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00:00:02:26 जय श्री राम सभी को। आशा करते हैं आप सभी कुशल पूर्वक होंगे और शीर्षक से आप जान गए होंगे कि आज किस विषय में हम लोग बात करने वाले हैं। आज आपको ब्रह्मा कुमारी के बारे में बहुत सी ऐसी बातें मालूम पड़ने वाली हैं जो संभवत आपने और कहीं अब तक नहीं सुनी होंगी और हमारे साथ जो मातृशक्ति यहां पर इन चीजों पर प्रकाश डालने वाली हैं उनसे आप पहले मिल चुके हैं हमारे चैनल पर वो आ चुकी है नीलमा जी तो हम सबसे पहले उनको ले लेते हैं स्टेज पर
00:00:44:16 [गला साफ़ करने की आवाज़] नमस्कार। एक बहुत बड़ा अभियान रामपाल के विरुद्ध हम एक दो दिन में प्रारंभ करने वाले हैं। बहुत जल्द इस संबंध में आपको अपडेट्स मिल जाएंगी और राष्ट्रीय स्तर पर प्रारंभ होने वाला है। जी नीलमा जी आप कुशलता से हैं? कुशल पूर्वक हैं। फिलहाल मैं कुशलता से हूं। ठीक हूं। जी श्री राम जी का आशीर्वाद है। बिल्कुल बिल्कुल तो मैं मुख्य विषय पर सीधे आ जाता हूं। सभी को प्रणाम जो मुझे देख रहे हैं। जी हां जी और आज हम नीलमा जी अगर कोई आकर के कोई दर्शक कुछ क्वेश्चंस करना चाहेगा तो अगर हमारे पास समय रहा क्योंकि मुझे लगता है वैसे हमारी चर्चा काफी विस्तृत होती है। बट अगर समय रहा समय से हो गई तो हम लोग कुछ लोगों को ले लेंगे। अगर कोई क्वेश्चन करना चाहता है तो आकर के क्वेश्चन कर लेगा या फिर उनके क्वेश्चंस वहीं पर ले लेंगे। वो कमेंट्स के द्वारा क्वेश्चन बता देंगे तो हम यहां पर उनका दे देंगे। तो सर्वप्रथम
00:02:00:00 मैं एक बात बता दूं कि नीलिमा जी का एक स्टेटमेंट है और मैंने भी कई बार यह देखा है कि ब्रह्मा कुमारी के द्वारा जो ज्ञान विज्ञान धर्म के नाम पर परोसा जा रहा है ईश्वर के संबंध में या फिर मोक्ष के संबंध में जो चीजें बताई जा रही हैं वो काफी हद तक सनातन के बाहर जाते हुए सनातन के विरुद्ध जाते हुए जो हमारा सनातन धर्म है उसके विरुद्ध जाते हुए वो सारी चीजें काफी हद हद तक जो है मैच करती हैं इस्लाम से जो अब्राहमिक आईडियोलॉजीस है सीधे अगर कहे तो तो आज हम मुख्य रूप से इस विषय पर बात करने वाले हैं। नीलिमा जी को यह बात काफी समय पहले जब वो बीके से जुड़ी हुई थी तो धीरे-धीरे कहीं ना कहीं अखड़ती भी अ करती थी और नीलिमा जी के कुछ वीडियोस भी मुझे इस बीच नीलमा जी ने मुझे भेजे थे जिसमें कि वो वहां पर ऐसी चीजें कर रही हैं ऐसी चीजों की प्रैक्टिसिंग कर रही है ब्रह्मा कुमारी में रह के मैंने वीडियो में देखा है जो ब्रह्मा कुमारी की जो आइडियोलॉजीस वो लोग प्रचार कर रहे हैं सनातन के नाम से उनसे मैच नहीं करती है जो ब्रह्मा कुमारी वाले सनातन के नाम से प्रचार करते हैं एक तरीके
00:03:15:03 से मिलीजुली सी चीजें तो उनसे से मैच नहीं करती है तो ऐसी चीजें वो वहां पर जैसे श्री राम नाम का जाप कर रही हैं शायद आप या इस तरह की जी तो मुझे बड़ा अच्छा लगा मैंने काफी दिन पहले मैं जब गुरुदेव से दीक्षित हुआ ही था पूरी के शंकराचार्य जी से तो मैंने उस समय गुरुदेव की एक एक वक्तव्य था उनका जब उनसे किसी ने पूछा था कि अगर हमने इस्लाम का कुछ नहीं किया तो थोड़े दिनों में इस्लाम हमको ऐसा कर देगा वैसा कर देगा इस तरह का प्रश्न था उसका तो गुरुदेव ने कहा कि अगर हिंदू अपने धर्म का निर्वाह यथा सामर्थ्य करने लग जाए तो जितने भी विरोधी तंत्र हैं जितने भी विरोधी मानसिकताएं हैं उनके यहां पर ही ऐसा प्रहलाद उत्पन्न हो जाएगा जो अपने तंत्र का शोधन कर देगा। तो जब नीलमा जी ने मुझे वह वीडियो भेजा जहां पर वो उस तंत्र में ही उस तंत्र के बिल्कुल बाहर की चीजें जो मूल मौलिक सनातनी स्वरूप है अगर मुझे मौका मिला और देख लूंगा तो वो वीडियोस में डाल दूंगा शॉर्ट के रूप में तो मैंने देखा कि प्रह्लाद उत्पन्न हो गया कहीं ना कहीं बीके
00:04:30:16 के कैंपस में एक प्रह्लाद बैठा हुआ देखा मैंने नीलमा जी के रूप में तो नीलमा जी ने जब यह सब प्रैक्टिस से और कहीं ना कहीं नीलिमा जी का जो यह मूल सनातन धारा को लेकर के आगे बढ़ना यह नागवार गुजरा किसको यह जो बीके के जो तथाकथित जो सेकुलर कह लीजिए या धार्मिक या आध्यात्मिक तथाकथित धार्मिक बनते हैं जो तो जब उनको नीलमा जी की मुख्य रूप से मुझे तब कहानी ये समझ में आ गई। हालांकि नीलमा जी ने तो यह बात बताई ही थी मुझे वीडियो में कि वो मेरे जो वास्तविक हिंदू धर्म के तत्व थे उनकी वजह से उनको प्रॉब्लम थी और धीरे-धीरे वह प्रॉब्लम इतनी बढ़ गई कि आज जो है एक वो युद्ध में बदल गई है तो वो नीलिमा जी ने प्रमाण दिया इस बात का कि इनके अंदर वो थे सनातनी तत्व थे और इसके लिए मैं पहले तो आभारी हूं आपका नीलमा जी कि आपने वहां पर रहकर भी अपने धर्म का ध्वज लिए रही आप और हूं कि आप समझ पाए मुझे जी और ये कहानी स्पष्ट है। यह जो नीलमा जी और ब्रह्मा कुमारी का वर्तमान का जो तंत्र है यह जो इनके बीच में जो
00:05:45:18 आप युद्ध देख रहे हैं ना यह युद्ध ब्रह्मा कुमारी और ब्रह्मा कुमारी का जो आजकल के जो एडमिनिस्ट्रेशन है उनका प्रशासन उनका अपना उनके और नीलिमा के बीच में नहीं है। यह लड़ाई सनातन विरोधी तत्व और सनातन के बीच में है। इस बात को आपको समझ लेना चाहिए जो भी लोग देख रहे हैं और यही कारण था कि जब इन्होंने ब्रह्मा कुमारी में कुछ ऐसी चीजें देखी जो इनको सनातन के विरुद्ध दिखी तो इनको इन्होंने बताना चाहा कि भाई आपकी चीजें तो इस्लाम से मैच कर रही हैं। आपकी चीजें तो सनातन के बाहर जा रही है। सनातन के अगेंस्ट जा रही हैं और इस्लाम से मैच कर रही हैं। हालांकि आपने
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00:06:30:16 हमारे जितने भी वीडियोस देखे होंगे ब्रह्मा कुमारीज के साथ जिसमें वह सामने बैठे हुए हैं और हम उनसे बात कर रहे हैं तो उनमें आपने देखा होगा कि वो खुद ये एडमिट करते हैं कि भाई हम इस्लाम से कोई अलग नहीं है। वो खुद इस्लाम को भी प्रज़ करके चलते हैं। ब्राहमिक आइडियोलॉजीस को प्रज़ करके चलते हैं। और कहीं ना कहीं अगर हम उस बात पर क्वेश्चन करते हैं तो वह यह कहने लग जाते हैं कि सनातन में भी इस तरह की चीजें मतलब वह लेके चल रहे हैं कि वह इस्लाम से अलग नहीं है। यानी कि वो कई शब्दों में अनेक प्रकार से खुद को इस्लामिक भी घोषित करते हैं। पर जब यही बात सीधे तौर पर नीलिमा जी ने कर दी तो गुड़गांव में इनके विरुद्ध एक मुकदमा दर्ज कराया गया। जिस मुकदमे को आज भी नीलमा जी फाइट कर रही हैं और उसका कारण यही है कि इन्होंने अपने सनातन का पक्ष लिया और उसका इनको ये एक तरीके से भुगतान करना पड़ रहा है वहां की मुकदमे में प्रस्तुत हो के
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00:07:33:15 तो हालांकि मैं अभी से इस बात को बता देता हूं। मैंने पिछली लाइव में भी बताया था कि जो भी जैसे भी जिस प्रकार से भी हमारी भूमिका हो सकती है नीलमा जी आपके केस में जिसमें कि आपने ब्रह्मा कुमारी वालों को यह कहा है कि भाई आपकी विचारधारा इस्लाम की ओर जाती हुई है तो ऐसा नहीं उचित ऐसा ये बिल्कुल भी उचित नहीं है। तो यह जो आपने कहा है और इस बात को लेकर के जो आप पर हमला हुआ है इस बात के लिए शिवश नारायण द्विवेदी आहान और उसका पूरा दल बल जो भी है भगवान की कृपा से वो सब आपके साथ है। आप बिल्कुल भी अकेला स्वयं को ना समझे क्योंकि ये लड़ाई आपकी और हां ये लड़ाई आपकी और उन तथाकथित दीदियों की नहीं है। ये लड़ाई सनातन और सनातन विरोधी की है। है ना? तो ये चीज है। अब थोड़ा सा हम लोग मुख्य विषय पर आएंगे। दर्शक कह दर्शकों की एक शिकायत कभी-कभी हो जाती है कि जो मतलब प्रश्न पूछने वाला व्यक्ति है वो सामने वाले को बोलने कम देता है। ऐसा [हंसी] नहीं है। तो अब जो है मुख्य विषय पे मैं आऊंगा थोड़ा सा सबसे पहले तो मुझे ये बताइए नीलमा जी कि आपने ऐसा क्या देखा है ब्रह्मा कुमारी में जो आपको लगता है कि वो इस्लाम की ओर जाती हुई बातें बोल रहा है, प्रचार कर रहा
00:08:48:16 है। इस्लाम के इर्दगिर्द उसकी चीजें चल रही है। हालांकि मैंने उन चीजों को भापा है। मैंने देखा है और मैंने बातें की पर मैं अभी आपके वाणी में उसको जानना चाहता हूं। जी
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00:09:01:08 पहले सबको प्रणाम। जय श्री राम। सभी जो लोग मुझे सुन रहे हैं अपना समय इस वीडियो पर दे रहे हैं। सबसे पहले आप यह समझ के इस वीडियो को देखिएगा कि ये सिर्फ आप शिवश जी के चैनल की वीडियो या किसी नीलिमा को सुनने के लिए किसी प्रचार प्रसार के लिए नहीं सुन रहे हैं। यह कार्य सिर्फ हम इसलिए भी कर रहे हैं कि कहीं ना कहीं सनातन सभ्यता बची रहे और जो लोग इसमें भरोसा रखे हुए हैं अभी तक उन लोगों का भरोसा विश्वास उन लोगों की पूरी स्टडी उनके मनचित पर बनी रहे। कहीं ना कहीं हमारी शिक्षा, हमारी सभ्यता और हमारे पारिवारिक दृष्टिकोण के संस्कारों पे एक मूसलाघात मानसिक बीमारी पैदा करके हमला किया जा रहा है। कुछ एक कल्ट्स के द्वारा इसे कल्ट्स बोलेंगे आप। कल्स माना कुछ अपने ही चलाए हुए ढंग के प्रचार प्रसार जिन्हें पंथ मठ या कुछ भी बोल सकते हैं आप जो भी आपका मतलब उसमें लगता है कि हम इस इस प्रचार से जुड़े हुए हैं। मैं यह नहीं बोलती कि किसी की
00:10:16:12 मान्यता खराब है। जितनी भी मान्यताएं हैं वह सब अपनेप दृष्टिकोण अपनीपनी परिस्थिति अनुसार आप सही मान सकते हैं। जैसे मैं मेरे लिए सनातन को सही मानती हूं। सनातन को सही मानने की वजह से मेरा और उनका झगड़ा है। जो लोग मेरा पहले भी जो वीडियो आया है फर्स्ट पार्ट एंड सेकंड पार्ट शिवा जी ने लिया है। अ उस पे कुछ कमेंट्स आए हैं जिनको मैं रीड करती हूं देखती हूं। तो वहां पर कैजुअली लोग बोल रहे हैं जो बीके हैं मैं पहले सबसे पहले उनको जवाब दूंगी। जो बीके हैं जो समर्पित है जो शायद मेरे समय के भी हैं। 2013 में मैंने यह पूरी तरह छोड़ा और मैं 2011 में मानसिक तौर पर उनसे अलग हुई और उस समय के लोग और आज के लोग शायद जनरेशन गैप होगा। ब्रह्मा कुमारी के ज्ञान में रोज एक बदलाव होता है। वो रोज कुछ नया बदलते हैं। तो इसलिए वो गैप भी होगा कि उन्होंने हमारे समय वालों ने क्या सुना। समझिएगा मेरी बात को। मैं बहुत गहरी बात बोल रही हूं। हमारे समय वालों को उन्होंने क्या सुनाया। बीच के समय वालों को उन्होंने क्या सुनाया? और आज के समय
00:11:31:20 वालों को वो क्या सुना रहे हैं? उसमें भी अंतर होगा। क्यों? क्योंकि इन लोगों की रोज की विनाश की लीला बदलती है। रोज उनके ज्ञान सुनाने के ढंग बदलते हैं। रोज उनके बात करने का तरीका बदलता है। उनका ज्ञान परमानेंट नहीं है। इसके लिए उन्होंने एडिटर्स रखे हुए हैं। जिनको मुरलियों में कटिंग करनी होती है। समझिएगा मेरी बात। जो लोग ज्ञानी बनते हैं। उन लोगों को समझा रही हूं मैं पहले। मैं सनातनियों की बात अभी नहीं कर रही हूं। अभी मैं उनकी बात कर रही हूं जो यह कहते हैं बिना इंटरव्यू देखे बिना पूरी बात सुने आपको ज्ञान ही नहीं हुआ आप कैसी टीचर हुई। देखिए सनातन के रूल के अनुसार तो मैं जो कुछ आपको कहूंगी वो आपको समझ में आना नहीं है क्योंकि आप ब्रह्मा कुमारी से अति प्रभावित है। अति प्रभावित होने की वजह से आप मैं अगर सनातन को ले आपको बात समझाऊं तो मुश्किल आपको समझ आएगी क्योंकि आपने सनातन की स्टडी नहीं की तो जो स्टडी आपने की है मैं उसके अनुसार बताती हूं। जो बीके ने स्टडी किया है। यह पहले बीकेएस वालों के लिए आंसर है कि हो सकता है 2011 और 10 का ज्ञान कुछ और रहा होगा ब्रह्मा कुमारी का और बीच का ज्ञान 20 और 212
00:12:47:03 का कुछ और रहा होगा और आज 26 का ज्ञान उनका कुछ और रहा हो तो तीन जनरेशन गैप इसमें आते हैं क्योंकि वह तो हर छ महीने में या हर दो साल में अपना ज्ञान बदल देते हैं। कहां बदलते हैं? मुरली में। मुरली कहां एडिट होती है? ज्ञान अमृत प्रेस में। प्रेस में कैसे एडिट होती है? वहां कुछ एडिटर्स बैठे हैं। उनको यह कह देते हैं विनाश की ये डेट हटा दो। अब यह डाल दो। अब यह चीज हटा दो। अब यह डाल दो। तो नईनई चीजें इनके यहां बदलती है। जो लोग मुझे यह कहते हैं ये क्या समर्पित टीचर रही होगी? इसने क्या ही ज्ञान लिया होगा। इसको भगवान भी समझ में नहीं आए। देखिए मैं भगवान को सनातन के ज्ञान के अनुसार ढूंढने गई थी क्योंकि जिस उम्र में मैं गई थी उस उम्र में मेरे मां-बाप ज्ञान समझ चुके थे और वो छोड़ चुके थे। मैं खेलपाल में गई और उस समय तक समझ नहीं थी। लेकिन होशियारी देखिए ब्रह्मा कुमारीज वालों की कि बच्चों का समर कैंप कराते हैं। मैं आपको आज सारी खुल के बताऊंगी बात और बड़ी इंटरेस्टिंग बात है। हमारे जवाहरलाल नेहरू साहब की तरह यहां पर फूल
00:14:02:09 लगाने वाला एक व्यक्ति होता था जिसका नाम था निर्वेर भाई बी के निर्वेयर मैंने उनकी बड़ी पालना ली है। उन्होंने मुझे दादा की तरह पाला है। नो डाउट बहुत प्यार किया है दादियों ने और उन्होंने लेकिन वो प्यार कुछ ऐसा था जैसे कोई गलत ग्रुप में कोई बच्चा भटक के चला जाए और उसे मौका मिल जाए कि इस बच्चे को प्यार से अपनी संस्कृति और अपनी सभ्यता से अलग कर दो। वो [गला साफ़ करने की आवाज़] मेरे साथ हुआ। कैसे हुआ? कौन सा ज्ञान? आप जब कहते हो ना नीलिमा को ज्ञान नहीं है। नीलिमा क्या टीचर बनेगी? तो मैं आज आपको ज्ञान का गुण रहस्य बताती हूं। पहले ब्रह्मा कुमारीज ज्ञान पर बात करेंगे। फिर हम सनातन पर बात करेंगे। क्योंकि आपको सिर्फ ब्रह्मा कुमारीज का ज्ञान के थ्रू समझ में आएगा। आपको ब्रह्मा कुमारीज के अलावा सनातन समझ में नहीं आएगा। सनातनियों को मैं समझा सकती हूं। वो बाद में हम बात करेंगे। नट फेल में बात कर सकते हैं। लेकिन ब्रह्मा कुमार कुमारियां डिटेल में सुनने के बावजूद ही समझेंगे कि नीलिमा को कितनी समझ है। नीलिमा टीचर कैसे है। पहले मैं वो आंसर दूंगी शिवा जी। सबसे पहले मेरा ये आंसर बनता है आज। नहीं तो बिना इंटरव्यू देखे जो वो टाइपिंग करते हैं
00:15:17:13 ना आपको नहीं पता। आपने कुछ नहीं पाया। आपने दर्शन ही नहीं किया। आप वहां परमात्मा को पा ही नहीं सकी। आप कैसा ज्ञान दे रही हो? कल आप वाइट कपड़ों में थी। आज आप ब्लैक, ग्रीन या किसी और में है। मतलब मैं कलर कपड़े भी नहीं पहन सकती। कुछ और भी नहीं पहन सकती। जो कुछ मैं करूंगी वो ब्रह्मा कुमारीज के खिलाफ है। और जो मैं ब्रह्मा कुमारीज के खिलाफ करूंगी वो उनके गले में नहीं उतरता। तो इसलिए मैं वो वाली बातें उनसे नहीं करूंगी। सबसे पहले आपको ब्रह्मा कुमारीज की बात करती हूं। तो जो मैंने ज्ञान लिया बचपन में सबसे पहली बुक पढ़ाई गई हमें अच्छे बच्चे कौन सी बुक अच्छे बच्चे तो वो जो अच्छे बच्चे बुक पढ़ाई गई सबसे पहले किताब थमा दी गई जाती अच्छे बच्चे तो मैं आपसे पूछना चाहती हूं तीनों जनरेशन से 2000 वाली जनरेशन से भी 90ज की जनरेशन से भी और अभी 2016 की जनरेशन से भी क्या आपने ब्रह्मा कुमारी की यह बुक पढ़ी है? अच्छे बच्चे आपको मैंने भेजा है शिवश जी आप डिस्प्ले करेंगे
00:16:32:14 थोड़ा वो फोटो कर सकेंगे ऑपरेट जी अवश्य ऑपरेटर जी अच्छे बच्चे नो नो नो अच्छे बच्चे ये देखिए जी ये बुक है इस बुक को अगर किसी ब्रह्मा कुमार कुमारी ने पढ़ा हो तो मुझे बताइएगा वो है पक्का ब्रह्मा कुमार कुमारी जो मैं हूं थी नहीं मैं हूं इस अच्छे बच्चे के नीचे पूरा मेंशन है कि ब्रह्मा कुमारी की पांडव भवन की फर्स्ट बुक यही है जो मुझे थमाई गई थी। अब मैं इस बुक के बारे में आपको कुछ विस्तार से बताती हूं। तीन पॉइंट्स ये अच्छे बच्चे इसलिए दिया गया है शिवश जी कि सबसे पहले वो बच्चा अपने धर्म को बदल ले। कैसे बदल रहा है जो मैं कोर्ट में पेश करने वाली हूं। इसमें अगर आप सॉरी मैंने ना निकाल के रखा है। एक सेकंड रुकिए।
00:17:27:15 हां जी यह मेरे हाथ में है। देखिए मेरे को यह मिली हुई है वहां से और बहुत संजो के रखी है मैंने। बहुत ही संजो के रखी है मैंने। इसमें ये लेसन आता है। मुझे क्या बनना पसंद है? क्या आप देख पा रहे हैं? जी दिख रहा है। मुझे क्या बनना पसंद है। तो इसमें सब है। यहां है श्री कृष्ण बनेंगे आप। राम सीता बनेंगे आप फिर क्या डॉक्टर बनेंगे आप वकील बनेंगे या फिर टीचर बनेंगे आप यह सब होता है और इसके नेक्स्ट पेज पे अगर आप यहां जाएंगे और यहां पे यह सब कुछ होते हुए लास्ट में एक चैप्टर पढ़ाया जाता है आपको आपस में क्या है आपको कैसे रहना है कौन है आप मैं आपको दिखाती हूं सबसे पहले हमारा धर्म परिवार परिवर्तन होता है। ऐसा नहीं है कि मैंने ऐसे ही बोल दिया है। मैं आपको बताती हूं। आप यह सोचते हैं ना कि नीलिमा को शायद ऐसे ही उठ के नीलिमा आ गई। ये देखिए आप ये यहां से देखेंगे आप हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई
00:18:44:00 पढ़िए ना शिव जी। आपस में है भाई भाई। हम सब भाइयों के परमपिता परमात्मा शिव। हम सबको आपस में पवित्रता से शांति से स्नेह से रहना है। हम है आत्मा आप वो आत्मा आपस में है भाई भाई जी ये चैप्टर सबसे पहले मुझे डाउट किया था सबसे पहले एट्थ स्टैंडर्ड में थी मैं एथ स्टैंडर्ड में थी मुझे ये चैप्टर इधर क्लिक हुआ कि हमारे यहां तो ये नहीं सिखाते हमारे नाना जी जो थे वो प्रगाढ़ पंडित थे दीक्षित हैं हम लोग ननिहाल से ननिहाल से हम दीक्षित हैं। इधर से हम शुक्ल है, गौतम वंशी है कुछ लोग तो हम तीन चार गोत्र के लोग यह जानते हैं कि अगर डीएनए भी बदल जाए अगर डीएनए भी बदल जाए तो भी वो ब्राह्मण नहीं है। हमने वो पढ़ा था। मेरा सनातन ज्ञान पक्का था। क्यों? क्योंकि बचपन में नाना जी जो बच्चे थे जो पुरुष थे घर के कुमार थे उनको शंख बजाना सिखाते थे। हमारे वो पैर छूते थे और हमको वो मंत्र पढ़ना सिखाते थे। हमें सब पता
00:19:59:03 था। गायत्री मंत्र अंदर बोलना है। ऊंची आवाज में क्या बोलना है सब मुझे मालूम था। ए्थ स्टैंडर्ड तक जब मैं घर की शिक्षा पा रही थी तो मैं यह भी शिक्षा पा रही थी। तो मैं दोनों में कंपैरिजन कर रही थी। तो जब मैं कंपैरिजन कर रही थी तो ये बोल रहे हैं हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई आपस में है भाई भाई। लेकिन क्योंकि आपस के भाईचारे को तो कभी किसी ने निभाया नहीं। मैं इस पर बहुत बड़ा लेक्चर नहीं देना चाहती। राजनीतिक लेक्चर होगा। मैं नहीं दूंगी। इसमें मैं एक बात कह दूं। एक बात इस लाइन पे हां। हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई जब वो खुद कह रहे हैं कि अंतर नहीं है तो फिर इस बात से उन्हें आपत्ति कैसे हो गई? इस बात से आपत्ति हमें है। मगर जब वो खुद ये एडमिट कर रहे हैं कि हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई एक ही हैं तो फिर इस्लाम और उनके हिसाब से सनातन भी एक ही है। तो अगर आप उनको इस्लामिक कह रही हैं, अब्राहमिक कह रही हैं तो फिर ये केस कहां से बनता है इसमें फिर जब वो छाप के दे रहे हैं चीज। जी जी। हां जी। तो भी मतलब तो भी नहीं कह सकते। आप मेरे ऊपर केस नहीं डाल सकते। लेकिन कोई बात नहीं। उनको ये लगता है कि शायद अब नीलिमा खतरा बन चुकी है उनकी संस्कृति पर। जैसे वो हमारी संस्कृति पर खतरा थे। इस तरह शायद नीलिमा का बोलना उनकी संस्कृति
00:21:14:04 पर खतरा आ गया है। अगर वो सबको बताएगी या वो वीडियो बनाएगी या वो इंटरव्यूज देगी तो लोग अवेयर होंगे। यह खतरा है उनको और कोई खतरा मुझसे नहीं है। मैं अकेली जान हूं। उनके पास इस हिसाब से तो हमको भी इस हिसाब से तो हमको भी उन पर केस करना चाहिए कि तुमने सनातन और सनातन को इस्लाम कैसे कहा। जैसे उनको दिक्कत है कि उन्होंने आपने उन्हें इस्लाम कैसे कहा जबकि वह तो कह रहे हैं कि हम इस्लामिस्ट है। मगर उन्होंने सनातन को इस्लाम कैसे कहा ये केस हमें कर देना चाहिए उनके ऊपर। जी और फिर वो इस पे चैप्टर दर चैप्टर हमें पढ़ाते हैं सर। इसमें फिर आगे हमें पढ़ाते हैं खानपान की शुद्धि। तो जब खानपान की शुद्धि की बात आती है तो वो लोग हमें वो चीजें पढ़ाते हैं जो भी मेरे सनातन के हिसाब से गले नहीं उतरी। अच्छा मेरा पार्ट अगर आप लेंगे तो देखिए मुझे ज्ञान था इसलिए मैं कंपैरिजन कर पाई। हो सकता है आपको ज्ञान ना हो। आप उसको सुनकर के यस कर रहे हो। लेकिन मैंने सनातन में एक बात सुनी है और शिवा जी खुद ज्ञानी है। मैं समझती हूं उन्होंने जहां शिक्षा ली है। उनके नाम में ही निश्चलवाद है। जिसमें बिल्कुल ही निश्चल तरीके से सुनाया जाता है भगवान का परिचय। आप क्या मुझे
00:22:29:06 भगवान का परिचय देंगे? सनातन भगवान का परिचय दे रहा है। ऐसे ऐसे हमारे यहां पर महान पुरुष हुए हैं जिन्होंने बहुत अपने जीवन से परिचय दिया है। सनातन क्या है? तो कंपैरेटिवली जब खाने पीने की बात हुई तो देखिए प्याज लहसुन मत खाओ। यह पवित्रता में आता है। मैं मान सकती हूं। कोई बात नहीं। यह हमारे यहां भी चलता है। सनातन में कोई वैष्णव है, कोई कोई है। बहुत ही अवधताएं हैं जिसमें हम लोग चलते हैं। ठीक है? जहां हम बटे हुए नहीं है खाने पीने पर। लेकिन जब आप यह कहते हैं इसी बुक में किसी के हाथ का बना हुआ मत खाओ। परिवार का बना हुआ मत खाओ। मां-बाप का बना हुआ मत खाओ। अच्छा आप भाई भाभी का बना हुआ मत खाओ। आपकी भाभी अपवित्र है क्योंकि वो भाई के यहां शादी हो के आई है। उस भाभी को भी अपने बेड पर मत बैठने दो। अपनी मां को भी अपने बेड पर मत बैठने दो। आप जी आपकी मां भी आपके लिए अपवित्र है। ये सब मैं आपको ये बुक पूरा भेजूंगी। ये पूरा मैंने मोड़ा हुआ है। ये खानपान की शुद्धि के लिए इसमें पूरे चित्रों के साथ
00:23:44:12 आपको दिखाया जाता है। देखिए आप बैठना कैसे है? सोना कैसे है? मैट्रेस कैसा होना चाहिए? सुनना क्या है आपको? पूरा चित्रों के अनुसार दिखाया है। खाली टेबल पे ऐसा बैठ के खाइए आप। ठीक है। सब कुछ है सर। प्रॉब्लमेटिक है। आप उसे आपको सोना कैसे है? इस तरह चित्र दिखाए जाते हैं। आपका बेड कैसे होना चाहिए? ठीक है। मैं ये नहीं कहती। आप बच्चों को रहने की, शांति की या अच्छे गुणों की शिक्षा मत दो। अगर इसमें अच्छे बच्चे लिखा है तो अच्छे गुण की वजह से ही तो खरीदा होगा ना। उस समय इसमें उन्होंने इसमें उन्होंने कोई रीजनिंग भी दी है पीछे से जैसे कि अगर मां अपवित्र है तो क्यों है? हां वो अपवित्र इसलिए है क्योंकि उसने आपको पैदा किया इसलिए अपवित्र है। इसलिए वो अपवित्र है। ओ हो अब सुनिए आप फिर और और जो भाई और जो भाभी आई है वो क्यों अपवित्र है? वो क्योंकि भाई के साथ है वो शादी होके आई है इसलिए पवित्र नहीं रही। गृहस्थ जीवन की वजह से अपवित्र है। जी और आप सोचिए कि बच्चे को बोल रहे हैं छोटे बच्चे को बोल रहे हैं जहां उसे
00:25:00:28 पता ही नहीं है कि लक्ष्मी नारायण क्या होता है लेकिन सनातन का निकला बच्चा तो जानता है ना कि पहले विष्णु है फिर राधा कृष्ण है यही है ना शिवाश जी या पहले राधा कृष्ण है फिर विष्णु है क्या है आप मुझे बताओ हमारे सनातन में दोनों मान्यताएं चलती है मतलब जब कृष्ण के भक्त हो जाते हैं तो उनके प्रति अनन्यता का भाव रखने के लिए अनन्यता का भाव रखने के लिए यह भी माना जाता है कृष्ण से सब कुछ प्रारंभ हो रहा है और विष्णु और कृष्ण में एक्चुअली भेद नहीं माना गया है तो उनका जो किसको मानेंगे कृष्ण को किसका अवतार मानेंगे आप ये नहीं कह सकते कि विष्णु कृष्ण के बाद है ये कहना मतलब ये स्पष्ट है। आप ये नहीं कह सकते विष्णु कृष्ण के बाद है। खैर हां मतलब यह मेथोलॉजी मुझे समझ में नहीं आई उनकी और उन्होंने इतने छोटे बच्चे को जो छह या सात साल का है उसको ये चित्र थमाया है इसी में अच्छे बच्चे में आप सोचिए अच्छे बच्चे बनने के लिए बुक है तो इसमें बोला है कि ये जो विष्णु है ना इसके बचपन का नाम राधा कृष्ण है और आपको राधा कृष्ण जैसा बनना है। ये तो फर्स्ट चैप्टर में ही पढ़ चुके हैं आप यहां पर ये
00:26:16:14 कि पहले उनके हिसाब से पहले द्वापर हुआ फिर उनके हिसाब से त्रेता हुआ फिर उनके हिसाब से कलयुग आता है तो पहले कृष्ण हुए फिर राम हुए उनके हिसाब से ऐसे है हमारे यहां ऐसा नहीं है [हंसी] ठीक है क्योंकि मैं जानती थी पहले कृष्ण नहीं आए पहले राम आए ठीक है इतना तो मुझे उस समय मालूम था उस समय की बुद्धि से बता रही तो खैर ये सारी चीजें इसमें ही हो जाती हैं। तो जो लोग मुझे ये कह रहे हैं मैं बहुत रोश में हूं उन लोगों के लिए जो बीके आकर के यहां यह कह रहे हैं कि आप ना तो अच्छे टीचर है ना आपको ज्ञान हुआ है ना आपने भगवान का परिचय लिया है। देखिए सनातन के अनुसार भी और जनरल नॉलेज के हिसाब से भी वो भी ज्ञान होता है जिन बातों को आपको इग्नोर करना है। यह भी ज्ञान की पराकाष्ठा है कि कुछ बातों को आपको इग्नोर करना है। यह भी नॉलेज है। कुछ नॉलेज को लेना है और कुछ नॉलेज को जिसको नहीं लेना है। मैंने शिवश जी की एक वीडियो देखी। मुझे बहुत अच्छा लगा। कुछ उषा बहन करके उसमें बता रही है इस्लाम के लिए। और शिवश जी बीच में टोक के कहते हैं बस इतना ही बताओ। इससे ज्यादा मैं सुन नहीं सकता।
00:27:31:27 मैं राइट बोल रही हूं ना आपको? जी जी जी। वो कुछ काबा के बारे में बता रही है। आप कह रहे हैं कि थोड़ा बस इतना ही बताइए। मैं उससे ज्यादा नहीं सुन सकता। तो मेरा भी यही था कि मैं उतना ही सुन सकती थी जितना मुझे यह पछ रहा था। जी जहां पर मुझे लग रहा था मेरे धर्म का अपमान हो रहा है। मेरी संस्कृति का अपमान हो रहा है। जहां मुझे तोड़ा जा रहा है। जहां मुझे धर्म से विरुद्ध किया जा रहा है। जहां मेरी संस्कृति खत्म की जा रही है। मेरे मां-बाप को मेरा दुश्मन माना जा बताया जा रहा है। मेरे भाई बहनों को मेरा दोषी बताया जा रहा है कि वो तो सबसे बड़े दोषी है। अगर वो आपको समझाते हैं इसका मतलब वो चाहते हैं कि वो आप भी गिरो। वो भी गृहस्ती में गिरेंगे। आप भी आपको भी गिराना चाहते हैं। वो गृहस्ती माना गिरी हुई हस्ती और गृहस्थ आश्रम मतलब आश्रम घर में रह के पवित्र रहना तो वो गृहस्थ आश्रम हुआ। इसमें पवित्रता का पूरा एक चैप्टर पढ़ाते हैं आप और छोटे बच्चे को पढ़ाते हैं। ये देखिए जो पवित्रता के विषय में जानता तक नहीं है उसे काम विकार के विषय में पढ़ाते हैं आप। ये देखिए। अच्छा जी जी। ठीक है। अब जो ये कह रहे हैं कि नीलिमा को ज्ञान नहीं है। नीलिमा को यहां से
00:28:47:01 ज्ञान है आपका। इतनी छोटी थी नीलिमा। ओके। ये बुक कभी भी चलती है। ये कभी भी चलती है। ये बुक अटेंड किया है। इनके यहां समर वेकेशंस पे बच्चों को बांटे जाते हैं और बच्चों को इकट्ठा इसलिए किया जाता है कि भारत का भविष्य खराब करना है इनको। भारत के गुरुकुल के बच्चों को तोड़ा जा सके। सनातन संस्कृति को खत्म किया जा सके इसके लिए ऐसी बुक्स बांटी जा रही है शिव जी जी और मेरे जैसे को शत्रु बताया जा रहा है कि मैं किसी धर्म के बारे में बोल रही हूं जिनका कोई धर्म भी नहीं है अगर मैं आपको चैलेंज करती हूं अगर ब्रह्मा कुमारीज में से सनातन की सारी चीजें हटा दी जाए तो चैलेंज की बात है मैं चैलेंज देती हूं ब्रह्मा कुमारी के पास जीरो ज्ञान है अगर सनातन की सनातन की जो सनातन की जो चीजें वो बोलता भी है तो वो भी वो है ना मैनपुलेटेड विकृति के साथ उसको सिर्फ फ्रेम किया गया है उनको उठाया गया है और बदला गया है चित्रण चित्र ले लिया है प्रतीक के लिए इससे सनातनी सनातनी यहां आ जाए जैसे वो जवान होता है बच्चा यहां से वो धीरेधी 12 13 14 साल में
00:30:02:02 जाता है तो ये बुक छपा दी जाती है एक मिनट एक एक क्वेश्चन रेज हो रहा है वो मैं जरा कर बताइए [गला साफ़ करने की आवाज़] आपने जो सबसे पहला टॉपिक लिया था ना बदलाव है ना आपने कहा था कि बदलाव हो रहा है कि पहले कुछ बताया गया था अब कुछ बताया जाता है और आने वाली जनरेशन को हो सकता है इस बारे में अगर आप कुछ कुछ अगर सामग्री है अगर कुछ बता सके तो बताएं क्योंकि मुझे कुछ कहना है सामग्री सामग्री आपको देखो नेट से निकाल अगर सामग्री नहीं है अगर सामग्री नहीं है तो आप बोल के बता दीजिए फिर बाद में हम ऐड कर लेंगे मैं बोल के बताती हूं जैसे इनके यहां पर समय-समय पर विनाश की बातें की जाती है। जी। सबसे पहले 90 में कहा गया। उसके बाद 200 में कहा गया। फिर 2015 में कहा गया विनाश हो जाएगा। अच्छा विनाश हो जाएगा। क्यों? क्योंकि अपना सब कुछ आप दे दीजिए जिससे कि हमारा यहां से मन उठ जाए दुनिया से और हम सब कुछ समर्पित कर दे इनको। फिर 2015 में हो जाएगा। 2025 में हो जाएगा। अब नया करिकुलम आया है इनके यहां 2036 में विनाश होगा। अपनी तैयारियां कर लीजिए। इसके अलावा और कोई चीज जो आपने बदलते हुए देखी हो
00:31:17:13 विनाश के अलावा वही मुरली के शब्द बदलते देखे। रोज की मुरली का रोज का डाटा बदलता था और वो कहते थे देखो भगवान की करामात है कि दादा लेखराज भी आज नहीं है तो भी मुरली आज की ही सिचुएशन पर चलती है लेकिन क्योंकि मैंने ज्ञान अमृत प्रेस में भी काम किया है शायद भूल गए हैं कुछ ज्ञान अमृत वाले लोग मैं छोटी थी बच्ची थी आप पहचान नहीं पा रहे मुझे उर्मिला बहन ने हाथ लगा के बुला के पूछा था नीलिमा क्या तुम मेरे पास ज्ञान अमृत में भी रही हो? हां, नीलिमा बहुत छोटी थी। आप बड़ी नीलिमा को पहचान नहीं पाई। तो उर्मिला बहन के पास ज्ञान अमृत प्रेस में सबसे पहले मैंने काम किया था। अच्छा। और वहां काम करते क्योंकि मेरी बुद्धि कौटिल्य बुद्धि थी। मैं बहुत क्वेश्चन करती थी। मैं बहुत सोचती थी और भगवान के प्रति बड़ी आस्था थी। तो मैंने वहां के एडिटर्स को सब कुछ चेंज करते देखा था। लेकिन मेरे पास उस समय कोई पावर नहीं थी कि मैं किसी को जाकर यह बोल सकूं। यह क्यों हो रहा है? लेकिन मैं क्वेश्चन तो करती थी। तो नीलिमा जी यहां पर जो है ना एक बहुत मजबूत आपका एक पक्ष है जो हम कोर्ट में रखेंगे कि जैसे
00:32:32:16 कि हम ये जो बात कह रहे हैं कि इनकी एक कोई स्टेटमेंट है जो बदल रही है। कोई भी एक स्टेटमेंट। तो सबसे पहली बात है मैं अपने सभी वीडियोस में एक बात कहता हूं कि जो भी व्यक्ति आकर के जो भी हमसे वैचारिक मतभेद रखता है वो हमें केवल तीन चीजें दे दे उन तीन चीजों में वो तीन चीजें आप जैसे ही आप दोगे तो हम आपके हो जाएंगे हम आपका प्रचार करेंगे मैं ये कहता हूं वो तीन चीजों में है उन तीन चीजों में है सर्वशक्तिमान ईश्वर परम स्वतंत्र मोक्ष शाश्वत धर्म ये तीन चीजें जो भी विचारधारा का स्वीकार कर रही है और उसका प्रचार कर रही है। ईश्वर सर्वशक्तिमान हो और मोक्ष परम स्वतंत्र हो और जो धर्म है जो चीजें बताई जा रही है वो शाश्वत हो नित्य हो स्थाई हो उनमें बदलाव नहीं होना चाहिए क्योंकि सनातन का स्वरूप भूत लक्षण ही है कि अपरिवर्तनशील अपरिवर्तनीय वो परिवर्तित नहीं हो सकता वो तो अगर ये चीज जो परिवर्तित हो रही है हालांकि जो मुरली हालांकि वो अपने आप में ही मुरली का डेली आना वो अपने आप में ही एक परिवर्तन है कि वो रोज कुछ ना कुछ आपको बताया जा रहा है। कोई नई चीज अगर आपको डेली
00:33:47:22 मिल रही है तो वो नित्य नहीं है। क्योंकि आज जो आपको मिला है वो पहले नहीं था। है ना? राइट राइट। तो एक तो ये बात हो गई। दूसरी बात आपने और इसके बाद व्यवहारिक स्वरूप में आपने ये मान लिया जब इन्होंने पहले कहा कि 90 में होगा, फिर 2000 में होगा, फिर 2015 में होगा और अब जो है 2036 में होगा। तो इसका अर्थ क्या है? अब यह इस्लाम से कैसे मैच करता है वह मैं आपको बताता हूं। तो यह इन्होंने मान मतलब इनके स्टेटमेंट सीधे-सीधे बदल रहे हैं। अब मैं आपको बताता हूं कुरान में दो 106 में लिखा हुआ है कि हम अगर कोई आयत बदल देते हैं तो उससे बेहतर आयत आपको देते हैं। अगर कोई आयत हम बदल देते हैं तो उससे बेहतर आयत आपको देते हैं। यानी कि उनके यहां भी स्टेटमेंट्स बदलते हैं। ठीक है? तो इस्लाम के जो इस्लाम के जो फॉल्ट्स है ना वो मैं आपको अभी बस दो तीन मिनट लूंगा। उसमें पूरा कर देता हूं। 2106 में वो 2106 में वो ये क्लेम करती है कि हम अपनी स्टेटमेंट अगर बदलते हैं तो हम उससे अच्छे स्टेटमेंट आपको देते हैं। इसका मतलब कि इस्लाम जो धर्म बता रहा है जो ज्ञान दे रहा है इस्लाम वो बदलता है और
00:35:02:24 यहां पर भी बीके का ज्ञान बदल रहा है। दूसरी बात इसका इसका हमको दो जगह पर उसमें प्रमाण मिलता है। कुरान में ही कुरान में दो जगह पर इस्लाम के बदलने का प्रमाण मिलता है। वो क्या है? पहला प्रमाण है दो 187 उसमें लिखा हुआ है कि आज से पहले स्त्री संग करना मना था रोजों की रात में आज से पहले रोजों की रात में स्त्री संग करना मना था मगर आज से अलऊ कर रहे हैं इसका मतलब कि पहले का धर्म कुछ और था और आज से ही हमने इस धर्म का परिवर्तन कर दिया तो यहां पे उसका जो नित्य था ना मतलब पहले मोक्ष मिलना था हां पहले मोक्ष मिलना था स्त्री संग बिना किए ना किए रोजों की रात में और अब मोक्ष मिलेगा आप कर सकते हो मतलब अब जो है मिल जाएगा पहले निषेध था और एक जगह और एक जगह कुरान में इस बात का सबूत मिलता है पांच 101 या 102 है जिसमें यह कह रही है कुरान कि ज्यादा प्रश्न मत करो वरना तुम्हारे लिए वो आयतें खोल दी जाएंगी जिन आयतों की वजह से जिन आयतों की वजह से आपके लिए वह आयतें खोल दी जाएंगी जिन
00:36:17:27 आयतों की वजह से कुछ लोग पहले बागी हो गए थे। मतलब कि कुरान जो है उसको कहने वाले ने पहले भी कुछ लोगों को ज्ञान दिया था तो उनमें से कुछ लोग प्रश्न करते थे तो वो प्रश्न के कारण ऐसी आयतें उनको दी गई थी कि वो लोग बागी हो गए। है ना? और बागी हो गए थे और उनके लिए बहुत कठिन हो गई थी जीवन इसलिए वो बागी हो गए। मतलब मान लीजिए कि पहले के लोग एक एग्जांपल ले रहा हूं कि पहले के लोग यह कह रहे थे कि हमें तो अपनी अ बहन से ही विवाह करना है। मान लीजिए पहले के लोग यह कह रहे हैं तो अ इन्होंने आयत ये दे रखी है इस्लाम ने मान के चलिए सपोज दैट मैं बोल रहा हूं कि नहीं नहीं बहन से विवाह मत करो। तो वो लोग बागी क्यों हो रहे हैं? जो मनुष्य हैं बागी क्यों हो रहे हैं? क्योंकि उनको बहन से ही विवाह करना है। ठीक है? तो अब क्या किया इस्लाम यह कह रहा है कि वो लोग क्योंकि बागी हो रहे थे इसलिए अब हमने कुछ उसमें थोड़ा सा नरमियत बरत है। बदलाव कर दिया। इसका मतलब क्या है कि पहले अगर बहन से विवाह ना करना धर्म था तो अब हमने बहन से विवाह करने को धर्म बना दिया।
00:37:33:15 मतलब मोक्ष को प्राप्त करने के लिए जो मार्ग है वह बदलता है। वो कभी भी सनातन नहीं हो सकता। वो भले ही तर्क की दृष्टि से उचित सिद्ध हो या ना हो वो एक अलग चर्चा हो जाएगी। मगर मोक्ष को प्राप्त करने का जो मार्ग है वह सनातन होता है। हमारा जो मार्ग है वो सनातन है। बदलता नहीं है। जो था है और रहेगा अनादि काल से। और यहां क्या हो रहा है कि पहली बात तो किसी देश काल परिस्थिति में वो आ रहा है। उसको लिखा जा रहा है। फिर उसके बाद वो खुद कह रहा है कि पहले कुछ और था। अब हम तुम्हें कुछ और दे रहे हैं। वो खुद इसको एडमिट कर रहा है और कहीं-कहीं पर उसने उसने यह किया भी है। तो तो यहां पर ब्रह्मा कुमारी भी अपने स्टेटमेंट चेंज कर रहा है। तो फिर ऐसे में उसको इस्लाम क्यों ना कहा जाए यह सोचने वाली बात है। जी तो ये जो आपने अभी अभी बोला कि प्रश्न नहीं करना है। तो इसके लिए भी अच्छे बच्चे में ये पूरी जो इसकी वो है इंडेक्स इस पूरी इंडेक्स के अंदर इसमें बताया गया है कि आपको प्रश्न नहीं करना है। आपको जी हां जी का पाठ पक्का करना है। ओो जी हां जी मतलब वह कहते हैं हां माना आस्तिक और ना माना नास्तिक। अगर आपने हां किया
00:38:48:19 तो आप आस्तिक हैं भगवान के और अगर आपने ना किया तो आप नास्तिक है। मैंने आपको एक फॉर्म भेजा है। बहुत जरूरी बात है शिव जी और बड़े प्रूफ के साथ ये ब्रॉडकास्ट करने वाली हूं मैं आपके साथ। मैंने एक फॉर्म भेजा है आपको जो समर्पित बहनों को भराया जाता है।
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00:39:09:20 तो इसके बाद का स्टेप आता है ये इसको पढ़िए आप मतलब बुक दिखा सकते हैं प्रिंटर्स को बोलिए आप ये बुक दिखा पालन ब्रह्मचर्य व्रत का पालन काम विकार पर विजय तो ये ज्ञान और योग रूपी अग्नि है। इस अग्नि में सब कुछ डालना है। सब कुछ डालना है। माना कुछ लोग ऐसे पीड़ित हैं जैसे असम से संजय जी ऐसे बहुत से उदाहरण है जिनको मैं दे सकती हूं जो इस बुक के कारण घर टूट गए हैं। यह मेन चीज है जिसके लिए मैं आपको बात कर रही हूं। मां से बेटियां टूट गई। पति से पत्नी टूट गई। पत्नी से पति टूट गया। उसका कारण यह किताब है। इसमें कोई काम विकार की बात इसलिए नहीं हो रही है कि वह काम विकार में खुद नहीं है। वहां खुद अगर आप आबू रोड थाने से आरटीआई डालकर पता करें कि ब्रह्मा कुमारी के खिलाफ दुराचार के कितने रिपोर्ट दर्ज है तो वो दुराचार के रिपोर्ट्स आपको सेंटर के
00:40:24:21 लोकल के थानों में से भी मिलेंगे जिसका उदाहरण मैं दे दूं तो सबसे सटीक उदाहरण होगा भोपाल भोपाल में केस दर्ज हुआ था सबसे सटीक उदाहरण होगा खुद था ना सबसे सटीक उदाहरण होगा ये समराइज कर देता हूं तो पहली बात तो इन्होंने हमने देखा कि ब्रह्मा कुमारी के द्वारा दिए जाने वाले स्टेट्स स्टेटमेंट्स यदि बदल रहे हैं तो इसका अर्थ है कि जो भी बदल रहा है वह सनातन नहीं है और सबसे बड़ी बात तो यह है कि खुद ही कहते आदि सनातन देवी देवता धर्म अब इनसे कोई अगर यह पूछ ले कि भैया जब जब आप खुद ही कह रहे हो उसको सनातन है तो उसको आदि क्यों कह रहे हो? यह बातें कई बार हो चुकी है। आपने देखी होंगी। तो आदि सनातन देवी देवता धर्म कह करके खुद ही सनातन का विरोध कर लेते हैं। उसके बाद में बदल भी रहे हैं स्टेटमेंट्स। तो स्टेटमेंट्स का बदलना यह इस्लाम का द्योतक है। अब्राहमिक विचारधारा का द्योतक है। और इसके साथ ही साथ प्रश्न ना करो। 5 101 इनके यहां कहा जा रहा है कि मतलब एक जीरी सी होती है ना। हां हां करो प्रश्न मत करो। जबकि सनातन क्या है? अथातो धर्म जिज्ञासा, अथातो ब्रह्म जिज्ञासा।
00:41:39:27 सुखदेव जी जन्म लेते हैं और ब्रह्म को जानने के लिए दौड़ लगा देते हैं। प्रश्न से शुरू होते हैं। हमारे सारे ग्रंथ प्रश्न से शुरू होते हैं। और इनके यहां क्या कहा जा रहा है? बस सुन लो। प्रश्न है नहीं। अभी एक व्यक्ति ने हमको कमेंट किया कि हमारे यहां सिखाया जाता है कि हम शास्त्रार्थ नहीं करते। इस इस आधार पर कमेंट किया कि हम लोग विरोध कर रहे हैं, प्रश्न पूछ रहे हैं तो उसका उत्तर ना दिया जाए। मतलब उसका उत्तर हम इसलिए नहीं देते क्योंकि हम शास्त्रार्थ नहीं करते। अब जरा सोच के देखिए कि मैं अगर प्रश्न मान मांग रहा हूं पहली तो मैंने उससे यह पूछा उस व्यक्ति से कमेंट में ही कि भाई शास्त्रार्थ आप कहते किसे हैं? हमने तो कभी नहीं कहा कि यह शास्त्रार्थ है। इसको आप प्रश्नोत्तरी समझे। इसको आप चर्चा समझें और अगर विरोध में या नकारात्मक प्रश्न पूछना जो आपकी चीजों का काउंटर जैसा लग रहा है ऐसे प्रश्न करना यदि आप शास्त्रार्थ मानते हैं या किसी का काउंटर करना किसी की बात को काटना यदि आप उसको शास्त्रार्थ मानते हैं तो आप यह बात लिख के अगर हम कह रहे हैं कि ब्रह्मा कुमारी जो है उत्तर नहीं दे पा रहा है उत्तर नहीं दे रहा है और आप इसमें समाधान प्रस्तुत कर रहे हैं कि वो इसलिए उत्तर नहीं दे रहा है तो यह भी तो आप हमारी हमारी बात को काट ही
00:42:55:03 रहे हैं। तो आप भी तो शास्त्रार्थ करने आ ही रहे हो ना। और फिर कहोगे शुरू किसने किया? तो शुरू तो आप ही ने किया क्योंकि हमारा अस्तित्व तो सदा से था। सदा से सदा रहेगा। हम तो वो है ना। है ना? मत पड़ो चक्कर में कोई नहीं। टक्कर में वाले हैं ना हम तो हमारा अस्तित्व पहले से था। तो शुरू तो आपने ही किया है। भगवत गीता की चीजों का उपयोग करना। रामायण की चीजों का उपयोग करना। लिए अपनी मनगढ़ंत बातें लिखना कि विष्णु बचपन का है और फिर द्वापर में राम जी का है। मनगढ़ंत मतलब विकृत स्वरूप प्रस्तुत करना तो यह आप ही का है। जो बदलाव है वो इस्लाम का द्योतक है। जो प्रश्न ना करने की बात है वो इस्लाम का द्योतक है। अच्छा सेकुलर बातें करके यह सनातन को तोड़ तो रहे हैं। साथ ही साथ खुद ही कह रहे हैं कि इस्लाम और सनातन में कोई अंतर नहीं। और यदि अपने आप को सनातनी कहते हैं तो भी इस्लामिक हो गए इनके अनुसार। तो ऐसे में कौन सा वो स्पेस बचता है जिसके आधार पर इन्होंने मुकदमा किया है? मुझे तो हंसी आ रही है कि भाई ये मुकदमा हुआ किस आधार पे है? दर्ज करने वाला कौन होगा? और इनका यह कहना विष्णु जी कृष्ण के बाद आते हैं। तो ये सब तात्विक रूप से सच्चाई नहीं है। जी बताइए। आ रहा है आवाज?
00:44:10:21 आ रही है आवाज। आपको आ रही है? इससे पहले आपको अपनी एक समस्या बताई थी और वही हुआ मेरे साथ ना जी अभी इस इंटरव्यू देते देते मुझे वकील साहब का कॉल आया था और थोड़ी समस्या है उनकी तरफ से समस्याएं बढ़ रही है तो अगर आप चाहे तो हम लोग अभी तो अभी हम चाहे तो बता दिया उनको सबको मालूम है उनको सबको मालूम है और जरूरी नहीं है कि हो सकता है कि कल मैं आपको यह सब बता पाऊं कि नहीं बता पाऊं। इसलिए मैं लाइव सब कुछ बता रही हूं क्योंकि उन लोगों ने उनके खिलाफ जाने वाले बहुत लोगों को छोड़ा नहीं। वो जिंदा नहीं है आज। फिर भी मुझे कोई डर नहीं है। लेकिन फिर भी मैं समझती हूं कि कुछ थोड़ी अवेयरनेस रहे तो ज्यादा अच्छा है। वो सब वो सब शंकराचार्य वो सब शंकराचार्य की शरण में नहीं थे ना। वो सब शंकराचार्य की शरण में नहीं। मुझे सच में इस बात पर विश्वास है लेकिन फिर भी थोड़ा सा बताना इसलिए जरूरी है। आज बहुत सुविधा हो गई है सोशल मीडिया की के आप इस दुनिया से जाने के पहले भी बता सकते हैं लोगों को कि
00:45:25:25 मैं शायद ना रहूं कल है ना अरे ऐसा जी बताइए वो लोग बहुत पीछे पड़े हैं शिवा जी उन लोगों को सिर्फ ये है किसी तरह नीलिमा को चुप किया जा सके आप समझिए मेरी बात बहुत सारी चीजें हैं आप बाबू रोड के मैं बोल रही हूं ना उस टॉपिक पे आती हूं आबू रोड के थाने से डालकर आप पता करिए कि जो काम विकार पे जीत की बात वो करते हैं या कभी शांतिवन कैंपस के अंदर कभी ज्ञान सरोवर कैंपस के अंदर या कभी कैंपस के अंदर ऐसी हरकतों का केस है जहां पर लड़कियों ने इल्जाम लगाए हो आरोपित हो आप आप जमानत पे हो किसी भी ऐसी संस्थान जहां पवित्रता की बात की जाती है। मेरे बहुत सटीक टॉपिक है। जहां पर काम विकार से विजय की बात की जाती है। जहां पर कंट्रोल किया जाता है इस चीज को कि आप हिंदू जनरेशन पैदा मत कीजिए आगे। तो यह कंट्रोल करने के लिए बुक चलाई जा रही है और वहां सिद्धांत बताया जा रहा है कि अगर
00:46:41:18 हमने कभी कहीं सुना कि आप अपवित्र हुए या कुछ ऐसा हुआ तो फिर आपको कोई भी सजा दी जाएगी। तो मैं चैलेंज करती हूं आपको। मैं चैलेंज करती हूं इस बात को कि ब्रह्मा कुमारी की जांच की जाए। जी जी कि जिस पवित्रता की बात वो कर रहे हैं वह खुद उसको कितना फॉलो कर रहे हैं। मैं इसको मतलब एक तरीके से एक तरीके से सीधे तौर पर ये षड्यंत्र जैसा नहीं लग रहा है कि हिंदू जनरेशन को इस तरीके से हिंदू के प्रतीक चिन्ह लगा के आप अपने पास बुलाओ। फिर उसको अब्राहमिक आइडियोलॉजी से जोड़ो और एक विनाश का डर बैठाओ जिसमें कि जिसके कारण वह अपनी सारी चीजों को छोड़कर के आपका हो जाए विनाश के विनाश वाले भय से और फिर जो है जो हिंदू की जनरेशन है जो एक हम लोग बहुत इस टॉपिक पर यह हमारा एक हॉट टॉपिक है जितने भी धर्म के रक्षक हैं या धर्म रक्षा के बारे में सोचते तो एक उनके सामने समस्या है कि जो बहुत तेजी से डेमोक्रे वो डेमोग्राफी बदल रही है। है ना? और हिंदू जनरेशन कम होती जा रही है। दूसरे जो विरोधी तत्व हैं उनकी संख्या बढ़ती जा रही है। तो एक तरीके से सीधा-सीधा षड्यंत्र है कि हिंदुओं को आगे अपनी जनरेशन बढ़ाने से पीढ़ी को
00:47:56:21 आगे ले जाने से ऐसा उनके मन को ही माइंड वाश कर दो कि वो अपनी चीज अपनी पीढ़ी को आगे ना बढ़ाएं ना ही संतान उत्पत्ति इत्यादि पे ध्यान दें। वो खुद ही खत्म करके संतान प्राप्ति तो तो बहुत बड़ा षड्यंत्र है ये तो। बहुत बड़ा षड्यंत्र है और इस षड्यंत्र को मेरे समझने को लोग मेरी बगावत बोल रहे हैं। लोग मुझे अज्ञानी ब्रह्मा कुमारी बोल रहे हैं। आप सोचो जी उनके हिसाब से आज के लोगों के हिसाब से जो आज के हार्ड कोर ब्रह्मा कुमार है कुमारियां है उनके हिसाब से मैं ना तो टीचर हूं ना मैं ज्ञानी हूं ना मैंने भगवान की प्राप्ति की है ना मैंने शिव को जाना है। मैंने सिर्फ वहां जाकर के उनकी कमियां देखी है। अरे कमियां क्यों देखती? मैंने तो अच्छाइयां भी देखी। तभी तो मैं वहां रही। अच्छाइयां क्या है? अच्छाइयां यह है कि आप एक ही चीज करते हैं जो बच्चे को पसंद आती है कि आप उसको अच्छी-अच्छ चॉकलेट ला के खिलाते हैं। बच्चे चॉकलेट के पीछे सब कुछ भूल जाते हैं। आज भी भूल जाते हैं। बच्चों की कमजोरी है। बच्चों को अच्छे-अच्छे गिफ्ट्स देते हैं आप। मां-बाप के गिफ्ट्स आप उनको छूने नहीं देते। आप कहते हैं मां-बाप का नहीं लेना। मोह माया
00:49:11:25 का है। ये इससे मोह आएगा। मां-बाप बादाम का दूध पिलाए तो आप कहते हो नहीं यह बादाम का नहीं यह मोह का दूध है। अगर आप पिलाए तो जहर भी अमृत है क्योंकि आप तो लक्ष्मी नारायण बना रहे हैं उनको। ये थी अच्छाइयां उनकी जो अच्छाइयों के पीछे बुराइयां है। बेसिकली ये बुराइयां है। समझे? तो ये मत बोलिए कि नीलिमा नहीं जानती। इसके तुरंत बाद जब वो काम विकार को छोड़ देता है तो इसी का चैप्टर दूसरा एक है हां जी मानसिक गुलामी की बुक है बेसिकली जी लिखा है इसके बाद जब आप हां जी करते हो तो इसको ऑटोमेटिकली हां जी करते हो शिव जी के मेरे सभी सभी घर गृहस्ती वाले सब विकारी है और मेरी मां भी दुश्मन मेरे भाई भी दुश्मन मेरी भाभी भी दुश्मन मेरी मेरी बहन जो दूसरे के यहां शादी करके चली गई वो दामाद भी दुश्मन वो बहन भी दुश्मन जिसने जिसको छुआ वो दुश्मन है समझ लीजिए मैं जो बता रही हूं हम इतना गंदा ज्ञान है ये जिसको ये ज्ञान बोलते हैं ज्ञान नहीं है ये भ्रामक सनातन विरोधी प्रचार है ये अगर मैं हिंदी के अच्छे मैं हिंदी
00:50:26:28 के स्टूडेंट हूं बहुत अच्छे हिंदी के वर्ड्स जानती हूं ये भ्रामक सनातन विरोधी सामग्री है जिसको समाज के अंदर सनातन संस्कृति को खत्म करने के लिए भेजा जा रहा है। जहां पर मुझे आप भेजते थे ज्ञान सुनाने जो वीडियोस श्रीमान जी ने देखी है वो वीडियोस में मैं क्लियरली दिखती थी राम के विषय में चर्चा करती हुई ऋषियों के विषय में चर्चा करती हुई अपने सनातन के विषय में चर्चा करती हुई और मेरे मेरे जितने भी सेंटर्स के स्टूडेंट मुझे जानते हैं आज वो सभी ब्रह्मा कुमारी सेंटर्स को छोड़ चुके हैं मेरे साथ और वो कहीं किसी ब्रह्मा कुमारी सेंटर में नहीं गए क्यों क्योंकि नीलिमा बहन के पास जो पालना मिलती थी वो तो कुछ और थी और जो उनको दूसरी जगह सुनने को मिलता है वह कुछ और है। मैं अपना कर्तव्य पालन कर रही थी। सिर्फ ब्रह्मा कुमारी का ज्ञान सुन सुनाने के लिए मैं कोई बाध्य होने के लिए संस्कृति को धारण नहीं किया था। मैंने सन्यास धारण किया था धर्म का प्रचार करने के लिए और क्योंकि आपने सनातन के पिक्चर दिखाए थे क्योंकि आपने शिव के विषय में बात
00:51:42:04 बताई थी क्योंकि आपने श्री कृष्ण और विष्णु की बात की थी इसलिए उस कांच को उस कच्चे कांच को देख के मैं कच्ची उम्र में आपके यहां आई। आज आप मेरी कर्कश भाषा सुनिए। आपको बहुत प्यार से बोलने वाली ब्रह्मा कुमारी पसंद है। वो टीचर है जो आपके सामने बोलेगी। ओम शांति ठीक है ओके मैं ऐसा नहीं बोल सकती क्योंकि मेरे जीवन के हार्ड कोर यंगेस्ट टाइम का वो वैल्यूुएबल पीरियड गया है जब मैं कुछ बन सकती थी कुछ लोग यह कहते हैं कि यह कलर कपड़े पहन के आ रही है। यह ब्लैक कपड़े पहन के आ रही है। यह ग्रीन कपड़े पहन के आ रही है। क्या पहनना चाहिए आपके हिसाब से? आप तो किसी की बॉडी शेमिंग करो तो भी आप ब्रह्मा कुमार पवित्र हैं। आप किसी के लिए कुछ भी करो। देखो आप सुबह नाश्ता करते हैं। अ वहां स्प्राउट्स खाते हैं आप। ठीक है? आपके चेहरे पर लालिमा रहेगी। आप जूसेस पीते हैं। आपके चेहरे पर लालिमा रहेगी। आप काम नहीं करते, नौकरी नहीं करते। आपका पूरा फ्रेश दिन रहेगा क्योंकि आपको सिर्फ आराम करना है। लेकिन नीलिमा
00:52:57:08 का यह दूसरा जन्म हुआ है क्योंकि नीलिमा का हार्ड कोर समय वहां चला गया जब वह कुछ बनना चाहती थी। इसलिए नीलिमा के तो आंखों के नीचे भी अब गड्ढे हैं क्योंकि वो बाद में पढ़ी। उसने पढ़ाई की। अब तो नीलिमा का वो शरीर भी नहीं रहा। जब वो अपने आप को आपके यहां रखती थी। अब तो नीलिमा कैमरे के सामने बैठती है। मॉनिटर के सामने बैठने का ड्यूटी है। मैं जिम नहीं जा पाती हूं। मैं कोई ऐसा काम नहीं कर पाती हूं। लेकिन आपने मुझे एक अच्छा घर का काम करना सिखाया है। झाड़ू पोछा करना मुझे बहुत अच्छा आ गया जो मेरे परिवार में किसी को नहीं आता लड़की को। मुझे खाना बनाना बहुत अच्छा आता है क्योंकि आपकी मैं नौकर थी। मैं 25-25 बहनों के खाने बनाती थी। मुझे कपड़े धोने बहुत अच्छे आते हैं। मुझे घर का सब काम आता है।
00:53:50:00 लेकिन मेरा वो समय चला गया जब मुझे पढ़ाई करनी थी। जब मुझे पढ़ना था, मुझे आज सब कुछ आता है। मैं 50-50 मेहमानों का खाना हलवाई की तरह अकेले बना सकती हूं। लेकिन बाद में पढ़ना भी था क्योंकि तुमको छोड़ना था क्योंकि समाज में रहना था। खुद को स्टैंड करना था और आपने मेरी वो टाइम भी नहीं छोड़ी कि मैं कोई सरकारी फॉर्म भर लूं। मैं कोई नॉर्मल पढ़ाई कर लूं तो जहां मेरा भाई था फिल्म लाइन में वहां मुझे अच्छा राइटर बनने का मौका दिया उसने। उसने बोला ये जो आपने भागवत रामायण सबका दीदी अध्ययन किया है ना आप इसको मुझे लिख के देना। हम आध्यात्मिक सीरियल बनाएंगे। हम आध्यात्मिक कुछ बनाएंगे। आप कुछ कम लोगों को सुनाती हो सेंटर पर। जब आपके लिए सीरियल बनेंगे, पिक्चर बनेंगे तो लोग अच्छे से देखेंगे। ऐसे करके वो मुझे लिंक निकाल के लाया। भाई उसको बोलते हैं। भाई उन्हें नहीं बोलते। जो वहां बहनों पर अत्याचार होते हैं और वह कुमार
00:55:05:03 जो अपने घरों से गए हुए हैं वो वहां तमाशबिन बनकर तमाशा देखते हैं। भाई वो होते हैं अगर बहन भी छोड़ दे तो भी भाई नहीं छोड़ता। मेरा भाई वैसा निकला। मेरे भाई ने मेरे साथ वो किया जो एक बहन को किसी दलदल से निकाल के लाता नहीं। और वो एक सितारा बना के उसको बिठा देता है। वो छोटा था मुझसे। मैं बड़ी थी उससे। कभी मैंने उसे सपना दिखाया था। छोटी थी ना मैं शान जी तो टीवी खोल लेती थी। टीवी खोल कर बोलती थी। ये देखो ये अंदर है ना ये बाहर आके इनसे बात करेंगे तो पहला स्क्रीन खोल दिया। दूसरा स्क्रीन खोल दिया। कोई नहीं आया। मुंबई जाना था मुझे बचपन से। मेरे को सपने थे कि मैं कुछ अच्छा करूं। टीवी पे आऊं कुछ करूं। लेकिन फिर ज्ञान मिल गया। मैं वहां चली गई। मेरे भाई ने कहीं यह देखा था बचपन में कि दीदी बड़ी इस टाइप की है कि बड़ी क्रिएटिव है। एक दिन वो बॉम्ब चला गया पढ़ाई के लिए और मुंबई रह के उसने पढ़ाई की और धीरे-धीरे नाम भी हो गया। बहुत नाम चेंज है आज वो। उसने मुझे कन्विंस किया। दीदी आप छोड़ दो ये सब। आप लड़ाई लड़ो।
00:56:20:04 आप उनसे स्वाभिमान की लड़ाई अस्तित्व की आप लड़ाई लड़ो। लेकिन आप कामयाब भी हो कुछ पढ़ो। सिनेमा में अच्छा मैंने कहा सिनेमा में जाने के लिए तो कुछ करना नहीं है। कहा नहीं नहीं ऐसा नहीं है डिग्री लेनी पड़ेगी आपको पढ़ना पड़ेगा नेपोटिज्म जैसी कोई चीज नहीं होती आपकी विशेषताएं आपको आगे बढ़ाएंगी मैंने एडमिशन लिया शिव जी सेंटर चलाती थी मैं कलर कपड़े पहनती थी मैं कैप करती थी मुझे रास्ते नहीं पता थे मैं रास्ते नहीं जानती थी क्योंकि इन्होंने मुझे कहीं बाहर नहीं निकलने दिया कभी तो मैं कैब करती थी वाइट साड़ी पहनती थी 7:00 बजे क्लास कराती थी 7:30 साथ तैयार होती थी। 9:00 बजे निकलती थी। 10:00 बजे नोएडा पहुंचती थी। क्लास में बैठती थी। मेरे साथ वाले क्लास के बच्चे मेरी उम्र के नहीं थे। पर मैंने हिम्मत रखी। 20 22 साल के बच्चे जिधर मैं बैठती थी ना चेयर पे वो लाइन छोड़ देते थे बच्चे क्योंकि मैं बड़ी उम्र की थी उनसे। मैंने वो किया। इधर ब्रह्माकुमारी के लिए मुकदमे लड़ाई। इधर अंदरूनी लड़ाई लड़ रही थी मैं जो मेरे अंदर चल रही थी। उधर परिवार की लड़ाई थी कि पूरी तरह छोड़ के आ जाओ।
00:57:35:15 और ये कहते हैं कि नलिमा को कुछ नहीं पता। बहुत बड़ा समय तो नीलिमा जी आप आपको जो इन्होंने जो आप मतलब एक कहने का तात्पर्य यह है कि एक तरीके से इन्होंने बंधुआ मजदूरी जैसे कराई आपसे वहां पर जो जो आपने कि आपको इन्होंने और कुछ नहीं सीखने दिया। मगर जो एक श्रमिक को आना चाहिए ना श्रमिक जैसे व्यक्ति को श्रमिक वर्ग के व्यक्ति को 50 लोगों का खाना बनाओ कपड़े धो ये सब आना चाहिए। तो वो आपको सब आ गया और बाकी जो आप बाकी जो आप जीवन में और शिक्षा प्राप्त कर सकती थी वो सब मैं आपको बता सनातन बच्चा जो है ना वो बहुत एक्टिव होता है उसके अंदर डीएनए में होता है शायद ये मैं फटाफट काम करती थी फटाफट स्टेज पे भी जाती थी फटाफट बुक्स भी पढ़ती थी मैं जब भी बाजार में जाती थी कहीं राखी वाखी बाद में किसी के साथ माताओं बहनों के साथ भेजते हैं तो मैं नईनई बुक्स खरीद के लाती थी। मैंने स्टडी वहां भी शुरू रखा। कभी रामायण, कभी भागवत, कभी कुछ, कभी कुछ। तो वो मैं पढ़ती थी जिससे इनको प्रॉब्लम था। ये 1:00 बजे से ले
00:58:50:24 3:30 बजे तक सोते हैं। दोपहर में आंधी आए, तूफान आए, कुछ भी आए, दोपहर में ये लोग नहीं जागते। हर सेंटर पर ताला बंद करते हैं, सो जाते हैं। कुछ भी हो यह लोग दोपहर में नहीं उठते हैं क्योंकि इनको तो कुछ करना नहीं है। तो मैं सोचती थी ये दोपहर का टाइम है जब बहने सो रही है तब मैं वो पढ़ती थी। आज ये पूछते हैं कब रामायण का पाठ कर लिया? कब भागवत पढ़ ली? कब कर लिया? तो मैं इनको बताती नहीं थी। आज मेरे पास पूरा मेरा बेड भरा हुआ है। इतनी बुक्स हैं। इनकी भी बुक्स हैं और मेरी खुद की स्टडीज की भी बुक्स हैं। अच्छा जिसका पढ़ाई छूट जाए ना उसको ज्यादा लगता है कि पढ़ना है। ठीक है? तो वो पढ़ पढ़ के पढ़ पढ़ के इतना ज्यादा हो गया कि आज इनको ये लग रहा है कि ये ज्यादा नॉलेजेबल किधर से हुई? कब ले आई? तो वो होता था। इसके तुरंत बाद की बुक मैं आपको बताऊं जो मेरे मन में आज मैं बुक्स पर बात इसलिए कर रही हूं आपसे कि ये लोग कहीं भी बोल रहे हैं ऑथेंटिक नहीं है। जो ये सुना रही है वो ऑथेंटिक नहीं है। मैं इसलिए आज आपको कुछ चांस कम दे रही हूं प्रश्नों का। थोड़ा सेंसिटिव इशू है। उसको हम आप से पढ़े।
01:00:05:25 आपसे मैंने मुझे उम्मीद भी नहीं थी कि मेरा फिल्म सिलेक्शन हो जाएगा। मेरा कुछ उन बच्चों का नहीं हुआ। लकीली मेरी फिल्म स्क्रीनिंग हुई। पूछा गया यह किसने डायरेक्शन किया है? मैंने एक बाप और बेटी पर फिल्म बनाई माइंड स्टोन जो बच्चे ड्यूरेशन में एक घंटे में कर पा रहे थे वो मैंने 20 मिनट में किया। क्योंकि मैं तो चोट खाई हुई थी। मुझे तो कामयाब होना था। और आप सोचिए कि मैं 150 बच्चे को पछाड़ते हुए एक फिल्म की मेरी स्क्रीनिंग हुई और वो फिल्म सिलेलेक्ट हुई फेस्टिवल में और मुझे मुंबई भेजा गया। मैं उस दिन भी बहुत रोई कि नील ना तेरा चांस नहीं लगना था। ये चांस कैसे लगा? जब मैं मुंबई आई ना तब इन लोगों को मेरे पे बड़ा प्राउड हुआ। शिवान जी अचानक से इनको मेरे पे प्राउड आ गया। इन्होंने मुझसे कांटेक्ट करना शुरू कर दिया। वैसे बाहर के लोगों को फिल्म लाइन वालों को ही अच्छा नहीं समझते। लेकिन यह कहीं से कोई वीआईपी आए तो भी बहुत अच्छा है। कोई बाहर से इनके जानने वाला पैसे वाला आए तो भी बहुत अच्छा है। लेकिन जब मैं आई तो इनको लगा कि हमारे जो फिल्म है या हमारी जो चीजें हैं उसमें ये काम आएगी। इसकी भावना है तो मेरे से करुणा करा
01:01:20:26 शेट्टी इनके मीडिया के चीफ वो यहां मिलने आए बॉम्बे में मुझसे और मुझे देख के बोलते हैं तुमने तो साम्राज्य बना लिया तुमने तो दोबारा से जीवन शुरू कर दिया तो मैंने उनसे बोला कि मर जाना चाहिए था खत्म कर देना चाहिए था खुद को तो बोले ये केसेस वापस ले लो नीलिमा अब तो तुम्हारा जीवन बदल गया मैंने कहा नहीं केसेस वापस लेना मेरे जीवन से कोई लेना देना नहीं है उसका। मैंने जीवन जीने का इसलिए निर्णय किया कि बुदिल नहीं हूं मैं। मैं कहीं किसी ट्रेन के नीचे जाके कोई जहर खा के मर नहीं पाई क्योंकि भाई होता है ना वो बड़ा सहारा होता है। आपने सुना होगा यहां पे भी मैं फिर रामायण की बात करूंगी। फिर यह चिढ़ जाएंगे बीके के यहां फिर सनातन की बात कर रही है। वो कैसे भाई बहन के रिश्ते की बात क्योंकि अब राखी भी आने वाली है शिव जी। एक सीता जी का एक नाम वो है क्या बोलते हैं दूप का नाम है ना दूब को क्या बोलते हैं संस्कृत में दूवा धूप घास दूरवा का एक संस्कृत नाम भी है ना भूमि होता है
01:02:37:01 भूमि भूमिज तो सीता जी का एक नाम भूमि जा भी है भूमि तो वो भूमि जो है ना वो जब रावण आता था ना तो उसको वो दिखाती थी तिनका तो वो रख देती थी वो कहती थी ले इसे पार कर ले फिर मेरे तक आना तो वो जो भूमि था ना वो भाई था तो वो भूमि भी है तो एक तिनके जैसा भाई भी एक बहन की रक्षा कर सकता है मेरा तो बहुत बलवान भाई था ये रक्षा इसलिए हुई है इसमें ब्रह्मा कुमारी का कोई क्रेडिट नहीं है कि मैं जीवित हूं। ठीक है? तो मैंने इनके लिए इनकी फिल्म बनाने के लिए मना कर दिया। वो मेरे पास प्रपोजल लाए थे लेखराज दादा के ऊपर फिल्म बनाने के लिए। अच्छा [हंसी] हां जी ये बेशर्मा ये बेशर्माई की अदनी हो गई देखिए आप है ना अच्छा उसके बाद [हंसी] हां मतलब जिस व्यक्ति का जीवन खराब हुआ जिस व्यक्ति को बेइ्जत करके अपमानित करके निकाल दिया जिस व्यक्ति को टॉर्चर कर रहे हैं मानसिक रूप से शारीरिक रूप से भी वो आपने बताया कि इधर ले गए वो पुलिस में पिछले वाले में आपने बताया था मारा भी गया तो जिस व्यक्ति के साथ इतना सब कर रहे हैं। उसके बाद भी यदि वह व्यक्ति बाहर
01:03:52:12 जाकर के चमक रहा है। उसका भविष्य उसका जो जीवन है वह चमकता हुआ दिखाई दे रहा है तो दोबारा उसके पास आ रहे हैं और अभी भी यह उम्मीद नहीं कर रहे हैं कि ये व्यक्ति मेरे लिए कुछ करेगा। तो ये लेकिन शिवांगी उनकी गलती नहीं है। गलती मेरी है। मैं बहुत भावनात्मक थी। इस प्रकार के आचरण को लतखोर कहते हैं। लतखोर जैसे जो कुछ नशेबाज होते हैं। देखिए जो जिस स्तर का व्यक्ति होता है मैं उसको थोड़ा सा उसी स्तर के शब्दों से संबोधित करता हूं। तो जैसे जो नशेड़ी और भंगेड़ी और यह नशेबाज टाइप के लोग होते हैं जो वो क्या करते हैं कि नशे को प्राप्त करने के लिए वो जैसे जहां से नशा मिलने का वो है अपेक्षा कर रहे है ना संभावना है तो वो क्या करेंगे उसके दो दो चांटे मार दिए जाए कि भाई वो पिला दो ना मुझे वो दो कश ले लेने दो तो दो चांटे मारे जाए उसके बाद भी चलो चलो अब चलो अब दे दो चलो अब दे दो क्योंकि वो लत वो लतखोर हो जाता है तो वो हर प्रकार से अपमानित होते हुए भी हर प्रकार से दुश्मन होते हुए भी विरोधी होते हुए भी बेशर्मों
01:05:07:20 की तरह लतखोरी करता है और फिर वही मांगता है जिसके लिए आया है क्योंकि उसको वही दिख रहा होता है। जैसे वो होता है ना जय भद्रकाली आप लोग को तो मालूम होगा हाउसफुल टू में जय भद्रकाली पैर पकड़ लेता है है ना बाहर आके कहता है ये तो मेरे बाएं हाथ का खेल था मगर [हंसी] वो उसको लतखोरी कहते हैं इस प्रकार की बेशर्मी और बदनाम मां है जी मैं सिर्फ इतना कह रही हूं कि इनको अगर वीआईपी है पैसे वाला है बाहर की दुनिया में कुछ भी करे वो इनको चलेगा लेकिन जो जो ब्रह्मा कुमार कुमारी है वो इनके गुलामी से अगर बाहर निकला और इनके नियमों को तोड़ के कुछ और बोलने का प्रयास मात्र भी किया वो बाहर की दुनिया में अछूत है। खराब है। बेकार है। इसे वो लोग मानसिक तौर पर इतना पीड़ित कर देते हैं कि तुम्हें अगर हमने निकाला है ना तो तुम्हारे में बहुत कमियां है। तुमसे गंदा कोई नहीं है और दुनिया में तुम्हें कोई पूछने वाला नहीं है। इसीलिए मैंने खुद को प्रूफ किया है शिव जी कि जरूरत मुझे तुम्हारी नहीं है। एक दिन तुम्हें मेरी जरूरत पड़ेगी और वो पड़ी और जब मैंने वो फोटो रिलीज किए तो
01:06:23:03 मेरे को कॉल आया करुणा जी का उन्होंने कहा तुम पर विश्वास करने लायक तो नीलिमा तुम नहीं रही अब क्या कौन से फोटो थे मैं अभी मैं फोन से ही कनेक्ट हूं नहीं दिखा पा रही हूं मैं आज लैपटॉप से कनेक्ट नहीं हूं आपके पास तो करुणा जी आए थे सोसाइटी में मैंने पहली बार उनके सामने कलर कपड़े पहने हुए थे। मैं मुझे कहा भी भाई ने कि साड़ी पहन लो। सेक्रेटरी जनरल और ब्रह्मा कुमारी जा रहे हैं। तो जब मैं कुछ नहीं हूं शिवश जी जब मैं कुछ भी नहीं हूं तो जो बी के यहां पे कर रहे हैं। मैं कह रही हूं मैं मैनेजमेंट में थी। वो कह रहे हैं ये कुछ भी नहीं है। झूठ बोल रही है। ये पागल है। ये कोई टीचर नहीं थी। क्योंकि वो आज के लोग हैं। वो करुणाकारा शेट्टी से पूछे जाके। मैं तो नाम ले रही हूं। सेक्रेटरी जनरल करुणाकारा शेट्टी उनको पूछो कि मुंबई नीलिमा बहन से मिलने आप क्यों गए थे जिसके फोटो उसके पास है जो रिलीज किए उसने क्योंकि मुझे इसलिए दिखाने पड़े क्योंकि वो यहां आते थे मिलते थे और लोगों से बोलते थे नहीं हमारा कोई कनेक्शन नहीं है उससे इसीलिए लोग भ्रमित है कि नीलिमा कौन है ठीक है तो वो यहां आए मुझे भाई ने कहा
01:07:38:14 फिर भी आपको अगर लगता है कि जो भी लोग देख रहे हैं वो इस बात पर चिंतन और मनन अवश्य करें कि किस प्रकार से आप अभी कुछ दिनों पहले हमने एक मां की कहानी देखी थी जिसकी बेटी शायद नीलिमा ही थी। यही एक नीलिमा है जिसकी बेटी का जीवन इस समय बर्बाद हो रहा है। ब्रह्मा कुमारी जैसी वो जो ब्रह्मा कुमारी का सन ऑफ ब्रह्मा कुमारी आध्यात्मिक विश्वविद्यालय के रूप में तो वह वही स्टोरी उसकी बेटी का आगे का जीवन क्या होने वाला है वो आप यहां पर देख रहे हो। उस समय का जीवन उसका कैसा होगा? तो वो आप नीलमा जी के पास्ट से जब वो ब्रह्मा कुमारी में थी। बिल्कुल बिल्कुल वो ऐसा ही है जैसा मैंने आपको बताया ना वो बिल्कुल वैसा ही है। ये मैं आपको भेज चुकी हूं। आपके WhatsApp पे है कि मैं जी मैं हूं। अच्छा जब मैंने अच्छे बच्चे पढ़ा था। जब मैंने अच्छे बच्चे पढ़ा था। ये वो चाचा जी है जो निर्ेयर भाई हैं। अच्छा अंकल बोलते थे हम इन्हें। और ये मैं बड़ी होने लगी तो फर्स्ट ट्रेनिंग का फोटो है। यहां पे मैं 13 14 साल की हूं। ये ट्रेनिंग
01:08:53:15 कराई गई है मुझे। ये लोग बोलते हैं ना कि टीचर कैसे रही? तो ये नडिया ट्रेनिंग करी है मैंने। मैंने उसमें राउंड किया है जहां पे मैं हूं। ईयर बता दीजिए आप इसमें। थोड़ा थोड़ा थोड़ा थोड़ा बड़ा कर दीजिए ऑपरेटर जी वो जो पिक्चर है पीछे वाली पीछे वाली पीछे वाली भी लिखा है उसप वो सर्टिफिकेट वो देते हैं टीचर्स ट्रेनिंग इसमें आपने सर्किल हां आपने सर्किल बनाया है और बड़ा हो सकता 2010 होगा 208 ए ए में मैंने टीचर ट्रेनिंग की थी जी जी जी ये तो मैं 12 12 से 13 साल की थी तब जी और तो बिल्कुल आपको ये नहीं कहा जा सकता है कि आप जी ये नहीं कहा जा सकता ना कि मैं टीचर नहीं रही हूं। बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल इसमें इसमें कहां पर है आप? इस पूरे पूरे के पूरे फ्रेम को देखिए कि अगर रो में सबसे फर्स्ट नंबर पे कोई बैठा है तो वो आज किस लेवल पे होगा। जी आप पहचानिए सबसे आगे आप है ना ये ये ये मैं बैज
01:10:09:01 लगा है जो जिसने कंधे पे हाथ रखा है कंधे पे हाथ रखा है जी जी स्टाइल तब भी थी आपकी ये जितनी भी है ये सब आज बड़े-बड़े सेंटर के इंचार्ज है जी जी जी जी वो जो एक एक सब बहुत वो जो एक स्वाभिमानी व्यक्ति होता है ना उसके उसके व्यक्तित्व में एक प्रभाव होता है वो यहां वहां पर भी दिख रहा है आपकी फोटो जो आपने अपने साथ वाली दीदी के ऊपर हाथ रखा हुआ है। वो मेरी फ्रेंड है आज भी वो आज भी मुझे प्रोडक्ट करती है सब लोग ये सब बहुत अच्छे विचारों के है लेकिन छोड़ नहीं पाए उन्हें जी चलिए नीचे चलिए और आगे चलिए जी प्रजाप ये एक सर्टिफिकेट है जो वो लोग देते हैं कि मेरा मेरा मर मरदित बहुत व्यवहार था जो आज कहते हैं मैं मरदित नहीं हूं उनको ये देखना चाहिए ये पढ़ ये पढ़ के सुना दीजिए आप एक ब्रह्मा कुमारी जिस किसी से भी संबंधित हो ब्रह्मा कुमारी नीलमा बहन प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की राजयोग शिक्षिका हैं जो कि पिछले 15 वर्षों से संस्था के नियम मर्यादाओं पर चलकर वर्तमान समय दिल्ली
01:11:24:12 जोन में अपनी सेवाएं दे रही हैं। इनके प्रति संस्था के मुख्यालय में कोई भी विवाद अथवा शिकायत नहीं है। संस्था इनकी उन्नति व उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं। करते हैं इति ईश्वरी सेवा में बी के करुणा जी का और बी के भूपाल जी का बी के करुणा जी जनसपर्क अधिकारी एवं प्रभारी मल्टीमीडिया थे उस वक्त आज सेक्रेटरी जनरल है अच्छा अच्छा मैं इससे एक चीज और पूछना चाहता हूं एक मिनट कर दीजिए कर रही हूं मैं आपसे अच्छा ये जब आप वहां से आ गई है आपकी पिछले साल आपसे मिलने आए जी पिछले साल ये मुझसे अपनी फिल्म का प्रपोजल लेके आए हैं। अच्छा ये इतने सब हो जाने के बाद ये मेरे ब्रदर है छोटे वाले मतलब इनसे वो दिख रहे हैं हां वो दिख रहा है ब्रदर है वो आपके दिख रहा है ये मेरे ब्रदर है ये भी सारे गामा में है और ये मैं हूं ये करुणा जी है और ये बराबर में जो बैग ले बैठा है ना ये सुखबीर भाई है जिन्होंने मेरी जिन जो मेरे रथवा रहे जिन्होंने इनोवा गाड़ी
01:12:39:15 इन्होंने मुझे दी थी जो मेरे रथ रहे। अच्छा मतलब आपकी गाड़ी चलाते थे इनोवा जी जी और ये मेरी फैमिली है जिससे मिल रहे हैं करुणा जी जिन्हें मैंने अपना सोफा दिया। कहते हैं गुरु को अपनी गद्दी देनी चाहिए। मैं गुरु ही मानती हूं उनको। तो मैंने अपनी गद्दी इनको सौंपी और मैंने कहा आप यहां बैठिए। यहां विराजमान होइए और करिए संतुष्ट मेरे परिवार को कि मैं आपके पास आऊं वापस। तो डिस्कशन देखिए कैसे हो रहा है। आप वो वाला फोटो देखिए। वो मेरे बड़े भाई है, चाचा है। वो सब नाराज है। वो चाय दे रहे हैं, पिल पी रहे हैं लेकिन वो सब नाराज है इनसे। अच्छा
01:13:26:02 जी। तो ये डिस्कस कर रहे हैं कि नीलमा से कहो केस वापस ले ले। यह फोटो आपने जो रिलीज कर दी थी, पब्लिक कर दी थी तो उसके लिए वह आपसे पूछ कह रहे थे कि आप पर भरोसा करने लायक नहीं है। अब आप भरोसा करने लायक नहीं है। लेकिन क्या करें कुणाल जी? उनके आसपास रहने वाले सभी लोग मेरे दोस्त हैं। इसका अर्थ यह है कि वह झूठ भी बोलते हैं। यह वह खुद ही एडमिट कर रहे हैं क्योंकि वो आ रहे हैं फोटो हैं और फिर भी कह रहे हैं कि आपसे उनका कोई संबंध नहीं है। जी जी मुकदमे भी एक चीज मैं आपसे पूछना चाहूंगा क्योंकि ये एक मुझे कॉर्पोरेट जैसा लगता है। मगर मुझे लगता है कि कोई तो एक मस्तिष्क होगा ना। इसके पीछे जो टॉप पे होगा वो कौन है? क्या नाम है? जी। जी वो मस्तिष्क जो है जो टॉप पर है एक्चुअली वो दादा लेखराज एक कासेप्ट दे चले गए जैसे रजनीश ओशो का कासेप्ट आज कौन है आज हेड कौन है आज आज करुणाकारा शेट्टी जो मेरे साथ बैठे हैं अच्छा ये मान लीजिए ये ओनर है एक तरीके से ये ओनर है ये ओनर है एक तरीके से इनके बिना वहां पत्ता नहीं हिलता है ओके और सोचो ये
01:14:41:08 लोग अगर मुझसे मिलने आ रहे हैं तो कुछ तो मैनेजमेंट में मैं इज्जत रखती हूं शिवा जी। बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल अच्छा तो इसका अर्थ है इसका अर्थ है हम लोग ये माने कि अगर हम लोग बीके से टकरा रहे हैं या बीके की मान्यताओं को बीके के प्रचार को बीके की विचारधारा को चुनौती दे रहे हैं उसके चीजों को हम चुनौती दे रहे हैं इसका मतलब है हमारी जो अगर वहां का एक चेहरा हम ले कि किसके साथ हमारा वो है विरोध सीधे क्लैश किसके बीच में तो हमारा क्लैश है यह जो करुणाकर जो आपके महोदया हैं फिर बताती हूं किसके साथ मेरी मेरी फाइल पे मेंशन है नीलिमा वर्सेस प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वर्य विश्वविद्यालय नहीं वो वो बात एक अलग है हेड उसके यही है ना सिंगल पर्सन यस यस बात यही है ही करना है ब्रेन इनका ही है वो ऐसे लेके चलते हैं कि हम ब्रेन इनका ही है ब्रेन इनका ही है सर अभी ये लोग जो झूठे झूठे गवाह उसमें भेज रहे हैं सब लोग कह रहे हैं कि करुणा जी भेज रहे हैं मुझे मुझे विश्वास नहीं होता है। वो सब जो भी लोग वहां आ रहे हैं सब कह रहे हैं जी हमें तो करुणा जी ने हुक्म दिया है कि जाओ नीलिमा के खिलाफ खड़े हो। आपको विश्वास कैसे नहीं होता है? ये ये थोड़ी सी सॉफ्ट कॉर्नर क्यों है आपके अंदर इनके लिए?
01:15:56:12 ये गलत बात है। आप सॉफ्ट कॉर्नर मत मानिए। उन्होंने जो मुझे बोला है ना देखिए उन्होंने मुझे बोला जो लोग सीधे सीधे सनातन के नाम पर जो लोग सीधेसीधे सनातन के नाम पे इस्लाम का फेवर कर रहे हैं उसके वो आप कैसे सोच सकते हैं कि वो पता नहीं किस हद तक जा सकते हैं आपसे लड़ने के लिए आप मुझे सुनिए एक मिनट विश्वास का कारण क्या है विश्वास का कारण भी फिर सनातन है हमारे यहां एक बहुत अच्छी चीज है कि जिस बड़े ने आपको सामने से कुछ नहीं बोला उसकी बातों को सुनी सुनाई करके आप मत करो। मैं मैंने फिर पहले भी बोली थी ये बात। मुझे कभी करुणा जी ने वो ज्ञान नहीं सुनाया ना। वो ज्ञान सारा बहनों ने सुनाया। जो भी ज्ञान था वो सब बहनों ने सुनाया। जब कभी मैं करुणा जी से प्रश्न पूछती थी कि ऐसा क्यों? तो वो मुझे रुद्राक्ष भी दिखा देते थे कि मैं तो शिव को भी मानता हूं ऐसे। मैं भक्ति में भी जाता हूं। मैं काशी भी जाता हूं। तो वो गोल-गोल घुमा देते थे। अभी भी जब यह आए तो मैंने प्रश्न किया कि भाई साहब आप कहते हो मेरा झगड़ा सही है। मतलब वो मुझे मैनपुलेट करके रखते थे कि मैं सही हूं और तुम भी सही हो। सही कर रही हो। बात दोहरी बात है।
01:17:11:15 दोहरी बात तुम सही कर रही हो नीलिमा। बिल्कुल सही। उन्होंने कभी मुझे ये नहीं बोला तुमने गलत किया। क्योंकि अंदर राजपाट का माहौल चलता है। मेरा राज, तेरा राज, इसका राज, उसका राज। तो वो क्या सोचते हैं कि नीलिमा अगर लड़ रही है तो उसमें कहीं पर मेरा नाम ना आए सीधा सीधा जी तो वो कभी भी मुझे वो नहीं दिखाते। अभी लोग बोलने लगे कि जो आपने कहा माइंड चलता है वो करुणा जी का माइंड चलता है और वो झूठी गवाही कराने के लिए लोगों को प्रमोट करके वहां भेज रहे हैं। तो क्लियर है अब सब कुछ क्लियर है। अब तो कुछ नहीं छिपा। ठीक है। पहले था कुछ ये मेन मेन बुक थी जिसको अगर आप आते हैं ऑपरेटर जी वो बुक्स दिखा दीजिए जरा महाभारत और गीता का सच्चा स्वरूप क्या बात है इस पे तो मैं क्या ही बोलूं इस इन्होंने बहुत गड़बड़े की है इस पे इन्होंने बोला है ना कोई पांडव हुए हैं ना कोई कृष्ण हुए हैं और इसमें बोला है इसमें बोला है इसमें बोला है इन्होंने अच्छा ना द्रोपदी हुई है ना कोई कर्ण हुए अगर कर्ण हुए तो वो कुछ और मतलब है। द्रोपदी हुई
01:18:26:21 तो उसका कोई और मतलब है। कृष्ण के युग का कोई और मतलब है। विष्णु का कोई और मतलब है। गीता के ज्ञान का कोई और मतलब है। जो यहां दिखाया भी है कि दादा लेखराज सुनाता है। हम सुनते हैं। यह गीता ज्ञान है। वो गीता ज्ञान ही नहीं है। जिस गीता ज्ञान की बातें करते हैं लोग। यहां पर श्री कृष्ण की बात पीछे लिखी है। किताब के बिल्कुल पिछले पन्ने पर छपी है। और अगले पन्ने पर यह है कि यह नहीं है। ये है गीता ज्ञान। ओके। तो ये सब बड़ी गड़बड़ी है। छोटी नहीं। तो इसका मतलब फिर ये जो ये जो यह कहते हैं कि गीता में भगवान श्री कृष्ण ने यह कहा है इसका मतलब ये अंदर से एक मानते हैं कि वो सब हुआ ही नहीं है कभी जो भी कहा है लेखराज जी ने कहा है ये तो कपोल कल्पना है ये तो किसी ने कल्पना काल्पनिक लिखा है उषा बहन की पूरी क्लास है इस पे के कुरुक्षेत्र में गई मैं उस कुरुक्षेत्र में तो इतना बड़ा क्षेत्र ही नहीं था कि इतनी अक्षोणी सेना समा जाएगी आप इनकी बुद्धि देखिए श्रीमान जी मैं थोड़ा बोलूंगी कि क्या अखंड भारत के विषय में कभी ब्रह्मा कुमारी कुमारी ने पढ़ा है कि क्या वही कुरुक्षेत्र होगा उस समय जिस समय गीता में भागवत में वो बात हो रही है
01:19:43:06 लेकिन ये कहते हैं इस कुरुक्षेत्र में वो सेना कहां समा गई वो एक एक बात ऐसी बोलती है जिस बात को सुनके आपको लगेगा कि क्या सुनाना चाहते हैं और सुनिए अच्छा मैंने ये देखा है जो आज मैंने ये देखा है कि जितने भी सनातन विरोधी तत्व है जैसे ब्रह्मा कुमारी हो गई या और भी हो गए। यह लोग हमारी बातों को काटने के लिए जो हमारी भौतिक आंखें हैं, जो हमारी भौतिक ज्ञान प्राप्त करने की के साधन इंद्रियां हैं, उनके द्वारा प्राप्त होने वाली चीजों को बीच में लाते हैं। यानी वो बीच में इनको लाते हैं। हम ना अपनी आंखों से क्या देख रहे हैं। मगर वहीं पर एट दी सेम टाइम जब अपनी चीजें थोपते हैं तो वहां पर दिव्य बातें, दिव्य चमत्कारिक बातें सब आ जाती है। वहां सब तर्क खत्म हो जाते हैं कि वो परमात्मा इसकी बॉडी में घुसता है। यह करता है। रोज मुरली सुनाता है। वो सब हो जाता है। मगर वो अब जब अक्षुणी सेना की बात होगी तो फिर वहां पर कहेंगे वो तो कुरुक्षेत्र में आ ही नहीं सकता। कुरुक्षेत्र का तो डायमीटर इतना है। क्षेत्रफल इतना है। जी बताइए। जो टॉपिक आपने रखा है कि इस्लामिक कैसे हैं? अगर मैं इस बात में आपको बोलूं तो दो तीन पॉइंट निकल के आते हैं। जैसे मैं आपको बताती हूं।
01:20:58:19 अगर वह इतना ही ज्ञान सुनाने वाले लोग हैं जब वो सनातन को छिनभिन करके सुना रहे हैं तो मैं रिक्वेस्ट करती हूं ब्रह्मा कुमार कुमारियों से कि एक बार मोहम्मद साहब पे भी सुना दीजिए एक बार कुरान पे भी बात कर दीजिए एक बार हर चीज को इबोरेट करके बताइए कि वो संग असद नहीं है कुछ और है वो मक्का नहीं है कुछ और है वो कुरान में आयत का मतलब कुछ और है नहीं मोहम्मद कभी आए नहीं थे बोले होने का मतलब कुछ और है बिल्कुल वो कुछ नहीं सुनाते उनके बारे में क्योंकि हमारे बारे में बोलना बहुत इजी है बहुत आसान है हमारे बारे में बोलना क्योंकि हम लोग बोलते नहीं है हम लोग कुछ करते नहीं है उदार इसीलिए जी मैं कहती हूं उनके कई चीजें देखिए आप जो इस्लामिक है देखिए मैं बताती हूं एक बहुत मेन पॉइंट बताती हूं जिससे क्लियरली पता चलता है कि वो इस्लामिक है। इस्लाम के अंदर एक चीज बोलते हैं वो अल्लाह एक नूर है। नूर माना रोशनी हम और अल्लाह दोजत से
01:22:14:02 जन्नत में जाने का बखशता है आपको दोज़त जन्नत सब कुछ इनकी मुरली में लिखा है। अलिफ को अल्लाह मिले बे को मिली बादशाही आई तार अलिफ को हुआ रेल का राही यह शब्द दादा लिखराज की किताब में पढ़ाए गए हैं अच्छा हां जी जिसको मैं कोर्ट में पेश करूंगी उसके बाद ये कहते क्या नाम है उस किताब का जीवन को पलटने की अद्भुत जीवन कहानी दादा लेखराज की कहानी लेकिन दादा लेखराज की कहानी क्यों सुनाई गई वो सुनिए आप मुझे कल ही किसी ने बात की वो जो आपने बात की ना जिनकी बेटी चली गई कौन है वो सरिता जी ऐसे ही किसी की पत्नी चली गई संजय अग्रवाल जी की उन्होंने मुझे एक बात बोली और उनकी एक वीडियो पड़ी थी बड़ी अच्छी बात उन्होंने बोल दी मतलब क्योंकि आप जलेबी ज्ञान है ये समझ सकते नहीं इसको तो उन्होंने बोला कि देखो भाई कराची से सिंध हैदराबाद से इनको बैन कर दिया गया था क्या ब्रह्मा कुमार कुमारी जानते हैं इस कहानी को कि दादा लेखराज की संस्था को बंद कर दिया गया था। इंडियन क्रिमिनल एक्ट के अकॉर्डिंग इसको अनलॉफुल बताया गया था। मैंने बोला
01:23:29:03 संजय जी मुझे कॉल करना पड़ा उनको। मैंने कहा संजय जी यह जो आप बोल रहे हैं ना क्या आप ब्रह्मा कुमार कुमारी जानते हैं? ब्रह्मा कुमार कुमारी जानते हैं। लेकिन उनको इस तरह नहीं बताया गया जैसे आप बता रहे हैं। उनको दादा लेखराज की पूरी वो कहानी पढ़ाई गई है। जब दादा लेखराज के टाइम ब्रह्मा कुमार कुमारियों को पीटा गया। जब कराची में सेंटर बंद करे गए। जब भाई बन कमेटी ने एंटी ओम मंडली कमेटी बनाई। ओम मंडली के ऊपर एक्शन हुआ और एक्शन होने के बाद अनलॉफुल करके उनको बैन कर दिया गया। बैन करने के बाद यह लोग कराची में छिप गए। छिपने के बाद ये माउंट आबू आ गए। वहां माउंट आबू में आकर इन्होंने अपना नाम बदल दिया। नाम बदलने के बाद इसमें से शंकर पार्टी करके वीरेंद्र देव दीक्षित छोड़ के चला गया। वो निकल गया। उसके बाद इनकी चार संस्थाएं निकल गई। यह कोई नहीं बताता कि हमें कुछ और बताया गया। और उसको यह दादा लेखराज की कुर्बानी बोलते हैं। यह देखो कुर्बानी है। जिसमें ओम राधे ने जिसको ये मम्मा बोलते हैं वो कोर्ट में गई और कोर्ट में जाकर के देखिए जहां हमारी जगदंबा है वहां इनकी ओम राधे हैं। मम्मा
01:24:44:09 है। जहां हमारे कृष्ण है वहां इनका लेखराज है। जहां हमारे ब्रह्मा है वहां इनका दादा लेखराज है। सब कुछ उन्होंने बोला मैं हूं। दादा लेखराज है। पति वो पत्नी वो भाई वो बहन वो सब कुछ सारे संबंध उसने खुद से बताए हैं। और 350 कुमार कुमारियों को लेकर के बल्कि कुमारियों को लेकर के वो माउंट आबू आ गया और यहां पर नाम बदल के उसने संस्था चला दी और भाई बंद कमेटी की जो रिपोर्ट आई थी उसके अकॉर्डिंग जो बुक्स निकली आके यहां इन्होंने बुक्स छपवाई। तीन बुक है जिसमें पार्ट वन में है जीवन को पलटने वाली अद्भुत जीवन कहानी दादा लेखराज का पहला पार्ट कैसे वो ब्रह्मा में शिव आए फिर दूसरा कैसे पिकेटिंग हुई हमारे ऊपर जुल्म हुआ हम विक्टिम है फिर बताया क्यों जा रहा है शिवा जी बताया इसलिए गया कि जिससे अगर किसी को बाद में पता चले भी किसी से कि वो बैन हुई थी तो कम से कम ब्रह्मा कुमार कुमारी ये कह सके हमें तो पता है बेचारों पर जुल्म हुआ था। सच्चाई छिपाने के लिए कहानी को पलट के बताया गया है। समझ रहे [गला साफ़ करने की आवाज़] हैं? इतना जलेबी ज्ञान है ये जिसको
01:25:59:13 आप किसी भी तरह से सही नहीं कह सकते हैं। आप उसके टॉपिक उठा नहीं सकते जल्दी से। आप पीबीके वाले को उठा लेंगे। कहेंगे कि भाई इन्होंने तो लड़कियों को रख लिया। देखो मार्क से अलग कर दिया। आप ब्रह्मा कुमार कुमारियों को घेरोगे कैसे? उन्होंने आपकी सनातन की बुके बदल दी। उन्होंने आपके किए हुए बैन को अपने ऊपर किया हुआ जुल्म बता दिया। उन्होंने आपकी भागवत को झूठ ना कह के सच बना के अपना ज्ञान घुसेड़ दिया। उन्होंने जितना भी रामायण का ज्ञान था उसको पूरे रामायण के ज्ञान को अपने ज्ञान से जोड़कर मैनपुलेट कर दिया। इंटरप्रिटेशन बदल दिया है सबका। मेन बात यह है हर चीज का इंटरप्रिटेशन चेंज है जो सिर्फ और साथ में यह भी कह दिया यह केवल कहानी है यह घटनाएं हुई कभी नहीं है ये भी कह दिया ना कभी राम हुए हैं ना कभी कृष्ण हुए हैं। ब्रह्मा कुमार कुमारियों का कहना यह है कभी कोई कैरेक्टर सनातन में हुआ ही नहीं है। यह सब दंत कथाएं हैं। आप उन कथाएं सिंबॉलिक कथाएं सिंबॉलिक कथाएं तो जितने प्रूफ है रामायण के क्या वो झूठ है?
01:27:17:06 क्या जितने इसके हिसाब से तो इसके इनके हिसाब से तो हमारे सनातन के सारे मंदिर तोड़ देने चाहिए और उस पर इनको इस्लामिक विचारधारा वालों को कब्जा करा देना चाहिए। और देखिए आज मैं आपको क्यों नहीं बोलने दे रही हूं। अभी तो आप और देखिए आपको स्टडी करना होगा। शिवा जी आप इतने अच्छे सद्गुरु के शरण में है कि अगर शंकराचार्य महान शंकराचार्य जी नहीं बचा पाएंगे इसको तो कौन बचाएगा कौन बचाएगा इस धर्म को आप ही बचाएंगे आप ही ने सनातन की रक्षा की है चारों तरफ घूमकर आप ही ने सब कुछ किया है गुरुदेव जी ने अगर आप लोग स्टडी नहीं करेंगे तो हम लोग जैसे संघर्ष कर नहीं पाएंगे हम मेरे जैसे तो बहुत लोग आकर मर के चले भी गए लेकिन अगर आप लोग उसको ऑथेंटिसिटी से बता पाएंगे जिनको मैं क्षमा मांगती हूं बार-बार कि मैं पता नहीं उस हिसाब से उनकी व्याख्या भी नहीं कर सकती वो तो चलते फिरते शिव है उनके अलावा कौन शिव है ऐसा मेरी माता जी ने बोला था जब मैं समर्पित होने चल रही थी कि नहीं अगर शिव के दर्शन करने हैं तो स्वयं शंकराचार्य है तो आप वहां भी जा सकती हैं लेकिन मैंने नहीं समझा गलती मेरी है ठीक है आप उससे और आगे बढ़ेंगे आपको स्टडी करनी
01:28:32:09 होगी शिवश जी आपने मुझसे प्रॉमिस किया है कि आप लोग मेरे साथ है। आप लोगों का फिजिकली साथ नहीं चाहिए। आप लोगों का स्टडी से साथ चाहिए। आप लोग जितने विद्या को सनातन की ग्रहण कर सकते हैं उतना समय आज मेरे पास नहीं है। दो कारण है उसके कि एक तो मैं लड़की हूं कुमारी हूं। तो मुझे इस जीवन को किसी तरह से चलाना है। समाज की मर्यादा में रहते हुए। दूसरा कारण ऐसे परिवार से हूं जो ब्राह्मण परिवार है, प्रतिष्ठित परिवार है। जहां मुझे सेटल्ड होना है अपने परिवार के अंदर भी तो मैं उतना मेरा दायरा नहीं है जितना दायरा आप लोगों का है कि आप स्टडी कर सकें और आप आ सके। आप उसे इबोरेट कर सकें। मेरा सिर्फ इतना साथ दे दीजिए आप। आपकी बड़ी कृपा होगी। मैं आपको ये बुक्स शेयर इसलिए कर रही हूं कि आप इनको पढ़ सके किसी तरह। मैं आपको पोस्ट भिजवा दूंगी क्योंकि ये बुक्स फिजिकली होती है। ये बुक्स इन्होंने कोई भी पीडीएफ में नहीं डाली। अच्छा मैं ये वाली बुक आपके ऑपरेटर साहब से दिखाने के लिए बोलूंगी। भारत के त्यहार जी हां जी जो अभी बात होनी चाहिए। त्यहार आने वाले
01:29:47:15 हैं। इसके तीन पार्ट है। अगर आप इन्हें पढ़ेंगे ना सनातन के सारे त्यहार की धज्जियां फाड़ी। अच्छा। और इसमें इसमें ईद का त्यहार इनके लिए मुख्य है। और सेंटरों पर ईद मनाई गई तब मैंने समझा कि हां ये इस्लामिक प्रचारक हैं। हिंदू प्रचारक नहीं है ये। इसके लिए बस मैं इतना ही बोलूंगी। इस बुक को तो आपको इसमें रक्षाबंधन इसमें रक्षाबंधन को क्या कहा है इन्होंने? रक्षाबंधन का तो दिखावा करते हैं ना ये। आपको पता है रक्षाबंधन केवल इस बुक में नहीं पढ़ाया जाता। रक्षाबंधन हमें सच्चे बच्चे में ही पढ़ा दिया जाता है।
01:30:37:25 अच्छे बच्चे में ही रक्षाबंधन पढ़ा दिया जाता है। आप देखो हां रक्षाबंधन को ले तो ये बहुत अवेयर है। छोटे बच्चों को आप सोचो देखो छोटे बच्चों को आप शिव शिवलिंग पढ़ा रहे हैं। देखिए आप शिव ये है ये नहीं है। छोटे बच्चों को पढ़ा रहे हैं ये लोग। देखो दिख रहा है हम ये छोटे बच्चे की बुक में है। ये देखो ये शिव है जिसको ये कहते हैं नूर नूर माना रोशनी इसलिए इस्लाम है ये और उसमें जो बीच में लिख दिया है ना इन्होंने सब कुछ वो सब कुछ केवल हिंदुओं को लुभाने के लिए लिखा है। ठीक है? उसमें आप देखिए फिर इन्होंने यहां पर सबसे बड़ी मेन बात यह है ये चक्र छोटे बच्चे को ही इन्होंने 5000 का चक्र भी पढ़ा दिया है अच्छे बच्चों को क्या अच्छे बच्चों को ये जरूरत है आवश्यकता है
01:31:39:01 नीलमा जी आपके पास ये पुरानी बुक्स है क्या पुराना संस्करण जिसमें की पुरानी डेट डली हो ये पुराना है सबसे पुराना संस्करण है ये तो इसमें प्रलय कब बताई गई है जिसमें प्रलय होता है ना इसमें लिखा है इसमें लिखा है00 जी जी तो बहुत बड़ी ये तो बहुत बड़ा सबूत है आप देखिएगा क्या क्या है मैं रक्षाबंधन का निकाल रही हूं रक्षाबंधन तो मैंने बचपन में ही पढ़ ली थी मतलब कि सिर्फ मेरे पेट से पैदा हुआ ही मेरा भाई है अच्छा हां और जब राखी बांधने का पाखंड क्यों करती है? फिर ये जगह-जगह जाकर के राखी क्यों बांधती है? बांधने का पाखंड ये इसलिए करती हैं कि राखी बांध के वो जो वो जो पति पत्नी का प्रेम है उसको विकार का नाम दे दो और राखी के बहाने उन्हें भाई बहन बना दो और उन्हें भाई बहन बनाने के बाद उनका घर तुड़वा दो। घर टूट जाएगा तो आराम से तुम्हारी बातें होंगी। आराम से घर तोड़ करके वो तुम्हारे पास है। संजय जी भोग रहे हैं इसको। संजय जी तो भुक्त भोगी है ना आसाम में भोग रहे हैं बहुत लोग बहुत लोग जुड़े हुए हैं जो ये भोग रहे हैं
01:32:54:02 जी जी जी जी तो काफी समय मुझे इसे हो गया पढ़े हुए और लेकिन मैंने बचपन में ही पढ़ लिया था कोई नहीं आप जब हम इसके पार्ट्स डालेंगे ना वहां पर ये देखिए नहीं नहीं ये देखिए आप ये ना राखी का जी जी जी राखी का पूरा चैप्टर है। भाई बहन कौन होते हैं? कितने होते हैं? क्या होता है? और इसमें तो पूरी डिटेल है। खैर मैं अब आपको सार बताती हूं के ये हर तरह इस्लामिक है। कहीं से भी ये लोग हिंदू सनातन की बात नहीं करते। अच्छा जी ठीक है। नीलिमा जी बहुत-बहुत आभार आपका। आपने आज बहुत सारा प्रकाश डाला और किस प्रकार से ब्रह्मा कुमारी इस्लाम की ओर ले जा रहा है लोगों को वो हमने देखा और कैसे इसकी जो मेंटालिटी है जो भी विचार ये प्रस्तुत कर रहे हैं उसके कारण घर में किस तरह का प्रभाव पड़ रहा है किस प्रकार से उनके जीवन की क्षति हो रही है और सबसे बड़ा सबूत तो हमारे सामने है नीलमा जी का किस तरह से जीवन छत विक्षत हो गया और बस हम लोग भगवान की कृपा सर बच गए। जी
01:34:09:06 जी बिल्कुल बिलकुल और जो आज आप जो एक अपने अ वो ले जो चल रही हैं बीड़ा उठा के चल रही हैं और इस सनातन का चोला ओढ़कर सनातन जैसी बातें करते हुए और सनातन से दूर ले जाने वाले तंत्र से आप लड़ रही हैं। उसके लिए हम सभी आपके लिए प्रार्थना करते हैं और आपके युद्ध में आपको भगवान कृपा प्रदान करें। अपनी ऐसी प्रार्थना थैंक यू। और आज एक घोषणा और मैं करना चाह रहा था और यह मैं अभी आपसे लाइव ही पूछ रहा हूं। देखिए एक चीज आती है कि ये लोग हमेशा ये बात कहते हैं कि भाई अगर बीके को जानना है तो उसका से डेज का पहले कोर्स कर लो। अच्छा वैसे इसका मेरे पास मेरे पास उत्तर है। जैसे मैंने कोई क्वेश्चन किया तो वो क्वेश्चन से बचने के लिए कह देते हैं। भाई आपने से डेज का कोर्स नहीं किया इसलिए आप समझ नहीं सकते। वैसे तो इसके उत्तर है कि आप आप अगर महाभारत को कल्पना कह रही तो आप शिवश द्विवेदी का 10 दिन का कोर्स कर लो। शंकराचार्य का 12 दिन का कोर्स कर लो। आप महाभारत कह रही हो आप महाभारत को ऐसे समझ नहीं सकते। तो वो वाली बात है। उन्होंने कोर्स नहीं किया फिर वो कैसे काउंटर कर रहे हैं। खैर फिर भी मैं चाहता हूं कि इनका जो रहस्यमय कोर्स है ना जो केवल इनके सेंटर पर
01:35:24:07 ही मिलता। अच्छा ये लोग अपने कोर्स का वीडियो बना के डालते हैं क्या? नहीं डालते। डालते हैं बट वो एक तरफ होता है और जब कोर्स करने जाते हैं तब क्वेश्चन नहीं कर सकते क्वेश्चन नहीं कर सकते और जब करने जाते हैं कोर्स तब देखिए कोर्स के तीन सवाल करने में बता देती हूं श में बता देती हूं कोर्स के तीन रूल है वो पहले दिन जब आपको बुलाते हैं एक्चुअली आपने कोई टीवी पे कोई प्रोग्राम देखा जैसे सिस्टर शिवानी का कोई प्रोग्राम देखा और और आप प्रभावित हुए तो आपने कहा मैं इसे ज्वाइन कैसे कर सकता हूं तो नीचे नंबर होते हैं कि नजदीकी सेंटर पर आप जाइए तो आप नजदीकी सेंटर का नंबर गूगल करते हैं या कहीं से भी लेते हैं और वहां जाते हैं और कहते हैं दीदी मुझे कोर्स करना है मैंने फला प्रोग्राम आपका देखा था तो वो कहेंगी कि ठीक है आप आइए लेकिन पहले दिन कोर्स नहीं होगा पहले दिन वो कोर्स के नियम बताएंगे आपको पहले दिन कहेंगे कि सात दिन तक आपको कोई प्रश्न नहीं करना है पहली बात दूसरी बात यह कि जब आप कोर्स करेंगे तो पूरे ही निश्चय से करेंगे कि जो हम बताएंगे वही सुनना है। जैसे चप्पल जूते
01:36:39:20 आप दरवाजे के बाहर निकाल के आएंगे। ऐसे ही बुद्धि रूपी बर्तन को पात्र को साफ करके आइए। और जो चमड़ा है यह चमड़ा शरीर के चमड़े के साथ पूरा सब कुछ सारे संबंध सारी बातें जितना भी ज्ञान आपके पास है वो सब दरवाजे के बाहर निकाल के आइए। तीसरा नियम यह है उसका कि जब मैं कुछ बता रही हूं तो सात दिन तक वो आपको नोट करना है। आपके कोई प्रश्न है वो भी सात दिन तक नोट करने हैं। सात दिन के बाद ही आप कोई प्रश्न कर सकते हैं। बीच में कोई प्रश्न नहीं कर सकते। अच्छा अच्छा अच्छा ठीक है तो मैं एक ये चाह रहा तो मतलब एक तरीके से सात दिन का इनका जो कोर्स है वो हमें YouTube पे मिल जाएगा वो मिल जाएगा वो आपके पास मैं भेज दूं ठीक है ठीक है अगर नहीं होता है तो फिर मैं आपसे एक निवेदन करना चाह रहा था क्योंकि आपने तो ये कोर्स को जाना है कि वो क्या सिखाते हैं। नीलमा क्या कहना चाहती है वो नहीं जानना चाहता मैं वो मैं जानता हूं मगर बीके क्या सिखाना चाहता है अपने सात दिन के कोर्स जिस समय कुमारी कोर्स कराती है सॉरी मैं यहां काट रही हूं आपकी बात वैसे काटनी नहीं चाहिए लेकिन जिस समय ब्रह्मा कुमारी कोर्स कराती है
01:37:54:28 उस समय ब्रह्मा कुमारी कोई और नहीं होती सिर्फ ब्रह्मा कुमारी होती है आप इसी बात से समझ जाओ बस बस बस तो मुझे वो सात दिन का कोर्स चाहिए कि जिसके में ये लोग ये लोग क्या करते हैं? बचने की कोशिश करते हैं। उसका मिनिमम मिनिमम 20 मिनट होगा। 20 में 20 21 भी नहीं होता है। अच्छा जी उसका पर्टिकुलर 20 मिनट होगा रोज आपका और वो 20 मिनट से 20 21 भी नहीं हो सकता। तो हम लोग कोई एक वीक रख लेते हैं और सात दिन आप हमें दीजिए 20 मिनट का वो कोर्स करवा दीजिए। जिससे कि हमारे मैं कुछ और चाहती हूं। अगर आप कोर्स करना चाहते हैं तो उसमें देखिए हमें और आपको तो कोई मैनपुलेट होना नहीं है कि भाई हम से डेज कोर्स करेंगे मैनपुलेट हो जाएंगे। जी इसमें आप एक काम करें आप सुबह कोर्स करें पहला चैप्टर और आप शाम को ही उसके प्रश्न ले आए शिव जी तो ज्यादा अच्छा है। तो ना मेरी बुद्धि खराब होगी। मैं तो मैं तो ये सोच रहा हूं ना कि हम जिस सेशन में 20 मिनट का वो लेंगे सेशन उसके बाद उससे रिलेटेड क्वेश्चन मैं पुट अप कर दूंगा। है ना? हां हां उसी समय तो ये
01:39:10:07 पहली बार ये पहली बार होगा किसी वीडियो में क्वेश्चन आंसर साथ में चल रहे होंगे क्योंकि उनके पास उनका तो एक तरफा वीडियो होगा। 20 मिनट्स वो 20 मिनट्स केवल ब्रह्मा कुमारी बोलेगी। आप वो वो मैं वो मैं जिप लॉक कर लूंगा अपने बिल्कुल। [हंसी] फिर आप बोलेंगे तो मैं सुनूंगी। मैं भी मैं भी अच्छा फील करूंगी कि ये आंसर मैं क्यों नहीं ले पाई उनसे या मैं ये प्रश्न क्यों नहीं कर पाई? बिल्कुल। और और क्या है ना कि ब्रह एक्स बी के जब वो कोर्स कराएगी तो वो लोगों के लिए भी एक कुछ नई चीज उन्हें मिल रही होगी कि एक एक्स बी के कोर्स कैसे कराती थी वो अब आपका बाहर आएगा। मैं ब्रह्मा कुमारी की ड्रेस में आऊंगी आपके पास क्योंकि मैं ऑथेंटिक ब्रह्मा कुमारी बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल मैं अभी भी ऑथेंटिक ब्रह्मा कुमारी हूं अभी कोर्ट में केस लंबित है ये लोग मुझे निकाल दिया गया मैं अपने शब्दों को ठीक कर देता हूं कि वो जो एक विद्रोह हुआ ना जो वो लोग आज का प्रशासन है ब्रह्माकुमारी का उससे जो आपका विद्रोह हुआ और वो जो सनातनी विचारधारा को बदल रहे हैं कैसे उस कारण से हुआ तो अब जो अब उस विद्रोह के बाद जब उन्होंने यह फैलाना शुरू कर दिया कि आप जो है ब्रह्मा कुमारी नहीं हो। उस विद्रोह
01:40:25:10 के बाद जब उसी रूप में ब्रह्मा कुमारी के रूप में आप इस चैनल पर आकर के और वो सात दिन का वो जो इनका वो तंत्र मंत्र है जिसके द्वारा जिसकी आड़ में चुपते हैं तो वो लोगों के लिए कुछ एक नई चीज होगी। साथ में आपने जी जी जी और साथ में शिवश नारायण द्विवेदी के प्रश्न जी ये बहुत बड़ी बात है सुनिए जब कोई एक्स ब्रह्मा कुमारी कहलाई जा रही है और फिर वो ब्रह्मा कुमारी के जैसा सुना रही है तो ये तो बहुत इनक्रेडिबल हो जाएगा उनके लिए बिल्कुल बिल्कुल तो मैं आज ही घोषणा कर देता हूं ये जो सात दिन का कोर्स है ये हमारे मेन चैनल पर हम लोग करेंगे सात दिन का कोर्स और जिसमें हमारी नीलमा शर्मा जी एज ए ब्रह्मा कुमारी एस ए ब्रह्मा कुमारी की दीदी बनके हमको वो सात दिन का कोर्स कराएंगी क्योंकि मैं सर में दर्द हो गया है आईडी ले आऊंगी मैं बैच ले आऊंगी ऑथेंटिक ब्रह्मा कुमारी के उसी रूप में उसी रूप में तो मेरे क्योंकि सर में दर्द हो गया है इनके जी जी जी जी बोलिए बोलिए मैं यहां एक और बता देती हूं बात इन्होंने मुझे पहले भी मैं एक चैनल पे गई थी वाइट साड़ी में इन्होंने मुझे कभी कलर में कभी वाइट में गई थी तो इन्होंने कहा था कि ऐसे बहुत से ढोंगी हैं जो हमारी ड्रेस पहन के आ जाते हैं।
01:41:40:21 लेकिन मैं यह आंसर दे देती हूं कि अभी कोर्ट में केस लंबित है कि मैं वहां से निकली हूं या नहीं। इसलिए जो लोग यह बोलना चाहते हैं कि निकाल दिए गए वो पहले आबू रोड कोर्ट से पता कर ले कि मैं ब्रह्मा कुमारी हूं या नहीं। अभी ये लंबित है मामला। इसलिए कोर्ट पर टिप्पणी ना करें। बिल्कुल बिल्कुल। ठीक है। तो आप बहुत जल्द हमारा ब्रह्मा कुमारी का सात दिन का कोर्स नीलिमा के नीलिमा जी के द्वारा हम प्राप्त करने वाले हैं और साथ में उसी सेशन में जो क्वेश्चंस रेज होने चाहिए जो शायद वहां पर वो लोग नहीं कर पाते हैं वहां के लोग तो वो क्वेश्चंस हम रेज करेंगे साथ की साथ और डेट वगैरह भी शेयर कर दी जाएगी। हमारा जो मेन चैनल है आान कॉल ऑफ Dharma उस पर लाइव सेशन चलेगा सीधे-सीधे और एक चीज और अब किसी के कोई क्वेश्चंस हो तो वो यहां लिख सकते हैं कमेंट्स में तो हम ले लें एक दो क्वेश्चंस जी इनका ये पूछ रहे हैं डेट तो डेट और टाइम हम जल्दी ही पोस्ट के द्वारा बता देंगे और होने से मतलब स्टार्ट होने से एकद दिन पहले हम जरूर उसको डाल देंगे मेन चैनल पर भी और यहां भी और शास्त्रवाद जी कह रहे हैं आप भी कोर्स करेंगे। बिल्कुल हम सब कोर्स करेंगे जिससे आज के बाद ये ब्रह्मा कुमारी वाले
01:42:55:25 इस इस बात के पीछे छिपने का प्रयास नहीं कर पाएंगे कि भैया आप पहले कोर्स करके आइए तब आप हमसे क्वेश्चन करिएगा। ठीक है ना? फिर ये ये भी कह सकते हैं ना आपने तो नीलिमा से कोर्स किया। वो तो हम तो हम ये कहेंगे ना आप आप बता दीजिए कोर्स में ऐसी कौन सी चीज है जो हमें नहीं पता है। बताइए फिर हम ये कहेंगे। राइट हां फिर हम यह कहेंगे और आपने नील नीलमा जी को क्या गलत कोर्स कराया था क्या ये भी बात है ना
01:43:27:27 जी [गला साफ़ करने की आवाज़] ठीक है तो नीलिमा जी से क्वेश्चन आ रहा है शायद एक आपका प्रीति निगम के चैनल पर क्यों नहीं आते देखिए मैं आप ना ये वैचारिक जो चीजें हैं उनको लेकर के क्वेश्चन करें किसके के साथ एक पर्सनल किसका क्या वो है? नहीं मैं बता देती हूं। एक एक लाइन में पूरा कर देती हूं। देखिए मैं उनके चैनल पे इसलिए नहीं आती। मैं एक फिल्म मेकर हूं। मैं आपको बता दूं तो फिल्म्स में कई बार हमारे एग्रीमेंट्स पे बहुत सारी बातें होती है। मैं इस जीवन को जी रही हूं। और मेरा जो अर्निंग है वो सब फिल्म से होता है। और कुछ प्रोड्यूसर्स होते हैं, कुछ एक्टर्स होते हैं जिनके साथ हमारे वाद विवाद चलते रहते हैं। किसी ने फिल्म छोड़ दी तो भी एग्रीमेंट कैंसिल होते हैं। किसी ने हमारा पैसा मार लिया तो भी एग्रीमेंट साइन होते हैं। तो वो मेरी एक पर्सनल एक्ट थी। प्रीति जी ने उनको बोल दिया। ब्रह्मा कुमार कुमारियों को बता दिया कि इनका तो खुद का यहां केस चल रहा है। फिल्म लाइन में केस चल रहा है। और वो मेरे से बिना पूछे सब कुछ डिस्प्ले कर दिया गलतसलत बोल के। इसलिए मैं उनके चैनल पर नहीं आती। लेकिन जब मैंने उनको सच्चाई बताई तो अब उनका खुद का मुंह नहीं है मेरे बारे में कुछ बोलने का। इसलिए वो अपने चैनल पे बहुत अच्छा प्रश्न
01:44:42:28 किया आपने। वो अपने चैनल पर कभी मेरा नाम नहीं लेती हैं। क्योंकि मैंने उनको बोला है मेरा नाम अगर आपने अभी चैनल पर लिया तो फिर मैं आपके ऊपर भी केस करूंगी क्योंकि केस करना मेरा मौलिक अधिकार है। अगर कोई मेरी मानहानि करता है तो मैं मौलिक अधिकार से अपने मान को बचाऊंगी ना। उसमें क्या प्रॉब्लम है? तो वो मेरा नाम लेना नहीं चाहती और ना ही मैं लेना चाहती हूं। मेरे उनके विचार नहीं मिलते हैं। बस जी जी बिल्कुल कोई बात नहीं। एक क्वेश्चन आ रहा है क्या कोई WhatsApp ग्रुप बन सकता है जिससे लाइव मिस ना हो। ओो इतनी उत्सुकता है हमारे वो आपके सात दिन के कोर्स के लिए तो नहीं अभी ऐसा कोई डेडिकेटेड WhatsApp ग्रुप तो नहीं है मगर कोई भी चीज होगी तो आप थोड़ा सा अपडेटेड रहिए यहां इन जरूर डाली जाएगी मैं इसमें एक लाइन बोल दूं शिव जी आपको रोक के जी बोलिए बोलिए बोलिए बोलिए अगर इस कोर्स के साथ आपको इतने ज्ञानी और इतने अच्छे सानिध्य में रहने वाले व्यक्तित्व का साथ मिलेगा जिसमें मैं खुद को भी भाग्यवान मानती हूं कि पहली बार मुझे सत्य सनातन का साथ मिलेगा शिवान जी के रूप में उस कोर्स को मैं जब कर कराऊंगी
01:45:58:16 और आप सुनेंगे और श्रीमान जी उसका सनातन उत्तर देंगे तो आप सोचिए कि सच्चा सनातन कोर्स तो वो लोग करेंगे जो इसको अटेंड करेंगे। इसलिए मेरी करबद्ध प्रार्थना है कि इस ब्रह्मा कुमारीज के कोर्स को तो आप जरूर करिए जिसमें हमारे पास इतने अच्छे आचार्य हैं जो सामने शिव जी हैं कि मैं खुद उत्सुक हूं कि मुझे उन प्रश्नों का उत्तर मिलेगा। ठीक है ना? तो आप जरूर आइएगा। इसमें और कोई
01:46:37:06 और कोई प्रश्न नहीं दिख रहा है मुझे लगता है। ठीक है। तो सभी को समय देने के लिए बहुत-बहुत आभार और नीलमा जी अब हम कोर्स में मिलेंगे। कोर्स में मिलेंगे अब हम और हम मिलेंगे अपनी ब्रह्मा कुमारी दीदी से जो हमें देंगी ब्रह्मा कुमारी का सात दिन का कोर्स है ना इसी के साथ। बिल्कुल बिल्कुल सभी को जय श्री राम जय श्री जय श्री राम आप इधर से वो कर दीजिए
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