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00:00:03:00 सभी को जय श्री राम और आशा करते हैं आप सभी कुशल पूर्वक होंगे जो भी समर्थक हैं वह मर्यादा में रहे और जो भी विरोधी हैं वह अच्छे से रिसर्च करें उसके बाद कोई बात बोले अब जो है बात आती है कुछ के जो हमने लाइव किया उसमें सबसे पहली बात तो यह है कि एक गौरी करके एक मातृ शक्ति है जो ा पर मुझे फॉलो करती है कि नहीं ये नहीं पता और मुझे ये भी नहीं पता ठीक से कि वो समर्थन देती है कि नहीं और ऐसा कुछ लास्ट के कुछ वीडियोस वगैरह में शायद उसने विरोध भी किया था मगर उसने मुझे बताया था कि पुरी के शंकराचार्य जी हैं वो किसी प्रकार से उसके दादा लगते हैं और उस उन्हीं को वो गुरु रूप में देखती है तो उस उस तरीके से मेरा बहन के जैसा एक छोटी बहन के जैसा उसके प्रति भाव था और वो यदा कदा कुछ ऐसी चीजें भी करती रहती थी जिससे मैं सहमत नहीं हूं जैसे कि इसकन को लेकर के ऐसी

00:01:18:02 बातें बोल देना जो मतलब मर्यादा की लाइन को क्रॉस करना या किसी को भी लेकर के बोलना तो वो करती रहती थी वहां पर वो मुझसे व के जरिए कनेक्ट थी और जिस दिन मुझे दिन का एजेक्ट याद नहीं मगर मुझे बहुत सारे लोग ज हमने लाइव की थी भगवता अंद के बारे में तो उस लाइव के बाद बहुत सारे लोग मुझे जो है मैसेजेस कर रहे थे ट बहुत सारे और वैसे भी करते हैं उसके बाद और भी कर

00:01:54:22 रहे तो फिर क्या है कि जब यह सब कर रहे थे तो बीच इसका भी मैसेज आया और मुझे मालूम था कि यह भगवता नंद को भी सपोर्ट करती है और करना चाहिए भाई जहां जिस अंश में जहां जिस जिस अंश में कोई व्यक्ति धार्मिक कार्य कर रहा है उसका सपोर्ट करना चाहिए तो ये करती थी मगर यह अपेक्षा करती थी कि मैं भी उनका वैसे ही सपोर्ट करू जैसे वो कर रही तो मेरा मामला अलग था क्योंकि उसने इधर मैंने कई बार बताया गुरुदेव के लिए ऐसी चीजें की है भगवता आनंद ने जिसके कारण से मुझे एक निश्चित दूरी बनाना उचित लगा ये इससे बेटर कि मैं आके आक के तुमसे भीड़ू पहले तुम ऐसा कैसे बोल रहे हो वैसा कैसे बोल रहे हो जय श्री राम हर्षित जी है ना तो इसलिए मैंने उससे निश्चित दूरी बनाना ही उचित समझा तो इनका एक मैसेज उस दिन जिस दिन मुझे इनसे रिलेटेड भ भगवता अंद से रिलेटेड बहुत सारे मैसेजेस आ रहे थे तो उस दिन गौरी का भी एक मैसेज आया उस मैसेज को मैंने पूरा नहीं देखा बहुत सारे मैसेज आते सबको मैं इतनी जल्दी जल्दी नहीं पढ़ सकता था तो मैंने नहीं देखा मगर उसमें मुझे ऐसा लगा ये मुझे गलत फहमी हो गई यह मेरी त्रुटि है दोष है कि मैंने उसको मैसेज को पूरा नहीं

00:03:09:22 पढ़ पाया और यह नहीं देख पाया कि ये मैसेज जो है भगवता अंद की ओर से मुझे भेजा गया है और उसमें मुझे ऐसा प्रतीत हुआ कि जैसे अन्य सारे लोग अब रिए मेरा कहना होता है कि सत्य के यदि प्रदर हैं तो प्रत्यक्ष वार्ता करें अन्यथा मुगरी लाल के हसीन सपनों की दुनिया में डूबे रहे तो मेरा एक यह मैं देता र जो भी लिखित में चर्चा करने के लिए प्रयास करता है परेशान करता है तो मैं उसको यही कहता हूं तो उसकी तरफ से जो सवाल वगैरह आए थे कुछ वो ठीक से ना देखते हुए किसने भेजा यह भी ठीक से ना समझते हुए और मैंने जो

00:03:53:27 है ठीक से ना देखते हुए मैंने उसको वही डायलॉग दे दिया कि भाई सत्य के पक्ष हो तो प्रत्यक्ष वार्ता करू तो अब पहली बात तो यह है कि प्रत्यक्ष वार्ता के लिए भगवता अंद मुझे ऑलरेडी वो कर चुके वो कर चुके थे इनवाइट ठीक है कि भाई लाइव चर्चा करिए तो इससे ही पता लग जाता है कि मैंने यह समझते हुए वो बात नहीं कही है कि यह बात भगवता आनंद को जा रही है मैंने कल के लाइव में भी कहा था कि मुझे नहीं पता है कि मैंने किसको क्या भेजा है उसको देखना भी पड़ेगा तो मैंने ये मैसेज भेजा था इस बात को भगतान ने अपनी वीडियो में उठाया है कि देखिए मुझको ये कह रहा है सत्य के पक्षधर हो तो प्रत्यक्ष वार्ता करो भाई जब तुम मुझको ऑलरेडी भेज चुके हो तो तुम्हें समझना चाहिए कि इसमें कुछ ना कुछ शाब्दिक फेर है और सबसे बड़ी बात है कि तुम मेरा नंबर सर्वित है अगर तुमको अपने मैसेजेस व के द्वारा मुझे भेजने हैं तो डायरेक्ट भेजो यह मध्यस्थ की बात क्यों कर रहे हो सीधे भेजो मैं भगवता अंद मैं मैसेज भेज रहा हूं ऐसा ऐसा होना चाहिए जो भी है तो तुम एक दूस किसी दूसरे के द्वारा क्यों भिजवा रहे हो और जो गौरी है वो मेरे साथ ऐसे नहीं है कि लगातार संपर्क में रहती हो बहुत डेली बात होती रहती हो छ महीने में एक बार बात हुई थी उसके बाद अचानक से उसका एक वो आ

00:05:09:01 गया मैसेज इस तरह से उसके साथ वो है कि संपर्क है तो बहुत सारे मैसेजेस जब आ रहे हैं तो वहां पर सभी मैसेजेस को पूरा पढ़ना संभव नहीं है मगर हां दोष यह है कि जब पूरा पढ़ा नहीं है तो फिर वहां पर अपना वो नहीं देना चाहिए फिर निर्णय नहीं देना चाहिए जब आपने पूरा पढ़ा नहीं तो मैंने वहां पर यह कहा यह समझते हु की सत्य के पक्ष यह समझते हुए कि कोई मुझे लिखित में चर्चा के लिए परेशान कर रहा है तो मैंने ये लिख दिया तो इसके लिए मैं क्षमा प्रार्थी हूं कि मैंने उस मैसेज को पूरा नहीं देखा था नहीं तो अगर देखा होता तो मैं यही कहता कि भाई आपके जो जो मैंने कम्युनिटी पोस्ट में जवाब दिया तो वही जवाब में वहा देता मुझसे पूछा जा रहा था कि भाई आर्य समाज जैसे लोग और यह इस तरह के लोग तुम जो है अक्ष जनं के पास चले जाते हो अनंद वाली बात मैंने कल भी बताई थी वहां पूरी के शंकराचार्य के शिष्य के रूप में नहीं गया था शश नारायण द्वेदी के रूप में नहीं गया था मगर तुम जिस चर्चा के लिए मुझे बुला रहे हो वहां पर मुझे उसी रूप में आना है ठीक है और दूसरी बात क्या है हां अगर ऐसी बात है अगर तुम तुमको दूसरे रूप में मिलना है तो क्या मैं पहली बात तो ये है कि अय पॉसिबल नहीं है मगर मैं प्रयास करूंगा किसी दिन कोई मास्क वास्क लगा के अपना चेहरा मुखो खोटा लगा के पहचान क्योंकि तुम उससे तुलना कर रहे

00:06:24:01 हो ना पहचान बदल करके तुमसे मिलूंगा तब तुम तब तुम्हें ठीक लगेगा तो ऐसा कुछ करने का या कहने का आधार ही नहीं बनता है कि तुम वहां पर भले ही पहचान बदल के गए थे कौन सी बात है भाई जब वहां पर मैं शंकराचार्य जी का शिष्य बनक नहीं गया तो वहां पर व वाली चीज खत्म हो गई कि उसने गुरु के लिए यह कहा या वो कहा या वो गुरु निंदक है गुरु विरोधी है मैं तो वहां पर जा ही रहा हूं एक भेजे गए दूध के रूप में अच्छा ठीक है दूसरी बात क्या है कि

00:07:00:25 ये हां अब तुम्हारा कहना है कि तुम जो है वो आर समाज यों के साथ मंच साझा कर लेते हो हां कर लेते हैं जब तक उसने मेरी जानकारी में व्यक्तिगत टिप्पणियां ना की जो शास्त्रोक्त वो चल रहा है वोह ठीक है व तो ही है अरे भैया वह लोग अगर ऐसे देखा जाएगा तो उन्होंने अपने शास्त्रों के आधार पर बहुत कुछ कर रखा है तो इस हिसाब से आर समाजी से कभी चर्चा ही नहीं हो सकती कभी उनका मुह बंद नहीं कराया जा सकता है ना तो ये भी आपका जो तर्क है वो गलत है फिर भी मैं दिखा देता हूं कि मैं किन लोगों के साथ चर्चा नहीं करता

00:07:37:15 हूं और मैंने कल के वीडियो में बताया था कि तुम नए नहीं हो कोई जब व्यक्तिगत हो जाता है चर्चा में जो शास्त्र है उनके आधार पर उसका कुछ भाष्य लिखा है उसके आधार पर बात कर रहा है वो बातें बोल रहा है और कोई होता है जो कि तुम्हारे यहां ये होता है तुम अब यह कर रहे हो वो कर रहे हो तो यह वाली बातें जब ले आने लगता है व्यक्तिगत पढ़िया वो भी अमर्यादित होते हुए तो उसके साथ में चर्चा नहीं [संगीत] करता इनकी अभी एक पोस्ट आई है सुना है शिवांश ने मुझे संस्कृत ज्ञान से भीन बताया है अभी का तो खैर रहने दीजिए मैं कुछ पेपर कटिंग उदाहरण दे दू भाई कहां से सुन लेते हो तुम क्यों सुनी हुई बातों पर विश्वास करते हो सुना है सुना है कहां लिखा मैंने सुना है दिखाओ मुझे मैंने तुम्हें संस्कृत ज्ञान से विहीन बोला हो तो जबरदस्ती अपने लिए वो बनाते हो तुम क्या कहते हैं अपने लिए मुद्दा तैयार करते हो कि मैं किस पर बोलू क्योंकि तुम्हें बोलना है तुम्हें करियर बनाना है अपना है ना ये सब करियर

00:08:52:20 है तुम्हारे लिए धर्म युद्ध नहीं है ये करियर है उधार ट पोस्ट कर रहे हैं उन्हें पढ़ ले आप सब टिप्पणी में दिए गए लिंक को ध्यान से सुन ले बाकी बातें तो लाइव में उत्तर देंगे शिवांश ने बोकला में बहुत भारी भूल कर दी है और तुमने नहीं की तुमने बोकला में भूल नहीं की है कल ही तुम्हारा दिखाया था कि जहां मैं कह रहा हूं एक तरफ चर्चा के लिए वो दे रहे हो और दूसरी तरफ जो है विरोधाभासी वीडियो डाल रहे हो तो तुम वहां पर यह क्लेम कर रहे हो कि मैं उस वीडियो के अंदर के कंटेंट में दी जाने वाली जानकारी के लिए विरोधाभास शब्द का यूज कर तो ये तुम्हारी बौखलाहट है जो वीडियो मैं जिस मातृ शक्ति को भली भात जानता हूं उसके पक्ष को रखने के लिए वह भी उनके प्रति उत्तर में जो गुरु द्रोही नीच

00:09:44:20 दंभी वहां इग्राम पर कैंपेन उसके लिए चला रहे हैं उनको उनके प्रति उत्तर में जहां पर मैं वीडियो बना रहा हूं और उस वीडियो में तुम दाल भात में मुसर चंद वाले काम कर रहे हो कि नहीं नहीं ये मेरे लिए है पूरा वीडियो चार घंटे का उसमें से कितनी देर तुम्हारे लिए बोला गया संयोग था कि उस दिन तुमने वो कर दिया उसी दिन तुमने भी विजया श की बात उठा दी सिर्फ संयोग और तो और उठाई तो उठाई दो चीजें की दो चीजें क्या की दो चीजें एक तो उसका मंच पर होना और एक फ्री मिशन से जोड़ना यह दो चीजें तुमने एक्स्ट्रा की थी उन्हीं दो चीजों के लिए केवल मैंने वहां पर बोला जो चीजें तुमने एक्स्ट्रा बोली और क्योंकि तुमने उसी वीडियो में परिक की बात की थी तो फिर उसको मैंने बत बत संक्षिप्त में कहा कि भाई प्रमाण लाइए चीजों का ठीक है और कुछ लोग यह अज्ञानता वश कमेंट कर रहे हैं पहली बात तो यह कि अगर तुम्हें ऐसा लगता है कि तुम सत्य के पक्षधर हो तो तुम लाइव आ जाओ दूसरी बात यह है कि उसके साथ भगवता अंद के साथ लाइव के लिए कल हमने बोल दिया है कि वो आए और जो उसने विजय श्री के बारे में बोला है उसको सिद्ध करे जो उसने मट के पर

00:10:59:20 आरोप लगाए वो उसको सिद्ध करें ठीक है और अभी कुछ चीजें और है वो अपनी गुरु परंपरा सिद्ध करे कहां से ज्ञान आया वो सिद्ध करे ये सब चीजें भी है ना वो आचार्य तो वो है ना उसको सिद्ध करना है अब कि वो कौन सी परंपरा से परंपरा प्राप्त आचार्य है कहां से उनका वेद भाष्य आया है कहां से उनका वो आया है ब्रह्म सूत्र भाष्य कहां से भगवत गीता भाष्य आया उनका वो सब बताएं कौन सी परंपरा चल रही है ठीक है अच्छा दूसरी बात यह

00:11:33:22 है हां तो मैं आपको वो दिखा रहा था हमने कहीं भी अपने वीडियो में जिस शब्द का उपयोग ही नहीं किया उसको अपने अनुसार अपने मन के अनुसार समझ करके अपने अनुसार वह दाल भात में मुसर चंद वाला कार्य क्यों अरे भाई मैंने कहीं पर जिस शब्द का उपयोग ही नहीं किया तुम्हारे लिए कि लोग मुझे वो शिवांश का कहना है कि आपको संस्कृत का ज्ञान नहीं है बकवास और कुछ नहीं है

00:12:07:28 ये हम कल कुछ तकनीकी दिक्कतें आ रही थी जिसके कारण कुछ सब्जेक्ट मिस भी हो गए वो कोशिश की है कि मैं जो है उनका उत्तर भी आज दूं तो वो जो मिस हुए हैं स्किप हो गए हैं उनका भी आज उत्तर देंगे और मैं बार-बार कह रहा हूं कि अब भाई बिना ना मान जल्दी जड़ गए तीन दिन भीत बोले राम सोप त भन होए ना प्रीत ठीक है तो आइए आप कहां आना है आपको लाइव

00:12:47:09 में उसको लड़ाई करनी थी भगवता अंद का मामला यह था कि उसको सभी पीठ में सभी जगह पर प्रश्रय मिल रहा है थोड़ा बहुत उसका होना मतलब चीजें चल रही है उसका है ना केवल एक पूरी पीठ से ही उसको प्रश्रय नहीं मिल रहा है तो ऐसा भी एक प्रतीत होता है कि इसका उद्देश्य यही है कि पूरी पीठ से प्रश्रय प्राप्त करना जो अपना नया संप्रदाय खड़ा करना है उसके लिए भैया जो आज के सबसे प्रामाणिक आचार्य हैं उनसे अपनी प्रामाणिकता को सिद्ध करवाना जबकि जिनके साथ वह बैठे दिख रहे हैं उन्होंने भी यह ताल ठोक करके नहीं बोला कि निग्रह चार्य व निग्रह कोई संप्रदाय है कोई प्रमाणिकता नहीं है बने निग्रह घूमो कहां मठ है कहां मंदिर है अन्यों के बारे में टिप्पणी कैसे करते हो समीक्षात्मक क्यों होते हो मैंने बताया ना आपका कुछ अता पता है कहां आपका मठ है कहां आपका गुरुकुल है कहां आपकी गौशाला है जो बात करते हो दान लिया अरे कितने प्रकल्प चल रहे हैं जिसमें की अर्थ का उपयोग होगा ठीक है और दूसरी बात क्या है कि आपने अपनी लाइफ को तो छुपा के रखा हुआ है जंगल में से निकल के आते हो रेलवे स्टेशन पर बैठ के वीडियो बना देते हो और दूसरे जि जिन्होंने अपनी लाइफ में ट्रांसपेरेंसी अधिकतम

00:14:02:21 रखी हुई है उनकी ट्रांसपेरेंसी से उठाई हुई बातों का बातों पर व्यक्तिगत टिप्पणी देते हो अरे तुम्हें विरोध करना है तो व जहां पर शास्त्र का विरोध करें वहां शास्त्र का विरोध करके खत्म करो और फिर चर्चा करने की बारी आती है तो तुम कह रहे हो कि जो ऐसा शास्त्र का विरोध कर रहा है उससे चर्चा क्यों करूंगा तो फिर मेरे से चर्चा क्यों कर रहे हो मैं भी तो शास्त्र का विरोधी हूं शंकराचार्य जी के पास ज्ञान लेने क्यों जा रहे हो तुमने अपने वो मैं बताऊंगा चीजें अभी बताते हैं

00:14:53:26 अ ये कहानी शुरू हुई है जब हमने क्यों खुल जाता है बार यह देखो ये दिख रही प्लेलिस्ट क्या लिखा है टाइटल में मर्यादा का उल्लंघन करने पर चर्चा नहीं युद्ध होता है यह आर्य समाजी को कहा है मैंने ठीक है किसको कहा है आर्य समाजी को कहा है ना

00:15:25:13 यह क्यों आ रहा है यह देख लो तो यहां तुम्हारी अधूरी रिसर्च का परिणाम है तुम्हें जो देखना पड़ रहा है तुम अकेले नहीं हो जिसको मैंने चर्चा के लिए मना किया है जो व्यक्तिगत हो गया है उसको मैंने कई बार चर्चा के लिए मना किया है तुमने अपने वीडियो में एक बात और कही थी कि तुमने गाली देने वाले को कभी रोका अन्यों को जो गाली दे रहे हैं अन्यों का जो विरोध कर रहे हैं उनको कभी रोका जब तुम पर बात आएगी तो तुम बोलोगे तुम पर बात नहीं आएगी तो नहीं बोलोगे नहीं मेरी जानकारी में जब बात आएगी तो मैं बोलूंगा रोकूंगा जैसे मेरी जानकारी में बात आए वो जो गौरी है उसके लिए मैंने गलत सूचना दे दी कल तो मैंने माफी का पोस्ट कम्युनिटी पोस्ट भी डाला और यहां भी बोला क्योंकि मुझे उसके भी सम्मान की चिंता है वह भले ही तुम्हारी पक्षधर हो वो भले ही मेरी पूर्ण समर्थक ना हो उसको लेकर के मेरे मन में संशय बना हुआ हो कि भैया इसने जो बात कही है कि पुरी के शंकराचार्य जी के प्रति निष्ठा भाव रखती है कि नहीं रखती है क्या है गुरु भाव रखती है परंतु मेरे द्वारा निर्गत की गई जो जानकारी थी उसके विषय में उस पर दोष आ रहा था कि उसने आपको गलत सूचना दी तो वहां पर मैं स्पष्ट हुआ हाथ जोड़ के माफी मांगी क्षमा मांगा क्योंकि मुझे उसके सम्मान की भी चिंता है ठीक है

00:16:41:03 मगर आपको जब पता चला तो आपने वहा बातों की जलेबिया बनाई जब आपको पता चला मैंने गलत मातृशक्ति का व वीडियो दिखा दिया है मंच पर तो आपने नीचे डिस्क्रिप्शन में अपना वो चीज डाल दी वहां आपने य नहीं की वो गलती से हो गया है और उसको हम कट कर रहे हैं उस पार्ट को जो भी है जो भी उसका वो हो सकता था तो अब ठीक है अब दूसरा दो दूसरा देखो यह देखो एक वीडियो य दिख रहा है डोंट डू दिस दिख रहा है ये डोंट डू दिस इसमें हमने यही बोला इस वीडियो में जाकर देख लेना क्या बोला है कि आप जो है इनको गालियां ना दे व्यक्तिगत यह सब मजाक उ पास ना उड़ाए हमने तो अनार्य समाज बोलते थे पूरे लोग अनार्य समाज या वो भी बोलते थे आर्य नमाज अनार्य नमाजी यह सब बोलते थे तो अनार्य नमाजी में क्या हो रहा है कि वह हिंदू धर्म से या सनातन धर्म से दूर जाने वाली बात हो रही है तो हमने उनको एक नया नाम दिया अलंकार समाज क्योंकि उन्होंने जहां पर भी वेदों में ईश्वर के अवतार का वर्णन चमत्कार का वर्णन आता है तो अपने अनुसार वहां पर अलंकार लगा दिया कि यहां तो अलंकारिक बात है उस हिसाब से अलंकार समाज नाम दिया क्योंकि

00:17:56:18 हम यह नहीं बता ना चाहेंगे लोगों को कि भाई यह जो है सनातन से दूर ही हो गए चले गए बात ठीक है वो है उनकी शिक्षा ऐसी जो सनातना भासी है सनातन विरोधी है तो उसी बात पर तो हम बातें करेंगे चर्चा करेंगे मगर उनको हम गैर सिद्ध गैर नहीं कर देंगे कि जाओ तुम उनमें मिल गए मुस्लिम हो गए तुम हम उनको याद दिला रहे हैं कि तुम्हारी जो शिक्षाए मुस्लिमों जैसी हो रही है मगर उनको यह नहीं कह देंगे तुम मुस्लिम ही हो इसलिए हमने इन शब्दों का यूज नहीं किया उनके लिए कभी

00:18:32:19 ऑपरेटर मुझे बताएं अच्छा एक चीज और है जो शास्त्रोक्त तुमने वो किया है जैसे कि एक करपात्री जी वाला मुझे मालूम है वो जो सबरी माता के बारे में बात थी वो और जो बुद्ध वाली बुद्ध वाला मामला शास्त्रो हालांकि इनसे भी हमारे धर्म ब्रह्म पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है वस्तुनिष्ठ जानकारियां है ये से कुछ भाषा नहीं बदल जाती कि तत्व बदल जाता हो धर्म की परिभाषा बदल जाती हो कुछ नहीं मगर फिर भी इसके बारे में निराकरण तुमको प्राप्त कराया गया सनमार्ग फेसबुक पर पेज है तुमको आचार्य ने उत्तर दिए और तुम वहां से भागे जब तुमने कहा कि जो भक्ष भक्ष के संबंध में जो दंड नहीं दिया जाता है दंड देने वाला जो है प्रलाप कर रहा है जबकि मत्स पुराण में वेदव्यास जी स्वयं लिख रहे हैं तो एक तरीके से तुमने तुम्हारे वो जो वेद व्यास जी को भी तुमने कुछ कहा है आपत्ति जनक शब्द वो आचार्य जी ने बताया था खैर सन्मार्ग से तुम्हें शास्त्रोक्त खंडन प्राप्त हुआ तो तुम वहां से भाग निकले वहां से तुम दिखे नहीं सन्मार्ग पेज है जो फेसबुक पर है ना तो वहां पर तुम शास्त्रों के खंडन

00:19:47:25 से बचते नजर आए मगर फिर भी जो यह वाले विषय है इन पर हम जो हमारा पक्ष है गुरुदेव ने गुरुदेव जो बताएंगे जो उस तरह का जो कपाती जी का पक्ष होगा हम रख देंगे अभी आने वाले अलग से ठीक है जो बताया गया है गुरुदेव के द्वारा कपाती जी के द्वारा आचार्य के द्वारा वो पक्ष हम रख देंगे मगर हमारे और आपके बीच में जो बात शुरू बात है वो इसलिए नहीं है कि क्या कहते हैं शास्त्र के मामले कहां पर उलझन हो रही है इस बारे में नहीं है बात है इस बारे में कि आपने अधूरी जानकारियों के ऊपर जो है गंभीर आरोप लगाए हैं अधूरे तथ्य वो संभाव संभावनाए उत्पन्न करने वाली चीजों के ऊपर आपने जो है आरोप लगाए हैं तो संभावनाएं उत्पन्न करने वालों पर करने वाले सामग्री के आधार पर अगर गंभीर आरोप आप लगाएंगे तो फिर हम अगर कह देंगे कि आपने जानवी के लिए गाना बनाया तो उसमें क्या दिक्कत है मैं क्या दिक्कत है जानवी के लिए गाना बनाया कह रहे हैं लोग आपको जानने वाले बहुत से लोग कह रहे हैं आपके ्र की बातें चल रही है कि आप जो है पुराने टाइम में क्या-क्या करते थे हम जानवी से प्रेम करते थे या कोई आपकी वो थी जिसमें आपने उसम अपनी बुक में भी लिखा है बाइपोलर

00:21:03:15 में लोगों से फिर कहते हो कि मेरा पास्ट था तो दूसरे का पास्ट उठा के क्यों दिखा रहे हो कि कुत्ते के साथ वो चुंबन हो रहा है और वो भी जो नहीं हो रहा है वो बोल रहे हो उसमें भी तानाशाही ना स्वयंभू भगवान अहंकार ऐसा ही रावण को भी हुआ था किसी एक नारी का ऐसा अपमान शुरू किया उसने जिसके कारण नष्ट हो गया वही तुम्हारा भी होगा तुमने गलती कर दी उस पर वीडियो बनाकर उस उस उस झमेले को आगे बढ़ा करके वो गलती कर दी तुमने बहुत भारी भूल कल बथे भूल हमने नहीं की है भूल तुमने की है तुमने भारी भूल कर दी विजया श्री पर व्यक्तिगत चीजें करके तुमने भूल कर दी और उसी वही कारण होगा तुम्हारे नाश का ठीक है करियर एंड कर रहे हो लोगों का है ना करियर है ये सब तुम्हारे लिए धर्म चीजें करना है करियर है अरे करियर या बना के खूब छोड़ चुके हैं देख चुके हैं कुछ नहीं है दिशाहीन जीवन

00:22:13:13 है हम फिर क्या है हम अच्छा एक चीज और है ये क्या कर रहे हैं कि अपने कमजोर पक्ष की कमजोरी को छिपाने के लिए बार-बार दूसरे ऐसे जुलत कारी मुद्दे ला रहे जहां पर इनको लगता है कि इनका पक्ष बहुत मजबूत है विजया श्री पर जब हमने अच्छा चलो ठीक है जैसे हमने जो पहला लाइव किया था विजय सी को लेकर के उस लाइव में हमने तुम्हारा नाम नहीं लिखा मले राज जरूर लिखा क्योंकि हम मले राज से प्रभावित बता रहे थे कि भाई यह एक हमने उसमें भी कहा था कि इसमें कहीं मले राज का खंडन नहीं है उस द भाषा में लोगों को यह भी बताया था कि इसमें निगरा चार का खंडन नहीं यह भी बताने का प्रयास किया था मगर पहली बात तो यह कि वो वर्ड यूज करना इसलिए भी था कि तुमने जो मिथ्या फैलाई थी अपने वीडियो से विजय श्री को लेकर के और फिर साथ ही साथ वो अधूरी जानकारियों के आधार पर जो परिक को लेकर उस मिथ्या का भी हमें अपना पक्ष रखना था कि तुम्हारे लोग जान ले मगर वह पूरा का पूरा वीडियो तुम्हारे खंडन में नहीं था जो तुम बोल रहे हो चार घंटे की लाइफ तुमने बना दी चार घंटे की लाइफ बना दी उसमें हमने इंडिकेशन दिया था

00:23:28:15 और दूसरी बात अगर मामला वहीं से शुरू है चार घंटे की लाइव से चार घंटे की लाइव से तो उसमें जो प्रतीकात्मक जो चित्र है वो प्रतीकात्मक चित्र है विजया श्री का तो विजया श्री के मुद्दे से भागो मत सिद्ध करो उस पर रहो जितनी बार तुम्हारे कमजोर पक्ष को टटोला जाएगा उतनी बार सुमेरू पीठ उतनी बार तुम कहोगे कि भैया वो पुरी के शंकराचार्य जी ने ये किया वो किया यहां ये हुआ भाई जब मुद्दा तुमने विजया श्री का उठाया है तो पहले उसको बिल्कुल पाताल तक सिद्ध करो और सिद्ध नहीं कर पा रहे हो तो क्षमा मांगो फिर दूसरा मुद्दा उठाओ यही करते हैं आर समाजी क्या ईश्वर अवतार ले सकता है लेने की जरूरत क्या है वही कर रहे हो तुम भी उठाना सारे मुद्दे सारे मुद्दों का उत्तर मिलेगा सबका एक एक मुद्दा मगर पहले विजया श्री को गलत सिद्ध करो जो आरोप तुमने लगाए कि मंच पर बैठी है मंच पर बैठी हुई सिद्ध करो व्यापार चला रही है व्यापार चलाना सिद्ध करो प्री मिशंस के द्वारा कार्यरत प्रमेश के अनुसार उसको कार्यरत सिद्ध करो और अगर नहीं सिद्ध करते तो पहले माफी मांगो फिर करना है सुमेरू पीठ और ये पीठ और वो पीठ

00:24:42:21 समझे उसके बाद जो तुमने यह प्रयास किया मठ के परक पर तुमने जो हंगामा मचा रखा है वह सिद्ध करो और फिर हमारे भी सवाल है अपनी अपनी परंपरा सिद्ध करो ठीक है प्ले करिए इसको प्ले करिए जितनी बार जिस मुद्दे पर दबने लगेंगे उससे उसको छोड़ ग आगे निकल गए वाह जितनी बार जिस मुद्दे पर इनके पास जवाब नहीं होगा उससे छोड़ के आगे निकल गए कब आ र हो लाइव विजया श्री को फ्री मिशंस के द्वारा कार्यरत निर्देशों के अनुसार फी मिशन का कार्यकर्ता कार्य करने वाला सिद्ध करो ठीक है और विजया श्री मंच पर बैठी थी सिद्ध करो और विजया श्री ने वहां पर अपना व्यापार चलाया है सिद्ध करो यहां तो तुम खुद ही फस रहे हो एक तरफ कह रहे हो फ्री मिशन के लिए कार्य करने आई है दूसरी तरफ कह र वो अपना व्यापार चला रही

00:25:49:20 है ये दोगलापन नहीं है तो और क्या है हम ठीक है प्ले प्ले कहां से हमारे जाने के बाद का ल कर देना म इसको क्लोज कर देना य नहीं तो शंकराचार्य भी नहीं कर बल्कि व तो न शंकराचार्य कि जा रहे पर परर से क देते उतर दिया है अब इस पर हम उत्तर एक देते हैं आपको इसका उत्तर देते हैं आपको एक ठीक

00:26:25:07 है वाला ग्रुप यह देखिए इनकी पोस्ट है 2016 की

00:26:59:09 यह 2016 की पोस्ट है इनकी ठीक है अबे सत्यापन का वो देख लेना अपना हम इसकी वो सत्यापन वो नहीं लेते यह बिल्कुल सही है मगर इनके नाम से पोस्ट हमें प्राप्त हुई है और आपकी भाषा में गए तो अकाट्य तथ्य जो है नहीं उनके आधार पर भी हम निर्णय ले सकते हैं तो अब जो यह पोस्ट प्राप्त हुई है जो सत्यापन के अधीन है इसमें क्या लिख रहे हैं यह आज किसी 2016 यानी कि इनको जो निग्रह संप्रदाय का यंत्र प्राप्त हुआ है उससे एक साल पहले लिख रहे हैं क्या लिख रहे हैं आज किसी सज्जन ने कहा कि शंकराचार्य जी अरबपति बनकर बैठे हैं कुछ करते धरते नहीं यदि अब इनका उत्तर है यदि जगतगुरु शंकराचार्य जी अरबपति हैं तो उन्हें होना भी चाहिए वैसे भी वह संपत्ति पीठ की है उनकी निजी नहीं और ना इसका उपयोग उनके निजी कार्य में हो रहा है शंकराचार्य मात्र चार है इसके अलावा यदि कोई इस पद का स्वयं के लिए उपयोग कर रहा है तो जी है पूर्वा मनाय दक्षिणामनय पश्चिमा मनाय और उत्तराम नाय अर्थात गोवर्धन संगरी द्वारिका और ज्योतिष पीठ के अलावा इसके अलावा बाद में कार्य की अधिकता के

00:28:14:26 कारण दक्षिणाम नाय और पूर्वा मनाय ने दो उप पीठ की स्थापना अलग से की यह क्या लिख रहे हैं उप पीठ ठीक है यह देख लो ये लिख रहे हैं दिखा रहा हूं देखलो लो ठीक है उप पीठ की स्थापना अलग से की यह लिख रहे हैं दो उप पीठ की स्थापना अलग से की जिसमें सर्वमान्य काची काम कोटी कांची काम कोटी और उवा मनाए काशी सुमेरू उप पीठ बने ठीक है कुछ लोग उप पीठों की मान्यता पर प्रश्न चिन्ह लगाते हैं पर ऐसा वही करते हैं जिन्हें मठा मना मनु शस जानकारी नहीं है हर पीठ अपना एक और उप पीठ सर्व सम्मति से बना सकता है यदि उसे आवश्यक लगे तो ठीक है तो यहां इन्होंने क्या कहा है कि उप पीठ बना सकता है यह कह रहे हैं भगवता अंद 2016 में 30 अगस्त को और उसके बाद फिर पुरी के शंकराचार्य जी का महिमा गान भी हो रहा है क्या हो रहा है अब आप थोड़ा सा विचार करिए भगवान शंकर को एक बार वि पान करना पड़ा था शीतलता के लिए गंगा एवं चंद्रमा को धारण करना पड़ा आपके

00:29:30:01 समक्ष भगवान शंकर के स्थान पर जो पूज्य शंकराचार्य जी दिखते हैं उनमें से एक जगतगुरु पूर्वा मनाय ऋग्वेदी महामहिम श्री जो पुरी शंकराचार्य जी महाराज ने अपने जीवन में तीन बार विषपान किया है 25 बार शीशे का पानी दिया गया उन्हें पांच बार मांत्र नागों से डस वाया गया है अलकायदा उल्फा समेत विश्व के सात कुंकार संगठनों के सर्वोच्च श्रेणी के ट लिस्ट में जगतगुरु का नाम है फिर भी सामान्य तरीके से बिना कोई सुरक्षा लिए रते हुए ट्रेन में पूरे देश में धर्म की ध्वजा को लहरा लहरा धर्म की ध्वजा को लेकर अपनी बोटी बोटी गलाते हुए फहरा रहे हैं हमारे धर्म के सर्वोच्च पद पर विद्यमान सर्वोच्च मतलब उनका निग्रह करने के लिए फिर ईश्वर है ठीक है सनातन धर्म के सर्वोच्च पद पर विद्यमान इसका मतलब य इन्होंने अपने निग्रह जो लुप्त संप्रदाय निग्रह करने आए हैं हम शंकरा पर है ना निग्रह करोगे तुम सर्वोच्च पद पर

00:30:35:18 विद्यमान फिर क्या है लेकर अपनी हमारे धर्म के सर्वोच्च पद पर विराजमान है 13 घंटे लेखन का काम करते हैं दो दो से तीन घंटे ही निद्रा लेते हैं 73 वर्ष की भौतिक अवस्था में हजारों युवाओं की ऊर्जा से समन्वित वाणी बोलते हैं ऐसी कोई साधारण व्यक्ति ऐसे कोई साधारण व्यक्ति हो सकता है क्या यानी कि उनकी असाधारण जो तत्व है उनका उसका इन्होंने स्वयं ही इन्होंने उसका स्वयं ही क्या कहते हैं स्वीकार्य यहां पर किया और फिर अगले में क्या कह रहे हैं

00:31:20:28 य फिर इनका अगला वचन जो प्राप्त होता है वो यह है यह देखो बहुत अच्छा बोला बहुत अच्छा बोला भैया अच्छा लगा बहुत बढ़िया मगर दोगलापन नहीं होना चाहिए ना कभी कुछ और कभी कुछ और तो फिर देखो अभी इन्होंने देखो अब इन्होंने क्या कहा उप पीठ का खंडन किया देखो गलत बात कांची किसकी

00:31:58:04 स्थापन कैसे होता है उप पीठ है तो शंकराचार्य उपाधि क्यों खुद ही कह रहे हो उपीट है उपीट हो सकती है फिर कह र हो अगर उपीट है तो शंकराचार्य उपाधि [संगीत] क्यों तो और अगर तुम यह मानते हो कि वह पीठ के रूप में है जो तुम खुद फेवर कर रहे हो शंकराचार्य का तो इसमें तुम्हें बताना चाहिए कि फिर क्यों कर रहे हो बाद में उ पीठ के रूप में अगर उसे देखा जा सकता है तो और हमें नहीं पता गुरुदेव इस बारे में क्या बताएंगे क्योंकि सारे प्रश्न हमने उनसे नहीं पूछ लिए मगर शंकराचार्य लोकाचार्य की दृष्टि से भी बोला जा सकता है जैसे तुमको निग्रह चार बोला गया जैसे आचार प्रशांत से बात करने जब हम जाएंगे तो उस चर्चा में अगर आचार प्रशांत लिखा होगा तो हमें उस हमें उससे कोई आपत्ति नहीं होगी क्योंकि उसने अपनी अपने को आचा आचार्य प्र के रूप में ख्या पित कर लिया है फिर हम उसके उस आचार तत् पर बात करेंगे और फिर लोगों को य बताएंगे वो आचार्य नहीं है उसने आचार्य गलत लिखा हुआ है मगर जब तक यह सब चीजें वो नहीं होती तो लोकाचार की दृष्टि से यदि व्यक्ति कोई ऐसी चीजें

00:33:13:08 नहीं कर रहा है जो अशा स्त्रीय तो लोकाचार की दृष्टि से व जिस नाम से खपत है उस नाम से उसे बुला सकते हैं और बुलाया जा रहा है जिससे कि लोग समझ पाए कि किसके बारे में बात हो रही है ठीक है चलो अब आगे चलते हैं और इन सब चीजों से पहले हम मैं कुछ और भी चीजें दिखा दूं यह है निग्रह लुप्त जो निग्रह संप्रदाय है इसको पहचान पा रहे हैं आप लोग गोरे गोरे मुखड़े पर काला काला चश्मा कौन है ये पहचानिए आप लोग हो सकता है समझ पाए ठीक है तो ये है लुप्त संप्रदाय के कुलदीपक यह देखिए यह सब सत्यापन के अधीन जानकारी है पर हम आपको दिखा रहे हैं क्योंकि सत्यापन के अधीन जो जानकारी होती है उससे कोई दिक्कत नहीं होती है उस पर हम निर्णय दे सकते हैं इनके अनुसार मगर देखिए यह क्या है ए हुस्ने बेपरवाह तुझे सबनम कहूं सो कहूं फूलों में भी सोखी है किसको मगर तुझसा कहूं यह 2017 वो इन्होंने भयंकर तपस्या की है बचपन से सात आठ वर्ष

00:34:28:09 की आयु से इनको देवताओं के दर्शन प्राप्त हो रहे हैं और ये शायरिया कर रहे हैं अपनी जाने तमन्ना के लिए तो देखिए क्या लिखा है ऐ हुस्ने बेपरवाह तुझे शनम कहूं सोला कहूं फूलों में भी सोखी तो है किसको मगर तुसा कहूं मैं सोचता था मैं ही अच्छा कवि मुझसे बड़े कवि है ये गेसू उड़े महकी फिजा जादू करे आंखें तेरी सोया हुआ मंजर कहू या जागता सपना कहूं चंदा की तू है चांदनी लहरों की तू है रागिनी जाने तमन्ना मैं तुझे क्या कहूं क्या क्या कहूं क्या ना कहूं वाह बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया यह देखिए जो स्त्रियां हो और जो बच्चे हो वह ना देखें यह देखिए यह आपके लुप्त संप्रदाय के कुलदीपक क्या लिख रहे हैं शेयर करने के लिए कोई माफी नहीं मांगी जाएगी और सभ्यता का उपदेश देने वालों को ब्लॉक कर दिया जाएगा सभ्यता का उपदेश वै श्याओ को दे हमने पहले ही चरित्र का ओवरडोज ले रखा है अब इन्होंने जो

00:35:43:10 पोस्ट जो शेयर की है उसमें क्या लिखा है देखिए जरा सबसे पहले तो मैं आपको अपने से नमस्कार करना चाहता हूं यह विद्या जो अभिनेत्री है विद्या बालन उसके लिए शायद पोस्ट है और है ना ये है निग्रह संप्रदाय के कुल दीपक और यह तो कोई कहे ना कि यह सिद्ध करो वो सिद्ध करो सिद्ध करने की कोई आवश्यकता ही नहीं है है ना भाई अब यहां पर अगर कोई कहे कि फेक आईडी है ये वो ये तो इससे क्या मतलब है अकाट्य सत नहीं चाहिए ना अकाट्य ना होते हुए भी केवल संभावना उत्पन्न करने वाली चीजों को भी हम प्रस्तुत कर सकते हैं यह भी लोग कहेंगे ना यह देखो अब कोई अनावश्यक बंधन नहीं बहुत सह चुका मर्यादा उनके लिए जो स्वयं मर्यादित है जिनके व्यवहार में मर्यादा नहीं हम क्यों रखें लोग तो फिर भी सब्य गाली देते हैं यह सब लोग यह देख लो क्या लिख रहे हैं आपके ठीक है आगे देख लीजिए क्या लिख रहे हैं आदर मादर सब कर रहे

00:36:54:25 हैं और यह वही वर्ष है इसमें जो शायरियां कही गई वही वर्ष जो इन्होंने अपनी किताब में कमिट किया है कि मेरी स्थिति थी मैं प्यार में लफड़ा हो गया था विफल हो गया था बाइपोलर जिसमें हा हाइपर सेक्सुअलिटी का वो होता है डिसऑर्डर सब उसमें लिखा हुआ है यह वही वर्ष है समझ में नहीं आ रहा भाई लुप्त संप्रदाय का अचानक व 2017 में उसके बाद भी एक प्रेम प्रसंग इन्होने स्वीकारा है है ना तो मुझे लगता है कि और दिखाने की आवश नहीं है और सुनो भगवता अंद तुमने अपने आप को बचपन से तुमने अपने बारे में बताया है कि मेरा जो जन्म हुआ है वह भी बहुत सारे धार्मिक संस्कार संस्कारों से युक्त हुआ बिल्कुल हुआ होगा इसमें कोई दोराय नहीं है वो मेरे लिए पूज्य है जो माता पिता जिन्होंने आपको जन्म दिया है मगर आपने अपनी उसको जन्म को ही बहुत दिव्य बताया है उसके बाद आपने सात आठ वर्ष की आयु से बताया कि देवताओं के दर्शन होने लगे आपको पता लग लगा कि फलाने फलाने देवताओं को आपने सत्यापित भी कर लिया कि आपको देवताओं के दर्शन हो रहे थे और आगे 2016 17 इत्यादि में 17

00:38:09:27 में आपको जो है आपके संप्रदाय लुप्त संप्रदाय का यंत्र प्राप्त हुआ फिर आगे अमुक अमुक चमत्कारी चमत्कारिक वर्णन के आधार पर आपने उसका यह किया वो किया ठीक है मगर जिस समय आपको यह सब हो रहा है ऐसा व्यक्ति जो बचपन से ही दिव्य मय है हम तो बचपन से सुधरे हुए हैं य कहा था ना हम तो बचपन से सुधरे हुए हैं तुम तो अब आए हो तुम्हारा जने हुए नहीं हुआ है तुम तो वो खाते हो गोलगप्पे खाते हो है ना हम तो बचपन से सुधरे हुए हैं तो जब तुम बचपन से सुधरे हुए हो तो ये 2016 में तुम्हारे साथ क्या हो रहा है तुम सबनम में शायरिया लिख रहे हो लोगों को बिना विवाह के उनके संपर्क में आ रहे हो गालियां ये वाणी है तुम्हारी गालिया देना और यह जो भाषा शैली है ना जस यह भाषा शैली तुम्हारी है व उसम दिख रहा है भाषा शैली तो हो गया और और क्या है जिसको यंत्र प्राप्त हो रहा है जिसने देवताओं के दर्शन किए

00:39:13:25 हैं उसके शरीर में इतनी विकृतियां क्योंकि सत्यापन के अधीन है पर मुझे भी सुनाई दिया है कि भैया तुम्हारा इलाज चल रहा है राजस्थान में कहीं से अजमेर से जयपुर से जोधपुर से यह सब सुनाई दिया है उसमें प्रवृत्ति हो गई है विवाह के बाद भी व चीजें नहीं छूट रही है यह सब दौड़ रहा है तुम्हारे बारे में पता है लोगों को जो नजदीक से तुम्हारे से जुड़े हुए हैं है ना तो व जो हस्त मैथुन की रोग की बात आ रही है तो अब सत्यापन का कोई मामला है ही नहीं अकाट्य चीजों से मतलब है नहीं अका नहीं होना चाहिए कुछ भी कहते रहो कहीं से भी कुछ भी सुन लिया बोल दो तो य चीज आपके बारे में भी है और आपका तो इतना दिव्य मय जीवन है तो कहां से आएगा उसमें हस्त मैथुन और कैसे आएगा उसमें दो दो मातृ शक्तियों के साथ प्रेम प्रसंग एक के बाद एक कैसे आएगा उसमें बाइपोलर है ना कैसे आएगा उसमें हाइपर सेक्सुअलिटी डिसऑर्डर ये सब प्रश्न और वो फिर शास्त्रोक्त वर्णन तो अलग है कि भैया मर्यादा क्या है वो परंपरा क्या है कहां से आया ज्ञान

00:40:30:28 और मेरी भी रिसर्च कर लेना मेरी भी रिसर्च कर लेना मेरे बारे में अगर कुछ प्राप्त हो जाए वैसे तो जो जो है वह आर समाज ने कर रखा है जो थोड़ा बहुत प्राप्त ता मगर हो जाए और कुछ जो है मैंने खुद बता रखा है अपनी पुरानी फोटो डाल रखी है मगर मेरे बारे में यह भी निकाल लेना मैं डकैत था बहुत बड़ा डकैत था मगर मैं आचार्य नहीं ह प्रामाणिक संप्रदाय का मैं अपने आप को आचार्य नहीं बोल रहा हूं तुम बोल रहे हो पहले तो संप्रदाय कोही प्रामाणिक बोल रहे हो फिर उसका स्वयं को आचार बोल रहे हो और तुम्हारे य कर्म है जिन पर बात हो रही है ठीक है गोलगप्पे खाता है इसलिए वह किसी मातृ शक्ति का पक्ष नहीं रख सकता यह सिद्धांत है और तुम क्योंकि निग्रह चार्य हो लुप्त संप्रदाय के हो भले ही तुम भले ही तुम मैथुन से पीड़ित हो मगर तुम किसी की किसी भी स्त्री के बारे में कोई भी अपमान जनक टिप्पणी कर सकते हो किसी को भी फ्री मेशन से जोड़ सकते हो मगर कोई गोलगप्पे खाता है इसलिए व अपने घर की स्त्री का पक्ष नहीं रख सकता यह सिद्धांत है सनातन यह सिखाओ तुम धर्म लोगों को यह तुम धर्म बताओगे आने वाली पीढ़ी को इसकी रक्षा

00:41:46:02 करेगी पीढ़ी तानाशाही की मातृ शक्ति के बारे में वही बोले जो गोलगप्पे नाना खाता हो तुम्हारे जैसे लोगों की वजह से गलत मैसेजेस जाते हैं तुम्हारे जैसे लोगों की वजह से तुम जैसे कुछ लोग बदनाम करते हो और भुगतना पूरे उसको पड़ता है कम्युनिटी को तुम जैसे ी अहंकारी तुम्हारी वजह से गलत मैसेज जाते हैं यही तो सिद्धांत कर र ना तुम कि मैं अगर अपने घर की स्त्री के लिए आ कर के बोलूंगा मैं अगर ऐसे किसी निर्दोष के बारे में बोलूंगा जिसका अभी तक कोई प्रूफ ही नहीं हुआ और तुम उसका मजाक उड़ा रहे हो मैं अगर उसके बारे में पक्ष रखूंगा तुम कहोगे तुमने डोसा क्यों खाया तुमने जो है वो प्रोटीन क्यों पिया इसका मतलब अगर कोई प्रोटीन पी रहा है तो उसके घर की मातृ शक्तियों के बारे में कोई कुछ भी बोलता रहे कुछ भी करता रहे यही मैसेज दे ना तुम्हारा यही सिद्धांत है तुम्हारा और तुम भले ही कुछ भी कर रहे हो भले तुम चोरी छुपे गुप्त रूप से इलाज चला रहे हो भले ही यह जानकारी अभी सत्यापन

00:43:01:08 के अधीन है मगर सत्यापन की आ अधीन जानकारियों के आधार पर तुम प्रमाणिक तथ्य प्रस्तुत करते हुए लोगों को बदनाम करोगे गंभीर आरोप लगाओगे लोगों के ऊपर और जब तुमसे पूछा जाएगा तो विषयात करोगे एक मिनट आप लोग वेट करिए जिससे कि मैं उन विषयों को निकाल लूं जो विषय अ

00:45:22:08 हां तो कुछ लोगों कीय शिकायत आ रही थी कि एक कोई कह रहा है कि मैं तेरे नाम से अगर फर्जी अश्लील शायरियां लिखूं तो स्वीकार करेगा बोल तो फिर मैं तेरे एआई से तेरी आवाज रिकॉर्ड करके कुछ का कुछ संदेश दे दूं तो तू स्वीकार करेगा बोल मतलब अपने पर जब बात आई तो अकाट्य बातों की ओर जाने लगे और जब मैंने चलाया था कि अकाट्य काट अकाट्य बड़ी तकलीफ थी तब इससे

00:46:05:09 ना हां पता है वो फर्जी आईडी है उनके नाम से इसीलिए टू तड़ाक में बात कर रहा हूं अगर सुनी सुनाई चीजें ही हमारे निर्णय का आधार होंगी तो लो सुनी सुनाई चीजें चलो मैंने कहा था ना डाल डाल पात पात भगवता अंद मैंने कहा था खेल इस बार भी बहुत अच्छा था तू तेरा बहुत अच्छा खेल था तुम्हारा खेल बहुत बढ़िया खेला था तुमने इस बार क्योंकि तुमने अपना प्रायोजक जो वो करना है ना अपना करियर बिल्डिंग तो करियर बिल्डिंग बनाने का तुमने एक आधार सोचा उस आधार में तुमने गलती से विजया श्री का नाम लिया यह तुमसे गलती हो गई खेल इस बार भी तुम्हारा बहुत अच्छा था भगवता अंद आदमी गलत चुन लिया गलत आदमी चुन लिया तुमने अब खेलो चलो डाल डाल पात पात तुम्हारी तुम लोग तुम क्या करोगे जो जो जिनका सत्यापन नहीं हुआ है ये है वो है उसको भी दिखाओगे और कहोगे इसके ऊपर ये गलत है वो गलत है य ये फ्री मेशन की हो गया और जब तुम्हारे से पूछा जाएगा तो तुम ये मैसेज भिजवा होगे मैं तेरे

00:47:20:14 नाम से अगर यह कर दूं तो तू मानेगा मैं भी तो वही कह रहा हूं कि मैं तुम्हारे नाम से तरह से संदिग्ध वीडियो स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर कुरा के डाल दूं कहीं पर जिसमें कि उसमें भी जो चीजें हो रही है वो भी चीज प्रकट नहीं कर पा रही सिद्ध नहीं कर पा रही तो उसके नाम पर तुम तुम चवा उड़ाओ ग कि भैया पूरी मट के परिकर जो ऐसे हैं मैं भी तो यही कह रहा हूं और तो और सीधे सीधे ू मंच पर व स्त्री बैठी नहीं सीधा सधा झूठ चलो अभी मैं उन प्रश्नों पर जा रहा हूं मतलब अपनी बारी आएगी तो अकाट्य और दूसरे की बारी आएगी तो कुछ भी कहते रहो यहां वाले 50 लोग कह रहे हैं वह 50 लोग कह रहे हैं यह कह रहे हैं अच्छा एक बात और थी किसी शायद इस्लाम वाले ने इसके प्रति कुछ बात कर दी थी तो यह भगवता नंद ने कोर्ट में शायद केस बस किया है ठीक है तो इसका कहना है कि जब शंकराचार्य स्वयं है शासकों के शासक तो हम कोर्ट क्यों जाएं जब शासकों के शासक

00:48:35:14 स्वयं है तो तुम कोर्ट क्यों गए थे क्यों गए थे कोर्ट और चलो इन इन शंकराचार्य के पास पुरी वालों के पास तुम्हें जाने नहीं दिया जा रहा है अन्य तीन शंकराचार्य तो थे उनके पास चले जाते सासु के शासक है ना वो तुम्हारे अनुसार प्रामाणिक भी है चले जाते उनके पास क्यों नहीं गते और तुम्हें उम्मीद नहीं है क्या कहते हैं कि तुमने क बताया था

00:49:16:00 कि तुमने बताया था तुम्हें उम्मीद नहीं है कि कोर्ट से कुछ होगा तो कोर्ट क्यों गए थे न्यायालय क्यों गए थे भारतीय संविधान के अनुसार जो है तो यह सब दो मुही बातें हैं जैसे पुरी के शंकराचार्य जी पुरी मठ के विरुद्ध किसी का कोई पत्र मिला उसमें वो ये लिख रहा है वो मिल रहा है फिर तुम बता रहे हो वो गुहार लगा रहा है प्रशासन से ऐसा ऐसा मूक अमू चीजों को लेकर के तो उसको तुम ये क्यों नहीं बता रहे हो कि तुम कहां गुहार लगा रहे हो प्रशासन से तुम शंकराचार्य के पास जाओ शासन जो शासकों के शासक उनके पास जाओ मतलब मीठा मठा गब गब और कड़वा कड़वा थू

00:50:02:14 मीठा मठा गब गब और कड़वा कड़वा थू अब मैं वह एक एक समस्या हुई थी कल तकनीकी असुविधा के कारण जो है बहुत सी चीजें जो कुछ ऐसी चीजें थी जो स्किप हो गई थी फॉरवर्ड करने के कारण तो कुछ हमने जो कल कल जहां तक हमने उत्तर देने का प्रयास किया था वहां तक उसके बीच में जो पहले हम उनको ले रहे गपाल महात्र लोग

00:50:45:12 है उस लेकिन मैं य सपन नहीं कर रहा बातो का फ भी अ समाज के लोग समाझ के अने लोग तो कर रहे हैं खराब हो जाए इनका कहना है कि मैं यदि सत्यापन नहीं कर रहा हूं तो समाज के अन्य लोग तो कर रहे पहले तुम डिसाइड कर लो कि तुम उसको प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत कर रहे हो या किस रूप में प्रस्तुत कर रहे हो अगर अन्यों के सत्यापन की बात है तो तुम अपने यहां से क्यों उसको डाल तुम्ह उसको लेकर शक है कि नहीं कहना क्या चाहते हो और दूसरी बात है तो रिकॉर्डिंग ना अगर इस तरह से सब प्रमाणिक मान लिया जाए तो ठीक है चलो अभी ए आई से कितनी आवाज बन जाएगी तुम्हारी और

00:51:45:16 मेरी रामपाल के विरुद्ध ऐसा षडयंत्र चल ही रहा है उसका एआई से बना बना करके ही उसके जो आज नए भक्त जुड़ रहे हैं उनको वीडियो दिखाया जाता है एआई से बनाकर ऑडियो सुनाया जाता है य बात लेकिन स कर का समाज के लोग समाज के अन लोग तो कर

00:52:21:04 रहे पंडित दीनदयाल त्रिपाठी जी ने एक वो दिया था और ये जितनी भी पंडित दीनदयाल त्रिपाठी जी ने एक इनको फोटो दिया था ऐसा मुझे संज्ञान में आया है मैं फिर कह रहा हूं सारी सामग्री जो है सत्यापन मैं नहीं करता हूं मगर ठीक है बात तो करेंगे उसके आधार पर क्या है वोह बात कि उन्होंने जो इनको वीडियो फोटो दिया था वह यू उसमें वैष्णव तिलक लगा हुआ था इनकी पेंटिंग में और इन्होंने पोस्ट किया था उसमें वैष्णव तिलक हटा कर के उसमें जो है सूर्य का तिलक लगा कर के और आज इनका तिलक संभवत कुछ और है तिलक क्यों बदल रहा है दंड क्यों बदल रहा है यह देख

00:53:15:15 लो यह नहीं चाहता था भगवता नंद में यह नहीं चाहता था इसलिए मैं मना करता था मत करो मत करो ठीक है और जिस चीज जिस चीज के लिए आपके मन में संशय है उस चीज को आप उस चीज के आधार पर गंभीर आरोप मत लगाओ पहले स्वयं उसको जांच करो और उसके बाद गंभीर आरोप लगाइए किसी के ऊपर जब आप बिल्कुल सत्यापित हो जाए कि हा इस पर बात कर सकते हैं और यह कुछ कमेंट कर रहे हैं यह भाई यह फेक आईडी बनाई गई है मट के परिकर के नाम से वह सावधान हो जाए उन पर कारवाही हो सकती है और कईयों पर कारवाही चल रही है

00:54:01:03 ये असली आईडी से आए क्या निग्रह चार्य भगतान गुरु हां यह मैं जो तुमने यह सब किया है ना कचरा उस कचरे का सारा मैं दे दूं उसके बाद हम लोग बैठ कर के बात करेंगे अभी पहले मैं जो तुमने कचरा किया है सब पहले उसको जो मेरा अच्छा फेक आईडी य भी फेक आईडी

00:54:36:26 है बताइए नकली का जमाना हद होती है जिसका पक्ष लेने आ रहे उसकी भी नकली आईडी बना ली चलो खैर अगला सवाल लेते हैं जो स्किप हो गया है आगे व कह रहे से अलग बात और उससे आगे ऐ क रहे गु हमारे गुरुदेव ऐसा कह रहे हमारे सब और

00:55:26:25 दोन में से कोई पहली बात तो मैं यह कहूंगा यह सारे विषय आ कहां से गए क्या पुरी के शंकराचार्य जी को तुम प्रमाणिक आचार्य नहीं मानते हो यह सारे विषय है क्या हमारे बीच में हमारे बीच में विषय कौन सा चल रहा है पुरी के परकर जिस आधार पर तुम गलत साबित करना चाहते हो उन आधारों के द्वारा गलत साबित हो रहे हैं कि नहीं विजय श्री के ऊपर जो तुमने आक्षेप लगाए हैं वह सिद्ध हो रहे हैं कि नहीं पहली बात अब मैं सुन लेता हूं क्या है इसमें ये

00:56:24:22 जो हम कितना तुम यार बातों का बतंगड़ बनाते हो मुझे यह अपेक्षा नहीं थी सच बता रहा हूं तुम्हारा सम्मान अब जा चुका है अब जा चुका है तुमने वो सम्मान खो दिया था तुम्हारी रेस्पेक्ट तुम्हारे लिए रेस्पेक्ट थी मगर जब मैं वो होते हैं ना कि पानी में कूदने के बाद ही तैरा की आती है जब तक किसी से सामना नहीं होता तबक तब तक उसकी बिल्कुल वास्तविकता नहीं आती सामने तुम्हारी वास्तविकता आ रही है जैसे तुम मेरी बातों का गलत अर्थ बना कर के वहां मुद्दा बना रहे हो कि मैंने तुम्हें संस्कृत हीन कह दिया संस्कृत को ना जानने वाला कह दिया यहां भी वही कह रहे हो हमें योग्य व्यक्ति नहीं मिल रहे हो हमारे परिकर दिव्य हैं इसमें तुम आ जाना गुरुदेव के पास चलना पूछ लेना वो किस बारे में कह रहे हैं क्या केवल परिकर बनाएंगे हिंदू राष्ट्र योग्य व्यक्तियों को ढूंढा जा रहा है और जिस समय नहीं मिल रहे हैं उस समय कहा जा रहा है कि नहीं इससे परिक का दिव्य होने का क्या मतलब है अच्छा श्री राम जी स्वयं दिव्य हैं दिव्य क्या वो स्वयं ब्रह्म है परम ब्रह्म है और वो ढूंढ रहे हैं माता सीता को ठीक है और वो और भी कार्य ढूंढ रहे हैं वानर वानरों को एकत्रित कर रहे हैं और वानरों को एकत्रित

00:57:40:02 करने के बीच में यदि किसी स्थिति में वो ये कहे कि हमारी यह कार्य रुके हुए हैं यह कार्य नहीं हो रहे हैं है ना जबकि उनके साथ दिव्य हनुमान जी खड़े हुए हैं उनके साथ हैं तो हमें दिव्य वो नहीं मिल रहे हैं अगर इस तरह से कहे हमें साथ निभाने वाले जो दिव जो लोग है वो नहीं मिल रहे हैं योग्य लोग नहीं मिल रहे हैं साथ निभाने वाले अगर वो ये बात कहे तो आप उनसे कहोगे तुम्हारे साथ तो हनुमान जी खड़े तु तुम ये कैसे कह रहे हो तुम तो स्वयं ही परम ब्रह्म हो तुम ये कैसे कह रहे हो यह कहोगे तुम उनसे अगर वो वानर सेना बना रहे हैं सेना बना रहे हैं और उनके साथ हनुमान जी खड़े हुए हैं और वह सेना के लिए निकले हुए हैं और उस बीच अगर वो यह कहते हैं कि हम लोग ढूंढ रहे हैं मगर हमें योग्य लोग नहीं मिल रहे हैं तो तुम यह कहोगे तुम्हारे पास तो योग्य लोग है तुमने यह कैसे कहा कि योग्य लोग नहीं मिल रहे हैं क्या तुम्हारा मतलब कुछ भी बात लेकर के लीपापोती करके अपने हिसाब से बात करने लगते हो क्या कहां की कहीं की ईट कहीं का रोड़ा भानुमति का कुनबा

00:58:40:07 जोड़ा चलो ठीक है दोनों में से कोई भी पक्ष होगा इस क को जत है यात है पक्ष है दोनों में से कोई भी पक्ष होगा दोनों पक्ष मेंको दोष लग रहा है एक शब प्रग किया ठीक है अगला लेते हैं का तो इसके र जो सब चीज य बता जा रही है उ सबज का

00:59:39:24 हा परिस्थिति जन्य प्रूफ दिए जाएंगे उससे आगे बात बढ़ेगी तो क्या आगे बात बढ़ी कुछ और रिसर्च ले आए तुम यह कह रहे हैं कि परिस्थिति जनने वाले प्रूफ तो दिए जाएंगे वो तो दो साल से दे रहे हो ना तुम परिक जो मठ के मठ में जो हो रहा है उसके संबंध में तुम बहुत सारे प्रूफ पहले से दे रहे हो दो साल से वही प्रूफ है तीन साल से तुम्हारे पास वही प्रूफ है परिस्थिति जन्य अगर वो प्रूफ है तो उससे आगे तो बढ़ो अब तो लाओ अकाट्य प्रमाण और बात ये है भगतान बात क्या है इस पर ध्यान दो बात यह है कि तुम किसी और से कह रहे हो कि मेरे इन परिस्थिति जन्य जो वो है सामग्री इन पर जाकर के जान हथेली पर लग कर के रख करके और जो है युद्ध में कूद जाओ खुद नहीं कूद रहे हो तो कोई कोई ऐसी मूर्खता क्यों करे परिस्थिति जन्य जब तुम उसे मान रहे हो सामग्री को तो उसमें या तो किसी से अपेक्षा मत करो कि उसके आधार पर कोई कूद जाए और वरना शांत रहो क्यों कह रहे हो किसी और को कूदने को खुद जब कुद नहीं कूद रहे जब परिस्थिति जन्य सामग्री है वो हा यहां पर तुमने अपना ही खंडन कर लिया कि वो परिस्थिति

01:00:55:01 जन्य सामग्री है है सिद्ध नहीं होता तो फिर तुम क्यों लोगों से अपेक्षा कर रहे हो कि जाकर के हाथ पैर पकड़ लो और जो है अपनी बात सुना दो ये कर दो वो कर दो यह युद्ध है क्यों तुम जो जो युद्ध खुद नहीं चुन रहे हो वो दूसरों को दे रहे हो मुझसे भी तो य यही अपेक्षा कर रहे हो अरे भाई मैंने देखे जो सामग्री बहुत पहले देखी थी मगर इनसे सिद्ध नहीं होगा कुछ भी तो मैं क्यों क्यों गंभीर तरीके से युद्ध लड़ने लग जाऊं भाई और तुमने तुम तो पहले से उस पर कार्य कर रहे हो तुम तो अब कहीं पर पहुंचे होगे तुम्हारी रिसर्च कहीं पहुंची होगी कहां पहुंची आए कुछ साक्ष आए कुछ और नहीं आए तो फिर तुम इस तरीके से मंचन क्यों कर रहे हो बातों का और अगर मैं कर रहा हूं तो अब मुझे कुछ कहना नहीं परिस्थिति जन्य वाले मैंने तुम्हारे दिखा दिए हैं सबनम कहू और सुनो सच के आसपास वाला झूठ तुमने तो अपनी भा वा बुक में भी लिखा है मेरे प्रेम प्रेम प्रसंग है शिवांश की लाइव लाइव जो है बोरिंग थी अगला सुनते हैं

01:02:27:27 अच्छा आचार्य राम शंकर शुक्ल जी से हम बात कर रहे हैं वो आके यहां लाइव में बोलेंगे तुम्हारी पोल पट्टी खोलेंगे आचार्य राम शंकर शुक्ल जी की बात की है ना ये पॉज क्यों नहीं हो रही है हो गई आचार्य रामशंकर शुक्ल जी की बात बात की है ना तुमने उनको लाएंगे यहां पर आने वाले हैं वो और नहीं आएंगे तो उनका जो वक्तव्य है वो आप तक पहुंचाएंगे उसको भी सार्वजनिक करेंगे उनके उसी वक्तव्य को सार्वजनिक क्यों करें जो तुम्हारे फोन के माध्यम से हमें प्राप्त होगा हम उस वक्तव्य को सार्वजनिक करेंगे जो प्रामाणिक रूप से सीधे दिखाएंगे राम शंकर शुक्ल जी कॉल रिकॉर्डिंग वाला खेल नहीं खेलेंगे ठीक

01:03:09:06 है में आ बोलता है और यहां पर तुम्हारे विरुद्ध कारवाई भी हो सकती है यह भी समझो राम शंकर शुक्ल जी की उनकी आज्ञा के बिना कॉल रिकॉर्डिंग करना और उस कॉल रिकॉर्डिंग के बारे में एडमिट किया तुमने यह कॉल रिकॉर्डिंग की है चलती लाइव में कि हां कॉल रिकॉर्डिंग है मेरे पास उनकी मेरी उनसे जो बात हुई थी उस बारे में और तो ये इस तरह के चीजें भी बनती है किसी की कॉल रिकॉर्डिंग करना उनकी आज्ञा के बिना और फिर यह बताना कि मैं डाल दूंगा यह सब बातें करना रामशंकर शुकल जी से संपर्क नहीं हो पाया कल फोन किया था तो व कहीं पर अपने गुरुकुल के किसी कार्य में व्यस्त थे तो बात नहीं हो पाई मगर होगी इस पर भी बात होगी जो तुम किसी प्रतिष्ठित व्यक्ति का इस तरह से सम्मान अपनी करियर की भूख में दाप पर लगाते हो ठीक है लाएंगे राम शंकर शुकल जीम

01:04:26:19 अरे क्या बकवास है तुम जान को लेकर कोर्ट क्यों नहीं जाते हैं क्या ये सब कर रहे हो अरे बहुत से ऐसे कार्य जो होने चाहिए जो नहीं कर पा रहे क्योंकि सामर्थ्य नहीं है जितना सामर्थ्य जहां पर जानकारी मिल जाएगी जितना सामर्थ होगा करेंगे भाई तुम कौन होते हो यह बोलने वाले तुमने ये क्यों नहीं वही वाली बात एक जगह किसी को बिना टिकट पकड़ा है तो भैया आपने उसको क्यों नहीं पकड़ा आपने उसको क्यों नहीं पकड़ा और दूसरा क्योंकि नहीं पकड़ा तो हमें क्यों पकड़ रहे हो

01:04:58:12 यह कहां का यह तो महिलाओं वाली बातें हो गई ना कोई बात ना चीत कि उस दिन केवल आवाज उठाना जिस दिन सबके साथ सबके पास सबका विरोध करो वरना मत करना दुनिया में अभी भी ऐसे कई तत्व होंगे जिनका विरोध तुमने नहीं किया होगा धार्मिक होंगे अधर्मी होंगे तो मैं तुमसे कहूंगा कि उनके लिए तुमने वीडियो क नहीं बनाया उनका विरोध क्यों नहीं किया वो बोलेगा हम कि तुमने वीडियो क्यों बनाया तुमने वीडियो क्यों नहीं बनाया यह है वो

01:05:43:16 है तो इसका मतलब तुम भी गलत हो दूसरे के गलत होने से तुम्हारा सही होना सिद्ध नहीं होता है और यदि कहीं पर हम कुछ नहीं कर पा रहे हैं तो इसलिए हमारा जो करना है वो गलत सिद्ध नहीं होता है अगर हम किसी का समर्थन कर रहे हैं अच्छे व्यक्ति का तो इस उसी समय दूसरे व्यक्ति का नहीं कर रहे हैं तो हम क्योंकि यहां समर्थन कर रहे हैं तो उसका विरोध सिद्ध नहीं होता है क्योंकि हम पूर्ण नहीं है और सुनो कि विरोध नहीं कर रहे हैं क्या हिंदू राष्ट्र क्या है हिंदू राष्ट्र की आवाज तो उठा रहे हैं गोठिया कर रहे हैं लोगों को हिंदू राष्ट्र के लिए प्रेरित कर रहे हैं उसका क्या अर्थ है जो सनातन वैदिक आर्य हिंदू धर्म है परम प प्राप्त आचार्यों के द्वारा उसके निर्मित संविधान के आधार पर जो देश चलना चाहिए वैसे चलेगा सब आ गया उसमें अक्ष जैसे लोग नहीं रहेंगे स्वघोषित आचार्य नहीं रहेंगे और तुम्हारे भी ु लुप्त संप्रदाय की समीक्षा होगी उसमें उसको आचार्य पद मिलेगा कि नहीं मिलेगा वो भी समीक्षा हो जाएगी तो हिंदू राष्ट्र के लिए कार्य कर तो रहे हैं उसमें हो तो रहा है अक्ष का विरोध पूरी दुनिया के हर सनातन विरोध तत्व का उसम विरोध हो रहा

01:07:02:20 है और और जो अभी मैंने रिकॉर्डिंग वाली बात की है ना राम शंकर शुक्ल जी की जो बात है पहली बात है कि हम अगर किसी की रिकॉर्डिंग हमसे भी कहा जा सकता है ना कि आप भी तो रिकॉर्ड करते हो हम किसी की भी रिकॉर्डिंग अगर दिखाते हैं तो वहा यह नहीं कहते फलाने की रिकॉर्डिंग आप तो वहां खुद कह रहे हो ऐसा करने से बचना चाहिए आपको तुम स्वयं वहां पर कह रहे हो कि क्या कहते य आचार्य राम शंकर शुक्ल जी की रिकॉर्डिंग है मेरे पास में भेजूंगा तुम्हे ये सब कर रहे हो ना तो वहा एडमिट कर रहे हो तुम मैंने किसकी रिकॉर्डिंग हैय सत्यापन सत्यापित कर रहे हो उसे तुम ठीक है का प्रयोग किया उस वीडियो के लिए इस वीडि का ले करने

01:07:53:25 वा इसमें कता है अब इनका कहना है कि तुमने मले राज शब्द का उपयोग क्यों किया और यह एल्गोरिदम बढ़ाने के लिए किया और य टीआरपी बढ़ाने के लिए पहली बात तो इससे पता यह समझ में आ रहा है कि तुम अच्छे से अपने करियर पर ध्यान दे रहे हो और अच्छे से ध्यान रख रहे हो कि एल्गोरिथम मेरे चैनल का कैसे बढ़ना चाहिए और यह सारी

01:08:39:00 चीज पहली बात तो यह है दूसरी बात यह है कि हमारा मोटिव यह था कि जो जितने अंश में वह जो मिथ्या फैलाई है जितने अंश में उस मिथ्या का वहां पर हम लोग प्रस्तुत कर दे मर वो खंड नहीं था व मिथ्या फैलाई गई थी तो हम अपना पक्ष रखेंगे अपने घर की स्त्रियों का पक्ष रखेंगे और फिर क्योंकि वहां पर परिक की बात भी थी तो हम परिक का भी रक्षा करेंगे क्योंकि परिक के बारे में भी आपके पास कोई ठोस तथ्य नहीं है वो लोग निर्दोष है तो हम उनके निर्दोष ता निर्दोष होने के लिए भी कहेंगे और मैंने तुमसे भी कोई लड़ाई नहीं कही थी मैंने तुमको भी यही दिखा याद दिलाया था परिस्थिति जन्य सबूत ना लाना परिस्थिति जन्य सबूत ना लाना ठोस सबूत लाना स्थिति जन्य तो वो तीन साल से है उसका क्या करें ठीक है संभावना वाले वो मैंने कहा ना तो टीआरपी बढ़ाने के लिए और यह सब के लिए हम नहीं करते हैं हम करते हैं धर्म के लिए धर्म का जो पक्ष है जो रखा जाना चाहिए वो रखा जाएगा और वोह मातृशक्ति जो निर्दोष है जितने अंश में उसकी रक्षा की जाएगी फिर वो भले ही विजया श्री हो मेरी माताएं हो मेरी बहने हो या फिर वो गौरी हो जो तुम्हारी

01:09:54:01 दूध बन के इधर उधर घूमती वो कोई भी हो जितने अंश में जो निर्दोष होगी मातृ शक्ति तो उसकी उसकी गरिमा के लिए उसके सम्मान के लिए लड़ा जाएगा खड़े होना पड़ेगा तुम्हारी तरह नहीं कि गलती से वीडियो लगा दिया जल्दबाजी में और उसके बाद लीपा पोती कर रहे हो अपने डिस्क्रिप्शन में ठीक है नहीं अगर तुमने किसी को चर्चा के लिए पहली बात तो य मेरी यहां पर मेरा दोष है इनका कहना है कि भगवता ंद ने अगर मुझे यह कहा कि हमने अगर तुम्हें लाइव का प्रपोजल दे दिया है तो शिवांश तुम यह कह रहे हो कि हमने विरोधाभासी भी विरोध में वीडियो क्यों डाला है ना तो हम अपना चैनल थोड़ी ना बंद कर देंगे पहली बात तो यह है कि पुरी के विरोध में और एक बात और हां याद आ गया आपने कहा ना टीआरपी बढ़ाने के लिए एल्गोरिथम बढ़ाने के लिए तो

01:11:09:04 क्या मैं भी यह कह सकता हूं कि तुम अपना टीआरपी बढ़ाने के लिए एल्गोरिथम बढ़ाने के लिए जो सर्वमान्य गद्दिया है उनका तुम समीक्षा करते रहते हो अपने चैनल पर क्या ये कहना उचित नहीं होगा तुम जब यह कह रहे हो कि मैंने टीआरपी बढ़ाने के लिए एल्गोरिदम बढ़ाने के लिए मले चराज शब्द का उपयोग किया तो क्या मैं यह नहीं कह सकता हूं तुम पुरी मट का उपयोग इसलिए करते हो कि तुम्हें टीआरपी बढ़ानी है तुम राजें दास जी का उपयोग इसलिए करते हो तुम्ह टीआरपी बढ़ानी है तुम राघवाचार्य जी का उपयोग इसलिए करते हो तुम्ह टीआर बढ़नी है मैं ये सब नहीं बोलता हूं क्योंकि इसके दोनों पक्ष है इसका यह पक्ष भी है कि तुम्हें धर्म का पक्ष रखना है और हो सकता है उससे टीआरपी बढ़ रही हो उससे डन मैटर तो यह आप निर्णायक जो बनते हो ना स्वयंभू इसमें फसते हो इसके दोनों पक्ष इस बात को बोलने को कोई अर्थ ही नहीं है टीआरपी बढ़ानी तुम भी तो बढ़ा रहे हो टीआरपी तुम पुरी बट में बोल बोल के अपनी टीआरपी तो बढ़ा रहे हो और क्या कर रहे हो शंकराचार्य के ऊपर बोल बोल के तुम टीआरपी बढ़ा रहे हो अन्य जो फेमस आचार्य जो संत है उनके ऊपर बोल बोलक टीआरपी बढ़ा रहे हो और जिनका तुम विरोध कर रहे हो राजेंद्र दास जी वही बाद में आके तुम्हारे साथ तुम उनके साथ मंच साझा कर रहे हो क्यों कर रहे हो

01:12:24:13 व तो गलत ना तुम तुमने तो उनको इतना भला बुरा कह रखा है तुम उनके साथ मंच साझा कर रहे हो तो मैंने ये जो कहावत कही थी ना मिल जाते हैं सारे रंग किसी मिट्टी के रंग में मिल जा गिरते हैं वीर जार ही मैदानी जंग में मैंने इसीलिए कही थी कि जिनके धरती पर प्रकल्प चल रहे होते उनके सामने कई जगह रणनीति उपयोग में लाने की आवश्यकता पड़ती है और उसके लिए अमुक अमुक चीजें उन्हें करनी पड़ती है मगर वहां भी शास्त्र के विधान को कहने की बात आती है तो वो ये नहीं कहते कि कृष्ण और अल्लाह एक है ये अंतर है रणनीति का उपयोग करने में प्रासंगिक विषयों में उन्होंने कहीं पर कुछ फैसला लिया कहीं पर कुछ कहा वो अलग बात हैर धर्म धर्म की व्याख्या के साथ छेड़छाड़ नहीं करते और अगर करे तो आप उनका शास्त्रोक्त खंडन कर दो फिर भी व्यक्तिगत मत हो मगर तुम जो यह धरातल पर की जाने वाली चीजों की समीक्षा कर पाते हो इसलिए क्योंकि तुम्हारा अपना धरातल पर कुछ नहीं है तुमने उस दिन वीडियो बना कर के यह कहा कि मैंने बचपन से य कहा वोहा वो धरातल का नहीं है तुमने वक्तव्य दिए वीडियोस है नव मार्गी है उस पर जाकर के बस तुम वक्ता बने हो धरातल पर नहीं चले गए तुम किसी दो दो हाथ नहीं कर लिए तुमने किसी से या तुम्हारे से जुड़े हुए लोगों ने तुम्हारे कहे कहे के कारण

01:13:40:06 धरातल पर कुछ नहीं किया ठीक है तुमने वह सारी चीजें अन्य आचार्य भी कर रहे जो तुमने की है जो तुम उस दिन कह रहे थे कि हमने बचपन सेय किया वो किया है तुम तो अभी आए हो वो धरातल नहीं है जिनके प्रकल्प धरातल पर चलाने पड़ेंगे जिन संतों का यही कार्य है कि वो केवल वक्तव्य दे वो निर्देश दे आचार्य गणों का यही कार्य है वो शास्त्र के पक्ष को बताए और उस दिन मैंने इस और भी संकेत किया था इंगित किया था कि आज जो है आचार्यों को ई क्षत्रियों वाले कार्य भी करने पड़ रहे हैं धरातल पर उतरना पड़ रहा है तो वहां क्षत्रियों का कार्य करते समय रणनीति का उपयोग भी करना पड़ रहा है इसलिए और क्योंकि उनकी जो जीवन है उनकी व्यवस्था वो सब ट्रांसपेरेंट है सबको दिख रही है तो जहां जिसको अपने अनुसार जो मिल गया तो बैठ के समीक्षा करने लगा तुम्हारे जैसा व्यक्ति अरे कुछ करो तो जाकर के धरातल पर कुछ दिखाओ तो करके फिर देखो तुम्हें उससे दिक्कत है बजरंग दल वालों के साथ आरएसएस वालों के साथ गुरुदेव विरोध करते तुम्हारे गुरु है क्या तुम उनसे दीक्षित हो क्या कैसे बोल रहे हो कि उन्होंने बजरंग आरस बजरंग दल आरएसएस वालों का साथ लेने से मना किया है अच्छा यह बताओ जब सबसे पहला हिंदू तुम्हें

01:14:55:09 कौन सा मिलेगा जो धर्म की रक्षा जिसके द्वारा धर्म रक्षा का तुम्हारे मन में आ सकता है जो लोग परंपरा प्राप्त आचार्यों से जुड़े हैं उनके परिकर है या वो लोग है वो तो है ही तो तुम सुधार करने किसका निकल रहे हो सबसे पहला हिंदू तो बजरंग दल आरएसएस वाला ही मिलेगा ना इसी तरीके के जो पहले से दिशाहीन सही मगर उनमें अपने धर्म के लिए बुद्धि हो थोड़ी बहुत उन्हीं का ही साथ पकड़ोगे ना अरे एक मिनट

01:16:01:14 तो इसीलिए मैंने कहा था धरातल पर क्या कर रहे हो जो निर्देश वाला कार्य है संतों का आचार्यों का तुम केवल उस चैप्टर को पकड़े हुए उसमें भी तुम्हारी लाइफ छुपी हुई है जो मले राज वाली जो दृष्टि है ना तुम्हारे वो वो वास्तविकता है वैसी लाइफ है तुम्हारी तुमर तुमने कौन सा मैंने कहा ना जहां पर कथा करने जाते हो उनका नाम पता मुझे बता दो सार्वजनिक करो उनको थोड़ा पता लगे तो उन लोगों में दोष निकाल दूंगा तु उनके साथ बैठ रहे हो मिल जाएंगे दोष अशा स्त्रीय निकाल दूंगा फिर पूछूंगा यहां कथा करने कैसे गए थे क्यों गए थे हम तो तुमने अपनी अपने जीवन को तो छुपा के रखा हुआ है और जिनका जीवन ज्यादा से ज्यादा लोगों को दिख रहा है उनके संप्रदाय उनका बड़ा है फैला हुआ है उधर उधर कहीं ना कहीं कोई ना कोई क्योंकि रणनीति है तो कुछ ना कुछ दोष तो दिखाई दे ही जाएगा उस परे तो आ करके बोल लो यहां ये क्यों किया वहा वो क्यों किया वहा ये क्यों किया और तो और फिर तुम्हें अब तु अपनी सामंजस के अनुसार वहां जाकर के मंच भी साझा कर लो चाहे भले ही जो मुक्त जी जटर मठ वाले चाहे वो भले ही बौद्धों के बीच में बैठे हुए दिख जाए उनका खंडन कर दो उनका जो है उनके बारे में कुछ भी पोस्ट डाल दो यह है वो है उनकी पुरानी फोटो उठा कर के और फिर उनके बुलाए जाने पर उनके यहां पर चले भी जाओ

01:17:17:22 राघवाचार्य जी महाराज के लिए भी यही है कि क्या कहते हैं आप वहां चले जाओ उनका वो प्रभुपाद के यहां क्यों गए थे ये क्यों हुआ था वो क्यों हुआ था और फिर उसके बाद जो है उनके साथ हमारा तो बड़ा अच्छा संबंध चल रहा है है ना तो वही है मीठा मीठा गप गप कड़वा कड़वा थू और जहां हम फस वहां करेंगे दूसरी बातें बदल देंगे टॉपिक चेंज विषयात तुम भी वही निकले जो आर समाजी करते हैं कौन वाले करते हैं वही तुम कर रहे हो अपने कमजोर पक्ष को छिपाने के लिए दूसरे ऐसे पक्ष जिन पर तुम्ह सहजता है बस वही

01:18:04:20 है आगे क्या है चलो सुनते हैं हमारे बारे में अगर कुछ कह रहे हो हमारे बारे में अगर कुछ कह रहे हो तो तुम्हारा चैनल बंद हो जाएगा तुमने कहा कि हम अपना चैनल थोड़ी ना बंद कर देंगे हमें तो जो कहना है कहते रहेंगे मगर मेरा यहां पर दोष क्या है जो मैं पहले य था कि मैंने तुम्हारी जो चर्चा का जो तुम्हारा वह था ना प्रस्ताव उसको सौहार्द पूर्ण चर्चा समझ लिया यह दोष था मेरा मुझे लगा कि व्यक्ति कोई शोधन के निमित्त बात करना चाहता और हम लोग कुछ व्यक्तिगत इस चर्चा को सार्वजनिक ना करके व्यक्तिगत रूप से इसका समाधान निकाल निकालने का प्रयास करें जो परिस्थिति जन्य वाली चीज है ना उसको किसी प्रामाणिक चीज की ओर ले जाए निष्कर्ष निकले कुछ प्रामाणिक है ना उसकी ओर ले जाए मुझे लगा यह व्यक्ति ऐसा चाह रहा है यह मेरा दोष था तो जब मुझे य पता लगा कि तुमने तब भी विरोधाभासी वीडियो डाला मैं फिर कह रहा हूं विरोधाभासी

01:19:20:13 तो मैंने कहा कि तुमने क्यों डाला तो मुझे मैंने वो इसलिए कहा था कि एक तरफ चर्चा के लिए कह रहे हो और उसमें शैली भी तुम्हारी जो है ठीक है जो चर्चा की बात कर रहे हो तो उस शैली के कारण मुझे लगा कि तुम ये जो वार्ता है यह वो विरोधाभासी वार्ता ना हो करर के उसमें कहीं ना कहीं वो है कि कोई सामंजस्य पूर्ण चर्चा हो तो इसलिए मैंने कहा था जब अगर तुम चर्चा चाह रहे हो तो फिर तुम क्या कहते हैं विरोधाभासी वीडियो नहीं डालना चाहिए था यह तो मेरा पक्ष है कि मेरा दोष क्या था मैंने ऐसा समझ लिया दूसरी बात यह है कि तुम्हारा कहना है कि हम तो अब जैसे तुम जो बातों का बतंगड़ बनाते हो मैं भी बना रहा हूं हा बातों का बतंगड़ सुनो तुमने वहां पर यह कहा कि भैया अगर तुम्हारे साथ चर्चा होगी कि नहीं होगी वह बात अलग है मगर हम तो अपने जो कहना कहते रहेंगे अपना चैनल थोड़ी ना बंद कर देंगे तो मतलब तुम्हारा चैनल इसी बात से चलता है ना कि शिवांश का पुरी मट का विरोध कैसे करें उसी से चल रहा है दूसरा नहीं वरना चैनल बंद हो जाएगा अगर तुमय कंटेंट नहीं डालोगे तुम कह रहे हो तुमरा कंटेंट बंद हो जाएगा चलो ठीक है आगे बढ़ते

01:20:49:10 हैंको तुमको जो है व चाहिए ही नहीं था तुमको कोई स्वार्थ पूण चर्चा नहीं चाहिए थी वही तुमने जो किया स्वार्थ पूण चर्चा नहीं चाहिए कोई वो नहीं था कि तुम्हें शोधन करना है कुछ करना है तुम्हे बड़बड़ी सवार है करियर का बनाना है और करियर बिगाड़ना यह तुम्हारा वह है यह तुम्हारा उद्देश्य है लुप्त संप्रदाय का अरे सीधी बात है

01:21:29:00 सीधी बात है कि जिस पर तुम बात कर रहे हो उनका नाम पता सब कुछ सार्वजनिक है तुमने अपना मठ अपना मंदिर अपना गुरुकुल या जो भी तुम्हारा है उसको सार्वजनिक क्यों नहीं किया है तुम आचार्य हो तो क्यों छुपा के बैठे हुए हो हमारे

01:22:17:26 पताला इनका कहना है कि इनका कहना है कि हमें जो भी हमें सोर्स से पता चला है तो उसमें हमारी शैली निर्णायक रहेगी और दूसरी तरफ खुद ही कह रहे हैं कि इनके पास जो सामग्री है वह परिस्थिति जन्य है संभावना उत्पन्न करने वाली इनकी सामग्री है खुद कह रहे हैं और बोलेंगे क्या निर्णायक यह खुद कह रहे हैं खुद ही फस रहे हो अपनी बातों में खुद ही कह रहे हो व सामग्री जो है परिस्थिति जन्य सामग्री है वो ठोस प्रमाण नहीं है खुद ही है सब वो कर रहे हो और फिर कह रहे हो हम तो उसमें शैली हमारी निर्णायक रहेगी कैसे रहेगी भाई कहां का सिद्धांत है कि जो संभावनाए प्रकट करने वाले जो सामग्री होगी उसके आधार पर कि किसी को वो कहा जाए उसने यह किया

01:23:15:27 है और क्या कहा आपने ता चहा पता चलाते अब मेरे को किसी ने बताया कि तुमने जानवी के ऊपर गाना बनाया है ठीक है तो मैं उसमें यह ना कहूं कि भैया यह सत्यापन के अधीन है जो भी है ऐसा कुछ ना कहूं मैं और जो है यह कहूं कि हां इसने बनाया है यह गाना जो है दौड़ रहा है जो वो एआई से नहीं बनाया गया कुछ नहीं है उसमें उसका कोई और अर्थ भी नहीं है जान भी नहीं जान दी है यह सब नहीं है वो तो वही है जानवी नाम की प्रेमिका के लिए ही गाया गया है मेरे को मेरी सोर्सेस से अगर कोई मुझे बता रहा है कि तुमने जो है वेद मंत्रों पर रैप सॉन्ग बनाया है पुराने ग्रुप्स में वो सब आएंगी धीरे धीरे अभी तुम चलते जाओ तुम्हारा पूरा तैयार हो रहा है समता जाएगा धीरे धीरे तुम आगे बढ़ते जाओ डाल डाल पात पात कहा था ना मैंने बढ़ते जाओ आज शाम को लाइव करना और बढ़ाना चल रहा है वो पूरा पूरा पीछे पोस्टमार्टम जो तुम पोस्टमार्टम उसका करोगे ना तो सब आएगा तुम्हारा निग्रह संप्रदाय क्या है तुम निग र का के सब निकल के आएगा तुम्हारा चल रहा है एक एक चीज इसीलिए

01:24:31:03 कहा था मत बढ़ाओ इस बात को वर्णाश्रम धर्म की रक्षा करते रहो और जो शास्त्रो खंडन है वो प्रस्तुत करते रहो अच्छी चीज है वो करते रहो व्यक्तिगत मत हो और फिर भी हुए भी तो मैंने कहीं नहीं कह दिया मैं आके तुम व्यक्तिगत हुए भी थे तो मैंने कहीं तुम्हारे विरोध में वीडियो नहीं बना दिया था मगर जब बात रखने की आएगी तो वहां पर तो बताना पड़ेगा ना कि सिद्धांत क्या है सिद्धांत तो यही है कि मृत्यु के बाद वैर नहीं रहता और तुम्हारे लिए तुम हमारे लिए राम से बड़े हो नहीं और हां ये श्री राम कहने में कहने से भी अधिक मेरा मुझे रस आता है मेरा भक्ति रस राम राम बोलने से ही मुझे बल प्राप्त होता है इसीलिए राम बोलता हूं और राम बोलना अगर सनातन सिद्धांत के अनुसार गलत है तो व बता देना गलत है बता दो

01:25:32:01 अब इनका कहना था पुरी के शंकराचार्य जी ने छत्र का त्याग किया हुआ है हा भाई किया हुआ है तो क्या कहते तो फिर व वहा जो सम्मेलन हुआ था उसम छत्र पर क्यों बैठे यह सब तुम्हारी बातें है नाय इससे पता लगता है कि तुम्हारा जो बौद्धिक स्तर है व नि निम्न है अब वो क्या कहते वो धातु हो जाने की वजह से काहे की वजह से वजन तो कम है ही जो तुमने भी स्वीकार किया वजन कम है तो धातु चली जाने की वजह से काहे की वजह से वो तो बात की बात है मगर वो वो बिल्कुल निम्न हो चुका है अरे भाई पुरी के शंकराचार्य जी जहां पर बैठे हैं उनके साथ बाकी के शंकराचार्य भी हैं तो वहां पर वो उनको यह दिखाए देखो देखो हमें धर्म की ज्यादा चिंता है और इनको नहीं है उनका अपमान करें तो उनका सम्मान रखने के लिए वहां पर उन्होंने वो बैठे उस पर और दूसरी बात कि पुरी के शंकराचार्य जी अपने जीवन में एक दिन चांदी के छत्र पर बैठ जाते हैं चांदी के छत्र को ले लेते हैं सिंहासन पर बैठ जाते हैं और बाकी के जीवन में वह बिना चांदी का छत्र लिए और सिंहासन

01:26:47:15 लिए ही चलते हैं तो क्योंकि वो उस एक दिन बैठे थे तो यह माना जाएगा कि उन्होंने त्याग नहीं किया क्योंकि वो बिना उसके आजीवन चल रहे हैं यह नहीं माना जाएगा कि त्याग किया है ना यह बहुत निम्न स्तर के कुत कैसे कर रहे हो मुझे यह उम्मीद नहीं थी आपके पिताजी ने आपको कहा था कि केस कम आ रहे हैं ज्यादा आने चाहिए मुझे तो मुझे लगता था कि आपकी तरफ से अच्छे ठोस चीज कही जाएंगी क्या कुतर्क कर रहे हो आनंद नहीं आ रहा अभी मुझे लगा था कि चलो एक जो वो वाली बात है ना योद्धा किसी योद्धा से वो होगा तो कुतर की से हो रहा है सामना एक जो भाव था कि भाई चलो किसी बलवान व्यक्ति से विडंत होगी ठीक है भाई चलो यही सही मगर अब दिख रहा है कि बलवान नहीं कुतर कुतर की कुतर कर रहा

01:27:48:12 हैक उसका भी काकम सत इसका जवाब इनका कहना है कि जिस कार्यक्रम में फर्जी वो है ये है वहां वो कैसे जा सकते हैं तो भाई गुरुदेव बीजेपी का खंडन करते हैं खूब जो बीजेपी की नीतियां उनका खंडन करते हैं आरएसएस की नीतियों का खंडन करते हैं फिर भी वो लोग मिलने आते हैं तो ना मिला जाए अपनी बात कहेंगे कब और कहां से मिलकर ही तो कहेंगे हा

01:28:26:08 राघवाचार्य जी महाराज वहां गए इसकन बेंगलोर में खंडन तो किया ना इसकन वालों का जो सन्यास इत्यादि में उन्होंने विधि निषेध इत्यादि के बारे में बताया य क के मिला

01:29:08:15 तोय अरे पहली बात है कि प्रेमानंद का तुम विरोध करोगे प्रेमानंद बाबा का क्योंकि तुमने तुम्हारे पास सब अधिकार तुमको जो ईश्वर से प्राप्त हो गए हैं व बात अलग है कि प्रेम प्रसंगों में तुम सफल नहीं हो पाए मगर उनका वो वीडियो मुझे याद नहीं है मैं इस पर एक शॉर्ट अलग से बना दूंगा उनका पक्ष मुझे समझ में आ गया था कि वो क्या कहना चाह रहे हैं बस वो जो गुरुदेव का एक वो है ना वाक्य के पूरा घी एक ही दिन में मत पिलाओ और सामने वाले के प्रज्ञा शक्ति को देखते हुए उसे उत्तर दो उसके अनुसार वो वहां पर उनका कुछ वाक्य था मैंने वो मुझे ध्यान नहीं उनका पक्ष जब आपकी य बात आई थी और किसी ने मुझसे लाइव चलती हुई वीडियो में बात पूछ ली थी तो मैंने आप का खंडन नहीं किया था मैंने कहा था यह भी हो सकता है उनकी बात का मतलब यह भी हो सकता है ऐसे करके मैं आपसे यह विरोधाभास की जो इस समय की जो स्थिति है इससे दूर रहने के लिए मैंने आपका खंडन नहीं किया था मगर प्रेमानंद जी की महाराज जी की बात का भी कोई सही मतलब निकल सकता है और मेरा कार्य ऐसा ही है कि मैं उस व्यक्ति के लिए तब तक लड़ता रहता हूं जब तक उसका एक भी अंश ऐसा है जिसके कारण उसे हम सही कह सकते हैं क्योंकि मैं सिद्धांत का अनुगमन करता हूं कि जब प

01:30:23:15 को जब तक कोई स्त्री चरित्र चरित्रहीन सिद्ध ना हो जाए केवल वो संभावनाएं उसकी ऐसी हो रही है तब तक उसे चरित्रहीन नहीं कहा जा सकता बल्कि कोई भी स्त्री को चरित्रवान होने के लिए सिद्ध करने के लिए उसकी लाइफ को चेक करने की आवश्यकता नहीं होती है कि हमने तो देखा नहीं जैसे किसी की भी माता या बहन के लिए कहा जा सकता है भैया हमने उसकी बहन को देखा है क्या हमने उसकी माता जी को देखा है क्या क्या कर रही है क्या नहीं कर रही हम कैसे कहते तो क्या है किसी भी स्त्री को चरित्रवान बोलने के लिए सब करने की जरूरत नहीं है तो कोई भी स्त्री तब तक चरित्रवान है जब तक वह चरित्रहीन सिद्ध ना हो जाए तो मैं इस सिद्धांत का अनुगमन करता हूं जब तक वह चरित्र हीन सिद्ध नहीं हुई तब तक वह चरित्रवान है सिद्ध नहीं हुई तब तक ठीक है तो तब तक उसे हम चरित्रवान ही बोल बोलते हैं तो इसी प्रकार से जो प्रेमानंद जी महाराज है उनकी बात का अगर सही अर्थ निकाल सकते निकाल सकते जो कि निकाल सकते हैं मैं उस वीडियो में बोलूंगा अलग से मैं रील बनाऊंगा वो प्रकरण मुझे नहीं याद है उनका जो शब्द क्या था तुम तो शब्द के साथ तोड़ मरोड़ के अपने

01:31:38:20 अनुसार उसका अर्थ निकालते हो ना तो मैं वो मुझे कोई मेरा जो समर्थक हो या इनका भी समर्थक हो भगवता नंद का तो वो मुझे लिंक भेजे प्रेम प्रेम जी ने कौन से उसम वीडियो में ऐसा कहा था तो मैं उसका सही अर्थ बता दूंगा जो उनके पक्ष से प्रस्तुत किया जा सकता है उस कर व

01:32:20:20 सब अब देखो मट के परिक पर लांछन लगा रहे हो तुम और उससे कुछ सिद्ध नहीं हो रहा है फिर हमसे कह रहे हो कि तुम य सिद्ध कर दो ऐसा नहीं है अभी मेरे को कुछ लोगों ने बताया है कि तुम जो है नाली से कुत्तों के पिल्ले को निकालने का काम करते हो तोब मेरा कार्य य नहीं है कि मैं सिद्ध करूं तुम ऐसा करते हो बल्कि तुम्हारा कार्य हो जाएगा तुम यह सिद्ध करो कि तुमने कुत्ते के पिल्लो को नाली से निकालने का ठेका नहीं लिया है क्या ये कहना सही है मुझसे मुझे कुछ लोग बता रहे हैं कि तुम तुम्हारी एक नाई की दुकान भी है तो मेरा यह काम नहीं है कि मैं तुम्हारी नाई की दुकान जो है सिद्ध करूं बल्कि तुम्हारा यह काम हो जाएगा कि तुम तुम्हारी तुम सिद्ध करो कि वो नाई की दुकान है कि नहीं यह है तुम्हारे तर्क यह है तुम्हारी तर्क शक्ति हम क्यों सिद्ध करें भाई तुम तो अभी कल को फिर कुछ ले आओगे फिर कुछ ले आओगे तुम लेकर आए हो तुम्हारा काम है ना सिद्ध करना और मैंने तो भगवता अंद य ही नहीं था पहला वीडियो दोबारा देखना मैंने तो यह कहा था कि मैं युद्ध लडूंगा मुझे ठोस प्रमाण दो

01:33:38:08 बस हम सिद्ध करें अब कोई भी व्यक्ति हमारे बारे में यह बोलते हुए कि 50 लोगों ने मुझसे कहा है 50 लोग बुलाने पर जब आएंगे ना साइन करवाओ एफी डेविड पे कि मैंने मैं ऐसा ऐसा आरोप लगा रहा हूं भाग जाएंगे वो सभी 50 एक दो रह जाएंगे 50 में से तो मैं ऐसे ऐसे सुनी सुनाई बातों पर गंभीर आरोप लगाता रहू और उसके बाद मैं कह द तुम सिद्ध करो तुम्हारी नाई की दुकान नहीं है तुम सिद्ध करो तुम कुत्ते के पिल्ले को नाली से निकालने का बिजनेस नहीं कर रहे हो तुम सिद्ध करो क्योंकि मुझसे तो 50 लोगों ने कहा है और तुम्हारे आसपास वालों ने ही कहा है और इस औरता है

01:34:28:26 उनका जा बा जब कह देने से सत्य गलत नहीं हो जाता है तो जब मैंने उनका तुमने लिया क्या तुम कह रहे हो कि उनका पुत्र ही उनको ऐसा कहता है तुम उनका जाकर के इंटरव्यू ले लो पहली बात तो यह है कि भाई हमारे पास और भी कार्य है करने के लिए जो आवश्यक है मां दुर्गा के साथ बलात्कार हुआ यह कहता है रामपाल जैसा निशाचर

01:35:03:03 उससे लड़ने का कार्य भी है सिर्फ एक यही कार्य नहीं है कि तुम जो है बैठ करके अनन्य आचार्यों के मठ में क्याक हो रहा है उसकी समीक्षा कर रहे हो और तुमने आरोप लगा दिया तो हम जाकर के अपना समय नष्ट करें कि यह करने लग जाए फिर भी जब तुमने खुद नहीं किया जब मैंने नहीं किया तो आरोप क्यों लगा रहे हो अगर उसका आधार आरोप यही है कि वो इंटरव्यू लिया जाना है तो पहले पहले संपर्क करो पहले फोन करो पहले बताओ संदेश बजवा क्यों जैसे उससे संदेश भिजवाया तुमने गौरी से तुमने संदेश भिजवाया जिसकी वजह से वो मिसकनसेप्शन फैला वहीं से संदेश भिजवा सकते थे ना कि भाई ये है ये डिटेल है आप इस पर जाकर पूछिए फिर देखिए क्या है यह तो किया नहीं तो जब वो चीज हुई नहीं है जिसके आधार पर कुछ सिद्ध होना है तो फिर आरोप क्यों लगा रहे हो क्यों उसको मंचों से उसका वो कर रहे हो

01:35:58:24 प्रवाह जब तुम्हारी चीजें तुमने तुम्हारे ही अनुसार तुमने पूर्ण रूप से नहीं की है तो फिर उसको लेकर के बदनामी पहले से क्यों कर रहे हो किसी की पहले इंटरव्यू हो जाने दो अगर अगर जिनके साथ उनका किसी का तुम संबंध बता रहे हो मट के किसी परिकर का संबंध किसी के साथ अगर तुम बता रहे हो और तुम्हारा यह कहना है कि तुम जाकर के उनसे उनके बेटे से पूछ लो जो उनको ऐसा ऐसा कह है यानी कि उनके बेटे किससे पूछ करके यह हो जाएगा कि उनके बीच में संबंध है पहली बात पहली बात तो वो भी एक चीज है कि उनका बेटा हो सकता है किसी द्वेष वश ऐसा कह रहा हो कर रहा हो यह भी तर्क है ना जब तक कोई बच सकता है हम उसे बचाएंगे हम नकारात्मकता का चश्मा लेकर के दुनिया को नहीं देखते

01:36:49:18 हैं और जब वो कारवाई हुई नहीं है पहली बात तुम यह कारवाई हमको भेजो हमको बताओ कि यहां से जाकर के संपर्क करो इनसे लो और हम अपने समय अनुसार जाएंगे ऐसे नहीं कहते ली में सरसों जमा देंगे फ्री नहीं बैठे हैं धरातल पर कार्य कर रहे हैं केवल वीडियो नहीं बना रहे हैं ट पर ठीक है और मैं जानता हूं कि तु तुम्हारे पास भी कार्य है समय समय पर राजस्थान जाना पड़ता होगा परिस्थिति जन्य जो सामग्री उसके आधार पर है ना इलाज के लिए तुम्हारे पास भी समय कम होगा तो ठीक है जब तुमने अगर उस चीज की जांच नहीं की जो जांच अभी होनी चाहिए और तुमने जब मेरे को भी यह नहीं बताया कि ऐसा होना चाहिए तो उससे पहले तुमने गंभीर आरोप क्यों लगा दिए क्यों बदनाम करना शुरू कर दिया ठीक है अब मैंने कहा कि तुम्हारी नाई की दुकान है और तुम वहां पर लोगों के बाल जो है छील हो ठीक है अब मैं कह रहा हूं कि तुम्हारा अमुक अमुक जगह पर घर है वहां जाकर के देख लो ऐसा है कि नहीं और यह करने से पहले ही मैं यहां पर बोल दूं

01:38:04:25 कि तुम नवा हो तो क्या यह ठीक है परिस्थिति जन्य जो सामग्री है संभावनाए उत्पन्न करने वाली सामग्री है उसके आधार पर तुम तुम्हारी बदनामी कराना श कर दू तो क्या उचित मान रहे हो अभी मैंने तुम्हारे ऊपर वही है ऐसी जानकारी के आधार पर है ना तुम हस्त मैथुन का जो है इलाज करवाने जा रहे हो वहां पर राजस्थान तो जिन जिन चीजों के सत्यापन के आवश्यकता है इस मामले में वोह है नहीं व मैं तुमसे तुमसे कह दूं नहीं नहीं तुम तो हस्त मैथुन करते हो भाई तुम्हारा है ही है तुमसे रहा नहीं जाता है तुमने इतना सब यह सब किया है सोशल मीडिया पर य गल पे उसके कारण तुम्हारी मानसिकता ही ऐसी हो गई कि विवाह के बाद भी तुम अपनी उस आदत को छोड़ नहीं पा रहे हो तो क्या यह सही होगा ऐसा

01:39:10:19 कहना ना तो बाकी न शकरा श उनसे प्र आया चला मान कर दिया नब पहली बात तो ये है कि पुरी के शंकराचार्य जी जब तुम्हारी ओर से अशा स्त्रीय व्यक्ति है झूठ बोलने वाले हैं तुम्हारे अनुसार उनका जो है वो जो मोह माया है वो निकला नहीं है तुम्हारे अनुसार क्योंकि वो अपनी बातों को बदल रहे हैं वो सिंहासन का उपयोग कर लेते हैं फिर तुम्हारा यहां पर कहना है कि वहां पर उन्होंने बाकी के दो शंकराचार्य को क्यों मान लिया कोर्ट में जब गवाही देनी थी फिर वैसे क्यों नहीं मांगा माना था हम तो पहली बात तो यह जब तुम्हें उनसे इतनी अशा स्त्रीय या उनके आचरण में इतना सारा दोष देख रहे हो तो फिर क्यों उनको तुम प्रमाणिक शंकराचार्य के रूप में प्रस्तुत कर रहे हो कहो नहीं भैया वो भी अ शस्त्री है क्यों उनके पास ज्ञान लेने जा रहे हो बैठे हो तो तो अपना खुद का जब निग्रह संप्रदाय और क्यों उस मठ की सहायता कर रहे हो कि उनके कहे जाने पर तुमने कहा कि तुम विकल्प के रूप में भेजे गए थे छत्तीसगढ़ क्यों भाई और तब तक तुम कुछ ये सब चीजों पर ध्यान नहीं दे रहे थे क्यों भाई देवताओं ने नहीं बताया था ये सब य दोष पहली बात और

01:40:25:25 दूसरी बात यह है कि यह धार्मिक पक्ष है कि जो क्या कहते हैं वोह दो पीठ के शंकराचार्य नहीं है मगर यदि उसके कारण धर्म की स्थापना के लिए वहां पर जिस रूप में वह जाने जा रहे हैं वही वाली बात जिस रूप में व जाने जा रहे हैं उस रूप का प्रयोग हो सकता है तो किया जाएगा उस का धर्म की स्थापना के लिए धर्म की रक्षा के लिए प्रयोग किया जाएगा शंकराचार्य के पद को बचाने के लिए व प्रयोग किया जाएगा क्यों नहीं किया जाएगा क्यों तुम नहीं प्रयोग कर रहे हो अशा स्त्रीय चीजों का तुम ट्रेन में नहीं बैठते हो तुम उस तंत्र की सहायता के बिना कार्य कर रहे हो जो अशा स्त्रीय है रेल मंत्रालय का उपयोग नहीं कर रहे हो तुम ट का उपयोग नहीं कर रहे हो तुम गल का उपयोग नहीं कर रहे हो तुम छोड़ दो इन सब तंत्रों को स शस्त्री

01:41:21:21 है और इसी तरीके से जो आरएसएस बजरंग कल वाली बात आती है जिनका तुम गुरुदेव खंडन करते तुम उनके शिष्य नहीं हो तुम क्यों बता रहे हो वो क्या कहते क्या नहीं कहते हम तो उनके पास बैठ के उनके प्रवचन सुनते हैं ना तुम नहीं सुनते हो तुम्हे तो दोष दिखता है उनके अंदर तो तुम शिष्य नहीं हो उनके जो तुम बताओगे तुम्हारे गुरुदेव य कहते तो यह करो वो हमें बता देंगे हम शिष्य उनके तुम कौन होते हो बोलने वाले तो गुरुदेव अगर उनका खंडन करते हैं तो उनकी प्रशंसा भी करते हैं इस संस्था का जो कार्य है वह करने की जो शैली है आरएसएस से किसी को सीखनी चाहिए प्रवचन नहीं दिखे तुम्हें मोदी योगी घर भरने वाले तो नहीं है यह प्रवचन तुम्हें नहीं दिखे क्योंकि तुम तो उस गिद की तरह उड़ते हो कि कहां पर बोटी दिखे उसी की तरह ना अपने मतलब की चीज जहा दिखेगी दूसरे प्रवचन नहीं सुने अभी किसी ने पू गुरुदेव से पूछा था जगतगुरु शंकराचार्य जी से सभा में पूछा था कि जो ऐसे आचरण कर रहे हैं ना बाबा या बाबा बन गए हैं और ऐसे आचरण कर रहे हैं चिलम पी रहे हैं वो पी रहे हैं तो गुरुदेव ने क्या कहा था कि बाबरी मस्जिद का जब ढांचा टूटा था तो वहां पर कोई त्रिकाल संध्या करने वाले ही नहीं पहुंचे

01:42:36:28 पहुंच गए थे सबसे पहले सब ऐसे ही थे जो लखनऊ में बंधु चौराहा बना हुआ है वोह लोग त्रिकाल संध्या करने वाले नहीं थे जो मार दिए गए थे उसमें तो सबका अपना अपना उपयोग विनियोग है वहां कह दे बाबरी मस्जिद का ढांचा जब तोड़ा जा रहा है तो वहां पर जाकर कह दे चलो चलो तुम तुम अ शस्त्री हो तुम त्रिकाल संध्या वाले हो तुम्हारा साथ नहीं लिया जाएगा यह कह दे ना और लेते तो तुम भी हो बताओ कहां कहां कथा कथा होने वाली है बताओ अभी देखो डाल देंगे अशा स्त्रीय लोगों का हम तो अशा स्त्रीय कोई है और उनको हम सही करने का प्रयास कर रहे हैं तो इस बीच इस यात्रा के दौरान जब तक वो सही नहीं हो चुके अगर कहीं पर उनका उपयोग विनियोग हो रहा है तो उनका उपयोग विनियोग नहीं ले सकते और सुनो हां आरएसएस संस्था से कोई जुड़ा हुआ है और आरएसएस संस्था ने ऐसा ऐसा अमुक अमुक कार्य किया है स्कन से कोई जुड़ा हुआ है स्कोन संस्था ने ऐसा ऐसा अम मगर जिस व्यक्ति से के साथ चर्चा हो रही है वो व्यक्तिगत रूप से उसने कोई बात ऐसी नहीं की और जो आरएसएस और बजरंग दल के लोग हमारे साथ रामपाल वाले उसमें खड़े हुए कंधे से कंधा मिलाकर बल्कि हमसे आगे

01:43:52:00 रहे जो उन लोगों ने कहीं पर कोई व्यक्तिगत हमारा विरोध थोड़ी ना कर दिया था गुरुदेव का व्यक्तिगत रूप से खंडन थोड़ी ना कर रहे थे कि नहीं नहीं शंकराचार्य ऐसे हैं वैसे हैं नहीं नहीं कर रहे थे करते तो हम उनको वही टोक वही उनको कहते नहीं कह सकते हमारे सामने आप नहीं बल्कि व तो सम्मान प्रकट करते हैं हां जिस संस्था से वो जुड़े हुए हैं जिस संस्था के अंतर्गत व धर्म का कार्य कर रहे हैं उस संस्था के सिद्धांतों से ऐसा हो रहा है या फिर शीर्ष के लोगों के ऐसा हो रहा और अगर हम बात ही नहीं करेंगे कहीं पर भी खड़े ही नहीं होंगे तो पहली बात तो वर्तमान में सारे प्रकल्प बंद हो जाएंगे और दूसरी बात फिर समझाए किसको क्योंकि तुम्हारा तो कहना जो शस्त्री उससे क्या चर्चा करे तो फिर चर्चा जब होनी नहीं किसी को धर्म के बारे में बताना नहीं है तो दिशाहीन को दिशा वान बनाना नहीं

01:44:47:12 है और ठीक है अब इतना हो गया अब आगे चलते हैं जी का खंडक कौन हुआ मैं नहीं शंकराचार्य हम नहीं के प के विय में क्या कहते शकरा पछ को हु

01:45:30:15 लिए जी [हंसी] को तो यह वाला प्रकरण हो ही चुका है कल हमने जवाब दे दिया कि हमारी परंपरा के कौन से आचार्य क्या कह रहे हैं आप हमें आके ना बताए क्योंकि आप परंपरा प्राप्त आचार्य नहीं है ठीक है और अगर आपको कुछ कहना है तो आकर पहले तो यह प्रमाणिकता दिखाइए कि आपको उनका ज्ञान कहां से मिल रहा है बिना परंपरा के मिल रहा है परंपरा से मिल रहा है परंपरा से मिल रहा है तो कैसे आया आप तक तो उस आधार पर आप हमारी परंपरा में किस आचार्य ने क्या कहा वहां पर उनका खंडन हो रहा है कि नहीं ये मत बताओ आप अपना पक्ष रखो कि वो सबरी माता भीलनी थी कि नहीं थी उसका हम उत्तर प्रस्तुत कर देंगे और बुद्ध वाले मामले का भी कर

01:46:37:07 देंगे हम तो सीधे जब तुम यह कहोगे कहां माना तो हम सीधे कह देंगे किससे पता लगा कैसे आए ज्ञान तुम्हारे पास किस प्रामाणिक परंपरा प्राप्त आचार से जो तुम कह रहे हो कि उन्होंने जो पूर्वा चार्य उन्होंने उन्ह भील नहीं माना है तो फस जाओगे यहां पर परंपरा की आवश्यकता ही इसलिए है कि गुरु ने क्या कहा वो उनका शिष्य बताएगा उनका प्रामाणिक शिष्य बताएगा तुम प्रामाणिक शिष्य नहीं हो शंकर परंपरा के तो तुम ये क्लेम मत करो कि उन्होंने ये कहा था तुम्हारे पूर्वा चार्य ने तो कपाती जी कैसे खंडन कर रहे हैं ठीक है और या कपाती जी ने फलानी पीठ को पांचवी पीठ पंचम पीठ माना था तो तुम्हारे वो जो पुरी के शंकराचार्य कपाती जी का खंडन कर तुम मत बताओ गुरु शिष्य परंपरा का जो उपयोग विनियोग है वो इसी बात में है कि उस गुरु ने पीछे गुरुओं ने क्या कहा यह उनका उत्तराधिकारी या उनका प्रामाणिक शिष्य बताएगा तो पहले प्रामाणिक शिष्य बनो अगर तुम्हें पूर्वा चार्य के नाम पर उनके शिष्यों का खंडन करना है तो और वरना केवल अपना पक्ष रखो लनी नहीं है बुद्ध दूसरा अवतार है ये वो अपना पक्ष रखो यह मत बताओ शंकर परंपरा में क्या कहा गया क्या नहीं कहा गया वरना प्रश्न होगा क्या तुम्हे तुम जो बात कह रहे हो उसको तुमने कि शंकर परंपरा में यह कहा है पूर्वा चार्य ने

01:47:52:16 तो तो क्या तुमने उसको उस परंपरा के प्रामाणिक शिष्यों के पास जाकर प्रामाणिक आचार्यों के पास जाकर के उसको सत्यापित करा लिया तो कराओ पहले और उसमें भी यदि वह बात उस परंपरा की जो सार्वभौम गद्दी है उसका विरोध कर रही तो वहां पर अगर वो प्रामाणिक आचार्य भी होंगे मगर उनकी बात मानी जाएगी क्योंकि वो सर्वोच्च गुरु है उस परंपरा के सर्वोच्च पद पर बैठे हैं नहीं तो अगर सबकी बात अगर ऐसे मानी जाएगी तो फिर उस पद की आवश्यकता ही क्या अंतिम निर्णायक पद की आवश्यकता क्या है फिर जिससे कि जब किसी विषय में दिक्कत आ रही हो सबके अलग अलग मत हो रहे हो तो जो सर्वोच्च गद्दी है वह बता दे यह है इसीलिए सर्वोच्च पद होता है आज जो य लोकतंत्र व क्या है क्यों फेल है क्योंकि सर्वोच्च पद नहीं है सब एक दूसरे के ऊपर निर्भर है निर्णय देने के लिए

01:49:03:18 ब [हंसी]

01:49:44:28 स्वामी कपा त के लिए हमने कहा भी नहीं है तुम स्वामी कपा जी के लिए तत नहीं किया मगर उपहास तुम के शंकराचार्य क बार कर चुके हो और इस पर मैं एक अलग से वीडियो बनाऊंगा तुमने कहां कहा उनका उपवास किया है कहां कहा प्रत्यक्ष रूप से भीनी भीनी से उनकी निंदा की है सब बनाऊ जहां पर जिन बातों का अच्छा अर्थ निकाल करके बात करने की आवश्यकता नहीं भी थी वहां पर भी तुमने उसका गलत अर्थ निकाल करके बात की जैसे यह छत्र वाली बात उसका सही अर्थ निकाल करके भी बात रख सकते थे मगर उसका गलत अर्थ निकाल करके उनका विरोधी तो है और क्या है

01:50:20:12 ये साम के र निर्णय दे देना ये हो रहा है वो रहा है ऐसी स्कार नहीं अब क्या है ये सबके बाद भी जब उन्होंने एक बार बट चेक करो सब की बात भी आपके साथ मंच साझा हो सकता था मर जो आपने मतलब हम विचार हम ये नहीं कर सकते कि आपके साथ हम म से साझा कर पाए कत जब तक आप अपने अमर्यादित जो चीजें है ये सब चीज करना नहीं चाहता था आपने विवश किया

01:51:01:24 मैंने बडी कि और 88 किलो का प्रोटीन का पाउडर खाके बॉडी बनाई है सरकार इनसे आधे भजन के हम और हम जो है इनका व कर दे रहे हैं तुम्हारा आधा वजन क्यों है राजस्थान से इलाज चल रहा है वजन बढ़ाने के लिए इसीलिए आधा वजन है वजन से नफरत है वजन से द्वेष है सुनो प्रोटीन पाउडर खाकर जो बॉडी बनाई थी व बाद में बनाई थी भिगो के हम चने खाते थे और दूध रोटी मील के खाते थे हमारा जो 70 75 किलो का वजन बना था उसी से बना था और वह हमने 18 वर्ष की आयु से लेकर के और करीब 22 वर्ष की आयु तक व्यायाम के साथ-साथ दौड़ना यह सब करके जो हमारे को पता था वो सब करके वो शरीर हमने प्राप्त किया था और सुनो उसके बाद मेरे ख्याल से छ साल का गैप रहा छ वर्ष का गैप रहा जब बीच में हम अपने शरीर शारीरिक व्यायाम से नहीं जुड़े रहे बस पढ़ाई की वो भी आधुनिक शिक्षा वाली तो छ साल का उसमें अंतर रहा उस छ साल की

01:52:16:24 अवधि के बाद दोबारा पुनः जब एक व्यस्त जीवन में आए जब हमें अ उतनी नेचुरल चीजें हमें प्राप्त नहीं है उस वजह से जो प्रोटीन के सोर्स के रूप में वे प्रोटीन का उपयोग किया बिल्कुल किया पहली बात तो यह है कि मैं उसको धार्मिक पक्ष के अनुसार प्रामाणिक नहीं कह रहा हूं मुझे अभी भी नहीं पता उसके बारे में अगर मैं गुरुदेव से पूछूंगा तो क्या बताएंगे मगर तुमने हमारा एक वीडियो देखा होगा जिसमें हमने जिम के बारे में बताया ना देखा हो तो देख लेना उसमें पहला ही दृश्य है उसमें मैं कह रहा हूं कि गुरुदेव गुरुदेव से क्षमा मांग रहा हूं कि गुरुदेव आज के वातावरण के कारण मुझे जो है बचपन से शिक्षा प्राप्त नहीं हो पाई कि मुझे क्या करना है मतलब यह कैसा होना चाहिए था इस बारे में शास्त्र क्या कहता है मगर यदि मेरे को यही प्राप्त है और मुझे इसी पर ही आगे बढ़ना पड़ेगा यह मैंने क्षमा मतलब उसमें दोष दृष्टि रखते हुए अपने इन चीजों में कि मैं जिम क्यों करता हूं इस दोष दृष्टि को रखते हुए ही मैंने अपनी इन चीजों को सदैव पहली बात तो उसको कभी अपने मंच से उसका मंचन ही नहीं किया मगर अब जब बात तुमने कर दी है तो बताना जरूरी है उसको कभी भी मैंने दोष रहित दृष्टि उसके प्रति मैंने नहीं बताई लोगों को दोष दृष्टि के साथ ही उसको रखा दूसरी बात अब सुनो प्रोटीन पाउडर खा कर के जो बॉडी बनाई थी

01:53:32:21 ना वह बनाई थी 78 केजी वेट था और सिक्स पैक एब्स थे ठीक है मेहनत लगती है हालाकि उसमें भी और आपने भी कुछ मेहनत वाले कार्य किए हैं और राजस्थान जाने में मेहनत लगती है बात ठीक है तो सिक्स पैक एप्स थे अब जब बात होई रही है बॉडी की तो बता दे तो सिक्स पैक एप्स थे और अच्छी खासी बॉडी थी और चाहते तो मॉडलिंग भी कर सकते थे भैया अब बहुत तुम तो वो कह रहे हो ना कैरियर बनाने आए तो अच्छा खासा सब कुछ था शरीर भी सुंदर था जैसा कि आजकल के लोगों को भौतिकवादी लोगों को लगता है मगर आज हमारे में जो बॉडी फैट जो बॉडी फैट परसेंटेज कितना था मालू है बॉडी फैट परसेंटेज हमारा सिंगल डिजिट था सा आ परसेंट मगर आज हमारा जो वेट है वो वेट हो गया 90 केजी और हम यह जो धर्म रक्षा का कार्य है इसको करने के कारण व्यायाम भी नहीं कर पा रहे प्रोटीन पाउडर की तो दूर की बात है आज करीबन एक साल हो गया उसके बाद एक हफ्ते पहले कोशिश की थी कि व्यायाम कर लू वरना कब सोते

01:54:48:00 कब जागते उठना बैठना कुछ नहीं पता है और सबसे पहले जब हमें धन कम पड़ रहा था इन सब कार्यों में जुटने के लिए तो सबसे पहले जब हमें धन कम पड़ रहा था इन सब कार्यों में जुटने के लिए तो हमने अपनी छोटी-छोटी चीजें जो हमारी जानकारी में शाखा आ रही थी और दवाई नहीं थी ड्रग्स नहीं थे ऐसी सभी चीजों को हमने कटिंग करना शुरू किया और उनमें सबसे पहला त्याग था वे प्रोटीन पाउडर काको बंद किया कि अगर हमें धर्म रक्षा करनी है वहां पर अर्थ चाहिए तो हमें अपनी ऐसी चीजें जिनके बिना हमारे जीवन का निर्वाह हो सकता है उसका करेंगे और जो आज के समय अनुसार जो एक गौरवशाली जो फिजिक होती है जो काया होती है भौतिक वादियों के अनुसार उस काया का हमने त्याग कर दिया आज वो काया नहीं है जो हमने बनाई थी प्रोटीन पाउडर खाके वो धर्म रक्षा के लिए उसका त्याग किया समय नहीं मिलता था व्यायाम करने का अर्थ नहीं होता था प्रोटीन पाउडर खाने का समझे जो उसका तुमने उ पास

01:56:04:02 उड़ाया चलो र कोई बात नहीं और वो जो खुल के खाने वाली बात है ना जो तुमको बताई बताई है किसी ने जो भी है कहीं पर देखा होगा किसी ने तो हम बाहर की सामग्री का उपयोग तभी करते हैं जब हम अत्यंत उसकी आवश्यकता पड़ती है वो भी यह देख कर के कि कम से कम वह व्यक्ति मलेच्छ ना हो अा अब यहीं पर चलेगा क्या चलाइए भैया यह पहुंच गए हम लोग इनके वीडियो में तीन 3 ब सा मिनट तक पहुंच गए चलाइए इसके

01:56:49:19 आगे बड़ा द्वेष है आज तुम्ह वजन बढ़ाना हो तो आ जाना फ्री ऑफ कॉस्ट वो उसमें जो इस तरह का जो कार्य है जो हमारे पास जो शिक्षा प्राप्त है तो उसका शुल्क लेना बंद कर दिया जब से हम इस पथ पर निकले जो हम शुल्क लेते थे ख महंगा महंगा किसी का डाइट चार्ट बनाने का न्यूट्रिशन उसको बताने का वह शुल्क लेना बंद कर दिया प्रोटीन पाउडर का सेवन करना बंद कर दिया इसलिए नहीं कि वो अशा स्त्रीय है इसलिए हमारे पास पैसे नहीं थे जो अन्य जो शाकाहार के रूप में सप्लीमेंट्स आते का सेवन बंद कर दिया आज कब खाते हैं कब पीते कुछ नहीं पता है सुबह होती है सुबह से लेकर कब रात हो जाती नहीं पता है घर में कितना समय दे पाते हैं नहीं पता है सदैव अपने मन में यही विचार चला करते हैं ग्राउंड पर क्या करना है और सनातना भाषियों को क्या कहना है सनातन विरोधियों को क्या कहना है और तुम जैसे अहंकार हों को क्या कहना है यो को क्या कहना है

01:57:58:26 चलो प्ले करिए आवाज नहीं आ रही भाई आवाज नहीं आ रही स्पीकर बंद कैसे है एक मिनट एक मिनट हां चलिए चलाइए अब आ रही

01:58:37:12 है प्ले करिए अरे अभी भी आवाज बंद अब आप प्ले करिए क्या हां और तुम्हें अगर बॉडी बनानी हो जो तुम्हें दिक्कत हो रही है बॉडी से है ना तो बॉडी बनानी हो तो तुम आ जाना तुम निशुल्क तुम्ह वो परामर्श दे देंगे वो चीज बता देंगे जो तुम खा पी करके अपनी बॉडी बना सकते हो और जो धातु का क्षय हो गया उसके निवारण के लिए भी चीजें है अगर तुम संपर्क करना चाहो तो कर लेना और बाकी है कि जो भी है जैसा भी है तुम्हारे जैसों के लिए पर्याप्त है थोड़ा का है पूरा समझ लेना

01:59:32:20 चलो चलो भैया प्ले करो बात की है डाल ड पाहा बिल्कुल हम तो चाह रहे हैं बिल्कुल आओ ना तुम 20 मिनट गई आगे जितना बोलोगे उतना तुम ही फसगे तो ऐसा होगा ऐसा ना समझा जाए उसने क्या किया है ना करो पॉज करो इसने क्या किया है कि हमारी वो जो सै सुणता थी ना उदारता थी उसका मजाक उड़ाया है जो हम यह करना चाह रहे थे कि तुम्हारे साथ यह दृश्य ना दिखे लोगों को तुम्हारा बैकग्राउंड जो भी हो तुम्हारा आधार जो भी हो परंपरा जो भी हो मगर ऐसे लोग कम है पहली बात तो आते ही नहीं है लोग डर के मारे मनुवाद के लिए बोलने के लिए और जो आ जाते तो उनको आगे नहीं बढ़ने दिया जाता है तो ऐसे लोग कम है जो ख्याति जो जिनके बारे में लोगों को पता भी चल रहा है जो आगे बढ़ रहे हैं इसलिए हम नहीं चाहते थे तुम्हारे साथ इस तरह का मगर तुमने तुम्ह तुम्हारा उद्देश्य य है कि तुम हमारे जैसे लोगों के साथ ही भिड़ करके अपना वो आगे बढ़ाओ ग ख्याति बढ़ाओ ग तुम्हारा यह है उद्देश्य चलो

02:00:56:03 हमको है हमको जो है धमकी मिल रही है कि तुम्हारे ऊपर मारण का तंत्र करवा रहे हैं यह करवा रहे वो करवा रहे हमें चिंता नहीं है करवा लो मारण का तंत्र कर दो यह कर दो वो कर दो बहुत बहुत देखे तुम जसे हमारे पीछे गुरु गोविंद ग्रंथ का बल है तुम्हारी तरह बिना गुरु के नहीं है कहीं का ट कहीं का रोड़ भानुमति का कुबा जोड़ा यह सब नहीं है हमारा चलो वो वाली बात हमारी उदारता को काता समझा काता को ही काता समझ रहे उदारता टॉपिक नहीं आगे बढ़ेंगे कायरता को य यही मजाक उड़ाया है चलो चलो चलाओ ऐ ऐसे ग पढ थे हमने तो पहली बात ये हो ग जबक आप पश्चाताप प्रकट नहीं करते तो इस तरह का मंचन लोग देख पाए मुझे कल से कई सारे वो मिल रहे थे पर लोग मुझे टैक कर रहे हैं आप दोनों साथ में देखेंगे तो हमारे लिए बड़ा सौभाग्य का दिन होगा मुझे भी अच्छा लग रहा था ऐसा चाह रहे मेरी मर्यादा है मेरी गुरु की नि मैंने सुनी है आपके मु से कहा कि आपके गुरु ऐसा काम किए थे नहीं करना चाहिए था ना अल अलग प्रकरणों में जैसे शबरी जी का हमने प्रकरण बताया आपके गुरुजी क्या कहे विधियों ने शबरी जी को भल बताने का षडयंत्र किया है इसका अर्थ विधर्मी यरी थे इसका अर्थ है किय जो स्वामी थे व त्रका

02:02:11:06 थे चलो चलो एक य प एक तर्क में दे ही देता हूं चलो सुनो एक मिनट के लिए मान लेते हैं कि शंकर परंपरा के आचार्यों ने जो तुम बता रहे हो शंकर परंपरा के आचार्यों ने जो है भीलनी बताया शबरी माता ठीक है श बात तो फिर हो जाएगी मगर एक तर्क में अभी यही प्रस्तुत कर दे तो गुरुदेव कह रहे हैं कि विधियों ने सबरी को भीलनी बताया तो इसका अर्थ यह क्यों नहीं निकाला जा सकता कि विधर्मी शबरी को भीलनी बताकर अपना उल्लू सीधा करना चाह रहे हैं यह उन विधियों उन विधियों की बात हो रही है यहां पर उनके वक्तव्य में उन विधियों की बात हो रही है जो शबरी माता के भीलनी होने का आलंबन लेकर अपना काम करना चाह रहे हैं लो क्यों नहीं निकाल रहे अर्थ क्योंकि तुम्हें उनके अवमानना करनी है निकालो ना अर्थ निकल तो रहाय अर्थ और इसम बाकी हम जो शास्त्रोक्त बात

02:03:26:12 हैं वह अलग से वीडियो बनाएंगे तुम्हारे मेरे बीच में इस बात को लेकर के यह सब विवाद शुरू नहीं हुआ था भगवता नंद जो तुम रुख मोड़ रहे हो पहले तुम विजया श्री को व्यापार करने वाला सिद्ध करना मंच पर बैठी थी सिद्ध करना वरना दोनों हाथ जोड़ कर के माफी मांगना सर झुका कर के मुझसे गलती हो गई वीडियो डिलीट करना वो तुम्हारे अहंकार को चोट पहुंचाई थी ना मैंने वो वीडियो बना कर के तुम्हारे अनुसार मैंने गुरु द्रोहियों को गुरु द्रोहियों के लिए वीडियो बनाया था और वोह जो सारे प्रश्न जिनका उत्तर दिया था वह सारे प्रश्न क्या तुमने देखे तुमने अपने वीडियो में बोले थे क्या वो सारे प्रश्न घूम रहे थे वहां पर इा पर और यही बात ये कि यह वाली बात जो तुम कह रहे हो कि उन्होंने अपने गुरु के लिए विधर्मी कहा ठीक है उन्होंने व्यक्तिगत टिप्पणी यहां पर भी नहीं कही है तुमने व्यक्तिगत टिप्पणियां की

02:04:29:24 है अनेकानेक उनके पास परंपरा का ज्ञान कैसे आ रहा है कपात जी से कपात जी शबरी माता को ब्राह्मण बोल रहे हैं तुम कौन होते हो शंकर परंपरा में क्या हो रहा है क्या नहीं हो रहा कौन क्या कह रहा है बताने वाले तुम्हारे पास शंकर परंपरा से ज्ञान आ रहा है क्या और अगर कोई संशय आ रहा है तो गुरुदेव के शरणागत होकर के वहां जाकर के बैठो गुरुदेव मुझे समझ में नहीं आ रहा पूर्वा चार ने यह कहा आपने यह कहा शरणागत का कहा गया ना छंद उपनिषद में कहां चला जाएगा शरणागत होना कब गए तुम पूछने गुरुदेव पूर्वा चार्य ने यह कहा उसने यह कहा और रही बात यह कि उनका जो वक्तव्य है भील वो विधर्मी हों ने चबरी को भील नहीं कहा है तो इसका यह अर्थ भी लिया जा सकता है शरी शबरी को भीलनी बताकर विधर्मी अपना उल्लू सीधा करना चाह रहे हैं यहां पर उनको विधर्मी कहा जा रहा है जो शबरी माता के भीलनी होने का फायदा उठा रहे हैं अगर वह भीलनी है तो

02:05:38:12 लो ठीक है यहां पर कोई प्रश्न कर रहा है कि तुम मधवा संप्रदाय के हो क्या हां सही बात है तो हम प्रश्न उन बातो पर कर रहे हैं जो जो इकन क्लेम कर रहा है कि हां हमारा संप्रदाय मानता है तब हम प्रश्न उठा रहे हैं हमारा संप्रदाय उसकी जो गुरु गद्दी है उस पर बैठने वाला यह कह रहा है तब हम उस पर क्वेश्चन कर रहे हैं मगर तुम यहां पर उस बा उस तत् को उ भाषित कर रहे हो जिस तत्व को उस परंपरा का जो जगतगुरु है सार्वभौम गद्दी है सर्वोच्च गद्दी है व स्वीकार नहीं कर रहा है समझ ग ये अंतर है हम उन त पर बात नहीं करते ईश्वर कृष्ण और अल्लाह एक तो उनके अधिकृत व्यक्ति के पास गए जाकर के कमिट कराया तुम जाकर अपनी इन शिक्षाओं को कमिट कराओ ना शंकरा शंकराचार्य के पास जाकर के ये पूर्वा चार्य ने ऐसा कहा है वो भीलनी नहीं थी कराया तुमने

02:06:42:14 कमिट हम अरे हम नहीं चाहते थे गजेंद्र सिंह जी हम नहीं चाहते थे और ये ये पता नहीं सुनिए इसका कहना है कि हमने टीआरपी बढ़ाई या इसका कहना है कि हमने जो है इसके विरोध में वीडियो बनाया इसने एक बार भी यह नहीं सोचा इस व्यक्ति ने कि इसने जो है मट के मट के बारे में अभी बोल रहा है पहले इतने दिनों से बोल रहा है इसमें इतनी बुद्धि नहीं है कि मैंने कभी इसका ऐसे अलग से वीडियो बना कर के विरोध क्यों नहीं किया था पहली बात कि वहां पर जिनके बारे में बोल रहे हैं और व्यक्तिगत वो शास्त्रोक्त बातें नहीं है यह सब चल रहा है वहां क्या चल रहा है क्या नहीं चल रहा है तो इस बारे में वही व्यक्ति अपना पक्ष प्रस्तुत करें जो जिसके बारे में बात हो रही है और अगर वो नहीं कर रहे तो इसमें भी कारण होगा उनका अपना क्यों नहीं कर रहे हैं कि वो इनको जो है नहीं देना चाहते हैं भाव क्यों नहीं कर रहे हैं कि उनके पास दूसरे कार्य है वो सब सामर्थ वान है व अपना करेंगे तो इसको इतनी बुद्धि इसने नहीं लगाई कि आज इसने जो विजय श्री के लिए ही बनाया मेरे खंडन के रूप में नहीं टीआरपी के लिए नहीं और उसके बाद भी मैंने इसको बारबार अच्छा उसम इसका फेस नहीं दिखाया कि वला आवाज चलाई उसके बाद भी मैंने कहा उसके बाद भी मैंने कहा भाई मत बढ़ आगे मत बढ़ मत बढ़ मगर नहीं

02:07:57:28 इन्हो तो यही चाहिए था हो रहा था फी बात बता रहे थे होते शंकराचार्य जी तो बताइए साल पले कैसे लगा था और यही सा मिनट एक मिनट अभी यहां पर फिर वही बात हो गई अका होते शंकराचार्य जी इससे किसी पर कोई नकारात्मक असर पड़ रहा है क्या पहली बात इससे तुम केवल यह सिद्ध करना चाह रहे हो कि शंकराचार्य कहां कहा गलत है इन सब बातों से किसके धर्म ब्रह्म पर फर्क पड़ रहा है किसकी निष्ठा खत्म हो जाएगी अगर यह जो तथ्य है कुछ और तथ्य हुआ तो 144 नहीं 143 हुआ तो तुम गलतिया तुम गलतियां ढूंढ कर के वो बता रहे हो कि देखो ये नीचा कैसे है ऊपर कैसे है और गलतियां तुम्हारे अंदर भी 50 है और सुनो यह तो पहली बात है दूसरी बात है कि शंकराचार्य जी ने वो कहा कि वो क्या कहते हैं अपनी ओर से प्रमाणित किया है या कोई चीज पहले से फैली हुई है वही वाली बात कि हमने तुम्हें निगरा चार कह दिया तो तुमने मान लिया कि शिवांश ने तो हमें प्रामाणिक मान लिया नहीं माना

02:09:13:01 भैया प्रमाणिक लोकाचार की दृष्टि से कहा था कि लोग तुम्हें निगरा चार के रूप में जानते हैं तो इसलिए कि लोग जान सके मैं किसके बारे में बात करर तो मैंने रा चार कहा था और लो उसी तरीके से जो चीज फैली हुई है समाज में लोग जो बोल रहे हैं वही उस शब्द का उपयोग किया ठीक है चलो बढ़ाओ भैया आगे फ कै लग गया साल बाद वाला और 2013 वाला 144 साल बाद तो सरकार का रेगुलेट किया हु उत्तर प्रदेश सरकार का अधिकार डॉक्यूमेंट कह रहा है कि 2013 वाला भी था क्या था महाकथा 144 साल वाला महा श बाकी बा ी और 192 में भी कहा गया था साल

02:10:01:12 लगा इसी से निष्ठा बढ़ेगी लोगों की सनातन के सिद्धांतों में के कुंभ 144 वाला है 143 वाला है कि कैसा वाला है इसी से वो क्या कहते हैं निष्ठा भरेगी सत्यम ज्ञान अनंतम ब्रह्म से नहीं बढ़ेगी ईश्वर वही है जो कुछ भी कर सकता है से नहीं बढ़ेगी संसार का कोई व्यक्ति नास्तिक नहीं है फिर वो भले ही संसार का प्रत्येक मनुष्य भगवान कोई ढूंढ रहा है फिर वो भले ही स्वयं को नास्तिक क्यों ना हो इस इन इन सिद्धांतों से निष्ठा नहीं बढ़ेगी इससे बढ़ेगी कि 143 का 144 वा है इससे बढ़ेगी निष्ठा उसी में विवाद करो कि बुद्ध वो वो भी बुद्ध विष्णु भगवान के थे कि नहीं थे इससे बढ़ेगी निष्ठा इससे बढ़ेगी निष्ठा कि क्या कहते हो सबरी माता ब्राह्मण थी की भीलनी इससे बढ़ेगी निष्ठा उनसे उन बातों पर बात करो इन बातों से तुम केवल लोगों को लोगों के खंड आर्थ बोलते हो और कुछ नहीं और यह बातें आ क्यों रही है हमारे बीच में क्यों आ रही भाई तुमने शंकराचार्य जी के लिए जब यह कहा कि चारों शंकराचार्य को ले आओ उनके य नाच नचा लोर भगवता अंद की उसमें नहीं होगा यह सब तो क्यों कहा था वहा शंकराचार्य ने क्या गलत किया था उस समय

02:11:21:24 तुमने तो पूरे शंकराचार्य यानी शंकर संप्रदाय पर उंगली उठाई थी वहा तो केवल पुरी वालों की बात नहीं थी जो बारबार उसको प्र कर रहे थे को और क गुरुजी की म कर मत निदा नहीं कर रहे भाई अधर्म को र् को र् सत्य को सत्य कना असत्य को असत्य निदा नहीं होती न होता है औरन है आ पुरुष को य थ ल के माध्यम होता है थ श को प्राप्त करवाता है यव का चचन था 12 12 144 था अगर 12 12 है तो 144 है यह बोलते हुए बोला

02:12:06:09 ना चलो कहा जाता है और आत वाक्य को प्रमाण माना जाता है आगे सुनते है क्या है सुनिए अगर ऐसी बात करेंगे तो अी बना बना एकदम और सुनिए आप लि बना तो ऐी मत बनाएगा आप लिस्ट में बोलते जाइएगा हम लाइ में साथ रखिएगा फिर साथ बोलते एक बार प्रयास करके देखिए लाइव आ जाना ठीक है लिस्ट तो बनाएंगे ही वो अलग से एक वीडियो बनाएंगे बाकी लाइव आ जाना चलो कोई शबद नहीं बोलेंगे बक समता से बात करेंगे कोशिश कीजिए हम अपने आप से आपको पूराम देते बनाइए लेकिन सुनिए लिस्ट पर वीडियो मत बनाएगा लिस्ट को रखिएगा हमको लाइव बुलाएगा और सीधे-सीधे बोलते जाइएगा लिस्ट बताएगा ये टॉपिक है आपने कहा उतर दे ड बिल्कुल लाइव होगा जो अन्य जो ऐसे मेरे लिए सम्माननीय है उ आचार्यों की निंदा भी मैंने आपके मुख से सुनी निंदा का मतलब है ंड नहीं छोटी उम्र के छोटी आयु है आपकी अरे छोटी आयु केलत वाल्डर मर्ख व्यक्ति भी बूढ़े होते हैं शराबी भी बूढ़ा होता है जुवारी भी बूढ़ा होता है बचारी भी बूढ़ा होता है ब्रह्मचारी भी बूढ़ा होता है अग्निहोत्री भी बूढ़ा होता है जुवारी भी बूढ़ा होता है उम्र से कुछ नहीं होता है और ही बात छोटी उम्र वाली ना तो स्वामी कत्र जी जिस समय से शास्त्र कर रहे थे अपने से बड़ी उम्र वालो से कर रहे थे तुम्हारे पुरी के शंकराचार्य जी जिस समय

02:13:21:09 श कर रहे थे ना तो वो तूतक नहीं बोल रहे थे शास्त्रार्थ कर रहे थे ना तो वो लोकाचार को भूल नहीं गए थे समझे जो तुम करते हो अगना मतना सब कुछ अपने वीडियो में चलो शंकराचार्य बैठे हुए थे का कर रहे थे आयु वाली बात है वो भी सुन लो आयु वाली बात को ही आधार बनाकर नहीं बोला है दूसरी चीजें भी बोली है आयु वाली बात को भी सोचा जा सकता है हमने यह कहा है आयु वाली बात हम भी जानते हैं कि कितने वर्ष का जो सूद है वो कितने छोटे छोटी आयु वाले ब्राह्मण के समान होता है मगर वह भी एक बात हो सकती है और दूसरी बात अगर वो लोग ऐसे हैं तो तुम मंच क्यों साझा कर रहे हो उनके साथ जाकर के वहा और जब जा रहे हो तो क्यों नहीं कह रहे हो किय जो है गधी का दूध पीने वालों के पैरों में जो है लटता है इसलिए मैं य मंच साझा नहीं करूंगा मीठा मीठा गब गब कड़वा कड़वा थू

02:14:23:12 यह कह रहे हैं लाइव कर लो उनसे हां लाइव कर लेंगे ना हमने कह तो दिया है कल कि आओ जहां से शुरू हुआ है वहीं से शुरू करो करेंगे लाइव अब चलो भैया ओ में बड़े होने की बात य नहीं चल रही है वोटर का राजसभा का चुनाव नहीं लड़ना कि 25 साल नहीं हु 35 साल नहीं हुआ और से बात करना मरे हुए लोगों के लिए जो मर चुके हैं मरने के बाद कोई बैर नहीं रह जाता फिर भी ये सब निने सुनी करो रहे के आधार पर तो पहली बात तोय हो आप इन सब चीजों के लिए अगर पश्चा प्रकट करते तो हमारी चर्चा देखने लोग को मिल पाए हम इधर अ प नि मम केज में है और भाई साब हमसे पश्चाताप कर माफी मंगवा रहे सबसे बा आ स्वामी जी की जय हो अरे नहीं भैया रही

02:15:18:20 है विज्ञापन किसका रहा है शाम को लीगल नोटिस मिला है विज्ञापन ऑनला legal.com रहा है जिस विषय पर आपने हम लोग चर्चा करेंगे तो ये चर्चा का वो विषय हो ही नहीं सकता जिस पर हम लोग सार्वजनिक रूप से बात करें ये मैं आगे भी बताऊंगा इसको थोड़ा सा ज्यादा फास्ट कर द क्या बहुत लेट कर रहा है बंदा इसको कितने में स्पीड में चलाऊ मैं सवा गुना अधिक में चलाता हूं सनिक मंच किया च करता यदि आपको शंकर परंपरा के सिद्धांतों द्वारा प्रचारित होने वाला विषय है यानी आ मल है सर्वशक्ति [हंसी]

02:16:00:15 सता का रहा हैय हैय ये नहीं क रहेर प्रमान कर बड़े नामना य निर क्या कर उनके शिष्य से बात कर उस ले नहीं हैलो बासे चक में सब करो तो फिर जब तुम आचार्यों से शास्त्रार्थ करने के ही योग्य हो तो क्यों उनके शिष्यों को कह रहे हो कि भैया लाइव चर्चा कर लो फिर और जब अगर कह रहे हो तो फिर जो दूसरे आचार्यों के शिष्य तुम्हे ललकार रहे हैं तो बहाने क्यों बना रहे हो कमजोर पक्ष है ना इसलिए

02:16:42:25 चलो चलो श से बात करर से बात नहीं करेंगे चलो भैया ठीक है निग चार्य से बात नहीं करेंगे क्योंकि निर योग्य नहीं गाली बगता है ना भैया लेकिन निर श से बात करेंगे अच्छा ठीक है निगरा चार को अयोग्य कहां कहा है और अगर कहा भी है तो क्या हीनता के उसमें कहा है यही तो हम लोग दिन और रात इन लोगों को बताते रहते हैं जो वर्णाश्रम धर्म के ऊपर कटाक्ष करने आते हैं कि नीच शब्द का जो उपयोग है वह व्यवस्था मूलक है घृणा मूलक नहीं है हमारी स्थिति नहीं आपने इतना पर्याप्त कर दिया था गुरु का विरोध कि हमारी स्थिति नहीं थी कि हम आपके साथ मंचन करें और हम किसी को दिखाना यह चाहते थे कि अगर कभी भगवता अंद और शिवांस द्विवेदी एक मंच पर आए तो सौहार्द पूर्ण आए लड़ने ना आए और यदि लड़ाई का लड़ाई की चीज है प्रतिस्पर्धा की चीज है तो फिर वह एक साथ ना दिखाई दे यह भाव था हमारा

02:17:54:28 चलो वि पर हमारी क्यों आप हो इ विश् पर हमारी आपत्ति क्यों होगी या क्या इ विषयों परही आपके बनाए है क्या आपने सबरी वाला मामला है सुनि सबरी वाला मामला है याद आया फेसबुक के जो आचार्य हैं फेसबुक पर जो आचार्य हैं सनमार्ग वाले वहां से क्यों भाग निकले क्यों उत्तर नहीं दिया अभी वो वाला स सारी चीज आएंगी अब चलते रहो आगे यह भी तो सोचो यहां शंकर संप्रदाय है पूरा और तुम हो लुप्त अप प्रामाणिक चीजों को प्रामाणिक सिद्ध करने में लगे हो

02:18:31:27 ना [हंसी] चलो वीडियो की स्पीड जो है नॉर्मल कर दो क्योंकि ये कुछ कम कर दो डेढ़ की स्पीड कर कितनी है अभी लगा भाई सेट आपका यही थाना तो ये वाला च है श्वर धर्म विषय पर चर्चा तो ये नहीं क रहे नि कर निर प्रमान से सा कर बड़बड़े नामना ये निहार क्या करें उनके शिष्य से बात कर मर उस लेवल के नहीं

02:19:17:18 है और पतो के चरण में ल रहते र एक मिनट कहां कौन सा कौन सी गद्दी है कौन सी परंपरा है इससे पहले कौन से आचार्य ने कौन सा वो कर दिया प्रस्थानत्रई पर भाष्य इनके भाष्य क्या है इनका वो सिद्धांत क्या है वो सब कुछ नहीं है निगरा चार बहुत बड़े लेवल के है वो सिर्फ आचार्यों से शास्त्रार्थ करेंगे और उनके शिष्यों को उनके ऐसे शिष्यों को जो गोलगप्पे खाते हैं ऐसे शिष्यों को जिन पर ात सधा का दोष है ऐसे शिष्यों को जिनका जो जने क्या कहते विवाह के समय हुआ है उनको कहेंगे कि हम लाइव करना चाहते हैं हमसे लाइव कर लीजिए हमसे लाइव कर ले उनको कह दोगे है ना जो गुरुकुल में जिन्होंने पढ़ाई नहीं की उनको लाइव क दोगे हमसे लाइव कर लो

02:20:04:15 चलो बात नहीं करलो ठीक है निचा से बात नहीं करेंगे योग नहीं ता लेकिन बात करेंगे अच्छा ठीक है अगर आप इ विश् पर तो तो इ विश् पर हमा क्यों आति होग इ विषयों पर हमारी आपत्ति क्यों होगी या क्या इ विषयों परही आप बनाए है क्या आपने रावा का इंटर लिया था ईश्वर वाले विषय पर लिया थान का इंटरव्यू लिया स शक्तिमान और ये सब ब्रम के अवतार पर लिया था और विजया किस धर्म के सिद्धांत पर आप चर्चा कर रहे थे उस इमेज क्लिनिंग आपने सवा प घंटे की लाइव निकाल दी थी वहा कौन से ब्रम स प करो पॉज करो पॉज करो पॉज करो अगर वीडियो लिया था तो हमने ऐसा तो नहीं है कि हमने अन्य विषयों को छोड़ ही दिया है हम तो यह बता रहे हैं कि यह हमारे मूल जो वो है जो जिसमें से आप चुन सकते हो अगर इसके इतर भी अगर कोई और ऐसा विषय है जिसको को सार्वजनिक रूप से दिखाना गलत नहीं है तो वो भी लेंगे मगर हमने आपको विकल्प दिए थे जो हमारी जानकारी में थे मूल इसका मतलब यह थोड़ी ना कि अगर और कोई बात आप लाओगे तो उस पर चर्चा नहीं होगी व चर्चा करने योग्य नहीं है क्यों हमने काफी सारी चीजों पर बात की है क्यों हमने क्या गोपाष्टमी के पूजन की बात नहीं की गोपाष्टमी को सेलिब्रेट करने के लोगों को नहीं

02:21:16:08 सिखाया इस पर हमने बात नहीं की एक वो भाई साहब आए थे कोल ता से जो एक इकोनॉमिकली कुछ उन्होंने व्याख्या बताई थी कुछ अच्छी चीजें बताई थी उन्होंने धर्म की और वर्णाश्रम के संबंध में भी तो उन्होंने भी कुछ अलग हट कर के बातें थी वोह वीडियो अलग हट कर के था हमने बातें की ऐसा नहीं है कि अगर हम यह कह रहे सर्वशक्तिमान ईश्वर परम स्वतंत्र मोक्ष और शाश्वत धर्म तो इन विषयों में यदि आपको हमसे चर्चा करनी हो तो आप आ जाइए तो ऐसा नहीं है कि यदि आप कोई और विषय अगर दो हमें विकल्प के रूप में तो वह नहीं लिया जाएगा मगर आप जो विषय रख रहे हैं वह विषय ऐसा नहीं है जिस पर सार्वजनिक चर्चा की जाए तब हम आपको विकल्प हमारे पास जो उपलब्ध है वह दे रहे हैं कि भैया यह मेरे यह मूल है बाकी इस और राघवाचार्य जी के य अगर हम बात कर रहे हैं तो क्या सर्वशक्तिमान ईश्वर परम स्वतंत्र मोक्ष शाश्वत धर्म में से एक बात नहीं है क्या वर्णाश्रम धर्म पर बात नहीं हुई राघवाचार्य जी के वीडियो में लो आ गया विषय वर्णाश्रम धर्म की तो व्याख्या हुई है वहां तो शाश्वत धर्म की व्याख्या हुई ना कि तुम शाश्वत जो धर्म चला आ रहा है उसको बदलने की कोशिश क्यों कर रहे हो

02:22:31:20 हां और जो ये क्या कहते हैं अक्षज गंद है वहां धर्म की व्याख्या नहीं हुई पूछा नहीं कि वो जो अद्वैत में भक्ति नहीं है सब क्या है धर्म की व्याख्या ही तो हो रही है कैसी बातें कर रहे हो मन चले हो क्या पता नहीं चलो भाई च नहीं आया टाम गा थाय वाला आवान का लिए चैनल लेकि आया जान गलत

02:23:12:09 होगा होगा तो कोई बता दीजिएगा यह तरीका सही होता है यह तरीका सही होता है यह है संभावना संभावना जन्य बातें जब हम करते हैं तो हमें यह तरीका अपनाना चाहिए ना कि आरोप लगाना चाहिए गंभीर मा मामले तो उस पर तो बोलना ही नहीं चाहिए तब तक जब तक हमनी जांच पूरी ना कर ले यह तरीका है ऐसा तरीका अपनाना चाहिए जो अहंकार वश तुम नहीं अपना पाए या फिर लोभ वश करियर बनाना है ना टीआरपी एल्गोरिदम चलो प्ले करो उ बात कर लीजिए जिस आधार पर आपने अपने मूल उद्देश्य से इ जाते न का इंटर राघवाचार्य जी का लिया और विजया ब दिया है व हमसे संपर्क कर ले और जो है लाइव कर ले ठीक है हमने कल भी बता दिया था हमने कल भी बता दिया था चलो हमारा भी कर लीजिए इस पॉलिसी भंग नहीं होगी ना तो आप उसको सकते मतलब कोके साथ कर सते उस लिए होगा सते

02:24:22:00 अभी देखो क्या कह रहा था रोको जरा एक मिनट अभी क्या कह रहा था निगरा चार अन्यों के शिष्यों के साथ क्यों करे आचार्यों के साथ करेंगे तो पहली बात तो य शिष्य के साथ क्यों कर रहे हो दूसरी बात कि तुमने अपना कोई शिष्य नहीं बनाया क्या जो खड़ा होकर के तुम्हारी ओर से बात कर सके तुम तो राजेंद्र दास जी महाराज के सरीखे हो तुम तो शंकराचार्य के सरीखे हो कोई शिष्य बनाया होगा ना तुमने जो तुम्हारी तरफ से बात कर ले तो सैद्धांतिक चर्चा के लिए भेज देते कोई अगर दिक्कत है वैसे मुझे पता नहीं है दिक्कत है कि

02:25:02:27 नहीं ठीक है तो मुझे तो लगता नहीं है तुम्हारा कोई ऐसा शिष्य जिसमें इतना दम खम हो है क्या कोई पूरी के शंकराचार्य जी के तो बहुत शिष्य जो तुमसे डायरेक्ट बात कर सकते हैं बहुत से शिष्य है फिलहाल तो मैं ही करूंगा आ जाओगे तो अबब लाइव वाइव मत करना ड्रामा बाजी मत करना अब तो सीधे आओ कह दिया ना इसमें भी तुमने कहा है कि लाइव में ले लेना मुझे यह पाखंड का खंडन जो जन्म दिया है पाखंड के खंडन को इसको भेजो क्या इसमें नहीं है क्या तुम्हारा तुम्हारे ज्ञान से संतुष्ट नहीं है क्या य व्यक्ति जो केवल कमेंट कर रहा है इसको भेज दो ये आ भाई तुम्हारे तुम अपने आचार्य से क्यों मुझे बात करवाना चाहते हो हालांकि उसके लिए मैं तैयार हो गया हूं मगर आचार्य से क्यों बात करवाना चाहते हो आचार्य खुद कह रहा है मैं शिष्य से बात नहीं करता तुम उसके शिष्य हो ना आ जाओ और नाम क्यों छुपा रहे हो मुह काला है क्या बचपन में कुछ ऐसा हो गया था क्या या माता जी ने निष्ठा पूर्वक दूर नहीं पिलाया जो आ नहीं रहे हो मुह क्यों छुपाया हुआ है डर है ना

02:26:16:22 डर अच्छा ये डर होना चाहिए मगर फिर उनसे मत बड़ो जा कर के जो अपने जो अपना सब कुछ त्याग करके अपना बिल्कुल पूरा सब समर्पण भाव समर्पण भाव के साथ बाहर निकले हैं उनको ही ढूंढो अपने लिए और वरना हो जिगरा हो तो हो निगरा चार के असली शिष्य मैं निगरा चार है ना भगवता अंद हो ना असली शिष्य आ जाना अब तो खैर तुम्हें शर्म आनी चाहिए कि तुम्हारे जो आचार्य हैं वो कह रहे हैं कि हम जो है है शिष्यों से वो नहीं करेंगे तुमको शर्म आनी चाहिए जो ये बोल रहे होगे हमारे आचार्य तुमसे चर्चा करेंगे तुम्हारे आचार्य खुद कह रहे हैं शिष्यों के साथ चर्चा नहीं करता तुम अपने आचार का ही खंडन कर रहे हो और बोलो और तुम क्यों नहीं आ

02:27:10:22 रहे आजा अभी आ करूं तेरा पाखंड का खंडन और वरना एक काम कर विषय ले ले और अपने आचार्य के पास चला जा और बैठ जा अभी तक तू तैयार नहीं हुआ पाया हो पाया होगा तो बैठ जा और भगतान से कहूंगा कि अपने शिष्यों को खड़ा करो ऐसा बनाओ जिससे कि कोई निगरा चार्य जैसा कोई लुप्त संप्रदाय का भगतान है ना जो अपना बहुत बड़ा अहंकार रखता हो उसके मन में भी यह भावना पैदा कर दे कि भाई मैं मैं तुमसे चर्चा करना चाहता हूं ऐसे शिष्य बनाओ तब करना आचार्य से जाकर शास्त्रार्थ जेब में नहीं है टला टिल्ला मांग र लाल किल्ला

02:28:17:00 [हंसी] करो जिसको भी आना है ना जो भी ये सब बात कर रहे हैं कि क्या मुझे जो है तुम यह हो जाए वो तुम लोग संतुष्ट हो ना उसके सिद्धांतों से उस व्यक्ति के वक्तव्य से तो आ जाओ तुम क्यों नहीं आ रहे हो संतुष्टि नहीं है क्या डाउट है क्या आ जाओ कर लो अभी के अभी वो तो जब करेगा तब करेगा वो भी अपनी बात का खंडन करते हुए करेगा वो शिष्यों के साथ वो नहीं करेगा

02:28:56:12 चर्चा अजीब बात है भाई अभी नंबर लो नंबर दो इनको 7408 30169 कब आ रहा है बता पाखंड का खंडन तू है ना भगवता आनंद का शिष्य आजा आजा आओ किसको आना है यह नंबर ले लो 74836 इस पर संपर्क कर लो चर्चा सुनिश्चित कर लो जितने लुप्त संप्रदाय के कुल दीपक हैं वह सब क्योंकि तुम्हारे आचार्य जो है शिष्यों के साथ चर्चा नहीं करते नंबर दो

02:29:48:00 74836 संपर्क करो चलो प्ले करो क्या बोले पीछे करो थोड़ा लिंक इसलिए नहीं दे रहे हैं कि पहले जो ये लाइव है ना इसका पोस्टमार्टम कर रहे हैं और उसके बाद अगर ये तीन घंटे हो चुके चार घंटे हो चुके तो लगातार नहीं करेंगे फिर अगली बार करेंगे तो आ जाए पाखंड का खंडन यदि आना चाहता है तो बताए कमेंट में उसको हम ले लेंगे अभी के अभी समझ गए यह उसके लिए स्पेशल ऑफर है वो कमेंट करके बता दे मैं आ रहा हूं उसने तो इतने कुकर्म कर रखे होंगे अपने जीवन में जिस कारण से व अपना चेहरा तक नहीं दिखा सकता ऐसे तो कुलदीपक है लुप्त संप्रदाय के तो लुप्त क्यों नहीं होगा संप्रदाय ऐसे शिष्य खड़ा कर रहे हो जो अपना चेहरा ही नहीं कहीं दिखा पा रहे

02:31:05:28 हैं सब ऐसे ही है क्या कुपोषित अच्छा जिनका धातु निकल चुका है सारा इलाज सब लोग करा रहे हैं क्या जो मुंह छुपाए घूम रहे हैं चलो कलेजा इतनी देरी से आया कोई व्यक्ति कह रहा है रुको कलेजा इतनी देरी से आया मैंने क्या कहा था कम्युनिटी पोस्ट में की प्रतिस्पर्धा द्वंद युद्ध इत्यादि के बिना आपके साथ दिखना ना दिखना निश्चित दूरी बनाना मेरा धर्म है यह बात आप जानते हैं पढ़ो संदीप छापोला और तुम आ जाओ अगर तुम हो असली तो तुम आ जाओ तुम्हारा तो चेहरा भी दिख रहा है तुम आ जाओ फोन नंबर पर व करो फॉर्म भरो और आ जाओ और पाखंड के खंडन को अभी भेजो आजा

02:32:06:00 भाई हमा बा है संघ कर रहे वैचारिक मतभेद नहीं है तुम्हारे तुम व्यक्तिगत होते होसे जैसे य देखो जैसे तुम्हारा शिष्य भी हो रहा है व्यक्तिगत देखो बताता हूं तुम्हें कहां गया अभी एक अश्लील शब्द कहा है किसी ने यह देखो यह है तुम्हारे शिष्य अब यह यह यहां पर इसने क्या शब्द का उपयोग कर दिया अब इसको मैं लाइव लू और इसके साथ सामान्य व्यवहार

02:32:47:20 करूं है ना यह तुम्हारा तरीका होगा हमारा नहीं भगवता आनंद समझ गए चलो चलो [हंसी] भया पहली बात व औरंगजेब की अगर बात वहां से हो रही है कि शत्रुता मट जाती है वो बात के बारे में हम बोल चुके हैं और दूसरी बात है कि अगर कोई व्यक्ति व्यक्तिगत टिप्पणियां नहीं करेगा और फिर वह भले ही शास्त्रों में उसका हमसे मतभेद होगा व अपने यहां के शास्त्रों को रखते हुए बात करेगा तो हम उसके साथ बात करेंगे मगर तुमने व्यक्तिगत रूप से बहुत सारी टिप्पणियां की है और ऐसी कई चीजें की है जिसके कारण हमारा तुम्हारे साथ किसी भी तरीके से मंच पर खड़े होना ठीक नहीं है होंगे तो विरोध करना चाहिए मुझे अपने कर्तव्य अनुसार मगर क्योंकि विरोध करने से दूसरी चीजें प्रभावित होंगी हमारा जो अभियान है वो प्रभावित होगा इसलिए उस स्थिति से बचना हमने उचित समझा तो उसको तुमने हमारी कायरता का नाम दिया उपहास उड़ाया हमारे मैत्री पूर्ण

02:34:02:22 वक्तव्य का तुमने उपास उड़ाया हमारी भावनाओं को तुमने नजर अंदाज किया अहंकार में अपनी नशे में चूर कि कोई तुम्हें आज तक कुछ बोला नहीं है तोय तुम्हारी भूल है ठीक है ये तुम्हारी भूल है तु अपने आप को समझते हो ना कि तुम ही हो उसने मले राज का नाम लेते हुए मेरा खंडन किया है हमने तुम्हारा खंडन नहीं किया था अब करेंगे अब करेंगे नाम लेके चलो और हा अब लाइव बनाना छोड़ो और एक दो दिन में चर्चा सुनिश्चित करो ठीक है लाइव बनाना छोड़ो तुमने कह दिया ना हमको लाइव में ले लेना हम लाइव में लेंगे तुम्हें चर्चा सुनिश्चित करो अब और आओ विजय से शुरू करो बात

02:34:53:15 चलो कोने नहीं लेना चा र लोग कमेंट करने वाले क्या मूर्ख है क्या सबका धातु निकल गया है क्या बाइपोलर के कारण मूर्ख हो क्या बोल दिया ना डिबेट के लिए डिस्कशन के लिए बोल दिया ना और कैसे बोले कितनी बार बोले चलो चा आर्य समाज वालो ने तफ शंकराचार्य परंपरा को गाली

02:35:29:14 देना तुम्हा गुरु रे गुरु प के गुरु को गाली देनारा करियर बना लिया है लेकिन मेरा एक उदाहरण दे दो जब हमने तुम्हारे वर्तमान प आचार्य के कुछ एक ब का शास्त्र प्रमाण पूर्वक खंडन या उनकी तात्कालिक भना करने के इ जाकर परपरा को गलत निदा न करने प्रस करने प्रयास किय बता कि है अभी हमने बता दिया ना चारों शंकराचार्य को बुला लो चार करोड़ रुपए देकर ये क्या है ये य क्या है तो तुमने वर्तमान में पूरे शंकर संप्रदाय पर ही आक्षेप लगा दिया ना क्या है ये और तुम जब मांगा जा रहा है तुम बात केवल पूरी पीठ की कर रहे हो उसमें भी कारण है अर्थ लेने के यही तुम्हारी बात गलत सिद्ध हो जाती है क्यों अपमान कर रहे हो जब तुम नाचने वालों को सुना रहे हो तो दुनिया को यह संदेश क्यों दे रहे हो कि शंकराचार्य की कार्यक्रम में नाच गाना हो सकता है मेरे कार्यक्रम में नहीं अपने आप को वर्चस्व अपनी अपने आप को श्रेष्ठ दिखाने की कोशिश क्यों कर रहे हो तुलनात्मक वहां दिखाते हुए तुम कह दो नाच गाना मत करो सही है गलत बात है मगर तुम्हें अपने आप को शंकराचार्य शंकर संप्रदाय से

02:36:44:25 ऊपर स्थापित करना है इसलिए ऐसा कर रहे हो और फिर कह रहे हो शासको के शासक है चलो प्ले करो पू श शंकर परंपरा को गाली देने का उनके साथ लाइव करने में उनके साथ वीडियो बनाने में उनके साथ डिबेट करने में तुमको कोई डर नहीं लगता कोई गुदा भी नहीं लगती कोई संकोच भी नहीं होता कोई सिद्धांत की बात भी आ नहीं आती और उसके साथ इतना छोड़ दो सीधे स गुरु अद की बात छोड़ो जो व्यक्ति सीधा सधा शंकराचार्य बताकर घूम रहा है वो व्यक्ति अन तुम्हा नहीं माना जा सकता बस निचा समस्या तु नि क्या तुमरा सिधांत है भाई प्रकार अ भाई अनंद के साथ क्या चर्चा करने गए थे उसको चर्चा कहेंगे क्या स्टिंग ऑपरेशन कहेंगे क्या कहेंगे

02:37:35:21 उसे यानी कि जो गुप्तचर विभाग होता है वह विभाग और जो कोऑर्डिनेटर वाला विभाग होता है वह विभाग दोनों एक है गुप्तचर का विभाग अलग होता है ठीक है थोड़ी सी जानकारिया अपने शोधन करो वो चर्चा करने नहीं गए थे वो उसकी सच्चाई लोगों को दिखाने गए थे कि इसकी वास्तविकता क्या है और चर्चा वो होती है इसमें दो पक्ष अपने अपने पक्ष रखते

02:38:08:04 हैं अगर वहां पर वो स्टिंग ऑपरेशन के दौरान दिखाई देने वाला दृश्य चर्चा जैसा दिख रहा है तो वो हो सकता है मगर वो है स्टिंग ऑपरेशन चर्चा नहीं स्वतंत्र रूप से वो चर्चा नहीं है चलो चलो भाई और भदौरिया को बुला रहा है लाइव में आने के लिए आ जाओ लाइ आ जाओ ला आ जाओ ला हमको क रहा नहीं तुम तो गाली देते हो तुम हमारे निंदा करते हो लेकिन एक व्यक्ति की निंदा से ज्यादा बड़ा है पूरे संप्रदाय की निंदा करना पूरे संप्रदाय को गा बकने वाले समाज सेको दिक्कत नहीं हैको दिक्कत

02:38:47:06 नहीं या तो यह व्यक्ति मूर्ख है या फिर मेरी भाषा जो है ऐसी है जो यह समझ नहीं पा रहे मैंने अपने सभी वीडियोस में बताया कि क्या क्या परिस्थिति है कि हमारे बीच में विरोधाभासी जो स्थितियां उत्पन्न होंगी उसके कारण हमारा साथ में आना जो हमारे विरोधी है मेरे और तुम्हारे दोनों के जो ऐसे विरोधी है जो सेम है उनको बल मिल जाएगा और मिल रहा है जो तुमने किया उसके कारण अभी तक हमारे विरोध में उनको बल मिल रहा था अब अब तुम्हारे विरोध में भी मिलना शुरू हो गया ठीक है वो जरा इनके वो दिखा दीजिए दोबारा से इनका वो वाला तो फेसबुक का जो सामग्री प्राप्त हुई थी चलो इस बार और छोड़ देते हैं क्योंकि इस बार मोबाइल से दिखाया तो शायद उसका उतना उपयोग नहीं कर पाएंगे छोड़ देते हैं छोड़ो रहने देते हैं अभी राब हुई श्री राम का सिद्धत है अभ

02:39:55:16 श तो दया उ ऐसा नहीं बे अच्छा सुनि सुनि सु सुनि शि अच्छा आप लाइव नहीं क्या सुनि आपके लख की बात इस व घर बल में टाटल है ठीक है ना नहीं बता जा जाभ नहीं कर रहा बरा बया बा बना है ठीक है तो ये जो है स् कर होगा ले बना पो न र कर सते क्या लिखता है और आपका और आना जाना भी है क्या लिखता है

02:40:39:21 अता मेंगे बता बरास सभी से माल बना कता का आज प् च जाए गब अ उ हो गया तो क्या कह रहा हैय अरे आपको एक मस्त बात बताते हैं गुरुदेव काब गु तु शक जब प्रवास होता किसी घर को कामने बते सम आता ह को बुलाते दूसरे बचा मस्त आराम से बजे उठते कते कन करते पता

02:41:19:10 जिस व्यक्ति को किसी बात से समस्या है जो धर्म का पक्षधर है और तुम्हारे रूप में वो पुरी के शंकरा तुम्हारी जानकारी में पुरी के शंकराचार्य जी का शिष्य है और उसको अधर्म का बोध हो रहा है और उसके अंदर इतनी तथा नहीं है कि उस बोध का वो जब आपको बात कह रहा है तो आप उसका नंबर वगैरह दिखा सको वो इसकी आपको अनुमति दे दे ऐसे व्यक्ति से ऐसे व्यक्ति के वक्तव्य को आप साक्षी के रूप में इस्तेमाल कर रहे हो जिसकी क्रेडिबिलिटी नहीं है किसी भी प्रकार से जिस जिसका धर्म का पक्ष ही सिद्ध नहीं हो रहा है और उसकी वाणी को आप साक्ष के रूप में उपयोग कर रहे हो यही तो कहता हूं संभावना जन्य जो तथ्य होते हैं जो सामग्री होती है उनको आप जो उनके आधार पर निर्णय लेते हो उससे कहो सामने आकर करे ना उसको धर्म की चिंता है और धर्म का बोध है

02:42:15:07 तो जब ऐसी व्यक्ति को जिसकी आप बात कर रहे ऐसी व्यक्ति को बलाया जाएगा कि निगरा चार ने ऐसा ऐसा बोला है कि तुमने ऐसा ऐसा बोला है तो आएगा क्या वो तो तुम्हें निगरा चार मानता होगा ना शंकराचार्य ने तुम्हे निगरा चार नहीं माना वो तुम्हें निगरा चार मानता है कि वो भगवता नंद मानता है क्या कहना है इस बारे में उसका क्या कहता है निग तो नहीं कहता कहीं मेरे ख्याल से जिस मिश्रा की तुम बात कर रहे हो व तुम्हें निगूदा

02:42:49:16 है ना निग्गी बात स्वीकार रहे हो उसकी तुम्हें चलो ऐसा थोड़ी ना है कि सिर्फ तुम्हारे ही पास व मैसेजेस आते हैं चलो डाल डाल पात पात चलो भाई आगे चलो संख्या में यवा बटोरे गए थे लेकिन ये दो लोग पूरे अभियान को कुचल के धर दिए और अभी कोई आ वाहिनी के अतिरिक्त अपने नाम से कुछ करे उसम भी आपत्ति करते हैं कि आपने कैसे कर दिया तो आपके गु ने लिखा आपका पड़ोसी है टाइटल से मिश्र है और नहीं बताओगे जो हम उसकी प्रमाणिकता को जा चेक करें पॉज करो नाम नहीं बताओगे जो हम उसकी प्रमाणिकता को जाकर चेक करें और उसकी धर्मजयगढ़

02:43:49:06 भया इनको सब क्योंकि जो व्यक्ति आपको कह रहा है ना वही तुमको निग कहता है हमें भी पता है कुछ चीज चलो सत्य को छिपाना गलत नहीं होता है ये व कने का भा ति का नियम है

02:44:24:16 झूठ बोलना धर्म नहीं है भैया झूठ बोलना निंदनीय नहीं य बात है करो ब करो पहले तो पहले तो तुम अपनी प्रमाणिकता बताना धर्म क्या है धर्म क्या है जिन कार्यों को करने से मोक्ष की प्राप्ति होगी जिस विधि विधान का आलंबन लेने से वही तो धर्म है तो जब हम डाकुओं की रक्षा वो डाकुओं से मातृ शक्तियों की रक्षा करने के लिए झूठ बोल रहे होंगे तो वो वो विधि है कि नहीं वहां पर वो धर्म के रूप में उसको लिया जाएगा कि नहीं और सुनो हमने अपने मन से नहीं बोला है कपात जी ने यह ग्रंथ में लिखा है और इस विषय पर आप आप तो शिष्यों से करते नहीं हो शंकराचार्य से जाक शास्त्रार्थ करो चुनौती दे दो उनको मैं चुनौती देता हूं क्यों नहीं दी आज तक तुमने चुनौती तुम बहुत चुनौती जो दे दो कल चुनौती जाकर के जगतगुरु शंकराचार्य को क्या है पूरी पीठाधीश्वर मुझ से शास्त्रार्थ करें अमुक अमुक बिंदुओं पर खंडन करता हूं मैं

02:45:34:22 उनका तब क्या हुआ था मगर तुम अब तुम्हारी भाषा में कहे तो तुम टट कुंजियां को जाकर के है ना जो तुम्हारी नजरों में जो होंगे उनको यह करोगे वो करोगे वरना फिगे दे दो फेसबुक पर डाल दो अपने श्रीमद जगतगुरु शंकराचार्य को मैं चुनौती देता हूं शास्त्रार्थ की खंडन करता हूं मैं उनका मैं लुप्त संप्रदाय का कुलदीपक जिसकी धातु क्षीण हो चुकी है वजन 47 47 किलो पर अटक गया है धातु का छीन हो जाने के कारण मैं चुनौती देता हूं

02:46:20:20 करपात्री जी ने लिखा है वहां पर करपात्री जी ने लिखा है वहां पर वो भी धर्म है ठीक है आचार वाणी है उसका हमने प्रचार किया है चलो का दोष नहीं लगेगा कर बोना र् नहीं अ ठ बोलने में अस भाषण का दोष लगता गा य बात है दोष नहीं लगेगा की बात नहीं है सुनो दोष लगेगा की बात नहीं है वहां पर आपको वह करना ही है इसलिए वह धर्म है साध्य कोटि का धर्म है वह क्योंकि वह आपको करना ही है केवल दोष ना लगने की बात नहीं है व आपने अच्छा कार्य किया है वहां पर सही कार्य किया है धर्म धर्म आपको जो बताया गया वो आपने किया है

02:47:23:14 चलो ये बात क उसको फिर भी झूठ ही सच नहीं कर देंगे उसको और उससे भी सत्यवादी का रास होता है ये तथ है सत्यवा बिल्कुल अलग विषय है असत्य भाषण बिल्कुल अलग विषय है लेकिन वहां पर उस असत्य भाषण के परिणाम स्वरूप जो प्राप्त होने वाला दंड है वो दंड निभावी हो जाता है पारिस्थितिक धर्म के आधार पर हालांकि उससे भी वाणी में सत्य की प्रतिष्ठा जो है वाणी में स की प्रतिष्ठा सरस्वती है ना और इसकी हानि तो होती ही है लेकिन विकल्प दिया गया है ये बात है खर आगे बोलो मैं एक बात और बोल दूं कि तुम जो जरा जरा सी बातों में कर रहे हो ना ऐसे तुम्हारी भी कुछ बातें हैं जो हमने पीछे से ले ली जैसे तुमने वहां पहले कहा कि वोह मेरे लिए तो दयानंद और वोह जो है शत्रु ही है जब तुमने उसमें देख लिया पहले नहीं ध्यान रहा होगा मन में नहीं रहा होगा कि क्या कहते हैं मृत्यु के बाद जो है बैर मिट जाता है नहीं रहा होगा ध्यान तो तुमने पहले बोखला में जाकर के पोस्ट दिया उसम लिख दिया कि दयानंद दयानंद जी और मैं तो मेरे लिए तो दयानंद और प्रभुपाद जो है वह जो है शत्रु ही है फिर तुमने बाद में जब लाइव की है तो वहां पर यह पक्ष नहीं रखा कि मेरे लिए दयानंद और प्रभुपाद शत्रु ही है तुमने पक्ष य रखा तो हम भी तो उनका वैचारिक खंडन कर रहे हैं हम थोड़ी ना उनको बाहर निकाल करके

02:48:38:21 जो है मार रहे हैं तो शत्रु ही है तो सिद्ध करो और ऐसे बात को तुमने जो पकड़ा है मैं भी वहां पर वही बात बोल रहा हूं तुम उसको बात को पकड़ के लोग य दिखाने का प्रस्तुत कर रहे हो कि देखो हमने इसका शास्त्रो खंडन किया है खंडन तो तुम्हारा भी है राम कह रहे हैं बैर के बाद जो मृत्यु होती है उसके बाद बैर मिट जाता है प्रेम नहीं मिटता क्योंकि प्रेम सात्विकता है बैर मिट जाता है क्योंकि बैर तामसिक का है ठीक है जो तुम कहो कपाती जी का सम्मान क्यों कर रहे हो जाने के बाद भी क्योंकि उनका सम्मान हम उस रूप में कर पा रहे हैं जब वो हम जीव उनको देख रहे अपने पास और सुनो कि बात मैंने भी वही बोली है भाई कुछ ना कुछ हमने किया ना वहां पर तो की जाने वाली जो क्रिया थी वह शास्त्रोक्त में आया कि नहीं आया अगर शास्त्रोक्त में आया तो शास्त्रोक्त तो धर्म है शास्त्रोक्त कार्य करना धर्म है ना तो शास्त्र की सीमा में आया कि नहीं आया तुम केवल यह सब बातें करके यह जो तुम श्लोक पढ़ रहे हो और का प्रमाण दिखा रहे हो इस सब से क्या सिद्ध कर रहे हो पता है एक फिल्म देखी होगी

02:49:53:26 तुम लोग तुमने पिक्चर तो देखते ही थे अपनी पोस्ट में बातें करते हो टोनी स्टार्क और मैट्रिक्स इत्यादि की तो एक फिल्म लेखी होगी दीवानगी उस फिल्म में क्या होता है कि अभिनेता के ऊपर आरोप लगता है मर्डर का केस शुरू होता है शुरू होने से पहले ही एक व्यक्ति जो होता है जो सामने उसको जो दोषी सिद्ध करना चाहता था वो खामखा अपना प्रभाव उत्पन्न करने के लिए फोटोज दिखाता

02:50:27:16 है फोटोज में क्या दिखाता है कि देखो कितना घिनौने तरीके से मर्डर हुआ है यह जितने भी लोग हैं ना ये उछल कूद मचा रहे हैं ये सब लोगों को नंबर दे दिया है आना लाइव में मिलेंगे तुमसे तुम्हारे आचार्य तो शिष्यों से बात करने में शायद पीछे हट जाए अब क्योंकि वो शिष्य से क्यों बात करेंगे जगतगुरु शंकराचार्य को चुनौती क्यों नहीं देते भाई तुम्हारे पास उनका खंडन है निकालो आए दिन प्रेस में अपने वो जो वो हो गुर्गे उनको कहो छापे अखबार में क्यों नहीं तुमने आज तक चुनौती दी शंकराचार्य को शास्त्रार्थ की कि आपका यहां पर शास्त्रीय पक्ष नहीं है गलत है दे दो

02:51:15:01 चुनौती और बाकी जो इनके जो गुरुगे हैं इनका स्वागत है फॉर्म भरो आ जाओ कर लो दो दो हाथ वाणी के द्वारा और क्या था यह हां धर्म है एट दी एंड उसने जो किया वह शास्त्रोक्त कर्म है कि नहीं है तो उस दृष्टि से देखेंगे तो उसको धर्म कहा जाएगा कि नहीं कहा जाएगा शास्त्र की सीमा के अंदर का कर्म हुआ कि नहीं हुआ खामा खा तो क्या था वो दीवानगी में ऐसी फोटोज दिखाना केस चालू होने से पहले ही जिसमें बहुत ही ब्रूटली मर्डर हुआ है किसी व्यक्ति का क्यों दिखा रहे हो भाई प्रभाव उत्पन्न करना है प्रभाव उसकी आवश्यकता नहीं है वहां पर दिखाने की भाई अभी तो हम यह तय कर रहे हैं कि एक व्यक्ति मरा है वो जो मरा है उसको इसने मारा है कि नहीं मारा है मगर हम यह दिखा रहे हैं कि वो कितनी बेरहमी से मरा है बेरहमी के मरने से यह कैसे साबित होगा इसने मारा है तो हमें पहले उस पर बात करनी है ना वही तुमने अपनी इस लाइन में किया था पीछे भागवत सुधा रखी है यह रखा है वो रखा उसको उठाओ खोलो यह धर्म मांसा नामक ग्रंथ

02:52:28:10 [संगीत] है य धर्म मानसा नामक ग्रंथ है कपा जी का इसमें वचन है उनका तो इस वचन के ऊपर शास्त्र लकार लो धर्म की सीमा में नहीं है वो भाई धर्म क्या है शास्त्र की सीमा में हो जो कर्म धर्म है और जो शास्त्र की सीमा से बाहर हो धर्म नहीं है तो धर्म नहीं हुआ तुमने अगर उसकी बड़ी व्याख्या कर दी तो धर्म के बाहर हो गया अधर्म हो गया अच्छा तुमने यह बताया कि वो जो है उस परे दोष नहीं लगेगा अच्छा ठीक है दोष नहीं लगेगा तो इसका मतलब क्या हुआ अधर्म

02:53:12:01 है इसको पढ़ लेना इसमें लिखा है उन्होंने कृपा जी ने चलो और बताओ भाई और सुनो एक बार की मैं बात बताऊं रुक जाओ एक बार कोई मामला हो गया एक व्यक्ति के साथ तो मुझे जो है पुलिस स्टेशन बुलाया गया कि भाई इन्होंने आपके खिलाफ यह जो है कंप्लेन की है मैं गया वहां पर अपना पक्ष रखने के लिए तो तब तक मैंने कभी भी उस व्यक्ति को संयोग से व एक प्रेस वाला कार्ड होता है ना वो डाले देखा नहीं था तो मैंने उस दिन उसको वहा थाने जब वो मेरा विरोध करने आया था प्रेस का कार्ड डाले बैटा तो जब वहां पर चीटा कसी हुई तो मैंने उसको पूछा कि तुम यह प्रेस का कार्ड लेकर क्यों आए हो आज क्यों यहां पर इसकी जरूरत है जबकि तुम यूजुअली यह प्रेस कार्ड डाल कर के नहीं घूमते हो तो उसके पास जवाब नहीं था वह इसलिए प्रेस का कार्ड लेकर के आया था कि जो पुलिस वाले हैं वह न्याय का पक्ष देखने से पहले यह देखे कि प्रेस प्रेस वाला कौन है इसी तरीके से जहां पर की इनकी आवश्यकता है भी नहीं वहा तुम प्रमाण बोल करके यह सिद्ध करना चाह रहे हो देखो मैं कितना ज्ञानी हूं मैं कितना शास्त्रों को जानने वाला हूं

02:54:27:19 तो इसलिए सामने वाला कुछ भी बोल रहा है व असत्य है चलो पाखंड का खंडन भाग गया क्या अब नहीं खंडन करेगा कल से क्या सामान्य सी बातों पर जो सार्वजनिक रूप से ल और फोटो में पहले से अवेलेबल है उसी के हजारों फलो से जुड़े हुए अकाउंट में वहां पर पहले से सार्वजनिक बात हैं उसी को तो पूछ रहे हैं रो रो रोको रोको रोको अगर कोई बालक है जिसने पूरे साल पढ़ाई नहीं की है तो जिस समय उसका एग्जाम का टाइम आएगा वह पढ़ने बैठेगा तो तुम्हारे जैसी माता होगी तो उससे कहेगी जाके दूध लेके आ और वो कहेगा कि मां मेरे पास समय नहीं है तो उससे ये कहेगी पूरे साल तो तू खेला है अब क्या कर लेगा पढ़ के अरे भाई हमें मालूम है कि गर्मी का मौसम है फिर भी हम गर्मी से बचने का प्रयास करेंगे हमें मालूम है कि कलयुग है अधर्म फैले ही फिर भी हम अधर्म को रोकने का प्रयास करेंगे उसी उसी प्रकार से हमें मालूम है कि यह सब चीजें फैली हुई है फिर भी हम कोशिश करेंगे कि और ना फैले कैसे कैसे तर्क

02:55:42:27 देते हो हमें मालूम है कि उसने पूरी साल पढ़ाई नहीं की है फिर भी हम कोशिश करेंगे कि इस समय उस ऐसा ना बीते जिसमें वो पढ़ाई ना करे ये तर्क है तुम्हारे चलो इसलिए कहता हूं इसलिए कहता हूं कमेंट कर इसने वा होते हैं भाई हां आपने शास्त्र में कोई बात थी कोई चचन लिया उसकी रक्षा के लिए ड़ होने पीछ फ करूंगा तो ठीक है क्या कहते है ये कमेंट चाहते हमारी और फिर से सुनेंगे फिर सुनेंगे शिवादी सोया बसेर है जाग गया तो ला बारबार कह रहा हूं बारबार मैं कह रहा हूं कि शराय एक सोया हुआ शर है सोया हुआ तो नहीं दिख रहा है म में क्या चल रहा है शर को थोड़ा जगाओ पानी छटा मारो एक देश शेर है लोग क रहे थे शेर जब छला मारता दो कदम पीछे लेता है 12 साल से शेर पीछे ही ले रहा है कदम तो ये जो है साल से अप एक मिनट 12 साल से जो अपनी ग्रंथ लिख रहा है ये कर रहा है वो कर रहा है और प्रेम प्रसंग में बाई पोलर पर अपनी किताबें लिख रहा है जानवी के लिए शायरिया लिख रहा है गीत लिख रहा है वो जो है जिनका खंडन कर रहा है उनको शास्त्रार्थ के लिए ललकार नहीं पा रहा उसके अंदर इतना गुर्दा नहीं

02:56:59:00 है क्यों नहीं है भाई एक एक जगह दिखा दो तुमने लड़का रहा हो शंकराचार्य को शास्त्र के लिए मालूम है हवा टाइट हो जाएगी वहां तो जो तुम्हारे लिए तुमको लगता है कि यह मेरी उसमें आ जाएंगे सीमा में वहां अपना खड़े हो जाते हो सीना तान के वरना भागते फिरते हो चाहे वो समाग वाले हो चाहे वो राम द्विवेदी जी हो और चाहे वो राजें दास जी के शिष्य हो फिर वहा बहाने बनाते हो उनके साथ क्या चर्चा करे अरे फुलके खाने वाले के साथ चर्चा क्यों कर रहे थे

02:57:34:13 तुम्हारे और क्या कह रहे हो तुम वो पीछे करना जरा सा चलाना फिर से नाम पर क्या हो रहा है क्या ो क्या पाखंड क्या फल रहा है आप जगे होते ना उ जागत ने बोवा जी उठ जाइए अधर्म करना प्रभ कीजिए तुम क्यों कह पा रहे हो य य पॉइंट है मैंने यही बात कही है तुम्हारी समीक्षा क यह तुम क्यों कह पा रहे हो पहली बात तो जो जग जाते हम जगे हुए हैं हमने कर लिया चेक नहीं है कुछ और बोलो दूसरी बात यह है तो यहां पर तुम्हारी बात खत्म हो गई अगर तुमको हमारा सोना सिद्ध करना है तो तुम्हें उनका वो सिद्ध करना होगा जो कि तुम कर नहीं सकते हो उसमें तुम ढीले हो इसलिए इधर उधर की बातें कर रहे हो जो प्रसंग से रिलेटेड बात है वह कम करके इधर उधर की बातें ज्यादा कर रहे हो पहली बात पीछे करो जरा

02:58:33:04 दोबारा दूसरी बात दूसरी बात क्या चल रही है कि तुम्हारी इस तरह की समीक्षा क्यों नहीं हो पा रही कि तुम्हारे मठ में क्या चल रहा है अरे मठ हो त तो जेब में नहीं है टला टिल्ला माग रहे लाल किल्ला तुम्हारी कैसे होगी समीक्षा तुम्हारा पता नहीं है कि आज तुम्हारे य यह हुआ आज तुम्हारे य वो हुआ आज यहां यात्रा करोगे आज महा यात्रा करोगे खुफिया मुजरिम की तरह तुम घूम रहे हो खुद को आचार्य कहते हो तुम्हारी यह समीक्षा होने लगेगी अपनी ये सब चीज सार्वजनिक करो ना आज तुम्हारे तुम इससे मिले आज तुम इससे मिले आज तुम्हारे मठ में ये हुआ वो हुआ सब सार्वजनिक करो अभी तो यही हमने भाव रखा था कि तुम्हारी समीक्षा इसलिए नहीं हो रही है तुमने ट्रांसपेरेंसी नहीं की आचार्य

02:59:24:14 वाली चलो खुद को आचार कह रहे हो तो आचार वाली ट्रांसपेरेंसी भी रखो ना थोड़ी अपने बारे में बताओ ना लोगों को हम इससे मिले आज उससे मिले आज हमारे साथ में साथ यह देता है वह देता है यह पाखंड का खंडन मेरा भाई है कि मेरा बेटा है या मेरे द्वारा तैनात किया हुआ कोई भाड़े का टट्टू है सबब बताओ ना लोगों को तब समीक्षा होगी ना तुमसे जुड़े हुए लोगों की चलोर ब था बहुत सार लोग कर रहे थे शेर बच् ब अच्छा शेर ग्रम शेर है ग्राम सि है सि है ये जरा बता दिया जाता मेरा ड बोल र है मत पढ़ो चक्कर में कोई टक्क बताओ शेर का बच्चा एक अच्छा बा आ हैब ये बनाने पले कु लोग कट किया तो ठीक है क्या कहते कट लाइ करने पहने लाइक कैसे किया

03:00:21:24 ऐसा नहीं करना चाहिए मैनेजर से बात की है सड़क चलते लोगों से बात की है तुम इसकन समाज के द्वारा या रामपाल के द्वारा थरा रूप से अत किसी व्यक्ति से बात करो ना तुम ऐसे लोगों से स बात करते रहे हो जो लोग तुम्हारे ऊपर हावी नहीं हो सकते हैं ये समस्या है या जिन लोगों की कोई विशेष पज करो पॉज करो ये तो सबसे पहले मैं भी कह दूंगा तुम आज तक उन लोगों से बात करते रहे हो जो तुम्हारे ऊपर हावी नहीं हो सकते तुमने क्यों नहीं शंकराचार्य अगर शंकराचार्य की बात में व तुम्हें दोष दिख रहा है तो क्यों नहीं उनको ललकार दिया क्यों नहीं उनसे बात कर ली जाकर के अन्य शंकराचार्य को ललकार दो कपाती जी के जो अन्य शिष्य उनको ललकार

03:01:06:22 लो पहली बात दूसरी बात यह है कि यह फिर तुम्हारी अधूरी जानकारी है तुम्हारी अधूरी जानकारी है इस कौन के हमने प्रामाणिक लोगों से बात नहीं की है पहली बात तो यह है कि इस कोन में जितने भी लोग तुमको मिलेंगे वह किसी ना किसी अंग्रेजी की पोस्ट पर ही होंगे तो क्या करें कोई उनके य वो गुरु वाले पद है ही नहीं उनके ऐसे ही चल रहा है ये प्रेसिडेंट है य ये है ये वो है ऐसे ही चल रहा है हमने उन लोगों से बात भी की है जो लोग अपना गीता का सेशन चला रहे हैं गीता का ज्ञान दे रहे हैं लोगों को तो गुरु पद में स्थापित है अब वह मैनेजर का पोस्ट लिखा हुआ उनके आगे तो हम क्या करें वह गुरु नहीं है तुम सिद्ध करो लोगों के दीक्षा दे रहे हैं वो लोगों को जो लखनऊ स् कन प्रेसिडेंट है वो दीक्षा दे रहा है लोगों को और जो वहां के व है वोह भी ऐसे ही है इंदौर के और जो उनके यहां शिक्षा की ट्रेनिंग दी जाती है ब्रह्मचार्य की उनसे कई बार हमारी बातें हुई है और आर समाज के जो अंतरराष्ट्रीय स्तर के विदूषक है उनसे बात हुई है गुरुकुल के आचार्य

03:02:22:01 उनसे बात हुई है और क्या करे भाई किसे बात करे जाकर और जो अभद्र आचरण करने लगता है उससे हम दूर रहते हैं नहीं करेंगे चर्चा जिन लोगों ने विधि अपने सबसे बड़ी एक बात मैं बताऊ जो तुम शब्दावली यूज करते हो हगना मतना यह सब जो तुम करते हो जाओ उनके जाकर मुंह पर बात करो क्यों नहीं करते रामो दना भी भाष मैं दोहरा व्यवहार नहीं करना चाहता हूं इसलिए मैं तुम्हारे साथ मंच साझा नहीं करना चाहता था क्योंकि जो तुमने स्थितियां स्थितियों को जन्म दे रखा है उसमें यही व्यवहार था तुम्हारे लिए जो अभी हो रहा है और इस तरह से मैं तुम्हारे साथ बात करता हुआ लोगों को नहीं दिखना चाहता था तो तुमने मेरी उस उदारता को कायरता समझ लिया उपास बना रहे हो अब यह बता कि तुम अगर जाओगे वहां जाओगे क्या कहते हैं दयानंद के लोगों के पास वहीं बोलो बोलना य अगना मतना तब वो चालू करेंगे

03:03:38:00 सूतना वही सब बोलना वहा जाके करो चर्चा भया तो चर्चा करो ही मत जिसको जो करना है करते रहो बस अपना वीडियो य चैनल चलाओ और बढ़िया उसम कर बना तुमको इस मतलब थोड़ी ना है चर्चाओं से गोष्ठी से इससे मतलब थोड़ी ना तुम्ह और जाओ करो जा करके वहां पर बोलना हगना मतना दयानंद का फिर वो तुम्हें चालू करेंगे सूतना चलो तुम करो ना जाकर के भाई हम हम उस भाषा का उपयोग करते हैं वह बोलते हैं जो हम उनके मुंह पर बोल

03:04:14:28 पाए हम ये ऐसा चरित्र नहीं बनाते कि हम जब अकेले होंगे तो अगना मतना बोलेंगे वहां जाकर हम शिष्ट व्यवहार करेंगे इसलिए हमें तुम हमने तुमसे दूरी बनाई हमने तुम्हें नीच नहीं कहा अयोग्य नहीं कहा हीन नहीं कहा चलो या संप्रदाय या गल्ट प्रवर्तक के गिरोह प्रवर्तक के पुस्तकों को नहीं पढ़ा है ये तुम्हारा है इसी प्रकार के लोगों से जाकर तुम भरते हो जहां पर तुम करो लेकिन हम किनसे भड़े अरे हमने जिन जिन लोगों का नाम लेकर उनको रगड़ा है और 100 100 प्रमाण से उनका खंडन किया है क्या तुम कर पाओगे तुम्हारी आवाज त नहीं निकली तुम्हा र के बुलाकर तुम्हारे ही शकरा स्वामी जी की नि कर प

03:05:00:27 न मिनट मिनट पज करो स्वमत की पुष्टि के लिए क्या आचार्य गण अपने जो उनके परंपरा का जो तात्विक तत्व है वो नहीं रखते हैं सभी आचार्य गण स्मत की पुष्टि के लिए और अगर व्यक्तिगत रूप से उन्होंने ऐसा किया तो हमारे तो संज्ञान में नहीं है भैया बहुत सी जगह ऐसा हुआ हैसे तुम्हारे संज्ञान में नहीं है हम तुम्हारे लिए भी बोले हैं तो हमारे जो बात हमारे संज्ञान में ही नहीं है अगर ऐसा हुआ है कि वहां नाम लेकर और जो है वो हो रहा है व्यक्तिगत टिप्पणी कोई हो रही है क्योंकि राम भद्राचार्य जी ऐसा कर देते कहीं कहीं पर व्यक्तिगत हो जाते अगर उन्होंने ऐसा किया है तो हम बिल्कुल वहां खड़े हैं आपके साथ पहली बात अगर उन्होंने ऐसा किया है तो दूसरी बात स्वमत की अगर पुष्टि होगी तो कौन नहीं करते क्या राघवाचार्य जी महाराज नहीं करते तो क्या तुम उनके साथ क्यों बैठते हो तुम तो अद्वैत हो हालांकि तुम अद्वैत नहीं हो तुम तो व्यक्ता द्वैत वादी हो वोह बात और है कि तुम्हारा भाष्य इत्यादि वो सब कहां से आया वोह सब विचारणीय बिंदु है वो सब अभी पता चलेगा आगे मगर आपके प्रियजनों के हिसाब से जो आपको

03:06:16:02 ये सूचनाएं भेजते हैं रूप से निग्ज यह बताइए कि यह जो क्या कहते हैं थोड़ा पीछे करो क्या बात चल रही थी चालू करो अरे भैया सुनो तुमने किन लोगों से बात की है तुमने मैनेजर से बात की है सड़क चलते लोगों से बात की है आ च समाज के द्वारा या रामपाल के द्वारा थरा रूप से अधिक किसी व्यक्ति से बात करो ना तुम ऐसे लोगों से कर कर प अरे ब कर ये कुछ तो सोचा करो रामपाल के द्वारा अधिकृत रूप से रामपाल के द्वारा अधिकृत रूप से कोई संस्था तक नहीं है जो उसके अधिकृत व्यक्ति से बात की जाएगी सब कुछ इल्लीगल चल रहा है उसके उसको भी तुमने इनके साथ खड़ा कर दिया पता तो कर लो पहले क्या बोल रहे हो क्या नहीं बोल रहे हो रामपाल का अधिकृत व्यक्ति रामपाल खुद अधिकृत नहीं है जेल में उसके अधिकृत व्यक्ति को कहां से ढूंढेगा कोई भाई उसका पूरा कल्ट ही उस पर चल रहा है लीगली चल रहा है पूरा इलीगल चल रहा है व उसको तुम यह कह रहे हो अधिकृत व्यक्ति चलो आगे बढ़ चालू

03:07:37:12 करो प करो प करो तो अगर उन्होंने अपने स्मत की पुष्टि की होगी तो उसमें हम क्या करें भाई वो तो उनके परंपरा का सिद्धांत है व अपने स्म की करेंगे व्यक्ति व्यक्तिगत टिप्पणी की होगी अनादर किया होगा तो हम आपके साथ है देखूंगा वो प्रकरण दूसरी बात यह है कि अगर स्वमत की मत की पुष्टि की जा रही है वहा ताली बजाई जा रही है स्वमत की पुष्टि पर ठीक है तो क्या राघवाचार्य जी महाराज और जो उनके गुरु हैं वासुदेवाचार्य जी महाराज व अपने स्वमत की पुष्टि नहीं करते अपने मंचों पर तो उनके साथ क्यों खड़े हो

03:08:21:00 चलो और यही कारण है कि आप जब इस आ समाज या लोगों से रामपाल लोगों से शास्त्र चचा करते थे उनको एक्सपोज करते थे तो हम भी मुखर होकर कई बार आपके वीडियो को साझा करते थे लोगों तक भेजते थे आपकी सराहना करते थे आपको बधाई देते थे यहां तक वाले प्रकरण में राघवाचार्य जी की वीडियो की ट्रेलर क्लिप हमने पर सा नहीं करके कही हम चैनल पर आपकी वीडियो की पूरी लिंक डाली इस चैनल पर जा इस वीडियो को देख अच्छा किया प्रयास अच्छा काम किया है हमने क्या सम नहीं किया हमने क्या आपको प्रोत्साहित नहीं किया अ को लेकिन आप पॉज करो हमने भी समर्थन किया है हमने भी प्रखर हो करके आपकी जो सही चीज उनको इधर उधर भेजा है हमने भी आपकी चीजों को अपनी स्टोरी पर लगाया है जानकारी पूरी लो और अन्यों को प्रेरित किया है यही नहीं हम भी प्रेरित हुए हैं कुछ मामलों में पूरी जानकारी लो और सुनो क्या कहते हैं यह समर्थन आप हमारी लाइव चर्चाएं कभी देखिएगा वैसे बहुत मुश्किल है लंबी लंबी उतनी लाइव चर्चा दे तना मगर कई बार ऐसा हुआ जब लोगों ने तुम्हारे बारे में आकर के वहां पर हमको टोका बोला कुछ किया ये कहा तो हमने सदैव वहां तुम्हारी गरिमा का गरमा की रक्षा की वहां कभी भी तुम्हारी कर्मा को भंग नहीं होने दिया कि तुम्हारा

03:09:36:00 खंडन कर दे व विरोध में बोल दे कई बार ऐसा हुआ लोगों ने आकर के तुम्हारा नाम लिया इसी से पता चल जाता है यह है कि हम हाथी पर बैठ के चिल्लाते नहीं है और सुनो अब जब बात छिड़ी गई है तो देख वो बता देते हैं चलो तुम्हारी जो लोकेश है उसकी भूक है अब उसकी बात हो जाए करियर की भूख सुनो तुम्हारी मलेच्छ राज वाली सीरीज में तुम स्कोन पर कब बोलने वाले हो तुमने हमें तो नहीं पता था तुमने ना ही कोई सार्वजनिक किया था कि स्कोन पर तुम कब बोलोगे या क्या बोलोगे ठीक है हम जिस समय कुंभ में थे उस बीच हमने राघवाचार्य जी महाराज का इंटरव्यू लिया था उसमें कहीं पर भी तुमसे कोई प्रेरणा नहीं थी उस बात के लिए हमारा अपना कर्म था जो हम पिछले दो साल से कर रहे हैं तीन साल से ठीक है व्यवहारिक रूप में दिख रहे हैं बाकी कर तो बहुत समय से रहे

03:10:36:16 तो जब ऐसा था तो हमने लिया तो उसमें तुम्हारी प्रेरणा कहीं भी नहीं थी उसके बावजूद तुमने अपने फेसबुक अकाउंट पर राघवा चार जी महाराज द्वारा जो वक्तव्य दिया गया जो हमने जो प्रयास किया उसको दिखाया और उसमें वहां एक टिप्पणी लिखी बल्कि तुमने अपने जो यह जो गुर्गे हैं इनको भी सिखाया क्या सिखाया कि निग्रह चार्य की प्रेरणा से यह सब चालू हुआ है निग्रह चार ने जब बोलना शुरू हुआ है तब यह चीज हुई है सालू तुम्हारे बोलने से हम लोग शुरू किए थे क्या ये सब क्रेडिट क्रेडिट लेना है ले लो तुमने जो क्रेडिट लिया कहीं पर भी हमने उसका किसी भी प्रकार से हमने उसका खंडन नहीं किया चुप रहे ठीक है कोई बात नहीं तुमने क्रेडिट लिया है कि नहीं फेसबुक पर कि हमारी प्रेरणा के कारण आजय आवाज उठने लगी है यह सब भाषा बोली है कि नहीं वहा तुम्हारे कारण हम बोल रहे हैं क्या हम रोए हैं रात रात भर खून के आंसू शंकर भगवान के बारे में आपत्ति जनक चीजें सुनके शब्द सुनके और तुमने कहा तुमने हमारा वहा समर्थन नहीं किया तुमने रामपाल के विषय में हमारा समर्थन क्यों नहीं किया हम लड़े इस बात पर

03:11:52:18 तुमसे भाई रामपाल ने जिस मां को गाली दी है वह तो तुम्हारी भी मां है ना क्यों नहीं तुमने समर्थन बना दिया वीडियो और यदि नहीं बनाया तो तुम हो गए दोषी तो मैं सोचूंगा भाई तुम सब कुछ नहीं कर सकते तो तुम्हें भी यह सोचना चाहिए कि हम सब कुछ नहीं कर सकते हमारी हर चीज में तुमने समर्थन नहीं दिया है जिस जहां पर तुम्हारा समर्थन होना चाहिए मगर तुम्हारी भी एक सीमा है ना कुछ कार्य कर पाने की उसी तरह हमारी है तो अपने लिए सोच लोगे जो सिद्धांत वो दूसरे के लिए नहीं सोचोगे ये तो महाभारत का खंडन है महाभारत में तो लिखा है कि अन्यों से जिस व्यवहार की वो करो अपने लिए अपेक्षा वही व्यवहार धर्म है तो हमसे तुम जिस व्यवहार की अपेक्षा कर रहे हो कि तुम्हारा जहां जहां जितने जितने पॉइंट में भी तुमने अच्छे कार्य किए हो सबका समर्थन हमसे हमारे द्वारा हो ये अपेक्षा कर रहे हो तो हमने जहां जहां जितने जितने पॉइंट में अच्छे कार्य किए हैं उनका समर्थन तुमने क्यों नहीं किया हम इसका हम हम इस बात की तुमसे शिकायत नहीं कर रहे तुम्हारे सिद्धांत को तुम्हें याद दिला रहे हैं कि हमने कपाती जी का वो किया था तो तुम तुमने हमारा समर्थन क्यों नहीं किया अरे हमने तो दुर्गा माता के लिए कार्य किया है

03:13:07:19 तुमने क्यों नहीं समर्थन कर दिया उन लोगों ने ऐसा वीडियो बनाया अपना पूरा तंत्र जाल फैला कर के सबसे बड़ा कोई खतरा है सोशल मीडिया पर तो व रामपाल है देखो जाकर के सबसे ज्यादा उसके फॉलोअर्स है तुमने क्यों नहीं समर्थन किया उस विषय में हमारा जब हम धरातल पर और क्या कहते हैं शास्त्रोक्त तरीके से और जो ये बाहुबल वाले तरीके दोनों तरीको से उससे जब जूझ रहे थे तुमने क्यों नहीं समर्थन किया और तुम कह रहे हो रामपाल के अधिकृत लोगों से बात नहीं की वाह अजीब तो

03:13:45:02 चाहिए रामपाल के अध लोगों को ढूंढे अब यह दिन आ गए तो आज तक बहुस गु तो क्या है की यह जो समर्थन वाली बात है जिसका जहां जिसकी जानकारी होगी जितना जिसका होगा उसकी जितनी सामर्थ्य होगी वह करेगा यह होता है ऐसे नहीं होता है तुमने हमारी हर बात का समर्थन क्यों नहीं किया

03:14:19:14 और तुम वहां पर फेसबुक पर अपने आप को महामहिम क्यों दिखा रहे हो इस अभियान का बताओ लोकेश ना के होना शिकार क्यों दिखा रहे हो क्या तुम्हारे तुम्हारे बोलने के बाद हमने वह चैनल चालू किया था तुम्हारे बोलने के बाद हम लखनौ कन प्रेसिडेंट के पास गए थे तुम्हारे बोलने के बाद हमने इतने लोगों को पकड़ पकड़ के जो है उनके साथ बातचीत की चर्चा की तुम्हारे बोलने के बाद तुम्हारे मलेक राज वाले स्कन वाले एपिसोड से पहले हमारा वो शूट हो चुका था राघवा चार का यानी कि तुम मलेच्छ राज वाले एपिसोड से उस वीडियो की प्रेरणा नहीं ली गई है कुंभ में थे हम नेटवर्क तक नहीं आता है तुम्हारी सीरीज में तुम क्या कर रहे थे क्या नहीं कर रहे थे नहीं पता बस जो शुभचिंतक है जो तुम्हारे भी समर्थक है मेरे भी समर्थक है उन लोगों ने मुझे सूचना दी कि अच्छा हो रहा है दयानंद की आज पोल खोली वो भी बाद में वह शूट हो चुका है उसके बाद में मगर तुमने उसका क्रेडिट खुद को दे दिया तुम्हारे अंदर घमंड है लोकेश ना है फिर भी हमने तुम्हारा इस बात को लेकर के खंडन नहीं किया कि तुमसे हमें प्रेरणा मिली है तुमने कहा कि हमारे आवाज उठाने के कारण अब जगह-जगह से आवाजें उठने लगी है तुमने कहा ये निराधार तुम्हारे कारण आवाज नहीं उठी थी वो पर तुमने जबरदस्ती आधी रोटी

03:15:34:14 पर डाल ली वहां हम तब भी चुप रहे समझे इसीलिए कहते हैं मत पढ़ो चक्कर में कोई नहीं टक्कर में जब बोलोगे तो फिर सुनोगे चलो डाल डाल हम आ रहे हैं पीछे पात चलो भाई बोलो बोलो चालू करो य तक राम मंदिर वाले प्रक में आपके गुरु जी के साथ खड़े थे पूरे भारत में कोई नहीं खड़ा था पूरे देश में आप नकर पठ भी आपके सम नहीं बोल पा रही थी उस समय आपके गुरुजी के साथ खड़े बात और बात और या तुमने अपने गुरुग को क्या सिखाया है क्या सिखाया कि यह बात तुमने पहले बोली है कि आर समाज जैसे जो तंत्र उन्होंने शूद्र कितने बनाए नहीं बोली तुमने पहले तुमने नहीं बोली तुम्हारी जानकारी में हो या ना हो वह नहीं पता हमने गुरुदेव के मुख से सुनी है तुमसे पहले वाले किसी व्यक्ति को हम जानते हैं ठीक है तो तुम क्यों सिखा रहे हो लोगों को यह बात तुमने ही छेड़ी है हम तो तुम्हें तुम्हारे वक्तव्य को सुन ही नहीं पाते थे तब हमने य बात बोल दी थी अपने एक साल पुराने वीडियो में क्योंकि हमने गुरुदेव से सुना था ये जो जितने भी वर्णाश्रम विरोधी है यह सबको ब्राह्मण बना आते हैं जो कर्मणा वर्ण व्यवस्था वाले

03:17:04:04 हैं और तुमने पक्ष लिया था तो क्या कोई एहसान किया था हमने भी तो तुम्हारा पक्ष लियाब तुम्हारे तुम्हारे शकल के साथ कुते की शकल को जोड़ कर के प्रचारित किया जा है जब तुम्हारे चेहरे के साथ कुत्ते की शक्ल को जोड़ करके लोग बना रहे हैं तो हमने वहा विरोध किया ना चलो बताओ यह आपकी कता है य आपका सिद्धांत है को

03:18:00:14 वित तुमने किया हमने कुछ नहीं किया हमने बात की है हम बचारी बात की है औरस विने बच लेकर आ हो और किया करो प करो ठीक है विजय श्री को मैं बीच में लेकर आया तुम्हारे हिसाब से तो फिर तुम जब तुमने विजया श्री पर बात नहीं कि तो तुम क्या के लिए आ गए यही फस गए तुम तुम्हारे हिसाब से विजय श्री पर तुमने बात नहीं की विजय स तुम्हारा मुद्दा नहीं था और मैं विजय सह को लेकर आया वो मुद्दे में था ही नहीं तो फिर तुम क्यों आ गए अगले दिन वीडियो बनाने बताओ तुम्हारी बातों से ही तुम्हारी बातें कट रही है विजय सी को तुम बीच में लाए बोले तुम विजय स पे और मट पर भी बोले एक सीमा तक मैं सुनता आ जाकर के मैं बोलता भी मगर मैं चुप था क्योंकि तुम अच्छे कार्य भी कर रहे थे साथ की

03:18:58:18 साथ ऐसे अच्छे कार्य ऐसे अच्छे कार्य ऐसे अच्छे कार्य जिनसे धर्म की ध्वजा लहर सकती थी और तुम्हारे जैसे लोगों की आवश्यकता थी उन अच्छे कार्यों को करने वाले के रूप में तो इसलिए लेट गो लेट गो छोड़ो लेट गो यह कर रहे थे हम और जिनके लिए तुम बोल रहे थे वह स्वयं सामर्थ्य वान थे चलो अभी तक आप नहीं सो पाए में आपको आना है या नहीं आना बा आपको बता

03:19:40:12 रहा है टाइम बताया जाए कितनी देर का बाकी है इनका कितनी देर का बाकी है इनका टाइमिंग आ सकती है क्या जाता जाता वैसे ही हम लोग को जानते जिन लोग उ लिए भी लड़ेंगे तो तुम तुम उनके लिए लड़ो ग जिनको जानते हो किके लिए लड़ रहे हो तुम तुम किसी को दोषी सिद्ध करने के लिए लड़ रहे हो हम किसी को निर्दोष सिद्ध करने के लिए लड़ रहे हैं ये अंतर

03:20:30:18 है चलो विजया श्री मुद्दा नहीं था विजया श्री को इन्होंने झूठा वहां पर प्रचार नहीं किया था कि मंच पर बैठी है कि नहीं विजया श्री को इन्होंने फ्री मेशन से नहीं जोड़ा था विजय श्री मुद्दा नहीं था और यह तो तो ये तो खैर शुरुआत की केवल बात है कि चलो अब उसी बहाने से शुरुआत हो गई तो हो गई मगर अब मुद्दा यह भी है मट के परिक को भी आप सिद्ध करिए आइए लाइव हम भी उन लोग भी उन लोगों के साथ है जिनको हम जानते हैं विजया स का नाम है उन लोगों का नाम बताओ वो आके बोली है बोलिए यहां पर ले आओ अपने लाइव में उन लोगों को गुरुदेव के शिष्य आओ बोलो चल के दिखाओ कौन ककन है तुम्हारी बातें क्यों मान ले तुम होगे अपने लुप्त संप्रदाय के जिसकी धातु छीन हो चुकी है आचार्य 47 किलो वजन पर जिसका वजन रुक गया धातु छी होने के कारण हमारे लिए नहीं हो तुम्हारा शब्द हमारे लिए प्रमाण नहीं है तो लेके आओ उनको जो ये सब बोलते हैं करो लाइव उनके साथ बैठ कर के मैं जिसके लिए खड़ा हुआ हूं वो अपना चेहरा दिखा कर के वो

03:21:45:20 पक्ष प्रस्तुत कर आया जो वो कह रहा है जिसके आधार पर हम बात कर रहे हैं तुम जिसके आधार पर बात कर रहे हो सब अदृश्य लोग हैं बुलाने जाओगे सब छोड़ के भाग जाएंगे तुमको और छोड़ के भागे हुए हैं ना मिश्रा जी आएंगे निग निग करने वाले ना कोई और आएगा बुलाओ कौन लोग है जो यह सब कर रहे हैं दिखाओ बस तुमने कह दिया मान ले चलो प्ले

03:22:24:09 करो ये सब बातों का पहले से ही बात हुई है तुम जिन लोगों के लिए खड़े हो रहे हो पहली बात तो वह किसी पर किसी को दोषी सिद्ध करना करना चाहते हैं तुम उनके लिए खड़े नहीं हो रहे हो उनके तरफ से कोई दोषी जिसको सिद्ध करना है उनके लिए खड़े हो रहे हो और दूसरी बात वो सब अदृश्य है ना नाम है ना पता है ना कुछ है बताओ उनकी पहचान क्या है और अब फिर पहचान के साथ उनको खड़ा करो और बोले य आ कर के ऐसा ऐसा हम आरोप लगाते हैं सिंपल फिर लड़ा जाएगा युद्ध बुलवा उनको खड़े करके हमने तो बुलवाया हम उसका पक्ष ले रहे हैं जो आ कर के बोल रहा है ऐसा ऐसा हो रहा है मेरे साथ तुम झूठा आरोप लगा रहे हो उसके ऊपर विजय स से विजय स से किसको दिक्कत हो गई थी किसका वहां पर चलो तुम ने बताया कि तुम्हारे अनुसार परकर प जो पीठ के जो परिकर है उन्होंने किसी को मारा तुम उसके पक्ष में खड़े हो हैं विजय सिंह ने किसको किसकी ठुकाई कर दी थी ऐसे लोगों के साथ रहते हो ना तुम महिलाएं जिनकी ठुकाई कर देती है पीट के भगा देती

03:23:34:14 है करियर करियर खेल रहे हैं चलो मैं जानता हूं अगर मेरे अ आत्मा कह रही है गलत नहीं है तो तो मैं भी तो जो वही बात कर रहा हूं भाई जिन लोगों के प्रति मुझे विश्वास है जिन लोगों के प्रति मैं निज रूप से अवगत हूं मैं भी उनके लिए खड़ा हूं मैं भी भाई तो तुम्हारा शब्द हमारे लिए प्रमाण नहीं है उन लोगों को दिखाओ ना जिनके लिए तुम खड़े हो और जो पूरी पीठ को दोषी सिद्ध करना चाहते हैं कि उनको पीटा गया है यह तो चोर है जो हमारे तुम्हारे जैसे लोगों के बीच में कले करवा कर के आएंगे नहीं कल को और तुम्हारे जिन लोगों को जिन लोगों को जिन लोगों के तुम खड़े हो रहे हो विजय श को भी उससे दिक्कत थी विजय श से भी उसको कोई व्यक्तिगत दिक्कत थी

03:24:24:08 क्या बुलाना उन चोरों को गुरु द्रोहियों को जोय सब आग लगवा रहे हैं चलो क गलत हो ग तुम सही हो गए बता दिया हम कहां से सही हो गए तुम कहां से गलत हो गए चलो अरे बात विज नहीं चल रही थी बात चल रही थी जिसम द्वारा तुम्हारे जैसे लोगों के द्वारा अयोग लोग को मठ में घुसा करर वहां से अपना जो है मैनिपुलेशन का काम पूरा करना ये मुख्य उद्देश्य है य पर बात चल रही मैनिपुलेशन का काम और मास्टरबेशन का काम कौन-कौन कर रहा है यह पता चल रहा है ठीक है कौन कौन मत्स पुराण लिखने वालों को वेदव्यास को भी कह दे रहा है आपत्ति जनक शब्द चलो प्ले

03:25:13:07 करो या को तो महिला होने का तुम सामने प्रमोट कर रहे हो लेकिन महिला हो चाहे पुरुष सेवा बराबर करेंगे कानून इक्ली सबको ट्रीट करता है छोड़ा किसी को नहीं जाएगा जब तक तोड़ेंगे नहीं तब तक छोड़ेंगे नहीं कहे महिला कहेगा पुरुष चाहे आए ता चाहे बास हम भी हम भी किसी को हम भी किसी को छेड़ते नहीं कोई छेड़ दे तो छोड़ते नहीं ठीक है और तू लाइव आना ना तो अपने उनको साथ लाना जिनके साथ तू खड़ा है साथ में लाना लाइव आना तो जिनके साथ तू खड़ा है चल भाई चलो उसको भी लाना वो जिसका जिसका जिसका जिसका जिसके तुम निग हो निग उसको भी लाना साथ में मिश्रा जी को

03:26:04:04 चलो सब बात हो गई थोप करो हो गई सब बातें पहले ही इनके उत्तर दे दिए विजा श्री है हम तो स्वयं उसी वीडियो के डिस्क्रिप्शन में लिखे हैं और डिस्क्रिप्शन लोग ना पढ़ पाए तो पिंट कमेंट में उसको लिखे हैं किजो पॉज करो तुम फस गए हो झूठ बोल रहे हो यहां पे तुम फस करके कि तुमने शास्त्रीय पक्ष तुम्हारी वो क्लिप काट ली गई है और वो हमने दिखाई थी उसी क्लिप को हमने दिखाया था जिसमें तुमने कहा है इस वीडियो के अंत में एक वीडियो दिखाया जाएगा जिसमें आप देखिएगा विजया श्री कैसे पुरी के शंकराचार्य जी जी के मंच पर बैठी हुई है और तुम आओ और इस चीज को गलत सिद्ध करो जो मैंने अभी ये बोली है और उनको लेके आना जिनके साथ तुम खड़े हुए हो जिनके साथ तुम खड़े हुए हो उनको लेके आओ उनकी पहचान के साथ चलो व साी प्रेम भाई सा और साी प्रेम भाई सा भी इसी प्रकार से अ शस्त्री गतिविधियों में अस्त्रीय के साथ मर्यादित रूप

03:27:14:03 से चलो यहां यही तुमने भारी भूल कर दी भगवता अंद यही कर दी थी भारी भूल कमेंट पढ़ पहली बात तो तुमने जो है किसी निर्दोष मातृ शक्ति के संदर्भ को अपनी रोटियां सेकने के लिए उपयोग में लेना यही पे भारी भूल कर दी यही तुम्हारे नाश का कारण बनेगी रावण के नाश का कारण भी एक मात्र शक्ति थी ना तुम जैसे अहंकारी के नाश का कारण भी एक मात्र शक्ति बनेगी यही मात्र शक्ति बनेगी यही भारी भूल कर दी तुमने कि तुमने अपने उसमें अहंकार के नशे में चूर होकर एक निर्दोष के बारे में गलत चीज बोल दी चलो फ उस पर लीपा पोती कर रहे हो अपने उसम जाके डिस्क्रिप्शन में जाकर

03:28:10:00 के चलो चलो क्यों अे हो ग क्या वो वीडियो है क्या अभी कटिंग किया हुआ ऑपरेटर वो वाला वीडियो उसमें बोल रहे थे कि वीडियो के अंत में जो है वह लास्ट में वह है जिसमें वो कर रही है मंच साझा है क्या अभी अपने पास है तो मुझे

03:28:45:01 बताएं हम देखिए देखिए ये तो अपने खुद की बात कर रहा है सवा करो पोना चाहि अरे भैया उस स्त्री का चेहरा और विज श्री का चेहरा दोनों वही सामने समझ नहीं दोन अलग अलग लोग इसलिए में कहा करो लीपा पोती करो लीपा पोती करो को अपने भक्तो को अपने इन कुतर्कों से संतुष्ट करा सकते हो समझे हमको नहीं करा पाओगे आना लाइव में तब पूछेंगे तुमको तुम्हारा वीडियो दिखा

03:29:29:13 कर है हा एक व्यक्ति ये कह रहा है आपने बोला था विजया कीड करूंगा वालन से हो गया होगा सेने स्क्रीन शड कि नहीं वो बोलने के समय अलग अलग विषयो में गब हो गई थ मान सुधार लेते हैं लेकिन उसे त्र के कारण बोने हो गया था जैसे उ वीडियो में आगे पीछे क अनंद का नाम हमने ले लिया बोलने के चकर में और डी श उचार कर लि बोलकर उस दि बहुत अधिक रे पर पड़ रही थी और आप गौ करेंगे त जदा रही बिक थी उसके कारण क बार आख बंद हो रही थी और क ब पीछे

03:30:08:07 करो कहना है हा एक व्यक्ति ये कह रहा है कि आपने बोला था विजया की क्लिप ड करूंगा वालन से हो गया होगा वाने स्क्रीनशॉट शड कि नहीं क्या कह रहे समझ नहीं आ रहा हा घोषित कर दिया वाह जी वाह तो य तो वही हो गई बर्मा के घर में नोट की गड निकली तो कोर्ट ने कहाया ज साब आपको दंड दिया जाता है आप य के जर रहेंगे आप ऐसा कर देते क्या बो हो था जैसे उ में आ पछ आपको द दिया य रहे ऐसा कर देते

03:30:53:16 क्याय सम हा कहना हैदा एक व्यक्ति ये कह रहा है कि आपने बोला था विजया की क्लिप ड करूंगा वाकल से हो गया होगा वाकल से मैंने स्क्रीनशॉट कि बताते क्या कहा इन्होने विजया विजया जी के लिए क्या क्या बोल रहे

03:31:38:00 हैं क्या बोला भगवता आनंदने कोई लिख के बता दे कमेंट करके या अगर आपको समझ में आ रहा है तो वाघ दोष से हो गया वोह ठीक है मगर वह क्या बोला था वो पूछ रहा हूं वाक थलन से क्या था कमेंट किया है क्या वाक स्लन से हो गया होगा मगर क्या हो गया होगा क्या था वो वाक स्खलन से हो गया

03:32:26:08 होगा हां अच्छा लन से हो गया होगा ऐसे नहीं होता है ना पहली बात तो यह कि वाक स्खलन से हो गया होगा तो तुम्हारे एडिटर ने या तुमने ही एडिटिंग की होगी तो तुमने देखा होगा ना वीडियो को और वा किस स्खलन से हो गया होगा तो वो क्यों डाल दिया वीडियो आज भी पड़ा हुआ है क्यों नहीं उतना हिस्सा कट करवा दिया वीडियो अपलोड हो जाने के बाद भी कट हो जाता है तुमको जब एल्गोरिथम मालूम है टीआरपी मालूम है तो ये नहीं मालूम है क्या आज भी वो वीडियो पड़ा हुआ है नोटिस जाने के बाद भी आपको वो पड़ा हुआ है सोचना

03:33:05:14 चाहिए यह सब थोड़ी ना देखा जाएगा और अगर हो गया तो माफी मांगो विजय श्री मैं आपसे माफी मांगता हूं बनाओ वीडियो वा किस खलन से हो गया हो अच्छा चलो गड़बड़ हो गई थी इस मानवी सुधार लेते हैं लेकिन उस त्रुटी के कारण बोलने में हो गया था जैसे वीडियो में आगे पीछे कहीं का नाम हमने ले लिया कर बोनो वालन से हो गया होगा तो सुनो जो तुमने अपने वीडियो के डिस्क्रिप्शन में लिखा है वो तुमने बोला है क्या वाक स्खलन से हो गया तुमने वीडियो किसके बारे में लगाया है यह तुमने बोला है क्या जो तुमने डिस्क्रिप्शन में लिखा है बोला है वो मैं अंत में वीडियो लगाऊंगा पूरी शंकराचार्य की पूरी शंकराचार्य के मंच की अ शस्त्री दिखाने के लिए यहां फसे ना तुम फस गए ना मैंने कहा है तुम यहां फस गए वीडियो बना के और वाक स् कलन से अगर हुआ तो वाक उस वाक्य को काट दो ना अंत में उसका वीडियो काटो

03:34:15:26 या तो बोलो य किसका वीडियो है मैं क्या दिखा रहा हूं इस वीडियो के माध्यम से कुछ वा वाक स्खलन नहीं हुआ है तुमने वह जल्दबाजी में वीडियो अधूरी जानकारी पर लगा दिया है और उसके बाद अब तुम इससे बचना चाहते हो इसीलिए तुम्हारी जो जवान है व लड़खड़ा रही है आ बा बा चलो चलो भाई उसके कारण कई बार आंखें बंद हो रही थी और क मन इधर उधर भटक रहा था धूप के कारण तो इसीलिए हमारे मुख से ऐसा निकल गया होगा बिल्कुल निकला होगा लेकिन वहा वन स्क्रीन बोलना चाहते होंगे वीडियो इत्यादि अटच हो गया होगा शीम

03:35:02:16 नारायण चोर की दाढ़ी में तिनका जब झूठ बोलने प आता हैया अगर कोई हो रहा है हो जाए अगर रावण ने मोरी का हरण किया है र रावण ने सीता का हरण किया है जैसे एक भी हो गया मंदोदरी के विषय में म नहीं करेंगे क्यों वो राम सुनो सुनो सुनो सुनो पॉज करो हमसे हुआ मंदोदरी के विषय में तो हमने उसको तुरंत सुधारा ना वही उसी वीडियो में अगर तुम कुछ और कहना चाह रहे थे और कुछ और और तुमसे कुछ और निकल गया तो तुमने वो कुछ और क्यों नहीं कहा जो तुम कहना चाह रहे थे वो कहां है हस गए ना यही फसे तुम मैंने कहा ना यह करके तुमने भारी भूल कर दी यह करके तुमने भारी भूल कर दी एक स्त्री की गर्मा सम्मान पर जो बात कर दी तुमने अपने धे के चक्कर में उसको बीच में तुम जो घसीट लाए व तुमने भूल की है अरे भाई जैसे तुमने मेरा य उदाहरण लिया कि मैंने मंदोदरी मंदोदरी जो शब्द का उपयोग किया उसम भूल से निकल गया तो मैंने तुरंत उसको सुधारा सुधारा मैंने और जो सही बात थी वो भी वही प्रस्तुत कर

03:36:19:19 दी तुमने तुम तुम जो कहना चाह रहे थे वो ना कह कर के तुम्हारे मुख से अगर और कुछ निकल गया था तो जैसे मेरे मुख से यहां पर जब और कुछ निकल गया तुम मेरा उदाहरण दे रहे हो तो मैंने जो मैं कहना चाह रहा था वो कहा ना फिर तुमने कहां कहा यहां पर भी तुम फसे चलो आओ उसी बात पर आओ अब एक बात यथ वो जो कैसे इतनी समीक्षा करते बहुत बढ़िया य तो एक बात ये है कि इसको शुरू ऐसे कर सकते हैं मिल जाते हैं सारे रंग

03:36:53:08 मि साथ बोलेंगे पहले बात ये है इसको शुरू ऐसे कर सकते है मिल जाते हैं सारे रंग मि के रंग में अभी भी बोली है थोड़ी देर पहले कि यह जो बात है इसलिए कही है कि भाई जब कोई व्यक्ति का मठ है जब कोई व्यक्ति के य बहुत सारे लोग हैं तब तो वहां की कोई समीक्षा करेगा कि उससे जुड़े हुए लोग क्या कर रहे हैं क्या नहीं कर रहे हैं वो क्या हो रहा है ये क्या हो रहा है जिसकी जिसका जो जीवन होगा समाज के सामने दिखेगा ट्रांसपेरेंट तरीके से हम तुम्हारा तो लुप्त संप्रदाय के गुप्त संप्रदाय वाला जीवन है और गुप्त रोग भी है लोगों के द्वारा बताया गया है और तुम्हारा सिद्धांत है कि लोगों के द्वारा बताई जाने वाली बात तुम लड़ने मरने लगोगे तो लुप्त संप्रदाय गुप्त संप्रदाय और गुप्त रोग और उसका गुप्त इलाज हर शुक्रवार मिलो चलो भाई मतलब सुनाओ जितने लोगों की समीक्षा की जा रही

03:38:00:22 है और अगर ये कहा जाए कि इस पुरे के शंकराचार्य ने छत्र सिंहासन छोड़ दिया है गौ हत्या के विरोध में तो हमारे पास तो चतुष्पथी के शंकरा बात कही है इन्होने एक बात कही है यहां पर एक बात कहिए मैं उसका उत्तर दे दूं स्कोन वाले भी यही कहते दयानंद वाले भी यही कहते हम तो अच्छा कार्य कर रहे हैं वह अच्छा कार्य करते समय धर्म की व्याख्या को बदल के प्रस्तुत करते हैं तो अगर कोई धर्म की व्याख्या को गलत रूप में प्रस्तुत कर रहा हो तो तुम बोलो उनको मगर तुम जो समीक्षा कर रहे हो उनके उनके कार्यों की कर रहे हो जो रणनीति के तहत होते हैं उनका कार्य नहीं है वो सब करना वो सब क्षत्रियों का का कार्य है क्षत्रिय उपलब्ध नहीं है मगर तुम उनके कार्यों की समीक्षा कर रहे

03:38:52:03 हो कि वहां पर यह क्यों हुआ वो क्यों हुआ य ये यहां क्यों खड़ा है यह है वो है उनकी धर्म की व्याख्या की समीक्षा नहीं कर रहे हो तुम और हम इन लोगों के धर्म की व्याख्या की समीक्षा कर रहे हैं यह अंतर है धर्म की व्याख्या को ही व अपने जो चीजें उन्हें रणनीति के तहत करने पड़ रही है उनको वो धर्म की व्याख्या से जोड़ दे रहे हैं धर्म को मिलावट कर दे रहे मैनिपुलेट कर दे रहे हैं यह अंतर है छत्र वाली बात मैंने पहले ही बोल द है कि अन्य जो मान तीन शंकरा जो तीन वहां पर सिंहासन थे इन जो जिसमें से दो के रूप में एक बैठे हुए

03:39:33:06 थे उनके सम्मान के लिए उन्होंने वहां पर व धारण नहीं किया मगर मूर्खता की पराकाष्ठा तब है जब व्यक्ति एक दिन उसका धारण करता तो उसके बिहाव पर यह हो जाएगा कि चांदी का छत्र और जो है सिंहासन धारण करने वाला है ये त्याग करने वाला नहीं है और जो बाकी के आजीवन वो त्याग करके घूम रहा है उससे सिद्ध नहीं होगा वही वाली बात जो व्यक्ति मनुवाद का प्रचार करते हुए दिख रहा है आज के इस भीषण वातावरण में वह दोनों जगह से कनेक्टेड है जैसे कि यहां पर गुरुदेव दोनों जगह से कनेक्टेड है तुम्हारे अनुसार त्याग करने वाले और त्याग ना करने वाले मगर क्योंकि उन्होंने एक दिन अन्यों का सम्मान की रक्षा के लिए उसका त्याग नहीं किया उसको धारण कर लिया तो इसलिए वह त्याग ना करने वाले त्याग करने वाले नहीं है तुम्हारे रसों के हिसाब से

03:40:35:07 चलो शंकराचार्य के साथ छत्र सिंहासन युक्ता पर बैठे हुए हैं रिपीट करता हूं दर्शक फिर से सुन ले 2007 में बेंगलोर में जो चतुष्पथी वहां पर जो शंकराचार्य जिसमें दो पीठ की ओ से स्वरूपानंद सरस्वती जी थे वहां पर तो पूरे के शंकराचार्य जी हमको दिख रहे हैं और सुनिए आपके पास पोस्ट केवल आपके पास ही वो चित्र नहीं है सबने देखिए और जहां तक मेरी मेरी जानकारी है गोवर्धन मट के ऑफिशियल चैनल पर पर भी उस फोटो का वो लगा हुआ है थंबनेल तो आप यह दिखाने की कोशिश ना करें कि आपके पास को बहुत बड़ी ऐसी जानकारी जो लोगों को पता नहीं है चलो यहां पर लोग बकवास भी कर रहे हैं अलग मुद यहां पर यहां पर कुछ लोग ये कह रहे हैं एक मिनट यहां पे कुछ लोग ये कह रहे हैं कि यह देखो ये ये क्या कह रहे असल मुद्दे पर पर बात नहीं कर रहा है सिर्फ बकवास और मैं किस मुद्दे पर बात कर रहा हूं जो मिश्रा जी के रहे हैं है ना तो इसका मतलब ये जो बकवास कहा जा रहा है जिन मुद्दों को वो उनको बकवास कहा जा रहा है जो भगवता नंद जी प्रस्तुत कर रहे हैं तो ना करें और हां यह जो निग शब्द है

03:41:50:19 इसका कोई मैं वो नहीं देता हूं भैया कि आज से मैं निग ही कहूंगा यह तुम्हारे उसी मिश्रा ने ही तुमको नाम दिया है जिसको तुम प्रमाण रूप में प्रस्तुत कर रहे हो पूरी पीठ के परिक के विरुद्ध उसके छुपे हुए मैसेज को उसी नेही तुमको एक नाम दिया है ठीक है तो मैं केवल उसको बता रहा हूं और सुनो तो यह जो व्यक्ति कह रहा है ना कि ये व्यर्थ के मुद्दों पर बात कर रहा है तो इसका मत कह तो वो सही रहा है क्योंकि हमारा और तुम्हारा जो मुद्दा था भगवता अंद वो यह था कि विजया श्री के बारे में बोली गई हर बात तुम्हारी सही है कि नहीं जिसमें से अभी एक बात प तुमने लीपापोती करी है आगे भी करोगे मगर सामने से करोगे तो फसो दूर रह के करते रहो ऐसे ही और बियाबान रेलवे स्टेशन ढूंढो वहां बैठो आराम से तब करते रहो सामने करोगे तो दिक्कत आएगी ठीक

03:42:50:02 है और बाकी मुद्दे तो तुम्हारे जो समर्थक है वो सही कह रहे मुद्दों से भटका जा रहा है तुम वही कर रहे हो समय चलो लिखा हुआ है जो वहा मंच पर उपस्थित लोग उनमें से नाम भी लिखा है वहां पर नीचे पारित प्रस्ताव में सबका सिग्नेचर भी है उस फोटो को मैं अटैच कर चुका हूं अपने पिछले कॉल रिकॉर्डिंग वाले वीडियो में जो दो लोगों की बात थी ना उसम जहां पर वो टॉपिक किसके हस्ताक्षर है क्या है पीछे करो जरा आया है चतु सम्मेलन में कि पहले मैं डोसा खाऊंगा और मैं 10 बजे उठूंगा सोकर वाली बात है तो वहां पर मैंने राम मंदिर के समय पर वह जो चित्र है जो आप दावा कर रहे हो मेरे पास है वह सबने देखा है राम मंदिर के समय राम मंदिर वाले प्रकरण में सब देखा है चलिए बोलिए आप देख लीजिए एक बत और मुझे बताइएगा मैं सही

03:43:49:15 गलत ही तक देते है की शिवा नारायण ने जितना काम नहीं किया उससे तो लाख गुना काम शिवांश कुछ नहीं कर रहे साल काम कर रहे थे धरातल पर जाकर बना कार करना य है क्या अपना वक्तव्य देना प्रवचन देना समीक्षा करना धरातल पर कार्य करना है कि घर-घर जा रहे हैं लोगों को एकत्रित कर रहे हैं दलबल के साथ कहीं पर कोई यात्रा निकाल रहे हैं किसी का विरोध प्रकट कर रहे हैं शारीरिक रूप से यह तो वैचारिक वह है जो क्रांति आप जिसको आप लाने का प्रयास कर रहे हैं वैचारिक है य तो य धरातल नहीं है जो आप कह रहे हम भी कर रहे थे धरातल पर नहीं है धरातल धरातल वो है जो हमने रामपाल वालों का विरोध किया धरातल पर जाकर के उन की जो किताबें थी उनको वहां से स्टॉल हटवाया उसमें सिर्फ मेरी मां को गाली नहीं दी गई

03:44:55:01 थी वो धरातल पर कार्य नहीं है वो धरातल पर कार्य सब कर रहे हैं वो वो जो अगर तुम उसको धरातल का कार्य कह रहे हो तो वह सब कर रहे हैं शंकराचार्य जी भी कर रहे हैं राजें दस जी महाराज भी कर रहे हैं सभी कर रहे हैं राघवाचार्य जी महाराज भी कर रहे हैं हमने उस धरातल के कार्य की बात की है जिसको आप छात्र धर्म का जो हिस्सा है यह ब्राह्मण धर्म का हिस्सा है जो आप कर रहे हैं आपके पास छात्र धर्म के कौन से प्रकल्प हैं बताइए इनके पास है प्रकल्प छात्र धर्म के इसलिए जब छात्र धर्म का आलंबन लेने वाली जो लोग है जिनके जिनके द्वारा निर्देशित छात्र धर्म का पालन लेने वाले खड़े हो रहे हैं खड़े होंगे तो फिर वहां पर समीक्षा आप जैसे लोग कर पाएंगे क्योंकि छात्र धर्म में वो दोष आता है ब्राह्मण से जो थोड़ा नीचे आते ठीक है र रजोगुण आ जाता है वही मैं कह रहा

03:46:02:13 था और ये जो स्कन और आर्य समाज वाले लोग है इनके बारे में मैंने बता दिया यह लोग छात्र धर्म का पालन तो करते ही नहीं है बल्कि ये तो वो अगर करते भी है तो यह धर्म की व्याख्या पर ही प्रहार कर देते हैं चलिए इस मामले में विध तो ज्यादा आगे चल रहे तुमसे चावल बाटने में और य सब करने में अच्छा धर्मं की तुलना हमसे क होगी एक मिनट धर्मिल हमसे क्यों होगी तब हमसे क्यों होगी शंकर मत से करो वि धर्मिल ना

03:46:46:01 रामानुज संप्रदाय से करो ना विधर्मी हों की तुलना ना तुम जिनकी समीक्षा कर रहे हो व मैं हूं क्या राजेंद्र दास जी महाराज से करो ना उनकी तुलना ना धर्मयोद्दा भी करते तुम दिखाओ तुम्हारे द्वारा निर्देशित कौन से छात्र धर्म का पालन करने वाली टीम खड़ी हो गई है और फिर मैं देखो उसमें दोष निकालू यहां यह किया यहां वो किया यहां देखो गुटखा खाने वाला तुम्हारी टीम में चल रहा है यहां देखो शाम को पौआ पीने वाला तुम्हारी टीम में चल रहा है दिखा दूंगा चलो यह है आपका छात्र धर्म वाला कोई कार्य नहीं है आप जो बता रहे हो वह सब ब्राह्मण धर्म वाले कार्य चलो

03:47:45:15 अपनी वर्तमान आयु का आधा सम बन बचपन की आपकी जो अखबार कटिंग है वो सब देखी है चलो हम चार साल की उम्र से इसी काम में लगे हुए हैं हा च साल की उ किताब में आग लगवाई है ना रामपाल की कितने केस लड़े तुमने धर्म के पक्ष से राम मंदिर के लिए केस लड़ा शंकराचार्य ने तुमने कितने मुकदमे लगा दिए जाओ लगा दो रामपाल के विरुद्ध सबूत में दूंगा चलो चलो लड़ो केस चल कर के लड़ो ग 6 साल से यह है छात्र धर्म पर कार्य करने वाली बात और फिर जब लड़ रहे होगे तो मैं पूछूंगा इस वकील का शास्त्रो तो वो देख लिया तुमने जो तुमने वकील हायर किया है जो भी तुम्हारा साथ देगा वह सही होना चाहिए ना बिल्कुल उसका पुराना कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए उसमें जीवन में करो केस लड़ो केस कितने केस लड़े तुमने राम सेतु के पक्ष से कितना लड़े हो बने बने निगरा चार बनते फिरते हो क्या लड़ा है तुमने धर्म के लिए कौन सी लड़ाई लड़ी है तुमने धर्म के लिए लड़ने से मेरा मतलब यहां पर है छात्र धर्म का आलंबन

03:49:01:21 धर्म की व्याख्या बताना छात्र धर्म का आलंबन नहीं है धरातल पर कार्य करना नहीं है और आज के समय की स्थिति ऐसी हो गई है कि क्षत्रिय जब अपना कार्य नहीं कर रहे हैं तो हमारे आचार्यों को ही उतर करना पड़ रहा है उन्हीं को छात्र धर्म का आलंबन लेना पड़ रहा है और इस कारण से तुम जैसे लोग उनकी समीक्षा कर पाओगे हम अगर कोई कार्य करता है आर्य समाज करता है स् कन करता है अगर करता है पहली बत कन जैसी संस्था है ब्रह्मा कुमारी जैसी संस्था कितनी बार आंदोलन करने खड़ी हुई है हा आर्य समाज आर समाज जरूर दिखाए थोड़ा बहुत तो हमने कभी भी इनके धरातल वाले कार्यों की समीक्षा नहीं की है छात्र धन वाले कार्यों की समीक्षा नहीं की है हमने सदैव जो ब्राह्मण धर्म के अनुसार जो य गलत व्याख्या करते हैं उनकी समीक्षा की यह अंतर है

03:49:57:04 चलो टीवी पर 6 साल उम से चैनल वाला इंटरव्यू अपलोड है मेरे इसी चैनल पर चलो चलो हमने अपना जीवन नहीं हम बिगड़े फिर सुधरे हम सुधरे ही पैदा हुए तुम्हारे समान नहीं कि बा इसको फिर से प्ले करो एक बार हम सुधरे ही पैदा हुए थे किसको बता रहे हो माफी मांगो आरएसएस से समस्या नहीं है कि वो नकली संकराचार्य खड़ा कर दे व अरे वो बताओ ना सुद्र ही पैदा हुए थे वो सुनाना है ज्यादा पीछे चले गए क्या सहयोग हम उसे ले लेंगे ये शिवांश की पॉलिटिक्स है अब रही बात धरातल पर काम करने की ना तो स्कन वाले यही तर्क देते हैं कि शिवांस नारायण ने जितना काम नहीं किया उससे तो लाख गुना काम इकन वाले कर रहे हैं ऐसे देखा जाए तो कि हरे राम हरे राम करवा रहे भंडारा करवा रहे य करवा रहे करन की तुलना होगी अगर इस कन से तुलना कर रहे हो अगर इस कन से तुलना कर रहे हो तो इस कन की तुलना फर शंकर संप्रदाय से होगी ना किससे होगी स्कोन से तुलना करोगे तो शिवांश की करोगे या शंकर संप्रदाय की करोगे हा उसके य की किसी व्यक्ति से तुलना कर सकते हो तुम

03:51:13:06 मेरी इसको कौन एक तंत्र है और मैं एक व्यक्ति हूं एक पहली बात और दूसरी बात क्या है कि शंकर संप्रदाय ने क्या किया उसकी तुलना हो सकती है कभी स्कोन जैसी संस्थाओं से तुम ही बता दो तुम ही बता दो आज तुम आदि शंकराचार्य के भी विरोधी बन जाओ जिनके कारण आज धर्म प्राप्त है शिवास नारायण की तुलना में तो हमने लाखों क्विंटल अधिक अनाज बांट दिया फ्री में लोगों को अच्छी एजुकेशन पॉलिसी दी अच्छी हॉस्पिटल पॉलिसी दी ये सब वो भी क सकते हैं अपने क्षेत्र में उसे छोड़ो ना शासन तंत्र ही कितना कुछ कह देगा तुमको 80 करोड़ लोगों को फ्री मनाज दे दिए जाओ सिवास कर लेंगे क्या अगर यही सब तुलना करनी है धरातल पर तंत्र की तुलना व्यक्ति से कर रहे हैं ये इनके तक तर्क शलता है चलो आगे चल रहे हैं इस मामले में विधर्मी तो ज्यादा आगे चल रहे हैं तुमसे चावल बांटने में और ये सब करने में चलो चलो और सार्वजनिक किया है जब हमने उनका समर्थन किया था तब हम कब की बात है सोच लो जय ललिता के सरकार के समय की बात है उस समय शिवांश कुछ नहीं कर रहे थे जो काम हम कर रहे थे ना धरातल पर जाकर प कर रहे थे तुम्हें कैसे पता कुछ नहीं कर रहे थे तुमने जापान नहीं देखा तो दुनिया में जापान नहीं है

03:52:29:01 क्या क्रिश्चन मिशनरी स्कूल में रहते थे वहां पर भी जब विरोध होता था धर्म का छोटे थे तो वहां हाथ खड़ा करते थे विरोध करते थे अपनी सामर्थ्य के अनुसार हम वीडियो बना फ रोड प चलते फिरते रामपाल जैसे लोग मिल जाते थे विरोध करते थे धरातल पर आग लगवा देते थे स्कूटर से उनकी किताबें गिरवा दी थी एक बार कर रहे थे हम हमने वीडियो कैमरे से शूट करा करके तुम्हें दिखाया नहीं है तो इसका मतलब वो कुछ नहीं कर रहे थे और यह धरातल है ये छात्र धर्म वाले कार्य हम कर रहे थे चलिए या हम कम से कम तो बाद में आए ना लेकिन उससे पहले हम लगभग 100 मंच अपने तैयार कर चुके थे 100 मंचों के माध्यम से धर्म उपदेश लोग कर रहे थे वर्णाश्रम से जोड़ रहे थे सुधार रहे थे लोग को उपदेश रको य उपदेश की बात कर ली ना यह धरातल का कार्य नहीं है उपदेश करना धरातल का कार्य वह है जिसमें आपको रणनीति की आवश्यकता पड़ती है चलिए छात्र

03:53:45:15 जिसमें रजो गुण आता हैब र आता है तोर ब्रा ब्राह्मण धर्म के अनुसार अगर उसकी समीक्षा होगी ब्राह्मण के हिसाब से क्योंकि वो ब्राह्मण है जिसने छात्र धर्म का आरंभन लिया है ब्राह्मण है तो जब उसकी ब्राह्मण धर्म के हिसाब से उसकी समीक्षा करने बैठोगे तो दोष निकलेंगे करो मुकदमा लड़ो चलो शंकराचार्य ने तो इतने मुकदमे लड़े तुम लड़ लो जा कर के रामपाल का मुकदमा पूरा डिटेल में दे रहा हूं लगा दो पूरा इलीगल तंत्र है लगाओ चलो दोनों भाई मिलकर के ते रामपाल का मुकदमा लड़ेंगे चलो लगा दो मुकदमा चलो भाई क्या के बाद आए और इस प्रकार के वीडियो में तो हम कब आए 2019 20 के बाद से आए लगभग ऐसे थोड़े एक दो वीडियो बनाते थे वीडियो बनाकर इन्होंने धरातल पर कार्य किया है चलो आगे

03:54:37:21 बढ़ो कहां चले गए यह देखिए हां यह कर रहे थे 201 18 में नियर डेथ का एक्सपीरियंस हुआ था इह क्या था भाई जरा पढ़े द सेकंड एपिसोड ऑफ हां आई फेल इन लव बट फेल्ड टू सक्ड और आगे नियर डेथ की सिचुएशन थी इनकी यह था इनका धरातल का कार्य 2018 में 2018 में इनके धरातल के कार्य देख लिए प्रेम में फस गए थे बाइपोलर नामक जो बीमारी उससे वो थे बाइपोलर नामक बीमारी से इफेक्टेड जो हाइपरसेक्सुअल सिमटम्स होते हैं उसमें और सेकंड टाइम ये प्रेम में गिरे थे धरातल पर गिरे थे धरातल पर गिर गए

03:55:52:21 थे प्रेम में गिर गए थे ना आई फेल इन लव तो धरातल पर गिर गए थे है ना 2018 में यह इनके धरातल के कार्य प्रेम में गिरना धरातल पर गिरते हैं प्रेम में चलिए दसवी की परीक्षा लिखने से पहले डे मंचों से अधिक हम तैयार कर चुके थे लोगों को प्रेम प्रसंग कैसे करना है बाइपोलर में क्या क्या होता है हाइपर सेक्सुअलिटी कैसे होती है उसके बाद संभवत राजस्थान से इलाज मिलेगा हर शुक्रवार को गुप्त रोगी मिल सकते हैं यह सब धरातल के कार अच्छे है आपके बढ़िया है विषयों पर जिसम से बहुत से पेपर कटिंग इत्यादि उपलब्ध भी है उसम हमारे पास वीडियो ग्राफिक सुविधा नहीं थ इसलिए नहीं लेकिन एक उसम से इंटरव्यू हमारा सहारा चैनल वालों ने अपने आर्काइव से निकाल कर दिया था और पेपर तो बहुत सारे 6 साल च साल पा साल 6 साल सा साल आ साल 9 साल 10 साल 11 साल का बच्चा इस प्रकार कर रहा है शिवास है कहा किस रेस में हमारे सामने जने उधार में आप हमसे जने धरण तक में प्रतियोगिता नहीं कर सकते भाई अरे आप किस मामले प्रतियोगिता नहीं कर सकते मेरे भाई तो हम आचार थोड़ी ना बन गए हम अपने अपने आप को पुजवा थोड़ी ना लगे व्यासपीठ

03:57:07:24 पर थोड़ी ना बैठ गए तुम तो व्यासपीठ पर बैठे हो हम हमें थोड़ी ना देवताओं ने दर्शन दे दिए सा आ साल की आयु में तुमको दिए हमें थोड़ी ना 2017 में यंत्र प्राप्त हुआ तुमको हुआ तो 2018 में तुम धरातल पर गिर कैसे रहे हो आई फेल इन लव हा 2016 में गिर रहे हो पहले धरातल पर फिर यंत्र मिल गया 2016 से पहले तुमको देवता मिल गए 2017 में तुम तुमको वो मिल गया आई फैल फिर भी तुम आई फैलन लव हो रहे हो तो तुम्हारी तो बात की जाएगी ना और हम प्रतिस्पर्धा वाला भाव कभी आता ही नहीं है सबसे निकृष्ट कोटि के उसमें गिनते हैं हमको हमेशा यही लगा रहता है कि हम कभी मंदिर भी जाते हैं गुरुदेव के आसपास भी जाते हैं ग्रंथों के पास भी जाते हैं तो ऐसा लगता है कि मैं कुछ गलत कर रहा हूं उसको छूने में यह भाव है अब वो कैसे उत्पन्न हुआ नहीं मालूम है यह अपने लिए हम सोचते हैं मगर तुम तो आचार्य हो तुम्हारे अनुसार तुम कैसे गिर रहे हो अपने विवाह से पूर्व स्त्रियों के मोह में कैसे फस रहे हो गिर रहे हो यह धरातल का तुम्हारा कार्य था

03:58:14:19 और यह जो भाव है ऐसा संतों की वाणी से सुनाया गया ऐसा भाव होना चाहिए एक भक्त के मन में हम बहुत गलत है भाव है सदैव है है भी और भाव भी है तुम्हारे मन में तो तुम तो आचार बनते हुए सब काम करतूत करते हुए तुम्हारे मन में कोई भाव नहीं नजर आता है धरातल पर गिरते हैं हेल इन लव होते हैं य चलिए इस काम को करने के लिए हमने किसी भी धर्मी संस्था का सहयोग नहीं लिया ना कि आरस का सहयोग लिया ना किसी बजरंग दल का लिया ना किसी इसका लि जाओ और ना किसी के बैनर का आश सहयोग की बात कर रहे हो भगवता अंद ये तुम इस समय जो य पर लाइव चला रहे हो संस्था का सहयोग नहीं है और तुम नाम तो बताओ कौन-कौन है तुम्हारे साथ फिर उनकी शास्त्रीय देख लेंगे

03:59:07:13 हम नाम तो बताओ अपनी लिस्ट जारी करो ना जैसे राजेंद्र दास जी महाराज के परिकर कौन-कौन है तुम जानते हो पूरी पीठ के परिकर कौन-कौन है तुम जानते हो तुम्हारे परिकर कौन है पहले तो तुम्हारा मठी लुप्त है स्थानी गुप्त है पता ही गुप्त है हो तुम बन के घूमते हो जैसे कोई बहुत बड़े किसी र के एजेंट हो और तुम कहते हो तुलना अपनी करते हो आचार्यों से तो अपने दिखाओ तो कि तुम्हारे कौन-कौन लोग है फिर देखेंगे उनमें से किसकी सहायता तु नहीं लेनी चाहिए तुम्हारे सिद्धांतों के अनुसार

03:59:52:14 चलो के कृपा पात्र शिष्य प से संबंधित है कुछ नहीं स्वतंत्र का साल सा साल स्त्र काम पिताजी साथ में स् स् न यात्रा स्वतंत्र प्रेम में गिरना स्वतंत्र रूप से स्वतंत्र रूप से बाइपोलर किताब लिखना चलिए बनर का नाम जो तुलनात्मक चीज है ना ये लाए बिना भी जिन मुद्दों पर हम लोग बात कर रहे थे उन पर बात कर सकते मगर तुम व्यक्तिगत होते हो तुम व्यक्तिगत होते हो हो व्यक्तिगत

04:00:29:07 स्ले का एक डायलॉग है व या याद आता है सोले का एक डायलॉग है गब्बर सिंह तुम एक मारोगे हम दो मारेंगे याद रखना डाल डाल पात पात चलो हम ना किसी का म का सांप्रदायिक मठ का भी बैनर इस्तेमाल नहीं किए ना किसी असपिक संस्था का हमने आश्रय लिया अरे है ही नहीं अरे सांप्रदायिक सांप्रदायिक मठ का बैनर तुम्हे देगा कौन अरे पहले जाओ तो पहले जुड़ तो किसी से कहां से लोगे तुमको तो अपना संप्रदाय खड़ा करना है और हमने किया भाई हम तो उनके चरणों की धूल है र रज भी नहीं है हम तो करेंगे और उनका बैनर इस्तेमाल करके हम अपने ये सब कार्यों को य जो समर्थक है जो देख रहे वो भी जहां पर उनके द्वारा निर्देशित चीजें हैं जितने ं में वो कर रहे होते हैं केवल उसी में उनका वो लगा होता है चीज और जितने अंश में ऐसी चीजें नहीं है जिसमें अभी जो अनुमति है वह प्राप्त नहीं हुई है या फिर हमें र तुरंत कुछ करना है तो हम कभी भी अपने कार्यों को उनसे जोड़कर नहीं दिखाते हैं जैसे रामपाल के यहां जब हम गए तो हम व झंडा लेकर नहीं गए थे गोवर्धन मठ का कि हम गोवर्धन मठ से आए ठीक है

04:01:46:25 और वोह लड़ाई लड़ी तो हमने उसमें गोवर्धन म मठ या पुरी शंकराचार्य जी के बैनर त नहीं लड़ी क्योंकि उसके लिए एक लंबी प्रक्रिया होगी गुरुदेव के पास जाना उसकी परमिशन लेना तब तक उनका व जो स्टॉल है व ड़ के चला भी जाएंगे लोग हमने तो नहीं लिया उनके बैनर का आलंबन इन सब चीजों के लिए मगर हां ऐसा भी नहीं है कि हमें लेने की आवश्यकता नहीं मिलेगा तो बल मिलेगा हमें कोई अहंकार नहीं है समझे चलो लोग मतलब क्या जनी जनी पापा पढ़ते हैं उसम में गीता और रामायण व्याख्यान देते थे चलो मुझे लग

04:02:30:14 नहीं कोया का कोई मर व आराम से समक्ष कर रहा है कर सकता है भाई आदि गुरु शंकराचार्य जी ने कहा है कि अनथा ठ मनाम और मनीष व्यक्तियों में हम अपने बुद्धि से स्वयं को गणित परिगत करते हैं आप ही के कई गुरु भाई करते हैं ऐसा आप लोग नहीं भी करते हैं ऐसा तो आप तो खर बहुत से लोगों को शंकराचार्य भी नहीं मान रहे हैं ज्योतिष पीठ वालो को नहीं मान रहे द्वारिका वालो को नहीं मान रहे लेकिन शरी वाले तो मान रहे हैं तो क्या वो शंकराचार्य नहीं वो अकाट्य नहीं है उनका शंकर अकाट्य नहीं है ये थोड़े ज्यादा वाले शंकराचार्य व थोड़े कम वाले ऐसी बात है क्या हमको पूरे के शंकराचार्य ने किसी काम के एक मिनट एक मिनट एक मिनट इस पर मैं एक बात बताता हूं कि

04:03:28:26 क्योंकि चारों में से एक शंकराचार्य ने किसी की प्रमाणिकता सिद्ध की है तो वह सिद्ध मानी जानी चाहिए यह बात ठीक है है ना यह इनका कहना है ऐसा होना चाहिए यह ठीक है इनका कहना है शकर द्वारा प्रमाणित को प्रमाणित माना जाना चाहिए फिर अगर शंकराचार्य की वाणी तुम्हारे लिए प्रमाण है तो पूरी पीठ के शंकराचार्य जब ये बोल रहे मेरे जो परिकर है वो सभी दिव्य है तो वहां पर तुम क्यों नहीं प्रमाण में ले रहे हो प्रमाण के रूप में उनकी वाणी को यानी कि प्रमाण नहीं है अन्य कारणों से मानोगे तो फिर अन्य कारण जब हो सकते हैं किसी को मानने और ना मानने के विषय में जब अन्य कारण भी होने चाहिए जब इस सिद्धांत को तुम अपना रहे हो तो फिर यह क्यों कह रहे हो कि अगर संगरी वालों ने उनको कह दिया या इसने उसको कह दिया तो क्यों नहीं मान रहे हो अपनी बात का खंडन तो तुम स्वयं कर रहे हो अगर शंकराचार्य का शब्द प्रमाण है होना भी चाहिए तो फिर तुम उनके परिक के ऊपर दोष कैसे लगा रहे हो उनके कहने के बावजूद भी उसमें जांच क्यों नहीं कर रहे हो जांच नहीं कर रहे हो तो बोलो मत जांच नहीं कर रहे हो अगर अपने स्तर पर तो बोलो मत

04:04:46:08 और यदि उनका शब्द प्रमाण नहीं है तो तुम फिर यह अपेक्षा क्यों कर रहे हो कि जो है अगर कहीं के किसी शंकराचार्य ने कुछ कह दिया है तो उसको माना जाए मानना चाहिए बिल्कुल मानना चाहिए मगर तुम जब एक जगह खंडन तो दूसरी जगह पर प्रमाण शब्द प्रमाण पर क्यों जा रहे हो तो क्या होगा यहां पर फिर से वही बात आ गई महाभारत का जो सिद्धांत है कि अन्यों से जो अपेक्षा करते हैं हम अपने अपने लिए जिस व्यवहार की अपेक्षा करते हैं वही धर्म है और वही व्यवहार करना चाहिए तो तुम अपनी जहां पर सिद्धि हो रही है जहां अपने मंतव्य की पूर्ति हो रही है वहां पर शंकराचार्य के शब्द को प्रमाण के रूप में यूज कर रहे हो और जहां पर अपने मंत्र की मंतव्य की सिद्धि नहीं हो रही है वहां शंकराचार्य के शब्द को नहीं मान रहे हो इसका मतलब दूसरा आधार है तो जब तुम खुद ही कह रहे हो दूसरे आधार भी हैं किसी को कुछ मानने अथवा ना मानने में तो फिर हम हम से य अपेक्षा मत करो कि दूसरे आधारों को ना देख ठीक

04:05:52:00 है और आप जाकर के उनसे शास्त्रार्थ करिए जो ज्योतिर मट से पूज्य अ मुक्तेश्वर सरस्वती जी महाराज उनसे जाकर आप शास्त्रार्थ करिए वो भी गौतम बुद्ध को विष्णु का अवतार नहीं मानते यह वाले गौतम बुद्ध को करो शास्त्र जा कर के और गलत अगर अगर गलत बयान दे रहे हैं तो खंडन करो उनका नाम ले ले करर के वीडियो बनाओ उनके जी चलाइए लेकिन आप क्योंकि कर रहे हैं तो आपकी स्वतंत्रता है और हम तो अपने संप्रदाय जैसे पद पर बैठे प्रतिष्ठित व्यक्ति के प्रति इस प्रकार के अ शब्दावली का प्रयोग नहीं कर सकते मा बहन की गालिया हो या उनको नकली या पाखंडी या धूत कहा गया हो इस प्रकार से जहा भी कहा गया मैंने सर्वत्र कहा है आप गलत कर रहे हैं आप ऐसा नहीं करें और क उन कमेंट को डिलीट भी किया है और बा बोल रहे होहा है पर अच्छा इस कमेंट आपने लगाया क्या आपको लगता है आपने जिनरो बना वहा पर आपको हमको

04:07:02:19 लिस ने हज कमेंट हो रहे तो हज कमेंट पढ़ पाऊंगा ना हज कमेंट का जवाब दे पागा लेन जब भी मेरी दृष्टि ऐसे किसी आपत्ति जनक वक्त पर गई हमने विरोध किया आप गलत कर रहे आप किसी प्रतिस करके शंकराचार्य जसे पद पर बैठे प्रित व्यक्ति के प्रति इस प्रकार की शब्दा का प्रयोग नहीं कर सकते की गालिया होक पाखंड कहा गया इस प्रकार से जहा भी कहा गया मैंने सर्वत्र कहा आप गलत कर रहे हैं आप ऐसा नहीं करें और कई बार उन कमेंट को डिलीट भी किया है और चार पा बार रिपीट करने पर मैंने उस ति को बलक

04:07:40:24 किया लेकर कद शंकराचार्य जी ने द्वार किम नरस नारी अरे भाद शंकराचार्य जी ने क्या कहा ये मत बताओ पहले उनके परंपरा प्राप्त आचार्य सार्वभौम है उनके शरणागत हो फिर क्लेम करना शंकर परंपरा क्या कहती है ठीक है चलो भगवान कपिल ने भी कहा आदि शंकराचार्य जी और कपिल जी क्या मनुवादी नहीं थे अरे भैया नारी का सम्मान हम भी करते हैं लेकिन नारी अगर कुता को मुंह में मुह ऐसे लगाकर और करे और स्वयं को योगाचार्य बताते हुए योग बोता एक मिनट अब क्यों बोल रहे हो कुत्ता को मुह में वही बोलो वही बोल लिफ ट लिफ वही बोल बारबार बोल सही था ना वोह सही बोला था ना वही बोल लिफ टू लिप किस अब शर्म आ रही है क्या यह है रामो दुर नावी भाष राम दो प्रकार की बातें नहीं करता अरे तुम जैसे लोग जब धर्म धर्म सिखाओ ग दुनिया को गड्ढे में जाएगी दुनिया शर्म आ रही ना अपने वक्तव्य

04:08:55:24 को दोबारा रिपीट करने में डर लग रहा है ना भय हो रहा है ना एक मिनट शब्दावली क्यों बदल दी वही बोल बारबार बारबार वही बोल लिपटो लिप केस कुत्ते के साथ वो मत कर तू तुम जाकर के इलाज करा हर शुक्रवार तुम जाकर के धरातल पर गिरो धरातल पर कार्य करने जाओ तो गिरो मातृ शक्तियों के मोह में चलो से लोगों कोयोग की ओर ले जावे तो उसका भी सम्मान करना वांछित नहीं है हम कोई गाली नहीं दे रहे बस अधर्म को अधर्म कह रहे हैं और अधर्म को अध नहीं तुमने आपत्ति जनक शब्दों का उपयोग किया है हगना मतना यह सब व सब आपत्ति

04:09:52:15 जनकन तुमने गालिया भी दी है यह जो संभावित वाले तथ है उनके अनुसार भी हम लोग निकाल वो जो बनाएंगे त और जाने क्या क्या निकल के आएगा व गालिया भी उपयोग में ली है तुमने किसको पता नहीं जूतो से मारने की बात की है यह शास्त्र खंडन है तुम्हारा जूतो से मारना अनाव रूप से किसी ना के गा तो मारूंगा उघार देंगे कितना बचा है 11 प्र दूसरी बात अगर बात है जगतगुरु शंकराचार्य के अपमान की ऐसे तो आप अमोग लीला जी से बहुत बार चर्चा करने का प्रयास करते हैं बल्कि वो तो भगवान शंकराचार्य का हर वीडियो में अपमान करते रहते हैं देखिए शिवा भैया हम थोड़ा सा भी आपको नीचे झुकना नहीं देख सकते वो भी ऐसे व्यक्ति से जो बे बुनियादी बातो पर बहस कर रहा है और जैसा आपने पार्ट वन में कहा था कि कोई अपना बन के आएगा तो उसको ढेर करने में भले ही थोड़ा ज्यादा समय लगे लेकिन कोई विरोधी बन के आएगा तो पाच मिनट में फरियाद दिया जाएगा तो आप अब इन लोगों को अपना क्यों समझ रहे हैं भैया जब आप इन लोगों के साथ विरोधी जैसा व्यवहार क्यों नहीं कर रहे हैं थोड़ा सा आप अपने पुराने वाले रूप में क्यों वापस नहीं आ जाते हमें आपका वही निडर निर्भीक रूप पसंद है भैया शायद मुझे पूरा आंतरिक संदर्भ ना पता हो और मैंने कोई अनर्गल बात बोल दी हो तो मैं क्षमा चाहूंगा पर आखिरी

04:11:07:15 में फिर से वह कहूंगा कि हमें शिवांश भैया का वही पुना रूप देखना है जो बेखौफ लोगों को निरुत्तर करते थे अच्छे-अच्छे लोगों के प छुड़वा देते थे क्या अलंकार समाज क्या क्रष्ण क्या रामपाल और अब मैं चाहता हूं क्या निग्रह चार्य क्या गुरु द्रोही क्या अवान द्रोही क्या भगवान शंकराचार्य द्रोही सब के लंका लगा दीजिए सबको लाइन से फरयाद दीजिए बस यही चाहता हूं जय श्री राम तो भैया आप ही के भूतपूर्व समर्थक लोग आपके विरुद्ध कैसे होने लगे ऐसा तो नहीं होना चाहिए था क्योंकि समर्थकों में और जिसका वह समर्थन कर रहे हैं उसमें अंतर होता है अभी समर्थक वो पूर्ण रूप से नहीं जान गए हैं जो मैं बताना चाहता हूं और मैं वो पूर्ण रूप से नहीं जान गया हूं जो गुरु गुरुदेव बताना चाहते हैं जगतगुरु शंकराचार्य बताना चाहते हैं तो इसलिए मेरी वाणी हो सकता है कहीं पर ऐसी कुछ हो जो उनके बिल्कुल उनके जै उनकी बात ना रख रही हो यथावत इसी तरीके से इनकी हो गई मैं इसकन का विरोध करना बंद नहीं किया है इसकन का शोधन का जो कार्य है वो करना बंद नहीं किया है प्रतिकार करना बंद नहीं किया है मैंने केवल इतना कहा कि वो लोग जो जिन व्यक्तियों की मृत्यु हो चुकी है उनसे हमारा कोई बैर नहीं है वो अब और वह भी श्री राम के सिद्धांत पर और अगर इस सिद्धांत का हम खंडन करेंगे तो फिर हम रक्षा किसकी करेंगे और क्यों विरोध करेंगे किसी का जब रक्षा नहीं है तो श्री

04:12:22:20 राम के कहे हुए वाक्य की रक्षा नहीं है तो तुम्हारे भी तो समर्थक कर रहे हैं तुम्हारा विरोध तो य ठीक है वो किसी ने कोई हमारे विचार को नहीं समझ पाया तो ऐसे कह रहा है चलो प्ले करो राम जी का आपने नाम लिया भगवान श्री रामचंद्र जी का वचन क्या है जवाली वाले प्रसंग में देखिए महर्षि जावा के साथ वार्ता करते हुए भगवान ने कहा है चित्रकूट वाले प्रसंग में नि निर्मल याद स्तु पुरुष पापा आचार समन्वित मानम न लभते सत सु भिन्न चारित्र दर्शन जो व्यक्ति मर्यादा विहीन है पापा आचार से लिप्त है वो सभ्य लोगों के सभा में सम्मान नहीं प्राप्त करता है इसीलिए हमने जिन लोगों के विरुद्ध बहुत करो शब्दावली का प्रयोग किलिए किया पॉज करो सम्मान ना करना और अपमान करने में अंतर है पहली बात और जो व्यक्ति की बात हो रही है वह व्यक्ति मर भी चुका है मरने के बाद तो उन्हीं रामचंद्र ने कहा ना उन्हीं श्री रामचंद्र जी ने कहा ना कि व मरने के बाद कोई बैर नहीं होता है तुमने फिर क्यों य अगना मतना जोड़ जोड़ दिया

04:13:37:26 नंद जी इत्यादि से और जो श्री रामचंद्र जी इत्यादि जी हैं श्री रामचंद्र भगवान है उन्होंने जो यह कहा कि जो पापा चारी होता है यह होता है वो होता है उसका जो है उसके साथ वह सम्मान का पात्र नहीं है तो हां नहीं है सम्मान का पात्र कहां सम्मान देते हैं इसको सम्मान देते हैं उसको हम कोई सम्मान नहीं देते हां मगर लोक व्यवहार तो करना पड़ेगा ना यदि लोक व्यवहार ही नहीं होगा तो चर्चा ही समाप्त हो जाएगी लोक व्यवहार तो करना पड़ेगा ना हनुमान जी जब ब्राह्मण के यहां पर गए थे हनुमान जी जब रावण के यहां गए थे तो वहां लोक व्यवहार तो किया था ना कि तुरंत गाली वाली देना शुरू कर दिया था हगना मतना शुरू कर दिया था क्या वहां उन्होंने शब्दों में यह सब भाषा शैली उपयोग करने लगे थे वहां जाकर के जो तुम करते हो तुम खुद अपने आप को देख लो तुम क्या करते हो और श्री राम जी के वचनों से कितना मैच खाती है रावण तो पापा चारी था फिर भी उनके पास उन्होंने उसके पास उन्होंने वो भेजा था अंगत को भी भेजा था बाद में तुम तो ना खुद

04:14:53:00 गए ना किसी को भेजा और तुम तू तड़क में बात कर रहे हो वो भी उनके लिए जो जो जा चुके हैं और जिनके लिए तुम कर रहे हो वह छात्र धर्म का आलंबन ले रहे हैं और तुम ब्राह्मणो चित चश्मा लगाकर उनके छात्र धर्म का वो कर रहे हो समीक्षा ये अंतर है ठीक है और बाकी हम कोई व्यक्तिगत रूप से सम्मान देने की बात नहीं करते जो पापा चारी है और सुनो पापा चारी की बात से याद आया कि महाभारत में लिखा हुआ है

04:15:30:12 कि जो श्रद्धा विहीन है व भले ही ठीक ठाक कर्म कर रहा हो मगर तब भी जो ठीक ठाक कर्म नहीं कर रहा मगर उसकी प्रमाण बुद्धि है श्रद्धावन है वसे श तो उस रूप में तो उसको कहा जाएगा ना मलेच्छ से तुलनात्मक देखेंगे तो यह आर्य समाज कन अच्छे नहीं है नास्तिकों की तुलना में आर समाज स्कोन ठीक नहीं है और फिर तुम हिंदू बनाओगे किसको

04:16:13:01 चार भगवान जी ने तो कैसे तर्क है तुम्हारे ये कोई तर्क है क्या भाई जिसके साथ तुम चर्चा करने जा रहे हो कि वह तुम्हारी बात सुने तो उस चर्चा के लिए आपको उसके साथ लोक व्यवहार करना पड़ेगा वरना वो चर्चा होगी नहीं नकली आईडी दिखाओ यह देखो यह जो है नकली आईडी से किया जा रहा है यह सब बंद करिए जो भी कर रहे हैं नहीं इस पर कारवाई होगी संवैधानिक आज का जो संविधान है लोग जो लोकतंत्र के अनुसार विधिक कारवाई होगी इसीलिए यह प्रूफ करने के लिए यह चाल जो चली जा रही है उसको बंद कर दो चलो

04:17:13:09 क्योंकि ऐसे लोगों के कृत्य और वक्तव्य से सनातन धर्म का सीधा सधा रास और मूल सैद्धांतिक पतन हो रहा था न्यायपालिका वाले विषय पर बता ही चुका हूं और श्रीमद भागवत के दवाद स्क में यही बात है कि धर्म क् धर्मत मासनम जो अधर्म म में रहने लगेंगे और मठ कैसा होना चाहिए मकार कलम प्रकार निवार सेवागम में देखलो शिवा अवतार है ना शंकराचार्य जी सेवागम में देख लो मकार कलम अब यहां वही कार्य कर रहे हैं आवश्यकता कुछ नहीं है जबरन श्लोक पढ़ के दिखा रहे हैं जिससे जो दंभी जो लोग हैं इनके अंद भक्त खुश हो जाए वा वा वा वा बढ़िया श्लोक हमने कितने दिखा बोल दिए एक वो आया था स्कन वाला वो गा रहा था तुम तो बोल रहे हो वो गा रहा था तो हमने कहा था ये गायन वादन जो है अलग करके अपना कार्य जो पॉइंट कट टू पॉइंट है वो बोलो ठीक है यहां भी आप वही कर रहे हैं व्यर्थ के लिए वो लोक पढ़ पढ़ के बता रहे जिनकी आवश्यकता है ही नहीं भाई अगर कोई व्यक्ति ऐसा आचरण कर रहा है जिसके साथ हमें चर्चा करके कुछ भी प्राप्त नहीं करना है तो हमें कोई जरूरत नहीं है कि हम

04:18:28:10 उसका सम्मान करें मगर जिसके साथ चर्चा करनी है उसके साथ चर्चा करने के लिए स्थान तो बना के रखना पड़ेगा ना अगर अपमान ही कर देंगे तो चर्चा कहां से होगा चर्चा कहां से होगी उसकी अपमान ही कर देंगे तो फिर तो व सिद्धांत को सुनेगा ही नहीं भाग य से अगना मतना पता नहीं क्या क्या मुझे वही याद है बाकी हम लोग वीडियो बनाएंगे तो अपमान वाली क्लिप लगा देंगे उसम चलो कते पाप को कते निवारण को बनाते वीडियो भाई अन्य पीठों के सम्मान के लिए क्यों खड़ा नहीं होते आप क्योंकि वहा आपको इंटरेस्ट नहीं है गलत बात अधूरी जानकारी पूरी करो अन्य पीठों के सम्मान के लिए हम खड़े होते हैं इनको जरा हमारी अगर वो लिस्ट दिख पाए तो दिखाना जरा मोबाइल

04:19:23:26 लाना अन्य पीठों के सम्मान के लिए क्यों नहीं खड़े होते तुम अन्य पीठों से जाकर के शास्त्रार्थ क्यों नहीं लड़ते बुद्ध वाली बात पर जाओ जाओ वहां जाकर के मुक्ति शरण जी को चैलेंज करो क्यों उनके जाकर म मत को सा कर र जब वो इस वाली भ्रांति को मान तुम्हारे हिसाब से भ्रांति है कि वो बुद्ध का अवतार नहीं थे तो जाओ क्योंकि तुम्हें यहीं से वो मिलना है ना प्रमाणिकता प्राप्त करनी है अपने लुप्त संप्रदाय

04:20:06:03 की अधूरी जानकारी तुम्हारे झूठ कितने कल की उसमें और आज की इसमें कितने तो चलती उसमें ही पकड़े गए हैं ये देखो यह देखो यह जो वीडियो है शंकराचार्य ने आखिर किया क्या है अरे या यह जो वीडियो

04:20:59:14 है यह शंकराचार्य ने किया क्या इसको सुन लेना यह उस समय का वीडियो है जब शंकराचार्य के विरोध में बहुत आवाजें आ रही थी तो उस समय एक व्यक्ति के साथ बातचीत है और यह व्यक्ति पूज मुक्तेश्वर जी का अपमान कर रहा था उनका विरोध कर रहा था और इनके लिए हम खड़े हुए ठीक है तो अधूरी जानकारी है तुम्हारी और अन्य पीठों की बात सुनो और दिखाता हूं फिर से बोलना और सुनो अन्य पीठों की बात है तो सुन लो झूठ की लड़ाई लड़ो ग मैं कह रहा हूं ना इस बार आदमी गलत मिल गया तुमको

04:21:42:24 यह देखो और अन्य पीठों की बात सुनो यह जो वीडियो बनाए है ना

04:22:30:24 ये ये इसमें संगरी के संगरी पीठ के शंकराचार्य के लिए क्या कहा था आर समाज यों ने कि टीपू सुल्तान को उन्होंने प्रश्र दिया ये दिया वो दिया ठीक है यह किया था जाकर सुन लेना उसके लिए भी खड़े हुए हमारी जानकारी में हमारे सामर्थ्य के सीमा में जब भी आएगा और ऐसा नहीं है राघवाचार्य जी महाराज जी के लिए भी काफी सारी अपमानजनक बातें उनके लिए भी हमने बोला वो तो शंकर परंपरा भी नहीं है और जहां जो सुनाई देता है जितना हमारी जानकारी में आ जाता है उतना हम खड़े होते

04:23:10:26 हैं चलो नहीं दिख ही है क रूप से आपकी बनावटी है और शास्त्र अकेले पढ़ने पर भी कल्याण नहीं है भारद्वाज संहिता से देखिए शास्त्रास सुद सांग फलो दया न प्रस विद्या विना सद उपदेश जब तक गुरु सद उपदेश ना करे केव शास्त्र पढ़ लेने से समझ में नहीं आता विषय और गुरु भी क्या बताएंगे शास्त्र बना गुरु गुरु गुरु क्यों बने शास्त्र के कारण बने शास्त्र के बिना गुरु भी किसी भी व्यक्ति को उपदेश करने में समर्थ नहीं होते इसीलिए शास्त्र और गुरु का ऐसा अभिन संबंध होना चाहिए बैठ बहुत देर से बोल रहा इसलिए पानी और अगर गुरु शास्त्र से विरुद्ध हो जाए तो क्या होगा असत कार्य निता गुरु प्र शुक्र निति कहते हैं असत कार्य को करने के लिए प्रेरित करने वाले गुरु को भी प्रबोध करे सतर्क करे जगाए गुरु जी आप गलत कर रहे हैं और सुनो अगर तुम गुरु द्रोही गुरु द्रोही कहते हो तो गुरु द्रो अधिक बड़ा शास्त्र द्रो पुराण देख लो अध्याय 18 लोक माना जाएगा ना जब वो शास्त्र द्रोह सिद्ध कर दो तो ये क्यों बता रहे हो कि शास्त्र द्रो बड़ा होता है गुरु द्रोह से

04:24:26:07 यह क्यों बता रहे हो भाई शास्त्र द्रोह सिद्ध करोगे ना तब होगा ना और शास्त्र द्रोह करने के दुस में आप जो है व्यक्तिगत टिप्पणियां थोड़ी ना करोगे चलो यही है यही है इनका तरीका बात प्रभाव लो आ मैं मैं प्रेस वाला हूं इसलिए जो पुलिस वाले व मुझे प्रायोरिटी से देखें और मैं श्लोक बोलने वाला हूं इसलिए जनता मुझे प्रायोरिटी से सुने है ना मैं संस्कृत ज्ञ हूं इसलिए जनता मुझे प्रायोरिटी से सुने वो इस बात को भूल जाए भैया पहले यह निर्णय होगा कि वो शास्त्र का द्रोह है कि नहीं अभी तो उसी की बात चल रही है ना शास्त्र का द्रोह कहां है कहा नहीं है और सुनो तुमने गुरु द्रोह की बात की है जो तो गुरु द्रोह मैं उस बारे में नहीं बार-बार बता रहा हूं मैं तुम्हारे दो प्रकार के द्रोह है एक तुमने शास्त्र बाद का पक्ष रखते हुए वो जो विरोधाभासी चीजें तो उसका तो मैंने नहीं कहा मगर जो तुमने उपहास उड़ाया जो तुमने हल्के शब्द कहे जो शंकराचार्य के लिए नहीं कहे जाने चाहिए मैं उसकी बात कर रहा

04:25:41:12 हूं मैं तुम्हें दिखाऊ मैं तुम्हें दिखाऊंगा कि तुमने क्या क्या किया है ठीक है क्योंकि मैंने तुम्हारे वीडियो ज्यादा देखे नहीं है मगर जो देखे उसमें मैं समझ गया तुमने किया है जो जो चीज और अब निकालेंगे एक एक वीडियो से खोल खोल कि तुमने क्याक कहा है और फिर तुम्हें दिखाएंगे क्या शास्त्रोक्त खंडन करने के लिए इस पंक्ति की आवश्यकता थी क्या जो तुमने उपास पूर्वक बोली जो तुमने अवमानना पूर्वक बोली जो तुमने हीन दिखाने के लिए बोली वहां पर कौन सा शास्त्रों का खंडन था जब तुमने चारों शंकराचार्य को बदनाम किया कि तुम चार करोड़ रुपए देकर के चारों शंकराचार्य को बुला लो उनके उनके कार्यक्रम में यह सब कर लो पर निकरा आचार के उसमें नहीं होगा बड़े बड़े भारी वो बन रहे थे नेता वहां कौन सा शास्त्र का खंडन किया था शंकराचार्य ने दुश्मन हो क्या चारों शंकराचार्य के क्यों की थी अमानना क्यों य संदेश दिया था कि वो जो है एक करोड़ रुपए लेते कहीं भी जाने

04:26:48:08 का अनादर किया था तुमने वहा तुमने अपने आप को श्रेष्ठ दिखाने के लिए यह किया था हम शंकराचार्य से भी ऊपर की चीज है चलो बढ़ाओ अपवाद नास्ति तब तो आपको कोई दिक्कत नहीं हो और हमने तो विरोध या कई बिंदुओं पर कुछ बिंदुओ पर पूरी शंकराचार्य परंपरा को गाली दे रहे ऐसे और आर्य समाज से चर्चा करने के सम ला बता चुके भैया बता चुके हैं बता चुके हैं जो व्यक्तिगत नहीं हो रहा है उसके साथ हम चर्चा का पहली बात तो उसके साथ हम व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करेंगे और चर्चा करेंगे जिससे कि उसका वह बाहर आए जनता उसकी सच्चाई को जाने और गाली बाजी तो कभी भी नहीं करेंगे ठीक है यह अंतर है तुम में और हम में

04:27:49:08 चलो कई मुद्दों पर शंकराचार्य की ओ आती गालियों को अपनी ओर मोड़ा है उनके लिए खड़े रहे हैं उनके सिद्धांत का मंच से प्रचार किया है आप उसके लिए तुम्हारा अभिवादन है अगर किया है तो मैं जितना जानता हूं उसमें भी मैंने तुम्हारा समर्थन किया पहले भी बताया मगर इसका मतलब यह थोड़ी ना है सुनो शास्त्र का वो भी सुन लो व थोड़ा बहुत मैं दे देता संस्कृत के श्लोक नहीं याद रहते मगर संदर्भ याद रहता है आवश्यकता अनुसार कि जो दमयंती थी ना उसको अजगर जो है निकल जाने वाला था किसी ने उसकी रक्षा की अजगर को मार के उसके बाद उसी की कुदृष्टि हो गई दमयंती प तो अगर तुम्हारे कहने का अर्थ है कि अगर उसने अ शिकारी ने अजगर से देवंती के प्राणों की रक्षा की थी तो इसलिए अब उसके साथ जो देवंती है दुरा चरण करना देवंती के साथ वो न्याय पूर्ण है क्योंकि उसी ने प्राणों की रक्षा की है तो तुमय अपना क्या साबित करना चाह रहे हो कि हमने यह किया हमय खड़े रहे ये है वो उसके लिए हमने कहा कि तुमने गलत किया है और अगर तुमने वह किया तो इसका मतलब जहां अब तुम्हें छूट मिल गई कुछ भी करने की

04:29:04:26 करोगे तो रोकेंगे ना रोकेंगे जब तक है सांस तो हम अपना प्रयत्न करेंगे जीत और हार तो ईश्वर के हाथ में है कर्मन वादी कार से मा फले सुदा चना लो जी तो राज ईश्वर के हाथ में चलो प्रब किया है उनका संदर्भ दे देकर अनेक प्रसंग में उनके शिष्य को समय अनुसार शास्त्र से धन से कुछ है नहीं लगभग सभी वो ले लिए है स्किप करिए थोड़ा सा टाइम बहुत हो

04:29:38:18 गया आदि शंकराचार्य को पूरे 14 शिष्य मिले इनको लाखों मिल रहे हैं फिर भी काम नहीं बन पा रहा ये है ये है व्यक्तिगत विरोध इनको लाखों मिल रहे हैं 7 शिष्य मिले योग्य और 72 जगतगुरु रामानुजर तो हर साल लोग मा मेला बना दे रहे कु में बना दे रहे ा तुमको क्यों नहीं मिल रहे तुमको शिष्य क्यों नहीं मिल र तुम कहते हो कि उनके पास जितने शिष्य फिर वो ऐसा वही वाला दोष वाली बात भी आ गई किस में किसको किसका कार्य किसको कहां पर उपयोग में लिया जाना चाहिए उस कार्य के अनुसार यदि कोई नहीं मिल रहा है और उसके संदर्भ में वो कह रहे हैं कि हमें नहीं मिल रहे हैं तो इसका मतलब मिल ही नहीं रहा कुछ हो ही नहीं रहा अगर सीता माता का अपहरण हो गया तो राम जी गलत हो गए सीता माता का अपहरण कैसे हो गया उनके रहते भाई यह नहीं देखेंगे कि आज भी धर्म की जो धर्म का अस्तित्व तो वो कैसे है उन्हीं आचार्य के कारण है कि तुम्हारे कारण यही आचार्य तो अपने खून से सीच रहे हैं ना धर्म को आज भी यहां तक लेक आए जिस पर तुम उदक रहे हो अपना लुप्त संप्रदाय खड़ा

04:30:53:24 कर रहे हो कहां से मिले ग्रंथ जिन ग्रंथों के आधार पर तुम बोल रहे हो ग्रंथ मिले कैसे देवताओं ने दिए थे या शुक्रवार को दिए जाते राजस्थान में इन ग्रंथों को तुम आधार बना के बात कर रहे हो वो इन्हीं आचार्य उसी इन्हीं आचार्य परंपराओं से आए हैं तुम्हारे पास में तो यह नहीं देखोगे जो नहीं हो रहा है उसके कारण वो दोषी है जो हो रहा है उसके कारण वह प्रशंसा के पात्र नहीं

04:31:29:20 है चलाओ यो को योग्य समझकर दीक्षा दोगे तो क्या होगा योग्यता तो रहेगी नहीं तुम्हारे हाथ निराशा ही आएगी ना तुम कहते हो गुरु से बात नहीं करेंगे जक्ष संहिता का वचन बता रहा हूं सुनो सुनो सुनो योग योग योग उसकी बात करे जो योग्य की बात करे तुम्हारा जो पाखंड का खंडन अगर तुम्हारा शिष्य है वो तो योग्य होगा तुमने योग्य को दीक्षा दी होगी है ना तो क्या है उसने एक रील काट के डाली उसने रील काटी तुम्हारे इशारे पर काटी या कैसे काटी वो नहीं पता उसने रील बनाई उसमें वक्तव्य बताया देखो यहां पर विजया श्री कह रही है कि मुझे नहीं पता फ्री मशन क्या है उसके थोड़ी देर बाद वह कह रही है कि तुमने डीप स्टडी की थी तुमने अपने वीडियो में बताया था कि ऐसे पीछे से कनेक्टेड है ऐसे पीछे से कनेक्टेड है ऐसे पीछे से कनेक्टेड है तो एक उसने तो विजया स ने डीप स्टडी वाले में क्या कहा सबसे पहली बात तो इस बात को तुम्हारे शिष्य ने तुम्हारा योग शिष्य है ना उसने क्या किया उसने रील बनाने के लिए पाखंड खंड के खंडन ने यह दिखाया देखो यहां पर विजया श्री कह रही है उसको

04:32:44:20 फीमस नहीं मालूम और बाद में कह रही है डीप स्टडी उसको मालूम है कि भगवता अंद ने इस पर डीप स्टडी की है ठीक है डीप स्टडी वाले शब्द को भगवता नंद की फ्री मेशन के संबंध में की गई डीप स्टडी से जोड़ दिया ठीक जबकि वास्तविकता क्या थी कि विजया श्री ने जो य डीप स्टडी कहा था व इस बारे में कहा था कि विजया श्री को कने विजया श्री का कने तुमने कैसे निकाला वो फ्री मेशन तक पहुंचता है तो डीप स्टडी उसने इस कनेक्शन के लिए यूज किया था कि आपने डीप स्टडी की है क्योंकि आपने जिस वीडियो में विजय स को फी मेशन के साथ संबंधित बोला है उस वीडियो में आपने फ्री मेसस क्या है इस बारे में कोई स्टडी प्रस्तुत नहीं की है ना जहा तक मेरी जानकारी है हां आपने उसका कनेक्शन विजया श्री का कनेक्शन फ्री मिशन तक कैसे पहुंचता है यह बताया है इस कनेक्शन को बताने को ने कहा था डीप स्टडी मगर आपके योग्य शिष्य ने आपका योग्य शिष्य वो झूठ प्रलाप करने वाला शिष्य और और तुमने खड़े किए कि नहीं योग्य कुछ तो होंगे ना दो चार तो होंगे ना लाओ दिखाओ भेजो कितने योग्य शिष्य तुम्हारे

04:34:00:09 भेज दो क्योंकि तुम तो आचार्यों के साथ ही बैठोगे शायद अब आओगे नहीं लाइव में और ना ही तुम्हारे पास वो लोग है जिनके साथ तुम खड़े हो चर्चा में वो भी नहीं आएंगे तुम्हारी सवना लग नहीं रही है तुम अपने योग्य शिष्य को तो भेजो तुम्हारे तो योग्य शिष्य होंगे शंकराचार्य के पास योग्य शिष्य नहीं है तुम्हारे पास तो होंगे भेजो उनको और इसने पाखंड के खंडन ने क्या किया जो विजया श्री ने जो यह लाइन बोली कि आपने डीप स्टडी की तो उसको उसने दिखा दिया फ्री मेशन के संबंध में व जानती है आपने क्या डीप स्टडी की है तभी व कह रही ट जबकि उसने विजया श जी ने इस बारे में बोला था कि आपने जोय कनेक्शन निकाला इसने इस कनेक्शन की आपने डीप स्टडी की है तो वो वहां पर प्रस्तुत करने की कोशिश करने लगा अपनी रील के माध्यम से कि विजया श्री फ्री मेसस को जानने वाली है पर फिर भी वह ना जानने वाली होने का नाटक कर रही है पहली बात जब हमने यह बात वहां पर जाकर के पाखंड के खंडन को बताई कमेंट के जरिए तो पाखंड के खंडन ने आज तक वह जो हमारा कमेंट है वही डिलीट कर रखा है शो ही नहीं हो रहा वो जिससे उसकी जोय यह जो उसका जो अब महिमा

04:35:15:14 हो चुकी है जैसे तुम लोकेश णा के भूखे हो ऐसे वो भी लोकेश णा का भूखा होगा है ना तुम्हारा योग्य शिष्य तो उसको यह लग रहा है कि हमारा खंडन ना दिख जाए किसी को तो हमारे कमेंट को डिलीट कर रहा है और अगर तुम हो सत्यवादी तो मिटवा दो ना पाखंड के अपने अयोग्य शिष्य के अयोग्य चलचित्र को क्यों झूट झूठ मिलावट कर रहा है मगर झूठ मिलावट तो तुम खुद कर रहे हो तो उसको क्या कहोगे ठीक है ये है योग्य शिष्य और तुम्हारे योग्य शिष्य कहां है जरा मिलाओ तो फिर देखें उनके योग्यता भेजो उनको और तुम तुम तुमको तो हमने बता ही दिया है तुम भी आ सकते हो विजया सी के बारे में जो जो कहा है उस पर बात से चालू करेंगे मट के परक को सिद्ध करो जो तुमने अधूरे और हल्के प्रमाणों के आधार पर गंभीर निर्णय दिए हैं लेके आओ और जिनके साथ तुम खड़े हो उनको लेकर आओ हम जिनके साथ खड़े उनको लेकर आते तुम जिनके साथ खड़े हो संभवत जब तुम कहोगे चलो मेरे साथ लाइव पर अब मेरी आज जो है गरमा का सम्मान की बात है चलो आओ लाइव में चलकर बोलो कि तुम लोगों नेय बातें मुझसे बोली है देखना कितने आएंगे और फिर यह मत समझना कि उनके कह देने पर तुरंत निर्णय

04:36:30:20 हो जाएगा फिर देखेंगे जांच होगी कि उनका कहना कितना सही हो सकता है कितना गलत हो हो सकता है मगर अभी तो तुम यह दिखाओ कि जिनके साथ तुम खड़े हो व अस्तित्व रखते भी हैं कि नहीं कौन है जो धर्म की रक्षा के लिए आगे आना चाहता है विजय श्री के लिए अपना चेहरा दिखाना दिखा कर के धर्म का पक्ष रखना चाहता है जिस धर्म की रक्षा करने की जिन सिद्धांतों की रक्षा करने की बात कर रहा है चलो दिखाओ

04:37:04:26 चलो प्ले करो भैया गुरु और निंदा शास्त्र नार नस्त न क जिन लोगों के द्वारा शास्त्र की और गुरु की निंदा की गई उनसे बैठे नहीं बात नहीं करे इसलिए तुम मेरे साथ बात नहीं करना चाहते हो तो राम भद्राचार्य का सपोर्ट लेने गए ते राम भद्राचार्य का सपोर्ट लेने कब गए हालाकि जा भी सकते हैं पर कब कब गए कब गए लेने राम भद्राचार्य का सो राम भद्राचार्य का सपोर्ट लेने कब गए बताओ ना

04:37:43:19 भाई गुरुदेव बताते हैं कि जब वो वानप्रस्थ में थे तो उनको क्रिश्चियन मिशनरीज से लोहा लेने वाले कौन दिखे थे गायत्री परिवार के तो उनका वहां पर खंडन कर दे सांप और बिच्छू भी कभी-कभी कार रा जाते हैं तो क्या करें और अगर कार रा रहे है तो उनकी उनके विष का जो है वो करने लगे बढ़ाई उन बताए ना के विष है इसमें ऐसे नहीं होता है ना कठिन है धर्म का पथ कठिन है चुनाव कठिन है क्या करें और क्या ना करें इसीलिए तो धर्म मानसा लिखा कर पाती जी महाराज ने तुम्हारी तो आस्था है ना तुम तो दिखाते हो ना हम आस्थावान है पढ़ना इसको इससे तुम्हें पता चलेगा कि क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए तुमने शास्त्रों को रटा तो अच्छे से मगर एमप्लीफाई नहीं होता है तुम्हारे उसमें एमप्लीफाई नहीं है एमप्लीफाई शायद वो विधि निषेध इत्यादि होगा विधि निषेध इत्यादि होगा एमप्लीफाई सच इत्यादि हो सकता है एमप्लीफाई हो वो भी तब था कि नहीं जब वोह प्रेम प्रसंगों में गिरे थे तब था कि नहीं था यह नहीं पता मगर यह सब होगा मगर जो यह साध्य कोटि का य जो धर्म है यह सब दिखाई नहीं दे रहा है आपके

04:38:58:25 द्वारा जो आप कर रहे हो उससे चलो यदि तुमको ये सब मठ की विकृतियां पहले से पता थी तोब तक चुप क्यों थे तुम कहते हो पुराना वीडियो तो पता थ तो चुप क्यों थे और अगर तब चुप थे तो बाकियों को चुप क्यों कर भाई जब उससे कुछ सिद्ध ही नहीं हो रहा है तो क्या करें उस पर तुम ही ना कहाना परिस्थिति जन्य प्रमाण है संभावना को उत्पन्न करने वाले प्रमाण

04:39:32:06 है चलो प्ले करो मठ के शंकराचार्य के शिष्य होने का टैग लगाकर केवल अपनी रोजी चमकाने वाले जाने अनजाने तुम लोग सब के पतन के निमित्त बन रहे हो गुरु ग्रंथ गोविंद तीन है भाई गुरु अकेला नहीं तुम लोग जैसे सुनो तुम जैसे दंभी शास्त्र को रट रट लेने वाले तुम जैसे दंभी जो है वह धर्म के पतन का कारण बनते हैं खुद आई फेल इन लव करके तो आ जाओगे निग्रह चार्य बनने मगर दूसरा कोई अगर वापस आना चाहे और आचार्य बनने नहीं सामान्य हिंदू के रूप में मगर सनातन वैदिक आर हिंदू में प्रमा बुद्धि रखने वाला तो तुम उसकी टांग खींचो ग उसके पुराने जीवन को लेकर के लोगों के मन में उसके प्रति अवमानना का भाव उत्पन्न करोगे तुम जैसे लोग धर्म का पतन का कारण बनते हैं धर्म के पतन का कारण बनते हो तुम जैसे लोग करना धरना कुछ है नहीं समीक्षा करनी

04:40:35:12 है चलो बताओ भाई समाज के भी गुरु है इसको मैं कह रहा हूं तुम क्यों चुप थे इतने दिनों से तुम तो मठ में रहे हो और जिसका आचरण खराब था तब भी रहा होगा जब तुम मठ में रहे होगे तब तुम्हें सही लगा जब तुम्हें मठ से अलग कर दिया गया है तब तुम्ह विरोध आ रहा है और तुम दो तीन साल से अगर इन सब बातों को जानते हो जब तुम्हें पता लग गया कुछ हो नहीं रहा है तो फिर दूसरे रास्ते क्यों नहीं

04:41:16:07 अपनाए चुप क्यों थे अरे जिस बात से कोई अर्थ ही नहीं निकल रहा उसका हंगामा करें क्या े गुरु नि करते नहीं बात करेंगे तुमसे माम में हमारी गति नहीं है उस बारे में हम क्या बोले और जब हमने जानना चाहा पता लग गया वो जो वो जो क्या कहते हैं 2023 की बात है माघ में शायद वो यह मामला आया था सामने हा तभी हमने देख लिया था तो भाई अच्छा जैसे अभी तुम्हारा वह वीडियो है जानवी और जान दी ठीक है उसी वीडियो को प्रचारित किया जाए तुम्हारे विरोध में तो तुम कहोगे ना इससे कहां सिद्ध हो रहा है कि मैंने जानवी के लिए गाना बनाया है यही कहोगे ना तो कुछ भी कोई सोचना समझना नहीं है बस हम अगर किसी कोई भी चीज प्रमाण के रूप में पकड़ा दी गय प्रमाण है देखो उसे सिद्ध कहां क्या हो रहा

04:42:21:00 है चलो ले बना रहे आपकी स्वतंत्र पहचान ही कुछ नहीं है पूरे शंकराचार्य के शिष्य है ठीक है और इसके अलावा क्या नहीं है आपको बनर है और उसकी ना उसकी वो है उसके लिए कोई लोलुपता है यही पहचान है अल्पज्ञ शिष्य अल्पज्ञ साधारण भक्त और यही सबसे ऊंची पहचान है दुनिया में कोई निग्रह चान नहीं है यही सबसे ऊंची पहचान अल्पज्ञ शिष्य साधारण भक्त कोई नहीं है इससे श्रेष्ठ सबसे ऊंची पहचान शंकराचार्य का प्रमाणिक आचार्य का अल्पज्ञ शिष्य साधार भक्त कोई नहीं चाहिए कोई आकर्षण नहीं है स्वतंत्र उसका स्वतंत्र पहचान का थूकता हूं मैं स्वतंत्र पहचान पर मैं थूकता हूं ऐसी पहचान पर जो प्रमाणिक आचार्य से स्वतंत्र होकर मुझे मिले थूकता हूं ऐसी पहचान पर जो श्री राम के भक्त होने से स्वतंत्र होकर मुझे मिले

04:43:36:24 नहीं बनानी ऐसी कोई पहचान तुम बनाओ लुप्त संप्रदाय के गुप्त चलो नि गचार को बैनर और गड फादर की जरूरत नहीं पड़ती सुन लो पूरे के शंकराचार्य जी के शुभचिंतकों की अगर सूची बनाई जाए ना तो टॉप पर मेरा नाम आएगा क्योंकि एक तो हमने पुरी के शंकराचार्य जी यह नहीं बताएंगे मेरा शुभचिंतक कौन है यह बताएंगे और यही इनका सनातन सिद्धांत

04:44:09:10 हैका जन्म हुआ है क्योंकि वो बड़े उससे हुआ है दिव्य प्रयोजन से देवताओं ने इनको दर्शन दिया है प्रेम प्रसंगों में गिरे हैं हर शुक्रवार को मिलते हैं इसलिए यह बताएंगे कि पुरी शंकराचार्य जी का शुभचिंतक कौन है पुरी शंकराचार्य जी नहीं बताएंगे कि उनका शुभचिंतक कौन है है ना और वह बताएंगे जो आकर के वो वो शुभ चिंतक है पुरी शंकराचार्य जी एक तो तुम हो और एक वो है जो अपना चेहरा तक नहीं दिखा पा रहे अपने कायरता के कारण जो तुम्हारे बुलाने पर सामने नहीं आएंगे साक्ष देने कि हा मैं यह बोल रहा हूं तुम्हारे बुलाने पर नहीं आएंगे सुधरे हुए तुम जन्म लिए

04:45:04:06 थे सी प्रकल्प से एक पैसा नहीं लिया पूरे शंकराचार्य जी या स्वामी कपात जी के नाम और बैनर का कभी अपने इस्तेमाल नहीं किया कभी भी पुरी शंकराचार्य जी के अभियान में ज धर्म सवात है उसका जो है हमने विरोध नहीं किया प्रसार कि संदर्भ देते हुए किया चलो इन सब बातो का जवाब दे चुके और कुछ है नहीं आगे ब असत्य का निर्भयता पूर्वक विरोध किया धर्म का विरोध किया गलत थे तो क्यों उनके साथ मंच साझा किए ज्योतिर मट वाले मुक्त श जी महाराज जी है वो भी गलत थे क्यों उनके बुलाने पर धर्म संसद में गए थे कुंभ में वीडियो प्रसारण किया था इसको भी बना लेना कि शिवांश नारायण द्विवेदी जो है ये तुमने बड़ी भारी भूल कर दी हम कुम गए नहीं क्योंकि मैंने ये कह दिया गए थे यही करो बस यही किया तुमने पूरी लाइफ में और हमें स्वतंत्र नहीं चाहिए स्वतंत्र स्वतंत्र पहचान नहीं चाहिए तुम बनो लुप्त संप्रदाय के गुप्ता आचार्य तुम बनो हमें नहीं चाहिए स्वतंत्र पहचान हम मृत्यु

04:46:19:16 को गले लगाना पसंद करेंगे मगर इस शंकराचार्य से भिन्न हमें कोई स्वतंत्र पहचान नहीं चाहिए कीड़े बनकर रहेंगे कीड़े और कोई उससे निकृष्ट शब्द मिल सकता हो तो वो दे देना वह बन के रहेंगे मगर हमें स्वतंत्र पहचान नहीं चाहिए हमें राम चाहिए हमें शंकराचार्य चाहिए हमें स्वतंत्र पहचान नहीं चाहिए तुम बनाओ करियर तुम बनाओ एल्गोरिदम

04:46:53:16 टीआरपी यह सब तुम बनाओ गुरु द्रोही कहते हो हमको हो गया चलो ठीक है भैया समय देने के लिए सभी का आभार और मैं फिर कह रहा हूं आओ विजय श्री के लिए जो जो बातें कही है सिद्ध करो परि के लिए जो जो बातें सिद्ध कई है सिद्ध करो और उसके बाद फिर तुम्हारी ये तुम निगरा चार कैसे हो फिर परंपरा उसको सिद्ध करते हैं ठीक है और उसी क्रम में आगे जिन लोगों के साथ तुम खड़े हो उनको लेकर आओ और तुम्हारे योग्य शिष्यों की सूची बताओ है ना योग्य शिष्यों की सूची एक जारी करो य मेरे योग्य शिष्य है फिर हम उनको चेक करेंगे कौन-कौन है कितने और यह तुम्हारा जो जीवन है उसको थोड़ा दिखाओ जीवन को उसको सार्वजनिक करो अपने जीवन को थोड़ा सा कहां रहते हो कहां तुम्हारा मठ है कहां तुम्हारी लुप्त गद्दी है गुप्त गद्दी सॉरी कहां जा रहे हो क्या कर रहे हो सब सार्वजनिक करो फिर उसकी समीक्षा कर की जाएगी ना जैसे

04:48:08:16 तुम सबकी समीक्षा कर रहे हो दिखाओ मैं अब यहां जा रहा हूं इस ट्रेन से जा रहा हूं गुरुदेव जाते तो समीक्षा तब कर पाते हो ना जब राजेंद्र दास जी महाराज राघवाचार्य जी महाराज कहां जा रहे हैं क्या कर रहे हैं सब कुछ पता चल रहा है तुम तो एकदम से आते हो और फिर गायब फिर आए फिर गायब ये सब करो समीक्षा की जाए चलो सभी का सभी का आने के लिए आभार और जय श्री राम

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B: SARVASHAKTIMAAN DHARMA Live 4:48:40 · 29 Mar 2025

किसी को कभी हम छेड़ते नहीं कोई हमें छेड़ दे तो छोड़ते नहीं @swaminigrahacharya

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B · Live सच के आसपास वाला झूठ भाग 3
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