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00:00:07:03 बाबू राम दास जी को पहले ले लें। मैं आपको बात बोलूंगा शुक्ला जी। बाबू रामदास जी अपना कैमरा ऑन करें। हां जी बाबू राम जी बताएं। जय श्री राम। राम राम सर राम राम जी बताएं सर मैं आपसे कुछ पूछना चाहते हैं सर हमारे मोबाइल में थोड़ा नेट कम चलता है इसके वजह से थोड़ा आपसे बात नहीं हो पा रही है तो हम अभी मोबाइल में हैं बाहर में जी सर हम ये पूछना चाहते हैं कि आपने संत रामपाल जी महाराज के लिए बहुत आपने कुछ बोलते हैं तो अच्छा नहीं लगता है। देखिए हम हम लोग के और आप लोगों के बीच में जिस प्रकार से ये सब समस्या खड़ी हो रही है भाई जिसमें जो सच्चाई है सच्चाई जनता के सामने आना चाहिए चाहे कहीं से ज्ञान मिले जी तो हम यही चाहते हैं कि अगर आप लोग ही बता दें कि वर्तमान में जो ज्ञान सही है या संत रामपाल जी महाराज का ज्ञान सही है उस ज्ञान को हम लोग स्वीकार किया जाए सब जनता ठीक है तो मैं आपसे यही पूछना चाहता हूं

00:01:22:04 सही बात जो है वही तो हम बता रहे हैं बाबूराम जी। जी तो मैं आपसे एक प्रश्न पूछ रहा हूं कि वर्तमान में जैसे कि हिंदू धर्म में तो सब लोग कहते हैं कि भाई हम लोग सनातनी है। हम लोग सनातन धर्म को मानते हैं। एक मिनट एक मिनट एक मिनट पहले मैं ये कहूंगा मयंक जी आप थोड़ा उठ के बैठ जाइए और मैं आपको ये कहूंगा बाबूराम जी कि जी आपने एक बात कही कि आप बहुत गलतसलत बातें बोलते हैं। देखिए हमने कोई गाली तो दी नहीं है। हमने ऐसा कोई शब्द नहीं बोला है जो मर्यादा के बाहर हो। हां मगर जो थोड़ी बहुत जो अप्रत्यक्ष रूप से आपको अवमानना जैसी फील हो रही है उसका कारण ये है कि हमारी दुर्गा माता के बारे में बहुत गलत बातें बोली है रामपाल दास ने। बहुत गलत बात है। हमने कुछ नहीं बोला। उसने ये तक बोला है दुर्गा माता के लिए कि दुर्गा माता के साथ दुराचार हुआ था। इस सृष्टि में कोई ऐसा तत्व नहीं है जो उनके साथ कुछ कर सके। जी तो पहले हमें सुधारने से पहले आप अपने तत्वदर्शी को सुधारने जाइए और फिर ये अपेक्षा करिए कि यहां पर उसके लिए जो है हीन भावना वाले वक्तव्य नहीं दिए जाएंगे। जो व्यक्ति जिस लायक है फिर जो उदारता आपके अस्तित्व और आदर्श पर भारी हो जाए हावी हो जाए वो उदारता उदारता नहीं कायरता कहलाती

00:02:37:15 है। मेरी मां के विषय में तुम लोग ऐसे करोगे और यहां मैं आप लोगों का पूजा करूंगा। नहीं नहीं हम किसी के वो देखिए नहीं हम किसी के किसी भी धर्म के बारे में किसी को भी अनदेखा हम नहीं कह रहे हैं जो अगर मान लीजिए कि संतराम ये देखिए क्या शब्द लिखा है मुझे पूरे शास्त्रों से खंगार के दिखा दो ये कहां लिखा है दुर्गा हुआ था मैं बिल्कुल क्लियरली दिखा रहा हूं आपको रुकिए इनका थोड़ा सा वहम दूर हो जाएगा ठीक है बैक एक नंबर निकालो अरे पूरी षष्ठी रचना सुन लो ना सात आठ मिनट का वीडियो है उसका ये देख लो लिखा हुआ है भाई क्या लिख का है किसके बारे में लिखा हुआ है ये किसके बारे में लिखा हुआ है ये लिखा हुआ है

00:03:24:19 बस करिए बस करिए हटा दीजिए बस करिए कभी गए अपने तत्वदर्शी से तिरछादर्शी से पूछने के ये क्या लिख दिया तुमने दुर्गा माता के बारे में ये पृष्ठ संख्या बताइए हम मिलाते हैं अपने हमारे पास भी बुक है ना बताओ इनको पृष्ठ संख्या 24 नंबर 24 कौन सा बुक कौन सा है? ज्ञान गंगा पहचाना चलिए ठीक है अब इसको मिला लेंगे हमारे पास अभी नेटवर्क नहीं अभी मिलाओ अब देखो बाबू बाबू भाई अब अभी मिलाओ अगर सत्य के पक्षधर हो अभी मिलाओ तुरंत

00:04:03:08 बहुत सी वीडियो में तो ये कहा है कि राम तो बोले राम तो राजा के लायक भी नहीं था इस तरीके से बोला राम तो राजा के लायक नहीं था उसको तुम भगवान मान रहे हो आप हमको आ रहे हो संसार सिखाने आज तक कुछ ऐसी बात कही नहीं है ना ही कोई व्यक्तिगत टिप्पणी की फैमिली के बारे में कोई टिप्पणी कर दी हो 24 पेज नंबर कितना 24 24 पेज नंबर 24 नंबर [गला साफ़ करने की आवाज़] अभी दीपावली में भर भर के वीडियो उठा लिए सोशल मीडिया पे इन लोगों ने और आपको नहीं मिलेगा ना तो मैं कहना चाहिए कि भाई मैं इतना बड़ा मुझे आपको दोष इस बात का देना चाहिए कि तुम कैसे पुत्र हो जो अपनी मां के बारे में ये सब बातें सुन के यहां पे बातें चौरिया रहे हो। देखिए काट क्यों नहीं रहा हमारा देखिए 24 देखिए मेरा 24 देखिए बुक पेज नंबर पेज नंबर 24 भैया बताओ इसमें चैप्टर क्रमांक सब बता दो आप आप लोग देख लीजिए कि 24 मेरा पेज नंबर दिखा रहे हैं भैया आपको सबूत दिखा रहे हैं इसी आपके हाथ में अगर ज्ञान गंगा है तो उसी में आपको सबूत मिलेगा

00:05:19:15 दिखाओ इनको चैप्टर ये कौन सी पुस्तक है जरा स्क्रीन पर देखिए एक बार ठीक है हम हां फिर भी वही पुस्तक है दूसरा पुस्तक मैं नहीं लिया हूं। वही पुस्तक है देख लीजिए। ठीक है। हो सकता है आपके प्रश्न क्रमांक बदल गए हो छपाई में। कोई बात नहीं कोई बात नहीं। अभी आ रहा हूं। चैप्टर चैप्टर नंबर बताओ ना। सृष्टि रचना होगी शायद। नहीं भक्ति मर्यादा है। सृष्टि रचना हां। सृष्टि रचना है हमारे पास। कोई दिक्कत नहीं है। हां ठीक है। ठीक है। सृष्टि रचना का पहला दूसरा तीसरा पन्ना। जी देख लेंगे हम उसको। ये वाला पेज है। खोलो खोलो अब। ये वाला पेज है आपके यहां पे? हेलो देख रहे हैं। देख रहे हैं। देख रहे हैं।

00:06:05:15 और आपके यहां के लोगों का खून पता नहीं क्यों नहीं खोलता जब आप लोग यहां पर बैठ के प्रचार करते हो, पुस्तकें देते हो। ठीक है? मैं कुछ बोलना नहीं चाहता हूं लाइव वीडियो में। ठीक है? लेकिन यदि ठीक है। समझ जाइए बाकी बात। स्त्री का खून खोल देना किसी दिन तो एक नई सृष्टि की रचना हो जाएगी। पुरानी वाली का विध्वंस हो जाएगा। अरे भाई क्या हुआ? क्या बहुत देर लग रही है बाबू भाई। नहीं मेरे में तो देखिए नहीं मिल रहा है क्योंकि मैं खुद बुक को ऊपर करिए। एक ब्रह्मांड का लघु चित्र एक ब्रह्मांड का लघु चित्र मेन प्रश्न दिखाइए बुक का। देखिए खोलिए रचना वाला षष्ठी रचना वाला पेज दिखाइए जरा ये जो दिखा रहे हैं ये एक ब्रह्मांड का लघु चित्र आप पहले 24 नंबर पेज खोलिए ना जरा इन इनकी स्क्रीन करिए जो है ना मेन स्क्रीन इनकी लाइए मैं इनको गाइड करता हूं थोड़ा सा इनको मेन स्क्रीन पे ले लो भैया

00:07:11:06 हां ये है ना आपका चलिए इस अगले दो पेज और पलटते यही है ना आपका है आप अपना बैक बैक कैमरा ऑन कर लीजिए। बैक कैमरा हुक दिखाइए आप स्वयं ना दिखिए। बैक कैमरा ऑन कर लीजिए आप। उसके आगे ये चित्र आने वाला है। ये वाला एक ब्रह्मांड भाई आप अपना बैक कैमरा ऑन कर लीजिए। बैक कैमरा ऑन करिए। और आपका पृष्ठ मिले या ना मिले उससे हमें कोई लेना देना भी नहीं है। हेलो बाबू भाई। बैक कैमरा ऑन कर लो। बैक कैमरा ऑन कर लो। कहां चले गए? क्या बोले टू स्टॉप द ट्रेन पुल द चैन

00:07:58:28 इनको इनको बोले दिखाइए क्यों भाग रहे हैं वो पीछे आ गए आ गए आ गए आओ भैया आ जाओ बाबू भाई आ जाइए बैक कैमरा ऑन कर लीजिए बाबू भाई कैमरा कैमरा नहीं हो रहा है कट जा रहा है क्या नहीं हो रहा भाई कैमरा नहीं हो रहा है कट जाता है सीधे दिखाओ चलो बुक ऊपर ले लो आप हम लोग पन्ना कहते जाएंगे आप पलटते जाना बुक ऊपर ले लो आप

00:08:39:01 बुक ऊपर ले लो बाबू भाई जी जी जी जी मैं उसी बुक ऊपर में लिया हूं देख लीजिए देखिए हां थोड़ा पास लाओ कैमरे के हटाओ मत उसको हम लोग बताएंगे ना आपको पन्ना पलटने के लिए आप वही रखो वो कैमरे के सामने जी जी कैमरे के सामने रखो अरे इतनी दूर नहीं पास में लाओ कैमरे के हां ऐसे क्या पता चलेगा आपका बैक कैमरा चालू नहीं हो रहा है क्या फोन वो कट जा रहा है ना सर मैं कैमरा मेरा तो नहीं कटेगा मैं तो अभी करके दिखा दूं आपको

00:09:27:06 ज्ञान गंगा है ये ज्ञान गंगा हम आपको दिखा रहे हैं आप देख नहीं पा रहे हैं शायद ये दिखा दो भैया अपनी ज्ञान गंगा इनको ज्ञान गंगा दिखा दो मैं तो दिखा रहा हूं देखिए मेरा ज्ञान गंगा मत दिखाओ। आपकी ज्ञान गंगा पढ़ने में आ रही है क्या? आपका बैग खराब है। क्या करें? ये देखो शब्द लिखा है। आप भाग पता क्यों नहीं? ज्ञान गंगा नहीं है क्या? नहीं नहीं मैं इनको एक और बात क्लियर कर देता हूं। आप यहां से भाग इसलिए नहीं सकते क्योंकि आप पेज पलटे ना पलटे। ये जो हम दिखा रहे हैं ना स्क्रीन पे ये आपके बाबा रामपाल जी की वेबसाइट से डाउनलोड की गई है पीडीएफ। ठीक है? तो मैंने आपको बुक खोल के दिखा दिया है। पीडीएफ में भी सेम बात लिखी हुई है। ले आइए स्पीड करके दिखा। 27 नंबर पेज पर ले आइए इसको 27 नंबर पर। देखिए जो संत रामपाल जी महाराज ने जो भी अगर लिखे हैं उनका जो ज्ञान है चुप रहिए। दो मिनट चुप रहिए। लगे लपड़ थपड़ अब लपड़पड़ करने लगे। नहीं नहीं दिखाइए। ये शब्द तुमको दुर्गा माता के लिए सही लग रहा है क्या? नहीं नहीं दिखाइए आप। कहां लिखा हुआ है? हां बस ज़ूम कर दीजिए। हां बस आ गया ना ये तो मैं पढ़ दूं यार स्क्रीन से ही आपको पढ़ना

00:10:42:09 आता है जी पढ़ ले रहा हूं वचन शब्द में उत्पन्न हुई है आप मेरे बड़े भाई हो वह है वही का योग बना महापाप का कारण बनेगा परंतु ज्योति निरंजन ने प्रकृति देवी को एक भी प्रार्थना नहीं सुनी तथा अपनी सब शक्ति द्वारा नाखूनों से स्त्री इंद्रिय प्रकृति को लगा कि तथा बलात्कार करने की ठानी उसी समय दुर्गा ने अपनी इज्जत रक्षा के लिए जी इसको तो संत रामपाल जी महाराज ने बताया तो है कि इसने इस प्रकार से उस उनके साथ ऐसा कर रहा था ज्योति निरंजन ने नाटक नहीं ये कौन से शास्त्र में लिखा है दुर्गा के साथ ऐसा हुआ भाई उनको वहां तक जब वो तत्वदर्शी है तो उनको वहां तक की जानकारी हम भी तत्व सुनो फिर हमसे ये मत बोलो आ के कि तुम रामपाल के लिए ये सब क्यों बोल रहे हो हम भी तत्व दर्शी है साहब यहां बैठे सब तत्वदर्शी है नहीं तत्वदर्शी है तो वो शास्त्र से ज्ञान देता था या अपने से कहानी बनाता था तत्वदर्शी तत्वदर्शी का काम क्या होता है ना तत्वदर्शी का मतलब बोल के दिखाएगा ना आए तुम हमको ज्ञान देने के आप लोग रामपाल के लिए ये बोल रहे हो वो दो बोल रहे हो और

00:11:57:10 तुम्हारा रामपाल ये बोल के बैठा है उसको कुछ बोलने नहीं जाओगे वो तत्वदर्शी है अपने कहानी तो मेरे को तत्वदर्शी बोलोगे तुम मैं बाबू रामदास जी से पूछ रहा हूं। मैं अपने से कहानी बनाऊं। अगर तुम्हारे कबीर जी के बारे में कोई ऐसी बात बोलूं तो तुम मेरे को तत्वदर्शी मान लोगे। उन्होंने उन्होंने ये जो ज्ञान गंगा पुस्तक है सुप्रीम कोर्ट सुनो बाबू बाबू सुनो प्यार से दूसरी बात कोई करनी है तो वो करो वरना जाओ। मुझे सुप्रीम कोर्ट की फालतू की बकवास मत करना। मैं अपने शब्दों को वापस लेता हूं। ऐसी बातें मत करना। अभी यहां पर Google कर लूंगा ना। सुप्रीम कोर्ट में जो तुम झूठ बोलते हो ना तुम्हारा सुप्रीम कोर्ट का झूठ यही धरा का धरा रह जाएगा। हमारे पास एक Google भी है और स्क्रीन भी है साथ में शेयर करने वाली। ठीक है? किसी और स्ट्रक्चर बन के आए रामपाल के लिए बड़े अच्छे शब्द निकाले जो हमारी मां के बारे में ये सब बातें कर रहा है। उसकी पूजा करें हम लोग यहां बैठ के। इनके ऊपर केस होना चाहिए। पब्लिकेशन जो इसको छाप रहा है उसके ऊपर भी केस होना चाहिए। ये बदले इन किताबों को बदले नहीं। कहां से केस होगा? कहां से केस होगा? सब तो बटे बैठे हैं ना हिंदू कोई मतलब है किसी को सब बटे बैठे हैं

00:13:08:28 अपने ही बंदों को खाने के लिए जब कोई बैठी है सुनिए सुनिए मैं आपकी बात पंडित सूर्य प्रकाश जी की बात करे केकड़ा एक केकड़ा जब बाहर निकलने लगता है ना तो दूसरा उसको खींच के अंदर ले जाता है वैसे हिंदुओं का हाल हो गया है कार्य कर रहे हैं की पर्सनल टारगेटिंग शुरू कर दो मुझे बाबू तुम मुझे बताओ तुम मुझे ये बताओ ये जो ये जो चीज है जो लिखी हुई है वहां पर यह शास्त्र में कहां लिखी है बताओ अब इसका उन्होंने प्रमाण हर देवी भागवत से दिए हैं वेद से दिए हैं गीता पूछ रहा हूं शास्त्र में कहां लिखी है आप मुझे शास्त्र का नाम बताइए अब देखिए हम उसको शास्त्र से तो हम अभी नहीं मिलाए हैं तो उसको हम कैसे कह सकते हैं कि पहले क्यों ले रहे हैं उसका तत्वदर्शी कह के चलो तत्वदर्शी है वो सिद्ध करोगे तत्वदर्शी है वो उन्होंने सभी ग्रंथों से खोल खोल करके पूरा इसी कह रहा हूं वो तत्वदर्शी है। ये कैसे सिद्ध होता है? ये बताओ। चलो तत्वदर्शी होता है। तत्वदर्शी का मतलब क्या होता है? ये का मतलब क्या होता है? तत्वदर्शी का मतलब ये होता है कि जो तत्व ज्ञान को दे जो यहां से परमात्मा मुझे मुझे मुझे बताओ कहां से सिद्ध होता है कि रामपाल तत्वदर्शी

00:14:24:14 है। ये बताओ। चलो। उन्होंने बताया है कि तत्वदर्शी वही होगा जो गीता अध्याय 15 बताओ मेरे भाई हम लोग शास्त्र को मानेंगे पहले कि पहले उन्हें तत्वदर्शी मान लेंगे। जी जी जी बता रहे हैं। गीता गीता अध्याय 15 श्लोक नंबर एक से चार को जो व्यक्ति जड़ से लेकर पत्ते तक डिटेल शब्द ही नहीं लिखा हुआ तुम्हारा एक और झूठ पकड़ा गया। वहां तत्वदर्शी शब्द ही नहीं लिखा गया। तो पहला झूठ तो है ही नहीं रामपाल रखा है भैया रट्टू तोते हो तुम लोग रट्टू तोते 15 एक से तत्वदर्शी शब्द दिखा दो मैं मान लूंगा उसको 15 एक से चार में तत्वदर्शी शब्द दिखा दीजिए कहां तत्वदर्शी लिखा है बोलो रुकिए हम भी खोल ले रहे हैं खोलो खोलो खोल लो

00:15:26:05 [नाक से की जाने वाली आवाज़] जलेबी बनाएंगे अभी थोड़ी देर बाद इसमें जो 15 15 अध्याय का जो 101 से लेकर के चार श्लोक तक का जो है जो व्यक्ति तत्वदर्शी दिखाओ उसमें लिखा हुआ गीता में गीता में तत्वदर्शी लिखा हुआ दिखाएं। अरे 15.1 में तुम 15.1 से सिद्ध कर रहे हो ना? एक से एक से चार में बताए हैं हम कि 15 तत्वदर्शी कहां लिखा है? अरे तत्वदर्शी कहां लिखा है?

00:16:16:14 जी जी जी बता रहे हैं। बता रहे हैं। एक मिनट 15.1 में दिखाओ मुझे भाई। जी बता रहे हैं। जी जी बता दिया बता। प्रत्येक में तत्वदर्शी संत लिखा है क्या? हां बता रहे हैं। उसमें लिखा हुआ है अर्थ को सुनिए। उसमें लिखा हुआ है आदि पुरुष परमेश्वर मूल वाले और ब्रह्मा रूप मुख शाखा वाले जिस जिस संसार रूप पीपल के वृक्ष को अविनाशी कहते हैं तथा वेद जिसके पत्ते कहे गए हैं। रुक जाओ। एक मिनट रुक जाओ। क्या यह जो पीपल रूपी वृक्ष है संसार रूपी वृक्ष यह अविनाशी है? जी अविनाशी है। अरे जो अर्थ बनाया उसने अविनाशी लिखा है। मैं थोड़ी लिखा हूं। तुम मानते हो कि नहीं ये संसार रूपी वृक्ष अविनाशी है।

00:17:07:13 हमारे गुरु जी ने बताया। संसार रूपी वृक्ष अविनाशी है कि नहीं? भाई जो चीज इसमें लिखा हुआ है उसको हम क्यों नहीं मानते? अरे भाई तुम मानते हो कि नहीं? मैं पूछ रहा हूं जो चीज लिखी है मानते हो? मानते हैं मानते हैं। मानते हो तो इसमें क्या लिखा है? ब्रह्मा रूप शाखा वाला तो जब पेड़ अविनाशी है तो ब्रह्मा रूप शाखा क्या हो गई? अविनाशी हो गई। ब्रह्मा को अविनाशी मानते हो। ठीक है। उसका श्लोक पूरा तो पढ़ने दीजिए। काट क्यों रहे हैं बात? अरे मेरे भाई जहां तक पढ़ लिया उसको तो क्लियर कर ले। ब्रह्मा जी को अविनाशी मानते हो।

00:17:45:13 भाई अगर लिखा होगा तो क्यों नहीं मानेंगे? अगर नहीं लिखा होगा तो कैसे मानेंगे? सामने लिखा मैं पूछ रहा हूं ना ये सामने लिखा है ब्रह्मा रूप मुख्य शाखा वाला ये लिखा है। रुक जाइए देख रहा हूं मैं आदि पुरुष परमेश्वर मूल वाले ब्रह्मा रूप ब्रह्मा रूप मुख शाखा वाले हां जी ये जो ब्रह्मा रूप है ना ब्रह्मा रूप मुख शाखा वाला पेड़ और पेड़ है अविनाशी तो जब उस उस पेड़ में जो मुख्य शाखा है वो है ब्रह्मा। तो जब पेड़ अविनाशी है तो उसकी जो शाखा है वो भी अविनाशी हो गई ना। भाई आगे अगर अविनाशी ब्रह्मा रूप को लिखा होगा तब ना हम उसको कहेंगे। जब लिखा नहीं है तो कैसे करेंगे? अरे ब्रह्मा मैं कह रहा हूं यहां तुम्हें अविनाशी दिख रहा है कि नहीं दिख रहा है? ब्रह्मा रूप मुख शाखा वाला लिखा हुआ है। अब सुनिए यानी कि तुम ये कह रहे हो पेड़ पेड़ जो है अविनाशी नहीं है। वो कट जाती है उसकी डाल। ब्रह्मा जो है वो खत्म हो जाते हैं। भाई सर लिखा होगा तब तो हम कहेंगे ऐसे कैसे कह दे रहा हूं ये ब्रह्मा जब उसकी शाखा है जब ब्रह्मा रूप उसका मुख्य शाखा है और पेड़ जो है वो अविनाशी है तो तुम ब्रह्मा जी को अविनाशी मानोगे कि नहीं मानोगे बताओ भाई ब्रह्मा जी को अविनाशी नहीं लिखा हुआ है हम इसको कैसे कहते हैं हम झूठ कैसे बोल

00:19:00:14 क्या लिखा है ब्रह्मा रूप मुख्य शाखा वाले जिस संसार रूपी पीपल वृक्ष को अविनाशी कहते हैं अविनाशी पीपल का वृक्ष है सुनो पीपल का वृक्ष अविनाशी शी है कि नहीं है यह बताओ पहले जी उस उस पीपल वृक्ष को अविनाशी बोला है और फिर बोला है यानी कि उसका क्षय नहीं हो सकता उसको कांटा मारा नहीं जा सकता और ब्रह्मा क्या उस वृक्ष की ब्रह्मा क्या है रुकिए रुकिए एक मिनट रुक जाइए यहां पर हमारे गुरु जी ने अर्थ को बताए हैं जो अधम शाखा जो उर्धव मूलम को लिखा आदि पुरुष परमेश्वर वाले इसके बाद आया है जो ब्रह्मा रूप मुख शाखा वाला है इसको इसको जो इसका जो संस्कृत लिखा हुआ है अध शाखम लिखा हुआ है ना भाई साहब मैं आपसे पूछ रहा हूं अभी आप अर्थ पढ़ रहे थे आपने बोला ब्रह्मा रूप मुख्य शाखा वाले ये अर्थ गलत है क्या भाइयों यहां पर जो हमारे गुरु जी जिस आधार के अर्थ को बताए हैं यहां पर गलत है ये अर्थ यहां पे यही पे अर्थ जो है गलत है आपके जो आपके जो है क्या कहते हैं उनको तिरछादर्शी तत्वदर्शी वो सही अर्थ आपको बता बता रहे हैं। है ना? जी उन्होंने हम उसको हम सिद्ध कर रहे हैं। आपको दिखा रहे हैं। आप थोड़ा शांत

00:20:15:18 हो जाइए। हां। इस अध शाखम का इसमें दिए हैं। उन्होंने दूसरे श्लोक में दूसरे श्लोक में दूसरे श्लोक में देखिए। दूसरा श्लोक में अध लिखा हुआ है एक जगह। तो अध माने नीचे लिखा हुआ है उसका अर्थ। हम तो अध माने नीचे अध माने नीचे लिखा हुआ है तो इस पहला का पहले वाले श्लोक का जो अध शाखम लिखा हुआ है तो इसका होगा अध शाखम का मतलब होगा नीचे की ओर शाखा वाले अब आप ये बताइए कि यहां पे आप ब्रह्मा जी को मानते हैं कि नहीं मानते हैं कि यहां ब्रह्मा जी है ब्रह्मा लिखा हुआ है नहीं लिखा है ब्रह्मा ब्रह्मा लिखा हुआ इसको हम मानते हैं लेकिन जो हमारे गुरु जी ने बताया हम उसको बताया आपको कि मतलब तुम्हारे गुरु जी को क्यों माने ने चलो ठीक है। तत्वदर्शी बताओ इसमें इस श्लोक में तत्वदर्शी बताओ। चलो तत्वदर्शी बताओ चलो। जी जी बता रहे हैं। आदि पुरुष परमेश्वर रूप मूल वाले ब्रह्मा रूप मुख शाखा वाले संसार रूपी पीपल के वृक्ष को अविनाशी कहते हैं तथा वेद जिसके पत्ते कहे गए हैं। उस संसार रूप वृक्ष को जो पुरुष मूल सहित तत्व से जानता है। तत्व से जो तत्व से जानता है, वह वेद के तात्पर्य को जानने वाला है।

00:21:31:22 अब अब यहां पर तत्व से जानने के लिए बोला गया है तत्वदर्शी कहां है? तो भाई तत्वदर्शी यहां पर नहीं जानता। अच्छा एक बात बताओ वेदों को जानने वाला तत्वदर्शी होता है क्या आपके अनुसार? भाई मुझे वेदों में मुझे बात करनी। वेदों को जानने वाला तत्वदर्शी होता है क्या आपके अनुसार? जी जी। इसमें लिखा हुआ है कि वेद उसके सुनो यहां पे पेड़ को तत्व से जानने वाले को वेदों को जानने वाला कहा गया है। जो पेड़ को तत्व से जानता है। पेड़ को तत्व से जानने वाले को वेदों को जानने वाला कहा गया है। तो क्या आप वेदों को जानने वाले को तत्वदर्शी मानते हैं? बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल। जो वेदों को जानेगा वो तत्वदर्शी होगा। जी ठीक है। अच्छा क्या वेदों में पूर्ण ब्रह्म परमात्मा का पूर्ण ज्ञान दिया गया है। जी परमात्मा के बारे में होने लगा। मैं पूछ रहा हूं क्या वेदों में आपके अनुसार परमात्मा का पूर्ण ज्ञान दिया गया है या किसी और वेद की जरूरत है? किसी और वेद की जरूरत है। उसमें पूर्ण ज्ञान नहीं है। इसमें हां तो इसका मतलब वेदों को

00:22:46:24 जानने वाला तत्वदर्शी सिद्ध नहीं हुआ। और इसमें इसमें भी सुन लीजिए। गीता में भी मैं पूछ रहा हूं पहले। पहले इस बात का उत्तर दो। वेदों को जानने वाला तत्वदर्शी सिद्ध हुआ क्या? तुम ही कह रहे हो इसमें पूर्ण ज्ञान नहीं है वेदों में। भाई जो तत्वदर्शी है वही तो उसको क्लियर करेगा कि कौन सही है, कौन गलत है, कहां तक? को जानने वाला तत्वदर्शी सिद्ध हो रहा है क्या? क्योंकि वेदों में तो पूर्ण ज्ञान है ही नहीं। तो भाई उस तत्वदर्शी है। इसीलिए तो उसको सही का चिन्ह मार रहा है। क्रॉस का चिन्ह मार रहा है कि नहीं कहां तक ज्ञान है? कहां तक नहीं? पहले तत्वदर्शी तो सिद्ध होगा तब तो वो चिन्ह मारेगा ना। पहले तुम तत्वदर्शी सिद्ध करोगे पहले चिन्ह चिन्ह मरवाओगे भाई वो तत्वदर्शी को जानने वाला वो दिखा दो दुर्गा देवी दुर्गा से

00:23:34:26 ये भी तो हम अभी तो गीता ही दिखा रहे है गीता तो क्लियर कर लीजिए इसके बाद आगे दिखाएंगे आपको अरे भाई हम आपको वेदों को जानने वाला कौन है ये दिखा रहे है वेदों को जानने वाला कौन है ये दिखा रहे है चलो चलो गीता को ही क्लियर कर ले चलो अभी गीता को ही क्लियर कर ले चलो 153 निकालो निकालो 15.3 निकालो। जी निकल गया। निकल गया। पढ़ो। जी पढ़ो। इस संसार वृक्ष इस संसार का वृक्ष का स्वरूप जैसा कहा गया है वैसा यहां विचार काल में नहीं पाया जाता है। हां। पाया जाता है क्योंकि क्योंकि ना तो इसका आदि है और ना अंत है तथा ना इसकी अच्छी प्रकार से स्थिति है। इसलिए इस इस अहंता ममता अवर वासना रूप अति दृढ़ मूल वाले संसार रूप पीपल के वृक्ष को दृढ़ वैराग से शस्त्र द्वारा काटकर काटकर उसके पश्चात वैराग्य संसार रूपी वृक्ष को काटने के लिए क्या चाहिए? तत्व ज्ञान चाहिए। नहीं वैराग्य भी चाहिए। 15.3 वैराग्य भी चाहिए। जी हां वैराग्य है सन्यासी है

00:24:50:00 आपके तत्वदर्शी है एक मिनट इसमें ये बोला गया कि इस तीसरा श्लोक में कि जिस प्रकार से इसमें बताया गया है कि ऊपर का जोड़ नीचे की शाखा वाला तो ऐसा यहां विचार का भाई सुनो जो तत्वदर्शी है वो जो पेड़ को है वो काटने वाला होगा ना काटने में सामर्थ्यवान हां जी वही बता सकता है कि यह संसार कैसा बना हुआ है तो ठीक है वो बता सकता है वो बता सकता अभी मैं कह रहा हूं उसके पास यहां पे बोला जा रहा है दृढ़ वैराग रूप का शस्त्र होना चाहिए है क्या जी जी जी उसी के पास है दूसरे के पास नहीं है वैराग है आप जिसको तत्वदर्शी बोल रहे हो वो वैरागी है उसके पास सब कुछ है का चीज नहीं है सर कैसे पूछ रहा हूं जो तत्वदर्शी जिसको बोल रहे हो वो गृहस्थ है या सन्यासी है वो तो गृहस्थ है तो फिर हो गया तो अब ये रुको अब हम आपको सबूत दे रहे हैं। वेदों को जानने वाला कौन है? यहां पे तत्वदर्शी आपने माना ना वेदों को जानने वाला जी। हां भैया इनको देवी भागवत दिखाओ। भागवत गीता रुक जा अरे देवी भागवत एक मिनट देवी भागवत को नहीं मानते? क्यों नहीं मानते? मानते हैं? तो फिर देवी भागवत से हम आप मुझे वेदों को

00:26:05:03 जानने वाला संत रामपाल है। ये दिखा दो। दिखा दो। दिखाओ? वेदों को जानने वाला संत रामपाल लिखा दिखा दो वहां पर किसी का नाम नहीं लिखा गया है वेदों में कि मतलब भागवत में उसकी पूर्ण पहचान बता रहे हैं वेदों को जानने वाला कौन है देखो देवी भागवत निकालो मैं बता रहा हूं आपको निकालिए यह है देवी भागवत श्री देवी भागवत है गीता प्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित है ठीक है इसके अंदर हम चलते पेज नंबर देख लीजिए एक बार छठा स्कंध है और 424 नंबर है और ये 425 नंबर में क्या कह रहे हैं देखिए ध्यान से ठीक है जी अब पूरा ही पढ़ लेते हैं सुनो इस विषय में तुम्हें एक दृष्टांत दे रहा हूं साधु पुरुषों के चित्त भी युग के प्रभाव से प्रभावित होकर भ्रम में पड़ जाते हैं। राजेंद्र जैसे तुम्हारे पिताजी थे यद्यपि धर्म में उनकी निष्ठा थी। ठीक है और इसी प्रकार नीचे आते आते और बताते हैं कि यहां से यह सब युग का प्रभाव है। राजन निश्चय है कि सतयुग में ब्राह्मण वेद के पूर्ण विद्वान थे। उनके द्वारा निरंतर भगवती जगदंबा की आराधना होती थी। हां भैया

00:27:20:07 बस बस बस बस बस बस बस बस बस बस और वेद का पूर्ण विद्वान कौन है? एक मिनट सर और बताइए ऐसा थोड़ी अधुरा से काट देंगे। एक मिनट, एक मिनट, वेद का, एक मिनट, एक मिनट, एक मिनट। वेद का पूर्ण विद्वान है जो मां जगदंबा की नित्य आराधना करता है। पूरा क्यों नहीं दिखाते? काटते। दोबारा दिखा दो भैया। दोबारा दिखा दो इनको। नीचे का बीच में जैसे रामपाल जी पूरा थे। पूरा पेज पढ़ाते थे। वैसे [गला साफ़ करने की आवाज़] कैसे पढ़ना है भाई जब और नेचर नहीं देखेंगे तो कैसे होगा और उसमें नहीं तो बाबा आपके बाबा जी ने तो बस इतना सा कह दिया था कि भाई सतयुग के ब्राह्मण कलयुग में राक्षस है या पता नहीं क्या तो आपने कहा उनको कि पूरा पेज पढ़ाइए मेरे को कहा था इतनी बार आपने ज्यादा सेने नहीं कहेंगे उनको नहीं कहेंगे वो जो करें वो पहले ही बिना शास्त्रों के ही वो तत्वदर्शी हो जाते हैं। आप आप क्या ज्यादा साने हो भाई मेरे को बता दीजिए हम आपको मूर्ख लग रहे हैं कोई आप अपने आप को ज्यादा साना समझते हो या हमें हमें बचकाना समझ रहे हो आप

00:28:35:20 हम किसी को मूर्ख नहीं कर सकते ना तो आप अरे भैया आपने माना आपने माना वेदों को जानने वाला तत्वदर्शी है यहां हमने लिखा दिखा दिया वेदों का पूर्ण विद्वान वो है जो मां जगदंबा की नित्य आराधना करता है मानोगे कि नहीं तो ये बताइए कि क्या हम नित्य आराधना नहीं करते हैं क्या? मैं अभी ये पूछ रहा हूं कि जो मां जगदंबा को परम ब्रह्म मानता है। दोबारा दिखाओ। परम ब्रह्म के रूप में गायत्री मंत्र का जाप करता है। ये भी दिखा दो। गायत्री मंत्र का जाप करता है। ये भी दिखा दो भैया। ये देखिए जरा ये क्या लिखा हुआ है? एक मिनट दादा। बोलिए। ये देखिएगा जरा। ये पढ़ के सबको सुनाइए क्या है? ये कौन सा श्रीमद् भागवत गीता है? जी अरे भागवत गीता नहीं है यार देवी भागवत पुराण है क्या बच्चों वाली बात सुन रहे हो ये क्या है गायत्री के ध्यान प्राणायाम एक मिनट मैं पढ़ रहा हूं सतयुग में ब्राह्मण वेद के पूर्ण विद्वान थे उनके द्वारा निरंतर भगवती जगदंबा की आराधना होती थी भगवती का दर्शन करने के लिए उनका मन सदा लालायित रहता था गायत्री के ध्यान प्राणायाम और जप में अपना सारा समय व्यतीत करते

00:29:50:21 थे हो गया जी गायत्री का जप एक मिनट गायत्री का जप मां भगवती की निरंतर आराधना निरंतर ये है वेद वेदों को पूर्ण विद्वान अब आप मुझे दिखा दो वेदों का पूर्ण विद्वान आपका रामपाल कहां है या फिर वेदों का पूर्ण विद्वान एक मिनट वेदों का पूर्ण विद्वान कबीर को भगवान कहने वाला कहां लिखा है बताओ अब अब ठहर लीजिए आप ठहर लीजिए थोड़ी सी मेरी बात को सुनिए उसमें आपने जो दिखाया कि सतयुग में ब्राह्मण पूर्व विद्वान मानते थे जो देवी का पूजा करते थे। लेकिन आपने [गला साफ़ करने की आवाज़] यह नहीं दिखाया कि देवी की पूजा करने से क्या मोक्ष होता है क्या उसको आप दिखाइए। अभी बात ये चल रही है तत्वदर्शी कौन है? अभी बात ये चल रही है तत्वदर्शी कौन है? विषय को मत बदलो। अभी बात चल रही है तत्वदर्शी कौन है? तुमने माना वेदों को पूर्ण रूप से जानने वाला तत्वदर्शी है। हमने आपको दिखाया वेदों को पूर्ण रूप से जानने वाला मां भगवती की उपासना कर रहा है। गायत्री मंत्र का जाप कर रहा है। ये दोनों चीजें आपका जो तिरछादर्शी है जेलधाम में उसके पास नहीं है। अब आप बताइए अपनी बात विषय को मत बदलिए। तत्वदर्शी कहां लिखा है? दो तरीके से बता दीजिए। या तो बता दीजिए तत्वदर्शी रामपाल है। ये लिखा

00:31:05:25 हो। या तो बता दीजिए तत्वदर्शी वो है जो कबीर को भगवान मानता है। कबीर की पूजा करता है और जो ततशत मंत्र देता है वो अच्छा अभी तो हम देखो भाई देखो भाई आप विषयंतर करोगे हम लोग अब हो गए वो अभ्यस्त अब हम अभ्यस्त हो चुके हैं। ठीक है। विषयंतर मत करना। मैं सिर्फ पूछ रहा हूं तत्वदर्शी रामपाल कैसे है? वो बताओ कहां लिखा है? हेलो हेलो गए टू स्टॉप द ट्रेन। पुल द चैन स्कंध खोल दीजिए। पहला ही अध्याय है। नाइन स्कंध खोलिए। पहला ही अध्याय है। कुछ नवा स्कंध है सिक्स। आ गए आ गए वापस आ गए।

00:31:55:25 मोक्ष भी देख लो देवी की पूजा से मोक्ष देख लो भैया जी मैं दो मिनट अरे दो मिनट रुक जाइए ना दो मिनट रुक जाइए सब कुछ कहेंगे आप ही कहेंगे पढ़ लीजिए ना पहले उसके बाद आप नहीं कह रहे सब कुछ आपके प्रश्नों का जवाब दिया जा रहा है धैर्य पूर्वक पूर्वक आप देखिए कीजिएगा स्क्रीन को ऊपर नीचे मत कीजिएगा बस यही रुकिए कहीं मत कीजिएगा अब स्क्रीन को अच्छा ये जो बाबा जी है हमारे पास रामपाल जी के आए। इनका कहना है कि जो देवी दुर्गा है वो काल ब्रह्म की पत्नी है। ठीक है? चलिए आज इनके दोनों क्लेम को उड़ा देता हूं। ये प्रश्न को थोड़ा नीचे लाइए अंतिम भाग में और इनसे पढ़ाइए ये जरा सारा ये बस बस यहीं पे ये जहां अंडरलाइन हुआ है। ये पढ़ना जरा एक बार। जो गणेश की माता भगवती दुर्गा है उन्हें शिव स्वरूपा कहा जाता है। यह भगवान शंकर की प्रयसी भार्या है। नारायणी विष्णु माया और पूर्ण ब्रह्म स्वरूपणी नाम से प्रसिद्ध ब्रह्मादि देवता मुनिगण तथा मनु प्रभूति प्रवर्ती सभी इनकी पूजा करते हैं। वे सब की व्यवस्था

00:33:10:26 करती हैं। उनका चरित्र परम पावन है। यश मंगल सुख मोक्ष और हर्ष प्रदान करना लो भाई मोक्ष मिल गया [हंसी] हेलो उनका स्वाभाविक गुण है स्वाभाविक गुण है मोक्ष देना हेलो कहां गए मोक्ष मिल गया मैं कहीं मैं कहीं दूर नहीं जाऊंगा आपके पास मेरा भाई सुनेंगे कुछ नहीं खाली अपना अपना सुनाते रहेंगे मैं आपको सुन रहा हूं इनकी स्क्रीन बड़ी कर दीजिए इनकी स्क्रीन बड़ी कर दीजिए वापस ले आइए नॉर्मल कर दीजिए मैं आपको सुन रहा हूं बाबू राम जी अब दो बातें हो गई। पहली तत्वदर्शी आपने माना वो है जो वेदों को पूर्ण रूप से जानता है। हमने बताया वेदों को पूर्ण रूप से वो है जानने वाला जो मां दुर्गा की निरंतर आराधना करे। गायत्री मंत्र का जाप करे और वैराग्य भी हो। ठीक है। अब दूसरी बात ये आपने कहा कि मोक्ष हमने मोक्ष भी दिखा दिया और गायत्री के जब से मोक्ष भी हम दिखा सकते हैं आपको अगर आप कहेंगे तो। सुना जी से मोक्ष भी अब मैं प्रश्न मैं प्रश्न कर दूं फिर आप करिए। अब बात यह है कि हमने अपने पक्ष के संबंध में सुनिए हमने अपने पक्ष के संबंध में आपको प्रमाण दे दिया। अब आप रामपाल के पक्ष में प्रमाण दीजिए कि तत्वदर्शी रामपाल कैसे है? बताओ।

00:34:26:26 मैं पहले पहला बात मैं ये कहूंगा कि मैं अभी मैं जो कटा था मेरा ये लाइव तो मैंने जब ऐड ऐड हो रहा था तो मैं ऐड क्यों नहीं हो पा रहा? भाई इसमें कारण क्या है? क्या मैं बता रहा हूं? क्या बोल रहे हैं ये? ये मुझे कुछ सुनाई दे रहा है क्या? नहीं नहीं देखिए बाबू रामदास जी आपकी बात राम जी एक मिनट एक मिनट क्या कह रहे हैं इनकी बात समझ गए? देखिए अभी मेरा कटा था तो मैं ये हो रहा था दोबारा। तो मैं ऐड क्यों नहीं हो पा रहा था? भाई इसमें कारण क्या है? अरे 25 बार हो पा रहे थे ऐड नहीं हो पा रहे थे ये वापस बस ऐड नहीं हो पा रहा था अभी थोड़ी देर पहले एक मिनट मैं इनको इनहीं की भाषा में जवाब दूंगा आप लोग रहने दिया करो मैं दूंगा इनको जवाब इनहीं की भाषा में अभी थोड़ी देर पहले आप कह रहे थे कि मेरा बैक कैमरा ऑन हो रहा है तो मैं कट जा रहा हूं उसका क्या कारण था उसका तो मान लीजिए मेरे से कैमरा ऑन बैक मतलब तुम्हारे पे जब बात आए तो मान लीजिए और हम पे तुम आरोप लगाओगे

00:35:35:20 हम मान ले तुम्हारी सब बातें मान ले वो तत्वदर्शी है वो भगवान है सब बातें मान ले तुम्हारी हम जी जी जी अच्छा कोई बात नहीं मैं आपसे भी पूछता हूं अभी मेरा मेरा प्रश्न अभी क्लियर नहीं हुआ है आपको बताना पड़ेगा आपने जो अभी सुनो प्रश्न क्या है वो समझ लो आप आपने कहा तत्वदर्शी वो है जो वेदों को पूर्ण रूप से जाने हमने आपको बता दिया वेदों से वेदों को पूर्ण रूप से जानने ने वाला कौन है जो मां भगवती की निरंतर आराधना करे और गायत्री मंत्र का जप करे। अब आप बताओ कि तत्वदर्शी रामपाल कैसे सिद्ध हुआ? बताओ। जी मेरा भी कुछ सवाल रहेगा। खाली आप ही सवाल करेंगे। एक सवाल आप रामपाल को तत्वदर्शी सिद्ध करो ना। तुम विषय बदलते हो भाई। अभी बात चल रही थी तत्वदर्शी की। तुमने फिर कहा कि मोक्ष कहां है? जब मोक्ष दिखा दिया तो अब तुम और सवाल करोगे। अब पहले अपने रामपाल के बारे में तत्वदर्शी पना उसका सिद्ध करो। मैं ये कह रहा हूं तिरछा नहीं है। वो तत्वदर्शी है। सिद्ध करो। ठीक है। ठीक है। मैं ये कह रहा हूं कि एक सवाल आप करेंगे। एक सवाल हम करेंगे। ऐसा नहीं है कि सिर्फ आप ही आप सवाल करेंगे। अभी

00:36:51:22 आप जो तत्वदर्शी की बात चल रही है उसका उत्तर दीजिए। फिर आप प्रश्न करिएगा। जी आपने जो आप लोगों के अनुसार जो जो भी तत्वदर्शी है बताइए कि गीता अध्याय 15 श्लोक नंबर एक से चार तक एक से चार मेरे को डिटेल बताइए कि वो तत्वदर्शी कौन है जो इसको डिटेल बता देगा। वो तत्वदर्शी आप ही ने कहा ना वो है जो वेदों को पूर्ण रूप से जानता हो। अब मुझे आप दिखा दीजिए कि वेदों को पूर्ण रूप से जानने वाला कहीं पर लिखा हो कि वो कबीर को मानने वाला हो। मान लूंगा आपकी बात। मैंने आपको दिखा दिया वेदों को पूर्ण रूप से मानने वाला जानने वाला वो है जो दुर्गा जो दुर्गा की पूजा करता है निरंतर फिर चले गए अब अब फिर आएंगे रोएंगे बोलेंगे जुड़ नहीं रहा हूं मैं हां देख लिया भैया तिरछा दर्शी की पोल

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A: AHVAAN - Call Of Dharma Video 37:59 · 17 Oct 2026

शास्त्रों को खोलकर प्रमाण दिखाए,तो रामपाल का चेला बेसुध होकर भागा!

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