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00:00:00:20 कि वो बाधित नहीं हो सकता अच्छा अभी हम लाइव हुए हैं ओ हो ओके पीछे जाना पड़ेगा थोड़ा सा ठीक है सभी को जय श्री राम तो आज हमारे साथ में है एक मातृ शक्ति है इस्लाम को फॉलो करती हैं और ये हमारे चैनल पर आई है हमारा सौभाग्य है और आप सबसे पहले हमारे दर्शकों को थोड़ा सा अपना एक परिचय दे दें और आपका एक धार्मिक बिलीफ जो है विश्वास वो आप बता दें यस मेरा नाम डॉक्टर जकिया है बन एंड ब्रॉट अप सूरत गुजरात से फिलहाल कनाडा हूं प्रोफेशनली जनरल फिजियन और एक एनएलपी कोच थॉट कोच हूं मेरी कंपनी है डॉक्टर जक एनपी एंड बिजनेस और अल्लाह तो मैं एक ही बिलीव बताऊंगी कि मुझे बस यही यकीन है कि जो भी करने वाली जात आपकी जिंदगी में जो भी हो रहा है और सिर्फ उसी की वजह से
00:01:01:25 सुंदर परिचय आपका जाकिया जी अ हम अपने मूल विषय पर अगर आते हैं कि मनुष्य होते हुए हमारे बीच में जो वैचारिक वो आता है अंतर आता है वैचारिक मतभेद आता है तो उसको लेकर के अगर हम यह बात करें कि सबसे पहला प्रश्न मेरा आपसे ये होगा कि क्या इस्लाम के अनुसार प्रतिपादित परिभाषित होने वाला जो ईश्वर है वो सर्वशक्तिमान है बिल्कुल अगर वह सर्वशक्तिमान है तो जाहिर सी बात है वह किसी भी प्रकार की बाधा से बाधित नहीं है उसके ऊपर कोई भी नियम लागू नहीं होता है वो सभी नियमों को बनाने वाला सर्व नियामक है बक ऐसा मानना पड़ेगा अगर सर्वशक्तिमान है कोई तो तो अगर वह किसी भी प्रकार के नियम के नीचे नहीं है तो क्या वह अवतार ले सकता है आप एक बात समझे मैं य एग्जांपल के साथ आपको समझाना चाहूंगी जैसे हमारे घर में हमारे बड़े हैं फर एग्जांपल हमारे फादर जी ठीक है तो जब फादर कोई नियम हमारे घर के कर देते हैं आपने बहुत सारे घरों में मेरे घर
00:02:17:00 में भी मैंने ऐसा देखा है कि पीढ़ियों से बहुत सारी चीजें चली आई है और कोई भी इफ बट के फॉलो करते हैं अच्छा ठीक है तो जब इस्लाम की बात आती है और जो नियम अल्लाह ने बनाए हैं मैं ऐसा मानती हूं कि वहां पर कोई इफ बट नहीं आता और रही अवतार की बात तो अल्लाह अपने आप में ही काफी है उनको दुनिया में अवतार लेने की जरूरत नहीं है यहां पर हमें दो चीजें समझ में आई जाके एक पहली की क्योंकि उन्होंने नियम बनाया है कि वो नहीं आएंगे इसलिए वो नहीं आते हैं और दूसरी की क्योंकि उन्हें आवश्यकता नहीं आने की इसलिए वो नहीं आएंगे उन्हे आवश्यकता नहीं है आने की और पहला वाला ये क्योंकि उन्होंने नियम बनाया इसलिए वो नहीं आएंगे नहीं वो जरूरी नहीं है कि उन्होंने नियम बनाया है इसलिए नहीं है उन्हें आवश्यकता ही नहीं है आने की यहां पर सारी बातें खत्म हो जाती है फिर कोई कोमा नहीं लगता है ठीक है ये मान लिया कि उन्हें आवश्यकता नहीं आने की मगर पूछा यह जा रहा है कि वो आ सकते हैं कि नहीं देखिए बहुत सारे पैगंबर आए हैं अल्हम्दुलिल्लाह और हमारे
00:03:32:02 लास्ट पैगंबर आप स सलम वो उनके मैसेंजर बनके ही आए हैं आने वाले भी हा वो तो ठीक कह रही है मैं अभी कैपेबिलिटी की बात कर रहा हूं जी कि वो आ सकते हैं या नहीं वो आते हैं कि नहीं वो एक अलग चैप्टर है उन्हे क्यों आना है आ सकते हैं तो वो करने वाली जाती पूरी है पूरी दुनिया पर वही कर रहे हैं तो जिस दिन अगर उनको ऐसा लगा उनके लिए ऐसा मैं बोल ही नहीं सकती हूं कि वह आ सकते हैं या नहीं आ सकते हैं यह सारी चीजें मैं नहीं बोल सकती मतलब यह क्लियर नहीं है कि व आ सकते हैं कि नहीं आ सकते लेकिन क्यों करना है इसको क्लियर क्योंकि वो कायनात के मालिक है ठीक है उनको कायनात बनाने की आवश्यकता क्या है उनको कायनात बनाने की आवश्यकता मी वो तो दुनिया है और आखरत अलग चीज है उन्होने बना जैसे हम ये कहते हैं कि उनकी कोई आने की मजबूरी नहीं है इसलिए वह नहीं आते वो ठीक है मगर उनकी संसार को बनाने की भी कोई मजबूरी तो नहीं है मेरे ख्याल से क्योंकि अगर जो मजबूर है तो व
00:04:47:06 सक्तिमान एक चीज समझिए शायद आपने आदम अ सलाम का सुना है नहीं सुना है मैं यहा पर व नहीं करूंगी जब आदम अ सलाम ये शैतान आदम अल सलाम जब तरह से कुरान को जानेंगे मैं यहां पर वो चीज इसलिए नहीं करूंगी कि मैं स्कॉलर नहीं मैं डीप सारी बातों को नहीं सम समझती हूं यस ब सारी चीजों को जानती हूं मानती हूं इस्लाम को मानती हूं बट मैं लाइफ कोई बात नहीं करूंगी राइट पहली चीज चीज जब आप शैतान को समझ जाओगे जब आप आदम अ सलाम को समझ तब आपको पूरी क्लियर पिक्चर होगा कि दुनिया क्यों बनाई गई है और दुनिया में जब हम लोग आए हैं तो हमें अल्लाह की इबादत क्यों करनी है उसके लिए आपको कुरान पढ़ना पड़ेगा आपको कुरान समझना पड़ेगा जब आप कुरान को डीप समझ जाएंगे तो यह दुनिया क्यों बनाई गई है वो सवालों के जवाब आपको कुरान में नहीं नहीं क्यों बनाई गई है तो फिर वो एक पर्सपेक्टिव अलग हो जाएगा जाक अभी पूछ रहे हैं उसको कोई आवश्यकता है क्या बनाने की एक बात आपसे क्लियर करना चाहू लाइव बात कर रही हूं इसलिए कि
00:06:02:08 जब मुझे यहां पर इनवाइट किया गया तब बात यह थी कि हिंदू और मुस्लिम्स दोनों में एकता कैसे लेकर आए व सवाल होंगे यहां पे अच्छा अगर मुझे यह पता होता कि मुझे यहां पर इस्लाम को रिप्रेजेंट तो करना ही है अल्हम्दुलिल्लाह लेकिन साबित करना है तो मैं कभी इस लाइव प नहीं आती क्योंकि मैं हिंदू मुस्लिम जोड़ को मानती हूं मुझे ना ही हिंदू को गलत साबित करना है इस्लाम को सही साबित करना है मेरी बात हम आपसे क्षमा प्रार्थी क्योंकि हमें ये बताया गया है कि यहां पर जो है साबित करने वाली बात है और एक्चुअली जो हमारे एक्चुअली जो हमारा जो चैनल है उसकी जो बुनियाद मतलब जो फाउंडेशन है वो यही है कि जो मनुष्य के स्तर पर जो वैचारिक मतभेद आ रहे हैं ईश्वर को लेकर के वो कौन सी चीज है जो कि हमें और आपको अलग कर रही है उस चीज पर बात उसके लिए शायद मैं सही इंसान नहीं हूं आपको सही में कोई स्कलर की हा य नलेज रखता
00:07:04:16 है हमारा मतभेद इसलिए हो रहा है शयद आपको और मुझे गलत इंफॉर्मेशन दी गई हैम य दी गई थी कि हम हिंदू और मुस्लिम में एकता के लिए क्या कर सकते एकता के लिए नहीं देख सवा तर से हो रहे मुझे नहीं लगता मुझे य पर कोई बात करनी चाहिए क्योंकि सा पूरी दुनिया कर चुकी है साबित कि अल्लाह है इस्लाम है सही है मैं तो ब क मैं क्या साबित करूंगी अल्ला की सा मैं उन सब बातों पर नहीं जाऊंगा कि है कि नहीं है वो एक अलग है मगर ये हो सकता है कि जिन्होंने ये आपको कहा कि आपका भी यट चैनल है है ना यस जी जिन्होंने आपको इफॉर्म किया तो वो हो सकता है कि हमारी भावना ये रहती है कि ईश्वर को लेकर के अगर हमारे बीच में मतभेद है और अगर हम उस पर बात करें कि ईश्वर ऐसा है ऐसा है ब्रह्म का स्वरूप ऐसा है या आप जिसको खुदा कहती है अल्लाह कहती उसका स्वरूप ऐसा है तो अगर हम उस पर बात करें तो शायद एक कंक्लूजन पर हम लोग निकल पाए क्योंकि हमें जो है एक शत्र करने वाला भी वही है ईश्व है बिल्कुल एक सत्र करने वाली जात अल्लाह की
00:08:19:20 ही है मतभेद है तो हम हमारे मतभेद प बात कर सकते हैं उसकी सा प मैं बात नहीं कर सकती मुझे तो उस कोई बात नहीं आई मैं अच्छा लगा अच्छा मैं आपसे एक विनती करना चाहूंगा कि अगर आपके पास कोई ऐसे पक्षकार हो आपकी नॉलेज में जो इस्लाम के पक्ष को अच्छे से रख सके वार्ता कर सके आपने अभी देख लिया हमारी जो चर्चा करने का तरीका है एक एक्सपीरियंस हो गया तो हम हमारा जो प्रयास होता है वो होता है दर्शन विज्ञान और व्यवहार की मर्यादा में सीमित रहते हुए अपनी अपनी बात को रखना सामने वाले की बात को सुन तो मेरा आपसे निवेदन है है तो मैं जरूर आपको बात और आने के लिए फिर से एक बार में बहुत बहुत आपको आभार प्रकट करूंगा औरथ
00:09:23:16 धन्यवाद तो किसी को अगर कोई छोटे मोटे कुछ प्रश्न पूछने हैं तो बोल दीजिए नहीं तो मैं भी जाऊं तीज का व्रत है घर में किसी का चलिए सभी को जय श्री
00:09:58:09 राम म
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