मेरे पास में नहीं तो बताइए आप मुझे ऋग्वेद नहीं है मगर आप चर्चा करने आए हैं तो आपको प्रमाण स्थल तो मालूम होना चाहिए ना कि उसमें मंडल इतना सूक्त इतना और मंत्र इतना ऋगवेद मंडल नंबर न न

00:18:45:06 [संगीत] मंडल मंडल नंबर ऋगवेद मंडल नंबर 86 ऋगवेद मंडल नंबर 82 मंडल न उस बता सार म बताओ एक दो से निचोर निकाल लेंगे ठीक है मंडल नंबर न सु मंत्र मंत्र 26 और 27

00:19:46:18 मंत्र हम तो यह जो लिखा है इसी की बात कर रहे हैं क्या कवि लिखा है जो कवि हा अच्छा इसमें लिखा हुआ है कि मेश लोमों की छलनी पर लहरियों से शुद्ध होने वाले हरित वर्णी सोम रस को सात नदियां अपने जल में प्राप्त करती है जल में विद्यमान

00:20:27:19 कविमंदन इसका कबीर होता है नहीं नहीं वो वो बात करेंगे ज्ञानी सोम मनीष जल यज्ञ स्थल में जाने के लिए प्रेरित करते हैं ठीक है अब यह बताइए कि जो कवि है यह कबीर कैसे आप बोल रहे हो बताओ कवि कबीर कैसे है कवि के पीछे दो दो कवि ही लगा है उसकी वजह कबीर है उसको हमार गुरुजी बताते वो कबीर है व अरे भाई कवि कबीर कैसे मान ले कवि जो है कवि है कवि वो कबीर कैसे बना वो बताओ कवि को कबीर क्यों माना जाए इसके पीछे क्या शास्त्रोक्त प्रमाण है आपके पास

00:21:16:25 बताओ वो तो नहीं है शास्त्र नहीं है कोई सूत्र है पानी सूत्र है संस्कृत का कोई सूत्र है अष्टाध्यायी ग्रामेटिकल कोई नियम है कि कवि जो है कबीर माना जाए ऐसा कुछ है आपके पास इसमें गुरुजी बताते हैं वो अरे भाई गुरुजी गुरु जी की बात तो हम नहीं मानते ना तभी तो वीडियो बनाए है गुरुजी प्रमाण नहीं है शास्त्र प्रमाण है शास्त्र से बताइए प्रमाण के लिए मेरे पास नहीं है उसके लिए आप कुछ गुरुजी की बात कहनी है तो आप गुरुजी की बात कहो फिर इसका नाम क्यों लेते हो शास्त्र का आप कहो हमारे गुरुजी ने कहा कबीर भगवान जब शास्त्र का नाम ले रहे हो तो शास्त्र से बताओ ना मुझे शास्त्रों में बताते हैं गुरुजी शास्त्रों से बताते हैं कवि कवि कबीर कैसे हुआ यह बताओ शास्त्रों से वो यह बताते कि कवि है शास्त्रों में कवि शब्द आया है कवि जो है कबीर कैसे हुआ यह बताओ मुझे कबीर देव भी लिखा है शास्त्रों में कबीर देव भी लिखा है बताओ कहां लिखा है बताओ कबीर देव वो अभी मेरे को याद नहीं है कौन से सूक्त में लिखा है तो भाई आए क्यों जब याद नहीं है तो मट्टी

00:22:32:06 कुटवा आए हो क्या रामपाल दास जी वालों की आपको नहीं आना चाहिए था आपको तैयारी करनी चाहिए थी फिर आना चाहिए था मुझे आप वो तरक प बात कर रहे थे उस मैं उससे तरक से बात करने आया था प भी बात करूंगा आपने अभी जो प्रमाण के बारे में बोला था ना सर्वशक्तिमान ईश्वर वहां बैठता है फिर वहां से आता है बिजली की तरह वेदों में दिया गया है बोला था ना आपने अभी मैं पूछ रहा हूं ये कवि जो है कबीर कैसे बना आपके पास उत्तर नहीं है अब दुर्जन तोष न्याय पर आते हैं अब तर्क पर आते हैं ठीक है दुर्जन तोष न्याय के थोड़ी देर के लिए मान लेते हैं कि इस कवि का अर्थ जो है वह परमेश्वर है यही [संगीत] है बोलो हा हा कवि का अर्थ जो है परमेश्वर है तो और आप यह मानते हो कि जो क्या कहते कवि है जो यहां पर वही क के बारे में लिखा है वह सिद्ध नहीं कर पाए मगर आप यह मानते हो ठीक है ठीक है क कबीर अगर परमेश्वर है तो आपका आपके परमेश्वर कबी कबीर कितने है कितने परमेश्वर

00:23:47:28 एक एक से ज्यादा तो नहीं है पक्का अच्छा [संगीत]

00:24:36:10 मंडल दो दो 23 एक हम ये मंडल ऋग्वेद है आपकी स्टाइल में जैसे रामपाल दास वीडियो बनाते हैं ऋग्वेद है दूसरा मंडल और तेवा सूक्त दिख जाए शायद आपको ऊपर देखना ऊपर पतला पतला लिखा है ठीक है और इसमें क्या लिखा है 23 में सूक्त का पहला मंत्र है गणा

00:25:51:16 नाम तोवा गणपति भवाम कवि कवि नाम और इसमें आगे अब इसका देख लेते क्या लिखा है हे अनन अथवा कर्म के रक्षक देवाधि गणों के समूह के स्वामी गणपति कवियों के कवि कवियों के कवियों के कवि तो आपके हिसाब से कवि का अर्थ अगर कबीर है या परमेश्वर है कितने हो गए परमेश्वर परमेश्वर के परमेश्वर परमेश्वर एक से ज्यादा है आपका जिसको परमेश्वर आप मानते हो वो एक से ज्यादा एक नहीं है ठीक है कवियों के कवि कवि कवि नाम पढ़ लो कवियों के कवि और कौन है आपके परमेश्वर एक से ज्यादा है और कवियों के कवि कौन है आपके परमेश्वर एक से ज्यादा है और आपके परमेश्वर आपके जैसे परमेश्वर के परमेश्वर कौन है

00:26:56:06 गणपतिम देख लो पढ़ लो यह देख लो मंत्र में भी लिखा है गणपतिम ठीक है तो अब यह कहना बंद कर देना कि वेदों में प्रमाण है और कवि साहब भगवान बंद कर देना क्योंकि वह एक से ज्यादा है कई सारे कवि है दुनिया में और उन कवियों का जो बॉस है वह है भगवान गणेश प्रमाण मिल गया आपको व काखा है गणेश भगवान कवि का रोल कर कहां बताया गया बता तो दिया आपको ऋग्वेद से कवियों के कवि ऋगवेद कबीर साहब ने तो कबीर साहिब ने कवि का रोल करके बताया गणेश भगवान ने कवि का रोल करके काम बताया कवि का रोल करके कहां बताया कवियों के क पहले आप ये बताओ कवि का मतलब परमात्मा है कि नहीं मैं आपसे पहले ये पूछ रहा हूं कवि का मतलब परमात्मा है कि नहीं

00:27:59:04 कवि का मतलब परमात्मा है तो य पर कहा जा रहा है बहुत सारे कवि है ऋग्वेद में कहा जा रहा है बहुत सारे कवि हैं तो आपके परमात्मा बहुत सारे हैं ना और कवियों का कवि वो उस कवियों के बारे में जो कविता लिखते उस कवियों के बारे में उस कवियों के बारे में अब बात आ गई यानी कि कवि का अर्थ सिर्फ कबीर नहीं है कवि का अर्थ सिर्फ कबीर नहीं है नहीं है इसका मतलब कहीं पर भी अगर कबीर कवि आ गया तो उसको हम कबीर नहीं मान लेंगे अब बताओ कि कवि को कबीर क्यों माने बताओ व वो तो उसके जो बात जुड़ने प बोलते है जो कबीर देव है जो लो से आता है वो कबीर देव है जो उसको वर्ड के साथ में जुड़ता है वो कबीर होता है के साथ में जुड़ता है क्या जुड़ता है जो न लोग प जो विराजमान है जो बिजली की तर है ये गणेश गीता पढ़ लो चलो चलो गणेश गीता पढ़ लो और कवियों के कवि को तो गणपति कहा

00:29:14:04 जा रहा है ना भाई इसका क्या करोगे कवियों के कवि को गणपति क्यों कहा जा रहा है गणपति गणेश आगे उसी की चर्चा की जा रही है ये लो इस गणेश की निकाल लेते हैं ठीक है जय हो गणेश जी महाराज [संगीत] ये लो ये गणेश जी बोल रहे हैं मैं अजन्मा अविनाशी तथा सभी जीवों

00:30:29:13 का आत्मा का अनादि ईश्वर हूं ये गणेश जी बोल रहे हैं परमात्मा गणेश गीता अब बताओ क्या करें एक आदि गणेश है जो कबीर भगवान को आदि गणेश बोला गया है कबीर भगवान को आदि गणेश बोला गया है ये मुझे लिखा दिखाओ कहां लिखा है आदि गणेश कहां लिखा

00:31:02:06 है जो सूक्ष्म वेद में लिखा [संगीत] है किसम किसम अपना लिखा हुआ चार वेद 18 18 पुराण उप पुराण कहीं पर नहीं लिखा कि आदि गणेश जो है वह कबीर है और मैंने आपसे बात पूछी है कि कवियों का कवि गणपति कहा जा रहा है गणेश कहा जा रहा है गणेश उसका क्या करें बोल रहा पाचवा वेद है जो आप शंकराचार्य जी ने भी बताया मुझे बताइए अब आप मुझे य बताइए कुल मिलाकर के बात वही आ गई कि आप वेदों को प्रमाण मानते हैं कि नहीं मानते हैं उसमें कोई भी लिखी हुई बात गलत हो सकती है या नहीं रामपा जी वेदों को कभी गलत नहीं बोला है आपसे नहीं बोल रहा मैं अभी आप को पूछ रहा हूं रामपाल जी यहां पर नहीं है आपके अनुसार वेदों में लिखी हुई कोई भी बात गलत हो सकती है या नहीं नहीं गलत नहीं है में

00:32:28:00 आपके पास आपके पास वेद आए कैसे कैसे आए हम वे गुरु प्रणाली से आए हैं कैसे थोड़ा थोड़ा सही से बताइए कैसे आए ऋषियों के आगे से आगे ऋषि लेके आए हैं हां तो कबीर दास जी के कबीर दास जी के पास या रामपाल जी के पास वेद कैसे आए जिन ज्ञान मानते हो प्रामाणिक ऋषियों के माध्यम से आया अरे नाम बताओ ना कि इससे लिए रामपाल दास जी ने इससे लिए ऐसे बोलो यहां से वेद लिए बोलो गोरखपुर गोरखपुर गर अरे भया गता गोरखपुर छपती नहीं है वेद नहीं वो दयानंद सरस्वती लिया दयानंद सरस्वती से उन्होंने वेद लिए ठीक है दयानंद सरस्वती जी मानते कि कबीर जो है वही कवि है जिसको परमेश्वर कहा गया है शास्त्र में कहीं लिखा उन्होने उनकी सत्यार्थ प्रकाश निकालू क्या नहीं उने उन्होने तो यह तक कहा

00:33:43:04 है कि परमात्मा निराकार है परमात्मा व मैं बोल रहा बात चल रही है मैं आपसे पूछ रहा हूं क्या दयानंद सरस्वती जी ने यह माना है कि जो परमात्मा है व कबीर है माना है कि नहीं बस पहले य बताओ दयानंद सरस्वती ने नहीं माना नहीं माना अब यह बताओ कि यदि वो कह रहे हैं कुछ और और उनके उनसे ले रहे हैं हम वेद और हम उनकी जो अर्थ है हम वो नहीं मान रहे उनसे लिए हुए मंत्र को मान रहे हैं मत्र एक मिनट जो हम उनके मंत्रों पर विश्वास कर रहे हैं तो हम ये मानते हैं कि दयानंद सरस्वती जी एक ज्ञानी व्यक्ति है क्योंकि उन्होंने वहां से मंत्र लिए और हमको दिए और यह जो वो गलत अर्थ बता रहे हैं आपके अनुसार इसका क्या कारण है गलत अर्थ बताने का दयानंद सरस्वती जी दयानंद सरस्वती जी गलत अर्थ क्यों बता रहे हैं आप मुझे बताइए मैं बताया रामपाल जी वेद गलत नहीं है गलत जो वेद को समझे नहीं उसका आपसे इसका मतलब दयानंद सरस्वती जी समझे नहीं ना संस्कृत थे वो तो सही है उसका अ मेरे भाई

00:34:58:06 आगे मत बढ़ मैं पूछ रहा हूं दयानंद सरस्वती जी समझे नहीं ना हा नहीं समझे उसका यानी की अज्ञानी है ना हा तो जो व्यक्ति अज्ञानी है वह मंत्रों को भूल नहीं सकता कुछ का कुछ शब्द नहीं मिला सकता उसमें संस्कृत उसकी पवर है संस्कृत में उस सही आप जिससे आप जिससे वेद ले रहे हो अगर आपकी नजरों में वो अज्ञानी है तो उसके मंत्रों पर भी अज्ञान आ सकता है वो मंत्रों को लिखते टाइम भूल सकता है अपनी द्वेष वस लालच उसम कुछ भी मिला सकता है आपको उसके मंत्रों पर विश्वास कैसे है जिसके अर्थ पर विश्वास नहीं जिसके अर्थ पर विश्वास नहीं उसके मंत्रों पर विश्वास कैसे और जिसके मंत्रों पर विश्वास है उसके अर्थ पर विश्वास क्यों नहीं मंत्रों अब सुनो की सीध एक बात हो गई कि आपका आना आज

00:36:00:00 में प्रमाण है कबीर साहब भगवान है यह बहुत ज्यादा प्रचलित आपका दो एक वो है सेंटेंस विद में प्रमाण कबीर साब भगवान है मैंने जब आपसे पूछा कि ये जो कवि लिखा है जिसके कारण आप कहते हो कि कवि ही कबीर है यह कवि कबीर कैसे बना यह वेदों में प्रमाण दिखाओ मुझे यह कवि कबीर कैसे बना आपके पास प्रमाण है तो दिखा दीजिए अन्यथा कोई बात नहीं बात पूरी कर दू उसको मैं पूरी कर पूरी

00:36:33:03 करिए संस्कृत है वो सही लिखी है और उसका आपको कैसे पता आपको कैसे पता जो अज्ञानी है व अज्ञानता क भी कर सकता है आपको कैसे पता उन्होंने कहा है कि मैंने संस्कृत सही लिखी है और मैंने अर्थ गलत बताया है उन्होने कहा संत पहचान करता है उसकी आपके पास प्रमाण के रूप में कुल मिलाकर वेद नहीं है पुराण नहीं है आपके पास प्रमाण के रू जो संत रामपाल कह रहे वो प्रमाण है आप खुब कहो मगर आप अपने नए ग्रंथों के आधार पर कहो नहीं अगर पुराने ग्रंथों के आधार पर कहोगे तो हम पूछेंगे जांच पड़ताल करता है तो उसका जांच पड़ताल का आधार क्या होता है व तो राम सुनो अगर यह जो ग्रंथ है इस पर मुझे विश्वास है यह जो है बिल्कुल अका सत्य लिखा है इसमें इसके एक शब्द को भी मैं काट नहीं सकता वो जो करते हैं ना य पर जो यहां पर परम ब्रम अज्ञानता बस लिख दिया है एक शब्द को भी मैं काट नहीं सकता जैसे ही काटू वैसे ही इसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठ जाएगा कि जो एक जगह गलती कर सकता है वह कई जगह गलती कर सकता है या तो मैं इसको प्रमाण मानता हूं या तो नहीं मानता हूं अब बात ऐसी है य यदि ये हमारा अंतिम प्रमाण नहीं सुनिए अब बात

00:37:48:03 ऐसी है हा रामपाल जी ने पेन चलाया है ना कई बार विष्णु विष्णु पुराण में बता रहे हैं काल कौन है काल के लिए लिखा हुआ है परम ब्रह्म और कह रहे य अज्ञानता वस लिख दिया है अरे भैया जब तुम्हारे लिए प्रमाण है ही नहीं तुम्हें अपने मन से कुछ भी मान लेना है तो उस किताब का सहारा क्यों ले रहे हो अपने मन से कुछ भी बोल दो तत्वदर्शी तत्वदर्शी संत को सब कुछ मालूम है तो अपने हिसाब से बोले ना फिर प्रमाण क्यों दिखा रहा है प्रमाण में वही तो है उसम सही प्रमाण नहीं है आपके लिए आपके लिए वो प्रमाण नहीं है क्योंकि उसी प्रमाण में एक जगह की बात को आप नहीं मानते हो दूसरी जगह की बात को आप मानते हो कवियों का कवि लिखा हुआ सु कवियों का कवि लिखा हुआ है गणपति मगर आप कह रहे हो कि कवि है कबीर अब मुझे लिखा दिखा दो कहीं पर कि कभी कबीर कैसे बना लिखा दिखाओ मुझे मैं तो बता रहा हूं आपको वेदों के अंदर परमात्मा की महिमा लिखी हुई है परमात्मा कैसे प्राप्त होगा वो नहीं लिखा है प्राप्त कैसे होगा वो छोड़ो अभी मैं पूछ रहा हूं कवि कबीर कैसे बना ये मुझे लिखा दिखा

00:38:55:13 दो व चलिए आने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद रु आपको सवाल प बात करने के लिए आया था हां बोलिए सवाल जो आप हमेशा सवाल ना जो सवाल आप परमात्मा सर्वशक्तिमान है कि नहीं है हां आप चलो पूछ लेता हूं दोबारा क्या रामपाल दास जी के द्वारा बोर हो गए होंगे इससे लोग इसलिए नहीं पूछ

00:39:27:16 रामपाल दास जी के द्वारा प्रतिपादित होने वाला जो ईश्वर है वह सर्वशक्तिमान है कि नहीं बताइए हा की ना ज्यादा विवेचना नहीं बताइए सर्वशक्तिमान है सर्वशक्तिमान है हा भैया ऋग्वेद के नवे मंडल के बवे सूक्त के और क्या बता रहे हैं नौवा मंडल देख लेते भैया इनका बस बस हटा दीजिए बस कमेंट देख लिया मैंने नौवा मंडल 20वां सूक्त और पहला

00:40:11:06 मंत्र प्रचार कर रखा है वेदों में प्रमाण है वेदों में प्रमाण है प्रमाण पूछो तो कुछ नहीं है हल्ला मचा दिया प्रमाण पूछो तो है ही नहीं तब तत्वदर्शी संत आ जाएंगे कि कवि कबीर कैसे बना तत्वदर्शी संत ने बनाया

00:40:48:20 अभी नौवा मंडल और बीवा सुख हा इसमें क्या लिखा है इसमें लिखा है कवि का अर्थ ज्ञानवान और यह दो शब्द है यह संधि होने के कारण रा आ रहा है कबीर देव संधि होने के कारण र रहा है फिर भी अगर कबीर ले ले तो कबीर कबीर कैसे बना यह बताओ

00:41:32:02 ऋग्वेद नौवा मंडल बसवा सूक्त और पहला मंत्र इसमें लिखा हुआ है कबीर देव और यह जो रा आया ना रा यह संधि होने के कारण आया जब इसको शब्दों को अलग अलग किया गया है तो क्या हुआ है कि कवि अलग है और उसके बाद देव यह अलग है जब संधि हुई तो कबीर आ गया संधि होने पर रा चरित होता है तो अब बात आती है कि पहली बात यहां पर लिखने वाले ने कवि का अर्थ ज्ञानवान लिखा है क्या आपके पास ऐसा कोई ग्रंथ है जिसमें वेदों का भाष्य हो और उसमें कवि कबीर देव को कबीर लिख दिया गया हो है कोई प्रमाण वेदों में प्रमाण दिखाओ ना कि कबीर भगवान है दिखाओ प्रमाण मुझे कबीर भगवान है लिखा दिखाओ कहां है वेदों में प्रमाण दिखाओ वेदों में प्रमाण है कबीर भगवान है लिखा

00:42:42:13 दिखाओ वो अभी उस सवाल बात करते हैं हा ईश्वर सर्व शक्तिमान है कि नहीं चलो उसी पर कर लो तो इसमें तो कुछ नहीं है ना आपके पास वेदों में प्रमाण नहीं है ना आपके पास कि कबीर भगवान य लिखा हुआ हो है रामपाल दास जी के द्वारा मानते हो ना मानो कोई दिक्कत नहीं है आपकी आस्था है मानो कोई दिक्कत नहीं मगर वेदों में प्रमाण नहीं है कि कबीर भगवान है चलो बोलो हा सर्व शक्तिमान है परमात्मा हां है क्या वो अवाद है किसी भी प्रकार के नियम से बाधित नहीं है किसी भी नियम के नीचे नहीं है वो बा अच्छा क्या वो माता के गर्भ से जन्म ले सकता है इस सवाल पे मैं आपको कह सकता था ये सवाल आपका गलत भी हो सकता है इसके लिए मैं आपको सवाल गलत साबित करना चाहता हूं करिए स्वागत जैसे जैसे आप एक फैक्ट्री के मालिक हो मैं उदाहरण देता हूं छोटा सा हम आप फैक्ट्री के मालिक हो आप उसमें एक आपने उस लेबर के लिए व नियम बनाए हैं

00:43:58:04 [संगीत] लेबर के लिए नियम बनाया सुबह 9 बजे ड्यूटिया 5 बजे छुट्टी करना है और महीना पूरा होने पर ड्यूटी सैलरी मिलेगी वो वो आपने लेबर के लिए नियम बनाया उसी नियम को आप पालन कर सकते हो जो नियम आपने बनाया वो हां बिल्कुल कर सकता हूं बिल्कुल कर सकता हूं और सर्वशक्तिमान कहते ही उसे हैं जो कोई ना कर सके वो भी वो कर सके और बोलो वो तो कैसे मान देखो जो कार्य मैं भी मैं भी मैं भी अभी अपनी फैक्ट्री के कुछ नियम बनाऊंगा तो उस नियम का मैं पालन करूंगा या नहीं करूंगा मैं भी कर सकता हूं मगर यहां बात हो रही है कि वो करते नहीं है मगर कर सकते हैं कि नहीं मैं यह पूछ रहा हूं मैं बोल रहा कर सते ज भी बोल रहा हूं आप अपने फैक्ट्री के अंदर भाई किसी की छुट्टी प जाएंगे ये नियम है एप्लीकेशन देने आप किसको एप्लीकेशन देकर जाओगे तब करोगे आप जब एप्लीकेशन दोगे तब आप मालिक नहीं रहेगे कौन होगा एप्लीकेशन नहीं देना चाहिए सही बात है एप्लीकेशन नहीं दे सकता यह गलत और जो काम मैं आपसे कह तो रहा हूं जो काम मैं भी नहीं कर सकता वो काम ईश्वर कर सकता है व इसलिए

00:45:13:04 मैं कह रहा जो मालिक ईश्वर है वो उसके ऊपर कोई जो नियम बनाता है कपट कंपनी का मालिक उस पर नियम नहीं लता मैंने आपसे यह पूछा है क्या उसके अंदर सभी नियमों को तोड़ने की क्षमता है या नहीं तोड़ता है यह नहीं पूछा तोड़ता है कि नहीं यह बात अलग है मैं पूछ रहा हूं तोड़ सकने की क्षमता है कि नहीं वो कर नहीं सकता ना आप मैं बोल रहा हूं ना नहीं कर सकता ब यही ये जो सक्ता है ना ये सक्ता ये जो शकता है इसी चीज के लिए हम लोग लड़ रहे हैं ईश्वर के आगे नहीं कर सकता यह वाली पंक्ति अगर आएगी तो जो जिसके बारे में बात हो रही है वो ईश्वर नहीं है वो बाधित है नियम हमारे लिए बना रख बात बोल द है आपने अपनी बात बोल दी मैंने भी अपनी बात बोल दी है अब जनता डिसाइड कर लेगी आपके पास कुछ और है तो बताइए इसम यही उत्तर है क्या उत्तर है उतर कंपनी का मालिक जो होता है वो कंपनी का मालिक और लेबर अलग अलग होती है जो नियम बनाता है वो लेबर के लिए बनता कबीर भगवान नियम बना कह रहा जो नियम बना वो कबीर के लिए मैं तो वही क रहा हूं ना कि कोई भी नियम उसके

00:46:28:18 भाई मैं हूं मैं अभी चाहूं कि मैं अभी झट से किसी माता की गर्भ से जन्म ले लू दूसरा तो मैं तो नहीं ले सकता मगर यह नियम कबीर पर लागू होता है क्या अब आप कह रहे हो कि नहीं जो नियम मनुष्यों के लिए बनाया वो कबीर के लिए नहीं है अरे भाई तभी तो कह रहा हूं कि जो मैं नहीं कर सकता हूं कबीर कर सकता है क्या मैं अभी कई बार लोगों के मन में सुनो कई बार लोगों के मन में आता है कई बार लोगों मन में आता है काश में अच्छे घर में जन्म लेता काश में पैसे वालों के घर में जन्म लेता मगर नहीं ले सकते तो क्या भगवान भी इस चीज से बाधित है क्या मैं बोल रहा हूं इसके लिए मैं आपको बता रहा हूं जो आप ठीक है जन्म गा मरेगा वो कैसे फर अविनाशी कैसे हो जाएगा अरे भैया यह बताओ अविनाशी अरे भैया वो जो जन्म और यह मृत्यु दिखा रहा है वो यहां पर लीला पूर्वक दिखा रहा है लीला हैय भगवान की लीला में आ कर वो कुछ भी कर सकता है सुनो एक बात यह बताओ कबीर दास जी के गुरु थे रामानंदाचार्य थे कि नहीं थे थे ना तो उन्होंने उनसे गुरु दीक्षा ली कि नहीं ली ली कि नहीं ली हा तो अब ये बताओ ली थी तो क्या कबीर स्वयं से परमात्मा थे तो ज्ञान नहीं था जो उनको

00:47:43:18 गुरु बनाना पड़ा एक मिनट रुकना मैं डाटा खत्म हो रहा बैलेस कर रहा डाटा वाला चलो फिर किसी दिन आते हैं और बाद में बात करेंगे हो चुकी है बहुत सारी बात हो गई है आने के लिए धन्यवाद आपका जय श्री राम हां तो भाई आज आपने देख लिया पोल खुल गई वेदों में प्रमाण नहीं है कबीर साहब भगवान नहीं है हां भगवान के भक्त थे बहुत अच्छे क्यों उनको बदनाम करते हो उनके प्रति जो आस्थावान है जो ईश्वर के प्रति उनके कबीर दास जी के प्रति जो है उनके प्रति जो है नसता घलते

00:48:45:13 हो वह माता के गर्भ से जन्म नहीं ले सकता है मगर पूर्ण ज्ञानी होते हुए भी गुरु के पास जाकर के दीक्षा ले सकता है ज्ञान ले सकता है इनका कहना है कि कबीर दस जी जो है वह माता के गर्भ से जन्म नहीं ले सकते क्यों लेंगे भैया वो तो अविनाशी है उनका जन्म मरण से रहित है मगर लीला में वोह आकर के और जो माता गर्भ से जन्म नहीं ले सकते ठीक है पूर्ण ज्ञानी होते हुए परमेश्वर गुरु के पास जाकर के क्यों ज्ञान ले रहा है रामानंदाचार्य जी के पास अब कह दोगे तो लीला है भाई तो लीला ही तो करने को बोल रहा

00:49:23:19 हूं अगर ब्रह्मा विष्णु महेश लीला करके दिखाए तो वो तो देखो उनका जन्म मरण होता है और कबीर दास जी जो है लीला करके दिखाए वो कबीर दास जी जो ज्ञान लेने जा रहे तो व लीला हो गई ल गई पल इसीलिए प्रमाण की बात में बात के लिए रखता हूं कि जो तार्किक बातें हैं कि कि अगर ईश्वर की सर्वशक्ति मत्ता पर बात हो रही है ईश्वर की परम स्वतंत्र मोक्ष की बात हो रही है तो आप जो है वह विषय से हट ना जाए क्योंकि विषय से हटेंगे जैसे ही व प्रमाणों पर बात आएगी प्रमाणों बात आएगी मैं कहूंगा य ये लिखा है अब ये कबीर देव को कबीर बोल रहे हैं मैं पूछ रहा हूं यह कवि शब्द कबीर कैसे बना कोई प्रमाण नहीं है जो व्यक्ति खुद की बेल एप्लीकेशन लगा रहा है कोर्ट में अगर व पर भगवान का अवतार है ना जो है वो एप्लीकेशन क्यों लगा रहा है भाई अभी आपने कहा वो अपनी फैक्ट्री में वो जाकर के एप्लीकेशन देगा क्या देखो जाकर के कितनी एप्लीकेशन लग रही है जमानत के लिए वकील है वकील उसका बन करके एप्लीकेशन लगा रहा

00:50:42:03 है यह कौन है भाई बस करो हां आपने कहा कि परमात्मा एप्लीकेशन देगा क्या अब बोलो क्या क्या रामपाल दास जी के द्वारा अभी तक वहां कोर्ट में रिहाई के लिए एप्लीकेशन नहीं लगी एक भी अगर पता करने जाएंगे तो पस एप्लीकेशन मिल जाएंगी हाई कोर्ट यह कोर्ट वो कोर्ट सब में लगी होंगी क्यों लग रही है एप्लीकेशन भैया व तो स्वयं परमेश्वर

00:51:19:22 है कबीर दास जी ज्ञान लेने जाए तो लीला और और भगवान स्वयं सर्वशक्तिमान परमेश्वर और वो अगर अपनी देह का नाश करके दिखाए माता के गर्भ से प्रकट हो कर के दिखाए सब कुछ कर स करके दिखाए तो अरे ये तो भाई ये तो जन्म म में आ गया तो ये लीला नहीं हो सकती लीला वही होगी जो वहां जो एप्लीकेशन लगा रहे हैं कोर्ट में अपनी रिहाई के लिए हां लीला वही है जो वो कर रहे हैं आप लोगों की जानकारी के लिए एक बात और बता दूं हमारे पूज्य गुरुदेव है आचार्य हैं आचार्य राम शंकर शुक्ल जी उ उनका एक यू चैनल चालू हो गया है आप सभी वहां सब्सक्राइब कर ले धर्म विषयक जितनी भी जानकारी चाहिए होती है वहा आपको प्राप्त होगी जैसे कि अभी एक मामला चल रहा था कि तिरुपति बालाजी के प्रसाद में लड्डू में जो है वो गाय इत्यादि की गाय इत्यादि का वो हो रहा है उपयोग हो रहा है गौ माता का गौवंश का मछली मछली का भी उपयोग हो रहा तो अगर आपने वह प्रसाद खाया है तो उसका क्या प्रायश्चित होगा इस बारे में अभी आचार श्री

00:52:34:26 ने एक वीडियो डाला है और बहुत ही मर्मज्ञ शास्त्रों के और इनका चैनल आप अवश्य फॉलो करें सभी जिससे कि आपको यह वाले जो विधि विधान कर्मकांड विषयक जितने भी प्रश्न है उन सबका उत्तर मिलता रहे यह सूक्ष्म वेद जो नाम है ना य इन्होंने अपने शायद उसको दिया होगा जो कबीर वाणी है जो को नाम दिया होगा इस समय कबीर पंथी बिल्कुल गायब हो गए हैं क्या यहां से ठीक

00:53:13:02 है हां तो आप अपना अंतिम प्रमाण जब वो है ना सूक्ष्म वेद तो फिर आप यह कहना बंद करिए कि वेदों में प्रमाण है क्योंकि हमारा अंतिम प्रमाण वेद है वैदिक वो है जो वेदों को अंतिम प्रमाण मानता वो वैदिक है दूसरी किताबों के आधार पर वेद को फिल्टर करता है वह वैदिक नहीं है ऐसे तो कुरान वाले भी वेदों का अ अर्थ अपने अनुसार निकाल लेंगे इसका अर्थ यह है कि आप वैदिक नहीं है सनातनी नहीं है हिंदू नहीं है अगर आपको वेदों में प्रमाण बुद्धि नहीं है तो ठीक है हो गया दूध का दूध और पानी का पानी

00:53:57:08 वेदों में प्रमाण है और जब प्रमाण निकालने जाएंगे तो सूक्ष्म वेद है हमारे पास एक और उससे लेंगे प्रमाण और रा पीट वेदों में प्रमाण है वेदों में प्रमाण है हां गुरु परंपरा बनाए रखने के लिए किया ना तो ऐसे ही विभिन्न प्रयोजन है भगवान के जन्म और मृत्यु के जो वो लीला में आकर के विभिन्न प्रयोजनों के कारण जो है ना स्वरूप बनाते हैं फिर अपनी देह का नाश भी करके दिखाते हैं बार-बार वो आपको यह भी बताते हैं लीलाओं के माध्यम से कि मैं ईश्वर हूं सर्व शक्तिमान ईश्वर वो हूं मैं परम स्वतंत्र किसी भी प्रकार की कोई मर्यादा मेरे ऊपर लागू नहीं हो सकती सारी मर्यादा तोड़ के जो रख दे सारे नियम से सारे नियमों को चकनाचूर कर दे उसका नाम है ईश्वर डालो ये बात बात अपने मन में खोकले ईश्वर को लेकर के चल रहे हो जो

00:55:04:20 चलिए आने का आभार सभी लोगों का लाइव को अब ऑफ कर दिया जाएगा प्राइवेट चैट में ये क्या आया मैसेज इसीलिए मैं बाद के लिए रखता था प्रमाण कि पहले सर्वशक्तिमान वाली बात कर ले हां वहां पर सोम की बात हो रही है कबीर देव वाला जो मंत्र है व सोम की बात हो रही है जबरदस्ती में कबीर घु सेर दिया अरे भैया वह व्याकरण बताओ ना मुझे अष्टाध्यायी देव कैसे हो गया

00:55:47:13 कबीर अरे भैया लिंक दे दो य गोविंद गुरुकुल वाले आना चाह रहे हैं इनका भी इस समय वो चल रहा है आइए गोविंद जी लिंक दे दिया है उसको पिन कर दीजिए लिंक को पिन कर दीजिए

00:56:33:18 पिन और यह ब्राह्मण वाली बात उससे पूछना जो आपसे कोई कहे कभी कि जो देवी भागवत है उसमें कलयुग के ब्राह्मणों को राक्षस कहा गया है सतयुग का तो स्कंद पुराण में रामायण महात्मा में कलयुग के लोगों को काम वेदना से पीड़ित मतलब जहां भी जाते हैं ना केवल उनकी काम वासना ही रहती है सबको देखने में वो लोग कहा गया है कि सभी लोग ऐसे हो जाएंगे और स्त्रियां जो है कैसी हो जाएंगी वैश्या की तरह आचरण हो जाएगा तो पूछो जो लोग आपसे कह रहे हैं कि कलयुग के ब्राह्मण राक्षस है उनसे पूछो कि उनके घर की स्त्रियों के बारे में क्या सोचते हो आप हम नहीं सोचते आप क्या सोचते हो बताओ जी गोविंद जी जय श्री राम जय श्री राम जी मैं इसी बात पर थोड़ी चर्चा रखना चाहूंगा ये जो कवि प बात या दिलाना चाहूंगा आपसे कई साले कई सा कुछ कुछ दिन पूर्व आप हमारे चैनल पर आए थे आपको मैं वो बताना चाहूंगा कि किस तरह से गुरु परंपरा हमारी रक्षा कर सकती है जो मैंने आपसे प्रश्न पूछा था ना

00:57:48:26 कि गुरु परंपरा आपको वेद कैसे मिले यह जो गुरु परंपरा का सवाल होता है धर्म की रक्षा में बहुत बड़ा जो भी व्यक्ति अपने मनमाने ढंग से गुरु इसका वेदों का अर्थ करना चाहेगा वो उसका हम इस तरह से प्रतिकार कर सकते हैं ढाल है हमारी यह कोई द्वेष पूर्वक नहीं है ये यह ढाल है हमारी गुरु परंपरा अगर हम इसका आलंबन लेंगे तो कोई भी व्यक्ति कल को आकर के वेदों का अपने हिसाब से अर्थ करके नहीं दिखा सकता और नहीं लेंगे खुला छोड़ देंगे कोई भी किसी का भी अर्थ प्रमाणिक मान लिया जाएगा तो क्या होगा हर हर दो महीने में एक नया रामपाल दास जी का तंत्र खड़ा हो आज देखो कितने सारे सेक्ट खड़े हैं जी आप बताइए आपके साथ आप कुछ अपनी वो बता रहे थे तो मैं आपको बताता हूं सड़कों पर कभी हम निकलते हैं यह फेसबुक की मैं बात कर रहा हूं फेसबुक में यह चीजें दिखती है यह कभी पहुंच जाते हैं बस स्टैंड पर कभी रेलवे स्टेशन पर कभी कहीं कभी कहीं आओ भाई ज्ञान चर्चा करलो आओ भाई ज्ञान चर्चा करलो आओ इधर आओ ज्ञान चर्चा कर लेते हैं यह पकड़ो यह पढ़ो काफी देर से मैंने इनका देख रहा था सिस्टम ठीक है फिर मैंने एक दिन इनके ऊपर इनकी ज्ञान गंगा पुस्तक है उसके ऊपर केवल सात वीडियोस बनाए थे केवल सात वीडियोस ठीक है उसमें पुस्तक दिखाकर और इन लोगों ने कॉपीराइट

00:59:04:00 पर कॉपीराइट भेजना शुरू कर दी सिर्फ इसलिए कि मैंने रामपाल बाबा की एक फोटो लगाई थी थंबनेल के ऊपर जो लोग यह कह रहे हैं कि भाई आ जाओ ज्ञान चर्चा कर लेते हैं यह प्रमाण है वो प्रमाण है वो ज्ञान चर्चा तो क्या ही करेंगे इनके आश्रम में जब मैंने फोन किया तो वो फोन काट के भाग गए वो भी वीडियो मेरे उस चैनल पर थी अभी मेरे पास है वो दोबारा मैं रिड करूंगा अपने इस वाले चैनल पर आज एक आज एक वीडियो हम भी डालने वाले हैं हमने इनके एक आश्रम में फोन किया मैं आ गया भैया ज्ञान चर्चा के लिए तो कह रहे कोई है नहीं अभी ज्ञान चर्चा वाले य चैनल देख लिया होगा हमारा तो बोले ग है नहीं कोई और बहाना आना लगा के जो है बहाना लगा के जो है चले गए तो अब जो है क्या कहते हैं वो वीडियो का रिकॉर्डिंग है और वो हम लोग डालने वाले हैं जी मेरे पास भी है मैं भी री अपलोड करूंगा इस चैनल के ऊपर पहले मेरा रुक्मणी माधव दास नाम से एक चैनल था वो इन्होंने बंद करवा दिया और उससे पहले भी एक इनके साथ आपका क्या हुआ वो वो क्या हुआ आपका इनके साथ वो बताइए वही वही बता रहा हूं मैंने बस इनके बाबा की फोटो ली थी एक ठीक है थंबनेल पर लगाने के लिए पता तो चले मैं किसके बारे में बात कर रहा हूं ठीक है ये जो लोग कहते

01:00:19:03 हैं आज जाओ चर्चा कर लो ये कर लेते हैं वो कर लेते हैं आमने सामने बाबा की फोटो लेने पर इन्होंने जो है वो मेरे को लगातार कॉपी स्ट्राइक भेजना शुरू कर अरे मैं तो मैं तो मैं तो ये कहूंगा कि भैया आपको कॉपीराइट की एप्लीकेशन क्यों देनी पड़ रही है विद में प्रमाण है और कबीर साब भगवान है रामपाल भगवान है तो ये एप्लीकेशन क्यों देनी पड़ रही है भाई बिल्कुल ये सीधे चैनल को बट कर दो बम लगा दो आग लगा दो सीधे मोबाइल ही जल जाए जिसम वो चैनल चल रहा हो जो चैनल चल रहा है जिस मोबाइल में मोबाइल जल जाना चाहिए बिलकुल मैं मैं अब अभी इससे आगे आपको बताता हूं कि दरअसल दिक्कत हुई कहां थी दिक्कत इनके साथ हुई कि यह लगातार मेरे को फोन आने लग गए एक दिन में 10 10 मेरी डिबेट होने लग गई 10 डिबेट सोच लीजिए एक दिन में कहां जाता है एक आधे घंटे की डिबेट भी पकड़ी है तब भी कहां जाती बात ठीक है बोल बोल के ववन मेरा गला बैठ चुका था इनके साथ इनसे मैं हमेशा एक प्रश्न पूछता हूं जो आज आपकी लाइव में भी बता रहा हूं रामपाल जी का कोई भी एक ज्ञान बता दीजिए जो किसी भी ग्रंथ से प्रमाणित हो बिना लाग लपेट और जो अपने से बनाई गई टिप्पणियां ठीक है सिर्फ एक ज्ञान में पूछ रहा हूं कोई भी एक ज्ञान चलेगा सिर्फ एक ज्ञान मैं कोई ज्यादा ज्ञान नहीं मांग रहा हूं बिना ला ट के कुछ नहीं है बिना लाग लपेट के कुछ

01:01:34:20 नहीं जब काल को जब वो इनके मैं एक बात बताऊंगा जब वो काल को कहते हैं कि गीता का जो ज्ञान है वो काल ने बोला है और काल के लिए विष्णु पुराण का वीडियो है कबीर दास जी का उसम जो है कबीर नहीं सॉरी राम दास जी का वीडियो है इसमें क्या है कि प्रथम अंश का दूसरा अध्याय है और उसमें 14 15 श्लोक नंबर दिखाते हैं अध्याय दो और श्लोक नंबर 14

01:02:16:20 15 तो क्या लिखा है कि इसके साक्षी पुरुष यह दिखाते हैं ये अध्याय नंबर दो और 14 इसमें काल बताते काल कौन है तो इसमें क्या लिखा है कि इसके साक्षी पुरुष और महा काण काल के रूप स्थित है काल के रूप स्थित है आगे उसी के लिए लिखा है परम ब्रह्म का प्रथम रूप पुरुष है परम ब्रह्म अब जब परम ब्रह्म आता है तो उसी वीडियो में जिसम वो यहां से रेफरेंस ले रहे हैं उसी में परम ब्रह्म अज्ञान अज्ञानता पूर्वक है अरे भैया जब तुम्हें ये छापने प इस पर संस्कृत प हिंदी पर विश्वास नहीं है तो वो ग्रंथ लाओना जिसमें ये ना लिखा हो इसको कैसे प्रमाण मान लोगे प्रमाण मानो तो इका एक भी शब्द गलत मत कहो जी अब जहा जहां पर ये लिखा आता है कि मैं ही काल जो है बड़ा हुआ काल हूं ठीक है काल के आगे विसर्ग लगने पर वहां पर लिखा गया है महाकाल ठीक है दो तरीके से देखिए कितना स्पष्ट होता है ये श्री पदम पुराण के अंतर्गत उत्तरखंड में भगवान शिव जो है वोह माता पार्वती को ज्ञान दे रहे हैं वैष्णों का या विष्णु धर्म का ज्ञान देते हुए बता रहे हैं विष्णु सहस्त्र नाम स्त्रोत नाम

01:03:31:20 से एक वहां पर पूरा अध्याय है जिसमें भगवान श्री हरि के 1000 नामों की स्तुति दी गई है और उसी के हर एक के आगे उसका मतलब लिखा हुआ है कि अगर उनका नाम महेश्वर है तो यानी कि वह महान ईश्वर है सभी लोकों के स्वामी है ठीक है वही काल और आगे विसर्ग जुड़ा हुआ उसके आगे स्पष्ट लिखा हुआ है कि वो विष्णु जी का ही एक नाम है सहस्त्र नामों में काल उनका एक नाम है एक नाम उनका बताया गया है कवि एक नाम उसका बनाया गया है कवि एक नाम उनका बताया गया है वेद वेता कवि यानी सभी वेदों को जानने वाले वही कवि हैं जो उनकी कवि रूपों में रचना करते हैं और मेन बात मजेदार ये है कि कवीश्वर शब्द भी भगवान श्री विष्णु के लिए वहां पर बताया गया यानी कि महान कवियों के ईश्वर ठीक है तो यह बातें जब मैं इनको दिखाता हूं तब यह आते हैं तब प्रणों से हटते मैं एक मिनट लूंगा उसके बाद आप अपनी बात रखिए ठीक है तब ये भाग जाते हैं श्री देवी भागवत में जहां पर वो एक लिखा है कि तुम हमारी माता हो या कुछ भी ठीक है मैंने कहा बस हो गया तीन ही स्कं है इसके ठीक है कहने लगी बड़े आगे उसी में लिखा है उसम नहीं आगे लि नवा स्कं

01:04:46:21 खोलिए नवे स्कं का प्रथम अध्याय है और प्रथम अध्याय के अंतर्गत पंच रूपी जो प्रकृति है ठीक है उसके बाद भगवान भगवान कृष्ण कृष्ण वहां पर उत्पत्ति कर रहे हैं हा वो दूसरे अध्याय में दूसरे अध्याय में है वो मैं पहले अध्याय की बात करता हुआ बता रहा हूं ये कह रहे कि जगदंबा जी हमारी माता है ठीक है क्योंकि वो स्तुति गा रहे हैं उस समय ठीक है अब उसी के नवे स्कंद के प्रथम अध्याय के अंतर्गत स्पष्ट रूप से जब पंच विध प्रकृति का प्रकरण आता है तो उसमें दुर्गा ठीक है लक्ष्मी गायत्री और सावित्री है शायद ठीक है और राधा पांच नामों से प्रकट की विभक्ति बताई गई है यानी पंच रूपों में प्रकृति हमारे समक्ष व्याप्त है ठीक है उसके सर्वप्रथम स्वरूप दुर्गा का जिक्र करते हुए सर्वप्रथम यह बात लिखी है गणेश जननी दुर्गा यह शिव की प्रिय भारिया है ठीक है तो बताइए इनमें से कौन सा मान्य है कौन सा मान्य नहीं है यदि तो नौवा स्कंद झूठा है तो तीसरा स्कंध कैसे सच्चा हो गया ठीक है और यदि तीसरा स्कं सच्चा है तो फिर नवा कैसे गलत होड़ यही मानना पड़ेगा कि ये लीला है भगवान की कि वो कहीं पर दास भाव से आते हैं

01:06:01:21 कहीं ईश्वर भाव से आते हैं कहीं जनक भाव से आते हैं कहीं सब कुछ प्रकट कर देते हैं और कहीं पर खुद ही सेवक बन जाते हैं कहीं पर खुद ही भगवान को भक्त बन जाते हैं यही पूरा पुराणों शास्त्रों का निचोड़ है अच्छा एक चीज मैं अभी बताना चाहूंगा कि जहां पर इनके जो वीडियो डले हैं कि काल के जो कलयुग के जो ब्राह्मण है वो राक्षस होंगे ये वीडियो चले उसमें रामपाल दास क्या कर रहे हैं कि उसमें एक जगह लिख के आया व वो भी उस वीडियो में जब य यह बताते हैं कि कलयुग के जो ब्राह्मण है वो राक्षस है उससे जस्ट पहले उन्होंने वहां पर एक लाइन पढ़ी कि वेदों के पूर्ण ज्ञानी मां भगवती की पूजा करते हैं वेदों के पूर्ण ज्ञानी मां भगवती की पूजा करते हैं अब इनका जो तत्वदर्शी वाला झोल है उसको समझिए इन्होने तत्वदर्शी 434 में कहा तू तत्वदर्शी के पास जा उसके बाद भगवत गीता 15 एक में लिखा है जो इस उल्टे वृक्ष की व्याख्या कर देगा वो पूर्णतया वेदों को जानने वाला है इससे इन्होने कहा इससे इन्होने निकाल लिया कि वेदों को जानने वाला यानी कि तत्वदर्शी ठीक है अगर इनके अनुसार वेदों को जानने वाला तत्वदर्शी है तो वहां पर देवी

01:07:16:22 भागवत में इन्हीं के वीडियोस में वेदों के पूर्ण ज्ञाता क्या कह रहे हैं मां भगवती की पूजा करो क्या कह रहे हैं कबीर की पूजा तो नहीं बता रहे तत्वदर्शी इनके अनुसार जो तत्वदर्शी है वो मां भगवती की पूजा बता रहा है शास्त्र अगर शास्त्र का प्रमाण लेकर कहते तत्वदर्शी तत्वदर्शी तो अगर वेदों को जानने वाला उल्टे वृक्ष की व्याख्या करने वाला उल्टे वृक्ष की व्याख्या करने वाला वेदों को जानने वाला है तो वेदों को पूर्णतया जानने वाले वहा भगवती की जगदंबा की पूजा करते हैं भक्ति करते हैं अब यह बात वहीं पर लिखी है जहा जिस जहां से प्रमाण ले रहे हैं अब यह बात क्यों नहीं मानेंगे उस परे इन्होंने हस के दिखा दिया ना मैंने देखी ली वीडियो हां कोई चर्चा के लिए आया है ठीक है चर्चा के लिए आपकी कुछ बात अगर शेष हो तो बताए नहीं तो हम चर्चा के लिए ले किसी को बिल्कुल मैं बस इतनी सी बात कहना चाहूंगा अगली बार जब मैं जुडू तो सारे रेफरेंसेस इकट्ठे करके एक बार उस पर चर्चा करेंगे किस किस प्रकार से कहां कहा पर इन्होंने अपने हिसाब से घालमेल की है और प्रमाण क्या हैय क पूरा थरी बना लीजिए थरी पेपर और उसको लेके बैठिए है ना तो पूरा अच्छे

01:08:31:26 से बात करेंगे उस ठीक ठीक सीताराम आप रह सकते हैं दूसरा आ रहा है रह सकते हैं चर्चा में चलिए उनी देर अपना माइक कैमरा बंद कर लेता हू जी नहीं कैमरा बंद ना भी करें तो भी कोई बात नहीं है अभिमन्यु जी तो आप ही है प्रभु सिंह जी को ले लेते हैं प्रभु सिंह जी ड टू स्टेज आ गए जी बताइए प्रभु सिंह राम राम जी राम राम जय श्री राम आपका परिचय मेरा परिचय है जी मैं संत रामपाल जी महाराज जी का शिष्य अच्छा बताए तो देखो जी मैं तो वेद भी नहीं पढ़े गीता भी कम पढ़ी हुई है और देखो मैं मैं आपसे एक प्रश्न करना चाह रहा हूं क्योंकि आप रामपाल जी के शिष्य हैं मैं आपसे एक प्रश्न करना चाह रहा हूं रामपाल रामपाल दास जी ये बोलते हैं कि जो कलयुग के ब्राह्मण है वो सतयुग के राक्षस है सतयुग के राक्षस ही कलयुग के ब्राह्मण है क्या आप ये मानते

01:09:47:04 हो देखो जी एक बात बता हूं आपको संत रामपाल जी बोल रहे हैं ना ये किसने बताया सुनो सुनो मेरी बात सुनो मैं उनका शिष्य हूं संत रामपाल जी ने ये बातें बताई तो एक बात पूछता हूं भाई कि जो पोते से हम पूछे कि भाई अपने पिताजी की और दादाजी की जन्म डेट बता दो तो पोता अपने पिता और आना नहीं चाहिए जब आपको दादा के लेवल की बातें नहीं पता है तो आपको आना नहीं चाहिए मैं वो दादा है हमारा गुरु ही ब्रह्मा गुरु ही विष्णु गुरु ही महेश्वरा गुरु ही साक्षात पम तस्म श्री गुरु नम आप उनकी बात रखने आए हैं या नहीं हां हम उनकी बातें रखने आए लेकिन कुछ सवाल हमारे भी होते उनकी बात उनकी बात मैं आपसे पूछ रहा हूं क्या आप ये मानते हैं कि जो कलयुग के जो सतयुग के राक्षस है वही ब्राह्मण है कलयुग के ये मानते हैं आपने कि नहीं मानते हैं मैं मैं बता तो रहा हूं मैं अच्छा आपने कभी इस बारे में उनको सुना है कि नहीं सुना है रामपाल मेरी सुनो तो सही मेरी सुनो ना भाई मैं सुनूंगा देखिए देखिए देखिए देखिए मैं मेरे मेरे भाई एक ही परिवार में रावण भी था

01:11:02:07 और विभीषण जी भी थे हम देखो विभ शरण जी भी थे और एक दोनों भाई थे ठीक है ना भाई हा और रावण राक्षस कैलार विभीषण जी भगवान राम की शरण ग्रहण करी मैं आपसे देखिए मैं आप जो है लंबा खींच रहे हैं मैं इस तरह से बात नहीं कर पाऊंगा आपसे मुझे क्षमा करिए आप लंबा खींच रहे हैं मैं आपसे पूछ रहा हूं रामपाल दास जी का कहना है कि जो कलयुग में कलयुग के जो ब्राह्मण है वो सतयुग के राक्षस ही है जो कलयुग में ब्राह्मण है अब यह बताइए क्या आप यह मानते हैं कि सभी ब्राह्मण राक्षस हैं अरे भाई सारे ब्राह्मण नहीं है संतपाल जी का जान समझो ठीक है बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया अच्छा लगा अब मुझे बताइए कि एक चीज और है ये आपने बहुत अच्छा किया सार वहां सारों के बारे में बात नहीं हो रही है तो फिर जो रामपाल दास जी के वडियो है जिसमें उन्होंने किसी का भी फोटो लगा कर के और वहां पर ब्राह्मण की बात हो रही है कहीं पर किसी मैं नाम नहीं लूंगा मगर वहां पर संतों के वीडियोस लगे हैं जो भागवत करते हैं चर्चा करते हैं कथा करते हैं तो जब सारे ब्राह्मण राक्षस नहीं है तो यह अधिकार उनको किसने दिया कि वह किसी का निर्णय कर सके कि फोटो लगाकर कह सके देखो

01:12:17:26 देखो यह ब्राह्मण है और जबक ब्राह्मण क्या है वो राक्षस है ये अ कैसे मिला सुनो ब्राह्मण किसे कहते हैं ब्रह्म पहचाने सो ब्राह्मण जो भगवान को पहचान ले उसे कहा गया ब्राह्मण सुनो अरे भैया सुनिए ऐसे बात नहीं होती में प्रमाण है मुझे आप प्रमाण के साथ बात करिए मैं दिखाऊ आपको ब्राह्मण किसे कहते हैं हा प्रमाण हम प्रमाण लेकर के नहीं बैठा ना मैं तो मैंने क्या बोला कि मैं ऐसा तैयारी करिए किसी दिन और प्रमाण लेकर के आइएगा हमारे पास बहुत समय

01:13:01:14 समय खराब व्यर्थ की चर्चा समय नष्ट करने के लिए हम यहां नहीं है अन्य लोग हैं कोई हां हमारे चैनल की जो फोटोस है वीडियोस है अगर आप अर्थ को बदल के नहीं यूज कर रहे हैं जो हम कह रहे हैं उसको बदल के जैसे इधर मैंने कुछ कह दिया ना तो मैंने कहा कि मैं मंदिर मैं मंदिर में चप्पल पहन के नहीं जाऊंगा तो उसको लगा उसको य बना दिया मैं मंदिर ही नहीं जाऊंगा कटिंग करके अगर ऐसा नहीं करेंगे आप तो आप यूज कर सकते हैं मैंने कहा मैं मंदिर चप्पल पहन कर नहीं जाऊंगा अब उसके बाद आपने इधर से कट किया मैं मंदिर और चप्पल पहन के को कट कर दिया नहीं जाऊंगा लगा दिया मैं मंदिर नहीं जाऊंगा यह मत करिएगा हां बाकी आप जो हम कह रहे हैं वही अर्थ प्रस्तुत करते हुए अगर हमारे फोटोस का वीडियोस का उपयोग करना चाहते हैं आप कर सकते हैं

01:13:59:01 आकाश मुक्लन कौन है इनका आप क्यों प्रदर्शित कर देते हैं लोग बकवा दी लोग हैं इनका कोई आधार नहीं है य लोग रट्टू होते हैं जो स्लीपर सेल्स बनाए गए थे ना एक एक बार हमने बताया था ना मायावादी परर सेल्स बनाए जाते हैं मायावादी स्लीपर सेल्स है इनको माया बाद माया बाद आखिर में अपने को बम से उड़ा लेते

01:14:32:25 हैं हां भाई आकाश जी आप अपना चेहरा दिखाएं तो ऊपर आए अन्यथा हम आपको हटाए जल्दी करें चेहरा लेकर ही आपको ऊपर आना होगा आकाश जी लाइव में नहीं आएंगे ठीक है और कोई है जो आ सकता है चर्चा के लिए गोविंद जी आप अगर देख रहे हैं तो मैं आपको कहूंगा कि आप एक अच्छा सा अपना वक्तव्य तैयार कर लीजिए और फिर किसी दिन रखते हैं आपके साथ लाइव प्रणाम शिवांश भाई इनके गुरुजी विष्णु को विनाशी मा बताते बताने के लिए शिव पुराण और देवी भागवत महाकाल पुराण को देते हैं पर शिव पुराण में शिव जी को अविनाशी बताया है वो नहीं मानते हां बिल्कुल बिल्कुल सही कह रहे हैं शिव पुराण में शिव जी को अविनाशी कहा है वो नहीं मानते मगर विष्णु जी को विनाशी मानने के लिए शिव पुराण का प्रमाण लेते हैं आज बहुत बढ़िया पोल खुली है इनकी अवदेश जी बताइए जय श्री राम

01:15:48:06 नमस्ते जी जय श्री राम हम बहुत अच्छा लगा आपसे जड़ मैं किसी का शिस नहीं हूं मैं एक खुला विचार का व्यक्ति हूं और धार्मिक बात रखने के लिए आपसे जुड़ा हूं इसके लिए आपका धन्यवाद जो आपने मुझे अपने प्लेटफार्म पर आने के लिए मौका दिया जी बताइए आपका हमसे कोई असहमति है तो वो असहमति का विषय बता दीजिए नहीं मुझे आपसे कोई असहमति नहीं है और मैं आपके मत आप मानते है कि रामपाल दास रामपाल दास जी के द्वारा दिया जाने वाला ज्ञान विज्ञान है वो सब पूरी कल्पना मात्र है उनका प्रमाण कुछ नहीं है शास्त्रों में बिल्कुल देखो जो सारे प्रमाण है हमारे शास्त्र य प्रमाण है जी और जो शास्त्र लिखे गए हैं वही सत्य है और उसी को ही मानना चाहिए बाकी सब मन गणन बातें इस सबवा कलयुग का प्रभाव है और सब तामसिक शक्तियां जो भी है वो प्रभाव डालकर सबकी बुद्धि ब्रस्त कर दी गई है य कारण मैं अप बात विचार रखना चाहता हूं आप अनुमति दीजिए मुझे अग रखने के

01:17:03:10 लिए नहीं असल में यह जो हम चर्चा रखी है अभी फिलहाल आप आइएगा आप नंबर नोट कर लीजिए 74836 हम लोग विचार रखने वाला भी दिन रखते हैं य नंबर आप नोट कर लीजिए उसमें स्न वाले भी आ रहे हैं आर समाजी लोग भी है जो आर समाज की चीज जान चुके हैं तोब वहा से मतलब उनकी बुद्धि थोड़ा शोधन हुआ है तो आर्य समाज को छोड़ना नहीं है मगर उनकी उन बातों को ना मानिए जो बात सार्वभौम सिद्धांत नहीं है तो इसी प्रकार से आप आप आ सकते हैं हम लोग चर्चा रखेंगे किसी दिन सामान्य चर्चा आज की चर्चा का उद्देश्य क्या है कि जो असहमति पर अगर कुछ किसी को कोई दिक्कत है तो वो बताए है ना आप नंबर नोट कर लीजिए कोई दिक्कत नहीं 7 40 8306

01:17:59:27 83 830 186 मेरा खुला विचार है मुझे एकदम बढ़िया से प्लेटम जो आज समस्या है समस्या से कैसे और किस चीज को हमें आगे फॉलो करना चाहिए उस चीज पर मुझे चर्चा करनी है हम लोग आपको बुलाएंगे आप इसका फॉर्म भरि ठीक है जी ओके जय श्री राम जय श्री राम और कोई नहीं है अभी एक एक सज्जन और आए थे सत्यम करके थे शायद

01:18:42:04 वो चलिए वेदों में प्रमाण नहीं है कबीर भगवान है यह अपने तत्वदर्शी जो इनके तथाकथित है उनके द्वारा बोला गया जो बात है उस वेद उससे मिलती जुलती बात जो वेदों में निकलती है इन दोनों बातों को मिलाकर के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत करते हैं आप ऊपर आ जाए ऋषभ जी अगर हमसे कोई आपत्ति है तो एक जगह अविनाशी एक जगह नहीं लिखा है उसी प्रकार जैसे कि कबीर आपके अनुसार परमेश्वर है सर्वज्ञ है कवि का अर्थ होता है क्रांत दर्शी जो सब कुछ जानता है तो उसी प्रकार से सब कुछ जानते हुए भी जो कबीर है आपके अनुसार लीला रूप में वो रामानंदाचार्य जी से ज्ञान प्राप्त करने जाते हैं उसी प्रकार अविनाशी होते हुए भी भगवान विभिन्न प्रयोजनों से वोह लीला रूप लीला पूर्वक विभिन्न रूप धारण करते हैं और ऐसे भी रूप धारण करते हैं जो कि विनाश वाले होते हैं सिंपल मैं अजन्मा अविनाशी होते हुए भी संपूर्ण भूतों का ईश्वर होते हुए भी अपनी योग माया को अधीन

01:19:57:24 करके मैं प्रकट होता हूं यदा यदाई धर्मस्य लान भवती भारता अनम धर्मस्य तत् मानम सजाम क्यों होते हैं प्रकट क्यों होते हैं धर्म की रक्षा के लिए अधर्म के नाश के लिए साधु भक्तों के उद्धार के लिए परित्रणाया साधु नाम दुष्टों के विनाश के लिए विनाश आया च दुस्ता जी जी बोले राधे राधे राधे राधे जय श्री राम जय श्री राम तो ये जो राम आपके पीछे ना एक बल् चल रहा है आप अपना डायरेक्शन चेंज कर दीजिए ट डायरेक्शन चेंज कर

01:20:45:04 दीजिए हा अब ठीक हैय जो बोलिए बोलिए बोलते जो कबीर दास वो तो रामानंद वण थेना हां रामानंद संप्रदाय से उनकी शिक्षा दीक्षा थी उसी के आधार पर उन्होंने भगवत प्राप्ति के लिए मार्ग पर चले और उन्हीं से जुड़े हुए किसी तरीके से अभी मैं कुछ दिनों पूर्व काशी गया था जो हमारा नम शिवम वाला भगवान शिव की भक्ति में एक गीत है उसमें कुछ तांडव जैसा आपको फील आएगा और सुनिए उसमें धर्म का परम समझाने का प्रयास किया है उसके शूट के लिए काशी गया था तब पता चला था कि वहां पर रामानंद संप्रदाय का जो मठ है वहां पर भी चोरी करवा दी गई जिससे की जो प्रमाण है ना जो कुछ होंगे कुछ सामग्री तो वहां पर चुरा लिए गए कौन चुराए भाई जिसको प्रमाणों से दिक्कत होगी नहीं रामपाल जी वो वाला शलोक दोहा कोट कर पर कने जो बोला है ना की जब मैं था तब हरि नहीं जब हरि तो मैं नहीं प्रेम की ग अरे कबीर दास जी के नाम से दोहा है कि नहीं वो मुझे पता नहीं है आता है बारबार मैं हूं राम का कुत्ता राम का कुत्ता

01:22:01:03 अब जैसे कोई यह पूछ रहा है कि भाई एक जगह विनाशी लिखा है एक जगह विनाशी क्यों लिखा है तो अगर वह कबीर कबीर को भगवान मानने वाला व्यक्ति उससे पूछा जा सकता है वो एक जगह तो वो है परमेश्वर और फिर वो कुत्ता क्यों बन रहा है और जो अभी सज्जन आए थे कि आप अपनी फैक्ट्री में जाओगे क्या एप्लीकेशन देने लीला पूर्वक जा सकते हैं भाई तुम्हारा जो जिसको तुम परमेश्वर कह र हो वो खुद कह रहा है मैं कुत्ता हूं अगर उसको परमेश्वर मान भी लो तो उसकी लीला तो माननी पड़ेगी ना ये लीला पूर्वक अपने आप को कह रहा है कुत्ता कि वास्तव में ही कुत्ता है वो नहीं है हमारे लिए तो वो है आदर्श है जी बोलिए वही और मैं थोड़ा बोलना चाहता हूं कि मतलब ये जो मैं आया था इसकन के मतलब वो कब होगा जो लाइव होगा मतलब स्न के रिलेटेड आप आप आप किसको फॉलो करते हैं स्न को फॉलो करते हैं क्या नहीं नहीं फॉलो नहीं करते एक था वही जो वो लोग भेदभाव करते उसके लिए म मेरा ता था यय वाला होगा आप हमारा नंबर हैम फम भरा आपने आपको मैसेज किया था बजे अने आप हैय नंबर नोट कर लीजिए 74

01:23:17:08 इस करिए एक फम आएगा फम को भर दीजिएगा उसम सब है तो हम लोग अभी एक से रखेंगे लग हर हफ्ते हम लोग इकोन के बारे में आर्य समाज के बारे में ब्रह्मा कुमारीज के बारे में रामपाल के बारे में जिनके भी जो दृष्टांत है जो वहां से उनका शोधन हो गया बुद्धि का और शुद्ध सनातन वैदिक आर हिंदू धर्म में जिनकी वापसी हो रही है इसको कहेंगे शुद्ध घर वापसी शुद्ध घर वापसी जैसे एक होता है घर वापसी तोव तो बाहर से घर आया तो उसके बाद घर आने के बाद भी शुद्ध घरवा है ना वो शुद्ध गर वापसी अभियान चला रहे हैं उसमें आप आइएगा है ना ठीक है तो मेरे ख्याल से अब कोई और है नहीं राधे राधे राधे राधे और इसके साथ ही साथ हमारा नाम जप अभियान नामा स्त्र शुरू हो रहा है न अक्टूबर से प्रतिदिन हम लोग भगवन नाम का जाप करेंगे नामा स्त्र का उपयोग करेंगे और इसमें ब्रह्मा विष्णु महेश भगवती और गणेश पाच जो परमेश्वर के पांच रूप है उनके नाम का जाप होगा पांच बार दिन भर में 1515 मिनट के सेशन होंगे 6 10 दो

01:24:32:15 6 10 और इसमें आप जुड़ सकते हैं नाम जप में नाम जप करने के लिए आपके जो ईट हो उनका नाम आपको जपना है या फिर रुचि है तो जिसका नाम जपा जा रहा है वहां पर उसका नाम आप जप सकते हैं बाकी आपके जो ईस्ट है राधा है राम है विष्णु है कृष्ण है शिव है दुर्गा मां है तो उनका आपके पास जो नाम है उसका आप जाप कर सकते हैं और जुड़ने के लिए फॉर्म आपको उसी नंबर से मिलेगा 7408 30169 से कलयुग में ऊपर ईश्वर का बल और नीचे संघ का बल तो यह जो नाम जब ये जो नामा स्त्र अभियान है नामा स्त्र में हमको दोनों चीजें मिल रही है नीचे का संघ का बल हम और आप आपस में कनेक्ट हो जाएंगे हम हम और आप साथ में मिलकर के जब वो करेंगे नाम जप भगवान का हमारा संघ तैयार हो जाएगा और साथ ही साथ क्योंकि नाम जप कर रहे हैं तो ईश्वर के बल की प्राप्ति भी होगी सुबह वाला सेशन जो होगा एक सवा घंटे का अलग से भी होगा उसमें जो एक ही बार में करना चाहते हैं वो कर सकते हैं बाकी अलग से 1515 मिनट के पांच सेशंस होंगे जो दिन भर में आप लोग उसमें जुड़

01:25:47:18 कर के सहयोग कर सकते हैं तो सभी का दर्शक बनने के लिए पुनः एक बार आभार और नाम जब से जुड़े आचार्य रामशंकर शुक्ल जी का जो चैनल है बहुत ही ज्ञानवर्धक चैनल है उसको अवश्य निश्चित रूप से उसे सब्सक्राइब कर ले वहां जाकर के इसके साथ ही साथ आपके मन में जो भी प्रश्न आते हैं उसके लिए अपने प्रश्न को टाइप करिए जो यू का सर्च बार है और आगे लिख दीजिए पूरी शंकराचार्य 4500 से ज्यादा प्रश्नों के उत्तर वहां प्राप्त है तो वहां पर आपको आपके ब्रह्म विषयक जितने भी धर्म विषयक जितने भी सवाल है वो आपको उत्तर मिल जाएगा वासद और यहां पर आपको आचार्य श्री के चैनल पर आपको बहुत जो प्रासंगिक चीजें होंगी वो सब आपको प्राप्त हो जाएंगी तोय इन चैनल्स को फॉलो अवश्य करें हमारा व चैनल है हमारा टेलीग्राम चैनल है इनको फॉलो करिए जिससे कि आपको गुरुदेव की गतिविधियां पता चलती रहेंगी गुरुदेव का गोवर्धन मठ नाम से भी ट चैनल है उसको भी फॉलो करें तो आपको गुरुदेव कहां-कहां पर है कहां पर नहीं है वो आपको पता चलता रहेगा तो इससे क्या होगा यदि आपका उनके प्रति गुरु भाव है दीक्षा लेने का वो है विचार तो आप

01:27:03:03 उनकी स्थिति को जानकर वहां पर पहुंच सकते हैं सभी को जय श्री राम आने के लिए धन्यवाद और वेदों में प्रमाण नहीं है कबीर भगवान नहीं है कबीर भगवान के भक्त है कबीर भगवान के भक्त थे कवि कबीर कैसे बना नहीं पता कबीर कबीर कैसे बना नहीं पता कबीर जो है वहां जो रा आ रहा है वह संधि के कारण आ रहा है और वेदों में कहीं प्रमाण नहीं है कि कवि जो है वही कबीर है और कलयुग के ब्राह्मण यदि सतयुग के राक्षस हैं तो ऐसा कहने वाले लोगों के घर की जो स्त्रियां है वो क्या है हमने अभी देखा स्कंद पुराण रामायण महात्मा में और ऐसा कहने वाले स्वयं कौन है काम वेदना से पीड़ित वो भी हमने देखा लोभी वो भी हमने देखा तो ये सब बातें ध्यान रखें और साथ ही साथ क्या है कि देवी भागवत के अनुसार जब यह कहते हैं कि ब्राह्मण जो है कौन है उसी में क्या है उसी उसी वीडियो में आप लोग देखिएगा चेक करिएगा उसी वीडियो में लिखा है कि वेदों को पूर्ण रूप से जानने वाले मां भगवती की पूजा बता रहे हैं तो क्या ये मानते हैं वेदों को पूर्ण जानने वाला इनके अनुसार तत्वदर्शी है यहां पर तत्वदर्शी क्या बता रहा है यहां पर तत्वदर्शी

01:28:18:03 बता रहा है कि मां भगवती की पूजा करिए तो तत्वदर्शी ने क्या बताया वेद दो में प्रमाण है मां भगवती भगवान है और वेदों में प्रमाण नहीं है कबीर दास भगवान नहीं है भगवान के भक्त है और वेदों में प्रमाण है गणपति जी भगवान हैं जय श्री राम बहुत

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A: AHVAAN - Call Of Dharma Live 1:28:43 · 25 Sep 2024

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