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00:00:02:28 सभी को जय श्री राम और आशा करते हैं आप सभी
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00:00:08:12 कुशल पूर्वक होंगे। आज काफी दिनों बाद मैं लाइव उपस्थित हो पाया हूं। बीच में कुछ धरातलीय चीजें थी जिनके कारण लाइव नहीं आ रहे थे और अभी रिसेंटली जो है दिल्ली का भी ट्रिप देखा होगा आपने हमारा। वहां की काफी चीजें लेकर के आए हैं। वहां पर इस के स्वयं को ब्रह्मचारी बताते हैं। उनके साथ हमारा एक वार्तालाप का वीडियो आपने देखा होगा और वहां पर एक आध्यात्मिक विश्वविद्यालय के नाम से भी एक कुछ चल रहा है। वेदों के नाम पर, गीता के नाम पर वो भी आपने देखा होगा। और सनातन शंकर जी के साथ हमारी एक वार्ता भी आपके आपने देखी होगी। सनातन शंकर जी के चैनल पर है वो। अच्छा इस बीच एक ऑडियो क्लिप भी आपने सुनी होगी जिसमें व्यक्ति पहले कह रहा है कि हमारे
00:01:12:24 वीडियो को आप हटा दीजिए। और जबकि उसी ने हमें आमंत्रित किया था वहां पर इस वार्तालाप के लिए उसको हटाने के लिए बोल रहा था और हमने अपनी सैद्धांतिक विषय रखे कि भाई अगर ऐसी कोई बात है कि कोई आपसे मना कर रहा है कि वो हटा लो तो आपने यदि आपकी दृष्टि में आपने सत्य बोला है तो फिर आप क्यों हटाओगे उसे सत्य की रक्षा करी तो उसने बता दिया कि मैं गीता को क्रॉस कर सकता हूं मैं भगवान श्री कृष्ण के विरुद्ध भी जा सकता हूं पर मैं अपने पिता जो कि सत्य के विरुद्ध हैं उनके विरुद्ध नहीं जा सकता हूं। तो ये कैसी कृष्ण भक्ति है? भगवान ने कहा है जो मेरी श्रुति स्मृति मम मम आज्ञा जो मेरी आज्ञा को फॉलो करता है और फिर भक्ति करता है वो भक्ति भक्ति होती है। उनकी आज्ञा को तिलांजलि देकर के
00:02:10:19 सोच समझकर विरोध करके और अपनी क्या कहते हैं? सुविधा अनुसार भक्ति करना भक्ति नहीं कहलाती है। ये सब शास्त्रों के वचन है। खैर अब उसमें एक नया ट्विस्ट आ गया है। उस व्यक्ति ने लास्ट में ये कहा था ना इस के व्यक्ति ने लास्ट में यह कहा था कि अब मैं आपका दुष्प्रचार करूंगा। और केंद्रीय मंत्रालय से ठीक करूंगा। तो अभी वो क्या कर रहा है? रामपाल के द्वारा जो हमारे विरुद्ध जो षड्यंत्र पूर्वक जो मुकदमे लगाने का प्रयास किया गया है। हालांकि पांच छ सात प्रयास तो विफल हो गए। उसमें निर्दोष घोषित करते हुए थाने स्तर पर और कोर्ट के स्तर पर हमें जो है निर्दोष घोषित किया गया। तो अब जो एक अभी विचाराधीन है उनप भी जो हमारे ऊपर नोटिसेस आ रहे हैं ना तरह तरह के मानहानि का दावा रामपाल की ओर से मुख्यता एक भागवतानंद की ओर से भी आया था। कथा तो रामपाल की ओर से ही आ रहे हैं। तो जो नोटिस आ रहे हैं उनका एक नोटिस वाली सीरीज भी चलाएंगे। एक एक नोटिस का बैठ के अच्छे से तसल्ली से जवाब दिया जाएगा। खैर तो ये रामपाल के द्वारा जो हमारे विरोध में फैलाई जा रही चीजें हैं। जैसे
00:03:26:26 भागवतानंद बाबू जी ने उनका प्रयोग किया था। हमारे विरुद्ध दुष्प्रचार करने के लिए यह भी कर रहा है जो व्यक्ति जिसने मुझे धमकाया था कि अब मैं जो है दुष्प्रचार करूंगा तो मैं बदनाम कर दूंगा क्योंकि तुमने मेरे साथ मेरी इच्छा से जो वीडियो शूट किया था उस वीडियो को हटाने के लिए मैं कह रहा हूं और तुम हटा नहीं रहे हो तो ये सारी चीजें हैं। तो मैंने उसको कहा कि भाई यह जो तुम भेज रहे हो ना रामपाल ने रामपाल के लोगों की ओर से मेरे ऊपर यह कराया जा रहा है वह कराया जा रहा है यह तो तुमने एक जानकारी मुझे भेजी है मैं तुम्हें और सारी जानकारियां भेज देता हूं तुमको अच्छा लगेगा और तुम उनसे मिल जाओ जाकर के भगवान कृष्ण को बोलते हैं ना उल्टा सीधा तो तुम्हारी और भक्ति पता चलेगी उनसे मिल लो जाकर के ये सब मैंने उनको लिखा फिर मैंने लास्ट में लिखा शंकर के सैनिकों से लड़ने के लिए थोड़ा और बल और बुद्धि चाहिए अभी तुमको। अभी तुम थोड़ा पीछे हो जो हरकतें कर रहे हो उससे ऐसा प्रतीत हो रहा है। फिर बोल रहा है मैंने तो अभी लीगल एक्शन लिया नहीं। लीगल एक्शन उसके पास है लेने की या मुझे जो ये कह रहा है मैं तुम्हें बदनाम कर दूंगा। लीगल एक्शन लेने का जो स्पेस बन रहा है वो तो मेरे
00:04:41:27 पास बन रहा है। उसने मुझे धमकी दी है मैं तुम्हें बदनाम कर दूंगा। खैर ये तो रही कुछ जानकारियां। यहां एक जानकारी और जो आपने आध्यात्मिक विश्वविद्यालय वाला जो हमारा वीडियो देखा होगा उस वीडियो में उस व्यक्ति ने यह कहा था जो वहां का प्रतिनिधि था वहां से हमें मिला था उसने हमें यह कहा था कि आपको हम क्लासेस ज्वाइन कराएंगे और वहां की रिकॉर्डिंग भी हम करने देंगे। पर जब हमने संपर्क किया तो उस वहां से मना कर दिया गया है कि आपको हम अभी क्लासेस ज्वाइन नहीं कराएंगे। एक महीने तक तो हमारे पास टाइम ही नहीं है। यह कहा गया। अभी कोई निश्चित डेट नहीं दी गई है। बहुत जल्द हम जो है एक लिखित में वहां लेटर भेज करके उनका लिखित में जवाब मंगवा लेंगे हम अन्यथा जो है आगे चीजें की जाएंगी वो आपके समक्ष प्रस्तुत फिलहाल ये है कि जो उसने कहा था कि आप जो ज्वाइन कर लेना वहां आपको सारे सवालों के जवाब मिल जाएंगे फला फला फला वो वहां से मना हो गया है कहां शंकर के सैनिकों को क्लास ज्वाइन करने देंगे वो भी विद कैमरा विद रिकॉर्डिंग हम्म पूरा तंत्र नष्ट भ्रष्ट नहीं हो जाएगा तो खत्म हो जाएगा। तो यह है। अच्छा एक शुभ सूचना और है कि प्रयागराज में माघ
00:05:56:28 मेले में 15 और 16 को संभवत जो नित्य कर्म प्रशिक्षण शिविर स्थगित हो गया था वो होने जा रहा है प्रयागराज में। उसकी भी डिटेल्स आपको एक दो दिन में हमारे मुख्य चैनल पर और सर्वशक्तिमान पर दोनों पर ही आपको मिल जाएंगी। तो आप उसमें जो है एनरोल करा लें स्वयं को तो यह बात और इसके साथ ही साथ फरवरी में यज्ञ पवीत कार्यक्रम तो है ही है। उसका आयोजन है। तो जो उपनीत होने के इच्छुक हैं वो उपनीत होने के लिए आए और धर्म रक्षक बने और कंठी माला धारण के लिए आए। तो यह कुछ जानकारियां थी आपको देनी थी। अब आज का विषय ले लेते हैं जो हमारे
00:06:49:13 विशेष घुले जी जय श्री राम जी जी जी जय श्री राम शिवश भाई तो थोड़ा सा अपना परिचय बता दीजिए आप जी जी मेरा नाम विशेष है। मेरा आवाज आ रहा है क्लियर? हां बिल्कुल क्लियर आ रहा है। जी जी मेरा नाम विशेष है। मैं पुणे में रहता हूं। तो मैं दो साल से इस से जुड़ा हूं। तो मुझे एज अ फुल टाइम ब्रह्मचारी ज्वाइन करना था। तो दो सालों में मैंने ऐसी-ऐसी चीजें देखी मैं अभी अभी भी मैं जुड़ा हुआ हूं तो मैं डायरेक्टली ऐसा बता नहीं सकता। सो मैं पुणे में एक था बानेर का हरे कृष्णा वो ऋित्विक वाला था। नहीं आप अपने कहां से जुड़े हुए हैं ये बता क्यों नहीं सकते? उसमें क्या समस्या है? अभी में मैं कनेक्टेड हूं ना उस टेंपल से। सो सीनियर डिवोटी है वहां के जो ब्रह्मचारी है सीनियर। सो वो उनका कॉल आ सकता है शायद मेरे को। सो प्राइवेसी मेंटेन करने के लिए तो मैं बता नहीं सकता। यहां का एक पुणे में था बाहर में तो ऋत्विक वाला था। तो ऋत्विक में मैंने बहुत सारा पॉलिटिक्स वगैरह देखा। तो गुरु परंपरा गुरु परंपरा जो है इस का उसको बहुत वो क्रिटिसाइज करते थे कि ये ऐसे है वैसे है।
00:08:04:16 तो एक दूसरे पर ही वो नाम लगाते रहते थे। गुरु परंपरा प्रतिस्थानित है या नहीं है? अभी मैं हूं भी और नहीं भी हूं। मैं ऋत्विक में पहले था वो छोड़ दिया। अभी मैंने गुरु परंपरा ज्वाइन किया तो उसमें भी बहुत कुछ मैंने देखा। सो वो भी मैं छोड़ने के मार्ग पर हूं। अभी तो उसी के बारे में जो डिस्कशन हो रहा है ये वैचारिक मतभेद का डिस्कशन नहीं है। आप इस का पक्ष रखने नहीं आए। जी नहीं करने तो आए हो वो वो बताने वाला हूं मैं अभी। इस का पक्ष रखने आए हैं आप? नहीं नहीं इस के खिलाफ करने आए हैं कि नहीं? जी करने आए। उनके जो डार्क साइड है वो बताने आया हूं मैं। तो समझ तो वही मैं कह रहा हूं ना। आप उनकी डार्क साइड को बताने आए हैं। डिफेंड करने नहीं आया इस को। नहीं नहीं डिफेंड करने नहीं आया हूं उनको। मैं उनको डिफेंड करने आया हूं। तो ठीक है भाई। जनता जनार्दन को पता लग गया होगा कि डिफेंड करने नहीं आए हैं। मतलब टक्कर नहीं देखने को मिलेगी।
00:09:08:02 खैर ये तो थोड़ा सा विनोद हो गया। जी तो डिफेंड आप मतलब एक तरीके से इस की कुछ ऐसी सच्चाइयां बताने आए हैं जिनसे आपको लगता है कि जनसामान्य को अवगत होना चाहिए। जी जी जी बिल्कुल बिल्कुल बताएं। सो मैं पहले ऋित्विक में था तो ऋित्विक में जब था मैं तभी बहुत पॉलिटिक्स चलता था टेंपल में कि इनसे मत रहो यह मत करो मायावादी है लोगों से ज्यादा बाहर मिलो मत वगैरह तो मैंने उनको बोला था कि मुझे फुल टाइम याद जॉइन होना है फ्यूचर में तो वो बोलते थे अच्छा तुम्हारा फिक्स है फुल टाइम फ्यूचर में जॉइन होना है मैंने बोला हां मुझे जॉइ होना है तो वह मेरे को बोले फ्यूचर में अगर तुम्हारा कंफर्म है जॉइन होना है तो तुम मतलब फैमिली में ज्यादा ध्यान मत दो तुम टेंपल में ज्यादा रहा करो तुम यहां पे रहो घर पे क्यों जाते हो यह वगैरह तो मेरे घर के कुछ हालत ठीक नहीं तो वो बोलते थे नहीं वो भगवान मैनेज कर लेंगे तुम घर का मत देखो घर का सब भगवान मैनेज कर लेंगे तुम टेंपल में रहो तो कुछ अच्छी चीजें मुझे नहीं लगी तो वो बोलते थे तुम्हारे पास प्रॉपर्टी कितनी है तो मैंने उनको बता दिया कि मेरे पास इतनाइतना कुछ है तो वो बोले तुम्हारे भाई का हिस्सा अलग कर लो तुम्हारा हिस्सा अलग कर लो फ्यूचर में जब तुम जॉइन होगे या फिर तुम्हारी इच्छा है तो तुम अपनी प्रॉपर्टी बेच के वो पैसे टेंपल में
00:10:23:06 दे सकते हो तो वो इनडायरेक्टली बोल रहे थे कि तुम्हारे के जो प्रॉपर्टी है वो टेंपल में दे दो। ऐसा बोल रहे थे हम जी जी तो वो विधिवत यह कार्य तो सभी इस तरह की संस्थाएं करती हैं। जैसे ब्रह्मा कुमारी हो गई। ब्रह्मा कुमारी से स्फुटिक ये आध्यात्मिक विश्वविद्यालय वगैरह इसन हो गया। इन सब का कार्य यही होता है। रामपाल जी जी जी वो भी इस तरीके से काम करता है। जी जी उनका मोस्टली जो फोकस था वो मेरे प्रॉपर्टी पर ही था कि तुम्हारे पास इतनी जमीन वगैरह है तो वो सब बेच के तुम यहां पे पैसे दे दो। तुम यहां पे रखो। घर क्यों जाते हो? क्या है फैमिली के पास? मैंने बोला कि फैमिली को कैसे अभी डायरेक्टली छोड़ सकते हो? कोई सेटल वगैरह नहीं किया। तो वो बोले भगवान देख लेंगे। पिछले अगर इतना फैमिली से अटैचमेंट है तो पिछले जन्म के फैमिली को क्यों छोड़ा? अभी छोड़ दो। कोई प्रॉब्लम नहीं है। आ जाओ रहने को ऐसा वैसा सब बोल रहे थे। अच्छा जी जी जी तो आपको फिर एक्सजेक्टली ऐसी कौन सी चीजें हुई जब आपको ये लगा कि आपको ऋत्विक से क्विट करना है। अभी तो ऋत्विक की बात चल रही है ना। जी जी ऋत्विक की बात चल रही है। हम ऋत्विक का अभी इतना बड़ा नहीं है। जैसे
00:11:38:09 ये इस जो है और जो हरे कृष्णा मंदिर जो है ये अलग-अलग है। सो ऋत्विक वालों का अभी अलग है और ये जो इस प्रभुपाद ने जो बनाया था वो अलग है। सो ऋत्विक वालों का अभी इतना बड़ा नहीं है। सो अभी फंड्स पैसे के मामले में ज्यादा ध्यान दे रहे। तो उनका ज्यादातर जो टारगेट था मेरे प्रॉपर्टी पर ही था कि पैसे कहां से लाए, कैसे लाए? उनका जो मेन जो फोकस था वो मेरे पैसों पे ही था। तो वह मेरे को एक बात अच्छी नहीं लगी और और वो जब भी मैं जाता था तो मैं अपने प्रॉब्लम्स बताता था कि यह हुआ वो हुआ प्रभु इनमें नहीं आ सका यह प्रॉब्लम था तो वो दाढ़ती थी अरे नहीं नहीं ऐसा कैसे चलेगा तुम तो करते भी नहीं हो अच्छे से साधना तुम ये नहीं होता तुमसे वो नहीं होता सो वो भी एक अच्छी बात नहीं लगी मेरे को और मैं जो कुछ क्वेश्चन पूछता था उनको नहीं नहीं तुम बहुत डीप क्वेश्चन पूछ रहे हो ये अच्छा नहीं रहता तुम वैष्णव अपराध कर रहे हो तुम्हारा साधना में डाउनफॉल हो जाएगा तुम ये अच्छी बात नहीं कर रहे हो ये तुमको अगर क्वेश्चन पूछना तो प्रभुपाद कृष्णा इसके बारे में पूछो। उसके अलावा बाहर का कुछ नहीं पूछना है। हमें बस इतना ही सीखना है। एक्स्ट्रा क्यों नॉलेज नहीं लाइक कृष्णा का ही बहुत है तो वही ले लो। बाहर का सीखने को कोई जरूरत नहीं है। सो वो मेरे को एक अच्छी बात नहीं लगी। और वो मैंने उनको पूछा था कि आप एज ए गुरु जी गुरु कौन था वहां पर आपका? एज ए गुरु शिक्षा
00:12:53:15 गुरु कौन था? क्योंकि दीक्षा गुरु प्रभुपाद को ही बनाते हैं ना? जी जी हां ऋतुका प्रपाद को बना दिक्कत है कि भाई शिक्षा गुरु और दीक्षा गुरु जो है हम उसका वर्णन शास्त्रों में किस प्रकार से दिया गया इस बारे में अभी तक मेरी जानकारी में कुछ नहीं है ये जानने का विषय है क्योंकि गुरु का मतलब होता है अंधकार मिटाने वाला अद्वैतका उपनिषद तो ये उसको और गुरु का जो परम स्तर बताया गया वो वही है जो आपको जो है ब्रह्म का ज्ञान दे तत्व का ज्ञान दे भागवत में भी कहा गया है तो यह लोग शिक्षा गुरु दीक्षा गुरु के नाम पर जो है खिलवाड़ सा कर देते हैं चालू हालांकि ऐसा नहीं है जो गौडिया संप्रदाय के जो पूर्वाचार्य हैं उन्होंने इस विधान का उपयोग करके अच्छी चीजें करने का प्रयास किया मगर ये लोग दुरुपयोग करते हैं। अब जैसे प्रभुपाद के प्रभुपाद जब किसी के गुरु नहीं बन सकते तो तुम ये ऋत्विक खोल के बैठे क्यों
00:13:54:12 प्रभुपाद जी के रिप्रेजेंटेटिव बनके तुम मिल रहे हो फिर भी कह रहे हो कि हम जो है उनके रिप्रेजेंटेटिव नहीं है। इसमें क्या अंतर है ऋतिक में? इस स्वीकार करता है कि हम प्रभुपाद जी के रिप्रेजेंटेटिव है। हम और ऋत्विक कहता है हम रिप्रेजेंटेटिव नहीं। हम तुम्हें सीधे प्रभुपाद से ही मिलवा रहे हैं। मगर प्रभुपाद से कहां मिलवा रहे हो? रिप्रेजेंटेटिव स्वयं बने हुए। बस तुम मुंह से मना कर रहे हो। ऋत्विक की ये प्रॉब्लम है। है ना? जी जी हां बिल्कुल स्वयं उनके प्रभुपाद के रिप्रेजेंटेटिव बनके मिल रहे हो कि प्रभुपाद जी ने ये बताया वो बताया तुम फिर तुम कौन होते हो प्रभुपाद जी का बताने वाले तो वहां तुम्हें कहने को पड़ेगा हम उनके प्रामाणिक शिष्य हैं ये कहना पड़ेगा तो तुम बन गए उनके रिप्रेजेंटेटिव अब जब तुम रिप्रेजेंटेटिव बन गए तो तुमने कहा नहीं रिप्रेजेंटेटिव हम नहीं है आपको डायरेक्ट प्रभुपाद से ही बात हो रही तो यहां इनके तर्क खत्म हो जाता है और कौन इस मामले में सही है क्योंकि वो ये नहीं कहता कि हम उनके प्रभुपाद जी के रिप्रेजेंटेटिव है। वो ये कहता है कि भैया नहीं वो ये नहीं कहता हम प्रपाद जी के रिप्रेजेंटेटिव नहीं है। वो ये कहता है हम रिप्रेजेंटेटिव है। प्रभुपाद जी के रिप्रेजेंटेटिव हम है। अब वो बात अलग है कि ये जीबीसी की व्यवस्था ये सब शास्त्रानुकूल
00:15:10:07 है कि नहीं? एक गृहस्थ के ऊपर एक सन्यासी के ऊपर एक गृहस्थ कैसे कंट्रोल कर रहा है? इस का सिस्टम क्या है? इस को में जो गुरु बन है जो भी है उसको कंट्रोल कौन कर रहा है जीबीसी जीबीसी और जीबीसी में गृहस्थ भी है ब्रह्मचारी भी या सन्यासी और इधर सन्यासी है सन्यासी की पोस्ट जिसने धारण कर रखी है उसको गृहस्थ जिस टीम में है वो टीम कैसे कर सकती है या तो उसमें गृहस्थ ना हो केवल सन्यासी हो हम और अंतिम निर्णायक स्कॉन का कौन है कोई नहीं वोटिंग प्रक्रिया है जी वोटिंग प्रक्रिया हो गई ना कोई जी भगवान का कोई आचार्य नहीं है ना आचार्य पद पर बैठा हुआ जी फलाने आचार्य इस समय है जी जी हां हां हां तो जब वोटिंग प्रक्रिया हो गई तो ये कहां से सनातन संविधान से मैच करती है सभी विषयों में गुरु शिष्य परंपरा में जो गुरु की गद्दी होती है उस पर अगला शिष्य बैठ जाता है फिर वो निर्णय करता है क्या होगा क्या नहीं होगा खैर फिर आप बताइए एक्सजेक्टली कौन सी चीजें हुई जब आपने अह यह निर्णय लिया बिलकुल कोई एक उदाहरण बताइए जो जैसे जो आपने बताया ना कि अभी मैं जब डीप सवाल
00:16:25:10 पूछता था तो मना कर देते थे। जी जी जी हां हां हां हां तो मैंने उनको एक बार पूछा था कि आप लोग ज्यादा कृष्णा कृष्णा करते हो तो एक शिव रात्रि थी तो उनका लेक्चर रहता था वहां पे तो वहां पे भी वो महादेव को बोलते थे कि ये बहुत बड़े वैष्णव है ये कृष्णा के सबसे बड़े भक्त है ये बहुत बड़े भक्त है तो वो मुझे एक पॉइंट अच्छी नहीं लगी कि ये महादेव को भी कृष्णा का भक्त ही बना रहे महादेव को मतलब थोड़ा सा कम दिखा दे कृष्णा से थोड़ा तो वो मेरे को पॉइंट अच्छी नहीं लगी और बाकी देवताओं के मामले में भी वो बोलते हैं नहीं कृष्णा ही सुप्रीम है। बाकी के उनके सर्वेंट है। उनकी पूजा करके कुछ फायदा नहीं। अगर करनी है तो कृष्णा की ही करो। उनका कुछ बाकियों का मतलब मटेरियलिस्टिक चीजें अगर चाहिए तुमको तो उसके लिए पूजा करते हैं। अगर तुमको मोक्ष चाहिए, भगवत प्राप्ति चाहिए तो तुम कृष्णा की भक्ति करो। तो बाकी लोग का मतलब इतना यह मत करो। बोलते थे। वो एक मुझे अच्छी बात नहीं लगी कि वह डिसरिस्पेक्ट करते हैं। मतलब बाकी देवताओं का भी। अच्छा एक बात बताइए अभी मैं स्पॉन मंदिर में गया था दिल्ली के ईस्ट ऑफ कैलाश शायद नाम है उसका तो वहां पर मुझे उसने कहा कि पांच मतलब ईश्वर के कई रूप है उनमें से एक कृष्ण को हम वो करते हैं
00:17:40:14 ना मतलब आप चाहो तो शिव की भक्ति कर सकते हो आप चाहो तो कृष्ण की भक्ति कर सकते हो और आप चाहो तो मतलब जो शास्त्रों द्वारा वर्णित जितने भी रूप है जो अलग-अलग पुराणों में जो रूप दिए गए भगवान के उन सब की भक्ति आप करके मोक्ष को प्राप्त कर सकते हो। यह बताया इस के एक स्वयं को तथा मतलब स्वयं को घोषित घोषित ब्रह्मचारी ने हमारे अनुसार तो उनके आचरण ही ब्रह्म के लिए नहीं है। अवैदिक है वर्णाश्रम विरोधी है। फिर वो उसमें भी ब्रह्मचारी में भी फिर एक अंकुश लग जाता है कि उनका ब्रह्मचर्य सिद्ध हो रहा है कि नहीं हो रहा है। और बाद में आपने एक रिकॉर्डिंग सुनी होगी। उसमें भी व्यक्ति कैसे आसानी से शास्त्रों के विरुद्ध जाने की बात को स्वीकार कर रहा है। दुनिया को गीता पढ़ाने जाता है। वो वो भी ब्रह्मचारी था। जो रिकॉर्डिंग में था जिस व्यक्ति की हमने आवाज सुनी है वो भी ब्रह्मचारी था। तो वो गीता पढ़ाता है लोगों को बैठ के मंच पर मंचन करता है और सिद्धांत बताता है। क्या गीता में पूरी गीता में यही तो सिखाया गया जब अर्जुन के हाथ कांप रहे थे अपने सगे संबंधियों को सामने देख के। अर्जुन के हाथ कांप रहे थे। तब भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को गीता ज्ञान दिया था।
00:18:56:14 जिससे उसके सगे संबंधियों के विरुद्ध खड़े होने के के समय हाथ ना कांपे। और ये व्यक्ति क्या कह रहा है? सबको गीता पढ़ा रहा है। मगर ये कह रहा है मैं उसको नहीं मान सकता। मेरे तो हाथ कांपेंगे। मैं नहीं मान। वो भी बहुत छोटी सी बात में है। ये नहीं क्या है? वध करना है। जो सामने खड़ा है हमारा स संबंधी उसका वध नहीं करना है। उसकी एक आज्ञा का निषेध करना है। जहां पर वो सत्य बोलने के विरुद्ध जा रहा है। तो ये तो इनका ब्रह्मचर्य है। हम जी तो इसलिए मैं नहीं कहता। तो उसने कहा था कि भाई जो इनका इस का सिद्धांत है वो यही है कि आप जो है किसी की भी भक्ति कर सकते हैं। मतलब ये सबको इक्वल मानते हैं। राम कृष्ण शिव इन सबको ही इक्वल मानते हैं। हालांकि कुंभ के मेले में भी एक व्यक्ति मिला था जो बोला था राम कृष्ण नहीं वो तो बोला कि राम नरसिंह वराह ये सब जो है भगवान श्री कृष्ण से कम पावरफुल है। वो बोला जी और वो भी पता नहीं कितने 35 साल से भक्त था इस का वो ये बोला मगर ये जो व्यक्ति है इस का सो कॉल्ड ब्रह्मचारी ईस्ट ऑफ कैलाश का ये बोला कि भाई जो है
00:20:10:28 जो है ये सब इक्वल है रामकृष्ण वराही नहीं शिवजी भी इक्वल है तो अब इनका कहना ये है कि ये जो है हम लोग अपनी परंपरा के अनुसार बोलते हैं मगर मानते हैं यह सब इक्वल है। अब जाहिर सी बात है यदि वह इस बात को इस की बात बता रहा है, प्रभुपाद की बात बता रहा है तो केवल यह बात केवल उसको नहीं बताई जाएगी बल्कि इस से जुड़ने वाले सभी व्यक्तियों को बताई जाएगी। जी जी जी बिल्कुल तो क्या आपको कभी यह बात बताई गई कि कृष्ण और शिव बराबर हैं? नहीं नहीं नहीं बिल्कुल नहीं कभी भी नहीं।
00:20:47:15 मेरे को बाहर के बुक्स पढ़ने को भी अलाउड नहीं था। वो बोलते थे प्रभुपाद की जो बुक्स है वही पढ़ा करो बाकी के एक्स्ट्रा जो बुक्स है वो मत पढ़ा करो उसमें कुछ है नहीं मतलब हमको सब प्रभुपाद ने दिया है सो वही प्रेफर करना है एक्स्ट्रा कुछ बाकी का पढ़ना वगैरह नहीं सो अलाउड भी नहीं करते थे सुनने को भी नहीं देते थे रोकी जी पंडित जी वेलकम बैक जय श्री राम आपको बड़ा मिस किया हां आपको बड़ा मिस करते हैं यहां पर सभी लोग हम तरह-तरह की आप तो यूं ही अपनी जरा जरा सी अपीरेंस से इतने छाए हुए हो। हां [हंसी] कृपा है महादेव की।
00:21:31:08 तो फिर जब मतलब यही एक नहीं अभी ऐसा नहीं आया ना। आपने कहा कि मैं जब डीप क्वेश्चन करता था तो वो कहते थे कि सवाल मत करो तुम्हारी भक्ति खराब हो जाएगी। वो डीप क्वेश्चन का एक आप कोई उदाहरण दे दीजिए। सो मैंने पूछा था कि जब टेंपल में जब आते हैं तो सिर्फ कृष्ण और राधा की मूर्ति ही रहती है। सो बाकी मंदिर में कैसे रहते हैं? बाजू में गणेश जी रहते हैं, हनुमान जी रहते हैं। तो यहां पे टेंपल में बस कृष्णा ही है। कभी-कभी चैतन्य महाप्रभु ही रहते हैं। तो बाकी के देवता क्यों नहीं रहते? तो बोलते हैं नहीं यह सुप्रीम है। ज्यादा इसमें डीप में जाने का नहीं है। तुमको तुम अभी बिगिनर हो। तुम्हें इस चीज में ध्यान नहीं देना है। अभी सो अभी तुम अभी बिगिनर हो। अगर तुम ज्यादा इसमें डीप क्वेश्चन करोगे तो शायद तुम कंफ्यूज हो जाओगे। तुम पाथ से भटक सकते हो। तो अभी ये सब मत पूछो। तुम जब आगे जाओगे थोड़ा एक्सपीरियंस लोगे तभी तुमको समझ में आएगा। अभी ये सब पूछने की जरूरत नहीं है वगैरह। सो ऐसा बोलते थे। तो आपने ये सब सवाल नहीं किया कि ये कहां लिखा है? कौन सी स्टेज में क्या प्रश्न करना चाहिए? हां। नहीं तभी नहीं किया था। तभी किया नहीं था ऐसा सवाल उनको। अच्छा आपने वहां पर दीक्षा ले ली थी या नहीं? नहीं नहीं नहीं नहीं दीक्षा अभी तक कहीं से नहीं ली है। नहीं
00:22:46:14 कहीं से नहीं ली। तो फिर वो एक्सपीरियंस थोड़ा सा शेयर करेंगे कि एग्जजेक्टली क्या हुआ था उस दिन जब आपने विरुद्ध जाने का ठान लिया था। उस दिन प्रैक्टिकली आपने क्या-क्या किया था? सो वो टेंपल में एक बार मैं गया था तो वहां पे सेलिब्रेशन चल रहा था। था तो वहां पे मैंने एक सीनियर ब्रह्मचारी को पूछा कि ये किस चीज का सेलिब्रेशन हो रहा है? तो वो बोले कि हम केस जीत गए। मैंने पूछा कौन सी केस क्या केस थी? वो तो वो बोले मुंबई और बोर का जो केस चालू था ना ऋत्विक और नॉन ऋत्विक के बीच में तो उन्होंने बताया था कि जी जी इस जी हां तो बोले कि ऋत्विक जीत गए है। इस हार गए है वगैरह वगैरह। तो मैंने बोला इनमें क्या डिफरेंस है? तो उन्होंने बताया था कि इस में ऐसेसे गुरुज है। वो फेक गुरुज है। अच्छे नहीं है वगैरह। सो ऋत्विक में ऐसा-ऐसा रहता है। तो मैंने एक इस के भी एक सीनियर ब्रह्मचारी थे। उनको पूछा था कि ऐसा है ऋत्विक में मैं जुड़ा हूं तो ऐसा चलता है। तो बोले हम फोटो से दीक्षा ले नहीं सकते। ऐसा कहीं पे भी शास्त्र में लिखा नहीं कि हम फोटो से डायरेक्टली माला टच करके दीक्षा ले ली। सो मेरे को ऋत्विक अच्छा नहीं लगा और मोस्टली जो उनका जो टारगेट था वो मेरे प्रॉपर्टी पर ही था जो कि मेरे को बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा। सो इसी कारण से मैंने ऋत्विक छोड़ दिया और यहां पे इस से जॉइन हुआ। तो इस में ज्वाइन होने के बाद भी मैंने बहुत सारी चीजें देखी कि यहां के जो
00:24:01:27 के थोड़ा सा स्लो चलिए थोड़ा सा स्लो चलिए हमारे पास समय है तो जी आपने वो क्या किया था कि आपने आप जिससे आपको लगा कि अब मैं इससे हट गया जैसे होता है ना ग्रुप से निकल जाना या फिर किसी को ब्लॉक कर देना वो क्या था वो दिल पे पत्थर रख के मैंने कर लिया मेकअप वो क्या हुआ जी मैंने टेंपल जाना ही बंद कर दिया था उसके बाद जब मेरे को पता चला कि शास्त्रों में टेंपल जाना आपने बंद कर दिया। मगर कोई एक दिन ऐसा हुआ होगा ना कि आपको वहां के किसी व्यक्ति का फोन आया हो। आपने उसको इग्नोर किया हो या फिर आपने उसको ब्लॉक किया हो जो आपके पीछे पड़ा हो कि आओ आओ ऐसा कुछ वो मैं पूछ रहा हूं। जी जी अभी भी आते हैं। मेरे को फोनस आते हैं मैसेज आते हैं कि क्यों नहीं आते क्या हुआ? क्या प्रॉब्लम है? तो मैं मतलब कुछ रिप्लाई कहने का मतलब ये है कि कोई एक दिन ऐसा रहा होगा जिस दिन आपके पास वहां से कॉल आ रहे होंगे। आपने उनको इग्नोर किया होगा। जी जी जी बिल्कुल हां फिर ये इस में कैसे एंटर किए सो इस में भी मेरे एक ब्रह्मचारी पहचान के थे तो उनको उन्होंने मेरा कंफ्यूजन दूर किया तो वो बोले फोटो से हम दीक्षा नहीं ले सकते फिजिकल गुरु चाहिए होता है तो मैंने ऋित्विक छोड़ दिया फिर यहां पे चला गया इसॉन में तो इस में भी मेरे को कुछ अच्छी चीजें नहीं लगी वहां के जो मोस्टली
00:25:17:01 जो गुरु है सो फेक गुरु है किसी के ऊपर मर्डर का केस है किसी के ऊपर रेपिस्ट मतलब इल्जाम लगा हुआ है। जी जी अभी भी मैं आपको सेंड कर सकता हूं डॉक्यूमेंट मेरे पास है अभी भी वो प्रूफ के साथ जी जी बिल्कुल मैं सेंड कर सकता हूं आपको। मेरे पास प्रूफ है। वो जो मर्डर केस है वो थोड़ा सा ओपन कर सकते हैं आप बिना नाम लिए। क्या है? जी जी जी बिल्कुल। सो वहां पे कुछ टेंपल में सॉरी क्या बात मेरा आवाज आ रहा है ना? जी जी आ रही है ठीक है बोलिए बोलिए जी मैं सो वहां पर एक महाराज है तो जब वो स्टार्टिंग में जब प्रभुपाद मतलब चले गए तो उसके बाद सबको खुर्ची चाहिए थी कि मैं गुरु बनूंगा ये वो तो उसकी वजह से तो वहां पे एक आदमी था तो वो बोल रहा था कि प्रभुपाद ही सब कुछ वो लड़की के साथ कुछ तो गलत हुआ था तो वो लड़की का साथ दे रहा था वहां पे ब्रह्मचारी वो तो वो ज्यादा ही लड़की का साथ दे रहा था तो यहां के जो दो सीनियर डिवोटी थे तो उन्होंने कुछ तो प्लान किया था उसको मारने का उसको मारा था शायद इसका मर्डर किया था उसका ऐसा केस है उन पर ऐसा केस है जी केस प्रूफ भी हुआ है ये आरोप लगा है
00:26:32:02 ये आरोप जी आरोप लगा है जी जी और वो लड़की थी ना उसने भी एग्री किया है कि मेरे साथ गलत हुआ था तभी मतलब कि कहने का मतलब ये आरोप ये लगा है स्कॉन के किसी व्यक्ति के ऊपर कि किसी लड़की ने किसी लड़की के साथ दुष्कर्म हुआ किसी माता शक्ति के साथ और फिर उस मातृ शक्ति का कोई वही का व्यक्ति साथ देने लगा तो उस व्यक्ति की हत्या हो गई जिसने साथ दिया। जी जी जी बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल जी बिल्कुल तो और एक है तो ठीक है मगर ये यदि केस है केस का मतलब होता है द केस इज अंडर ट्रायल इस पर हमने एक कविता भी लिखी है कभी भविष्य में कभी मौका मिला तो सुनाएंगे उसका नाम है रमाकांत है नाम मेरा प्रकरण विचाराधीन है उस पर हमने कटाक्ष किया है जो न्याय व्यवस्था है उस पर तो जब केस अंडर ट्रायल है ना तो हम लोगों को हम लोग निर्णायक नहीं बनना चाहिए। वो उसके अधीन है कि भाई क्या सबूत है क्या नहीं है। है ना? तो मगर आरोप है और काफी ठोस सबूत देखने में लग रहे हैं जो प्रस्तुत किए गए हैं। आरोप लगाने वालों की ओर से। ये हम कह सकते हैं। जी जी जी जी जी तो लड़की का भी प्रूफ था तो उन्होंने एग्री किया था कि
00:27:47:08 मेरे साथ हुआ है गलत। तो मेरी कुछ डिवोटी ने कुछ मदद नहीं की थी सीनियर डिवोटीज ने तो वैसे ही न्यूज़ दबा दी थी। और एक महाराज थे। उन्होंने 11 लड़की 11 साल की लड़की के साथ कुछ गलत किया था। उसको कुछ टच वगैरह किया था। तो वो भी न्यूज़ दबा दी थी थी। ठीक है। मगर इसमें ये बात आती है ना कि आपको कैसे पता कि जो आरोप लगा रहा है वो सत्य है। वो दिक्कत होती है। वो YouTube पे भी आए तो उसको वो लड़की है। वो जांच का विषय हो जाता है। वो एक मातृशक्ति बोल रही है मेरे साथ ऐसा हुआ। हम हम पर वो सच बोल रही है कि नहीं क्योंकि आज आजकल फ्रॉड केस भी हो रहे हैं। जी जी है ना झूठे केस भी लगाए जाते हैं तो इसलिए हम लोग निर्णायक नहीं बन सकते और इस बात के आधार पर यदि आपने बिल्कुल प्रत्यक्ष प्रमाण के साथ नहीं देख लिया है ना केवल आपने लोगों से सुना है तो इस बात के आधार पर तो आपको किसी के विरुद्ध नहीं जाना चाहिए जी जी जी बराबर ठीक है ना आपने किसी से सुना है अच्छा वो जो लड़की है मान के चलिए सीधी बात क्या वो आपके लिए शब्द प्रमाण है? शब्द प्रमाण मतलब कि वो
00:29:02:09 जो बोल देगी वो सत्य है। होता है हमारे जीवन में। जैसे जो गुरु होता है वो हमारे जीवन में शब्द प्रमाण होता है। उसके उसके कहे हुए के बाहर नहीं जा सकते। उसका जो उसके द्वारा दी गई शिक्षा है उसका खंडन नहीं कर सकते। है ना? जी जी करेंगे तो हमारा गुरु सिद्ध नहीं होगा। तो वो जो मातृशक्ति है उन्होंने आरोप लगाए और काफी ठोस दिखने वाले सबूत वगैरह पेश किए गए हैं और ये मान सकते हैं कि जिस पर ये आरोप लगा है उसके विरुद्ध काफी ठोस सामग्री है। मगर फिर भी या तो आपने उन प्रत्यक्ष प्रमाणों को स्वयं देख लिया हो। आपने देख लिया है। कोई वीडियो है क्या है? केवल आरोप है। नहीं नहीं लेडीज का एक वीडियो भी है और डॉक्यूमेंट्री भी लेडी का वीडियो यह कहते हुए है ना कि मेरे साथ गलत हुआ है। जी जी जी वो प्रूफ थोड़ी ना है वो तो आरोप लगा रही है उसमें। जी जी गलत आपने कैसे जाना कि वो गलत हुआ ही है जो लेडीज ने आरोप लगाया। भाई हम इस के कुछ निम्न स्तर के ऐसे लोग हैं कि किसी ने भी अगर कुछ गलत बोल दिया हमारे बारे में शंकर परंपरा के बारे में या किसी के बारे में तो वो उसको उड़ाने लगते हैं बिना तार्किकता
00:30:17:27 से सोचे समझे बिना मगर हम उनके जैसे नहीं है ना जी जी हमें तो धर्म के पथ पर चलना है ना हमें तो हमें तो युद्ध के दौरान भी विरोधी के घर की मातृशक्तियों की भी रक्षा करनी है वो वही ठेका हमारा ही है। [हंसी] तो इसलिए अ ये क्या कहते हैं अगर किसी मातृशक्ति ने कोई वीडियो बना दिया है तो वो पर्याप्त नहीं है। है ना? कि भाई जिस पर आरोप लगाया गया वो सिद्ध हो गया। तो आप को क्या ऐसा मिला जिसकी वजह से आप या केवल ये कारण नहीं था और भी कुछ कारण थे इस से भी अलग होने के? नहीं मैं अभी गुरु इस से तो जुड़ा हुआ हूं तो ऋत्विक मैंने छोड़ा है तो इस का मैंने यह जो गुरु परंपरा के ऊपर थोड़ा स्टडी किया तो मैंने देखा कि वो गुरु परंपरा जो है वो ऑथेंटिक नहीं है वो कुछ मिसमैच हुआ है कुछ तो गड़बड़ है उसमें जो जैसे भक्ति सिद्धांत सरस्वती ठाकुर महाराज श्रील प्रभुपाद के महाराज तो उन्होंने उन्होंने भी फोटो से दीक्षा ली थी गौर किशोर बाबा बाबा दास है जो भक्ति सिद्धांत सरस्वती ठाकुर वो स्वयं फोटो से दीक्षा ले रहे हैं तो
00:31:33:03 उसमें प्रॉब्लम नहीं है। मगर जब ऋत्विक वाले ले रहे हैं तो उसमें प्रॉब्लम है। जी जी जी वही वही वो भी जी वो मेरे को गुरु परंपरा में अजीब लगा मतलब ऋत्विक वाले भी लेना फोटो से लेना भी तो गलत ही है। हां शिवांश जी आपकी और निर्भय आर्य की डिबेट संभता 26 या 27 को हो सकती है। हम सो मैं गुरु परंपरा में हूं अभी तो मैं प्रेमानंद महाराज के कभी कबार वीडियो देखता हूं तो मैं नोट्स बनाता हूं कुछ वीडियोस के सो मैं सीनियर डिवोटीज को भेजता हूं तो वो बोल रहे थे तुमको इनके वीडियोस किसने देखने को बोला दूसरे लोगों के वीडियोस मत देखो प्रभुपाद ने हमको बहुत कुछ दिया वही सुनो ये बाकी लोगों का मत सुनो वगैरह सो ट्राई टू अवॉयड देम ऐसा बोल रहे थे मेरे को उनका देखो मत सिर्फ प्रभुपाद का सुनो उनका ही बुक पढ़ो एक्स्ट्रा बाकी कुछ करो मत सो ये एक पॉइंट मेरे को अच्छी नहीं लगी ऐसा शास्त्र
00:32:30:09 बोलिए बोलिए बोलिए जी जी जी सो मेरे को एक वो पॉइंट अच्छा नहीं लगा कि मतलब बाकी लोगों का सुनने नहीं दे रहे सो वो भी एक अच्छा नहीं लगा मेरे को ऐसा मतलब शास्त्र में लिखा नहीं है ना कि हम अभी हमारे यहां के एक प्रामाणिक ब्रह्मचारी वहां गए थे दंडवत हो गए थे कुछ दिन पहले प्रेमानंद जी के सामने जी जी प्रवच जी के बाहर ज्ञान सुन रहे थे प्रेमानंद जी का करते हुए अद्वैत पहले तो कहा था बाबा के पास मत जाओ उसके बाद बाबा के पास स्वयं चले गए थे। जी मेरे को अभी भी बोलते हैं मत सुनो करके मत सुनो बोलते हैं प्रेमानंद महाराज जी को अभी अलग-अलग है सबका ये है डार्क रियलिटी ऑफ तथाकथितो
00:33:16:09 जो है ना मोस्टली यूथ को ज्यादा टारगेट करते हैं। यूथ पर ज्यादा फोकस देते हैं। मैं प्रीचिंग को भी जाता था ना तो बोलते थे नहीं ये बूढ़े लोग हैं जो एज एजेड लोग हैं ज्यादा तो उनके पास मत जाओ जो यू है उनके पास जाओ वो समझते हैं तुम भी और वो सेम एज के हो तो वो तुमको ज्यादा समझ पाएंगे रिलेट कर पाओगे तुम एक दोनों से तो उनके पास जाओ उनको प्रीचिंग गुबार कर दो बुक वगैरह दो बोलते थे तो फिर फिर भी को वो कौन सा फिर से वही बात कि बिल्कुल एग्जजेक्टली आपको स्पॉन में भी नहीं रहना है ऐसा क्या हुआ था अभी तो छोड़ दिया मैंने। सो जी सो गुरु पर मतलब हेलो आपकी आवाज कट रही है। मेरे नेटवर्क डाउन है क्या? आवाज आ रही है उनकी। मैं बीच में एक बात बोल देता हूं। समस्या अपना क्या नाम है उनका? जो बाबे वाले हैं भाई साहब हमारे क्या नाम है उनका? अमोग लीला प्रभु। अमोग लीला जी उनके साथ समस्या है ना कि उन्होंने जो वो एक तुलसीदास बालकांड की एक चौपाई है ना हरि अनंत हरि कथा अनंता कहा ही सुनह बहु विधि सब संता ठीक है वो अभी उनको समझ में नहीं आई है जब आ जाएगी ना तो फिर वो प्रेमानंद जी के लिए नहीं बोलेंगे
00:34:31:18 या किसी भी आचार्य के लिए नहीं बोलेंगे हम जी आप कंटिन्यू करिए ऐसा था अमोग लीला ने अ ये बयान तो दे दिया था बाबा के पास जाने की जरूरत नहीं मगर वो फिर जब उसका उसका विरोध हुआ उस बयान का तो फिर उन्होंने अपनी वो डूबती नैया को बचाने के लिए दंडवत भी हो गए पहुंच गए वहां हां जी जी और जब वो दंडवत हो गए तो वहां ये दिखाने देखो हम तो कितना सद्भाव रखते हैं अब वो बात अलग है कि अंदर से वो रात को नींदें उड़ी हुई है रात की सपने से नींद से उठ उठ के जो है नींद नहीं आ रही है कि क्या हो रहा है? खैर तो अभी आपकी स्थिति यह है कि आप जो है आपका मन जो है इस से भी हट चुका है और रिपोर्ट से तो आप स्कॉन में आए हैं। स्कॉन से हट चुका है और आप जो है अब प्रेमानंद जी की ओर जी जी अग्रसर है बहुत अच्छी बात है। उनको सुनिए और उनके दिशा निर्देशों में अवश्य आपका कल्याण हो जाएगा। बहुत अच्छे संत है वो जी और
00:35:46:28 सुनिए उनको प्रामाणिक भी है वो जी जी जी तो और कोई अपना अनुभव जो आप हमें शेयर करना चाहे ये बताइए नेट की प्रॉब्लम मेरे मेरी जो आपके एंड से आवाज आ रही है मतलब मतलब मेरे स्क्रीन में दिक्कत हो रही होगी। इसका मतलब आपको मेरा कट कट सुनाई दे रहा। आपकी आवाज बिल्कुल साफ आ रही है। बिल्कुल साफ आ रही है। कोई दिक्कत नहीं है। आपको हमें तो साफ आ रही है। कहीं नहीं आ रही है। आपको लग रहा है शायद ऐसा? अच्छा मेरे स्क्रीन पे आप लोगों के चित्र जो है ना रुक रुक के ऐसेसे करके इस तरह से दिखाई दे।
00:36:34:26 लैग हो गया होगा। ठीक है। तो और कोई एक्सपीरियंस आप शेयर करना चाहेंगे? सो गुरु परंपरा जो है जो फेक है मोस्टली मैंने देखो ऑथेंटिक नहीं है मैंने एक मिनट एक मिनट मैं एक बार ना लीव करके दोबारा आता हूं शायद ठीक हो जाए जी ऐसा है कि अमोल लीला जी ने अपना सिद्धांत जो है वो कई बार बदल दिया है। ठीक है। जी जी जी की जो लाइन है ना रामो दनाभिभाषते उसका तो बिल्कुल खंडन कर चुके हैं वो अपने अपने कर्मों से ठीक है तो सिद्धांत तो बदलते रहते हैं वो बहुत बहुत पलटते हैं वो कि जो बैकग्राउंड जो है ना उनका या जो बेस है ना वो स्ट्रांग नहीं है ठीक है धर्म का धर्म के बल से जो स्ट्रांग होता है ना जब होता तब वो अपने सिद्धांत पे टिके रहते हम हम जी ये समस्या है उनके साथ ठीक है तो वो दो प्रकार की बात नहीं करते वो कई प्रकार की बात करते हैं [हंसी] वो नेक्स्ट लेवल है वो ठीक है जी हां बताइए आप क्या थे विशेष जी ये जो गौर किशोर दास बाबा जी है भक्ति सिद्धांत सरस्वती ठाकुर इनके गुरु
00:37:50:00 महाराज तो वो मैंने ऐसा सुना था कि वो अद्वैत परिवार से है तो ये बोल रहे कि नहीं वो अद्वैत परिवार से नहीं वो मधवाचार्य से ही है। सो यहां पे भी मेरे को एक गड़बड़ लगी कुछ तो कुछ ना कुछ तो मतलब प्रॉब्लम है और ये भक्ति प्रमाण है क्या सॉरी कैसे पता लगा कि वो उस अद्वैत परंपरा से हैं पहली बात अद्वैत परंपरा से क्या मतलब है आपका अर्थ क्या है कि शंकर परंपरा से दीक्षित थे वो जी जी जी हां उसका प्रमाण है आपके पास ऐसा कुछ है कैसे पता लगा आपने कैसे मान लिया कि वो शंकर परंपरा से दीक्षित हैं मैंने एक कोरा पे एक लड़के से सुना था पड़ा था वहां पे सो प्रमाण नहीं है वैसे कोई कुछ भी कहता है प्रमाण तो नहीं है वहां पे बहुत अनर्गल बातें होती रहती है ठीक है आप अपनी बात कर लीजिए पहले करिए करिए जी तो वो बोल रहे थे कि वह अद्वैत परिवार से कोई बोल रहा था कि मधवाचार्य यहां से तो द्वैत से मतलब तो वहां पे मेरे को एक डाउट लगा और दूसरी बात वो बोलते कि फोटो से हम दीक्षा नहीं ले सकते क्योंकि शास्त्र में अलाउड नहीं है फिर बाद में बोलते कि हम ले सकते हैं क्योंकि क्योंकि ये प्रभुपाद ने बोला था तो यहां पे भी मेरे को गड़बड़ लगी। कभी बोलते हैं ले सकते हैं कभी बोलते हैं नहीं ले सकते। तो एग्जैक्ट ऐसा थोड़ी रहता है ना।
00:39:06:04 तो उसका एक आंसर मैं दे देता हूं। जी गुरु ग्रंथ हर गोविंद। ठीक है? इन तीनों का सामंजस्य होना चाहिए किसी भी धर्म के ज्ञान में। ठीक है। अगर यहां एक बार धर्म सम्राट स्वामी श्री करपात्री जी महाभाग ने बात कही थी कि अगर मैं भी शास्त्र के विरुद्ध बात कह दूं तो मेरा भी खंडन कर दो मतलब मेरे भी बात मत मानो मतलब इतना ज्यादा वो कर्मण थे शास्त्र के प्रति तो जब शास्त्र और वही है भगवत गीता 16 24 तस्मात शास्त्रम प्रमाणम है ना तो तेरे लिए कर्म कर्म में एकमात्र शास्त्र प्रमाण है तो अगर इस भाव को प्रभुपाद जी मानते तो वो मुझे नहीं लगता कि वो कभी ऐसे बोलते कि नहीं नहीं अगर मैंने कह दिया है तो फोटो से तुम दीक्षा आदि ले लो। ऐसा नहीं हो सकता। ठीक है? अप्रपाल जी नहीं है। इसमें मैं यहां पर एक रोकना चाहूं। हमें प्रभुपाद जी को सीधेसीधे किसी भी दोष नहीं देना चाहिए। क्योंकि प्रभुपाद जी ने एकजेक्टली क्या कहा है? क्या नहीं कहा इस बात को लेकर की भी असमंजस की स्थितियां है। क्योंकि जो भी लोग उनकी ओर से क्लेम्स कर रहे हैं वो सारे झूठे सिद्ध हो रहे हैं। तो उनकी किसी बात पर विश्वास कैसे किया जाए? और एक बहुत बड़ा बड़ा उदाहरण मैं आपको बता दूं। इनकी भगवत गीता के देखिए वो जो सनातन
00:40:21:18 शब्द है ना वैसे कई सारे शब्द तो बदल ही रहा है इस मगर इनकी भगवत गीता के 2.62 में इन्होंने लिखा है कि शिव जी जो है इंद्रियों के अधीन है। और क्यों क्यों अधीन है? क्योंकि वो पार्वती माता से विवाह के लिए सहमत हो गए थे। मगर इनके श्रीमद् भागवत भाष्य में प्रभुपाद जी का जो नाम से छप रहा है उसमें लिखा है कि शिव जी को पार्वती माता के साथ देखकर उन्हें इंद्रियों के अधीन समझने वाले मूर्ख है। तो प्रभुपाद जी ने क्या माना क्या नहीं माना इस कौन यह कर रहा है यह हमें बात अधिक करनी चाहिए क्योंकि अब उनकी क्या चीजें है क्या नहीं है हम उसमें कुछ कह ही नहीं सकते क्योंकि जो लोग उनको प्रस्तुत कर रहे हैं यहां पर है ना कुछ अब देखिए ना जैसे अभी मैं क्या कहते हैं इस में गया तो एक अपने आप को ब्रह्मचारी कहने वाले ने कह दिया ना कि नहीं भैया शिवजी भी मुक्ति दाता है क्या ऑफिशियली ऑफिशियली इस स्वीकार करता है कहीं से प्रभुपाद जी की कोई बुक है जो इस ने प्रस्तुत की हो जिसमें लिखा हो कि शिव जी भी मुक्ति देंगे। ये तो एक नई चीज पता चल रही है। नहीं जी जी हम ये बात है। तो बताइए कंटिन्यू करिए। पंडित जी
00:41:36:24 तो जी नहीं नहीं बस मैं वही कह रहा था कि मैं मैं एक्चुअली इसी पे ही आ रहा था। मैं ये कह रहा था कि जैसे कि क्या है कि प्रभुपाद जी ने मान लीजिए कोई बात कह दी है ना और अब वो तो हमारे पास साथ है नहीं तो उसका प्रमाण जो होगा या तो उनकी परंपरा का आचार्य अगर मान लो दे भी रहा है तो वो भी शास्त्र सम्मत होना चाहिए क्योंकि तत्व मान लीजिए कि आदि गुरु हां भाई गुरु गोविंद गुरु गोविंद और ग्रंथ मान लीजिए आदि गुरु शंकराचार्य महाभाग ने अगर कोई मान लो बात कह दी और वो शास्त्र सम्मत है ठीक है उससे तरह तर अगर कोई भी आज का आचार्य अगर कोई उल्टी बात कह देता है तो हमें फिर तो मैच नहीं कर रहे हैं ना। मतलब वो गुरु की बात ग्रंथ से मैच नहीं कर रही है। तो इसीलिए इसीलिए कृपात्र स्वामी महाभाग ने कहा था कि गुरु ग्रंथ और गोविंद इन तीनों के सामंजस्य का जो ज्ञान है बहुत बड़ा फार्मूला है ये। बहुत तगड़ा फार्मूला है। मतलब इससे मतलब कोई आपको सही ज्ञान ही मिलेगा। अंतत का। ठीक है? तो उसको वही उसका सामंजस्य का ज्ञान जो है वही सर वही सही धर्म का ज्ञान है। ठीक है? वही धर्म है जो शिक्षा हमें मिलती है। तो यह चीज कह रहा था मैं। मैंने जब ऋत्विक वालों से पूछा था कि हम फोटो से दीक्षा ले सकते हैं तो वो बोले नहीं प्रभुपाद की वाणी हमारे
00:42:52:00 लिए सबसे इंपॉर्टेंट है। तो मतलब आचार्य के पास इतनी शक्ति होती है कि वो शास्त्र को भी बदल सकते हैं। तो प्रभुपाद की वाणी का अच्छा एक बात अच्छा ये बोलते हैं शास्त्रों को भी बदल सकते हैं। वाह जी जी आचार्य में इतनी पावर होती है। नहीं नहीं नहीं ऐसा नहीं है। अच्छा एक बात और है। कि जब जो है आप एक बात बताओ कि जब फोटो से दीक्षा ली जा सकती है तो फिर प्रभुपाद से ही क्यों ले भगवान श्री कृष्ण से क्यों ना ले ले डायरेक्ट ले फिर क्या जरूरत है सही बात है फिर क्या जरूरत है प्रपाद जी से दीक्षा लेने की उनसे ले ले नारद जी से ले ले व्यास जी से ले ले मधवाचार्य जी से डायरेक्ट ले ले एक बात और एक बार एक बार किसी व्यक्ति ने यह प्रश्न किया था मतलब क्योंकि कि भाव की कोई बात कॉन्टेक्स्ट था। भाव से हम कुछ भी कर सकते हैं आदि-आधी। तो उन्होंने यह हमारे जो ज्योतिष पीठ वाले महाराज जी हैं उनसे किया था। बहुत अच्छा उत्तर दिया था उन्होंने। उनसे किया था कि राम बड़े हैं या क्या मतलब राम ही तो सबसे बड़े हैं। उनसे बड़ा क्या है? राम मंदिर के ऊपर कोई बात चल रही थी। तो उन्होंने एक बहुत अच्छी बात कही थी। उन्होंने कहा था राम से बड़ा है। धर्मशास्त्र से राम भी चलते हैं। ठीक है? और जिसका अगर धर्म शास्त्र
00:44:07:10 के विरुद्ध अगर स्वयं ब्रह्म भी आकर अगर आ जाए तो हम उनको भी नकार देंगे। जैसे गौतम बुद्ध भगवान भगवान के रूप में हम उनको अवतार मान लेते हैं ना। अगर वो भी वेद विरुद्ध बात कर दें तो उनका भी तिरस्कार कर दिया गया। कर दिया गया ना? कोई सनातन धर्मी पूजा करता है उसकी? नहीं। इसलिए राम से बड़ा क्या है? धर्मशास्त्र। ठीक है? जो भगवान ही है जो स्वयं साक्षात भगवान ही है वो धर्मशास्त्र। वेद साक्षात ब्रह्म ही भगवान ही है। ठीक है? कोई अंतर नहीं है उसमें। तो वो है वो अंतर है। तो यह बताइए कि जब भगवान राम भी मर्यादा में रहकर धर्मशास्त्र के साथ कार्य कर करते हैं तब उनको पूजा जाता है और बुद्ध के रूप में वो आकर मान लीजिए धर्मशास्त्र के विरुद्ध कार्य करते हैं तो उनको नकारा जाता है तो फिर हमारे आचार्य तो उसके बीच में ही कहीं होंगे ना। ठीक है? जी जी जी तो ये ये है उसका तर्क। तो वहां पे गुरु हां जी बताइए बताइए। जी वहां पे एक गुरु का फॉल डाउन हुआ था तो वह न्यूज़ मैंने देखी थी तो मैंने ब्रह्मचारी को एक पूछा था कि गुरु का डाउनफॉल हुआ है तो यह कैसे चलेगा तो मेरे को बोले थे कि देखो महादेव का भी तो डाउनफॉल हुआ था वो भी तो अपने मेडिटेशन से साधना से डिस्ट्रैक्ट हुए थे वो मतलब मोहिनी से भ्रमित हुए थे तो यह तो फिर भी इंसान हो सकती है गलती
00:45:22:14 कोई बात नहीं जाने दो वगैरह तो यह भी मेरे को एक अच्छी बात नहीं लगा कि मतलब इंसान का कंपैरिजन महादेव से क्यों कर रहे हैं यह तो तथाकथित आचार्य प्रशांत वाली गंध आ रही है मुझे। [हंसी] खैर अच्छा लगा आपने अपने चीजें बताई और हमें यह लगा था कि आप जो है इस के पक्ष से बातें रखने आ रहे हैं क्योंकि बहुत गर्मी अभी बहुत वातावरण में गरमा गर्मी हो गई है एक तो इस दिल्ली का एक ब्रह्मचारी के साथ का इंटरव्यू आ गया है और फिर एक इस के ही एक ब्रह्मचारी के साथ की जो है वार्ता जो है हमने रखी है दी है तो थोड़े से अगर उससे उधर से धमकियां आ रही है वो है तो हमें लगा कि शायद कोई आया होगा। आ रही है क्या आपको अभी भी अभी भी आ रही है मतलब आजकल में भी आई है। आजकल में भी धमकियां आ रही हैं। हां अभी आज जो है वो रामपाल की चीजों को प्रस्तुत कर रहे हैं। ये दिखा रहे हैं कि देखो तुम्हारे खिलाफ मुकदमा है। जब वो मुकदमा अभी कोर्ट ने स्वीकार नहीं किया है। हुआ क्या था? जो वही वो नीतू दासी ने नहीं हम पर छेड़खानी का आरोप लगाने की धमकी दी थी ऑन कैमरा
00:46:38:19 तो वो वीडियो रिकॉर्डिंग हमारे पास सेफ है तो उसने पहले तो थाने में शिकायत की थी तो थाने में उन्होंने वीडियो रिकॉर्डिंग देख के कह दिया भाई झूठा है ये उसके बाद वो फिर कोर्ट में गए उसके विरुद्ध के हमारी शिकायत नहीं लिख रही पुलिस तो कोर्ट ने भी मामले को जांचा तो उसने कोर्ट ने भी आदेश दे दिया भाई ये झूठा मामला है ना उसके बाद अब वो उस कोर्ट के आदेश के अगेंस्ट अब वो सेशन में गई है कि भैया देखो पुलिस भी हमारी नहीं सुन रही और कोर्ट भी नहीं सुन रही तो आप हमें दो तो सेशन ने हमको एक वो भिजवाया है कि आप इसमें आके अपना पक्ष रखें अभी सुनवाई से पहले की स्थिति है। अगर नहीं रखेंगे तो इसको ओपन किया जाएगा केस को। है ना? तो अभी 7 तारीख को हमें जाकर के वहां अपनी चीजें बतानी है कि भैया ऐसे ऐसे एक रैकेट चल रहा है जिसका हम पर्दाफाश कर रहे हैं जिसके विरुद्ध हम हाई कोर्ट में लड़ रहे हैं उस रैकेट के द्वारा हम पर दबाव बनाने हेतु ये सब किया जा रहा है सिंपल और जो महिला हम पर आरोप लगा रही है देखिए ऑन कैमरा बोल रही है कि मैं भी तुम पर झूठा छेड़खानी का केस लगा दूंगी तो आपने डाला वो व्यक्ति जो है हां ये सब चल रहा है और कल आपको बता दें आज एक बुद्धिज्म को मानने वाले व्यक्ति का फोन आया हमारे पास
00:47:54:00 मुझे प्रसन्न अभी फोन आया क्या था उसने हमारा फॉर्म भरा था वो वाला आइडियोलॉजिकल डिस्कशन वाला तो हमने उसको कॉल किया था तो उससे बातें हुई बुद्धिज्म ऑफ हिंदूइज्म ऑन हो गया उसमें व्यक्ति चला गया व्यक्ति चला गया तो हां कॉल पे ही मतलब जब तक ये वो अपने आप को आस्तिक कह रहा था तो बस इसी बात पे अटक गई भाई पहले अपनी पहचान क्लियर करो तब तो हम तुम्हें वहां ले। अच्छा व्यक्ति पहचान ही क्लियर नहीं करता है। अभी सुबह मैंने एक इस के फॉलोअ का फॉर्म भरा था तो हमने उससे संपर्क किया कि भाई तुमने इसमें वो नहीं लिखा है। उसने लिखा हमने जहां ये प्रश्न पूछा है फॉर्म में कि आप किस जो है विचारधारा का पक्ष प्रस्तुत करने आ रहे हैं? तो क्या कह रहा है? सनातन। आपके गुरु का नाम क्या है? कृष्ण भगवान। वो अपनी आइडेंटिटी को हां वो रिवील नहीं कर पा रहा है कि मैं जो है फलाने इस मंदिर से जुड़ा हुआ हूं इनसे मैं शिक्षा लेता हूं ये सब नहीं ऐसी बातें कर रहा तो हमने फोन किया कि भाई ठीक है तुम्हें भगवत गीता कहां से मिली कृष्ण से मैंने कहा कृष्ण भगवान ने स्वयं दी है कौन
00:49:09:08 सी पब्लिकेशन की पढ़ रहे हो तो मैंने कहा आपको कौन से वो बोल रहा है आपको किसकी सुननी है तो वो वही वाली बात कर रहा है तानाशाही नहीं चलेगी किसकी के किसी की [हंसी] खैर आज एक बुद्ध बुद्ध को मानने वाले का से बात हुई और करीब मेरे ख्याल से 22 मिनट की बात है। उसमें आप देखिएगा कैसे अकाट्य सिद्धांतों से सनातन पर होने वाले प्रत्येक प्रहार को तोड़ा जा सकता है और समाजियों से इस वालों से और जितने भी स्वयं को कहते हैं कि हम हिंदुत्व के रक्षक है वह ध्यान दें इस ओर जब नास्तिकों से विधर्मियों से वो होगा ना मुकाबला तब यह सिद्धांत आपके काम आएंगे। तो इन सिद्धांतों को सपोर्ट करें विरोध ना करें इन सिद्धांतों का रक्षा करें इन सिद्धांतों और हम लोग उसका भी एक लाने वाले हैं। वो जो जावेद अख्तर और मुफ्ती के बीच में जो हुआ है ना अरे भी लाने वाले हैं। मैं तो कह रहा हूं कि आप क्या मैं ही चला जाता ना तो वहां मेरे पास बहुत मेरे पास बहुत मैसेजेस आए कि भैया इस पे आप जो है डिटेल्ड वीडियो बनाइए। पहली बात तो यह है मैं
00:50:25:03 एक बात बता दूं अभी के लिए एक बात बता दूं कि जो उसमें ईश्वर को सिद्ध किया मुफ्ती ने जावेद अख्तर के विरोध में है ना हालांकि वो जो चर्चा मुझे बायस्ड लग रही है बायस चर्चा है जैसे ऐसा लग रहा है जैसे लल्लन टॉप का उद्देश्य था इस्लाम को ग्लोरिफाई करने का क्यों क्योंकि एक व्यक्ति व्यक्ति को विषय का एक तरफ का एक पक्ष से बुलाया गया विषय का मर्मज्ञ है जो मुफ्ती जो है वह उस पर ही काम कर रहा है उसकी अध्ययन दिन और रात उसका वही है मगर जावेद अख्तर नास्तिकता का नास्तिकता के मर्मज्ञ नहीं है जावेद अख्तर जी मुस्लिम वो जो मुफ्ती आए थे वो अपने उसके इस्लाम के और नास्तिकों को क्या जवाब दिया जाता है इस्लाम के द्वारा इस बात के मर्मज्ञ हैं। उनका जीवन शैली वही है। जावेद अख्तर नास्तिकता के मर्मज्ञ नहीं है। जावेद अख्तर गीत लिखने के मर्मज्ञ हैं। साहित्य ये काव्य रचनाएं करने के मर्मज्ञ हैं। अभी किसी अर्पित द्विवेदी जैसे को बुला लिया जाता धुआ हो जाता इनका मुफ्ती जी का। है ना? तो वो चर्चा बाय थी। बराबर
00:51:40:14 के लोग नहीं थे। एक तरफ मर्मज्ञ था अपने क्षेत्र का और दूसरी ओर वो उसका जिस क्षेत्र में वो मर्मज्ञ था वो क्षेत्र वहां पर उस क्षेत्र को लेकर के मुकाबला नहीं था। है ना? तो इसको कहते हैं कि पक्षपाती वो थी। मगर एक मैं मोटी मोटी बात बता दूं। अरे एक बात कहता हूं तो सौरभ जी से बात करें क्या? आपको बुलाए क्या एक बार एक बार मुफ्ती जी के साथ? अरे मनुवादियों को बुला लिया तो फिर क्या बात है? हालांकि मनुवाद विरोधी चैनल है वो लंडन टॉप। क्या बात है बोलिए बोलिए वो मैं कह रहा था कि मुफ्ती जी की जो एक बात मैंने अभी तक सुनी अभी पूरा वीडियो मैंने नहीं देखा मेरे पास मैसेजेस आ रहे हैं भैया इसका जो है आप वो दीजिए तो उसने जो सिद्ध किया है मुफ्ती ने कि इस बात को लेकर सिद्ध किया है कि भाई आपको अगर जो मोरल्टी है वो भगवान से ही मिलती है ईश्वर से ही मिलती है इसलिए हमें आवश्यकता है ईश्वर के अस्तित्व को स्वीकार करने की ठीक है? तो इसका मतलब क्या है कि उसका कहना ये है कि हम अपने से मोरल होना चाहते हैं। इसलिए हम ईश्वर को ला रहे हैं। गलत। मोरल्टी एक बाय प्रोडक्ट है। मोरल्टी एक बाय प्रोडक्ट है जो
00:52:55:20 ईश्वर को मानने के कारण आपको स्वतः प्राप्त होता है। ठीक है? मगर ईश्वर का अस्तित्व मोरलिटी से सिद्ध नहीं होता है। अब मान लो कोई व्यक्ति मोरल होना ही ना चाहे तो उसके सामने तुम कैसे सिद्ध करोगे ईश्वर को? बताइए। निठारी हत्याकांड बच्चों को खा रहे हैं। मोरल्टी गई भाड़ के चूल्हे में आदमखोर नग्नता को नग्नता के परिपोषक लोग इनके ये मोरल होना ही नहीं चाहते। उनके सामने आप कैसे ईश्वर का अस्तित्व सिद्ध करोगे? वहां पर सनातन विधान आएगा। सनातन के विरोध में कोई भी दर्शन ऐसा है ही नहीं जो ईश्वर के अस्तित्व को सिद्ध कर सके। धर्म को सिद्ध कर सके। उन नियमों को आवश्यक सिद्ध कर सके जिन नियमों के कारण माता बहन पत्नी में अंतर किया जाता है। ठीक है? तो मोरलिटी ईश्वर के अस्तित्व को प्राप्त और उसे प्राप्त ईश्वर के अस्तित्व को सिद्ध और उसे प्राप्त करने के बाद बाय प्रोडक्ट में मिलने वाले के रूप में मोरल्टी है ना कि मोरल्टी से ईश्वर का अस्तित्व सिद्ध होता है। हां ये हम कह सकते हैं कि भाई तुम अगर मान रहे हो मोरल्टी को तुम अगर माता और बहन और पत्नी में अंतर कर रहे हो तो इससे सिद्ध होता
00:54:10:21 है कि तुम ईश्वर को मान रहे हो। यह सिद्ध होता है। तुम ईश्वर का विरोध नहीं कर रहे हो क्योंकि तुम मोरल्टी को मान रहे हो। ठीक है? मगर जीरो पॉइंट से जहां से वो व्यक्ति मोरल्टी को भी ना मानने वाला है। नहीं मान रहा माता बहनों पत्नी अंतर क्या करूं? मैं ओशो हूं हां या मैं फला हूं। तो जो मोरल्टी को मानने को मना कर देगा वहां आपका ये दांव कैसे चलेगा? क्या? अरे भाई आपने कहा कि अगर हमें मोरल्टी लानी है तो उसके लिए आवश्यक है तो मोरल्टी लानी क्यों है? इसका जवाब तो दो भैया क्यों लानी है? क्यों अच्छाई और बुराई देखनी है? इसके बारेके बारे में अभी बताइए। वो वो आप अवश्य वीडियो बनाइएगा तब उसमें बताइएगा ये पूरा का पूरा। वो ज्यादा सही है। नहीं तो अभी ये आ जाएगा। कह रहा हूं कि अब अभी अगर बातें ये सारी बता देंगे ना तो यह तो इस वीडियो का हिस्सा होना चाहिए जो आप डाल ले आएंगे। हां मैं उसमें एक डिटेल वीडियो बनाऊंगा। उसने क्या-क्या बोला है। कहां पर जावेद अख्तर जी जो है कमजोर रहे। कहां पर मुफ्ती जी जो है कमजोर रहे और फिर उस पर जो है एक डिटेल वीडियो हम लोग बनाएंगे। और मैं तो इनके मुफ्ती से बात कर चुका हूं ना। इनके पास और कुछ है ही नहीं। यही है बस
00:55:26:04 कि भाई अगर एक व्यक्ति आया था मैं बता रहा हूं मेरे सामने की बात है मैं उस समय क में था ऐसा ही एक सेशन चल रहा था इनका मुफ्ती लोगों का और मैं पीछे था और वो लोग बोले एक नास्तिक आया बोले कि क्या आप अपनी बहन के साथ जो है संबंध बना सकते हैं उसने बोला नास्तिक ने बना सकता हूं अब बताओ उसने बोल दिया बना सकता हूं खत्म हो गए ढेर हो गए वो तो जावेद अख्तर जी थे जो नहीं बोल पाए होंगे भाई नहीं तो जिस दिन आपको ऐसा कोई मिल जाएगा जो मोरल्टी को स्वीकार ही ना उसको जरूरत ही नहीं मोरल्टी की तो फिर है ना फिर आप उसको कैसे सिद्ध करो आप मोरल्टी को मोरल्टी की जो बात कह रहे हो कि यदि इंसान को मोरल बनाना है तो ईश्वर की हमें आवश्यकता पड़ेगी है ना मगर मोरल बनाना क्यों है वो आधार तो दो क्यों बनाना है मोरल होने के लिए इंसान ईश्वर को नहीं मानता ईश्वर को मानता है इसलिए मोरल होता है। इस बात को समझना होगा। ईश्वर को मानता है इसलिए वो मोरल है। मोरल होने के लिए ईश्वर को नहीं मानता है। ईश्वर को मानता है उसे प्राप्त करना इसलिए वो मोरल होता है। तो मोरल्टी इस ए बाय प्रोडक्ट। बाय द वे इस पर हम एक
00:56:41:06 विस्तृत विश्लेषण करेंगे और प्रस्तुत करेंगे। तार्किक व्याख्या। ठीक है? चलिए समय दिया। विशेष गुले जी ने अपनी आपबीती सुनाई है इस और ऋत्विक के दोनों के साथ उनका कैसा एक्सपीरियंस रहा और पंडित फ्लो फ्लोकी जी का वैसा ही कैमियो जो सदैव रहता था सभी ने देखा ठीक है हमारे जो ऑपरेटर महोदय है वो चाहते हैं कि यदि कोई आना चाहे तो आ सकता है
00:57:21:06 दासानुदास भाई देखिए यहां आने से पहले आप यह तय कर लें कि दासानुदास जी जय जय जय श्री राम अच्छा हमारी सेटिंग ऑपरेटर महोदय अगर हमारी सेटिंग वैसी हो जाए ना जो कॉलम्स दिखाई देते हैं टोटे वाले और नाम भले ही आप हटा दे नाम की आवश्यकता नहीं है लगातार जी दास दास जी जय श्री राम भैया जय श्री राम भैया भैया मैं ये कहना चाह रहा था कि इसी प्रकार का जैसे विशेष जी ने बताया और निखिल भैया भी हमारे जो जुड़ते हैं हमारी कक्षाओं में तो उनके साथ भी कुछ इसी तरीके का वाक्या हुआ है और वो यही चाह रहे थे कि पांच मिनट अगर आप समय दे पाए तो क्या मैं उन्हें बुला सकता हूं? हां बुला लिया
00:58:12:02 निखिल करके भी जुड़े हैं अभी अभी हां जी भैया मैंने उनको अभी लिंक भेजा है। ऐड टू स्टेज ये आ गए सिद्धू राम जी तो अपना चेहरा नहीं दिखा रहे हैं। मुझे लगता है आज विरोधा जो विरोधी बातें हैं वो ना हो आज है ना लक्ष्य त्रिवेदी जी भी आए हैं। मैं आ गया हूं। हां जी निखिल भैया आप आ चुके हैं लक्ष्य भैया जी निखिल जी जय श्री राम जय श्री राम लक्ष्य त्रिवेदी जी सादर प्रणाम जय मां कामेश्वरी हर हर महादेव हर हर महादेव जी बहुत ही तार्किक और बहुत ही अत्यंत वेदत्व और वेद वाणी का जो प्रयोग हो रहा है इसी प्रकार होता रहे और समस्त जितने भी लोगों का जो है संशय इसी प्रकार दूर होता रहे यही भगवती से प्रार्थना और जेष्ठ का आशीर्वाद सदैव बना रहे। सदैव है सदैव। जी निखिल जी बताएं। पहले तो सीताराम शिवश भैया
00:59:24:12 रामानंद मध्यम अस्मदाचार्य पर्यंत वंदे गुरु परंपरा वंदे गुरु मेरा एक्सपीरियंस इस के साथ रहा है लगभग तीन साल का एक्सपीरियंस मेरे को रहा है और मेरा इस के साथ जुड़ने का लक्ष्य यही था कि मैं तो शुरू से हालांकि प्रमाणिक गुरु परंपरा रामानंद संप्रदाय से ही हम लेकिन मेरा मेरा ये था कि मैं इस के अंदर जाकर देखना चाहता था कि आखिर में क्या है। तो मैंने अभी से जो तीन साल पहले मैंने इस ज्वाइन किया मैं बलिया का रहने वाला हूं। आपसे भी बहुत प्रेम है। सभी नाम सत्रों में भी जुड़ते हैं। तो अभी तक ज्यादा लोगों को बताया नहीं है मैंने कि मैं इस में था। लेकिन जैसे आयुष भैया आए तो इनको पता है। तो मैं जब पहली पहली बार इस बलिया में आया था तो उस समय का मैं बात बता रहा हूं। जब मैं इनके पास गया था तो पहले आप देखेंगे तो मैं ये बता रहा हूं कि जब एक नया आदमी जाता है इस में तो ये लोग उसको कैसे बरगलाते हैं। तो जब मैं पहली बार इस में गया तो बहुत अच्छा
01:00:39:18 बात किए बुलाए बैठाए सब उसके बाद धीरेधी में गए थे कहीं और गए थे नहीं बलिया के इस में अभी बस सेंटर है छोटा सा तो ये क्या करते हैं कि आप इनसे बस जाइए जुड़िए उसके बाद से क्या होगा कि आपकी इच्छा हो ना हो कुछ भी आपका कोई मेंटर बन जाएगा। कोई किसी के अंडर आप चले जाएंगे। आपकी इच्छा है नहीं है कोई बात नहीं। आपको कुछ दिन बाद बताने लगा मतलब कि लोग बताने लगेंगे कि आप इनके अंडर में है। आपको ये करना है। ऐसे ऐसे बताने लगेंगे। अब मेरे मेरे को ऐसे शुरू से शुरू में द्रोह भावना नहीं थी। मेरे को लगा था कि हां कृष्णा का प्रचार है। गौडिया वैष्णव संप्रदाय का प्रचार है। मैं यहां पर एक बात कहूंगा। आप यहीं से अपनी बात कंटिन्यू करना। गौडिया वैष्णव का कृष्णा का प्रचार है। यहीं से ध्यान रखना कि आपको आपकी बात कहां से कंटिन्यू करनी है। मैं एक बात आपको बताऊं।
01:01:43:13 हमारे कुछ सेशन कभी-कभी जेल में भी हुए हैं और जेल का भी एक वातावरण ऐसा ही होता है। जब कोई बंदी वहां जाता है ना तो वहां पर जो है नंबरदार होते हैं। बैरिक के राइटर होते हैं। नंबरदार होता है। वह जो है प्रशासन से जो है बॉन्डिंग बना के रखता है। जेल प्रशासन से जेलर से वहां के तंत्रियों से बॉन्डिंग उसकी होती है। और एक व्यवस्था बनाने के लिए जेल के अंदर अपराधियों में से ही जो सीनियर अपराधी हो जाते हैं लंबे समय के उनमें से ही चुनाव करके जो है और वहां के राइटर राइटर मतलब जो आया है वो एंट्री करने के लिए उसको कुछ क्षेत्रात भेद हो सकता है कहीं पर तो वहां पर जेल में भी यही वातावरण होता है कि जैसे कोई अंदर आया उसको सेक्शनिंग कर दी गई कौन किसके में जाएगा उसका राइटर कौन है उसका नंबरदार कौन है है ना? तो आपकी इस बात से मुझे याद आया। वो उसी के अंडर में रहता है। उसकी जानकारी उसी से मांगी जाती है जिसके जिसके उसमें उसे भर्ती किया गया है। हां ऐसा ही है ना कुछ? जी जी सेम। तो मैं वहीं से
01:02:58:21 कंटिन्यू करता हूं कि मेरे को लगा था कि कृष्णा का प्रचार है। गौडिया वैष्णव संप्रदाय का प्रचार है। कुछ समय बाद जब मैं अंदर प्रवेश किया। जब मेरे को ये लोग अपने शासन में लिए तो शासन में लेते ही अब ये क्या हुआ कि मेरी विचारधाराएं शुरू से क्योंकि प्रमाणिक गुरु शिष्य परंपरा रामानंद संप्रदाय से होने के कारण मेरे को शिव जी में भी परमात्मा बुद्धि थी परब्रह्म बुद्धि थी। तो वहां पे जब ये कहना शुरू किया इन्होंने कि कृष्ण तो मतलब कि शिव तो दास है ये है वो। मतलब कि ऐसी बहुत सारी बातें तब मेरे को पूरा एकदम समझ में आ गया था कि कुछ गड़बड़ है लेकिन मेरे को वो आधार नहीं मिल रहा था। मेरे को वो आधार नहीं मिला था कि जिस आधार पर मैं इनसे प्रश्न करूं। तो उसके बाद से ईश्वर की कृपा से पूरी पीठाधीश्वर शंकराचार्य महाभाग की कृपा से आपका सानिध्य प्राप्त हुआ। आपको देखना जानना शुरू किया। उसके बाद से जो आधार था जो खोया हुआ आधार था वो मिल गया कि हां। तो यहां पर क्या हुआ कि धीरेधीरे मैंने क्या किया कि प्रश्न पूछना शुरू किया तो मैं प्रश्न पूछता था ये लोग नकार देते थे तो अब पूर्ण द्रोह जब मैं पूर्ण जो प्रतिकार मेरा था वो वृंदावन
01:04:14:09 से शुरू हुआ इनका एक यूथ कैंप गया वृंदावन जिसमें मैं भी था मैं भी गया वहां पर प्रेमानंद महाराज जी वो तो पूरे अभी तो विश्व भर में उनकी उनकी ख्याति है हमारी भी बहुत इच्छा थी कि हम प्रेमानंद महाराज जी से मिले। हम उनके दर्शन करें। हमने कहा भी कि हम आए हैं तो प्रेमानंद महाराज जी के प्रेमानंद महाराज जी का दर्शन करने जाएंगे। तो जिनके अंडर में वो लोग हमको बताते थे। उन्होंने पहले मना किया कि नहीं आप ये कारण है। सुबह-सुबह ठंडी लग जाएगी। तुम्हारे मम्मी पापा मतलब कि ये सब कारण बताया उन्होंने। मैंने कहा कि ठीक है मैं अपना पूरा व्यवस्था ले जाऊंगा कि मेरे को कुछ ना हो। मैं सेफली जाऊं आऊं। बाद में वो एक कमरे में मेरे को ले गए और उन्होंने बैठाया कमरा लॉक किया। उसके बाद मेरे को समझाना शुरू किए कि मैंने उनकी कई सारी वीडियोस देखी हैं। वो मायावाद की फिलॉसफी पर बोलते हैं। वो दूसरे संप्रदाय के हैं। ये वो ऐसे मेरे को करके समझाना शुरू किया उन्होंने। अब यहां तक भी मैं नहीं रुका। मैं क्या किया कि सुबह जब सब सो रहे थे तो मैं 1:00 बजे 1:00 बजे रात
01:05:29:13 को मैं निकल गया। महाराज जी 2 बजे वहां से पास होते हैं इस टेंपल के चौराहे से तो मैं वहां पर गया। उसके आने के बाद अब पूरा मतलब कि जितने लोग गए थे इस के जो जुड़े हुए थे सबके नेत्रों में मतलब कि एक तरह की कहा ज्वाला एकदम ज्वाला दिख रही थी जिसे वो लोग भस्म ही कर देंगे आज मेरे को तो उसके बाद से वो बात खत्म हुआ तब तक क्या हुआ कि संध्या में इस टेंपल है वृंदावन में वहां संध्या आरती के बाद मैं जब बाहर निकला रोड पे तो जब हम प्रेम मंदिर के साइड जाते हैं तो वहां पे कुछ बुक डिस्ट्रीब्यूशन कर रहे थे। बुक डिस्ट्रीब्यूशन नहीं मतलब कि बुक बेच रहे थे। तो वहां पे जो प्रेम मंदिर के जिस संप्रदाय से हैं वो लोग बुक बेच रहे थे। तो मैंने उनसे बुक खरीद ली। उसके बाद से मैं वो बुक मेरे मैं जानता था कि ये अगर बुक मैं इनको दिखाऊंगा तो यह लोग कुछ करेंगे। कुछ बोलेंगे। मैंने वो बुक छुपा के रखी थी। मैं लेकिन तभी भी किसी के माध्यम से इनको पता चल गया कि मैंने बुक ली। उसके बाद से मेरे को इतना मतलब कि उस उस समय कहा जाए मैं अपने घर परिवार से दूर था। मेरे माता पिता ने भरोसा करके मेरे को भेजा
01:06:44:14 था कि अच्छे लोग हैं। मैंने भी विश्वास दिलाया था कि हां इस कौन के लोग लेकिन उस समय जो व्यवहार और जो टॉर्चर मैंने वृंदावन धाम में सहा है। अभी तक मतलब कि मैं बुला नहीं सकता हूं। और उस समय भी मेरी बुद्धि यही थी कि नहीं प्रभु जी हैं अच्छे हैं। उन्होंने क्या किया कि बुक लिया मेरे से बुक लेने के बाद से यमुना जी में सीता इस हद तक अब वहां इस वहां से आने के बाद अब मेरा प्रति एक तरीके से बल का प्रयोग किया गया आपके साथ बहु ये तो है छल से आपकी बुक ले ली और आपकी बिना इच्छा के उसको विसर्जन कर दिया उसका मैं बता रहा हूं आपको ये बुक ये बुक लेने के कारण ये प्रेमानंद महाराज जी से भेंट करने की इच्छा के कारण उस मतलब कि इस बलिया के जो यूथ कैंप के प्रेसिडेंट है इस बलिया के जो सोल्ड प्रेसिडेंट है क्योंकि अभी उन युवक हैं समझ रहे उनको उस लेवल का ज्ञान नहीं है लेकिन वो क्या है कि क्षत्रिय कुल से हैं करुणा मान के और कर्मकांड में भी उतर गए हैं। तो मैं बताऊं आपको तो
01:08:00:02 इस ख्नस के कारण कि मैंने ये कहा मैंने ये कहा एक बार क्या हुआ कि ये गौशाला में थे। इस की गौशाला वृंदावन इस की गौशाला में थे। मैं क्या किया कि मैंने सुबह से खाना नहीं खाया था। गौशाला का खाना मेरे को उतना भाता नहीं था क्योंकि वहां अभी वही अभी वही टाइम चल रहा था। वो जब आप जो है उनसे प्रेमानंद जी के दर्शन किए और आपने एक बुक ले ली प्रेम मंदिर वही टाइम चल रहा है। उससे एक दिन पहले ही मैंने पूछा था। तो ऐसे गौशाला जो था तो गौशाला का खाना मेरे को अच्छा नहीं लगा था। तो मैं कहा मैं जो मेरे थे मेंटर थे उनसे मैंने कहा कि मैं बाहर जाके खाऊंगा और खा के आ जाऊंगा किसी को पता भी नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि ठीक है जाओ जल्दी आ जाना। लेकिन मैं जब गया खा के आने लगा तो तब तक मेरे को देर हो गई। सब मेरे को खोजने लगे। तो मैं इस मंदिर के सामने ही था। इस मंदिर के जस्ट पीछे वो लोग थे। अब मेरे से पूछते पूछते अब मैं बता रहा हूं अपनी एग्जैक्ट लोकेशन कि आखिर में मैं हूं कहां लेकिन वो जो इस बलिया के वो है प्रेसिडेंट हैं उन उनको मेरे प्रति इतना क्रोध था कि जब मैं इस उन लोगों से मिला तो मिलने के बाद बातबात में ही उन्होंने मेरे पे बीट बैग से प्रहार
01:09:15:08 किया पूरा इधर ये सिर देख रहे हैं आप इधर साइड इतना तेज माला लकड़ी की होती है और उनकी बड़ी-बड़ी बीट्स वाली माला थी। इतना तेज ऐसे घुमा के इधर पूरा अब वहां पे मतलब आपको एक तरीके से अकेला पाकर वहां पर और आपके साथ इस तरीके से दुर्व्यवहार हो रहा है। मारपीट हो रही है। अगर अगर आप उनको स्वतंत्रता प्रदान कर दें कि प्रभु जी आज से मैं आपके अंडर में हूं। हालांकि आप इस अगर ज्यादा दिन तक जाने लगेंगे तो किसी ना किसी अंडर आपकी इच्छा हो ना हो आपको अंडर में रख लिया जाएगा। लेकिन अगर आप इच्छा प्रकट कर दे कि नहीं मैं आपके अंडर में हूं और आप 10 लोगों से वहां पर बता दे कि मैं उनके अंडर में हूं तो आपको पूर्ण शासन में लेने का प्रयास करते हैं। और वहां पे देखिए उनके शासन को स्वीकार नहीं किया तो मारपीट होने लगी। आपकी इच्छा के विरुद्ध आपकी वो सामग्री को प्रभावित कर दिया और जो है आपके ऊपर वार कर रहे हैं। मार भी रहे हैं। और भी कोई दुर्व्यवहार आपको देखने को मिला इस बीच। अरे इस वृंदावन में तो बहुत ज्यादा हुआ है। तो उसके बाद थोड़ा सा बताएं। उसके बाद से क्या हुआ कि हम मैं जब जाता हूं बाहर तो अच्छा यहां तक आपने
01:10:30:09 हमारा कोई वीडियो देख लिया था कि नहीं देखा था अभी तक? अभी मैं आपका देखना शुरू किया था मैंने। देखना शुरू किया नया नया। तो यहां पर क्या हुआ था कि मैं जब कहीं बाहर जाता हूं तो मेरे पास मेरे साथ तीन विग्रह जो है मेरे सेवित विग्रह है वो मेरे साथ मैं हमेशा जाता हूं तो ले जाता हूं तो उसमें एक लड्डू गोपाल जी का है और एक मां भगवती का विग्रह है और एक देखेंगे तो श्री रामचंद्र जी सीता मैया और हनुमान जी ऐसे राम दरबार है तो मैंने क्या किया था कि जिस रूम में हम थे वहां पे मैंने वो विग्रह बहुत अच्छे से संभाल के सजु की एकदम सेवा अपनी लगा के रखी थी और मैं सुबह शाम सेवा करता था। अब क्या हुआ कि जब लास्ट दिन निकलने का समय हुआ इस से मतलब कि वृंदावन से अब निकल जाने वाला समय हुआ तो मैं क्या किया था कि एक लड़के के साथ चला गया था। वो भी हमारे साथ ही आए थे वृंदावन यूथ कैंप इसमें तो मैं उनके साथ चला गया था श्री बांके बिहारी जी के दर्शन करने। अब वहां पर क्या हुआ कि रूम खाली करने को उन्होंने कह दिया। तो इन्होंने क्या किया मेरे विग्रहों के साथ कि भागवत विग्रह है पूरा मतलब कि आसन सहित उनको जिस
01:11:45:13 कपड़े पर मैंने बिछा के रखा था उसको ऐसे की गठरी बांधी मैं कह रहा हूं कि प्रभु जी मैं आ रहा हूं आप समझिए वो मेरे सेवित विग्रह है मैं आ रहा हूं उन्होंने क्रोध के कारण क्या किया कि मेरी ऐसे गठरी बांधी चारों ओर से और ऐसे ही पटक दिया मेरे बैग में और सारा बैग बाहर यह मतलब कि और आक्रोश किसका है कि भगवती के विग्रह है देखिए आप आक्रोश किसका है कि भगवती के विग्रह है कोई मान मर्यादा नहीं ऐसा किया था क्या नाम था उसका नाम मैं सार्वजनिक नहीं कर सकता क्योंकि अभी मैं स्टूडेंट हूं तो यहां पे हमारे बलिया के ना बलिया स्पॉन सेंटर के तो मैं जैसे अभी अभी स्टूडेंट हूं तो यहां पे जो मेरे स्कूल से भी उनका कनेक्शन तो अभी मैं स्कूल स्कूल की भी घटना एक बताऊंगा अभी क्या हुआ था स्कूल में मेरे साथ क्योंकि अब तो अब तो हालांकि भय खत्म हो गया है भगवत गीता गुरुदेव महाराज ने और आपकी कृपा से अब भय खत्म हो गया है क्योंकि पहले भय था कि आपके चैनल पे मैं दो तीन बार आया
01:13:00:14 हूं लेकिन भय था बताने में क्यों भय था कि अरे फोन आएगा उसके बाद इधर ले जाएंगे उधर ले जाएंगे लेकिन जब शास्त्र और गुरुदेव महाराज की कृपा है तो भय खत्म हो गया इन दोनों की कृपा से भय खत्म हो गया तो अब यहां तो ये हुआ ही उसके बाद से क्या हुआ कि कुछ समय कुछ समय के बाद अब जब हम लोग वृंदावन से वापस आ गए तब मैंने प्रतिकार करना शुरू किया कि आखिर में ऐसा क्यों हो रहा है उसके बाद से क्या हुआ एक बार कि जगन्नाथ रथ यात्रा का उत्सव था। तो यह जो बलिया के जो यूथ के प्रेसिडेंट है अभी तो हालांकि उनकी उम्र 20 साल भी नहीं 20 साल की ही होगी मेरे हिसाब से। तो वो क्या कर रहे हैं कि वो कुल से क्षत्रिय हैं। लेकिन उनको कर्मकांड का कुछ ज्ञान नहीं है। मैं एक तरह से कहा जाए वो देख देख के सीखते हैं। संस्कृत वो एक बार उन्होंने हम लोगों से कहा था। हम सभी यूथ बैठे हुए थे। बैठ के बाद गए थे। तो उन्होंने कहा था कि मतलब कि एक इंग्लिश में कहा था उन्होंने कि हिंदी इस चीफ लैंग्वेज। मतलब कि हिंदी निचले
01:14:15:25 स्तर की है। ऐसे उन्होंने कहा था। और अंग्रेजी जो है जिस माध्यम से वो पढ़े हैं उसको उन्होंने उच्च बताया था। मैंने कहा कि अरे व्याकरण आदि तो हिंदी में ही है। संस्कृत में ही है तो आप ऐसे क्यों कह रहे हैं? तो उन्होंने कहा था कि नहीं नहीं देखो प्रभुपाद की बुक्स देखो। सबसे ज्यादा बुक्स इंग्लिश में है। मैं कहा कि चल ठीक है। उसके बाद से जब मैंने उनका मंत्र सुना, स्वस्ति वाचन आदि सुना तो मैं शुरू से मेरा था कि मैं शुरू से बहुत ज्ञानी जो ब्राह्मण है कर्मकांडी ब्राह्मण है उनका मैंने संघ बहुत ज्यादा किया है। तो उनका संघ का प्रभाव ये है कि मेरे को स्वस्तिवाचन और ये जो इसकी शैली है ये सब मेरे को पता है कि कैसे स्वस्तिवाचन होता है? क्या होता है। मैंने जब उनका सुना, स्वस्तिवाचन सुना। बाकी सब पूर्ण अशुद्ध आपको मैं आपको मैं बताऊं स्वस्तिवाचन स्वस्तिवाचन उनको करने नहीं आता है। हिंदी उनको पढ़ने नहीं आता है। जिस व्यक्ति को हिंदी पढ़ने नहीं आता है। आप गौर करिए जिस व्यक्ति को हिंदी पढ़ने नहीं आता है वो बैठ के लोगों को पढ़ा रहा है। अब यहां पे एक और बात आती है कि इस में जो प्रसाद बनता है। तो इस का जो
01:15:30:26 प्रसाद है उसमें चाउमीन मंचूरियन बना देंगे यह बना देंगे। मैंने कहा कि ठीक है आप सात्विक तरीके से बना रहे प्रभु को लगा रहे हैं। ठीक है। लेकिन मैंने एक बात उनसे पूछी थी कि आप ये जो यूथ है इन सबको आप दे रहे हैं कि तुम लोगों को आगे चलके ब्रह्मचारी बनना है। यह जो तेल मसाला इतना हार्ड ये लोग खाएंगे ये जो शरीर में गर्मी जाएगी इससे ब्रह्मचर्य कितने दिन तक टिकेगा? क्योंकि वृंदावन वाले महाराज जी को अगर आप सुनेंगे तो जो ब्रह्मचर्य का पालन लड़का कर रहा है उसके लिए बहुत इंपॉर्टेंट है कि ये जो तेल मसाला आदि है इन सब का त्याग हो। अभी मैं हालांकि मैं इसी का प्रचार करता हूं हमेशा कोई भी मिलता है नवयुवा तो मैं उससे यही कहता हूं कि प्रथम तुम ये करो अपने भक्ति में आगे बढ़ने के लिए कि तुम ब्रह्मचर्य का पालन करना शुरू करो। क्योंकि ब्रह्मचर्य अमोग अस्त्र है तो मैंने उनसे पूछा तो मैं एक बात कहना चाहूंगा मैं एक बात कहना चाहूंगा आज हमारे कुछ लोग जुड़ रहे हैं तो मैं ये कहूंगा कि भाई हमारे अब लाइव सेशन बहुत सारे आपको मिलने वाले हैं लगातार तो आप लोग अगले सेशन में आए क्योंकि अभी ऑलरेडी हमारे डेढ़ घंटे हो चुके हैं बहुत
01:16:46:04 ज्यादा अब इनको सुनने के बाद हम लोग इसको जो है आज के सेशन को बंद करेंगे तो इसलिए जो अब नए लोग और ना जुड़े और अभी जो लाइव सेशन श्रंखला दोबारा से मतलब काफी सारे आपको लाइव सेशन मिलेंगे तो थोड़ा सा अपडेटेड रहे चैनल को लेकर के और उसमें अपनी बात को रखें अगली बार जी बताएं तो जब मैंने जब मैंने ये विषय उनको पूछा कि इतना तेल मसाला आदि खा के ब्रह्मचर्य कैसे कोई व्यक्ति रह सकता है तो उनका जवाब आप सुन के हंस देंगे। उन्होंने कहा कि कठोरता से ब्रह्मचर्य का पालन मायावादी करते हैं। हम्मच का पालन करने की कोई आवश्यकता नहीं है। मतलब कठोरता से धर्म का पालन हम करते हैं। शंकराचार्य के मैं यही आपको बताना चाह रहा था। मैं आपको यही बताना चाह रहा था कि आप सुन के हंस देंगे इस बात को। [हंसी] कठोरता अच्छा एक बात ये आती है जब व्यक्ति शास्त्र से बाहर जाता है ना तो उसमें वो फंस जाता है। किस पॉइंट के बाद आप कठोरता मान रहे हो? वो पॉइंट क्या है? चलो मान लिया कि कठोरता से नहीं करना है हमें। तो वो पॉइंट कहां से निर्धारित हो रहा है? वहां मानना पड़ेगा हमारे मनमुखी पॉइंट है।
01:18:01:22 है ना? उनका उनका पॉइंट ये रहता है कि अब मान जो बना रहे हैं तेल मसाला बाकी सब जितना सब बना रहे हैं। वो आप खाना छोड़ दिए। शुद्ध सात्विक भोजन कर रहे हैं जो आपके ब्रह्मचर्य की वृद्धि करने वाला है तब आपको वो लोग मायावादी सिद्ध कर देंगे कि देखो ये कठोरता से पालन कर रहा है अपना ब्रह्मचर्य बचा रहा है तो ये मायावादी है [हंसी] अब आप खाते रहेंगे उनके साथ रहेंगे तो ठीक है ऐसा भी मेरे साथ भी हो चुका है पिज़्ज़ा प्रसाद मैक्रोनी प्रसाद [हंसी] अच्छा
01:18:40:02 बोल कर गए [हंसी] मैं अपनी स्कूल मैं अपनी स्कूल स्कूल वाली घटना शेयर कर दूं। तो स्कूल में क्या हुआ था कि यही सब जो तर्क वितर्क मेरा होना शुरू हुआ। एक बार इनकी क्लास चल रही थी तो मैंने प्रश्न किया कि प्रभु जी देवी भागवत में तो लिखा है कि भगवती ही कृष्ण बनती हैं। तो इन्होंने कहा कि अरे वो तामसिक ग्रंथ है। तो मैंने कहा कि प्रभु जी यदि ये तामसिक ग्रंथ है तो इसका अर्थ इसमें झूठ लिखा है। मैंने डायरेक्ट क्वेश्चन किया कि इसमें झूठ लिखा है। तो उन्होंने कहा कि नहीं झूठ ये वाला पॉइंट हमने किया था आपने हरियर भेद वाले में। आप ही का पॉइंट है ये आप कॉपी पे मैंने तो मैंने कहा कि प्रभु जी यदि ये झूठ लिखा है मतलब कि मैंने ये बोला कि प्रभु जी क्या ये झूठ लिखा है? तो कह रहे कि नहीं ये झूठ नहीं लिखा है ये तामसिक ग्रंथ है। तो मैंने कहा कि प्रभु जी तामसिक ग्रंथ का मतलब क्या है? तो कह रहे हैं कि वो जो जिस वर्ग के लोग इसको पढ़ेंगे उनको अपलिफ्ट करने के लिए है। तो मैंने कहा तब प्रभु जी उतने अंश में तो ये झूठ हुआ ना। मैंने डायरेक्ट किया कि अगर तामसिक लोगों के लिए है तो ये झूठ हुआ।
01:19:56:02 हम लोग तो सात्विक है तो ये हमारा ही यदि सत्य है तो ये झूठ हुआ। तो उन्होंने कहा कि नहीं झूठा नहीं है। तो मैंने कहा कि तब भगवती बनती है कृष्ण। इतने में वो कह रहे हैं कि तुम चुपचाप होके बैठ जाओ। एक शब्द दबा के मत बोलना। [हंसी] अरे भैया मुझे तो एक वक्त में ये बोला इसका मतलब हमारा हरिहर भेद वाला वीडियो जो है सार्थक रहा ये बोला जा चुका है इसके बाद फिर कृष्ण काली अवतार पे हम बोलने लगे पूछने लगे कि बताइए उसका क्या मंतव्य हैव की लीला इत्यादि पे तो ये बोला जा चुका है कि एक एक मिनट कि व्यास मुनि को उस समय वो भाव ही नहीं था कि वो परमात्मा का व्याख्या कर पाए और मामला में पूरा गिनाने लगे लगे कि ऐसे ऐसे है पूरा देखुन काली और वो सब तो कह रहे ये सब तंत्र मंत्र हम नहीं जानते हैं व्यास मुनि का भाव ही नहीं था [हंसी] और ये बताया किसने इनको वो जो है डायरेक्ट व्यास मुनि जी ने ही बताया इनको जी वही मैं कि जो आधार है प्रश्न करने का जो तरीका है ये मेरे को आपसे तो इसीलिए मैं पूर्णिमा पे आपको फोन करके एक बार प्रणाम भी कर लेता हूं
01:21:11:15 कि भैया आशीर्वादगा ऐसे ही। तो अब स्कूल वाली जो घटना है इसमें ये है कि ये जो तर्क वितर्क मैंने करना शुरू कर दिया इनके साथ एक छोटी सी झगड़ा करना मतलब शुरू कर दिया कि आप बताइए ऐसा क्यों है? ऐसा क्यों होता है? मैंने ये भी प्रश्न किया था। वर्णाश्रम पर भी प्रश्न किया था कि मान लीजिए आप कह रहे हैं कि कर्मों से ही होता है तो मेरे को जब ब्राह्मण की आवश्यकता पड़ेगी और मैं जाऊंगा या क्षत्रिय की आवश्यकता पड़ेगी अपनी रक्षा के लिए और मैं जाऊंगा उसके पास और उसने कह दिया कि अरे पांच मिनट पहले आप आते तो मैं क्षत्रिय था आपकी रक्षा कर देता अब तो मैं ब्राह्मण
01:21:49:20 तो उन्होंने उन्होंने कहा कि तुम ज्यादा तुम ज्यादा इधर उधर भटकने लगे हो अब तुमको तुमको संज्ञान लेना करना पड़ेगा तुम पे ये करना पड़ेगा वो करना पड़ेगा पहले ये पूछा जाता है प्रभु जी कितना माला कर रहे हैं आप [हंसी] सबसे पहले तो क्या हुआ कि संज्ञान लेना पड़ेगा तो इन्होंने क्या किया इन्होंने एक तरीका निकाला ये लोग मेरे स्कूल में गए और स्कूल में जाकर प्रिंसिपल से कंप्लेन कर दी मेरी कि ये जो है हम लोग प्रभुपाद के मिशन को देखिए प्रिंसिपल तो है प्रिंसिपल को उतना ज्ञान नहीं है कि क्या कर रहे हैं ये लोग प्रिंसिपल हमारी जो है वो रामानुज संप्रदाय से है। अच्छा हमारे हमारे यहां स्कूल हमारे यहां स्कूल में बहुत सुंदर मंदिर है। वेंकटेश्वर स्वामी का मंदिर है। उनका उनका नाम है श्री विद्या प्रद वेंकटेश्वर भगवान। तो मंदिर है। तो ये लोग इन लोगों के बारे में उनको पता नहीं है। उनको लगता है कि कृष्ण का ही प्रचार कर रहे हैं। तो इन्होंने जाकर कंप्लेंट कर दी कि हम लोग प्रभुपाद के मिशन को इधर प्रीच करने आए हैं। और यह जो लड़का है यह हमको डिस्टर्ब कर रहा है। तो उसके बाद से उस समय मेरे को कठोर दंड मिला था कि मेरे को
01:23:04:26 मतलब कि स्कूल में इतना प्रतीकात्मक मेरे से प्रिंसिपल ने मेरे को ऑफिस में बुलाया। उसके बाद मेरे को बोला कि तुम उन्होंने कहा कि तुम अधर्मी हो। तुम ये हो, वो हो। वृंदावन में मैं जब था तो एक और बात याद आ गई। वृंदावन में जब था तो मैंने एक बार क्या किया था कि इस में कीर्तन होता है सुबह सुबह कीर्तन होता है और प्रभुपाद के विग्रह को घुमाया जाता है पूरे मंदिर में तो मैंने क्या किया था कि बस उसमें डांस किया था उस डांस को लेकर के इस वृंदावन के जो YouTube चैनल है उस पर मेरे डांस का वीडियो आ गया था तो उस डांस को लेकर के मतलब कि कीर्तन पर नाचना तो उसको लेकर के जो ये थे इन्होंने मेरे को कहा था कि देखो मतलब कि सबसे जितने वहां पर लोग थे सब बैठे थे सभा में और मैं मैं था तो तब तक मैंने कुछ बोला था तो उस पर इन्होंने बोल दिया कि अरे तुम तो व्यभचारी हो एक तरह से कैरेक्टर लेस मेरे को बोला था क्यों बोला था क्योंकि मैं वो कह रहे हैं कि मैं इसलिए बोल रहा हूं क्योंकि तुम लड़कियों की तरह कीर्तन में नाच रहे हो मैं उसके बाद से मेरा मन किया कि मैं पूछ दूं तब श्री चैतन्य महाप्रभु के बारे में आपका क्या
01:24:19:27 विचार है क्योंकि महाप्रभु का जो कीर्तन मतलब विश्व विख्यात था उस समय पर अभी भी है बिल्कुल तो प्रिंसिपल द्वारा मेरे को बुलाया गया उसके बाद प्रिंसिपल द्वारा मेरे को बहुत सारे कठोर पनिशमेंट दिए गए पनिशमेंट देने के बाद जो प्रिंसिपल मेरे को बहुत ज्यादा मानती थी कि आध्यात्मिक बच्चा है वो एक पल में इन्होंने सारा धो डाला मेरे को बुलाया गया प्रिंसिपल ने भी बहुत सारी बातें बोली कि तुम ढोंगी हो तुम ढोंग करते हो। ये लोग प्रचार करने आए हैं। तुम इनके तुम इनके मार्ग में यह कर रहे हो वो कर रहे हो। उसके बाद से मेरे को तभी भी लगता था कि नहीं ये प्रभु ये प्रभु जी है। उसके बाद से उसके बाद से इस बलिया से मेरे को फोन आया। मेरे को बुलाया गया। मैं इनके सेंटर पर पहुंच पूरा राउंड टेबल कांफ्रेंस हुआ मेरे साथ। मैं बैठा हूं एक जगह और ये लोग पूरा घेर के मेरे को चारों तरफ से बैठे हैं। उसके बाद से मेरे से पूछ रहे हैं कि आखिर में तुम चाहते क्या हो? तुम तुम क्या समझते हो? कि तुम बहुत बड़े ज्ञाता हो गए हो। बताओ और पूरा मेरे पास ना कोई साधन है। मतलब कि एक तरह से कहा जाए कि
01:25:34:28 आप सोचिए आप एक इमेजिन करिए कि आप बैठे हैं और चारों तरफ से लोग जो है वो आपको एग्रेसिवली मतलब कि आपको देख रहे हैं। आपसे कुछ आपको आपका प्रतिकार उसके बाद उसके बाद आपको अपने डिफेंस के लिए आपके पास कुछ नहीं है। हम आपको मैं वो बता नहीं सकता है मेरा एक्सपीरियंस क्या था लेकिन यह मैं बता सकता हूं कि मतलब कि अपने डिफेंस के लिए कुछ नहीं था। मैं अगर उस समय वीडियो बनाया रहता तो आज बहुत सहाई होता। ये जो है यहां पे हम उस वीडियो को शेयर कर सकते थे कि किस तरीके से मतलब कि एक जो यूथ है वो फंसा इस में उस तरह का मुझे यही यही लग रहा है कि निखिल भैया ने अपना भाव बहुत अच्छे तरीके से बताया। आपको भी थोड़ा जाना होगा। यहां तक ही नहीं रुका है। बाकी भी बहुत सारी चीजें हैं। इस थोड़ा सा कंक्लूजन दे दीजिए या तो और किसी दिन डिटेल ले लेंगे। एक थोड़ा सा हमें कंक्लूजन दे दीजिए आप कि फिर वो कौन सा दिन था वो कौन क्या दृश्य था जब आप बिल्कुल आपने अलग हो गए। वो क्या हुआ? और उसके पीछे थोड़ा सा मतलब कौन-कौन से लोग या कौन-कौन सी चीजें आपके निमित्त बन गई।
01:26:50:02 हम पॉइंट बता दीजिए जो ब्रेकिंग पॉइंट होगा आपका जहां पर आपने छोड़ दिया वो मैं एक बात बता दूं कुछ लोग वेटिंग रूम में भी है शास्त्रवाद जी भी है और एक लोग और है मैं बताऊं कि हमारी अभी आज या कल में कक्षा होने वाली है जो रुकी हुई थी पिछले हफ्ते नहीं हुई थी उसमें जुड़े और दूसरी बात ये है कि अब यहां पर लाइव भी काफी सारे होने वाले हैं लगातार उसमें जुड़े अभी ये लाइव ऑलरेडी हो चुका है। तो निखिल जी की बात को सुनकर के हम लोग विराम लेंगे आज और आप लोग अभी मतलब ये इसको मतलब और लंबा ना खींचे सेशन को तो आप अगली अगले सेशन में थोड़ा सा अपडेटेड रहे। अभी जल्दी जल्दी होने वाले हैं कई सारे लाइव सेशन। जी बताएं। मैं पूरा अपनी जितनी मैंने बात कही उसका कंक्लूजन यही दूंगा कि लास्ट समय का प्रतिकार लास्ट समय का प्रतिकार थोड़ा बड़ा हो जाएगा। लेकिन मैं यह कंक्लूजन दूंगा कि यहां पर जितने यूथ सुन रहे हैं उनसे मेरी बस यही प्रार्थना है कि इस से पहले तो बच के रहो लेकिन अगर तुम जुड़ रहे हो तो इसमें ये है कि अपने आप को स्वतंत्र रखो। किसी के अंडर
01:28:05:08 में जाने का प्रयास करोगे ये लोग तुमको हर प्रकार से डिस्टर्ब कर देंगे। तुमको मतलब कि एक स्ट्रेस फैक्टर ये लोग आपके साथ दे देते हैं कि आप इस इनके अंडर में है। आपको ये ये करना है। दैट्स इट। ये आपको मतलब एक स्ट्रेस देते रहेंगे दिन भर कि तुम किसी और को नहीं सुन सकते। तुम ये नहीं कर सकते। तुम वो नहीं कर सकते। ऐसे आपको करते रहेंगे। उसके बाद से ये है कि आपकी पढ़ाई इसमें मेनली डिस्टर्ब होती है। क्योंकि ये लोग आपका दिमाग खींचेंगे। हमारे यहां तो यह तक था कि आप दूसरे संप्रदाय का वीडियो लगा दीजिए तो हमारे पास कॉल आ जाता था। दूसरे संप्रदाय का वीडियो लगा दीजिए। गौडिया गौडिया जो संगीत है जो एक चीज थोड़ा विषय विषय में आ जाएगी। क्या आपको कभी कहा गया? जैसे अभी हमें इस दिल्ली के एक तथाकथित ब्रह्मचारी ने कहा कि भाई इस के अनुसार या प्रभुपाद जी के अनुसार जो है शिव और कृष्ण को एक माना जाता है। तो आपको कभी ये शिक्षा दी गई क्या इस में? मैंने मैंने उनको सुना। मेरे को लगा कि अरे ये कहां से आ गया? नई बात है। हम लोगों के लिए भी नई बात है। इस में आज तक ऐसा ही नहीं गया।
01:29:20:09 चलिए मैं इनको वही बता रहा था। मैं इनको वही बता रहा था। वहां वहां बस इतने तक है कि वैष्णवा नाम यथाशंभू वैष्णवा नाम यथा शंभू उसके आगे शिव जी दास हैं और एक लास्ट समय का प्रतिकार यही हुआ था कि उन्होंने भगवती काली के बारे में जो मेरी अभी इष्ट है उनके बारे में बोला था तो उसके बाद से पूरा एकदम मैं अग्रेसिव हो गया था उसके बाद से विरोध हुआ लड़ाई तक की स्थिति आ गई थी बस इतना मैं कहूंगा मैं कहूंगा कि इस एक जैसे जो जानता है अच्छा मार्ग जानता है परंपरा को जानता है वो अगर इस में जाएगा तो वो बच उसके लिए बहुत डिस्टर्बिंग है इस आप कह सकते विपरीत विपरीत परिस्थितियां उत्पन्नोंगी बहुत ज्यादा एक लाइन में गुरुदेव से गुरुदेव से एक चीज सीखा था जब गुरुदेव प्रभु दत्त ब्रह्मचारी जी का चैतन्य चरितावली के बारे में बता रहे थे तो मैं ला के मैंने पढ़ा। उसका अध्ययन करने के बाद गुरुदेव से ही मैंने सुना कि उन्होंने एक लाइन बोली थी कि अंग्रेज जब भारत में आए थे तो उन्होंने गुलामी की थी व्यवहारिक स्तर पे और ये लोग करने वाले हैं वैचारिक स्तर पे और उसी तरीके से लोगों को अपंग बना रहे हैं।
01:30:35:15 तो काफी अच्छा लगा था मुझे ये लाइन। मेरे को एक बार एक आए थे तो उन्होंने व्यवहारिक हम हम पर शासन किया था। व्यवहारिक रूप से और हम भारतीयों ने उनकी गुलामी की थी व्यवहारिक रूप से और अब ये जब इस तरह से दार्शनिक बन के आ रहे हैं और जो है धार्मिक सत्ता के रूप में आ रहे हैं तो अभी वैचारिक रूप से भी जो हमारा मन से हम कुछ सोच सके तो वहां पर कब्जा करने की बारी है तो इसलिए आप सबके लिए सतर्कता का सतर्कता की आवश्यकता है बाकी बहुत सारी चीजें हमने इस वीडियो के शुरू में बता दी है और कई सारे प्रकल्प चल रहे हैं तो आप लोग अगर चाहे तो हमें अपनी स्वेच्छा से सामर्थ अनुसार आर्थिक सहायता अवश्य प्रदान करें। बहुत सारे अभियान है जिनको गति देनी है और आपका भी बहुत-बहुत आभार आयुष जी भी पहुंचे यहां पर और निखिल जी आपका भी आभार और जो भी वीडियो की शुरुआत में जिन्होंने अपना अनुभव शेयर किया था उनका भी आभार। सभी समर्थकों का आभार तो फिर हम अगली लाइव में मिलेंगे। संभता हमारी वो ईश्वर साकार निराकार को लेकर के निर्भय के साथ होने वाली है। निर्भय आ रहे हैं उनके साथ। आर्य
01:31:50:24 समाज आर्य समाज वाला और कल एक बौद्ध वाला डिस्कशन आपको मिलेगा। अकाट सिद्धांत देखिए कैसे हराता है परास्त तब बढ़िया है भैया तब बढ़िया है लोग भी अभी थोड़ा ज्यादा कर रहे हैं हालांकि वो केवल वो कॉल रिकॉर्डिंग है वो आमने सामने होते तो और अच्छा रहता मगर ठीक है कॉल रिकॉर्डिंग प्रबुद्ध जनों के लिए पर्याप्त है वो ठीक है तो सभी को जय श्री राम जी एक एक निवेदन था जी जी जैसे वीडियो कुछ ना कुछ डालते रहिए क्योंकि आपका अगर वीडियो लंबे समय तक नहीं आता है तो इधर खलबली हो जाती है। [हंसी] चलिए ठीक है। कोशिश करेंगे ध्यान देंगे। चलिए जय श्री
⬜ Not used yet · 01:32:34:24 – 01:32:38:00 (0:03)
01:32:34:24 राम जय श्री राम।
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