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00:00:00:12 स्पन को फॉलो करते हैं पियूष नाम है इनका और अभी रिसेंट हमने एक शॉर्ट वीडियो डाला था जिसमें हमने मैं वृंदावन से वापस आ रहा था रात में मैंने ट्रेन में देखा कि एक फॉरेनर थे जो वहां पर कुछ बुक्स को सेल कर रहे थे और मैंने जब उनसे उनके उनसे मिला इंटरेक्ट हुआ बहुत सी चीजें ऐसी पता चली जो जिह नैतिक नहीं कह सकते जैसे सबसे पहली बात तो उनके पास ना तो वहां जहां पर वो थे वहां पर उनके पास उपयुक्त टिकट था ना ही ना टिकट था ना उनकी आईडी थी उनके पास फिर उनसे हमने ये पूछा कि भाई आप कौन से स्कन मंदिर से जुड़े हुए हैं तो उन्होंने बोला कि मैं रशियन हूं और मैं स्कन मंदिर कानपुर है वहां से मैं बिलोंग करता हूं वहां से मैं जुड़ा हुआ हूं इसके बाद फिर हमने उनकी बुक्स देखी तो जैसा कि उस वीडियो में बताया गया कि बुक्स में प्रेज किया गया था ऐसी बुक्स थी उनके पास जो प्रेस कर रही थी कुरान के ईश्वर को और बाइबल के ईश्वर को तो हमारा कहना यह है कि भाई कृष्ण भक्ति के नाम पर जो

00:01:15:13 अब्राह्मिक आडलज है ब्राहमम जो चीज है उसको क्यों सनातन के साथ मिक्स किया जा रहा है अब इसमें जो पियूष जी है इनको आपत्ति कुछ इन्होने जताई उसी शर्ट में उसी शर्ट वीडियो में तो फिर वहा पर चर्चा हुई और चर्चा के दौरान फिर ये हुआ कि चलिए लाइव आ कर के चर्चा करते हैं तो जी पीयूष जी सबसे पहले मैं आप थोड़ा सा ये बता दीजिए कि आप स्पन से कहां से जुड़े हैं किस प्रकार से आप स्पन को फॉलो करते हैं वो बता हां तो पहले मैं एक्चुअली शिव जी को बहुत फॉलो करा करता था पहले मैं 2023 की बात है कि मैं शिव जी को बहुत फॉलो करा करता था पहले मैं मैं आपसे ये नहीं पूछ रहा हूं आप गलत जा रहे हैं मैं आपसे पूछ हं वो बता रहा हूं वो बता रहा हूं कि कैसे जड़ा का जो स्कन से कनेक्शन है जैसे आप अहमदाबाद के स्कन से हैं या आपके टीचर कौन है वस्तुनिष्ठ बात पूछ रहा हं बात अंदर अभी भक्त नहीं बना मैंचली उसका फॉलो करता हूं फलो मतलब अनुयाई मैं आपसे वही पूछ रहा हं अनुयाई करता बहुत मानता कौन सा कौन सा वो हैन मंदिर और किनकी शिक्षाओं से आप इफेक्टेड है वो पूछ रहा हूं मैंको अहमदाबाद

00:02:30:24 से मतलब मैं मतलब वहा जाता हूं और मैं अमोग लीला प्रभु से मतलब मैं उनसे मैंने सीखा बहुत कुछ और उनसे मैंने शिक्षा ली है सारी अच्छा अमोग लीला जी को फॉलो करते हुए आप इस कंट अमोग लीला प्रभु को अच्छा वैसे आप माइंड नहीं करिएगा मैं एक छोटा सा क्वेश्चन था काफी दिनों से मैं उलझन में था तो आप आ गए तो मैं आपसे भी पूछ लेता हूं ये बीच में एक बात हुई थी कि अमोग लीला जी को सस्पेंड किया गया था हम अब जैसे मान लीजिए आप अमोग लीला जी को फॉलो कर रहे हैं तो एक कहीं ना कहीं व आपके एक तरीके से गुरु है है ना हा मेरे एक्चुअली वो को जानते नहीं है एक्चुअली वो य दूर रहकर ही आप उनको फॉलो कर रहे हैं आपके लिए वो गुरु है हा वो मेरे लिए एक्चुअली गुरु हैलिए गुरु है तो अब बात यह आती है कि जब स्कोन ने उन्हे सस्पेंड किया तो जिस पद पर वो है उस पद पर वो नहीं थे निलंबित हो गए उन्होंने स्वामी विवेकानंद को उन्होंने कुछ मेरा प्रश्न मेरा प्रश्न पूरा हो जाने दीजिए वो आपके गुरु है इकोन ने एक महीने के लिए उनको बैन किया अब बैन का मतलब है कि ये जो भी कार से जुड़े हुए थे उसमें वो बैन हो गए बंद हो गया उनका वो कार हां एक महीने के लिए

00:03:45:28 वो गोवर्धन पर रहने चले गए थे हां तो जो एक महीने की अवधि है उस बीच आपने उनको गुरु माना था कि नहीं माना था क्योंकि वो तो ब नहीं उनके मैं वीडियोस देखता था ऐसे ही जो पहले अपलोड उस बीच उनके प्रति आपकी गुरुत्व वाली भावना थी या नहीं थी हा मानता था उन्होने बो उन्होने सॉरी बोल दिया बात ही खत्म हो गई मेरा प्रश्न समझ नहीं पा रहे जब वो सस्पेंड हुए तो वो उस पोजीशन पर नहीं थे जिस पोजीशन पर वो पहले थे है इसी को कहते ना सस्पेंशन हा व पोजीशन मलब नॉलेज तो उनके पास है उन की मतलब वो सस्पेंड हो गए उन्होने सॉरी बोला और गोवर्धन चले भी गए आप आगे जा रहे मैं आपसे पूछ रहा हूं मैं आपसे य पूछ रहा हूं कि जब वो सस्पेंड हुए थे अमोला जी तो जो एक महीने की अवधि है उस बीच आपकी भावना उनके प्रति गुरुत्व वाली थी कि नहीं

00:04:42:24 नहीं एक महीने के लिए उनको मानता था ऐसा कुछ बात नहीं है गुरु के रूप में मानते थे तो फिर उस बीच उस बीच जब आपने उनको गुरु के रूप में माना तो फिर आपने वहां पर इकन का खंडन कर दिया ककन कह रहा हैय आदमी बन है हमारी तरफ से हा स्कन ये कह रहा है वो इंसान तो खुद अच्छे स्कन ये कह रहा है स्कन ये कह रहा है ये आदमी बैन है हमारी तरफ से हम इसको बैन कर रहे हैं बैन मतलब एक तरीके से फुल स्टॉप बंद कर देना उसकी चीजों को ओके तो उसके बावजूद जब स्कोन ने उनको बैन किया फिर भी आप उनके प्रति गुरु का भाव कैसे रख रहे हैं वो एक वैष्णव है तो वैष्णव का उनकी बैन की गई ना एक महीने एक महीने नहीं थे ना वो जो भी थे तो है उन दिल से तो वैष्णव है ही वो मैं आपसे कह रहा हूं चलिए इन है चलिए कता आप मेरा प्रश्न समझ नहीं पा रहे हैंस वो जिस डेजिग्नेशन पर थे जो भी डेजिग्नेशन है उनकी उससे उन्हे बैन किया किसने स्न ने अब अभी भी आप अगर उनके साथ वैसा ही व्यवहार कर रहे है जैसा पहले कर रहे थे उनकी

00:05:57:28 नेशन उनकी क्वालिटी के तोन ने ज हा तोन ने क्योंकि उनको बैन किया है ना तो आपको या तो स्न को मानना होगा उस बीच या फिर आपको को मानना होगा इनम से किसको माना आपने मैं तो दोनों को ही माना था मतलब ऐसे कुछ था नहीं माइंड में उनको मा आपको सोचना चाहिए देखिए मान लीजिए कोई व्यक्ति है पुलिस ऑफिसर है अब उस पर चार्ज लग गया सस्पेंशन का तो जो उसके नीचे के वो होंगे जो उससे ऑर्डर्स लेते होंगे चीज लेते होंगे वो उस बीच उसको वैसे देखेंगे क्या अपने अधिकारी के रूप में अफसर के रूप में नहीं अगर देखेंगे तो डिपार्टमेंट का विरोध है और नहीं देखेंगे ऑफिसर का विरोध तो करना ही है क्योंकि वो सस्पेंड है तो वही मैं कह रहा हूं कि बीच में आपने उनको देखा तो उतनी देर के लिए आपने खुद ही स्कन का विरोध किया ना इकन का उसन का मैंने विरोध मतलब ऐसा कह तो नहीं सकते इनडायरेक्ट वे में आपने नहीं दिया इस बात पे हां अच्छा एक चीज और है आप आए हैं तो फिर मैं मन कर रहा है पूछने का ये इसकन का अंतिम निर्णायक कौन है अंतिम फैसला लेने वाला कौन

00:07:12:28 है अंतिम फैसले लेने वाला जीबीसी है शायद त जीबीसी कोई व्यक्ति है क्या नहीं वो उनको मैं जानता वो ग्रुप ऑफ जिन्होंने वो प्रिंटिंग में पता नहीं वो क्या करते हैं आपको ये नहीं पता आपके पास जो शिक्षा आ रही है उसका अंतिम निर्णायक कौन है जैसे कोई गड़िया वैष्णव संप्रदाय को फॉलो कर रहा है उसको मालूम है कि भाई अंतिम निर्णायक पुंडर जी है कोई शंकराचार्य शंकर मत को फॉलो कर रहा है उसको मालूम है अंतिम निर्णायक शंकराचार्य कोई रामानुजा चार को फॉलो कर रहा है तो उसको मालूम अंतिम निर्णायक जो है जो रामानुजा चार के पद पर बैठे हुए जो आचार्य होंगे वो होंगे निंबार्का को फॉलो कर रहा है तो निंबार्क होंगे आपके अंतिम निर्णायक कौन है इस कन के तो जो अ प्र वो जो शिक्षा पढ़ाते हैं वो सब प्रभुपाद की बुक्स को लेकर पढ़ाते हैं प्रभुपाद जी जीवित नहीं है ना नहीं वो पर उन्होंने खुद कहा है कि मेरे जाने के बाद मैं अपने बुक्स में तो जिंदा रहूंगा ही अरे बुक्स में जिंदा है ठीक है बुक्स में तो जिंदा है और और बड़े बड़े आचार्य जैसे निंबार्क आचार्य हो गए आप प्रश्न से भटक रहे हैं आप प्रश्न से भटक रहे मेरा कहने का अर्थ ये है कि

00:08:28:04 आपके यहां पर मान कि अभी अमोग लीला का और किसी दूसरे स्पन के व्यक्ति का आपस में झगड़ा हो मान लो झगड़ा ना हो का और हा किसी का मनमुटाव कोई वैचारिक मतभेद आम बात है ऐसा हो जाना किसी एक पॉइंट को लेकर किसी एक पॉइंट को लेकर के दोनों लोग आपस में सहमत ना हो ऐसा हो सकता है जब ऐसा हो सकता है जब ऐसा हो सकता है तो ऐसी स्थिति में जब स्कोन वाले का दूसरे स्कोन वाले से सहमति नहीं हो रही है तो वहा निर्णायक कौन है मतलब अभी जो हो रहा है मतलब अभी ऐसा कुछ हुआ तो निर्णय करने वाला कौन है जैसे अमोग लीला जी ने कुछ गलत बोल दिया बोला ना तो जी तो ऊपर से उनके ऊपर की अथॉरिटी ने यह कहा कि अमोग लीला जी को बैन किया जाता है है ना अब ये बताइए मुझे कि फाइनल अथॉरिटी में कौन बैठा हुआ है इसकन में उन्होंने वो इकन बैठा हुआ है एक्चुअली अरेन कोई आदमी है ना जो साइन करेगा अमोग लीला जी पर ठप्पा लगाएगा बैन कर रहे हैं हम इसे वो नहीं खबर कोई व्यक्ति होगा ना कि कंप्यूटर होगा नहीं वो नहीं खबर है मेरे को कि न्हों उनको बैन किया वो उन्होंने स्वामी विवेकानंद के ऊपर उन्होने कुछ गलत बोल दिया

00:09:43:04 वो मुझे पता है वो मुझे पता है वो क्या हुआ था सब कुछ पता है मेरा कहने का अर्थ ये है आपको ये नहीं पता है कि आपके पास जो शिक्षा आ रही है उसमें अंत में कौन बैठा हुआ है जो साइन करेगा कोई कंप्यूटर तो बैठा नहीं है बड़े बड़े मतलब वो शिक्षा जो बता दे उसके बारे में कह रहे हो वो शिक्षा देते हैं वो जैसे कि अभी एक निर्णय लिया गया कि अमोग लीला जी ने गलती कर दी है उनको बैन किया जाता है ये निर्णय लेने का हक किसके पास है लास्ट फाइनल जिसके ऊपर कोई ना हो कौन है वो वो तो नहीं खबर मेरे को जो उसका प्रेसिडेंट होगा इकन का वही बोलेगा जो प्रेसिडेंट है जैसे वो आपको पता होना चाहिए ना कि आपके इकन का प्रेसिडेंट कौन है हम मोहन रूपा प्रभु मोहन रूपा प्रभु जो प्रेसिडेंट है मोहन रूपा अंतिम निर्णायक है हो सकते हैं क् वो प्रेसिडेंट है और हो सकते हैं पर बात नहीं होती देखिए मैं आपको ये सवाल दे दे रहा हूं आप पता करिएगा वापस जाके इसकन का अंतिम निर्णायक कौन है कल को अगर कोई बात होगी इसी तरीके की दोबारा कोई बात होती है तो अंतिम फैसला कौन लेगा इस कन में कौन है ओके अच्छा भाई कोई कंपनी तो है नहीं बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की कि बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स मिलकर के तो ये ये बताइए कि ये कंपनी है वो लोग ही है वो लोग ही हैसा उन्होंने बोला था कि उन्होंने क्यों बोला विवेकानंद के बारे में नहीं नहीं वो अलग देखिए उन्हो वो सही

00:10:58:13 थे कि गलत है वो सही थे कि गलत थे वो तो एक अलग परिपेक्ष है कि अमोग लीला जी सही थे कि गलत थे वो एक अलग परिपेक्ष है मेरा जानने का अर्थ ये है क्या स्कन को फॉलो करने वाला व्यक्ति एक आम व्यक्ति यह जानता है कि उसके पास जो भी चीजें आ रही है उसका फैसला कौन कर रहा है अंतिम निर्णय कौन ले रहा है यह नहीं मालूम है ना उसके बारे में नहीं मालू हा मालूम होना चाहिए वैसे चलिए अब अब हम लोग मुख्य विषय पर आते हैं ओके

00:11:33:14 कि मुख्य विषय ये है कि हां मुझे भी ऐसा ही है मालूम है कि कोई जद्वेत नानाम के कन्वर्टेड हिंदू हैं जो ये सब देखते हैं तो विषय तो वैसे बहुत बहुत ज्यादा है मुझे ये बताइए कि ये जो तामसिक कहते हैं जो शिव पुराण आदि को ये क्या है चक्कर है एक्चुअली देखो कुल मिला के 18 पुराण है कुल मिला के 18 ओके उसमें से छह पुराण है तामसिक लोगों के लिए मतलब उनको वो तामसिक में नहीं आते हैं उनको तामसिक से ऊपर उठाने के लिए तामसिक लोगों के लिए वो तामसिक पुराण में नहीं आते हैं छह पुराण है तामसिक लोगों के लिए छह पुराण राजसिक लोगों के लिए और ऑथें सिटी ऑथें सिटी जो सात्विक पुराण की ज्यादा मानी जाती है क्यों क्योंकि भगवत गीता में कहा गया है सतोगुण से ज्ञान की प्राप्ति होती है सतोगुण से ज्ञान की प्राप्ति होती है तो छह पुराण जो सात्विक माने जाते उसम परमहंस पुराण जो जो निर्गुण है वो है श्रीमद भगवत भागवत अच्छा जो हा तो छह पुराण तामसिक है उनको उनको तामसिक से ऊपर उठाने के लिए अच्छा ठीक है तोय

00:12:48:18 के लिएन के टेंपल में कोई व्यक्ति जब आता है तो किसी डेटोनेटर से चेक किया जाता है कि यह आदमी तामसिक है या सात्विक है शिक्षा जो जो शिवजी को ही मानते हैं उनके लिए है यानी कि स्कन के गेट प आप पूछते हैं कि आप शिवजी को तो नहीं मानते अगर शिवजी को मानते हो तो अंदर मत आओ आप जाओ तामसिक पुराण पढ़ो नहीं नहीं ऐसा नहीं है समझो कोई कोई तामसिक है समझो मैं को खबर वो तामसिक है वो भी श्रीमद भागवत पढ़ सकता है कह र ह मेरा प्रश्न आप सुनिए मेरा प्रश्न आप पहले समझ लीजिए आपने कहा कि जो तामसिक पुराण है वो तामसिक प्रवृत्ति वाले लोगों के लिए उनको वहां से निकालने के लिए वहां से ऊपर उठाने के लिए अब स्कन के पास वो कौन सी प्रणाली है जिससे वह यह चेक करता है कि कौन व्यक्ति तामसिक है कौन नहीं है और क्या इस कन इस बात को इंप्लीमेंटेशन भी करता है क्या वो कुछ लोगों को एक मिनट क्या आज तक उसने कुछ लोगों से ऐसा कहा कि आप लोग अंदर मत आइए आप लोग हमारी भगवत गीता मत लीजिए आप लोग भागवत नहीं आप लोग शिव पुराण पढ़िए क्या इस कौन ने ऐसा कहा अभी तक नहीं ही है जैसे देखो नहीं करता

00:14:03:22 है इसका अर्थ है इसका अर्थ है कि इस कन के अनुसार दुनिया में कोई भी तामसिक है ही नहीं मैं बताता हूं जैसे देखो जितनी मेडिसिन होती है जितनी बीमारिया उतनी मेडिसिन ठीक है जैसे कोई तामसिक है वो भी श्रीमद् भागवत को मान सकता है जो राजस है वो भी मान सकता है सबका इलाज एक मतलब जितनी प्रॉब्लम है उतनी ही दवाइया याका इलाज है श्रीमद् भागवत इलाज है तो कोई श्रीमद भागवत पढ़ लेगा उसने सब कुछ पढ़ लिया अच्छा बताओ कितने श्लोक है सारे पुराण पुराण देखो तो 5 लाख लोक है 5 लाख शलोक कौन ब इने सारे आप विषय से भटक रहे हो मेरा कहने का अर्थ य है जब जब आपने कहा कि छह पुराण तामसिक है वो छ पुराण उनको र उठने के लिए ऊपर उठाने के लिए तो आपके पास कोई गाइडलाइन होनी चाहिए ना कि भाई ये व्यक्ति तामसिक होता है और इस इस व्यक्ति को हमें भागवत नहीं देना है इस व्यक्ति को हमें शिव पुराण देना है नहीं मैंने ऐसा बोला कि जो ताम सबका इलाज एक कोई तामसिक जब सबका इलाज है तो तो फिर तामसिक की अलग से आवश्यकता क्या है जब सबका इलाज भागवत पुराण ही है तो फिर तामसिक की अलग से क्या आवश्यकता है

00:15:19:01 है क्यों मतलब उनकी आवश्यकता नहीं जैसे वेदव्यास जी को 17 पुराण लिखने के बाद ही उनको संतुष्टि मिली थी भक्ति भक्ति लिखने के बाद ही उनको संतुष्टि मिली जब नारद मुनि ने जब नारद मुनि ने कहा य बात सुनिए यह बात मेंशन है व 17 पुराण लिख गए थे आंकड़ मेंशन है व मैं दिख रहा हूं नहीं दिख र अरेली अब दिख रहा हूं नहीं दिख र

00:16:06:14 हा अट आप एक काम करट करके दोबारा आ जाइए वही लिंक दबा हा वही लिंक से भाई को इतने क्लेम दिए फिर भी नहीं समझ पा रहा था अभी भैया जी के सामने अच्छा आप है आपके साथ ही इनकी चर्चा हो रही थी हां तो मैं कह रहा था मेरा कहने के मतलब यह है आपने कहा कि वोह तामसिक लोगों के लिए है यानी कि दुनिया में कुछ लोग हैं जो तामसिक है जिनके लिए शिव पुराण है हा है ना तो उन लोगों को पहचानने का क्राइटेरिया क्या है स् कन का और दूसरी बात क्या आज तक इसकन ने ऐसा किया है कि यह लोग ममस है इनको हम भागवत नहीं शिव पुराण पढ़ाएंगे

00:17:02:14 अगर भागवत पुराण में सबका इलाज है तो फिर शिव पुराण तो लिखने का कोई औचित्य नहीं था यानी की वेदव्यास जी ने वो बकारी लिखा हम नहीं कह सते जो वेदव्यास जी है वो वेदों को व्यास करने वाले हैं बो जो टीका सब लिखने वाले तो उनको नहीं कह सकते का क्या मतलब है आप तो उनके पक्ष उनके पक्ष को रखने आए है ना हम नहीं कह सकते काम तो नहीं चलेगा जब उन्होने देखा कि भक्ति स्रे है तो जब उन्होने भक्ति लिखी श्रीमद् भागवत में तब उनको शांति मिली उनको त अच्छा ये बताइए यह बताइए यह कैसे सिद्ध होता है कि 17 पुराण लिख चुके थे और भागवत पुराण अंत में लिखा गया एक्चुअली जब व 1 पुराण लिख चुके थे तो शास्त्र में वणन आता है कि नार उनके पास आए थे 1 पुराण मेंशन है क्या 17 पुराण मेंशन मतलब भागवत में लिखा है कि वो व्यास जी थे उन्होंने 17 पुराण ख लिए थे उसके बाद उन्होंने अवा पुराण भागवत लिखा ऐसा मेंशन है क्या हा 1 1 शब्द आया है क्या 17 हा 17 कुल मिलाकर 18 पुराण है तो वही कह रहा हूं आप ये बताइए 17 शब्द आया है वहा भागवत में 17 पुराण लिख चुके थे 17

00:18:17:15 पुराण ऐसा मैंने पढ़ा नहीं है मतलब एकली है य आपने ये मैं बता रहा हूं आपने सुना है आपने सुना है और जिनके द्वारा सुना है ये उनके द्वारा प्रचार प्रसारित की जाने वाली एक मिथ्या है वहां पर देखिए देखिए मैंने आपसे पूछा क्या आपने आप सुन लीजिए आप सुन लीजिए मैं आपसे आपको दूंगा अवसर दूंगा आपने पूछा मैंने आपसे पूछा क्या जो आप बोल रहे हो आपने लिखा देखा है तो आपने कहा नहीं मैंने लिखा नहीं देखा है मैंने लिखा देखा है जिस जगह की आप बात कर रहे हैं मैं आपको चाहो तो थोड़ा टाइम लगे क्योंकि वो प्रमाण जो है फोन में ही है है और मेरे पास मेरे पास भागत आप पूरी नहीं करने देते हो बात ओके ओके हा ओके मेरे पास भागवत रखा हुआ है जहां पर यह है मैं एक मिनट आपको दिखाता हूं ओके मैं भी आपको शास्त्र प्रमाण को दिखाना चाहता हूं कि शिव जी असल में कह क्या रहे पदम पुराण

00:19:21:01 में हा दिखा द चलिए आप भी दिखा दीजिए आप ही दिखा दीजिए पद्म पुराण में एक्चुअली प पुराण में और एक स्कंद पुराण है आप मिट आप पहले शास्त्र थोड़ा साइड में रख दीजिए फिर बात कर थो थोड़ मैं आपको एक बार दिखा द ली ब आप दिखा दीजिएगा मैं बताऊंगा तब दिखाइएगा अभी शास्त्र को लाने की आवश्यकता नहीं है एक मिनट मुझे बताइए कि भागवत में आपने ये लिखा नहीं देखा है ना कि 17 पुराण है नहीं 1 पुरा 17 पुराण लिखे जा चुके थे हा ऐसा मत ऐसा बोला ही जाता है जो नारद मुनि है उन्होंने आके बोला था कि आपको कुछ भक्ति के ऊपर लिखना चाहिए वो वेद भी लिख चुके थे वो लिख चुके थे वो वेद वो वेद के चार भाग कर चुके थे पहले तो क्लियर हो जाइए वेद लिखे नहीं थे उन्होंने वेद के चार भाग किए थे नहीं वेदों को व्यास करने वाले उसका नाम ही वो है वेद को व्यास करने वाले वेदों को लिखने वाला कोई नहीं मेरे भाई नहीं वेदव्यास ही है नहीं कोई नहीं अप है ार उपनिषद दो च 10 बदार उपनिषद दो वेद जो है अपर है उनको किसी ने नहीं लिखा वेद्या जी मेंप

00:20:37:08 वेदव्यास जी वेदव्यास जी लिखते नहीं है उसके चार भाग करते मतलब कोई चीज पहले से है उसको उन्होंने चार भागों में विभाजित किया है वेदव्यास जी ऐसा ओके नहीं ऐसा नहीं मैं बोल रहा हूं ना श्लोक क्रमांक मैं श्लोक क्रमांक बता रहा हूं ना आपको ार उपनि दो च 10 वेद अरुष है वो कभी लिखे नहीं गए उनकी रचना नहीं हुई कभी नहीं वेद बोला जाता वेदव्यास जी नेही लिखे मैंने देखा था अच्छा आप ये बताइए अगर वेदव्यास जी ने लिखे होते वैसे तो इस बात पर बात करना बेकार है द्वापर से पहले वेद नहीं थे क्या थे नहीं किसने लिख वेद आप तो द्वापर की बात कर रहे हैं ना श्री कृष्ण भगवत गीता में कह रहे हैं वेदों का संचालन करता मैं ही हूं वेदों के द्वारा मुझे ही जानना है आप विषय से भटक रहे हैं मैंने पूछा उन्होने जो लिखने की बात कही है द्वापर क है ना हां तो फिर द्वापर से पहले वेद नहीं थे त्रेता में वेद नहीं थे थे तो फिर तो त्रेता में थे वो वेद थे और चार भागों में विभाजित करते हैं जो वेद व्यास जी ठीक है और वहां जो बात हुई है कि जो विभाजन किया उन्होंने वेद वेदा आदि का जो विभाजन किया है और जो उन्होंने ये उपनिषदों

00:21:53:00 में व्याख्या की है ये सब की बात वहां वो कर रहे हैं वहां वो 1 पुराण की बात नहीं कर रहे दूसरी बात अगर आप ये कहो ऐसा ही हैरा आप बोलने तो दो मुझे पूरा 17 पुराण की बात वो नहीं कर रहे हैं वहां पर वो इनकी वे वेद का विभाजन करने की बात कर रहे हैं और वो श्लोक मैंने पढ़ा है अभी फोन में क्रमांक नहीं तो मैं आपको दिखाता आप एक्चुअली अटक चुके हैं आप मैं दिख रहा हूं क्या हां देख रहे हो हां मैं आपको भागवत खोल के दिखा देता हूं

00:23:24:10 48 मैं आपको एक एग्जांपल भी दे सकता हूं कि सुखदेव गोस्वामी जनी देखिए जो उनकी असंतुष्ट की बात हो रही है मैं अभी दिखा रहा हूं आपको यह हो रही है यह भागवत नहीं है आप जो दिखा रहे हो य भागवत नहीं है ये क्या है भागवत क्या है भागवत क्या है भागवत क्या है 12 चैप्टर आते हैं वोन की है वो वो है ना भागवत यही तो बात है आपको यह नहीं पता न चला कौन रहा है मगर आपके लिए अंतिम निर्णायक स्न ही हैन रहा वही स देत बता रहे देवी भागवत मैं आपको भागवत बता रहा हूं भागवत ठीक अभी अभी दिखा रहा हूं अभी दिखा रहा पहले जो मैं दिखा रहा हूं पहले जो मैं दिखा रहा व देख लीजिए पहले जो मैं दिखा रहा हूं व देख लीजिए फिर मैं आपको दिखाता यद्यपि व्यास जी इस प्रकार अपनी पूरी शक्ति से सदा सदा प्राणियों के कल्याण में ही लगे रहे कब लगे रहे जब उन्होंने महाभारत इतिहास की रचना कर ली वेदों के

00:24:39:14 चार भाग कर लिए उनका मन कुछ छिन्न खिन्न सा हो गया यहां पर कहीं भी 17 पुराणों की बात नहीं हो रही है और यह जो है नाय भक्ति सुधा सागर यही श्रीमद् भागवत है अवा पुराण और सुन लीजिए 1 अध्याय में इसकी लिस्ट दी गई है अगर लिस्ट के अनुसार भी देखें तो भागवत तो आता बता अमोग लीला प्रभु ने खुद बोला हैमो लीला प्रभु आपके लिए अंतिम निर्णायक है हमारे लिए नहीं है सार्वभौम नहीं है और अमो लीला प्रभु सुन लीज अमो लीला प्रभु की बात आप मान कैसे सकते हो जब उनको भी कोई बैन करने वाला है अमोला

00:25:27:09 प्रभु लिखा मतलब ऐसा बोला जाता है उन्होंने जो बोला आपने देखा है 1 पुराण लिख जाने मैंने आपसे प्रश्न किया 17 पुराण लिखे जा चुके थे ये बात आपने देखी है भागवत खोल के संस्कृत में नहीं नहीं यही दिक्कत है चिल्लाते रहो यह हो गया वो हो गया मगर कभी खुद खोल के मत देखो हम जो एक जगह भागे जा रहे हैं 1 17 1 आपके जितने भी रटे रटा डालो को सिखा जाते जो सुखदेव गोस्वामी थे उन्होंने जो परमहंस थे पहले से ही उन्होंने कृष्ण जी ने उनको क्या बोलते हैं ये ज्ञानी परमहंस से उनको प्रेमी परमहंस बनाया उन्होने श्रीमद भागवत एक मिनट एक मिनट विषय से भटक मत एक मिनट

00:26:24:12 चतुष्कोण प्रेमी परमहंश और एक्चुअली श्रीम भगवतम ग्रंथ अवतार है विभिन्न पुराणों की श्लोक संख्या देखिए क्या लिखा है विभिन्न पुराणों की श्लोक संख्या लिखा है दिख रहा है हां अब हम लोग खोल रहे हैं 12वां स्कंद 117

00:27:16:00 1167 ठीक है इसमें देखिए इसमें जो भागवत पुराण आया है यहां पर लिस्ट दी गई है सारे पुराणों की 18 पुराणों की लिस्ट है यहां पर उस लिस्ट में जो भागवत है वह बीच में आया है अंत में नहीं आया है यह देखिए नहीं अंत में ही आया है अरे जब आपको ये भागवत दिखा रहा हूं मैं आपने तो देखा नहीं है मैं दिखा रहा हूं तो फिर आप कह रहे अंत में आया नहीं नहीं एक्चुअली श्रीम भागवत ऐसा ही बोला जाता है मैं तो ऐ ही मानता अरे यार बात कर रहे हो मैं आपको य पर ग्रंथ दिखा रहा हूं आप क रहे बोला जाता है और मैं आपकी बात मान पर ग्रंथ की बात मान देवी भागवत को भी भागवत बोल देते ऐसा नहीं है यह देवी भागवत नहीं है उन्होने भागत नहीं ही सुखदेव वाली भागवत है पह बात वेदव्यास जी ने कन्वर्ट किया था कवर्ट नहीं मतलब थोड़ा उसको भागवत से उनको श्रीमद भागवत नाम मिला था वो श्रीमद भागवत जब कोई प्रेस अपने नाम से ग्र तो अपने अलग अलग नाम देती है ऐसे ही नाम उसने

00:28:31:03 दिया हैन ने श्रीमद् भागवत ऐसे ही नाम इन्होंने दिया है भक्ति सुधा सागर यह सब अपने अपने प्रेस अपने नाम दे देती है भागवत हैय और इसमें रवे स्कंद में सूची दी गई है जहां पर लिखा जा रहा है पुराणों की अलग अलग श्लोक संख्या उनका जोड़ श्रीमद भागवत का प्रतिपाद्य और उसका प्रयोजन सुनिए तो पहला पुराण उन्होने लिखा ब्रह्म पुराण दूसरा पुराण इन्होने लिखा विष्णु पुराण तीसरा पुराण इन्होने लिखा शिव पुराण फिर नारद पुराण फिर पंड पुराण फिर भविष्य पुराण फिर वरा पुराण फिर लिखा इन्होने गरुण पुराण फिर ब्रह्मांड पुराण

00:29:09:20 और श्रीमद भागवत पर साक पुराण जो भी आती है उनको उनकी थ देखिए वो आप अपनी जो एनालिसिस है वो अभी हमारा बात ये चल रही है क्या भागवत अंत में लिखा जाना सिद्ध होता है कि नहीं होता है अभी बात ये चल रही है अभी बात श्रीमद भागवत परम शिव जी खुद कह रहे मैं आपको दिखा सकता हूं मैंने कहा देखो आप चैप्टर बदल रहे हो मैंने कहा श श्रीमद भागवत श्रीमद भागवत लास्ट में लिखा गया है कि नहीं बात ये चल रही है परम और उसकी नहीं लास्ट में लिखी गई है नहीं भाई आप समझ नहीं रहे हो बात देखो एक एक करके विषय क्लियर करते हैं ना बात ये चल रही है श्रीमद भागवत लास्ट में लिखी नहीं कहीं से सि नहीं होता कहां देखा बताइए कहा देखा य तो बीच में आ रहा है मैंने पढ़ नहीं अभी अने खुद बोला तो जब आपके पास कंठस्थ जानकारी नहीं है जिसके बारे में उसकी चीज का पक्ष आप क्यों ले रहे वहा पर स स ढ़ डेढ़ स आप वहा पर कमेंट कर रहे हैं आ कर के आपने पढ़ा है नहीं नहीं मैं वो कमेंट में ऐसे कमेंट में ऐसे बोल रहा

00:30:24:25 था कि ऐसे ही कृष्णा जी प्रम मैं ऐसा बताना चाह वो बाद में बात करेंगे अभी मुझे बताइए कि यह जो लिखा है कि श्रीमद् भागवत 17 पुराण लिखे जा चुके थे उसके बाद लिखा गया यह कहां से सिद्ध होता है मैं वो मैं मे पास अभी वो नहीं है पर मैं व नहीं होगा वो आजीवन नहीं होगा चलिए अब अगला चैप्टर खोलते हैं अब यह बताइए कि

00:30:58:25 कि अगर तामस है कोई शास्त्र तो उसमें लिखी हुई बातों को झूठी मानना है या मानना है कि नहीं मानना है मान सकते हैं वो पुराण है कोई मान सकते नहीं हां कि ना यह धर्म हैय धर्म की बात हो रही है इसमें कोई वो कॉम्प्रोमाइजिंग चीज नहीं चलती बहन जी कि अपनी जो बहन है हा शिव जी अपने कार्तिक को उनको इंस्ट्रक्ट कर रहे हैं पार्वती को इंस्ट्रक्ट कर रहे हैं जो भी पुराण जो मेरे बारे में लिखी गई है और जो भी पुराण बाकी सारे देवी देवताओं के बारे में बोल रही है बस व बेविल्डर करने के लिए जो भी पुराण श्री विष्णु विष्णु के बारे मैंने अभी आपसे यह पूछा है मैं आपसे उसके पीछे की वजह बाद में पूछूंगा पहले मुझे क्लियर करिए कि जो पुराण तामसिक है उसमें लिखी हुई बातों को झूठ मानना है कि सच मानना है उनको शिवजी ने जैसा खुद ही बोला है कि उनको ब मैं आपसे कारण नहीं पूछ रहा हूं आपके आपके निर्णय का कारण नहीं पूछ रहा हूं मैं पूछ रहा हूं नहीं मानना है नहीं मानना है अब ये बताइए शिव पुराण तामसिक है ना तामसिक लोगों के लिए है नामिक वो पुराण नहीं है उनको लोगों को ऊपर उठाने के लिए बस

00:32:13:28 तामसिक लोगों को ऊपर उठाने के लिए और उसकी बातें सच नहीं है श्री कृष्णा ने ऐसा क्यों मैं पूछ रहा हूं उसकी बातें सच है कि नहीं है क्या आपने बोला उसकी बातें सच नहीं है नहीं मैं आपको मैं आपको वही बता रहा अरे भाई अभी आपने बोला ना उसकी बात को सच नहीं मानना है बता रहा हूं उनको सच क्यों नहीं मानना वो मैं आपको बता रहा हूं श्री कृष्ण ने ये सब क्यों मैं आपसे ये नहीं जानना मैं आपसे एक एक स्टेप करके बात करूंगा ना क्यों आगे बढ़ रहे हो पहले बताओ पहले रीजन मत बताओ पहले ये तो क्लियर करो उसको उसको सच मानना है कि नहीं मानना है नहीं मानना है बोला ना मैंने नहीं मानना है अब ये बताइए अब नहीं वो मुझे जान मैं पूछूंगा तो बताइएगा बताइए शिव पुराण में लिखी हुई घटनाएं जो है वो झूठी है उनको सच नहीं मानना है तो अब मुझे बताइए कि ये जो तुलसी जी की उत्पत्ति है जिनको विष्णु जो विष्णु भगवान को बहुत प्रिय है यह कथा भागवत में कहां आई है और अगर नहीं आई है तो आपने कैसे मान ली तुलसी की उत्पत्ति कैसे हुई वो मैं वो एक्चुअली वो नहीं जानता तो तुलसी जी विष्णु को प्रिय है मानते हैं कि नहीं मानते

00:33:29:02 हा जरूर यह बात शिव पुराण में लिखी हुई है अब ये माने कि ना माने वो तो है ही मैं आपको बताना चाहता हूं कि एक मिनट पहले क्लियर करले पहले पहले क्लियर कर लीजिए ये माने कि ना माने माने पर पुराण मैं आपको बताना चाहता हूं अरे भाई एक एक करके चले अभी आपने कहा था शिव पुराण में लिखी हुई बातें झूठी है अभी आप कह रहे हो कि तुलसी जी वाली जो बात है वो सच्ची है माननी है तो ये पैरामीटर कहां पर दिया गया है कि इतनी बात माननी है इतनी नहीं माननी है नहीं ऐसा कुछ नहीं है ऐसा कुछ अगर अगर चलिए आंशिक रूप से माननी भी है तो जहां पर आप यह कह रहे हो कि वो तामसिक है उसे नहीं मानना है वहा आप यह कहना चाहिए कि वहां पर कुछ कुछ बातें ऐसी है जो मानने योग्य नहीं है और कुछ बातें ऐसी जो मानने योग्य है आपने तो आपने तो पूरे पुराण को डिनाइड कर दिया ना नहीं पुराण सच्चा भी जैसे उ माना जाता है कि जो शिवजी सुप्रीम मत सच्चा भी है मतलब अभी जो आप क व उस बातो को नहीं मानना है ऐसे गलत था नहीं उसम मानना मतलब जहा पर भी विष्णु का ज गुणगान होहा उसको ही मानना तो फिर आपने पूरे पुराण को क्यों नकारा आपने पूरे पुराण को नकारा

00:34:44:04 ना अभी पा मिनट पहले आपने उसकी बातो को स नहीं मानना काति को कर रहे आपसे मेरे पास भी मेरे पास भी बताने के लिए बहुत सारी बात बत आ रही थक जाओगे इसलिए कह रहा हूं जो विषय है उससे भटको मत मैं आपसे पूछ रहा हूं आप डेफिनेशन बता रहे हैं मैं आपको बता मैं आपको ये बोल रहा हूं मैं आपको ये बोल रहा हूं कि जब आपको थोड़ा बहुत शिव पुराण मानना है तो फिर यह क्यों कह रहे हो शिव पुराण को नहीं मानना है उसको झूठ मानना है उनको वैसे झूठ नहीं मानना है शिवजी खुद बता रहे हैं ना पदम अभी आपने बोला ना आज सच नहीं मानना हैर करने के लिए जो भी मेरे बेविल्डर करने के लिए है मतलब घुमाने के लिए है वो सारी पुराने जहां हरि का गुणगान हो रहा है उनको ही मानना है देखो शास्त्रों में शुरुआत में मिडल में फिलहाल फिलहाल एक बात क्लियर हो गई फिलहाल एक बात क्लियर हो गई नहीं फिलहाल एक बात क्लियर हो गई कि शिव पुराण पूरी की पूरी अमान्य नहीं है जहां पर हरि का गुणगान है वहां व जहां पर हरि का गुणगान नहीं है वहां अमान्य है बाकी शिव पुराण भी मान्य है हां क्योंकि खुद कह रहे हैं एक मिनट वो वो मैं जानता हूं

00:35:59:08 वो आप आप जो बता रहे हो वो सब जानते हैं हमारे दर्शक भी जानते हैं वो जानते हैं सब जानते पराण तो इसका मतलब आपने कहा कि जहां पर भी हरि का गुणगान नहीं है दूसरे देवी देवता का गुणगान है वो भ्रम है झूठ है वो एक्चुअली बता रहा हूं मैं आपको वही बता रहा हूं घुमाने के भटकाने के लिए आपको अरे भाई मैं पहले आप बाद में डिफाइन बाद में करोगे पहले अपना जो पक्ष है वो तो रखो कि मैं ये बताने जा रहा हूं आप गलत बोल रहे हो ना इसकी वजह से बता रहा हूं मैं आप जो शिव पुराण है एक एक तो मैं क्लियर कर रहा हूं आपको अपनी चीज शिव पुराण जो है उसमें जहां पर भी हरि की बजाय किसी दूसरे को बड़ा कहा जा रहा है परब्रह्म कहा जा रहा है वो बातें भ्रामक है बाकी सब चीजें ग्रहण करने लायक है यही कह रहे हो ना आप नहीं एक्चुअली ये सब पुराण जो है वो सब भगवान ने क्यों दी क्यों दी क्योंकि कुछ लोग ऐसे हैं कि उनको यहां तक ही पॉइंट है उनका तो वहां तक उसको मान के वो अपनी जिंदगी मतलब ऐसा जी सकते हैं पर भगवान विष्णु ही परम भगवान है ऐसा खुद शिवजी मैंने देखिए फिर आप फिर जो है आप आप जो है ना आप जहां जितना वहां पर मेहनत कर रहे थे आप उसका एक परसेंट भी यहां नहीं मेहनत कर रहे हैं मैं आपसे पूछ रहा हूं जो आप विषय को चेंज मत होने दीजिए

00:37:14:21 जब तक एक विषय है अभी एक विषय हमने क्लियर किया कि जहां पर हरि की बजाय किसी दूसरे की भक्ति बताई जा रही है वो जग वो सारी चीजें भ्रामक है उसको नहीं मानना है बाकी चीजों को मानना है क्योंकि कह रहे हो वो तामसिक मतलब वो तामसिक लोगों के लिए है वो अलग ही चीज विषय है पूरा अच्छा तामसिक लोग कौन है जिनको आप भागवत नहीं पढ़ाते हो सब लोग मैंने जैसा बोला कि सब लोग पढ़ सकते तो फिर से पुराण की कोई उपयोगिता ही नहीं है ना हां बेकार है मतलब सब लोग श्रीमद भागवत ही पढ़े ऐसा श्रीमद् भागवत भाई जब आप सब आप अपने स्कोन के गेट पर बोर्ड लगाते हो जो तामसिक लोग हो वो जो तामसिक लोग हो वो हमारी भगवत गीता ना ले सते उन्ह पहचानने का अपने सिपाहियों को अपने गार्ड्स को उन्होंने कोई मंत्र दिया है क्या कि भैया अंदर आने से पहले देख लेना जो अंदर सबका इला ही मेडिसन से हो रहा है श्रीमद भागवत

00:38:17:12 में मैं आपसे आप क्या रोबोट हो क्या के जो चीज रटी आई है बस वही रट रहे हो मैं पूछ रहा कुछ और ह बोल कुछ और रहे हो मैंने से पूछा कि हरि के अलावा किसी दूसरे की भक्ति जब बताई जा रही है व भ्रामक है ना आपके हिसाब से वो एक्चुअली हां एक्चुअली हां क्लियर नहीं हो हां थोड़ा मतलब जहां पर हरि का गुणगान किया हुआ है वही सच है क्योंकि वही परम भगवान है और जहां पर किसी दूसरे का गुणगान है वो झूठ है वो क्या है वो जैसे गु दूसरे का गुणगान क्या है मेरे भाई देखो बहुत सारे शा आपने अभी थोड़ी देर पहले बोला है भ्रामक है उसको नहीं मानना है अभी बोला फिर देखो ये वो आप क्लियर नहीं हो क्या अपने सिद्धांतों प जो जैसे ब्रह्मा जी का गुणगान किया गया जो राजसिक में किया गया है और देवी मां का गुणगान राजसिक में किया गया है मैं आपसे पूछ रहा हूं विष्णु के अलावा किसी और का जो गुणगान है किसी और को परब्रह्म बोला गया है वह भ्रम है या सत्य है वो एक्चुअली जो लोग जैसे उनका गुण है उनके लिए सत्य है ऐसे सत्य नहीं है वो ऐसा ऐसे सत्य नहीं है तो यानी कि व्यक्ति ग्रंथ को पढ़ने से पहले यह जानता हो

00:39:32:16 कि कौन से गुण मेरे अंदर है कौन से नहीं है ग्रंथ को खोलने से पहले यानी कि धर्म से पहले व्यक्ति धार्मिक होना चाहिए धर्म से पहले व्यक्ति धार्मिक होना चाहिए क्योंकि धर्म तो मिलेगा ग्र से वो जिस भी अपने जिसको मानता है उसके हिसाब से वो उस पुराण को पढ़ के अपना वो कर सकता है क्या कर सकता है मतलब उनको मान सकता है या य कह रहे हो आप जो यह कह रहे हो कि शिव पुराण जो है आप दिया था पहले कि शिव पुराण तामसिक है उसकी बातों को सच नहीं मानना है अरे वही बात यार तामसिक लोगों की उन्नति के लिए क्यों बेकार में आप वहा पर अटक जाते हो आपको ऐसा लग रहा है और आपके जो गुरुजन है ना जिनको आप फॉलो करते हो व तामसिक ही बोलते उसे स्ट्रेट फॉरवर्ड नहीं नहीं नहीं बोल चलिए य भी बाद में दिखा दूंगा आपकी बात रिकॉर्ड हो गई है नहीं बोलते और मैं आपकी इस कटिंग के साथ और उनका वो लगा दूंगा ठीक है कि वो बोलते ताम से अच्छा दूसरी बात आपको दिखा सकता हूं नहीं बोलते मैं भी आपको दिखा सकता हूं अभी मैं पूछ रहा हूं अभी मैं य पूछ रहा हूं कि जो विष्णु के अलावा कहीं किसी और को परब्रह्म माना जा रहा है वो

00:40:47:21 सत्य है कि असत्य है असत्य है एक्चुअली जै मैंने बताया जैसे उनके गुण है अंदर अच्छा मतलब य वक्ति के पर्सपेक्टिव से है कि कौन सा व्यक्ति है उसके पर्सपेक्टिव से है ठीक तो आपके पास सनातन सिद्धांत नहीं है सनातन सिद्धांत का मतलब समझते हो भागवत जो परमहंस है उसको जो पढ़ेगा मैं आपसे पूछ रहा हूं कि फाइनल आंसर क्या है शिव पुराण को सच समझना है या नहीं सत्य क्या है उनको सच समझना है समझना है पुराण को सच समझना है

00:41:28:02 एक्चुअली नहीं नहीं समझना है नहीं समझना है भ्रम समझना है हा भ्रम समझना है ना हा ठीक है तो शिव पुराण को भ्रम समझना है जहां पर विष्णु की भक्ति हो रही है उसको जो है वो समझना है सच यह तो ठीक है मतलब मैं आपको बताना चाहता हूं शास्त्रों में जो शुरुवात में जिसका गुणगान होता है और जो बीच में होता है मेरे भाई जब एक चीज हमारी क्लियर हो गई आपने ने कहा शिव पुराण जहां पर भी विष्णु के अलावा किसी और की भक्ति बताई जा रही है श्रेष्ठता बताई जा रही है उसको सच नहीं समझना है क्लियर उनको सच नहीं समझना है हमें श्रीमद् भागवत को ही सच समझना है हां श्रीमद खैर अच्छा श्रीमद् भागवत में अगर कहीं शिव जी को श्रेष्ठ बताया जा रहा हो तो क्या करें शिव जी को कहां है बताओ मेरे को टाइम लगेगा मैं निकाल के दिखा देता हूं भाई ग्रंथ एक्चुअली वो ग्रंथ अवतार माना जाता है श्रीमद् भागवत नहीं श्रीमद् भागवत में अगर शिव जी को श्रेष्ठ बताया जा रहा होगा तो क्या करोगे नहीं बताया जाता है जैसा मैंने सुना है नहीं बताया जाता ऐसा फिर सुना है जाकर पढ़ाई करो थोड़ी अपने ग्रंथों को खुद भी देखो

00:42:43:24 उसमें लिखा हुआ है शिव जी को भी परब्रह्म बताया गया है मगर फिलहाल मैं आपकी इस बात को नहीं ले रहा हूं भागवत को समझना है मैं आपकी पद्म पुराण की उस बात को ले रहा हूं पद्म पुराण में लिखा हुआ है आप लोग जो क्लेम करते हो एक मिनट पद पुराण खोलो मत खोलो मत खोलो मत मैं आपकी पद पुराण की उस बात को ले रहा हूं जो आप लोग क्लेम करते हो कि विष्णु के अलावा किसी की भी भक्ति जो बताई जा रही है व सब ब्रम है तो क्लेम करते हो ना वो सब ब्रम है है ना अच्छा अब ये बताओ जो राम है वो मर्यादा पुरुषोत्तम है कि नहीं जरूर हा मर्यादा का अर्थ क्या होता है मर्यादा में मतलब सही तरीके से मतलब मतलब कोई गॉडल बिहेव मत करना मतलब मर्यादा में जो प्रभु श्री राम है वो झूठ फैला सकते हैं कि नहीं ये बताइए नहीं नहीं फैला सकते नहीं नहीं फैला सकते हां नहीं नहीं फैला सकते पक्का अब इस बात से तो पलट नहीं नहीं फैला सकते नहीं फैला सकते वो नहीं फैला सकते क्योंकि वो राम है और राम के लिए आया है वाल्मीकि रामायण में हमारे सभी मि को पता होगा क्या आया

00:43:59:22 मित्रों रामो विग्रहवां धर्म वे वामी रामायण वाल्मीकि रामायण वाल्मीकि रामायण 337 1 रामो विग्रहवां धर्म तो भगवान श्री राम जो है वो झूठ नहीं फैलाते है ना अब बात ये आती है कि प्रभु श्री राम ने शिव जीी को परम ब्रह्म बोला है कई जगह कई जगह हा ओके ये झूठ है कि सत्य है देख बहुत सारे कल्पों में मैं आपसे पूछ रहा हूं ये झूठ है कि सत्य है नहीं ऐसा नहीं हो सकता ऐसा तो श्री राम नहीं नहीं श्री राम ने झूठ बोला नहीं अच्छ नहीं एक्चुअली आप जो कह रहे हैं वो एक्चुअली कोई और कल्पों में ऐसा होता होगा वो लीला में ही ऐसा आता है श्री राम ने उनको अंतिम अंतिम ब्रह्म माना श्री राम ने उन्हें अंतिम ब्रह्म माना सारी दुनिया का किसम लिखा है ऐसा पद पुराण में लिखा है पदम पुराण में तो नहीं है पद पुराण में लिखा है नहीं हो सकता शिवजी ख आपने पढ़ली आपने पढ़ ली पूरी नहीं मैंने नहीं मैंने नहीं पढ़ी तो फिर क्यों कह रहे हो ऐसा नहीं हो सकता है मैं आपको सेनी चाबी बड़ी अभग उतना चले

00:45:14:28 खिलौना है ब्लाइंड फेथ और क्या कुछ पढ़ा नहीं है कुछ देखा नहीं है कुछ मालूम नहीं है फिर भी ब्लाइंड उसके लिए लड़ने आए हो क्या हैय आपको दो लोक बता सकता पुराण मैंने आपसे पूछा क्या राम ने कृष्ण की भक्ति की है राम वो तो खुद कृष्ण है वो क्यों करेंगे अरे भाई मानव रूप में आकर के जब उन्होंने किसी वो भगवान होते हुए जब दशरथ के यहां जन्म ले सकते हैं भगवान भगवान कुछ भी कर सकते हैं हां तो झूठ एक मिनट तो उन्होंने गलत आचरण करके दिखाया ना किस जो लोगों को नहीं करना था वो उन्होंने करके दिखाया ना मतलब किसको नहीं करना था क्या बोल रहे चाहते राम हमारे लिए आदर्श है आदर्श का मतलब होता है कि जो जो वो कर रहे वोव हमें फॉलो कर सकते हैं हम ठीक है तो राम ने भी कुछ ऐसी चीजें की है आपके अनुसार जो हमें नहीं करनी चाहिए नहीं ऐसा ऐसा कुछ नहीं है राम जी जो करते हैं वो तो राम जी ने राम जी ने किसकी भक्ति की राम जी ने किसी की वो एक्चुअली शिवजी उपासना कर रहे हैं क्यों उपासना कर मैं आपको बता दूं अरे भाई भक्ति की नहीं की शिव जी की हा

00:46:31:13 नहीं क्यों पानी चढ़ चुप हो जाइए आप आगे चलिए बताना अरे देखिए भैया आपकी जो रटी रटाई चीज मैं जानता हूं इसीलिए मैं उन पर जा ही नहीं रहा हूं मैं आपसे पूछ रहा हूं राम जी ने शिवजी की भक्ति की व झूठी थी या सच्ची थी नहीं व सच्ची थी क्योंकि वो उके हम वो करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए शिवजी उनके भक्त हैली अरे वो जो आप जो कह रहे हो ना रामेश्वर का मतलब है कि राम जिसके ईश्वर है राम जिसके ईश्वर है अब ये बताओ नर्मदेश्वर का अर्थ क्या है नर्मदा जिसकी ईश्वर है नहीं क्यों आप बताओ गोपिया गोपेश्वर का मतलब फिर क्या हुआ गोपियां जिनके ईश्वर है गोपियों के ईश्वर गोपेश्वर हां तो रामेश्वर का मतलब राम के ईश्वर गोपी जिनके ईश्वर गिन ई चलो चलो चलो मैं जानता हूं विषय अंतर होगा विषय अंतर नहीं करने देंगे हम फिर आते हैं हम फिर आते हैं राम ने शिव जी को परम ब्रह्म कहा है इसको माने कि ना माने नहीं नहीं मान तो राम जी य झूठे है नहीं पर नहीं बोल सकते देखो बहुत सारे कल्पों में बहुत सारे कल्प में बहुत तरह की लीलाए होती है मतलब मतलब आप ये कहना चाहते हो कि वैसे

00:47:46:19 शिवजी भगवान है परम ब्रह्म है मगर इस कल्प में नहीं है में वि है ऐसे बहुत सारे कल्पों में ऐसा भी है कि जो रावण की ता मतलब देखिए देखिए जो विषय है उससे भटक मत राम ने कहा शिवजी जो है भगवान है परम ब्रह्म है इसको माने कि ना माने देखो नहीं ऐसा नहीं है शिवजी राम जी की बात नहीं मानेंगे इस कौन की बात मानेंगे है ना नहीं एक्चुअली बहुत सारे आचार ने बो ब्रेन वश कहते हैं ऐसे लोगों को राम जी की बात मानने से मना कर देंगे मगर स्कोन की बात मानने से मना नहीं करेंगे लजा आती है आप जैसे लोग को देखते हैं तो आप मेरे को बताओ कि क्या बताऊ क्या बताऊ पदम पुराण पढ़ के देख लेना श्लोक क्रमांक बता दूंगा मैसेज कर दूंगा बाद में प ना राम जी को स्वयं ईश्वर माना है राम जी का नाम लेके राम जी को शिवजी ने ईश्वर माना राम जी ने शिवजी को ईश्वर माना मैं मैं आपको भेज दूंगा आप यही तो है आप उतना ही देखते हो पूप मंडूक की तरह जितना इसकन के कुए में दिखता है नहीं राम गीता में लिखा है ऐसा किसमें ये कहां लिखा है ऐ उनको माना परब्रह्म माना पर उसमें पदम पुराण में लिखा है

00:49:01:26 नहीं ऐसा नहीं है मैंने तो ठीक है इस बात को अब इससे हम आगे चलते हैं आप देखिएगा पंत पुराण में लिखा है कि नहीं मैं आपको मैसेज कर दूंगा ठीक है ओके हां ठीक है आप देखिएगा अब बात आती है क्या कृष्ण और इकन के द्वारा प्रतिपादित होने वाला जो ईश्वर है कृष्ण और ओके जो क्या वो सर्वशक्तिमान है हां आप हां है हां हां अरे आप तो खुद ही कंफ्यूज लगते हो है हां है है तो क्या वो सब कुछ कर सकता है हां यह आपकी बुक है कौन सी ये भगवत गीता की कौन की बुक है इसकन की बुक है बेसिक्स ऑफ भगवत गीता हम इसमें लिखा हुआ है जो भगवान है वो पूर्ण है क्या है पूर्ण है

00:50:20:28 हां इसमें मांक उपनिषद का श्लोक भी यहां मेंशन किया गया है कि भगवान जो है वो पूर्ण है ये प्रणव को ना पढ़िए हा भगवान पूर्ण पूर्ण मदम ठीक है पूर्ण का अर्थ होता है जिसमें कोई कमी ना हो जिसमें कोई बाधा ना लगे है ना हां तो क्या श्री कृष्ण सब कुछ कर सकते हैं हां हां सब कुछ कर सकते हैं हम ये जो शिव जी निकलते हैं वो श्री कृष्ण का ही एक्सपेंशन है ना हम जरूर हां एक्सपेंशन है ना अवतार उनके भक्त अवतार है वो श्री कृष्ण से ही निकले ना हा हा हां तो क्या श्री कृष्ण से जो निकल रहा है उनका अंश वो अंश सब कुछ कर सकता है क्या श्री कृष्ण की तरह हां कर सकता है यानी कि वह क्या अपने अंदर से श्री कृष्ण निकाल सकता है एक और जो बिल्कुल बराबर हो श्री कृष्ण के अगर आप श्री कृष्ण को दही दे दोगे तो वो वापस दूध बना देंगे वो श्री कृष्ण कुछ भी कर सकते हैं तो शिव के रूप में सब कुछ कर सकते हैं क्या हां कर

00:51:36:00 सकते हैं शिव जी भी चाहे तो विष्णु जी बन सकते यानी शिवजी में भी वो सारी शक्तियां है जो कृष्ण में है देखो आप जो कह रहे हो ऐसा जनरली ऐसा कभी होगा भी नहीं ऐसा कभी जनरली ऐसा होता है नहीं ठीक है मैं आपसे पूछ रहा हूं क्या श्री कृष्ण शिव बनने के बाद शिव के रूप में सब कुछ कर सकते हैं कि नहीं बीच का तत्व है शिव जी पर शिव जी एक्चुअली बीच का तत्व है वो जीव तत्व भी नहीं है और भगवत तत्व भी नहीं है पर मैंने आपसे तत्व पूछा है क्या मैं आपसे पूछ रहा हूं कि शिव जी कृष्ण ही बनते हैं ना शिव जी नहीं शिव जी चाहे तो विष्णु जी बन सकते हैं कृष्ण ही शिव बनते हैं ना हा फिर वस विष्णु बन सकते हैं कृष्ण नहीं बन सकते वही विष्णु जो कृष्णा ही है ना वो तो विष्णु अच्छा वापस अच्छा वो बन सकते हैं तो आपके जो ग्रंथ है ब्रह्म समता का कोट किया जाता है जिस प्रकार दूध से दही बनता है दही से दूध नहीं उसी प्रकार कृष्ण तो शिव बन सकते हैं पर शि शिव जी कृष्ण नहीं बन सकते तो गलत लिखा है वो तत्व की जो तत्व है उनका वो बता रहे हैं एग्जांपल ये जो ये जो है ब्रह्म समता का कोट है एक मिनट एग्जांपल

00:52:51:01 दे रहे हैं इस एग्जांपल को सच माने या झूठ माने सच माने क्योंकि ऐसा है भगवान माया के संपर्क में आ जाते हैं माया के तो वो उनका तत्व दूध में विकार आ जाता है दूध में जब विकार आ जाता है तो तत्व अलग हो जाता है शिव तत्व और तत्व अलग अलग आ जाता हैसा ठीक है मुझे आप ये बताइए मैं आपसे उतना ज्यादा आपके जैसा ज्ञानी नहीं हूं मुझे आप यह बताइए कि जो शिव है कृष्ण ही बन रहे हैं ना हा मैंने जैसा कि बोला शिव जी वापस विष्णु बन सकते हैं बन सकते हैं तो आप कह रहे हो कि बन सकते मगर जो दही दही और दूध के एग्जांपल से उन्ह फिर क्यों लिया जा रहा है जब शिवजी कृष्ण बन सकते हैं क्या समझाना चाहते हैं जो रहे जब जैसे जो दुर्गम आए उनके संपर्क माया के संपर्क में भगवान जब आ जाते हैं त उनका तत्व चेंज हो जाता है विकार आ जाता है दूध में तो वापस वो बन सकते हैं वापस उस विकार से छूट सकते हैं कि नहीं बन सकते हैं तो फिर व क्यों कह रहे हैं कि दही जैसे दही दूध नहीं बन सकता वैसे ही वो नहीं बन सकते एक एग्जांपल दे रहे हैं कि अरे तो एग्जांपल इससे सेट तो हो इस बात से जब यहां पर ये वापस आ सकते हैं अपनी रियल फॉर्म में तो वहां पर वो

00:54:06:01 कह रहे हैं दही से दूध नहीं आ सकता है यहां पर वो कह रहे हैं आ सकता है तो एग्जांपल तो वैसा देते हैं जो सेट हो वहा पर जाकर के जनरली ऐसा कभी होता है नहीं आप बोलोगे ऐसा हो नहीं जाएगा ऐसा कि वो वापस विष्णु बन जाएंगे मैं नहीं कह रहा सकते हैं कि नहीं कैपेसिटी है कि नहीं कर सकते तो ब्रह्म समता वा बात है तो ब्रह्म समता वाली व जो बात है व झूठी है झूठी नहीं है वो एपल जैसा कि मैंने बोला एप भाई मेरे एग्जांपल हम वो देना जो उसम सेट हो वो सेट कहां हो रहा है ठीक उल्टा बता रहा है वहां पर दही से दूध नहीं बन पा रहा है वहां दही से दूध नहीं देख आप हो नहीं जाएगा सदाशिव कभी विष्णु नहीं बन जाएंगे ठीक है आप तो कह रहे हो बन सकते हैं वो जनरली ऐसा नहीं होता है बन सकते है क्या जनरली जली क्या सम कोई लिमिट नहीं लगती है बन सकते हैं नहीं लगती तो फिर क्यों कह रहे हो सदा विष्णु नहीं बन सकते बोलने से सदाशिव वापस विष्णु नहीं बन जाएंगे अरे मेरे बोलने क्षमता पूछ रहा हूं ब देख बमा जीने बोला है आचार्य है खुद ब्रह्मा जी ने बोला है तो ब्रह्मा जी पूर्ण को अपूर्ण बोलेंगे तो भी मानोगे

00:55:21:10 आप गुन किया है ब्र समता में मैं कह रहा हूं या तो उन्ह पूर्ण मत मानो या तो ब्रह्मा जी को मान लो ब्रह्म समता वाले या तो ब्रह्म समता वाले ब्रह्मा जी को मान लो या फ श्री कृष्ण को पू मत क अरे होगा या नहीं अच्छा होगा नहीं चलो ठीक है कर सकते हैं मगर करते नहीं है तो इसका मतलब वहा जो वहा जो कहा गया जिस प्रकार दूध से दही दही से दूध नहीं बन सकता बोलने नहीं देते हो मैं पूछ रहा हूं ब्रह्म समता की जो बात लिखी हुई है दही से दूध नहीं बन सकता उस प्र शिव कृष्ण नहीं बन सकते यह बात झूठ है क्योंकि वास्तविकता यह है कि शिव जी कृष्ण बन सकते हैं बन सकते हैं विष्णु बन सकते य बात ूठी हुई ना ब्रम समता झूठी हुई ना देखो नहीं है झूठी कितनी ब एपल है किस चीज के लिए एपल है हम एग्जांपल उसको देते हैं जहां पर हमें सच को सच साबित करना हो य एपल दे रहे वो नहीं बन सकते वहा पर आप क रहे बन सकते भगवान माया संपर्क में आ जाते हैं वही मैंने बोला ना दूध में जब विकार आ जाता है माया के संपर्क में आने के बाद क्या वो दोबारा वैसे ही हो सकते जैसे पहले थे हा

00:56:36:15 हो सकते हो सकते हैं मगर जो दही है वो दूध जैसा नहीं हो सकता है भगवान कुछ भी कर सकते बो मैंने पूछा दही दही दू मैंने पूछा दूध दही नहीं बन सकता ना दही बन सकता है दही हा दही दही दूध बन सकता है श्री कृष्ण को दूध दे दोगे वापस वो दूध वो मैं यहां पर भगवान की बात नहीं कर रहा हूं मैं यहां पर साधारण बात कर रहा हूं क्या दही दूध बन सकता है नहीं अगर भगवान की इच्छा हो तो बन सकता हैन मगर सामान्य मगर सामान्यता नहीं बन सकता हां तो यानी कि अगर अगर शिव के रूप में भगवान की इच्छा हुई तो वो वापस विष्णु कृष्ण बन सकते हैं है ना यानी उनके अंदर भी वो सारी क्वालिटीज कृष्ण के अंदर है हा है ना तो फिर अंतर क्या है फिर शिवजी के अंदर व उतनी क्वालिटीज नहीं शिवजी के अंदर 55 क्वालिटी है वि अच्छा शिव जी के अंदर कम क्वालिटी है तो इसका मतलब जब कृष्ण जो है कृष्ण से शिव निकलते हैं तो उस कृष्ण में जो निकल रहा है शिव के रूप में उसमें कमी आ जाती है नहीं आ जाती है उसम आप तो कह रहे प है कमी आ गई ना

00:57:51:25 नहीं पर एक्चुअली भगवान अगर चाहे तो वापस विष्णु भी बना स अपने आप मैं पूछ रहा हूं मैं पूछ रहा हूं क्या कृष्ण से जब उनका अंश निकलता है शिव के रूप में उस रूप में कोई कमी आ जाती है आप खाली ये भेद बता रहे हैं भेद तो विष्णु और कृष्ण में भी है देखा जाए तो मुझे पता है मगर एक साथ सारे चैप्टर नहीं खोलेंगे ना नहीं तो आप आप जो है आपकी चीज आपकी सच्चा बाहर नहीं आए सारे चैप्टर अगर खोल देंगे एक ही बार में देखो बात है शिव जी वो रूप में वो कार्य नहीं करते जो विष्णु जी वो रूप में करते हैं यानी कि करने वाले वही है सिर्फ रूप अलग है रूप अलग है करने वाला वही एक ही है हा करने वाला एक है अब अद्वैत को मान लिया आपने नहीं हा भगवान करने वाला वही है बस रूप अलग हो रहा है उसका यही तो है नहीं देखो कंबल में और धागे में फर्क होता है हा तो क में धागे में फरक य होता है कि जो धागा है व कंबल नहीं बन सकता अब बताओ नहीं बन सकता हा आत्मा जैसे आत्मा जब भगवान से अलग होती है त

00:59:07:14 वापस मैंने आपसे पूछा रूप बदल रहा है तत्व एक ही है ना हा तत्व मतलब शिव तत्व और भगवत तत्व में इतना भी अंतर नहीं है इतना उतना क्या इतना मतलब इतना भी थोड़ा सा अंतर है क्या थोड़ा सा अंतर है क्या अंतर है और पूर्णता मतलब उन दोनों में एक डिफरेंस ज्यादा और वननेस कम है पर वननेस है ऐसा बताना चाहता हूं मैं आपसे फिर से पूछ रहा हूं कि जब कृष्ण से शिव तत्व निकला तो शिव के रूप में कृष्ण पूर्ण है या अपूर्ण है पूर्ण है पूर्ण है यानी कि उनके अंदर वो सारी क्वालिटीज है जो कृष्ण में पहले थी वो कुछ भी कर सकते शिव के बाद भी नहीं वो शिव जी वो नहीं कर सकते जो मैं आपको बोल रहा हूं वो रूप में वो कार्य नहीं करते हैं जो विष्णु जी अपने रूप में करते हैं यानी कि केवल रूप का अंतर है कि जब वो जब वो कृष्ण वाले कार्य करेंगे तो कृष्ण कहलाएंगे इतना अंतर है अंतर नहीं समझते हो आप द सुप्रीम वि द सुप्रीम गॉड है वो विष्णु है ऐसा है यह तो आप अपना क्लेम कर

01:00:22:15 रहे हो जब इसको हम एक्सप्लेन कर रहे हैं इसको खोल रहे एक्सप्लोर कर रहे हैं तो उसमें आप चीजें क्लियर नहीं कर रहे हो इसको क्लियर करनारा अगर भगवान चाहे तो शिव जी वापस विष्णु बन सकते हैं हां शिव तो शिव के रूप में चाहे तो बन सकते हैं कि नहीं कि कृष्ण के रूप में चाहे तो बन सकते हैं बन सकते हैं बन सकते बन सकते हैं तो यहां पर आपने आपने जो है यहां पर ब्रह्म जो समता है आपकी उसका क्लेम गलत कर दिया क्योंकि वो कह रही है नहीं बन सकते नहीं एक्चुअली मैं को जनरली ऐसा नहीं होता है इसकी वजह से वो नहीं बता रही जनरली क्या है देखो शिव जी कभी आपके बोलने से नहीं हो भाई जनरली ऐसा नहीं होता तो वहा ये लिखा होता ना कि ऐसा होता नहीं है आप जो बोल रहे हो वो लिखा होता वहां बोल रहे सता नहीं क्यों ऐसा होगा ऐसा होगा नहीं ऐसा होगा नहीं वहां ये लिखा है क्या वहां ये लिखा है क्या ऐसा कभी नहीं होगा वहां ये लिखा है क्या किधर ऐसा कभी नहीं होगा लिखा है वहां हां ऐसा कभी नहीं होगा व मैं पूछ रहा हूं ब्रह्म समता में ये लिखा है वहां ऐसा कभी नहीं होगा व खा ऐसा हो ही नहीं सकता क्या लिखा है वा वा लिखा है वहा क्या लिखा है ऐसा हो ही नहीं सकता तो सक्ता में और ना होने में अंतर है ना

01:01:37:19 होना मतलब मेरी इच्छा के ऊपर है कि मैं ऐसा कभी नहीं करूंगा और सक्ता में करही नहीं सकता भगवान कुछ भी कर सकते हैं वो चाहे विष्णु बन सकते हा तो ब्रह्म समता यहा पर रिफ्यूट हो गई ना आपके द्वारा नहीं हुई है व वो कह रहे हैं कि नहीं सकता भगवान जो शिव है वो कृष्ण नहीं बन सकते नहीं ऐसा नहीं है अगर खा व वहा क्या लिखा है पर ऐसा कभी जनरली ऐसा होता नहीं कितनी बछ अच्छा कभी कभी होता है क्या कभी कभी नहीं होता ऐसा कभी हो सकता है क्या कभी अगर भगवान चाहे तो कुछ भी हो सकता है हो सकता है ना तो वहा पर ये क्यों लिखा है कि नहीं हो सकता देखो अभी हम बमा जी से पूछना पड़ेगा ब्रह्मा जी ने खुद लिखी है ठीक हैका मब आप ब्रह्मा जी की बातों को समझ नहीं पाए हैं समझ के आइएगा दोबारा चलिए आगे चलते हैं नहीं ऐसा आगे चलते हैं अब ये बताइए कि क्या कुरान के द्वारा प्रतिपादित होने वाला जो ईश्वर है और इसकन के द्वारा प्रतिपादित होने वाला ईश्वर है वो एक है या अलग-अलग है

01:02:47:27 अ देखो फिर से वही आप क्वेश्चन पूछते हो जो हर बार आप पूछते हो मैंने आपका वीडियो देखे हुए हैं हां सुबह से देख रहे थे पूछ पहले भी देखते थे आप पहले भी देखते थे या अभी आज ही देख रहे थे एक जतिन आया था आपने उससे भी यही सेम सवाल पूछा था वही आंसर है जहां पे सुप्रीम बताई जाती है जहां प सुप्रीमेसी बताई जाती है वो कृष्ण ही है क्योंकि अल्लाह जैसा कुछ होता है नहीं अच्छा अल्लाह काल्पनिक है आपके हिसाब से अल्लाह जैसा हां एक्चुअली कुछ नहीं होता है मतलब हां मतलब कुरान के कुरान में जिस ईश्वर की बात की जा रही है वो काल्पनिक है

01:03:27:09 उनके लिए सच है पर हमारे लिए हम उनको हम जनरली कुरान को नहीं सनातन सिद्धांत क्या है सनातन सिद्धांत जो देश काल परिस्थिति में ना बदले वो मत बताइए जो देश काल परिस्थिति में बदल जाए उनके लिए सच है हमारे लिए नहीं है ये है वो वो मत बताइए सनातन सिद्धांत क्या है कुरान के द्वारा प्रतिपादित होने वाला ईश्वर और सनातन ईश्वर एक है कृष्ण एक है या नहीं है हा भगवान तो एक ही है भगवान सबका भगवान एक है मैं जन्म नहीं ले सकता मेरी संतान नहीं हो सकती तो क्या यह वाला जो ईश्वर है जो कह रहा है मेरी संतान नहीं हो सकती य और कृष्ण जो कह रहे हैं य धर्म भारता अ धर्म ये और कुरान का ईश्वर एक है देख कुरान में एकली क्या है आपको बताना डिटेल में नहीं दिया गया उसम कुछ भी डिटेल में नहीं दिने आपसे पहले एक चीज क्लियर करो क्या कुरान का जो अल्लाह है और सनातन का जो वो एक है या नहीं है पहले क्लियर कर दो देखो जहा प अल्लाह देखो उ बताया जाता है कि व या ना उत्तर नहीं दोगे मैं पूछ रहा हूं एक है या नहीं सिंपल बताइए एक है कि नहीं बताना चा रहा हा या ना तो पहले हा या

01:04:42:10 ना तो करो एक है कि नहीं है नहीं वो एक्चुअली एक है वो हा एक है एक है बताओ भाई इनडायरेक्टली एक है इनडायरेक्टली अच्छ उसम बताया गया है कि समझा दीजिए मैं समझने बैठा हूं आपसे समझाइए भगवान है वो अल्लाह है और उन्होने अपना रंग अरेब को दिया तो श्याम वण के तो एक ही भगवान है व श्याम सुंदर श्री कृष्णा तो ऐसा बताना चाह रहा हूं अब यह बताइए मैं आपसे फिर से पूछ रहा हूं यह आपने अपनी फिलॉसफी दे दी है क्या यह कुरान में लिखी है श्याम मण के बताए जाते हैं मैंने आपसे पूछा क्या यह कुरान में लिखा है जो आप रहे हो हा लिखा है क्या कि जो श्याम वण का रंग है उन्होंने अरेब को दिया ऐसा बोला जाता है ना ऐसा कहां लिखा है कौन सी वो है आयत वो नहीं क चलिए ठीक है तो अब वहां पर जो दूसरी बात यह लिख के आ रही है कि उसकी संतान नहीं हो सकती उसकी मूर्ति नहीं बन सकती तो इसका क्या करें देखो जहां पे नस्त प्रतिमा लिखा प्रतिमा का मतलब अलग

01:05:57:12 अरे भाई मैं आपसे वेदों की बात नहीं कर रहा हूं क्या उम्र है आपकी आयु कितनी है मेरी 20 अरे क्या हो रहा है मैं आपसे पूछ रहा हूं कुरान में लिखा है कि ईश्वर जन्म नहीं ले सकता इसका क्या करे ईश्वर की संतान नहीं हो सकती ईश्वर कुरा के कुरान के द्वारा प्रतिपादित होने वाला जो ईश्वर है वो बाध है बाधित है सब कुछ कर सकने वाला नहीं है और अभी आपने कहा कि जो कृष्ण है वो सब कुछ कर सकने वाले हैं तो फिर आप क्यों कह रहे हो कि अल्लाह और जो कुरान के अल्लाह और यह जो सनातन के कृष्ण एक है सुप्रीम बताई जाती है व भगवान तो एक ही है सबके मैं आपसे पूछ रहा हूं कुरान में बाधित ईश्वर है और कृष्ण जो है वो बाधित नहीं है तो फिर आप किस हिसाब से इसको एक कह रहे हो नहीं कृष्ण व कुछ भी कर सकते हैं पर जो अल्लाह है वो सब कुछ नहीं कर सकते तो फिर आप क्यों कह रहे हो कि कृष्ण ही अल्ला है क्योंकि जो अल्ला कर सकते हैं वो श्री कृष्ण वो भी मतलब उम सब कुछ है श्री कृष्ण में जो कृष्ण कर सकते हैं वो कृष्ण सब कुछ कर सकते हैं अल्लाह सब कुछ

01:07:12:16 नहीं कर सकता इसलिए कृष्ण अल्ला एक है वाह बहुत बढ़िया हा ऐसा नहीं है हा अच्छा एक बात बताइए मैं मैं कुछ कार्य कर सकता हूं और कृष्ण जो मैं कर सकता हूं सब कुछ कर सकते है तो मैं भी कृष्ण हूं हमने अल्लाह और कृष्ण को क्यों बताया क्योंकि भगवान दे टू गड्स ऐसा देर कैन नॉट बी टू गड हां सही बात है मैंने पूछा क्या कुरान के द्वारा प्रतिपादित होने वाला ईश्वर मैंने ये नहीं कहा कि देर आर टू गॉड्स मैं कह रहा हूं क्या कुरान के द्वारा प्रतिपादित होने वाला डिफाइन होने वाला ईश्वर और हमारा जो सनातन कृष्ण है वो एक है या आपको यह कहना पड़ेगा नहीं भाई कुरान में जो भी बातें ईश्वर को लेकर के वह समझ में ना आ सकने के लायक है इसलिए हमारा कृष्ण को उससे मत जोड़ो हमारा कृष्ण तो सर्वशक्तिमान है पूर्ण है और जो कुरान के द्वारा प्रतिपादित होने वाला ईश्वर है वो बाधित है ऐसा ही है तो फिर अब यह जो ऐसा ही वाला स्टेटमेंट है इसकन का कहां लिखा हुआ है मतलब आप क्या बोलना चाहते हैं कुरान के द्वारा प्रतिपादित होने वाला ईश्वर और सनातन कृष्ण एक नहीं

01:08:27:19 है यह कन ने कहां क्लेम किया है ऐसा तो कहीं लिखा ही नहीं हुआ है मगर इन बुक्स मगर इन बुक्स में लिखा हुआ है कुरान का ईश्वर और बाइबल और बाइबल का ईश्वर और नहीं एक्चुअली मिनट मिनट एक मिनट कृष्ण और कृष्ण भगवान और कुरान का ईश्वर और बाइबल का ईश्वर एक ही है ये इन सब बुक्स में लिखा है ये बुक्स आपके मंदिरों बाटी जा रही है क्यों वो जब ये दोनों एक नहीं है तो इनको एक कहने वाली पुस्तकें क्यों बेच रहा है कन वो तो उनसे ही पूछना पड़ेगा तो आप उनका पक्ष लेने क्यों आए जब आपको पता नहीं है तो नहीं मैं एक्चुअली इतना बोलने आया हूं कि इसकन जो कर रहा है वो मतलब आप उनको आप इसकन को गलत मत मानिए मतलब इसकन कभी अरे आपको जब पता नहीं है कि वो ऐसा क्यों कर रहा है आपको कैसे पता कि वो सही है ठीक आपने कहा ना कि वोन कोही पता होगा कि वो ऐसा क्यों कर रहा है तो फिर आपको कैसे पता है इस कन गलत है कि सही है मैं आपको पूछ के बता दूंगा मैं आपको तो पूछ के तब आते ना पक्ष लेने तब आइए जब आप कंफर्म हो आप तो कंफर्म ही नहीं है और आप आए यहां पर पक्ष लेने वहां पर श स मैसेज

01:09:42:21 कमेंट्स कर रहे हैं आप हमारा इतना ज्यादा आपका इतना ज्यादा आपके चाबी भर दी गई है आप खुद कंफर्म नहीं है मगर उसके लिए लोहा ले रहे हैं चन देख आपका क्या नाम है हनाम बताया उन्होने देखो हरि नाम देखो ऐसा है जो मैं यह केवल स्कन के लिए नहीं बोल रहा हूं जो काल नेमी है वह अच्छी बातें ही करता है मगर एक बात ऐसी करता है जो अधर्मी होती है ओके तो उन 90 पर बातों के लिए हम उस एक पर बात को 10 पर बात को नजरअंदाज नहीं कर सकते ओके हा इस बात को समझिए ओके और थोड़ा पहले समझिए इस कौन का अंतिम निर्णायक कौन है हम तो हरि मानते हम कोई ऐसा हम अल्लाह का नाम नहीं लेते हरे आप अल्लाह का नाम नहीं लेते मगर मैं पूछ रहा हूं कि अल्लाह के साथ कृष्ण को क्यों खड़ा कर रहे हो क्या जरूरत है कारण क्या है क्योंकि देखो हम हम चाहते हैं कि मतलब जो इसकन चाह रहा है वो जो कन्वर्जन करता है कन्वर्जन जो करता है वो ये कहां लिखा है इस कन ने कि वो ऐसा इसलिए करता है क्योंकि उनको सनातन धर्म कन्वर्ट कराने के लिए स्कन

01:10:57:26 ऐसा करता है यन ने कहा लिखा है खुद मैंने सुना है अमला प्रभु से फिर वही बात मैंने सुना वही बात है ना अच्छा ठीक है अगर य इसमें जो लिखा हुआ है कन्वर्ट कराने के लिए है तो किसको कन्वर्ट कराने के लिए मुस्लिमों को मुस्लिम को मिनट ठीक है अब ये बताइए मैं समझ गया अब ये बताइए क्या भारत में रहने वाले जितने भी हिंदू है वोह सब कंठस्थ हो चुके हैं अपने धर्म के लिए हा आज मतलब आज ये जो बुक्स है ये जो बुक्स है दूसरी दूसरी कंट्री के लिए बनी है कि भारत के लिए सबके लिए बनी है सबके लिए बनी है यानी की हिंदुओ के लिए भी बनी है हिंदू मतलब वो पढ़ सकते हैंक मैं य पूछ रहा इसम क लिखा है कि इस्लाम के लिए इसको हिंदू को कोई आवश्यकता नहीं पड़ने की क्योंकि कन्वर्ट कराने के लिए कन्वर्ट देखो दो तरह की कन्वर्जन होती है एक हॉरिजॉन्टल कन्वर्जन होती है और एक वर्टिकल कन्वर्जन होती है वर्टिकल कन्वर्जन जो इकन करता है उसमें समझा के शास्त्रों प आधार मतलब ब्रेन वश करता है वो ब्रेन वॉश करता है वो

01:12:13:03 नहीं नहीं करता है ब्रेन वॉश मैं आपसे ये पूछ रहा हूं क्या सारे हिंदू अपने धर्म के लिए पक्के हो चुके हैं जो मुस्लिमों को पहले कन्वर्ट करने की आवश्यकता पड़ रही है और धीरे-धीरे आज मैं मैं देखो जो सवाल पूछा उसका जवाब दो हो चुके हैं या नहीं हो चुके हैं अच्छा अब एक बात बताइए कि जिस बुक के द्वारा कोई मुस्लिम हिंदू बन सकता है कन्वर्ट हो सकता है उसी बुक को पढ़कर कोई हिंदू मुस्लिम बन सकता है कि नहीं नहीं अगर ये किताब अगर ये किताब अगर य अगर यह बुक एक ब्रिज है अगर यह बुक एक ब्रिज है मुस्लिम से हिंदु जम में आने के लिए क्रिश्चियनिटी से हिंदु जम में आने के लिए तो इसी ब्रिज का इस्तेमाल करके कोई हिंदू क्रिश्चियनिटी में जा सकता है कि नहीं इसी ब्रिज का इस्तेमाल करके कोई हिंदू एक मिनट वो नहीं जा सकता आप बोलोगे भाई जो बोलना है भले ही वो लॉजिकल हो प्रूफ हो लॉजिक हो नहीं बोलना वही है जो बोलना है ल एरिया अब ये बताओ अब ये बताओ कि धर्म परिवर्तन कराने के लिए शिक्षा में परिवर्तन शिक्षा में मिलावट की

01:13:28:03 जा सकती है क्या यह कोई सनातन सिद्धांत है कहीं दी है इस बात की परमिशन नहीं शिक्षा में तो कोई परिवर्तन नहीं किया गया है अरे इसमें सच लिखा है क्या कृष्णला एक है इसको वर्टिकल कन्वर्जन कहते हैं एक्चुअली क्या वर्टिकल कन्वर्जन स समझाइए भाई नहीं एक्चुअली जो शास्त्रों पर जो आधारित है वोकन बताता है और उनको कन्वर्ट ये शास्त्रों पर आधारित है यह शास्त्रों पर आधारित है नहीं नहीं तो अब मैं आपसे पूछ रहा हूं कि इस तरह की जो भ्रामक शिक्षा है मुस्लिम को हिंदू बनाने के लिए जैसा कि आपने अभी स्वीकारा इस बात की परमिशन कहां दी गई है परमिशन क नहीं दी गई सनातन ध अच्छा मैं आपको मैं आपको एक चीज दिखा देता हूं मैं आपको एक चीज दिखा देता हूं प्रभुपाद जी को मानते हैं किसको प्रभुपाद जी को मानते हैं जरूर हां

01:14:45:16 हां यह देखिए क्या लिखा है पढ़िए पढ़ने में नहीं आ रहा मेरे एक्चुअली नहीं आ रहा मैं दिखा देता इसमें लिखा है इसमें लिखा है गुरु को चाहिए कि एक डाकिए के समान व बिना जोड़े तोड़े भगवान के संदेश को यथारूप आगे प्रदान कर दे बिल्कुल बिना जोड़े तोड़े जोड़े जोड़े मतलब बाहर से कुछ भी जोड़ना नहीं है और तोड़े मतलब यहां से कुछ भी अलग नहीं करना है आप क्या कर रहे हो वेद वेद के साथ किसको जोड़ रहे हो नहीं एक्चुअली मैं मैंने बु क्या लिखा है यहां पे मैंने ये बुक्स नहीं लिखी है एक मिनट वेद के साथ आप किसको जोड़ रहे हो वेदास और इस्लाम इसकन वो बात में गलत होगा मैं एक्चुअली मैं हा ठीक है ठीक है थैंक यू थैंक यू एक बात आपने स्वीकारी कि इसमें गलत होगा चलो ठीक है ओके अब मैं आपकी बात सुनता हूं बताइए आपको पूछ के मैं आपको फिर वो पॉइंट प आऊंगा मैं हम हां बोलिए आप अपनी बात बोलिए क्या मतलब अच्छा आप कुछ बोल रहे थे ना पद्म पुराण वो वो नहीं चाहिए वो उसकी आवश्यकता नहीं पढ़ा है मैंने उसकी आवश्यकता नहीं है

01:16:01:15 बताइए देखिए आज की हमारी कन्वर्सेशन का सार सुन लीजिए पहली बात ये कि जब आपने अमोग लीला जी को फॉलो किया तो उतनी उतनी देर में अमोग लीला जी बहन थे फिर भी आपने अमोग लीला जी को फॉलो किया तो उतने अंश में आपने उस समय स्कोन का खंडन किया स्कोन का विरोध किया क्योंकि इकन का आदेश था अमोग लीला जी बैन दूसरा नहीं ऐसा कुछ नहीं वव जो वैष्णव होता है उनको मैं उनको मैं फॉलो करता ही हूं मैं ऐसा नहीं कि मैं भले इस कौन मना करे उन्होंने सॉरी बोल दिया ना पर बात ही खतम हो अरे जितनी देर सॉरी नहीं बोला जितनी देर सॉरी नहीं बोला उतनी देर किया था फॉलो उतनी देर के लिए मैं गलत हो सकता हूं पर जब सॉरी बोल दिया बस वही वही वही मैं सुनना चाह रहा था ठीक है हो गया मान लिया मान लिया बात मान ली दूसरा पॉइंट यह है कि आप अपनी जीवन का फैसला अपने जीवन का निर्णय अपने धर्म अधर्म का निर्णय वहां से ले रहे हैं जहां आपको खुद नहीं पता है कि कौन कर रहा है मेरे जीवन का निर्णय आपको नहीं पता है अंतिम निर्णायक कौन है इस बुक में क्या छपे क्या नहीं छपे किस शब्द का अर्थ क्या लिखा

01:17:16:20 जाएगा क्या नहीं लिखा जाएगा मानता हूं मिनट देखो जब मैं सार बोल रहा हूं जब मैं सार बोल रहा हूं बोल लेने दो आपके जीवन का जो आपके जीवन का जो निर्णय करने वाला व्यक्ति है वो आपको पता ही नहीं है कि आपके जीवन में अगर आपने किसी बुक को स्वीकार किया है तो उसमें किस शब्द का अर्थ क्या होगा क्या नहीं होगा यह निर्णय कौन कर रहा है आपको नहीं पता है दूसरी बात कि आपका ये जो क्लेम है कि जो शिव पुराण है वो तामस है उसको नहीं फॉलो करना चाहिए वो भी अधूरा है क्योंकि सही बात ये है कि जो वो तामस है उसका कुछ अंश आपने माना कि स्वीकार है और कुछ अंश स्वीकार नहीं है जितना अंश स्वीकार नहीं है उसमें आपने कहा हरि भक्ति के विरोध में जो भी बताया जाएगा वो स्वीकार नहीं है मगर भागवत में भी हरि भक्ति बताई गई है तो उसका क्या करें और राम जी ने भी हरि भक्ति बताई है उसका क्या करें ये आप जा करर के वापस देखेंगे ये आप देख लीजिएगा मैं आपको श्लोक क्रमांक भेज दूंगा इसके बाद हमने बात की क्या ईश्वर सर्वशक्तिमान है ब्रह्म समता में कहा गया है कि वो वापस नहीं बन सकता आपने कहा बन सकता है तो इतने अंश में ब्रह्म समता भी खंडित हो गई आपके द्वारा कुछ भी कर सकते ब्रह्मा जी बोलेंगे वो फ्लेस होगा ठीक है ब्रह्मा जी व खुद ब्रह्मा जी बोल रहे हैं ठीक है व

01:18:31:22 ब्रह्मा अच्छा य बताइए भगवान ब्रह्मा जी के बोले हुए के विरुद्ध कुछ कर सकते हैं या नहीं आचार्य है आप मैं पूछ रहा हूं मैं पूछ रहा हूं भगवान ब्रह्मा जी की वाणी के विरोध में जाकर कुछ कर सकते हैं या नहीं ब्रह्मा जी के विरोध में हा नहीं नहीं कर सकते नहीं तो यहां पर पूर्णता खत्म हो गई नहीं देखो ब्रह्मा जी एक्चुअल में आचार्य है एक्चुअली मैंने आपसे पूछा भगवान पूर्ण है या नहीं पूर्ण है तो पूर्ण है तो सब कुछ कर सकते हैं हां ब्रह्मा जी के विरोध में जाकर के कुछ कर सकते हैं कि नहीं वो क्यों वो ऐसा क्यों करेंगे मैं करेंगे या नहीं करेंगे बाद की बात कर सकते है कि नहीं कैपेबल है कि नहीं ब्रह्मा जी के कैपेबल है कैपेबल ब्रह्माल वो क्योंकि भक्त है वो उनके अच्छा ये ये ये आपने अपनी लिमिट लगा दी उन पर अच्छा ठीक है मैं बता देता हूं बुद एक मिनट बुद्ध अवतार उन्हीं का था हां उन्होंने वेद को उनका ही बुद्ध अवतार उनका था कि नहीं उनका ही था तो किया कि नहीं विरोध किसका विरोध किया वेदों का वेदों

01:19:46:27 का क्यों विरोध किया क्योंकि उसम उसम ब अरे क्यों विरोध किया यार मैं पूछ रहा हूं कि किया कि नहीं अजीब बात कर रहे हो किया किया किया किया किया पर उसम क्यों किया व बताना चाहता क्यों किया वेदों का विरोध किया ना ब्रह्मा जी की वाणी का विरोध किया ना आचार्य की वाणी का विरोध किया ना देखो बेकार में समय खराब करते हो यार आ कर के आगे चलो आगे क्या था ब्रह्म समता के बाद हम लोग आए अल्ला वाले प वहां पर आपने बताया कि उतने अंश में इस कौन गलत हो सकता है इन बुक्स के कारण ठीक है तो आप ये सारे जो क्वेश्चन हमने एक साथ ले लिए हैं आप इन पर जाकर के करिए उनसे पूछिए ईश्वर सब कुछ कर सकता है कि नहीं इसके बाद एक दो चैप्टर और है पर मुझे लगता है कि घड़ा खाली हो चुका है आप इतनी चीज लेकर चली जाइए वैसे स्कन जो है वो भी बात आती है कि वो शब्दों को क्यों बदल रहा है नहीं वो नहीं ऐसे नहीं बदलता वो उन्होंने भक्ति लिखी गीता प्रेस में बहुत बार ब्रह्म दिया गया पर मैं पूछ रहा हूं कि जो शील प्रभुपाद जी है वो जो लिख के गए हैं उनको क्यों बदल रहा है कन नहीं बदलता वो क्यों बदलेगा इस कन और बदला हुआ दिखा दिया तो नहीं ऐसा

01:21:01:28 ऐसा कुछ ऐसा उनको प्रभुपाद के रोज मतलब मैं पूछ रहा हूं बदला हुआ दिखा दिया तो हा आप जाके स्टडी करिएगा जतिन वाला वीडियो पूरा देखिए उसम दिखाया है मैंने ठीक है तो आने के लिए आपका धन्यवाद अच्छा लगा आपने चीजों को स्वीकार किया पॉजिटिवली और मेरी मेरा आपसे मेरा आपसे निवेदन है बोला शाश्वत वर्ड है इटरनल हा वही बोला अरे उसम एक नहीं है और भी है एक नहीं है और भी है और भी है उनने भक्ति ऐड कर दी है 300 लोक के ऊपर अरे भाई प्रभुपाद जी की चीजों को क्यों बदल रहे ये पूछ रहा हूं प्रभुपाद ने भक्ति ऐड की है ना प्रभुपाद की तो प्रभुपाद जी के तो प्रभुपाद जी के लिखने के बाद चेंजिंग क्यों आ रही है पूछ रहा हूं मैं उसम एक वर्ड में चेंज आ गया पूरी गीता ही रंग हो गई एक वर्ड में चेंज क्यों आया एक वर्ड में चेंज क्यों आया वो शलोक का मीनिंग एकली सेम है आप जो मीनिंग मीनिंग तो बाद में देखेंगे मैं पूछ रहा हूं प्रभुपाद जी ने गलत लिखा था क्या प्रने गलत नहीं लिखा था मतलब उसम एक शश गलत लिखा था या नहीं पहले इसको क्लियर

01:22:16:28 कर लिखा था नहीं हिंदी में लिखा गया था शाश्वत नीचे लिखा हुआ जने आपको बताया था आपको मैंने देखा था कुछ नहीं बताया था उसने बताया था मैं बोल रहा हूं प्रभुपाद जी ने वो उसने बताया था वर्ड मीनिंग में जब हमने उसका ट्रांसलेशन देखा तो प्रभुपाद जी ने ट्रांसलेशन में टर्नल का अर्थ लिखा है शाश्वत आपको दिखा दूं क्या दोबारा शाश्वत ही है ना उसका मीनिंग शाश्वत मलब जो इटरनल है वही मीनिंग है तो उसको जो आज की भगवत गीता है उसमें हटा दिया गया है लोग कुछ अलग नहीं समझेंगे मतलब वही सेम ही समझेंगे जो देखिए जो देखो लोग जो समझेंगे कि नहीं समझेंगे इसके लिए हमें पड़नी सूत्र पढ़ना पड़ेगा

01:23:03:13 अष्टाध्यायी समझेंगे मीमांसा दर्शन पढ़ना पड़ेगा ब्रह्म सूत्र पढ़ना पड़ेगा बहुत कुछ पढ़ना पड़ेगा कि लोग समझेंगे और क्या नहीं समझेंगे उस पर मत जाइए मैं पूछ रहा हूं प्रभुपाद जी का लिखा हुआ बदला क्यों क्या दिक्कत थी उससे एक शब्द बदल गया तो इसका मलब एक शब्द नहीं बदला है उसम बहुत सारे चेंस है वो एक शब्द मैंने दिखाया है वो मुझे याद है मेमोराइज हो गया इसलिए मैं हर जगह वो बोलता हूं वो बदला बहुत कुछ है मैंने नोट्स बना रखे उसके कि उन्होंने क्या क्या बदला है ओके भेज दूंगा आपको ओके तो ये सब पता करिएगा आने के लिए धन्यवाद जय श्री

01:23:53:13 राम m

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A: AHVAAN - Call Of Dharma Live 1:23:56 · 15 Apr 2024

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